श्याम मंदिर प्रांगण में छबील लगाकर राहगीरों को पिलाई ठंडाई
-करीब 900 ग्लास पानी के पिलाए
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कनीना की आवाज। द्वादशी के उपलक्ष्य में कस्बे के श्याम मंदिर प्रांगण में शुक्रवार को ठंडाई की छबील लगाकर राहगीरों को पानी पिलाया । श्याम मंदिर में संध्या आरती के साथ मंगल गीतों में महिलाएं लीन हो गई । और श्याम के जयकारे लगाए। श्याम मंदिर समिति के प्रधान ने बताया कि चिलचिलाती गर्मी में पानी पिलाना अत्यंत पुण्यकारी है ऐसे में युवा बच्चों ने छबील लगाकर राहगीरों की प्यास बुझाई हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी ठंडाई की छबील लगाई गई युवा बच्चों ने बढ़ चढ़ कर पुण्य कमाया। बच्चों द्वारा ऐसे कार्य समय समय पर किए जाते हैं
इस मौके पर 800/900 ग्लास भक्तों को पिलाई गई, इसमें युवा टीम के मेंबर सौरभ गुप्ता, रितिक गुप्ता, जतिन (नन्नू) ,नितेश, बबलू गुप्ता, साहिल गुप्ता, रविंद्र,शुभम, भास्कर आदि उपस्थित रहे ।
फोटो कैप्शन 07: ठंडाई पिलाते हुए भक्त
जिला में 28 से 30 जून तक चलेगा तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान
-सिविल सर्जन ने प्रचार आटो रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
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कनीना की आवाज। जिला में 28 जून से 30 जून 2026 तक तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए आज सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने विशेष प्रचार आटो रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो जिले के गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगे।
सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए जिले में लगभग 600 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह हम सभी का सामाजिक दायित्व है कि अपने आसपास के सभी पात्र बच्चों को नजदीकी बूथ पर ले जाकर दवा जरूर पिलवाएं। पोलियो की हर खुराक बच्चों में इस गंभीर बीमारी से लडऩे की ताकत बढ़ाती है और उन्हें अपंगता से सुरक्षित रखती है।
इस मौके पर उप सिविल सर्जन (प्रतिरक्षण) डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि अभियान के तहत जिले के कुल 1,04,562 बच्चों को पल्स पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए टीमें मुस्तैद हैं। उन्होंने सभी माता-पिता से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को पोलियो बूथ पर लाकर दवा अवश्य पिलवाएं और इस राष्ट्रीय अभियान को कामयाब बनाएं।
दूसरे दिन चली श्री रामकथा
-प्रवेश पंडित सुना रहे हैं रामकथा
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कनीना की आवाज। कनीना के मोलडऩाथ धाम पर दूसरे दिन भी श्रीराम कथा चली। प्रवेश पंडित ने रामकथा का व्याख्यान किया।
श्री राम कथा के दूसरे दिन श्रीराम चरित मानस ग्रंथ की महिमा बताई , मंगल भवन अमंगल हारी द्रवहि सु दशरथ अजिर बिहारी चौपाई का अर्थ सही विस्तृत व्याख्या कर ,तुलसी दास जिन्होंने ये ग्रन्थ लिखा उनका जीवन चरित्र सुनाया। और शिव सती संवाद सुना कर किस तरह मां सती को संदेह हुआ और फिर कैसे सती ने राजा दक्ष द्वारा आयोजित यज्ञ अग्नि में अपना देह भस्म कर दिया। और फिर पार्वती के रूप में जन्म लेकर तपस्या की और बाद में सुंदर सुंदर लीलाओं की झांकी के साथ भूत भावन सरकार, भोलेनाथ का पार्वती माता के साथ विवाह हुआ और कई भक्तों का स्मरण करते हुए आज की कथा का विश्राम हुआ।
श्रीराम कथा में भक्तों ने भारी संख्या में भाग लिया। मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि कथा प्रवेश पंडित द्वारा नियमित रूप से चलेगी। इसमें महिलाओं ने और युवा साथियों ने भरपूर सहयोग किया। इस मौके पर मंदिर कमेटी के सभी सदस्य मौजूद रहे जिनमें रमेश कुमार, राजेंद्र सिंह, संजीत, मुकेश शर्मा, अनिल कुमार, अरविंद कुमार, लाल सिंह, सतबीर यादव, महेंद्र यादव सहित अशोक व डीपी शिवकुमार आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 06: श्रीरामकथा सुनाते हुए प्रवेश पंडित
बीए की छात्रा घर से लापता,
- युवक पर बहला-फुसलाकर ले जाने का शक
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कनीना की आवाज। सदर थाना क्षेत्र के एक गांव से 20 वर्षीय युवती संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। स्वजन ने एक युवक पर युवती को अपने साथ ले जाने का संदेह जताते हुए पुलिस में शिकायत दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर युवती की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में गांव निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उनकी 20 वर्षीय पुत्री उन्हाणी कालेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा है। 25 जून की रात करीब 8:30 बजे वह बिना बताए घर से चली गई। स्वजन ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्हें गांव स्याणा निवासी युवक हैप्पी पर संदेह है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवक उनकी बेटी को किसी अज्ञात स्थान पर छिपाकर रखे हुए है। शिकायत के आधार पर कनीना थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 127(6) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस युवती की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और मामले की जांच कर रही है।
एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बीएलओ व सुपरवाइजर को दिया प्रशिक्षण
--14 जुलाई 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाना ह
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कनीना की आवाज। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुपमा अंजली के दिशा-निर्देशानुसार आज पंचायत भवन में निर्वाचक पंजीयन अधिकारी एवं एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में 68-अटेली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के सुपरवाइजरों और बीएलओ को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। एसडीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ इस राष्ट्रीय कार्य को समय पर पूरा करने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण बुनियाद होती है, इसलिए इसमें पूरी तरह शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना हर अधिकारी की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है।
सभी बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर वितरित किए गए फॉर्मों को वापस एकत्रित करने और उनके संपूर्ण डिजिटाइजेशन का कार्य आगामी 14 जुलाई 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाना है। उन्होंने सभी कर्मचारियों को इस कार्य में तेजी लाने और शुद्धता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
मास्टर ट्रेनर साकेत कुमार ने उपस्थित सभी सुपरवाइजरों और बीएलओ को बीएलओ ऐप की तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने ऐप पर गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से व्यावहारिक जानकारी दी ताकि फील्ड में कार्य करते समय किसी तकनीकी समस्या का सामना न करना पड़े।
इसके साथ ही निर्वाचन विभाग द्वारा आगामी चुनाव गतिविधियों और मतदाता सूची के पुनरीक्षण का पूरा शेड्यूल भी साझा किया। उन्होंने बताया कि 21 जुलाई को मतदाता सूचियों का प्रारंभिक प्रकाशन कर दिया जाएगा। इसके तुरंत बाद आम जनता के लिए 21 जुलाई से लेकर 20 अगस्त तक नए नाम जुड़वाने, कटवाने या संशोधन के लिए दावे तथा आपत्तियां प्राप्त करने का समय दिया जाएगा। इन प्राप्त होने वाले सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा प्रशासन द्वारा 21 जुलाई से 18 सितंबर के बीच नियमानुसार सुनिश्चित किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद 22 सितंबर 2026 को मतदाता सूचियों का अंतिम व आधिकारिक प्रकाशन किया जाएगा।
फोटो कैप्शन 01:प्रशिक्षण कार्यक्रम में संबोधित करते एसडीएम डॉ जितेंद्र सिंह।
विश्व नशा निषेध दिवस पर माय भारत एवं स्लम एरिया टैलेंट ने चलाया जागरूकता अभियान
-बच्चों ने भाषण, शपथ एवं जागरूकता रैली के माध्यम से दिया नशा मुक्त भारत विकसित भारत का संदेश
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कनीना की आवाज। विश्व नशा निषेध दिवस के अवसर पर माय भारत नारनौल (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार) एवं स्लम एरिया टैलेंट नारनौल के संयुक्त तत्वावधान में नशा मुक्त युवा-विकसित भारत विषय पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा समाज को नशा मुक्त एवं विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करना है।
इस मौके पर समाज कल्याण विभाग से अरुण कुमार एवं पुलिस विभाग से हेड कांस्टेबल अनिल कुमार ने संयुक्त रूप से संबंधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, खेल एवं सकारात्मक गतिविधियों को अपनाकर नशा मुक्त जीवन जीने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मंच संचालन अतर सिंह ने किया। उन्होंने सभी लोगों को नशा मुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।
कार्यक्रम में स्लम एरिया टैलेंट के बच्चों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्त भारत–स्वस्थ भारत–विकसित भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया। इसके उपरांत बच्चों, शिक्षकों, अतिथियों एवं स्वयंसेवकों द्वारा शहर में नशा मुक्ति जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो, युवा बचाओ, देश बचाओ तथा नशा मुक्त भारत–विकसित भारत जैसे प्रेरक नारों के माध्यम से आमजन को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम के दौरान स्लम एरिया टैलेंट के प्रतिभाशाली बच्चों सोनाली, जानवी एवं विनोद ने नशा मुक्ति विषय पर प्रेरणादायक भाषण प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग से विजेंद्र कुमार, कप्तान सिंह एवं मनोज कुमार, पुलिस विभाग से रमेश कुमार व माय भारत की ओर से अशोक कुमार मौजूद थे।
जिला युवा अधिकारी ने की नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की अपील--
जिला युवा अधिकारी नित्यानंद यादव ने जिले के सभी युवा क्लबों, स्वयंसेवी संगठनों एवं युवाओं से अपने-अपने क्षेत्रों में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा अधिक से अधिक लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाने की अपील की। उन्होंने बताया कि माय भारत पोर्टल पर विश्व नशा निषेध दिवस के उपलक्ष्य में ऑनलाइन नशा मुक्ति क्विज़ भी उपलब्ध है, जिसमें अधिक से अधिक युवा भाग लेकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही स्वस्थ, जागरूक और विकसित भारत का निर्माण संभव है।
फोटो कैप्शन 02:नशा मुक्ति की शपथ दिलाते समाज कल्याण विभाग से अरुण कुमार व अन्य।
बार-बार बर्बाद हो रही है बिजाई, किसान परेशान
-जुलाई माह के प्रथम सप्ताह तक बिजाई संभव-विशेषज्ञ
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में बार-बार किसानों की बिजाई प्रभावित हो रही है क्योंकि जब बिजाई की जाती है उसके बाद वर्षा हो जाती है। जिसके चलते हैं उनकी फसल बिजाई बर्बाद हो जाती है। किसान बेहद परेशान है क्योंकि महंगे दामों पर बीज एवं खाद मिलते हैं।
किसान राजेंद्र सिंह, सूबे सिंह, अजीत कुमार, दिनेश कुमार आदि ने बताया कि एक एकड़ फसल बिजाई के लिए कम से कम 2000 रुपए की जुताई तो 1500-2000 रुपए के बीज चाहिए। जब वर्षा हो जाती है तो सब कुछ खराब हो जाता है। ऐसे में किसान की मेहनत पर पानी फिर जाता है। बार-बार मौसम बदल रहा है। जिसके चलते किसान अब चिंतित हैं। वैसे तो किसान यह भी कह रहे हैं कि अभी बिजाई देर तक हो सकती है। किसानों का कहना है कि मौसम विभाग वर्षा के संकेत दे रहा है ऐसे में बिजाई में कुछ समय लग सकता है।
उधर पूर्व कृषि अधिकारी डा. देवराज का कहना है कि जुलाई महीने के पहले सप्ताह तक बिजाई संभव है। ऐसे में किसानों को दुखी नहीं होना चाहिए। यदि किसी कारण से उनकी बिजाई प्रभावित होती है तो फिर से बिजाई की जा सकती है। जो आगे चलकर बेहतर पैदावार दे पाएगी।
फोटो कैप्शन 03: बिजाई करता किसान
पतंगबाजी में आ गई है तेजी
-तीज पर चलती है स
बसे अधिक पतंगबाजी
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कनीना की आवाज। हरियाली तीज के दृष्टिगत पतंगों की बहार आ गई है। ग्रीष्मावकाश होने के कारण बच्चे सुबह से शाम अब वो मारा, वो काटा की बोलते हुए छतों पर सुनाई देते हैं। युवा वर्ग इस मामले में अधिक सक्रिय है। 15 अगस्त को हरियाली तीज का पर्व मनाया जाएगा। सर्वाधिक पतंगबाजी हरियाली तीज पर होती है।
शहरी क्षेत्र में पतंगबाजी में तेजी आ गई है। बाजारों में दुकानों पर पतंग एवं डोर नजर आने लगी है। युवा हो या बच्चा अपनी छतों पर सुबह शाम पतंगबाजी करता है। ग्रीष्मावकाश हो या जिस दिन स्कूलों की छुट्टी होती है उस दिन तो बच्चे अपने घरों की छतों से नीचे ही नहीं आते हैं। सावन में आने वाली हरियाली तीज पर सर्वाधिक पतंगबाजी की जाती है तत्पश्चात पतंगबाजी में कमी आ जाती है।
पतंगबाजी में युवा एवं बच्चों की अधिक भागीदारी होती है। एक दुकानदार योगेश कुमार ने बताया कि इस बार पतंगबाजी के लिए युवा वर्ग में अभी से ही उत्साह है।
वैसे तो पतंगबाजी का पर्व खुशी को इंगित करता है। सावन माह में अच्छी खासी वर्षा हो जाती है जिसके बाद खेतों में फसल लहलहाने लग जाती है। सावन माह 29 जुलाई से शुरू हो रहा है। किंतु अभी तक तो खरीफ की फसल खेतों में नहीं दिखाई पड़ती है।
हरियाली तीज के दिन तो दिनभर डेक पर संगीत चलता है और छतों पर कई कई बच्चे इक_े होकर पतंगबाजी करते देखे जा सकते हैं। बुजुर्ग महेंद्र, सुरेंद्र, कृष्ण कुमार आदि बताते हैं कि उस जमाने में जब वे युवा थे पतंग जरूर उड़ाते थे। पतंग उड़ाने के लिए अपने हाथों से मांझा तैयार करते थे। बाजार से मांझा बनाने के अनेक पदार्थ खरीद कर लाते थे, कांच बारिश पीसकर खुद अपने हाथों से तैयार करते थे। सारे पदार्थ मांझे में मिलाकर डोर को पर लपेटा जाता था। डोर पर लपेटने के लिए कई व्यक्तियों की जरूरत होती थी। बाजार में कच्चा धागा उपलब्ध होता था जिस पर मांझा लपेटा जाता था। पतंग भी स्वयं अपने हाथों से बनाते थे किंतु आज के दिन न तो पतंग बनानी पड़ती और न हीं डोर बनानी पड़ती।
आज से करीब 20 साल पहले युवा वर्ग को पतंग उड़ाने का जितना शौक होता था उतना ही कटी हुई पतंग को दूर से पकड़ कर लाने में आनंद महसूस करते थे। जहां दिनभर आकाश की ओर देखते रहते, पतंग के पीछे कई कई किलोमीटर दौड़कर उसे पकड़ कर लाते थे। करीब 2 महीने तक पतंग उड़ाने का सिलसिला चलता रहता है।
फोटो कैप्शन 05: बाजार में पतंग की डोर





















































