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Tuesday, April 28, 2026



 





कृत्रिम विधि से पकाए हुये आमों की बहार
-डाक्टरों की राय में नहीं खाने चाहिए ऐसे फल
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कनीना की आवाज। 
कनीना के विभिन्न गांवों और विभिन्न शहरों में वर्तमान में आम की बिक्री तेजी से चल रही है। ये आम देखने में तो बहुत मधुर और पके हुए लगते हैं लेकिन यदि हकीकत में जाए जाए तो कार्बाइड से पका कर बेचे जा रहे हैं। बाजार में जल्दी आने से इनकी मार्केट बढ़ी हुई है, ये जल्दी खराब हो जाते हैं और स्वास्थ्य पर दूरगामी नुकसान पहुंचाते हैं। इन आमों  को डाक्टर खाने से बचने की सलाह देते हैं।
   कैल्शियम कार्बाइड से पके हुए आम दिमाग, स्नायुतंत्र एवं फेफड़ों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं और इसी विधि से केला, आम, पपीता, तरबूज आदि को फल पकाए जा रहे हैं ताकि उनकी मांग बढ़ सके। फल खाने से लीवर को नुकसान पहुंचता है वही पोषक तत्व भी कम हो जाते हैं।
बालकिशन और श्रीकिशन वैद्य का कहना है कि कार्बाइड से पके हुए आम लीवर को बेहद नुकसान पहुंचा सकते हैं जिसके परिणाम स्वरूप भविष्य में शारीरिक समस्या उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने इस प्रकार के फलों को खाने से बचने की सलाह दी है। डा वेद प्रकाश कनीना ने बताया कि यह फल लगातार प्रयोग करने से दिमाग की परेशानी बढ़ जाएगी स्नायु तंत्र खराब हो जाएंगे, फेफड़े आदि काम करना बंद कर देंगे। उन्होंने इन फलों से बचने की सलाह दी अपितु जब तक कार्बाइड से पके आम आ रहे हैं तब तक इन फलों को न खाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यह फल देखने में अच्छे लगेंगे किंतु कृत्रिम विधि से पकाए हुए हैं। ये भविष्य में शरीर को नुकसान पहुंचाएंगे।
 पूर्व कृषि वैज्ञानिक डा. देवराज ने बताया कि आम की पैदावार गंगा के तट के साथ-साथ मैदानी इलाकों में ज्यादा होती है। उत्तर प्रदेश, बिहार आदि क्षेत्रों में भारी मात्रा में आम पैदावार होती है जो दिल्ली से विभिन्न राज्यों में पहुंचाए जाते हैं। दिल्ली में इनको पैक किया जाता है। उन्होंने बताया कि आम कतई नहीं खाने चाहिए क्योंकि ये नुकसानदायक होते हैं। उन्होंने पपीता, केला व तरबूज आदि जो कार्बाइड से पकाते हैं। इनसे भी बचने की सलाह दी है।
   उल्लेखनीय है कि बाजार में कैल्शियम कार्बाइड से पकाए गए फल जमकर बेचे जा रहे हैं। अनजाने में लोग भी इन्हें बड़े चाव से खा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार गलत तरीके से पकाए गए फलों का लगातार सेवन गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। सबसे ज्यादा खतरा आम, पपीता और तरबूज से है।
डाक्टर जितेंद्र मोरवाल का कहना है कि कार्बाइड से पके फलों को खाने से स्वास्थ्य पर दूरगामी दुष्प्रभाव पड़ता है। फलों को समय से पहले पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड नामक रसायन का प्रयोग किया जाता है। ये फल लाभ कम नुकसान अधिक पहुंचाते हैं। इसमें काफी मात्रा में कार्बाइड के अंश रहते हैं, जो लीवर सहित शरीर के अन्य भागों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही फलों से मिलने वाले पोषक तत्वों को कम कर देते हैं।
कार्बाइड से पके फलों से कम मिलता है विटामिन-
कार्बाइड से पके आम में विटामिन की मात्रा कम हो जाती है। कैल्सियम कार्बाइड एक रसायनिक पदार्थ है, जो फलों की नमी पानी से क्रिया करके इथाइल गैस बनाता है। इससे गर्मी उत्पन्न होने से समय से पहले फल पक जाता है। यह गैस फलों के माध्यम से लोगों के शरीर में प्रवेश कर जाती है। इससे कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं।
जहर की श्रेणी में कार्बाइड-
 कार्बाइड से पके फलों के सेवन से दुष्प्रभाव तत्काल हो, लेकिन लगातार सेवन करने से पेट में छाले होने के साथ लीवर गुर्दे पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कार्बाइड केमिकल जहर की श्रेणी में आता है इसलिए लोगों को कार्बाइड से पके फलों के सेवन से बचना चाहिए।
कार्बाइड से पकने वाले फलों की जांच कराने के लिए क्षेत्र में लेबोरेट्री नहीं है। कार्बाइड से पकाए गए फल पूरी तरह से नहीं पक पाते हैं। इसकी पहचान गौर करने से हो सकती है। यह फल ऊपर से पके अंदर से कच्चे होते हैं। इनका रंग भी प्राकृतिक रूप से पके फलों की अपेक्षा तेज होता है। फलों को हाथ में लेकर तेज रंगों को देखकर इनकी पहचान की जा सकती है।  अगर आम में एलकोहल, कार्बाइड या किसी अन्य तरह की महक आती है ऐसे आम न खरीदें। ये ज्यादा पके और अंदर से खराब हो सकते हैं। अच्छे आम पर सामान्य के अलावा कोई दाग नहीं होते जबकि केमिकल वाले आम का रंग 2-3 दिन के अंदर काला होने लगता है। आम खरीदते समय इन्हें दबाकर देखें। पके आम आसानी से दब जाएंगे.
आम खरीदने से पहले इन्हें चखकर देखें चखने से मीठे और स्वादिष्ट लगें तो ही लें जबकि कार्बाइड से पकाए फल का स्वाद किनारे पर कच्चा और बीच में मीठा होता है। बिना कार्बाइड के पके हुए फल का वेट और कलर एक समान होता है। स्वाद में भी पूरा फल एक समान मीठा होता है. यह लंबे समय तक खराब नहीं होते जबकि कार्बाइड से पकाए फलों का भार समान नहीं होता। बाजार से खरीदे हुए आम पहले साफ पानी से धो लें फिर किसी ठंडी जगह पर एक-दो घंटे रख दें। इसके बाद खाने में इस्तेमाल करें।
फोटो कैप्शन 06:  बेचे जा रहे आम



सिगड़ी बनेगी रोल माडल ग्राम पंचायत, मिल सकेगी 24 गुणा 7 पेयजल आपूर्ति - जिला सलाहकार
-वर्तमान स्थिति का किया अवलोकन, डोर टू डोर अभियान 1 मई से शुरू
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कनीना की आवाज।
  महेंद्रगढ़ जिले की ग्राम पंचायत सिगड़ी को 24 गुणा 7 पेयजल आपूर्ति के लिए रोल माडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस संबंध में जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने जानकारी देते हुए बताया कि जल जीवन मिशन 2.0 के तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले से एक-एक ग्राम पंचायत का चयन 24 घंटे पेयजल आपूर्ति के लिए किया जा रहा है, जिसमें महेंद्रगढ़ जिले से सिगड़ी ग्राम पंचायत का चयन किया गया है।
इस कड़ी में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन तथा ग्राम जल एवं सीवरेज समिति के सदस्यों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। सरपंच पूनम देवी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और ग्राम पंचायत को रोल मॉडल बनाने के लिए विस्तृत चर्चा की।
उन्होंने बताया कि 24 गुणा 7 पेयजल आपूर्ति शुरू करने से पहले जमीनी स्थिति का आकलन अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए प्रत्येक घरेलू नल कनेक्शन पर टोंटी और स्टैंड पोस्ट होना जरूरी है। साथ ही योजना की सफलता के लिए सामुदायिक सहभागिता भी महत्वपूर्ण है।
बैठक में ग्राम जल एवं सीवरेज समिति के सदस्यों ने बताया कि गांव दो भागों में विभाजित है, जिसमें लगभग 60 प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन सही स्थिति में हैं और उनमें टोंटी व स्टैंड पोस्ट लगे हुए हैं, जबकि शेष 40 प्रतिशत कनेक्शनों में सुधार की आवश्यकता है। इसके लिए घर-घर सर्वे कर आवश्यक कार्य किए जाएंगे।
कनिष्ठ अभियंता दीपचंद ने बताया कि ढांचागत सुधार के लिए जल्द ही जलघर का निरीक्षण कर आवश्यक कार्य चिन्हित किए जाएंगे। प्रत्येक घर के नलों पर टोंटी, स्टैंड पोस्ट व उचित कनेक्शन सुनिश्चित किए जाएंगे, ताकि 24 घंटे पानी की आपूर्ति के दौरान जल की बर्बादी न हो। उन्होंने बताया कि सिगड़ी गांव में वर्ष 2017 में निर्मित जलघर लगभग 3 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें लगभग 26 लाख लीटर क्षमता का भूमिगत स्टोरेज टैंक तथा 1 लाख लीटर क्षमता की ओवरहेड टंकी उपलब्ध है। वर्तमान में यह व्यवस्था प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 70 लीटर जल उपलब्ध कराने की क्षमता रखती है।
ग्राम जल एवं सीवरेज समिति की सदस्य पिंकी और सीमा ने इस योजना पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे विशेष रूप से महिलाओं को काफी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि पहले जहां पानी के लिए कुओं पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब हर घर नल से जल उपलब्ध है। अब 24 घंटे आपूर्ति से गांव को नई पहचान मिलेगी।
सरपंच पूनम देवी ने विभागीय अधिकारियों को आश्वस्त किया कि सभी ग्रामीण इस योजना में पूर्ण सहयोग करेंगे। वहीं खंड संसाधन संयोजक मोहित कुमार ने बताया कि 1 मई से गांव में जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके तहत ग्रामीणों को योजना एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।
इस अवसर पर बीआरसी मोहित कुमार, सरपंच पूनम देवी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पिंकी, सीमा, नलकूप चालक हेमलता, संतोष, यशपाल, संजय कुमार, सुरेंद्र सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
निरंतर व गुणवत्तायुक्त जल आपूर्ति पर रहेगा विशेष ध्यान-अमित जैन
कार्यकारी अभियंता अमित जैन ने बताया कि हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में 24 गुणा 7 पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का कार्य जल जीवन मिशन के माध्यम से किया जा रहा है। इसके तहत पहले प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया और अब दूसरे चरण में निरंतर एवं गुणवत्तायुक्त जल आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सिगड़ी गांव में पाइपलाइन नेटवर्क को मजबूत करने, प्रेशर मैनेजमेंट, जल भंडारण संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण तथा जल गुणवत्ता की नियमित जांच पर कार्य किया जाएगा। साथ ही डिजिटल मानिटरिंग एवं शिकायत निवारण प्रणाली भी लागू की जाएगी, जिससे जल आपूर्ति व्यवस्था पारदर्शी एवं प्रभावी बन सके।
फोटो कैप्शन 04: बैठक के दौरान ग्रामीणों के साथ पेयजल व्यवस्था पर चर्चा करते विभागीय अधिकारी।
फोटो कैप्शन 05:सिगड़ी वाटर वर्क्स परिसर में ग्राम जल एवं सीवरेज समिति एवं विभागीय टीम।



कनीना वार्ड-14 उपचुनाव
प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न मिलते ही आ गई चुनाव प्रचार में तेजी

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कनीना की आवाज।
कनीना कस्बे के वार्ड नंबर 14 में होने वाले उपचुनाव ने अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग पकड़ लिया है। सभी प्रत्याशियों को उनके चुनाव चिन्ह आवंटित हो चुके हैं और जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे चुनावी तस्वीर भी साफ होतीजाएगी।
इस बार का उप-चुनाव सामान्य नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बदलाव और जनभावनाओं का चुनाव कहा जा रहा है। लंबे समय से कस्बे की राजनीति पर पकड़ बनाए हुए बड़े परिवारों के खिलाफ लोगों में स्पष्ट नाराजगी देखने को मिल रही है। वोटर अब विकास, पारदर्शिता और एकजुटता के मुद्दों पर मतदान करने के मूड में नजर आ रहे हैं।
इसी बीच एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने पूरे कस्बे को चौंका दिया। एक प्रत्याशी द्वारा ऐसे व्यक्ति के प्रभाव में आकर नामांकन दाखिल करना, जिसे कस्बे में विवादित छवि लिए जाना जाता है, लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर इस कदम को भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के खिलाफ माना जा रहा है, जिससे उस प्रत्याशी के प्रति लोगों में असंतोष बढ़ गया है।
कस्बे के लोगों का मानना है कि यह चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने का नहीं, बल्कि उन ताकतों को जवाब देने का मौका है जिन्होंने वर्षों से आपसी एकता को कमजोर किया। यही कारण है कि निर्दलीय उम्मीदवारों के प्रति जनता का झुकाव तेजी से बढ़ रहा है, जिन्हें आम जनता की आवाज और असली प्रतिनिधि के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं, इस चुनाव में बाहरी हस्तक्षेप की चर्चाएं भी जोर पकड़ रही हैं। जिन पर पहले भी चुनावों में मतदाताओं को प्रभावित करने के आरोप लग चुके हैं। हालांकि, इस बार जनता पहले से अधिक सतर्क और जागरूक नजर आ रही है।
कुल मिलाकर वार्ड 14 का यह उपचुनाव अब बड़े राजनीतिक चेहरों और आम जनता के उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कस्बे की जनता किस पर भरोसा जताती है—पुरानी राजनीति पर या नए बदलाव की उम्मीद पर। दस मई को मतदान होगा और 13 मई को नतीजा आएगा।
दोहरी गर्मी-
कनीना का यह चुनाव दोहरी गर्मी पैदा कर रहा है। एक ओर दोपहर को तापमान 42 डिग्री से ऊपर पहुंच जाता है किंतु वोट मांगने वाले घर में छुपने की बजाय वोट मांगते गलियों में नजर आते हैं। इस प्रकार वे गर्मी में गर्मी बढ़ा रहे हैं।
हर हथकंडे को रहे हैं अपना-
चुनाव लडऩे वाले कई हत्थकंडे अपना रहे हैं। एक ओर जहां वोट पाने के लिए वादे कर रहे हैं वहीं उनके रिश्तेदारों से वोट देने की अपील कर रहे हैं। सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं वहीं रात दिन एक किए हुए हैं।
फोटो कैप्शन= नरपालिका कनीना


नगरपालिका कनीना उपचुनाव (वार्ड-14)
-विकास और सुमेर सिंह यादव ने लिया अपना नामांकन पत्र वापिस
-नामांकन वापसी के बाद 6 प्रत्याशी मैदान में
-उम्मीदवारों को किए चुनाव चिन्ह आवंटित
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कनीना की आवाज।
  नगरपालिका कनीना के वार्ड संख्या 14 में होने वाले उपचुनाव के तहत आज नामांकन पत्र वापसी की प्रक्रिया निर्धारित समयानुसार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान विकास और सुमेर सिंह यादव ने अपने नामांकन पत्र वापस ले लिए।
चुनाव रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 21 से 25 अप्रैल तक कुल 8 नामांकन पत्र प्राप्त हुए थे, जिनकी 27 अप्रैल को हुई जांच (स्क्रूटनी) में सभी नामांकन वैध पाए गए थे। आज नाम वापसी के बाद अब कुल 6 प्रत्याशी चुनाव मैदान में शेष रह गए हैं।
उन्होंने बताया कि नाम वापसी प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत सभी शेष प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए गए हैं। अब उपचुनाव के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 10 मई को मतदान कराया जाएगा तथा 13 मई को मतगणना होगी।
प्रशासन द्वारा चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम (संपर्क नंबर-01285-294030) सक्रिय है। मतदान केंद्र के रूप में 'पितामह कान्ह सिंह धर्मशाला निर्धारित किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि चुनाव प्रक्रिया सुचारू एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
फोटो कैप्शन 03:चुनाव चिन्ह आवंटित करते चुनाव रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम डा. जितेंद्र



कई गांवों में संपर्क करके दस मई का दिया न्यौता

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कनीना की आवाज।
  10 मई को भोजावास गांव में मनाई जाने वाली वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती का न्यौता देने के लिए अतरलाल एडवोकेट ने इसराणा, पड़तल, मोड़ी, गोमली, कटकई, मोहनपुर, भडफ़ गांवों का दौरा किया। अतरलाल ने ग्रामीणों से जयंती समारोह में ज्यादा से ज्यादा पहुंचने का आह्वान करते हुए कहा कि संत, महापुरुष, योद्धा, शहीद किसी एक जाति समुदाय के नहीं होते बल्कि सम्पूर्ण देश की आन-बान-शान होते हैं। उनकी स्मृति में आयोजित कार्यक्रमों में सभी को बढ़ चढ़ कर भाग लेना चाहिए। सभी गांवों में ग्रामीणों ने जयंती समारोह में बढ़ चढ़ कर भाग लेने का भरोसा दिया। इस अवसर पर उनके साथ भाग सिंह चेयरमैन, राकेश यादव, दान सिंह प्रजापत, मीर सिंह वैद्य आदि आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 02: ग्रामीणों को न्योता देते अतरलाल एडवोकेट।



स्कूली बच्चों ने किया गोशाला का दौरा
-प्रधान भगत सिंह ने समझाई गोशाला की गतिविधियां
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कनीना की आवाज।
  आरपीएस स्कूल के तीन बसों में आए बच्चों एवं स्टाफ ने श्रीकृष्ण गोशाला कनीना का भ्रमण किया तथा गोशाला की दैनिक गतिविधियों को समझा। प्रधान भगत सिंह गोशाला की पुरानी एवं वर्तमान गतिविधियों को बखूबी से समझाया।
  सेवक ने बच्चों के साथ गायों को गुड़ खिलाया। भगत सिंह ने कहा कि कनीना की गोशाला वर्तमान प्रदेश की अग्रणी गोशालाओं में से एक बन चुकी है। अभी विकास कार्य चल रहे हैं और भविष्य में भारतभर की अग्रणी गोशालाओं में से एक होगी। इस मौके पर स्कूल सीइओ डा. पवित्रा राव, प्राचार्या, स्टाफ राखी सेक्सना, रोजी भारद्वाज,पूजा शर्मा,मनीषा रानी,सुदेश, संगीता यादव,सोनिया,सपना,मोनिका, वैभवी, सुषमा, ज्योति एवं श्रीकृष्ण गौशाला पदाधिकारी मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 01: स्कूली विद्यार्थी गोशाला का दौरा करते हुए











बवाना गांव में पुलिस का डोर टू डोर नशा मुक्त अभियान
- ग्रामीणों को नए आपराधिक कानूनों के प्रति भी किया गया जागरूक।
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कनीना की आवाज।  आमजन को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए पुलिस अधीक्षक दीपक के दिशा-निर्देशों पर डोर टू डोर नशा मुक्त अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में थाना सदर कनीना के गांव बवाना में निरीक्षक शारदा और उनकी टीम द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस टीम ने गांव के मंदिर में ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देकर जागरूक किया। इस दौरान विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस उन लोगों को मुख्यधारा में लाने का पूरा प्रयास कर रही है जो नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं। जो भी नशा पीडि़त व्यक्ति इस दलदल से बाहर निकलना चाहता है, पुलिस उसकी हर संभव मदद करेगी। इसके साथ ही, ग्रामीणों को मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
नशा मुक्ति के साथ-साथ पुलिस टीम ने ग्रामीणों को नए आपराधिक कानूनों के प्रति भी जागरूक किया। उपस्थित लोगों को भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के बारे में बताया गया। इस संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने भी पुलिस टीम के साथ अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर गांव के सरपंच प्रतिनिधि भगत सिंह सहित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी मौजूद लोगों को भविष्य में कभी नशा न करने की शपथ दिलवाई गई।

 

 

सोमवार को अंधड़ ने पहुचाई क्षति
-पेड़ों के फल टूटकर गिरे
--पेड़ भी टूटे


Monday, April 27, 2026



 



बीज बिक्रेताओं ने एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया
-दुकानें रखी दोपहर दो बजे तक बंद
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कनीना की आवाज।
अपनी मांगों के समर्थन में बरीज विक्रेताओं ने अपने अपने प्रतिष्ठान दोपहर दो बजे तक बंद रखे।
  जिला महेंद्रगढ़ खाद ,बीज, कीटनाशक विके्रेता एसोसिएशन के जिला प्रधान कुलदीप बोहरा ने बताया कि पूरे जिले में के सभी गांवों में  खाद बीज की दुकानें बंद रही।
 उन्होंने बताया कि कृषि विक्रेता वर्तमान में अत्यंत विकट परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। हमारी मुख्य मांगें और समस्याओं में
यूरिया और डीएपी जैसे अनुदानित उर्वरकों के साथ गैर-जरूरी उत्पाद जबरन थोपे जा रहे हैं। पिछले 4-5 वर्षों से यह समस्या बढ़ती ही जा रही है, जिसका समाधान अनिवार्य है। यूरिया, डीएपी, एमओपी और एनपीके उर्वरकों पर डीलर मार्जिन में तत्काल बढ़ोतरी की जाए।
सभी उर्वरक विक्रेताओं के सेल्स प्वाइंट  तक फ्री आन रेल/रोड आधार पर पहुंचाने की व्यवस्था हो, कीटनाशक अधिनियम और बीज विधेयक के तहत, सीलबंद माल बेचने वाले विक्रेताओं को सैंपल फेल होने पर जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। इसकी पूरी जिम्मेदारी निर्माता कंपनी की होनी चाहिए। बीज बिक्री के लिए जारी साथी पोर्टल की अनिवार्यता केवल निर्माता कंपनियों तक सीमित होनी चाहिए; विक्रेताओं पर इसे अनिवार्य न किया जाए। खाद,बीज,कीटनाशक दवाई की दुकान पर सैंपलिंग विभाग की एक रूटीन प्रक्रिया है इसमें छापे की जगह निरीक्षण शब्द का प्रयोग होना चाहिए।
फोटो कैप्शन 05: सांकेतिक हड़ताल पर खाद बीज विकेता





कनीना क्षेत्र में शाम के वक्त आया अंधड़, अनेक पेड़ों की टहनियां टूटी
-बाद में चली रिमझिम बूंदाबांदी
-बिजली रही कट




मोटरसाइकिल सवार को गाड़ी ने मारी टक्कर दो घायल
--नारनौल में चला ईलाज
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कनीना की आवाज।
 मोटरसाइकिल पर जा रहे दो व्यक्तियों की सामने से आ रही तेज रफ्तार से गाड़ी से टक्कर हो गई जिसके चलते दो घायल हो गए जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में करवाया गया।
 इस संबंध में दुलीचंद खरकड़ावास ने दी शिकायत में कहा गया है कि वह अपनी मोटरसाइकिल पर निजी काम के लिए धनौंदा लेकर गया था। उनके साथ सतबीर खरकड़ाबास पीछे बैठा था। जब शराब के ठेके के पास पहुंचे तो सामने से आ रही तेज रफ्तार की गाड़ी ने टक्कर जड़ दी जिससे सतवीर सहित दोनों मोटरसाइकिल सवार गिर गए, काफी चोटें आई। सतबीर को सरकारी अस्पताल कनीना ले जाया गया जहां पर  अधिक चोटों के कारण उन्हें नारनौल रेफर कर दिया। नारनौल से उन्होंने अपना इलाज करवाया है। उनकी शिकायत पर गाड़ी चालक के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।



 श्रीश्याम मंदिर पर आयोजित हुआ भंडारा
-हजारों भक्तों ने आकर ग्रहण किया प्रसाद
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कनीना की आवाज।
 कनीना स्थित श्याम मंदिर पर मंदिर की आठवीं वर्षगांठ पूर्ण होने पर एक भंडार आयोजित किया गया। जिसमें हजारों भक्तों आकर प्रसाद ग्रहण किया।
 संदीप राठी ने बताया कि हर वर्षगांठ पर इस प्रकार का आयोजन होता है। आठवीं वर्षगांठ पर यह आयोजन हुआ है जिसमें महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रसाद ग्रहण करने की व्यवस्था की गई थी जिसमें हजारों भक्तों ने आकर प्रसाद ग्रहण किया। दूर दराज से भक्त प्रसाद ग्रहण करने आ रहे थे
इस मौके पर समस्त श्रीश्याम सेवक मंडल कनीना के पदाधिकारी हाजिर रहे जिन्होंने अपने हाथों से भक्तों को प्रसाद ग्रहण करवाया।
 फोटो कैप्शन 6 :प्रसाद ग्रहण करते हुए भक्त




बूचावास में जन्मदिन पर हुआ पौधारोपण 
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बूचावास के प्रांगण में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें संजीत कुमार की पुत्री के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य वीरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पौधारोपण किया गया।
प्राचार्य वीरेन्द्र सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जन्मदिवस जैसे अवसरों पर पौधारोपण करना आने वाली पीढिय़ों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उपस्थित अतिथियों ने समाज से आह्वान किया कि हर व्यक्ति को अपने जीवन के विशेष दिनों में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।
  इस मौके पर प्रवीण कुमार सरपंच, बुचावास, अजेंद्र सरपंच, नांगल हरनाथ, संजीत कुमार,सतीश कुमार पूर्व प्रवक्ता, संजीत कुमार एबीआरसी, सूबे सिंह प्रवक्ता, सोनू यादव आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04:बूचावरास में पौधारोपण करते हुए


कनीना में गौ संरक्षण को लेकर जोरदार प्रदर्शन
-गौ हत्या पर प्रतिबंध, गौशालाओं की व्यवस्था और राष्ट्रमाता का दर्जा देने की उठी मांग
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कनीना की आवाज।
सोमवार को कनीना में गौ संरक्षण और गौ सम्मान को लेकर हिंदू संगठनों, गौ रक्षक दल एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने तहसील कार्यालय पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन उपमंडल अधिकारी जितेंद्र अहलावत को सौंपा।
अभियान का नेतृत्व कर रहे महंत रामभजन दास ने कहा कि सड़कों पर घूम रहा गौवंश लगातार हादसों का शिकार हो रहा है, जिससे जन-धन दोनों को खतरा बना रहता है। उन्होंने आवारा गौवंश के लिए स्थायी समाधान, पर्याप्त गौशालाओं की व्यवस्था तथा गोचर भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग उठाई।
ज्ञापन में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने, गौवंश के लिए चारा, पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई। इसके साथ ही प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने पर भी जोर दिया गया ताकि गौवंश प्लास्टिक खाने से बीमार न हो। मोहित इसराना ने कहा कि गो-सम्मान आह्वान अभियान के तहत समाज में जन जागरूकता लाई जा रही है और लोगों को गौसेवा के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विक्की पंसारी ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है।
इस अवसर पर संत समाज से भगत सिंह प्रधान, विष्णु गिरी, महाराज  बृजदास , ओमदास,सामाजिक संगठनों से मोहित शर्मा, मोहन पार्षद, श्रीकृष्ण गोशाला प्रधान भगत सिंह, अधिवक्ता दीपक चौधरी, राहुल कनीनवाल, प्रदीप कोटिया, अंकुर ककराला, सुरेश सरपंच, रविंद्र बंसल, विक्की पंसारी कनीना, अशोक ठेकेदार, महेश बोहरा, श्याम सुंदर, परमजीत, खुशीराम तथा सूबे सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 03:गोमाता के लिए ज्ञापन देते विभिन्न संगठन


 ककराला में सामान्य ज्ञान प्रश्नोश्ररी प्रतियोगिता का आयोजन
-अव्वल को किया पुरस्कृत
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कनीना की आवाज।
एसडीवमा विद्यालय ककराला में सातवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए सामान्य ज्ञान प्रश्नोश्ररी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें सभी बच्चों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। इस प्रतियोगिता के लिए बच्चों को चार समूहों में बांटा गया। प्रत्येक समूह में छह-छह छात्रों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का संचालन सामाजिक विज्ञान अध्यापिका  राजबाला, मनीषा, नीलम व पिंकी कुमारी ने किया। प्रतियोगिता को चार चरणों में कराया गया जिसमें प्रथम चरण को बहुविकल्पीय प्रश्नों के आधार पर रखा गया। प्रथम, द्वितीय व तृतीय चरण में सभी समूहों के बीच कांटे की टक्कर बनी रही। अन्तिम चरण में दर्शाए गए चित्र के आधार पर प्रश्न पूछे गए जिसमें समर व नियती की टीम ने बढ़त बनाई। अंकों के आधार पर टीम प्रथम, द्वितीय व तृतीय का चयन किया गया। जिसमें नियती की टीम के विद्यार्थियों निर्मल, माही, तेजस्व, देव व नक्ष ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। काव्या की टीम ने द्वितीय व समर की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
विद्यालय प्रधानाचार्या डा. शिप्रा सारस्वत ने सभी विजेता विद्यार्थियों को बधाई दी व बताया की हमें हर प्रकार की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना चाहिए। ये प्रतियोगिताऐं सिर्फ हार-जीत के लिए नही होती बल्कि अपने ज्ञान और कौशल में वृद्धि करने के लिए होती है।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या डा. शिप्रा सारस्वत, प्रबंधन समिति के वरिष्ठ सदस्य श्री राजेन्द्र सिंह, ओमप्रकाश यादव, सीईओ आरएस यादव, डिप्टी डायरेक्टर श्री पूर्ण सिंह, कोआर्डिनेटर स्नेहलता, ईश्वर सिंह, प्रियंका, बिन्दु सहित समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: अव्वल रहे विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते हुए


नगरपालिका कनीना उपचुनाव (वार्ड-14)
-नामांकन पत्र जांच में सभी प्रत्याशियों के नामांकन वैध
-28 को सुबह 11 बजे से 3 बजे तक होगी नामांकन वापसी
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कनीना की आवाज।
नगरपालिका कनीना के वार्ड संख्या 14 में होने वाले उपचुनाव के तहत आज सोमवार को नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न की गई। जांच के दौरान सभी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र सही एवं वैध पाए गए।
चुनाव रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 21 से 25 अप्रैल तक प्राप्त सभी 8 नामांकन पत्रों की गहनता से जांच की गई। आवश्यक दस्तावेजों एवं पात्रता की पुष्टि के बाद सभी नामांकन उचित पाए गए और किसी भी नामांकन को निरस्त नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि अब आगामी प्रक्रिया के तहत 28 अप्रैल को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी का समय निर्धारित किया गया है। इसके पश्चात अंतिम रूप से प्रत्याशियों की सूची जारी कर उन्हें चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।
उपचुनाव के कार्यक्रम के अनुसार 10 मई को मतदान कराया जाएगा तथा 13 मई को मतगणना होगी। प्रशासन द्वारा चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
मतदाताओं की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम (संपर्क नंबर- 01285-294030) पहले से ही सक्रिय है। मतदान केंद्र के रूप में 'पितामह कान्हसिंह धर्मशाला








निर्धारित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी सुनिश्चित की गई है।
फोटो कैप्शन 01: नामांकन पत्रों की जांच करते चुनाव रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह

Sunday, April 26, 2026



 




सुनील निनाणिया बने नारनौल यूनिट प्रधान और राजेश जेई बने यूनिट सचिव
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कनीना की आवाज।
सर्किल आफिस दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम नारनौल के प्रांगण में  हरियाणा पावर कारपोरेशन अनुसूचित जाति /जनजाति और पिछड़ा  वर्ग कर्मचारी यूनियन के बैनर तले यूनिट बॉडी नारनौल का द्विवार्षिक  चुनाव सौहार्दपूर्ण माहौल में सर्व सम्मति से संपन्न हुए। जिसमें अध्यक्षता लखनलाल सर्कल सचिव और वेद प्रकाश प्रधान ने की तथा चुनाव अधिकारी के रूप में सुरेंद्र सिंह सर्किल आर्गेनाइजर रहे। सर्व समिति से चुनाव संपन्न करवाए गए ।
 सभी सदस्यों की सहमति से सुनील निनानिया को यूनिट प्रधान चुने गए। यूनिट सचिव राजेश कुमार जेई, वरिष्ठ उप प्रधान राकेश कुमार फोरमैन, उपप्रधान बाबूलाल ,  सह सचिव जय सिंह यूडीसी,  प्रेस सचिव  सत्यवान फोरमैन,  खजांची वीर सिंह जेई, रामभरत एएलएम को संगठनकर्ता चुना गया। राज्य वित्त सचिव राजेंद्र सिंह कपूरी ने यूनियन के संविधान की शपथ दिलाई और यूनियन के कर्मचारियों  के कार्यों को प्राथमिकता पर करवाने का प्रण लिया। बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारी को फूलमालाएं पहना कर सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारी को सम्मानित किया और हार्दिक बधाई दी एवं शुभकामनाएं दी।
बैठक में मुख्य रूप से संदीप कुमार राज्य उपप्रधान ,महेश गोमला राज्य अतिरिक्त महासचिव, संदीप जेई फील्ड, गौरी शंकर फोरमैन सतपाल जेई फील्ड, अनिल कुमार लाइनमैन व अनेकों कर्मचारी मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 05: सर्वसम्मति से नारनौल में मनोनीत पदाधिकारी


वार्ड 14 उपचुनाव
 कनीना की चौधर को चुनौती, बदलाव की आहट तेज
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कनीना की आवाज।
  कनीना कस्बे के वार्ड नंबर 14 में उपचुनाव का बिगुल बज चुका है और इसके साथ ही सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो गया है। लगभग सभी प्रत्याशी नामांकन दाखिल कर मैदान में डट चुके हैं और अब असली लड़ाई जनता के बीच शुरू हो चुकी है।
इस बार का चुनाव सामान्य नहीं माना जा रहा। कस्बे में खुलकर चर्चा है कि यह मुकाबला सिर्फ उम्मीदवारों का नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही पारंपरिक राजनीतिक पकड़ और बदलाव की चाहत के बीच सीधा टकराव है। लंबे समय से प्रभाव बनाए रखने वाले परिवारों के खिलाफ जनता के भीतर असंतोष की लहर साफ महसूस की जा रही है।
इसी बीच दो युवा चेहरे—नरेंद्र फौजी और नवीन यादव—तेजी से चर्चा के केंद्र में आए हैं। कस्बे में इन दोनों की सक्रियता और जनसंपर्क को लेकर सकारात्मक माहौल बताया जा रहा है, जिससे सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।
वार्ड एक के चुनावों में प्रत्याशी के जीत के लिए इन दोनों की रणनीति काम आई थी। एक बार फिर ये दोनों अपने एक चहेते प्रत्याशी की जीत के लिए दिनरात एक किए हुए हैं।
निर्दलीय उम्मीदवारों की मौजूदगी ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। खास बात यह है कि एक तरफ जहां कुछ उम्मीदवार खुद को निर्दलीय बताकर मैदान में हैं, वहीं मतदाताओं के बीच उनकी राजनीतिक प्रतिबद्धताओं को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। जानकारों का मानना है कि बार-बार पाला बदलने वाले चेहरों को इस बार जनता गंभीरता से परख रही है।
वहीं, सत्ता से जुड़े पक्ष पर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि लंबे समय तक विकास कार्यों से दूरी बनाए रखने वाले अब चुनाव आचार संहिता के बीच ही वार्ड में सड़क, नालों और पानी निकासी के कार्यों में अचानक सक्रिय हो गए हैं। इस पर स्थानीय लोग इसे चुनावी सक्रियता बताकर सवाल खड़े कर रहे हैं।
वार्ड 14 का यह उपचुनाव अब पूरी तरह प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। एक ओर पुरानी राजनीतिक पकड़ है तो दूसरी ओर बदलाव का दावा करने वाले नए चेहरे। ऐसे में अब सबकी नजरें मतदाताओं पर टिकी हैं, जो तय करेंगे कि कस्बे की राजनीति पुरानी राह पर चलेगी या नया अध्याय लिखा जाएगा।




गर्मी के तेवर बढ़े, ताप 43 डिग्री पार
--ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कट बढ़े, पेयजल की बढऩे लगी किल्लत
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कनीना की आवाज। 
  कनीना के ग्रामीण क्षेत्रों में जहां बिजली कटों के साथ-साथ गर्मी के तेवर भी बढ़ते जा रहे हैं। कम से कम तापमान 29 डिग्री अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेंटीग्रेड नोट किया गया। सुबह सवेरे गर्मी से बचने के लिए पार्कों में लोग घूमते देखे जा सकते हैं। वही सुबह करीब 10 बजते ही लोग अपने घरों के दरवाजों को बंद कर लेते हैं तथा घरों में छुपे मिलते हैं। बाहर निकलना बहुत कठिन हो गया है। एक और जहां गर्मी तेवर तलख हो गए हैं वहीं बिजली कट भी बढ़ते ही जा रहे हैं। ऐसे में लोग परेशान हैं।
 कनीना क्षेत्र में पशुपालक भी बेहद परेशान है क्योंकि जोहड़ों का पानी या तो सूख गया है या साफ नहीं है जिसके चलते पशुओं को गंदा पानी ही पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। पशु चिकित्सक बताते हैं कि पशुओं को सुबह शाम गर्मी से बचाने के लिए जोहड़ों में छोड़ देना चाहिए किंतु अब धीरे-धीरे जोहड़ लुप्त होते जा रहे हैं। ऐसे में गर्मी बेहद परेशान कर रही है।
 क्षेत्र में तापमान बढऩे से पंखे, कूलर आदि कम काम कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि गर्मी यूं ही चलती रही तो परेशानी बढ़ेगी।  
ज्यों ज्यों दोपहर होता है तो लोग घरों में पूर्णतया छुपे होते हैं। इक्का दुक्का वाहन ही सड़कों पर घूमता नजर आता है तथा लोग गर्मी से बचाव के रास्ते ढूंढते रहते हैं। किंतु विद्यार्थी एवं शिक्षक स्कूलों में पढऩे एवं पढ़ाने जाते हैं। जिस दिन अवकाश होता है उस दिन खुशी मनाते हैं।
 गर्मी के कारण जहां जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, कफ्र्यू जैसी हालत बन जाती है। दोपहर को सड़के सुनसान हो जाती है, हर जीव जंतु और इंसान दुबक जाते हैं।  भक्त दिनेश कुमार, महेश कुमार, सुरेंद्र, इंद्र देव आदि बताया कि दिन भर बच्चे और लोग  गर्मी से राहत पाने के लिए पार्क में बैठे दिखाई देते हैं। पक्षी भी पार्क स्थित जाल के पेड़ के नीचे आराम से धूप से बचते नजर आते हैं। जहां भी देखे बस पानी की किल्लत छाने लगी है जोहड़ों का पानी भी घटता ही जा रहा है, ऐसे पशुओं के लिए और पक्षियों के लिए जल की समस्या बनी हुई है।  कनीना क्षेत्र के लोग पेयजल किल्लत से भी परेशान है और दोनों वक्त पेयजल सप्लाई करने की मांग कर रहे हैं।
 विभिन्न गांवों में लू एवं गर्मी से बीमारों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। अधिकांश समय लोग अपने घरों में बिताते हैं। तुझे भी बाहर जाते हैं तो उस समय भीषण गर्मी होती है। एक और जहां रेहड़ी पर सामान बेचने वाले मजबूरीवश गर्मी में खड़े दिखाई देते हैं ,जिनके पास छत तक नहीं होती वहीं मजदूर भी काम पर जा रहे हैं जिन्हें अपना पेट पालना होता है। गर्मी एवं लू के चलते एसी, कूलर, पंखे सब खिलौने नजर आते हैं। लोग जब भी बाहर निकलते हैं तो पूरे प्रबंध करके निकलते हैं।
हल्का भोजन ले-
जहां गर्मी के तेवर दिनों दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। कहीं भी चैन नहीं मिल रहा है। सुनील कुमार एमपीएचडब्ल्यू ने एक अभियान चला रखा है। जो भी लोगों के संपर्क में आते हैं उनको गर्मी से बचने के उपाय बता रहे हैं। उनका कहना है कि तेज गर्मी के कारण बीमार हो सकते हैं, ऐसे में सावधानियां बरतनी जरूरी है।
इन सावधानियों में घर से बाहर जाते समय शरीर को ढककर, हल्के रंग के आरामदायक कपड़े पहनकर जाना चाहिए। धूप में बाहर जाते समय छाता, तौलिया, टोपी, आंखों पर धूप का चश्मा भी प्रयोग करें, थोड़े-थोड़े समय अंतराल पर तरल पदार्थ पीते रहे, हल्का ताजा भोजन करें ,नंगे पैर, नंगे बदन धूप में न जाए। अधिक गर्मी एवं धूप में कोई भी कार्य करने से बचे, शराब, चाय, काफी कोल्ड ड्रिंक आदि का सेवन करने से बचे, गर्भवती महिलाएं, बच्चे, बीमार, बुजुर्गों का विशेष रूप से गर्मी का ध्यान रखे।
   उनका कहना है कि गर्मी लगने के गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यदि ज्यादा देर धूप में काम करें तो गर्मी लग सकती है। इसके लक्षणों में लाल,गर्म,सूखी त्वचा होना, शरीर का तापमान 40 डिग्री सेंटीग्रेड होना, जी मचलाना, उल्टी होना ,सिर दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी, दिल की धड़कन तेज होना, घबराहट, चक्कर आना, बेहोशी, सिर दर्द आदि प्रमुख है। गर्मी और लू से बचने के लिए  रोगी को छांयादार एवं ठंडी जगह पर ले जाए, ओआरएस का घोल, पानी एवं अन्य तरल पदार्थ ,पैरों को ऊपर करके लिटाए, शरीर को ठंडे पानी से पोंछे, गिला कपड़ा लपेटकर हवादार स्थान पर विश्राम कराए।
 कनीना के बड़ी बणी के टैंक में भी कई मौत हो चुकी है जिसके पीछे चाहे कारण कुछ भी हो परंतु माना जाता है नहाने के लिए और पानी पीने के लिए लोग घुसते हैं और डूब जाते हैं। विभिन्न जोहड़ों में डूबने से ऐसी घटनाएं सामने आती है।
डाक्टरों के अनुसार गर्मी से बचने का एकमात्र साधन कुछ पदार्थ का प्रयोग करना है।
डाक्टरों के अनुसार नींबू, राबड़ी, तरबूज ,ककड़ी आदि अधिक से अधिक प्रयोग करने चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी नहीं होने पाये। दो से तीन लीटर कम से कम पानी पीना चाहिए तथा ठोस पदार्थ की बजाय पेय पदार्थ अधिक से अधिक प्रयोग करें। गर्मी में जहां फास्ट फूड न खाए,  बासी भोजन भी प्रयोग न करें। गर्मी एवं लू अगर लग भी जाए तो भूने हुए  कच्चे आम का जूस में नमक और कुछ चीनी डालकर प्रयोग करें। इससे लू आदि से बचा जा सकता है।
गर्मी से बचने के लिए तरबूज बहुत उत्तम माना जाता है।
  किसान अभी भी खेतों की तैयारी कर रहे हैं, दिन-रात खेतों की तैयारी करके आने वाले समय में वर्षा के जल का सदुपयोग करने की सोच रहे हैं।  इस वक्त खेतों में कपास एवं चारा देने वाली फसलें उगा दी है तथा मोटा अनाज, बाजरा उगाने की तैयारी चल रही हैं। गर्मी के दिनों में भी किसान अपने खेतों में दिखाई दे रहे हैं जो उनकी मजबूरी बन गई है।
  क्या कहते हैं किसान -
किसान दिनेश कुमार, महेश कुमार, सुरेश कुमार, सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि गर्मी के कारण खेतों में ठहर पाना कठिन है। सुबह शाम कभी कभार खेत तक जाते हैं और वापस आ जाते हैं। जिनके घर खेतों में बने हुए उन्हें लू और गर्मी अधिक परेशानी दे रही है। वर्षा का इंतजार है।
 क्या कहती हैं गृहिणी-
गृहिणी शकुंतला ,आशा ,नीलम, दाना आदि ने बताया कि खाना बनाते समय और भी ज्यादा गर्मी लगती है। ऐसे में खाना बनाना भी बहुत दुष्कर हो गया है। गर्मी दिन रात सता रही है। गर्मी के कारण पानी की मांग बढ़ गई है। जोहड़ों में नहाने पर प्रतिबंध है किंतु रविवार या अवकाश के दिन बच्चे जोहड़ों में स्नान करने जाते हैं।
फोटो कैप्शन 03: जोहड़ में स्नान करते बच्चे
   04: बच्चों को घर ले जाते हुए किसान






पशुओं को गर्मी से बचाना जरूरी
-गर्मी और लू में दूध देने की मात्रा जाती है घट  
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कनीना की आवाज।
  जिस प्रकार इंसान को गर्मी से बचना होता है उसी प्रकार पशुओं को भी गर्मी और लू से बचाना चाहिए। पशुओं को भी गर्मी एवं सर्दी प्रभाव डालती है। यदि पशुओं को गर्मी से नहीं बचाते है तो दूध की मात्रा घटती चली जाती है और यहां तक की 50 प्रतिशत दूध कम हो जाता है। जिस प्रकार सर्दी से और गर्मी से इंसान बचता है, इसी प्रकार पशु की भी तासीर होती है। पशुओं को विशेष कर भैंस को अधिक गर्मी लगती है और जब गर्मी बढ़ती चली जाती है, तापमान 47 डिग्री पार कर जाता है तो उस समय पशु गर्मी में हांपने लग जाते हैं। हालात यह होती है कि शाम के समय तापमान अधिक होता है जिससे पशु चारा चरना कम कर देता है और दूध भी कम हो जाता है। ऐसे में पशुओं को भी गर्मी और सर्दी दोनों तापों से बचना जरूरी होता है।
 क्या कहते हैं पशु चिकित्सक कनीना-
 कनीना के राजकीय पशु चिकित्सालय के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डा. पवन कांगड़ा बताते हैं कि ज्यों ज्यों तापमान बढ़ता है त्यों त्यों शाम के समय तापमान अधिक रहता है जिसके कारण पशु चारा चरना काम कर देता है। दूध की मात्रा 50 प्रतिशत तक काम हो जाती है। ऐसे में पशु पालक प्रतिदिन पशुओं को एक निश्चित समय पर चारा डालने की आदत को भुला देना चाहिए और सोते समय पशुओं के लिए चारा डाल देना चाहिए क्योंकि जब ताप कम होता है तो पशु अपने आप चारा चरने लग जाता है। कम ताप होने पर ही पशु चारा चरते हैं। यही कारण है कि जंगली जीव भी गर्मियों में रात को चारा चरने जाते हैं क्योंकि रात को तापमान कम होता है वहीं सर्दियों में दिन के समय चारा चरने जाते हैं क्योंकि सर्दियों में थोड़ा ताप दिन में बढ़ जाता है। उनका कहना है कि पशुओं को ठंडे एवं छायादार पेड़ के नीचे बांधना चाहिए। गर्मी से बचाना चाहिए, हो सके तो किसी कमरे में पशु को रखना चाहिए जिसकी खिड़की और दरवाजे हवादार होने चाहिए किंतु खिड़की और दरवाजों पर सूती कपड़े या बोरी बांध देनी चाहिए और बोरी और सूती कपड़े पर समय-समय पर पानी डालना चाहिए। हो सके तो कूलर और पंखों का भी प्रबंध पशुओं के लिए करना चाहिए। सुबह और शाम दो बार पशु को नहलाना चाहिए। अगर पास में जोहड़ एवं तालाब हैं तो पशु को जोहड़ या तालाब में छोड़ देना चाहिए जिससे पशु प्रसन्न हो जाता है, गर्मी से बच जाता है। उनका कहना है कि कि पशुओं को गर्मी से बचाकर ही उनसे दूध प्राप्त किया जा सकता है। यदि पशु चारा चरना कम कर देता है तो कमजोर होता चला जाता है, ऐसे समय जब दूध को यथावत बनाए रखने के लिए पशु को मीठा खिलाना चाहिए और मिनरल मिक्सर आदि चारे के साथ प्रदान करने चाहिए ताकि शरीर में ऊर्जा की पूर्ति होती रहे और पशु अधिक दूध दे। उन्होंने बताया कि जुलाई से दिसंबर महीने में पशुओं का अधिक ब्याते हैं जिसके कारण दूध की मात्रा
फिर से बढऩे लग जाती है। वरना दूध की मात्रा घटती ही चली जाती है। डा. का कहना है कि गर्मियों में पशु को ठीक उसी प्रकार रखना चाहिए जैसी इंसान गर्मी से बचता है।
क्या कहते हैं पशुपालक -
पशुपालक सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, नरेश कुमार आदि ने बताया कि वह पशु पालते हैं और हर वर्ष गर्मी और सर्दी में उनके पशु दूध कम देने लग जाते हैं। दूध की मात्रा घटने से पूरे परिवार का भरण पोषण भी करना कठिन हो जाता है और यह समस्या बारिश आने तक बनी रहती है। जब वर्षा आती है तो फिर से पशु खुश हो जाते हैं। ऐसे में उनका मानना है कि वह पशुओं को सर्दी गर्मी से बचाना चाहिए।
फोटो कैप्शन: डा. पवन कांगड़ा और
फोटो कैप्शन 02: पशुओं के साथ खड़ा पशुपालक





तीन लोगों के विरुद्ध चोरी का मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
 कनीना थाने के तहत आने वाले गांव बवाना निवासी किताबों ने तीन लोगों के विरुद्ध चोरी के मामला दर्ज करवाया है।
 उन्होंने कहा है कि 6 अप्रैल को रात्रि के 10-11 बजे जब घर वह सो रही थी तो टिंकू, गुल्लू एवं टोनी घर से बाहर की ओर कूदे। तब आवाज सुनकर देखा तो ये व्यक्ति मोटर व उसके तार चेारी करके ले जा रहे थे। शोर मचाने पर वहां से भाग खड़े हुए। उनके बयान पर चोरी का मामला दर्ज कर लिया है।





56 वर्षीय व्यक्ति गुम, दिमागी हालत से है परेशान
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कनीना की आवाज।
कनीना उप मंडल के गांव सुंदरह के मनीष ने अपने पिता रूपचंद के गुम होने का मामला दर्ज करवाया है। उन्होंने कहा है कि वह कंपनी में काम करता है और उसके पिता 56 वर्षीय रूपचंद दिमागी हालात से ठीक नहीं है। पहले भी दो-तीन बार घर से बिना बताए कहीं जा चुके किंतु खुद आ जाते हैं। 8 अप्रैल को सुबह 11 बजे उनके पिता बस स्टैंड की तरफ जाते हुए दिखाई दिए किंतु घर नहीं लौटे।  हर जगह पता किया किंतु पता नहीं चला। दौंगड़ा अहीर पुलिस चौकी में गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।




लड़का गुम, गुमशुदगी का मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
  कनीना उपमंडल के गांव धनौंदा की उषा ने कनीना थाने में अपने लड़के गुम होने का मामला दर्ज करवाया है। उन्होंने कहा कि 24 अप्रैल को वह अपने लडके सचिन को घर छोड़कर नारनौल गई थी। जब वापस आई तो लड़का नहीं मिला। आसपास पता किया नहीं मिल पाया। उन्हें शक है कि उसे किसी ने अज्ञात स्थान पर छुपा रखा है। वह मंदबुद्धि का है, दिमागी दवाइयां चल रही है। उसकी उम्र 24 वर्ष है। कनीना पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।





महाराण प्रताप को किया जाएगा याद
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कनीना की आवाज।
  भोजावास में 10 मई को वीर महाराणा प्रताप की जयंती मनाई जाएगी। समारोह के मुख्य अतिथि ठाकुर अतरलाल,   प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ट्रस्ट हरियाणा अशोक कुमार चौहान,  एडवोकेट जिला अध्यक्ष राजपूत सभा गुरुग्राम अरुण सिंह चौहान, डा. बृजपाल सिंह पप्पू जिला अध्यक्ष राजपूत प्रतिनिधि सभा भिवानी तथा पवन ठाकुर भिवानी होंगे। आयोजन समिति के चेयरमैन भाग सिंह तंवर ने उक्त जानकारी देते हुए कहा कि समारोह को लेकर 51 सदस्यीय आयोजन समिति तथा दिनेश डालू सिंह एडवोकेट बसई की अध्यक्षता में 31 सदस्यीय स्वागत समिति बनाई गई है। समिति के पदाधिकारी व सदस्य गांव-गांव जाकर जयंती समारोह का निमंत्रण दे रहे हैं।












गांव रामबास में पर्यावरण संरक्षण की मिसाल, फलदार पौधों की देखभाल की गई
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कनीना की आवाज। 
गर्मी के मौसम में पौधों को विशेष देखभाल और पानी की आवश्यकता होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए गांव रामबास की पर्यावरण संरक्षक टीम ने पशु अस्पताल परिसर में लगाए गए फलदार पौधों की सेवा करते हुए उन्हें पानी दिया तथा पौधों के आसपास निराई-गुड़ाई का कार्य किया।
टीम सदस्य मनोज कुमार रामबास ने बताया कि तेज गर्मी में पौधों को समय-समय पर पानी देना बेहद जरूरी है, ताकि वे सूखने से बच सकें और सही तरीके से विकसित हों। साथ ही पौधों के आसपास उगी घास-फूस हटाकर उनकी जड़ों को मजबूती देने का कार्य भी किया गया।
गांववासियों ने टीम के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐसे कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक हैं। टीम ने सभी ग्रामीणों से अपील की कि वे भी पौधे लगाएं और उनकी नियमित देखभाल करें, ताकि गांव हरा-भरा और स्वच्छ बना रहे।
फोटो कैप्शन 01: मनोज कुमार गर्मी में पौधों को बचाते हुए


Saturday, April 25, 2026



 





हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर आग उगलने वाली गर्मी का सिलसिला जारी है-डा. चंद्र मोहन
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कनीना की आवाज।
  हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर आग उगलने वाली गर्मी ने अपने तीखे तेवरों को अख्तियार किए हुए हैं। सम्पूर्ण इलाके में दिन और रात का पारा में उफान देखने को मिल रहा है परन्तु आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा तेज़ गति की हवाओं आंधी अंधड़ के साथ हल्की बारिश बूंदा-बांदी की सम्भावना बन रही है। मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर लगातार पश्चिमी  गर्म मरूस्थलीय शुष्क हवाओं  और सूर्य के तल्ख तेवरों ने सम्पूर्ण इलाके में तापमान में सामान्य से अधिक बने हुए और जलती तपती गर्मी अपने तीखे तेवरों से आगाज किए हुए हैं क्योंकि गर्म और शुष्क हवाओं ने वातावरण से धीरे-धीरे नमी को सोख लिया है। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर दिन के तापमान 40.0 डिग्री सेल्सियस से 44.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है  कुछ स्थानों पर हीट बेब लूं की स्थिति बनी हुई है।आज हरियाणा एनसीआर दिल्ली में सबसे ज्यादा गर्म दिन रोहतक के 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया वहीं दूसरी तरफ रात्रि तापमान भी 25.0 डिग्री सेल्सियस से 30.0 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। भिवानी की रात सबसे ज्यादा गर्म 30.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम पूर्वानुमान
 आने वाले दिनों में हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। आज शनिवार को एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में बादलों की आवाजाही देखने को मिल रही है इस मौसम प्रणाली का असर शनिवार शाम से  रविवार रात्रि तक रहेगा जिससे हरियाणा एनसीआर दिल्ली में तेज़ गति की हवाओं आंधी अंधड़ के साथ बिखराव वाली हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियां देखने को मिलेगी। इस मौसम प्रणाली से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में तापमान में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिलेगी केवल हल्की गिरावट ही होंगी। हवाओं की दिशा पश्चिमी से दक्षिणी पश्चिमी होने वातावरण में नमी पहुंचनें से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में आग उगलने वाली गर्मी के स्थान पर  उमसभरी पसीना छूटाने वाली गर्मी से आमजन को रूबरू होना पड़ेगा। परन्तु इस मौसम प्रणाली के पीछे पीछे एक नया पश्चिमी विक्षोभ 27 अप्रैल रात को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होने से उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी हरियाणा पर एक चक्रवातीय सर्कुलेशन बनने से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से प्रचुर मात्रा में नमी पहुंचने लगेगी जिससे सम्पूर्ण इलाके में बादलों की आवाजाही में बढ़ोतरी और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने आंधी अंधड़ के साथ हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियों की 27-28-29 अप्रैल के दौरान सम्भावना बन रही है। भारतीय मौसम विभाग ने सम्पूर्ण इलाके पर येलो अलर्ट जारी कर दिया है।यह मौसम प्रणाली बढ़ते हुए तापमान को जरूर नियंत्रित करेंगी जिसकी वजह से आमजन को कुछ राहत के आसार बन रहे हैं।अगर हवाओं की गति धीमी हुई तो हरियाणा एनसीआर दिल्ली में उमसभरी गर्मी अपने रंग दिखाती रहेगी। उसके पिछे पिछे 30 अप्रेल और उसके बाद 2  मई और 5 मई  को भी एक बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अप्रेल माह के अन्तिम दिनों और मई महिने के पहले सप्ताह में लगातार मौसम में बदलाव जारी रहेगा।
जिला महेंद्रगढ़ और जिला हिसार का मौसम का मिजाज
जिला महेंद्रगढ़ और में  सूर्य देव के तल्ख तेवरों और पश्चिमी शुष्क हवाओं से तापमान में उफान देखने को मिल रहा है। सम्पूर्ण इलाके पर हीट बेब लूं और आग उगलने वाली गर्मी अपने तीखे तेवरों से आगाज़ किए हुए हैं। शनिवार को जिला हिसार और महेंद्रगढ़ पर दोपहर बाद आंशिक बादल वाही देखने को मिलीं वहीं महेंद्रगढ़ में कहीं कहीं छिट-पुट बूंदाबांदी की गतिविधियों को दर्ज किया गया। आज जिला महेंद्रगढ़ में नारनौल और महेंद्रगढ़ का दिन और रात का तापमान क्रमश:  43.5,29.5 डिग्री सेल्सियस और  42.025.5डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जिला महेंद्रगढ़ में दिन और रात के तापमान  सामान्य से अधिक बने हुए हैं। जबकि हिसार का दिन और रात का तापमान क्रमश: 43.0डिग्री सेल्सियस और 25.6डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिला हिसार में दिन और रात के तापमान सामान्य से अधिक बने हुए हैं।





चार घंटे बिजली रहेगी बंद
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कनीना की आवाज।
डीएचबीवीएन में निवारक रखरखाव  के लिए 33 केवी सिहोर लाइन पर दिनांक 26 अप्रैल 2026 को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक काम करने की अनुमति ली जाएगी। इस कार्य के चलते 26 अप्रैल 2026 को 11 केवी सिहोर, 11 केवी उच्चत, 11बहाला और 11 केवी झाड़ली फीडरों की बिजली आपूर्ति बंद रहेगी।





महापंचायत 26 अप्रैल को
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कनीना की आवाज।
कनीना विधानसभा क्षेत्र की बहाली को लेकर कनीना कस्बे के लोगों की एक पंचायत मोलडऩाथ आश्रम ग्राउंड में आयोजित की जाएगी। विस्तृत जानकारी देते हुए दीपचंद यादव ने बताया कि इस पंचायत में फैसला लिया मां पंचायत में फैसला लिया जाएगा की विभिन्न गांवों के लोगों की महापंचायत कब आयोजित की जाए।






राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास में मनाया विश्व मलेरिया दिवस
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास में  विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या रेणु मेहरा ने की।
इस कार्यक्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोजावास में कार्यरत स्वास्थ्य निरीक्षक अमरजीत एवं स्वास्थ्य कर्मी अनिल रसूलपूरियां ने विद्यालय परिसर में उपस्थित छात्रों एवं स्कूल स्टाफ को बताया कि हर वर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है, उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग आमजन के सहयोग से मलेरिया को खत्म करना चाहता है। मलेरिया मादा एनाफ्लीज मच्छर के काटने से होता है, ऐसे में मलेरिया से बचने के लिए मच्छरों को पनपने से रोकना होगा, हमे फ्रिज की वेस्टेज पानी ट्रे ,कूलर, पानी के सकोरे आदि समय समय पर खाली करते रहना चाहिए। बुखार होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर अपने रक्त की जांच करवानी चाहिए और बुखार की दवाई लेनी चाहिए। मलेरिया की पुष्टि होने पर  दवाई का पूरा कोर्स लेना चाहिए।                                      
इस अवसर पर अशोक कुमार, प्रवक्ता मंजू, आशा वर्कर  सुलोचना, आशा वर्कर अमृता एवं स्कूल का समस्त स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 09: स्कूल में मलेरिया दिवस मनाते हुए



मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रहार, थाना सदर कनीना पुलिस ने 179 ग्राम गांजा सहित आरोपी को दबोचा
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कनीना की आवाज।
पुलिस अधीक्षक दीपक के निर्देशानुसार नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए, थाना सदर कनीना की पुलिस टीम ने मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान गांव कपूरी निवासी चितरपाल के रूप में हुई है।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी चितरपाल कपूरी गांव में चौराहे के नजदीक मादक पदार्थ (गांजा) बेचने का अवैध धंधा करता है। इस सूचना को पुख्ता मानते हुए तुरंत एक रेडिंग पार्टी का गठन किया गया और मौके पर पहुंचकर आरोपी को काबू किया गया। नियमानुसार पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत राजपत्रित अधिकारी मौके पर बुलाया गया। उनकी उपस्थिति में जब आरोपी की तलाशी ली गई, तो उसके पास से प्लास्टिक की थैली बरामद हुई। जांच और वजन करने पर थैली से कुल 179 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने मौके पर ही बरामद गांजे को सील कर अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपी के खिलाफ थाना सदर कनीना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा इस मामले में आगामी जांच और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
फोटो कैप्शन 07: पकड़ा का आरोपी


उन्हाणी व गुढा में स्व-जनगणना पोर्टल को लेकर जन-जागरूकता अभियान तेज
- 30 अप्रैल तक स्वयं कर सकेंगे जनगणना, गणनाकार करेंगे सत्यापन
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कनीना की आवाज।
आगामी जनगणना को डिजिटल, पारदर्शी एवं जनसहभागिता आधारित बनाने की दिशा में गांव उन्हाणी एवं गुढा में स्व-जनगणना  पोर्टल को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में जिला स्तरीय प्रशिक्षक प्रोफेसर हरिओम भारद्वाज ने ग्रामीणों को पोर्टल के उपयोग की विस्तृत एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की।
प्रो. भारद्वाज ने बताया कि सरकार द्वारा आरंभ किए गए स्व-जनगणना पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक नागरिक 30 अप्रैल 2026 तक अपनी जनगणना स्वयं कर सकता है। उन्होंने मौके पर पोर्टल को संचालित कर लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिया, जिससे ग्रामीणों को इसकी कार्यप्रणाली सहज रूप से समझ आई।
उन्होंने समझाया कि स्व-जनगणना पूर्ण करने के उपरांत प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट पहचान प्राप्त होगी। जब गणनाकार  घर-घर पहुंचेंगे, तब परिवार द्वारा यह आई डी उन्हें प्रदान की जाएगी, जिसके आधार पर गणनाकार केवल डेटा का सत्यापन करेंगे। इस प्रकार जनगणना प्रक्रिया में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होने के साथ-साथ गणनाकारों की भूमिका भी अधिक सटीक एवं प्रभावी हो जाएगी।
प्रो. भारद्वाज ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि जनगणना में दी गई सभी सूचनाएं पूर्णत: गोपनीय रखी जाती हैं और इन्हें किसी भी अन्य उद्देश्य के लिए साझा नहीं किया जाता। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सही, स्पष्ट एवं तथ्यात्मक जानकारी ही दर्ज करें, ताकि जनगणना के आंकड़े विश्वसनीय बन सकें।
कार्यक्रम के दौरान गणनाकारों को भी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे वे पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों का सही एवं समयबद्ध सत्यापन कर सकें। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मौके पर ही पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज की, जिससे कार्यक्रम में जागरूकता के साथ-साथ सहभागिता भी देखने को मिली।
इस अवसर पर जिला स्तरीय प्रशिक्षित अधिकारी संदीप यादव ने तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में श्री राजसिंह (गिरदावर), अनूप सिंह (पटवारी), प्रदीप कुमार (पटवारी) सहित गांव के गणमान्य नागरिक, पंच, सरपंच एवं नंबरदार भी उपस्थित रहे और उन्होंने इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
सरकार के इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु दोनों गांवों में जन-जागरूकता अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है, जिसके तहत अधिक से अधिक लोगों को स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना तथा जनगणना प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी, सहभागी एवं समयबद्ध बनाना है। अंत में प्रो. भारद्वाज ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे इस राष्ट्रीय दायित्व में सक्रिय भागीदारी निभाएं और जनगणना कार्य को सफल बनाएं।
फोटो कैप्शन 08: जनगणना की जानकारी देते हुए प्रो. हरिओम भारद्वाज



नगरपालिका कनीना उपचुनाव (वार्ड-14)
-आखिरी दिन 6 उम्मीदवारों ने भरे नामांकन
-कुल 8 प्रत्याशी मैदान में
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कनीना की आवाज।
नगरपालिका कनीना के वार्ड संख्या 14 में होने वाले उपचुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन शनिवार को 6 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए, जिससे कुल प्रत्याशियों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है।
21 से 25 अप्रैल तक चली नामांकन प्रक्रिया के दौरान अंतिम दिन सुमेर सिंह यादव, अशोक कुमार, बलजीत, प्रदीप यादव और अनूप यादव ने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। इसके अतिरिक्त विकास ने अपने पिता सुरेंद्र के पक्ष में कवरिंग उम्मीदवार के रूप में नामांकन प्रस्तुत किया। प्रशासन द्वारा नामांकन प्रक्रिया की विस्तृत रिपोर्ट जिला उपायुक्त एवं राज्य निर्वाचन आयोग, पंचकूला को प्रेषित कर दी गई है।
चुनाव रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पूरी नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल को प्रात: 11:30 बजे नामांकन पत्रों की जांच  की जाएगी, जबकि 28 अप्रैल को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी का समय निर्धारित किया गया है। इसके उपरांत प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।
उन्होंने आगे बताया कि 10 मई को मतदान संपन्न होगा तथा 13 मई को मतगणना की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
मतदाताओं की सुविधा एवं शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कंट्रोल रूम (संपर्क नंबर- 01285-294030) स्थापित किया गया है। मतदान के लिए 'पितामह कान्हसिंह धर्मशालाÓ को मतदान केंद्र निर्धारित किया गया है। साथ ही, सुरक्षा के मद्देनजऱ पुलिस प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं।
फोटो कैप्शन 01 से 04: नामांकन करने वाले प्रत्याशी


महाविद्यालय की छात्राओं ने रचा इतिहास, विश्वविद्यालय मेरिट सूची में पाया प्रथम व द्वितीय स्थान
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कनीना की आवाज।
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर  द्वारा आयोजित कला स्नातक (बीए) प्रथम वर्ष की वार्षिक परीक्षा में राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हाणी की छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
महाविद्यालय की मेधावी छात्रा आरजू गांव पोता ने विश्वविद्यालय की मेरिट सूची में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि छात्रा सोनिया गांव खेड़ी तलवाना ने द्वितीय स्थान हासिल कर शानदार सफलता अर्जित की। यह पूरे महाविद्यालय, अभिभावकों एवं क्षेत्र के लिए अत्यंत गर्व का विषय है।
इस  उपलब्धि के उपलक्ष्य में महाविद्यालय परिसर में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दोनों छात्राओं को उनके अभिभावकों के साथ मंच पर आमंत्रित कर  स्मृति-चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विक्रम सिंह ने कहा कि स्टाफ की कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और अनुशासन की बदौलत इस महाविद्यालय की छात्राओं ने मात्र 8 वर्षों में चार बार इन्दिरा गांधी विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया है और तीनों संकायों की मेरिट सूची में इस महाविद्यालय की छात्राएं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि ये दोनों छात्राएं ग्रामीण अंचल के सरकारी स्कूलों से शिक्षा ग्रहण करके इस महाविद्यालय में अध्ययन कर इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की है जो अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
दोनों छात्राओं ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों को दिया। उन्होंने अन्य विद्यार्थियों को भी नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढऩे की सलाह दी।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त स्टाफ, विद्यार्थियों  ने आरजू और सोनिया को बधाई दी एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं की।
फोटो कैप्शन 05: छात्राओं को पुरस्कृत करते हुए
  साथ में सोनिया एवं आरजू


घनी आबादी के बीचों बीच गुजार रखी है एचटी लाइन
-बार-बार प्रशासन से मांग करने पर भी नहीं हटाया गया
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कनीना की आवाज।
 एक और जहां सरकार और न्यायालय नहीं चाहते कि घनी आबादी के बीच से एचटी लाइन गुजरी जाए किंतु कनीना में घनी आबादी के बीच-बीच एचटी लाइन गुजरी हुई है। यही नई टेढ़े मेढ़े पोल भी किसानों की दीवार व किसी की जगह में गाड़ दिए हैं। अब हटाते वक्त एस्टीमेट बनाकर उनसे राशि वसूली जा रही है। यह यही नहीं दो-दो एचटी लाइन साथ-साथ गुजरी गई है। यदि एक को हटा भी दिया जाए तो सरकार पर आर्थिक बोझ कम पड़ेगा।
 मिली जानकारी अनुसार कनीना मंडी से गुजरने वाली रामपुरी नहर को भूमिगत कर दिया गया किंतु ेरेवाड़ी सड़क मार्ग के कटान के पास दोनों तरफ एचटी लाइन बिछाई है जो रेवाड़ी रोड के कटान बिंदु तक पहुंचती है। ये दोनों एचटी लाइन लगाकर सरकार को नुकसान पहुंचाया गया है। यदि एक एचटी लाइन को हटा दिया जाए तो सरकार को कम नुकसान होगा। दूसरी एचटी लाइन जो रास्ते के साथ-साथ कुछ लोगों की जमीन के अंदर से गुजारी गई है जो घनी आबादी के बीचों बीच संकीर्ण गलियों से पोल गाड़कर ली गई है। यदि इस लाइन की बजाय नहर के दूसरी तरफ से गुजर रही लाइन को ही चालू रखा जाए तो एक लाइन को हटाया जा सकता है। पुराने से पेट्रोल पंप राजकुमार कनीनवाल पूर्व मार्केट कमेटी प्रधान के घर के पास से एक गली में से यह एचटी लाइन गुजरती है। लोगों ने बार-बार उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस लाइन को हटाया जाए लेकिन  हटाया नहीं गया। अगर प्रशासन लाइन को हटाना नहीं चाहता तो कम से कम इस पर इंसुलेशन करके ले जाया जाए, मोती केबल भी बिछाई जा सकती है किंतु प्रशासन इसके एस्टीमेट बनाकर राशि वसूलना चाहता है।
 इस क्षेत्र के थान सिंह, विजयपाल, कृष्ण कुमार करतार सिंह और भरपूर सिंह, योगेश कुमार,राज सिंह राजकुमार आदि ने मांग की है कि घनी आबादी के बीच से एचटी लाइन को हटाया जाए।और इसे नहर के साथ-साथ ले जाया जाए या फिर दोनों लाइनों को साथ-साथ ले जाने की बजाय एक ही लाइन से काम लिया जा सकता हे। कृष्ण कुमार, भरपूर सिंह और रोहित एवं योगेश कुमार आदि ने बताया कि एचटी लाइन के कारण बहुत से पौधे बेकार हो गए हैं। हर साल पेड़ों की कटाई कर दी जाती है फिर भी ये बढ़कर लाइन को छू जाते हैं जिससे किसी के आहत होने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने मांग की है कि दो लाइनों के बजाय एक से ही काम लिया जाए। यही नहीं प्रशासन यदि नहीं हटाना चाहता तो मोटी केबल से भी यह लाइन ले जाई जा सकती है जिससे किसी के करंट लगने की संभावना से बचा जा सकता है।
इस समय में उच्च अधिकारियों तक भी शिकायत की हुई है किंतु विभाग टस से मस भी नहीं होता।
 फोटो कैप्शन दो व तीन: घनी आबादी से गुजारी गई एचटी लाइन, खंभो को टेढ़ा मेढा गाड़ा हुआ


गर्मी से बचाव के लिए कांता यादव ने वितरित की 80 पानी की बोतलें
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कनीना की आवाज।
राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में बाल प्रतिभा उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अध्यक्षता राजकुमार पंच ने तो मुख्य अतिथि डा. कांता यादव प्रोफेसर  मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुई ।उन्होंने  विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए शिक्षा, अनुशासन, संस्कार ,संस्कृति के ओत-प्रोत अपने विचार व्यक्त किए। बिना मनुष्य अधूरा है हमें अनुशासन बद्ध रहकर  ज्यादा से ज्यादा ज्ञान प्राप्त कर अपने जीवन में उच्च लक्ष्य को प्राप्त करना चाहिए। शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास संभव है। नई शिक्षा नीति 2020 का हवाला देते हुए उन्होंने नवीनतम , तकनीकी आधारित शिक्षण, उपचारात्मक, सृजनात्मक आधुनिक , नवीनतम शिक्षण अधिगम  की महता  पर प्रकाश डाला।
   मुख्य अतिथि ने विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा आठवीं तक के सभी विद्यार्थियों को ठंडा पानी पीने की 80 बोतलें वितरित की। उन्होंने कहा कि गर्मी में सभी जल का सेवन अधिक से अधिक मात्रा में करें। उन्होंने  विद्यार्थियों को हीटवेव  से बचाव करने की सलाह दी। मौलिक मुख्याध्यापक वीरेंद्र सिंह जांगिड़ ने कहा कि परोपकार में ही ईश्वरीय सेवा भाव निहित होता है। इस शुभ अवसर पर सूबे सिंह वरिष्ठ समाज सेवक, सतपाल साहब ,बृजलाल सेठ ,राजकुमार ,सुनील कुमार शास्त्री, मनवीर सिंह तंवर , देवेंद्र, सुनील कुमार डीपीई ,राजेश कुमार ,भगत सिंह ,गरिमा रानी आदि सम्मानित ग्रामीण जन उपस्थित रहें।
फोटो कैप्शन 04: प्रो. डा. कांता बच्चों को पानी की बोतल वितरित करते हुए।


विश्व बौद्धिक संपदा दिवस-26 अप्रैल
एक नहीं दो-दो बेटे वैज्ञानिक पद पर हैं रामावतार गुढ़ा के
-पति एवं पत्नी भी हैं लेखक एवं लेखिका
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कनीना की आवाज।
  कनीना उपमंडल के गांव गुढ़ा निवासी रामावतार स्वयं ही प्रतिभावान नहीं हैं अपितु उनकी वर्तमान पत्नी भी समाजसेवा में नाम कमा चुकी है। उनके एक नहीं अपितु दो-दो पुत्र युवा वैज्ञानिक हैं जो देश की ही नहीं अपितु विदेशों की सेवा भी दे रहे हैं।
 रामावतार की शादी उस वक्त हुई जब वे एमएससी की शिक्षा पा रहे थे। उनकी शादी कांटी खेड़ी निवासी शकुंतला से हुई । वह कुशाग्र बुद्धि की विदुषी थी जो अपने बेटों की पढ़ाई की ऐसी नींव डाल गई कि बच्चे प्रथम पंक्ति में ही रहे । अफसोस वह दो पुत्ररत्न (बड़ा भारत भूषण और छोटा योगेश्वर शर्मा) छोड़कर जब स्वर्ग सिधारी तब छोटे बच्चे की आयु सात वर्ष और बड़े की आयु चौदह वर्ष थी। भारत भूषण शुरू से ही पढ़ाई में तेज रहा था। उसे पढऩे की तकनीक वास्तव में उसकी मां से मिली थी। 1976 में जन्मा भारत भूषण ने पांचवीं में भी जिला स्तर पर वजीफा हासिल किया था। उसने सैनिक स्कूल परीक्षा पास की लेकिन वहां पर वह पढ़ा नहीं। कुंजपुरा (करनाल) में सैनिक स्कूल में भी प्रवेश मिला  लेकिन उसका दिल न जाने क्यों तैयार नहीं हुआ। दसवीं में भी राज्य स्तरीय वजीफा जीता। और अपनी मेहनत के बल पर बहुत अच्छे अंक लेकर कुछ समय बाद वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए मुरथल चला गया। वहां पर चार साल की पढ़ाई बिना किसी रुकावट के पूरी की और अपने पैरों पर खड़े होने की हिम्मत आ गई थी । देखते ही देखते भगवान ने मेहर की तो वह इसरो मे बतौर वैज्ञानिक 1998 में लग गया। वर्तमान में वे बैंगलोर स्थित स्पेस संस्थान में वैज्ञानिक पद पर विराजमान हैं। वे लगातार स्पेस संस्थान में सेवा दे रहे हैं और युवा प्रतिभावान वैज्ञानिक माने जाते हैं। उनका कहना है कि वे देश की सेवा में लगातार सेवा करते रहेंगे और देश को उन्नति के मार्ग पर ले जाने के लिए भरसक संकल्प लिये हुये हैं। वे गरीबों के लिए विभिन्न नेत्र चिकित्सा शिविर आदि करवा रहे हैं।
 रामावतार का छोटा लड़का योगेश्वर 1983 में जन्में तथा प्राइमरी स्कूली शिक्षा अपने गांव गुढ़ा जिला महेंद्रगढ़ से प्राप्त करने के बाद उनका चयन नवोदय विद्यालय करीरा में हो गया और वह आगे की पढ़ाई के लिए वहां चला गया। वहां जाकर उसने राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कालेज देहरादून में दाखिले के लिए तैयारी की। वहां एक सेमेस्टर में केवल 25 विद्यार्थियों का चयन होता है। सौभाग्य से उसका चयन हुआ लेकिन मेडिकल के दौरान एक डाक्टर ने उसे (नोक नीज ) के कारण दाखिले के अयोग्य लिख दिया। जबकि नोक नीज कोई परमानेंट डिफोरमिटी नहीं है । उस समय वह सातवीं में पढ़ता था। लेकिन वह हतोत्साहित नहीं हुआ । अपना ध्यान बस पढ़ाई में ही रखा ।
दसवीं की परीक्षा में नवोदय विद्यालयों में आल इंडिया टाप किया तो भारत सरकार ने उसको अपने पिता के साथ पंद्रह दिन का नि:शुल्क  हवाई टूर दिया जो तत्कालीन विदेश राज्यमंत्री वसुंधरा राजे और इसरो चेयरमैन डाक्टर कस्तूरीरंगन की देख रेख में पूरा हुआ। तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री डा. मुरली मनोहर जोशी ने योगेश्वर शर्मा को फिक्की ओडिटोरियम में गोल्ड मैडल प्रदान किया। दो साल बाद वह आईआईटी कानपुर में दाखिल हुआ और वही पर राष्ट्रपति गोल्ड मेडल जीता फिर डाक्ट्रेट की पढ़ाई के लिए अमेरिका की कोर्नेल युनिवर्सिटी में चयनित हुआ। वर्तमान में फेसबुक में बतौर वैज्ञानिक कैलिफोर्निया में कार्यरत हैं। वे फेस में लगातार नया अन्वेषण कार्य में लालायित हैं। वे भारत का नाम विदेश में ऊंचा कर रहे हैं। उसी के प्रयास से
 दोनों वैज्ञानिकों के माता पिता भी देश सेवा में जुटे हुये हैं और बतौर लेखन कार्य नाम कमा चुके हैं। दोनों की अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हें।
  मास्टर रामावतार का जन्म 02 जनवरी 1950 को गाव गुढ़ा जिला महेन्द्रगढ में एक साधारण से घर में जन्मे मास्टर रामअवतार ने निष्काम सेवा के संस्कार अपनी मां स्व.गिन्दोड़ी देवी , अपने पिता स्व. नत्थूराम ,अपने दादा स्व. हरदयाल से लिए ।
गरीबी का दौर था 1955-60 के दौरान इनकी माता इन्हें स्कूल जाते समय दादा जी के लिए रात की रोटी छाछ राबड़ी दे देती थी ।
अधिकांश बार दादा जी अपने लिए आई रोटी राबड़ी किसी राहगीर को खिला देते थे । बस निष्काम सेवा का भाव वहां से शुरू हुआ जो आज तक जारी है ।
यद्यपि घर की आर्थिक स्थिति बहुत बढिय़ा नहीं थी फिर भी माता पिता और बड़े भाइयों ने यथासंभव सहयोग कर विज्ञान स्नातक की पढ़ाई पूरी करवाई ।
फिर उनकी शादी शकुन्तला से हुई । वह कुशाग्र बुद्धि की विदुषी थी जो अपने बेटों की पढ़ाई की ऐसी नींव डाल गई कि दोनों शिक्षा के क्षेत्र में प्रथम पंक्ति में रहते हैं। लंबी बीमारी के चलते उनका देहांत नौ मार्च 1991 में हो गया किंतु रामावतार ने बच्चों का किसी प्रकार हौसला कम नहीं दिया।
आज से तेरह वर्ष पहले वे सेवानिवृत्त हुए तो उन्होंने अपना ध्यान जनसेवा और लेखन पर केन्द्रित कर दिया ।
उन्होंने अपने पिता जी की पुण्य तिथि पर पहला आँखों का फ्री कैम्प अपने ही गुढा में लगवाया । आप्रेशन और इलाज के तमाम खर्चे मास्टर जी ने बच्चों की नेक कमाई से किए । जब लाभार्थी रोगियों की संख्या 2314 हुई तो सेंटर युनिवर्सिटी जाट पाली में राष्ट्रपति के आगमन पर उन्हें बुला कर सम्मानित किया गया । आज यह संख्या 5 हजार हो गई है ।
मास्टर जी सरकारी स्कूलों में जाकर मेधावी छात्रों को नकद पुरस्कार देते हैं और साथ ही गरीब बच्चों को वांछित सामान भी देते रहे हैं ।
लेखन तो इनकी दिनचर्या में शामिल है । लम्बे समय से इनके लेख , कहानियां , दोहे , रागिनियां और कुण्डलियां प्रकाशित हो रही हैं । इनकी पहली पुस्तक बाल विकास , समस्याएं और समाधान समाज के द्वारा काफी सराही गई थी । एक साल बाद ही इसका दूसरा संस्करण आ गया था । उसके बाद हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा इनकी नारी की सै दुश्मन नारी,बेट्टी बेट्टे तैं कम कौन्या,अवतार दोहावली ,अवतार सतसई हरियाणा साहित्य अकादमी से अनुदानित की हुई। इनकी दो पुस्तकें
कल्लो ताई की कलम तै और कोरोना काल की कुण्डलियां आ चुकी हैं।
चूंकि घर की परिस्थितियां एवं अपने जीवन को आगे चलाने के लिए मास्टर रामावतार ने दूसरी शादी 2002 में कमला देवी से की जो अलवर की रहने वाली हैं। उनकी इस साधना में उनकी अर्धांगिनी  कमला देवी का विशेष योगदान है। कुल मिला कर यह कहा जा सकता है कि मास्टर रामअवतार जैसे निष्काम साधक कम ही मिलते हैं। इनकी दिल का दर्द तथा भंवर सहित चार पुस्तकें हरियाणा साहित्य अकादमी से अनुदानित हो चुकी हैं।




















फोटो कैप्शन 01:रामावतार , कमला देवी, भारत भूषण, योगेश्वर।