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Sunday, October 18, 2026



 


पूर्व नगर पालिका चेयरमैन सतीश जेलदार के भांजे हरि मोहन बने कर्नाटक के राज्यपाल के ओएसडी
-कनीना क्षेत्र में खुशी की लहर, परिवार और शुभचिंतकों ने दी बधाई
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कनीना की आवाज।
कनीना के पूर्व नगर पालिका चेयरमैन सतीश जेलदार के भांजे हरि मोहन की कर्नाटक के राज्यपाल के कार्यालय में ओएसडी (विशेष कार्य अधिकारी) के पद पर नियुक्ति हुई है। इस उपलब्धि से परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। हरि मोहन की नियुक्ति को कनीना क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
हरि मोहन की इस नियुक्ति से पूर्व नगर पालिका चेयरमैन सतीश जेलदार के परिवार में खुशी और उत्साह का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि पर परिचितों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कर्नाटक के राज्यपाल के कार्यालय में ओएसडी के पद पर नियुक्ति महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से जुड़ी है। हरि मोहन की इस उपलब्धि से क्षेत्र के लोगों में भी उत्साह है। लोगों को उम्मीद है कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करेंगे।
सतीश जेलदार कनीना में पूर्व नगर पालिका चेयरमैन के रूप में अपनी पहचान रखते हैं। उनके भांजे हरि मोहन की इस नियुक्ति को परिवार के साथ-साथ क्षेत्र के लिए भी सम्मान की बात माना जा रहा है। इस मौके पर उन्हें दमन यादव ,सुखबीर ,राकेश ,सतबीर ,अशोक ,उमेश ,कृष्ण सिंह ,नवीन ,जोगेंद्र, रोहित यादव आदि ने बधाई दी है।
फोटो कैप्शन : हरिमोहन


 हनुमान के पराक्रम से गूंजा रामलीला मंच, धू-धू कर जली सोने की लंका
-सुग्रीव-बाली युद्ध और इंद्रजीत के साथ हनुमान के संवादों ने बांधा समां
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कनीना की आवाज।
श्रीआदर्श रामलीला कमेटी कनीना के रंगमंच पर शनिवार रात भगवान श्रीराम की 13 दिवसीय लीलाओं के मंचन के दसवें दिन लंका दहन की लीला प्रस्तुत की गई। सुग्रीव-बाली युद्ध, इंद्रजीत द्वारा हनुमान को बंदी बनाना और हनुमान के लंका दहन के दृश्यों ने दर्शकों को भक्ति और रोमांच से भर दिया। हनुमान के पराक्रम और कलाकारों के प्रभावशाली संवादों पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका कनीना के पूर्व पार्षद मनीष यादव और बाबा मोल्डनाथ मंदिर कमेटी के प्रधान दिनेश यादव सहित अन्य सदस्यों ने शिरकत की। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर मंचन का शुभारंभ किया।
मंचन में भगवान श्रीराम द्वारा सुग्रीव को न्याय दिलाने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। श्रीराम ने सुग्रीव की व्यथा सुनकर उसे न्याय दिलाने का वचन दिया और बाली का वध किया। इसके बाद हनुमान जी माता सीता की खोज में लंका पहुंचे। उन्होंने माता सीता को भगवान श्रीराम का संदेश और निशानी दी। इसकी जानकारी मिलने पर रावण ने हनुमान को बंदी बनाने का आदेश दिया। इंद्रजीत हनुमान को बंदी बनाकर रावण के दरबार में ले गया। इसके बाद हनुमान ने अपनी पूंछ में आग लगने पर पूरी लंका को आग के हवाले कर दिया। लंका दहन के दृश्य ने दर्शकों में खास उत्साह पैदा किया।
हनुमान की भूमिका निभा रहे मन्नू मित्तल ने अपने दमदार अभिनय और संवाद अदायगी से दर्शकों को प्रभावित किया। मन्नू कनीना रामलीला के 36 वर्ष पहले के प्रसिद्ध कलाकार शिब्बू पंसारी के पौत्र हैं। उनके अभिनय की दर्शकों ने खूब सराहना की। हनुमान और इंद्रजीत के बीच संवाद भी आकर्षण का केंद्र रहे।
रामलीला में रावण की भूमिका कृष्ण पहलवान चेलावास, मेघनाथ की मनोज रोहिल्ला, बाली की मोहित अरोड़ा और सुग्रीव की भूमिका उनके छोटे भाई कपिल अरोड़ा ने निभाई। तारा का किरदार अमित जांगड़ा, भगवान श्रीराम का शिवकुमार शर्मा, लक्ष्मण का प्रवक्ता सचिन शर्मा, माता सीता का मुकेश कपूर और जामवंत का पिनाक भारद्वाज ने निभाया। अक्षय कुमार की भूमिका विकसित रजलीवाल ने निभाई, जबकि अंगद के रूप में कर्नल चिकारा मंच पर उतरे। सभी कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों की वाहवाही लूटी।
इस अवसर पर श्री श्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग, शिब्बू पंसारी, विक्की पंसारी, सुभाष मित्तल, सुरेंद्र शर्मा, प्रधान मोहित जेलदार, उप प्रधान दिनेश यादव, रामकिशन रामा शर्मा, सुरेंद्र मिनिया, पिन्नू मित्तल और रामा सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 06:कनीना में रामलीला मंचन के दौरान लंका दहन की लीला प्रस्तुत करते कलाकार।
             05: कलाकार भूमिका अदा करते हुए



दशहरे तक चलेगा सांझी पर्व
-प्रतिदिन बच्चियां गीत गाकर प्रसन्न करती हैं सांझी को
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कनीना की आवाज।
दशहरे तक चलने वाला सांझी का पर्व अब समापन की ओर जा रहा है। एकता और भाईचारे का पर्व सांझी भगवान् राम के गुणों को बखान करने वाली रामलीला की भांति मनाया जाता है। गांवों में गोबर तथा सरकंडों से सांझी दिवार पर बनाई जाती है जिसे बच्चियां सिंझा कहती हैं। प्रतिदिन गीत गाकर और भोजन कराकर बच्चियों का समूह अपने घर चला जाता है।
     भाद्रपद अमावस्या के दिन गांवों में छोटे-छोटे बच्चे एवं बच्चियां मिलकर गोबर, चूड़ी के टुकड़े, कपड़ों की कतरन व कई साजोसामान से देवी मां की  झलक देने वाली सांझी दिवार पर बना देती हैं। तत्पश्चात प्रतिदिन शाम के वक्त पास पड़ोस की बच्चियां इक_ïी होकर सांझी को खाना खिलाती हैं तथा गीत गाती हैं।
    सांझी के निर्माण में बच्चियां अपनी बुद्धि व कौशल का परिचय देती हैं। जिस प्रकार सांझी मां के हाथ व पैरों को सजाया और संवारा जाता है।  बाल कलाकारों की यह अनोखी कलाकारी मन को मोह लेती है। भोजन कराने की क्रिया अश्विन शुक्ल दशमी अर्थात दशहरे तक चलती है। दशहरे के दिन सांझी को भोजन कराकर एक मटकी में डाला जाता है और मटकी के किनारों पर छेद करके मोमबत्ती जलाकर अंदर रख दी जाती है। छुपते छुपाते किसी जोहड़ में सांझी को बहा दिया जाता है।
  एक अनोखी परम्परा के अनुसार सांझी के समक्ष जितने भी बच्चे एवं बच्चियां मिलकर गीत गाते हैं वे प्रतिदिन अपनी बारी के अनुसार गीत समाप्त होने के बाद बाकली या बतासे बांटते हैं। बारी-बारी से प्रत्येक घर का बच्चा यह प्रसाद लाता है और बांटकर खाते हैं। सांझी को जोहड़ में प्रवाहित करने का फैसला भी सामूहिक होता है।  
क्यों करते हैं नौ दिन पूजा-
मां जगदंबा के नौ रूप होते हैं। प्रतिदिन बच्चे मां के एक रूप को पूजते हुए उसे खाना खिलाते हैं और बाद में स्वयं खाना खाते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है।
फोटो कैप्शन 03:दीवार पर बनी हुई सांझी


दुर्गा सप्तमी को कंजकों को कराया गया भोजन, दो दिन चलेगा भोजन कराने का सिलसिला
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कनीना की आवाज।
 दुर्गा सप्तमी पर कंजकों को भोजन कराया और उन्हें दान पुण्य किया। सोमवार को भी भोजन कराया जाएगा। दोपहर तक कंजकों को भोजन कराने का सिलसिला जारी रहा। यही नहीं अपितु कुत्तों एवं कौवों ने भी जी भर के भोजन किया। हरियाणा सरकार ने सोमवार को कुछ देरी से स्कूल लगाने का आदेश दे रखा है।
 दुर्गा सप्तमी से सिलसिला शुरू हुआ है और नवमी सोमवार को भी जारी रहेगा। कुछ लोग मंगलवार को भी कंजकों को खाना खिलाएंगे।
  नवरात्रों के सातवें दिन मंदिरों में पूजा अर्चना का जोर रहा वहीं मां की कढ़ाई की गई। विभिन्न मंदिरों में रौनक देखने को मिली। सोमवार को क्षेत्र में नवरात्रे पूर्ण होने जा रहे हैं। विभिन्न स्थानों पर हवन, कढ़ाई, भजन एवं सत्संग होते रहे।
जहां हलवा पुड़ी एवं शुद्ध देशी घी से बनी वस्तुएं खिलाई गई। उन्हें भेंटस्वरूप फल भी दिए गए। नवरात्रों के दिनों में फल एवं सब्जियां महंगी रही हैं। केले से लेकर सेब तक महंगे हैं। इन चीजों की जरूरत हर घर में रहती है।
फल महंगे-
बाजार में सभी फल एवं सब्जियां करीब दस रुपये महंगी चल रही हैं। रेहडिय़ों पर फल एवं सब्जियां सजी हुई हैं।
51 कन्याओं को कराया भोजन, हवन आयोजित-
संत मालडऩाथ आश्रम में 9 दिनों से चल रही मां दुर्गा के अखंड ज्योति का सोमवार के दिन हवन करके विधि विधान से समापन किया जाएगा। 51 कन्याओं को भोजन करवा कर दान दक्षिणा देकर कन्याओं का पूजन किया जाएगा। मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मां दुर्गा का नवरात्रों का समापन पर हवन किया जाएगा वहीं कन्याओं को भोजन करवा कर दान दक्षिणा दी जाएगी।
 फोटो कैप्शन 04: कंजकों को भोजन कराते हुए



















कनीना में कांग्रेस का रोष मार्च आज, मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंकेंगे कार्यकर्ता
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कनीना की आवाज।
हरियाणा कांग्रेस के आह्वान पर 19 अक्टूबर को कनीना में ब्लाक कांग्रेस की ओर से वोट बचाओ, देश बचाओ, संविधान बचाओ कार्यक्रम के तहत रोष मार्च निकाला जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका जाएगा। विस्तृत जानकारी देते हुए पूर्व सीपीएस अनीता यादव ने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे कांग्रेस कार्यकर्ता नेताजी सुभाष पार्क, कनीना में एकत्रित होंगे। इसके बाद वहां से रोष मार्च निकालते हुए अंबेडकर चौक पहुंचेंगे, जहां मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर उनका पुतला फूंका जाएगा। उन्होंने जिला और ब्लाक स्तर के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं तथा पार्टी समर्थकों से निर्धारित समय पर पहुंचकर कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में उकलाना के विधायक एवं जिला प्रभारी नरेश कुमार सेलवाल मुख्य रूप से शामिल होंगे। इसके अलावा जिला कांग्रेस अध्यक्ष सतबीर झुकिया सहित अन्य पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ता  भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने  बताया कि प्रदेशभर में पार्टी के बैनर तले चल रहे विरोध प्रदर्शनों की कड़ी में कनीना में भी यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसके माध्यम से पार्टी वोट बचाओ, देश बचाओ, संविधान बचाओ का संदेश देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएगी।


नवरात्रों के साथ अब दीपावली की तैयारी
- फूलों की बढ़ी मांग, 150 रुपये किलो तक पहुंचा भाव
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में एक दर्जन गांवों में किसानों ने फूलों की खेती की हुई है। फूलों की मांग बढ़ती जा रही है जो भाव 70 से 80 रुपये प्रति किलो था वह डेढ़ सौ से 160 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है।
 राजू कनीना, गजराज मोड़ी, कृष्ण कुमार भडफ़ ने बताया कि उन्होंने फूलों की खेती की है और लंबे समय से फूलों की खेती करते आ रहे हैं। जब-जब त्यौहार पास आते हैं, फूलों की मांग बढ़ जाती और विशेष कर नवरात्रि दीपावली पर फूलों की मांग अधिक होती है। नवरात्रों पर आकर में छोटे फूलों की मांग अधिक होती है और दीपावली पर बड़े आकार के फूलों की मांग अधिक होती है। कृष्ण कुमार ने बताया कि वह दिल्ली फूल बेचने के लिए जाते हैं। वर्तमान में भाव 150 से 160 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है जबकि यही भाव पहले 70 से 80 रुपये प्रति किलो था। गेंदे की खेती कैश क्रॉप में आती है और बेहतर भाव मिलने की संभावना होती है।
किसानों ने बताया कि कभी-कभी भाव इतने कम होते हैं कि किसान मंडियों तक फूल नहीं ले जाते। इस समय दीपावली नजदीक है जिसकी तैयारी में किसान भी अपने खेतों में बेहतर फूलों तैयारी कर रहे हैं। बेहतरीन दर्जे के फूल तैयार कर रहे हैं ताकि वो दीपावली पर बेचे जा सके।
 फोटो कैप्शन 02: फूल बेचने जाते हुए किसान



दूर दराज तक विख्यात है भडफ़ का माता मंदिर
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कनीना की आवाज।
उप-मंडल कनीना से तीन किलोमीटर दूर रेवाड़ी सड़क मार्ग पर भडफ़ गांव में माता का मंदिर स्थित है।
 मंदिर का इतिहास--
भडफ़ गांव के माता मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह गांव के बसासत के समय से चला आ रहा है। पहले इसका नाम नाम बाड़ीवाला आश्रम था जहां संत बिहारी दास, मोहिनीदास, प्रेमानंद आदि संतों ने तप किया और अब उनके स्थान पर प्रेमानंद गिरी महाराज संत तप करते है। यहां पर मकर संक्रांति पर बड़ा मेला लगता है तथा भारी भीड़ जुटती है। 15 साल पहले इस मंदिर की स्थापना की गई थी। जहां पर बाड़ीवाला आश्रम था उसी जगह आज माता का भव्य मंदिर बनाया गया है। दुर्गा के विभिन्न रूपों की मूर्तियों तथा अन्य देवी देवताओं की मूर्तियां यहां स्थापित की गई है। मूर्तियां राजस्थान से बनवाकर लाई गई थी।
 कैसे पहुंचा जाए-
 इस मंदिर तक पहुंचाने के लिए कनीना पहुंचना जरूरी है। कनीना से रेवाड़ी मार्ग पर पहला बस स्टाप भडफ़ का आता है। भडफ़ के बस स्टाप से उतरने पर भडफ़ गांव की बणी में पहुंचा जाएगा। बणी के पास ही यह मंदिर स्थापित है। इस गांव के ही नहीं अपितु दूर दराज से भक्त यहां आते हैं। विभिन्न प्रसाद वितरित करते हैं जिनमें बतासे, बूंदी तथा अन्य मीठे का प्रसाद वितरित किया जाता है। यहां मंदिर  में दुर्गा, सरस्वती, महाकाली, शेरावाली, पार्वती आदि देवियों की मूर्ति स्थापित है।
क्या कहते हैं पुजारी-
 महाराज ब्रह्मगिरी बताते हैं कि यह माता का भव्य मंदिर है। यहां पर दूर दराज तक के भक्त आते हैं और अपनी मन्नत दिल में लाते हैं। यहां पर मांगी गई मन्नत पूर्ण होती है। माता के दरबार में हाजिरी लगाना ही बड़ा होता है। अपने आप को छोटा समझकर मां के दरबार में सभी को आना चाहिए, नतमस्तक होना चाहिए तभी सभी काम सफल होते हैं।
      ---ब्रह्मगिरी महाराज
 क्या कहते हैं भक्त-
 नवरात्रों में ही नहीं अकसर यहां पूजा करने आते रहते हैं। अक्सर जाकर धोक लगते हैं और यही मन्नत मांगते हैं की संपूर्ण गांव और सृष्टि खुशहाल रहे। उनका कहना है की माता के दरबार में दिन-रात भारी संख्या में भक्ति पहुंचते हैं क्योंकि इसमें अनेक देवी देवताओं की मूर्तियां स्थापित है इसलिए हर दिन किसी ने किसी देवी देवता के पूजा करने लोग यहां पहुंचते हैं।
 --- भक्त महेंद्र सिंह भक्त
फोटो कैप्शन: भडफ़ में माता मंदिर की मूर्तियां, ब्रह्मगिरी  तथा महेंद्र सिंह।



नवरात्रि पर लगाए फलदार व धार्मिक महत्व के पौधे
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कनीना की आवाज।
नवरात्रि के पावन पर्व पर गांव रामबास के मंदिर परिसर में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी मनोज कुमार रामबास ने अपने साथियों के साथ मिलकर मंदिर परिसर में बेलपत्र, लेहसुआ, आड़ू और नाशपाती सहित विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए। पौधारोपण के माध्यम से ग्रामीणों को प्रकृति संरक्षण, हरियाली संवर्धन और पौधों की देखभाल के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान मनोज कुमार रामबास ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति और पेड़-पौधों का विशेष महत्व है। पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार हैं। वे वातावरण को स्वच्छ बनाने, छाया प्रदान करने, जैव विविधता को बढ़ावा देने और जीव-जंतुओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि जैसे धार्मिक पर्व केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये हमें समाज और प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा भी देते हैं। मंदिर परिसर में बेलपत्र का पौधा लगाना धार्मिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है।
मनोज कुमार रामबास ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल करना, समय पर पानी देना और उन्हें सुरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है। एक पौधा जब वृक्ष बनता है, तभी वह लंबे समय तक प्रकृति और समाज को लाभ पहुंचाता है। इसलिए पौधारोपण के साथ पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी सामूहिक रूप से निभानी चाहिए।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे जन्मदिन, त्योहारों, धार्मिक आयोजनों और अन्य शुभ अवसरों पर पौधे लगाकर उन्हें यादगार बनाएं। यदि प्रत्येक परिवार कुछ पौधे लगाकर उनकी देखभाल करने का संकल्प ले, तो गांव में हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ आने वाली पीढिय़ों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण दिया जा सकता है।
गांव रामबास में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया यह पौधारोपण कार्यक्रम समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का संदेश देता है। मंदिर परिसर में लगाए गए पौधे धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और पर्यावरण प्रेम के प्रतीक हैं।
कार्यक्रम के अंत में मनोज कुमार रामबास और उनके साथियों ने पौधों की नियमित देखभाल करने तथा गांव को अधिक हरा-भरा, स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।
फोटो कैप्शन 01:पौधारोपण करते हुए मनोज कुमार एवं उसके साथी
 

सेहलंग गांव के सोमा बाबा का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
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कनीना की आवाज।
खंड कनीना के गांव सहलंग निवासी 85 वर्षीय सोमदत्त शर्मा उर्फ सोम बाबा  का आज प्रात: निधन हो गया। उनके निधन से गांव सहित आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वे अपने पीछे तीन पुत्रों, दो बेटियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके सुपुत्र राधेश्याम, सीताराम और सतपाल तीनों खेतीबाड़ी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
उनके पौत्र  देवेंद्र भारद्वाज ने बताया कि सोमदत्त शर्मा अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और जनसेवा की भावना के कारण गांव में विशेष पहचान रखते थे। वे गांव के भविष्यवक्ता के रूप में भी मशहूर थे। ग्रामीणों के बीच उन्हें सोम बाबा तथा लोहार समाज के जोशी के नाम से भी जाना जाता था। उनके जीवन से जुड़ी अनेक ऐसी घटनाएं और संस्मरण ग्रामीणों के बीच प्रचलित रहे, जिनमें उनकी कही गई बातें बाद में सही साबित होने की चर्चा होती रही।
फोटो कैप्शन: सोम बाबा


एकल पारी में चलाया जाए विद्यालय वरना दिया जाएगा धरना
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कनीना की आवाज।
प्रजा भलाई संगठन के सुप्रीमोअतरलाल ने भोजावास गांव के राजकीय पीएमश्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को एक पारी (वन-शिफ्ट) में चलाने की मांग की। अतरलाल ने ई-मेल से जिला शिक्षा अधिकारी महेन्द्रगढ़ की मार्फत निदेशक वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल शिक्षा विभाग हरियाणा चंडीगढ़ को भेजे ज्ञापन में उक्त मांग उठाई है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि शिक्षा विभाग ने 15 दिन के अंदर विद्यालय में एक पारी शुरू नहीं की तो अभिभावकगण और ग्रामवासी गांव में स्थापित डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा के समक्ष धरना देने पर मजबूर होंगे।



बाजरे की सरकारी खरीद का हुआ शेड्यूल जारी
- सुबह 8 बजे से शाम 5 तक चलेगी खरीद
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कनीना की आवाज।
 कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में किसानों का सरकारी बाजरे खरीद का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। शेड्यूल अनुसार 19 अक्टूबर को मुडिया खेड़ा, नांगल, नौताना एवं पड़तल के किसान अपना बाजरा बेच पाएंगे।  वहीं 20 अक्टूबर को पाथेड़ा, पोता, रामबास, रसूलपुरके किसान और 21 अक्टूबर को सेहलंग, सुंदराह, स्याणा,सिहोर के किसान बाजार बेच पाएंगे। वहीं 22 अक्टूबर को तलवाना, उच्चत, उन्हाणी एवं ढाणा के किसान अपनी पैदावार बेच सकेंगे।
विस्तृत जानकारी देते हुए सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी मार्केट कमेटी अजीत सिंह ने बताया कि किसान बिना शेड्यूल के मंडी में ना आए, गेट पास कटवाने के लिए अपने साधन पर नंबर प्लेट लगवाना जरूरी है। वो किसान अनाज मंडी में आए जिन्होंने रजिस्ट्रेशन मेरी फसल मेरा ब्यौरा करवाया हुआ है। अपनी फसल को अच्छी प्रकार सुखाकर वह साफ करके लाए।

Saturday, October 17, 2026



 




एकल पारी में चलाया जाए विद्यालय वरना दिया जाएगा धरना
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कनीना की आवाज।
  प्रजा भलाई संगठन के सुप्रीमो बसपा नेता अतरलाल ने भोजावास गांव के राजकीय पी.एम. श्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को एक पारी (वन-शिफ्ट) में चलाने की मांग की। अतरलाल ने ई-मेल से जिला शिक्षा अधिकारी महेन्द्रगढ़ की मार्फत निदेशक वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल शिक्षा विभाग हरियाणा चंडीगढ़ को भेजे ज्ञापन में उक्त मांग उठाई है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि शिक्षा विभाग ने 15 दिन के अंदर विद्यालय में एक पारी शुरू नहीं की तो अभिभावकगण और ग्रामवासी गांव में स्थापित डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा के समक्ष धरना देने पर मजबूर होंगे।
                       अतरलाल ने उक्त जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें भोजावास गांव के गणमान्यों से शिकायत मिली है कि उनके गांव के विद्यालय में दोहरी पारी के कारण छात्र-छात्राओ को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। दूसरी पारी में छुट्टी देर से होने के कारण दूर-दराज के कुओं तथा ढ़ाणीयों में रहने वाले बच्चों को घर लौटने में दिक्कत होती है। सर्दियों में कोहरा और कमदृश्यता के कारण दुर्घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है। इसके अतिरिक्त दोहरी पारी के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए पूरा समय नहीं मिल पाता। उन्हें होमवर्क करने, पाठ्यक्रम पूरा करने और दोहराई करने में परेशानी होती है। अतरलाल ने ज्ञापन में सवाल उठाया कि जब विद्यालय के पास पर्याप्त 29 कमरे, टीन शेड तथा स्थान है और छात्रों की कुल संख्या भी पहले से कम है तो फिर दोहरी पारी क्यों लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अभिभावक, ग्रामवासी और स्कूल प्रबंधन कमेटी के सदस्य कई बार जिला शिक्षा अधिकारियों से स्कूल को एक पारी में लगाने की प्रार्थना और आग्रह कर चुके। उसके बावजूद जिला शिक्षा विभाग और प्रशासन लोगों की जायज मांग की अनदेखी कर रहा है। जिसके कारण ग्रामवासियों तथा आसपास के गांवों के अभिभावकों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि 15 दिन के अंदर विद्यालय में एक पारी शुरू नहीं की गई तो अभिभावक सड़क के साथ डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा के समक्ष धरना देने पर मजबूर होंगे।





क्षेत्र में दिखाई दिया सीजन का पहला कोहरा ,
अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराया ट्रक
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कनीना की आवाज।
  क्षेत्र में सीजन का पहला कोहरा दिखाई दिया। बीते दो दिन से हो रही हल्की वर्षा के साथ गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी। इसके साथ खेतों में हल्का कोहरा भी दिखाई दिया। कोहरे के कारण महेंद्रगढ़ रोड पर गुढ़ा के पास एक ट्रक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गया। गनीमत रही कि कोई जान माल की हानि नहीं हुई। सर्दी के रंग दिखाने से किसान खुश हैं क्योंकि उनकी रबी फसल को ठंड की जरूरत होती है।
फोटो कैप्शन 09: ट्रक टकराया पेड़ से
             10: क्षेत्र में पड़ता हुआ कोहरा




 साहित्य मनीषियों के महाकुंभ में होगा 14 कृतियों का विमोचन
-129 साहित्यकारों और पत्रकारों को किया जाएगा सम्मानित
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कनीना की आवाज।
  जबलपुर में 31 अक्टूबर को अपराह्न 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक साहित्य मनीषियों का महाकुंभ जुटने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रियाशील  कादंबरी संस्था की ओर से 129 साहित्यकारों एवं पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा।
 विस्तृत जानकारी देते हुए संस्था के अध्यक्ष आचार्य भगवत दुबे, महासचिव राजेश पाठक 'प्रवीण' तथा यशोवर्धन पाठक कोषाध्यक्ष ने बताया कि इस मौके पर मुख्य अतिथि राकेश सिंह, मंत्री लोक निर्माण विभाग मध्य प्रदेश शासन होंगे  वही श्रीमां साध्वी विभानंद गिरि नईदिल्ली  मंगल आशीष देंगी। साथ में डा. कैलाश गुप्ता, अशोक मनोध्याय, डा. राजेश धीरावाणी, आचार्य रामनाथ साहू 'ननकी' आदि भी उपस्थित रहेंगे। समारोह में देश के विविध अंचलों के साहित्यकारों द्वारा सृजित 14 कृतियों का विमोचन भी किया जाएगा तथा 129 देश और विदेश से आए हुए साहित्यकारों और पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा। संस्था द्वारा चार लाख 18 हजार 200 रुपये की राशि के 129 स्मृति पुरस्कार दिए जाएंगे जिनमें एक पुरस्कार के 21 हजार रुपये, चार पुरस्कार ग्यारह ग्यारह हजार के, 32 पुरस्कार 5000- 5000 रुपये के तथा 92 पुरस्कार 2100-2100 रुपये के दिए जाएंगे। कादंबरी परिवार विगत कई वर्षों से यह सम्मान समारोह हर वर्ष आयोजित करता आ रहा है।समारोह में कादम्बरी की स्मारिका का भी विमोचन होगा। प्रथम सोपान में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
इन कृतियों का होगा विमोचन-
उन्होंने बताया कि इस मौके पर 14 विभिन्न कृतियों का विमोचन भी होगा जिनमें गोविंद पाल भिलाई की बाघ मामा सियार भांजा, गोविंद पाल की भारतीय ज्ञान परंपरा और विश्व बौद्ध, शंकर भट्टाचार्य दुर्ग की बेजुबान सच, शंकर भट्टाचार्य दुर्ग की ही दूसरी कृति एक मु_ी ईमानदारी, राकेश माहेश्वरी काल्पनिक नरसिंहपुर धूप छांव के संग, डा.अनामिका तिवारी जबलपुर की ऋषि द्वद्व, डा. उमेश चंद्र मिश्रा मैहर प्रतापगढ़ की करवा चौथ, नौमी श्रीवास्तव जबलपुर की जब एक नदी मेरी कहानी में उतरी, हेमंत झा छिंदवाड़ा की आधी हकीकत आधा फसाना, डा. विजय प्रकाश सैनी झांसी की हम इतने झूठे कभी न थे, ज्योति प्यासी अनिका जबलपुर की अंत से अनंत तक, संतोष जाटव जलौनी भिलाई की चिडिय़ा रानी बड़ी सयानी, ज्योति मिश्रा जबलपुर की पारिजात मन, डा. लखविंदर कौर जस्सल जबलपुर की सोच की दिशा प्रमुख हैं।
ये 129 साहित्यकार होंगे सम्मानित- 21 हजार  रुपये से सम्मानित- विमल बुंदेला, छतरपपुर, पंडित सुधाकर शर्मा बालाघाट 11 हजार का सम्मान पाने वाले- गिरीमोहन गुरु नर्मदापुरम, डॉ. अर्जुन प्रताप सिंह मिर्जापुर, डॉ. पशुपतिनाथ उपाध्याय अलीगढ़। 5000 रुपये का इनाम पाने वाले साहित्यकार होंगे-भगवत दुबे दीप जबलपुर, डॉ. संध्या जैन श्रुति जबलपुर, डॉ. सुरेंद्र मोहन कौशिक यूएसए,  देवेंद्र मिश्रा जबलपुर, डॉ. अद्याप्रसाद सिंह प्रदीप सुल्तानपुर, डॉ. सुधा गुप्ता अमृता, प्रमोद कुमार गोविल जयपुर, कैलाश नाथ बाजपेई, डॉ. अनीता पांडा दिल्ली, मुक्तिनाथ झा सहरसा, बिहार ,नरेंद्र दीपक भोपाल, जगदीश मोहन रावत, सुनील कुमार बाजपेई लखनऊ, वीरेंद्र स्वर्णकार निर्झर बुरहानपुर, मनोरमा श्रीवास्तव भोपाल, वीरेंद्र कुमार चंद्रसखी गाजियाबाद, डॉ. गिरिजा नरवरिया भिंड, डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा उरतृप्त हैदराबाद, जय भगवान सैनी हरियाणा, डॉ. कृष्ण जैमिनी गुरुग्राम, इंजीनियर संतोष कुमार मथुरा, डा. विभा प्रकाशन लखनऊ, पुरुषोत्तम श्रीवास्तव पुरु जयपुर, डॉ. ओमप्रकाश कादयान हिसार, गीता कौशिक रत्न यूएसए, हरे राम बाजपेई इंदौर, सुरेंद्र अग्निहोत्री प्रयागराज, सीताराम बघेल मुरैना, डॉ. विजय प्रकाश सैनी विजय झांसी, डॉ.नरेंद्र नाथ लाहा ग्वालियर, डॉ. महेश कुमार मधुकर बरेली, डॉ. रवि बाला महाजन खरगोन। 21 हजार रुपये मिलेगा- भारत सातपुते लाटूर, राकेश सोहम जबलपुर, डा. विवेक सक्सेना नरसिंहपुर, रचना उनियाल बेंगलुरु, डा. रेनू श्रीवास्तव भोपाल, डॉ. चेतन ज्योतिषी ब्योहार मंडला, कर्तव्य उपाध्याय दमोह, भारती जैन दिव्यांशी मुरैना, मनीषा आवले चौगांवकर दिल्ली, मनीष कुमार पाटीदार खरगोन, डॉ. एमएस श्रीवास्तव पृथ्वीपुर, आचार्य डॉ. रामलाल द्विवेदी प्राणेश चित्रकूट, डॉ. श्वेता त्रिपाठी सत्यजीवजा पन्ना, रूप जी रूप घाटोली झालावाड़, हेमराज सिंह हेम बालूपा कोटा, डॉ राहुल राममोहन श्रीवास्तव खेवाली वाराणसी, जगत प्रकाश शर्मा दतिया, गायत्री ठाकुर सक्षम नरसिंहपुर, अनिल कुमार नील प्रतापगढ़, राम लखन शुक्ला प्रयागराज, शंकर भट्टाचार्य दुर्ग, शीशलता शालू भिलाई, संतोष जाटव जालौन भिलाई ,निशा आतुल्य देहरादून, अनूप कुमार त्रिपाठी अनुपम भोपाल, सुधा दुबे भोपाल, आदित्य अभिनव कौशांबी, कन्हैया साहू अमित भाटापारा, डॉ. पूनम आनंद पटना, देवेंद्र कुमार पाठक कटनी, डॉ सुधा पंडा प्रज्ञा रायगढ़ छत्तीसगढ़, पल्लवी दरक न्याति कोटा, आशुतोष तिवारी जबलपुर, अर्चना शर्मा कोटा, डॉ. विवेक वद्र्धन श्रीवास्तव इंदौर, रीता गुप्ता रश्मि कोटा, डॉ.  उमेश चंद्र मिश्रा प्रतापगढ़, डॉ. प्रियदर्शनी राज गुजरात, रचना सक्सेना प्रयागराज, शशि रंजन समदर्शी हरिद्वार, सोनू सुरीला बारां राजस्थान, महेश पंचोली कोटा, रामगोपाल निर्मलकर सिवनी, डॉ. साधना शुक्ला भोपाल, शिशिर उपाध्याय इंदौर, विनय कुमार झा, गाजियाबाद, कमल चंद्रा भोपाल, सुनीति बैस ग्वालियर, नरेंद्र निर्मल भरतपुर, पवन शर्मा जुन्नारदेव, राकेश कुमार पलामू, नरेंद्र शुक्ला सुलतानपुर, डॉ. रोशनी किरण अंधेरी मुंबई, महेश चंद्र जोशी खरगोन, अरुण साहू रायगढ़, केशव चंद दुबे भोपाल, नीलम कुमार नील मेरठ, डॉ. नीलिमा मिश्रा नीलम प्रयागराज, डॉ. कामना कौस्तुभ, विनोद मिश्रा सुरमणि दतिया, डॉ. विष्णु शास्त्री सरल चंपावत, डॉ. कनक पाणि नई दिल्ली, डॉ.मनीष गिरी, बीना मंगल कंकरखेड़ा, सुमन लता शर्मा बूंदी, डा. मंजू गोरे जबलपुर, डॉ. शिवराज सिंह शक्तावत कोटा, श्याम चतुर्वेदी विदिशा, महेश मानव बरेला, डॉ. नेहा शर्मा नेह मोहाली पंजाब, प्रीति डिमरी प्रीत देहरादून, रामलाल सराठे रश्मि छिंदवाड़ा, डॉ. सुमन कसाला हरियाणा, कुसुम सिंह अविचल कानपुर, डॉ. वंदना गोपाल शर्मा शैली भाटापारा, राजेंद्र श्रीवास्तव ग्वालियर, पायल शर्मा डूंगरपुर राजस्थान, डॉ. कुकुम गुप्ता भोपाल,बीएल गोहिया, डॉ. प्रतिभा द्विवेदी भोपाल,
सुमनलता शर्मा बूंदी राजस्थान, राकेश मिश्रा मोहम्मदी खीरी, ओम प्रकाश मिश्रा व्यथित रीवा, पुरुषोत्तम पटेल तन्हा जबलपुर, शिवकुमार शर्मा चंदन रामपुर, कामिनी मिश्रा अनिका कानपुर, डॉ. रश्मि मोयदे रागिनी उज्जैन, ललिता यादव बिलासपुर, डेजी रानी मिश्रा बुलंदशहर, डॉ. नीलू शुक्ला समीर भोपाल, डॉ.कविता विकास नोएडा, डॉक्टर बृज लता मिश्र झांसी आदि प्रमुख हैं।


एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ककराला ने कबाड़ से जुगाड़ प्रदर्शनी में हासिल किए पुरस्कार
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कनीना की आवाज।
  सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा, महेंद्रगढ़ में शिक्षा मंत्रालय के व्यावसायिक अध्ययन एवं कौशल विभाग के अंतर्गत औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता ही सेवा एवं एक भारत श्रेष्ठ भारत के
संयुक्त तत्वावधान में कबाड़ से जुगाड़ एवं कबाड़ से कला प्रदर्शनी, अपशिष्ट प्रबंधन कार्यशाला एवं सफाई मित्र सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ककराला ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और अपनी रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच एवं नवाचार का शानदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनी में विद्यालय के विद्यार्थियों ने कबाड़ एवं अनुपयोगी सामग्री का रचनात्मक उपयोग करके उपयोगी माडल, वर्किंग प्रोजेक्ट एवं पोस्टर प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की इन प्रस्तुतियों ने अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण तथा वेस्ट टू बेस्ट की अवधारणा को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया।
विद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पोस्टर प्रेजेंटेशन में समर पुत्र श्री हनुमान, हार्दिक व चिराग ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बेस्ट आउट आफ वेस्ट प्रोजेक्ट में यश , चिराग व रितिक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
बेस्ट आउट आफ वेस्ट में रजत, यश व उमेद ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा कक्षा 11वीं की खुशी, दीक्षा ,जिया , कक्षा नवीं की भूमिका व दिव्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत, रचनात्मक प्रतिभा एवं इनोवेशन कार्यप्रभारी जसबीर जांगिड़ व कला और शिल्प प्रभारी  शोभा राय के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है। इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक होने, संसाधनों का पुन: उपयोग करने तथा स्वच्छता एवं सतत विकास के महत्व को समझने का अवसर प्रदान किया।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक ओमप्रकाश, उप-निदेशक पूरण सिंह एवं प्रधानाचार्य अरविंद कुमार तोमर ने इस शानदार उपलब्धि पर सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों और मार्गदर्शक शिक्षकों को हार्दिक बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
फोटो कैप्शन 08: अव्वल को पुरस्कृत करते हुए



बच्चों के भविष्य की खातिर बेवल गांव में उठी आवाज
-डीएवी संस्थान कनीना को दोबारा खोलने की मांग
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कनीना की आवाज। 
जिस डीएवी संस्थान में कभी बच्चों के सपनों को उड़ान मिलती थी, आज उसी संस्थान को दोबारा शुरू करवाने की उम्मीद लेकर ग्रामीण एकजुट हो रहे हैं। शनिवार को बेवल गांव की सभा की अध्यक्षता हरेंद्र शर्मा ने की और सरकार से मांग की कि कनीना में वर्षों से बंद पड़े डीएवी अकादमी को पुन: संचालित करवाया जाए।
उन्होंने कहा कि ये सभा बच्चों के भविष्य, क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसरों और बंद पड़े शैक्षणिक संस्थान को फिर से आबाद करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि स्कूल की इमारतें केवल ईंट-पत्थर से नहीं बनतीं, उनमें बच्चों के सपने, माता-पिता की उम्मीदें और समाज का भविष्य बसता है।
ग्रामीणों का मानना है कि डीएवी संस्थान दोबारा शुरू होने से कनीना और आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिल सकते हैं। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए जनसमर्थन जुटाने तथा संबंधित डीएवी प्रबंधन और प्रशासन के समक्ष सामूहिक रूप से मांग रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
यह पहल किसी व्यक्ति या संस्था के विरोध में नहीं, बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य और क्षेत्र के शैक्षणिक विकास के लिए है। अभियान से जुड़े लोगों ने क्षेत्रवासियों और अभिभावकों से अपील की कि वे इस जनहित के प्रयास में अपना सहयोग दें।
फोटो कैप्शन 06: डीएवी अकादमी कनीना को पुन: शुरू करवाने की मांग को लेकर आयोजित बैठक।


सोने के मृग के मोह में सीता हरण, रामलीला मंचन ने बांधा समां
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कनीना की आवाज।
  श्रीआदर्श रामलीला कमेटी कनीना के रंगमंच पर भगवान श्रीराम की 13 दिवसीय लीलाओं के नौवें दिन शुक्रवार रात सीता हरण की लीला का मंचन किया गया। कलाकारों ने शूर्पणखा प्रसंग से लेकर रावण द्वारा साधु का वेश धारण कर माता सीता का हरण करने तक के दृश्यों को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम में हरियाणा प्रदेश वैश्य समाज के प्रदेश महामंत्री एवं समाजसेवी दुर्गादत्त गोयल मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने रामलीला कमेटी को अपने निजी कोष से 31 हजार रुपये भेंट किए। महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर पूजा खींची विशिष्ट अतिथि रहीं। प्रजापति विकास समिति कनीना ब्लाक के प्रधान बलवान सिंह तथा पूनम चंद, ताराचंद एंड संस से कृष्ण भी मौजूद रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंच संचालन मुख्याध्यापक सत्यप्रकाश महरौलिया ने किया।
रामलीला में दिखाया गया कि रावण की बहन शूर्पणखा भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को देखकर मोहित हो जाती है और श्रीराम के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखती है। श्रीराम के प्रस्ताव ठुकराने के बाद वह लक्ष्मण के पास जाती है। इसके बाद लक्ष्मण शूर्पणखा की नाक-कान काट देते हैं। अपमानित शूर्पणखा खर, दूषण और त्रिशिरा के पास पहुंचकर पूरा घटनाक्रम सुनाती है। इसके बाद खर, दूषण और त्रिशिरा राक्षसों की सेना लेकर युद्ध के लिए पहुंचते हैं, जहां भगवान श्रीराम उनका वध कर देते हैं।
इसके बाद शूर्पणखा रावण के पास पहुंचकर अपनी व्यथा सुनाती है। खर-दूषण और त्रिशिरा के मारे जाने से रावण समझ जाता है कि श्रीराम कोई साधारण मनुष्य नहीं, बल्कि भगवान के अवतार हैं। वह सीता हरण की योजना बनाता है। मारीच सोने का मृग बनकर श्रीराम को दूर ले जाता है और रावण साधु का वेश धारण कर माता सीता का हरण कर लेता है। कलाकारों ने इन दृश्यों का
मुख्य अतिथि दुर्गादत्त गोयल ने कहा कि हनुमान जी ऐसे सच्चे सेवक थे, जिन्होंने अपनी सेवा, समर्पण और भक्ति से देवत्व प्राप्त किया। रामायण में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण सहित कई पात्रों के सामने संकट आए, लेकिन हनुमान जी हर परिस्थिति में संकटमोचन बनकर खड़े रहे। उन्होंने कहा कि जीवन में भी हर व्यक्ति के सामने कठिन परिस्थितियां आती हैं। ऐसे समय में हनुमान जी के साहस, समर्पण और दृढ़ता से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने सभी से भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलते हुए अच्छे संस्कार अपनाने का आह्वान किया।
मंचन में रावण की भूमिका कृष्ण पहलवान चेलावासिया, श्रीराम की शिवकुमार शर्मा, लक्ष्मण की प्रवक्ता सचिन शर्मा तथा माता सीता की भूमिका मुकेश कपूर ने निभाई। सूतीक्षण की भूमिका निर्देशक साहिल शर्मा, अगस्त्य मुनि की नंदलाल शर्मा, खर की पिनाक भारद्वाज तथा दूषण की भूमिका दिनेश यादव ने निभाई। इसके अलावा दिनेश जांगड़ा, संदीप चौधरी, कर्नल चीकारा, नीटू जांगड़ा और नितिन सिंगला टिंकू सहित अन्य कलाकारों ने भी अपनी भूमिकाओं से मंचन को प्रभावशाली बनाया।
इस अवसर पर श्री श्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग, व्यापार मंडल के पूर्व उपप्रधान रविंद्र बंसल, शिबू पंसारी, विक्की पंसारी, सुभाष मित्तल, सुरेंद्र शर्मा, रामलीला कमेटी के प्रधान मोहित जेलदार, बाबा मोलडऩाथ कमेटी के प्रधान दिनेश यादव, रामकिशन रामा शर्मा, सुरेंद्र मिनिया और पिन्नू मित्तल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04: श्री आदर्श रामलीला के मंच पर सीता हरण की लीला का मंचन करते कलाकार।
             01: विभिन्न भूमिकाएं निभाते कलाकार




बूंदाबांदी के बाद तेजी आ गई है बिजाई में
-सरसों बिजाई का कार्य चरम पर
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कनीना की आवाज।
 कनीना की बावनी नाम से जाने जाने वाली वाली कृषियोग्य भूमि पर गत दिनों हुई बूंदाबांदी के बाद खेत की तैयारी और सरसों बिजाई में तेजी आ गई है।  गेहूं अगले माह बोया जाना है किंतु इस वक्त तेजी से किसान खेतों की तैयारी, सिंचाई तथा सरसों की बिजाई कर रहे हैं। कुछ किसानों ने तो अभी तक सरसों के बिजाई भी कर दी गई है। विश्वविद्यालय की सरसों की किस्में आरएच-1975 और आरएच-725 जो किसान उगाना चाहे तो उसके लिए 20 अक्टूबर तक का समय ही उचित है। उधर 20 अक्टूबर तक ही सरसों के बिजाई की जानी है किंतु तापमान का भी ध्यान रखना है।
 क्या कहते हैं एसडीओ कृषि विभाग -
एसडीओ कृषि विभाग डा. अजय यादव से इस संबंध में चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि वैसे तो सरसों बिजाई का समय शुरू हो चुका है किंतु 20 अक्टूबर तक सरसों की बिजाई उत्तम रहती है। उन्होंने कहा कि अभी तक तो तापमान अधिक है इसलिए सरसों बिजाई प्रभावित हो सकती है। ताप का जरूर ध्यान रखें और कम ताप पर ही यरसों उगाए। उन्होंने बताया कि गेहूं की बिजाई अगले माह नवंबर में उचित होती है किंतु जो किसान विश्वविद्यालय की सरसों की किस्में आरएच-1975 और आरएच-725 जो किसान उगाना चाहे तो 20 अक्टूबर तक जरूर उगा ले वरना बाद में पैदावार पर कुप्रभाव पड़ सकता है।
फोटो कैप्शन 07: बिजाई के कार्य में लगे किसान साथ में एसडीओ कृषि



घड़ी महासर में लगा मेला
- बच्चों के जडूले उतारे गए
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कनीना की आवाज।
 कनीना -अटेली मार्ग पर घड़ी मास्टर में जहां नवरात्रों में हर वर्ष दो बार मेले लगते हैं। शारदीय नवरात्रों का मेला शनिवार को चला जिसमें लोगों ने दूर दराज से आकर मन्नत मांगी।
राकेश शर्मा पुजारी परिवार ने बताया कि साल में दो बार यह मेला यहां लगता है। हर वर्ष अश्विन तथा चैत्र माह में दो बार यह मेला लगता है और दोनों बार नवरात्रि होते हैं। उन्होंने बताया कि मेले में दूर-दराज से भक्त ध्वज लेकर आए और माता को अर्पित किए वहीं भक्त पेट के बल भी चल कर आए। नवजात जोड़ों की जात लगाई गई। उन्होंने बताया कि माता के इस मंदिर में पूरे साल/365 दिन निशुल्क भंडारा चलता है। विभिन्न भक्त आकर के भंडारा लगाते हैं।
फोटो कैप्शन 02: माता मंदिर पर लगा हुआ मेला।


चेलावास स्थित अनाज मंडी में बाजरे की खरीद जारी
-सरकारी तौर पर नहीं हुई खरीद
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कनीना की आवाज।
 कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में अब तक डेढ़ लाख क्विंटल से भी अधिक बाजरा प्राइवेट एजेंसियों द्वारा खरीद लिया गया है। सरकारी तौर पर बाजरे का एक दाना भी नहीं खरीदा गया है। सरकारी खरीद एजेंसी हैफेड के मैनेजर जगराम यादव ने बताया कि सरकारी तौर पर बाजरा नहीं खरीदा गया चूंकि वो मानकों पर खरा नहीं उतर पा रहा है। उधर पूर्णचंद प्रधान ने बताया कि अब तक करीब डेढ़ लाख क्विंटल बाजरे की प्राइवेट एजेंसिज द्वारा खरीद लिया गया है। करीब 10 खरीद एजेंसी बाजरे के खरीद कर रही है और भारी मात्रा में बाजरा आ रहा है। कनीना मंडी में बाजरे के ढेर लग गए हैं। बाजरे की पैकिंग का काम निजी एजेंसी के पास ही है।
फोटो कैप्शन 05: कनीना मंडी में बाजरे का ढेर



 
सेहलंग गांव के सोमा बाबा उर्फ सोम दत्त का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
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कनीना की आवाज।
  खंड कनीना के गांव सहलंग निवासी 85 वर्षीय सोमदत्त शर्मा उर्फ सोम बाबा  का आज प्रात: निधन हो गया। उनके निधन से गांव सहित आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वे अपने पीछे तीन पुत्रों, दो बेटियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके सुपुत्र राधेश्याम, सीताराम और सतपाल तीनों खेतीबाड़ी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
उनके पौत्र  देवेंद्र भारद्वाज ने बताया कि सोमदत्त शर्मा अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और जनसेवा की भावना के कारण गांव में विशेष पहचान रखते थे। वे गांव के भविष्यवक्ता के रूप में भी मशहूर थे। ग्रामीणों के बीच उन्हें 'सोम बाबा तथा 'लोहार समाज के जोशी

















के नाम से भी जाना जाता था। उनके जीवन से जुड़ी अनेक ऐसी घटनाएं और संस्मरण ग्रामीणों के बीच प्रचलित रहे, जिनमें उनकी कही गई बातें बाद में सही साबित होने की चर्चा होती रही।
उनके अंतिम संस्कार में सेवानिवृत्त जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी सुभाष शर्मा, सेवानिवृत्त खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश यादव, सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक जगदीश प्रसाद, बाबूलाल शर्मा, प्राचार्य नरेश कुमार सहित सैकड़ों ग्रामीणों, गणमान्य व्यक्तियों और परिचितों ने शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्मशान घाट पर उपस्थित ग्रामीणों ने सोमदत्त शर्मा के जीवन से जुड़े अनेक संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया कि सोम बाबा लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनने वाले, सबके साथ आत्मीयता से मिलने वाले और जरूरतमंदों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने वाले व्यक्ति थे। उनकी भविष्यवाणियों से जुड़े अनुभवों की चर्चा भी ग्रामीणों के बीच होती रही।
समाजसेवा और आत्मीय व्यवहार से बनाई पहचान
सोमदत्त शर्मा का जीवन ग्रामीण परिवेश की उन परंपराओं का प्रतीक रहा, जिनमें आपसी भाईचारे, सहयोग, बुजुर्गों के सम्मान और सामाजिक सद्भाव को विशेष महत्व दिया जाता है। वे लोगों के साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार करते थे और गांव के सामाजिक जीवन में उनकी अपनी विशिष्ट पहचान थी। उनके निधन से गांव ने एक ऐसे बुजुर्ग को खो दिया है, जिनकी स्मृतियां और जीवन से जुड़े प्रसंग लंबे समय तक लोगों के बीच याद किए जाते रहेंगे।
ग्रामीणों ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।
फोटो कैप्शन: सोम बाबा

Friday, October 16, 2026



 


 बिजली का हजारों रुपये का सामान चोरी
-ट्रांसमिशन लाइन स्थापना हेतु डाला हुआ था सामान
कनीना की आवाज। 765 केवी डीसी सीकर-नरेला ट्रांसमिशन लाइन में कंडक्टर एवं अन्य सामग्री अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर ले गये और लाइन को क्षतिग्रस्त कर गए। इस संबंध में दौंगड़ा अहीर पुलिस चौकी में अज्ञात चोरों के विरुद्ध केस दर्ज करवा दिया हैद्ध
 शिवकुमार मैसर्स केइसी इंटरनेशनल लिमिटेड  सालावास, झज्जर में कार्यरत ने पुलिस में बताया कि केइसी कंपनी द्वारा 765 केवी डीसी सीकर नरेला ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है। इस परियोजना में 4 अक्टूबर 2026 को पाया कि भालखी-पीपली चौराहे पर तीन अक्टूबर की रात को अज्ञात चोरों द्वारा ट्रांसमिशन लाइन के कंडक्टर अन्य सामग्री चोरी कर लिए एवं ट्रांसमिशन लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया है। केइसी कंपनी ने अपने स्तर पर चोरों की जांच पड़ताल की लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर अब दौंगड़ा चौकी में शिकायत दर्ज करवा दी है। पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध हजारों रुपये का बिजली का सामान एवं उपकरण चोरी करने का मामला दर्ज कर लिया है।



दो एमएम वर्षा हुई, तापमान में आई गिरावट
 -रबी फसल को होगा लाभ
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कनीना की आवाज। 
शुक्रवार की सुबह कनीना क्षेत्र में 2 एमएम वर्षा हुई। वर्षा से जहां किसानों की बाजरे की पड़ी हुई फसल को चाहे थोड़ा बहुत नुकसान हुआ हो किंतु भावी रबी फसल को लाभ मिलेगा क्योंकि कुछ किसानों ने सरसों की बिजाई कर दी है जिसके लिए तापमान कम चाहिए किंतु तापमान अभी तक अधिक था। वर्षा के बाद तापमान में गिरावट आएगी। यही नहीं रबी फसल की तैयारियां चल रही है जिसके लिए किसान खेतों में त्वरित कार्रवाई कर रहे हैं। वर्षा का किसानों को लाभ मिलेगा ताकि बिजाई में फायदा हो।
किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार कृष्ण सिंह, रोहित, योगेश कुमार आदि ने बताया कि चाहे वर्षा कम हुई किंतु इसका रबी फसल को लाभ होगा। अगर कुछ वर्षा अधिक हो जाती तो एक साथ सभी खेतों में बिजाई की संभावना बन जाती। वर्षा से कोई विशेष नुकसान नहीं देखने को मिला बल्कि चारा देने वाली, सब्जी तथा कुछ अन्य फसलें भी अभी तक खेतों में खड़ी है उसको लाभ होने की संभावना जताई जा रही है।
फोटो कैप्शन 07: किसान सरसों की बिजाई करते हुए




बाजरे की खरीद पहुंची करीब डेढ़ लाख क्विंटल
-सरकारी तौर पर नहीं खरीदा गया एक दाना भी
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कनीना की आवाज।
 कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में अब तक करीब डेढ़ लाख क्विंटल बाजरा प्राइवेट एजेंसियों द्वारा खरीद लिया गया है। सरकारी तौर पर बाजरे का एक दाना भी नहीं खरीदा गया है। सरकारी खरीद एजेंसी हैफेड के मैनेजर जगराम यादव ने बताया कि सरकारी तौर पर बाजरा नहीं खरीदा गया। उधर पूर्णचंद प्रधान ने बताया कि अब तक करीब डेढ़ लाख क्विंटल बाजरे की प्राइवेट एजेंसिज द्वारा खरीद लिया गया है। करीब 10 खरीद एजेंसी बाजरे के खरीद कर रही है और भारी मात्रा में बाजरा आ रहा है। जहां शुक्रवार की सुबह वर्षा होने के कारण बाजरे को को तिरपालों से ढक दिया गया था जिससे बाजरे का बचाव हो गया लेकिन नमी बढऩे की संभावना को लेकर के बाजरे को सुखाया गया है। वहीं बाजरे की निजी स्तर पर भी खरीद सुबह थोड़ी देरी से हुई।
फोटो कैप्शन 04: महिला अपने ट्रैक्टर से बाजरा बेचने के लिए आते हुए
05: बाजरे को सूखाते हुए अनाज मंडी में तथा
06:तिरपाल से ढका हुआ बाजरा



 साहित्य मनीषियों के महाकुंभ में होगा 14 कृतियों का विमोचन
-129 साहित्यकारों और पत्रकारों को किया जाएगा सम्मानित
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कनीना की आवाज।
जबलपुर में 31 अक्टूबर को अपराह्न 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक साहित्य मनीषियों का महाकुंभ जुटने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रियाशील  कादंबरी संस्था की ओर से 129 साहित्यकारों एवं पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा।
 विस्तृत जानकारी देते हुए संस्था के अध्यक्ष आचार्य भगवत दुबे, महासचिव राजेश पाठक 'प्रवीण' तथा यशोवर्धन पाठक कोषाध्यक्ष ने बताया कि इस मौके पर मुख्य अतिथि राकेश सिंह, मंत्री लोक निर्माण विभाग मध्य प्रदेश शासन होंगे  वही श्रीमां साध्वी विभानंद गिरि नईदिल्ली  मंगल आशीष देंगी। साथ में डा. कैलाश गुप्ता, अशोक मनोध्याय, डा. राजेश धीरावाणी, आचार्य रामनाथ साहू 'ननकी' आदि भी उपस्थित रहेंगे। समारोह में देश के विविध अंचलों के साहित्यकारों द्वारा सृजित 14 कृतियों का विमोचन भी किया जाएगा तथा 129 देश और विदेश से आए हुए साहित्यकारों और पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा।संस्था द्वारा चार लाख 18 हजार 200 रुपये की राशि के 129 स्मृति पुरस्कार दिए जाएंगे जिनमें एक पुरस्कार के 21 हजार रुपये, चार पुरस्कार ग्यारह ग्यारह हजार के, 32 पुरस्कार 5000- 5000 रुपये के तथा 92 पुरस्कार 2100-2100 रुपये के दिए जाएंगे। कादंबरी परिवार विगत कई वर्षों से यह सम्मान समारोह हर वर्ष आयोजित करता आ रहा है।समारोह में कादम्बरी की स्मारिका का भी विमोचन होगा। प्रथम सोपान में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
किन कृतियों का होगा विमोचन-
उन्होंने बताया कि इस मौके पर 14 विभिन्न कृतियों का विमोचन भी होगा जिनमें गोविंद पाल भिलाई की बाघ मामा सियार भांजा, गोविंद पाल की भारतीय ज्ञान परंपरा और विश्व बौद्ध, शंकर भट्टाचार्य दुर्ग की बेजुबान सच, शंकर भट्टाचार्य दुर्ग की ही दूसरी कृति एक मु_ी ईमानदारी, राकेश माहेश्वरी काल्पनिक नरसिंहपुर धूप छांव के संग, डा.अनामिका तिवारी जबलपुर की ऋषि द्वद्व, डा. उमेश चंद्र मिश्रा मैहर प्रतापगढ़ की करवा चौथ, नौमी श्रीवास्तव जबलपुर की जब एक नदी मेरी कहानी में उतरी, हेमंत झा छिंदवाड़ा की आधी हकीकत आधा फसाना, डा. विजय प्रकाश सैनी झांसी की हम इतने झूठे कभी न थे, ज्योति प्यासी अनिका जबलपुर की अंत से अनंत तक, संतोष जाटव जलौनी भिलाई की चिडिय़ा रानी बड़ी सयानी, ज्योति मिश्रा जबलपुर की पारिजात मन, डा. लखविंदर कौर जस्सल जबलपुर की सोच की दिशा प्रमुख हैं।


राज्य एवं राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं के दो इंक्रीमेंट का लाभ रिटायरमेंट व उसके बाद तक देने के आदेश
 -पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट ने पुरस्कृत  शिक्षकों के इंक्रीमेंट काटने के आदेशों को किया रद्द

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कनीना की आवाज।
 
हरियाणा के राज्य एवं राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता शिक्षकों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने पुरस्कार के साथ मिले दो अतिरिक्त वेतनवृद्धियों (इंक्रीमेंट) का लाभ वापस लेने और शिक्षकों का वेतन घटाकर दोबारा निर्धारित करने संबंधी विभागीय आदेश रद्द कर दिए हैं। जिला महेंद्रगढ़ के वर्ष 2016 से अब तक के करीब 15 शिक्षकों को लाभ मिलेगा।
अदालत ने स्पष्ट किया कि विशेष पुरस्कार योजना के तहत दिए गए प्रोत्साहन को सामान्य वेतन नियमों के आधार पर स्वयं समाप्त नहीं किया जा सकता। फैसले से उन शिक्षकों को राहत मिलेगी, जिनका वेतन दो इंक्रीमेंट वापस लेकर कम कर दिया गया था। सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी इसका लाभ मिलेगा।
किसने किया प्रयास-
जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की अदालत ने पंचकुला की रिटायर्ड प्राचार्या इंद्रा सांगवान सहित 18 से अधिक याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। याचिकाकर्ता  शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए विभिन्न वर्षों में हरियाणा सरकार की ओर से राजकीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए गए थे।
जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की अदालत ने  18 से अधिक याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। याचिकाकर्ता शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए विभिन्न वर्षों में हरियाणा सरकार की ओर से राजकीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए गए थे।
पुरस्कार नीति के तहत उनके वेतन में दो अतिरिक्त वेतनवृद्धियों का लाभ दिया गया था। बाद में शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग के 12 नवंबर 2024 के स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए इस लाभ को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। विभाग का तर्क था कि हरियाणा सिविल सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियम 37 के प्रावधानों के अनुसार अग्रिम वेतनवृद्धियों पर निर्धारित शर्तें इन मामलों में भी लागू होती हैं। इसके बाद शिक्षकों का वेतन दोबारा निर्धारित कर दिया गया और उन्हें पहले मिल रहा लाभ समाप्त कर दिया गया। इस कार्रवाई को शिक्षकों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट ने मामले पर विचार करते हुए हरियाणा सरकार की पुरस्कार योजना और सामान्य वेतन नियमों के बीच अंतर को महत्वपूर्ण माना। अदालत ने कहा कि क्या सामान्य वेतन नियमों के प्रावधानों के आधार पर पुरस्कार योजना के तहत दिए गए प्रोत्साहन को वापस लिया जा सकता है।
अदालत ने माना कि राजकीय शिक्षक पुरस्कार का उद्देश्य उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करना और उनका मनोबल बढ़ाना है। इसके तहत दी जाने वाली वेतनवृद्धियों का आधार और उद्देश्य सामान्य वेतन नियमों के तहत मिलने वाली अग्रिम वेतनवृद्धियों से अलग है।
जब तक पुरस्कार नीति से संबंधित नियमों की शर्तें स्पष्ट रूप से लागू नहीं होतीं, तब तक विशेष योजना पर सामान्य वेतन नियमों को स्वत: लागू नहीं किया जा सकता।
अदालत के आदेश के अनुसार, सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों की गणना भी संशोधित वेतन के आधार पर करनी होगी।
एक मांग पूरी-
स्टेट अवार्डी शिक्षकों की अनेक मांगे हैं और मांगें पूरी न होने पर कई रिट याचिकाएं भी डाली गई हैं। आने वाले समय में कुछ और याचिकाओं के फैसले आने की उम्मीद जताई गई है।



 राम-भरत मिलाप और राजा दशरथ के अंतिम समय की लीला ने दर्शकों को रुलाया
-राम वनवास के संवाद रोचक रहे
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कनीना की आवाज। 
कनीना में चल रही श्री आदर्श रामलीला के रंगमंच पर गुरुवार रात राजा दशरथ के अंतिम समय की लीला और राम-भरत मिलाप का भावुक मंचन किया गया। भगवान श्रीराम की 13 दिवसीय लीलाओं के आठवें दिन कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय और मार्मिक संवादों से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। राम-भरत मिलाप के दृश्य में दर्शकों की आंखें नम हो गईं, वहीं राजा दशरथ के अंतिम समय के संवादों के दौरान पहली बार पर्दे पर श्रवण कुमार और उनके माता-पिता की आत्मा का दृश्य दिखाया गया। इस अनूठी प्रस्तुति को देखकर दर्शक चकित रह गए। पूरा रामलीला परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसडीएम जितेंद्र सिंह अहलावत, मार्केट कमेटी चेयरमैन जेपी कोटिया और नारनौल से पहुंचे चौधरी विकास जैन ने शिरकत की। गौरव सिंगला विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंच संचालन की जिम्मेदारी रामलीला कमेटी के उपप्रधान दिनेश यादव ने निभाई।
लीला में राजा दशरथ का किरदार डा. राहुल शर्मा ने निभाया। वे 36 वर्ष पूर्व हंसी-व्यंग्य के माध्यम से रामलीला मंच पर अपनी अलग पहचान बनाने वाले स्वर्गीय मास्टर जगदीश शर्मा के पौत्र हैं। डा. राहुल शर्मा ने राजा दशरथ के अंतिम समय के संवादों को इतनी भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया कि दर्शक भावुक हो गए। श्रवण कुमार और उनके माता-पिता के श्राप तथा उनकी आत्मा को पर्दे पर दर्शाने का दृश्य भी आकर्षण का केंद्र रहा। पहली बार इस तरह की प्रस्तुति देखकर दर्शकों ने कलाकारों की सराहना की।
राम-भरत मिलाप ने दर्शकों की आंखें की नम-
राम-भरत मिलाप की लीला रात का सबसे भावुक दृश्य रही। भरत का किरदार पिनाक भारद्वाज और भगवान श्रीराम का किरदार शिवकुमार शर्मा ने निभाया। दोनों भाइयों के मिलन के मार्मिक संवादों ने दर्शकों को भावुक कर दिया। महिलाओं सहित अनेक दर्शकों की आंखों से आंसू छलक पड़े। वहीं लक्ष्मण का किरदार निभा रहे प्रवक्ता सचिन शर्मा ने भरत को ललकारते हुए प्रभावशाली संवाद प्रस्तुत किए, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। सीता माता का किरदार शुभम द्वारा दी गई प्रस्तुति को खूब सराहा गया।
राम वनवास की लीला में भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वनगमन के साथ केवट प्रसंग का भी मंचन किया गया। केवट का किरदार हेडमास्टर सत्यप्रकाश महरौलिया ने निभाया। उनकी सादगी और संवाद अदायगी ने दर्शकों का मन मोह लिया। केकैयी के किरदार में मुकेश कपूर ने शानदार अभिनय किया। वनवास के दौरान लक्ष्मण और भरत के बीच हुए संवादों को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया। माता कौशल्या का किरदार अमित जांगड़ा ने निभाया।
कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से भाईचारे, त्याग, प्रेम और पारिवारिक रिश्तों की महत्ता को जीवंत कर दिया।
इस अवसर पर श्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग, व्यापार मंडल प्रधान रविंद्र बंसल, विक्की पंसारी, शिब्बू पंसारी, महेंद्र मित्तल, सुभाष मित्तल, सुरेंद्र शर्मा, रामलीला कमेटी प्रधान मोहित जेलदार, बाबा मोलडऩाथ कमेटी प्रधान दिनेश यादव, रामकिशन, रामा शर्मा, सुरेंद्र मिनिया, पिन्नू मित्तल और कृष्ण पहलवान सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 01: अतिथियों को सम्मानित करते हुए
02:रामलीला मंचन के दौरान राजा दशरथ की मौत के बाद का दृश्य।

Thursday, October 15, 2026



 


राज्य एवं राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं के दो इंक्रीमेंट का लाभ रिटायरमेंट व उसके बाद तक देने के आदेश
 -पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट ने पुरस्कृत  शिक्षकों के इंक्रीमेंट काटने के आदेशों को किया रद्द
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कनीना की आवाज।
 हरियाणा के राज्य एवं राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता शिक्षकों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने पुरस्कार के साथ मिले दो अतिरिक्त वेतनवृद्धियों (इंक्रीमेंट) का लाभ वापस लेने और शिक्षकों का वेतन घटाकर दोबारा निर्धारित करने संबंधी विभागीय आदेश रद्द कर दिए हैं।
अदालत ने स्पष्ट किया कि विशेष पुरस्कार योजना के तहत दिए गए प्रोत्साहन को सामान्य वेतन नियमों के आधार पर स्वयं समाप्त नहीं किया जा सकता। फैसले से उन शिक्षकों को राहत मिलेगी, जिनका वेतन दो इंक्रीमेंट वापस लेकर कम कर दिया गया था। सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी इसका लाभ मिलेगा।
जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की अदालत ने पंचकुला की रिटायर्ड प्राचार्या इंद्रा सांगवान, विज्ञान शिक्षक  होशियार सिंह सहित 18 से अधिक याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। याचिकाकर्ता धनौंदा शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए विभिन्न वर्षों में हरियाणा सरकार की ओर से राजकीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए गए थे।
जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की अदालत ने  18 से अधिक याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। याचिकाकर्ता शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए विभिन्न वर्षों में हरियाणा सरकार की ओर से राजकीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए गए थे।
पुरस्कार नीति के तहत उनके वेतन में दो अतिरिक्त वेतनवृद्धियों का लाभ दिया गया था। बाद में शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग के 12 नवंबर 2024 के स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए इस लाभ को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। विभाग का तर्क था कि हरियाणा सिविल सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियम 37 के प्रावधानों के अनुसार अग्रिम वेतनवृद्धियों पर निर्धारित शर्तें इन मामलों में भी लागू होती हैं। इसके बाद शिक्षकों का वेतन दोबारा निर्धारित कर दिया गया और उन्हें पहले मिल रहा लाभ समाप्त कर दिया गया। इस कार्रवाई को शिक्षकों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट ने मामले पर विचार करते हुए हरियाणा सरकार की पुरस्कार योजना और सामान्य वेतन नियमों के बीच अंतर को महत्वपूर्ण माना। अदालत ने कहा कि क्या सामान्य वेतन नियमों के प्रावधानों के आधार पर पुरस्कार योजना के तहत दिए गए प्रोत्साहन को वापस लिया जा सकता है।
अदालत ने माना कि राजकीय शिक्षक पुरस्कार का उद्देश्य उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करना और उनका मनोबल बढ़ाना है। इसके तहत दी जाने वाली वेतनवृद्धियों का आधार और उद्देश्य सामान्य वेतन नियमों के तहत मिलने वाली अग्रिम वेतनवृद्धियों से अलग है।
जब तक पुरस्कार नीति से संबंधित नियमों की शर्तें स्पष्ट रूप से लागू नहीं होतीं, तब तक विशेष योजना पर सामान्य वेतन नियमों को स्वत: लागू नहीं किया जा सकता।
अदालत के आदेश के अनुसार, सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों की गणना भी संशोधित वेतन के आधार पर करनी होगी।




अब आइडिया से बनेगी पहचान, कॉलेज की छात्राओं को बताए गए स्टार्टअप और पीएमएफएमई के गुर
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कनीना की आवाज।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की युवाओं को नवाचार और स्वरोजगार से जोडऩे की मंशा के अनुरूप सेवा संकल्प अभियान के तहत जिला महेन्द्रगढ़ में गुरुवार को सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज अभियान चलाया गया। राजकीय महिला महाविद्यालय, अटेली में हुए इस कार्यक्रम का आयोजन जिला उद्योग केन्द्र और जिला एमएसएमई केन्द्र ने मिलकर किया।
कार्यक्रम में उद्योग विभाग की ओर से औद्योगिक विस्तार अधिकारी श्री अजय यादव ने एमएसएमई विभाग की योजनाओं और उद्योग एवं उद्योग विभाग की स्टार्टअप योजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने खासतौर पर प्रधानमंत्री फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज (पीएमएफएमई) योजना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फूड प्रोसेसिंग से जुड़ी कोई भी इकाई लगाने के लिए एक करोड़ रुपये तक के ऋण की व्यवस्था है। इस पर 35 प्रतिशत या अधिकतम 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी भी ली जा सकती है। इस योजना में आटा चक्की, तेल मिल, मसाला उद्योग और बेकरी जैसी इकाइयां लगाई जा सकती हैं।
सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के जिला संयोजक श्री अजीत सिंह ने प्रतियोगिता के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर प्रथम स्थान पाने वाले प्रतिभागी को एक लाख रुपये का इनाम मिलेगा। राज्य स्तर पर पहले तीन प्रतिभागियों को पांच लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि यह प्रतियोगिता युवाओं के लिए एक खास पहल है। इसका मकसद रोजमर्रा की वास्तविक समस्याओं के तकनीकी और व्यावहारिक समाधान खोजना है। सफल प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार की व्यवस्था की गई है। उद्योग जगत से जुड़े लोग भी अपने नवाचार संबंधी आइडिया साझा कर सकते हैं।
इस मौके पर कॉलेज के प्राचार्य  प्रवीण यादव, जिला सह संयोजक श्री अश्वनी यादव, श्री सुरेश, श्री अनील, आईईओ डॉ. सुनील कुमार और सहायक कमल कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

 कनीना क्षेत्र में हुई हल्की बूंदाबांदी
-भावी फसल के लिए मिलेगा लाभ

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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर एक एमएम, हल्की वर्षा हुई। वर्षा से जहां कुछ नुकसान की संभावना है वही भावी फसलों के लिए लाभप्रद साबित होगी।  इस समय किसान तेजी से बाजरे की पैदावार लेने में लगे हुए हैं। ऐसे में उनके कार्य में थोड़े समय के लिए विघ्न पड़ा किंतु भावी फसल/ रबी की फसल की तैयारी में जुटे किसानों को इससे लाभ मिलेगा। ताप में गिरावट आएगी जो सरसों के लिए बेहतर होगा। अभी भी चारा देने वाली फसलें एवं सब्जी देने वाली फसलें खड़ी हुई है।






नहीं हो पाई सरकारी तौर पर बाजरे की खरीद -प्राइवेट एजेंसी ने खरीदा जमकर बाजरा
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में आज भी सरकारी तौर पर कोई बाजरे की खरीद नहीं हो पाई। प्राइवेट एजेंसी खूब बाजरा खरीद रही है।
 सरकारी तौर पर बाजरे की खरीद एजेंसी हैफेड के मैनेजर जगराम यादव ने बताया कि आज भी कोई बाजरे की सरकारी खरीद नहीं हो पाई किंतु प्राइवेट एजेंसी में जमकर बाजरा खरीदा जा रहा है। लंबी कतार किसानों के वाहनों की देखने को मिली। पूर्ण चंद प्रधान ने बताया कि प्रतिदिन भारी संख्या में किसान अपने वाहनों में बाजरा ला रहे हैं और 2300  रुपये से अधिक भाव उनको प्रति क्विंटल के हिसाब से मिल रहे हैं। किसान खुश है।
फोटो कैप्शन 05: कनीना मंडी में बाजरे खरीद


17 अक्टूबर को लगेगा माता मेला
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कनीना की आवाज।
 17 अक्टूबर को अश्विन शुक्ल सप्तमी को घड़ी महासर में माता का मेला लगेगा। विस्तृत जानकारी देते हुए राकेश कुमार माता के भक्त ने बताया कि इस मेले से 2 दिन पूर्व भगवती की सवामणि की जाएगी तथा पंचमी व छठ की रात्रि को जागरण भी आयोजित होगा। विशाल मेला 17 अक्टूबर को दिनभर चलेगा।




राम वनवास की लीला देख भावुक हुए दर्शक, दशरथ-केकई के संवाद ने मोहा मन
-श्री आदर्श रामलीला कनीना के मंच पर पिता-पुत्र के बिछोह का मार्मिक मंचन
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कनीना की आवाज।
कनीना में चल रही श्री आदर्श रामलीला के मंच पर बुधवार रात राम वनवास की मार्मिक लीला का मंचन किया गया। भगवान श्रीराम की 13 दिवसीय रामलीला के छठे दिन राजा दशरथ और महारानी केकैई के बीच हुए संवाद ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। पिता-पुत्र के बिछोह और श्रीराम के वन जाने के प्रसंग को देखकर कई दर्शकों की आंखें नम हो गईं। कलाकारों के भावपूर्ण अभिनय और प्रभावशाली संवादों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। बीच-बीच में पंडाल जय श्रीराम के जयघोष से गूंजता रहा।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ-
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डेरा प्रमुख कनीना गुरु बुलबुल महंत और उनके चेले खुशी महंत उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में पैक्स सोसाइटी प्रतिनिधि चेयरमैन सुरेंद्र सिंह धनखड़ छितरोली और प्रदीप सोनी भडफ़ ने शिरकत की। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंच संचालन उप-प्रधान दिनेश यादव और मनोज रोहिल्ला ने किया।
दशरथ-केकई के संवाद ने दर्शकों को किया भावुक-
राम वनवास की लीला में प्रवक्ता राहुल शर्मा ने राजा दशरथ का किरदार निभाया। वह 36 वर्ष पूर्व रामलीला के मंच पर अपने हास्य-व्यंग्य से धाक जमाने वाले स्व.मास्टर जगदीश शर्मा के पौत्र हैं। राहुल शर्मा ने राजा दशरथ की पीड़ा, पुत्र वियोग और विवशता को अपने अभिनय के माध्यम से जीवंत कर दिया। उनके मार्मिक संवादों ने दर्शकों को भावुक कर दिया।
महारानी केकई के किरदार में मुकेश कपूर ने प्रभावशाली अभिनय किया। दशरथ और केकई के बीच हुए संवादों ने दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं, कौशल्या माता के किरदार में अमित जांगड़ा ने अपने मार्मिक संवादों से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। माता कौशल्या की भावनाओं और पुत्र वियोग की पीड़ा को उनके अभिनय ने मंच पर जीवंत कर दिया।
भगवान श्रीराम के रूप में शिवकुमार शर्मा ने अपनी भूमिका निभाई। वनवास स्वीकार करते हुए श्रीराम के धैर्य और मर्यादा का मंचन दर्शकों को भावविभोर कर गया। लक्ष्मण के किरदार में प्रवक्ता सचिन शर्मा ने जोशपूर्ण संवादों और श्रीराम के साथ वन जाने की विनम्र प्रार्थना से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। सीता का किरदार शुभम ने निभाया।
कार्यक्रम में श्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग, व्यापार मंडल के पूर्व उपप्रधान रविन्द्र बंसल, विक्की पंसारी, शिब्बू पंसारी, सुभाष मित्तल, सुरेंद्र शर्मा, रामलीला कमेटी के प्रधान मोहित जेलदार, बाबा मोलडऩाथ कमेटी के प्रधान दिनेश यादव, रामकिशन, रामा शर्मा, सुरेंद्र मिनिया और कृष्ण पहलवान सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन: 06: मथरा तथा 07 में श्री आदर्श रामलीला के मंच पर राम वनवास की लीला का मंचन करते कलाकार।



31 अक्टूबर को जुटेगा साहित्य मनीषियों का महाकुंभ
-129 साहित्यकारों और पत्रकारों को किया जाएगा सम्मानित
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कनीना की आवाज।
 जबलपुर में 31 अक्टूबर को अपरान्ह 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक साहित्य मनीषियों का महाकुंभ जुटने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रियाशील  कादंबरी संस्था की ओर से 129 साहित्यकारों एवं पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा।
 विस्तृत जानकारी देते हुए संस्था के अध्यक्ष आचार्य भगवत दुबे, महासचिव राजेश पाठक 'प्रवीण' तथा यशोवर्धन पाठक कोषाध्यक्ष ने बताया कि इस मौके पर मुख्य अतिथि राकेश सिंह, मंत्री लोक निर्माण विभाग मध्य प्रदेश शासन होंगे  वही श्रीमां साध्वी विभानंद गिरि नईदिल्ली  मंगल आशीष देंगी। साथ में डा. कैलाश गुप्ता, अशोक मनोध्याय, डा. राजेश धीरावाणी, आचार्य रामनाथ साहू 'ननकी' आदि भी उपस्थित रहेंगे। समारोह में देश के विविध अंचलों के साहित्यकारों द्वारा सृजित 14 कृतियों का विमोचन भी किया जाएगा तथा 129 देश और विदेश से आए हुए साहित्यकारों और पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा।संस्था द्वारा चार लाख 18 हजार 200 रुपये की राशि के 129 स्मृति पुरस्कार दिए जाएंगे जिनमें एक पुरस्कार के 21 हजार रुपये, चार पुरस्कार ग्यारह ग्यारह हजार के, 32 पुरस्कार 5000- 5000 रुपये के तथा 92 पुरस्कार 2100-2100 रुपये के दिए जाएंगे। कादंबरी परिवार विगत कई वर्षों से यह सम्मान समारोह हर वर्ष आयोजित करता आ रहा है।समारोह में कादम्बरी की स्मारिका का भी विमोचन होगा। प्रथम सोपान में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।




वैदिक यज्ञ अनुष्ठान के साथ सीगड़ा के स्वास्थ्य सब-सेंटर के नवनिर्मित भवन का हुआ भव्य शुभारंभ
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कनीना की आवाज। 
आर्य समाज महेंद्रगढ़ व वेद प्रचार मंडल के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम सीगड़ा में स्वास्थ्य सब-सेंटर के नवनिर्मित भवन का पावन वैदिक यज्ञ एवं वेदमंत्रों के उच्चारण के साथ भव्य शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में नारनौल से डिप्टी सीएमओ डा. दिनेश कुमार बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम सरपंच राजेंद्र सिंह ने की। यह यज्ञ अनुष्ठान सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक बलबीर सिंह खोला के ब्रह्मत्व और  पुरोहित पंडित भूपेंद्र सिंह आर्य के कुशल सानिध्य से संपन्न हुआ।
यज्ञ में मुख्य यजमान के रूप में इसी सेंटर में कार्यरत एमपीएचडब्ल्यू ऋषि राज आर्य व उनकी सहधर्मिणी गीता आर्या, अनिल कुमार व उनकी सहधर्मिणी हेमलता तथा सीएचओ अरुण कुमार व उनकी सहधर्मिणी अंकिता देवी ने बैठकर आहुतियां प्रदान कीं। यज्ञोपरांत सभी यजमानों को महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा रचित अमर ग्रंथ सत्यार्थ प्रकाश व गायत्री पटका सस्नेह भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर एमपीएचडब्ल्यू ऋषि राज आर्य ने इस नए भवन की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सब-सेंटर के इस नवनिर्मित भवन से ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी और ग्रामीणों को आधुनिक व बेहतर माहौल में प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। मुख्य अतिथि डा. दिनेश कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जनसेवा और स्वास्थ्य के इस नए भवन की शुरुआत वैदिक यज्ञ से होना अत्यंत उत्तम है, जिससे यहां आने वाले मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों को एक सकारात्मक व आरोग्य वातावरण मिलेगा।
फोटो कैप्शन 03: हवन करते हुए



88 मरीजों की की गई स्क्रीनिंग
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कनीना की आवाज।
टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आज आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सीगड़ा में विशेष टीबी स्क्रीनिंग एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को टीबी रोग के प्रति जागरूक करना तथा संभावित 88 कांटेक्ट टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग की गई।
शिविर के दौरान सीएचओ अरुण चौधरी, एमपीएचडबल्यू ऋषिराज द्वारा लोगों की टीबी से संबंधित लक्षणों की जांच एवं स्क्रीनिंग की गई। लगातार दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना तथा भूख कम लगना जैसे लक्षणों के बारे में लोगों को जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को बताया कि टीबी एक इलाज योग्य बीमारी है और समय पर जांच एवं पूरा उपचार लेने से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। साथ ही लोगों से अपील की गई कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर जांच कराने में देरी न करें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।
फोटो कैप्शन 02: मरीजों की स्क्रीनिंग करते हुए


मिसाइल मैन डा.एपीजे अब्दुल कलाम को किया याद
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार में गुरुवार को विश्व छात्र दिवस मनाया गया इस अवसर पर विद्यार्थियों के प्रेरणा स्रोत भारत रत्न मिसाइल मैन डा. एपीजे अब्दुल कलाम को उनके जन्मदिन दिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक ने विद्यार्थियों को मिसाइल मैन डा. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन तथा पृथ्वी तथा अग्नि मिसाइल बनाने में उनके योगदान के बारे में विस्तार से बताया तथा उनके जीवन के कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का भी वर्णन किया। उन्होंने बताया कि डा. कलाम, विद्यार्थियों के लिए बहुत बड़े प्रेरणा स्रोत थे जिन्होंने एक साधारण परिवार में जन्म लेकर देश के सर्वोच्च पद तथा सर्वोच्च सम्मान को प्राप्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे डा. कलाम के जीवन से प्रेरणा ग्रहण करें तथा उन्हें अपना आदर्श बनाएं।
 इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता अजय कुमार बंसल, निशा जांगड़ा, कैलाश देवी,शशि कुमारी, पूनम कुमारी,राकेश कुमार, धर्मेंद्र डीपीई,तथा प्रमोद कुमार सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: छात्र दिवस मनाते हुए

नकदी व कपड़े चोरी, अज्ञात चोर ताला तोड़ कर ले गया सामान
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कनीना की आवाज।
 दौंगड़ा जाट के रहने वाली छोटा देवी ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध उनके कपड़े, चांदी के पाजेब, स्पीकर आदि चोरी कर ले जाने का मामला दर्ज करवाया है। उन्होंने कहा है कि 15 दिन पहले अपने बच्चों के पास दिल्ली चली गई थी और 13 अक्टूबर को पड़ोस की महिला ने फोन किया कि आपके घर का ताला टूटा हुआ है। सूचना पाकर घर जाकर चेक किया तो 10 सूट/कपड़े, दो से तीन हजार रुपये की नकदी, एक जोड़ी चांदी पाजेब और एक गाड़ी का स्पीकर चोरी हो गया। पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध चोरी का केस दर्ज कर लिया है।



महेंद्रगढ़ जिला में एसआईआर का काम पारदर्शी ढंग से जारी, सभी नोटिस पहुंचे, 99 प्रतिशत से ज्यादा की सुनवाई पूरी
-कोई भी पात्र मतदाता न छूटे, इस लक्ष्य को लेकर चल रहा जिला प्रशासन : डीसी अनुपमा अंजली
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कनीना की आवाज।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कार्य को लेकर गुरुवार को हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। बैठक में महेंद्रगढ़ जिले में अब तक हुए कार्य की भी समीक्षा की गई।
बैठक के बाद उपायुक्त अनुपमा अंजली ने बताया कि जिले में एसआईआर का काम बेहद पारदर्शी तरीके से चल रहा है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य साफ है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से न छूटे।
जिले में अब तक करीब 1.23 लाख नोटिस जारी किए गए, जो सभी संबंधित लोगों तक पहुंचा दिए गए हैं। इनमें से लगभग 1.22 लाख मामलों में सुनवाई हो चुकी है, यानी 99 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा हो गया है। शेष मामलों का निपटारा भी जल्द करने की तैयारी है।
प्रक्रिया के दौरान फॉर्म 6, 7 और 8 के तहत जिले में 28 हजार से ज्यादा आवेदन मिले। इनमें से करीब 25 हजार आवेदनों का निस्तारण किया जा चुका है। दावे और आपत्तियों की सूची चारों निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों द्वारा हर सप्ताह राजनीतिक दलों के साथ साझा की जा रही है, जबकि दावों और आपत्तियों की सुपर-चेकिंग का काम पूरा हो चुका है।
राजनीतिक दलों की भागीदारी भी इस प्रक्रिया में उल्लेखनीय रही। चारों निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारी स्तर पर नियमित बैठकें कर इन राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
मतदाता सूची की बात करें तो 31 जुलाई 2026 तक जारी प्रारूप सूची में जिले में कुल 6 लाख 85 हजार 653 मतदाता दर्ज हैं। जिले के सभी 772 मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी तैनात हैं और उनकी निगरानी के लिए 80 सुपरवाइजर लगाए गए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा के निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष कार्य समय पर पूरा किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।




नागरिक अस्पतालों में अब नहीं लगेगी लाइन, फोन अथवा ऑनलाइन से मिलेगा ओपीडी स्लॉट
-कैशलेस होंगी सभी सेवाएं, पर्ची कटवाने के लिए भी क्यूआर कोड के माध्यम से होगी पेमेंट
-आज से बदलेगा ओपीडी का समय
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कनीना की आवाज।
स्वास्थ्य सेवाओं को आम आदमी के लिए सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में हरियाणा सरकार एक अहम कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर प्रदेश के सभी अस्पतालों में कैशलेस सुविधा लागू की जाएगी। साथ ही मरीजों को ओपीडी में पर्ची के लिए घंटों कतार में खड़े रहने की परेशानी से भी राहत मिलेगी, क्योंकि वे अपना स्लॉट पहले से बुक करा सकेंगे।
इस व्यवस्था की जानकारी देते हुए चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशा शर्मा ने बताया कि सरकार ने यह कदम मरीजों को अधिक से अधिक सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया है। उन्होंने कहा कि नई कैशलेस प्रणाली से अस्पताल की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। राज्य के सभी अस्पतालों में मिलने वाली सभी प्रकार की सेवाओं के लिए लगने वाले शुल्क का भुगतान अब क्यूआर कोड के माध्यम से किया जा सकेगा।
डॉ. शर्मा ने बताया कि ओपीडी के लिए कोई भी नागरिक, बुकिंग क्यूआर कोड के जरिए या ऑनलाइन, दोनों तरीकों से की जा सकेगी। इसके लिए अस्पताल में एक अलग काउंटर भी स्थापित किया जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद मरीजों को अपनी बारी के लिए लाइन में लगने की आवश्यकता नहीं होगी।
इसके अलावा, 16 अक्टूबर से अस्पताल में ओपीडी के समय में भी बदलाव किया जाएगा। अब ओपीडी सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे के बजाय सुबह 9 बजे से अपराह्न 3 बजे तक संचालित होगी। चिकित्सा अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि यह परिवर्तन नया नहीं है, बल्कि सर्दियों के मौसम को देखते हुए प्रत्येक वर्ष किया जाता है।
महेंद्रगढ़ जिला में पारदर्शी तरीके से हो रही बाजरे की खरीद, अब तक 46,964 मीट्रिक टन की खरीद पूरी



घर बैठे बनाएं गेट पास, ई-खरीद ऐप से किसानों को राहत
-अब तक जिले में 19,369 किसानों मंडियों में बेचा बाजरा
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कनीना की आवाज।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार जिला महेंद्रगढ़ में बाजरे की खरीद पारदर्शी और सुचारू ढंग से की जा रही है। यह जानकारी उपायुक्त अनुपमा अंजली ने वीरवार को प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद दी। कॉन्फ्रेंसिंग के बाद उपायुक्त ने जिले के सभी एसडीएम के साथ बैठक कर खरीद कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
उपायुक्त ने बताया कि जिले में अब तक 19,369 किसानों के गेट पास जारी किए जा चुके हैं। किसानों की सुविधा के लिए सरकार ने ई-खरीद ऐप शुरू किया है, जिस पर उन्हें खरीद से जुड़ी सभी जानकारी उपलब्ध हो जाती है। किसान चाहें तो घर बैठे ही अपना गेट पास जारी कर सकते हैं, जिससे उन्हें मंडियों में लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा।
खरीद और उठान की स्थिति की जानकारी देते हुए उपायुक्त ने बताया कि जिले की अनाज मंडियों में अब तक 50,354 मीट्रिक टन बाजरे की आवक हुई है, जिसमें से 46,964 मीट्रिक टन की खरीद की जा चुकी है। खरीदे गए बाजरे में से 26,707 मीट्रिक टन का उठान भी हो चुका है, जो कुल खरीद का लगभग 56 प्रतिशत है।
बैठक में उपायुक्त ने सभी एसडीएम और मंडी सचिवों को निर्देश दिए कि बाजरा बेचने आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मंडियों में तिरपाल आदि की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा, ताकि मौसम की मार से फसल को नुकसान न पहुंचे।




महेंद्रगढ़ की महिला किसानों ने हमेठी में रखी अपनी बात, प्राकृतिक खेती और बाजरा उत्पादों से आय बढ़ाने पर जोर
-महिला किसान












दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महेंद्रगढ़ की प्रगतिशील महिला किसानों का सम्मान
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कनीना की आवाज। हरियाणा सरकार द्वारा कृषि में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के प्रयासों के तहत आज अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर जींद जिले के गांव हमेठी में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिला महेंद्रगढ़ से कृषि विभाग की महिला नोडल अधिकारी एवं कृषि विकास अधिकारी सोनिया (खंड बाछोद, अटेली) के नेतृत्व में प्रगतिशील महिला किसानों ने भाग लिया।
महेंद्रगढ़ जिले की ओर से गांव बवानिया की प्रगतिशील महिला किसान बनारसी देवी और रेणु कार्यक्रम में शामिल रहीं। कार्यक्रम में कृषि के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी पर विस्तार से चर्चा हुई और कृषि विभाग की योजनाओं के तहत प्राकृतिक खेती को अधिक से अधिक अपनाने पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर डॉ. सुभाष ने बताया कि प्राकृतिक खेती गाय आधारित खेती है। इसमें गाय के गोबर और गोमूत्र से जीवामृत व घन जीवामृत तैयार किए जाते हैं, जिससे भूमि में जीवाणुओं की संख्या बढ़ती है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से किसान की लागत घटती है और भूमि की सेहत में सुधार होता है। उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से किसानों को गाय पर अनुदान दिया जा रहा है। महेंद्रगढ़ जिले के किसान भी इन योजनाओं का लाभ उठाकर प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में महेंद्रगढ़ सहित भाग लेने वाली सभी महिला नोडल अधिकारियों और प्रगतिशील महिला किसानों को सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने के बाद बनारसी देवी ने कहा कि महेंद्रगढ़ जिले की महिला किसान आपस में समूह बनाकर यहां उगने वाली प्रमुख फसल बाजरा सहित अन्य फसलों के उत्पाद तैयार कर सकती हैं। इन उत्पादों को बाजार में बेचकर वे अपनी आमदनी बढ़ा सकती हैं और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ सकती हैं।
फोटो। महिला किसान दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महेंद्रगढ़ की प्रगतिशील महिला किसानों का सम्मान