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Monday, January 27, 2025


 


कनीना पालिका के चुनाव.....
डोर टू डोर जनसंपर्क के साथ-साथ चल रहा है पोस्टर युद्ध
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कनीना की आवाज।
 कनीना पालिका के चुनावों की तिथि निर्धारित नहीं हो पाई है किंतु प्रधान पद के लिए अधिक मारामारी है। जहां पहले डोर टू डोर कार्यक्रम चला तो अब प्रधान पद के दावेदारों ने पोस्टर युद्ध चला दिया है। कोई गली और मोहल्ला आज के दिन नहीं बचा जहां कोई ना कोई प्रधान पद का चुनाव लडऩे वाला नहीं पहुंच रहा हो। जिन गलियों में दिन के समय भी लोग जाने से हिचकिचाते थे वहां आज रात के समय भी चुनाव लडऩे वाले पहुंच रहे हैं। पोस्ट युद्ध तो ऐसा छिड़ा हुआ है कि एक किसी भावी प्रत्याशी ने पोस्टर लगा दिया वहीं दूसरा प्रत्याशी भी जरूरी पोस्टर लगा रहा है वहीं पर तीसरा प्रत्याशी भी कोशिश करके अपना पोस्टर लगा रहा है और ऐसा लगता है जैसे कि यह चुनाव सबसे कठिन होंगे क्योंकि जिस त्वरित गति से पोस्टर युद्ध और गली-गली में वोट मांगे जा रहे हैं उसे साफ जाहिर है कि इस बार प्रधान पद का चुनाव कठिन डगर साबित होगा। वैसे तो अभी तक प्रधान पद के जितने भी दावेदार थे वो धीरे-धीरे चुनाव प्रचार कर रहे थे किंतु सरिता बबलू के मैदान में आ जाने से मैदान में एक नई जान फूक दी है। अब तो जिसको भी देखो वह पोस्टर युद्ध और गली-गली वोट मांगने की कार्रवाई में जुट गया है। यहां तक की देखने में आ रहा है कि एक प्रत्याशी जिस गली में चला जाता है उसमें दूसरा प्रत्याशी भी अगले दिन तक पहुंच जाता है। यहां तक कि यह भी शह रखते हैं कि किस प्रत्याशी ने  किसको क्या कहा और क्या-क्या वादा किया है। मिली जानकारी अनुसार एक प्रत्याशी ने तो युवा वर्ग को 3100 रुपये खेलों के लिए दे दिए फिर तो चर्चा का विषय बन गया कि इस प्रत्याशी ने 3100 रुपये बच्चों को दिए फिर तो लाइन लगी हुई है दूसरे प्रत्याशी भी कोशिश कर रहे हैं कि उनको 3100 रुपये से अधिक राशि दे। अभी चुनाव की तिथि घोषित नहीं हुई है और लोगों का कहना है कि इस बार शायद चुनाव जून- जुलाई में ही हो पाएंगे परंतु जो भी कुछ हो अब तो पोस्टर युद्ध छिड़ा हुआ है। उससे नहीं लगता कि चुनाव अभी कोसों दूर हैं।
जसवंत बबलू तथा सरिता बबलू अब तो वादे करते हुए लोगों से मिल रहे हैं और हर युवा वर्ग और बुजुर्ग को लुभाने लगे हैं। उनका एक ही कथन प्रचलित हो रहा है कि अब वो कनीना की जमकर सेवा करेंगे तथा जीतने के बाद प्रत्येक वार्ड से 10-10 युवा वर्ग को नौकरी देंगे। यह नौकरी आप फैक्ट्री हो या कंपनियों में दिलवाएंगे। साथ में गुरुग्राम में उनका बिजनेस रहा है इसलिए वो कहते हुए नहीं थक रहे की गुरुग्राम की भांति कनीना को चमका देंगे। उनके लोक लुभावने वादों से लोग खुश है तथा इस बार युवा वर्ग सरिता बबलू के साथ जुड़ता जा रहा है। आने वाला वक्त बता पाएगा कौन किसको पटखनी दे पाता है। बहरहाल कठिन और कांटे की टक्कर अभी से नजर आने लग गई है।





मेरा शिक्षा का सफर पुस्तक से साभार-95
कभी कक्षा में गाइड-कुंजी न तो पढ़ाई और न लाने के लिए विद्यार्थियों से कहा
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कनीना की आवाज।
 कनीना निवासी डा. होशियार सिंह यादव करीब 40 वर्षों की सेवा शिक्षा के क्षेत्र में देकर 30 अप्रैल 2024 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। यूं तो उनका नाम विश्व रिकार्ड बुक में दर्ज हो चुका है किंतु उनका एक नहीं कई बातों को लेकर विश्व रिकार्ड बुक में नाम दर्ज करवाने योग्य माना जा रहा है। जहां एक और 36 सालों से साइकिल चला रहे हैं वहीं कभी किसी कक्षा में गाइड और कुंजी का सहारा न तो लिया और न ही विद्यार्थियों को लेने दिया। आइये उनकी गाइड और कुंजियां से संबंधित कहानी होशियार सिंह की जुबानी सुनते हैं।
 मैंने 1984 में शिक्षण कार्य शुरू कर दिया था, चाहे वह शिक्षण कार्य बतौर ट्यूशन ही शुरू किया गया था लेकिन उस समय से लेकर 30 अप्रैल 2024 तक एक भी विद्यार्थी यह नहीं कह सकता कि किसी दिन उन्होंने कक्षा कक्ष में बुक के अतिरिक्त गाइड-कुंजी प्रयोग की हो या कोई एक भी विद्यार्थी नहीं कर सकता कि उन्होंने किसी समय गाइड या कुंजी का उपयोग करने की सलाह दी हो। अगर मेरे पास पढ़ा हुआ विद्यार्थी यह कह दे कि होशियार सिंह ने कभी गाइड कुंजी का सहारा  लिया या पढऩे के लिए कहा या खरीदने के लिए कहा तो उसे बड़ी इनाम दी जाएगी। गाइड या कुंजी सभी विषयों की इकट्ठी होती थी परंतु जब किसी विद्यार्थी के पास कोई गाइड या कुंजी मिल जाती जो तो उनकी जमकर धुनाई हुई। सिर्फ यह कहा कि अगर तुम्हें प्रयोग भी करनी है तो अपने घर पर प्रयोग करो क्योंकि विद्यार्थी एक ही बात कहते थे कि सर, आपके लिए नहीं यह दूसरे विषय के लिए हमने खरीदी है। तो मेरा यही कहना होता था कि इन गाइड और कुंजियां को घर पर तो रख सकते हो। यहां अगर किसी के पास मिल गई तो उसका बुरा हाल कर दिया जाएगा। यही कारण है कि कभी भी विद्यार्थी विज्ञान की गाइड या कुंजी अपने पास थैले में न तो रखते थे और न ही उनकी इच्छा होती थी। जब मैं सरकारी स्कूल में पढ़ा रहा था तो एक दिन कुछ विद्यार्थी मेरे पास ट्यूशन लिए आए, मैंने पूछा कि किस विषय का ट्यूशन करना है। उन्होंने कहा कि विज्ञान का ट्यूशन तो हम करेंगे नहीं क्योंकि कक्षा कक्ष में इतना अधिक काम दे दिया जाता है, बेहतर ढंग से पढ़ा दिया जाता है कि उसकी तो जरूरत नहीं अन्य विषय गणित आदि का ट्यूशन चाहिए। उल्लेखनीय है कि जब तक मैं सरकारी सेवा में नहीं था तब तक ट्यूशन किया और जिस दिन सरकारी सेवा में आया उस दिन ट्यूशन बंद कर दिया। 6 अप्रैल 1005 को सेवा में आया और उस समय जितने भी ट्यूशन के बैच थे उन्हें परीक्षा होने तक ही पढ़ाया। मेरा यह भी मानना है कि गुरु या शिक्षक आदि नाम से जाने जाने वाला आधुनिक अध्यापक स्वयं ही गाइड होता है। गाइड का अर्थ होता है पथ प्रदर्शक और यदि शिक्षक गाइड या कुंजी का प्रयोग करता है इसका मतलब है वह सामथ्र्यवान नहीं है अर्थात वह इतना कमजोर है कि वह पुस्तक पढ़ कर नहीं आता और वह किसी दूसरे शिक्षक/गाइड का सहारा लेकर विद्यार्थियों को पढ़ाकर उनके साथ अन्याय कर रहा है। इसलिए गाइड और कुंजी प्रयोग करना सदा मना ही थी और इसे पूरे शिक्षक कार्यकाल दौरान बखूबी से निभाया। आज विद्यार्थी एक बात सरेआम कहेंगे कि विज्ञान की गाइड कुंजी की कभी न तो जरूरत पड़ी और न शिक्षक ने कभी खरीदने के लिए कहा। वैसे भी सरकार के आदेशानुसार गाइड या कुंजी विद्यार्थी थैले में नहीं रख सकता। समय समय पर सरकार के पत्र भी आते रहते थे कि गाइड या कुंजी किसी कक्षा में पाई गई तो शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
यहां तक की गाइड और कुंजी देने के लिए जब कोई पब्लिशर स्कूल में आता था तो उनकी गाइड/ कुंजी लेकर अलमारी में बंद कर दी जाती थी या साफ मना कर दिया जाता था कि हमें जरूरत नहीं है। मेरे पास पढ़ा हुआ कोई विद्यार्थी नहीं कह सकता कि कभी उन्होंने कक्षा में गाइड या कुंजी प्रयोग की हो या गाइड कुंजी पढऩे के लिए प्रेरित किया हो या गाइड कुंजी विज्ञान की उन्होंने प्रयोग की हो। अगर किसी ने अगर प्रयोग की हो तो हो सकता है कि अपने घर पर प्रयोग की हो स्कूल में सख्त मनाही थी। चूंकि गाइड/ कुंजी सभी विषयों की इकट्ठी/कंबाइंड आती है। जब भी किसी अन्य विषय की गाइड या कुंजी किसी विद्यार्थी के पास मैंने देखी तो उसको खूब पीटा, धमकाया और गाइड कुंजी उठाकर बाहर फेंक दी। भविष्य में वह विद्यार्थी अपने बैग में या तो गाइड कुंजी लेकर नहीं आया या फिर छुपाकर रखा है ताकि दूसरे विषयों में प्रयोग कर सके।ऐसे में जहां लेखन कार्य में, साइकिल चलाने में, गाइड कुंजी न प्रयोग करने में तथा कक्षा कक्ष में हमेशा खड़े होकर शिक्षण कार्य करने के कारण मेरा नाम विश्व रिकार्ड बुक में दर्ज होना ही चाहिए था और हो भी चुका है।
मैंने जहां केंद्रीय विद्यालय,कालेज, नवोदय विद्यालय, प्राइवेट स्कूल, ट्यूशन और हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य किया है और कहीं मैंने गाइड कुंजी का उपयोग नहीं किया और न  प्रयोग करने दिया क्योंकि मैं पुस्तक पर ज्यादा विश्वास करता था, विशेष कर एनसीईआरटी की पुस्तक बहुत सराहनीय होती है ,उन्हीं को खरीदने के लिए सलाह देता था और वो ही स्वयं प्रयोग की गई क्योंकि गरीब विद्यार्थी गाइड/कुंजी वैसे भी नहीं खरीद सकते, ऐसे पुस्तक जो एनसीईआरटी की होती है सस्ते में मिल जाती है और इन्हें प्रयोग करने की सदा सलाह दी है और मैं आज भी सलाह दे रहा हूं कि यदि उन्हें सफलता हासिल करनी है तो एनसीईआरटी की पुस्तकों का अध्ययन अच्छी प्रकार करना चाहिए।




रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा की बैठक 29 को
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कनीना की आवाज।
रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा जिला महेन्द्रगड़ की अति आवश्यक बैठक यादव धर्मशाला नारनौल में श्री घनश्याम शर्मा की नेतृत्व में 29 जनवरी 2025 को प्रात: 10 बजे आयोजित की जाएगी बैठक में राज्य कार्यकारिणी के द्वारा किए गए फसलों से सभी सदस्यों को अवगत कराया जाएगा और आगे की संघर्ष की रणनीति तैयार की जाएगी।इसकी जानकारी देते हुए राज्य प्रेस सचिव धर्मपाल शर्मा ने बताया  की  राज्य कमेटी के निर्णय अनुसार 1 से 15 फरवरी तक सदस्यता पखवाड़ा मनाते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर दिनांक 1-2 फरवरी शनिवार, रविवार व 8-9 फरवरी शनिवार,रविवार को अपने अपने हल्के के एमएलए को ज्ञापन दिया जाने में हम  भी अपना मांग पत्र देंगे  तथा 15-16 फरवरी को कैम्प कार्यालय कुरुक्षेत्र में 48 घण्टे का पड़ाव में   शामिल होंगे  इस कार्यक्रम की तैयारी के लिए महेन्द्रगड़ जिला के सभी सदस्यों की बैठक बुलाई गई है।
      



भोजावास की किसान अपनी फसल गायों को फिर चराई
-गाय चराकर गेहूं की खेती में किया है नवाचार
-पिछले दो दशकों से चरा देते हैं पूरी फसल
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव भोजावास निवासी किसान महेंद्र सिंह यादव ने हर वर्ष की भांति इस साल भी अपनी गेहूं की फसल से भोजावास गौशाला की 500 गायों को भोजन करवाया। कृषि का यह नवाचार वे पिछले दो दशकों से करते आ रहे हैं। उक्त जानकारी देते हुए  किसान संचार के संयोजक कमलजीत ने बताया कि उनकी संस्था की देखरेख में रेवाड़ी तथा महेंद्रगढ़ जिले के गांवों में चल रही साप्ताहिक अहीरवाल शोध यात्रा के सीहा से ढ़ोसी रही।
इस दौरान इस शोध यात्रा के शोधार्थियों को महेंद्रगढ़ जिले के गांव भोजावास में एक अनोखा कृषि नवाचार इस्तेमाल करने वाला अनुभवी किसान मिला। यह किसान पशुपालन में राज्य स्तर पर हरियाणा सरकार का पुरस्कार पहले ही पा चुका है। वे घर पर गाय-भैंस पालने के अलावा घोड़ी रखने के भी शौकीन हैं। 65 वर्षीय किसान महेंद्र सिंह यादव प्रतिवर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर अपनी कई एकड़ की गेहूं की फसल में भोजावास गौशाला की सैकड़ों गाए चरने के लिए आमंत्रित करते हैं।
इस दिन वे इन गायों के साथ आने वाले ग्वालों को भी घी-चूरमा खिलाते हैं। महेंद्र सिंह यादव करीब पिछले 20 वर्षों से यह नवाचार कर रहे हैं। ये गाएँ ऊपर से गेहूं को चर जाती हैं तथा नीचे बचे गेहूं में फिर तेजी से फुटाव होता है। इससे उनकी फसल और भी जोरदार होती है। अब इससे प्रेरित होकर पिछले कुछ वर्षों से वे बाजरे की फसल में भी यह प्रयोग करने लगे हैं, जिसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कई बार अन्य किसानों से ज्यादा गेहूं व बाजरे की पैदावार इसी नवाचार से प्राप्त की है। उनके इस कार्य में उनका पूरा परिवार तथा दोनों बेटे सोनू व अभिषेक भी मदद करते हैं।
इस बार यह आयोजन शोध यात्रा के समापन के अवसर पर 27 जनवरी को किया गया, जिसमें गौशाला की प्रतिनिधियों के अलावा ग्रामीणों ने भी भाग लिया। इस साप्ताहिक अहीरवाल शोध यात्रा के प्रभारी तथा कृषि शोधार्थी कमलजीत अब इस नवाचार को राष्ट्रव्यापी बनाने के लिए काम करेंगे। वे मानते हैं कि यह हमारे किसानों के अनुभव का अपना मौलिक नवाचार है।  
एक तरफ जहां आज गाए बदहाल हैं, गोचर भूमि बची नहीं है, जिसके चलते भूखी आवारा गाएँ सड़कों व बाजारों में पॉलिथीन खाने पर विवश हैं, वहीं उनका यह कृषि नवाचार कई मायनों में महत्वपूर्ण है। हमारी गौशालाओं के संरक्षण एवं संवर्धन में भी अभी बहुत कुछ होना बाकी है। ऐसे माहौल में यदि ऐसे नवाचार गांव-गांव देशभर में किए जाए, तो भारतीय संस्कृति में विशेष दर्जा रखने वाली गायों का पेट भर जाएगा तथा किसानों को नुकसान भी नहीं होगा। सरकारी तौर पर भी इस नवाचार को बढ़ावा दिया जा सकता है।
कमलजीत बताते हैं कि अर्धमरुस्थलीय अहीरवाल क्षेत्र का किसान बेहद मेहनती है। प्रतिकूल परिस्थितियों तथा पानी की कमी की बावजूद वह अपने कौशल तथा  मेहनत से बालू रेत में सोना उपजा जा रहा है। इस यात्रा के दौरान उन्हें अनेक प्रगतिशील किसानों के रचनात्मक पहलुओं की जानकारी मिली है, जिसे शीघ्र प्रकाशित व प्रसारित किया जाएगा। वे बताते हैं कि  कार्बनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार तथा सामाजिक संगठनों को आगे आना होगा, ताकि हम बीमारियों व पर्यावरण चुनौतियों से आने वाली पीढिय़ों को बचा सकें।
पहले दिन से ही इस टीम का हिस्सा रहे आयुर्वेद मर्मज्ञ दिलीप गुणवाल मानते हैं कि महेंद्र सिंह यादव जैसे नवाचारों तथा परंपरागत खेती के साथ किसानों को आय बढ़ाने के लिए समय के साथ कदमताल करते हुए कुछ नया करना होगा। अपनी खेती के प्राचीन समृद्ध ज्ञान का संरक्षण एवं संवर्धन जरूरी है, किंतु समय के साथ नई तकनीक तथा  नवाचार भी जरूरी हैं। यात्रा में शामिल पर्यावरण प्रेमी सुधीर बिश्नोई का मानना है कि अहीरवाल के खेतों में बहुतायत में पाए जाने वाले पेड़ों का संरक्षण भी जरूरी है, जिनमें अहीरवाल का चंदन कहे जाने वाले जाटी के पेड़ उल्लेखनीय है।
देखना यह है कि 65 वर्षीय किसान महेंद्र सिंह यादव का यह नवाचार किसान संचार के माध्यम से कहां तक पहुंचता है तथा अहीरवाल शोध यात्रा के तहत इस तरह की कितनी नई जानकारियां जन-जन तक पहुंचती हैं।
फोटो कैप्शन 06: भोजावास गांव में किस महेंद्र सिंह के खेत में चरती गौशाला की गाएं
साथ में किसान महेंद्र सिंह




होने लगी है खाटू श्याम मेले की तैयारी
- हजारों की संख्या में जाते हैं भक्तजन कनीना से
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कनीना की आवाज।
 28 फरवरी से 11 मार्च तक चलने वाले 12 दिवसीय फाल्गुनी मेले की तैयारी शुरू हो गई है। जहां कनीना में श्याम बाबा का मंदिर है वहीं कनीना से लोग राजस्थान के दो स्थानों पर पदयात्रा पर जाते हैं। एक और जहां हुडिय़ा जैतपुर जाते हैं वही खाटू श्याम धाम पर जाते हैं। भक्तजन ध्वज लेकर दोनों ही स्थानों पर जाते हैं। आजकल जहां हुडिय़ा जैतपुर का धाम बहुत प्रसिद्ध होता जा रहा है क्योंकि महज 30 किलोमीटर दूरी पर है। इसमें महिलाएं बढ़ चढ़कर पदयात्रा करती है। वैसे भी एक ही दिन में पदयात्रा पूर्ण हो जाती है, इसलिए भी हुडिय़ा जैतपुर का श्याम धाम प्रसिद्ध होता जा रहा है। वहीं जहां कनीना से करीब 190 किलोमीटर दूर राजस्थान में रिंगस से 17 किलोमीटर दूर खाटू धाम है। जहां सबसे अधिक बड़ा मेला लगता है। इस मेले में सभी गांव से सैकड़ों की संख्या भक्तजन पदयात्रा करते हैं। जगह-जगह उनके लिए जहां ठहरने के प्रबंध किए जाते हैं।
इस यात्रा की विस्तृत जानकारी देते हुए श्यामभक्त मनोज कुमार ने बताया कि उनका एक दल हर वर्ष पैदल जैतपुर जाता है वही सूबे सिंह और दुलीचंद साहब ने बताया कि वे कनीना के श्याम बाबा पर हर वर्ष भंडारा लगते हैं वहीं अखंड ज्योति जैतपुर ले जाते हैं। इस मेले को लेकर के तैयारियां जारी है।
 उधर कनीना के सुरेश कुमार एवं रवि कुमार ने बताया कि वे इन मेलों में जाते हैं और श्याम बाबा के दर्शन करते हैं। जहां इन मेलों के प्रति हर वर्ष संख्या बढ़ती ही जा रही है। कनीना से 190 किलोमीटर दूर स्थित खाटू श्याम धाम पर सबसे अधिक भीड़ रहती है तथा करीब चार दिनों में यह सफर पूरा करना होता है। भक्त पूरे ही हरियाणा एवं पंजाब आदि से इस तरफ से गुजरते हैं और पदयात्रा पर खाटू श्याम धाम पर पहुंचते हैं। मनीष कुमार ने बताया कि वह एक दिन में पूरा होने वाले श्याम धाम जैतपुर जाते हैं और श्रद्धा भक्ति से वहां दर्शन करके वापस आते हैं। ऐसे में जहां 12 दिवसीय फाल्गुनी मिले की तैयारी शुरू हो गई है वहीं भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
फोटो कैप्शन 05: जैतपुरा का श्याम धाम।













बाबूलाल करीरा अपने व्यवहार सेे कमा रहे हैं नाम
-अपने पैसों से लगाते हैं पेड़ पौधे, करते हैं सेवा
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कनीना की आवाज।
 करीरा निवासी बाबूलाल सुख सहाय जहां शिक्षा विभाग में 24 सालों से सेवा दे रहे हैं वहीं वर्तमान में राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कनीना में कार्यरत हैं। आज के दिन चाहे लोग काम से जी चुराते हैं किंतु वह पूरी लगाने से काम करते हैं तथा अपनी पैसों से पेड़ पौधे लगाकर विद्यालय का सौंदर्यीकरण में लगे हुए हैं। जहां उन्होंने अपने पैसों से पेड़ पौधे लगाए हैं वही फव्वारे लगाकर घास का लान तैयार कर रहे हैं। बाबूलाल से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि चाहे इंसान किसी भी पद पर हो किंतु उसे जी जान से मेहनत करनी चाहिए ताकि नाम कमा सके। यह हमारा फर्ज है। सरकार जब हमें वेतन देती है तो हमारा भी फर्ज बनता है कि हम जी जान से काम करें। परिवार की आर्थिक हालात ठीक होने के कारण अवकाश के दिन भी स्कूल में आ जाते हैं और काम में लगे रहते हैं। सौम्य स्वभाव के बाबूलाल जहां प्रांगण को सजाने में लगे हुये है वहीं शीत ऋतु आने पर उनके फूलदार पौधे नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि कई बार निज पैसों से पेड़ पौधे लाकर पेड़ लाकर प्रांगण सजाते हैं।  अपने घर में उगे हुए फूलदार तथा फलदार पौधे भी लाकर लगाते हैं। जहां किचन गार्डन बनाना हो तो उसमें भी स्वयं अपने हाथों से किचन गार्डन तैयार करते हैं और बीज भी  अपने पैसों से लाकर लगाते हैं। सबसे बड़ी बात है कि वर्तमान स्कूल के प्रार्थना सभा स्थल का घास का लान तैयार कर रहे हैं जिसमें उन्होंने खुद अपने पैसों से पाइपलाइन दबाकर उसमें फव्वारा सेट लगाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि बार-बार बंदर फव्वारा सेट को तोड़ जाते हैं इसलिए भूमि के नीचे से पाइप दबाकर छोटे फवारा लगाए हैं। जब भी किसी भी प्रकार का कोई आदेश मिलता है उसे बखूबी से पालन करते हैं कि तथा सद्व्यवहार होने के कारण सभी स्टाफ सदस्य उन्हें चाहते हैं। ऐसे वैसे भी सुखसहाय का वेतन बहुत कम होता है किंतु जो भी मिलता है उसे अपनी खुशनसीबी समझ कर मेहनत में विश्वास करते हैं। उनके लान में सदा हरी औषधि की भरमार है। मुख्याध्यापक नरेश कौशिक भी उनके व्यवहार एवं कर्तव्यनिष्ठता की प्रशंसा करते हैं
फोटो कैप्शन 4: घास का लान तैयार करते बाबूलाल तथा बाबूलाल की पासपोर्ट













Sunday, January 26, 2025


 



भारी संख्या में पार्षद और प्रधान पद की जता रहे हैं दावेदारी
-जसवंत सिंह बबलू कर रहे डोर टू डोर प्रचार
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कनीना की आवाज।
 कनीना नगर पालिका के चुनाव करीब 7 वर्षों के बाद भविष्य में पूर्ण होने की संभावना है जिसको लेकर इस बार युवा वर्ग में विशेष जुनून देखने को मिल रहा है। युवा वर्ग में महिलाएं भी अब कम नहीं हैं। एक ओर जहां वार्डों के आरक्षण के बाद प्रधान पद सहित 7 महिलाओं के लिए वार्ड आरक्षित हो चुके हैं जिसके चलते कुल 14 पार्षदों में से 7 महिलाएं होंगी। यही कारण है कि वार्डों में पुरुषों ने अपने परिवार की महिलाओं के लिए वोट मांगने शुरू कर दिये हैं। वो सभी परिवार सक्रिय हो गये हैं जिनके यहां से कोई महिला चुनाव लडऩे की तैयारी में जुटी हुई है। महिला एवं पुरुष घर घर जाकर अभी से ही वोट पका रहे जबकि अभी तक चुनाव की तिथि घोषित नहीं हुई है। लोग चुनाव के लिए लंबे समय से आतुर थे। वर्तमान में जहां एसडीएम कनीना पालिका के प्रशासक बने हुए जो मई 2024 से प्रशासक चले आ रहे हैं। कनीना में वर्तमान में पांच पूर्व प्रधान जीवित है जिनके परिवारों से चुनाव लडऩे के कम असर हैं। इस बार वृद्ध जनों में चुनाव लडऩे का जोश नहीं है केवल जुनून देखने को मिल रहा है वह महिला वर्ग और युवा वर्ग में है। कनीना पालिका के चुनाव में जहां 10400 के करीब वोटर अपना वोट डालेंगे और 14 पार्षदों तथा प्रधान पद का चुनाव करेंगे। प्रधान पद इस बार अधिक शक्तिशाली इसलिए बन गया है क्योंकि प्रधान पद का चुनाव सिधा/ डायरेक्ट होगा। ईवीएम मशीनों द्वारा चुनाव होने के कारण इस बार परिणाम जल्द आने के असर हैं। उल्लेखनीय की इस योजना में कनीना नगर पालिका के चुनाव इसलिए दो कारणों से बेहतर माने जा रहे हैं एक तो प्रधान पद का चुनाव डायरेक्ट होगा। विगत योजनाओं में पार्षद प्रधान का चुनाव करते आए हैं। ऐसे में पार्षदों की भूमिका गौण कर दी गई है। उधर अभी तक विगत योजना में जहां नगर पालिका के चुनाव मतदान पेटी के जरिए होते थे। ऐसे में वोट की गणना करना छटनी करने में लंबा समय लगता था और परिणाम देर रात तक आते थे। इस बार ईवीएम मशीनों से चुनाव होंगे जिनके परिणाम झटपट आएंगे। यही कारण है कि इस बार के चुनाव पर सभी की दृष्टि  जम गई है। जहां भी दो लोग बैठे नजर आते हैं वो चुनाव की चर्चा करते नजर आते हैं। किसान अपने खेतों में, दुकानदार अपनी दुकानों पर तथा गृहणी अपने घरों में इन चुनाव की चर्चा करती नजर आती है। सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि कितने ही पुरुष जो चुनाव लडऩा चाहते थे वार्डों के आरक्षण ने उनकी आशाओं को धूमिल कर दिया। अब वह इधर-उधर दूसरे वार्डों को तलाश रहे हैं। हां महिलाएं इस बार अधिक पढ़ी-लिखी और अग्रणी भूमिका निभाने वाली आगे आ रही हैं। अभी तक करीब तीन दर्जन चेहरे चुनाव लडऩे के लिए सामने आ चुके हैं जिनमें प्रधान पद के दावेदार एक दर्जन के करीब है। इस बार प्रधान पद के दावेदारों में जोश इसलिए भी देखने को मिल रहा है कि पार्षदों पर उन्हें निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इवीएम के जरिए ही प्रधान का चुनाव होगा और झटपट प्रधान का नतीजा जाएगा जबकि विगत योजनाओं में प्रधान के चुनाव में कई बार तिथि दी जाती थी फिर भी प्रधान का चुनाव नहीं हो पाता था। कभी कुछ पार्षद इधर तो कभी उधर हो जाते थे। परिणाम यह निकलता था कि प्रधान बनना बहुत कठिन कार्य था। इस बार वोटिंग मशीन ही सीधा प्रधान बनाएंगी और बताएंगे कि इस बार प्रधान कौन चुना गया। महज उसकी शपथ होनी बाकी रहेगी। कनीना पालिका 1952 से चली आ रही है और यहां एक के बाद एक प्रधान रहे। फास्ट फूड की दुकानों पर और चाय की दुकानों पर सबसे अधिक भीड़ नजर आती जहां दोहरा मजा लेते लोग देखे गए। एक तरफ फास्ट फूड का मजा लेते वही चुनाव की चर्चा छेड़ कर अपने फास्ट फूड को और लजीज बना रहे हैं।
डोर टू डोर प्रचार-
जसवंत सिंह बबलू की पत्नी सरिता बबलू भी प्रधान पद की प्रबल दावेदार है तथा उन्होंने कनीना कस्बा में सघन डोर टू डोर अभियान चलाया हुआ है। वे सभी को कह रहे हैं कि उनका उद्देश्य अब कनीना के लोगों की सेवा करना है। वे अपने द्वारा भविष्य में कराये जाने वाले विकास कार्यों एवं युवाओं को नौकरी दिलवाने की बात कह रहे हैं। जसवंत सिंह ने बताया कि भारी जनसमर्थन मिल रहा है। इस बार उनकी जीत होगी और वे कनीना को गुरुग्राम की तर्ज पर आगे बढ़ाएंगे।
सरिता यादव ने युवा वर्ग से कहा कि यदि वह चुनाव में जीत जाती है तो प्रत्येक वार्ड से 10-10 युवाओं को फैक्ट्री और कंपनी और नौकरी दिलवाएगी वहीं कनीना का विकास गुरुग्राम की भांति होगा। कनीना को अग्रणी कस्बा बना दिया जाएगा, किसी प्रकार की कोई विकास कार्यों में कसर नहीं छोड़ी जाएगी। कस्बा कनीना अभी तक पिछड़ा हुआ है उसे अग्रणी कस्बा बना दिया जाएगा। उनके साथ भाजपा के युवा नेता जसवंत सिंह बबलू भी थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने लंबे समय से लोगों का दर्द देखा है। अब वह वक्त आ गया है कि उस दर्द को दूर किया जा सकता है। महज अपना वोट देकर इन्हें सफल बनाया जा सकता है जिससे कनीना के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
फोटो कैप्शन: नगरपालिका की फोटो साथ है







मेरा शिक्षा का सफर पुस्तक से साभार- 94
परहित में हमेशा मिली बुराई
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कनीना की आवाज।
कनीना निवासी डा. होशियार सिंह यादव विश्व रिकार्ड धारक ने लंबे समय तक शिक्षा विभाग में कार्य करने के पश्चात 30 अप्रैल 2024 को सेवानिवृत्त हो गए हैं। उन्होंने सदा जनहित का कार्य किया और सदा ही उन्हें नुकसान हुआ। जब-जब उन्होंने किसी की मदद की उसमें लाभ की बजाय नुकसान मिला है। जहां अपने ही साथी उसके दुश्मन बने, हर कठिनाइयों को झेला है परंतु आज के दिन जहां एक इंच जमीन पर लोग झगड़ते हैं और उन्होंने करीब 5 गज जमीन मुफ्त में दे दी। आइये सुनते हैं उन्हीं की कहानी उन्हीं की जुबानी--
 वर्ष 2014 की बात है जब मैं मा. कंवर सिंह एवं महेंद्र साहब तथा अन्य लोगों से उनकी जमीन खरीदी। उस समय उनका कहना था कि इस घार से लगती करीब 5 गज जमीन हमारी है और इसे किसी को नहीं देना है। यदि देना चाहो तो हम आपको यह जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। मैंने उनसे वादा किया था कि मेरे घर बनाने के लिए जो जमीन दे रहे है इसमें से 5 गज जमीन जो लंबे समय से झगड़े की जड़ बनी हुई है,वह कभी किसी को नहीं देंगे। उसे समय मेरा पुत्र अमीश का नवोदय विद्यालय करीरा में प्रवेश हो चुका था। मैं घर बनाना शुरू किया तो मेरी पत्नी आशा यादव ने कहा कि यह जमीन जो झगड़े की जड़ बनी हुई है इसके बारे में क्या कहोगे? मैं अपनी पत्नी को समझाया कि घर की सारी जगह इस आधार पर ली है कि इसमें से जो झगड़े की जगह है वह किसी को नहीं दी जाएगी। मेरी पत्नी ने आशा यादव ने कहा कि ठीक है जो कुछ हो यह जमीन पड़ोसी गजराज सिंह फोरमैन के परिवार को मुफ्त में दे दी जाए ताकि इस पर कोई कोई झगड़ा न रहे और झगड़ा भी खत्म हो जाएगा। मैंने कहा ठीक है आप रहते हो तो यह जमीन उनको दे देते हैं। बिना किसी सोचे समझे करीब 5 गज जमीन पूर्व फोरमैन गजराज सिंह के परिवार को दे दी और एक नया पैसा भी उनसे नहीं लिया। बाद में मुझे अनेकों बातें सुनने को मिली जिनसे जमीन ली थी। चाहे आज के दिन लोग 1-1 इंच जमीन के लिए झगड़ते हैं और हमने यह जमीन बिना किसी झगड़े के बिना, किसी बात पर बिना किसी समझे, सुने और उनको मुफ्त में दे दी। आज चाहे सबसे बड़ी बात है कि इस जमीन पर जो हमने मुफ्त दे दी उसे पर उन्होंने लैट्रिन भी बना दी है और वो भी आज तक बिना छत के चली आ रही है। बदले में हमारे घर में बदबू भी आती है परंतु करें क्या ,हमने अपनी खुद गलती की है। आज हम गलती पर पछता रहे हैं। कई बार छत लगाने की बात कहीं किंतु कोई जवाब नहीं मिला। ऐसे में अब यह घर हमें देर सवेर छोडऩा ही होगा।
आज मुझे अफसोस होता है कि किसी का भला नहीं करना चाहिए। किसी को किया गया वादा नहीं तोडऩा चाहिए और आखिरी दम तक लडऩा चाहिए। जो जमीन हमने खरीदी वह एक-एक इंच जमीन की रजिस्ट्री है और हमारे नाम है फिर भी हमने मुफ्त में दे दी बदले में एक दिन नरेंद्र से पोस्टर एवं बैनर लगवाकर बदबू रोकने का प्रयास किया तो उससे झगडऩे लगे।
  उल्लेखनीय है कि जब मैंने 2025 में यह नया घर बनाया था उस वक्त चारों ओर से सभी के पक्के घर थे, बीच में यह जगह बची हुई थी जहां पर मैंने घर बनाया है और वर्तमान में रह रहा हूं।  
  यही नहीं अपितु कई अन्य जगहों पर जिसका हमने भला किया वो हमारे दुश्मन बन गये। एक अन्य मसले में एक मेरे पड़ोसी ने 20 हजार रुपये मार लिये। जिनको घर में बिठाया वो कुत्ते बनकर मुझ पर दिन रात भौंके, नाग बनकर मुझे डस गये, मेरे से कई लाख रुपये की राशि डकार गये। सच ही कहा है कि कुत्ते आखिर कुत्ते ही होते हैं। इन कुत्तों का विस्तार से भविष्य में पोस्ट के जरिये बताया जाएगा। पर यही कहूंगा कि किसी का भला करना, दुष्टों को घर में बिठाना, नागों को दूध पिलाने का अर्थ है कि वो एक ना एक दिन डसेंगे जैसे मुझे कई नागों ने डसा है।



लाल दास महाराज ने फहराया ध्वज
-निकली प्रभात फेरी
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कनीना की आवाज।
उधोदास आश्रम जैनाबाद के परम संत लाल दास महाराज ने जहां गणतंत्र दिवस पर न केवल प्रभात फेरी पूरे गांव में निकली जबकि उधोदास आश्रम में ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने 25 किलो लड्डू भी बांटे।
लालदास महाराज ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि आज हम आजादी की हवा में सांस ले रहे हैं यह सब शहीदों एवं वीरों की कुर्बानी के कारण संभव हो पाया है। आज के दिन जब हमारा संविधान लागू किया गया था जिसके आधार पर हम देश चलाते हैं। उन्होंने संविधान निर्माताओं को भी को भी याद किया। इस मौके पर रणधीर सिंह तथा अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।
 फोटो प्रभात फेरी निकालते हुए महाराज



खारीवाड़ा के  राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला में धूमधाम से मनाया गया गणतंत्र दिवस
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कनीना की आवाज।
रविवार को 76वा गणतंत्र दिवस खारीवाड़ा के राजकीय कन्या प्राथमिक स्कूल मे धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि पूर्व सरपंच वीर सिंह , सरपंच प्रतिनिधि नरेश व एसएमसी प्रधान अनिल कुमार द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने से हुई। इसके बाद राष्ट्रीय गान जन गण मन गाया गया। विद्यालय के प्रांगण में अतिथि गण द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप  प्रज्वलित कर गणतंत्र दिवस के पर्व की शुरुआत की गई।
इस अवसर पर  सांस्कृतिक कार्यक्रम में  विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर माहौल को देशभक्तिमय बना दिया।
बच्चों द्वारा स्पीच, देशभक्ति के गीत, रोल प्ले व देशभक्ति की कविताएँ प्रस्तुत की गई। छात्राओं ने नारी-शक्ति पर रोल प्ले द्वारा स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी को प्रस्तुत करते हुए उनकी शहादत को नमन किया। देशभक्ति के गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया? जिनमे दीया, अन्नू, साक्षी, नैन्शी, सृष्टि, तृषा,कनिष्का आदि छात्राएं प्रमुख रही । कक्षा दूसरी व बालवाटिका के अनुज, हर्ष,पारस, नैतिक बच्चों ने नन्हा, मुन्ना राही हु देश का सिपाही हू पर डांस करके सबका मन मोह लिया।
इस अवसर पर भूतपूर्व सैनिक महेन्द्र फौजी ने बच्चों को समझाया कि प्रत्येक विद्यार्थी को राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना चाहिए एवं देश के विकास में हर संभव योगदान देना चाहिए।
 मुख्य अतिथि वीर सिंह ने विद्यार्थियों को देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
 विद्यालय प्रभारी कैलाश चंद ने अपने संबोधन मे गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने का संदेश दिया, उन्होंने भारत के संविधान की महिमा और गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश भी डाला। विद्यालय में उत्साह का माहौल रहा। विद्यार्थियों ने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के प्रति अपना पूरा सम्मान दिखाया।
मंच का कुशल संचालन शिक्षक राजेश उन्हाणी ने किया।
इस पावन अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि नरेश , शिवचरण ठेकेदार, डा. ईश्वर सिंह नंबरदार, अत्तर सिंह नंबरदार, राधेश्याम, मनोज पंच, नरेश चौकीदार, अनुप, गजे सिंह, सुमित्रा देवी आंगनवाड़ी वर्कर, बीना, सुविधा देवी, गंगा, शकुंतला, प्रवीण महेश आदि उपस्थित रहे।
फोटो साथ है




आरकेवाई  स्कूल में धूमधाम से मनाया गया गणतंत्र दिवस
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कनीना की आवाज।
आरकेवाई स्कूल, कोसली रोड़,कोटिया  के प्रांगण में  76 वें गणतंत्र दिवस को धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिन्हें देखकर सभी मंत्र-मुग्ध हो गए। कार्यक्रम की शुरूआत कक्षा बारहवीं की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत 'सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद कक्षा नर्सरी से लेकर 12वीं तक के छात्र  - छात्राओं ने देश के वीर-शहीदों को नमन करते हुए और देश की गौरवपूर्ण संस्कृति को प्रस्तुत करते हुए देशभक्ति नाटक , नृत्य व भाषण प्रस्तुत किए। इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन सुरेश कुमार ,एकेडमिक ऑफिसर अनिल डोगरा  एवं प्रधानाचार्या  सतेन्द्रा यादव   ने  समस्त आर के वाई परिवार को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि 26 जनवरी 1950 को देश का संविधान लागू हुआ था। तभी से यह दिन गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। हमें यह आजादी देश के वीर शहीदों के बलिदान के कारण मिली है। अत: हमें उनके बताए पथ पर आगे बढ़ते हुए देश को प्रगति के पथ पर ले जाना है और देश की एकता व अखण्डता को बनाए रखना है। संविधान द्वारा निर्मित कानूनों का सम्मान करते हुए समाज से सभी बुराइयों को मिटा कर देश को उन्नति के पथ पर ले जाना है। इस अवसर पर अनुशासन इंचार्ज सतबीर  , संतोष  सहित सभी अध्यापकगण मौजूद रहे।
फोटो साथ है


देशभक्तों को गणतंत्र दिवस पर किया याद
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कनीना की आवाज।
कनीना अंबेडकर चौक बाबा साहब की प्रतिमा पर कई संगठनों ने इक_ा होकर 76वां गणतंत्र दिवस मनाया गया इस गणतंत्र दिवस पर कनीना अंबेडकर चौक पर बाबा साहब की स्थापित प्रतिमा पर फूल मालाएं अर्पित की जिसमें डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जन जागरण समिति के प्रधान कृष्ण पूनिया व समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य गण मौजूद रहे इसी में सर्व अनुसूचित जाति संघर्ष  समिति के ब्लॉक प्रधान राजेंद्रसिंह कपूरी ने भी बाबा साहब की प्रतिमा पर फूल मालाएं अर्पित की गणतंत्र दिवस के मौके पर मौजूद रहे मास्टर डीगराम एक्स सरपंच उमरावसिह उच्चत, सज्जन गाहडा, शंकर लाल जी जेई, पवन कनीना, समर सिंह ककराला, कुलदीप कनीना, सतवीर, इत्यादि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन: फोटो साथ है




अगिहार में मनाया गणतंत्र दिवस
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार के प्रांगण में रविवार को गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया इस अवसर पर एसएमसी की प्रधान बाला देवी,गांव के नंबरदार देवेंद्र सिंह तथा पंचायत समिति के सदस्य प्रवीण चौहान तथा वीर चक्र विजेता  हवलदार बुद्ध सिंह के साथ-साथ स्टाफ के सदस्यों ने ध्वजारोहण किया कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या पूनम यादव ने की इस अवसर पर विद्यालय के छात्र छात्राओं  ने देशभक्ति पूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया कार्यक्रम में मंच संचालन विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक तथा गणित के प्रवक्ता अजय  कुमार बंसल ने किया उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे शहीदों द्वारा दी गई कुर्बानियों को हमेशा याद रखें तथा उनके बताए हुए मार्ग पर चलें सांस्कृतिक कार्यक्रम में पल्लवी, संगीता, कल्पना, जतिन हिमांशु,नेहा,कोमल, सरला,नव्या,नरगिस, साइना प्रिंस मानवी छवि तथा प्रीत ने बढ़ चढ़कर भाग लिया इस अवसर पर विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया प्रसाद वितरण का प्रबंध ग्राम के सरपंच दलवीर सिंह के द्वारा किया गया इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता राजेंद्र कटारिया, निशा वंदना,शशि कुमारी, पूनम कुमारी धर्मेंद्र डीपीई,राकेश कुमार, मुख्य शिक्षक रतनलाल,  प्रमोद कुमार,चंद्रशेखर, सुरेंद्र सिंह प्रीतम, कालुराम  व मीना देवी सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो साथ है


कनीना में गरिमामयी व धूमधाम से मनाया उप मंडल स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह
-महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज
-स्कूली बच्चों ने किए सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश
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कनीना की आवाज।
कनीना के पितामह कान्ह सिंह राजकीय महाविद्यालय कनीना में आयोजित उप मंडल स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके साथ ही उन्होंने परेड का निरीक्षण किया तथा मार्च पास्ट की सलामी ली। समारोह को भव्य रूप देने के लिए स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। बच्चों ने पीटी शो का भी प्रदर्शन किया।
महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह ने अपने संबोधन में 76वें गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आज मैं स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों को भी नमन करता हूं, जिनके अमर बलिदानों से हमें गणतंत्र दिवस मनाने का यह गौरवशाली अवसर प्राप्त हुआ है। मैं बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर सहित संविधान सभा के तमाम सदस्यों को नमन करता हूं, जिनकी बदौलत ही भारत आज विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र व गणराज्य देश कहलाता है।
आज हम संविधान में दिए गए जिन हकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, वे डा. अंबेडकर जी की ही देन है। आज का यह ऐतिहासिक दिन देशवासियों को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में आगे बढऩे के लिए साहस और प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि देश को आजादी दिलाने के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, लाला लाजपतराय, सरदार बल्लभ भाई पटेल, डा. राजेन्द्र प्रसाद, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे महापुरूषों और स्वतंत्रता सेनानियों ने कड़ा संघर्ष किया।
शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, चंद्र शेखर आजाद और उधम सिंह जैसे क्रांतिकारियों के बलिदानों के कारण ही आज हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं।
हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत में पूर्ण स्वराज के लिए लम्बे समय तक संघर्ष किया है। उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि उनकी आने वाली पीढिय़ां किसी की गुलाम बनकर न रहे और स्वतंत्र रूप से अपने अधिकारों का निर्वहन कर सके। प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए ई-लर्निंग पहल गूगल ड्राइव के माध्यम से टच स्क्रीन पी.डी.एफ. फाइल-आधारित एक्सेस के साथ, ई-कंटेंट प्लेटफॉर्म पर सभी पाठ्यक्रमों की अध्ययन सामग्री उपलब्ध करवाई गई है। वर्ष 2021-22 में उच्च शिक्षा में राज्यवार सकल (कुल) नामांकन अनुपात 33.3 प्रतिशत है। नई शिक्षा नीति का एक लक्ष्य वर्ष 2030 तक उच्चतर शिक्षा में लड़कियों का सकल नामांकन अनुपात प्रतिशत से अधिक करना है। इस दिशा में भी हरियाणा प्रदेश काफी आगे है। हमारे यहां लड़कियों का सकल नामांकन अनुपात 33.3 प्रतिशत है। हम 2030 से बहुत पहले ही 50 प्रतिशत के लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषि, उद्योग, व्यापार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि हर क्षेत्र में भी ई-गवर्नेंस के माध्यम से क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। जिस प्रकार, परिवार पहचान पत्र के डेटा से विभिन्न योजनाओं का लाभ लोगों को घर बैठे मिल रहा है। आज खेल जगत में हरियाणा का बडा नाम है। हमारे युवा बड़ी उपलब्धियां प्राप्त कर देश-प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। हमने गांवों के विकास में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया है। स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश को लाल डोरा मुक्त बनाना व महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए एक-तिहाई राशन डिपो महिलाओं को देने का प्रावधान किया है। 'अटल किसान मजदूर कैंटीन' व वीटा बिक्री केन्द्रों का संचालन भी महिलाओं को सौंपा गया है। बहन-बेटियों को उच्चतर शिक्षा की सुविधा प्रदान करने के लिए सरकार ने 20 किलोमीटर के दायरे में एक कालेज स्थापित किया है। हरियाणा में सड़कों का सुधार और नई सड़कों का निर्माण किया गया है। आज प्रदेश का हर जिला नेशनल हाईवे से जुड़ गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2014-15 में खाद्यान्न उत्पादन 153.54 लाख टन था, जो कि वर्ष 2023-24 में बढ़कर 208.80 लाख टन हो गया है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिसंबर 2018 में 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' आरंभ की गई थी, जिसके अन्तर्गत साल में तीन बार 2000-2000 रुपये की तीन किस्त किसान परिवार को उपलब्ध करवाई जाती है।
-हरियाणा के किसानों की शत प्रतिशत फसलों की एमएसपी पर खरीद की जा रही है।
उन्होंने कहा कि उद्योग हमारी अर्थव्यवस्था का मूल आधार है। हमने हरियाणा के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए ईज आफ डूइंग बिजनेस का एक इको-सिस्टम तैयार किया है। हमने प्रमाण पत्र, लाइसेंस और अनुमति देने में अड़चन पैदा करने वाले अनेक नियमों और प्रक्रियाओं को खत्म कर दिया है। आज हरियाणा में निवेशकों को ऑनलाइन सेवाएं प्रदान की जा रही हैं और उन्हें सभी स्वीकृतियां निर्धारित अवधि में देना सुनिश्चित किया गया है। आज हरियाणा देश-विदेश के निवेशकों की पहली पसंद बन गया है।
हरियाणा राज्य के बस बेड़े में अक्तूबर, 2014 से अक्तूबर, 2024 तक 753 पुरानी बसों को तबदील करते हुए नई स्टैण्डर्ड बसें शामिल की गई हैं।
सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे हिंसा एवं भेदभाव मुक्त वातावरण में विकास प्रक्रिया में बराबरी का योगदान देते हुए शान से रहे सकें तथा बच्चों की अच्छी देखभाल के साथ एक सुरक्षित वातावरण दे सकें।
इस अवसर पर एसडीएम डा. जितेंद्र, डीएसपी दिनेश, तहसीलदार संजीव नागर ,जसवंत सिंह बबलू विश्वेश्वर कौशिक बीईओ, हल्का पटवारी अनूप सिहाग, निगरानी समिति सदस्य मनोज यादव, आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक पूजा खिच्ची, सीटी थाना प्रभारी रविंद्र यादव, एएसआई अनिल कुमार, विक्रम सिद्धांत, हरिओम भारद्वाज, अनिल डीएसआर, वीरेंद्र एसडीएम स्टेनो, उम्मेद सिंह जाखड़ व अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो:- गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराते महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह।
फोटो:- गणतंत्र दिवस पर परेड का निरीक्षण करते महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह।
फोटो:- गणतंत्र दिवस पर संबोधित करते महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह।
फोटो:- गणतंत्र दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते बच्चे।


हैरिटेज स्कूल में बड़े धूमधाम से मनाया 76वां गणतंत्र  दिवस
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कनीना की आवाज।
उपमंडल कनीना में स्थित हैरिटेज पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल मोहनपुर में बड़े धूमधाम से 76वां गणतंत्र दिवस मनाया गया तथा बच्चों को अपने देश के प्रति सेवा भाव के लिए जागरूक किया सर्वप्रथम अवनी ग्रुप ऐसा देश है मेरा ने गाने पर डांस प्रस्तुत किया, नौवीं कक्षा सेकाजल ने एक भाषण प्रस्तुत किया जो बहुत ही उत्साहित रहा, हिताक्षी ग्रुप ने भारत है पहचान मेरी गाने पर नृत्य पेश किया , गणित अध्यापक पवन कुमार  ने बच्चों को भाषण के माध्यम से अपने देश के प्रति जागरूक किया यूकेजी कक्षा से रक्षित ग्रुप नेमेरा ये वतन गाने पर एक नृत्य पेश किया पलक ग्रुप ने यह देश है वीर जवानों का गाने पर निर्देश किया , चौथी कक्षा से आयशा ने बेटी हिंदुस्तान की गाने पर बहुत ही सुंदर डांस प्रस्तुत किया दूसरी कक्षा से नन्हे मुन्ने बच्चों ने ऐसा देश है मेरा गाने पर नृत्य पेश किया कक्षा नौवीं से गरिमा ने देशभक्ति के ऊपर शायरी पेश की जिससे देश के प्रति जागरूकता का एहसास होता है अन्नू ग्रुप में सौगंध मुझे इस मिट्टी की गाने पर नृत्य पेश किया पूरी रूपरेखा का मंच संचालन अंशिका  कक्षा 9वी से बड़े ही सुंदर ढंग से किया, पूरे प्रोग्राम को तैयार करने की रूपरेखा अनीता मैडम व संदीप सर ने की जो बड़ी ही सराहनीय रही
विद्यालय के संचालक महोदय  ने सभी बच्चों को आशीर्वाद दिया तथा देश के हित में किस प्रकार हमें जागरूक रहना है और देश की सेवा करनी है उसके लिए प्रेरित किया इसके साथ ही स्वतंत्रता की अहमियत समझाई ।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के सीईओ कैलाश शर्मा, मनीष कुमार, डायरेक्टर खुशीराम शर्मा, प्रधानाचार्य कृष्ण सिंह, कोऑर्डिनेटर सुरेन्द्र कुमार,  कोऑर्डिनेटर सुमन मैम, सुदेश कुमार समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो साथ है





कोटिया की स्कूल में मनाया गणतंत्र दिवस
--देशराज देंगे मरणोपरांत शरीर दान
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कनीना की आवाज।
राजकीय माध्यमिक विद्यालय कोटिया में 76वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। मुख्य अतिथि सरपंच धर्मवीर सिंह ने बच्चों का उत्साहवर्धन के लिए 2100 रुपये व प्रसाद प्रसाद की व्यवस्था की। विद्यालय में सुख सहाय रेखा देवी, संजू देवी का बच्चों की तैयारी विशेष सहयोग रहा। महिपाल सिंह मुख्याध्यापक ने सभी प्रस्तुति देने वाले बच्चों को इनाम दिये। इस अवसर पर पूर्व सरपंच विजयपाल, हवा सिंह, कृष्ण कुमार आदि उपस्थित रहे ।राधेश्याम शास्त्री ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर देशराज पूर्व मुख्य शिक्षक ने मरणोपरांत अपने शरीर के सभी अंगदान दान देने की प्रतिज्ञा की।
 फोटो साथ है


























































































नवोदय करीरा में मनाया गणतंत्र दिवस
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कनीना की आवाज।
पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा में 76वां गणतंत्र दिवस मनाया गया कार्यक्रम विद्यालय के प्राचार्य  राजीव कुमार सक्सेना के निर्देशन में किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अतरलाल ठाकुर के द्वारा ध्वजारोहण किया गया। बच्चों के द्वारा मार्च पास्ट करते हुए झंडे को सलामी दी गयी, सदनानुसार छात्रों ने शानदार मार्चपास्ट किया,सारा वातावरण जय हिंद के नारों से गुंज रहा था। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम व साहित्यिक कार्यक्रमों की छटा देखते ही बनती थी। प्राचार्य के द्वारा जय हिंद,वंदेमातरम् के नारे लगवाये तथा देश के शहीदों को याद किया गया।
  प्राचार्य राजीव सक्सेना ने बच्चो के सांस्कृतिक कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा की तथा बच्चंो को आगे बढऩे के लिए उत्सावर्धन एवं प्रोत्साहित किया। तत्पश्चात खेल-कूदप्रतियोगिताओ के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। लड़कों का हरियाणवी नृत्य तो देखते ही बनता था। इस अवसर पर सभी अध्यापक व अध्यपिकाएं उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व उप - प्राचार्य प्रताप सिंह शास्त्री ने भी अपने विचार रखे, विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक विजय मोहन ने सभी को धन्यवाद दिया।
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