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Sunday, December 28, 2025
रामपुरा हाउस में केंद्रीय राज्य मंत्री इंद्रजीत सिंह से मुलाकात की दीपक चौधरी ने -कनीना क्षेत्र की रखी चंद मांगे **************************** ********************** **************************** **************************** कनीना की आवाज। केंद्रीय मंत्री इंद्रजीत सिंह के रामपुर हाउस पहुंचने पर दीपक चौधरी व उनकी टीम ने राव इंद्रजीत सिंह से मुलाकात कर क्षेत्र की अनेक समस्याओं के बारे में अवगत कराया और राव इंद्रजीत सिंह को नव वर्ष व मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी। दक्षिणी हरियाणा पर अपनी राजनीतिक निगाहें बनाए रखने के लिए राव इंद्रजीत सिंह से आग्रह किया और एम्स माजरा जैसी सौगात दक्षिणी हरियाणा को देने के लिए उनका धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। दीपक चौधरी एडवोकेट में बताया कि राव इंद्रजीत सिंह का नाम देश के राजनीतिक गलियारों में एक ईमानदार और बेदाग छवि के नेता के रूप में पहचानी जाने वाली शख्सियत है। वो अपने पिता स्वर्गीय राव वीरेंद्र सिंह के नक्शेकदम पर चलकर दक्षिणी हरियाणा के लोगों से उनकी समस्याएं पूछ कर और उनका समाधान करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। उन्हीं के नक्शे कदम पर चलकर हमारे हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव भी पीछे नहीं है। उन्होंने अपने पिता और दादा जी की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए अब पूरे हरियाणा में सेवाएं देने का कार्य कर रही है। स्वास्थ्य विभाग को निरंतर प्रयास करके आम जन की सेवाओं के लिए नई-नई योजनाएं लागू करवा रही है। इस मौके परमनीष कुमार , मुकेश नंबरदार , योगेश पार्षद,नरेंद्र फौजी, हेड मास्टर बिजेंद्र, रोहित उर्फ चीनू, जोनी जांगड़ा आदि मौजूद रहे। फोटो कैप्शन 05: राव इंद्रजीत सिंह से मिलते दीपक एडवोकेट
कान्ह सिंह पार्क के पास अवैध कब्जों की भरमार -करीब तीन दर्जन व्यक्तियों कर रखे अवैध कब्जे **************************** ********************** **************************** **************************** कनीना की आवाज। कान्ह सिंह पार्क कनीना के पास अवैध कब्जों की भरमार है। इस संबंध में शुभराम कनीना, प्रदीप कुमार, वेद प्रकाश आदि वर्ष 2020 से लगातार उच्च अधिकारियों को शिकायत कर रहे हैं। उच्च अधिकारी भी बार-बार मौके पर पहुंच रहे किंतु समस्या समाधान नहीं हो पाया हैं। शुभराम आदि ने बताया कि अवैध कब्जाधारियों ने सीवर सेअवैध कनेक्शन ले रखे हैं जिससे सीवर ओवरफ्लो करके प्रदूषण फैला रहे हैं वहीं किसी रोग फैलने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि गौशाला कनीना की तरफ नगर पालिका की जमीन पर, प्राथमिक स्कूल कनीना ढाणी की जमीन पर तथा डीएवी स्कूल के साथ लगती जमीन पर भारी संख्या में अवैध कब्जे हो चुके हैं। उन्होंने मांग की है कि अवैध कब्जों को हटाकर ग्रीन बेल्ट बनाई जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। शुभराम ने बताया कि वर्ष 2020 से अब तक वो इस संबंध में कई बार उच्च अधिकारियों को शिकायत दे चुके हैं। उच्च अधिकारी भी मौके पर आए हैं और उन्होंने यह माना है कि अवैध कब्जे हो रहे लेकिन हटवाने में नाकाम रहे हैं। फोटो कैप्शन 4: रास्तों पर अवैध कब्जे
कनीना नगर पालिका के उप चुनाव की होने लगी है चर्चाएं -वार्ड 14 से होना है उपचुनाव **************************** ********************** **************************** **************************** कनीना की आवाज। नगर पालिका कनीना के यूं तो प्रधान एवं उप प्रधान पहले ही बन चुके हैं। नगर पालिका अपना कार्य विधिवत रूप से कर रही थी कि अचानक वार्ड 14 के पार्षद राजेंद्र लोढ़ा की मौत के बाद एक बार फिर से कनीना के वार्ड 14 की तरफ लोगों की नजरें टिक गई है। यहां निकट भविष्य में उपचुनाव होने वाले हैं क्योंकि वार्ड 14 का पार्षद नगर पालिका प्रधान का ससुर था। जिनके कारण नगर पालिका में बहुमत बना हुआ था और प्रधान एवं उप प्रधान बने थे। अब लोगों की नजरें वार्ड 14 पर टिक गई है और कई नए और पुराने चुनाव लडऩे वाले इस चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। एक तरफ लोढ़ा परिवार से ही किसी सदस्य को चुनाव लडऩे की बातें भी कनीनावासी कर रहे हैं तो वहीं वार्ड 14 से पहले चुनाव लड़ चुके ऐसे पार्षदों के मैदान में उतरने की संभावना सी इनकार नहीं किया जा सकता। वार्ड 14 एक नया वार्ड पहली बार चुनाव इस बार के चुनावों में बनाया गया था। बीते चुनावों से पहले कनीना नगर पालिका के 13 वार्ड होते थे। पहली बार चुनाव में वार्ड 14 बनाया गया था जिसमें अधिकांश लोग रेवाड़ी, गाहड़ा आदि सड़क मार्ग पर बसे हुई वोटर हैं। क्योंकि 6 महीने के अंदर उपचुनाव होने की संभावना है और जल्द ही यह माना जा रहा है चुनाव होंगे। उसके लिए चुनाव लडऩे वालों की तैयारी भी शुरू हो गई है। अब यह देखना है कि इतना उपचुनाव कब होते हैं और कितने लोग चुनाव मैदान में उतर पाते हैं।
जैव विविधता दिवस-29 दिसंबर जैव विविधता संरक्षण सतत भविष्य के लिए एक मार्ग **************************** ********************** **************************** **************************** कनीना की आवाज। देश में ही नहीं प्रत्येक क्षेत्र में जैव विविधता देखने को मिलती है। जैव विविधता का संसार बहुत बड़ा है। विभिन्न जीव आपस में एक दूसरे से मिलजुलकर रहते हैं। जैव विविधता पर कुछ जानकारों से चर्चा की गई- ** जैव विविधता शब्द की परिभाषा एडवर्ड विल्सन द्वारा दी गई थी। आनुवंशिकी विविधता के तहत एक जाति अनुवंशिकी स्तर पर वितरण क्षेत्र में बहुत अधिक विविधता दर्शाती है। एक क्षेत्र के जीव दूसरी क्षेत्र के जीवों से जातीय रूप से विविध होते हैं। यही नहीं बारिश,रेगिस्तान व आद्र्र क्षेत्र क्षेत्र के जीवों में भिन्नता पाई जाती है। जंतुओं में विविधता देखने को मिलती है किंतु मानव अति लालची है जो जीव जंतु का शोषण कर रहा है, अति दोहन कर रहा है। समुद्री मछलियों का जिस दर से दोहन कर रहा है उससे अनेकों प्रजातियां लुप्त होने के कगार पर पहुंच गई है। बहुत से पेड़ पौधे वातावरण बदलाव तथा इंसान की के हस्तक्षेप के चलते धरती से लुप्त होने के कगार पर जा चुके हैं। यदि जैव विविधता को संरक्षित किया जाए तो भविष्य उज्ज्वल बन सकता है। जैव विविधता के खतरे दिनों दिन बढ़ रहे हैं जिनमें जलवायु परिवर्तन,बढ़ती जनसंख्या, प्रदूषण, विदेशी प्रजातियों का परिचय आवास का विनाश शिकार अधिक शोषण वनों की कटाई कीटनाशक छीड़कना, चिडिय़ाघर और अनुसंधान के उद्देश्य के लिए जीव जंतु को संग्रह आदि प्रमुख कारण हैं। यदि यह जीव जंतु लुप्त हो जाएंगे तो भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। ---जगदेव यादव, निदेशक एसडी स्कूल इंसान को तर्कसंगत पर्यावरण का उपयोग करना चाहिए जो प्रजातीय विविधता संरक्षण, जीन प्रजातियां, निवास को बचाने तक ही सीमित था उसे जैव विविधता के संरक्षण समाज के कल्याण की स्थिरता पर आधारित है। दुनिया संसाधन संस्थान द्वारा आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति कार्यक्रम, विकासशील देशों में संरक्षण के लिए अनुदान, जैव विविधता संरक्षण और पहचान के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहायता को प्राथमिकता दी जा रही है। जैव विविधता के संरक्षण के लिए प्रौद्योगिकियों का स्थानांतरण किया जा रहा है। जीवित संसाधन संरक्षण और टिकाऊ विकास के लिए के बीच की कड़ी शामिल करने वाली विश्व संरक्षण रन रणनीति अपनानी चाहिए। संरक्षण के दो ही तरीके हैं अंदरूनी संरक्षण और बाहरी संरक्षण। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1980 में पेड़ों और जानवरों की पूजा कर संरक्षण का दिया था जिससे जीवों के संरक्षण में मदद मिलेगी। यदि समय रहते जीव जंतुओं को संरक्षित नहीं किया गया तो आने वाले समय में इनकी जंतुओं को महज पुस्तकों में ढूंढने को मौका मिलेगाए जीव जंतु लुप्त हो जाएंगे पेड़ पौधे लुप्त हो जाएंगे। विविधता में कमी होना इंसान के जीवन को खतरे का संकेत होगा । अभी से ही बचाव के तरीके अपनाने चाहिए। भारत जैसे देश में जहां पौधे की 45000 जंगली प्रजातियां और पशुओं की 85251 जंगली प्रजातियां पाई जाती है उनको संरक्षित करने के उपाय अपनाने चाहिए ताकि देश की धरोहर और ये जीव-जंतु, पेड़-पौधे देखने को हर इंसान को मिले। ---रामधारी सिंह शिक्षाविद
ग्रीटिंग कार्ड बना बीते जमाने की बात -व्हाटसअप और आधुनिक तरीकों से भेजते हैं ग्रीटिंग **************************** ********************** **************************** **************************** कनीना की आवाज। एक जमाना था जब ग्रीटिंग का इंतजार बेसब्री से किया जाता था। डाकिए से पूछते थे कि कोई उनका नए साल का कार्ड आया या नहीं। जब कोई ग्रीटिंग कार्ड आता तो बड़े प्रसन्न नजर आते और उसे अपने फाइल में रखकर लंबे समय तक याद करते थे। नये साल लगने से दस दिन पहले तथा दस दिन बाद तक ग्रीटिंग भेजे जाते थे। परंतु विज्ञान की तकनीक इस कदर बढ़ गई है कि ग्रीटिंग का तो तरीका ही बदल कर रख दिया है। अब न तो ग्रीटिंग के लिए डाकिए की जरूरत है और न ही किसी प्रकार के ग्रीटिंग छपवाने या बनाने की जरूरत है। मोबाइल के जरिए ग्रीटिंग बनाकर चंद सेकंड में उसे गंतव्य स्थान तक भेज दिया जाता है। अब नए साल की ग्रीटिंग देने का तौर तरीका ही बदल गया है। अब एसएमएसए, व्हाट्सअप,मेल भेजकर ही ग्रीटिंग देते हैं। पत्र की शुभकामनाएं एवं ग्रीटिंग कार्ड भेजने की काम लगभग बंद हो गया है। इस संबंध में कुछ लोगों से चर्चा की गई। ** कभी मोबाइल का प्रचलन इतनी उन्नति पर नहीं था और ग्रामीण लोगों को नए साल पर या फिर किसी पर्व पर ग्रीटिंग भेजने के लिए डाकघर का सहारा लेना पड़ता था। ग्रीटिंग को लिफाफे में बंद करके पर्व या नए वर्ष से दस दिन पूर्व ही भेजते थे और पाने वाले को भी ये ग्रीटिंग अक्सर देर से मिलने की शिकायत होती थी। नए साल पूर्व डाकघरों में केवल ग्रीटिंग ही दिखाई पड़ते थे और पोस्टमैन सबसे अधिक व्यस्त इन्हीं में रहते थे। रंगीन ग्रीटिंग कार्ड भेजने के लिए कई तैयारियां करनी होती थी किंतु बाद में समय बदला ओर ग्रीटिंग की ओर कम ध्यान दिया जाने लगा। --हनुमान सिंह, कनीना आज के दिन गांव-गांव में मोबाइल की टावर लगी हुई हैं और उपभोक्ता भी ग्रीटिंग पर काफी पैसे खर्च करने की बजाए मोबाइल से बधाई संदेश भेजकर खुश हो जाते हैं। इस प्रकार न केवल समय की बचत होती है अपितु तुरंत संदेश पहुंचाया जाता है। ग्रीटिंग कार्ड बेचने वाले रोहित कुमार एवं योगेश कुमार का कहना है कि अब तो कोई बच्चा ही बेशक ग्रीटिंग कार्ड लेने उनके पास आता हो। अब तो ग्रीटिंग महज एक बीते जमाने की बात बन गई है। -रोहित कुमार,कनीना उधर डाकघर में काम कर चुके पोस्टमैन राजेंद्र सिंह ने बताया कि अब तो कोई दस-बीस ही ग्रीटिंग कार्ड नए वर्ष या किसी पर्व के मौके पर मिलते हैं। एक वक्त था जब नए वर्ष के शुरू होने से दस दिनों पूर्व से लेकर दस दिन बाद तक केवल ग्रीटिंग कार्डों की ही धूम मची रहती थी। ---राजेंद्र सिंह पोस्टमैंन मोबाइल क्रांति से पहले वे सैकड़ों ग्रीटिंग खरीदकर लाते थे जिन्हें दुकान पर बेचा जाता था। बच्चे एवं युवा उनमें से बेहतरीन कार्ड लेकर जाते थे। अब तो वो जमाना ही लद गया है। न ग्रीटिंग कार्ड भेजने वाले रहे हैं और उनके खरीददार। ग्रीटिंग अब बीते जमाने की वस्तु बन गई है। -गणेश अग्रवाल फोटो कैप्शन:हनुमान सिंह, राजेंद्र सिंह, रोहित कुमार, गणेश अग्रवाल,
कनीना क्षेत्र में पड़ रही है कड़ाके की ठंड -लोग हाथ सेकते देखे गये **************************** ********************** **************************** **************************** कनीना की आवाज। क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पेड़ पौधों पर तथा वनस्पतियों पर हल्का पाल जमा देखा गया। सुबह सवेरे लोग आग सकते देखे गए। ठंड के कारण लोग गर्म कपड़ों में लिपटे दिखाई दिए। सूर्य दिनभर चमकता रहा। रात को हल्का धुंध और कोहरा कुछ समय के लिए पड़ा था। बाद में लगातार कड़ाके की ठंड पड़ती रही। कनीना क्षेत्र में लगातार मौसम बदल रहा है। कुछ दिन पहले पाला भी जमा था धुंध और कोहरा भी पड़ा था किंतु ठंड जारी है। अभी तक विगत वर्ष की तुलना में कम ठंड पड़ी है। यह ठंड फसलों के लिए लाभ प्रद मानी जा रही है। कनीना क्षेत्र में महज 3 दिन धुंध एवं कोहरा पड़ा है बाकी दिनों मौसम साफ रहा है। दिन में धूप तथा रात को ठंड पडऩे से फसलों को नुकसान का अंदेशा नहीं है। ऐसा कृषि वैज्ञानिक भी मानते हैं। कनीना क्षेत्र में जा गेहूं और सरसों दो फसलें अच्छी प्रकार लहलहा रही हैं। आने वाले समय में बेहतरीन पैदावार होने की उम्मीद है। फोटो कैप्शन 3:ठंड में उदय होते सूर्य को ढकती हुई धुंआ।
संत मोलडऩाथ आश्रम पर हवन एक जनवरी को **************************** ********************** **************************** **************************** कनीना की आवाज। कनीना के संत मोलडऩाथ आश्रम पर 1 जनवरी 2026 को प्रात: 9 बजे हवन आयोजित होगा। विस्तृत जानकारी देते हुए ट्रस्ट प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि सभी की मंगलकामना और बेहतरीन संत भवन निर्माण की कामना को लेकर हवन आयोजित होगा। क्योंकि संत का भव्य आकर्षक भवन निर्माण कार्य प्रगति पर है। 27 फरवरी को मेला लगेगा उससे पूर्व यह भवन पूर्ण होने की संभावना है। यह भवन बेहतरीन ढंग से पूर्ण हो तथा सभी के लिए नया साल मंगलमय हो इन्हीं कामनाओं को लेकर यह हवन आयोजित होगा।
एक गाय गोद ली और 5100 रुपए दिया दान -जाजू परिवार का किया अभिनंनदन **************************** ********************** **************************** **************************** कनीना की आवाज। कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में सुरेंद्र जाजू व महेंद्र जाजू ने अपने पिता सागरमल जाजू की पुण्यतिथि पर एक गाय को गोद लिया तथा 5100 रुपए का दान भी दिया। इस मौके पर प्रधान गौशाला भगत सिंह ने उनका अभिनंदन किया है। इस मौके पर मधु जाजू, मनीष पार्षद, दीपक चौधरी पार्षद, भगत सिंह प्रधान, नरेंद्र फौजी, नवीन यदुवंशी, योगेश पार्षद, राहुल जाजूू, संदीप जाजू,अतुल जाजू आदि उपस्थित रहे। फोटो कैप्शन 01: गायों को गोद लेते हुए जाजू परिवार
चोर साहब के कारनामों के बाद अब कुतरूं प्राचार्य के काले कारनामे तथा ब्लैकमेलर शिक्षक- -दो कृतियों की कडिय़ां प्रसारित होगी 14 जनवरी से, पढ़ते रहे कनीना की आवाज **************************** ********************** **************************** **************************** कनीना की आवाज। डा. होशियार सिंह यादव विश्व रिकार्डधारक पूर्व शिक्षक, लेखक, साहित्यकार एवं पत्रकार ने जहां विगत दिनों चोर साहब के कारनामों पर 65 कडिय़ां प्रकाशित की थी और वह पुस्तक पूरी होने के कारण प्रकाशन हेतु प्रेस में जा चुकी है। लोगों ने चोर साहब के कारनामों को बहुत सराहा था। ऐसे में जितने भी पाठक जुड़े रहे उन सभी का आभार। अब 14 जनवरी 2026 से 2 नई कृतियां प्रकाशन की तैयारियां पूर्ण हो गई है। पहली कृति का नाम होगा कतरूं प्राचार्य के काले कारनामे । इस पुस्तक के विषय में मैं बताना चाहूंगा कि करीब 40 सालों के शिक्षण में 35 विभिन्न प्राचार्यों से भेंट हुई। जिनमें एक कुतरूं प्राचार्य भी मिला जो अय्याशी किस्म का था। उसके कारनामे देखे जाए तो बहुत मशहूर हैं वह अपनी बेटी के समान शिक्षिकाओं पर भी बुरी नजर रखता था। जब तक मैंने पढ़ाया तब तक उसकी बुरी नजर मशहूर रही थी। शिक्षिकाओं को अपने पास घंटों बैठाए रखता था। जब मैं स्कूल से अन्यत्र चला गया तब भी उसने अपने कारनामे जारी रखें। गांव के लोगों के सामने हाथ पैर जोड़ता था गिड़गिड़ाता था, लोग उसे कुतरूं कहते थे। इसलिए इस कृति का नाम कुतरूं प्राचार्य के काले कारनामे रखा है। जिसकी प्रथम कड़ी 14 जनवरी 2026 को कनीना की आवाज ब्लाग में प्रकाशित की जाएगी। दूसरी कृति ब्लैकमेलर शिक्षक होगी। डा. होशियार सिंह पूर्व विज्ञान शिक्षक के संपर्क में आया था। 40 सालों की शिक्षण अवधि में यह एक ऐसा शिक्षक भी मिला जिसे शिक्षक कहते हुए शिक्षक कहते हुए शर्म आती है। जिसको न हिंदी आती, ना अंग्रेजी आती, ना संस्कृत आती, न ही उर्दू आती, न फारसी आती ना आने कोई भाषा का ज्ञान था। परंतु चापलूसी में पीएचडी था। वह बहुत मशहूर रहा है। परंतु चापलूसी में अग्रणी पंक्ति में रहा है। किसी के पैर पकड़ लेना, किसी के आगे हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा लेना और यहां तक की उसे अगर थोड़ा सा धमका दे तो तो वह पीछे हट जाता था। उसकी सबसे बड़ी विशेषता थी रही है कि सभी को ब्लैकमेल करने पर तुला रहता था। किसी को नौकरी लगाना, किसी को किसी केस से बरी करवाना, किसी को कोई लोन दिलवाना, किसी का अन्य कोई काम करवाने के आश्वासन देने में मशहूर रहा है। यहां तक की उसकी अनेकों ब्लैकमेलिंग की घटनाएं सामने आई हैं। सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वह ऐसे लोगों को अपनी नजदीक रखता है जो रंडी जैसे गुण रखते हैं। इस शिक्षक के कारनामे तो बहुत अधिक सामने आ गए हैं और पास में रख लिए हैं। अब सोचा कि क्यों नहीं एक के बाद एक कड़ी डालता रहूं। किसी ने कहा कि उनकी नौकरी हट जाएगी, आपके पास सारे प्रमाण है तो मैं उनसे साफ कह दिया कि चाहे मेरा कोई दुश्मन भी है तो उसे नौकरी नहीं हटवाना चाहूंगा। चूंकि नौकरी किसी को देना सीखना चाहिए ,हटवाना नहीं। हां उसके जो ब्लैकमेलिंग के कारनामे हैं वे जरूर प्रकाशित करूंगा। यह भी सोच लिया जो भी राक्षस प्रवृत्ति के लोग मेरे जीवन में मेरे विरुद्ध खड़े थे उनके कारनामे सभी के सामने लाये जाएंगे। जान आनी जानी होती है। एक न एक दिन सभी को जाना होता है। अब उनसे पूरे जोश के साथ लड़ा जाएगा क्योंकि सच्चाई बहुत कड़वी होती है, बहुत दर्द देती है और कलम की मार तो सबसे बुरी होती है। इसलिए अब कलम की मार की जाएगी ताकि लोग उनके कारनामों से परिचित हो सके। आशा है सभी पाठकवृंद का साथ यूं ही बना रहेगा।
Saturday, December 27, 2025
पूरे वर्ष चला स्टेट अवार्डी शिक्षकों ज्ञापन देने का सिलसिला नहीं मिला खोया हुआ सम्मान -सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाकर, दो अग्रिम वेतनवृद्धियां देने की मांग **************************** ********************** **************************** **************************** कनीना की आवाज। पूरे वर्षभर स्टेट अवार्डी शिक्षकों को विभिन्न मंत्रियों, विधायकों एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने का सिलसिला चला किंतु कोई लाभ नहीं मिल पाया। अब स्टेट अवार्डी शिक्षक बेहद मायूस हैं। प्रदेश के स्टेट अवार्डी शिक्षकों का खोया हुआ सम्मान वापस दिलवाने की मांग सालभर बढ़ती रही। स्टेट अवार्डी शिक्षकों को न तो 2 साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार और न ही दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां दी जा रही है जिसके कारण कर्मचारी एवं स्टेट अवार्डी शिक्षकों में रोष है। स्टेट अवार्डी शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की उम्र 58 साल से 60 किया की जाए। सभीस्टेट अवार्डी शिक्षकों की 2014 में भी 58 से बढ़कर 60 करने का निर्णय लिया था। प्रदेश के स्टेट अवार्डी शिक्षकों की दो साल सेवा बहाल की जाए साथ में सभी कर्मियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 साल की जानी चाहिए। इससे कर्मचारियों का भी हित होगा और विद्यार्थियों का भी हित होगा। उल्लेखनीय है कि सेवानिवृत्ति की उम्र सभी राज्यों में हरियाणा से अधिक है। ऐसे में हरियाणा में भी यह उम्र बढ़ाई जाए। स्टेट अवार्ड बना चर्चा का विषय-- कभी शिक्षा विभाग में स्टेट अवार्ड को बहुत बड़ा सम्मान माना जाता था किंतु हरियाणा सरकार में जहां स्टेट अवार्ड की कदर धीरे-धीरे खत्म हो गई है। यूं कहा जाए कि स्टेट अवार्ड अगर 55 साल उम्र के शिक्षक को मिलता है अवार्ड ही अपना सम्मान खो चुका है। कुछ वर्षों पहले जहां स्टेट अवार्ड पाने वाले शिक्षक को 2 साल अतिरिक्त सेवा करने का मौका मिलता था वहीं पर उन्हें दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां मिलती थी। धीरे-धीरे इस सम्मान की कद्र घटा दी। सरकार ने सारे नियम वापस कर दिये। आज के दिन जहां स्टेट अवार्डी शिक्षकों को न तो 2 साल का अतिरिक्त सेवा लाभ मिलता है और न ही उन्हें दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां दी जाती हैं। इसके बजाय अग्रिम वेतनवृद्धियां लागू कर दी गई है। उस पर वर्ष 2016 में पे एंड पेंशन रूल 37 और बना दिया गया है जिसमें आश्चर्यजनक है कि 55 साल की उम्र में यदि कोई शिक्षक स्टेट अवार्ड लेता है उसे दो अग्रिम वेतनवृद्धियां भी नहीं दी जाती। सेवानिवृत्ति के पास शिक्षक को मिलना चाहिए सम्मान परंतु मिलता है अपमान। या तो ऐसे शिक्षकों को स्टेट अवार्ड आवेदन से पहले ही रोका जाना चाहिए, अगर आवेदन करवाया जाता है तो उनका अपमान करना अनुचित है। शिक्षक नेता धर्मपाल शर्मा, सुनील कुमार, विरेंद्र, बनवारीलाल आदि ने बताया कि 55 साल में अवार्ड लेना बहुत कठिन काम होता है किंतु सरकार ने 2016 में ऐसे नियम लागू कर दिए जिसके तहत 55 साल या इससे अधिक उम्र है तो उनको अग्रिम वेतन वृद्धियां भी नहीं दी जाती हैं। इससे बड़ा अपमान कोई और हो नहीं सकता। कम से कम स्टेट अवार्ड शिक्षक को दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां तो दी जाए। सालभर स्टेट अवार्डी शिक्षकों ने सरकार से बार-बार निवेदन किया है कि स्टेट अवार्ड शिक्षक कितनी भी उम्र का हो उसे सभी लाभ दिए जाने चाहिए किंतु सरकार टस से मस नहीं हुई। जहां 2 साल पहले तक के स्टेट अवार्ड शिक्षकों को 2 साल का सेवा विस्तार दिया गया था। किंतु सरकार ने वर्ष 2021 में निर्णय लेते हुए 2 साल का सेवाकाल बंद कर दिया है जिसके चलते अब राज्य शिक्षक पुरस्कार पाने वाले मायूस हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि 2 साल का सेवा विस्तार न देने के आदेश को वापस लिया जाए। शिक्षकों का कहना है कि यह पुरस्कार समाज सेवा एवं शिक्षा में महत्वपूर्ण सराहनीय सेवाएं देने पर मिलता है जिसके चलते अब शिक्षकों का रुझान घटता जा रहा है। यदि 2 साल की सेवा विस्तार बहाल कर दिया जाए तो शिक्षक इस अवार्ड को पाकर अपने को धन्य समझेंगे। ऐसे में विभिन्न एसोसिएशन भी इस मांग को उठाया और सरकार से बार-बार पत्र लिखकर मांग की गई। विधानसभा में भी यह प्रश्र उठाया गया था किंतु सालभर में इस पर कोई अमल नहीं किया गया। क्या क्या मिलता है वर्तमान में- स्टेट अवार्डी शिक्षकों ने बताया कि वर्ष 2021 से स्टेट अवार्ड पाने वाले शिक्षक को एक लाख रुपये नकद, दो अग्रिम वेतनवृद्धि, मेडल ,शाल एवं प्रशस्तिपत्र प्रदान किया जाता है। दो साल की सेवावृद्धि खत्म कर दी गई है जबकि दो अग्रिम वेतनवृद्धि के तहत उन्हें अगले दो सालों तक कोई वेतनवृद्धि नहीं दी जाती है जबकि वेतनवृद्धि हर वर्ष मिलती है। दो साल का सेवा काल पुन: बहाल करने की मांग चल रही है। 2021 से पहले क्या मिलता था- वर्ष 2021 से पहले स्टेट अवार्डी शिक्षकों को 21 हजार रुपये नकद, दो अतिरिक्त वेतनवृद्धियां, दो साल का सेवा विस्तार अर्थात अतिरिक्त सेवा का मौका, शाल, प्रशसितपत्र एवं मेडल मिलता था। जिसको लेकर शिक्षकों में खुशी का माहौल मिलता था किंतु अब सभी लाभ समाप्त कर दिये गये हैं। शिक्षकों ने बताया कि अब तो दो अग्रिम वेतनवृद्धियां भी तो बहुत से शिक्षकों को इसलिये नहीं दी जा रही हैं क्योंकि सरकार ने यह लाभ देने का कोई आदेश जारी नहीं किया है। वर्ष 2021 से पहले अवार्डी शिक्षकों को जो जो लाभ मिलते थे वो उन्हें दिये जाएं तथा उन लाभों को बहाल किया जाए।
चोर साहब के कारनामों के बाद अब कुतरूं प्राचार्य के काले कारनामे तथा ब्लैकमेलर शिक्षक- -दो कृतियों की कडिय़ां प्रसारित होगी 14 जनवरी से, पढ़ते रहे **************************** ********************** **************************** **************************** कनीना की आवाज। डा. होशियार सिंह यादव विश्व रिकार्डधारक पूर्व शिक्षक, लेखक, साहित्यकार एवं पत्रकार ने जहां विगत दिनों चोर साहब के कारनामों पर 65 कडिय़ां प्रकाशित की थी और वह पुस्तक पूरी होने के कारण प्रकाशन हेतु प्रेस में जा चुकी है। लोगों ने चोर साहब के कारनामों को बहुत सराहा था। ऐसे में जितने भी पाठक जुड़े रहे उन सभी का आभार। अब 14 जनवरी 2026 से 2 नई कृतियां प्रकाशन की तैयारियां पूर्ण हो गई है। पहली कृति का नाम होगा कतरूं प्राचार्य के काले कारनामे । इस पुस्तक के विषय में मैं बताना चाहूंगा कि करीब 40 सालों के शिक्षण में 35 विभिन्न प्राचार्यों से भेंट हुई। जिनमें एक कुतरूं प्राचार्य भी मिला जो अय्याशी किस्म का था। उसके कारनामे देखे जाए तो बहुत मशहूर हैं वह अपनी बेटी के समान शिक्षिकाओं पर भी बुरी नजर रखता था। जब तक मैंने पढ़ाया तब तक उसकी बुरी नजर मशहूर रही थी। शिक्षिकाओं को अपने पास घंटों बैठाए रखता था। जब मैं स्कूल से अन्यत्र चला गया तब भी उसने अपने कारनामे जारी रखें। गांव के लोगों के सामने हाथ पैर जोड़ता था गिड़गिड़ाता था, लोग उसे कुतरूं कहते थे। इसलिए इस कृति का नाम कुतरूं प्राचार्य के काले कारनामे रखा है। जिसकी प्रथम कड़ी 14 जनवरी 2026 को कनीना की आवाज ब्लाग में प्रकाशित की जाएगी। दूसरी कृति ब्लैकमेलर शिक्षक होगी। डा. होशियार सिंह पूर्व विज्ञान शिक्षक के संपर्क में आया था। 40 सालों की शिक्षण अवधि में यह एक ऐसा शिक्षक भी मिला जिसे शिक्षक कहते हुए शिक्षक कहते हुए शर्म आती है। जिसको न हिंदी आती, ना अंग्रेजी आती, ना संस्कृत आती, न ही उर्दू आती, न फारसी आती ना आने कोई भाषा का ज्ञान था। परंतु चापलूसी में पीएचडी था। वह बहुत मशहूर रहा है। परंतु चापलूसी में अग्रणी पंक्ति में रहा है। किसी के पैर पकड़ लेना, किसी के आगे हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा लेना और यहां तक की उसे अगर थोड़ा सा धमका दे तो तो वह पीछे हट जाता था। उसकी सबसे बड़ी विशेषता थी रही है कि सभी को ब्लैकमेल करने पर तुला रहता था। किसी को नौकरी लगाना, किसी को किसी केस से बरी करवाना, किसी को कोई लोन दिलवाना, किसी का अन्य कोई काम करवाने के आश्वासन देने में मशहूर रहा है। यहां तक की उसकी अनेकों ब्लैकमेलिंग की घटनाएं सामने आई हैं। सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वह ऐसे लोगों को अपनी नजदीक रखता है जो रंडी जैसे गुण रखते हैं। इस शिक्षक के कारनामे तो बहुत अधिक सामने आ गए हैं और पास में रख लिए हैं। अब सोचा कि क्यों नहीं एक के बाद एक कड़ी डालता रहूं। किसी ने कहा कि उनकी नौकरी हट जाएगी, आपके पास सारे प्रमाण है तो मैं उनसे साफ कह दिया कि चाहे मेरा कोई दुश्मन भी है तो उसे नौकरी नहीं हटवाना चाहूंगा। चूंकि नौकरी किसी को देना सीखना चाहिए ,हटवाना नहीं। हां उसके जो ब्लैकमेलिंग के कारनामे हैं वे जरूर प्रकाशित करूंगा। यह भी सोच लिया जो भी राक्षस प्रवृत्ति के लोग मेरे जीवन में मेरे विरुद्ध खड़े थे उनके कारनामे सभी के सामने लाये जाएंगे। जान आनी जानी होती है। एक न एक दिन सभी को जाना होता है। अब उनसे पूरे जोश के साथ लड़ा जाएगा क्योंकि सच्चाई बहुत कड़वी होती है, बहुत दर्द देती है और कलम की मार तो सबसे बुरी होती है। इसलिए अब कलम की मार की जाएगी ताकि लोग उनके कारनामों से परिचित हो सके। आशा है सभी पाठकवृंद का साथ यूं ही बना रहेगा।
टूटे हुए स्पीड ब्रेकर से दुर्घटनाओं का अंदेशा -दो माह में तीसरी बार टूट गया है स्पीड ब्रेकर **************************** ********************** **************************** **************************** कनीना की आवाज। कनीना-रेवाड़ी सड़क मार्ग पर वाटर सप्लाई के समक्ष तीसरी बार बनाया गया स्पीड ब्रेकर भी टूट गया है और दुर्घटनाओं का अंदेशा बन गया है। बार-बार स्पीड ब्रेकर बनाया जाता है जो माना जाता है कि घटिया सामग्री के चलते अधिक समय तक नहीं टिक पा रहा है। जहां जहां स्पीड ब्रेकर बनाने का सिलसिला करीब दो माह पहले शुरू हुआ था। वाटर सप्लाई के करीब 500 मीटर आगे रामपुरी नहर का कटान है। नहर कटान और वाटर सप्लाई के बीच तीन बार अलग-अलग समय स्पीड ब्रेकर बनाए गए जो टूट चुके हैं। यह वाटर सप्लाई के समक्ष बनाया गया स्पीड ब्रेकर भी दूसरी बार बनाया गया था जो टूट चुका है। दूर से स्पीड ब्रेकर के टूटने का आभास नहीं होता जिसके चलते दुर्घटना का अंदेशा बन गया है। लोगों की माने तो इस मामले की अब तो जांच की जरूरत बताई जाने लगी है कि स्पीड ब्रेकर क्यों नहीं टिक पा रहे हैं? लोगों का तो कहना है कि बेहतर सामग्री प्रयोग नहीं की जा रही है जिसके चलते जल्द ही टूट जाता है। उल्लेखनीय है कि पहले वाटर सप्लाई के थोड़ा आगे प्लास्टिकनुमा स्पीड ब्रेकर बनाए गए थे जो जल्द ही टूट गए तथा रामपुरी नहर एवं रेवाड़ी रोड़ के कटान के पास भी एक स्पीड ब्रेकर बनाया गया था जो टूट गया। तत्पश्चात वाटर सप्लाई के पास रोड़ी और तारकोल से स्पीड ब्रेकर बनाया जो चंद रोज में ही टूट गया था। आखिर में फिर से स्पीड ब्रेकर बनाया जो करीब एक माह चला है। अब इसके फिर से निर्मित किए जाने की मांग है ताकि राहगीरों को राहत मिले वरना किसी भी समय कोई बड़ी दुर्घटना यहां घट सकती है। फोटो कैप्शन 8: टूटा हुआ स्पीड ब्रेकर
कुरीतियों के विरुद्ध पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन -अव्वल को किया गया पुरस्कृत **************************** ********************** **************************** **************************** कनीना की आवाज। राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में सामाजिक कुरीतियों मुक्त भारत अभियान के तत्वाधान में विभाग के निर्देश अनुसार विद्यालय में पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें अनेकों प्रकार के नशा, बाल- विवाह विषय पर आधारित कार्यक्रम किया गया जिसमें सभी विद्यार्थियों ने रुचि के साथ भाग लिया। मौलिक मुख्याध्यापक वीरेंद्र सिंह जांगिड़ ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए बताया कि समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों के प्रति सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान में सहयोग देकर अपनी जिम्मेवारियों का निर्वहन करना चाहिए ताकि हमारी भविष्य पीढ़ी सुरक्षित रह सकें। ताकि उनके जीवन का संरक्षण और बाल विवाह निषेध पर पूर्णता अंकुश लगाना चाहिए। बाल विवाह न केवल कानून अपराध है बल्कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत घातक है। उन्होंने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के सभी कानूनी पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया कि कानून के अनुसार शादी के लिए लड़की की आयु 18 वर्ष और लड़के की आयु 21 वर्ष से कम होना अपराध है। यह एक संज्ञेय और गैर जमानती अपराध की श्रेणी में आता है। इसमें सम्मिलित पाए जाने पर या सहायता करने वाले व्यक्ति को 2 साल तक का कठोर कारावास और एक लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है। सरकार के इस संकल्प को जन-जन तक पहुंचने में अपना पूर्ण सहयोग देना चाहिए और प्रत्येक नागरिक को जागरूक करना चाहिए। सभी बच्चों ने अपने द्वारा बनाए गए पोस्टरों के माध्यम से अच्छा संदेश देने का प्रयास किया है जिसमें मानवी और निधि प्रथम , लीना, विवेक द्वितीय और सवीना का तृतीय स्थान रहा। इस अवसर पर सुनील कुमार शास्त्री, मनवीर सिंह विज्ञान अध्यापक, देवेंद्र अंग्रेजी अध्यापक ,भगत सिंह व गरिमा रानी प्राथमिक अध्यापक, तारामणि देवी, पिंकी देवी, बबली देवी, सूबे सिंह, सुनील कुमार आदि उपस्थित रहे। फोटो कैप्शन 07:सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करते हुए पोस्टर मेकिंग
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेहलंग में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत को लेकर बैठक आयोजित -एसएमओ डा.प्रभा यादव ने दिये आवश्यक निर्देश **************************** ********************** **************************** **************************** कनीना की आवाज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेहलंग में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के अंतर्गत एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता एसएमओ डा.प्रभा यादव ने की। बैठक में डा.सचिन,एसटीएस पवन कुमार, टीबीएचवी युद्धवीर सहित सीएचसी सेहलंग एवं पीएचसी धनौंदा के अंतर्गत आने वाले सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों ने भाग लिया। एसएमओ डा. प्रभा यादव एवं एसटीएस पवन कुमार ने टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत किए जाने वाले कार्यों की जानकारी देते हुए सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीबी के मरीजों की पहचान करने, उनकी जांच करवाने एवं उपचार शुरू करने एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ-साथ पंचायत स्तर पर टीबी मुक्त पंचायत अभियान में सरपंचों से सहयोग लेने के बारे में बताया। चिकित्सा अधिकारी डा. सचिन ने बताया कि टीबी की जांच एवं इलाज सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पूरी तरह नि:शुल्क है और पंचायतों के सहयोग से ही गांवों को टीबी मुक्त बनाया जा सकता है। इस अवसर पर उपस्थित स्वास्थ्य कर्मचारियों को बताया कि वे अपने-अपने गांवों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाएं, टीबी के लक्षण दिखने वाले मरीजों की तुरंत जांच कराएं तथा जांच उपरांत टीबी पाये जाने पर उनका तुरंत उपचार शुरू करने के बारे में बताया!इस अभियान में सभी स्वास्थ्य कर्मी अपनी सक्रियता दिखाएं और अपने अधीन आने वाले गांवों को टीबी मुक्त घोषित करवाने में अपनी भागीदारी निभाये। इस अवसर पर स्वास्थ्य निरीक्षक इन्द्रजीत,स्वास्थ्य निरीक्षक पवन शर्मा, सीएचओ रवि कुमार, सीएचओ आशा, सीएचओ अरुण कुमार,स्वास्थ्य कर्मी ऋषिराज आर्य, धर्मेन्द्र, विकाश,राजेश, विक्रम, बलजीत,कुलदीप, आलोक, ज्ञानचंद,सहित सभी स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे। फोटो कैप्शन 04: डा. प्रभा आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए
कंपनी के स्टोर में हुई लाखों की चोरी के मामले में चार ओर आरोपी गिरफ्तार -एक आरोपी पहले ही किया जा चुका है गिरफ्तार **************************** ********************** **************************** **************************** कनीना की आवाज। थाना शहर कनीना पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए ट्रांसरेता लाइटिंग लिमिटेड कंपनी के स्टोर में हुई चोरी की बड़ी वारदात को महज कुछ ही घंटों में सुलझाते हुए चोरी किए गए सामान से भरी गाड़ी सहित एक आरोपी मोहम्मद हनीफ कुरैशी निवासी विद्या नगर जेडीओ कालोनी जयपुर (राजस्थान) को गिरफ्तार किया था। जिसे न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया था। रिमांड के दौरान आरोपी से उसके साथियों के बारे में पता लगाया गया। पुलिस ने इस मामले में चार ओर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनकी पहचान समीर कुरैशी वासी मोती नगर ओल्ड सुभाष नगर भोपाल, भूरा वासी संजय नगर झोटवाड़ा जयपुर, रामकेश वासी गणेश विहार विजयपुरा जयपुर, शिवराज वासी जयसिंहपुरा जयपुर ग्रामीण के रूप में हुई है। आरोपी चोरी की वारदात को अंजाम देने में संलिप्त थे। आरोपियों को आज न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। ट्रांसरेता लाइटिंग लिमिटेड कंपनी के स्टोर आफिसर बालगंगाधर झा ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया था कि वह कनीना स्टोर पर कार्यरत है। दिनांक 23 दिसंबर की सुबह करीब 3:30 बजे सूचना मिली कि स्टोर में चोरी हो गई है। मौके पर जांच करने पर पाया गया कि स्टोर से लगभग 3 टन 200 किलो एल्युमिनियम केबल (59 एमएम), करीब 25 एल्युमिनियम डेड एंड, 2 बंडल प्लेटिनम रोप और 2 पानी के पंप मोटर गायब थे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सूचना मिलते ही थाना शहर कनीना की पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सिहोर मोड़ पर नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू की। इस दौरान एक टाटा ऐस गाड़ी को संदिग्ध अवस्था में रोका गया। तलाशी लेने पर गाड़ी में चोरी किया गया उपरोक्त सामान बरामद हुआ। गाड़ी के चालक मोहम्मद हनीफ कुरैशी से जब पूछताछ की गई तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद कंपनी के स्टोर ऑफिसर ने मौके पर पहुंचकर गाड़ी में मौजूद सामान की पहचान अपने स्टोर से चोरी हुए माल के रूप में की। पुलिस ने तुरंत प्रभाव से आरोपी को गिरफ्तार कर गाड़ी और उसमें लदे चोरी के सामान को जब्त कर लिया। फोटो कैप्शन 05: पकड़े गये आरोपी एवं पुलिस
महेंद्रगढ़ पुलिस ने गांव चेलावास में ग्रामीणों को नशा मुक्ति, साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक। **************************** ********************** **************************** **************************** कनीना की आवाज। महेंद्रगढ़ पुलिस द्वारा समाज को अपराध मुक्त और नशा मुक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में महेंद्रगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने थाना शहर कनीना के अंतर्गत आने वाले गांव चेलावास का दौरा किया। गांव की धर्मशाला में आयोजित इस विशेष जागरूकता शिविर में पुलिस टीम ने समाज के सभी वर्गों के लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान नशा मुक्ति, साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर थाना शहर कनीना की पुलिस टीम भी विशेष रूप से उपस्थित रही। कार्यक्रम के दौरान नया सवेरा मुहिम की इंचार्ज निरीक्षक शारदा देवी ने वहां मौजूद युवा वर्ग को नशे के भयानक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को नशे की लत से दूर रहने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षक शारदा देवी ने ग्रामीणों को बताया कि महेंद्रगढ़ पुलिस नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों को समाज की मुख्य धारा में वापस लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी नशा पीडि़त व्यक्ति अपनी स्वेच्छा से नशा छोडऩा चाहता है, पुलिस विभाग द्वारा उसकी हर संभव मदद की जाएगी। इस दौरान मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया। उपस्थित जनसमूह को साइबर ठगी से बचाव के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने दैनिक जीवन में आने वाली समस्याओं पर भी ग्राम वासियों से खुलकर चर्चा की और उनसे अपील की कि वे गांव में नशा बेचने वालों और नशा करने वालों की सूचना तुरंत स्थानीय थाने में दें, जिससे समय रहते अपराधियों पर उचित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सके। इस अवसर पर ग्रामवासियों ने भी पुलिस की इस पहल का स्वागत किया और अपने-अपने विचार साझा किए। फोटो कैप्शन 06: पुलिस चेलावास ग्रामीणों को साइबर अपराधों की जानकारी देते हुए
कनीना माडल स्कूल में ब्लेजऱ वितरण -सहयोग और संवेदना से मजबूत होती है शिक्षा- **************************** ********************** **************************** **************************** कनीना की आवाज। यह कहा जाता है कि शिक्षा केवल किताबों से नहीं, बल्कि सहयोग, संवेदना और सामाजिक सहभागिता से भी सशक्त होती है। इसी भावना को साकार करते हुए राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय , कनीना में एक प्रेरणादायक सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जरूरतमंद विद्यार्थियों को ब्लेजऱ वितरित कर यह संदेश दिया गया कि जब समाज शिक्षा के साथ खड़ा होता है, तब हर बच्चा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है। इस अवसर पर वार्ड नंबर-12 निवासी नवीन एवं उनकी धर्मपत्नी नेहा द्वारा विद्यालय के 74 विद्यार्थियों को ब्लेजर वितरित किए गए। बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान इस सामाजिक पहल की सबसे बड़ी सफलता बनकर सामने आई। कार्यक्रम में मनोनीत पार्षद सवाई सिंह, पार्षद होशियार सिंह एवं नीलम सहित अनेक पार्षद एवं गणमान्य जन उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील खुडानिया द्वारा संस्थान से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को अतिथियों के समक्ष गंभीरता से रखा गया, जिन्हें ध्यानपूर्वक सुना गया। अतिथियों ने विद्यालय की शैक्षणिक एवं संस्कारात्मक भूमिका की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। प्राचार्य ने कहा कि माडल स्कूल कनीना न केवल शिक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और सामाजिक मूल्यों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग करने का आह्वान किया। फोटो कैप्शन 01: माडल स्कूल में ब्लेजर वितरित करते हुए
सतीश आर्य ने दी बच्चों को नैतिक शिक्षा -महापुरुषों के सुनाये प्रसंग **************************** ********************** **************************** **************************** कनीना की आवाज। राजकीय उच्च विद्यालय भडफ़ के प्रांगण में सतीश आर्य, अध्यक्ष आर्य वीर दल जिला महेंद्रगढ़ ने बच्चों को नैतिक शिक्षा व संस्कारों पर बल देकर और महापुरुषों की जीवनी सुनाकर सुनाई। साथ में उन्होंने जीवन से संबंधित 102 प्रश्नों की एक पुस्तिका होनहार बच्चों व स्टाफ को वितरित की। श्री आर्य ने कहा कि आज समाज में नैतिक संस्कारों की बहुत कमी है। माता-पिता दादा दादी वह बुजुर्गों की अनदेखी आज उनके बच्चों द्वारा की जाती है। इसके साथ ही महाराणा प्रताप और अन्य वीर साहसी सपूतों के जीवन पर प्रकाश डाला गया जिसमें उनके अदम्य साहस,त्याग ,देश प्रेम और आत्म सम्मान की गौरवशाली गाथा उजागर की गई। उनके संघर्ष ,बलिदान और दृढ़ संकल्प हमें अन्याय के विरुद्ध डटे रहने तथा मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वस्व अर्पित करने की प्रेरणा देते है। इस अवसर पर प्रधान आर्य समाज ओम प्रकाश आर्य, स्टेनो हरियाणा रोडवेज लालचंद ,विद्यालय प्रमुख सत प्रकाश ,स्नेह लता विज्ञान अध्यापिका ,सुमन कुमारी अंग्रेजी अध्यापिका चंद्रशेखर प्राथमिक अध्यापक नरेंद्र सिंह, कंप्यूटर अध्यापक प्रवीण सेन, रोशनी देवी, दीपक कुमार आदि मौजूद रहे। फोटो कैप्शन 02: आर्य समाज के सतीश आर्य नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाते हुए
अपने पिता मातादीन की याद में दिये बाबा आश्रम को 21 हजार रुपये का सहयोग -संत मोलडऩाथ का बन रहा नया भव्य आश्रम **************************** ********************** **************************** **************************** कनीना की आवाज। पूर्व मुख्याध्यापक विजेंद्र सिंह बाबा मोलडऩाथ प्रांगण में परिवार सहित पहुंचे 21,000 रुपए की सहयोग राशि देकर पुण्य का कार्य किया। हेडमास्टर विजेंद्र सिंह उनके भाई सूबेदार हरि कमल सिंह, छोटे भाई नरेश यादव, विकास यादव इन सभी ने अपने स्वर्ग के पिता मातादीन की याद में सहयोग किया। मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने इन सभी का अभिनंदन किया और कहा कि हेडमास्टर विजेंद्र सिंह समाज सेवा में अग्रणी भूमिका निभाते रहते हैं। उनका सहयोग हमारे लिए बड़े गर्व की बात है। मंदिर के सौंदर्यीकरण का काम जोर-जोर से चल रहा है। कारीगर दिन-रात मेहनत करके कार्य को संपूर्ण करने में लगे हुए हैं। इस मौके पर प्रधान दिनेश यादव व संत रामनिवास, रमेश कुमार, भगवान, मुकेश शर्मा, अशोक डीपी, सूबेदार बलबीर सिंह, संजय सिंह, राजेंद्र सिंह ,अरविंद सिंह, शिवचरण, शिव कुमार, महेंद्र सिंह, सतवीर यादव व अन्य का गणमान्य लोग मौजूद रहे। फोटो कैप्शन 03: पूर्व मुख्याध्यापक बिजेंद्र सिंह एवं परिजनों को बाबा मोलडऩाथ की स्मृति चिह्न भेंट करते हुए
Friday, December 26, 2025
पत्रकार अनिल शर्मा के चचेरे भाई अधिवक्ता विशाल भारद्वाज का निधन --अंतिम संस्कार में शामिल हुए अनेक जन **************************** ********************** **************************** **************************** **************************** ********************** कनीना की आवाज। वरिष्ठ पत्रकार अनिल शर्मा के चचेरे भाई एवं कनीना बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ता विशाल भारद्वाज उर्फ मुकेश (57) का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे बीमारी से पीडि़त थे और उपचार के दौरान बठिंडा स्थित एम्स में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से कनीना क्षेत्र सहित अधिवक्ताओं, पत्रकारों और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वरिष्ठ पत्रकार अनिल शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि अधिवक्ता विशाल भारद्वाज लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उनका इलाज चल रहा था। वे अपने पीछे पत्नी भावना, पुत्री कन्नू सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। अधिवक्ता विशाल भारद्वाज अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और पेशे के प्रति निष्ठा के लिए जाने जाते थे। उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, समाजसेवी, पत्रकार और क्षेत्र के गणमान्य लोग शामिल हुए।
कनीना मुख्यालय को जोडऩे वाले सभी सड़क मार्ग 5 किलोमीटर दूरी तक हो फोरलेन -मांग भेजी मंत्रियों तक **************************** ********************** **************************** **************************** **************************** ********************** कनीना की आवाज। कनीना के बस स्टैंड पर युद्ध की समस्या बनी रहती है जिसके चलते दुकानदारों एंबुलेंस आमजन को भारी दिक्कत हो रही है और कोई ना कोई हादसा होते रहता है बीते वर्षों में कई लोगों की जान भी जा चुकी है कनीना अटेली कनीना महेंद्रगढ़ कनीना कोसली कनीना रेवाड़ी कनीना चरखी दादरी रोड सभी मार्गों को 5-5 किलोमीटर दूरी तक का लेन बनाने और साइड से दोनों तरफ पानी निकासी के लिए नालों का प्रबंध करने की मांग की है शेर और कस्बा में इस प्रकार की सुविधा का प्रावधान है कनीना के अनेक लोगों ने मांगती है तथा मुख्यमंत्री सहित अनेक मंत्रियों को पत्र प्रेषित किया है तथा विलंब मांग की है की समस्या से निजात दिलाया जाए ताकि जाम की समस्या नहीं बन सके।
कनीना मंडी में मनाया गया वीर बाल दिवस -नरेश कौशिक रहे वक्ता **************************** ********************** **************************** **************************** **************************** ********************** कनीना की आवाज। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी में आज वीर बाल दिवस का आयोजन श्रद्धा एवं उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वीर बाल दिवस गुरु गोविंद सिंह जी के सुपुत्रों द्वारा दिखाया गया वह अलौकिक बलिदान है, जिसने मुगल सत्ता को चुनौती दी और सनातन धर्म की अडिग शक्ति को विश्व के सामने उजागर किया। प्राचार्य ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबज़ादों का जीवन साहस, त्याग और धर्मरक्षा की अनुपम मिसाल है। साहिबज़ादा अजीत सिंह और साहिबज़ादा जुझार सिंह ने चामकौर के युद्ध में वीरगति प्राप्त कर धर्म की रक्षा की। साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह ने अत्याचारों के सामने झुकने से इनकार किया और अपनी आस्था पर अटल रहते हुए शहादत दी। इस अवसर पर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए भाषण प्रतियोगिता, पेंटिंग प्रतियोगिता एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने वीर साहिबजादों के शौर्य, बलिदान और प्रेरक जीवन मूल्यों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। प्राचार्य ने पेंटिंग भाषण में निबंध लेखन प्रतियोगिता में विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रवक्ता प्रवीण कुमार, हेमंत शर्मा, सुमन देवी, पन्नालाल, ओमप्रकाश, रेखा यादव, अनीता यादव, स्नेह लता शर्मा, समता देवी, रिंकी यादव, शकुंतला यादव, वीरमति सहित समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार ने वीर बाल दिवस के संदेश—साहस, सत्य और धर्मरक्षा—को आत्मसात करने का संकल्प लिया। फोटो कैप्शन 03: प्रतियोगिता में अव्वल रहे विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते हुए
बुनियाद लेवल-1 परीक्षा का सफल आयोजन -- 401 विद्यार्थियों ने दी परीक्षा **************************** ********************** **************************** **************************** **************************** ********************** कनीना की आवाज। राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना में बुनियाद कार्यक्रम के अंतर्गत लेवल-1 परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। परीक्षा के सफल संचालन के लिए विद्यालय के प्रवक्ता सुरेंद्र मोरवाल और नितिन मुदगिल को विद्यालय स्तर पर कोआर्डिनेटर बनाया गया था जिनके दिशा निर्देश में यह परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस परीक्षा में कुल 516 विद्यार्थियों को एलाट किया गया था, जिनमें से 401 विद्यार्थियों ने परीक्षा में सहभागिता की। परीक्षा में कनीना खंड के विभिन्न राजकीय विद्यालयों से आए हुए विद्यार्थियों ने भाग लिया। यह परीक्षा विद्यार्थियों की गणितएवं तर्कशक्ति आधारित शैक्षणिक क्षमता का आकलन करने के उद्देश्य से आयोजित की गई, ताकि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे की उच्च स्तरीय शैक्षणिक तैयारी के लिए चयनित किया जा सके। परीक्षा में सफल घोषित होने वाले विद्यार्थियों को बुनियाद लेवल-2 परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर मिलेगा। लेवल-2 परीक्षा के पश्चात तैयार की जाने वाली अंतिम मेरिट सूची में चयनित विद्यार्थियों के लिए राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना में ही नवमी एवं दसवीं कक्षा के लिए फाउंडेशन कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। इन फाउंडेशन कक्षाओं में विद्यार्थियों को विकल्प फाउंडेशन के अनुभवी शिक्षकों द्वारा आनलाइन माध्यम से अध्यापन कराया जाएगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को आईआईटी एवं नीट जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक एवं सुदृढ़ तैयारी करवाई जाएगी, जिससे वे भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। विद्यालय के प्राचार्य सुनील खुडानिया ने परीक्षा में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि बुनियाद कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करता है। उन्होंने लेवल-1 परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि चयनित विद्यार्थी इस अवसर का पूर्ण लाभ उठाकर अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होंगे। विद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा के आयोजन हेतु सुव्यवस्थित परीक्षा केंद्र, अनुशासन एवं पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुई। फोटो कैप्शन 04: परीक्षा देते विद्यार्थी
एसडी विद्यालय ककराला में कैरियर काउंसलिंग सत्र आयोजित **************************** ********************** **************************** **************************** **************************** ********************** कनीना की आवाज। एसडी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ककराला में विद्यार्थियों के भविष्य की दिशा निर्धारित करने के लिए कैरियर काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया गया। इस स्तर में कक्षा दसवीं के छात्र/छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिसमें मुख्य वक्ता डा. रितु नारंग दिल्ली ने छात्रों को विभिन्न कैरियर अवसरों पर मागदर्शन किया। इस स्तर का उद्देश्य छात्रों को उनके रुचियों को पहचाने में मद्द करना तथा कैरियर पथ में सहायता प्रदान करना है। इस स्तर के दौरान छात्रों ने खुलकर प्रश्न पूछें और मुख्यवक्ता ने मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर विद्यालय चेयरमैन जगदेव यादव ने भी विद्यार्थियों को समय रहते अपने लक्ष्यों को पहचान ने और उनके प्रति मेहनत से आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। यह क्रार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक सिद्ध हुआ। फोटो कैप्शन 01: विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए।
साहिबजादों को उनके बलिदान दिवस पर किया नमन --अगिहार में मनाया बाल शहीदी दिवस **************************** ********************** **************************** **************************** **************************** ********************** कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार में शुक्रवार को वीर बाल दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों, फतेह सिंह और जोरावर सिंह को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या पूनम यादव ने की। विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक ने विद्यार्थियों को गुरु गोविंद सिंह जी के जीवन तथा उनके चारों साहबजादों के बलिदान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे इन निडर और पराक्रमी बच्चों के जीवन से प्रेरणा ग्रहण करें। इस अवसर पर विद्यालय में वीर बाल दिवस पर नाटक का आयोजन भी किया गया जिसमें मुख्य रूप से ममता, प्रवेश, साइना,कल्पना, मुस्कान,प्रीति तथा मीनाक्षी ने भाग लिया। इसी कार्यक्रम में साइना, नव्या,शारदा,कल्पना, मानवी,प्रिंस तथा पूर्व ने गुरु गोविंद सिंह के साहबजादों के जीवन पर कविताओं का वाचन किया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रवक्ता राजेंद्र कटारिया, निशा जांगड़ा, पूनम कुमारी, शशि कुमारी,धर्मेंद्र डीपीई, मुख्य शिक्षक रतनलाल,सुरेंद्र सिंह, राकेश कुमार,प्रीतम तथा कालूराम सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। फोटो कैप्शन 02: साहिबजादों के बलिदान दिवस को याद करते हुए।
चोर साहब के कारनामों के बाद अब कुतरूं प्राचार्य के काले कारनामे तथा ब्लैकमेलर शिक्षक- -दो कृतियों की कडिय़ां प्रसारित होगी 14 जनवरी से, पढ़ते रहे कनीना की आवाज **************************** ********************** **************************** **************************** **************************** ********************** कनीना की आवाज। डा. होशियार सिंह यादव विश्व रिकार्डधारक पूर्व शिक्षक, लेखक, साहित्यकार एवं पत्रकार ने जहां विगत दिनों चोर साहब के कारनामों पर 65 कडिय़ां प्रकाशित की थी और वह पुस्तक पूरी होने के कारण प्रकाशन हेतु प्रेस में जा चुकी है। लोगों ने चोर साहब के कारनामों को बहुत सराहा था। ऐसे में जितने भी पाठक जुड़े रहे उन सभी का आभार। अब 14 जनवरी 2026 से 2 नई कृतियां प्रकाशन की तैयारियां पूर्ण हो गई है। पहली कृति का नाम होगा कतरूं प्राचार्य के काले कारनामे । इस पुस्तक के विषय में मैं बताना चाहूंगा कि करीब 40 सालों के शिक्षण में 35 विभिन्न प्राचार्यों से भेंट हुई। जिनमें एक कुतरूं प्राचार्य भी मिला जो अय्याशी किस्म का था। उसके कारनामे देखे जाए तो बहुत मशहूर हैं वह अपनी बेटी के समान शिक्षिकाओं पर भी बुरी नजर रखता था। जब तक मैंने पढ़ाया तब तक उसकी बुरी नजर मशहूर रही थी। शिक्षिकाओं को अपने पास घंटों बैठाए रखता था। जब मैं स्कूल से अन्यत्र चला गया तब भी उसने अपने कारनामे जारी रखें। गांव के लोगों के सामने हाथ पैर जोड़ता था गिड़गिड़ाता था, लोग उसे कुतरूं कहते थे। इसलिए इस कृति का नाम कुतरूं प्राचार्य के काले कारनामे रखा है। जिसकी प्रथम कड़ी 14 जनवरी 2026 को कनीना की आवाज ब्लाग में प्रकाशित की जाएगी। दूसरी कृति ब्लैकमेलर शिक्षक होगी। डा. होशियार सिंह पूर्व विज्ञान शिक्षक के संपर्क में आया था। 40 सालों की शिक्षण अवधि में यह एक ऐसा शिक्षक भी मिला जिसे शिक्षक कहते हुए शिक्षक कहते हुए शर्म आती है। जिसको न हिंदी आती, ना अंग्रेजी आती, ना संस्कृत आती, न ही उर्दू आती, न फारसी आती ना आने कोई भाषा का ज्ञान था। परंतु चापलूसी में पीएचडी था। वह बहुत मशहूर रहा है। परंतु चापलूसी में अग्रणी पंक्ति में रहा है। किसी के पैर पकड़ लेना, किसी के आगे हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा लेना और यहां तक की उसे अगर थोड़ा सा धमका दे तो तो वह पीछे हट जाता था। उसकी सबसे बड़ी विशेषता थी रही है कि सभी को ब्लैकमेल करने पर तुला रहता था। किसी को नौकरी लगाना, किसी को किसी केस से बरी करवाना, किसी को कोई लोन दिलवाना, किसी का अन्य कोई काम करवाने के आश्वासन देने में मशहूर रहा है। यहां तक की उसकी अनेकों ब्लैकमेलिंग की घटनाएं सामने आई हैं। सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वह ऐसे लोगों को अपनी नजदीक रखता है जो रंडी जैसे गुण रखते हैं। इस शिक्षक के कारनामे तो बहुत अधिक सामने आ गए हैं और पास में रख लिए हैं। अब सोचा कि क्यों नहीं एक के बाद एक कड़ी डालता रहूं। किसी ने कहा कि उनकी नौकरी हट जाएगी, आपके पास सारे प्रमाण है तो मैं उनसे साफ कह दिया कि चाहे मेरा कोई दुश्मन भी है तो उसे नौकरी नहीं हटवाना चाहूंगा। चूंकि नौकरी किसी को देना सीखना चाहिए ,हटवाना नहीं। हां उसके जो ब्लैकमेलिंग के कारनामे हैं वे जरूर प्रकाशित करूंगा। यह भी सोच लिया जो भी राक्षस प्रवृत्ति के लोग मेरे जीवन में मेरे विरुद्ध खड़े थे उनके कारनामे सभी के सामने लाये जाएंगे। जान आनी जानी होती है। एक न एक दिन सभी को जाना होता है। अब उनसे पूरे जोश के साथ लड़ा जाएगा क्योंकि सच्चाई बहुत कड़वी होती है, बहुत दर्द देती है और कलम की मार तो सबसे बुरी होती है। इसलिए अब कलम की मार की जाएगी ताकि लोग उनके कारनामों से परिचित हो सके। आशा है सभी पाठकवृंद का साथ यूं ही बना रहेगा।
एक दर्शनीय स्थल के रूप में उभर रहा है बाबा मोलडऩाथ आश्रम --27 फरवरी के मेले से पहले आकर्षक स्थल बनेगा **************************** ********************** **************************** **************************** **************************** ********************** कनीना की आवाज। कनीना का बाबा मोलडऩाथ आश्रम एक दर्शनीय स्थल के रूप में उभर रहा है। एक दर्जन मंदिर बाबा आश्रम के पास में निर्मित हो चुके हैं। बाबा मोलडऩाथ का हर वर्ष विशाल मेला लगता है। कनीना के प्रमुख देवता के रूप में पूजा जाता है। हाल ही में इसका नया आकर्षक भवन बनने जा रहा है। आश्रम ट्रस्ट प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि 27 फरवरी 2026 को मेला लगेगा। इस मेले से पूर्व नया आश्रम बन जाने की उम्मीद है। रामनिवास दास इसके महंत हैं। बाबा स्थल को चार चांद लगाने के लिए बाबा के स्थल के पास ही अनेकों धार्मिक स्थलों का निर्माण होता जा रहा है। बाबा के आश्रम के पास ही 21 फुट ऊंची शिव प्रतिमा वाला शिवालय स्थित है। इस शिवालय का निर्माण शिवभक्त भरपूर सिंह ने निर्मित करवाया है। पास में सीताराम मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। सीताराम मंदिर के पास ही राधाकृष्ण का मंदिर बना हुआ है। बाबा आश्रम के पीछे सती समाधि भी बनी हुई है। पास में पानी से भरा जोहड़ है जहां कभी बाबा जल समाधि लेते थे। यह यह पक्का तालाब बना दिया गया है। यहां कभी प्राकृतिक तालाब होता था जहां संत मोलडऩाथ विचरण करते थे तथा इस जल को पीते थे। बाबा आश्रम के नीचे वर्तमान में प्रकटीनाथ का आश्रम बना हुआ है जो बाबा के एक कमरे के निर्माण के वक्त प्रकट हुए थे। बाबा के पास ही बाबा डूंगरमल की समाधि, खागड़ आश्रम, मंगलदेव की कुटिया, शहीद सुजान सिंह पार्क, बाबा हनुमान की 11 फुट ऊंची प्रतिमा वाला मंदिर, बाबा हनुमान का पुराना मंदिर, बाबा भैया स्थल, सांई बाबा मंदिर, शनिदेव मंदिर, मां मंदिर, माता स्थल , राधाकृष्ण मंदिर बने हुए हैं। पास में रणबांकुरों की प्रतिमाएं लगी हुई है। जहां समय-समय पर लोगों का तांता लगा रहता है। सात वर्षों पहले यहां विशाल दर्शनीय श्याम मंदिर निर्मित करवाया है जो मन मोह रहा है। बाबा आश्रम के पास ही बस स्टैंड का होना भी अहं भूमिका निभा रहा है। पास में शहीद सुजान सिंह की प्रतिमा लगी हुई है। शहीद सुजान सिंह ने 1994 में जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों का सफाया करते हुए शहादत दी थी जिन्हें मरणोपरान्त अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है। पास में पार्क बना हुआ है। इसी पार्क में पुराना हनुमान मन्दिर स्थित है जहां मंगलवार को श्रद्धालुओं का तांता लगता है और प्रसाद चढ़ाया जाता है। बाबा के जोहड़ के पास मंगलदेव कुटिया बनी हुई है। मंगलदेव तपस्वी साधुजन हुए हैं जिन्होंने कुआं खुदवा कर पेयजल का प्रबंध करवाया था। मोलडऩाथ स्थल के पास बनवाया गया खागड़ आश्रम भी मनमोहक है। बाब डूगंरदास की समाधि भी बनी हुई है। पास में विशाल खाटू श्याम मंदिर एवं साई मंदिर बरबस लोगों का मन मोह रहा है। यहां भी बाबा मोलडऩाथ मेले के साथ साथ मेला लगता है। पास में साईं बाबा का मंदिर सुशोभित है। शनिदेव का मंदिर तथा माता का विशालकाय मंदिर बना हुआ है तथा आकर्षक हें। अनेकों अन्य धार्मिक स्थल भी यहां पर निर्मित किये जा चुके हैं। इस प्रकार कई धार्मिक स्थानों से परिपूर्ण बाबा मोलडऩाथ आश्रम दर्शनीय स्थल के रूप में उभर रहा है। मोलडऩाथ की प्रतिमा भीम सिंह कनीना ने निर्मित करवाई थी किंतु बाबा पर दो पुस्तकें एक आइएसबीएन की कनीना के लेखक डा. होशियार सिंह यादव की आ चुकी हैं। इस लेखक ने आरतियां, बाबा चालिसा, पंचांग आदि भी बनवाये हैं। अब तो यह क्षेत्र का प्रमुख दर्शनीय स्थल बन चुका है जहां दूर दराज तक के भक्त आते हैं। बाबा मोलडऩाथ की पूजा आधा दर्जन से अधिक गांवों में होती आ रही है। रोड़वाल में बाबा की प्रतिमा विगत वर्षों स्थापित की गई थी। बाबा आश्रम एवं आस पास के मंदिर बाबा के दर्शनीय स्थल को चार चांद लगा रहे हैं। जहां संत मोलडऩाथ ने विक्रमी संवत 2006 में पंचतत्व में विलीन हो गये थे किंतु वे जिस तालाब के पास आराम करते थे उस तालाब का नवीकरण का कार्य तालाब द्वार लगाकर पूर्ण कर दिया गया है। प्राचीन तालाब-- आज संत को पंचतत्व में विलीन हुई करीब 77 साल बीत गये हैं। इस तालाब को करीब 35 लाख रुपये की लागत से पक्का किया हुआ है। प्रकृति प्रेमी थे संत - संत मोलडऩाथ प्रकृति प्रेमी थे । जीवों को चुग्गा डालते थे तथा इसी जोहड़ के किनारे जाल के पेड़ के नीचे विश्राम करते थे। यहां एक बणी होती थी जिसमें जाल के पेड़ के नीचे संत आराम करते थे और तालाब का ही पानी प्रयोग करते थे। गीदड़, चिडिय़ा तथा अनेकों प्रकार के जीव जंतु यहां विचरते थे। उनकी यादों को ताजा कर दिया गया है। जोहड़ पक्का कर दिया गया है।
कृषि वैज्ञानिकों से कम नहीं हैं राजेंद्र सिंह एवं सूबे सिंह दो किसान --सरकार द्वारा भी सम्मानित हैं **************************** ********************** **************************** **************************** **************************** ********************** कनीना की आवाज। जिला महेंद्रगढ़ हरियाणा का रेतीला इलाका है और राजस्थान के समीप होने के कारण इसकी पृष्ठभूमि थी राजस्थान से मिलती-जुलती है। यहां का किसान मेहनती होने के साथ-साथ नए-नए प्रयोग करके फसलें उगा रहा है। जो कृषि यहां संभव नहीं लगती वो भी उगाकर कीर्तिमान स्थापित किया जा चुका है। चने की कृषि इस क्षेत्र में अतीत की बात बन चुकी है किंतु किसानों ने चने की कृषि करके भी नाम कमा लिया है। यहां तक कि कुछ किसान तो देसी फल, अन्न एवं सब्जियां उगाकर पुन: स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत हैं। किसान तो कृषि के साथ-साथ पर्यावरण को साफ सुथरा रखने में अहं भूमिका निभा रहे हैं। शोध कार्य:- जिला महेंद्रगढ़ का किसान राजेंन्द्र सिंह एवं सूबे सिंह किसान कई वर्षों से कृषि पर शोध कर रहा है। बिना खाद व दवाओं के फल एवं सब्जियां उगाने में माहिर है। प्रत्येक वर्ष अपने खेत में से एक एकड़ भूमि को इस कार्य के लिए छोड़ देते हंै और फिर उस पर देसी फल, सब्जियां उगाकर लोगों को बांटते है। उनके पास तो डाक्टर एवं वैद्य भी बगैर खाद एवं दवाओं की सब्जी उनके पास से लाने के आदेश देते हैं। सीधा साधा किसान राजेंद्र सिंह एवं सूबे सिंह अपने परिवार सहित कुएं पर रहते हंै और कृषि करने में अति माहिर है। दूसरे किसान भी उनके पदचिह्नों पर चल रहे हैं। अपने कुएं पर गोबर गैस प्लांट तक लगा दिया है और अब निजी स्तर पर अभ्यारण्य खोलने के लिए आतुर है। उन्होंने इस संबंध में उच्च अधिकारियों को भी इस संबंध में पत्र लिखे थे। इस किसान ने अपने खेत में जहां पांच फुट लंबी तक मूली, गर्मियों के मौसम में मूली जैसी सब्जी उगाकर अनोखा उदाहरण पेश कर चुके हंै। चौलाई, बथुआ, मतीरा एवं कचरी आदि की कई प्रकार उगाकर भी क्षेत्र में नाम कमाया है। वे अपने खेत पर पैदा की गई सब्जी को बेचते नहीं हैं अपितु जनहित के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जीव जंतुओं को बचाने के लिए भी अभियान छेड़ा हुआ है और पीएफए के सदस्य भी हैं। पर्यावरण को हो रहे नुकसान से वे बड़े चिंतित हैं। विज्ञान के इस युग में जहां किसान हो या विद्यार्थी सभी वैज्ञानिक नियमों का पालन करना चाहता है किंतु इस जगत में कुछ ऐसे भी इंसान हैं जो अपने नियमों को नहीं तोडऩा चाहते और आधुनिकता की चकाचौंध से दूर रहकर नई तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं जिसके चलते वे दूर दराज तक ख्याति प्राप्त करते हैं। ऐसे ही एक किसान कनीना जिला महेंद्रगढ़ के निवासी राजेंद्र सिंह एवं सूबे सिंह भाइयों की जोड़ी हैं जिन्होंने देसी तरीके से फल और सब्जियां उगाकर दूर दराज तक नाम कमाया है जिसके कारण दूर दराज से मरीज और रोगी उनके फल और सब्जियां ले जाते हैं ताकि रोगों से छुटकारा पाया जा सके। सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे किसी से फल ओर सब्जी का कोई पैसा नहीं लेते। बाबा रामदेव के व्याख्यानों और उनकी दवाओं में लौकी भी प्रमुख औषधि है। लौकी का जूस पीने वालों की दिनोंदिन तादाद बढ़ रही है। चूंकि बाजार में मिलने वाली लौकी में जहरीली दवाएं और खाद के अलावा इंजेक्शन द्वारा तैयार की हुई बताई जाती हैं जिसका शरीर पर लाभ की बजाय नुकसान होने की संभावना अधिक है। ऐसे में मरीज उनके पास बिना इंजेक्शन आदि से तैयार की हुई लौकी लेने के लिए आते हैं। वे प्रत्येक वर्ष कम से कम दो एकड़ में फल और सब्जियां उगाते हैं और नि:स्वार्थ सेवा करते हैं। उनका कहना है कि जन सेवा ही नारायण सेवा होती है। यूं तो विज्ञान के युग में पुराने समय से चली आ रही देसी सब्जियां जैसे बाथू, चौलाई, सांटी ओर देसी मतीरा, देसी टिंडा, देसी टमाटर और बहुत सी सब्जियां कहीं मिलती नहीं हैं क्योंकि किसान खेत से इन्हें खरपतवार समझकर निकाल देते हैं किंतु राजेंद्र सिंह एवं सूबे सिंह किसान इनको भी अपने खेत में उगाए रखते हैं। यही कारण है कि बूढ़े और बड़े लोग जो खाटा का साग और कढ़ी आदि में देसी सब्जियों का तड़का लगाने के शौकीन हैं उन्हें राजेंन्द्र के पास ही आना पड़ता है। राजेंद्र सिंह उन्हें चाव से ये बीते दिनों की देसी सब्जियां दे देते हैं। उनके नित्य नए प्रयोगों के चलते लोग उन्हें डाक्टर नाम से जानते हैं। अपने कुएं पर कनीना से करीब पांच किमी दूर रहते हैं ओर वे जीव जंतु प्रेमी भी हैं। उन्होंने अपनी आंखों के सामने किसी को जीव सताते देख लिया तो उनके विरुद्घ लड़ाई करके जीवों को बचाया है। किसान राजेंद्र सिंह एवं सूबे सिंह अपने कुएं पर कनीना से तीन किमी दूर करीरा गांव में रहता है। यदि उनके ट्यूबवैल पर जाकर देखा जाए तो चार पशु रख रखे हैं जिनके गोबर का सदुपयोग वर्मी कंपोस्ट के लिए कर रहे हैं। उन्होंने चार यूनिट वर्मी कंपोस्ट की लगाये भी थे।
Thursday, December 25, 2025
किचन गार्डन से प्राप्त कर रहे हैं बेहतर सब्जियां -बाबूलाल ले रहे हैं सब्जियां उगाने में रुचि -घरों में महिलाओं का रुझान बढ़ा **************************** ********************** **************************** **************************** **************************** ********************** कनीना की आवाज। यूं तो सरकार किचन गार्डन पर जोर दे रही है ताकि महिलाएं अपने अपने घरों में सब्जी उगाकर घर का बजट कम कर सके। सरकारी स्कूलों में भी किचन गार्डन पर जोर दिया जाता है ताकि हरी सब्जियां बच्चों के मिड डे मील में डाली जा सके। किचन गार्डन जहां घर का बजट कम कर रहा है वहीं बिना कीटनाशक एवं उर्वरकों की सब्जी खाने को मिल रही है। शहरों एवं गांवों में घर में सब्जी उगाने के लिए विगत वर्ष भी उद्यान विभाग द्वारा बीजों के किट वितरित किए थे तथा ये किट एससी परिवारों के लिए ही थे। परंतु आज गृहणि एवं लोगों का ध्यान बिना उर्वरक एवं रासायनिक खाद डाले देसी खाद डालकर अपने घर में ही किचन गार्डन बनाने की ओर जा रहा है जहां हरी पत्तेवाली सब्जी, बेल वाली सब्जियां उगाकर घर का बजट कम किया जा रहा है। इस कार्य मेें न केवल महिलाएं ही अपितु पुरुष भी अग्रणी हैं। घरों में थोड़ी बहुत जगह पर सब्जी तथा गमलों में हरी पत्तेदार सब्जियां उगाने की परंपरा बढ़ती ही जा रही है। कनीना के रविंद्र कुमार, भीम सिंह, आशा यादव, सूबे सिंह, अजीत कुमार कनीना तथा रोहित कुमार आदि ने किचन गार्डन बना रखे हैं जहां कई प्रकार की सब्जियों हर मौसम में उपलब्ध हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि जब कभी कोई मेहमान आ जाता है तो उसे ताजी सब्जी ताड़कर बनाकर दी जा सकती हैं। एक ओर जहां बाजार में मिलने वाली सब्जियां महंगी होती हैं वहीं जहरीली होने के कारण बेहतर नहीं लगती हैं। उनका कहना है कि हर गृहणि को इस कार्य को आगे बढ़ाना चाहिए ताकि घर का बजट कम हो सके। रवींद्र कुमार, भीम सिंह, एवं आशा यादव ने बताया कि एक दिन वे बाजार से सब्जी लेकर आए तो बनाकर खाने में अच्छा आनंद नहीं आया तो उन्होंने सोचा क्यों न ताजा सब्जी उगाकर खाई जाए और झटपट सब्जी उगाने का काम शुरू हो गया। वे अपने साथियों को भी सब्जी उगाने पर बल दे रहे हैं। क्या कहते हैं बाबूलाल करीरा- कनीना के राजकीय उच्च विद्यालय कनीना में कार्यरत बाबूलाल करीरा किचन गार्डन में अधिक रुचि रखते हैं और अति कर्मठ इंसान हैं। वे स्कूल में बच्चों के दोपहर भोजन के लिए किचन गार्डन हर वर्ष तैयार करते हैं। इस वक्त उनके किचन गार्डन में पालक, मेथी, मूली, गाजर, चुकंदर, मिर्च एवं बैंगन के पौधे उगाए हुए हैं। आवश्यकता पडऩे पर स्कूल के भोजन में हरी सब्जी शामिल की जाती है। मुख्याध्यापक बाबूलाल के कर्मठ होने पर गर्व महसूस कर रहे हैं। फोटो कैप्शन 07: स्कूल के कीचन गार्डन से दोपहर भोजन योजना के लिए पालक तोड़ते हुए
रविंद्रगढ़ ट्राफी- 2025 का सफल आयोजन -रवि चौहान के घोड़े का शानदार रहा प्रदर्शन -कनीना निवासी अंकुर यादव अपने हाथों से प्रदान की ट्राफी **************************** ********************** **************************** **************************** **************************** ********************** कनीना की आवाज। दिल्ली रेस क्लब, लोक कल्याण मार्ग में आयोजित रविंद्रगढ़ ट्राफी 2025 के तहत घुड़दौड़ प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कुल 6 रेस आयोजित की गई जिसमें देश भर से आए घुउ़दौड़ प्रेमियों और अतिथियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। रेसों के दौरान रविंद्रगढ़ के प्रसिद्ध स्टड आनर एवं आयोजक रवि चौहान के घोड़े ने शानदार प्रदर्शन किया। आयोजित 6 रेसों में से तीन रेसों में रवि चौहान के घोड़े ने भाग लिया। जिनमें दो रेसों में उनके घोड़ों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस शानदार प्रदर्शन से आयोजन स्थल पर दर्शन को और घुड़दौड़ प्रेमियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधियों ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्य अतिथि के रूप में बृजभूषण शरण सिंह, पूर्व सांसद एवं पूर्व अध्यक्ष भारतीय कुश्ती महासंघ्,ा बलवंत सिंह मंकोटिया विधायक जम्मू कश्मीर ,रविंद्र सिंह भाटी विधायक शिव बाड़मेर, राजस्थान आदि उपस्थित रहे। मुख्य अतिथियों ने विजेता घोड़े के मालिकों प्रशिक्षकों आदि को ट्राफी प्रदान कर सम्मानित किया और आयोजन के लिए आयोजन आयोजकों को शुभकामनाएं दी। अतिथियों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन भारतीय घुड़दौड़ खेल को बढ़ावा देने और इसकी प्रतिष्ठा को मजबूत करने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उल्लेखनीय की रवि चौहान रेवाड़ी के गोठड़ा फार्म के मालिक है तथा उनके घोड़ों की जीत पर कनीना निवासी अंकुर यादव कनीनवाल ने घुड़दौड़ सवार को ट्राफी प्रदान की। साथ में संजय राव कनीना भी उपस्थित रहे। फोटो कैप्शन 05: अंकुर कनीनावाल ट्राफी प्रदान करते हुए
गुरुवार को पड़ी कड़ाके की ठंड , रात को पड़ती है धुंध -पार्कों में टहलना हुआ कम **************************** ********************** **************************** **************************** **************************** ********************** कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में ठंड बढऩे से लोग दिनभर आग सेेकते देखे गए। ऊनी कपड़ों में लिपटे देखे गए। किसान बूंदाबांदी की आस लगाए बैठे हुए हैं किंतु इस सर्दी के मौसम में अभी तक कोई बूंदाबांदी नहीं हुई है। पैल पल मौसम बदल रहा है। कभी पाला जमता है तो कभी कोहरा पड़ता है। दिन में धूप खिलती है। शिक्षक स्कूलों का समय बदलने की मांग करने लगे हैं। उधर ठंड के चलते जहां सड़कों पर तथा गलियों में कम लोग घूमते नजर आए किंतु ठंड खड़ी सरसों और गेहूं की फसल के लिए लाभप्रद बताई जा रही है। यदि लगातार ठंड बढ़ी तो आने वाले समय में बेहतर पैदावार होने की संभावना है। इस बार किसानों ने विगत वर्ष के बराबर ही सरसों फसल उगाई है वहीं गेहूं की फसल विगत वर्ष की तुलना में करीब बराबर भूभाग पर है। किसान अब बारिश का इंतजार कर रहे ताकि खेतों में पानी की पूर्ति हो सके। दिन भर लोग ऊनी कपड़ों में लिपटे एवं घरों में दुबके नजर आए। किसान सूबे सिंह,अजीत, दिनेश, महेश ,सुरेश राजेंद्र आदि ने बताया कि ठंड फसलों के लिए बहुत लाभप्रद साबित होगी। उधर शिक्षकों और अभिभावकों सुरेश, महेश, कुलदीप, दिनेश आदि ने मांग की है कि स्कूलों का समय बदल दिया जाए ताकि विद्यार्थी और शिक्षक समय पर पहुंच सके। गुरुवार को मौसम साफ रहा किंतु कड़ाके की ठंड पड़ी तथा हल्का पाला भी जमा। दिनभर सूर्य चमकता रहा किंतु ठंडी हवाएं चली। फोटो कैप्शन 06: आग सेकते लोग। चोर साहब के कारनामों के बाद अब कुतरूं प्राचार्य के काले कारनामे तथा ब्लैकमेलर शिक्षक- -दो कृतियों की कडिय़ां प्रसारित होगी 14 जनवरी से, पढ़ते रहे कनीना की आवाज **************************** ********************** **************************** **************************** **************************** ********************** कनीना की आवाज। डा. होशियार सिंह यादव विश्व रिकार्डधारक पूर्व शिक्षक, लेखक, साहित्यकार एवं पत्रकार ने जहां विगत दिनों चोर साहब के कारनामों पर 65 कडिय़ां प्रकाशित की थी और वह पुस्तक पूरी होने के कारण प्रकाशन हेतु प्रेस में जा चुकी है। लोगों ने चोर साहब के कारनामों को बहुत सराहा था। ऐसे में जितने भी पाठक जुड़े रहे उन सभी का आभार। अब 14 जनवरी 2026 से 2 नई कृतियां प्रकाशन की तैयारियां पूर्ण हो गई है। पहली कृति का नाम होगा कतरूं प्राचार्य के काले कारनामे । इस पुस्तक के विषय में मैं बताना चाहूंगा कि करीब 40 सालों के शिक्षण में 35 विभिन्न प्राचार्यों से भेंट हुई। जिनमें एक कुतरूं प्राचार्य भी मिला जो अय्याशी किस्म का था। उसके कारनामे देखे जाए तो बहुत मशहूर हैं वह अपनी बेटी के समान शिक्षिकाओं पर भी बुरी नजर रखता था। जब तक मैंने पढ़ाया तब तक उसकी बुरी नजर मशहूर रही थी। शिक्षिकाओं को अपने पास घंटों बैठाए रखता था। जब मैं स्कूल से अन्यत्र चला गया तब भी उसने अपने कारनामे जारी रखें। गांव के लोगों के सामने हाथ पैर जोड़ता था गिड़गिड़ाता था, लोग उसे कुतरूं कहते थे। इसलिए इस कृति का नाम कुतरूं प्राचार्य के काले कारनामे रखा है। जिसकी प्रथम कड़ी 14 जनवरी 2026 को कनीना की आवाज ब्लाग में प्रकाशित की जाएगी। दूसरी कृति ब्लैकमेलर शिक्षक होगी। डा. होशियार सिंह पूर्व विज्ञान शिक्षक के संपर्क में आया था। 40 सालों की शिक्षण अवधि में यह एक ऐसा शिक्षक भी मिला जिसे शिक्षक कहते हुए शिक्षक कहते हुए शर्म आती है। जिसको न हिंदी आती, ना अंग्रेजी आती, ना संस्कृत आती, न ही उर्दू आती, न फारसी आती ना आने कोई भाषा का ज्ञान था। परंतु चापलूसी में पीएचडी था। वह बहुत मशहूर रहा है। परंतु चापलूसी में अग्रणी पंक्ति में रहा है। किसी के पैर पकड़ लेना, किसी के आगे हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा लेना और यहां तक की उसे अगर थोड़ा सा धमका दे तो तो वह पीछे हट जाता था। उसकी सबसे बड़ी विशेषता थी रही है कि सभी को ब्लैकमेल करने पर तुला रहता था। किसी को नौकरी लगाना, किसी को किसी केस से बरी करवाना, किसी को कोई लोन दिलवाना, किसी का अन्य कोई काम करवाने के आश्वासन देने में मशहूर रहा है। यहां तक की उसकी अनेकों ब्लैकमेलिंग की घटनाएं सामने आई हैं। सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वह ऐसे लोगों को अपनी नजदीक रखता है जो रंडी जैसे गुण रखते हैं। इस शिक्षक के कारनामे तो बहुत अधिक सामने आ गए हैं और पास में रख लिए हैं। अब सोचा कि क्यों नहीं एक के बाद एक कड़ी डालता रहूं। किसी ने कहा कि उनकी नौकरी हट जाएगी, आपके पास सारे प्रमाण है तो मैं उनसे साफ कह दिया कि चाहे मेरा कोई दुश्मन भी है तो उसे नौकरी नहीं हटवाना चाहूंगा। चूंकि नौकरी किसी को देना सीखना चाहिए ,हटवाना नहीं। हां उसके जो ब्लैकमेलिंग के कारनामे हैं वे जरूर प्रकाशित करूंगा। यह भी सोच लिया जो भी राक्षस प्रवृत्ति के लोग मेरे जीवन में मेरे विरुद्ध खड़े थे उनके कारनामे सभी के सामने लाये जाएंगे। जान आनी जानी होती है। एक न एक दिन सभी को जाना होता है। अब उनसे पूरे जोश के साथ लड़ा जाएगा क्योंकि सच्चाई बहुत कड़वी होती है, बहुत दर्द देती है और कलम की मार तो सबसे बुरी होती है। इसलिए अब कलम की मार की जाएगी ताकि लोग उनके कारनामों से परिचित हो सके। आशा है सभी पाठकवृंद का साथ यूं ही बना रहेगा।
ककराला में बाबा भैया लाइब्रेरी का उद्घाटन हुआ --कुल 30 हैं सीटें **************************** ********************** **************************** **************************** **************************** ********************** कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव ककराला में समाजसेवी संस्था बीबीएसडी द्वारा बाबा भैया लाइब्रेरी का उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भगत सिंह प्रधान कृष्ण गौशाला कनीना, विशिष्ट अतिथि डा. कर्मवीर प्रवक्ता रामबास, सचिन शर्मा प्रवक्ता भौतिकी, बाल योगेश्वर प्रवक्ता इतिहास बहरामपुर रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ रामेश्वर दयाल शास्त्री द्वारा किया गया और उसके बाद सभी अतिथियों ने दीप प्रज्वलित किए। इस आधुनिक लाइब्रेरी में अभी कुल 30 माडर्न सीट मौजूद हैं। जिसके लिए संस्था ने आनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आरंभ कर दी है। भगत सिंह प्रधान ने कहा ये लाइब्रेरी आने वाले पीढ़ी के लिए बहुत बड़ा कदम साबित होगी। डा. कर्मवीर ने कहा ये लाइब्रेरी पूरे गांव समाज के लिए विशेष पहल है और इसमें ना केवल युवा बल्कि हरेक आयु वर्ग के लोग इसको अपना जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। सचिन शर्मा ने मोबाइल के सदुपयोग के लिए बताया और प्रदीप रामपुरा ने माडर्न डिजिटल सायबर स्कैम से जुड़ी जानकारी सबके साथ सांझा करते हुए उस पर भी जागरूकता कैंपेन चलाने को कहा। एजुकेशन कार्डिनेटर राज सिंह ने बताया लाइब्रेरी में अब तक 25 युवा आवेदन कर चुके हैं, इस लाइब्रेरी के खुलने से आस पास के भडफ़़, कपूरी, रामबास, मोहनपुर, इसराना सहित कई गांवों के बच्चों को लाभ मिलेगा। इस लाइब्रेरी में 24 घंटे बिजली, उच्च गुणवत्ता और लंबी अध्ययन अवधि कुर्सियां और हरेक सीट पर फोकस लाइट, इंटरनेट, कंप्यूटर, बायोमेट्रिक कंट्रोल, सीसीटीवी कैमरे सुविधाएं, लड़कों और लड़कियों के लिए अलग अलग स्टडी सेक्शन बनाए गए हैं। इस मौके पर बच्चों ने देशभक्ति आयोजन किए, मधुर शर्मा ने देशभक्ति पर भाषण दिया और सभी बच्चों को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष ने लाइब्ररी मुहिम के अब तक के सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया लाइब्रेरी मुहिम में ग्राम पंचायत ककराला ने भवन को नवनिर्मित किया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ने अपने ग्राउंड के दो कमरे ग्राम पंचायत को लाइब्रेरी के लिए दिए। इसके बाद अलग अलग अवसर पर ग्रामवासी सहयोग करते रहें हैं। इस अवसर पर ब्रह्मदेव मास्टर, पवन मोडी से, जयप्रकाश सोनी गाहडा, रवि ग्रीन प्लांट भडफ़़, रामचन्द्र मास्टर, कंवर सिंह नंबरदार, मास्टर रामेश्वर दयाल, बाबूलाल स्वामी, प्रवक्ता नरेश, राजकुमार नंबरदार, शांतिलाल नंबरदार, रघबीर, लाल सिंह चौकीदार, राय सिंह, कैप्टन बीरेंद्र यादव, देशराज, पूर्व कमेटी प्रधान कंवर सिंह, जयलाल, रामस्वरूप, चंदगीराम, रोतान साहब, डा.राजीव, मास्टर रामनिवास, उपप्रधान राजपाल यादव, पब्लिक रिलेशन कार्डिनेटर सुनील शर्मा, कोषाध्यक्ष अमित कुमार, ऑफिस एडमीन दिनेश सोनी, लाइब्रेरियन सोनम, कमला, राजबाला, कमलेश, बिमला, इंद्रावती, पर्यावरण कार्डिनेटर ओमप्रकाश, सचिव महेश, एजुकेशन कार्डिनेटर राजसिंह, बाबी, मास्टर गुलशन, यश शर्मा मौजूद रहे। फोटो कैप्शन 03: वक्तओं को पुरस्कृत करते हुए।
पुण्यतिथि पर दिया 10 क्विंटल बाजरा -खिलाया गायों को गुड़ **************************** ********************** **************************** **************************** **************************** ********************** कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव कोटिया निवासी बाबूलाल नंबरदार, अमरपाल, सुरेंद्र सिंह, सूबे सिंह ने मिलकर अपने पिता की पुण्यतिथि पर कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला को 10 क्विंटल बाजार दिया। साथ में गोवंश को अपने हाथों से गुड़ खिलाया। इस मौके पर प्रधान श्रीकृष्ण गौशाला भगत सिंह ने उनका अभिनंदन किया और कहा कि गायों को भोजन करने से संताप नष्ट हो जाते हैं, सुखों की प्राप्ति होती है।प्रधान भगत सिंह ने कहा कि गायों की सेवा सर्वश्रेष्ठ सेवा होती हे। हमें दिल खोलकर गायों की सेवा करनी चाहिए। भगत सिंह ने कहा कि गायों की सेवा से सभी पाप मिट जाते हैं और पुण्य का भागी बन जाता है। इंसान को जरूर गायों की सेवा करनी चाहिए ताकि अपने जीवन में नाम कमा सके। उन्होंने कहा गायों की सेवा भगवान श्रीकृष्ण ने की थी इसलिए गोपाल कहलाए। आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में गायों के प्रति फिर से वो लगाव उत्पन्न होने लगा है जो वर्षों पहले सिर चढ़कर बोल रहा था। उन्होंने बताया कि कनीना श्रीकृष्ण गौशाला से करीब 500 गाए गोद ली जा चुकी है और भक्तों द्वारा दान दिया गया है। वहीं गौशाला में अमूल चूल परिवर्तन किये जा चुके हैं। आने वाले समय में श्रीकृष्ण गौशाला प्रदेश भर में नंबर वन होगी। उल्लेखनीय है कि समय समय पर कुछ ऐसे उदार लोग धरा पर आते हैं जो अपनी कर्मठता के चलते लोगों के दिलोदिमाग पर छा जाते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत इस वक्त गौशाला के प्रधान बतौर भगत सिंह ने कार्यभार संभाल रखा है। कहते हैं कि जिसमें कुछ करने की तमन्ना हो वो कुछ नया करके ही दिखाते हैं। भगत सिंह ने गौशाला में आकर मूल चूल परिवर्तन कर दिखलाये हैं जो अपने आप में भागीरथ से कम नजर नहीं आते हैं। इस समय श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में 2500 गौवंश हैं। जिनके लिए गौशाला में व्यापक प्रबंध किये गये हैं। आज से छह माह पहले जो गौशाला रंग रही थी वो आज उड़ान भरने की कगार पर है। कभी गौशाला में लोग जाते हुए कतराते थे अब पूरे परिवार सहित खुशी खुशी जाकर दानपुण्य कर रहे हैं जिसके पीछे भगत सिंह नामक भागीरथ मिल गया है जो भागीरथी प्रयास कर गौशाला को आधुनिकतम की ओर ले जा रहे हैं। इस मौके पर नरेश कुमार यादव, नीलम उर्फ लिली, रामपाल, दिलावर सिंह, राम प्रताप मास्टर, डा. नीरज, प्रवीण मुनीम, अमीर सिंह, बलवान सिंह, कृष्ण प्रकाश आदि उपस्थित रहे। फोटो कैप्शन 04: गायों के लिए बाजरा दान देते हुए बाबूलाल नंबरदार एवं अन्य
अच्छी राह पर चलने से होता है नाम -विद्यार्थियों को बांटे कोट **************************** ********************** **************************** **************************** **************************** ********************** कनीना की आवाज। ढ़ाब आश्रम गांव स्याणा से महाराज श्रद्धानंद ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, स्याणा के पहली कक्षा से 12वीं कक्षा तक के सभी बच्चों को कोट भेंट किये। जिसमें महाराज के साथ गांव से वासुदेव, सूबेदार वासुदेव जी, पूर्व प्राचार्य सत्यवीर डागर , गांव के सरपंच वीरपाल जी, पूर्व प्रवक्ता सोमदत्त , अशोक नंबरदार, गौतम, सोनू विद्यालय प्रांगण में आए व महाराज श्रद्धानंद ने बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि हमेशा अच्छी राह पर चलकर अपने माता-पिता गांव व देश का नाम रोशन करना और हमारी तरफ से किसी भी बच्चे को पुस्तकों की या ड्रेस की जब भी आवश्यकता हो तो मैं हमेशा आपके साथ रहूंगा। साथ में आए हुए पूर्व प्राचार्य सत्यवीर डागर ने भी बच्चों को मेहनत के साथ पढ़ाई करने को कहा कि पढ़ाई आपके हर कदम पर साथ देगी। पूर्व प्रवक्ता सोमदत्त ने भी अपने संबोधन में बच्चों को अपने माता-पिता व गुरु से अच्छा व्यवहार करने को कहा। विद्यालय प्रांगण में मौजूद समस्त स्टाफ पवन कुमार, राजेश कुमार, सूरत सिंह, अशोक कुमार, हितेंद्र कुमार , गीता बाई , माया , बाबू हनुमान, एसएमसी प्रधान गजराज, दिनेश कुमार , सुनीता, प्रियंका, जगवंती , सुरेंद्र आदि सभी स्टाफ सदस्यों ने महाराज व उनके साथ आए हुए समस्त ग्राम वासियों का विद्यालय प्रांगण में स्वागत किया। विद्यालय प्राचार्य प्रवीण कुमार ने भी महाराज श्रद्धानंद व सभी ग्राम वासियों को विश्वास दिलाया की हमारा पूरा स्टाफ बच्चों को जी जान से मेहनत के साथ पढ़ा रहा है और आगे भी पढ़ाता रहेगा। प्राचार्य ने बताया कि आप बस बच्चों को अपना आशीर्वाद देने के लिए विद्यालय में आते रहे। आने वाले समय में ये बच्चे आपके गांव का नाम रोशन अवश्य करेंगे। विद्यालय प्राचार्य ने आए हुए समस्त ग्राम वासियों व महाराज श्रद्धानंद का हृदय से आभार जताया। फोटो कैप्शन 01: बच्चों को महाराज कोट वितरित करते हुए
मंदिर निर्मण के लिए दिये 51 हजार रुपये -मंदिर कमेटी ने किया अभिनंदन **************************** ********************** **************************** **************************** **************************** ********************** कनीना की आवाज। बाबा मोलडऩाथ मंदिर निर्माण में दी 51000 और 11000 रुपए की सहयोग राशि दी। यह राशि वार्ड नंबर-10 निवासी नरेश कुमार ने 51000 की सहयोग राशि और सुरेंद्र कुमार वार्ड नंबर-1 ने 11000 रुपए की सहयोग राशि दी। इस मौके पर नरेश कुमार ने कहा कि इंसान को अपनी नेक कमाई में कुछ धर्म-कर्म में खर्च करना चाहिए। बाबा मोलडऩाथ का मंदिर वर्षों पुराना है। इसका निर्माण एक सराहनीय कार्य है। उन्होंने समिति के सभी सदस्यों का धन्यवाद किया और कहां कि दान देकर बहुत ही सराहनीय कार्य किया है। सुरेंद्र कुमार ने भी अपनी भावना प्रकट करते हुए कहा कि बाबा मोलडऩाथ के प्रति लोगों की भारी आस्था है। यहां एक विशाल मेले का आयोजन होता है। दूर दराज से लोग आते हैं। अबकी बार जब लोग मंदिर में आएंगे तो उन्हें बहुत ही सुंदर और भव्य मंदिर का दर्शन करने को मिलेगा। इस मौके पर मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव व समिति के सभी सदस्यों ने इन दोनों भक्तों का तहेदिल से धन्यवाद व आभार व्यक्त किया और स्मृति चिन्ह देकर इनका स्वागत व सम्मान किया। इस मौके पर प्रधान दिनेश यादव, उप-प्रधान सतबीर यादव, मुकेश शर्मा, रमेश कुमार, बलबीर साहब,प्रकाश साहब ,संजय, अनिल, मास्टर पवन कुमार, सोनू यादव, शिव कुमार, राजेंद्र सिंह, शिवचरण, महेंद्र यादव ,अरविंद यादव, बाबा रामनिवास, अशोक डीपी व अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। फोटो कैप्शन 02: दान दाताओं को स्मृति चिह्न भेंट करते हुए।