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Thursday, April 9, 2026



 




नई सिरीज -01
बीते जमाने के कनीना के हीरे, आज भी है और कल भी रहेंगे
-आज के शिक्षा जगत के हीरे हैं रामभगत कनीना
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कनीना की आवाज।
 बीते जमाने के कुछ ऐसे हीरो कनीना में हुए हैं जो आज भी है और भविष्य में भी रहेंगे। ऐसे ऐसे शिक्षाविद जो अपने समय के बेहतरीन शिक्षक होते थे, ट्यूशन आदि करते थे लेकिन उनका दूर दराज तक नाम था, आज भी वो नाम कमा रहे हैं और भविष्य में भी नाम कमाते रहेंगे। वैसे तो ऐसे  हीरों की कमी नहीं हैं परंतु कनीना की आवाज में इस प्रकार के लोगों का साक्षात्कार समय-समय पर प्रकाशित किया जाएगा। ऐसे हीरो से आपको मिलवाया जाएगा। यह कलम निकट भविष्य में शुरू किया जा रहा है। यूं तो कुतरूं प्राचार्य, कुतरूं लोग, चमचे, चमचाराम, चोर साहब, महाचेार साहब, दूसरे की जमीन हड़पने वाले, नकटे एवं कई प्रकार के लोग भी देखे किंतु इनमें कुछ चेहरे अलग थलग नजर आये। चाहे उनकी संख्या नगण्य है किंतु साफ सुथरी छवि के अतिरिक्त जिन्होंने बच्चों की जिंदगी को संवारा है, उनसे रू-ब-रू करवाएंगे।
  आज के मशहूर शिक्षा जगत के हीरे रामभगत कनीना से मिलवाते हैं-
 कनीना निवासी रामभगत वर्तमान में आकाश पालिटेक्निक कनीना में कार्यरत हैं जो जितने लोकप्रिय बीते समय में रहे हैं उतने ही लोकप्रिय आज हैं और भविष्य में भी इतने लोग प्रिय रहेंगे। इसमें कोई शक नहीं। अपने जमाने के गणित के अच्छे ज्ञाता रहे हैं और कोचिंग देते रहे हैं। दूर दराज तक अपने समय में इनका गणित पढ़ाने में नाम होता था। यही कारण है कि आज के हीरो बतौर उन्हीं से रूबरू करवाया जा रहा है। सौम्य प्रकृति के तथा सदा मेहनत में विश्वास करने वाले रामभगत आज भी अपने साथी और अपने समय के लोगों से ठीक उसी प्रकार मिलते हैं जैसे उसे वक्त मिलते थे। पढ़ाने में विशेषकर गणित पढ़ाने में उनका कोई सानी नहीं है। उसे दौर में जब कोचिंग के लिए बहुत कम शिक्षक मिलते थे विशेष कर  70 के दशक पूरा होते ही बहुत कम लोग मिलते थे और उसे जमाने में जब बेहतरीन गणित पढ़ाते थे तो साफ जाहिर है कि वे प्रमुख हीरो रहे हैं। आज के दिन कितनी ही कोचिंग की दुकान बन गई है, कोचिंग के संस्थान बन गए, कोचिंग देने वाले बन गए लेकिन उस जमाने में कनीना में कोचिंग देने में केवल तीन ही शिक्षक होते थे और उनमें से एक रामभगत होते थे। रामभगत का जीवन बहुत सरल रहा है तथा मेहनत में विश्वास किया है। आज भी उनका यही कहना है कि जो मेहनत करेगा वह सफल होगा। कुछ लोग घर में बैठे हुए और यह कहते हैं हम तो आराम से जीवन जी रहे हैं जबकि रामभगत का कहना है कि जब मेहनत करके जीता है वह आराम की जिंदगी है। कितनी ऊंचे ख्याल है और एक बेहतरीन शिक्षक माने गए हैं। यह सत्य है कि एक जमाना था जब भाई भतीजावाद, रिश्वतखोरी पूरे चरम पर थी। ईमानदारी और बेहतर अंक वाले पीछे रह जाते थे। उदाहरण एक नहीं कनीना के तीन उदाहरण है जिनमें रामभगत भी एक है जो सिफारिश न होने के कारण सरकारी नौकरी नहीं पा सके क्योंकि सरकारी नौकरी के लिए या तो रिश्वत देनी होती थी या किसी की मंत्री संतरियों से पहुंच होना जरूरी था और इन दोनों में ही कनीना के अपने जमाने के तीन हीरो पीछे रह गए। परिणाम आज भी भुगत रहे हैं परंतु किसी प्रकार भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। तीनों का नाम आज भी है। रामभगत जिनमें से एक ऐसी शख्सियत है जिनके जीवन से सबक लेनी चाहिए और इनका उदाहरण देकर अपने बच्चों को मेहनत के लिए प्रेरित करना चाहिए ताकि आने वाले समय में उनके बच्चे कामयाब हो सके।
1982 में दसवीं की परीक्षा राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूल कनीना से पास की। परिवार की हालात अधिक अच्छी नहीं थी। यूं कहा जाए कि  गरीब हालात में ही जीवन यापन किया तो गलत नहीं होगा। पिता मामनराम तत्कालीन पोस्टमैन थे वहीं मांं शांति देवी गृहणि थी। रामभगत के पिता पोस्टमैन थे जिन्होंने ईमानदारी से जीवन जिया। इसी परिवार में 25 मई 1966 को रामभगत ने जन्म लिया।
उनसे एक बड़ा भाई और परिवार में चार बहने हैं। दसवीं के बाद केएलपी कालेज रेवाड़ी से ग्रेजुएशन किया आरबीएस रेवाड़ी से बीएड करने के बाद नौकरी के लिए प्रयास किया किंतु अधिक प्रयास इसलिए नहीं किए कि भ्रष्टाचार एवं बेईमानी पूरे यौवन पर थी। भाई-भतीजावाद की नौकरी रह गई थी। वरना एक आश्चर्य है कि उस वक्त बीए,बीएड या बीएससी बीएड को नौकरी न मिलना कितनी अचरज की बात है। यहां उल्लेखनीय है कि उस दौर में रमेश कुमार एसएनडी स्कूल संचालक, रामभगत तथा होशियार सिंह तीनों कोचिंग करते थे। तीनों अपने समय के ज्ञानवान शिक्षक रहे हें किंतु रमेश कुमार एवं रामभगत को सरकारी नौकरी नहीं मिली रही होशियार सिंह जो अपने समय के बीएससी, बीएड थे , उन्हें भी रोय पीटकर कच्ची नौकरी उस वक्त मिली जब सैकड़ों साक्षात्कार दिये थे।  
 रामभगत कोचिंग करते थे और अपने समय के गणित के आस पास क्षेत्रों में नाम था। गणित शिक्षण के लिए रामभगत अपने समय में जाने जाते थे, विज्ञान शिक्षण के लिए होशियार सिंह का नाम था तो कई विषयों के ज्ञाता रमेश कुमार रहे हैं।  नौकरी के लिए रामभगत ने प्रयास किया किंतु बेईमानी, रिश्वतखोरी से परेशान हो चले। ऐसे में मजबूरन पेट पालने के लिए कोचिंग चलाते रहे। कोचिंग सही चलने के कारण फिर सरकारी नौकरी का प्रयास कम कर दिया। नौकरी में चयन की व्यवस्था मेरिट बेस पर नहीं होने के कारण भी खिन्न रहे। वर्ष 2003 तक कोचिंग का काम जारी रखा। तत्पश्चात एमडी हाई स्कूल में 10 सालों तक काम करने के बाद आकाश पालिटेक्निक कनीना में 2010 से लगातार शिक्षण का कार्य कर रहे हैं।
 रामभगत का बड़ा लउ़का राहुल एमएससी भौतिक शास्त्र, नेट जेआरएफ किए हुए हैं तथा वर्तमान में बिजली विभाग में धनौंदा में कनिष्ठ अभियंता के पद पर कार्यरत है। उनका छोटा लड़का भारत भूषण एमएससी भौतिक शास्त्र से  दिल्ली टेक्नोलाजी विश्वविद्यालय से एमएससी की परीक्षा पास करके वर्तमान में  दिल्ली टेक्नोलाजी विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रहे हैं। उन्होंने जेम की परीक्षा भी पास की हुई हे।  वैसे तो उनका हमीरपुर में एमएससी में एडमिशन हुआ था किंतु वहां नहीं जाकर के नजदीक के डीटीयू दिल्ली में प्रवेश लिया है।
क्या संदेश है रामभगत का-
 एक और जहां धन परिवार को पालने में मदद करता है वहीं धन ही परिवार को बर्बाद करने में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में धन को जोडऩा भी उचित नहीं। अपने बच्चों पर ध्यान देना चाहिए। जिसके बच्चे कामयाब हैं उसका जीवन सफल है।बुआ मनभावती रही है कनीना में प्रसिद्ध
-जोहड़ी की सफाई करने एवं लोगों को जल पिलाने में जीवन जिया-
रामभगत की दादी मनभावती मशहूर महिला रही है। मनभावती कनीना की बुआ के नाम से जानी जाती थी। राजस्व विभाग में मन भावती नाम से आज भी जोहड़ी है जो वर्तमान में अटेली मोड़ से पहले, धनौंदा के लिए जाने वाले नए सड़क मार्ग पर करीब 1 किलोमीटर चलकर आती है। यहां एक बरसात के पानी कोई इकट्ठा करने के लिए मनभावती ने जोहड़ी की जीवनभर सफाई की और लोगों के लिए जन सेवा में जुटी रही। मानका से पानी लाकर आने जाने वालों को पिलाती थी। जब कुएं कोई इक्का दुक्का होते थे उस समय गर्मी, सर्दी या बरसात  पानी की व्यवस्था करके प्रतिदिन लोगों को पानी पिलाती थी। घड़ों में भरकर पानी रखती थी ताकि आने जाने वाले लोग ठंडा पेयजल प्रयोग करें। ऐसे समाजसेवी या सेविका अब कम ही मिलते हैं।
फोटो कैप्शन: रामभगत



अब तक 2106 क्विंटल गेहूं की हुई सरकारी खरीद, सरसों के कोई खरीद नहीं
-2985 क्विंटल की रही गेट इंटरी
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कनीना की आवाज।
 कनीना अनाज मंडी स्थित चेलावास में 6200 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से सरसों खरीदने का आदेश है किंतु अभी तक सरकारी तौर पर कोई सरसों नहीं खरीदी गई है। निजी स्तर पर 6210 रुपए से 6500 रुपए के भाव पर किसान अपनी सरसों बेच रहे हैं। इस बार सरकारी खरीद कम बताई जा रही जबकि निजी स्तर पर सरसों की मांग अधिक है और अधिक मूल्य पर खरीददार खरीद रहे हैं। अब तक निजी स्तर पर गुरुवार को 417 क्विंटल सरसों खरीदी गई। अब तक कुल 10893 क्विंटल सरसों खरीदी जा चुकी है वहीं गुरुवार को निजी स्तर पर 19 किसानों से 398 क्विंटल सरसों खरीदी गई। अब तक 417 किसानों से सरसों खरीदी जा चुकी है।
 उधर गेहूं की सरकारी खरीद 2585 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से जारी है। अभी तक 10882 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है जबकि गुरुवार को खरीद का कार्य जारी रहा। गुरुवार को 2106 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। अब तक कुल 13399 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। अब तक 401 किसानों के गेट पास जारी हो चुके हैं। गेहूं सरकारी तौर पर ही बेचने के लिए किसान अनाज मंडी पहुंच रहे हैं। उठान का कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
फोटो कैप्शन 05: कनीना अनाज मंडी में गेहूं की खरीद का नजारा।




प्रीतम का चयन हुआ आफिस सुपरीटेंडेंट(ओएस), इनकम टैक्स विभाग में
- मिल रही है बधाइयां
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कनीना की आवाज।
कनीना के वार्ड 13 निवासी प्रीतम कुमार का हाल ही में आफिस सुपरीटेंडेंट, इनकम टैक्स विभाग में चयन हुआ है। उनका यह चयन सीजीएल, एसएससी 2025 के तहत हुआ है। उन्हें बधाइयां मिल रही हैं। मिली जानकारी अनुसार प्रीतम ने दसवीं तथा 12वीं की शिक्षा कनीना से प्राप्त की तथा बीएससी की डिग्री पितामह कान्ह सिंह डिग्री कालेज से प्राप्त की। उन्होंने घर पर ही आनलाइन कोचिंग ली। दूसरे अवसर में उनका चयन हो गया है। उनको बधाई देने वालों में मोहन कुमार पूर्व पार्षद, फायर आफिसर राकेश कुमार कनीना तथा अनेक प्रमुख जन हैं। प्रीतम ने इस उपलब्धि के लिए अपने माता-पिता गुरुजनों और साथियों का आभार जताया है।
 









फोटो कैप्शन: प्रीतम



31 मई से पहले पानी के बिलों का भुगतान कर लें सरचार्ज माफी का लाभ-उपमंडल अभियंता
-31 मई के बाद बकाया बिलों वाले उपभोक्ता रहें सावधान, कटेगा कनैक्शन
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कनीना की आवाज।
  जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा जिला महेन्द्रगढ़ के शहरी क्षेत्रों नारनौल, नांगल चौधरी, अटेली नांगल, कनीना तथा महेन्द्रगढ़ में पानी एवं सीवर के बकाया बिलों की अदायगी को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को बकाया बिलों पर लगने वाले सरचार्ज में राहत प्रदान की गई है, जिसका लाभ 31 मई 2026 तक लिया जा सकता है।
यह जानकारी देते हुए उपमंडल अभियंता मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि यदि कोई उपभोक्ता 31 दिसंबर 2025 तक के अपने बकाया पानी एवं सीवर बिलों की राशि 31 मई 2026 तक जमा कर देता है, तो उस पर लगाया गया 100 प्रतिशत सरचार्ज माफ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब उपभोक्ताओं से केवल वर्तमान बकाया राशि पर एक बार 10 प्रतिशत जुर्माना लिया जाएगा, जबकि पहले पूरे बिल पर सरचार्ज लगाया जाता था।
उपमंडल अभियंता मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि आगामी गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए उपभोक्ता विशेष सावधानी बरतें। अपने पानी के बिलों की समय पर अदायगी करें। नलों को खुला न छोड़ें, प्रत्येक नल पर टोंटी लगाएं तथा पेयजल से बगीचों आदि की सिंचाई न करें। यदि कोई उपभोक्ता ऐसा करता पाया जाता है, तो उसकी वीडियोग्राफी कर उसका पानी का कनेक्शन काटा जाएगा । आवश्यकता पडऩे पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में प्रत्येक उपभोक्ता को समान मात्रा में पानी उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है। वहीं उपभोक्ताओं का भी कर्तव्य है कि वे विभाग के इस अभियान में सहयोग करें और पानी को व्यर्थ न बहाएं।
उन्होंने बताया कि मीटर वाले कनेक्शन धारकों को यह छूट सीधे प्रदान की जाएगी, जबकि जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपने पानी के कनेक्शन पर मीटर नहीं लगवाया है, उन्हें पहले मीटर लगवाना अनिवार्य होगा। बिना मीटर वाले उपभोक्ताओं को इस छूट का लाभ नहीं मिलेगा।
उपमंडल अभियंता मुकेश कुमार शर्मा ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे 31 मई 2026 तक अपने सभी बकाया पानी एवं सीवर बिलों की अदायगी अवश्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 मई के बाद जिन उपभोक्ताओं के बिल बकाया रहेंगे, उनके पानी एवं सीवर कनेक्शन काट दिए जाएंगे तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी, जिसके लिए संबंधित उपभोक्ता स्वयं जिम्मेदार होंगे।
उन्होंने बताया कि उपभोक्ता अपने बिलों का भुगतान गूगल पे, पेटीएम, भीम यूपीआई, सरल केन्द्र, विभाग की वेबसाइट तथा संबंधित डिवीजन की बिल शाखा में जाकर भी कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त पानी एवं सीवर से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए विभाग के टोल फ्री नंबर 18001805678 का प्रयोग किया जा सकता है।
इस वित्त वर्ष में 100 प्रतिशत रिकवरी का लक्ष्य: जिला सलाहकार--
जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में पानी एवं सीवर कनेक्शनों की लगभग 60 प्रतिशत रिकवरी हुई थी। इस वित्त वर्ष में इसे 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए पांचों शहरों में अप्रैल और मई माह के दौरान रिकवरी अभियान को तेज कर दिया गया है। दिसंबर 2025 तक के बकाया बिलों पर सरचार्ज माफी के कारण उपभोक्ताओं को काफी फायदा होगा। जो उपभोक्ता 31 मई तक अपने बिलों का भुगतान कर देंगें, उन्हें यह लाभ मिलेगा तथा वे विभागीय कार्रवाई से भी बच सकेंगे।
उन्होंने बताया कि इस वित्त वर्ष में नारनौल में 16242 उपभोक्ताओं पर लगभग 116 लाख रुपये बकाया हैं। वहीं नांगल चौधरी शहर में 2065 उपभोक्ताओं पर करीब 15 लाख रुपए,, महेन्द्रगढ़ में 15868 उपभोक्ताओं पर 114 लाख रुपए, अटेली में 2648 उपभोक्ताओं पर 19 लाख रुपए तथा कनीना में 2380 उपभोक्ताओं पर 17 लाख रुपये का एरियर बकाया है।



चौकीदार के रिक्त पदों के लिए आवेदन आमंत्रित
-5 मई तक तहसील कार्यालय में कर सकते हैं आवेदन
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कनीना की आवाज।
जिल महेंद्रगढ़ के तीन गांवों के चौकीदारों के रिक्त पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। संबधित गांवों के इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार संबंधित तहसील कार्यालय में चौकीदार के रिक्त पदों पर 5 मई तक आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद आने वाले आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
यह जानकारी देते हुए उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि कनीना तहसील के गांव खेड़ी व बाघोत तथा अटेली तहसील के गांव खोड के चौकीदार के रिक्त पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।
 

 

 

 

 

 

गोशाला में अक्षान ने मनाया 10वां जन्मदिन, 5100 रुपए का किया दान 

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कनीना की आवाज।
श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में आज कोटिया निवासी दी स्कालर गुरुकुल कनीना के चेयरमैन सुरेश कुमार एवं उनकी पत्नी बाला देवी ने अपने पुत्र अक्षान का 10वां जन्मदिन सादगीपूर्ण एवं सेवा भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परिवारजनों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं ने गोमाता की सेवा कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
जन्मदिन के इस खास मौके पर अक्षान की दादी रामकला, आचार्य रमेश शास्त्री, सोनिया देवी, अंशुल यादव, आराधना तथा नीलम (लिली) भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर गोशाला में गायों को चारा खिलाया और सेवा कार्य में भाग लिया।
परिवार की ओर से गोशाला को 5100 रुपए की सहयोग राशि भी भेंट की गई। गौशाला प्रधान भगत सिंह ने अक्षान को आशीर्वाद देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और परिवार के इस सेवा भाव की सराहना की।
फोटो कैप्शन 01: गोशाला में जन्म दिन मनाते अक्षान



कृष्णावती नदी में फिर बहेगा पानी
- किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
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कनीना की आवाज।
महेंद्रगढ़ क्षेत्र के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। रातां से मानपुरा तक बहने वाली कृष्णावती नदी की जल्द ही सफाई करवाई जाएगी, जिससे लंबे समय से रुका हुआ पानी अब आगे तक पहुंच सकेगा।
नहर महकमे के जूनियर इंजीनियर दीपक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि कृष्णावती नदी की पहले खुदाई तो की गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों से पानी सही तरीके से आगे नहीं जा पाया था। इसी वजह से बीच में ही पानी रुक जाता था और किसानों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था।
अब जैसे ही किसानों की फसल कट चुकी है, विभाग ने निर्णय लिया है कि नदी की पूरी तरह से सफाई की जाएगी और उसके बाद इसमें दोबारा पानी छोड़ा जाएगा। इससे न केवल पानी का प्रवाह सुधरेगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में नहर के पानी का स्तर भी बढ़ेगा और किसानों को नियमित रूप से पानी मिल सकेगा। इसको लेकर प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि कृष्णावती नदी की भूमि पर अभी जुताई-बुवाई न करें, क्योंकि जल्द ही वहां सफाई कार्य शुरू होने वाला है और पानी छोड़ा जाएगा।
वहीं इस पूरे मुद्दे पर सरपंच मिंटू गोमला ने बताया कि यह समस्या उन्होंने पहले ही उठाई थी। उन्होंने कहा कि महकमे ने आश्वासन दिया था कि फसल कटाई के बाद नदी की सफाई करवाई जाएगी और पानी की व्यवस्था को पूरी तरह बहाल किया जाएगा।
किसानों के लिए फायदा होगा और खेतों तक पहुंचेगा नियमित पानी,नहर का जल स्तर बढ़ेगा,सिंचाई की समस्या होगी दूर, आसपास के क्षेत्रों में हरियाली बढ़ेगी।
फोटो कैप्शन 02: कृष्णावती नदी जिसमें अब बहेगा पानी




डा. रामानंद यादव को अरावली पुरस्कार
-कनीना के पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं
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कनीना की आवाज।
कनीना के खंड शिक्षा अधिकारी रहे एवं रेवाड़ी से उप-जिला शिक्षा अधिकारी के पद से  सेवानिवृत्त डिगरोता निवासी डा. रामानंद यादव को विवेक बादल बाजपुरी संपादक एवं प्रकाशक द्वारा आमंत्रित रचनाओं में तीन कविताएं सम्मिलित होने पर दो काव्य संग्रह , पर्यावरण प्रेमी सम्मान एवं बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति जिसने चार बार विश्व कीर्तिमान स्थापित किए हैं ,मेडल देकर सम्मानित किया गया है। बाजपुरी ने राष्ट्रीय स्तर पर अरावली की महता व अरावली के सरंक्षण हेतु समाज में जागरूकता लाने के लिए इन रचनाओं को आमंत्रित किया था , जिसमें सत्रह रचनाकारों की प्रतिभागिता शामिल है; क्योंकि अरावली मात्र पत्थर न होकर भारतीय संस्कृति , भारतीय इतिहास व विशुद्ध पर्यावरण का जीवंत उदाहरण है। आज अंधाधुंध खनन ने इसके अस्तित्व को संकट में डाल दिया है। इन रचनाओं का उद्देश्य समाज को विकास और विनाश  के प्रति अवगत कराना है ताकि अरावली का सौंदर्य बना रहे। डा. रामानंद यादव को यह सम्मान मिलने पर सभी ने प्रसन्नता जाहिर की है।
फोटो कैप्शन 04: डा. रामानंद को अवार्ड मिलने पर दिखाते हुए

Wednesday, April 8, 2026



 



 अब तक 8776 क्विंटल गेहूं की हुई सरकारी खरीद, सरसों के कोई खरीद नहीं
-10414 क्विंटल रही गेट इंटरी बुधवार को
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कनीना की आवाज। 
कनीना अनाज मंडी स्थित चेलावास में 6200 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से सरसों खरीदने का आदेश है किंतु अभी तक सरकारी तौर पर कोई सरसों नहीं खरीदी गई है। निजी स्तर पर 6200 रुपए से अधिक भाव पर किसान अपनी सरसों बेच रहे हैं। इस बार सरकारी खरीद कम बताई जा रही जबकि निजी स्तर पर सरसों की मांग अधिक है और अधिक मूल्य पर खरीददार खरीद रहे हैं। अब तक निजी स्तर पर 10476 क्विंटल सरसों खरीदी जा चुकी है वहीं बुधवार को निजी स्तर पर 720 क्विंटल सरसों खरीदी गई।
 उधर गेहूं की सरकारी खरीद 2585 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से जारी है। अभी तक 8776 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है जबकि बुधवार को खरीद का कार्य जारी रहा। बुधवार को 1766 क्विंटल गेहूं खरीदी। गेट पास 10414 क्विंटल के जारी हो चुके हैं। गेहूं सरकारी तौर पर ही बेचने के लिए किसान अनाज मंडी पहुंच रहे हैं। किसानों को सबसे बड़ी समस्या जे-फार्म जनरेट होने की है। जे-फार्म जनरेट नहीं हो रहे हैं।
फोटो कैप्शन 08: कनीना अनाज मंडी में गेहूं की खरीद का नजारा।






उन्हाणी आंगनवाड़ी प्ले स्कूल में स्कूल रेडिनेस मेला आयोजित
-बच्चों की गतिविधियों का प्रदर्शन, अभिभावकों को दी सरकारी योजनाओं की जानकारी
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कनीना की आवाज।
उपमंडल के गांव उन्हाणी स्थित आंगनवाड़ी प्ले स्कूल में बुधवार को स्कूल रेडिनेस मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करना और अभिभावकों को सरकारी प्ले स्कूल की सुविधाओं के प्रति जागरूक करना रहा।
मेले में मुख्य अतिथि के रूप में सरपंच पूजा ने शिरकत की। उन्होंने मेले का अवलोकन कर विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली और बच्चों से बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान बच्चों को रिपोर्ट कार्ड भी वितरित किए गए।सुपरवाइजर मनीषा यादव ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा हर वर्ष मार्च-अप्रैल माह में ऐसे मेले आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। मेले में बच्चों के शारीरिक, बौद्धिक, भाषाई, गणितीय, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास से जुड़ी गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी भी अभिभावकों को दी गई। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने रस्सी कूद, रेखा पर चलना, कागज मोडऩा, मिलान, वर्गीकरण, क्रमबद्धता, रंग पहचान, चित्रवाचन, संख्या ज्ञान, अक्षर ज्ञान एवं मौखिक जोड़-घटाव जैसी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्य अतिथि सरपंच पूजा ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है, बल्कि अभिभावकों में भी जागरूकता बढ़ती है।
इस अवसर पर नवीन एमपीएचडब्ल्यू, कांता एमपीएचडब्ल्यू, नीलम आशा वर्कर, मुनेश आशा वर्कर, जयंती देवी, जुगनी देवी, इंद्रो देवी, शारदा, सुनीता सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं।
फोटो कैप्शन 07: प्ले स्कूल उन्हाणी में बच्चों के लिए प्रदर्शनी लगाकर अवलोकन कराते हुए




रखरखाव कार्य के चलते 9 अप्रैल को कई गांवों में बिजली आपूर्ति रहेगी बाधित
-सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक करीरा, कोटिया व भडफ़ क्षेत्र प्रभावित रहेंगे
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कनीना की आवाज।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा निवारक रखरखाव कार्य के चलते 9 अप्रैल को करीरा, कोटिया और भडफ़ गांवों में विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रहेगी। एसडीओ उमेश कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि 33 केवी करीरा लाइन पर आवश्यक मेंटेनेंस कार्य के लिए परमिट टू वर्क लिया जाएगा। इस कारण सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक संबंधित क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय के दौरान आवश्यक कार्यों की पूर्व तैयारी कर लें तथा विभाग के इस कार्य में सहयोग करें। यह कार्य जनहित में किया जा रहा है, ताकि भविष्य में निर्बाध एवं सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।




 मंगलवार की रात हुई 14 एमएम वर्षा,
सड़कों पर पानी फैला
- किसानों की फसल सडऩे लगी
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में जहां विगत दिनों से वर्षा का माहौल बना हुआ है। मंगलवार की रात को 14 एमएम वर्षा हुई जिसके चलते सड़कों पर पानी खड़ा हो गया। कनीना-रेवाड़ी सड़क मार्ग पर जगह-जगह गंदा पानी खड़ा हुआ है। यही नहीं कनीना मंडी से गुजरने वाली नहर के साथ बनाए गए मार्ग पर भी जगह-जगह गंदा पानी खड़ा हुआ है। आवागमन गंदे पानी से ही हो रहा है। कनीना में जहां विभिन्न स्थानों पर गंदा जल जमा हो गया है। वहीं गंदे जल से लोग गुजर रहे है। कनीना के विभिन्न चले स्थान पर पानी जमा हो गया है।
 किसान परेशान-
 कनीना क्षेत्र के जहां 20 हजार हेक्टेयर  पर सरसों 9 हजार हेक्टेयर पर गेहूं उगाया गया है। किसान बेहद परेशान है क्योंकि फसल पैदावार लेने में उन्हें दिक्कत आ रही है। क्योंकि बार-बार वर्षा काटकर इकट्ठी की फसल को गीला कर रही है। एक और जहां सरसों की इकट्ठी की गई फसल नीचे सडऩे लगी है, फफूंद लगने लगी हैं। वहीं गेहूं की फसल खेतों में खड़ी हुई है वह भी अब हवा से गिरने लगी है तथा उसकी लावणी अच्छी प्रकार नहीं हो पा रही है। लावणी करते हैं तो जगह-जगह उसकी बालियां गिर जाती है। वहीं गेहूं की फसल पैदावार लेना भी कठिन है क्योंकि जो ही पैदावार लेना चाहता है,वर्षा हो जाती और फिर से फसल भीग जाती है। फसल कुछ सुखाते-सुखाते किसान परेशान हो चले हैं। यही नहीं पता कि कब उनकी पैदावार घर तक पहुंच पाएगी क्योंकि मौसम बार-बार बदल रहा है। किसान की नजरें मौसम पर टिकी है। अगर मौसम साफ रहेगा तो ही पैदावार ले पाएंगे वरना पैदावार पाने के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
फोटो कैप्शन 3: रेवाड़ी सड़क मार्ग पर जगह जगह भरा गंदा जल
04:नहर के साथ बने सड़क मार्ग पर भरा गंदा जल
05: होली वाला जोहड़ पर गली में भरा गंदा पानी
6 गेहूं की बर्बाद हो रही सरसों फसल




जनगणना में एकत्र आंकड़े तय करेंगे देश की भविष्य की नीतियां
-3 दिवसीय शिक्षकों की ट्रेनिंग संपन्न
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी में आयोजित जनगणना कार्यक्रम के अंतर्गत तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का सफल समापन हुआ। प्रशिक्षण के अंतिम दिन अधिकारियों ने प्रगणकों एवं सुपरवाइजर्स को जनगणना कार्य से जुड़े 34 महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए इसे पूर्ण जिम्मेदारी, पारदर्शिता एवं ईमानदारी के साथ संपन्न करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार यादव ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रगणकों एवं सुपरवाइजर्स द्वारा एकत्र किए गए आंकड़े ही देश की भविष्य की नीतियों एवं विकास योजनाओं की आधारशिला बनते हैं। उन्होंने इसे राष्ट्र निर्माण से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य बताते हुए सभी को पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान डा. हरिओम भारद्वाज एवं संदीप कुमार ने जनगणना से संबंधित सभी 34 बिंदुओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों से प्रतिपुष्टि प्रपत्र भी भरवाए गए, जिनके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए। साथ ही सभी प्रतिभागियों ने शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कर अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताई।
जनगणना चार्ज अधिकारी एवं नगर पालिका सचिव कपिल कुमार ने जानकारी दी कि सभी 14 वार्डों के प्रगणकों एवं सुपरवाइजर्स को मोबाइल ऐप के माध्यम से नक्शे एवं सीमाएं निर्धारित कर कार्य क्षेत्र आवंटित कर दिए गए हैं, जिससे कार्य में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने कहा कि प्रतिभागियों ने जिस निष्ठा एवं लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उससे यह निश्चित है कि जनगणना कार्य सटीकता और शुद्धता के उच्च मानकों पर खरा उतरेगा। उन्होंने जनगणना को अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए कहा कि इसे निर्धारित समय सीमा में पूरा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने संभावित चुनौतियों का उल्लेख करते हुए प्रगणकों से धैर्य, सतर्कता और ईमानदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सुपरवाइजर ममता कुमारी, कुलदीप यादव, सुरेंद्र कुमार, नवीन कुमार एवं कमल सिंह सहित कुल 38 प्रतिभागी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों में जलपान भजन व प्रशिक्षण स्थल की व्यवस्थाओं पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए इसे पूरी तरह से उनकी आशाओं के अनुरूप बताया प्रतिभागियों ने  ।प्रशिक्षण के दौरान सक्रिय भागीदारी निभाते हुए जनगणना से जुड़ी प्रक्रियाओं एवं तकनीकी पहलुओं को गहराई से समझा।
प्रशिक्षण शिविर के समापन पर प्रतिभागियों ने प्रतिपुष्टि फार्म भरते हुए इसे अपने लिए एक नया एवं उपयोगी अनुभव बताया तथा विश्वास व्यक्त किया कि वे इस महत्वपूर्ण कार्य को पूर्ण निष्ठा और दक्षता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न करेंगे।
फोटो कैप्शन 02: जनगणना की ट्रेनिेग देते खड़ शिक्षा अधिकारी कनीना सुरेश कुमार




 धनौन्दा के राजकीय विद्यालय में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
- विद्यार्थियों और स्टाफ को किया गया जागरूक
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कनीना की आवाज।
आमजन को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गांव धनौन्दा में साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्कूल के स्टाफ और विद्यार्थियों को इंटरनेट की दुनिया में होने वाले विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के प्रति विस्तार से जानकारी देकर जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि यदि किसी के साथ किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी या ठगी होती है, तो वे तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही, टेलीग्राम टास्क फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों के तरीकों के बारे में भी सभी को जानकारी दी गई, ताकि बच्चे और शिक्षक इन शातिर ठगों के झांसे में आने से बच सकें।
साइबर धोखाधड़ी से सुरक्षित रहने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां भी साझा की गईं। सभी विद्यार्थियों और स्टाफ को बताया गया कि कि वे अपनी निजी जानकारी, बैंक से जुड़ी जानकारी या मोबाइल पर आने वाला ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बिल्कुल साझा न करें। इसके अलावा, व्हाट्सएप, एसएमएस या ईमेल पर आने वाले किसी भी अज्ञात या लुभावने लिंक पर क्लिक न करने की भी सलाह दी गई।
फोटो कैप्शन 01: पुलिस धनौंदा में साइबर अपराधों की जानकारी देते हुए




 धनौंदा गांव का स्थापना दिवस 19 अप्रैल को
-गांव का 763वां स्थापना दिवस मनेगा
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कनीना की आवाज।
धनौन्दा गांव का 763वां स्थापना दिवस आगामी 19 अप्रैल वैशाख सुदी दोज को बाबा दयाल प्रांगण में मनाया जाएगा। स्थापना दिवस कार्यक्रम समारोह के मुख्य अतिथि अतरलाल एडवोकेट होंगे।
  यह जानकारी देते हुए सुबेदार मेजर मदन सिंह, राजेन्द्र सिंह नम्बरदार व साधु सिंह नम्बरदार ने कहा कि धनौन्दा का निकास खुडाना गांव से है। खुडाना गांव के जागीरदार ठाकुर नीमराव सिंह उर्फ नाभा सिंह ने अपने पिता धनजी सिंह के नाम पर वैशाख सुदी दोज विक्रमी संवत 1321 में धनौन्दा गांव बसाया था। स्थापना दिवस समारोह को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह है। इस अवसर पर अनेक सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक कार्यक्रमों के साथ खेल प्रतियोगिता भी करवाई जाएगी।



कनीना में बिजली कटों से उपभोक्त तंग
-लंबे लंबे कट बुधवार को लगे



नई सिरीज जल्द ही......
बीते जमाने के कनीना के हीरे, आज भी है और कल भी रहेंगे
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कनीना की आवाज।
 बीते जमाने के कुछ ऐसे हीरो कनीना में हुए हैं जो आज भी है और भविष्य में भी रहेंगे। ऐसे ऐसे शिक्षाविद जो अपने समय के बेहतरीन शिक्षक होते थे, ट्यूशन आदि करते थे लेकिन उनका दूर दराज तक नाम था, आज भी वो नाम कमा रहे हैं और भविष्य में भी नाम कमाते रहेंगे। वैसे तो ऐसे  हीरों की कमी नहीं हैं परंतु कनीना की आवाज में इस प्रकार के लोगों का साक्षात्कार समय-समय पर प्रकाशित किया जाएगा। ऐसे हीरो से आपको मिलवाया जाएगा। यह कलम निकट भविष्य में शुरू किया जा रहा है। यूं तो कुतरूं प्राचार्य, कुतरूं लोग, चमचे, चमचाराम, चोर साहब, महाचेार साहब, दूसरे की जमीन हड़पने वाले, नकटे एवं कई प्रकार के लोग भी देखे किंतु इनमें कुछ चेहरे अलग थलग नजर आये। चाहे उनकी संख्या नगण्य है किंतु साफ सुथरी छवि के अतिरिक्त जिन्होंने बच्चों की जिंदगी को संवारा है, उनसे रू-ब-रू करवाएंगे।












Tuesday, April 7, 2026



 


विश्व स्वास्थ्य दिवस पर स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश
-स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी पूंजी, संतुलित आहार और संयमित जीवनशैली अपनाएं
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने अध्यापकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य ही धन है और मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी उसका स्वास्थ्य होता है। एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते फास्ट फूड और हानिकारक पदार्थों से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि शाकाहारी एवं संतुलित भोजन ही श्रेष्ठ माना गया है, जिसकी भारतीय संस्कृति में विशेष महत्ता बताई गई है।
प्राचार्य ने आगे कहा कि आज के  युग में वनस्पति घी, रिफाइंड तेल, अत्यधिक मसालेदार भोजन और अधिक नमक के सेवन से अनेक बीमारियां बढ़ रही हैं। ऐसे में हमें अपनी खान-पान की आदतों में सुधार लाकर प्राकृतिक और पौष्टिक आहार को अपनाना चाहिए।
इस अवसर पर लीगल सेल के प्रभारी प्रवक्ता पन्नालाल ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए संतुलित भोजन, नियमित दिनचर्या और स्वच्छता बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि हमें विश्व स्वास्थ्य संगठन  के मानकों के अनुरूप अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए, ताकि हम बीमारियों से दूर रहकर एक स्वस्थ जीवन जी सकें।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई और उन्हें दैनिक जीवन में अच्छे स्वास्थ्य संबंधी आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता प्रवीण शर्मा, स्नेह लता, सुमन लता, रेखा यादव, अंजू यादव, कुलदीप सिंह, पवन कुमार, हेमंत शर्मा, ओमप्रकाश, ममता शर्मा, अनीता यादव सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
विश्व स्वास्थ्य दिवस के इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ जीवन ही सफलता की कुंजी है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सकारात्मक सोच अपनाकर ही एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन संभव  है
फोटो कैप्शन 13: संबंधित है


 अब तक 5634 क्विंटल गेहूं की हुई सरकारी खरीद, सरसों के कोई खरीद नहीं
-जे- फार्म नहीं हो पा रहे जनरेट, परेशानी
-2518 क्विंटल रही गेट इंटरी मंगलवार को
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कनीना की आवाज।
 कनीना अनाज मंडी स्थित चेलावास में 6200 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से सरसों खरीदने का आदेश है किंतु अभी तक सरकारी तौर पर कोई सरसों नहीं खरीदी गई है। निजी स्तर पर 6200 रुपए से अधिक भाव पर किसान अपनी सरसों बेच रहे हैं। इस बार सरकारी खरीद कम बताई जा रही जबकि निजी स्तर पर सरसों की मांग अधिक है और अधिक मूल्य पर खरीददार खरीद रहे हैं।
 उधर गेहूं की सरकारी खरीद 2585 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से जारी है। अभी तक 5634 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है जबकि मंगलवार को खरीद का कार्य जारी रहा। गेहूं सरकारी तौर पर ही बेचने के लिए किसान अनाज मंडी पहुंच रहे हैं। किसानों को सबसे बड़ी समस्या जे-फार्म जनरेट होने की है। जे-फार्म जनरेट नहीं हो रहे हैं।
 विस्तृत जानकारी देते हुए मार्केट कमेटी के रविंद्र बंसल ने बताया कि सबसे पहले आढ़ती के पास किसान गेहूं लेकर आता है और आढ़ती उसकी बोली लगाता है। बोली के बाद फूड सप्लाई विभाग गेहूं की खरीद करता है। खरीद करने के बाद मार्केट कमेटी में नीलामी की सूचना दर्ज होती है और उसे वेरीफाई किया जाता है। तत्पश्चात यह रिकार्ड फूड सप्लाई द्वारा वेरीफाई होता है। उसके बाद ही कहीं आढ़ती जाकर जे- फार्म जनरेट कर पता है। किंतु इतने अधिक सौपनों से गुजरने पर समस्या बढ़ रही है। जे- फार्म जनरेट होने में दिक्कत होने से खरीद में विघ्न पड़ रहा है।
  नई अनाज मंडी में है सुरक्षा के प्रबंध-
 वर्षा एवं आंधी आदि से नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में व्यापक प्रबंध है क्योंकि टीन शेड के नीचे गेहूं तथा सरसों रखी जा रही है इसलिए वर्षा और आंधी का कोई खास प्रभाव खरीद पर नहीं पड़ रहा है। किसान अपनी पैदावार अपने वाहनों में ढक कर अनाज मंडी तक ले जा रहे हैं।
फोटो कैप्शन 11 व 12: कनीना अनाज मंडी में गेहूं की खरीद का नजारा।




नई सिरीज जल्द ही......
बीते जमाने के कनीना के हीरे, आज भी है और कल भी रहेंगे
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कनीना की आवाज।
 बीते जमाने के कुछ ऐसे हीरो कनीना में हुए हैं जो आज भी है और भविष्य में भी रहेंगे। ऐसे ऐसे शिक्षाविद जो अपने समय के बेहतरीन शिक्षक होते थे, ट्यूशन आदि करते थे लेकिन उनका दूर दराज तक नाम था, आज भी वो नाम कमा रहे हैं और भविष्य में भी नाम कमाते रहेंगे। वैसे तो ऐसे  हीरों की कमी नहीं हैं परंतु कनीना की आवाज में इस प्रकार के लोगों का साक्षात्कार समय-समय पर प्रकाशित किया जाएगा। ऐसे हीरो से आपको मिलवाया जाएगा। यह कलम निकट भविष्य में शुरू किया जा रहा है।


कुतरूं प्राचार्य के कारनामे- 20
-कुतरूं का भी वही हाल हुआ और होगा जो उसने शिक्षकों के साथ किया
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कनीना की आवाज।
 कनीना की आवाज के लेखक होशियार सिंह जो अपने समय के विज्ञान प्राध्यापक एवं अध्यापक रहे हैं। करीब 40 सालों तक निजी स्तर पर, ट्यूशन, निजी स्कूलों में, कालेज, सरकारी स्कूलों में तथा विभिन्न शिक्षण संस्थान में कार्य कर चुके और सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वर्तमान में अपना कनीना की आवाज ब्लाग जोर-शोर से लिख रहे हैं। इन 40 सालों के दौरान होशियार सिंह कनीना की आवाज ब्लाग के लेखक की विभिन्न प्राचार्यों से संपर्क हुआ और इस संपर्क दौरान पाया कि कुछ प्राचार्य कुतरूं कहलाए और कहलाते हैं। यह नाम ग्रामीण लोगों का दिया हुआ है क्योंकि उनके कारनामे इतने घटिया रहे जिसके कारण लोग आज भी उन्हें कुतरूं नाम से पुकारते जबकि कुछ ऐसे प्राचार्य भी रहे जिनका नाम लेने से खुशी महसूस होती है जो दूसरों का हित करने में अग्रणी रहे हैं। यहां तक की उन्होंने अपने स्कूल के शिक्षकों को अपना परिवार का सदस्य समझा और उनके हर सुख दुख में सेवा, मदद की,जो कुछ बन पाया कर पाया लेकिन कुतरूं प्राचार्यों ने अपने तहत आने वाले अधिकांश शिक्षकों को हेय दृष्टि से देखना शुरू कर दिया था। अधिकांश को हेय दृष्टि से देखा,यहां तक कि ऐसे-ऐसे कार्य किये जिनको सुनकर भी दर्द होता है। वोयहां पर वर्णित नहीं किया जा रहे हैं चूंकि ऐसे करनामें प्रकाशित होने पर समाज में एक बुरा संदेश जाएगा। पहले ही शिक्षकों के प्रति समाज सकारात्मक रुख कम रखता है और नकारात्मक रुख अधिक रखता है। अगर ऐसे करनामे प्रकाशित किए गए तो निश्चित रूप से समाज में शिक्षकों के प्रति घृणा बढ़ती चली जाएगी। ऐसे कारनामे करते वक्त ये कुतरूं प्राचार्य दूसरे का अहित करने में कसर नहीं छोड़ते। यही कारण है कि आज भी उनके परिवार खुश नहीं हैं। परिवार में कलह, बीमारी व्याप्त है, खुद भी दुखी है, मानसिक रूप से परेशान है क्योंकि उनके कारनामे आड़े आ रहे हैं। साधु संत मानते हैं कि हम किसी का हित करेंगे, पुण्य के काम करेंगे तो घर परिवार भी सुखी रहेगा। अगर किसी का अहित एवं पाप करेंगे तो निश्चित रूप से परिवार दुखी रहेगा, स्वयं भी दुखी रहना पड़ेगा। वो भूल जाते हैं कि चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात। चार दिनों तक प्राचार्य बने हैं तो शुभ काम करे वरना जाना पड़ेगा शमशानघाट में, राख बनेगी और वो भी एक मु_ी राख बनेगी। जब वे धरती से जाएंगे तो लोग खुश मिलेंगे। उनके बुरे कर्म, कारनामें एवं पाप कर्म कुतरूं प्राचार्य साथ ले जाएगा। जिसके कारण उन्हें आने वाली पीढ़ी कभी माफ नहीं करेगी, गालियां देती रहेगी।
   कुतरूं प्राचार्यों के ऐसे करनामे देखें जो वास्तव में सिद्ध करते हैं कि ये कुतरूं किसी को चाहते नहीं, अपने साथ काम करने वाले शिक्षकों को हेय दृष्टि से देखते हैं। बहुत से पढ़ाने वाले शिक्षक तो कुतरूं से अधिक पढ़े लिखे होते है। यह वक्त की बात है कि एक तरफ वो कुतरूं प्राचार्य बन गए और शिक्षक प्रमोशन किसी कारणवश नहीं ले पाए या उस मुकाम तक नहीं पहुंच पाए, किसी ने उनकी टांग खिंचाई कर दी। एक कुतरूं प्राचार्य की तो बड़ा अजीब देखा।  लगातार स्कूल में आता रहा लेकिन एक शिक्षक जो उनकी आंख का कांटा था जो उसको नहीं सुहाता था क्योंकि वह शिक्षक पढ़ाने में मेहनती एवं बेहद ईमानदार और हर कार्य में कुशल होने के कारण कुतरूं के पेट में दर्द होना स्वाभाविक था। परिणाम यह निकला कि जिस दिन वो शिक्षक सेवानिवृत्त होने जा रहा था तरे उस दिन कुतरूं प्राचार्य छुट्टी लेकर भाग गया। अपने चमचों से कह गया कि इसको बिना किसी सम्मान के स्कूल से छुट्टी होने पर निकाल देना। कुतरूं दिन आया ही नहीं ताकि कार्यक्रम ही ना हो। परंतु परिणाम यह निकला की सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षक का बेहद सम्मान शिक्षकों द्वारा किया गया और कुतरूं की इतनी थू-थू की गई कि हर शिक्षक एवं गांव के लोगों की जुबान पर बात छलकी कि यह तो सचमुच कुतरूं है।
   एक और कारनामें में एक शिक्षक जो उनके तहत सेवानिवृत्त हो रहा था वह भी आंख का कांटा था। अपने काम से कम रखता था। परिणाम यह निकला कि जब वह सेवानिवृत्त हुआ तो उसे स्कूल के अंदर पगड़ी तक नहीं पहनाई गई, उसे गेट के बाहर ही पगड़ी पहनाई और अपने चमचों से मिलकर योजना बनाई जिसका परिणाम चमचे भी भुगतेंगे। परिणाम यह निकला की शिक्षकों की नजर से वह कुतरूं प्राचार्य बन गया। आज भी कुतरूं है। कुछ कुतरूं सेवानिवृत्त हो गए तो कुछ कुतरूं आज भी कार्यरत हैं। एक ऐसा कुतरूं  आज भी कार्यरत है जो भविष्य में सेवानिवृत्त होगा क्योंकि सेवानिवृत्त हर कर्मी को होना होता है और जब वह सेवानिवृत्त होगा तो गांव वालों ने पहले ही योजना बना रखी है, शिक्षकों ने भी विशेष योजना बनानी शुरू कर दी है कि जैसा इसने शिक्षकों के साथ बिताया है वैसा ही बुरा हाल इसके साथ किया जाएगा ताकि इसे अपनी गलती का एहसास हो लेकिन गलती एहसास भी हुआ तो देरी से होगा, उसका कोई लाभ नहीं। वैसे तो जैसे को तैसा तो होना ही चाहिए। ऐसे मौके पर एक मेरे निकृष्ट/नीच दोस्त/आज वो दुश्मन है, की याद आती है। वह कहता था कि मैंने कई कुतरूं प्राचार्यों को जूतों की माला पहनाकर सेवानिवृत्त किया है। उसकी बात बड़ी याद आती है। कहते हैं ऐसे कुतरूं  प्राचार्य का इलाज भी ऐसा ही कुतरूं कर पाएगा परंतु यह निश्चित है कि यह कुतरूं जिसने शिक्षकों के साथ बुरा व्यवहार किया है वह कुतरूं बनकर ही रहेगा और जीवन भरा दर्द में जीएगा।
 नोट::: यह मेरा ब्लाग कापीराइट के तहत आता है। अगर किसी ने कोई भाग चोरी से उठा लिया या कापी कर ली तो उसके विरुद्ध न्यायालय में अभियोग चलेगा जिसका परिणाम वह स्वयं भोगेगा। यहां उल्लेखनीय है कि आने वाली मेरी पुस्तक में इन कुतरूं प्राचार्यों के सभी के नाम वर्णित होंगे। इसलिए थोड़ा इंतजार करें जब तक की यह सीरीज पूर्ण हो जाए, तब तक वह कृति आप लोगों के हाथों में नहीं आएगी तब तक अंदाज लगाते रहो। उस किताब में सभी कुतरूं प्राचार्यों का नाम सहित और दिनांक सहित वर्णन किया जाएगा।




जनगणना प्रशिक्षण का दूसरा दिन
जनगणना प्रशिक्षण शिविर में दी गई जिम्मेदारी व सटीकता पर जोर
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी में जनगणना कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन  अधिकारियों ने प्रगणकों व सुपरवाइजर्स को जनगणना कार्य की बारीकियों से अवगत कराया और इसे पूरी जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए डा. हरिओम भारद्वाज एवं संदीप कुमार ने बताया कि जनगणना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को विस्तारपूर्वक समझाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया है ताकि वे फील्ड में आने वाली परिस्थितियों का सही ढंग से सामना कर सकें।
इस अवसर पर जनगणना चार्ज अधिकारी एवं नगर पालिका सचिव कपिल कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसे निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने संभावित चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रगणकों को धैर्य, सतर्कता और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा, ताकि आंकड़ों की सटीकता बनी रहे।
विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि लगन और मेहनत से किया गया कार्य न केवल सही व सटीक जानकारी एकत्र करने में सहायक होता है, बल्कि इससे प्राप्त परिणाम भी विश्वसनीय होते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे इस प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाएं और जनगणना कार्य को पूरी निष्ठा के साथ संपन्न करें।
कार्यक्रम के दौरान सुपरवाइजर ममता कुमारी, कुलदीप यादव, सुरेंद्र कुमार सहित सभी अड़तीस प्रतिभागी भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए जनगणना से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं और तकनीकी पहलुओं को समझा।
तीन दिवसीय यह प्रशिक्षण शिविर न केवल प्रगणकों के लिए ज्ञानवर्धक साबित हो रहा है, बल्कि उन्हें जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए तैयार भी कर रहा है।
फोटो कैप्शन 07 व 08: जनगणना के लिए प्रशिक्षण देते हुए कनीना मंडी



बीआर स्कूल सेहलंग में विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
-डा. शेखर गोयल ने स्वस्थ रहने के दिए टिप्स
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कनीना की आवाज।
बीआर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेहलंग में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
 इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्र के चिकित्सक डा. शेखर गोयल उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के महत्वपूर्ण टिप्स प्रदान किए।
डा. शेखर गोयल ने कहा कि आज के समय में स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन दोनों ही आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, योग एवं समय पर सोने-जागने की आदत अपनाने की सलाह दी। साथ ही मोबाइल और जंक फूड से दूरी बनाए रखने पर भी विशेष बल दिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की ।  
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न गतिविधियों, जैसे पोस्टर मेकिंग, योग प्रदर्शन एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विद्यालय के चेयरमैन हरिश भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि स्वस्थ विद्यार्थी ही एक सफल राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से खेल-कूद एवं योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
प्रधानाचार्या ज्योति भारद्वाज ने भी विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश देते हुए कहा कि विद्यालय में बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
फोटो कैप्शन 09 व 10: डा. गोयल बच्चों को चैक करते हुए तथा संबोधित करते हुए



यशदेव आचार्य ने कैमला में संस्कार एवं संस्कृति पर दिया व्याख्यान
-बड़ों का आदर करने की दी सलाह
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कनीना की आवाज।
राजकीय  माध्यमिक विद्यालय कैमला में यशदेव आचार्य   कुंड आश्रम  से विद्यालय में विद्यार्थियों को अनुशासन, मौलिक शिक्षा , संस्कार और संस्कृति के  ओत-प्रोत प्रेरित करने के लिए विद्यालय में पहुंचे।
  आचार्य ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए बताया कि हमें नियमित रूप से पौष्टिक भोजन, अनुशासन, शिक्षा के महत्व को विद्यार्थी जीवन में समझना  चाहिए अपने से बड़ों का सम्मान करना और हमें अपने गुरुजनों के सान्निध्य में रहकर नवीनतम, नूतन तकनीकी आधारित सृजनात्मक ज्ञान प्राप्त करना चाहिए। उन्होंने वेदांत पर आधारित आध्यात्मिक विचारों से सभी विद्यार्थियों को जागरूक किया और गायत्री मंत्र के महत्व  बताया।  योगासन से जीवन निरोग और संयमित बनता है इसलिए हमें निरंतर अभ्यास करना चाहिए जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। तन अच्छा है तो मन स्वच्छ है और विचार भी उज्ज्वल होते हैं। हमें निरंतर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को ग्रहण करनी चाहिए।
 मौलिक मुख्य अध्यापक  वीरेंद्र सिंह जांगिड़ ने आचार्य के अमूल्य विचारों को जीवन में धारण करने के प्रति आश्वस्त किया और बताया कि हमारे विद्यार्थी निरंतर विचारों का पालन करेंगे और अपने जीवन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे नया सीखने की दिशा में अग्रसर  रहेंगे।
 इस अवसर पर श्रवण  कुमार पूर्व थानेदार ,मनवीर सिंह, सुनील कुमार शास्त्री ,सुनील कुमार, देवेंद्र, भगत सिंह, सूबे पूर्व प्रधान सिंह ,तारामणि देवी, पिंकी देवी आदि उपस्थित रहें।
फोटो कैप्शन 04 व 05: आचार्य को स्मृति चिह्न भेंट करते हुए


राजकीय माडल संस्कृति स्कूल में यातायात नियमों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित -एसएचओ ट्रैफिक ने दी छात्रों को जानकारी
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कनीना की आवाज।
सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से राजकीय माडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कनीना में विद्यार्थी पुलिस कैडेट के लिए यातायात जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ट्रैफिक एसएचओ, निरीक्षक नरेश कुमार ने बच्चों को यातायात नियमों का पालन करने के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने छात्रों को बताया कि सड़क पर हमारी छोटी सी सावधानी भी हमारी और दूसरों की जान बचा सकती है।
निरीक्षक नरेश कुमार ने छात्रों को सुरक्षित ड्राइविंग के मूल मंत्र देते हुए कहा कि चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट और दोपहिया वाहन पर हेलमेट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करना चाहिए। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल और किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन जानलेवा साबित हो सकता है। हमेशा निर्धारित गति सीमा के भीतर ही वाहन चलाना चाहिए। इसके साथ ही, सुरक्षित तरीके से लेन बदलने, दाएं या बाएं मुड़ते समय इंडिकेटर का सही उपयोग करने और अन्य वाहनों को सावधानीपूर्वक ओवरटेक करने के नियमों के बारे में भी जानकारी देकर जागरूक किया गया।
सुरक्षित ड्राइविंग की बारीकियों को समझाते हुए उन्होंने बताया कि गोल चक्कर, ट्रैफिक सिग्नल और मोड़ पर कभी भी ओवरटेक करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। घनी आबादी वाले क्षेत्रों और बाजारों में हमेशा वाहन की गति धीमी रखनी चाहिए। रात के समय सुरक्षित ड्राइविंग के नियमों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने लो बीम और हाई बीम लाइट के सही इस्तेमाल तथा ओवरटेक करते समय डिपर के उपयोग की अहमियत को भी छात्रों के साथ साझा किया।
सत्र के दौरान निरीक्षक ने नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के खतरों पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन का उपयोग नहीं करना चाहिए। 18 वर्ष की आयु पूरी होने और वैध ड्राइविंग लाइसेंस बनने के बाद ही वाहन चलाना कानूनी और सुरक्षित है। इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य बच्चों को एक जिम्मेदार नागरिक बनने और सड़क सुरक्षा के प्रति उनके कर्तव्य का अहसास कराना था।
फोटो कैप्शन 06: निरीक्षक यातायात के नियमों की जानकारी देते हुए


सतनाली स्वास्थ्य केंद्र के अधूरे काम को पूरा करने को 538.12 लाख की राशि स्वीकृत
-स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बनेंगे आवास
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कनीना की आवाज।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महेंद्रगढ़ जिले की सतनाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के शेष निर्माण कार्यों को गति देने के लिए 538.12 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि की स्वीकृति दी है।
यह जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि इस निर्णय से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के आधारभूत ढांचे में सुधार होगा और लंबे समय से रुके हुए विकास कार्यों को गति मिलेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस राशि का उपयोग चिकित्सालय के मुख्य भवन के बचे हुए कार्यों तथा वहां तैनात चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों के लिए आवासीय भवनों का निर्माण भी सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जब स्वास्थ्य कर्मियों के रहने की व्यवस्था परिसर में ही होगी, तो चिकित्सालय में कर्मचारियों की उपस्थिति बेहतर होगी और रोगियों को निरंतर रूप से उपचार मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्र की जनता को उनके निवास के समीप ही श्रेष्ठ चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना है, ताकि उन्हें उपचार के लिए दूर-दराज के बड़े नगरों की ओर न जाना पड़े। इससे स्थानीय निवासियों के समय और धन दोनों की बचत होगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार का संकल्प प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि सतनाली का यह केंद्र आधुनिक स्वरूप में आने के बाद न केवल सतनाली, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के हजारों लोगों के लिए एक जीवनरक्षक केंद्र सिद्ध होगा।
उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि स्वीकृत बजट के साथ निर्माण कार्य को शीघ्र अति शीघ्र पूरा किया जाए ताकि जनसाधारण को इस सुविधा का लाभ तुरंत मिल सके।




9 अप्रैल को राजकीय आईटीआई में लगेगा बड़ा मेला
-यूएनओ मिंडा कंपनी देगी आन-रोल नौकरियां
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कनीना की आवाज।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दिशा निर्देश अनुसार युवाओं को स्वावलंबी बनाने और उन्हें उनके कौशल के अनुरूप रोजगार दिलाने के उद्देश्य से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) नारनौल में आगामी 9 अप्रैल को एक विशाल रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है।
संस्थान के प्रधानाचार्य विनोद खंगवाल ने बताया कि इस मेले में प्रसिद्ध कंपनी यूएनओ मिंडा, मानेसर शिरकत कर रही है। यह कंपनी विभिन्न तकनीकी ट्रेडों के पासआउट युवाओं का चयन कर उन्हें सीधे अपनी कंपनी में नौकरी का अवसर प्रदान करेगी।
प्रधानाचार्य ने बताया कि इस चयन प्रक्रिया में इलेक्ट्रिशियन, फिटर, इलेक्ट्रानिक मैकेनिक, टीपीएस, प्लास्टिक प्रोसेसिंग ऑपरेटर, वायरमैन, वेल्डर और मशिनिस्ट जैसे ट्रेडों में प्रशिक्षित युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को 15 हजार रुपये प्रतिमाह सकल वेतन पर ऑन-रोल जाब दी जाएगी। इसके लिए आयु सीमा 18 से 24 वर्ष तय की गई है। वेतन के अलावा कंपनी द्वारा चयनित युवाओं को कई विशेष लाभ भी दिए जाएंगे, जिनमें एक हजार रुपये का उपस्थिति पुरस्कार, वर्ष में 14 अर्जित अवकाश और 7 आकस्मिक अवकाश शामिल हैं। साथ ही, कर्मियों को वार्षिक बोनस, पीएफ, ईएसआई, चिकित्सा सहायता, वर्दी और कैंटीन जैसी सुविधाएं भी संस्थान के नियमों के अनुसार दी जाएंगी।
प्लेसमेंट अधिकारी सुनील यादव ने इस अवसर का लाभ उठाने के लिए जिले के सभी आईटीआई पासआउट छात्र-छात्राओं को आमंत्रित किया है। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए हैं कि जो भी युवा इस मेले में शामिल होना चाहते हैं वे 9 अप्रैल को संस्थान के परिसर में औपचारिक वेशभूषा (फॉर्मल ड्रेस) में पहुंचें। उम्मीदवार अपने साथ सभी आवश्यक मूल शैक्षणिक दस्तावेज और उनकी छायाप्रतियां अवश्य लाएं ताकि चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए। जिले के युवाओं के लिए एक ही स्थान पर प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी पाने का यह एक बेहतरीन मौका है।
फोटो कैप्शन: प्राचार्य विनोद खंगवाल


प्रिया ने पाया खंड कनीना में प्रथम स्थान, रितिका ने दूसरा
-विगत वर्षों से स्कूल का रहा है बेहतर एनएमएमएस परिणाम
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कनीना की आवाज।
गत वर्ष 30 नवंबर को राज्य शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण एवं परिषद गुरुग्राम द्वारा आयोजित एनएमएमएस परीक्षा के घोषित परिणामों के अनुसार  राजकीय माध्यमिक विद्यालय खरकड़ाबास की छात्रा प्रिया ने खंड कनीना में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, वहीं रितिका दूसरे स्थान पर रही है। विद्यालय परिवार की तरफ से दोनों छात्राओं को सम्मानित किया गया।
विद्यालय मुखिया रीता रानी ने बताया कि यह परीक्षा हरियाणा सरकार द्वारा प्रतिवर्ष सरकारी स्कूल में पढऩे वाले मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने हेतु प्रदान की जाती है। इसमें सफलता प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को नौवीं से  बारहवीं तक प्रति महीना 1000 रुपए छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, जो कुल मिलाकर 48000 बनती है। इस परीक्षा में गत पांच वर्षों से विद्यालय का  प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने वर्तमान में कक्षा आठवीं में पढ़ रहे छात्र- छात्राओं से इस परीक्षा  की बेहतर तैयारी के लिए प्रेरित किया एवं इस वर्ष सफलता प्राप्त करने वाली दोनों छात्राओं प्रिया व रितिका को समस्त विद्यालय परिवार की तरफ से बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर राजेंद्र सिंह , एसएमसी प्रधान विक्रम सिंह, कला अध्यापक अजीत सिंह बोहरा, विज्ञान अध्यापक सुभाष चंद, संस्कृत अध्यापक भूपेंद्र सिंह, अनुराधा, अमरनाथ पीटीआई,  राजेश माहोर, योगेंद्र शर्मा, कृष्ण कुमार, अमित , राम रतन व अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: अव्वल रही एनएमएमएस छात्राओं को पुरस्कृत करते हुए





दिन भर चलती रही बूंदाबांदी, एक एमएम वर्षा हुई
- किसानों के चेहरों पर दिखी चिंता की रेखा
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कनीना की आवाज।
कनीना एवं आस पास आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। रुक रुककर चली बूंदाबांदी में महज एक एमएम वर्षा रिकार्ड की गई।  
 मौसम के इस बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। दिनभर मौसम आंशिक रूप से बादलों से ढका रहा और हवा सामान्य गति से चलती रही, जिससे वातावरण में नमी बनी रही।
  बार बार मौसम के बदलने से किसान बेहद परेशान हैं। किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, सुनील कुमार आदि ने बताया कि जब भी फसल पैदावार के लिए लावणी की गई फसल को सुखाने का प्रयास करते हैं तो फिर से बूंदाबांदी हो जाती है। त्वरित गति से बहुत से किसानों ने अपनी फसल पैदावार ले ली है। कुड अनाज मंडियों तक पहुंचा रहे हैं। कुछ किसानों ने खेतों में गेहूं निकलवाने के लिए मशीन लगा दी किंतु बूंदाबांदी ने समस्या पैदा कर दी। गेहूं निकलवाने आए किसान रवींद्र ने बताया कि उन्होंने करीब 2 एकड़ में गेहूं उगाए थे। गेहूं निकलवाने के लिए मशीन भी ले आए थे परंतु सुबह से वर्षा के कारण गेहूं पैदावार नहीं ले सके। एक बार फिर से गेहूं एवं सरसों की लावणी की हुई फसल भीग गई है। अब फिर से एक दो दिन इंतजार करना होगा तथा लावणी की गई फसल को सुखाना होगा।
 काली पड़ गई है लावणी की फ

















सल-
  किसानों ने बताया कि बार बार वर्षा के कारण सरसों की लावणी की गई फसल नीचे से काली पड़ गई है जिसमें नुकसान होने लग गया है। फंगस लगनी शुरू हो गई है। हालांकि किसानों ने इस बार गेहूं एवं सरसों की लावणी की गई फसल के नीचे जालीदार पोलीथिन लगा रखी है। विगत वर्षों बिलना जाली वाला पोलीथिन लगा देने से काटकर डाली फसल नीचे से सड़ गई थी। इस बार किसानों ने सावधानी बरती है लेकिन मौसम की मार पीछा नहीं छोड़ रही है।
फिर से भीगी गेहूं एवं सरसों की लावणी-
एक बार फिर से किसानों की गेहूं एवं सरसों की लावणी की गई फसल भीग गई है। किसान अब तो लावणी की गई फसल को भी ढकने का प्रयास करते देखे गये लेकिन आंशिक सफलता मिल पाई है। अब उन्हें इंतजार करना होगा ताकि फसल सूख जाए और पैदावार ली जा सके।
फोटो कैप्शन 02: किसान लावणी की गई फसल को वर्षा से ढकते हुए
  03: भीग रही लावणी की गई सरसों



Monday, April 6, 2026





 
 कोरियावास मेडिकल कालेज में राव तुलाराम अस्पताल के ओपीडी व रेडियोलाजी विभाग का उद्घाटन
-सीएम नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता :आरती सिंह राव
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कनीना की आवाज।।
हरियाणा की स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान तथा आयुष मंत्री आरती सिंह राव ने आज महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज कोरियावास (नारनौल) में नवनिर्मित राव तुलाराम अस्पताल के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) और रेडियोलाजी विभाग का उद्घाटन किया। नारनौल के विधायक ओम प्रकाश यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अस्पताल में ओपीडी सेवाओं का शुभारंभ अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हरियाणा के हर जिले में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि आमजन को बेहतर उपचार के लिए कहीं दूर न जाना पड़े।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। आमजन को बेहतरीन और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना ही सरकार का मुख्य लक्ष्य है और इसी दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि फिलहाल यहां पर 100 सीटों पर एमबीबीएस के दाखिले हैं। अब प्रयास है कि 150 सीटों पर एमबीबीएस के दाखिले हों।
उन्होंने कहा कि यह तो उनके एक साल के कार्यकाल का छोटा सा ट्रेलर था फिल्म अभी बाकी है।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं नारनौल के विधायक ओम प्रकाश यादव ने कहा कि राव तुलाराम अस्पताल में इन विभागों के विधिवत संचालन से अब स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को विश्वस्तरीय रेडियोलाजी जांच और विशेषज्ञों का परामर्श मिल सकेगा। आने वाले समय में यहां और भी अधिक सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि शहीदों के नाम से इस अस्पताल का नामकरण होना हम सबके लिए गर्व की बात है।
मेडिकल कालेज के निदेशक डा. बृजेंद्र सिंह ढिल्लों ने मेडिकल कॉलेज में चल रही सुविधाओं की जानकारी दी।
इस मौके पर हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार, पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय रोहतक के वाइस चांसलर डा. एचके अग्रवाल, बीजेपी के जिला अध्यक्ष डा. यतेंद्र राव तथा सीएमओ डा. अशोक कुमार के अलावा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 09 से 11: महर्षि च्यवन मेडिकल कालेज कोरियावास में नवनिर्मित राव तुलाराम अस्पताल के ओपीडी व रेडियोलाजी विभाग का उद्घाटन करती स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव।



कनीना में जनगणना 2027 प्रशिक्षण शिविर शुरू,
-- जिला स्तरीय प्रशिक्षकों ने दिया मार्गदर्शन
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कनीना की आवाज।
भारत की आगामी जनगणना 2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से कनीना क्षेत्र में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ सोमवार को किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 06 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण शिविर का आयोजन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी एवं माडल स्कूल कनीना में किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन चार्ज (सेंसस) अधिकारी एवं नगर पालिका सचिव कपिल कुमार के निर्देशन में किया जा रहा है।
शिविर के प्रथम दिन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी में कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक द्वारा किया गया। उन्होंने जनगणना को राष्ट्रीय महत्व का कार्य बताते हुए प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशिक्षण में कुल 38 प्रतिभागी शामिल हैं, जिनमें विभिन्न विद्यालयों के जेबीटी, पीजीटी एवं पीआरटी अध्यापक शामिल हैं। इन प्रतिभागियों को जनगणना से संबंधित दिशा-निर्देश, डेटा संकलन प्रक्रिया तथा तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
चार्ज अधिकारी नगर पालिका सचिव कपिल कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण प्रतिदिन प्रात: 9 बजे से सायं 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए पावर पाइंट प्रेजेंटेशन, डिसप्ले एवं माडल डेमोंस्ट्रेशन का सहारा लिया जा रहा है।
इस अवसर पर जिला स्तरीय प्रशिक्षक डा. हरिओम भारद्वाज एवं डा. संदीप कुमार सहायक प्रोफेसर, राजकीय पीकेएसडी महाविद्यालय कनीना द्वारा प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
डा. हरिओम भारद्वाज ने कहा कि जनगणना के दौरान एकत्र किए गए आंकड़ों को पूर्णत: गोपनीय रखते हुए पारदर्शिता के साथ कार्य करना आवश्यक है। वहीं डा. संदीप कुमार ने इसे केंद्र सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना बताते हुए प्रगणकों को इसकी अहम कड़ी बताया।
कार्यक्रम में नगर पालिका के वीरेंद्र कुमार, सुपरवाइजर सुरेंद्र यादव, ममता यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रशासन द्वारा प्रशिक्षण शिविर के सफल संचालन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे जनगणना कार्य को सुचारु एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया जा सके।
फोटो कैप्शन 06 व 07: जन गणना का प्रशिण देते हुए तथा प्रशिक्षण पाते शिक्षक



तमन्ना ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पाया दूसरा स्थान
--राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह की छात्रा तमन्ना
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कनीना की आवाज।
3 अप्रैल 2026 को मोहाली में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता- किस में कितना है दम में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह की छात्रा तमन्ना ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा और मेहनत का शानदार परिचय दिया तथा दूसरा स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में हरियाणा ,पंजाब, राजस्थान, गुजरात ,उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल सहित लगभग भारत के 15 राज्यों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस उपलब्धि पर पूरे विद्यालय परिवार और ग्राम वासियों में खुशी का माहौल है । विद्यालय परिवार ने छात्रा कि इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि से पूरे विद्यालय परिवार  और ग्राम वासियों में खुशी का माहौल है । विद्यालय परिवार ने छात्रा कि इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। विद्यालय के प्राचार्य  बाबूलाल यादव ने इस सफलता का श्रेय छात्रा की लगन परिश्रम एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन को देते हुए कहा कि ऐसी उपलब्धियां अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
फोटो कैप्शन 08: छात्रा तमन्ना उपलब्धि दिखाते हुए








ताऊ देवीलाल की पुण्यतिथि मनाई
--धनौन्दा में धूमधाम से मनाई गई पुण्यतिथि
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कनीना की आवाज।
बसपा के तत्वावधान में देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री व हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल की पुण्यतिथि गांव धनौन्दा में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर बसपा नेता अतरलाल एडवोकेट ने मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर चौधरी देवीलाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता बसपा के जिला जोन प्रभारी पंडित लालचंद शर्मा ने की।
  इस अवसर पर अतरलाल ने कहा कि चौधरी देवीलाल किसानों और कमेरों के मसीहा थे। किसानों के लिए किए गए उनके कार्य ऐतिहासिक हैं। वृद्धावस्था पेंशन की शुरुआत कर उन्होंने वृद्धों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया। उनका प्रसिद्ध नारा - लोकराज लोकलाज से चलता है, सदा सर्वदा देश के हुक्मरानों को नैतिकता के साथ जनहितैषी शासन के लिए प्रेरित करता रहेगा। वे 36 बिरादरी के नेता थे। समाज के सभी वर्गों के उत्थान और भलाई के लिए किए गए उनके कार्य सदैव देशवासियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित कैप्टन ओमपाल सिंह ने उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं से चौधरी देवीलाल के जीवन और कार्यों का अनुसरण करने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बहुजन समाज पार्टी के जिला जोन प्रभारी पंडित लालचंद शर्मा ने चौधरी देवीलाल को गरीब, किसान और पिछड़ों का रहनुमा बताते हुए चौधरी देवीलाल के जनकल्याणकारी कार्यों की चर्चा की। सतपाल सिंह थानेदार ने कहा कि चौधरी देवीलाल ने गांवों में अनुसूचित जाति चौपाल और पिछड़ा वर्ग चौपालों का निर्माण करवाकर समाज के सभी वर्गों को आगे बढ़ाने का काम किया। औमप्रकाश यादव और पवन प्रजापत ने चौधरी देवीलाल के जीवन और कार्यों के बारे में विस्तार से बताया और युवाओं से चौधरी देवीलाल के आदर्शों पर चलने की अपील की। इस अवसर पर प्रोफेसर सुभाषचंद यादव, प्रोफेसर नवीन जांगड़ा, मुकेश कुमार, गुरूदत्त पंच, राजबीर गौड़, प्रशांत, बीर सिंह, दीपक, राजकुमार, सोनू, परमजीत कौशिक सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 04: चौधरी देवीलाल के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए नेताजी अतरलाल व अन्य गणमान्यजन।


विश्व स्वास्थ्य दिवस -7 अप्रैल
स्वास्थ्य की ओर दिया जा रहा है कम ध्यान --खाने पीने की बदल गई है आदतें
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कनीना की आवाज।
7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जा रहा है। क्योंकि कभी भी स्वास्थ्य के लिए विशेष ध्यान दिया जाता था किंतु आजकल स्वास्थ्य के प्रति लोगों का रुझान घटता जा रहा है। लोग खानपान, रहन-सहन आदि के तरीकों में परिवर्तन करते ला रहे हैं जिसका कु-प्रभाव उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है। आज युवा पीढ़ी, विद्यार्थी वर्ग, शिक्षक वर्ग या किसान वर्ग हो सभी परेशानियों से जुड़ते नजर आते हैं और खाने-पीने पर बहुत कम ध्यान दे पाते हैं। विश्व स्वास्थ्य दिवस पर कुछ लोगों से चर्चा की गई।
***खाने पीने की आदतों में सुधार होनी चाहिए। समय पर खाना लेना चाहिए और वह भी संतुलित आहार लेना चाहिए, फास्ट फूड से बचना चाहिए तथा बाजार की चीजों की बजाय घर पर बना कर खाएं तो बेहतर हो सकता है। यदि स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाए तो साबुत अनाज खाने चाहिए, सलाद पर भी जोर देना चाहिए, पर्याप्त मात्रा पानी भी पीना चाहिए। अक्सर एक ही प्रकार के खाने से व्यक्ति का स्वास्थ्य सही नहीं रह सकता। स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए सभी पोषक तत्वों की जरूरत होती है।
-- डा जितेंद्र मोरवाल
स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए दिनों दिन बढ़ रहे फास्ट फूड से ध्यान हटाना होगा। हर वर्ग का ध्यान फास्ट फूड की ओर जाता है। जितनी अशुद्धता से फास्ट फूड बनता है, वह देखकर ही पता लगाया जा सकता है किंतु लोगों का रुझान इस कदर बढ़ गया है चाहे गंदगी भरे वातावरण में गंदे हाथों से भी फास्ट फूड खाने में खुशी महसूस कर रहे हैं। यही उनकी के स्वास्थ्य को गिराने का एक प्रमुख कारण रहा है। ग्रामीण क्षेत्र भी आज स्कूली बच्चे हो या छोटे बच्चे विशेष कर पैकेट कुरकुर,े चिप्स आदि को अधिक प्रयोग करते हैं जो उनके स्वास्थ्य को गिरता है।
--- निर्मल कुमार नांगल हरनाथ
युवा वर्ग आजकल हुक्का, चिलम, सिगरेट आदि की शौकीन होता जा रहा है।  दूध, पनीर, मक्खन छाछ और सूखे मेवे आदि का कम प्रयोग करते हैं। बुजुर्ग भी दूध और लस्सी के सहारे जीवन जी गए हैं और बेहतर जीवन की कर गए हैं। उनके खाने में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होती थी। आज युवा पीढ़ी खाने का विशेष ध्यान नहीं देती यही उनकी स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं बढ़ रही है।
-- अजीत कुमार कनीना निवासी
अकेले खाने ही नहीं सोने की आदतें, पढऩे की आदतों में सुधार करना होगा। अक्सर खाने के लिए समय कम देते हैं और अधिक से अधिक धन कमाने के पीछे दौड़ते रहते हैं। जो उनकी मानसिकता पर बुरा प्रभाव डालता है। यदि इंसान को स्वस्थ रहना है तो उसे हल्का-फुल्का व्यायाम करते हुए नियमित रूप से खाना खाकर, नियमित रूप से सोना चाहिए। तभी जाकर अपने स्वास्थ्य को बनाए रख सकते हैं। यदि किसी प्रकार की दिक्कत शरीर में आती है तो डाक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
--- कुलदीप बोहरा
फोटो कैप्शन:डाक्टर जितेंद्र मोरवाल, कुलदीप बोहरा तथा अजीत कुमार, निर्मल कुमार



भतीजी के जन्मदिन पर दीपक कुमार वशिष्ठ ने लगाया गुड़हल का पौधा
- दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
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कनीना की आवाज।
जनशक्ति विकास संगठन के अध्यक्ष दीपक कुमार वशिष्ठ ने अपनी भतीजी पूर्वी के तीसरे जन्मोत्सव को एक अनोखे और प्रेरणादायक तरीके से मनाया। इस अवसर पर उन्होंने कनीना स्टेशन के पार्क में गुड़हल (हिबिस्कस) का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस कार्यक्रम में परिवार के सदस्य, बुजुर्ग एवं बच्चे भी शामिल हुए और सभी ने मिलकर पौधारोपण किया। नन्ही पूर्वी के हाथों पौधा लगवाकर यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता बचपन से ही  शुरू होनी चाहिए। दीपक कुमार  वशिष्ठ ने कहा कि आज के समय में बढ़ता प्रदूषण और घटते पेड़-पौधे हमारे जीवन के लिए बड़ी चुनौती हैं। यदि हर व्यक्ति अपने जन्मदिन, वर्षगांठ या किसी विशेष अवसर पर एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो हम आने वाली पीढिय़ों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण दे सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि जनशक्ति विकास संगठन लगातार पौधारोपण, हरित अभियान और पर्यावरण जागरूकता के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। संस्था का उद्देश्य समाज को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनाना है।
इस मौके पर पूर्वी के दादा समाजसेवी सुरेश कुमार वशिष्ठ, बहन प्रियांशी और भाई रिहान, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड संघ चालक शिवकुमार अग्रवाल, स्टेशन मास्टर अशोक यादव, प्रियंका और मेहरवानी  मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 01: पौधारोपण करते हुए दीपक


स्याणा स्कूल प्रांगण में हवन आयोजित
-कड़ी मेहनत और योजनाबद्ध पढ़ाई के लिए सभी ने शपथ ली
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय , स्याणा में हवन करके नए बच्चों का विद्यालय में स्वागत किया गया तथा प्रवेश उत्सव मनाया गया। बच्चों को नये सत्र में कड़ी मेहनत और योजनाबद्ध पढ़ाई के लिए सभी ने शपथ ली। हवन में गांव के बड़े बुजुर्ग सूबेदार वासुदेव ,राम सिंह, एसएमसी उप प्रधान संदीप जी एसएमसी सदस्य सुशीला देवी एवं गांव के अन्य गणमान्य  व्यक्ति उपस्थित हुए। इस हवन में विद्यालय का पूरा स्टाफ शामिल हुआ व सभी ने मिलकर शपथ ली कि हम कड़ी मेहनत से बच्चों को संस्कारों के साथ पढ़ाएंगे।
 विद्यालय प्राचार्य प्रवीण कुमार ने मां सरस्वती से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए  प्रार्थना  की। हवन के माध्यम से इतिहास प्रवक्ता सूरत सिंह ने बच्चों को व उपस्थित गण मान्य लोगों को हवन का अर्थ बताया कि हवन से वातावरण के साथ-साथ मन भी शुद्ध होता है। अत: इन्होंने भी प्रार्थना की ,कि बच्चे अपनी कड़ी मेहनत के साथ अपने भविष्य की लकीरों को स्वयं लिखे। जिससे इनका आने वाला समय उज्ज्वल रहे द्य हवन में पवन कुमार प्रवक्ता गणित ,राजेश कुमार प्रवक्ता हिंदी ,राजेश कुमार  प्रवक्ता अंग्रेजी ,माया जी संस्कृत अध्यापिका , अशोक कुमार , हितेन्द्र , हनुमान लिपिक, जगवंती , प्रियंका, सुनीता ,सुरेंद्र व मुन्नी देवी उपस्थिति रही।
फोटो कैप्शन 02: हवन करके स्याणा स्कूल में नए सत्र का शुभारंभ करते हुए




पूर्व तहसीलदार ने की गौशाला में गायों की सेवा
-दिया गौशाला को 51 हजार रुपए का योगदान
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कनीना की आवाज।
व्यक्ति का पद और हैसियत कभी भी माता-पिता से बड़ा नहीं हो सकता। ये विचार पूर्व तहसीलदार महेंद्र सिंह मोरवाल ने  श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में गोसेवा करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमारा संपूर्ण जीवन हमारे माता-पिता की अमूल्य देन है। यदि हम उनके जीवित रहते हुए उनकी सेवा और सम्मान नहीं करते, तो हमारा पद, प्रतिष्ठा और धन सब निरर्थक हो जाता है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी वे अपने माता-पिता के त्याग और संस्कारों को कभी नहीं भूल सकते, क्योंकि उन्होंने अपना सर्वस्व संतान के लालन-पालन में समर्पित कर दिया।
श्री मोरवाल ने कहा कि आज गौशाला में आकर गौमाता के सान्निध्य में उन्हें ऐसा अनुभव हुआ, मानो उनकी मां स्वर्ग से उन्हें आशीर्वाद प्रदान कर रही हों। उल्लेखनीय है कि उनकी माता चमेली देवी पत्नी स्व. मांगेराम मोरवाल का कुछ दिन पूर्व ही निधन हुआ था। अपनी माता जी की पावन स्मृति में मोरवाल ने गौशाला को 51,000 रुपये की श्रद्धांजलि स्वरूप भेंट अर्पित की।
इस अवसर पर श्रीकृष्ण गौशाला कनीना के प्रधान भगत सिंह एवं समस्त कार्यकारिणी ने मोरवाल का गौशाला प्रांगण में अभिनंदन करते हुए उनके इस पुण्य कार्य के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मास्टर भूप सिंह, रमेश सत्संगी, सूबेदार मेजर महेंद्र सिंह, सूबेदार मेजर राजेश कुमार, कप्तान दीनदयाल, पूर्व पार्षद राजेंद्र, ओमप्रकाश आर्य भडफ़, सत्यवीर , उपप्रधान दिलावर सिंह, बलवान सिंह आर्य, जितेंद्र यादव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 03: गायों की सेवा में पूर्व तहसीलदार कनीना

 

















 

कनीना में सोमवार शाम को चली आंधी
-हुई बूंदाबांदी