कुतरूं प्राचार्य के कारनामे-11
कुतरूं प्राचार्य चून चटाई करने वाले या तलवें चाटने वालों के करते हैं काम
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कनीना की आवाज।। कनीना निवासी डा. होशियार सिंह यादव ने बतौर विज्ञान अध्यापक एवं प्राध्यापक 40 सालों तक शिक्षण कार्य किया है। उन्होंने स्कूल, कालेज निजी और सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य किया है। इस अवधि दौरान करीब 35 विभिन्न स्कूल प्राचार्यों के साथ काम किया और उनमें से चंद कुतरूं प्राचार्य निकले। जिनका नाम लेते ही तन मन में दर्द होता है। जिनकी भावना हीन रही है। किसी के काम को रोकने आए हैं। सच का साथ नहीं दिया और उन्होंने सदा ही अच्छे और स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों का विरोध किया। ऐसे ही कुतरूं प्राचार्य के कारनामे सामने आये हैं। आज एक कारनामा यहां उजागर किया जा रहा है।
शिक्षा के दौरान देखने में आया कि कुछ कुतरूं प्राचार्य शिक्षकों का काम करने से आना कानी करते हैं। उन्हीं के काम करते हैं जो उल्टे सीधे काम करने में आगे होते हैं। ऐसे कुतरूं स्कूल को अपने बाप की प्रोपर्टी समझतेे हैं सांप की तरह कुंडली जमाएं मिलते हैं। किसी का अच्छा कार्य करने से कतराते हैं। चून चटाई करवाने वालों के काम करते हैं या फिर उसके तलवे चाटते हैं उनके काम को प्रमुखता से करते हैं। ऐसे कुतरूं प्राचार्य एक नहीं कई मिल जाते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में होशियार सिंह को ऐसे कुतरूं प्राचार्यों से पाला पड़ा है। एक बार तो तबादले के दौरान एक कुतरूं प्राचार्य की वजह से बहुत कष्ट झेलने पड़े। बदली के आदेश आ गए स्कूल में ज्वाइन करना था। वहां कुतरूं प्राचार्य बैठा हुआ था। उसने ज्वाइन करवाने से इनकार कर दिया और उसका आदेश था कि जिस स्कूल में पहले बदली हुई वहां से लिखवा कर लाया जाए परंतु जिस स्कूल में बदली हुई थी वहां तो कार्य भार ही ग्रहण नहीं किया गया था। ऐसे में उस स्कूल के प्राचार्य ने कुछ लिख कर नहीं दिया और उधर नये स्कूल का कुतरूं प्रचार्य ज्वाइन नहीं करवा रहा था। ऐसे में कहां जाए? सबसे बड़ी दिक्कत थी चुनाव की तिथि घोषित हो गई थी, चुनाव दौरान सब कुछ जाम कर दिया जाता है। अगर ज्वाइन नहीं करते हैं तो फिर ज्वाइन भी करवा पाना कठिन हो जाता है। कहां जाए, बड़ी समस्या झेलनी पड़ी। कुतरूं प्रचार्य पर सिफारिश लगवाई गई परंतु कुतरूं नहीं माना। आखिर यह कहा गया कि आप आधे दिन का अवकाश ले जाइए, जो कार्यकारी प्राचार्य हो वह ज्वाइन करवा देगा लेकिन कुतरूं ऐंठ गया कि मैं आधे दिन का अवकाश क्यों लूं? मुझे क्या जरूरत है ? यानी इतनी परेशानी झेलनी पड़ी की छोटी सी बात का बतंगड़ बना दिया। इसके पीछे एक राक्षस प्रवृत्ति का ब्लैकमेलर शिक्षक का हाथ था। आखिर अधिकांश स्टाफ सदस्यों ने उससे निवेदन किया कि बड़ी मुश्किल से तबादले होते हैं और ऐसी परिस्थिति में ज्वाइन करवाना जरूरी है। यह भी कहा गया कि चुनाव घोषित हो गए हैं इसलिए ज्वाइन करवाने में आगे दिक्कत आएगी अगर इस वक्त ज्वाइन नहीं करवाया गया तो? खूब मिन्नत की, स्कूल का समय खत्म होने को आया तब उन्होंने थोड़े समय के लिए अवकाश लिया और दूसरे पूरा कार्यकारी प्राचार्य में कार्य ग्रहण किया तब जाकर कार्यक्रारी प्राचार्य ने होशियार सिंह को ज्वाइन करवाया। उस दिन का होशियार सिंह का पूरा वेतन कट गया। तब जाकर जी में जी आया और पता लगा कि सचमुच इस दुनिया में ऐसे कुतरूं प्राचार्य किसी काम के नहीं होते। कितने ऐसे कार्य कुतरूं प्राचार्यों ने रोक डालें, भारी नुकसान होशियार सिंह ने झेला है। यहां तक की कुछ कुतरूं साथियों ने भी जमकर नुकसान करवाया। एक-दो राक्षस साथी मिले जिनका काम यही था और उन्होंने बहुत नुकसान दिया। आज भी वो दिन याद आते हैं। ऐसे में पता लगता है कि या तो प्राचार्य बनना ही नहीं चाहिए, प्राचार्य बन गया तो किसी का काम नहीं रोकना चाहिए, वरना बहुत बड़ा पाप का भागीदार बनता है। सभी शिक्षक कर्मी एक परिवार के समान होते हैं, उनका हर कार्य समय पर पूरा करना चाहिए।
कैमला को मिला मिडिल स्कूलों में प्रथम स्थान
-प्रधानमंत्री सौंदर्यीकण में मिलेंगे 50 हजार रुपए
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कनीना की आवाज।। मुख्यमंत्री विद्यालय सौन्दर्यीकरण पुरस्कार 2026 के अंतर्गत माध्यमिक श्रेणी में राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला को खंड स्तर पर प्रथम स्थान मिलने पर खुशी जताई।
खंड शिक्षा प्रभारी सुनील खुडानिया ने बताया कि विद्यालय सौंदर्यकरण के अंतर्गत विद्यालय के अनेकों मापदंड जो प्रत्येक क्षेत्र में होते हैं। जिन मापदंडों का कमेटी सदस्यों के द्वारा प्रत्येक विषय को धरातल पर बारीकी से निरीक्षण किया गया जिसमें विद्यालय परिसर की पूर्णता साफ- सफाई, स्वच्छता ,रख - रखाव के साथ -साथ शैक्षिक व्यवस्था, अनुशासन और पाठ्यक्रम आधारित गतिविधियों के साथ विद्यार्थियों के नवीनतम सीखने की सतत् प्रक्रिया आदि का अवलोकन किया गया था जिस पर यह स्कूल खरा उतरा। मौलिक मुख्य अध्यापक वीरेंद्र जांगिड़ के कुशल व सफल मार्गदर्शन तथा विद्यार्थियों की लगातार मेहनत के कारण ही खंड स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा राजकीय विद्यालय में नामांकन करवाने की सभी से अपील की एवं शिक्षा ,संस्कार और संस्कृति के विचारों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना मनुष्य का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। अत: हमें शिक्षा के महत्व को समझना चाहिए और अनुशासित रहकर गुरु के सानिध्य में उचित मार्गदर्शन के साथ शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। सभी विद्यार्थियों को खुशी का अनुभव हो रहा है और बताया कि हमें स्वच्छता के साथ-साथ अनुशासन , बड़ों की सीख और पूर्ण निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य को हमें करना चाहिए सभी समस्त स्टाफ ने खुशी व्यक्त की।
इस अवसर पर सुनील कुमार शास्त्री, वरिष्ठ अध्यापक मनवीर सिंह तंवर, सुनील कुमार,देवेंद्र कुमार , राजेश कुमार, भगत सिंह, गरिमा रानी प्राथमिक शिक्षिका, सूबे सिंह पंच, राजकुमार पंच, सीताराम, सतपाल साहब,विकास चंद प्रधान, राहुल प्रधान, सूबे सिंह पूर्व प्रधान, सुनील कुमार डीटीएच चौकीदार ,तारामणि देवी,पिंकी देवी, बबली देवी , सुनीता देवी आदि उपस्थित रहें।
फोटो कैप्शन 04: विद्यार्थी एवं शिक्षक खुशी जताते हुए
मेले में लगाया प्रवेश काउंटर
-75 नये बच्चों को दिया प्रवेश
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कनीना की आवाज।। बाबा ब्रह्मचारी मेले सीहोर में स्टाफ सदस्यों द्वारा गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रवेश काउंटर लगाया गया। अब तक 75 नए बच्चों का रजिस्ट्रेशन किया गया ।
प्राचार्य हरीश प्रधान के नेतृत्व में पिछले वर्ष भी 106 रजिस्ट्रेशन किए गए थे, जिससे बाद में नामांकन अभियान के तहत विद्यालय में 50 नए बच्चों का दाखिला हुआ। गत दिनों यह स्कूल युवा संसद प्रतियोगिता में राज्य में तीसरे स्थान पर रहा है।
फोटो कैप्शन 05: सीहोर मेले में लगाया गया विद्यार्थी प्रवेश काउंटर
भंडारा 7 को, गाहड़ा मोड़ पर
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कनीना की आवाज।। नीरज इंटरप्राइजेज कनीना की ओर से 7 मार्च 2026, शनिवार को चौधरी काम्प्लेक्स , गाहड़ा मोड़ पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। भंडारा प्रात: 10:15 बजे से आरंभ होगा। नीरज चौधरी ने बताया कि हर वर्ष यह भंडारा आयोजित होता है।
सुरेश यादव बने कनीना के नए खंड शिक्षा अधिकारी
-- शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश,
बुधवार तक कार्यभार ग्रहण करने की संभावना
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कनीना की आवाज।। राजकीय माडल संस्कृति स्कूल, चरखी दादरी के प्राचार्य एवं हाल ही में पदोन्नत बीईओ अधिकारी सुरेश यादव को खंड शिक्षा अधिकारी कनीना नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति हरियाणा सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग के आदेशानुसार की गई है।
उल्लेखनीय है कि खंड शिक्षा अधिकारी का पद पिछले लगभग दो माह से रिक्त चल रहा था, जिसके चलते प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे थे। श्री सुरेश यादव की नियुक्ति से अब खंड के शिक्षा प्रबंधन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
श्री यादव मूल रूप से कनीना खंड के गांव सेहलंग निवासी हैं। उन्होंने अपने शैक्षणिक जीवन की शुरुआत इसी खंड में बतौर अध्यापक की थी। इसके बाद उन्होंने मुख्य अध्यापक एवं प्राचार्य के रूप में लंबे समय तक सफलतापूर्वक सेवाएं दीं। वर्तमान में वे राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल, चरखी दादरी में प्राचार्य के पद पर कार्यरत थे।
उनकी नियुक्ति पर शिक्षा जगत में हर्ष का माहौल है।
सेवानिवृत्त उप जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र सिंह यादव, रामानंद यादव,नरेश कुमार कौशिक (प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी),जयप्रकाश कोटिया (अध्यक्ष, कनीना मार्केट कमेटी),जयप्रकाश ककराला (अध्यक्ष, ब्लॉक समिति),अमर सिंह निमोरिया (पूर्व प्राचार्य),सतपाल यादव (प्राचार्य, गुढ़ा),
डॉ. वीरेंद्र सिंह (प्राचार्य, बुचावास) तथा
वरिष्ठ प्रवक्ता नरेश यादव सहित अनेक शिक्षाविदों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने सुरेश यादव को नई जिम्मेदारी मिलने पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि श्री यादव के अनुभव, प्रशासनिक दक्षता और शैक्षणिक नेतृत्व से कनीना खंड में शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा मिलेगी।
फोटो कैप्शन: सुरेश कुमार बीइओ
कनीना श्रीकृष्ण गौशाला पहुंचे भाजपा वरिष्ठ नेता बाबू वीर कुमार यादव, समस्याओं के समाधान का दिलाया भरोसा
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कनीना की आवाज।। भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबू वीर कुमार यादव ने श्रीकृष्ण गौशाला कनीना समिति के प्रधान भगत सिंह के आग्रह पर गौशाला का दौरा किया और वहां गौवंश की देखभाल तथा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने गौशाला में मौजूद गौवंश की स्थिति तथा गौशाला से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली।
भाजपा नेता वीर कुमार ने गौशाला प्रधान भगत सिंह की मौके पर ही फोन के माध्यम से हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण गर्ग से बात कराई और गौशाला में आ रही समस्याओं से अवगत कराया। इस पर गौशाला प्रधान ने भी फोन पर चेयरमैन से चर्चा करते हुए गौशाला की समस्याओं के समाधान के लिए सहयोग करने का आग्रह किया।
चेयरमैन श्रवण गर्ग ने गौशाला से संबंधित समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके समाधान का आश्वासन दिया। साथ ही बाबू वीर कुमार यादव ने उन्हें कनीना स्थित गौशाला का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया, जिसे उन्होंने स्वीकार करते हुए जल्द ही गौशाला में आने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर भाजपा नेता एवं स्कूल सुरेहली के चेयरमैन विनोद कुमार यादव, दलीप कुमार यादव, संजय राव सहित कई गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
बाबू वीर कुमार यादव ने कहा कि गौशालाएं भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और गौवंश की सेवा करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गौशाला के विकास और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
फोटो कैप्शन 02: वीर कुमार श्रीकृष्ण गौशाला में
साल में दो विज्ञापन भी नहीं देने वाले समाचार न भेजे
- अखबार का आदेश है विज्ञापन देने वालों की खबरें लगे अधिक से अधिक
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कनीना की आवाज।। लंबे समय से डा. होशियार सिंह यादव पत्रकारिता में जुटा हुआ है। सुबह से रात 11 जाते हैं तब जाकर पत्रकारिता पूर्ण होती है किंतु न तो समाचार पत्र एक रुपया भी देता और न ही लोग विज्ञापन देते। साल में अनेक समाचार छपने के बाद भी जब विज्ञापन का वक्त आता है तब कोई विज्ञापन नहीं दिया जाता, जिससे अखबार नाराज है और ऐसे पत्रकार जो विज्ञापन नहीं देते उनको हटाने का निर्णय ले लेता है। ऐसे में जो साल में दो विज्ञापन नहीं दे पाए वो कृपया मेरे पास/डा. होशियार सिंह यादव के पास समाचार प्रकाशन हेतु न भेजे। इसे कड़ाई से पालन किया जाएगा। भविष्य में यदि कोई समाचार भेजता है तो स्वयं जिम्मेदार होगा और वे प्रकाशित नहीं होंगे। अपने घर से कंप्यूटर, बिजली, नेट खर्चा, भाग दौड़ करनी पड़ती है वहीं बच्चों से दूर रहना पड़ता है। उस पर भी एक रुपए भी जेब में नहीं आता और खर्चा बढ़ता ही चला जाता है। एक और परिवार वाले नाराज वहीं अखबार वाले नाराज क्योंकि कुछ लोगों की आदत बन गई है कि समाचार के समय तो कहेंगे बड़े-बड़े समाचार छाप दो और विज्ञापन के नाम पर कहेंगे सोचेंगे, देखेंगे या फिर फोन नहीं उठाते, फोन बंद कर लेते हैं। ऐसे में ऐसे व्यक्ति जो साल में दो विज्ञापन नहीं दे पाते वो कृपया माफ करें, समाचार भविष्य में न भेजे। केवल वही व्यक्ति भेजें जिन्होंने कुछ विज्ञापन दिया है या मेरी किसी क्षेत्र में मदद की है ताकि उनका खर्चा में स्वयं वहन कर सकूं। सबसे बड़ी बात है कि अखबार के निर्देशानुसार एक विज्ञापन कम से कम 10 हजार का देने वालों के छह माह समाचार प्रकाशित होंगे, दो विज्ञापन देने वालों के पूरे साल समाचार प्रकाशित होंगे। अधिकतम दिन में एक समाचार प्रकाशित करवा सकता है वह भी स्वयं टाइप करके भेजना होगा। यदि साल में 20000 तक का विज्ञापन देता है उनके लिए यह सुविधा एक साल चलती रहेगी। समाचारपत्रों का कहना है कि उन लोगों पर समय बर्बाद ना करें जो विज्ञापन नहीं देते। एक और मजबूरी है दूसरी और विज्ञापन देना जरूरी है। शायद कनीना क्षेत्र के प्रतिदिन 10 बड़े समाचार अकेले मेरे प्रकाशित होते हैं लेकिन इस होली पर महज एक छोटा सा विज्ञापन मिला जिनसे उम्मीद थी वो कल देंगे, फिर देंगे, आगे देंगे करते-करते होली भी टाल दी। अब ऐसा नहीं होगा। केवल क्राइम के समाचार और उन लोगों के समाचार प्रकाशित होंगे जो विज्ञापन देते हैं या ऐसे व्यक्तित्व जो वास्तव में समाज के लिए उदाहरण बने हुए हैं।
चौथी पीढ़ी में लगे फिर से शिक्षा विभाग में
-डा. राहुल शर्मा कनीना के हैं निवासी
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कनीना की आवाज।। कनीना निवासी पूर्व मुख्य अध्यापक रतनलाल शर्मा के पुत्र डा. राहुल शर्मा का सहायक प्रोफेसर भूगोल में चयन हुआ है। हाल ही में एचपीएससी द्वारा घोषित परिणाम में उनका चयन हुआ है। राहुल शर्मा अपने परिवार में चौथी पीढ़ी में आते हैं जो शिक्षा विभाग में नौकरी करेंगे। पहले भी तीन पीढिय़ा शिक्षा विभाग में इस परिवार में शिक्षक रहे हैं।
पूर्व मुख्याध्यापक रतनलाल शर्मा ने बताया कि डा. राहुल शर्मा ने भूगोल विषय में सहायक प्रोफेसर पद के लिए अन्तिम सूची में स्थान प्राप्त किया। वर्तमान में डा. राहुल शर्मा स्कूल लेक्चरर भूगोल राजकीय माध्यमिक विद्यालय मंडोला मे कार्यरत हैं। शिक्षा विभाग में डा. राहुल शर्मा अपने परिवार की चौथी पीढ़ी के रूप में आगे बढ़ रहे हैं। इनके पड़ दादा, दादा, पिता भी शिक्षा जगत से जुड़े हुए थे। इसका श्रेय उन्होंने अपने माता पिता, गुरुजनों और साथियों को दिया है। डॉ राहुल शर्मा ने सभी का आभार प्रकट किया।
फोटो कैप्शन: राहुल शर्मा
श्री कृष्ण गौशाला, कनीना में हरियाली एवं गौपोषण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की
--केरल से मंगवाए 10 हजार सहजन बीजों का गोचर भूमि में बीजारोपण
- संपूर्णा बहुवर्षीय चारे के 200 पौधे भी रोपे गए
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कनीना की आवाज।। कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में पर्यावरण संरक्षण, हरियाली वृद्धि तथा गौवंश के पोषण स्तर को और बेहतर बनाने की दिशा में एक सराहनीय एवं अनुकरणीय पहल की गई है। गौशाला के सक्रिय सदस्य देवेंद्र द्वारा गौशाला के समग्र विकास एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने केरल से सहजन (मोरिंगा) के लगभग 10 हजार बीज मंगवाए, जिनका गौभक्तों एवं समर्थकों के सहयोग से गौशाला की गोचर भूमि में बीजारोपण किया गया।
इसके अतिरिक्त, बुलंदशहर के कृषक एवं राष्ट्रपति अवार्ड प्राप्त पद्मश्री भारत भूषण त्यागी से प्राप्त संपूर्णा बहुवर्षीय चारे के 200 पौधे भी गौशाला परिसर में सफलतापूर्वक रोपे गए। संपूर्णा चारा एक बहुवर्षीय प्रजाति है, जो लगभग पूरे वर्ष हरा चारा उपलब्ध कराती है। इससे गौवंश को भरपूर पोषण मिलेगा तथा गौशाला की चारा व्यवस्था में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान होगा।
सहजन के बीजों का उचित उपचार कर उन्हें एक-एक फीट की दूरी पर लगाया गया है। ये बीज 5 से 7 दिनों में अंकुरित हो जाएंगे। पौधों की ऊंचाई लगभग 5 फीट होने पर इन्हें ऊपर से काटकर गायों को चारे के रूप में खिलाया जाएगा, जो अत्यंत पौष्टिक एवं औषधीय गुणों से युक्त होता है।
इस अवसर पर मोलडऩाथ सत्संग मंडल, कनीना द्वारा गौशाला के लिए 11,000 रुपए का आर्थिक सहयोग दिया गया। साथ ही, मुकेश नंबरदार ने अपने पुत्र के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में गौशाला को 2,100 रुपए का सहयोग देकर गौसेवा की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में गौशाला के प्रधान भगत सिंह यादव, सचिव यश कनीनवाल, सह-सचिव रामपाल, उप प्रधान रवींद्र बंसल, उप प्रधान बाबू दिलावर सिंह, होशियार सिंह सत्संगी, बलवान सिंह आर्य, मुकेश नंबरदार, राजेंद्र (पूर्व पार्षद), कृष्ण प्रकाश गुरुजी, मनोज कुमार, अशोक कुमार सेठ, सूबेदार मेजर महेंद्र सिंह, कैप्टन दीनदयाल, मास्टर रामप्रताप, शुभम, गुरुचरण गुप्ता (पूर्व पार्षद), रोहित सेठ, नवीन यदुवंशी, नरेंद्र फौजी, रमेश सत्संगी, नरेश सत्संगी, सूबेदार देशराज, एडवोकेट योगेश, संदीप महेश्वरी, तुलसी राम सोनी, नरेंद्र ठेकेदार, आडिटर लक्ष्मीनारायण, सुरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों एवं गौभक्तों ने देवेंद्र एवं उनके सहयोगियों के इन प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की तथा इसे पर्यावरण संरक्षण, गौसेवा एवं आत्मनिर्भर गौशाला की दिशा में एक ठोस एवं प्रेरणादायक कदम बताया।
फोटो कैप्शन 03: गौशाला में उपस्थित लोग।




































































