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Tuesday, October 13, 2026



 


अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर माय भारत नारनौल ने आयोजित किया जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम
-युवाओं को सीपीआर प्राथमिक उपचार, आपदा प्रबंधन एवं सड़क सुरक्षा की दी जानकारी
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कनीना की आवाज।
 अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर मेरा युवा भारत, नारनौल, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा रेडक्रास भवन, नारनौल में जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला परिवहन अधिकारी मनोज कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को आपदा प्रबंधन, सड़क सुरक्षा, सीपीआर तथा प्राथमिक उपचार के प्रति जागरूक करना और आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की सहायता करने के लिए प्रेरित करना रहा।
मुख्य अतिथि जिला परिवहन अधिकारी मनोज कुमार ने युवाओं को सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं को वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने तथा नशे की स्थिति में वाहन न चलाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सड़क संकेतों, ट्रैफिक सिग्नल और सुरक्षित ड्राइविंग के नियमों के प्रति जागरूक रहने का संदेश देते हुए कहा कि सतर्कता और जिम्मेदार व्यवहार से सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षक टेकचंद एवं कौशल ने प्रतिभागियों को बताया कि किसी व्यक्ति के अचानक बेहोश होने, सामान्य रूप से सांस न लेने या हृदय गति रुकने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर सहायता देना बेहद महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने सीपीआर के महत्व, आपातकालीन सहायता बुलाने तथा छाती पर दबाव देने की सही तकनीक के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही रक्तस्राव, चोट लगने, जलने, बेहोशी और अन्य आपातकालीन स्थितियों में प्राथमिक उपचार देने के आवश्यक तरीकों एवं सावधानियों के बारे में बताया गया।
अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को भूकंप, बाढ़, आग और अन्य प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान सुरक्षा उपायों, पूर्व तैयारी तथा बचाव के तरीकों के बारे में भी जागरूक किया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि आपदा के समय सही जानकारी, त्वरित प्रतिक्रिया और सामूहिक सहयोग से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जिला युवा अधिकारी नित्यानंद यादव ने कहा कि युवाओं को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों का व्यावहारिक ज्ञान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर उचित सहायता मिलने से किसी व्यक्ति की जान बचाने में मदद मिल सकती है। युवा समाज में जागरूकता फैलाने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने युवाओं से माय भारत से जुडऩे की अपील करते हुए कहा कि सभी युवा माय भारत के युवा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाएं और पोर्टल के माध्यम से संचालित विभिन्न युवा गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सामाजिक अभियानों एवं स्वयंसेवी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने कहा कि माय भारत युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने, नए कौशल सीखने, सामाजिक कार्यों में योगदान देने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का अवसर प्रदान करता है।
कार्यक्रम का मंच संचालन हरिश शर्मा ने किया। माय भारत के स्वयंसेवक विवेक, अशोक एवं बृजेश ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रेडक्रास की ओर से राजकुमार एवं रेखा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और आयोजन में सहभागिता की।
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को आपदा जोखिम न्यूनीकरण, सीपीआर, प्राथमिक उपचार, सुरक्षित यातायात व्यवहार और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया गया। मेरा युवा भारत, नारनौल द्वारा युवाओं को जागरूक, सक्षम एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोडऩे के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
फोटो कैप्शन 08 व 09: संबंधित हैं




कमरे 29, बच्चे 539 फिर भी दोहरी पारी में  चल रहा भोजावास पीएम श्री स्कूल?
-सिंगल शिफ्ट की मांग तेज
- एसएमसी ने डीईओ कार्यालय पहुंचकर सौंपा मांगपत्र
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कनीना की आवाज।
29 कक्षा-कक्ष, घटती विद्यार्थी संख्या और फिर भी दोहरी पारी में पढ़ाई! राजकीय पीएमश्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) का कहना है कि जब विद्यालय में टीन शेड सहित कुल 29 कक्षा-कक्ष उपलब्ध हैं और विद्यार्थियों की संख्या 573 से घटकर 539 रह गई है, तो विद्यालय को एक पारी में संचालित करने पर निर्णय क्यों नहीं लिया जा रहा? समिति ने शिक्षा विभाग से उपलब्ध संसाधनों और विद्यार्थियों की संख्या की समीक्षा कर जल्द सिंगल शिफ्ट शुरू करने की मांग की है।
सोमवार को एसएमसी प्रधान मंजू रोहिल्ला के नेतृत्व में समिति सदस्यों ने नारनौल स्थित जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय पहुंचकर डीईओ की अनुपस्थिति में सुपरिंटेंडेंट सुदेश भारद्वाज को मांगपत्र सौंपा। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता मदनलाल शर्मा और राकेश रोहिल्ला भी मौजूद रहे। मांगपत्र के साथ विद्यालय प्रबंधन समिति और ग्राम पंचायत के प्रस्ताव, कक्षा-कक्षों की स्थिति तथा विद्यार्थी संख्या से संबंधित दस्तावेजों और फोटो प्रतियों को भी प्रस्तुत किया गया।
एसएमसी प्रधान मंजू रोहिल्ला के अनुसार,पहले विद्यालय में 573 विद्यार्थी थे, जबकि अब इनकी संख्या घटकर 539 रह गई है। समिति ने 9 अगस्त 2026 की स्थिति से संबंधित आंकड़ों के आधार पर एक पारी में विद्यालय संचालन की संभावनाएं जताई हैं।
समिति के मुताबिक, साथ लगते राजकीय माडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय की ओर से भी दो कक्षा-कक्ष उपलब्ध करवाए गए हैं। अभिभावकों और ग्रामीणों का दावा है कि जिले में भोजावास पीएम श्री विद्यालय को छोड़कर कोई अन्य विद्यालय दोहरी पारी में संचालित नहीं हो रहा।
मंजू रोहिल्ला ने बताया कि एसएमसी सदस्यों ने 6 अक्टूबर को विद्यालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह के प्राचार्य बाबूलाल यादव को भी मांगपत्र सौंपा था। उन्होंने मांगपत्र को जिला शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी के पास भेज दिया था। समिति का कहना है कि इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।
एसएमसी सदस्यों के अनुसार, सरकारी विद्यालयों में भवन और शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। ऐसे में उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
सर्दियों में बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई की चिंता अभिभावकों ने दोहरी पारी के कारण पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय मिलने, पाठ्यक्रम पूरा करने और विद्यार्थियों की दोहराई करवाने में आने वाली परेशानियों का मुद्दा भी उठाया है। सर्दियों में कोहरा और कम दृश्यता बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के लिए उचित व्यवस्था करे।
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला शिक्षा अधिकारी विश्वेश्वर शर्मा ने बताया कि एसएमसी सदस्यों ने विद्यालय में पर्याप्त कक्षा-कक्ष उपलब्ध होने और विद्यार्थियों को आसानी से बैठाने की व्यवस्था होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मांगपत्र कार्यालय में जमा करवा दिया जाए, उसे निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, चंडीगढ़ को भेज दिया जाएगा। वहां से मिलने वाले आदेशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खंड शिक्षा अधिकारी सुनील खुडानिया ने कहा कि वे स्वयं विद्यालय पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकेगा।
फोटो कैप्शन 07: सुपरिंटेंडेंट को ज्ञापन सौंपते हुए




तीन लोगों पर मारपीट का केस दर्ज
-कनीना का मामला
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कनीना की आवाज।
 कनीना के दीपक कुमार ने तीन लोगों पर मारपीट का केस  दर्ज करवाया है। उसने पुलिस में कहा है कि 2 अक्टूबर को जब अपने घर के बाहर देखा तो रामदास, मोहित एवं कैलाश देवी घर के अंदर आने वाली गली पर कब्जा कर रहे थे। जब उनसे कारण पूछा गया तो हमला बोल दिया। बचाव में राजबाला आई जिसे जान से मारने की कोशिश की। लोहे की राड़ आदि से हमला बोला, दोनों घायल हो गए। दीपक का कहना है कि उस समय पिता घर पर नहीं थे। पिता के घर पर आने के बाद दोनों को सिविल अस्पताल कनीना भेजा जहां उपचार करके पीजीआई रोहतक भेज दिया। दोनों का उपचार रोहतक चला। अभी भी उनकी मां पीजीआई रोहतक भर्ती है। उनके बयान पर  रामदास, मोहित, कैलाश देवी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।


नौ लोगों पर मारपीट, लूटपाट का मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
 कनीना उप-मंडल के गांव गुढ़ा निवासी बबलू ने उसके तथा उनके परिजनों के साथ मारपीट के मामले में नौ लोगों पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज करवाया है।
पुलिस में बबलू ने बताया कि उसकी 65 वर्षीय दादी केला देवी के साथ नकली वकील बनकर 20,000 रुपये की ठगी करने के मामले में सदर पुलिस थाना में की गई शिकायत को लेकर 20 सितंबर 2026 को बबलू व उसके ताऊ का लड़का राहुल गए थे। थाना में मारपीट करने वाले धीरज के साथ गए लोगों ने केला देवी के साथ गाली गलौज एवं बद व्यवहार किया गया। उन्होंने केला देवी पर शिकायत वापस लेने का जबरन दबाव बनाया जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई। बबलू  अपनी दादी को सरकारी अस्पताल कनीना में छोड़कर जब वापस थाना की ओर आया तो बाहर खड़े लोगों जिनमें धीरज, खोटा, फोर्ड, बाहलिया, संजय, जगदीश, छिनिया, शिवकुमार  एवं बबलू ने जबरन उनका रास्ता रोककर गालियां दी और धमकी दी की केस वापस नहीं लिया तो अंजाम बुरे होंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगा है कि उनकी जेब में रखे 2000 रुपये की नकदी, जरूरी कागज निकाल लिए और लाठी, डंडों, चाकू आदि से हमला किया। घायल हो गया और बेहोश हो गया। किसी राहगीर ने उन्हें कनीना अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। जहां 26 सितंबर तक इलाज चल। अब उन्होंने पुलिस पहुंचकर नौ लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर करवा दिया है।


कमरे 29, बच्चे 539 फिर भी दोहरी पारी में  चल रहा भोजावास पीएम श्री स्कूल?
-सिंगल शिफ्ट की मांग तेज, एसएमसी ने डीईओ कार्यालय पहुंचकर सौंपा मांगपत्र
- सर्दियों में बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई प्रभावित होने की जताई आशंका
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कनीना की आवाज।
29 कक्षा-कक्ष, घटती विद्यार्थी संख्या और फिर भी दोहरी पारी में पढ़ाई! राजकीय पीएमश्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) का कहना है कि जब विद्यालय में टीन शेड सहित कुल 29 कक्षा-कक्ष उपलब्ध हैं और विद्यार्थियों की संख्या 573 से घटकर 539 रह गई है, तो विद्यालय को एक पारी में संचालित करने पर निर्णय क्यों नहीं लिया जा रहा? समिति ने शिक्षा विभाग से उपलब्ध संसाधनों और विद्यार्थियों की संख्या की समीक्षा कर जल्द सिंगल शिफ्ट शुरू करने की मांग की है।
सोमवार को एसएमसी प्रधान मंजू रोहिल्ला के नेतृत्व में समिति सदस्यों ने नारनौल स्थित जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय पहुंचकर डीईओ की अनुपस्थिति में सुपरिंटेंडेंट सुदेश भारद्वाज को मांगपत्र सौंपा। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता मदनलाल शर्मा और राकेश रोहिल्ला भी मौजूद रहे। मांगपत्र के साथ विद्यालय प्रबंधन समिति और ग्राम पंचायत के प्रस्ताव, कक्षा-कक्षों की स्थिति तथा विद्यार्थी संख्या से संबंधित दस्तावेजों और फोटो प्रतियों को भी प्रस्तुत किया गया।
29 कमरे और अतिरिक्त कक्ष, फिर भी दोहरी पारी-
एसएमसी प्रधान मंजू रोहिल्ला के अनुसार, विद्यालय परिसर में तीन तरफ टीन शेड सहित कुल 29 कक्षा-कक्ष उपलब्ध हैं। पहले विद्यालय में 573 विद्यार्थी थे, जबकि अब इनकी संख्या घटकर 539 रह गई है। समिति ने 9 अगस्त 2026 की स्थिति से संबंधित आंकड़ों के आधार पर एक पारी में विद्यालय संचालन की संभावनाएं जताई हैं।
समिति के मुताबिक, साथ लगते राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय की ओर से भी दो कक्षा-कक्ष उपलब्ध करवाए गए हैं। इन कमरों में शौचालय और पानी की सुविधा भी है। ऐसे में एसएमसी का तर्क है कि उपलब्ध कमरों और सुविधाओं का आकलन कर एक पारी में पढ़ाई शुरू करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
अभिभावकों और ग्रामीणों का दावा है कि जिले में भोजावास पीएम श्री विद्यालय को छोड़कर कोई अन्य विद्यालय दोहरी पारी में संचालित नहीं हो रहा। उनका कहना है कि कंडम भवन हटाए जाने के बाद भी विद्यालय में पर्याप्त कमरे उपलब्ध हैं। इसलिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए। हालांकि, आगामी शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों की संख्या बढऩे की संभावना को भी ध्यान में रखने की जरूरत है।
पहले भी सौंपा था मांगपत्र, कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी-
मंजू रोहिल्ला ने बताया कि एसएमसी सदस्यों ने 6 अक्टूबर को विद्यालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह के प्राचार्य बाबूलाल यादव को भी मांगपत्र सौंपा था। उन्होंने मांगपत्र को जिला शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी के पास भेज दिया था। समिति का कहना है कि इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।
एसएमसी सदस्यों के अनुसार, सरकारी विद्यालयों में भवन और शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। ऐसे में उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। समिति ने अधिकारियों से विद्यालय पहुंचकर कमरों, बैठने की व्यवस्था और विद्यार्थियों की संख्या का आकलन करने के बाद एक पारी में संचालन को लेकर निर्णय लेने की मांग की है।
सर्दियों में बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई की चिंता
अभिभावकों ने दोहरी पारी के कारण पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय मिलने, पाठ्यक्रम पूरा करने और विद्यार्थियों की दोहराई करवाने में आने वाली परेशानियों का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि दूसरी पारी में छुट्टी देर से होने के कारण दूर-दराज की ढाणियों से आने वाले छोटे बच्चों को घर लौटने में परेशानी होती है।
सर्दियों में कोहरा और कम दृश्यता बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के लिए अतिरिक्त चुनौती बन सकते हैं। ऐसे में अभिभावकों ने मांग की है कि बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग समय रहते उचित व्यवस्था करे।
इस अवसर पर एसएमसी प्रधान मंजू रोहिल्ला, सदस्य ज्योति रानी, आरती देवी, किरण वर्मा, ज्योति, ललिता, मंजू, राकेश, कौशल, मनीष और जसवंत, अभिभावक अशोक गोयल तथा सामाजिक कार्यकर्ता मदनलाल शर्मा और राकेश रोहिल्ला सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला शिक्षा अधिकारी विश्वेश्वर शर्मा ने बताया कि एसएमसी सदस्यों ने विद्यालय में पर्याप्त कक्षा-कक्ष उपलब्ध होने और विद्यार्थियों को आसानी से बैठाने की व्यवस्था होने की बात कही है। फिलहाल वे डाइट महेंद्रगढ़ आए हुए हैं। उन्होंने कहा कि मांगपत्र कार्यालय में जमा करवा दिया जाए, उसे निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, चंडीगढ़ को भेज दिया जाएगा। वहां से मिलने वाले आदेशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खंड शिक्षा अधिकारी सुनील खुडानिया ने कहा कि वे स्वयं विद्यालय पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकेगा।
फोटो कैप्शन 07: संबंधित फोटो अधिकारी आवाज सुनते हुए


बाजरे की सरकारी खरीद का हुआ शेड्यूल जारी
- सुबह 8 बजे से शाम 5 तक चलेगी खरीद

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कनीना की आवाज।
कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में किसानों का सरकारी बाजरे खरीद का शेड्यूल जारी कर दिया गया है।
मिली जानकारी अनुसार 15 अक्टूबर को झीगावन, ककराला, कलवाड़ी,करीरा एवं कपूरी वहीं 16 अक्टूबर को कनीना, कैमला, खरकड़ाबास, खेड़ी एवं खैराना के किसान और 17 अक्टूबर को कोका, कोटिया, मानपुर, मोहम्मदपुरी, मोड़ी के किसान बाजार बेच पाएंगे।
विस्तृत जानकारी देते हुए सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी मार्केट कमेटी अजीत सिंह ने बताया कि किसान बिना शेड्यूल के मंडी में ना आए, गेट पास कटवाने के लिए अपने साधन पर नंबर प्लेट लगवाना जरूरी है। वो किसान अनाज मंडी में आए जिन्होंने रजिस्ट्रेशन मेरी फसल मेरा ब्यौरा करवाया हुआ है। अपनी फसल को अच्छी प्रकार सुखाकर वह साफ करके लाए।
  उधर निजी एजेंसी  बाजरे की त्वरित गति सूे खरीद कर रही हैं जबकि सरकारी तौर पर बाजरा नहीं खरीदा गया है।


माता कूष्मांडा मां की पूजा विधि विधान से करे-प्रवेश पंडित
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कनीना की आवाज।
नवरात्रि के चतुर्थ दिन मां कूष्मांडा की पूजा और अर्चना विधि विधान से की जाती है। विस्तृत जानकारी देते हुये कनीना पुजारी प्रवेश पंडित ने बताया कि पूजा से उपासक का मन अनाहत चक्र में उपस्थित रहता है। इसलिए इस दिन बेहद साफ और पवित्र मन से मां कूष्मांडा देवी के स्वरूप को ध्यान में रखकर पूजा और आराधना करनी चाहिए। मां कूष्मांडा को लेकर यह प्रबल मान्यता है कि इनकी पूजा से भक्तों के सभी रोग नष्ट होते हैं।
नवरात्र के चौथे दिन की अधिष्ठात्री देवी हैं मां कूष्मांडा। मान्यता है कि जो मनुष्य सच्चे मन से और संपूर्ण विधिविधान से मां की पूजा करते हैं, उन्हें आसानी से अपने जीवन में परम पद की प्राप्ति होती है। यह भी माना जाता है कि मां की पूजा से भक्तों के समस्त रोग नष्ट हो जाते हैं। मां कूष्मांडा को अष्ट भुजाओं वाली देवी भी कहा जाता है। उनकी भुजाओं में बाण, चक्र, गदा, अमृत कलश, कमल और कमंडल सजे हैं। वहीं दूसरी भुजा में वह सिद्धियों और निधियों से युक्त माला धारण किए हुए हैं। मां कूष्मांडा की सवारी सिंह है।प्रात: स्नान से निवृत्त होने के बाद मां दुर्गा के कूष्मांडा रूप की पूजा करें। पूजा में मां को लाल रंग का पुष्प, गुड़हल, या फिर गुलाब अर्पित करें। इसके साथ ही सिंदूर, धूप, दीप और नैवेद्य चढ़ाएं। मां की पूजा आप हरे रंग के वस्त्र पहनकर करें तो अधिक शुभ माना जाता है। इससे आपके समस्त दुख दूर होते हैं कूष्मांडा देवी को सफेद कुम्हड़े यानी समूचे पेठे के फल की बलि दें। इसके बाद देवी को दही और हलवे का भोग लगाएं। ब्रह्मांड को कुम्हड़े के समान माना जाता है, जो कि बीच में खाली होता है। देवी ब्रह्मांड के मध्य में निवास करती हैं और पूरे संसार की रक्षा करती हैं। अगर आपको साबुत कुम्हरा न मिल पाए तो आप मां को पेठे का भी भोग लगा सकते हैं। और भक्ति भावना से माता रानी की आराधना करें।
फोटो कैप्शन: प्रवेश पंडित





स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव व हरियाणा सरकार का गांव पोता के ग्रामीणों ने जताया आभार *************************************************************************
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कनीना की आवाज।
अटेली की विधायक व हरियाणा सरकार में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव से गांव पोता के ग्रामीणों ने ढ़ाणी मोहल्ला में पानी कि किल्लत से अवगत कराया। उन्होंने तुरंत जन स्वास्थ्य विभाग के एक्शन प्रदीप यादव को फोन पर कहा कि कल पोता गांव में जाकर गांव वासियों की समस्या का समाधान करें। अगले दिन प्रदीप यादव एक्शन जन स्वास्थ्य विभाग ने गांव में आकर पानी कि किल्लत वाले मोहल्ला ढाणी दौरा किया व ग्रामीणों से चर्चा की और अपने विचार रखें और मोहल्ला वासियों को विश्वास दिलाया कि जन स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जल घर में बने ट्यूबवेल से आपके मोहल्ले तक नई डीआई पाईप लाईन द्वारा मीठे पानी की सप्लाई बहुत जल्द सुचारु रूप से चालू करवा दूंगा आज मीठे पानी कि सप्लाई चालू होने पर मोहल्ला ढाणी वासियों ने व समस्त पोता ग्रामवासियों ने स्वास्थ्य मंत्री  आरती सिंह राव व हरियाणा सरकार का आभार प्रकट किया।
 इस अवसर पर हनुमान सिंह यादव भाजपा महामंत्री मंडल कनीना, सुभाष पंच, लोकेश पंच, रणवीरपूर्व पंच, गजराज साहब, राम सिंह यादव, बिजेंदर, बबलू यादव, राजेश प्रधान, संतलाल, रवि प्रकाश बाबूजी, संजीव फौजी, विजयपाल, शीशपाल, चंद्रपाल, रण सिंह, रामनिवास यादव, पवन जांगडा, मनदीप व संदीप शर्मा बीडीसी मेंबर पआदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 06: मंत्री का आभार जताते पोता के लोग



श्री आदर्श रामलीला कनीना के मंच पर हुआ ताड़का वध का मंचन
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कनीना की आवाज।
 श्रीआदर्श रामलीला कमेटी कनीना के रंगमंच पर भगवान श्रीराम की 13 दिवसीय लीलाओं के मंचन का सिलसिला लगातार जारी है। सोमवार रात्रि को मंच पर ताड़का वध का रोमांचक मंचन किया गया। बाल रूप में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के किरदार दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहे। भगवान श्रीराम द्वारा ताड़का का वध करते ही पूरा पंडाल जय श्रीराम के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। वहीं, गौशाला के पूर्व प्रधान भगत सिंह यादव ने रामलीला कमेटी को 1 लाख 11 हजार रुपए की सहयोग राशि भेंट की।
कार्यक्रम का शुभारंभ गौशाला के पूर्व प्रधान भगत सिंह यादव, नई अनाज मंडी व्यापार मंडल के प्रधान पूर्ण सेहरावत भूरा और सचिव सुभाष गाहड़ा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय प्रवक्ता सचिन शर्मा ने किया।
मंचन के दौरान नितिन टिंकू सिंगला ने ताड़का का किरदार निभाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। ताड़का के मंच पर प्रवेश करते ही बच्चों में भय और उत्सुकता देखने को मिली। कथा के अनुसार दंडक वन में ऋषि-मुनियों को परेशान करने वाली राक्षसी ताड़का का सामना भगवान श्रीराम से होता है। दोनों के बीच हुए युद्ध के बाद श्रीराम अपने बाण से ताड़का का वध कर देते हैं। इस दृश्य के साथ ही पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
इसके बाद ताड़का के भाई मारीच और सुबाहु युद्ध के लिए आते हैं। भगवान श्रीराम के बाण से मारीच सौ योजन दूर जाकर गिरता है, जबकि सुबाहु का वध हो जाता है। कलाकारों ने युद्ध के दृश्यों का प्रभावशाली मंचन कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। हास्य कलाकार सुरेंद्र मिनिया ने चुटकुलों और हास्य प्रस्तुतियों से दर्शकों को खूब हंसाया।
 धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।
राम की भूमिका भडफ़ निवासी गोपी ने, जबकि लक्ष्मण का किरदार हर्ष ने निभाया। विश्वामित्र की भूमिका हेडमास्टर सत्यप्रकाश महरौलिया, राजा दशरथ की भूमिका डा. राहुल शर्मा, मारीच की भूमिका अमित जांगड़ा, सुबाहु की भूमिका दिनेश जांगड़ा और महर्षि वशिष्ठ की भूमिका सुरेश कपूर ने निभाई। सभी कलाकारों ने अपने अभिनय से रामलीला के प्रसंग को जीवंत बना दिया।
इस अवसर पर श्रीश्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग, शिब्बू पंसारी, सुभाष मित्तल, सुरेंद्र शर्मा, कमेटी प्रधान मोहित जेलदार, उपप्रधान दिनेश यादव, महेंद्र मित्तल, रामकिशन रामा शर्मा, मुकुट भंडारी, मुकेश कपूर, रामा और कृष्ण पहलवान सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 05:कनीना में श्री आदर्श रामलीला के मंच पर ताड़का वध का मंचन करते कलाकार।



अवैध देसी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस व अतिरिक्त मैगजीन सहित युवक काबू
- सीआईए नारनौल की कार्रवाई
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कनीना की आवाज।
सीआईए नारनौल की टीम ने गांव धनौंदा में एक युवक को काबू कर उसके घर से एक देसी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और एक अतिरिक्त मैगजीन बरामद की है। युवक की पहचान कृष्ण निवासी धनौंदा के रूप में हुई है।
डीएसपी डॉ. कविता ने बताया कि 12 अक्टूबर को सीआईए नारनौल की टीम गश्त के दौरान अड्डा धनौंदा पर मौजूद थी। इसी दौरान टीम को सूचना मिली कि कृष्ण अपने पास अवैध हथियार रखता है और इस समय अपने मकान पर मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर दबिश देकर युवक को काबू किया।
पूछताछ में युवक ने अपना नाम कृष्ण बताया। इसके बाद उसने अपने मकान में रखे बेड से एक पिस्टल निकालकर पुलिस टीम को दी। जांच करने पर पिस्टल में एक मैगजीन लगी मिली तथा एक अतिरिक्त मैगजीन अलग से बरामद हुई। पिस्टल को खोलकर जांचने पर मैगजीन में दो जिंदा कारतूस मिले।
बरामद हथियार और कारतूसों के संबंध में लाइसेंस अथवा अनुमति पत्र मांगने पर युवक कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस टीम ने देसी पिस्टल, दोनों जिंदा कारतूस और अतिरिक्त मैगजीन को नियमानुसार कब्जे में ले लिया। इस संबंध में थाना शहर कनीना में शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगामी अनुसंधान जारी है।
फोटो कैप्शन 01: पकड़ा गया अभियुक्त मय पुलिस

दुर्गा मां मंदिर कोटिया आकर्षण का है केंद्र
-दूर दराज तक विख्यात है कोटिया का माता मंदिर
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कनीना की आवाज।
  उप-मंडल कनीना से तीन किलोमीटर दूर कोसली सड़क मार्ग पर कोटिया गांव में माता का मंदिर स्थित है। करीब 12 वर्षों पूर्व यहां माता मंदिर स्थापित किया गया है। जब से माता मंदिर स्थापित हुआ है तब से भक्त नवरात्रों में आकर प्रसाद वितरण करते हैं। दूर दराज तक के भक्त यहां आते हैं।
 क्या है विशेषता माता मंदिर की-
कोटिया बस स्टैंड के पास स्थित माता मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहां विभिन्न पर्व श्रद्धा एवं भक्ति से मनाये जाते हैं। नौ कनाल पर स्थित इस भव्य भक्तिभाव मंदिर में जहां विभिन्न देवी देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं। कांवड़ मेले तथा खाटूश्याम मेले के वक्त शिविर लगते हैं वहीं अन्नकुट भी बांटा जाता है। जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। आधा दर्जन गांवों के भक्त यहां चलकर आते है। नवरात्रों में भीड़ रहती है। मेले
 कैसे पहुंचा जाए-
 इस मंदिर तक पहुंचाने के लिए कनीना पहुंचना जरूरी है। कनीना से कोसली मार्ग पर पहला बस स्टाप कोटिया का आता है। कोटिया के बस स्टाप के सामने यह माता का मंदिर स्थित है। इस गांव के ही नहीं अपितु दूर दराज से भक्त यहां आते हैं। विभिन्न प्रसाद वितरित करते हैं जिनमें बतासे, बूंदी तथा अन्य मीठे का प्रसाद वितरित किया जाता है। यहां मंदिर  में दुर्गा के अलावा शिव परिवार, कृष्ण जी की मूर्तियां स्थापित हैं।
क्या कहते हैं पुजारी-
 घनश्याम पंडित कनीनावाले यहां के पुजारी हैं। वो बताते हैं कि यह माता का भव्य मंदिर है। यहां पर दूर दराज तक के भक्त आते हैं और अपनी मन्नत दिल में लाते हैं। यहां पर मांगी गई मन्नत पूर्ण होती है। माता के दरबार में हाजिरी लगाना ही बड़ा होता है। अपने आप को छोटा समझकर मां के दरबार में आना चाहिए, नतमस्तक होना चाहिए तभी सभी काम सफल होते हैं।
 क्या करते हैं भक्त-
 कोटिया निवासी देशराज नवरात्रों में ही नहीं अकसर यहां पूजा करने आते रहते हैं। अक्सर जाकर धोक लगते हैं और यही मन्नत मांगते हैं कि जीवन खुशहाल रहे। उनका कहना है की माता के दरबार में दिन-रात भारी संख्या में भक्त पहुंचते हैं क्योंकि इसमें अनेक देवी देवताओं की मूर्तियां स्थापित है इसलिए हर दिन किसी ने किसी देवी देवता के पूजा करने लोग यहां पहुंचते हैं।
फोटो कैप्शन 03 व 04:कोटिया का माता मंदिर एवं मूर्तियां, घनश्याम पंडित पुजारी तथा देशराज।















अगिहार में माता मेला संपन्न
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कनीना की आवाज। अगिहार गांव में माता सेढ़ मसानी का मेला जागरण और भंडारा आयोजित किया गया। इसमें महिला, पुरुष, युवा, बच्चों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। जागरण में मैंया रानी के भजनों पर श्रद्धालु खूब झूमें।
बसपा नेता अतरलाल एडवोकेट ने माता सेढ़ मसानी की पूजा अर्चना कर जागरण का शुभारम्भ किया। मेला कमेटी सदस्यों ने मुख्य अतिथि अतरलाल व अतिथिगण का पटका पहनाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने माता रानी का भव्य, दिव्य दरबार सजाने और विशाल मेला जागरण और भंडारा आयोजित करने के लिए माता सेढ़ मसानी कमेटी तथा गाम राम का धन्यवाद किया। प्रसिद्ध गायक कलाकार मनीषा यादव और अंजू सावंरिया के भजनों पर श्रद्धालुओं ने भाव विभोर होकर माता के जयकारे लगाए। भंडारा में हजारों श्रद्धालुओं ने माता का प्रसाद ग्रहण कर खुशी मनाई। कमेटी प्रधान सुरेन्द्र, अनिल, मोनू ने कहा कि सच्चे दिल से माता सेढ़ मसानी के दरबार में जो आता है उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। अडानी पावर प्लांट के इंजीनियर अभिषेक सिंह व उनकी टीम, राजेन्द्र नम्बरदार, कैलाश सेठ, कृष्ण सिंह, मदनलाल, अशोक कुमार ने भव्य और शानदार कार्यक्रम आयोजित करने के लिए ग्राम वासियों की सराहना की।
फोटो कैप्शन 02: जागरण में प्रस्तुति देते कलाकार।

















Monday, October 12, 2026



 




 तीन लोगों पर मारपीट का मामला दर्ज
   -कनीना के वार्ड 3 की घटना



गुढ़ा में मारपीट के मसले में नौ लोगों पर केस दर्ज

  देसी पिस्तौल सहित एक गिरफ्तार
- एक मैग्जीन भी साथ मिला मामला धनौंदा का

कनीना क्षेत्र में हल्की ठंड की हुई शुयुआत
दिनभर हवाएं चली, बादल छाए रहे





भक्तिभाव से करे पूजा चंद्रघंटा की
-दुर्गा मां का है तीसरा रूप
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कनीना की आवाज।
 करीरा के पंडित दिनेश जोशी ने कहा कि चंद्रघंटा मां की पूजा विधि विधान से करनी चाहिए।  देवी चंद्रघंटा को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालुओं को भूरे रंग के कपड़े पहनने चाहिए। मां चंद्रघंटा को अपना वाहन सिंह बहुत प्रिय है और इसीलिए गोल्डन रंग के कपड़े पहनना भी शुभ है। इसके अलावा मां सफेद चीज का भोग जैसै दूध या खीर का भोग लगाना चाहिए। इसके अलावा माता चंद्रघंटा को शहद का भोग भी लगाया जाता है। सफेद फूल चढ़ाना चाहिए
नवरात्रि में तीसरे दिन इस देवी की पूजा का महत्व है। देवी की कृपा से साधक को अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं। दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है और कई तरह की ध्वनियां सुनाईं देने लगती हैं। इन क्षणों में साधक को बहुत सावधान रहना चाहिए। इस देवी की आराधना से साधक में वीरता और निर्भयता के साथ ही सौम्यता और विनम्रता का विकास होता है। और हमें माता रानी की पूजा आरती करने के बाद भजन कीर्तन करना चाहिए माता रानी का मानसिक पाठ और जाप करना चाहिए।
फोटो कैप्शन : पंडित दिनेश जोशी


 किसान जुटे रबी फसल की तैयारी में
-खेतों की चल रही है सिंचाई
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र की बावनी अर्थात 52 हजार हेक्टेयर भूमि मानी जाती है। इस पर खरीफ फसल किसानों द्वारा लेने के पश्चात रबी फसल की तैयारी में किसान जुट गए हैं। त्वरित गति से अपने खेतों की सिंचाई फव्वारों द्वारा कर रहे हैं क्योंकि रबी फसल पूर्ण रूप से ट्यूबवेलों पर निर्भर करती है। किसान सरसों और गेहूं और गेहूं उगते हैं। सरसों की अच्छी पैदावार लेने के लिए अच्छे बीजों एवं खादों की तलाश कर रहे हैं। 10 अक्टूबर से सरसों की बीजाई प्रारंभ हो जाती है जबकि 1 नवंबर से गेहूं की बिजाई शुरू कर दी जाती है। वर्तमान में किसान बीजों की दुकानों पर जहां खाद एवं बीज लाकर खेतों में डाल रहे हैं वही बीजों को बीजाई करने के लिए अपने घर में सुरक्षित रख रहे ताकि समय आते ही बिजाई कर दी जाए।
 किसान सुरेंद्र सिंह, सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि जल्द ही बिजाई का समय आने वाला है। अभी दिन के समय तापमान अधिक होने से बीजाई संभव नजर नहीं आ रही है।
 क्या कहते हैं पूर्व कृषि अधिकारी-
 पूर्व कृषि अधिकारी डा. देवराज यादव बताते हैं कि सरसों की बिजाई 10 अक्टूबर से प्रारंभ हो जाती है जो 25 अक्टूबर तक जारी रहती है। इसके लिए तापमान 28 से 30 डिग्री होना चाहिए। तत्पश्चात 1 नवंबर से गेहूं की बिजाई शुरू हो जाती है। देसी किस्म सी-306 सात नवंबर तक बीजाई की जा सकती है तथा बाद में गेहूं की बीजाई 25 नवंबर तक जारी रहेगी जिसके लिए तापमान 22 डिग्री चाहिए। गेहूं के लिए सरसों के मुकाबले तापमान कम चाहिए। अभी मौसम में बदलाव नहीं हुआ है, आने वाले समय में मौसम में बदलाव होने की संभावना है। तत्पश्चात किसान तेजी से बीजाई का काम करेंगे। वर्तमान समय में किसान खेतों की तैयारी कर रहे और खेतों की सिंचाई करके बीजाई के लिए तैयार रहेंगे।
कई समस्याओं से जूझ रहे हैं किसान--
क्षेत्र के किसान कई समस्याओं से जूझते आ रहे हैं। पैदावार लेने के लिए बिजली, पानी, खाद, गिरते जलस्तर, बीजों की जानकारी अभाव तथा कई अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में रबी फसल पैदावार लेना तलवार की धार के समान है।
   कनीना क्षेत्र का किसान यूं तो सदा ही मेहनत के बलबूते पर जीवित रहा है। कठिन परिश्रम करके अपनी आजीविका कमा रहा है। उसकी मुख्य फसलें खरीफ एवं रबी की होती है।  खरीफ की फसल वर्षा पर आधारित होती है। पहले ही भू-स्तर गिरता जा रहा है ऊपर से डार्क जोन घोषित होने से नलकूप खोदना आसान नहीं रहा है। वैसे भी नलकूप लगाना लाखों रुपये का खर्चा होता है। यह भी सत्य है कि प्रतिवर्ष उसके बिजली के उपकरण जलने की समस्या रहती है। जैसे तैसे उपकरण ऋण लेकर लगा भी देता है तो पानी की समस्या फिर भी आड़े आ जाती है क्योंकि बिजली कम आती है जिसके चलते पर्याप्त खेतों की सिंचाई नहीं हो पाती है।
फोटो कैप्शन 08 व 09: रबी फसल के लिए जुताई करते किसान






नहीं हुई बाजरे की सरकारी तौर पर कोई खरीद
-बाजरे के भाव प्राइवेट एजेंसी पर 2300 रुपये से अधिक
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कनीना की आवाज।
 कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में बाजरे की कोई सरकारी खरीद नहीं हो पाई क्योंकि प्राइवेट एजेंसी 2300 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक के भाव पर बाजरे की खरीद कर रही हैं। जबकि सरकारी तौर पर महज 2300 रुपये प्रति क्विंटल ही खरीदा जा सकता है। वैसे भी किसान प्राइवेट एजेंसी तक बाजरा पहुंचने में सुविधा महसूस कर रहे हैं। यद्यपि सचिव मार्केट कमेटी ने गांवों के किसानों के लिए  शेड्यूल भी जारी किया किंतु उसका भी कोई प्रभाव किसानों पर नहीं पड़ा। उधर खरीद एजेंसी हैफेड मैनेजर जगराम यादव ने बताया कि प्राइवेट एजेंसी पर बाजरे के भाव अधिक है ऐसे में सरकारी तौर पर बाजरा बेचने किसान नहीं आ रहे हैं। कोई किसान उन तक नहीं पहुंच रहा है।
 फोटो कैप्शन 10: कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में बाजरे की खरीद


पहाड़ी पर स्थित दुर्गा माता मंदिर नवरात्रों में आकर्षण का केंद्र
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कनीना की आवाज।
 बसई गांव की पहाड़ी पर 10 वर्ष पूर्व दुर्गा मां का भव्य मंदिर का निर्माण किया गया था जो आज दूरदराज भक्तों के लिए आस्था श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। प्रतिवर्ष हजारों भक्तों ने आकर मन्नत मांगते हैं। जब जब नवरात्रे आते हैं यहां पर मेले लगते हैं और मेलों में अपार भीड़ जुटती है। ऊंची पहाड़ी पर रमणीक स्थान पर मां का मंदिर है।
 स्थापना का इतिहास
 इस मंदिर की स्थापना 15 वर्ष पूर्व माता मंदिर की भोलाराम जोशी, महाबीर जोशी एवं उनके परिजनों ने की करवाई थी। परिवार ने मां चिंतपूर्णी हिमाचल की देवी से प्रेरणा लेकर मंदिर का निर्माण करवाया है। इस मंदिर का निर्माण विशेष प्रकार के पत्थर को काटकर बनवाया गया है। करोड़ों रुपए की लागत से इस मंदिर का निर्माण किया गया है। यही कारण है कि इस मंदिर को देखने के लिए दूरदराज से भक्तजन आते हैं।
 मंदिर की विशेषता-
 माता मंदिर में प्रतिदिन भक्तों का ताता लगा रहता है किंतु वर्ष में दो बार नवरात्रों पर जहां भीड़ जुटती है वहीं मेले लगते हैं। भक्त मां दुर्गा का लेकर के तथा विभिन्न प्रकार का प्रसाद विशेष रूप से हलवा, चना, बूंदी आदि लेकर के पहुंचते हैं और माता के चरणों में अर्पित करके मन्नत मांगते हैं। माना जाता है कि उनकी मन्नत पूर्ण होती है। समय समय पर यहां भंडारे एवं हवन आयोजित होते हैं।
कैसे पहुंचा जाए मंदिर---
 माता मंदिर में पहुंचने के लिए दादरी-महेंद्रगढ़ रोड पर आकोदा उतरकर दो किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। बसई की पहाड़ी पर मंदिर बना हुआ  है जो आकर्षण का केंद्र है। कनीना से 17 किलोमीटर दूर पड़ता है। यहां पहाड़ी की चोटी पर रमणीक स्थान है। वही भव्य मंदिर देखकर सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। भक्तों के ठहरने का विशेष प्रबंध किया गया है।
 चंद्र प्रकाश बसई भक्त-
चंद्र प्रकाश बसई जो फिल्मी हीरों भी हैं, का कहना है कि जब से मंदिर बना है तब से वे इस मंदिर जा रहे हैं। प्रतिदिन माता के चरणों में धोक लगाते और मन्नत मांगते हैं जिसके चलते फिल्म इंडस्ट्रिी में भी उनका नाम है। माता ने उनकी सभी मन्नत पूर्ण की है। उनका कहना है कि माता आने वाले सभी भक्तों पर दया बरसाती रहती है।
महाबीर प्रसाद जोशी पुजारी-
महाबीर प्रसाद जोशी का कहना है कि वे सुबह शाम माता की पूजा करते हैं। सुबह जब भी समय लगता हवन करते हैं तथा मंदिर में ही रहते हैं साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखते हैं। यात्रियों के मान सम्मान को देने में कोई कसर नहीं हो छोड़ते। यहां भक्त  यहां आकर सारे कष्ट भुला देते हैं। मां के दर्शन कर प्रसन्न हो जाते और मन्नत मांग कर अपने अपने घरों में चले जाते हैं। उनका मानना है कि यहां पर मांगी गई मन्नत पूर्ण होती है।
 फोटो कैप्शन: महाबीर प्रसाद जोशी, चंद्र प्रकाश बसई तथा मां मंदिर।




एसडी ककराला के सात विद्यार्थियों ने एनडीए की लिखित परीक्षा  उत्तीर्ण कर क्षेत्र का बढ़ाया गौरव
--जगदेव यादव ने दी बधाई
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कनीना की आवाज।
एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ककराला के सात विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी एनडीए की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन का शानदार परिचय दिया है। इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार एवं अभिभावकों में खुशी का माहौल है।
विद्यालय उपनिदेशक ने बताया कि धु्रव पुत्र राजेश कुमार बहादुरगढ़, अर्णव कसाना पुत्र सोनवीर सिंह नोएड़ा, सौरव नांगल पुत्र राकेश कुमार भिवानी,प्रतिभा पुत्री धर्मेंद्र लिसान, कार्तिक कुमार पुत्र प्रेमपाल शामली यूपी, दिशांत मित्तल पुत्र नरेंद्र मित्तल कनीना व अंकित कुमार पुत्र मोतीलाल यूपी ने परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है।
एनडीए विभागाध्यक्ष अविनाश कुमार ने बताया कि लिखित परीक्षा के साथ-साथ एसएसबी की तैयारी विद्यालय में करवाई जाती है।
इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन जगदेव यादव ने सफल विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक रूप से सफल बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें अनुशासित, कर्तव्यनिष्ठ एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनाना भी है। विद्यालय तीनों सेनाओं में पहले भी अधिकारी दे चुका है और भारतीय सेना को योग्य, प्रतिभाशाली और समर्पित अधिकारी देने के लक्ष्य के साथ निरंतर प्रयासरत है। विद्यार्थियों की यह उपलब्धि इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जगदेव यादव ने विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि एनडीए की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब विद्यार्थियों को आगामी चयन प्रक्रिया के लिए भी कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ तैयारी जारी रखनी चाहिए, ताकि वे भविष्य में भारतीय सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी बनकर देश की सेवा कर सकें।
कार्यक्रम में विद्यालय निदेशक ओमप्रकाश, सीईओ आरएस यादव, उपनिदेशकपूर्ण सिंह, प्राचार्य अरविंद कुमार तोमर, एनडीए विभागाध्यक्ष अविनाशकुमार सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने सफल विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
 फोटो कैप्शन 03: सफल रहे विद्यार्थियों के संग निदेशक जगदेव यादव


कम होती जा रही है संस्कृति की झलक देने वाली सांझी
-मुश्किल से 20 सांझी कनीना में निर्मित
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कनीना की आवाज।
 एक वक्त था जब शारदीय नवरात्रों में सांझी के प्रति बेहद लगाव होता था। बुजुर्ग महिलाएं अपने बच्चों के संग उनकी कला को उभारने के लिए चूड़ी, गोबर, शृंगार का सामान आदि लेकर के सांझी दीवार पर निर्मित करवाती थी। यहां तक की हर रोज छोटी-छोटी बच्चियों मिलकर गेय पद्धति सीखती थी और सांझी के गीत गाकर उसे खाना खिलाती थी। एकता का प्रतीक नजर आता था। बारी बारी प्रत्येक बच्चे के घर से सांझी को खाना खिलाने के लिए कुछ बनवाया जाता था। जिसे सभी बच्चियों में बांटकर भी खाया जाता था। बड़ी बुजुर्ग महिलाएं भी उनके साथ देती थी, उन्हें निर्देश देती थी। भारतीय संस्कृति और देवी देवताओं के प्रति गहन आस्था को इंगित करती थी। आज वह पद्धति धीरे-धीरे लुप्त होने के कगार पर पहुंच गई है। कनीना कस्बा जिसके आबादी करीब 20000 पहुंच गई है महज 20 सांझी दीवारों पर बनाई गई है। दशहरे तक चलने वाला यह पर्व न केवल हर इंसान को झंकार रख देता था अपितु बच्चियों को भविष्य के ध्यान में रखते हुए उनकी गेए पद्धति कला, बुद्धिमता आदि को उभरने का सुंदर नजारा अपनी आंखों के सामने देखे थे किंतु अब धीरे-धीरे एकता खत्म हो गई है और पहले वाली नहीं रही है।
 बुजुर्ग महिलाएं नीलम, कमलेश, शकुंतला आदि बताती है कि अब आपसी भाईचारा घटता जा रहा है जिसके चलते सांझी के प्रति लगाव भी घट गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की जो असली विरासत थी उसे भी भुलाते जा रहे हैं।
 फोटो कैप्शन 5: दीवार पर बनी सांझी




भोजावास रामलीला में किया इंद्र सभा मंचन
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कनीना की आवाज।
भोजावास गांव में रामलीला का मंचन श्रद्धा, उल्लास और पूरी सांस्कृतिक भव्यता के साथ शुरू हुआ। प्रमुख समाजसेवी अतरलाल ने रिबन काटकर रामलीला का शुभारंभ किया। स्थानीय ग्रामीण कलाकारों ने भव्य, शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को भाव विभोर और मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रथम दिन इन्द्र दरबार और नारद मोह की लीलाओं का प्रभावशाली मंचन किया गया। भव्य इन्द्र दरबार में इन्द्र महाराज के सम्मुख नारद का अंहकारपूर्ण आचरण का प्रसंग तथा शीलनिधि राजा के दरबार में नारद का बंदर मुख के रूप में उपस्थित होना देखकर दर्शकों ने खूब तालियां बजाई। नारद का अभिनय नरेन्द्र, शीलनिधि का शीशराम रोहिल्ला तथा महाराजा इंद्र का इंद्र नरडिया ने शानदार और प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। लीला मंचन में चेयरमैन भागसिंह, राजेन्द्र सिंह नम्बरदार, कैलाश सेठ, सोमबीर, बाबूलाल, अशोक, रविन्द्र शर्मा सहित दो दर्जन कलाकार तथा दर्शक मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 01:अतिथिगण का स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत करते कलाकार व कमेटी सदस्य।



बाजरे की सरकारी खरीद का हुआ शेड्यूल जारी
- सुबह 8 बजे से शाम 5 तक चलेगी खरीद
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कनीना की आवाज।
 कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में किसानों का सरकारी बाजरे खरीद का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। शेड्यूल 12 अक्टूबर से ही था।  वहीं 13 अक्टूबर को चेलावास, छितरौली धनौंदा, दौंगड़ा अहीर, दौंगड़ा जाट के किसान और 14 अक्टूबर को गुढ़ा, गोमला, गोमली, गाहड़ा, इसराना और झाड़ली के किसान बाजार बेच पाएंगे।
विस्तृत जानकारी देते हुए सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी मार्केट कमेटी अजीत सिंह ने बताया कि किसान बिना शेड्यूल के मंडी में ना आए, गेट पास कटवाने के लिए अपने साधन पर नंबर प्लेट लगवाना जरूरी है। वो किसान अनाज मंडी में आए जिन्होंने रजिस्ट्रेशन मेरी फसल मेरा ब्यौरा करवाया हुआ है। अपनी फसल को अच्छी प्रकार सुखाकर वह साफ करके लाए।





















श्रीआदर्श राम लीला कनीना के मंच पर राजा दशरथ व  मातृ पितृ भक्त श्रवण कुमार की लीला देख भावुक हुई भीड़
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कनीना की आवाज। श्रीआदर्श राम लीला कमेटी के रंगमंच पर भगवान श्री राम की 13 दिवसीय लीलाओं के मंचन के चौथे दिन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाजसेवी दिनेश यादव एमई नगर पालिका कनीना, विशिष्ट अतिथि सुरेन्द्र वशिष्ठ नगर पालिका कनीना व किसन ज्वेलर्स किसन सोनी द्वारा ज्योति प्रज्वलित कर भगवान श्री राम दरबार में सर झुका आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंच संचालन लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले प्रवक्ता सचिन शर्मा ने किया।   उल्लेखनीय है कि श्रीआदर्श रामलीला कनीना के रंगमंच पर रविवार रात्रि को मातृ - पितृ भक्त श्रवण कुमार की लीला व रामजन्म की लीला का मंचन किया गया। इस दौरान राजा दशरथ के तीर से श्रवण कुमार की मौत व श्रवण कुमार के मातृ - पितृ शांतनु व ज्ञानवती का राजा दशरथ को श्राप देना विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। लीला में राजा दशरथ के किरदार में राहुल शर्मा व श्रवण कुमार का किरदार निभा रहे मानव शर्मा ने अपने जानदार संवाद अदायगी के साथ रामलीला के चरित्र को मंच पर जीवित कर दिया। इस दौरान भारी भीड़ अपने आंसू नहीं रोक पाई। श्रवण कुमार के किरदार को मानव शर्मा द्वारा जीवंत कर दिखाया। समाजसेवी विक्की पंसारी ने उन्हें गोमाता की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया। वही दूसरी और श्रवण कुमार के मातृ - पितृ शांतनु के किरदार में पिनाक भारद्वाज द्वारा किया गया मंचन सराहनीय रहा।
वही ज्ञानवती के किरदार में मुकेश कपूर व गुरु वशिष्ठ के किरदार में सुरेश कपूर द्वारा उपस्थित भारी भीड़ को अपने साथ जोडऩे में कामयाबी प्राप्त की।
इस दौरान विकसित रजलीवाल ,सुरेंद्र मिनिया व डांसर राजेश कुमारी विनोद छैला व अमित जांगड़ा, नरेश यादव, संदीप चौधरी, कर्नल चिकारा ने उपस्थित भारी भीड़ को खूब गुदगुदाया। संगीतकार डा. लक्की म्यूजिकल ग्रुप, डायरेक्टर साहिल शर्मा, राहुल निर्वाणिया द्वारा रंगमंच पर अपनी विशेषता के अनुरूप बनाए गए जंगल, पेड़, पौधे, पहाड़ के दृश्य के साथ सुंदर संगीत सरंचना व नृत्य के समावेश ने कनीना की 37 वर्षो पहले की सुपर्शिद्ध श्री आदर्श रामलीला की पहचान को बनाए रखा। इस दौरान सुरेंद्र शर्मा, श्री श्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग, शिब्बू पंसारी, सुभाष मित्तल,सुरेद्र शर्मा, शिव कुमार शर्मा, उप प्रधान दिनेश यादव, विक्की पंसारी ,विक्की शास्त्री,  रामकिशन रामा शर्मा, सुरेंद्र मिनिया, पिन्नू मित्तल, रामा, कृष्ण पहलवान आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: रामलीला मंचन के दौरान प्रस्तुति देते कलाकार

Sunday, October 11, 2026



 
डीएवी अकादमी को पुन: शुरू करवाने के लिए किया जा रहे सार्थक प्रयास
-आयोजित हुई डीएवी अकादमी के द्वार पर बैठक
-हरेंद्र शर्मा कर रहे हैं अथक प्रयास



बाजरे की सरकारी खरीद का हुआ शेड्यूल जारी
 - सुबह 8 बजे से शाम 5 तक चलेगी खरीद
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 कनीना की आवाज।
 कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में किसानों का सरकारी बाजरे खरीद का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। 12 अक्टूबर को अगिहार, बेवल, बाघोत एवं भडफ़ के किसान सरकारी तौर पर बाजरा बेच पाएंगे। वहीं 13 अक्टूबर को चेलावास, छितरौली धनौंदा, दौंगड़ा अहीर, दौंगड़ा जाट के किसान और 14 अक्टूबर को गुढ़ा, गोमला, गोमली, गाहड़ा, इसराना और झाड़ली के किसान बाजार बेच पाएंगे।
विस्तृत जानकारी देते हुए सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी मार्केट कमेटी अजीत सिंह ने बताया कि किसान बिना शेड्यूल के मंडी में ना आए, गेट पास कटवाने के लिए अपने साधन पर नंबर प्लेट लगवाना जरूरी है। वो किसान अनाज मंडी में आए जिन्होंने रजिस्ट्रेशन मेरी फसल मेरा ब्यौरा करवाया हुआ है। अपनी फसल को अच्छी प्रकार सुखाकर वह साफ करके लाए।


एनसीआर दिल्ली में तापमान में उतार चढाव देखने को मिल रहा-डा. चंद्रमोहन
--कहीं कहीं हो सकती है हल्की बूंदाबांदी
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 कनीना की आवाज। 
हरियाणा एनसीआर दिल्ली में आमतौर पर मौसम परिवर्तन शील बना हुआ है। सम्पूर्ण इलाके बादलों की आवाजाही देखने को मिल रही है। हवाओं की दशा और दिशा में बदलाव से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में तापमान में उतार चढाव देखने को मिल रहा है। मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि इस साल अल-नीनो परिस्थितियों की वजह से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मानसून की ढ़ीली परफोर्मेंस से मानसू





















नी बारिश के आंकड़े सामान्य से नीचे बने रहे। मानसून की विदाई के साथ लगातार तापमान में उछाल देखने को मिल रहा है। मानसून की बापिस के बाद एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहें हैं परन्तु इनसे हरियाणा के उत्तरी हिस्सों में ही बारिश की गतिविधियां हो रही है जबकि शेष हरियाणा एनसीआर दिल्ली में बादलों की आवाजाही देखने को मिल रही है।
आज पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से प्रभावित जि़ले-
आज पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र ,पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर करनाल में तेज़ गति की हवाओं के साथ हल्की बारिश बूंदाबांदी और कैथल कुरुक्षेत्र जिलों में कहीं कहीं छिट-पुट ओलावृष्टि की गतिविधियों को दर्ज किया गया।
मानसून वापसी अपडेट
 आज  दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा 27.5एन/86.5ई, सुपौल, रांची, सुंदरगढ़, बरगढ़, बीजापुर, हैदराबाद, बेलगावी, पणजी और 15एन/72ई से होकर गुजर रही है।अगले 2 दिनों के दौरान पूर्वी भारत और उत्तरी प्रायद्वीप के कुछ और हिस्सों तथा पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून के और आगे पीछे लौटने (वापसी) के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं।
 मौसम प्रणालियों का असर
 वर्तमान परिदृश्य में ट्रफ माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊँचाई पर उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश तक बना हुआ है। इसके अलावा
एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण माध्य समुद्र तल से 0.9 से 1.5 किमी की ऊँचाई मध्य पाकिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्रों के ऊपर के बीच स्थित है। साथ ही साथ एक ट्रफ मध्य पाकिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्र के ऊपर बने चक्रवातीय परिसंचरण से लेकर उत्तरी मध्य प्रदेश तक (दक्षिण जम्मू संभाग, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश होते हुए) माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर गुजर रही है। इसके अलावा हरियाणा और उसके आसपास के क्षेत्र के ऊपर माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई पर स्थित ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उपर्युक्त ट्रफ में विलीन हो गया है। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ, हिमाचल प्रदेश के ऊपर माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में बना हुआ है।इन सभी मौसम प्रणालियों के असर से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।(कुल मिलाकर आज वायुमंडल के ऊपरी स्तरों में हरियाणा व आसपास के क्षेत्र के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। राज्य के उत्तरी भागों में एक ट्रफ लाइन बनी हुई है।)
मौसम पूर्वानुमान
 आने वाले दिनों में हरियाणा एनसीआर दिल्ली में लगातार मौसम परिवर्तन शील बना रहेगा क्योंकि एक पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा एनसीआर दिल्ली से आगे निकल चुका है इसके पिछे पिछे 12 अक्टूबर कों 14 अक्टूबर को बैक टू बैक दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में 14-16 अक्टूबर के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि ये दोनों ही पश्चिमी विक्षोभ कमजोर हो गये है जिनकी वजह से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में केवल बादलों की आवाजाही और तेज़ गति की हवाओं के साथ केवल कहीं कहीं छिट-पुट हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियों की सम्भावना बन रही।  बार बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में लगातार तापमान में उतार चढाव देखने को मिल रहा है। क्योंकि बार बार हवाओं की दिशा और दशा में बदलाव देखने को मिल रहा है।पश्चिमी हवाओं के स्थान पर वर्तमान समय में दक्षिणी पूर्वी हवाओं से सम्पूर्ण इलाके में दिन और रात के तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है हालांकि सुबह के धंटो में फिजाओं में मीठी मीठी भीनी भीनी ठंडी खुशबू धुलने लगीं है।
हरियाणा एनसीआर दिल्ली तापमान की स्थिति
 पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा के उत्तरी हिस्सों में तेज़ गति की हवाओं और हल्की बारिश बूंदाबांदी और छिट-पुट ओलावृष्टि की गतिविधियों और उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और बारिश की गतिविधियों से सम्पूर्ण इलाके में धीरे धीरे तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है आज हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर दिन और रात के तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। आने वाले दिनों में सम्पूर्ण इलाके में तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी।
फोटो कैप्शन: डा. चंद्रमोहन



सेवा संकल्प सेतु शिविर-
-शिविर में नागरिकों ने उठाया योजनाओं का लाभ
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 कनीना की आवाज।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब लोगों को उनके द्वार पर ही मिल रहा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत रविवार को अटेली व कनीना नपा कार्यालय, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल धनौंदा व बीडीपीओ कार्यालय अटेली में सेवा संकल्प सेतु शिविर आयोजित किए गए।
इन कैंपों में स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का मौके पर ही लाभ प्राप्त किया। शिविरों के दौरान मुख्य रूप से 'लाडो लक्ष्मी योजना' और 'मुख्यमंत्री परिवार उत्थान योजना' के प्रति लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
इन कल्याणकारी शिविरों में विभिन्न विभागों से जुड़े स्टॉल लगाए गए थे, जहां पात्र लाभार्थियों के मौके पर ही आवेदन स्वीकार किए गए और कई मामलों में तुरंत समाधान भी सुनिश्चित किया गया।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि 13 अक्टूबर को नगर पालिका कार्यालय अटेली व फतेहपुर की बीसी चौपाल में सेवा संकल्प सेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के सभी नागरिकों से इन शिविरों में अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
फोटो कैप्शन 07: कैंप में सेवाओं के लिए आवेदन करते लाभार्थी।







 जलघर कर्मचारियों ने मिलकर की वाटर सप्लाई परिसर की सफाई की
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 कनीना की आवाज। 
कनीना -रेवाड़ी सड़क मार्ग पर स्थित मुख्य जलघर के परिसर की कई पेयजल कर्मियों ने मिलकर सफाई की है।
केके पूनिया प्रधान ने बताया कि लंबे समय से जल केंद्र के परिसर की सफाई नहीं हो पाई थी। सभी कर्मी अपने घरों से यंत्र लेकर आए औरसुबह सवेरे से ही सफाई अभियान चला दिया। इसके बाद आने वाले लोगों के लिए यह साफ सुथरा नजर आएगा। उन्होंने बताया की सर्दी आने वाली है। उन्होंने बताया कि प्रांगण में घास फूस, कटीले पौधे, छोटे-छोटे पौधे, झाडिय़ां आदि पैदा हो गए हैं। इनको हटा दिया गया है तथा सजावटी पौधों की कटाई करके प्रांगण को और महकदार बना दिया है। उन्होंने बताया कि कनीना का यह जलकर करीब 45 वर्ष पुराना है और यहां पर कभी अनेक सुविधाएं होती थी। एक बार फिर से इस जल घर को साफ सुथरा बनाकर आकर्षण का केंद्र बनाया जाएगा।
 फोटो कैप्शन 08: वाटर सप्लाई कर्मचारी सफाई करते हुए



इश्तगास के आधार पर छह लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज
-अगिहार गांव की है घटना
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 कनीना की आवाज।
 अगिहार की महिला बिमला देवी के इश्तगासा के आधार पर कनीना पुलिस ने छह लोगों निर्मल,पवन, महिपाल, सुमन, रीना ,सरोज के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत के केस दर्ज कर लिया है। बिमला ने कनीना न्यायालय में में दायर इश्तगासा में कहा है कि वह अगिहार की रहने वाली है और 25 मार्च 2026 को करीब 4:30 से 5 बजे, जब घर पर काम कर रही थी तो निर्मल, पवन और महिपाल घर में घुस गए। बुरी नीयत से छेड़छाड़ और अश्लील हरकत की। जब शोर मचाया तो लात घूंसों से पिटाई की, कपड़े फाड़ दिए। शोर सुनकर उनका लड़का अंकित व लड़की प्रीति आई तो उनके भी थप्पड़ ,मुक्के, लात व घूंसे जड़ दिए। लड़के और लड़की ने मुश्किल से उन्हें छुड़वाया। उसी दिन शाम 6 बजे दोबारा वे अपने हाथों में कुल्हाड़ी, बांकडी, लाठी, लोहे की राड़ लेकर घर पहुंचे और गंदी गालियां दी। सिर पर कुल्हाड़ी मारी, बांकड़ी के डंडे से चोट मारी, थप्पड़ एवं मुक्कों से बुरी तरह से पिटाई की। सिर चोटिल कर घायल कर दिया। जब उसका लड़का बीच बचाव में आया तो उसकी भी मार पिटाई की। वह जान बचाकर घर के अंदर घुस गया और दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद उन्होंने मकान के दरवाजे, खिड़की आदि को कुल्हाड़ी, बांकड़ी, राड़ एवं लाठी-डंडों से तोड़ दिया। शोर सुनकर पड़ोसी आए और उन्हें छुड़वाया। जाते-जाते अनेक चेतावनी भी दे गए। इसके बाद तत्पश्चात बिमला के इलाज के लिए स्वजन उसे सिविल अस्पताल सेहलंग ले ले गए। पुलिस मौके पर बयान लेने नहीं आई। डाक्टरों ने उसे हायर सेंटर महेंद्रगढ़ रेफर कर दिया और 28 मार्च 2026 तक इलाज चलता रहा। सिर में दर्द रहने के कारण निजी अस्पताल महेंद्रगढ़ में इलाज करवाया। कनीना पुलिस में केस दर्ज करने के बारे में कहा तो पुलिस ने मनमर्जी से दोषी दोषी का बचाव करने के लिए बातें लिखवा दी। पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।बार-बार पुलिस को शिकायत की किंतु कोई कार्रवाई नहीं ली की। बिमला का आरोप है कि पुलिस ने उन्हीं के विरुद्ध 3 अप्रैल 2026 को केस दर्ज कर परिवार के सदस्यों को 7 जुलाई 2026 का अदालत में पेश कर दिया। जिसके चलते उन्हें जमानत लेनी पड़ी। बिमल का कहना है कि उनके पास वारदात की सीसीटीवी फुटेज भी है। डीएसपी, एसपी, डीजीपी पंचकूला भी शिकायत की किंतु दोषियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई। मानव अधिकार आयोग को भी लिखा। कार्रवाई न होने के चलते बिमला ने कनीना न्यायालय में इश्तगासा दायर किया जिसके चलते अब दोषियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।






विभिन्न मुद्दों को लेकर स्वर्ण समाज की कनीना में बैठक संपन्न
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 कनीना की आवाज।
कनीना स्थित नेताजी मेमोरियल क्लब में स्वर्ण समाज की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता कंवर सेन वशिष्ठ ने की।  केंद्र सरकार द्वारा लाए गए यूजीसी कानून, एससी एसटी एक्ट हो रहे दुरुपयोग के बारे में विचार विमर्श किया गया
तथा सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि यूजीसी एक्ट का पूर्ण रूप से वापसी हो और एससी एसटी एक्ट और जातिगत आरक्षण में सुधार और स्वर्ण आयोग की मांग देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक पहुंचे इसके लिए तय किया गया की 19 अक्टूबर को  स्वर्ण समाज के बैनर तले एसडीएम कार्यालय ज्ञापन सौंपा जाएगा।
बैठक में गौड़ सभा उप प्रधान सुरेश कुमार वशिष्ठ, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा प्रदेश उपाध्यक्ष अत्तर सिंह कैमला, अग्रवाल समाज से ओमप्रकाश लिशानिया, डा. अजीत शर्मा, सुरेश शर्मा कोषाध्यक्ष गौड़ सभा,
रतन सिंह, अतीत तंवर जि़ला पार्षद, हेमंत शर्मा नौताना, श्रीराम शर्मा बाघोत, सूबेदार मुन्नीलाल शर्मा,प्रेम शर्मा नौताना,मनीष गुप्ता, राधेश्याम शर्मा झाड़ली, विजय शर्मा, ओम सिंह खेड़ी,भगवत दयाल शर्मा, धर्मवीर भडफ़ आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 06: स्वर्ण समाज की बैठक में विचार करते हुए



विश्व गठिया दिवस -12 अक्टूबर
 हजारों व्यक्ति गठिया से पीडि़त मिलते हैं -डा. जितेंद्र
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 कनीना की आवाज।
विश्व गठिया दिवस लोगों में हड्डियों से जुड़ी गंभीर स्थिति के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। इसे अंग्रेजी में अर्थराइटिस कहते हैं। एक और जहां विगत वर्षों कोरोना से इंसान परेशान देखने को मिला वहीं अर्थराइटिस अनेक बीमारियों में से एक तेजी से फैलने वाली बीमारी है। गठिया के बारे डा. जितेंद्र मोरवाल उप नागरिक अस्पताल कनीना से चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि गठिया एक जोड़ों में दर्द एवं जकडऩ का कारण बनता है। बड़ी उम्र के साथ-साथ यह स्थिति खराब होती चली जाती है। जागरूकता फैला कर ही इस रोग से बचा जा सकता है। 1996 से इस रोग से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया जाता रहा है।
गठिया बीमारी विटामिन-सी, विटामिन-डी और कैल्शियम की कमी से ज्यादा परेशान करती हैं। इन चीजों की कमी से हड्डियां कमजोर होती चली जाती है और अंदर से खोखली हो जाती है। गठिया का अर्थ जोड़ों में सूजन,दर्द एवं लालिमा उत्पन्न होना।  उसे स्थान पर गर्मी अनुभव होती है, हड्डी के जोड़ सूज जाते हैं जो  दर्द का कारण बनता है। गठिया के कारण होने वाली अधिकांश बीमारियां स्वप्रतिरक्षा के कारण होती है। उन्होंने बताया कि यह दर्द असहनीय होता है। आमतौर पर कई हफ्तों से कई महीनो में हाल होता है।
गठिया में विशेष कर आलू खाने का परहेज करना चाहिए, आलू में मौजूद केमिकल है जो गठिया रोग का कारण बनता है। गठिया को जड़ से खत्म करने के लिए आयुर्वेद की दवाई काफी लाभप्रद जिनमें अश्वगंधा आता है, ठंडी जगह जाने से परहेज करें, नशीले पदार्थ का सेवन न करें। उन्होंने बताया कि सेब खाने से इस रोग में सूजन में कमी आती है और गठिया के लक्षण कम होते हैं। साथ में एंटीआक्सीडेंट से भरपूर फल एवं सब्जियां ज्यादा खानी चाहिए जिनमें ब्रोकली, पपीता, शिमला मिर्च, संतरा, अंगूर, स्ट्राबेरी विटामिन-सी के स्रोत, पालक ,चेरी आदि खाने चाहिए। गठिया से छुटकारा पाने के लिए सर्दी के मौसम में अदरक के तेल अदरक का प्रयोग करें जोड़ों पर मालिश करनी चाहिए। यह रोग 40 से 60 वर्ष की उम्र में शुरू हो जाता है पुरुषों की तुलना महिलाओं में अधिक होता है। गठिया के कारण दर्द ,कठोरता, सूजन तीन प्रमुख लक्षण होते हैं। गठिया रोग में शराब पीना, ग्लूटेन फूड, प्रोसेस्ड फूड, मीट वेजिटेबल तेल, नमक का सेवन कम करें,  गठिया में दूध नहीं पीना चाहिए।
 फोटो कैप्शन: डा. जितेंद्र मोरवाल





कनीना की रामलीला-
श्रीआदर्श रामलीला कनीना के मंच पर मेघनाथ ने इंद्रलोक पर चढ़ाई कर इंद्र को हराया
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 कनीना की आवाज।
श्रीआदर्श रामलीला कमेटी कनीना की ओर से आयोजित रामलीला के दूसरे दिन कलाकारों ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों का शानदार मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर मेघनाथ द्वारा इंद्रलोक पर चढ़ाई कर इंद्र को पराजित करने, रावण-वेदवती संवाद, नंदी और रावण के बीच संवाद तथा रावण द्वारा कैलाश पर्वत उठाने के प्रयास जैसे प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। इनमें मेघनाथ और इंद्र के बीच हुआ भीषण युद्ध दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कलाकारों ने अपने अभिनय, संवाद अदायगी और भाव-भंगिमाओं के माध्यम से पौराणिक प्रसंगों को जीवंत कर दिया।
मेघनाथ और इंद्र के बीच हुआ भीषण युद्ध-
रामलीला के दूसरे दिन मेघनाथ और इंद्र के बीच हुए युद्ध का शानदार मंचन किया गया। मेघनाथ ने इंद्रलोक पर चढ़ाई कर इंद्र को युद्ध के लिए चुनौती दी। दोनों के बीच हुए भीषण युद्ध में मेघनाथ ने इंद्र को पराजित कर दिया। इंद्र पर विजय प्राप्त करने के कारण मेघनाथ को इंद्रजीत के नाम से जाना जाने लगा। युद्ध के दौरान कलाकारों ने अपने अभिनय और संवादों के माध्यम से दर्शकों के सामने दोनों योद्धाओं के पराक्रम को प्रस्तुत किया। युद्ध के दृश्यों ने रामलीला के मंच पर रोमांच पैदा किया और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
कैलाश पर्वत उठाने चला रावण, भगवान शिव के सामने टूटा घमंड-
रामलीला का एक अन्य प्रमुख आकर्षण रावण द्वारा कैलाश पर्वत उठाने का प्रसंग रहा। अपनी शक्ति और सामथ्र्य पर घमंड करने वाला रावण कैलाश पर्वत को उठाने का प्रयास करता है। भगवान शिव की महिमा के सामने उसका अहंकार टूट जाता है। इसके बाद रावण भगवान शिव शंकर से क्षमा मांगता है और उनकी आराधना में तपस्या करता है। इस प्रसंग के माध्यम से कलाकारों ने संदेश दिया कि व्यक्ति चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अहंकार उसके पतन का कारण बन सकता है। भगवान के प्रति श्रद्धा, भक्ति और विनम्रता का भाव व्यक्ति को सही मार्ग दिखाता है।
नंदी-रावण और रावण-वेदवती संवाद का हुआ मंचन-
रामलीला में नंदी और रावण के बीच हुए संवाद का भी प्रभावशाली मंचन किया गया। संवादों के माध्यम से रावण के अहंकार और नंदी के आत्मसम्मान को दर्शाया गया। वहीं, रावण और वेदवती के बीच हुए संवाद ने कथा को आगे बढ़ाया। कलाकारों ने अपने पात्रों के अनुरूप संवाद अदायगी करते हुए प्रसंगों को जीवंत बनाने का प्रयास किया। रामलीला के माध्यम से दर्शकों को धार्मिक और पौराणिक कथाओं से जुडऩे का अवसर मिला।
कलाकारों ने विभिन्न भूमिकाओं में दिखाई प्रतिभा-
रामलीला में रावण की भूमिका नंदलाल शर्मा ने निभाई, जबकि मेघनाथ के किरदार में मनोज रोहिल्ला नजर आए। इंद्र की भूमिका कपिल अरोड़ा ने निभाई तथा नंदी के किरदार में नितिन टिंकू सिंगला ने अभिनय किया। इसके अलावा प्रतीक भारद्वाज, गोलू जांगड़ा, दिनेश जांगड़ा, अमित जांगड़ा और विकसित रजलीवाल ने भी विभिन्न भूमिकाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कलाकारों ने अपने अभिनय से रामलीला के प्रसंगों को प्रभावशाली बनाने में योगदान दिया। समाजसेवी संजय गर्ग और अमित यादव मुख्य अतिथि रहे।
फोटो कैप्शन 05: कनीना रामलीला में संवाद करते रावण


नवरात्रि के पावन पर्व पर मां भगवती को प्रसन्न करे अर्चना से
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 कनीना की आवाज।
मां दुर्गा की नवशक्ति का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है। यहां ब्रह्म का अर्थ तपस्या से है। मां दुर्गा का यह स्वरूप भक्तों और सिद्धों को अनंत फल देने वाला है। इनकी उपासना से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम की वृद्धि होती है। विशेष रूप से मां की कृपा होती है और हमारे मनोरथ सफल होते हैं। ये विचार ज्योतिषाचार्य दीपक कौशिक ने व्यक्त किये।
नवरात्रि में दूसरे दिवस मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करने के बाद मां दुर्गा का गंगा जल से अभिषेक करें।
अब मां दुर्गा को अघ्र्य दें। मां को अक्षत, सिन्दूर और लाल पुष्प अर्पित करें, प्रसाद के रूप में फल और मिठाई चढ़ाएं। पंचमेवा बताशे
धूप और दीपक जलाकर दुर्गा चालीसा सिद्ध कुंजिका सत दुर्गा नाम पाठ का पाठ करें और फिर विशेष मां को भोग भी लगाएं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है। जिससे मां भगवती प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को सारे संकट को दूर करती हैं घर परिवार में सुख शांति समृद्धि देती हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी को गुड़हल, कमल, श्वेत और सुगंधित पुष्प प्रिय हैं। द्वितीय नवरात्रि पर मां को गुड़हल, कमल, श्वेत और सुगंधित पुष्प अर्पित करें। और मां को विशेष पसंद करने के लिए हमें मां के लिए कुछ विशेष ही करना होता है। जिस प्रकार अपने जीवन में हम किसी भी चीज को पाने के लिए बहुत से साधना करते हैं और बहुत प्रकार की विधि करते हैं उसी प्रकार द्वितीय दिवस में मां ब्रह्मचारिणी को प्रसन्न करने के लिए हम चीनी का भोग लगाते हैं, जिससे दीर्घायु प्राप्त होती है। मां भगवती की जब हम पूजा कर लेते हैं उसके पश्चात मां भगवती के विशेष रूप का ध्यान करते हैं। इस देवी के दाएं हाथ में जप की माला है और बाएं हाथ में यह कमण्डल धारण किए हैं। पूर्वजन्म में इस देवी ने हिमालय के घर पुत्री रूप में जन्म लिया था और नारदजी के उपदेश से भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की थी। इस कठिन तपस्या के कारण इन्हें तपश्चारिणी अर्थात ब्रह्मचारिणी नाम से अभिहित किया गया।
फोटो कैप्शन: दीपक कौशिक



शाम होते ही सजने लग जाती है शराबी महफिल
-पुलिस प्रशासन का भी नहीं है खौफ
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 कनीना की आवाज।
कनीना में शराबी  सरे आम खुले में सार्वजनिक स्थल पर शराब का सेवन करते है। जिनको न तो प्रशासन का डर है और न ही समाज की परवाह। लेकिन कनीना मंडी में इस तरह का माहौल बनता जा रहा है। शराब के ठेके के पास खुला स्थान होने के कारण शराबी वही पर महफिल सजाने लग जाते है। जिस कारण वहां से गुजरने वाली महिलाओं और बच्चों पर गलत असर पड़ता है। आस पास के दुकानदार जय प्रकाश, दीपक, संजीव ने बताया कि अंधेरा होते ही यहां जमघट लग जाता है। शराबी पुलिस को देख कर भाग तो जाते है लेकिन उनके जाने के बाद फिर आ जाते है। आस पास रहने वालों ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की गुहार लगाई है ।
फोटो कैप्शन 04: शराबी महफिल जमाते हुए


43 मरीजों ने उठाया कैंप का लाभ
-कई जांच की गई मुफ्त
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 कनीना की आवाज।
सेवा भारती कनीना व उजाला सिग्नस अस्पताल रेवाड़ी द्वारा कनीना मंडी की लाला शिवलाल धर्मशाला में  विशाल निश्शुल्क मेडिकल कैंप संपन्न हुआ। आज 43 रोगियों ने इस कैंप में आकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया। कनीना में यह कैंप पिछले 10 वर्षों से लगातार हर माह के दूसरे रविवार को लगता है । अब तक इसमें हजारों रोगियों ने लाभ उठाया है।
आज उजाला सिग्नस अस्पताल  रेवाड़ी के प्रसिद्ध किडनी विशेषज्ञ डा. तरुण यादव व इंटरनल मेडिसिन के डा. हर्ष ने अपनी टीम के साथ सेवाएं प्रदान की शिविर में बीपी, शुगर,ईसीजी की निशुल्क जांच की गई । तथा दवाइयां भी वितरित की गई । सिग्नस से किरण यादव, तरुण टेक्नीशियन , मुस्कान व रेखा उपस्थित रहे। सेवा भारती के सांय 5 से 6 बजे तक आर्य समाज मंदिर  कनीना में गरीब, वंचित, पिछड़े, अभावग्रस्त लोगों के लिए प्राथमिक चिकित्सा केंद्र चल रहा है। जिसमें आजकल 80 से 100 तक मरीज आ रहे हैं, दवाइयां भी बिल्कुल मुफ्त दी जाती हैं। इसी प्रकार इस समय महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण  तीन से पांच बजे तक गोविंद बाई धर्मशाला में दिया जाता है।
 इस अवसर पर सेवा भारती कनीना के प्रधान सुरेश शर्मा, जगदीश आचार्य, डा. वेद प्रकाश शर्मा, श्याम सुंदर, सुरेंद्र,दिनेश जांगड़ा अमित,योगेश अग्रवाल आदि अनेक गण मान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: मरीजों को मुफ्त दवाए वितरित करते हुए



अद्वैत गुरुकुल, कनीना में पीटीएम का भव्य आयोजन, शिक्षा के साथ संस्कार और सफलता का संकल्प
एमडी अंकुर यादव की दूरदर्शी सोच से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर
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 कनीना की आवाज।
शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह बच्चों के व्यक्तित्व, संस्कार, आत्मविश्वास और भविष्य को आकार देने की सबसे मजबूत नींव होती है। इसी उद्देश्य को साकार करने की दिशा में अद्वैत गुरुकुल, कनीना में अभिभावक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अभिभावकों और शिक्षकों के बीच विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन, व्यवहार, प्रतिभा एवं भविष्य की संभावनाओं को लेकर सार्थक विचार-विमर्श हुआ।
संस,जागरण,कनीना।  के दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों को विद्यार्थियों की पढ़ाई की स्थिति, उपलब्धियों और सुधार के आवश्यक क्षेत्रों से अवगत कराया। साथ ही बच्चों में नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों को विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। बैठक का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणामों की समीक्षा करना नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की क्षमता को पहचानकर उसे बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करना रहा।
विद्यालय के अंकुर यादव जी के नेतृत्व एवं शिक्षा के प्रति समर्पित सोच को विद्यालय की प्रगति में महत्वपूर्ण दिशा देने वाला बताया गया। उनका दृष्टिकोण ऐसी शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देना है, जिसमें विद्यार्थी किताबी ज्ञान के साथ जीवन के व्यावहारिक अनुभव, अनुशासन, संस्कार और आत्मनिर्भरता भी सीखें। विद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए तैयार करना है।
एमडी अंकुर यादव जी का संदेश है— हमारा लक्ष्य केवल विद्यार्थियों को शिक्षित करना नहीं, बल्कि उनके भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारना, उनमें आत्मविश्वास जगाना और उन्हें ऐसे संस्कार देना है, जिनके बल पर वे अपने परिवार, समाज और देश का नाम रोशन कर सकें।
उन्होंने शिक्षा में अभिभावकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना। विद्यालय की सोच के अनुसार, जब शिक्षक का मार्गदर्शन, अभिभावकों का विश्वास और विद्यार्थी की मेहनत एक दिशा में आगे बढ़ते हैं, तो सफलता की संभावनाएं और मजबूत हो जाती हैं। इसी समन्वय को बेहतर बनाने के लिए पीटीएम जैसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बैठक में अभिभावकों को यह संदेश भी दिया गया कि बच्चों की तुलना दूसरों से करने के बजाय उनकी व्यक्तिगत क्षमताओं, रुचियों और सुधार पर ध्यान देना चाहिए। प्रत्येक बच्चा अपनी अलग प्रतिभा और संभावनाओं के साथ आगे बढ़ता है। उचित मार्गदर्शन, सकारात्मक वातावरण और निरंतर प्रोत्साहन मिलने पर वही प्रतिभा भविष्य में बड़ी उपलब्धियों का आधार बन सकती है।
अद्वैत गुरुकुल, कनीना का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार, अनुशासन, जिम्मेदारी और जीवन में आगे बढऩे का आत्मविश्वास प्रदान करना है। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि एक मजबूत शैक्षणिक नींव ही उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती है और एक संस्कारवान विद्यार्थी ही समाज की वास्तविक पूंजी होता है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी अभिभावकों के सहयोग और विश्वास के लिए आभार व्यक्त किया। पीटीएम ने विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर कार्य करने का सकारात्मक संदेश दिया।
फोटो कैप्शन 03: पीटीएम का एक नजारा