डीएवी अकादमी को पुन: शुरू करवाने के लिए किया जा रहे सार्थक प्रयास
-आयोजित हुई डीएवी अकादमी के द्वार पर बैठक
-हरेंद्र शर्मा कर रहे हैं अथक प्रयास
बाजरे की सरकारी खरीद का हुआ शेड्यूल जारी
- सुबह 8 बजे से शाम 5 तक चलेगी खरीद
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कनीना की आवाज। कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में किसानों का सरकारी बाजरे खरीद का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। 12 अक्टूबर को अगिहार, बेवल, बाघोत एवं भडफ़ के किसान सरकारी तौर पर बाजरा बेच पाएंगे। वहीं 13 अक्टूबर को चेलावास, छितरौली धनौंदा, दौंगड़ा अहीर, दौंगड़ा जाट के किसान और 14 अक्टूबर को गुढ़ा, गोमला, गोमली, गाहड़ा, इसराना और झाड़ली के किसान बाजार बेच पाएंगे।
विस्तृत जानकारी देते हुए सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी मार्केट कमेटी अजीत सिंह ने बताया कि किसान बिना शेड्यूल के मंडी में ना आए, गेट पास कटवाने के लिए अपने साधन पर नंबर प्लेट लगवाना जरूरी है। वो किसान अनाज मंडी में आए जिन्होंने रजिस्ट्रेशन मेरी फसल मेरा ब्यौरा करवाया हुआ है। अपनी फसल को अच्छी प्रकार सुखाकर वह साफ करके लाए।
एनसीआर दिल्ली में तापमान में उतार चढाव देखने को मिल रहा-डा. चंद्रमोहन
--कहीं कहीं हो सकती है हल्की बूंदाबांदी
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कनीना की आवाज। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में आमतौर पर मौसम परिवर्तन शील बना हुआ है। सम्पूर्ण इलाके बादलों की आवाजाही देखने को मिल रही है। हवाओं की दशा और दिशा में बदलाव से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में तापमान में उतार चढाव देखने को मिल रहा है। मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि इस साल अल-नीनो परिस्थितियों की वजह से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मानसून की ढ़ीली परफोर्मेंस से मानसू
नी बारिश के आंकड़े सामान्य से नीचे बने रहे। मानसून की विदाई के साथ लगातार तापमान में उछाल देखने को मिल रहा है। मानसून की बापिस के बाद एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहें हैं परन्तु इनसे हरियाणा के उत्तरी हिस्सों में ही बारिश की गतिविधियां हो रही है जबकि शेष हरियाणा एनसीआर दिल्ली में बादलों की आवाजाही देखने को मिल रही है।
आज पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से प्रभावित जि़ले-
आज पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र ,पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर करनाल में तेज़ गति की हवाओं के साथ हल्की बारिश बूंदाबांदी और कैथल कुरुक्षेत्र जिलों में कहीं कहीं छिट-पुट ओलावृष्टि की गतिविधियों को दर्ज किया गया।
मानसून वापसी अपडेट
आज दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा 27.5एन/86.5ई, सुपौल, रांची, सुंदरगढ़, बरगढ़, बीजापुर, हैदराबाद, बेलगावी, पणजी और 15एन/72ई से होकर गुजर रही है।अगले 2 दिनों के दौरान पूर्वी भारत और उत्तरी प्रायद्वीप के कुछ और हिस्सों तथा पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून के और आगे पीछे लौटने (वापसी) के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं।
मौसम प्रणालियों का असर
वर्तमान परिदृश्य में ट्रफ माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊँचाई पर उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश तक बना हुआ है। इसके अलावा
एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण माध्य समुद्र तल से 0.9 से 1.5 किमी की ऊँचाई मध्य पाकिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्रों के ऊपर के बीच स्थित है। साथ ही साथ एक ट्रफ मध्य पाकिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्र के ऊपर बने चक्रवातीय परिसंचरण से लेकर उत्तरी मध्य प्रदेश तक (दक्षिण जम्मू संभाग, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश होते हुए) माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर गुजर रही है। इसके अलावा हरियाणा और उसके आसपास के क्षेत्र के ऊपर माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई पर स्थित ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उपर्युक्त ट्रफ में विलीन हो गया है। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ, हिमाचल प्रदेश के ऊपर माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में बना हुआ है।इन सभी मौसम प्रणालियों के असर से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।(कुल मिलाकर आज वायुमंडल के ऊपरी स्तरों में हरियाणा व आसपास के क्षेत्र के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। राज्य के उत्तरी भागों में एक ट्रफ लाइन बनी हुई है।)
मौसम पूर्वानुमान
आने वाले दिनों में हरियाणा एनसीआर दिल्ली में लगातार मौसम परिवर्तन शील बना रहेगा क्योंकि एक पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा एनसीआर दिल्ली से आगे निकल चुका है इसके पिछे पिछे 12 अक्टूबर कों 14 अक्टूबर को बैक टू बैक दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में 14-16 अक्टूबर के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि ये दोनों ही पश्चिमी विक्षोभ कमजोर हो गये है जिनकी वजह से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में केवल बादलों की आवाजाही और तेज़ गति की हवाओं के साथ केवल कहीं कहीं छिट-पुट हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियों की सम्भावना बन रही। बार बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में लगातार तापमान में उतार चढाव देखने को मिल रहा है। क्योंकि बार बार हवाओं की दिशा और दशा में बदलाव देखने को मिल रहा है।पश्चिमी हवाओं के स्थान पर वर्तमान समय में दक्षिणी पूर्वी हवाओं से सम्पूर्ण इलाके में दिन और रात के तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है हालांकि सुबह के धंटो में फिजाओं में मीठी मीठी भीनी भीनी ठंडी खुशबू धुलने लगीं है।
हरियाणा एनसीआर दिल्ली तापमान की स्थिति
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा के उत्तरी हिस्सों में तेज़ गति की हवाओं और हल्की बारिश बूंदाबांदी और छिट-पुट ओलावृष्टि की गतिविधियों और उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और बारिश की गतिविधियों से सम्पूर्ण इलाके में धीरे धीरे तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है आज हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर दिन और रात के तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। आने वाले दिनों में सम्पूर्ण इलाके में तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी।
फोटो कैप्शन: डा. चंद्रमोहन
सेवा संकल्प सेतु शिविर-
-शिविर में नागरिकों ने उठाया योजनाओं का लाभ
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कनीना की आवाज। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब लोगों को उनके द्वार पर ही मिल रहा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत रविवार को अटेली व कनीना नपा कार्यालय, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल धनौंदा व बीडीपीओ कार्यालय अटेली में सेवा संकल्प सेतु शिविर आयोजित किए गए।
इन कैंपों में स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का मौके पर ही लाभ प्राप्त किया। शिविरों के दौरान मुख्य रूप से 'लाडो लक्ष्मी योजना' और 'मुख्यमंत्री परिवार उत्थान योजना' के प्रति लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
इन कल्याणकारी शिविरों में विभिन्न विभागों से जुड़े स्टॉल लगाए गए थे, जहां पात्र लाभार्थियों के मौके पर ही आवेदन स्वीकार किए गए और कई मामलों में तुरंत समाधान भी सुनिश्चित किया गया।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि 13 अक्टूबर को नगर पालिका कार्यालय अटेली व फतेहपुर की बीसी चौपाल में सेवा संकल्प सेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के सभी नागरिकों से इन शिविरों में अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
फोटो कैप्शन 07: कैंप में सेवाओं के लिए आवेदन करते लाभार्थी।
जलघर कर्मचारियों ने मिलकर की वाटर सप्लाई परिसर की सफाई की
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कनीना की आवाज। कनीना -रेवाड़ी सड़क मार्ग पर स्थित मुख्य जलघर के परिसर की कई पेयजल कर्मियों ने मिलकर सफाई की है।
केके पूनिया प्रधान ने बताया कि लंबे समय से जल केंद्र के परिसर की सफाई नहीं हो पाई थी। सभी कर्मी अपने घरों से यंत्र लेकर आए औरसुबह सवेरे से ही सफाई अभियान चला दिया। इसके बाद आने वाले लोगों के लिए यह साफ सुथरा नजर आएगा। उन्होंने बताया की सर्दी आने वाली है। उन्होंने बताया कि प्रांगण में घास फूस, कटीले पौधे, छोटे-छोटे पौधे, झाडिय़ां आदि पैदा हो गए हैं। इनको हटा दिया गया है तथा सजावटी पौधों की कटाई करके प्रांगण को और महकदार बना दिया है। उन्होंने बताया कि कनीना का यह जलकर करीब 45 वर्ष पुराना है और यहां पर कभी अनेक सुविधाएं होती थी। एक बार फिर से इस जल घर को साफ सुथरा बनाकर आकर्षण का केंद्र बनाया जाएगा।
फोटो कैप्शन 08: वाटर सप्लाई कर्मचारी सफाई करते हुए
इश्तगास के आधार पर छह लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज
-अगिहार गांव की है घटना
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कनीना की आवाज। अगिहार की महिला बिमला देवी के इश्तगासा के आधार पर कनीना पुलिस ने छह लोगों निर्मल,पवन, महिपाल, सुमन, रीना ,सरोज के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत के केस दर्ज कर लिया है। बिमला ने कनीना न्यायालय में में दायर इश्तगासा में कहा है कि वह अगिहार की रहने वाली है और 25 मार्च 2026 को करीब 4:30 से 5 बजे, जब घर पर काम कर रही थी तो निर्मल, पवन और महिपाल घर में घुस गए। बुरी नीयत से छेड़छाड़ और अश्लील हरकत की। जब शोर मचाया तो लात घूंसों से पिटाई की, कपड़े फाड़ दिए। शोर सुनकर उनका लड़का अंकित व लड़की प्रीति आई तो उनके भी थप्पड़ ,मुक्के, लात व घूंसे जड़ दिए। लड़के और लड़की ने मुश्किल से उन्हें छुड़वाया। उसी दिन शाम 6 बजे दोबारा वे अपने हाथों में कुल्हाड़ी, बांकडी, लाठी, लोहे की राड़ लेकर घर पहुंचे और गंदी गालियां दी। सिर पर कुल्हाड़ी मारी, बांकड़ी के डंडे से चोट मारी, थप्पड़ एवं मुक्कों से बुरी तरह से पिटाई की। सिर चोटिल कर घायल कर दिया। जब उसका लड़का बीच बचाव में आया तो उसकी भी मार पिटाई की। वह जान बचाकर घर के अंदर घुस गया और दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद उन्होंने मकान के दरवाजे, खिड़की आदि को कुल्हाड़ी, बांकड़ी, राड़ एवं लाठी-डंडों से तोड़ दिया। शोर सुनकर पड़ोसी आए और उन्हें छुड़वाया। जाते-जाते अनेक चेतावनी भी दे गए। इसके बाद तत्पश्चात बिमला के इलाज के लिए स्वजन उसे सिविल अस्पताल सेहलंग ले ले गए। पुलिस मौके पर बयान लेने नहीं आई। डाक्टरों ने उसे हायर सेंटर महेंद्रगढ़ रेफर कर दिया और 28 मार्च 2026 तक इलाज चलता रहा। सिर में दर्द रहने के कारण निजी अस्पताल महेंद्रगढ़ में इलाज करवाया। कनीना पुलिस में केस दर्ज करने के बारे में कहा तो पुलिस ने मनमर्जी से दोषी दोषी का बचाव करने के लिए बातें लिखवा दी। पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।बार-बार पुलिस को शिकायत की किंतु कोई कार्रवाई नहीं ली की। बिमला का आरोप है कि पुलिस ने उन्हीं के विरुद्ध 3 अप्रैल 2026 को केस दर्ज कर परिवार के सदस्यों को 7 जुलाई 2026 का अदालत में पेश कर दिया। जिसके चलते उन्हें जमानत लेनी पड़ी। बिमल का कहना है कि उनके पास वारदात की सीसीटीवी फुटेज भी है। डीएसपी, एसपी, डीजीपी पंचकूला भी शिकायत की किंतु दोषियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई। मानव अधिकार आयोग को भी लिखा। कार्रवाई न होने के चलते बिमला ने कनीना न्यायालय में इश्तगासा दायर किया जिसके चलते अब दोषियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
विभिन्न मुद्दों को लेकर स्वर्ण समाज की कनीना में बैठक संपन्न
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कनीना की आवाज। कनीना स्थित नेताजी मेमोरियल क्लब में स्वर्ण समाज की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता कंवर सेन वशिष्ठ ने की। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए यूजीसी कानून, एससी एसटी एक्ट हो रहे दुरुपयोग के बारे में विचार विमर्श किया गया
तथा सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि यूजीसी एक्ट का पूर्ण रूप से वापसी हो और एससी एसटी एक्ट और जातिगत आरक्षण में सुधार और स्वर्ण आयोग की मांग देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक पहुंचे इसके लिए तय किया गया की 19 अक्टूबर को स्वर्ण समाज के बैनर तले एसडीएम कार्यालय ज्ञापन सौंपा जाएगा।
बैठक में गौड़ सभा उप प्रधान सुरेश कुमार वशिष्ठ, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा प्रदेश उपाध्यक्ष अत्तर सिंह कैमला, अग्रवाल समाज से ओमप्रकाश लिशानिया, डा. अजीत शर्मा, सुरेश शर्मा कोषाध्यक्ष गौड़ सभा,
रतन सिंह, अतीत तंवर जि़ला पार्षद, हेमंत शर्मा नौताना, श्रीराम शर्मा बाघोत, सूबेदार मुन्नीलाल शर्मा,प्रेम शर्मा नौताना,मनीष गुप्ता, राधेश्याम शर्मा झाड़ली, विजय शर्मा, ओम सिंह खेड़ी,भगवत दयाल शर्मा, धर्मवीर भडफ़ आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 06: स्वर्ण समाज की बैठक में विचार करते हुए
विश्व गठिया दिवस -12 अक्टूबर
हजारों व्यक्ति गठिया से पीडि़त मिलते हैं -डा. जितेंद्र
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कनीना की आवाज। विश्व गठिया दिवस लोगों में हड्डियों से जुड़ी गंभीर स्थिति के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। इसे अंग्रेजी में अर्थराइटिस कहते हैं। एक और जहां विगत वर्षों कोरोना से इंसान परेशान देखने को मिला वहीं अर्थराइटिस अनेक बीमारियों में से एक तेजी से फैलने वाली बीमारी है। गठिया के बारे डा. जितेंद्र मोरवाल उप नागरिक अस्पताल कनीना से चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि गठिया एक जोड़ों में दर्द एवं जकडऩ का कारण बनता है। बड़ी उम्र के साथ-साथ यह स्थिति खराब होती चली जाती है। जागरूकता फैला कर ही इस रोग से बचा जा सकता है। 1996 से इस रोग से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया जाता रहा है।
गठिया बीमारी विटामिन-सी, विटामिन-डी और कैल्शियम की कमी से ज्यादा परेशान करती हैं। इन चीजों की कमी से हड्डियां कमजोर होती चली जाती है और अंदर से खोखली हो जाती है। गठिया का अर्थ जोड़ों में सूजन,दर्द एवं लालिमा उत्पन्न होना। उसे स्थान पर गर्मी अनुभव होती है, हड्डी के जोड़ सूज जाते हैं जो दर्द का कारण बनता है। गठिया के कारण होने वाली अधिकांश बीमारियां स्वप्रतिरक्षा के कारण होती है। उन्होंने बताया कि यह दर्द असहनीय होता है। आमतौर पर कई हफ्तों से कई महीनो में हाल होता है।
गठिया में विशेष कर आलू खाने का परहेज करना चाहिए, आलू में मौजूद केमिकल है जो गठिया रोग का कारण बनता है। गठिया को जड़ से खत्म करने के लिए आयुर्वेद की दवाई काफी लाभप्रद जिनमें अश्वगंधा आता है, ठंडी जगह जाने से परहेज करें, नशीले पदार्थ का सेवन न करें। उन्होंने बताया कि सेब खाने से इस रोग में सूजन में कमी आती है और गठिया के लक्षण कम होते हैं। साथ में एंटीआक्सीडेंट से भरपूर फल एवं सब्जियां ज्यादा खानी चाहिए जिनमें ब्रोकली, पपीता, शिमला मिर्च, संतरा, अंगूर, स्ट्राबेरी विटामिन-सी के स्रोत, पालक ,चेरी आदि खाने चाहिए। गठिया से छुटकारा पाने के लिए सर्दी के मौसम में अदरक के तेल अदरक का प्रयोग करें जोड़ों पर मालिश करनी चाहिए। यह रोग 40 से 60 वर्ष की उम्र में शुरू हो जाता है पुरुषों की तुलना महिलाओं में अधिक होता है। गठिया के कारण दर्द ,कठोरता, सूजन तीन प्रमुख लक्षण होते हैं। गठिया रोग में शराब पीना, ग्लूटेन फूड, प्रोसेस्ड फूड, मीट वेजिटेबल तेल, नमक का सेवन कम करें, गठिया में दूध नहीं पीना चाहिए।
फोटो कैप्शन: डा. जितेंद्र मोरवाल
कनीना की रामलीला-
श्रीआदर्श रामलीला कनीना के मंच पर मेघनाथ ने इंद्रलोक पर चढ़ाई कर इंद्र को हराया
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कनीना की आवाज। श्रीआदर्श रामलीला कमेटी कनीना की ओर से आयोजित रामलीला के दूसरे दिन कलाकारों ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों का शानदार मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर मेघनाथ द्वारा इंद्रलोक पर चढ़ाई कर इंद्र को पराजित करने, रावण-वेदवती संवाद, नंदी और रावण के बीच संवाद तथा रावण द्वारा कैलाश पर्वत उठाने के प्रयास जैसे प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। इनमें मेघनाथ और इंद्र के बीच हुआ भीषण युद्ध दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कलाकारों ने अपने अभिनय, संवाद अदायगी और भाव-भंगिमाओं के माध्यम से पौराणिक प्रसंगों को जीवंत कर दिया।
मेघनाथ और इंद्र के बीच हुआ भीषण युद्ध-
रामलीला के दूसरे दिन मेघनाथ और इंद्र के बीच हुए युद्ध का शानदार मंचन किया गया। मेघनाथ ने इंद्रलोक पर चढ़ाई कर इंद्र को युद्ध के लिए चुनौती दी। दोनों के बीच हुए भीषण युद्ध में मेघनाथ ने इंद्र को पराजित कर दिया। इंद्र पर विजय प्राप्त करने के कारण मेघनाथ को इंद्रजीत के नाम से जाना जाने लगा। युद्ध के दौरान कलाकारों ने अपने अभिनय और संवादों के माध्यम से दर्शकों के सामने दोनों योद्धाओं के पराक्रम को प्रस्तुत किया। युद्ध के दृश्यों ने रामलीला के मंच पर रोमांच पैदा किया और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
कैलाश पर्वत उठाने चला रावण, भगवान शिव के सामने टूटा घमंड-
रामलीला का एक अन्य प्रमुख आकर्षण रावण द्वारा कैलाश पर्वत उठाने का प्रसंग रहा। अपनी शक्ति और सामथ्र्य पर घमंड करने वाला रावण कैलाश पर्वत को उठाने का प्रयास करता है। भगवान शिव की महिमा के सामने उसका अहंकार टूट जाता है। इसके बाद रावण भगवान शिव शंकर से क्षमा मांगता है और उनकी आराधना में तपस्या करता है। इस प्रसंग के माध्यम से कलाकारों ने संदेश दिया कि व्यक्ति चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अहंकार उसके पतन का कारण बन सकता है। भगवान के प्रति श्रद्धा, भक्ति और विनम्रता का भाव व्यक्ति को सही मार्ग दिखाता है।
नंदी-रावण और रावण-वेदवती संवाद का हुआ मंचन-
रामलीला में नंदी और रावण के बीच हुए संवाद का भी प्रभावशाली मंचन किया गया। संवादों के माध्यम से रावण के अहंकार और नंदी के आत्मसम्मान को दर्शाया गया। वहीं, रावण और वेदवती के बीच हुए संवाद ने कथा को आगे बढ़ाया। कलाकारों ने अपने पात्रों के अनुरूप संवाद अदायगी करते हुए प्रसंगों को जीवंत बनाने का प्रयास किया। रामलीला के माध्यम से दर्शकों को धार्मिक और पौराणिक कथाओं से जुडऩे का अवसर मिला।
कलाकारों ने विभिन्न भूमिकाओं में दिखाई प्रतिभा-
रामलीला में रावण की भूमिका नंदलाल शर्मा ने निभाई, जबकि मेघनाथ के किरदार में मनोज रोहिल्ला नजर आए। इंद्र की भूमिका कपिल अरोड़ा ने निभाई तथा नंदी के किरदार में नितिन टिंकू सिंगला ने अभिनय किया। इसके अलावा प्रतीक भारद्वाज, गोलू जांगड़ा, दिनेश जांगड़ा, अमित जांगड़ा और विकसित रजलीवाल ने भी विभिन्न भूमिकाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कलाकारों ने अपने अभिनय से रामलीला के प्रसंगों को प्रभावशाली बनाने में योगदान दिया। समाजसेवी संजय गर्ग और अमित यादव मुख्य अतिथि रहे।
फोटो कैप्शन 05: कनीना रामलीला में संवाद करते रावण
नवरात्रि के पावन पर्व पर मां भगवती को प्रसन्न करे अर्चना से
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कनीना की आवाज। मां दुर्गा की नवशक्ति का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है। यहां ब्रह्म का अर्थ तपस्या से है। मां दुर्गा का यह स्वरूप भक्तों और सिद्धों को अनंत फल देने वाला है। इनकी उपासना से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम की वृद्धि होती है। विशेष रूप से मां की कृपा होती है और हमारे मनोरथ सफल होते हैं। ये विचार ज्योतिषाचार्य दीपक कौशिक ने व्यक्त किये।
नवरात्रि में दूसरे दिवस मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करने के बाद मां दुर्गा का गंगा जल से अभिषेक करें।
अब मां दुर्गा को अघ्र्य दें। मां को अक्षत, सिन्दूर और लाल पुष्प अर्पित करें, प्रसाद के रूप में फल और मिठाई चढ़ाएं। पंचमेवा बताशे
धूप और दीपक जलाकर दुर्गा चालीसा सिद्ध कुंजिका सत दुर्गा नाम पाठ का पाठ करें और फिर विशेष मां को भोग भी लगाएं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है। जिससे मां भगवती प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को सारे संकट को दूर करती हैं घर परिवार में सुख शांति समृद्धि देती हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी को गुड़हल, कमल, श्वेत और सुगंधित पुष्प प्रिय हैं। द्वितीय नवरात्रि पर मां को गुड़हल, कमल, श्वेत और सुगंधित पुष्प अर्पित करें। और मां को विशेष पसंद करने के लिए हमें मां के लिए कुछ विशेष ही करना होता है। जिस प्रकार अपने जीवन में हम किसी भी चीज को पाने के लिए बहुत से साधना करते हैं और बहुत प्रकार की विधि करते हैं उसी प्रकार द्वितीय दिवस में मां ब्रह्मचारिणी को प्रसन्न करने के लिए हम चीनी का भोग लगाते हैं, जिससे दीर्घायु प्राप्त होती है। मां भगवती की जब हम पूजा कर लेते हैं उसके पश्चात मां भगवती के विशेष रूप का ध्यान करते हैं। इस देवी के दाएं हाथ में जप की माला है और बाएं हाथ में यह कमण्डल धारण किए हैं। पूर्वजन्म में इस देवी ने हिमालय के घर पुत्री रूप में जन्म लिया था और नारदजी के उपदेश से भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की थी। इस कठिन तपस्या के कारण इन्हें तपश्चारिणी अर्थात ब्रह्मचारिणी नाम से अभिहित किया गया।
फोटो कैप्शन: दीपक कौशिक
शाम होते ही सजने लग जाती है शराबी महफिल
-पुलिस प्रशासन का भी नहीं है खौफ
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कनीना की आवाज। कनीना में शराबी सरे आम खुले में सार्वजनिक स्थल पर शराब का सेवन करते है। जिनको न तो प्रशासन का डर है और न ही समाज की परवाह। लेकिन कनीना मंडी में इस तरह का माहौल बनता जा रहा है। शराब के ठेके के पास खुला स्थान होने के कारण शराबी वही पर महफिल सजाने लग जाते है। जिस कारण वहां से गुजरने वाली महिलाओं और बच्चों पर गलत असर पड़ता है। आस पास के दुकानदार जय प्रकाश, दीपक, संजीव ने बताया कि अंधेरा होते ही यहां जमघट लग जाता है। शराबी पुलिस को देख कर भाग तो जाते है लेकिन उनके जाने के बाद फिर आ जाते है। आस पास रहने वालों ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की गुहार लगाई है ।
फोटो कैप्शन 04: शराबी महफिल जमाते हुए
43 मरीजों ने उठाया कैंप का लाभ
-कई जांच की गई मुफ्त
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कनीना की आवाज। सेवा भारती कनीना व उजाला सिग्नस अस्पताल रेवाड़ी द्वारा कनीना मंडी की लाला शिवलाल धर्मशाला में विशाल निश्शुल्क मेडिकल कैंप संपन्न हुआ। आज 43 रोगियों ने इस कैंप में आकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया। कनीना में यह कैंप पिछले 10 वर्षों से लगातार हर माह के दूसरे रविवार को लगता है । अब तक इसमें हजारों रोगियों ने लाभ उठाया है।
आज उजाला सिग्नस अस्पताल रेवाड़ी के प्रसिद्ध किडनी विशेषज्ञ डा. तरुण यादव व इंटरनल मेडिसिन के डा. हर्ष ने अपनी टीम के साथ सेवाएं प्रदान की शिविर में बीपी, शुगर,ईसीजी की निशुल्क जांच की गई । तथा दवाइयां भी वितरित की गई । सिग्नस से किरण यादव, तरुण टेक्नीशियन , मुस्कान व रेखा उपस्थित रहे। सेवा भारती के सांय 5 से 6 बजे तक आर्य समाज मंदिर कनीना में गरीब, वंचित, पिछड़े, अभावग्रस्त लोगों के लिए प्राथमिक चिकित्सा केंद्र चल रहा है। जिसमें आजकल 80 से 100 तक मरीज आ रहे हैं, दवाइयां भी बिल्कुल मुफ्त दी जाती हैं। इसी प्रकार इस समय महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण तीन से पांच बजे तक गोविंद बाई धर्मशाला में दिया जाता है।
इस अवसर पर सेवा भारती कनीना के प्रधान सुरेश शर्मा, जगदीश आचार्य, डा. वेद प्रकाश शर्मा, श्याम सुंदर, सुरेंद्र,दिनेश जांगड़ा अमित,योगेश अग्रवाल आदि अनेक गण मान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: मरीजों को मुफ्त दवाए वितरित करते हुए
अद्वैत गुरुकुल, कनीना में पीटीएम का भव्य आयोजन, शिक्षा के साथ संस्कार और सफलता का संकल्प
एमडी अंकुर यादव की दूरदर्शी सोच से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर
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कनीना की आवाज। शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह बच्चों के व्यक्तित्व, संस्कार, आत्मविश्वास और भविष्य को आकार देने की सबसे मजबूत नींव होती है। इसी उद्देश्य को साकार करने की दिशा में अद्वैत गुरुकुल, कनीना में अभिभावक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अभिभावकों और शिक्षकों के बीच विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन, व्यवहार, प्रतिभा एवं भविष्य की संभावनाओं को लेकर सार्थक विचार-विमर्श हुआ।
संस,जागरण,कनीना। के दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों को विद्यार्थियों की पढ़ाई की स्थिति, उपलब्धियों और सुधार के आवश्यक क्षेत्रों से अवगत कराया। साथ ही बच्चों में नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों को विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। बैठक का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणामों की समीक्षा करना नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की क्षमता को पहचानकर उसे बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करना रहा।
विद्यालय के अंकुर यादव जी के नेतृत्व एवं शिक्षा के प्रति समर्पित सोच को विद्यालय की प्रगति में महत्वपूर्ण दिशा देने वाला बताया गया। उनका दृष्टिकोण ऐसी शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देना है, जिसमें विद्यार्थी किताबी ज्ञान के साथ जीवन के व्यावहारिक अनुभव, अनुशासन, संस्कार और आत्मनिर्भरता भी सीखें। विद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए तैयार करना है।
एमडी अंकुर यादव जी का संदेश है— हमारा लक्ष्य केवल विद्यार्थियों को शिक्षित करना नहीं, बल्कि उनके भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारना, उनमें आत्मविश्वास जगाना और उन्हें ऐसे संस्कार देना है, जिनके बल पर वे अपने परिवार, समाज और देश का नाम रोशन कर सकें।
उन्होंने शिक्षा में अभिभावकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना। विद्यालय की सोच के अनुसार, जब शिक्षक का मार्गदर्शन, अभिभावकों का विश्वास और विद्यार्थी की मेहनत एक दिशा में आगे बढ़ते हैं, तो सफलता की संभावनाएं और मजबूत हो जाती हैं। इसी समन्वय को बेहतर बनाने के लिए पीटीएम जैसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बैठक में अभिभावकों को यह संदेश भी दिया गया कि बच्चों की तुलना दूसरों से करने के बजाय उनकी व्यक्तिगत क्षमताओं, रुचियों और सुधार पर ध्यान देना चाहिए। प्रत्येक बच्चा अपनी अलग प्रतिभा और संभावनाओं के साथ आगे बढ़ता है। उचित मार्गदर्शन, सकारात्मक वातावरण और निरंतर प्रोत्साहन मिलने पर वही प्रतिभा भविष्य में बड़ी उपलब्धियों का आधार बन सकती है।
अद्वैत गुरुकुल, कनीना का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार, अनुशासन, जिम्मेदारी और जीवन में आगे बढऩे का आत्मविश्वास प्रदान करना है। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि एक मजबूत शैक्षणिक नींव ही उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती है और एक संस्कारवान विद्यार्थी ही समाज की वास्तविक पूंजी होता है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी अभिभावकों के सहयोग और विश्वास के लिए आभार व्यक्त किया। पीटीएम ने विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर कार्य करने का सकारात्मक संदेश दिया।
फोटो कैप्शन 03: पीटीएम का एक नजारा






















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