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Friday, February 6, 2026



 
अटेली की राजनीति में घमासान,
  मार्केट कमेटी कनीना चेयरमैन जयप्रकाश कोटिया ने सीताराम यादव के आरोपों को बताया निराधार
-राव इंद्रजीत सिंह पर लगाए आरोपों को बताया साजिश, समय आने पर सबूत दिखाने की चेतावनी
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कनीना की आवाज।
कनीना के एक निजी रेस्टोरेंट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मार्केट कमेटी अध्यक्ष जयप्रकाश कोटिया ने अटेली के पूर्व विधायक सीताराम यादव द्वारा केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया।
जयप्रकाश कोटिया ने कहा कि सीताराम यादव को सरपंच से विधायक बनाने वाले स्वयं राव इंद्रजीत सिंह रहे हैं, जिन्होंने 2019 के विधानसभा चुनाव में टिकट दिलवाकर उन्हें जिताया। आज वही व्यक्ति उन्हीं के खिलाफ बयानबाजी कर रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीताराम यादव किसी के बहकावे में आकर इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।
कोटिया ने कहा कि सीताराम यादव ने एक निजी चैनल के इंटरव्यू में यह बयान दिया कि अटेली विधानसभा में राव इंद्रजीत सिंह के साथ नान अहीर समाज के 10 लोग भी नहीं हैं, जो पूरी तरह तथ्यहीन और समाज को बांटने वाला बयान है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान सीताराम यादव ने षड्यंत्र के तहत कार्य किया। एक ओर वह स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के साथ गांवों में गाडिय़ों में घूमते थे, वहीं दूसरी ओर उनका बेटा और उनकी टीम गांवों में जाकर उनके खिलाफ प्रचार करते थे।
उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा षड्यंत्र था, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। जयप्रकाश कोटिया ने यह भी आरोप लगाया कि सीताराम यादव न तो भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता हैं और न ही उनकी पार्टी में कोई आस्था है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समय आने पर इन सभी बातों के ठोस सबूत सार्वजनिक किए जाएंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान मौजूद नान-अहीर समाज के 10 से अधिक लोगों ने भी पूर्व विधायक सीताराम यादव के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उनके बयानों की कड़ी निंदा की।
इस मौके पर अटेली नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश जेलदार ने कहा कि सीताराम यादव द्वारा राव इंद्रजीत सिंह के खिलाफ दिए गए बयान अशोभनीय हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग राव इंद्रजीत सिंह में विश्वास नहीं रखते, वही इस प्रकार की अफवाहें फैलाते हैं, लेकिन इससे केंद्रीय मंत्री के राजनीतिक कद पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
प्रेस वार्ता में मार्केट कमेटी अध्यक्ष जयप्रकाश कोटिया, उपाध्यक्ष दीपक गुप्ता, पार्षद दीपक चौधरी, मुकेश नंबरदार, बीर सिंह धनौंदा, महावीर पहलवान बाघोत, सुरेश अत्रि बाघोत, सतपाल सिंह पूर्व जिला पार्षद, पूर्व सरपंच इसराना बिजेंद्र सिंह, मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह, महिपाल सिंह सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
  उधर सीताराम पूर्व विधायक ने कहा कि वे सदा तन मन से भाजपा के साथ रहे हैं। उन्होंने गांव गांव जाकर वोट भी भाजपा के लिए मांगे हैं। भाजपा मेरे लिए तन मन है। पहले भी इसके लिए काम किया है और आगे भी करता रहूं।
फोटो कैप्शन 08: प्रेस वार्ता में हाजिर विभिनन लोग


मौसम रहा साफ, धुंध से मिला छुटकारा
-ठंड जारी, फसलों के लिए अनुकूल
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में मौसम साफ रहा, कोई धुंध नहीं पड़ी किंतु ठंड अभी भी जारी है। जहां विगत दिनों से धुंध पड़ रही थी किंतु अचानक धुंध पडऩा बंद हो गया परंतु मौसम लगातार बदल रहा है। ठंड जारी है। अभी फरवरी माह तक ठंड चलने के आसार बने हुए हैं। लेकिन एक कनीना क्षेत्र में लगातार मौसम बदल रहा है और इस समय सरसों और गेहूं की फसल खड़ी हुई है। सरसों पकान की ओर पहुंच गई है। कनीना क्षेत्र के किसान पल-पल मौसम को निहार रहे हैं क्योंकि पाला जमने से पहले ही फसल को नुकसान हो चुका है। सरसों में इस समय पाले का नुकसान दिखाई देने लग गया है।


संत मोलडऩाथ के लिए की है एक मिसाल कायम
-राजेंद्र प्रसाद 50 वर्षों से निभा रहे हैं सेवक की भूमिका
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कनीना की आवाज
। कनीना निवासी पूर्व पार्षद राजेंद्र प्रसाद संत मोलडऩाथ आश्रम के लिए एक मिसाल बने हुए हैं। करीब 50 सालों से नित्य शाम के समय दूध और रोटियां संत आश्रम पर उपलब्ध करवा रहे हैं। चाहे आंधी बरसात आए परंतु वे अपने कार्य से पीछे नहीं हटते। पूर्व में शिक्षक विभाग में नौकरी की है तथा सेवानिवृत्त होने के बाद भी यह भूमिका निभा रहे हैं। वो प्रतिदिन कम से कम 2 लीटर दूध और रोटियां संत आश्रम मोलडऩाथ पर उपलब्ध करवाते हैं ताकि रात के समय कोई भी संत आता है तो खाना खाकर आराम कर सकता है। एक मुलाकात में राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि उनकी उम्र 68 वर्ष हो चुकी है किंतु आज भी वह अपनी भूमिका निभा रहे हैं। 197-75 के आसपास उन्होंने यह सेवा शुरू की थी।
 कैसे शुरू की यह सेवा-
 राजेंद्र प्रसाद बताते एक बार एक संत मोलडऩाथ पर रात के वक्त पहुंचा किंतु उसे खाना नहीं मिला और रात को प्रबंध नहीं हो पाया।  उनके मुख से निकला कि कैसा आश्रम है जहां संतों की सेवा नहीं हो? जब राजेंद्र प्रसाद ने बात सुनी तो उन्होंने निश्चय कर लिया कि चाहे कोई भी दिन हो वो रोटी व दूध जरूर उपलब्ध करवाएंगे। अगर किसी कारणवश खाना बच भी गया तो गायों के लिए दे दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वह लगातार अपनी भूमिका निभा रहे हैं। कोई भी संत अगर रात के समय आ जाए तो वह ोजन कर सकता है और यही विश्राम कर सकता है। इतनी बड़ी सेवा बिना किसी स्वार्थ के निभा रहे हैं। उनकी सेवा से सभी खुश है और  जो भी कोई सुनता है वह कहता है कि निश्चित रूप से राजेंद्र प्रसाद बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
 फोटो कैप्शन 07: राजेंद्र प्रसाद दूध व रोटी ले जाते हुए



  नवोदय की परीक्षा के लिए आयोजित हुई बैठक
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कनीना की आवाज।
जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा नवमी के लिए आयोजित होने वाली लेटरल एंट्री चयन परीक्षा के सफल, निष्पक्ष एवं सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने हेतु आज परीक्षा केंद्र अधीक्षक एवं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।
इस बैठक में परीक्षा केंद्र पर तैनात किए जाने वाले समस्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित की गई। साथ ही परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखने, परीक्षार्थियों को समय पर एवं उपयुक्त वातावरण उपलब्ध कराने तथा परीक्षा से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
केंद्र अधीक्षक नरेश कुमार कौशिक ने उपस्थित सभी शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि जवाहर नवोदय विद्यालय की चयन परीक्षा एक राष्ट्रीय स्तर की अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षा है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्मिक परीक्षा दिवस पर निर्धारित समय से पूर्व परीक्षा केंद्र पर उपस्थित रहें तथा परीक्षा संचालन से जुड़े अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षार्थियों की बैठने की व्यवस्था, प्रश्न पत्रों का समयबद्ध वितरण, उत्तर पुस्तिकाओं का सुरक्षित संग्रहण तथा परीक्षा उपरांत की सभी औपचारिकताएं निर्धारित नियमों के अनुसार ही संपन्न की जाएंगी। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था अथवा अनुचित गतिविधि पाए जाने पर तुरंत संज्ञान लेते हुए नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जानकारी दी गई कि जवाहर नवोदय विद्यालय की कक्षा नवमी लेटरल एंट्री चयन परीक्षा कल दिनांक 07 फरवरी 2026 को प्रात: 11 बजे प्रारंभ होगी, जिसकी अवधि लगभग ढाई घंटे निर्धारित की गई है। इस परीक्षा में परीक्षा केंद्र पर कुल 226 विद्यार्थी सम्मिलित होंगे। परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक एवं सुरक्षा संबंधी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
फोटो कैप्शन 04: नवोदय परीक्षा के लिए तैयारियों में जुटे शिक्षक

पाथेड़ा में सती माता का मेला संपन्न
 आयाजित हुई ऊंट एवं घोड़ी दौड़
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कनीना की आवाज।
ग्राम पाथेड़ा में शुक्रवार को सती माता का मेला आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि प्रमुख समाजसेवी अतरलाल एडवोकेट ने रिबन काट कर मेला का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विशाल, भंडारा, कबड्डी खेल प्रतियोगिता तथा ऊंट, घोडिय़ों की दौड़ आयोजित की गई। प्रात: ग्रामीणों की तरफ से सती माता के दरबार में हवन यज्ञ कर समाज में सुख समृद्धि की कामना की।
   अतरलाल ने कहा कि मेले हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने मेले में खेल प्रतियोगिता आयोजित करने के लिए मेला कमेटी की सराहना की। उन्होंने कहा कि गांवों में खेल प्रतियोगिताऐं ग्रामीण युवा खिलाडिय़ों और उभरती प्रतिभाओं को आगे बढऩे का बेहतर अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने खिलाडिय़ों से अनुशासन, प्रेम तथा खेल भावना से खेलों में भाग लेने की अपील की। मेला कमेटी द्वारा अतरलाल को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। ऊंटों की दौड़ में मेवात के हाजी का ऊँट प्रथम तथा चितला डांगी का ऊंट द्वितीय स्थान पर रहा। घोडिय़ों की दौड़ कालू मुकलवास की दोनों घोडिय़ां प्रथम व द्वितीय स्थान रहा। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय कब्बडी खिलाड़ी सचिन तंवर, हवासिंह नम्बरदार, राजबीर ठेकेदार, नवीन सेठ, उमेद सिंह प्रधान, रविपाल चेयरमैन, चन्द्रभान पंच, डालू नम्बरदार, पूर्व सरपंच दलीप सिंह, पूर्व सरपंच महिपाल सिंह, अशोक मैनेजर, राजेन्द्र नम्बरदार, मीर सिंह वैद्य, सुमेर सिंह यादव, मोनू शर्मा, रामकिशन पंडित, करतार, शक्ति, रोहतास, अमित, आशीश, महावीर, रमेश, सहित सैकड़ों मौजीजान, खिलाड़ी व ग्रामीण मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 05: प्रसाद ग्रहण करते भक्त



परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में हथियार ले जाने, फोटोकापी व कोचिंग सेंटरों के संचालन पर रहेगा प्रतिबन्ध
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कनीना की आवाज।
जिलाधीश कैप्टन मनोज कुमार ने जवाहर नवोदय विद्यालयों में कक्षा 9वीं और 11वीं में उम्मीदवारों की खाली सीटों के लिए 7 फरवरी को अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा के सुचारु और शांतिपूर्ण संचालन के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं।
जिलाधीश ने आदेशों में स्पष्ट किया है कि महेंद्रगढ़ जिले के सभी परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में किसी भी हथियार को ले जाने पर पाबंदी रहेगी। परीक्षा केंद्रों में सक्षम प्राधिकारी द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित पहचान पत्र के बिना किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश तथा सभी परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में सभी फोटोकॉपी मशीनों की दुकानों और कोचिंग सेंटरों के संचालन पर भी पाबंदी रहेगी। यह आदेश 7 फरवरी को महेंद्रगढ़ जिले में परीक्षा केंद्रों की सीमाओं के अंदर लागू रहेगा और ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।
फोटो: नवोदय स्कूल


बिना दहेज के शादी करके दी समाज को एक प्रेरणा
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कनीना की आवाज।
गांव राजपुरा निवासी आइटीबीपी में असिस्टेंट कमांडेंट प्रशांत यादव ने अपनी शादी बिना दहेज के संपन्न कर समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया है । प्रशांत यादव और उसकी पत्नी दिव्या ने दहेज रहित शादी करने का फैसला लिया था । उनकी शादी चार फरवरी, बुधवार को सम्पन्न हुई। इस शादी की विशेषता यह रही कि शादी में वर पक्ष की ओर से मात्र एक रुपया और नारियल लेकर ही शादी की रस्में पूरी की गईं। हालांकि दोनों ही पक्षों द्वारा मेहमानों का अच्छा आदर सत्कार किया गया और शादी का जश्न मनाया गया, लेकिन शादी में दहेज के रूप में कोई वस्तु नहीं ली गई, जो कि एक सराहनीय कदम है।
 प्रशांत के पिता अरुण यादव शिक्षा विभाग में अध्यापक तथा  माता  कुसुम यादव पीएम श्री स्कूल अटेली में प्राचार्य हैं जबकि प्रशांत के दादाजी धर्मवीर यादव सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक हैं । प्रशांत के माता पिता का कहना है कि उनका  बेटा सुशिक्षित एवं समझदार युवक है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए हमेशा तैयार रहता है। उसने अपनी शादी में दहेज न लेने का फैसला करके समाज में एक मिशाल पेश की है।
उल्लेखनीय है कि मा. अरुण यादव के चाचा संतलाल शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त प्रवक्ता हैं और दादा स्व. मेनपाल सिंह, विगत में गांव राजपुरा के दो बार सरपंच भी रहे हैं ।
प्रशांत और दिव्या की इस दहेज रहित शादी की सर्वत्र चर्चा है। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, कृष्ण हुड्डा, राजेश, सुनिल यादव चेयरमैन, विधायक बालकनाथ, पूर्व हरियाणा लोक सेवा आयोग सदस्य पवन कुमार, भाजपा जिला अध्यक्ष यतींद्र राव,
जिला प्रमुख डॉ राकेश कुमार, पूर्व चेयरमैन सतीश अग्रवाल,राव नरेंद्र सिंह, विधायक कंवर सिंह पूर्व  विधायक सीताराम यादव, संतोष चौहान, वरिष्ठ साहित्यकार रोहित यादव, डॉ सी एस वर्मा प्रभाकर, डॉ रणपाल सिंह, सुंदरलाल सुबोध, बिशन शर्मा, एडवोकेट ऐश यादव, कमल यादव, मनीष गुरुग्राम,  ललित टोनी सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोगों ने दहेज रहित शादी की सराहना करते हुए वर वधू को शुभ कामनाएं दी हैं।
फोटो कैप्शन 03: बिना दहेज के  शादी करते हुए


मोलडऩाथ मेले की तैयारियां जोर शोर से
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कनीना की आवाज।
कनीना के संत संत मोलड़ऩाथ मेले की तैयारियां जोरों पर चल रही है। मंदिर को संवारने में सभी कार्यकर्ता लगे हुए हैं। 27 फरवरी होने वाले मेले की तैयारी शुरू हो गई है। बाबा मोलडऩाथ मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि रंग रोगन का काम शुरू हो गया है।
 तालाब को पानी से भरने के लिए तालाब की सफाई की गई है। मेले से पहले तालाब को पानी से लबालब भर दिया जाएगा। आने वाले श्रद्धालु इसमें स्नान करके पुण्य लाभ कमा पाएंगे। मेले के प्रति लोगों की भारी आस्था और लोगों का एक दूसरे के प्रति प्रेम इस दर्शाता है कि यह मेला हर साल अपना नया रूप लेते जा रहा है। ऊंट में घोडिय़ों की दौड़ करने वाले फोन पर रोज बातें करते रहते हैं । उन्हें इस बात का इंतजार रहता है कि कब यह मेल आए और कब हम अपने पशुओं का प्रदर्शन इस मेले में दिखाएंगे। ऊंट ,घोड़ी रखने वाले सभी भक्त इस मेले के लिए साल भर इंतजार करते हैं और यहां कर अपने आप को बहुत ही प्रसन्नचित मिलते हैं क्योंकि जो पशु लेकर आता है उसे इनाम के तौर पर कुछ ना कुछ जरूर दिया जाता है और सभी का गांववासी मिलकर बड़ा आदर सम्मान करते हैं। पूरा गांव आने वाले मेहमानों की सेवा भक्त में लग जाता है। गांव का बच्चा-बच्चा इस मेले में अपना योगदान देता है।
प्रधान दिनेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि मिले हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। इसे हमारे रखना हमारा परम कर्तव्य है। क्योंकि मिले ही हमारे सनातन और आस्था का केंद्र है। इस तरह के आयोजन जहां भी हो सब अपना सहयोग करें। प्रेम और भाईचारा बनाए रखें। आपस में एक दूसरे की भावनाओं का आदर करें और सभी से मिलजुल कर एक दूसरे के प्रति अपना सम्मान रखें। आने वाली महिलाओं का विशेष ख्याल रखें। उन्होंने इस बात पर ध्यान देते हुए कहा कि महिलाएं जब भी किसी भी मेले में जाएं या कहीं भी सार्वजनिक स्थानों पर जाए तो अपने आभूषणों का विशेष ध्यान रखें। सोने,चांदी के जेवरात को अपने संभाल कर पहन कर आए अन्यथा चोरी होने का डर रहता है।
फोटो कैप्शन 01: मोलडऩाथ मेले की तैयारियों को लेकर रंग रोगन करते हुए



गुलाब दिवस-7 फरवरी
 कैंसर से बचे हुए रोगियों को गुलाब का पुष्प देकर लंबी जिंदगी की,की जाती है कामना
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कनीना की आवाज।
  गुलाब दिवस  उन लोगों को समर्पित है जो कैंसर से बच गए हैं। परंतु इसको प्यार का इजहार करने के लिए भी देने लगे हैं।
 कैंसर से बचने के बाद लोग तेजी से अपने पहले वाली जिंदगी में आने की कोशिश करते हैं। ऐसे समय में उनका गुलाब देकर यह दिन मनाया जाता है ताकि वो प्रसन्न रहे और जल्दी रोग के सदमे से उभरे। जब किसी में कैंसर हो जाता है तो मरीज के सामने नाम लेने से दिक्कत रहती हैं क्योंकि यदि इस रोग का पता लग जाता है तो वह और तेजी से बीमार होता चला जाता है यहां तक कि डिप्रेशन में जा सकता है क्योंकि कैंसर को ला-इलाज बीमारी मानते हैं। ऐसे समय में मरीजों को कैंसर की जानकारी नहीं दी जाती लेकिन जो कैंसर से बच गए हैं उनको जानकारी देना उचित भी माना जाता है ताकि वह और तेजी से अपने पहले वाली जिंदगी में आ सके और वह खुश नजर आए। उनकी खुशी को बढ़ाने के लिए गुलाब दिया जाता है। यह दिन उन मरीजों के लिए है। यूं तो देश में यूं तो हर प्रकार के कैंसर के मरीज पाए जाते हैं और हर  उम्र अनुसार इनका प्रभाव कम या अधिक होता है।  बुजुर्ग व्यक्ति कुछ लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं जबकि जवान और बच्चे में तेजी से कोशिकाओं की वृद्धि होने से त्वरित गति से कोशिकाओं की वृद्धि होने से यह रोग तेजी से फैलता है। इसलिए बुजुर्गों को ऑपरेशन आदि डाक्टर मना कर देते हैं। कनीना और आसपास सैकड़ों मैरिज कैंसर के है। कभी कैंसर का नाम सुनते ही आसपास के लोग अवाक हो जाते थे किंतु अब कैंसर आम रोग बन गया है। कैंसर के विषय में कनीना उप नागरिक अस्पताल के डा. जितेंद्र मोरवाल से बात की गई।
 कैंसर एक जानलेवा बीमारी है। कैंसर का नाम सुनकर मैरिज डिप्रेशन में चले जाते हैं। इसलिए कैंसर का नाम रोगी समक्ष बताना उचित नहीं लगता लेकिन जब वह रोग से बच जाता है तो बताना गलत नहीं हो सकता है और उन्हें गुलाब का फूल जो सुंदरता का प्रतीक होता है भेंट किया जाना चाहिए। डाक्टर ने बताया देश में सबसे अधिक मरीज ब्रेस्ट कैंसर और दूसरे सर्वाइकल कैंसर के होते हैं। इन दोनों कैंसर से कुछ मरीज बच जाते हैं किंतु फेफड़े का कैंसर बहुत तेजी से फैलता है। बाकी कैंसर की विभिन्न प्रकार पाई जाती है वो भी घातक साबित होती है किंतु ब्रेस्ट व सर्वाइकल कैंसर से बहुत से मरीज बच जाते हैं यदि समय पर उन्हें डायग्नोज किया जाए।
डा. जितेंद्र मोरवाल का कहना है कि मरीजों को जो कैंसर से बच जाते हैं उन्हें बेहतर भोजन देने के साथ-साथ प्रसन्नचित रहने की जरूरत होती है और उसकी प्रसन्नता को बढ़ाने के लिए गुलाब का फूल भी दिया जाता है और यह दिन गुलाब के फूल के रूप में मनाया जाता है। अक्सर लोग गुलाब के फूल दिवस को समझते हैं कि गुलाब को समर्पित है परंतु यह कैंसर  से बचे हुए मरीजों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि महिला को अपने ब्रेस्ट में किसी प्रकार की गांठ आदि होने  उसकी जांच करवाते रहना चाहिए। अगर प्रारंभ में किसी रोग का पता लग जाता है तो निदान संभव है अन्यथा बाद में इस रोग से बचपन भी बहुत कठिन हो जाता है, यहां तक की मौत भी हो जाती है। 10 प्रतिशत लोग प्राथमिक अवस्था में  कैंसर रोग को पहचान पाते हैं जिससे उनकी जान बचाई जा सकती है।
 गुलाब को प्यार के प्रतीक से भी जोडऩे लगे हैं। कनीना एवं आस पास गुलाब के पौधे शौकिया तौर पर घरों में लोग उगा लेते हैं किंतु व्यवसायिक उद्देश्यों के लिए नहीं उगाये जाते हैं।
फोटो कैप्शन : डा. जितेंद्र मोरवाल












प्लेसमेंट सेल द्वारा आयोजित किया गया विशेष व्याख्यान
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कनीना की आवाज।
पितामह कान्ह सिंह राजकीय, महाविद्यालय कनीना में प्लेसमेंट सेल के तत्वावधान में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर औद्योगिक विस्तार अधिकारी  राहुल यादव को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। यह आमंत्रण कालेज की प्लेसमेंट सेल के संयोजक एवं सहायक प्रोफेसर डा. संदीप कुमार द्वारा किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डा. विनोद कुमार ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को करियर निर्माण एवं रोजगारोंमुखी कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया तथा ऐसे कार्यक्रमों को अत्यंत उपयोगी बताया।
मुख्य वक्ता श्री राहुल यादव ने विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वर्तमान आवश्यकताओं, स्वरोजगार, स्टार्टअप, सरकारी योजनाओं तथा कौशल विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उनके व्याख्यान से विद्यार्थियों को करियर चयन में विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का मंच संचालन सोमवीर द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रोफेसर डा. कांता, डा. हरिओम, डा. मनीषा, डा. मंजू एवं डा. माधवी सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
फोटो कैप्शन 02: प्लेसमेंट पर आयोजित कार्यक्रम


Thursday, February 5, 2026



 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर बाघोत में लगेगा विशाल मेला

-पौराणिक इतिहास समेटे हैं बाघोत                                                                                                                   88888888888888888888888888888888888888888888888

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कनीना की आवाज।  कनीना उपमंडल के गांव बाघोत पर 15 फरवरी को महाशिवरात्रि मेला लगने जा रहा है। वर्ष में दो बार मेला लगता है। सावन त्रयोदशी शिवरात्रि पर कावड़ मेला लगता है। बाघोत जिसे बाघेश्वर धाम नाम से पूरे भारत में जाना जाता है, का पौराणिक महत्व एवं अपने में इतिहास समेटे हुए है।  महाशिवरात्रि पर कांवड़ कम अर्पित की जाती हैं।
 बाघोत का नाम बाघ के आधार पर पड़ा है।
 बाघोत का पुराना नाम हरयेक वन था। यहां पीपलाद ऋषि का आश्रम भी तो यही था। उनके कुल में राजा दलीप के कोई संतान नहीं थी। वे दु:खी थे और दुखी मन से अपने कुलगुरु वशिष्ठ के पास गए। उन्होंने अपना पूरा दु:ख का वृतांत मुनिवर को सुनाया। वशिष्ठ ने उन्हें पीपलाद ऋषि के आश्रम में नंदिनी नामक गाय एवं कपिला नाम की बछिया निराहार रहकर चराने का आदेश दे दिया। राजा ने गाय व बछिया को निराहार रहकर चराते वक्त एक दिन भगवान् भोलेनाथ ने बाघ का रूप बनाकर राजा की परीक्षा लेने का निर्णय लिया। बाघ ने बछिया पर धावा बोल दिया। गाय को बचाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने को राजा तैयार हुए। परंतु जब वे ऐसा करने लगे तो  बाघ के स्थान पर शिवभोले खड़े थे। बाघ के कारण ही गांव का नाम बाघोत पड़ा। प्रारंभ में बाघेश्वर शिवालय का निर्माण कणाणा के राजा कल्याण सिंह रैबारी ने करवाया था जिसका समय समय पर उद्धार होता रहा है।
   बाघोत स्थित शिवालय उन भक्तों के लिए भी प्रसिद्ध माना जाता है जिनके कोई संतान नहीं होती है। मेले में आकर दंपति अपने हाथों से एक विशाल वटवृक्ष को कच्चा धागा बांधकर सुंदर संतान होने की कामना करता है। जब संतान हो जाती है तो यहां आकर ही धागा खोलता है। यही कारण है कि शिवलिंग के पास ही खड़ा एक वटवृक्ष कच्चे धागों से लदा मिलता है।
हरियाणा सरकार की पुस्तकों में भी बाघोत का छोटा उल्लेख है वहीं लेखक एचएस यादव की कृति में संपूर्ण इतिहास दिया गया है।
बाघोत के शिवालय का शिवलिंग स्वयंभू होने के कारण यहां अपार भीड़ भक्तों की वर्षभर चलती है। छोटा सा गांव है किंतु ठहरने के लिए अनेक धर्मशालाएं हैं। प्राकृतिक शिवलिंग के भक्त दर्शन कर प्रसन्न हो जाते हैं।
स्वयंभू है शिवलिंग-
बाघोत का शिवलिंग स्वयंभू है। यही कारण है कि शिवरात्रि एवं महाशिवरात्रि पर यहां अपार भीड़ जुटती है। हरिद्वार एवं ऋषिकेश से गंगाजल लाकर अर्पित करते हैं।
मांग रहेगी गाजर एवं बेरों की--
 महाशिवरात्रि पर बेर, गाजर एवं फलों की मांग रहती है। गाजर जो 20 रुपये किलो बिक रही है। वहीं बेर 70 रुपये तो केले 60 रुपये दर्जन बिक रहे हैं। इस दिन व्रत होने से बेलपत्र की भी मांग रहती है। महाशिवरात्रि के दिन महंगे रहने की संभावना है।
  गाजर के अच्छे भाव मिलने की संभावना से  किसानों ने खेतों से गाजर बचा रखी थी और उन्हें बाजार में बेचकर आय माने की संभावना है। उधर  बेहतर बेर की पैदावार लेने वाले बेरों की पैकिंग कर रहे हैं। दूध, बेलपत्र, धतूरा, भाग के पौधों की भी मांग रहती है। दुकानदार नरेंद्र कुमार ने बताया कि वो बेर, बेलपत्र, बेर एवं अन्य पदार्थों का प्रबंध कर चुके हैं।
 कई जगह लगेंगे मेले-
महाशिवरात्रि पर जहां कनीना एवं बाघोत के अलावा तथा विभिन्न स्थानों पर मेले लगते हैं। विभिन्न गांवों में शिवालय बने हुए हैं जहां महाशिवरात्रि पर मेले लगते हैं। भंडारे भी लगते हैं।
सजाया गया है शिवालय को-
 बाघेश्वर धाम को सजाया गया है। कतारबद्ध भक्तों के खड़े रहने, पेयजल, पुलिस आदि का प्रबंध किया गया है वहीं भंडारे, ठहरने का प्रबंध भी किया गया है। महिपाल सिंह बाघोत ने बताया कि मेले विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित होती हैं।
फोटो कैप्शन 01: बाघोत का शिवालय


गांव सुंदरह और कोका में नशा मुक्ति व नए आपराधिक कानूनों पर जागरूकता अभियान
-नशे से दूर रहने की ,की अपील

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कनीना की आवाज। डोर टू डोर नशा मुक्त अभियान और नया सवेरा मुहिम के तहत थाना सदर कनीना के अंतर्गत आने वाले गांव सुंदरह और कोका में पुलिस टीम द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। गांव सुंदरह की चौपाल और गांव कोका के पंचायत घर में आयोजित इन बैठकों में समाज के सभी वर्गों, विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया गया और उन्हें इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। निरीक्षक शारदा और उनकी टीम ने ग्रामीणों को बताया कि जो नशा पीडि़त व्यक्ति नशा छोड़कर मुख्य धारा में लौटना चाहते हैं, पुलिस प्रशासन उनकी हर संभव मदद करेगा। इसके साथ ही, मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों को भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर गांव सुंदरह और कोका के सरपंच, प्रतिनिधि, ग्राम सचिव और गांव के अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 08: पुलिस जागरूक करते हुए


नेत्र, हृदय, शिशु रोग एवं सामान्य जांच परामर्श शिविर 8 को

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कनीना की आवाज। सेवा भारती कनीना द्वारा आयोजित  विशाल हृदय रोग, सामान्य रोग, शिशु व बाल रोग जांच एवं परामर्श शिविर 8 फरवरी 2026 को लाल शिवलाल धर्मशाला कनीना मंडी ,नजदीक रेलवे स्टेशन सुबह  10 बजे से 2 बजे तक लगेगा जिसमें सामान्य रोग विशेषज्ञ डा. हर्ष तथा डा, मनीष वर्मा हड्डी जोड़ रोग विशेषज्ञ अपनी सेवाएं देंगे। विस्तृत जानकारी देते हुए सेवा भारती के योगेश अग्रवाल ने बताया कि इस शिविर में बीपी, शुगर, इसीजी की निशुल्क जांच की जाएगी। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से अपील की, कि इस मुफ्त चिकित्सा शिविर का लाभ उठाएं।


तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से पैदल जा रहे राजमिस्त्री की मौत
धनौंदा निवासी निहाल सिंह की सड़क हादसे में गई जान

                                                            









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कनीना की आवाज। उपमंडल के गांव धनौंदा निवासी एक व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। मृतक की पहचान निहाल सिंह के रूप में हुई है, जो पेशे से चिनाई राजमिस्त्री था।
मृतक के पुत्र दीनदयाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पिता बुधवार सायं चिनाई का काम समाप्त करने के बाद धनौंदा बस स्टैंड से कनीना की ओर पैदल जा रहे थे। इसी दौरान तेज गति और गफलत में चल रही एक मोटरसाइकिल ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
राहगीरों ने तत्काल घटना की सूचना परिजनों को दी, जिसके बाद घायल निहाल सिंह को उपचार के लिए रेवाड़ी के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शहर थाना प्रभारी सब-इंस्पेक्टर राकेश ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक के पुत्र दीनदयाल की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है तथा मामले की जांच की जा रही है।

Wednesday, February 4, 2026



 
गांव सुंदरह और कोका में नशा मुक्ति व नए आपराधिक कानूनों पर जागरूकता अभियान
-नशे से दूर रहने की ,की अपील
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कनीना की आवाज।
डोर टू डोर नशा मुक्त अभियान और नया सवेरा मुहिम के तहत थाना सदर कनीना के अंतर्गत आने वाले गांव सुंदरह और कोका में पुलिस टीम द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। गांव सुंदरह की चौपाल और गांव कोका के पंचायत घर में आयोजित इन बैठकों में समाज के सभी वर्गों, विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया गया और उन्हें इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। निरीक्षक शारदा और उनकी टीम ने ग्रामीणों को बताया कि जो नशा पीडि़त व्यक्ति नशा छोड़कर मुख्य धारा में लौटना चाहते हैं, पुलिस प्रशासन उनकी हर संभव मदद करेगा। इसके साथ ही, मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों को भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर गांव सुंदरह और कोका के सरपंच, प्रतिनिधि, ग्राम सचिव और गांव के अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 05 व 06: संबंधित हैं



महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यक्तिगत ऋण योजना-
-आवेदन के लिए महिला उद्यमी की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए
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कनीना की आवाज।
हरियाणा सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आर्थिक व सामाजिक स्थिति में सुधार लाने के लिए व्यक्तिगत ऋण योजना चलाई जा रही है।इस योजना के तहत महिलाओं को बैंकों के माध्यम से 1 लाख रुपए तक का ऋण दिलवाने की व्यवस्था की गई है।
यह जानकारी देते हुए डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा यह व्यक्तिगत ऋण योजना हरियाणा महिला विकास निगम के माध्यम से चलाई जा रही है।
इस योजना के तहत जिला महेंद्रगढ़ के लिए 2025-2026 में 74 केसों का लक्ष्य रखा गया है । उन्होंने बताया कि एक लाख 80 हजार रुपए से कम वार्षिक आय वाली व हरियाणा की स्थायी निवासी महिला इस योजना के लिए पात्र होंगी। ऋण के लिए आवेदक के समय महिला उद्यमी की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक पहले से लिए गए ऋण का डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। योजना के तहत सामान्य श्रेणी की महिला को 10 हजार रुपए तथा अनुसूचित श्रेणी की महिला को 25 हजार रुपए अनुदान राशी हरियाणा सरकार द्वारा महिला विकास निगम के माध्यम से दी जाएगी। उन्होंने बताया कि परचून की दुकान, कपड़े की दुकान, सैलून, सिलाई सेंटर, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, बुटीक, हलवाई की दुकान, फूड स्टॉल, टिफिन सर्विस, मिट्टी के बर्तन आदि बनाने का काम शुरु करने के लिए ऋण ले सकती हैं।
योजना का लाभ लेने के लिए ये दस्तावेज चाहिए-
योजना का लाभ लेने के लिए दस्तावेजों में आवेदक पत्र, परिवार पहचान पत्र, आधार कार्ड व पासपोर्ट आकार फोटो चाहिए। इन सभी दस्तावेजों की दो-दो फोटो कॉपी होनी चाहिए।
इस संबंध में अन्य किसी जानकारी के लिए बस स्टैंड के नजदीक नरूला होटल के पीछे स्थित हरियाणा महिला विकास निगम कार्यालय में आकर तथा कार्यालय के दूरभाष नंबर 01282-250346 पर फोन कर जानकारी ले सकते हैं।




ग्रामीण भत्ता घोषित करने की मांग
-मेडिकल कालेज का किया दौरा
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कनीना की आवाज।
बसपा के नेता अतरलाल एडवोकेट ने नारनौल के गांव कोरियावास स्थित महर्षि च्यवन मेडिकल कालेज में कार्यरत डाक्टर्स, फेक्लटी मेम्बर्स और स्पोर्टिंग स्टाफ के लिए ग्रामीण भत्ता (रूरल अलाउंस) घोषित करने की मांग की है।
 बसपा नेता अतरलाल ने मेडिकल कालेज का दौरा करने के बाद कहा कि सरकार ने सात सौ करोड़ रुपए की लागत से बहुत शानदार मेडिकल कालेज बनाया है। इसके लिए सरकार का धन्यवाद करते हैं परन्तु मेडिकल कालेज में फेकल्टी, योग्य चिकत्सक, शिक्षण स्टाफ व कर्मचारियों व आधारभूत संरचना की कमी भारी चिंता का विषय है। फेकल्टी के अभाव के कारण छात्रों तथा आमजन को बेहतर व सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध नहीं हो रही हैं। यह मेडिकल कॉलेज शहर से दूर पूरी तरह से ग्रामीण क्षेत्र में स्थित है। फेकल्टी व शिक्षण स्टाफ यहां रूक नहीं रहा है। जिसके कारण छात्रों व आमजन को अच्छी शैक्षणिक व स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इसके कारण इलाके में भारी रोष है तथा मेडिकल कालेज पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह फरीदाबाद स्थित शहीद हसन खान मेवाती मेडिकल कालेज, नलहड़ तथा भगत फूल सिंह मेडिकल कालेज खानपुर (गोहाना) में कार्यरत फेकल्टी के लिए राज्य सरकार ने ग्रामीण भत्ता घोषित कर रखा है उसी तरह कोरियावास स्थित महर्षि च्यवन मेडिकल कालेज के फेकल्टी मेम्बर्स और डाक्टर्स के लिए भी ग्रामीण भत्ता घोषित किया जाए। महेन्द्रगढ़ जिला पूरा ही ग्रामीण क्षेत्र है और मेडिकल कालेज भी कोरियावास ग्रामीण क्षेत्र में स्थित है। इसलिए नलहड़ मेडिकल कालेज तथा भगत फूल सिंह मेडिकल कालेज खानपुर (गोहाना) की तरह कोरियावास मेडिकल कॉलेज का भी ग्रामीण भत्ता का हक बनता है। तभी छात्रों को बेहतरीन शैक्षणिक माहौल तथा आमजन को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार व स्वास्थ्य विभाग इस मेडिकल कालेज की अनदेखी कर रह है। जिसका नुकसान इलाके की जनता को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य सरकार ने तत्काल इस और ध्यान देकर मेडिकल कालेज की व्यवस्थाओं व आधारभूत संरचना की कमी को पूरा नहीं किया तो इलाके की जनता आंदोलन करने पर मजबूर होगी।
फोटो कैप्शन 03: मेडिकल कालेज का दौरा व निरीक्षण करते बसपा नेता अतरलाल।




दिव्यांग कर्मचारियों के सेवा विस्तार की मांग -गजट नोटिफिकेशन तत्काल वापस लेने का आग्रह
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कनीना की आवाज।
हरियाणा सरकार द्वारा ारी किए गए गजट नोटिफिकेशन, जिसके तहत दिव्यांग कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु में परिवर्तन किया गया है, को लेकर हरियाणा प्रगतिशील दिव्यांग शिक्षा अधिकारी संघ ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
संघ के राज्य प्रधान नरेश कौशिक एवं राज्य महासचिव रविंद्र गहलावत ने संयुक्त बयान जारी करते हुए सरकार से मांग की कि इस गजट नोटिफिकेशन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए इसे अविलंब वापस लिया जाए तथा दिव्यांग कर्मचारियों को 58 वर्ष के स्थान पर 60 वर्ष तक सेवा विस्तार प्रदान किया जाए।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि दिव्यांग कर्मचारी पहले से ही शारीरिक एवं सामाजिक चुनौतियों के बीच अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में उनकी सेवा अवधि घटाने का निर्णय उनके आत्मसम्मान, मनोबल एवं सामाजिक सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में केंद्र की माननीय श्री नरेंद्र मोदी सरकार तथा राज्य की माननीय नायब सैनी सरकार दिव्यांगजनों के प्रति कृतसंकल्प है और उन्हें समाज के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए पूर्ण रूप से वचनबद्ध है। ऐसे में यह निर्णय सरकार की घोषित दिव्यांग-हितैषी नीतियों और सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत प्रतीत होता है।
संघ ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार दिव्यांग कर्मचारियों के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए इस निर्णय पर शीघ्र पुनर्विचार करेगी।
उन्होंने जानकारी दी कि इस विषय को लेकर शीघ्र ही संघ का एक प्रतिनिधिमंडल माननीय मुख्यमंत्री महोदय से भेंट करेगा और दिव्यांग कर्मचारियों के हित में न्यायोचित एवं सकारात्मक निर्णय की मांग रखेगा।
फोटो कैप्शन: नरेश कौशिक




धुंध का कहर जारी
- बढ़ गई है ठंड
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में धुंध और ठंड दोनों बढ़ गई हैं। जहां लगातार चार दिनों से धुंध बढ़ती ही जा रही है लेकिन धुंध सुबह करीब 7 बजे से पडऩी शुरू होती है और देर दोपहर तक चलती रहती है। तत्पश्चात ठंड चलती है। ठंड भी गत दिनों से बढ़ गई है। वैसे तो माना जाता है कि 14 जनवरी के बाद उत्तरायण शुरू हो जाता है और ठंड कम हो जाती लेकिन ठंड कुछ कम हुई है। इस समय जहां रबी फसल खड़ी है जिसमें सरसों, गेहूं और जो प्रमुख हैं। इन फसलों की ठंड की जरूरत होती है और जितनी ठंड चाहिए वह पर्याप्त मात्रा में मिल रही है।
 किसान कृष्ण कुमार, योगेश कुमार, रोहित कुमार आदि ने बताया कि फसलों के लिए ठंड की जरूरत होती है और ठंड नहीं पड़ेगी तो फसल में बढ़ोतरी नहीं हो पाएगी। इस समय सरसों पकान पर पहुंच चुकी है गेहूं और जौ में बालियां आने लग गई है। गेहूं और जो अधिक वृद्धि नहीं कर पाए हैं।  होलिका दहन पर्व पर जौ की जरूरत होती है, उस समय तक यह जौ पक जाते हैं। अभी होली पर रुको करीब एक माह बाकी है।
कनीना क्षेत्र में सुबह सवेरे वाहन चालकों को परेशानी होती है क्योंकि धुंध छाई रहती है और धुंध करीब 4-5 घंटे तक चलती है। बाद में मौसम खुल जाता है और धूप निकलती है।
 फोटो कैप्शन 04: धुंध का नजारा



संत मोलडऩाथ थे अति प्रकृति प्रेमी
-जोहड़ का करते थे पानी प्रयोग और रहते थे बणी में
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कनीना की आवाज।
 कनीना के परम संत मोलडऩाथ अति प्रकृति प्रेमी रहे हैं। आज से करीब 80 साल साल पहले संत मोलडऩाथ ने अपना आश्रम प्रकृति की गोद में बनाया था। जिस जगह संत का आश्रम है वहां कनीना की बणी होती थी। वैसे तो कनीना में छह बणियां/जंगल थी उन बणियों में से एक छोटी बनी थी। जिसका आकार कुछ छोटा था इसलिए उसका नाम छोटी बणी रखा था। कनीना का वर्तमान बस स्टैंड नहीं होता था। दूर दराज तक जाल के पेड़ थे। एक जाल के पेड़ जिसे जलौटा कहते थे जिसकी घनी छांव थी, जिसके नीचं उन्होंने अपनी कुटिया बनाई थी। उनकी कुटिया एक जलोटा के नीचे थे जोहड़ के किनारे पर स्थित थी।
यहां उल्लेखनीय कि संत मोलडऩाथ इसी जोहड़ के पानी को प्रयोग करते थे। उसी उसी के पानी से स्नान करते थे। यह पानी वर्षा का इकट्ठा होता था। आस पास के जीव जंतु और जंगल में रहने वाले पशु पक्षी भी इसी जल को पीते थे। ऐसे में संत मोलडऩाथ जोहड़ वर्तमान में मोलडऩाथ तालाब बना हुआ है और पक्का बना हुआ है। यह कभी जोहड़ होता था और इस जोहड़ में साफ पानी भरा रहता था। जो भी कोई भक्त आता वो इसी पानी का प्रयोग करता था। सबसे बड़ी खूबी थी कि संत मोलडऩाथ मोर, चिडिय़ां, गीदड़ आदि को नाम से पुकारते थे। एक बार नाम लेते तो वो चिडिय़ा, पक्षी और पशु दौड़कर आते थे। उनको वे चुग्गा देते थे। वो जीव जंतु अपना चुग्गा लेकर वहीं आसपास विचरते थे। सबसे बड़ी खूबी रही कि वह संत के चारों ओर इधर-उधर ही घूमते रहते थे। संत का इनसे अति लगाव था इसलिए पशु, पक्षी और प्रकृति के अति प्रेमी रहे हैं। वही वो इसजोहड़ के किनारे ही तप करते थे और तप करते हुए जो कुछ मन से बोलते थे वह सिद्ध हो जाता था। वर्तमान में संत मोलडऩाथ जिस जाल के पेड़ के नीचे रहते थे वह भी नहीं बची है और जोहड़ भी वर्तमान में तालाब में बदल दिया है। बाद में यही जोड़ गंदे पानी से लंबे समय तक भरा रहा। फिर नगरपालिका कनीना ने इसे पक्का करवा कर तालाब का रूप दिया। यह तालाब मौलाना नाथ और  श्याम दोनों के लिए जल का स्रोत होता है। परंतु इस समय इसका जल पीने योग्य नहीं रहा है। इसे नल से भरा जाता है।
संत भोलानाथ प्रकृति के इसलिए भी प्रेमी थे कि जहां-जहां भी गए उनमें रोड़वाल, मांदी, कांवी भोजावास, ढाणी बाठोठा,नीमराणा, नीमराना तथा मानसरोवर प्रमुख हैं। इन सभी जगह केवल प्रकृति में तप करने के लिए जाते थे। जहां भी तप किया वह स्थल आज भी आबाद हैं। संत मोलड़ जो जन्म से ही साधु के वेश में आए थे और सदा हंसते खेलते रहते थे, सदा खुश रहते थे और जो कुछ मिल गया उसी को खाने के रूप में प्रयोग करते थे। क्यों रखा था मोलड़ नाम -
क्योंकि बचपन से मोलडऩाथ हंसमुख रहे हैं, सदा खुश रहे थे और जहां ठहरने का मनद कर गया वहीं पर रहना शुरू कर देते थे। खेलते कूदते रहते थे। जहां तक की खाने में जो कुछ मिला वह खा लेते थे। आम भाषा में जिसे मोलड़ कहते हैं। इसी कारण से संत मोलडऩाथ बहुत अधिक समय प्रकृति और घुमक्कड़ जिज्ञासु रहे हैं। इसी लिए उनको मोलडऩाथ नाम दिया गया था। तत्पश्चात लोगों ने भी उन्हें मोलडऩाथ कहना शुरू कर दिया और आज तक मोलडऩाथ के परम संतों में मोलडऩाथ का नाम एक है। यूं तो कनीना के चारों दिशाओं में कोई ना कोई संत है किंतु इन सभी में  प्रमुख संतों में मोलडऩाथ  का नाम पहले लिया जाता है। जहां कभी किसी प्रकार का शुभ कार्य किया जाता है तो मोलडऩाथका नाम लिया जाता है। विवाह शादी हो, कोई दुकान चलानी हो, किसी पशु आदि का दूध चढ़ाना हो या अन्य शुभ कार्यों में मोलडऩाथ को याद किया जाता है। फरवरी माह में जहां जैतपुर धाम, खाटूश्याम के प्रमुख मेले लगते हैं वहां जाने वाले भक्त भी मोलडऩाथ से ही शुरुआत से ही शुरुआत करते हैं। जहां महाशिवरात्रि और शिवरात्रि का मेला आता है इसमें भारी संख्या में कावड़ बाघेश्वर धाम और दूसरे धामों पर अर्पित की जाती है। कनीना और आसपास के लोग मोलडऩाथ आश्रम पर जाकर से ही आकर विश्राम करते रहे हैं। यह सत्य है कि वर्तमान में श्याम मंदिर होने से भक्तों के लिए यहां पड़ाव श्याम मंदिर में लगने लग गया है।    
मोलडऩाथ आश्रम की सबसे बड़ी खूबी रही है कि यहां बहुत लंबे समय से भोजन और दूध का सदा प्रबंध रहा है। यदि रात्रि के समय किसी स्थल पर यदि संतों के लिए खाना दाना मिलता है तो वह मोलडऩाथ आश्रम है। कनीना के पूर्व में पार्षद रहे राजेंद्र सिंह ने लंबे समय तक यहां सेवा करते  आ रहे हैं। प्रतिदिन शाम को दूध और रोटियां रखते आये हैं ताकि कोई भी संत रात्रि को भूखा न सोये। अगर भूखा आये तो खाना खा सकता है। करीब 50 सालों से वो सेवा करते आ रहे हैं। वर्तमान में जहां रामनिवास महाराज मोलडऩाथ आश्रम में महंत की भूमिका निभा रहे हैं। वही विगत समय में सही करो शांति यहां सैकड़ों संत आए और गए हैं। यह आश्रम दूर दराज तक लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना है। यह एकमात्र धाम है जहां ऊंट और घोडिय़ां की दौड़ लंबे समय से चली आ रही है। बाद में कुछ जगह ऊंट एवं घाोडिय़ों की दौड़ शुरू करवा दी है किंतु कनीना का संत मोलडऩाथ आश्रम एकमात्र ऐसा स्थल है जहां सबसे पहले ऊंट दौड़ और घोडिय़ां की दौड़ शुरू की गई थी। किसी राजा महाराजा के वक्त ये दौड़ चलती थी किंतु मोलडऩाथ आश्रम पर भी ये दौड़ और दंगल होते आ रहे हैं। यह भी सत्य है कि संत मोलडऩाथ ने जिसको कोई वरदान दे दिया वह अभय वरदान बना। कनीना के शहर के जय नारायण यूं तो किसी संत में विश्वास रखते थे तो वह मोलडऩाथ थे। अब तो जयनारायण का भी निधन हो चुका है। जब कोई भक्त मोलडऩाथ के बारे में जयनारायण/जैनिया की दुकान प्रसिद्ध है, से मिलते थे तो बताते थे कि मोलडऩाथ में दो गुण प्रमुख रूप से देखने को मिले हैं। एक ओले भगाने की क्षमता और दूसरी हैजा भगाने की क्षमता।  एक बार का वो वर्णन करते थे कि उन्होंने बेर बेचने के लिए बाग ले रखा था। बहुत बेहतरीन बेर लगे हुए थे। जय नारायण ने समझा क्यों न बेर संत को दिए जाएं। एक दिन आकाश में बादल गरजने लगे ऐसा लगा कि ओलावृष्टि होगी। जय नारायण संत के पास पहुंचे बेर उनको देकर कहा कि संत ये बेर खा लो और यह कुछ समय के बचे है।  थोड़ी देर बाद में ये खत्म हो जाएंगे। संत ने पूछा ऐसा क्यों? जय नारायण ने बताया कि ये देखिए ओलावृृष्टि होने लगी है और ये ओलावृष्टि सारे बेरों को खत्म कर देगी। संत ने कहा अच्छा ऐसी बात है तो मैं देखता हूं और उन्होंने अपना चोला उठाया और आकाश में घूमाकर कहा-चलो यहां से दूर और जयनारायण डेरीवाले से कहा कि वो देखिये वर्र्तमान में जहां रेवाड़ी की सीमा हैं वहां पहुंचा दिये हैं। जय नारायण ने समझा कि मोलडऩाथ एक संत। ऐसे ही कह दिया होगा। परंतु अगले दिन उन्हें पता लगा कि दूर दराज वर्तमान में जो गांव रेवाड़ी के हैं वहां भारी ओलावृष्टि हुई और कनीना में ओलावृष्टि नहीं हुई। तब से उन्होंने पूजना शुरू कर दिया।  उन्होंने बताया कि कि संत हमेशा शांत स्वभाव में तल्लीन रहते थे, तप करते थे और उनकी सबसे बड़ी विशेषता थी कि उनके पास जो भी भक्त आता था उन्हें प्रसाद उनकी पसंद का ही देते थे।
संत आश्रम फोटो साथ है





कनीना के परम संत मोलडऩाथ का मेला 27 फरवरी को
-आयोजित होंगी कुश्ती, कबड्डी, ऊंट और देसी घोडिय़ों की दौड़
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कनीना की आवाज।
 कनीना के परम संत मोलडऩाथ का मेला 27 फरवरी फागुन शुक्ल एकादशी को आयोजित होगा।
 जिसमें कुश्ती, कबड्डी, ऊंटदौड़ एवं देशी घोडिय़ों की दौड़ आयोजित होगी। मोलडऩाथ आश्रम ट्रस्ट प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि 26 फरवरी को रात 8 बजे जागरण होगा। जागरण फुटबाल के खेल के मैदान में आयोजित होगा जिसमें प्रदीप जांडली, आरके लहरी, आंचल पांचाल, अन्नू शर्मा आदि बाबा का गुणगान करेंगे। ऊंट एवं घोडिय़ों की दौड़ 27 फरवरी को प्रात: 8 बजे आएगी तो होगी। ऊंटों की दौड़ में प्रथम 51  51 हजार, दूसरा इनाम 41000 तीसरा 31 हजार, चौथा 21000 तथा पांचवा इनाम 11000 रुपए का होगा। इसी प्रकार देसी घोडिय़ों में प्रथम 51 हजार, दूसरा 41 हजार, तीसरा 31000 ,चौथा 2100 तथा पांचवां 11000 रुपये का होगा।  घोडिय़ों की चाल आयोजित होगी जिसमें प्रथम इनाम 21 हजार  दूसरा इनाम 15000 रुपए और तीसरा इनाम 7100 रुपए का होगा। सर्कल कबड्डी आयोजित होगी जिसमें प्रथम इनाम 71000 रुपए तो दूसरा इनाम 51 हजार और तृतीय नाम 21000 रुपए का होगा। बेस्ट कैचर को 5100 रुपए और बेस्ट रैडर को भी 5100 रुपए का इनाम दिया जाएगा। 51 रुपए से लेकर 31000 रुपए तक की कुश्तियां आयोजित होगी।
 उल्लेखनीय है कि तीन दिनों तक यह मेला आयोजित होता है। जहां प्रथम दिन बाबा का जागरण एवं गुणगान होता है दूसरे दिन मेला एवं दौड़ आयोजित होती हैं और तीसरे और अंतिम दिन आए हुए भक्तजनों को विदा किया जाता है। कनीना का यह सबसे प्रमुख और सबसे प्रसिद्ध मेला है। इस मेल को लेकर हरियाणा ही नहीं नहीं दूसरे प्रदेशों से भी भक्त आते हैं और दौड़ आदि में भाग लेते हैं। कनीना कस्बा का कोई भी व्यक्ति कहीं हो वह इस दिन जरूर आकर शक्कर का प्रसाद चढ़ाता है। संत की अब तक चारकंृतियां, आरतियां, कैलेंडर, बाबा चालीसा आदि प्रकाशित हो चुके हैं। इनमें तो एक पुस्तक आईएसबीएन तक की भी प्रकाशित हो चुकी है। कनीना निवासी डा. होशियार सिंह यादव ने बाबा के प्रचार एवं प्रसार में अहं योगदान दिया है। उधर बाबा का प्राचीन जोहड़ अब जल से भराने की तैयारी की जा रही हैं।
फोटो कैप्शन 01: संत मोलडऩाथ की प्रतिमा कनीना




 निजी बसों व परिवहन समिति की बसों में रियायती पास एवं मुफ्त बस पास का है प्रावधान
--आरटीआई से हुआ खुलासा
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कनीना की आवाज।
 हरियाणा प्रदेश में चलने वाली सहकारी परिवहन समिति एवं निजी बसों में स्टेज कैरिज स्कीम 2016 के तहत विभिन्न मार्गों पर संचालित बसों में मुफ्त यात्रा एवं रियायती यात्र जैसे विद्यार्थियों के बस पास, वरिष्ठ नागरिकों का आधा किराया आदि का प्रावधान है।  परिवहन आयुक्त हरियाणा, चंडीगढ़ से मांगी गई सूचना के आधार पर स्पष्ट किया गया है। सूचना मांगी गई थी कि उच्च न्यायालय पंजाब एवं हरियाणा द्वारा रियायती एवं विद्यार्थी बस पास पर स्टे किए जाने के आदेश की प्रति मांगी गई थी जिसमें आयुक्त ने लिखा है कि अभी तक ऐसा कोई स्टे आदेश नहीं दिया है।
 उन्होंने जवाब में दिया लिखा है कि मैं न्यायालय द्वारा ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है। ऐसे में छात्रों को मुफ्त बस पास की सुविधा और वरिष्ठ नागरिकों के परिवहन समिति एवं निजी बसों में यथावत लागू है। यही नहीं आईटीआई में एक सूचना मांगी गई कि उच्च न्यायालय पंजाब में हरियाणा के स्टे आदेशों को हरियाणा प्रदेश में लागू किए जाने की प्रति उपलब्ध कराई जाए। आयुक्त ने कहा है कि न्यायालय द्वारा ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया है ऐसे में स्पष्ट है कि पंजाब में हरियाणा न्यायालय द्वारा बसों में सहकारी परिवहन समिति और निजी बसों में रियायती यात्रा एवं मुफ्त यात्रा करने पर कोई रोक नहीं लगाई है। ऐसा कोई आदेश परिवहन विभाग के पास नहीं पहुंचा है।




श्रीकृष्ण गौशाला में कई लोगों ने दिया दान
-गौशाला कार्यकारिणी ने









किया उनका अभिनंदन
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कनीना की आवाज। कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में धर्मपाल करीरा निवासी ने पशुओं के पानी की खेल बनाने के लिए 21 हजार रुपए का दान दिया और गायों को गुड़ खिलाया। इस मौके पर ग्राम सचिव अंजली कोटिया निवासी ने भी 5100 रुपए देकर एक गाय गोद ली है। श्रीकृष्ण गौशाला पदाधिकारियों ने उन सभी का अभिनंदन किया है।
    प्रधान भगत सिंह ने कहा कि गायों की सेवा सर्वश्रेष्ठ सेवा होती हे। हमें दिल खोलकर गायों की सेवा करनी चाहिए। भगत सिंह ने कहा कि गायों की सेवा से सभी पाप मिट जाते हैं और पुण्य का भागी बन जाता है। इंसान को जरूर गायों की सेवा करनी चाहिए ताकि अपने जीवन में नाम कमा सके। उन्होंने कहा गायों की सेवा भगवान श्रीकृष्ण ने की थी इसलिए गोपाल कहलाए। आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में गायों के प्रति फिर से वो लगाव उत्पन्न होने लगा है जो वर्षों पहले सिर चढ़कर बोल रहा था। उन्होंने बताया कि कनीना श्रीकृष्ण गौशाला से करीब 500 गाए गोद ली जा चुकी है और भक्तों द्वारा दान दिया गया है। वहीं गौशाला में अमूल चूल परिवर्तन किये जा चुके हैं। आने वाले समय में श्रीकृष्ण गौशाला प्रदेश भर में नंबर वन होगी।
   उल्लेखनीय है कि समय समय पर कुछ ऐसे उदार लोग धरा पर आते हैं जो अपनी कर्मठता के चलते लोगों के दिलोदिमाग पर छा जाते हैं। ऐसी ही एक शख्सियत इस वक्त गौशाला के प्रधान बतौर भगत सिंह ने कार्यभार संभाल रखा है। कहते हैं कि जिसमें कुछ करने की तमन्ना हो वो कुछ नया करके ही दिखाते हैं। भगत सिंह ने गौशाला में आकर अमूल चूल परिवर्तन कर दिखलाये हैं जो अपने आप में भागीरथ से कम नजर नहीं आते हैं।  इस समय श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में 2500 गौवंश हैं। जिनके लिए गौशाला में व्यापक प्रबंध किये गये हैं। आज से छह माह पहले जो गौशाला रंग रही थी वो आज उड़ान भरने की कगार पर है। कभी गौशाला में लोग जाते हुए कतराते थे अब पूरे परिवार सहित खुशी खुशी जाकर दानपुण्य कर रहे हैं जिसके पीछे भगत सिंह नामक भागीरथ मिल गया है जो भागीरथी प्रयास कर गौशाला को आधुनिकतम की ओर ले जा रहे हैं।
 इस मौके पर प्रधान भगत सिंह, बलवान सिंह आर्य, दिलावर सिंह, मा. भूप सिंह, धर्मपाल करीरा, मा. राम प्रताप आदि उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 02: गौशाला में दान करने आए हुए


Tuesday, February 3, 2026



 

कनीना की मांगों के लिए दीपक चौधरी ने दिया ज्ञापन
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कनीना की आवाज।
आरती सिंह राव स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा सरकार  से सचिवालय  चंडीगढ़ में मुलाकात कर दीपक चौधरी पार्षद कनीना की दो प्रमुख मांगों को रखी। जिनमें  मुख्यतौर पर बाबा मोहलडऩाथ धाम कनीना के निर्माणाधीन भवन के लिए आर्थिक सहयोग राशि प्रदान करवाने के लिए रखी गई। जिसके लिए मंत्री आरती सिंह राव ने पूरा आश्वासन दिया है कि गांव के लोगों की धार्मिक आस्था को ध्यान में रखकर हर संभव मदद करेंगी। मंदिर कमेटी के प्रधान दिनेश और कमेटी सदस्यों द्वारा शुरू किए गए निर्माण कार्य की लिए सराहना की। दूसरा कार्य होलीवाला जोहड़ के सौंदर्यीकरण के लिए नगरपालिका के पास उपलब्ध सरकार द्वारा दी गई ग्रांट में से रुपये रिलीज करने के लिए डीएमसी नारनौल को संबंधित पत्र के बारे में संज्ञान लाने के लिए फारवर्ड किया ताकि सरकारी ग्रांट का पैसा कनीना के विकास कार्यों में लगे। सरकार की स्कीम के अनुसार पहले आयी हुई ग्रांट जब लग जाती है उसके बाद ही नई ग्रांट मिलने का प्रावधान है।  स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने दोनों बातों को सुना और तत्परता से इन दोनों मांगों को जल्द पूरा करवाने का आश्वासन दिया।  इस समय कनीना से देवेन्द्र कनीना और कृष्ण कुमार साथ रहे।
फोटो कैप्शन 09: दीपक चौधरी ज्ञापन देते हुए


कोटिया स्कूल में चल रहा है छह दिवसीय योग शिविर
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कनीना की आवाज।
 शहीद हनुमान सिंह राजकीय माध्यमिक विद्यालय कोटिया में 6 दिवस योग प्रशिक्षण का आयोजन चल रहा है। पतंजलि योग प्रशिक्षक सीताराम ने विद्यालय के सभी बच्चों को सूर्य नमस्कार अन्य आसनों एवं प्राणायामों करवाया।
 देशराज रिटायर्ड मुख्य शिक्षक ने बताया कि सभी बच्चों का वह विद्यालय स्टाफ इस कार्यक्रम में रुचि लेकर अभ्यास कर रहे हैं और स्वामी रामदेव के नारे को साकार करने का प्रयास कर रहे हैं- करो योग रहो निरोग। सीताराम प्रशिक्षक बच्चों को योग प्राणायाम का जीवन में महत्व के बारे में भी साथ-साथ बताते रहते हैं। विद्यालय परिवार में दीपक, सत्यवीर, देशराज यादव, संजू यादव, रेखा एवं मनफूल ने इस प्रशिक्षण की सराहना की और कहा है कि ऐसे कार्यक्रम स्कूल में निरंतर चलते रहने चाहिए ताकि बच्चों को लाभ मिल सके।
फोटो कैप्शन 07: योग करते हुए बच्चे



शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे मंत्री के निजी सचिव
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कनीना की आवाज।
हनुमान शर्मा अगियार की माता शान्ति देवी का देहांत 31 जनवरी को हो गया था। वो अपने पीछे एक भरा पूरा परिवार छोड़ गई जिसमें उनके दो बेटे,तीन पोते,तीन पड़पोते,एक पड़पोती शामिल है। शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के लिए आस पास के विभिन्न गांवों से गणमान्य लोग पहुंच रहें हैं। हनुमान शर्मा को मातृ शोक श्रद्धांजलि देने लिए आरती सिंह राव,स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा सरकार के पर्सनल सचिव गोविंद कनीना, पवन खैरवाल, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष महेंद्रगढ़ बीजेपी, मुकेश यादव अटेली मंडल अध्यक्ष, प्रवीण यादव बाछोद मंडल अध्यक्ष, विनीत कुमार सरपंच सेहलंग,सत्यवीर यादव पूर्व उपाध्यक्ष भाजपा महेंद्रगढ़,र ाजेंद्र भारद्वाज पूर्व मंडल अध्यक्ष कनीना, शक्ति सिंह पोता, दीपांशु शर्मा, अश्वनी शर्मा, निलेश कौशिक, हार्दिक शर्मा,राघव शर्मा, चैतन्या शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 08: श्रद्धांजलि देते हुए सचिव, मंत्री आरती सिंह राव



डांडा गाडऩे के पीछे माना जाता है फसल पैदावार का पूर्व अनुमान
-होली दहन से एक माह पहले गाड़ा जाता है डांडा
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कनीना की आवाज।
होलिका दहन की ग्रामीण क्षेत्रों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। वैसे तो बसंत पंचमी को ही होली का डांडा गाडऩे का रिवाज है जबकि कनीना में होलिका दहन 2 मार्च होगा और जबकि कुछ गांवों में होली का डांडा बसंत पंचमी को ही गाड़ दिया है।
  डांडा गाडऩे का अर्थ सीधे शब्दों में बताते हुए ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि विधि विधान से जल का घड़ा भूमि में दबाकर ईंधन डाल देते हैं जिसके बाद गांव में कोई पर्व नहीं मनाते जब तक कि होलिका दहन का काम पूर्ण न हो जाये। कुछ जगह सवा माह पहले तो कुछ जगह एक माह पूर्व ही डांडा गाडऩे का रिवाज है।
क्या है डांडा-
कनीना में वर्षों से होलिका दहन रेवाड़ी रोड़ के पास एक जोहड़ के किनारे संपन्न होता है जिसे होलीवाला जोहड़ कहा जाता है। होली से एक माह पूर्व एक घड़े में पानी भरकर अच्छी तरह ढककर होलिका दहन स्थल पर गाड़ दिया जाता है जिसे होली का डांडा नाम से जाना जाता है।
 बाबू वेदप्रकाश, सूबे सिंह, राव मोहर सिंह आदि बताते हैं कि डांडा गाडऩे के बाद बहुएं अपने ससुराल को नहीं छोड़ती उनके लिए मायके जाना भी अशुभ माना जाता है। तत्पश्चात डांडे के ऊपर ईंधन उपले व गोबर के बने हुए ढाल व तलवार कस्बावासी मिलकर डालते हैं। उनका मानना है कि पुराने समय में नव विवाहिता अपने ससुराल पक्ष में जाकर लावणी आदि कार्यों में हाथ बंटाती थी जिसके कारण यह प्रथा बनाई गई है।
होलिका दहन के बाद, एक निश्चित गहराई पर गाड़ी गए जल के घड़े को निकाला जाता है और इस में जल की मात्रा को देखा जाता है। यदि घड़ा जल से पूरा भरा मिलता है तो इसे बेहतर पैदावार होने की उम्मीद जताई जाती है जबकि घड़े में जितना पानी कम होता जाता उतनी फसल पैदावार कम मानी जाती है। सैकड़ों वर्षों से यही रिवाज चला रहा है। होलिका दहन स्थल पर यह प्रथा विधि विधान से पूर्ण की जाती है। जहां पकी हुई बालियों को होली में भूलकर लावणी शुरू करने की प्रथा है वही पानी की मात्रा देखकर पैदावार का पता लगाते हैं। क्या कहते हैं डांडे के विषय में कनीना के लोग -
गांव के राजेंद्र सिंह बताते हैं कि उनके पूर्वजों से यही प्रथा चली आ रही है। पानी के घड़े को भूमि में दबाया जाता है और उस पर एक माह तक ईंधन डालकर होलिका दहन किया जाता है। जब होलिका दहन पूर्ण हो जाता है अगले दिन इसे निकालकर पानी की मात्रा देखी जाती है जिसे फसल पैदावार अर्थात शामत का अनुमान लगाते हैं। पुराने समय में किसानों के पास यही आधार था जिससे फसल पैदावार का अनुमान लगाते थे।
राजेंद्र सिंह किसान का कहना है कि यह रिवाज उनके पूर्वजों से सुनते आ रहे हैं। उनका कहना है कि विज्ञान बेशक इसे न माने परंतु घड़े का पानी जितना काम होता है उतनी फसल पैदावार कम होती है। यह कनीना के होली वाला जोहड़ पर पूर्वजों से चला आ रहा एक रिवाज है।
क्या कहते हैं डांडा गाडऩे वाले-
कनीना के रोहताश सिंह, राजकुमार, प्रदीप, वेदप्रकाश, सज्जन सिंह एवं देवेंद्र कुमार डांडा गाडऩे का काम करते हैं। उनका कहना है कि करीब 3 फुट गहराई में डांडा गाड़ा जाता है तथा विधि विधान से डांडा गाड़कर उस पर ईंधन डाल दिया जाता है। इसके बाद होली के खेल की शुरूआत होती है। पकती फसल को देखकर लोग खुशी खुशी विभिन्न खेल खेलते हैं।
अब तो कनीना में ही दो स्थानों पर होली दहन किया जाता है। कभी पूरे कस्बा का एक ही होली दहन स्थल होता था।
 फोटो कैप्शन 05: होलीवाला जोहड़ पर डांडा गाड़ा हुआ दिखाते हुए




गांव झाड़ली में हुई हत्या के मामले में दो आरोपित गिरफ्तार
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कनीना की आवाज।
थाना सदर पुलिस कनीना द्वारा आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गांव झाड़ली में हुई हत्या के मामले को सुलझाते हुए आज दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राजकुमार और विनोद कुमार निवासी गांव झाड़ली के रूप में हुई है। इस घटना के संबंध में मृतक के पुत्र कृष्ण कुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनके परिवार की आरोपियों के साथ पुरानी रंजिश चल रही थी, जिसके चलते फरवरी 2025 में भी एक मुकदमा दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता के अनुसार, दिनांक 01 फरवरी 2026 की रात करीब 9 बजे जब उसके पिता अनिल एक कुआं पूजन कार्यक्रम में गए थे, तभी एक व्यक्ति उन्हें बुलाकर बाहर ले गया, जहां पहले से घात लगाए बैठे राजकुमार, विनोद और अन्य ने लाठी, डंडों और कुल्हाड़ी से उन पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल अनिल को पहले कनीना के सरकारी अस्पताल और बाद में पीजीआई रोहतक ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 02 फरवरी 2026 को उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी राजकुमार और विनोद को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ में वारदात में प्रयोग की गई लाठी बरामद की है। आरोपियों को आज न्यायालय में पेश किया गया।
फोटो साथ है





कुतरूं प्राचार्य के कारनामे-10
 आज कुछ समाजसेवी बने हैं कल तक वो कुतरूं से मिलकर करते थे जमकर शिकायतें
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कनीना की आवाज।।
 कनीना निवासी डा. होशियार सिंह यादव ने बतौर विज्ञान अध्यापक एवं प्राध्यापक 40 सालों तक शिक्षण कार्य किया है। उन्होंने स्कूल, कालेज निजी और सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य किया है। इस अवधि दौरान करीब 35 विभिन्न स्कूल प्राचार्यों के साथ काम किया और उनमें से चंद कुतरूं प्राचार्य निकले। जिनका नाम लेते ही तन मन में दर्द होता है। जिनकी भावना हीन रही है। किसी के काम को रोकने आए हैं। सच का साथ नहीं दिया और उन्होंने सदा ही अच्छे और स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों का विरोध किया। ऐसे ही कुतरूं प्राचार्य के कारनामे सामने आये हैं। आज एक कारनामा यहां उजागर किया जा रहा है।
 यहां उल्लेखनीय है कि अनेक कई ऐसे शिक्षक रहे हैं जो आज समाजसेवी बने घूम रहे हैं लेकिन कल तक वो कुतरूं प्राचार्य के बहुत नजदीकी रहे हैं और उससे मिलकर सदा ही डा. होशियार सिंह यादव विज्ञान अध्यापक का विरोध किया। उन्होंने यहां तक की होशियार सिंह को नौकरी से हटाने के अथक एवं जमकर प्रयास किया। यह सत्य है कि उन्होंने मंत्री नेता,कितने ही संतों और किसी बड़े अधिकारियों से  मिलकर न केवल डा. होशियार सिंह की बार बार शिकायत करवाकर जांच करवाई अपितु 29 बार तबादला करवाया। और कितने ऐसे कारनामे की है जिनके चलते लगता है कि ये लोग समाजसेवी नहीं अत्याचारी हैं। आज भी इधर-उधर किसी मोड़ पर ये लोग मिल जाते हैं। करीब चार लोग ऐसे रहे हैं जो कुतरूं प्राचार्य के बहुत करीबी थे। कहावत है-घर का भेदी लंका ढाए। उन्होंने डा. होशियार सिंह के बारे में कुतरूं को उल्टी सीधी पट्टियां पढ़ानी शुरू कर दी और न जाने कितनी आरटीआई लगवाई। बाद में तो डा. होशियार सिंह ने उनके विरुद्ध इतनी आरटीआई लगाकर आंकड़े इकट्ठे किए अलमारी में भरे पड़े हैं। परंतु हर इंसान का एक समय होता है। कुतरूं प्राचार्य से मिलकर ये विरोध जताते रहे जबकि उन्हें मालूम था कि डाक्टर होशियार सिंह शिक्षण कार्य में कभी पीछे नहीं रहेंगे। इसलिए पढ़ाने वालों की कदर तो ये लोग करते ही नहीं थे क्योंकि खुद जिन्होंने कभी पढ़ाया तो वे दूसरे को पढ़ाते हुए नहीं देख पाते थे। 29 बार बदली होने के पीछे भी यही एक कारण था। ऐसे लोगों से जब डा. होशियार सिंह की भेंट होती है तो बड़ा दर्द और अफसोस होता है कि समाज में कहीं भी रहेंगे कलंक कहलाएंगे क्योंकि इनका कार्य ही सदा उल्टे सीधे काम करना होता है, अति स्वार्थी भी हैं। कुतरूं प्राचार्य ने इनका सहारा लेकर के डाक्टर होशियार सिंह का कितना ही बुरा करना चाहा, कितनी ही आरटीआई लगाई, कितने ही उनके मिलने वाले लाभों को रोकने का प्रयास किया किंतु जिनके साथ प्रभु होते हैं उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाता। यह सत्य है कि बहुत से डा. होशियार सिंह के लाभ आज तक नहीं मिले। इसी कड़ी में जहां 10 फरवरी को भी पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में एक सुनवाई होनी है। खैर इन्होंने दूसरों का बुरा किया और चाहा तो आज उनका भी कुछ भला नहीं हुआ। कहावत है कर भला सो  हो भला। जिन्होंने दूसरों का बुरा किया उनका खुद का कैसे भला होगा। इस गैंग में कनीना कस्बे के ही नहीं कई बाहर के भी गांव के भी लोग शामिल थे जिनकी सारी सूची मैंने अपनी पुस्तक में प्रकाशित कर दी है। इनको कनीना और आसपास के लोग भी जानते हैं। इसलिए इन लोगों को जो कुतरूं का साथ देते हैं नीच अधम प्राणी बोलते हैं। किसी से पूछा जाए वे बस यही कहेंगे इनका तो जीवन में बुरा करने का उद्देश्य रहा है। कहने को तो अब वह समाज सेवा में जुट रहे हैं। यूं दिखाई देता है कि पता नहीं कितनी समाज सेवा की है लेकिन समाज का अहित जमकर किया है। इस वक्त समाज को ऐसे लोगों से बचकर रहने की जरूरत है वरना ये समाज को भी कलंकित कर डालेंगे।



लाठी-डंडों से पीटकर व्यक्ति की हत्या के मामले में दो आरोपी काबू
-तीसरे को किया जाएगा जल्द ही गिरफ्तार-पुलिस
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कनीना की आवाज।
उपमंडल के गांव झाड़ली में पुरानी रंजिश के चलते हुई हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव झाड़ली निवासी विनोद व राजकुमार के रूप में हुई है। दोनों आरोपी सगे भाई हैं। पुलिस ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 152 डी के नजदीक गांव खेड़ी से आरोपियों को काबू किया है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि हत्या के इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मृतक अनिल के बेटे कृष्ण कुमार की शिकायत पर राजकुमार, विनोद और भावना के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजकुमार व विनोद को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। बता दें कि रविवार रात को आरोपियों ने अनिल कुमार को लाठी-डंडों व कुल्हाड़ी से मारपीटकर बुरी तरह घायल कर दिया था। घायलावस्था में परिजन अनिल को उपचार के लिए उप नागरिक अस्पताल कनीना ले गए थे। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद गंभीर हालत में पीजीआई रोहतक रेफर किया था। पीजीआई में चिकित्सकों ने अनिल को मृत घोषित कर दिया था। सोमवार देर शाम को ही मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों और मृतक के बीच करीब दस सालों से पारिवारिक रंजिश चली आ रही थी। पुलिस के अनुसार आरोपी राजकुमार ने फरवरी 2025 में मृतक अनिल के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करवाया था। वहीं मृतक अनिल करीब चार महीने पहले जमानत पर बाहर आया था तथा इसी मामले में दूसरा आरोपी मृतक का अनिल का बेटा धर्मेंद्र भी करीब डेढ़ महीने पहले ही जमानत पर बाहर आया था। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।



महाशिवरात्रि मेला-15 को
 शिव के  प्रति अगाध आस्था ने बनवाया शिवालय
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कनीना की आवाज।
कनीना के शिवभक्त भरपूर सिंह निर्बाण की शिव के प्रति आस्था जागृत हुई फिर कावड़ लाने का सिलसिला शुरू किया तत्पश्चात उन्होंने कनीना में ही विशाल शिवालय का निर्माण करवाया।
  कनीना के मोदीका मोहल्ले का रहने वाला भरपूर सिंह पेशे से एक छोटा सा दुकानदार है किंतु उनकी आस्था विशाल है। अच्छी आमदनी न होते हुए भी उन्होंने शिव के प्रति विश्वास नहीं छोड़ी। अपने एक साथी तथा कनीना में सर्वाधिक कावड़ लाने का रिकार्ड कायम करने वाले सुमेर सिंह चेयरमैन से वे इतने प्रभावित हुए कि नीलकंठ एवं हरिद्वार से कावड़ लाने का सिलसिला शुरू कर दिया। वे लगातार 13 वर्षों तक कावड़ लाते रहे। अपनी दुकान का काम छोड़कर भी वे कावड़ लाते और कावड़ लाकर कनीना के गांव बाघोत स्थित बाघेश्वरी धाम पर चढ़ा देते। वे शिव के प्रति इतने आशक्त हो गए कि उन्होंने अपने खून पसीने की पूंजी से कनीना में विशालकाय शिवालय बनवाने का निर्णय लिया।
 कनीना के बाबा मोलडऩाथ मंदिर के पास ही भरपूर सिंह ने 21 फुट ऊंची प्रतिमा वाले शिवालय का निर्माण शुरू करवा दिया। पूरे एक वर्ष तक काम चलने और लाखों रुपये खर्च करके उनका शिवालय पूर्ण हो गया। आखिरकार शिवरात्रि के दिन वर्ष 2001 में यह शिवालय आमजन के लिए खोल दिया गया।  यहां उल्लेखनीय है कि भरपूर सिंह के इस शिवालय पर जो भी खर्चा आता है वह स्वयं वहन करता है। चढ़ावे के रूप में जो अन्न आता है उसे वह बोरों में भरकर या तो गौशाला को दान कर देता है या फिर गायों को चरा देता है।
 शिवरात्रि एवं महाशिवरात्रि को यहां भारी भीड़ जुटती है तथा भक्त शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। हर वर्ष छोटा मेला भी लगता है।
फोटो कैप्शन 04: कनीना का 21 फुट ऊंची प्रतिमा वाला शिवालय।




 आर्यभट्ट गणित चैलेंज में देश के शीर्ष 100 विद्यार्थियों में स्थान प्राप्त करने पर किया सम्मानित ****************************************************
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कनीना की आवाज।
बीआर आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेहलंग में पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सीबीएसई द्वारा आयोजित आर्यभट्ट गणित चैलेंज 2025 में विद्यालय के कक्षा दसवीं के तीन विद्यार्थियों—निकिता गांव सेहलंग, अंजलि आकोदा तथा चाहत पोता द्वारा देश के शीर्ष 100 विद्यार्थियों में स्थान प्राप्त करने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इसी क्रम में हाल ही में आयोजित खंड स्तरीय लीगल लिटरेसी क्लब प्रतियोगिता में कक्षा दसवीं की छात्रा चाहत ने पेंटिंग में प्रथम स्थान तथा अंजलि ने निबंध लेखन प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया।
इसके अतिरिक्त इंटरनेशनल इंग्लिश ओलंपियाड में कक्षा चौथी के विद्यार्थियों पंकज, निहिर तथा भाविक ने गोल्ड मेडल आफ डिस्टिंक्शन प्राप्त कर विद्यालय को गौरवान्वित किया।
विद्यालय के चेयरमैन हरिश भारद्वाज ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यहाँ के विद्यार्थी हर क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। यह विद्यालय की गुणवत्ता, शिक्षकों की मेहनत और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। हमारा उद्देश्य बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रखकर उन्हें सर्वांगीण विकास की ओर अग्रसर करना है।
प्रधानाचार्या ज्योति भारद्वाज ने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता उनकी लगन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। विद्यालय सदैव विद्यार्थियों को आगे बढऩे के लिए उचित मार्गदर्शन और अवसर प्रदान करता रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा सभी सफल विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को शुभकामनाएं दी गईं तथा उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
फोटो कैप्शन 02: पुरस्कार वितरण समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए



सघन धुंध पड़ी, दोपहर तक चली
-कनीना में लगातार बदल रहा है मौसम
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कनीना की आवाज।
 विगत एक सप्ताह में कनीना में दो दिनों धुंध छाई रही जो दोपहर तक चलती रही। इससे पहले दो दिनों से ही धूप खिली, मौसम साफ रहा तथा सुबह सवेरे कुछ समय के लिए हल्की धुंध पड़ी। शनिवार को बूंदाबांदी भी हुई।
 उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में लगातार मौसम बदल रहा है, कभी ठंड कभी पाला जमना, कभी बादल छाना, कभी वर्षा, कभी मौसम साफ रहना आदि घटनाएं लगातार घट रही हैं। जिसके चलती किसानों के माथे पर चिंता की रेखाएं बनी हुई हैं। किसान लगातार मौसम को तथा अपनी फसलों को निहार रहे हैं। किसानों का मानना है कि शायद अब मौसम साफ रहेगा और उनकी फसल वृद्धि करेगी। अभी तक गेहूं की वृद्धि नहीं हो पाई है। गेहूं की फसल बहुत छोटी है। सरसों की फसल पकान  पर जा चुकी है। गेहूं की फसल अभी छोटी है।
 किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह , रवि कुमार योगेश कुमार आदि का कहना है कि अब गेहूं में बढ़ोतरी होगी और जल्दी पक जाएगी। होली पर्व तक सभी फसलें पक जाती है। इस बार होली का पर्व 4 मार्च को लगेगा। ऐसे में किसान अभी तक खुश हैं और अपनी फसलों पर नजर जमाए हय हैं।
फोटो कैप्शन 03: कनीना क्षेत्र में छाई धुंध

 

 










गौशाला प्रांगण में मनाया जितेंद्र ने 48वां जन्मदिन
-11000 रुपए दिया दान
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कनीना की आवाज।
कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में गौभक्त जितेंद्र ने अपना 48वां जन्मदिन परिवार एवं गौशाला कार्यकारिणी की उपस्थिति में हर्षोल्लास से मनाया। जितेंद्र के बड़े भाई कैप्टन रविंद्र सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी संतोष देवी ने शुभ आशीष दिया। जितेंद्र ने गौशाला को 11000 रुपए सहयोग राशि दी।
  इस मौके पर भगत सिंह प्रधान गौशाला ने कहा कि गायों को दान पुण्य जरूर करते रहना चाहिए। किसी भी अवसर पर गौशाला में आकर चारा चराने, सवामणि लगाने,गुड़ आदि खिलाने, गाय गोद लेने या अन्य किसी प्रकार की गायों की सेवा के लिए जरूर पहुंचना चाहिए। गायों की सेवा  से पाप और संताप सभी नष्ट हो जाते हैं। गायों की सेवा सर्वोत्तम सेवा मानी गई है। गाय को माता का दर्जा दिया गया इसलिए गायों की सेवा जरूर घर पर या गौशाला में करनी चाहिए। जिनके पास घर पर गाये हैं वो घर पर उनकी सेवा करें और अगर गाय नहीं है तो गौशाला में आकर सेवा कर सकते हैं।
  उन्होंने बताया कि गौशाला को आधुनिकतम बनाया गया है। कनीना वासी और आसपास के लोगों का फर्ज बनता है कि आकर के गौशाला में गायों के दर्शन करें।
 इस मौके पर श्रीकृष्ण गौशाला केे सभी पदाधिकारियों ने उनका अभिनंदन किया।
इस मौके पर जितेंद्र के बड़े भाई कैप्टन रविंद्र सिंह ने भी 2100 रुपए गौशाला को सहयोग दिया। इस मौके पर अनीता देवी, मुकेश देवी, प्रवीन, भुवनेश, अरविंद राज सिंह ठेकेदार, सतबीर गुगनवाला, राज सिंह धर्म कांटा, गौशाला प्रधान भगत सिंह, अशोक कुमार, डा. नीरज, प्रवीन ठेकेदार, ओम प्रकाश भडफ़ सहित गणमान्य जन उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: गौशाला में दान देते गौभक्त