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Monday, April 6, 2026





 
 कोरियावास मेडिकल कालेज में राव तुलाराम अस्पताल के ओपीडी व रेडियोलाजी विभाग का उद्घाटन
-सीएम नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता :आरती सिंह राव
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कनीना की आवाज।।
हरियाणा की स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान तथा आयुष मंत्री आरती सिंह राव ने आज महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज कोरियावास (नारनौल) में नवनिर्मित राव तुलाराम अस्पताल के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) और रेडियोलाजी विभाग का उद्घाटन किया। नारनौल के विधायक ओम प्रकाश यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अस्पताल में ओपीडी सेवाओं का शुभारंभ अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हरियाणा के हर जिले में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि आमजन को बेहतर उपचार के लिए कहीं दूर न जाना पड़े।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। आमजन को बेहतरीन और सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना ही सरकार का मुख्य लक्ष्य है और इसी दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि फिलहाल यहां पर 100 सीटों पर एमबीबीएस के दाखिले हैं। अब प्रयास है कि 150 सीटों पर एमबीबीएस के दाखिले हों।
उन्होंने कहा कि यह तो उनके एक साल के कार्यकाल का छोटा सा ट्रेलर था फिल्म अभी बाकी है।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री एवं नारनौल के विधायक ओम प्रकाश यादव ने कहा कि राव तुलाराम अस्पताल में इन विभागों के विधिवत संचालन से अब स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को विश्वस्तरीय रेडियोलाजी जांच और विशेषज्ञों का परामर्श मिल सकेगा। आने वाले समय में यहां और भी अधिक सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि शहीदों के नाम से इस अस्पताल का नामकरण होना हम सबके लिए गर्व की बात है।
मेडिकल कालेज के निदेशक डा. बृजेंद्र सिंह ढिल्लों ने मेडिकल कॉलेज में चल रही सुविधाओं की जानकारी दी।
इस मौके पर हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार, पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय रोहतक के वाइस चांसलर डा. एचके अग्रवाल, बीजेपी के जिला अध्यक्ष डा. यतेंद्र राव तथा सीएमओ डा. अशोक कुमार के अलावा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 09 से 11: महर्षि च्यवन मेडिकल कालेज कोरियावास में नवनिर्मित राव तुलाराम अस्पताल के ओपीडी व रेडियोलाजी विभाग का उद्घाटन करती स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव।



कनीना में जनगणना 2027 प्रशिक्षण शिविर शुरू,
-- जिला स्तरीय प्रशिक्षकों ने दिया मार्गदर्शन
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कनीना की आवाज।
भारत की आगामी जनगणना 2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से कनीना क्षेत्र में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ सोमवार को किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 06 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण शिविर का आयोजन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी एवं माडल स्कूल कनीना में किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन चार्ज (सेंसस) अधिकारी एवं नगर पालिका सचिव कपिल कुमार के निर्देशन में किया जा रहा है।
शिविर के प्रथम दिन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी में कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक द्वारा किया गया। उन्होंने जनगणना को राष्ट्रीय महत्व का कार्य बताते हुए प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशिक्षण में कुल 38 प्रतिभागी शामिल हैं, जिनमें विभिन्न विद्यालयों के जेबीटी, पीजीटी एवं पीआरटी अध्यापक शामिल हैं। इन प्रतिभागियों को जनगणना से संबंधित दिशा-निर्देश, डेटा संकलन प्रक्रिया तथा तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
चार्ज अधिकारी नगर पालिका सचिव कपिल कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण प्रतिदिन प्रात: 9 बजे से सायं 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए पावर पाइंट प्रेजेंटेशन, डिसप्ले एवं माडल डेमोंस्ट्रेशन का सहारा लिया जा रहा है।
इस अवसर पर जिला स्तरीय प्रशिक्षक डा. हरिओम भारद्वाज एवं डा. संदीप कुमार सहायक प्रोफेसर, राजकीय पीकेएसडी महाविद्यालय कनीना द्वारा प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
डा. हरिओम भारद्वाज ने कहा कि जनगणना के दौरान एकत्र किए गए आंकड़ों को पूर्णत: गोपनीय रखते हुए पारदर्शिता के साथ कार्य करना आवश्यक है। वहीं डा. संदीप कुमार ने इसे केंद्र सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना बताते हुए प्रगणकों को इसकी अहम कड़ी बताया।
कार्यक्रम में नगर पालिका के वीरेंद्र कुमार, सुपरवाइजर सुरेंद्र यादव, ममता यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रशासन द्वारा प्रशिक्षण शिविर के सफल संचालन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिससे जनगणना कार्य को सुचारु एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया जा सके।
फोटो कैप्शन 06 व 07: जन गणना का प्रशिण देते हुए तथा प्रशिक्षण पाते शिक्षक



तमन्ना ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पाया दूसरा स्थान
--राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह की छात्रा तमन्ना
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कनीना की आवाज।
3 अप्रैल 2026 को मोहाली में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता- किस में कितना है दम में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह की छात्रा तमन्ना ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा और मेहनत का शानदार परिचय दिया तथा दूसरा स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता में हरियाणा ,पंजाब, राजस्थान, गुजरात ,उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल सहित लगभग भारत के 15 राज्यों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस उपलब्धि पर पूरे विद्यालय परिवार और ग्राम वासियों में खुशी का माहौल है । विद्यालय परिवार ने छात्रा कि इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि से पूरे विद्यालय परिवार  और ग्राम वासियों में खुशी का माहौल है । विद्यालय परिवार ने छात्रा कि इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। विद्यालय के प्राचार्य  बाबूलाल यादव ने इस सफलता का श्रेय छात्रा की लगन परिश्रम एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन को देते हुए कहा कि ऐसी उपलब्धियां अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
फोटो कैप्शन 08: छात्रा तमन्ना उपलब्धि दिखाते हुए








ताऊ देवीलाल की पुण्यतिथि मनाई
--धनौन्दा में धूमधाम से मनाई गई पुण्यतिथि
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कनीना की आवाज।
बसपा के तत्वावधान में देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री व हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल की पुण्यतिथि गांव धनौन्दा में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर बसपा नेता अतरलाल एडवोकेट ने मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर चौधरी देवीलाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता बसपा के जिला जोन प्रभारी पंडित लालचंद शर्मा ने की।
  इस अवसर पर अतरलाल ने कहा कि चौधरी देवीलाल किसानों और कमेरों के मसीहा थे। किसानों के लिए किए गए उनके कार्य ऐतिहासिक हैं। वृद्धावस्था पेंशन की शुरुआत कर उन्होंने वृद्धों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया। उनका प्रसिद्ध नारा - लोकराज लोकलाज से चलता है, सदा सर्वदा देश के हुक्मरानों को नैतिकता के साथ जनहितैषी शासन के लिए प्रेरित करता रहेगा। वे 36 बिरादरी के नेता थे। समाज के सभी वर्गों के उत्थान और भलाई के लिए किए गए उनके कार्य सदैव देशवासियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित कैप्टन ओमपाल सिंह ने उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं से चौधरी देवीलाल के जीवन और कार्यों का अनुसरण करने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बहुजन समाज पार्टी के जिला जोन प्रभारी पंडित लालचंद शर्मा ने चौधरी देवीलाल को गरीब, किसान और पिछड़ों का रहनुमा बताते हुए चौधरी देवीलाल के जनकल्याणकारी कार्यों की चर्चा की। सतपाल सिंह थानेदार ने कहा कि चौधरी देवीलाल ने गांवों में अनुसूचित जाति चौपाल और पिछड़ा वर्ग चौपालों का निर्माण करवाकर समाज के सभी वर्गों को आगे बढ़ाने का काम किया। औमप्रकाश यादव और पवन प्रजापत ने चौधरी देवीलाल के जीवन और कार्यों के बारे में विस्तार से बताया और युवाओं से चौधरी देवीलाल के आदर्शों पर चलने की अपील की। इस अवसर पर प्रोफेसर सुभाषचंद यादव, प्रोफेसर नवीन जांगड़ा, मुकेश कुमार, गुरूदत्त पंच, राजबीर गौड़, प्रशांत, बीर सिंह, दीपक, राजकुमार, सोनू, परमजीत कौशिक सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 04: चौधरी देवीलाल के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए नेताजी अतरलाल व अन्य गणमान्यजन।


विश्व स्वास्थ्य दिवस -7 अप्रैल
स्वास्थ्य की ओर दिया जा रहा है कम ध्यान --खाने पीने की बदल गई है आदतें
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कनीना की आवाज।
7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जा रहा है। क्योंकि कभी भी स्वास्थ्य के लिए विशेष ध्यान दिया जाता था किंतु आजकल स्वास्थ्य के प्रति लोगों का रुझान घटता जा रहा है। लोग खानपान, रहन-सहन आदि के तरीकों में परिवर्तन करते ला रहे हैं जिसका कु-प्रभाव उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है। आज युवा पीढ़ी, विद्यार्थी वर्ग, शिक्षक वर्ग या किसान वर्ग हो सभी परेशानियों से जुड़ते नजर आते हैं और खाने-पीने पर बहुत कम ध्यान दे पाते हैं। विश्व स्वास्थ्य दिवस पर कुछ लोगों से चर्चा की गई।
***खाने पीने की आदतों में सुधार होनी चाहिए। समय पर खाना लेना चाहिए और वह भी संतुलित आहार लेना चाहिए, फास्ट फूड से बचना चाहिए तथा बाजार की चीजों की बजाय घर पर बना कर खाएं तो बेहतर हो सकता है। यदि स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाए तो साबुत अनाज खाने चाहिए, सलाद पर भी जोर देना चाहिए, पर्याप्त मात्रा पानी भी पीना चाहिए। अक्सर एक ही प्रकार के खाने से व्यक्ति का स्वास्थ्य सही नहीं रह सकता। स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए सभी पोषक तत्वों की जरूरत होती है।
-- डा जितेंद्र मोरवाल
स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए दिनों दिन बढ़ रहे फास्ट फूड से ध्यान हटाना होगा। हर वर्ग का ध्यान फास्ट फूड की ओर जाता है। जितनी अशुद्धता से फास्ट फूड बनता है, वह देखकर ही पता लगाया जा सकता है किंतु लोगों का रुझान इस कदर बढ़ गया है चाहे गंदगी भरे वातावरण में गंदे हाथों से भी फास्ट फूड खाने में खुशी महसूस कर रहे हैं। यही उनकी के स्वास्थ्य को गिराने का एक प्रमुख कारण रहा है। ग्रामीण क्षेत्र भी आज स्कूली बच्चे हो या छोटे बच्चे विशेष कर पैकेट कुरकुर,े चिप्स आदि को अधिक प्रयोग करते हैं जो उनके स्वास्थ्य को गिरता है।
--- निर्मल कुमार नांगल हरनाथ
युवा वर्ग आजकल हुक्का, चिलम, सिगरेट आदि की शौकीन होता जा रहा है।  दूध, पनीर, मक्खन छाछ और सूखे मेवे आदि का कम प्रयोग करते हैं। बुजुर्ग भी दूध और लस्सी के सहारे जीवन जी गए हैं और बेहतर जीवन की कर गए हैं। उनके खाने में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होती थी। आज युवा पीढ़ी खाने का विशेष ध्यान नहीं देती यही उनकी स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं बढ़ रही है।
-- अजीत कुमार कनीना निवासी
अकेले खाने ही नहीं सोने की आदतें, पढऩे की आदतों में सुधार करना होगा। अक्सर खाने के लिए समय कम देते हैं और अधिक से अधिक धन कमाने के पीछे दौड़ते रहते हैं। जो उनकी मानसिकता पर बुरा प्रभाव डालता है। यदि इंसान को स्वस्थ रहना है तो उसे हल्का-फुल्का व्यायाम करते हुए नियमित रूप से खाना खाकर, नियमित रूप से सोना चाहिए। तभी जाकर अपने स्वास्थ्य को बनाए रख सकते हैं। यदि किसी प्रकार की दिक्कत शरीर में आती है तो डाक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
--- कुलदीप बोहरा
फोटो कैप्शन:डाक्टर जितेंद्र मोरवाल, कुलदीप बोहरा तथा अजीत कुमार, निर्मल कुमार



भतीजी के जन्मदिन पर दीपक कुमार वशिष्ठ ने लगाया गुड़हल का पौधा
- दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
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कनीना की आवाज।
जनशक्ति विकास संगठन के अध्यक्ष दीपक कुमार वशिष्ठ ने अपनी भतीजी पूर्वी के तीसरे जन्मोत्सव को एक अनोखे और प्रेरणादायक तरीके से मनाया। इस अवसर पर उन्होंने कनीना स्टेशन के पार्क में गुड़हल (हिबिस्कस) का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस कार्यक्रम में परिवार के सदस्य, बुजुर्ग एवं बच्चे भी शामिल हुए और सभी ने मिलकर पौधारोपण किया। नन्ही पूर्वी के हाथों पौधा लगवाकर यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता बचपन से ही  शुरू होनी चाहिए। दीपक कुमार  वशिष्ठ ने कहा कि आज के समय में बढ़ता प्रदूषण और घटते पेड़-पौधे हमारे जीवन के लिए बड़ी चुनौती हैं। यदि हर व्यक्ति अपने जन्मदिन, वर्षगांठ या किसी विशेष अवसर पर एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो हम आने वाली पीढिय़ों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण दे सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि जनशक्ति विकास संगठन लगातार पौधारोपण, हरित अभियान और पर्यावरण जागरूकता के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। संस्था का उद्देश्य समाज को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनाना है।
इस मौके पर पूर्वी के दादा समाजसेवी सुरेश कुमार वशिष्ठ, बहन प्रियांशी और भाई रिहान, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड संघ चालक शिवकुमार अग्रवाल, स्टेशन मास्टर अशोक यादव, प्रियंका और मेहरवानी  मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 01: पौधारोपण करते हुए दीपक


स्याणा स्कूल प्रांगण में हवन आयोजित
-कड़ी मेहनत और योजनाबद्ध पढ़ाई के लिए सभी ने शपथ ली
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय , स्याणा में हवन करके नए बच्चों का विद्यालय में स्वागत किया गया तथा प्रवेश उत्सव मनाया गया। बच्चों को नये सत्र में कड़ी मेहनत और योजनाबद्ध पढ़ाई के लिए सभी ने शपथ ली। हवन में गांव के बड़े बुजुर्ग सूबेदार वासुदेव ,राम सिंह, एसएमसी उप प्रधान संदीप जी एसएमसी सदस्य सुशीला देवी एवं गांव के अन्य गणमान्य  व्यक्ति उपस्थित हुए। इस हवन में विद्यालय का पूरा स्टाफ शामिल हुआ व सभी ने मिलकर शपथ ली कि हम कड़ी मेहनत से बच्चों को संस्कारों के साथ पढ़ाएंगे।
 विद्यालय प्राचार्य प्रवीण कुमार ने मां सरस्वती से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए  प्रार्थना  की। हवन के माध्यम से इतिहास प्रवक्ता सूरत सिंह ने बच्चों को व उपस्थित गण मान्य लोगों को हवन का अर्थ बताया कि हवन से वातावरण के साथ-साथ मन भी शुद्ध होता है। अत: इन्होंने भी प्रार्थना की ,कि बच्चे अपनी कड़ी मेहनत के साथ अपने भविष्य की लकीरों को स्वयं लिखे। जिससे इनका आने वाला समय उज्ज्वल रहे द्य हवन में पवन कुमार प्रवक्ता गणित ,राजेश कुमार प्रवक्ता हिंदी ,राजेश कुमार  प्रवक्ता अंग्रेजी ,माया जी संस्कृत अध्यापिका , अशोक कुमार , हितेन्द्र , हनुमान लिपिक, जगवंती , प्रियंका, सुनीता ,सुरेंद्र व मुन्नी देवी उपस्थिति रही।
फोटो कैप्शन 02: हवन करके स्याणा स्कूल में नए सत्र का शुभारंभ करते हुए




पूर्व तहसीलदार ने की गौशाला में गायों की सेवा
-दिया गौशाला को 51 हजार रुपए का योगदान
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कनीना की आवाज।
व्यक्ति का पद और हैसियत कभी भी माता-पिता से बड़ा नहीं हो सकता। ये विचार पूर्व तहसीलदार महेंद्र सिंह मोरवाल ने  श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में गोसेवा करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमारा संपूर्ण जीवन हमारे माता-पिता की अमूल्य देन है। यदि हम उनके जीवित रहते हुए उनकी सेवा और सम्मान नहीं करते, तो हमारा पद, प्रतिष्ठा और धन सब निरर्थक हो जाता है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी वे अपने माता-पिता के त्याग और संस्कारों को कभी नहीं भूल सकते, क्योंकि उन्होंने अपना सर्वस्व संतान के लालन-पालन में समर्पित कर दिया।
श्री मोरवाल ने कहा कि आज गौशाला में आकर गौमाता के सान्निध्य में उन्हें ऐसा अनुभव हुआ, मानो उनकी मां स्वर्ग से उन्हें आशीर्वाद प्रदान कर रही हों। उल्लेखनीय है कि उनकी माता चमेली देवी पत्नी स्व. मांगेराम मोरवाल का कुछ दिन पूर्व ही निधन हुआ था। अपनी माता जी की पावन स्मृति में मोरवाल ने गौशाला को 51,000 रुपये की श्रद्धांजलि स्वरूप भेंट अर्पित की।
इस अवसर पर श्रीकृष्ण गौशाला कनीना के प्रधान भगत सिंह एवं समस्त कार्यकारिणी ने मोरवाल का गौशाला प्रांगण में अभिनंदन करते हुए उनके इस पुण्य कार्य के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मास्टर भूप सिंह, रमेश सत्संगी, सूबेदार मेजर महेंद्र सिंह, सूबेदार मेजर राजेश कुमार, कप्तान दीनदयाल, पूर्व पार्षद राजेंद्र, ओमप्रकाश आर्य भडफ़, सत्यवीर , उपप्रधान दिलावर सिंह, बलवान सिंह आर्य, जितेंद्र यादव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 03: गायों की सेवा में पूर्व तहसीलदार कनीना

 

















 

कनीना में सोमवार शाम को चली आंधी
-हुई बूंदाबांदी


Sunday, April 5, 2026



 


सीनियर सिटीजन के लिए परेशानी बढ़ी
- हर साल अप्रैल माह में डाकघर में काट लेी जाती हैं टैक्स के नाम पर दस प्रतिशत राशि
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कनीना की आवाज।
 सीनियर सिटीजन डाकघर में सीनियर सिटीजन के तहत जमा राशि से मिलने वाले ब्याज राशि के काटे जाने पर परेशान होने लगे हैं। उन्हें डाकघर उबाऊ होने लगा है क्योंकि हर साल के अप्रैल महीने में उनके खाते से मिलने वाली ब्याज की राशि की 10 प्रतिशत राशि टैक्स के नाम पर काट ली जाती है। यद्यपि इस संबंध में बेचारे 15 जी और 15एच फार्म लगातार भरते आए हैं लेकिन डाकघर के कर्मचारियों की शायद किसी कमी के चलते यह फार्म उनके खाते से नहीं जुड़ते परिणाम उनके खातों से मिलने वाले ब्याज की 10 प्रतिशत राशि टैक्स के नाम पर काट ली जाती है। तत्पश्चात 1 साल तक उन्हें इंतजार करना पड़ता है और जब टैक्स फार्म अप्लाई करते हैं तभी जाकर उनकी वह राशि वापस आती है।
 कनीना उप डाकघर एक मजाक सा बन गया है। खुद कनीना निवासी लेखक और होशियार सिंह ने भी 15 जी और 15एच फार्म सीनियर सिटीजन के लिए जमा करवाए थे किंतु अप्रैल महीने में जहां विगत वर्ष भी 10 प्रतिशत राशि काट ली गई थी और इस पर बार भी अप्रैल 2026 में 10 प्रतिशत राशि ब्याज से काट ली गई है। इस प्रकार कर्मचारियों की या उच्च अधिकारियों की लापरवाही के चलते सीनियर सिटीजन परेशान से हो चले हैं और उन्होंने मन भी बना रखा है कि डाकघर की बजाय यह राशि बैंक में जमा की जाए ताकि कम से कम उनको इस प्रकार की समस्या ने झेलनी न पड़े क्योंकि बैंक कर्मी बार-बार पूछते रहते हैं कि 15जी/15 एच भरा जाए।
 आश्चर्य तब होता है कि जब सीनियर सिटीजन बेचारे 15 जी और 15 एच भरते आ रहे हैं किंतु उनके खाते से ब्याज से 10 प्रतिशत राशि काट ली जाती है। अब तो वर्ष 2026 में 15 जी और 15 एच हटा दिया गया है इसकी जगह 121 नंबर आवेदन टैक्स का भरना पड़ेगा लेकिन यदि कर्मचारियों की मेहरबानी होगी तो ही वे 10 प्रतिशत टैक्स से बच पाएंगे वरना हर बार की तरह उनके खाते से ब्याज की राशि से भी टैक्स कटता रहेगा और वह यूं ही परेशान होते रहेंगे। एक तरफ कहेने को तो सीनियर सिटीजन है किंतु उनके जब खाते से 10 प्रतिशत राशि काट दी जाती है तो वह बेहद परेशान होते हैं। ऐसा एक नहीं दर्जनों सीनियर सिटीजन मिले जिनके खाते से ब्याज की राशि काट ली गई जबकि बार-बार वे निर्धारित फार्म  भरते आए हैं ।
इस संबंध में सीनियर सिटीजन जनों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह बेहद परेशान है क्योंकि डाकघर कनीना में इस प्रकार की समस्या देखने को मिल रही है। कर्मचारी और अधिकारी न तो सीनियर सीनियर सिटीजन की समस्या सुनते हैं और न समाधान करते हैं। इसके चलते इन्होंने मन बना लिया है उच्च अधिकारियों से शिकायत की जाए। आप जब कनीना डाकघर के कर्मचारी और अधिकारी सीनियर सिटीजन की शिकायत नहीं सुनेंगे तो आखिरकार मजबूर उन्होंने उच्च अधिकारियों की शरण लेनी पड़ेगी।







दो संतों की याद दिलाता है शिरीषवाला जोहड़
-लंबे समय से सहेजे हुए है पानी
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कनीना की आवाज।
कनीना का शिरीषवाला जोहड़ दो परम संतों की याद दिलाता है। सैकड़ों सालों से यह जोहड़ सिरसवाला नाम से प्रसिद्ध है। बड़ी बणी नामक स्थान पर स्थित है जो रेलवे स्टेशन के करीब है। यहां वर्तमान में विभिन्न शिक्षण संस्थान भी बने हुए हैं किंतु प्राचीन समय में यहां केवल सिरस का पेड़ होता था जिसके कारण यह जोहड़ सिरस वाला नाम से जाना जाता रहा है।
बड़ी बणी में कनीना नगर पालिका की सबसे अधिक जगह होती थी जहां दूर-दराज तक जाल के पेड़ होते थे। धीरे-धीरे बड़ी बणी का विनाश हो गया किंतु यहां के जोहड़ का बाद में कायाकल्प कर दिया गया। कनीना बसासत के समय का यह जोहड़ चला आ रहा है। कनीन गोत्र के कान्ह   सिंह जब यहां आए थे तभी से यह  जोहड़ स्थित था। कालांतर में इस में बारिश का पानी भरा जाता था और विभिन्न जीव जंतु, जंगली जीव जल पीकर  प्रसन्न हो जाते थे। लंबे समय से यह जोहड़ यही स्थित है कालांतर में यहां रामेश्वर दास नामक संत का आगमन हुआ और उन्होंने तप स्थल यही बनाया। उधर कनीना की छोटी-बणी में संत शिरोमणि बाबा मोलडऩाथ जोहड़ पर तप करते थे किंतु एक दूसरे के पास उनका आवागमन होता रहता था। दोनों संत समय समय पर सिरस वाला जोहड़ पर बैठते थे तो कभी रामेश्वर दास भी मोलडऩाथ आश्रम पर जाकर ज्ञान की चर्चा करते थे। सिरस वाला जोहड़ दोनों संतों की याद दिलाता है जहां का भी दोनों संतों ने इसी जोहड़ के पानी में समाधि लगाई थी और होड़ लगी थी। बुुजुर्ग बताते हैं कि रामेश्वर दास जोहड़ से जल्दी बाहर आ गए थे किंतु संत शिरोमणि मोलडऩाथ लंबे समय तक इसी जोहड़ में समाधि लिए बैठे रहे। सर्दी के दिन होने से उनको निमोनिया हो गया था और उन्होंने प्राण त्याग दिये थे।
 लगता है मेला--
सिरसवाला जोहड़ बहुत लंबे समय से जन्माष्टमी के मेले के लिए प्रसिद्ध है। गोगा और जन्माष्टमी पर्व पर जहां जल में जाटी और गोगा नामक पौधे बहाने की परंपरा चली आ रही है। समय बदला इसी जोहड़ पर जहां रामेश्वर दास के शिष्य राधे दास ने भी तप किया और वे भी देवलोक गमन कर गये। इस जोहड़ का लंबा इतिहास चला आ रहा है। जहां समय-समय पर मेलेे भी लगते हैं तथा भंडारे भी चलते हैं। जोहड़ का पानी कभी साफ होता था किंतु बाद में इसे मलिन कर दिया गया। यह कच्चा जोहड़ वर्ष 2018 में पूर्व एसडीएम संदीप सिंह ने पक्का बनवा दिया गया। किंतु नहर इसके पास से गुजरने वाली नहर से जोड़ देने के कारण सदा पानी भरा रहता है ऐसे में यह जोहड़ कनीना के इतिहास की याद दिलाता है वही संतों की रमणीक स्थली की भी याद दिलाता है। यह जोहड़ लंबे समय से पानी को सहेजे हुए हैं। वर्तमान समय में भी वर्षा का जल इसमें एक मोरी से आकर जमा होता रहता है। आज के दिन इस जोहड़ में जीव जंतु कोई लाभ नहीं ले सकते हैं चूंकि चारों ओर से पक्का बना हुआ है। इसमें वर्तमान में नहर का पानी आकर जमा होता है चूंकि एक नहर रामपुरी इसके पास से गुजरती है। यदि इसमें वर्षा जल संचित किया जाए तो अच्छे परिणाम निकलेंगे।
क्या है शिरीष-
 सिरस/शिरीष/सिरसा का बड़ा पेड़ होता है जिसके फूल बहुत कोमल होने से उन्हें सुकुमार कहा जाता है। यह अति औषधीय पौधा होता है। इस जोहड़ के तट पर भी कभी यह पेड़ मिलता था। इसी के कारण जोहड़ का नाम पड़ा है।
फोटो कैप्शन 05: शिरीषवाला जोहड़ का वर्तमान स्वरूप।





कनीना में जनगणना-2027 प्रशिक्षण शिविर कल से, दो-दो जिला स्तरीय प्रशिक्षक देंगे प्रशिक्षण
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कनीना की आवाज।
भारत की आगामी जनगणना 2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु कनीना क्षेत्र में प्रगणकों  एवं पर्यवेक्षकों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 06 अप्रैल 2026 से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित होगा।
प्रशिक्षण शिविर का आयोजन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी तथा मॉडल स्कूल कनीना में किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन चार्ज सेंसस अधिकारी, कनीना के निर्देशन में किया जाएगा।
प्राप्त आधिकारिक उपस्थिति विवरण के अनुसार इस प्रशिक्षण में कुल 38 प्रतिभागियों को नामांकित किया गया है, जो तीन दिनों तक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
इन प्रतिभागियों में विभिन्न विद्यालयों के जेबीटी, पीजीटी, पीआरटी  अध्यापक शामिल हैं, जिन्हें जनगणना कार्य से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश, डेटा संकलन प्रक्रिया एवं तकनीकी जानकारी दी जाएगी।
चार्ज अधिकारी, नगर पालिका सचिव कपिल कुमार की ओर से सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय पर प्रशिक्षण में उपस्थित होकर अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें, जिससे जनगणना कार्य सुचारू एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षकों की भी नियुक्ति की गई है। चार्ज अधिकारी नगर पालिका के सचिव कपिल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर डॉ. हरिओम भारद्वाज (सहायक प्रोफेसर,  एवं संदीप कुमार (सहायक प्रोफेसर, राजकीय पीकेएसडी महाविद्यालय कनीना) प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। उक्त जानकारी देते हुए खंड शिक्षा अधिकारी  सुरेश यादव ने बताया कि में सभी अध्यापकों को उनकी ड्यूटी से अवगत करवा दिया है तथा उन्हें निर्धारित समय पर अपने प्रशिक्षण स्थल पर पहुंचने के आदेश दे दिए गए हैं तथा विद्यालयों में ड्यूटी पर गए अध्यापकों की कक्षाएं बाधित न हो इसके लिए सभी संस्था मुखियाओ को आदेश दिया गया है कि वह सुचारू कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करें ।
प्रशासन द्वारा प्रशिक्षण शिविर के सफल संचालन हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं तथा कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।





सुंदरह स्कूल की छात्रा चंचल ने पास की एनएमएमएस की परीक्षा
-स्कूल परिसर में आयोजित किया सम्मान समारोह
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कनीना की आवाज।
 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह की छात्रा चंचल ने वर्ष 2025-26 में एनएमएमएस की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। पूरे विद्यालय में हर्ष और गौरव देखने को मिला।
 विद्यालय प्राचार्य बाबूलाल यादव ने छात्रा की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि चंचल की निरंतर मेहनत, अनुशासन शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि विद्यालय सदा ही विद्यार्थियों के लिए बेहतर शिक्षा एवं  उचित मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए कटिबद्ध है ताकि वो भविष्य में इसी प्रकार उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करते रहे। इस शुभ अवसर पर परिसर में एक सम्मान समारोह आयोजन किया गया जिसमें छात्रा चंचल को फूल माला पहनकर पुरस्कृत किया गया। विद्यालय परिवार द्वारा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं की गई। विद्यालय परिवार ने आशा व्यक्त की कि चंचल की सफलता  विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी और वे भी अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयासरत रहेंगे।
 फोटो कैप्शन 04: छात्रा को पुरस्कृत करते प्राचार्य एवं अन्य


फसल पैदावार लेने में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है किसानों को
-बार-बार मौसम की मार झेल रहे हैं किसान
-जैसे तैसे पैदावार लेने की चाहत है किसान को
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में जहां किसानों ने 20,000 हेक्टेयर पर सरसों तो 9000 हेक्टेयर के करीब गेहूं की फसल उगाई थी बाकी पर सब्जी तथा चारे वाली फसलें उगाई थी। इस बार किसान बेहद परेशान है। बार-बार मौसम की मार झेल रहा है। रही सही कसर अब पूरी कर दी जब ओलावृष्टि ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। ओलावृष्टि भी लंबे समय तक चली।
 मिली जानकारी अनुसार इस बार रबी फसल उगाने बाद जहां कभी सर्दी, कभी गर्मी, कभी ठंड, कभी पाला जमा,तो कभी वर्षा, बार-बार वर्षा और बार-बार ओलावृष्टि ने किसानों की कमर ही तोड़कर रख दी है। अब जब किसान सरसों की फसल की लावणी करके पैदावार ले रहे थे और गेहूं की लावणी शुरू कर दी है तब ओलावृष्टि ने तबाही मचा दी है। किसान बेहद परेशान है। बार-बार वर्षा के कारण जब फसल भीग जाती है और ज्योंही उसे सुखाता है तो दोबारा से वर्षा हो जाती है। ऐसे में बहुत से किसानों ने मजबूरी में अपनी फसल पैदावार आनन फानन में ले ली है।
 किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, मनोज कुमार, कृष्ण कुमार, अजीत कुमार आदि ने बताया कि इस बार रबी फसल लेना तलवार की धार के समान रहा है। बार-बार मौसम की मार झेली है। यही नहीं लगता कि सही सलामत रूप से पैदावार घर तक या मंडियों तक पहुंच जाएगी। किसान जितना जल्दी करना चाह रहे हैं उतनी ही देरी हो रही है। जहां सरकार हरियाणा सरकार ने गेहूं और सरसों की खरीद भी शुरू कर दी है लेकिन किसान अभी तक फसल पैदावार नहीं ले पाए हैं क्योंकि मौसम से लगातार जूझ रहे हैं। किसानों ने बताया कि इतनी बुरी हालत पहले कभी नहीं हुई थी। यह भी सत्य है हर वर्ष जब फसल पक जाती है तब ओलावृष्टि आती है और ओलावृष्टि से हर वर्ष फसलों में थोड़ा बहुत नुकसान हो जाता है। एक और जहां फसल उगाई जाती है तभी से ठंड, गर्मी, कभी आवारा जंतुओं से फसल को बचाते बचाते किसान मौसम की मार के आगे जरूर असहाय हो जाता है और इस मार को झेल भी नहीं पाता।
 किसानों ने बताया कि बहुत से ऐसे किसान है जिन्होंने अपनी फसल का बीमा ही नहीं करवाया था। परिणाम यह निकलेगा कि अब सरकार कुछ मुआवजा दे तो उन्हें लाभ होगा वरना उनकी फसल भी बर्बाद हो गई मुआवजा भी मिलने की संभावना कम होती है। गत दिनों ओलावृष्टि से फसलों में नुकसान हुआ। वहीं बार बार वर्षा से लावणी का काम एवं पैदावार लेने का काम अधर में लटक जाता है। कनीना के काम से कम दो दर्जन गांवों में ओलावृष्टि हुई है। गत दिनों ओलावृष्टि भी इतनी तेज हुई है की सरसों की फसल को नुकसान हुआ था। गेहूं की फसल में नुकसान नाम मात्र हो सकता है परंतु गेहूं की लावणी का काम दूभर हो गया है।
 उल्लेखनीय इस क्षेत्र के लोग गेहूं और जो चारे के लिए उगते हैं। तूड़ी प्राप्त होती और तूड़ी में रेत मिल जाएगा क्योंकि लावणी करते समय गेहूं कि जड़ साथ आने की संभावना बन गई है चूंकि जमीन नरम हो गई है। एक और जहां किसान चिंतित यूं भी है समय पर मजदूर नहीं मिले। वैसे भी किसान मजदूर से लावणी करवाता है। परिणाम यह निकला कि इस बार मजदूर नहीं मिले जिसके कारण फसल पैदावार लेने में देरी हो गई है। अब भविष्य पर निर्भर करता है का मौसम खुलता है या नहीं और किसान कैसे अपनी फसल को सुखाकर पैदावार ले पाते हैं। किसानों की सरकार से मांग है कि उन्हें मुआवजा दिया जाए।
मजदूरों की खली कमी-
चूंकि अधिकांश किसान फसल पैदावार लेने की चाहत में हैं और मजदूर कम हैं ऐसे में मजदूर समय पर न मिलने से किसानों की गेहूं की लावणी में भी देरी हो रही है। लावणी करते हैं तो फसल टूटकर खेता में बिखर रही है। मजदूर मुंह मांगा पैसा मांग रहे हैं।
फोटो कैप्शन 03: गेहूं की फसल को सूखाता किसान





कुतरूं प्राचार्य के कारनामे-20 पढ़े 7 अप्रैल को
-कुतरूं का भी वही हाल हुआ और होगा जो उसने शिक्षकों के साथ किया










एसडी विद्यालय ककराला में हवन के साथ नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ
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कनीना की आवाज। एसडी विद्यालय ककराला में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हवन-पूजन के साथ अत्यंत श्रद्धा एवं उत्साह के साथ की गई। कार्यक्रम का आयोजन प्रधानाचार्या  शिप्रा सारस्वत के नेतृत्व में किया गया, जिसमें पुरोहित द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन अनुष्ठान संपन्न कराया गया।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम के दौरान सरस्वती वंदना, रामायण की चौपाइयों, हनुमान चालीसा, रामचरितमानस एवं राम स्तुति का सामूहिक पाठ किया गया तथा स्वाहा के साथ हवन में आहुति दी गई।
विद्यालय के चेयरमैन जगदेव यादव ने अपने संबोधन में कहा कि हवन अत्यंत पवित्र और फलदायी होता है। उन्होंने बताया कि यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि इसके वैज्ञानिक एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभ भी हैं, जो वातावरण को शुद्ध एवं सकारात्मक बनाते हैं। उन्होंने सभी को नए सत्र की शुरुआत नई ऊर्जा, नई शक्ति और दृढ़ संकल्प के साथ करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति के वरिष्ठ सदस्य, सीईओ आरएस यादव, डिप्टी डायरेक्टर पूर्ण सिंह, कोआर्डिनेटर स्नेहलता, सहित सभी कोआर्डिनेटर्स एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहा और कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई।
फोटो कैप्शन 02: हवन करके नये सत्र का शुभारंभ करते हुए

Saturday, April 4, 2026



 

नीतू यादव गुढ़ा को प्रगतिशील किसान बतौर किया सम्मानित
-28 फरवरी को लाडवा में मुख्यमंत्री द्वारा भी हुई थी सम्मानित
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कनीना की आवाज।
संस्कारम विश्वविद्यालय, झज्जर में हरियाणा, 3-4 अप्रैल 2026 को आयोजित सतत कृषि और पशु चिकित्सा नवाचार के वैश्विक प्रभाव (जीआईएसए- 2026) पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कनीना उप मंडल के गांव गुढ़ा की नीतू यादव को सम्मानित किया गया। बतौर प्रगतिशील किसान ही 28 फरवरी को लाडवा में मुख्यमंत्री हरियाणा नायब सिंह सैनी द्वारा भी सम्मानित किया गया था। इससे पहले भी सैकड़ों राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित होने वाली कनीना उपमंडल की प्रथम प्रगतिशील महिला बन गई है।
 इस सम्मेलन का उद्देश्य शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और पेशेवरों को कृषि में स्थिरता, एआई , स्मार्ट सिंचाई और पशु स्वास्थ्य में नवाचारों पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करना था। विक्सित भारत वर्ष 2047 के लक्ष्यों के अनुरूप कृषि और पशु चिकित्सा विज्ञान के लिए रणनीतिक सिफारिशें और रोडमैप तैयार करना था जिसमें शोधकर्ता, वैज्ञानिक, नीति निर्माता, उद्यमी और किसान शामिल हुए।
यह सम्मेलन वैश्विक प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करते हुए, भारतीय कृषि में पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक प्रौद्योगिकी जैसे एआई और स्मार्ट फार्मिंग के संयोजन पर जोर देता है। यह न केवल टिकाऊ खेती बल्कि पशु चिकित्सा में नई तकनीकों के माध्यम से वन हेल्थ (एक स्वास्थ्य) दृष्टिकोण को भी बढ़ावा देगा।
  इस मौके पर उन्हें विजय सिंह दहिया आइएएस ,संस्था के चेयरमैन डा. महिपाल सिंह सहित कई अधिकारियों ने सम्मानित किया है। कनीना एवं आस पास खुशी की लहर है तथा उन्हें बधाइयां मिल रही हैं।
  नीतू यादव न केवल प्रगतिशील किसान है अपितु बेहतरीन डेयरी संचालिका है। उनके पास 60 दूध देने वाली गायें एवं 40 अन्य छोटे पशु हैं। प्रतिदिन दस क्विंटल दूध डेरी में प्रदान करवा रही है।
उल्लेखनीय है कि कनीना उप मंडल के गांव गुढ़ा निवासी नीतू यादव ने अपनी मेहनत के मुकाम पर डेयरी के क्षेत्र में 2019 में राष्ट्रपति से एक लाख रुपये का पुरस्कार मिल चुका है।
गांव गुढ़ा निवासी नीतू सिंह यादव को गन्नौर (सोनीपत) में फरवरी-2019 में एग्री लीडरशिप सम्मिट में किसान रतन पुरस्कार से तत्कालीन राष्ट्रपति महामहिम रामनाथ कोविंद ने डेयरी एवं जैविक खाद के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए एक लाख रुपये का पुरस्कार मिला था। इससे पहले भी उन्हें कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।
  नीतू यादव गुढ़ा में डेयरी फार्म चलाती है। वे न केवल अपने पैरों पर खड़ी हुई है अपितु करीब आधा दर्जन लोगों को भी उन्होंने रोजगार दिया हुआ है। भारी मात्रा में दुग्ध उत्पादन करती है और डेयरी का काम बेहतर तरीके से चला रही है वहीं जैविक खाद भी बना रही है। जैविक खाद पैदा कर बेहतर फसल पैदावार लेने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
   गांव गुढ़ा की नीतू यादव व उनका परिवार न केवल गायों की सेवा करके अपना एवं गायों का भरण पोषण तो कर ही रहा है साथ में एक दर्जन व्यक्तियों को रोजगार भी दिया है। अपना रोजगार छह गायों से शुरू किया किंतु आज 100 गाएं हैं। वे दूसरों के लिए उदाहरण बन गई हैं और बहुत से जन उनके पदचिह्नों पर चल रहे हैं। उन्हें 2018 का सर्वश्रेष्ठ महिला डेयरी पुरस्कार मिला था। उन्हें यह पुरस्कार इंडियन डेयरी एसोसिएशन(उत्तरी क्षेत्र) द्वारा उन्हें श्रेष्ठ डेयरी महिला बतौर कोच्चि में दिया था।  
 मेघनवास जिला महेंद्रगढ़ से निकास तथा गुढ़ा गांव में रह रही नीतू यादव एवं उनके परिवार जिसमें स्व.राव भगवान सिंह, संतरा देवी,जयपाल एवं बबली बीते 2008 में छह गायों से गुढ़ा में डेयरी का काम शुरू किया। उस वक्त पंजाब से एक गाय भी मंगवाई गई थी। आज उनके पास 100 गाएं हैं।  प्रतिदिन कई डेयरियों में 1000 लीटर प्रतिदिन दूध भेज रहे हैं। खेती एवं आर्गनिक खाद निर्माण में भी उनका कोई सानी नहीं है।
फोटो कैप्शन 07: झज्जर में नीतू यादव को सम्मानित करते हुए साथ में नीतू सिंह पासपोर्ट




सरकारी तौर पर सरसों की कोई खरीद नहीं
-पहली बार आई वो भी नमीयुक्त
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कनीना की आवाज।
  कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में जहां सरसों की सरकारी तौर पर कोई खरीद नहीं हो पाई है।गत दिनों से खरीद के लिए कर्मी एवं अनाज मंडी इंतजार कर रही है। निजी स्तर पर अनाज मंडी में किसान सरसों को महंगे दामों पर बेच रहे हैं। सरकारी तौर पर भाव 6200 रुपए प्रति क्विंटल है जबकि इससे अधिक भाव मिलते ही किसान निजी स्तर पर सरसों बेच रहे हैं और निजी स्तर पर सरसों की आवक जारी है। निजी स्तर पर भी कनीना अनाज मंडी में सरसों खरीदी जा रही है। उधर सरकारी तौर पर खरीद के लिए 60 क्विंटल सरसों आई थी किंतु नमी आदि को होने के कारण उसे खरीदा नहीं गया। अब यह सरसों सोमवार को सूखने पर ही खरीदी जाएगी। सरसों हैफेड की ओर खरीदी जा रही है।
1091 क्विंटल गेहूं की हुई आवक-
कनीना की अनाज मंडी में जहां गत दिवस 812 क्विंटल गेहूं की आवक हुई वहीं शनिवार को 1091 क्विंटल गेहूं की आवक हुई। मार्केट कमेटी सचिव अजीत सिंह ने बताया कि 2585 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से सरकारी तौर पर गेहूं की खरीद नई अनाज मंडी स्थित चेलावास जारी है। इस मौके पर मंडी सुपरवाइजर कुलदीप सिंह, प्रवीण कुमार इंस्पेक्टर फूड सप्लाई, रमेश कुमार इंस्पेक्टर फूड सप्लाई आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 6: कनीना की नई अनाज मंडी में गेहूं की खरीद






प्राथमिक स्कूलों के सभी शिक्षकों की लगा दी जनगणना में तैनाती
- वैकल्पिक व्यवस्था करेंगे- खंड शिक्षा अधिकारी
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कनीना की आवाज।
 6 अप्रैल से 8 अप्रैल तक तीन दिनों के लिए जनगणना की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए कनीना में स्थित तीनों सरकारी प्राथमिक स्कूलों के सभी शिक्षकों की तैनाती कर दी गई है। तीनों स्कूलों में कोई शिक्षक नहीं रहेगा जिनमें राजकीय माडल कन्या प्राथमिक स्कूल के चार शिक्षक है और चारों की ही तैनाती जनगणना में लगा दी गई है। वहीं राजकीय माडल प्राथमिक स्कूल बाल के सात शिक्षक है और सभी के तैनाती जनगणना में कर दी गई है। वहीं कनीना के तीसरे प्राथमिक स्कूल राजकीय कन्या प्राथमिक स्कूल ढाणी कनीना में चार शिक्षक है और चारों की तैनाती जनगणना में कर देने से इन स्कूलों में कोई शिक्षक नहीं बचेगा। जहां शिक्षकों के अभाव में समस्या आ सकती है क्योंकि राजकीय कन्या माडल प्राथमिक स्कूल जो राजकीय कन्या उच्च विद्यालय से कैंपस में ही स्थित है किंतु उच्च विद्यालय के पास पर्याप्त स्टाफ अभाव में प्राथमिक स्कूल में शिक्षक नहीं भेज सकता। ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था करने के अलावा कोई समाधान नजर नहीं आ रहा है। इस संबंध में क्या कहते हैं खंड शिक्षा अधिकारी-
 खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार यादव से इस संबंध में बात हुई। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के संबंध में उच्च अधिकारियों से भी बात की जा रही है वहीं दूसरे स्कूलों से शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। किसी भी स्कूल में कोई कक्षा खाली नहीं रहेगी, हर संभव प्रयास कर दिए गए हैं क्योंकि शिक्षण कार्य भी प्रमुख है। ऐसे में शिक्षण कार्य से बच्चों को वंचित नहीं किया जाएगा।
 फोटो कैप्शन 05: प्राथमिक स्कूल जहां शिक्षकों की तैनाती जनगणना ट्रेनिंग में कर दी गई




कनीना की महिला को बंदरों ने गर्दन से काटा, कपड़े फाड़े
--दो बार बंदरों को पकड़कर छोड़ा गया था अन्यत्र
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कनीना की आवाज।
 कनीना में रवीना नामक महिला को बंदरों ने काट खाया और कपड़े फाड़ डाले। महिला का इलाज चल रहा है। भी अब तक कनीना में आधा दर्जन व्यक्तियों को बंदरों ने काट डाला है। नौरंग दिल्ली पोस्ट आफिस में कार्यरत है। उन्होंने बताया कि छत पर बंद आ गये आ गये और पुत्रवधू रविना को गर्दन से काट खाया। चुन्नी एवं कपड़े भी फाड़ डाले। बड़ी मुश्किल से बंदरों से छुड़वाया गया।
कनीना क्षेत्र में बढ़ते बंदरों की संख्या न केवल आम आदमी अपितु दुकानदार, सरकारी कर्मचारी, विभिन्न संस्थाओं के लोग यहां तक की फल और रेहड़ी पर सब्जी विक्रेेता बेहद परेशान है। प्रतिदिन हजारों रुपये का नुकसान बंदर कर देते हैं। एक वक्त था जब बंदरों को खाना खिलाने लोग दूरदराज जाते थे। कनीना कस्बे से दो बार बंदरों को पकड़कर अन्यत्र छुड़वाया गया था किंतु फिर से इनकी संख्या बढ़ गई है। कनीना नगरपालिका ने वर्ष 2013 में 61 तो 2025 में 134 बंदरों को पकड़वाकर अन्यत्र छुड़वाया था किंतु फिर से इनकी संख्या बढ़ गई है। ये बंदर तो डरते नहीं अपितु सीधा हमला बोलते हैं।
 क्या कहते हैं कस्बावासी-
कनीना के रमेश कुमार, नौरंग, गणेश कुमार, शिव कुमार अग्रवाल आदि ने बताया कि बंदरों ने हर प्रकार से मुसीबत खड़ी कर रखी है। रेहड़ी और फल विक्रेताओं फल उठा कर भाग जाते हैं यहां तक की अंडों की रेहड़ी से अंडे तो विभिन्न जीवों को पकड़ कर ये बंदर खा जाते हैं। वैसे भी लोगों को डरा कर अनेक घटनाएं घटित करवा दी है। इनको पकड़कर दूर दराज छुड़वाना चाहिए। एंटीना हो या कोई ध्वज लगा हो उसे तोड़ कर ही दम लेते हैं। घर में कपड़े सूख रहे हो उनको फाड़ जाते हैं। घर में फल या सब्जी लग रही हो उसे क्षणों में ही बर्बाद कर जाते हैं।
 क्या कहते हैं डाक्टर-
 लोग कुत्ता, बंदर एवं बिल्ली के काटने के बाद सावधानी नहीं बरतते तो जीवन को खतरा हो सकता है। और किसी भी समय यह रोग बढ़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब शहरी तर्ज पर कुत्ते पालने की प्रथा बनी हुई है इसके चलते कुत्ता एवं बंदर कभी किसी को काट सकता है और काटने पर तुरंत प्रभाव से टीके लगवाने चाहिए। उन्होंने बताया कि अक्सर कभी कुत्ता/बंदर काटता है और काटने के बाद यदि कोई खून नहीं निकलता खरोंच आ जाती है तो टीके लगवाने की जरूरत नहीं होती। इसे अच्छी प्रकार साबून,डिटोल एवं तथा अन्य एंटीबायोटिक पदार्थ से धो देना चाहिए परंतु कुत्ते के काटने से कुछ खून निकलता है तो टीके लगवाने जरूरी होते हैं। उन्होंने बताया कि एंटी रेबीज के टीके उप नागरिक अस्पताल में लगाए जाते हैं
  ---डा. पवन कांगड़ा
फोटो कैप्शन: डा. पवन कांगड़ा



हरियाणा हाईकोर्ट के वकील अनिल राठौड़ को धनौंदा में किया सम्मानित
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कनीना की आवाज।
शनिवार को प्रजा भलाई संगठन द्वारा समाज के गरीब, वंचित और पिछड़े वर्ग के लोगों को त्वरित व सस्ता न्याय दिलाने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वकील अनिल राठौड़ को सम्मानित किया गया। धनौन्दा गांव में आयोजित समारोह में संगठन के अतरलाल एडवोकेट ने अनिल राठौड़ को साफा पहनाकर, पुस्तक व प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। अतरलाल ने कहा कि अनिल राठौड़ अपने साहस, त्याग व सूझबूझ से गरीब लोगों को सस्ता व सुलभ न्याय दिलाने के लिए जो कार्य कर रहे हैं उससे गरीब लोगों में न्याय व्यवस्था के प्रति आस्था व भरोसा बढ़ा है। अनिल राठौड़ ने त्वरित तथा सस्ता न्याय को समय की जरूरत बताते हुए इसे वकीलों का नैतिक कर्तव्य भी बताया। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी होना भी न्याय न देने के समान है। इसलिए वकीलों का कर्तव्य है कि वे शीघ्र, सुलभ व सस्ते न्याय के लिए हमेशा कोशिश करें। इस अवसर पर समाजसेवी कैलाश सेठ, सुभाष यादव, मुकेश तंवर, मदन, मीर सिंह, पवन, दिनेश, किशनपाल, दान सिंह आदि संगठन के अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 04: अनिल राठौड़ एडवोकेट को सम्मानित करते अतरलाल।






रेवाड़ी प्रीमियर लीग का शानदार आगाज 5 अप्रैल को
 -कनीना डेवलपमेंट एसोसिएशन का है बड़ा सहयोग
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कनीना की आवाज।
रेवाड़ी जिले में खेल प्रतिभाओं को नया मंच देने के उद्देश्य से रेवाड़ी प्रीमियर लीग का आयोजन किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ 5 अप्रैल से होने जा रहा है। यह प्रतियोगिता आरसीए अकादमी रेवाड़ी, में आयोजित होगी, जहां युवा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
इस लीग में धारूहेड़ा डायनामोस टीम विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जिसे कनीना डेवलपमेंट एसोसिएशन द्वारा प्रायोजित किया गया है। यह पहल क्षेत्र के युवाओं को खेल के माध्यम से आगे बढ़ाने और उन्हें एक बेहतर प्लेटफार्म देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस आयोजन में अंडर-16 लड़के और अंडर-19 लड़की वर्ग की टीमें हिस्सा लेंगी, जिससे लड़के और लड़कियों दोनों को समान अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता का उद्देश्य न केवल खेल भावना को बढ़ावा देना है, बल्कि युवाओं में अनुशासन, टीमवर्क और आत्मविश्वास का विकास करना भी है।
इस मौके पर कनीना डेवलपमेंट एसोसिएशन के चेयरमैन अंकुर यादव (कनीनवाल) और एडवोकेट पंकज यादव (कनीनवाल) का विशेष योगदान सराहनीय है, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
यह लीग क्षेत्र के खेल प्रेमियों के लिए एक बड़ा उत्सव साबित होगी और आने वाले समय में कई नई प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में मदद करेगी।
फोटो कैप्शन 03: संबंधित है।






गौशाला में जन्मदिन मनाना सौभाग्य की बात है- भगत सिंह
-जितेंद्र ने ली एक गाय गोद
-सत्यवीर ने मनाया अपना 61वां जन्मदिन
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कनीना की आवाज।
श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में कस्बावासी सत्यवीर यादव पुत्र स्वर्गीय रामसिंह ने अत्यंत सादगी के साथ अपना 61वां जन्मदिन गौसेवा करते हुए मनाया। इस अवसर पर उन्होंने अपने परिवार सहित गौशाला में पहुंचकर गायों को हरा चारा, गुड़ एवं खल खिलाई और गौमाता का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस पावन अवसर पर सत्यवीर यादव ने गौशाला के लिए 21,000 रुपये का आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया। गौशाला प्रधान भगत सिंह यादव ने कहा कि गौशाला में जन्मदिन जैसे शुभ अवसर मनाना सौभाग्य की बात है और इससे समाज में सेवा व संस्कार की भावना को बढ़ावा मिलता है। आज ही प्रमेंद्र यादव की पुण्यतिथि पर उनके पुत्र आशु ने गौशाला को 2,100 रुपये का सहयोग दिया और पुण्य के भागी बने। वहीं कोटिया निवासी इंद्रजीत यादव पुत्र मोहर सिंह ने भी गौशाला को 5,100 रुपये की राशि भेंट की। इसके अतिरिक्त कस्बावासी सू. सतपाल सिंह ने 12,520 रुपये की सवा मणि लगाकर पुण्य अर्जित किया। उधर जितेंद्र पुत्र स्व. रोहताश ने एक गाय गोद लेकर 5100 रुपये का सहयोग किया। गौशाला प्रधान ने सभी दानदाताओं का हार्दिक आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कपिल यादव, रविन्द्र बंसल, ओमप्रकाश आर्य, राजसिंह प्रॉपर्टी डीलर, जितेंद्र यादव, पूर्व पार्षद मोहन सिंह, नीलम यादव, पृथ्वी सिंह बोहरा, मास्टर रामप्रताप सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: गौशाला में जन्मदिन मनाते हुए





एनएमएमएस की परीक्षा की पास
-स्कूल में किया गया अभिनंदन
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कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार में आठवीं कक्षा के छात्र प्रवेश पुत्र विजेंद्र ने एनएमएमएस की परीक्षा पास करके विद्यालय तथा गांव का नाम रोशन किया है। इस परीक्षा के पास करने पर अब उन्हें हर साल 12वीं कक्षा की पढ़ाई पूरा करने तक 12,000 रुपए छात्रवृत्ति मिलेगी। इससे पहले भी प्रवेश राज्य स्तर तथा जिला स्तर पर अनेक गतिविधियों में विद्यालय का प्रतिनिधित्व कर चुका है।
 विद्यालय के प्रांगण में विद्यालय की प्राचार्या पूनम यादव तथा स्टाफ सदस्यों ने प्रवेश को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया तथा उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे ज्यादा से ज्यादा मेहनत करके सफलता अर्जित करें। इस अवसर पर उन्होंने  एनएमएमएस की तैयारी में जुटे अध्यापकों कैलाश देवी और अजय कुमार  तथा प्रीतम का विशेष रूप से आभार प्रकट किया।  स्टाफ के सभी सदस्यों ने प्रवेश को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक, गणित के प्रवक्ता अजय कुमार बंसल राजेंद्र कटारिया निशा जांगड़ा धर्मेंद्र डीपीई, शशि कुमारी पूनम कुमारी,कैलाश देवी, राकेश कुमार, मुख्य शिक्षक रतनलाल तथा प्रमोद सहित समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: छात्र प्रवेश को पुरस्कृत करते हुए स्टाफ


Friday, April 3, 2026



 
गर्मियों का होता है विशेष खानपान
-सेहत को बरकरार रखने के लिए ग्रामीण लोग है अग्रणी
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कनीना की आवाज।
 सेहत के दृष्टिगत विशेषकर गर्मियों में खानपान का ग्रामीण क्षेत्र के लोग विशेष ध्यान रखते हैं।  ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं कम होती है किंतु सेहत के प्रति उनका रवैया बेहतरीन देखने को मिलता है। गर्मियों के दिनों में जहां ठोस आहार कम काम में लिए लेते हैं वही तरल आहार अधिक से अधिक प्रयोग किया जाता है। गर्मियों के दिनों में रोटी के रूप में मेसी रोटी खाई जाती है। चना,गेहूं या जो आदि की बनी होती है। ऐसी रोटियां  ग्रामीण क्षेत्र के लोग कभी से प्रयोग करते हैं अपितु जब चने की पैदावार अधिक होती थी चने की रोटी खाते थे जो सेहत के लिए बहुत जरूरी है। यहां तक कि बासी मेसी रोटियां भी  राबड़ी के साथ विशेष खाद्य पदार्थ ग्रामीण क्षेत्रों का है।
   इस संबंध में विज्ञान के जानकार कनीना निवासी डा. होशियार सिंह यादव बताते हें कि राबड़ी जो छाछ, जौ का आटा आदि हांडी में  पकाकर बनाया जाता है। यह एक ऐसा पदार्थ है जो छाछ में बनाया जाता है तथा छाछ डालकर ही इसे प्याज और बासी रोटी के साथ खाया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग इस मामले में कभी से राबड़ी प्रयोग करते आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लोग कभी राबड़ी को नहीं भूलते। चाहे वर्तमान पीढ़ी कोल्ड ड्रिंक पीने लग गई और चाय अधिक सेवन करती है किंतु ग्रामीण बुजुर्ग राबड़ी को अहमियत देते हैं। इस वक्त गर्मियों के दिनों में धाणी एवं भुगड़ा नाम से विशेष खाद्य पदार्थ का खाते हैं। ग्रामीण लोग जौ को भुनवाकर धाणी तो चने को भुनवाकर भुगड़ा बनाते हैं जिनको गर्मी के दिनों में बड़े चाव से खाया जाता है। यहां तक कि कुछ लोग जौ की धाणी का सत्तू भी बनाकर पीते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां विशेष रूप से खरबूजा ,खरबूजा,ककड़ी एवं मतीरा आदि खाते हैं। यद्यपि मतीरा दिनों दिन लुप्त होते जा रहे हैं किंतु आज भी बुजुर्ग मतीरे को तरसते हैं। तरबूज से जहां पानी की प्यास बुझाते हैं कोई सेहत के लिए भी लाभप्रद है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र तरबूज पर विशेष ध्यान देते हैं। यहां तक कि आपस में कोई लड़ाई झगड़ा हो जाता है और सुलहनामा बनता है तो तरबूज ही घर लेकर आते  हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में ककड़ी तरबूज और खरबूजा आदि विशेष रूप से चाव से खाए जाते हैं।
ग्रामीण ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का प्याज का विशेष लगाव रहा है। यहां तक कि हर घर में नींबू रखते हैं जिससे शिकंजी पीते हैं तथा प्याज एवं कच्चे आम को भून कर खाते हैं ताकि गर्मी से बचा जा सके। गर्मी के खाद्य पदार्थों के बारे में राजेंद्र सिंह, सूबे सिंह, कृष्ण कुमार, दिनेश कुमार एवं सुनील कुमार आदि बताते हैं की बुजुर्ग पुराने खानपान को आज भी नहीं भूले हैं। सब्जियों के रूप में बुजुर्ग लोग खाटा का साग और कढ़ी के अतिरिक्त रायता बनाकर खाते हैं क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में दूध की कमी नहीं होती। यही कारण है दही को रायते में बदल देते हैं और खाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी एक दूसरे के घर से छाछ मुफ्त में उपलब्ध हो जाती है जिसमें काला नमक, भुना हुआ जीरा पुदीना आदि डालकर बड़े चाव से पिया जाता है। जब भी कोई मेहमान आता है तो उसको चाय की बजाए राबड़ी या छाछ का गिलास थमाते हैं जो खाने में बेहतरीन होता है। कसी शहर से आने वाले व्यक्ति भी बड़े चाव से लस्सी को पीते हैं, चाय को दूर भगाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खाने-पीने की आदतें अच्छी है। यहां तक कि मक्खन भी प्रयोग किया जाता है, दूध का भी सेवन किया जाता है किंतु हर घर में प्याज जरूर खरीदी जाती है जिसे वर्ष भर खाते हैं। प्याज का राबड़ी के साथ विशेष संबंध माना गया है। जब कभी धूप लग जाती है तो कच्चे आम को भुनकर ही उसका उपयोग किया जाता है।






शिक्षा के क्षेत्र में लक्ष्य प्राप्ति पर जोर, नामांकन व गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर विशेष ध्यान
--उप-जिला शिक्षा अधिकारी दिलबाग सिंह ने दिए निर्देश
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कनीना की आवाज।
शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों के नामांकन में वृद्धि तथा नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर उप-जिला शिक्षा अधिकारी दिलबाग सिंह ने निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों का अधिकतम नामांकन सुनिश्चित किया जाए तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी, रोचक और परिणामोन्मुख बनाया जाए। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षण कार्य करते हुए विभाग द्वारा निर्धारित नामांकन लक्ष्यों को हर हाल में प्राप्त किया जाना चाहिए।
वहीं खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार यादव ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि निर्धारित शैक्षिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए समर्पण, अनुशासन एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से गणितीय दक्षता, भाषा कौशल तथा विद्यार्थियों के मौलिक ज्ञान के सुदृढ़ीकरण पर बल दिया।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि आगामी 6 अप्रैल से जनगणना कार्य हेतु तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसमें विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, जो प्रशिक्षण प्राप्त कर जनगणना कार्य को पूरी जिम्मेदारी के साथ संपन्न करेंगे।
इस दौरान जीएलएन जिला संयोजक विक्रम यादव ने बताया कि लाडो लक्ष्मी योजना के अंतर्गत निपुण हरियाणा के लक्ष्यों को प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की माताओं को लाभ प्रदान किया जाएगा। इसके लिए सभी शिक्षकों को गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ प्रयास करने होंगे।
खंड संयोजक गुलशन यादव ने उल्लास कार्यक्रम के तहत आयोजित हालिया परीक्षा की विस्तृत जानकारी साझा की तथा एफएलएन  के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक द्वारा किया गया। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सभी शिक्षकों से सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर प्राचार्य सुनील खुडानिया, प्राचार्य सत्यपाल गुढ़ा, प्राचार्य रेनू मेहरा भोजावास, प्राचार्य धर्मवीर खेड़ी तलवाना, मुख्याध्यापक सत्य प्रकाश भडफ़, शुभकरण उन्हनी सहित खंड के सभी प्राचार्य, मुख्य अध्यापक एवं मिडिल हेडमास्टर उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04: शिक्षकों की बैठक को संबोधित करते दिलबाग सिंह





दिन भर तेज हवाएं चली, आकाश में बादल छाए, हुई हल्की बूंदाबांदी
-बाद में हुई 6 एमएम वर्षा
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में दिनभर आकाश में काले बादल छाए रहे और तेज हवाएं चली बूंदाबांदी भी हुई। किसान तेजी से अपनी सरसों और गेहूं की लावणी एवं फसल पैदावार लेने में लगे हुए हैं क्योंकि मजदूरों का अभाव होने के कारण हार्वेस्टिंग मशीनों से ही फसल कटाई एवं पैदावार दोनों लेने का कार्य कर रहे हैं।
 उल्लेखनीय है कि मार्च के दूसरे पखवाड़े और अप्रैल में लगातार मौसम बदल रहा है। कई बार बूंदाबांदी और वर्षा हो चुकी है। किसानों की बार-बार लावणी की हुई फसल भीग जाती है जिससे पैदावार की गुणवत्ता पर कु-प्रभाव पडऩे का आसार बना हुआ है। अधिकांश किसानों ने अपनी सरसों की पैदावार त्वरित गति से लेने का कार्य शुरू कर दिया है ताकि पैदावार को घर में सुखाया जा सके। क्योंकि अभी सरसों नमीयुक्त है जिसे सूखने के बाद ही मंडियों तक पहुंचाया जा सकता है।
 किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, मनोज कुमार, कृष्ण कुमार आदि ने बताया कि इस बार रबी फसल के दौरान अनेक समस्याएं किसानों ने झेली हैं। ओलावृष्टि ने भी फसल को नुकसान पहुंचाया है। पैदावार लेने पर ही पता चल पाएगा की मौसम की कितनी मार पड़ी है।
 फोटो कैप्शन 05: आकाश में छाए हुए बादल




 बंदरों की समस्या बोल रही है सिर चढ़कर
--दो बार बंदरों को पकड़कर छोड़ा गया था अन्यत्र
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में बढ़ते बंदरों की संख्या न केवल आम आदमी अपितु दुकानदार, सरकारी कर्मचारी, विभिन्न संस्थाओं के लोग यहां तक की फल और रेहड़ी पर सब्जी विक्रेेता बेहद परेशान है। प्रतिदिन हजारों रुपये का नुकसान बंदर कर देते हैं। एक वक्त था जब बंदरों को खाना खिलाने लोग दूरदराज जाते थे। अब धीरे-धीरे बंदरों के प्रति वह लगाव नहीं रहा है क्योंकि बंदरों से लोग तंग आ चुके हैं। कनीना कस्बे से महज एक बार बंदरों को पकड़कर अन्यत्र छुड़वाया गया था किंतु फिर से इनकी संख्या बढ़ गई है। तत्पश्चात प्रयास किए गए किंतु बंदरों की संख्या बढ़ती ही चली गई। वर्तमान में कनीना ही नहीं अपितु आस पास के गांवों के लोग भी बेहद परेशान हैं। अकेले कनीना में सैकड़ों बंदर दिनरात परेशान कर रहे हैं। एक दर्जन से अधिक लोगों को कनीना क्षेत्र में बंदरों ने काट खाया है। कनीना नगरपालिका ने वर्ष 2013 में 61 तो 2025 में 134 बंदरों को पकड़वाकर अन्यत्र छुड़वाया था किंतु फिर से इनकी संख्या बढ़ गई है। ये बंदर तो डरते नहीं अपितु सीधा हमला बोलते हैं।
 क्या कहते हैं कस्बावासी-
बंदरों ने हर प्रकार से मुसीबत खड़ी कर रखी है। रेहड़ी और फल विक्रेताओं फल उठा कर भाग जाते हैं यहां तक की अंडों की रेहड़ी से अंडे तो विभिन्न जीवों को पकड़ कर ये बंदर खा जाते हैं। वैसे भी लोगों को डरा कर अनेक घटनाएं घटित करवा दी है। इनको पकड़कर दूर दराज छुड़वाना चाहिए।
  -- कनीना के गणेश अग्रवाल
बंदर कनीना में एक समस्या बनकर रह गए हैं। एंटीना हो या कोई ध्वज लगा हो उसे तोड़ कर ही दम लेते हैं। घर में कपड़े सूख रहे हो उनको फाड़ जाते हैं। घर में फल या सब्जी लग रही हो उसे क्षणों में ही बर्बाद कर जाते हैं। बंदरों के कारण कस्बा कनीना में आधा दर्जन घटनाएं भी कर चुकी है। बंदरों से निजात पाने के लिए बार-बार निवेदन कर रहे हैं किंतु समाधान नहीं निकाला गया है।
   ---योगेश अग्रवाल,कनीना मंडी
 लोग कुत्ता, बंदर एवं बिल्ली के काटने के बाद सावधानी नहीं बरती तो जीवन को खतरा हो सकता है। और किसी भी समय यह रोग बढ़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब शहरी तर्ज पर कुत्ते पालने की प्रथम बनी हुई है इसके चलते कुत्ता कभी किसी को काट सकता है और काटने पर तुरंत प्रभाव से टीके लगवाने चाहिए। उन्होंने बताया कि अक्सर कभी कुत्ता काटता है और काटने के बाद यदि कोई खून नहीं निकलता खरोंच आ जाती है तो टीके लगवाने की जरूरत नहीं होती। इसे अच्छी प्रकार साबून,डिटोल एवं तथा अन्य एंटीबायोटिक पदार्थ से धो देना चाहिए परंतु कुत्ते के काटने से कुछ खून निकलता है तो टीके लगवाने जरूरी होते हैं।
  ---डा. पवन कांगड़ा
फोटो कैप्शन: डा. पवन कांगड़ा



कनीना में हुई 6 एमएम वर्षा, किसान परेशान
-गेहूं एवं सरसों पैदावार लेना हुआ दुष्कर

 

उपनिदेशक ने कनीना में एसडीएच का किया दौरा
-उपकरणों की गई जांच
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कनीना की आवाज।
 उपनिदेशक वेक्टर बोर्न डिजिज/वीबीबी डाक्टर रविंद्र अहलावत ने शुक्रवार को कनीना की उप नागरिक अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने विभिन्न प्रयोगशाला के उपकरणों के कैलिबर को जांचा।
मिली जानकारी अनुसार उपनिदेशक ने बीपी मशीन, प्रयोगशाला के विभिन्न मशीनों, एक्सरे, इसीजी, आईएलआर, सेक्षन अपरेट्स, बीपी, शूगर, विभिन्न एनालाइजर आदि की जांच की। पूरे ही प्रदेश के अस्पतालों में इस प्रकार की जांच चल रही है। सभी उपकरण ठीक-ठाक ढंग से कार्य करते पाए गए।
 फोटो कैप्शन 3: उप-निदेशक कनीना एसडीएच का दौरा करते हुए




पानी की टंकियों की होनी चाहिए 3 माह में सफाई
- निर्धारित टंकियों के पास लिखा होना चाहिए सफाई कब की गई
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कनीना की आवाज।
 नेशनल क्वालिटी कंट्रोल के तहत जहां स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न संस्थाओं में आदेश जारी किया हुआ है कि पेयजल टंकियों की नियमित रूप से सफाई की जाए। हो सके तो जब पानी गंदा होता नजर आए तुरंत सफाई करें किंतु 3 महीने में हर हाल में टंकियां की सफाई करना जरूरी होता है।
नियमानुसार बोर्ड पर लिखा भी जाता है कि पानी की टंकी कब साफ की गई थी और अगली सफाई कब की जाएगी। देखने में आता है कि बहुत सी संस्थाओं में पानी की टंकी को लंबे समय तक साफ नहीं किया जाता।
सिविल सर्जन नारनौल में भी आदेश दिया हुआ है की सभी ओवर हेड या भूमिगत जल भंडार,टैंकों की स्थिति जांच की जाए। किसी प्रकार का प्रदूषण रिसाव, संरचनात्मक क्षति न हो, टंकियां की पूर्ण रूप से सफाई की जानी चाहिए। अंदर से कीचड़ हटाना, उचित कीटाणु शोधन प्रयोग करना आदि निर्धारित सुरक्षा स्वच्छता मानकों के अनुरूप ही बताए गए हैं। 3 माह में निश्चित रूप से सफाई की जानी चाहिए। ऐसा पत्र भी हाल ही में सिविल सर्जन ने भी भेजा हुआ है जिसके तहत कुछ कार्यालयों में भी कार्रवाई चल भी रही है लेकिन अभी तक बहुत से कार्यालयों में पानी की टंकी को साफ नहीं किया जा रहा है।
फोटो कैप्शन 02:स्कूल में वर्णित पानी की टंकी की सफाई



16 सालों से अधर में लटके हैं लाइब्रेरी एवं दो कमरे
-अभी भी नहीं हो पाई है लिपाई पुताई , खंडहर बनने की बनी संभावना
-पांच प्राचार्य भी नहीं करवा पाए काम पूरा, बीआरसी भडफ़ जैसा हुआ हाल
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कनीना की आवाज।
 राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना परिसर में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान/आरएममएसए के तहत जहां दो कमरे और एक लाइब्रेरी विगत 16 सालों से पूर्ण होने का इंतजार कर रहे हैं। अभी भी अधर में लटके हैं। न तो फर्श लग पाया है और न ही पुताई हुई है। परिणाम यह है कि अभी से ही भवन खंडहर बनने की कगार पर है। शुरू होने से पहले ही जब खंडहर हो जाएगा तो आखिर सरकार को लाख रुपए का चूना लगेगा। एक और जहां बीआरसी कार्यालय भडफ़ गांव से में बनाया था जो करोड़ों की लागत के बाद भी आज खंडहर बन चुका है और वहां से खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर में पीछे कमरों में विराजमान है।
 वर्तमान बीइओ कार्यालय के पास ही ये दो कमरे और लाइब्रेरी अधर में लटके हुए हैं  साथ में दो कमरे नगर पालिका द्वारा भी बनाए गए थे वो भी अधूरे पड़े हैं। इस प्रकार चार कमरे एवं एक लाइब्रेरी 16 सालों से अपने निर्माण की दुहाई दे रहे हैं ताकि सरकार के लाखो रुपये मिट्टी में मिलने से बच सके। अगर यह ग्रांट समय पर मिल जाए तो इन कमरों को पूर्ण करके कम से कम खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय को ही चलाया जा सकता है या अन्य किसी कार्यों में इस भवन परिसर को दिया जा सकता है।
 अब तक की मिली सूचना अनुसार 2010-11 में एक लाइब्रेरी और दो कमरों का शुभारंभ तत्कालीन प्राचार्य आरपी कौशिक के समय होना था। तत्कालीन प्राचार्य आरपी कौशिक ने प्रयास किया किंतु जिस जगह वो बनाए जाने थे वहां नहीं बन पाए। वर्ष 2012-13 में 2,87,000 रुपए खर्च करके नगर पालिका ने दो कमरे बना दिए जो आज भी अधूरे पड़े हैं। जिनके न तो फर्श लगाया है न लिपाई पुताई की गई है। इसके कारण ये दोनों कमरे भविष्य में खंडहर बन सकते हैं। वर्ष 2014 में तत्कालीन प्राचार्य वेद प्रकाश के समय एक लाइब्रेरी और दो कमरों के लिए प्रथम किस्त प्राप्त हुई जिनका सदुपयोग करते हुए लाइब्रेरी और दो कमरे डीपीसी तक निर्मित कर दिए गए। ये भी नगर पालिका द्वारा बनाए गए कमरों के साथ ही निर्मित हो गए किंतु बार-बार प्रयास करने के बावजूद भी अगली किस्त तुरंत नहीं मिली। परिणाम काम अधूरा रहा। वर्ष 2017 में दूसरी किस्त 4,82,655 रुपए प्राचार्य लाल सिंह के वक्त वक्त आए और छात्र का निर्माण कार्य कर दिया गया। छत तक लगा दी गई। तत्पश्चात फिर से इसकी लिपाई पुताई के लिए तीसरी किस्त आनी बाकी थी जो 5 सालों तक लंबा इंतजार करके वर्ष 2022 में तत्कालीन प्राचार्य सत्यपाल धूपिया के समय 7,66,087 रुपए प्राप्त हुए। जिसमें पांच कमरों की लिपाई पुताई, फर्श आदि किया जाना था। इस समय इसका बजट भी डल गया लेकिन 30 प्रतिशत कैप की वजह से यह राशि निकाल नहीं पाई और फिर से कमरे अधर में लटक गए। वर्ष 2023 में सुनील खुडानिया प्राचार्य ने उपरोक्त राशि प्राप्त करने के लिए फिर से प्रयास किया किंतु उन बातों को 3 साल बीतने को है कि परंतु राशि प्राप्त नहीं हुई है और  निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया है। अभी भीअगर यह राशि प्राप्त नहीं हुई तो करीब 16 साल पहले निर्मित यह भवन फिर से खंडहर बन जाएगा और शुरू होने से पहले ही दम तोड़ देगा। अगर समय पर राशि मिल गई तो इस भवन को बचाया जा सकता है और सरकार की लाखों रुपए की बचत हो सकती है। भवन का उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए जैसे कि खंड शिक्षा अधिकारी या माडल स्कूल प्रयोग कर पाएगा वरना यह खंडहर बनकर रह जाएगा बीआरसी की भांति कहीं शराबखोरों की मनपसंद जगह बनकर रह जाएगा। वर्तमान में भी इसके हालत जर्जरनुमा बने हुये है। चारों ओर झाड़ झंखाड़ खड़े हो गए हैं, कोई उखडऩे वाला नहीं। कोई इसकी देखरेख करने वाला नहीं है। सरकार को अविलंब इसकी शेष राशि भेज कर /तीसरी किस्त भेज कर इसको पूर्ण करवाने का प्रयास करना चाहिए।
 उल्लेखनीय है की भवन निर्माण के लिए तीन किस्तों में राशि जारी होती है। पहली किस्त डीपीसी तक ,तत्पश्चात दूसरी किस्त छत तक और तीसरी किस्त फर्श एवं लिपाई पुताई आदि में प्रयोग की जाती है। अब तक दो किस्ते ही 16 साल में आ आई हैं।
क्या कहते हैं प्राचार्य-
 सुनील खुडानिया वर्तमान में राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य सुनील खुडानिया ने बताया कि वर्ष 2023 में उन्होंने 7, 66,087 रुपए की किस्त भेजने की मांग की है ताकि इस भवन को पूरा किया जा सके। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010-11 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था दो कमरे नगर पालिका द्वारा निर्मित किए जाने थे वहीं दो कमरे और एक लाइब्रेरी आरएमएसए से द्वारा निर्मित किए जाने थे किंतु सभी चारों कमरे और लाइब्रेरी अधर में लटके हुए है। यह भवन कमरा खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से महज 50 गज दूरी पर है।
 फोटो कैप्शन 1 से 6: किस्त अभाव में जर्जर हालत में खड़ा भवन




जलघर पोता का एक्शन जन स्वास्थ्य विभाग ने किया दौरा
-जल समस्या का निकाला हल














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कनीना की आवाज। मंत्री आरती राव के आदेश पर एक्षन जन स्वास्थ्य विभाग ने गांव पोता का दौरा किया और पेयजल संबंधित समस्या का हल निकाला।
 मिली जानकारी अनुसार कैबिनेट मंत्री आरती सिंह राव से कनीना उप-मंडल के गांव पोता के ग्रामीणों ने मिलकर गांव में पीने के पानी की समस्या से अवगत करवाया। मंत्री ने ग्रामीणों के सामने जन स्वास्थ्य विभाग के एक्शन प्रदीप यादव को कहा कि आप कल गांव पोता में जाकर ग्रामीणों से मिलकर उनके समस्या का हल करें। शुक्रवार को एक्शन प्रदीप यादव जल घर का निरीक्षण किया व पानी के किल्लत वाले मोहल्ला, ढाणी का दौरा किया। ग्राम वासियों ने तुरंत कार्रवाई करने पर आरती सिंह राव कैबिनेट मंत्री हरियाणा सरकार का आभार जताया।
 जल घर का निरीक्षण दौरान प्रदीप यादव एक्शन, हनुमान सिंह यादव महामंत्री भाजपा मंडल कनीना, रामनिवास यादव, मनोज जांगड़ा, गौतम शर्मा, सतीश यादव, हरकेश यादव व गांव पोता के ग्रामीण उपस्थित रहे।
फोटो केप्शन 01: जलघर पोता का दौरा करते हुए एक्शन एवं अन्य