**KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**
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Friday, August 14, 2026
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की अगुवाई में निकली तिरंगा यात्रा, राव तुलाराम शहीदी स्मारक पर दी श्रद्धांजलि
-तिरंगा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, हजारों की तादात में जुटे लोग
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कनीना की आवाज। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की अगुवाई में महेंद्रगढ़ जिले में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। देशभक्ति के रंग में सराबोर इस यात्रा में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों लोगों ने भाग लिया। यात्रा के दौरान लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष लगाए। पूरे मार्ग पर देशभक्ति का माहौल देखने को मिला।
तिरंगा यात्रा की शुरुआत अटेली क्षेत्र के बजाड़ के पास से शुरू हुई। प्रारंभिक चरण में यात्रा वाहनों के काफिले के रूप में निकली, जो अटेली विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों और अटेली कस्बे के प्रमुख बाजारों से होते हुए नारनौल पहुंची। नारनौल शहर में यात्रा का कई स्थानों पर नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने स्वागत किया। इसके बाद यात्रा रेवाड़ी रोड, बस स्टैंड, महावीर चौक और महेंद्रगढ़ रोड से गुजरते हुए भाजपा जिला कार्यालय पहुंची।
भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 9 अगस्त को नारनौल से प्रदेश स्तरीय तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया था और उसी कड़ी में जिले में यह यात्रा आयोजित की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि तिरंगा यात्रा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि तिरंगा उन लाखों वीरों के बलिदान का प्रतीक है, जिनके संघर्ष और त्याग से देश को आजादी मिली। यह प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है, जब सभी नागरिक जाति, धर्म और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देशभक्ति की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और समाज के विकास में योगदान दें।
आरती सिंह राव ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त राष्ट्र की नींव होते हैं। स्वास्थ्य विभाग आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता अपनाने, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया।
भाजपा कार्यालय से इसके बाद पैदल तिरंगा यात्रा निकाली गई, जो महेंद्रगढ़ रोड से होते हुए नसीबपुर स्थित राव तुलाराम शहीदी स्मारक पहुंची। यहां स्वास्थ्य मंत्री ने 1857 की क्रांति के महानायक राव तुलाराम तथा स्वतंत्रता संग्राम में बलिदान देने वाले हजारों अनाम शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
राव तुलाराम शहीदी स्मारक 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान योद्धा राव तुलाराम की वीरता और बलिदान का प्रतीक माना जाता है। यह स्मारक आज भी युवाओं को राष्ट्रप्रेम, त्याग और देशसेवा की प्रेरणा देता है तथा हरियाणा के गौरवशाली इतिहास की याद दिलाता है।
तिरंगा यात्रा में अटेली के अलावा नारनौल, महेंद्रगढ़ और नांगल चौधरी विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान देशभक्ति का उत्साह और राष्ट्रीय एकता का संदेश प्रमुख रूप से देखने को मिला।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं नारनौल के विधायक ओम प्रकाश यादव, महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव, बीजेपी के जिला अध्यक्ष डॉ यतेंद्र राव, जिला उपाध्यक्ष धीरज यादव, युवा नेता राजेश उर्फ बंटी के अलावा अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 07:तिरंगा यात्रा की अगुवाई करती स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव।
एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों की बैठक आयोजित, मतदाता सूची पुनरीक्षण पर हुई चर्चा
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कनीना की आवाज। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार आज कनीना एसडीएम एवं 68-अटेली विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक पंजीयन अधिकारी डा. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की एक बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान डा. जितेंद्र सिंह ने उपस्थित सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूची में नाम जोडऩे, कटवाने और संशोधन से संबंधित प्रपत्र संख्या 6, 7 और 8 की सूची के साथ-साथ फार्म 9, 10, 11, 11ए तथा 11बी वितरित किए। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि मतदाता सूची से संबंधित सभी प्रकार की सुनवाई अब बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के स्तर पर की जा रही है। ऐसे में कोई भी मतदाता अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित बीएलओ के समक्ष उपस्थित होकर अपनी सुनवाई करवा सकता है।
एसडीएम ने सभी राजनीतिक दलों से आह्वान किया कि वे इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपना पूर्ण और सक्रिय सहयोग प्रदान करें, ताकि विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित इस सुनवाई प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।
इस अवसर पर निर्वाचन कानूनगो पूनम, पूजा खींची सुपरवाइजर, बीजेपी से राजेंद्र लांबा, बीएसपी से तुषार ताहिल एवं रविन्द्र कुमार, इनेलो से करण सिंह मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 06: राजनीतिक दलों के साथ बैठक करते एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह।
एसडी विद्यालय में धूम-धाम से मनाई हरियाली तीज
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कनीना की आवाज। हरियाली तीज के अवसर पर एस डी विद्यालय ककराला में बच्चों ने बड़े हर्षोल्लास से विभिन्न गतिविधियों में अपनी भागीदारी निभाते हुए इस उत्सव को मनाया। विद््यार्थियों ने मधुर गीतों द्वारा श्रावण के महत्व व प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य एवं महिलाओं द्वारा की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला। बच्चों ने झूलों पर एवं पतंग बाजी में बड़ा उत्साह दिखाया एवं भरपूर मनोरंजन किया। विद्यालय के झूलों को बड़े सुन्दर तरीके से सजाया गया व मेहंदी प्रतियोगिता, तीज थाली सजावट, पोस्टर मेकिंग में बच्चों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। बच्चों ने नृत्य कला के माध्यम से अपने विचारों एवं भावों की प्रस्तुति दी। नन्हें विद्यार्थियों ने तीज के अवसर पर मनमोहक पोशाक पहनी हुई थी जिससे दृश्य देखते ही बनता था।
विद्यालय चेयरमैन जगदेव यादव ने विद्यार्थियों, स्टाफ एवं अभिभावकों को हार्दिक बधाई दी व बताया कि हरियाली तीज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है जो चारों तरफ हरियाली व खुशहाली का प्रतीक होता है। यह त्योहार विभिन्न त्योहारों के आगमन का भी प्रतीक है। इस समय प्रकृति का नजारा अद्भुत होता है जो उत्साह प्रतीक है। इस समय वर्षा का अधिक प्रभाव होता है सम्पूर्ण प्रकृति में हरियाली की चादर सी बिछी होती है इसलिए इस त्योहार को हरियाली तीज भी कहा जाता है।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक ओम प्रकाश यादव, सीईओ रामधारी यादव, उप निदेशक पूरण सिंह, कोर्डिनेटर स्नेह यादव, ईश्वर सिंह, प्रियंका यादव, बिंदु सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05: हरियाली तीज का पर्व मनाते हुए
स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित
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कनीना की आवाज। बीआर आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेहलंग में आज स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के चेयरमैन हरिश भारद्वाज ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या ज्योति भारद्वाज ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि हरिश भारद्वाज एवं प्राचार्या ज्योति भारद्वाज ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, नृत्य, कविता, भाषण एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से देश के वीर स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को नमन किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने पूरे विद्यालय परिसर को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
प्राचार्या ज्योति भारद्वाज ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों की सराहना की।
मुख्य अतिथि हरिश भारद्वाज ने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमें आजादी दिलाने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अनुशासन, ईमानदारी और कड़ी मेहनत को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं तथा शिक्षा के माध्यम से देश की प्रगति में योगदान दें।
कार्यक्रम के अंत में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। चेयरमैन हरिश भारद्वाज एवं प्राचार्या ज्योति भारद्वाज ने विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी इस प्रकार की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया तथा सभी ने देश की एकता, अखंडता एवं प्रगति में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।
दिन भर छाए रहे बादल नहीं हुई कनीना में वर्षा, कुछ क्षेत्रों में हुई सुबह वर्षा
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कनीना की आवाज। क्षेत्र में पिछले दो दिन से आसमान में बादल छाए हुए है लेकिन वर्षा नहीं हुई है। अच्छी बरसात की आस देख रहे किसानों को सिर्फ सब्र का घूट पीना पड़ा। पिछले चार दिनों से क्षेत्र में अचानक उमस बढ़ चुकी थी जिस कारण जन जीवन प्रभावित हो रहा है। हालांकि गुरुवार सुबह कनीना क्षेत्र के गांव रसूलपुर में सुबह अच्छी वर्षा हुई जिससे ग्रामीणों को गर्मी से थोड़ी बहुत राहत मिली। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 17 अगस्त तक क्षेत्र में हल्की से मध्यम बरसात होने का अंदेशा जताया गया है। पिछले वर्ष की तुलना में अब की बार 22 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। और क्षेत्र में अगस्त माह में लगभग 36 प्रतिशत वर्षा दर्ज की गई है। किसान अजीत, सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह ने बताया कि बाजरे के लिए यह वर्षा बहुत ही लाभकारी सिद्ध होती है जो फसल के पकने का अंतिम चरण है इसके बाद कटाई का कार्य चालू हो जाएगा ।
फोटो कैप्शन 03: क्षेत्र के आकाश में छाए बादल
नपा कर्मचारियों की हड़ताल नौवें दिन भी रही जारी, प्रदर्शन हुआ तेज
हौसले हुए बुलंद , कहा झुकेंगे नहीं हक के लिए लड़ेंगे
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कनीना की आवाज। कनीना में नगरपालिका के कर्मचारियों की हड़ताल लगातार नौवें दिन भी सुचारु रूप से चलती रही। दिन भर सरकार विरोधी नारे लगते रहे। वहीं संघ के प्रधान अनिल कुमार ने कहा कि हमारे हौसले बुलंद है और तब तक नहीं झुकेंगे। जब तक सरकार हमारी मांगे नहीं मानेगी। प्रदर्शन करना हमारा हक है। मौजूदा सरकार को हमारी मांगे माननी होगी। अनिल कुमार ने बताया कि हमें नगरपालिका में काम करते 18 साल हो चुके है और नियम के अनुसार रेगुलर 10 साल की सेवा दे चुके कर्मचारियों को नियमित करने की पालिसी होती है । हड़ताल में संघ प्रधान अनिल कुमार, संजय, सुभाष, करमवीर , रमेश,राजेश,सोनू, नरेंद्र, नवीन,पवन , बिमला, शशि बाला,योगेश, राकेश, सुनील,अशोक, कुलदीप , प्रदीप, रत्न लाल इत्यादि कर्मचारी मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 04: धरने पर बैठे सफाईकर्मी
बाजरे की फसल देख किसान खुश
- सावन माह में हो चुकी है 50 एमएम वर्षा
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कनीना की आवाज। सावन माह में अब तक 50 एमएम वर्षा होने के बाद अब बेहतर फसल होने के आसार बन गए हैं। बाजरा और कपास की खड़ी फसल में रौनक आ गई है। पतंगबाजी में तेजी आ गई है।
पूर्व खंड कृषि अधिकारी डा. देवराज यादव ने बताया कि वर्षा से फसलों को लाभ होगा। उन्होंने बताया कि इस समय 15 हजार हेक्टेयर पर बाजरा उगाया गया है वर्षा का फसलों के लिए अमृत साबित होगा। किसानों ने इस समय अपने खेत की निराई कर रखी है। बाजरा बड़ा हो गया है जिनको पानी की जरूरत थी। पानी की पूर्ति होने से फसलों में आब आ गई है। किसान अपनी फसलों को देखकर खुश नजर आये।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र की भूमि बालू प्रधान है जो जल्दी पानी को सोख लेती है। इसलिए चाहे अधिक बारिश भी होगी तो किसानों के लिए लाभ होगा। पछैती एवं अगेती दो प्रकार की बिजाई किसानों ने इस वर्ष की है।
किसानों ने बताया कि दो प्रकार की फसल खेतों में उगाई गई है- अगैती तथा पछेती फसल। अगैती अब बड़ी हो चुकी है जबकि पछेती फसल अभी छोटी है। कृषि अधिकारी भी वर्षा को फसल के अनुकूल बता रहे हैं।
कनीना क्षेत्र में किसानों की बाजरे की फसल पकान के पूरे यौवन पर है। विगत समय में अच्छी वर्षा होने का परिणाम माना जा रहा है। अब बाजरे में भुट्टे आ गए हैं और किसान अपने बाजरे के भुट्टे को देखकर खुश नजर आ रहे हैं।
किसान भरत सिंह, कृष्ण कुमार, महेश कुमार, सूबे सिंह आदि से बात हुई। उन्होंने बताया कि अब अधिकतम 30 दिनों के बाद फसल कटाई शुरू हो जाएगी। बाजरे की कटाई सितंबर के तीसरे सप्ताह में शुरू हो जाएगी और सितंबर के अंत तक पूरी फसल कटाई हो चुकी होगी। इस बार बाजरे का समर्थन मूल्य 2775 रुपये प्रति क्विंटल रखा है जो बेहतर भाव है। क्षेत्र के किसानों का कहना है किसान बाजरे की फसल विशेषकर चारे के रूप में उगते हैं। चारे के साथ-साथ अन्न की पैदावार भी हो रही है। सरकार मोटे अनाज पर जोर दे रही है। दक्षिण हरियाणा मोटे अनाज के रूप में बाजरा अधिक उगाता है। हर वर्ष भारी मात्रा बाजरे की पैदावार होती है।
किसानों का कहना है कि सरकार को मोटे अनाज पर अधिक जोर देना चाहिए ताकि बाजरे की मांग बढ़े। बाजरे से न केवल मुर्गी दाना, पशु चारा अपितु उद्योग धंधे भी आश्रित है, वही खाने के रूप में भी बाजरे का उपयोग किया जाता है। बाजरा अति पौष्टिक अन्न माना जाता है। डाक्टर और वैद्य श्रीकिशन,बाल किशन, डा.अजीत कुमार और डा. वेद प्रकाश ने बताया कि बाजरे के खाने से शरीर में कई बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है। जिनको गेहूं नहीं सुहाता और शरीर में एलर्जी पैदा करता है उनके लिए बाजरा बेहतर अनाज है। मोटा अनाज होने के कारण इसकी पौष्टिकता भी अधिक है। किसानों का मानना है कि अब फसल पकान के पूरे यौवन पर है और जल्दी ही फसल पककर तैयार हो जाएगी। यदि बीच अवधि में वर्षा होती है तो भी लाभ है और नहीं होती तो भी कोई विशेष दिक्कत नहीं आएगी। ऐसे में किसान चाहते हैं कि बाजरे की फसल बेहतर पैदावार दे।
फोटो कैप्शन 02: बाजरे की फसल को निहारता किसान
20 वर्षीय लड़की लापता, लापता होने का मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के तहत एक गांव से 20 वर्षीय लड़की लापता हो गई। वह कालेज में पढऩे के लिए गई थी लेकिन घर वापस नहीं लौटी। उसके पिता ने पुलिस में दी शिकायत में कहा है कि 12 अगस्त को सुबह 10 उसकी लड़की कालेज का नाम लेकर घर से निकली थी किंतु शाम को घर वापस नहीं आई। आसपास हर जगह पता किया किंतु कहीं नहीं मिली। उन्होंने शक जताया है कि उनकी लड़की को किसी ने किसी गुप्त स्थान पर छुपा रखा है। कनीना पुलिस ने लापता होने का मामला दर्ज कर लिया है।
सड़क मार्ग की जर्जर हालत, ठीक करवाने की उठी मांग
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कनीना की आवाज। कनीना-महेंद्रगढ़ मार्ग पर नायरा पेट्रोल समक्ष से गुजरने वाले धनौंदा- चरखी दादरी को जाने वाला मार्ग नायरा पेट्रोल पंप के समक्ष बहुत जर्जर हालत में हो चला है। एक और जहां गंदा नाला भी इधर से गुजरता है वही चौड़े चौड़े गड्ढे बन गए हैं। जब कभी वर्षा होती है तो इनमें पानी खड़ा हो जाता है और निकल पाना कठिन हो जाता है। जब वर्ष का जल भर जाता है तो यह गड्ढे दिखाई नहीं देते जिसमें दोपहिया वाहन चालक गिरकर गंभीर चोटिल हो रहे हैं। वैसे भी उन्हाणी पुल निर्माण के कारण इस मार्ग से होकर महेंद्रगढ़, धानोंदा एवं चरखी दादरी आदि की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या बढ़ गई है परंतु प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
राहगीर नरेश कुमार, दिनेश कुमार, सुरेश कुमार, महेश कुमार आदि ने बताया कि लंबे समय से राहगीर परेशान हैं। जब से उन्हाणी पुल का निर्माण जारी है उन्हें इधर से गुजरना होता है। वैसे भी धनौंदा जाने के लिए यह छोटा मार्ग है किंतु यहां के गड्ढे समस्या बनते जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का निदान किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
फोटो कैप्शन 01: नायरा पेट्रोल पंप समक्ष धनौंदा को जाने वाला जर्जर मार्ग
Thursday, August 13, 2026
मोटे अन्न के प्रति बढ़ता ही जा रहा है रूझान
-दक्षिण हरियाणा में श्रीअन्न का है भंडार
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कनीना की आवाज। सरकार के प्रयासों के चलते श्रीअन्न के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। कभी ग्रामीण क्षेत्रों में श्रीअन्न बाजरा, ज्वार आदि पर्याप्त मात्रा में पैदा होता था। बाजरे की रोटी को जमकर खाया जाता था किंतु अब इस रोटी को बनाने की जानकारी रखने वाली बुजुर्ग महिलाएं घटती जा रही हैं। वर्तमान पीढ़ी बाजरे की रोटी बनाने में आलस्य महसूस करती है तथा बनाने में महारत हासिल नहीं है।
वर्ष 2023 में जहां वित्त वर्ष बजट में मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए श्रीअन्न योजना की शुरुआत हुई है वहीं दक्षिण हरियाणा मोटे अनाज का भंडार है। इसे मिलेट कहा गया है जो जलवायु को सहन कर सकता है। श्रीअन्न में जहां ज्वार, बाजरा, कुट्टू आदि कई अन्नों को शामिल किया गया है। ज्वार और बाजरा दक्षिण हरियाणा के खरीफ उत्पाद हैं जो पोषक तत्वों से भरपूर हैं। 2023 को अन्तर्राष्ट्रीय श्रीअन्न के रूप में घोषित किया है। बाजरा एवं ज्वार दक्षिण हरियाणा अधिक पैदावार देता है जिसका समर्थन मूल्य गेहूं से अधिक है।
*** बाजरा जलवायु सहिष्णु होता है। कम उर्वरा शक्ति वाले खेत में भी अच्छी पैदावार देता इसलिए किसान का दोस्त कहा जाता है। कम मेहनत में अधिक पैदावार देता है और पोषक तत्वों का भंडार है। श्रीअन्न में प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम लोहा, मैग्नीज, फास्फोरस, पोटाशियम और विटामिन बी-कंपलेक्स पर्याप्त मात्रा में मिलते हैं। इससे कुपोषण की समस्या से निजात पाया जा सकता है। श्रीअन्न में प्रोटीन और फाइबर पोषक तत्व अधिक मिलने से। यह मधुमेह उच्च, रक्तचाप एवं कैंसर जैसे रोगों से भी बचाता है।
**डा. देवराज पूर्व कृषि अधिकारी
जहां जी-20 में मेहमानों को बाजरे के उत्पाद खिलाये गये जो अन्न का सम्मान हुआ। वहीं करीरा गांव में भी बाजरे से अनेक पदार्थ बनाये जा रहे हैं जो लघु उद्योग और स्वयं रोजगार को बढ़ावा देता है। हरियाणा में इस बार बाजरे का एमएसपी 2775 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। जी-20 से भी मोटे अन्न के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा की गई ताकि अधिक से अधिक प्रयोग करें और रोगों से बच सके। मोटे खाने से शरीर में रोग रोधक क्षमता बढ़ जाती है। गेहूं का परंपरागत तरीके से प्रयोग करते आ रहे हैं उनमें रोग बढ़ सकते हैं। इसलिए गेहूं को छोड़कर मोटे उनका उपयोग किया जाए तो ज्यादा बेहतर होगा। बाजरा और ज्वार दोनों ही मोटे अन्न में शामिल किए गए हैं। जहां ज्वार अन्न हल्का होता है वही बाजरे में लोहे/आयरन की मात्रा अधिक होती है। इनमें ग्लूटेन नहीं होता। ग्लूटेन फ्री आटा बनाने के लिए उन्होंने कई अनाजों को शामिल करके प्रयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बहुत से लोगों को ग्लूटन नुकसान पहुंचाता है उनके लिए श्रीअन्न बहुत लाभप्रद हैं। उधर किसान महावीर सिंह, अनिल कुमार, सुमेर सिंह, अजीत सिंह, देवेंद्र बलिया आदि ने उन्होंने बताया कि श्रीअन्न पैदा करने में अधिक मेहनत की जरूरत नहीं होती, जल्दी पैदावार दे देता है।
बाजरा 90 दिनों की फसल है जबकि गेहूं 150 दिनों की फसल है। भाव बाजरे के बेहतर हैं वहीं खाद डालने की जरूरत कम पड़ती है वहीं भाव बाजरे के अधिक हैं, शरीर के लिए अधिक लाभप्रद हैं ऐसे में श्रीअन्न की पैदावार लेनी चाहिए।
--डा. देवेंद्र यादव
फोटो कैप्शन 09: पूर्व कृषि अधिकारी डा देवराज, डा. देवेंद्र
कर्मचारी उलझे है एसआईआर में
-अब नोटिस देकर उन्हें ठीक करने की प्रक्रिया जारी
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र ही नहीं हर जगह कर्मचारी अब तो एसआईआर में उलझे दिखाई पड़ रहे हैं। सुबह से लेकर शाम तक कर्मचारी परेशान नजर आते हैं।
कर्मचारियों ने बताया अब नोटिस जारी करने की प्रक्रिया जारी है। नोटिस जारी करने का अर्थ यह नहीं है कि कहीं न्यायालय जाना होगा अपितु नाम आदि में किए गए बदलाव के बाबत प्रमाण देना होगा। जिस प्रकार किसी ने नाम के साथ सिंह लगा दिया है जो पहले नहीं था तो ऐसा प्रमाण देना पड़ेगा जिसमें सिंह लगा हुआ हो जैसे दसवीं की सर्टिफिकेट। कर्मचारियों ने बताया कि आनलाइन कार्य करना होता है और नोटिस देकर उसे दुरुस्त करने के लिए कठिन परिस्थितियों से होकर गुजरना पड़ता है। वास्तव में यह कार्य उच्च अधिकारियों का था किंतु शिक्षक वर्ग एक ऐसा वर्ग हाथ लग जाता है जिसको किसी प्रकार का कोई काम दिया जा सकता है। कहने को तो शिक्षक पढ़ाने के लिए नियुक्त हुए हैं किंतु उनसे हर प्रकार के कार्य लिए जा रहे हैं। भविष्य में झाड़ू पोछा भी करवा लिया जाए तो कोई आश्चर्य नहीं होगा?
फोटो कैप्शन 08: कर्मचारी एसआईआर में उलझे हुए
हड़ताल का आठवां दिन
नपा कर्मचारियों ने निकाला रोष प्रदर्शन,कहा झूठे वादों की सरकार है।
जगह जगह लग रहे कूड़े के ढेर, कस्बावासियों में रोष
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कनीना की आवाज। प्रदेश में चल रहे सर्व कर्मचारी संघ के नेतृत्व मे ंकनीना नगरपालिका कर्मचारियों ने कल रोष प्रदर्शन कर मार्च निकाला जो कनीना मंडी टी-प्वाइंट से लेकर नगर पालिका के मुख्य गेट पर खत्म हुआ। इसी बीच कर्मचारियों ने मौजूदा सरकार को जुमलों की सरकार कहा। प्रदर्शन के बीच कर्मचारियों ने कहा कि जब तक हमारी मांगे सरकार भी मानेगी तब तक यू ही प्रदर्शन होता रहेगा अब सरकार की तानाशाही नहीं चलेगी और हमारी मांगे माननी पड़ेगी।
कनीना संघ के प्रधान अनिल मालिक ने बताया कि आज हड़ताल का आठवां दिन है अब तक हमारे पास कोई भी सरकार का कर्मचारी नहीं आया है जो हमारी बात सुन सके । कम से कम सरकार हमारी जरूरत वाली मांग तो पूरी करे । इसी बीच जहां कर्मचारी संघ की हड़ताल चल रही है अब उसका असर कनीना कस्बे में भी दिखाई देने लग गया है। जहां एक तरफ सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया जा रहा है तो दूसरी ओर कस्बे में जगह जगह पर कूड़े के ढेर दिखाई देने लग गए है जिसमें से वर्षा के मौसम में पास से निकलना मुश्किल हो गया है । कूड़े के कारण नालियों का पानी सड़कों पर भी आने लग गया है तो दूसरी ओर उसमें से गंदी बदबू भी आने लग गई है। कई जगह पर तो दुकानदार कूड़े को सड़क के साथ लगते डिवाइडर पर ही डालने लग जाते है । जिसमें बदबू के कारण अनेकों बीमारी हो जाती है । बरसात के मौसम में कूड़े के ढेर के पास से राहगीरों का निकलना मुश्किल हो जाता है। इसी बीच कस्बा वासियों का कहना है कि जहां एक तरफ हड़ताल के कारण प्रशासन के द्वारा लगाए गए कूड़े दान भी भर गए है जहां आवारा पशु मुंह मारते रहते है । जिसे कोई भी पालिका कर्मी देखने भी नहीं आते।
फोटो कैप्शन 05: जुलूस निकालते सफाई कर्मी
06: लगे हुए कूड़े के ढ़ेर
एसडीएम स्कूल छिथरोली के 199 खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में दिखाएंगे दमखम
गोल्डन गर्ल शर्मिला धनखड़ को बनाया प्रेरणास्रोत
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कनीना की आवाज। एसडीएम वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, छिथरोली के खिलाडिय़ों ने जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए अपनी जगह पक्की की है। विद्यालय के 199 खिलाड़ी विभिन्न खेलों में राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
विद्यालय के चेयरमैन अजमेर सिंह दांगी ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में चयनित खिलाडिय़ों में साफ्टबाल, बेसबाल और कुश्ती सहित विभिन्न खेलों के खिलाड़ी शामिल हैं। 12 सितंबर को झज्जर में आयोजित होने वाली अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 साफ्टबाल प्रतियोगिताओं में विद्यालय के 48 खिलाड़ी भाग लेंगे। वहीं 24 सितंबर को कैथल में होने वाली सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता में 48 छात्राएं अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 वर्ग में अपना प्रदर्शन करेंगी।
इसके अलावा 16 सितंबर से फतेहाबाद में आयोजित होने वाली बेसबाल प्रतियोगिता में 96 खिलाड़ी प्रतिभागिता करेंगे। वहीं रोहित शर्मा अंडर-17 कुश्ती वर्ग में सोनीपत में विद्यालय का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस प्रकार विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में विद्यालय के कुल 199 खिलाड़ी राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
शर्मिला धनखड़ को मानते हैं अपना आदर्श-
खिलाडिय़ों ने ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली विद्यालय की पूर्व छात्रा शर्मिला धनखड़ को अपना प्रेरणास्रोत और आदर्श बताया। खिलाडिय़ों ने कहा कि शर्मिला ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर न केवल विद्यालय, बल्कि हरियाणा और पूरे देश का गौरव बढ़ाया है।
चेयरमैन अजमेर सिंह दांगी ने बताया किखेलों के माध्यम से विद्यार्थियों को अनुशासन, मेहनत, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विद्यालय के खिलाड़ी राज्य स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन कर पदक जीतकर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।
फोटो कैप्शन 01: राज्य स्तरीय खेलों में भाग लेने वाले विद्यार्थी
कनीना में देशप्रेम के तरानों के साथ स्वतंत्रता दिवस की फुल ड्रेस रिहर्सल संपन्न
-15 अगस्त को विधायक कंवर सिंह यादव करेंगे ध्वजारोहण
-फुल ड्रेस रिहर्सल में एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह ने ली मार्च पास्ट की सलामी
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कनीना की आवाज। 15 अगस्त को आयोजित होने वाले 80वें स्वतंत्रता दिवस उपमंडल स्तरीय समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए वीरवार को पितामह कान्हा सिंह राजकीय महाविद्यालय कनीना के प्रांगण में फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन किया गया।
आगामी 15 अगस्त को कनीना के इस उपमंडल स्तरीय समारोह में महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे और ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे।
एसडीएम कनीना डा. जितेंद्र सिंह ने आज मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत कर ध्वजारोहण किया। इसके बाद उन्होंने अनुशासित परेड का निरीक्षण किया और मार्च पास्ट की भव्य सलामी ली। परेड की कमान पीएसआई साहिल के नेतृत्व में रही, जिनकी अगुवाई में जवानों ने सधे हुए कदमों से मंच के सामने से गुजरते हुए राष्ट्रध्वज को नमन किया।
रिहर्सल के बाद अधिकारियों व टीम प्रभारियों को एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त का दिन पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का प्रतीक है, इसलिए आयोजन में समय-सीमा के कड़ाई से पालन के साथ उच्चस्तरीय सांस्कृतिक व देशभक्ति कार्यक्रमों की प्रस्तुति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से मुख्य समारोह को ऐतिहासिक बनाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर तहसीलदार पायल यादव, कनीना खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश यादव, बीडीपीओ राजेश कुमार, महाविद्यालय के प्राचार्य सुनील कुमार तथा प्रशासनिक सचिव कपिल सहित विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्य नागरिक विशेष रूप से उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: सांस्कृतिक व देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम प्रस्तुत करते विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी।
हर घर तिरंगा अभियान के तहत विद्यार्थियों ने लिया राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय सेवा का संकल्प
-पीकेएस राजकीय महाविद्यालय कनीना में जागरूकता कार्यक्रम एवं तिरंगा यात्रा का आयोजन
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कनीना की आवाज। पीकेएस राजकीय महाविद्यालय, कनीना में हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। अभियान के तहत विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता, अखंडता तथा देश के प्रति कर्तव्य और जिम्मेदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया।
महाविद्यालय परिसर से एक भव्य 'हर घर तिरंगा यात्रा एवं जागरूकता रैली निकाली गई। रैली को महाविद्यालय के प्राचार्य डा. विनोद कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रैली के दौरान विद्यार्थियों ने आमजन को संदेश दिया कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है तथा प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी अंकुर, सहायक प्रोफेसर, इतिहास विभाग ने विद्यार्थियों को 'हर घर तिरंगाÓ अभियान के उद्देश्य एवं महत्व पर विस्तृत और प्रेरणादायक व्याख्यान दिया।
फोटो कैप्शन 03: तिरंगा यात्रा की जानकारी देते हुए प्राचार्य
गांव खेड़ा में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित
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कनीना की आवाज। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गांव खेड़ा में स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष स्क्रीनिंग एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों में टीबी के लक्षणों की पहचान कर समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित करना रहा।
शिविर में अरुण चौधरी, स्वास्थ्य कर्मी ऋषिराज तथा आशा कार्यकर्ता अनीता एवं रामभतेरी ने सक्रिय रूप से सेवाएं प्रदान कीं। इसके अलावा पवन तथा नारनौल से पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य कर्मियों ने भी शिविर में सहयोग किया।
शिविर के दौरान कुल 183 लोगों की टीबी संबंधी स्क्रीनिंग की गई। संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए 51 लोगों के एक्स-रे करवाए गए, जबकि आवश्यकतानुसार 4 लोगों के बलगम सैंपल भी लिए गए।
स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को टीबी के प्रमुख लक्षणों, जैसे दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना एवं भूख में कमी के बारे में जानकारी दी। साथ ही लोगों को टीबी के लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करवाने के लिए प्रेरित किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि टीबी एक उपचार योग्य बीमारी है और समय पर पहचान एवं पूरा उपचार मिलने पर मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। ऐसे स्क्रीनिंग शिविर टीबी की जल्द पहचान और समाज को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
फोटो कैप्शन 04: टीबी की जानकारी देते हुए स्वास्थ्यकर्मी
Wednesday, August 12, 2026
पालिका कर्मियों की हड़ताल जारी
-काम छोड़ हड़ताल पर हैं कर्मी
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कनीना की आवाज। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के हवन पर नगर पालिका कर्मचारी संघ इकाई कनीना ने सातवें दिन काम छोड़ हड़ताल कह जिसकी अध्यक्ष अध्यक्षता इकाई प्रधान अनिल कुमार ने की। हड़ताल में सभी कनीना सफाई कर्मचारी शामिल रहे। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल 15 अगस्त 2026 तक पूरे प्रदेश में रहेगी अगर सरकार ने हमारी मांगे पूरी नहीं की तो यह हड़ताल आगे भी बढ़ जाएगी।
फोटो कैप्शन 07: हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मी
अब 500 रुपए जमा कर सीवर कनेक्षन को करवा सकते हैं वैध
- पानी तथा सीवर दोनों के लिए भी योजना है लागू -पवन कुमार जेई
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कनीना की आवाज। अब उन उपभोक्ताओं के लिए विशेष योजना लागू कर दी है जो सीवर एवं जल का अवैध कनेक्शन लिए हुए हैं।
विस्तृत जानकारी देते हुए कनिष्ठ अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग पवन कुमार ने बताया कि सीवर का कनेक्शन वैध करवाने के लिए 500 रुपए देने होंगे। वहीं अगर नकद राशि न देना चाहे नहीं तो उनके बिल में जुड़कर आ जाएंगे। यही नहीं पानी और सीवर दोनों का कनेक्शन वैध करवाना चाहे तो 1550 रुपए ही देने होंगे ।यह योजना 30 नवंबर तक जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि दस्तावेज बतौर आधार कार्ड, एक फोटो, आईडी जमीन की तथा फैमिली आईडी लेकर वैध कनेक्शन पा सकते हैं। सभी जुर्माना माफ कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर सीवर कनेक्शन के लिए 4367 रुपए तथा पानी का कनेक्शन लेने के लिए 2185 रुपए देने होते हैं।
बाजरे की पकी फसल देखकर किसान खुश
-सावन माह में हुई अच्छी वर्षा
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में जहां जुलाई माह में कम वर्षा होने के कारण बहुत से किसान अपने खेतों की बिजाई नहीं कर पाए। जिन्होंने बिजाई कर दी उनकी फसल अब वर्षा के बाद अब बेहतरीन नजर आ रही है। फसल पकान पर चली गई है।
किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, नवीन कुमार, जितेंद्र, अजीत कुमार आदि ने बताया कि समय फसल पकान की ओर चली गई है। बाजरे की फसल जल्दी ही पक जाएगी। इस बार क्षेत्र में बाजरे के अतिरिक्त कपास, मूंगफली, मूंग तथा चारा देने वाली फसलें उगाई गई है। किसानों ने बताया कि इस बार बंपर पैदावार होने की संभावना है। उधर कृषि विशेषज्ञ डा. देवराज यादव ने बताया कि सावन माह में अच्छी वर्षा का होना किसानों के लिए शगुन भरा रहा है। वर्षा के कारण फसलों में आब आ गई है। अब जल्द ही फसल पककर तैयार हो जाएगी। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में फसल कटाई हो जाती है।
फोटो कैप्शन 04: बाजरे की पकान पर गई फसल
अब बम बम की जगह वो मारा वो काटा
-15 अगस्त तक चलेगी पतंगबाजी
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कनीना की आवाज। अब छतों पर वो मारा वो काटा का शोर सुनाई पडऩे लगा है। भी तक बम बम का शोर सुनाई पड़ रहा था। कनीना क्षेत्र में 15 अगस्त को हरियाली तीज व 14अगस्त को सिंधारा पर्व के दृष्टिगत पतंगों की बहार आ गई है। सुबह से शाम अब वो मारा, वो काटा की आवाज सुनाई पड़ती है।
युवा वर्ग इस मामले में अधिक सक्रिय है। सर्वाधिक पतंगबाजी हरियाली तीज पर होती है। उधर तीज एवं सिंधारा के दृष्टिगत बाजारों में घेवर की मिठाई की धूम मची हुई है। त्योहार पर घेवर का लेनदेन किया जाता है।
शहरी क्षेत्र में पतंगबाजी में तेजी आ गई है। बाजारों में दुकानों पर पतंग एवं डोर ही नजर आती है। युवा हो या बच्चा अपनी छतों पर सुबह शाम पतंगबाजी करता है। जिस दिन स्कूलों की छुट्टी होती है उस दिन तो बच्चे अपने घरों की छतों से नीचे ही नहीं आते हैं। एक ओर सिंधारा पर्व पर घेवर की मिठाई का बोलबाला मिलता है वहीं तीज पर्व पर पतंगबाजी का बोलबाला मिलता है। यूं तो इस सावन माह में उत्सवों की बहार है किंतु तीज पर्व का अपना ही महत्व है। सावन में आने वाली हरियाली तीज पर सर्वाधिक पतंगबाजी की जाती है तत्पश्चात पतंगबाजी में कमी आ जाती है।
सावन माह में इस बार झूले कम ही नजर आते हैं। सावन माह में पुराने समय से झूलों पर झूलने की प्रथा थी किंतु अब वह प्रथा धीमी पड़ गई है। पतंगबाजी में युवा एवं बच्चों की अधिक भागीदारी होती है। एक दुकानदार योगेश कुमार ने बताया कि इस बार पतंगबाजी के लिए युवा वर्ग में इतना उत्साह नहीं है जितना होना चाहिए। कनीना क्षेत्र में बारिश का बोलबाला है। वैसे तो पूरे सावन माह में ही पींग पर झूला जाता है किंतु इस दिन विशेष आकर्षण का केंद्र पींग होती है।
जंगलों में नृत्य करते मोर, वर्षा का शोर तथा पतंग उड़ाने वालों की ध्वनि स्पष्ट सुनाई पड़ती है। पर्व खुशियां लेकर आता है। वर्षा अच्छी होने पर तो खुशियां और भी बढ़ जाती हैं।
फोटो कैप्शन 05: पतंग की डोर एवं घेवर की
स्कूली बच्चों ने निकाली तिरंगा यात्रा
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कनीना की आवाज। राजकीय माध्यमिक विद्यालय झिगावन के बच्चों एवं स्टाफ सदस्यों ने सरपंच ग्राम पंचायत झिगावन एवं ग्रामीणों के साथ देशभक्ति की भावना जागृत करने तथा अपने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए तिरंगा यात्रा निकाली। तिरंगा यात्रा में हर घर तिरंगा,हर मन तिरंगा नारे लगाए गए।
इस दौरान हरिओम मुख्याध्यापक, पूनम बाई , अनीता यादव, मीना शर्मा, अभिनय खंडवाल, रामचन्द्र दीवान सरपंच, ग्रामीण तथा स्कूली बच्चों ने भाग लिया। विद्यालय मुखिया ने 15 अगस्त के आयोजन में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
फोटो कैप्शन 06: तिरंगा यात्रा निकालते हुए बच्चे एवं स्टाफ
एसडी विद्यालय के 251 विद्यार्थी राज्य स्तर पर करेंगे जिले का प्रतिनिधित्व
--खंड शिक्षा अधिकारी कनीना ने किया सम्मानित
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कनीना की आवाज। एसडी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ककराला के 251 छात्रों का राज्य स्तरीय खेलों के लिए चयन हुआ है।
इस दौरान मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश यादव ने राज्य स्तरीय खेलों के लिए चयनित खिलाडिय़ों को बधाई दी और मैडल व प्रमाण पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद भी जीवन में जरूरी है। जो जीवन में तन और मन को स्वस्थ रखते हैं
। खेल भी जीवन का एक अंग है जो शारीरिक विकास के साथ मानसिक विकास में सहायक होते है। खेलों से जहां स्वास्थ्य ठीक रहता है वही मनुष्य का चारित्रिक व आध्यात्मिक विकास भी होता है। खेल एक शारीरिक गति विधि है जो तनाव और चिंता को दूर करते है।
इस अवसर पर विजेता खिलाडिय़ों को बधाई देते हुए विद्यालय चेयरमैन जगदेव यादव ने खेलों की महत्ता पर बल देते हुए बताया कि 251 खिलाडिय़ों को गोल्ड मेडल व 262 खिलाडिय़ों सिल्वर मैडल प्राप्त हुए। कुल 513 मैडल प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। हमारे जीवन के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ खेलों का होना बहुत जरूरी है। खेल हमें स्वस्थ शरीर व तेज दिमाग प्रदान करते है।
इस मौके पर उपनिदेशक पूर्ण सिंह, वरिष्ठ सदस्य राजेन्द्र यादव, सीईओ आर एस यादव, खेल प्रमुख सोनू कोच पाथेड़ा, प्रदीप फुटबाल कोच खेड़ी, विकास कोच खेड़ी, विकास कोच, सास्वत कोच, जिंकल कोच, तेज डीपी, संगीता डीपी आदि सभी स्टाफ उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: खिलाडियों को पुरस्कृत करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी कनीना सुरेश कुमार
विश्व अंगदान दिवस---13 अगस्त
जब बहन ने दी अपने भाई को किडनी दान जिससे बची जान
-मरकर भी दे गया पांच लोगों को जीवनदान
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कनीना की आवाज। कभी कभी इंसान अपने जीवन में वो काम कर जाता है जिसे लोग वर्षों तक याद करते हैं। कभी बहन अपने भाई को जिंदगी दे जाती है तो कोई मरकर अमर हो जाता है। जगत में अलौकिक प्रेम भाई बहन के बीच मिलता है। कभी-कभी बहन अपने भाई के लिए अपनी जान को भी कुर्बान करने के लिए तैयार रहती है। ऐसा ही उदाहरण कनीना उपमंडल से 5 किलोमीटर दूर गुढ़ा में देखने को मिला जहां एक बहन ने अपने भाई की रक्षा के लिए किडनी/गुर्दा दान दिया। बात 2008 की जब संतोष यादव का भाई किशन सिंह यादव बैंक में मैनेजर के रूप में बीकानेर में कार्यरत थे। वे अचानक बीमार पड़ गए और और उन्हें अहमदाबाद/गुजरात के अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अनेक जांच करने के बाद पता चला कि उनके गुर्दे खराब हो गये हैं जिसे डाक्टरों ने निकाल दिया तथा जिंदगी बचाने के लिए कम से कम एक किडनी की जरूरत थी। अहमदाबाद गुजरात में अस्पताल में भर्ती करवाया ताकि उन्हें एक गुर्दा दिया जा सके। उस समय विशेष स्थिति बन गई कि उनका गुर्दा कौन दान दे ताकि उनका जीवन बच सके। तभी उनकी बहन संतोष यादव सामने आई और उन्होंने कहा कि वह गुर्दा देंगी। क्योंकि उसके भाई की जिंदगी का सवाल है। संतोष यादव भी गुजरात अहमदाबाद गुजरात में अस्पताल में भर्ती हो गई। कुछ दिनों तक दोनों की जांच हुई। किशन सिंह की जान बचाने के लिए संतोष यादव का एक गुर्दा निकालकर किशन सिंह यादव को प्रत्यारोपित किया गया जिसके कारण उनकी जान बच गई और वह 7 सालों तक जीवित रहे। तत्पश्चात 2015 में उनकी मौत हो गई किंतु संतोष यादव आज भी उस दिन को नहीं भूल पाती है। जब अपने भाई को याद करती है तो आंखों में आंसू आ जाते हैं। उनका कहना है चाहे मेरी जान चली जाती किंतु मेरा भाई बचा रहता।
मिली जानकारी के अनुसार संतोष यादव हांसी के जमावड़ी गांव में विवाहिता है और उनके पति हजारी सिंह आइटीआइ में प्राचार्य हैं तथा वर्तमान में वह गुरुग्राम में रह रही है। किशन सिंह यादव को याद करते हुए उनका छोटा भाई बलवंत सिंह ने बताया कि वह दो बार 1988 तक 2003 में गुढ़ा गांव का सरपंच रह चुके हंै। उन्होंने अपने भाई किशन सिंह को गुर्दा मिलने पर जीवित देखा बहुत ही आनंद आया कि उसके भाई की जिंदगी बच गई है किंतु वो 7 साल जीवित रहे और अंतत: उनकी मृत्यु हो गई। बलवंत सिंह भी अपनी बहन संतोष यादव तथा उसकी हिम्मत को याद कर प्रसन्न हो जाते हैं तथा गुर्दा दान देने की घटना को याद कर खुश हो जाते हैं किंतु अपने भाई को खोकर उनकी आंखों में भी आंसू आ जाते हैं।
अंगदान देने की एक अनोखी मिसाल की कायम-
कनीना उपमंडल के गांव गुढ़ा निवासी 25 वर्षीय सचिन ने पेश की है। दो वर्ष पहले कांवड़ लाते वक्त अपनी जान देकर 5 लोगों को दे गया जिंदगी। सड़क हादसे में घायल होने के बाद कोमा में गया सचिन नाम का शिवभक्त कांवडिय़ा अपनी सांस थमने से पहले तीन लोगों को नई जिंदगी दे गया। सचिन ने इसके साथ ही अपनी आंखों के जरिये दो लोगों को रोशनी भी दी है। घटना सावन माह के शुरू होने पर 23 जुलाई 2024 की है।
कांवड़ यात्रा के दौरान कहीं से वाहनों में तोडफ़ोड़ की तस्वीरें आईं तो कहीं से मारपीट की। जहां कुछ कांवडिय़ों के डरावने व्यवहार ने लोगों को विचलित कर दिया, वहीं सचिन नाम का शिवभक्त कांवडिय़ा अपनी सांस थमने से पहले 5 लोगों को नई जिंदगी दे गया। सचिन सड़क हादसे में घायल होने के बाद कोमा में चला गया था। 30 जुलाई 2024 को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद परिजनों ने उसके अंगों को एम्स ऋषिकेश को दान कर दिया था, जिसके बाद अलग-अलग जगहों पर तीन लोगों को उसके अंगों से नई जिंदगी मिली है साथ में दो को आंखें मिल गई। उन्होंने पैंक्रियाज/अग्राश्य, फेफड़े, आंखें, लिवर, गुर्दे दान कर गया जो आज भी इस दुनियां में हैं।
23 जुलाई को हरियाणा के महेंद्रगढ़ निवासी 25 वर्षीय सचिन रुड़की में सड़क दुर्घटना में गंभीर घायल हो गया था। उसके कोमा से बाहर आने की उम्मीद नहीं बची तो एम्स के डाक्टरों ने परिजनों से अंगदान की अपील की। परिवार वाले राजी हुए और ब्रेन डेड युवक के अंगदान का फैसला लिया गया। जरूरी प्रक्रिया के बाद सचिन के अंगों से न केवल तीन लोगों को जिंदगी मिली, बल्कि दृष्टि खो चुके दो लोगों के जीवन में सचिन के नेत्रदान से उजियारा कर गया।
एमएस प्रो. संजीव कुमार मित्तल ऋषिकेश ने कहा कि सचिन के अंगदान से दो अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती तीन लोगों को नया जीवन मिला है। इनमें पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती व्यक्ति को किडनी, पेनक्रियाज प्रत्यारोपित किया गया। दूसरी ओर, दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड बिलरी साइंसेज (आईएलबीएस) में भर्ती दो अलग-अलग व्यक्तियों को किडनी एवं लिवर प्रत्यारोपित किए गए।
श्रावण मास में सचिन गुढ़ा,महेंद्रगढ़ से हरिद्वार कांवड़ उठाने निकाला था परंतु कांवड़ नहीं ला सका और पूरे देश में अपना, परिवार, गांव एवं क्षेत्र का नाम रोशन कर गया। उसके पिता सतीश कुमार कनीना में पंक्चर की दुकान चलाते हैं जिसमें वह मदद करता था। परिवार में पिता के अलावा उनकी पत्नी, दो बच्चे और एक छोटा भाई है। एम्स के डाक्टरों ने जब परिवार वालों से अंगदान कराने की अपील की तो सचिन के परिवार वालों ने फरिश्ते की भूमिका निभाई।
सचिन के शरीर के अंगों को तय समय पर दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ पहुंचाया गया। इसके लिए सड़क मार्ग और हवाई सेवाओं की मदद ली गई। पुलिस की मदद से ऋषिकेश से जौलीग्रांट एयरपोर्ट तक ग्रीन कारिडोर बनाया गया। पुलिस ने 28 किलोमीटर की दूरी को 35 मिनट की बजाय महज 18 मिनट के रिकार्ड टाइम में पूरा कराया।
सड़क दुर्घटना में सचिन के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उन्हें 30 जुलाई 2024 को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। चिकित्सकों की एक टीम ने तत्काल प्रभाव से सचिन के परिवार वालों से संपर्क किया और उन्हें अंगदान के प्रति प्रेरित किया।
सचिन ने कई लोगों को जीवन दान दिया है। इस मामले में एम्स उन्हें एक मूक नायक के रूप में हमेशा याद रखेगा। यह कार्य बेहद जटिल था लेकिन एम्स के डाक्टरों ने यह कार्य सफल कर दिखाया। सचिन की पत्नी पूजा, उसके दो छोटे बच्चे, सचिन का पिता सतीश कुमार, मां कविता आदि सभी बेरोजगार हैं तथा सचिन का एक छोटा भाई किसी कंपनी में काम करता है। इससे बड़ा अंगदान का और कोई अन्य उदाहरण पूरे देश में नहीं मिलेगा।
उधर गुढ़ा गांव में ही अपने पोते आशीश कुमार को उसकी दादी चमेली देवी ने गुर्दा देकर पोते की जान बचाने का सुंदर उदाहरण भी सामने आया है। ऐसे नायक एवं नायिकाओं को लोग सदा याद करते हैं। विगत दिनों सचिन की मां एवं पत्नी को उत्तराखंड के राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह ने सम्मानित किया है।
फोटो कैप्शन 02:
सचिन मृतक, मां कविता देवी तथा पिता सतीश कुमार
03: राज्यपाल उत्तराखंड सम्मानित करते हुए
Tuesday, August 11, 2026
हजारों भक्तों ने मन्नत के लिए बांधा कच्चा धागा
--संतान प्राप्ति की मन्नत के लिए भी जाना जाता है बाघेश्वर धाम
-कनीना के डा. होशियार सिंह यादव ने इस शिवालय के इतिहास पर शोध भी किया
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के बाघोत शिवालय पर प्राचीन पीपल का वृक्ष उन भक्तों के लिए सदा ही प्रसिद्ध रहा है जिनके कोई संतान नहीं है। कावड़ लेकर आने वाले कुछ भक्त भी संतान की इच्छा रखते हैं वे भी इस पीपल के पेड़ के तने या टहनियों पर कच्चा धागा बांधते हैं।
यूं तो किवदंति के अनुसार राजा दलीप ने ही संतान प्राप्ति के लिए यहां तप किया था और व्रत एवं उपवास के बाद ही संतान प्राप्त हुई थी। तत्पश्चात तो माना जाता है कि उन भक्तों का तांता लगा रहता है जिनके कोई संतान नहीं होती है। पुराने पीपल के पेड़ के तने पर कच्चा धागा बांधकर संतान प्राप्ति की मन्नत मांगी जाती हे। माना जाता है कि उनकी मन्नतें यहां पूर्ण होती है।
उल्लेखनीय है कि इस पीपल की टहनियों को कच्चा धागा बांधने के लिए एक सीढ़ी की व्यवस्था भी की गई है। भक्तजन इस सीढ़ी के जरिए पेड़ की शाखा पर कच्चे धागे बांधकर भगवान भोलेनाथ को गंगाजल अर्पित करते हैं। जब उनकी यह मन्नत पूर्ण हो जाती है तो वे इस धागे को खेलकर जाते हैं। आज मेले से पूर्व ही तने व टहनियों पर भारी संख्या में धागे बंधे हुए हैं। संतान प्राप्ति की मन्नत मांगने तो दूसरे राज्यों से भी भक्तजन यहां आते हैं। सचमुच अपार श्रद्धा एवं भक्ति की बयार यहां पर बहती है। इस बार तो मेले के दिन सोमवार होना भक्तजन अपने को सौभाग्यशाली मान रहे हैं। इस दिन व्रत करने वाले, शिवभोले की आराधना करने वाले तथा मेले में गंगाजल चढ़ाने वालों की संख्या अधिक होगी वहीं कांवर भी इस दिन अधिक चढ़ेंगी।
कनीना के डा. होशियार सिंह यादव ने इस शिवालय के इतिहास पर शोध भी किया है तथा आइएसबीएन नंबर की पुस्तक भी प्रकाशित है। लेखक विगत 30 सालों से इस शिवालय पर लेख प्रकाशित करवाते आ रहे हैं।
फोटो कैप्शन 13:पीपल के पड़ को बांधे गए कच्चे धागों का दृश्य देखे।
नपा कर्मचारियों की हड़ताल जारी
-- कहा जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होंगी तब तक नहीं हटेंगे
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कनीना की आवाज। कनीना में नगर पालिका कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन जारी है। कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा सरकार शोषण करती आ रही है पहले जब हड़ताल की थी उस समय सरकार ने हमारी सभी मांगे मान ली थी और समझौता करने के लिए हमें बुलाया था। मौजूदा सरकार ने 30 जून 2026 तक का समय मांगा था लेकिन अब तक कर्मचारियों की कोई मांग नहीं मानी गई है। इसी वजह से दोबारा कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी थी।
कर्मचारी संघ की मांग है कि सभी कर्मचारियों को नियमित किया जाए,कौशल रोजगार को खत्म किया जाए साथ में ठेका प्रथा को बंद किया जाए और पुरानी पेंशन को बहाल किया जाए। इस मौके पर कनीना इकाई प्रधान अनिल कुमार,सचिन, सुनील कुमार, कोष अध्यक्ष अशोक कुमार,उप प्रधान योगेश कुमार इत्यादि मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 04:धरने पर बैठे नपा कर्मी
विभिन्न शिवालयों में मनाया गया शिवरात्रि का पर्व
- हजारों कावड़ बाघेश्वरी धाम पर अर्पित की गई
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कनीना की आवाज। शिवरात्रि का पर्व क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर व्रत रखा गया और गंगाजल से शिवलिंग का जलाभिषेक किया गया। देशभर में विख्यात बाघेश्वर धाम पर दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा। कावड़ चढ़ाई गई और शिवलिंग का अभिषेक करके मन्नत मांगी गई। इस बार भारी संख्या में कावड़ अर्पित की गई। अन्य वर्षों के मुकाबले अधिक भक्त कांवड़ लेकर आये।
सुबह से ही चारों ओर बम-बम के जयकारे सुनाई पड़ रहे थे। विभिन्न शिवालयों में सुबह से शाम तक भीड़ रही। कनीना के 21 फुट प्रतिमा वाले शिवालय पर भारी भीड़ रही। धनौंदा के ब्रह्मचारी कृष्णानन्द आश्रम में शिवलिंग का जलाभिषेक किया गया। विभिन्न गांवों में भी जल चढ़ाकर मन्नत मांगने का सिलसिला जारी रहा।
देशभर में कावड़ के लिए विख्यात बाघेश्वरी धाम पर आज कावड़ चढ़ाने वालों की भीड़ रही वहीं शिवलिंग का जलाभिषेक करने के लिए भी मारामारी चली। बाघोत के स्वयंभू शिवलिंग पर हजारों वर्षों से गंगाजल अर्पित करने व कावड़ लकार अर्पित करने का सिलसिला चला आ रहा है। लाखों भक्तों ने शिवालय जाकर शिव भोले को जल अर्पित किया। महिलाओं की संख्या बहुत अधिक रही।
बाघेश्वरी धाम पर न केवल भक्तों ने कांवड़ अर्पित की अपितु खेलों का आनन्द भी लिया। इस मेले में बड़े-बड़े संत, महात्मा, नेता आदि ने गंगाजल अर्पित किया। यूं तो प्रत्येक सोमवार को यहां पर भारी भीड़ देखने को मिलती है। मेले का आयोजन सात दिनों से चला आ रहा था जो आज संपन्न हो गया है।
ट्रैक्टरों मेें जा रहे थे भक्त-
बाघेश्वरी धाम पर कावड़ अर्पित करने के लिए भक्तजन ट्रैक्टरों, पीकअप आदि में सवार होकर डीजे पर नाचते गाते जाते देखे गए। दिन एवं रात को वाहनों एवं भक्तों का तांता बाघोत की ओर जाते देखा गया। शिवरात्रि के दिन डाक कावड़ की भरमार रही। उनको अलग रास्ते से शिवालय में जाने की व्यवस्था की हुई थी। एक ओर 350 किमी से व्यक्तिगत कावड़ लेकर आने वाले भक्तों को सामान्य लाइन में खड़ा होना पड़ा वहीं डाक कावड़ लाने वालों को विशेष लाइन में दर्शनों का मौका दिया गया।
गीत भजन एवं डांस के साथ कावड़ की गई अर्पित-
शिवरात्रि के दिन बाघेश्वरी धाम पर कावड़ चढ़ाने का सिलसिला अनवरत चलता रहा। इस दौरान कांवर लाने वाले भक्त अपनी कावड़ को विधि विधान से पूजा करवाकर उन्हें बैंड बाजों पर थिरकते हुए शिवालय तक पहुंचे। और तो और महिलाएं भी नृत्य करते हुए आगे बढ़ती देखी गई। जिस प्रकार शादी दौरान नृत्य किया जाता है ठीक उसी प्रकार कावड़ अर्पित करने का सिलसिला देखने को मिला। भारी संख्या में कावड़ अर्पित की गई। कांवड़़ अर्पित करने का सिलसिला विगत सात दिनों से चला आ रहा था। एक अनुमान के अनुसार दस हजार कावड़ अर्पित की गई हैं। विभिन्न गांवों के शिवालयों में भी कावड़ अर्पित की गई।
विभिन्न दलों ने सेवा की-
कावड़ लाकर अर्पित करने वाले तथा शिवालय के दर्शन करने वाले भक्तों की सेवा के लिए विभिन्न दल सेवा कर रहे थे। शिवरात्रि के दिन भारी भीड़ देखने को मिली। तीन-तीन घंटों में नंबर पड़ रहा था। पानी पिलाना तथा मंदिर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी सेवादल अहं भूमिका निभा रहे हैं। पुलिस बल दौरा करते हुए देखे गए। सबसे अधिक बैकुंठी कावड़ अर्पित की गई वहीं दूसरे नंबर पर डाक कावड़ अर्पित की गई।
क्यों है प्रसिद्ध बाघेश्वर धाम-
वैसे तो बाघोत का धाम हजारों वर्ष पुराना है वहीं जहां राजा दलीप एवं पीपलाद ऋषियों की तपस्थली होने के कारण बाघोत प्रसिद्ध है। जहां राजा दलीप की बाघ के रूप में शिवभोले ने परीक्षा ली थी इसलिए भी बाघेश्वरधाम नाम पड़ा और प्रसिद्ध हो गया। यहां का शिवलिंग भी स्वयंभू होना अपने आप में महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि सरकारी पुस्तकों डा. एचएस यादव की कृतियों में भी इस शिवालय का वर्णन मिलता है।
हर वर्ग ने किया जलाभिषेक-
विभिन्न शिवालयों में शिवरात्रि के दिन विभिन्न वर्ग के लोगों ने मन्नत मांगी और शिवलिंग का जलाभिषेक किया। छोटे बच्चे, युवा एवं महिला पुरुष सभी शिव आराधना करते देखे गए। कावड़ अर्पित करने का मंगलवार अंतिम दिन रहा। विभिन्न गांवों में कावड़ अर्पित की गई।
फोटो कैप्शन 05: महिलाएं जल अर्पित करते हुए
06: छोटी बच्ची जलाभिषेक करते हुए
07 एवं 11: बाघोत में भक्त जल अर्पित करते हुए
08: बाघेश्वर धाम के मुख्य द्वार पर जाते भक्त
09: बाघेश्वर धम पर महिलाएं जल अर्पित करते हुए
10: बाघेश्वर धाम पर भीड़
अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, एक डाक कावडि़ए की हुई मौत, केस दर्ज
-11 बार कावड़ ला चुका था दीपक
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कनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के गांव सेहलंग के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 152-डी पर एक डाक कावडिय़े को अज्ञात वाहन टक्कर मारकर फरार हो गया। जिसमें डाक कावडिय़े की मौत हो गई। डाक कांवडिय़ा खांदवा ,तहसील बुहाना, राजस्थान का रहने वाला था। उसके पिता विजय सिंह ने कनीना पुलिस में केस दर्ज करवा दिया है। विजय सिंह ने कहा है कि उसका लड़का दीपक हरिद्वार से डाक कावड़ लेकर आ रहा था। सेहलंग के पास 152-डी हाइवे पर मुगलवार सुबह करीब 4 बजे अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी और फरार हो गया। दीपक के मौके पर ही मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम करवा स्वजनों को सौंप दिया गया है। कनीना पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कावडिय़ों के लिए लगाया गया शिविर संपन्न, भंडारा आयोजित
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कनीना की आवाज। कांवड़ यात्रियों की सेवा के लिए धनौन्दा-झाड़ली सड़क पर धनौन्दा, खरकड़ा बास गांव के हनुमान मंदिर में लगाए गए कावड़ सेवा शिविर का समापन हो गया। बाबा भोले के जयकारों के साथ हवन यज्ञ तथा भंडारा आयोजित कर किया गया।
प्रजा भलाई संगठन के अतरलाल ने समापन समारोह में पहुंचकर कांवड़ सेवा शिविर में उल्लेखनीय सेवा, श्रम, सहयोग तथा योगदान देने के लिए 11 कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने छिथरोली गांव के निवासी दलबीर को हनुमान मंदिर में निशुल्क पीने के पानी का बोर लगाने के लिए हनुमानजी का चित्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने शिविर में सेवा करने वाले सभी कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए बाबा भोले से उनका मनोरथ पूरा करने की कामना की। सम्मानित होने वाले कार्यकर्ता रमेश, सोनू, संतोश कुमार, आनंद, रवि कुमार, नरेन्द्र सिंह, रामफल साहब, जयपाल हलवाई, मंजू, कविता, शारदा ने कहा कि यह उनका कावड़ यात्रियों की सेवा के लिए 13वां सेवा शिविर था। जिसमें सभी स्वयंसेवकों ने बढ़चढ़ कर तन-मन-धन से सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि शिविर में सेवा करके बहुत प्रसन्नता मिलती है। उन्होंने सेवा को परम-धरम बताते हुए सभी ग्रामीण व सहयोगीजनों का धन्यवाद किया।
इस अवसर पर कप्तान ओमपाल सिंह, कैलाश सेठ, संदीप तंवर, छोटेलाल, पवन, कमला, सुमित्रा, राकेश, विक्की आदि जन उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 03: सेवा करने वाले भक्तों को सम्मानित करते अतरलाल
विश्व हाथी दिवस 12 अगस्त
आज भी युवा वर्ग हाथी को देखकर होते हैं प्रसन्न
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कनीना की आवाज। विश्व हाथी दिवस 12 अगस्त को मनाया जा रहा है किंतु बच्चे और कुछ युवा हाथी को देखकर आज भी प्रसन्नचित नजर आते हैं। वास्तव में हाथियों की संख्या घटने चले जाना और हरियाणा में आसपास हाथियों का अभ्यारण्य न होने पर युवा और बच्चे हाथी से अधिक परिचित नहीं हैं। हाथी को संस्कृति में कई जगह पवित्र पशु माना गया है। ऐरावत का पुराणों में भी वर्णन आता है परंतु बच्चे विशेष कर हाथी को कोई दिखाने के लिए गांव में आता है तो बहुत प्रसन्नचित होते हैं कि लंबे समय तक उसे निहारते रह जाते हैं। वैसे भी विशालकाय प्राणी होने के कारण उसको देखकर बच्चे और युवा वर्ग खुश होते हैं।
युवा और बच्चों से संबंध में बात की गई युवा हर्ष कुमार ने बताया की हाथी के बारे में यूं तो लंबे समय से परिचित है क्योंकि हाथी बड़ा जानवर है। जहां कनीना में कभी हाथी खान का जिक्र काकाो यहां ठहराव करते थे। अपने के हाथीखाने को कभी देखा नहीं है। उनका कहना है कि पर्यावरण के लिए इन जीवों का होना बहुत जरूरी है। आज भी जंगल में एक बड़ा जानवर हाथी होता है। चिडिय़ाघर में भी उन्होंने हाथी देखा है।
अमीश कुमार बताते हैं कि हाथी के बारे में परिचित तो है परंतु किसी जंगल में जाकर उन्होंने कभी हाथी को नहीं देखा है। पुस्तकों में फिल्मों में तथा चिडिय़ाघर में जरूर हाथी को देखा है। जब वो बचपन की याद ताजा करते हुए कहते हैं कि जब गांव में हाथी दिखने के लिए लोग आते थे तो हाथी देख कर खुश होते थे।
हाथी के बारे में जब बच्चों से बात की तो उन्होंने बताया की हाथी देखकर वह खुश हो जाते हैं परंतु हाथी अब देखने को नहीं मिलते क्योंकि हाथियों का शिकार करना, हाथियों को मनोरंजन के लिए पालने पर जहां सरकार ने प्रतिबंध लगा रखा है जिसके चलते अब ग्रामीण क्षेत्रों में हाथी दिखने वाले भी नहीं आते। ऐसे में बहुत से बच्चों ने तो हाथी को प्रत्यक्ष नहीं देखा है अपितु फिल्मों में छोटे बच्चों तितली, जादू, टिन्नी, माही से हाथी की बात करने पर उत्सुक नजर आये। विश्व हाथी दिवस पर ऐसे जीवों को जरूर प्रत्यक्ष देखना चाहते हैं।
फोटो कैप्शन: अमीश एवं हर्ष
अन्तर्राष्ट्रीय युवा दिवस- 12 अगस्त
--युवाओं में कुछ कर गुजरने का जोश है
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कनीना की आवाज। 12 अगस्त को अन्तर्राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जा रहा है। देश में अधिक संख्या युवा वर्ग की है और उनकी आवाज को किसी प्रकार दबाया नहीं जा सकता। उनके विचार जरूर सुनने चाहिए। भारत के युवा विवेकानंद को अमोघ जोश के लिए जाना जाता है। उनके द्वारा दिए गए भाषण आज भी युवा वर्ग को प्रेरित करते हैं। स्वामी विवेकानंद का सिर्फ 39 वर्ष का जीवनकाल कई मायनों में आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। स्वामी विवेकानंद कहते थे कि हर युवा राष्ट्र के निर्माण में योगदान दे सकता है। ऐसे में युवाओं को अपने सामथ्र्य का उचित प्रयोग करना चाहिए। ऐसे में युवाओं को आगे बढऩे के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से यह दिन मनाया जाता है
क्या कहना हैं युवा वर्ग का--
युवाओं का जोश अपार होता है। जिस काम को करने की ठान ले। वे हर काम को करने में सक्षम हैं। यह सत्य है कि वह बेरोजगार अधिक है। उन्हें यदि सही मार्गदर्शन दिया जाए तो निश्चित रूप से देश के विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं और उनकी भागीदारी को किसी प्रकार भुलाया नहीं जा सकता।
--कुलदीप बोहरा, समाजसेवी कनीना
युवा वर्ग एक अलग वर्ग है जिसको पूरे ही विश्व में जाना जाता है। युवा वर्ग की बुद्धि बहुत तेज होती है जो कुछ सोचते हैं उसको कर दिखाने में भी सक्षम होते हैं। राजनीति हो व्यापार हो तथा किस क्षेत्र में हो उनका मुकाबला कोई नहीं कर सकते। ऐसे युवाओं को सही दिशा मिलनी चाहिए ताकि देश के विकास में भूमिका निभा सके।
--रविंद्र कुमार,कनीना
युवाओं पर भविष्य निर्भर करता है। यदि युवा का भविष्य उज्ज्वल होगा तो देश का विकास होगा और उज्ज्वल भविष्य बनेगा। युवा पीढ़ी की हर विचारधारा को ध्यान में रखकर देश को आगे बढऩा चाहिए। तभी देश का विकास संभव है। युवा क्षेत्र में जागरूक परंतु बेरोजगारी के चलते मायूस हैं। वे अपने धुन के पक्के होते हैं ।यदि उनको सही दिशा मिल जाए तो उन ऊंचाइयों को छुएगा जहां तक आम आदमी तक नहीं पहुंचा जा सकता।
- सुरेश कुमार, युवा कनीना
युवा पीढ़ी एक अलग किस्म की पीढ़ी है। युवा दिल की धड़कन होता है। उनके हर कार्य बहुत सुंदर होते हैं। वे सही दिशा में चलेंगे यदि सही दिशा निर्देश मिलेंगे। उनका हर कार्य होगा देश के विकास और उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगा। युवा वर्ग सदा हित की बात सोचता तथा देश के भविष्य की बात को ध्यान में रखता है। उनका हर कदम सही दिशा में पड़े तो भारत फिर से सोने की चिडिय़ा बनेगा।
---दिनेश कुमार समाजसेवी,कनीना
फोटो कैप्शन: दिनेश कुमार, रवि कुमार, सुरेश कुमार, , कुलदीप बोहरा।
बाघोत मेले में स्वास्थ्य विभाग की सराहनीय सेवाएं
-- श्रद्धालुओं ने की सराहना
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कनीना की आवाज। बाघोत मेले में उमड़ी भारी भीड़ के बीच श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेहलंग की टीम ने एसएमओ डा. प्रभा यादव के मार्गदर्शन में सराहनीय सेवाएं प्रदान कीं।
मेले में किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम पिछले 5 दिनों से शिफ्टों में तैनात है। आज की ड्यूटी पर तैनात टीम में स्वास्थ्यकर्मी धर्मेंद्र यादव, ऋषिराज आर्य, सुधीर कुमार, सीएचओ रवि कुमार के साथ वार्ड अटेंडेंट मनोज सोनी एवं मनोज चौधरी शामिल रहे। टीम द्वारा मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार, स्वास्थ्य परामर्श एवं आवश्यक चिकित्सा सहायता समय पर उपलब्ध कराई गई।
आपातकालीन सेवाओं के लिए सीएचसी सेहलंग की एंबुलेंस भी मेले में तैनात रही। स्वास्थ्य विभाग की तत्परता और मुस्तैदी के कारण मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
मेले में की गई इस व्यवस्था की श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों ने खुले दिल से सराहना की।
फोटो कैप्शन 01: बाघोत मेले में तैनात स्वास्थ्य विभाग की टीम
महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर छात्राओं को मिला मार्गदर्शन
--कन्हाणी कालेज में चला व्याख्यान
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कनीना की आवाज। राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हाणी में महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में छात्राओं को महिला स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डा. विक्रम सिंह ने की।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डा. प्रकृति यादव ने छात्राओं को संबोधित करते हुए महिला स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर वैज्ञानिक एवं उपयोगी जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है। स्वस्थ जीवनशैली, स्वच्छ आदतें और समय पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान व्यक्ति को बेहतर एवं स्वस्थ जीवन जीने में मदद करता है।
डा. प्रकृति यादव ने छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, पर्याप्त आराम करने तथा नियमित दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करने तथा आवश्यकता पडऩे पर समय रहते चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी।
उन्होंने छात्राओं को स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर बिना झिझक अपनी बात रखने और आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सही जानकारी के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी अनेक भ्रांतियों को दूर किया जा सकता है।
व्याख्यान के दौरान छात्राओं ने महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे। डा. प्रकृति यादव ने छात्राओं की जिज्ञासाओं का सहज, सरल एवं वैज्ञानिक तरीके से समाधान किया। संवादात्मक चर्चा से छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी मिली तथा उनमें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एवं आत्मविश्वास बढ़ा।
प्राचार्य डा. विक्रम यादव ने डॉ. प्रकृति यादव का धन्यवाद करते हुए कहा कि महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम समय की आवश्यकता हैं।
फोटो कैप्शन 02: डा. प्रकृति छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधित जानकारी देते हुए
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