**KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**
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Saturday, February 28, 2026
कुतरूं प्राचार्य के कारनामे -5 मार्च से
-घर से बाहर होने के कारण नहीं भेज पाया अगली कडिय़ां
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कनीना की आवाज। कुतरूं प्राचार्य के कारनामों पर चल रही कडिय़ों में को बीच में इसलिए विराम दिया गया क्योंकि मुझे लखनऊ, बरेली, प्रयागराज और कई स्थानों पर मजबूरी में जाना पड़ गया फिर 15 दिनों के बाद लौटने पर खाटू धाम पदयात्रा पर चला गया। फिर जैतपुर धाम पर चला गया। इस प्रकार समय नहीं मिल पाया और कुतरूं प्राचार्य की जो कडिय़ां प्रस्तुत की जा रही थी वां आगे नहीं बढ़ पाई। अब फिर से 5 मार्च से कुतरूं प्राचार्य के कारनामों की कडिय़ां जारी रहेगी। आशा एवं विश्वास है कि आपका सहयोग सदा बना रहेगा।
होली पर्व पर जल बचत पर देंगे जोर
-सादगीपूर्ण मनाएंगे प्रबुद्ध जन होली
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कनीना की आवाज। 4 मार्च को रंगों का पर्व होली को सादगी से मनाए जाने के लिए अपील की जाने लगी है वहीं कई सामाजिक समूह सामने आने लगे हैं। युवा वर्ग में होली खेलने के प्रति विशेष उत्साह है परंतु प्राकृतिक रंगों तथा गुलाल लगाकर एवं चंदन का टीका लगाकर होली खेलेंगे। इस बार जल की बचत करेंगे। जल की कमी के झलकते अब सभी का ध्यान जल बचत पर टिका है।
सैकड़ों लोगों से इस संबंध में चर्चा की। रंगों के त्योहार होली के प्रति लोग जल बचाने, रंगों की बजाय गुलाल एवं तिलक लगाकर होली खेलने के पक्ष में हैं। वे इस प्यार एवं भाईचारे के पर्व को दुश्मनी भुलाकर खेलना पसंद करेंगे। पानी नहीं बचाया तो भविष्य अंधकारमय होगा ऐसे में जल की बचत मुख्य थीम होगा। कुछ लोगों के विचार निम्र हैं-
***पानी जीवन का आधार है और दिनोंदिन पानी कम होता जा रहा है। ऐसे में रंगों से बचने एवं पानी को बचाने के अलावा तिलक लगाकर होली खेलना चाहते हैं और दूसरों को भी यही प्रेरणा देंगे।
--सूबे सिंह,कनीना
रंगों का पर्व होली टूटे दिलों को जोडऩे का पर्व है। ऐसे में पुराने बैरभाव भुलाकर प्रेम एवं सद्भाव से यह पर्व मनाना चाहिए। गुलाल से ही होली खेलना चाहते हैं। पानी को बचाना चाहते हैं। वैसे भी तिलक करके होली खेली जा सकती है।
--नरेश कुमार, समाजसेवी
जल जीवन है इसे व्यर्थ नहीं बहाना चाहिए। जल बिना जीवन की कल्पना ही संभव नहीं। होली जरूर खेलनी चाहिए किंतु अनावश्यक जल बहाना अनुचित होगा। वे इस संबंध में लोगों को जागरूक भी करेंगे। लोग होली पर बुराई की ओर लगे देखे गये हैं। उन्हें बुराई से दूर रहना चाहिए।
--कंवरसेन वशिष्ठ, कनीना
रंगों का पर्व होली जल बहाने का नहीं अपितु एकता का प्रतीक है। सभी प्यार में मिलकर इतना बड़ा प्यार कायम करे कि पूरा देश एकसूत्र में बंध जाए। पानी का कम से कम प्रयोग करेंगे। दिनोंदिन पानी कम होता जा रहा है। इसे बर्बाद नहीं करेंगे। होली पर पानी अनावश्यक न बहाने की शपथ लेते हैं और गुलाल एवं प्राकृतिक रंगों से ही होली खेलेंगे। पानी बिन सब सूना है उसकी बचत करेंगे। वर्षा जल संरक्षण पर जोर देंगे तथा पानी को बर्बाद होने से रोकेंगे।
--दिनेश कुमार, कनीना
फोटो कैप्शन: दिनेश कुमार, कंवरसेन वशिष्ठ, सूबे सिंह, नरेश कुमार
सिमट कर रह गए होली के खेल
-कभी एक माह चलते थे खेल
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कनीना की आवाज। कनीना में एक माह तक चलने वाले होली के खेल अब सिमटकर रह गए हैं। होली मनाने के विशेष ढंग, होलीवाला जोहड़ तथा होली पर ईंधन डालने की अनोखी परंपरा अब औपचारिकता बनकर रह गई हैं। होली का पर्व 3 मार्च को है।
एक वक्त था जब एक माह तक कनीना क्षेत्र में होली के खेल चलते थे। जब से होली का घड़ा गाड़ दिया जाता था तभी से होली के खेल शुरू हो जाते थे। इन खेलों में चांदनी रात में लुक्का छुपी, कोरड़ा मारना तथा स्वांग रचना आदि प्रमुख होते थे। इन खेलों से जहां एक माह उत्सव चलता था वहीं पकती फसल को देखकर भी खुशी मनाई जाती थी। अब न तो वो खेल रहे हैं और न उनके खिलाड़ी।
अब तो लुक्का छुपी का खेल रात को चले तो लोग चोर समझकर पीट डाले। होली के डांडे पर ईंधन डालने का रिवाज भी सिमटकर रह गया है। होलिका दहन से महज पांच सात पूर्व ही ईंधन डालकर खानापूर्ति की जाती है। बुजुर्गों के सहयोग से चलने वाले होली के खेल अब देखने को कम ही मिलते हैं। जहां होली के मधुर मधुर गीत, स्वांग रचना, ढोल एवं ताशें अब किसी मेले में ही देखने को मिल सकते हैं।
बुजुर्ग आज के दिन जब होली का पर्व देखते हैं और सुनते हैं तो एक ही बात कहते हैं कि अब न तो एकता रही और न पहले वाला भाईचारा। अब तो बस आपसी रंजिश एवं एक दूसरे को नीचा दिखाने की परंपरा बढ़ रही है। होलीवाला जोहड़ जहां होलिका दहन किया जाता है उसमें गंदा पानी भरा खड़ा रहता है। मजबूरीवश होलिका दहन के समय महिला एवं पुरुष वहां जाकर प्रह्लाद भक्त की पूजा अर्चना करते हैं। होलिका दहन का पर्व 03 मार्च को मनाया जा रहा है।
होली के खेलों के विषय में बात की गई। बुजुर्गों के विचार छनकर सामने आये---
**आपसी रंजिश एवं प्रेम की भावना कम होने के कारण अब इन खेलों का अस्तित्व ही सिमट गया है। आज से 30 वर्षों पूर्व आपस में भाईचारा पूरे यौवन पर होता था किंतु आज भाई-भाई का दुश्मन बनता जा रहा है। आपसी बैर भाव होली के खेलों को ले डूबी है।
---राव मोहर सिंह समाजसेवी
होली दहन स्थल पर अब ईंधन डालने का रिवाज भी कम हो गया है। कभी होली के खेल खेलने वाले लोग ही ईंधन उठाकर लाते थे और होली दहन स्थल पर डालते थे। अब तो किसी के खेत क्यार में इतना ईंधन नहीं मिलता है। यही कारण है कि होली दहन पर ईंधन न के बराबर डाला जाता है।
----राजेंद्र सिंह समाजसेवी
फोटो कैप्शन 11: कनीना में होलिका दहन पर डाला गया ईंधन
साथ में राजेंद्र सिंह एवं राव मोहर सिंह
दुलेंडी पर लगेगा मेला, संत स्वयं खेलते हैं होली
-4 मार्च को लगेगा मेला
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कनीना की आवाज। बाबा उधोदास मंदिर पर होली मेला लगने जा रहा है। चार मार्च को बाबा उधोदास की याद में वर्षों से विशाल मेला लगने जा रहा है। भक्तों की भीड़ यहां जमा होती है वहीं संत लालदास स्वयं भक्तों के संग होली खेलते हैं।
रणधीर सिंह भक्त ने बताया कि कनीना से नौ किमी दूर ग्राम जैनाबाद में बाबा उधोदास का भव्य मंदिर स्थित है। इसी मंदिर के सामने बाबा की समाधि तथा बाबा के बाद में आए उनके शिष्यों की समाधियों वाला मंदिर है। इन समाधियों में सबसे पहले बाबा उधोदास की समाधि है। इस समाधि के ऊपर की ओर झांक कर देखे तो सैकड़ों वर्ष पुरानी पेंट व ब्रुश से की हुई कलाकारी दिखाई पड़ती है जो आज भी अपनी आब नहीं खो पाई है। यह वही स्थान है जहां अनवरत पूजा अर्चना का सिलसिला चलता रहता है तथा दीप जलते रहते हैं।
होली के दिन भजन-कीर्तन के समय यहां भारी भीड़ जुटती है। प्रत्येक पूर्णिमा के दिन यहां का नजारा देखने लायक होता है जब प्रवचन, भजन एवं कीर्तन का आगाज किया जाता है किंतु रंगों के त्योहार होली की रात को यहां विशेष जागरण चलता है तथा दिन के समय ढोल एवं नगाड़ों के बीच होली जमकर खेली जाती है। महंत लालदास के साथ होली खेलते भक्तों को देखा जा सकता है। यहां पर हरियाणा ही नहीं अपितु दूसरे राज्यों के भक्तजन भी आकर मन्नतें मांगते हैं। माना जाता है कि उनकी मन्नत पूर्ण हो जाती है जिसके चलते वे दंपति यहां गठ जोड़े की जात देने आते हैं। गांव जैनाबाद के पास से कंशावती नदी बहती थी। इसी नदी के किनारे पर उधोदास का जन्म हुआ। उधोदास धुन के पक्के और मन के सच्चे थे। उनके गुरू का नाम दाताराम था। उधोदास ने कंशावती नदी के किनारे एक वृक्ष के नीचे तप और ध्यान लगाते हुए दुखियों के दर्द को मिटाया।
बाबा उधोदास की समाधि बनी हुई है जहां अनवरत दीपक जलता रहता है। ढफ और नगाड़ों के बीच हर्षोल्लास के साथ महंत लालदास जी धुलेंडी खेलते हैं। बाबा लालदास ने गायों के लिए बाबा के नाम पर एक गौशाला बनवाई हुई है। संत लालदास की देखरेख में गांव ही नहीं अपितु मंदिर को चार चांद लग चुके हैं।
फोटो कैप्शन 12: जैनाबाद का उधोदास आश्रम।
मेले में लाखों रुपए की सोने की चेन झटकी, मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना एवं भडफ़ की दो महिलाओं की सोने की चेन कनीना के मोलडऩाथ मेले में अज्ञात चोरों ने झटक ली। कनीना की वार्ड 11 से अनीता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है कि 27 फरवरी को बाबा मोलडऩाथ मेले में करीब दोपहर 12:30 बजे पूजा करने के लिए गई थी। श्याम मंदिर में जब पहुंची तो भीड़ अधिक होने के कारण किसी ने गले से सोने की चेन चोरी कर ली। जिसकी जानकारी थोड़ी देर बाद हुई जब उन्होंने गले में सोने की चेन गायब मिली। अपने स्तर पर तलाश की किंतु नहीं मिली। उनका कहना है कि सोने की चेन का वजन तीन तोला था। यही नहीं कौशल्या देवी भडफ़ निवासी की 1.5 तोले की सोने की चैन भी अज्ञात चोरों ने चोरी कर ली। अनीता देवी की शिकायत पर कनीना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
2 मार्च को बाबा मोलडऩाथ फुटबाल खेल के मैदान में कृषि मेले का होगा आयोजन
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कनीना की आवाज। कृषि विभाग द्वारा 2 मार्च 2026 को बाबा मोलडऩाथ के पास स्थित फुटबाल ग्राउंड में एक विशाल कृषि मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले में क्षेत्र के लगभग 800 से 1000 किसानों के शामिल होने की संभावना है। मेले के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी किसानों को नवीन कृषि तकनीकों, फसल प्रबंधन, पशुपालन, कृषि यंत्रों, सरकारी योजनाओं एवं प्राकृतिक खेती से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी देंगे। साथ ही विभिन्न विभागों की ओर से स्टाल लगाकर योजनाओं और उपकरणों का प्रदर्शन भी किया जाएगा, ताकि किसान सीधे जानकारी प्राप्त कर लाभ उठा सकें। इस संबंध में एसडीओ डा. अजय, एसएमएस डा. योगेश तथा खंड कृषि अधिकारी डा. संदीप ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए किसानों से अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचकर लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन किसानों को नई तकनीकों से जोडऩे, उत्पादन बढ़ाने और आय में वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण साबित होते हैं। किसान समय पर पहुंचकर विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें और कृषि विकास की दिशा में आगे बढ़ें।
कनिष्क चौहान को किया जाए सम्मानित-अतरलाल
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कनीना की आवाज। प्रजा भलाई संगठन के अतरलाल एडवोकेट ने हरियाणा सरकार से अंडर-19 क्रिकेट वल्र्ड
कप-2026 की विजेता भारतीय टीम के एकमात्र हरियाणा के खिलाड़ी कनिष्क चौहान को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित करने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि हरियाणा राज्य की खेल नीति के अनुसार विश्व चैंपियन खिलाडिय़ों को जो नगद इनाम देकर सम्मानित किया जाता है वही नगद ईनाम कनिष्क चौहान को दिया जाए।
अतरलाल ने कहा कि अंडर -19 क्रिकेट वल्र्ड कप 2026 के विजेता भारतीय टीम के झज्जर जिला के कुलाना गांव निवासी कनिष्क चौहान ने वल्र्ड कप 2026 की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्हें ग्रामीणों द्वारा सम्मानित किया जा रहा है परन्तु राज्य सरकार की तरफ से अभी तक उनको सम्मानित न किए जाने और न ही कोई नगद ईनाम की घोषणा किए जाने से राज्य के खिलाडिय़ों तथा जनता में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा क्रिकेट वर्ल्ड कप अथवा प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता जितने वाले खिलाडिय़ों को 1.5 करोड़ से 6 करोड़ रुपए तक नगद ईनाम देने की खेल नीति बनाई हुई है। 2025 में एक विश्वकप जीत के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री ने एक महिला क्रिकेटर को 1.5 करोड़ रुपए की नगद पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया था। अभी हाल में बिहार सरकार ने भी अंडर - 19 क्रिकेट वल्र्ड कप 2026 की विजेता भारतीय टीम के बिहार के खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 50 लाख रुपए नगद और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया है। इसलिए हरियाणा सरकार को भी क्रिकेट खिलाड़ी कनिष्क चौहान को 6 करोड़ रुपए नगद ईनाम व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही गर्व और खुशी की बात है कि हरियाणा के झज्जर जिला के कुलाना गांव के किसान के बेटे कनिष्क चौहान ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई और हरियाणा और भारत का नाम रोशन किया। उन्होंने कहा कि कनिष्क चौहान ने जिम्बाब्वे में खेले गए अंडर-19 वल्र्ड कप के फाइनल में शानदार पारी खेलते हुए तीस गेंदों में तीन चौके और एक छक्का मारकर धुंआधार 37 रन बनाए। इसके कारण भारतीय टीम का स्कोर 441 तक पहुंचा और टीम विजयी घोषित की गई। उन्होंने जनभावना को देखते हुए हरियाणा सरकार से तत्काल कनिष्क चौहान को छह करोड़ रुपए नगद ईनाम व सरकार की खेल नीति के अनुसार सम्मानित करने की मांग की है।
गौशाला बैठक में लिए गए कई निर्णय
-नया वाहन खरीदने पर सहमति
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कनीना की आवाज। श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में प्रधान भगत सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। सबसे पहले गाय का दूध भाव बढऩे पर विचार किया गया जिसमें सभी ने सहमति दी कि 1 मार्च 2026 से दूध के भाव 60 रुपये प्रति लीटर किया जाए और यह दूध सुबह तथा शाम दोनों वक्त 5 से 7 बजे के बीच उपलब्ध हो पाएगा। साथ में सभी निर्णय लिया कि गौशाला की दो गाडिय़ां कागजों से टाइम आउट हो चुकी है इसलिए नया साधन खरीदने का निर्णय लिया गया ताकि गायों के लिए चारा, गो ग्रास तथा अन्य कार्य पूर्ण किए जा सके। गायों के लिए लगाई गई एक बोलोरो कैंपर और एक पिकअप गाड़ी कागजों से टाइम आउट हो चुकी हैं। सभी ने अपनी-अपनी सहमति दी।
इस मौके पर सचिव यश यादव, सह सचिव रामपाल यादव, उप प्रधान रविंद्र बंसल, दुलीचंद साहब, दीनदयाल साहब, महेंद्र सिंह साहब, कृष्ण प्रकाश गुरुजी, पूर्व मुख्याध्यापक रतनलाल शर्मा, पूर्व मुख्याध्यापक बिजेंद्र सिंह, मुकेश नंबरदार सत्यवीर गूगल वाला, होशियार सिंह सत्संगी, राजेंद्र सिंह पूर्व पार्षद, विजय सिंह अध्यक्ष, जितेंद्र, धर्मवीर फौजी, बलवान सिंह आर्य, ओमप्रकाश ठेकेदार भडफ़, जगदीश करीरा, राज धर्म कांटा, मास्टर रामप्रताप आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 10: गौशाला में बैठक का एक नजरा
वृश्चिक लग्न में होली का दहन करना सर्वथा उचित - पंडित ऋषि राज-ऋषिराज
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कनीना की आवाज। पंडित ऋषिराज शिति कण्ठा ने बताया कि होलिका दहन पर्व 2 मार्च को
मनाया जाएगा। भद्रा का समय 2 मार्च को शाम को 6 से शुरू होगा और सुबह 5 बजकर 32 मिनट
पर खतम होगा। हालांकि, पुच्छ कि भद्रा 12 बजकर 03 मिनट से रात 01 बजकर 15 मिनट तक है,वृश्चिक लग्न रात को 11:59 से लेकर 02:18 तक रहेगा। अत: रात 12:03 से लेकर रात
01:15 के बीच में होलिका दहन करना सबसे अच्छा रहेगा। होलिका दहन के शुभ मुहूर्त में ही पूजा की जाती है।उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें। 3 मार्च को रंगों की होली मनाई जाएगी-
उन्होंने बताया कि 3 मार्च को भारत में शाम के समय ग्रस्तोदित खंडग्रास चंद्र ग्रहण लग रहा है, इसे ग्रस्तोदित इसलिए कहा जा रहा है कि जिस समय चंद्र ग्रहण दिखेगा, वो ग्रहण से ग्रसित होगा ग्रहण शाम 6 बजे से साफ तौर पर दिखाई देगा। इस ग्रहण का सूतक सुबह लग जाएगा। इस तरह ग्रहण की अवधि 3 घंटे 27 मिनट होगी। भारत, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर, एशिया, उत्तर और दक्षिण अमेरिका में चंद्रग्रहण दिखाई देगा।
आपको बता दें कि चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले लग जाएगा। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे।
फोटो कैप्शन: पंडित ऋषिराज
आल इंडिया सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में बीआर स्कूल सेहलंग के 11 विद्यार्थियों ने लहराया परचम
--विद्यार्थियों को किया गया पुरस्कृत
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कनीना की आवाज। आल इंडिया सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में बीआर स्कूल सेहलंग के 11 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के उपलक्ष्य में विद्यालय परिसर में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय के चेयरमैन हरिश भारद्वाज उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या ज्योति भारद्वाज ने की। समारोह के दौरान सभी सफल विद्यार्थियों को फूलमाला पहनाकर तथा स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
छठी कक्षा में प्रवेश लेने के लिए सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों में अक्षित पुत्र सुधीर स्याणा, विक्रांत पुत्र प्रवीण कुमार सेहलंग, युग जांगड़ा पुत्र पवन कुमार सिहोर, आरव पुत्र अंकित सेहलंग, पूर्व पुत्र संदीप बसई, केशव पुत्र सुरेश चांगरोड, सोनम पुत्री मनीष पोता, रिया पुत्री सतीश बसई, जतिन पुत्र जयभगवान खेड़ी, यतीन पुत्र अनिल खेड़ी तथा जयंत पुत्र अनूप सेहलंग शामिल हैं।
इस अवसर पर चेयरमैन हरिश भारद्वाज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह सफलता अनुशासन, परिश्रम और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल में चयन केवल एक परीक्षा की सफलता नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा की दिशा में पहला कदम है।
प्राचार्या ज्योति भारद्वाज ने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यालय का लक्ष्य केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और नेतृत्व क्षमता का विकास भी है।
समारोह में उपस्थित अभिभावकों एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा विद्यालय परिवार ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
फोटो कैप्शन 09: आल इंडिया सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में चयनित विद्यार्थी
भडफ़ स्कूल खंड स्तर पर सौंदर्यीकरण में रहा प्रथम
--2022-23 मे भी भी मिला था प्रथम स्थान
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कनीना की आवाज। खंड स्तर पर मुख्यमंत्री सौंदर्यीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय उच्च विद्यालय भडफ़ ने प्रथम स्थान प्राप्त कर पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। कनीना खंड के पांच विद्यालयों में हुए निरीक्षण एवं मूल्यांकन के उपरांत अवलोकन कमेटी ने भडफ़ स्कूल को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया। गौरतलब है कि विद्यालय को 2022-23 मे भी सौंदर्यीकरण मे पहला स्थान मिला था । इस अवसर पर शिक्षा विभाग की तरफ से विद्यालय को 51000 रुपए की राशि इनाम स्वरूप दी जाएगी।
अवलोकन कमेटी में खंड शिक्षा अधिकारी सुनील खुडानिया, प्राचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाघोत महेंद्र गुप्ता तथा प्राचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पोता सतीश कुमार शामिल रहे। समिति ने विद्यालय परिसर की स्वच्छता, हरित वातावरण, सुव्यवस्थित कक्षाएं, आकर्षक दीवार लेखन, पौधारोपण एवं विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की विशेष सराहना की।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर भडफ़ ग्राम की सरपंच श्रीमती पूनम शास्त्री ने विद्यालय परिवार को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पूरे गांव के लिए गर्व का विषय है और इससे अन्य विद्यालयों को भी प्रेरणा मिलेगी।
विद्यालय के मुख्य अध्यापक सत्य प्रकाश ने इस सफलता का श्रेय समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों की टीमवर्क भावना, अनुशासन और निरंतर प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि सौंदर्यीकरण केवल बाहरी सजावट नहीं, बल्कि स्वच्छता, संस्कार और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण का प्रतीक है।
विद्यालय परिवार ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी परिसर की सुंदरता, स्वच्छता एवं शैक्षणिक गुणवत्ता को निरंतर बनाए रखा जाएगा तथा मुख्यमंत्री सौंदर्यीकरण कार्यक्रम के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए विद्यालय को आदर्श संस्थान के रूप में स्थापित किया जाएगा।
फोटो कैप्शन 06: भडफ़ स्कूल जो प्रथम रहा है
30 सालों की सेवा देकर वीरेंद्र सिंह संस्कृत शिक्षक हुए सेवानिवृत्त
-पगड़ी पहनाकर दी विदाई
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव ढ़ाणा निवासी वीरेंद्र सिंह यादव 30 सालों की सेवा देकर पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास से सेवानिवृत्त हो गये हैं। सरकारी सेवा से पहले वे 1 अप्रैल 1992 से 10 जनवरी 1996 तक एमआर हाई स्कूल मोहनपुर नांगल में हैडमास्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। अप्रैल 98 से जुलाई 2005 तक आल इंडिया रेडियो रोहतक में उद्घोषक के रूप में पार्ट टाइम सेवाएं दी हैं।
सरकारी सेवा में 1996 में आये। 16 जनवरी 1996 से 31 जुलाई 2006 तक राजकीय प्राथमिक पाठशाला ढाणी इसराना में जेबीटी अध्यापक के रूप में कार्य किया। 1 अगस्त 2006 से 31 जुलाई 2007 तक राजकीय प्राथमिक पाठशाला सुंदरह में जेबीटी अध्यापक के रूप में कार्य किया। 1 अगस्त 2007 से 16 सितंबर 2017 तक राजकीय माध्यमिक विद्यालय कपूरी में संस्कृत अध्यापक के रूप में कार्य किया। 17 सितंबर 2017 से 31 अगस्त 2022 तक राजकीय उच्च विद्यालय रसूलपुर में संस्कृत अध्यापक के रूप में कार्य किया। 1 सितंबर 2022 से 28 फरवरी 2026 तक पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास में संस्कृत अध्यापक के रूप में कार्य किया।
सामाजिक कार्य-गांव में समाज के हर काम में बढ़ चढ़कर भाग लिया व पूर्ण सहयोग किया। तीन भांजियों व एक भतीजी की शादियां की गई। गांव ढाणा में संयुक्त परिवार की एक मिसाल पेश की है। उनकी इच्छा संस्कृत प्राध्यापक की थी किंतु सरकार ने पदोन्नति नहीं की और उनके अरमान मिट्टी में मिल गये।
स्कूल में एक सादे समारोह में उन्हें विदाई दी। मंच का संचालन राजेश बलवान ने किया। प्राचार्य अशोक कुमार, अध्यक्षता भाग सिंह ने की। एसएमसी प्रधान राकेश, गांव ढाणा से सरपंच राधेश्याम, दयानंद साहब, राम सिंह साहब, उम्मीद साहब आदि लोग उपस्थित रहे। मुख्य वक्ताओं में सुरेंद्र सिंह प्रवक्ता डा. पुखराज, डा. विक्रम सिंह सरिता यादव, सुरेंद्र सिंह प्रवक्ता आदि ने अपने विचार रखें। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये।
फोटो कैप्शन 08: विरेंद्र सिंह संस्कृत अध्यापक सेवानिवृत्त होते हुए
पुलिस निरीक्षक बने विजय सिंह, खुशी
--गाहड़ा के निवासी है विजय सिंह
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कनीना की आवाज। विजय सिंह गाहड़ा निवासी को पदोन्नत कर पुलिस निरीक्षक पद पर तैनात किया गया है। 24 मार्च 1989 को पुलिस विभाग में बतौर सिपाही के पद पर नौकरी लगे थे। हाल ही में विजय कुमार कमिश्नर आफिस गुरुग्राम में तैनात हैं। 27 फरवरी को पुलिस विभाग द्वारा उनके अच्छी कार्य शैली और ईमानदारी को देखते हुए उन्हें पुलिस निरीक्षक के पद पर प्रमोशन किया गया है।
उन्होंने अपनी उपलब्धि के पीछे अपने दादा स्व. सोहनलाल सरपंच व स्व. पिता रामस्वरूप को श्रेय दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने मुझे सदैव अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित किया। आज खुशी के अवसर पर पहुंचकर अपनी माता भोली देवी से आशीर्वाद लिया। उन्होंने यह भी बताया कि मेरे हर कार्य में मेरे छोटे भाई सज्जन सिंह जो कि बिजली विभाग में कार्यरत हैं और बिजली बोर्ड यूनियन के प्रधान हैं, ने हमेशा प्रेरित किया है। परिवार में खुशी का माहौल बना हुआ है।
फोटो कैप्शन 04: विजय सिंह पदोन्नति पाकर मां का आशीर्वाद लेते हुए
राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हाणी में होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन
-होली मिलन समारोह में छात्राओं को दिया गया प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश
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कनीना की आवाज। राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हाणी में होली मिलन समारोह अत्यंत हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डा. विक्रम यादव ने की तथा इसका सफल आयोजन डा. सीमा देवी एवं सुषमा यादव के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
समारोह में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और गीत, नृत्य तथा विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से होली के रंगों को जीवंत कर दिया। पूरे परिसर में उत्साह, उमंग और आपसी सौहार्द का वातावरण छाया रहा।
प्राचार्य डा. विक्रम यादव ने कहा कि होली का पर्व हमें आपसी मतभेद भुलाकर प्रेम, सद्भाव, क्षमा और एकता के साथ आगे बढऩे की प्रेरणा देता है। उन्होंने छात्राओं को जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने, अनुशासन का पालन करने तथा समाज में सौहार्द बनाए रखने का आह्वान किया।
डा. सीमा देवी एवं सुषमा यादव ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि हृदयों को जोडऩे और नई ऊर्जा के साथ जीवन में आगे बढऩे का सुअवसर है। उन्होंने छात्राओं को नारी सशक्तिकरण, आत्मविश्वास और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को अपने जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर डा. सुधीर कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि त्योहार हमें भारतीय संस्कृति की जड़ों से जोड़ते हैं और आपसी सहयोग की भावना को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी।
राजेश कुमार ने छात्राओं के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और महाविद्यालय में सकारात्मक वातावरण के निर्माण में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम का समापन परस्पर शुभकामनाओं एवं हर्षोल्लास के साथ हुआ। यह आयोजन छात्राओं के लिए आनंद के साथ-साथ जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का एक प्रेरणादायी अवसर सिद्ध हुआ।
फोटो कैप्शन 05: होली मिलन समारोह का नजारा
पुलिस ने पकड़ी भारी मात्रा में शराब
-आबकारी अधिनियम के तहत एक व्यक्ति के विरुद्ध मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना पुलिस को मुखबिरी के आधार पर सूचना मिली कि वार्ड पांच में लाल रंग की गाड़ी में एक व्यक्ति शराब बेच रहा है। कनीना पुलिस ने छापामारी की पुलिस आता देख गाड़ी में बैठा व्यक्ति गाड़ी छोड़कर भाग गया। पुलिस ने गाड़ी से एक गत्ता पेटी से 12 बोतल शराब देसी, दूसरी पेटी में 12 बोतल शराब देसी संतरा ब्रांड, तीसरी पेटी में छह बोतल देसी रसीला संतरा ब्रांड और चौथी गट्टा पेटी में 48 पव्वा शराब बरामद की। बलवंत निहालोठ निवासी गाड़ी को छोड़कर भाग गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
तीन दिवसीय मोलडऩाथ मेला संपन्न
-मोलडऩाथ के भंडारे में पहुंचे 300 संत,1100 रुपये तक देकर किया विदा
-मेले के बेहतरीन प्रबंध की हो रही हैं चर्चाएं
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कनीना की आवाज। कनीना का तीन दिनों से चला आ रहा संत शिरोमणि मोलडऩाथ मेला संपन्न हो गया। दूर दराज से आये हुये करीब 300 संतों को पकवान खिलाने के अतिरिक्त 1100 रुपये तक दान दक्षिणा देकर विदा किया। पहले दिन रात को जागरण तो दूसरे दिन मेला एवं ऊंट, घोड़ी दौड़ वहीं तीसरे दिन संतों की विदाई की गई।
संत बाबा मोलडऩाथ का शनिवार को विशाल भंडारा आयोजित किया एवं संतों को दान दक्षिणा देकर विदा किया। करीब 300 संतों ने भंडारे में भाग लिया। तीन दिनों से चला आ रहा मेला अब संपन्न हो गया। मेले से पूर्व रात को जागरण तो मेले के दिन ऊंट दौड़ एवं शक्कर का प्रसाद बांटा गया है वहीं अंतिम दिन दूर दराज से आए संतों को भंडारे का प्रसाद खिलाकर दान दक्षिणा के साथ विदा किया जाता है।
कनीना के संत बाबा मोलडऩाथ मेले के समापन के अगले दिन प्रतिवर्ष विशाल भंडारा आयोजित किया जाता है। इस बार भी संतों एवं भक्तों के लिए विशाल भंडारा किया गया जिसमें दूर दराज से आए साधु संतों को भोजन कराकर स मान के साथ विदा किया। सुबह सवेरे से ही साधु संतों को भोजन कराने तथा उन्हें विदा करने का कार्यक्रम चलता रहा जो दोपहर पश्चात संपन्न हुआ। बाबा मेले के साथ ही यह परंपरा जुड़ी हुई है। मेले के पहले दिन रात्रि को जागरण, दूसरे दिन खेल तथा तीसरे दिन भंडारा आयोजित किया गया। भंडारे में देशी घी का हलवा, खीर सहित कई पकवान बनाए गए और सबसे पहले साधु संतों को भोजन कराकर प्रत्येक को 200 रुपये से 1100 रुपये एवं अंगवस्त्र तक देकर विदा किया। बाबा मोलडऩाथ परिसर संतों से भरा हुआ था जो अब खाली हो गया किंतु यहां लगे बलराम समारोह की ओर से हनुमान द्वारा सिंह तथा अन्य के भंडारे अमिट छाप छोड़ गये हैं। कनीना के बाबा मोलडऩाथ आश्रम के संत रामनिवास दास ने उन्हें विदा किया।
शानदार मेले का आयोजन, सभी ने की मेले की तारीफ की। व्यवस्था बनाने से लेकर भोजन परोसने तक का काम की सराहना मेला कमेटी ने की। प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग बेहतर रहा। मेडिकल स्टाफ की, की सराहना। मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने कहा कि इस मेले में सभी ने अपना बढ़कर सहयोग दिया। ग्राम वासियों एवं प्रशासन का आभार जताया है।
इस मौके पर वह मोलडऩाथ सेवादारों में अहं भूमिका निभाने में शिवकुमार, अशोक डीपी, भोलू, प्रदीप, कान्हा, पवन कुमार, लकी शर्मा, योगेश, मोनू यादव, अजीत कुमार छोट,ू नरेश फौजी, नरेश यादव, इंद्रजीत, संजय कुमार, श्रीभगवान, शिवचरण, लाल सिंह, रमेश कुमार, मनोज यादव, विकास यादव, मुकेश शर्मा, आशु, अमन कुमार, लीला, संजू आदि ने साधु संतों को भोजन कराया और उन्हें विदा किया।
फोटो कैप्शन 01: साधु संतो को भोजन कराते भक्त
राज्य स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता में सीहोर स्कूल को मिला तीसरा स्थान
-स्कूल में मनाया खुशी का उत्सव
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कनीना की आवाज। एससीइआरटी गुरुग्राम द्वारा घोषित युवा संसद परिणाम में कनीना उपमंडल के गांव सीहोर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को राज्य स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। खंड कनीना,जिला व मंडल स्तर पर प्रथम रहने के बाद यह प्रतियोगिता 19 फरवरी को आयोजित की गई थी, जिसमें डा. हरीश कुमार पीजीटी डाइट भिवानी से आब्जर्वर एवं हेमराज पीजीटी राजनीतिक विज्ञान कालांवाली सिरसा व सुरेश शर्मा पीजीटी राजनीतिक विज्ञान ऐलनाबाद सिरसा को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया था। डा. विश्वेश्वर कौशिक जिला शिक्षा अधिकारी, दिलबाग सिंह उप जिला शिक्षा अधिकारी सुनील खुडानिया, गायत्री , महिपाल ,प्राचार्य हरीश प्रधान ने सभी स्टाफ सदस्यों व प्रतिभागी बच्चों को बधाई दी व उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
फोटो कैप्शन 2: खुशी जताते हुए
3: युवा संसद का नजारा
Friday, February 27, 2026
पुलिस ने पकड़ी भारी मात्रा में शराब
-आबकारी अधिनियम के तहत एक व्यक्ति के विरुद्ध मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना पुलिस को मुखबिरी के आधार पर सूचना मिली कि वार्ड पांच में लाल रंग की गाड़ी में एक व्यक्ति शराब बेच रहा है। कनीना पुलिस ने छापामारी की पुलिस आता देख गाड़ी में बैठा व्यक्ति गाड़ी छोड़कर भाग गया। पुलिस ने गाड़ी से एक गत्ता पेटी से 12 बोतल शराब देसी, दूसरी पेटी में 12 बोतल शराब देसी संतरा ब्रांड, तीसरी पेटी में छह बोतल देसी रसीला संतरा ब्रांड और चौथी गट्टा बेटी में 48 पव्वा शराब बरामद की। बलवंत निहालोठ निवासी गाड़ी को छोड़कर भाग गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
कनीना खंड के 09 केंद्रों पर 12वीं की राजनीति शास्त्र परीक्षा संपन्न
-521 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे और चार रहे अुपस्थित
मोलडऩाथ मेला अपडेट...
-कबड्डी में रोहतक ने अहरी की टीम को हराया
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस- 28 फरवरी
समाज में विज्ञान के प्रति जागरूकता लाने के लिए मनाया जाता है विज्ञान दिवस
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कनीना की आवाज। समाज में विज्ञान की प्रति जागरूकता लाने, वैज्ञानिक सोच बढ़ाने के लिए 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। वैसे भी इस दिन भारतीय वैज्ञानिक सीवी रमन ने रमन प्रभाव खोजा था और नोबेल पुरस्कार जीता था। इसीलिए भी यह दिवस मनाया जाता है। इस संबंध में वैज्ञानिक सोच रखने वाले शिक्षाविद डा. एचएस यादव कनीना से बात हुई।
उन्होंने कहा कि विज्ञान अनेकों उपलब्धियां और खोज कर रहा है। जिनके प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है ताकि अंधविश्वास और गलत धारणाओं से बचा जा सके। विज्ञान के कारण इंसान ऊंचाइयों को छू सकता है। विज्ञान के प्रति सकारात्मक सोच रखना ही विज्ञान दिवस मनाने के उद्देश्य को सार्थक सिद्ध करेगा। देश के विकास के लिए वैज्ञानिक सोच का प्रसार आवश्यक है। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस जैसे आयोजन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रसार में निश्चित रूप से सहायक सिद्ध होते हैं। विज्ञान द्वारा ही समाज के लोगों को जीवन स्तर अधिक से अधिक खुशहाल बनाया जा सकता है। ऐसे में लोगों को विज्ञान के प्रति सोच बढ़ाना विज्ञान दिवस का कार्य है। विज्ञान के होने वाले लाभों के प्रति समाज में जागरूकता लाने का कार्य और वैज्ञानिक सोच पैदा करना भी विज्ञान दिवस को सिद्ध करता है। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी हर इंसान को उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। यहां तक की भाषण, निबंध, लेख, विज्ञान प्रश्नोत्तरी, विज्ञान प्रदर्शनी, संगोष्ठी आयोजित की जानी चाहिए ताकि आम आदमी विज्ञान से जुड़ सके। विज्ञान के प्रति लगाव बढ़ाने के लिए पुरस्कार घोषित किए जाने चाहिए जिससे लोगों का रुझान विज्ञान की और बढ़े तभी विज्ञान दिवस मनाना सार्थक सिद्ध होगा।
फोटो कैप्शन :डा. एचएस यादव
मोलडऩाथ मेले में भंडारों की रही भरमार
-पेड़ों पर चढ़कर देखी ऊंट एवं घोडिय़ों की दौड़
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कनीना की आवाज। कनीना के बाबा मोलडऩाथ का मेला अपने आप में पूरे ही प्रदेश हरियाणा में विख्यात है। ऊंट और घोडिय़ों के अतिरिक्त बैलों की दौड़ भी आयोजित की गई और यह नजारा बहुत सुंदर था। अपार भीड़ लोगों की जमा हो गई क्योंकि अच्छी प्रकार दौड़ दिखाई दे इसलिए लोग घरों पर और पेड़ों पर चढ़कर बैठ गए। कुछ लोग कंटीले पेड़ों पर चढ़कर बैठ देखे गए वहीं अपने वाहनों के ऊपर बैठकर भी दौड़ का नजारा लेते रहे। हर वर्ष यह नजारा देखने को मिलता है। जहां सुंदर नजारा देखा गया वहीं कुश्ती, घोडिय़ों की चाल, कबड्डी भी आयोजित की गई। मेले की सबसे बड़ी खासियत भंडारों की परमार रही। अधिकांश भंडारों में हलवा, पूड़ी, सब्जी मिल रही थी तो बहुत से भंडारों में प्रसाद के रूप में लड्डू एवं बूंदी मिल रही थी। कुछ जगह जहां पकोड़े मिल रहे थे तो कुछ जगह खीर खिलाई जा रही थी। ऐसा लग रहा था जैसे पूरा कस्बा कनीना हीं लोगों की आवभगत में लग गया हो। सुबह से शाम तक भंडारों में लोग भोजन करते देखे गए। वैसे भी आंवला एकादशी होने से लोगों ने जमकर दान पुण्य भी किया।
सबसे घटिया नजारा बाबा मोलडऩाथ के धूने पर देखा गया। कुछ लोग शराब धूने में डालते देखे गए। जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि प्रसाद है लेकिन आश्चर्य हुआ कि वे शराब को पी नहीं रहे थे किसी को बांटा नहीं जा रहा था। अगर प्रसाद है तो लोग क्यों नहीं ले रहे थे, क्यों पी नहीं रहे थे? ऐसे में इस प्रकार की घटिया हरकत को मोलडऩाथ कमेटी द्वारा रोक लगाई जानी चाहिए या इस प्रकार की हरकत करने वालों के लिए अलग से लाइन बनवाई जाए ताकि पता लग जाए कि ये शराब पीने और पिलाने वाले लोग हैं।
फोटो कैप्शन 21 भंडारा लगाते लोग
22: पेड़ पर चढ़कर घोडिय़ों की दौड़ देखते हुए
ऊंट एवं घोडिय़ों ने करतब दिखाकर मन मोह लिया
-मोलडऩाथ मेला संपन्न
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कनीना की आवाज। कनीना का बाबा मोलडऩाथ मेला करीब 80 वर्षों से भरता आ रहा है। विक्रमी संवत 2006 में संत मोलडऩाथ ब्रह्मलीन हुए थे तब से लेकर आज तक का मेला भरता रहा है।
मेले में घोडिय़ों की चाल, घोड़ी और ऊंट का नृत्य आदि अनेक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूल के खेल के मैदान में ऊंट एवं घोडिय़ों की चाल एवं नृत्य चलते रहे। उनके करतबों ने सभी का मन मोह लिया। करीब एक दर्जन ऊंटों ने करतब दिखाकर मन मोह लिया। चारपाई पर, दो चारपाइयों पर, चार चारपाइयों पर खड़े होकर ऊंटों ने नृत्य किया।
ऊंटों को चौकी पर बिठाया गया। चौकी पर बिठाकर उनके नृत्य करवाए गए, उनके द्वारा हवा में करतब दिखाने, उनके द्वारा बाल्टी द्वारा पानी पिलाने, केतली द्वारा पानी पिलाने जैसे कितने ही करतब दिखाए गए। उन्होंने लोगों का मन मोह लिया। इसी क्रम में घोडिय़ों के करतब देखने लायक थे। यहां अगले पैरों पर खड़े होकर घोडिय़ों ने नृत्य किया वही घोडिय़ों द्वारा चारपाई पर नृत्य करके दिखाया गया। अव्वल आने वाले प्रतिभागियों को अतरलाल, विनय एडवोकेट एवं हरिश कनीनवाल ने सम्मानित किया।
फोटो कैप्शन 15 से 10: ऊंट एवं घोडिय़ां करतब दिखाते हुए।
खेड़ी तलवाना के 9 विद्यार्थियों ने बुनियाद में पाया स्थान
-जिले भर में पाया प्रथम स्थान
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कनीना की आवाज। पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी तलवाना के नौ विद्यार्थियों ने बुनियाद लेवल-2 में सफलता हासिल की है और जिले भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस अद्वितीय सफलता के लिए विद्यालय के प्राचार्य धर्मवीर सिंह ने स्टाफ सदस्यों और विद्यार्थियों को बधाई दी है। प्राचार्य ने बताया इन नो छात्रों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है। इन नौ विद्यार्थियों में अभिजीत ,भानुप्रताप, हिमांशु ,ईशा, जतिन, खुशी, कोमल, कोमल कुमारी, आर्यन तंवर प्रमुख हैं। प्राचार्य को बधाइयां मिल रही हैं।
फोटो कैप्शन 12: खेड़ी तलवाना स्कूल
मोलडऩाथ मेले में जुटी भीड़, शक्कर का प्रसाद चढ़ा
-पूरा का पूरा परिवार पेट के बल पहुंचा धाम पर
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र के प्रमुख पर्व मोलडऩाथ मेले को लेकर दिनभर संत आश्रम पर भक्तों का तांता लगा रहा। बाबा के धूने पर प्रसाद अर्पित किया और धोक लगाकर मन्नत मांगी। आश्रम को विगत कई दिनों से सजाया गया था जिसके बाद इस मेले का इंतजार था। आखिरकार वह घड़ी आ गई। यही नहीं संत आश्रम के पास में श्याम मंदिर पर भी मेला आयोजित हुआ और भारी संख्या में भक्तों ने निशाना अर्पित किए। जहां मोलडऩाथ मेले में दिन भर शक्कर का प्रसाद अर्पित किया जता रहा वहीं दूर-दराज से भक्तों ने आकर धोक लगाई। यही नहीं अपितु मोलडऩाथ आश्रम के पास ही राधा कृष्ण मंदिर, हनुमान मंदिर, पुराना हनुमान मंदिर, माता मंदिर, शिवालय, शनिदेव मंदिर, शिर्डी मंदिर तथा अनेक धार्मिक स्थान स्थित है जिन पर भी प्रसाद दिनभर अर्पित किया गया।
मेले में जहां पर प्रशासन ने शांति बनाए रखने में मदद की वहीं कैमरों द्वारा भक्तों पर नजर रखी गई। दिनभर भक्त दूर दराज से आकर मेले का आनंद लेते रहे। कनीना के इस मेले में कम से कम दो दर्जन स्थानों पर भंडारे लगाए हुए थे जहां हलवा, पकौड़े, सब्जी पूड़ी, तथा विभिन्न प्रकार के पकवान मुफ्त में उपलब्ध हो रहे थे। भक्तजनों ने आनंद से जहां प्रसाद ग्रहण किया वहीं मेले का आनंद लिया। भक्तों ने जहां कबड्डी, कुश्ती घोडिय़ों की दौड़, घोडिय़ों की चाल, ऊंट की दौड़ आदि के नजारे देखें वही छांट्रावास 76 वर्ष पहले प्राण त्यागने वाले संत मोलडऩाथ के आश्रम पर पहुंच कर अपनी मन्नत मांगी
भक्ति विभिन्न तरीकों से आ रहे थे संत आश्रम पर -
दूर दराज से भक्त विभिन्न साधनों, पैदल एवं पेट के बल आ रहे थे। पेट के बल चलकर आने वालों का नजारा सुंदर लग रहा था। कनीना का एक पूरा परिवार पेट के बल आश्रम पर पहुंचा। कनीना का एक परिवार तो ऐसा था जिसमें सारे ही सदस्य पेट केवल रात्रि 12 बजे अपने घर से चले और संत आश्रम पर धोक लगाई, मन्नत मांगी। इस परिवार में जहां शकुंतला, सरला, टिंकू, अमीश कुमार, अमीशा, शर्मिला, जादू,
योगेंद्र, डा. शर्मिला यादव,प्रवीण कुमारी, आरती देवी, गुड्डो आदि आदि प्रमुख सदस्य रहे। डीजे के साथ पेट के बल चलने में उन्हें करीब ढाई घंटे का समय लगा और संत आश्रम पर पहुंच कर मन्नत मांगी। मोलडऩाथ मेले में जहां कनीना ही नहीं कनीना से बाहर के करीब 50 गांवों के लोग पहुंचे। दूसरे प्रांतों से भी भक्तजन पहुंचे। जहां घुड़ दौड़ ऊंट दौड़ में तो उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब आदि के लोगों ने भी आकर दौड़ में भाग लिया। प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि यह मेल प्रदेश भर में विख्यात है और तीन दिनों तक जारी रहता है।
फोटो कैप्शन 13: संत आश्रम पर मल मोलडऩाथ की प्रतिमा
14: पूरा परिवार रात्रि 12 बजे पेट के बल जाते हुए
आरपीएस इंटरनेशनल स्कूल कनीना में किया गया जेंडर व कल्चरल संवेदनशीलता पर चर्चा का आयोजन
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कनीना की आवाज। आरपीएस इंटरनेशनल स्कूल, भडफ़ में जेंडर और कल्चरल संवेदनशीलता पर एक गहन चर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय की चेयरपर्सन डा. पवित्रा राव ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने बच्चों से इस विषय पर खुलकर बात की और उन्हें समाज में व्याप्त भेदभाव और असमानताओं के प्रति जागरूक किया। डा. पवित्रा राव ने अपने जीवन के अनुभवों और वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से बच्चों को समझाया कि कैसे हम एक दूसरे के प्रति संवेदनशील रहकर एक बेहतर समाज बना सकते हैं।
बच्चों ने भी अपने विचार साझा किए और जेंडर संवेदनशीलता के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे वे अपने दैनिक जीवन में इस ज्ञान को लागू कर सकते हैं और दूसरों को भी जागरूक कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम अपने छात्रों को जागरूक और संवेदनशील नागरिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस तरह के कार्यक्रम हमें इस दिशा में आगे बढऩे में मदद करते हैं।
फोटो कैप्शन 11: संबंधित फोटो है।
चंद्रशेखर आजाद का बलिदान दिवस मनाया
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कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार के प्रांगण में शुक्रवार को भारत के महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य पूनम यादव ने की विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक ने विद्यार्थियों को चंद्रशेखर आजाद के जीवन तथा भारत की आजादी की लड़ाई में उनके योगदान के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने चंद्रशेखर आजाद के जीवन पर कविता का वाचन भी किया उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे चंद्रशेखर आजाद के जीवन से प्रेरणा ग्रहण करे तथा देश भक्ति की एक प्रबल भावना अपने हृदय में संजोए। इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता अजय कुमार बंसल, राजेंद्र कटारिया निशा जांगड़ा, कैलाश देवी,पूनम कुमारी, शशि कुमारी, धर्मेंद्र डीपी राकेश कुमार,विद्यालय के मुख्य शिक्षक रतनलाल व प्रीतम सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 08: अगिहार स्कूल में चंद्रशेखर आजाद को याद करते हुए
सुंदरह एवं भडफ़ को मिला सौंदर्यीकरण में प्रथम पुरस्कार
-खंड स्तर पर मिडिल एवं प्राथमिक स्कूलों का परिणाम अभी घोषित नहीं
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कनीना की आवाज। मुख्यमंत्री विद्यालय सौंदर्यकरण पुरस्कार 2026 के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह को खंड स्तर पर प्रथम स्थान मिलने पर विद्यालय में समस्त अध्यापकों,विद्यार्थियों, अभिभावकों में उत्साह का माहौल था। विद्यालय में मिठाइयां बांट कर तथा रंगोत्सव मना कर खुशी का इजहार किया। विद्यालय प्राचार्य बाबूलाल यादव ने इसका श्रेय समस्त विद्यालय स्टाफ, विद्यार्थी गण अभिभावकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के साथ-साथ ग्राम पंचायत का आभार व्यक्त किया। सरपंच कबूल बाई ने इस अवसर पर खुशी व्यक्त करते हुए प्राचार्य एवं समस्त विद्यालय स्टाफ का धन्यवाद किया। इस अवसर पर सुरेश कुमार,राज सिंह,अनिल कुमार ,चेतन शर्मा, कुलदीप सिंह, रेनू यादव, राजेश कुमारी, राजेश यादव, तरु यादव,मंजू यादव, प्रदीप कुमार,ओम प्रकाश सहित समस्त विद्यालय सदस्य उपस्थित थे।
भडफ़ उच्च विद्यालय रहा प्रथम-
कार्यकारी खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार खुडानिया ने बताया कि खंड स्तर पर उच्च विद्यालयों में प्रथम स्थान राजकीय उच्च विद्यालय भडफ़ का रहा है किंतु मिडिल एवं प्राथमिक स्कूलों के खंड स्तर के परिणाम अभी आने बाकी हैं। प्रथम आने वाले स्कूल को 50-50 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।
फोटो कैप्शन 09: सुंदराह स्कूल प्रथम आने पर खुशी जताते हुए
कनीना क्षेत्र में मनाई आंवला एकादशी
-आंवला पौधे का किया गया पूजन
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में शुक्रवार को आंवला एकादशी का पर्व मनाया गया। व्रत करके महिलाओं ने आंवला की पूजा की और आंवला एकादशी की कथा सुनाई। इसे आमलकी एकादशी नाम से भी जाना जाता है।
महिला आशा यादव ने बताया कि हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यूं तो एक वर्ष के अंतराल में 24 एकादशियां आती हैं। जब मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। आमलकी यानी आंवला को शास्त्रों में उसी प्रकार श्रेष्ठ स्थान प्राप्त है जैसा नदियों में गंगा को प्राप्त है और देवों में भगवान् विष्णु को। विष्णु जी ने जब सृष्टि की रचना के लिए ब्रह्मा को जन्म दिया उसी समय उन्होंने आंवले के वृक्ष को जन्म दिया। आंवले को भगवान विष्णु ने आदि वृक्ष के रूप में प्रतिष्ठित किया है। आंवले के हर अंग में ईश्वर का स्थान माना गया है। स्वयं भगवान विष्णु ने कहा है जो प्राणी स्वर्ग और मोक्ष प्राप्ति की कामना रखते हैं उनके लिए फाल्गुन शुक्ल पक्ष में जो पुष्य नक्षत्र में एकादशी आती है उस एकादशी का व्रत अत्यंत श्रेष्ठ है। इस एकादशी को आमलकी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस मौके पर गुड्डो, आशा यादव, नीलम देवी, शकुंत, बबली, सरला सहित विभिन्न महिलाएं उपस्थित रही।
फोटो कैप्शन 10: आंवला एकादशी पर आंवला की पूजा करती महिलाएं
बाबा मोलडऩाथ मेले में जुटी अपार भीड़
-ऊंट दौड़ एवं घुड़दौड़ देखने पहुंचे भारी संख्या में लोग
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कनीना की आवाज। कनीना में आयोजित बाबा मोलडऩाथ मेले दूर दराज से भक्तों ने आकर धोक लगाई। बीती रात्रि को जागरण आयोजित हुआ। मेले में जहां अपार शक्ति देखने को मिली। वहीं पर ऊंटों तथा घोडिय़ों की दौड़ ने लोगों समा बांधे रखा। मेले में जहां कबड्डी, कुश्ती, घोड़ों की दौड़, घोडिय़ों की चाल, घोड़ी और ऊंट का नृत्य आदि अनेक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूल के खेल के मैदान में ऊंट एवं घोडिय़ों की चाल एवं नृत्य चलते रहे। उनके करतबों ने सभी का मन मोह लिया।
बाबा आश्रम पर अपार श्रद्धा भक्ति देखने को मिली। विक्रमी संवत 2006 में वे ब्रह्मलीन हुए थे तब से लेकर आज तक का मेला भरता रहा है। एकादशी को मेला लगता है किंतु फागुन की एकादशी का यह मेला अपार भक्ति और श्रद्धा से भरा होता है जिसमें भारी संख्या में पूरे ही प्रदेश से भक्त आते हैं। इस मेले की विशेषता है कि हर घर से शक्कर चढ़ाई जाती है।
चेतराम का ऊंट दौड़ा सबसे तेज
-घोड़ी दौड़ में कालूभाई महसाना रही पहले स्थान पर
फाल्गुन की एकादशी को लगे बाबा मोलडऩाथ मेले का आयोजन शुक्रवार को धूमधाम से किया गया। मेले में हरियाणा, उत्तर प्रदेश पंजाब राजस्थान से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने माथा टेक कर शक्कर का प्रसाद चढ़ाकर मन्नतें मांगी। इस मेले को शक्कर मेला कहा जाता है। मेले में आज भी राजा महाराजाओं के समय के मनोरंजन की पुरानी परंपराएं चली आ रही हैं। जिनमें ऊंट, घोड़ों की दौड़, दंगल व कबड्डी खेले जाते हैं। मेले में ऊंटों की दौड़ में चेतराम डागीवास ने प्रथम स्थान पर रहकर 51 हजार रुपये का इनाम प्राप्त किया। दूसरा स्थान अमर सिंह करौली ने 41 हजार रुपये का इनाम प्राप्त किया। तीसरे स्थान पर सुरेश इस्लामपुर का ऊंट रहा और 31 हजार रुपये का इनाम जीता। वहीं संदीप गिगलाणा का ऊंट चौथे स्थान पर रहा और 21 हजार रुपये का इनाम जीता। पांचवे स्थान पर हाजी कमरूं का ऊंट रहा और 11 हजार रुपये का इनाम दिया गया। घोड़ी दौड़ में कालूभाई मेहसाणा ने पहला इनाम 51 हजार रुपये जीता। दूसरा इनाम राम सिंह ने 41 हजार रुपये का इनाम जीता। तीसरा इनाम मोनू पाथेड़ा ने 31 हजार रुपये का ईमान जीता। वहीं धूड़ाराम सरपंच की घोड़ी ने चौथा स्थान पाकर 31 हजार रुपये का इनाम जीता। नरेश पाथेड़ा की घांंड़ी पांचवें स्थान पर रही जिसे 11 हजार रुपये का इनाम दिया गया। बाबा मोलडऩाथ ट्रस्ट प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि गुरुवार की रात्रि को बाबा मोलडऩाथ का विशाल जागरण किया गया था।
मेले में जहां आधा दर्जन भंडारे लगे वहीं पैदल एवं पेट के बल बाबा के दर्शन करने आने वाले भक्तों की संख्या अधिक रही। दिनभर बाबा के धूणे पर प्रसाद चढ़ाया तथा शक्कर का प्रसाद वितरित किया।
प्रधान ने बताया कि ऊंटों की दौड़ में प्रथम 51 हजार, दूसरा इनाम 41000 तीसरा 31 हजार, चौथा 21000 तथा पांचवा इनाम 11000 रुपए का दिया गया। इसी प्रकार देसी घोडियों में प्रथम 51 हजार, दूसरा 41 हजार, तीसरा 31000 ,चौथा 2100 तथा पांचवां 11000 रुपये का दिया गया। घोडिय़ों की चाल आयोजित होगी जिसमें प्रथम इनाम 21 हजार दूसरा इनाम 15000 रुपए और तीसरा इनाम 7100 रुपए का दिया गया।
फोटो कैप्शन 01 से 08: मोलडऩाथ मेले में ऊंट एवं घोडिय़ों की दौड़
Thursday, February 26, 2026
कनीना डेवलपमेंट एसोसिएशन द्वारा मेले के दृष्टिगत लगाये भव्य द्वार
-27 फरवरी को है मोलडऩाथ मेला
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कनीना की आवाज। कनीना डेवलपमेंट एसोसिएशन द्वारा बाबा मोलडऩाथ मंदिर में आयोजित होने वाले मेले के अवसर पर नगर में भव्य स्वागत द्वार लगाए गए। इन द्वारों के माध्यम से आमजन को होली एवं धुलंडी की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं है।
27 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले इस पावन मेले में श्रद्धालुओं के स्वागत हेतु किया गया यह प्रयास सामाजिक एकता, संस्कृति और परंपरा को दर्शाता है। अंकुर यादव ने बताया कि
कनीना डेवलपमेंट एसोसिएशन का उद्देश्य केवल आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोडऩा और सकारात्मक संदेश देना है।
फोटो कैप्शन 10: संबंधित है
कैमरों से रखी जाएगी भक्तों पर नजर
-दंगल फुटबाल ग्राउंड में तो ऊंट एवं घोडिय़ों की दौड़ छितरोली मार्ग पर होगी आयोजित
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कनीना की आवाज। कनीना के प्रमुख पर्व एवं 27 फरवरी को आयोजित मोलडऩाथ मेले में भक्तों पर नजर कैमरों द्वारा रखी जाएगी। किसी भी प्रकार की गतिविधि के मद्देनजर कैमरे लगाए गए हैं।
विस्तृत जानकारी देते हुए प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि कैमरों का प्रबंध किया गया है तथा पुलिस प्रशासन भी गतिविधियों पर नजर रखेगा। उधर मोलडऩाथ आश्रम को दुल्हन की तरह सजाया गया है। हर वर्ष मनमोहक दृश्य मोलडऩाथ आश्रम का देखने को मिलता है। यह मेला तीन दिनों तक चलता है। अंत में साधु संतों को विदा किया जाता है।
उधर दंगल के लिए कनीना के फुटबाल के मैदान को सजाया गया है, लाइट का प्रबंध कर मैदान को समतल करवाया गया है। इसी मैदान में ऊंट एवं घोडिय़ां अपने करतब दिखाएंगे। विगत वर्ष तो बकरी, ऊंट और घोडिय़ां के करतब देखने के लिए अपार भीड़ जुट गई थी। यहीं पर दंगल भी आयोजित होंगे। इसके अतिरिक्त छीथरोली कच्चे मार्ग पर ऊंट और घोडिय़ां की दौड़ 27 फरवरी को सुबह आयोजित होगी। दूर तरह से भक्त अपने ऊंट एवं घोडिय़ों को लेकर मैदान में पहुंच गए हैं। मोलडऩाथ मेले में जहां शक्कर का प्रसाद बांटा जाएगा और अर्पित किया जाता है वहीं अनेक भंडारे भी आयोजित होंगे। योगेश कुमार कनीना दुकानदार ने बताया कि वे भी भंडारे एवं भक्तों के के लिए प्रसाद निर्मित करवा रहे हैं।
उधर मोलडऩाथ के पुराने जोहड़ को पानी से भरवा दिया गया है। जहां वक्त स्नान करके संत के के दर्शन कर सकते हैं। झूले और सामान बेचने वाले दो सप्ताह सेे अपनी जगह रोककर बैठे हुए हैं। मोलडऩाथ आश्रम पर प्रसाद बनाने के लिए हवाई भी जुटे हुए हैं। इस मेले की सबसे बड़ी विशेषता है कि शक्कर का प्रसाद अर्पित किया जाता है। संत मोलडऩाथ ने मांदी, नीमराना, रोडवाल, ढाणी बाटोठा, कांवी भोजावास, मानसरोवर एवं रोड़वाल आदि स्थानों पर याद किया जाता है। वहीं आश्रम भी रोड़वाल में बना हुआ है। 76 वर्षों पहले संत मोलडऩाथ ने प्राण त्यागे थे और उन्हें इसी आश्रम के नीचे दफनाया गया था। उन्हें बालकनाथ, मोलडऩाथ, मोलड़ और खेड़ा वाला आदि नाम से जाना जाता है। मोलडऩाथ पर कई पुस्तकें, आरतियां एवं बाबा चालीसा कनीना के लेखक डा. होशियार सिंह यादव द्वारा प्रकाशित करवाई हुई हैं। उनका शोध कार्य अभी चला हुआ है।
फोटो कैप्शन 6:सजाया हुआ मोलडऩाथ संत आश्रम
07: हलवाई प्रसाद तैयार करते हुए
08: वह मार्ग जहां ऊंट एवं घोडिय़ों की दौड़ होनी है
पेंशन बहाली की मांग को लेकर बुजुर्गों ने एसडीएम कनीना को सौंपा ज्ञापन
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कनीना की आवाज। गुरुवार को कनीना एवं आसपास के क्षेत्रों के बुजुर्गों ने अपनी बुढ़ापा पेंशन दोबारा शुरू करवाने की मांग को लेकर एसडीएम डा. जितेंद्र अहलावत के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बुजुर्गों ने कहा है कि उनकी पेंशन बंद होने से उनके सामने जीवन यापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बुजुर्ग चंपा देवी, संतोष देवी, पार्वती, शेर सिंह एवं भीम सिंह ने बताया कि वे सभी गरीब परिवारों से संबंध रखते हैं और उनका गुजारा मुख्य रूप से वृद्धावस्था पेंशन पर ही निर्भर था। पेंशन बंद होने के कारण उन्हें रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि भोजन की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो रहा है। बुजुर्गों ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से अपील करते हुए कहा कि उन्होंने सदैव सरकार का समर्थन किया है और अब आवश्यकता के समय उन्हें सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि उनकी बुढ़ापा पेंशन शीघ्र प्रभाव से पुन: शुरू की जाए ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।
इस दौरान रतिराम, खुशीराम, अतर सिंह, पूनम चंद, रोहित, धर्मपाल, बनारसी देवी, उमराव, भीम सिंह, शेर सिंह सहित अन्य बुजुर्ग भी उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में पेंशन बहाली की मांग का समर्थन किया।
फोटो कैप्शन 09: पेंशन बहाली की मांग को लेकर ज्ञापन देते हुए
खाटू श्याम के लिए भक्तों का जाना बंद किंतु जैतपुर के लिए भारी संख्या में जा रहे भक्त
- भक्तों के लिए लगाये गये शिविर भी होने लगे हैं बंद
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कनीना की आवाज। राजस्थान में रिंगस से 17 किलोमीटर दूर खाटू धाम पर जाने वाले भक्तों की संख्या नगण्य हो गई है क्योंकि अधिकांश भक्त खाटू धाम जा चुके हैं। 27 फरवरी को सबसे बड़ा मेला लगता है। इसलिए भक्तों को जाना बंद हो गया है किंतु कनीना क्षेत्र से अभी भी खत जैतपुर धाम जाने का सिलसिला जारी है भारी संख्या में भक्त जैतपुर धाम पर जा रहे हैं। जैतपुर धाम पर लंबी कतार लग गई है और अब दर्शनों के लिए धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं।
उधर नरेश कुमार शिक्षक ने अपनी पत्नी बबीता सहित खाटू धाम पर चार दिनों में चलकर निशान अर्पित किया वही निर्मल शास्त्री नांगल हरनाथ ने कनीना के श्याम भक्त एचएस यादव संग अपना निशान जैतपुर धाम अर्पित किया। सारा वातावरण खाटू के जयकारों से गूंज रहा है।
फोटो कैप्शन 5: भारी संख्या में भक्त जैतपुर धाम पर निशान अर्पित करते हुए
दो दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का हुआ समापन
-अव्वल को दी गई ट्राफी
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कनीना की आवाज। एआईटी ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशन में दो दिवसीय सालाना स्पोर्ट्स मीट फरवरी 2026 की खेलकूद प्रतियोगिता संपन्न हुई। समापन समारोह में खेलों में भाग लेने वालों को मेडल, ट्राफी और सर्टिफिकेट दिए गए।
एआईटी ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशन के चेयरमैन एडवोकेट विनय कुमार यादव ने समापन समारोह में विद्यार्थियों को खेलों के महत्व एवं जि़ंदगी में खेलकूद की उपयोगिता की व्याख्या की। उन्होंने विद्यार्थियों को कालेज के कार्यक्रम में ज़्यादा से ज़्यादा हिस्सा लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया। चाहे वह खेलकूद हो या कोई शैक्षिक उत्सव विद्यार्थियों को आगे आना चाहिए। चेयरमैन ने विजेता टीम के साथ-साथ रनर अप टीम को भी नकद इनाम प्रदान किया । चेयरमैन द्वारा बोर्ड परीक्षा में कालेज टापर छात्रों को भी पुरस्कार दिया गया। प्राचार्य डा. बिजेंद्र सिंह यादव ने इस गतिविधि को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए स्टाफ सदस्यों रामभगत, संजीत, नवनीत, विजयवीर, गौरव, प्रियंका, प्रीति यादव, मंजीत, संदीप, पवन, राकेश, कपिल, निशु, जतिन और बीर सिंह का आभार जताया।
फोटो कैप्शन 03: खेलों में अव्वल को ट्राफी देते हुए
दिल के अरमां आंसुओं में बह गये......
30 सालों की सेवा देकर वीरेंद्र सिंह संस्कृत शिक्षक होंगे सेवानिवृत्त
-हनुमान का रोट भी किया आयोजित
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव ढ़ाणा निवासी वीरेंद्र सिंह यादव 30 सालों की सेवा देकर 28 फरवरी को सेवानिवृत्त होंगे। उन्होंने हाल ही में हनुमान जी का रोट कार्यक्रम आयोजित कर अपनी सेवानिवृत्ति पर खुशी जताई। सरकारी सेवा से पहले वे 1 अप्रैल 1992 से 10 जनवरी 1996 तक एमआर हाई स्कूल मोहनपुर नांगल में हैडमास्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। अप्रैल 98 से जुलाई 2005 तक आल इंडिया रेडियो रोहतक में उद्घोषक के रूप में पार्ट टाइम सेवाएं दी हैं।
सरकारी सेवा में 1996 में आये। 16 जनवरी 1996 से 31 जुलाई 2006 तक राजकीय प्राथमिक पाठशाला ढाणी इसराना में जेबीटी अध्यापक के रूप में कार्य किया। 1 अगस्त 2006 से 31 जुलाई 2007 तक राजकीय प्राथमिक पाठशाला सुंदरह में जेबीटी अध्यापक के रूप में कार्य किया। 1 अगस्त 2007 से 16 सितंबर 2017 तक राजकीय माध्यमिक विद्यालय कपूरी में संस्कृत अध्यापक के रूप में कार्य किया। 17 सितंबर 2017 से 31 अगस्त 2022 तक राजकीय उच्च विद्यालय रसूलपुर में संस्कृत अध्यापक के रूप में कार्य किया। 1 सितंबर 2022 से 28 फरवरी 2026 तक पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास में संस्कृत अध्यापक के रूप में कार्य किया।
सामाजिक कार्य-गांव में समाज के हर काम में बढ़ चढ़कर भाग लिया व पूर्ण सहयोग किया। तीन भांजियों व एक भतीजी की शादियां की गई। गांव ढाणा में संयुक्त परिवार की एक मिसाल पेश की है। उनकी इच्छा संस्कृत प्राध्यापक की थी किंतु सरकार ने पदोन्नति नहीं की और उनके अरमान मिट्टी में मिल गये।
फोटो कैप्शन: विरेंद्र सिंह संस्कृत अध्यापक
विद्यार्थियों ने देखी हरियाणा विधानसभा की कार्यवाही
--उन्हाणी कालेज की छात्राओं ने देखा सत्र
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कनीना की आवाज। राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हानी की छात्राओं ने शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन किया। इस अवसर पर छात्राओं ने प्रश्नकाल, शून्यकाल, विधेयकों पर चर्चा तथा सदन की कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से देखा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गहन जानकारी प्राप्त की।
भ्रमण के दौरान छात्राओं को विधानसभा भवन की संरचना, विधायी प्रक्रिया तथा राज्य सरकार की कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तार से बताया गया। यह अनुभव छात्राओं के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।
इस शैक्षिक भ्रमण के सफल आयोजन में अटेली की विधायक एवं हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री आरती सिंह राव का विशेष सहयोग रहा। उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से छात्राओं को विधानसभा की कार्यवाही निकट से देखने का अवसर प्राप्त हुआ। महाविद्यालय परिवार ने उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डा. विक्रम सिंह ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के शैक्षणिक ज्ञान को व्यवहारिक अनुभव से जोड़ते हैं तथा उनमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करते हैं। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय भविष्य में भी छात्राओं के समग्र विकास हेतु ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।भ्रमण में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण भी छात्राओं के साथ उपस्थित रहे और उन्होंने छात्राओं का मार्गदर्शन किया। छात्राओं ने इस अवसर को अपने शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव बताया।
फोटो कैप्शन 01: मंत्री आरती सिंह राव के साथ विद्यार्थी एवं शिक्षक
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से प्रारंभ
-खंड कनीना में 1639 परीक्षार्थी उपस्थित रहे,14 अनुपस्थित
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कनीना की आवाज। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं आज से प्रारंभ हो गईं। परीक्षा के पहले दिन गणित विषय की परीक्षा आयोजित की गई। कनीना शहर के एकमात्र परीक्षा केंद्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी में परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
परीक्षा आरंभ होने से पूर्व विद्यार्थियों को नकल रहित एवं निष्पक्ष परीक्षा देने की शपथ दिलाई गई। परीक्षा की ओपनिंग के समय उप जिला शिक्षा अधिकारी डा. दिलबाग सिंह उपस्थित रहे उन्होंने विद्यार्थियों से परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने का आह्वान किया तथा ईमानदारी से परीक्षा देने की अपील की। मुख्य परीक्षा अधीक्षक नरेश कुमार कौशिक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा की पवित्रता बनाए रखना प्रत्येक विद्यार्थी का दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदारी पूर्वक परीक्षा देने तथा किसी भी प्रकार के बाहरी तत्वों या अनुचित साधनों से दूर रहने का आह्वान किया।
केंद्र अधीक्षक अशोक कुमार एवं उपाधीक्षक विजयपाल ने भी परीक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। परीक्षा संचालन में लिपिक कश्मीरी निमल सहित समस्त स्टाफ का सराहनीय सहयोग रहा।
परीक्षा केंद्र पर प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं तथा परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
खंड कनीना में 1639 परीक्षार्थी उपस्थित रहे,14 अनुपस्थित--
कनीना खंड के 9 विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर 1639 परीक्षार्थी उपस्थित रहे,14 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। विस्तृत जानकारी देते हुए कार्यकारी खंड शिक्षा अधिकारी सुनील खुडानिया ने बताया कि 9 परीक्षा केंद्र दस जमा दो के हैं तो इतने ही केंद्र दसवीं की परीक्षा के हैं।
फोटो कैप्शन 02: नकलरहित परीक्षा देने की शपथ लेते विद्यार्थी



























































