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Wednesday, May 27, 2026



 


अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जीता डा. रामानंद यादव ने सिल्वर मेडल
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कनीना की आवाज।
कनीना के खंड शिक्षा अधिकारी रहे एवं रेवाड़ी से उप जिला शिक्षा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त डिगरोता निवासी डॉ रामानंद यादव ने  कृत्रिम बुद्धिमत्ता काल में वैकल्पिक करियर विकल्प  शीर्षक अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता में प्रतिभागिता की जिसमें उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान हासिल कर सिल्वर मेडल जीता है। इस प्रतियोगिता में अनेक देशों के प्रतिभागियों ने प्रतिभागिता की। प्रथम स्थान पर इंडोनेशिया के प्रतिभागी ने गोल्ड मेडल हासिल किया तो तृतीय स्थान पर साउथ कोरिया के प्रतिभागी ने कांस्य पदक जीता। इस निबंध प्रतियोगिता के लिए रचनाएं अप्रैल माह में आमंत्रित की गई थी जिसका परिणाम कल घोषित किया गया। डा रामानंद यादव का चयन सीनियर कैटेगरी के प्रतिभागियों में से हुआ है। डा रामानंद यादव इससे पहले भी अनेक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके हैं। मोनोमौसुमी एक रिकार्ड धारक और अत्यधिक प्रशंसित एडुकेट प्लेटफार्म है जो अंतर्राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से सभी आयु वर्ग के लेखकों को अनूठा अवसर प्रदान करता है। सिल्वर मेडल जीतने पर सभी ने प्रसन्नता जाहिर की है।
फोटो कैप्शन: डा. रामानंद यादव




कनीना के भक्तों ने लगाया खाटू में दो दिवसीय शिविर
- खाने पीने की सभी सुविधाएं कर रहे हैं प्रदान
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कनीना की आवाज।
 कनीना कस्बे के विभिन्न समाजसेवी एवं श्याम भक्त खाटू श्याम धाम पर जाकर हर वर्ष भंडारा लगते हैं।  इसी कड़ी में बुधवार को भंडारा लगा दिया है जो गुरुवार तक चलेगा। भंडारा लगाने के लिए कनीना मंडी से बस मंगलवार को रवाना हुई। बस को बसपा नेता अतरलाल ने रवाना किया था।
 इस मौके पर रविंद्र कुमार भक्त ने बताया कि यह हर वर्ष भंडारा लगता है जिसमें राहगीरों के लिए खाटू श्याम धाम में नाश्ता, दोपहर का खाना, शाम का नाश्ता, रात्रि भोजन सब कुछ उपलब्ध होता है। पेयजल का विशेष प्रबंध तथा विभिन्न प्रकार के पेयजल भी पिलाये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए खर्च सभी समाजसेवी वहन करते आ रहे हैं। ये सभी समाजसेवी जाकर दो दिनों तक राहगीरों की सेवा करेंगे तत्पश्चात 2 दिन के बाद वापस घर लौटेंगे। भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला। भक्तों की उत्साह को देखते हुए अतरलाल ने अपनी तरफ से 3100 रुपए का दान दिया तथा विभिन्न भक्तों को फूल मालाओं से स्वागत कर खाटू के लिए रवाना किया।
 इस मौके पर नीटू ठेकेदार, रवि कुमार, सुरेश चीफ, संजय मित्तल, मुकुट मित्तल, राकेश रोहिल्ला, रोहित गर्ग, गोपाल मोबाइल, सुरेश कुमार, रमन कुमार, महावीर ,महिपाल, अश्वनी, डा. एसबी यादव, अजीत कुमार, अशोक शर्मा, धनराज गोयल, विजेंद्र गर्ग, नरेश यादव, सन्नी गुप्ता, भूदेव शर्मा ,बंटी सहित श्रीश्याम सेवक कनीना के पदाधिकारी सेवा में जुटे हुए हैं।
 फोटो कैप्शन 6,: भक्त खाटू श्याम धाम में भंडारा लगाते हुए   






अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर महेंद्रगढ़ जिले में उमड़ेगा जनसैलाब
-21 जून को जिला और ब्लॉक स्तर पर मनेगा 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
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कनीना की आवाज।
हरियाणा सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार आगामी 21 जून को जिले में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भव्य और गरिमामय तरीके से मनाया जाएगा। इस बार जिला स्तरीय मुख्य योग कार्यक्रम नारनौल के आईटीआई (बॉयज) मैदान में आयोजित किया जाएगा। इसी विषय को लेकर आज अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पवारिया ने लघु सचिवालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ एक बैठक ली।
एडीसी ने बताया कि यदि मौसम खराब होता है या बारिश आती है, तो इसके लिए वैकल्पिक तौर पर सभागार भवन नारनौल को आरक्षित रखा गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों को समय रहते पुख्ता इंतजाम करने के कड़े निर्देश दिए।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि इस वर्ष योग दिवस पर रिकॉर्ड भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। जिला स्तर पर आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम में लगभग हजारों लोग एक साथ योग करेंगे?।
उन्होंने बताया कि इसी तरह प्रत्येक ब्लाक स्तर पर भी भव्य कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जहां हजारों की संख्या में प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। ब्लॉक स्तर के कार्यक्रमों को सुचारु रूप से चलाने के लिए संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो अपने स्तर पर कमेटियां गठित कर व्यवस्थाएं संभालेंगे।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के इस सफर को आम जनमानस से जोडऩे के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत मई महीने में ही जिले के सभी सरकारी व निजी स्कूलों के शारीरिक शिक्षकों, डीपीई और पीटीआई को नारनौल व महेंद्रगढ़ में तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिन्होंने आगे चलकर अपने-अपने स्कूलों में बच्चों को योग का अभ्यास कराया है। इसके बाद आगामी 8 से 10 जून के बीच जिले के प्रत्येक गांव में सरपंचों के सहयोग से योग जागरण यात्राएं निकाली जाएंगी। इसके तुरंत बाद 11 से 13 जून तक जिला मुख्यालय को छोड़कर सभी ब्लाकों जैसे महेंद्रगढ़ के हुड्डा पार्क, अटेली के राजकीय महिला महाविद्यालय मैदान, नांगल चौधरी की नई अनाज मंडी, सिहमा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना के पीकेएसडी कालेज और निजामपुर व सतनाली के बीडीपीओ कार्यालय परिसरों में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, पुलिसकर्मियों और आम जनता के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएंगे।
इस मुहिम को और गति देने के लिए 15 जून को एक विशाल योग मैराथन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी और नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी मुख्य संयोजक होंगे। इस मैराथन में स्कूल, कालेज, गुरुकुल, योग संस्थाएं, पुलिस, एनसीसी, एनएसएस और नेहरू युवा केंद्र के वालंटियर्स योग के नारों वाली पट्टियां और बैनर लेकर चलेंगे। इसके बाद 16 से 18 जून तक आईटीआई नारनौल में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए तीन दिवसीय विशेष योग शिविर लगेगा। 19 जून को बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कालेज एवं अस्पताल, पटीकरा के परिसर में आयुष विश्वविद्यालय और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के सहयोग से एक महत्वपूर्ण योग संगोष्ठी का आयोजन होगा। मुख्य आयोजन से ठीक एक दिन पहले यानी 20 जून को सुबह ठीक 7 बजे आईटीआई मैदान में फाइनल रिहर्सल की जाएगी, ताकि 21 जून को सुबह पौने छह बजे से होने वाले मुख्य कार्यक्रम में कोई कमी न रहे।
इस अवसर पर डीएसपी डा. कविता, आरएफओ रजनीश कुमार, जिला आयुर्वेद अधिकारी डा. शशिबाला, डीडीपीओ प्रमोद कुमार, आईटीआई प्रधानाचार्य विनोद कुमार खनगवाल, आयुष विभाग से डा. सतीश के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
इस बार हरित योग के रूप में मनाया जाएगा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
हरियाणा सरकार के विजन के अनुरूप इस बार योग दिवस को पर्यावरण से जोड़ते हुए हरित योग के रूप में मनाया जाएगा। इसके लिए वन विभाग के सहयोग से जिले भर में दस हजार औषधीय पौधे जैसे आंवला, हरड़, अर्जुन, नीम, पीपल, अश्वगंधा, तुलसी और गिलोय का रोपण किया जाएगा। खेल विभाग और हरियाणा योग खेल एसोसिएशन द्वारा मई के अंत से लेकर जून के पहले हफ्ते तक स्कूल, ब्लॉक और जिला स्तर पर योगसासन खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम स्थल पर सफाई व्यवस्था के लिए नगर परिषद और आईटीआई के प्राचार्य को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि जनस्वास्थ्य विभाग पीने के पानी और वीआईपी शौचालय की व्यवस्था करेगा। पुलिस विभाग को यातायात और पार्किंग संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
फोटो कैप्शन 05: संबंधित है

शोक जताने मंत्री आएंगे कनीना
-पूर्व डीआईजी का गत दिनों हो गया देहांत

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कनीना की आवाज।
पूर्व डीआईजी राज सिंह का बीते दिन देहांत हो गया। उनकी शोक सभा मे पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव 28 मई को कनीना मे शाम लगभग 4 बजे शामिल होंगे। इस दौरान वो पूर्व डीआईजी राज सिंह की याद में त्रिवेणी लगाएंगे।


ग्रीष्मकालीन शिविर 1 जून से 31 जुलाई तक
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कनीना की आवाज।
हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की महासचिव डॉ सुषमा गुप्ता के दिशा निर्देशानुसार व उपायुक्त एवं जिला बाल कल्याण परिषद की अध्यक्ष अनुपमा अंजली के मार्गदर्शन में सरकारी व प्राईवेट स्कूलों के बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए जिला बाल कल्याण परिषद की ओर से ग्रीष्मकालीन शिविर-2026 का आयोजन 1 जून से 31 जुलाई तक किया जाएगा।
यह जानकारी देते हुए जिला बाल कल्याण अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि इस ग्रीष्मकालीन शिविर में नृत्य (डांस), ललित कला (पेन्टिंग) एवं पोस्टर मेकिंग तथा खेल गतिविधियों में तीरन्दाजी व ताई कवांडो/आत्मरक्षा प्रशिक्षण आदि की कक्षाए निशुल्क लगाई जाएंगी।
इन ग्रीष्मकालीन शिविरों के तहत सरकारी व प्राईवेट स्कूलों के 5 से 16 वर्ष आयुवर्ग तक के बच्चें नृत्य (डांस) व पेन्टिंग/पोस्टर मेकिंग कक्षाओं में भाग ले सकते हैं जिनमें पेन्टिंग, पोस्टर मेकिंग की कक्षा सुबह 9 बजे से 11 बजे तथा नृत्य (डांस) कक्षा सांय 4 से 6 बजे तक बाल भवन नारनौल में लगेंगी। इसी कड़ी में 5 से 18 वर्ष आयुवर्ग तक के बच्चों के शारीरिक विकास के लिए सुबह 6 से 8 बजे तक तीरन्दाजी व ताई कवांडो, आत्मरक्षा प्रशिक्षण की कक्षाएं लगाई जाएगी। अत: सभी बच्चों व उनके अभिभावकगणो से अनुरोध है कि जिला बाल कल्याण परिषद नारनौल द्वारा आयोजित की जा रही ग्रीष्मकालीन शिविर-2026 की गतिविधियों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर लाभ उठाए। इस संबंध में अन्य किसी जानकारी के लिए जिला बाल कल्याण अधिकारी के मोबाइल नंबर 9991058860 या विवेक कुमार कार्यक्रम अधिकारी के फोन नंबर 8607213055 पर सम्पर्क कर सकते हैं।



घर से नकदी और आभूषण चोरी
- कनीना पुलिस ने किया अज्ञात चोरों के विरुद्ध मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव सेहलंग में अज्ञात चोरों ने घर से हजारों रुपए की नकदी तथा आभूषण चोरी कर लिए। मोनिका नामक महिला ने कनीना पुलिस में अज्ञात चोरों के विरुद्ध मामला दर्ज करवाया है। उन्होंने कहा है कि वह काफी समय से बावल रोड़, चांदपुरा की ढ़ाणी में मकान बनाकर रह रही है। वर्तमान में अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए सीकर में किराए के मकान में रह रही है। 25 मई को दोपहर करीब 12 बजे के आसपास सेहलंग वाले मकान में अज्ञात चोरों ने घुसकर घर में रखे कीमती सामान एवं नकदी चोरी कर लिए। इस घटना के बारे में फोन पर परिवार के सदस्य द्वारा सूचना दी गई। परिवार के सदस्यों ने डायल 112 पर फोन किया जिससे पुलिस मौके पर आई और मौका देखा। 26 में को मोनिका सीकर से सेहलंग पहुंची तथा घर का सामान चेक किया। उन्होंने बताया कि सोने की अंगूठी, सोने का टापर्स, चांदी के पाजेब, चांदी के पांच सिक्के, एक टाइटन की घड़ी, 10,000 रुपए की नकदी, प्लाटों के दस्तावेज, इकरारनामा आदि सभी ले गये। उनके बयान पर कनीना पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



यूनिट टेस्ट परीक्षा परिणाम एवं ग्रीष्मकालीन अवकाश संबंधी दिशा-निर्देशों हेतु -अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित
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कनीना की आवाज।
बीआर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेहलंग में बुधवार को विद्यार्थियों की यूनिट टेस्ट परीक्षा के परिणाम घोषित करने एवं अभिभावकों से चर्चा करने हेतु अभिभावक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया तथा अपने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन एवं व्यवहार के बारे में जानकारी प्राप्त की।
विद्यालय के शिक्षकों एवं कक्षा अध्यापकों द्वारा अभिभावकों को विद्यार्थियों के यूनिट टेस्ट  परीक्षा परिणाम के बारे में विस्तारपूर्वक अवगत करवाया गया तथा कमजोर एवं मेधावी विद्यार्थियों हेतु अलग-अलग शैक्षणिक सुझाव दिए गए।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को दिए जाने वाले ग्रीष्मकालीन गृहकार्य के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। अभिभावकों से कहा गया कि वे बच्चों को नियमित रूप से गृहकार्य करवाएं तथा छुट्टियों के दौरान पढ़ाई से जुड़ी आदतों को बनाए रखें।
विद्यालय प्रबंधन द्वारा ग्रीष्मकालीन अवकाश के सदुपयोग के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को प्रतिदिन कुछ समय अध्ययन, पुस्तक पठन, योग, खेलकूद एवं नई कौशल गतिविधियों में लगाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही मोबाइल फोन एवं दूरदर्शन के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह दी गई।
विद्यालय की प्राचार्या ज्योति भारद्वाज ने कहा कि अभिभावकों एवं विद्यालय के संयुक्त प्रयासों से ही विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास संभव है। उन्होंने सभी अभिभावकों का बैठक में सहभागिता हेतु धन्यवाद व्यक्त किया।
विद्यालय के चेयरमैन हरीश भारद्वाज ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि केवल विद्यालय के भरोसे बच्चों का भविष्य उज्ज्वल नहीं बनाया जा सकता, बल्कि अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जो अभिभावक अपने बच्चों की पढ़ाई, अनुशासन एवं दैनिक गतिविधियों पर नियमित ध्यान देते हैं, वही विद्यार्थी भविष्य में अधिक सफल होते हैं। उन्होंने सभी अभिभावकों से बच्चों के साथ समय बिताने एवं छुट्टियों का सदुपयोग करवाने का आह्वान किया।
फोटो कैप्शन 03 व 04: अभिभावक-शिक्षक बैठक



कपास किसानों को खुशहाल बना रही-सरकार
-राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत मिलेगी भारी छूट
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कनीना की आवाज।
हरियाणा सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने, कपास यानी नरमा की पैदावार बढ़ाने और खेती की आधुनिक तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन फसलें (कपास) योजना की शुरुआत की गई है, जिसके तहत कपास उगाने वाले किसानों को सरकार की तरफ से भारी आर्थिक सहायता यानी अनुदान दिया जा रहा है।
यह जानकारी देते हुए उप कृषि निदेशक डा. देवेंद्र सिंह ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में कपास के रकबे को बढ़ाना, खेती के उन्नत तौर-तरीकों को बढ़ावा देना, मिट्टी की उपजाऊ शक्ति में सुधार करना और किसानों को फसलों का सही दाम दिलवाना है। इसके साथ ही प्रमाणित यानी सरकारी मान्यता प्राप्त बीजों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना भी सरकार का मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि यह योजना राज्य के चुनिंदा जिलों में लागू की गई है, जिसमें भिवानी, फतेहाबाद, हिसार, जींद, नारनौल, पलवल, सिरसा, रेवाड़ी, चरखी दादरी, रोहतक और झज्जर शामिल हैं।
योजना के नियमों की जानकारी देते हुए उन्होंने आगे बताया कि लाभ लेने के लिए इच्छुक किसानों को सबसे पहले मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना होगा और इसके बाद कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाकर अपनी कपास की फसल का पूरा ब्योरा देना अनिवार्य होगा। योजना के तहत एक किसान को अधिकतम ढाई एकड़ तक की जमीन पर ही इस छूट का लाभ मिल सकेगा। किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने कुल बजट का 20 प्रतिशत हिस्सा अनुसूचित जाति के किसानों, महिला किसानों तथा छोटे व सीमांत यानी कम जमीन वाले किसानों के लिए सुरक्षित रखा है। डॉ. देवेंद्र सिंह ने किसानों को सलाह दी है कि खेती का सामान खरीदने से पहले वे आनलाइन आवेदन जरूर करें और सामान हमेशा हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार की सिफारिश के अनुसार किसी सरकारी, अर्ध-सरकारी, सहकारी समिति या सरकार द्वारा अधिकृत यानी लाइसेंस प्राप्त विक्रेता से ही खरीदें। सामान खरीदने के बाद उसका पक्का बिल पोर्टल पर अपलोड करना भी जरूरी है। कृषि विभाग ने सभी पात्र किसानों से आग्रह किया है कि वे इस योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाएं, नई तकनीकों को अपनाएं और अपनी आमदनी बढ़ाएं। अधिक जानकारी के लिए किसान भाई अपने नजदीकी कृषि कार्यालय या विभाग के पोर्टल पर संपर्क कर सकते हैं।
सामूहिक प्रदर्शनी और उन्नत खेती पर मिलने वाली सहायता-
खरीफ के इस सीजन में खेतों में उन्नत तकनीकों के प्रदर्शन और एकीकृत फसल प्रबंधन के लिए किसानों को 3,200 रुपये प्रति एकड़ की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा देसी और लंबी कतरन वाली कपास की प्रदर्शनी पर 3,600 रुपये प्रति एकड़ मिलेंगे, जबकि कपास के साथ दूसरी फसल यानी अंतर-फसल उगाने पर 3,200 रुपये प्रति एकड़ की छूट मिलेगी। वहीं अधिक पौधों वाली सघन खेती तकनीक के परीक्षण के लिए सरकार द्वारा 4,000 रुपये प्रति एकड़ की भारी सहायता दी जाएगी।
फसल और मिट्टी के बचाव पर मिलने वाली छूट--
फसलों को बीमारियों से बचाने, जैविक कीटनाशकों, औषधियों के छिड़काव तथा खरपतवार यानी नदीन को खेत से खत्म करने के लिए सरकार द्वारा विशेष मदद दी जा रही है। इस कार्य के लिए किसानों को खरीफ सीजन में 200 रुपये प्रति एकड़ या फिर उनकी कुल लागत का 50 प्रतिशत, दोनों में से जो भी राशि कम होगी, वह अनुदान के रूप में दी जाएगी।




जांच के बाद पैक्स गुढ़ा की बैठक रद्द
-निदेशकों को भेजे गए बैठक के एजेंडे में मिली खामियां
-पैक्स रिकार्ड और निदेशकों को भेजे गए एजेंडे बिल्कुल अलग-अलग मिले।
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कनीना की आवाज।
सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां महेंद्रगढ़ ने दी गुढ़ा बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समिति लि.गुढ़ा की 28 मई को होने वाली बैठक के एजेंडे को रद्द कर दिया गया हैं। पैक्स गुढ़ा के निदेशकों सत्यवीर सिंह उन्हाणी, लक्की राव सीगड़ा, सतीश लाटा झगड़ोली एवं महेश शर्मा गुढ़ा द्वारा मामले की शिकायत जिला उपायुक्त महेंद्रगढ़, महाप्रबंधक को-आपरेटिव बैंक महेंद्रगढ़ , उप-रजिस्ट्रार भिवानी, रजिस्ट्रार पंचकूला, अतिरिक्त मुख्य सचिव सहकारिता विभाग को भेजी गई थी।
पैक्स गुढ़ा के डायरेक्टर लक्की राव सीगड़ा ने बताया कि हमारी शिकायत पर सहायक रजिस्टर सहकारी समितियां महेंद्रगढ़ ने अजय यादव निरीक्षक सहकारी समितियां कनीना को बतौर जांच अधिकारी नियुक्त किया था। जांच अधिकारी ने जांच के दौरान प्रबंधक पैक्स गुढ़ा द्वारा बैठक के लिए भेजे गए एजेंडे में बहुत खामियां पाई गई। प्रबंधक द्वारा भेजा गया एजेंडा और निदेशकों को प्राप्त हुए एजेंडा बिल्कुल अलग पाया गया। इस एजेंडे को रद्द करने एवं प्रबंधक गुढ़ा के खिलाफ अनुशासनात्मक कानूनी कार्यवाही करने की रिपोर्ट निरीक्षक सहकारी समितियां कनीना ने सहायक रजिस्ट्रार महेन्द्रगढ़ को प्रस्तुत कर दी।
सहायक रजिस्ट्रार महेन्द्रगढ़ ने सारे मामले को देखते हुए 26 मई को जारी आदेश के तहत पैक्स गुढ़ा की 28 मई को होने वाली बैठक के एजेंडे को रद्द कर दिया गया। पैक्स गुढ़ा के इस एजेंडे को रद्द करने के बाद भी दोषी कर्मचारी के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कानूनी कार्यवाही नहीं की। जो सहकारिता विभाग के सिस्टम पर सवालिया निशान खड़े करता है।
निदेशक लक्की राव सीगड़ा ने यह भी कहा कि गत वर्ष नवम्बर 2026 में रजिस्ट्रार की स्टे के दौरान हुए पैक्स गुढ़ा के प्रधान एवं उपप्रधान का चुनाव संबंधित अपील उप-रजिस्ट्रार भिवानी एवं रजिस्ट्रार पंचकूला के न्यायालय में लंबित हैं। इसके वाबजूद भी सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां महेन्द्रगढ़ नियमों की अवहेलना करते हुए अपने से उच्च स्तर के अधिकारियों को किनारा करते हुए अपने पद का दुरुपयोग कर रहा हैं। जो सरासर गलत हैं और सहकारिता की भावना के साथ कुठाराघात हैं।


गो पूजन करके दिया 5100 रुपए का दान
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कनीना की आवाज।
कनीना की श्रीकृष्ण गोशाला कनीना में सावित्री देवी लखेरा ने गो पूजन किया तथा गायों के लिए दान दिया। इस मौके पर पर उनके पुत्र संजय कुमार लखेरा, पत्नी नीलम देवी, मनोज कुमार, उनकी पत्नी सुनील देवी आदि उपस्थित रहे।
 गो पूजन में अतुल कुमार, विशाल, यश, मुस्कान, ध्रूव, मास्टर रामप्रताप, प्रधान भगत सिंह, ओम प्रकाश आर्य, अशोक कुमार आदि गो सेवक उपस्थित रहे। सावित्री देवी ने गोपूजन कर 5100 रुपए का दान किया और गायों को हरा चारा भी खिलाया।
फोटो कैप्शन 02: गायों का पूजन करते हुए


कपूरी गांव में पंच धूना तपस्या बनी आस्था का केंद्र
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कनीना की आवाज
। कनीना उप-मंडल के गांव कपूरी में महाराज हरिदास द्वारा की जा रही पांच धूना तपस्या श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। तेज गर्मी और धूप के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रतिदिन वहां पहुंचकर पूजा अर्चना कर रहे हैं। महाराज हरिदास की तपस्या क्षेत्र में धार्मिक वातावरण बना हुआ है और लोगों की आस्था बढ़ रही है।
 दूर दराज के लोग गाडिय़ां लेकर पहुंच रहे हैं। बाबा दोपहर 12:15 बजे से दोपहर 2:15 बजे तक पांच धूनों के बीच बैठकर तपस्या करते हैं। अग्नि के बीच बैठकर की जा रही कड़ी साधना लोगों का आकर्षण का केंद्र बनी है। ग्रामीणों ने बताया कि कि 21 अप्रैल से 31 मई तक 41 दिन की तपस्या चलेगी। 31 मई को भंडारा भी आयोजित किया जाएगा। साथ में हवन एवं और प्रसाद वितरण भी होगा।
 फोटो कैप्शन 01: महाराजा हरिदास तप करते हुए





एडवोकेट शंकर धू












पड़ बने चेयरमैन हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी
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कनीना की आवाज। एडवोकेट शंकर धूपड़ वरिष्ठ भाजपा नेता एवं भाजपा जिला महेंद्रगढ़ के संगठन प्रभारी को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी का नया अध्यक्ष बनने पर अटेली के पूर्व विधायक सीताराम यादव ने बधाई और शुभकामनाएं दी।
  पूर्व विधायक ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी का चेयरमैन  बनाने पर मुख्यमंत्री नायब  सैनी, केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  मोहनलाल बड़ोली, सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह, शिक्षा मंत्री महिपाल सिंह ढांणा और  भाजपा शीर्ष नेतृत्व का आभार प्रकट किया है।
पूर्व विधायक सीताराम यादव ने शंकर धूपड़ को  ईमानदार कर्तव्य निष्ठ और स्वच्छ छवि का नेता  बताया। इनके मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी और हरियाणा शिक्षा विभाग उन्नति के पथ पर अग्रसर रहेगा । शुभकामनाएं और बधाई देने वालों में सत्यवीर सिंह यादव, राजेन्द्र प्रसाद भारद्वाज,
हनुमान प्रसाद शर्मा, शक्ति सिंह यादव, अतर सिंह तंवर,मनोज कुमार यादव, विनोद कुमार यादव, राजीव शर्मा नोताना,  दिनेश कुमार यादव , शिव कुमार शर्मा, कुलदीप सिंह यादव सेहलंग सहित कई गणमान्य लोग प्रमुख हैं।
फोटो कैप्शन: शंकर सिंह धूपड़

Tuesday, May 26, 2026




शोक जताने मंत्री आएंगे कनीना
-पूर्व डीआईजी का गत दिनों हो गया देहांत
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कनीना की आवाज।
पूर्व डीआईजी राज सिंह का बीते दिन देहांत हो गया। उनकी शोक सभा मे पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव 28 मई को कनीना मे शाम लगभग 4 बजे शामिल होंगे। इस दौरान वो पूर्व डीआईजी राज सिंह की याद में त्रिवेणी लगाएंगे।



विशाल भंडारे के लिए कनीना से रवाना हुआ भक्तों का दल
- खाटू श्याम धाम में लगाएंगे दो दिन तक भंडारा
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कनीना की आवाज।
 कनीना कस्बे के विभिन्न समाजसेवी एवं श्याम भक्त खाटू श्याम धाम पर जाकर हर वर्ष भंडारा लगते हैं।  भंडारा लगाने के लिए कनीना मंडी से बस रवाना हुई। बस को बसपा नेता अतरलाल ने रवाना किया।
 इस मौके पर रविंद्र कुमार भक्त ने बताया कि यह हर वर्ष भंडारा लगता है जिसमें राहगीरों के लिए खाटू श्याम धाम में नाश्ता, दोपहर का खाना, शाम का नाश्ता, रात्रि भोजन सब कुछ उपलब्ध होगा। पेयजल का विशेष प्रबंध तथा विभिन्न प्रकार के पेयजल भी पिलाये जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस कार्य के लिए खर्च सभी समाजसेवी वहन करते आ रहे हैं। ये सभी समाजसेवी जाकर दो दिनों तक राहगीरों की सेवा करेंगे तत्पश्चात 2 दिन के बाद वापस घर लौटेंगे। भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला। भक्तों की उत्साह को देखते हुए अतरलाल ने अपनी तरफ से 3100 रुपए का दान दिया तथा विभिन्न भक्तों को फूल मालाओं से स्वागत किया।
 इस मौके पर नीटू ठेकेदार, रवि कुमार, सुरेश चीफ, संजय मित्तल, मुकुट मित्तल, राकेश रोहिल्ला, रोहित गर्ग, गोपाल मोबाइल, सुरेश कुमार, रमन कुमार, महावीर ,महिपाल, अश्वनी, डा. एसबी यादव, अजीत कुमार, अशोक शर्मा, धनराज गोयल, विजेंद्र गर्ग, नरेश यादव, सन्नी गुप्ता, भूदेव शर्मा ,बंटी सहित श्रीश्याम सेवक कनीना के पदाधिकारी मौजूद रहे।
 फोटो कैप्शन 6, 7, 8: भक्त खाटू श्याम धाम के लिए रवाना होते हुए


भावी पीढिय़ों के लिए सहेजी जाएगी देश की बौद्धिक संपदा -एडीसी
-जिले के प्रत्येक वार्ड और पंचायत में तैनात किए गए दो-दो सर्वेक्षक
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कनीना की आवाज।
भारत की अमूल्य बौद्धिक संपदा और सदियों पुरानी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भावी पीढिय़ों के लिए सुरक्षित रखने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय और हरियाणा सरकार के समन्वय से ज्ञान भारतम मिशन की शुरुआत हो चुकी है। इसी कड़ी में आज अतिरिक्त उपायुक्त एवं इस मिशन के जिला नोडल अधिकारी तरुण कुमार पावरिया ने सभागार में अधिकारियों और संबंधित कमेटियों की एक बैठक ली।
इस बैठक में उन्होंने राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत रोडमैप साझा किया और तैनात अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस दौरान उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाने वाले महेंद्रगढ़ जिले में इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
एडीसी ने कहा कि ज्ञान भारतम मिशन देश के इतिहास को पुनर्जीवित करने और हमारी सभ्यता के ज्ञान, परंपराओं, विज्ञान व दर्शन को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। जिले में इस राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण को पूरी पारदर्शिता और गति के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए एक विस्तृत प्रशासनिक आदेश जारी कर दिया गया है। एडीसी ने कहा कि जिले के प्रत्येक वार्ड और ग्राम पंचायत में अनिवार्य रूप से कम से कम दो-दो अधिकारियों व कर्मचारियों को विशेष सर्वेक्षक के रूप में तैनात कर दिया गया है। इन सभी तैनात सर्वेक्षकों को एक विशेष रूप से गठित कमेटी के माध्यम से अनिवार्य क्षमता निर्माण, तकनीकी प्रशिक्षण और व्यावहारिक ओरिएंटेशन प्रदान की जा चुकी है, ताकि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और वैज्ञानिक पद्धति से कर सकें।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने इस व्यापक सर्वेक्षण कार्य को आगामी 10 जून 2026 तक हर हाल में पूरा करने की समय-सीमा तय की है।
उन्होंने बताया कि यह संपूर्ण सर्वेक्षण आधुनिक ज्ञान भारतम मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से डिजिटल रूप से संचालित किया जा रहा है। इस उच्च तकनीक आधारित प्रणाली में डेटा की प्रमाणिकता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए कई विशेष मानक तय किए गए हैं। सर्वेक्षण के दौरान सर्वेक्षकों के लिए मोबाइल में जीपीएस को सक्रिय रखना और उसी सटीक स्थान पर उपस्थित रहना अनिवार्य होगा, जहां पांडुलिपियां या दुर्लभ अभिलेख मौजूद हैं। यह प्रणाली पांडुलिपि के वास्तविक भौगोलिक स्थान को स्वचालित रूप से रिकॉर्ड करेगी। डेटा संकलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यवस्थित रखने के लिए एप्लिकेशन का इंटरफेस भले ही हिंदी और अंग्रेजी सहित देश की कुल 23 मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय भाषाओं और प्राकृत का समर्थन करता हो, लेकिन सर्वे फॉर्म की सभी प्रविष्टियां केवल अंग्रेजी भाषा में ही दर्ज की जाएंगी।
सर्वेक्षण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए इसे कुल सात महत्वपूर्ण चरणों में विभाजित किया गया है।
उन्होंने बताया कि एप्लिकेशन में लॉगिन के बाद भाषा चयन, प्रोफाइल श्रेणी का चुनाव, फिर संरक्षक या संबंधित धार्मिक व सार्वजनिक संस्था के नाम, मोबाइल नंबर और पते का पूरा विवरण दर्ज करना होगा। इसके बाद पांडुलिपि के स्वरूप (जैसे ताड़पत्र, प्राचीन कागज, धातु आदि), उसकी लिपि, भाषा और वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की जाएगी। इस प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण और अनिवार्य शर्त यह रखी गई है कि प्रत्येक पांडुलिपि के मुखपृष्ठ या पहले पृष्ठ की कम से कम एक अत्यंत स्पष्ट, पर्याप्त रोशनी वाली और बिना छाया या चमक वाली वास्तविक फोटो अपलोड करनी होगी। अंतिम सबमिशन के बाद पोर्टल द्वारा एक विशिष्ट रिक्वेस्ट आईडी जेनरेट की जाएगी, जिसके माध्यम से भविष्य में उस धरोहर के संरक्षण, कैटलागिंग और डिजिटाइजेशन की प्रगति को ट्रैक किया जा सकेगा।
अतिरिक्त उपायुक्त ने जिलावासियों से अपील की है कि प्राचीन पांडुलिपियां, ऐतिहासिक पत्र, दुर्लभ ताम्रपत्र, पुराने मानचित्र या प्राचीन तस्वीरें केवल किसी व्यक्ति या परिवार की निजी संपत्ति नहीं हैं, बल्कि ये हमारे समाज की साझा बौद्धिक धरोहर हैं। उन्होंने आह्वान किया कि अभिलेख दान अभियान के तहत आमजन और विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाएं स्वेच्छा से आगे आएं और अपने घरों, मठों, पारंपरिक पाठशालाओं या मंदिरों में सहेज कर रखी गई ऐसी दुर्लभ सामग्री को राज्य अभिलेखागार विभाग को सौंपने में सहयोग करें।
बैठक में शिक्षा विभाग, स्थानीय निकाय और पंचायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व कमेटी सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04:ज्ञान भारतम मिशन को लेकर बैठक लेते एडीसी तरुण कुमार पावरिया।


एसआईआर-2026 के लिए जल्द बीएलए नियुक्त करें सभी राजनीतिक दल
-मतदाताओं की सहायता और जानकारी के लिए जिला स्तर पर टोल फ्री नंबर 01282-1950 शुरू
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कनीना की आवाज।
निष्पक्ष व त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करने के लिए सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि जल्द से जल्द अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए-2) नियुक्त करें। चुनाव प्रक्रियाओं को पारदर्शी व सुगम बनाने में सभी की अहम् भूमिका होती है। यह बात उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुपमा अंजली ने मंगलवार को लघु सचिवालय के मीटिंग हाल में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर-2026) के संबंध में आयोजित बैठक में कही।
डीसी ने स्पष्ट किया कि नियुक्त किया जाने वाला बूथ लेवल एजेंट अनिवार्य रूप से उसी संबंधित बूथ का मतदाता होना चाहिए, ताकि वह स्थानीय स्तर पर सही सत्यापन में सहयोग कर सके।
उपायुक्त ने बताया कि विशेष गहन संशोधन के लिए पात्रता तिथि एक जुलाई निर्धारित की गई है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए 5 जून से 14 जून तक संबंधित अधिकारियों और चुनाव अमले को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। 15 जून से 14 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करेंगे। साथ ही 14 जुलाई तक जिले के मतदान केन्द्रों का रेशनलाइज़ेशन (युक्तिकरण) कार्य पूरा किया जाएगा। 21 जुलाई को मतदाता सूचियों का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 21 जुलाई से 20 अगस्त तक इस अवधि के दौरान मतदाता सूची को लेकर दावे तथा आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। साथ ही 21 जुलाई से 18 सितंबर तक प्राप्त हुई सभी
आपत्तियों और दावों का निपटारा किया जाएगा। 22 सितंबर को मतदाता सूचियां का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। जिला में एसआईआर से संबंधित जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 01282-1950 शुरू कर दिया गया।
इस अवसर पर जिला निर्वाचन तहसीलदार सुरेंद्र, बीजेपी जनप्रतिनिधि सुशील चौटाला, नरेंद्र सिंह, योगदत व राजेंद्र कुमार, कांग्रेस जन प्रतिनिधि मनजीत कुमार, जेजेपी जनप्रतिनिधि वीरेंद्र, इनेलो जनप्रतिनिधि विजय सैनी मौजूद थे।
1200 से ज़्यादा वोटर वाले पोलिंग स्टेशनों का 14 जुलाई तक होगा रेशनलाइजेशन-
उपायुक्त अनुपमा अंजली ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग व हरियाणा राज्य चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार, 1200 से ज़्यादा वोटर वाले पोलिंग स्टेशनों का 14 जुलाई तक रेशनलाइज़ेशन किया जाना है। उन्होंने बताया कि जिले में ऐसे 175 मतदान केंद्र चिह्नित किए गए थे जहां मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक है। इनमें से 62 केंद्रों को समायोजन किया जाएगा, जबकि 113 नए मतदान केंद्र बनाने प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
इन नए प्रस्तावों में अटेली से 24, महेंद्रगढ़ से 30, नारनौल से 31 और नांगल चौधरी से 28 नए पोलिंग स्टेशन शामिल हैं।
फोटो कैप्शन 05:राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करती डीसी






अटेली सीएचसी में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं होंगी मजबूत
-मेदांता फाउंडेशन के सहयोग से आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगा विस्तार
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कनीना की आवाज।
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की पहल पर महेंद्रगढ़ जिले के अटेली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य विभाग हरियाणा और मेदांता फाउंडेशन के बीच सहयोग से तैयार प्रस्ताव को सिद्धांतत: मंजूरी के लिए विचाराधीन रखा गया है।
प्रस्ताव के अनुसार सीएचसी अटेली में आगामी तीन वर्षों के लिए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा, जिसे आपसी सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकेगा। इस पहल के तहत सीजेरियन ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम, ओपीडी सेवाएं, एनीमिया स्क्रीनिंग क्लीनिक तथा अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाएगा।
इसके अलावा महिलाओं में स्तन एवं गर्भाशय कैंसर की जांच, एनीमिया प्रबंधन, बीपी, आरबीएस और हीमोग्लोबिन जैसी जांचों की सुविधा तथा नवजात शिशुओं के लिए कंगारू मदर केयर (केएमसी) को भी मजबूत किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अटेली सीएचसी में इस पहल से महिलाओं और नवजात शिशुओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर मिल सकेंगी।
प्रस्ताव में योग्य डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती, एसीएलएस एंबुलेंस सुविधा, चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव तथा स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण का भी प्रावधान रखा गया है। साथ ही अटेली में परियोजना के सफल संचालन के
बाद फर्रुखनगर और मीरपुर तक इस माडल के विस्तार की संभावना भी जताई गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में चल रही हरियाणा सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और जनसुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
फोटो कैप्शन 03: आरती सिंह राव

खंभे पर चढ़ा व्यक्ति गिरा, घायल
-अस्पताल में मृत घोषित, मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
 ठेकेदार द्वारा रखा गया एक व्यक्ति बिना उपकरणों और अनुभव के खंभे पर चढ़ा दिया जो गिरकर घायल हो गया, अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के भाई ने रवि ने ठेकेदार के विरुद्ध मामला दर्ज करवाया है।
 रवि कुमार ने कहा है कि वह पामनावली मुजफ्फरनगर का निवासी है। उसका सगा भाई बाबी कुछ दिनों पूर्व जय हनुमान इलेक्ट्रिकल के ठेकेदार सुनील कुमार के पास कार्य कर रहा था। जो बिजली विभाग में ठेके पर कार्य करता है। वह प्राइवेट व्यक्तियों को कार्य पर रखता है। बाबी को बिना किसी लिखित नियुक्ति, बिना तकनीकी प्रशिक्षण, बिना सुरक्षा उपकरण, बिना किसी अनुभवी भक्ति की निगरानी के बिजली के खंभों पर अत्यंत जोखिम पूर्ण कार्य करने हेतु लगा दिया गया। ऐसा कार्य अत्यधिक जानलेवा एवं तकनीकी सावधानी वाला होता है। 24 मई को बाबी बिजली के खंभे पर चढ़ा हुआ था। बिना सुरक्षा उपकरण, बिना पर्याप्त प्रशिक्षण संतुलन बिगड़ गया और वह ऊंचाई से नीचे गिर गया। उसे गंभीर चोटें आई। बाद में अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रवि कुमार का कहना है कि ठेकेदार सुनील कुमार ठेकेदार ने जानबूझकर सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते कर्मचारी की जान जोखिम में डालने का कार्य किया। यदि अनुभवी सुपरविजन में कार्य करवाया गया होता तो दर्दनाक हादसा टल सकता था। ऐसे में सुनील अन्य जिम्मेदार व्यक्ति के विरुद्ध मामला दर्ज किया जाए। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत सुनील कुमार ठेकेदार पर मामला दर्ज कर लिया है।


मार्केट कमेटी के तहत नहीं हो रही नालियों की सफाई
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कनीना की आवाज।
कनीना मार्केट कमेटी के तहत आने वाली नालियां कूड़े कचरे एवं पोलीथिन से भरी खड़ी हैं।  प्रमुख समाज सेवी हरेंद्र शर्मा ने कहा कि जगह जगह पालीथिन और कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं जबकि नालियों के बीच पौधे खड़े हैं यह संकेत दे रहे हैं कि सफाई कार्य को और नियमित करने की आवश्यकता है। कई स्थानों पर नालियां कूड़े से इस कदर भर चुकी हैं कि गंदा पानी सड़कों तक फैल रहा है, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं श्री शर्मा ने भी कहा कि सड़क किनारे जमा कूड़ा भी स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है लेकिन मंडीवासी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि मार्केट कमेटी जल्द इस समस्या का समाधान करेगी। लोगों का विश्वास है कि नालियों की सफाई घास फूस और पेड़ों की कटाई तथा कूड़ा हटाने का कार्य शीघ्र शुरू किया जाए ताकि मार्केट कमेटी की सुंदरता और स्वच्छता फिर से लौट सके।
स्वच्छ और साफ वातावरण केवल प्रशासन की नहीं बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है। यदि प्रशासन और नागरिक मिलकर प्रयास करें तो कनीना का बाजार एक बार फिर स्वच्छ सुंदर और व्यवस्थित दिखाई देगा। उन्होंने मांग की है कि नालियों की सफाई की जाए।
 कनीना मार्केट कमेटी के अंतर्गत आने वाली नालियां इन दिनों अपनी बदहाल स्थिति से सफाई व्यवस्था की ओर ध्यान आकर्षित कर रही हैं। प्रमुख समाजसेवी हरेंद्र शर्मा ने कहा कि जगह-जगह पॉलीथिन और कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं जबकि नालियों के बीच उगे पौधे यह संकेत दे रहे हैं कि सफाई कार्य को और नियमित करने की आवश्यकता है।
कई स्थानों पर नालियां कूड़े से इस कदर भर चुकी हैं कि गंदा पानी सड़कों तक पहुंच रहा है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालत ऐसी बन गई है मानो नालियां पानी निकासी का नहीं बल्कि कूड़ा संग्रह अभियान का हिस्सा बन चुकी हों।
वहीं सड़क किनारे जमा कूड़ा भी स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। मंडी वासी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि मार्केट कमेटी जल्द इस समस्या का समाधान करेगी। लोगों का कहना है कि नालियों की सफाई, घास फूस और झाडिय़ों की कटाई तथा कूड़ा हटाने का कार्य शीघ्र शुरू किया जाना चाहिए, ताकि मार्केट कमेटी क्षेत्र की सुंदरता और स्वच्छता फिर से लौट सके।
स्थानीय लोगों का मानना है कि स्वच्छ और साफ वातावरण केवल प्रशासन की ही नहीं बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है। यदि प्रशासन और नागरिक मिलकर प्रयास करें तो कनीना बाजार एक बार फिर स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित दिखाई दे सकता है।
फिलहाल तो लोग यही कह रहे हैं कि नालियों में उगी हरियाली देखकर ऐसा लग रहा है जैसे सफाई कर्मचारियों का इंतजार करते-करते वहां मिनी गार्डन ही तैयार हो गया हो। लेकिन लोगों को उम्मीद ही नहीं, पूरा भरोसा है कि मार्केट कमेटी जल्द सकारात्मक कदम उठाकर व्यवस्था को पटरी पर लाएगी। मौके पर मौजूद भागमल कुमार, दीपक कुमार, देशराज यादव, राजेंद्र कुमार व अन्य ने मार्केट कमेटी से जल्द से जल्द सफाई करवाने की प्रार्थना और कार्रवाई न होने पर धरना देने चेतावनी भी दी। वहीं दूसरी ओर  ककराला रोड पर खंभों पर लगी लाइटों को रात 09 बजे के बाद स्थानीय लोगों के द्वारा बंद कर दिया जाता है ।उसके बाद फिर अंधेरा हो जाता है जिस से किसी अप्रिय घटना घटित होने का अंदेशा बना रहता है ।
फोटो कैप्शन 02: मार्केट कमेटी कनीना की गंदगी से भरी खड़ी नालियां



खरखड़ा बास में लगा टीबी जांच शिविर एवं जागरूकता कैंप
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कनीना की आवाज।
हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार और डा. प्रतीक इंचार्ज पीएचसी धनौंदा के आदेशानुसार गांव खरकड़ाबास में टीबी जांच शिविर ओर जागरूकता कैम्प लगाया गया। जिसमें कुलदीप यादव एमपीएचडब्ल्यू मेल और वर्षा एमपीएचडब्ल्यू फीमेल सभी आशा वर्कर और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित थे। कैम्प में डा. प्रतीक ने 120 लोगों की स्क्रीनिंग की जिसमें 22 संदिग्ध लोगों के सेपूटम के सैंपल जांच के लिए कनीना लैब में भिजवाए डा. प्रतीक ने जानकारी देते हुए बताया कि दो हफ्ते से ज्यादा खांसी, बलगम में खून आना, हल्का बुखार ओर वजन कम होना आदि टीबी के लक्षण हो सकते हैं इसलिए इनमें से कोई भी लक्षण हो तो जांच करवानी चाहिए। जो सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त उपलब्ध है।
इस अवसर पर कुलदीप यादव एमपीएचडब्ल्यू  मेल और वर्षा एमपीएचडब्ल्यू  फीमेल पवन कुमार  युद्धवीर टीबी हेल्थ विजिटर आदि उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 01: टीबी की जानकारी देते हुए डाक्टर


सफर सृष्टि का, का विमोचन 31 मई को
-राधेश्याम गोमला है प्रतिष्ठित लेखक
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कनीना की आवाज।
लब्धप्रतिष्ठ लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता मित्र राधेश्याम गोमला द्वारा लिखित और निर्मला प्रकाशन चरखी दादरी द्वारा प्रकाशित ग्रंथ 'सफर सृष्टि काÓ का आगामी 31 मई रविवार को लोकार्पण किया जाएगा। इस अवसर पर पद्म-भूषण अवार्डी पूर्व सांसद हुकुमदेव नारायण यादव बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित होंगे। रेवाडी के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
इसकी जानकारी देते हुए पुस्तक के लेखक मित्र राधेश्याम गोमला के पुत्र विराट गोमला ने एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए बताया कि जिला रेवाडी के धारूहेडा में स्थित जंगल बाबलर ट्युरिजम काप्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में बडी संख्या में क्षेत्र के साहित्य और शिक्षाप्रेमी उपस्थित रहेंगे।
विराट ने बताया कि लोकार्पित पुस्तक समकालीन हिन्दी साहित्य में एक अत्यंत महत्वपूर्ण, व्यापक और वैचारिक कृति है। यह केवल एक सामान्य पुस्तक नहीं, बल्कि विज्ञान, इतिहास, दर्शन, अध्यात्म, मानव-विकास और भविष्य-दृष्टि का समन्वित बौद्धिक दस्तावेज है। इसमें ब्रह्मांड की उत्पत्ति से लेकर वर्तमान तक की यात्रा को बड़ी रोचकता, शोधपरकता और साहित्यिक सौंदर्य के साथ प्रस्तुत किया है।
विराट ने जानकारी दी कि 'सफर सृष्टि काÓ पुस्तक में बिग-बैंग सिद्धांत, ब्रह्मांड-विज्ञान, मानव-उत्पत्ति, सभ्यताओं का विकास, वेद-उपनिषद, संवत-प्रणालियां, भविष्य-विज्ञान और चेतना जैसे अनेक विषय एक ही धारा में प्रवाहित होते हैं। इसमें ज्ञान की विभिन्न धाराओं को एक सूत्र में बांधने का साहस किया है।
लेखक के पुत्र ने जानकारी दी इस कृति की सबसे अनूठी उपलब्धि इसकी पाडकास्टीय-चंपू शैली है। हिन्दी साहित्य में यह प्रयोग अत्यंत नवीन और मौलिक है। लेखक ने आधुनिक पाडकास्ट संस्कृति को प्राचीन चंपू परंपरा से जोड़कर एक ऐसी शैली निर्मित की है, जिसमें संवाद, नाटकीयता, गद्य, पद्य, दृश्यात्मकता और श्रव्य अनुभूति का अद्भुत मिश्रण दिखाई देता है। पुस्तक के संवाद केवल प्रश्नोत्तर नहीं हैं, बल्कि वे आधुनिक मनुष्य की जिज्ञासा और प्राचीन ज्ञान-परंपरा के बीच सेतु का कार्य करते हैं। पाठक को ऐसा अनुभव होगा जैसे वह किसी बौद्धिक पॉडकास्ट को सुन और देख रहा हो। यह शैली विशेष रूप से नई पीढ़ी के पाठकों को आकर्षित करने की क्षमता रखती है।
विराट ने बताया कि पुस्तक में सिंगुलैरिटी, बिग-बाउन्स, बिग-बैंग, ब्रह्मांड निर्माण, पृथ्वी निर्माण और जैव-विकास की यात्रा को वैज्ञानिक तथ्यों सहित क्रमवार प्रस्तुत किया है।  आधुनिक विज्ञान जहां डार्क-मैटर, डार्क-एनर्जी और क्वांटम सिद्धांतों के माध्यम से ब्रह्मांड को समझने का प्रयास करता है, वहीं लेखक ऋग्वेद, नासदीय सूक्त और ईशोपनिषद के संदर्भों द्वारा यह दिखाने का प्रयास करते हैं कि प्राचीन भारतीय चिंतन में भी ब्रह्मांडीय रहस्यों को लेकर गहन मंथन हुआ था।  
विराट के अनुसार पुस्तक की भाषा अत्यंत प्रवाहपूर्ण और जन सुलभ है। लेखक ने वैज्ञानिक और दार्शनिक विषयों को भी सरल हिन्दी में व्यक्त किया है। पुस्तक में सिंधु-सारस्वत सभ्यता, मेहरगढ़, राखीगढ़ी, धोलावीरा, सुमेरियन सभ्यता, मिस्र, माया सभ्यता और अन्य प्राचीन संस्कृतियों का उल्लेख करते हुए मानव विकास की वैश्विक यात्रा को सामने रखा है। पुस्तक में विभिन्न संवतों—सप्तऋषि संवत युधिष्ठिर संवत, विक्रमी संवत कलि संवत आदि—का उल्लेख करके भारतीय कालगणना की समृद्ध परंपरा को भी सामने रखा है।
विराट ने बताया कि पुस्तक में मानव चेतना, मस्तिष्क, आत्मा, स्वभाव,भ्रूण-विकास और भावी वैज्ञानिक संभावनाओं पर भी विचार किया गया है ।
विराट गोमला का कहना है कि 'सफर सृष्टि काÓ केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि ज्ञान की बहुआयामी यात्रा है। यह पाठक को ब्रह्मांड की विराटता का अनुभव कराएगी और मानव सभ्यता की जड़ों से परिचित करवाएगी। इसमें विज्ञान है, दर्शन है, अध्यात्म है, इतिहास है, साहित्य है और सबसे बढ़कर जिज्ञासा है।  यह कृति हिन्दी साहित्य में एक साहसिक और मौलिक प्रयोग है। इसकी व्यापक विषय-वस्तु, शोधपरक दृष्टि, सरल भाषा, साहित्यिक शैली और बौद्धिक गहराई इसे समकालीन हिन्दी जगत में विशिष्ट स्थान प्रदान करती है। यह पुस्तक उन पाठकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो ब्रह्मांड, मानव-उत्पत्ति, सभ्यताओं, विज्ञान और अध्यात्म के अंतर्संबंधों को समझना चाहते हैं। 'सफर सृष्टि काÓ वास्तव में एक ऐसी ज्ञान-यात्रा है, जो पाठक को बाहरी ब्रह्मांड के साथ-साथ उसके भीतर के ब्रह्मांड से भी परिचित कराती है। यही इस पुस्तक की सबसे बड़ी सफलता है।
फोटो कैप्शन: राधेश्याम गोमला




विश्व रक्त कैंसर दिवस -28 मई
--समय पर पता लगने पर रक्त कैंसर से पपाई जा सकती है मुक्ति
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कनीना की आवाज।
रक्त कैंसर के लक्षण, उपचार एवं जागरूकता बढ़ाने के लिए 28 मई को विश्व रक्त कैंसर दिवस मनाया जाता है। प्रारंभ में यदि इसके होने का पता चल जाए तो इसका निदान संभावित है।
इस संबंध में डा. जितेंद्र मोरवाल बताते हैं कि ब्लड कैंसर एक प्रकार का कैंसर है जो शरीर में रक्त कोशिकाओं के उत्पादन और कार्य को प्रभावित करता है। अस्थि मज्जा लाल रक्त कोशिकाएं, सफेद रक्त कोशिकाएं और प्लेटलेट्स का उत्पादन करती है। रक्त कैंसर के रोगियों में इनके अतिरिक्त असामान्य कोशिकाएं विकसित हो जाती है। ऐसा में ये असामान्य रक्त कोशिकाएं संक्रमण से लडऩे जैसे कई कार्यों करने से रोकती है। डाक्टर बताते हैं कि विश्व का प्रत्येक पांचवां जन रक्त कैंसर से प्रभावित मिल सकता है। 15 वर्ष से कम आयु के बच्चे में भी रक्त कैंसर मिलता है। रक्त कैंसर के लक्षण अलग-अलग होते हैं। इन लक्षणों में थकान, सांस लेने में तकलीफ, बार-बार संक्रमण होना आदि प्रमुख हैं। ये लक्षण मामूली से भी हो सकते हैं और इनको पहचाना चुनौती पूर्ण कार्य होता है। शोध से पता चलता है की रक्त कैंसर के शिकार के निदान से एक मरीज को 5 साल से अधिक समय तक जीवित रहने की संभावना तीन गुना बढ़ सकती है।
 डाक्टर बताते है कि रक्त कैंसर ल्यूकेमिया, लिंफोमा कैंसर जैसे प्रमुख प्रकार है। सबसे पहले कैंसर का पता लगाया जाता है कि क्या यह रक्त कैंसर है?  रक्त कैंसर के इलाज के विषय में बताते हैं कि इसका उपचार अलग-अलग चिकित्सा रणनीतियां उपलब्ध है कीमोथेरेपी, शल्य चिकित्सा, स्टेम सेल प्रत्यारोपण, लक्षित चिकित्सा आदि प्रमुख हैं। कुछ मामलों में प्रभावी इलाज के लिए उपचारों के संयोजन का उपयोग भी किया जाता है।
फोटो कैप्शन: डा. जितेंद्र





विश्व भूख दिवस-28 मई















 भारी संख्या में लोग भूख और कुपोषण से पीडि़त है
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कनीना की आवाज। भूख दिवस एक ऐसा उत्सव है जिसका उद्देश्य दुनिया भर के भूख एवं कुपोषण से पीडि़त लाखों लोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। कोई भूखा नहीं रहे और सभी को पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो यही विश्व भूख दिवस का एक उद्देश्य है। यह तभी संभव है जब टिकाऊ कृषि के महत्व ,भोजन की बर्बादी को कम करने, भूख के मूल कारणों का पता लगाने से भूख को मिटाया जा सकता है। पहली बार वर्ष 2011 में विश्व भूख दिवस मनाया गया था। भूख दिवस सिर्फ भोजन की कमी की समस्या नहीं है बल्कि संसाधन और अवसरों तक पहुंच की कमी की भी समस्या है। भूख संकट के बारे में जागरूकता बढ़ाने व इसे समाप्त करने के लिए 28 मई को विश्व भूख दिवस मनाया जाता है।
भूख के विषय में डा. होशियार सिंह यादव बताते हैं कि भूख राहत संगठनों के लिए धन-जुटाने, खाद्य अभियान का आयोजन करने, भूख से संबंधित सम्मेलन सेमिनार करने की जरूरत है। भूख के विषय में बताते हैं कि गरीबी, जलवायु परिवर्तन, संघर्ष और युद्ध ,संसाधनों का असमान वितरण, शिक्षा तक पहुंच का अभाव आदि प्रमुख भूख के कारण हो सकते हैं। भूख मिटाने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। भूख से निपटने के कुछ तरीके बताते हुए उन्होंने बताया कि सतत कृषि में निवेश करें, टिकाऊ कृषि में निवेश करने से खाद्य उत्पादन में सुधार हो सकता है। जलवायु परिवर्तन पर ध्यान देने से खाद्य उत्पादन पर प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है। खाद्य बैंक का समर्थन करने से भूख को कम करने में मदद मिल सकती है। शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए ,नीति परिवर्तन करना चाहिए, खाद्य प्रणाली को मजबूत बनाना चाहिए, महिलाओं को सशक्त बनाना चाहिए, दूसरे के साथ सहयोग करना चाहिए तभी भूख से मिटाने से कुछ मदद मिल सकती है। यहां तक की भूख राहत संगठन में दान करना चाहिए, घर में भोजन बर्बादी को रोक, स्थानीय स्तर पर खरीददारी करें, नीति परिवर्तन आदि के बारे में स्वयं और दूसरों को शिक्षित करें, टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना चाहिए, उन संगठनों को दान दे जो भूख के लिए समाधान करते हैं।
 फोटो कैप्शन: डा. होशियार सिंह यादव

Monday, May 25, 2026



 


 पूर्व डीआईजी का निधन, नम आंखों से की अंत्येष्टि
-दूर दराज से लोग हुए अंत्येष्टि में शामिल
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कनीना की आवाज।
कनीना के आज  सीआरपीएफ के रिटायर डीआईजी राज सिंह (राजेन्द्र सिंह यादव ) का लगभग 87 साल की उम्र मे रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वो पिछले कुछ समय से बीमार थे। उनके निधन की खबर से कस्बे व आसपास के इलाके में लोगों में मायूसी छा गयी। सूचना लगते ही उनके घर पर लोगों उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंच गए।
गौरतलब हैं की पूर्व डीआईजी राज सिंह यादव का जन्म 2 मार्च 1940 को कनीना में हुआ था। उनके दादा चौधरी मेजर भवानी सिंह ओबीआई,आईडीएसएम खिताब से सम्मानित थे जिन्होंने अंग्रेजों के समय दो विश्व युद्ध लड़े। उनकी बहादुरी के चलते ब्रिटिश सरकार ने उनको ओबीआई,आईडीएसएम खिताब से सम्मानित किया। राजसिंह यादव के पिता नगरपालिका  कमेटी में दरोगा थे।
उन्होंने हायर एजुकेशन दिल्ली से की इसके अलावा ग्रेजवेशन चूरू से की। इस दौरान उनको एनसीसी की सी सर्टिफिकेट लिया। उनका सफर यही नहीं रुका और आगे चलकर वो राजस्थान विश्वधालय के हाकी के कप्तान रहे। राज यादव शुरुआत में आर्मी में लेफ्टिनेंट मेजर पद पर लगे। सन 1963 से 1965 के समय वो आर्मी में रहे एवं 1965 की भारत पाकिस्तान लड़ाई में वो लाहौर तक जा पहुंचे थे। पंजाब में आंतक के दौरान उनकी भूमिका बहुत अहम रही थी। जिन्होंने केवल अपना जीवन ही नहीं जिया, बल्कि पूरे कस्बे के लोगों के जीवन को दिशा देने का कार्य किया।
डीआईजी का जाना केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि एक युग का समाप्त होना है।
वे एक महान व्यक्तित्व के धनी, सरल स्वभाव के मालिक और समाज के प्रति समर्पित इंसान थे। उन्होंने अपने जीवन में न जाने कितने परिवारों को रोजगार देकर उनके घरों में खुशहाली लाने का कार्य किया। उनके द्वारा दिया गया सहारा आज भी अनेक परिवारों की मजबूती बना हुआ है। ऐसे लोग समाज में बहुत कम जन्म लेते हैं, जो अपने साथ-साथ दूसरों के जीवन को भी संवारने का काम करते हैं।
कनीना कस्बे ने यदि कभी विकास की नई तस्वीर देखी थी, तो उस विकास की नींव रखने वालों में उनके परिवार का बहुत बड़ा योगदान रहा। उनके दादा द्वारा करवाए गए विकास कार्य आज भी लोगों की यादों और कस्बे की पहचान में जीवित हैं। यही संस्कार और समाजसेवा की भावना आगे चलकर डीआईजी राज के व्यक्तित्व में भी साफ दिखाई देती थी।
वे केवल एक नाम नहीं थे, बल्कि कस्बे के लोगों के लिए विश्वास, सम्मान और अपनत्व का प्रतीक थे। हर वर्ग के लोग उनके व्यवहार और सहयोग भावना की सराहना करते थे। उनके दरवाजे पर आने वाला कोई भी व्यक्ति खाली हाथ या निराश होकर नहीं लौटता था।
आज उनके निधन से पूरे कस्बे में शोक की लहर है। ऐसा महसूस हो रहा है मानो कनीना ने अपना एक अभिभावक, अपना मार्गदर्शक खो दिया हो। उनकी कमी को शायद कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा।
कनीना कस्बा हमेशा उनके योगदान, उनकी सोच और उनके द्वारा किए गए समाजहित कार्यों को श्रद्धा और सम्मान के साथ याद रखेगा। उनके अंतिम यात्रा में आज कस्बे के सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर मेजर जरनल अरविन्द यादव, सुरेंद्र सिंह हैड मास्टर, पार्षद दीपक चौधरी, गौशाला प्रधान भगत सिंह, एडवोकेट नरेंद्र सिंह यादव, पूर्व पार्षद कमल सिंह,पूर्व पार्षद पंचम यादव, पार्षद प्रतिनिधि मनीष कुमार. सुभाष , विनय एडवोकेट, ब्रह्म दत्त जांगड़ा, मुकेश नंबरदार, होशियार सिंह पार्षद समेत कस्बे की अन्य सभी संस्थाओं एवं सैकड़ों लोग मौजूद थे।
फोटो कैप्शन: पूर्व डीआईजी राज सिंह











नौतपा की शुरुआत में कनीना में मीठे पानी की छबील लगा कर युवाओं ने राहगीरों को पिलाया पानी
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कनीना की आवाज। जैसे ही नौतपा की शुरुआत हुई क्षेत्र के युवा भी हर चौक चौराहे पर शरबत पिलाते नजर आए । माना जाता है कि ग्रीष्म काल में लोगों को शीतल पेय जल पिलाना पुण्य का कार्य होता है मीठे पानी की छबील तब तक लगाई जाती है जब तक सावन की पहली बरसात की शुरुआत ना हो जाए । आज कल युवा भी पानी पिलाने जैसे पुण्य के कार्य में सबसे आगे रहते है। कनीना में भी सोमवार को जगह बदलकर युवाओं ने राहगीरों को पानी पिलाया।इसी के साथ साथ पशु पक्षियों के लिए सकोरे भी रखे । और जगह जगह पेड़ो पर रख दिए । जिसमें हर रोज ताजा पानी डालते है । जिस से गर्मी के समय में जानवर अपनी प्यास बुझा सके। आस पास गांव से आने वाले राहगीर भी इस नेक कार्य की खूब सराहना करते है ।
फोटो कैप्शन 03: मीठा जल पिलाते हुए




गंगा दशहरा के दिन भागीरथ गंगा को लाए थे धरती पर, पर्व 26 मई तक
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कनीना की आवाज।
गंगा दशहरा जेष्ठ शुक्ल दशमी को कनीना एवं आसपास मनाया गया। यह पर्व 26 मई को संपन्न होगा। इस दिन गंगा नदी को भागीरथ धरती पर लेकर आए थे।
डा. होशियार सिंह यादव ने बताया कि पुराणों में कथा प्रचलित है कि राजा सगर ने अश्वमेध यज्ञ किया था इनके साठ हजार उत्तर पुत्र बांधव थे जो अश्वमेघ घोड़े के पीछे चल रहे थे। अश्वमेघ यज्ञ के घोड़े को देवराज इंद्र ने चुरा कर कपिल मुनि के आश्रम में बांध दिया था। जब सगर के पुत्र पुत्र कपिल मुनि के आश्रम पहुंचे तो उन्हें आभास हुआ कि कपिल मुनि ने ही उनके घोड़े को चुरा लिये। उन्होंने कपिल मुनि को कटु वचन कहने शुरू कर दिये जिसके चलते कपिल मुनि ने सगर के साठ हजार पुत्रों को भस्म कर दिया। तत्पश्चात अंशुमान उनके आश्रम में गए क्षमा मांगी और घोड़ा लेकर आ गए। साथ में उन्हें अपने पूर्वजों का उद्धार करने की प्रार्थना की जिसके लिए कपिल मुनि ने उन्हें गंगा को धरती पर लाने की बात कही। अंशुमान घोड़े को लाया और अश्वमेध यज्ञ पूरा किया तत्पश्चात सगर गंगा को धरती पर लाने के लिए तप करते करते स्वर्ग सिधार गए। अंशुमान अपने पुत्र दिलीप को राज सिंहासन पर बैठा कर गंगा को धरती पर लाने का प्रयास किया किंतु वह भी स्वर्ग सिधार गए। तत्पश्चात दिलीप के पुत्र भागीरथ ने गंगा को धरती पर लाने का प्रयास किया। उन्होंने गंगा को प्रसन्न किया किंतु गंगा के हठी स्वभाव के कारण उसे धरा पर गिरकर  पाताल में धंस जाने की बात कही जिसके चलते शिव भोले को प्रसन्न कर गंगा को अवतरित करने की प्रार्थना की। शिव भोले ने गंगा को अपनी जटाओं में उलझा लिया तत्पश्चात जटाओं से धरती पर गिराया। इस दिन ही गंगा धरती पर अवतरित हुई थी और सगर के पुत्रों पुत्रों का उद्धार किया था। यद्यपि गंगा को धरती पर भागीरथ ने लाने के लिए तथा उनके पूर्वजों के भस्म स्थल तक पहुंचाने के लिए बहुत कष्ट झेले थे जिसके कारण आज भी उनके नाम पर भागीरथी प्रयास शब्द प्रचलित है। यह दिन बहुत शुभ माना जाता है। इसलिए इस दिन गंगा की पूजा की जाती है।
फोटो कैप्शन: डा. होशियार सिंह यादव


स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू
-बाघोत को मिली पेयजल संकट से राहत, ग्रामीणों ने आरती सिंह राव का किया धन्यवाद
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कनीना की आवाज।
21 मई को गांव बाघोत के जलघर में पेयजल आपूर्ति की समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा किए गए प्रदर्शन के बाद अब समाधान की दिशा में तेजी से कार्य शुरू हो गया है। हरियाणा सरकार की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से नहर से जलघर तक नई पाइपलाइन बिछाने का काम तत्काल प्रभाव से शुरू कर दिया गया है।
नई पाइपलाइन का कार्य शुरू होने से गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान पानी की समस्या से राहत दिलाने के लिए मंत्री आरती सिंह राव ने गंभीरता से पहल की, जिसके परिणामस्वरूप यह कार्य शीघ्र शुरू हुआ है। पूरे गांव की ओर से मंत्री का आभार व्यक्त किया गया।
कार्य का निरीक्षण करने के लिए गांव के गणमान्य लोग मौके पर पहुंचे और पाइपलाइन बिछाने के कार्य को देखकर प्रसन्नता जताई। इस अवसर पर सरपंच राजेन्द्र सिंह ने ग्रामीणों को लड्डू खिलाकर खुशी जाहिर की तथा भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाए। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से गांव को जल्द ही सुचारु पेयजल आपूर्ति मिल सकेगी।
महावीर पहलवान प्रधान ने भी पूरे गांव की ओर से स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंत्री ने ग्रामीणों की समस्या को प्राथमिकता देते हुए त्वरित कार्रवाई करवाई है, जिससे हजारों लोगों को लाभ मिलेगा।
इस अवसर पर सरपंच राजेन्द्र सिंह, महावीर पहलवान, संतोष पहलवान, सूबेदार ओमप्रकाश, सतवीर पटवारी, ईश्वर कटारिया, राजकुमार मास्टर, राजेन्द्र प्रधान, राजकुमार धूडिय़ा, राजबीर पहलवान, सूबे ठेकेदार, नरेश कटारिया, संतोष पंच सहित अनेक गणमान्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
गांव बाघोत की पेयजल समस्या के समाधान के लिए शुरू हुआ यह कार्य ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जिसके लिए पूरे गांव ने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया है।
फोटो कैप्शन 02: जल समस्या का समाधान होने पर खुशी जताते हुए

लू से बचाव के लिए शीतली प्रणायाम बेहतर
-लू से बचाकर रखे खुद को-योगिराज
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव नांगल मोहनपुर निवासी एवं विदेशों तक योग की शिक्षा देने वाले ओम योग संस्थान के डा. ओमप्रकाश योगिराज का कहना है कि लू या बहुत तेज गर्मी लगने पर शरीर में बहुत ज्यादा गर्मी हो जाती है, जिससे शरीर का तापमान बढ़ जाता है और कई गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं। यह एक खतरनाक स्थिति हो सकती है, जो जानलेवा भी साबित हो सकती है।
लू लगने पर शरीर का तापमान बढऩा,बुखार, चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी और मतली,पसीने का कम होना या सूखना, त्वचा का गर्म और लाल होना,बेहोशी, सांस लेने में तकलीफ लक्षण दिखाई देते हैं।
लू से बचाव के लिए अपने शरीर को ठंडा रखें,ठंडे पानी का सेवन करें, ठंडी जगह पर जाएं।
भारी कपड़े न पहनें, धूप में निकलने से बचें,बहुत अधिक काम न करें,पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं,समय पर इलाज लें,शरीर में पानी की कमी न होने दें, तुरंत किसी ठंडी जगह पर जाएं, ठंडे पानी से शरीर को धोएं या नहाएं।
यौगिक चिकित्सा:-
शीतली प्राणायाम का अभ्यास करने से शरीर को ठंडक मिलती है, इसलिए इस प्राणायाम को विशेष रूप से गर्मी के मौसम में किया जाता है , यह शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है, भूख और प्यास को कम करता है, और पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाता है। किसी आसन में बैठकर जैसे सिद्धासन, पदमासन,वज्रासन या कुर्सी और सोफा पर भी बैठकर कर सकते है ।
शीतली प्राणायाम में जीभ को बाहर निकालकर कौवे की चन्चु की तरह गोल मोड़कर फिर श्वास को जब भीतर लेते है तो उसी के साथ ठंडी हवा शरीर के अन्दर प्रवेश करती है और शरीर को ठंडा लगता है , मन को भी अच्छा लगता है।
शीतली प्राणायाम शरीर को भीतर से ठंडा,मन को शांत और तनाव को कम करने में भी मदद करता है। यह अपच, पेट में जलन और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। शीतली प्राणायाम प्यास को कम करने में भी सहायक है। यह प्राणायाम उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह त्वचा की सूजन और अन्य समस्याओं को भी दूर करने में मदद करता है। यह प्राणायाम तनाव और चिंता को कम करने में मदद करता है। यह प्राणायाम दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने में भी सहायक है।
फोटो कैप्शन : डा. ओमप्रकाश यागीराज


प्रदेश सरकार आयुष सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध : आरती सिंह राव
-पटीकरा आयुर्वेदिक कॉलेज के विस्तार पर खर्च होंगे 134.17 करोड़
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कनीना की आवाज।
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से महेंद्रगढ़ जिले के पटीकरा स्थित बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कालेज एवं अस्पताल के विस्तार और आधुनिक सुविधाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस कालेज परिसर में विभिन्न नए भवनों एवं आधारभूत सुविधाओं के निर्माण पर लगभग 134.17 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कॉलेज परिसर में लड़कों एवं लड़कियों के लिए आधुनिक छात्रावास, फार्मेसी ब्लाक, लेक्चर हाल, बहुउद्देश्यीय हॉल, कर्मचारियों के आवास तथा अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पानी की टंकी, फायर फाइटिंग सिस्टम, सड़क, पार्किंग, बाउंड्री वॉल एवं भूमि विकास कार्य भी इस परियोजना में शामिल किए गए हैं।
गौरतलब है कि बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कालेज एवं अस्पताल वर्तमान में क्षेत्र के प्रमुख आयुष चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। यहां ओपीडी, आईपीडी, पैथोलाजी लैब, पंचकर्म, ऑपरेशन थिएटर तथा एम्बुलेंस जैसी सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं। वर्ष 2022-23 से यहां बीएएमएस  पाठ्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है, जिससे दक्षिण हरियाणा के विद्यार्थियों को आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा के लिए बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश सरकार आयुष सेवाओं को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पटीकरा स्थित यह आयुर्वेदिक कालेज भविष्य में दक्षिण हरियाणा के लिए आयुष शिक्षा और चिकित्सा का बड़ा केंद्र बनेगा। आधुनिक भवनों और सुविधाओं के निर्माण से यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों, चिकित्सकों तथा मरीजों को बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार स्वास्थ्य एवं शिक्षा ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है और प्रदेश में आयुष चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं लागू की जा रही हैं।
फोटो कैप्शन: स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव।


बसपा ने किए गांवों में जनसंवाद
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कनीना की आवाज
। बसपा ने मुंडिया खेड़ा, बेवल, दौंगड़ा जाट, झीगावन गांवों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए। बसपा नेता अतरलाल एडवोकेट ने मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और राज्य सरकार से समस्याओं का समाधान करवाने का भरोसा दिया।
दौंगड़ा जाट के ग्रामीणों ने कहा कि इन दिनों गांव के लोगों को भीषण पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के चलते लोगों को पीने के पानी के लिए भारी समस्याएं उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने मुंडिया खेड़ा से दौंगड़ा अहीर तक पुराने 6 करम के रास्ते को पक्का करवाने की मांग भी की। परन्तु बेवल मुंडिया खेड़ा, दौंगड़ा जाट तथा झीगावन के ग्रामीणाों ने दौंगड़ा अहीर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में डाक्टर तथा दवाइयों की कमी की शिकायत करते हुए स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टर तथा दवाइयों की कमी पूरी करने, महिला चिकित्सक तथा विशेषज्ञ चिकित्सक नियुक्त करने, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई तथा अन्य जांच की सुविधाएं देने की मांग की।
 अतरलाल ने समस्याओं का सरकार तथा प्रशासन से समस्याओं का त्वरित समाधान करवाने का भरोसा दिया। इस अवसर पर कप्तान अनेक जन मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 01: गांवों में जनसंवाद करते बसपा नेता अतरलाल।

Sunday, May 24, 2026



 


अज्ञात कारणों से कड़बी में लगी आग,दो एकड़ की कड़बी जलकर राख
-- पास रखा हुआ ईंधन भी जला
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में ककराला अंडरपास के पास रविवार को भीषण आग लगने से किसान राकेश पुत्र जयप्रकाश कनीना  वार्ड नंबर 11 की करीब एक किले की कड़बी जलकर राख हो गई। आग लगने से किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। पीडि़त किसान राकेश ने बताया कि खेत में रखी कड़बी में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग तेजी से फैलती चली गई उन्होंने बताया कि घटना की सूचना तुरंत फायर विभाग को दी गई, लेकिन जब तक फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची तब तक अधिकांश कड़बी जलकर राख हो चुकी थी। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों ने फायर विभाग की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। कस्बावासियों का कहना है कि रेलवे फाटक के दूसरी ओर बनाए गए फायर स्टेशन का फिलहाल लोगों को कोई विशेष लाभ नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि रेलवे फाटक पर पुल निर्माण कार्य के चलते आने-जाने का मार्ग अवरुद्ध पड़ा हुआ है। ऐसे में आगजनी जैसी घटनाओं के दौरान फायर ब्रिगेड को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी देरी हो रही है। स्थानीय हरेंद्र शर्मा, राकेश,मनोज, संदीप ,संजय कुमार सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि फायर स्टेशन तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग पहले से तैयार किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी बड़े स्तर की आगजनी की घटना होती है तो देरी के कारण भारी नुकसान हो सकता है।
कस्बावासियों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने और फायर ब्रिगेड के लिए सुचारु रास्ता उपलब्ध करवाने की मांग की है, ताकि आपातकालीन स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य समय पर किया जा सके।




अज्ञात कारणों से कड़बी में लगी आग,दो एकड़ की कड़बी जलकर राख , पास रखा हुआ ईंधन भी जला
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कनीना की आवाज। 
कनीना में ककराला अंडरपास के पास रविवार शाम को अज्ञात कारणों से खेत में इकट्ठी की गई कडबी में आग लग गई। आसपास के लोगों ने दमकल विभाग और डायल 112 पर सूचना दी। मौके पर दमकल विभाग की गाड़ी तथा डायल 112 पहुंची। आग करीब शाम 5:15 बजे लगी। जब तक दमकल विभाग की गाड़ी पहुंची तब तक अधिकांश कड़बी जलकर राख हो गई। दमकल कर्मियों ने करीब 20 मिनट में आग पर काबू पाया। राकेश कुमार वार्ड 11 कनीना निवासी ने बताया कि उनकी 01 एकड़ कड़ी यहां खेत में इक_ी की हुई थी जिसमें अज्ञात कारणों से आग लगी है।
फोटो कैप्शन 08 व 09: आग बुझाते दमकल कर्मी

प्रतिदिन दो बार पेयजल सप्लाई करने की उठी मांग
-दो बार जल सप्लाई संभव नहीं -जेई
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में भीषण गर्मी पडऩे के कारण लोगों की मांग के अनुरूप पेयजल सप्लाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में दो बार पेयजल सप्लाई सुबह एवं शाम को करने की मांग उठ रही है। हकीकत यह है कि अवैध कनेक्शन होने के कारण जो व्यक्ति वाटर सप्लाई के पास उपभोक्ता है वो अधिक जल प्रयोग करते हैं। जबकि अंतिम छोर पर जो उपभोक्ता होते हैं उनके पास पेयजल की बहुत कम आपूर्ति होती है। इसका कोई समाधान भी नजर नहीं आ रहा है। परंतु प्रतिदिन दो बार पेयजल सप्लाई करने की मांग उठ रही है ताकि कम से कम अंतिम उपभोक्ता तक कुछ जल आपूर्ति हो सके।
 कनीना में रेवाड़ी सड़क मार्ग पर मुख्य के जल केंद्र स्थित है वहीं नहर पर आधारित योजना बड़ी बणी में बनी हुई है। इसके अतिरिक्त पुराने ट्यूबवेलों में मोटर लगाकर पेयजल सप्लाई किया जा रहा है। मिली जानकारी अनुसार मुख्य वाटर सप्लाई से वार्ड 1 से 5 तथा 11 व 12 में पेयजल सप्लाई होता है बाकी वार्डों में नहर पर आधारित पेयजल की सप्लाई होती है।
गर्मी के दिनों में जहां पानी की अधिक जरूरत होती है। ऐसे में भीषण गर्मी से बचने के लिए पेयजल की अधिक जरूरत होती है।
 **भीषण गर्मी में पेयजल सप्लाई कम पड़ता है क्योंकि सभी लोग अधिक पाना चाहते हैं। बहुत से लोग मोटर लगाकर पानी को खींच लेते हैं जिसके चलते अंतिम छोर पर पानी न के बराबर पहुंच पाता है। यदि गर्मी के दिनों में पेयजल उपलब्ध हो जाए तो सभी समस्याएं हल हो सकती है। पेयजल की एक बार की बजाय दो बार सप्लाई किया जाना चाहिए ताकि सभी उपभोक्ताओं को कुछ ना कुछ पेयजल मिल सके और उनकी समस्या का समाधान हो सके।
** विकास कुमार कनीना
पेयजल हर इंसान की जरूरत है और इन दिनों  ही जल की मांग भी बढ़ गई है। यदि पेयजल समय पर उपलब्ध नहीं हो पाएगा तो निश्चित रूप से परेशानी बढ़ेगी। एक बार जल सप्लाई कम पड़ता है और दो बार सप्लाई कर दिया जाए तो राहत मिल सकती है। ऐसे में पेयजल सप्लाई की एक बार की जगह दो बार किया जाना चाहिए।
**संजय कुमार कनीना
** लोग पानी की वेस्टेज अधिक करते हैं बर्बादी अधिक करते हैं। पानी सीमित मात्रा में होता है जिससे दो बार सप्लाई कर पाना कठिन होता है। वैसे भी कनीना में 19 करोड़ की लागत से नया प्रोजेक्ट बना है किंतु उसके लिए 10 एकड़ जगह की जरूरत है। गोशाला के पास 10 एकड़ जमीन मिल जाए तो यह नया प्रोजेक्ट शुरू हो सकता है वरना यह भी रद्द हो जाएगा। इस समय 135 लीटर प्रति व्यक्ति के हिसाब से पेयजल सप्लाई किया जा रहा है और यह पर्याप्त जल है। इन परिस्थितियों में दो वक्त जल उपलब्ध करवाना कठिन कार्य है।
--पवन कुमार कनिष्ठ अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग
फोटो कैप्शन05: पेयजल सप्लाई केंद्र साथ मेंा संजय एवं विकास कुमार



कनीना में जगह जगह पर लगाए मीठे पानी की छबील।
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कनीना की आवाज।
इन दिनों क्षेत्र में भीषण गर्मी पड़ रही है। सुबह होते ही जैसे जैसे सूर्य आसमान में चढ़ता है वैसे ही गर्मी भी अपना तेवर दिखाने लगी है। इस समय क्षेत्र का तापमान भी 46 डिग्री पार कर चुका है। गर्मी से राहत देने के लिए कनीना में भी जगह जगह पर लोगों ने मीठे पानी की छबील लगा कर सेवा की जा रही है।
ककराला फाटक पर एक्सीलेंस अकादमी की तरफ से नारनौल , अटेली से आने वाले राहगीरों के लिए मीठा पानी तो अनाज मंडी में भी पानी पिलाया गया तो दूसरी ओर रेवाड़ी रोड पर युवाओं के द्वारा बेलगिरी का शरबत पिलाया गया । जैसे जैसे गर्मी ज्यादा बढ़ेगी तो पानी की आपूर्ति भी बढ़ेगी। पुण्य कमाने में आज की युवा पीढ़ी भी बढ़ चढ़ कर आगे आने लगी है।
फोटो कैप्शन 03: राहगीरों को ठंडा जल पिलाते हुए।



सरिया लेकर जा रहे व्यक्ति से टकराई स्कूटी एक छात्रा घायल, मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
कनीना में मकान निर्माण के लिए सरिया कंधे पर ले जा रहे सरिया से स्कूटी टकराई जिससे स्कूटी चालक छात्रा घायल हो गई। छात्र। ने मामला दर्ज करवा दिया है।
 दीपिका कनीना कालेज में बीएससी मेडिकल द्वितीय वर्ष में पढ़ती है। 18 मई को दोपहर करीब 12:30 बजे अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी से घर से कालेज जा रही थी। सीहोर रोड़ कनीना के नजदीक एक व्यक्ति और एक महिला निर्माणाधीन मकान के लिए एक लंबा सरिया कंधों पर लेकर जा रहे थे। सरये के आगे पीछे किसी प्रकार का कोई रेड कलर का कपड़ा भी नहीं बांधा हुआ था। जब दीपिका उनके पास से गुजर रही थी तो सरिया लिए व्यक्ति एकदम लापरवाही से बाई तरफ घूम गया। व्यक्ति की लापरवाही से लोहे का सरिया स्कूटी चालक दीपिका के हाथ पर लगा और वह स्कूटी सहित गिरकर घायल हो गई। उसके स्वजन उसे कनीना अस्पताल ले गए जहां से ज्यादा चोट होने कारण रेवाड़ी ट्रामा सेंटर भर्ती करवाया। अब उन्होंने पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया है।




सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां महेन्द्रगढ़ कर रहा है अपनी मनमानी
-सहायक रजिस्ट्रार महेन्द्रगढ़ पर अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप
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कनीना की आवाज।
दी गुढ़ा बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समिति लि.गुढ़ा के निदेशक सत्यवीर सिंह उन्हाणी, लक्की राव सीगड़ा, सतीश लाटा झगड़ोली एवं महेश शर्मा गुढ़ा ने सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां महेंद्रगढ़ की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए उस पर अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। पैक्स गुढ़ा के डायरेक्टर लक्की राव सीगड़ा ने जानकारी देते हुए बताया की तत्कालीन सहायक रजिस्ट्रार महेन्द्रगढ़ प्रवीण कुमार ने पैक्स गुढ़ा के प्रधान एवं उपप्रधान चुनाव जो रजिस्ट्रार सहकारी समितियां पंचकूला की स्टे आदेश के बावजूद करवाए गए थे उस मामले की अपील अभी लंबित है जिस कारण 15 दिसम्बर, 2025 को पत्र क्रमांक 1888 जारी कर पैक्स गुढ़ा की आगामी बैठकों पर रोक लगाई थी और साथ में प्रबंधक पैक्स गुढ़ा प्रबंधक को सख्त हिदायत थी कि जब तक रजिस्ट्रार महोदय पंचकूला मुख्यालय से कोई कानूनी राय या मार्गदर्शन प्राप्त नहीं होता तब तक पैक्स गुढ़ा गुढ़ा में कोई बैठक आयोजित नहीं होगी। इस आदेश के बावजूद वर्तमान सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां महेंद्रगढ़ ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर एक पक्ष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से तत्कालीन सहायक रजिस्ट्रार महेंद्रगढ़ के आदेश को एवं पंचकूला से मांगा गया दिशानिर्देश को भी अनदेखा करते हुए और अपने से वरिष्ठ अधिकारियों को किनारे करते हुए दी एम -पैक्स लि.गुढ़ा की बैठक करने का आदेश निकाल दिया। इसके बाद हमें पैक्स गुढ़ा प्रबंधक दीपक द्वारा 15 मई को भेजा गया बैठक का एजेंडा 22 मई को स्पीड पोस्ट के माध्यम से प्राप्त हुआ है जिसमें पैक्स गुढ़ा की बैठक 28 मई को आयोजित होने की सूचना मिलती हैं।  जो सरासर नियमों की अवहेलना है। हरियाणा सहकारी समितियां नियम 1989 के नियम 110 में यह स्पष्ट प्रावधान है कि किसी भी बैठक का एजेंडा क्लियर पंद्रह दिन पूर्व भेजना अनिवार्य है अन्यथा उस  बैठक को वैध नहीं माना जाएगा। साथ ही गलत आदेश से जारी हुए इस एजेंडे में जारी करने की कोई तिथि वर्णित नहीं हैं। नियम के अनुसार इस एजेंडे का प्रारूप भी सही नहीं हैं। इस एजेंडे में प्रबंधक कमेटी सदस्यों के नाम की सूची भी नहीं हैं।  तत्कालीन सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां महेन्द्रगढ़ ने इस सम्बन्ध में जो आदेश दिया उस पर वर्तमान सहायक रजिस्ट्रार महेन्द्रगढ़  ने अपने से उच्च स्तर के अधिकारी से मार्गदर्शन मांगना भी उचित ही नहीं समझा एवं रजिस्ट्रार पंचकूला के जवाब और आदेश का इन्तजार किए बिना ही अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए स्वंय के कार्यालय के पारित आदेश की अवहेलना करते हुए मनमाने ढंग से पत्र जारी कर दिया। जो इनकी कार्यशैली पर भी सवालिया निशान खड़े करता हैं।
उन्होंने सरकार एवं सहकारिता विभाग से अपील करते है की इस अधिकारी को तुरंत प्रभाव से निलबिंत करते हुए कानूनी कार्यवाही की जाए।


दौंगड़ा अहीर को उपतहसील बनाने और अहीर रेजिमेंट का गठन करने की मांग को लेकर की नारेबाजी
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कनीना की आवाज।
दौंगड़ा अहीर को उप तहसील बनाने की मांग को राज्य सरकार द्वारा ठंडे बस्ते में डाल दिए जाने के कारण दौंगड़ा अहीर और आसपास के ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। रविवार को ग्रामीणों ने बाबा रूपादास मंदिर के पास सभा आयोजित कर दौंगड़ा अहीर को तत्काल उप-तहसील बनाने की मांग की। सभा की अध्यक्षता शेर सिंह यादव ने की और अतरलाल एडवोकेट ने मुख्य अतिथि के तौर पर सभा में शिरकत की।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उप तहसील बनाने में दौंगड़ा अहीर के साथ भेदभाव कर रही है। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उप तहसील बनाने का वायदा ग्रामीणों के बीच में किया था।  अतरलाल ने उपतहसील की मजबूती से पैरवी करते हुए चेतावनी दी कि अब तो सभा की गई है, यदि सरकार ने शीघ्र उपतहसील का गजट नोटिफिकेशन जारी कर कार्रवाई शुरू नहीं की तो आंदोलन करेंगे। वक्ताओं ने केंद्र सरकार से अहीर रेजिमेंट का गठन करने की मांग भी उठाई, जिसका उपस्थित सभी सदस्यों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। इस अवसर पर सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: दौंगड़ा अहीर को उपतहसील बनाने और अहीर रेजिमेंट का गठन करने की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए ग्रामीण।


 सड़क पर ट्रक खड़ा कर बन रहा था बाधक मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। 
कनीना उप-मंडल के गांव भडफ़ के पास एक 18 टायर वाला ट्रक सड़क के बीच में खड़ा हुआ बाधक बना हुआ था। वाहनों के आवागमन में दिक्कत आई हुई थी, जाम लगा हुआ था। चालक ट्रक को सड़क के बीच खड़ा करके सो रहा था। दोनो तरफ जाम लगा हुआ था। पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक की खिड़की खुलवाकर नाम पूछा। चालक ने अपना नाम राजपाल उर्फ राजा उत्तरप्रदेश बताया। पुलिस ने ट्रक चालक के विरुद्ध बाधा डालने का मामला दर्ज कर लिया। जाम लगाने के जुर्म में धारा 285 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है।





विश्व थायराइड दिवस-25 मई
थायराइड का समय रहते इलाज न होने पर मिलते हैं गंभीर परिणाम-डा. रीतिका
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कनीना की आवाज।
कुछ रोग ऐसे होते हैं जो शरीर की ग्रंथियों से जुड़े होते हैं। इन्हीं में से एक है थायराइड रोग है।
इस संबंध में डा. रीतिका यादव बताती हैं कि थायराइड गले में पाई जाने वाली तितली के आकार की एक ग्रंथि होती है। थायराइड ग्रंथि में गड़बड़ी आने से ही थायराइड से संबंधित रोग होते हैं। यह ग्रंथि थायोरेकसिन नाम का हार्मोन बनाती है। यह हार्मोन वसा, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट के चयापचय को नियंत्रित रखता है। यह रक्त में चीनी की मात्रा को कम करता है।
थायराइड ग्रंथि के हार्मोन संतुलित न होने से निम्र लक्षण दिखाई पड़ते हैं। डाक्टर के अनुसार
घबराहट, अनिद्रा,चिड़चिड़ापन,हाथों का कांपना,अधिक पसीना आना,दिल की धड़कन बढऩा,बालों का पतला होना एवं झडऩा, मांसपेशियों में कमजोरी एवं दर्द रहना, अत्यधिक भूख लगना, वजन का घटना आदि लक्षण दिखाई पड़ते हैं।
थायराइड रोग के कारण है-यह रोग अव्यवस्थित लाइफस्टाइल, खाने में आयोडीन कम या अधिकता,ज्यादा चिंता करना, वंशानुगत,गलत खानपान और देर रात तक जागना,डिप्रेशन की दवाइयों लेना,डायबिटीज आदि कारण हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त भी कुछ लक्षण होते हैं।  
थायराइड से बचाव -
थाइराइड से बचने के लिए रोजाना योग करना, शारीरिक श्रम,सेब का सेवन,रात में हल्दी का दूध पीना,धूप में बैठना,नारियल तेल से बना खाना खाना, पर्याप्त मात्रा में नींद लेना,ज्यादा फलों एवं सब्जियों को भोजन में शामिल करें,हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन एवं पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करें।
थायराइड में धूम्रपान, एल्कोहल का सेवन नहीं करना, चीनी, चावल, ऑयली फूड का सेवन नहीं करे, मसालेदार खाने से बचे,मैदे से बनी चीजें नहीं खाए,चाय और काफी का सेवन नहीं करे।
इलाज-
डाक्टर बताती है कि थायराइड के इलाज के लिए आपको डाक्टर से संपर्क करना चाहिए। डाक्टर कुछ मेडिकल जांच के बाद इस बीमारी से लडऩे के लिए दवाइयां लिखेगा। जिससे आप कुछ ही दिनों में अच्छा महसूस करेंगे।
फोटो कैप्शन: डा रीतिका यादव




नौतपा 25 मई से
सूर्य की किरणें पड़ती हैं सीधी
--भीषण गर्मी से बचे--डा. जितेंद्र
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कनीना की आवाज।
  25 मई से नौतपा  शुरू हो रहा है जो 2 जून तक चलेगा। यदि उस समय का ताप देखा जाए तो 45 डिग्री तक पहुंच गया है जबकि कम से कम ताप 29 डिग्री रहेगा।
इस वक्त 12 घंटे से अधिक समय सूरज चमक रहा है और तापमान आगे बढ़ाने की संभावना बढ़ रही है। नौतपा में सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सीधी गिरकर कम स्थान पर फैल रही है अब सूर्य की किरणें पृथ्वी पर 89.2 डिग्री के आसपास पहुंच रही है। दौरान सूर्य 13 घंटों से अधिक समय तक चमकता रहेगा।
नौतपा कहने को तो 9 दिन चलेगा कि लगातार 15 दिनों की अवधि में ताप अधिक रहता है। इस दौरान पृथ्वी पर सूर्य की किरणें सीधी गिरती हैं। सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश कर जाएगा। इस दौरान बीमारियां भी बढ़ जाती है। ऐसे में धूप से बचना बहुत जरूरी होता है।
 क्या कहते हैं डाक्टर-
डा.जितेंद्र मोरवाल कनीना उप-नागरिक अस्पताल बताते हैं कि गर्मी बढ़ जाने से जहां 10 प्रतिशत तक मरीज बढ़ गये हैं। अस्पताल में सभी दवाओं का प्रबंध किया गया है। जहां लू लगना, उल्टी, बुखार दस्त आदि की शिकायत बढ़ जाती है। धूप से बचना बहुत जरूरी है।  हीट वेव को देखते हुए किया गया है। ओआरएस का घोल उपलब्ध कराया गया है ताकि किसी प्रकार की इमरजेंसी से बचा जा सके।
 कैसे बचा जाए तपन से-
डा. जितेंद्र मोरवाल बताते हैं की धूप से बचने का सबसे सरल उपाय है घर में छुपकर बैठे रहे। हवादार कमरे में रहे। यदि बाहर जाना पड़े तो पानी की बोतल साथ लेकर जाए तथा पूरे कपड़े शरीर पर पहने, हाथ पैर सर सभी ढके हुए होने चाहिए। पैरों में चप्पल जूते होने चाहिए ताकि गर्मी और तपन से बचा जा सके। इस दौरान तरल पदार्थ जैसे पानी, जूस, लस्सी ,दूध आदि अधिक प्रयोग करना चाहिए। जंक फूड से इस समय बचना चाहिए, ठोस भोजन कम से कम प्रयोग करना चाहिए। हो सके तो कूलर की हवा में बैठना चाहिए।  जब सुबह और शाम ताप कम हो जाए उस समय यदि कोई जरूरी काम हो तो बाहर निकलना चाहिए उनका कहना है कि गर्मी और नौतपा से धूप, लू लग जाती है, बुखार आ जाता है और इसमें बचाव में ही बचाव है। उन्होंने बताया घर पर ग्लूकोस वगैराह प्रयोग करें तथा साथ में ओआरएस का बनाकर रखे। ओआरएस घोल बनाना बहुत सरल है। नमक चीनी और थोड़ा सा नींबू का रस भी डाले तो बेहतरीन स्वाद का घोल तैयार हो जाता है। पानी अधिक से अधिक प्रयोग करें, शरीर में पानी की कमी ना आने दे।
बुजुर्ग बताते हैं कि अगर धूप लग जाए, लू लग जाए तो उससे बचने के लिए पुराने समय से बुजुर्ग कच्चे आम को भूनकर उसका रस, नमक ,चीनी आदि मिलाकर पीते आए हैं जो धूप और गर्मी से बचाता है। यह भी ओआरएस की भांति काम करता है। नौतपा से बचाव में ही बचाव है।
फोटो कैप्शन: डा जितेंद्र मोरवाल
   




शादी की सालगिरह तथा लड़के का जन्मदिन गोशाला में मनाया।
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कनीना की आवाज।
श्रीकृष्ण गोशाला कनीना में संतोष देवी पत्नी विजय सिंह ने अपनी शादी की 42वीं सालगिरह तथा अपने पुत्र प्रवीण कुमार के 37वें जन्मदिन पर गोशाला में आकर मनाई। इस उपलक्ष्य में गोशाला को 5100 रुपए का दान दिया। इस मौके पर उनके परिवार के सभी सदस्य हाजिर रहे तथा गौशाला प्रधान भगत सिंह ने इनका आभार प्रकट किया। इस मौके पर गौशाला के सभी कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 01: गोशाला में दान देते हुए जन्मदिन मनाते हुए