कनीना की मांगों के लिए दीपक चौधरी ने दिया ज्ञापन
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कनीना की आवाज। आरती सिंह राव स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा सरकार से सचिवालय चंडीगढ़ में मुलाकात कर दीपक चौधरी पार्षद कनीना की दो प्रमुख मांगों को रखी। जिनमें मुख्यतौर पर बाबा मोहलडऩाथ धाम कनीना के निर्माणाधीन भवन के लिए आर्थिक सहयोग राशि प्रदान करवाने के लिए रखी गई। जिसके लिए मंत्री आरती सिंह राव ने पूरा आश्वासन दिया है कि गांव के लोगों की धार्मिक आस्था को ध्यान में रखकर हर संभव मदद करेंगी। मंदिर कमेटी के प्रधान दिनेश और कमेटी सदस्यों द्वारा शुरू किए गए निर्माण कार्य की लिए सराहना की। दूसरा कार्य होलीवाला जोहड़ के सौंदर्यीकरण के लिए नगरपालिका के पास उपलब्ध सरकार द्वारा दी गई ग्रांट में से रुपये रिलीज करने के लिए डीएमसी नारनौल को संबंधित पत्र के बारे में संज्ञान लाने के लिए फारवर्ड किया ताकि सरकारी ग्रांट का पैसा कनीना के विकास कार्यों में लगे। सरकार की स्कीम के अनुसार पहले आयी हुई ग्रांट जब लग जाती है उसके बाद ही नई ग्रांट मिलने का प्रावधान है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने दोनों बातों को सुना और तत्परता से इन दोनों मांगों को जल्द पूरा करवाने का आश्वासन दिया। इस समय कनीना से देवेन्द्र कनीना और कृष्ण कुमार साथ रहे।
फोटो कैप्शन 09: दीपक चौधरी ज्ञापन देते हुए
कोटिया स्कूल में चल रहा है छह दिवसीय योग शिविर
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कनीना की आवाज। शहीद हनुमान सिंह राजकीय माध्यमिक विद्यालय कोटिया में 6 दिवस योग प्रशिक्षण का आयोजन चल रहा है। पतंजलि योग प्रशिक्षक सीताराम ने विद्यालय के सभी बच्चों को सूर्य नमस्कार अन्य आसनों एवं प्राणायामों करवाया।
देशराज रिटायर्ड मुख्य शिक्षक ने बताया कि सभी बच्चों का वह विद्यालय स्टाफ इस कार्यक्रम में रुचि लेकर अभ्यास कर रहे हैं और स्वामी रामदेव के नारे को साकार करने का प्रयास कर रहे हैं- करो योग रहो निरोग। सीताराम प्रशिक्षक बच्चों को योग प्राणायाम का जीवन में महत्व के बारे में भी साथ-साथ बताते रहते हैं। विद्यालय परिवार में दीपक, सत्यवीर, देशराज यादव, संजू यादव, रेखा एवं मनफूल ने इस प्रशिक्षण की सराहना की और कहा है कि ऐसे कार्यक्रम स्कूल में निरंतर चलते रहने चाहिए ताकि बच्चों को लाभ मिल सके।
फोटो कैप्शन 07: योग करते हुए बच्चे
शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे मंत्री के निजी सचिव
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कनीना की आवाज। हनुमान शर्मा अगियार की माता शान्ति देवी का देहांत 31 जनवरी को हो गया था। वो अपने पीछे एक भरा पूरा परिवार छोड़ गई जिसमें उनके दो बेटे,तीन पोते,तीन पड़पोते,एक पड़पोती शामिल है। शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के लिए आस पास के विभिन्न गांवों से गणमान्य लोग पहुंच रहें हैं। हनुमान शर्मा को मातृ शोक श्रद्धांजलि देने लिए आरती सिंह राव,स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा सरकार के पर्सनल सचिव गोविंद कनीना, पवन खैरवाल, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष महेंद्रगढ़ बीजेपी, मुकेश यादव अटेली मंडल अध्यक्ष, प्रवीण यादव बाछोद मंडल अध्यक्ष, विनीत कुमार सरपंच सेहलंग,सत्यवीर यादव पूर्व उपाध्यक्ष भाजपा महेंद्रगढ़,र ाजेंद्र भारद्वाज पूर्व मंडल अध्यक्ष कनीना, शक्ति सिंह पोता, दीपांशु शर्मा, अश्वनी शर्मा, निलेश कौशिक, हार्दिक शर्मा,राघव शर्मा, चैतन्या शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 08: श्रद्धांजलि देते हुए सचिव, मंत्री आरती सिंह राव
डांडा गाडऩे के पीछे माना जाता है फसल पैदावार का पूर्व अनुमान
-होली दहन से एक माह पहले गाड़ा जाता है डांडा
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कनीना की आवाज। होलिका दहन की ग्रामीण क्षेत्रों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। वैसे तो बसंत पंचमी को ही होली का डांडा गाडऩे का रिवाज है जबकि कनीना में होलिका दहन 2 मार्च होगा और जबकि कुछ गांवों में होली का डांडा बसंत पंचमी को ही गाड़ दिया है।
डांडा गाडऩे का अर्थ सीधे शब्दों में बताते हुए ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि विधि विधान से जल का घड़ा भूमि में दबाकर ईंधन डाल देते हैं जिसके बाद गांव में कोई पर्व नहीं मनाते जब तक कि होलिका दहन का काम पूर्ण न हो जाये। कुछ जगह सवा माह पहले तो कुछ जगह एक माह पूर्व ही डांडा गाडऩे का रिवाज है।
क्या है डांडा-
कनीना में वर्षों से होलिका दहन रेवाड़ी रोड़ के पास एक जोहड़ के किनारे संपन्न होता है जिसे होलीवाला जोहड़ कहा जाता है। होली से एक माह पूर्व एक घड़े में पानी भरकर अच्छी तरह ढककर होलिका दहन स्थल पर गाड़ दिया जाता है जिसे होली का डांडा नाम से जाना जाता है।
बाबू वेदप्रकाश, सूबे सिंह, राव मोहर सिंह आदि बताते हैं कि डांडा गाडऩे के बाद बहुएं अपने ससुराल को नहीं छोड़ती उनके लिए मायके जाना भी अशुभ माना जाता है। तत्पश्चात डांडे के ऊपर ईंधन उपले व गोबर के बने हुए ढाल व तलवार कस्बावासी मिलकर डालते हैं। उनका मानना है कि पुराने समय में नव विवाहिता अपने ससुराल पक्ष में जाकर लावणी आदि कार्यों में हाथ बंटाती थी जिसके कारण यह प्रथा बनाई गई है।
होलिका दहन के बाद, एक निश्चित गहराई पर गाड़ी गए जल के घड़े को निकाला जाता है और इस में जल की मात्रा को देखा जाता है। यदि घड़ा जल से पूरा भरा मिलता है तो इसे बेहतर पैदावार होने की उम्मीद जताई जाती है जबकि घड़े में जितना पानी कम होता जाता उतनी फसल पैदावार कम मानी जाती है। सैकड़ों वर्षों से यही रिवाज चला रहा है। होलिका दहन स्थल पर यह प्रथा विधि विधान से पूर्ण की जाती है। जहां पकी हुई बालियों को होली में भूलकर लावणी शुरू करने की प्रथा है वही पानी की मात्रा देखकर पैदावार का पता लगाते हैं। क्या कहते हैं डांडे के विषय में कनीना के लोग -
गांव के राजेंद्र सिंह बताते हैं कि उनके पूर्वजों से यही प्रथा चली आ रही है। पानी के घड़े को भूमि में दबाया जाता है और उस पर एक माह तक ईंधन डालकर होलिका दहन किया जाता है। जब होलिका दहन पूर्ण हो जाता है अगले दिन इसे निकालकर पानी की मात्रा देखी जाती है जिसे फसल पैदावार अर्थात शामत का अनुमान लगाते हैं। पुराने समय में किसानों के पास यही आधार था जिससे फसल पैदावार का अनुमान लगाते थे।
राजेंद्र सिंह किसान का कहना है कि यह रिवाज उनके पूर्वजों से सुनते आ रहे हैं। उनका कहना है कि विज्ञान बेशक इसे न माने परंतु घड़े का पानी जितना काम होता है उतनी फसल पैदावार कम होती है। यह कनीना के होली वाला जोहड़ पर पूर्वजों से चला आ रहा एक रिवाज है।
क्या कहते हैं डांडा गाडऩे वाले-
कनीना के रोहताश सिंह, राजकुमार, प्रदीप, वेदप्रकाश, सज्जन सिंह एवं देवेंद्र कुमार डांडा गाडऩे का काम करते हैं। उनका कहना है कि करीब 3 फुट गहराई में डांडा गाड़ा जाता है तथा विधि विधान से डांडा गाड़कर उस पर ईंधन डाल दिया जाता है। इसके बाद होली के खेल की शुरूआत होती है। पकती फसल को देखकर लोग खुशी खुशी विभिन्न खेल खेलते हैं।
अब तो कनीना में ही दो स्थानों पर होली दहन किया जाता है। कभी पूरे कस्बा का एक ही होली दहन स्थल होता था।
फोटो कैप्शन 05: होलीवाला जोहड़ पर डांडा गाड़ा हुआ दिखाते हुए
गांव झाड़ली में हुई हत्या के मामले में दो आरोपित गिरफ्तार
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कनीना की आवाज। थाना सदर पुलिस कनीना द्वारा आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गांव झाड़ली में हुई हत्या के मामले को सुलझाते हुए आज दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राजकुमार और विनोद कुमार निवासी गांव झाड़ली के रूप में हुई है। इस घटना के संबंध में मृतक के पुत्र कृष्ण कुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनके परिवार की आरोपियों के साथ पुरानी रंजिश चल रही थी, जिसके चलते फरवरी 2025 में भी एक मुकदमा दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता के अनुसार, दिनांक 01 फरवरी 2026 की रात करीब 9 बजे जब उसके पिता अनिल एक कुआं पूजन कार्यक्रम में गए थे, तभी एक व्यक्ति उन्हें बुलाकर बाहर ले गया, जहां पहले से घात लगाए बैठे राजकुमार, विनोद और अन्य ने लाठी, डंडों और कुल्हाड़ी से उन पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल अनिल को पहले कनीना के सरकारी अस्पताल और बाद में पीजीआई रोहतक ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 02 फरवरी 2026 को उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी राजकुमार और विनोद को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ में वारदात में प्रयोग की गई लाठी बरामद की है। आरोपियों को आज न्यायालय में पेश किया गया।
फोटो साथ है
कुतरूं प्राचार्य के कारनामे-10
आज कुछ समाजसेवी बने हैं कल तक वो कुतरूं से मिलकर करते थे जमकर शिकायतें
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कनीना की आवाज।। कनीना निवासी डा. होशियार सिंह यादव ने बतौर विज्ञान अध्यापक एवं प्राध्यापक 40 सालों तक शिक्षण कार्य किया है। उन्होंने स्कूल, कालेज निजी और सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य किया है। इस अवधि दौरान करीब 35 विभिन्न स्कूल प्राचार्यों के साथ काम किया और उनमें से चंद कुतरूं प्राचार्य निकले। जिनका नाम लेते ही तन मन में दर्द होता है। जिनकी भावना हीन रही है। किसी के काम को रोकने आए हैं। सच का साथ नहीं दिया और उन्होंने सदा ही अच्छे और स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों का विरोध किया। ऐसे ही कुतरूं प्राचार्य के कारनामे सामने आये हैं। आज एक कारनामा यहां उजागर किया जा रहा है।
यहां उल्लेखनीय है कि अनेक कई ऐसे शिक्षक रहे हैं जो आज समाजसेवी बने घूम रहे हैं लेकिन कल तक वो कुतरूं प्राचार्य के बहुत नजदीकी रहे हैं और उससे मिलकर सदा ही डा. होशियार सिंह यादव विज्ञान अध्यापक का विरोध किया। उन्होंने यहां तक की होशियार सिंह को नौकरी से हटाने के अथक एवं जमकर प्रयास किया। यह सत्य है कि उन्होंने मंत्री नेता,कितने ही संतों और किसी बड़े अधिकारियों से मिलकर न केवल डा. होशियार सिंह की बार बार शिकायत करवाकर जांच करवाई अपितु 29 बार तबादला करवाया। और कितने ऐसे कारनामे की है जिनके चलते लगता है कि ये लोग समाजसेवी नहीं अत्याचारी हैं। आज भी इधर-उधर किसी मोड़ पर ये लोग मिल जाते हैं। करीब चार लोग ऐसे रहे हैं जो कुतरूं प्राचार्य के बहुत करीबी थे। कहावत है-घर का भेदी लंका ढाए। उन्होंने डा. होशियार सिंह के बारे में कुतरूं को उल्टी सीधी पट्टियां पढ़ानी शुरू कर दी और न जाने कितनी आरटीआई लगवाई। बाद में तो डा. होशियार सिंह ने उनके विरुद्ध इतनी आरटीआई लगाकर आंकड़े इकट्ठे किए अलमारी में भरे पड़े हैं। परंतु हर इंसान का एक समय होता है। कुतरूं प्राचार्य से मिलकर ये विरोध जताते रहे जबकि उन्हें मालूम था कि डाक्टर होशियार सिंह शिक्षण कार्य में कभी पीछे नहीं रहेंगे। इसलिए पढ़ाने वालों की कदर तो ये लोग करते ही नहीं थे क्योंकि खुद जिन्होंने कभी पढ़ाया तो वे दूसरे को पढ़ाते हुए नहीं देख पाते थे। 29 बार बदली होने के पीछे भी यही एक कारण था। ऐसे लोगों से जब डा. होशियार सिंह की भेंट होती है तो बड़ा दर्द और अफसोस होता है कि समाज में कहीं भी रहेंगे कलंक कहलाएंगे क्योंकि इनका कार्य ही सदा उल्टे सीधे काम करना होता है, अति स्वार्थी भी हैं। कुतरूं प्राचार्य ने इनका सहारा लेकर के डाक्टर होशियार सिंह का कितना ही बुरा करना चाहा, कितनी ही आरटीआई लगाई, कितने ही उनके मिलने वाले लाभों को रोकने का प्रयास किया किंतु जिनके साथ प्रभु होते हैं उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाता। यह सत्य है कि बहुत से डा. होशियार सिंह के लाभ आज तक नहीं मिले। इसी कड़ी में जहां 10 फरवरी को भी पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में एक सुनवाई होनी है। खैर इन्होंने दूसरों का बुरा किया और चाहा तो आज उनका भी कुछ भला नहीं हुआ। कहावत है कर भला सो हो भला। जिन्होंने दूसरों का बुरा किया उनका खुद का कैसे भला होगा। इस गैंग में कनीना कस्बे के ही नहीं कई बाहर के भी गांव के भी लोग शामिल थे जिनकी सारी सूची मैंने अपनी पुस्तक में प्रकाशित कर दी है। इनको कनीना और आसपास के लोग भी जानते हैं। इसलिए इन लोगों को जो कुतरूं का साथ देते हैं नीच अधम प्राणी बोलते हैं। किसी से पूछा जाए वे बस यही कहेंगे इनका तो जीवन में बुरा करने का उद्देश्य रहा है। कहने को तो अब वह समाज सेवा में जुट रहे हैं। यूं दिखाई देता है कि पता नहीं कितनी समाज सेवा की है लेकिन समाज का अहित जमकर किया है। इस वक्त समाज को ऐसे लोगों से बचकर रहने की जरूरत है वरना ये समाज को भी कलंकित कर डालेंगे।
लाठी-डंडों से पीटकर व्यक्ति की हत्या के मामले में दो आरोपी काबू
-तीसरे को किया जाएगा जल्द ही गिरफ्तार-पुलिस
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कनीना की आवाज। उपमंडल के गांव झाड़ली में पुरानी रंजिश के चलते हुई हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव झाड़ली निवासी विनोद व राजकुमार के रूप में हुई है। दोनों आरोपी सगे भाई हैं। पुलिस ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 152 डी के नजदीक गांव खेड़ी से आरोपियों को काबू किया है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि हत्या के इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मृतक अनिल के बेटे कृष्ण कुमार की शिकायत पर राजकुमार, विनोद और भावना के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजकुमार व विनोद को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। बता दें कि रविवार रात को आरोपियों ने अनिल कुमार को लाठी-डंडों व कुल्हाड़ी से मारपीटकर बुरी तरह घायल कर दिया था। घायलावस्था में परिजन अनिल को उपचार के लिए उप नागरिक अस्पताल कनीना ले गए थे। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद गंभीर हालत में पीजीआई रोहतक रेफर किया था। पीजीआई में चिकित्सकों ने अनिल को मृत घोषित कर दिया था। सोमवार देर शाम को ही मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों और मृतक के बीच करीब दस सालों से पारिवारिक रंजिश चली आ रही थी। पुलिस के अनुसार आरोपी राजकुमार ने फरवरी 2025 में मृतक अनिल के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करवाया था। वहीं मृतक अनिल करीब चार महीने पहले जमानत पर बाहर आया था तथा इसी मामले में दूसरा आरोपी मृतक का अनिल का बेटा धर्मेंद्र भी करीब डेढ़ महीने पहले ही जमानत पर बाहर आया था। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
महाशिवरात्रि मेला-15 को
शिव के प्रति अगाध आस्था ने बनवाया शिवालय
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कनीना की आवाज। कनीना के शिवभक्त भरपूर सिंह निर्बाण की शिव के प्रति आस्था जागृत हुई फिर कावड़ लाने का सिलसिला शुरू किया तत्पश्चात उन्होंने कनीना में ही विशाल शिवालय का निर्माण करवाया।
कनीना के मोदीका मोहल्ले का रहने वाला भरपूर सिंह पेशे से एक छोटा सा दुकानदार है किंतु उनकी आस्था विशाल है। अच्छी आमदनी न होते हुए भी उन्होंने शिव के प्रति विश्वास नहीं छोड़ी। अपने एक साथी तथा कनीना में सर्वाधिक कावड़ लाने का रिकार्ड कायम करने वाले सुमेर सिंह चेयरमैन से वे इतने प्रभावित हुए कि नीलकंठ एवं हरिद्वार से कावड़ लाने का सिलसिला शुरू कर दिया। वे लगातार 13 वर्षों तक कावड़ लाते रहे। अपनी दुकान का काम छोड़कर भी वे कावड़ लाते और कावड़ लाकर कनीना के गांव बाघोत स्थित बाघेश्वरी धाम पर चढ़ा देते। वे शिव के प्रति इतने आशक्त हो गए कि उन्होंने अपने खून पसीने की पूंजी से कनीना में विशालकाय शिवालय बनवाने का निर्णय लिया।
कनीना के बाबा मोलडऩाथ मंदिर के पास ही भरपूर सिंह ने 21 फुट ऊंची प्रतिमा वाले शिवालय का निर्माण शुरू करवा दिया। पूरे एक वर्ष तक काम चलने और लाखों रुपये खर्च करके उनका शिवालय पूर्ण हो गया। आखिरकार शिवरात्रि के दिन वर्ष 2001 में यह शिवालय आमजन के लिए खोल दिया गया। यहां उल्लेखनीय है कि भरपूर सिंह के इस शिवालय पर जो भी खर्चा आता है वह स्वयं वहन करता है। चढ़ावे के रूप में जो अन्न आता है उसे वह बोरों में भरकर या तो गौशाला को दान कर देता है या फिर गायों को चरा देता है।
शिवरात्रि एवं महाशिवरात्रि को यहां भारी भीड़ जुटती है तथा भक्त शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। हर वर्ष छोटा मेला भी लगता है।
फोटो कैप्शन 04: कनीना का 21 फुट ऊंची प्रतिमा वाला शिवालय।
आर्यभट्ट गणित चैलेंज में देश के शीर्ष 100 विद्यार्थियों में स्थान प्राप्त करने पर किया सम्मानित ****************************************************
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कनीना की आवाज।बीआर आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेहलंग में पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सीबीएसई द्वारा आयोजित आर्यभट्ट गणित चैलेंज 2025 में विद्यालय के कक्षा दसवीं के तीन विद्यार्थियों—निकिता गांव सेहलंग, अंजलि आकोदा तथा चाहत पोता द्वारा देश के शीर्ष 100 विद्यार्थियों में स्थान प्राप्त करने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इसी क्रम में हाल ही में आयोजित खंड स्तरीय लीगल लिटरेसी क्लब प्रतियोगिता में कक्षा दसवीं की छात्रा चाहत ने पेंटिंग में प्रथम स्थान तथा अंजलि ने निबंध लेखन प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया।
इसके अतिरिक्त इंटरनेशनल इंग्लिश ओलंपियाड में कक्षा चौथी के विद्यार्थियों पंकज, निहिर तथा भाविक ने गोल्ड मेडल आफ डिस्टिंक्शन प्राप्त कर विद्यालय को गौरवान्वित किया।
विद्यालय के चेयरमैन हरिश भारद्वाज ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यहाँ के विद्यार्थी हर क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। यह विद्यालय की गुणवत्ता, शिक्षकों की मेहनत और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। हमारा उद्देश्य बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रखकर उन्हें सर्वांगीण विकास की ओर अग्रसर करना है।
प्रधानाचार्या ज्योति भारद्वाज ने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता उनकी लगन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। विद्यालय सदैव विद्यार्थियों को आगे बढऩे के लिए उचित मार्गदर्शन और अवसर प्रदान करता रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा सभी सफल विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को शुभकामनाएं दी गईं तथा उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
फोटो कैप्शन 02: पुरस्कार वितरण समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए
सघन धुंध पड़ी, दोपहर तक चली
-कनीना में लगातार बदल रहा है मौसम
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कनीना की आवाज। विगत एक सप्ताह में कनीना में दो दिनों धुंध छाई रही जो दोपहर तक चलती रही। इससे पहले दो दिनों से ही धूप खिली, मौसम साफ रहा तथा सुबह सवेरे कुछ समय के लिए हल्की धुंध पड़ी। शनिवार को बूंदाबांदी भी हुई।
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में लगातार मौसम बदल रहा है, कभी ठंड कभी पाला जमना, कभी बादल छाना, कभी वर्षा, कभी मौसम साफ रहना आदि घटनाएं लगातार घट रही हैं। जिसके चलती किसानों के माथे पर चिंता की रेखाएं बनी हुई हैं। किसान लगातार मौसम को तथा अपनी फसलों को निहार रहे हैं। किसानों का मानना है कि शायद अब मौसम साफ रहेगा और उनकी फसल वृद्धि करेगी। अभी तक गेहूं की वृद्धि नहीं हो पाई है। गेहूं की फसल बहुत छोटी है। सरसों की फसल पकान पर जा चुकी है। गेहूं की फसल अभी छोटी है।
किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह , रवि कुमार योगेश कुमार आदि का कहना है कि अब गेहूं में बढ़ोतरी होगी और जल्दी पक जाएगी। होली पर्व तक सभी फसलें पक जाती है। इस बार होली का पर्व 4 मार्च को लगेगा। ऐसे में किसान अभी तक खुश हैं और अपनी फसलों पर नजर जमाए हय हैं।
फोटो कैप्शन 03: कनीना क्षेत्र में छाई धुंध
गौशाला प्रांगण में मनाया जितेंद्र ने 48वां जन्मदिन
-11000 रुपए दिया दान
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कनीना की आवाज। कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में गौभक्त जितेंद्र ने अपना 48वां जन्मदिन परिवार एवं गौशाला कार्यकारिणी की उपस्थिति में हर्षोल्लास से मनाया। जितेंद्र के बड़े भाई कैप्टन रविंद्र सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी संतोष देवी ने शुभ आशीष दिया। जितेंद्र ने गौशाला को 11000 रुपए सहयोग राशि दी।
इस मौके पर भगत सिंह प्रधान गौशाला ने कहा कि गायों को दान पुण्य जरूर करते रहना चाहिए। किसी भी अवसर पर गौशाला में आकर चारा चराने, सवामणि लगाने,गुड़ आदि खिलाने, गाय गोद लेने या अन्य किसी प्रकार की गायों की सेवा के लिए जरूर पहुंचना चाहिए। गायों की सेवा से पाप और संताप सभी नष्ट हो जाते हैं। गायों की सेवा सर्वोत्तम सेवा मानी गई है। गाय को माता का दर्जा दिया गया इसलिए गायों की सेवा जरूर घर पर या गौशाला में करनी चाहिए। जिनके पास घर पर गाये हैं वो घर पर उनकी सेवा करें और अगर गाय नहीं है तो गौशाला में आकर सेवा कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि गौशाला को आधुनिकतम बनाया गया है। कनीना वासी और आसपास के लोगों का फर्ज बनता है कि आकर के गौशाला में गायों के दर्शन करें।
इस मौके पर श्रीकृष्ण गौशाला केे सभी पदाधिकारियों ने उनका अभिनंदन किया।
इस मौके पर जितेंद्र के बड़े भाई कैप्टन रविंद्र सिंह ने भी 2100 रुपए गौशाला को सहयोग दिया। इस मौके पर अनीता देवी, मुकेश देवी, प्रवीन, भुवनेश, अरविंद राज सिंह ठेकेदार, सतबीर गुगनवाला, राज सिंह धर्म कांटा, गौशाला प्रधान भगत सिंह, अशोक कुमार, डा. नीरज, प्रवीन ठेकेदार, ओम प्रकाश भडफ़ सहित गणमान्य जन उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: गौशाला में दान देते गौभक्त











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