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Friday, April 10, 2026



 


614 क्विंटल सरसों की निजी स्तर पर हुई खरीद
- गेहूं की कुल खरीद 13763 क्विंटल पहुंची
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कनीना की आवाज।
 कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में सरसों और गेहूं की खरीद जारी है। जहां सरकारी तौर पर सरसों की कोई खरीद नहीं हो पाई है। मिली जानकारी अनुसार शुक्रवार को 614 क्विंटल निजी स्तर पर सरसों खरीदी गई जिसका भाव 6210 से लेकर 6410 रुपए प्रति क्विंटल तक रहा। अभी तक कल निजी स्तर पर कुल 11507 क्विंटल सरसों खरीदी जा चुकी है जिसमें से 7865 क्विंटल की  लिफ्टिंग हो चुकी है। उधर गेहूं की अब तक कुल खरीद 13763 क्विंटल पहुंच गई है। गेहूं के गेट पास 16628 क्विंटल के जारी हो चुके है लेकिन बाकी 2845 क्विंटल गेहूं की खरीद अभी नहीं हो पाई है जिसकी बोली लैगनी बाकी है। शुक्रवार को एक सौ जमीदारों की 3239 की क्विंटल गेहूं खरीदी गई। अब तक 501 किसानों का गेहूं खरीदा जा चुका है। 1570 क्विंटल गेहूं की लिफ्टिंग भी की जा चुकी है। क्योंकि खरीद जोर शोर से जारी है। अब भविष्य में गेहूं की खरीद की आवक और खरीद बढऩे की संभावना है।
 फोटो कैप्शन 10: कनीना अनाज मंडी में गेहूं की खरीद का नजारा






दौंगड़ा अहीर में स्कूल रेडीनेस मेला आयोजित
- बच्चों के सर्वांगीण विकास पर दिया गया जोर
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कनीना की आवाज।
महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में गांव दौंगड़ा अहीर स्थित आंगनवाड़ी कम प्ले स्कूल में सत्र 2026-27 के तहत स्कूल रेडीनेस मेले का आयोजन किया गया। इस संबंध में जानकारी सुपरवाइजर पूजा खींची ने बताया कि कार्यक्रम में ग्राम सरपंच सुनीता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि मुख्य अध्यापिका मनोज यादव ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। जिला समन्वयक पोषण अभियान अनूप सिंह भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
मेले में 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं उनके अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हर वर्ष की भांति आयोजित यह मेला नए सत्र की शुरुआत के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लगाया गया। इस दौरान बच्चों के लिए विभिन्न शैक्षणिक एवं मनोरंजक गतिविधियां करवाई गईं और उनकी प्रगति के आधार पर रिपोर्ट कार्ड तैयार किए गए।
मेले में विभिन्न विकासात्मक स्टाल लगाए गए, जहां बच्चों को गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर मिला। मुख्य अतिथियों ने स्टॉलों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की ऊंचाई और वजन मापकर उनके स्वास्थ्य की जांच भी की गई। इस अवसर पर एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं ने गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, बच्चों के टीकाकरण और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। अनूप सिंह ने पोषण ट्रैकर के उपयोग और महत्व पर प्रकाश डाला।
सुपरवाइजर पूजा खींची ने बताया कि मेले के माध्यम से पोषण पखवाड़ा, ईसीसीई दिवस एवं अन्य कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई। बच्चों को शिक्षा का पेड़ गतिविधि के जरिए सीखने के लिए प्रेरित किया गया तथा बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को रोकने और 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओÓ अभियान को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
मुख्य अतिथि सरपंच सुनीता ने स्वच्छता के महत्व पर बल दिया, जबकि अध्यापिका मनोज यादव ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में राकेट लर्निंग से योगिता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बलजीत, कृष्णा, उर्मिला, कैलाश, प्रेमलता, संतोष सहित एएनएम, आशा वर्कर एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 08: दौंगड़ा में रेडीनेस मेले का नजारा






किसान जोर शोर से पैदावार लेने में लगे
-सरसों की इकट्ठी की गई फसल नीचे से गई है सड़
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र के किसानों ने जहां 20000 हेक्टेयर पर सरसों और करीब 9000 हेक्टेयर पर गेहूं की फसल उगाई थी। किसान बार-बार मौसम की मार झेलते हुए आखिरकार एक बार फिर से फसल को सुखाकर पैदावार लेने लग गए हैं क्योंकि गेहूं की लावणी अभी चल रही और अधिकांश किसानों ने सरसों की पैदावार ले ली है। लेकिन जिन किसानों की सरसों की फसल काटकर इकट्ठी की हुई थी वह अंदर से सड़ गई है, काली पड़ गई है, फंगस लग गया है।
 किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार, महेंद्र सिंह आदि ने बताया कि बार-बार वर्षा के कारण इकट्ठी की गई सरसों फसल नीचे से काली ही नहीं पड़ी अपितु सरसों के खराब होने की संभावना बढ़ गई है, फंगस लग गया है।मौसम के आगे किसान मजबूर हैं। गत दिनों से मौसम न खुलने के कारण अपनी फसल पैदावार नहीं ले पाए थे और जोर-जोर से फसल पैदावार ले रहे हैं आने वाले समय पता लग पाएगा किसान कैसे पैदावार ले पाते हैं क्योंकि आए दिन तेज हवाएं चल रही है जिसके कारण उनकी इकट्ठी की हुई फसल उडऩे की संभावना बन जाती है।
फोटो कैप्शन 09: सरसों की जमा फसल नीचे से काली पड़ी






कनीना में छापेमारी के दौरान 12 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त
-उपभोक्ता सुरक्षित पीएनजी कनेक्शन लें : अरुण सैनी
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कनीना की आवाज।
उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार के मार्गदर्शन में जिला महेंद्रगढ़ में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
सहायक आपूर्ति अधिकारी अरुण सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग की टीम ने आज कनीना क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकने के लिए विशेष छापामार कार्रवाई की। इस छापेमारी के दौरान टीम ने कुल 12 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए। इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर ध्यान सिंह एवं सब इंस्पेक्टर संदीप द्वारा किया गया।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन स्पष्ट कर चुका है कि व्यवसायिक स्थानों पर घरेलू सिलेंडरों का उपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की 6 जांच टीमों द्वारा एक माह से जिला महेंद्रगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों जैसे नारनौल शहर, महेंद्रगढ़ शहर, सतनाली, कनीना, अटेली और नांगल चौधरी में अब तक कुल 28 छापेमारी की जा चुकी हैं। इस दौरान 199 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी ने आमजन से भी अपील की है कि वे घरेलू गैस का दुरुपयोग न करें और यदि कहीं भी ऐसी अनियमितता दिखाई दे तो तुरंत संबंधित विभाग या हेल्पलाइन नंबर 01282-251249 पर सूचित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में 21 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं जो प्रतिदिन औसतन 4000 से 5000 सिलेंडरों की आपूर्ति उपभोक्ताओं को कर रही हैं और जिले में गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
उन्होंने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे सिलेंडरों का अनावश्यक भंडारण न करें और अधिक सुरक्षित विकल्प के रूप में पीएनजी लाइन को अपनाएं।उपभोक्ता माय अडानी एप के माध्यम से घर बैठे आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
फोटो कैप्शन 07: कनीना क्षेत्र में जब्त किए गए सिलेंडर








कुतरूं प्राचार्य के कारनामे-21 सोमवार को 13 अप्रैल को
-कुतरूं को नमन किया वो दुख पाया, डांट मारकर ही काम करवा पाया


कनीना मंडी में सड़क दुर्घटना में महिला के पैर की हड्डी टूटी
-कनीना उप नागरिक अस्पताल भर्ती फिर हायर सेंटर रेफर






शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सशक्त कर रही हरियाणा सरकार
-जिला महेंद्रगढ़ में निपुण मिशन से संवर रहा बच्चों का भविष्य
-चैंपियन टीचर्स की नई सोच और आधुनिक तकनीक से आगे बढ़ेंगे विद्यार्थी
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कनीना की आवाज।
हरियाणा सरकार प्रदेश के प्राथमिक शिक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसका सकारात्मक प्रभाव धरातल पर दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में आज उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने जिला स्तरीय संचालन समिति की एक बैठक ली।
बैठक में निपुण हरियाणा मिशन के तहत अब तक की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों के सीखने के स्तर (लर्निंग आउटकम) को सुधारने के लिए विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है ताकि प्रत्येक बच्चा कक्षा के अनुरूप मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता के लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त कर सके।
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने हाल ही में संपन्न हुए थर्ड पार्टी इवैल्यूएशन सर्वे और सेंसस 2.0 के परिणामों का सूक्ष्म विश्लेषण किया।
उन्होंने उन क्षेत्रों और विद्यालयों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए जहाँ परिणाम अपेक्षाकृत कम रहे हैं।
उपायुक्त ने कहा कि मेंटर्स और शिक्षा अधिकारियों द्वारा स्कूलों का दौरा केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता न होकर धरातल पर शैक्षणिक सुधार लाने वाला होना चाहिए।
नारनौल के 20 स्कूलों में चल रहे उपचारात्मक शिक्षण और महेंद्रगढ़ ब्लॉक के लिए तैयार की गई 45 दिवसीय विशेष कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से हासिल किया जाए।
आगामी दो महीनों की प्राथमिकताओं को बताते हुए उपायुक्त ने चैंपियन टीचर्स पहल और स्कूलों को गोद लेने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया।
बैठक में आधुनिक शिक्षण विधियों के उपयोग के संबंध में उपायुक्त ने संपर्क फाउंडेशन और अन्य तकनीकी सहयोगियों के साथ मिलकर पढ़ाई को सरल व प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
जिला समन्वयक डॉ. विक्रम सिंह ने पीपीटी के माध्यम से जिले की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए आगामी लक्ष्यों का खाका पेश किया।
उपायुक्त ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और शिक्षकों का निरंतर मार्गदर्शन करने की हिदायत दी ताकि महेंद्रगढ़ जिला प्रदेश भर में अग्रणी बना रहे।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पावरिया, निगम आयुक्त रणवीर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विश्वेश्वर कौशिक, जिला परियोजना समन्वयक अशोक कुमार, जिला समन्वयक एफएलएन डॉ. विक्रम सिंह, एसपीआईयू सदस्य स्नेहा बिष्ट, संपर्क फाउंडेशन से दुर्गा प्रसाद व मनीष कुमार सहित जिले के सभी उप-जिला शिक्षा अधिकारी एवं खंड शिक्षा अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।





आगामी गर्मी के सीजन को लेकर जिला प्रशासन की पूर्व तैयारी
-इंसान, पशु-पक्षियों और फसलों की सुरक्षा हम सब की जिम्मेदारी
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कनीना की आवाज। 
हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने आने वाले समय में पडऩे वाली गर्मी और संभावित हीटवेव (लू) से निपटने के लिए अपनी तैयारी अभी से शुरू कर दी है। इसी कड़ी में उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने आज जिला के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य भविष्य की चुनौतियों के लिए पहले से तैयार रहना है, ताकि इंसान, पशु-पक्षियों और फसलों पर गर्मी के प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सके।
डीसी ने अधिकारियों को हिदायत दी कि वे आने वाले समय की संवेदनशीलता को देखते हुए अभी से सुरक्षा आडिट की प्रक्रिया पूरी कर लें। सभी विभागों को अपने अग्नि सुरक्षा उपकरणों (फायर आडिट) की जांच करने और उन्हें चलाने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि समय रहते की गई तैयारी ही किसी भी आपात स्थिति से बचाव का सबसे कारगर तरीका है।
बैठक में कृषि विभाग को निर्देश दिए गए कि वे थ्रेसिंग के दौरान होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकने और खरीफ की बिजाई के लिए किसानों को अभी से जागरूक करें। वहीं, पशुपालन विभाग को पशुओं के स्वास्थ्य के मद्देनजर जरूरी दवाइयों का स्टॉक सुनिश्चित करने और आने वाले दिनों के लिए उचित एडवाइजरी तैयार करने को कहा गया।
उपायुक्त ने वन विभाग को निर्देश दिए कि जंगलों में जंगली जीवों और पक्षियों के लिए टैंकरों के माध्यम से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना बनाएं और वन मित्र के जरिए जनता में जागरूकता फैलाएं।
उपायुक्त ने सिंचाई विभाग को निर्देश दिए गए कि वे जिले के सभी तालाबों को भरने की व्यवस्था करें ताकि गर्मी बढऩे पर जल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो।
शहरी क्षेत्रों में व्यवस्थाओं को लेकर उपायुक्त ने नगर निकायों को नोडल अधिकारी नियुक्त करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि पार्कों में पेयजल की व्यवस्था, जगह-जगह प्याऊ और मटके रखवाने की योजना अभी से तैयार की जाए। नागरिकों को जागरूक किया जाए कि वे आने वाले दिनों में गर्मी से बचने के लिए छतों पर सफेद पेंट या चूने की लिपाई जैसे पारंपरिक तरीके अपनाएं।
उपायुक्त ने ऊर्जा की बढ़ती मांग को देखते हुए गैर-परंपरागत ऊर्जा स्रोतों के उपयोग और बिजली बचत पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने लेबर विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए ईंट भ_ों पर काम करने वाली लेबर के लिए छाया, शुद्ध पेयजल और चिकित्सा के सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते पूरे कर लें।
 



हरी खाद उगने पर किसानों को मिलेगी एक हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि
-दलहनी फसलें उगाने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
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कनीना की आवाज।
हरियाणा सरकार ने मिट्टी की सेहत सुधारने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विजन के तहत, सरसों और गेहूं की कटाई के बाद हरी खाद या दलहनी फसलें उगाने वाले किसानों को 1,000 रुपए प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
यह जानकारी देते हुए उप कृषि निदेशक डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया कि ढैंचा, मूंग, अरहर, मोठ, सोयाबीन, लोबिया, उड़द और ग्वार जैसी फसलों की बिजाई करने वाले किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। यह राशि सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को 15 अप्रैल तक मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करना होगा और बिजाई की फोटो पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
उन्होंने किसानों से विशेष अपील की है कि वे इन फसलों की बिजाई के 7 से 8 सप्ताह बाद इन्हें काटकर खेत की मिट्टी में ही मिला दें। ऐसा करने से खेत में जैविक कार्बन का स्तर बढ़ता है और मिट्टी की पानी सोखने की शक्ति में वृद्धि होती है, जिससे आने वाली अगली फसलों की पैदावार भी बेहतर होती है।
मुख्यमंत्री की इस योजना का मुख्य उद्देश्य रसायनों के प्रयोग को कम कर हरियाणा की कृषि भूमि के स्वास्थ्य को उत्तम बनाए रखना है।



झाड़ली में आठवां पोषण माह शुरू, महिलाओं को स्वास्थ्य व पोषण के प्रति किया जागरूक
- 23 अप्रैल तक चलेंगे कार्यक्रम, संतुलित आहार व स्वच्छता पर दिया गया जोर
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कनीना की आवाज।
उपमंडल के गांव झाड़ली में आठवें पोषण माह का शुभारंभ किया गया। यह अभियान 23 अप्रैल तक चलाया जाएगा, जिसके तहत महिलाओं और बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में आंगनबाड़ी वर्करों व स्वास्थ्य कर्मियों ने महिलाओं को संतुलित आहार, साफ-सफाई और बच्चों के समुचित विकास के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सही खानपान, टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं की देखभाल पर विशेष जोर दिया गया। सुपरवाइजर अनीता यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि पोषण माह का मुख्य उद्देश्य कुपोषण को दूर करना और समाज में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि इस दौरान घर-घर जाकर महिलाओं को पोषक आहार, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। इस मौके पर सरपंच सुशीला देवी, आशा वर्कर मौसम, सुनीता, अरुण सहित गांव की अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने मिलकर पोषण माह को सफल बनाने का संकल्प लिया।
फोटो कैप्शन 05: झाड़ली में जानकारी देते हुए



अब हर माह दूसरे रविवार को चलेगा विशेष टीकाकरण
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कनीना की आवाज। 
जनहित को ध्यान में रखते हुए सरकार , एसएमओ रेनू वर्मा एवं सतीश कुमार बीइइ के दिशा निर्देश के अनुसार महीने के दूसरे रविवार को कनीना के उप-नागरिक अस्पताल में बच्चों को विशेष टीकाकरण किया जाएगा। जिनको टीका अभी नहीं लगा है या वह किसी कारणवश नहीं लगवा पाए तो वो इस दिन टीकाकरण करवा सकता है।
 सतीश कुमार ने बताया इस टीकाकरण के तहत पांच बच्चे वर्ष के बच्चों को डीपीटी, 10 से 11 वर्ष के बच्चों को टीडी, 15 से 16 वर्ष के बच्चों को टीडी, गर्भवती महिलाओं को जिनका टीका नहीं लगाया गया है उनको भी टीका लगाया जाएगा।
 फोटो कैप्शन: सतीश कुमार बीइइ




 ग्राम पंचायत गोमली की महिला सरपंच को किया सम्मानित
-जिला उपायुक्त द्वारा उत्कृष्ट कार्यों के चलते दिया सम्मान
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कनीना की आवाज।
कनीना उप-मंडल के गोमली की महिला सरपंच उर्मिला शास्त्री को उपयुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने एक समारोह में उत्कृष्ट कार्य, स्वच्छता, गंदे पानी की निकासी आदि के लिए सम्मानित किया है। सम्मान में प्रमाण पत्र, सिल्वर पदक देकर सम्मानित किया है। इस अवसर पर रामरतन शर्मा जेई, दयानंद नंबरदार ,पंकज शर्मा, बजरंग यादव पंच आदि ने उन्हें बधाई दी है। सरपंच को बधाई देते हुए बताया कि गांव की महिला सरपंच  उर्मिला शास्त्री इमानदार, लगनशील है तथा चौमुखी विकास करवा रही है। ग्रामीणों ने सरपंच को बधाई दी और पूरा सहयोग का आश्वासन दिया।
 फोटो कैप्शन 05: महिला सरपंच को सम्मानित करते जिला उपायुक्त



एसडी विद्यालय ककराला की छात्रा ने राष्ट्रीय स्तर पर कमाया नाम
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कनीना की आवाज।
एसडी विद्यालय ककराला ने मेरा भारत बजट प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक नई उपलब्धि हासिल की है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से लगभग 12 लाख प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिसमें विद्यालय की छात्रा गरिमा ,कक्षा 12वीं, ने अंतिम चरण तक पहुंचकर विद्यालय का नाम रोशन किया।
विद्यालय की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर प्रधानाचार्या शिप्रा सारस्वत को विभिन्न शिक्षाविदों, अभिभावकों एवं गणमान्य व्यक्तियों द्वारा हार्दिक बधाई प्रेषित की गई। सभी ने उनके कुशल नेतृत्व, मार्गदर्शन एवं शैक्षणिक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रेरणादायक नेतृत्व में विद्यालय निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।
इस सफलता के पीछे शिक्षक धनराज यादव का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट की तैयारी में छात्रा का मार्गदर्शन किया। उनकी मेहनत और छात्रा की लगन ने इस उपलब्धि को संभव बनाया। विद्यालय प्रबंधन द्वारा गरिमा को 5100 रुपए नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया तथा अभिभावकों को भी बधाई दी गई। विद्यालय की प्रधानाचार्या शिप्रा सारस्वत ने जानकारी दी कि गरिमा आगामी 13 अप्रैल को हरियाणा एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय, हिसार में आयोजित कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बजट एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर सीधा संवाद करेंगी।
इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन जगदेव यादव ने छात्रा गरिमा, शिक्षक धनराज यादव एवं समस्त स्टाफ को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विद्यालय, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के संयुक्त प्रयास का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सच्ची लगन, एकाग्रता और निरंतर परिश्रम से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या शिप्रा सारस्वत, प्रबंधन समिति के वरिष्ठ सदस्य, सीईओ आरएस यादव, डिप्टी डायरेक्टर पूर्ण सिंह, कोआर्डिनेटर स्नेहलता सहित सभी स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे और सभी ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया।
फोटो कैप्शन 01: छात्रा गरिमा को पुरस्कृत करते हुए स्कूल स्टाफ



शीनू ने बढ़ाया क्षेत्र का मान, आयकर विभाग में बनीं आफिस सुपरिंटेंडेंट
-पहले ही चांस में पाई सफलता
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कनीना की आवाज।
क्षेत्र के लिए अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि वार्ड 3 निवासी राजेश यादव प्राध्यापक अंग्रेजी एवं श्रीमती रितु यादव की सुपुत्री तथा कप्तान सुमेर सिंह की पौत्री शीनू का चयन आयकर विभाग में आफिस सुपरिंटेंडेंट के पद पर हुआ है। उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से न केवल उनके परिवार में बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है।
शीनू ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक हमेशा उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। अपनी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयासों के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी बाधा सफलता की राह में रुकावट नहीं बन सकती।
परिजनों के अनुसार, शीनू बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर और लक्ष्य के प्रति समर्पित रही हैं। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और लगातार अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर रहीं। उनकी इस सफलता में उनके माता-पिता और शिक्षकों का विशेष योगदान रहा है, जिन्होंने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन और उत्साहवर्धन किया।
  इस अवसर पर शीनू ने सफलता का श्रेय अपने चाचा संदीप यादव अधिवक्ता एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रेणु यादव को व अपने परिवार को दिया
शीनू की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने उन्हें हार्दिक बधाई दी है। सभी ने इसे क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर छात्राओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया है।
फोटो कैप्शन: शीनू






कांग्रेस कमेटी की बैठक संपन्न
-भीमराव अंबेडकर के जयंती पर आयोजित करेगी कार्यक्रम
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कनीना की आवाज।
जिला महेन्द्रगढ़ कांग्रेस कमेटी की मासिक बैठक कनीना के बलराम समारोह में जिलाध्यक्ष सत्यवीर यादव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें  पार्टी के कार्यक्रमों के बारे विस्तृत चर्चा की गई ।आगामी 14 अप्रैल को बाबा भीमराव अंबेडकर के जयंती पर इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
 आगामी 15 अप्रैल को प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह एवं राज्य सभा के नवनियुक्त सदस्य कर्मवीर बोध के  आगमन पर तैयारियों के लिए विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में इस बात पर भी निर्णय लिया गया ये किस प्रकार से गांव-गांव, गली-गली कांग्रेस का प्रचार किया जाए और किन किन मुद्दों को जिले की जनता के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाए। इसमें मुख्य रूप से पार्टी के  सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।
  महिला कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजवती यादव  उपाध्यक्ष सुमेर चेयरमैन, उपाध्यक्ष कुलदीप  भरगढ, प्रोफ़ेसर राजवीर, प्रदीप यादव ,महासचिव रणवीर, महासचिव विनोद शेखावत, महासचिव प्रेम यादव, श्याम सुंदर सोनी, धीरज शर्मा, सोशल मीडिया के जि़,ले के प्रभारी विक्रांत यादव ,सचिव भगवान सिंह इत्यादि लोग मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 02: कांग्रेस की बैठक का नजारा























पीएमश्री भोजावास में रूट्स आफ कल कार्यक्रम का आयोजन
-स्कूल परिसर में लगाए 20 पौधे
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कनीना की आवाज।  केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा के एनएसएस वालिंटियर्स द्वारा पीएम श्री भोजावास में  रूटस आफ कल पहल के तहत दूसरा वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया।
एनएसएस आरडीसी-2026 में हरियाणा का प्रतिनिधित्व कर चुके सुहेल दास ने केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा के एनएसएस स्वयंसेवकों के साथ मिलकर वृक्षारोपण किया।
विश्वविद्यालय से आए विद्यार्थियों का पीएमश्री की प्राचार्य रेनू मेहरा और वरिष्ठ प्रवक्ता अशोक कुमार द्वारा स्वागत किया गया। स्कूल के एनएसएस प्रभारी राजेश बालवान, इको क्लब के इंचार्ज  परमानंद ओर डा. पुखराज यादव द्वारा बच्चों को विद्यालय परिसर का भ्रमण करवाया और विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों को विश्वविद्यालय से आए हुए बच्चों को रूबरू करवाया।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय से आए हुए बच्चों द्वारा स्कूल परिसर के अंदर लगभग 20 पौधे लगाए और बच्चों से भी अनुरोध किया कि वह पर्यावरण सुरक्षा पर ध्यान दें। विश्वविद्यालय से आए विद्यार्थियों ने बताया कि रूट्स आफ कल पहल के तहत वृक्षारोपण का कार्यक्रम का आयोजन पूरे जिले के सरकारी स्कूलों में किया जाना है।
विश्वविद्यालय से आए हुए स्वयंसेवकों द्वारा स्कूल के स्वयंसेवकों से विचारों का आदान प्रदान किया और उनके साथ मिलकर स्कूल परिसर का भ्रमण किया। विद्यालय परिसर में चल रही  विभिन्न लैब के बारे में सुमित पाठक, सत्यप्रकाश ओर डॉ मंजू यादव द्वारा जानकारी दी गई ।
स्कूल के स्वयंसेवकों द्वारा विश्वविद्यालय से आए हुए स्वयंसेवकों से एनएसएस गतिविधियों बारे चर्चा की गई। इस अवसर पर  अर्थशास्त्री सुरेंद्र सिंह, डा. विक्रम सिंह, अमित शास्त्री, बुधराम कुलदीप आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: रूटस आफ कल के तहत पौधारोपण करते हुए


Thursday, April 9, 2026



 




नई सिरीज -01
बीते जमाने के कनीना के हीरे, आज भी है और कल भी रहेंगे
-आज के शिक्षा जगत के हीरे हैं रामभगत कनीना
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कनीना की आवाज।
 बीते जमाने के कुछ ऐसे हीरो कनीना में हुए हैं जो आज भी है और भविष्य में भी रहेंगे। ऐसे ऐसे शिक्षाविद जो अपने समय के बेहतरीन शिक्षक होते थे, ट्यूशन आदि करते थे लेकिन उनका दूर दराज तक नाम था, आज भी वो नाम कमा रहे हैं और भविष्य में भी नाम कमाते रहेंगे। वैसे तो ऐसे  हीरों की कमी नहीं हैं परंतु कनीना की आवाज में इस प्रकार के लोगों का साक्षात्कार समय-समय पर प्रकाशित किया जाएगा। ऐसे हीरो से आपको मिलवाया जाएगा। यह कलम निकट भविष्य में शुरू किया जा रहा है। यूं तो कुतरूं प्राचार्य, कुतरूं लोग, चमचे, चमचाराम, चोर साहब, महाचेार साहब, दूसरे की जमीन हड़पने वाले, नकटे एवं कई प्रकार के लोग भी देखे किंतु इनमें कुछ चेहरे अलग थलग नजर आये। चाहे उनकी संख्या नगण्य है किंतु साफ सुथरी छवि के अतिरिक्त जिन्होंने बच्चों की जिंदगी को संवारा है, उनसे रू-ब-रू करवाएंगे।
  आज के मशहूर शिक्षा जगत के हीरे रामभगत कनीना से मिलवाते हैं-
 कनीना निवासी रामभगत वर्तमान में आकाश पालिटेक्निक कनीना में कार्यरत हैं जो जितने लोकप्रिय बीते समय में रहे हैं उतने ही लोकप्रिय आज हैं और भविष्य में भी इतने लोग प्रिय रहेंगे। इसमें कोई शक नहीं। अपने जमाने के गणित के अच्छे ज्ञाता रहे हैं और कोचिंग देते रहे हैं। दूर दराज तक अपने समय में इनका गणित पढ़ाने में नाम होता था। यही कारण है कि आज के हीरो बतौर उन्हीं से रूबरू करवाया जा रहा है। सौम्य प्रकृति के तथा सदा मेहनत में विश्वास करने वाले रामभगत आज भी अपने साथी और अपने समय के लोगों से ठीक उसी प्रकार मिलते हैं जैसे उसे वक्त मिलते थे। पढ़ाने में विशेषकर गणित पढ़ाने में उनका कोई सानी नहीं है। उसे दौर में जब कोचिंग के लिए बहुत कम शिक्षक मिलते थे विशेष कर  70 के दशक पूरा होते ही बहुत कम लोग मिलते थे और उसे जमाने में जब बेहतरीन गणित पढ़ाते थे तो साफ जाहिर है कि वे प्रमुख हीरो रहे हैं। आज के दिन कितनी ही कोचिंग की दुकान बन गई है, कोचिंग के संस्थान बन गए, कोचिंग देने वाले बन गए लेकिन उस जमाने में कनीना में कोचिंग देने में केवल तीन ही शिक्षक होते थे और उनमें से एक रामभगत होते थे। रामभगत का जीवन बहुत सरल रहा है तथा मेहनत में विश्वास किया है। आज भी उनका यही कहना है कि जो मेहनत करेगा वह सफल होगा। कुछ लोग घर में बैठे हुए और यह कहते हैं हम तो आराम से जीवन जी रहे हैं जबकि रामभगत का कहना है कि जब मेहनत करके जीता है वह आराम की जिंदगी है। कितनी ऊंचे ख्याल है और एक बेहतरीन शिक्षक माने गए हैं। यह सत्य है कि एक जमाना था जब भाई भतीजावाद, रिश्वतखोरी पूरे चरम पर थी। ईमानदारी और बेहतर अंक वाले पीछे रह जाते थे। उदाहरण एक नहीं कनीना के तीन उदाहरण है जिनमें रामभगत भी एक है जो सिफारिश न होने के कारण सरकारी नौकरी नहीं पा सके क्योंकि सरकारी नौकरी के लिए या तो रिश्वत देनी होती थी या किसी की मंत्री संतरियों से पहुंच होना जरूरी था और इन दोनों में ही कनीना के अपने जमाने के तीन हीरो पीछे रह गए। परिणाम आज भी भुगत रहे हैं परंतु किसी प्रकार भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। तीनों का नाम आज भी है। रामभगत जिनमें से एक ऐसी शख्सियत है जिनके जीवन से सबक लेनी चाहिए और इनका उदाहरण देकर अपने बच्चों को मेहनत के लिए प्रेरित करना चाहिए ताकि आने वाले समय में उनके बच्चे कामयाब हो सके।
1982 में दसवीं की परीक्षा राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूल कनीना से पास की। परिवार की हालात अधिक अच्छी नहीं थी। यूं कहा जाए कि  गरीब हालात में ही जीवन यापन किया तो गलत नहीं होगा। पिता मामनराम तत्कालीन पोस्टमैन थे वहीं मांं शांति देवी गृहणि थी। रामभगत के पिता पोस्टमैन थे जिन्होंने ईमानदारी से जीवन जिया। इसी परिवार में 25 मई 1966 को रामभगत ने जन्म लिया।
उनसे एक बड़ा भाई और परिवार में चार बहने हैं। दसवीं के बाद केएलपी कालेज रेवाड़ी से ग्रेजुएशन किया आरबीएस रेवाड़ी से बीएड करने के बाद नौकरी के लिए प्रयास किया किंतु अधिक प्रयास इसलिए नहीं किए कि भ्रष्टाचार एवं बेईमानी पूरे यौवन पर थी। भाई-भतीजावाद की नौकरी रह गई थी। वरना एक आश्चर्य है कि उस वक्त बीए,बीएड या बीएससी बीएड को नौकरी न मिलना कितनी अचरज की बात है। यहां उल्लेखनीय है कि उस दौर में रमेश कुमार एसएनडी स्कूल संचालक, रामभगत तथा होशियार सिंह तीनों कोचिंग करते थे। तीनों अपने समय के ज्ञानवान शिक्षक रहे हें किंतु रमेश कुमार एवं रामभगत को सरकारी नौकरी नहीं मिली रही होशियार सिंह जो अपने समय के बीएससी, बीएड थे , उन्हें भी रोय पीटकर कच्ची नौकरी उस वक्त मिली जब सैकड़ों साक्षात्कार दिये थे।  
 रामभगत कोचिंग करते थे और अपने समय के गणित के आस पास क्षेत्रों में नाम था। गणित शिक्षण के लिए रामभगत अपने समय में जाने जाते थे, विज्ञान शिक्षण के लिए होशियार सिंह का नाम था तो कई विषयों के ज्ञाता रमेश कुमार रहे हैं।  नौकरी के लिए रामभगत ने प्रयास किया किंतु बेईमानी, रिश्वतखोरी से परेशान हो चले। ऐसे में मजबूरन पेट पालने के लिए कोचिंग चलाते रहे। कोचिंग सही चलने के कारण फिर सरकारी नौकरी का प्रयास कम कर दिया। नौकरी में चयन की व्यवस्था मेरिट बेस पर नहीं होने के कारण भी खिन्न रहे। वर्ष 2003 तक कोचिंग का काम जारी रखा। तत्पश्चात एमडी हाई स्कूल में 10 सालों तक काम करने के बाद आकाश पालिटेक्निक कनीना में 2010 से लगातार शिक्षण का कार्य कर रहे हैं।
 रामभगत का बड़ा लउ़का राहुल एमएससी भौतिक शास्त्र, नेट जेआरएफ किए हुए हैं तथा वर्तमान में बिजली विभाग में धनौंदा में कनिष्ठ अभियंता के पद पर कार्यरत है। उनका छोटा लड़का भारत भूषण एमएससी भौतिक शास्त्र से  दिल्ली टेक्नोलाजी विश्वविद्यालय से एमएससी की परीक्षा पास करके वर्तमान में  दिल्ली टेक्नोलाजी विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रहे हैं। उन्होंने जेम की परीक्षा भी पास की हुई हे।  वैसे तो उनका हमीरपुर में एमएससी में एडमिशन हुआ था किंतु वहां नहीं जाकर के नजदीक के डीटीयू दिल्ली में प्रवेश लिया है।
क्या संदेश है रामभगत का-
 एक और जहां धन परिवार को पालने में मदद करता है वहीं धन ही परिवार को बर्बाद करने में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में धन को जोडऩा भी उचित नहीं। अपने बच्चों पर ध्यान देना चाहिए। जिसके बच्चे कामयाब हैं उसका जीवन सफल है।बुआ मनभावती रही है कनीना में प्रसिद्ध
-जोहड़ी की सफाई करने एवं लोगों को जल पिलाने में जीवन जिया-
रामभगत की दादी मनभावती मशहूर महिला रही है। मनभावती कनीना की बुआ के नाम से जानी जाती थी। राजस्व विभाग में मन भावती नाम से आज भी जोहड़ी है जो वर्तमान में अटेली मोड़ से पहले, धनौंदा के लिए जाने वाले नए सड़क मार्ग पर करीब 1 किलोमीटर चलकर आती है। यहां एक बरसात के पानी कोई इकट्ठा करने के लिए मनभावती ने जोहड़ी की जीवनभर सफाई की और लोगों के लिए जन सेवा में जुटी रही। मानका से पानी लाकर आने जाने वालों को पिलाती थी। जब कुएं कोई इक्का दुक्का होते थे उस समय गर्मी, सर्दी या बरसात  पानी की व्यवस्था करके प्रतिदिन लोगों को पानी पिलाती थी। घड़ों में भरकर पानी रखती थी ताकि आने जाने वाले लोग ठंडा पेयजल प्रयोग करें। ऐसे समाजसेवी या सेविका अब कम ही मिलते हैं।
फोटो कैप्शन: रामभगत



अब तक 2106 क्विंटल गेहूं की हुई सरकारी खरीद, सरसों के कोई खरीद नहीं
-2985 क्विंटल की रही गेट इंटरी
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कनीना की आवाज।
 कनीना अनाज मंडी स्थित चेलावास में 6200 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से सरसों खरीदने का आदेश है किंतु अभी तक सरकारी तौर पर कोई सरसों नहीं खरीदी गई है। निजी स्तर पर 6210 रुपए से 6500 रुपए के भाव पर किसान अपनी सरसों बेच रहे हैं। इस बार सरकारी खरीद कम बताई जा रही जबकि निजी स्तर पर सरसों की मांग अधिक है और अधिक मूल्य पर खरीददार खरीद रहे हैं। अब तक निजी स्तर पर गुरुवार को 417 क्विंटल सरसों खरीदी गई। अब तक कुल 10893 क्विंटल सरसों खरीदी जा चुकी है वहीं गुरुवार को निजी स्तर पर 19 किसानों से 398 क्विंटल सरसों खरीदी गई। अब तक 417 किसानों से सरसों खरीदी जा चुकी है।
 उधर गेहूं की सरकारी खरीद 2585 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से जारी है। अभी तक 10882 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है जबकि गुरुवार को खरीद का कार्य जारी रहा। गुरुवार को 2106 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। अब तक कुल 13399 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। अब तक 401 किसानों के गेट पास जारी हो चुके हैं। गेहूं सरकारी तौर पर ही बेचने के लिए किसान अनाज मंडी पहुंच रहे हैं। उठान का कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
फोटो कैप्शन 05: कनीना अनाज मंडी में गेहूं की खरीद का नजारा।




प्रीतम का चयन हुआ आफिस सुपरीटेंडेंट(ओएस), इनकम टैक्स विभाग में
- मिल रही है बधाइयां
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कनीना की आवाज।
कनीना के वार्ड 13 निवासी प्रीतम कुमार का हाल ही में आफिस सुपरीटेंडेंट, इनकम टैक्स विभाग में चयन हुआ है। उनका यह चयन सीजीएल, एसएससी 2025 के तहत हुआ है। उन्हें बधाइयां मिल रही हैं। मिली जानकारी अनुसार प्रीतम ने दसवीं तथा 12वीं की शिक्षा कनीना से प्राप्त की तथा बीएससी की डिग्री पितामह कान्ह सिंह डिग्री कालेज से प्राप्त की। उन्होंने घर पर ही आनलाइन कोचिंग ली। दूसरे अवसर में उनका चयन हो गया है। उनको बधाई देने वालों में मोहन कुमार पूर्व पार्षद, फायर आफिसर राकेश कुमार कनीना तथा अनेक प्रमुख जन हैं। प्रीतम ने इस उपलब्धि के लिए अपने माता-पिता गुरुजनों और साथियों का आभार जताया है।
 









फोटो कैप्शन: प्रीतम



31 मई से पहले पानी के बिलों का भुगतान कर लें सरचार्ज माफी का लाभ-उपमंडल अभियंता
-31 मई के बाद बकाया बिलों वाले उपभोक्ता रहें सावधान, कटेगा कनैक्शन
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कनीना की आवाज।
  जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा जिला महेन्द्रगढ़ के शहरी क्षेत्रों नारनौल, नांगल चौधरी, अटेली नांगल, कनीना तथा महेन्द्रगढ़ में पानी एवं सीवर के बकाया बिलों की अदायगी को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को बकाया बिलों पर लगने वाले सरचार्ज में राहत प्रदान की गई है, जिसका लाभ 31 मई 2026 तक लिया जा सकता है।
यह जानकारी देते हुए उपमंडल अभियंता मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि यदि कोई उपभोक्ता 31 दिसंबर 2025 तक के अपने बकाया पानी एवं सीवर बिलों की राशि 31 मई 2026 तक जमा कर देता है, तो उस पर लगाया गया 100 प्रतिशत सरचार्ज माफ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब उपभोक्ताओं से केवल वर्तमान बकाया राशि पर एक बार 10 प्रतिशत जुर्माना लिया जाएगा, जबकि पहले पूरे बिल पर सरचार्ज लगाया जाता था।
उपमंडल अभियंता मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि आगामी गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए उपभोक्ता विशेष सावधानी बरतें। अपने पानी के बिलों की समय पर अदायगी करें। नलों को खुला न छोड़ें, प्रत्येक नल पर टोंटी लगाएं तथा पेयजल से बगीचों आदि की सिंचाई न करें। यदि कोई उपभोक्ता ऐसा करता पाया जाता है, तो उसकी वीडियोग्राफी कर उसका पानी का कनेक्शन काटा जाएगा । आवश्यकता पडऩे पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में प्रत्येक उपभोक्ता को समान मात्रा में पानी उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है। वहीं उपभोक्ताओं का भी कर्तव्य है कि वे विभाग के इस अभियान में सहयोग करें और पानी को व्यर्थ न बहाएं।
उन्होंने बताया कि मीटर वाले कनेक्शन धारकों को यह छूट सीधे प्रदान की जाएगी, जबकि जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपने पानी के कनेक्शन पर मीटर नहीं लगवाया है, उन्हें पहले मीटर लगवाना अनिवार्य होगा। बिना मीटर वाले उपभोक्ताओं को इस छूट का लाभ नहीं मिलेगा।
उपमंडल अभियंता मुकेश कुमार शर्मा ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे 31 मई 2026 तक अपने सभी बकाया पानी एवं सीवर बिलों की अदायगी अवश्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 मई के बाद जिन उपभोक्ताओं के बिल बकाया रहेंगे, उनके पानी एवं सीवर कनेक्शन काट दिए जाएंगे तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी, जिसके लिए संबंधित उपभोक्ता स्वयं जिम्मेदार होंगे।
उन्होंने बताया कि उपभोक्ता अपने बिलों का भुगतान गूगल पे, पेटीएम, भीम यूपीआई, सरल केन्द्र, विभाग की वेबसाइट तथा संबंधित डिवीजन की बिल शाखा में जाकर भी कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त पानी एवं सीवर से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए विभाग के टोल फ्री नंबर 18001805678 का प्रयोग किया जा सकता है।
इस वित्त वर्ष में 100 प्रतिशत रिकवरी का लक्ष्य: जिला सलाहकार--
जिला सलाहकार मंगतुराम सरसवा ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में पानी एवं सीवर कनेक्शनों की लगभग 60 प्रतिशत रिकवरी हुई थी। इस वित्त वर्ष में इसे 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए पांचों शहरों में अप्रैल और मई माह के दौरान रिकवरी अभियान को तेज कर दिया गया है। दिसंबर 2025 तक के बकाया बिलों पर सरचार्ज माफी के कारण उपभोक्ताओं को काफी फायदा होगा। जो उपभोक्ता 31 मई तक अपने बिलों का भुगतान कर देंगें, उन्हें यह लाभ मिलेगा तथा वे विभागीय कार्रवाई से भी बच सकेंगे।
उन्होंने बताया कि इस वित्त वर्ष में नारनौल में 16242 उपभोक्ताओं पर लगभग 116 लाख रुपये बकाया हैं। वहीं नांगल चौधरी शहर में 2065 उपभोक्ताओं पर करीब 15 लाख रुपए,, महेन्द्रगढ़ में 15868 उपभोक्ताओं पर 114 लाख रुपए, अटेली में 2648 उपभोक्ताओं पर 19 लाख रुपए तथा कनीना में 2380 उपभोक्ताओं पर 17 लाख रुपये का एरियर बकाया है।



चौकीदार के रिक्त पदों के लिए आवेदन आमंत्रित
-5 मई तक तहसील कार्यालय में कर सकते हैं आवेदन
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कनीना की आवाज।
जिल महेंद्रगढ़ के तीन गांवों के चौकीदारों के रिक्त पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। संबधित गांवों के इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार संबंधित तहसील कार्यालय में चौकीदार के रिक्त पदों पर 5 मई तक आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद आने वाले आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
यह जानकारी देते हुए उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि कनीना तहसील के गांव खेड़ी व बाघोत तथा अटेली तहसील के गांव खोड के चौकीदार के रिक्त पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।
 

 

 

 

 

 

गोशाला में अक्षान ने मनाया 10वां जन्मदिन, 5100 रुपए का किया दान 

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कनीना की आवाज।
श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में आज कोटिया निवासी दी स्कालर गुरुकुल कनीना के चेयरमैन सुरेश कुमार एवं उनकी पत्नी बाला देवी ने अपने पुत्र अक्षान का 10वां जन्मदिन सादगीपूर्ण एवं सेवा भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परिवारजनों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं ने गोमाता की सेवा कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
जन्मदिन के इस खास मौके पर अक्षान की दादी रामकला, आचार्य रमेश शास्त्री, सोनिया देवी, अंशुल यादव, आराधना तथा नीलम (लिली) भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर गोशाला में गायों को चारा खिलाया और सेवा कार्य में भाग लिया।
परिवार की ओर से गोशाला को 5100 रुपए की सहयोग राशि भी भेंट की गई। गौशाला प्रधान भगत सिंह ने अक्षान को आशीर्वाद देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और परिवार के इस सेवा भाव की सराहना की।
फोटो कैप्शन 01: गोशाला में जन्म दिन मनाते अक्षान



कृष्णावती नदी में फिर बहेगा पानी
- किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
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कनीना की आवाज।
महेंद्रगढ़ क्षेत्र के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। रातां से मानपुरा तक बहने वाली कृष्णावती नदी की जल्द ही सफाई करवाई जाएगी, जिससे लंबे समय से रुका हुआ पानी अब आगे तक पहुंच सकेगा।
नहर महकमे के जूनियर इंजीनियर दीपक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि कृष्णावती नदी की पहले खुदाई तो की गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों से पानी सही तरीके से आगे नहीं जा पाया था। इसी वजह से बीच में ही पानी रुक जाता था और किसानों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था।
अब जैसे ही किसानों की फसल कट चुकी है, विभाग ने निर्णय लिया है कि नदी की पूरी तरह से सफाई की जाएगी और उसके बाद इसमें दोबारा पानी छोड़ा जाएगा। इससे न केवल पानी का प्रवाह सुधरेगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में नहर के पानी का स्तर भी बढ़ेगा और किसानों को नियमित रूप से पानी मिल सकेगा। इसको लेकर प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि कृष्णावती नदी की भूमि पर अभी जुताई-बुवाई न करें, क्योंकि जल्द ही वहां सफाई कार्य शुरू होने वाला है और पानी छोड़ा जाएगा।
वहीं इस पूरे मुद्दे पर सरपंच मिंटू गोमला ने बताया कि यह समस्या उन्होंने पहले ही उठाई थी। उन्होंने कहा कि महकमे ने आश्वासन दिया था कि फसल कटाई के बाद नदी की सफाई करवाई जाएगी और पानी की व्यवस्था को पूरी तरह बहाल किया जाएगा।
किसानों के लिए फायदा होगा और खेतों तक पहुंचेगा नियमित पानी,नहर का जल स्तर बढ़ेगा,सिंचाई की समस्या होगी दूर, आसपास के क्षेत्रों में हरियाली बढ़ेगी।
फोटो कैप्शन 02: कृष्णावती नदी जिसमें अब बहेगा पानी




डा. रामानंद यादव को अरावली पुरस्कार
-कनीना के पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं
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कनीना की आवाज।
कनीना के खंड शिक्षा अधिकारी रहे एवं रेवाड़ी से उप-जिला शिक्षा अधिकारी के पद से  सेवानिवृत्त डिगरोता निवासी डा. रामानंद यादव को विवेक बादल बाजपुरी संपादक एवं प्रकाशक द्वारा आमंत्रित रचनाओं में तीन कविताएं सम्मिलित होने पर दो काव्य संग्रह , पर्यावरण प्रेमी सम्मान एवं बुलंदी साहित्यिक सेवा समिति जिसने चार बार विश्व कीर्तिमान स्थापित किए हैं ,मेडल देकर सम्मानित किया गया है। बाजपुरी ने राष्ट्रीय स्तर पर अरावली की महता व अरावली के सरंक्षण हेतु समाज में जागरूकता लाने के लिए इन रचनाओं को आमंत्रित किया था , जिसमें सत्रह रचनाकारों की प्रतिभागिता शामिल है; क्योंकि अरावली मात्र पत्थर न होकर भारतीय संस्कृति , भारतीय इतिहास व विशुद्ध पर्यावरण का जीवंत उदाहरण है। आज अंधाधुंध खनन ने इसके अस्तित्व को संकट में डाल दिया है। इन रचनाओं का उद्देश्य समाज को विकास और विनाश  के प्रति अवगत कराना है ताकि अरावली का सौंदर्य बना रहे। डा. रामानंद यादव को यह सम्मान मिलने पर सभी ने प्रसन्नता जाहिर की है।
फोटो कैप्शन 04: डा. रामानंद को अवार्ड मिलने पर दिखाते हुए

Wednesday, April 8, 2026



 



 अब तक 8776 क्विंटल गेहूं की हुई सरकारी खरीद, सरसों के कोई खरीद नहीं
-10414 क्विंटल रही गेट इंटरी बुधवार को
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कनीना की आवाज। 
कनीना अनाज मंडी स्थित चेलावास में 6200 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से सरसों खरीदने का आदेश है किंतु अभी तक सरकारी तौर पर कोई सरसों नहीं खरीदी गई है। निजी स्तर पर 6200 रुपए से अधिक भाव पर किसान अपनी सरसों बेच रहे हैं। इस बार सरकारी खरीद कम बताई जा रही जबकि निजी स्तर पर सरसों की मांग अधिक है और अधिक मूल्य पर खरीददार खरीद रहे हैं। अब तक निजी स्तर पर 10476 क्विंटल सरसों खरीदी जा चुकी है वहीं बुधवार को निजी स्तर पर 720 क्विंटल सरसों खरीदी गई।
 उधर गेहूं की सरकारी खरीद 2585 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से जारी है। अभी तक 8776 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है जबकि बुधवार को खरीद का कार्य जारी रहा। बुधवार को 1766 क्विंटल गेहूं खरीदी। गेट पास 10414 क्विंटल के जारी हो चुके हैं। गेहूं सरकारी तौर पर ही बेचने के लिए किसान अनाज मंडी पहुंच रहे हैं। किसानों को सबसे बड़ी समस्या जे-फार्म जनरेट होने की है। जे-फार्म जनरेट नहीं हो रहे हैं।
फोटो कैप्शन 08: कनीना अनाज मंडी में गेहूं की खरीद का नजारा।






उन्हाणी आंगनवाड़ी प्ले स्कूल में स्कूल रेडिनेस मेला आयोजित
-बच्चों की गतिविधियों का प्रदर्शन, अभिभावकों को दी सरकारी योजनाओं की जानकारी
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कनीना की आवाज।
उपमंडल के गांव उन्हाणी स्थित आंगनवाड़ी प्ले स्कूल में बुधवार को स्कूल रेडिनेस मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करना और अभिभावकों को सरकारी प्ले स्कूल की सुविधाओं के प्रति जागरूक करना रहा।
मेले में मुख्य अतिथि के रूप में सरपंच पूजा ने शिरकत की। उन्होंने मेले का अवलोकन कर विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली और बच्चों से बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान बच्चों को रिपोर्ट कार्ड भी वितरित किए गए।सुपरवाइजर मनीषा यादव ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा हर वर्ष मार्च-अप्रैल माह में ऐसे मेले आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। मेले में बच्चों के शारीरिक, बौद्धिक, भाषाई, गणितीय, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास से जुड़ी गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी भी अभिभावकों को दी गई। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने रस्सी कूद, रेखा पर चलना, कागज मोडऩा, मिलान, वर्गीकरण, क्रमबद्धता, रंग पहचान, चित्रवाचन, संख्या ज्ञान, अक्षर ज्ञान एवं मौखिक जोड़-घटाव जैसी गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्य अतिथि सरपंच पूजा ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है, बल्कि अभिभावकों में भी जागरूकता बढ़ती है।
इस अवसर पर नवीन एमपीएचडब्ल्यू, कांता एमपीएचडब्ल्यू, नीलम आशा वर्कर, मुनेश आशा वर्कर, जयंती देवी, जुगनी देवी, इंद्रो देवी, शारदा, सुनीता सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं।
फोटो कैप्शन 07: प्ले स्कूल उन्हाणी में बच्चों के लिए प्रदर्शनी लगाकर अवलोकन कराते हुए




रखरखाव कार्य के चलते 9 अप्रैल को कई गांवों में बिजली आपूर्ति रहेगी बाधित
-सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक करीरा, कोटिया व भडफ़ क्षेत्र प्रभावित रहेंगे
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कनीना की आवाज।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा निवारक रखरखाव कार्य के चलते 9 अप्रैल को करीरा, कोटिया और भडफ़ गांवों में विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रहेगी। एसडीओ उमेश कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि 33 केवी करीरा लाइन पर आवश्यक मेंटेनेंस कार्य के लिए परमिट टू वर्क लिया जाएगा। इस कारण सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक संबंधित क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय के दौरान आवश्यक कार्यों की पूर्व तैयारी कर लें तथा विभाग के इस कार्य में सहयोग करें। यह कार्य जनहित में किया जा रहा है, ताकि भविष्य में निर्बाध एवं सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।




 मंगलवार की रात हुई 14 एमएम वर्षा,
सड़कों पर पानी फैला
- किसानों की फसल सडऩे लगी
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में जहां विगत दिनों से वर्षा का माहौल बना हुआ है। मंगलवार की रात को 14 एमएम वर्षा हुई जिसके चलते सड़कों पर पानी खड़ा हो गया। कनीना-रेवाड़ी सड़क मार्ग पर जगह-जगह गंदा पानी खड़ा हुआ है। यही नहीं कनीना मंडी से गुजरने वाली नहर के साथ बनाए गए मार्ग पर भी जगह-जगह गंदा पानी खड़ा हुआ है। आवागमन गंदे पानी से ही हो रहा है। कनीना में जहां विभिन्न स्थानों पर गंदा जल जमा हो गया है। वहीं गंदे जल से लोग गुजर रहे है। कनीना के विभिन्न चले स्थान पर पानी जमा हो गया है।
 किसान परेशान-
 कनीना क्षेत्र के जहां 20 हजार हेक्टेयर  पर सरसों 9 हजार हेक्टेयर पर गेहूं उगाया गया है। किसान बेहद परेशान है क्योंकि फसल पैदावार लेने में उन्हें दिक्कत आ रही है। क्योंकि बार-बार वर्षा काटकर इकट्ठी की फसल को गीला कर रही है। एक और जहां सरसों की इकट्ठी की गई फसल नीचे सडऩे लगी है, फफूंद लगने लगी हैं। वहीं गेहूं की फसल खेतों में खड़ी हुई है वह भी अब हवा से गिरने लगी है तथा उसकी लावणी अच्छी प्रकार नहीं हो पा रही है। लावणी करते हैं तो जगह-जगह उसकी बालियां गिर जाती है। वहीं गेहूं की फसल पैदावार लेना भी कठिन है क्योंकि जो ही पैदावार लेना चाहता है,वर्षा हो जाती और फिर से फसल भीग जाती है। फसल कुछ सुखाते-सुखाते किसान परेशान हो चले हैं। यही नहीं पता कि कब उनकी पैदावार घर तक पहुंच पाएगी क्योंकि मौसम बार-बार बदल रहा है। किसान की नजरें मौसम पर टिकी है। अगर मौसम साफ रहेगा तो ही पैदावार ले पाएंगे वरना पैदावार पाने के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
फोटो कैप्शन 3: रेवाड़ी सड़क मार्ग पर जगह जगह भरा गंदा जल
04:नहर के साथ बने सड़क मार्ग पर भरा गंदा जल
05: होली वाला जोहड़ पर गली में भरा गंदा पानी
6 गेहूं की बर्बाद हो रही सरसों फसल




जनगणना में एकत्र आंकड़े तय करेंगे देश की भविष्य की नीतियां
-3 दिवसीय शिक्षकों की ट्रेनिंग संपन्न
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी में आयोजित जनगणना कार्यक्रम के अंतर्गत तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का सफल समापन हुआ। प्रशिक्षण के अंतिम दिन अधिकारियों ने प्रगणकों एवं सुपरवाइजर्स को जनगणना कार्य से जुड़े 34 महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए इसे पूर्ण जिम्मेदारी, पारदर्शिता एवं ईमानदारी के साथ संपन्न करने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार यादव ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रगणकों एवं सुपरवाइजर्स द्वारा एकत्र किए गए आंकड़े ही देश की भविष्य की नीतियों एवं विकास योजनाओं की आधारशिला बनते हैं। उन्होंने इसे राष्ट्र निर्माण से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य बताते हुए सभी को पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान डा. हरिओम भारद्वाज एवं संदीप कुमार ने जनगणना से संबंधित सभी 34 बिंदुओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों से प्रतिपुष्टि प्रपत्र भी भरवाए गए, जिनके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए। साथ ही सभी प्रतिभागियों ने शपथ पत्र पर हस्ताक्षर कर अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताई।
जनगणना चार्ज अधिकारी एवं नगर पालिका सचिव कपिल कुमार ने जानकारी दी कि सभी 14 वार्डों के प्रगणकों एवं सुपरवाइजर्स को मोबाइल ऐप के माध्यम से नक्शे एवं सीमाएं निर्धारित कर कार्य क्षेत्र आवंटित कर दिए गए हैं, जिससे कार्य में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने कहा कि प्रतिभागियों ने जिस निष्ठा एवं लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उससे यह निश्चित है कि जनगणना कार्य सटीकता और शुद्धता के उच्च मानकों पर खरा उतरेगा। उन्होंने जनगणना को अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए कहा कि इसे निर्धारित समय सीमा में पूरा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने संभावित चुनौतियों का उल्लेख करते हुए प्रगणकों से धैर्य, सतर्कता और ईमानदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सुपरवाइजर ममता कुमारी, कुलदीप यादव, सुरेंद्र कुमार, नवीन कुमार एवं कमल सिंह सहित कुल 38 प्रतिभागी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों में जलपान भजन व प्रशिक्षण स्थल की व्यवस्थाओं पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए इसे पूरी तरह से उनकी आशाओं के अनुरूप बताया प्रतिभागियों ने  ।प्रशिक्षण के दौरान सक्रिय भागीदारी निभाते हुए जनगणना से जुड़ी प्रक्रियाओं एवं तकनीकी पहलुओं को गहराई से समझा।
प्रशिक्षण शिविर के समापन पर प्रतिभागियों ने प्रतिपुष्टि फार्म भरते हुए इसे अपने लिए एक नया एवं उपयोगी अनुभव बताया तथा विश्वास व्यक्त किया कि वे इस महत्वपूर्ण कार्य को पूर्ण निष्ठा और दक्षता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न करेंगे।
फोटो कैप्शन 02: जनगणना की ट्रेनिेग देते खड़ शिक्षा अधिकारी कनीना सुरेश कुमार




 धनौन्दा के राजकीय विद्यालय में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
- विद्यार्थियों और स्टाफ को किया गया जागरूक
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कनीना की आवाज।
आमजन को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गांव धनौन्दा में साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्कूल के स्टाफ और विद्यार्थियों को इंटरनेट की दुनिया में होने वाले विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के प्रति विस्तार से जानकारी देकर जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि यदि किसी के साथ किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी या ठगी होती है, तो वे तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही, टेलीग्राम टास्क फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों के तरीकों के बारे में भी सभी को जानकारी दी गई, ताकि बच्चे और शिक्षक इन शातिर ठगों के झांसे में आने से बच सकें।
साइबर धोखाधड़ी से सुरक्षित रहने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां भी साझा की गईं। सभी विद्यार्थियों और स्टाफ को बताया गया कि कि वे अपनी निजी जानकारी, बैंक से जुड़ी जानकारी या मोबाइल पर आने वाला ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बिल्कुल साझा न करें। इसके अलावा, व्हाट्सएप, एसएमएस या ईमेल पर आने वाले किसी भी अज्ञात या लुभावने लिंक पर क्लिक न करने की भी सलाह दी गई।
फोटो कैप्शन 01: पुलिस धनौंदा में साइबर अपराधों की जानकारी देते हुए




 धनौंदा गांव का स्थापना दिवस 19 अप्रैल को
-गांव का 763वां स्थापना दिवस मनेगा
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कनीना की आवाज।
धनौन्दा गांव का 763वां स्थापना दिवस आगामी 19 अप्रैल वैशाख सुदी दोज को बाबा दयाल प्रांगण में मनाया जाएगा। स्थापना दिवस कार्यक्रम समारोह के मुख्य अतिथि अतरलाल एडवोकेट होंगे।
  यह जानकारी देते हुए सुबेदार मेजर मदन सिंह, राजेन्द्र सिंह नम्बरदार व साधु सिंह नम्बरदार ने कहा कि धनौन्दा का निकास खुडाना गांव से है। खुडाना गांव के जागीरदार ठाकुर नीमराव सिंह उर्फ नाभा सिंह ने अपने पिता धनजी सिंह के नाम पर वैशाख सुदी दोज विक्रमी संवत 1321 में धनौन्दा गांव बसाया था। स्थापना दिवस समारोह को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह है। इस अवसर पर अनेक सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक कार्यक्रमों के साथ खेल प्रतियोगिता भी करवाई जाएगी।



कनीना में बिजली कटों से उपभोक्त तंग
-लंबे लंबे कट बुधवार को लगे



नई सिरीज जल्द ही......
बीते जमाने के कनीना के हीरे, आज भी है और कल भी रहेंगे
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कनीना की आवाज।
 बीते जमाने के कुछ ऐसे हीरो कनीना में हुए हैं जो आज भी है और भविष्य में भी रहेंगे। ऐसे ऐसे शिक्षाविद जो अपने समय के बेहतरीन शिक्षक होते थे, ट्यूशन आदि करते थे लेकिन उनका दूर दराज तक नाम था, आज भी वो नाम कमा रहे हैं और भविष्य में भी नाम कमाते रहेंगे। वैसे तो ऐसे  हीरों की कमी नहीं हैं परंतु कनीना की आवाज में इस प्रकार के लोगों का साक्षात्कार समय-समय पर प्रकाशित किया जाएगा। ऐसे हीरो से आपको मिलवाया जाएगा। यह कलम निकट भविष्य में शुरू किया जा रहा है। यूं तो कुतरूं प्राचार्य, कुतरूं लोग, चमचे, चमचाराम, चोर साहब, महाचेार साहब, दूसरे की जमीन हड़पने वाले, नकटे एवं कई प्रकार के लोग भी देखे किंतु इनमें कुछ चेहरे अलग थलग नजर आये। चाहे उनकी संख्या नगण्य है किंतु साफ सुथरी छवि के अतिरिक्त जिन्होंने बच्चों की जिंदगी को संवारा है, उनसे रू-ब-रू करवाएंगे।












Tuesday, April 7, 2026



 


विश्व स्वास्थ्य दिवस पर स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश
-स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी पूंजी, संतुलित आहार और संयमित जीवनशैली अपनाएं
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने अध्यापकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य ही धन है और मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी उसका स्वास्थ्य होता है। एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते फास्ट फूड और हानिकारक पदार्थों से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि शाकाहारी एवं संतुलित भोजन ही श्रेष्ठ माना गया है, जिसकी भारतीय संस्कृति में विशेष महत्ता बताई गई है।
प्राचार्य ने आगे कहा कि आज के  युग में वनस्पति घी, रिफाइंड तेल, अत्यधिक मसालेदार भोजन और अधिक नमक के सेवन से अनेक बीमारियां बढ़ रही हैं। ऐसे में हमें अपनी खान-पान की आदतों में सुधार लाकर प्राकृतिक और पौष्टिक आहार को अपनाना चाहिए।
इस अवसर पर लीगल सेल के प्रभारी प्रवक्ता पन्नालाल ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए संतुलित भोजन, नियमित दिनचर्या और स्वच्छता बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि हमें विश्व स्वास्थ्य संगठन  के मानकों के अनुरूप अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए, ताकि हम बीमारियों से दूर रहकर एक स्वस्थ जीवन जी सकें।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई और उन्हें दैनिक जीवन में अच्छे स्वास्थ्य संबंधी आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता प्रवीण शर्मा, स्नेह लता, सुमन लता, रेखा यादव, अंजू यादव, कुलदीप सिंह, पवन कुमार, हेमंत शर्मा, ओमप्रकाश, ममता शर्मा, अनीता यादव सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
विश्व स्वास्थ्य दिवस के इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ जीवन ही सफलता की कुंजी है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सकारात्मक सोच अपनाकर ही एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन संभव  है
फोटो कैप्शन 13: संबंधित है


 अब तक 5634 क्विंटल गेहूं की हुई सरकारी खरीद, सरसों के कोई खरीद नहीं
-जे- फार्म नहीं हो पा रहे जनरेट, परेशानी
-2518 क्विंटल रही गेट इंटरी मंगलवार को
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कनीना की आवाज।
 कनीना अनाज मंडी स्थित चेलावास में 6200 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से सरसों खरीदने का आदेश है किंतु अभी तक सरकारी तौर पर कोई सरसों नहीं खरीदी गई है। निजी स्तर पर 6200 रुपए से अधिक भाव पर किसान अपनी सरसों बेच रहे हैं। इस बार सरकारी खरीद कम बताई जा रही जबकि निजी स्तर पर सरसों की मांग अधिक है और अधिक मूल्य पर खरीददार खरीद रहे हैं।
 उधर गेहूं की सरकारी खरीद 2585 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से जारी है। अभी तक 5634 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है जबकि मंगलवार को खरीद का कार्य जारी रहा। गेहूं सरकारी तौर पर ही बेचने के लिए किसान अनाज मंडी पहुंच रहे हैं। किसानों को सबसे बड़ी समस्या जे-फार्म जनरेट होने की है। जे-फार्म जनरेट नहीं हो रहे हैं।
 विस्तृत जानकारी देते हुए मार्केट कमेटी के रविंद्र बंसल ने बताया कि सबसे पहले आढ़ती के पास किसान गेहूं लेकर आता है और आढ़ती उसकी बोली लगाता है। बोली के बाद फूड सप्लाई विभाग गेहूं की खरीद करता है। खरीद करने के बाद मार्केट कमेटी में नीलामी की सूचना दर्ज होती है और उसे वेरीफाई किया जाता है। तत्पश्चात यह रिकार्ड फूड सप्लाई द्वारा वेरीफाई होता है। उसके बाद ही कहीं आढ़ती जाकर जे- फार्म जनरेट कर पता है। किंतु इतने अधिक सौपनों से गुजरने पर समस्या बढ़ रही है। जे- फार्म जनरेट होने में दिक्कत होने से खरीद में विघ्न पड़ रहा है।
  नई अनाज मंडी में है सुरक्षा के प्रबंध-
 वर्षा एवं आंधी आदि से नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में व्यापक प्रबंध है क्योंकि टीन शेड के नीचे गेहूं तथा सरसों रखी जा रही है इसलिए वर्षा और आंधी का कोई खास प्रभाव खरीद पर नहीं पड़ रहा है। किसान अपनी पैदावार अपने वाहनों में ढक कर अनाज मंडी तक ले जा रहे हैं।
फोटो कैप्शन 11 व 12: कनीना अनाज मंडी में गेहूं की खरीद का नजारा।




नई सिरीज जल्द ही......
बीते जमाने के कनीना के हीरे, आज भी है और कल भी रहेंगे
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कनीना की आवाज।
 बीते जमाने के कुछ ऐसे हीरो कनीना में हुए हैं जो आज भी है और भविष्य में भी रहेंगे। ऐसे ऐसे शिक्षाविद जो अपने समय के बेहतरीन शिक्षक होते थे, ट्यूशन आदि करते थे लेकिन उनका दूर दराज तक नाम था, आज भी वो नाम कमा रहे हैं और भविष्य में भी नाम कमाते रहेंगे। वैसे तो ऐसे  हीरों की कमी नहीं हैं परंतु कनीना की आवाज में इस प्रकार के लोगों का साक्षात्कार समय-समय पर प्रकाशित किया जाएगा। ऐसे हीरो से आपको मिलवाया जाएगा। यह कलम निकट भविष्य में शुरू किया जा रहा है।


कुतरूं प्राचार्य के कारनामे- 20
-कुतरूं का भी वही हाल हुआ और होगा जो उसने शिक्षकों के साथ किया
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कनीना की आवाज।
 कनीना की आवाज के लेखक होशियार सिंह जो अपने समय के विज्ञान प्राध्यापक एवं अध्यापक रहे हैं। करीब 40 सालों तक निजी स्तर पर, ट्यूशन, निजी स्कूलों में, कालेज, सरकारी स्कूलों में तथा विभिन्न शिक्षण संस्थान में कार्य कर चुके और सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वर्तमान में अपना कनीना की आवाज ब्लाग जोर-शोर से लिख रहे हैं। इन 40 सालों के दौरान होशियार सिंह कनीना की आवाज ब्लाग के लेखक की विभिन्न प्राचार्यों से संपर्क हुआ और इस संपर्क दौरान पाया कि कुछ प्राचार्य कुतरूं कहलाए और कहलाते हैं। यह नाम ग्रामीण लोगों का दिया हुआ है क्योंकि उनके कारनामे इतने घटिया रहे जिसके कारण लोग आज भी उन्हें कुतरूं नाम से पुकारते जबकि कुछ ऐसे प्राचार्य भी रहे जिनका नाम लेने से खुशी महसूस होती है जो दूसरों का हित करने में अग्रणी रहे हैं। यहां तक की उन्होंने अपने स्कूल के शिक्षकों को अपना परिवार का सदस्य समझा और उनके हर सुख दुख में सेवा, मदद की,जो कुछ बन पाया कर पाया लेकिन कुतरूं प्राचार्यों ने अपने तहत आने वाले अधिकांश शिक्षकों को हेय दृष्टि से देखना शुरू कर दिया था। अधिकांश को हेय दृष्टि से देखा,यहां तक कि ऐसे-ऐसे कार्य किये जिनको सुनकर भी दर्द होता है। वोयहां पर वर्णित नहीं किया जा रहे हैं चूंकि ऐसे करनामें प्रकाशित होने पर समाज में एक बुरा संदेश जाएगा। पहले ही शिक्षकों के प्रति समाज सकारात्मक रुख कम रखता है और नकारात्मक रुख अधिक रखता है। अगर ऐसे करनामे प्रकाशित किए गए तो निश्चित रूप से समाज में शिक्षकों के प्रति घृणा बढ़ती चली जाएगी। ऐसे कारनामे करते वक्त ये कुतरूं प्राचार्य दूसरे का अहित करने में कसर नहीं छोड़ते। यही कारण है कि आज भी उनके परिवार खुश नहीं हैं। परिवार में कलह, बीमारी व्याप्त है, खुद भी दुखी है, मानसिक रूप से परेशान है क्योंकि उनके कारनामे आड़े आ रहे हैं। साधु संत मानते हैं कि हम किसी का हित करेंगे, पुण्य के काम करेंगे तो घर परिवार भी सुखी रहेगा। अगर किसी का अहित एवं पाप करेंगे तो निश्चित रूप से परिवार दुखी रहेगा, स्वयं भी दुखी रहना पड़ेगा। वो भूल जाते हैं कि चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात। चार दिनों तक प्राचार्य बने हैं तो शुभ काम करे वरना जाना पड़ेगा शमशानघाट में, राख बनेगी और वो भी एक मु_ी राख बनेगी। जब वे धरती से जाएंगे तो लोग खुश मिलेंगे। उनके बुरे कर्म, कारनामें एवं पाप कर्म कुतरूं प्राचार्य साथ ले जाएगा। जिसके कारण उन्हें आने वाली पीढ़ी कभी माफ नहीं करेगी, गालियां देती रहेगी।
   कुतरूं प्राचार्यों के ऐसे करनामे देखें जो वास्तव में सिद्ध करते हैं कि ये कुतरूं किसी को चाहते नहीं, अपने साथ काम करने वाले शिक्षकों को हेय दृष्टि से देखते हैं। बहुत से पढ़ाने वाले शिक्षक तो कुतरूं से अधिक पढ़े लिखे होते है। यह वक्त की बात है कि एक तरफ वो कुतरूं प्राचार्य बन गए और शिक्षक प्रमोशन किसी कारणवश नहीं ले पाए या उस मुकाम तक नहीं पहुंच पाए, किसी ने उनकी टांग खिंचाई कर दी। एक कुतरूं प्राचार्य की तो बड़ा अजीब देखा।  लगातार स्कूल में आता रहा लेकिन एक शिक्षक जो उनकी आंख का कांटा था जो उसको नहीं सुहाता था क्योंकि वह शिक्षक पढ़ाने में मेहनती एवं बेहद ईमानदार और हर कार्य में कुशल होने के कारण कुतरूं के पेट में दर्द होना स्वाभाविक था। परिणाम यह निकला कि जिस दिन वो शिक्षक सेवानिवृत्त होने जा रहा था तरे उस दिन कुतरूं प्राचार्य छुट्टी लेकर भाग गया। अपने चमचों से कह गया कि इसको बिना किसी सम्मान के स्कूल से छुट्टी होने पर निकाल देना। कुतरूं दिन आया ही नहीं ताकि कार्यक्रम ही ना हो। परंतु परिणाम यह निकला की सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षक का बेहद सम्मान शिक्षकों द्वारा किया गया और कुतरूं की इतनी थू-थू की गई कि हर शिक्षक एवं गांव के लोगों की जुबान पर बात छलकी कि यह तो सचमुच कुतरूं है।
   एक और कारनामें में एक शिक्षक जो उनके तहत सेवानिवृत्त हो रहा था वह भी आंख का कांटा था। अपने काम से कम रखता था। परिणाम यह निकला कि जब वह सेवानिवृत्त हुआ तो उसे स्कूल के अंदर पगड़ी तक नहीं पहनाई गई, उसे गेट के बाहर ही पगड़ी पहनाई और अपने चमचों से मिलकर योजना बनाई जिसका परिणाम चमचे भी भुगतेंगे। परिणाम यह निकला की शिक्षकों की नजर से वह कुतरूं प्राचार्य बन गया। आज भी कुतरूं है। कुछ कुतरूं सेवानिवृत्त हो गए तो कुछ कुतरूं आज भी कार्यरत हैं। एक ऐसा कुतरूं  आज भी कार्यरत है जो भविष्य में सेवानिवृत्त होगा क्योंकि सेवानिवृत्त हर कर्मी को होना होता है और जब वह सेवानिवृत्त होगा तो गांव वालों ने पहले ही योजना बना रखी है, शिक्षकों ने भी विशेष योजना बनानी शुरू कर दी है कि जैसा इसने शिक्षकों के साथ बिताया है वैसा ही बुरा हाल इसके साथ किया जाएगा ताकि इसे अपनी गलती का एहसास हो लेकिन गलती एहसास भी हुआ तो देरी से होगा, उसका कोई लाभ नहीं। वैसे तो जैसे को तैसा तो होना ही चाहिए। ऐसे मौके पर एक मेरे निकृष्ट/नीच दोस्त/आज वो दुश्मन है, की याद आती है। वह कहता था कि मैंने कई कुतरूं प्राचार्यों को जूतों की माला पहनाकर सेवानिवृत्त किया है। उसकी बात बड़ी याद आती है। कहते हैं ऐसे कुतरूं  प्राचार्य का इलाज भी ऐसा ही कुतरूं कर पाएगा परंतु यह निश्चित है कि यह कुतरूं जिसने शिक्षकों के साथ बुरा व्यवहार किया है वह कुतरूं बनकर ही रहेगा और जीवन भरा दर्द में जीएगा।
 नोट::: यह मेरा ब्लाग कापीराइट के तहत आता है। अगर किसी ने कोई भाग चोरी से उठा लिया या कापी कर ली तो उसके विरुद्ध न्यायालय में अभियोग चलेगा जिसका परिणाम वह स्वयं भोगेगा। यहां उल्लेखनीय है कि आने वाली मेरी पुस्तक में इन कुतरूं प्राचार्यों के सभी के नाम वर्णित होंगे। इसलिए थोड़ा इंतजार करें जब तक की यह सीरीज पूर्ण हो जाए, तब तक वह कृति आप लोगों के हाथों में नहीं आएगी तब तक अंदाज लगाते रहो। उस किताब में सभी कुतरूं प्राचार्यों का नाम सहित और दिनांक सहित वर्णन किया जाएगा।




जनगणना प्रशिक्षण का दूसरा दिन
जनगणना प्रशिक्षण शिविर में दी गई जिम्मेदारी व सटीकता पर जोर
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी में जनगणना कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन  अधिकारियों ने प्रगणकों व सुपरवाइजर्स को जनगणना कार्य की बारीकियों से अवगत कराया और इसे पूरी जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए डा. हरिओम भारद्वाज एवं संदीप कुमार ने बताया कि जनगणना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को विस्तारपूर्वक समझाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया है ताकि वे फील्ड में आने वाली परिस्थितियों का सही ढंग से सामना कर सकें।
इस अवसर पर जनगणना चार्ज अधिकारी एवं नगर पालिका सचिव कपिल कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसे निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने संभावित चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रगणकों को धैर्य, सतर्कता और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा, ताकि आंकड़ों की सटीकता बनी रहे।
विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि लगन और मेहनत से किया गया कार्य न केवल सही व सटीक जानकारी एकत्र करने में सहायक होता है, बल्कि इससे प्राप्त परिणाम भी विश्वसनीय होते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे इस प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाएं और जनगणना कार्य को पूरी निष्ठा के साथ संपन्न करें।
कार्यक्रम के दौरान सुपरवाइजर ममता कुमारी, कुलदीप यादव, सुरेंद्र कुमार सहित सभी अड़तीस प्रतिभागी भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए जनगणना से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं और तकनीकी पहलुओं को समझा।
तीन दिवसीय यह प्रशिक्षण शिविर न केवल प्रगणकों के लिए ज्ञानवर्धक साबित हो रहा है, बल्कि उन्हें जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए तैयार भी कर रहा है।
फोटो कैप्शन 07 व 08: जनगणना के लिए प्रशिक्षण देते हुए कनीना मंडी



बीआर स्कूल सेहलंग में विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
-डा. शेखर गोयल ने स्वस्थ रहने के दिए टिप्स
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कनीना की आवाज।
बीआर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेहलंग में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
 इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्र के चिकित्सक डा. शेखर गोयल उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के महत्वपूर्ण टिप्स प्रदान किए।
डा. शेखर गोयल ने कहा कि आज के समय में स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन दोनों ही आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, योग एवं समय पर सोने-जागने की आदत अपनाने की सलाह दी। साथ ही मोबाइल और जंक फूड से दूरी बनाए रखने पर भी विशेष बल दिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की ।  
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न गतिविधियों, जैसे पोस्टर मेकिंग, योग प्रदर्शन एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विद्यालय के चेयरमैन हरिश भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि स्वस्थ विद्यार्थी ही एक सफल राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से खेल-कूद एवं योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
प्रधानाचार्या ज्योति भारद्वाज ने भी विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश देते हुए कहा कि विद्यालय में बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
फोटो कैप्शन 09 व 10: डा. गोयल बच्चों को चैक करते हुए तथा संबोधित करते हुए



यशदेव आचार्य ने कैमला में संस्कार एवं संस्कृति पर दिया व्याख्यान
-बड़ों का आदर करने की दी सलाह
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कनीना की आवाज।
राजकीय  माध्यमिक विद्यालय कैमला में यशदेव आचार्य   कुंड आश्रम  से विद्यालय में विद्यार्थियों को अनुशासन, मौलिक शिक्षा , संस्कार और संस्कृति के  ओत-प्रोत प्रेरित करने के लिए विद्यालय में पहुंचे।
  आचार्य ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए बताया कि हमें नियमित रूप से पौष्टिक भोजन, अनुशासन, शिक्षा के महत्व को विद्यार्थी जीवन में समझना  चाहिए अपने से बड़ों का सम्मान करना और हमें अपने गुरुजनों के सान्निध्य में रहकर नवीनतम, नूतन तकनीकी आधारित सृजनात्मक ज्ञान प्राप्त करना चाहिए। उन्होंने वेदांत पर आधारित आध्यात्मिक विचारों से सभी विद्यार्थियों को जागरूक किया और गायत्री मंत्र के महत्व  बताया।  योगासन से जीवन निरोग और संयमित बनता है इसलिए हमें निरंतर अभ्यास करना चाहिए जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। तन अच्छा है तो मन स्वच्छ है और विचार भी उज्ज्वल होते हैं। हमें निरंतर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को ग्रहण करनी चाहिए।
 मौलिक मुख्य अध्यापक  वीरेंद्र सिंह जांगिड़ ने आचार्य के अमूल्य विचारों को जीवन में धारण करने के प्रति आश्वस्त किया और बताया कि हमारे विद्यार्थी निरंतर विचारों का पालन करेंगे और अपने जीवन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे नया सीखने की दिशा में अग्रसर  रहेंगे।
 इस अवसर पर श्रवण  कुमार पूर्व थानेदार ,मनवीर सिंह, सुनील कुमार शास्त्री ,सुनील कुमार, देवेंद्र, भगत सिंह, सूबे पूर्व प्रधान सिंह ,तारामणि देवी, पिंकी देवी आदि उपस्थित रहें।
फोटो कैप्शन 04 व 05: आचार्य को स्मृति चिह्न भेंट करते हुए


राजकीय माडल संस्कृति स्कूल में यातायात नियमों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित -एसएचओ ट्रैफिक ने दी छात्रों को जानकारी
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कनीना की आवाज।
सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से राजकीय माडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कनीना में विद्यार्थी पुलिस कैडेट के लिए यातायात जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में ट्रैफिक एसएचओ, निरीक्षक नरेश कुमार ने बच्चों को यातायात नियमों का पालन करने के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने छात्रों को बताया कि सड़क पर हमारी छोटी सी सावधानी भी हमारी और दूसरों की जान बचा सकती है।
निरीक्षक नरेश कुमार ने छात्रों को सुरक्षित ड्राइविंग के मूल मंत्र देते हुए कहा कि चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट और दोपहिया वाहन पर हेलमेट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करना चाहिए। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल और किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन जानलेवा साबित हो सकता है। हमेशा निर्धारित गति सीमा के भीतर ही वाहन चलाना चाहिए। इसके साथ ही, सुरक्षित तरीके से लेन बदलने, दाएं या बाएं मुड़ते समय इंडिकेटर का सही उपयोग करने और अन्य वाहनों को सावधानीपूर्वक ओवरटेक करने के नियमों के बारे में भी जानकारी देकर जागरूक किया गया।
सुरक्षित ड्राइविंग की बारीकियों को समझाते हुए उन्होंने बताया कि गोल चक्कर, ट्रैफिक सिग्नल और मोड़ पर कभी भी ओवरटेक करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। घनी आबादी वाले क्षेत्रों और बाजारों में हमेशा वाहन की गति धीमी रखनी चाहिए। रात के समय सुरक्षित ड्राइविंग के नियमों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने लो बीम और हाई बीम लाइट के सही इस्तेमाल तथा ओवरटेक करते समय डिपर के उपयोग की अहमियत को भी छात्रों के साथ साझा किया।
सत्र के दौरान निरीक्षक ने नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के खतरों पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन का उपयोग नहीं करना चाहिए। 18 वर्ष की आयु पूरी होने और वैध ड्राइविंग लाइसेंस बनने के बाद ही वाहन चलाना कानूनी और सुरक्षित है। इस जागरूकता अभियान का उद्देश्य बच्चों को एक जिम्मेदार नागरिक बनने और सड़क सुरक्षा के प्रति उनके कर्तव्य का अहसास कराना था।
फोटो कैप्शन 06: निरीक्षक यातायात के नियमों की जानकारी देते हुए


सतनाली स्वास्थ्य केंद्र के अधूरे काम को पूरा करने को 538.12 लाख की राशि स्वीकृत
-स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बनेंगे आवास
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कनीना की आवाज।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महेंद्रगढ़ जिले की सतनाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के शेष निर्माण कार्यों को गति देने के लिए 538.12 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि की स्वीकृति दी है।
यह जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि इस निर्णय से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के आधारभूत ढांचे में सुधार होगा और लंबे समय से रुके हुए विकास कार्यों को गति मिलेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस राशि का उपयोग चिकित्सालय के मुख्य भवन के बचे हुए कार्यों तथा वहां तैनात चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों के लिए आवासीय भवनों का निर्माण भी सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जब स्वास्थ्य कर्मियों के रहने की व्यवस्था परिसर में ही होगी, तो चिकित्सालय में कर्मचारियों की उपस्थिति बेहतर होगी और रोगियों को निरंतर रूप से उपचार मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्र की जनता को उनके निवास के समीप ही श्रेष्ठ चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना है, ताकि उन्हें उपचार के लिए दूर-दराज के बड़े नगरों की ओर न जाना पड़े। इससे स्थानीय निवासियों के समय और धन दोनों की बचत होगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार का संकल्प प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि सतनाली का यह केंद्र आधुनिक स्वरूप में आने के बाद न केवल सतनाली, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों के हजारों लोगों के लिए एक जीवनरक्षक केंद्र सिद्ध होगा।
उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि स्वीकृत बजट के साथ निर्माण कार्य को शीघ्र अति शीघ्र पूरा किया जाए ताकि जनसाधारण को इस सुविधा का लाभ तुरंत मिल सके।




9 अप्रैल को राजकीय आईटीआई में लगेगा बड़ा मेला
-यूएनओ मिंडा कंपनी देगी आन-रोल नौकरियां
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कनीना की आवाज।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दिशा निर्देश अनुसार युवाओं को स्वावलंबी बनाने और उन्हें उनके कौशल के अनुरूप रोजगार दिलाने के उद्देश्य से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) नारनौल में आगामी 9 अप्रैल को एक विशाल रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है।
संस्थान के प्रधानाचार्य विनोद खंगवाल ने बताया कि इस मेले में प्रसिद्ध कंपनी यूएनओ मिंडा, मानेसर शिरकत कर रही है। यह कंपनी विभिन्न तकनीकी ट्रेडों के पासआउट युवाओं का चयन कर उन्हें सीधे अपनी कंपनी में नौकरी का अवसर प्रदान करेगी।
प्रधानाचार्य ने बताया कि इस चयन प्रक्रिया में इलेक्ट्रिशियन, फिटर, इलेक्ट्रानिक मैकेनिक, टीपीएस, प्लास्टिक प्रोसेसिंग ऑपरेटर, वायरमैन, वेल्डर और मशिनिस्ट जैसे ट्रेडों में प्रशिक्षित युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को 15 हजार रुपये प्रतिमाह सकल वेतन पर ऑन-रोल जाब दी जाएगी। इसके लिए आयु सीमा 18 से 24 वर्ष तय की गई है। वेतन के अलावा कंपनी द्वारा चयनित युवाओं को कई विशेष लाभ भी दिए जाएंगे, जिनमें एक हजार रुपये का उपस्थिति पुरस्कार, वर्ष में 14 अर्जित अवकाश और 7 आकस्मिक अवकाश शामिल हैं। साथ ही, कर्मियों को वार्षिक बोनस, पीएफ, ईएसआई, चिकित्सा सहायता, वर्दी और कैंटीन जैसी सुविधाएं भी संस्थान के नियमों के अनुसार दी जाएंगी।
प्लेसमेंट अधिकारी सुनील यादव ने इस अवसर का लाभ उठाने के लिए जिले के सभी आईटीआई पासआउट छात्र-छात्राओं को आमंत्रित किया है। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए हैं कि जो भी युवा इस मेले में शामिल होना चाहते हैं वे 9 अप्रैल को संस्थान के परिसर में औपचारिक वेशभूषा (फॉर्मल ड्रेस) में पहुंचें। उम्मीदवार अपने साथ सभी आवश्यक मूल शैक्षणिक दस्तावेज और उनकी छायाप्रतियां अवश्य लाएं ताकि चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए। जिले के युवाओं के लिए एक ही स्थान पर प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी पाने का यह एक बेहतरीन मौका है।
फोटो कैप्शन: प्राचार्य विनोद खंगवाल


प्रिया ने पाया खंड कनीना में प्रथम स्थान, रितिका ने दूसरा
-विगत वर्षों से स्कूल का रहा है बेहतर एनएमएमएस परिणाम
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कनीना की आवाज।
गत वर्ष 30 नवंबर को राज्य शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण एवं परिषद गुरुग्राम द्वारा आयोजित एनएमएमएस परीक्षा के घोषित परिणामों के अनुसार  राजकीय माध्यमिक विद्यालय खरकड़ाबास की छात्रा प्रिया ने खंड कनीना में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, वहीं रितिका दूसरे स्थान पर रही है। विद्यालय परिवार की तरफ से दोनों छात्राओं को सम्मानित किया गया।
विद्यालय मुखिया रीता रानी ने बताया कि यह परीक्षा हरियाणा सरकार द्वारा प्रतिवर्ष सरकारी स्कूल में पढऩे वाले मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने हेतु प्रदान की जाती है। इसमें सफलता प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को नौवीं से  बारहवीं तक प्रति महीना 1000 रुपए छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, जो कुल मिलाकर 48000 बनती है। इस परीक्षा में गत पांच वर्षों से विद्यालय का  प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने वर्तमान में कक्षा आठवीं में पढ़ रहे छात्र- छात्राओं से इस परीक्षा  की बेहतर तैयारी के लिए प्रेरित किया एवं इस वर्ष सफलता प्राप्त करने वाली दोनों छात्राओं प्रिया व रितिका को समस्त विद्यालय परिवार की तरफ से बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर राजेंद्र सिंह , एसएमसी प्रधान विक्रम सिंह, कला अध्यापक अजीत सिंह बोहरा, विज्ञान अध्यापक सुभाष चंद, संस्कृत अध्यापक भूपेंद्र सिंह, अनुराधा, अमरनाथ पीटीआई,  राजेश माहोर, योगेंद्र शर्मा, कृष्ण कुमार, अमित , राम रतन व अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: अव्वल रही एनएमएमएस छात्राओं को पुरस्कृत करते हुए





दिन भर चलती रही बूंदाबांदी, एक एमएम वर्षा हुई
- किसानों के चेहरों पर दिखी चिंता की रेखा
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कनीना की आवाज।
कनीना एवं आस पास आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। रुक रुककर चली बूंदाबांदी में महज एक एमएम वर्षा रिकार्ड की गई।  
 मौसम के इस बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। दिनभर मौसम आंशिक रूप से बादलों से ढका रहा और हवा सामान्य गति से चलती रही, जिससे वातावरण में नमी बनी रही।
  बार बार मौसम के बदलने से किसान बेहद परेशान हैं। किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, सुनील कुमार आदि ने बताया कि जब भी फसल पैदावार के लिए लावणी की गई फसल को सुखाने का प्रयास करते हैं तो फिर से बूंदाबांदी हो जाती है। त्वरित गति से बहुत से किसानों ने अपनी फसल पैदावार ले ली है। कुड अनाज मंडियों तक पहुंचा रहे हैं। कुछ किसानों ने खेतों में गेहूं निकलवाने के लिए मशीन लगा दी किंतु बूंदाबांदी ने समस्या पैदा कर दी। गेहूं निकलवाने आए किसान रवींद्र ने बताया कि उन्होंने करीब 2 एकड़ में गेहूं उगाए थे। गेहूं निकलवाने के लिए मशीन भी ले आए थे परंतु सुबह से वर्षा के कारण गेहूं पैदावार नहीं ले सके। एक बार फिर से गेहूं एवं सरसों की लावणी की हुई फसल भीग गई है। अब फिर से एक दो दिन इंतजार करना होगा तथा लावणी की गई फसल को सुखाना होगा।
 काली पड़ गई है लावणी की फ

















सल-
  किसानों ने बताया कि बार बार वर्षा के कारण सरसों की लावणी की गई फसल नीचे से काली पड़ गई है जिसमें नुकसान होने लग गया है। फंगस लगनी शुरू हो गई है। हालांकि किसानों ने इस बार गेहूं एवं सरसों की लावणी की गई फसल के नीचे जालीदार पोलीथिन लगा रखी है। विगत वर्षों बिलना जाली वाला पोलीथिन लगा देने से काटकर डाली फसल नीचे से सड़ गई थी। इस बार किसानों ने सावधानी बरती है लेकिन मौसम की मार पीछा नहीं छोड़ रही है।
फिर से भीगी गेहूं एवं सरसों की लावणी-
एक बार फिर से किसानों की गेहूं एवं सरसों की लावणी की गई फसल भीग गई है। किसान अब तो लावणी की गई फसल को भी ढकने का प्रयास करते देखे गये लेकिन आंशिक सफलता मिल पाई है। अब उन्हें इंतजार करना होगा ताकि फसल सूख जाए और पैदावार ली जा सके।
फोटो कैप्शन 02: किसान लावणी की गई फसल को वर्षा से ढकते हुए
  03: भीग रही लावणी की गई सरसों