**KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**
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Monday, October 12, 2026
तीन लोगों पर मारपीट का मामला दर्ज
-कनीना के वार्ड 3 की घटना
गुढ़ा में मारपीट के मसले में नौ लोगों पर केस दर्ज
देसी पिस्तौल सहित एक गिरफ्तार
- एक मैग्जीन भी साथ मिला मामला धनौंदा का
कनीना क्षेत्र में हल्की ठंड की हुई शुयुआत
दिनभर हवाएं चली, बादल छाए रहे
भक्तिभाव से करे पूजा चंद्रघंटा की
-दुर्गा मां का है तीसरा रूप
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कनीना की आवाज। करीरा के पंडित दिनेश जोशी ने कहा कि चंद्रघंटा मां की पूजा विधि विधान से करनी चाहिए। देवी चंद्रघंटा को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालुओं को भूरे रंग के कपड़े पहनने चाहिए। मां चंद्रघंटा को अपना वाहन सिंह बहुत प्रिय है और इसीलिए गोल्डन रंग के कपड़े पहनना भी शुभ है। इसके अलावा मां सफेद चीज का भोग जैसै दूध या खीर का भोग लगाना चाहिए। इसके अलावा माता चंद्रघंटा को शहद का भोग भी लगाया जाता है। सफेद फूल चढ़ाना चाहिए
नवरात्रि में तीसरे दिन इस देवी की पूजा का महत्व है। देवी की कृपा से साधक को अलौकिक वस्तुओं के दर्शन होते हैं। दिव्य सुगंधियों का अनुभव होता है और कई तरह की ध्वनियां सुनाईं देने लगती हैं। इन क्षणों में साधक को बहुत सावधान रहना चाहिए। इस देवी की आराधना से साधक में वीरता और निर्भयता के साथ ही सौम्यता और विनम्रता का विकास होता है। और हमें माता रानी की पूजा आरती करने के बाद भजन कीर्तन करना चाहिए माता रानी का मानसिक पाठ और जाप करना चाहिए।
फोटो कैप्शन : पंडित दिनेश जोशी
किसान जुटे रबी फसल की तैयारी में
-खेतों की चल रही है सिंचाई
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र की बावनी अर्थात 52 हजार हेक्टेयर भूमि मानी जाती है। इस पर खरीफ फसल किसानों द्वारा लेने के पश्चात रबी फसल की तैयारी में किसान जुट गए हैं। त्वरित गति से अपने खेतों की सिंचाई फव्वारों द्वारा कर रहे हैं क्योंकि रबी फसल पूर्ण रूप से ट्यूबवेलों पर निर्भर करती है। किसान सरसों और गेहूं और गेहूं उगते हैं। सरसों की अच्छी पैदावार लेने के लिए अच्छे बीजों एवं खादों की तलाश कर रहे हैं। 10 अक्टूबर से सरसों की बीजाई प्रारंभ हो जाती है जबकि 1 नवंबर से गेहूं की बिजाई शुरू कर दी जाती है। वर्तमान में किसान बीजों की दुकानों पर जहां खाद एवं बीज लाकर खेतों में डाल रहे हैं वही बीजों को बीजाई करने के लिए अपने घर में सुरक्षित रख रहे ताकि समय आते ही बिजाई कर दी जाए।
किसान सुरेंद्र सिंह, सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि जल्द ही बिजाई का समय आने वाला है। अभी दिन के समय तापमान अधिक होने से बीजाई संभव नजर नहीं आ रही है।
क्या कहते हैं पूर्व कृषि अधिकारी-
पूर्व कृषि अधिकारी डा. देवराज यादव बताते हैं कि सरसों की बिजाई 10 अक्टूबर से प्रारंभ हो जाती है जो 25 अक्टूबर तक जारी रहती है। इसके लिए तापमान 28 से 30 डिग्री होना चाहिए। तत्पश्चात 1 नवंबर से गेहूं की बिजाई शुरू हो जाती है। देसी किस्म सी-306 सात नवंबर तक बीजाई की जा सकती है तथा बाद में गेहूं की बीजाई 25 नवंबर तक जारी रहेगी जिसके लिए तापमान 22 डिग्री चाहिए। गेहूं के लिए सरसों के मुकाबले तापमान कम चाहिए। अभी मौसम में बदलाव नहीं हुआ है, आने वाले समय में मौसम में बदलाव होने की संभावना है। तत्पश्चात किसान तेजी से बीजाई का काम करेंगे। वर्तमान समय में किसान खेतों की तैयारी कर रहे और खेतों की सिंचाई करके बीजाई के लिए तैयार रहेंगे।
कई समस्याओं से जूझ रहे हैं किसान--
क्षेत्र के किसान कई समस्याओं से जूझते आ रहे हैं। पैदावार लेने के लिए बिजली, पानी, खाद, गिरते जलस्तर, बीजों की जानकारी अभाव तथा कई अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में रबी फसल पैदावार लेना तलवार की धार के समान है।
कनीना क्षेत्र का किसान यूं तो सदा ही मेहनत के बलबूते पर जीवित रहा है। कठिन परिश्रम करके अपनी आजीविका कमा रहा है। उसकी मुख्य फसलें खरीफ एवं रबी की होती है। खरीफ की फसल वर्षा पर आधारित होती है। पहले ही भू-स्तर गिरता जा रहा है ऊपर से डार्क जोन घोषित होने से नलकूप खोदना आसान नहीं रहा है। वैसे भी नलकूप लगाना लाखों रुपये का खर्चा होता है। यह भी सत्य है कि प्रतिवर्ष उसके बिजली के उपकरण जलने की समस्या रहती है। जैसे तैसे उपकरण ऋण लेकर लगा भी देता है तो पानी की समस्या फिर भी आड़े आ जाती है क्योंकि बिजली कम आती है जिसके चलते पर्याप्त खेतों की सिंचाई नहीं हो पाती है।
फोटो कैप्शन 08 व 09: रबी फसल के लिए जुताई करते किसान
नहीं हुई बाजरे की सरकारी तौर पर कोई खरीद
-बाजरे के भाव प्राइवेट एजेंसी पर 2300 रुपये से अधिक
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कनीना की आवाज। कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में बाजरे की कोई सरकारी खरीद नहीं हो पाई क्योंकि प्राइवेट एजेंसी 2300 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक के भाव पर बाजरे की खरीद कर रही हैं। जबकि सरकारी तौर पर महज 2300 रुपये प्रति क्विंटल ही खरीदा जा सकता है। वैसे भी किसान प्राइवेट एजेंसी तक बाजरा पहुंचने में सुविधा महसूस कर रहे हैं। यद्यपि सचिव मार्केट कमेटी ने गांवों के किसानों के लिए शेड्यूल भी जारी किया किंतु उसका भी कोई प्रभाव किसानों पर नहीं पड़ा। उधर खरीद एजेंसी हैफेड मैनेजर जगराम यादव ने बताया कि प्राइवेट एजेंसी पर बाजरे के भाव अधिक है ऐसे में सरकारी तौर पर बाजरा बेचने किसान नहीं आ रहे हैं। कोई किसान उन तक नहीं पहुंच रहा है।
फोटो कैप्शन 10: कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में बाजरे की खरीद
पहाड़ी पर स्थित दुर्गा माता मंदिर नवरात्रों में आकर्षण का केंद्र
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कनीना की आवाज। बसई गांव की पहाड़ी पर 10 वर्ष पूर्व दुर्गा मां का भव्य मंदिर का निर्माण किया गया था जो आज दूरदराज भक्तों के लिए आस्था श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है। प्रतिवर्ष हजारों भक्तों ने आकर मन्नत मांगते हैं। जब जब नवरात्रे आते हैं यहां पर मेले लगते हैं और मेलों में अपार भीड़ जुटती है। ऊंची पहाड़ी पर रमणीक स्थान पर मां का मंदिर है।
स्थापना का इतिहास
इस मंदिर की स्थापना 15 वर्ष पूर्व माता मंदिर की भोलाराम जोशी, महाबीर जोशी एवं उनके परिजनों ने की करवाई थी। परिवार ने मां चिंतपूर्णी हिमाचल की देवी से प्रेरणा लेकर मंदिर का निर्माण करवाया है। इस मंदिर का निर्माण विशेष प्रकार के पत्थर को काटकर बनवाया गया है। करोड़ों रुपए की लागत से इस मंदिर का निर्माण किया गया है। यही कारण है कि इस मंदिर को देखने के लिए दूरदराज से भक्तजन आते हैं।
मंदिर की विशेषता-
माता मंदिर में प्रतिदिन भक्तों का ताता लगा रहता है किंतु वर्ष में दो बार नवरात्रों पर जहां भीड़ जुटती है वहीं मेले लगते हैं। भक्त मां दुर्गा का लेकर के तथा विभिन्न प्रकार का प्रसाद विशेष रूप से हलवा, चना, बूंदी आदि लेकर के पहुंचते हैं और माता के चरणों में अर्पित करके मन्नत मांगते हैं। माना जाता है कि उनकी मन्नत पूर्ण होती है। समय समय पर यहां भंडारे एवं हवन आयोजित होते हैं।
कैसे पहुंचा जाए मंदिर---
माता मंदिर में पहुंचने के लिए दादरी-महेंद्रगढ़ रोड पर आकोदा उतरकर दो किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। बसई की पहाड़ी पर मंदिर बना हुआ है जो आकर्षण का केंद्र है। कनीना से 17 किलोमीटर दूर पड़ता है। यहां पहाड़ी की चोटी पर रमणीक स्थान है। वही भव्य मंदिर देखकर सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। भक्तों के ठहरने का विशेष प्रबंध किया गया है।
चंद्र प्रकाश बसई भक्त-
चंद्र प्रकाश बसई जो फिल्मी हीरों भी हैं, का कहना है कि जब से मंदिर बना है तब से वे इस मंदिर जा रहे हैं। प्रतिदिन माता के चरणों में धोक लगाते और मन्नत मांगते हैं जिसके चलते फिल्म इंडस्ट्रिी में भी उनका नाम है। माता ने उनकी सभी मन्नत पूर्ण की है। उनका कहना है कि माता आने वाले सभी भक्तों पर दया बरसाती रहती है।
महाबीर प्रसाद जोशी पुजारी-
महाबीर प्रसाद जोशी का कहना है कि वे सुबह शाम माता की पूजा करते हैं। सुबह जब भी समय लगता हवन करते हैं तथा मंदिर में ही रहते हैं साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखते हैं। यात्रियों के मान सम्मान को देने में कोई कसर नहीं हो छोड़ते। यहां भक्त यहां आकर सारे कष्ट भुला देते हैं। मां के दर्शन कर प्रसन्न हो जाते और मन्नत मांग कर अपने अपने घरों में चले जाते हैं। उनका मानना है कि यहां पर मांगी गई मन्नत पूर्ण होती है।
फोटो कैप्शन: महाबीर प्रसाद जोशी, चंद्र प्रकाश बसई तथा मां मंदिर।
एसडी ककराला के सात विद्यार्थियों ने एनडीए की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर क्षेत्र का बढ़ाया गौरव
--जगदेव यादव ने दी बधाई
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कनीना की आवाज। एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ककराला के सात विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी एनडीए की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन का शानदार परिचय दिया है। इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार एवं अभिभावकों में खुशी का माहौल है।
विद्यालय उपनिदेशक ने बताया कि धु्रव पुत्र राजेश कुमार बहादुरगढ़, अर्णव कसाना पुत्र सोनवीर सिंह नोएड़ा, सौरव नांगल पुत्र राकेश कुमार भिवानी,प्रतिभा पुत्री धर्मेंद्र लिसान, कार्तिक कुमार पुत्र प्रेमपाल शामली यूपी, दिशांत मित्तल पुत्र नरेंद्र मित्तल कनीना व अंकित कुमार पुत्र मोतीलाल यूपी ने परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है।
एनडीए विभागाध्यक्ष अविनाश कुमार ने बताया कि लिखित परीक्षा के साथ-साथ एसएसबी की तैयारी विद्यालय में करवाई जाती है।
इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन जगदेव यादव ने सफल विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक रूप से सफल बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें अनुशासित, कर्तव्यनिष्ठ एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनाना भी है। विद्यालय तीनों सेनाओं में पहले भी अधिकारी दे चुका है और भारतीय सेना को योग्य, प्रतिभाशाली और समर्पित अधिकारी देने के लक्ष्य के साथ निरंतर प्रयासरत है। विद्यार्थियों की यह उपलब्धि इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जगदेव यादव ने विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि एनडीए की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब विद्यार्थियों को आगामी चयन प्रक्रिया के लिए भी कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ तैयारी जारी रखनी चाहिए, ताकि वे भविष्य में भारतीय सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी बनकर देश की सेवा कर सकें।
कार्यक्रम में विद्यालय निदेशक ओमप्रकाश, सीईओ आरएस यादव, उपनिदेशकपूर्ण सिंह, प्राचार्य अरविंद कुमार तोमर, एनडीए विभागाध्यक्ष अविनाशकुमार सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने सफल विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
फोटो कैप्शन 03: सफल रहे विद्यार्थियों के संग निदेशक जगदेव यादव
कम होती जा रही है संस्कृति की झलक देने वाली सांझी
-मुश्किल से 20 सांझी कनीना में निर्मित
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कनीना की आवाज। एक वक्त था जब शारदीय नवरात्रों में सांझी के प्रति बेहद लगाव होता था। बुजुर्ग महिलाएं अपने बच्चों के संग उनकी कला को उभारने के लिए चूड़ी, गोबर, शृंगार का सामान आदि लेकर के सांझी दीवार पर निर्मित करवाती थी। यहां तक की हर रोज छोटी-छोटी बच्चियों मिलकर गेय पद्धति सीखती थी और सांझी के गीत गाकर उसे खाना खिलाती थी। एकता का प्रतीक नजर आता था। बारी बारी प्रत्येक बच्चे के घर से सांझी को खाना खिलाने के लिए कुछ बनवाया जाता था। जिसे सभी बच्चियों में बांटकर भी खाया जाता था। बड़ी बुजुर्ग महिलाएं भी उनके साथ देती थी, उन्हें निर्देश देती थी। भारतीय संस्कृति और देवी देवताओं के प्रति गहन आस्था को इंगित करती थी। आज वह पद्धति धीरे-धीरे लुप्त होने के कगार पर पहुंच गई है। कनीना कस्बा जिसके आबादी करीब 20000 पहुंच गई है महज 20 सांझी दीवारों पर बनाई गई है। दशहरे तक चलने वाला यह पर्व न केवल हर इंसान को झंकार रख देता था अपितु बच्चियों को भविष्य के ध्यान में रखते हुए उनकी गेए पद्धति कला, बुद्धिमता आदि को उभरने का सुंदर नजारा अपनी आंखों के सामने देखे थे किंतु अब धीरे-धीरे एकता खत्म हो गई है और पहले वाली नहीं रही है।
बुजुर्ग महिलाएं नीलम, कमलेश, शकुंतला आदि बताती है कि अब आपसी भाईचारा घटता जा रहा है जिसके चलते सांझी के प्रति लगाव भी घट गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की जो असली विरासत थी उसे भी भुलाते जा रहे हैं।
फोटो कैप्शन 5: दीवार पर बनी सांझी
भोजावास रामलीला में किया इंद्र सभा मंचन
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कनीना की आवाज। भोजावास गांव में रामलीला का मंचन श्रद्धा, उल्लास और पूरी सांस्कृतिक भव्यता के साथ शुरू हुआ। प्रमुख समाजसेवी अतरलाल ने रिबन काटकर रामलीला का शुभारंभ किया। स्थानीय ग्रामीण कलाकारों ने भव्य, शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को भाव विभोर और मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रथम दिन इन्द्र दरबार और नारद मोह की लीलाओं का प्रभावशाली मंचन किया गया। भव्य इन्द्र दरबार में इन्द्र महाराज के सम्मुख नारद का अंहकारपूर्ण आचरण का प्रसंग तथा शीलनिधि राजा के दरबार में नारद का बंदर मुख के रूप में उपस्थित होना देखकर दर्शकों ने खूब तालियां बजाई। नारद का अभिनय नरेन्द्र, शीलनिधि का शीशराम रोहिल्ला तथा महाराजा इंद्र का इंद्र नरडिया ने शानदार और प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। लीला मंचन में चेयरमैन भागसिंह, राजेन्द्र सिंह नम्बरदार, कैलाश सेठ, सोमबीर, बाबूलाल, अशोक, रविन्द्र शर्मा सहित दो दर्जन कलाकार तथा दर्शक मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 01:अतिथिगण का स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत करते कलाकार व कमेटी सदस्य।
बाजरे की सरकारी खरीद का हुआ शेड्यूल जारी
- सुबह 8 बजे से शाम 5 तक चलेगी खरीद
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कनीना की आवाज। कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में किसानों का सरकारी बाजरे खरीद का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। शेड्यूल 12 अक्टूबर से ही था। वहीं 13 अक्टूबर को चेलावास, छितरौली धनौंदा, दौंगड़ा अहीर, दौंगड़ा जाट के किसान और 14 अक्टूबर को गुढ़ा, गोमला, गोमली, गाहड़ा, इसराना और झाड़ली के किसान बाजार बेच पाएंगे।
विस्तृत जानकारी देते हुए सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी मार्केट कमेटी अजीत सिंह ने बताया कि किसान बिना शेड्यूल के मंडी में ना आए, गेट पास कटवाने के लिए अपने साधन पर नंबर प्लेट लगवाना जरूरी है। वो किसान अनाज मंडी में आए जिन्होंने रजिस्ट्रेशन मेरी फसल मेरा ब्यौरा करवाया हुआ है। अपनी फसल को अच्छी प्रकार सुखाकर वह साफ करके लाए।
श्रीआदर्श राम लीला कनीना के मंच पर राजा दशरथ व मातृ पितृ भक्त श्रवण कुमार की लीला देख भावुक हुई भीड़
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कनीना की आवाज। श्रीआदर्श राम लीला कमेटी के रंगमंच पर भगवान श्री राम की 13 दिवसीय लीलाओं के मंचन के चौथे दिन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाजसेवी दिनेश यादव एमई नगर पालिका कनीना, विशिष्ट अतिथि सुरेन्द्र वशिष्ठ नगर पालिका कनीना व किसन ज्वेलर्स किसन सोनी द्वारा ज्योति प्रज्वलित कर भगवान श्री राम दरबार में सर झुका आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंच संचालन लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले प्रवक्ता सचिन शर्मा ने किया। उल्लेखनीय है कि श्रीआदर्श रामलीला कनीना के रंगमंच पर रविवार रात्रि को मातृ - पितृ भक्त श्रवण कुमार की लीला व रामजन्म की लीला का मंचन किया गया। इस दौरान राजा दशरथ के तीर से श्रवण कुमार की मौत व श्रवण कुमार के मातृ - पितृ शांतनु व ज्ञानवती का राजा दशरथ को श्राप देना विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। लीला में राजा दशरथ के किरदार में राहुल शर्मा व श्रवण कुमार का किरदार निभा रहे मानव शर्मा ने अपने जानदार संवाद अदायगी के साथ रामलीला के चरित्र को मंच पर जीवित कर दिया। इस दौरान भारी भीड़ अपने आंसू नहीं रोक पाई। श्रवण कुमार के किरदार को मानव शर्मा द्वारा जीवंत कर दिखाया। समाजसेवी विक्की पंसारी ने उन्हें गोमाता की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया। वही दूसरी और श्रवण कुमार के मातृ - पितृ शांतनु के किरदार में पिनाक भारद्वाज द्वारा किया गया मंचन सराहनीय रहा।
वही ज्ञानवती के किरदार में मुकेश कपूर व गुरु वशिष्ठ के किरदार में सुरेश कपूर द्वारा उपस्थित भारी भीड़ को अपने साथ जोडऩे में कामयाबी प्राप्त की।
इस दौरान विकसित रजलीवाल ,सुरेंद्र मिनिया व डांसर राजेश कुमारी विनोद छैला व अमित जांगड़ा, नरेश यादव, संदीप चौधरी, कर्नल चिकारा ने उपस्थित भारी भीड़ को खूब गुदगुदाया। संगीतकार डा. लक्की म्यूजिकल ग्रुप, डायरेक्टर साहिल शर्मा, राहुल निर्वाणिया द्वारा रंगमंच पर अपनी विशेषता के अनुरूप बनाए गए जंगल, पेड़, पौधे, पहाड़ के दृश्य के साथ सुंदर संगीत सरंचना व नृत्य के समावेश ने कनीना की 37 वर्षो पहले की सुपर्शिद्ध श्री आदर्श रामलीला की पहचान को बनाए रखा। इस दौरान सुरेंद्र शर्मा, श्री श्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग, शिब्बू पंसारी, सुभाष मित्तल,सुरेद्र शर्मा, शिव कुमार शर्मा, उप प्रधान दिनेश यादव, विक्की पंसारी ,विक्की शास्त्री, रामकिशन रामा शर्मा, सुरेंद्र मिनिया, पिन्नू मित्तल, रामा, कृष्ण पहलवान आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: रामलीला मंचन के दौरान प्रस्तुति देते कलाकार
Sunday, October 11, 2026
डीएवी अकादमी को पुन: शुरू करवाने के लिए किया जा रहे सार्थक प्रयास
-आयोजित हुई डीएवी अकादमी के द्वार पर बैठक
-हरेंद्र शर्मा कर रहे हैं अथक प्रयास
बाजरे की सरकारी खरीद का हुआ शेड्यूल जारी
- सुबह 8 बजे से शाम 5 तक चलेगी खरीद
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कनीना की आवाज। कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में किसानों का सरकारी बाजरे खरीद का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। 12 अक्टूबर को अगिहार, बेवल, बाघोत एवं भडफ़ के किसान सरकारी तौर पर बाजरा बेच पाएंगे। वहीं 13 अक्टूबर को चेलावास, छितरौली धनौंदा, दौंगड़ा अहीर, दौंगड़ा जाट के किसान और 14 अक्टूबर को गुढ़ा, गोमला, गोमली, गाहड़ा, इसराना और झाड़ली के किसान बाजार बेच पाएंगे।
विस्तृत जानकारी देते हुए सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी मार्केट कमेटी अजीत सिंह ने बताया कि किसान बिना शेड्यूल के मंडी में ना आए, गेट पास कटवाने के लिए अपने साधन पर नंबर प्लेट लगवाना जरूरी है। वो किसान अनाज मंडी में आए जिन्होंने रजिस्ट्रेशन मेरी फसल मेरा ब्यौरा करवाया हुआ है। अपनी फसल को अच्छी प्रकार सुखाकर वह साफ करके लाए।
एनसीआर दिल्ली में तापमान में उतार चढाव देखने को मिल रहा-डा. चंद्रमोहन
--कहीं कहीं हो सकती है हल्की बूंदाबांदी
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कनीना की आवाज। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में आमतौर पर मौसम परिवर्तन शील बना हुआ है। सम्पूर्ण इलाके बादलों की आवाजाही देखने को मिल रही है। हवाओं की दशा और दिशा में बदलाव से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में तापमान में उतार चढाव देखने को मिल रहा है। मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि इस साल अल-नीनो परिस्थितियों की वजह से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मानसून की ढ़ीली परफोर्मेंस से मानसू
नी बारिश के आंकड़े सामान्य से नीचे बने रहे। मानसून की विदाई के साथ लगातार तापमान में उछाल देखने को मिल रहा है। मानसून की बापिस के बाद एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहें हैं परन्तु इनसे हरियाणा के उत्तरी हिस्सों में ही बारिश की गतिविधियां हो रही है जबकि शेष हरियाणा एनसीआर दिल्ली में बादलों की आवाजाही देखने को मिल रही है।
आज पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से प्रभावित जि़ले-
आज पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र ,पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर करनाल में तेज़ गति की हवाओं के साथ हल्की बारिश बूंदाबांदी और कैथल कुरुक्षेत्र जिलों में कहीं कहीं छिट-पुट ओलावृष्टि की गतिविधियों को दर्ज किया गया।
मानसून वापसी अपडेट
आज दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा 27.5एन/86.5ई, सुपौल, रांची, सुंदरगढ़, बरगढ़, बीजापुर, हैदराबाद, बेलगावी, पणजी और 15एन/72ई से होकर गुजर रही है।अगले 2 दिनों के दौरान पूर्वी भारत और उत्तरी प्रायद्वीप के कुछ और हिस्सों तथा पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून के और आगे पीछे लौटने (वापसी) के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं।
मौसम प्रणालियों का असर
वर्तमान परिदृश्य में ट्रफ माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊँचाई पर उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश तक बना हुआ है। इसके अलावा
एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण माध्य समुद्र तल से 0.9 से 1.5 किमी की ऊँचाई मध्य पाकिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्रों के ऊपर के बीच स्थित है। साथ ही साथ एक ट्रफ मध्य पाकिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्र के ऊपर बने चक्रवातीय परिसंचरण से लेकर उत्तरी मध्य प्रदेश तक (दक्षिण जम्मू संभाग, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश होते हुए) माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर गुजर रही है। इसके अलावा हरियाणा और उसके आसपास के क्षेत्र के ऊपर माध्य समुद्र तल से 1.5 किमी की ऊंचाई पर स्थित ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उपर्युक्त ट्रफ में विलीन हो गया है। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ, हिमाचल प्रदेश के ऊपर माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में बना हुआ है।इन सभी मौसम प्रणालियों के असर से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।(कुल मिलाकर आज वायुमंडल के ऊपरी स्तरों में हरियाणा व आसपास के क्षेत्र के ऊपर एक परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। राज्य के उत्तरी भागों में एक ट्रफ लाइन बनी हुई है।)
मौसम पूर्वानुमान
आने वाले दिनों में हरियाणा एनसीआर दिल्ली में लगातार मौसम परिवर्तन शील बना रहेगा क्योंकि एक पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा एनसीआर दिल्ली से आगे निकल चुका है इसके पिछे पिछे 12 अक्टूबर कों 14 अक्टूबर को बैक टू बैक दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में 14-16 अक्टूबर के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। हालांकि ये दोनों ही पश्चिमी विक्षोभ कमजोर हो गये है जिनकी वजह से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में केवल बादलों की आवाजाही और तेज़ गति की हवाओं के साथ केवल कहीं कहीं छिट-पुट हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियों की सम्भावना बन रही। बार बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में लगातार तापमान में उतार चढाव देखने को मिल रहा है। क्योंकि बार बार हवाओं की दिशा और दशा में बदलाव देखने को मिल रहा है।पश्चिमी हवाओं के स्थान पर वर्तमान समय में दक्षिणी पूर्वी हवाओं से सम्पूर्ण इलाके में दिन और रात के तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है हालांकि सुबह के धंटो में फिजाओं में मीठी मीठी भीनी भीनी ठंडी खुशबू धुलने लगीं है।
हरियाणा एनसीआर दिल्ली तापमान की स्थिति
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा के उत्तरी हिस्सों में तेज़ गति की हवाओं और हल्की बारिश बूंदाबांदी और छिट-पुट ओलावृष्टि की गतिविधियों और उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और बारिश की गतिविधियों से सम्पूर्ण इलाके में धीरे धीरे तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है आज हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर दिन और रात के तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है। आने वाले दिनों में सम्पूर्ण इलाके में तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी।
फोटो कैप्शन: डा. चंद्रमोहन
सेवा संकल्प सेतु शिविर-
-शिविर में नागरिकों ने उठाया योजनाओं का लाभ
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कनीना की आवाज। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब लोगों को उनके द्वार पर ही मिल रहा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत रविवार को अटेली व कनीना नपा कार्यालय, राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल धनौंदा व बीडीपीओ कार्यालय अटेली में सेवा संकल्प सेतु शिविर आयोजित किए गए।
इन कैंपों में स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का मौके पर ही लाभ प्राप्त किया। शिविरों के दौरान मुख्य रूप से 'लाडो लक्ष्मी योजना' और 'मुख्यमंत्री परिवार उत्थान योजना' के प्रति लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
इन कल्याणकारी शिविरों में विभिन्न विभागों से जुड़े स्टॉल लगाए गए थे, जहां पात्र लाभार्थियों के मौके पर ही आवेदन स्वीकार किए गए और कई मामलों में तुरंत समाधान भी सुनिश्चित किया गया।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि 13 अक्टूबर को नगर पालिका कार्यालय अटेली व फतेहपुर की बीसी चौपाल में सेवा संकल्प सेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के सभी नागरिकों से इन शिविरों में अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
फोटो कैप्शन 07: कैंप में सेवाओं के लिए आवेदन करते लाभार्थी।
जलघर कर्मचारियों ने मिलकर की वाटर सप्लाई परिसर की सफाई की
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कनीना की आवाज। कनीना -रेवाड़ी सड़क मार्ग पर स्थित मुख्य जलघर के परिसर की कई पेयजल कर्मियों ने मिलकर सफाई की है।
केके पूनिया प्रधान ने बताया कि लंबे समय से जल केंद्र के परिसर की सफाई नहीं हो पाई थी। सभी कर्मी अपने घरों से यंत्र लेकर आए औरसुबह सवेरे से ही सफाई अभियान चला दिया। इसके बाद आने वाले लोगों के लिए यह साफ सुथरा नजर आएगा। उन्होंने बताया की सर्दी आने वाली है। उन्होंने बताया कि प्रांगण में घास फूस, कटीले पौधे, छोटे-छोटे पौधे, झाडिय़ां आदि पैदा हो गए हैं। इनको हटा दिया गया है तथा सजावटी पौधों की कटाई करके प्रांगण को और महकदार बना दिया है। उन्होंने बताया कि कनीना का यह जलकर करीब 45 वर्ष पुराना है और यहां पर कभी अनेक सुविधाएं होती थी। एक बार फिर से इस जल घर को साफ सुथरा बनाकर आकर्षण का केंद्र बनाया जाएगा।
फोटो कैप्शन 08: वाटर सप्लाई कर्मचारी सफाई करते हुए
इश्तगास के आधार पर छह लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज
-अगिहार गांव की है घटना
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कनीना की आवाज। अगिहार की महिला बिमला देवी के इश्तगासा के आधार पर कनीना पुलिस ने छह लोगों निर्मल,पवन, महिपाल, सुमन, रीना ,सरोज के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत के केस दर्ज कर लिया है। बिमला ने कनीना न्यायालय में में दायर इश्तगासा में कहा है कि वह अगिहार की रहने वाली है और 25 मार्च 2026 को करीब 4:30 से 5 बजे, जब घर पर काम कर रही थी तो निर्मल, पवन और महिपाल घर में घुस गए। बुरी नीयत से छेड़छाड़ और अश्लील हरकत की। जब शोर मचाया तो लात घूंसों से पिटाई की, कपड़े फाड़ दिए। शोर सुनकर उनका लड़का अंकित व लड़की प्रीति आई तो उनके भी थप्पड़ ,मुक्के, लात व घूंसे जड़ दिए। लड़के और लड़की ने मुश्किल से उन्हें छुड़वाया। उसी दिन शाम 6 बजे दोबारा वे अपने हाथों में कुल्हाड़ी, बांकडी, लाठी, लोहे की राड़ लेकर घर पहुंचे और गंदी गालियां दी। सिर पर कुल्हाड़ी मारी, बांकड़ी के डंडे से चोट मारी, थप्पड़ एवं मुक्कों से बुरी तरह से पिटाई की। सिर चोटिल कर घायल कर दिया। जब उसका लड़का बीच बचाव में आया तो उसकी भी मार पिटाई की। वह जान बचाकर घर के अंदर घुस गया और दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद उन्होंने मकान के दरवाजे, खिड़की आदि को कुल्हाड़ी, बांकड़ी, राड़ एवं लाठी-डंडों से तोड़ दिया। शोर सुनकर पड़ोसी आए और उन्हें छुड़वाया। जाते-जाते अनेक चेतावनी भी दे गए। इसके बाद तत्पश्चात बिमला के इलाज के लिए स्वजन उसे सिविल अस्पताल सेहलंग ले ले गए। पुलिस मौके पर बयान लेने नहीं आई। डाक्टरों ने उसे हायर सेंटर महेंद्रगढ़ रेफर कर दिया और 28 मार्च 2026 तक इलाज चलता रहा। सिर में दर्द रहने के कारण निजी अस्पताल महेंद्रगढ़ में इलाज करवाया। कनीना पुलिस में केस दर्ज करने के बारे में कहा तो पुलिस ने मनमर्जी से दोषी दोषी का बचाव करने के लिए बातें लिखवा दी। पुलिस ने दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।बार-बार पुलिस को शिकायत की किंतु कोई कार्रवाई नहीं ली की। बिमला का आरोप है कि पुलिस ने उन्हीं के विरुद्ध 3 अप्रैल 2026 को केस दर्ज कर परिवार के सदस्यों को 7 जुलाई 2026 का अदालत में पेश कर दिया। जिसके चलते उन्हें जमानत लेनी पड़ी। बिमल का कहना है कि उनके पास वारदात की सीसीटीवी फुटेज भी है। डीएसपी, एसपी, डीजीपी पंचकूला भी शिकायत की किंतु दोषियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई। मानव अधिकार आयोग को भी लिखा। कार्रवाई न होने के चलते बिमला ने कनीना न्यायालय में इश्तगासा दायर किया जिसके चलते अब दोषियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
विभिन्न मुद्दों को लेकर स्वर्ण समाज की कनीना में बैठक संपन्न
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कनीना की आवाज। कनीना स्थित नेताजी मेमोरियल क्लब में स्वर्ण समाज की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता कंवर सेन वशिष्ठ ने की। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए यूजीसी कानून, एससी एसटी एक्ट हो रहे दुरुपयोग के बारे में विचार विमर्श किया गया
तथा सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि यूजीसी एक्ट का पूर्ण रूप से वापसी हो और एससी एसटी एक्ट और जातिगत आरक्षण में सुधार और स्वर्ण आयोग की मांग देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक पहुंचे इसके लिए तय किया गया की 19 अक्टूबर को स्वर्ण समाज के बैनर तले एसडीएम कार्यालय ज्ञापन सौंपा जाएगा।
बैठक में गौड़ सभा उप प्रधान सुरेश कुमार वशिष्ठ, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा प्रदेश उपाध्यक्ष अत्तर सिंह कैमला, अग्रवाल समाज से ओमप्रकाश लिशानिया, डा. अजीत शर्मा, सुरेश शर्मा कोषाध्यक्ष गौड़ सभा,
रतन सिंह, अतीत तंवर जि़ला पार्षद, हेमंत शर्मा नौताना, श्रीराम शर्मा बाघोत, सूबेदार मुन्नीलाल शर्मा,प्रेम शर्मा नौताना,मनीष गुप्ता, राधेश्याम शर्मा झाड़ली, विजय शर्मा, ओम सिंह खेड़ी,भगवत दयाल शर्मा, धर्मवीर भडफ़ आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 06: स्वर्ण समाज की बैठक में विचार करते हुए
विश्व गठिया दिवस -12 अक्टूबर
हजारों व्यक्ति गठिया से पीडि़त मिलते हैं -डा. जितेंद्र
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कनीना की आवाज। विश्व गठिया दिवस लोगों में हड्डियों से जुड़ी गंभीर स्थिति के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। इसे अंग्रेजी में अर्थराइटिस कहते हैं। एक और जहां विगत वर्षों कोरोना से इंसान परेशान देखने को मिला वहीं अर्थराइटिस अनेक बीमारियों में से एक तेजी से फैलने वाली बीमारी है। गठिया के बारे डा. जितेंद्र मोरवाल उप नागरिक अस्पताल कनीना से चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि गठिया एक जोड़ों में दर्द एवं जकडऩ का कारण बनता है। बड़ी उम्र के साथ-साथ यह स्थिति खराब होती चली जाती है। जागरूकता फैला कर ही इस रोग से बचा जा सकता है। 1996 से इस रोग से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया जाता रहा है।
गठिया बीमारी विटामिन-सी, विटामिन-डी और कैल्शियम की कमी से ज्यादा परेशान करती हैं। इन चीजों की कमी से हड्डियां कमजोर होती चली जाती है और अंदर से खोखली हो जाती है। गठिया का अर्थ जोड़ों में सूजन,दर्द एवं लालिमा उत्पन्न होना। उसे स्थान पर गर्मी अनुभव होती है, हड्डी के जोड़ सूज जाते हैं जो दर्द का कारण बनता है। गठिया के कारण होने वाली अधिकांश बीमारियां स्वप्रतिरक्षा के कारण होती है। उन्होंने बताया कि यह दर्द असहनीय होता है। आमतौर पर कई हफ्तों से कई महीनो में हाल होता है।
गठिया में विशेष कर आलू खाने का परहेज करना चाहिए, आलू में मौजूद केमिकल है जो गठिया रोग का कारण बनता है। गठिया को जड़ से खत्म करने के लिए आयुर्वेद की दवाई काफी लाभप्रद जिनमें अश्वगंधा आता है, ठंडी जगह जाने से परहेज करें, नशीले पदार्थ का सेवन न करें। उन्होंने बताया कि सेब खाने से इस रोग में सूजन में कमी आती है और गठिया के लक्षण कम होते हैं। साथ में एंटीआक्सीडेंट से भरपूर फल एवं सब्जियां ज्यादा खानी चाहिए जिनमें ब्रोकली, पपीता, शिमला मिर्च, संतरा, अंगूर, स्ट्राबेरी विटामिन-सी के स्रोत, पालक ,चेरी आदि खाने चाहिए। गठिया से छुटकारा पाने के लिए सर्दी के मौसम में अदरक के तेल अदरक का प्रयोग करें जोड़ों पर मालिश करनी चाहिए। यह रोग 40 से 60 वर्ष की उम्र में शुरू हो जाता है पुरुषों की तुलना महिलाओं में अधिक होता है। गठिया के कारण दर्द ,कठोरता, सूजन तीन प्रमुख लक्षण होते हैं। गठिया रोग में शराब पीना, ग्लूटेन फूड, प्रोसेस्ड फूड, मीट वेजिटेबल तेल, नमक का सेवन कम करें, गठिया में दूध नहीं पीना चाहिए।
फोटो कैप्शन: डा. जितेंद्र मोरवाल
कनीना की रामलीला-
श्रीआदर्श रामलीला कनीना के मंच पर मेघनाथ ने इंद्रलोक पर चढ़ाई कर इंद्र को हराया
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कनीना की आवाज। श्रीआदर्श रामलीला कमेटी कनीना की ओर से आयोजित रामलीला के दूसरे दिन कलाकारों ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों का शानदार मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर मेघनाथ द्वारा इंद्रलोक पर चढ़ाई कर इंद्र को पराजित करने, रावण-वेदवती संवाद, नंदी और रावण के बीच संवाद तथा रावण द्वारा कैलाश पर्वत उठाने के प्रयास जैसे प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया गया। इनमें मेघनाथ और इंद्र के बीच हुआ भीषण युद्ध दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कलाकारों ने अपने अभिनय, संवाद अदायगी और भाव-भंगिमाओं के माध्यम से पौराणिक प्रसंगों को जीवंत कर दिया।
मेघनाथ और इंद्र के बीच हुआ भीषण युद्ध-
रामलीला के दूसरे दिन मेघनाथ और इंद्र के बीच हुए युद्ध का शानदार मंचन किया गया। मेघनाथ ने इंद्रलोक पर चढ़ाई कर इंद्र को युद्ध के लिए चुनौती दी। दोनों के बीच हुए भीषण युद्ध में मेघनाथ ने इंद्र को पराजित कर दिया। इंद्र पर विजय प्राप्त करने के कारण मेघनाथ को इंद्रजीत के नाम से जाना जाने लगा। युद्ध के दौरान कलाकारों ने अपने अभिनय और संवादों के माध्यम से दर्शकों के सामने दोनों योद्धाओं के पराक्रम को प्रस्तुत किया। युद्ध के दृश्यों ने रामलीला के मंच पर रोमांच पैदा किया और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
कैलाश पर्वत उठाने चला रावण, भगवान शिव के सामने टूटा घमंड-
रामलीला का एक अन्य प्रमुख आकर्षण रावण द्वारा कैलाश पर्वत उठाने का प्रसंग रहा। अपनी शक्ति और सामथ्र्य पर घमंड करने वाला रावण कैलाश पर्वत को उठाने का प्रयास करता है। भगवान शिव की महिमा के सामने उसका अहंकार टूट जाता है। इसके बाद रावण भगवान शिव शंकर से क्षमा मांगता है और उनकी आराधना में तपस्या करता है। इस प्रसंग के माध्यम से कलाकारों ने संदेश दिया कि व्यक्ति चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अहंकार उसके पतन का कारण बन सकता है। भगवान के प्रति श्रद्धा, भक्ति और विनम्रता का भाव व्यक्ति को सही मार्ग दिखाता है।
नंदी-रावण और रावण-वेदवती संवाद का हुआ मंचन-
रामलीला में नंदी और रावण के बीच हुए संवाद का भी प्रभावशाली मंचन किया गया। संवादों के माध्यम से रावण के अहंकार और नंदी के आत्मसम्मान को दर्शाया गया। वहीं, रावण और वेदवती के बीच हुए संवाद ने कथा को आगे बढ़ाया। कलाकारों ने अपने पात्रों के अनुरूप संवाद अदायगी करते हुए प्रसंगों को जीवंत बनाने का प्रयास किया। रामलीला के माध्यम से दर्शकों को धार्मिक और पौराणिक कथाओं से जुडऩे का अवसर मिला।
कलाकारों ने विभिन्न भूमिकाओं में दिखाई प्रतिभा-
रामलीला में रावण की भूमिका नंदलाल शर्मा ने निभाई, जबकि मेघनाथ के किरदार में मनोज रोहिल्ला नजर आए। इंद्र की भूमिका कपिल अरोड़ा ने निभाई तथा नंदी के किरदार में नितिन टिंकू सिंगला ने अभिनय किया। इसके अलावा प्रतीक भारद्वाज, गोलू जांगड़ा, दिनेश जांगड़ा, अमित जांगड़ा और विकसित रजलीवाल ने भी विभिन्न भूमिकाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कलाकारों ने अपने अभिनय से रामलीला के प्रसंगों को प्रभावशाली बनाने में योगदान दिया। समाजसेवी संजय गर्ग और अमित यादव मुख्य अतिथि रहे।
फोटो कैप्शन 05: कनीना रामलीला में संवाद करते रावण
नवरात्रि के पावन पर्व पर मां भगवती को प्रसन्न करे अर्चना से
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कनीना की आवाज। मां दुर्गा की नवशक्ति का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है। यहां ब्रह्म का अर्थ तपस्या से है। मां दुर्गा का यह स्वरूप भक्तों और सिद्धों को अनंत फल देने वाला है। इनकी उपासना से तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम की वृद्धि होती है। विशेष रूप से मां की कृपा होती है और हमारे मनोरथ सफल होते हैं। ये विचार ज्योतिषाचार्य दीपक कौशिक ने व्यक्त किये।
नवरात्रि में दूसरे दिवस मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करने के बाद मां दुर्गा का गंगा जल से अभिषेक करें।
अब मां दुर्गा को अघ्र्य दें। मां को अक्षत, सिन्दूर और लाल पुष्प अर्पित करें, प्रसाद के रूप में फल और मिठाई चढ़ाएं। पंचमेवा बताशे
धूप और दीपक जलाकर दुर्गा चालीसा सिद्ध कुंजिका सत दुर्गा नाम पाठ का पाठ करें और फिर विशेष मां को भोग भी लगाएं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है। जिससे मां भगवती प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को सारे संकट को दूर करती हैं घर परिवार में सुख शांति समृद्धि देती हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी को गुड़हल, कमल, श्वेत और सुगंधित पुष्प प्रिय हैं। द्वितीय नवरात्रि पर मां को गुड़हल, कमल, श्वेत और सुगंधित पुष्प अर्पित करें। और मां को विशेष पसंद करने के लिए हमें मां के लिए कुछ विशेष ही करना होता है। जिस प्रकार अपने जीवन में हम किसी भी चीज को पाने के लिए बहुत से साधना करते हैं और बहुत प्रकार की विधि करते हैं उसी प्रकार द्वितीय दिवस में मां ब्रह्मचारिणी को प्रसन्न करने के लिए हम चीनी का भोग लगाते हैं, जिससे दीर्घायु प्राप्त होती है। मां भगवती की जब हम पूजा कर लेते हैं उसके पश्चात मां भगवती के विशेष रूप का ध्यान करते हैं। इस देवी के दाएं हाथ में जप की माला है और बाएं हाथ में यह कमण्डल धारण किए हैं। पूर्वजन्म में इस देवी ने हिमालय के घर पुत्री रूप में जन्म लिया था और नारदजी के उपदेश से भगवान शंकर को पति रूप में प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या की थी। इस कठिन तपस्या के कारण इन्हें तपश्चारिणी अर्थात ब्रह्मचारिणी नाम से अभिहित किया गया।
फोटो कैप्शन: दीपक कौशिक
शाम होते ही सजने लग जाती है शराबी महफिल
-पुलिस प्रशासन का भी नहीं है खौफ
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कनीना की आवाज। कनीना में शराबी सरे आम खुले में सार्वजनिक स्थल पर शराब का सेवन करते है। जिनको न तो प्रशासन का डर है और न ही समाज की परवाह। लेकिन कनीना मंडी में इस तरह का माहौल बनता जा रहा है। शराब के ठेके के पास खुला स्थान होने के कारण शराबी वही पर महफिल सजाने लग जाते है। जिस कारण वहां से गुजरने वाली महिलाओं और बच्चों पर गलत असर पड़ता है। आस पास के दुकानदार जय प्रकाश, दीपक, संजीव ने बताया कि अंधेरा होते ही यहां जमघट लग जाता है। शराबी पुलिस को देख कर भाग तो जाते है लेकिन उनके जाने के बाद फिर आ जाते है। आस पास रहने वालों ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की गुहार लगाई है ।
फोटो कैप्शन 04: शराबी महफिल जमाते हुए
43 मरीजों ने उठाया कैंप का लाभ
-कई जांच की गई मुफ्त
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कनीना की आवाज। सेवा भारती कनीना व उजाला सिग्नस अस्पताल रेवाड़ी द्वारा कनीना मंडी की लाला शिवलाल धर्मशाला में विशाल निश्शुल्क मेडिकल कैंप संपन्न हुआ। आज 43 रोगियों ने इस कैंप में आकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया। कनीना में यह कैंप पिछले 10 वर्षों से लगातार हर माह के दूसरे रविवार को लगता है । अब तक इसमें हजारों रोगियों ने लाभ उठाया है।
आज उजाला सिग्नस अस्पताल रेवाड़ी के प्रसिद्ध किडनी विशेषज्ञ डा. तरुण यादव व इंटरनल मेडिसिन के डा. हर्ष ने अपनी टीम के साथ सेवाएं प्रदान की शिविर में बीपी, शुगर,ईसीजी की निशुल्क जांच की गई । तथा दवाइयां भी वितरित की गई । सिग्नस से किरण यादव, तरुण टेक्नीशियन , मुस्कान व रेखा उपस्थित रहे। सेवा भारती के सांय 5 से 6 बजे तक आर्य समाज मंदिर कनीना में गरीब, वंचित, पिछड़े, अभावग्रस्त लोगों के लिए प्राथमिक चिकित्सा केंद्र चल रहा है। जिसमें आजकल 80 से 100 तक मरीज आ रहे हैं, दवाइयां भी बिल्कुल मुफ्त दी जाती हैं। इसी प्रकार इस समय महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण तीन से पांच बजे तक गोविंद बाई धर्मशाला में दिया जाता है।
इस अवसर पर सेवा भारती कनीना के प्रधान सुरेश शर्मा, जगदीश आचार्य, डा. वेद प्रकाश शर्मा, श्याम सुंदर, सुरेंद्र,दिनेश जांगड़ा अमित,योगेश अग्रवाल आदि अनेक गण मान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: मरीजों को मुफ्त दवाए वितरित करते हुए
अद्वैत गुरुकुल, कनीना में पीटीएम का भव्य आयोजन, शिक्षा के साथ संस्कार और सफलता का संकल्प
एमडी अंकुर यादव की दूरदर्शी सोच से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर
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कनीना की आवाज। शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह बच्चों के व्यक्तित्व, संस्कार, आत्मविश्वास और भविष्य को आकार देने की सबसे मजबूत नींव होती है। इसी उद्देश्य को साकार करने की दिशा में अद्वैत गुरुकुल, कनीना में अभिभावक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अभिभावकों और शिक्षकों के बीच विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन, व्यवहार, प्रतिभा एवं भविष्य की संभावनाओं को लेकर सार्थक विचार-विमर्श हुआ।
संस,जागरण,कनीना। के दौरान शिक्षकों ने अभिभावकों को विद्यार्थियों की पढ़ाई की स्थिति, उपलब्धियों और सुधार के आवश्यक क्षेत्रों से अवगत कराया। साथ ही बच्चों में नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों को विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। बैठक का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणामों की समीक्षा करना नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की क्षमता को पहचानकर उसे बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर करना रहा।
विद्यालय के अंकुर यादव जी के नेतृत्व एवं शिक्षा के प्रति समर्पित सोच को विद्यालय की प्रगति में महत्वपूर्ण दिशा देने वाला बताया गया। उनका दृष्टिकोण ऐसी शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देना है, जिसमें विद्यार्थी किताबी ज्ञान के साथ जीवन के व्यावहारिक अनुभव, अनुशासन, संस्कार और आत्मनिर्भरता भी सीखें। विद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों को केवल अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए तैयार करना है।
एमडी अंकुर यादव जी का संदेश है— हमारा लक्ष्य केवल विद्यार्थियों को शिक्षित करना नहीं, बल्कि उनके भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसे निखारना, उनमें आत्मविश्वास जगाना और उन्हें ऐसे संस्कार देना है, जिनके बल पर वे अपने परिवार, समाज और देश का नाम रोशन कर सकें।
उन्होंने शिक्षा में अभिभावकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना। विद्यालय की सोच के अनुसार, जब शिक्षक का मार्गदर्शन, अभिभावकों का विश्वास और विद्यार्थी की मेहनत एक दिशा में आगे बढ़ते हैं, तो सफलता की संभावनाएं और मजबूत हो जाती हैं। इसी समन्वय को बेहतर बनाने के लिए पीटीएम जैसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बैठक में अभिभावकों को यह संदेश भी दिया गया कि बच्चों की तुलना दूसरों से करने के बजाय उनकी व्यक्तिगत क्षमताओं, रुचियों और सुधार पर ध्यान देना चाहिए। प्रत्येक बच्चा अपनी अलग प्रतिभा और संभावनाओं के साथ आगे बढ़ता है। उचित मार्गदर्शन, सकारात्मक वातावरण और निरंतर प्रोत्साहन मिलने पर वही प्रतिभा भविष्य में बड़ी उपलब्धियों का आधार बन सकती है।
अद्वैत गुरुकुल, कनीना का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार, अनुशासन, जिम्मेदारी और जीवन में आगे बढऩे का आत्मविश्वास प्रदान करना है। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि एक मजबूत शैक्षणिक नींव ही उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती है और एक संस्कारवान विद्यार्थी ही समाज की वास्तविक पूंजी होता है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी अभिभावकों के सहयोग और विश्वास के लिए आभार व्यक्त किया। पीटीएम ने विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर कार्य करने का सकारात्मक संदेश दिया।
फोटो कैप्शन 03: पीटीएम का एक नजारा
Saturday, October 10, 2026
बाजरे की मांग बढ़ी, 2325 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका बाजरा
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कनीना की आवाज। कनीना की नई अनाज मंडी में बाजरे की मांग बढ़ती जा रही है। सरकार द्वारा 2300 रुपये प्रति क्विंटल खरीदे जाने की योजना है और 600 रुपये प्रति क्विंटल भावांतर भरपाई खाते में डालने की भी योजना है। किंतु प्राइवेट एजेंसी सरकारी भाव से भी अधिक भाव पर बाजरा खरीद रही है। शनिवार को 2325 रुपये प्रति क्विंटल तक बाजरा बिका जिससे किसानों का रुझान प्राइवेट एजेंसी को बेचने में बढ़ा है। किसानों का कहना है कि यदि यूं ही भाव बढ़ता चला गया तो उन्हें लाभ होगा। ऐसे में अब किस सरकार पर निर्भर नहीं रहे अपितु प्राइवेट एजेंसी को पर बेचकर ही प्रसन्नता महसूस कर रहे हैं। आने वाले समय में बाजरे के भाव कुछ और बढऩे के आसार बन गए हैं।
फोटो कैप्शन 8: बाजरे की लगी ढेरी
कनीना मंडी में रामलीला जारी
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कनीना की आवाज।कनीना मंडी में आदर्श रामलीला द्वारा रामलीला मंचन जारी है। रामलीला का मंचन जहां 9 अक्टूबर को शुरू हुआ था और मंचन तेजी से आगे बढ़ रहा है। लोगों का और दर्शकों का रुझान भी बढ़ता ही जा रहा है।
कोटिया गांव की शीतल बनी एचसीएस
---मिल रही हैं बधाइयांं
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव कोटिया की शीतल ने पास की एचसीएस की परीक्षा। उन्होंने एचसीएस में पाया 26वां रैंक।
पुत्री सुमरत देवी व हरिपाल की पुत्री
शीतल ने ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी विद्यालय में प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की उसने हरियाणा सिविल सर्विस में सफलता प्राप्त कर अपने परिवार और गाव व समाज का नाम रौशन किया है ।
शीतल के दादा स्व. दयाराम ने हमेशा बच्चों की शिक्षा पर ही जोर दिया और पोती के लिए भी हमेशा कहते थे की बेटी खूब पढ़ लिख कर बड़ी अफसर बनना। आज दादा के उसी सपने को साकार करते हुए हरियाणा सिविल सर्विस में सफलता हासिल कर अपने माता पिता और गांव व क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। शीतल के माता और पिताजी दोनों ही सरकारी शिक्षक है। शीतल ने प्राथमिक शिक्षा शिक्षा गाहड़ा के सरकारी विद्यालय से पूरी की उच्च शिक्षा पंचकुला व चंडीगढ़ से पूरी की।
शीतल शुरू से ही होनहार छात्रा रही है स्नातक शिक्षा में भी उन्होंने विश्वविद्यालय में दूसरा स्थान हासिल किया था।
उसके बाद यूपीएससी में भी इंटरव्यू स्तर तक पहुंच गई थी और अब यूपीएससी की एचसीएस की परीक्षा पास करके दादा के सपने को साकार किया है।
फोटो कैप्शन: एचसीएस शीतल
विशाल निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर 11 अक्टूबर को
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कनीना की आवाज। कनीना मंडी स्थित लाल शिवलाल धर्मशाला में 11 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 से दोपहर 2 तक निश्शुल्क विशाल स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया जाएगा। विस्तृत जानकारी देते हुए सेवा भारती कनीना के योगेश अग्रवाल ने बताया कि उजाला सिग्नल अस्पताल रेवाड़ी के सौजन्य में यह शिविर आयोजित किया गया है जिसमें डा. तरुण यादव किडनी रोग विशेषज्ञ और डा. हर्ष सामान्य रोग विशेषज्ञ पहुंचेंगे।
इस मौके पर शुगर, बीपी एवं परामर्श निश्शुल्क दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि लगातार कमजोरी, पैरों व चेहरे पर सूजन, पेशाब में बदलाव ,पेशाब कम ज्यादा आना, लंबे समय से गुर्दे संबंधी समस्या से परेशान है उन्हें किडनी की जांच करवानी चाहिए। इसके अतिरिक्त उच्च रक्तचाप, मधुमेह रोगी एवं किडनी की बीमारी से पारिवारिक इतिहास वाले व्यक्ति या पेट के निचले हिस्सों में दर्द, पेशाब में खून आना जैसे लक्षण महसूस होते हैं तो भी गुर्दे की जांच करवानी चाहिए। उन्होंने बताया कि हर माह के दूसरे रविवार को यह शिविर आयोजित किया जाता है।
अब 9 दिनों तक चलेगा सांझी पर्व
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कनीना की आवाज। कनीना और आसपास गांव में दीवारों पर जहां अमावस्या के दिन सांझी की प्रतिमा बना दी गई है। गोबर, चूड़ी, कपड़े और तिनकों आदि से यह सांझी बनाई जाती है। पूरे 9 दिन इसकी पूजा चलेगी। तत्पश्चात विजयदशमी के दिन इस जोहड़, नदी,तालाब आदि में बहा दिया जाता है। यह छोटे बच्चों की एक ज्ञानवर्धकता, रोचकता और गेयता आदि का परिचय देने वाला पर्व होता है जिसे सांझी पर्व नाम से जाना जाता है। मिलकर गीत गाना सांझी को भोजन करना प्रतिदिन शाम के समय अनोखा दृश्य देखने को मिलता है।
सेवा संकल्प सेतु शिविर में मौके पर ही बनीं पेंशन, लाभार्थियों के चेहरों पर दिखी खुशी
-रविवार को धनौंदा और अटेली मंडी में लगेंगे शिविर
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कनीना की आवाज। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब लोगों को उनके द्वार पर ही मिल रहा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत शनिवार को कनीना नगरपालिका कार्यालय और गांव भोजावास स्थित आईटीआई परिसर में सेवा संकल्प सेतु शिविर आयोजित किए गए। यहां अनेक लोगों के काम मौके पर ही निपटाए गए।
जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित शर्मा ने शिविर में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। शिविर में विभिन्न विभागों ने अपने-अपने स्टाल लगाकर विभाग से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लोगों को उनका लाभ मौके पर ही उपलब्ध करवाया।
इस मौके पर समाज कल्याण विभाग की ओर से बड़ी संख्या में लोगों की पेंशन मौके पर ही बनाई गई।
राम निवास पुत्र देव करण गांव तलवाना, ओम प्रकाश पुत्र तेज राम गांव बवानिया, अजीत सिंह पुत्र हरफ़ूल सिंह गांव अगियार, मुकेश देवी पत्नी अजीत सिंह गांव अगियार, सूलोचना पत्नी राम सिंह तंवर खेड़ी, सुबे सिंह पुत्र महिपाल गांव भडफ, मामन चंद पुत्र कैलाशचंद्र गांव मोहनपुर, प्रकाश पुत्र रामेश्वर बाघोत व गौरव पुत्र शीशराम खरखड़ा बास, श्याम सुंदर पुत्र कृष्ण खरखड़ा बास, सरोज पत्नी राकेश व बबली पत्नी सोमपाल कनीना की पेंशन बनाई गई।
इस अवसर पर बीडीपीओ राजेश कुमार ने भी शिविर का निरीक्षण किया।
रविवार को यहां लगेंगे शिविर-
अभियान के तहत 11 अक्तूबर, रविवार को कनीना नगरपालिका कार्यालय और खंड कनीना के तहत गांव धनौंदा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शिविर लगेंगे। इसके अलावा अटेली मंडी नगरपालिका कार्यालय में भी नगरपालिका और खंड अटेली मंडी के शिविर आयोजित किए जाएंगे। जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित शर्मा ने लोगों से अपील है कि वे शिविरों में पहुंचकर योजनाओं का लाभ उठाएं।
फोटो कैप्शन 06:स्टालों का निरीक्षण करते जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित शर्मा।
पूर्व मंत्री राव निहाल सिंह को किया याद
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कनीना की आवाज। धनौन्दा गांव में हरियाणा के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राव निहाल सिंह की जयंती पर जन नेता राव निहाल सिंह विषय पर व्याख्यानमाला आयोजित की गई। मुख्य अतिथि अतरलाल एडवोकेट ने राव निहाल सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर व्याख्यानमाला का शुभारंभ किया। प्रवक्ता सुभाष यादव मुख्य वक्ता रहे और अध्यक्षता रणवीर नम्बरदार ने की।
सुभाष यादव ने कहा कि राव निहाल सिंह इलाके के जनप्रिय नेता थे। वे जिला की चारों विधानसभा सीटों नारनौल, नांगल चौधरी, अटेली और महेन्द्रगढ़ से बारी-बारी विधायक रहे। शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने प्रदेश में सैकड़ों स्कूल, कालेज खुलवाए। अतरलाल ने राव निहाल सिंह के साथ बिताए समय का जिक्र करते हुए कहा कि 1982 से 1987 तक दोनों ने कांग्रेस जे में मिलकर काम किया। उन्होंने कहा कि राव निहाल सिंह सही मायनों में जनता के दिलों में बसे थे। वे सिद्धांतवादी और लोकतंत्रवादी थे। 1982 में जब वे कांग्रेस जे से अटेली से विधायक बने तो विधानसभा त्रिशंकु थी। अनेक विधायकों ने लालच में आकर अपने पाले बदले परन्तु वे कांग्रेस जे में ही बने रहे। उन्होंने श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए युवाओं से उनके बहुमुखी व्यक्तित्व से सीख लेने की अपील की। दानसिंह प्रजापत, प्रेम, मदनसिंह तंवर, राकेश यादव, मुकेश ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए राव निहाल सिंह को एक सच्चा दूरदर्शी जन नेता बताते हुए उनके व्यक्तित्व और कार्य प्रणाली की सराहना की।
फोटो कैप्शन 05: पूर्वमंत्री राव निहाल सिंह को याद करते हुए
9 दिन चलने वाले नवरात्रों के पीछे छुपा है वैज्ञानिक तथ्य- कौशिक
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कनीना की आवाज। शारदीय नवरात्रे 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं तथा लगातार 9 दिन माता के नौ रूपों की पूजा का विधान है। इस बार नवरात्रे नवमी 19 अक्टूबर को संपन्न हो जाएंगे। 29 अक्टूबर को विजय दशमी का पर्व मनाया जाएगा। वास्तव में नवरात्रों के पीछे भी वैज्ञानिक तथ्य छुपा हुआ है। इस संबंध में ज्योतिषाचार्य दीपक कौशिक का कहना है कि नवरात्रे वर्ष में दो बार आते हैं जिसमें सर्दी से गर्मी में या गर्मी से सर्दी में प्रवेश किया जाता है जिन्हें शारदीय नवरात्रे तथा चैत्र नवरात्र नाम से जाना जाता है। इनके पीछे भी विज्ञान का गहरा राज छिपा हुआ है। वास्तव में जब मौसम बदलता है उस वक्त नया अनाज आ जाता है और नया अनाज सीधे ग्रहण करने से शरीर में कुछ उल्टे प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में शरीर से पुराने अन्न को पूर्णतया समाप्त करके ही नया अन्न धारण करना चाहिए। 9 दिनों के व्रत के पीछे यही कारण है कि शरीर से पुराना अनाज समाप्त किया जाता है। नौ दिनों में पुराना अनाज शरीर से रस एवं खून में बदल जाता। तत्पश्चात ही नया अन्य धारण किया जाता है जो शरीर में किसी प्रकार का नुकसान नहीं करके स्फूर्ति का संचार करता है। वास्तव में मौसम बदलता है बदले मौसम के अनुरूप ही नया अन्न ग्रहण करना चाहिए। यद्यपि नवरात्रों में जौ उगाये जाते हैं जो 9 दिनों तक बड़ा हो जाता है तथा इस हालात में चले जाते हैं कि उनको व्रत के अंतिम दिन ऊपर से काटकर जवारे रस बनाकर पीना चाहिए और व्रत खोलना चाहिए। उनमें कैंसर तक लडऩे की क्षमता होती है। अक्सर लोग इन 9 दिनों तक उगाए गए जौ को किसी नदी, नाले आदि में बहा कर इतिश्री समझ लेते हैं। और तभी से कहावत चली है गंगा में जौ उगाना। वास्तव में इन उगाये हुये जौ से दोनों लाभ उठाये जा सकते हैं। ऊपर से एक से 2 इंच काटकर रस बनाकर पीना चाहिए और मां के नवरात्र संपन्न करने चाहिए जो शरीर में ऊर्जा स्फूर्ति ,प्रतिरोधकता पैदा करते हैं।
श्री कौशिक बताते हैं कि सबसे बड़ा तथ्य नवरात्रों के पीछे छुपा है कि 9 दिन व्रत करने से शरीर बिल्कुल शुद्ध किया जाता है। अनाज पूणरूप समाप्त हो जाता है और फिर नए मौसम के अनुसार अनाज को ग्रहण करते हैं तो बेहद स्फूर्ति देता है। अफसर इन 9 दिनों में माता के नौ रूपों की पूजा की जाती है पुराने वक्त से चली आ रही है।
वास्तव में नौ रूप शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री नाम से जाने जाते हैं। 9 दिनों तक अन्न न ग्रहण करके अधिक से अधिक जल धारण करें तो विज्ञान का तथ्य कहता है कि शरीर पूर्णता शुद्ध हो जाएगा साथ में अन्न की बजाय फल आदि का प्रयोग करें ताकि शरीर में शुद्धता आये। अचानक नया अन्न प्रयोग करने से एलर्जी आदि की संभावना बढ़ जाती है, उससे बचने का सबसे सरल उपाय है माता के नौ रूपों की का व्रत धारण करना चाहिए।
फोटो कैप्शन- दीपक कौशिक
35 साल पहले होती थी जौ की बेहतर खेती
-जौ शून्य हेक्टेयर पर पहुंचा, व्रतों में लाते हैं जौ खरीदकर
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कनीना की आवाज। किसान जौ एवं चने की खेती करना भूलते जा रहे हैं। गर्मियों के मौसम में जौ की रोटी, राबड़ी तथा धानी आदि बनाकर प्राकृतिक ठंडक प्राप्त करते हैं। अब न तो जौ की खेती होती और न राबड़ी एवं धानी।
1986-87 तक कनीना क्षेत्र की करीब 33 हजार हेक्टेयर भूमि हजारों एकड़ में जौ की खेती की जाती थी। वैसे तो जौ न केवल पूजा आदि बल्कि हवन आदि में भी काम आता है। जब नवरात्रे चलते हैं तो जौ की विशेष मांग होती है। गेहूं-चना एवं जौ -चने की मिश्रित खेती की जाती थी। 1982 में फव्वारा आया जिसके चलते चने की खेती घटती जा रही है और वर्तमान में तो चना अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है।
जौ को गंगा में डालने, पूजा अर्चना,हवन आदि में काम आता है वहीं पैदावार 40 मण प्रति हेक्टेयर तथा भाव 2500 रुपये क्विंटल तक होता है। होली के पर्व पर जहां जौ को भूनकर पूरा परिवार चखता है और तत्पश्चात ही लावणी की शुरुआत होती आ रही है। एक जमाना था जब हर घर में जौ की खेती की जाती थी जिसे पूरी गर्मी आनंद से रोटी एवं अन्य रूपों में प्रयोग किया जाता था। जौ की रोटी खाने के लिए या फिर धानी बनवाने के लिए दूसरे क्षेत्रों से जौ खरीदकर लाते हैं।
जौ की रोटी प्रचलन था जो सेहत के लिए अति लाभकारी मानी जाती थी। राबड़ी चाव से खाते हैं वहीं जौ का प्रयोग बीयर आदि बनाने में लेते हैं। शरीर में ठंडक के लिए राबड़ी को गर्मियों में खाते हैं किंतु अब राबड़ी की बजाय चाय पर आ पहुंचा है।
आकर्षण का केंद्र बना कनीना का मां शेरावाली मंदिर
-नवरात्रों में लगती है अपार भीड़
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कनीना की आवाज। मंदिर की स्थापना करीब 20 वर्ष पूर्व हुई है। इसका निर्माण कार्य संजीत यादव कनीना के निवासी की देखरेख में संपन्न हुआ है। इस मंदिर के चारों ओर द्वार एवं विशाल सीढिय़ां हैं। दूर से ही आकर्षित करता हुआ माता मंदिर वर्तमान में विख्यात है। संत मोलडऩाथ आश्रम परिसर में ही यह मां का भव्य मंदिर बना हुआ है। इस मंदिर के पास बाबा का खेल का मैदान है जहां संतों को भोजन कराया जाता है।
मंदिर का इतिहास-
मंदिर की भव्य मूर्ति 51 हजार रुपये में जयपुर के प्रसिद्ध कारीगरों द्वारा निर्मित करवाकर विधि विधान से इस मंदिर में स्थापित करवाई गई थी। प्रत्येक नवरात्रों के समय मां के मंदिर को सजाया जाता है। भारी संख्या में भक्तजन यहां आते हैं। इस मंदिर की भव्यता ही इसका आकर्षण है। सुमन रोहिल्ला ने बताया कि कि वो हर वर्ष मां को नवरात्रों में पोशाक पहनाती हैं।
कैसे की जाती है पूजा-
नवरात्रों पर समीपी गांवों के भक्तजन आते हैं और अपने साथ नारियल, मां की चुनरी, प्रसाद, मां की ध्वजा लेकर आते हैं और विधि विधान से पूजा करके ध्वजा को अर्पित कर देते हैं। करीब 61 फुट ऊंचे इस मंदिर में आकर पूजा अर्चना करते हैं।
शहर का यह एकमात्र मां शेरावाली का मंदिर है। संत शिरोमणि बाबा मोलडऩाथ आश्रम परिसर में बने इस मंदिर में भक्तजन अधिक आने के पीछे मंदिरों का एक समूह विकसित होना है। पास में विभिन्न देवी देवताओं के एक दर्जन मंदिर बने हैं। आकर्षण का कारण शहीद प्रतिमाओं के पास होना भी है। पार्कों से सुसज्जित दस मंदिर को दूर दराज से भी देखा जा सकता है।
कैसे पहुंचा जाए--
नवरात्रों के दिनों में यहां सैकड़ों भक्तजन आते हैं और मां के दर्शन करते हैं। इस मंदिर की देखरेख का काम भी कनीना के संत शिरोमणि बाबा मोलडऩाथ आश्रम पर रहने वाले संत ही करते हैं। प्राचीन बाबा मोलडऩाथ आश्रम जोहड़ के किनारे पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचना आसान है क्योंकि पास में सामान्य बस स्टैंड स्थित है। वर्ष में दो बार आने वाले नवरात्रों पर भीड़ एक मेले का रूप ले लेती है।
महेंद्रगढ़ के कनीना कस्बे तक रेल सेवा या बस सेवा से पहुंचा जा सकता है। रेलवे स्टेशन से महज दो किमी बस स्टैंड के पास ही यह भव्य मंदिर दिखाई पड़ता है। बाबा मोलडऩाथ आश्रम के पास मंदिर स्थित है। यहां पर कोई भी पुजारी नहीं रहता है। भक्तजन स्वयं यहां आकर धोक लगाकर अपने घरों को चले जाते हैं।
क्या कहते हैं भक्त.
भक्त दिनेश कुमार का कहना है कि कनीना क्षेत्र में यह विशाल मंदिर है जहां नवरात्रों में सुबह.शाम जोत जलती है और पूजा चलती है। भक्तजन भी यहां आकर जोत जलाते हैं। इस मंदिर में भक्तों का पूरे नवरात्रों में तांता लगा रहता है। दूर दराज से भक्त आते हैं और पूजा करते हैं।
क्या कहते हैं पुजारी-
पूजारी रामनिवास महंत का कहना है कि वर्ष में दो बार आने वाले इन नवरात्रों में वे मां के मदिर जाते हैं और पूजा अर्चना करके विशेष आनंद मिलता है। मां के नवरात्रों में वे व्रत रखते हैं और मां की पूजा अर्चना करने के लिए प्रसाद, नारियल एवं चुनरी ले जाते हैं। मां के चरणों में जोत जलाते हैं।
फोटो कैप्शन-01 मां मंदिर
02 मां की मूर्ति।
साथ में दिनेश एवं रामनिवास
महेंद्रगढ़ जिले के सतनाली थाना क्षेत्र में सरपंचों के साथ बैठक: कानून-व्यवस्था, चोरी की रोकथाम और नशे की सूचना पर जोर
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कनीना की आवाज। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार के निर्देशानुसार थाना सतनाली प्रभारी उप निरीक्षक राकेश ने आज क्षेत्र के सरपंचों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, चोरी की घटनाओं की रोकथाम तथा नशे के विरुद्ध कार्रवाई में जनसहयोग के संबंध में चर्चा की।
बैठक में सरपंचों को 10 व 12 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनजर संबंधित प्रशासनिक आदेशों एवं लागू कानूनी प्रतिबंधों के बारे में ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए कहा गया। विशेष रूप से दिल्ली में हास्टल, पीजी अथवा किराये के मकानों में रहकर उच्च शिक्षा, कोचिंग या निजी नौकरी कर रहे युवाओं तक उनके अभिभावकों के माध्यम से सही एवं आधिकारिक जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया गया।
थाना प्रभारी ने कहा कि युवा संबंधित प्रशासनिक आदेशों की जानकारी रखें, लागू प्रतिबंधों का पालन करें तथा शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें। लागू कानूनी आदेशों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
इसके अतिरिक्त चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए गांवों में ठीकरी पहरा लगवाने और प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए सरपंचों को प्रेरित किया गया। संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तुरंत पुलिस को सूचित करने के लिए भी कहा गया।
बैठक में गांवों में मादक पदार्थों की बिक्री एवं सेवन से संबंधित जानकारी गोपनीय रूप से पुलिस को देने की अपील की गई, ताकि सूचना के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों से गांवों को सुरक्षित एवं नशामुक्त बनाने के प्रयासों में पुलिस का सहयोग करने का आह्वान किया।
फोटो कैप्शन 04:सरपंचों के साथ बैठक: कानून-व्यवस्था की जानकारी देते हुए
अपनी मांगों को लेकर आयोजित की बैठक
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कनीना की आवाज। रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन की राज्य कार्य करने की बैठक कर्मचारी भवन सुखपुरा चौक रोहतक में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बैठक की अध्यक्षता राज्य प्रधान मास्टर वजीर सिंह ने की और संचालन राज्य महासचिव रतन कुमार जिंदल ने किया।
राज्य प्रधान ने कहा कि विश्व में लगातार युद्ध जारी हैं, अमेरिका के इशारे पर इजरायल का लेबनान फिलिस्तीन पर हमला जारी है। अमेरिका लगातार इस प्रकार की कार्यवाही जारी रखना चाहता है। देश में कृषि संकट बढ़ा है । सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश द्वारा पेपर लीक मामले में आवाज उठाने वाले छात्रों को कोकरोच कहने पर कोकरोच जनता पार्टी के जन्तर-मन्तर पर किए गए आन्दोलन से सरकार को झुकना पड़ा और केन्द्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। एस आइ आर लागू करने बारे फार्म 6 और फॉर्म 7 के वोट काटने के खतरनाक कानून पर जानकारी दी तथा हमारे वोट के संवैधानिक अधिकार पर सरकार डाका डाल रही है और आने वाले समय में संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए 12 दिसंबर को अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महा संघ की अखिल भारतीय रैली दिल्ली रामलीला ग्राउंड में होने जा रही है जिसमें रिटायर्ड कर्मचारियों की महत्वपूर्ण मांग शामिल हैं को पूरी ताकत से समर्थन देने का आह्वान किया।
13 दिसंबर को राज्य के पेंशनरों के साथ केंद्र सरकार के पेंशनरों की सामूहिक कन्वेंशन रखी गई है इस कन्वेंशन में राज्य के सभी पदाधिकारी डेलीगेट होंगे तथा जिला पदाधिकारी वालन्टियर होंगे। महासचिव रतन जिंदल ने बताया 21 अगस्त को राज्यभर में 80 साल के 900 वरिष्ठ रिटायर्ड कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। यह बहुत ही सराहनीय कदम रहा । दिनांक 29 -30 सितंबर को अखिल भारतीय स्तर पर जिला मुख्यालय पर रिटायर्ड कर्मचारियों ने अपनी मांगे में मनवाने के लिए 24 घंटे का पड़ाव डाला। रिटायर्ड कर्मचारियों को आठवां वेतन का लाभ न दिए जाने व वित विधेयक 2025 को रद्द कराने के लिए अखिल भारतीय राज्य सरकारी पैशनर्स फैडरेशन के आव्हान पर राज्य स्तर पर 4000 की संख्या में रिटायर्ड कर्मचारी शामिल हुए। रात को 567 साथी हाजिर रहे ,66 महिलाऐं भी धरने में शामिल हुई । 30 सितंबर को 2800 रिटायर्ड कर्मचारी माननीय प्रधानमंत्री महोदय को ज्ञापन देने में शामिल हुए ।
महासचिव ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री महोदय, परिवहन मंत्री महोदय को समस्याओं के समाधान के लिए समय देने के लिए पत्र लिखा है व अन्य मांगों बारे समरण पत्र लिखे हैं । निजी बसों में आधा किराया में छूट देने के लिए आना-कानी करने बारे और ऐ सी बसों में छूट की सुविधा दी जाने बारे, पीटीआई और ड्राइंग टीचर को न्यायालय के फैसले लागू करके लाभ देने आदि के बारे पत्राचार किया है । सभी जिलों द्वारा सकारात्मक रिपोर्ट पेश की गई और आगामी सभी आंदोलनों जिसमें 12 दिसंबर 2026 की रामलीला ग्राउंड में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी फैडरेशन के आव्हान पर रैली है जिसमें जिलों का कोटा अनुसार 1500 साथियों को शामिल होना हैं। जिलों की रिपोर्ट के अनुसार रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा की अब तक सदस्य संख्या12000 से अधिक पहुंच चुकी है। रिटायर्ड कर्मचारी संघ की सदस्य संख्या को 30000 तक ले जाने का फैसला किया गया । वित सचिव मनोहर लाल जाखड़ ने वित सम्बंधित आय -व्यय बारे विस्तार से जानकारी दी।
राज्य प्रधान ने सभी पदाधिकारियों से सदस्यता बढ़ाने का आह्वान किया गया। साथ ही सभी जिलों में लगाया गया कोटा बिल्डिंग फंड, पुस्तको का बकाया आदि सभी जिलों द्वारा पूरा करना है। संविधान दोबारा से लिखने का प्रस्ताव आया, इसके लिए संविधान कमेटी में 5 साथियों का सर्व सम्मति से चयन किया गया जो आने वाले समय में संविधान लिखने का कार्य करके जिलों में सुझाव के लिए भेजेंगे उनके साथ ही यही कमेटी संगठन का आइडी कार्ड बनाने का कार्य करेगी। राज्य में सभी रिटायर कर्मचारियों के लंबित कार्यों को निपटाने के लिए 22 -23 अक्टूबर को चंडीगढ़ में राज्य प्रतिनिधि मंडल का जाने का फैसला लिया गया। कैशलेस मेडिकल का एक पत्र और जारी हुआ है इस बारे जिला प्रधान फरीदाबाद लज्जाराम की ड्यूटी लगाई गई कि वह अच्छे ढंग से इसका एक नोट तैयार करें।
बैठक में धर्मपाल शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान बलवान सिंह नांदल, जयप्रकाश शास्त्री,महाबीर दहिया, ओमप्रकाश सैनी,यू एम खान, सरदार जोगिंद्र सिंह, महेन्द्र सिंह,दरियाव सिंह,कमल सिंह, जगपाल सांगवान, धर्म पाल शर्मा, ,किरपाल सिंह, छज्जू राम नैन और सभी जिलों के प्रधान सचिव ने अच्छे उत्साह से अपनी बात रखी और सुझाव दिए।
फोटो कैप्शन 03: रोहतक में संबोधित करते हुए
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