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**KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**
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Monday, May 25, 2026
पूर्व डीआईजी का निधन, नम आंखों से की अंत्येष्टि -दूर दराज से लोग हुए अंत्येष्टि में शामिल ***************************************** *********************************************** **************************************** कनीना की आवाज। कनीना के आज सीआरपीएफ के रिटायर डीआईजी राज सिंह (राजेन्द्र सिंह यादव ) का लगभग 87 साल की उम्र मे रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वो पिछले कुछ समय से बीमार थे। उनके निधन की खबर से कस्बे व आसपास के इलाके में लोगों में मायूसी छा गयी। सूचना लगते ही उनके घर पर लोगों उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंच गए। गौरतलब हैं की पूर्व डीआईजी राज सिंह यादव का जन्म 2 मार्च 1940 को कनीना में हुआ था। उनके दादा चौधरी मेजर भवानी सिंह ओबीआई,आईडीएसएम खिताब से सम्मानित थे जिन्होंने अंग्रेजों के समय दो विश्व युद्ध लड़े। उनकी बहादुरी के चलते ब्रिटिश सरकार ने उनको ओबीआई,आईडीएसएम खिताब से सम्मानित किया। राजसिंह यादव के पिता नगरपालिका कमेटी में दरोगा थे। उन्होंने हायर एजुकेशन दिल्ली से की इसके अलावा ग्रेजवेशन चूरू से की। इस दौरान उनको एनसीसी की सी सर्टिफिकेट लिया। उनका सफर यही नहीं रुका और आगे चलकर वो राजस्थान विश्वधालय के हाकी के कप्तान रहे। राज यादव शुरुआत में आर्मी में लेफ्टिनेंट मेजर पद पर लगे। सन 1963 से 1965 के समय वो आर्मी में रहे एवं 1965 की भारत पाकिस्तान लड़ाई में वो लाहौर तक जा पहुंचे थे। पंजाब में आंतक के दौरान उनकी भूमिका बहुत अहम रही थी। जिन्होंने केवल अपना जीवन ही नहीं जिया, बल्कि पूरे कस्बे के लोगों के जीवन को दिशा देने का कार्य किया। डीआईजी का जाना केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि एक युग का समाप्त होना है। वे एक महान व्यक्तित्व के धनी, सरल स्वभाव के मालिक और समाज के प्रति समर्पित इंसान थे। उन्होंने अपने जीवन में न जाने कितने परिवारों को रोजगार देकर उनके घरों में खुशहाली लाने का कार्य किया। उनके द्वारा दिया गया सहारा आज भी अनेक परिवारों की मजबूती बना हुआ है। ऐसे लोग समाज में बहुत कम जन्म लेते हैं, जो अपने साथ-साथ दूसरों के जीवन को भी संवारने का काम करते हैं। कनीना कस्बे ने यदि कभी विकास की नई तस्वीर देखी थी, तो उस विकास की नींव रखने वालों में उनके परिवार का बहुत बड़ा योगदान रहा। उनके दादा द्वारा करवाए गए विकास कार्य आज भी लोगों की यादों और कस्बे की पहचान में जीवित हैं। यही संस्कार और समाजसेवा की भावना आगे चलकर डीआईजी राज के व्यक्तित्व में भी साफ दिखाई देती थी। वे केवल एक नाम नहीं थे, बल्कि कस्बे के लोगों के लिए विश्वास, सम्मान और अपनत्व का प्रतीक थे। हर वर्ग के लोग उनके व्यवहार और सहयोग भावना की सराहना करते थे। उनके दरवाजे पर आने वाला कोई भी व्यक्ति खाली हाथ या निराश होकर नहीं लौटता था। आज उनके निधन से पूरे कस्बे में शोक की लहर है। ऐसा महसूस हो रहा है मानो कनीना ने अपना एक अभिभावक, अपना मार्गदर्शक खो दिया हो। उनकी कमी को शायद कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा। कनीना कस्बा हमेशा उनके योगदान, उनकी सोच और उनके द्वारा किए गए समाजहित कार्यों को श्रद्धा और सम्मान के साथ याद रखेगा। उनके अंतिम यात्रा में आज कस्बे के सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर मेजर जरनल अरविन्द यादव, सुरेंद्र सिंह हैड मास्टर, पार्षद दीपक चौधरी, गौशाला प्रधान भगत सिंह, एडवोकेट नरेंद्र सिंह यादव, पूर्व पार्षद कमल सिंह,पूर्व पार्षद पंचम यादव, पार्षद प्रतिनिधि मनीष कुमार. सुभाष , विनय एडवोकेट, ब्रह्म दत्त जांगड़ा, मुकेश नंबरदार, होशियार सिंह पार्षद समेत कस्बे की अन्य सभी संस्थाओं एवं सैकड़ों लोग मौजूद थे। फोटो कैप्शन: पूर्व डीआईजी राज सिंह
नौतपा की शुरुआत में कनीना में मीठे पानी की छबील लगा कर युवाओं ने राहगीरों को पिलाया पानी ***************************************** *********************************************** **************************************** कनीना की आवाज। जैसे ही नौतपा की शुरुआत हुई क्षेत्र के युवा भी हर चौक चौराहे पर शरबत पिलाते नजर आए । माना जाता है कि ग्रीष्म काल में लोगों को शीतल पेय जल पिलाना पुण्य का कार्य होता है मीठे पानी की छबील तब तक लगाई जाती है जब तक सावन की पहली बरसात की शुरुआत ना हो जाए । आज कल युवा भी पानी पिलाने जैसे पुण्य के कार्य में सबसे आगे रहते है। कनीना में भी सोमवार को जगह बदलकर युवाओं ने राहगीरों को पानी पिलाया।इसी के साथ साथ पशु पक्षियों के लिए सकोरे भी रखे । और जगह जगह पेड़ो पर रख दिए । जिसमें हर रोज ताजा पानी डालते है । जिस से गर्मी के समय में जानवर अपनी प्यास बुझा सके। आस पास गांव से आने वाले राहगीर भी इस नेक कार्य की खूब सराहना करते है । फोटो कैप्शन 03: मीठा जल पिलाते हुए
गंगा दशहरा के दिन भागीरथ गंगा को लाए थे धरती पर, पर्व 26 मई तक ***************************************** *********************************************** **************************************** कनीना की आवाज। गंगा दशहरा जेष्ठ शुक्ल दशमी को कनीना एवं आसपास मनाया गया। यह पर्व 26 मई को संपन्न होगा। इस दिन गंगा नदी को भागीरथ धरती पर लेकर आए थे। डा. होशियार सिंह यादव ने बताया कि पुराणों में कथा प्रचलित है कि राजा सगर ने अश्वमेध यज्ञ किया था इनके साठ हजार उत्तर पुत्र बांधव थे जो अश्वमेघ घोड़े के पीछे चल रहे थे। अश्वमेघ यज्ञ के घोड़े को देवराज इंद्र ने चुरा कर कपिल मुनि के आश्रम में बांध दिया था। जब सगर के पुत्र पुत्र कपिल मुनि के आश्रम पहुंचे तो उन्हें आभास हुआ कि कपिल मुनि ने ही उनके घोड़े को चुरा लिये। उन्होंने कपिल मुनि को कटु वचन कहने शुरू कर दिये जिसके चलते कपिल मुनि ने सगर के साठ हजार पुत्रों को भस्म कर दिया। तत्पश्चात अंशुमान उनके आश्रम में गए क्षमा मांगी और घोड़ा लेकर आ गए। साथ में उन्हें अपने पूर्वजों का उद्धार करने की प्रार्थना की जिसके लिए कपिल मुनि ने उन्हें गंगा को धरती पर लाने की बात कही। अंशुमान घोड़े को लाया और अश्वमेध यज्ञ पूरा किया तत्पश्चात सगर गंगा को धरती पर लाने के लिए तप करते करते स्वर्ग सिधार गए। अंशुमान अपने पुत्र दिलीप को राज सिंहासन पर बैठा कर गंगा को धरती पर लाने का प्रयास किया किंतु वह भी स्वर्ग सिधार गए। तत्पश्चात दिलीप के पुत्र भागीरथ ने गंगा को धरती पर लाने का प्रयास किया। उन्होंने गंगा को प्रसन्न किया किंतु गंगा के हठी स्वभाव के कारण उसे धरा पर गिरकर पाताल में धंस जाने की बात कही जिसके चलते शिव भोले को प्रसन्न कर गंगा को अवतरित करने की प्रार्थना की। शिव भोले ने गंगा को अपनी जटाओं में उलझा लिया तत्पश्चात जटाओं से धरती पर गिराया। इस दिन ही गंगा धरती पर अवतरित हुई थी और सगर के पुत्रों पुत्रों का उद्धार किया था। यद्यपि गंगा को धरती पर भागीरथ ने लाने के लिए तथा उनके पूर्वजों के भस्म स्थल तक पहुंचाने के लिए बहुत कष्ट झेले थे जिसके कारण आज भी उनके नाम पर भागीरथी प्रयास शब्द प्रचलित है। यह दिन बहुत शुभ माना जाता है। इसलिए इस दिन गंगा की पूजा की जाती है। फोटो कैप्शन: डा. होशियार सिंह यादव
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू -बाघोत को मिली पेयजल संकट से राहत, ग्रामीणों ने आरती सिंह राव का किया धन्यवाद ***************************************** *********************************************** **************************************** कनीना की आवाज। 21 मई को गांव बाघोत के जलघर में पेयजल आपूर्ति की समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा किए गए प्रदर्शन के बाद अब समाधान की दिशा में तेजी से कार्य शुरू हो गया है। हरियाणा सरकार की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से नहर से जलघर तक नई पाइपलाइन बिछाने का काम तत्काल प्रभाव से शुरू कर दिया गया है। नई पाइपलाइन का कार्य शुरू होने से गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान पानी की समस्या से राहत दिलाने के लिए मंत्री आरती सिंह राव ने गंभीरता से पहल की, जिसके परिणामस्वरूप यह कार्य शीघ्र शुरू हुआ है। पूरे गांव की ओर से मंत्री का आभार व्यक्त किया गया। कार्य का निरीक्षण करने के लिए गांव के गणमान्य लोग मौके पर पहुंचे और पाइपलाइन बिछाने के कार्य को देखकर प्रसन्नता जताई। इस अवसर पर सरपंच राजेन्द्र सिंह ने ग्रामीणों को लड्डू खिलाकर खुशी जाहिर की तथा भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाए। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से गांव को जल्द ही सुचारु पेयजल आपूर्ति मिल सकेगी। महावीर पहलवान प्रधान ने भी पूरे गांव की ओर से स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंत्री ने ग्रामीणों की समस्या को प्राथमिकता देते हुए त्वरित कार्रवाई करवाई है, जिससे हजारों लोगों को लाभ मिलेगा। इस अवसर पर सरपंच राजेन्द्र सिंह, महावीर पहलवान, संतोष पहलवान, सूबेदार ओमप्रकाश, सतवीर पटवारी, ईश्वर कटारिया, राजकुमार मास्टर, राजेन्द्र प्रधान, राजकुमार धूडिय़ा, राजबीर पहलवान, सूबे ठेकेदार, नरेश कटारिया, संतोष पंच सहित अनेक गणमान्य ग्रामीण उपस्थित रहे। गांव बाघोत की पेयजल समस्या के समाधान के लिए शुरू हुआ यह कार्य ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जिसके लिए पूरे गांव ने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया है। फोटो कैप्शन 02: जल समस्या का समाधान होने पर खुशी जताते हुए
लू से बचाव के लिए शीतली प्रणायाम बेहतर -लू से बचाकर रखे खुद को-योगिराज ***************************************** *********************************************** **************************************** कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव नांगल मोहनपुर निवासी एवं विदेशों तक योग की शिक्षा देने वाले ओम योग संस्थान के डा. ओमप्रकाश योगिराज का कहना है कि लू या बहुत तेज गर्मी लगने पर शरीर में बहुत ज्यादा गर्मी हो जाती है, जिससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है और कई गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं। यह एक खतरनाक स्थिति हो सकती है, जो जानलेवा भी साबित हो सकती है। लू लगने पर शरीर का तापमान बढऩा,बुखार, चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी और मतली,पसीने का कम होना या सूखना, त्वचा का गर्म और लाल होना,बेहोशी, सांस लेने में तकलीफ लक्षण दिखाई देते हैं। लू से बचाव के लिए अपने शरीर को ठंडा रखें,ठंडे पानी का सेवन करें, ठंडी जगह पर जाएं। भारी कपड़े न पहनें, धूप में निकलने से बचें,बहुत अधिक काम न करें,पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं,समय पर इलाज लें,शरीर में पानी की कमी न होने दें, तुरंत किसी ठंडी जगह पर जाएं, ठंडे पानी से शरीर को धोएं या नहाएं। यौगिक चिकित्सा:- शीतली प्राणायाम का अभ्यास करने से शरीर को ठंडक मिलती है, इसलिए इस प्राणायाम को विशेष रूप से गर्मी के मौसम में किया जाता है , यह शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है, भूख और प्यास को कम करता है, और पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाता है। किसी आसन में बैठकर जैसे सिद्धासन, पदमासन,वज्रासन या कुर्सी और सोफा पर भी बैठकर कर सकते है । शीतली प्राणायाम में जीभ को बाहर निकालकर कौवे की चन्चु की तरह गोल मोड़कर फिर श्वास को जब भीतर लेते है तो उसी के साथ ठंडी हवा शरीर के अन्दर प्रवेश करती है और शरीर को ठंडा लगता है , मन को भी अच्छा लगता है। शीतली प्राणायाम शरीर को भीतर से ठंडा,मन को शांत और तनाव को कम करने में भी मदद करता है। यह अपच, पेट में जलन और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। शीतली प्राणायाम प्यास को कम करने में भी सहायक है। यह प्राणायाम उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह त्वचा की सूजन और अन्य समस्याओं को भी दूर करने में मदद करता है। यह प्राणायाम तनाव और चिंता को कम करने में मदद करता है। यह प्राणायाम दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने में भी सहायक है। फोटो कैप्शन : डा. ओमप्रकाश यागीराज
प्रदेश सरकार आयुष सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध : आरती सिंह राव -पटीकरा आयुर्वेदिक कॉलेज के विस्तार पर खर्च होंगे 134.17 करोड़ ***************************************** *********************************************** **************************************** कनीना की आवाज। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से महेंद्रगढ़ जिले के पटीकरा स्थित बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कालेज एवं अस्पताल के विस्तार और आधुनिक सुविधाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस कालेज परिसर में विभिन्न नए भवनों एवं आधारभूत सुविधाओं के निर्माण पर लगभग 134.17 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कॉलेज परिसर में लड़कों एवं लड़कियों के लिए आधुनिक छात्रावास, फार्मेसी ब्लाक, लेक्चर हाल, बहुउद्देश्यीय हॉल, कर्मचारियों के आवास तथा अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पानी की टंकी, फायर फाइटिंग सिस्टम, सड़क, पार्किंग, बाउंड्री वॉल एवं भूमि विकास कार्य भी इस परियोजना में शामिल किए गए हैं। गौरतलब है कि बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कालेज एवं अस्पताल वर्तमान में क्षेत्र के प्रमुख आयुष चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। यहां ओपीडी, आईपीडी, पैथोलाजी लैब, पंचकर्म, ऑपरेशन थिएटर तथा एम्बुलेंस जैसी सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं। वर्ष 2022-23 से यहां बीएएमएस पाठ्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है, जिससे दक्षिण हरियाणा के विद्यार्थियों को आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा के लिए बेहतर अवसर मिल रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश सरकार आयुष सेवाओं को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पटीकरा स्थित यह आयुर्वेदिक कालेज भविष्य में दक्षिण हरियाणा के लिए आयुष शिक्षा और चिकित्सा का बड़ा केंद्र बनेगा। आधुनिक भवनों और सुविधाओं के निर्माण से यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों, चिकित्सकों तथा मरीजों को बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार स्वास्थ्य एवं शिक्षा ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है और प्रदेश में आयुष चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की जा रही हैं। फोटो कैप्शन: स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव।
बसपा ने किए गांवों में जनसंवाद ***************************************** *********************************************** **************************************** कनीना की आवाज। बसपा ने मुंडिया खेड़ा, बेवल, दौंगड़ा जाट, झीगावन गांवों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए। बसपा नेता अतरलाल एडवोकेट ने मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और राज्य सरकार से समस्याओं का समाधान करवाने का भरोसा दिया। दौंगड़ा जाट के ग्रामीणों ने कहा कि इन दिनों गांव के लोगों को भीषण पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के चलते लोगों को पीने के पानी के लिए भारी समस्याएं उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने मुंडिया खेड़ा से दौंगड़ा अहीर तक पुराने 6 करम के रास्ते को पक्का करवाने की मांग भी की। परन्तु बेवल मुंडिया खेड़ा, दौंगड़ा जाट तथा झीगावन के ग्रामीणाों ने दौंगड़ा अहीर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में डाक्टर तथा दवाइयों की कमी की शिकायत करते हुए स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टर तथा दवाइयों की कमी पूरी करने, महिला चिकित्सक तथा विशेषज्ञ चिकित्सक नियुक्त करने, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई तथा अन्य जांच की सुविधाएं देने की मांग की। अतरलाल ने समस्याओं का सरकार तथा प्रशासन से समस्याओं का त्वरित समाधान करवाने का भरोसा दिया। इस अवसर पर कप्तान अनेक जन मौजूद रहे। फोटो कैप्शन 01: गांवों में जनसंवाद करते बसपा नेता अतरलाल।
Sunday, May 24, 2026
अज्ञात कारणों से कड़बी में लगी आग,दो एकड़ की कड़बी जलकर राख -- पास रखा हुआ ईंधन भी जला **************************************** ****************************************** **************************************** कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में ककराला अंडरपास के पास रविवार को भीषण आग लगने से किसान राकेश पुत्र जयप्रकाश कनीना वार्ड नंबर 11 की करीब एक किले की कड़बी जलकर राख हो गई। आग लगने से किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। पीडि़त किसान राकेश ने बताया कि खेत में रखी कड़बी में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग तेजी से फैलती चली गई उन्होंने बताया कि घटना की सूचना तुरंत फायर विभाग को दी गई, लेकिन जब तक फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची तब तक अधिकांश कड़बी जलकर राख हो चुकी थी। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने फायर विभाग की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। कस्बावासियों का कहना है कि रेलवे फाटक के दूसरी ओर बनाए गए फायर स्टेशन का फिलहाल लोगों को कोई विशेष लाभ नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि रेलवे फाटक पर पुल निर्माण कार्य के चलते आने-जाने का मार्ग अवरुद्ध पड़ा हुआ है। ऐसे में आगजनी जैसी घटनाओं के दौरान फायर ब्रिगेड को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी देरी हो रही है। स्थानीय हरेंद्र शर्मा, राकेश,मनोज, संदीप ,संजय कुमार सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि फायर स्टेशन तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग पहले से तैयार किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी बड़े स्तर की आगजनी की घटना होती है तो देरी के कारण भारी नुकसान हो सकता है। कस्बावासियों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने और फायर ब्रिगेड के लिए सुचारु रास्ता उपलब्ध करवाने की मांग की है, ताकि आपातकालीन स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य समय पर किया जा सके।
अज्ञात कारणों से कड़बी में लगी आग,दो एकड़ की कड़बी जलकर राख , पास रखा हुआ ईंधन भी जला **************************************** ****************************************** **************************************** कनीना की आवाज। कनीना में ककराला अंडरपास के पास रविवार शाम को अज्ञात कारणों से खेत में इकट्ठी की गई कडबी में आग लग गई। आसपास के लोगों ने दमकल विभाग और डायल 112 पर सूचना दी। मौके पर दमकल विभाग की गाड़ी तथा डायल 112 पहुंची। आग करीब शाम 5:15 बजे लगी। जब तक दमकल विभाग की गाड़ी पहुंची तब तक अधिकांश कड़बी जलकर राख हो गई। दमकल कर्मियों ने करीब 20 मिनट में आग पर काबू पाया। राकेश कुमार वार्ड 11 कनीना निवासी ने बताया कि उनकी 01 एकड़ कड़ी यहां खेत में इक_ी की हुई थी जिसमें अज्ञात कारणों से आग लगी है। फोटो कैप्शन 08 व 09: आग बुझाते दमकल कर्मी
प्रतिदिन दो बार पेयजल सप्लाई करने की उठी मांग -दो बार जल सप्लाई संभव नहीं -जेई **************************************** ****************************************** **************************************** कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में भीषण गर्मी पडऩे के कारण लोगों की मांग के अनुरूप पेयजल सप्लाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में दो बार पेयजल सप्लाई सुबह एवं शाम को करने की मांग उठ रही है। हकीकत यह है कि अवैध कनेक्शन होने के कारण जो व्यक्ति वाटर सप्लाई के पास उपभोक्ता है वो अधिक जल प्रयोग करते हैं। जबकि अंतिम छोर पर जो उपभोक्ता होते हैं उनके पास पेयजल की बहुत कम आपूर्ति होती है। इसका कोई समाधान भी नजर नहीं आ रहा है। परंतु प्रतिदिन दो बार पेयजल सप्लाई करने की मांग उठ रही है ताकि कम से कम अंतिम उपभोक्ता तक कुछ जल आपूर्ति हो सके। कनीना में रेवाड़ी सड़क मार्ग पर मुख्य के जल केंद्र स्थित है वहीं नहर पर आधारित योजना बड़ी बणी में बनी हुई है। इसके अतिरिक्त पुराने ट्यूबवेलों में मोटर लगाकर पेयजल सप्लाई किया जा रहा है। मिली जानकारी अनुसार मुख्य वाटर सप्लाई से वार्ड 1 से 5 तथा 11 व 12 में पेयजल सप्लाई होता है बाकी वार्डों में नहर पर आधारित पेयजल की सप्लाई होती है। गर्मी के दिनों में जहां पानी की अधिक जरूरत होती है। ऐसे में भीषण गर्मी से बचने के लिए पेयजल की अधिक जरूरत होती है। **भीषण गर्मी में पेयजल सप्लाई कम पड़ता है क्योंकि सभी लोग अधिक पाना चाहते हैं। बहुत से लोग मोटर लगाकर पानी को खींच लेते हैं जिसके चलते अंतिम छोर पर पानी न के बराबर पहुंच पाता है। यदि गर्मी के दिनों में पेयजल उपलब्ध हो जाए तो सभी समस्याएं हल हो सकती है। पेयजल की एक बार की बजाय दो बार सप्लाई किया जाना चाहिए ताकि सभी उपभोक्ताओं को कुछ ना कुछ पेयजल मिल सके और उनकी समस्या का समाधान हो सके। ** विकास कुमार कनीना पेयजल हर इंसान की जरूरत है और इन दिनों ही जल की मांग भी बढ़ गई है। यदि पेयजल समय पर उपलब्ध नहीं हो पाएगा तो निश्चित रूप से परेशानी बढ़ेगी। एक बार जल सप्लाई कम पड़ता है और दो बार सप्लाई कर दिया जाए तो राहत मिल सकती है। ऐसे में पेयजल सप्लाई की एक बार की जगह दो बार किया जाना चाहिए। **संजय कुमार कनीना ** लोग पानी की वेस्टेज अधिक करते हैं बर्बादी अधिक करते हैं। पानी सीमित मात्रा में होता है जिससे दो बार सप्लाई कर पाना कठिन होता है। वैसे भी कनीना में 19 करोड़ की लागत से नया प्रोजेक्ट बना है किंतु उसके लिए 10 एकड़ जगह की जरूरत है। गोशाला के पास 10 एकड़ जमीन मिल जाए तो यह नया प्रोजेक्ट शुरू हो सकता है वरना यह भी रद्द हो जाएगा। इस समय 135 लीटर प्रति व्यक्ति के हिसाब से पेयजल सप्लाई किया जा रहा है और यह पर्याप्त जल है। इन परिस्थितियों में दो वक्त जल उपलब्ध करवाना कठिन कार्य है। --पवन कुमार कनिष्ठ अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग फोटो कैप्शन05: पेयजल सप्लाई केंद्र साथ मेंा संजय एवं विकास कुमार
कनीना में जगह जगह पर लगाए मीठे पानी की छबील। **************************************** ****************************************** **************************************** कनीना की आवाज। इन दिनों क्षेत्र में भीषण गर्मी पड़ रही है। सुबह होते ही जैसे जैसे सूर्य आसमान में चढ़ता है वैसे ही गर्मी भी अपना तेवर दिखाने लगी है। इस समय क्षेत्र का तापमान भी 46 डिग्री पार कर चुका है। गर्मी से राहत देने के लिए कनीना में भी जगह जगह पर लोगों ने मीठे पानी की छबील लगा कर सेवा की जा रही है। ककराला फाटक पर एक्सीलेंस अकादमी की तरफ से नारनौल , अटेली से आने वाले राहगीरों के लिए मीठा पानी तो अनाज मंडी में भी पानी पिलाया गया तो दूसरी ओर रेवाड़ी रोड पर युवाओं के द्वारा बेलगिरी का शरबत पिलाया गया । जैसे जैसे गर्मी ज्यादा बढ़ेगी तो पानी की आपूर्ति भी बढ़ेगी। पुण्य कमाने में आज की युवा पीढ़ी भी बढ़ चढ़ कर आगे आने लगी है। फोटो कैप्शन 03: राहगीरों को ठंडा जल पिलाते हुए।
सरिया लेकर जा रहे व्यक्ति से टकराई स्कूटी एक छात्रा घायल, मामला दर्ज **************************************** ****************************************** **************************************** कनीना की आवाज। कनीना में मकान निर्माण के लिए सरिया कंधे पर ले जा रहे सरिया से स्कूटी टकराई जिससे स्कूटी चालक छात्रा घायल हो गई। छात्र। ने मामला दर्ज करवा दिया है। दीपिका कनीना कालेज में बीएससी मेडिकल द्वितीय वर्ष में पढ़ती है। 18 मई को दोपहर करीब 12:30 बजे अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी से घर से कालेज जा रही थी। सीहोर रोड़ कनीना के नजदीक एक व्यक्ति और एक महिला निर्माणाधीन मकान के लिए एक लंबा सरिया कंधों पर लेकर जा रहे थे। सरये के आगे पीछे किसी प्रकार का कोई रेड कलर का कपड़ा भी नहीं बांधा हुआ था। जब दीपिका उनके पास से गुजर रही थी तो सरिया लिए व्यक्ति एकदम लापरवाही से बाई तरफ घूम गया। व्यक्ति की लापरवाही से लोहे का सरिया स्कूटी चालक दीपिका के हाथ पर लगा और वह स्कूटी सहित गिरकर घायल हो गई। उसके स्वजन उसे कनीना अस्पताल ले गए जहां से ज्यादा चोट होने कारण रेवाड़ी ट्रामा सेंटर भर्ती करवाया। अब उन्होंने पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया है।
सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां महेन्द्रगढ़ कर रहा है अपनी मनमानी -सहायक रजिस्ट्रार महेन्द्रगढ़ पर अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप **************************************** ****************************************** **************************************** कनीना की आवाज। दी गुढ़ा बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समिति लि.गुढ़ा के निदेशक सत्यवीर सिंह उन्हाणी, लक्की राव सीगड़ा, सतीश लाटा झगड़ोली एवं महेश शर्मा गुढ़ा ने सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां महेंद्रगढ़ की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए उस पर अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। पैक्स गुढ़ा के डायरेक्टर लक्की राव सीगड़ा ने जानकारी देते हुए बताया की तत्कालीन सहायक रजिस्ट्रार महेन्द्रगढ़ प्रवीण कुमार ने पैक्स गुढ़ा के प्रधान एवं उपप्रधान चुनाव जो रजिस्ट्रार सहकारी समितियां पंचकूला की स्टे आदेश के बावजूद करवाए गए थे उस मामले की अपील अभी लंबित है जिस कारण 15 दिसम्बर, 2025 को पत्र क्रमांक 1888 जारी कर पैक्स गुढ़ा की आगामी बैठकों पर रोक लगाई थी और साथ में प्रबंधक पैक्स गुढ़ा प्रबंधक को सख्त हिदायत थी कि जब तक रजिस्ट्रार महोदय पंचकूला मुख्यालय से कोई कानूनी राय या मार्गदर्शन प्राप्त नहीं होता तब तक पैक्स गुढ़ा गुढ़ा में कोई बैठक आयोजित नहीं होगी। इस आदेश के बावजूद वर्तमान सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां महेंद्रगढ़ ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर एक पक्ष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तत्कालीन सहायक रजिस्ट्रार महेंद्रगढ़ के आदेश को एवं पंचकूला से मांगा गया दिशानिर्देश को भी अनदेखा करते हुए और अपने से वरिष्ठ अधिकारियों को किनारे करते हुए दी एम -पैक्स लि.गुढ़ा की बैठक करने का आदेश निकाल दिया। इसके बाद हमें पैक्स गुढ़ा प्रबंधक दीपक द्वारा 15 मई को भेजा गया बैठक का एजेंडा 22 मई को स्पीड पोस्ट के माध्यम से प्राप्त हुआ है जिसमें पैक्स गुढ़ा की बैठक 28 मई को आयोजित होने की सूचना मिलती हैं। जो सरासर नियमों की अवहेलना है। हरियाणा सहकारी समितियां नियम 1989 के नियम 110 में यह स्पष्ट प्रावधान है कि किसी भी बैठक का एजेंडा क्लियर पंद्रह दिन पूर्व भेजना अनिवार्य है अन्यथा उस बैठक को वैध नहीं माना जाएगा। साथ ही गलत आदेश से जारी हुए इस एजेंडे में जारी करने की कोई तिथि वर्णित नहीं हैं। नियम के अनुसार इस एजेंडे का प्रारूप भी सही नहीं हैं। इस एजेंडे में प्रबंधक कमेटी सदस्यों के नाम की सूची भी नहीं हैं। तत्कालीन सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां महेन्द्रगढ़ ने इस सम्बन्ध में जो आदेश दिया उस पर वर्तमान सहायक रजिस्ट्रार महेन्द्रगढ़ ने अपने से उच्च स्तर के अधिकारी से मार्गदर्शन मांगना भी उचित ही नहीं समझा एवं रजिस्ट्रार पंचकूला के जवाब और आदेश का इन्तजार किए बिना ही अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए स्वंय के कार्यालय के पारित आदेश की अवहेलना करते हुए मनमाने ढंग से पत्र जारी कर दिया। जो इनकी कार्यशैली पर भी सवालिया निशान खड़े करता हैं। उन्होंने सरकार एवं सहकारिता विभाग से अपील करते है की इस अधिकारी को तुरंत प्रभाव से निलबिंत करते हुए कानूनी कार्यवाही की जाए।
दौंगड़ा अहीर को उपतहसील बनाने और अहीर रेजिमेंट का गठन करने की मांग को लेकर की नारेबाजी **************************************** ****************************************** **************************************** कनीना की आवाज। दौंगड़ा अहीर को उप तहसील बनाने की मांग को राज्य सरकार द्वारा ठंडे बस्ते में डाल दिए जाने के कारण दौंगड़ा अहीर और आसपास के ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। रविवार को ग्रामीणों ने बाबा रूपादास मंदिर के पास सभा आयोजित कर दौंगड़ा अहीर को तत्काल उप-तहसील बनाने की मांग की। सभा की अध्यक्षता शेर सिंह यादव ने की और अतरलाल एडवोकेट ने मुख्य अतिथि के तौर पर सभा में शिरकत की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उप तहसील बनाने में दौंगड़ा अहीर के साथ भेदभाव कर रही है। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उप तहसील बनाने का वायदा ग्रामीणों के बीच में किया था। अतरलाल ने उपतहसील की मजबूती से पैरवी करते हुए चेतावनी दी कि अब तो सभा की गई है, यदि सरकार ने शीघ्र उपतहसील का गजट नोटिफिकेशन जारी कर कार्रवाई शुरू नहीं की तो आंदोलन करेंगे। वक्ताओं ने केंद्र सरकार से अहीर रेजिमेंट का गठन करने की मांग भी उठाई, जिसका उपस्थित सभी सदस्यों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। इस अवसर पर सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। फोटो कैप्शन 02: दौंगड़ा अहीर को उपतहसील बनाने और अहीर रेजिमेंट का गठन करने की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए ग्रामीण।
सड़क पर ट्रक खड़ा कर बन रहा था बाधक मामला दर्ज **************************************** ****************************************** **************************************** कनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के गांव भडफ़ के पास एक 18 टायर वाला ट्रक सड़क के बीच में खड़ा हुआ बाधक बना हुआ था। वाहनों के आवागमन में दिक्कत आई हुई थी, जाम लगा हुआ था। चालक ट्रक को सड़क के बीच खड़ा करके सो रहा था। दोनो तरफ जाम लगा हुआ था। पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक की खिड़की खुलवाकर नाम पूछा। चालक ने अपना नाम राजपाल उर्फ राजा उत्तरप्रदेश बताया। पुलिस ने ट्रक चालक के विरुद्ध बाधा डालने का मामला दर्ज कर लिया। जाम लगाने के जुर्म में धारा 285 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
विश्व थायराइड दिवस-25 मई थायराइड का समय रहते इलाज न होने पर मिलते हैं गंभीर परिणाम-डा. रीतिका **************************************** ****************************************** **************************************** कनीना की आवाज। कुछ रोग ऐसे होते हैं जो शरीर की ग्रंथियों से जुड़े होते हैं। इन्हीं में से एक है थायराइड रोग है। इस संबंध में डा. रीतिका यादव बताती हैं कि थायराइड गले में पाई जाने वाली तितली के आकार की एक ग्रंथि होती है। थायराइड ग्रंथि में गड़बड़ी आने से ही थायराइड से संबंधित रोग होते हैं। यह ग्रंथि थायोरेकसिन नाम का हार्मोन बनाती है। यह हार्मोन वसा, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट के चयापचय को नियंत्रित रखता है। यह रक्त में चीनी की मात्रा को कम करता है। थायराइड ग्रंथि के हार्मोन संतुलित न होने से निम्र लक्षण दिखाई पड़ते हैं। डाक्टर के अनुसार घबराहट, अनिद्रा,चिड़चिड़ापन,हाथों का कांपना,अधिक पसीना आना,दिल की धड़कन बढऩा,बालों का पतला होना एवं झडऩा, मांसपेशियों में कमजोरी एवं दर्द रहना, अत्यधिक भूख लगना, वजन का घटना आदि लक्षण दिखाई पड़ते हैं। थायराइड रोग के कारण है-यह रोग अव्यवस्थित लाइफस्टाइल, खाने में आयोडीन कम या अधिकता,ज्यादा चिंता करना, वंशानुगत,गलत खानपान और देर रात तक जागना,डिप्रेशन की दवाइयों लेना,डायबिटीज आदि कारण हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त भी कुछ लक्षण होते हैं। थायराइड से बचाव - थाइराइड से बचने के लिए रोजाना योग करना, शारीरिक श्रम,सेब का सेवन,रात में हल्दी का दूध पीना,धूप में बैठना,नारियल तेल से बना खाना खाना, पर्याप्त मात्रा में नींद लेना,ज्यादा फलों एवं सब्जियों को भोजन में शामिल करें,हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन एवं पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करें। थायराइड में धूम्रपान, एल्कोहल का सेवन नहीं करना, चीनी, चावल, ऑयली फूड का सेवन नहीं करे, मसालेदार खाने से बचे,मैदे से बनी चीजें नहीं खाए,चाय और काफी का सेवन नहीं करे। इलाज- डाक्टर बताती है कि थायराइड के इलाज के लिए आपको डाक्टर से संपर्क करना चाहिए। डाक्टर कुछ मेडिकल जांच के बाद इस बीमारी से लडऩे के लिए दवाइयां लिखेगा। जिससे आप कुछ ही दिनों में अच्छा महसूस करेंगे। फोटो कैप्शन: डा रीतिका यादव
नौतपा 25 मई से सूर्य की किरणें पड़ती हैं सीधी --भीषण गर्मी से बचे--डा. जितेंद्र **************************************** ****************************************** **************************************** कनीना की आवाज। 25 मई से नौतपा शुरू हो रहा है जो 2 जून तक चलेगा। यदि उस समय का ताप देखा जाए तो 45 डिग्री तक पहुंच गया है जबकि कम से कम ताप 29 डिग्री रहेगा। इस वक्त 12 घंटे से अधिक समय सूरज चमक रहा है और तापमान आगे बढ़ाने की संभावना बढ़ रही है। नौतपा में सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सीधी गिरकर कम स्थान पर फैल रही है अब सूर्य की किरणें पृथ्वी पर 89.2 डिग्री के आसपास पहुंच रही है। दौरान सूर्य 13 घंटों से अधिक समय तक चमकता रहेगा। नौतपा कहने को तो 9 दिन चलेगा कि लगातार 15 दिनों की अवधि में ताप अधिक रहता है। इस दौरान पृथ्वी पर सूर्य की किरणें सीधी गिरती हैं। सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश कर जाएगा। इस दौरान बीमारियां भी बढ़ जाती है। ऐसे में धूप से बचना बहुत जरूरी होता है। क्या कहते हैं डाक्टर- डा.जितेंद्र मोरवाल कनीना उप-नागरिक अस्पताल बताते हैं कि गर्मी बढ़ जाने से जहां 10 प्रतिशत तक मरीज बढ़ गये हैं। अस्पताल में सभी दवाओं का प्रबंध किया गया है। जहां लू लगना, उल्टी, बुखार दस्त आदि की शिकायत बढ़ जाती है। धूप से बचना बहुत जरूरी है। हीट वेव को देखते हुए किया गया है। ओआरएस का घोल उपलब्ध कराया गया है ताकि किसी प्रकार की इमरजेंसी से बचा जा सके। कैसे बचा जाए तपन से- डा. जितेंद्र मोरवाल बताते हैं की धूप से बचने का सबसे सरल उपाय है घर में छुपकर बैठे रहे। हवादार कमरे में रहे। यदि बाहर जाना पड़े तो पानी की बोतल साथ लेकर जाए तथा पूरे कपड़े शरीर पर पहने, हाथ पैर सर सभी ढके हुए होने चाहिए। पैरों में चप्पल जूते होने चाहिए ताकि गर्मी और तपन से बचा जा सके। इस दौरान तरल पदार्थ जैसे पानी, जूस, लस्सी ,दूध आदि अधिक प्रयोग करना चाहिए। जंक फूड से इस समय बचना चाहिए, ठोस भोजन कम से कम प्रयोग करना चाहिए। हो सके तो कूलर की हवा में बैठना चाहिए। जब सुबह और शाम ताप कम हो जाए उस समय यदि कोई जरूरी काम हो तो बाहर निकलना चाहिए उनका कहना है कि गर्मी और नौतपा से धूप, लू लग जाती है, बुखार आ जाता है और इसमें बचाव में ही बचाव है। उन्होंने बताया घर पर ग्लूकोस वगैराह प्रयोग करें तथा साथ में ओआरएस का बनाकर रखे। ओआरएस घोल बनाना बहुत सरल है। नमक चीनी और थोड़ा सा नींबू का रस भी डाले तो बेहतरीन स्वाद का घोल तैयार हो जाता है। पानी अधिक से अधिक प्रयोग करें, शरीर में पानी की कमी ना आने दे। बुजुर्ग बताते हैं कि अगर धूप लग जाए, लू लग जाए तो उससे बचने के लिए पुराने समय से बुजुर्ग कच्चे आम को भूनकर उसका रस, नमक ,चीनी आदि मिलाकर पीते आए हैं जो धूप और गर्मी से बचाता है। यह भी ओआरएस की भांति काम करता है। नौतपा से बचाव में ही बचाव है। फोटो कैप्शन: डा जितेंद्र मोरवाल
शादी की सालगिरह तथा लड़के का जन्मदिन गोशाला में मनाया। **************************************** ****************************************** **************************************** कनीना की आवाज। श्रीकृष्ण गोशाला कनीना में संतोष देवी पत्नी विजय सिंह ने अपनी शादी की 42वीं सालगिरह तथा अपने पुत्र प्रवीण कुमार के 37वें जन्मदिन पर गोशाला में आकर मनाई। इस उपलक्ष्य में गोशाला को 5100 रुपए का दान दिया। इस मौके पर उनके परिवार के सभी सदस्य हाजिर रहे तथा गौशाला प्रधान भगत सिंह ने इनका आभार प्रकट किया। इस मौके पर गौशाला के सभी कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित रहे। फोटो कैप्शन 01: गोशाला में दान देते हुए जन्मदिन मनाते हुए
Saturday, May 23, 2026
कनीना नगरपालिका कई मायनों में फेल -बंदर पकड़वाने का काम अधर में -जोहड़ों की पैमाइश कर अतिक्रमण नहीं हटा पाई -बणियों/जंगलों में अतिक्रमण नहीं हटवा पाई। भविष्य में बणियां हो जाएंगी खत्म -कुछ मार्गों पर कई माह से रोड़े डाल दिए पक्का करने में देरी
कनीना में हुई शाम के समय बूंदाबांदी,गर्मी से कुछ राहत मिली -नौतपा/नौ दिनों तक चलने वाली भीषण गर्मी 25 मई से -बुजुर्ग मानते हैं कि नौतपा के बाद होती है वर्षा
गर्मियों में पीए अधिक पानी-ओमप्रकाश योगीराज **************************************** ************************************ *************************************** कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव नांगल मोहनपुर निवासी एवं विदेशों तक योग की शिक्षा देने वाले ओम योग संस्थान के डा. ओमप्रकाश योगीराज का कहना है कि गर्मियों में पानी अधिक पीए। पानी की पूर्ति करने वाले फल एवं सब्जियां अधिक प्रयोग करें। उन्होंने बताया कि गर्मियों में हल्का, आसानी से पचने वाला और पानी से भरपूर आहार लेना चाहिए। अपने भोजन में ज्यादा से ज्यादा मौसमी फल, सलाद और तरल पदार्थों को शामिल करें, गर्मी के मौसम में स्वस्थ और तरोताजा रहने के लिए पानी की मात्र ा दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पीएं। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ, लस्सी और बेल का शरबत जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थों का सेवन करें। ताजे फल: तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और संतरे जैसे फल खाएं, जिनमें पानी और फाइबर की भरपूर मात्रा होती है। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ, लस्सी और बेल का शरबत जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थों का सेवन करें। ताजे फल जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और संतरे जैसे फल खाएं। चावल की मात्रा सीमित करके हरी सब्जियां जैसे लौकी, तुरई, टिंडा और मूंग की दाल को अपनी थाली में अधिक जगह दें। पाचन तंत्र को मजबूत और पेट को ठंडा रखने के लिए दही, मट्ठा या रायते को रोजाना के खाने में शामिल करे। उन्होंने बताया कि भोजन या पेय में पुदीने की पत्तियां और प्याज का उपयोग करें, क्योंकि इनका शरीर पर ठंडक देने वाला प्रभाव पड़ता है। फोटो कैप्शन: ओमप्रकाश महाराज
पूरी बणी में पानी फैलने से जाल के वृक्षों के खत्म होने का बढ़ा खतरा **************************************** ************************************ *************************************** कनीना की आवाज। कनीना की प्रसिद्ध पीपलवाली बणी/जंगल में जहां एसटीपी का जल छोड़ा जा रहा है और यह जल दूर दराज तक फैल गया है। लगभग पूरी बणी में जल फैल जाने से अब पुराने समय के जाल और कैर के पेड़ों को खतरा बन गया है। वहीं सरीसृपों के रहने के स्थल भी बंद हो चुके हैं। उल्लेखनीय है कि कनीना सीवर जल को साफ करने के लिए रणास नामक बणी में एसटीपी/सीवर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया था किंतु साफ करके कृषि योग्य बनाकर इकट्ठा करने की जगह का अभाव था। जिसके चलते करीब 3 किलोमीटर दूर पाइपों से इस जल को पीपलवाली बणी में पहुंचाया गया। जहां 7 एकड़ जमीन में यह जल इकट्ठा किये जाने की योजना थी किंतु यह जल पूरी ही बणी में फैल चुका है। जहां एक और चारों तरफ से बणी में अतिक्रमण होने के कारण बणी को संकीर्ण कर दिया है वही गंदे जल के कारण अब लगभग सभी पेड़ों की सुरक्षा दाव पर लग चुकी है। ऐसे वृक्ष जिन्हें जाल नाम से जाना जाता है जिन पर पील लगते हैं और ये हजारों वर्ष पुराने हैं के खत्म होने का खतरा बढ़ गया है। इस पीपल वाली बणी में जहां कभी साफ पानी भरा होता था और लोग पीते थे आज वहां सीवर का कृषि योग्य जल इक_ा किया जा रहा है और यह दूर दराज तक फैल चुका है क्योंकि चारों ओर थोड़ी बहुत कच्ची मिट्टी से इस पानी को रोकने का प्रयास किया गया है जो पानी के लगातार खड़े रहने से कट जाती है और पानी दूर दराज तक फैलता जा रहा है। ऐसे में जहां पर्यावरण को खतरा हो गया है वहीं जंगली जीवों के रहने के स्थल लुप्त हो गए हैं। यहां से गुजरने वाले राहगीरों के लिए भी रास्ता नहीं बचा है जिसके चलते प्रशासन से मांग है कि इस जल का कोई स्थायी समाधान किया जाए ताकि वरना आने वाली पीढिय़ां इस बणी के बारे में पुस्तकों में ही पढ़ पाएंगी। फोटो कैप्शन 04: एसटीपी का जल बणी में दूर दराज तक फैला हुआ
पूल पार्टी के साथ हुई गर्मी की छुट्टियों की शानदार शुरुआत -बीआर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेहलंग में विद्यार्थियों ने जमकर की मस्ती **************************************** ************************************ *************************************** कनीना की आवाज। बीआर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेहलंग में ग्रीष्मकालीन अवकाश की शुरुआत बड़े ही उत्साह एवं आनंदपूर्ण वातावरण में पूल पार्टी के साथ की गई। विद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पानी में नृत्य कर खूब आनंद लिया तथा विभिन्न जल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर बच्चों की खुशियों एवं उत्साह से सराबोर दिखाई दिया। विद्यार्थियों ने अपने मित्रों एवं शिक्षकों के साथ यादगार पल बिताए। विद्यालय प्रबंधन की ओर से सभी बच्चों को ठंडी एवं स्वादिष्ट रूह आफजा भी पिलाई गई, जिसका बच्चों ने खूब आनंद लिया। विद्यालय की प्राचार्या ज्योति भारद्वाज ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ तनावमुक्त एवं आनंदमय वातावरण प्रदान करना है, ताकि बच्चे मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रहकर नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ सकें। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को सुरक्षित, उपयोगी एवं अनुशासित ग्रीष्मकालीन अवकाश की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन हरीश भारद्वाज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गर्मी की छुट्टियां केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि स्वयं को और बेहतर बनाने का अवसर भी होती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को हालिडे होमवर्क नियमित रूप से पूरा करने, प्रतिदिन कुछ समय पढ़ाई को देने, मोबाइल का सीमित उपयोग करने, सुबह जल्दी उठने, स्वास्थ्य का ध्यान रखने तथा माता-पिता का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया। फोटो कैप्शन 02 व 03: क्ले माडलिंग से विभिन्न माडल बनाते बी.आर. आदर्श विद्यालय, सेहलंग के विद्यार्थी ।
ग्रीष्म कालीन अवकाश आज से,धूप से बचते नजर आए बच्चे **************************************** ************************************ *************************************** कनीना की आवाज। क्षेत्र के सभी राजकीय और निजी विद्यालयों में आज से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो गए हैं। अब विद्यालय 01 जुलाई को पुन: खुलेंगे। क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भयंकर गर्मी के कारण सरकार ने 25 मई से स्कूलों का अवकाश घोषित कर दिया है। ऐसे में अगर कोई भी विद्यालय बच्चों को स्कूल में बुलाता पाया गया उस पर सख्त कार्रवाई होगी। चिकित्सकों ने भी बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक कार्य से बाहर ना निकलने की सलाह दी है । विद्यालयों में आज का आखिरी दिन होने के कारण भी बच्चे उत्साहित दिखे । और स्कूल की छुट्टी के समय अपने आप को धूप से बचाते नजर आए। 25 मई से नौतपा भी शुरू हो जाएगा इसी बीच तापमान में बढ़ोतरी होना भी स्वाभाविक हैद्ध हालांकि शनिवार को बादलों का आवागमन पूरा दिन रहा। कई क्षेत्रों में तो हल्की से मध्यम बूंदाबांदी भी हुई है। जिस से गर्मी से थोड़ी बहुत राहत मिलने की संभावना है। फोटो कैप्शन 01: धूप से बचते बचाते विद्यार्थी
बवाना के पास मोटरसाइकिल सवार को गाड़ी ने मारी टक्कर घायल, बाद में अस्पताल में तोड़ा दम **************************************** ************************************ *************************************** कनीना की आवाज। सेहलंग निवासी मोटरसाइकिल को एक गाड़ी ने टक्कर जड़ दी जिससे दो व्यक्ति घायल हो गए। अस्पताल में एक ने दम तोड़ दिया। सेहलंग निवासी शीशराम और उसका बेटा अभिमन्यु मोटरसाइकिल से महेंद्रगढ़ की ओर जा रहे थे। बवाना के पास एक गाड़ी तेज रफ्तार से चालक चलाते हुए आगे से आया और मोटरसाइकिल सवारों को टक्कर मार दी जिससे अभिमन्यु साइड में मोटरसाइकिल सहित गिर गया। शीशराम को हल्की-फुल्की चोट आई किंतु अभिमन्यु को गंभीर चोटे आने के कारण राहगीरों ने दोनों को सिविल अस्पताल महेंद्रगढ़ पहुंचाया। जहां डाक्टरों ने अभिमन्यु को मृत्यु घोषित कर दिया। शीशराम की शिकायत पर कनीना पुलिस ने गाड़ी चालक के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।
20 वर्षीय युवती गुम, गुमशुदगी का मामला दर्ज **************************************** ************************************ *************************************** कनीना की आवाज। कनीना उप मंडल के एक गांव से 20 वर्षीय युवती रात के समय घर से गुम हो गई। उसके भाई ने गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया है। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश के रहने वाला है और ईंट भ_े पर काम करता है। 20 मई को करीब रात 12 जब वह लघु शंका के लिए उठा तो उसकी बहन घर से गायब मिली। उनकी शिकायत पर दौंगड़ा अहीर थाना कनीना चौकी के तहत गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।
21 वर्षीय युवती गुम, गुमशुदगी का मामला दर्ज **************************************** ************************************ *************************************** कनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के एक गांव से 21 वर्षीय युवती रात करीब 11:30 बजे घर से बिना बताए कहीं चली गई। उसके पिता ने गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया है। मामला दर्ज करवाते हुए कहा है कि वह मेहनत मजदूरी करता है। दो बच्चे हैं। 21 वर्षीय लड़की 21 मई को करीब रात 11:30 बजे घर से कहीं चली गई। उनके बयान पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने पकड़ी अवैध शराब, आबकारी अधिनियम करते मामला दर्ज **************************************** ************************************ *************************************** कनीना की आवाज। कनीना पुलिस को सूचना मिली कि बवानिया गांव में एक व्यक्ति भोजावास गोशाला से आगे नीले टीनशेड में अवैध शराब बेच रहा है। कनीना पुलिस ने रेडिंग पार्टी तैयार कर बताए स्थान पर छापा मारा। टीन शेड में एक व्यक्ति दिखाई दिया। जिससे नाम पूछा तो पवन भोजावास बताया। टीनशेड में रखी शराब की के बारे में परमिट और लाइसेंस मांगा तो पेश नहीं कर सका। चेक करने पर 6 पेटी पव्वा देसी तथा एक पेटी बोतल देसी की बरामद की। मामला दर्ज कर लिया है।
Friday, May 22, 2026
आईपीएस बनने पर भडफ़ में खुशी की लहर -मिठाई बांटी ******************************** ************************************ ******************************** कनीना की आवाज। हिसार जिले के गांव मुकलाना के विजय सिंह जाखड़ आईपीएस अधिकारी बन गए हैं। उन्होंने अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनकी पदोन्नति पर गांव भडफ़ में खुशी की लहर है। गांव में मिठाई बांटकर खुशी जताई है। खुशी जताने वालों में रामबिलास शर्मा, महिपाल गोस्वामी, सुनील शर्मा, नरेश सोनी, महेंद्र शर्मा आदि प्रमुख हैं। फोटो कैप्शन 07: पदोन्नति पाकर अधिकारी बने विजय सिंह
पील बनी पुराने जमाने के फल - बुजुर्ग पील को याद कर हो जाते हैं खुश, गरीबों के हैं ये अंगूर ******************************** ************************************ ******************************** कनीना की आवाज। कनीना में कभी आधा दर्जन बणिया(जंगल) होती थी। बणी में जाल पेड़ों का साम्राज्य मिलता है, जो हजारों वर्ष पुराने होते हैं। जब गर्मी आती है तब जाल के पेड़ों पर विभिन्न रंगों हरी, सफेद, पीली, लाल, नारंगी तथा विभिन्न रंगों के फलों से लद जाते थे। वास्तव में अंगूर की भांति यह फल होते हैं जिनको आज से 30 साल पहले लोग बड़े चाव से खाते थे। आज बेशक युवा पीढ़ी जंगल में जाने से जंगली जीवों और जानवरों से डरती हो किंतु बुजुर्गों का जीवन जंगलों में बीता था और वहीं जाल के पेड़ों से फल तोड़कर घर पर लाते थे। इन्हें फांका मारकर खाते थे, जिससे एक अलग ही स्वाद आता था। बुजुर्गों के समक्ष जब आज भी चर्चा चलती है तो बस इतना ही कहते हैं कि पील का जमाना लद गया। मौसम परिवर्तन के कारण इन जाल के पेड़ों पर कोई भी फल नहीं लगता। कभी कभार इक्का-दुक्का फल मिल भी जाता है तो उस पर लोगों की नजरें टिक जाती है परंतु एक जमाना था बहुत अधिक मात्रा में फल लगते थे। कैसे तोड़ कर लाते थे पील- राजेंद्र सिंह, सूबे सिंह, राम सिंह, कृष्ण कुमार आदि बताते हैं जब स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां होती थी तब अपने गले में सिंडोरा(पील इक_ा करने का बर्तन) बांधकर जंगल की ओर चले जाते थे। यह किसी एक घर से नहीं बल्कि लगभग हर घर से पील तोड़कर लाने के लिए चल देते थे। दिनभर आपस में वार्तालाप करते हुए जाल के पेड़ पर चढ़कर पील तोड़ते थे और अपने सिंडोरे में डालते थे। जब सिंडोरा भर जाता था, जाल के पेड़ से नीचे उतरते और घर तक पहुंचते थे। घर के सारे सदस्य बैठकर इन पीलों को फांका मारकर खाते थे। यहां तक कि इन फलों में, बीज वाले अंगूरों की भांति बीज होते थे जिनको खाते समय जीभ से निकाल दिया जाता था। अंगूर के थे विकल्प - बुजुर्ग बताते हैं कि अंगूर के विकल्प का विकल्प पील होते थे। अंगूर गरीब आदमियों को नहीं मिल पाते थे अमीरों के लिए अंगूर होते थे और गरीब लोगों के लिए पील खाने को मिलती थी। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में जहां गर्मियों में नीम की निबोरी छोटे आम के रूप में खाई जाती थी जो गरीबों के आम कहलाते हैं जबकि अमीर लोग बड़े-बड़े आम खाते रहे हैं। क्या क्या कहते हैं पर्यावरणविद- रविंद्र कुमार पर्यावरणविद से इस संबंध में चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण पील लगनी बंद हो गई है। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार कैर पर टींट एवं पीचू खत्म चुका हो गए हैं उसी प्रकार जाटी पेड़ से सांगर और झींझ लुप्त हो गई है। ठीक उसी प्रकार जाल के पेड़ से पील गायब हो गई हैं। उन्होंने बताया कि इस वक्त मौसम इतना दूषित हो चला है, कि गर्मी अधिक बढ़ गई है जिसके कारण पील पैदा नहीं होती। पील एक निश्चित ताप तक ही पैदा होती है तथा इसके लिए साफ-सुथरी जलवायु की आवश्यकता होती है। राजस्थान से मंगवा रहे हैं पील- बुजुर्ग खाने के लिए गर्मियों में राजस्थान क्षेत्रों से पील मंगवा रहे हें। राजस्थान क्षेत्रों में आज भी जाल के पेड़ों पर पील पाई जाती है। यही कारण है कि उनसे पील मंगवा कर बड़े चाव से खाते हैं। नष्ट कर कर दी है जाल और बणिया- कनीना में आधा दर्जन बणी होती थी जिनको लगभग साफ कर दिया गया है। जहां पीपल वाली बणी बहुत कम बची है, अतिक्रमण का शिकार हो गई है वहीं रणास और मानका वाली बनी खत्म कर दी गई है। छोटी बणी बस स्टैंड सीमा में चली गई है वहीं बड़ीबणी अभी थोड़ी बहुत बची है जो अतिक्रमण के चलते निकट भविष्य में समाप्त हो जाएगी और हजारों वर्ष पुराने पेड़ पौधे जाल भी समाप्त हो जाएंगे। आवश्यकता है पेड़ों की देखरेख की। बार-बार मांग उठ रही है कि बणियों में जाल के पेड़ों की सुरक्षा की जाए ताकि भविष्य में इन पर फल भी लग सकते हैं। अगर पेड़ उखाड़ दिए गए तो भविष्य में पुस्तकों में जाल व पील पढऩे को मिलेगी। अनभिज्ञ हैं छोटे बच्चे- यहां तक कि बहुत से युवा पील से अपरिचित है क्योंकि उन्होंने कभी पील का नाम सुना ही नहीं। वैसे तो आजकल मोबाइल का जमाना होने के कारण युवा पीढ़ी एवं बच्चे मोबाइल पर पील जरूर देख सकते हैं किंतु हकीकत में पील खाकर नहीं देखी है। जब उनको पील और सांगर दिखाया जाता है तो चकित होकर इनका नाम पूछते हैं। फोटो कैप्शन 8: पील का फल
विद्यार्थियों को करवाया उत्कटासन का अभ्यास ******************************** ************************************ ******************************** कनीना की आवाज। योगीराज डा. ओ3मप्रकाश महाराज ने ओ3म शिक्षा संस्कार सीनियर सैकेण्डरी स्कूल पाली के छात्र, छात्राओं को उत्कटासन का अभ्यास करवाया। योगीराज ने बताया कि अपने बिछौने पर सावधान की स्थिति में खड़े हो जाए । पैरों में एक फुट का फासला रखें। अपने दोनों हाथों को सामने कन्धों के बराबर लाएं, हथेलियां जमीन की ओर रहेंगी । गर्दन और कमर को सीधा रखने का प्रयास करें। धीरे-धीरे घुटने मोड़ते हुए नीचे की ओर बैठें। एडियां ऊपर की ओर उठी हुई रहेंगी, जिससे की सारे शरीर का संतुलन बना रहे। कुछ समय इसी स्थिति में रुकने के बाद धीरे-धीरे पंजों के ऊपर भार डालते हुए, शरीर को ऊपर की तरफ उठाएं, घुटनों को सीधा करते हुए, कमर और गर्दन को भी सीधा रखते हुए खड़े हो जाएं। हाथों को सामने से पाश्र्व भाग में लाएं। दोनों पैरों को मिलाते हुए पुन: सावधान की स्थिति में आ जाएँ। यह एक आवृति पूरी हुई । कुछ समय पश्चात् दूसरी व तीसरी आवृत्ति करें । तीसरी आवृत्ति के पश्चात श्वासन में विश्राम करें। उन्होंने बताया कि इस आसन के करने से पिण्डली की मांसपेशियों को सुदृढ़ बनाता है। मुख्यत: इसका उपयोग पैरों की स्नायु दुर्बलता को दूर करने में है। जिन लोगों को मांसपेशियों में ऐंठन की शिकायत हो तथा जिनको चक्कर आते हों वे इस आसन को न करें। प्रारम्भ में 15 सेकेंड से शुरू करके तीन मिनट तक समय बढ़ा सकते हैं। इसी प्रकार प्रारम्भ में एक आवृत्ति से शुरू करके धीरे-धीरे तीन आवृत्ति तक अभ्यास करें । फोटो कैप्शन 07= योगीराज आसन करवाते हुए
पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, पारदी गैंग के 7 सदस्य हथियारों सहित दबोचे, इनामी आरोपी भी शामिल ******************************** ************************************ ******************************** कनीना की आवाज।पुलिस अधीक्षक दीपक के कुशल मार्गदर्शन में सीआईए नारनौल, सीआईए महेंद्रगढ़ और थाना शहर महेंद्रगढ़ की संयुक्त टीमों ने मुठभेड़ के बाद अंतर्राज्यीय पारदी गुलेल गैंग के सात बदमाशों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। यह वारदात आज दिनांक 22 मई को अल सुबह थाना शहर महेंद्रगढ़ के अंतर्गत पडऩे वाले हुड्डा सेक्टर (नजदीक कोर्ट महेंद्रगढ़) क्षेत्र में हुई है। इस गिरोह के सदस्य पिछले काफी समय से विभिन्न क्षेत्रों में लूटपाट, डकैती और चोरी की वारदातों को अंजाम देकर कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए थे। घटना के संबंध में विस्तृत विवरण देते हुए पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि सीआईए नारनौल की पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि महेंद्रगढ़ शहर में कुछ संदिग्ध व्यक्ति किसी संगीन अपराध को अंजाम देने की नियत से घूम रहे हैं। ये बदमाश पिछले दिनों कई जिलों में सक्रिय रहे पारदी गिरोह से ताल्लुक रखते हैं, जो लूट व डकैती के साथ-साथ हत्या जैसे जघन्य कृत्यों के लिए जाने जाते हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सीआईए नारनौल, सीआईए महेंद्रगढ़ और थाना शहर महेंद्रगढ़ की विशेष टीमों का गठन किया गया, जब पुलिस टीमें महेंद्रगढ़ कॉलेज के पास पहुंचीं, तो दोबारा सूचना मिली कि संदिग्ध आरोपी सतनाली मोड़ से होते हुए हुड्डा सेक्टर की तरफ भाग रहे हैं। पुलिस टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए रणनीतिक रूप से नाकाबंदी कर आरोपियों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को सामने देखकर बदमाशों ने खुद को घिरा पाकर आत्मसमर्पण करने के बजाय अलग-अलग दिशाओं में भागना शुरू कर दिया। पुलिस टीम द्वारा पीछा किए जाने और रुकने की सख्त चेतावनी देने पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से फायरिंग कर दी। इस पर पुलिस बल ने पहले आत्मरक्षार्थ हवाई फायर किए, लेकिन जब बदमाशों की तरफ से फायरिंग नहीं रुकी तो पुलिस ने उन्हें काबू करने और आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की। इस गोलीबारी में दो बदमाश घायल हो गए, जिन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए सरकारी अस्पताल महेंद्रगढ़ भिजवाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर ले जाया गया। घेराबंदी कर दबोचे गए सभी सात आरोपी मध्य प्रदेश के मूल निवासी हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनीराम निवासी बिलाखेड़ी गुना, अभय निवासी कनेरा गुना), अर्जुन निवासी कनेरा गुना, विरेन्द्र निवासी बिलाखेड़ी गुना, सुनील निवासी माधौगढ़ अशोकनगर), चांद निवासी पटेल नगर गुना) और विजय निवासी कनेरा गुना) के रूप में हुई है। आपराधिक रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से विजय पर 15,000 रुपऐ और चांद पर 5,000 रुपए का नकद इनाम एमपी पुलिस की तरफ से घोषित था, जो लंबे समय से कई संगीन वारदातों में वांछित चल रहे थे। घायल बदमाशों के अलावा बाकि 5 आरोपियों को पुलिस टीम द्वारा मौके पर ही डिटेन कर लिया गया। पुलिस द्वारा सभी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी चेक किया जा रहा है। मुठभेड़ स्थल और आरोपियों की सघन तलाशी के दौरान पुलिस ने अवैध हथियार और उपकरण बरामद किए हैं। बरामदगी में एक आधुनिक स्वचालित पिस्तौल मैगजीन व 3 जिंदा कारतूस तथा एक देसी कट्टा व 1 खाली कारतूस का खोखा बरामद हुआ है। इसके अलावा, घटना स्थल से बदमाशों द्वारा चलाए गए कारतूसों के खाली खोखे भी साक्ष्य के रूप में बरामद किए गए। आरोपियों के पास से मिले एक पि_ू बैग की तलाशी लेने पर लोहे का नुकीला सरिया, रेती, प्लास, वायर कटर, पेचकस, एक मोबाइल फोन और एक घड़ी सहित चोरी व सेंधमारी में इस्तेमाल होने वाली गुलेल और अन्य सामग्री बरामद हुई है। इस वारदात के संदर्भ में थाना शहर महेंद्रगढ़ में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है। फोटो कैप्शन 06: पकड़े गये अपराधी
शहीदों के सम्मान में नसीबपुर में बनेगा भव्य स्मारक : आरती सिंह राव -सीएम के साथ शहीद स्मारक की ड्राफ्टिंग और डिजाइन के विस्तार पर हुई चर्चा ******************************** ************************************ ******************************** कनीना की आवाज। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि शहीदों और वीर बलिदानियों की स्मृति में नारनौल के नसीबपुर में बनने वाला भव्य शहीद स्मारक आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा स्मारक निर्माण को लेकर दिए गए दिशा-निर्देशों का स्वागत करते हुए कहा कि यह परियोजना अहीरवाल के गौरवशाली इतिहास को नई पहचान देगी। आरती सिंह राव ने कहा कि अहीरवाल की धरती वीरता, राष्ट्रभक्ति और बलिदान के लिए पूरे देश में जानी जाती है। यहां के वीर जवानों ने देश की आजादी और सीमाओं की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए हैं। प्रदेश सरकार उनके सम्मान और इतिहास को सहेजने का कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई बैठक में नसीबपुर में बनने वाले शहीद स्मारक की ड्राफ्टिंग और डिजाइन का विस्तार से अवलोकन किया गया। बैठक में स्मारक निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने स्मारक को आधुनिक और भव्य स्वरूप देने पर जोर दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि करीब 42 कनाल 10 मरला भूमि में बनने वाले इस स्मारक में आधुनिक सुविधाओं के साथ इतिहास और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। परिसर में 500 से 600 लोगों की क्षमता वाला ओपन एयर थिएटर, अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो, छह भव्य गैलरी, ऑडिटोरियम, एडमिन ब्लॉक और विशाल तिरंगा स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्मारक परिसर में ग्रीनरी, स्वच्छता, पार्किंग और तालाब के जीर्णोद्धार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। तालाब के पानी की स्वच्छता बनाए रखने के लिए अलग से एसटीपी की व्यवस्था की जाएगी, जिससे यह स्थल आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। आरती सिंह राव ने कहा कि नसीबपुर का यह शहीद स्मारक केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि अहीरवाल की आन-बान-शान और देशभक्ति का जीवंत प्रतीक होगा। यह स्मारक युवाओं में राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की भावना को मजबूत करेगा तथा पूरे देश के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा। फोटो कैप्शन 05:सीएम के साथ शहीद स्मारक की ड्राफ्टिंग और डिजाइन के विस्तार पर चर्चा करती स्वास्थ्य
विश्व कछुआ दिवस-23 मई लुप्त होने के कगार पर पहुंच गया है कछुआ ।******************************** ************************************ ******************************** कनीना की आवाज। दुनिया में जहां 300 प्रजातियां कछुए की पाई जाती है उनमें से 190 लुप्त प्राय है। एक वक्त था जब कछुए को देखकर बच्चे उसका पीछा करते थे, जो लोगों को देखकर अपनी गर्दन को और पैरों का अंदर सिकोड़ लेता था परंतु जब कोई नजर नहीं आता तो चलना शुरू कर देता था। कछुए के बारे में विस्तार से राजेंद्र सिंह समाजसेवी एवं जंगली प्राणी विशेषज्ञ राजेंद्र सिंह बताते हैं कि कछुओं की प्रजातियां दिनों दिन लुप्त पड़ा हो रही हैं। क्योंकि कछुए को कुछ लोगों ने पकड़कर खा लिया वही पानी की कमी होने के कारण कछुए दुर्लभ प्राणी बनते चले गए। यहां तक कि वर्तमान पीढ़ी कछुआ नाम सुनकर चकित हो जाती है। उन्होंने बताया कि 1990 में अमेरिका के पति-पत्नी टेललेम एवं थामसन कछुआ दिवस की स्थापना की जो कछुए को नष्ट होने से बचाने के प्रयास रहा है। उन्होंने बताया कि ये अजीब प्राणी विशेषकर पानी में मिलते थे परंतु छोटे-छोटे जीवो को खाकर अपना पेट भरते थे। विभिन्न प्रकार की आवाज भी निकालते थे। आगामी कुछ वर्षों में कछुए की अनेक प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर पहुंच जाएंगी। ये पानी में जीवों का नियंत्रण करते हैं ,अंडे देने वाले प्राणी सागर और बड़े तालाब तक ही सिमट कर रह गए हैं। राजेंद्र सिंह बताते हैं कि कुछ लोग इनके अंडों को पानी के तट को खोदकर निकाल लेेते हैं वही बड़े-बड़े क्षेत्रों में इनकी तस्करी की जाती है। उनके आवास धीरे-धीरे खत्म हो रहे हैं इसलिए यह जीव खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है। यदि समय रहते कछुओं की सुरक्षा नहीं की गई तो आने वाले समय में कछुओं को पुस्तकों में पढऩा पड़ेगा। रविंद्र कुमार बताते हैं कि कछुए को टेस्टूडाइन वैज्ञानिक नाम से जाना जाता है। उन्होंने बताया कि आज के दिन बच्चे को कछुआ दिखाई दे जाए तो दांतो तले उंगली दबा लेगा। कछुए की चाल पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध है। ऐसे में ऐसे जीवों को लुप्त होने से बचाने के प्रयास करने चाहिए, इनके आवास प्रदान करने चाहिए, इनके शिकार पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। फोटो कैप्शन: राजेंद्र सिंह
भेजावास में अव्वल रहे विद्यार्थियों को किया पुरस्कृत -बीइओ रहे मुख्य अतिथि ******************************** ************************************ ******************************** कनीना की आवाज। पीएमश्री विद्यालय भोजावास में प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं को नगद पुरस्कार एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सुरेश यादव, खंड शिक्षा अधिकारी मुख्य अतिथि के रूप में अपस्थित रहे। साथ में नरेश कौशिक, प्राचार्य राजकीय वरिष्ठ मध्यमिक विद्यालय कनीना, बाबूलाल प्राचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अध्यक्षता प्राचार्य रेनू मेहरा ने की। इस अवसर पर खंड में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली 10वीं कक्षा की छात्रा दीया को 11000 नगद पुरस्कृत व स्मृति चिन्ह देखकर सम्मानित किया गया। दीया ने 500 में से 482 अंक लेकर खंड कनीना में प्रथम स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में 10वीं कक्षा में मेरिट प्राप्त करने वाले 21 विद्यार्थियों तथा 12वीं कक्षा में मेरिट प्राप्त करने वाले 27 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त 10वीं कक्षा में विभिन्न विषयों में 90 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 35 विद्यार्थियों को तथा 12वीं कक्षा के 17 विद्यार्थियों को भी स्मृति चिन्ह प्रदान करके सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों ने विद्यार्थियों को बढ़ाई देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया । इस अवसर पर डा. विक्रम सिंह व डा. पूखराज ने भी बच्चों को संबोधित किया। प्राचार्य रेणु मेहरा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर विद्यालय स्टाफ को स्मृति चिन्ह देखकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में पूर्व सरपंच पवन कुमार , एसएमसी सदस्य, चेयरमैन भाग सिंह ,पंचायत सदस्य, अभिभावक गण पीएचसी भोजावास स्टाफ सदस्य व समस्त विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा। फोटो कैप्शन 01 व 02: अव्वल रहे विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते हुए
माडल संस्कृति स्कूल कनीना में समाजसेवियों के सम्मान में भव्य सम्मान समारोह आयोजित ******************************** ************************************ ******************************** कनीना की आवाज। राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में विद्यालय परिवार की ओर से उन समाजसेवियों एवं दानदाताओं के सम्मान में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिन्होंने विद्यालय एवं विद्यार्थियों के हित में उल्लेखनीय योगदान देकर शिक्षा के क्षेत्र में प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय प्राचार्य सुनील खुडानिया के मार्गदर्शन में किया गया। समारोह में सर्वप्रथम विद्यालय के मुख्य द्वार का निर्माण करवाने वाले समाजसेवी कैलाश चंद का विशेष सम्मान किया गया। उनके द्वारा विद्यालय को भेंट किए गए मुख्य द्वार की अनुमानित लागत लगभग एक लाख है। उनके इस योगदान से विद्यालय की सुंदरता, सुरक्षा एवं गरिमा में अत्यधिक वृद्धि हुई है। विद्यालय में विद्यार्थियों की सुविधा हेतु वाटर कूलर दान करने वाले खुशपाल जांगड़ा निवासी गागड़वास का भी समारोह में विशेष सम्मान किया गया। उनके द्वारा प्रदान किए गए वाटर कूलर की अनुमानित लागत लगभग 40,000 रुपए है। इसके साथ ही खुशपाल जांगड़ा द्वारा विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को प्रसाद भी वितरित किया गया, जिससे पूरे विद्यालय परिसर में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण बना रहा। इसके अतिरिक्त समाजसेवी नवीन यादव द्वारा जनवरी माह में विद्यालय के जरूरतमंद विद्यार्थियों को ब्लेजर वितरित किए गए, जिनकी अनुमानित लागत लगभग 51,000 रुपए है। विद्यार्थियों ने इस सहयोग के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया। यह सहयोग विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद शिक्षा प्राप्त करने हेतु निरंतर प्रयासरत हैं। कार्यक्रम में अंकुर कनीनवाल द्वारा 11वीं एवं 12वीं विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों के लिए एनडीए तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की महत्वपूर्ण पुस्तकें भेंट की गईं। इन पुस्तकों की अनुमानित लागत लगभग 25,000 रुपए है। उनके इस योगदान से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी तथा उनमें उच्च लक्ष्य प्राप्त करने की प्रेरणा जागृत होगी। प्राचार्य सुनील खुडानिया ने सभी दानदाताओं एवं अतिथियों का विद्यालय परिवार की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज के प्रबुद्ध एवं सहयोगी व्यक्तियों के ऐसे प्रेरणादायक कार्य विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक वातावरण तैयार करते हैं। फोटो कैप्शन 03: समाजसेवियों को पुरस्कृत करते हुए प्राचार्य
राहत: कनीना मंडी में लगी सीजन की पहली मीठे पानी की छबील -तृप्त हुए राहगीर ठंडा पानी पीकर ******************************** ************************************ ******************************** कनीना की आवाज। गर्मी से राहत देने के लिए मीठे ठंडे पानी की छबील लगने लगी हैं। इन दिनों क्षेत्र में भयंकर गर्मी पड़ रही है। सुबह होते ही जैसे जैसे सूर्य आसमान में चढ़ता है वैसे ही गर्मी भी अपना तेवर दिखाने लगती है। इस समय क्षेत्र का तापमान भी 46 डिग्री पार कर चुका है। इसी बीच मंडी में ककराला रोड़ पर इस सीजन की पहली मीठे पानी की छबील लगाई गई। आस पास के दुकानदारों और मंडी वासियों ने मिलकर नारनौल और अटेली की तरफ जाने वाले राहगीरों को मीठा पानी पिला कर पुण्य कमाया। मंडी वासियों ने सुबह 09 बजे से शाम 05 बजे तक राहगीरों को पानी पिलाया। इसी के साथ पशु पक्षियों के लिए भी सकोरे रखे। दुकानदार काबुल सिंह, राजू और डा. सुरेश कुमार ने बताया कि मानव का सबसे बड़ा पुण्य प्यासे को पानी और भूखे को भोजन देना होता है। यही सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है। इस मौके पर जितेंद्र सचिव, काबुल सिंह ,राजू, कुलदीप, डा. सुरेश , सूबे सिंह इत्यादि मौजूद रहे। फोटो कैप्शन 04: मीठे पानी की छबील लगाते हुए