दीमक से परेशान हैं किसान
-लाखों रुपये की क्षति पहुंचाती है दीमक
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कनीना की आवाज। दीमक नामक कीट किसानों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। अब किसान के लिए तो दीमक एक आफत बनकर उभर रही है।
किसानों की फसल, रद्दी पड़ी हो या सूखी लकड़ी, दीवार हो या गिली लकड़ी, पौधे हो या फूलदार शाक हर जगह सफेद एवं पीले रंग का यह कीट अपनी पहुंच बनाकर धीरे-धीरे उन्हें तबाह कर देता है। प्रत्येक वर्ष लाखों रुपये की क्षति तो अकेला यह दीमक नामक कीट ही पहुंचा रहा है। किसान को जहां फसल बचाने के लिए जीवों एवं नील गायों के साथ संघर्ष करना होता है वहीं इन कीटों को मारने के लिए भरसक प्रयास करने होते है।
क्या कहते हैं कृषि अधिकारी-
कनीना के पूर्व खंड कृषि अधिकारी डा देवराज यादव का कहना है कि दीमक अक्सर नमी वाले क्षेत्रों से दूर भागती है और नर्म स्थान एवं सूखे क्षेत्रों में बेहद परेशान करती है। यही कारण है कि जहां अधिक वर्षा होती है या फिर नहरों का पानी उपलब्ध है वहां दीमक नजदीक भी नहीं आती है। दीमक किसान की रबी एवं खरीफ की फसल में बेहद नुकसान पहुंचाती है। यह जड़ों को काट जाती है और जमीन में छुप जाती है। इसकी सूंघने की क्षमता अत्याधिक होने के कारण दवा को दूर से सूंघकर जमीन में चली जाती है। दीमक मार्च, जून, सितंबर एवं दिसंबर माह में अधिक निकलती है और उस वक्त खेतों में फसल खड़ी होती है जिसे भारी नुकसान पहुंचाती है। दस फीसदी तक फसल दीमक खराब कर देती है। इनमें दवा निमारीन, फोरेट, क्लोरोपाइरीफास जैसी दवा डाली जाती है तो दीमक उसे दूर से ही सूंघकर भूमि में गहराई पर चली जाती है।
जीव वैज्ञानिक रवींद्र कुमार का कहना है कि दीमक अपने खाने में सेलूलोज पसंद करती है। लकड़ी, पेड़, जड़, तना या किसी कागज को खाने के पीछे सेलूलोज प्राप्त करना है। इनके पेट में कोई भी पदार्थ जाते ही मिट्टी बन जाता है। ये हर इंसान के लिए सिरदर्द बन सकती है।
फोटो कैप्शन 06: पेड़ पर दीमक का प्रभाव।
परीक्षा की कैसे करें तैयारी---
-परीक्षा से घबराना है अनुचित - मदनमोहन
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कनीना की आवाज। एक और जहां 10वीं और 12वीं के परीक्षाएं शुरू हो गई हैं वही विद्यार्थी दिन-रात परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा की तैयारी कैसे करें इस संबंध में विभिन्न शिक्षाविदों से चर्चा की गई।
वरिष्ठ प्राध्यापक मदनमोहन कौशिक का कहना है कि परीक्षा से घबराने की जरूरत नहीं। सामान्य रूप में परीक्षा को ले, कक्षा में अध्यापक के सामने जिस प्रकार से प्रश्न का उत्तर दिया जा रहा है वैसी परीक्षा में हल करें। परीक्षा के समय विद्यार्थी को पूर्ण आत्मविश्वास के साथ तैयारी करनी चाहिए। जिस भी विषय की परीक्षा देनी है उसकी तैयारी के लिए मुख्य बिंदुओं को अलग से नोट बुक में उतारे, अलग से समय देकर दोहराये,ध्यान रहे उन्हें रटे नहीं। शिक्षा की तिथि की पूर्व संध्या को विद्यार्थी अधिक थकान एवं दिमाग पर परीक्षा का भूत सवार न होने दे। पूरी नींद ले, प्रसन्न चित्त होकर परीक्षा की तैयारी के लिए हर विषय के प्रत्येक टापिक का ध्यान लगाकर स्मरण करें तथा पूर्ण आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे।
सुनील कुमार का कहना है कि बिना दबाव के पढ़ाई की जाती है तो परिणाम बेहतर होते हैं, स्वास्थ्य अच्छा रहता है। छात्र हर दिन को योजना बनाकर पढ़ाई करें जिनकी बेहतर तरीके से दोहराई होती है। थ्योरी के पेपर के लिए लिखकर देखे तो स्मृति टिकाऊ रहती है। परीक्षा के समय सही उत्तर देने में सक्षम बनाता है। गणित, भौतिक शास्त्र एवं रसायन शास्त्र में अभ्यास अधिक से अधिक करें। दिभर में कितना पढ़े यह विद्यार्थियों की अपनी क्षमता के अनुसार तय होता है। 7 घंटे की नींद लेकर एक घंटे व्यायाम या रुचि अनुसार खेल खेलना चाहिए। हर दिन को प्लान करना और उसे पूरा करना पढ़ाई में चार चांद लगा देता है। इन दिनों में अपने को स्वस्थ रखना जरूरी है ताकि समय पर सभी कार्य पूर्ण कर सकें। पढ़ाई को तनावमुक्त का आनंदमय बनाए। हर दिन की योजना बनाये और उसे पूर्ण करें।
फोटो कैप्शन-वरिष्ठ प्राध्यापक मदनमोहन
अपार श्रद्धा के साथ 160 किमी दूर पैदल जा रहे हैं भक्त
--जगह जगह हैं उनके लिए शिविर
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कनीना की आवाज। 4 मार्च तक खाटू श्याम में लगने वाले फाल्गुन एकादशी के मेले के दृष्टिगत भारी संख्या में भक्तजन रवाना हो रहे हैं। दूर दराज से खाटू की ओर निशान लेकर जाने का सिलसिला चंद दिनों तक जारी जारी रहेगा।
यूं तो खाटू श्याम मेले के दृष्टिगत ध्वज लेकर पदयात्रा पर एक के बाद एक समूह रवाना होने लगा है तथा उनके लिए जगह जगह शिविर स्थापित किए जा रहे हैं। कनीना से करीब चार दिनों में खाटू धाम पहुंचते हैं। कुछ भक्तों की सेवा करके ही प्रसन्न हो जाते हैं।
इस संबंध सुशील देवी 52 वर्ष का कहना है कि वे विगत आठ वर्षों से खाटू श्याम जाकर ध्वज अर्पित कर रही है। उनकी कोई मनोकामना नहीं है। अपितु उनके दिल में श्रद्धा एवं भक्ति भरी है जिसके चलते व्यस्त समय में से समय निकालकर खाटू जाती हूं। उन्होंने कहा सफर करीब 250 किमी है किंतु खाटू के प्रति भक्ति के चलते यह दूरी कष्टदायी नहीं लगती है।
-- सुशीला देवी
संगीता 40 वर्षीय का कहना है कि वे विगत आठ वर्षों से खाटू श्याम का भक्त हैं। श्याम को मन में संजोकर लंबी दूरी को पार कर जाते हैं। उनके अनुसार उन्हें थकान तो होती है परंतु रास्ते में लोगों की भक्तों के प्रति भक्ति प्रसन्न रखती है और सफर आसानी से पूरा हो जाता है। कावड़ की अपेक्षा ध्वज में कम नियमों का पालन करना होता है वहीं दूरी भी कम है।
--संगीता देवी
सुमन देवी 42 वर्ष का कहना है कि वे 7 वर्षों से खाटू श्याम जा रहे हैं और उन्हें मन को प्रसन्नता एवं भक्ति भाव इसी यात्रा से प्राप्त होता है। जब कभी खाटू मेला पास आता है तो वे मेले में जाने की तैयारी में जुट जाते हैं। पदयात्रा विशेषकर रेलवे ट्रैक के साथ साथ चल पाना थोड़ा कठिन है किंतु मन में भक्तिभाव रखते हुए यह सफर सामान्य महसूस होने लग जाता है। श्याम बाबा के दर्शन करके सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती हैं।
----सुमन देवी
मुकेश देवी का कहना है कि वे विगत दो वर्षों से श्याम बाबा के यहां जा रही हैं। उनकी सभी इच्छाएं श्याम बाबा के जाने पर खत्म हो जाती हैं। उन्हें खाटू जाना बेहद प्रसन्नतापूर्ण लगता है। उनका कहना है कि अपार भक्तों को मीलों का सफर तय करता देख उनका सफर आसानी से पूर्ण हो जाता है।
-- मुकेश देवी
मैं लगातार 6 वर्षों से ध्वज लेकर 250 किमी दूरी तय करके खाटूश्याम पहुंचती हूं किंतु कोई थकान नहीं होती है अपितु खुशी मिलती है।
---सीमा
मैं विगत 9 वर्षों से झज्जर जिले के नया बास से खाटूश्याम तक पदयात्रा करती हूं। कभी कोई थकान नहीं होती है। मुझे खुशी होती है। शरीर स्वस्थ हो जाता है।
---कृष्णा देवी
मैं भक्तों की सेवा करके खुशी महसूस करता हूं। मुझे कभी कभार ही जैतपुर एवं खाटू श्याम जाने का मौका मिलता है। भक्तों की सेवा में बड़ा आनंद आता है।
फोटो कैप्शन 07: श्याम भक्त खाटू श्यााम जाते हुए
कनीना क्षेत्र में हुई 4 एमएम वर्षा, फसलों के लिए लाभप्रद
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में सुबह से शाम तक बादल छाए रहे तथा हल्की वर्षा हुई। कनीना क्षेत्र में 4 एमए वर्षा हुई। इस समय क्षेत्र में गेहूं, सरसों एवं जौ आदि की फसलें खड़ी हुई है और फसलों के लिए बहुत बेहतर मानी जा रही है। वर्षा से फसलों को लाभ होगा।
इस संबंध में किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार आदि ने बताया कि उनकी फसलों के लिए इस समय वर्षा की जरूरत थी। वर्षा हो जाने से फसलों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि कुछ दिन से फसलों को पानी की जरूरत थी वह पानी की पूर्ति हो गई है।
उधर एसडीओ कृषि विभाग महेंद्रगढ़ डा. अजय यादव ने बताया कि वर्षा फसलों के लिए बेहद लाभप्रद साबित होगी। क्योंकि एक और जहां किसान बड़ी फसलों में पानी देने से हिचकिचाते हैं क्योंकि फसल टूटने का अंदेशा होता है वहीं वर्षा से पानी की पूर्ति हो गई है। गेहूं की फसलों में लाभ होगा। मौसम में भी बदलाव होगा जिससे फसलों की वृद्धि होगी। इस समय गर्मी बढ़ गई थी किंतु वर्षा से लाभ होगा। उन्होंने कहा कि इस समय की वर्षा फसलों के लिए बेहद लाभप्रद है।
फोटो कैप्शन 5: किसान सरसों की फसल को निहारते हुए
तथा एसडीओ डा. अजय यादव कृषि
दान देने से धन बढ़ता है और पाप कर्म क्षय होते हैं: भगत सिंह
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कनीना की आवाज। कस्बा कनीना में जीवन में दान-धर्म की परंपरा को निभाते हुए पुण्य कार्यों की एक सराहनीय मिसाल देखने को मिली। सनातन धर्म में स्वर्गवासी आत्मा की शांति एवं पुण्य लाभ हेतु किए जाने वाले दान-पुण्य कार्यों की इसी परंपरा के अंतर्गत कस्बे की प्रसिद्ध कपड़ा व्यापारी फर्म कोका राम हरीश चंद्र के संस्थापक स्वर्गीय कोकाराम गेरा की पुण्यतिथि पर उनके पुत्र सतीश गेरा, पुत्रवधू आशा गेरा सहित समस्त परिवार ने श्री कृष्ण गौशाला कनीना में पहुंचकर गौमाताओं की सेवा की।
इस अवसर पर गेरा परिवार द्वारा गायों को गुड़ व हरा चारा खिलाया गया तथा गौशाला के विकास व संचालन हेतु 11,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
इसी क्रम में गुरदयाल की पोती अंजली पुत्री प्रेमचंद ने अपनी बेटी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में गौशाला में सेवा करते हुए एक गाय को गोद लेने हेतु 5,100 रुपये का सहयोग प्रदान किया। उनके इस पुनीत कार्य की सभी ने सराहना की।
गौशाला प्रधान भगत सिंह ने सभी दानदाताओं का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सहयोग से गौसेवा एवं सामाजिक सेवा को नई ऊर्जा मिलती है।
इस अवसर पर सचिव यश कनीनवाल, सहसचिव रामपाल, मास्टर रामप्रताप, होशियार सत्संगी, कृष्ण प्रकाश गुरुजी, उपप्रधान दिलावर सिंह, रविन्द्र बंसल, सतबीर गुगनवाला, सूबेदार मेजर महेंद्र सिंह, राजेंद्र (पूर्व पार्षद), राज डीलर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 03: दान देते हुए लोग
कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओर: उन्हाणी महाविद्यालय में सात दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम
-राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हाणी में छात्राओं के सशक्तिकरण की पहल
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कनीना की आवाज। राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हाणी में महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में 18 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक सात दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. विक्रम यादव द्वारा की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को कौशल आधारित शिक्षा प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना है।
प्रशिक्षिका श्रीमती पवित्र रानी द्वारा छात्राओं को माप लेने की विधि, कटिंग तकनीक, सिलाई मशीन के सही उपयोग तथा परिधान निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महाविद्यालय की छात्राओं ने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा पूर्ण समर्पण और लगन के साथ अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने नई तकनीकों को सीखने में गहरी रुचि दिखाई और प्रत्येक गतिविधि में आत्मविश्वास, अनुशासन एवं रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर प्राचार्य ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल ही आत्मनिर्भरता की कुंजी है। उन्होंने छात्राओं को पूरे उत्साह एवं समर्पण के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने हुनर को स्वरोजगार में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की संयोजिका डा. सीमा देवी ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं के व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं सह-संयोजिका डॉ. सुषमा यादव ने कहा कि कौशल आधारित शिक्षा वर्तमान समय की आवश्यकता है और इस प्रकार के आयोजन छात्राओं को भविष्य के लिए तैयार करने में सहायक सिद्ध होते हैं।
फोटो कैप्शन 02: प्रशिक्षण लेते हुए छात्राएं
वार्ड-वार मतदाता सूची का ड्राफ्ट 28 फरवरी को
-नागरिक 7 मार्च तक दर्ज करवा सकेंगे दावे व आपत्तियां
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कनीना की आवाज। राज्य चुनाव आयोग हरियाणा की ओर से नगर पालिका कनीना के उपचुनाव के लिए जारी चुनावी अधिसूचना के अनुपालन में आज एसडीएम कनीना डॉ जितेंद्र सिंह ने बीएलओ तथा संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की बैठक ली।
इस बैठक में एसडीएम ने स्पष्ट किया कि कनीना नगर पालिका क्षेत्र के लिए फोटोयुक्त मतदाता सूची को अपडेट करने का कार्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू कर दिया गया है।
उन्होंने निर्देश दिए कि इस प्रक्रिया के दौरान विधानसभा निर्वाचन नामावली के डेटा का मिलान करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता पंजीकरण से वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि वार्ड-वार मतदाता सूची का ड्राफ्ट 28 फरवरी 2026 को प्रकाशित किया जाएगा। इस सूची पर नागरिक अपने दावे और आपत्तियां 7 मार्च तक दर्ज करवा सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों और शिक्षकों को सख्त निर्देश दिए कि वे मृत व्यक्तियों के नाम हटाने और दोहरी प्रविष्टियों को समाप्त करने के लिए भौतिक सत्यापन का कार्य पूरी निष्ठा से करें। मतदाताओं की सुविधा के लिए क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में 'वोटर इंफॉर्मेशन एंड कलेक्शन सेंटर' भी स्थापित किए जा रहे हैं, जहां मुफ्त में फॉर्म उपलब्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 27 मार्च 2026 को किया जाएगा, ताकि आगामी उपचुनाव निष्पक्ष और त्रुटिहीन मतदाता सूची के आधार पर संपन्न हो सकें।
फोटो कैप्शन 01:बीएलओ की बैठक लेते एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह।











































