Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Monday, November 27, 2023



 


नवंबर 2022 की चुनावी तैनाती का पारिश्रमिक पाने का कर रहे हैं शिक्षक इंतजार
-एक वर्ष बीत जाने पर भी नहीं मिला है पारिश्रमिक
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कनीना की आवाज। एक और जहां नवंबर 2022 के पंचायती चुनावों में शिक्षा विभाग के लगभग सभी शिक्षकों को चुनावी तैनाती में लिया गया था किंतु शिक्षकों को पंचायत चुनाव में पारिश्रमिक नकद न दिए जाने का भारी रोष पनपा था और आज तक पारिश्रमिक दिये जाने का इंतजार है। शिक्षकों का कहना है कि नवंबर 2022 से पहले भी मतगणना तथा अन्य तैनातियों  का पारिश्रमिक भी अभी तक नहीं मिला है। नवंबर 2022 के चुनावों में पारिश्रमिक देने के लिए महज पेई कोड लिया गया था जिससे पारिश्रमिक मिलना उन्हें कठिन नजर आ रहा है क्योंकि ओ एवं शून्य आपस में मिलते हैं वहीं कई पीठासीन अधिकारियों ने पारिश्रमिक फार्म में आधी अधूरी जानकारी दी हैं। उन्होंने मांग की है कि सभी शिक्षकों को अविलंब पारिश्रमिक भिजवाने सुनिश्चित किया जाए। वैसे भी नवंबर 2022 में दीपावली के दिनों में तथा अवकाश के दिनों में रिहर्सल एवं चुनाव पूर्ण करवाये गये थे। शिक्षक पूरी पूरी रात चुनावी तैनाती में लगे रहे यहां तक की सामान जमा करवाते समय भी पूरी रात कागज कार्रवाई करते रहे परंतु उन्हें पारिश्रमिक बतौर पीठासीन अधिकारी को खाने के नाम पर 350 रुपये तथा अन्य को 250 रुपये प्रतिदिन के दिये गये हैं जिनमें से प्रतिदिन का किराया भी एक सौ रुपये तक खर्चा आया था।  एक और मजदूरों को भी प्रतिदिन के 600 रुपये के हिसाब से मजदूरी दी जाती है किंतु चुनावी तैनाती जो सबसे कठिन कार्य होता है उसके लिए पारिश्रमिक 2000 रुपये प्रतिदिन दिया जाना चाहिए। परंतु पारिश्रमिक भी समय पर नहीं दिया जाता। अध्यापक नेता धर्मपाल शर्मा, अध्यापक नेता सुनील कुमार, अध्यापक नेता निर्मल आदि ने इस संबंध में चुनाव आयोग से प्रार्थना की है कि अविलंब पारिश्रमिक सभी शिक्षकों को स्कूलों में जाकर प्रदान किया जाए।


27 नवंबर गीता प्रश्रोत्तरी के संभावित उत्तर देखे यहां

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27 नवंबर 2023 गीता प्रश्नोत्तरी के संभावित उत्तर निम्र हैं--
1- सी , 2- ए , 3- बी , 4- डी,  5- बी
1. आज भी इस प्रतियोगिता में जुड़ सकते हैं। इसके लिए कोई पैसा नहीं लगेगा।
2. नीचे दिये गये लिंक को क्लिक करें। लाल रंग में रजिस्टर लिखा है उसे क्लिक करें।                            रजिस्ट्रेशन के लिए निम्न को क्लिक करें                                                     http://igmquiz.in/
3. पांच कालम आएंगे। विद्यार्थी/पब्लिक में से एक चुने, गांव का नाम, विद्यार्थी का नाम, अपने फोन नंबर भरे।
4. सबसे महत्वपूर्ण कालम मोटिवेटर का है जिसमें मेरे फोन नंबर 9416348400 भरें।
5. हरियाणा में मेरा नंबर 15 पर चल रहा है। अगर आप अधिक से अधिक रजिस्ट्रेशन करवाओगे तो हो सकता है प्रदेशभर में टाप-10 में आ जाऊं जिससे अपने क्षेत्र एवं जिले का नाम होगा।
6: मोटिवेटर में मेरा नंबर 9416348400 भरकर सहयोग करें।
7.  27 नवंबर 2027 के प्रश्नोत्तरी के संभावित उत्तर निम्र हैं--
 1- सी , 2- ए , 3- बी , 4- डी,  5- बी
इन उत्तरों को जांचकर भरें। रात 12 बजे तक कितनी बार उत्तर बदल सकते हैं।
धन्यवाद,
डा होशियार सिंह, कनीना खास
9416348400.               

  रजिस्ट्रेशन के लिए निम्न लिंक क्लिक करें
http://igmquiz.in/
Motivator 9416348400


न खुदा ही मिला न विसाल-ए-सनम
-अभी तब न तो बन पाया सड़क मार्ग और न हीं रहा बेहतर दर्जे का भूमिगत जल
-मुद्दा कनीना मंडी की रामपुरी नहर का
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कनीना की आवाज। कनीना मंडी से गुजरने वाली रामपुरी नहर को भूमिगत करने के बाद अब दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। रेवाड़ी एवं अटेली सड़क मार्गों को आपस में जोडऩे के लिए मिनी बाइपास की मांग थी जिस पर काम हुआ किंतु न तो बाइपास बन पाया और न भूमिगत जल बेहतर रह पाया है। करीब 2 वर्ष पहले कनीना मंडी में पुलिस स्टेशन से रेलवे स्टेशन के बीच पर भूमिगत जल का टीडीएस 450 होता था जो अब नहर के भूमिगत होने से और पाइपों से नहर का पानी गुजारने से टीडीएस 1200 तक पहुंच गया है। जब 2 साल पहले नहर को भूमिगत करने की बात चली तभी से आने वाली समस्या के बारे में लोग जागरूक थे। नहर को भूमिगत करने का विरोध भी जमकर चला, एक बार नहीं अपितु दो बार विरोध हुआ, काम भी बंद हुआ किंतु आखिरकार नहर को भूमिगत कर ही दिया गया। परिणाम अब सामने आने लगे हैं।
 उल्लेखनीय है कि अटेली सड़क मार्ग से रेवाड़ी सड़क मार्ग के बीच गुजरने वाली रामपुरी डिस्ट्रीब्यूटरी को भूमिगत करके चौड़े पाइपों से पानी गुजारने की योजना बनाई ताकि भूमिगत की हुई नहर के दोनों तरफ सड़क मार्ग बनाया जा सके। करीब दो किमी दूरी की यह नहर कनीना मंडी एवं आस पास के लोगों के घरों के पास से गुजर रही है। नहर को भूमिगत करने की शुरुआत होते ही अनेक कारणों से लोगों ने विरोध किया। कुछ नेताओं ने विरोध किया, दो बार काम बंद भी हुआ किंतु जैसे तैसे नहर को भूमिगत कर दिया गया। उस वक्त पूर्व सीपीएस अनीता यादव, पंकज एडवोकेट सहित विभिन्न लोगों ने भूमिगत की जा रही नहर पर जाकर इसको भूमिगत करने का विरोध किया गया था, कारण चाहे कुछ भी हो किंतु कनीना मंडी के लोग आने वाली समस्या को पहले ही भाप गए थे कि अब भूमिगत जलस्तर और गहरा भी होगा तथा भूमिगत जल पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। महज 2 साल बीते हैं किंतु जल के टीडीएस में भारी बदलाव आ गया है।
***दो साल पहले कनीना पुलिस स्टेशन से रेलवे स्टेशन के बीच भूमिगत जल का टीडीएस 450 से 500 होता था जो पानी पीने योग्य मान लेते थे क्योंकि नहरी पानी का रिसाव होकर भूमिगत जल में जा रहा था जिससे भूमिगत जल का टीडीएस सही था परंतु जब नहर को भूमिगत करके चौड़े पाइपों से ले जाया गया है तब से टीडीएस में लगातार बदलाव होता जा रहा है।  अब टीडीएस नहर के आसपास जहां अभी भी 800 है किंतु रेलवे स्टेशन की ओर जाते हैं तो बढ़कर 1200 पहुंच चुका है। आने वाले समय में एटीडीएस और भी बढऩे की संभावना है जिसके चलते अब कनीना मंडीवासी परेशान होने लगे हैं।
   ---अशोक कुमार टीडीएस पर लंबा अनुभव
नहर को भूमिगत करके कोई लाभ नहीं मिला है। न तो सड़क निर्माण हो पाया है और न हीं कनीना मंडीवासियों को बेहतर पानी मिल रहा है क्योंकि अधिकांश लोगों ने अपने घरों में बोर किया हुआ है। उसका पानी का स्वाद बिगडऩे से बार-बार टीडीएस चेक करवा रहे हैं और लोग आरओ लगवाने लगे हैं।
---रवि कुमार ग्रामीण
 जब से नहर को भूमिगत करके पाइपों से गुजारा है तभी से कनीना क्षेत्र के कुछ क्षेत्र में जल का टीडीएस लगातार बढ़ रहा है जिसके पीछे नहर के पानी का रिसाव न होना है। जब तक नहरी पानी रिसाव हो रहा था तब तक पानी का स्वाद अच्छा था अब धीरे-धीरे पानी का स्वाद बिगडऩे लगा है। पानी भी गहराने लगा है।
---भीम सिंह समाजसेवी
 बड़ा विश्वास था कि जल्द ही भूमिगत की हुई नहर के दोनों तरफ से सड़क मार्ग बना दिया जाएगा जो बाईपास का काम भी करेगा और आवागमन में कम से कम छोटा हो जाएगा। अब पानी का टीडीएस तो बिगड़ा ही किंतु रास्ता भी छोटा नहीं हुआ। दोनों ही चीजें नसीब नहीं हुई है। नहर को भूमिगत कर दिया गया किंतु दो सालों में भी नहर के दोनों ओर सड़क नहीं बन पाई है।
  ---मुकेश नंबरदार
 उधर इरिगेशन विभाग की माने तो हर वर्ष एक से डेढ़ मीटर भूमिगत जल गहरा हो जाता है। आने वाले समय में कुछ और गहरा हो सकता है।
फोटो कैप्शन 07: उबड़ खाबड़ बना नहर का सड़क मार्ग
फोटो कैप्शन 08: भूमिगत की गई नहर दिखाता हुआ जन।
साथ में अशोक कुमार, रवि कुमार, भीम सिंह, मुकेश नंबरदार







दिनभर चला देवदीवाली का पर्व
-गुरु नानकदेव को भी याद किया
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कनीना की आवाज।  कनीना क्षेत्र में देव दीवाली का पर्व विभिन्न गांवों में श्रद्धा एवं भक्ति से मनाया गया। इस मौके पर मंदिरों में पूजा अर्चना चली तथा एक माह से चला आ रहा कार्तिक स्नान पूर्ण हो गया। कार्तिक पूर्णिमा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। गुरु नानक देव को भी याद किया।
भगवान से डर कर कार्य करने वालों को कभी पश्चात नहीं करना पड़ता है क्योंकि जो भगवान से डरता है वह हमेशा शुभ कर्म ही करता है। ये विचार लालदास महाराज ने गंगा पर्व व पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित एक यज्ञ के उपरांत व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि शुभ कार्य का फल हमेशा शुभ ही मिलता है इसलिए शुभ कर्म ही करने चाहिए। संत ने कहा कि देवदीवाली कार्तिक पूर्णिमा का त्योहार है जो यह उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मनाया जाता है। यह काशी शहर में दीपावली के पंद्रह दिन बाद मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि देवदीवाली की परम्परा पंचगंगा घाट 1915 मे हजारों दीये जलाकर की गयी थी। माना जाता है कि देवता भी इस उत्सव में भाग लेते हैं। दीये जलाकर शहर जगमग हो उठता है जैसे काशी में पूरी आकाश गंगा ही उतर आयी हों।  
 संत लालदास ने बताया कि तीनों लोकों में त्रिपुरासुर राक्षस का राज चलता था देवतागणों ने भगवान शिव के समक्ष त्रिपुरासुर राक्षस से उद्धार की विनती की। भगवान शिव ने कार्तिक पूर्णिमा के दिन राक्षस का वध कर उसके अत्याचारों से सभी को मुक्त कराया और त्रिपुरारि कहलाये। इससे प्रसन्न देवताओं ने स्वर्ग लोक में दीप जलाकर दीपोत्सव मनाया था तभी से कार्तिक पूर्णिमा को देवदीवाली मनायी जाने लगी। इस दिन सभी देवताओं ने काशी में प्रवेश कर दीप जलाकर दीपावली मनाई थी। देवदीवाली एक दिव्य त्योहार है। धनौंदा आश्रम में भी देव दीवाली पर यज्ञ एवं प्रवचन किये गये।
फोटो कैप्शन 05: देव दीवाली पर्व पर धनौंदा में भंडारा लगाते।






कनीना क्षेत्र में हुई 10 एमएम वर्षा
-दस नवंबर को हुई थी 5 एमएम वर्षा
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में सोमवार की शाम 10 एमएम वर्षा हुई। नौ नवंबर की रात को भी बूंदाबांदी होती रही है। दस नवंबर को 5 एम एम वर्षा हुई। इस समय सरसों एवं गेहूं की फसल खड़ी हुई है जिसको लाभ होने का अंदेशा बन गया है।
 कनीना क्षेत्र में करीब 20000 एकड़ पर सरसों उगाई गई है और इस समय बारिश होना अति लाभप्रद माना जा रहा है तथा किसान सरसों की सिंचाई कर रहे हैं। क्योंकि किसान वर्षा का इंतजार कर रहे थे। इस वक्त गेहूं  की फसल को उगाये 15 दिन के करीब हो गये हैं। इस समय वर्षा गेहूं की फसल के लिए भी लाभप्रद साबित होगी क्योंकि एक और जहां प्रदूषण बढ़ गया था जिससे राहत मिलेगी वहीं खड़ी सरसों की फसल को भी लाभ होगा। किसान प्रसन्नचित नजर आ रहे हैं। कृषि वैज्ञानिक भी इस बारिश को फसल के लिए अच्छा रहे हैं। क्षेत्र मेें दो एमएम वर्षा हुई तथा समाचार लिखे जाने तक आकाश में घने बादल छाए हुए थे। सर्दियों में अधिक वर्षा अक्सर नहीं होती। यही कारण है कि दो एमएम वर्षा अच्छी बारिश मानी जा रही है।
किसान सूबे सिंह, रवि कुमार, दिनेश कुमार आदि ने बताया कि यह वर्षा फसलों के लिए फायदा करेगी। किसान कुछ और वर्षा होने का इंतजार कर रहे हैं। सरसों की फसल पर आब आ गई है।
फोटो कैप्शन 06: कनीना क्षेत्र में वर्षा होने का नजारा।






संतों की शरण में जाने के बाद सभी दुखों से मिल जाता है छुटकारा-देव
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कनीना की आवाज। परमपिता का सहारा लेने के बाद कोई और सहारा लेने की आवश्यकता ही नहीं रह जाती। इसलिए मानव को भगवान के सच्चे सहारे के समीप रहकर जीवन में आगे बढऩा चाहिए। ये विचार संत अनुराग देव महाराज ने ब्रह्मचारी कृष्णानंद धाम पर एक विशाल यज्ञ के उपरांत संबोधित करते हुए व्यक्त किये।
उन्होंने कहा आज का दिन गंगा स्नान का दिन है और अच्छे तीर्थ स्थलों पर जाने से मानव के दुख तकलीफ दूर हो जाते हैं। इसलिए तपस्वी संत स्वामी कृष्णानंद महाराज की तप स्थली पर जो आज यज्ञ किया है इसका फल हजारों गुना फालतू होकर भक्तों को मिलेगा।
 उन्होंने कहा कि संतों की तप स्थली में जाने के बाद कोई तर्थ करने की जरूरत  नहीं रह जाती है। इसलिए हमें संतों के आश्रमों में जाकर अपने दुख और तकलीफों को मिटाना चाहिए। कृष्णानंद  महाराज एक महान विद्वान थे जो स्थूल शरीर से तो अवश्य ही हमसे दूर हो गए लेकिन आत्मा रूपी सूक्ष्म  शरीर से हमारे साथ है और सदा ही साथ रहेंगे। आज यज्ञमान गिरदावर उमेद सिंह जाखड़ व उनकी धर्मपत्नी माया देवी रहे।
 इस अवसर पर भूपेंद्र सिंह यादव, सुरेश प्रधान,अनूप सिहाग पटवारी, राजेश पटवारी, विजेंद्र ढिल्लो, महावीर पहलवान,  कर्मवीर सिंह, विजय कुमार आर्य, फतेहचंद दायमा, डा. आनंद सिंघल रवि कुमार शर्मा, राबिन शर्मा, सत्येंद्र यादव, सुरेंद्र, डा.सत्येंद्र यादव रेवाड़ी के अलावा अन्य ग्रामीण लोग उपस्थित थे।
फोटो केप्शन 03: धनौंदा में यज्ञ करते अनुराग देव महाराज।





जनशक्ति विकास संगठन ने फूलों की पौध की तैयार
-मुफ्त वितरण की तैयारी
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कनीना की आवाज। जनशक्ति विकास संगठन कनीना द्वारा फूलदार पौधे निशुल्क वितरण की तैयारी शुरू कर दी है।  संगठन द्वारा दिसंबर माह में वितरण का काम शुरू कर दिया जाएगा। गत वर्ष भी संगठन द्वारा फूलदार पौधे वितरण  किए थे।
संगठन के अध्यक्ष दीपक ने बताया कि इस समय उप मंडल कनीना और गांव मुंडिया खेड़ा के पावर हाउस में फूलदार पौधों की पौध तैयार करने के बीज लगाए जा चुके है। इस कार्य में डॉ. रामजीलाल और जेई विकास कुमार का अहम योगदान रहा। फूलदार पौधों में 18 प्रकार के कासमास, स्वीट विलियम ,गजानिया ,आइस , पणजी  पीटुनिया ,फ्लॉकस  डायनथस  और कैंडुला आदि सुंदर एवं मोहक फूलों के पौधे हैं। पिछले वर्ष फूलों की पौध तैयार की थी और निशुल्क वितरित की गई थी। अबकी बार संस्था द्वारा यह कार्य बड़े स्तर पर किया जा रहा है। पौध पूरे जिले में निशुल्क वितरण की जाएगी। कोई भी व्यक्ति, सरकारी संस्था और गैर सरकारी संस्था उनकी नर्सरी से पौधे लेकर उनकी देखभाल की पूर्ण  जिम्मेदारी के साथ लगा सकती है। पौधे वितरण से पूर्व पौधे लेने वाले को यह जिम्मेदारी लेनी होगी कि नियमित रूप से पौधों की देखरेख एवं रखरखाव हो सके। इस मौके पर जनशक्ति विकास संगठन के सुधीर , अनुज, अशोक, सुनील मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 04: पौध तैयार करते हुए संगठन सदस्य।






साल्हावास की टीम रही प्रथम
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कनीना की आवाज। जिला के अगिहार गांव में बाबा भैया क्लब के तत्वावधान में दो दिवसीय नेशनल कबड्डी 50 किलोग्राम भार वर्ग प्रतियोगिता संपन्न हुई।  सेमीफाइनल मैच साल्हावास तथा पाई कैथल के बीच शुरू हुआ। इसमें साल्हावास टीम 6 अंकों से विजयी रही। फाइनल मैच साल्हावास तथा हिसार टीम के बीच में खेला गया। जिसमें हिसार टीम ने 11 अंकों से साल्हावास की टीम को हराया। मुख्य अतिथि ने विजेता हिसार टीम को  शील्ड तथा 8100 रुपये नगद ईनाम देकर सम्मानित किया। साल्हावास की उपविजेता टीम 7100 रुपये तथा शील्ड प्रदान की गई। तृतीय स्थान पर रही पाई कैथल की टीम को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर 1600, 800 तथा बुजुर्गों की 100 मीटर की दौड़ करवाई गई जिसमें 1600 मीटर में मोहन झीगावन प्रथम, अमित नारनौल द्वितीय तथा आशु अगिहार तृतीय स्थान पर रहे। 800 मीटर दौड़ में मोहन झिगावन प्रथम, अमित नारनौल द्वितीय तथा 100 मीटर बुजुर्गों की दौड़ में रोशनलाल, विजय तथा सुभाश ने क्रमश: पहला, दूसरा तथा तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर बाबा भैया का मेला लगा जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा भैया मंदिर में माथा टेका। श्रद्धालुओं के लिए भंडारा भी आयोजित किया गया। इस दौरान अतरलाल धनौंदा,सरपंच दलबीर सिंह, पूर्व सरपंच लीलाराम, राजेश पंच, बलबीर, विक्रम पंच, राहुल, संदीप, रामकरण सिंह, मोहित, नीरज, सुरेश, अनिल, हरिश, सुरेन्द्र, मनोज, कर्मबीर, अनिल, विकास, गौरव, उज्जवल, राजेश सिंह आदि मौजीजान तथा अनेक ग्रामीण व खिलाड़ी उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 01: विजेता हिसार टीम को पुरस्कार प्रदान करते मुख्य अतिथि।






हर हर महादेव के जयकारे के साथ 260वें दिन जारी रहा धरना
--अनिश्चित
























कालीन है धरना
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए अनिश्चितकालीन धरना 260वें दिन जारी रहा। सोमवार को धरने की अध्यक्षता पूर्व सरपंच हंस कुमार सेहलंग ने की और उन्होंने बताया कि सोमवार का दिन है, शिव भक्त बाघेश्वर धाम में बाबा शिव भोले के दर्शन करके धरना स्थल पर पहुंचे। शिवभक्त सीताराम सेठ नौताना ने बताया कि हमने बाबा शिव भोले के दर्शन करके यही प्रार्थना की, बाबा आपके भक्तों को आपके दर्शन करने के लिए बहुत परेशानी होती है। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर कुरुक्षेत्र से आने वालों को दादरी और नारनौल से आने वालों को बूचावास उतरना पड़ता है। शिवभक्तों को बाघेश्वर धाम पहुंचने में दूरी बढ़ जाती है और समय ज्यादा लगता है। हमने बाबा शिव भोले से यही प्रार्थना की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट बनना चाहिए। बाबा भक्तों को कभी निराश नहीं करते। हमें विश्वास है कि बाबा शिव भोले हमारी मुराद अवश्य पूरी करेंगे।
 धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय सिंह चेयरमैन  ने बताया कि धरने को चलते 260 दिन हो गए हैं। ठंड बढ़ रही है और आसमान में बादल छाए हुए हैं। सरसों की खेती में पानी की सिंचाई जारी है, बरसात होने से किसानों को काफी राहत मिल सकती है। किसानों को एक तरफ खेती की चिंता और दूसरी तरफ राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम केंद्र सरकार के द्वारा शुरू नहीं किया गया । कट का काम शुरू ना होने से किसानों में निराशा है,केंद्र सरकार किसानों के दुख तकलीफ को समझे और जितना जल्दी हो सके राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू किया जाए। जब तक कट का काम शुरू नहीं होगा, धरना जारी रहेगा।
  राव अभिजीत सिंह रेवाड़ी, सरपंच धर्मवीर गबरू, अंकित और मास्टर सज्जन सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने बताया कि आप जिस उद्देश्य से यहां बैठे हो, कामयाबी अवश्य मिलेगी। हम आपके साथ हैं।
 इस मौके पर  फ्लाइंग ऑफिसर जेएस यादव,पहलवान रणधीर सिंह, सरपंच हरिओम पोता, नरेंद्र कुमार शास्त्री छिथरोली, चेयरमैन सतपाल , डॉ लक्ष्मण सिंह, मनफूल, पहलवान धर्मपाल,  ओमप्रकाश, प्रधान कृष्ण कुमार, सत्य प्रकाश, पूर्व सरपंच सतवीर सिंह, मास्टर विजय सिंह, रामभज,  करण सिंह, पंडित मनीराम अत्रि, दाताराम, डॉक्टर राम भक्त,  मास्टर विजयपाल,  सूबेदार हेमराज अत्रि,  रोशन लाल आर्य, सीताराम, प्यारेलाल, सूबे सिंह पंच  व गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 02: कट की मांग को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीण।




Sunday, November 26, 2023

 

दुर्घटना में लड़की घायल,  मामला दर्ज














दुर्घटना में लड़की घायल,  मामला दर्ज



-मोटरसाइकिल सवार के विरुद्ध मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना निवासी नाबालिक नूनी नामक लड़की को एक मोटरसाइकिल सवार ने टक्कर मार दी जिससे उनको कई चोटें आई। उनका इलाज निजी अस्पताल में महेंद्रगढ़ चल रहा है। उसकी मां की शिकायत पर अज्ञात बाइक चालक के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।
 पुलिस में दी गई शिकायत में मनीषा ने कहा गया है कि 22 नवंबर की शाम को 6 बजे नूनी नामक 9 वर्षीय वर्षीय लड़की के साथ कनीना की तरफ आ रही थी तभी कनीना से तेज रफ्तार से चेला रहे मोटरसाइकिल सवार ने बच्ची को टक्कर मार दी। टक्कर के कारण वह गिर गई और मोटरसाइकिल चालक फरार हो गया। बच्ची को कई चोटें आई। मनीषा ने अपने भाई को बुलाकर उसे तुरंत महेंद्रगढ़ के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया जहां उनका इलाज अभी भी चल रहा है। कनीना पुलिस ने निषा की शिकायत पर अज्ञात मोटरसाइकिल चालक के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।





मांग थी सड़क के स्थायी समाधान की, डाल दी है माटी
-अब कीचड़ में से होगा आवागमन, धड़ा धड़ गिर सकते हैं रिपटकर
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कनीना की आवाज। होली वाला जोहड़ मार्ग के स्थायी समाधान ककी लोगों ने बार बार प्रशासन से मांग की जिसके चलते पालिका ने मिट्टी डलवा दी जहां अब कीचड़ बढ़ेगा। जयह मार्ग वर्षभर लंबे समय तक गंदे पानी से भरा रहता है जिसे इंजन से निकाला जाता है। नगरपालिका से कस्बावासियों ने बार बार स्थायी समाधान की मांग की जिसके चलते अब इस मार्ग पर मिट्टी डालकर अस्थायी समाधान निकलने का बेहतर तरीका खोज रही है। नगर पालिका ने इस पानी वाली जगह पर मिट्टी डाल दी है जिससे इस पानी से कीचड़ और बढ़ जाएगा और लोग धड़ाधड़ गिरा गिरेंगे। नगर पालिका की इस कार्रवाई से लोग खफा है। यहां स्थायी समाधान करने की जरूरत के बदले उसे और अस्थायी समाधान मेंं बदल दिया है।
कनीना के लोग सुरेश, पंकज एडवोकेट, राजेश आदि ने बताया कि नगर पालिका से बार-बार निवेदन किया गया कि सड़क मार्ग का समाधान किया जाए। इसे पुन: निर्मित किया जाए किंतु सभी आशाएं अधूरी रह गई। हाल ही में नगर पालिका ने होलीवाला सड़क मार्ग पर भरने वाले पानी से निजात पाने के लिए मिट्टी डलवा दी है। अभी इस मिट्टी को यहां डालने से कीचड़ और बढ़ जाएगा और लोग आवागमन करते समय कीचड़ से गुजरेंगे। यहां तक कि वे धड़ाम से गिरेंगे। इसका सड़क का स्थायी समाधान करने की प्रशासन से मांग की है।
फोटो कैप्शन 06: कनीना पालिका द्वारा होलीवाला सड़क मार्ग पर पानी खत्म करने के लिए डाली मिटटी।






 कनीना क्षेत्र में पड़ी हल्की धुंध
-दो तीन दिनों से बदल रहा है मौसम , फसल में आई आब
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में सुबह सवेरे हल्की धुंध पड़ी जो दोपहर तक जारी रही। विगत दो-तीन दिनों से मौसम में परिवर्तन हो रहा है। रविवार को मौसम बदला, सर्दी बढऩे से जहां लोग आग सेकते नजर आए, लोग गर्म कपड़ों में लिपटे हुए दिखाई दिए। जहां सर्दी बढऩे से चाय की चुसकियां बढ़ गई है। वही लोग खेतों में निराई के कार्यों में जुटे हुए हैं। इस समय फसल बड़ी हो चुकी है। गेहूं की फसल अब खेतों में दिखाई देने लगी है। कनीना क्षेत्र में 20 हजार एकड़ के करीब सरसों तो 9000 के करीब गेहूं खेतों में उगाया गया है। गेहूं और सरसों की फसल इस वक्त खेतों में अच्छी खड़ी हुई है जिसको देखकर किसान खुश हैं। किसानों को आशा है कि इस बार बेहतर पैदावार प्राप्त होगी। कृषि वैज्ञानिक भी अच्छी फसल होने की बात कर रहे हैं।
 किसान खेतों की सिंचाई कर रहे हैं वही यूरिया की मांग बढ़ी है। किसान सुबह से से ही निराई के लिए जाते हैं और दोपहर वापस आते हैं। किसानों से सर्दी, धुंध के विषय में चर्चा की तो उन्होंने कहा कि सर्दी और धुंध दोनों ही फसल के लिए बेहतर साबित होगी। अच्छी पैदावार के लिए धुंध पडऩा जरूरी है। धुंध का मौसम दोपहर तक जारी रहता है। जहां एक और सर्दी और धुंध से फसलों में आब गई है वही बाजार में कम लोग दिखाई देते हैं।
फोटो केप्शन 03: कनीना क्षेत्र में रविवार को धुंध का नजारा।




बस नाम का है कनीना खास रेलवे स्टेशन
-नहीं रुकती अधिकांश ट्रेन, सभी ट्रेनों के ठहराव की मांग
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल होते हुए भी यहां का रेलवे स्टेशन महज नाम का ही रह गया है। अधिकांश ट्रेन ठहराव नहीं करती हैं।
 कनीना खास रेलवे स्टेशन 1939 में निर्मित किया गया था किंतु यहां फास्ट एवं सुपरफास्ट ट्रेन नहीं रुकती, महज एक फास्ट तथा पैसेंजर ट्रेनों से ही गुजारा करना पड़ता है। कनीना से रेवाड़ी की ओर सुबह 2:49, 4:21, 9:22, 11.33,दोपहर बाद 1:35,रात 7:32 तथा रात 9:14 बजे ट्रेन जाती हैं वहीं कनीना से महेंद्रगढ़ की ओर प्रात: 1:59, 5:08, 8:17 दोपहर बाद 1:46, 3:50, रात 9:09 तथा रात 9:35 बजे ट्रेन जाती हैं। उल्लेखनीय है कि महेंद्रगढ़ से रेवाड़ी के बीच 14 ट्रेन तथा रेवाड़ी से महेंद्रगढ़ भी 14 ट्रेन चलती हैं जिनमें से कनीना को महज 7 ट्रेन पैसेंजर नसीब होती हैं जबकि कनीना खास रेवाड़ी से 34 किमी तथा महेंद्रगढ़ से 17 किमी दूरी पर स्थित है। अगर कोई चरखी दादरी, रोहतक ,अटेली एवं नारनौल आदि की ओर जाना चाहे तो नहीं जा सकता क्योंकि यह ट्रेन केवल महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी की और देर शाम तक ही चलती हैं। तत्पश्चात सुबह होने का इंतजार करना पड़ता है।
 कनीना के रेलयात्री रविंद्र बंसल, सुरेश कुमार, दिनेश कुमार, महेंद्र शर्मा, महेश कुमार आदि ने बताया कि ट्रेन की कोई बेहतर सुविधा नहीं है। बार-बार आंदोलन किए गए ज्ञापन भी उच्च अधिकारियों को भेजे लेकिन का नीना खास रेलवे स्टेशन जो अहीरवाल एवं सैनिकों को गढ़ है किंतु यहां कोई ट्रेन सुविधा उपलब्ध नहीं है। फास्ट और सुपरफास्ट ट्रेन यहां ठहराव किए बगैर आगे निकल जाती है। यदि यहां एक मिनट का ठहराव कर लिए दिया जाए तो न केवल रेलवे को लाभ मिलेगा अपितु सैनिकों और यात्रियों को भारी लाभ मिल सकता है। वैसे भी कनीना उपमंडल हैं जहां से ट्रेन उपलब्ध होनी चाहिए, हर फास्ट ट्रेन रुकनी चाहिए ताकि लोगों को लाभ मिल सके।
 उल्लेखनीय की कनीना एक और जहां रेवाड़ी, रोहतक ,चरखी दादरी, नारनौल, अटेली एवं महेंद्रगढ़ आदि शहरों से जुड़ा हुआ है और उनके बीच में स्थित है किंतु यहां कोई ट्रेन और बस सेवा उपलब्ध नहीं है। जिसके चलते कनीना वासी बेहद परेशान हैं। कनीनावासी बार-बार मांग कर रहे हैं कि अलवर से चरखी दादरी वाया कनीना जो रेल मार्ग प्रस्तावित है उसे अभिलंब बनाया जाए यही नहीं कोसली से कनीना भी रेलवे लाइन प्रस्तावित है उसको बनाया जाए ताकि कनीना एक जंक्शन बन सके और यहां ट्रेनों का ठहरा हो सके। सभी की नजरें जंक्शन बनने पर टिकी हुई है। उधर कनीना के बस स्टैंड से रात्रि कालीन सेवाएं चलती थी किंतु आपके सभी सेवाएं बंद है। कभी चंडीगढ़, दिल्ली एवं बीकानेर आदि के लिए रात्रि कालीन सेवाएं उपलब्ध थी। ऐसे में लोगों की मांग है की रात्रिकालीन बस सेवाएं शुरू की जाए और कनीना में सभी ट्रेनों का ठहराव किया जाए।
क्या कहते हैं यहां के लोग-
कनीना खास रेलवे स्टेशन 1939 से पहले का बना हुआ है और उपमंडल का दर्जा होते हुए भी ट्रेन की सुविधाओं से दूर है। विभिन्न अधिकारी, व्यापारी, दैनिक यात्री, भारी संख्या में दिल्ली चंडीगढ़, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर आदि स्थानों पर जाते हैं किंतु उनके लिए कोई ट्रेन सुविधा नहीं है। उन्हें ट्रेन पकडऩे के लिए भी कम से कम 35 किलोमीटर दूर रेवाड़ी जाना पड़ता है। ऐसे में कनीना खास रेलवे स्टेशन पर ट्रेन ठहराव की सुविधा दी जाए।
                ---गणेश अग्रवाल
 कनीना कस्बे के भारी संख्या में दैनिक यात्री, नौकरी, रोजगार के लिए तथा अधिकारियों को दिल्ली तथा दूरदराज जाना पड़ता है। किंतु उनके लिए ट्रेन की सुविधा नहीं है। ट्रेन पकडऩे के लिए भी उन्हें 35 किलोमीटर दूर रेवाड़ी जाना पड़ता है। नौकरी,साक्षात्कार वगैरह के लिए उन्हें रात को भी जाना पड़ता है। ऐसे में उनको बड़ी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सभी ट्रेनों का ठहराव होना चाहिए। रात्रिकालीन बस सेवा उपलब्ध कराई जाए।
                     ---योगेश अग्रवाल
 कनीना में कम से कम 1000 दुकाने है जिनसे सैकड़ों दुकानदार प्रतिदिन सामान लेने के लिए भी दूरदराज आने को मजबूर है। कनीना खास रेलवे स्टेशन से उनको कोई सुविधा नहीं मिल रही है। ऐसे में उनकी मांग है कि कनीना की हर प्रकार से जायज मांगे, सभी फास्ट ट्रेन, सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव तुरंत पूरी की जाए। उन्होंने उनका कहना है कि बार-बार आंदोलन कर चुके हैं और उनके आंदोलन को इसलिए रुकवा दिया जाता है कि जल्दी ट्रेन का जल्द ही ठहराव करेंगे किंतु ट्रेनों का ठहराव नहीं किया जा रहा है। रात्रि सेवा बस लगाई जाएं।
              ---रविंद्र बंसल
फोटो कैप्शन 04 व 05: कनीना खास रेलवे स्टेशन
             साथ में रविंद्र बंसल, गणेश अग्रवाल एवं योगेश अग्रवाल






कट के लिए केंद्र सरकार के भरोसे पर आश लगाए बैठे हैं  बुजुर्ग किसान
- 259वें दिन जारी रहा धरना
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग -बाघोत के बीच कट के लिए ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना 259वें दिन भी जारी रहा। रविवार को धरने की अध्यक्षता नरेंद्र कुमार शास्त्री ने की और उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के द्वारा  राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट की घोषणा की गई, उसके बाद आश्वासन दिया गया की कट का काम जल्द शुरू हो जाएगा, लेकिन धरातल पर कोई काम शुरू नहीं किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट की जिम्मेवारी केंद्र सरकार के भरोसे पर है।  केंद्र सरकार किसानों के दुख दर्द को समझे और जितना जल्दी हो सके राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट के लिए जल्द कार्रवाई की जाए, जिससे किसान चैन की  सांस ले सके।
 धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष   विजय सिंह चेयरमैन  ने बताया कि धरने को चलते 259 दिन हो गए हैं।  ठंड का मौसम शुरू होने से लोग बीमार हो रहे हैं। केंद्र सरकार के प्रति किसानों में आक्रोश है, इतना लंबा समय निकल गया, सरकार बुजुर्ग किसानों की परेशानी की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। इस क्षेत्र के 40-50 गांवों ने कट बनने के बाद इलाके के  विकास की जो योजनाएं बना रखी थी वे सभी धरी की धरी रह गई है। केंद्र सरकार किसानों की मांग के बारे में सोचें और जितना जल्दी हो सके राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत -सेहलंग के बीच कट का काम शुरू करवाया जाए। जब तक कट का काम शुरू नहीं होगा, हम धरने पर बैठे रहेंगे।
 फ्लाइंग ऑफिसर जे एस यादव नौताना धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने बताया कि आप नेक  काम के लिए यहां पर बैठे हुए हो, सफलता अवश्य मिलेगी। आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी।
 इस मौके पर  पहलवान रणधीर सिंह, सरपंच हरिओम पोता, चेयरमैन सतपाल ,डॉ लक्ष्मण सिंह,  प्रकाश वीर, मनफूल , पहलवान धर्मपाल, सतपाल, रामकुमार, इंस्पेक्टर सतनारायण, पूर्व सरपंच बेड़ा सिंह , ओमप्रकाश, प्रधान कृष्ण कुमार, सत्य प्रकाश, पूर्व सरपंच सतवीर सिंह, सब इंस्पेक्टर रामकुमार,  पूर्व सरपंच हंस कुमार, मास्टर विजय सिंह, रामभज,  करण सिंह, पंडित मनीराम अत्री, दाताराम, डॉक्टर राम भक्त,  मास्टर विजयपाल,   बाबूलाल, सूबेदार हेमराज अत्रि,  रोशन लाल आर्य,  सीताराम,  प्यारेलाल,  सूबे सिंह पंच  व गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 01: कट के लिए धरने पर बैठे किसान






अगिहार में मनाया गया संविधान दिवस
-आयोजित की गई प्रश्रोत्तरी प्रतियोगिता
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कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार में संविधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्षता विद्यालय  में अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषताओं के बारे में अवगत कराया तथा संविधान के महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख किया।
 इस अवसर पर विद्यालय की छात्रा अर्चना, कल्पना, संगीता प्रिंस तथा नरगिस ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया। एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें कक्षा 4 से 12 तक की 6 टीमों ने भाग लिया। गणित के प्रवक्ता अजय बंसल ने स्कोरर का कार्य किया तथा टाइम कीपर की भूमिका भूगोल की प्रवक्ता निशा ने निभाई। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में कल्पना, अर्चना, कोमल तीनों की टीम प्रथम तथा द्वितीय स्थान पर जितेंद्र हरीश तथा कल्पना की टीम रही। तृतीय स्थान पर पिंकी वंदना, प्रिंस तथा अंतिमा की टीम रही। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक रतनलाल, राकेश कुमार, प्रमोद कुमार, धर्मेंद्र डीपी तथा शशि कुमारी उपस्थिति रही।
फोटो कैप्शन 01: संविधान दिवस मनाते हुए स्कूली विद्यार्थी।

 

 

 

 

 

 

गीता प्रश्नोत्तरी के 26 नवंबर के उत्तर यहां पढ़े

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गीता प्रश्नोत्तरी के 26 नवंबर के उत्तर निम्न है कृपया नई रजिस्ट्रेशन के लिए मोटीवेटर में 94163 484 00 भरना है ताकि नियमित रूप से उत्तर प्राप्त हो सके
 1. आज भी कर सकते हैं गीता प्रश्रोत्तरी का रजिस्ट्रेशन-
निम्र लिंक को क्लिक करे और माटीवेटर में 9416348400 भरे।
माटीवेटर के कालम में 9416348400 जरूर भरे।
रजिस्ट्रेशन के लिए लिंक
http://igmquiz.in/

2. गीता प्रश्रमाला शुरू हो गई है। जिस किसी ने प्रश्रोत्तरी के लिए रजिस्टे्रशन किया है वो या तो निम्र लिंक को क्लिंक करे क्विज लाग इन को क्लिक करें। फोन नंबर एवं पासवर्ड भरे। पासवर्ड ओटीपी ही रहेगा जो आपको रजिस्ट्रेशन के वक्त मिला था। अगर पासवर्ड भूल गये हैं तो फोन नंबर भरकर फोरगोट को दबाए पुन: पासवर्ड आ जाएगा।
http://igmquiz.in/

 गीता प्रश्रोत्तरी 26 नवंबर 2023 के संभावित उत्तर--- मोटीवेटर 9416348400
उत्तरों की पड़ताल जरूर कर लें
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1- सी
2- डी
3- ए
4-सी
5-बी

Saturday, November 25, 2023



 
राज्य स्तरीय समारोह में पहुंचे कनीना से विभिन्न प्रतिनिधि
--कनीना से भी एक बस प्रतिनिधियों की भरकर पहुंची
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कनीना की आवाज। हरियाणा राज्य स्तरीय सहकारी दिवस समारोह .2023 हर वर्ष मनाया जाता है। इस वर्ष बावल में सहकारिता मंत्री डॉ बनवारी लाल के विधानसभा क्षेत्र में राज्य स्तरीय समारोह शनिवार को मनाया गया जिसमें पूरे हरियाणा से सहकारिता विभाग की सभी शाखों से प्रतिनिधि शामिल हुए।
 कनीना शाखा से सुबह सवेरे बस द्वारा प्रतिनिधि बावल पहुंचे। बस को भरपूर सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर अशोक कुमार, भरपूर सिंह, कुंभ सिंह, कैलाश चंद मैनेजर, जगराम, पन्नालाल, खुशीराम, सुरेंद्र सिंह, देवेंद्र प्रदीप शर्मा, महिपाल, रमेश, धर्म वीर, वीरेंद्र सिंह आदि शामिल हुए।
 फोटो कैप्शन 01: सहकारिता विभाग की कनीना शाखा के प्रतिनिधि बावल जाते हुए।








एसोसिएट प्रोफेसर के पदोन्नति आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
--नोटिस जारी कर सरकार से मांगा जवाब
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कनीना की आवाज। हरियाणा के कालेजों में एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर पद पर पदोन्नति के आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इसके साथ ही हरियाणा सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए डा. सतबीर सिंह व 21 अन्य ने एडवोकेट सज्जन मलिक के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि प्रदेश सरकार ने यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर के तौर पर पदोन्नति के लिए न्यूनतम योग्यता व नियम निर्धारित किए थे। इसके अनुसार पदोन्नति के लिए पांच सदस्यों वाली कमेटी निर्धारित की गई थी।  कमेटी में उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, निदेशक, संयुक्त सचिव, कॉलेज के प्रिंसिपल व विषय विशेषज्ञ को रखने का प्रावधान तय किया गया। इसके बाद 14 सितंबर को सरकार ने पदोन्नति की प्रक्रिया आरंभ की और याचिकाकर्ताओं समेत अन्य योग्य लोगों ने पदोन्नति के लिए आवेदन किया। याचिकाकर्ताओं के योग्य होने और सभी मानकों पर खरा उतरने के बावजूद उनको पदोन्नत नहीं किया गया।






बुजुर्ग किसानों का जोश बरकरार ,258वें दिन जारी रहा धरना
-अनिश्चितकालीन चल रहा है धरना
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर सेहलंग .बाघोत के बीच कट के लिए अनिश्चितकालीन धरना 258वें दिन जारी रहा है। धरने की अध्यक्षता डॉ लक्ष्मण सिंह सेहलंग ने की और उन्होंने बताया कि हम  बार.बार याद दिला रहे हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत .सेहलंग के बीच कट की घोषणा केंद्र सरकार के द्वारा की गई और कट भी केंद्र सरकार के द्वारा बनाया जाएगा। इस क्षेत्र को कट की जरूरत हैए किसानों की मांग जायज है, केंद्र सरकार को किसानों  की परेशानी को देखते हुए जल्द से जल्द राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर  बाघोत .सेहलंग के बीच कट का काम शुरू किया जाए।
 धरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष   विजय सिंह चेयरमैन  ने बताया कि धरने को चलते 258 दिन हो गए हैं। धरना स्थल पर बैठे किसानों को बदलते मौसम में परेशानी के बावजूद भी  कट के प्रति उनका जोश बरकरार है। किसान खेती के काम में लगे हुए हैं। सरसों में पानी दे रहे हैं और समय निकालकर धरना स्थल पर भी पहुंच रहे हैं। किसानों ने सोच रखा है जब तक राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत .सेहलंग के बीच में कट का काम शुरू नहीं होगा, तब तक हम धरना स्थल पर ही डटे रहेंगे।
विकास चेयरमैन अटेली, ठेकेदार अशोक कुमार कनीना और पूर्व सरपंच राम सिंह गोमला धरना  स्थल पर पहुंचे और उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार किसानों के साथ अनदेखी कर रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी पर बाघोत .सेहलंग के बीच कट होना इस इलाके के लिए बहुत जरूरी है। किसानों की जायज मांग है, हम इसका समर्थन करते हैं और आपके साथ हैं।
 इस मौके पर  पहलवान रणधीर सिंह, मास्टर रोहताश गोमला, सरपंच हरिओम पोता, डॉ लक्ष्मण सिंह,  नरेंद्र शास्त्री छिथरोली, पहलवान धर्मपाल, जगमोहन राता कला ,  रामकुमार, इंस्पेक्टर सतनारायण, ठेकेदार शेर सिंह, ओमप्रकाश, प्रधान कृष्ण कुमार, सत्य प्रकाश, पूर्व सरपंच सतवीर सिंह, सब इंस्पेक्टर रामकुमार,  पूर्व सरपंच हंस कुमार, डॉ सुरेंद्र सिंह, रामभज,  करण सिंह, पंडित मनीराम अत्रीए दातारामए डॉक्टर राम भक्तए  मास्टर विजयपालए  मास्टर विजय सिंह,  बाबूलाल, सूबेदार हेमराज अत्रि,  रोशन लाल आर्यए  सीताराम, पंडित संजय कुमार,प्यारेलाल,  सूबे सिंह पंच, अशोक चौहान  व गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 02: धरने पर कट की मांग को लेकर बैठे ग्रामीण।








रक्तदान महादान है-प्राचार्या
-आयोजित हुआ रक्तदान
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कनीना की आवाज। राजकीय महाविद्यालय नारनौल में एनसीसी दिवस के अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य डॉ पूर्ण प्रभा जी की  अध्यक्षता में एनसीसी कैडेट्स के द्वारा दो प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रथम प्रतियोगिता पोस्टर मेकिंग जिसमें लगभग 20 कैडेट्स ने भाग लिया जिसमें सुप्रिया प्रथम स्थान पर रही सरिता द्वितीय व मुस्कान तृतीय स्थान पर रही दूसरी प्रतियोगिता भाषण प्रतियोगिता जिसमें 12 कैडेट्स  ने भाग लिया जिसमें कंचन प्रथम अनुष्का द्वितीय तथा स्नेहा तृतीय स्थान पर रही एनसीसी अधिकारी डॉ मीना यादव ने बताया कि प्रतियोगिताओं के समापन के बाद सभी कैडेट्स सिविल अस्पताल नारनौल गए तथा अपना रक्तदान किया तथा स्लोगन के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि रक्तदान महादान है। इससे किसी का जीवन बच सकता है अत: हम सभी को अपनी क्षमता अनुसार रक्तदान अवश्य करना चाहिए इसके बाद सभी कैडेट्स पेटीकरा गांव में स्थित शहीद स्मारक पर जाकर कैडेट्स ने शहीदों को फूल माला अर्पण की तथा शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि देते हुए कैडेट्स ने शपथ ली कि वह वह भी उन शहीदों की तरह ही अपनी देश की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे। इस अवसर पर पटीकरा के बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओ के ब्रांड एंबेसडर घनश्याम शर्मा भी उपस्थित थे इसके बाद सभी कैडेट्स महाविद्यालय आए महाविद्यालय प्राचार्य ने सभी कैडेट्स को उनके द्वारा किए गए कार्य की प्रशंसा की तथा साथ ही कैडेट्स को अपने देश के विकास और उन्नति में एक कैडेट्स को हमेशा तत्पर रहना चाहिए तथा देश सेवा ही उसका उत्कृष्ट कार्य होता है। अत: सभी कैडेट्स को बधाई देते हुए प्राचार्य जी ने सभी के उज्जवल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त स्टाफ  जिसमें डॉ जेएस मोर, डॉ सतीश सैनी, डॉ प्रियंका शर्मा, डॉ सोनू जागलान,  डॉ संजय तंवर, डॉ चंद्रमोहन पब्लिक रिलेशन आफिसर आदि उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 7: संबंधित है।







केमला स्कूल प्रांगण में पौधारोपण का किया
--दस पौधे लगाएं
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कनीना की आवाज। राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में संविधान दिवस की पूर्व बेला पर पौधा लगाकर कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें डा विक्रम सिंह यादव प्राचार्य राजकीय महिला कालेज उन्हानी और सुनील कुमार प्राचार्य राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय कनीना मुख्य रूप से उपस्थित रहें और बच्चों के साथ फूलदार पौधे जैसे गुलाब, गुड़हल, चंपा आदि अन्य पौधे लगाए और बच्चों को जीवन में अपने घर पर जन्मदिन पर एक पौधा अवश्य लगाने के लिए प्रेरित किया जिस घर, संस्था में पौधे हरे- भरे होते हैं, वहां पर वातावरण शुद्ध और जीवन  खुशहाल रहता है। बच्चों को प्रेरित करते हुए डा विक्रम सिंह यादव ने संविधान की  प्रस्तावना एमौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्य आदि को विस्तार से समझाया व बताया कि आज भौतिकवादी युग में लोकतंत्र का स्तंभ संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकार है जो मनुष्य को सुरक्षित ,सुखमय , खुशहाल जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं हमें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना चाहिए और मौलिक कर्तव्य आदि का सदा पालन करना चाहिए जो घर, परिवार, समाज और राष्ट्र को उन्नत बनाने में अपना सहयोग देना चाहिए। मौलिक मुख्य अध्यापक वीरेंद्र सिंह जांगिड़ ने सभी मेहमानों का विद्यालय की ओर से आभार व्यक्त किया और बच्चों को अपील  कि आप सभी हमेशा समय-समय पर विभाग द्वारा निर्धारित सभी पाठ्यक्रम आधारित क्रियाकलापों  में  भाग लेना चाहिए जिससे आपके अन्दर आत्मविश्वास की भावना पैदा होती है। इस अवसर पर होशियार सिंह वरिष्ठ अध्यापक, सुनील डीपीई , मनवीर सिंह, भगत सिंह, सुनील शास्त्री, राजेश, सूबे सिंह पार्ट टाइम, सुनील कुमार चौकीदार आदि उपस्थित रहें।
फोटो कैप्शन 06: कैमला स्कूल में पौधारोपण करते हुए प्राचार्य एवं अन्य।







संविधान दिवस -26 नवंबर
भारत का संविधान बेहतरीन संविधानों में से एक -डा मुंशी राम
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कनीना की आवाज। भारत का संविधान बेहतरीन संविधानों में से एक माना गया है। वर्ष 2015 में भारत सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। संवैधानिक मूल्यों के प्रति नागरिकों में सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के लिए 2015 से यह दिवस हर साल मनाया जाता आ रहा है। भारत का संविधान है जो अलग-अलग धर्म एवं जातियों की भारत की 140 करोड़ की आबादी को एक देश की तरह जोड़ता है। इसी संविधान के तहत हमारे देश के सभी कानून बनते हैं। संविधान के तहत सुप्रीम कोटर्, हाई कोर्ट समेत देश की सभी अदालतें, सांसद राज्यों के विधान मंडल, प्रधानमंत्री समिति सभी इसी के तहत काम करते और इसी के तहत हम सभी को अधिकार भी मिलते हैं कि हम सब पूरी स्वतंत्रता और समानता के साथ जी रहे हैं। इस संबंध में कुछ विद्वत जनों से बात की जिनके विचार निम्न हैं।
**संविधान दिन का मकसद देश के नागरिकों में संवैधानिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ाना है। हालांकि भारतीय संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था जिसका जश्न 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं परंतु 26 नवंबर का दिन देश के राष्ट्रीय कानून दिवस भी के रूप में मनाया जाता है। संविधान दिवस कभी नहीं भुलाया जा सकता। 26 नवंबर 1949 के दिन देश की संविधान सभा ने संविधान को अपनाया था ,यही वह दिन है जब संविधान बनकर तैयार हो गया था।
---डा. शर्मिला यादव
यह संविधान है जो हमें आजाद नागरिक की भावना का एहसास कराता है। संविधान के दिए मौलिक अधिकार हमारे ढाल बनकर हमारा हक दिलाते हैं वहीं मौलिक कर्तव्य जिम्मेदारी भी याद दिलाते हैं। 26 नवंबर का वह दिन देश में राष्ट्रीय कानून दिवस के रूप में मनाया जाता है। हमारे संविधान को 2 वर्ष 11 माह 18 दिन बनने में लगे थे। 26 नवंबर 1949 का पूरा हुआ था और अपनाया गया था। इस संविधान को बनाने के लिए विधानसभा का गठन किया गया था। जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेंद्र प्रसाद ,डॉक्टर भीमराव अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि सभा के प्रमुख सदस्य थे। जबकि ड्राफ्टिंग समिति के अध्यक्ष डॉ भीमराव अंबेडकर थे इसलिए ने संविधान निर्माता कहा जाता है।
---मदनमोहन कौशिक प्राध्यापक
26 नवंबर का दिन भारतीय इतिहास का एक अविस्मरणीय दिन है क्योंकि 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान बनकर तैयार हो गया था। भारतीय संविधान निर्माण एक विधानसभा द्वारा तैयार किया गया था। संविधान सभा के गठन 1946 में कैबिनेट मिशन के तहत किया गया जिसमें 389 सदस्य को निर्वाचित किया गया जिसमें से 292 ब्रिटिश प्रति के प्रतिनिधित्व 93 देसी रियासतों के प्रतिनिधि एवं चार सदस्य की कमिश्नरी क्षेत्र से थे। संविधान का पहला प्रारूप सिद्धांत सभा सचिवालय द्वारा बीएन राव के निर्देशन में तीन परतों में तैयार किया जिसके अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद थे। इसके बाद प्रारूप समिति ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में सिद्धांत तैयार किया जिसको बनाने में 2 वर्ष 11 महीना 18 दिन का समय लगा भारतीय संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
संविधान किसी भी देश की आत्मा होती है। संविधान में उस देश के आदर्श निहित होते हैं। भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। यह जितना कठोर है  उतना ही लचीला भी है। हमें अपने देश के संविधान तथा उसकी प्रस्तावना पर गर्व है। संविधान का तथा इसके आदर्श का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
-----डा. मुंशी राम-
भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हो चुका था और संविधान सभा के सभी सदस्यों ने अपने हस्ताक्षर कर इसे अंतिम रूप प्रदान कर दिया था किंतु इसे तत्काल लागू न कर 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया। तभी से 26 जनवरी को पूरे देश में गणतंत्र दिवस के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है। वस्तुत 26 जनवरी 1930 को देश में प्रथम बार स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया गया था और तभी से आजादी प्राप्त होने तक 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा। देश के इतिहास में 26 जनवरी के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए ही 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया और इसे गणतंत्र दिवस घोषित किया गया। किंतु ऐसा करते समय 26 नवंबर 1949 के ऐतिहासिक दिन के महत्व को इतिहास में भुला दिया गया। संविधान निर्माताओं को इतिहास में उचित सम्मान दिलाने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डा. बी आर अंबेडकर की 125 वीं जयंती के अवसर पर यह घोषणा की कि 26 नवंबर 2015 को भारत केप्रथम संविधान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। यह उल्लेखनीय है कि डॉक्टर बीआर अंबेडकर संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे और उन्होंने संविधान निर्माण में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस प्रकार वर्ष 2015 से 26 नवंबर को प्रतिवर्ष संविधान दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस दिन भारतीय संविधान की प्रस्तावना सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सभी विद्यार्थियों द्वारा पढ़ी जाती है।
---प्रो. राजेश कुमार
फोटो कैप्शन: प्रो राजेश, डा मुंशीराम, डा शर्मिला यादव, मदन मोहन कौशिक।








एसडी विद्यालय ककराला में हुआ सम्मान समारोह का आयोजन
-विडियोग्राफी में परचम लहराने वाले साहिल को किया गया सम्मानित
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कनीना की आवाज।  एसडी विद्यालय प्रांगण में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आद्यौगिक प्रशिक्षण संस्थान नारनौल में हाल ही में आयोजित युवा महोत्सव में विडियोग्राफी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करने वाले छात्र साहिल को विद्यालय चेयरमैन जगदेव यादव द्वारा पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया। जो अब प्रदेश स्तरीय महोत्सव में विद्यालय का प्रतिनिधित्व करेगा। इसी शृंखला में पोस्टर मेकिंग में तृतीय स्थान हासिल करने वाली छात्रा निधि व एकल लोकनृत्य में तृतीय स्थान हासिल करने वाली छात्रा खुशी को प्रमाण-पत्र व ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थी जीवन में उनके सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं व विजेता विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाती हैं। गत दिनों हुई विद्यार्थियों कि उपलब्धियों को सम्मिलित करते हुये मंदिर कमेटी, करीरा द्वारा जन्माष्टमी उत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित विद्यार्थियों सोम्या, पलक, टविंकल, परी, अल्का, रिया, नव्या, कनक, समर, वंशिका, मानसी व कनिष्क को पुन: विद्यालय प्रांगण में ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय प्राचार्य ओमप्रकाश यादव व सी ई ओ रामधारी सिंह ने विद्यार्थियों कि इस उपलब्धि पर बधाई दी। सम्पूर्ण विद्यालय स्टाफ ने इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज की।
फोटो कैप्शन 04: एसडी स्कूल में बच्चे को पुरस्कृत करते हुए।







गुरुसेन महाराज जयंती पर सरकारी छुट्टी घोषित करने की मांग
--कनीना में एक बैठक कर, की मांग
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कनीना की आवाज। कनीना कस्बे में डा. भीमराव अंबेडकर चौक पर सैन समाज की बैठक आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सैन समाज से अंकित सैन ने की। इस दौरान उन्होंने मुख्य्मंत्री से 4 दिसंबर को संत शिरोमणि गुरुसेन महाराज जयंती पर सरकारी छुट्टी घोषित व राज्य स्तर पर सेन जयंती मनाई जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ओबीसी की सूचि में हजाम व नाई शब्द हटाकर सेन नाम शामिल किया जाए। हरियाणा प्रदेश में सरकारी भवनों का नाम संत शिरोमणि गुरुसेन महाराज के नाम से रखा जाए। अनुसूचित जाति एवं जनजाति की भाती सभी सरकारी योजनाओं व नौकरियों में आवेदन करने पर छूट दी जाए। हरियाणा प्रदेश के प्रत्येक जिले में नियमानुसार सेन समाज हेतु छात्रावास, धर्मशाला, शैक्षणिक संस्थानों आदि के लिए जमीन मुहैया व उनका निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा की जींद में 4 दिसंबर को जयंती के अवसर पर पहली बार सैन समाज का सबसे बड़ा महा सम्मेलन पहली हो रहा है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटर होंगे। इस दौरान संत शिरोमणि सैन महाराज के वंशज अमरीक सैन भी मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे। इस दौरान उन्होंने रैली का निमंत्रण भी दिया। इस दौरान पवन सैन , सतपाल सैन, निरंजन सैन, समाजसेवी राजेंद्र सेन कनीना, अनिल झगड़ू, सेठी सेन, धीरज सेन, सतबीर सेन आदि उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 05: कनीना में सेन समाज की बैठक में मांग रखते लोग।







11 बोतल देशी शराब, आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना पुलिस ने बूचावास के एक व्यक्ति से 11 बोतल देशी शराब बरामद की तथा आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
 पुलिस को सूचना मिली कि रेवाड़ी से कोई व्यक्ति मोटरसाइकिल पर शराब लेकर बेचने के लिए बूचावास की ओर जा जाएगा। पुलिस ने कनीना बस स्टैंड के समक्ष नाका लगाकर  मोटरसाइकिल पर एक व्यक्ति को पकड़ा जिसने अपना नाम देवेंद्र बताया। उसके पास सफेद कट्टे से 11 बोतल देशी शराब बरामद की तथा आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।





देवदीवाली पर्व- 26 नवंबर
दिवाली के 15 दिन बाद मनाया जाता है देवदीवाली का पर्व
-ग्रामीण क्षेत्रों में कार्तिक स्नान को किया जाता है पूर्ण
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कनीना की आवाज। देवदीवाली कार्तिक पूर्णिमा का प्रमुख पर्व है।  उत्तर प्रदेश के वाराणसी में प्रमुख रूप से मनाया जाता रहा है  किंतु इसका शुभ संकेत धीरे-धीरे पूरे देश में फैलता जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब देवदीवाली के पर्व पर दीप जलाए जाते हैं। वाराणसी में गंगा नदी के किनारे रविदास घाट से लेकर राजघाट लाखो-करोड़ों दिए जलाए जाते हैं। देव दिवाली के परंपरा पहले पंचगंगा घाट 1915 में हजारों दीये जलाकर शुरुआत की गई थी। प्राचीन परंपरा आज भी कायम है। यह विश्व विख्यात आयोजन है जो धीरे-धीरे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवेश कर गया है। यह माना जाता है किसी दिन तीनों लोकों के देवता दिवाली मनाते हैं और इसी दिन देवताओं का काशी में प्रवेश हुआ था। कनीना क्षेत्र में देवदीवाली का पर्व विभिन्न गांवों में श्रद्धा एवं भक्ति से मनाया जाता है। इस मौके पर मंदिरों में पूजा अर्चना चलती है तथा एक माह से चला आ रहा कार्तिक स्नान पूर्ण किया जाता है। कार्तिक पूर्णिमा का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।
देवदीवाली कार्तिक पूर्णिमा का त्योहार है जो यह उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मनाया जाता है। यह काशी शहर में दीपावली के पंद्रह दिन बाद मनाया जाता है। देवदीवाली की परम्परा पंचगंगा घाट 1915 मे हजारों दीये जलाकर की गयी थी। माना जाता है कि देवता भी इस उत्सव में भाग लेते हैं। दीये जलाकर शहर जगमग हो उठता है जैसे काशी में पूरी आकाश गंगा ही उतर आयी हो।  
एक कथा अनुसार तीनों लोकों में त्रिपुरासुर राक्षस का राज चलता था। देवतागणों ने भगवान शिव के समक्ष त्रिपुरासुर राक्षस से उद्धार की विनती की। भगवान शिव ने कार्तिक पूर्णिमा के दिन राक्षस का वध कर उसके अत्याचारों से सभी को मुक्त कराया और त्रिपुरारि कहलाये। इससे प्रसन्न देवताओं ने स्वर्ग लोक में दीप जलाकर दीपोत्सव मनाया था तभी से कार्तिक पूर्णिमा को देवदीवाली मनायी जाने लगी। इस दिन सभी देवताओं ने काशी में प्रवेश कर दीप जलाकर दीपावली मनाई थी। देवदीवाली एक दिव्य त्योहार है।
 क्या कहते संत लालदास महाराज-
 संतलाल दास बताते हैं कि दिये जलाना एक शुभ कार्य होता है जो अंधेरे को मिटाने में अहम योगदान देता है। देव दिवाली के दिन दीये जलाकर कम से कम मन को शुद्ध किया जाता है और जिस प्रकार दीये धरती पर अंधकार को दूर करते हैं वैसे ही पहले अपने मन के अंधकार को दूर करना चाहिए,तत्पश्चात आसपास के अंधेरे को बुराइयों को नष्ट करना चाहिए। देवदीवाली का पर्व बहुत बड़ा पर्व है। पर्व की लंबे समय से यह परंपरा चली आ रही है। जहां पहले एक निश्चित क्षेत्र में ही देवदीवाली का पर मनाया जाता था परंतु अब तो पूरे ही देश में देवदीवाली मनाई जाती है। लाल दास महाराज बताते के राजा कार्तिक पूर्णिमा को देवताओं की विजय दिवस के रूप में यह पर मनाया जाता है। इस पर्व को त्रिपुरारी पूर्णिमा भी कहा जाता है। माना जाता है कि भगवान शिव ने काशी के पंचगंगा घाट पर जाकर गंगा स्नान का ध्यान किया था।  देवताओं की दिवाली को में भाग लेकर लोग अपने को खुशनसीब समझते हैं। देवदीवाली के पर्व पर ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न परंपराएं शुरू हो गई है हवन भंडारे आयोजित होते हैं। वहीं देवदीवाली के दिन कार्तिक स्नान प्रमुख रूप से किया जाता है। एक महीने से चला आ रहा कार्तिक स्नान पूर्ण हो जाता है।
क्या है कार्तिक स्नान -
महिलाएं दिवाली से 15 दिन पहले से किसी घाट पर स्नान करना शुरू करती है और दिवाली के 15 दिनों बाद तक सुबह सवेरे जल्दी उठकर स्नान करने की परंपरा को जारी रखती है। देवदीवाली के दिन कार्तिक माह का अंतिम स्नान करती है। तत्पश्चात सज धज कर महिलाएं पूरे गांव एवं कस्बे में देवदीवाली के पर्व पर हंसी खुशी से जुलूस निकलती हैं। विभिन्न धार्मिक स्थानों, गंगा आदि नदियों पर घाटों पर भारी संख्या में लोग स्नान करने जाते हैं।
फोटो कैप्शन: लाल दास महाराज