26वीं खाटू श्याम नि:शुल्क यात्रा हुई पूर्ण।
श्याम कीर्तन से गुंजायमान हुआ प्रांगण।
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कनीना की आवाज। श्रीश्याम परिवार दीवाना संकीर्तन मंडल कनीना की ओर से करवाई गई निश्शुल्क धार्मिक यात्रा कनीना से खाटू श्याम की 26वीं निशुल्क बस यात्रा शाम 5 बजे पूर्ण हो गई। शुक्रवार को सुबह करीब 5 बजे 50 भक्तों को लेकर कनीना के खाटू श्याम मंदिर के समक्ष से बस रवाना हुई। जिसमें भक्तों को दो बार नाश्ता, खाना, चाय, पानी आदि निश्शुल्क दी जाती है। विस्तृत जानकारी देते हुए प्रधान मनोज सिंगला ने बताया कि 26वीं यात्रा सकुशल पूर्ण हुई यात्रा में भक्तों को आना जाना, खाना पीना सब कुछ नि:शुल्क प्रदान किया जाता है। सौरभ गुप्ता ने बताया कि हर महीने इसी प्रकार नि:शुल्क धार्मिक बस यात्रा कराई जाती है और 26वी यात्रा में लक्की ड्रा निकाले गये! बस में रितिक गुप्ता, भास्कर , रवींद्र आदि सेवादार के बतौर चलते जो पानी, चाय आदि की सुविधा प्रदान करते हैं। जब भक्त वापस कनीना श्याम मंदिर पहुंचे हैं तो उनका लक्की ड्रा निकाला जाता है जिसमें एक भक्त को बाबा की छवि देकर सम्मानित किया जाता है।
फोटो कैप्शन 03: श्याम प्रतिमा देकर सम्मानित करते हुए
राजनीतिक दलों के साथ साझा किए गए फार्म व दस्तावेज न देने वाले मतदाताओं की सूची
--निर्वाचक नामावली से संबंधित प्रपत्र किए सांझा
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कनीना की आवाज। अटेली विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक पंजीयन अधिकारी एवं कनीना के एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
इस बैठक में निर्वाचक नामावली से संबंधित प्रपत्र संख्या 9, 10, 11, 11ए और 11बी सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं बीएलए-1 के साथ साझा किए गए।
भारत निर्वाचन आयोग की हिदायतों के अनुसार बुलाई गई इस बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान दस्तावेज उपलब्ध न करवाने वाले मतदाताओं की सूची भी साझा की गई।
बैठक की शुरुआत में डा. जितेंद्र सिंह ने उपस्थित सभी सदस्यों का स्वागत किया। उन्होंने प्रतिनिधियों को इन प्रपत्रों पर कार्यालय द्वारा की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी।
बैठक में अटेली विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत दावों और आपत्तियों तथा नोटिस चरण की प्रगति पर भी चर्चा की गई।
अंत में डॉ. जितेंद्र सिंह ने सभी सदस्यों से आह्वान किया कि वह भविष्य में भी इसी प्रकार अपना सहयोग बनाए रखें। यह सारी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग की दिशा निर्देश अनुसार की जा रही है ताकि कोई भी पात्र नागरिक वोट से न छूटे।
फोटो कैप्शन 02: एसडीएम राजनीति दलों से बैठक करते हुए
किसानों का सरकारी तौर पर बाजरा बेचने से रुझान घटा
-निजी एजेंसी ले रही है 2305 रुपए प्रति क्विंटल
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कनीना की आवाज। कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में किसान लंबे समय तक बाजरे की सरकारी तौर पर बेचने का प्रयास कर रहे थे किंतु अभी तक सरकारी तौर पर किसानों का बाजरा नहीं बिक पाया।
खरीद एजेंसी ने बाजरे की सरकारी तौर पर खरीद शुरू नहीं की चूंकि एजेंसी का कहना है कि यह नाम्र्स के अनुसार खरा नहीं उतर पा रहा है। हैफेड खरीद एजेंसी द्वारा बार-बार बाजरे के सैंपल लिए गए और लैब में भेजे गए किंतु सभी नॉर्म्स के अनुसार सही खरे उतरे किंतु निजी स्तर / प्राइवेट एजेंसी सरकारी भाव से अधिक पर खरीद कर रही है जिसके चलते आज भाव 2305 रुपए से भी अधिक पहुंच गए। जिसके चलते अब किसानों का रुझान सरकारी तौर पर बाजरा बेचने को नहीं रहा है। किसानों ने बताया की सरकारी तौर पर 2300 रुपए प्रति क्विंटल बेचा जाएगा जिसमें झार लगाना पड़ेगा जबकि निजी स्तर पर 2305 रुपए प्रति क्विंटल बगैर झार के बिक रहा है। ऐसे में किसान भी खुश है और प्राइवेट एजेंसी भी खुश हैं। कनीना में करीब 10 प्राइवेट एजेंसी नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में कार्यरत हैं। किसान तेजी से बाजरा ला रहे। शुक्रवार तक करीब 50,000 क्विंटल बाजरा अनाज मंडी में पहुंच चुका है। किसान और प्राइवेट एजेंसी दोनों खुश है। 600 रुपये भावांतर भरपाई के सरकार द्वारा पहले ही घोषित किया हुआ है जो जे-फार्म लेने के बाद उनके खाते में आ जाएंगे।
फोटो कैप्शन 01: किसान बाजरा बेचते और खरीदते हुए एजेंसी
मूंगफली उगाने की ओर बढ़ा रुझान
-कई गांवों के किसानों ने की है मूंगफली की खेती
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कनीना की आवाज। कनीना और आसपास क्षेत्रों में जहां लंबे समय से किसान परंपरागत खेती करते आ रहे हैं। खरीफ फसल बतौर बाजरा एवं कपास उगते हैं किंतु रबी फसल बतौर गेहूं एवं सरसों उगाई जाती है। खरीफ फसल बतौर अनेक किसानों ने मूंगफली की खेती की है। जहां कृषि विभाग की ओर से उन्हें मूंगफली के बीज उपलब्ध करवाए गए थे जिसके चलते मूंगफली उगाकर किसान खुश नजर आए।
मिली जानकारी अनुसार कनीना के सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, खैराना गांव में करीब 10 एकड़ जमीन पर, बेवल में चार एकड़ जमीन तथा अन्य कई गांवों में किसानों ने विशेषकर जितेंद्र कुमार, नरेश कुमार, सुमेर सिंह, संदीप, राजवीर, नर सिंह आदि ने अपने खेतों में मूंगफली उगाई है। करीरा एवं भडफ़ के किसान मूंगफली उगाने में अग्रणी रहे हैं।
कनीना के किसान राजेंद्र सिंह और सूबे सिंह ने बताया कि उन्होंने पहले भी कई बार मूंगफली पैदावार ली है। और बेहतर लाभ कमाया है। बाजरे की अपेक्षा बेहतर लाभ देती है।
एसडीओ कृषि विभाग डा. अजय कुमार यादव ने बताया कि मूंगफली उगाकर किसान कई लाभ कमा सकते। एक तो यह 8 से 15 क्विंटल प्रति एकड़ में पैदावार दे सकती है वहीं 90 से 150 दिनों की फसल है जबकि एमएसपी इस बार सरकार ने 7517 रुपये प्रति क्विंटल दिया हुआ है। उन्होंने बताया कि मूंगफली उगाकर किसान न केवल पशुओं के लिए चारा अपितु खेत की उर्वरा शक्ति नाइट्रोजन की पूर्ति मुफ्त में हो जाती है। इसके अतिरिक्त मूंगफली के छिलके भी उद्योग धंधों में काम आते हैं। किसान पशु पालते है इसलिए पशुपालकों के लिए मूंगफली उगाना लाभप्रद साबित होता है। उन्होंने बताया कि आने वाले 20 दिनों बाद मूंगफली को उखाड़ा जाएगा।
उधर अरविंद कुमार कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों के लिए सरकार मूंगफली के बीज उपलब्ध करवाती है ताकि किसान रुचि ले सके और परंपरागत खेती की अपेक्षा मूंगफली उगाकर अच्छा लाभ कमा सके।
किसान सूबे सिंह और राजेंद्र सिंह ने बताया कि वे खुश है क्योंकि अब मूंगफली फसल फसल पैदावार होने को जा रही है। 10 से 15 दिनों बाद मूंगफली को उखाड़ा जाएगा।
फोटो कैप्शन 04:मूंगफली की खेती दिखाता हुआ किसान
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस -10 अक्टूबर
मानसिक समस्याओं को यूं ही खामोशी से ना पनपने दें
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कनीना की आवाज। मानसिक स्वास्थ्य संपूर्ण स्वास्थ्य का एक अभिन्न हिस्सा है। यदि यूं कहा जाए कि मानसिक स्वास्थ्य के बिना हम स्वास्थ्य की कल्पना नहीं कर सकते तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। आज चिकित्सा के क्षेत्र में इंसान ने बड़े-बड़े अविष्कार कर लिए हैं, लेकिन मानसिक रोगों को लेकर समाज की सोच अभी भी संकुचित ही है। हम लोग खांसी-जुकाम, भुखार होने की अवस्था में तुरंत डाक्टर के पास भागते हैं, परन्तु अपनी मानसिक समस्याओं को यूं ही खामोशी से पनपने देते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अरुचि, भ्रांतियां और गलत जानकारी। मानसिक समस्या को बीमारी न समझना या मानसिक अस्वस्थता को कलंक समझना और इसकी चर्चा से परहेज करना इस समस्या को और भी विकराल बना देता है।
21वीं सदी मानसिक संकट का युग है। आधुनिक जीवनशैली की मांगों के दबाव के कारण बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई तनाव में जी रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि 2030 तक, तनाव संबंधी बीमारियां संक्रामक रोगों से अधिक हो जाएंगी। ऐसे में यह बहुत जरूरी है कि हम मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझें और उसके संरक्षण के लिए स्वयं सजग व जागरूक रहें तथा दूसरों को भी जागरूक करने का प्रयास करते रहें। मानसिक बीमारियों के प्रति उपेक्षा भाव और गलत अवधारणाओं की वजह से बड़ी संख्या में लोगों पर ध्यान नहीं दिया जाता और उन्हें आवश्यक देखभाल नहीं मिल पाती है। इसलिए लोगों के सामने आने वाली मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करने के लिए व्यापक जागरूकता का होना जरूरी है।
आजकल की भागदौड़ की जिंदगी में तथा मोबाइल के चलते इंसान तनाव भरी जिंदगी जीने लगा है। वह अपनी बातें किसी से शेयर नहीं करता है कि लोग उसका मजाक उड़ाएंगे। अगर वह इंसान अपनी तनाव की बातें किसी से शेयर कर दे तो हो सकता है तनाव कम हो जाए और किसी गलत कदम उठाने से बच सकेगा। उन्हें चाहिए कि वो डाक्टरों से अपनी बात बताए और समस्या का समाधान ढूंढे।
---डा जितेंद्र मोरवाल उप नागरिक
फोटो कैप्शन डा जितेंद्र मोरवाल
रक्तदान महादान है और मानव जीवन की रक्षा से बढ़कर कोई अन्य पुण्य कार्य नहीं: विधायक ओम प्रकाश यादव
-राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में रक्तदान शिविर का आयोजन
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कनीना की आवाज। सेवा संकल्प अभियान के तहत मुख्यालय के दिशा-निर्देशानुसार युवाओं में सामाजिक दायित्व और सेवा भाव को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में रक्तदान शिविर का आयोजन किया। कार्यक्रम में नारनौल विधायक ओम प्रकाश यादव ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की।
विशिष्ट अतिथि के तौर पर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राकेश शर्मा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष किशन लाल बोहरा तथा वासुदेव यादव मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि ओम प्रकाश यादव ने कहा कि रक्तदान महादान है और मानव जीवन की रक्षा से बढ़कर कोई अन्य पुण्य कार्य नहीं हो सकता। हमारे द्वारा दान किया गया रक्त किसी गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति या दुर्घटना का शिकार हुए मरीज को नई जिंदगी दे सकता है। उन्होंने आईटीआई के युवाओं द्वारा की गई इस सामाजिक पहल की प्रशंसा की और क्षेत्र के अन्य शैक्षणिक संस्थानों को भी प्रेरित किया कि वे समय-समय पर इस तरह के जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन करें।
मुख्य अतिथि ने रक्तदाताओं को प्रशंसा पत्र, मेडल देकर सम्मानित किया गया।
शिविर के दौरान रेड क्रॉस सोसाइटी और स्थानीय नागरिक अस्पताल से आई डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की विशेष टीम ने सुरक्षा, स्वच्छता और सभी आवश्यक चिकित्सकीय मानकों का पालन करते हुए रक्त संग्रहण का कार्य संपन्न कराया।
संस्थान प्रबंधन द्वारा रक्तदाताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए फल, जूस और पौष्टिक आहार का विशेष प्रबंध किया।
कार्यक्रम के समापन पर संस्थान के प्रधानाचार्य विनोद खंगवाल ने मुख्य अतिथि विधायक ओम प्रकाश यादव, अतिथियों, मेडिकल टीम तथा सभी रक्तदाताओं का आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर सुरेश चौधरी, सपना गुप्ता, जोगिंदर राजपूत, डॉ. अनिल सैनी, सत्यनारायण जांगड़ा, उप-प्रधानाचार्य तिलक राज, सुनील यादव, एनसीसी प्रभारी मेजर वीरेंद्र सेकवाल, वर्ग अनुदेशक अमित, मनीषा यादव, हरीश, मनोज, अशोक, शक्ति, नीरज यादव, जॉनी यादव सहित संस्थान के सभी अनुदेशक , कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
खो-खो प्रतियोगिता में राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़ की शानदार उपलब्धि, विकास और प्रियंका का विश्वविद्यालय ट्रायल के लिए चयन
-राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़ में खिलाडिय़ों का स्वागत, प्राचार्य एवं खेल प्रभारी ने दी बधाई और शुभकामनाएं
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कनीना की आवाज। राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़ के खिलाडिय़ों ने खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए महाविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। राजकीय महाविद्यालय खरखड़ा, रेवाड़ी में आयोजित इंटर यूनिवर्सिटी खो-खो प्रतियोगिता के लिए चयन ट्रायल में महाविद्यालय के दो खिलाडिय़ों का विश्वविद्यालय स्तर के ट्रायल के लिए चयन हुआ है। पुरुष वर्ग में छात्र विकास तथा महिला वर्ग में छात्रा प्रियंका ने अपनी प्रतिभा और खेल कौशल के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। दोनों खिलाडिय़ों के चयन से महाविद्यालय में खुशी का माहौल है।
खो-खो प्रतियोगिता में भाग लेने वाली महाविद्यालय की पुरुष एवं महिला टीमों ने उत्साह, मेहनत, अनुशासन और टीम भावना के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में खिलाडिय़ों ने खेल के प्रति अपनी लगन और समर्पण का परिचय दिया। इसी प्रदर्शन के आधार पर पुरुष वर्ग से विकास और महिला वर्ग से प्रियंका का आगामी विश्वविद्यालय स्तरीय ट्रायल के लिए चयन हुआ। यह उपलब्धि दोनों खिलाडिय़ों की मेहनत, नियमित अभ्यास और खेल के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है।
दोनों चयनित खिलाड़ी आगामी विश्वविद्यालय स्तरीय चयन प्रक्रिया में भाग लेंगे। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार ने आशा व्यक्त की कि वे आगे भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय देंगे तथा महाविद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।
महाविद्यालय पहुंचने पर खिलाडिय़ों का स्वागत किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर विजय यादव ने चयनित खिलाडिय़ों को बधाई देते हुए कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खेलों से विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सहयोग की भावना और कठिन परिस्थितियों का सामना करने का साहस विकसित होता है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के विद्यार्थियों की खेल उपलब्धियां अन्य विद्यार्थियों को भी खेलों में भाग लेने और अपनी प्रतिभा निखारने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने दोनों खिलाडिय़ों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगामी ट्रायल में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
महाविद्यालय के खेल प्रभारी प्रोफेसर गगनदीप यादव ने खिलाडिय़ों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी खेल में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर अभ्यास, मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि विकास और प्रियंका का विश्वविद्यालय ट्रायल के लिए चयन होना महाविद्यालय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों खिलाड़ी आगामी चयन प्रक्रिया में भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे और भविष्य में उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाएंगे।
इस अवसर पर डीन साइंस प्रोफेसर जितेंद्र कुमार वशिष्ठ, प्रोफेसर हीरा सिंह, डॉ. विकास गुप्ता सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने चयनित खिलाडिय़ों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। सभी ने खिलाडिय़ों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें आगे भी खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
एडीसी तरुण कुमार पावरिया ने ली डिस्ट्रिक्ट लेवल मलेरिया टास्क फोर्स की बैठक
-हर रविवार को मनाएं ड्राई डे, कूलर-बर्तन खाली कर सुखाने के बाद ही भरें नया पानी: एडीसी
-नागरिक बुखार में खुद न लें दवा, सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में जांच व इलाज मुफ्त
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कनीना की आवाज। हरियाणा सरकार द्वारा डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे प्रयासों के तहत जिले में प्रत्येक रविवार को सूखा दिवस (ड्राई डे) के रूप में मनाने के लिए आमजन को प्रेरित किया जाए। इस दिन घरों में रखे कूलर, पानी के बर्तन, हौदी और फूलदानों को खाली करके रगड़कर साफ किया जाए और सुखाने के बाद ही उनमें नया पानी भरा जाए। यह निर्देश अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पावरिया ने आज लघु सचिवालय में आयोजित डिस्ट्रिक्ट लेवल मलेरिया टास्क फोर्स की बैठक में अधिकारियों को दिए।
बैठक में उन्होंने मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया के मुख्य लक्षणों, फैलने के कारणों तथा बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि मलेरिया संक्रमित मादा एनोफेलीज मच्छर के काटने से फैलता है। इसमें सर्दी व कंपकंपी के साथ तेज बुखार, सिरदर्द और उल्टी होती है तथा बुखार उतरते समय शरीर पसीने से तर हो जाता है। समय पर उपचार न मिलने पर यह बीमारी जानलेवा भी हो सकती है।
वहीं, डेंगू व चिकनगुनिया फैलाने वाला ऐडीज मच्छर दिन के समय काटता है और केवल रुके हुए साफ पानी में पनपता है। डेंगू में अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द तथा आंखों के पीछे दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। चिकनगुनिया में बुखार के साथ जोड़ों में गंभीर दर्द और सूजन बनी रहती है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि किसी भी प्रकार का बुखार होने पर नागरिक खुद से कोई दवा न लें, बल्कि तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर खून की जांच करवाएं। उन्होंने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया की जांच और उपचार ग्राम स्तर तक पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध है। मलेरिया की पुष्टि होने पर 14 दिन का पूरा इलाज लेना अनिवार्य है, ताकि बीमारी दोबारा न उभरे।
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डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए नागरिक ये करें
नारनौल। सिविल सर्जन डा. अशोक कुमार ने बताया कि घरों के आसपास गड्ढों को मिट्टी से भरवाएं। कूलर, होदी, टंकी व पानी से भरे हुए बर्तन सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें व कपड़े से अच्छी तरह से रगड़कर साफ करके ही प्रयोग करें। शरीर ढक कर रखें तथा मच्छर रोधी दवा, क्रीम व कीटनाशक दवाई से उपचारित मच्छरदानी का प्रयोग करें एवं पूरी बाजू के कपड़े पहनें। छतों पर रखी पानी की टंकियों को ढक्कन लगाकर बंद रखें। मलेरिया के अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में घरों के अंदर कीटनाशक का छिड़काव करवाएं। बुखार आने पर डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए नागरिक ये ना करें
सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार ने बताया कि नागरिक अपने स्तर पर एस्प्रिन ब्रूफीन दवाइयों का सेवन न करें। घरों के अंदर व आसपास के गढ़ों में 7 दिन से अधिक पानी इक_ा न होने दें। पुराना सामान जैसे टायर, ट्यूब, खाली डिब्बे, पॉलिथीन के लिफाफे खुले में न फेंकें ताकि बरसात का पानी उसमें इक_ा न हो। यदि कुलर प्रयोग में नहीं लाया जा रहा है तो उसमें पानी इक_ा न होने दें। हैड पंप व नल के आसपास पानी जमा न होने दें। टायर, ट्यूब, खाली डिब्बे खुले में न छोड़ें। यदि अंदर रखना संभव न हो तो उन्हें ढक कर रखें।
सीएम नायब सिंह सैनी ने वीसी के जरिए की समाधान प्रकोष्ठ की समीक्षा बैठक
-जिला में दो साल में समाधान प्रकोष्ठ में 3090 शिकायतों का निस्तारण
-4771 शिकायतों में से 3090 का समाधान, 2214 मामलों में शिकायतकर्ताओं ने की पुष्टि
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कनीना की आवाज।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य के सभी उपायुक्त के साथ समाधान प्रकोष्ठ की समीक्षा बैठक ली। बैठक के बाद उपायुक्त अनुपमा अंजली ने महेंद्रगढ़ जिले की स्थिति की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 8 अक्तूबर 2024 से 8 अक्तूबर 2026 तक जिले में समाधान प्रकोष्ठ के तहत कुल 4771 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 3090 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है, जो कुल शिकायतों का लगभग 65 प्रतिशत है।
निस्तारित शिकायतों में से 2214 मामलों में सीएम कार्यालय की कन्फर्मेशन सेल ने शिकायतकर्ता से संपर्क कर समाधान की पुष्टि ली है। इसके बाद ही इन्हें पोर्टल पर संग्रहित किया गया।
उपायुक्त ने यह भी बताया कि जिले में लंबित एवं पुन: खोली गई शिकायतें 197 हैं, जो कुल शिकायतों का करीब 4 प्रतिशत है।
उपायुक्त अनुपमा अंजली ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निपटारा केवल पोर्टल पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर होना चाहिए। समाधान शिविर सरकार का फ्लैगशिप कार्यक्रमों में से एक है। ऐसे में शिकायतकर्ता को समाधान की जानकारी दी जाए और उसकी संतुष्टि का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो शिकायतें अभी लंबित हैं, उन पर प्राथमिकता से कार्रवाई कर रिपोर्ट समय पर भेजी जाए। साथ ही शिविरों में अधिकारी स्वयं उपस्थित रहें और लोगों की बात ध्यान से सुनें।
उन्होंने बताया कि समाधान शिविर हर सोमवार और गुरुवार को प्रत्येक उपमंडल पर सुबह 10 से 12 बजे तक लगाए जाते हैं। लोग अपनी समस्याएं शिविर में आकर सीधे अधिकारियों के सामने रख सकते हैं।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक दीपक तथा अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पावरिया के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
-राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-
-वैल्यू चेन पार्टनर्स एवं किसान उत्पादक संगठनों के चयन के लिए आवेदन आमंत्रित
-इच्छुक संस्थाएं अब 12 तक कृषि उपनिदेशक कार्यालय में जमा करवा सकती हैं दस्तावेज
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कनीना की आवाज। हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश में तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से 'राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन' को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। जिले में तिलहन फसल क्लस्टरों के सुचारू संचालन एवं प्रबंधन के लिए वैल्यू चेन पार्टनर्स के चयन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
इसके लिए जिले के पात्र (किसान उत्पादक संगठनों) सहकारी समितियों और सार्वजनिक व निजी कंपनियां 12 अक्टूबर तक आवेदन कर सकती हैं।
यह जानकारी देते हुए कृषि तथा किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक कृषि (डीडीए) नेहा ने बताया कि पंजीकरण के लिए आवेदक संस्था का कंपनी अधिनियम या सहकारी समिति अधिनियम के तहत पंजीकृत होना अनिवार्य है। संस्था को संबंधित जिले में कम से कम तीन वर्ष का कार्य अनुभव होना चाहिए। एफपीओ या सहकारी संस्था में न्यूनतम 200 किस अनिवार्य रूप से पंजीकृत होने चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों का औसत वार्षिक टर्नओवर नौ लाख रुपए से अधिक होना चाहिए।
चयन प्रक्रिया और वरीयता:
वैल्यू चैन पार्टनर्स का चयन जिला कार्यकारी समिति द्वारा निर्धारित मापदंडों एवं अंक प्रणाली (मार्किंग सिस्टम) के आधार पर किया जाएगा। इस प्रक्रिया में किसानों की सामूहिक संस्थाओं जैसे एफपीओ और सहकारी समितियों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
आवेदन प्रक्रिया:
इच्छुक और पात्र एफपीओ, सहकारी समितियां तथा अन्य संस्थाएं अपने संगठन की प्रोफाइल कार्य अनुभव प्रमाण पत्र और सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन उपनिदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग नारनौल के कार्यालय में 12 अक्टूबर तक जमा करवा सकते हैं।












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