**KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**
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Wednesday, September 23, 2026
डा. होशियार सिंह यादव का दो पुरस्कारों के लिए चयन
--दो कृतियां चयनित
- एक जबलपुर तो दूसरा बिदर, कर्नाटक में दिया जाएगा
नशा मुक्ति की दी गई जानकारी
-इंस्पेक्टर शारदा देवी ने किया लोगों को जागरूक
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कनीना की आवाज। नशा मुक्त अभियान के अंतर्गत इंस्पेक्टर शारदा देवी के द्वारा वार्ड नंबर 04 में आर्य समाज मन्दिर में एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें शारदा जी ने बहुत ही अच्छे तरीके से नशे के प्रति सभी को जागरूक किया और हेल्प लाइन नंबर के बारे में बताया। आर्य समाज मन्दिर के प्रधान मोहर सिंह साहब और सरला के द्वारा मैडम शारदा को विवेकानंद की पुस्तक भेंट की।
फोटो कैप्शन 08: संबंधित है
हरियाणा एनसीआर दिल्ली ताज़ा मौसम अपडेट और मौसम पूर्वानुमान
हरियाणा से मानसून की विदाई हो गई है- डॉ चंद्र मोहन
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कनीना की आवाज। बुधवार को हरियाणा एनसीआर समेत अन्य कई राज्यों से मानसून की विदाई हो चुकी है। दक्षिण-पश्चिम मानसून राजस्थान के ज़्यादातर हिस्सों से वापस चला गया है। अब, कोटा और उदयपुर डीवीजऩ के कुछ हिस्सों से ही वापसी बाकी है। जबकि हरियाणा के 21 जिलों से मानसून की विधिवत विदाई हो चुकी है। आज राज्य में केवल यमुनानगर को छोड़कर, मानसून लगभग पूरे राज्य से वापस चला गया है। साथ ही साथ पंजाब के लगभग 92 प्रतिशत हिस्से से मानसून की विदाई हो चुकी है। इसके अलावा गुजरात और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से भी मानसून वापस चला गया है। इस साल मानसून पर अल-नीनो का साया साफ तौर पर देखने को मिला। हरियाणा में इस मानसून सीजन में कुल 317.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है जबकि इस दौरान राज्य में 413.0 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है जो सामान्य से -23 फीसदी कम हुई है। जिला पलवल को छोड़कर शेष हरियाणा के सभी जिलों में सामान्य से नीचे बारिश हुई है। कुल मिलाकर इस साल मानसून की परफोर्मेंस कमजोर बनीं रहीं। हरियाणा एनसीआर दिल्ली से आज बुधवार को मानसून अपने अन्तिम पड़ाव पर पहुंच गया है।इस साल अल-नीनो परिस्थितियों की वजह से हरियाणा एनसीआर दिल्ली कमजोर मानसून परिस्थितियां देखने को मिलीं।हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर अल-नीनो ने मानसून की सुर-ताल और मौसम वैज्ञानिकों का गणित को बिगाड़ दिया। इस साल मानसून की शुरुआत से लेकर मानसून की विदाई तक लगातार मानसून गतिविधियां में अनियमितता देखने को मिलीं पूरे सीजन में मानसून लडख़ड़ाता रहा।
हरियाणा में पिछले 12 सालों की मानसून की परफोर्मेंस
साल मानसून बारिश
2014 200.1 मिलीमीटर
2015 287.7 मिलीमीटर
2016 335.5 मिलीमीटर
2017 343.9 मिलीमीटर
2018 415.2 मिलीमीटर
2019 255.0 मिलीमीटर
2020 376.1 मिलीमीटर
2021 571.5 मिलीमीटर
2022 465.8 मिलीमीटर
2023 419.7 मिलीमीटर
2024 405.5 मिलीमीटर
2025 568.0 मिलीमीटर
2026 317.5 मिलीमीटर
स्त्रोत भारतीय मौसम विभाग
हरियाणा एनसीआर दिल्ली से मानसून की विदाई
हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर क्योंकि पिछले कुछ दिनों से मानसून लोटने की कंडिशन बनने लगी थी। राजस्थान पर मौजूद एक प्रति चक्रवातीय सर्कुलेशन की वजह हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर लगातार पश्चिमी गर्म शुष्क हवाओं का आगाज शुरू हो गया था इन शुष्क हवाओं ने वातावरण से धीरे-धीरे नमी को सोख लिया जिससे सम्पूर्ण इलाके में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
कैसे लौटता मानसून है
मानसून का लौटना रातों-रात होने वाली घटना नहीं है। मौसम विभाग मानसून की वापसी की घोषणा 1 सितंबर के बाद तभी करता है जब तीन स्पष्ट संकेत मिलते हैं। उस इलाके में लगातार पांच दिनों तक बारिश न हो, सूखी हवा चलने लगे और निचले वायुमंडल में उच्च दबाव वाला सिस्टम बने। जैसे-जैसे सूखी हवा का असर बढऩे लगता है वैसे-वैसे आसमान साफ होने लगता है। इसके बाद बारिश की गतिविधियां बंद हो जाती हैं।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की घोषणा के लिए मुख्य तौर पर तीन प्रमुख मौसमी पैरामीटर या स्थितियां देखी जाती हैं:
मुख्य पैरामीटर
1. लगातार 5 दिनों तक बारिश न होना :संबंधित क्षेत्र या उत्तर-पश्चिम भारत के हिस्से में लगातार 5 दिनों तक वर्षा गतिविधियों का पूरी तरह बंद होना या बारिश न होना।
2. एंटी साइक्लोन का बनना :निचले क्षोभ मंडल में एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन (प्रतिचक्रवात) की स्थापना होना, जो हवाओं की दिशा और दबाव में बदलाव का संकेत देता है।
3. नमी में भारी कमी :उपग्रह से प्राप्त जल वाष्प की तस्वीरों और तेफिग्राम (ञ्जद्गश्चद्धद्बद्दह्म्ड्डद्वह्य) - वायुमंडलीय डेटा चार्ट) के जरिए हवा में नमी की मात्रा में काफी कमी दर्ज किया जाता है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून आज, 23 सितंबर 2026 को पंजाब, हरियाणा,
वर्तमान परिदृश्य में मौसम परिस्थितियां
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा अब 32.5एहृ/72.5एश्व, गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा, नालिया और 23.0एहृ/67.8एश्व से होकर गुजर रही है। इसके अलावा पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना 'डीप डिप्रेशन' 05 किमी/घंटा की गति से पश्चिम की ओर बढ़ा और यह कलिंगपट्टनम (आंध्र प्रदेश) के आसपास एरिया में पहुंच गया है
इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढऩे 'डीप डिप्रेशन' के रूप में उत्तरी आंध्र प्रदेश - दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार करने की बहुत संभावना है। साथ ही साथ एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ, मध्य क्षोभमंडल स्तर पर पछुआ हवाओं में एक ट्रफ के रूप में सक्रिय है। एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्र पर बना हुआ है। कुल मिलाकर राजस्थान पर मौजूद प्रति चक्रवातीय सर्कुलेशन से आधे भारत के हिस्सों से मानसून की विदाई चल रही है साथ ही बंगाल की खाड़ी पर मौजूद मौसम प्रणाली से भारत के आधे हिस्से पर लगातार मानसून गतिविधियां देखने को मिलेगी।
मौसम पूर्वानुमान
हरियाणा एनसीआर दिल्ली में भारतीय मौसम विभाग द्वारा विधिवत रूप से मानसून की विदाई कर दी है। 25 सितंबर को एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा के उत्तरी जिलों पर हल्की बारिश छिट-पुट बूंदाबांदी की गतिविधियों को दर्ज किया जाएगा। साथ ही साथ बंगाल की खाड़ी पर मौजूद डिप डिप्रेशन का ट्रैक उत्तर पश्चिम में बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश तक 27/28 सितंबर तक पहुंचने और साथ ही साथ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से 28-30 सितम्बर के दौरान हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा बादलों की आवाजाही के साथ उत्तरी और पूर्वी जिलों में तेज़ गति की हवाओं के साथ हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियों की सम्भावना बन रही है जबकि शेष हरियाणा एनसीआर दिल्ली में कहीं कहीं बिखराव वाली खंड बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियों की सम्भावना बन रही है। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में लगातार दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है जबकि रात के तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल रही है। दिन के तापमान सामान्य से अधिक जबकि रात के तापमान सामान्य से नीचे बने हुए हैं ?
हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर कमजोर मानसून परिस्थितियां का असर
हरियाणा एनसीआर दिल्ली क्षेत्र कमजोर मानसून का बहुआयामी प्रभाव पड़ता है। क्योंकि हरियाणा एनसीआर दिल्ली में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 75 त्न जनसंख्या कृषि कार्यों में लगीं हुईं हैं। मानसून हरियाणा एनसीआर दिल्ली का भाग्य विधाता है। हरियाणा एनसीआर दिल्ली क्षेत्र भारत के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और कृषि केंद्रों में से एक है, इसलिए मानसून की कमी यहाँ के जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित करती है।विभिन्न क्षेत्रों पर इसके मुख्य प्रभाव निम्नलिखित हैं:
1. मौसम और ऋतुओं पर प्रभाव लंबे समय तक अत्यधिक गमीर्: मानसून के कमजोर होने से उमस और शुष्क गर्मी (रुशश) का दौर लंबा खींच जाता है। जून-जुलाई के बाद भी तापमान सामान्य से ऊपर बना रहता है।ऋतु चक्र में बदलाव: मानसून की वापसी जल्दी या अनियमित होने से शरद ऋतु का आगमन प्रभावित होता है। सर्दियों की शुरुआत में देरी हो सकती है और विंटर सीजन की अवधि छोटी हो जाती है।
2. आर्थिक प्रभाव खेती की लागत में बढ़ोतरी: बारिश की कमी के कारण किसानों को फसलों को बचाने के लिए डीजल इंजन और ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ता है, जिससे सिंचाई की लागत बहुत बढ़ जाती है।ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुस्ती: खरीफ फसलों के उत्पादन में गिरावट से किसानों की आय कम होती है, जिससे बाजारों में ग्रामीण मांग घट जाती है।महंगाई : सब्जियां, दालें और अन्य खाद्य पदार्थों का उत्पादन घटने से दिल्ली-एनसीआर के खुदरा बाजारों में कीमतें तेजी से बढ़ती हैं ।बिजली संकट: गर्मी बढऩे और सिंचाई के लिए ट्यूबवेल चलने के कारण इस क्षेत्र में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाती है, जिससे ग्रिड पर दबाव बढ़ता है।
3. सामाजिक प्रभाव जल संकट: दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के शहरों में पीने के पानी की भारी किल्लत हो जाती है क्योंकि भूजल और जलाशयों का स्तर नीचे चला जाता है।वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याएँ: मानसून के दौरान होने वाली बारिश हवा के प्रदूषकों को साफ करती है। बारिश न होने से हवा जहरीली बनी रहती है, जिससे सांस और फेफड़ों की बीमारियां बढ़ती हैं।मानसिक तनाव: फसलों के खराब होने की आशंका से किसानों में कर्ज और मानसिक तनाव बढ़ता है।
4. मृदा (मिट्टी) पर प्रभाव नमी की कमी: मानसून की बेरुखी से मिट्टी की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है, जिससे मिट्टी शुष्क और कठोर हो जाती है।लवणीयता : नहर के पानी की कमी के कारण किसान अत्यधिक खारे भूजल से सिंचाई करते हैं, जिससे मिट्टी में नमक की मात्रा बढ़ जाती है और भूमि बंजर होने लगती है।सूक्ष्मजीवों को नुकसान: मिट्टी के अत्यधिक गर्म और शुष्क रहने से उसमें मौजूद उपजाऊ बैक्टीरिया और केंचुए जैसे मित्र-जीव नष्ट हो जाते हैं।
5. रबी की फसलों पर प्रभाव हालांकि मानसून सीधे तौर पर खरीफ (धान, कपास) को प्रभावित करता है, लेकिन इसका सीधा असर आने वाली रबी सीजन (अक्टूबर-मार्च) पर भी पड़ता है:बुआई में देरी: रबी फसलों जैसे गेहूं, सरसों और चने की बुआई के लिए मिट्टी में शुरुआती नमी बहुत जरूरी होती है। मानसून कमजोर रहने से बुआई में देरी होती है।भूजल स्तर का गिरना: मानसून में रिचार्ज न होने के कारण रबी सीजन में ट्यूबवेल चलाने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता, जिससे फसलों की सिंचाई प्रभावित होती है।तापमान का असर: सर्दियों में शुरुआती गर्मी बढऩे की आशंका रहती है ( अल-नीनो के कारण), जिससे गेहूं की फसल समय से पहले पक सकती है और दानों का आकार छोटा रह जाता है, जिससे पैदावार घटती है।
फोटो कैप्शन: डा. चंद्रमोहन
जन्म दिन पर गोशाला में पौधारोपण कर शहीदों को नमन किया
-रहे अनेक जन मौजूद
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कनीना की आवाज। पूर्व डिप्टी स्पीकर संतोष यादव का जन्मदिन राजकुमार पूर्व चेयरमैन के निवास स्थान पर मनाया गया। केक काटने के बाद पूर्व डिप्टी स्पीकर संतोष यादव श्रीकृष्ण गोशाला कनीना पहुंची। अपने कार्यकाल के दौरान भी गोशाला में काफी सहयोग किया था वो समय समय पर गोशाला आती रहती है। जन्मदिन के शुभ अवसर पर वहां गो सेवा के बाद पौधारोपण किया गया।
तत्पश्चात संतोष ने शहीद स्थलों पर जाकर शदीदी दिवस के अवसर पर शहीदों को पुष्प अर्पित किए और शहीदों को नमन किया।
इस मौके पर भाजपा नेता ओमप्रकाश लिसानियां पूर्व चेयरमैन, होशियार पार्षद, सुरेंद्र पार्षद, राजकुमार पार्षद,सवाई पार्षद,निलम पार्षद, मोहन सिंह पूर्व पार्षद,राज सिंह ठेकेदार, तुलसी राम सोनी, नरेंद्र प्रधान गौशाला, मास्टर रामप्रताप, कुलदीप नंबरदार, रामपाल,हंस राज,रतन सिंह,पोप सिंह और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 04: शहीद तुलाराम को याद करते हुए
05: कनीना की गोशाला में पौधारोपण करते हुए
डीएवी संस्थान कनीना को पुन: शुरू करवाने के लिए एकजुट हुए लोग
-शहीदी दिवस पर आयोजित जनसभा में पूर्व कर्मचारियों व महिलाओं ने भी दिया समर्थन
- पुराने कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग
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कनीना की आवाज। शहीदी दिवस के अवसर पर डीएवी अकादमी कनीना को पुन: संचालित करवाने की मांग को लेकर संस्थान परिसर में जनसभा आयोजित की गई। जनसभा की अध्यक्षता हरेंद्र शर्मा ने की। इसमें क्षेत्र के लोगों के साथ पूर्व कर्मचारी और महिलाओं ने भी पहुंचकर संस्थान को दोबारा शुरू करवाने के अभियान को अपना समर्थन दिया।
हरेंद्र शर्मा ने कहा कि बूंद-बूंद से नदी बनती है और इसी तरह छोटे-छोटे प्रयासों से आंदोलन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने ने कहा कि डीएवी शिक्षण संस्थान को पुन: संचालित करवाना अब सभी का मुख्य उद्देश्य है। वहीं पूर्व कर्मचारियों ने कहा कि संस्थान के दोबारा संचालन के समय पुराने कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिन्होंने अपना पूरा जीवन डीएवी संस्थान को समर्पित किया है।
डीएवी के लिसान गांव से आए पूर्व विद्यार्थी बिजेंद्र भारद्वाज ने कहा कि डीएवी संस्थान क्षेत्र में लंबे समय तक बेहतर शिक्षा का केंद्र रहा है। यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने डीएवी प्रबंधन से संस्थान को पुन: शुरू करने का आग्रह किया।
जनसभा में वक्ताओं ने कहा कि संस्थान के पुन: संचालन से क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिलेंगे और अभिभावकों को भी लाभ होगा। लोगों ने संस्थान को दोबारा शुरू करवाने के लिए सामूहिक रूप से प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने शहीदी दिवस पर देश के वीर शहीदों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
फोटो कैप्शन 06: डीएवी संस्थान के पुन: शुरू करवाने के लिए इकट्ठे हुए लोग
तीन लोगों के विरुद्ध मार पिटाई व जान से मारने की धमकी का मामला दर्ज
--गांव सुंदरह का मामला
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कनीना की आवाज। गांव सुंदरह के राकेश कुमार ने तीन लोगों पर मार पिटाई और जान से मारने की धमकी देने का मामला दौंगड़ा अहीर पुलिस चौकी में दर्ज करवाया है।
उन्होंने पुलिस में कहा है कि 12 सितंबर को सुबह 9 बजे वह तथा उसका भतीजा कर्मपाल गांव में जा रहे थे। गांव की फिरनी पर उनका प्लाट है। प्लाट के बटवारे का केस अभी न्यायालय में चल रहा है। प्लाट में पहुंचे तो रामनिवास उसका लड़का सुरेंद्र जेसीबी की सहायता से नीव खोदाई करवा रहे थे। राकेश ने जेसीबी ड्राइवर को मना किया कहा कि प्लाट का बंटवारा नहीं हुआ है, कनीना कोर्ट में केेस चल रहा है, फैसला होने के बाद ही नीव खोद सकते हैं। इतना कहकर वापस चले कि रामनिवास उसका लड़के सुरेंद्र ने रास्ता रोक लिया और रामनिवास की पत्नी घर से फरसा, जेली आदि ले आई। इसी बीच कर्मपाल ने घर पर फोन किया तो राकेश कुमार की पत्नी राजबाला व उसका भाई सतपाल भी मौके पर आ पहुंचे। तभी अनीता, सुरेंद्र एवं रामनिवास ने फरसा, जेली आदि से वार किए। जिसमें राकेश कुमार, उसकी पत्नी राजबाला और कर्मपाल घायल हो गए ।तभी शोर मचाया तो मौके पर वीरेंद्र, मनोज एवं अशोक आदि बी बचाव में आए। तभी राकेश के स्वजन भी मौके पर पहुंचे। तीन घायलों को कनीना अस्पताल ले जाया गया। तभी डाक्टरों ने राकेश को रोहतक पीजीआइएमएस ,कर्मपाल को नारनौल अस्पताल, राजबाला को महेंद्रगढ़ अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज करवा कर अब राकेश कुमार ने तीन लोगों पर मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
शहीद राव तुलाराम को शहीदी दिवस पर आर्य समाज ने किया याद
--नसीबपुर का युद्ध सदा याद रहेगा-राव मोहर सिंह
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कनीना की आवाज। आर्य समाज कनीना ने शहीद राव तुलाराम को उनके शहीदी दिवस पर याद किया। कनीना के शहीदी दिवस पर उनकी फोटो समक्ष पुष्प अर्पित किए और कहा कि उनसे महान शहीद अहीरवाल क्षेत्र का और कोई हो ही नहीं सकता।
इस मौके पर मुख्य अतिथि राव मोहर सिंह प्रधान रहे। जिन्होंने कहा कि अहीरवाल की शान शहीद राव तुलाराम रहे हैं। जिनकी ऊंची कद काठी को देखकर दुश्मन थर थर कांपते थे। नसीपुर की उनकी लड़ाई सदा याद रहेगी।
राव मोहर सिंह ने कहा कि राव तुलाराम का जन्म रेवाड़ी राज परिवार में हुआ था, लेकिन उनका जीवन फूलों की सेज नहीं, बल्कि काँटों का ताज था। नियति ने बहुत छोटी उम्र में ही उनके कंधों पर राज सिंहासन का भार डाल दिया। पिता की मृत्यु के बाद, एक किशोर बालक ने जिस परिपक्वता और साहस के साथ सत्ता संभाली, उसने यह सिद्ध कर दिया था कि यह बालक आगे चलकर इतिहास रचेगा। उनमें बचपन से ही नेतृत्व के गुण और देशभक्ति की भावना कूट-कूट कर भरी थी।
अंग्रेजों के खिलाफ सुनियोजित विद्रोह का शंखनाद-
1857 की क्रांति केवल एक तात्कालिक आक्रोश का परिणाम नहीं थी, बल्कि कई जगहों पर यह एक सुनियोजित रणनीति थी, और राव तुलाराम इसके प्रमुख सूत्रधारों में से एक थे। वे अंग्रेजों की विस्तारवादी और शोषणकारी नीतियों को भली-भांति समझते थे। उन्होंने चुपचाप अपनी सैन्य शक्ति बढ़ाई, हथियार जुटाए और जनता को एकजुट किया। जैसे ही क्रांति का बिगुल बजा, राव तुलाराम ने रेवाड़ी क्षेत्र से अंग्रेजी शासन को उखाड़ फेंका और खुद को स्वतंत्र घोषित कर दिया। उनकी संगठनात्मक क्षमता अद्भुत थी।
नसीबपुर का ऐतिहासिक युद्ध-
1857 की सबसे भीषण लड़ाई।इतिहास गवाह है कि 16 नवंबर 1857 को नारनौल के पास नसीबपुर के मैदान में जो युद्ध हुआ, वह प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की और अविभाजित भारत की सबसे बड़ी और सबसे खूनी लड़ाइयों में से एक था। यह कोई छोटी-मोटी झड़प नहीं थी, बल्कि एक महायुद्ध था।
राव तुलाराम और उनके भाई गोपाल देव के नेतृत्व में लगभग 5000 वीरों ने अंग्रेजों और उनके सहयोगियों की विशाल और आधुनिक सेना का सामना किया। नसीबपुर की धरती उस दिन वीरों के रक्त से लाल हो गई थी। राव तुलाराम की सेना ने अदम्य साहस का परिचय दिया। अंग्रेजी कमांडर भी उनकी वीरता देखकर दंग रह गए थे। भले ही संसाधनों की कमी के कारण इस युद्ध का परिणाम अपेक्षित नहीं रहा, लेकिन इस युद्ध ने अंग्रेजों की कमर तोड़ दी थी और यह साबित कर दिया था कि भारतीय वीर अपनी मिट्टी के लिए किस हद तक जा सकते हैं।
राव मोहर सिंह ने कहा कि नसीबपुर के युद्ध के बाद भी राव तुलाराम का मनोबल नहीं टूटा। वे जानते थे कि यह संघर्ष लंबा चलेगा। वे भूमिगत हो गए और देश के अन्य हिस्सों, विशेषकर राजस्थान में जाकर, तात्या टोपे और अन्य क्रांतिकारी नेताओं के साथ मिलकर संघर्ष जारी रखा। उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
जब उन्हें लगा कि देश के भीतर से अंग्रेजों को हराना मुश्किल हो रहा है, तो उन्होंने एक दूरदर्शी कदम उठाया। वे विदेशी सैन्य सहायता प्राप्त करने के लिए एक कठिन और जोखिम भरी यात्रा पर निकल पड़े। रूस के जार से मिलने की कोशिश में वे ईरान गए और फिर अफगानिस्तान के शासकों से मदद की गुहार लगाई। उनका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग से भारत को आजाद कराना था।
देश को गुलामी की बेडिय़ों से मुक्त कराने के लिए विदेश से सैन्य सहायता का प्रयास करने वाले वो अविभाजित भारत के प्रथम राजदूत थे, उनके बाद ऐसा दूसरा व्यक्ति नेता जी सुभाष चंद्र बोस थे।
दुर्भाग्यवश, काबुल (अफगानिस्तान) में लगभग 38 वर्ष की छोटी उम्र में आज ही के दिन यानी कि 23 सितंबर 1863 को, मातृभूमि की आजादी का सपना अपनी आँखों में लिए, यह महान योद्धा हमेशा के लिए सो गया। इस मौके पर मनफूल सिंह आर्य, बलवान सिंह आर्य, मास्टर भूप सिंह ,मास्टर राजेश, एडवोकेट विनय, प्रेम आर्य, भूतपूर्व सैनिक संस्था अर्जुन सिंह, वीरेंद्र सिंह, अजय कुमार आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 03:राव तुलाराम को याद करते हुए
राव तुलाराम के शहीदी दिवस पर पौधारोपण, वीर योद्धा को अनोखी श्रद्धांजलि
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कनीना की आवाज। महान क्रांतिकारी एवं वीर योद्धा राव तुलाराम के शहीदी दिवस 23 सितम्बर के अवसर पर पर्यावरण प्रेमी मनोज कुमार रामबास व अन्य युवाओं ने पौधारोपण कर वीर योद्धा को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर पौधे लगाकर न केवल राव तुलाराम के बलिदान को याद किया गया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश भी दिया गया।
मनोज कुमार ने कहा कि राव तुलाराम का जीवन साहस, त्याग, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण की मिसाल है। उनके शहीदी दिवस पर पौधा लगाना केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को प्रकृति संरक्षण के माध्यम से आगे बढ़ाने का संकल्प है। जिस प्रकार वीरों ने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया, उसी प्रकार आज हमें प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि आज लगाए गए पौधे आने वाले वर्षों में विशाल वृक्ष बनकर समाज को छाया, आक्सीजन, फल और हरियाली प्रदान करेंगे। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों को पौधारोपण से जोडऩा चाहिए और केवल पौधा लगाने तक सीमित न रहकर उसकी नियमित देखभाल एवं सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी चाहिए।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राव तुलाराम के साहस और देशभक्ति से प्रेरणा लेकर पर्यावरण संरक्षण को जन-अभियान बनाएं। एक पौधा लगाना आने वाली पीढिय़ों के लिए स्वच्छ हवा और हरित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर वीर राव तुलाराम को नमन करते हुए शहीदों की स्मृति में पौधा लगाएं, पौधे को वृक्ष बनाएं और हरियाणा को हरा-भरा बनाएं का संदेश दिया गया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि वीरों की सच्ची स्मृति केवल शब्दों में नहीं, बल्कि समाज और प्रकृति के लिए किए गए सकारात्मक कार्यों में जीवित रहती है।
फोटो कैप्शन 02: पौधारोपण कर शहीद राव तुलाराम को याद करते हुए
भोजावास में आयोजित हुआ जिला स्तरीय आयुर्वेदिक शिविर
-185 रोगियों की हुई निश्शुल्क जांच
-आयुर्वेद ही जीवन का आधार है- डा. सतीश
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कनीना की आवाज। आयुष विभाग के महानिदेशक संजीव वर्मा के निर्देशानुसार व उपायुक्त अनुपमा अंजली के मार्गदर्शन में आज सेवा संकल्प अभियान के तहत 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य पर कनीना उपमंडल के गांव भोजावास स्थित ग्राम सचिवालय परिसर में जिला स्तरीय आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। शिविर का शुभारंभ जिला योग समन्वयक डा. सतीश कुमार एवं सरपंच प्रतिनिधि पवन कुमार ने आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। शिविर में 185 रोगियों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें निश्शुल्क आयुर्वेदिक औषधियां वितरित की तथा औषधीय पौधों के महत्व की जानकारी देकर पौधे भी बांटे।
जिला योग समन्वयक डा. सतीश कुमार ने कहा कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने का विज्ञान है। उन्होंने कहा सेवा संकल्प अभियान का मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद और योग को जन-जन तक पहुंचाना है। आज की अनियमित दिनचर्या और खानपान के कारण रोग बढ़ रहे हैं। आयुर्वेद बिना किसी दुष्प्रभाव के रोग को जड़ से खत्म करता है। हर व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में योग, प्राणायाम और आयुर्वेद को अपनाना चाहिए। तभी स्वस्थ भारत और विकसित भारत का सपना साकार होगा।
शिविर के सह-नोडल अधिकारी डॉ. विकास यादव ने कहा कि सरकार ग्रामीणों को उनके घर-द्वार पर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा इस शिविर में 185 मरीजों को आयुर्वेदिक दवाइयां वितरित कर उन्हें परामर्श दिया गया। उन्होंने बताया कि अधिकांश लोगों में मौसमी बीमारियों, जोड़ों के दर्द, मधुमेह, रक्तचाप और उदर रोग की समस्या पाई गई तथा सभी को निशुल्क दवाएं दी गई। साथ ही तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, एलोवेरा और आंवला जैसे औषधीय पौधों की जानकारी और पौधे भी वितरित किए, ताकि लोग अपने घर में ही छोटी बीमारियों का उपचार कर सकें और अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकें।
शिविर के दौरान चिकित्सकों द्वारा उपस्थित ग्रामीणों के रक्तचाप, मधुमेह और नाड़ी परीक्षण की गहन जांच की गई। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर आयुष योग सहायकों द्वारा रोगियों को व आए हुए ग्रामीणों को योग के बारे में बताया गया तथा उन्हें योग की विभिन्न मुद्राओं व प्राणायाम के बारे में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर जिले के समस्त आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, आयुष फार्मेसिस्ट व समस्त आयुष योग सहायकों सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 07: रोगियों की जांच करते चिकित्सक।
Monday, September 21, 2026
पांच दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर डिजिटल हरियाणा से लेकर एग्रीकल्चर इकोनामी को धरातल पर जाकर समझेंगे विद्यार्थी
-ऐतिहासिक स्थलों का भी करेंगे दौरा
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कनीना की आवाज। भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रोहतक के विद्यार्थियों ने अपने पांच दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के पहले दिन सोमवार को लघु सचिवालय में उपायुक्त अनुपमा अंजली से मुलाकात की तथा प्रशासनिक गतिविधियों की जानकारी ली।
इस दौरान उपायुक्त ने बताया कि हरियाणा सरकार ने डिजिटल हरियाणा मुहिम के तहत अधिकतर सेवाओं और योजनाओं को ऑनलाइन कर दिया है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में भी इंतकाल जैसी प्रक्रिया को अब ऑटो मोड पर कर दिया गया है, जिससे रजिस्ट्री के बाद नागरिकों को इंतकाल करवाने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने बताया कि इसके अलावा भी सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनके माध्यम से सेवाओं और योजनाओं को सरल तरीके से आम नागरिक तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री के दिशा निर्देश पर सप्ताह में सोमवार व वीरवार को प्रत्येक उपमंडल स्तर पर समाधान शिविरों का भी आयोजन किया जाता है।
लिंग अनुपात के सवाल पर उपायुक्त ने कहा कि यह एक सामाजिक मुद्दा है और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से इसमें काफी सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि महेंद्रगढ़ जिला अब शिक्षा का हब बनता जा रहा है और लोगों की सोच में भी बदलाव आ रहा है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे ग्रामीण क्षेत्र का अच्छी तरह से दौरा करें तथा एग्रीकल्चर इकोनॉमी को भी समझें।
उन्होंने कहा कि महेंद्रगढ़ जिला ऐतिहासिक धरोहरों का क्षेत्र है और यहां मौजूद स्मारक आने वाले समय में टूरिज्म का बड़ा केंद्र बन सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से इन ऐतिहासिक स्मारकों का दौरा करने की भी अपील की।
इस मौके पर नगराधीश डॉ. मंगल सेन, डीडीपीओ अंकित चौहान, प्रोफेसर सरित बिस्वास तथा अजय कुमार समारिया भी मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 08:आईआईएम रोहतक के विद्यार्थियों से बातचीत करतीं डीसी
हरियाणा एनसीआर दिल्ली के आधे हिस्से से मानसून रुखसत हो गया
-जल्दी ही सम्पूर्ण हरियाणा एनसीआर दिल्ली से मानसून की विदाई डॉ चन्द्र मोहन
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कनीना की आवाज। 21 सितंबर को हरियाणा के सिरसा फतेहाबाद हिसार भिवानी जींद चरखी दादरी कुछ हिस्सा महेंद्रगढ़,कैथल रोहतक से मानसून की विदाई हो चुकी है यानी आधे से ज्यादा हरियाणा से मानसून की विदाई हो गई है ।जल्द ही सम्पूर्ण हरियाणा एनसीआर दिल्ली से मानसून की विदाई हो जाएगी। दक्षिण-पश्चिम मानसून आज राजस्थान के लगभग आधे हिस्से, पंजाब के लगभग पूरे हिस्से और हरियाणा के लगभग आधे हिस्से से वापस चला गया है। भारतीय मौसम विभाग ने आधिकारिक तौर पर मानसून की विदाई का मैप जारी कर दिया है। मौसम विशेषज्ञ डॉ चंद्रमोहन ने बताया कि साल 2026 में अल-नीनो परिस्थितियों की वजह से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई। हरियाणा राज्य में इस मानसून सीजन में हरियाणा राज्य में कुल 312.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई जबकि इस दौरान 413.0 मिलीमीटर सामान्य बारिश दर्ज होती है जो सामान्य से -24 फीसदी कम हुई है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून 21 सितंबर 2026 को राजस्थान के कुछ और हिस्सों, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों से आगे वापस लौट गया है। आज़ दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की रेखा अब 26.2एन/68.4, जैसलमेर, नागौर, सीकर, रोहतक, पटियाला, गुरदासपुर और 32.8एन/73.7 ई से होकर गुजर रही है। अगले 1-2 दिनों के दौरान पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के शेष हिस्सों, राजस्थान के कुछ और हिस्सों तथा सौराष्ट्र और कच्छ,जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ और हिस्सों से मानसून के वापस लौटने के लिए परिस्थितियों अनुकूल हैं। इसके अलावा स्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र, पूर्व मध्य और संलग्न पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गया है इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढऩे और अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक डिप्रेशन (अवदाब) तथा उसके बाद के 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर-मध्य और संलग्न उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक गहरे डिप्रेशन (गहरे अवदाब) में तब्दील होने की पूरी संभावना है।
एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण के रूप में में उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर मौजूद हैं। आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी पर बनी हलचल से भारत के पूर्वी मध्यवर्ती और उत्तरी पूर्वी राज्यों में मानसून गतिविधियां जारी रहेगी जबकि राजस्थान पर मौजूद प्रति चक्रवातीय सर्कुलेशन से लगातार पश्चिमी गर्म हवाओं से उत्तरी मैदानी राज्यों विशेषकर राजस्थान पंजाब हरियाणा एनसीआर दिल्ली से मानसून की विदाई आने वाले एक दो दिनों में ज़ारी रहेंगी। कुल मिलाकर आधा भारत में मानसून की विदाई जबकि आधा भारत में मानसून गतिविधियां जारी रहेगी। 28 सितंबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में 28-30 सितंबर के दौरान मौसम में बदलाव और हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियों की सम्भावना बन रही है। आज़ हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलीं और तापमान सामान्य से अधिक बने हुए हैं।
फोटो कैप्शन: डा. चंद्रमोहन मौसम विशेषज्ञ
प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी-आरती राव मंत्री
-आरती सिंह राव ने पत्रकारों से कही
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कनीना की आवाज। हरियाणा की स्वास्थ्य, आयुष एवं चिकित्सा मंत्री आरती सिंह राव ने सोमवार को महेंद्रगढ़ जिले के विभिन्न गांवों का दौरा किया। इस दौरान महेंद्रगढ़ की यादव सभा सहित कनीना क्षेत्र के कोका व अन्य गांवों में कार्यक्रम हुए। जनसभाओं में लोगों ने उनका स्वागत किया। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, डेंगू-मलेरिया की रोकथाम और नारनौल के बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज को लेकर जानकारी दी। भावी सीएम के नारे लगने पर उन्होंने कहा कि अभी तो वे राजनीति में नई हैं। यह लोगों का प्यार है कि वे उनके बारे में क्या सोचते हैं। लोगों का खूब प्यार मिल रहा है।
भावी मुख्यमंत्री के नारे लगाए जाने से जुड़े सवाल पर आरती राव ने कहा कि यह लोगों का प्यार है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह भारतीय जनता पार्टी तय करती है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें राजनीति में अभी करीब दो साल ही हुए हैं और उन्हें थोड़ा और अनुभव हासिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों के प्यार में कई बार लोग बह जाते हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर आरती राव ने कहा कि सरकार का प्रयास प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसी कड़ी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोले जा रहे हैं और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को दुरुस्त किया जा रहा है। सिविल अस्पतालों को भी बेहतर बनाने का प्रयास है, ताकि मरीज संतुष्ट होकर घर लौटें। सरकारी स्तर पर ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
डेंगू-मलेरिया के मामलों को लेकर उन्होंने कहा कि यह हर साल होने वाली समस्या है और विभाग इसके लिए दवाइयां व पानी साफ करने वाली गोलियां उपलब्ध कराता है। उन्होंने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने तथा सफाई रखने की अपील की।
बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज को लेकर आरती राव ने कहा कि कॉलेज में हाल ही में 100 सीटें आई हैं और सरकार इसे बेहतर कॉलेज बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ आयुर्वेदिक शिक्षा को मजबूत करने की बात कही।
कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री को लेकर की जा रही टिप्पणी पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने विपक्ष पर मुद्दे बनाने की कोशिश करने की बात कही और कहा कि पंजाब भी हारेंगे।
फोटो कैप्शन 07: संबंधित है
शहीद सूबेदार सज्जन सिंह अशोक चक्र विजेता को जलूरा शौर्य समिति करेगी 26 सितंबर को याद
--अनेक अधिकारी रहेंगे मौजूद
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कनीना की आवाज। कनीना निवासी शहीद सूबेदार सज्जन सिंह अशोक चक्र विजेता को जलूरा शौर्य समिति 26 सितंबर को कनीना में उनका शहीदी दिवस मनाएगी। वीर अहीर 13- कुमाऊं रेजांगला से सज्जन सिंह में भर्ती हुए थे। 32 वर्षों पहले सूबेदार सज्जन सिंह ने जलूरा, जिला कुपवाड़ा, जम्मू कश्मीर में गोलियों की बौछार झेलते हुए पांच खूंखार उग्रवादियों को मार गिराया था। अत्यधिक साहसिक कार्य करने पर सूबेदार सज्जन सिंह को अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ी थी। 1995 में उनकी पत्नी को तत्कालीन राष्ट्रपति ने अशोक चक्र से सम्मानित किया था। उनकी 32 सी पुण्यतिथि पर कनीना में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
विस्तृत जानकारी देते हैं सुरेंद्र सिंह पूर्व मुख्याध्यापक एवं शहीद सज्जन के भाई ने बताया कि इस अवसर पर कनीना के मोलडऩाथ आश्रम समक्ष उनके प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए जाएंगे। मुख्य अतिथि मेजर जनरल सुरेश कुमार भांभू युद्ध सेवा मेडल एवं सेवा मेडल होंगे। वही अध्यक्षता वीर नारी कौशल्या देवी शहीद सूबेदार सज्जन सिंह अशोक चक्र की पत्नी होगी। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में ब्रिगेडियर करतार सिंह पूर्व आईईएसएल अध्यक्ष होंगे। इस मौके पर कमांडेंट अखिल जैन जाटूसाना, डा. मनोज कुमार अध्यक्ष सिंघानिया विश्वविद्यालय बड़ी पचेरी, कर्नल रणवीर सिंह यादव संरक्षक रेजांगला शौय समिति, कर्नल गोपाल सिंह, अध्यक्ष हरियाणा अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, कर्नल रणवीर सिंह यादव सेना शिक्षा कोर, अनुपम अंजलि आयुक्त अध्यक्ष जिला सैनिक बोर्ड नारनौल, जितेंद्र सिंह एसडीएम कनीना, कर्नल ओम प्रकाश यादव, कर्नल चंदूलाल यादव, पूर्व अफसर, मेजर डा. टीसी राव संरक्षक जलूरा शौर्य समिति, कर्नल घीसाराम एवं राव अजीत सिंह,आईआरएसआदि के अतिरिक्त कनीना के चेयरमैन आदि उपस्थित रहेंगे।
फोटो कैप्शन: शहीद सज्जन सिंह अशोक चक्र
सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने विद्यार्थियों को किया रचनात्मकता के लिए प्रेरित
--मोहनपुर व कोका गांवों में स्वास्थ्य मंत्री ने किया 90 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण
--दुर्घटना में घायल किसानों को सौंपे आर्थिक सहायता के चेक
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कनीना की आवाज। हरियाणा की स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास तथा आमजन के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री सोमवार को कनीना स्थित राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित खंड स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं।
इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए भाषण एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। स्वास्थ्य मंत्री ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए उन्हें शिक्षा के साथ-साथ रचनात्मक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री किसान एवं खेतीहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना के तहत दुर्घटना में घायल हुए किसानों को आर्थिक सहायता के चेक भी वितरित किए। गांव पाथेड़ा निवासी नरेश को 75 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा गया। इसी तरह गांव सिहोर निवासी विमलेश कुमार, जो खेत में कुआं खोदते समय मिट्टी धंसने की दुर्घटना में घायल हो गए थे, को 1 लाख 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
कार्यक्रम के उपरांत स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने मोहनपुर और कोका गांवों का दौरा कर लगभग 90 लाख रुपये लागत के विकास कार्यों का उद्घाटन किया। मोहनपुर गांव में उन्होंने नवनिर्मित खेल ग्राउंड, स्टेज तथा फिरनी निर्माण कार्य का शुभारंभ किया और कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं तथा आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने से युवाओं को आगे बढऩे के बेहतर अवसर मिलेंगे। वहीं गांव कोका में उन्होंने फिरनी से बनवारी लाल के घर तक गली निर्माण, रास्ते से कैलाश चंद शर्मा के घर तक निर्माण कार्य, शमशान घाट की चारदीवारी एवं प्रांगण में टाइल कार्य, मेन फिरनी से पंचायती फार्म तक रास्ता निर्माण तथा एससी बस्ती से बाबा जवाहरदास मंदिर तक रास्ता निर्माण सहित कई विकास कार्यों का लोकार्पण किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को निरंतर गति दी जाए ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा कहीं भी पानी जमा न होने दें, क्योंकि खड़े पानी में ही डेंगू का मच्छर पनपता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक कालेज में 100 सीटें स्वीकृत हुई हैं और सरकार का प्रयास है कि इस संस्थान को एक बेहतर एवं सुदृढ़ शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित किया जाए, जिसके लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सरकार निरंतर काम कर रही है और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष दयाराम, ब्लॉक समिति चेयरमैन कनीना जयप्रकाश ककराला, मार्केट कमेटी चेयरमैन कनीना जयप्रकाश कोटिया, उपमंडल अधिकारी डा. जितेंद्र सिंह, जिला चिकित्सा अधिकारी डा. अशोक कुमार, एसएमओ डा. रेनू वर्मा, तहसीलदार पायल यादव, बीडीपीओ राजेश, प्राचार्य सुनील खुडानिया, दीपचंद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में गांव मोहनपुर सरपंच जीतराम यादव, कोका सरपंच मिथलेश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का जोरदार स्वागत किया।
फोटो कैप्शन 04-कार्यक्रम में संबोधित करती स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव।
फोटो कैप्शन 05-विकास कार्यक्रम का उद्घाटन करती स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव।
फोटो कैप्शन 06:चेक सौंपती स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव।
शहीदी दिवस समारोह में जाएंगे लोग लाडनपुर
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कनीना की आवाज। 23 सितम्बर को भिवानी जिला के गांव ढ़ाणा लाडनपुर में मनाए जा रहे हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस समारोह में महेन्द्रगढ़ जिला से प्रजा भलाई संगठन के सैंकड़ों कार्यकर्ता भाग लेंगे। समारोह में समाजसेवी अतरलाल मुख्य अतिथि होंगे। उक्त जानकारी संगठन की युवा शाखा के महामंत्री राकेश यादव ने देते हुए कहा कि ढ़ाणा लाडनपुर में संत रविदास समाज कल्याण ट्रस्ट के तत्वावधान में हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस समारोह पर विशाल सत्संग व भंडारा आयोजित किया जाएगा। समारोह की अध्यक्षता ट्रस्ट के प्रधान आचार्य दलबीरानन्द करेंगें। उन्होंने कहा कि समारोह को लेकर भिवानी तथा महेन्द्रगढ़ जिला के कार्यकर्ताओं में बहुत व जोश व उत्साह है। उन्होंने कहा कि जिन वीरों ने देश की आजादी और भारत की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अपने जीवन की कुर्बानी दी उनकी याद में समारोह आयोजित करना राष्ट्रीय कर्तव्य है। इस अवसर पर शहीदों के परिजनों, समाजसेवियों तथा देश रक्षा के लिए भारतीय सेना में उल्लेखनीय योगदान देने वाले भूतपूर्व सैनिकों को सम्मानित किया जाएगा।
बाजरे की खरीद शुरू करवाने की पूर्व सैनिकों ने रखी मांग
--आरती सिंह राव ने सुनी उनकी समस्या
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कनीना की आवाज। राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में 21 सितंबर को हरियाणा सरकार की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के पहुंचने पर भूतपूर्व सैनिक संस्था, सब-डिवीजन कनीना के सम्मानित सदस्यों ने उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर संस्था के सदस्यों ने बाजरे की खरीद शुरू करवाने की मांग स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के समक्ष रखी। संस्था के सदस्यों ने किसानों की समस्या को देखते हुए बाजरे की खरीद करवाने का आग्रह किया।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने संस्था के सदस्यों को बाजरे की खरीद करवाने का आश्वासन दिया। संस्था के सदस्यों ने स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि जल्द ही बाजरे की खरीद को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर भूतपूर्व सैनिक संस्था, सब-डिवीजन कनीना के सचिव दीनदयाल, उपाध्यक्ष नरेंद्र फौजी, खजांची लक्ष्मीनारायण, कैप्टन भरपूर सिंह, सूबेदार मेजर महेंद्र सिंह, सूबेदार मेजर दुलीचंद, सूबेदार अभय सिंह, नायब सूबेदार रामदास, नायब सूबेदार राजेंद्र सिंह, सूबेदार जयनारायण, पेटी आफिसर अजय कुमार, इंस्पेक्टर जगदीश सिंह तथा कैप्टन रमेश कुमार सहित संस्था के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 03: पूर्व सैनिक आरती राव से मिलते हुए
व्यक्ति लापता, गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज
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कनीना की आवाज। खैराना से एक व्यक्ति गुम हो गुलाब का हो गया उसकी पत्नी ने लापता होने का मुकदमा दर्ज करवाया है।
सरोज देवी खैराना निवासी ने दौंगड़ा अहीर चौकी में मुकदमा दर्ज करवाते हुए कहा है कि उसका पति मुकेश कुमार दिमागी हालत से ठीक नहीं और 18 सितंबर 2026 की रात को करीब 11 बजे बिना बताए घर से कहीं चला गया। जिसका कोई अता-पता नहीं चला। हर जगह तलाश की किंतु कहीं पता नहीं चला। 46 वर्षीय मुकेश कुमार की को तलाश करने की गुहार लगाई जिस पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।
एक एकड़ सब्जी से कमा रहा है 4 से 5 लाख
-किसानों को सब्जी उगाने की दे रहे हैं सलाह
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव भडफ़ के कृष्ण सिंह ने एक एकड़ में घिया, तोरई, भिंडी, करेला आदि उगाकर एक साल में करीब चार से पांच लाख रुपए कमाए हैं। वो दो सालों से सब्जी का काम कर रहे हैं। जबकि बाजरे से मुश्किल से 10 हजार से 12 हजार की आमदनी होती है। उन्होंने मचान पर घिया, तोरई आदि की सब्जी उग रखी है तथा ड्रिप सिंचाई का प्रबंध कर रखा है जिससे कम पानी की जरूरत होती है।
कृष्ण सिंह ने बताया कि वह एक से डेढ़ क्विंटल सब्जी सड़क के किनारे बेच देते हैं। उनका सब्जी वाला खेत कनीना-रेवाड़ी सड़क के किनारे स्थित है। उन्होंने कहीं से कोई ट्रेनिंग या कोर्स नहीं किया अपितु लोगों से पूछ कर सब्जी उगाना शुरू किया और आज इस मुकाम तक पहुंच गए हैं कि दूसरे किसानों को भी सब्जी उगाने पर बल दे रहे हैं। रेवाड़ी मुख्य मार्ग पर स्थित उनके एक एकड़ में मचान पर सब्जी का खेत दिखाई देता है।
साथ में उन्होंने बताया कि वह किसी प्रकार की दवाई, पीड़कनाशी, खाद आदि नहीं डालते आर्गेनिक खेती कर रहे हैं। आर्गेनिक सब्जी होने से उनकी सब्जी की अधिक मांग है। उन्होंने पंचामृत दिखाते हुए कहा कि वे पंचामृत डालकर फसलों की सुरक्षा करते हैं। दूसरे किसान भी उनसे शिक्षा ले रहे हैं और सब्जी उगाने की सोच रहे हैं।
फोटो कैप्शन 01:मचान पर सब्जी दिखाता कृष्ण सिंह
रैगर कला, साहित्य एवं संस्कृति समागम-2026 एवं सम्मान समारोह संपन्न
-अनेक साहित्यकार सम्मानित
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कनीना की आवाज। रैगर कला, साहित्य एवं संस्कृति परिषद (पंजी.) तथा आत्मज्ञान पब्लिकेशन एंड फाउंडेशन (पंजी.) के संयुक्त तत्वावधान में रैगर कला, साहित्य एवं संस्कृति समागम-2026 एवं सम्मान समारोह का आयोजन डा. अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी, जयपुर के रमाबाई सभागार में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विख्यात साहित्यकार रतन कुमार सांभरिया रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में टीकम चंद बोहरा आईएएस, वरिष्ठ इतिहासकार हरिराम मीणा, गोवर्धन लाल सौकरिया आईएएस तथा वरिष्ठ इतिहासकार मुरारी लाल शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर किशोरी लाल पथिक ने की।
टीकम चंद बोहरा आईएएस ने कहा कि समाज की वास्तविक पहचान उसके साहित्य से होती है। उन्होंने साहित्य को समाज की वैचारिक एवं सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। वरिष्ठ इतिहासकार श्री हरिराम मीणा ने कहा कि यह इतिहास का कटु सत्य है कि जिसके पास शासन-सत्ता होती है, वह प्राय: इतिहास और साहित्य के लेखन को अपने पक्ष में प्रभावित करता है। उन्होंने इतिहास के पुनर्पाठ और वंचित समुदायों की आवाज को इतिहास में स्थान दिए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। गोवर्धन लाल सौकरिया आईएएस ने कहा कि साहित्य समाज में जागृति और चेतना पैदा करने का महत्वपूर्ण कार्य करता है। साहित्य के माध्यम से सामाजिक सरोकारों को व्यापक स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। वरिष्ठ इतिहासकार मुरारी लाल शर्मा ने कहा कि इतिहास लेखन की परंपरा निरंतर बदल रही है और अब इतिहास के लेखन में वंचित एवं दलित समुदायों के अनुभवों, संघर्षों और योगदान को भी स्थान दिया जाने लगा है। उन्होंने इसे इतिहास लेखन में आए महत्वपूर्ण परिवर्तन के रूप में रेखांकित किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रोफेसर किशोरी लाल पथिक ने कहा कि साहित्य नेतृत्व और सामाजिक चेतना का सर्वोत्तम मंच है। उन्होंने समाज के विकास के लिए साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों की सक्रिय भूमिका को आवश्यक बताया। परिषद के अध्यक्ष श्री रामनिवास रैगर ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि रैगर कला, साहित्य एवं संस्कृति समागम-2026 अपने आप में एक अद्वितीय एवं ऐतिहासिक पहल है। यह आयोजन रैगर समाज की समृद्ध कला, साहित्य, संस्कृति एवं गौरवशाली विरासत को संरक्षित करने, उसे व्यापक पहचान दिलाने तथा आने वाली पीढिय़ों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। परिषद के महासचिव डा. मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के अवसर पर अतिथियों द्वारा'रैगर समाज की अमूल्य सांस्कृतिक थाती ग्रंथ का विमोचन किया गया। उन्होंने बताया कि यह ग्रंथ रैगर समाज की कला, साहित्य, संस्कृति, परंपराओं एवं सामाजिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। समारोह में रैगर समाज के प्रतिभाशाली साहित्यकारों तथा विभिन्न विधाओं में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। सम्मान के अंतर्गत प्रथम पुरस्कार 21,000, दो द्वितीय पुरस्कार 11,000-11,000 तथा छह पुरस्कार 5,100-5,100 की नगद राशि, सम्मान-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में समाज के विकास में साहित्य की भूमिका विषय पर विशेष व्याख्यान एवं चर्चा-परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें विभिन्न साहित्यकारों, विद्वानों एवं बुद्धिजीवियों ने साहित्य की सामाजिक भूमिका, सामाजिक चेतना के निर्माण, इतिहास एवं संस्कृति के संरक्षण तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोडऩे जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में देशभर से आए साहित्यकारों, कलाकारों, कवियों, बुद्धिजीवियों, युवाओं एवं समाजबंधुओं की उल्लेखनीय सहभागिता रही।
फोटो कैप्शन 02: रैगर समाज का ग्रंथ विमोचन करते हुए
विश्व गुलाब दिवस-22 सितंबर
कैंसर से बचे हुए रोगियों
को गुलाब का पुष्प देकर लंबी जिंदगी की,की जाती है कामना
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कनीना की आवाज। विश्व गुलाब दिवस उन लोगों को समर्पित है जो कैंसर से बच गए हैं। कैंसर से बचने के बाद वो तेजी से अपने पहले वाली जिंदगी में आने की कोशिश करते हैं। ऐसे समय में उनका गुलाब देकर यह दिन मनाया जाता है ताकि वो प्रसन्न रहे और जल्दी रोग के सदमे बाहर हो जाए। जब किसी में कैंसर हो जाता है तो मरीज के सामने नाम लेने से दिक्कत रहती हैं क्योंकि यदि इस रोग का पता लग जाता है तो वह और तेजी से बीमार होता चला जाता है यहां तक कि डिप्रेशन में जा सकता है क्योंकि कैंसर को ला-इलाज बीमारी मानते हैं। ऐसे समय में मरीजों को कैंसर की जानकारी नहीं दी जाती लेकिन जो कैंसर से बच गए हैं उनको जानकारी देना उचित भी माना जाता है ताकि वह और तेजी से अपने पहले वाली जिंदगी में आ सके और वह खुश नजर आए। उनकी खुशी को बढ़ाने के लिए गुलाब दिया जाता है। यह दिन उन मरीजों के लिए है। यूं तो देश में यूं तो हर प्रकार के कैंसर के मरीज पाए जाते हैं और हर उम्र अनुसार इनका प्रभाव कम या अधिक होता है। बुजुर्ग व्यक्ति कुछ लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं जबकि जवान और बच्चे में तेजी से कोशिकाओं की वृद्धि होने से टार्बेट गति से कोशिकाओं की वृद्धि होने से यह रोग तेजी से फैलता है। इसलिए बुजुर्गों को ऑपरेशन आदि डाक्टर मना कर देते हैं। कनीना और आसपास सैकड़ों मैरिज कैंसर के है। कभी कैंसर का नाम सुनते ही आसपास के लोग अवाक हो जाते थे किंतु अब कैंसर आम रोग बन गया है।
कैंसर एक जानलेवा बीमारी है। कैंसर का नाम सुनकर मैरिज डिप्रेशन में चले जाते हैं। इसलिए कैंसर का नाम रोगी समक्ष बताना उचित नहीं लगता लेकिन जब वह रोग से बच जाता है तो बताना गलत नहीं हो सकता है और उन्हें गुलाब का फूल जो सुंदरता का प्रतीक होता है भेंट किया जाना चाहिए। डाक्टर ने बताया देश में सबसे अधिक मरीज ब्रेस्ट कैंसर और दूसरे सर्वाइकल कैंसर के होते हैं। इन दोनों कैंसर से कुछ मरीज बच जाते हैं किंतु फेफड़े का कैंसर बहुत तेजी से फैलता है। बाकी कैंसर की विभिन्न प्रकार पाई जाती है वो भी घातक साबित होती है किंतु ब्रेस्ट व सर्वाइकल कैंसर से बहुत से मरीज बच जाते हैं यदि समय पर उन्हें डायग्नोज किया जाए।
डा. होशियार सिंह का कहना है कि मरीजों को जो कैंसर से बच जाते हैं उन्हें बेहतर भोजन देने के साथ-साथ प्रसन्नचित रहने की जरूरत होती है और उसकी प्रसन्नता को बढ़ाने के लिए गुलाब का फूल भी दिया जाता है और यह दिन गुलाब के फूल के रूप में मनाया जाता है। अक्सर लोग गुलाब के फूल दिवस को समझते हैं कि गुलाब को समर्पित है परंतु यह उनका आंसर सिर्फ बच्चे हुए मरीजों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि महिला को अपने ब्रेस्ट में किसी प्रकार की गांठ आदि होने उसकी जांच करवाते रहना चाहिए। अगर प्रारंभ में किसी रोग का पता लग जाता है तो निदान संभव है अन्यथा बाद में इस रोग से बचपन भी बहुत कठिन हो जाता है, यहां तक की मौत भी हो जाती है। 10 प्रतिशत लोग प्राथमिक अवस्था में कैंसर रोग को पहचान पाते हैं जिससे उनकी जान बचाई जा सकती है।
Sunday, September 20, 2026
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव आज महेंद्रगढ़ व कनीना कार्यक्रमों में करेंगी बतौर मुख्य अतिथि शिरकत
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कनीना की आवाज। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा की स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष मंत्री आरती सिंह राव 21 सितंबर को महेंद्रगढ़ व कनीना क्षेत्र के दौरे पर रहेंगी।
स्वास्थ्य मंत्री सुबह 9 बजे राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल कनीना में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित भाषण प्रतियोगिता व पेंटिंग प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगी। इसके बाद 9.30 बजे गांव मोहनपुर बस स्टैंड के नजदीक व 10.30 बजे राजकीय माध्यमिक स्कूल कोका में जनसभा को संबोधित करेंगी।
उन्होंने बताया कि 11.30 बजे यादव धर्मशाला महेंद्रगढ़ में आयोजित एक समाज सम्मेलन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगी।
श्रीकृष्ण गोशाला कनीना में सवामणी का आयोजन, हरे चारे के लिए 1100 रुपये का दिया सहयोग
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कनीना की आवाज। कनीना के एडवोकेट नरेश कुमार ने अपने परिवार सहित श्रीकृष्ण गोशाला कनीना में सवामणी का आयोजन किया। इस अवसर पर उनके परिवार के सदस्य पुत्र अश्वीन यादव, यश कुमार एवं धर्मपत्नी सुमन यादव उपस्थित रहे।
वहीं ककराला निवासी बबली देवी, अमित यादव एवं निशा ग्रीस ने गोशाला में गोवंश के लिए हरे चारे की व्यवस्था हेतु 1100 रुपए का सहयोग दिया।
इस अवसर पर गौशाला के प्रधान नरेंद्र कुमार ठेकेदार, सूबेदार लक्ष्मीनारायण, बलवान सिंह, संजय कुमार, रमेश कुमार, मास्टर रामप्रताप , अमीर सुपरवाईजर व डा महेश सहित समस्त गोशाला परिवार उपस्थित रहा।
फोटो कैप्शन 07: सवामणी लगाते हुए
कैलाश पुजारी बाघोत का बयान- होनी थी एसडीओ विद्युुत को सजा या जुर्माना कर दिया केस खारिज
-यूं लगाए थे न्यायालय के द्वार पर नारे
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कनीना की आवाज। कनीना मंडी स्थित गोविंदी बाई धर्मशाला में कैलाश पुजारी बाघोत,जिन्होंने शनिवार को कनीना की न्यायिक परिसर के अंदर जज के विरुद्ध ही नारेबाजी की थी, पुलिस ने उन्हें पड़कर थाने में बिठा दिया था और बाद में उन्हें छोड़ भी दिया था, ने पत्रकारों के समक्ष कहा कि एसडीओ बिजली बोर्ड उमेश वर्मा को जुर्माना या सजा होनी थी किंतु कोर्ट ने उन्हें बरी कर देने से वह आहत हुए थे।
उन्होंने विस्तार से बताया कि उनके कुएं का कनेक्शन पीडीसीओ कर दिया गया था,कनेक्शन जुड़वाने के लिए कनीना न्यायालय में याचिका दायर की थी जिस पर न्यायाधीश ने कनेक्शन जोडऩे का आदेश दिया था। लेकिन 15 दिनों तक एसडीओ उमेश वर्मा उन्हें घूमाते रहे किंतु कनेक्शन नहीं जोड़ा जिसके चलते कोर्ट में न्यायालय अवमानना का केस डाला था। केस जिस जज के पास था उसे सुनवाई से ठीक आधा घंटा पहले ट्रांसफर कर दिया और दूसरे जज ने केस डिसमिस कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें रामबिलास शर्मा पूर्व मंत्री का हाथ है जिन्होंने मंत्रियों से सांठगांठ करके न केवल कनेक्शन नहीं होने दिया अपितु एसडीओ को भी बरी करवा दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया किंतु इसलिए छोड़ दिया कि निर्दोष था। उन्होंने न्यायाधीश पर भी गंभीर आरोप लगाए। फोटो कैप्शन: कैलाश पुजारी
एक एकड़ सब्जी से कमा रहा है 4 से 5 लाख
-किसानों को सब्जी उगाने की दे रहे हैं सलाह
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव भडफ़ के कृष्ण सिंह ने एक एकड़ में घिया, तोरई, भिंडी, करेला आदि उगाकर एक साल में करीब चार से पांच लाख रुपए कमाए हैं। वो दो सालों से सब्जी का काम कर रहे हैं। जबकि बाजरे से मुश्किल से 10 हजार से 12 हजार की आमदनी होती है। उन्होंने मचान पर घिया, तोरई आदि की सब्जी उग रखी है तथा ड्रिप सिंचाई का प्रबंध कर रखा है जिससे कम पानी की जरूरत होती है।
कृष्ण सिंह ने बताया कि वह एक से डेढ़ क्विंटल सब्जी सड़क के किनारे बेच देते हैं। उनका सब्जी वाला खेत कनीना-रेवाड़ी सड़क के किनारे स्थित है। उन्होंने कहीं से कोई ट्रेनिंग या कोर्स नहीं किया अपितु लोगों से पूछ कर सब्जी उगाना शुरू किया और आज इस मुकाम तक पहुंच गए हैं कि दूसरे किसानों को भी सब्जी उगाने पर बल दे रहे हैं। रेवाड़ी मुख्य मार्ग पर स्थित उनके एक एकड़ में मचान पर सब्जी का खेत दिखाई देता है।
साथ में उन्होंने बताया कि वह किसी प्रकार की दवाई, पीड़कनाशी, खाद आदि नहीं डालते आर्गेनिक खेती कर रहे हैं। आर्गेनिक सब्जी होने से उनकी सब्जी की अधिक मांग है। उन्होंने पंचामृत दिखाते हुए कहा कि वे पंचामृत डालकर फसलों की सुरक्षा करते हैं। दूसरे किसान भी उनसे शिक्षा ले रहे हैं और सब्जी उगाने की सोच रहे हैं।
फोटो कैप्शन 6:मचान पर सब्जी दिखाता कृष्ण सिंह
मेवात में मनाया जाएगा ताऊ देवीलाल का जन्मदिन
-सम्मान दिवस का निमंत्रण देने का काम जारी
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कनीना की आवाज। जगत ताऊ चौधरी देवीलाल का जन्मदिवस 27 सितम्बर को नूह मेवात में मनाया जा रहा है। ऐसे में नेता जिला महेंद्रगढ़ के दर्जनों गांवों में जाकर जगत ताऊ चौधरी देवीलाल के सम्मान दिवस समारोह का निमंत्रण देने के लिये प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। वेद प्रकाश नम्बरदार प्रदेश उपाध्यक्ष एससी सेल का कहना है कि लोगों ने इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी में अपनी आस्था जताई है। गांवों से लोग से अपने अपने साधनों से समारोह स्थल पर पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि पूर्व उपमुख्यमंत्री जगत ताऊ चौधरी देवीलाल ने सदैव किसान, मजदूर, गरीब व कमेरे वर्ग के लिए काम किया वहीं गांव गांव अनुसूचित जाति की चौपाल बनवायी। जनहितों के लिये संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि 27 सितम्बर का समान दिवस कार्यकर्ताओं के लिये जननायक के विचारों और संघर्ष को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर है। देवीलाल ने बुजर्गों की पेंशन 100 रुपए से शुरुआत की। चौधरी देवीलाल जी ने एससी-बीसी चौपाल में जच्चा-बच्चा के लिये गूंद व पंजीरी के अनुदान राशि दी व घुमंतू बच्चों की पढ़ाई के रोजना एक बच्चे को एक रुपए अनुदान दिया व बीसी के वार्ड का पंच व उप-सरपंच बनवाए। और ओलावृष्टि पर 100 प्रतिशत मुआवजा देना जिसमें 75 प्रतिशत जमींदारों को व 25 प्रतिशत मजदूरों को मुआवजा देना व एससी-बीसी की लड़कियों को कन्यादान राशि देना स्वीकार किया था। यही नहीं उन्होंने ही एससी-बीसी के बच्चों को वजीफा व सरकार द्वारा पढ़ाई के लिये मुफ्त किताबे देना,सभी प्रकार के टैक्स ऊंट ,रेहड़ी, टै्रक्टर, तम्बाकू, वगैराह का टैक्स माफ कराया। बूढे-बुजर्गों को 100 रुपये पेंशन देना, काम के बदले मजदूरी का अनाज देना सभी को जनकल्याण योजनाएं ताऊ ने चलाई ।
जिला महेंद्रगढ़ के एससी बस्तियों के दजऱ्नो गांवों में जाकर जगत ताऊ चौधरी देवीलाल जी के सम्मान दिवस समारोह का निमंत्रण देने के लिये पहुंचे। गांवों में अध्यक्षता रामेश्वर पहलवान प्रदेश अध्यक्ष एससी सेलने की। इस मौके परज्ञानेशवर निम्भल महेंद्रगढ़ जिला अध्यक्ष एससी सेल रमेश प्रधान कपिल निम्भल विक्रम राजेश कुमार बलवान सिंह जितेंद्र सत्य्बीर आदि साथ थे। पहलवान,वेद प्रकाश नम्बरदार प्रदेश उपाध्यक्ष एससी सेल, ज्ञानेशवर निम्भल महेंद्रगढ़ जिला अध्यक्ष एससी सेल, रमेश कुमार प्रधान, बलवान ठेकेदार, विक्रम, सत्यवीर,जगदीश मानपुरा , हंसराज ,रामानंद,कपिल निम्भल, अजय कुमार, शेर सिंह पूर्व सरपंच, रघुबीर पूर्व अध्यापक ,अनिल, रोहताश आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 05: गांवों में जनसंपर्क करते हुए
पिट्टू जोन रेवाड़ी ने आयोजित किया एक दिवसीय रेफरी एवं कोच सेमिनार
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कनीना की आवाज। पिट्टू एसोसिएशन रेवाड़ी द्वारा बीएमडी फाउंडेशन कनीना में एक दिवसीय पिट्टू जोन रेफरी एवं कोच प्रशिक्षण सेमिनार का आयोजन किया गया।
पिट्टू जोन रेवाड़ी के सचिव विकास ने बताया की इस कार्यक्रम का उद्देश्य पिट्टू खेल से जुड़े रेफरी एवं कोचों को खेल के नवीनतम नियमों एवं तकनीकी जानकारी से अवगत कराना तथा खेल को ग्रामीण एवं शहरी स्तर पर अधिक बढ़ावा देना हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे लक्कीराव सीगड़ा ने कहा की इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से प्रशिक्षित रेफरी एवं कोच तैयार होंगे तथा पिट्टू खेल को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। युवाओं को पिट्टू जैसे पारंपरिक खेलों से भी जुडऩा चाहिए। पिट्टू जैसे पारंपरिक खेल हमारी संस्कृति और ग्रामीण खेल परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन खेलों से युवाओं में शारीरिक क्षमता, चुस्ती-फुर्ती, अनुशासन और टीम भावना का विकास होता है। आज के डिजिटल युग में युवाओं को मोबाइल और इंटरनेट से कुछ समय दूर रहकर मैदान से जुडऩे के लिए प्रेरित करना बहुत आवश्यक है। पिट्टू खेल कम संसाधनों में खेला जाने वाला मनोरंजक और रोमांचक खेल है, जिसे गांवों और शहरों दोनों में बढ़ावा दिया जा सकता है। ऐसे पारंपरिक खेलों को प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से बढ़ावा देने से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। युवाओं की भागीदारी बढऩे से पिट्टू खेल को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में मदद मिलेगी।
इस प्रशिक्षण में जिला महेंद्रगढ़, रेवाड़ी चरखी दादरी झज्जर एवं भिवानी जिले से पिट्टू खेल से जुड़े रेफरी एवं कोचों ने भाग लेकर खेल के नियमों, तकनीकी पहलुओं तथा प्रतियोगिताओं के संचालन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। सेमिनार में प्रतिभागियों को मैच के दौरान रेफरी की भूमिका, खिलाडिय़ों के लिए निर्धारित नियमों, खेल संचालन की प्रक्रिया तथा प्रतियोगिताओं में निष्पक्ष निर्णय लेने से संबंधित विषयों पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराए गए।
फोटो कैप्शन 04: कोच को सर्टिफिकेटृस प्रदान करते हुए
कोटिया में होगा कांग्रेस सृजन संगठन का आयोजन 27 को
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कनीना की आवाज। राजीव गांधी सेवा केंद्र कोटिया में कार्यकर्ता संगठन का आयोजन 27 सितंबर को किया जाएगा। इस मौके पर संजय दत्त प्रभारी हरियाणा कांग्रेस रूबरू होंगे। राव नरेंद्र सिंह अध्यक्ष, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस मुख्य अतिथि के रूप में कार्यकर्ता सम्मेलन में होंगे जबकि अध्यक्षता अनीता यादव पूर्व मुख्य संसदीय सचिव एवं पूर्व एमएलए अटेली द्वारा की जाएगी। इस मौके पर सत्यवीर यादव झूकिया अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी की देखरेख में कार्यक्रम का आयोजन होगा। इस मौके पर रामकिशन सरपंच प्रधान ब्लाक कांग्रेस कनीना सहित समस्त जिला के पदाधिकारी व संगठन कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे।
जन-जन में साक्षरता की अलख जलाती उल्लास योजना -नरेश
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कनीना की आवाज। समाज के सभी लोगों को आजीवन सीखने के उद्देश्य से 15 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए आज विभिन्न स्कूलों में उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम की परीक्षा का आयोजन किया। कनीना मंडी स्कूल में भी परीक्षा देने बुजुर्ग पहुंचे।
नरेश शर्मा प्राचार्य ने कहा कि
उल्लास कार्यक्रम भारत सरकार की एक योजना है जिसका मकसद देश को साक्षर बनाना है। इसे नव भारत साक्षरता कार्यक्रम भी कहा जाता है। इस योजना के जरिए 15 साल से अधिक उम्र के उन लोगों को पढऩा-लिखना सिखाया जा रहा है, जो किसी वजह से स्कूल नहीं जा पाए। इस बार उल्लास परीक्षा में जिला कारावास स्थित नसीबपुर में भी परीक्षा केंद्र बनाया गया, जिसमें 21 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
खंड नारनौल के उल्लास परीक्षा कार्यक्रम के नोडल अधिकारी अगेंद्र कुमार ने बताया कि नारनौल खंड में 30 परीक्षा केंद्र बनाए गए। नारनौल खंड में यह उल्लास परीक्षा का चौथा चरण है, प्रथम तीन चरणों में 3500 से अधिक प्रतिभागियों ने उल्लास परीक्षा दी थी। इस परीक्षा के दौरान स्कूल मुखिया परीक्षा अधीक्षक रहे और क्लस्टर हेड द्वारा अपने -अपने क्लस्टर में निरीक्षण किया। उल्लास कार्यक्रम में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 15 साल से अधिक उम्र के निरक्षरों को शामिल किया जा रहा है। इस योजना का मकसद समाज के सभी लोगों को आजीवन सीखने का मौका देना है।
यह योजना केंद्र सरकार के कर्तव्य बोध की भावना पर आधारित है। इसे स्वैच्छिक सेवा के जरिए लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उल्लास कार्यक्रम के जरिए, बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान, जरूरी जीवन कौशल, व्यावसायिक कौशल, बुनियादी शिक्षा, और सतत शिक्षा का विकास किया जा रहा है। उल्लास कार्यक्रम स्वयंसेवा के माध्यम से कार्यान्वित, सामाजिक जिम्मेदारी और 'कर्तव्य बोध' की भावना को बढ़ावा देते हुए, शिक्षार्थियों को दीक्षा पोर्टल व उल्लास मोबाइल ऐप के माध्यम से क्षेत्रीय भाषाओं में शैक्षणिक अध्धयन के लिए भी प्रोत्साहित करता है। शिक्षार्थियों और स्वयंसेवी शिक्षकों को दिए जाने वाले प्रमाणपत्र इनके आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं जिससे निरंतर प्रगति होती है।
फोटो कैप्शन 02: परीक्षा देते हुए बुजुर्ग
सीएम नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश समृद्धि की ओर अग्रसर - आरती सिंह राव
-स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने रामपुरा-कांटी में किया लगभग 3 करोड़ के विकास कार्यों का शुभारंभ
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कनीना की आवाज। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश समृद्धि की ओर अग्रसर है। स्वास्थ्य मंत्री रविवार को अटेली खंड के रामपुरा और कांटी गांव में करीब 3 करोड़ रुपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन एवं शिलान्यास के बाद आयोजित जनसभाओं को संबोधित कर रही थी।
इस मौके पर नारनौल के विधायक व पूर्व मंत्री ओमप्रकाश यादव तथा बीजेपी के जिला अध्यक्ष डा. यतेंद्र राव भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत कांटी गांव में एक पेड़ मां के नाम पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया, वहीं रामपुरा में रक्तदान शिविर का आयोजन कर सेवा भावना का परिचय दिया गया।
अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि दोनों गांवों से उनका विशेष लगाव है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में सकारात्मक बदलाव किए जा रहे हैं और सरकारी अस्पतालों के आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, ताकि आमजन को बड़े निजी अस्पतालों के भारी-भरकम बिलों से राहत मिल सके।
उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है और चुनाव जीतने के बाद से वे क्षेत्र के विकास व जनकल्याण के लिए दिन-रात प्रयासरत हैं।
पूर्व मंत्री व नारनौल विधायक ओमप्रकाश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा के 12 वर्षों के शासनकाल और स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के दो वर्षों के कार्यकाल में क्षेत्र में तीव्र गति से विकास कार्य हुए हैं।
कांटी गांव से सरपंच कविता और पूर्व सरपंच देवी सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री का पारंपरिक स्वागत किया। इसके बाद मंत्री रामपुरा सरपंच संदीप यादव ने उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर जिला प्रमुख राकेश, जिला अध्यक्ष डॉ यतेंद्र राव, मार्केट कमेटी अटेली चेयरमैन दिनेश जेलदार, पूर्व चेयरमैन विकास यादव, सीएमओ डा. अशोक कुमार, एसएमओ डॉ. अशोक सिंगवईया, बीडीपीओ सचिन, पूर्व वाइस चेयरमैन जसवंत यादव, ब्लॉक समिति चेयरमैन कनीना जयप्रकाश ककराला, राजेंद्र चेयरमैन, नपा चेयरमैन जेपी कोटिया, बाछौद मंडल अध्यक्ष मंजीत भीलवाड़ा, पूर्व चेयरमैन दयाराम यादव, अजीत कलवाड़ी, पार्षद प्रतिनिधि बिरेंद्र, सरपंच संजय, बिनोद कटकई, वाइस चेयरमैन रामकिशन जांगिड़, पार्षद प्रतिनिधि आनंद शर्मा, राजपाल रामपुरा, असिस्टेंट कमांडेंट सतीश कुमार, कर्मबीर खीची, हरपाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कांटी गांव में इन कार्यों का हुआ उद्घाटन-
कांटी से माजरी तक सड़क मार्ग, कांटी से गंडाला (माजरी) तक सड़क मार्ग, कांटी में महावीर के घर से सोहन प्रजापत के घर तक फिरनी निर्माण, कांटी से दोसोद तक सड़क मार्ग का निर्माण।
रामपुरा में विधायक आदर्श ग्राम योजना के तहत हुए कार्य
रतीराम पुत्र नानग राम के घर से चौपाल तक रास्ते का शिलान्यास, गांव रामपुरा में पहाड़ से बिहाली सीमा तक रास्ते का उद्घाटन, श्मशान घाट में टीन शैड, पानी की टंकी व चारदीवारी निर्माण का शिलान्यास,रामस्वरूप-सोहन लाल के घर से रामकिशन-मेहर सिंह के घर तक रास्ते का शिलान्यास शामिल हैं।
फोटो कैप्शन 03:कार्यक्रम में संबोधित करती स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव।
महेंद्रगढ़ में सजेगा नमो सेवा-अनकही कहानियां का रंगमंच, 2 दिन में पांच टीमें देंगी 30 प्रस्तुतियां
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कनीना की आवाज। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दिशा निर्देश पर पूरे प्रदेश में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित नमो सेवा-अनकही कहानियां स्ट्रीट प्ले श्रृंखला की टीमें 23 व 24 सितंबर को जिले में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जनसेवा से जुड़ी प्रेरक कहानियां लोगों तक पहुंचाएंगी।
यह जानकारी देते हुए उपायुक्त अनुपमा अंजली ने बताया कि इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा शेड्यूल जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि तय समय पर टीमों की व्यवस्था और आमजन की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि अभियान का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।
उन्होंने बताया कि जिले में इस दौरान पांच अलग-अलग टीमें सक्रिय रहेंगी। प्रमोद तिवारी एंड टीम, नीरज एंड टीम, गिरीश एंड टीम, रितु शर्मा एंड टीम तथा असलम एंड टीम — इन सभी को छह-छह शो की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस तरह दो दिन में जिले भर में कुल 30 प्रस्तुतियां होंगी। हर टीम के साथ एक संपर्क नंबर भी दिया गया है ताकि स्थानीय प्रशासन और संबंधित संस्थानों से बेहतर समन्वय बना रहे।
उन्होंने बताया कि ये अभियान प्रदेश स्तर पर 17 सितंबर से शुरू होकर 7 अक्टूबर तक पूरे हरियाणा के 23 जिलों में चलाया जा रहा है, जिसमें 115 टीमें कुल 690 शो प्रस्तुत करेंगी। हर जिले को क्रमवार दो-दो दिन का समय दिया गया है, जिसके तहत महेंद्रगढ़ का नंबर 23-24 सितंबर को आया है।
उन्होंने बताया कि इन नाटकों के जरिए आमजन को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवा भाव से जुड़ी सीख देने का प्रयास किया जाएगा।
जाहरवीर गोगाजी की प्रतिमा का हुआ अनावरण
-भक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव तलवाना के शिव गोरख मंदिर में लोक देवता जाहरवीर गोगाजी की प्रतिमा का अनावरण श्रद्धा, उत्साह और आस्था के साथ किया गया। मुख्य अतिथि अतरलाल रहे। ग्रामीण श्रद्धालुओं ने यज्ञ, हवन,जागरण व भंडारा आयोजित कर गोगा जी महाराज की प्रतिमा स्थापित की। प्रसिद्ध कथावाचक दास मोहित कौशिक की अगुवाई में शास्त्र ज्ञाता विद्वानों ने पूरे विधि विधान सहित हवन-यज्ञ और मंत्रोच्चारण के द्वारा प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को संपन्न करवाया।
अतरलाल ने कहा कि जाहरवीर गोगा जी दलितों, गरीबों और महिलाओं के हिमायती, मसीहा और उद्धारक थे। उन्होंने सर्वधर्म समभाव और गोसेवा का संदेश दिया और आजीवन परोपकार के लिए कार्य किया। जिसके कारण उन्हें जाहरवीर तथा गोगा पीर की कहा गया। उनका जीवन अन्याय और अत्याचार के खिलाफ खड़े होने और निरंतर संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर विशाल भंडारा भी आयोजित किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर अमित अटेला एवं पार्टी ने मधुर भजनों के द्वारा जाहरवीर गोगा जी महाराज की महिमा का गुणगान किया। इस अवसर पर राजेंद्र सिंह नंबरदार, मुकेश पंच, छत्रपाल सिंह नंबरदार, सरपंच बीर सिंह नंबरदार, देशराज सिंह, भोपाल सिंह, रामावतार सिंह, शगुन सिंह, कैप्टन हंसराज सिंह, मैनपाल सिंह, रमेश कौशिक, सुनील कौशिक, गोपाल सिंह, गजेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, हरचंद, ओमवीर प्रधान, दास मोहित कौशिक सहित सैकड़ों ग्रामीण और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: जाहरवीर गोगा प्रतिमा का अनावरण करते हुए
अल्जाइमर रोग दिवस -21 सितंबर
प्रारंभ में ही रोग
का निदान संभव है बाद में नहीं -डा. मोरवाल
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कनीना की आवाज। अल्जाइमर जिसे भूलने का रोग नाम से जाना जाता है। इस बीमारी में याददाश्त कमजोर हो जाती है जिससे निर्णय नहीं ले पता। यहां तक की बोलने की क्षमता भी कम होती चली जाती है। यह वास्तव में एक पैतृक रोग माना गया है, इसके पीछे रक्तचाप, मधुमेह, आधुनिक जीवन शैली आदि कारण हो सकते हैं। 60 वर्ष की उम्र में के आसपास होने वाली इस बीमारी का फिलहाल कोई स्थायी इलाज नहीं है। यदि की शुरुआती दौर में रोग पर काबू पाया जा सकता है जैसे-जैसे इंसान बूढ़ा होता जाता है याददाश्त कमजोर होती चली जाती है, दिमाग के काम करने की क्षमता में गंभीर बदलाव आ जाते हैं, इस समय दिमाग की कोशिकाएं नष्ट होनी शुरू हो जाती है, दिमाग में जो कोशिकाएं होती है वो अन्य कोशिकाओं से संवाद करके एक नेटवर्क बनाती है किंतु जब यह नेटवर्क नहीं बन पाती तो देखने, सुनने, सूंघने आदि में गिरावट आ जाती है।
डा. जितेंद्र मोरवाल वरिष्ठ चिकित्सक कनीना बताते हैं कि इसे डिमेंशिया नाम से जाना जाता है जो आयु के अनुसार बढ़ता चला जाता है। वास्तव में इसके पीछे मस्तिष्क की कोशिकाएं मरती चली जाती, खत्म होती चली जाती है। यदि प्रारंभ में इसको पकड़ लिया जाए तो इलाज संभव है। कुछ थेरेपी इसके लिए चलाई जाती है। यह एक पैैतृक बीमारी होती है जो अधिक उम्र के व्यक्तियों में अधिक मिलती है। इस रोग की सात स्टेज होती है। प्रारंभिक स्टेज में तो अक्सर अधिकांश व्यक्ति शामिल हो जाते हैं किंतु दूसरी और तीसरी स्टेज तक बहुत कम लोग पहुंचते हैं। यदि उसे समय इसे पकड़ लिया जाए तो निश्चित रूप से इसका कुछ समाधान हो सकता है। इस बीमारी में जहां बोलने धीरे-धीरे याददाश्त खत्म होने और तत्पश्चात एक ऐसी अवस्था आती है कि जब अपने पर ही काबू नहीं कर पाता। लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते यही कारण है कि बाद में यह बड़ी समस्या बनकर उभरती है। इस रोग में याददाश्त खत्म, सामान्य कामकाज करने में कठिनाई, भाषा के साथ समस्या, समय और स्थान में निर्णय लेने में कठिनाई,मूड में बदलाव, व्यक्तित्व में बदलाव, प्रयास करने में अक्षमता आ जाती है।
फोटो कैप्शन: डा. जितेंद्र मोरवाल
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