Not sure how to add your code? Check our installation guidelines
**KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**
**KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**
ताजा समाचार/विडियो/लेख का बेहतर ब्लाग
Best Blog for News/Video & Lekh
Tuesday, July 28, 2026
01अगस्त से 8 अगस्त 2026 तक कनीना की आवाज ब्लाग के समाचार रहेंगे बंद -इस दौरान चलेगी कावड़ पदयात्रा **************************************** ********************************************* *************************************** कनीना की आवाज। एक अगस्त से ब्लाग के समाचार बंद रहेंगे। जब तक कावड़ लाकर बाघोत अर्पित न हो जाए तब तक समाचार ब्लाग बंद रहेगा। 9 अगस्त को पुन: समाचार प्रेषित करने की संभावना......
बाघोत कांवड़ मेले की सुरक्षा को लेकर थाना प्रभारी ने किया निरीक्षण **************************************** ********************************************* *************************************** कनीना की आवाज। महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित होने वाले बाघोत कांवड़ मेले के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर थाना सदर कनीना के प्रभारी उप निरीक्षक रविन्द्र ने मेला स्थल का दौरा कर सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान थाना प्रभारी ने महंत रोशनपुरी से विचार-विमर्श कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने मेला स्थल पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों, बिजली, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, फायर ब्रिगेड सहित अन्य आवश्यक प्रबंधों का जायजा लिया। थाना प्रभारी रविंद्र ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं ताकि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में मेले का आनंद ले सकें। उन्होंने मेला स्थल का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और कहा कि पुलिस प्रशासन मेले के सफल, सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। फोटो कैप्शन 09: महंत मेले की जानकारी देते हुए फोटो: विज्ञप्ति
ब्लाक स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव में विद्यार्थियों ने बिखेरे प्रतिभा के रंग **************************************** ********************************************* *************************************** कनीना की आवाज। राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना में मंगलवार को आयोजित ब्लाक स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव मनाया गया जिसमें विभिन्न स्कूलों की टीमों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अतिथि के रूप में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नारनौल दिलबाग सिंह तथा खंड शिक्षा अधिकारी कनीना सुरेश यादव उपस्थित रहे। प्रतियोगिताओं का आयोजन कक्षा 5 से 8 तथा कक्षा 9 से 12 के दो आयु वर्गों में किया गया। लोक नृत्य (एकल) कक्षा 5-8 में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी की अनिशा ने प्रथम, राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना की भावना ने द्वितीय तथा राजकीय उच्च विद्यालय, भडफ़ की पारिधि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। लोक नृत्य (एकल) कक्षा 9-12 में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी की निधि प्रथम, राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना की नितिका द्वितीय तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुन्दरह की तमन्ना एवं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रामबास की रुचिका संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहीं। रागनी प्रतियोगिता (कक्षा 5-8) में राजकीय उच्च विद्यालय भडफ़ के हर्ष ने प्रथम, राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना की शिवानी न रागनी प्रतियोगिता (कक्षा 9-12) में राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना की योगिता प्रथम, राजकीय उच्च विद्यालय भडफ़ के मनमीत द्वितीय तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बुचावास की अंकिता तृतीय स्थान पर रहीं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी के वंश को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। स्किट प्रतियोगिता के कक्षा 5-8 वर्ग में राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कक्षा 9-12 वर्ग में राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कनीना प्रथम तथा राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धनौंदा द्वितीय स्थान पर रहा। समूह लोक नृत्य (कक्षा 5-8) में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुन्दरह प्रथम, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी द्वितीय तथा राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना तृतीय स्थान पर रहा। समूह लोक नृत्य (कक्षा 9-12) में राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना ने प्रथम स्थान प्राप्त कर जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए अपना स्थान सुनिश्चित किया। मुख्य अतिथि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी दिलबाग सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास करते हैं। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित मंच और मार्गदर्शन की है। फोटो कैप्शन 10: अव्वल को पुरस्कृत करते बीइओ कनीना सुरेश कुमार
खंड स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव में माडल स्कूल का रहा दबदबा **************************************** ********************************************* *************************************** कनीना की आवाज। राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना ने मंगलवार को आयोजित ब्लाक स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव माडल स्कूल का ही दबदबा रहा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसडीएम कनीना जितेंद्र अहलावत, विशिष्ट अतिथि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नारनौल दिलबाग सिंह तथा खंड शिक्षा अधिकारी कनीना सुरेश यादव उपस्थित रहे। ब्लाक स्तर की प्रतियोगिताओं में जीएमएसएसएस कनीना के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अनेक विधाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कक्षा 5-8 एकल लोक नृत्य में विद्यालय की भावना ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। रागनी (कक्षा 5-8) में शिवानी ने द्वितीय स्थान अर्जित किया। रागनी (कक्षा 9-12) में विद्यालय की प्रतिभाशाली छात्रा योगिता ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। स्किट प्रतियोगिता (कक्षा 5-8) में जीएमएसएसएस कनीना की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी सशक्त अभिनय क्षमता का परिचय दिया। वहीं समूह लोक नृत्य (कक्षा 9-12) में विद्यालय की टीम ने शानदार प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान हासिल किया तथा समूह लोक नृत्य (कक्षा 5-8) में तृतीय स्थान प्राप्त किया। एकल लोक नृत्य (कक्षा 9-12) में विद्यालय की छात्रा नितिका ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। विशष्ट अतिथि दिलबाग सिंह ने विद्यालय की अनुशासित व्यवस्था एवं विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि जीएमएसएसएस कनीना ने सांस्कृतिक आयोजन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं। खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश यादव ने विद्यालय की व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि जीएमएसएसएस कनीना ने पूरे ब्लॉक के लिए एक प्रेरणादायी आयोजन प्रस्तुत किया है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर अपनी प्रतिभा को निखारने और प्रदेश स्तर तक अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया। फोटो केप्शन 08: अधिकारी मंच पर मौजूद
मिठाई बांटकर खुशी जताई -शर्मिला छीथरोली ने जीता गोल्ड **************************************** ********************************************* *************************************** कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव छिथरोली की बेटी पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ द्वारा स्काटलैंड के ग्लासगो शहर में चल रहे कामनवेल्थ गेम्स -2026 में पैरा एथलेटिक्स की शाट पुट स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर पूरे इलाके में खुशी की लहर है। समाजसेवी अतरलाल ने कार्यकर्ताओं के साथ मिठाई बांटकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया और शर्मिला के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अतरलाल ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी शर्मिला की यह जीत उनकी कड़ी मेहनत, नियमित अभ्यास और निरंतर संघर्ष का परिणाम है। होनहार बेटी शर्मिला धनखड़ की इस स्वर्णिम उपलब्धि पर पूरा इलाका गौरवान्वित महसूस कर रहा है। शर्मिला की यह उपलब्धि पूरे इलाके के खिलाडिय़ों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेगी तथा इससे इलाके के युवाओं और खिलाडिय़ों को भी खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने और देश के लिए मैडल जीतने का हौंसला मिलेगा। कामनवेल्थ गेम्स पैरा एथलेटिक्स में देश की पहली महिला स्वर्ण पदक विजेता बनकर शर्मिला ने पूरे इलाके, हरियाणा प्रदेश और भारत देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि गांव पहुंचने पर पूरे इलाके की तरफ से शर्मिला धनखड़ के सम्मान में अभिनंदन समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर दमन यादव, कैलाश सेठ, गुरूदत्त आर्य, ओपी यादव, प्रोफेसर नवीन जांगड़ा, प्रोफेसर सुभाशचंद यादव, मुकेश तंवर, पवन प्रजापत, राकेश यादव, विक्रम शेखावत, राजबीर गौड, शेर सिंह बाल्मिीकी, पवन धनखड़, परमजीत कौशिक, उमेद सिंह यादव, सोनूू चैहान सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे। फोटो कैप्शन 06: शर्मिला के गोल्ड मेडल पर मिठाई खाते हुए अतरलाल फोटो: अतरलाल
प्राकृतिक खेती पर किसान गोष्ठी आयोजित -ढाणा में 50 किसानों ने लिया भाग **************************************** ********************************************* *************************************** कनीना की आवाज। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ,कनीना की ओर से आज खंड कनीना के गांव ढाणा के मंदिर परिसर में प्राकृतिक खेती के ऊपर एक दिवसीय किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विषय विशेषज्ञ डा. योगेश यादव ने भाग लिया व कार्यक्रम की अध्यक्षता विभाग के विषय विशेषज्ञ डा. मनीषा बीटीएम कनीना ने की। कार्यक्रम का आयोजन अरविंद एटीएम और परमवीर सुपरवाइजर ने संयुक्त रूप से किया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में प्राकृतिक खेती को आज के समय की जरूरत बताते हुए इसको अपनाने पर बल दिया। फसलों की घटती पैदावार और गुणवत्ता पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने आने वाली पीढिय़ों को प्राकृतिक संसाधन सहेज के सौंपने हेतु ,रसायनों का कम से कम प्रयोग हेतु प्रेरित किया। डा. मनीषा ने विस्तार से प्राकृतिक खेती के घटक जीवामृत ,बीजामृत,घन जीवामृत आदि बनाने की विधि बताई और खेती में आच्छादन , वापसा, केंचुए आदि के महत्व पर विस्तार से चर्चा की । अरविंद यादव ने प्राकृतिक खेती में गाय के महत्व पर प्रकाश डाला। परमवीर यादव ने सभी विभागीय स्कीम की जानकारी दी ,और कहा कि ये सभी आनलाइन है आप अपने मोबाइल से भी अप्लाई कर सकते हो। कार्यक्रम में सतीश फील्ड मैन सहित लगभग 50 किसानों ने भाग लिया । फोटो कैप्शन 06: किसानों को जानकारी देते हुए कृषि अधिकारी फोटो: विभाग
पानी व सीवर कनेक्शन वैध करवाएं, अवैध कनेक्शनधारियों पर होगी कार्रवाई-कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार **************************************** ********************************************* *************************************** कनीना की आवाज। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा शहरी क्षेत्र में पानी एवं सीवर कनेक्शनों को वैध कराने के लिए विशेष जल संरक्षण अभियान चलाया जा रहा है। कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि शहरी उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने पानी एवं सीवर कनेक्शन वैध कराने का विशेष अवसर प्रदान किया है। इस अभियान के तहत रोड कट चार्ज पूरी तरह माफ किया गया है। अब उपभोक्ता मात्र 1550 रुपए की निर्धारित फीस जमा कर अपने कनेक्शन वैध करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त प्लंबर रिपोर्ट एवं मीटर लगवाने का खर्च उपभोक्ता को स्वयं वहन करना होगा। उन्होंने बताया कि कनेक्शन वैध कराने के लिए संबंधित फाइल एवं अन्य जानकारी निजामपुर रोड स्थित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के बिल शाखा कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। आवेदन के साथ उपभोक्ता को निम्न दस्तावेज जमा करने होंगे- - दो पासपोर्ट आकार के फोटो। - दो पहचान पत्र (फैमिली आईडी एवं आधार कार्ड)। - मकान की जीपीएस लोकेशन सहित फोटो। - स्वामित्व प्रमाण (रजिस्ट्री एवं इंतकाल आदि)। कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार ने उपभोक्ताओं से इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो उपभोक्ता इस अभियान के दौरान अपने कनेक्शन वैध नहीं करवाएंगे, उनके अवैध कनेक्शन काटे जाएंगे, जुर्माना लगाया जाएगा तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए शहरी क्षेत्र में विशेष टीमों का गठन किया जा चुका है, जो मौके पर पहुंचकर कनेक्शनों की जांच करेंगी। सीवर व्यवस्था के कार्यकारी अभियंता जितेंद्र हुड्डा ने भी उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अपने पानी एवं सीवर कनेक्शन समय रहते वैध करवाएं, ताकि विभाग द्वारा सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध कराई जा सकें। जल संरक्षण में निभाएं अपनी भूमिका- जिला सलाहकार मंगतु राम सरसवा ने कहा कि विशेष जल संरक्षण अभियान के तहत जहां पानी एवं सीवर कनेक्शनों को वैध किया जा रहा है, वहीं जल संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि सभी नलों पर टोंटी या वाल्व अवश्य लगाएं तथा पानी को व्यर्थ बहने से बचाएं। उन्होंने बताया कि वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा पेयजल में क्लोरीन की नियमित जांच करवाई जा रही है, ताकि प्रत्येक उपभोक्ता तक सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल पहुंच सके। यदि कहीं पानी की पाइपलाइन में लीकेज हो या गंदे पानी की आपूर्ति की आशंका हो, तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें। पेयजल एवं सीवर संबंधी शिकायतों के लिए विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-180-5678 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त पानी एवं सीवर कनेक्शन से संबंधित शिकायत या जानकारी के लिए परिमंडल नारनौल के दूरभाष नंबर 01282-260562 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल ककराला में वन महोत्सव का सफल आयोजन **************************************** ********************************************* *************************************** कनीना की आवाज। एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ककराला में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा वन महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अभियान के दौरान विद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में पौधारोपण कार्यक्रम चलाया गया। वन महोत्सव अभियान में विद्यालय के विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा समस्त स्कूल स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अभियान के अंतर्गत लगभग 3000 पौधे सफलतापूर्वक लगाए गए। चेयरमैन जगदेव यादव ने कहा कि पौधारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य के लिए किया गया महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों और अभिभावकों से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। विद्यालय उपनिदेशक पूरन सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूल स्टाफ की सामूहिक भागीदारी से 3000 पौधों का सफलतापूर्वक रोपण एक सराहनीय उपलब्धि है। उन्होंने एन एस एस इकाई के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए सभी को पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी देवव्रत एवं धनराज ने कहा कि वन महोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रकृति प्रेम और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्टाफ सदस्यों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक ओम प्रकाश यादव, सीईओ रामधारी यादव, उप निदेशक पूरण सिंह, एन एस एस इकाई के कार्यक्रम अधिकारी देवव्रत एवं धनराज सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य, विद्यार्थी और अभिभावक उपस्थित रहे। फोटो कैप्शन 05: एनएसएस स्वयंसेवक पौधारोपण करते हुए
गाड़ी को ट्राला ने मारी टक्कर,तीन घायल ,केस दर्ज **************************************** ********************************************* *************************************** कनीना की आवाज। कनीना थाने में कृष्ण कुमार आकोदा निवासी ने ट्रक चालक के विरुद्ध टक्कर मार कर घायल करने का मामला दर्ज करवाया है। उन्होंने कहा है कि 20 जुलाई को वह उसकी पत्नी राजबाला, भाई मुरारी अपने पड़ोसी पवन की गाड़ी में सवार होकर आकोदा से बेवल की ओर जा रहे थे, सुबह का वक्त था। जब दौंगड़ा के नजदीक 152 डी के पास पहुंचे तो पीछे से ट्राला तेज गति से चलता हुआ आया और गाड़ी को टक्कर जड़ दी। उसके बाद गाड़ी पलट गई, गाड़ी में सवार कृष्ण, उसकी पत्नी और भाई मुरारी लाल को चोटें आई। किसी ने एंबुलेंस को फोन किया जहां घायलों को महेंद्रगढ़ ले जाया गया। डाक्टर ने मुरारी लाल को हायर सेंटर रेफर कर दिया। स्वजन मुरारीलाल को रेवाड़ी लेकर गए जहां से जयपुर चले गए। इलाज चलता रहा और अब उन्हें छुट्टी मिली है।अब आकर उन्होंने ट्राला चालक के विरुद्ध मामला दर्ज करवा दिया है।
विश्व प्रकृति दिवस पर पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश **************************************** ********************************************* *************************************** कनीना की आवाज। विश्व प्रकृति दिवस के अवसर पर गांव रामबास में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प के साथ पौधारोपण अभियान आयोजित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए तथा उनके संरक्षण का भी संकल्प लिया गया। पर्यावरण प्रेमी मनोज कुमार रामबास ने बताया कि प्रकृति का संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। अभियान के दौरान उपस्थित लोगों ने पौधारोपण कर पर्यावरण को स्वच्छ एवं हराभरा बनाने का संदेश दिया तथा सभी ग्रामीणों से अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ एवं अन्य विशेष अवसरों पर पौधे लगाने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया और आने वाली पीढिय़ों के लिए स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ वातावरण बनाने का संदेश दिया। फोटो कैप्शन 04: पौधारोपण करते हुए मनोज कुमार
गुरु पूर्णिमा-29 जुलाई पर विशेष 29 जुलाई को है गुरु पूर्णिमा, लगेगी हरिद्वार की गंगा में डुबकी **************************************** ********************************************* *************************************** कनीना की आवाज। हर वर्ष गुरु पूर्णिमा को अपार भीड़ हरिद्वार की और रवाना हो जाती है। इस बार गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई को है। ग्रामीण क्षेत्र से निजी और सरकारी बसों, ट्रेनों से भारी संख्या में भक्तजन हरिद्वार पहुंचेंगे और गंगा में डुबकी लगाकर कावड़ उठाने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। कनीना ही नहीं पूरे भारत भर में प्रसिद्ध बाघोत स्थित बाघेश्वर धाम पर हजारों कावड़ अर्पित की जाती है। भक्तजन बैठी, खड़ी, झूला, टोकना कावड़ तथा अन्य रूपों में कावड़ लेकर हरिद्वार से बाघेश्वर धाम पहुंचते हैं। ये भक्त कम से कम 5 दिन और अधिकतम 10 दिनों में गंतव्य स्थान पर पहुंचते हैं। अपार भीड़ हरिद्वार से रवाना होती और करीब 350 किलोमीटर दूरी पैदल यात्रा पूरी की जाती है। महिला, बच्चे, बूढ़े हर वर्ग के भक्त हरिद्वार की और रवाना हो जाएंगे। सावन में गंगाजल अर्पित करने का सिलसिला जारी रहता है। इस बार जहां 11 अगस्त को बाघोत स्थित बाघेश्वर धाम पर मेला लगेगा। इस मेले में सबसे अधिक कावड़ अर्पित की जाती इसलिए इसे कावड़ मेला कहते हैं । वर्ष में दो बार यहां मेला लगता है। महाशिवरात्रि का मेला बहुत बड़ा लगता है लेकिन कावड़ बहुत कम अर्पित की जाती है जो सर्दियों में फरवरी माह में आता है जबकि गर्मियों के इस मेले में कावड़ अधिकार्पित की जाती है। जगह-जगह भक्तों के लिए शिविर लगाने की तैयारी हो रही है। 30 जुलाई से हरिद्वार से कावड़ उठाने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। 29 जुलाई को जहां गुरु पूर्णिमा पर डुबकी लगाई जाती है और 30 जुलाई से कावड़ उठाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। विभिन्न स्थानों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली की और भक्तजन रवाना होते हैं। कनीना के एक भक्ति सुमेर सिंह अब तक 48 कावड़ अर्पित कर चुके हैं। उधर कावड़ चढऩे का सिलसिला जारी है। इस बार भी वे कावड़ लाने के लिए 1 अगस्त को रवाना होंगे और 3 अगस्त को कावड़ हरिद्वार से उठाएंगे जो 5 दिनों में बाघोत आ जाएंगे। 8 अगस्त को बाघोत पहुंचने की संभावना है। उन्होंने बताया कि उनका दल जिसमें 5 से 6 सदस्य होते हैं त्वरित गति से कावड़ लाते हैं। पैदल यात्रियों में इनका यह ग्रुप तेज चलने वालों की श्रेणी में शामिल है। कनीना के अनेकों भक्त हैं जो वर्षों से कावड़ अर्पित करते रहे हैं। इस बार भी अर्पित करेंगे। लेखक डा. होशियार सिंह भी लाएंगे कावड़- डा. होशियार सिंह कनीना निवासी लेखक एवं साहित्यकार हर वर्ष कांवड़ लाते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 से वे लगातार हर वर्ष बाघोत के बाघेश्वर धाम पर कावड़ अर्पित करते आ रहे हैं। वर्ष में जहां एक बार हरिद्वार से कावड़ लाते हैं वहीं एक बार खाटू श्याम पदयात्रा करते हुए अपना निशान अर्पित करते हैं। 2010 से ही खाटू श्याम जाने का सिलसिला जारी है। यही नहीं 2010 से ही वे जैतपुर पदयात्रा पर जाते रहे हैं। उन्होंने बताया कि जहां कावड़ जाने का कार्य कुछ कठोर नियमों में बंधकर पूर्ण किया जाता है वही ध्वज/निशान अर्पित करने का कार्य कुछ लचीले नियमों में पूर्ण किया जाता है। यही कारण है कि निशान अर्पित करने वालों की संख्या कावड़ वालों से भी अधिक होती है। ऐसी में लेखक जहां वर्ष में तीन पदयात्रा पूर्ण करते हैं। एक हरिद्वार, दूसरी हुडिय़ा/जैतपुर राजस्थान, तीसरी खाटू धाम राजस्थान की पूर्ण करते हैं। उन्होंने बताया कि इन यात्राओं के पीछे न केवल धार्मिक आस्था है अपितु अपने शरीर को स्वस्थ रखना भी है। इस बहाने लंबी यात्रा पूर्ण हो जाती है और जहां आस्था भी पूर्ण हो जाती है। इसलिए इसे एक पंथ दो काज कहते हैं। उन्होंने बताया कि वे भी तीन अगस्त को हरिद्वार से कावड़ उठाएंगे और 8 अगस्त तक बाघोत अर्पित करने की संभावना है। गुरुओं से लिया जाएगा आशीर्वाद, इसके बाद शुरू हो जाती है कावड़ यात्रा---- 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। तत्पश्चात 30 जुलाई से सावन माह लग जाएगा। गुरु पूर्णिमा के पर्व पर जहां पुराने समय से विधान है कि गुरु करीब 4 महीने एक ही जगह बैठकर ज्ञान की गंगा बहाते हैं और सभी अंधकार दूर कर देते हैं इसलिए गुरु की पूजा की जाती है। विस्तृत जानकारी देते हुए अरविंद जोशी ने बताया की महाभारत के रचयिता कृष्ण द्वैपायन व्यास जिन्हें वेदव्यास भी कहा जाता है, का जन्मदिन इसी दिन हुआ था उन्होंने चारों वेदों की रचना की थी। उन्हें आदिगुरु कहा जाता है इसलिए गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है और इस दिन को व्यास वेद व्यास पूर्णिमा नाम से भी जाना जाता है। भक्ति काल के समय संत घीसा राम जो कबीर दास के शिष्य थे का भी जन्म इसी दिन हुआ था। गुरु पूर्णिमा के दिन जहां हरिद्वार के गंगा में डुबकी लगाने लाखों लोग पहुंचते हैं। हजारों की संख्या में भक्त हरिद्वार रवाना हो चुके हैं। विधि विधान से पूर्ण करें गुरु पूर्णिमा पर्व----- मान्यता है कि गुरु पूर्णिमा के ही दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था, यही वजह है कि इस दिन को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार संसार के प्रथम गुरु भगवान शिव को माना जाता है जिनके सप्तऋषि गण शिष्य थे। उसके बाद गुरुओं की परंपरा में भगवान दत्तात्रेय का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु के आशीर्वाद से धन संपत्ति, सुख शांति और वैभव का वरदान पाया जा सकता है. हिन्दू धर्म में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व बताया गया है. माना जाता है कि गुरु का स्थान सर्वश्रेष्ठ होता है। गुरु भगवान से भी ऊपर होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि वो गुरु ही होता है जो व्यक्ति को अज्ञानता के अंधकार से उबारकर सही रास्ता दिखाता है। भक्त निजी साधनों से हरिद्वार रचवाना हो चुके हैं। 29 जुलाई को गंगा में डुबकी लगाकर वापस चलेंगे। उधर कांवड़ लाने के लिए भी भक्त रवाना हो रहे हैं। रानी, राधा, कमला, सुनीता आदि ने बताया कि वे भी गंगा में स्नान करके अपने आपको धन्य समझेंगी। 28 अगस्त रक्षा बंधन के दिन सावन माह संपन्न हो जाएगा। स्वयंभू शिवलिंग की पूजा-पूरे सावन माह विषेषकर सावन के सोमवार को बाघोत स्थित बाघेश्वर धाम पर स्वयंभू शिवलिंग का विशेष पूजन चलता है। दूार दराज से भक्त आकर शिवलिंग की पूजा करते हैं। सावन के प्रत्येक सोमवार को मेले लगते हैं। फोटो कैप्शन 02: बाघेश्वर धाम बाघोत। 03: स्वयंभू शिवलिंग साथ में सबसे अधिक कावड़ लाने वाले सुमेर सिंह
छिथरोली स्कूल की पूर्व छात्रा शर्मिला धनखड़ ने रचा इतिहास, विद्यालय में खुशी का माहौल -कामनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर विद्यार्थियों ने मनाई खुशी, गुरु अजमेर सिंह दांगी को दिया सफलता का श्रेय **************************************** ********************************************* *************************************** कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के एसडीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल, छिथरोली की पूर्व छात्रा एवं अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ द्वारा ग्लासगो कामनवेल्थ गेम्स-2026 में महिलाओं की शाट पुट एफ-57 स्पर्धा में 9.81 मीटर का थ्रो कर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने पर विद्यालय में खुशी का माहौल है। इस उपलब्धि के साथ शर्मिला कामनवेल्थ गेम्स में पैरा एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। साथ ही उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में भारत के 20 वर्षों के पदक इंतजार को भी समाप्त कर दिया। शर्मिला की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर एसडीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल छिथरोली में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने खुशी व्यक्त करते हुए एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों ने उनकी सफलता को पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। विद्यालय के चैयरमैन अजमेर सिंह दांगी ने बताया कि शर्मिला ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा इसी विद्यालय से प्राप्त की थी। जीवन के कठिन दौर में जब वह पारिवारिक परेशानियों और आर्थिक संकट से जूझ रही थीं, तब उन्होंने विद्यालय आकर अपने संघर्ष की कहानी साझा की। उस समय उन्हें पैरा खेलों में आगे बढऩे की प्रेरणा दी गई और प्रशिक्षण के लिए रेवाड़ी स्टेडियम भेजा गया। आज उनकी मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास ने उन्हें विश्व स्तर पर भारत का नाम रोशन करने का अवसर दिया है। शर्मिला ने ग्लासगो से फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि यदि अजमेर सिंह दांगी उन्हें आगे बढऩे की प्रेरणा नहीं देते, तो शायद वह आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पातीं। उन्होंने अपने प्रथम गुरु के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन में अनेक कोचों और मार्गदर्शकों का सहयोग मिला, लेकिन खेल जीवन की शुरुआत करने की प्रेरणा उन्हें अजमेर सिंह दांगी से ही मिली। विद्यालय परिवार ने कहा कि शर्मिला धनखड़ का संघर्ष और सफलता विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत के बल पर देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर पूरे महेंद्रगढ़ जिले, हरियाणा और देश का गौरव बढ़ाया है। फोटो कैप्शन 01:कामनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर एसडीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल, छिथरोली में खुशी व्यक्त करते विद्यार्थी, शिक्षक एवं विद्यालय प्रबंधन। फोटो कैप्शन 01: जिस स्कूल में शर्मिला पढ़ी उसके बच्चे खुशी मनाते हुए
अंधी मां की कोख से जन्म लेकर भी कमाया शर्मिला ने विश्व में नाम -ग्लासगो में जीता गोल्ड **************************************** ********************************************* *************************************** कनीना की आवाज। किसी भी विषम परिस्थिति से इंसान को नहीं घबराना चाहिए। यदि हिम्मत से काम ले तो एक दिन कामयाबी जरूर मिलेगी। ये शब्द कनीना उपमंडल के गांव छितरोली की शर्मिला के हैं। 39 वर्षीय शर्मिला ने बेशक दसवीं तक परीक्षा पास की हो किंतु जिन परिस्थितियों से होकर वो गुजरी है उन पर गौर फरमाया जाए तो लगता है कि सचमुच नारी कुछ करने की ठान लेती है तो वह कठिन से कठिन काम को करके ही दम लेती है। जब शर्मिला 2 वर्ष की थी बुखार के कारण पोलियो में अपना एक पैर गंवा बैठी थी। मां संतोष अंधी/नैनसुख थी जबकि पिता जय लाल एक जमींदार हैं जिनकी 2014 में दोनों टांगे चली गई थी। शर्मिला की शादी 2005 में कर दी गई दो लड़कियां हुई किंतु शादी अधिक दिनों तक नहीं चली। लाचार माता पिता की सेवा शर्मिला और उसका भाई करते रहे। शर्मिला के अलावा दो विवाहित बहने तथा एक भाई भी है। शादी के 4 साल बाद अपने पीहर आ गई घर से निकाल दिया गया यही कारण है कि शर्मिला ने जिंदगी भर अपने ससुराल में न जाने का निर्णय किया और कुछ करके दिखाने का फैसला लिया। ससुराल में उसे लंगड़ी कहकर खिजाते थे जिसके कारण उनके दिल पर ठेस लगती थी। परंतु 6 साल अपने पीहर में बीताये। 2017 में अजीत सिंह जिला रेवाड़ी से संबंध रखने वाले बिजनेसमैन से की जिन्होंने अपनी पत्नी शर्मिला को कुछ कर दिखाने के लिए विकलांग खेलों के लिए प्रेरित किया। परंतु अपनी हिम्मत के कारण वर्ष 2018 में हरियाणा रोडवेज बस कंडक्टर बतौर नियुक्ति हुई। वे हरियाणा की प्रथम महिला परिचालक बनी। रेवाड़ी में खंडोड़ा रोड पर लड़कियों को कालेज तक छोडऩे और घर तक पहुंचाने का कार्य करने लगी। उनकी इस कार्य की सराहना होने लगी किंतु उनके भाग्य में कुछ और ही लिखा था। समय बीता और वर्ष 2020 आ गया और उन्हें खेलों के विषय में कोई जानकारी नहीं थी। ऐसे में उन्होंने एसडीएम स्कूल छीथरोली के निदेशक अजमेर सिंह दांगी से सलाह ली। अजमेर सिंह दांगी ने उन्हें आगे तक पहुंचाने के लिए एक प्रयास किया। चूंकि खेलों की कोचिंग के लिए
महेंद्रगढ़ जिला में बेहतर कोच नहीं होने से तुलाराम स्टेडियम में चेतन कोच के पास भेजा ताकि कुछ सीखने का मौका मिले और भारत भर में नाम कमा सकें। महज एक साल की कोचिंग के बाद ही वर्ष 2021 में पहला नेशनल मेडल शाट पुट में प्राप्त किया। 19वीं पैरा एथलेटिक चैंपियनशिप में उन्होंने नेशनल रिकार्ड बनाया और गोल्ड मेडल लेकर नाम कमाया। 2021 में दिसंबर में एक नहीं दो बेंगलुरु में आयोजित तीसरे नेशनल ओपन खेलों में दो मेडल हासिल किये। जहां शाटपुट में सिल्वर तो ज्वेलिन में गोल्ड मेडल प्राप्त किया। मार्च 2022 में दुबई में आयोजित 20वीं पैरा एथलेटिक चैंपियनशिप में अपना पिछला रिकार्ड ध्वस्त कर 8.03 मीटर गोला फेंक गोल्ड मेडल हासिल किया। दुबई में वर्ष 2022 में आयोजित खेलों में पांचवां स्थान प्राप्त किया। फिर अगस्त 2022 में इंग्लैंड में आयोजित कामनवेल्थ गेम में चौथा स्थान हासिल किया। परिणाम स्वरूप हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर उनकी प्रतिभा से बहुत प्रभावित हुये और 15 लाख रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया। शर्मिला का हौसला अफजाई करने के लिए 20 सितंबर 2022 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनसे बात की। तत्पश्चात एक के बाद एक अनेकों मेडल लाकर पूरे भारत में नाम कमाया है। इंटरनेशनल वूमेन डे पर बेस्ट वूमेन एथलीट अवार्ड तथा 21 हजार रुपये की राशि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रदान की। पुणे में आयोजित 21वीं पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप अपना ही पिछला रिकार्ड ध्वस्त कर गोला फेंक में 8.67 मीटर गोला फेंक राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल प्राप्त किया। वहीं डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक भी हासिल किया। इसके अतिरिक्त अनेक मैडल जीतकर गांव का नाम कमाया। वर्तमान में शर्मिला ने ग्लासगो में गोल्ड जीतकर विश्वभर में नाम कमाया है विषम परिस्थितियां होने पर भी शर्मिला ने जो कार्य कर दिखलाया वह सच में महिलाओं के लिए एक प्रेरणा का कार्य है। जब इंसान इस प्रकार की घटनाओं से पीडि़त होता है तो मन मसोसकर बैठ जाता है लेकिन शर्मिला ने निराशा को दूर भगाया और अपने साहस को नहीं छोड़ा है। आज वह इस मुकाम पर है। फोटो कैप्शन: शर्मिला
Monday, July 27, 2026
एसडी ककराला में जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता संपन्न -संपन्न हुए कई रोचक मुकाबले **************************************** */************************************************ ****************************************** कनीना की आवाज। जिला स्तरीय एसजी एफआई कुश्ती, भारोतोलन प्रतियोगता का समापन हो गया। प्रतियोगिता में अंडर 19 आयुवर्ग में 50 किलो भार वर्ग में श्रुति प्रथम स्थान, 53 किलोभार वर्ग में हशी प्रथम स्थान, 55 किलो भार वर्ग में अपेक्षा प्रथम स्थान, 57 किलो भार वर्ग में टीया प्रथम स्थान, 59 किलो भार वर्ग में पूजा प्रथम स्थान, 62 किलो भार वर्ग में रीत प्रथम स्थान, 61 किलो भार वर्ग में रिया प्रथम स्थान, 65 किलो भार वर्ग में प्रिया प्रथम स्थान, 68 किलो भार वर्ग में भारती प्रथम स्थान, 72 किलो भार वर्ग में अंजली प्रथम स्थान, 76 किलो भार वर्ग में महक प्रथम स्थान प्राप्त किया। भारतोलन प्रतियोगिता में अंडर 19 आयुवर्ग में 48 किलो भार वर्ग में हशी प्रथम स्थान, 53 किलोभार वर्ग में हिमांशी प्रथम स्थान, 58 किलो भार वर्ग में जिया प्रथम स्थान, 63 किलो भार वर्ग में रित प्रथम स्थान, 69 किलो भार वर्ग में भारती प्रथम स्थान, 77 किलो भार वर्ग में अंजली प्रथम स्थान, 86 किलो भार वर्ग में सुचि समिता प्रथम स्थान, $86 किलो भार वर्ग में शैर्या प्रथम स्थान प्राप्त किया। भारतोलन प्रतियोगिता में अंडर 17 आयुवर्ग में 44 किलो भार वर्ग में हर्षिता प्रथम स्थान, 48 किलोभार वर्ग में रविना प्रथम स्थान, 53 किलो भार वर्ग में शशी प्रथम स्थान, 63 किलो भार वर्ग में सानिया प्रथम स्थान, 69 किलो भार वर्ग में तान्या प्रथम स्थान, 77 किलो भार वर्ग में भूमिका प्रथम स्थान, $77 किलो भार वर्ग में अन्नु प्रथम स्थान प्राप्त किया। कुश्ती प्रतियोगिता में अंडर 17 आयुवर्ग में 45 किलो भार वर्ग में अंतीमा प्रथम स्थान, 43 किलोभार वर्ग में भावना प्रथम स्थान, 46 किलो भार वर्ग में तमन्ना ने प्रथम स्थान, 49 किलो भार वर्ग में दिव्या ने प्रथम स्थान, 53 किलो भार वर्ग में पलक प्रथम स्थान, 57 किलो भार वर्ग में मन्नत ने प्रथम स्थान, 61 किलो भार वर्ग में रिया ने प्रथम स्थान, 65 किलो भार वर्ग में वर्षा े प्रथम स्थान, 69 किलो भार वर्ग में तान्या ने प्रथम स्थान, 73 किलो भार वर्ग में दिव्या नेनाम रोशन किया। विद्यालय चेयरमैन जगदेव यादव ने बताया कि पूरी प्रतियोगिता बड़े ही शान्ति प्रिय, सुन्दर ढंग व निष्पक्षता से संपन्न हुई। वहीं उन्होंने प्रतियोगिता में हारने वाले खिलाडिय़ों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि जीत और हार वाले खिलाडिय़ों को निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि भविष्य में इससे अच्छा प्रदर्शन करने की प्ररेणा लेते हुए अपनी गलतियों में सुधार करना चाहिए। क्योंकि असफलता ही सफलता की सीढ़ी है जिस पर नये उत्साह, परिश्रम व आत्म विश्वास से आगे बढऩे की जरूरत है, अर्थात सकारात्मक सोच व परिश्रम ही सफलता का मूल मंत्र है। साथ ही उन्होंने कोच, अभिभावक का विद्यालय में पधारने व सहयोग देने के लिए तह-दिल से आभार व्यक्त किया। खेल के समय विद्यालय निदेशक ओमप्रकाश, उपनिदेशक पूर्ण सिंह, कुलदीप कोच, मनोज कुमार कुश्ती कोच, प्र्रीति डीपी, अनिल कोच, उदम सिंह, राहूल कोच, सोनू कोच व उनकी टीम उपस्थित रही। फोटो कैप्शन 02 व 03: कुश्ती एवं विजेताओं को पुरस्कृत करते हुए सौजन्य-जगदेव चेयरमैन
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस - प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को समझना बहुत जरूरी-डा.यादव **************************************** */************************************************ ****************************************** कनीना की आवाज। हर वर्ष 28 जुलाई को विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस मनाया जाता है। जिसका मुख्य उद्देश्य है प्राकृतिक संसाधनों जिनमें जंगल, भूमि, खनिज, जल आदि प्रमुख रूप से आते हैं के महत्व को समझना और यही नहीं आने वाली पीढिय़ों के लिए पर्यावरण को सुरक्षित रखने हेतु लोगों को जागरूक करना होता है। इस दिन का मुख्य लक्ष्य प्राकृतिक संसाधनों का बुद्धिमानी से उपयोग करना होता है। यदि पर्यावरण असंतुलित हो जाएगा तो जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता को नुकसान जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इस दिन का इसलिए भी महत्व है कि लोगों को वनों की कटाई, वनों में रहने वाले वन्यजीवों के शिकार पर प्रतिबंध, प्रदूषण रोकने आदि के के प्रति जागरूक करना है। यह याद दिलाता है कि प्रकृति से जो हम लेते हैं उसे नुकसान पहुंचाएं बिना संतुलन बनाए रखें। ये विचार पर्यावरणविद डा. होशियार सिंह यादव ने व्यक्त करते हुए कहा कि बहुत से पेड़ पौधे और जीव जंतु विलुप्ति का कगार पर हैं। उन्हें बचाने में अहम योगदान देना चाहिए। इंसान को पानी और ऊर्जा को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए। पानी का अनावश्यक खर्च न करें, जब पंखे, लाइट प्रयोग नहीं की जा रही हो तो उन्हें बंद कर दे। सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करके कपड़े और जूट के थैले प्रयोग करें। अपने आसपास अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाए और वनों की कटाई रोके, कचरे का सही तरीके से निपटा करें और पुनर्चक्रण में अहम योगदान दे। उन्होंने कहा कि यह दिन आने वाली पीढिय़ो की याद दिलाता है क्योंकि जैव विविधता की रक्षा बहुत जरूरी है। यदि जीव जंतु विलुप्त हो जाएंगे तो आने वाले समय में पीढिय़ां इनको पुस्तकों में ही पढ़ पाएंगी। प्राकृतिक संसाधनों का जब तक हो सके बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। वन और वन्य जीव का संरक्षण करना चाहिए। बहुत से ऐसे जीव है जो विलुप्ति के कगार पर है उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास करना चाहिए। फोटो कैप्शन: डाक्टर होशियार सिंह यादव
मतदाता सूची के लिए 30 अगस्त तक दर्ज होंगे दावे-आपत्तियां- डीसी अनुपमा अंजली **************************************** */************************************************ ****************************************** कनीना की आवाज। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशानुसार जिला में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) को सुचारू और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। इसी कड़ी में आज जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अनुपमा अंजली ने लघु सचिवालय के मीटिंग हाल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जिले में मतदाता सूचियों के नवीनीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी साझा की। पत्रकारों को संबोधित करते हुए उपायुक्त अनुपमा अंजली ने बताया कि लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने और हर योग्य नागरिक को मताधिकार से जोडऩे के उद्देश्य से 31 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची का आधिकारिक प्रकाशन कर दिया जाएगा। इस प्रकाशन के साथ ही जिले के नागरिक 31 जुलाई से लेकर 30 अगस्त तक मतदाता सूची पर अपने दावे एवं आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। यदि किसी पात्र नागरिक का नाम छूट गया है, या किसी प्रविष्टि में कोई सुधार की आवश्यकता है, तो वे इस समयावधि के दौरान निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से अपनी अर्जी दाखिल कर सकते हैं। उपायुक्त ने जिले के मतदाताओं की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में जिला में कुल 7,49,607 पंजीकृत मतदाता हैं। प्रशासन द्वारा कराए गए गहन सर्वेक्षण और डेटा सत्यापन के दौरान इनमें से 64,103 मतदाता ऐसे हैं जो या तो अपने स्थान से अनुपस्थित हैं, कहीं अन्यत्र स्थानांतरित हो चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या फिर जिनके नाम सूची में दो बार दर्ज पाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक स्वच्छ, सटीक और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करने के लिए ऐसे अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत व डुप्लिकेट मतदाताओं के नामों की पूरी जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे और किसी फर्जी या गलत नाम की उपस्थिति सूची में न रहे। उन्होंने बताया कि प्राप्त दावों और आपत्तियों के त्वरित निपटान तथा नोटिस जारी करने के लिए आयोग ने 31 जुलाई से 28 सितंबर तक की समय सीमा तय की है। पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए जिला में 35 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। अटेली, महेंद्रगढ़ व नांगल चौधरी में आठ-आठ तथा नारनौल विधानसभा में 11 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। ये अधिकारी उन मतदाताओं को नोटिस जारी करेंगे जिनकी मैपिंग वर्ष 2002 की मतदाता सूची में नहीं हो पाई है या जिनमें तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं। इन नोटिसों पर प्रतिदिन कार्यालय समय के दौरान सुनवाई की जाएगी। यदि कोई नागरिक अतिरिक्त सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी के निर्णय से संतुष्ट नहीं होता है, तो वह निर्वाचक पंजीयन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा के समक्ष अपील कर सकता है। फोटो कैप्शन प्रेस कॉन्फ्रेंस करती डीसी अनुपमा अंजली।
खेलों में बेवल के छात्रों का प्रदर्शन रहा उत्कृष्ट **************************************** */************************************************ ****************************************** कनीना की आवाज। एसडी स्कूल ककराला में चल रही जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेवल के छात्रों का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा। प्राचार्य प्यारेलाल कटारिया ने बताया कि विद्यालय की छात्रा हिमांशी ने 46 किलोग्राम अंडर 14 कैटेगरी कुश्ती में जिला स्तर पर प्रथम स्थान तथा अंडर 19 ग्रिक रोमन कुश्ती स्टाइल में छात्र अमन ने 67 किलोग्राम कैटेगरी में जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर प्राचार्य ने वरिष्ठ प्रवक्ता सरोज कुमारी व पीटीआई कृष्ण कुमार का विशेष सहयोग के लिए धन्यवाद किया। विजेता विद्यार्थियों एवं पीटीआई का स्कूल में पहुंचने पर समस्त स्टाफ व एस एम सी के सदस्यों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर समस्त विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा। फोटो कैप्शन 01: चली कुश्ती प्रतियोगिता सौ-प्राचार्य स्कूल
हेपेटाइटिस दिवस 28 जुलाई पांच प्रकार के वायरस से
फैलता है हेपेटाइटिस-डा जितेंद्र मोरवाल **************************************** */************************************************ ****************************************** कनीना की आवाज। हेपेटाइटिस लिवर से जुड़ी हुई एक बीमारी है। लीवर में सूजन आ जाता है। हेपेटाइटिस पांच प्रकार के विषाणु होते हैं जिनमें ए,बी,सी,डी और ई हैं। ये विचार कनीना उप नागरिक अस्पताल के डा जितेंद्र मोरवाल ने व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस मूल रूप से लिवर से जुड़ी हुई बीमारी है जो वायरल इंफेक्शन के कारण होती है। उन्होंने पांचों वायरस जनित रोगों को गंभीरता से लेने की बात कही। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस महामारी जैसी बनती जा रही है। इससे आनेकों मौतें देशभर में हो जाती हैं। हेपेटाइटिस बी और सी लाखों लोगों में गंभीर बीमारी का कारण बनता है जिसमें लीवर सिरोसिस और कैंसर प्रमुख है। उन्होंने हेपेटाइटिस के प्रति लोगों को जागरूक किया। यद्यपि उन्होंने कहा कि अभी तक कनीना क्षेत्र में हेपेटाइटिस का कोई रोगी नहीं है। जो महिला गर्भवती हो और उनके बच्चे और वह हेपेटाइटिस की शिकार है तो उसके बच्चे को हेपेटाइटिस से बचाया जा सकता है। डा जितेंद्र मोरवाल बताते हैं कि हेपेटाइटिस रोग का कारण लीवर में सूजन है, इंफेक्शन के कारण होता है। यह जानलेवा होता है। अक्सर शरीर में तथा दवाइयों के साइड इफेक्ट और शराब पीने से बढ़ सकता है। डा जितेंद्र मोरवाल बताते हैं कि हेपेटाइटिस में पीलिया, पेशाब का रंग बदलना, बहुत अधिक थकान, उल्टी आना, जी मिचलाना पेट दर्द, सूजन, खुजली, भूख ना लगना, अचानक वजन कम होना आदि प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। हेपेटाइटिस के निदान के बारे में डा जितेंद्र मोरवाल बताते हैं कि पेट का अल्ट्रासाउंड, लिवर फंक्शन टेस्ट, लिवर बायोप्सी आदि से रोग का पता लगाया जा सकता है और इसका समय रहते इलाज करवाना चाहिए। यदि उपचार करवाया जाए तो आराम कुछ हफ्ते में इस रोग के लक्षण कम होने लगते हैं इसमें कई दवाई लेने की जरूरत होती है। लिवर ट्रांसप्लांटेशन भी एक विकल्प है। मरीज को अपने भोजन फूलगोभी, ब्रोकली, बीन, एवावाकाडो आदि का सेवन करना चाहिए, खूब पानी फलों का जूस पीना चाहिए ,प्याज लहसुन शामिल करना चाहिए, शराब नहीं पीनी चाहिए, जंक फूड से बचना चाहिए, 4 से 6 बार भोजन करना चाहिए। रेजर एवं इंजेक्षन की सुई किसी को शेयर ना कर। फोटो कैप्शन: डा जितेंद्र मोरवाल
Sunday, July 26, 2026
ताजा मौसम और मानसून अपडेट और मौसम पूर्वानुमान -दिल्ली एवं एनसीआर में 28 से 30 जुलाई मानसून फिर रहेगा सक्रिय ****************************************************** **************************************************** ***************************************************** कनीना की आवाज। साल 2026 में मानसून की अजब-गजब और अनोखी चाल देखने को मिल रही है। क्लाइमेट चेंज का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा साल की शुरुआत से ही मौसम में उलटफेर देखने देखने को मिल रहें हैं और मौसमी चक्र में बदलाव जारी हैं। जहां सूखा पड़ता था वहां बाढ़ देखने को मिल रही है और जहां बाढ़ आती थी वहां सूखा देखने को मिल रहा है। बंगाल की खाड़ी पर होने वाली हलचलें जो मानसून को सशक्त करने में अहम भूमिका निभातीं है उनके ट्रेक और रस्ता में बदलाव देखने को मिल रहा है जो पहले उत्तरी पश्चिमी राज्यों से होकर गुजरता था वे पिछले कुछ सालों से पूर्वी राज्यों से मध्य प्रदेश से होकर राजस्थान से होकर गुजर रहें हैं मध्य प्रदेश गुजरात राजस्थान में बाढ़ और बिहार झारखंड उत्तर प्रदेश में सूखा की परिस्थितियां देखने को मिल रही है । पश्चिमी विक्षोभ आमतौर पर शीत ऋतु में ज्यादा सक्रिय होते हैं लेकिन अब पूरे वर्ष भर सक्रिय होते हैं। मौसम की चरम परिस्थितियां देखने को मिलती है जो भारतीय मौसम विभाग व मौसम वैज्ञानिकों और मौसम विशेषज्ञों के लिए शोध और कौतूहल का विषय है। मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि जुलाई महीने की शुरुआत में मानसून की धमाकेदार एंट्री और शुरुआत के बाद मानसून की सुर-ताल बिगड़ी नजऱ आ रही है। हरियाणा में राज्य में केवल 6 जिलों में सामान्य और सामान्य के आसपास बारिश दर्ज हुई है जबकि 16 जिलों में सामान्य से नीचे बारिश दर्ज हुई है। हरियाणा राज्य में 1 जून से 25 जुलाई तक कुल 132.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है जबकि इस दौरान 175.4 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है जो सामान्य से 24 फीसदी कम हुई है। पिछले एक सप्ताह से मानसून टर्फ और मौसम प्रणालियां राजस्थान पर सक्रिय होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में कमजोर मानसून की स्थिति देखने को मिल रही है हालांकि बीच-बीच में हरियाणा एनसीआर दिल्ली में खंड बारिश की गतिविधियां जारी है और सम्पूर्ण इलाके में उमस भरी पसीने छुटाने वाली गर्मी से आमजन को रूबरू होना पड़ रहा है मानसून की लय और तारतम्यता नदारद है। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में एक बार फिर से मानसून सक्रिय होने की सम्भावना बन रही है वर्तमान परिदृश्य में राजस्थान के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना है, दूसरा लो प्रेशर एरिया जो डिप्रेशन में तब्दील हो चुका है जो उड़ीसा और पश्चिम बंगाल के ऊपर है धीरे धीरे उत्तर पश्चिम की तरफ बढऩे की सम्भावना बन रही है। जिससे हरियाणा एनसीआर दिल्ली में एक बार फिर से मानसून की सक्रियता और तारतम्यता में बढ़ोतरी की सम्भावना बन रही है । बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर एरिया जो डिप्रेशन में तब्दील हो चुका है और इसके डिप डिप्रेशन में तब्दील होने की सम्भावना बन रही है जिसका ट्रेक भी पूर्वी राज्यों से होकर मध्य प्रदेश और राजस्थान पर पहुंचने की सम्भावना बन रही है परन्तु 27 जुलाई रात को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होने पर पंजाब पर एक चक्रवातीय सर्कुलेशन बनने से मानसून टर्फ जो वर्तमान में राजस्थान से होकर गुजरती है वह हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर पहुंचने की सम्भावना बन रही है जिसकी वजह से 27 जुलाई की रात से पहले हरियाणा के उत्तरी जिलों पंचकूला अंबाला यमुनानगर कुरूक्षेत्र करनाल में हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियों की सम्भावना बन रही उसके बाद हरियाणा एनसीआर दिल्ली में 28-30 जुलाई के दौरान मानसून की सक्रियता और तारतम्यता में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी पुरवा मानसूनी हवाओं और पछुआ पश्चिमी मौसम प्रणाली के मिलन से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में बादल फटने की स्थिति और मड़स्लाइड और लेंड स्लाइड की गतिविधियां देखने को मिलेगी आमजन इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों पर जाने से परहेज़ करें वहीं दूसरी तरफ हरियाणा के उत्तरी पंचकुला अंबाला यमुनानगर कुरूक्षेत्र में अति भारी और व्यापक बारिश पूर्वी जिलों करनाल पानीपत सोनीपत पर जबरदस्त मूसलाधार भारी बारिश की गतिविधियों की सम्भावना है यहां नदियों में उफान और बाढ़ जैसे हालात बनते नजर आ रहे हैं जबकि मध्यवर्ती और दक्षिणी जिलों रोहतक झज्जर रेवाड़ी गुरुग्राम फरीदाबाद मेवात पलवल में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर तेज बारिश की गतिविधियों जबकि पश्चिमी जिलों सिरसा फतेहाबाद हिसार भिवानी चरखी दादरी महेंद्रगढ़ में हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियों की सम्भावना बन रही है। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में लगातार मौसम परिवर्तन शील बना हुआ है और अधिकतर स्थानों पर दिन और रात के तापमान में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
कनीना पुलिस ने पकड़ी अवैध शराब, केस दर्ज -17 अध्धे तथा 7 बोतल शराब मिली ****************************************************** **************************************************** ***************************************************** कनीना की आवाज। कनीना उप मंडल के गांव सुंदरह में एक व्यक्ति से 17 अध्धे देसी शराब के तथा 6 बोतल अंग्रेजी शराब की बरामद की हैं। पुलिस को सूचना मिली कि सुंदरह गांव के पुराने खंडहरनुमा घर में एक व्यक्ति जमीन के अंदर दबे मटको में शराब छुपाकर रखता है और बेचता है। पुलिस ने मौके पर जाकर जमीन खोजी तो दो घड़े जमीन में गड़े मिले जिनमें से एक में 17 अध्धे देसी शराब के तथा दूसरे घड़े में छह बोतल व्हिस्की के बरामद किए। कृष्ण कुमार सुंदरह निवासी के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है।
मधुमक्खी के बक्से हुए चोरी - कनीना पुलिस में हुआ केस दर्ज ****************************************************** **************************************************** ***************************************************** कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव भडफ़ से गांव गंगापुर बहलावास,जिला-मधेपुरा बिहार निवासी प्रवेश के मधुमक्खी बक्से चोरी होने का मामला दर्ज करवाया है। प्रवेश कुमार ने पुलिस में बताया कि वह गांव गंगापुर बहलावास,जिला-मधेपुरा बिहार का निवासी है और मधुमक्खी पालन का कार्य करता है। वर्तमान में उनके दो मधुमक्खी के फार्म कनीना क्षेत्र में लगे हुए हैं जिनमें से एक फार्म भडफ़ की बणी में तथा दूसरा जयपाल कनीना की जमीन में, मुख्य सड़क कनीना लगा हुआ है। पुलिस में उन्होंने बताया कि जब वह बिहार में था तो भडफ़ की बणी में लगे फार्म पर उसके साले की हत्या हो गई थी और दूसरे फार्म पर उसके भाई की संदिग्ध हालत में अस्पताल में मौत हो गई थी जिसकी पुलिस जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि इसी दौरान भडफ़ की बणी में रखे मधुमक्खी फार्म पर किसी ने जहर डालकर 325 मधुमक्खी के बक्सों की मधुमक्खियों को खत्म कर दिया था तथा जयपाल की जमीन पर रखे मधुमक्खी फार्म पर डेढ़ सौ बक्से चोरी हो गए साथ में 9 कट्टे चीनी, शहद निकालने की मशीन, सोलर प्लेट, बैटरी, गैस सिलेंडर, चूल्हा और 125 खाली बाल्टी भी अज्ञात चोर चोरी कर ले गया। अपने स्तर पर चोरी हुए मधुमक्खी बक्से और सामान की खोजबीन की किंतु कोई सुराग नहीं मिला। इसी दौरान उन्होंने कहा कि वह इसी दौरान अपने दोस्त के फार्म पर रहता था तो 22 जुलाई की रात को जयपाल के जमीन पर रख फार्म से 82 बक्से दोबारा चोरी हो गए। घटनास्थल पर ट्रैक्टर पिकअप के टायरों के निशान पाए गए जिससे प्रतीत होता है कि पिकअप धंसने के कारण ट्रैक्टर से उसे निकाला गया है। जिसकी सूचना पुलिस को दे दी गई। मौके पर पुलिस पहुंची और मौके का मुआयना भी किया है। उन्होंने इस चोरी के पीछे अजय कुमार नामक व्यक्ति शक जताया है। उन्होंने कहा कि जयपाल की जमीन पर 300 बच्चे रखे हुए थे जिनमें से डेढ़ सौ बक्से पहले चोरी में चोरी हो गए और 82 बक्से 22 जुलाई को चोरी हो गए। कुल 232 बच्चे सामान मधुमक्खी पालन का नुकसान हुआ जिसकी कीमत करीब 20 लाख 74000 है । उन्होंने कहा कि उसका भाई और मेरा साला इस दुनिया से चले गए हैं और इतना नुकसान भी हो गया। उन्होंने कहा है कि उसके साल की हत्या और भाई की मौत का इस चोरी से गहरा संबंध नजर आता है। इसलिए चोरी की गहराई से जांच की जाए। उल्लेखनीय है कि भडफ़ की बणी में रखें मधुमक्खी फार्म से पर दो व्यक्ति कार्य करते थे जिनमें एक सुमन कुमार तथा दूसरा प्रवेश कुमार थे। प्रवेश कुमार वही व्यक्ति है जिसने अब मधुमक्खी बक्से चोरी का का मामला दर्ज करवाया है। उल्लेखनीय है कि भडफ़ की बणी में सुमन कुमार और प्रवेश कुमार दोनों रिश्तेदार बिहार के रहने वाले हैं जिन्होंने मधुमक्खी पालन फार्म भडफ़ में स्थापित किया। नो जुलाई को प्रवेश कुमार बिहार ला गया था। जहां 12 जुलाई को सुमन कुमार की हत्या कर दी गई थी। जिसकी सूचना भी प्रवेश कुमार ने सुमन कुमार के स्वजनों को दी थी। 14 जुलाई को एक रिपोर्ट नीतीश कुमार एवं प्रवेश कुमार जिला मध्यपुरा थाना चौसा बिहार ने दर्ज करवाई थी जिसमें कहा था कि वो दो भाई व एक बहन है। उसकी बहन शादीशुदा है और उसका छोटा भाई सुमन कुमार की शादी नहीं हुई थी। सुमन कुमार उसके रिश्तेदार प्रवेश के साथ मधुमक्खी पालन का काम करता था और भडफ़ की बणी में अपना फार्म लगाया हुआ था। थोड़ी दूर प्रवेश का भाई गिरीश उर्फ अजय बेलावास गंगापुर मध्यपुरा बिहार ने भी मधुमक्खी फार्म लगा रखा था। 10 जुलाई को सुमन को बताया था कि प्रवेश अपने घर चला गया और वह फार्म पर अकेला रहता है। गिरीश कुमार उर्फ अजय ,प्रवेश का भाई भडफ़ बणी फार्म पर घूमने आया था। फार्म पर घूमते हुए गलत काम करने की कोशिश की थी। 12 जुलाई को प्रवेश के माध्यम से फोन पर सूचना मिली कि सुमन कुमार की हत्या हो गई। सूचना पाकर 14 जुलाई को मृतक के स्वजन व प्रवेश थाना सदर कनीना पहुंचे, भडफ़ में जाकर पूछताछ की तब पता चला कि 11 जुलाई को सुमन कुमार की गिरीश उर्फ अजय ने चाकू मार कर, गर्दन काट कर सवेदनशील अंगों को काटकर हत्या कर दी थी। बाद में डर के मारे गिरिश उर्फ अजय ने जहर खा लिया था और आत्महत्या कर ली थी। वहां पर उन्होंने आरोप लगाया था कि हत्यारा गिरीश कुमार उर्फ अजय है। मामला अब पेचीदा बना दिया है।
क्षेत्र के बलिदानियों को किया याद ****************************************************** **************************************************** ***************************************************** कनीना की आवाज। कारगिल विजय दिवस पर प्रजा भलाई संगठन ने क्षेत्र के बलिदानियों को याद किया। अतरलाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गांव सिहोर में बलिदानी सत्यपाल सिंह, बलिदानी अशोक कुमार, गांव कोटिया में बलिदानी हनुमान सिंह, ककराला के बलिदानी शिव कुमार, बलिदानी लाल सिंह तथा बलिदानी लालाराम, उन्हानी गांव के बलिदानी परमेंद्र सिंह, बलिदानी चितरूराम, खरखड़ाबास के बलिदानी अशोक कुमार, बलिदानी अफल सिंह, बलिदानी हरस्वरूप सिंह, बलिदानी रमेश सिंह और धनौंदा गांव के बलिदानी महेशपाल सिंह, बलिदानी सचिन शर्मा की मूर्तियों पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। अतरलाल ने कहा कि यह इलाका वीर सैनिकों और रणबांकुरों का है। कारगिल युद्ध में भी महेंद्रगढ़ जिला के 8 वीर जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहादत दी थी। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार से बलिदानियों के स्मारकों के रखरखाव, मरम्मत व नवीनीकरण के लिए शहीदों के वारिसों को दो-दो लाख रुपए की ग्रांट देने की मांग की। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध को 30 साल हो गए हैं। इस दौरान अनेक बलिदानी स्मारक जर्जर तथा खस्ताहाल हो चुके हैं। इसलिए सरकार को उनके नवीनीकरण की तरफ ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सेना भर्ती में हरियाणा का कोटा बढ़ाने की भी मांग की। इस अवसर पर कैलाश सेठ, राजेंद्र पंच, शिवलाल, सतवीर, राजेंद्र सिंह नंबरदार, डॉक्टर मुकेश तंवर, हीरालाल, प्रमोद शर्मा, सतपाल, नरेश, श्यामलाल, मामन सिंह, राकेश यादव सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे। फोटो कैप्शन 08: बलिदानियों को याद करते हुए अतरलाल
अब चलो हरिद्वार की ओर.... 29 जुलाई को है गुरु पूर्णिमा, लगेगी हरिद्वार की गंगा में डुबकी ****************************************************** **************************************************** ***************************************************** कनीना की आवाज। हर वर्ष गुरु पूर्णिमा को अपार भीड़ हरिद्वार की और रवाना हो जाती है। इस बार गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई को है। ग्रामीण क्षेत्र से निजी और सरकारी बसों, ट्रेनों से भारी संख्या में भक्तजन हरिद्वार पहुंचेंगे और गंगा में डुबकी लगाकर कावड़ उठाने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। कनीना ही नहीं पूरे भारत भर में प्रसिद्ध बाघोत स्थित बाघेश्वर धाम पर हजारों कावड़ अर्पित की जाती है। भक्तजन बैठी, खड़ी, झूला, टोकना कावड़ तथा अन्य रूपों में कावड़ लेकर हरिद्वार से बाघेश्वर धाम पहुंचते हैं। ये भक्त कम से कम 5 दिन और अधिकतम 10 दिनों में गंतव्य स्थान पर पहुंचते हैं। अपार भीड़ हरिद्वार से रवाना होती और करीब 350 किलोमीटर दूरी पैदल यात्रा पूरी की जाती है। महिला, बच्चे, बूढ़े हर वर्ग के भक्त हरिद्वार की और रवाना हो जाएंगे। सावन में गंगाजल अर्पित करने का सिलसिला जारी रहता है। इस बार जहां 11 अगस्त को बाघोत स्थित बाघेश्वर धाम पर मेला लगेगा। इस मेले में सबसे अधिक कावड़ अर्पित की जाती इसलिए इसे कावड़ मेला कहते हैं । वर्ष में दो बार यहां मेला लगता है। महाशिवरात्रि का मेला बहुत बड़ा लगता है लेकिन कावड़ बहुत कम अर्पित की जाती है जो सर्दियों में फरवरी माह में आता है जबकि गर्मियों के इस मेले में कावड़ अधिकार्पित की जाती है। जगह-जगह भक्तों के लिए शिविर लगाने की तैयारी हो रही है। 30 जुलाई से हरिद्वार से कावड़ उठाने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। 29 जुलाई को जहां गुरु पूर्णिमा पर डुबकी लगाई जाती है और 30 जुलाई से कावड़ उठाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। विभिन्न स्थानों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली की और भक्तजन रवाना होते हैं। कनीना के एक भक्ति सुमेर सिंह अब तक 48 कावड़ अर्पित कर चुके हैं। उधर कावड़ चढऩे का सिलसिला जारी है। इस बार भी वे कावड़ लाने के लिए 1 अगस्त को रवाना होंगे और 3 अगस्त को कावड़ हरिद्वार से उठाएंगे जो 5 दिनों में बाघोत आ जाएंगे। 8 अगस्त को बाघोत पहुंचने की संभावना है। उन्होंने बताया कि उनका दल जिसमें 5 से 6 सदस्य होते हैं त्वरित गति से कावड़ लाते हैं। पैदल यात्रियों में इनका यह ग्रुप तेज चलने वालों की श्रेणी में शामिल है। कनीना के अनेकों भक्त हैं जो वर्षों से कावड़ अर्पित करते रहे हैं। इस बार भी अर्पित करेंगे। लेखक डा. होशियार सिंह भी लाएंगे कावड़- डा. होशियार सिंह कनीना निवासी लेखक एवं साहित्यकार हर वर्ष कांवड़ लाते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 से वे लगातार हर वर्ष बाघोत के बाघेश्वर धाम पर कावड़ अर्पित करते आ रहे हैं। वर्ष में जहां एक बार हरिद्वार से कावड़ लाते हैं वहीं एक बार खाटू श्याम पदयात्रा करते हुए अपना निशान अर्पित करते हैं। 2010 से ही खाटू श्याम जाने का सिलसिला जारी है। यही नहीं 2010 से ही वे जैतपुर पदयात्रा पर जाते रहे हैं। उन्होंने बताया कि जहां कावड़ जाने का कार्य कुछ कठोर नियमों में बंधकर पूर्ण किया जाता है वही ध्वज/निशान अर्पित करने का कार्य कुछ लचीले नियमों में पूर्ण किया जाता है। यही कारण है कि निशान अर्पित करने वालों की संख्या कावड़ वालों से भी अधिक होती है। ऐसी में लेखक जहां वर्ष में तीन पदयात्रा पूर्ण करते हैं। एक हरिद्वार, दूसरी हुडिय़ा/जैतपुर राजस्थान, तीसरी खाटू धाम राजस्थान की पूर्ण करते हैं। उन्होंने बताया कि इन यात्राओं के पीछे न केवल धार्मिक आस्था है अपितु अपने शरीर को स्वस्थ रखना भी है। इस बहाने लंबी यात्रा पूर्ण हो जाती है और जहां आस्था भी पैूर्ण हो जाती है। इसलिए इसे एक पंथ दो काज कहते हैं। उन्होंने बताया कि वे भी तीन अगस्त को हरिद्वार से कावड़ उठाएंगे और 8 अगस्त तक बाघोत अर्पित करने की संभावना है। फोटो कैप्शन 09: बाघेश्वर धाम बाघोत।
मन की बात का 136वां एपिसोड देखा गया ****************************************************** **************************************************** ***************************************************** कनीना की आवाज। रविवार को अटेली के पूर्व विधायक सीताराम यादव ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात का 136वां एपिसोड भाजपा के वरिष्ठ नेता सत्यवीर सिंह यादव सेहलंग के निवास स्थान पर बूथ नंबर -14 पर भाजपा के अनेको कार्यकर्ताओं और सेहलंग गांव के गणमान्य लोगों के साथ देखा। बाद में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर हरियाणा भाजपा संगठन मजबूत करने के बारे विचार विमर्श किया। उन्होंने केन्द्रीय सरकार और हरियाणा सरकार की विकास कार्यों की उपलब्धियां बताई। इस अवसर पर उनके साथ सत्यवीर सिंह यादव (सेहलंग), वरिष्ठ भाजपा नेता हनुमान प्रसाद शर्मा (अगिहार ),भाजपा पूर्व मंडल अध्यक्ष कनीना शक्ति सिंह यादव (पोता ), किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष कनीना कुलदीप सिंह यादव, युवा भाजपा नेता सेहलंग रामेश्वर दयाल धनौंदा, रामचन्द्र सेहलंग, सतीश यादव बजाड़, वजीर साहब सेहलंग आदि भाजपा के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहें। फोटो कैप्शन 06:भाजपा पदाधिकारी मन की बात का प्रसारण देखते हुए
भागवत कथा का हुआ समापन -भंडारा आयोजित ****************************************************** **************************************************** ***************************************************** कनीना की आवाज। ठाकुरजी का मंदिर कनीना में श्रीमदभागवत कथा का समापन हुआ। सुबह हवन यज्ञ में आयोजित किया गया जिसमें यजमान पवन कुमार शर्मा व सरोज देवी, जितेंद्र शर्मा व उजाला देवी वार्ड नंबर 12 रहे। महंत पूर्ण देव द्वारा यज्ञ हवन किया गया। बाद में पुजारी कंवर सैन वशिष्ठ ने बताया कि प्रसाद, भोग, आरती और प्रसाद वितरण में भारी संख्या में औरतें आई। शाम तक प्रसाद वितरण कार्यक्रम चला। मोहन सिंह यादव अध्यक्ष भारत विकास परिषद शाखा कनीना ने बताया कि प्रसाद की व्यवस्था बहुत ही उत्तम थी। ऐसे आयोजनों से समाज में मेल मिलाप बढ़ता है। कंवर सैन ने बताया कि महंत पूर्ण दास कथा करने में महारत हासिल है और वे चार घंटे लगातार श्रोतागण को मंत्रमुग्ध रखते हैं। कथा को क्रमानुसार आगे बढ़ाते हैं। कथा सुनने आए भक्तों ने दान दिया। इस मौके पर मोहन सिंह यादव अध्यक्ष भारत विकास परिषद शाखा कनीना, दिलावर सिंह, ओमप्रकाश शर्मा, सुरेंद्र लेक्चर, सत्यप्रकाश,बाबुलाल यादव आदि सैकड़ों भक्त जन मौजूद थे। फोटो कैप्शन 07: मंदिर में सेवा करते भक्तजन
कारगिल विजय दिवस पर पौधारोपण कर शहीदों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि ****************************************************** **************************************************** ***************************************************** कनीना की आवाज। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर गांव रामबास में पर्यावरण संरक्षण एवं शहीदों की स्मृति को समर्पित पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी मनोज कुमार रामबास के नेतृत्व में विभिन्न स्थानों पर पौधे लगाए गए तथा कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि कारगिल के वीर सैनिकों का सर्वोच्च बलिदान देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। शहीदों के सम्मान में लगाए गए पौधे उनकी अमर स्मृति का प्रतीक बनेंगे और आने वाली पीढिय़ों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। उन्होंने सभी ग्रामीणों एवं युवाओं से अधिक से अधिक पौधे लगाने और हरियाली बढ़ाने का आह्वान किया। फोटो कैप्शन 01: शहीदों के नाम पर पौधारोपण करते हुए
अगिहार स्कूल में मनाया गया कारगिल विजय दिवस ****************************************************** **************************************************** ***************************************************** कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार में विजय दिवस के अवसर पर कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य पूनम यादव ने की। विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक ने विद्यार्थियों को बताया कि भारतीय सैनिकों के अपने शौर्य और पराक्रम के बल पर विषम परिस्थितियों में लड़े कारगिल युद्ध में पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने उन्होंने इस युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए भारतीय सेना के अनुशासन,पराक्रम और शौर्य की सराहना करते हुए उसे देश का गौरव बताया। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं साइना,कोमल, मानवी,नव्या,नरगिस, शारदा,कल्पना,मानवी, नेहा तथा अर्चना ने देशभक्ति पूर्ण कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता अजय कुमार बंसल, निशा जांगड़ा, कैलाश देवी, वंदना जांगिड़, राकेश कुमार, मुख्य शिक्षक रतनलाल,धर्मेंद्र डीपीई, शशि कुमारी, पूनम कुमारी सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित रहे। फोटो कैप्शन 02: शहीदों को याद करते हुए
नीट में सफलता पाने वाली बच्चियों को बाबा मोलडऩाथ मंदिर कमेटी ने किया सम्मानित ****************************************************** **************************************************** ***************************************************** कनीना की आवाज। हाल ही में हुई नीट परीक्षा 2026 में गांव का नाम रोशन करने वाली दोनों लड़कियों को मंदिर कमेटी ने सम्मानित किया। साक्षी वार्ड नंबर 2 ने नीट में 600 अंक लेकर अपने माता-पिता व अपने गांव का नाम रोशन किया और वार्ड नंबर 5 निवासी तनीषा यादव ने ओबीसी कैटेगरी में आल इंडिया 2664 रैंक प्राप्त कर गांव का गौरव बढ़ाया। तीसरी गीतिका वार्ड नंबर 10 निवासी ने एनआईटी फरीदाबाद में सफलता हासिल की। इन सभी प्रतिभाओं को मंदिर कमेटी ने सम्मानित किया। मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने बताया कि इस तरह की प्रतिभाओं को सम्मान करना हमारे लिए बड़े गर्व की बात है। बेटियां हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर रही हैं। इन सभी प्रतिभाओं ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता वह गुरुजनों को दिया। उन्होंने बताया कि कड़ी मेहनत की जाए तो सफलता अपने आप कदम चूमती है। साक्षी शर्मा ने कहां की किसी भी तरह से निराश होना अपनी मंजिल से दूर जाना होता है। मन में एक लक्ष्य लेकर दिन रात मेहनत करके हमने यह मुकाम हासिल किया है। वह सभी बच्चों को यह संदेश देना चाहते हैं कि सही दिशा में उठाया हर कदम आपके जीवन में नई खुशियां लेकर आता है। इसलिए अपने माता-पिता वह अपने परिवार के प्रति जिम्मेदारी उठाते हुए शिक्षा पर बल देना चाहिए। शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जिससे हर इंसान नई ऊंचाइयों को छू सकता है। हम मध्यम वर्ग में पैदा हुए हमने मुश्किल हालातों में पढ़ाई की लेकिन आज जब 23 लाख बच्चों में हमने अपनी मंजिल को पाया तो दिल खुशी से झूम उठा। साक्षी ने मंदिर कमेटी के सभी सदस्यों का दिल से आभार प्रकट किया कि उन्होंने बेटियों का सम्मान करके एक नई ऊर्जा दी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि हर कदम पर गांव का नाम रोशन करेंगी। दिन-रात मेहनत करके एक अच्छे डॉक्टर की डिग्री प्राप्त करेंगी। कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने बताया कि गीतिका वार्ड नंबर 10 में बहुत ही गरीब परिवार में जन्मी बच्ची है इसके परिवार के पास रहने के लिए ठीक से मकान भी नहीं है और अनुसूचित जाति से संबंध रखती है। फिर भी इन्होंने कड़ी मेहनत करके जो मुकाम हासिल किया। इस मौके पर मंदिर कमेटी के सभी सदस्य मौजूद रहे जिनमें प्रकाश साहब, बलबीर साहब, रमेश, लाल सिंह, अशोक डीपी, हेडमास्टर अश्विनी यादव, महेंद्र सिंह शिवकुमार, पवन कुमार, मास्टर अनिल, सतबीर यादव, अरविंद यादव, शिवचरण, लीलू यादव, राजेंद्र सिंह व अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। फोटो कैप्शन 03 व 04: छात्राओं को पुरस्कृत करते हुए मंदिर कमेटी
कनीना में भूतपूर्व सैनिकों ने मनाया कारगिल विजय दिवस, शहीदों को दी श्रद्धांजलि ****************************************************** **************************************************** ***************************************************** कनीना की आवाज। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कनीना कस्बे के वार मेमोरियल पर भूतपूर्व सैनिकों ने एकत्र होकर देश के वीर शहीदों को पुष्प एवं पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान शहीदों के अदम्य साहस, बलिदान और देशभक्ति को याद करते हुए उन्हें नमन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित भूतपूर्व सैनिकों ने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सेना के जवानों ने अपने अद्भुत पराक्रम और बलिदान से देश का गौरव बढ़ाया। उनका यह बलिदान आने वाली पीढिय़ों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने संकल्प लिया कि प्रत्येक वर्ष कारगिल विजय दिवस को इसी प्रकार श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर भूतपूर्व सैनिकों ने वार मेमोरियल परिसर में पौधारोपण भी किया तथा लोगों को पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक पेड़ लगाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शहीदों की स्मृति को सम्मान देने के साथ-साथ स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण का निर्माण करना भी हम सभी का कर्तव्य है। इस मौके पर भूतपूर्व सैनिक कप्तान भरपूर, कप्तान अशोक,कप्तान सूबे सिंह, सूबेदार मेजर दुलीचंद, कप्तान अभय सिंह, लेफ्टिनेंट करण सिंह, सूबेदार प्रताप सिंह, सूबेदार मेजर राजेश कुमार,पेटी ऑफिसर अजय कुमार, सूबेदार लक्ष्मी नारायण, सूबेदार रणवीर, सूबेदार मेजर देशराज, कैप्टन जयपाल, हवलदार सज्जन सिंह, रविन्द्र सिंह, राजेंद्र सिंह, नरेंद्र फौजी , सूबेदार महेंद्र सिंह सूबेदार मेजर दीनदयाल, सूबेदार वीरेन्द्र, हवलदार नरेश कुमार, इंस्पेक्टर रामेश्वर, इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह, हेड मास्टर सुरेंद्र व अनेक भूतपूर्व सैनिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन देशभक्ति के नारों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ। फोटो कैप्शन 05: शहीदों को याद कर शहीद स्मारक में पौधारोपण करते हुए पूर्व सैनिक
Saturday, July 25, 2026
पुलिस की कार्रवाई अवैध शराब बेच रहे आरोपी को 24 बोतल शराब सहित किया गिरफ्तार ********************************************************** *************************************************** *********************************************************** कनीना की आवाज। थाना सदर कनीना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को अवैध शराब सहित गिरफ्तार किया है। पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि विकास निवासी गांव कोका, थाना सदर कनीना अपने घर से अवैध रूप से शराब बेचने का कार्य करता है। सूचना के आधार पर थाना सदर कनीना पुलिस ने तत्काल रेडिंग टीम का गठन कर आरोपी के मकान पर दबिश दी। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कुल 24 बोतल अवैध शराब बरामद की, जिसमें 20 बोतल देसी शराब मार्का रसीला संतरा 02 बोतल रायल स्टैग अंग्रेजी शराब तथा 02 बोतल सीजन अंग्रेजी शराब शामिल हैं। आरोपी बरामद शराब के संबंध में कोई वैध लाइसेंस अथवा परमिट प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने बरामद अवैध शराब को कब्जे में लेकर आरोपी विकास के विरुद्ध थाना सदर कनीना में आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। महेंद्रगढ़ पुलिस आमजन से अपील करती है कि यदि कहीं भी अवैध शराब की बिक्री, तस्करी अथवा नशे से संबंधित किसी भी प्रकार की गतिविधि की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। फोटो कैप्शन 05: पकड़ा गया आरोपी
आरती सिंह राव की पहल से तैयार हुआ बाघोत का 7 करोड़ रुपए का 33 केवी बिजलीघर - आधा दर्जन गांवों को मिलेगा सीधा लाभ ********************************************************** *************************************************** *********************************************************** कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव बाघोत में चुनावी दौरे के दौरान ग्रामीणों ने तत्कालीन प्रत्याशी एवं वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के समक्ष 33 केवी विद्युत सब स्टेशन की मांग रखी थी। मंत्री ने उस समय ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि सरकार बनने के बाद इस मांग को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। अब उसी वादे को पूरा करते हुए करीब 7 करोड़ रुपए की लागत से बाघोत में 33 केवी विद्युत सब स्टेशन बनकर तैयार हो चुका है। बिजलीघर के अंदर विद्युत आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है और मशीनों की स्थापना के साथ अंतिम तकनीकी परीक्षण किए जा रहे हैं। बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार अगस्त माह से इस बिजलीघर से नियमित बिजली आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव जल्द ही इसका विधिवत शिलान्यास करेंगी। ग्रामीणों से किया वादा निभाया - आरती सिंह राव स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि चुनाव से पहले बाघोत के ग्रामीणों ने उन्हें क्षेत्र की बिजली समस्याओं से अवगत कराया था। उन्होंने उसी समय आश्वासन दिया था कि सरकार बनने पर इस समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा। आज उन्हें खुशी है कि यह वादा पूरा हो गया है और बाघोत का 33 केवी बिजलीघर बनकर तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में गांवों को मूलभूत सुविधाओं से सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। तीन नए 11 केवी फीडरों से मिलेगी राहत-- नए 33 केवी बिजलीघर से बाघोत एपी, डोमेस्टिक तथा राजावास-सयाना एपी सहित तीन नए 11 केवी फीडर संचालित किए जाएंगे। इससे बाघोत, स्याना सहित आसपास के करीब आधा दर्जन गांवों के हजारों घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को बेहतर वोल्टेज के साथ निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी। बिजली भार का संतुलित वितरण होने से लो-वोल्टेज, ओवरलोडिंग, ट्रिपिंग और बार-बार बिजली कटौती जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिलने से खेती-किसानी को भी बड़ा लाभ होगा। अगस्त से शुरू होगी नियमित बिजली आपूर्ति-- मिली जानकारी अनुसार बिजलीघर के अंदर विद्युत आपूर्ति शुरू कर दी गई है। ट्रांसफार्मर, पैनल और अन्य उपकरणों की टेस्टिंग अंतिम चरण में है। सभी तकनीकी परीक्षण पूरे होने के बाद अगस्त माह से बिजलीघर को पूर्ण क्षमता के साथ चालू कर दिया जाएगा। निर्माण कार्य का अधिकारियों ने लिया जायजा-- निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान बिजली निगम के एसडीओ कनीना, एसडीओ राजेंद्र सिंह, एसडीओ ईशु शर्मा, जेई राजकुमार, निर्माण कंपनी के संचालक सुनील गौड़, ठेकेदार सोमदेव, मनीष कुमार, अमित, निलेश सहित निगम के तकनीकी अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि करीब 7 करोड़ रुपए की लागत से बने इस 33 केवी बिजलीघर से क्षेत्र की वर्षों पुरानी बिजली समस्या का स्थायी समाधान होगा और किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं तथा छोटे व्यापारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। फोटो कैप्शन: आरती सिंह राव
ककराला में जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता का हुआ शुभारम्भ ********************************************************** *************************************************** *********************************************************** कनीना की आवाज। जिला स्तरीय एसजीएफआई कुश्ती, भारोतोलन प्रतियोगता का एसडी स्कूल ककराला में शुभारम्भ हुआ। शुभारंभ विद्यालय चेयरमैन जगदेव यादव व विद्यालय निदेशक ओमप्रकाश यादव के द्वारा किया गया। विद्यालय चेयरमैन ने बताया कुल 280 खिलाडिय़ों ने भाग लिया। प्रतियोगिताएं 25 व 26 जुलाई को आयोजित होंगी जिनमें लड़कों की कुश्ती, भारतोलन प्रमुख हैं। जगदेव यादव ने कहा कि खिलाडिय़ों को बताया कि खेल को खेल की भावना से खेलना चाहिए व खेल मैदान में होने वाली गलतियों से सबक लेना चाहिए। भारोत्तोलन में अंडर 11 व 20 किलाग्राम वर्ग में जयवर्धन खेड़ी प्रथम व कार्तिक खेड़ी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा 22 किलोग्राम वर्ग में नक्ष खेड़ी ने प्रथम व दक्ष ककराला ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। 24 किलोग्राम भार में रितिक धनौन्दा ने प्रथम व हर्षित खेड़ी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। 26 किलोग्राम भार में कुनाल खेड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कुश्ती अंडर 11 पुरुष वर्ग में 28 किलोग्राम भार में कार्तिक खेड़ी प्रथम, कार्तिक धनौन्दा तथा लक्ष्य द्वितीय स्थान प्राप्त किया। 30 किलोग्राम भार में रितिक खेड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 34 किलोग्राम भार में देवेन्द्र बाघोत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 36 किलोग्राम भार में श्रेयान सतनाली ने प्रथम व नवनीत ककराला ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। फोटो कैप्शन 03 व 04: खिलाडिय़ों को पुरस्कृत करते हुए
कनीना के ठाकुरजी मंदिर में भागवत कथा जारी छठे दिन महंत ने सुनाई भागवत कथा ********************************************************** *************************************************** *********************************************************** कनीना की आवाज। श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन ठाकुर जी का बड़ा मंदिर कनीना में महंत पूर्ण देव द्वारा सुबह यज्ञ हवन करके कथा आरंभ की। भगवान श्रीकृष्णजी के जयकारे के साथ कथा आरंभ की। पुजारी कंवर सैन वशिष्ठ ने बताया कि सर्वप्रथम भगवान श्रीकृष्ण जी के 16108 विवाह का वर्णन किया उसके बाद उषा देवी और अनिरुद्ध विवाह विवरण सहित श्रोताओं को बताया। बाद दत्तात्रेय भगवान के 24 गुरुओं का कारण सहित वर्णन किया। इसी क्रम में सुदामाजी का चरित्र वर्णन किया व भजन द्वारा बता मेरे यार सुदामा रे घना दिनों में आया पर भक्त झूम कर नाचे और ज्ञान का पूर्ण आनंद उठाया। भगवान श्री कृष्ण द्वारा मित्रता निभाना व उनके चरण कमल धोकर सुदामा की पूजा करना, परीक्षित द्वारा सुखदेव जी को मोक्ष मार्ग का ज्ञान देना कि आप शरीर नहीं आत्मा हो। इस मौके पर पूर्व पार्षद मोहन सिंह यादव ने कहा कि आज कथा के सातवें दिन कथा वाचक महंत पूर्ण देव ने अपनी मधुर वाणी से स्रोताओं का दिल जीत लिया। मोहन सिंह ने अपनी नेक कमाई में से 1100 रुपए कथा पर भेंट चढ़ाए। कंवर सैन वशिष्ठ ने बताया कि आगामी कल कल सुबह हवन के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। सभी भक्त जनों से प्रार्थना है कि 12 बजे बाद ठाकुर जी के मंदिर कनीना में आकर प्रसाद ग्रहण करें। इस मौके पर ठाकुर अतर सिंह कैमला,पवन कुमार, राजेन्द्र सिंह पूर्व पार्षद, एडवोकेट विनय यादव, दिलावर सिंह, राजकुमार,रण सिंह खेड़ी, लखनलाल,हनुमान, सतबीर, ओमप्रकाश,अरुणा कौशिक पूर्व पार्षद, सरिता भारद्वाज,सरोज देवी, उजाला देवी शुकंतला,मीरा, संतोष भक्तजन मौजूद थे। फोटो कैप्शन 02: संत भागवत कथा समझाते हुए
बिजली कटौती को लेकर लोगों ने निकाला जुलूस ********************************************************** *************************************************** *********************************************************** कनीना की आवाज। बिजली कटौती के खिलाफ गांव धनौन्दा और आसपास के खरकड़ा बास, झाड़ली छिथरोली, सिहोर, खेड़ी तलवाना, कैमला गांवों के लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया और जुलूस निकाला। जुलूस का नेतृत्व अतरलाल ने किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मांग लिखे पोस्टर लेकर बिजली कटौती बंद करो, बिजली विभाग होश में आओ और बिजली व्यवस्था में सुधार करो के जोरदार नारे लगाए। अतरलाल, चेयरमैन रतनसिंह, डॉ. मुकेश तंवर, पिताम्बर प्रधान, मीर सिंह वैद्य, हवलदार हवासिंह, गौशाला के प्रधान पवन, नगेन्द्र, गिरधारी ने कहा कि रोजाना बिजली के अघोषित लंबे-लंबे कट लग रहे हैं। जिससे आमजन परेशान हैं। पिछले एक सप्ताह से अधिकारियों को बार-बार अवगत करवाने के बाद भी कोई सुधार नहीं किया गया। इसलिए लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि दो दिन के अंदर तत्काल बिजली कटौती बंद कर आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया तो उपमंडल अधिकारी विद्युत कनीना के कार्यालय का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने अधिक्षक अभियंता (विद्युत) नारनौल, कार्यकारी अभियंता (विद्युत) महेन्द्रगढ़ और उपमंडल अधिकारी (विद्युत) कनीना को प्रेषित ज्ञापन नेताजी अतरलाल को सौंपा। उन्होंने ज्ञापन में बिजली कटौती तत्काल बंद करने, ट्रांसफार्मरों पर रिले की व्यवस्था करने तथा बिजली आपूर्ति में सुधार की मांगे की गई। अतरलाल ने ज्ञापन को तत्काल अधिकारियों को भेजने का भरोसा दिया। जुलूस में रतन सिंह चेयरमैन, पूर्व सरपंच राजेन्द्र सिंह, पूर्व सरपंच रामबिलास शर्मा, कृष्ण सिंह, मुकेश तंवर, कैलाश सेठ, मीर सिंह वैद्य, गौशाला प्रधान पवन तंवर, अशोक, घनश्याम पंच, कमरू मिस्त्री, पृथी, बलवान, रूपेन्द्र, कपिल शर्मा, प्रमोद, सुरेन्द्र, सतंलाल, ताराचंद, हव. हवासिंह, नवीन, नरेश, रामबीर, हनुमान सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। फोटो कैप्शन 01: बिजली कटौती पर जुलूस निकालते हुए
आपरेशन विजय दिवस-26 जुलाई
आपरेशन विजय के दो साक्षी बोले- गोलियों की आवाज से पहचान लेते थे किस ओर से दागा गया गोला, जीत तक नहीं छोड़ा मोर्चा ********************************************************** *************************************************** *********************************************************** कनीना की आवाज। कारगिल की दुर्गम चोटियों पर 1999 में लड़ा गया आपरेशन विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का स्वर्णिम अध्याय है। इस ऐतिहासिक विजय के 27 वर्ष बाद भी कनीना के दो पूर्व सैनिक उस रणभूमि की यादों को अपने सीने में संजोए हुए हैं। एक ने तोलोलिंग और टाइगर हिल पर दुश्मन से सीधा मुकाबला किया, तो दूसरे ने युद्धभूमि में घायल सैनिकों का उपचार कर अनेक जिंदगियों को बचाने का प्रयास किया। कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर दोनों पूर्व सैनिकों की आंखों में आज भी वही जोश और चेहरे पर वही गर्व दिखाई देता है। कनीना निवासी सेवानिवृत्त नायक राम अवतार बताते हैं कि 26 अप्रैल 1983 को सेना में भर्ती होने के बाद वर्ष 1999 में उन्हें कारगिल युद्ध के दौरान तोलोलिंग की पहाडिय़ों पर भेजा गया। वहां उन्होंने दुश्मन के विरुद्ध भीषण संघर्ष किया। वह बताते हैं कि उनकी आंखों के सामने परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र सिंह यादव भी गंभीर रूप से घायल हुए थे, लेकिन किसी सैनिक का हौसला नहीं टूटा। करीब एक माह तक लगातार चले संघर्ष के बाद उनकी यूनिट को कुछ समय के विश्राम के उपरांत टाइगर हिल भेजा गया। राम अवतार बताते हैं कि टाइगर हिल पर हर पल मौत सामने खड़ी रहती थी। चारों ओर बर्फीली चोटियां थीं और सन्नाटे को केवल गोलियों और तोपों की गूंज तोड़ती थी। करीब 10 दिन तक चले भीषण संघर्ष के बाद भी उनकी यूनिट को लगभग एक माह तक वहीं तैनात रखा गया, ताकि दुश्मन दोबारा कब्जे की कोशिश न कर सके। अंतत: टाइगर हिल पूरी तरह भारतीय सेना के नियंत्रण में आ गई। वह बताते हैं कि ऊंचाई पर हालात इतने कठिन थे कि कई-कई दिन तक भोजन समय पर नहीं पहुंच पाता था। जो खाना मिलता, वह भी कई बार खराब हो चुका होता था, लेकिन देश की रक्षा का संकल्प हर कठिनाई पर भारी पड़ता था। कठिन परिस्थितियों के कारण कई सैनिकों के पेट में कीड़े तक हो गए, जिनका बाद में उपचार कराया गया। बीमारी और अभाव के बावजूद किसी ने मोर्चा नहीं छोड़ा। राम अवतार कहते हैं कि सुरक्षा कारणों से वायरलेस सेट पर केवल कमांडिंग अधिकारी ही बातचीत करते थे। सैनिक लगभग पूरे देश से कटे रहते थे। लगातार गोलाबारी के बीच उन्होंने इतना अनुभव हासिल कर लिया था कि केवल आवाज सुनकर पहचान लेते थे कि गोला भारतीय सेना ने दागा है या पाकिस्तान की ओर से आया है। उनका कहना है कि जीवन में कारगिल जैसा कठिन युद्ध दूसरा नहीं देखा। अनेक साथियों को बलिदान देते देखा, लेकिन किसी सैनिक के कदम पीछे नहीं हटे और अंतत: भारत ने विजय प्राप्त की। कारगिल युद्ध के दौरान उत्कृष्ट सेवा के लिए सरकार ने उन्हें विदेश भेजकर सम्मानित करने का निर्णय भी लिया था, लेकिन वर्ष 2000 में सेवानिवृत्ति निकट होने के कारण उन्होंने यह सम्मान स्वीकार नहीं किया। 26 अप्रैल 2000 को वह सेना से सेवानिवृत्त हुए। वहीं कनीना निवासी सेवानिवृत्त सैनिक सुनील कुमार भी आपरेशन विजय के महत्वपूर्ण साक्षी रहे। वर्ष 1986 में सेना में भर्ती हुए सुनील कुमार ब्लड बैंक टेक्नीशियन के रूप में तैनात थे। युद्ध के दौरान उनकी जिम्मेदारी घायल सैनिकों को प्राथमिक उपचार देकर सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाना थी। वह बताते हैं कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने अनेक जवानों को घायल अवस्था में देखा और हर संभव प्रयास कर उन्हें जीवन देने की कोशिश की। उनका मानना है कि मोर्चे पर लडऩे वाला सैनिक और घायल सैनिक की जान बचाने वाला सैन्यकर्मी, दोनों ही राष्ट्र रक्षा की समान कड़ी होते हैं। दोनों पूर्व सैनिकों का कहना है कि कारगिल विजय केवल सेना की नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के अटूट विश्वास, त्याग और वीरता की जीत थी। आज भी जब कारगिल की यादें ताजा होती हैं तो उनका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है और मन में यही संकल्प उठता है कि भारत की ओर आंख उठाने वाले हर दुश्मन को उसी दृढ़ता से जवाब दिया जाएगा, जैसा कारगिल की चोटियों पर दिया गया था। फोटो कैप्शन : रामअवतार एवं सुनील कुमार