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Thursday, June 18, 2026



 



पुलिस अधीक्षक दीपक ने आज थाना सदर कनीना का औचक निरीक्षण किया
--दी अनेक हिदायतें
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कनीना की आवाज।
पुलिस अधीक्षक दीपक ने आज थाना सदर कनीना का औचक निरीक्षण कर कानून एवं व्यवस्था का गहनता से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने थानों के विभिन्न अनुभागों की बारीकी से जांच की, लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए और स्वयं फरियादियों के बीच पहुंचकर उनकी शिकायतें सुनीं।
निरीक्षण के दौरान एसपी ने थाना सदर कनीना के प्रभारी उप निरीक्षक रविन्द्र से थानों के रजिस्टरों, अपराधियों तथा हिस्ट्रीशीटरों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने थानों के मालखाना, रिकॉर्ड रूम, पुलिसकर्मियों के मैस सहित परिसर में साफ-सफाई, बिजली और पानी की व्यवस्था का मुआयना किया। पेंडिंग मामलों और जब्त वाहनों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को विभाग द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
दर्ज मुकदमों की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने अनुसंधान अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी मामले की जांच बेवजह लंबे समय तक लंबित न रखी जाए। उन्होंने नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए न्यायालय में चालान पेश करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, क्षेत्र में निरंतर गश्त बढ़ाने, आमजन के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने और शरारती व आपराधिक तत्वों को चिन्हित कर कार्रवाई करने और नशे के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया गया।
फोटो कैप्शन 04 व 05: पुलिस अधीक्षक कनीना थाने का दौरा करते हुए



जिला में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर
-अब तक 26 फीसदी से अधिक गणना फार्म वितरित
-पंजीकरण और सत्यापन के लिए 772 बूथ लेवल अधिकारी तैनात
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कनीना की आवाज।
भारत निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार महेंद्रगढ़ जिले में मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य तेज गति से चल रहा है। अब तक जिले में 26.26 प्रतिशत गणना फॉर्मों का वितरण किया जा चुका है।
यह जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अनुपमा अंजली ने बताया कि इस बार निर्वाचन आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी योग्य नागरिक मतदाता बनने से वंचित न रहे और किसी भी अयोग्य व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो पाए।
उन्होंने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से अमलीजामा पहनाने के लिए राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी के 770 और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 772 एजेंट मैदान में उतरे हैं। जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर काम को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को तैनात किया गया है। ये घर-घर जाकर इस राष्ट्रीय कार्य को पूरा करने में जुटे हैं ताकि हर घर तक इस मुहिम की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने बताया कि जिले के चारों निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं के पंजीकरण और सत्यापन के लिए कुल 772 बूथ लेवल अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि 68-अटेली में 215 बीएलओ, 69-महेंद्रगढ़ में 220 बीएलओ, 70-नारनौल में 155 बीएलओ और 71-नांगल चौधरी में 182 बीएलओ मुस्तैदी से अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। इसके साथ ही राजनीतिक दलों के 1542 बूथ लेवल एजेंट भी इस पूरी प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि देश का प्रत्येक वह नागरिक जो निर्धारित अर्हता तिथि को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका है और कानूनन अयोग्य नहीं है, वह इस सूची में अपना नाम दर्ज कराने का पूर्ण हकदार है। हरियाणा राज्य के लिए गणना का यह महत्वपूर्ण चरण 15 जुलाई, 2026 से शुरू हो चुका है।
उन्होंने बताया कि इस पूरे अभियान की कमान संभाल रहे बूथ लेवल अधिकारी स्वयं प्रत्येक घर का दौरा कर रहे हैं ताकि मौजूदा मतदाताओं को गणना फॉर्म उपलब्ध कराए जा सकें और उन्हें एकत्रित कर सत्यापित किया जा सके। आम नागरिकों की सुविधा के लिए फार्म को आफलाइन माध्यम के अलावा ऑनलाइन जमा करने का विकल्प भी खुला रखा गया है।
नए मतदाताओं की सुविधा का ध्यान रखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने साथ कम से कम 30 खाली फॉर्म 6 और घोषणा पत्र अनिवार्य रूप से रखें ताकि मौके पर ही नए नाम दर्ज किए जा सकें।
इस पूरी प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी बढ़ाने के लिए मान्यता प्राप्त दलों के एजेंटों को प्रतिदिन 50 फार्म तक एकत्र कर अधिकारियों को सौंपने की अनुमति दी गई है। राष्ट्रीय और राज्य मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल इस प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त एजेंट भी नियुक्त कर सकते हैं। प्रशासन ने जिले के सभी प्रबुद्ध और योग्य नागरिकों से भावुक अपील की है कि जब भी राष्ट्रीय कर्तव्य को निभाते हुए बूथ लेवल अधिकारी उनके घर आएं, तो वे पूरी जानकारी देकर उनका सहयोग करें और मजबूत लोकतंत्र के निर्माण में अपनी भागीदारी दर्ज कराएं।





अब आरटीआई का जवाब बन गया है मजाक -अधिकारी टस से मस नहीं होते
-आरटीआई को लेकर सरकार को बरतनी चाहिए सख्ती
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कनीना की आवाज। 
कभी आरटीआई को लेकर जितनी गंभीरता से अधिकारी मिलते थे अब नहीं मिलते। अधिकारी कहने को अधिकारी है किंतु निष्क्रिय मिलते हैं ,न तो आरटीआई का समय पर जवाब देते देते हैं और देते भी है तो मांगते भैंस हंै तो पकड़ाते पूंछ हंै। अधिकारी झूठा जवाब देने में माहिर हो गए हैं। अब लोगों के दिमाग में एक ही बात है कि किसी को तंग करने के लिए आईटीआई मांगी जाती है। यह सत्य है कि 90 फीसदी मामले ऐसे ही होते लेकिन सभी मामले ऐसे नहीं होते। कुछ आरटीआई ऐसी भी होती है जिनका संबंध खुद से होता है। यहां बताना चाहूंगा कि बिजली विभाग ने डा. होशियार सिंह के पास एक कहने को रजिस्टर्ड पत्र भेज दिया और वह भी जनवरी 2026 माह में भेजा गया परंतु आज तक उनको नहीं मिला। इस संबंध में डा. यादव ने आरटीआई लगाई और पता किया कि भेजे गए पत्र के रजिस्टर्ड नंबर दिया जाए तो तथाकथित अधिकारी ने ऐसा उत्तर भेजो कि शायद पूरे संसार में आज तक कभी उस नंबर से कोई रजिस्टर्ड पत्र नहीं भेजा गया हो।  किसी भी आरटीआई के प्रश्न का जवाब नहीं दिया अपितु सारी बातें छुपाने पर तुला हुआ नजर आया। यहां तक की एक प्रश्न पत्र क्रमांक 1289 का हवाला पूछा था और उत्तर मिला क्रमांक 1290 का। यही नहीं जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी से कोई आरटीआई मांगी जाती है तो उसका भी जवाब नहीं दिया जाता। आश्चर्य है कि ऐसी कौन सी नौबत उनके सामने होती है कि जवाब नहीं दिया जाता। तीन बार रिमाइंडर भेजा जवाब नहीं मिला। कोई जवाब नहीं देने का अर्थ है अधिकारी जानबूझकर तथ्यों को छुपा रहे है। जैसा भी जवाब बनता है वह देना जरूरी चाहिए लेकिन अधिकारी चुप्पी साथ लेते हैं, जवाब नहीं देते। बार-बार रिमाइंडर भेजा जाता है तो भी जवाब नहीं मिलता। इसका मतलब है अधिकारी निरंकुश हो गए हैं। तथाकथित अधिकारियों के विरुद्ध सरकार कार्रवाई नहीं करेगी  सरकार नहीं जागेगी, सख्ती नहीं बरतेगी तब तक तथाकथित अधिकारी इसी प्रकार जवाब देते रहेंगे और आरटीआई को यूं ही दफन करते रहेंगे।



अब डिजिटल माध्यम से मिलेगी खाद
-किसान अपने मोबाइल में डाउनलोड करें एप - देवेंद्र सिंह
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कनीना की आवाज।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश के कृषि क्षेत्र को डिजिटल तकनीक से जोड़कर खाद वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुगम बनाने की शुरुआत की गई है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ देवेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तहत एक विशेष उर्वरक बिक्री आवेदन प्रणाली मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है, जिसे सभी स्थानीय किसानों को तुरंत अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड करने की सलाह दी गई है।
किसान इस आधिकारिक एप्लिकेशन को गूगल प्ले स्टोर अथवा विभाग द्वारा जारी किए गए डिजिटल लिंक से आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। यद्यपि वर्तमान में इस तकनीकी प्रणाली के भीतर बारकोड जनरेशन का कार्य अस्थायी रूप से क्रियाशील नहीं है, फिर भी किसान इस एक प्रक्रिया को छोड़कर शेष सभी महत्वपूर्ण चरणों को बिना किसी बाधा के पूरा कर सकते हैं।
इस पूरी व्यवस्था को सरल और सहज बनाया गया है ताकि सामान्य किसान भी बिना किसी परेशानी के अपनी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक के लिए घर बैठे ही आवेदन जमा कर सकें। जिन किसानों के पास पहले से किसान पहचान संख्या उपलब्ध है, वे ऐप को खोलकर सीधे अपने राज्य का चयन करने के बाद आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर सकते हैं, जिससे उनकी भूमि का पूरा विवरण और क्षेत्रफल स्क्रीन पर अपने आप दिखाई देने लगता है। इसके विपरीत जिन किसानों के पास किसान पहचान संख्या मौजूद नहीं है, वे भी अपने आधार नंबर और ओटीपी के माध्यम से ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा करके अपनी पात्रता दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद उन्हें अपनी भूमि के मालिकाना हक की श्रेणी, जैसे स्वयं की भूमि, कानूनी वारिस, काश्तकार अथवा बटाईदार का चयन करना होगा और अपने जिले, तहसील तथा गांव की जानकारी भरकर भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सबमिट करना होगा।
एक बार भूमि का रिकॉर्ड सुरक्षित हो जाने के बाद किसानों को ऐप के मुख्य विकल्प पर जाकर वर्तमान कृषि सीजन के अनुसार अपनी फसल का चुनाव करना होता है। फसल की जानकारी दर्ज करते ही यह आधुनिक प्रणाली जमीन के कुल क्षेत्रफल के अनुपात में यूरिया, डीएपी, एमओपी या एनपीके जैसी आवश्यक खादों की सटीक मात्रा की सिफारिश स्वयं ही स्क्रीन पर प्रदर्शित कर देती है। किसान इस सरकारी मापदंड के अनुसार आगे बढ़ सकते हैं अथवा अपनी व्यक्तिगत जरूरत के हिसाब से बोरियों की संख्या में बदलाव भी कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के अंतिम चरण में किसानों को अपनी सुविधानुसार नजदीकी खाद विक्रेता या स्थानीय सहकारी समिति का चयन करना होता है और यदि अलग-अलग सामग्रियां भिन्न-भिन्न दुकानों पर उपलब्ध हैं, तो एक से अधिक खुदरा विक्रेताओं को चुनने की स्वतंत्रता भी दी गई है। आवेदन जमा करते समय यह स्पष्ट करना आवश्यक होगा कि खाद लेने स्वयं किसान जाएगा या उसका कोई अधिकृत प्रतिनिधि।
इस डिजिटल प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें भूमि संबंधी विवादों के त्वरित निपटारे के लिए एक विशेष विवाद समाधान तंत्र विकसित किया गया है। यदि किसी एक ही कृषि भूमि पर एक से अधिक व्यक्ति खाद के लिए अपना दावा प्रस्तुत करते हैं, तो कृषि सत्यापन अधिकारी अपने विशेष लॉगिन पोर्टल के जरिए सीधे राजस्व रिकॉर्ड की जांच करेंगे और वास्तविक भूमि मालिक की पहचान कर खाद की बुकिंग को तुरंत अपनी मंजूरी प्रदान कर देंगे।
जिला प्रशासन तथा कृषि विभाग ने संयुक्त रूप से जिले के समस्त किसान समुदाय से अपील की है कि वे इस आधुनिक तकनीक को अपनाकर खाद की कतारों तथा संभावित किल्लत से पूरी तरह मुक्ति पाएं, क्योंकि महेंद्रगढ़ जिले में इस योजना की सफलता के बाद ही इसे पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर लागू करने का मार्ग प्रशस्त होगा।


105 वर्षीय महिला का मनाया गया जन्मदिन
-शाल ओढ़ाकर किया सम्मानित
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कनीना की आवाज।
गुढ़ा गांव निवासी 105 वर्षीय मन्नी देवी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। ग्रामीणों तथा आसपास के लोगों ने शाल ओढ़ाकर माता मन्नी देवी का अभिनंदन किया तथा उनके स्वस्थ, निरोग व दीर्घायु जीवन की कामना की।
मन्नी देवी के बेटों रूपराम तथा अतर सिंह ने विषाल प्रीतिभोज आयोजित किया। जिसमें हजारों ग्रामीणों ने भोजन किया। बसपा नेता अतरलाल एडवोकेट ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक बताते हुए कहा माँ परिवार की नींव होती है। उसका प्यार, त्याग और आशीर्वाद पीढिय़ों तक फलता-फूलता है। इस अवसर पर पूर्व सरपंच राजू कैमला, बलवंत सिंह, भाग सिंह चेयरमैन, सुभाष यादव सहित काफी संख्या में प्रमुख जन उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 03:माता मन्नी देवी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित करते लोग।



बाबा भैया सेवा दल की 10वीं वर्षगांठ पर होंगे कई कार्यक्रम
- जिला उपायुक्त रहेंगी मुख्य अतिथि
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कनीना की आवाज।
  समाजसेवी संस्था बाबा भैया सेवा दल, ककराला अपनी स्थापना की 10वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 20 जून बाबा भैया लाइब्रेरी परिसर, ककराला में एक भव्य समारोह का आयोजन करने जा रही है।
अध्यक्ष मास्टर रामनिवास ने बताया समारोह की मुख्य अतिथि जिला उपायुक्त महेंद्रगढ़ अनुपमा अंजलि होंगी। समारोह की अध्यक्षता इंडियन वाटरमैन एवं मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध पर्यावरणविद् राजेन्द्र सिंह करेंगे।
पिछले दस वर्षों से बाबा भैंया सेवा दल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। संस्था द्वारा संचालित बाबा भैया लाइब्रेरी आज क्षेत्र की उत्कृष्ट पुस्तकालयों में गिनी जाती है, जहा आसपास के गांवों से सैकड़ों विद्यार्थी नियमित अध्ययन करने आते हैं। संस्था प्रतिवर्ष जिला स्तरीय शैक्षणिक प्रतियोगिताओं का आयोजन भी करती है।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में संस्था द्वारा गांव में 13 हरित साइटों का विकास, 5000 से अधिक छायादार वृक्षों का संरक्षण तथा एक फल वाटिका का निर्माण किया जा चुका है।
इस अवसर पर वर्ष 2016 से अब तक विभिन्न क्षेत्रों से सेवानिवृत्त हुए सम्मानित ग्रामीणों का अभिनंदन किया जाएगा। साथ ही 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को विशेष उपहार देकर सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम में उपमंडल अधिकारी (नागरिक), कनीना डा. जितेंद्र सिंह, ब्लाक शिक्षा अधिकारी, कनीना श्री सुरेश कुमार, पंचायती राज अधिनियम के प्रमाणित प्रशिक्षक एवं आरटीआई कार्यकर्ता  आरसी पूनिया सहित अनेक जन मौजूद रहेंगे।




बाघोत में बैंक खोलने की उठी मांग
-उच्चाधिकारियों समक्ष रखी मांग
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कनीना की आवाज।
बसपा ने गांव बाघोत, झाड़ली, उच्चत व सिहोर में बसपा नेता अतरलाल एडवोकेट ने मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना।
बाघोत गांव के ग्रामीणों ने अपने गांव में राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोलने की मांग की। उन्होंने कहा कि बाघोत बड़ा गांव है। सैनिक तथा पूर्व सैनिक, कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है इसलिए यहां राष्ट्रीयकृत की शाखा होना जरूरी है। उन्होंने केन्द्रीय वितमंत्री निर्मला सीतारमण तथा मुख्यमंत्री नायबसिंह सैनी से अतरलाल ने मांग की है।
 झाड़ली गांव के ग्रामीणों ने झाड़ली से खेड़ी तक का पुराना प्लाटी रास्ता को खेड़ी तक पूरा पक्का करने की मांग की। उन्होंने कहा कि झाड़ली की सीमा तक यह मार्ग पक्का बन चुका है परन्तु आगे खेड़ी तक कच्चा पड़ा होने के कारण बरसात के मौसम में आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने अधूरे पड़े कच्चे रास्ते को तत्काल पूरा करवाने की मांग की। उच्चत गांव के ग्रामीणों ने उच्चत गांव को प्रधानमंत्री आदर्श गांव योजना में शामिल कर गांव के विकास के लिए विशेष  आर्थिक पैकेज देने की मांग की। सीहोर गांव के लोगों ने युवाओं की बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए अटेली विधानसभा क्षेत्र में आईएमटी. स्थापित करने की मांग की। अतरलाल ने ग्रामीणों की मांगों को जायज बताया।
फोटो कैप्शन 02:राष्ट्रीयकृत बैंक की मांग को लेकर बाघोत के लोग



पुस्तकें पढऩे की विद्यार्थियों में घट रही है क्षमता
-राष्ट्रीय पठन दिवस -जून 19
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कनीना की आवाज।
 एक वक्त था जब गर्मियों की अवकाश में सुबह से लेकर रात तक विभिन्न प्रकार की पुस्तकें पढ़ी जाती थी। उसके ज्ञान का स्रोत मानी जाती थी। बुजुर्ग भी अपने बच्चों को ज्ञान प्राप्त करने के लिए पुस्तकें पढऩे के लिए प्रेरित करते थे। वह स्वर्णिम युग था। किंतु धीरे-धीरे विज्ञान की क्रांति आई और मोबाइल के अविष्कार के बाद तो मोबाइल क्रांति में विद्यार्थी डूब गए। आज अगर विद्यार्थियों से कुछ पूछना चाहे तो नहीं बता सकते, महज अपने फोन पर देखकर कुछ बता सकते हैं। वास्तव में पुस्तकों के पढऩे का उत्साह धीरे-धीरे कम हो रहा है। पुस्तकों के प्रति सबसे अधिक ध्यान जागृत किया था पीएन पेनिकर ने। उनकी याद में यह नेशनल रीडिंग डे मनाया जा रहा है। विद्यार्थियों से इस संबंध में बात की।
** अब पुस्तकों से कम अध्ययन किया जाता है। स्कूलों में भी जहां टैब दिए है उसी प्रकार विद्यार्थियों को आनलाइन स्टडी करनी पड़ती है। अब टैब भी वापस ले लिये हैं। इसलिए पुस्तकों की बजाए विज्ञान की क्रांति के जरिए शिक्षा पा रहे हैं। पुस्तकों के प्रति लगाव घटा है। उनका कहना है कि जब वे छोटे थे तब पुस्तकों के प्रति उनकी रूचि थी किंतु जब से मोबाइल क्रांति आई है पुस्तकों से थोड़ा दूर होते जा रहे हैं।
  --अमीश कुमार
 पुस्तक ज्ञान का अमिट स्रोत होता है किंतु पुस्तकों के प्रति लगाव कम होता जा रहा है। आज के दिन यदि पुस्तकों के प्रति लगाव देखा जाए तो बहुत कम विद्यार्थी  पुस्तकें पढ़ पाते हैं। किंतु पुस्तकों के प्रति लगाव अत्यंत जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी तो पुस्तकों से दूर होती जा रही है।
     --हर्ष कुमार,विद्यार्थी
 क्या कहते हैं राजेंद्र सिंह -
65 वर्षीय राजेंद्र सिंह बताते हैं कि उनका जमाना था जब वह गर्मी की छुट्टियों में कामिक्स पढ़ते थे। सुबह पढऩा शुरू करते थे और रात तक कामिक्स में लगे रहते थे। यहां तक कि स्कूलों में भी किताबों को पढऩे पर जोर दिया जाता था। अध्यापक किताब पढऩे के लिए प्रेरित करते थे और किताबों से ही वो ज्ञान प्राप्त करते थे। उस जमाने में फोन की क्रांति नहीं थी, इंटरनेट की कल्पना कैसे कर सकते थे। यही कारण है कि उनका जमाना आधुनिक जमाने से भिन्न है। उन्होंने कहा आज के दिन पुस्तकों के प्रति विद्यार्थियों का बहुत कम लगाव होता है। यही कारण है कि आज के दिन विद्यार्थी कम पढ़ते हैं।
फोटो कैप्शन: राजेंद्र सिंह, अमीश कुमार, हर्ष कुमार


थाना शहर कनीना में











बैठक
- नशा मुक्ति, साइबर फ्राड और सुरक्षा नियमों पर दिए निर्देश।
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कनीना की आवाज। पुलिस अधीक्षक दीपक के निर्देशानुसार थाना शहर कनीना के थाना प्रबंधक एसआई तपेंद्र के नेतृत्व में क्षेत्र की सुरक्षा और व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये दो महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन किया गया। पहली बैठक में क्षेत्र के सभी सरपंचों ने भाग लिया, जिसमें गांवों को नशामुक्त बनाने, साइबर फ्राड के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने तथा गांवों के शरारती तत्वों की जानकारी देने के उचित दिशा-निर्देश दिए गए। सरपंचों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराध मुक्त समाज का निर्माण किया जा सके।
इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए थाना प्रबंधक द्वारा कनीना क्षेत्र के होटल व रेस्टोरेंट मालिकों की बैठक ली गई। इस बैठक में हिदायत दी गई कि किसी भी होटल में अनैतिक या गैर-कानूनी गतिविधि नहीं होनी चाहिए और वहां ठहरने वाले हर नागरिक का पहचान पत्र व रिकॉर्ड पूरी पारदर्शिता के साथ मेंटेन किया जाए। होटल संचालकों को सचेत किया कि नियमों की अनदेखी या किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित होटल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोनों ही बैठकों में उपस्थित जन-प्रतिनिधियों और व्यवसायियों ने कनीना पुलिस की इस पहल की सराहना की और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया।
फोटो कैप्शन 01: पुलिस आमजन से बैठक करते हुए

Wednesday, June 17, 2026



 



मोटरसाइकिल सवार को मारी टक्कर घायल, मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
 कनीना उप-मंडल के गांव सीहोर निवासी विकास कुमार ने कंटेनर चालक के विरुद्ध मामला दर्ज करवाया है। उन्होंने कहा है कि 6 जून 2026 को शाम के करीब 7 बजे वह अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर आरपीएस स्कूल से सीहोर गांव आ रहा था क्योंकि वह आरपीएस स्कूल में कंप्यूटर आपरेटर है। जब वह कनीना छितरोली सड़क मार्ग पर आरआरसीएम स्कूल से थोड़ा आगे पहुंचा तो एक कंटेनर चालक अपने कंटेनर जिसमें पीछे मुर्गियों का जाल लगा था, बड़ी तेज रफ्तार से लापरवाही से चलाता आया और साइड में चलते हुए उनको सीधी टक्कर मार दी। जिससे वह मोटरसाइकिल सहित रोड पर गिर गया। कंटेनर चालक अपने कंटेनर को भगा ले गया। घटनास्थल पर पीडि़त के स्वजन आए। उन्होंने इलाज के लिए उन्हें महेंद्रगढ़ भर्ती करवाया और उनके पैर का आपरेशन हुआ है। अब तक वह इलाज महेंद्रगढ़ करवाता रहा है। अब उन्होंने कंटेनर चालक के विरुद्ध मामला दर्ज करवा दिया है। कनीना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।





बाबा सुंदरपुरी की पंच धूणी तपस्या जारी
-41 दिनों तक चलेगी तपस्या
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव स्याणा के ऋषि चाउंड मंदिर परिसर में इन दिनों बाबा सुंदरपुरी महाराज  की तपस्या जारी है। 13 मई से आगामी 22 जून तक 41 दिवसीय पंच धूणी की तपस्या सुबह 10 बजकर 15 मिनट से शुरू हो कर दोपहर बाद 2 बजकर 15 मिनट तक चलती है।
 बुधवार को तपस्या का 36वां दिन था। हर रोज की तरह आज भी गांव स्याणा व पास पड़ोस के गांवों की सैकड़ों महिलाओं ने पंच धूणी की परिक्रमा दी और भजन कीर्तन करके धार्मिक आस्था को बढ़ाया। इस पावन अवसर पर महंत  श्रद्धानंद महाराज स्याणा, जगदीश काकट्यान नौताना, हंसराज मिस्त्री चिडिय़ा,जय सिंह आदमपुर ढाडी, मास्टर बिरेंद्र कैमला, कार्तिक डागर, कैलाश सांवलिया,जले सिंह, सूबेदार रोहतास डागर सहित गांव के सैकड़ों गणमान्य भक्तजनों ने सेवाएं दी और सनातन संस्कृति को जीवित रखने का भी प्रण लिया।
फोटो कैप्शन 04: स्याणा में तप करते सुंदरपुरी





 अंतरराष्ट्रीय पिकनिक दिवस
-प्रकृति की गोद में भोजन करना ही पिकनिक दिवस
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कनीना की आवाज।
पिकनिक दिवस का अर्थ प्रकृति की गोद का आनंद भोजन के संग लेना होता है। विशेष रूप से बच्चे पिकनिक मनाने के बड़े ही उत्सुक होते हैं। प्रकृति की गोद में जाकर खाना खाना पिकनिक-डे का वास्तविक अर्थ होता है।
कनीना के सुरेश कुमार बताते हैं खाना तो हर दिन बच्चे सुबह सुबह-शाम खाते हैं लेकिन प्रकृति की गोद में जाकर खाना खाए तो पिकनिक माना जाता है।
भीम सिंह बताते हैं कि अक्सर बच्चे पिकनिक के बड़े शौकीन होते हैं। जब कभी पिकनिक मनाने का वक्त आता है तो अपने-अपने घर से खाना लेकर जाते हैं परंतु आजकल पिकनिक की बजाए लोग चिडिय़ाघर या अन्य स्थानों पर घूमने के लिए अधिक जाते हैं। पिकनिक का अर्थ है प्रकृति की गोद में जाकर उसका आनंद लेना साथ में वहां बैठ कर खाना खाना।
 डाक्टर जगदीश चंद्र बसु वैज्ञानिक ने सिद्ध कर दिया था कि पेड़ पौधे सभी सजीव होते हैं। वो हमारी तरह सुख-दुख महसूस करते हैं। ऐसे में पेड़ पौधों के संग दोस्ती करना, उनके संग जीवन बिताना पिकनिक का असली आनंद लेना है। पेड़ पौधे भी अच्छा और बुरा व्यवहार करते हैं तथा इंसान से दोस्ती करते हैं। ऐसे में पेड़ पौधों को लगाना चाहिए। पेड़ पौधे अधिक लग रहे हो वो स्थल सुंदर लगता है। ऐसे स्थल पर गर्मियों में बैठने में बड़ा आनंद आता है। यही पिकनिक डे का अर्थ है।
 उधर भीम सिंह बताते हैं कि पिकनिक दिवस पर किसी जंगल में जाना चाहिए और वहां पर बैठकर बच्चों को या बड़ों को खाना खाना चाहिए ताकि हमें अपनी प्रकृति से दोस्ती करने का पता चल जाए, प्रकृति अमूल्य धरोहर है। इसके संग बैठकर अपने आप में एक विशेष आनंद आता है। प्रकृति के साथ ही आनंद लेना चाहिए।
महेश इस कुमार बोहरा, शिव कुमार,दुलीचंद साहब, रविंद्र कुमार आदि बताते हैं कि पिकनिक मनाने के पीछे बच्चों में प्रकृति के प्रति चेतना जागृत करना है। प्रकृति ही सब कुछ है बाकी इसी पर आश्रित होते हें। ऐसे में प्रकृति को साफ सुथरा रखना हम सभी का फर्ज बनता है। यदि प्रकृति हमारे साथ देगी तो हम एक दिन महान बनेंगे। यदि प्रकृति साथ नहीं देती तो इंसान मिट्टी में मिल जाएगा। ऐसा ही जैव वैज्ञानिक डार्विन ने लिखा है। अब विभिन्न स्कूलों में पिकनिक दिवस मनाने का एक महत्व होता है। अक्सर बच्चों को पिकनिक पर ले जाते हैं लेकिन पिकनिक के बजाय आजकल बच्चे मोबाइल से अधिक जुड़े मिलते हैं। पिकनिक की बजाय आजकल बच्चे मोबाइल से लग गए हैं और  मोबाइल को गले लगा रहे हैं।
फोटो कैप्शन: सुरेश कुमार एवं भीम सिंह





 सस्टेनेबल गैस्ट्रोनामी दिवस-18 जून
-किसान की मेहनत को याद करके भोजन का खाना चाहिए
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कनीना की आवाज।
 भोजन कैसे और कहां से प्राप्त होता है, भोजन को प्राप्त करके इंसान कैसा महसूस करता है। ये बातें सर्व विदित है परंतु अनाज को पैदा करके, प्रोसेस करके भोजन के रूप में उसको थाली तक पहुंचाना, यह सस्टेनेबल गैस्ट्रोनॉमी के तहत आता है। इस कार्य का केंद्र बिंदु किसान होता है। किसान के बल पर ही भोजन तैयार किया जाता है। अनाज पैदावार किया जाता 
है। अनाज की पैदावार लेने में किसान सूबे सिंह बताते हैं की सबसे कठिन कार्य अनाज की पैदावार लेना है। भूमि की जताई करके अनाज को कठिन परिस्थितियों से होकर गुजरना पड़ता है तब जाकर कहीं अनाज प्राप्त किया जाता है। किसान दिन रात खेत में लगा रहता है तब जाकर अनाज पैदावार होती है। अनाज पैदावार होने के बाद बाजार तक पहुंचाया जाता है और उसे खरीद कर खाने वाले उसे अपनी प्लेट तक भोजन के रूप में लेते हैं। किसान सुरेंद्र सिंह तथा महेंद्र सिंह बताते हैं कि अनाज की पैदावार सबसे कठिन कार्य है। सर्दी हो या गर्मी किसान अपने खेतों में जुटा रहता है और खेतों में कृषि पद्धतियों के सहारे पैदावार करता है। इसी अनाज को खाने वाले बहुत अधिक होते हैं। अनाज को खरीद कर प्रोसेस करके और उसे भोजन  के रूप प्रयोग में लेते हैं।
सुनील कुमार, रविंद्र कुमार, भीम सिंह, महेश कुमार, रामअवतार बताते हैं कि लोग भोजन को बहुत खराब कर देते हैं जबकि उन्हें यह ज्ञान में होना चाहिए भोजन बड़ी कठिनाई से किसान पैदा करते हैं और यह भोजन लंबे समय तक विभिन्न विधियों से प्रोसेस करके खाने वाले की थाली में पहुंचता है। किसान विभिन्न तकनीक अपनाते हैं ताकि अधिक से अधिक पैदावार लेने की सोचते ताकि सभी का पेट भरा जा सके। कृषि पद्धतियों की सहायता से लेकर अनाज पैदा करते हैं और बाजार में बेच देते हैं। किसान सर्दी गर्मी बारिश समय अपने खेतों में ही बिताते हैं और वही अनाज पैदा करके घर तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि किसान की मेहनत किसान जानता है। ऐसे में इंसान को ध्यान रखना चाहिए कि जिस अनाज के एक-एक दाने को पैदा करने के लिए किसान को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, उसे अच्छे ढंग से प्रभु का आशीर्वाद समझकर खाना चाहिए।
फोटो कैप्शन: रविंद्र, सूबे सिंह



ओवरफ्लो सीवरों से गलियों में फैली गंदगी, बदबू और बीमारी का खतरा,
-जनस्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल
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कनीना की आवाज।
कनीना शहर की कई गलियों में सीवर ओवरफ्लो होने की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। घरों के शौचालयों और नालियों का गंदा पानी निकालने के लिए बनाई गई सीवर व्यवस्था अब जगह-जगह जाम होने लगी है, जिसके कारण गंदा पानी सीवरों से बाहर निकलकर गलियों और आसपास के क्षेत्रों में फैल रहा है। इससे न केवल दुर्गंध का माहौल बना हुआ है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
 लोगों के अनुसार सीवरों से उठने वाली तेज बदबू घरों के अंदर तक पहुंच रही है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह स्थिति और भी अधिक चिंताजनक बन गई है।
समस्या की शिकायत मिलने के बाद जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से सफाई कर्मचारी मौके पर पहुंचे और उपलब्ध संसाधनों के साथ सफाई का प्रयास किया।
सफाई कर्मचारियों के अनुसार, कनीना में सीवरों की गहन सफाई के लिए उपयोग की जाने वाली मशीन फिलहाल खराब पड़ी हुई है, जिसके कारण जमे हुए कचरे और गाद को पूरी तरह निकालना मुश्किल हो रहा है।
लोगों का यह भी कहना है कि कुछ क्षेत्रों में गंदा पानी वापस रिहायशी इलाकों और घरों की ओर आने लगा है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। पिछले कुछ समय से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कभी तेज गर्मी, कभी बादल छा जाते हैं और कभी अचानक वर्षा शुरू हो जाती है। लोगों का कहना है कि जब भी अचानक बारिश होती है तो शहर के कई हिस्सों में पानी जमा होने लगता है, जिससे पहले से दबाव झेल रही सीवर व्यवस्था पर अतिरिक्त भार पड़ता है।
क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि वर्षा के मौसम से पहले सीवर लाइनों की नियमित सफाई, खराब मशीनों की मरम्मत और जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा कर ली जाए तो ऐसी समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
मामले को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ श्री राजीव कुमार यादव से संपर्क करने का प्रयास किया। जई से संपर्क करना चाहा तो उन्होंने भी फोन नहीं उठाया।
लोगों की मांग है कि प्रभावित क्षेत्रों में फागिंग, कीटनाशक छिड़काव और विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। वर्षा के मौसम को देखते हुए जल निकासी और सीवर व्यवस्था की विशेष समीक्षा की जाए।
फोटो कैप्शन एक व दो: सीवर लाइन का ओवरफ्लो




जन्म दिवस पर दिए 11000 दान,खिलाया गायों को हरा चारा
- गोशाला में आए दिन दान दाताओं का लगा रहता है तांता।
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कनीना की आवाज।
श्रीकृष्ण गोशाला कनीना में सतीश गेरा ने अपनी पुत्री पूजा का जन्म दिवस मनाया। उन्होंने गायों को हरा चारा खिलाया और 11000 रुपए की राशि गोशाला को दान दी।
प्रधान भगत सिंह ने कहा कि हिन्दू धर्म में गाय को माता के समान दर्जा दिया गया है और सबसे पवित्र माना है। उन्होंने बताया कि प्राचीन समय में भारत वर्ष में हर घर में गाय पाली जाती थी। जिस से सारा आंगन महकता रहता था। अब एक बार फिर से गायों को घर घर पालने की जरूरत है। इस अवसर पर गौशाला प्रधान भगत सिंह,पूर्व पार्षद राजेंद्र सिंह, जय प्रकाश, अमीर सिंह आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 03: कनीना गोशाला में जन्म दिन मनाते हुए























Tuesday, June 16, 2026



 



कनीना में एसआईआर प्रक्रिया  शुरू , घर घर जा रहे हैं बीएलओ
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कनीना की आवाज।
हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार कनीना में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू हो चुका है। कस्बे में 09 बीएलओ घर घर जाकर पुनरीक्षण कार्य कर रहे है। 15 जून से शुरू हुआ अभियान 14 जुलाई तक जारी रहेगा। बीएलओ राजेश कुमार ने बताया कि कनीना मंडी में उस ने 159 मतदाताओं का पुनर्निरीक्षण हो चुका है। मतदाता भी बढ़ चढ़ कर सहयोग दे रहे है।  बीएलओ ने बताया कि कुछ लोग ट्यूबवेलों पर रह रहे हैं तो उनको ढूंढने में परेशानी होती है वहीं किसी से पता करके घर पहुंचते हैं और फिर घर के सदस्यों से बात करने पर ही आगामी कार्रवाई हो पाती है। इस कारण मतदाताओं की सही जानकारी सरकार तक पहुंच जाएगी । और वर्तमान समय में नए पुराने मतदाताओं का आंकलन हो जाएगा। इस अभियान में वालेंटियर की मदद भी ली जा रही है। अभी तक लोगों का उत्तर सही आ रहा है।
फोटो कैप्शन 07: मतदाता सूची का पुनर्निरीक्षण करते बीएलओ


प्राकृतिक खेती अपनाकर कम लागत में बढ़ाएं आय - कृषि विशेषज्ञ
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कनीना की आवाज।
कनीना स्थित बाबा बाबा मोलडनाथ मंदिर प्रांगण में मंगलवार को प्राकृतिक खेती एवं उन्नत कृषि तकनीकों पर एक किसान जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि एवं बागवानी विभाग के विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक खेती, फसल प्रबंधन तथा सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) महेंद्रगढ़ के विशेषज्ञ डा. नरेंद्र ने किसानों को कपास एवं मूंग की खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने फसलों की उन्नत किस्मों, रोग प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर प्रकाश डाला। साथ ही धरती माता बचाओ अभियान के तहत प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग का संदेश दिया।
कृषि विभाग के डा. योगेश चंद्र ने किसानों को बाजरे की उन्नत खेती के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि फसल की बुवाई का उपयुक्त समय क्या है तथा बेहतर उत्पादन के लिए खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग किस मात्रा में और कब करना चाहिए। उन्होंने एग्री-स्टैक आईडी के महत्व और इससे मिलने वाले लाभों के बारे में भी किसानों को जागरूक किया। प्राकृतिक खेती विशेषज्ञ डा. मनीष यादव ने किसानों को जीवामृत, घन जीवामृत और अन्य जैविक उत्पादों को तैयार करने एवं उनके प्रयोग की विधि समझाई। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से खेती की लागत कम होती है, भूमि की उर्वरता बढ़ती है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। वहीं डॉ. अरविंद यादव ने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, जल शक्ति अभियान, फसल अवशेष प्रबंधन (स्टबल बर्निंग रोकथाम) तथा खेत बचाओ अभियान के बारे में जानकारी दी। बागवानी विभाग के डा. सतीश कुमार ने विभाग की विभिन्न अनुदान योजनाओं और बागवानी फसलों को बढ़ावा देने संबंधी कार्यक्रमों की जानकारी किसानों को दी। इस अवसर पर प्रधान नरेश कुमार, सूबेदार अजीत सिंह, धर्मपाल, होशियार सिंह, सुमेर सिंह, देवदत्त शर्मा, हरीश कुमार, मनीराम यादव, प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 08:कनीना में आयोजित किसान जागरूकता गोष्ठी




 बाबा सुन्दरपुरी की पंच धूनी तपस्या का 35 वां दिन सम्पन्न
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव स्याणा की प्राचीन भूमि पर ऋषि चाउंड मंदिर परिसर में इन दिनों बाबा सुन्दर पुरी महाराज द्वारा पंच धूनी तप जारी है। 13 मई 2026 से तप शुरू किया था जो आगामी 22 जून 2026 तक 41 दिन चलेगा। पंच धूणी की तपस्या सुबह 10 बजकर 15 मिनट से दोपहर बाद 2 बजकर 15 मिनट तक चलती रहती है।
 16 जून 2026 तपस्या का 35 वां दिन था। हर रोज की तरह आज भी गांव स्याणा व पास पड़ोस के गांवों की सैकड़ों महिलाओं ने पंच धूणी की परिक्रमा दी और भजन कीर्तन करके धार्मिक आस्था को बढ़ावा दिया। इस पावन अवसर पर सेवा देने वालों में ढाब आश्रम स्थल के महंत  श्रद्धानंद महाराज स्याणा, महंत प्रदीप पुरी महाराज, बहु झोलरी जनपद झज्जर, महंत सत्यनारायण पुरी महाराज पोता, मास्टर सीताराम कैमला, ओमप्रकाश पोता, रोहतास शर्मा चांग रोड़ जनपद चरखी दादरी सहित गांव के सैंकड़ों गणमान्य भक्तजनों ने सेवाएं देकर धार्मिक आस्था को बढ़ावा दिया है।
फोटो कैप्शन 6: पंच धूनी तप करते संत





सड़क के बीच में बना है गड्ढा
- लगा रखे पत्थर और झंडा
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कनीना की आवाज।
 कनीना के मुख्य बस स्टैंड के पास, नगर पालिका चेयरपर्सन के आवास के समक्ष मुख्य मार्ग पर चौड़ा गड्ढा बना हुआ है। वर्षा के समय वर्षा के जल से लबालब भर जाता है। यहां कोई भी बड़ी दुर्घटना होने के आशंका बनी हुई है। वैसे तो लोगों ने पत्थर डालकर झंडा लगा रखा है लेकिन कई बार इस झंडे को बचाने के लिए या तेज गति से आने वाले वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना बन जाती है। इस ओर प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है परिणाम यह है कि पहले भी अनेक दुर्घटनाएं घटी और भविष्य में भी इस प्रकार के सड़क मार्ग से दुर्घटना घटने की संभावना बन गई है।
 कनीना क्षेत्र के सुरेश कुमार, रोहित कुमार, दिनेश कुमार, महेश कुमार आदि ने प्रशासन से मांग की है कि गड्ढे की सुध ली जाए ताकि आवागमन सुचारू रूप से हो सके क्योंकि इस वक्त आधा सड़क मार्ग इस गड्ढे ने कवर कर रखा है तो आधे मार्ग से ही वाहनों का आगमन चल रहा है और कोई भी बड़ी दुर्घटना कभी भी घट सकती है।
फोटो कैप्शन 02: वर्षा जल से भरा गड्ढा जहां झंडा गाड़ रखा है


सुन्दरह से महेन्द्रगढ़ तक रोडवेज का जायज किराया निर्धारित किया जाए
-कनीना से शाम को चलाई जाए नई बस
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कनीना की आवाज।
बसपा के अतरलाल एडवोकेट ने महाप्रबन्धक रोडवेज नारनौल डिपो को ज्ञापन भेजकर सुन्दरह से महेन्द्रगढ़ तक का रोडवेज बस किराया 20 रुपए वसूलने पर विरोध जताया है। उन्होंने महाप्रबन्धक से जांच करवाकर सुन्दरह से महेन्द्रगढ़ तक का नया जायज किराया निर्धारण करने और कनीना बस अड्डे से सायं 7 बजे वाया नांगल, मोहनपुर, कोका, झिंगावन, सुन्दरह होते हुए नारनौल तक एक नई रोडवेज की बस चलाने की मांग की है।
 अतरलाल ने ज्ञापन के बारे में जानकारी देते हुए कहा है कि उन्हें सुन्दरह, कोका, झिंगावन, बेवल गांवों में जनसंवाद कार्यक्रम में ग्रामीणों से शिकायत मिली है कि सुन्दरह गांव से महेन्द्रगढ़ की दूरी मात्र 10 किलोमीटर है। हरियाणा रोडवेज द्वारा सुन्दरह से महेन्द्रगढ़ तक इस 10 किलोमीटर दूरी का किराया 20 रूपए वसूला जा रहा है जो गलत और खिलाफ कानून है। रोडवेज बसों द्वारा इस गलत किराया वसूली को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि 15 दिन के अंदर जांच करवाकर नया जायज किराया निर्धारित नहीं किया गया तो महाप्रबन्धक रोडवेज नारनौल के कार्यालय के समक्ष धरना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने दूसरी शिकायत यह की कि कनीना बस अड्डे से सायं 5 बजे के बाद कनीना से वाया नांगल, मोहनपुर, कोका, सुन्दरह, झिंगावन होते हुए नारनौल तक कोई रोडवेज बस संचालित नहीं है। कनीना बस अड्डे से सायं 5 बजे के बाद इस रूट की सवारियों को अपने गांवों में पहुंचने के लिए बहुत परेशानी उठानी पड़ती है। इसलिए कनीना बस अड्डे से सायं 7 बजे नारनौल के लिए वाया नांगल, मोहनपुर, कोका, सुन्दरह, झिंगावन होकर एक नई रोडवेज बस चलाई जाए।
फोटो कैप्शन 03: लोगों की समस्या जानते अतरलाल




कनीना खास रेलवे स्टेशन पर छाया रहता है अंधेरा
-ट्रेन आने पर दुर्घटना की आशंका
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कनीना की आवाज।
 कनीना खास रेलवे स्टेशन पर यूं तो ट्रेन न रुकने से  कनीनावासी परेशान हैं और उन्हें महेंद्रगढ़ या रेवाड़ी जाकर ट्रेन पकडऩी पड़ रही है। उपमंडल होते हुए भी कनीना की यह दुर्गति बनी हुई है।  वहीं रेलवे स्टेशन पर अंधेरा छाए रहने से लोग परेशान है।
जब ट्रेन आती है तब भी कुछ नहीं दिखाई देता जिससे कोई भी दुर्घटना घट सकती है। ट्रेन से सफर करने वाले यथार्थ, रमेश, सुरेश, दिनेश कुमार एवं अमीश कुमार आदि ने बताया कि वो  सुबह सवेरे दिल्ली जाने के लिए तैयार थे किंतु पहले तो कनीना की बिजली सप्लाई बंद थी। बिजली सप्लाई होने पर भी रेलवे स्टेशन पर अंधेरा छाया हुआ था। विगत दो माह से यही हालात बनी हुई है।
 ट्रेन भी मुश्किल से दिखाई देती है। जब मौसम खराब होता है और अंधेरा छाए रहता है तो ऐसी स्थिति में ट्रेन से सफर करना जोखिम भरा कार्य बन जाता है। उन्होंने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि कम से कम कनीना खास रेलवे स्टेशन की सुध ली जाए। सभी ट्रेनों का ठहराव भी किया जाए, लाइट की उचित व्यवस्था की जाए।
  इस संबंध में रेलवे विकास समिति सदस्य योगेश अग्रवाल ने स्टेशन मास्टर से समस्या के बारे में जानना चाहा तो उन्होंने बताया कि दूसरा प्लेटफार्म बन रहा है जिसके चलते लाइट काटी हुई है। जब प्लेटफार्म बनकर तैयार हो जाएगा तब लाइट बहाल की जाएगी।
  किंतु जब तक कोई हादसा हो जाएगा तो जिम्मेदार कौन होगा। तब तक वैकल्पिक लाइट की व्यवस्था की जा सकती है। एक ओर कनीना खास रेलवे स्टेशन पर फास्ट एवं सुपरफास्ट ट्रेने नहीं रुकती वहीं अब अंधेरे में डूबो रखा है। कनीनावासियों की मांग है कि लाइट व्यवस्था बहाल कर अहीरवाल के गढ़ एवं उपमंडल के रेलवे स्टेशन पर सभी ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए।   
फोटो कैप्शन 04 व 05: कनीना खास रेलवे स्टेशनों पर ट्रेन आने पर अंधेरे की स्थिति


कनीना क्षेत्र में हुई 5 एमएम वर्षा
-अभी तक नहीं हो पाई है खेतों में बाजरे की बिजाई
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में सामवार दोपहर के पश्चात धूल भरी आंधी के बाद 2 एमएम वर्षा हुई थी वहीं मंगलवार को दोपहर पूर्व 5 एमएम वर्षा हुई। मौसम तो सुहावना हो गया किंतु खेतों में बाजरे की बिजाई लायक वर्षा नहीं हुई है। अभी किसानों को और इंतजर करना होगा। क्षेत्र में बूंदाबांदी कई बार हो चुकी है किंतु इतनी वर्षा नहीं होती की खरीफ फसलों की बिजाई की जा सके।
 क्या कहते हैं किसान-
किसान राजेंद्र सिंह, मनोज कुमार, दिनेश कुमार, सूबे सिंह आदि ने बताया कि जब तक अच्छी  वर्षा नहीं होती तब तक बिजाई संभव नहीं है। अभी तक बिजाई न हो पाने से किसान परेशान हैं। यदि बिजाई इस समय हो जाती है तो फसल अच्छी होने के संकेत बन जाते हैं।
क्या कहते हैं एसडीओ कृषि विभाग -
एसडीओ कृषि विभाग डा. अजय यादव से संबंध में बात हुई। उन्होंने कहा कि बाजरे की 20 जून तक बिजाई नहीं करनी चाहिए क्योंकि सफेद ग्रैब नामक कीड़ा आने की संभावना बढ़ जाती है। यह कीड़ा उस समय अधिक आता है जब 20 जून से पहले बिजाई की गई हो। इस अवधि के बाद कीड़े जीवन चक्र पूरा हो जाता है। और भूमि के ऊपर आकर नष्ट हो जाता है। यह बाजरे की जड़ों में मिलता है। ऐसे में इस पर काबू पानी कठिन होता है। उन्होंने कहा कि जुलाई के पहले सप्ताह तक भी बिजाई संभव है। बाजरे की बिजाई अलग-अलग क्षेत्र पर निर्भर करती। यदि रेतीला क्षेत्र है तो उसमें बिजाई के बाद वर्षा का कोई नुकसान नहीं होने की संभावना जबकि भूमि कठोर है तो उसमें बिजाई के बाद हुई वर्षा से नुकसान होता है क्योंकि एक मोटी परत बीजों के ऊपर जमा हो जाती है जो बीजों को अंकुरित नहीं होने देती। उन्होंने कहा कि बाजरे की बिछाई 20 जून के बाद ही बेहतर रहती है किंतु निर्भर करता है कि क्षेत्र में कब वर्षा होती है। किसानों की आदत है कि अच्छी वर्षा हो जाने पर तुरंत बाजरे की बिजाई करते है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में बाजरा अधिक उगाया जाता है जबकि दूसरी फसले कम उगाई जाती है। जहां रबी के मौसम में सरसों और खरीफ के मौसम में बाजरा आदि को प्राथमिकता के आधार पर उगाने की प्रवृति मिलती है।
फोटो कैप्शन 01: वर्षा का सड़क मार्गों पर भरा जल
साथ में एसडीओ कृषि डा. अजय यादव













Monday, June 15, 2026



 



योगीराज ओमप्रकाश महाराज का हुआ कुरुक्षेत्र में स्वागत
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कनीना की आवाज।
सार्वदेशिक आर्य वीर दल के राष्ट्रीय शिविर समापन अवसर पर सोमवार को गुरुकुल कुरुक्षेत्र में जाने का अवसर प्राप्त हुअ। गुरूकुल प्रागंण में आचार्य संजीव आर्य ने गुरुजी का स्वागत किया ।
इस अवसर पर सार्वदेशिक आर्य वीर दल न्यास की बैठक में भाग लिया। उसके पश्चात सार्वदेशिक आर्य वीर दल के समस्त प्रांतीय संचालक अधिकारियों के साथ बैठक में भाग लिया। बैठक में पूज्य स्वामी देवव्रत सरस्वती जी अध्यक्ष सार्वदेशिक के साथ, गुरुजी योगीराज ओमप्रकाश महाराज, डा राजेन्द्र विद्यालंकार ओएसडी महामहिम राज्यपाल गुजरात, श्री विनय आर्य जी,( मन्त्री दिल्ली प्रतिनिधि सभा ) श्री उमेद शर्मा जी, आचार्य ऋषिपाल जी , आचार्य धनन्जय जी, श्री नंदकिशोर  संचालक आर्य वीर दल, मास्टर समर सिंह , श्री कृष्णपाल जी, श्री प्रवीण जी प्रधान शिक्षक, डॉ नरेंद्र आचार्य जी नव नियुक्त संचालक हरियाणा, डॉ संदीप आर्य, बहन वृत्तिका जी संचालिका , डॉ कल्पना आर्या व डॉ अमरजीत कौर (आर्य वीरांगना दल) आदि महानुभावों ने भाग लिया। गुरु जी ने अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों , संचालक, संचालिकाओ, शिक्षक, शिक्षिकाओं एवं अन्य उपस्थित  महानुभावों का सार्वदेशिक आर्य वीर दल न्यास की तरफ से धन्यवाद किया और संगठन को मजबूत करके उसको और अधिक ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रेरणा की।


प्रबंधक पर 35.24 लाख रुपये के कथित गबन का मामला दर्ज
--आर्थिक अपराध शाखा की जांच में प्रथम दृष्टया तथ्य मिलने पर हुई कार्रवाई
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कनीना की आवाज।
दी गुढ़ा बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समिति लिमिटेड गुढ़ा के तत्कालीन प्रबंधक रामराज उर्फ मामराज के विरुद्ध 35 लाख 24 हजार 305 रुपये 12 पैसे के कथित गबन के मामले में थाना सदर कनीना में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां महेंद्रगढ़ प्रवीण कुमार ने 10 दिसंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक को भेजी शिकायत में आरोप लगाया था कि रामराज ने प्रबंधक पद पर रहते हुए 31 मार्च 2022 तक समिति की 35,24,305.12 रुपये की राशि का गबन किया। शिकायत के अनुसार वर्ष 2021-22 की ऑडिट रिपोर्ट में 13,76,094.45 रुपये की राशि कैश इन हैंड के रूप में प्रबंधक के पास दर्शाई गई थी। इसके अलावा अन्य वित्तीय अनियमितताएं भी सामने आई थीं।
शिकायत में कहा गया कि हरियाणा सहकारी समितियां अधिनियम, 1984 की धारा 101 के तहत मामले की सुनवाई के दौरान रामराज को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया गया। इसके बाद 29 दिसंबर 2023 को 35,24,305.12 रुपये की राशि पर 18 प्रतिशत ब्याज सहित सरचार्ज आदेश पारित किया गया। आरोप है कि यह राशि 9 दिसंबर 2025 तक जमा नहीं करवाई गई।

आर्थिक अपराध शाखा ने मामले की जांच के दौरान शिकायत, विभागीय रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया। जांच रिपोर्ट में पूर्व प्रबंधक रामराज के संबंध में सरकारी धनराशि के गबन के प्रथम दृष्टया तथ्य पाए जाने का उल्लेख किया गया तथा आपराधिक मामला दर्ज कर अनुसंधान किए जाने की सिफारिश की गई।
इसके आधार पर थाना सदर कनीना पुलिस ने रामराज उर्फ मामराज निवासी रसूलपुर के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 409 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।



खेड़ी में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जागरूकता बैठक आयोजित
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कनीना की आवाज।
गिरते लिंगानुपात में सुधार एवं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गांव खेड़ी में एक जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीएचसी सेहलंग की एसएमओ डा. प्रभा यादव ने की।
बैठक में एएनएम, एएनसी सहेलियों, आशा कार्यकर्ताओं तथा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम, बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने तथा समाज में बेटियों को समान अधिकार एवं सम्मान दिलाने के विषय पर विस्तार से चर्चा की गई।
डा. प्रभा यादव ने सभी एएनएम को निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती महिला का एएनसी पंजीकरण गर्भावस्था के 10 सप्ताह से पहले सुनिश्चित किया जाए, ताकि समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने एएनसी सहेलियों को भी गर्भवती महिलाओं की नियमित एवं प्रभावी मानिटरिंग करने तथा उन्हें समय-समय पर स्वास्थ्य जांच एवं सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि लिंगानुपात में सुधार केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। बेटियां परिवार, समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं तथा उनके जन्म, शिक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक के अंत में उपस्थित सभी स्वास्थ्य कर्मियों ने कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने, गिरते लिंगानुपात में सुधार लाने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया।
फोटो कैप्शन 10: घटते लिंगानुपात पर चर्चा करते हुए





कनीना की हदबंदी बढ़ाने पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का जताया आभार
- मिठाई बांटकर मनाई खुशी
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कनीना की आवाज।
नगरपालिका कनीना की हदबंदी बढ़ाने के निर्णय पर क्षेत्र के ग्रामीणों और कस्बावासियों ने खुशी व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का आभार जताया। इस अवसर पर मार्केट कमेटी चेयरमैन जेपी कोटिया के नेतृत्व में गाहड़ा मोड़ स्थित उनके कार्यालय पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई।
कार्यक्रम में सरपंच एसोसिएशन के प्रधान धर्मबीर यादव कोटिया, महाबीर पहलवान बागोत, सरपंच घनश्याम, सरपंच प्रतिनिधि अजय यादव करीरा, पूर्व बार प्रधान एवं सरपंच प्रतिनिधि कुलदीप यादव रामबास, अधिवक्ता रामनिवास शर्मा रामबास, सरपंच पूनम शास्त्री भडफ़, सुंदर सिंह सीहोर, मंडल अध्यक्ष बीरेंद्र सीहोर सहित अनेक ग्रामीण एवं कस्बावासी मौजूद रहे।
इस दौरान मार्केट कमेटी चेयरमैन जेपी कोटिया ने कहा कि कनीना को एक विकसित शहर बनाने की दिशा में हदबंदी बढ़ाने का फैसला ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि पिछले 74 वर्षों में पहली बार किसी जनप्रतिनिधि ने कनीना के व्यापक विकास की सोच के साथ इस महत्वपूर्ण कार्य को साकार किया है और इसका श्रेय स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव को जाता है।
उन्होंने कहा कि अब हदबंदी के विस्तार से कनीना के आसपास के क्षेत्रों को शहरी सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जिससे विकास कार्यों को गति मिलेगी। आने वाले समय में यह निर्णय कनीना को आधुनिक एवं विकसित शहर के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए सरकार का धन्यवाद किया।
फोटो कैप्शन 11: मिठाई बांटकर खुशी जताते हुए


कनीना क्षेत्र में धूल भरी आंधी के बाद हुई 2 एमएम वर्षा
-अभी तक नहीं हो पाई है बाजरे की बिजाई
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में दोपहर के पश्चात धूल भरी आंधी चली। जिसके चलते आसमान में धूल उड़ती और पालीथिन उड़ती नजर आई। धूल भरी आंधी के कारण दुकानदारों ने अपनी दुकानों के शटर डाल दिए क्योंकि खाने पीने की वस्तुओं में धूल आकर मिल जाती है और वस्तुएं खराब हो जाती हैं। तत्पश्चात बूंदाबांदी चली।
क्षेत्र में बूंदाबांदी कई बार हो चुकी है किंतु इतनी वर्षा नहीं होती की बिजाई की जा सके।
 क्या कहते हैं किसान-
किसान राजेंद्र सिंह, मनोज कुमार, दिनेश कुमार, सूबे सिंह आदि ने बताया कि जब तक अच्छी  वर्षा नहीं होती तब तक बिजाई संभव नहीं है। अभी तक बिजाई न हो पाने से किसान परेशान हैं। यदि बिजाई इस समय हो जाती है तो फसल अच्छी होने के संकेत बन जाते हैं।
क्या कहते हैं एसडीओ कृषि विभाग -
एसडीओ कृषि विभाग डा. अजय यादव से संबंध में बात हुई। उन्होंने कहा कि बाजरे की 20 जून तक बिजाई नहीं करनी चाहिए क्योंकि सफेद ग्रैब नामक कीड़ा आने की संभावना बढ़ जाती है। यह कीड़ा उस समय अधिक आता है जब 20 जून से पहले बिजाई की गई हो। इस अवधि के बाद कीड़े जीवन चक्र पूरा हो जाता है। और भूमि के ऊपर आकर नष्ट हो जाता है। यह बाजरे की जड़ों में मिलता है। ऐसे में इस पर काबू पानी कठिन होता है। उन्होंने कहा कि जुलाई के पहले सप्ताह तक भी बिजाई संभव है। बाजरे की बिजाई अलग-अलग क्षेत्र पर निर्भर करती। यदि रेतीला क्षेत्र है तो उसमें बिजाई के बाद वर्षा का कोई नुकसान नहीं होने की संभावना जबकि भूमि कठोर है तो उसमें बिजाई के बाद हुई वर्षा से नुकसान होता है क्योंकि एक मोटी परत बीजों के ऊपर जमा हो जाती है जो बीजों को अंकुरित नहीं होने देती। उन्होंने कहा कि बाजरे की बिछाई 20 जून के बाद ही बेहतर रहती है किंतु निर्भर करता है कि क्षेत्र में कब वर्षा होती है। किसानों की आदत है कि अच्छी वर्षा हो जाने पर तुरंत बाजरे की बिजाई करते है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में बाजरा अधिक उगाया जाता है जबकि दूसरी फसले कम उगाई जाती है। जहां रबी के मौसम में सरसों और खरीफ के मौसम में बाजरा आदि को प्राथमिकता के आधार पर उगाने की प्रवृति मिलती है।
फोटो कैप्शन 08 व 09: धूल भरी आंधी साथ में एसडीओ कृषि डा. अजय यादव


मंत्री आरती सिंह राव के प्रयास सफल: दीपक चौधरी
- कनीना की बढ़ी नगर पालिका सीमा
-नगरपालिका पार्षदों व लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री आरती राव का जताया आभार
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कनीना की आवाज।
कनीना नगर पालिका की सीमा विस्तार प्रक्रिया को अंतिम मंजूरी मिलने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने के बाद कनीनावासियों ने हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का आभार व्यक्त करते हुए खुशी जाहिर की। इस अवसर पर बार एसोसिएशन कनीना के सदस्यों  व कनीना वासियो ने लड्डू वितरित कर एक-दूसरे को बधाई दी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने कहा कि नगर पालिका की सीमा बढऩे से कनीना के विकास को नई गति मिलेगी। सीमा विस्तार के बाद नगर पालिका का क्षेत्रफल बढ़ेगा, जिससे नई कालोनियों और विकसित हो रहे रिहायशी क्षेत्रों को भी शहरी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। लोगों को सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, सफाई व्यवस्था, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध हो सकेंगी। इस अवसर पर बार एसोसिएशन पूर्व प्रधान एवं वर्तमान पार्षद दीपक चौधरी, मुकेश नंबरदार, महेश बोहरा, अधिवक्ता अनिल शर्मा, अधिवक्ता सुनील यादव, सरपंच वीरेंद्र दीक्षित सहित अन्य गणमान्य लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री आरती राव का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि सीमा विस्तार से कनीना को आधुनिक एवं सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। वक्ताओं ने कहा कि नगर पालिका सीमा से बाहर होने के कारण अनेक कालोनियां लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं से वंचित थीं। अब इन क्षेत्रों में विकास कार्यों का रास्ता खुलेगा और हजारों परिवारों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में कनीना क्षेत्र में आधारभूत ढांचे का तेजी से विकास होगा और नागरिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। खुशी के इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने लड्डू बांटकर एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया तथा कनीना के समग्र विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मार्केट कमेटी उप-प्रधान दीपक गुप्ता, सुरेश यादव, पार्षद प्रतिनिधि देशराज,पार्षद राकेश सहित नगर के अन्य गाना मान्य लोग भी मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 02: लड्डू बांटकर खुशी जताते हुए


सोमावती अमावस्या पर दिनभर गोशाला में रही भक्तों की भीड़
-सवामणि लगाई, भजन हुए तथा गायों को खिलाया मीठा चारा
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कनीना की आवाज। 
सोमवती अमावस्या पर कनीना की श्री कृष्ण गोशाला में दिनभर भक्तों की भीड़ रही। गायों को मीठा चारा, तरबूज खिलाने, गुड़ खिलाने का सिलसिला दिनभर चलता रहा। सवामणि लगाने के अतिरिक्त गोशाला में दान दिया गया।
कनीना और आसपास के लोग गोशाला में आ रहे थे अपने साथ गुड़, हरा चारा, तरबूज और विभिन्न प्रकार के पशुओं के चारे लेकर गायों की सेवा कर रहे थे। वहीं कुछ लोग सवामणी लगा रहे थे। कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में विभिन्न कार्यक्रम दिनभर चलाते रहे।
महिला सत्संग चला -
कनीना की श्री कृष्ण गोशाला में महिला सत्संग पार्टी ने सोमावती सोमवती अमावस्या पर सत्संग किया। जिनमें प्रधान रेखा, वीरबाला, चंद्रो, सुनीता बनारसी, निर्मला, मधु, शारदा आदि ने सत्संग किया। हर माह यह पार्टी सत्संग आयोजित करती आ रही है।
 भक्तों का दिनभर लगा तांता-
गोशाला में भक्तों का दिनभर तांता लगा रहा। गोशाला में भक्त मीठा चारा, तरबूज आदि लेकर आ रहे थे। गायों को खिलाकर अपने आप को प्रसन्नता महसूस कर रहे थे।
सवामणी लगाई- श्री कृष्ण गोशाला में विनोद कुमार की आत्मा की शांति के लिए सवामणी लगाई। सुशील मित्तल नितेश गुप्ता, नितिन गुप्ता आदि ने अपने हाथों से मीठा और सांद्र चारा चराकर सवामणी का कार्य पूर्ण किया। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में विनोद कुमार का विगत दिनों देहांत हो गया था जिसकी आत्मा की शांति के लिए श्रीकृष्ण गोशाला में सवामणी लगाई है।
 फोटो कैप्शन 3: सत्संग करते हुए महिलाएं  06:विभिन्न भक्त गोशाला में गुड़ खिलाते हुए
07: सवामणी लगाते हुए लोग

योग मैराथन में एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर लिया भाग
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कनीना की आवाज।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित योग मैराथन में एसडी. सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ककराला के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। स्वस्थ जीवनशैली एवं योग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस मैराथन में विद्यार्थियों ने पूरे जोश, अनुशासन और ऊर्जा के साथ सहभागिता कर योग का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों धनराज, मनीष, सोनू डीपीई, तेजपाल एवं गुनेश ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया तथा पूरे कार्यक्रम के दौरान उनका सहयोग किया। विद्यार्थियों ने योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने तथा स्वस्थ भारत के निर्माण का संकल्प लिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री पूरण सिंह ने अपने संदेश में कहा, योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। नियमित योग करने से शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। विद्यार्थियों को अपने दैनिक जीवन में योग को अवश्य अपनाना चाहिए।
विद्यालय के चेयरमैन जगदेव जी ने कहा, आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित ऐसे कार्यक्रम युवाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। योग एक स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवन का आधार है। हमें गर्व है कि हमारे विद्यार्थी समाज में योग और स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश प्रसारित कर रहे हैं।
योग मैराथन के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वस्थ जीवन, फिट इंडिया और योग अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना की गई तथा उन्हें नियमित रूप से योग करने के लिए प्रेरित किया गया।
फोटो कैप्शन 04: मैराथन में भाग लेने वाले एसडी स्कूल के विद्यार्थी

राष्ट्रीय स्तर के लिए विद्यार्थी गौरव ने किया क्वालीफाई
संवाद सहयोगी, जागरण. कनीना। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीहोर के छात्र गौरव यादव, बारहवीं के छात्र ने 8 जून को डाक्टर करण सिंह शूटिंग रेंज नई दिल्ली में आयोजित राज्य स्तरीय शूटिंग प्रतियोगिता में 50 मीटर पिस्टल एवं 10 मीटर पिस्टल प्रतियोगिता में भाग लेकर राष्ट्रीय स्तर के लिए क्वालीफाई किया है।
 विद्यालय प्राचार्य हरीश प्रधान, एसएमसी प्रधान सीमा शर्मा, सत्येंद्र यादव पूर्व प्रवक्ता, अरुण कुमार, कंवर सिंह बोहरा, सोनू, हिम्मत सिंह आदि ने विद्यार्थी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि छात्र गौरव यादव राज्य स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता में मार्शल की भूमिका निभाकर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं जिसके चलते सीहोर स्कूल की टीम राज्य स्तर पर 2025-26 में उपविजेता रही है।
 फोटो कैप्शन 05: विद्यार्थी को पुरस्कृत करते हुए हरीश यादव







लिंगानुपात सुधार को लेकर पाथेड़ा में बैठक आयोजित, बेटियों के सम्मान का लिया संकल्प
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कनीना की आवाज।
गांव पाथेड़ा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सोमवार को लिंगानुपात सुधार एवं बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को लेकर जागरूकता बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, आशा कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीण महिलाओं ने भाग लेकर समाज में बेटियों के सम्मान और संरक्षण का संदेश दिया।
बैठक के दौरान उपस्थित महिलाओं को लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए जागरूक किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि बेटियां परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं तथा उनके जन्म, शिक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों से दूर रहने और इसकी सूचना प्रशासन को देने का आह्वान किया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि समाज में बेटियों को समान अवसर प्रदान कर ही संतुलित और विकसित समाज का निर्माण किया जा सकता है। बैठक में उपस्थित महिलाओं ने कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा के खिलाफ जागरूकता फैलाने तथा गांव में लिंगानुपात सुधार के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर एमपीएचडब्ल्यू गीता, आशा कार्यकर्ताओं तथा ग्रामीण महिलाओं ने संयुक्त रूप से शपथ लेते हुए कहा कि वे बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के प्रति लोगों को जागरूक करेंगी तथा महिला सशक्तिकरण के संदेश को घर-घर तक पहुंचाएंगी।
वक्ताओं ने कहा कि बेटियां ही सुरक्षित, शिक्षित और विकसित समाज की आधारशिला हैं। यदि समाज में बेटियों को समान अवसर मिलेंगे तो देश और प्रदेश की प्रगति को नई दिशा मिलेगी।
फोटो कैप्शन 01: पाथेड़ा में  शपथ लेते स्वास्थ्य कर्मी और ग्रामीण महिलाएं।


प्रोफेसर रामबिलास शर्मा के विरुद्ध की गई टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण - सत्यवीर

















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कनीना की आवाज। भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता सत्यवीर सिंह यादव सेहलंग ने प्रोफेसर रामबिलास शर्मा पूर्व शिक्षा मंत्री और भाजपा पूर्व प्रदेशाध्यक्ष हरियाणा पर की गई टिप्पणी  दुर्भाग्यपूर्ण और मनगढ़ंत  बताई और इस आरोप की कडी निन्दा की है। उन्होंने कहा की प्रोफेसर रामबिलास शर्मा  का राजनीतिक जीवन बड़ा बेदाग रहा है। उन्होंने संघर्ष संगठन और जन सेवा के बल पूरे हरियाणा में अपनी पहचान बनाई है हरियाणा के सम्मानित नेता हैं
ऐसे में उनके विरुद्ध बिना तथ्यों के मनगढ़ंत झूठे आरोप लगाना उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का प्रयास लगता है। लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है परन्तु किसी की व्यक्तिगत छवि को झूठे आरोप लगाकर  खराब करने का भी अधिकार नहीं है। उन्होंने पूर्व अधिकारी को अपना बयान वापिस लेकर सार्वजनिक रूप से रामबिलास शर्मा से माफी मांगनी चाहिए
 इस अवसर पर उनके साथ भाजपा कनीना मंडल के पूर्व मंडल अध्यक्ष हनुमान प्रसाद शर्मा   राजेन्द्र प्रसाद भारद्वाज पूर्व भाजपा मंडल महामंत्री एवम् ग्रिवेश कमेटी सदस्य जिला महेंद्रगढ़ 
शक्ति सिंह यादव  मंडल अध्यक्ष किसान मोर्चा कनीना, मनोज कुमार यादव कनीना
देवदत्त जांगडा ग्रिवेंस कमेटी सदस्य जिला महेंद्रगढ़ ने भी कड़े शब्दों में निन्दा की।
फोटो कैप्शन: सत्यवीर सिंह