Sunday, June 14, 2026



 

कान्हा पार्क के पास सुलभ शौचालय रहते है बंद , खुलते है सुबह शाम
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कनीना की आवाज।
कनीना में गौशाला रोड के पास कान्हा पार्क के पास शौचालय दिन के समय  बंद रहता है। दिन के समय अगर किसी राहगीर को आवश्यकता हो तो वह सुविधाओं से वंचित रह जाता है। आस पास के ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में बाबा राधे दास मंदिर होने के कारण इस रास्ते पर हर समय बाहर के लोगों का भी  आवागमन रहता है। नगर पालिका चेयरपर्सन रिंपी सिंह ने बताया कि तीन चार दिन पहले जब वह पार्क और शौचालय का निरीक्षण करने गया गई तो शौचालय में नल और दर्पण टूटा मिला और सीट बहुत ज्यादा गंदी हो रही थी। जब इस बारे में संबंधित कर्मचारियों से पूछा तो उन्होंने बताया कि खुले रहने पर अज्ञात लोग नुकसान कर जाते हैं। वहीं हाल पार्क का मिला जहां पर फव्वारों से नोजल हटा कर उसमें लकड़ी के टुकड़े लगे मिले । उन सब पर नई नोजल लगवा दी गई है और घास काटने का कार्य चालू है। और शौचालय में नए नल लगवा कर साफ सफाई कर दी गई है।
चेयरपर्सन ने बताया कि बहुत जल्द पार्क और शौचालय संबंधित क्षेत्र को निजी एजेंसी को सौंपा जाएगा। उसके बाद रात के चौकीदार लगा दिए जाएंगे। अभी नगर पालिका में कर्मचारियों का अभाव है। लिखित में प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेज रखा है ।
 लगा रहता है तांता सुबह शाम घूमने वालों का- कनीना के गौशाला रोड पर अल सुबह से ही घूमने वालों का तांता लगा रहता है ग्रीष्म अवकाश होने पर संख्या ज्यादा हो जाती है । इसी के साथ सुबह शाम पार्क में युवा दौड़ भी लगाने आते रहते है । सार्वजनिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का होना अति आवश्यक होता है।
फोटो कैप्शन 07: नपा के शौचालयों पर लगा ताला





खेड़ी में बाबा भोलागिरी गोशाला का शुभारंभ
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कनीना की आवाज।
खेड़ी तलवाना में बाबा भोलागिरी गोशाला का शुभारंभ किया गया। अतरलाल ने आसपास के गणमान्य लोगों के साथ रिबन काटकर गोशाला का उद्घाटन किया। सुप्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य दास मोहित कौशिक ने वैदिक मंत्रोच्चारण से विधिवत पूजन कर उद्घाटन की प्रक्रिया को पूरा करवाया।
    अतरलाल ने शानदार गोशाला शुरू करने के लिए खेड़ी गांव तथा गोशाला के लिए 15 एकड़ जमीन दान देने वाले रवि तंवर का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि गायों का पालन तथा उनके संरक्षण के लिए गोशाला में दान देना सबसे बड़ा दान है। उन्होंने राज्य सरकार से नव स्थापित गोशाला के लिए विशेष अनुदान पैकेज देने की मांग की। इस मौके पर भारी संख्या में गणमान्य जन उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05:खेड़ी तलवाना में नवनिर्मित  बाबा भोलागिरी गौशाला का उद्घाटन करते हुए अतरलाल।





प्रजापति विकास समिति कनीना की वार्षिक बैठक सम्पन्न
- समाज उत्थान के लिए कई प्रस्ताव पारित
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कनीना की आवाज।
प्रजापति विकास समिति, कनीना की वार्षिक बैठक रविवार को समिति कार्यालय में प्रधान बलवान सिंह ठेकेदार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का संचालन सत्यप्रकाश द्वारा किया गया। इस दौरान समिति के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा समाज के विकास और संगठन को मजबूत बनाने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
बैठक के दौरान समिति के सचिव हवा सिंह व सह सचिव हरि सिंह द्वारा वर्षभर के कार्यों तथा आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया, जिसे सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया। इस अवसर पर प्रजापति समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित करने, समाज में जागरूकता बढ़ाने तथा शिक्षा के प्रचार-प्रसार को गति देने पर विशेष जोर दिया गया।
सदस्यों ने समाज को संगठित एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से राजा दक्ष प्रजापति सम्मान समारोह आयोजित करने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज के युवाओं को प्रेरणा मिलेगी और सामाजिक एकता को मजबूती मिलेगी।
बैठक में समाज हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने का संकल्प लिया गया। इस दौरान सूबेदार मेजर बलवंत सिंह सिहोर, शेरसिंह, रामेश्वर दयाल (आरडी), नरेंद्र सिंह, मनोज कुमार नांगल सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में समिति के अनेक सदस्यों ने अपने विचार रखे और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
फोटो कैप्शन 03: प्रजापति समाज बैठक करते हुए

शहीद महेश पाल फुटबाल स्टेडियम में योग का उत्साह
- बच्चों के लिए जलपान सेवा बनी आकर्षण का केंद्र - कुनाल मावता
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कनीना की आवाज।
उपमंडल के शहीद महेशपाल फुटबाल स्टेडियम, धनौंदा में प्रतिदिन प्रात: 5 बजे नियमित योग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। योग शिविर का संचालन योग गुरु अनु तंवर के मार्गदर्शन में किया जा रहा है, जो हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के योग विभाग से संबद्ध हैं।
योग शिविर का समन्वयन कार्यक्रम समन्वयक कुनाल मावता (औषधि विज्ञान विभाग, चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी) द्वारा किया जा रहा है। शिविर का मुख्य उद्देश्य जनसामान्य में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना, नियमित योगाभ्यास को प्रोत्साहित करना तथा अनुशासित एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति लोगों को प्रेरित करना है।
इसी क्रम में आज योग गुरु अनु तंवर के निर्देशन में कार्यक्रम समन्वयक कुनाल मावता द्वारा बच्चों को जलपान वितरित कराया गया। सेवा भाव से किए गए इस कार्य से बच्चों के चेहरों पर प्रसन्नता की मुस्कान देखने को मिली, जिसने पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
इस अवसर पर कार्यक्रम समन्वयक कुनाल मावता ने जानकारी देते हुए बताया कि योग शिविर में प्रतिदिन नियमित रूप से भाग लेने वाले प्रतिभागियों को उनके अनुशासन, समर्पण एवं उत्कृष्ट सहभागिता के लिए सार्वजनिक मंच पर सम्मानित किया जाएगा तथा उन्हें प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया जाएगा।
उन्होंने सभी ग्रामवासियों, युवाओं, महिलाओं एवं बच्चों से नियमित रूप से योग शिविर में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मक जीवनशैली का भी सशक्त माध्यम है। नियमित योगाभ्यास से एक स्वस्थ, जागरूक और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
फोटो कैप्शन 06: योग करते हुए बच्चे


99वां नि:शुल्क चिकित्सा शिविर संपन्न
-35 मरीजों ने उठाया स्वास्थ्य लाभ
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कनीना की आवाज।
 कनीना मंडी स्थित लाल शिवलाल धर्मशाला में सेवा भारती कनीना के सौजन्य से 99वां नि:शुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। जिसमें सिग्नस उजाला अस्पताल रेवाड़ी से डा.राकेश केसरी एमडी एवं हर्ष जनरल फिजिशियन ने मरीजों को चेक किया और परामर्श व दवाइयां वितरित की गई। शिविर में 35 मरीजों ने स्वास्थ्य लाभ उठाया। उल्लेखनीय है कि यह शिविर हर माह के दूसरे रविवार को आयोजित किया जाता है।
 सेवा भारती संस्था पिछले 10 वर्षों से रोजाना आर्य समाज मंदिर में निशुल्क ओपीडी भी आयोजित करती आ रही है तथा संस्था का धर्मार्थ अस्पताल भी निर्माणाधीन है।
 फोटो कैप्शन 04: सेवा भारती द्वारा आयोजित निशुल्क शिविर




सोमावती अमावस्या स्नान के लिए भारी संख्या में भक्त रवाना
-पापों से दिलाती है मुक्ति -आचार्य दीपक
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कनीना की आवाज। 
15 जून ज्येष्ठ माह की सोमवती अमावस्या के लिए भारी संख्या में भक्त कुरुक्षेत्र एवं हरिद्वार रवाना हो रहे हैं। अमावस्या में श्रद्धा, व्रत एवं भक्ति का विशेष महत्व है। ग्रामीण क्षेत्रों में हर अमावस्या को लोग विशेष पूजन करते हैं जिसे पितृ पूजन कहते हैं। जिसके तहत पितरों के लिए अलग से भोजन तैयार किया जाता है और गायों को खिलाया जाता है। परंतु सोमवती अमावस्या पर स्नान व्रत एवं ध्यान का विशेष महत्व बताया गया है।
 आचार्य दीपक कौशिक ने बताया कि इस दिन जहां लोग दूर दराज जैसे हरिद्वार, ढोसी तीर्थ तथा अन्य तीर्थ पर जाकर स्नान करते हैं, साथ में दान करते हैं उनकी मनोकामना फलीभूत होती है। इस दिन विष्णु एवं पीपल वृक्ष की पूजा की जाती है। आचार्य के अनुसार पीपल के पेड़ की जड़ में भगवान विष्णु का निवास माना जाता है, इसलिए वृक्ष की जड़ की पूजा की जाती है और इसमें जल अर्पित किया जाता है। विधि विधान से पितरों की पूजा अर्चना की जाती है ताकि भौतिक सुख समृद्धि और खुशहाली आ सके। इस दिन दान का विशेष महत्व है, दान अवश्य करना चाहिए।
 क्या है सोमावती अमावस्या --
आचार्य दीपक बताते हैं कि सोमवार का दिन वैसे ही शुभ होता है। यह दिन भगवान भोलेनाथ को समर्पित है और इस दिन भोलेनाथ को याद करते हुए अमावस्या का दिन आ जाता है तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। जहां पितरों के साथ-साथ भगवान भोलेनाथ और विष्णु को भी याद किया जाता है। यही कारण है कि सोमावती अमावस्या का विशेष महत्व होता है। वैसे तो बताया जाता है कि पांडवों के समय में सोमावती अमावस्या कभी जीवन में नहीं आई, वे इस इस अमावस्या के लिए तरसते रहे।
सोमावती अमावस्या के लिए आचार्य बताते हैं कि सुबह सवेरे स्नान, ध्यान करके और पितरों को नमन करना चाहिए। तत्पश्चात दान दक्षिणा करनी चाहिए, गायों को खाना खिलाना चाहिए। इस दिन जहां विभिन्न देवी देवताओं को याद किया जाता है। यह दिन अति शुभ माना जाता है।
 फोटो कैप्शन: आचार्य दीपक



पवन ऊर्जा स्रोत जग में सबसे बेहतर ऊर्जा स्रोत
-कई उपयोग हैं पवन ऊर्जा











के,
-विश्व पवन ऊर्जा दिवस-15 जून
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कनीना की आवाज। पवन ऊर्जा को ऊर्जा का नवीकरण स्रोत माना जाता है। यह दिवस मनाने के पीछे नवीकरण ऊर्जा स्रोत के बारे में जागरूकता फैलाना है। कोयला और पेट्रोलियम कम होते जा रहे हैं। दिनोंदिन इनके घटने के कारण भविष्य में इनके समाप्त होने का खतरा मंडरा रहा है। वहीं अक्षय ऊर्जा स्रोत ऐसे स्रोत है जो निकट भविष्य में समाप्त होते नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में विज्ञान एवं गणित के ज्ञाता सुनील कुमार के विचार इस प्रकार हैं-
पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा  और जल ऊर्जा अक्षय ऊर्जा के बेहतर स्रोत है। इनसे प्राप्त ऊर्जा पर आधारित कई युक्तियां वैज्ञानिकों ने भी खोजी हैं जिनका उपयोग अधिक से अधिक किया जाना चाहिए। आजकल तो पवन चक्की एवं पवन से बिजली भी बनाई जा रही है। उन्होंने ऐसे में अक्षय ऊर्जा स्रोतों को अधिक से अधिक उपयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जब तक इंसान धरती पर जीवित है तब तक इनका उपयोग किया जा सकता है।
उनका कहना है कि लंबे समय से पेट्रोल-डीजल के वो वाहन चला रहा है किंतु अब उन्हें पता चला है कि इन स्रोतों की बजाए अक्षय ऊर्जा पवन एवं सौर आदि से चलने वाली युक्तियां प्रयोग की जाए। नवीनीकरण स्रोत अपनाने चाहिए जो समाप्त होते नजर नहीं आते हैं। ऐसे में उनका उपयोग करना ज्यादा लाभप्रद होगा कि भविष्य में इस प्रकार के स्रोत ही प्रयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रदूषण से भी हमें बचाते हैं। ऐसे में उपयोग करना चाहिए। पवन ऊर्जा एक अक्षय ऊर्जा स्रोत है। नवीकरण स्रोतों से भविष्य उज्ज्वल बन सकता है क्योंकि कोयला और पेट्रोलियम से प्रदूषण इतना बढ़ता है कि विश्व ऊष्मण की समस्या पैदा होती है। अमलीय वर्षा बनती है जो भविष्य के लिए खतरा है। ऐसे में उन्होंने इस प्रकार के स्रोतों का अधिक से अधिक उपयोग करने की बात कही। उनका कहना है कि कोयला और पेट्रोलियम प्रदूषण करते हैं और भविष्य में बहुत अधिक प्रदूषण करेंगे। ये अम्लीय वर्षा का कारण बनते हैं जो संगमरमर की भव्य इमारतों को भी नुकसान पहुंचाती हैं। धरती का ताप भी बढ़ेगा और बर्फ पानी में बदलकर समुद्रों का तल भी बढ़ाएगा। उन्होंने इस प्रकार के स्रोतों की बजाय अक्षय ऊर्जा स्रोत जिनमें पवन एवं सूर्य की ऊर्जा शामिल हैं, प्रयोग करने की बात कही।
फोटो कैप्शन: सुनील कुमार।

 

-कई दिनों से अंधेरे में डूबा है कनीना खास रेल


वे स्टेशन
-घट सकती है कोई भी दुर्घटना



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