Saturday, January 9, 2021

 

दुर्घटना में घायल व्यक्ति ने तोड़ा दम
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 कनीना। कनीना उपमंडल के गांव भडफ़ के संजय कुमार की शिकायत पर एक मोटरसाइकिल चालकर के विरुद्ध उनके पिता को टक्कर मारने और मौत के मुंह में धकेलने का मामला दर्ज करवाया है।
 पुलिस में दी गई शिकायत में संजय कुमार ने कहा बताया है कि उनके पिता रामानंद तथा शिकायतकर्ता 28 दिसंबर को बस स्टैंड भडफ़ से सामान खरीदने के लिए जा रहे थे। वह तथा उनके उनके पिता रामानंद अपनी साइड में चल रहे थे। जब दोनों ओपीवाई स्कूल के सामने करीब साढ़े सात बजे पहुंचे कि पीछे से एक मोटरसाइकिल चालक जिसका नाम व पता नामालूम तेज गति से मोटरसाइकिल को गफलत में चलाता आ रहा था। चालक ने उनके पिता रामानंद को पीछे से टक्कर मार दी जिससे उनके पिता सड़क पर गिर गए घुटने एवं शरीर पर काफी गंभीर चोट आई। पास से सुमेर सिंह नामक निवासी दौड़कर आया। मोटरसाइकिल चालक ने अपनी मोटरसाइकिल रोकी जिससे उनके नंबर नोट कर लिए। बाद में मोटरसाइकिल सवार अपनी मोटरसाइकिल को कनीना की ओर ले भागा। उन्होंने तथा सुमेर सिंह ने रामानंद को तुरंत निहाल अस्पताल कनीना में भर्ती कराया जहां डाक्टरों ने मरहम पट्टी करके उसे हायर सेंटर रेफर किया। तत्पश्चात वे उन्हें रेवाड़ी के मातृका अस्पताल ले गए जहां उनकी दवा करवा कर फिर से हायर सेंटर रेफर कर दिया। उनके पिता को तत्पश्चात पारस अस्पताल ले जाया गया जहां 28 दिसंबर से 31 दिसंबर तक इलाज चला। क्योंकि सिर पर चोट आई थी इसलिए उसे
एक बार फिर से हायर सेंटर रेफर कर दिया जहां उनके को सफदरजंग अस्पताल दिल्ली ले जाया गया। उपचार के दौरान 3 जनवरी को मौत हो गई। 4 जनवरी को सफदरजंग अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम करवाया गया, तत्पश्चात भडफ़ लाकर उनका अंतिम संस्कार किया गया। सात जनवरी को  कनीना पुलिस ने संजय की शिकायत पर मामला दर्ज कर कराई। कनीना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


युवक गायब
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कनीना।  खंड कनीना के गांव खेड़ी तलवाना से अमित उर्फ लीलू विगत 29 दिसंबर से लापता है। उनके पिता रामअवतार ने कनीना पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है कि उनका बेटा मोटरसाइकिल सहित 29 दिसंबर से गायब है जो ढूंढने पर कहीं भी नहीं मिला है
थाना पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है

कनीना खंड में 196 दिव्यांग बच्चे हैं नामांकित
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कनीना। कनीना खंड में  196 दिव्यांग बच्चे सरकारी विद्यालय में नामांकित हैं और तीन विशेष शिक्षक कार्यरत हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में एक संसाधन कक्षा उनके लिए है जहां 3 विशेष शिक्षक विनोद कुमार, सरिता यादव, अमृत सिंह कार्यरत हैं। अमृत सिंह पहले अपने गांव खोहर तहसील बहरोड़ जिला अलवर राजस्थान में नरेंद्र सिंह राघव द्वारा संचालित गैर सरकारी विद्यालय जो भावना बाल एवं पर्यावरण शिक्षा संस्थान खोहर द्वारा संचालित था उसमें बतौर अध्यापक 3 वर्षों तक कार्य किया वहीं से अपने कैरियर की शुरुआत की। वर्तमान में कनीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में समावेशित शिक्षा के अंतर्गत वे विशेष अध्यापक के रूप में कार्यरत हैं।



डीएचबीवीएन कनीना से हुये पांच तबादले
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 कनीना। कनीना के दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 132 केवी उपकेंद्र से 5 कर्मियों के तबादले हो चुके हैं। विस्तृत जानकारी देते हुए महावीर सिंह पहलवान ने बताया की उनका भी तबादला अब महेंद्रगढ़ हो गया है। जितेंद्र सीए यूडीसी का चरखी दादरी तो बलबीर सिंह सीसी, एलडीसी का तबादला महेंद्रगढ़ हुआ है वहीं अजय कुमार एलडीसी का तबादला बुड़ोली हो चुका है, वहीं संदीप सिंह का नारनौल तबादला हो गया है। सभी ने अगले स्टेशन पर कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
 उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग में ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू हुई थी जिसने इतनी ख्याति अर्जित की कि दूसरे राज्यों में भी आनलाइन तबादले किए गए। आप अन्य विभागों पर भी यह विधि अपनाई गई है जो बहुत कारगर है।

5 सालों से कर रहे मटर की खेती
-सरसों के मुकाबले मिल रही है बेहतर दाम
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 कनीना। कनीना क्षेत्र से सैकड़ों एकड़ भूमि पर किसानों ने मटर की खेती की है जो बेहतर आय दे रही है। किसान दो प्रकार की मटर की खेती कर रहे हैं जिनमें एक सूखी तो दूसरी हरी मटर बेचने वाले शामिल हैं।
कनीना उपमंडल के गांव मोड़ी में जहां गजराज सिंह, कांता अजय कुमार विगत 5 सालों से मटर की कांट्रैक्ट खेती तथा निजी स्तर पर खेती कर रहे हैं जिससे हर वर्ष सरसों और गेहूं के मुकाबले ज्यादा लाभ कमा रहे हैं। कॉन्ट्रैक्ट खेती 5 सालों से उगाते आ रहे है। मटर की खेती सरसों के मुकाबले बेहतर आय प्रदान कर रही है।  
कांट्रैक्ट खेती -
गजराज सिंह मोड़ी ने बताया कि वे गोल्डन नामक कंपनी से कोंटे्रक्ट पर खेती करते हैं। 3000 रुपये प्रति 30 किलोग्राम बीज कंपनी देती है। जिसको उगाकर सूखे मटर आठ क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से 5400 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कंपनी वापस लेती है। जबकि पैदावार 10 से 12 क्विंटल प्रति एकड़ होती है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने अब तक हर वर्ष लाभ दिया है। महज एक साल कंपनी ने उनके बीज नहीं खरीदे जिसके चलते उन्हें परेशानी उठानी पड़ी थी और 3800 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बाजार में बेचने पड़े थे। गजराज सिंह ने बताया कि कांट्रेक्ट खेती कनीना क्षेत्र के सैकड़ों किसान करते आ रहे हैं।
सब्जी वाले मटर---
 किसान अजय कुमार और कांता मोड़ी ने बताया कि वे 1 से 2 एकड़ भूमि पर प्रतिवर्ष हरे मटर उगाते हैं जिनका उद्देश्य सब्जी होता है। जनवरी माह में पैदावार शुरू हो जाती है जो करीब 1 महीने चलती है। करीब 50 क्विंटल प्रति एकड़ पैदा हो जाती है। बाजार में भाग 10 से 15 रुपये प्रति किलों के हिसाब से 50 से 60 हजार रुपये प्राप्त हो जाते हैं जबकि मटर उखाडऩे के बाद मक्का उगाई जाती है। जबकि सरसों से प्रति एकड़ 40 हजार रुपये प्रति एकड़ मिलते हैं जबकि एक एकड़ में 10 से 12 क्विंटल सरसों पैदावार होती है।  
कनीना क्षेत्र के अनेकों किसान मटर की खेती कर रहे हैं। अजय इसराणा महाबीर सिंह आदि भी मटर उगाते हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी --
बागवानी विभाग गुरुग्राम के विषय वस्तु विशेषज्ञ डा मनदीप यादव ने बताया की मटर की खेती के लिए दक्षिण हरियाणा विशेषकर महेंद्रगढ़ जिले की भूमि और जल उचित है। यहां किसान प्रति एकड़ 50 से 60 हजार रुपये तक कमा लेते हैं। मटर दलहन जाति की फसलों में शामिल हैं।  भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ा देते हैं। उन्होंने बताएं महेंद्रगढ़ जिले में प्रतिवर्ष करीब 1500 एकड़ पर मटर उत्पादन किया जाता है। किसान हरी मटर और सूखी मटर बेचते हैं। जिले में तीन कलस्टर मटर उत्पादन के है जिनमें पहला कलस्टर सतनाली, सुरेहती, डालनवाला, माधोगढ़ है जबकि दूसरे कलस्टर में करीरा,भडफ़,कपूरी कोटिया आदि आते हैं जबकि तीसरे कलस्टर में पटिकरा,शोभापुर,कोजिंदा शामिल किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार मटर की खेती पर अनुदान भी देती है। अलग-अलग प्रकार का है का अनुदान दिया जाता है। उन्होंने बताया कि 5 करोड रुपए की लागत से सबसे बड़ा मटर पर आधारित किसान उत्पादन समूह नारनौल के पटिकरा में लगाया गया है जहां किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। यहां मटर पर आधारित विभिन्न पदार्थ तैयार किए जा सकेंगे। मटर की खेती किसानों के हित बताया।
 फोटो कैप्शन 4 एवं 5: क्षेत्र में मटर की खेती करता मोड़ी का किसान।


ऑल हरियाणा पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल कर्मचारी यूनियन की बैठक 11 जनवरी को
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,जलघर कनीना आयोजित होगी। प्रेस सचिन संजीव रंगा ने बताया कि सोमवार को होने वाली बैठक में की अध्यक्षता शाखा प्रधान कृष्ण कुमार पुनिया करेंगे।
 उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मीटिंग बुलाने का मुद्दा उनकी समस्याओं को तथा उनकी मांगों को मौके पर हल करवाया जाना है। उन्होंने बताया कि कनीना शाखा का चुनाव 5 फरवरी 2020 को हुआ था और विगत एक साल दौरान कर्मचारियों को काफी समय से लंबित समस्याएं एवं मांगों का निपटारा करवा दिया गया है तथा कर्मचारी समय-समय पर बैठक बुलाकर मांगे नोट करवाते जिनको मिलकर सुलझाया जाता है।
 सोमवार को होने वाली बैठक में एक साल तक किए गए कार्यों पर ब्रांच प्रधान केके पूनिया प्रकाश डालेंगे और आगामी फरवरी माह में महेंद्रगढ़ में होने वाला हरियाणा कर्मचारी यूनियन महासम्मेलन के बारे में विचार विमर्श करेंगे। उन्होंने अपील की कि ज्यादा ज्यादा संख्या में पहुंचे।


अब गरिमा यादव एमबीबीएस करेंगी
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 कनीना। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी में कार्यरत
शिक्षिका सरिता यादव की पुत्री गरिमा यादव का एमबीबीएस में चयन हो जाने पर बधाइयां मिल रही हैं।
 इनके पिता कोटा में गरिमा के पिता कोटा में हॉस्टल चलाते हैं। फरवरी माह में गरिमा यादव पीजीआई रोहतक में कोर्स एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करेगी। खातोदड़ा गांव से संबंध रखने वाली गरिमा यादव ने दसवीं कक्षा की परीक्षा आरपीएस स्कूल महेंद्रगढ़ से 94 प्रतिशत अंकों से पास की वहीं 10 + 2 की परीक्षा आरआरसीएम से 96 प्रतिशत अंकों के साथ पास की। विगत वर्ष आयोजित नीट की परीक्षा में बिना किसी कोचिंग यह मुकाम हासिल किया है तथा 630 अंक प्राप्त किये। वे इस उपलब्धि के लिए दादा सत्यवीर सिंह बोहरा, दादी चंद्रकांता को देते हैं जिन्होंनेउनका विशेष ध्यान रखा।
 उधर इस संबंध में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय स्कूल मंडी में एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें छात्रा एवं उसकी माता शिक्षिका को सम्मानित भी किया। इस समाहरो की अध्यक्षता स्कूल प्राचार्य सत्यदेव सिंह ने कि, वही इस अवसर पर बोलते हुए प्राचार्य ने कहा कि आज बड़ा ही हर्ष का दिन है जिसमें छात्रा गरिमा यादव ने एमबीबीएस में सफलता हासिल कर ये साबित कर दिया कि लड़कियां लड़कों से किसी भी तरहा कम नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में किसी भी तरह की प्रतिभाओं की कही भी कमी नही है, बस कमी है तो सिर्फ उसे निखारने वालों की। प्राचार्य ने स्टाफ व अन्य लोगों को सम्बोधित करते हुए ये भी कहा कि गरिमा यादव की माता सरिता यादव भी सरकारी स्कूल में संस्कृत की प्रवक्ता है जो हमेशा बच्चों को एक ही बात के लिए पे्ररित करती है कि आज के इस समय में लड़के व लड़कियों में कोई फर्क नहीं होता है। हमें दोनो को समान रूप से साथ लेकर चलना चाहिए।  वही समूचे स्टाफ ने गरिमा यादव का एमबीबीएस के पीजीआई रोहतक में दाखिला होने पर उन्हे बधाई दी तथा उनके स्वर्ण भविष्य की कामना की है। वही संगीता यादव व प्रवक्ता ममता यादव ने भी समाहरों को सम्बोधित करते हुए कहा कि गरिमा यादव ने जो मुकाम हासिल किया है उससे एक सभ्य समाज का उत्थान भी होगा । वही स्टाफ द्वारा छात्रा गरिमा यादव को स्कूल की तरफ से एक स्मृति चिन्ह देकर उनका भव स्वागत भी किया गया। इस अवसर पर नरेश कुमार वरिष्ठ प्रवक्ता, मुकेश सैनी, अजय पारासर, सतीश कुमार, प्रवक्ता संगीता यादव, ममता यादव, सरला यादव, सविता, अन्जु दहिया, शशिकला, सोनिका शर्मा, श्रीमति मोनू शेखावत, नीलम, रीकी सुदेश, रमेश यादव, अनिता कुमरी सुरेन्द्र कुमार, लाजपतराय के अलावा अन्य स्टाफ व कस्बे के गण्मान्य लोग उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन : गरिमा यादव।











वक्त पर अच्छी बारिश होने से जिले भर में बेहतर फसल होने के आसार
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 कनीना। जिला महेंद्रगढ़ रेतीला इलाका माना जाता है किंतु रबी की फसल के दौरान जहां बेहतर बारिश के चलते इस बार सरसों एवं गेहूं आदि की बंपर फसल पैदावार होने की संभावना बन गई है। समय समय पर मौसम भी बदल रहा है। मौसम के करवट लेने से फसल को लाभ होने की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि विगत 18 दिसंबर से 29 दिसंबर तक पाला पड़ा जिससे सब्जी वाली फसलों को कुछ नुकसान हुआ है किंतु नारनौल, नांगल चौधरी, सतनाली के साथ साथ कनीना क्षेत्र में भी अच्छी बारिश होने से समस्त क्षेत्र में फसल को लाभ होने की अधिक गुंजाइश बन गई है।
 जहां सतनाली के डिगरोता गांव के  रामानंद ने बताया कि उन्होंने 4 एकड़ में चने उगा रखे हैं और इस बार धीमी गति से बारिश हुई जिससे चने में आब आ गई है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष वे चने उगाते हैं लेकिन इस बार बारिश ने बहुत साथ दिया है। उधर कनीना क्षेत्र में करीब 20 हजार हेक्टेयर पर सरसों उगा रखी है। जो सोने की तरह पीली तथा दूर तक पीतांबर ओढ़े धरा नजर आती है जो 16 फरवरी के बसंत पंचमी आगमन को इंगित कर रही है।  कनीना के सूबे सिंह, अजीत सिंह, महिपाल सिंह ने बताया कि इस बार बेहतर फसल खड़ी है। जो बेहतर पैदावार देने का सूचक है। जहां बारिश अलग-अलग मात्रा में हुई कनीना क्षेत्र में 32 एमएम बारिश हुई लेकिन नारनौल तक बढ़ते बढ़ते 42 सेंटीमीटर को पार कर गई। बारिश जहां रबी फसल के लिए सोने सम मानी गई है क्योंकि इसका बेहतर लाभ होगा।
लुक्का छिप्पी करता सूरज-
विगत करीब एक सप्ताह से जिले में ही सूरज लुक्का छिपी करता नजर आया। मौसम बारिशमय बना रहा है। सूर्य देव के यदा कदा दर्शन होते हैं जिसके चलते लोग धूप में बैठते हैं। फसल के लिए धूप भी जरूरी मानी जा रही है। मौसम विभाग 12 जनवरी से शीत लहर लौटने की बात कह रहा है जो फसल के लिए बेहतर होगा। कुल मिलाकर मौसम फसल के अनुकूल बना हुआ है।
क्या कहते हैं अधिकारी-
जिला महेंद्रगढ़ की फसल के बारे में कृषि विस्तार अधिकारी डॉक्टर देवराज यादव ने बताया कि यह रबी के मौसम में बारिश पूरे ही जिला महेंद्रगढ़ पर मेहरबान रही है जिसके चलते जहां सरसों, गेहूं ,जौ, मटर, सब्जी की फसल तथा अन्य सभी फसलों के लिए लाभप्रद साबित हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय का प्रमुख साधन रबी फसल होती है। खरीफ फसल तो महज पशु चारे के लिए अधिक उगाई जाती है। यही कारण है किसान रबी फसल पैदावार लेने के लिए जी जान एक किये हुये हैं। कुल मिलाकर फसल बेहतर नजर आ रही है।
 मौसम ले रहा है बार-बार करवट-
 मौसम बार-बार करवट ले रहा है। कभी सर्दी तो कभी पाला, कभी धुंध तो कभी मौसम साफ हो जाता है। ऐसा सुंदर नजारा पहले कभी नहीं देखा गया था। विगत दिनों जहां पाला पड़ा उससे पहले गर्म दिन रहे हैं। दिन की गर्मी को देख ऐसा लग रहा था कि फसल को नुकसान होगा किंतु  तुंरत बाद सूखा पाला पडऩे से सब्जी फसल को सचमुच कुछ नुकसान हुआ। तत्पश्चात बारिश का दौर और धुंध का दौर चला जिसने फसल को लाभ पहुंचाया, क्योंकि रवि फसल के लिए सर्दी जरूरी है वरना उसका पकान, वृद्धि एवं विकास नहीं हो पाएगा। इसलिए किसानों की नजरें सर्दी पर टिकी रहती है और सर्दी के इस मौसम में जहां किसानों को फसल पैदावार लेने में काफी कठिनाई उठानी पड़ती है किंतु इसी फसल उत्पादन के बतौर वे वर्ष भर अपना घर गुजारा चलाते हैं।
फोटो कैप्शन 1 व 2: क्षेत्र में सरसों की लहलहाती फसल
फोटो कैप्शन 3: सब्जी के खेत में काम करता किसान।

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