बाजरे की फसलों में किसान प्रयोग करें प्लास्टिक के पाइप -रामरतन
-रामरतन गोमली जेई की सलाह
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कनीना की आवाज। अकसर लाइन बदलते समय किसान एल्युमीनियम के पाइपों का प्रयोग करते हैं और पाइप उठते समय एल्युमीनियम के पाइप बिजली की गुजरने वाली बिजली की लाइनों को छू जाते हैं जिसके कारण कई बार जान चली जाती है। थोड़ी सी भी सावधानी जान बचा सकती है।
कनीना के 132 केवी पावर हाउस में कार्यरत रामरतन जेई प्रथम, इंचार्ज ने कहा कि किसानों को एल्युमीनियम की बजाय प्लास्टिक की पाइप प्रयोग करने चाहिए जिससे प्लास्टिक के पाइप बिजली के तारों से छू जाए तो मौत होने की संभावना नहीं होती। उन्होंने कहा कि किसानों की सुरक्षा का यह बेहतरीन तरीका है और इसका उपयोग करके जान को बचाया जा सकता है।
फोटो कैप्शन: रामरतन गोमली
कई कर्मी व अधिकारी सेवानिवृत्त होंगे 31 अगस्त को
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र के कई कर्मी एवं अधिकारी 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होंगे।
कनीना निवासी कैलाश गुप्ता राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कनीना से सेवानिवृत्त होंगे वहीं
खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश यादव कनीना बीइओ कार्यालय से सेवानिवृत्त होंगे। इसी कड़ी में सतीश कुमार प्राचार्य राजकीय स्कूल पोता से सेवानिवृत्त होंगे। करीरा निवासी बाबूलाल अधीक्षक डाइट महेंद्रगढ़ से 31 अगस्त को सेवानिवृत्ति होंगे। सेवानिवृत्ति कर्मियों में अन्य कर्मी भी कई विभागों से होंगे।
रक्षाबंधन पर्व की रही धूम
-जन्माष्टमी तक चलता है राखी बांधने का पर्व
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाया गया। छोटे-बड़े, बूढ़े ,बुजुर्ग सभी को राखियां बांधते बहनें दिखाई दी। छोटी-छोटी बच्ची से लेकर बूढ़ी महिलाएं भी अपने भाइयों के कलाई पर राखी बांधती नजर आई। राखी बांधने के साथ-साथ भाइयों ने बहनों को उपहार भी दिए। जहां हरियाणा सरकार ने दो दिन के लिए मुफ्त बस यात्रा महिलाओं के लिए कर दी जिसका परिणाम यह निकला कि भारी भीड़ देखने को मिली लेकिन यह रक्षा पर्व केवल एक दिन नहीं अपितु एक सप्ताह भर चलता है। जन्माष्टमी तक रक्षा पर्व चलता रहता है। वैसे भी रक्षा पर्व की शुरुआत श्रीकृष्ण से मानी जा रही है। इसलिए जन्माष्टमी तक यह पर्व चलेगा। और जन्माष्टमी का पर्व 4 सितंबर को मनाया जाएगा 5 सितंबर को गोगा का पर्व मनाया जाएगा।
रक्षाबंधन के बारे में अमीश कुमार ने कहा कि यह पर सौहार्द का पर्व है। एक साल में बहन अपने भाई से मिलने आती है। परिणामस्वरुप उपहार दिया जाता है। आशा यादव ने कहा कि यह पर्व युगों से चला रहा है और इस पर्व के प्रति भाई बहन के अटूट प्यार को दर्शाया जाता है। इसलिए यह पर्व धूमधाम से मनाया गया और जन्माष्टमी तक मनाया जाता रहेगा।
फोटो कैप्शन 09 व 10:रक्षा बंधन पर्व से संबंधित है
रक्षा बंधन का पर्व धूमधाम से मनाया गया
-बसों की रही कमी, भारी भीड़ चली, सड़कों पर चलना भी रहा कठिन
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कनीना की आवाज। कनीना एवं आस पास क्षेत्रों में रक्षा बंधन का पर्व धूमधाम से मनाया गया। दुकानों पर भीड़ बेशक कम रही किंतु सड़कों पर आवागमन जमकर हुआ। विगत दिनों से महिलाएं आनलाइन राखियां भेज रही है जिसके चलते दुकानदारों के पास बिक्री घट गई है। यद्यपि कनीना बाजार में काफी भीड़ आवागमन की दिनभर होती रही किंतु राखी खरीदने वाली महिलाएं इक्का दुक्का ही कहीं नजर आई जिसके चलते राखी बेचने वाले भी अब परेशान नजर आये।
कनीना के महेश बोहरा, कुलदीप कुमार, रवि कुमार, महेंद्र शर्मा आदि ने बताया कि इस बार आनलाइन राखी खरीद कर आनलाइन ही दिए गए पत्ते पर पहुंचने की कार्रवाई चली है जिसके चलते बहुत सी महिलाएं इस भाग दौड़ और भीड़ से बचने के लिए आनलाइन राखियां भेजी है। जिसके चलते राखी की दुकानों पर भीड़ कम रही है।
बुजुर्गों को भी बांधी गई राखियां-
छोटे बच्चों को भी राखियां बांधी गई, वहीं बुजुर्गों को भी राखियां बांधती उनकी बहने दिखाई दी। कनीना में बुजुर्गों को उसकी बुजुर्ग बहन ने राखी बांधकर खुशी जताई तथा लंबी आयु की कामना की। वहीं छोटे छोटे भाइयों को उनकी छोटी बहनों ने राखियां बांधी।
यह सावन का यह अंतिम दिन भी रहा। विभिन्न मार्गों पर साधनों का अभाव रहा वहीं दुकानदारों एवं निजी वाहन चालकों ने यात्रियों से जमकर पैसे वसूले। फल,सब्जी तथा विभिन्न प्रकार की मिठाइयां महंगी दी गई। केले भी कम से कम एक सौ रुपये दर्जन बिके। पेठे, सेब, आम की मांग रही। कनीना क्षेत्र में रक्षा बंधन का पर्व धूमधाम से मनाया गया। घरों के द्वारों पर शुभ चिह्न लगाए गए और पकवान बनाए गए। बहनों ने अपने भाइयों की कलाइयों पर रक्षासूत्र बांधा। इस मौके पर भाइयों ने भी बहनों को भेंट दी।
कनीना क्षेत्र में विभिन्न मार्गों पर रोडवेज बसों की कमी रही है जिससे आवागमन में परेशानी रही। विभिन्न मार्गों पर अवैध वाहन खूब चांदी कूटते नजर आए।
आज मार्केट में भी रोड़ पर दुकानें लगी होने के कारण दिनभर जाम की समस्या बनी रही। आज बाजार में हर वस्तु महंगी रही। केले, सेब, आम, घेवर, मिठाइयां तथा पेठा की मिठाई महंगी रही। आम दिनों की बजाय आज 20 रुपये तक महंगी रही। महिलाएं दुकानदारों के हाथों हर माल में लुटती नजर आई। कहने के तो भाइयों ने बहनों को भेंट दी किंतु महंगाई के युग में अति महंगी वस्तुएं बहनें खरीदकर लाई। विभिन्न क्षेत्रों में भी रक्षा बंधन का पर्व मनाया गया।
साधनों के अभाव में तथा मजबूरी में महिलाएं निजी साधनों की सहायता लेकर अपने गंतव्य स्थानों तक पहुंची।
कहीं बहन भाई के पास तो कहीं भाई बहन के पास जाकर रक्षा बंधन के पर्व में रंगे नजर आए। उधर कलई पर बांधा जाने वाला धागा कच्चा परन्तु बंधन पक्का होता है क्योंकि बंधन रूपी व्रत तो दिल से लिया जाता। उक्त विचार संत लालदास महाराज ने उधोदास आश्रम में श्रावणी पर्व पर व्यक्त किए।
महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति में चार वर्ण माने गए है जिनमें ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शुद्र इन वर्णों के लिए एक-एक पर्व नियत है। महाराज ने बताया कि ब्राह्मणों के लिए रक्षा बंधन श्रावणी पर्व, क्षत्रियों के लिए दशहरा शस्त्र पूजन, वैश्यों के लिए दीपावली, लक्ष्मी पूजन, शुद्रों के लिए होली होलिका प्रत्येक वर्ण में प्रधानता क्रमश: अपने-अपने पर्व की होती है, किन्तु प्रत्येक पर्व को सब मिलकर मनाते है। महाराज कहते है कि प्राचीनकाल में ब्राह्मण गुरुकुलों में रक्षा बंधन के पर्व पर रक्षा सूत्र जनेऊ देकर गुरुकुलों में नये विद्यार्थियों को प्रवेश देते है तथा संत सन्यासी, महात्मा इस पर्व के पश्चात वर्षा ऋतु में उपदेश आदि के द्वारा शिक्षा देकर अविद्या का नाश करते है। महाराज ने कहा कि कि जाति, आयु और भोग के बारे में खुलकर बताते हुए कहा कि आयु: सभी जीव-जन्तुओं की आयु निश्चित होती है जिसको न तो कोई बढ़ा सकता तथा नही कोई कम कर सकता। महाराज ने भोग के बारे में बताते हुए कहा कि मनुष्य ने अपने पूर्व जन्म में जो कर्म किए थे वह अब सभी कर्म फल से भोग के द्वारा भोगने पड़ते है तथा अब जो कर्म मानव करते है वह अगले जन्म में भोगने पड़ते है। स्वामी जी ने जाति के बारे में बताते हुए कहा कि इस संसार में 84 लाख योनियां होती है जिनमें सब की अलग-अलग जातियां होती है जैसे मनुष्य, गाय, भैंस, कुत्ता सभी अलग-अलग जातियां होती है। इस मौके पर हवन आयोजित हुआ तथा भंडारा भी लगाया गया। इस अवसर पर भारी संख्या मेंं लोग उपस्थित थे।
संत ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व महाभारत से चला रहा है। जब श्री कृष्ण ने महाभारत की युद्ध में युधिष्ठिर से सैनिकों की कलाई पर रक्षा सूत्र बनवाया था। देवराज इंद्र ने भी इसे धारण किया था। उधर सुरेश कुमार का कहना है कि वास्तव में रक्षा सूत्र शिशुपाल वध के समय श्रीकृष्ण के अंगुली से खून आने पर रोकने के लिए द्रोपदी ने अपनी साड़ी का पल्लू फाड़ कर बांधा था। वही रक्षा सूत्र था जिसके बदले श्री कृष्ण ने द्रोपदी की लाज बचाई थी। सिकंदर की पत्नी ने भी पोरस के लिए एक राखी भेजी थी ताकि सिकंदर की जीवन की रक्षा हो सके। मेवाड़ की कर्णवती ने भी हुमायू को राखी भेजी थी किंतु हुमायू के पहुंचने से पहले कर्णवती जौहर कर चुकी थी। वास्तव में गुरुकुल में भी इस दिन रक्षा सूत्र बांधा जाता है, जनेऊ धारण किए जाते जो वास्तव में राखी का ही एक रूप होते हैं।
कनीना में निधि यादव ने अपने भाई निखिल यादव को राखी बांध मनाया भाई बहन का त्यौहार। निखिल यादव ओर निधि यादव दोनों चौधरी सांवत के परतोत्र और परपौत्री हैं जबकि चौधरी अजीत सिंह उर्फ बिल्लू के पौत्र और पौत्री हैं। निखिल अपने दादा का सबसे बड़ा पौत्र है निधि इकलौती पौत्री है।
फोटो कैप्शन 03 से 07: रक्षा बंधन पर बहने अपने भाइयों को राखी बांधती हुई
सावन माह में तरसते रहे किसान वर्षा के लिए
-आधे सावन में कुछ वर्षा हुई आधा सूखा बीता
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कनीना की आवाज। हर वर्ष सावन माह में अच्छी वर्षा होती आई है लेकिन इस वर्ष सावन में सूखा बीता है। आधे सावन अर्थात पहले पखवाड़े में कुछ वर्षा हुई है और बाकी आधा सावन पूर्णतया सूखा बीता है। एक बूंद भी वर्षा नहीं हुई। किसान बेहद मायूस हैं क्योंकि वर्षा के बिना किसानों की बाजरे की फसल सूखने के कगार पर है।
किसानों ने बाजरा, मूंग अरहर एवं कपास आदि उगाया है वो अब परेशान नजर आ रहे हैं। रक्षाबंधन सावन माह का अंतिम दिन था लेकिन अंतिम दिन भी भीषण गर्मी पड़ती रही। कनीना क्षेत्र में जहां करीब 16 हजार हेक्टेयर पर बाजरा उगाया गया है लेकिन वर्षा अभाव में किसानों की आंखों से आंसू आ रहे हैं। जिन किसानों के पास पर्याप्त साधन उपलब्ध हैं वो ट्यूबवेलों से सिंचाई कर रहे हैं और जिनके पास ट्यूबवेल नहीं है वो परेशान हैं। इस बार बाजरे के अच्छे होने के संकेत मिल रहे थे लेकिन निराशा हाथ लगी। जब जून माह में वर्षा होनी चाहिए थी तब समय पर वर्षा नहीं हुई इसलिए बहुत से खेत बिना बिजाई के ही रह गए। जब वर्षा हुई तो किसानों को आशा थी कि बेहतर पैदावार होगी लेकिन अंतिम समय में अब हालात बिगड़ते जा रहे हैं। कहने को तो सितंबर के दूसरे सप्ताह में कटाई शुरू होने की संभावना है किंतु वर्षा अभाव खलता ही रहेगा। मौसम विभाग ने पहले से ही कम वर्षा होने के संकेत दिए थे किंतु अब हकीकत में बदल गए।
किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, योगेश कुमार आदि ने बताया कि उनको बड़ी आशा थी कि बेहतर बाजरा पैदावार होगा लेकिन वर्षा अभाव में वो आय के क्षेत्र में दो वर्ष पीछे चले जाएंगे।
फोटो कैप्शन 08: बाजरे की पकती हुई फसल वर्षा का इंतजार करती हुई
खंड स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता में एसडी स्कूल और आरआरसीएम स्कूल का दबदबा
-विभिन्न स्पर्धाओं में शानदार किया प्रदर्शन
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कनीना की आवाज। खंड स्तरीय अंडर-11 सांस्कृतिक गतिविधि प्रतियोगिता का आयोजन एसडी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ककराला में किया गया। प्रतियोगिता में खंड के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। नोडल अधिकारी मुन्नालाल ने प्रतियोगिता के परिणामों की जानकारी दी। सामूहिक गान के बालिका वर्ग में आईपीएस कनीना ने प्रथम, आरआरसीएम स्कूल कनीना ने द्वितीय तथा बीआर ज्ञानदीप स्कूल सुरजनवास ने तृतीय स्थान हासिल किया। बालक वर्ग में सामूहिक गान में एसडी स्कूल ककराला प्रथम रहा।
फैंसी ड्रेस के बालक वर्ग में आईपीएस कनीना प्रथम, यश आरआरसीएम स्कूल कनीना द्वितीय तथा नैतिक रामचंद्र स्कूल कनीना तृतीय स्थान पर रहे। रागिनी प्रतियोगिता के बालक वर्ग में चिराग एसडी ककराला प्रथम और विनीत बीआर ज्ञानदीप द्वितीय रहे। बालिका वर्ग में प्रियम आरपीएस कनीना प्रथम तथा खुशी आरआरसीएम स्कूल कनीना द्वितीय स्थान पर रही। ग्रुप डांस प्रतियोगिता में एसडी स्कूल ककराला ने प्रथम तथा आईपीएस कनीना ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सोलो एक्टिंग के बालिका वर्ग में परिधि आरआरसीएम स्कूल कनीना ने प्रथम, विधि आरएचएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल पोता ने द्वितीय तथा यशिका आरपीएस कनीना ने तृतीय स्थान हासिल किया। सोलो एक्टिंग के बालक वर्ग में आदित्य रामचंद्र स्कूल कनीना प्रथम तथा समर आरएसएस कनीना स्कूल द्वितीय रहे। एकल नृत्य के बालक वर्ग में ऋषभ एसडी स्कूल ककराला प्रथम स्थान पर रहे। फैंसी ड्रेस के बालिका वर्ग में वंशिका रामचंद्र स्कूल कनीना प्रथम, तेजस्विनी आईपीएस कनीना द्वितीय तथा जैस्मिन आरआरसीएम स्कूल कनीना तृतीय स्थान पर रही। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका दीपक कुमार, चेतन शर्मा, नरेश कुमार, सरजीत सिंह एवं प्रीति सहित अन्य निर्णायकों ने निभाई। आयोजकों ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
फोटो कैप्शन 01:मेहमानों को सम्मानित करते हुए
02:बच्ची अपना प्रदर्शन करते हुए
बाइक की टक्कर से दो महिलाएं घायल, पुलिस ने किया केस दर्ज
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कनीना की आवाज। अज्ञात बाइक चालक ने दो महिलाओं को पीछे से टक्कर मारी, दोनों घायल हो गई जिनका इलाज अभी भी हायर सेंटर रोहतक चल रहा है। उन्होंने पुलिस में अज्ञात बाइक चालक के विरुद्ध केस दर्ज करवा दिया है।
सविता मोड़ी निवासी ने पुलिस में दी शिकायत में कहा है कि 31 जुलाई को शाम के करीब 6:30 बजे वह तथा उसकी सास संतोष देवी खेत से काम करके पैदल-पैदल अपने घर आ रहे थे। दोनों अपनी साइड में चले थे। अचानक पीछे से तेज रफ्तार से बाइक चालक आया और जोर से टक्कर मार दी। दोनों सविता और उसकी सास संतोष दोनों सड़क पर गिर गई और चोटें आई। बाइक चालक भी सड़क पर गिर गया। सूचना पाकर सविता का जेठ मनोज कुमार मौके पर पहुंचा और दोनों को कनीना के उप-नागरिक अस्पताल ले गया जहां डाक्टरों ने अधिक चोट होने कारण उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। इन दोनों का इलाज आज भी वहां चल रहा है। किंतु उन्होंने अज्ञात चालक के विरुद्ध केस दर्ज करवा दिया है। कनीना पुलिस मामले की जांच कर रही है।














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