कनीनावासी नहीं देख पाए आम बजट लाइव
-बिना पूर्व सूचना के साढ़े 7 घंटों से भी अधिक का लगा कट
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कनीना की आवाज। डीएचबीवीएन कनीना की मनमानी के चलते कनीना क्षेत्र में बिजली कट लगे रहते हैं। बिजली कट भी इतने लंबे कि इंसान परेशान हो जाता है और इनवर्टर भी काम छोड़ जाते हैं।
आम बजट के दिन दोपहर 12 बजे कनीना क्षेत्र में बिजली काटी जिसके बाद शाम 7:35 बजे बहाल हो पाई। जिसके कारण दिनभर चलने वाला आम बजट भी नहीं देख पाए। लोगों में भारी रोष है।
कनीना क्षेत्र के दिनेश कुमार, सुमर सिंह, महेंद्र सिंह सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार आदि ने बताया कि बिजली अभाव में वे परेशान रहे। पावर हाउस से बिजली के मनमानी कट लगा दिये जाते हैं।
मिली जानकारी अनुसार जेई ने परमिट ले रखा था जिसके चलते शाम 7:35 बजे बिजली आई। परिणाम यह निकला कि लोग बेहद दुखी रहे। विशेषकर दुकानदार बहुत परेशान मिले जिनका बिजली पर आधारित काम चलता है। रोटी रोजी भी बिजली से चलती है। इतने लंबे कट की न तो सूचना दी जाती है और न ही किसी को पता होता है। दुकानदारों में भी भारी रोश है। महिलाएं पेयजल के लिए तरसती रही। इस प्रकार के कटों के बारे में जब अधिकारियों से बात करनी चाही तो फोन ही नहीं उठाया। लोगों का कहना है कि बजट के दिन तो कम से कम बिजली देनी चाहिए, इतना लंबा कट नहीं लगना चाहिए।
सुबह से ही पडऩी शुरू हुई धुंध, रात को हुई बूंदाबांदी
-विगत दिनों से लगातार बदल रहा है मौसम
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कनीना की आवाज। कनीना में सुबह सवेरे से ही धुंध छा गई जो दोपहर तक चलती रही। शनिवार की रात को बूंदाबांदी भी हुई । इससे पहले दो दिनों से ही धूप खिली, मौसम साफ रहा तथा सुबह सवेरे कुछ समय के लिए हल्की धुंध पड़ी।
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में लगातार मौसम बदल रहा है, कभी ठंड कभी पाला जमना, कभी बादल छाना, कभी वर्षा, कभी मौसम साफ रहना आदि घटनाएं लगातार घट रही हैं। जिसके चलती किसानों के माथे पर चिंता की रेखाएं बनी हुई हैं। किसान लगातार मौसम को तथा अपनी फसलों को निहार रहे हैं। किसानों का मानना है कि शायद अब मौसम साफ रहेगा और उनकी फसल वृद्धि करेगी। अभी तक गेहूं की वृद्धि नहीं हो पाई है। गेहूं की फसल बहुत छोटी है। सरसों की फसल पकान पर जा चुकी है।
किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह , रवि कुमार योगेश कुमार आदि का कहना है कि अब गेहूं में बढ़ोतरी होगी और जल्दी पक जाएगी। होली पर्व तक सभी फसलें पक जाती है। इस बार होली का पर्व 4 मार्च को लगेगा। ऐसे में किसान अभी तक खुश हैं और अपनी फसलों पर नजर जमाए हय हैं।
फोटो कैप्शन 03: कनीना क्षेत्र में छाई धुंध
गौशाला में संपन्न बैठक, अनेक मुद्दों पर हुई चर्चा
-पूर्व सचिव को 8 फरवरी को बैठक में बुलाया जाएगा
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कनीना की आवाज। कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में कनीना क्षेत्र के विभिन्न लोगों की बैठक संपन्न हुई जिसमें गौशाला के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में अनेक मुद्दों पर चर्चा की गई लेकिन मुकेश नंबरदार ने बताया कि गौशाला के पूर्व सचिव मास्टर कृष्ण कुमार द्वारा व्हाट्सएप पर गौशाला के चंदे के दुरुपयोग का बड़े प्रचार किया जा रहा है। उसके इस कार्य से गौशाला की छवि धूमिल हो रही है। मुकेश नंबरदार के इस प्रस्ताव पर उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 8 फरवरी 2026 रविवार को प्राप्त 10 बजे गौशाला प्रांगण में गौशाला सदस्यों एवं ग्राम सदस्यों की एक आवश्यक बैठक बुलाई जाए जिसमें यह सुनिश्चित किया जाए कि पूर्व सचिव अवश्य उपस्थित हो और गौशाला कार्यकारी पर लगाए गए आरोपों के संदर्भ में सभा के समक्ष अपने साक्ष्य प्रस्तुत करें। इस बारे में पूर्व सचिव को लिखित रूप से सूचित किया जाएगा तथा उनसे पावती भी ली जाएगी। इस मौके पर मुकेश नंबरदार के प्रस्ताव के समर्थन में दीपचंद यादव, रतनलाल शर्मा, अभय सिंह यादव, सूबेदार मेजर राजेश कुमार, जयप्रकाश, दीनदयाल साहब सहित सभी ने अपनी अपनी सहमति दर्शाई।
फोटो कैप्शन 02: गौशाला में आयोजित बैठक
बिना दान दहेज के शादी करके दी समाज को प्रेरणा
-उप-मैनेजर है लड़के का पिता
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कनीना की आवाज। नांगल मोहनपुर में जांगिड़ के वरिष्ठ समाज सेवक एवं बैंक उप-प्रबंधक के सुपुत्र उमेश कुमार के शादी समारोह के अंतर्गत लग्न कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें भात और लग्न एक रुपया लेकर समाज को एक नई मिसाल प्रस्तुत की है। उन्होंने अपने बेटे की शादी बिना किसी प्रकार का देहज लिए शादी करके एक मिशाल प्रस्तुत की है। आज के भौतिकवादी युग में सभी आनन - फानन में सुख सुविधाओं के पीछे दौड़ रहे हैं। उसमें यह परिवार शिक्षा ,संस्कार और संस्कृति के लिए जाना जाता है। उन्होंने बिना किसी स्वार्थ और लालच की भावनाओं से ऊपर उठकर नेक और उदारतापूर्ण भावनाओं का परिचय दिया है जो समाज में आपसी मेल-जोल और प्रेम भाव को बढ़ाने में कारगर सिद्ध होता है। समाज ऐसी विचारधारा और व्यक्तित्व का स्वागत करती है। आशा है कि ऐसे नेक कार्यों से दूसरों को भी विषय प्रेरणा मिलेगी।
विजयपाल उप प्रबंधक एवं लड़के के पिता तथा वीरेंद्र सिंह मौलिक मुख्याध्यापक ने बताया कि लड़का संस्कारवान है तथा उनकी एक ही इच्छा थी कि बिना दान दहेज के शादी की जाए। ऐसे में बिना दान दहेज के शादी की है।
इस लगन समारोह में नांगल मोहनपुर, रामबास, पड़ताल, भोजावास, इसराना ,गोमला,कनीना, कैमला , ककराला, भडफ़, कोका, सुन्दरह ,कोटिया आदि आस-पास के सम्मानित ग्रामीण व्यक्तित्व तो विशेष रूप से उपस्थित रहें। बेटे के पिता विजयपाल के बड़े भाई कैलाश ने अपने परिवार के साथ सभी मेहमानों का स्वागत किया। इस शुभ अवसर पर अशोक कुमार जिला अध्यक्ष,रोहतास नंबरदार पूर्व जिला अध्यक्ष, सूबे सिंह समाज सेवक, मुन्नीलाल साहब, रघुवीर सिंह रिटायर्ड हेड मास्टर, सुमन जांगड़ा महिला प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा, ठेकेदार मदनलाल खंड सभा कनीना , राजकुमार चैयरमैन , गोपीचंद, ठेकेदार ओमप्रकाश आर्य, सुरेंद्र पाल कप्तान साहब, होशियार सिंह सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक, हीरालाल, विजय कुमार, अशोक कुमार, अत्तर सिंह ढाणा , बिल्लू आदि सम्मानित जन उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 10: बिना दान दहेज के लग्र लेते हुए
बीआर. स्कूल सेहलंग में पीटीएम एवं पैरेंट्स ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन
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कनीना की आवाज। बीआर आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेहलंग में पीटीएम कम पैरेंट्स ओरिएंटेशन प्रोग्राम का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली की प्रसिद्ध ट्रेनर एवं काउंसलर तरुणा तंवर उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के चेयरमैन हरिश भारद्वाज एवं प्रधानाचार्या ज्योति भारद्वाज ने की।
तरुणा तंवर को अभिभावक प्रशिक्षण एवं छात्र कैरियर काउंसलिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने प्रेरणादायक संबोधन में अभिभावकों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।
अपने वक्तव्य में उन्होंने अभिभावकों को बच्चों की परवरिश से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि माता-पिता को बच्चों से नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए, उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनना चाहिए तथा पढ़ाई के साथ-साथ उनके मानसिक और भावनात्मक विकास पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने अभिभावकों को यह भी सलाह दी कि वे बच्चों की मेहनत की सराहना करें, उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं, मोबाइल और इंटरनेट के सीमित एवं सकारात्मक उपयोग के लिए प्रेरित करें तथा समय प्रबंधन की आदत विकसित करें।
साथ ही उन्होंने कहा कि माता-पिता को बच्चों की तुलना दूसरों से नहीं करनी चाहिए, उन पर अनावश्यक दबाव नहीं डालना चाहिए, छोटी-छोटी गलतियों पर डाँटना या अपमानित करना नहीं चाहिए तथा हर समस्या का समाधान स्वयं करने के बजाय बच्चों को सीखने का अवसर देना चाहिए।
तरुणा तंवर ने कहा कि प्रेम, अनुशासन, विश्वास और सकारात्मक वातावरण के साथ की गई परवरिश ही बच्चों को आत्मविश्वासी, जिम्मेदार और सफल बनाती है। कार्यक्रम का मुख्य विषय बच्चों के भविष्य निर्माण में अभिभावकों की भूमिका रहा। उन्होंने बताया कि माता-पिता और शिक्षक मिलकर ही बच्चों को सही दिशा दे सकते हैं।
विद्यालय के चेयरमैन हरिश भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि बच्चों को संस्कारवान, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। इसके लिए अभिभावकों और शिक्षकों का संयुक्त प्रयास आवश्यक है।
प्रधानाचार्या ज्योति भारद्वाज ने अभिभावकों से नियमित संवाद बनाए रखने और बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर आगे बढ़ाने का आह्वान किया। स्टेज संचालन दीपा मैडम ने किया। इस अवसर पर विंग हेड कपिल शर्मा, बिजेंद्र यादव, कल्पना तंवर, पूनम यादव सहित समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
फोटो कैप्शन 07:अभिभावकों को संबोधित करती ट्रेनर तरुणा तंवर
आम बजट पर प्रतिक्रिया
-बजट आम जन के लिए बेहतर, हर वर्ग का रखा ध्यान
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कनीना की आवाज। आम बजट पर अनेक लोगों ने अपनी प्रतिक्रया दी हैं। लोगों ने कर्मचारी, अधिकारी एवं आम जन के पक्ष का बताया है।
मध्यम वर्ग, जो देश की जीडीपी में लगभग 40 प्रतिशत योगदान देता है, को इस बजट में ठोस कर राहत मिली है। पुरानी कर व्यवस्था में मानक कटौती को 50,000 रुपये से दोगुना बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह और अधिक उदार है। नई कर व्यवस्था में स्लैबों को सरल बनाया गया—5 लाख रुपये तक की आय पर शून्य कर का प्रावधान। शिक्षा ऋण पर टीसीएस हटाया गया (10 लाख रुपये तक), जबकि किराया टीडीएस सीमा को 2.4 लाख से बढ़ाकर 6 लाख रुपये किया गया। दो स्व-व्यवहृत आवासीय संपत्तियों पर कर राहत का प्रावधान किया गया है और आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा को 2 वर्ष से बढ़ाकर 4 वर्ष कर दिया गया। कर संहिता को 819 धाराओं से घटाकर 536 धाराओं में सरलीकृत करने का वादा सराहनीय है। ये कदम करदाता को राजस्व का मात्र स्रोत न मानकर भरोसेमंद भागीदार बनाने की दिशा में हैं। हरियाणा जैसे राज्यों में, जहां मध्यम वर्ग कृषि और सेवा क्षेत्र पर निर्भर है, ये राहतें उपभोग बढ़ाकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देंगी। हालांकि, जमीनी स्तर पर अनुपालन प्रक्रिया को और सरल बनाना होगा, वरना ये राहतें कागजी औपचारिकताओं तक सीमित रह सकती हैं। मध्यम वर्ग की बचत को निवेश के लिए प्रोत्साहित करने से बाजार में तरलता बढ़ेगी, जो स्टॉक मार्केट और रियल एस्टेट को लाभ पहुंचाएगी।
--रविंद्र बंसल कनीना व्यापारी
कृषि क्षेत्र, जो अभी भी 18 प्रतिशत जीडीपी और 65 प्रतिशत ग्रामीण आबादी का आधार है, पर बजट ने विशेष ध्यान दिया। प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना को 100 जिलों में विस्तारित किया गया, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन दिया गया, तथा सिंचाई और भंडारण क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया। पीएम किसान सम्मान निधि में वृद्धि, किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाई गई। मत्स्य पालन विकास के लिए अंडमान-लक्षद्वीप में आर्थिक क्षेत्र घोषित किए गए, फल-सब्जी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने का प्रावधान। मनरेगा बजट में वृद्धि, ग्रामीण क्रेडिट स्कोरिंग प्रणाली से स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को ऋण सुगम बनाया गया। चमड़ा-फुटवियर और खिलौना उद्योगों से 22 लाख नए रोजगार का अनुमान है। हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्य में, जहां गेहूं-धान चक्र प्रमुख है, फसल विविधीकरण से मिट्टी स्वास्थ्य सुधरेगा और आय अस्थिरता कम होगी। ये प्रावधान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देंगे, लेकिन वास्तविक परीक्षा यही होगी कि क्या ये योजनाएं कागजों से निकलकर खेतों, बाजारों तक पहुंच पाएंगी। छोटे और सीमांत किसानों को लाभ मिलना चाहिए, न कि बड़े जमींदारों तक सीमित रहना चाहिए। डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से किसानों को सीधे उपभोक्ता से जोडऩा ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देगा।
- सुमन कुमारी,कनीना
महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता देते हुए लक्ष्मी वंदना योजना का विस्तार किया गया, स्वरोजगार ऋण पर गारंटी हटाई गई (20 लाख तक)। शहरी महिलाओं के लिए घर-आधारित कार्य को कर छूट का लाभ दिया गया। पंचायती राज संस्थाओं के लिए 10,000 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान हरियाणा जैसे राज्यों में, जहां महिला आरक्षण 50 प्रतिशत है, वास्तविक नेतृत्व को बढ़ावा देगा। ये कदम लैंगिक समानता की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। ग्रामीण महिलाओं के लिए एसएचजी ऋण और कौशल प्रशिक्षण से आर्थिक स्वावलंबन बढ़ेगा। पंचायत स्तर पर महिला नेतृत्व से स्थानीय मुद्दे जैसे जल संरक्षण, स्वच्छता बेहतर होंगे। लेकिन पंचायत स्तर तक प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी होगा, क्योंकि भ्रष्टाचार और जागरूकता की कमी बाधाएं हैं। हरियाणा में 50त्न आरक्षण का लाभ उठाकर महिलाएं पंचायतों को परिवर्तन का माध्यम बना सकती हैं।
--पूनम कुमारी, महिला कनीना
फोटो साथ हैं
माडल संस्कृति स्कूल कनीना के विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में पाया दूसरा स्थान
-माडल स्कूल का अब तक का है रिकार्ड
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कनीना की आवाज। माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना के लिए यह अत्यंत हर्ष एवं गौरव का विषय है कि विद्यालय के होनहार विद्यार्थियों नैन्सी एवं हिमांशु ने राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में सहभागिता कर विद्यालय, क्षेत्र एवं जिले का नाम एक बार फिर गौरवान्वित किया है।
यह राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी एवं शैक्षिक प्रतियोगिताए दिनांक 31 जनवरी एवं 1 फरवरी को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद गुरुग्राम में आयोजित की गईं, जिसमें हरियाणा राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित विद्यार्थियों ने भाग लिया।
इस प्रतिष्ठित प्रदर्शनी में छात्रा नैन्सी ने गणितीय माडलिंग विषय पर आधारित अपना नवाचारी एवं विश्लेषणात्मक मॉडल प्रस्तुत किया, जिसमें गणित के व्यावहारिक उपयोग, तार्किक सोच एवं समस्या समाधान की उत्कृष्ट झलक देखने को मिली। वहीं छात्र हिमांशु ने स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विषय पर आधारित मॉडल प्रस्तुत कर समाज में स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता एवं स्वस्थ जीवनशैली का सशक्त संदेश दिया।
प्रदर्शनी के साथ आयोजित राज्य स्तरीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भी मॉडल संस्कृति स्कूल कनीना की छात्रा नैन्सी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे राज्य से भाग लेने वाले 154 विद्यार्थियों में से द्वितीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय की उपलब्धियों में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ा।
उल्लेखनीय है कि मॉडल संस्कृति स्कूल, कनीना के विद्यार्थियों ने इससे पूर्व भी विभिन्न शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। विद्यालय ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान प्रदर्शनी में खंड स्तर पर नौ स्थानों पर तथा जिला स्तर पर चार स्थानों पर कब्जा कर अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का परिचय दिया है।
इस उल्लेखनीय सफलता में विद्यालय के समर्पित मार्गदर्शक शिक्षकों श्री नितिन मुद्गिल एवं गुरदीप सिंह का विशेष योगदान रहा, जिनके कुशल निर्देशन, प्रेरणादायक मार्गदर्शन एवं निरंतर सहयोग से विद्यार्थी राज्य स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सके।
विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील खुडानिया एवं जिला विज्ञान विशेषज्ञ रविंद्र अग्रवाल ने भी विद्यार्थियों की उपलब्धि की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं तथा विद्यालय के प्रयासों को सराहनीय बताया।
फोटो कैप्शन 09: एससीइआरटी में प्रदर्शन कनीना के करते विद्यार्थी।
कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में लाया गया एक और नंदी
-अब तक उन्नत नस्लों के हो गए हैं चार नंदी
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कनीना की आवाज। कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में रेवाड़ी की गौक्रांति गौशाला से उन्नत नस्ल का नंदी लाया गया। क्षेत्र के विभिन्न लोगों ने नंदी का गौशाला में अभिनंदन किया। प्रधान भगत सिंह ने बताया कि कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला गायों की नस्ल सुधारने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में नया नंदी लाया गया है। इससे कनीना की गौशाला में गायों की नस्ल सुधरेंगी। और अधिक दूध देने वाली गायें तैयार होगी। उन्होंने बताया कि करीना की श्रीकृष्ण गौशाला अब तक नए आयाम स्थापित कर रही है। अभी तक तीन नंदी उन्नत नस्ल के थे। एक और आने से अब 4 नंदी हो गए हैं। उन्होंने बताया कि देवेंद्र और प्रदीप डागर का इस नंदी लाने में अहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि कनीना क्षेत्र और आसपास के लोगों के लिए खुशी का अवसर है कि उनके यहां उन्नत नस्ल का एक नंदी और आ गया है। वैसे भी श्री कृष्ण गौशाला अब तक नए-नए आयाम स्थापित कर रही है। गायों को गोद लेने की ककड़ी में 500 से अधिक गाये गोद ली जा चुकी हैं। गौशाला तरक्की पर है।
गौशाला की बेहतर हालात देखते हुए क्षेत्रवासी भगत सिंह का आभार जता रहे हैं। उल्लेखनीय के क्षेत्रवासी भगत सिंह से अति प्रसन्न है और क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने आज भगत सिंह का आभार व्यक्त किया और कहा कि यदि भगत सिंह गौशाला के प्रधान रहे तो निशान दे एक दिन श्रीकृष्ण गौशाला पूरे भारत की श्रेष्ठ गौशालाओं में शामिल हो जाएगी।
फोटो कैप्शन 5: नंदी का अभिनंदन करते हुए
शांति देवी का 87 वर्ष की उम्र में हुआ निधन
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कनीना की आवाज। हनुमान प्रसाद शर्मा ,पूर्व मंडल अध्यक्ष भाजपा कनीना गांव अगिहार की माता शांति देवी का स्वर्गवास हो गया। वे 87 वर्ष की थी तथा अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गई है। उनका अन्तिम संस्कार उनके पैतृक गांव अगिहार में किया गया। उनके अन्तिम संस्कार में
सीताराम यादव पूर्व विधायक अटेली , सत्यवीर सिंह यादव ,राजेन्द्र प्रसाद भारद्वाज, शक्ति सिंह,डा. रविंद्र कुमार, सुरेश कुमार शर्मा ,कप्तान सिंह रमेश कुमार साहब,हिम्मत सिंह तंवर,कुलदीप सिंह यादव,पंकज, धर्मवीर साहब अगिहार सतीश कुमार यादव आदि अनेक गांवों के गणमान्य लोग भारी संख्या में शामिल हुए।
फोटो कैप्शन: शांति देवी
रविदास की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक
-मीरा के भी गुरु थे संत रविदास-सचिन प्रवक्ता
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कनीना की आवाज। कनीना एवं आस पास गांवों में संत रविदास जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस कार्यक्रम में रविदास के जीवन पर प्रकाश डाला और लोगों को उनके दिखाए गए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। कनीना के वार्ड 8 में रविदास को याद किया। यहां अतरलाल मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि जब मन साफ होता है तो कोई तीर्थ व्रत करने की भी आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि यह कथन संत शिरोमणि स्वामी रविदास महाराज ने साफ कर दिया था कि मन का साफ होना जरूरी है। चाहे तन साफ हो या ना हो क्योंकि जिनके मन साफ होते हैं उनको कोई तीर्थ स्थल पर जाने की भी जरूरत नहीं है। गंगा स्नान करने की भी आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि जिनके मन साफ होते हैं उनके तो घर में भी गंगा माता स्वयं आ जाती है। इसलिए हमें साफ मन रख कर के अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए। मन में मैल नहीं रखना चाहिए। प्रभु तो तन के अंदर बैठा है और वह मन को अच्छे से देख रहा है क्योंकि उसकी दृष्टि में साफ मन वाले लोगों का सदा सदा सम्मान होता है।
उन्होंने कहा कि संत के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत के जीवन से हमें भाई-चारा कायम रखने की सीख मिलती है। संत जी ने काम को महत्व दिया था और गंगा स्नान बारे उनका कहना था कि मन चंगा तो कठौती में गंगा।
मीरा के भी गुरु थे संत रविदास-दीपक चौधरी
दीपक चौधरी पार्षद ने रविदास जी के जीवन पर प्रकाश डाला और लोगों को उनके दिखाए गए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि संत के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत के जीवन से हमें भाई-चारा कायम रखने की सीख मिलती है। संत जी ने काम को महत्व दिया था और गंगा स्नान बारे उनका कहना था कि मन चंगा तो कठौती में गंगा। इस मौके पर भंडारे का आयोजन भी किया गया। संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती क़स्बे के वार्ड 8 में बड़ी धूमधाम से आयोजित की गई । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रकाश यादव ने संत रविदास के सिद्धांतों को अपनाने की अपील की। इस मौके पर प्रकाश यादव ने 31 हजार, अतरलाल ने 11 हजार एवं विनय एडवोकेट ने 5100 रुपए दान दिए।
मुख्य अतिथि ठाकुर अत्तरलाल ने संत रविदास के दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में शानदार कार्य कर रही प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया गया। सचिन प्रवक्ता को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर प्रधान मोहर सिंह आर्य , विनय यादव एडवोकेट , दिनेश यादव , अशोक ठेकेदार ,बलवान सिंह आर्य, कृष्ण प्रकाश गुरुजी ,कमल यादव ,पवन कुमार ,सतीश मास्टर , रामेश्वर पूर्व पार्षद ,दीपक चौधरी पार्षद आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 03: संत रविदास को याद करते हुए
आम बजट पेश
-विभिन्न लोगों ने दी अपनी अपनी प्रतिक्रिया
-किसी ने बेहतर तो किसी ने खराब बजट होने की बात कही
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कनीना की आवाज। सरकार ने आम बजट पेश कर दिया है। आम बजट को लेकर के विभिन्न लोगों ने अपनी अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। जहां बजट को कुछ ने बेहतर बताया तो कुछ लोगों ने इसे प्रतिकूल करार दिया है। बजट के बारे में क्या कहना है लोगों का-
**किसानों के लिए एआई टूल भारत विस्तार कार्यक्रम का लागू करना तथा चंदन के पेड़ों की लकड़ी के लिए विशेष योजना बनाने, बादाम अखरोट पैदावार बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं शुरू की गई है जो किसानों के लिए भविष्य में लाभप्रद साबित होंगी। इन योजनाओं से किसान कुछ नया कर पाएंगे तथा नया करके अपनी आय को बढ़ा पाएंगे।
-- दीनदयाल कनीना निवासी
इनकम टैक्स को सरल बनाया जाना सराहनीय कदम है परंतु इनकम टैक्स में कोई छूट न देना उचित नहीं है। विदेश यात्रा पर भी टैक्स 2 प्रतिशत लगा दिया गया है। वही अपग्रेड अस्पतालों में सुविधा देने, ट्रामा सेंटर स्थापित करने आदि योजनाएं बेहतर है। ऐसे में बजट कुछ मायने में जन अनुकूल साबित हो सकेगा।
-- राम प्रताप कनीना निवासी
पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप और प्रत्येक जिले में लड़कियों के लिए छात्रावास खोलना बेहतर साबित होगा। क्योंकि चिकित्सा प्रमुख सुविधा होनी चैाहिए। चिकित्सा के बगैर अनेक इंसान लुटने पीटते रहते हैं। अगर प्रत्येक जिले में ट्रामा सेंटर होगा तो इसका विभिन्न लोगों को लाभ मिलेगा।
- ओमप्रकाश भडफ़ निवासी
हेल्थ केयर सेक्टर को लेकर बड़ी घोषणा की है जिससे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो पाएंगी। जिला अस्पताल का अपग्रेड करने का मसला भी बेहतर साबित होगा। ऐसे में यह बजट जन अनुकूल साबित होगा।
- दुलीचंद साहब
पशुधन, किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा देने तथा मत्स्य पालन के लिए 500 जलाशय और अमृत सरोवर का इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट करने की योजना किसानों के लिए भी लाभप्रद साबित होगी। वहीं पशुपालन क्षेत्र के लिए लोन आधारित सब्सिडी कार्यक्रम शुरू करना किसानों के लिए बेहतर साबित होगा। इसलिए किसानों के लिए यह बजट हितकर साबित होगा।
-- रामपाल कनीना किसान
यह बजट किसान, व्यापारी, अधिकारी, कर्मचारी आदि के कुछ अनुकूल नजर आता है। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को अनेक सुविधाओं की जरूरत होती है। पेड़ पौधों एवं फसलों से अपना लालन-पालन करते हैं। ऐसे में किसानों के लिए बेहतर पैदावार लेने के लिए एआई टूल्स स्थापित करने की घोषणा किसानों के लिए हितकर साबित होगी।
- सोनू यादव,कनीना।
फोटो कैप्शन: दीनदयाल, सोनू यादव, रामपाल , दुलीचंद साहब, ओमप्रकाश, रामप्रताप
संत रविदास की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक-दीपक चौधरी
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कनीना की आवाज। कनीना के वार्ड 6 और 8 में बड़ी धूमधाम से मनाया गया संत रविदास जी की के चरणों में पुष्प अर्पित कर व माला पहनाकर सभी ने संत रविदास को याद किया।
दीपक चौधरी ने बताया कि संत रविदास जी ने समानता की बात कही और दूसरी परिश्रम करके अपनी आजीविका कमाने की बात कही। महान संत रविदास जी ने सभी के आपसी भाईचारे को बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि सभी धर्म और सभी वर्गों को मिल झूल कर समाज को सशक्त बनाना चाहिए। समाज की सभी कुरीतियों को मिटाने के लिए समाज को जागरूक करना चाहिए। ऐसे महान संतों के दिखाए हुए रास्ते पर सभी को चलना चाहिए और समय समय पर महान संतों की यादगार में कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
इस कार्यक्रम में मुकेश नंबरदार, नरेंद्र फौजी, मनीष कुमार,राकेश पार्षद, योगेश, देशराज, पूजा, नीरज चौधरी, बिजेंद्र हेडमास्टर, धर्मपाल,गोवर्धन, चांदराम नंबरदार, बाबूलाल, आदि अनेक गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
फोटो कैप्शन 04: संत रविदास को याद करते हुए
कुतरूं प्राचार्य के कारनामे एपिसोड- 09
बच्चों को घटिया खाना खिलाने का समाचार छपने पर कुतरूं ने दिलवाया नोटिस
-फिर पकड़ा गया लकड़ी बेचने के लिए ट्रैक्टर भर कर ले जाते हुए
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कनीना की आवाज। कनीना निवासी एवं विज्ञान अध्यापक रहे विभिन्न पदों, पर विभिन्न विद्यालयों में कार्य करने वाले डा. होशियार सिंह यादव ने अपने जीवन काल में करीब तीन दर्जन से अधिक प्राचार्यों से भेंट की, उनके साथ काम किया किंतु इनमें से कुछ ऐसे कुतरूं प्राचार्य भी मिले जिनके नाम लेते वक्त भी शर्म आती है, जिनकी नीचता एवं घृणित कार्यों से मन व्यथित हो जाता है। परंतु बहुत से ऐसे प्राचार्य मिले जिनसे मिलकर बेहद खुशी हुई। आज भी उनसे मिलने को मन करता है और इच्छा होती है कि ऐसे प्राचार्य अगर हो तो युवा शिक्षक आगे की ओर बढ़ते चले जाएंगे किंतु जिनका कार्य ही घटिया हैं, दूसरों को दुख देना है, ज्ञान में अज्ञानी है, ब्लैकमेलिंग का कार्य करते हैं, उनसे पूरा समाज दुखी रहता है। आइये चर्चा करते हैं एपिसोड-9 में एक ऐसे कुतरूं प्राचार्य की जो ब्लैकमेलिंग में नंबर वन रहे हैं। कुतरूं प्राचार्य ब्लैकमेलर नाम से भी जाना जाता है। ब्लैकमेलिंग में अग्रणी रहे हैं परंतु हाथ जोडऩे और किसी के पैर पकडऩे में भी बहुत माहिर रहे हैं। बच्चों को भड़काने में एक नंबर के रहे हैं। आश्चर्य होता है कि उनको किसी विषय का कोई ज्ञान नहीं है और इसीलिए कुतरूं प्राचार्य कहलाता है और लोग उसे कुतरूं कहते हैं। दुख होता है कि शिक्षा विभाग में ऐसे कलंक भी है जो समाज को कलंकित करते हैं। इसीलिए शिक्षकों की समाज को कुछ गिरावट होने लगी है। मेरा दावा है कि मेरे साथ कुतरूं प्राचार्य किसी भी विषय में ब्लैकमेलिंग एवं पैर पकडऩे के कार्य को छोड़कर, स्पर्धा/ मुकाबला करवा दो अगर वह जीत जाए तो मैं ताउम्र उसकी गुलामी करूंगा, अगर वह हार जाए तो उसके जूते मारने चाहिए और जूतों की माला पहनानी चाहिए क्योंकि ऐसे घृणित व्यक्ति समाज में कुछ नहीं दे पाते। देते हैं तो बस बुराई।
घटना उस समय की है जब कुतरूं प्राचार्य बच्चों के शिविर में बैठे हुए थे। आश्चर्य है कि बच्चे लकड़ी फाड़ रहे थे, पेड़ों की छंगाई कर रहे थे, धुआं कर रहे थे और एक भी अच्छा काम नहीं कर रहे थे। कहने को तो शिविर लगा हुआ था लेकिन शिविर में सकारात्मक कार्य नहीं कर रहे थे। आश्चर्य तब हुआ जब उनको दिया गया खाना देखा। उनका खाना इतना खराब कि देखकर रोना आ गया। कितने लोगों को उनका खाना दिखाया। या तो कोई बोलने की हिम्मत नहीं कर पाया और बोलने का प्रयास किया तो कुतरूं प्राचार्य ने उनके पैर पकड़ लिये।
बच्चों को इतना भड़काने में माहिर रहा है कि कभी भी किसी शिक्षक के विरुद्ध भड़का सकता है। आज भी उसमें यह अवगुण है। यही कारण है कि कितने ही अच्छे-अच्छे शिक्षकों के विरुद्ध विद्यार्थियों को भड़काया। जातिवाद में गहरा आनंद उठाता है। सदा जातिवाद का विष भी घोलता है। अपने जाति के शिक्षकों का ख्याल भी रखता है। कैंप लग रहा था जिसमें बच्चे ही लकड़ी फाड़ रहे थे, धुआं कर रहे थे। पेड़ों की कटाई कर रहे थे और जब खाना देखा तो बहुत दर्द हुआ। इतना घटिया खाना बच्चे खा रहे थे। क्योंकि कुतरूं अपनी जेब में पैसे डाल रहा था, झूठे बिल लगा रहा था जिनका प्रमाण आज तक हमारे पास है। कोई उसके विरुद्ध बोलता उसके पैर पकड़ लेता। एक पत्रकार हरियाणा सरकार से मान्यता प्राप्त है और शिक्षक भी है। उसने जब समाचार को प्रकाशित कर दिया तो उसके विरुद्ध शिक्षा विभाग में और अखबार कार्यालय में नोटिस भिजवाया। यह नोटिस नहीं अपितु दबाव की नीति बनाकर ब्लैकमेलिंग करना था। उसका एक दोस्त के बहुत नजदीकी भी इसमें शामिल रहा है जिनका कार्य ही ब्लैकमेलिंग रहा है। आखिर यह नोटिस इसलिए दिलवाया था कि किसी प्रकार दबाव की नीति बनाई जाए और आगे समाचार प्रकाशित नहीं करें। साथ में उच्च अधिकारियों से शिक्षक को फटकार दिलवाने की चाल थी। सरकार से कुतरूं नोटिस देने की अनुमति भी नहीं ली चूंकि वह भी एक कर्मचारी था। परंतु उच्च अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया। हां ब्लैकमेलिंग के लिए दूसरों के जरिए बहुत दबाव डाला परंतु मेरे एक निकृष्ट साथी ने कहा कि-हांडी फुटेगी तो कुत्ता की जात दिखेगी।
निकृष्ट दोस्त के कहने से कुतरूं का मुंह भी बंद किया गया। चूंकि कुतरूं स्कूल के समान को खुर्द बुर्द करने में सदा माहिर रहा है। किसी कैंप कुतरूं उल्टे सीधे काम करवाने में माहिर था। दो व्यक्ति इसी ताक में थे कि कब कुतरूं को रंगे हाथों पकड़ा जाए।
कुतरूं प्राचार्य ने एक दिन लकडिय़ां कटवाकर एक ट्रैक्टर भर लिया और उसे बेचने की फिराक में था। ट्रैक्टर को आरा मशीन की ओर भेज दिया जबकि खुद पीछे-पीछे चल रहा था। फिर क्या था दो व्यक्ति इसी फिराक में थे उन्होंने उस ट्रैक्टर को रुकवा कर पूछा कि ये लकडिय़ां कहां से लाये हो और कहां ले जा रहे हो? तो उसने स्पष्ट कह दिया कि कुतरूं प्राचार्य ने कटवाई हैं और आरा मशीन पर जाएंगी। बस फिर क्या था कुतरूं प्राचार्य भी आ पहुंचा। जब कुतरूं प्राचार्य ने देखा कि अब तो पकड़ा गया और नौकरी जाएगी तो वह सीधा उनके पैरों में लेट गया। उन्होंने कहा कि अब नहीं बख्शेंगे। तुम्हारे विरुद्ध पुलिस में मामला दर्ज करवाएंगे और उच्च अधिकारियों को शिकायत करेंगे। कुतरूं प्राचार्य ने कहा कि मुझे बख्श दो मैं वादा करता हूं भविष्य में ऐसा कुछ नहीं करूंगा। अगर तुम कुछ करोगे तो मेरे बच्चों की जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। मेरी भी जिंदगी खराब हो जाएगी, बहुत रोया उनके आगे। वो दोनों भी अपनी जगह स्टैंड पर नहीं मिले और कुतरूं प्राचार्य को यह कहकर छोड़ दिया कि करेगा सो भरेगा। खैर कुतरूं आचार्य ने लकड़ी भी बेची खूब झूठे बिल भी लगाए, शोषण भी किया। बात धीरे-धीरे सभी लोगों तक पहुंची। आदत के अनुसार लोग चुप हो गये कि कुतरूं प्राचार्य है ही घटिया। पर इससे बच्चों का अहित, समाज का अहित हुआ। ऐसे से सावधान रहना चाहिए जो न किसी का अच्छा कार्य करते और न भविष्य में करेंगे। ये कुतरूं करेंगे तो बस घटिया कारनामे।

























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