Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Friday, November 6, 2026



 




मतदाता सूची से नाम कटा है? घबराएं नहीं, चुनाव आयोग ने दिया एक और मौका
-अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरी प्रविष्टि सूची में शामिल मतदाता अब भी भर सकते हैं फॉर्म, अंतिम मतदाता सूची में जुड़ सकता है नाम
*****************************************************
************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं आ सके, उनके लिए अच्छी खबर है। भारत निर्वाचन आयोग ने ऐसे मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का एक और मौका देने का निर्णय लिया है। उपायुक्त अनुपमा अंजली ने जिले के सभी पात्र नागरिकों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।
यह मौका उन मतदाताओं के लिए है, जिन्हें गणना फॉर्म दिए गए थे, लेकिन वे भरकर वापस नहीं आए और उन्हें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरी प्रविष्टि (एएसडीडी) की श्रेणी में रखकर ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किया गया। ऐसे मतदाताओं की बूथवार सूची, नाम न जुडऩे के संभावित कारणों सहित, दोबारा मतदान केंद्रों के नोटिस बोर्ड, पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालयों में प्रदर्शित की जाएगी। यह सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी पीडीएफ के रूप में उपलब्ध रहेगी।
जो मतदाता उसी पते पर रह रहे हैं, वे गणना फॉर्म भरकर हस्ताक्षर करें और उसके साथ एक कथन (परिशिष्ट-ख) लगाएं, जिसमें बताएं कि फॉर्म पहले क्यों जमा नहीं हो सका। यह फॉर्म वे खुद या परिवार के किसी सदस्य के माध्यम से ईआरओ, एईआरओ या बीएलओ को दे सकते हैं। जो मतदाता राज्य के भीतर किसी दूसरी जगह चले गए हैं, उन्हें अलग से फॉर्म-8 भरने की जरूरत नहीं है। वे गणना फॉर्म के साथ परिशिष्ट-ग का कथन भरें, जिसमें नया पता और विधानसभा क्षेत्र लिखा हो, और पते के प्रमाण सहित नए क्षेत्र के ईआरओ या एईआरओ को सौंपें। चाहें तो नए बूथ के बीएलओ से भी मदद ले सकते हैं। जिनके पास पते का कोई दस्तावेज नहीं है, ऐसे बेघर लोगों के लिए बीएलओ की फील्ड सत्यापन रिपोर्ट ही पर्याप्त होगी।
--------------------
ऑनलाइन सुविधा भी रहेगी
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन ईसीआईनेट पर ई-साइन के साथ फॉर्म जमा किया जा सकेगा। मतदाता वेबसाइट या ईसीआईनेट ऐप पर अपना पुराना एपिक नंबर डालकर फॉर्म डाउनलोड और भर भी सकते हैं। बीएलओ से बात करने के लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट और ऐप पर बुक ए कॉल विद बीएलओ की सुविधा दी गई है। बीएलओ राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय एजेंटों के साथ मिलकर घर-घर जाएंगे, पड़ोसियों और परिवार से जानकारी लेंगे और जहां संपर्क नंबर उपलब्ध होंगे, वहां व्हाट्सऐप, ईमेल या एसएमएस से भी फॉर्म भेजेंगे।
जिन मतदाताओं ने एसआईआर के दौरान नए नामांकन के लिए पहले ही फॉर्म-6 जमा कर दिया है, उन्हें गणना फॉर्म और कथन दोबारा नहीं देना होगा। प्राप्त फॉर्मों की जांच ईआरओ द्वारा पात्रता और सामान्य निवास सहित अन्य विवरणों के आधार पर की जाएगी। फॉर्म स्वीकार होने पर नाम अंतिम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा और मतदाता को वही एपिक नंबर दोबारा दिया जाएगा जो पहले था।
उपायुक्त अनुपमा अंजली ने कहा कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे, यह प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सूची में अपना और अपने परिवार के सदस्यों का नाम जरूर देखें और जरूरत होने पर तुरंत फॉर्म जमा करें। उन्होंने यह भी कहा कि फॉर्म में दी गई जानकारी सही होनी चाहिए।


पराली का धुआं, आतिशबाजी और स्थानीय प्रदूषणकारी गतिविधियां बढ़ा सकती हैं मुश्किलें,
--आमजन अभी से बरतें सावधानी -प्रो. डॉ. चंद्रमोहन
*****************************************************
************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज। 
जैसे-जैसे वातावरण में ठंडक घुलनी शुरू हो रही है, वैसे-वैसे हरियाणा-एनसीआर दिल्ली की फिजाओं में प्रदूषण का जहर भी घुलने लगा है। सर्दी की दस्तक के साथ ही क्षेत्र की आबोहवा लगातार प्रदूषित हो रही है और वायु गुणवत्ता सूचकांक में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। स्थिति यह है कि एनसीआर दिल्ली के अनेक स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार पहुंच गया है। प्रदूषण का बढ़ता स्तर आमजन के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। दमघोंटू हवा के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और पूरा एनसीआर क्षेत्र जहरीली गैसों के चैंबर में तब्दील होता दिखाई दे रहा है।
सरकार की ओर से प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के तहत चरणबद्ध तरीके से ग्रेप-2, ग्रेप-3 के प्रावधानों को लागू करने तथा उनके पालन के निर्देश जारी किए जा रहे हैं। वहीं सर्वोच्च न्यायालय भी प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए लगातार आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहा है। इसके बावजूद प्रदूषण की समस्या हर वर्ष सर्दी के मौसम में विकराल रूप धारण कर लेती है।
पर्यावरणविद् एवं मौसम विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. चंद्रमोहन, नोडल अधिकारी पर्यावरण क्लब, राजकीय महाविद्यालय नारनौल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों तक हरियाणा-एनसीआर दिल्ली, विशेषकर जिला महेंद्रगढ़ में वायु गुणवत्ता सूचकांक अपेक्षाकृत सामान्य बना हुआ था। इसका प्रमुख कारण पश्चिमी मौसम प्रणाली का प्रभाव रहा। इस दौरान लगातार दक्षिण-पूर्वी हवाओं के प्रवाह और हल्की बारिश एवं बूंदाबांदी के कारण वातावरण में मौजूद धूल एवं प्रदूषक कणों के स्तर में कमी आई थी। लेकिन त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ ही आतिशबाजी और अन्य स्थानीय गतिविधियों के कारण वायु गुणवत्ता में दोबारा गिरावट देखने को मिल रही है।
उन्होंने बताया कि आगामी एक सप्ताह हरियाणा-एनसीआर दिल्ली के लिए प्रदूषण के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। इस दौरान पाकिस्तान, पंजाब तथा पंजाब से सटे हरियाणा के क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाओं में बढ़ोतरी होने की आशंका है। इसके अतिरिक्त शीत ऋतु की शुरुआत के साथ उत्तरी एवं उत्तर-पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने पर ऊपरी वायुमंडल में मौजूद प्रदूषक कण हरियाणा के दक्षिणी हिस्सों और एनसीआर क्षेत्र की ओर पहुंच सकते हैं।
डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार प्रदूषण बढऩे के लिए केवल पराली जलाना ही जिम्मेदार नहीं है, बल्कि इसके पीछे अनेक स्थानीय एवं क्षेत्रीय कारक भी सक्रिय रहते हैं। इनमें खनन गतिविधियां, अनियंत्रित यातायात व्यवस्था, वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्य, ईंट-भ_े, सड़कों का निर्माण, निर्माण सामग्री से उडऩे वाली धूल तथा त्योहारी सीजन में लगने वाले बड़े-बड़े ट्रैफिक जाम प्रमुख हैं। दीपावली के अवसर पर पटाखों और आतिशबाजी से निकलने वाला धुआं भी वायु प्रदूषण के स्तर को और अधिक गंभीर बना सकता है।
उन्होंने कहा कि सर्दियों में तापमान में गिरावट, हवा की गति कम होने और वायुमंडलीय परिस्थितियों में बदलाव के कारण प्रदूषक कण वातावरण की निचली सतह पर जमा होने लगते हैं। इससे प्रदूषण लंबे समय तक बना रह सकता है और आमजन को जहरीली हवा में सांस लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
*आमजन अभी से बरतें सावधानी*
प्रो. डॉ. चंद्रमोहन ने आमजन से अपील की कि प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए अभी से सावधान और सतर्क रहें। अत्यधिक प्रदूषण वाले समय में अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। सुबह और देर शाम खुले स्थानों पर व्यायाम एवं सैर करने से परहेज करें। बच्चों, बुजुर्गों तथा सांस संबंधी समस्याओं से प्रभावित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। आवश्यकता पडऩे पर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपयुक्त मास्क का प्रयोग करें तथा घरों में धूल और धुएं के प्रवेश को कम करने के उपाय अपनाएं।
उन्होंने कहा कि प्रदूषण पर नियंत्रण केवल सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। पराली न जलाने, कूड़ा एवं पत्तियां न जलाने, निजी वाहनों का अनावश्यक उपयोग कम करने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और पटाखों से परहेज करने जैसे छोटे-छोटे प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ हवा प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और आने वाली पीढिय़ों के स्वस्थ भविष्य के लिए पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।इस संबंध में प्रोफेसर डॉ. चंद्रमोहन, नोडल अधिकारी भारतीय मौसम विभाग सब-सेंटर, राजकीय महाविद्यालय नारनौल ने बताया कि वर्तमान समय में हरियाणा एनसीआर और दिल्ली के वातावरण में प्रदूषण की समस्या गंभीर रूप लेती जा रही है। इसका प्रभाव महेंद्रगढ़, नारनौल, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर, भिवानी तथा आसपास के क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। वायु में मौजूद पीएम 2.5 और पीएम जैसे सूक्ष्म प्रदूषक कण मानव स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से हानिकारक हो सकते हैं।
डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार मौसम की परिस्थितियां भी वायु प्रदूषण के प्रभाव को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वातावरण में हवा की गति कम होने, तापमान में गिरावट, वायुमंडलीय स्थिरता तथा स्थानीय स्तर पर प्रदूषण के स्रोतों से निकलने वाले धुएं और धूल के कारण प्रदूषक कण वातावरण में लंबे समय तक बने रह सकते हैं। सर्दियों के मौसम में ऐसी परिस्थितियां प्रदूषण की समस्या को और गंभीर बना सकती हैं।
उन्होंने बताया कि वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक गतिविधियां, निर्माण कार्यों से उडऩे वाली धूल, सड़कों की धूल, कचरा जलाना तथा पराली और अन्य जैविक अवशेषों का दहन वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। इन सभी कारकों के संयुक्त प्रभाव से क्षेत्रीय वायु गुणवत्ता प्रभावित होती है।
स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतने की अपील
डॉ. चंद्रमोहन ने आमजन को सलाह दी कि प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर अनावश्यक रूप से खुले वातावरण में जाने से बचें। विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा सांस और हृदय संबंधी समस्याओं से पीडि़त व्यक्तियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। सुबह और शाम के समय प्रदूषण की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बाहरी गतिविधियों का निर्धारण करें। आवश्यकता पडऩे पर अच्छी गुणवत्ता वाले एन 95 मास्क का प्रयोग करें तथा घरों में धूल और धुएं के प्रवेश को कम करने का प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण केवल पर्यावरण की समस्या नहीं है, बल्कि यह जनस्वास्थ्य, जैव विविधता और पारिस्थितिक संतुलन से जुड़ा गंभीर विषय है। स्वच्छ हवा प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसके संरक्षण की जिम्मेदारी समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है।
*सामूहिक प्रयासों से ही मिलेगी प्रदूषण से राहत*
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि खुले में कचरा एवं पत्तियां न जलाएं, निजी वाहनों के स्थान पर सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपाय अपनाएं तथा अधिक से अधिक पौधारोपण और हरित क्षेत्रों के संरक्षण में योगदान दें।
डॉ. चंद्रमोहन ने कहा कि वायु प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनभागीदारी, पर्यावरण के प्रति जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी आवश्यक है। यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाएं तो आने वाली पीढिय़ों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।





बीआर स्कूल, सेहलंग में हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया दीपावली उत्सव व  दीया मेकिंग प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
-स्टाफ को दी दीपावली की मुबारकवाद
*****************************************************
************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज।
बीआर आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेहलंग में दीपावली का पावन पर्व बड़े हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राइमरी विंग (नर्सरी से कक्षा पाँचवीं तक) के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने विभिन्न रचनात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। वहीं मीडिल विंग की कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से दीया मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता, कलात्मक प्रतिभा एवं कल्पनाशीलता का सुंदर प्रदर्शन करते हुए विभिन्न रंगों और आकर्षक डिजाइनों से दीपों को सजाया। पूरे विद्यालय परिसर में उत्सव का उल्लास एवं बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
दीया मेकिंग प्रतियोगिता में कक्षा आठवीं की मुस्कान पुत्री सुनील ने प्रथम स्थान, कक्षा सातवीं की अनन्या पुत्री अशोक ने द्वितीय स्थान तथा कक्षा आठवीं की खुशी पुत्री महेश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या ज्योति भारद्वाज ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकगण को दीपावली की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि दीपावली केवल रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों की छिपी हुई प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, मौलिक चिंतन एवं सृजनात्मक क्षमता का विकास करती हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़कर पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित दीपावली मनाने तथा प्रेम, सद्भाव एवं भाईचारे की भावना अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के चेयरमैन  हरिश भारद्वाज ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढऩे के लिए उचित मंच प्रदान करना भी है। ऐसे सांस्कृतिक एवं रचनात्मक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा उनमें भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं नैतिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए प्रतियोगिता के विजेताओं को बधाई दी तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकगण के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं त्योहारों के महत्व से परिचित करवाने के साथ-साथ उनमें रचनात्मकता, आत्मविश्वास, सांस्कृतिक चेतना एवं सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित करना रहा। इस प्रकार विद्यालय में दीपावली उत्सव खुशियों, उमंग, रचनात्मकता एवं सकारात्मक संदेशों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
फोटो कैप्शन 02: :स्टाफ को सम्मानित करते स्कूल के चेयरमैन हरीश भारद्वाज तथा प्रिंसिपल ज्योति भारद्वाज



एसडी वमा. विद्यालय, ककराला में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया दिपावली का पावन पर्व
-आयोजित हुई कई प्रतियोगिताएं
*****************************************************
************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज।
 एसडीवमा. विद्यालय, ककराला में हमारे देश के पर्वो में से एक, धार्मिक-पर्व दिपावली का भव्य आयोजन किया गया। यह पावन त्यौहार पूरे भारत में बड़ी खुशी व उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह त्यौहार हमारे लिए बड़े गर्व व खुशी का विषय है इस अवसर को मध्यनजर रखते हुए एस. डी. व. मा. विद्यालय, ककराला में कक्षा छठी से आठवीं में दिया डेर्कोरेसन प्रतियोगिता को आयोजन किया गया। नर्सरी से लेकर पांचवीं कक्षा तक के बच्चों ने रामायण दरबार सभा का आयोजन किया। छोटे-छोटे बच्चों ने रामायण के पात्रों के रूप में मंच पर आकर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने नाटक के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की। बच्चों के उत्साह, आत्मविश्वास और मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को आनंदमय बना दिया। सभी बच्चों ने इस गतिविधि में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कार्यक्रम का भरपूर आनंद उठाया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से परिचित कराना, उनकी प्रतिभा को निखारना तथा उनमें आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित करना था। विद्यालय प्रबंधन ने बच्चों के उत्साह और सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं।
इस पावन पर्व पर विद्यालय चेयरमैन जगदेव यादव ने विद्यार्थियो, अभिभावको व समस्त स्टाफ सदस्यों को दिपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होने बताया कि हमारा देश विभिन्न धर्म, जाति, भाषा, संस्कृति व त्यौहारो का देश है। इसके बावजूद अनेकता में एकता इसकी पहचान है जिसमें हमारे देश के त्यौहार विशेष भूमिका निभाते है। अन्त में उन्होने अपने संदेश में 'केवल दीपों वाली दिपावली से अपनी खुशियाँ जाहिर कर, पर्यावरण को सुरक्षित रखने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक ओमप्रकाश, विद्यालय समिति के वरिष्ठ सदस्य राजेन्द्र यादव, उपनिदेशक पूरण सिंह, कोर्डिनेटर प्रियंका यादव सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहा।
फोटो कैप्शन 05: दीपावली मनाते हुए शिक्षक


कृषि मंत्री ने मंडियों में खरीद व्यवस्थाओं का लिया जायजा
--दिये कुछ निर्देश
*****************************************************
************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज।
 हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि मंत्री शुक्रवार को महेंद्रगढ़ जिले की नांगल चौधरी, नारनौल और अटेली अनाज मंडियों के दौरे के दौरान बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों को 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य देती है। अगर इससे कम भाव में फसल मंडी में बिकती है तो सरकार भावांतर भरपाई योजना से उसकी भरपाई करती है। किसानों का दाना-दाना सरकार खरीद रही है।
कृषि मंत्री ने खरीफ सीजन की फसल खरीद व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए मंडियों में फसल की आवक, खरीद, उठान और भुगतान की स्थिति की जानकारी ली।
उन्होंने मौके पर मौजूद मार्केट कमेटी के अधिकारियों और कर्मचारियों से व्यवस्थाओं के बारे में पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने किसानों और आढ़तियों से भी बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।
श्री राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को मंडियों में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
इस अवसर पर एसडीएम नांगल चौधरी उदय सिंह, एसडीएम नारनौल गुरविंदर सिंह, नगर परिषद चेयरमैन कमलेश सैनी, मार्केट कमेटी चेयरमैन रमाशंकर शर्मा, मार्केट कमेटी सचिव आदित्य यादव, नारनौल में मंडी चेयरमैन बाबूलाल यादव, उप चेयरमैन सुरेश चौधरी, सचिव नुकुल यादव, अटेली मंडी में चेयरमैन दिनेश जेलदार, सचिव सुनीता फोगाट के अलावा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 05: मंडियों में फसल की आवक, खरीद, उठान और भुगतान की स्थिति के संबंध में अधिकारियों की बैठक लेते कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा।



त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई तेज, नारनौल, महेंद्रगढ़ और कनीना क्षेत्र में 11 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए
*****************************************************
************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज। 
दीपावली के त्योहारी सीजन को देखते हुए आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अमित कुमार ने स्वास्थ्य मंत्री आरती राव जी के दिशा-निर्देशन में नारनौल, महेंद्रगढ़ एवं कनीना क्षेत्र में विभिन्न प्रतिष्ठानों से 11 खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्रित किए।
डॉ. अमित कुमार ने बताया कि त्योहारी सीजन में मिठाइयों एवं अन्य खाद्य पदार्थों की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण एवं सैंपलिंग की जा रही है, ताकि लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सकें। उन्होंने खाद्य कारोबारियों से अपील की कि वे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं शुद्धता का विशेष ध्यान रखें और किसी भी प्रकार की मिलावट से बचें।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 250 प्रतिशत अधिक खाद्य नमूने एकत्रित किए गए हैं। इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने माननीय कमिश्नर खाद्य सुरक्षा विभाग डॉ. मनोज कुमार जी को देते हुए कहा कि उनके कुशल मार्गदर्शन, निरंतर निगरानी एवं प्रभावी दिशा-निर्देशन के कारण जिले में खाद्य सुरक्षा गतिविधियों को नई गति मिली है।
डॉ. अमित कुमार ने आमजन से भी अपील की कि वे त्योहारों के दौरान मिठाइयां एवं अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनकी गुणवत्ता और स्वच्छता का ध्यान रखें तथा किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग को दें।
अंत में डॉ. अमित कुमार ने महेंद्रगढ़ जिले सहित सभी क्षेत्रवासियों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि यह त्योहार सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए।
फोटो कैप्शन 04:खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्रित करते डॉ. अमित कुमार।





प्रदूषण रहित दीवाली मनाने का लिया संकल्प
-प्रदूषण से हो जाता है जीना हराम
*****************************************************
************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज।
 लोगों में धीरे धीरे आई जागरूकता के चलते इस बार प्रदूषण रहित दीवाली मनाने के लिए युवा एवं बुजुर्ग आगे आने लगे हैं। दीवाली के दिन दीये जलाकर, घर की मिठाई खाकर मनाएंगे। दीवाली को हंसी खुशी, भाईचारा एवं एकता के साथ एक दूसरे को मिठाई बांटकर मनाना चाहते हैं।  इस बार दीवाली पर युवा एवं बुजुर्ग जागृत हैं और वे प्रदूषण के विषय में जानते हैं। मैत्रीभाव से मिलकर दीवाली मनाने का निर्णय लेने वालों की होड़ लगी हुई है। दीये जलाने व शहीदों की याद में एक एक दीया जलाने का निर्णय लिया है।
प्रसिद्ध पर्व पर प्रदूषण क्यों करें? हवन आदि करके वातावरण को शुद्ध रखने का प्रयास किया जाएगा। लोगों को प्रेरणा देकर पटाखे न चलाने या बहुत कम चलाने पर बल दिया जाए। गले मिलकर मिठाई का आदान प्रदान करके ही दीवाली का आनंद आएगा। खुशियों का त्योहार है इसमें नाखुशी कैसे बर्दाश्त की जाए?
   --सुनील कुमार , रामबास
 प्रेम, भाईचारा, एकता का पर्व दीवाली है। इस पर्व पर प्रदूषण करके बुजुर्ग एवं रोगियों के लिए सांस लेने की तकलीफ पैदा हो जाती हैं।  ऐसे में अगर प्रदूषणरहित दीवाली सबके मन को लुभाएगी। मिठाइयां बांटकर दीवाली मनाने पर बल दिया जाना चाहिए। मिठाई भी घर की बनी हुई होनी चाहिए। बाजार की मिठाई लेन देन में प्रयोग नहीं करेंगे।
      -दिनेश कुमार प्रधान
 देसी घी के दीये में डालकर दीपावली के दिन बुजुर्ग पुराने समय से जलाते आ रहे हैं। बुजुर्ग बहुत बुद्धिमान थे। पर्व पर तेल या मोमबत्ती जलाना अशुभ मानते थे। अब उन्हीं के कदमों पर चलकर वे इस बार दीवाली को देसी घी के दीयों से मनाएंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे। घी के दीये जलाने से वातावरण शुद्ध होता है।
---जसवंत सिंह, समाजसेवी कनीना
 देसी घी के दीये जलाकर हिंदुओं के महान पर्व को मनाना अति लाभदायक एवं फलदायक होता है। देसी घी के दीये जलाने प्रदूषण नामक बीमारी से बचा जा सकता है। वैसे भी घरों में पशुधन मिलता है और देसी घी भी आसानी से मिल जाता हे। ऐसे में इस पर्व पर देसी घी के दीये ही जलाएंगे।
   -महेश बोहरा, कनीना
फोटो कैप्शन:  महेश बोहरा, जसवंत सिंह, दिनेश कुमार, सुनील कुमार






क्षेत्र में धनतेरस का पर्व मना धूमधाम से
-हर घर से खरीदे गए नये बर्तन
*****************************************************
************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में शुक्रवार को को धन तेरस का पर्व मनाया गया। पर्व को लेकर बाजार में बर्तनों की दुकानें गत दिवस से सजी हुई थी।
  कनीना क्षेत्र में दो दिनों पूर्व से ही दिवाली पर्व की धूम मची है। बाजारों में भारी रौनक देखने को मिली है वहीं बर्तनों की दुकानों पर दुकानदार ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं।
 दीपावली के चलते बाजार सजने लगे हैं। दीपावली के पर्व को महज दो दिन ही बाकी हैं और बाजार में रौनक आने लगी है। बाजार सजने लगे हैं। अब तक ऐसा लग रहा था कि रौनक फीकी रहेगी किंतु अब धीरे-धीरे बाजार सजने लगे हैं।  धीरे-धीरे बाजार में रौनक आने लगी है और भीड़ के चलते आवागमन में परेशानी होने लगी है। मुख्य मार्गों पर भी दुकानों की वजह से मार्ग संकीर्ण बन गए हैं। क्या कहते हैं दुकानदार एवं ग्राहक--
 सुरेंद्र सिंह का कहना है कि इस दिन का लंबे समय से इंतजार थौ। इस दिन अन्य दिनों की बजाय सबसे ज्यादा बर्तन बिकते हैं। इस दिन लगभग हर घर से बर्तन खरीदने के लिए बाजार आते हैं। बर्तन वालों के लंबी कतार देखने को मिलती है। अब वो समय आया है।
आचार्य दीपक कौशिक का कहना है कि धन तेरस के दिन ही राक्षसों एवं देवताओं के बीच हुए समुद्र मंथन से अमृत निकला था जिसे पाने के लिए देवता अपना अपना बर्तन लिए बैठे थे और धनवंतरि सभी को अमृत बांट रहे थे। उसी दिन से माना जाता है कि धनवंतरि उन्हें अमृत बाटने आते हैं। इस दिन लोग नए बर्तन में धनवंतरि से अमृत पाने की इच्छा से बर्तन खरीदते हैं।
  फोटो कैप्शन 01: बर्तनों की सजी दुकानें








विश्व कैंसर जागरूकता दिवस-7 नवंबर
ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से पैर पसार रहा है कैंसर
*****************************************************
************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज।
कैंसर को लाइलाज बीमारी माना जाता है। अब तो ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित गति से पैर पसार रहा है। कैंसर रोग आए दिन जिंदगियां लील रहा है। डाक्टरों को कहना है कि इस रोग के पीछे दूषित खान पान, गलत आदतें एवं विकिरण हैं। शरीर में प्रतिरक्षी पदार्थों की कमी आने से रोग हो जाता है। बीमारी की पहचान से पहले तो अनेक अंगों  को अपना शिकार बना चुकी होती है।
डब्ल्यूएचओ का कहना है कि भारत में प्रत्येक दस में से एक कैंसर का केस मिलता है वहीं प्रत्येक 12 मिनट में से एक की मौत कैंसर से हो रही है। हर वर्ष करीब 10 लाख मौतें कैंसर से हो रही हैं।
  कभी ग्रामीण क्षेत्र बेहतर खान पान के लिए विख्यात रहे हैं और कैंसर जैसे रोग का तो नाम तक नहीं सुना था। किंतु अब ग्रामीण क्षेत्रों में अब शूगर के मरीज, दिल की बीमारी के रोगी तथा कैंसर के रोगी बढऩे लगे हैं।
कनीना की लील ली कई हस्तियां-    
  कस्बा कनीना में ही नजर डाले तो आए दिन कोई न कोई कैंसर से पीडि़त व्यक्ति नजर आता है। अकेले कनीना में कई महत्वपूर्ण हस्तियांं कैंसर जैसी घातक बीमारी ने लील लिये हैं जिनमें क्षेत्र के ही नहीं आस पास के प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं इतिहासकार प्रो हंसराज यादव, कनीना की प्रथम महिला पत्रकार एवं कई पुस्तकों की लेखिका सुमन यादव, प्रसिद्ध समाजसेवी एवं नेता विनोद अग्रवाल सहित एक दर्जन लोग इस रोग ने लील लिये हैं। वैसे तो यह रोग किसी भी उम्र में मिल सकता है किंतु अधेड़ उम्र के अधिक रोगी उभर रहे हैं।
  जैविक खेती पर बल-
रोगों से बचने के लिए जैविक खेती करने व फल सब्जियों उगाने में कनीना क्षेत्र के किसान राजेंद्र सिंह, सूबे सिंह,अजय इसराणा, अजीत सिंह , गजराज सिंह मोड़ी, महाबीर सिंह करीरा जुटे हुए हैं। वहीं कई गौशालाओं में जैविक खेती का खाद तैयार किया जा रहा है। उनकी मुहिम कैंसर जैसी घातक बीमारियों पर काबू पाने का एक सरल तरीका है। खाद्य उत्पादन की होड़ में अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए तरह-तरह की रासायनिक खादों, जहरीले कीटनाशकों का उपयोग कर जमीन एवं खाद्य पदार्थों को विषैला बना दिया है। यही एक बड़ा कारण है जिनमें कैंसर भी एक रोग बढ़ा है। सब्जियों जहरीली दवाओं के छिड़काव से पैदा होती हैं। ये दवाएं कैंसर, हृदयघात, मिरगी, दमा एवं कई घातक बीमारियों का कारण बन रही हैं।
क्या कहते हैं डा. जितेंद्र मोरवाल--
वरिष्ठ डाक्टर जितेंद्र मोरवाल का कहना है कि बेहतर एवं संतुलित खान पान न होने से रोग बढ़े हैं। बीड़ी सिगरेट पीने वाले भी फेफड़ों के कैंसर से पीडि़त हो सकते हैं। फास्ट फूड एवं प्रोसेसड खाद्य पदार्थ भी कैंसर की ओर धकेलते हैं। अगर संतुलित आहार नियमित रूप से मिलता रहे और भोजन में सब्जी, फल का मिश्रण हो तो रोग कम होने की संभावना बन जाती है।
करीरा के श्रीकिसन के अनुसार खेतों में डाले जाने वाली रासायनिक दवाइयां, उर्वरक, वातावरण प्रदूषण एवं हानिकारक विकिरण के चलते कैंसर जैसे रोग बढ़े हैं। अभी तक कैंसर पर काबू नहीं पाया गया है।  गहरे रंग की सब्जियां, ब्रोकली, सादा खाना कैंसर होने से बचाती हैं।
उन्होंने कहा कि धूम्रपान और तम्बाकू का सेवन न करें,अत्यधिक वजन या मोटापे से बचें, अल्कोहल और फास्ट फूड से बचें,  रोज कसरत करें और पोषाहार लें, नियमित हेल्थ चेकअप कराएं, अल्ट्रावायलेट किरणों से बचें, हेपेटाइटिस-बी और एचआईवी से प्रतिरक्षित रहें ।  
फोटो कैप्शन: डा. जितेंद्र मोरवाल


चाइनीज बिजली उपकरणों के प्रयोग से बढ़ता है पावर हाउस के उपकरणों पर लोड: रामरतन
बिजली लाइनों के नीचे सामान न लगाने और पटाखे नहीं जलाने की अपील
*****************************************************
************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज।
 132 केवी सब स्टेशन के इंचार्ज रामरतन शर्मा गोमली जेई ने दीपावली पर्व के मद्देनजर लोगों से बिजली सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि घटिया गुणवत्ता वाले चाइनीज बिजली उपकरणों के प्रयोग से बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त लोड बढ़ता है। इसके कारण पावर हाउस के उपकरणों पर दबाव पड़ता है और बार-बार लाइन ट्रिपिंग की समस्या उत्पन्न होती है। इससे उपभोक्ताओं को निर्बाध गति से बिजली आपूर्ति देने में परेशानी आती है।
 दुकानदारों को भी सलाह दी कि वे बिजली की लाइनों के नीचे अपना सामान न लगाएं, क्योंकि किसी भी अप्रिय घटना से बड़ा नुकसान हो सकता है। रामरतन ने पटाखे और बम नहीं जलाने की अपील करते हुए कहा कि इनसे वायु प्रदूषण बढ़ता है और वातावरण में जहरीली गैसें फैलती हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। उन्होंने लोगों से दीपावली का पर्व दीपक जलाकर, पर्यावरण संरक्षण और बिजली सुरक्षा का ध्यान रखते हुए मनाने का आह्वान किया।















फोटो कैप्शन: रामरत्न शर्मा जेई

Thursday, November 5, 2026



 




बारिश ने मूंगफली की फसल पर फेरा पानी, खेतों में ही अंकुरित होने लगी फलियां
-एक एकड़ में उगाई थी मूंगफली, खराब फसल देखकर किसान मायूस
*****************************************************************
*********************************************************
****************************************************************
कनीना की आवाज।
 क्षेत्र में हुई बेमौसमी बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी फसलों के साथ-साथ जमीन के नीचे तैयार हो रही मूंगफली की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। किसान सूबे सिंह और राजेंद्र सिंह अब अपनी मूंगफली की फसल को खेतों से उखाड़ रहे हैं, लेकिन बारिश के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
किसानों ने करीब एक एकड़ भूमि में मूंगफली की फसल उगाई थी। फसल तैयार होने पर जब उन्होंने मूंगफली निकालनी शुरू की तो अधिकांश फलियां खराब हालत में मिलीं। किसानों के अनुसार लगातार बारिश के कारण मूंगफली लंबे समय तक जमीन के नीचे पड़ी रही। मिट्टी में नमी अधिक होने से फलियों के अंदर ही अंकुर निकलने शुरू हो गए। अब किसान मजबूरी में मूंगफली को उखाड़कर अलग कर रहे हैं, लेकिन खराब हुई मूंगफलियों को देखकर उनके चेहरे पर मायूसी साफ दिखाई दे रही है।
सूबे सिंह और राजेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने फसल की अच्छी पैदावार की उम्मीद के साथ काफी मेहनत और खर्च किया था। समय पर बारिश न रुकने के कारण मूंगफली जमीन में ही खराब हो गई। किसानों का कहना है कि इस बार मौसम की मार ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया है। पहले सरसों और अब मूंगफली की फसल प्रभावित होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने सरकार से फसल नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है।
फोटो कैप्शन 06: संबंधित है




बिजली बिल भरने के मसले को लेकर कर्मचारी से गाली-गलौज और मारपीट, मामला दर्ज
*****************************************************************
*********************************************************
****************************************************************
कनीना की आवाज।
 बिजली निगम के शिकायत केंद्र पर कार्यरत एक कर्मचारी के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने का मामला सामने आया है। कर्मचारी की शिकायत पर पुलिस ने प्रदीप कुमार के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में एएलएम प्रदीप कुमार ने बताया कि वह 20 अक्टूबर को दोपहर करीब 12:30 बजे अपने साथी एएलएम मोनू के साथ गांव कोका निवासी रामचंद्र के घर बिजली बिल भरने के लिए कहने गया था। रामचंद्र के बिजली मीटर पर 40,183 रुपये की बकाया राशि थी। विभागीय निर्देशों के अनुसार वह उपभोक्ता को बिल जमा करवाने के लिए कहने पहुंचा था। उस समय घर पर प्रदीप नाम का व्यक्ति मौजूद था। उसने बिजली बिल जमा करवाने के लिए 21 नवंबर 2026 तक का समय मांगा।
शिकायतकर्ता के अनुसार इसी दौरान उसने दूसरे मीटर का भी उल्लेख किया, जिसकी बकाया राशि 14,402 रुपये थी। संबंधित व्यक्ति ने मीटर दोबारा लगवाने के लिए कहा और 10 हजार रुपये लेकर मीटर वापस लगाने की बात कही। इस पर कर्मचारी ने उसे विभागीय नियमों के अनुसार ही कार्रवाई होने की बात कही।
आरोप है कि इसी बात को लेकर प्रदीप कुमार ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और अभद्र शब्द कहे। इसके बाद लकड़ी के डंडे से कई बार हमला कर दिया, जिससे उसके शरीर पर चोटें आईं। घायल कर्मचारी ने अस्पताल में उपचार करवाया, जहां चिकित्सक ने मेडिकल रिपोर्ट (एमएलसी) तैयार की।
इसके बाद कर्मचारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने प्रदीप कुमार के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।


जिला स्तरीय महोत्सव 2026 में एसडियंस ने लहराया परचम
*****************************************************************
*********************************************************
****************************************************************
कनीना की आवाज।
जिले में आयोजित जिला स्तरीय बाल भवन प्रतियोगिता में एसडी विद्यालय ककराला के विद्यार्थियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पूरे मंच पर अपना दबदबा बनाया। प्रतियोगिता में विद्यालय की टीम समूह नृत्य, समूह गान और एकल गायन में हासिल किए पुरस्कार हासिल कर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया।
विद्यालय निदेशक ओमप्रकाश यादव ने बताया कि जिला स्तरीय बाल भवन प्रतियोगिता में विद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं में भाग लिया। इसमें समूह नृत्य में द्वितीय स्थान तथा समूह गान में द्वितीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वहीं विद्यालय की होनहार छात्रा तन्वी ने सोलो सांग प्रतियोगिता में तृतीय स्थान हासिल किया।
इस अवसर पर विद्यालय चेयरमैन जगदेव यादव ने सभी विजेता विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह कि उपलब्धि अपने आप में बड़े गर्व का विषय है। यह विद्यार्थियों अध्यापकों एवं अभिभावकों के सयुंक्त प्रयास का परिणाम है। अत: हमें हमेशा एकाग्रचित होकर सच्ची लग्न से परिश्रम करना चाहिए। सच्ची लग्न से कर्म करते रहने से ही सफलता सम्भव है। प्रत्येक कार्य को आनन्द से पूरा करना चाहिए जिससे काम करने की गति भी बढ़ती है व काम सुंदर तरीके से पूरा होता है।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक ओमप्रकाश, विद्यालय समिति के वरिष्ठ सदस्य राजेन्द्र यादव, उपनिदेशक पूरण सिंह, प्रधानाचार्य अरविन्द कुमार तोमर, कोर्डिनेटर स्नेह यादव, प्रियंका यादव सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04: अपनी प्रस्तुति देते हुए एसडी स्कूल




 
कृषि में विविधता अपनाकर उद्यमिता विकास की तरफ बढऩा आज की जरूरत - लक्की राव सीगड़ा
*****************************************************************
*********************************************************
****************************************************************
कनीना की आवाज।
सामाजिक संस्थान बीएमडी फाउंडेशन के चेयरमैन एवं सामाजिक कार्यकर्ता लक्की राव सीगड़ा ने चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार में आयोजित दो दिवसीय कृषि उद्यमिता विकास कार्यशाला में हिस्सा लेकर महेंद्रगढ़ जिले का प्रतिनिधित्व किया। लक्की राव सीगड़ा ने जानकारी देते हुए बताया की इस दो दिवसीय कृषि उद्यमिता विकास कार्यशाला का आयोजन चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के सायना नेहवाल कृषि तकनीकी प्रशिक्षण एवं विस्तार शिक्षा संस्थान में ग्रामीण विकास मंडल निहालगढ़ और विश्व युवक केन्द्र नई दिल्ली द्वारा किया गया। इसका कार्यशाला में मुख्य रूप से कृषि को लाभकारी व्यवसाय की श्रेणी में लाने के लिए उद्यमिता की ओर नई पीढ़ी का रुझान बढ़ाने के लिए आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, जम्मू कश्मीर और मध्य प्रदेश के एक सौ प्रतिभागियों ने विषय विशेषज्ञों की उपस्थिति में गहन चिंतन के साथ समझ विकसित करने का प्रयास किया।
चेयरमैन लक्की राव सीगड़ा ने कहा की किसान देश की आन-बान और शान हैं, लेकिन दुर्भाग्य से हमने कृषि व्यवसाय की गरिमा को समझने में बड़ी नादानी की है। विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए किसान को बेचारा समझने की मानसिकता से स्वयं किसान और समाज को बाहर निकलना होगा। भारत की मिट्टी, जलवायु और मौसम की विविधता किसानों के लिए वरदान है, लेकिन हमने इसे अभिशाप समझ लिया है। कृषि में विविधता अपनाकर किसान अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। इसके लिए खेती को केवल परंपरागत व्यवसाय के रूप में देखने के बजाय उद्यमिता और बाजार की संभावनाओं से जोडऩा होगा। दुनिया में भारतीय किसानों के लिए सबसे बड़ा बाजार उपलब्ध है ।
कार्यशाला के समापन सत्र में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त निदेशक विस्तार शिक्षा निदेशालय डॉ.एचडी यादव, विश्व युवक केन्द्र नई दिल्ली के सीनियर प्रोग्राम ऑफिसर रजत थॉमस, कार्यक्रम अधिकारी प्रदीप खत्री और विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त डॉक्टर धनंजय कुमार शर्मा ने संबोधित किया। कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए लक्की सीगड़ा ने ग्रामीण विकास मंडल दादरी के अध्यक्ष राजेंद्र यादव एवं  विश्व युवक केंद्र के वरिष्ठ प्रोग्राम ऑफिसर रजत थॉमस को भी शुभकामनाएं दी।
फोटो कैप्शन 05: लक्की राव सिगड़ा को सम्मानित करते हुए



कनीना अनाज मंडी में नहीं हुई बाजरे की खरीद, नहीं कटे गेट पास, उठान कार्य जारी
*****************************************************************
*********************************************************
****************************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में गुरुवार, 5 नवंबर को बाजरे की खरीद नहीं हुई और न ही किसानों के गेट पास काटे गए। मार्केट कमेटी की ओर से पहले ही पांच नवंबर को खरीद का अवकाश रहने की सूचना जारी कर दी गई थी।   दूसरी ओर मंडी में पहले खरीदे जा चुके बाजरे का उठान कार्य लगातार जारी है। उठान के चलते मंडी में रखे बाजरे के ढेर धीरे-धीरे कम हो रहे हैं। मार्केट कमेटी द्वारा अवकाश की पूर्व सूचना दिए जाने के कारण आज खरीद प्रक्रिया पूरी तरह बंद रही। किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही अपनी उपज मंडी में लेकर आएं, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी न हो।



दिवाली को लेकर सजने लगा कनीना बस स्टैंड, दुकानों पर बढ़ी रौनक, संकरे हुए रास्ते
*****************************************************************
*********************************************************
****************************************************************
कनीना की आवाज।
 दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही कनीना बस स्टैंड सहित बाजारों में रौनक बढऩे लगी है। बस स्टैंड क्षेत्र में सैकड़ों दुकानें सजने लगी हैं। दुकानदारों ने अपनी दुकानों को रंग-बिरंगी लाइटों, सजावटी सामान और आकर्षक वस्तुओं से सजा दिया है। त्योहार को देखते हुए बाजार में ग्राहकों की आवाजाही भी बढऩे लगी है। दुकानों के बाहर सामान सजाकर रखने के कारण सड़क मार्ग संकरे हो गए हैं, जिससे वाहनों के आवागमन में परेशानी होने लगी है। बस स्टैंड क्षेत्र में कई बार जाम जैसी स्थिति बन जाती है। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो दिवाली के दिनों में यही स्थिति और गंभीर हो सकती है।
उधर, विद्यार्थी अपनी पढ़ाई में जुटे हुए हैं, वहीं किसान गेहूं की बिजाई की तैयारियों और खेतों में काम करने में व्यस्त हैं। हैरानी की बात यह है कि अभी भी कुछ किसान सरसों की बिजाई कर रहे हैं। क्षेत्र में इस बार सरसों की बिजाई इतनी देरी से होने का यह पहला अवसर माना जा रहा है।
दूसरी ओर व्यापारी वर्ग दिवाली पर अच्छी आमदनी की उम्मीद लगाए बैठा है। पुराने कारोबार के साथ कुछ व्यापारी नए-नए व्यवसाय भी शुरू कर रहे हैं। बाजार में सजावटी सामान, मिठाइयों, कपड़ों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की दुकानों पर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। व्यापारियों को उम्मीद है कि त्योहार के दिनों में ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी और कारोबार अच्छा रहेगा।
फोटो कैप्शन 02 व 03: कनीना बस स्टैंड पर दिवाली के मद्देनजर सजाई जा रही दुकानें।





दीपावली पर्व नहीं महापर्व है
 -पंचपर्वों का महापर्व है दीपावली    
*****************************************************************
*********************************************************
****************************************************************
कनीना की आवाज।
दीपावली का पर्व एक पर्वों का समूह है। इस पर्व से पहले तथा बाद में भी दीपावली की धूम रहती है। शुक्रवार से ही दीपावली पर्व की शुरूआत हो जाएगी। धन तेरस का पर्व मनाया जा रहा है जिसके बाद तो एक के बाद एक पर्व लगातार चलते रहेंगे।
    ग्रामीण अचल में 6 नवंबर धन तेरस के दिन से ही दिवाली के दीये जलाने शुरू कर दिए जाते हैं। इस दिन माना जाता है कि बर्तन खरीदना लाभकारी है। यही कारण है कि इस दिन बर्तनों की दुकानों पर भारी भीड़ मिलती है। धन तेरस के दिन ही बर्तन क्यों खरीदे जाते हैं। इसके विषय में माना जाता है कि देवताओं और दानवों के द्वारा समुद्र मंथन के पश्चात इसी दिन ही धनवंतरि अमृत कलश लेकर समुद्र से बाहर आए थे। अमृत पाने के लिए देवता बर्तन लेकर दौड़े थे। इसी कारण से यह दिन धनवंतरि त्रयोदशी कहलाता है। लोगों का मानना है कि धनवंतरि इस दिन ही सभी को अमृत बांटते हैं और अमृत पाने की लालसा को लेकर नए बर्तन खरीदे जाते हैं। प्रार्थना की जाती है कि उनका यह नया बर्तन अमृत से भरा रहे और परिवार खुश एवं खुशहाल रहे। वैद्य के लिए यह दिन अति शुभ माना जाता है।
   दिवाली से पूर्व यानी 7 नवंबर को नरक चतुर्दशी व छोटी दीपावली का त्योहार आएगा। यह पर्व श्रद्धा एवं उल्लास से मनाया जाता है। इस दिन सुबह सवेरे स्नान करना लाभप्रद माना जाता है। अत: लोग सूर्योदय से पूर्व ही स्नान करते हैं। इस पर्व को ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी दिवाली का पर्व कहा जाता है। नरक चतुर्दशी का पर्व असुर नरकासुर की याद दिलाता हैं। अति अभिमानी और देवताओं को सताने वाला नरकासुर राक्षस का भगवान् श्रीकृष्ण ने इसी दिन वध किया था। कहीं मृत्यु का देवता उन्हें नरक न प्रदान करे। इस भय के मारे लोग यमराज की पूजा करते हैं। इसे दूसरे दिन की दिवाली भी कहा जाता है।
8 नवंबर को दिवाली का पर्व अंधेरे को मिटाने वाला तथा प्रकाश रूपी पुष्प भेजने वाला हिन्दुओं का महान पर्व है। जब भगवान् श्रीराम को 14 वर्षों का वनवास भेजा गया था तभी से प्रजाजन अति दु:खी थे और पल.पल उनको याद करते रहते थे। आखिरकार एक दिन रावण ने सीता का ही हरण कर लिया और उन्हें लंका ले गया। हनुमान की सहायता से जब सीता का पता लगाया तो भगवान् श्रीराम ने लंका पर धावा बोलकर रावण का वध कर दिया जिसे दशहरा नाम दिया गया । उस दिन पश्चात श्रीराम अयोध्या के लिए लौट चले थे। जब श्रीराम अयोध्या लौटे तो लोगों ने खुशी के मारे तीन दिन देशी घी के दीये जलाए थे। तभी से यह त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। अमावस्या के दिन घोर अंधेरा होता है किंतु दीप जलाकर इस अंधेरे को नष्ट कर दिया जाता है। इस त्योहार पर घरों और आवास को चमकाया जाता है। लक्ष्मी सरस्वती और गणेशजी की पूजा की जाती है।
   दिवाली के अगले दिन अर्थात 9 नवंबर को अन्नकूट का पर्व मनाया जाता है। इसे गोवर्धन नाम से भी जाना जाता है। इस दिन मंदिरों में खिचड़ी व कढ़ी बांटी जाती हैं जिसे प्रत्येक जन चाव से खाता है। गोवर्धन पर्व से जुड़ी है श्रीकृष्ण और इन्द्र देव के बीच का प्रसंग। एक बार इंद्र देव भगवान् श्रीकृष्ण से कुपित हो गए और मूसलाधार वर्षा करने लगे। गोकुल में इतनी भारी वर्षा देखकर ग्रामीण भयभीत हो गए और चारों ओर त्राहि.त्राहि मच गई। जीव जल में डूबकर मरने लगे तो ग्रामीण दौड़कर भगवान् श्रीकृष्ण के पास आए। भगवान् श्रीकृष्ण ने उस वक्त गोवर्धन पर्वत ही अपनी अंगुली पर उठा लिया और गोकुलवासियों को उसके नीचे आने का आदेश दिया। इस प्रकार इंद्र का गर्व चूर.चूर हो गया और खुश होकर ग्रामीणों ने गोवर्धन पर्वत की पूजा की। इसी दिन आजकल गाय आदि की पूजा करने का विधान भी है। विश्वकर्मा जयंती भी मनाई जा रही है।
   दिवाली के दूसरे दिन यानी 10 नवंबर को भैया दूज नाम से जाना जाता है। यह पर्व भाई बहन के अटूट प्रेम को दर्शाता है। विवाहित महिलाएं इस दिन अपने भाई को बुलाकर उनका आदर सत्कार करती हैं। तथा उनके दर्शन किए बगैर अन्न भी ग्रहण नहीं करती हैं। बहन भाई को तिलक करके उसकी लंबी उम्र की कामना करती है। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र के लिए यमराज की पूजा करती हैं। इस प्रकार दिवाली का पर्व पूरे पांच दिनों तक चलने वाला पर्व है जिसका महत्व आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में उतना ही है जितना पहले कभी होता था।



कनीना खंड के स्कूलों में प्राचार्यों और मुख्य अध्यापकों के पद खाली, कैसे सुधरे शिक्षा व्यवस्था?
-24 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में मात्र 9 प्राचार्य कार्यरत, खंड शिक्षा अधिकारी का पद भी रिक्त
*****************************************************************
*********************************************************
****************************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना खंड में सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था इन दिनों शिक्षकों और अधिकारियों के रिक्त पदों की समस्या से जूझ रही है। हालात यह हैं कि खंड के 24 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में से केवल 9 विद्यालयों में ही प्राचार्य के पद भरे हुए हैं, जबकि शेष 15 विद्यालयों में प्राचार्यों के पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा चार राजकीय उच्च विद्यालय तथा आठ मिडिल स्कूल भी खंड में संचालित हैं।
सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि उच्च विद्यालयों में मुख्य अध्यापकों के सभी पद रिक्त बहैं। इसके चलते विद्यालयों का प्रशासनिक कार्य और शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। एक-एक प्राचार्य को दो -दो विद्यालयों का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा हुआ है। ऐसे में किसी एक अधिकारी के लिए कई विद्यालयों की व्यवस्था संभालना और पढ़ाई की गुणवत्ता पर ध्यान देना आसान नहीं है।
समस्या केवल विद्यालयों तक सीमित नहीं है। कनीना के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) का पद भी खाली चल रहा है। इसके साथ ही कार्यालय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सहायक का पद भी रिक्त है। अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी के कारण कार्यालय के कामकाज तथा विद्यालयों की निगरानी पर भी असर पड़ रहा है।
खंड में शिक्षा व्यवस्था की ऐसी स्थिति को लेकर अभिभावकों और शिक्षा से जुड़े लोगों में चिंतित है। सवाल उठ रहा है कि जब विद्यालयों में प्राचार्य और मुख्य अध्यापक ही उपलब्ध नहीं हैं तथा खंड स्तर पर शिक्षा विभाग का कार्यालय भी नियमित अधिकारियों के बिना चल रहा है, तो बच्चों की पढ़ाई और विद्यालयों की व्यवस्था कैसे सुचारु रह पाएगी?
शिक्षा विभाग और सरकार को चाहिए कि कनीना खंड के विद्यालयों में रिक्त प्राचार्यों, मुख्य अध्यापकों तथा खंड शिक्षा अधिकारी सहित कार्यालय के अन्य पदों को शीघ्र भरा जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और सरकारी शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके।





क्षेत्र में धनतेरस को लेकर सजी बर्तन की दुकानें
-हर घर से खरीदते हैं बर्तन
*****************************************************************
*********************************************************
****************************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में शुक्रवार को धन तेरस का पर्व मनाया जाएगा जिसको लेकर बाजार में बर्तनों की दुकानें सज गई हैं।
  कनीना क्षेत्र में दो दिनों पूर्व से ही दिवाली पर्व की धूम मची है। बाजारों में भारी रौनक देखने को मिली है वहीं बर्तनों की दुकानों पर दुकानदार ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं।
 दीपावली के चलते बाजार सजने लगे हैं। दीपावली के पर्व को महज चार दिन ही बाकी हैं और बाजार में रौनक आने लगी है। बाजार सजने लगे हैं। अब तक ऐसा लग रहा था कि रौनक फीकी रहेगी किंतु अब धीरे-धीरे बाजार सजने लगे हैं।  धीरे-धीरे बाजार में रौनक आने लगी है और भीड़ के चलते आवागमन में परेशानी होने लगी है। मुख्य मार्गों पर भी दुकानों की वजह से मार्ग संकीर्ण बन गए हैं। क्या कहते हैं दुकानदार एवं ग्राहक--
 सुरेश कुमार एवं रवि कुमार का कहना है कि  इस दिन घर परिवार में बर्तनों की जरूरत होती है किंतु इस दिन का विशेष इंतजार होता है क्योंकि इस दिन बर्तन खरीदने की परंपरा चली आ रही है। वे जरूर बर्तन खरीदकर ले जाएंगे। चाहे बर्तना छोटा हो या बड़ा मांग के अनुसार खरीद ही लेते हैं। आचार्य दीपक कौशिक का कहना है कि धन तेरस के दिन ही राक्षसों एवं देवताओं के बीच हुए समुद्र मंथन से अमृत निकला था जिसे पाने के लिए देवता अपना अपना बर्तन लिए बैठे थे और धनवंतरि सभी को अमृत बांट रहे थे। उसी दिन से माना जाता है कि धनवंतरि उन्हें अमृत बाटने आते हैं। इस दिन लोग नए बर्तन में धनवंतरि से अमृत पाने की इच्छा से बर्तन खरीदते हैं।
फोटो कैप्शन 01: बर्तनों की सजी दुकानें



करीरा सरकारी स्कूल के बहुचर्चित मामले में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा रिपोर्ट भेजने में की जा रही है देरी
---मामले ने पकड़ा तूल,








कार्रवाई न होने पर ग्रामीण दे सकते हैं धरना
*****************************************************************
*********************************************************
****************************************************************
कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव करीरा स्कूल में गांववालों द्वारा एक शिक्षक व शिक्षिका के खिलाफ शिकायत सीएम विंडो के माध्यम से डेढ़ महीने पहले की गई थी। तीन प्राचार्यों की कमेटी ने एक महीने पहले अपनी रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारी को सौंप दी थी तथा सभी ने अपनी जांच में उपरोक्त दोनों अध्यापकों की शिकायत ठीक पाई गई व विभाग से इनका किसी अन्य विद्यालय में समायोजन करने की सिफारिश की व खंड शिक्षा अधिकारी ने भी उपरोक्त दोनों अध्यापकों की जांच में अपनी टिप्पणी विद्यालय, स्कूल समिति अभिभावकों व कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर उपरोक्त दोनों अध्यापकों का किसी अन्य विद्यालय में भेजने की अनुशंसा कर दी गई थी लेकिन इसके बाद भी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बच्चों के अभिभावकों की शिकायत को अनदेखा किया जा रहा है। गांववासियों ने मांग की है कि जांच को समय पर निदेशालय नहीं भेजा गया तो जिला उपायुक्त के माध्यम से जांच को भेजने में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ इसकी शिकायत की जाएगी। इस संबंध में कार्यकारी खंड शिक्षा अधिकारी सुनील खुडानिया ने बताया कि उन्होंने प्राचार्यो की टिप्पणी लिखवाकर जिला शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट भेज रखी है। उधर जिला शिक्षा अधिकारी नानौल फोन तब नहीं उठाते।


Wednesday, November 4, 2026



 
करीरा सरकारी स्कूल के बहुचर्चित मामले में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा रिपोर्ट भेजने में की जा रही है देरी

**करीरा के लोग छेड़ेंगे दोषी अधिकारियों के विरुद्ध आंदोलन
***********************************************************************
**************************************************************************
**********************************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना उपमंडल के गांव करीरा स्कूल में गांववालों द्वारा एक शिक्षक व शिक्षिका के खिलाफ शिकायत सीएम विंडो के माध्यम से डेढ़ महीने पहले की गई थी। तीन प्राचार्यों की कमेटी ने एक महीने पहले अपनी रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारी को सौंप दी थी तथा सभी ने अपनी जांच में उपरोक्त दोनों अध्यापकों की शिकायत ठीक पाई गई व विभाग से इनका किसी अन्य विद्यालय में समायोजन करने की सिफारिश की व खंड शिक्षा अधिकारी ने भी उपरोक्त दोनों अध्यापकों की जांच में अपनी टिप्पणी विद्यालय, स्कूल समिति अभिभावकों व कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर उपरोक्त दोनों अध्यापकों का किसी अन्य विद्यालय में भेजने की अनुशंसा कर दी गई थी लेकिन इसके बाद भी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बच्चों के अभिभावकों की शिकायत को अनदेखा किया जा रहा है। गांववासियों ने मांग की है कि जांच को समय पर निदेशालय नहीं भेजा गया तो जिला उपायुक्त के माध्यम से जांच को भेजने में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ इसकी शिकायत की जाएगी।




विकसित भारत युवा संसद 2026-27 के जिला स्तरीय कार्यक्रम में युवाओं ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव विषय पर रखे विचार
***********************************************************************
**************************************************************************
**********************************************************************
कनीना की आवाज।
मेरा युवा भारत, महेंद्रगढ़ द्वारा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026-27 के अंतर्गत जिला स्तरीय विकसित भारत युवा संसद 2026-27 का आयोजन बाबा खेतानाथ पॉलिटेक्निक कॉलेज में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय 'एक राष्ट्र एक चुनाव रहा। कार्यक्रम में युवाओं ने विषय पर अपने विचारों, तर्कों एवं सुझावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसदीय परंपराओं के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नारनौल के विधायक ओमप्रकाश यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्घाटन बाबा खेतानाथ पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य श्री अनिल यादव ने किया।
मुख्य अतिथि माननीय श्री ओमप्रकाश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में युवाओं को राष्ट्र निर्माण, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और राष्ट्रीय विकास से जोडऩे के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'एक राष्ट्र एक चुनाव राष्ट्रीय महत्व का विषय है, जिस पर युवाओं को तथ्यों, तर्कों एवं संवैधानिक दृष्टिकोण के आधार पर अपने विचार प्रस्तुत करने चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत के संकल्प से प्रेरणा लेते हुए अपनी नेतृत्व क्षमता, नवाचार एवं सकारात्मक सोच के माध्यम से देश की प्रगति में योगदान दें। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य साकार करने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी, राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान आवश्यक है। ऐसे युवा संसद कार्यक्रम युवाओं में लोकतांत्रिक चेतना, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर निर्णायक मंडल में डॉ. जितेंद्र भारद्वाज, इंजीनियर विकास यादव, यूथ आइकन हरीश शर्मा, प्रोफेसर जितेंद्र यादव तथा  के ब्यूरो चीफ  मनीष शामिल रहे। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों के विचारों, विषय की समझ, तार्किक क्षमता एवं प्रस्तुतीकरण के आधार पर उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन किया।
कॉलेज के प्राचार्य अनिल यादव ने युवाओं को ऐसे शैक्षणिक एवं लोकतांत्रिक मंचों से जुडऩे के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि युवा संसद जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल, नेतृत्व क्षमता तथा राष्ट्रीय मुद्दों के प्रति जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मेरा युवा भारत, महेंद्रगढ़ के जिला युवा अधिकारी नित्यानंद यादव ने युवाओं को माय भारत की विभिन्न गतिविधियों से जुडऩे का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत युवा संसद युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था, संसदीय कार्यप्रणाली एवं राष्ट्रीय महत्व के विषयों को समझने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने प्रतियोगिता के विजेताओं को बधाई देते हुए आगामी राज्य स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।
प्रतियोगिता के परिणामों के अनुसार प्रथम स्थान - संदीप, द्वितीय स्थान- सुश्री करीना एवं
 तृतीय स्थान- विवेक ने प्राप्त किया।
तीनों विजेताओं ने अपने विचारों एवं प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण के आधार पर स्थान प्राप्त किए। ये तीनों प्रतिभागी आगामी राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद प्रतियोगिता में महेंद्रगढ़ जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।
कार्यक्रम में माय भारत के युवा स्वयंसेवकों के अतिरिक्त प्रोफेसर श्री सतपाल सुलोदिया,  प्रदीप कुमार तथा युवा साथी ग्रुप के प्रधान टिंकू सैनी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहने तथा सामाजिक एवं राष्ट्रीय विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को संसदीय परंपराओं से परिचित कराना, उनमें तार्किक चिंतन एवं प्रभावशाली संवाद कौशल विकसित करना तथा माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
फोटो कैप्शन 04: संबंधित है





खेल महाकुंभ ट्रायल्स में श्रीश्याम शूटिंग अकादमी का दबदबा, खिलाडिय़ों ने जीते गोल्ड, सिल्वर और ब्रांज मेडल।
***********************************************************************
**************************************************************************
**********************************************************************
कनीना की आवाज।
खेल विभाग हरियाणा द्वारा आयोजित खेल महाकुंभ 2026-27 के जि़ला स्तरीय राइफल व पिस्टल शूटिंग ट्रायल्स में अटेली की श्रीश्याम स्पोर्ट्स शूटिंग अकादमी का एकतरफा जलवा रहा। मुख्य कोच प्रवीण सोनी के मार्गदर्शन में अकादमी के निशानेबाजों ने सटीक निशाना लगाते हुए पदक जीते और राज्य स्तर के लिए क्वालीफाई किया-
 संजय (कटकई) ने 10 मीटर एयर पिस्टल में शानदार प्रदर्शन कर गोल्ड मेडल जीता। अदम्य खैरवाल (कनीना)ने 10 मीटर एयर राइफल में जबरदस्त निशाना साधकर सिल्वर मेडल पर कब्जा किया। महिमा (अटेली) व साहिल (बाछौद)व  चिमनलाल की जोड़ी ने मिक्स टीम इवेंट में बेहतरीन तालमेल से कांस्य पदक अपने नाम किया।कोच प्रवीण सोनी ने बताया कि खिलाडिय़ों का मनोबल ऊंचा है और वे राज्य स्तर पर भी महेंद्रगढ़ के लिए मेडल जीतकर लाएंगे। इस सफलता पर क्षेत्र के खेल प्रेमियों ने पूरी टीम को बधाई दी है।
फोटो: संजय







सड़क हादसे में वन विभाग कर्मचारी की मौत, परिजनों ने शव रखकर लगाया जाम
डीएसपी संजय के आश्वासन और ट्रैक्टर चालक की गिरफ्तारी के बाद खुला जाम
***********************************************************************
**************************************************************************
**********************************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना उपमंडल के गुढ़ा-मोहनपुर गांव के पास बाइक और ट्रैक्टर की टक्कर में वन विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान कोका गांव निवासी कालू के रूप में हुई है। हादसे के बाद परिजन और ग्रामीण शव को लेकर कनीना पहुंचे, जहां नागरिक अस्पताल में शव रखवाया गया। पुलिस द्वारा मामला दर्ज करने की कार्रवाई में देरी होने से परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
इसके विरोध में लोगों ने जुलूस निकालकर धरना दिया और मृतक का शव लेकर कनीना-महेंद्रगढ़ मुख्य सड़क मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि दुर्घटना के जिम्मेदार ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाए।
सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारी तथा डीएसपी संजय मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसी दौरान पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर और उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोल दिया और धरना समाप्त कर दिया।
इसके बाद मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए कनीना के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं ग्रामीणों ने सड़क हादसे में कर्मचारी की मौत पर दुख जताते हुए दोषी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की।
फोटो कैप्शन: कनीना-महेंद्रगढ़ मुख्य सड़क मार्ग पर मृतक का शव रखकर जाम लगाते हुए परिजन एवं ग्रामीण।



अनाज मंडी का 5 नवंबर को रहेगा अवकाश
***********************************************************************
**************************************************************************
**********************************************************************
कनीना की आवाज।
कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में 5 नवंबर को अवकाश रहेगा। सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी मार्केट कमेटी अजीत सिंह ने बताया कि बाजरे का उठान कार्य व मंडी में बची हुई बाजरे की ढेरियों की आनलाइन निलामी/आक्षन किया जाएगा।  ऐसे में कोई गेट पास नहीं कटेगा और अवकाश रहेगा।



अपने जमाने के प्रसिद्ध फुटबाल खिलाड़ी थे राव भगवान सिंह-नीतू सिंह
***********************************************************************
**************************************************************************
**********************************************************************
कनीना की आवाज।
कनीना उप-मंडल के गांव गुढ़ा निवासी एवं शिक्षा के क्षेत्र में नाम कमाने वाले राव भगवान सिंह की तीसरी पुण्यतिथि पर हवन एवं प्रसाद वितरण किया गया। उनका 2023 में निधन हो गया था।
वे राजकीय विद्यालय ककराला से बतौर मुख्य अध्यापक पद से 2004 में सेवानिवृत्त हुए थे। आज के दिन सभी भाइयों की मौत हो चुकी है। जिनमें से दो भाई सेना में, एक गुजरात पुलिस, एक सीआरपी तथा एक जमींदार थे।
नीतू सिंह राष्ट्रपति अवार्डी डेरी पालन ने बताया कि 1942 के में मेघनवास में जन्मे भगवान सिंह ने हर क्षेत्र में नाम कमाया है। पूर्व मंत्री राव बंशी सिंह के बहुत करीबी रहे। उनका एक पुत्र पवनवीर भडफ़ स्कूल कार्यरत है वहीं दूसरा पुत्र रविंद्र डाक्टर है तथा तीसरा पुत्र जयपाल डेरी के नाम से विख्यात है। उनकी एक पोती एमबीबीएस कर चुकी है तथा एक पुत्रवधू कालेज कनीना में प्रोफेसर है। उनकी एक अन्य पोती शैली है। उनकी पत्नी संतरा देवी आज भी स्वस्थ है।
राव भगवान सिंह संयुक्त पंजाब के समय फुटबाल के अग्रणी खिलाड़ी रहे हैं। कालेज के दौरान भी अन्तर विश्वविद्यालय फुटबाल खेलों में कालेज का प्रतिनिधित्व किया है।
  राव भगवान सिंह मेघवनवास गांव के प्रथम शिक्षक लगे थे, तत्पश्चात प्रथम प्रथम ही प्राध्यापक एवं प्रथम मुख्याध्यापक के रूप में जाने जाते हैं।   अति सौम्य प्रकृति तथा सीधी बात को रखाने वाले राव भगवान सिंह का दूर दराज तक नाम रहा है। कितने ही अध्यापकों को उन्होंने अपनी प्रयास से सेवा तथा एनसीसी दिलवाने में अहं भूमिका निभाई। वह करीब 30 साल तक शिक्षा विभाग से जुड़े रहे। कनीना में लंबे समय तक प्राध्यापक बतौर रहे हैं। वे गौशाला, गरीब एवं दीन दुखियों के लिए अपनी पेंशन का अधिक भाग दान दे देते थे। उन्हें महेंद्रगढ़ विधायक राव कंवर सिंह ने भी पुष्प अर्पित किए।
फोटो कैप्शन 01: राव कंवर सिंह विधायक पुष्प अर्पित करते हुए



न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर भगौड़ा  घोषित, कनीना पुलिस ने किया मामला दर्ज
***********************************************************************
**************************************************************************
**********************************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना की न्यायाधीश डा. प्रियंका जैन एसडीजेएम की अदालत में विकास उर्फ लोढ़ा बार-बार न्यायालय में बुलाई जाने पर भी उपस्थित न होने पर पीओ घोषित करते हुए कनीना पुलिस को मामला दर्ज करने का आदेश दिया। कनीना पुलिस ने उन्हें पीओ घोषित कर दिया है।





पिकअप गाड़ी ने पीछे से मारी टक्कर, मोटरसाइकिल पर सवार दो घायल, पुलिस ने मामला किया दर्ज
***********************************************************************
**************************************************************************
**********************************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना-कोसली सड़क मार्ग पर मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों को पीछे से आ रही है पिकअप गाड़ी ने टक्कर जड़ दी जिसके चलते दोनों घायल हो गए। जुड्डी निवासी देशराज की शिकायत पर पिकअप गाड़ी चालक के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।
 देशराज ने कहा है कि वह तथा उसकी पत्नी राजेश देवी अपने गांव जुड्डी से 21 अक्टूबर को दोपहर 12:30 बजे मोटरसाइकिल पर सवार होकर जुड्डी से कनीना जा रहे थे। जब कनीना में करीब 1 बजे पहुंचे तो कनीना कोसली सड़क मार्ग पर पीछे से रही है पिकअप गाड़ी ने टक्कर जड़ दी जिससे दोनों गिर गए। दोनों को चोटें आई ।देशराज का कहना कि उसकी पत्नी का बाएं हाथ की हड्डी टूट गई सिर में गुम चोट लगी तथा उसे उसके भी हाथ पर चोट लगी मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गई पिकअप चालक गाड़ी को घटनास्थल से भगा ले गया। राहगीरों ने उन्हें उठाकर कनीना के उप नागरिक अस्पताल भर्ती करवाया। जहां उनका प्राथमिक इलाज करके हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद उनका इलाज हांसी में चला। देशराज का कहना है कुछ की पत्नी का हाथ का ऑपरेशन किया गया है। अभी भी इलाज चल रहा है जबकि देशराज ने अपना इलाज कोसली में करवाया। उनकी शिकायत पर पिकअप गाड़ी चालक के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।



बाइक चोरी, बाइक चोरी का मामला दर्ज
***********************************************************************
**************************************************************************
******






****************************************************************
कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव गुढ़ा बस स्टैंड पर खड़ी बाइक अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। मोटरसाइकिल मालिक संजय कुमार ने मोटरसाइकिल चोरी का मामला दर्ज करवा दिया है। उन्होंने पुलिस में कहा है कि वह कैमला से प्रतिदिन मोटरसाइकिल को गुढ़ा बस स्टैंड पर खड़ी करके अपने दैनिक काम पर जाता है। और काम समाप्त होने पर वापस आता है। 29 अक्टूबर को सुबह 7:30 बजे अपनी बाइक गुढ़ा बस स्टैंड पर खड़ी करके काम के लिए गया था जब शाम को 4 बजे वापस लौटा तो बाइक नहीं मिली। खोजबीन अपने स्तर पर की और अभी तक खोजबीन जारी थी किंतु बाइक नहीं मिली। अब उन्होंने बाइक चोरी का मामला दर्ज करवा दिया है।


Tuesday, November 3, 2026




 



दीयों की मांग घटी, मोमबत्तियों की मांग बढ़ी
-तेल, घी एवं बाती महंगी हुई
**************************************************
*****************************************************
**************************************************
कनीना की आवाज।
दीपावली पर खुशियों को व्यक्त करने के लिए परम्परागत रूप से जलाए जाने वाले दीयों का स्थान मोमबत्तियों ने ले लिया है। एक जाति विशेष कुम्हार जाति, के लोगों द्वारा दीये बनाकर अपनी रोटी रोजी कमाने वालों का तो मानो धंधा ही चौपट हो गया है। सस्ती, सुलभ तथा अविलंब प्रकाशमान होने वाली मोमबत्तियां दीपावली पर भारी संख्या में बिकती हैं।
     दीपावली के आगमन से करीब एक माह पूर्व ही कुम्हार जाति के लोग मिट्टïी लाकर दीपक बनाते हैं तत्पश्चात उन्हें पकाकर घर-घर बेचते हैं। एक जमाना था जब दीपावली के शुभ दिन पर घी के दीये जलाते थे किंतु अब दीयों के प्रति रुझान भी बदल गया है। वैसे तो माना जाता है कि श्रीराम के 14 वर्षों का वनवास पूरा करके, रावण पर विजय पाकर जब सीता सहित राम, लक्ष्मण व हनुमान अयोध्या लौटे थे तो लोगों ने खुशी के मारे घरों में घी के दीये जलाए थे और तत्पश्चात प्रति वर्ष उसी याद को दिल में संजोकर प्रतिवर्ष घी के दीये जलाते आ रहे हैं। समय के साथ-साथ दीये जलाने का रिवाज भी बदल गया है। अब तो लोग तेल के दीये भी नहीं जलाते अपितु मोमबत्ती जलाकर ही खुशी व्यक्त करते हैं। कुम्हार जाति के लोगों ने बताया कि एक वक्त था जब दीपावली के दिन इतने दीये बिकते थे कि उनके परिवार का गुजर बसर आसानी से हो जाता था किंतु अब तो रोटी रोजी के भी लाले पड़ गए हैं।  अब तो दीये बनाकर पकाने का काम भी धीमा पड़ गया है और यहां तक कि कुछ कुम्हारों ने तो अपना यह धंधा ही बदल लिया है या फिर दीये खरीदकर लाते हैं और उन्हें घरों में बेचते हैं। उन्होंने खेद जताया कि अब तो लोग मोमबत्ती से ही गुजारा चला लेते हैं।
   उधर दीपावली से कई दिन पूर्व ही दुकानों पर मोमबत्ती उपलब्ध हो जाती हैं। ये सस्ती भी मिलती हे ऐसे में लोग परम्परागत दीयों को भूला बैठे हैं। गृहणियों ने बताया कि दीयों को देशी घी से जला पाना कठिन हो गया है क्योंकि देशी घी का भाव भी 1400 रुपये से अधिक तक पहुंच गया है वहीं रुई की बाती बनानी पड़ती हैं और दीपकों को पानी में भीगोकर रखना पड़ता है ताकि वे घी कम चूसे। बाद में तेल के दीये जलाने की प्रथा चली क्योंकि तेल का भाव भी 200 रुपये किलो से कम नहीं होता है ऐसे में तेल के दीये जलाना भी आसान काम नहीं है। आदमी के आलसी होने के कारण तथा मेहनत से बचने के लिए मोमबत्ती को ही सुविधाजनक समझ लिया है और दीपावली के दिन मोमबत्तियां ही जलाई जा रही है। उधर मोमबत्ती महज एक रुपये से दस रुपये तक चल रही है। अकेला दीया 5 रुपये का पड़ रहा है।
   वैसे तो भगवान् श्रीराम के अयोध्या लौटने के बाद देशी घी के दीये जलाने का सिलसिला शुरू हुआ था किंतु हालात ये बन गए हैं कि अब मोमबत्ती जलाकर ही काम चलाया जाता है। दीये जाने से स्वास्थ्य पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है जबकि मोमबत्ती जलाने से स्वास्थ्य पर कुप्रभाव पड़ रही है। वैसे भी मोमबत्तियों को जलाने के धंधे ने कुम्हारों का व्यवसाय छीन लिया है। आगे आने वाले समय में मोमबत्तियों का स्थान कौन लेता है वक्त ही बताएगा।
 समय के साथ-साथ दिवाली मनाने के तौर तरीकों  में भी बदलाव आ रहा है। यह सब विज्ञान का चमत्कार ही कहिए क्योंकि  विज्ञान के कारण ही जहां पटाखे चलाने का रिवाज चला आ रहा है वहीं दीये जलाने के रिवाज में परिवर्तन भी आ गया है। कभी घी के दीये जलाए तांते थे फिर तेल के दीये जलाए गए। अब मोमबत्ती ही जलाकर खुशियां व्यक्त की जाती हैं यहां तक की कुछ लोग तो मोमबत्ती के स्थान पर छोटे-छोटे बल्ब जलाकर ही काम चलाते हैं।
दीपावली के दृष्टिगत बाजार में सजे हैं विभिन्न रूपों और रंगों के दीये --
दीपावली के इस पर्व पर जहां अधिकांश चाइनीज आइटम बाजार से गायब हैं। विगत वर्षों से सरकार भी इस मामले को लेकर प्रयासरत थी जिसके चलते इस सराहनीय कदम बताया जा रहा है, वहीं बाजार में इस बार अलग-अलग डिजाइन के दीयों की बहार आ गई है। विभिन्न रंग और रूप और देखने में मन को मोहने वाले दीये नजर आते हैं।
महेंद्र एवं जितेंद्र नामक व्यक्ति ने बताया कि ये दीये मिट्टी के बने हैं किंतु इनको शंख, गुलाब के फूल में दीये तथा विभिन्न डिजाइन रंगो एवं आकार के दीये बनाए गए हैं। जिनमें विभिन्न रंग लगाकर संजोकर इनको और भी शानदार बनाया गया है जिसके चलते ये मन को मोह लेते हैं। बाजार में इनकी कीमत बड़े दीये एक सौ रुपये तक जबकि छोटे दिए पांच रुपये तक मिल रहे हैं।
फोटो कैप्शन 03: दीयों की दुकानों पर बहार





किसान जुटे एक बार फिर से सरसों बिजाई के कार्य में
-वर्षा से तबाह  हो गई थी बिजाई
**************************************************
*****************************************************
**************************************************
कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में किसान एक बार फिर जोर-शोर से सरसों की बिजाई में जुट गए हैं। गत 29 अक्टूबर को हुई भारी वर्षा ने क्षेत्र के अनेक किसानों की सरसों की फसल को नुकसान पहुंचाया था। खेतों में पानी भरने और मिट्टी में नमी अधिक होने के कारण छोटी सरसों की पौध खराब हो गई, जिससे किसानों के सामने दोबारा बिजाई करने की मजबूरी पैदा हो गई है।
किसानों के सामने अब असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि वे गेहूं की बिजाई करें या फिर सरसों की दोबारा बुवाई करें। पहले ही हजारों रुपये खर्च कर चुके किसान अब आर्थिक नुकसान उठाने के बावजूद दोबारा सरसों की बिजाई में जुट गए हैं। किसानों का मानना है कि जितनी जल्दी बिजाई हो जाएगी, उतना ही फसल के बेहतर उत्पादन की संभावना बनी रहेगी।
किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार सहित अनेक किसानों ने बताया कि वर्षा ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। अब उनके पास दोबारा बिजाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
पूर्व कृषि वैज्ञानिक डा. देवराज यादव ने बताया कि इस समय किसान लेट वैरायटी की सरसों की बिजाई कर सकते हैं। किसानों को मौसम और खेतों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जल्द बिजाई करनी चाहिए, ताकि फसल को आगे बढऩे के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
फोटो कैप्शन 02:कनीना क्षेत्र में वर्षा से फसल खराब होने के बाद खेत में दोबारा सरसों की बिजाई करते किसान।



अब तक अनाज मंडी में खरीदा गया 3.75 लाख क्विंटल बाजरा
-4 नवंबर को कई गांवों के किसान बेचेंगे बाजरा
**************************************************
*****************************************************
**************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में बाजरे की खरीद तेजी से जारी है। अब तक मंडी में करीब 3 लाख 75 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद हो चुकी है। खरीद कार्य में करीब 10 निजी एजेंसियां लगी हुई हैं, जो किसानों से बाजरा खरीद रही हैं। हालांकि, अभी तक सरकारी स्तर पर बाजरे का एक दाना भी नहीं खरीदा गया है।
एक ओर जहां किसान खेतों में सरसों और गेहूं की बिजाई के कार्य में जुटे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर अपनी बाजरे की फसल बेचने के लिए भी मंडी पहुंच रहे हैं। किसान निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रालियों में बाजरा लेकर चेलावास मंडी आ रहे हैं। खरीद प्रक्रिया लगातार जारी रहने से मंडी में किसानों की आवाजाही बनी हुई है।
सचिव अजीत सिंह ने बताया कि  जारी शेड्यूल के अनुसार 4 नवंबर को खरकड़ा बास, खेड़ी, खैराना, कोका, कोटिया, मानपुरा, मोहम्मदपुर, मुंडिया खेड़ा, नांगल, नौताना, पड़तल,पोता, रामबास, रसूलपुर, स्याणा, सेहलंग, सिहोर सुंदराह, तलवाना, उच्चत, उन्हाणी और ढाणा गांवों के किसान अपना बाजरा बेचने के लिए मंडी पहुंचेंगे। किसानों को निर्धारित तारीख के अनुसार ही बाजरा लेकर आने की सलाह दी गई है, ताकि खरीद कार्य सुचारू रूप से चलता रहे।
फोटो कैप्शन 04: चेलावास अनाज मंडी में बाजरे की फसल बेचने के लिए पहुंचे किसान एवं ट्रैक्टर-ट्रालियां।


ज्ञान भवन नई दिल्ली में गूंजी कनीना की आवाज
-सचिन कुमार ने किया दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का मंच संचालन ।
**************************************************
*****************************************************
**************************************************
कनीना की आवाज।
विश्व हिंदी परिषद के तत्वाधान में देश की राजधानी नई दिल्ली के प्रतिष्ठित विज्ञान भवन में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम भारत रत्न अटल -हिंदी, राष्ट्रवाद एवं सुशासन में कनीना निवासी प्रवक्ता सचिन कुमार ने लगातार दो दिनों तक मंच संचालन कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया।
पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को समर्पित इस कार्यक्रम में उनके व्यक्तित्व, राष्ट्र के प्रति समर्पण, हिंदी भाषा के उत्थान तथा सुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को स्मरण किया गया। हिंदी, राष्ट्रवाद और सुशासन के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने की भावना इस आयोजन के केंद्र में रही।
कार्यक्रम में भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति  एम वेंकैया नायडू, विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, पूर्व राज्यसभा सांसद केसी त्यागी, पूर्व गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार, पद्मश्री एवं पद्म भूषण से सम्मानित प्रख्यात साहित्यकार आचार्य यर्लगड्डा लक्ष्मी प्रसाद, बिहार विधान परिषद के सदस्य एवं पूर्व मंत्री श्री संजय पासवान, प्रख्यात स्तंभकार एवं सदस्य, वित्त एवं ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार डा. विपिन कुमार, सदस्य, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार श्री देवी प्रसाद मिश्र तथा भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के सदस्य सचिव प्रोफेसर सच्चिदानंद मिश्र सहित अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल हुईं।
इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में अनेक वर्तमान एवं पूर्व मंत्री, सांसद, विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर एवं शिक्षाविद्, विभिन्न मंत्रालयों के राजभाषा अधिकारी, प्रतिष्ठित साहित्यकार तथा पद्मश्री एवं पद्म भूषण से अलंकृत विभूतियों ने भाग लिया। लगभग 20 देशों से आए गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय गरिमा प्रदान की। अपने शानदार मंच संचालन के लिए सचिन कुमार को विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया।
गौरतलब है कि सचिन कुमार अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मंच संचालन कर चुके हैं। विज्ञान भवन में उनके शानदार मंच संचालन और सम्मान से कनीना क्षेत्र गौरवान्वित है। वर्तमान में सचिन कुमार रेवाड़ी जिले के नांगल तेजू स्थित मॉडल संस्कृति विद्यालय में भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं।
फोटो कैप्शन 01: सचिन शर्मा संबोधित करते हुए


सरसों की





बीजाई नष्ट, मिले आर्थिक सहायता
**************************************************
*****************************************************
**************************************************
कनीना की आवाज। जिला के किसानों द्वारा बोई गई सरसों की 70 प्रतिशत बिजाई गत 29, 30 अक्टूबर को हुई बरसात के कारण रपट (खराब) हो गई। किसानों को दोबारा बिजाई करनी पड़ रही है। इस सम्बन्ध में बसपा के नेता अतरलाल एडवोकेट ने राज्य सरकार से प्रभावित किसानों को दस हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से विशेष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
    अतरलाल ने कहा कि उन्हें मुंडिया खेड़ा, दौंगड़ा जाट, दौंगड़ा अहीर, सिलारपुर, अटाली तथा जिला के अनेक गांवों के किसानों से शिकायत मिली है कि उन्होंने सरसों की जो बिजाई की थी वह गत 29-30 अक्टूबर को लगातार हुई बरसात के कारण खराब हो गई है। बरसात के कारण खेतों में जलभराव हो गया और बोए गए सरसों के बीज अंकुरित होने से पहले ही मिट्टी में दब गए। इस प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित किसानों को मजबूरन दोबारा बिजाई करनी पड़ रही है। इस तरह किसानों को प्रति एकड़ आठ-दस हजार रूपए का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिला में करीब 2 लाख एकड़ भूमि में सरसों की बिजाई की जाती है। इसमें से 70 प्रतिशत रकबे में सरसों की बिजाई रपट खराब होने से किसान चिंतित तथा उदास हैं। इसलिए सरकार तथा कृषि विभाग तत्काल खराब हुई सरसों की बिजाई का सर्वे करवाकर प्रभावित किसानों को दस हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से विशेष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए।