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Tuesday, April 21, 2026



 




कुतरूं प्राचार्य के कारनामे- 24
शक्की स्वभाव ने गिराई स्टाफ में कद्र
-जैसा किया वैसा फल पाया
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कनीना की आवाज।
 कनीना निवासी होशियार सिंह वर्तमान में पत्रकार और लेखन कार्य से जुड़े हुए हैं। इन्होंने 40 सालों तक विभिन्न स्तरों पर शिक्षण कार्य किया है। इस अवधि में तीन दर्जन से भी अधिक प्राचार्य संपर्क में आए। जिनमें से कुछ एक के गुण देखकर यूं लगाकर निश्चित रूप से बेहद ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ हैं। इनकी संख्या अधिक रही है जबकि कुछ प्राचार्य किसी के काम को करने में आनाकानी करते रहे हैं, अपने साथियों को दर्द देते आए हैं और शिक्षकों का काम रोकने में उन्हें बड़ा आनंद आता है। यही कारण है कि लोग उन्हें कुतरूं नाम से जानते हैं। ऐसे कुछ कुतरूं मिले जिनको देखकर ऐसा लगता है कि कुछ कुछ कुतरूं प्राचार्य शिक्षकों  के काम को अपनी जागीर समझते हुए किसी के काम को करना नहीं चाहते हैं। ऐसे ही कुछ कुतरूं आचार्य सामने आए थे इनमें से एक कुतरूं के शक्की स्वभाव के कारण स्टाफ में कद्र घटी और जैसा किया वैसा फल तो उसे मिलना ही है। चाहे आज वह इस दुनिया में नहीं है या है है।
हुआ यू कि होशियार सिंह स्टाफ में अति विश्वसनीय इंसान रहा है। कभी इधर-उधर की बातें नहीं की। सदा काम की बातें की, सदा दूसरों की भलाई का कार्य किया किंतु उनके विरुद्ध भी अनेक लोग खड़े मिले जिनमें से कुतरूं एक हैं। आज जब उन्हें कुछ लोग मिलते हैं तो वो ऐसे पास से गुजरते हैं जैसे वह उन्हें कभी जानते तक नहीं परंतु बहुत अधिक ऐसे लोग भी मिलते रहे हैं जो सम्मान देने में कसर नहीं छोड़ते। कुतरूं प्राचार्य कुछ ऐसे ही मिले जिन्होंने होशियार सिंह का सम्मान नहीं किया। वैसे तो स्टेट अवार्डी शिक्षक बहुत कम मिलते हैं और उनकी प्रशंसा और उनका नाम कम से कम स्कूल के पटों पर स्वर्ण अक्षरों  में लिखा होना चाहिए ताकि दूसरे शिक्षक एवं विद्यार्थी भी उनसे शिक्षा और प्रेरणा ले सके किंतु कुछ  कुतरूं प्राचार्यों ने तो उनके गुणों की कद्र नहीं की और न ही उन्हें उनका सम्मान दिया। ऐसे संत स्वभाव के होशियार सिंह शिक्षक ने मंच से अकसर बच्चों को प्रेरणा देते रहे हैं। होशियार सिंह ने एक बार मंच से खीर का प्रसंग क्या सुनाया कि कुतरूं प्राचार्य ऐसे उछला जैसे कोई बम गिरने को हो और ऐसे लाल पीला हो गया जैसे किसी ने उसके 5-7 बैंत जड़ दिए हो। वास्तव में ऐसे कुतरूं को देखकर पूरे स्टाफ में चर्चा का विषय बन गया कि आखिर इस शक्की आदमी को क्या हुआ? परिणाम यह निकला उसकी शक्की नजर के कारण सारे स्टाफ में कद्र घट गई। कद्र इसलिए भी घट गई कि किसी शिक्षक का कार्य नहीं करता था। कामों में आनाकानी करना, यहां तक कि उनकी सेवानिवृत्ति पर भी कार्यक्रम में भाग नहीं लेना, इससे लोगों में विश्वास घट गया और यह कहने लग गए की कुतरूं विश्वास के काबिल नहीं है। ऐसे में उसकी कदर घटती चली गई। कदर इंसान की अपने हाथ होती है, वह बना भी सकता है और गिरा भी सकता है, गिराना बहुत आसान है किंतु कद्र को बनाना बहुत कठिन है। जिसने कदर के मूल्य को समझा है वह अपनी इज्जत को बरकरार रखना है। दूसरों की इज्जत और कदर करते हुए इंसान अपना नाम कमा सकता है। उन्हें मालूम है कि इस दुनिया में कोई स्थायी नहीं है। जब स्थायी नहीं है तो घमंड किस बात का? घमंड का परिणाम तो उस समय देखने को मिलता है जब एक मुट्ठी राख उड़ती नजर आती है। क्या यही घमंड का परिणाम है। परंतु इस दुनिया में जैसा इंसान करता है वैसा जरूर फल पता है। जैसा बीज होते हैं वैसी ही  फसल काटता है। जिन गुण एवं संस्कारों से इंसान बना है वैसे ही उसको फल जरूर मिलते हैं। कुतरूं में अवगुण अधिक होने के कारण या तो वह समाज से 90 प्रतिशत गिर चुका है और कुछ बच भी गए तो गिर जाएंगे क्योंकि कई बार इंसान दूसरे का बुरा सोचता है और होता खुद का बुरा है। दूसरे का भला करने वाला सदा भलाई और नाम कमाता है। कुतरूं यह समझ बैठते हैं कि जो उन्होंने कर दिया वह फाइनल है लेकिन वह यह नहीं जानता दुनिया में सबसे बढिय़ा अदालत उस दाता की है जिसके आगे सब कुछ शून्य है। उसका कैमरा और कंप्यूटर सब कुछ रिकार्ड कर रहा है। कुतरूं जैसे लोग जिस दिन प्रभु के पास जाते हैं तो सारे दृश्य सामने आएंगे। उस दाता के समक्ष सब कुछ दिखाया जाएगा और वह अंत होगा कि दुनिया यूं कहेगी कि गंदगी चली गई क्योंकि जिसमें गुण नहीं वह अवगुणी है। ऐसे कुतरूं किसी काम के नहीं वो समाज के लिए और देश के लिए कलंक होते हैं और कुछ-कुछ कुतरूं प्राचार्य तो अपने आप को यह समझते हैं कि उन्होंने बड़ा पद हासिल कर लिया। पर वो भूल गए कि दुनिया में एक प्राचार्य नहीं है कुतरूं प्राचार्य एक हो सकता है लेकिन प्राचार्यों की संख्या अनेक है। इसलिए कभी दूसरे का अहित करते थे वो कुतरूं आज मिट्टी में मिल चुके हैं और जो बच गए वो भी मिट्टी में मिल जाएंगे।
नाम कमाना है तो कर भलाई काम।
मिट्टी में मिल जाएगा,नहीं बचेगा नाम।।



कैमला में यज्ञ व सत्संग आयोजित
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पूर्व सरपंच के कुए पर चला सत्संग
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कनीना की आवाज।
मंगलवार को वीर बजरंगी  बाबा हनुमान के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर यज्ञ एवं सत्संग का आयोजन स्व. मामराज जांगिड़ पूर्व सरपंच कैमला के यहां नवनिर्मित कुएं पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उनकीं धर्मपत्नी गिंदोडी देवी ने की। कार्यक्रम के संयोजक पंडित सतीश आर्य रसूलपुर  रहे और पंडित कंवर सिंह आर्य  व वेद प्रकाश आर्य ने संयुक्त रूप से पुरोहित का कार्य संपन्न किया। यजमान के रूप में श्रीकांत उनकीं धर्मपत्नी प्रियंका देवी और रविकांत सह धर्मपत्नी रहें। ब्रह्मा की भूमिका के रूप में नंबरदार संतलाल आर्य सह  धर्मपत्नी रहें।
 उपस्थित आर्यजनों और भगत जनों ने  अपनी आहुतियां डालकर सभी के जीवन की मंगल कामना की और श्रद्धापूर्वक बजरंग वीर बजरंगी हनुमान जी की बाल लीलाओं ,भक्ति ज्ञान , सेवा भाव आदि का यशोगान पूरे विधि- विधान और आयुर्वेदिक रीतियों के साथ संपन्न करवाया गया। इस अवसर पर विभिन्न आर्य संगठनों से पधारे प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विचारों , कविताई, भजनों और आदर्श वचनों के माध्यम से अपनी प्रस्तुति दी जिनमें गजराज आर्य ,वेद प्रकाश आर्य,  पंडित ताराचंद कलवाड़ी,महाशय बंसी राम ,  भरत सिंह दोंगडा, पंडित सतीश  आर्य रसलपुर, कप्तान सुरेंद्र पाल आर्य रसूलपुर, धर्मपाल आर्य मंत्री आर्य समाज रसूलपुर  मुख्याध्यापक वीरेंद्र सिंह जांगिड़, थानेदार रघुवीर सिंह आर्य, पंडित इंद्रलाल पाथेडा आदि ने अपने- अपने वैदिक परंपरा, यज्ञ महिमा, उपासना, भक्ति भावनाओं के ओत-प्रोत अपने विचार भजनों कविताओं के माध्यम से रखें जो नए समाज की परिकल्पना,आज के युवाओं में एक नई चेतना और वैचारिक क्रांति की प्राप्ति में सहायक होगी।
जिससे उनके जीवन का भविष्य सुंदर, सुखद आनंदमय के साथ  दिशा और दशा निश्चित रूप से बदल जाएगी। आज का युवा विभिन्न भ्रांतियां से ग्रस्त हैं। इनसे मुक्त होने का मार्ग है वैदिक परंपरा से ही सात्विक सुख की प्राप्ति संभव हो सकती है। हमें दैनिक जीवन की शुरुआत प्रतिदिन यज्ञ के साथ करनी चाहिए, जिससे हमारे बच्चों में शिक्षा, संस्कार और संस्कृति के गुण विकसित हो सकें और जो ऋषि परंपरा की ओर उन्मुख हो सकें। आज भौतिकवादी इस युग में जरूरत है ऐसे अनुष्ठानों की जो समाज को एक नई जागृति प्रदान करें।
उन्होंने सभी मेहमानों का आज के कार्यक्रम में पहुंचने पर यजमान और  गांव की ओर से आभार व्यक्त किया गया ऐसे अनुष्ठान से हमें सादा जीवन और उच्च विचार और संस्कार संस्कार प्रखर होते हैं।
फोटो कैप्शन 08: हवन करते हुए ग्रामीण





कनीना में जनगणना 2027 प्रशिक्षण का दूसरा दिन संपन्न
- हाउस लिस्टिंग के 32 बिंदुओं पर दी विस्तृत जानकारी
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कनीना की आवाज।
जनगणना 2027 के अंतर्गत उपमंडल कनीना में प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण के अंतिम चरण का दूसरा दिन आज राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला स्तरीय ट्रेनर डा. हरिओम भारद्वाज ने प्रतिभागियों को हाउस लिस्टिंग से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
डा. भारद्वाज ने प्रशिक्षण के दौरान हाउस लिस्टिंग के अंतर्गत आने वाले सभी 32 बिंदुओं को सरल एवं स्पष्ट तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि सही और सटीक आंकड़े जुटाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इन्हीं आंकड़ों के आधार पर भविष्य की योजनाएं और नीतियां तैयार की जाती हैं।
इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने सभी प्रगणकों और सुपरवाइजरों का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने कार्य को पूरी निष्ठा, सटीकता और समयबद्ध तरीके से पूरा करें। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का एक महत्वपूर्ण दायित्व है, जिसमें हर कर्मचारी की भूमिका अत्यंत अहम है।
उन्होंने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि इस सर्वेक्षण कार्य में लगे कर्मचारियों के तबादले आगामी 31 मार्च 2027 तक नहीं किए जाएंगे तथा सभी को निर्धारित समय अवधि के भीतर ही अपना कार्य पूर्ण करना होगा।
सहायक चार्ज अधिकारी एवं गिरदावर राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी प्रगणकों और सुपरवाइजरों को शीघ्र ही उनके कार्यक्षेत्र आवंटित कर दिए जाएंगे, ताकि वे निर्धारित समय के भीतर अपना कार्य प्रारंभ कर सकें।
प्रशिक्षण के दौरान शोएब खान ने भी प्रतिभागियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रत्येक बिंदु पर गहनता से कार्य करना आवश्यक है और इसके लिए कार्यक्षेत्र की पूरी समझ होना जरूरी है।
इस मौके पर प्राचार्य डा. वीरेंद्र सिंह बुचावास, विनोद जांगड़ा बवानिया, शशि यादव, सुमन जांगड़ा,सुनीता यादव जनगणना विभाग से मनमोहन शेखावत देवेंद्र यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 07: जनगणना के लिए शिक्षकों की कनीना स्कूल में ट्रेनिंग




नगरपालिका कनीना उपचुनाव-
-नामांकन के पहले दिन नहीं पहुंचा कोई उम्मीदवार-एसडीएम
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कनीना की आवाज। 
नगरपालिका कनीना के वार्ड संख्या 14 में होने वाले उपचुनाव को लेकर चुनावी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन मंगलवार को किसी भी उम्मीदवार ने अपना पर्चा दाखिल नहीं किया है।
यह जानकारी देते हुए चुनाव रिटर्निंग अधिकारी (नगरपालिका कनीना) एवं एसडीएम डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रशासन द्वारा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न कराने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग, हरियाणा द्वारा जारी अधिसूचना की अनुपालन में नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि महेंद्रगढ़ जिले के तहत आने वाली नगरपालिका कनीना के रिक्त वार्ड के लिए मंगलवार को नामांकन का पहला दिन था। शाम तक कार्यालय में एक भी नामांकन प्राप्त नहीं हुआ, जिसकी अधिकारिक रिपोर्ट जिला उपायुक्त और राज्य निर्वाचन आयोग पंचकुला को भेज दी गई है।
एसडीएम ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ पूरा करने के लिए निर्वाचन विभाग पूरी तरह सतर्क है।
उन्होंने क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और संभावित उम्मीदवारों से अपील की है कि वे चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित समय-सीमा और नियमों का पालन करते हुए अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।





3 को होने वाली नीट परीक्षा को लेकर डीसी अनुपमा अंजली ने ली बैठक
-सुबह 11 बजे से शुरू हो जाएगा उम्मीदवारों का प्रवेश
-परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन मुस्तैद-डीसी
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कनीना की आवाज।
आगामी 3 मई को आयोजित होने वाली नीट (यूजी) परीक्षा को लेकर
उपायुक्त अनुपमा अंजली ने आज लघु सचिवालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और नीट परीक्षा के केंद्र अधीक्षकों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने परीक्षा को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए।
बैठक में डीसी ने कहा कि आगामी 3 मई को आयोजित होने वाली नीट (यूजी) परीक्षा को पूरी तरह से नकल मुक्त और पारदर्शी तरीके से संपन्न करवाना सरकार और जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी, जैमर और बायोमेट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था चाक-चौबंद होनी चाहिए ताकि किसी भी स्तर पर चूक की गुंजाइश न रहे। उपायुक्त ने पुलिस विभाग को सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल और महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में डीसी ने उम्मीदवारों की सुविधा और नियमों के पालन पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों का प्रवेश सुबह 11 बजे से शुरू हो जाएगा और दोपहर 01:30 बजे के बाद किसी भी स्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, घड़ी, वालेट, रुमाल, किसी भी प्रकार के आभूषण या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट नहीं ले जा सकेंगे। परीक्षा के लिए आवश्यक पेन भी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा केंद्र पर ही उपलब्ध कराया जाएगा?। ऐसे में उम्मीदवार बाहर से कोई भी स्टेशनरी न लाएं। उम्मीदवारों को अपने साथ केवल एडमिट कार्ड, पासपोर्ट साइज की दो फोटो और एक वैध मूल पहचान पत्र लाना अनिवार्य है।
बैठक के दौरान नीट कोआर्डिनेटर ओपी यादव ने पीपीटी के जरिए केंद्र अधीक्षकों को प्रशिक्षण दिया।
इस बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पावरिया, नगराधीश डा. मंगल सैन तथा डीएसपी भारत भूषण के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 06:  नीट परीक्षा को लेकर अधिकारियों की बैठक लेती डीसी अनुपमा अंजली।


पृथ्वी दिवस-22 अप्रैल
पृथ्वी ग्रह को बचाना होनी चाहिए प्राथमिकता-नरेश कुमार शिक्षक
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कनीना की आवाज।
पूर्व शिक्षक निर्मल कुमार का कहना है कि  22 अप्रैल 1970 से यह दिन हर साल पृथ्वी दिवस के रूप में मनाया जाता है। पृथ्वी दिवस मनाने के पीछे हमारा उद्देश्य यही है कि हम पृथ्वी को एक बहुत ही सुंदर ग्रह बनाएं इसके लिए आवश्यक है कि हम लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करें तथा इसे बचाने के लिए किया जा रहे, प्रयासों को प्रोत्साहित करें। आज इस घायल ग्रह को जीवित रखने के लिए हम सब का प्रयास जरूरी है ।इसके लिए वनों की अंधाधुंध कटाई को रोके,ज्यादा से ज्यादा वृक्ष लगाकर धरती का श्रृंगार करें,प्राकृतिक संसाधनों का कम से कम दोहन करें, जीव जंतुओं व वन्य जीव प्राणियों का संरक्षण करें, कीटनाशकों तथा  उर्वरकों का सीमित मात्रा में प्रयोग करें, डीजल व पेट्रोल की जगह वैकल्पिक ईंधन जैसे सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन का प्रयोग करें। हमारी पृथ्वी एक ऐसा ग्रह है जिस पर हम सबको मिलकर रहना है, अत: इसके संरक्षण के लिए हम सब का योगदान बहुत जरूरी है, तभी हम आने वाली पीढिय़ों को एक सुंदर और स्वस्थ पर्यावरण दे पाएंगे, वरना वह दिन दूर नहीं जब मनुष्य का अस्तित्व ही इस दुनिया से मिट जाएगा।
    -निर्मल कुमार, पूर्व शिक्षक
जब से होश संभला है तब से पृथ्वी पर हम जीते हैं। हारे इसी पर मलमूत्र चाहते हैं इसी को गंदा करते हैं किंतु यह हमारी पालन करती है। हमें फल, फूल, सब कुछ खाने पीने की वेस्ट प्रदान करती है। जिस प्रकार मां देखरेख करती उसी प्रकार पृथ्वी भी देखरेख करती है। इसलिए पृथ्वी दिवस पर पृथ्वी मां को हम नमन करते हैं। जब सुबह सवेरे उठते ही हम पृथ्वी को नमन करते हैं ताकि हमारा ख्याल रखें। जहां जन्म देने वाली मां को भी नमन किया जाता है जबकि पृथ्वी मां को भी नमन किया जाता है। पृथ्वी इंसान को सदा सहारा देती आई है और देती रहेगी। ऐसे पृथ्वी हमारी सचमुच बड़ी मां है।
--नरेश कुमार हिंदी शिक्षक
फोटो कैप्शन: निर्मल कुमार, नरेश कुमार



 किसान जुटे कृषि कार्यों में
-कपास की ओर रुझान कम
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कनीना की आवाज।
 किसान एक बार फिर से खरीफ फसल की तैयारियों में लग गए हैं। रबी फसल पैदावार लेने के बाद अन्न को बेच रहे हैं वहीं किसान खरीफ विशेषकर कपास की बीजाई की तैयारियों में लगे हैं। खेतों में खाद डालने का काम जारी है।
   वैसे तो किसानों की प्रमुख फसल गेहूं की है। किसान गेहूं को खाने के लिए सबसे अधिक प्रयोग करते हैं वहीं बाजरे की फसल चारे के लिए अधिक उपजाया जाता है और खाने के लिए कम। रबी फसल बेहतर पैदावार नहीं दे पाई। कुछ पैदावार हुई बेचकर घर के कामों के लिए धन प्राप्त किया है। विगत वर्षों से किसान कपास फसल की ओर आकर्षित हुये थे किंतु विगत वर्ष कपास की फसल में रोग आ जाने से किसान नुकसान की ओर चले गये थे। परिणामस्वरूप इस बार किसानों का रुझान कपास की ओर कम है।
 अब किसान खरीफ फसल की तैयारी में लग गया है। खेतों में खाद डालने विशेषकर गोबर का खाद डालकर उसे बिखेरने तथा बारिश होने का इंतजार करेंगे। किसान गर्मियों में अपनी ऊंटगाड़ी, ट्रैक्टर एवं ट्राली से खाद खेतों में डालते हैं।
  कनीना के किसान अजीत सिंह, योगेश कुमार, रोहित कुमार ने बताया कि रबी फसल पैदावार लेने के तुरंत बाद किसान अपनी खरीफ फसल में लग जाता है। इस दौरान बाजरा, ग्वार एवं कपास आदि उगाते हैं। किसानों ने बताया कि खरीफ फसल पूर्णरूप से बारिश पर आश्रित है। वर्षा होने पर बीजाई कर देते हैं।
  किसान पशु पालक होने के कारण पशुओं के गोबर से खाद बनाते हैं या फिर गोबर से कंपोस्ट व केंचुआ खाद बनाकर खेतों में डालने लगे हैं।  किसान मेहनती है और गर्मी में भी खेतों में खाद डाल रहे हैं।
फोटो कैप्शन 05: किसान खेत में खाद डालते हुए।




रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा ने किया धरना प्रदर्शन
-अपनी मांगों को ज्ञापन भी सौंपा
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कनीना की आवाज।
रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा  संबंधित अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन की महेंद्रगढ़ जिला इकाई ने जिला उपायुक्त कार्यालय मिनी सचिवालय पर दस बजे से दोपहर एक बजे तक धरना प्रदर्शन किया। जिसकी रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान घनश्याम शर्मा ने की। धरने  प्रदर्शन का मंच संचालन जिला सचिव रोशन लाल निंबल ने किया।  धरना-प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री के नाम मांग पत्र दिया।
 रिटायर्ड कर्मचारियों को संबोधित करते हुए राज्य प्रेस सचिव धर्मपाल शर्मा कहा कि आल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट पेंशनर्स फेडरेशन ने 22- 23 फरवरी 2026 तक सैनी समाज धर्मशाला कुरुक्षेत्र हरियाणा में अपनी दूसरी आल इंडिया कांफ्रेंस खत्म की। इसकी रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा में मेजबानी की। कांफ्रेंस में 312 डेलीगेट शामिल हुए। सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए कामरेड सुरेंद्र चौधरी (बिहार )महासचिव पद के लिए कामरेज वजीर सिंह( हरियाणा) वित सचिव के लिए कामरेड अरुण घोष (पश्चिम बंगाल )समेत कुल 30 सदस्यों का चुनाव हुआ। राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने 12 सूत्रीय मांग पत्र तैयार किया गया। फाइनेंस बिल वैलिडेशन एक्ट 2025 को रद्द किया जाना चाहिए। नई पेंशन स्कीम को खत्म किया जाना चाहिए और सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन सिस्टम बहाल किया जाना चाहिए।  आठवें सेंट्रल पे कमीशन का फायदा उन सभी को मिलना चाहिए जो 31 दिसंबर 2025 से पहले रिटायर हुए हैं। सभी राज्यों में महंगाई भत्ता बढ़ाकर सेंट्रल गवर्नमेंट पेंशनर्स के बराबर किया जाना चाहिए और करोना काल 2019 के दौरान महंगाई भत्ते का 18 महीने का एरिया ब्याज के साथ दिया जाना चाहिए।
पेंशन कांयूटेशन अमाउंट 11 साल तक काटा जाना चाहिए। कर्मचारियों के फायदे में कोर्ट के फैसलों को जनरलाइजेशन किया जाना चाहिए।  ट्रेन,हवाई यात्रा ,वोल्वो, एसी बसों और निजी कोआपरेटिव बसों के किराए में छूट फिर से शुरू की जानी चाहिए। सभी राज्यों के सभी पेंशनर्स को चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का सरल उपाय अपनाना चाहिए। पब्लिक सेक्टर के संस्थानों के निजीकरण को रोका जाना चाहिए। चार नए खतरनाक लेबर कोड खत्म किए जाने चाहिए ।नई शिक्षा नीति 2020 को रद्द किया जाए और टेट की अनिवार्यता घोष समाप्त किया जाए। पेंशन पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगाया जाना चाहिए। किसानों को उनकी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य  दिया जाना चाहिए। रिटायर्ड कर्मचारी संघ कि राज्य महासचिव रतन जिंदल ने कहा पब्लिक सेक्टर और सरकारी संस्थानों जिनमें बिजली, इंश्योरेंस, बैंक और दूसरी सेवाएं शामिल है कि प्राइवेट रिजर्वेशन का कड़ा विरोध करते है और इसे तुरंत रोकने की मांग करते है। सरकार कर्मचारी और पेंशनर्स के अधिकारों की रक्षा करें जिससे जॉब सिक्योरिटी, वेतन , पेंशन और सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट शामिल है। सरकार से लोगों पर केंद्रीय पालिसी अपने की अपील करें। जो कार्पोरेट मुनाफे की बजाय जनता की क्योंकि रक्षा करें। सभी डेमोक्रेसी ट्रेड यूनियन पेंशनों से भी अपील करें। नई पेंशन स्कीम कंट्रीब्यूटरी पेंशन स्कीम को तुरंत खत्म किया जाए। एनपीएस शुरू होने के बाद या उसके बाद भर्ती हुई सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम बहाल की जाए। पेंशन को एकता है पक्का और महंगाई से बचा हुआ फायदा दिया जाए। नए बने खतरनाक चार मजदूर कोडस को खत्म किया जाए। कीमतों की बढ़ोतरी पर रोक लगाई जाए। किसान नेता मास्टर धर्मेंद्र यादव ने सरकार से किसानों के लिये अनाज मण्डी में जो नये नियम लागू किए है उन्हे,रद्द करने की मांग की है किसान को  सभी  फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की मांग की। सभी नौजवानों का नियमित रोजगार देने की मांग की। आज धरना-प्रदर्शन में कांफ्रेंस होशियार सिंह लाम्बा, गुरूदयाल सिंह नाहर, छोटेलाल खंड शिक्षा अधिकारी,आनंद जोशी,ओमप्रकाश दायमा  नारनौल खण्ड प्रधान, सुवालाल ,अटेली खंड प्रधान बलबीर सिंह यादव,नांगल चोधरी खंड प्रधान छोटेलाल हेडमास्टर, महेन्द्रगङ खंड प्रधान महेंद्र यादव, ताराचंद सैनी ,दुलीचन्द गोठवाल, विजय सिंह यादव, सुरेश कुमार  ,जगबीर सिंह ने भी संबोधित किया।  आज के धरने में रिटायर्ड कर्मचारी संघ के राज्य महासचिव रतन जिंदल,राज्य प्रेस प्रेस सचिव धर्मपाल शर्मा, सर्व कर्मचारी संघ के  पूर्व जिला प्रधान एवं किसान नेता धर्मेंद्र यादव , भारत संसार निगम लिमिटेड यूनियन के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष कामरेड रमेश कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04: धरना प्रदर्शन करते हुए रिटायर्ड कर्मी


सांस्कृतिक अहीरवाल संस्था के विस्तार से कार्य को गति मिलेगी -सत्यव्रत शास्त्री
-2500 गांवों का  इतिहास लेखन का काम पूरा किया
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कनीना की आवाज।
अहीरवाल क्षेत्र हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली तीन  राज्यों और नौ जिलों में फैला हुआ है । इस क्षेत्र की प्राचीन संस्कृति ,इतिहास और परंपराओं पर काम करने वाली संस्था है जिसने इस क्षेत्र के  2500 गांवों का  इतिहास लेखन का काम पूरा किया है। यह अपने आप में बड़ा और आने वाली पीढिय़ां के लिए मार्गदर्शन का काम करेगा। सांस्कृतिक अहीरवाल के निदेशक सत्यव्रत शास्त्री ने सांस्कृतिक अहीरवाल की प्राचीन संस्कृति को पुनर्वैभव पर लाने के लिए एक लंबी कार्य योजना का निर्माण किया है। जिसमें लंबे समय काम करके इसकी खोई प्रतिष्ठा को प्राप्त करना है। इस क्षेत्र के पूर्वजों द्वारा स्थापित मान बिंदुओं,  परंपराओं से जिस प्रकार से वर्तमान पीढ़ी अनजान हैं उसको साथ  लेकर उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रयास करना है । अहीरवाल के इस काम को और अधिक व्यवस्थित रूप से गति देने के लिए समाज के प्रतिष्ठित एवं योग्य व्यक्तियों को नियुक्ति देकर एक कदम और आगे बढ़ाया है आने वाले समय में इस कार्य योजना के अंतर्गत सभी इकाइयों के लिखे गए इतिहास को प्रकाशित कर जन-जन तक पहुंचाना तथा सांस्कृतिक अहीरवाल क्षेत्र के सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन केन्द्रों  को विश्व के मानचित्र पर स्थापित कर लोगों को उसके प्रति आकर्षित करना रहेगा। सांस्कृतिक अहीरवाल के केंद्रीय कार्यालय नारनौल से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर नियुक्ति की घोषणा की है जिसमें अहीरवाल के राजस्थान क्षेत्र में डॉक्टर एसपी यादव सीहोर खेतड़ी को राजस्थान क्षेत्र का प्रभारी तथा देशपाल यादव की ईशरोदा  तिजारा को सह प्रभारी का दायित्व सौंपा गया है।  इसी प्रकार जिला झुंझुनूं में कर्णपाल नावता,जिला सीकर में सुंडाराम  एडवोकेट, कोटपूतली बहरोड में डाक्टर रामकुमार यादव ,जिला खैरथल तिजारा में रामसिंह यादव मनेठी  को संयोजक का दायित्व दिया गया है। संगठन द्वारा दी नियुक्ति  पर संगठन के  लोगों ने खुशी जाहिर की है और विश्वास व्यक्त किया है कि संगठन जिस प्रकार से पिछले पांच वर्षों से निरंतर प्रगति की ओर बढ़ रहा है इनकी नियुक्ति से इस काम को और अधिक गति प्राप्त होगी।
फोटो कैप्शन : सत्यव्रत शास्त्री


ककराला की छात्रा तन्वी का भारतीय अतंरिक्ष अनुसंधान संगठन के युविका-2026 में चयन
-छात्रा का किया गया सम्मान
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कनीना की आवाज।
एसडी विद्यालय की छात्रा तन्वी का चयन अतंरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित युविका (युवा विज्ञानी कार्यक्रम)-2026 के लिए हुआ है। यह उपलब्धि न केवल छात्रा की मेहनत और लगन का परिणाम है, बल्कि विद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन का भी प्रमाण है।
विद्यालय प्रशासन के अनुसार, पिछले लगातार चार वर्षों से विद्यालय के विद्यार्थी इसरो के विभिन्न कार्यक्रमों में चयनित होते आ रहे हैं। विशेष रूप से वर्ष 2024 में विद्यालय के 5 विद्यार्थियों का चयन हुआ था, जिसने संस्था की शैक्षणिक साख को और मजबूत किया।
इनोवेशन इंचार्ज जसबीर जांगिड़ ने बताया कि इस वर्ष तन्वी का चयन रिजनल रिमोट सैनसिंग सेंटर, जोधपुर के लिए हुआ है, जो विद्यालय के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
विद्यालय प्रधानाचार्या डा. शिप्रा सारस्वत ने अपने संबोधन में बताया कि युविका कार्यक्रम के लिए चयन प्रक्रिया अत्यंत प्रतिस्पर्धात्मक होती है, जिसमें विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन, विज्ञान गतिविधियों, ओलंपियाड, खेल तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को विशेष महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि तन्वी की सफलता यह दर्शाती है कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
विद्यालय के चेयरमैन महोदय ने भी इस अवसर पर अपना संदेश देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे विद्यालय एवं क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे भी तन्वी से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करें।
इस अवसर पर विद्यालय में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें तन्वी सहित अन्य विद्यार्थियों को भी उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। सभी चयनित एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए तथा उनके अभिभावकों और ग्राम के गणमान्य व्यक्तियों को भी कार्यक्रम में आमंत्रित कर उनका सम्मान किया गया।
विद्यालय परिवार ने तन्वी को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही, अन्य विद्यार्थियों को भी इस सफलता से प्रेरणा लेकर उच्च लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की  प्रबंधन समिति के वरिष्ठ सदस्य राजेन्द्र सिंह, ओमप्रकाश यादव, सीईओ आरएस यादव, डिप्टी डायरेक्टर पूर्ण सिंह, कोआर्डिनेटर स्नेहलता सहित समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे और सभी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की।
फोटो कैप्शन 01: तन्वी को पुरस्कृत करते हुए













टीबी का इलाज संभव
-जुकाम, खांसी, बीपी और शुगर की , की गई जांच
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कनीना की आवाज। टीबी एक्टिव केस फाइंडिंग द्वारा गांव ककराला में कैंप लगाया गया। जिसमें एसीफ के अनुसार वहां कैंप में आए हुए ग्रामीणों की जांच की गई। जिसमें जुकाम, खांसी, बीपी और शुगर की जांच की गई।
पवन कुमार सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर ने बताया कि
तपेदिक (टीबी) एक संक्रामक लेकिन पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, यदि समय पर पहचान और सही इलाज हो। आज भी कई लोग जानकारी के अभाव में लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी बढ़ती है और दूसरों तक फैलने का खतरा रहता है। इसके साथ-साथ ककराला के सरकारी स्कूल के अंदर भी बच्चों को टीबी की बीमारी के बारे में जागरूक किया गया। इसके बाद  रैडक्रास सोसाइटी टीबी अभियान के ब्लॉक कोआर्डिनेटर दीपक कुमार ने बच्चों को टीबी मुक्त भारत की शपथ दिलाई तथा सभी से भाइयों-बहनों से अपील है कि यदि किसी को दो हफ्ते से अधिक समय तक खांसी, बुखार, वजन कम होना या रात में पसीना आने जैसी समस्या हो, तो तुरंत जांच करवाएं। सरकार द्वारा टीबी की जांच और इलाज बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध है। टीबी का इलाज बीच में छोडऩा नहीं चाहिए, क्योंकि अधूरा इलाज बीमारी को और खतरनाक बना सकता है। साथ ही, पौष्टिक आहार, साफ-सफाई और नियमित दवाइयों का सेवन बहुत जरूरी है। इस मौके पर एचवी युद्धवीर, एमपीएसडब्ल्यू रविंद्र और आशा वर्कर और एएनएम सभी मौजूद रही।
फोटो कैप्शन 02: ककराला में लगाया गया कैंप


Monday, April 20, 2026




 

कुतरूं के कारनामे-24 पढ़े मंगलवार को
-शकी स्वभाव ने गिराई स्टाफ में कद्र
-जैसा किया वैसा फल पाया


 

तापमान पहुंचा 39 डिग्री, लू का हुआ आभास
--खान पान का रखे ध्यान-डा. मोरवाल
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कनीना की आवाज।
अप्रैल माह में ही तापमान 39 डिग्री पार कर गया है। दिन में घर से बाहर निकलना कठिन हो जाता है। ऐसे में डाक्टरी सलाह जरूरी है। गर्मी से बचने के लिए डाक्टर सलाह दे रहे हैं-
डा.जितेंद्र मोरवाल कनीना उप-नागरिक अस्पताल बताते हैं कि गर्मी बढ़ जाने से जहां 10 प्रतिशत तक मरीज बढ़ जाते हैं। जहां लू लगना, उल्टी, बुखार दस्त आदि की शिकायत बढ़ जाती है। धूप से बचना बहुत जरूरी है।
 कैसे बचा जाए तपन से-
डा. जितेंद्र मोरवाल बताते हैं की धूप से बचने का सबसे सरल उपाय है घर में छुपकर बैठे रहे। हवादार कमरे में रहे। यदि बाहर जाना पड़े तो पानी की बोतल साथ लेकर जाए तथा पूरे कपड़े शरीर पर पहने, हाथ पैर सर सभी ढके हुए होने चाहिए। पैरों में चप्पल जूते होने चाहिए ताकि गर्मी और तपन से बचा जा सके। इस दौरान तरल पदार्थ जैसे पानी, जूस, लस्सी ,दूध आदि अधिक प्रयोग करना चाहिए। जंक फूड से इस समय बचना चाहिए, ठोस भोजन कम से कम प्रयोग करना चाहिए। हो सके तो कूलर की हवा में बैठना चाहिए।  जब सुबह और शाम ताप कम हो जाए उस समय यदि कोई जरूरी काम हो तो बाहर निकलना चाहिए उनका कहना है कि गर्मी और नवतपा से धूप, लू लग जाती है, बुखार आ जाता है और इसमें बचाव में ही बचाव है। उन्होंने बताया घर पर ग्लूकोस वगैराह प्रयोग करें तथा साथ में ओआरएस का बनाकर रखे। ओआरएस घोल बनाना बहुत सरल है। नमक चीनी और थोड़ा सा नींबू का रस भी डाले तो बेहतरीन स्वाद का घोल तैयार हो जाता है। पानी अधिक से अधिक प्रयोग करें, शरीर में पानी की कमी ना आने दे।
 उधर श्रीकिशन वैद्य क्षेत्र में लंबा अनुभव रखते हैं।  उनका कहना है कि अगर धूप लग जाए, लू लग जाए तो उससे बचने के लिए पुराने समय से बुजुर्ग कच्चे आम को भूनकर उसका रस, नमक ,चीनी आदि मिलाकर पीते आए हैं जो धूप और गर्मी से बचाता है। यह भी ओआरएस की भांति काम करता है।
फोटो कैप्शन: डा. मोरवाल


30.42 लाख रुपए से भरा जाएगा सेहलंग माता खीमज जोहड़
-त्वरित गति से चल रही है कार्रवाई, लोगों में खुशी लहर
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कनीना की आवाज।
 कनीना उपमंडल के गांव सेहलंग में स्थित माता खिमज मंदिर के पास खिमज जोहड़ का नहर के पानी से भरा जाएगा। एक दो रोज में काम पूर्ण हो जाएगा तथा नौतना माइनर से आने वाले पानी से लबालब भर दिया जाएगा। कनीना उपमंडल में एकमात्र पहाड़ी वाला गांव सेहलंग है जिसकी चोटी पर माता खिमज मंदिर स्थित है। यह पहाड़ी अरावली पहाड़ी शृंखला का एक भाग है।
मिली जानकारी अनुसार आरसीसी पाइपलाइन द्वारा 30.42 लाख की लागत से करीब आधा किलोमीटर दूर से गुजर रही नौतना माइनर से जोहड़ को जोडऩे का कार्य त्वरित गति से जारी है। इस आधा किलोमीटर दूरी में भूमिगत पाइप लगा दिए गए हैं और जल्द ही नहर में पानी आने के बाद जोहड़ भर जाएगा ताकि पशु और पक्षियों को गर्मी से राहत मिलेगी।
 उल्लेखनीय के माता खिमज मंदिर सेहलंग का करीब 800 साल से भी पुराना पहाड़ी पर स्थित मंदिर है। 213 सीढिय़ो से चढ़कर इस मंदिर तक पहुंचा जा सकता है। यहां पर नाना प्रकार के जगली जीव जंतु पाए जाते और अधिक संख्या में पक्षी मिलते हैं जो इस जोहड़ के पानी का उपयोग कर पाएंगे। अभी तक इसमें गंदा पानी भरा हुआ है और नाममात्र पानी है।
 इस संबंध में विजयपाल सेलंगिया पूर्व प्राध्यापक एवं खजांची, अशोक कुमार प्रधान, नेतराम, डाक्टर सत्य प्रकाश, गोनू उर्फ दीपक आदि ने बताया कि उनके लंबे समय से मांग चली आ रही थी और इस मांग का पूरा कर दिया गया है। इसके बाद अब  खीमज मंदिर वाले जोहड़ को साफ नहरी पानी से भरा जाएगा और पशु ,पक्षी और जंगली जीव जंतु इस पानी से अपनी प्यास बूझा पाएंगे और उन्हें गर्मी से राहत मिलेगी। उन्होंने खुशी जताई की कि सरकार ने उनका यह बेहतरीन कार्य किया है।
 फोटो कैप्शन 5: नौताना नहर से पाइपलाइन बिछाते हुए




पील बनी पुराने जमाने के फल
-  बुजुर्ग पील को याद कर हो जाते हैं खुश, गरीबों के हैं ये अंगूर
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कनीना की आवाज।
कनीना में कभी आधा दर्जन बणिया(जंगल) होती थी। बणी में जाल पेड़ों का साम्राज्य मिलता है, जो हजारों वर्ष पुराने होते हैं। जब गर्मी आती है तब जाल के पेड़ों पर विभिन्न रंगों हरी, सफेद, पीली, लाल, नारंगी तथा विभिन्न रंगों के फलों से लद जाते थे। वास्तव में अंगूर की भांति यह फल होते हैं जिनको आज से 30 साल पहले लोग बड़े चाव से खाते थे। आज बेशक युवा पीढ़ी जंगल में जाने से जंगली जीवों और जानवरों से डरती हो किंतु बुजुर्गों का जीवन जंगलों में बीता था और वहीं जाल के पेड़ों से फल तोड़कर घर पर लाते थे। इन्हें फांका मारकर खाते थे, जिससे एक अलग ही स्वाद आता था। बुजुर्गों के समक्ष जब आज भी चर्चा चलती है तो बस इतना ही कहते हैं कि पील का जमाना लद गया। मौसम परिवर्तन के कारण इन जाल के पेड़ों पर कोई भी फल नहीं लगता। कभी कभार इक्का-दुक्का फल मिल भी जाता है तो उस पर लोगों की नजरें टिक जाती है परंतु एक जमाना था बहुत अधिक मात्रा में फल लगते थे।
 कैसे तोड़ कर लाते थे पील-
 राजेंद्र सिंह, सूबे सिंह, राम सिंह, कृष्ण कुमार आदि बताते हैं जब स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां होती थी तब अपने गले में सिंडोरा(पील इक_ा करने का बर्तन) बांधकर जंगल की ओर चले जाते थे। यह किसी एक घर से नहीं बल्कि लगभग हर घर से पील तोड़कर लाने के लिए चल देते थे। दिनभर आपस में वार्तालाप करते हुए जाल के पेड़ पर चढ़कर पील तोड़ते थे और अपने सिंडोरे में डालते थे। जब सिंडोरा भर जाता था, जाल के पेड़ से नीचे उतरते और घर तक पहुंचते थे। घर के सारे सदस्य बैठकर इन पीलों को फांका मारकर खाते थे। यहां तक कि इन फलों में, बीज वाले अंगूरों की भांति बीज होते थे जिनको खाते समय जीभ से निकाल दिया जाता था।
अंगूर के थे विकल्प -
बुजुर्ग बताते हैं कि अंगूर के विकल्प का विकल्प पील होते थे। अंगूर गरीब आदमियों को नहीं मिल पाते थे अमीरों के लिए अंगूर होते थे और गरीब लोगों के लिए पील खाने को मिलती थी। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में जहां गर्मियों में नीम की निबोरी छोटे आम के रूप में खाई जाती थी जो गरीबों के आम कहलाते हैं जबकि अमीर लोग बड़े-बड़े आम खाते रहे हैं।
क्या क्या कहते हैं पर्यावरणविद-
डा. होशियार सिंह यादव पर्यावरणविद से इस संबंध में चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण पील लगनी बंद हो गई है। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार कैर पर टींट एवं पीचू खत्म चुका हो गए हैं उसी प्रकार जाटी पेड़ से सांगर और झींझ लुप्त हो गई है। ठीक उसी प्रकार जाल के पेड़ से पील गायब हो गई हैं। उन्होंने बताया कि इस वक्त मौसम इतना दूषित हो चला है, कि गर्मी अधिक बढ़ गई है जिसके कारण पील पैदा नहीं होती। पील एक निश्चित ताप तक ही पैदा होती है तथा इसके लिए साफ-सुथरी जलवायु की आवश्यकता होती है।








ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मियों का विशेष पेय है राबड़ी
-जौ के आटे व छाछ से बनती है राबड़ी
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कनीना की आवाज।
सेहत के दृष्टिगत विशेषकर गर्मियों में खानपान का ग्रामीण क्षेत्र के लोग विशेष ध्यान रखते हैं।  ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं कम होती है किंतु सेहत के प्रति उनका रवैया बेहतरीन देखने को मिलता है। गर्मियों के दिनों में जहां ठोस आहार कम काम में लिए लेते हैं वही तरल आहार अधिक से अधिक प्रयोग किया जाता है। गर्मियों के दिनों में रोटी के रूप में मेसी रोटी खाई जाती है। चना,गेहूं या जो आदि की बनी होती है। ऐसी रोटियां  ग्रामीण क्षेत्र के लोग कभी से प्रयोग करते हैं अपितु जब चने की पैदावार अधिक होती थी चने की रोटी खाते थे जो सेहत के लिए बहुत जरूरी है। यहां तक कि बासी मेसी रोटियां भी  राबड़ी के साथ विशेष खाद्य पदार्थ ग्रामीण क्षेत्रों का है। क्या कहते हैं जानकार-
** राबड़ी जो छाछ, जौ का आटा आदि हांडी में  पकाकर बनाया जाता है। यह एक ऐसा पदार्थ है जो छाछ में बनाया जाता है तथा छाछ डालकर ही इसे प्याज और बासी रोटी के साथ खाया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग इस मामले में कभी से राबड़ी प्रयोग करते आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लोग कभी राबड़ी को नहीं भूलते। चाहे वर्तमान पीढ़ी कोल्ड ड्रिंक पीने लग गई और चाय अधिक सेवन करती है किंतु ग्रामीण बुजुर्ग राबड़ी को अहमियत देते हैं। इस वक्त गर्मियों के दिनों में धाणी एवं भुगड़ा नाम से विशेष खाद्य पदार्थ का खाते हैं।
--सूबे सिंह,कनीना
ग्रामीण लोग जौ को भुनवाकर धाणी तो चने को भुनवाकर भुगड़ा बनाते हैं जिनको गर्मी के दिनों में बड़े चाव से खाया जाता है। यहां तक कि कुछ लोग जौ की धाणी का सत्तू भी बनाकर पीते हैं।
  --भीम सिंह,कनीना मंडी
ग्रामीण ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का प्याज का विशेष लगाव रहा है। यहां तक कि हर घर में नींबू रखते हैं जिससे शिकंजी पीते हैं तथा प्याज के साथ बासी रोटी खाते हैं ताकि गर्मी से बचा जा सके।  बुजुर्ग पुराने खानपान को आज भी नहीं भूले हैं।  
-- --दुलीचंद साहब,कनीना
जब भी कोई मेहमान आता है तो उसको चाय की बजाए राबड़ी या छाछ का गिलास थमाते हैं जो खाने में बेहतरीन होता है। कुछ शहर से आने वाले व्यक्ति भी बड़े चाव से लस्सी को पीते हैं, चाय को दूर भगाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खाने-पीने की आदतें अच्छी है।  घर में प्याज जरूर खरीदी जाती है जिसे वर्ष भर खाते हैं। प्याज का राबड़ी के साथ विशेष संबंध माना गया है।
---सुनील कुमार, समाजसेवी
फोटो कैप्शन: सुनील कुमार, सूबे सिंह, दुलीचंद, भीम सिंह

श्रीकृष्ण गोशाला कनीना में कई लोगों ने दिया दान
-भगत सिंह प्रधान ने जताया आभार
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कनीना की आवाज।
श्रीकृष्ण गोशाला कनीना में गोसेवा के प्रति समर्पण और समाज सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। गोशाला में आए  श्रद्धालुओं ने गौमाता की सेवा हेतु उदारतापूर्वक सहयोग राशि भेंट की तथा सेवा कार्यों में भाग लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रेम कुमार भोजवास के पुत्र निर्मल कुमार और उमेश कुमार द्वारा गोशाला में 51000 रुपए की सहायता राशि भेंट की।
 इसके साथ ही बिजेंद्र सिंह हेडमास्टर ने अपने पिता स्वर्गीय मातादीन की पुण्य स्मृति में 5100 रुपए का योगदान देकर गोसेवा के इस पवित्र कार्य में भागीदारी निभाई। इस अवसर पर उपस्थित गौसेवकों प्रधान भगत सिंह, रामकुमार, सतीश कुमार,  दिलावर सिंह, रामप्रताप, राज सिंह, बलवान आर्य, रविन्द्र बंसल, नीलम देवी लिली, ओमप्रकाश आर्य आदि समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति की पहचान है और इस प्रकार के सहयोग से न केवल गौशालाओं का संचालन सुदृढ़ होता है बल्कि समाज में सेवा और संस्कार की भावना भी विकसित होती है।
गोशाला प्रबंधन ने सभी दानदाताओं एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इसी प्रकार समाज का सहयोग मिलता रहा तो गोमाता की सेवा और बेहतर ढंग से की जा सकेगी। इस मौके पर गायों को गुड़ व चारा खिलाया।
फोटो कैप्शन 02: गायों को गुड़ खिलाकर दान करते हुए।


रेवाड़ी से सतनाली वाया कनीना फोरलेन मार्ग बनाया जाए
-बार-बार मांग उठी किंतु दफन हुई
- वाहनों का दबाव बढ़ा
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कनीना की आवाज।
 कनीना से महेंद्रगढ़ तथा कनीना से रेवाड़ी मार्गों पर जहां वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। बाईपास की सख्त जरूरत है वह भी नहीं बन पाया है। यहां तक की चरखी दादरी से अलवर वाया कनीना, काठूवास- नीमराना रेलवे लाइन का भी अभी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में सबसे प्रमुख मार्ग रेवाड़ी से सतनाली का फोर लेन बनाये जाने की है। यह मार्ग रेवाड़ी से शुरू होकर कनीना, महेंद्रगढ़, सतनाली तक जाता है। अगर यह मार्ग फोर लेन का बन जाए तो लोगों को सुविधा मिलेगी वही वाहनों का दबाव घट जाएगा। एक और जहां हिसार तक पहुंचने में करीब 2 घंटे का समय कम लगेगा वहीं लोगों को भारी सुविधा मिलेगी। कई वर्षों से यह मांग बार-बार उठाई जा रही है किंतु मामला अधर में लटका हुआ है। एक बार तो  स्टेट हाईवे 21 नंबर के बोर्ड भी कनीना बस स्टैंड के आसपास गाड़ दिए गए थे। लोगों को खुशी हुई थी कि अब निर्माण कार्य शुरू होगा। राव इंद्रजीत सिंह केंद्रीय मंत्री ने भी यह मांग उठाई थी और आशा की जा रही थी जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा लेकिन आज तक मामला अधर में लटका हुआ है।
  कनीना के आसपास यदि कोई सड़क मार्ग सबसे सघन वाहनों का है तो वह रेवाड़ी से कनीना महेंद्रगढ़ और सतनाली की ओर जाने वाला मार्ग है। इस मार्ग की अभी तक सुध नहीं ली गई है। परिणाम यह है कि जब हिसार जाना होता है तो बड़ी समस्या झेलनी पड़ती है। अगर यह  सड़क मार्ग फोरलेन का बन जाए तो पहुंचना सुविधाजनक हो जाएगा। वैसे तो इसे एक बार पिलानी से मिलने की भी कोशिश की गई थी। लेकिन परिणाम जस का तस है। क्या कहते हैं इस संबंध में लोग-
** यदि रेवाड़ी से सतनाली फोरलेन मार्ग बना दिया जाए तो वाहनों का दबाव घट जाएगा। वाहन आसानी से गुजर सकेंगे और दुर्घटनाओं की आशंका घटेगी, लोगों को सुविधा मिलेगी और हिसार तक कम से कम 2 घंटे का सफर कम हो जाएगा क्योंकि अधिकांश कार्यों के लिए हिसार जाना पड़ता है। यदि यह मार्ग फोर लेन का नहीं बनता तो कई शहर और कस्बों के लोगों को परेशानी यूं ही उठानी पड़ती रहेगी। यदि यह मार्ग फोरलेन का बन जाए और चरखी दादरी से अलवर रेलवे लाइन वाया कनीना निर्माण शुरू हो जाए तो निश्चित रूप से विकास कार्यों की झड़ी लगेगी और लोगों का स्तर ऊंचा उठ जाएगा।
-- भगत सिंह प्रधान एवं समाजसेवी
 रेवाड़ी से कनीना सतनाली तक का यह पुराना मार्ग है। इस मार्ग पर वाहनों की संख्या अन्य मार्गों की अपेक्षा सबसे अधिक है। यूं तो कनीना कस्बा चारों ओर से चरखी दादरी, कोसली, नारनौल, अटेली, महेंद्रगढ़ ,रेवाड़ी आदि से जुड़ा हुआ है लेकिन सबसे व्यस्त मार्ग भी रेवाड़ी से महेंद्रगढ़ सतनाली तक का है। इस समय इस बार की फोरलेन बनाने की सख्त जरूरत है ताकि आवागमन में सुविधा हो, उद्योग धंधों का विकास हो तथा गंतव्य मार्ग जैसे हिसार तक पहुंचने का समय भी कम लगेगा।
- दिनेश कुमार प्रधान मोलडऩाथ आश्रम
फोटो कैप्शन: दिनेश कुमार और भगत सिंह प्रधान तथा
फोटो कैप्शन 3/4: रेवाड़ी से महेंद्रगढ़ वाया  कनीना सड़क मार्ग














त्रुटिपूर्ण सड़क को लेकर किया प्रदर्शन
-अध्यक्षता अतरलाल ने की
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कनीना की आवाज। धनौन्दा से मोहनपुर तक बनाई जा रही सड़क पर धनौन्दा पंप हाउस से निकलने वाली तीन नहरों के पुलों पर बनाए जा रहे त्रुटिपूर्ण सड़क निर्माण के खिलाफ ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
 प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए बसपा नेता अतरलाल ने चेतावनी दी कि प्रशासन तथा ठेकेदार ने तीन दिन के अंदर त्रुटियों को दूर कर सड़क निर्माण सही नहीं किया तो ग्रामीण उपमंडल ना. कनीना के कार्यालय पर धरना देंगे। उन्होंने कहा कि ठेकेदार के कर्मचारियों तथा उपमंडल अधिकारी (ना.) कनीना के संज्ञान में कई बार शिकायत लाने के बावजूद भी सड़क निर्माण सही नहीं किया जा रहा है। बीच सड़क में तीन कीकर तथा खंभा छोड़ दिया गया है। जिससे किसानों के ट्रैक्टर व अन्य वाहनों की आवाजाही में दिक्कत होगी और दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहेगा। उन्होंने कहा कि पुलों के ऊपर से बनाई जा रही सड़क को सही लेवल में बनाने, कीकर व खंभे को हटाने तथा पुलों के ऊपर से गुजर रहे तारों को ऊपर उठा कर सड़क निर्माण करने की मांग की। इस अवसर पर किशनपाल, मीर सिंह वैद्य, वेदपाल दहिया, संजू, प्रताप सिंह, सुबेदार मदन सिंह, ओमपाल सिंह, मनोहर सिंह, आश व ग्रामीण मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 01: सड़क मार्ग को लेकर किया प्रदर्शन

Sunday, April 19, 2026


 



रेवाड़ी से सतनाली वाया क










नीना फोरलेन मार्ग बनाया जाए
-बार-बार मांग उठी किंतु दफन हुई
- वाहनों का दबाव बढ़ा
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कनीना की आवाज। कनीना से महेंद्रगढ़ तथा कनीना से रेवाड़ी मार्गों पर जहां वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। बाईपास की सख्त जरूरत है वह भी नहीं बन पाया है। यहां तक की चरखी दादरी से अलवर वाया कनीना, काठूवास- नीमराना रेलवे लाइन का भी अभी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में सबसे प्रमुख मार्ग रेवाड़ी से सतनाली का फोर लेन बनाये जाने की है। यह मार्ग रेवाड़ी से शुरू होकर कनीना, महेंद्रगढ़, सतनाली तक जाता है। अगर यह मार्ग फोर लेन का बन जाए तो लोगों को सुविधा मिलेगी वही वाहनों का दबाव घट जाएगा। एक और जहां हिसार तक पहुंचने में करीब 2 घंटे का समय कम लगेगा वहीं लोगों को भारी सुविधा मिलेगी। कई वर्षों से यह मांग बार-बार उठाई जा रही है किंतु मामला अधर में लटका हुआ है। एक बार तो  स्टेट हाईवे 21 नंबर के बोर्ड भी कनीना बस स्टैंड के आसपास गाड़ दिए गए थे। लोगों को खुशी हुई थी कि अब निर्माण कार्य शुरू होगा। राव इंद्रजीत सिंह केंद्रीय मंत्री ने भी यह मांग उठाई थी और आशा की जा रही थी जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा लेकिन आज तक मामला अधर में लटका हुआ है।
  कनीना के आसपास यदि कोई सड़क मार्ग सबसे सघन वाहनों का है तो वह रेवाड़ी से कनीना महेंद्रगढ़ और सतनाली की ओर जाने वाला मार्ग है। इस मार्ग की अभी तक सुध नहीं ली गई है। परिणाम यह है कि जब हिसार जाना होता है तो बड़ी समस्या झेलनी पड़ती है। अगर यह  सड़क मार्ग फोरलेन का बन जाए तो पहुंचना सुविधाजनक हो जाएगा। वैसे तो इसे एक बार पिलानी से मिलने की भी कोशिश की गई थी। लेकिन परिणाम जस का तस है। क्या कहते हैं इस संबंध में लोग-
** यदि रेवाड़ी से सतनाली फोरलेन मार्ग बना दिया जाए तो वाहनों का दबाव घट जाएगा। वाहन आसानी से गुजर सकेंगे और दुर्घटनाओं की आशंका घटेगी, लोगों को सुविधा मिलेगी और हिसार तक कम से कम 2 घंटे का सफर कम हो जाएगा क्योंकि अधिकांश कार्यों के लिए हिसार जाना पड़ता है। यदि यह मार्ग फोर लेन का नहीं बनता तो कई शहर और कस्बों के लोगों को परेशानी यूं ही उठानी पड़ती रहेगी। यदि यह मार्ग फोरलेन का बन जाए और चरखी दादरी से अलवर रेलवे लाइन वाया कनीना निर्माण शुरू हो जाए तो निश्चित रूप से विकास कार्यों की झड़ी लगेगी और लोगों का स्तर ऊंचा उठ जाएगा।
-- भगत सिंह प्रधान एवं समाजसेवी
 रेवाड़ी से कनीना सतनाली तक का यह पुराना मार्ग है। इस मार्ग पर वाहनों की संख्या अन्य मार्गों की अपेक्षा सबसे अधिक है। यूं तो कनीना कस्बा चारों ओर से चरखी दादरी, कोसली, नारनौल, अटेली, महेंद्रगढ़ ,रेवाड़ी आदि से जुड़ा हुआ है लेकिन सबसे व्यस्त मार्ग भी रेवाड़ी से महेंद्रगढ़ सतनाली तक का है। इस समय इस बार की फोरलेन बनाने की सख्त जरूरत है ताकि आवागमन में सुविधा हो, उद्योग धंधों का विकास हो तथा गंतव्य मार्ग जैसे हिसार तक पहुंचने का समय भी कम लगेगा।
- दिनेश कुमार प्रधान मोलडऩाथ आश्रम
फोटो कैप्शन: दिनेश कुमार और भगत सिंह प्रधान तथा
फोटो कैप्शन 3/4: रेवाड़ी से महेंद्रगढ़ वाया  कनीना सड़क मार्ग





गुढ़ा के युवक की हत्या मामले में सभी आरोपियों को किया जाए गिरफ्तार-अतरलाल
-पीडि़त परिवार को बंधाया ढ़ाढस
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कनीना की आवाज।
बसपा नेता अतरलाल एडवोकेट ने जिला पुलिस प्रशासन से गुढ़ा गांव के दिनेश शर्मा की पीट-पीट कर हत्या करने वाले सभी दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर पीडि़त परिवार को न्याय देने की मांग की है।   
            अतरलाल ने गुढ़ा गांव में पीडि़त परिजनों को ढांढस बंधाने व सांत्वना देने के बाद कहा कि दोषियों के प्रति पुलिस की लचर कार्रवाई को लेकर पीडि़त परिवार तथा ग्रामीणों में रोष है। परिजन सदमे में हैं। पीडि़त परिवार नांगल सिरोही गांव से संबंध रखता है तथा वर्तमान में गुढ़ा का निवासी है। शोकस्थल पर बैठे गुढ़ा, नांगल सिरोही तथा आसपास के गांवों के लोगों ने बताया की हादसे को हुए तीन-चार दिन हो गए हैं, परंतु अभी तक हत्यारों द्वारा प्रयुक्त गाडिय़ां, ड्राइवर व अन्य दोषी पकड़े नहीं गए हैं। स्कूटी चलाने वाला भी गिरफ्तार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पुलिस की सुस्त तथा लापरवाह कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से तत्काल सभी दोषियों को गिरफ्तार कर पीडि़त परिवार को न्याय देने की मांग की है। इस अवसर पर पीडि़त परिवार ने मुख्यमंत्री तथा जिला पुलिस अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन भी अतरलाल को सौंपा, जिसे उन्होंने तत्काल सरकार को भेजने का भरोसा दिलाया।
फोटो कैप्शन 02: गांव गुढ़ा में शोकाकुल परिजनों को सांत्वना देते हुए अतरलाल।



कुतरूं के कारनामे-24 पढ़े मंगलवार को
-शकी स्वभाव ने गिराई स्टाफ में कद्र
-जैसा किया वैसा फल पाया




कनीना मंडी में खरीद रही बंद
-उठान का कार्य चला




कनीना के राजकीय माडल संस्कृत वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन
- 10वीं बोर्ड परीक्षा में छात्रों ने दिखाया दम
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कनीना की आवाज।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड  द्वारा घोषित कक्षा 10वीं की वार्षिक परीक्षा 2026 में राजकीय माडल संस्कृत वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन  किया है।
विद्यालय की मेधावी छात्रा राशि ने  हिंदी विषय में 90 अंक प्राप्त तथा कंप्यूटर एप्लीकेशन में 98 अंक प्राप्त किए हैं। इसके अतिरिक्त विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों ने भी विभिन्न विषयों में 90 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं।
प्राचार्य सुनील खुडानिया ने बताया कि आस्था ने हिंदी विषय में 92 अंक प्राप्त किए, गोल्डी ने हिंदी विषय में 90 अंक प्राप्त किए हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे विद्यालय के विद्यार्थियों ने परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के साथ अध्ययन करते हुए यह उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किया है। टापर विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित  किया गया। इस मौके पर डा. मुंशीराम, रवि कुमार, बलदीप यादव, नरेश कुमार, नवीन कुमार, नितिन मुदगिल, डा. ममता यादव,  प्रीती, हिम्मत सिंह, उमेद सिंह, दरिया सिंह, अमृत सिंह एवं समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 05: अव्वल विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न देकर पुरस्कृत करते हुए प्राचार्य




21 अप्रैल को धरना नारनौल में
 - रिटायर्ड कर्मचारी संघ देगा धरना
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कनीना की आवाज।
रिटायर्ड कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव धर्मपाल शर्मा, महेंद्रगढ़ जिला प्रधान घनश्याम शर्मा ,जिला सचिव रोशन लाल निंबल में संयुक्त अभियान में बताया कि अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशन फैडरेशन के आह्वान पर तथा रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष वजीर सिंह  व महासचिव रतन जिंदल  के निर्देशन पर राष्ट्रव्यापी मांग दिवस पर जिला मुख्यालय नारनौल मुख्यालय पर 21 अप्रैल 2026 को सुबह 10 से एक बजे तक धरना देकर प्रदर्शन करते हुए प्रधान मंत्री भारत सरकार नई दिल्ली के नाम उपायुक्त महेन्द्रगढ़ माध्यम से मांगों का एक बजे ज्ञापन सौंपा जायेगा।  
इसके लिए सभी साथियों ने बड़े ही उत्साह लग्न से बढ़ चढ़ कर भाग लेने के लिए आश्वस्त किया गया अर्थात ज्यादा से ज्यादा संख्या में एकत्रित हो कर इस महायज्ञ में आहुतिदेने की कृपा करेंगे।   धर्मपाल शर्मा ने बताया कि आज देश प्रदेश की सरकार सभी के साथ बड़ा अन्याय कर रही है। कर्मचारियों रिटायर्ड कर्मचारियों के साथ हर दिन नये नये नियम थोपे जा रहे हैं । पेंशन वित्त विधेयक 2025 संसद में पारित किया गया  है को तुरन्त वापिस लिया जावें। सभी पेंशनभोगियों को सभी अस्पतालों सभी बीमारियों के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा दी जावे, 65वर्ष की आयु, 70 वर्ष की आयु, 75 वर्ष की आयु, 80वर्ष की आयु होने पर 5  प्रतिशत,10 प्रतिशत, 15 एवं 20 प्रतिशत की मूल पेंशन में बढ़ोतरी की जाएं। रेलवे हवाई जहाज वोल्वो बसों एसी में 50 प्रतिशत की छूट दी जाए। मजदूर हो किसान हो कर्मचारी हों छोटा व्यापारी हो सभी को लोकतन्त्र में संवैधानिक हक मिलने चाहिए ।शिक्षा सबको सस्ती व अच्छी मिले। जब कि आज शिक्षा आम नागरिक व गरीब की पहुंच से बाहर है। पहले सरकारी संस्थाएं थी अच्छे सुशिक्षित अध्यापक होते थे और मेहनत लग्न से पढ़ाते थे जो कि आज वे उच्चपद पर कार्यरत हैं। हमारे पूर्वजों ने यही मार्ग दिखाया था आज उसका अनुसरण ना करके निजिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है नई शिक्षा नीति लागू की गई है ।यह सरकार की गलत नीति है हम इसका विरोध करते हैं। आज अस्पतालों में कोई भी डाक्टर विशेषज्ञ नहीं जिसके फलस्वरूप मरीजों को सही इलाज नहीं मिलता है इस कारण से आज मरीज बिना सही अभाव इलाज के में अस्पतालों में दम तोड़ रहे हैं। सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है सरकार को चाहिए कि वह सरकारी अस्पतालों मं अच्छे योग्य बीमारियों के विशेषज्ञ डाक्टर भर्ती करें । आज आम व्यक्ति शिक्षा स्वास्थ्य की मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित हैं सरकार इस पर ध्यान दें। सुरक्षा वृद्धावस्था की न्यूनतम आय सीमा सात लाख रुपये की जाए।  देश विकास की ओर अग्रसर है। इन्हीं बदौलत है इनकी मेहनत लग्न के कारण ही है। सरकार को मांगों पर सुगमता से शांति से विचार कर मान लेनी चाहिए हठधर्मिता को छोड़े नये नये कानून हम पर थोपने से बाज आए आठवें वेतन आयोग का हमे पूर्व की भांति सभी सुविधा प्रदान की जाए अर्थात रिटायर्ड कर्मचारियों के साथ भेदभाव व धोखा ना किया जाए और न काम्यूटेशन की वसूली 11 वर्ष तक की जाए।  सेवानिवृत्त कर्मचारी के निधन के बाद पारिवारिक पेंशन बनाते समय वृद्धावस्था पेंशन की रिकवरी विधवा से न की जाए।
 एलटीसी की सुविधा पुराने तर्ज पर देते हुए हर वर्ष 25 प्रतिशत प्रतिशत बजट का भुगतान किया जाए सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जावे । ठेकेदारी प्रथा को बंद किया जाए नियमित भर्ती की जाए।
 बेरोजगारी को समाप्त किया जाए महंगाई पर रोक/नियन्त्रण किया जावे ।श्रमिक कानूनों को वापिस लिया जाए। एचकेआरएन से भर्ती किये युवाओं को पक्का किया जाए तथा बैकलाग के खाली पदों की पूर्ति विशेष भर्ती अभियान चला कर पूरा किया जाए। 18 माह के डीए का भुगतान ब्याज सहित किया जाए।




गांव का 763वां स्थापना दिवस संकल्प दिवस के रूप में मनाया
-बाबा भैया को किया याद

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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव धनौंदा में ग्रामीणों ने अपने गांव का 763वां स्थापना दिवस संकल्प दिवस के रूप में मनाया। मुख्य अतिथि प्रमुख समाज सेवी अतरलाल एडवोकेट ने ग्रामीणों के साथ बाबा भैयां के चित्र पर माल्यार्पण कर समारोह का शुभारंभ किया। अध्यक्षता सूबेदार मेजर मदन सिंह ने की।   अतरलाल ने बताया कि धनौंदा गांव का निकास खुडाना गांव से है। खुडाना गांव के जागीरदार ठाकुर नीमराव सिंह उर्फ नाभा सिंह ने विक्रम संवत 1321 में वैशाख सुदी दोज को अपने पिताजी ठाकुर धनजी सिंह के नाम पर गांव धनौंदा की स्थापना की थी।
  इस अवसर पर ग्रामीणों ने गांव की भलाई के लिए चार सूत्री संकल्प पत्र पारित किया। सभी ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से कर प्रस्ताव पारित करते हुए गांव की प्रतिभाओं को हर वर्ष सम्मानित करने, गांव के युवाओं और बच्चों में शिक्षा तथा स्वास्थ्य के प्रति जागृति पैदा करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का संचालन करने, गांव की स्थापना के समय लगाए गए प्राचीन जांटी के वृक्ष के संरक्षण के लिए उचित कदम उठाने तथा विभिन्न क्षेत्रों में गांव का नाम रोशन करने वाली गांव की हस्तियों के नाम का गौरव पट्ट लगवाने के संकल्प लिया।इन कार्यों के लिए ग्रामीणों ने कैप्टन ओमपाल सिंह की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी बनाई गई जिसमें राजवीर सिंह पंच, सूबेदार मेजर मदन सिंह, हवलदार हवा सिंह, पीतांबर प्रधान, अजय पहलवान तथा वेदपाल दहिया को शामिल किया गया। इस अवसर पर दादा मनोहर सिंह, ठाकुर राजेंद्र सिंह नंबरदार, महेंद्र फौजी, सूबेदार मेजर मदन सिंह, मीर सिंह वैद्य, मास्टर प्रहलाद सिंह, हेड मास्टर सूरत सिंह, सीताराम जांगिड़, पृथ्वी सिंह, पीतांबर प्रधान, किशनपाल, डा. मुकेश, हवलदार किशन सिंह, कलेक्टर सिंह, भूपेंद्र सिंह, नरेश कुमार, राजेंद्र सिंह पूर्व पंच, बाबूलाल प्रजापत, सुरेश पंडित, शिवकुमार स्वामी, धर्मेंद्र, वेदपाल दहिया, अजय पहलवान, रामवीर पंच, सुभाष, बृजपाल, प्रताप सिंह, योगेंद्र, हवा सिंह, नरवीर, सूबेदार बाबूलाल शर्मा, सूरजभान, राजवीर, ईश्वर, महिपाल सिंह, महेंद्र सिंह कैप्टन ओमपाल सिंह, राजवीर सिंह, ईश्वर सिंह, रामपाल, नवल सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 01: बाबा भैयां के चित्र पर माल्यार्पण कर गांव धनौंदा के स्थापना दिवस मनाते हुए




चुनावी सरगर्मियां तेज, कई प्रत्याशी आए सामने
-अभी से ही किया दिन रात एक
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कनीना की आवाज।
कनीना नगरपालिका के वार्ड 14 के उप-चुनाव के राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। दस मई को चुनाव होगा। इअनेक प्रत्याशी सामने आए हैं। नामांकन 21 अप्रैल 2026 मंगलवार से शुरू होने जा रहा है।
इच्छुक उम्मीदवार 21 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे।
नामांकन की प्रक्रिया एसडीएम कोर्ट रूम, कनीना में प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगी। नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच 27 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे से की जाएगी। इसके बाद, जो उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहते हैं, वे 28 अप्रैल को दोपहर 3 बजे तक ऐसा कर सकेंगे। नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होते ही उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए जाएंगे और चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों की अंतिम सूची सार्वजनिक कर दी जाएगी।
एसडीएम ने चुनाव की तारीखों को स्पष्ट करते हुए कहा कि मतदान 10 मई 2026, रविवार को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद 13 मई 2026 को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी, जिसके लिए स्थान का निर्धारण उपायुक्त महेंद्रगढ़ द्वारा किया जाएगा।
मतगणना के तुरंत बाद उसी दिन परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। डा. सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी विशेष परिस्थिति या तकनीकी कारण से पुनर्मतदान की आवश्यकता पड़ती है, तो इसके लिए 12 मई 2026 की तिथि को सुरक्षित रखा गया है।
 संभावित प्रत्याशी डोर टू डोर वोट मांग रहे हैं। शाम से रात तक वोटरों के पास जाकर उनका मन टटोल रहे हैं। ऐसे में उम्मीदवारों ने वोट मांगने और जनसंपर्क तेज कर दिया है। वार्ड 14 में उपचुनाव होना है जिसके चलते स्थानीय लोग और उम्मीदवार मीटिंग, बैठकों और घर-घर जाकर संपर्क कर रहे हैं। हुक्कों पर एवं चौपालों में
चुनावी चर्चाएं और हलचल बढ़ गई है।
अलग-अलग उम्मीदवार अपने-अपने समर्थन के लिए लोगों से संपर्क कर रहे हैं। 760 वोटर किसी का चुनाव बतौर पार्षद करेंगे। संभावित प्रत्याशी लोगों के बीच स्थानीय मुद्दों और विकास कार्यों को लेकर भी बातचीत कर रहे हैं। इन उप चुनावों में कई प्रत्याशी मैदान में उतरने की संभावना है। पुराने चुनाव लडऩे वाले भी मैदान में आने लगे हैं। इस उप चुनाव में कठिन मुकाबला होने के आसार बन गए हैं। क्योंकि सभी पार्षद वोटरों से संपर्क कर उनके वोट अपने अपने प्रत्याशी के पक्ष में करने का प्रयास कर रहे हैं। मास्टर एवं लोढ़ा गुट के अलावा स्वतंत्र रूप से चुनाव लडऩे वाले भी कई प्रत्याशी मैदान में होंगे।
कनीना वार्ड 14 में वोटर लिस्ट की 27 मार्च 2026 की प्रकाशन तिथि अनुसार 670 वोटर है जिसमें से 340 पुरुष वोटर तथा 330 महिला वोटर हैं। मतदान केंद्र पितामह कान्ह सिंह धर्मशाला रेवाड़ी रोड दायां कक्षा बनाया हुआ है। इस वार्ड में जहां कस्बा कनीना के बाहर से गुजरने वाला कनीना- रेवाड़ी सड़क मार्ग पर वार्ड 14 बना हुआ है। जिसमें गाहड़ा रोड करीरा, कोसली रोड, रेवाड़ी रोड के के वोटर शामिल हैं।
 अभी तक बलजीत, पवन कुमार, मां. सुरेंद्र सिंह, संजीत, प्रदीप बलिया आदि कई नाम संभावित प्रत्याशियों के हैं।
फोटो कैप्शन: नगरपालिका कनीना

 

गर्मी बढ़ी, लू चली
--तापमान 40 डिग्री पर पहुंचा

Saturday, April 18, 2026



 


चुनावी सरगर्मियां तेज, कई प्रत्याशी आए सामने
-निर्विरोध चुनाव करना हो तो डा. होशियार सिंह उचित
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कनीना की आवाज।
कनीना नगरपालिका के वार्ड 14 के उप-चुनाव के राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। दस मई को चुनाव होगा। इअनेक प्रत्याशी सामने आए हैं। नामांकन 21 अप्रैल 2026 मंगलवार से शुरू होने जा रहा है।
इच्छुक उम्मीदवार 21 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे।
नामांकन की प्रक्रिया एसडीएम कोर्ट रूम, कनीना में प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगी। नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच 27 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे से की जाएगी। इसके बाद, जो उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहते हैं, वे 28 अप्रैल को दोपहर 3 बजे तक ऐसा कर सकेंगे। नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होते ही उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए जाएंगे और चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों की अंतिम सूची सार्वजनिक कर दी जाएगी।
एसडीएम ने चुनाव की तारीखों को स्पष्ट करते हुए कहा कि मतदान 10 मई 2026, रविवार को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद 13 मई 2026 को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी, जिसके लिए स्थान का निर्धारण उपायुक्त महेंद्रगढ़ द्वारा किया जाएगा।
मतगणना के तुरंत बाद उसी दिन परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। डा. सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी विशेष परिस्थिति या तकनीकी कारण से पुनर्मतदान की आवश्यकता पड़ती है, तो इसके लिए 12 मई 2026 की तिथि को सुरक्षित रखा गया है।
 संभावित प्रत्याशी डोर टू डोर वोट मांग रहे हैं। शाम से रात तक वोटरों के पास जाकर उनका मन टटोल रहे हैं। ऐसे में उम्मीदवारों ने वोट मांगने और जनसंपर्क तेज कर दिया है। वार्ड 14 में उपचुनाव होना है जिसके चलते स्थानीय लोग और उम्मीदवार मीटिंग, बैठकों और घर-घर जाकर संपर्क कर रहे हैं। हुक्कों पर एवं चौपालों में
चुनावी चर्चाएं और हलचल बढ़ गई है।
अलग-अलग उम्मीदवार अपने-अपने समर्थन के लिए लोगों से संपर्क कर रहे हैं। 760 वोटर किसी का चुनाव बतौर पार्षद करेंगे। संभावित प्रत्याशी लोगों के बीच स्थानीय मुद्दों और विकास कार्यों को लेकर भी बातचीत कर रहे हैं। इन उप चुनावों में कई प्रत्याशी मैदान में उतरने की संभावना है। पुराने चुनाव लडऩे वाले भी मैदान में आने लगे हैं। इस उप चुनाव में कठिन मुकाबला होने के आसार बन गए हैं। क्योंकि सभी पार्षद वोटरों से संपर्क कर उनके वोट अपने अपने प्रत्याशी के पक्ष में करने का प्रयास कर रहे हैं। मास्टर एवं लोढ़ा गुट के अलावा स्वतंत्र रूप से चुनाव लडऩे वाले भी कई प्रत्याशी मैदान में होंगे।
कनीना वार्ड 14 में वोटर लिस्ट की 27 मार्च 2026 की प्रकाशन तिथि अनुसार 670 वोटर है जिसमें से 340 पुरुष वोटर तथा 330 महिला वोटर हैं। मतदान केंद्र पितामह कान्ह सिंह धर्मशाला रेवाड़ी रोड दायां कक्षा बनाया हुआ है। इस वार्ड में जहां कस्बा कनीना के बाहर से गुजरने वाला कनीना- रेवाड़ी सड़क मार्ग पर वार्ड 14 बना हुआ है। जिसमें गाहड़ा रोड करीरा, कोसली रोड, रेवाड़ी रोड के के वोटर शामिल हैं।
 अभी तक बलजीत, पवन कुमार, मां. सुरेंद्र सिंह, संजीत, प्रदीप बलिया आदि कई नाम संभावित प्रत्याशियों के हैं।
एक नई बात उभर कर आई-
 बहुत से लोगों ने अब तो यह कहना शुरू कर दिया कि उपचुनाव हो रहे हैं और इन उपचुनावों में निर्विरोध किसी को चुना जाए तो ज्यादा बेहतर होगा। ऐसे में लोगों ने सुझाव दिया कि कनीना निवासी डा. होशियार सिंह यादव, पत्रकार एवं लेखक को निर्विरोध चुना जाए ताकि अपनी सक्रिय भूमिका निभाते हुए विकास कार्यों में मदद कर सके। वैसे भी समाज सेवा में उनका नाम है।। लोगों का कहना है कि ऐसे ही प्रत्याशी को निर्विरोध चुन ले तो ज्यादा बेहतर होगा किंतु निर्णय कुछ लोगों से नहीं अपितु समस्त कनीनावासियों की सहमति से कुछ हो पाएगा।
फोटो कैप्शन: नगरपालिका कनीना



कनीना के राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन
- 10वीं बोर्ड परीक्षा में छात्रों ने दिखाया दम
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कनीना की आवाज।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड  द्वारा घोषित कक्षा 10वीं की वार्षिक परीक्षा 2026 में राजकीय माडल संस्कृत वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन  किया है।
विद्यालय की मेधावी छात्रा राशि ने  हिंदी विषय में 90 अंक प्राप्त तथा कंप्यूटर एप्लीकेशन में 98 अंक प्राप्त किए हैं। इसके अतिरिक्त विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों ने भी विभिन्न विषयों में 90 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं।
प्राचार्य सुनील खुडानिया ने बताया कि आस्था ने हिंदी विषय में 92 अंक प्राप्त किए, गोल्डी ने हिंदी विषय में 90 अंक प्राप्त किए हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे विद्यालय के विद्यार्थियों ने परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के साथ अध्ययन करते हुए यह उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किया है। टापर विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित  किया गया। इस मौके पर डा. मुंशीराम, रवि कुमार, बलदीप यादव, नरेश कुमार, नवीन कुमार, नितिन मुदगिल, डा. ममता यादव,  प्रीती, हिम्मत सिंह, उमेद सिंह, दरिया सिंह, अमृत सिंह एवं समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 08: अअव्वल विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न देकर पुरस्कृत करते हुए प्राचार्य





सरकारी दरों पर 515 क्विंटल खरीदी सरसों
-गेहूं की कुल खरीद पहुंची 61316 क्विंटल
-19 अप्रैल को नहीं होगी खरीद
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कनीना की आवाज।
कनीना में दूसरी बार सरकारी दर पर करीब 345 क्विंटल सरसों 6200 प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदी गई। इस प्रकार सरसों की सरकारी दरों पर कुल खरीद करीब 515 क्विंटल पहुंच गइ्र है। अब तक किसान प्राइवेट स्तर पर सरसों बेच रहे थे।  नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में निजी स्तर पर सरसों बेचने वाले भारी संख्या में किसान आ रहे हैं और निजी स्तर पर करीब 19133 क्विंटल सरसों खरीदी जा चुकी है। सचिव मार्केट कमेटी अजीत सिंह ने बताया कि उठान के चलते 19 अप्रैल को अनाज मंडी में खरीद नहीं होगी। ऐसे में किसान अनाज लेकर न आये।
 विस्तृत जानकारी देते हुए जगराम यादव सीनियर मैनेजर हैफेड ने बताया कि दूसरे दिन करीब 345 क्विंटल सरसों सरकारी तौर पर खरीदी गई है। शुक्रवार पहली बार ही कनीना मंडी में सरसों की सरकारी तौर पर खरीद हुई है।
 उधर अशोक कुमार  डीइओ/डाटा इंट्री आपरेटर ने बताया कि कनीना की अनाज मंडी स्थित चेलावास में अब तक करीब 61316 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। सरकारी तौर पर यह गेहूं खरीदा गया है और अब तक करीब 30 हजार क्विंटल गेहूं का उठान किया जा चुका है।
फोटो कैप्शन 07: कनीना अनाज मंडी में अनाज के लगे ढेर





बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नही-सीए प्रेरणा अग्रवाल
-गुजरवास में हुआ कैरियर काउंसलिंग कार्यक्रम
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कनीना की आवाज।
अगर सही समय पर सही मार्गदर्शन मिले तो बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रह सकती। बैंकिंग, व  डिजिटल मार्केटिंग जैसे हर प्रोफेशन में बेटियां झंडे गाड़ रही हैं, जरूरत है सिर्फ हौसला बढ़ाने की।
ये विचार चार्टर्ड एकाउंटेंट प्रेरणा अग्रवाल ने राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुजरवास में आयोजित कैरियर काउंसलिंग में छात्राओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए ।
छात्राओं के साथ बातचीत में प्रेरणा अग्रवाल ने छात्राओं को व्यावसायिक शिक्षा की बारीकियां समझाईं। उन्होंने कहा कि अब करियर के विकल्प सिर्फ डाक्टर-इंजीनियर तक सीमित नहीं हैं। सीए, कंपनी सेक्रेटरी, फाइनेंशियल एनालिस्ट, डिजिटल मार्केटिंग जैसे नए क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं जहां बेटियां आत्मनिर्भर बनकर नाम कमा रही हैं।
कार्यक्रम में डा. दिशा सत्पथी (यूएसए) ने छात्राओं से बेहतर खान-पान और रहन-सहन पर विस्तृत बातचीत की। उन्होंने किशोरावस्था में पोषण के महत्व को समझाते हुए संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता और दैनिक दिनचर्या से जुड़े उत्तम स्वास्थ्य के टिप्स साझा किए। डा. सत्पथी ने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य ही सफल जीवन की पहली सीढ़ी है, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है।
विद्यालय प्राचार्य रोशनलाल ने दोनों वक्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बालिकाओं के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होते हैं। उन्होंने छात्राओं से सीखी गई बातों को जीवन में अपनाने और अपने सपनों को ऊंची उड़ान देने का आह्वान किया।
फोटो कैप्शन 02: सीए जानकारी देते हुए




पोषण पखवाड़ा के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिर में कैंप आयोजित
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कनीना की आवाज।
हरियाणा सरकार एवं जिला आयुर्वेद अधिकारी डा. शशी बाला के दिशा निर्देशानुसार आयुष्मान आरोग्य मंदिर निंबी में आज पोषण पखवाड़ा के तहत स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में लगभग 90 महिलाओं और छात्राओं ने भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया।
शिविर में डा. सुमन ने गर्भवती महिलाओं एवं किशोरियों को पोषण संबंधी जानकारी देते हुए कहा कि आजकल बच्चे अत्यधिक मात्रा में कोल्ड ड्रिंक का सेवन कर रहे हैं, जिसकी जगह आम पन्ना, चिया सीड पानी, गोंद कतीरा, सौंफ का पानी जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थ अपनाने चाहिए, जो शरीर में पानी की पूर्ति बनाए रखते हैं तथा डिहाइड्रेशन और लू से बचाव करते हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों में नमकीन व पैकेट फूड खाने की आदत बढ़ रही है, जबकि उनकी जगह पोषण से भरपूर घरेलू विकल्प जैसे ड्राई रोस्टेड पोहा, मखाना, भुने हुए चने, कढ़ी पत्ते, चावल की खिल में हल्दी-नमक मिलाकर सेवन किया जा सकता है।
गर्भवती महिलाओं को मासानुसार परिचर्या (नौ माह में आहार-विहार) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं किशोरियों को रजस्वलाचार्य के प्रति जागरूक किया।
इस मौके पर संशेर सिंह (डिस्पेंसर), मीनाक्षी, पूजा, पुष्पा (आशा वर्कर), नितिन (योग प्रशिक्षक), सुशीला देवी एवं अमिता सहित अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 06:पोषण के बारे में जागरूक करती डा. सुमन।



गर्मी के मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने जारी की स्वास्थ्य एडवाइजरी
-उपायुक्त अनुपमा अंजलि ने की सावधानी बरतने की अपील
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कनीना की आवाज।
दक्षिण हरियाणा में लगातार बढ़ रहे तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। उपायुक्त अनुपमा अंजलि ने जिले के नागरिकों से आह्वान किया है कि वे इस तपती गर्मी और लू के थपेड़ों से खुद को सुरक्षित रखने के लिए विशेष सावधानी बरतें।
उन्होंने कहा कि बढ़ता पारा स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि वे दोपहर के समय बेवजह घरों से बाहर न निकलें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें ताकि हीट वेव के दुष्प्रभावों से बचा जा सके।
सिविल सर्जन डा. अशोक कुमार ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि इन दिनों सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जिसका मुख्य कारण अत्यधिक गर्मी है। लू के कारण शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
उन्होंने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार व्यक्तियों के प्रति अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है क्योंकि ये समूह गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। डॉ. कुमार ने सुझाव दिया है कि प्यास न होने पर भी बार-बार पानी पीते रहें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें ताकि शरीर का तापमान सामान्य बना रहे।
प्रशासन की ओर से सलाह दी गई है कि दिन के सबसे गर्म समय यानी दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर जाने से परहेज करें। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो सिर को छाते, टोपी या गमछे से ढककर निकलें और साथ में पानी की बोतल जरूर रखें। खान-पान में बासी भोजन और तली-भुनी चीजों से परहेज करना चाहिए, जबकि छाछ, नींबू पानी और ओआरएस के घोल का सेवन अमृत समान है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि किसी भी सूरत में बच्चों या बुजुर्गों को बंद खड़ी गाड़ी में अकेला न छोड़ें, क्योंकि इससे जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है।
लू के लक्षण पहचानें -
 तेज बुखार और लगातार सिरदर्द होना, चक्कर आना, उल्टी या जी मिचलाना, त्वचा का पूरी तरह सूख जाना, लाल होना या शरीर का बहुत गर्म होना, बहुत अधिक पसीना आना या पसीना बिल्कुल बंद हो जाना, सांसों की गति या धड़कन का अचानक तेज होना।
लक्षण दिखे तो तुरंत क्या करें-
यदि किसी व्यक्ति में लू के लक्षण दिखें, तो उन्हें तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर ले जाएं। शरीर को ठंडे पानी की पट्टियों से पोंछें और यदि व्यक्ति होश में हो, तो उसे ओआरएस का घोल या पानी पिलाएं। हालत में सुधार न होने पर बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टर से संपर्क करें।


जिला पुलिस को मिली कामयाबी
 शातिर वाहन चोर गिरफ्तार, 5 वारदातों का खुलासा, दो बाइक बरामद
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कनीना की आवाज।
शहर थाना कनीना की पुलिस टीम ने वाहन चोरी के मामलों में कड़ी कार्रवाई करते हुए कनीना क्षेत्र से एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान गोकुल निवासी खेड़ी कनीना के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर जब गहनता से पूछताछ की, तो उससे चोरी की गई 2 मोटरसाइकिलें बरामद हुई। अभी तक की जांच और पूछताछ में आरोपी द्वारा वाहन चोरी की 5 वारदातों को अंजाम देने का अहम खुलासा भी हुआ है।
थाना शहर कनीना में मोटरसाइकिल चोरी के संबंध में हाल ही में दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज की गई थीं। पहली शिकायत कनीना के रहने वाले सुमित द्वारा दी गई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि 31 मार्च की रात लगभग 9:30 बजे कनीना मंडी ककराला रोड से किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी मोटरसाइकिल चोरी कर ली है। वहीं, दूसरी शिकायत कनीना निवासी विजय कुमार द्वारा दर्ज करवाई गई थी, जिनके अनुसार 16 अप्रैल की रात करीब 11 बजे उनके घर के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल चोरी हो गई थी। इन दोनों ही मामलों में थाना शहर कनीना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
इसी जांच प्रक्रिया और मुस्तैदी के दौरान पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण सुराग जुटाते हुए आरोपी गोकुल को कनीना क्षेत्र से धर दबोचा। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसे माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से पूछताछ के लिए उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस द्वारा आरोपी से सख्ती से पूछताछ की जा रही है ताकि चोरी किए गए अन्य वाहनों की बरामदगी की जा सके। फिलहाल आरोपी के पास से बरामद की गई दोनों मोटरसाइकिलों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई नियमानुसार अमल में लाई जा रही है।
फोटो कैप्शन 05: पकड़ा गया आरोपी पुलिस की हिरासत में




पीएमश्री स्कूल नवोदय विद्यालय करीरा में संकुल स्तरीय खेलकूद का समापन
-42 छात्राओं का किया गया चयन
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कनीना की आवाज।
पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा में तीन दिवसीय संकुल स्तरीय खेलकूद ,योगा व बास्केटबाल का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में करनाल क्लस्टर के 15 विद्यालयों से 145 छात्राओं  ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय  करीरा के प्राचार्य  रामस्वरूप रहे।
 विभिन्न विद्यालयों से पधारी छात्राओ में से योगा व बास्केटबाल से 42 छात्राओं का चयन रीजनल के लिए किया गया चयनित छात्राओं व प्रतिभागियों का मुख्य अतिथि व स्थानीय प्राचार्य द्वारा सर्टिफिकेट व मेडल देकर सम्मानित किया गया। साथ में पधारे गणमान्य जनों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
 प्राचार्य बीएम रावत द्वारा चयनित छात्राओं का उत्साहवर्धन किया और जिनका चयन नहीं हुआ उन छात्राओं को और अधिक मेहनत के लिए प्रेरित किया। उप-प्राचार्य धर्मेन्द्र आर्य द्वारा दिया गया। विद्यालय के सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे। विशेष योगदान खेल शिक्षिका उषा रानी व खेल शिक्षक योगेश शर्मा का रहा।
फोटो कैप्शन 03 व 04: नवोदय में चयनित छात्राओं के साथ स्कूल स्टाफ




शराब ठेके पर डकैती के मामले में 2 ओर आरोपी गिरफ्तार
- पूछताछ में नकदी बरामद की
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कनीना की आवाज।
जिला पुलिस की सीआईए महेंद्रगढ़ की टीम ने कनीना सदर थाना क्षेत्र के बाघोत गांव में एक शराब ठेके पर हुई डकैती के मामले में संलिप्त दो ओर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान विनोद वासी खुंगाई झज्जर और युवराज वासी रोहतक के रूप में हुई। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया था। जिनसे रिमांड के दौरान पूछताछ में पुलिस ने 30 हजार रुपए की नकदी बरामद की है। आरोपियों को आज न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
 इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों सोमबीर निवासी सिवाना बेरी झज्जर और अंकित निवासी खुंगाई झज्जर को पहले गिरफ्तार किया गया था।
दिनांक 1/2 मार्च की मध्यरात्रि लगभग 1:30 से 2 बजे के बीच, 3-4 अज्ञात बदमाशों ने बाघोत गांव में बहु रोड स्थित शराब के ठेके पर मौजूद सेल्समैन को बंधक बना लिया था और ठेकेदार को भविष्य में ठेका न चलाने तथा जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद वे ठेके से अंग्रेजी शराब, बीयर और देसी शराब एक अज्ञात गाड़ी में लादकर ले गए थे। साथ ही, वे गल्ले में रखी नकदी और सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर भी उखाड़ ले गए थे। इस संबंध में सुनील कुमार की शिकायत पर थाना सदर कनीना में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
फोटो कैप्शन 01: पकड़े गये आरोपी















विश्व लिवर दिवस -19 अप्रैल
- शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है लिवर
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कनीना की आवाज। लिवर शरीर का सबसे ठोस अंग है जो रक्त आपूर्ति से विषाक्त पदार्थ को निकलता है तथा रक्त में शर्करा स्तर को बनाए रखना है। दाएं ऊपरी हिस्से में स्थित होता है।
 इस संबंध में डाक्टर जितेंद्र मोरवाल उप-नागरिक अस्पताल कनीना से बातें की तो उन्होंने बताया की लिवर शरीर के खून को फिल्टर करता है। यह पित्त एक भोजन को पाचन करने वाला रस भी बनाता है। यह के शरीर में विभिन्न कार्य करने में अहम भूमिका निभाता है। यह लाल भूरे रंग का होता है जिसका वजन 3 से साढ़े तीन पाउंड के करीब होता है। डाक्टर बताते हैं कि स्वस्थ लीवर बनाए रखने के लिए दवाओं से बचना चाहिए, शराब का सेवन नहीं करना चाहिए, प्रतिदिन नियमित व्यायाम करें, स्वस्थ भोजन खाए, यात्रा करते समय हेपेटाइटिस-ए और बी के साथ मलेरिया और पीले बुखार जैसी बीमारियों की टीकाकरण करें।
डाक्टर जितेंद्र बताते हैं कि लीवर में फाइब्रोसिस नाम की एक बीमारी फैलती वही हेपेटाइटिस, शराब से खराब होना, फैटी लीवर का होना, गिलबर्ट सिंड्रोम, लिवर कैंसर जैसी रोग हो जाते हैं। लीवर की देखरेख करना जरूरी है वरना जीवन मुश्किल में पड़ जाएगा।
फोटो कैप्शन: डा. जितेंद्र मोरवाल