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Tuesday, October 20, 2026



 

युवती लापता,एक व्यक्ति पर छुपाने का आरोप
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कनीना की आवाज। 
कनीना थाने के तहत आने वाले एक गांव से 20 वर्षीय युवती लापता हो गई। एक व्यक्ति पर उसे छुपाने का आरोप लगाया है। युवती के पिता ने पुलिस में दी शिकायत में कहा है कहां है कि उसकी पुत्री बीए द्वितीय वर्ष में कालेज में पढ़ती है। 18-19 अक्टूबर की रात को 12 से एक के बीच घर से बिना बताए कहीं चली गई। सभी कागजात और ढाई लाख रुपए नकद लेकर चली गई। सभी जगह पता किया कुछ नहीं पता चला। उन्होंने नीरज नामक एक युवक पर आरोप लगाया कि उसने कहीं उसे छुपा रखा है। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।




कनीना में 51 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा शहर
खाटू श्याम मंदिर से रामलीला स्थल तक निकली राम-रावण युद्ध की झांकी, पटाखों की गूंज के बीच हुआ रावण दहन
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कनीना की आवाज। 
 कनीना में दशहरा पर्व पर राम और रावण के युद्ध का दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा। खाटू श्याम मंदिर से राम-रावण युद्ध की झांकी डीजे के साथ निकाली गई, जो कनीना मंडी स्थित श्रीआदर्श रामलीला स्थल तक पहुंची। इस दौरान श्रद्धालुओं और दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
श्रीआदर्श रामलीला स्थल पर भगवान श्रीराम ने रावण के पुतले पर तीर चलाकर उसका दहन किया। इस बार यहां 51 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। तीर लगते ही पुतले में आग लग गई और देखते ही देखते रावण का पुतला जलने लगा। पुतले में भरे पटाखों के धमाकों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आसपास एकत्रित हुए।
पटाखों के तेज धमाके शुरू होने पर कुछ लोग इधर-उधर हटने लगे। रावण के पुतले से उठती आग की लपटें और पटाखों की आवाज लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा पर्व को उत्साह के साथ मनाया।
कनीना में हर वर्ष श्री आदर्श रामलीला स्थल पर रावण दहन की परंपरा निभाई जाती है। इस बार भी 51 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन कर भगवान श्रीराम की विजय का संदेश दिया गया।
फोटो कैप्शन 06: राम की झांकी







श्रीआदर्श रामलीला कनीना के मंच पर प्रस्तुत की गई मेघनाथ, कुम्भकरण व अहिरावण वध की लीला
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कनीना की आवाज।
  श्री आदर्श रामलीला कमेटी कनीना के रंगमंच पर भगवान श्रीराम की 13 दिवसीय लीलाओं के मंचन का 13वें दिन दर्शकों के लिए महासंग्राम में मेघनाथ और लक्ष्मण के संवादों ने खूब तालियां बटोरी। सोमवार रात्रि को हुए कार्यक्रम में मेघनाथ, कुम्भकरण व अहिरावण वध की लीला का मंचन किया गया, जिसमें मेघनाथ ने लक्ष्मण तीनों अमोघ शक्तियों के बाण चलाए। इनमें
पहले ब्रह्मास्त्र  चलाया जिसने लक्ष्मण का वध करने से इनकार कर दिया और तेजहीन हो गया। इसके बाद पाशुपात अस्त्र का प्रयोग किया वो भी लक्ष्मण को प्रणाम कर लोट आया। सबसे आखिर में सुदर्शन चक्र का प्रयोग किया वह भी लक्ष्मण कि परिक्रमा कर तेजहीन हो गया। इसके बाद लक्ष्मण ने मेघनाथ का वध कर डाला।  
इस दौरान मेघनाथ के मरने के बाद सिर व हाथ अलग कटे हुए लीला का मुख्य आकर्षण रहे। यह दृश्य मुकेश कपूर, अमरनाथ कपूर व सुरेश कपूर द्वारा बनाया गया था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कैलाश मित्तल मौजूद रहे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर मंचन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मंच संचालन का दायित्व उप प्रधान दिनेश यादव, नरेंद्र पिन्नू मित्तल और गुड्डू चौधरी ने निभाया। रामलीला मंचन की विशेषता यह रही कि श्रीराम का किरदार निभा रहे शिव कुमार शर्मा, लक्ष्मण सचिन शर्मा, कुंभकरण का किरदार निभाने वाले नितिन सिंगला, अहीरावण का किरदार निभाने वाले रामकिशन शर्मा राम, हनुमान की भूमिका निभाने वाले कलाकार मन्नू मित्तल, अंगद का किरदार निभा रहे कर्नल चिकारा व भरत का किरदार सोनू मित्तल ने अपनी अदाकारी से सभी को प्रभावित किया।
विभिन्न पात्रों की भूमिकाएं निभाने वाले कलाकारों में रावण की भूमिका कृष्ण पहलवान चेलावास ने, मेघनाथ का अभिनय मनोज रोहिल्ला ने, भगवान श्रीराम का अभिनय शिवकुमार शर्मा ने, लक्ष्मण की भूमिका प्रवक्ता सचिन शर्मा ने, माता सीता की भूमिका मुकेश कपूर ने और जामवंत की भूमिका नितिन मित्तल ने निभाई। वहीं अंगद के रूप में कर्नल चिकारा मंच पर उतरे। सभी कलाकारों ने अपने पात्रों में जान डाल दी और दर्शकों की वाहवाही लूटी।
इस मौके पर श्रीश्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग, सुभाष मित्तल, सुरेंद्र शर्मा, प्रधान मोहित जेलदार, उप प्रधान दिनेश यादव, रामकिशन रामा शर्मा, सुरेंद्र मिनिया, पिन्नू मित्तल और रामा सहित अन्य लोग शामिल रहे।
फोटो कैप्शन 04: रामलीला में युद्ध का नजारा



कनीना अनाज मंडी में करीब दो लाख क्विंटल बाजरे की खरीद
-10 निजी एजेंसियां कर रही खरीद, सरकारी खरीद अब तक शुरू नहीं
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कनीना की आवाज।
 कनीना मार्केट कमेटी के अंतर्गत चेलावास स्थित अनाज मंडी में बाजरे की खरीद का कार्य तेजी से चल रहा है। यहां अब तक करीब दो लाख क्विंटल बाजरे की खरीद की जा चुकी है। किसान अपने वाहनों में बड़ी मात्रा में बाजरा भरकर मंडी में ला रहे हैं। बाजरे की खरीद 2325 रुपये प्रति क्विंटल से की दर पर होने से किसान संतुष्ट नजर आ रहे हैं। वहीं, कनीना की अनाज मंडी में अभी तक सरकारी स्तर पर बाजरे का एक दाना भी नहीं खरीदा गया है।
कनीना क्षेत्र की मंडियों में इन दिनों बाजरे की भारी आवक हो रही है। चेलावास मंडी में निजी एजेंसियों के माध्यम से खरीद का कार्य किया जा रहा है। मंडी के प्रधान पूर्ण चंद ने बताया कि खरीद का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। किसान मंडी में बाजरा लेकर पहुंच रहे हैं और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खरीद की जा रही है।
अधिकारियों के निलंबन को लेकर मंडी में चर्चा
कनीना अनाज मंडी में बाजरे की आवक और खरीद के बीच मार्केट कमेटी के अधिकारियों के निलंबन का मामला भी चर्चा का विषय बना हुआ है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2020 में तत्कालीन सचिव आदित्य यादव को निलंबित किया गया था। वर्ष 2025 में सचिव मनोज पाराशर के निलंबन का मामला सामने आया था। अब बाजरे की खरीद के दौरान सचिव अजीत सिंह तथा मंडी सुपरवाइजर कुलदीप कुमार को निलंबित किए जाने से यह मामला फिर चर्चा में है।
मंडी में खरीद प्रक्रिया, प्रशासनिक कार्रवाई और सरकारी खरीद शुरू नहीं होने को लेकर किसानों तथा आढ़तियों के बीच चर्चाएं हो रही हैं।
फोटो कैप्शन 05: कनीना मंडी में बाजरे का उठान करते हुए वाहन


 साहित्यकारों और पत्रकारों के सम्मान समारोह में होगा 14 कृतियों का विमोचन
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कनीना की आवाज।
 जबलपुर में 31 अक्टूबर को अपराह्न 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक साहित्य मनीषियों का महाकुंभ जुटने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रियाशील  कादंबरी संस्था की ओर से 129 साहित्यकारों एवं पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा।
 विस्तृत जानकारी देते हुए संस्था के अध्यक्ष आचार्य भगवत दुबे, महासचिव राजेश पाठक 'प्रवीण' तथा यशोवर्धन पाठक कोषाध्यक्ष ने बताया कि इस मौके पर मुख्य अतिथि राकेश सिंह, मंत्री लोक निर्माण विभाग मध्य प्रदेश शासन होंगे  वही श्रीमां साध्वी विभानंद गिरि नईदिल्ली  मंगल आशीष देंगी। साथ में डा. कैलाश गुप्ता, अशोक मनोध्याय, डा. राजेश धीरावाणी, आचार्य रामनाथ साहू ननकी आदि भी उपस्थित रहेंगे। समारोह में देश के विविध अंचलों के साहित्यकारों द्वारा सृजित 14 कृतियों का विमोचन भी किया जाएगा तथा 129 देश और विदेश से आए हुए साहित्यकारों और पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा। संस्था द्वारा चार लाख 18 हजार 200 रुपये की राशि के 129 स्मृति पुरस्कार दिए जाएंगे जिनमें एक पुरस्कार के 21 हजार रुपये, चार पुरस्कार ग्यारह ग्यारह हजार के, 32 पुरस्कार 5000- 5000 रुपये के तथा 92 पुरस्कार 2100-2100 रुपये के दिए जाएंगे। कादंबरी परिवार विगत कई वर्षों से यह सम्मान समारोह हर वर्ष आयोजित करता आ रहा है।समारोह में कादम्बरी की स्मारिका का भी विमोचन होगा। प्रथम सोपान में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
इन कृतियों का होगा विमोचन-
कादंबरी संस्था के महासचिव राजेश पाठक प्रवीण बताया कि इस मौके पर 14 विभिन्न कृतियों का विमोचन भी होगा जिनमें गोविंद पाल भिलाई की बाघ मामा सियार भांजा, गोविंद पाल की भारतीय ज्ञान परंपरा और विश्व बौद्ध, शंकर भट्टाचार्य दुर्ग की बेजुबान सच, शंकर भट्टाचार्य दुर्ग की ही दूसरी कृति एक मु_ी ईमानदारी, राकेश माहेश्वरी काल्पनिक नरसिंहपुर धूप छांव के संग, डा.अनामिका तिवारी जबलपुर की ऋषि द्वद्व, डा. उमेश चंद्र मिश्रा मैहर प्रतापगढ़ की करवा चौथ, नौमी श्रीवास्तव जबलपुर की जब एक नदी मेरी कहानी में उतरी, हेमंत झा छिंदवाड़ा की आधी हकीकत आधा फसाना, डा. विजय प्रकाश सैनी झांसी की हम इतने झूठे कभी न थे, ज्योति प्यासी अनिका जबलपुर की अंत से अनंत तक, संतोष जाटव जलौनी भिलाई की चिडिय़ा रानी बड़ी सयानी, ज्योति मिश्रा जबलपुर की पारिजात मन, डा. लखविंदर कौर जस्सल जबलपुर की सोच की दिशा प्रमुख हैं।
उल्लेखनीय है कि राजेश पाठक प्रवीण अनेक संस्थाओं से संबंध है। पाथेय प्रकाशन के संयोजक है। संपादन में पाथेय संस्था द्वारा 1100 से अधिक साहित्यिक कृतियां प्रकाशित हो चुकी है। ब्राह्मण समाज की त्रैमासिक पत्रिका सनाढ्य  संगम का आप 39 वर्षों से संपादन कार्य कर रहे हैं।
फोटो कैप्शन:राजेश पाठक प्रवीण




राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना में खंड स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का आयोजन
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कनीना की आवाज। 
राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना में खंड स्तरीय राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 2026-27 का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, रचनात्मकता, तार्किक चिंतन तथा दैनिक जीवन की समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने की क्षमता को प्रोत्साहित करना था।  कार्यक्रम में लगभग 10 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। अध्यक्षता खंड शिक्षा अधिकारी सुनील खुडानिया ने की।
उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों का अवलोकन किया तथा उनकी वैज्ञानिक सोच, प्रयोगात्मक समझ और नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनियां विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से जोडऩे का अवसर प्रदान करती हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, तार्किक क्षमता, वैज्ञानिक अभिरुचि और अनुसंधान की भावना विकसित होती है।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों को सात प्रमुख विषयों के अंतर्गत माडल प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया।   कृत्रिम बुद्धिमत्ता विषय में आरआर ग्रीनमैक्स विद्यालय कागब अंशु प्रथम, राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना का करण सिंह द्वितीय स्थान तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, दौंगड़ा अहीर के माडल के साथ तृतीय स्थान हासिल किया।हरित ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण विषय में राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना का हिमांशु प्रथम ,आरआर. ग्रीनमैक्स के कक्षा का चंचल द्वितीय स्थान जबकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी की सुप्रिया नेतृतीय स्थान हासिल किया। गणितीय माडलिंग एवं संगणनात्मक चिंतनमें राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना का जयंत प्रथम, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पोता की खुशी द्वितीय तथा आरआर ग्रीनमैक्स का चंचल तृतीय स्थान प्राप्त किया।
स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विषय में राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना की छात्रा जूली प्रथम स्थान, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, दौंगड़ा अहीर का मनीष द्वितीय स्थान आरआर ग्रीनमैक्स की छात्रा तनु ने तृतीय स्थान हासिल किया। स्वदेशी कृषि पद्धतियां विषय में आरआर ग्रीनमैक्स की छात्रा हर्षिता प्रथम स्थान, राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना की की छात्रा दिशा द्वितीय,जबकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पोता के गणेश ने तृतीय स्थान हासिल किया। ग्रामीण परिवर्तन के लिए विज्ञान विषय में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बावनिया का विद्यार्थी हंशु का माडल प्रथम, आरआर ग्रीनमैक्स के शोरव ने द्वितीय जबकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पोता के मोहित ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। आपदा प्रबंधन विषय में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पाथेड़ा की छात्रा नैंसी का माडल प्रथम, राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना का यश द्वितीय जबकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पोता का मोनू अहिरवार  तृतीय स्थान हासिल किया। कनीना विद्यालय के विद्यार्थियों का सराहनीय प्रदर्शन किया।
फोटो कैप्शन 01: प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए प्राचार्य सुनील खुडानिया।




अखबार ने ले ली मेरी जान!
  इतिहास के पन्नों में दर्ज,












सत्य पर आधारित कहानी
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कनीना की आवाज।  नगरपालिका में भ्रष्टाचार की एक ऐसी कहानी सामने आई, जिसमें एक साधारण-सा हाथ का पंखा एक अधिकारी की गिरफ्तारी का कारण बन गया। यह घटना बताती है कि सच को कितनी भी परतों के नीचे दबा दिया जाए, एक दिन वह सामने आ ही जाता है।
यह उस समय की बात है, जब बिजली की सुविधा आज की तरह सुचारु नहीं थी। गर्मियों के दिनों में लोग हाथ से चलने वाले पंखों से हवा किया करते थे। नगरपालिका में भी सरकारी कामकाज के दौरान हाथ के पंखों का इस्तेमाल होता था। उसी दौर में नगरपालिका के पुराने रिकार्ड की जांच करने के लिए एक आडिटर आया हुआ था। वह एक-एक दस्तावेज को ध्यान से देख रहा था, लेकिन शुरुआत में उसे कोई बड़ी कमी नजर नहीं आई।
आडिट के दौरान एक दिन गर्मी अधिक थी। आडिटर अपने काम में लगा हुआ था और हाथ के पंखे से हवा कर रहा था। संयोग से उस पंखे में अखबार का एक टुकड़ा लगा हुआ था। हवा करते समय अखबार का वह टुकड़ा निकलकर आडिटर की मेज पर जा गिरा। ऑडिटर की नजर उस पर पड़ी तो उसमें छपी एक खबर ने उसका ध्यान खींच लिया। खबर में 20,000 रुपये की ग्रांट का उल्लेख था।
बस, यहीं से जांच की दिशा बदल गई।
आडिटर ने सोचा कि जब अखबार में ग्रांट का जिक्र है, तो यह पता लगाना जरूरी है कि  नगरपालिका को यह राशि कब मिली थी और इसका इस्तेमाल किस काम के लिए किया गया। उसने संबंधित रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया। दस्तावेजों की पड़ताल के दौरान उसे ऐसी अनियमितताएं मिलीं, जिनसे ग्रांट के उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
जांच आगे बढ़ी तो कथित घपले की परतें खुलने लगीं। रिकार्ड के आधार पर संबंधित अधिकारी की भूमिका की पड़ताल की गई। उस समय वह अधिकारी एक महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत था। अंतत: जांच में गड़बड़ी सामने आई और मामले में कार्रवाई हुई। बताया जाता है कि संबंधित अधिकारी को जेल भी जाना पड़ा। जेल से बाहर आने के बाद उसने लोगों को इस पूरे घटनाक्रम की हकीकत बताई।
इस कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यही था कि जिस अखबार को लोग पढ़कर रद्दी समझ लेते थे, उसी अखबार के एक छोटे-से टुकड़े ने वर्षों से छिपी अनियमितता की ओर ध्यान दिला दिया।
एक हाथ का पंखा, अखबार का एक टुकड़ा और 20,000 रुपये की ग्रांट—इन तीन चीजों ने मिलकर ऐसा घटनाक्रम रचा कि एक अधिकारी को जेल की हवा खानी पड़ी।
इसलिए कहा जाता है कि सच को दबाया जा सकता है, मिटाया नहीं जा सकता। कभी कोई दस्तावेज, कभी कोई गवाह और कभी अखबार का एक छोटा-सा टुकड़ा भी छिपे हुए सच को उजागर कर सकता है।
सरकारी धन जनता की अमानत है। उसके उपयोग में ईमानदारी जरूरी है, क्योंकि भ्रष्टाचार का कोई न कोई निशान पीछे छूट ही जाता है। कभी-कभी वही निशान किसी की जिंदगी की दिशा बदल देता है। अखबार ने ही एक अधिकारी की जान ले ली—यानी उसे जेल की सलाखों तक पहुंचा दिया।


किसानों के पास फुर्सत नहीं, खेतों में सरसों की बिजाई और सिंचाई का काम चरम पर
-गेहूं की बिजाई की तैयारी में जुटे किसान, -बिजली आपूर्ति पर निर्भर है खेती
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कनीना की आवाज।
  क्षेत्र में इन दिनों किसानों के पास फुर्सत नहीं है। चारों ओर खेतों में फव्वारा पद्धति से सिंचाई और सरसों की बिजाई का कार्य पूरे यौवन पर है। किसान सुबह से शाम तक खेतों में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। सरसों की बिजाई का कार्य इन दिनों चरम पर पहुंच गया है, वहीं किसान आगामी एक नवंबर से होने वाली गेहूं की बिजाई की तैयारी में जुट जाएंगे।
किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार, कृष्ण कुमार और योगेश कुमार ने बताया कि रबी की फसलों की तैयारी में काफी मेहनत करनी पड़ती है। क्षेत्र में जलस्तर काफी नीचे चले जाने के कारण सिंचाई करना किसानों के लिए चुनौती बना हुआ है। ऐसे में फव्वारा पद्धति से सिंचाई करके फसल बोने की तैयारी कर रहे है। किसानों को फसलों की बिजाई से लेकर उनकी सिंचाई तक अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि गेहूं और सरसों क्षेत्र की प्रमुख रबी फसलें हैं। इन फसलों के उत्पादन पर किसानों की आर्थिक स्थिति काफी हद तक निर्भर करती है। गेहूं का उपयोग जहां परिवार के सालभर के भोजन के लिए किया जाता है, वहीं सरसों की फसल बेचकर किसान आय प्राप्त करते हैं। इसके अतिरिक्त फसलों से पशुओं के लिए चारा भी उपलब्ध होता है।
किसानों ने बताया कि खेती में समय पर बिजली आपूर्ति का विशेष महत्व है। बिजली की उपलब्धता के अनुसार ही सिंचाई का कार्य करना पड़ता है। यदि बिजली समय पर मिले तो खेतों में पानी देना आसान हो जाता है, अन्यथा फसलों की तैयारी प्रभावित होने की आशंका रहती है।
किसानों का कहना है कि रबी की फसलें तैयार करने के लिए उन्हें दिन-रात मेहनत करनी पड़ती है। इसके बावजूद मौसम, पानी की उपलब्धता और बिजली आपूर्ति जैसी परिस्थितियों पर खेती निर्भर रहती है। फिलहाल खेतों में सरसों की बिजाई और सिंचाई का काम जोरों पर है तथा किसान गेहूं की बिजाई के लिए खेत तैयार करने में जुटे हुए हैं।
फोटो कैप्शन 02: फव्वारों द्वारा सिंचाई करते किसान



हरिमोहन के ओएसडी नियुक्त होने पर बलराम समारोह स्थल कनीना में मनाई खुशी, बांटे लड्डू
-डा. सुधा यादव के कर्नाटक के राज्यपाल नियुक्त होने पर प्रधानमंत्री का जताया आभार
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कनीना की आवाज। 
बलराम समारोह स्थल कनीना में हरिमोहन को कर्नाटक में ओएसडी (विशेष कार्य अधिकारी) नियुक्त किए जाने पर खुशी मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर बधाई दी और अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। समारोह में धनपत साहब, हनुमान यादव, विजय बोरा, कंवर सेन वशिष्ठ, सत्यवीर यादव, रामप्रसाद, ओमप्रकाश, आकाश, विनोद सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इस अवसर पर कंवर सेन वशिष्ठ और हनुमान यादव ने हरिमोहन को बधाई देते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि हरिमोहन पढ़े-लिखे, प्रतिभाशाली और होनहार युवा हैं। उन्हें मिली यह जिम्मेदारी उनकी योग्यता और क्षमता को आगे बढ़ाने का अवसर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हरिमोहन अपने दायित्वों का ईमानदारी और निष्ठा से निर्वहन करेंगे तथा अपने कार्यों से क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे। उनकी नियुक्ति से कनीना क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि मेहनत, लगन और योग्यता के बल पर युवा बड़ी जिम्मेदारियां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह कनीना क्षेत्र के लिए खुशी और गर्व का अवसर है। उन्होंने कहा कि हरिमोहन पढ़े-लिखे और होनहार युवा हैं तथा उनमें आगे बढऩे की पूरी क्षमता है। हरिमोहन का कनीना से भांजे के रूप में भी संबंध है, इसलिए क्षेत्र के लोगों के लिए यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है। उन्होंने कहा कि किसी युवा को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना पूरे समाज के लिए उत्साहवर्धक होता है। इससे अन्य युवाओं को भी मेहनत और लगन के साथ आगे बढऩे की प्रेरणा मिलेगी।
समारोह के दौरान डा. सुधा यादव के कनीना क्षेत्र से जुड़ाव का भी उल्लेख किया गया। उनके कर्नाटक के राज्यपाल नियुक्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री के प्रति आभार जताया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि देश के महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर महिला की नियुक्ति नारी शक्ति के सम्मान और उत्साहवर्धन का प्रतीक है।
फोटो कैप्शन 03: लड्डू बांटकर खुशी जताते हुए


नौताना में एक व्यक्ति पर मारपीट का केस दर्ज






Monday, October 19, 2026



 



चेलावास मंडी में बाजरे की खरीद एक लाख 92 हजार क्विंटल के पार, कनीना मंडी में सरकारी खरीद शुरू नहीं
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कनीना की आवाज।
 नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में बाजरे की खरीद का आंकड़ा एक लाख 92 हजार क्विंटल तक पहुंच गया है। मंडी में बड़ी मात्रा में किसान अपने वाहनों के माध्यम से बाजरा लेकर पहुंच रहे हैं। निर्धारित शेड्यूल के अनु














सार बाजरे की खरीद की जा रही है, जिससे मंडी में किसानों की आवाजाही बनी हुई है।
वहीं, कनीना अनाज मंडी में अभी तक सरकारी स्तर पर बाजरे का एक दाना भी नहीं खरीदा गया है। किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन गुणवत्ता संबंधी निर्धारित मानकों पर बाजरा खरा नहीं उतरने के कारण सरकारी खरीद नहीं हो पा रही है।
हैफेड के मैनेजर जगराम यादव ने बताया कि सरकारी खरीद के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार बाजरे की गुणवत्ता सही नहीं उतर पा रही है। इसी कारण कनीना अनाज मंडी में अभी तक सरकारी खरीद नहीं की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाजरे की खरीद निर्धारित नियमों और गुणवत्ता मानकों के अनुसार ही की जाएगी।
फोटो कैप्शन 09: कनीना मंडी में बाजरे की खरीद


कनीना मार्केट कमेटी के नए सचिव जितेंद्र सिंह ने संभाला कार्यभार
-अस्थायी तौर पर सौंपी गई जिम्मेदारी, मंडी के कार्यों की करेंगे देखरेख
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कनीना की आवाज।
कनीना मार्केट कमेटी के नए सचिव जितेंद्र सिंह ने कार्यभार संभाल लिया है। वह सोहना से आए हैं। उनका कार्यभार फिलहाल अस्थायी तौर पर सौंपा गया है। कनीना अनाज मंडी के सचिव अजीत सिंह को विभाग की ओर से निलंबित किए जाने के बाद यह जिम्मेदारी जितेंद्र सिंह को दी गई है। अब वह कनीना मार्केट कमेटी के कार्यों और अनाज मंडी की व्यवस्थाओं की देखरेख करेंगे।
जितेंद्र सिंह के कार्यभार संभालने पर स्थानीय लोगों एवं कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर पूर्ण चंद, रविंद्र बंसल, सुरेश कुमार, सुनील सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में मंडी के कार्य सुचारु रूप से संचालित होंगे तथा किसानों को मंडी संबंधी कार्यों में सुविधा मिलेगी।
फोटो कैप्शन: जितेंद्र सिंह





विभिन्न गांवों में चलाया जाएगा जनसंपर्क अभियान
-सांसद पुत्र करेंगे जनसंवाद, आमजन का जानेंगे कुशल क्षेम
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कनीना की आवाज।
अटेली विधानसभा क्षेत्र के सांसद चौधरी  धर्मवीर सिंह के पुत्र मोहित चौधरी 25 अक्टूबर को अटेली विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा करेंगे। इस दौरान लोगों से मिलकर कुशल क्षेम जानेंगे। हनुमान सिंह भाजपा नेता ने बताया कि मोहित चौधरी अटेली विधानसभा के गांव स्याना, नौतना, पोता , बागौत, सेहलंग , तलवाना, खेड़ी, अगियार इत्यादि गांव का दौरा करेंगे । इस अवसर पर पार्टी के सदस्यों ने आम जन से ज्यादा से ज्यादा संख्या में अपने गांव में पहुंचने की अपील की है।



 इंद्रजीत के शक्ति बाण से मूर्छित हुए लक्ष्मण, संजीवनी लेकर पहुंचे हनुमान
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कनीना की आवाज।
श्रीआदर्श रामलीला कमेटी कनीना के रंगमंच पर भगवान श्रीराम की 13 दिवसीय लीलाओं के 11वें दिन रविवार रात लक्ष्मण मूर्छित लीला का मंचन किया गया। लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच हुए महासंग्राम के रोमांचक संवादों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। युद्ध में लक्ष्मण पर पार न पाते देख मेघनाथ ने शक्ति बाण का प्रयोग कर उन्हें मूर्छित कर दिया। इसके बाद हनुमान लक्ष्मण को युद्धभूमि से उठाकर श्रीराम के पास ले गए और उनके प्राण बचाने के लिए संजीवनी लाने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया।
कालनेमी का किरदार निभा रहे रामकिशन शर्मा रामा के हनुमान को रोकने के लिए गाए गए भजन ने दर्शकों का मन मोह लिया। रामलीला के संरक्षक शिब्बू पंसारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर मंचन का शुभारंभ किया।
मंचन में रावण की भूमिका कृष्ण पहलवान चेलावास, मेघनाथ की मनोज रोहिल्ला, श्रीराम की शिवकुमार शर्मा, लक्ष्मण की प्रवक्ता सचिन शर्मा, माता सीता की मुकेश कपूर और जामवंत की नितिन मित्तल ने निभाई। हनुमान के रूप में मन्नू मित्तल, अंगद के रूप में कर्नल चिकारा और भरत के रूप में विकसित रजलीवाल ने भी अपने अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया।
इस अवसर पर श्री श्याम मित्र मंडल प्रधान अनिल गर्ग, शिब्बू पंसारी, विक्की पंसारी, सुभाष मित्तल, सुरेंद्र शर्मा, प्रधान मोहित जेलदार, उपप्रधान दिनेश यादव, रामकिशन रामा शर्मा, सुरेंद्र मिनिया और पिन्नू मित्तल सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 08: रामलीला मंचन के दौरान लक्ष्मण मूर्छित लीला का दृश्य प्रस्तुत करते कलाकार।



दो लोगों पर मारपीट का केस दर्ज
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कनीना की आवाज।
 कनीना थाने के तहत आने वाले गांव मालड़ाबास में दो व्यक्तियों पर ग्रामीण ने मारपीट का केस दर्ज करवाया है। केस उमेद सिंह ने दर्ज करवाते हुए कहा है कि उसकी पत्नी कौशल्या देवी घर पर दो अक्टूबर को दोपहर एक बजे घर पर के प्लाट पर काम कर रही थी तभी कुशल कुमार, सुकेश उसकी पत्नी व उसकी मां ने प्लाट में आकर कौशल्या देवी के साथ डंडे, लोहे की राड़, से हमला कर दिया दोनों पैर फ्रैक्चर कर दिए। उसका पिता भंवरलाल बीच बचाव में आया उसे भी चोटिल कर दिया। सूचना पाकर उम्मेद सिंह प्लाट पर पहुंचा तो उस पर भी हमला बोल दिया और चोटिल कर दिया। घटना के बाद आप परिवार को मारने की धमकी दे रहे हैं। कनीना पुलिस ने उम्मेद कुमार के बयान पर दो लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया, जांच जारी है।




वोट बचाओ, देश बचाओ, संविधान बचाओ के तहत ब्लाक सम्मेलन एवं आक्रोश मार्च, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूका
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कनीना की आवाज।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी, महेंद्रगढ़ के तत्वावधान में कनीना ब्लाक में ब्लाक सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वोट बचाओ, देश बचाओ, संविधान बचाओ अभियान के तहत पार्टी हाईकमान के आह्वान पर आयोजित किया गया।
ब्लाक सम्मेलन के उपरांत कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा नेताजी म्रेमोरियल क्लब, कनीना से लेकर एसडीएम कार्यालय, कनीना तक एक विशाल रोष मार्च निकाला गया। रोष मार्च के एसडीएम कार्यालय के समक्ष मुख्य मार्ग पर पहुचने पर कांग्रेसजनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और केंद्र सरकार व चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
 अनीता यादव पूर्व विधायक एवं पूर्व सीपीएस
 ने कहा कि भाजपा सरकार चुनाव आयोग के साथ मिलकर वोट चोरी का षड्यंत्र रच रही है। आज संविधान और लोकतंत्र दोनों खतरे में हैं, जिसे बचाने के लिए कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता सड़क पर उतरेगा। जिला अध्यक्ष सत्यवीर यादव ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं। वोट की चोरी देश के भविष्य के साथ धोखा है, जिसे कांग्रेस कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।
किसान कांग्रेस के नेशनल कोआर्डिनेटर कृष्ण राव ने कहा कि आज किसान, जवान और आम नागरिक सभी परेशान हैं। चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था का दुरुपयोग कर लोकतंत्र की हत्या की जा रही है, इसके खिलाफ यह लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ी जाएगी।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व विधायक एवं पूर्व सीपीएस अनीता यादव , जिला अध्यक्ष सत्यवीर यादव , किसान कांग्रेस के नेशनल को-आर्डिनेटर कृष्ण राव , जिला उपाध्यक्ष सुमेर सिंह, जिला महासचिव प्रोफेसर राजवीर यादव,  विनोद शेखावत , ब्लाक अध्यक्ष  दलीप सिंह चेयरमैन , , राजकुमार एवं कनीना के ब्लाक अध्यक्ष  रामकिशन यादव एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 06: मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंकते हुए
             07: रोष प्रदर्शन करते हुए कांग्रेसी


एसडी विद्यालय ककराला में डांडिया उत्सव की धूम, छात्राओं ने उत्साहपूर्वक लिया भाग
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कनीना की आवाज।
एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ककराला में कक्षा तीसरी से पांचवीं तक की छात्राओं के लिए डांडिया उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने पूरे उत्साह, उमंग और जोश के साथ भाग लिया। सभी छात्राएं पारंपरिक परिधानों में बेहद सुंदर और आकर्षक अंदाज में सज-धजकर विद्यालय पहुंचीं।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने डांडिया नृत्य के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की। छात्राओं के उत्साह, आत्मविश्वास और मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को आनंदमय बना दिया। सभी छात्राओं ने इस गतिविधि में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कार्यक्रम का भरपूर आनंद उठाया।
कोर्डिनेटर प्रियंका यादव ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से परिचित कराना, उनकी प्रतिभा को निखारना तथा उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित करना है।
विद्यालय के चेयरमैन जगदेव यादव ने छात्राओं के उत्साह और सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यक्रम ने छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और सांस्कृतिक विरासत से जुडऩे का सुंदर अवसर प्रदान किया।
एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ककराला में आयोजित यह डांडिया उत्सव छात्राओं के लिए उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों से भरपूर यादगार अनुभव रहा।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक ओमप्रकाश, विद्यालय समिति के वरिष्ठ सदस्य राजेन्द्र यादव, उपनिदेशक पूरण सिंह एवं प्रधानाचार्य अरविंद कुमार तोमर, को-र्डिनेटर स्नेह यादव, प्रियंका यादव सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05: एसडी स्कूल ककराला में डांडिया नृत्य करती हुई बालाएं





गेट पास रिकार्ड में मिली कमियां, कनीना मार्केट कमेटी के सहायक सचिव व मंडी सुपरवाइजर निलंबित
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कनीना की आवाज।
 कनीना मार्केट कमेटी में गेट पास के रिकार्ड की जांच के दौरान कमियां पाए जाने पर मार्केट कमेटी के सहायक सचिव अजीत कुमार यादव और मंडी सुपरवाइजर कुलदीप सिंह को मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक की ओर से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के साथ ही दोनों अधिकारियों को मुख्यालय नहीं छोडऩे के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कनीना मंडी में गेट पास से संबंधित रिकार्ड की जांच की गई थी। इस दौरान रिकार्ड में कुछ कमियां सामने आईं। इन कमियों की जांच के लिए शुक्रवार को तीन सदस्यीय टीम कनीना पहुंची। टीम में डीएमइओ श्रीभगवान मुदगिल, लेखाकार सुरेंद्र पूनिया तथा मंडी सुपरवाइजर जय भगवान शामिल थे।
तीन सदस्यीय टीम ने गेट पास से संबंधित दस्तावेजों और रिकार्ड की जांच की। जांच के दौरान पाई गई कमियों के संबंध में सहायक सचिव अजीत कुमार यादव और मंडी सुपरवाइजर कुलदीप सिंह को जिम्मेदार पाया गया। इसके बाद मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक की ओर से दोनों अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए।
निलंबन के आदेशों के साथ दोनों अधिकारियों को मुख्यालय नहीं छोडऩे की हिदायत दी गई है। इस कार्रवाई के बाद कनीना मार्केट कमेटी में विभागीय कामकाज और गेट पास से संबंधित रिकार्ड की जांच का मामला चर्चा में है।





जगह-जगह कराया गया कन्याओं को भोजन, मंगलवार को होगा नवरात्रि का समापन
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कनीना की आवाज।
नवरात्रि पर्व के अवसर पर सोमवार को क्षेत्र में जगह-जगह कन्याओं को भोजन कराया गया। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के प्रतीक के रूप में कन्याओं का पूजन किया और उन्हें श्रद्धापूर्वक भोजन करवाकर दक्षिणा व उपहार भेंट किए। सुबह से ही घरों और मंदिरों में कन्या पूजन को लेकर उत्साह देखने को मिला।
नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कन्याओं को भोजन कराने के बाद श्रद्धालुओं ने उनका आशीर्वाद लिया। क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर धार्मिक माहौल बना रहा और भक्तों ने भजन-कीर्तन के माध्यम से मां दुर्गा की महिमा का गुणगान किया।
मंगलवार को भी क्षेत्र में कन्या पूजन और भोजन कराने का सिलसिला जारी रहेगा। इसके साथ ही नवरात्रि पर्व का समापन होगा। श्रद्धालु मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करेंगे। नवरात्रि के समापन को लेकर मंदिरों में भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
9 दिनों से चली आ रही है अखंड ज्योत का आज विधि विधान से किया समापन-
 बाबा मोलडनाथ स्थित मां दुर्गा मंदिर में नवरात्रों की धूम रही। मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि हर बार की तरह इस बार भी नवरात्रों में मां दुर्गा की ज्योति प्रज्वलित करके नौ दिनों तक विधि विधान से पूजा चली। सोमवार को 51 कन्याओं को भोजन करवाया गया वहीं हवन करवाकर प्रसाद वितरण किया गया। हवन पंडित प्रवेश शर्मा द्वारा करवाया गया। शिवकुमार अपनी धर्मपत्नी व अमन रोहिल्ला अपनी धर्मपत्नी सहित यज्ञमान के तौर पर उपस्थित रहे। भक्तों ने हवन में भाग लिया। इस मौके पर कमला देवी, विद्या देवी, रामकला देवी, सुमन देवी शकुंतला देवी, लाली देवी, केला देवी, पूजा यादव, राजेंद्र सिंह, रमेश कुमार, शिवचरण, महेंद्र सिंह, लाल सिंह, मास्टर अनिल, सतबीर सिंह, प्रकाश साहब, बलबीर साहब, पवन कुमार, सन्नी सेन, आशु जेलदार, लक्की शर्मा, मुकेश शर्मा, सोनू आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: हवन करते हुए
 02: 51 कन्याओं को भोजन कराते हुए
 03: कंजकों को भोजन कराते हुए



कनीना वाटर सप्लाई बूस्टर परिसर में चला सफाई अभियान, अब लगाए जाएंगे फूलदार व फलदार पौधे
कर्मचारियों ने स्वयं श्रमदान कर संवारा परिसर, रोशनी की व्यवस्था करने की भी तैयारी
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कनीना की आवाज।
कनीना वाटर सप्लाई बूस्टर परिसर को स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से बूस्टर कर्मचारियों ने सफाई अभियान चलाया। कर्मचारियों ने आपसी सहयोग से परिसर की सफाई कर उसे साफ-सुथरा बना दिया। अब परिसर में फूलदार और फलदार पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही रात के समय रोशनी की उचित व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि परिसर की सुंदरता बढऩे के साथ-साथ यहां का वातावरण भी बेहतर बन सके।
इस अभियान में बूस्टर के कर्मचारियों ने स्वयं आगे आकर श्रमदान किया। कर्मचारियों ने इच्छा व्यक्त की कि आने वाले कुछ दिनों में परिसर को हरियाली से भरपूर और आकर्षक बनाया जाएगा। इसके लिए पौधारोपण के साथ-साथ अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
केक पूनिया ने बताया कि परिसर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सफाई के बाद यहां फूलदार एवं फलदार पौधे लगाए जाएंगे और लाइट की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे परिसर की सुंदरता बढ़ेगी तथा स्वच्छ वातावरण तैयार होगा।
इस दौरान जसवंत सिंह, सचिन कुमार, दीपक सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। सभी कर्मचारियों ने मिलकर सफाई अभियान में योगदान दिया और परिसर को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। कर्मचारियों की इस पहल से सरकारी परिसर को स्वच्छ रखने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया गया है।
फोटो क्ेप्शन 04: कनीना वाटर सप्लाई केंद्र पर बूस्टर कर्मी सफाई करते हुए




31 अक्टूबर को जुटेगा साहित्य मनीषियों का महाकुंभ
-विदेशों से भी आ रहे हैं साहित्यकार
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कनीना की आवाज।
जबलपुर में 31 अक्टूबर को अपरान्ह 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक साहित्य मनीषियों का महाकुंभ जुटने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रियाशील  कादंबरी संस्था की ओर से 129 साहित्यकारों एवं पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा।
 विस्तृत जानकारी देते हुए संस्था के अध्यक्ष आचार्य भगवत दुबे, महासचिव राजेश पाठक 'प्रवीण' तथा यशोवर्धन पाठक कोषाध्यक्ष ने बताया कि इस मौके पर मुख्य अतिथि राकेश सिंह, मंत्री लोक निर्माण विभाग मध्य प्रदेश शासन होंगे  वही श्रीमां साध्वी विभानंद गिरि नईदिल्ली  मंगल आशीष देंगी। साथ में डा. कैलाश गुप्ता, अशोक मनोध्याय, डा. राजेश धीरावाणी, आचार्य रामनाथ साहू ननकी आदि भी उपस्थित रहेंगे। समारोह में देश के विविध अंचलों के साहित्यकारों द्वारा सृजित 14 कृतियों का विमोचन भी किया जाएगा तथा 129 देश और विदेश से आए हुए साहित्यकारों और पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा। संस्था द्वारा चार लाख 18 हजार 200 रुपये की राशि के 129 स्मृति पुरस्कार दिए जाएंगे जिनमें एक पुरस्कार के 21 हजार रुपये, चार पुरस्कार ग्यारह ग्यारह हजार के, 32 पुरस्कार 5000- 5000 रुपये के तथा 92 पुरस्कार 2100-2100 रुपये के दिए जाएंगे। कादंबरी परिवार विगत कई वर्षों से यह सम्मान समारोह हर वर्ष आयोजित करता आ रहा है।समारोह में कादम्बरी की स्मारिका का भी विमोचन होगा। प्रथम सोपान में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
विस्तृत जानकारी देते हुए आचार्य भगवत दुबे ने बताया कि वर्षों से यह संस्था साहित्यकार मनीषियों को सम्मानित करती आ रही है। उल्लेखनीय है कि आचार्य भगवत दुबे की 50 से अधिक किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। इनके साहित्य पर भी शोध हो चुका है। देश के माने जाने-माने साहित्यकार हैं और उन्हें उत्तर प्रदेश हिंदी विभाग द्वारा दो लाख रुपये के नगद सम्मान से सम्मानित भी किया जा चुका है।
फोटो कैप्शन: आचार्य भगवत दुबे



Sunday, October 18, 2026



 


पूर्व नगर पालिका चेयरमैन सतीश जेलदार के भांजे हरि मोहन बने कर्नाटक के राज्यपाल के ओएसडी
-कनीना क्षेत्र में खुशी की लहर, परिवार और शुभचिंतकों ने दी बधाई
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कनीना की आवाज।
कनीना के पूर्व नगर पालिका चेयरमैन सतीश जेलदार के भांजे हरि मोहन की कर्नाटक के राज्यपाल के कार्यालय में ओएसडी (विशेष कार्य अधिकारी) के पद पर नियुक्ति हुई है। इस उपलब्धि से परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। हरि मोहन की नियुक्ति को कनीना क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
हरि मोहन की इस नियुक्ति से पूर्व नगर पालिका चेयरमैन सतीश जेलदार के परिवार में खुशी और उत्साह का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि पर परिचितों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कर्नाटक के राज्यपाल के कार्यालय में ओएसडी के पद पर नियुक्ति महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से जुड़ी है। हरि मोहन की इस उपलब्धि से क्षेत्र के लोगों में भी उत्साह है। लोगों को उम्मीद है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करेंगे।
सतीश जेलदार कनीना में पूर्व नगर पालिका चेयरमैन के रूप में अपनी पहचान रखते हैं। उनके भांजे हरि मोहन की इस नियुक्ति को परिवार के साथ-साथ क्षेत्र के लिए भी सम्मान की बात माना जा रहा है। इस मौके पर उन्हें दमन यादव ,सुखबीर ,राकेश ,सतबीर ,अशोक ,उमेश ,कृष्ण सिंह ,नवीन ,जोगेंद्र, रोहित यादव आदि ने बधाई दी है।
फोटो कैप्शन : हरिमोहन


 हनुमान के पराक्रम से गूंजा रामलीला मंच, धू-धू कर जली सोने की लंका
-सुग्रीव-बाली युद्ध और इंद्रजीत के साथ हनुमान के संवादों ने बांधा समां
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कनीना की आवाज।
श्रीआदर्श रामलीला कमेटी कनीना के रंगमंच पर शनिवार रात भगवान श्रीराम की 13 दिवसीय लीलाओं के मंचन के दसवें दिन लंका दहन की लीला प्रस्तुत की गई। सुग्रीव-बाली युद्ध, इंद्रजीत द्वारा हनुमान को बंदी बनाना और हनुमान के लंका दहन के दृश्यों ने दर्शकों को भक्ति और रोमांच से भर दिया। हनुमान के पराक्रम और कलाकारों के प्रभावशाली संवादों पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका कनीना के पूर्व पार्षद मनीष यादव और बाबा मोल्डनाथ मंदिर कमेटी के प्रधान दिनेश यादव सहित अन्य सदस्यों ने शिरकत की। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर मंचन का शुभारंभ किया।
मंचन में भगवान श्रीराम द्वारा सुग्रीव को न्याय दिलाने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। श्रीराम ने सुग्रीव की व्यथा सुनकर उसे न्याय दिलाने का वचन दिया और बाली का वध किया। इसके बाद हनुमान जी माता सीता की खोज में लंका पहुंचे। उन्होंने माता सीता को भगवान श्रीराम का संदेश और निशानी दी। इसकी जानकारी मिलने पर रावण ने हनुमान को बंदी बनाने का आदेश दिया। इंद्रजीत हनुमान को बंदी बनाकर रावण के दरबार में ले गया। इसके बाद हनुमान ने अपनी पूंछ में आग लगने पर पूरी लंका को आग के हवाले कर दिया। लंका दहन के दृश्य ने दर्शकों में खास उत्साह पैदा किया।
हनुमान की भूमिका निभा रहे मन्नू मित्तल ने अपने दमदार अभिनय और संवाद अदायगी से दर्शकों को प्रभावित किया। मन्नू कनीना रामलीला के 36 वर्ष पहले के प्रसिद्ध कलाकार शिब्बू पंसारी के पौत्र हैं। उनके अभिनय की दर्शकों ने खूब सराहना की। हनुमान और इंद्रजीत के बीच संवाद भी आकर्षण का केंद्र रहे।
रामलीला में रावण की भूमिका कृष्ण पहलवान चेलावास, मेघनाथ की मनोज रोहिल्ला, बाली की मोहित अरोड़ा और सुग्रीव की भूमिका उनके छोटे भाई कपिल अरोड़ा ने निभाई। तारा का किरदार अमित जांगड़ा, भगवान श्रीराम का शिवकुमार शर्मा, लक्ष्मण का प्रवक्ता सचिन शर्मा, माता सीता का मुकेश कपूर और जामवंत का पिनाक भारद्वाज ने निभाया। अक्षय कुमार की भूमिका विकसित रजलीवाल ने निभाई, जबकि अंगद के रूप में कर्नल चिकारा मंच पर उतरे। सभी कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों की वाहवाही लूटी।
इस अवसर पर श्री श्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग, शिब्बू पंसारी, विक्की पंसारी, सुभाष मित्तल, सुरेंद्र शर्मा, प्रधान मोहित जेलदार, उप प्रधान दिनेश यादव, रामकिशन रामा शर्मा, सुरेंद्र मिनिया, पिन्नू मित्तल और रामा सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 06:कनीना में रामलीला मंचन के दौरान लंका दहन की लीला प्रस्तुत करते कलाकार।
             05: कलाकार भूमिका अदा करते हुए



दशहरे तक चलेगा सांझी पर्व
-प्रतिदिन बच्चियां गीत गाकर प्रसन्न करती हैं सांझी को
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कनीना की आवाज।
दशहरे तक चलने वाला सांझी का पर्व अब समापन की ओर जा रहा है। एकता और भाईचारे का पर्व सांझी भगवान् राम के गुणों को बखान करने वाली रामलीला की भांति मनाया जाता है। गांवों में गोबर तथा सरकंडों से सांझी दिवार पर बनाई जाती है जिसे बच्चियां सिंझा कहती हैं। प्रतिदिन गीत गाकर और भोजन कराकर बच्चियों का समूह अपने घर चला जाता है।
     भाद्रपद अमावस्या के दिन गांवों में छोटे-छोटे बच्चे एवं बच्चियां मिलकर गोबर, चूड़ी के टुकड़े, कपड़ों की कतरन व कई साजोसामान से देवी मां की  झलक देने वाली सांझी दिवार पर बना देती हैं। तत्पश्चात प्रतिदिन शाम के वक्त पास पड़ोस की बच्चियां इक_ïी होकर सांझी को खाना खिलाती हैं तथा गीत गाती हैं।
    सांझी के निर्माण में बच्चियां अपनी बुद्धि व कौशल का परिचय देती हैं। जिस प्रकार सांझी मां के हाथ व पैरों को सजाया और संवारा जाता है।  बाल कलाकारों की यह अनोखी कलाकारी मन को मोह लेती है। भोजन कराने की क्रिया अश्विन शुक्ल दशमी अर्थात दशहरे तक चलती है। दशहरे के दिन सांझी को भोजन कराकर एक मटकी में डाला जाता है और मटकी के किनारों पर छेद करके मोमबत्ती जलाकर अंदर रख दी जाती है। छुपते छुपाते किसी जोहड़ में सांझी को बहा दिया जाता है।
  एक अनोखी परम्परा के अनुसार सांझी के समक्ष जितने भी बच्चे एवं बच्चियां मिलकर गीत गाते हैं वे प्रतिदिन अपनी बारी के अनुसार गीत समाप्त होने के बाद बाकली या बतासे बांटते हैं। बारी-बारी से प्रत्येक घर का बच्चा यह प्रसाद लाता है और बांटकर खाते हैं। सांझी को जोहड़ में प्रवाहित करने का फैसला भी सामूहिक होता है।  
क्यों करते हैं नौ दिन पूजा-
मां जगदंबा के नौ रूप होते हैं। प्रतिदिन बच्चे मां के एक रूप को पूजते हुए उसे खाना खिलाते हैं और बाद में स्वयं खाना खाते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है।
फोटो कैप्शन 03:दीवार पर बनी हुई सांझी


दुर्गा सप्तमी को कंजकों को कराया गया भोजन, दो दिन चलेगा भोजन कराने का सिलसिला
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कनीना की आवाज।
 दुर्गा सप्तमी पर कंजकों को भोजन कराया और उन्हें दान पुण्य किया। सोमवार को भी भोजन कराया जाएगा। दोपहर तक कंजकों को भोजन कराने का सिलसिला जारी रहा। यही नहीं अपितु कुत्तों एवं कौवों ने भी जी भर के भोजन किया। हरियाणा सरकार ने सोमवार को कुछ देरी से स्कूल लगाने का आदेश दे रखा है।
 दुर्गा सप्तमी से सिलसिला शुरू हुआ है और नवमी सोमवार को भी जारी रहेगा। कुछ लोग मंगलवार को भी कंजकों को खाना खिलाएंगे।
  नवरात्रों के सातवें दिन मंदिरों में पूजा अर्चना का जोर रहा वहीं मां की कढ़ाई की गई। विभिन्न मंदिरों में रौनक देखने को मिली। सोमवार को क्षेत्र में नवरात्रे पूर्ण होने जा रहे हैं। विभिन्न स्थानों पर हवन, कढ़ाई, भजन एवं सत्संग होते रहे।
जहां हलवा पुड़ी एवं शुद्ध देशी घी से बनी वस्तुएं खिलाई गई। उन्हें भेंटस्वरूप फल भी दिए गए। नवरात्रों के दिनों में फल एवं सब्जियां महंगी रही हैं। केले से लेकर सेब तक महंगे हैं। इन चीजों की जरूरत हर घर में रहती है।
फल महंगे-
बाजार में सभी फल एवं सब्जियां करीब दस रुपये महंगी चल रही हैं। रेहडिय़ों पर फल एवं सब्जियां सजी हुई हैं।
51 कन्याओं को कराया भोजन, हवन आयोजित-
संत मालडऩाथ आश्रम में 9 दिनों से चल रही मां दुर्गा के अखंड ज्योति का सोमवार के दिन हवन करके विधि विधान से समापन किया जाएगा। 51 कन्याओं को भोजन करवा कर दान दक्षिणा देकर कन्याओं का पूजन किया जाएगा। मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मां दुर्गा का नवरात्रों का समापन पर हवन किया जाएगा वहीं कन्याओं को भोजन करवा कर दान दक्षिणा दी जाएगी।
 फोटो कैप्शन 04: कंजकों को भोजन कराते हुए



















कनीना में कांग्रेस का रोष मार्च आज, मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंकेंगे कार्यकर्ता
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कनीना की आवाज।
हरियाणा कांग्रेस के आह्वान पर 19 अक्टूबर को कनीना में ब्लाक कांग्रेस की ओर से वोट बचाओ, देश बचाओ, संविधान बचाओ कार्यक्रम के तहत रोष मार्च निकाला जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका जाएगा। विस्तृत जानकारी देते हुए पूर्व सीपीएस अनीता यादव ने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे कांग्रेस कार्यकर्ता नेताजी सुभाष पार्क, कनीना में एकत्रित होंगे। इसके बाद वहां से रोष मार्च निकालते हुए अंबेडकर चौक पहुंचेंगे, जहां मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर उनका पुतला फूंका जाएगा। उन्होंने जिला और ब्लाक स्तर के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं तथा पार्टी समर्थकों से निर्धारित समय पर पहुंचकर कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में उकलाना के विधायक एवं जिला प्रभारी नरेश कुमार सेलवाल मुख्य रूप से शामिल होंगे। इसके अलावा जिला कांग्रेस अध्यक्ष सतबीर झुकिया सहित अन्य पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ता  भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने  बताया कि प्रदेशभर में पार्टी के बैनर तले चल रहे विरोध प्रदर्शनों की कड़ी में कनीना में भी यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसके माध्यम से पार्टी वोट बचाओ, देश बचाओ, संविधान बचाओ का संदेश देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएगी।


नवरात्रों के साथ अब दीपावली की तैयारी
- फूलों की बढ़ी मांग, 150 रुपये किलो तक पहुंचा भाव
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में एक दर्जन गांवों में किसानों ने फूलों की खेती की हुई है। फूलों की मांग बढ़ती जा रही है जो भाव 70 से 80 रुपये प्रति किलो था वह डेढ़ सौ से 160 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है।
 राजू कनीना, गजराज मोड़ी, कृष्ण कुमार भडफ़ ने बताया कि उन्होंने फूलों की खेती की है और लंबे समय से फूलों की खेती करते आ रहे हैं। जब-जब त्यौहार पास आते हैं, फूलों की मांग बढ़ जाती और विशेष कर नवरात्रि दीपावली पर फूलों की मांग अधिक होती है। नवरात्रों पर आकर में छोटे फूलों की मांग अधिक होती है और दीपावली पर बड़े आकार के फूलों की मांग अधिक होती है। कृष्ण कुमार ने बताया कि वह दिल्ली फूल बेचने के लिए जाते हैं। वर्तमान में भाव 150 से 160 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है जबकि यही भाव पहले 70 से 80 रुपये प्रति किलो था। गेंदे की खेती कैश क्रॉप में आती है और बेहतर भाव मिलने की संभावना होती है।
किसानों ने बताया कि कभी-कभी भाव इतने कम होते हैं कि किसान मंडियों तक फूल नहीं ले जाते। इस समय दीपावली नजदीक है जिसकी तैयारी में किसान भी अपने खेतों में बेहतर फूलों तैयारी कर रहे हैं। बेहतरीन दर्जे के फूल तैयार कर रहे हैं ताकि वो दीपावली पर बेचे जा सके।
 फोटो कैप्शन 02: फूल बेचने जाते हुए किसान



दूर दराज तक विख्यात है भडफ़ का माता मंदिर
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कनीना की आवाज।
उप-मंडल कनीना से तीन किलोमीटर दूर रेवाड़ी सड़क मार्ग पर भडफ़ गांव में माता का मंदिर स्थित है।
 मंदिर का इतिहास--
भडफ़ गांव के माता मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह गांव के बसासत के समय से चला आ रहा है। पहले इसका नाम नाम बाड़ीवाला आश्रम था जहां संत बिहारी दास, मोहिनीदास, प्रेमानंद आदि संतों ने तप किया और अब उनके स्थान पर प्रेमानंद गिरी महाराज संत तप करते है। यहां पर मकर संक्रांति पर बड़ा मेला लगता है तथा भारी भीड़ जुटती है। 15 साल पहले इस मंदिर की स्थापना की गई थी। जहां पर बाड़ीवाला आश्रम था उसी जगह आज माता का भव्य मंदिर बनाया गया है। दुर्गा के विभिन्न रूपों की मूर्तियों तथा अन्य देवी देवताओं की मूर्तियां यहां स्थापित की गई है। मूर्तियां राजस्थान से बनवाकर लाई गई थी।
 कैसे पहुंचा जाए-
 इस मंदिर तक पहुंचाने के लिए कनीना पहुंचना जरूरी है। कनीना से रेवाड़ी मार्ग पर पहला बस स्टाप भडफ़ का आता है। भडफ़ के बस स्टाप से उतरने पर भडफ़ गांव की बणी में पहुंचा जाएगा। बणी के पास ही यह मंदिर स्थापित है। इस गांव के ही नहीं अपितु दूर दराज से भक्त यहां आते हैं। विभिन्न प्रसाद वितरित करते हैं जिनमें बतासे, बूंदी तथा अन्य मीठे का प्रसाद वितरित किया जाता है। यहां मंदिर  में दुर्गा, सरस्वती, महाकाली, शेरावाली, पार्वती आदि देवियों की मूर्ति स्थापित है।
क्या कहते हैं पुजारी-
 महाराज ब्रह्मगिरी बताते हैं कि यह माता का भव्य मंदिर है। यहां पर दूर दराज तक के भक्त आते हैं और अपनी मन्नत दिल में लाते हैं। यहां पर मांगी गई मन्नत पूर्ण होती है। माता के दरबार में हाजिरी लगाना ही बड़ा होता है। अपने आप को छोटा समझकर मां के दरबार में सभी को आना चाहिए, नतमस्तक होना चाहिए तभी सभी काम सफल होते हैं।
      ---ब्रह्मगिरी महाराज
 क्या कहते हैं भक्त-
 नवरात्रों में ही नहीं अकसर यहां पूजा करने आते रहते हैं। अक्सर जाकर धोक लगते हैं और यही मन्नत मांगते हैं की संपूर्ण गांव और सृष्टि खुशहाल रहे। उनका कहना है की माता के दरबार में दिन-रात भारी संख्या में भक्ति पहुंचते हैं क्योंकि इसमें अनेक देवी देवताओं की मूर्तियां स्थापित है इसलिए हर दिन किसी ने किसी देवी देवता के पूजा करने लोग यहां पहुंचते हैं।
 --- भक्त महेंद्र सिंह भक्त
फोटो कैप्शन: भडफ़ में माता मंदिर की मूर्तियां, ब्रह्मगिरी  तथा महेंद्र सिंह।



नवरात्रि पर लगाए फलदार व धार्मिक महत्व के पौधे
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कनीना की आवाज।
नवरात्रि के पावन पर्व पर गांव रामबास के मंदिर परिसर में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी मनोज कुमार रामबास ने अपने साथियों के साथ मिलकर मंदिर परिसर में बेलपत्र, लेहसुआ, आड़ू और नाशपाती सहित विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए। पौधारोपण के माध्यम से ग्रामीणों को प्रकृति संरक्षण, हरियाली संवर्धन और पौधों की देखभाल के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान मनोज कुमार रामबास ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति और पेड़-पौधों का विशेष महत्व है। पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार हैं। वे वातावरण को स्वच्छ बनाने, छाया प्रदान करने, जैव विविधता को बढ़ावा देने और जीव-जंतुओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि जैसे धार्मिक पर्व केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये हमें समाज और प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा भी देते हैं। मंदिर परिसर में बेलपत्र का पौधा लगाना धार्मिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है।
मनोज कुमार रामबास ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल करना, समय पर पानी देना और उन्हें सुरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है। एक पौधा जब वृक्ष बनता है, तभी वह लंबे समय तक प्रकृति और समाज को लाभ पहुंचाता है। इसलिए पौधारोपण के साथ पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी सामूहिक रूप से निभानी चाहिए।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे जन्मदिन, त्योहारों, धार्मिक आयोजनों और अन्य शुभ अवसरों पर पौधे लगाकर उन्हें यादगार बनाएं। यदि प्रत्येक परिवार कुछ पौधे लगाकर उनकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो गांव में हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ आने वाली पीढिय़ों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण दिया जा सकता है।
गांव रामबास में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया यह पौधारोपण कार्यक्रम समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का संदेश देता है। मंदिर परिसर में लगाए गए पौधे धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और पर्यावरण प्रेम के प्रतीक हैं।
कार्यक्रम के अंत में मनोज कुमार रामबास और उनके साथियों ने पौधों की नियमित देखभाल करने तथा गांव को अधिक हरा-भरा, स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।
फोटो कैप्शन 01:पौधारोपण करते हुए मनोज कुमार एवं उसके साथी
 

सेहलंग गांव के सोमा बाबा का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
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कनीना की आवाज।
खंड कनीना के गांव सहलंग निवासी 85 वर्षीय सोमदत्त शर्मा उर्फ सोम बाबा  का आज प्रात: निधन हो गया। उनके निधन से गांव सहित आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वे अपने पीछे तीन पुत्रों, दो बेटियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके सुपुत्र राधेश्याम, सीताराम और सतपाल तीनों खेतीबाड़ी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
उनके पौत्र  देवेंद्र भारद्वाज ने बताया कि सोमदत्त शर्मा अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और जनसेवा की भावना के कारण गांव में विशेष पहचान रखते थे। वे गांव के भविष्यवक्ता के रूप में भी मशहूर थे। ग्रामीणों के बीच उन्हें सोम बाबा तथा लोहार समाज के जोशी के नाम से भी जाना जाता था। उनके जीवन से जुड़ी अनेक ऐसी घटनाएं और संस्मरण ग्रामीणों के बीच प्रचलित रहे, जिनमें उनकी कही गई बातें बाद में सही साबित होने की चर्चा होती रही।
फोटो कैप्शन: सोम बाबा


एकल पारी में चलाया जाए विद्यालय वरना दिया जाएगा धरना
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कनीना की आवाज।
प्रजा भलाई संगठन के सुप्रीमोअतरलाल ने भोजावास गांव के राजकीय पीएमश्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को एक पारी (वन-शिफ्ट) में चलाने की मांग की। अतरलाल ने ई-मेल से जिला शिक्षा अधिकारी महेन्द्रगढ़ की मार्फत निदेशक वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल शिक्षा विभाग हरियाणा चंडीगढ़ को भेजे ज्ञापन में उक्त मांग उठाई है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि शिक्षा विभाग ने 15 दिन के अंदर विद्यालय में एक पारी शुरू नहीं की तो अभिभावकगण और ग्रामवासी गांव में स्थापित डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा के समक्ष धरना देने पर मजबूर होंगे।



बाजरे की सरकारी खरीद का हुआ शेड्यूल जारी
- सुबह 8 बजे से शाम 5 तक चलेगी खरीद
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कनीना की आवाज।
 कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में किसानों का सरकारी बाजरे खरीद का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। शेड्यूल अनुसार 19 अक्टूबर को मुडिया खेड़ा, नांगल, नौताना एवं पड़तल के किसान अपना बाजरा बेच पाएंगे।  वहीं 20 अक्टूबर को पाथेड़ा, पोता, रामबास, रसूलपुरके किसान और 21 अक्टूबर को सेहलंग, सुंदराह, स्याणा,सिहोर के किसान बाजार बेच पाएंगे। वहीं 22 अक्टूबर को तलवाना, उच्चत, उन्हाणी एवं ढाणा के किसान अपनी पैदावार बेच सकेंगे।
विस्तृत जानकारी देते हुए सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी मार्केट कमेटी अजीत सिंह ने बताया कि किसान बिना शेड्यूल के मंडी में ना आए, गेट पास कटवाने के लिए अपने साधन पर नंबर प्लेट लगवाना जरूरी है। वो किसान अनाज मंडी में आए जिन्होंने रजिस्ट्रेशन मेरी फसल मेरा ब्यौरा करवाया हुआ है। अपनी फसल को अच्छी प्रकार सुखाकर वह साफ करके लाए।

Saturday, October 17, 2026



 




एकल पारी में चलाया जाए विद्यालय वरना दिया जाएगा धरना
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कनीना की आवाज।
  प्रजा भलाई संगठन के सुप्रीमो बसपा नेता अतरलाल ने भोजावास गांव के राजकीय पी.एम. श्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को एक पारी (वन-शिफ्ट) में चलाने की मांग की। अतरलाल ने ई-मेल से जिला शिक्षा अधिकारी महेन्द्रगढ़ की मार्फत निदेशक वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल शिक्षा विभाग हरियाणा चंडीगढ़ को भेजे ज्ञापन में उक्त मांग उठाई है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि शिक्षा विभाग ने 15 दिन के अंदर विद्यालय में एक पारी शुरू नहीं की तो अभिभावकगण और ग्रामवासी गांव में स्थापित डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा के समक्ष धरना देने पर मजबूर होंगे।
                       अतरलाल ने उक्त जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें भोजावास गांव के गणमान्यों से शिकायत मिली है कि उनके गांव के विद्यालय में दोहरी पारी के कारण छात्र-छात्राओ को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। दूसरी पारी में छुट्टी देर से होने के कारण दूर-दराज के कुओं तथा ढ़ाणीयों में रहने वाले बच्चों को घर लौटने में दिक्कत होती है। सर्दियों में कोहरा और कमदृश्यता के कारण दुर्घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है। इसके अतिरिक्त दोहरी पारी के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए पूरा समय नहीं मिल पाता। उन्हें होमवर्क करने, पाठ्यक्रम पूरा करने और दोहराई करने में परेशानी होती है। अतरलाल ने ज्ञापन में सवाल उठाया कि जब विद्यालय के पास पर्याप्त 29 कमरे, टीन शेड तथा स्थान है और छात्रों की कुल संख्या भी पहले से कम है तो फिर दोहरी पारी क्यों लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अभिभावक, ग्रामवासी और स्कूल प्रबंधन कमेटी के सदस्य कई बार जिला शिक्षा अधिकारियों से स्कूल को एक पारी में लगाने की प्रार्थना और आग्रह कर चुके। उसके बावजूद जिला शिक्षा विभाग और प्रशासन लोगों की जायज मांग की अनदेखी कर रहा है। जिसके कारण ग्रामवासियों तथा आसपास के गांवों के अभिभावकों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि 15 दिन के अंदर विद्यालय में एक पारी शुरू नहीं की गई तो अभिभावक सड़क के साथ डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा के समक्ष धरना देने पर मजबूर होंगे।





क्षेत्र में दिखाई दिया सीजन का पहला कोहरा ,
अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराया ट्रक
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कनीना की आवाज।
  क्षेत्र में सीजन का पहला कोहरा दिखाई दिया। बीते दो दिन से हो रही हल्की वर्षा के साथ गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी। इसके साथ खेतों में हल्का कोहरा भी दिखाई दिया। कोहरे के कारण महेंद्रगढ़ रोड पर गुढ़ा के पास एक ट्रक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गया। गनीमत रही कि कोई जान माल की हानि नहीं हुई। सर्दी के रंग दिखाने से किसान खुश हैं क्योंकि उनकी रबी फसल को ठंड की जरूरत होती है।
फोटो कैप्शन 09: ट्रक टकराया पेड़ से
             10: क्षेत्र में पड़ता हुआ कोहरा




 साहित्य मनीषियों के महाकुंभ में होगा 14 कृतियों का विमोचन
-129 साहित्यकारों और पत्रकारों को किया जाएगा सम्मानित
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कनीना की आवाज।
  जबलपुर में 31 अक्टूबर को अपराह्न 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक साहित्य मनीषियों का महाकुंभ जुटने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रियाशील  कादंबरी संस्था की ओर से 129 साहित्यकारों एवं पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा।
 विस्तृत जानकारी देते हुए संस्था के अध्यक्ष आचार्य भगवत दुबे, महासचिव राजेश पाठक 'प्रवीण' तथा यशोवर्धन पाठक कोषाध्यक्ष ने बताया कि इस मौके पर मुख्य अतिथि राकेश सिंह, मंत्री लोक निर्माण विभाग मध्य प्रदेश शासन होंगे  वही श्रीमां साध्वी विभानंद गिरि नईदिल्ली  मंगल आशीष देंगी। साथ में डा. कैलाश गुप्ता, अशोक मनोध्याय, डा. राजेश धीरावाणी, आचार्य रामनाथ साहू 'ननकी' आदि भी उपस्थित रहेंगे। समारोह में देश के विविध अंचलों के साहित्यकारों द्वारा सृजित 14 कृतियों का विमोचन भी किया जाएगा तथा 129 देश और विदेश से आए हुए साहित्यकारों और पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा। संस्था द्वारा चार लाख 18 हजार 200 रुपये की राशि के 129 स्मृति पुरस्कार दिए जाएंगे जिनमें एक पुरस्कार के 21 हजार रुपये, चार पुरस्कार ग्यारह ग्यारह हजार के, 32 पुरस्कार 5000- 5000 रुपये के तथा 92 पुरस्कार 2100-2100 रुपये के दिए जाएंगे। कादंबरी परिवार विगत कई वर्षों से यह सम्मान समारोह हर वर्ष आयोजित करता आ रहा है।समारोह में कादम्बरी की स्मारिका का भी विमोचन होगा। प्रथम सोपान में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
इन कृतियों का होगा विमोचन-
उन्होंने बताया कि इस मौके पर 14 विभिन्न कृतियों का विमोचन भी होगा जिनमें गोविंद पाल भिलाई की बाघ मामा सियार भांजा, गोविंद पाल की भारतीय ज्ञान परंपरा और विश्व बौद्ध, शंकर भट्टाचार्य दुर्ग की बेजुबान सच, शंकर भट्टाचार्य दुर्ग की ही दूसरी कृति एक मु_ी ईमानदारी, राकेश माहेश्वरी काल्पनिक नरसिंहपुर धूप छांव के संग, डा.अनामिका तिवारी जबलपुर की ऋषि द्वद्व, डा. उमेश चंद्र मिश्रा मैहर प्रतापगढ़ की करवा चौथ, नौमी श्रीवास्तव जबलपुर की जब एक नदी मेरी कहानी में उतरी, हेमंत झा छिंदवाड़ा की आधी हकीकत आधा फसाना, डा. विजय प्रकाश सैनी झांसी की हम इतने झूठे कभी न थे, ज्योति प्यासी अनिका जबलपुर की अंत से अनंत तक, संतोष जाटव जलौनी भिलाई की चिडिय़ा रानी बड़ी सयानी, ज्योति मिश्रा जबलपुर की पारिजात मन, डा. लखविंदर कौर जस्सल जबलपुर की सोच की दिशा प्रमुख हैं।
ये 129 साहित्यकार होंगे सम्मानित- 21 हजार  रुपये से सम्मानित- विमल बुंदेला, छतरपपुर, पंडित सुधाकर शर्मा बालाघाट 11 हजार का सम्मान पाने वाले- गिरीमोहन गुरु नर्मदापुरम, डॉ. अर्जुन प्रताप सिंह मिर्जापुर, डॉ. पशुपतिनाथ उपाध्याय अलीगढ़। 5000 रुपये का इनाम पाने वाले साहित्यकार होंगे-भगवत दुबे दीप जबलपुर, डॉ. संध्या जैन श्रुति जबलपुर, डॉ. सुरेंद्र मोहन कौशिक यूएसए,  देवेंद्र मिश्रा जबलपुर, डॉ. अद्याप्रसाद सिंह प्रदीप सुल्तानपुर, डॉ. सुधा गुप्ता अमृता, प्रमोद कुमार गोविल जयपुर, कैलाश नाथ बाजपेई, डॉ. अनीता पांडा दिल्ली, मुक्तिनाथ झा सहरसा, बिहार ,नरेंद्र दीपक भोपाल, जगदीश मोहन रावत, सुनील कुमार बाजपेई लखनऊ, वीरेंद्र स्वर्णकार निर्झर बुरहानपुर, मनोरमा श्रीवास्तव भोपाल, वीरेंद्र कुमार चंद्रसखी गाजियाबाद, डॉ. गिरिजा नरवरिया भिंड, डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा उरतृप्त हैदराबाद, जय भगवान सैनी हरियाणा, डॉ. कृष्ण जैमिनी गुरुग्राम, इंजीनियर संतोष कुमार मथुरा, डा. विभा प्रकाशन लखनऊ, पुरुषोत्तम श्रीवास्तव पुरु जयपुर, डॉ. ओमप्रकाश कादयान हिसार, गीता कौशिक रत्न यूएसए, हरे राम बाजपेई इंदौर, सुरेंद्र अग्निहोत्री प्रयागराज, सीताराम बघेल मुरैना, डॉ. विजय प्रकाश सैनी विजय झांसी, डॉ.नरेंद्र नाथ लाहा ग्वालियर, डॉ. महेश कुमार मधुकर बरेली, डॉ. रवि बाला महाजन खरगोन। 21 हजार रुपये मिलेगा- भारत सातपुते लाटूर, राकेश सोहम जबलपुर, डा. विवेक सक्सेना नरसिंहपुर, रचना उनियाल बेंगलुरु, डा. रेनू श्रीवास्तव भोपाल, डॉ. चेतन ज्योतिषी ब्योहार मंडला, कर्तव्य उपाध्याय दमोह, भारती जैन दिव्यांशी मुरैना, मनीषा आवले चौगांवकर दिल्ली, मनीष कुमार पाटीदार खरगोन, डॉ. एमएस श्रीवास्तव पृथ्वीपुर, आचार्य डॉ. रामलाल द्विवेदी प्राणेश चित्रकूट, डॉ. श्वेता त्रिपाठी सत्यजीवजा पन्ना, रूप जी रूप घाटोली झालावाड़, हेमराज सिंह हेम बालूपा कोटा, डॉ राहुल राममोहन श्रीवास्तव खेवाली वाराणसी, जगत प्रकाश शर्मा दतिया, गायत्री ठाकुर सक्षम नरसिंहपुर, अनिल कुमार नील प्रतापगढ़, राम लखन शुक्ला प्रयागराज, शंकर भट्टाचार्य दुर्ग, शीशलता शालू भिलाई, संतोष जाटव जालौन भिलाई ,निशा आतुल्य देहरादून, अनूप कुमार त्रिपाठी अनुपम भोपाल, सुधा दुबे भोपाल, आदित्य अभिनव कौशांबी, कन्हैया साहू अमित भाटापारा, डॉ. पूनम आनंद पटना, देवेंद्र कुमार पाठक कटनी, डॉ सुधा पंडा प्रज्ञा रायगढ़ छत्तीसगढ़, पल्लवी दरक न्याति कोटा, आशुतोष तिवारी जबलपुर, अर्चना शर्मा कोटा, डॉ. विवेक वद्र्धन श्रीवास्तव इंदौर, रीता गुप्ता रश्मि कोटा, डॉ.  उमेश चंद्र मिश्रा प्रतापगढ़, डॉ. प्रियदर्शनी राज गुजरात, रचना सक्सेना प्रयागराज, शशि रंजन समदर्शी हरिद्वार, सोनू सुरीला बारां राजस्थान, महेश पंचोली कोटा, रामगोपाल निर्मलकर सिवनी, डॉ. साधना शुक्ला भोपाल, शिशिर उपाध्याय इंदौर, विनय कुमार झा, गाजियाबाद, कमल चंद्रा भोपाल, सुनीति बैस ग्वालियर, नरेंद्र निर्मल भरतपुर, पवन शर्मा जुन्नारदेव, राकेश कुमार पलामू, नरेंद्र शुक्ला सुलतानपुर, डॉ. रोशनी किरण अंधेरी मुंबई, महेश चंद्र जोशी खरगोन, अरुण साहू रायगढ़, केशव चंद दुबे भोपाल, नीलम कुमार नील मेरठ, डॉ. नीलिमा मिश्रा नीलम प्रयागराज, डॉ. कामना कौस्तुभ, विनोद मिश्रा सुरमणि दतिया, डॉ. विष्णु शास्त्री सरल चंपावत, डॉ. कनक पाणि नई दिल्ली, डॉ.मनीष गिरी, बीना मंगल कंकरखेड़ा, सुमन लता शर्मा बूंदी, डा. मंजू गोरे जबलपुर, डॉ. शिवराज सिंह शक्तावत कोटा, श्याम चतुर्वेदी विदिशा, महेश मानव बरेला, डॉ. नेहा शर्मा नेह मोहाली पंजाब, प्रीति डिमरी प्रीत देहरादून, रामलाल सराठे रश्मि छिंदवाड़ा, डॉ. सुमन कसाला हरियाणा, कुसुम सिंह अविचल कानपुर, डॉ. वंदना गोपाल शर्मा शैली भाटापारा, राजेंद्र श्रीवास्तव ग्वालियर, पायल शर्मा डूंगरपुर राजस्थान, डॉ. कुकुम गुप्ता भोपाल,बीएल गोहिया, डॉ. प्रतिभा द्विवेदी भोपाल,
सुमनलता शर्मा बूंदी राजस्थान, राकेश मिश्रा मोहम्मदी खीरी, ओम प्रकाश मिश्रा व्यथित रीवा, पुरुषोत्तम पटेल तन्हा जबलपुर, शिवकुमार शर्मा चंदन रामपुर, कामिनी मिश्रा अनिका कानपुर, डॉ. रश्मि मोयदे रागिनी उज्जैन, ललिता यादव बिलासपुर, डेजी रानी मिश्रा बुलंदशहर, डॉ. नीलू शुक्ला समीर भोपाल, डॉ.कविता विकास नोएडा, डॉक्टर बृज लता मिश्र झांसी आदि प्रमुख हैं।


एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ककराला ने कबाड़ से जुगाड़ प्रदर्शनी में हासिल किए पुरस्कार
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कनीना की आवाज।
  सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा, महेंद्रगढ़ में शिक्षा मंत्रालय के व्यावसायिक अध्ययन एवं कौशल विभाग के अंतर्गत औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता ही सेवा एवं एक भारत श्रेष्ठ भारत के
संयुक्त तत्वावधान में कबाड़ से जुगाड़ एवं कबाड़ से कला प्रदर्शनी, अपशिष्ट प्रबंधन कार्यशाला एवं सफाई मित्र सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ककराला ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और अपनी रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच एवं नवाचार का शानदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनी में विद्यालय के विद्यार्थियों ने कबाड़ एवं अनुपयोगी सामग्री का रचनात्मक उपयोग करके उपयोगी माडल, वर्किंग प्रोजेक्ट एवं पोस्टर प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की इन प्रस्तुतियों ने अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण तथा वेस्ट टू बेस्ट की अवधारणा को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया।
विद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पोस्टर प्रेजेंटेशन में समर पुत्र श्री हनुमान, हार्दिक व चिराग ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बेस्ट आउट आफ वेस्ट प्रोजेक्ट में यश , चिराग व रितिक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
बेस्ट आउट आफ वेस्ट में रजत, यश व उमेद ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा कक्षा 11वीं की खुशी, दीक्षा ,जिया , कक्षा नवीं की भूमिका व दिव्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, रचनात्मक प्रतिभा एवं इनोवेशन कार्यप्रभारी जसबीर जांगिड़ व कला और शिल्प प्रभारी  शोभा राय के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है। इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक होने, संसाधनों का पुन: उपयोग करने तथा स्वच्छता एवं सतत विकास के महत्व को समझने का अवसर प्रदान किया।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक ओमप्रकाश, उप-निदेशक पूरण सिंह एवं प्रधानाचार्य अरविंद कुमार तोमर ने इस शानदार उपलब्धि पर सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों और मार्गदर्शक शिक्षकों को हार्दिक बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
फोटो कैप्शन 08: अव्वल को पुरस्कृत करते हुए



बच्चों के भविष्य की खातिर बेवल गांव में उठी आवाज
-डीएवी संस्थान कनीना को दोबारा खोलने की मांग
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कनीना की आवाज। 
जिस डीएवी संस्थान में कभी बच्चों के सपनों को उड़ान मिलती थी, आज उसी संस्थान को दोबारा शुरू करवाने की उम्मीद लेकर ग्रामीण एकजुट हो रहे हैं। शनिवार को बेवल गांव की सभा की अध्यक्षता हरेंद्र शर्मा ने की और सरकार से मांग की कि कनीना में वर्षों से बंद पड़े डीएवी अकादमी को पुन: संचालित करवाया जाए।
उन्होंने कहा कि ये सभा बच्चों के भविष्य, क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसरों और बंद पड़े शैक्षणिक संस्थान को फिर से आबाद करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि स्कूल की इमारतें केवल ईंट-पत्थर से नहीं बनतीं, उनमें बच्चों के सपने, माता-पिता की उम्मीदें और समाज का भविष्य बसता है।
ग्रामीणों का मानना है कि डीएवी संस्थान दोबारा शुरू होने से कनीना और आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिल सकते हैं। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए जनसमर्थन जुटाने तथा संबंधित डीएवी प्रबंधन और प्रशासन के समक्ष सामूहिक रूप से मांग रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
यह पहल किसी व्यक्ति या संस्था के विरोध में नहीं, बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य और क्षेत्र के शैक्षणिक विकास के लिए है। अभियान से जुड़े लोगों ने क्षेत्रवासियों और अभिभावकों से अपील की कि वे इस जनहित के प्रयास में अपना सहयोग दें।
फोटो कैप्शन 06: डीएवी अकादमी कनीना को पुन: शुरू करवाने की मांग को लेकर आयोजित बैठक।


सोने के मृग के मोह में सीता हरण, रामलीला मंचन ने बांधा समां
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कनीना की आवाज।
  श्रीआदर्श रामलीला कमेटी कनीना के रंगमंच पर भगवान श्रीराम की 13 दिवसीय लीलाओं के नौवें दिन शुक्रवार रात सीता हरण की लीला का मंचन किया गया। कलाकारों ने शूर्पणखा प्रसंग से लेकर रावण द्वारा साधु का वेश धारण कर माता सीता का हरण करने तक के दृश्यों को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम में हरियाणा प्रदेश वैश्य समाज के प्रदेश महामंत्री एवं समाजसेवी दुर्गादत्त गोयल मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने रामलीला कमेटी को अपने निजी कोष से 31 हजार रुपये भेंट किए। महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर पूजा खींची विशिष्ट अतिथि रहीं। प्रजापति विकास समिति कनीना ब्लाक के प्रधान बलवान सिंह तथा पूनम चंद, ताराचंद एंड संस से कृष्ण भी मौजूद रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंच संचालन मुख्याध्यापक सत्यप्रकाश महरौलिया ने किया।
रामलीला में दिखाया गया कि रावण की बहन शूर्पणखा भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को देखकर मोहित हो जाती है और श्रीराम के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखती है। श्रीराम के प्रस्ताव ठुकराने के बाद वह लक्ष्मण के पास जाती है। इसके बाद लक्ष्मण शूर्पणखा की नाक-कान काट देते हैं। अपमानित शूर्पणखा खर, दूषण और त्रिशिरा के पास पहुंचकर पूरा घटनाक्रम सुनाती है। इसके बाद खर, दूषण और त्रिशिरा राक्षसों की सेना लेकर युद्ध के लिए पहुंचते हैं, जहां भगवान श्रीराम उनका वध कर देते हैं।
इसके बाद शूर्पणखा रावण के पास पहुंचकर अपनी व्यथा सुनाती है। खर-दूषण और त्रिशिरा के मारे जाने से रावण समझ जाता है कि श्रीराम कोई साधारण मनुष्य नहीं, बल्कि भगवान के अवतार हैं। वह सीता हरण की योजना बनाता है। मारीच सोने का मृग बनकर श्रीराम को दूर ले जाता है और रावण साधु का वेश धारण कर माता सीता का हरण कर लेता है। कलाकारों ने इन दृश्यों का
मुख्य अतिथि दुर्गादत्त गोयल ने कहा कि हनुमान जी ऐसे सच्चे सेवक थे, जिन्होंने अपनी सेवा, समर्पण और भक्ति से देवत्व प्राप्त किया। रामायण में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण सहित कई पात्रों के सामने संकट आए, लेकिन हनुमान जी हर परिस्थिति में संकटमोचन बनकर खड़े रहे। उन्होंने कहा कि जीवन में भी हर व्यक्ति के सामने कठिन परिस्थितियां आती हैं। ऐसे समय में हनुमान जी के साहस, समर्पण और दृढ़ता से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने सभी से भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलते हुए अच्छे संस्कार अपनाने का आह्वान किया।
मंचन में रावण की भूमिका कृष्ण पहलवान चेलावासिया, श्रीराम की शिवकुमार शर्मा, लक्ष्मण की प्रवक्ता सचिन शर्मा तथा माता सीता की भूमिका मुकेश कपूर ने निभाई। सूतीक्षण की भूमिका निर्देशक साहिल शर्मा, अगस्त्य मुनि की नंदलाल शर्मा, खर की पिनाक भारद्वाज तथा दूषण की भूमिका दिनेश यादव ने निभाई। इसके अलावा दिनेश जांगड़ा, संदीप चौधरी, कर्नल चीकारा, नीटू जांगड़ा और नितिन सिंगला टिंकू सहित अन्य कलाकारों ने भी अपनी भूमिकाओं से मंचन को प्रभावशाली बनाया।
इस अवसर पर श्री श्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग, व्यापार मंडल के पूर्व उपप्रधान रविंद्र बंसल, शिबू पंसारी, विक्की पंसारी, सुभाष मित्तल, सुरेंद्र शर्मा, रामलीला कमेटी के प्रधान मोहित जेलदार, बाबा मोलडऩाथ कमेटी के प्रधान दिनेश यादव, रामकिशन रामा शर्मा, सुरेंद्र मिनिया और पिन्नू मित्तल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04: श्री आदर्श रामलीला के मंच पर सीता हरण की लीला का मंचन करते कलाकार।
             01: विभिन्न भूमिकाएं निभाते कलाकार




बूंदाबांदी के बाद तेजी आ गई है बिजाई में
-सरसों बिजाई का कार्य चरम पर
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कनीना की आवाज।
 कनीना की बावनी नाम से जाने जाने वाली वाली कृषियोग्य भूमि पर गत दिनों हुई बूंदाबांदी के बाद खेत की तैयारी और सरसों बिजाई में तेजी आ गई है।  गेहूं अगले माह बोया जाना है किंतु इस वक्त तेजी से किसान खेतों की तैयारी, सिंचाई तथा सरसों की बिजाई कर रहे हैं। कुछ किसानों ने तो अभी तक सरसों के बिजाई भी कर दी गई है। विश्वविद्यालय की सरसों की किस्में आरएच-1975 और आरएच-725 जो किसान उगाना चाहे तो उसके लिए 20 अक्टूबर तक का समय ही उचित है। उधर 20 अक्टूबर तक ही सरसों के बिजाई की जानी है किंतु तापमान का भी ध्यान रखना है।
 क्या कहते हैं एसडीओ कृषि विभाग -
एसडीओ कृषि विभाग डा. अजय यादव से इस संबंध में चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि वैसे तो सरसों बिजाई का समय शुरू हो चुका है किंतु 20 अक्टूबर तक सरसों की बिजाई उत्तम रहती है। उन्होंने कहा कि अभी तक तो तापमान अधिक है इसलिए सरसों बिजाई प्रभावित हो सकती है। ताप का जरूर ध्यान रखें और कम ताप पर ही यरसों उगाए। उन्होंने बताया कि गेहूं की बिजाई अगले माह नवंबर में उचित होती है किंतु जो किसान विश्वविद्यालय की सरसों की किस्में आरएच-1975 और आरएच-725 जो किसान उगाना चाहे तो 20 अक्टूबर तक जरूर उगा ले वरना बाद में पैदावार पर कुप्रभाव पड़ सकता है।
फोटो कैप्शन 07: बिजाई के कार्य में लगे किसान साथ में एसडीओ कृषि



घड़ी महासर में लगा मेला
- बच्चों के जडूले उतारे गए
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कनीना की आवाज।
 कनीना -अटेली मार्ग पर घड़ी मास्टर में जहां नवरात्रों में हर वर्ष दो बार मेले लगते हैं। शारदीय नवरात्रों का मेला शनिवार को चला जिसमें लोगों ने दूर दराज से आकर मन्नत मांगी।
राकेश शर्मा पुजारी परिवार ने बताया कि साल में दो बार यह मेला यहां लगता है। हर वर्ष अश्विन तथा चैत्र माह में दो बार यह मेला लगता है और दोनों बार नवरात्रि होते हैं। उन्होंने बताया कि मेले में दूर-दराज से भक्त ध्वज लेकर आए और माता को अर्पित किए वहीं भक्त पेट के बल भी चल कर आए। नवजात जोड़ों की जात लगाई गई। उन्होंने बताया कि माता के इस मंदिर में पूरे साल/365 दिन निशुल्क भंडारा चलता है। विभिन्न भक्त आकर के भंडारा लगाते हैं।
फोटो कैप्शन 02: माता मंदिर पर लगा हुआ मेला।


चेलावास स्थित अनाज मंडी में बाजरे की खरीद जारी
-सरकारी तौर पर नहीं हुई खरीद
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कनीना की आवाज।
 कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में अब तक डेढ़ लाख क्विंटल से भी अधिक बाजरा प्राइवेट एजेंसियों द्वारा खरीद लिया गया है। सरकारी तौर पर बाजरे का एक दाना भी नहीं खरीदा गया है। सरकारी खरीद एजेंसी हैफेड के मैनेजर जगराम यादव ने बताया कि सरकारी तौर पर बाजरा नहीं खरीदा गया चूंकि वो मानकों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। उधर पूर्णचंद प्रधान ने बताया कि अब तक करीब डेढ़ लाख क्विंटल बाजरे की प्राइवेट एजेंसिज द्वारा खरीद लिया गया है। करीब 10 खरीद एजेंसी बाजरे के खरीद कर रही है और भारी मात्रा में बाजरा आ रहा है। कनीना मंडी में बाजरे के ढेर लग गए हैं। बाजरे की पैकिंग का काम निजी एजेंसी के पास ही है।
फोटो कैप्शन 05: कनीना मंडी में बाजरे का ढेर



 
सेहलंग गांव के सोमा बाबा उर्फ सोम दत्त का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
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कनीना की आवाज।
  खंड कनीना के गांव सहलंग निवासी 85 वर्षीय सोमदत्त शर्मा उर्फ सोम बाबा  का आज प्रात: निधन हो गया। उनके निधन से गांव सहित आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वे अपने पीछे तीन पुत्रों, दो बेटियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके सुपुत्र राधेश्याम, सीताराम और सतपाल तीनों खेतीबाड़ी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
उनके पौत्र  देवेंद्र भारद्वाज ने बताया कि सोमदत्त शर्मा अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और जनसेवा की भावना के कारण गांव में विशेष पहचान रखते थे। वे गांव के भविष्यवक्ता के रूप में भी मशहूर थे। ग्रामीणों के बीच उन्हें 'सोम बाबा तथा 'लोहार समाज के जोशी

















के नाम से भी जाना जाता था। उनके जीवन से जुड़ी अनेक ऐसी घटनाएं और संस्मरण ग्रामीणों के बीच प्रचलित रहे, जिनमें उनकी कही गई बातें बाद में सही साबित होने की चर्चा होती रही।
उनके अंतिम संस्कार में सेवानिवृत्त जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी सुभाष शर्मा, सेवानिवृत्त खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश यादव, सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक जगदीश प्रसाद, बाबूलाल शर्मा, प्राचार्य नरेश कुमार सहित सैकड़ों ग्रामीणों, गणमान्य व्यक्तियों और परिचितों ने शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्मशान घाट पर उपस्थित ग्रामीणों ने सोमदत्त शर्मा के जीवन से जुड़े अनेक संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया कि सोम बाबा लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनने वाले, सबके साथ आत्मीयता से मिलने वाले और जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने वाले व्यक्ति थे। उनकी भविष्यवाणियों से जुड़े अनुभवों की चर्चा भी ग्रामीणों के बीच होती रही।
समाजसेवा और आत्मीय व्यवहार से बनाई पहचान
सोमदत्त शर्मा का जीवन ग्रामीण परिवेश की उन परंपराओं का प्रतीक रहा, जिनमें आपसी भाईचारे, सहयोग, बुजुर्गों के सम्मान और सामाजिक सद्भाव को विशेष महत्व दिया जाता है। वे लोगों के साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार करते थे और गांव के सामाजिक जीवन में उनकी अपनी विशिष्ट पहचान थी। उनके निधन से गांव ने एक ऐसे बुजुर्ग को खो दिया है, जिनकी स्मृतियां और जीवन से जुड़े प्रसंग लंबे समय तक लोगों के बीच याद किए जाते रहेंगे।
ग्रामीणों ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।
फोटो कैप्शन: सोम बाबा