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Wednesday, September 30, 2026




 



स्टेट अवार्डी शिक्षकों को मिलेंगी दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां, कोर्ट में हुआ फैसला
-कुछ कुतरूं प्राचार्यों के मुंह पर लगा करारा तमाचा
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कनीना की आवाज।
 2021 के स्टेट अवार्डी जिन्हें 2022 में स्टेट अवार्ड मिला था, ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अनेक याचिकाएं डाली थी जिनका बुधवार 30 सितंबर को फैसला आ गया और वह स्टेट अवार्डी शिक्षकों के पक्ष में आया है। अब उनको दो अग्रिम वेतन वृद्धियां मिलेंगी। अभी यह  कारवां यहीं पर रुकने वाला नहीं लगता अपितु जो लाभ पूर्व में मिलते आए हैं वो भी धीरे धीरे मिलने की प्रबल उम्मीद है। उनके बाबत भी याचिकाएं चल रही है और उन्हें उम्मीद है कि सभी लाभ 2020 तक मिलते थे वो मिल जाएंगे। पूरी  एक और जहां बहुत से स्टेट अवार्डी पहले से ही अग्रिम/अतिरिक्त वेतन वृद्धियों का लाभ ले रहे हैं परंतु कुछ कुतरूं प्राचार्यों ने अपनी इज्जत, सम्मान, अपनी प्रतिष्ठा समझते हुए शिक्षकों को परेशान करते हुए उनके लाभ नहीं दिए, ऐसे कुतरूं प्राचार्यों के मुंह पर करारा तमाचा भी लग गया है। जो यह जाहिर करता है कि शिक्षा विभाग में ऐसे गंदे प्राचार्य भी हैं जो कर्मचारी को बेवजह दुखी करते हैं। ऐसे कुतरूं प्राचार्यों को भी एक दिन सेवानिवृत्त होना है। तब शिक्षक यही कहेंगे कि इन्होंने अपने कर्मियों के साथ जो व्यवहार किया है वैसा ही इनके साथ किया जाना चाहिए। जब ये मरेंगे तो उनके साथी शिक्षक यही कहेंगे कि धरती के बोझ थे, गंदे आदमी थे चले गए, अच्छा हुआ। जबकि इंसानियत रखने वाले अनेक सच्च्चे ममायने में प्राचार्य के पद से न्याय करते हैं, जो कर्मचारी को कभी परेशान नहीं बल्कि खुद चलकर उनके लाभ दिलवाते हैं। ऐसे प्राचार्यों की लंबी उम्र की कामना भी करने वाले बहुत से शिक्षक होंगे और उनको सभी दुआएं भी मिलती रहेगी। अफसोस होता है कि कुछ कुतरूं प्राचार्य यह समझते हैं कि उनके बाप की प्रापर्टी ये शिक्षक ले रहे हैं। ऐसे में उनके लाभों के लिए या तो जानबूझकर अडंग़ा डाल देते हैं या फिर लेने से वंचित करते हैं। कारण उनका अपना निजी स्वार्थ और व्यक्तिगत दुश्मनी भी झलकती है। एक आरटीआई के जवाब में जब कनीना के डा. होशियार सिंह यादव अर्जित अवकाश काटे जाने पर एसओ से मिला और रूबरू हुआ तो एसओ ने स्पष्ट कहा कि मैंने आपका कोई अर्जित अवकाश नहीं काटा, यदि मैंने कोई काटा हो और मेरे कहीं हस्ताक्षर हो तो मुझे दिखाओ, मैं दोषी रहूंगा और आपके सारे लाभ दूंगा। तो ऐसे में यह पता चलता है कि अर्जित अवकाश भी प्राचार्य ने जानबूझकर रंजिशवश काटे हैं? इस संबंध में आरटीआई पर आरटीआई लगाई जा रही है ताकि यह पता लगे कि एसअसे ने कोई टिप्पणी देकर अर्जित अवकाश काटे थी या नहीं? सबसे बड़ा आश्चर्य होता है की हाजिर होते हुए भी वेतन काट लिया गया, इससे बड़ी दुश्मनी क्या होगी। आखिर कोर्ट में उनके विरुद्ध मानहानि का दावा भी डालना पड़ेगा। जब तक डा. होशियार सिंह जिंदा है तब तक ऐसे कुछ प्राचार्यों को कोर्ट में घसीटा जाएगा। खैर कुछ भी हो इस वक्त  स्टेट अवार्डी शिक्षकों के पक्ष में जो फैसला न्यायालय दिया है उससे खुशी हुई है।
एनके , डा. होशियार सिंह के पुराने साथी एवं खंड शिक्षा अधिकारी हैं, ने एक दिन कहा कि एक दिन मेरे पास आपकी सर्विस बुक आएगी, उसी दिन आपके सभी लाभ मैं अपनी कलम से दे दूंगा। उन्होंने कहा कि दुख होता है कि ये लाभ कोई प्राचार्य अपनी जेब से नहीं देता। उसके लिए एफिडेविट भी लिया जा सकता है और कर्मचारियों की जिम्मेवार होती है। चूंकि कर्मचारी पेंशन लेता है या वेतन लेता है। अगर वह कुछ ज्यादा लेता है तो उसके वेतन और पेंशन से लाभ काटे जा सकते हैं। उन्होंने दुख व्यक्त किया कि जीवन भर जिन्होंने बेहतरीन दर्जे की शिक्षा दी, उनके साथ कुछ प्राचार्यों ने इतना भेदभाव किया हैं कि लगता है सचमुच आपसी रंजिश के कारण ऐसा करते होगा लेकिन रंजिश भी हो तो मैदान में निकाले किसी के वेतन एवं लाभों को काटकर न निकाले।
डा. होशियार सिंह कनीना, पूर्व शिक्षक के न  केवल अर्जित अवकाश काट रखें हैं अपितु एक दिन स्कूल में हाजिर था, उस दिन का वेतन भी काट रखा है, दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां भी नहीं दी हैं या दो अग्रिम वेतन वृद्धियां भी नहीं दी, 2 साल का सेवा विस्तार भी नहीं मिला, तबादलों में भी कोई लाभ नहीं हुआ। कुल मिलाकर स्टेट अवार्ड होने का उन्हें एक नए पैसे का भी लाभ नहीं हुआ क्योंकि जितना सरकार ने दिया उससे ज्यादा खर्च हो गया। आने वाले समय उनके पक्ष में कई फैसले आने की की पूरी उम्मीद है। तब कुछ कुतरूं प्राचार्य ऐसे बिफरेंगे जैसे बंदर की पूंछ में आग लगा दी हो या फिर मंच से खीर खाने की कथा सुना दी हो।


ट्यूबवेल की बिजली की केबल चोरी, अज्ञात चोरों के विरुद्ध केस दर्ज
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कनीना की आवाज।
 कनीना उप-मंडल के गांव रसूलपुर में किसान के ट्यूबवेल की 230 फुट केबल अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। पुलिस में दीपक कुमार ने पुलिस में दी गई एक शिकायत में कहा है कि  29 सितंबर को उन्होंने अपने ट्यूबवेल की मोटर जलने के कारण केबल बाहर निकली थी। बुधवार को सुबह जाकर देखा तो 230 फुट केबल अज्ञात चोर चोरी कर ले गये। कनीना पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध चोरी का मामला दर्ज कर लिया है।

 

 

 

 

 

 

 

 

आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में पोषण, एनीमिया व टीकाकरण की दी जानकारी
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कनीना की आवाज।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर शुरू किए गए सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को ग्रामीण सचिवालय में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण परिवारों को स्वास्थ्य, पोषण एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम का नेतृत्व आंगनबाड़ी सुपरवाइजर अनीता ने किया। उद्घाटन सुनीता कादियान ने किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सरिता देवी ने किया।
कार्यक्रम के दौरान सुपरवाइजर अनीता ने महिलाओं को पोषाहार, एनीमिया की रोकथाम, बच्चों के नियमित टीकाकरण और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है। महिलाओं एवं किशोरियों में एनीमिया की समस्या से बचाव के लिए संतुलित भोजन लेने तथा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जांच करवाने के प्रति भी जागरूक किया गया।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से सरकार की विभिन्न योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चों के टीकाकरण को समय पर करवाने तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई।
बेटियों की शिक्षा पर भी दिया जोर
कार्यक्रम में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बेटियों की शिक्षा और उनके अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया गया। महिलाओं से बेटियों को समान अवसर देने और उनकी शिक्षा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया गया। महिला पंच सुमन ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से ग्रामीण महिलाओं को स्वास्थ्य एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर मिलती है।
कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहित महिलाएं मौजूद रहीं। आयोजन के दौरान महिलाओं ने स्वास्थ्य, पोषण और बच्चों की देखभाल से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की।
फोटो कैप्शन 04: आंगन मिलन समारोह भोजावास में उपस्थित महिलाएं





24 घंटे के धरने का समापन
-अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
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कनीना की आवाज।
रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन की महेंद्रगढ़ जिला इकाई ने लगातार 24 घंटे का पड़ाव / धरने का समापन करने से पूर्व लघु सचिवालय में प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त कार्यालय में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
पड़ाव की अध्यक्षता रिटायर्ड कर्










मचारी संघ के जिला प्रधान घनश्याम दास शर्मा ने की और संचालन रोशन लाल निंबल ने किया। इस अवसर पर राज्य  सचिव धर्मपाल शर्मा , सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व प्रधान धर्मेंद्र यादव किसान नेता, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के पूर्व प्रधान शेर सिंह यादव, वरिष्ठ नागरिक संगठन के  जिला प्रधान दुलीचन्द शर्मा, सर्वकर्मचारी संघ के जिला प्रधान कौशल यादव विशेष रूप से उपस्थित रहे । लघु सचिवालय में प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर राज्य सचिव धर्मपाल शर्मा ने कहा पेंशनभोगियों की लम्बित मांगों को लेकर देशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में 29-30 सितंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे लगातार पड़ाव आयोजित किया गया है । पेंशनभोगियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है और पुरानी पेंशन स्कीम से छेड़छाड़ करने के प्रयास किए जा रहे हैं। 8वें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस में यह स्पष्ट रूप दिखाई दे रहा है। पेंशन वेलिडेशन एक्ट पारित कर पेंशन रिवीजन का अधिकार भी समाप्त कर दिया है।पेंशनर्स की अन्य अत्यंत जायज मांगों की लगातार अनदेखी के कारण पेंशनर्स को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। 12 दिसंबर को रामलीला मैदान दिल्ली पर आखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर फेडरेशन के आहवान पर महारैली कि जायेगी। इस रैली मे हरियाणा  से कई हजार पेंशनर्स भाग लेंगे।
फोटो कैप्शन 04: ज्ञापन सौंपते हुए सेवानिवृत्त कर्मी






कैमला में आंगन मिलन कार्यक्रम
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कनीना की आवाज।
राष्ट्रीय पोषण में एवं सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आंगन मिलन सेवा के दूसरे चरण में पोषण एवं योजनाओं की जानकारी देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र कैमला में ओम प्रकाश यादव काउंसलिंग अधिकारी कार्यालय नारनौल उपस्थित हुए। उन्होंने रिबन काटकर आंगन मिलन कार्यक्रम का उद्घाटन किया। प्रियंका आंगनवाड़ी वर्कर ने सभी महिलाओं ,बच्चों  के पालन पोषण एवं रख-रखाव संबंधित विस्तृत जानकारी आंगनबाड़ी से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की।
 वीरेंद्र सिंह मौलिक मुख्याध्यापक  ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को सेवा ,शिक्षा, संस्कार और समर्पण के रूप में विकसित करना है।  महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा बच्चों के जन्म से लेकर पूर्ण पढ़ाई, शिक्षा ,पालन -पोषण के साथ-साथ शिक्षा विभाग के द्वारा लाभान्वित प्रोत्साहन राशि समय-समय पर दी जाती है। मुख्य अतिथि ने बताया कि हमें स्वस्थ रहना चाहिए, एनीमिया से बचाव करना चाहिए और संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए। पीएम मातृ वंदना योजना स्पांसरशिप स्कीम जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम को सहभागिता पूर्ण बनाने के लिए बच्चों से चित्रकारी ,मिट्टी के खिलौने आदि गतिविधियां आयोजित और मौसम सम्मानित महिला की गोद भरवाई रस्म अदा की गई। उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रियंका, दर्शन देवी और रेखा आशा वर्कर  को सम्मानित किया गया।
 इस अवसर पर सरपंच डिंपल जांगड़ा, विमला देवी, रेखा आशा वर्कर, दर्शना देवी ,सावित्री देवी ,माया देवी,लाली देवी आदि सभी महिलाएं उपस्थित रही।
फोटो कैप्शन 03: उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत करते हुए अधिकारी




स्कूल में आयोजित हुआ रंगोली कार्यक्रम
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कनीना की आवाज।
राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में सेवा संकल्प पखवाड़ा के अंतर्गत रंगोली कार्यक्रम विद्यालय स्तर पर आयोजित किया गया। जिसमें सभी बच्चों ने बढ़- चढ़कर के भाग लिया और एक से एक सुंदर रंगोली बनाकर सभी के मन को मोह लिया। विधार्थियों ने अपनी रंगोली के माध्यम से कला, शिल्प , संस्कार, संस्कृति पर आधारित अपने विचारों और दर्शन  का परिचय दिया।
 वीरेंद्र सिंह मौलिक मुख्याध्यापक ने सभी को प्रेरित करते हुए कहा कि हर बच्चे में असीम प्रतिभा छिपी हुई है। अगर उनको समय पर मौका मिले तो निश्चित रूप से वे बेहतर प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकते हैं।
कला मनुष्य का हुनर है। यदि समय पर उचित मार्गदर्शन और नेतृत्व मिले तो विद्यार्थियों के मन में आत्मविश्वास की प्रबल भावना जागृत होती है।
इस अवसर पर मनवीर सिंह सिंह विज्ञान अध्यापक, सुनील कुमार शास्त्री ,सुनील कुमार डीपीई , देवेंद्र यादव,राजेश कुमार, भगत सिंह ,गरिमा रानी प्राथमिक अध्यापिका, सूबे सिंह पूर्व प्रधान ,तारामणि देवी ,बबली देवी, पिंकी देवी आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: मुख्याध्यापक एवं विद्यार्थी रंगोली के साथ





विश्व शाकाहार दिवस- 01 अक्टूबर
शरीर के लिए सर्वश्रेष्ठ भोजन है शाकाहार
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कनीना की आवाज।
शाकाहार भोजन विश्व का सर्वश्रेष्ठ भोजन माना गया है जो सिर्फ पौधों से प्राप्त होता है। इसमें प्राकृतिक रूप से मिलने वाले खाद्य उत्पाद होते हैं, शाकाहारी भोजन में मांसाहार भोजन को शामिल नहीं किया जाता। लोग भोजन खाने की आदतें बदलते रहते हैं।  80 साल तक के लोग हैं जो शाकाहार भोजन करते आ रहे हैं और शाकाहार भोजन कैंसर, डायबिटीज, हृदयघात आदि बीमारियों से भी बचाता है। कुछ लोग पशु कल्याण और पर्यावरण संबंधित चिंताओं को लेकर चिंतित रहते हैं और शाकाहार भोजन खाते हैं।
 -पूरा शाकाकारी भोजन करना सेहत के लिए लाभकारी है।  इसमें फल, सब्जियां आदि प्रयोग करते हैं। अंडे एवं मांस प्रयोग नहीं करते। यही कारण है कि आज तक में 50 वर्ष के पार कर चुका हूं किंतु कभी कोई रोग नहीं हुआ है। कच्चा शाकाहारी भोजन के साथ-साथ पकाकर शाकाहार भोजन भी करते हैं।  रोगों से बचने का एकमात्र साधन शाकाहारी भोजन है जो इस संसार का बेहतर भोजन है। शाकाहारी भोजन में कभी मांसाहार पदार्थ नहीं शामिल किये जाते। यही कारण है कि शाकाहार भोजन खाने से शरीर दुरुस्त और शरीर रोगों से दूर रहता है। शाकाहार भोजन में आने को विटामिन, एंटीआक्सीडेंट, फाइबर और जल पर्याप्त मात्रा मिलते हैं। इस प्रकार का भोजन सर्वश्रेष्ठ भोजन होता है। वे इसे प्रयोग करने की वह सलाह देते हैं।
---सुनील कुमार
शाकाहार भोजन बीमारियों से हमें बचाता है। यह बेहतर रक्त शर्करा एवं बेहतर कोलस्ट्राल के स्तर को बढ़ावा देता है। इसके अलावा शाकाहार भोजन हृदय के रखरखाव करता है। शाकाहार भोजन का सबसे बड़ा योगदान है वो जिन लोगों में डायबिटीज होती है, वह भी शाकाहार भोजन खाने की सलाह देते हैं। शाकाहारी भोजन में ओमेगा-3 आलसी, वनस्पति तेल आदि से प्राप्त होता है। विटामिन बहुत मात्रा मिलते हैं। शाकाहार भोजन  नियमित सेवन करने के रोगों से बचाएगा अपितु इंसान की उम्र भी बढ़ाएगा। लंबे समय से उनके पूर्वज भी शाकाहार भोजन खाते आए हैं। शाकाहार भोजन खाने से लोगों में किसी प्रकार की बीमारी नहीं होती, जीवो की हत्या भी नहीं करनी पड़ती। शाकाहार भोजन दुनिया में सर्वश्रेष्ठ भोजन है। शाकाहार भोजन विश्व ने भी माना है। इस भोजन को खाकर इंसान स्वस्थ रहता है अधिक स्फूर्तिदायक माना गया है।  
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 -- अजीत कुमार
फोटो कैप्शन: सुनील, अजीत




35 सालों की सेवा पूरी कर प्राचार्य सुरेंद्र सिंह हुए सेवानिवृत्त
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कनीना की आवाज। 
कनीना उपमंडल के गांव नांगल मोहनपुर केे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य सुरेंद्र सिंह 35 सालों की सेवा करके बुधवार को सेवानिवत्त हो गए हैं। इस मौके पर स्कूल स्टाफ ने उन्हें पगड़ी पहनाई और भावभीनी विदाई दी। उनकी सेवाओं को याद किया और उन्हें बेहतरीन प्राचार्य बताया। इस मौके पर गांव से गजेंद्र सिंह, रोशन लाल, सुंदरलाल सरपंच, सुरेश कुमार आदि ने मौके पर पहुंचकर उनका फूल मालाओं से सम्मान किया।
 सरपंच ने कहा कि जो भी कर्मचारी एक बार सेवा में आता है उसकी सेवानिवृत्ति निर्धारित हो जाती है। हर कर्मचारी को सेवानिवृत्त होना है लेकिन कर्मचारियों को अपनी कलम से ऐसा काम कभी नहीं करना चाहिए ताकि भविष्य में उसकी सहकर्मियों से वह आंखें तक नहीं मिला सके। प्राचार्य को सदा अपने कर्मचारियों का हित करना चाहिए ताकि वह जीवन भर याद रखे। वरना इस दुनिया में सभी को सेवानिवृत्त होकर एक दिन इस जग से चला जाना है तब लोग यही कहेंगे कि अच्छा हुआ वो धरती पर बोझ था। इस मौके पर स्टाफ सदस्य अनूप सिंह, जयवीर, छोटेलाल, प्रीति, गुलशन, सुभाष, ज्योति, बलराम सहित अनेक सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किए।
फोटो कैप्शन 01: सेवानिवृत्त होते हुए सुरेंद्र सिंह प्राचार्य

Tuesday, September 29, 2026




 


सिद्धार्थ यादव का हुआ जमकर स्वागत
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कनीना की आवाज। 
नारनौल में भाजपा द्वारा सिद्धार्थ यादव को राष्ट्रीय मीडिया सह संयोजक नियुक्त किए जाने की खुशी में एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने सिद्धार्थ यादव का माल्यार्पण कर, फूल-मालाओं और उत्साहपूर्ण नारों के साथ उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके राजनीतिक योगदान और संगठन के प्रति समर्पण की सराहना की और विश्वास जताया कि वे राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की मीडिया नीतियों को नई दिशा और मजबूती प्रदान करेंगे। पूरे माहौल में जोश और उमंग साफ़ झलक रही थी। कनीना से प्रीतम उर्फ जोनू
ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। समारोह उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस मौके पर सीताराम पूर्व विधायक,डॉ दीपक राव ,एडवोकेट रोहित यादव ,सतबीर, बिट्टू , सचिन बॉस , राकेश यादव, परवीन कुमार,प्रिंस यादव, बच्चन पाल समेत सैकड़ों साथी मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 12: संबंधित है


राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (महिला) में रोजगार मेले का आयोजन, 60 छात्राओं को मिला रोजगार
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कनीना की आवाज।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (महिला) नारनौल में आज संस्थान के प्रधानाचार्य बिजेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में रोजगार मेले का आयोजन किया गया।
इस रोजगार मेले में यूएनओ मिंडा मानेसर, डीएलआईएम स्किल डेवलपमेंट फाउंडेशन टपूकड़ा और बीडी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बावल कंपनी के प्रतिनिधियों ने शिरकत की।
प्रधानाचार्य बिजेन्द्र सिंह ने बताया कि मेले के प्रति छात्राओं में खासा उत्साह देखा गया, जिसमें संस्थान की कुल 130 छात्राओं ने हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
विभिन्न कंपनियों से आए मानव संसाधन (एचआर) प्रतिनिधियों द्वारा छात्राओं की शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी कौशल और साक्षात्कार में प्रदर्शन के आधार पर चयन प्रक्रिया पूरी की गई। रोजगार मेला में 60 योग्य छात्राओं का चयन विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार के लिए किया गया।
प्रधानाचार्य ने चयनित छात्राओं को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में कार्यवाहक वर्ग अनुदेशिका सुरेश कुमारी, अतिरिक्त चार्ज अप्रेंटिस अनुदेशिका ममता यादव, एसटी अनुदेशिका सरोज कुमारी, एसओटी अनुदेशिका सन्तोष बाई, इलेक्ट्रीशियन अनुदेशिका शकुन्तला देवी, कॉस्मेटोलॉजी अनुदेशिका सुन्दर कुमारी, इलेक्ट्रीशियन अनुदेशक सुमन कुमार, कोपा अनुदेशक प्रदीप कुमार तथा समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 11: संबंधित है





हरियाणा में बीजेपी ने ईमानदारी से नहीं, चोरी से सरकार बनाई- हुड्डा
-भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने महेंद्रगढ़ के कार्यकर्ता सम्मेलन में की शिरकत
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कनीना की आवाज।
पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि बीजेपी ने हरियाणा में ईमानदारी से नहीं, चोरी से सरकार बनाई है। इस चोरी के तमाम सबूत अब समाने आ चुके हैं। राहुल गांधी के बाद अब मीडिया रिपोर्ट में भी इसका खुलासा हुआ है कि चुनाव आयोग बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रहा है।
हुड्डा सतनाली में हुए महेंद्रगढ़ ब्लॉक कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। दान सिंह की तारीफ की और कहा अगली सरकार कांग्रेस यानी आपकी आएगी और बीजेपी जाएगी। राव दान सिंह को मजबूत करो ताकि आपके काम और इस इलाके का विकास: हो सके। इस मौके पर उन्होंने जिक्र करते कहा कि 2024 चुनाव में 36 बिरादरी और हर वर्ग ने कांग्रेस को अपना वोट व समर्थन दिया। तमाम लोग बता रहे थे कि बीजेपी जा रही है और कांग्रेस आ रही है। लेकिन नतीजे ठीक इसके उल्टे आए। मैंने उसी समय इन नतीजों पर संदेह जता दिया था। लेकिन बाद में जब हमारे नेता राहुल गांधी और कांग्रेस की टीम ने इसकी गहराई से जांच की तो वोट चोरी का पर्दाफाश हो गया।
हुड्डा ने कहा कि हरियाणा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग से कई सवाल पूछे थे, लेकिन आजतक उनका जवाब नहीं मिला। उदाहरण के तौर पर आयोग ने 5 तारीख को रात में बताया कि हरियाणा में 61.19 प्रतिशत वोटिंग हुई है। लेकिन अगले दिन इसे बढ़ाकर 65.65त्न कर दिया गया और गिनती से एक दिन पहले 7 तारीख को इसे बढ़ाकर 67.9 प्रतिशत कर दिया गया। यानी यह समझ से परे है कि ईवीएम बंद होने के बाद अपने आप इतनी वोट कैसे बढ़ गईं?
अपने संबोधन में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि 2005 से 2014 तक कांग्रेस सरकार ने हरियाणा को प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति निवेश, रोजगार सृजन, सरकारी नौकरियां देने, खिलाडिय़ों का सम्मान, किसानों को फसलों का उचित मूल्य देने, बुजुर्गों का मान-सम्मान, महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मामले में देश का नंबर वन राज्य बनाया था। लेकिन पिछले 12 साल में भाजपा ने प्रदेश को बेरोजगारी, अपराध, नशा, भ्रष्टाचार और कर्ज के मामले में नंबर वन राज्य बना दिया है।
अपराध का आलम यह है कि प्रदेश में 60 अपराधी गिरोह सक्रिय हैं। वो ना सिर्फ अपराध करते हैं, बल्कि उसके बाद उसकी जिम्मेदारी भी लेते हैं, क्योंकि उनमें सरकार और कानून-व्यवस्था का कोई डर नहीं है। हरियाणा में सरेआम लूट, डकैती, फिरौती, हत्या, फायरिंग रूटिन बन गई है। खुद केंद्र सरकार के समाजिक प्रगति सूचकांक ने हरियाणा को देश का सबसे असुरक्षित राज्य घोषित किया है। भाजपा ने हरियाणा की आर्थिक हालत इतनी खराब कर दी है कि 18 बड़े राज्यों में हरियाणा 14वें स्थान पर फिसल गया है।राव दान सिंह, विधायक राजबीर फरटिया, विधायक मंजू चौधरी, पूर्व विधायक अनिता यादव, अक्षत यादव, जिलाध्यक्ष सतबीर झुकिया, ब्लॉक अध्यक्ष राज कुमार, ब्लॉक अध्यक्ष राम रूप आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 09 से 10: संबंधित हैं


बाजरा बेचने के लिए किसान घर बैठे ई-खरीद पोर्टल व ऐप से निर्धारित करें अपना शेड्यूल-डीसी
किसान खुद गेट पास जनरेट कर पहुंचे मंडी, लंबी लाइन से मिलेगा छुटकारा
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कनीना की आवाज।
 उपायुक्त अनुपमा अंजली ने कहा कि हरियाणा सरकार ने इस बार खरीफ फसलों की खरीद को और अधिक सुचारु बनाने के लिए ई-खरीद पोर्टल और मोबाइल ऐप तैयार किया है। अधिकारी इस ऐप को डाउनलोड करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करें। इसके माध्यम से किसान अपना शेड्यूल खुद बनाकर ला सकते हैं उन्हें मंडी में गेट पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ये निर्देश उपायुक्त अनुपमा अंजली ने मंगलवार को अनाज मंडी नारनौल में अधिकारियों, आढ़तियों तथा ट्रांसपोर्टर की बैठक में दिए। इसके बाद उन्होंने अनाज मंडी का निरीक्षण किया।
डीसी ने मंडी में चल रही तैयारियों का जायजा लिया। उपायुक्त ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल बेचने से पहले ई-खरीद हरियाणा मोबाइल ऐप डाउनलोड करें।
किसान ई-खरीद हरियाणा ऐप से गेट पास जनरेट करके ही फसल मंडी लाएं। नारनौल मंडी के गेट पर पहुंचकर गेट पास का क्यू आर कोड स्कैन करवाना होगा, जिससे लंबी कतारों में लगे बिना सीधा प्रवेश मिलेगा। गेट पास जारी होने के बाद मंडी में बायोमीट्रिक सत्यापन करवाना अनिवार्य होगा, और इसके बाद ही ऑनलाइन नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बाजरा लेकर आने वाले किसानों के वाहन की नंबर प्लेट पर नंबर अंकित होना जरूरी है। मंडी गेट पर ही किसान और वाहन की फोटो कैप्चर की जाएगी। फसल बिकने के बाद किसान ई-खरीद पोर्टल से अपना जे फार्म जरूर प्राप्त करें। फसल का भुगतान तय समय पर सीधे किसान के बैंक खाते में पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से होगा। पंजीकरण, भुगतान और अन्य अपडेट की जानकारी स्रूस् से मिलेगी। किसी भी सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-180-2060 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनाज मंडी में किसानों के लिए हेल्प डेस्क स्थापित किया जाए।
उपायुक्त ने किसानों से आह्वान किया कि वे अपनी फसल को अच्छी तरह सुखाकर और साफ-सुथरा करके ही मंडी में लेकर आएं, ताकि मंडी में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने आढ़तियों को निर्देश दिए कि वे अपने पास तिरपाल तथा अन्य जरूरी व्यवस्थाएं हर हाल में सुनिश्चित रखें, ताकि बारिश या अन्य स्थिति में फसल को नुकसान से बचाया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने खरीद एजेंसियों को भी सख्त निर्देश दिए कि खरीदी गई फसल का उठान कार्य समय पर पूरा किया जाए, जिससे मंडी में जाम या भंडारण की समस्या उत्पन्न न हो और किसानों को भुगतान व अन्य प्रक्रियाओं में देरी न हो।
अनाज मंडी में किसानों-मजदूरों को 10 रुपये में भरपेट भोजन--
अनाज मंडी के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त अनुपमा अंजली ने अटल श्रमिक किसान कैंटीन का भी जायजा लिया। उन्होंने यहां भोजन कर रहे किसानों और मजदूरों से सीधे बातचीत कर व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक लिया।
सरकार की ओर से इस कैंटीन में मात्र 10 रुपये में भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है, ताकि मंडी में दिन-रात मेहनत करने वाले किसानों और मजदूरों को बाहर महंगे दामों पर खाना खाने को मजबूर न होना पड़े। खास बात यह है कि यहां केवल सस्ता ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण भोजन परोसने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यह पहल मुख्यमंत्री के निर्देशों पर शुरू की गई है, जिसका मकसद मेहनतकश तबके को राहत देना है।
फोटो कैप्शन 06:अनाज मंडी में अटल श्रमिक किसान कैंटीन का ज्यादा लेती डीसी


रेलिंग टूटने से हादसों की संभावना
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कनीना की आवाज।
पाथेड़ा से धनौंदा संपर्क सड़क मार्ग पर जवाहरलाल नेहरू कनाल पर बने पुल की दोनों साइड की रेलिंग टूटने से आवागमन करने वाले यात्रियों तथा वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है। इस सम्बन्ध में बसपा के अतरलाल ने सरकार तथा जिला प्रशासन से क्षतिग्रस्त पुलिया की रेलिंग की तत्काल मरम्मत करवाकर जनता को राहत देने की मांग की है।  उन्होंने कहा कि पुल की दोनों साइड की रेलिंग काफी समय से टूटी हुई है। किसान कई बार विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में यह शिकायत ला चुके परन्तु कोई समाधान नहीं हुआ है। जनता ने टूटी रेलिंग पर कट्टों में मिट्टी भरकर लगाई है ताकि कुछ बचाव हो सके। उन्होंने कहा कि प्रशासन की संवेदनहीनता तथा लापरवाही के कारण लोगों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि यह सम्पर्क मार्ग महेन्द्रगढ़ जाने के लिए सबसे छोटा मार्ग है। इस पर धनौन्दा, खरकड़ा बास, पाथेड़ा, छिथरोली, झाड़ली आदि अनेक गांवों के यात्री आवागमन करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि शीघ्र ही रेलिंग की मरम्मत कर पुल को दुरूस्त नहीं किया गया तो प्रभावित गांवों के ग्रामीण धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इस अवसर पर राजेन्द्र सिंह नम्बरदार, करतार प्रधान, डा. मुकेश पंच, मदन तंवर, पवन, सुरेश आदि ग्रामीण उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 06: क्षतिग्रस्त पुल दिखाते लोग




तीन पर मारपीट का केस दर्ज
-उपमंडल के गांव स्याणा की घटना
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कनीना की आवाज।
 कनीना उप-मंडल के गांव स्याणा में जमीनी विवाद को लेकर मार पीटाई हुई जिसमें तीन लोगों के विरुद्ध कनीना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
केेस ओमप्रकाश यादव ने दर्ज करवाया। उन्होंने पुलिस में बताया कि कनीना अदालत में जमीन के संबंध में केेस चल रहा है। जिसकी सुनवाई 25 सितंबर को हुई थी।  सुनवाई के बाद ओमप्रकाश अपनी गाड़ी में सवार होकर गांव स्याणा की तरफ जा रहा था, पीछे से नरेश व सतवीर जो कोर्ट में से ही आए थे, मोटरसाइकिल पर सवार होकर आगे निकल गए और एनएच 152-डी अंडरपास के नीचे मोटरसाइकिल गाड़ी के आगे लगाकर ओमप्रकाश की कार रोककर,मारपीट करने की कोशिश में थे। जिससे बचकर वह अपनी गाड़ी का कट मारते हुए निकल गया। ओमप्रकाश ने संभावना जताई है कि कट मारते समय नरेश कुमार को गाड़ी का हिस्सा लगा हो। डर के मारे घर ओमप्रकाश घर नहीं पहुंचा। लेकिन शाम के समय जब वह घर गया और गाड़ी खड़ी की उसी समय नरेंद्र अपने हाथ में डंडा लेकर आया पीछे नरेश व सत्यवीर गंदी गालियां देते हुए पीटने के लिए दौड़े। उन्होंने गाड़ी की बोनट, लाइट आदि को तोड़कर नुकसान पहुंचाया। पत्थर फेंक कर भी मारे और गंदी गालियां दी जिसके चलते तीन लोगों पर मार पिटाई का मामला दर्ज कर लिया है। ओमप्रकाश ने घटना की सीसीटीवी फुटेज भी पेश करने की बात कही।



किसान ले रहे हैं त्वरित गति से बाजरे की पैदावार
-  फसल पैदावार लेने के साथ-साथ रबी फसल की कर रहे हैं तैयारी
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र के किसान त्वरित गति से बाजरे की पैदावार ले रहे हैं साथ में बाजरे की सरकारी खरीद नई अनाज मंडी चेलावास में होने की संभावना से खुश हैं।  पुरानी अनाज मंडी कनीना में 2200 से 2250 रुपये प्रति क्विंटल बाजरे की बिक्री जारी है। कनीना क्षेत्र में त्वरित गति से पैदावार किसान ले रहे हैं। कपास की पैदावार भी किसान तेजी से ले रहे हैं। किसान मजदूरों की सहायता से पैदावार ले रहे हैं। कनीना में प्रतिदिन शिव चौक पर 300 के करीब दूसरे प्रांतों से आये मजदूर खड़े रहते हैं। वैसे भी मजदूर 7 हजार से से 10 हजार रुपये प्रति एकड़ फसल कटाई तो दो हजार रुपये प्रति एकड़ फसल निकालने के ले रहे हैं। किसान स्वयं अपना काम नहीं करते और मजदूरों की सहायता लेते हैं। अच्छी पैदावार लेकर किसान प्रसन्नचित नजर आ रहे हैं किंतु साथ में रबी फसल की तैयारी में भी जुटे हुए हैं। वर्षा अभाव में बाजरे की बेहतर पैदावार नहीं हो पाई है।
कृष्ण कुमार, योगेश कुमार, रोहित कुमार, अजीत सिंह, सूबे सिंह दिनेश कुमार, महेश कुमार आदि किसानों ने बताया कि बाजरे की अच्छी पैदावार नहीं हुई है, कड़बी भी अच्छी पैदावार नहीं मिली है। अभी से ही किसान रबी फसल की तैयारी में जुट गए हैं। वैसे भी सरकारी खरीद 2900 रुपये प्रति क्विंटल चल रही है। रबी फसल की तैयारियों में किसान जुटा है जिसके बारे में कृषि अधिकारियों से चर्चा की।
 क्या कहते हैं कृषि अधिकारी -
एसडीआं कृषि डा. अजय यादव बताते हैं कि गेहूं एक नवंबर से 25 नवंबर के बीच बीजाई की जाती है जिसके लिए 21 डिग्री ताप जरूरत होती है जो 145 दिनों में पक जाती है। जबकि सरसों की बिजाई का 10 अक्टूबर से 25 अक्टूबर के बीच बेहतर समय होता है जिसके लिए 28 डिग्री ताप की जरूरत होती है। यह डेढ़ सौ दिन में पककर तैयार हो जाती है। रबी फसल की अवधि में दो से तीन बार वर्षा भी हो जाती है वरना सिंचाई से ही यह फसल तैयार की जाती है।
फोटो कैप्शन 04: बाजरे की पैदावार लेता किसान।




 किसान जुटे रबी फसल की तैयारी में
-खेतों की चल रही है सिंचाई
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कनीना की आवाज।
  कनीना क्षेत्र की बावनी अर्थात 52 हजार हेक्टेयर भूमि मानी जाती है। इस पर खरीफ फसल किसानों द्वारा लेने के पश्चात रबी फसल की तैयारी में किसान जुट गए हैं। त्वरित गति से अपने खेतों की सिंचाई फव्वारों द्वारा कर रहे हैं क्योंकि रबी फसल पूर्ण रूप से ट्यूबवेलों पर निर्भर करती है। किसान सरसों और गेहूं और गेहूं उगते हैं। सरसों की अच्छी पैदावार लेने के लिए अच्छे बीजों एवं खादों की तलाश कर रहे हैं। 10 अक्टूबर से सरसों की बीजाई प्रारंभ हो जाती है जबकि 1 नवंबर से गेहूं की बिजाई शुरू कर दी जाती है। वर्तमान में किसान बीजों की दुकानों पर जहां खाद एवं बीज लाकर खेतों में डाल रहे हैं वही बीजों को बीजाई करने के लिए अपने घर में सुरक्षित रख रहे ताकि समय आते ही बिजाई कर दी जाए।
 किसान सुरेंद्र सिंह, सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि जल्द ही बिजाई का समय आने वाला है। अभी दिन के समय तापमान अधिक होने से बीजाई संभव नजर नहीं आ रही है।
कई समस्याओं से जूझ रहे हैं किसान--
क्षेत्र के किसान कई समस्याओं से जूझते आ रहे हैं। पैदावार लेने के लिए बिजली, पानी, खाद, गिरते जलस्तर, बीजों की जानकारी अभाव तथा कई अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में रबी फसल पैदावार लेना तलवार की धार के समान है।
   कनीना क्षेत्र का किसान यूं तो सदा ही मेहनत के बलबूते पर जीवित रहा है। कठिन परिश्रम करके अपनी आजीविका कमा रहा है। उसकी मुख्य फसलें खरीफ एवं रबी की होती है।  खरीफ की फसल वर्षा पर आधारित होती है। पहले ही भू-स्तर गिरता जा रहा है ऊपर से डार्क जोन घोषित होने से नलकूप खोदना आसान नहीं रहा है। वैसे भी नलकूप लगाना लाखों रुपये का खर्चा होता है। यह भी सत्य है कि प्रतिवर्ष उसके बिजली के उपकरण जलने की समस्या रहती है। जैसे तैसे उपकरण ऋण लेकर लगा भी देता है तो पानी की समस्या फिर भी आड़े आ जाती है क्योंकि बिजली कम आती है जिसके चलते पर्याप्त खेतों की सिंचाई नहीं हो पाती है।  क्या कहते हैं अधिकारी-
 किसानों के सामने गिरते जलस्तर की समस्या भी तो विकराल बन रही है क्योंकि किसान प्रत्येक वर्ष डीप बोर करवाता है किंतु अगले वर्ष वह जलस्तर भी घट जाता है। ऐसे में दक्षिण हरियाणा का किसान हताश व निराश लगता है। उससे बात करने पर कृषि को घाटे का सौदा बताता है। इन हालातों में उसके लिए फसल पैदावार लेना तलवार की धार पर चलने के समान है।
---डा. देवराज यादव पूर्व कृषि अधिकारी
फोटो कैप्शन 05: रबी के लिए खेत की तैयारी करता किसान




माय भारत द्वारा युवाओं का प्रशिक्षण बहुत उपयोगी-डा. राकेश कुमार
-प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को अपने-अपने क्षेत्रों में लागू करें स्वयंसेवक- कर्मपाल यादव
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कनीना की आवाज। मेरा युवा भारत, नारनौल (महेंद्रगढ़) युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जाट सभा, नांगल चौधरी में राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवकों के लिए आयोजित छह दिवसीय आवासीय अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। 24 से 29 सितंबर तक आयोजित प्रशिक्षण में नारनौल, भिवानी, रेवाड़ी एवं गुरुग्राम जिलों से चयनित स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि डा. राकेश कुमार, जिला प्रमुख, जिला परिषद महेंद्रगढ़ रहे, जबकि कर्मपाल यादव, नगर पालिका अध्यक्ष नांगल चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई।
मुख्य अतिथि डा. राकेश कुमार ने कहा कि मेरा युवा भारत द्वारा युवाओं के लिए आयोजित यह प्रशिक्षण बहुत उपयोगी है। ऐसे प्रशिक्षणों से युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित होती है। युवा समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, जल संरक्षण, स्वच्छता तथा समाज सेवा जैसी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि कर्मपाल यादव ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति और नींव हैं। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा एवं क्षमता का सकारात्मक दिशा में उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने स्वयंसेवकों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने तथा उन्हें सामाजिक एवं राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोडऩे का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रमाण-पत्र एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।
जिला युवा अधिकारी नित्यानंद यादव ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवकों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं व्यवहारिक अनुभव प्रदान करना था। उन्होंने कहा कि अब इन स्वयंसेवकों को अपने-अपने ब्लाक में जाकर जमीनी स्तर पर कार्य करना है और अधिक से अधिक युवाओं को मेरा युवा भारत की गतिविधियों, युवा क्लबों तथा राष्ट्र निर्माण से जुड़ी सकारात्मक गतिविधियों से जोडऩा है।
छह दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान मेरा युवा भारत, राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक कार्यक्रम, युवा क्लब निर्माण एवं पंजीकरण, स्वयंसेवी संगठनों के साथ समन्वय, ईएलपी प्रक्रिया, नेतृत्व एवं एंकरिंग सहित विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित किए गए। स्वयंसेवकों ने युवा क्लब भ्रमण, बाबा रमेश्वर दास मंदिर का दौरा, योगाभ्यास एवं श्रमदान, स्वास्थ्य जांच शिविर, संतुलित आहार जागरूकता कार्यक्रम तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती कार्यक्रम में भी भाग लिया।
समापन अवसर पर जितेंद्र सैनी लेखाकार, एडवोकेट रिया चौहान, राजेश सैनी, हरिश शर्मा एवं हेमंत शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। अतिथियों ने स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर शुभकामनाएं दीं और उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

फोटो कैप्शन 01 से 03: संबंधित हैं

Monday, September 28, 2026



 




युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति राष्ट्र निर्माण में निभाएं सक्रिय भूमिका
-युवाओं को सकारात्मक क्षेत्र में बढऩा चाहिए आगे -सिगड़ा
-आज होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन-नित्यानंद यादव
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कनीना की आवाज।
मेरा युवा भारत, नारनौल द्वारा राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवकों के लिए जाट सभा नांगल चौधरी में आयोजित 6-दिवसीय आवासीय अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम के पांचवें दिन विभिन्न ज्ञानवर्धक एवं व्यवहारिक सत्र आयोजित किए गए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीएमडी क्लब कनीना के लक्की राव सिगड़ा एवं डा. होशियार सिंह यादव लेखक कनीना ने विचार रखे। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई।
कार्यक्रम में लक्की राव सिगड़ा ने स्वयंसेवकों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और क्षमता का सकारात्मक दिशा में उपयोग समाज एवं देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं कौशल को अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाएं तथा उन्हें सामाजिक एवं राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोडऩे का कार्य करें।
  इस मौके पर डा. होशियार सिंह यादव लेखक ने सृजनात्मकता विषय पर विचार व्यक्त किए और पत्रकारिता एवं लेखन के क्षेत्र में युवाओं का उत्साह उनकी कौशलता के अहं बताते हुए लेखन कार्य की बारीकियों की जानकारी दी। उन्होंने लेखन कार्य में रुचि जाग1त कर आस पास के समाचार संकलन कर प्रकाशन हेतु तैयार करने के तरीके भी बताए।
जिला युवा अधिकारी नित्यानंद यादव ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवकों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए आवश्यक ज्ञान एवं कौशल प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें राष्ट्र निर्माण के विभिन्न अवसरों से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04:कार्यक्रम में संबोधित करते लक्की राव सिगड़ा।




 किसान जुटे रबी फसल की तैयारी में
-खेतों की चल रही है सिंचाई
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र की बावनी अर्थात 52 हजार हेक्टेयर भूमि मानी जाती है। इस पर खरीफ फसल किसानों द्वारा लेने के पश्चात रबी फसल की तैयारी में किसान जुट गए हैं। त्वरित गति से अपने खेतों की सिंचाई फव्वारों द्वारा कर रहे हैं क्योंकि रबी फसल पूर्ण रूप से ट्यूबवेलों पर निर्भर करती है। किसान सरसों और गेहूं और गेहूं उगते हैं। सरसों की अच्छी पैदावार लेने के लिए अच्छे बीजों एवं खादों की तलाश कर रहे हैं। 10 अक्टूबर से सरसों की बीजाई प्रारंभ हो जाती है जबकि 1 नवंबर से गेहूं की बिजाई शुरू कर दी जाती है। वर्तमान में किसान बीजों की दुकानों पर जहां खाद एवं बीज लाकर खेतों में डाल रहे हैं वही बीजों को बीजाई करने के लिए अपने घर में सुरक्षित रख रहे ताकि समय आते ही बिजाई कर दी जाए।
 किसान सुरेंद्र सिंह, सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि जल्द ही बिजाई का समय आने वाला है। अभी दिन के समय तापमान अधिक होने से बीजाई संभव नजर नहीं आ रही है।
 क्या कहते हैं पूर्व कृषि अधिकारी-
 पूर्व कृषि अधिकारी डा. देवराज यादव बताते हैं कि सरसों की बिजाई 10 अक्टूबर से प्रारंभ हो जाती है जो 25 अक्टूबर तक जारी रहती है। इसके लिए तापमान 28 से 30 डिग्री होना चाहिए। तत्पश्चात 1 नवंबर से गेहूं की बिजाई शुरू हो जाती है। देसी किस्म सी-306 सात नवंबर तक बीजाई की जा सकती है तथा बाद में गेहूं की बीजाई 25 नवंबर तक जारी रहेगी जिसके लिए तापमान 22 डिग्री चाहिए। गेहूं के लिए सरसों के मुकाबले तापमान कम चाहिए। अभी मौसम में बदलाव नहीं हुआ है, आने वाले समय में मौसम में बदलाव होने की संभावना है। तत्पश्चात किसान तेजी से बीजाई का काम करेंगे। वर्तमान समय में किसान खेतों की तैयारी कर रहे और खेतों की सिंचाई करके बीजाई के लिए तैयार रहेंगे।
कई समस्याओं से जूझ रहे हैं किसान--
क्षेत्र के किसान कई समस्याओं से जूझते आ रहे हैं। पैदावार लेने के लिए बिजली, पानी, खाद, गिरते जलस्तर, बीजों की जानकारी अभाव तथा कई अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में रबी फसल पैदावार लेना तलवार की धार के समान है।
   कनीना क्षेत्र का किसान यूं तो सदा ही मेहनत के बलबूते पर जीवित रहा है। कठिन परिश्रम करके अपनी आजीविका कमा रहा है। उसकी मुख्य फसलें खरीफ एवं रबी की होती है।  खरीफ की फसल वर्षा पर आधारित होती है। पहले ही भू-स्तर गिरता जा रहा है ऊपर से डार्क जोन घोषित होने से नलकूप खोदना आसान नहीं रहा है। वैसे भी नलकूप लगाना लाखों रुपये का खर्चा होता है। यह भी सत्य है कि प्रतिवर्ष उसके बिजली के उपकरण जलने की समस्या रहती है। जैसे तैसे उपकरण ऋण लेकर लगा भी देता है तो पानी की समस्या फिर भी आड़े आ जाती है क्योंकि बिजली कम आती है जिसके चलते पर्याप्त खेतों की सिंचाई नहीं हो पाती है। इस संबंध में कुछ किसानों से चर्चा की गई जिनके विचार निम्र हैं--
 **कनीना क्षेत्र में नहरों की संख्या काफी है किंतु या तो उनमें पानी आता ही नहीं या फिर वह पानी पीने के लिए ही सप्लाई होता है। इस पानी को किसान ले नहीं सकते। खादों की कमी विगत वर्ष से अधिक चल रही है। बीज और दवाइयां भी तो अच्छे नहीं मिलते हैं। मिल भी जाते हैं तो अति महंगे होते हैं। किसान रूढि़वादी होने के कारण भी परेशान हैं क्योंकि वे नए बीजों का उपयोग करने की बजाए पूर्व में उपयोग करते आ रहे बीजों का ही उपयोग करना श्रेष्ठ समझते हैं।
---सूबे सिंह
 किसानों के सामने गिरते जलस्तर की समस्या भी तो विकराल बन रही है क्योंकि किसान प्रत्येक वर्ष डीप बोर करवाता है किंतु अगले वर्ष वह जलस्तर भी घट जाता है। ऐसे में दक्षिण हरियाणा का किसान हताश व निराश लगता है। उससे बात करने पर कृषि को घाटे का सौदा बताता है। इन हालातों में उसके लिए फसल पैदावार लेना तलवार की धार पर चलने के समान है।
---राजेंद्र सिंह
फोटो कैप्शन: सूबे सिंह एवं राजेंद्र सिंह


नि:स्वार्थ गोसेवा की मिसाल, 13 महीने सेवा की, बदले में नहीं लिया एक रुपया
-आर्य समाज भडफ़ के प्रधान ओमप्रकाश आर्य ने बिना पारिश्रमिक निभाई गोसेवा; पूर्व प्रधान भगत सिंह बोले- -ऐसे समाजसेवी और गोभक्त को भविष्य में गौशाला की जिम्मेदारी मिलनी चाहिए
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कनीना की आवाज।
सेवा का वास्तविक मूल्य तब सामने आता है, जब उसके पीछे किसी आर्थिक लाभ या पद की अपेक्षा न हो। श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में आर्य समाज गांव भडफ़ के प्रधान ओमप्रकाश आर्य ने 13 महीने तक नि:स्वार्थ भाव से सेवा कर ऐसी ही प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। उन्होंने इस अवधि में बिना वेतन अथवा पारिश्रमिक के प्रतिदिन गौशाला पहुंचकर गोसेवा के साथ व्यवस्थाओं में अपना योगदान दिया। उनके सेवाभाव के सम्मान में गौशाला परिसर में सम्मान समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया गया।
ओमप्रकाश आर्य प्रतिदिन सुबह करीब 8 बजे गौशाला पहुंचते और शाम 5 बजे तक गोसेवा सहित विभिन्न कार्यों में सहयोग करते रहे। इस दौरान गौशाला में हुए निर्माण कार्यों की देखरेख और निगरानी में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निर्माण कार्यों से लेकर रोजमर्रा की व्यवस्थाओं तक उन्होंने जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ योगदान दिया।
13 माह में नहीं लिया एक रुपया पारिश्रमिक
ओमप्रकाश आर्य की सेवा की खास बात यह रही कि 13 माह की पूरी अवधि में उन्होंने गौशाला से एक रुपया भी वेतन अथवा पारिश्रमिक के रूप में नहीं लिया। सेवा के दौरान उन्होंने गौशाला की चाय तक ग्रहण नहीं की। उनका उद्देश्य केवल गोसेवा करना और गौशाला के विकास में अपना समय, श्रम और अनुभव देना रहा।
गौशाला के पूर्व प्रधान भगत सिंह ने ओमप्रकाश आर्य के सेवाभाव की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ईमानदारी, अनुशासन और गोभक्ति के साथ सेवा की है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे समाजसेवी और गोभक्त व्यक्ति को गौशाला की जिम्मेदारी देने पर विचार किया जाना चाहिए। 13 माह की सेवा में उन्होंने अपने कार्य और व्यवहार से अपनी निष्ठा साबित की है।
गौशाला प्रबंधन ने भी ओमप्रकाश आर्य की नि:स्वार्थ सेवा को विशेष योगदान बताया। प्रबंधन के अनुसार उनके समर्पण से गौशाला की व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों को मजबूती मिली। सम्मान समारोह में प्रबंधन एवं श्रद्धालुओं ने उन्हें सम्मानित कर उनके प्रति आभार जताया।
इस अवसर पर गौशाला प्रधान नरेंद्र ठेकेदार, प्रशासक एवं पूर्व प्राचार्य कृष्ण सिंह, मास्टर भूप सिंह, बलवान सिंह आर्य, कृष्ण प्रकाश , सूबेदार लक्ष्मीनारायण, रमेश कुमार, अमीर सुपरवाइजर, डॉ. महेश, रामप्रताप मास्टर, आर्य समाज के प्रधान मोहर सिंह आर्य, बाबा मोल्डनाथ मंदिर कमेटी के प्रधान दिनेश यादव, श्री आदर्श रामलीला कमेटी के प्रधान मोहित जैलदार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



सचिन कुमार बने विश्व हिंदी परिषद के हरियाणा प्रदेश समन्वयक
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कनीना की आवाज।
।सामाजिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ मंच संचालन तथा हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार एवं संवर्धन के क्षेत्र में सक्रिय कनीना निवासी प्रवक्ता सचिन कुमार को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए विश्व हिंदी परिषद का हरियाणा प्रदेश समन्वयक नियुक्त किया गया है। नियुक्ति के बाद सचिन कुमार ने दिल्ली स्थित परिषद के केंद्रीय कार्यालय में पहुंचकर अपना कार्यभार ग्रहण किया।
सचिन कुमार शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाओं के साथ विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।  राष्ट्रीय स्तर तक मंच संचालन के क्षेत्र में भी उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में अपनी प्रभावी भूमिका निभाई है। हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार एवं संवर्धन के प्रति उनकी रुचि और योगदान को देखते हुए उन्हें परिषद में यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
विश्व हिंदी परिषद की ओर से उन्हें हरियाणा प्रदेश में परिषद की गतिविधियों को आगे बढ़ाने तथा हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं संवर्धन के लिए कार्य करने का दायित्व सौंपा गया है। सचिन कुमार ने कहा कि वे परिषद के उद्देश्यों के अनुरूप हिंदी को जन-जन तक पहुंचाने तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से हिंदी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
इस अवसर पर प्रवक्ता सचिन कुमार ने अपनी नियुक्ति पर परिषद के मुख्य संरक्षक श्री डॉ इंद्रेश कुमार, वित्त एवं ऊर्जा मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं राष्ट्रीय महासचिव डॉ. बिपिन कुमार,  केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य श्री देवी प्रसाद मिश्रा तथा पद्मश्री एवं पद्मभूषण से सम्मानित और पूर्व राज्यसभा सांसद आचार्य यारलागड्डा लक्ष्मी प्रसाद का आभार व्यक्त किया ।






विश्व हृदय दिवस 29 सितंबर
 नियमित






रूप से रक्तचाप की जांच करवाई जाये- डा. यादव
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कनीना की आवाज। विश्व हृदय दिवस का उद्देश्य हृदय रोगों से बचने के लिए तथा रोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। हृदय रोग दिनों दिन बढ़ते जा रहे हैं। इंसान के पास काम अधिक है फुर्सत कम है। हर साल लगभग 1.7 करोड़ लोग हृदय घात के कारण मरते हैं जो विश्व की मृत्यु दर का 31 प्रतिशत भाग होता है। स्वस्थ हृदय के लिए जीवन जीवन शैली में बदलाव करना जरूरी है। आज के दिन हृदय रोग दुनिया भर में मृत्यु दर का एक प्रमुख कारण बन गया है। दिल का दौरा, स्ट्रोक, क्रोनोलाजी हृदय रोग के प्रमुख कारण है। कुल मौतों में से 85 प्रतिशत हृदय विकारों के कारण हो रही है। विश्व हृदय दिवस वर्ष  2000 से मनाया जा रहा है जो लगातार मनाया जाता आ रहा है। हृदय रोग विशेषज्ञ से इस संबंध में बात की गई।       
  अपने ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर की जांच नियमित रूप से करवाएं, कोलेस्ट्राल लेवल और बीएमआई को सही रखे, धूम्रपान किसी भी हालत में ना करें, तली हुई चीजों का सेवन कम से कम करें, शुगर वसा, रक्तचाप जांच करवाये, प्रतिदिन व्यायाम करें। 6 से 7 घंटे नींद ले, फलाहार जरूर करें जिनमें अनार, संतरा आदि का सेवन करें। अपने फैमिली डॉक्टर से भी समय-समय पर सलाह ले। शरीरिक रूप से फिट रहना बहुत जरूरी है। कोलेस्ट्राल, मधुमेह, अधिक वजन, मोटापा, पारिवारिक इतिहास ध्यान में रखे। शराब का सेवन अधिक हृदय रोगों को जोखिम का कारण बनता है, व्यायाम हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करने, बीएमआई को नियंत्रित रखने, उच्च कोलेस्ट्राल ,उच्च शर्करा ,उच्च रक्तचाप के कारण धमनी क्षति के जोखिम को कम करता है। हृदय घात की घटना से बचने में मदद करता है। चलना, दौडऩा, तैरना, साइकिल चलाना, टेनिस खेलना, रस्सी कूदना, एरोबिक व्यायाम, रक्त परिसंचरण में सुधार करते हैं। इसके कारण रक्तचाप रक्तचाप कम हो जाता है।
  हृदय घात रोग का प्रमुख कारण गतिहीन जीवन शैली, गलत खानपान एवं आवश्यकता से अधिक तनाव है। इसके कारण घबराहट महसूस होती है, सीने में दर्द होता है। यह दर्द बाहों कंधे से लेकर जबड़े तक हो सकता है। सांस लेने में दिक्कत आती है, जी मचलाता है, पसीना आना, चक्कर आना आदि प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। धूम्रपान करने वाले, शुगर के रोगी, अत्यधिक रक्त दाब, अत्यधिक वजन वाले व्यक्ति को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसके लिए प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करना, धूम्रपान का प्रयोग बिल्कुल नहीं करना,समुचित वजन पर नियंत्रण रखना, तनाव मुक्त जीवन शैली आदि जरूरी हैं।
 अपने हृदय को स्वस्थ बनाए रखने का अर्थ है अधिक उम्र जीना।  लाइफ़स्टाइल में बदलाव करना चाहिए, नियमित खान-पान करके हृदय को स्वस्थ रखा जा सकता है। हृदय रोग का सबसे प्रमुख कारण कोलेस्ट्रोल का बढऩा है, फिजिकल एक्टिविटी न करने के कारण मोटापा बढ़ता चला जाता है जो हृदय रोग का कारण बनता है। अच्छी आदतें डालकर भी रोगों से बचा जा सकता है। जिन लोगों को कोविड का गंभीर रूप था उन्हें सावधानी बरतनी की जरूरत है। कोविड संक्रमण होने के बाद कुछ जोरदार व्यायाम नहीं करें, हल्के व्यायाम करने जरूरी है।
-डा. होशियार सिंह यादव
 फोटो कैप्शन: डा. होशियार सिंह यादव

Sunday, September 27, 2026



 



सेवा संकल्प सेवा यात्रा का मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया स्वागत
-वडनगर से वाराणसी तक की यात्रा सेवा से संकल्प, संकल्प से सिद्धि और सिद्धि से विकसित भारत का संदेश - मुख्यमंत्री
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कनीना की आवाज।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने न कभी छुट्टी की चिंता की और न आराम को प्राथमिकता दी। उनके लिए 140 करोड़ देशवासी ही परिवार हैं। गरीब की पीड़ा, किसान की चिंता और युवा का सपना उनका अपना है। माताओं-बहनों का सम्मान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, जबकि सीमा पर खड़े सैनिक का साहस उनका संकल्प है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी रविवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत गुजरात के वडनगर से वाराणसी तक निकाली जा रही सेवा यात्रा (मोटरसाइकिल यात्रा) के स्वागत को लेकर महेंद्रगढ़ के गांव गोद में आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यात्रा का स्वागत किया और कार्यक्रम के बाद हरी झंडी दिखाकर उसे आगे गंतव्य के लिए रवाना किया।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि यह यात्रा सेवा से संकल्प, संकल्प से सिद्धि और सिद्धि से विकसित भारत तक की यात्रा है। उन्होंने कहा कि महेंद्रगढ़ इतिहास, पराक्रम, जनचेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान की धरती है। उन्होंने यात्रा का यहां पहुंचने पर स्वागत किया और इसे यादगार पल बताया।
उन्होंने कहा कि वडनगर से वाराणसी तक की यात्रा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरक जीवन-यात्रा का भी प्रतीक है। वडनगर उनकी जन्मभूमि है, जबकि वाराणसी उनकी कर्मभूमि
है, जहां से भारत की विरासत और आधुनिक आकांक्षाओं को साथ लेकर विकसित भारत का संकल्प आगे बढ़ाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने जीवन से जनसेवा को राजनीति का मूल उ?द्देश्य बनाया। 7 अक्तूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में दायित्व संभालने के बाद आगामी 7 अक्तूबर को उनकी जनसेवा के अविराम 25 वर्ष पूरे होंगे। उन्होंने कहा कि इस पूरे सफर में गरीब कल्याण और देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाना उनकी प्राथमिकता रही है।
भारत आज डिजिटल क्रांति का नेतृत्व कर रहा है-
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद लाल किले से स्वच्छता का संदेश दिया गया। स्वच्छ भारत मिशन को गरीब के स्वास्थ्य, नारी की गरिमा और देश के सम्मान से जोड़ते हुए आगे बढ़ाया गया। उज्ज्वला योजना के माध्यम से गरीब माताओं को धुएं से मुक्ति, जबकि हर घर बिजली, नल से जल, जनधन योजना और पक्के मकान के लिए अभियान चलाए गए। आयुष्मान भारत ने गरीब परिवारों को उपचार का भरोसा दिया, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि ने किसानों को आर्थिक संबल दिया और मुफ्त राशन ने संकट के समय करोड़ों परिवारों की रसोई का चूल्हा जलाए रखा।
उन्होंने कहा कि भारत आज डिजिटल क्रांति का नेतृत्व कर रहा है और यू.पी.आई. पूरी दुनिया के लिए उदाहरण बन चुका है। स्टार्टअप, अंतरिक्ष, ड्रोन, एआई, सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में युवा देश की नई पहचान बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारा तिरंगा चंद्रमा के उस दक्षिणी ध्रुव के पास लहरा रहा है, जहां दुनिया का कोई देश पहले नहीं पहुंच पाया था। यह सफलता उस नए भारत के आत्मविश्वास की विजय है, जो कठिन से कठिन लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने का साहस रखता है। भारत अब दूसरों के बनाए रास्तों पर चलने वाला नहीं, बल्कि दुनिया को नए रास्ते दिखाने वाला राष्ट्र बन रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी भारत की नीति और पहचान बदली है। भारत शांति चाहता है, लेकिन सुरक्षा से समझौता नहीं करता। आतंकवाद का जवाब उसके घर में घुसकर दिया जाता है। वीर सैनिकों को आधुनिक संसाधन दिए जा रहे हैं और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में बने रक्षा उपकरण आज दूसरे देशों तक पहुंच रहे हैं। अनुच्छेद 370 को हटाकर जम्मू-कश्मीर को विकास की मुख्यधारा से जोडऩे तथा वन रैंक, वन पेंशन लागू कर पूर्व सैनिकों के अधिकार को सम्मान देने का काम हुआ है।
देश में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया-
कोरोना महामारी के कठिन दौर को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बड़े-बड़े साधन-संपन्न देश भी असहाय दिखाई दे रहे थे, तब प्रधानमंत्री ने भारत का नेतृत्व दृढ़ता और दूरदर्शिता से किया। भारतीय वैज्ञानिकों ने स्वदेशी वैक्सीन बनाई और देश में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया गया।
उन्होंने कहा कि आज विश्व मंच पर भारत की आवाज सम्मान के साथ सुनी जाती है। जी-20 और हाल ही में हुए ब्रिक्स सम्मेलन की सफल अध्यक्षता ने भारत की संगठन क्षमता, संस्कृति और नेतृत्व को दुनिया के सामने रखा। भारत को आज एक विश्वसनीय साथी, समाधान देने वाले राष्ट्र और मानवता की मजबूत आवाज के रूप में देखा जाता है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह संदेश दिया है कि विकास और विरासत एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे की शक्ति हैं। देश में एक्सप्रेस-वे, वंदे भारत ट्रेनें, नए हवाई अड्डे, डिजिटल तकनीक और औ?द्योगिक कॉरिडोर जैसी आधुनिक परियोजनाओं के साथ अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य व दिव्य मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और सांस्कृतिक विरासत का पुनरुत्थान भी हो रहा है। भारत अपनी जड़ों पर गर्व करते हुए भविष्य की ओर बढ़ रहा है।
युवाओं को यात्रा का संदेश समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मोटरसाइकिल की गति के लिए ऊर्जा, दिशा के लिए संतुलन और मंजिल के लिए अनुशासन जरूरी है। इसी तरह जीवन में भी इन तीनों का महत्व है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाने, नशे, हिंसा, निराशा और नकारात्मकता से दूर रहने तथा खेल, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेत, उद्योग और स्टार्टअप को अपनी कर्मभूमि बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने यात्रा में शामिल साथियों से प्रत्येक पड़ाव पर सेवा का कोई कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यात्रा सेवा की ज्योति और राष्ट्रभक्ति का संदेश लेकर आगे बढ़े तथा विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करे।
मुख्यमंत्री ने यात्रा में अनुशासन बनाए रखने, यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित यात्रा करने की अपील की। उन्होंने बाबा विश्वनाथ से यात्रा पर आशीर्वाद बनाए रखने की कामना करते हुए कहा कि सेवा का यह कारवां आगे बढ़ता रहे और राष्ट्रभक्ति की ज्योति हर हृदय में जलती रहे।
गोद में बनेगी ई-लाइब्रेरी: मुख्यमंत्री
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने महेंद्रगढ़ के लिए कई अहम घोषणाएं भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास के मामले में इस क्षेत्र में कोई कमीं नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री ने नांगल चौधरी के पूर्व विधायक डॉ अभय सिंह यादव की मांग पर बलाह कलां गांव में जल घर को नहर से पाइपलाइन के माध्यम से जोडऩे की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने गोद गांव में ई-लाइब्रेरी स्थापित करने, बलाह खुर्द में हनुमान सिंह के खेत से राजस्थान सीमा तक रास्ता पक्का करने और गांव बलाह खुर्द में बालाजी मंदिर के सामने खाली जमीन पर व्यायाम शाला बनाने की भी घोषणा की।
यात्रा में शामिल युवाओं के साथ मुख्यमंत्री ने किया संवाद-
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वडनगर से वाराणसी सेवा यात्रा में शामिल युवाओं के साथ संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से यात्रा के राजस्थान से गुजरते वक्त के अनुभव भी सांझा किए।
उन्होंने बताया कि राजस्थान के जैसलमेर जिले के गांव नाचना में जब उनकी यात्रा पहुंची तो एक 90 वर्षीय वृद्ध ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से उनका मुफ्त इलाज हो पाया है।
इसी प्रकार जब वे बीकानेर जिले से गुजऱे तो एक महिला ने उन्हे बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में उन्हें घर में मुफ्त गैस उपलब्ध होने के साथ साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से रहने के लिए मुफ्त घर मिला है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस दौरान हरियाणा अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत एक महिला को हैप्पी कार्ड देकर सम्मानित किया। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना, उज्ज्वला योजना, सम्मान भत्ता योजना के लाभार्थियों के विचार सुने और उन्हें सम्मानित भी किया।
प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सेवाभाव को जन-जन तक पहुंचा रही संकल्प यात्रा : डॉ. अर्चना गुप्ता
अपने संबोधन में बीजेपी की प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि वडनगर से वाराणसी तक की संकल्प यात्रा सेवा मित्रों के साथ राजस्थान की धरती से हरियाणा में प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने कहा कि युवा साथी इस यात्रा में इसलिए शामिल हुए हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में सेवा, सुशासन, त्याग और बलिदान के भाव को जीकर दिखाया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 25 वर्षों की सेवा के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए वे मोटरसाइकिल यात्रा में निकले है। डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि दक्षिण हरियाणा में हरियाणा सरकार ने अनेक विकास कार्य किए हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने इस क्षेत्र के लिए नई योजनाएं लाने के साथ बाजरा उत्पादकों को लाभ देने के लिए कई काम किए है। सरकार ने भावांतर भरपाई जैसी व्यवस्था के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि हरियाणा में किसान जो भी बोएगा, उसकी उपज का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सभी फसलों पर एमएसपी देने वाला पहला राज्य बना है और मुख्यमंत्री ने किसानों की उपज का एक भी दाना व्यर्थ न जाने देने का संकल्प लिया है।
मोदी के नेतृत्व में देश की तस्वीर बदली, कनेक्टिविटी और विकास को मिली नई गति : धर्मवीर सिंह
सांसद धर्मवीर सिंह ने कहा कि 17 सितंबर से पूरे देश में खुशी का माहौल है और वडनगर से शुरू हुई संकल्प यात्रा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन की यात्रा को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद, नक्सलवाद और कश्मीर तथा नॉर्थ ईस्ट से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण काम हुआ है। बदलते मौसम और बारिश की कमी के बीच नदियों को जोडऩे, वाटर बॉडी बनाने और भूजल स्तर को ऊपर लाने की दिशा में भी व्यवस्थाएं की गई हैं। सांसद ने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात की कमान संभालने के बाद गुजरात की तस्वीर बदली और पिछले 12 वर्षों में देश में भी कनेक्टिविटी, रेल, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में बदलाव आया है। आयुष्मान जैसी योजनाओं से लोगों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिला है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी भी प्रधानमंत्री की तरह दिनभर समस्याओं के समाधान में लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि हम सब को भी यहीं प्रण लेना चाहिए कि वे भी पूरा दिन देश के लिए काम करेंगे, ताकि देश आगे बढ़ सके और सबका साथ, सबका विकास के संकल्प को आगे बढ़ाया जा सके।
दक्षिण हरियाणा में सरकार के प्रयास से मिले पानी की उपलब्धता से बदली कृषि की तस्वीर : पूर्व विधायक डॉ अभय सिंह यादव
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक डॉ अभय सिंह यादव ने कहा कि सरकार ने दक्षिण हरियाणा के इस क्षेत्र को नया जीवन देने का काम किया है। वर्ष 2014 में जब सरकार आई थी, तब यहां पीने के पानी की कमी थी और खेती लगभग समाप्त हो गई थी। लोगों को अपनी फसल के लिए भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पानी की व्यवस्था किए जाने का परिणाम आज किसानों की खुशहाली के रूप में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बीजेपी सरकार ने जिले को मेडिकल कॉलेज, लॉजिस्टिक हब और 152-डी सहित नेशनल हाईवे जैसी महत्वपूर्ण सौगातें दी हैं। इन विकास कार्यों से क्षेत्र में सुविधाओं और कनेक्टिविटी को मजबूती मिली है।
फोटो कैप्शन 7 से 10 संबंधित हैं





अतिक्रमण सिर चढ़कर बोल रहा है कनीना में
--जोहड़ों एवं बणियों का अस्तित्व संकट में
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कनीना की आवाज। 
कहने को तो नगर पालिका के पास जगह का अभाव है किंतु सैकड़ों एकड़ जमीन पर अतिक्रमण किया हुआ है जिसको छुड़वाया जाए तो पालिका की आय ही नहीं बढ़ेगी अपितु जमीन की कमी नहीं रहेगी। यदि यूं ही कनीना में अतिक्रमण चलता रहा तो कनीना के 6 जोहड़ों और आधा दर्जन बणियों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।
कनीना की सभी बणियों का आकार घटता ही जा रहा है। आधा दर्जन बणिया हैं जिनमें से कोई भी बणी अपने वास्तविक आकार से आधी भी नहीं बची है। सरकार एवं प्रशासन ने कभी इन बणिया की पैमाइश नहीं करवाई है। यही कारण है कि बणिया में पक्के मकान, ट्यूबवेल एवं अतिक्रमण करके पेड़ों को नष्ट कर दिया है वहीं जमीन को कब्जा लिया है। एक ऐसे प्रशासक की जरूरत है जो सभी बणियों के अवैध कब्जे हटवा सके ताकि अरबों रुपये की जमीन कनीना पालिका के पास होगी। कनीना का विकास तभी संभव होगा।
  कनीना में करीब छह बणिया होती थी जिनमें से रणास, पीपलवाली, बड़ी बणी, छोटी बणी, मानका आदि प्रमुख थी। जहां बड़ी बणी में शिक्षण संस्थान, वाटर स्टोर केंद्र, गौशाला, आवास बनने के अतिरिक्त चारों ओर से अतिक्रमण के चलते बस नाम की बड़ी बणी रह गई है। इस बणी में पेड़ों को भारी क्षति हुई है और अभी भी अतिक्रमण जारी है। उधर छोटी बणी का अस्तित्व ही समाप्त कर दिया है। यहां मोलडऩाथ आश्रम स्थित है।  रणास की बणी में कोई पेड़ नहीं बचा है यहां सीवर ट्रिटमेंट प्लांट लगा दिया गया है वहीं चारों ओर से अतिक्रमण हो चुका है। मानका एवं पीपलवाली बणी अब सिकुड़ती जा रही हैं। इन दोनों बणियों में जमीन पर कब्जा करके पक्के घर बनाकर ठाठ से रह रहे हैं। एसटीपी भी रणास और पीपलवाली दोनों बणियों में बना हुआ है। पीपलवाली बणी में तो कोई जगह नहीं बची है। एसटीपी का पानी फैल चुका है और जाल के पेड़ जल्द ही खत्म हो जाएंगे। सबसे अधिक अतिक्रमण इन दोनो बणियों पर हुआ है और अभी भी जारी है। इन बणिया में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, ट्यूबवेल, आवास बनाने तथा किसानों द्वारा अतिक्रमण के चलते आधी से भी कम रह गई हैं। पीपलवाली बणी में तो सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए गंदा जल स्टोर किया जा रहा है। नगरपालिका ने विगत दशकों से इन बणिया की न तो सुध ली है और न पैमाइश करवाई है। अगर सभी बणिया की सुध ली जाए तो प्राप्त जमीन को बोली पर छोड़कर करोड़ों रुपये की आय प्राप्त हो सकती है वहीं जंगली जीवों का संरक्षण हो सकता है।
कुछ जन अवैध पक्के मकान बनाकर बिजली कनेक्शन, पानी आदि सभी सुविधाएं लेकर के सरकार को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
  मिली जानकारी अनुसार कनीना पालिका के करीब 335 कनाल 16 मरला जमीन कृषि योग्य है वहीं कोटिया गांव के पास रणास की बेणी(जंगल)32 कनाल पांच मरला है जहां सीवर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लग चुका है वहीं बड़ी बेणी करीब 800 कनाल की है जिसमें से 58 एकड़ डीएवी को 99 सालों के पट्टे पर, पांच एकड़ गौशाला के लिए तथा दस एकड़ वन विभाग एवं वाटर सप्लाई हेतु दिया हुआ है, 115 प्लाट भी बने हुए हैं। करोड़ों की लागत से कान्ह सिंह पार्क भी बना है। पीपलावाली बणी 125 कनाल, मानका वाली बणी 82 कनाल, दस मरला है। उधर धार्मिक स्थानों की होड़ भी बणियों में बढ़ गई है।
कनीना में हर गली और मोहल्ले अतिक्रमण पूरे यौवन पर है। जहां कनीना मंडी मार्ग, कनीना बस स्टैंड के समक्ष रेवाड़ी महेंद्रगढ़ भारी अतिक्रमण हो रहा है। प्रशासन जब भी अतिक्रमण हटाता है पीछे-पीछे दोबारा अतिक्रमण कर लिया जाता है। सड़क मार्ग संकीर्ण बना दिए हैं। कहीं भी निकलने की जगह नहीं है। यहां तक की एसडीएम कार्यालय समक्ष एवं न्यायिक परिसर के बाहर अधिक संख्या में वाहन खड़े देखे जा सकते हैं। कहीं भी देखे अतिक्रमण सिर चढ़कर बोलता है। वाहन चालक भी परेशान है चूंकि वाहनों का सड़क से गुजरना कठिन हो गया है। पुलिस का कोई अधिकारी या कर्मचारी तैनाती पर नहीं होता है। मनमर्जी लोग इधर-उधर वाहनों को खड़ा कर देते हैं क्योंकि वाहन पार्किंग का प्रबंध नहीं है। निजी स्तर पर जरूर है परंतु वह बस स्टैंड के दूर पड़ता है  और वहां अधिक वाहन नहीं खड़े किए जा सकते। ऐसे में नगर पालिका बनते ही कनीना में वाहनों के पार्कों की व्यवस्था होनी चाहिए, अतिक्रमण हटाना भी जरूरी बन गया है।
बणी को संकट--
कनीना की प्रसिद्ध पीपलवाली बणी/जंगल में जहां एसटीपी का जल छोड़ा जा रहा है और यह जल दूर दराज तक फैल गया है। लगभग पूरी बणी में जल फैल जाने से अब पुराने समय के जाल और कैर के पेड़ों को खतरा बन गया है। वहीं सरीसृपों के रहने के स्थल भी बंद हो चुके हैं।
 उल्लेखनीय है कि कनीना सीवर जल को साफ करने के लिए रणास नामक बणी में एसटीपी/सीवर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया था किंतु साफ करके कृषि योग्य बनाकर इक_ा करने की जगह का अभाव था। जिसके चलते करीब 3 किलोमीटर दूर पाइपों से इस जल को पीपलवाली बणी में पहुंचाया गया। जहां 7 एकड़ जमीन में यह जल इकट्ठा किये जाने की योजना थी किंतु यह जल पूरी ही बणी में फैल चुका है। जहां एक और चारों तरफ से बणी में अतिक्रमण होने के कारण बणी को संकीर्ण कर दिया है वही गंदे जल के कारण अब लगभग सभी पेड़ों की सुरक्षा दाव पर लग चुकी है। ऐसे वृक्ष जिन्हें जाल नाम से जाना जाता है जिन पर पील लगते हैं और ये हजारों वर्ष पुराने हैं के खत्म होने का खतरा बढ़ गया है। इस पीपल वाली बणी में जहां कभी साफ पानी भरा होता था और लोग पीते थे आज वहां सीवर का कृषि योग्य जल इकट्ठा किया जा रहा है और यह दूर दराज तक फैल चुका है क्योंकि चारों ओर थोड़ी बहुत कच्ची मिट्टी से इस पानी को रोकने का प्रयास किया गया है जो पानी के लगातार खड़े रहने से कट जाती है और पानी दूर दराज तक फैलता जा रहा है। ऐसे में जहां पर्यावरण को खतरा हो गया है वहीं जंगली जीवों के रहने के स्थल लुप्त हो गए हैं। यहां से गुजरने वाले राहगीरों के लिए भी रास्ता नहीं बचा है जिसके चलते प्रशासन से मांग है कि इस जल का कोई स्थायी समाधान किया जाए।
फोटो कैप्शन 05 व 06: संबंधित हैं



नशा मुक्त युवा फार विकसित भारत अभियान के दूसरे सप्ताह के तहत मेरा स्वास्थ्य, मेरा गर्व अभियान
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कनीना की आवाज। 
मेरा युवा भारत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में नशा मुक्त युवा फार विकसित भारत -100 सप्ताह अभियान के तहत दूसरे सप्ताह के मेरा स्वास्थ्य, मेरा गर्व थीम पर जाट सभा, नांगल चौधरी में स्वास्थ्य जांच शिविर एवं संतुलित आहार विषय पर जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
स्वास्थ्य जांच शिविर में सिविल अस्पताल से डा. रवि के नेतृत्व में डाइटिशियन एवं काउंसलर की टीम ने युवाओं के स्वास्थ्य की जांच की तथा उन्हें संतुलित आहार, पोषण, स्वस्थ जीवनशैली और नशे से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
इस अवसर पर शीला अस्पताल, नारनौल की ओर से डा. महेंद्र यादव एवं डा. मनोज भी उपस्थित रहे। शीला अस्पताल के सहयोग से प्रतिभागियों को नि:शुल्क दवाइयां उपलब्ध करवाई गईं एवं उनका वितरण किया गया।
सेमिनार में विशेषज्ञों ने युवाओं को दैनिक जीवन में संतुलित एवं पौष्टिक आहार अपनाने, नियमित व्यायाम करने तथा स्वस्थ दिनचर्या बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं बेहतर भविष्य की ओर बढऩे का संदेश दिया गया।
जिला युवा अधिकारी नित्यानंद यादव ने बताया कि नशा मुक्त युवा फार विकसित भारत अभियान के तहत 100 सप्ताह तक विभिन्न जागरूकता एवं स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया जाना है। इसी क्रम में दूसरे सप्ताह में मेरा स्वास्थ्य, मेरा गर्व थीम के अंतर्गत स्वास्थ्य जांच शिविर एवं संतुलित आहार पर जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ एवं जागरूक युवा ही विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और स्वास्थ्य, पोषण एवं संतुलित आहार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
फोटो कैप्शन 03 व 04: संबंधित हैं





सोनाली का भारतीय सेना में सीधे लेफ्टिनेंट पद पर चयन
-गांव में हुआ सम्मान
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कनीना की आवाज।
  खेल, शिक्षा, सेना और अर्धसैनिक बलों में गौरवशाली सेवाएं देने के लिए प्रसिद्ध महेन्द्रगढ़ जिला के गांव धनौन्दा के नाम एक और शानदार उपलब्धि जुड़ गई है। गांव की होनहार बेटी सोनाली ने भारतीय सेना में सीधे लेफ्टिनेंट पद पर चयनित होकर गांव का नाम रोशन किया है। रविवार को ग्रामवासी व आसपास के लोगों ने सम्मान समारोह आयोजित कर सोनाली का अभिनंदन किया। मुख्य अतिथि अतरलाल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सोनाली को साफा पहनाकर प्रशस्ति पत्र तथा पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने सोनाली की दादी अनुप देवी, माता रंजना देवी को शाल ओढ़ाकर तथा पिता भूपेन्द्र सिंह तंवर को साफा पहनाकर सम्मानित किया। अनेक ग्रामीणों ने सोनाली को उपहार तथा नगद ईनाम देकर भी सम्मानित किया। सम्मान समारोह की अध्यक्षता सूबेदार मेजर मदन सिंह साहब ने की।
 अतरलाल ने कहा कि गांव की बेटी सोनाली ने सीधे लेफ्टिनेंट पद पर चयनित होकर यह सिद्ध कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियां भी उच्च मुकाम हासिल कर सकती हैं। उन्होंने सोनाली को युवाओं का आइकान बताते हुए उनकी मेहनत व जज्बे से शिक्षा ग्रहण करने की अपील की। सोनाली ने सम्मान के लिए आभार प्रकट करते हुए लक्ष्य प्राप्ति के लिए युवाओं से मेहनत और बार-बार अभ्यास करने की नसीहत दी। नम्बरदार राजेन्द्र सिंह, डा. मुकेश पंच, पितांबर प्रधान, दीपक पंच, रामबीर पंच, कप्तान ओमपाल सिंह, थानेदार महेश स्वामी, सूबेदार मेजर मदन सिंह, हैडमास्टर सूरत सिंह, इंस्पेक्टर पूर्ण सिंह, मास्टर प्रहलाद सिंह, प्रोफेसर श्यामलाल, सुभाष आदि ने सोनाली को शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
फोटो कैप्शन 02: सोनाली का धनौंदा में स्वागत करते हुए जन





विश्व रेबीज दिवस-28 सितंबर
वायरस से फैलता है रेबीज का रोग
-एंटी रेबीज के टीके जरूर लगवाये-डा. मोरवाल
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कनीना की आवाज।
रेबीज एक घातक वायरस है जो संक्रमित जानवरों की लार से लोगों में फैलता है। एक बार जब कोई व्यक्ति रेबीज के लक्षण दिखाना शुरू कर देता है, तो यह रोग मृत्यु का कारण बनता है।
रेबीज वायरस आपके शरीर में तब प्रवेश करता है जब किसी संक्रमित जानवर की लार खुले घाव में मिल जाती है। यह नसों के साथ बहुत धीरे-धीरे चलता है। जब यह आपके मस्तिष्क तक पहुंचता है, तो व्यक्ति को कोमा और मौत की ओर ले जाता है।
जब किसी मनुष्य के शरीर में रेबीज के प्रवेश करता है तो उसके बाद कई हफ्तों तक आमतौर पर रेबीज के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। बाद में बुखार,थकान,काटने के घाव में जलन, खुजली, झुनझुनी, दर्द या सुन्नता, खांसी, गला खराब होना,   मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, दस्त दिखाई पड़ते हैं। बाद में एरोफोबिया एवं हाइड्रोफोबिया, लकवा जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं।
पालतू जानवर और खेत वाले जानवर, बिल्ली, कुत्ते, घोड़े,जंगली जानवर, बंदर आदि किंतु आमतौर पर यह वायरस कुत्तों के काटने से ज्यादा फैलता है।
यदि आपको किसी जंगली जानवर या किसी पालतू जानवर ने काट लिया है तो डाक्टर आपके घाव या खरोंच की जांच करेंगे और आपसे जानवर के बारे में पूछेंगे। कुछ जांचों से रोग का पता लगाया जाता है। एक बार लक्षण दिखने पर रेबीज के लिए कोई उपचार नहीं है। एक बार रेबीज आपके मस्तिष्क में चले जाने के बाद इसका कोई इलाज नहीं है।
क्या कहते हैं डा. मोरवाल-
रेबीज कुत्ता ,बंदर, बिल्ली आदि के काटने से रेबीज का रोग हो जाता है। रेबीज एक ऐसा रोग है जिसमें इंसान पानी से भी डरता है इसलिए इस रोग को हाइड्रोफोबिया भी कहते हैं। जब कभी कुत्ता, बंदर एवं बिल्ली काट जाता है तो सावधानी बहुत जरूरी है और तुरंत टीके लगवाने चाहिए।
 उधर वरिष्ठ पशु चिकित्सक डा. पवन कांगड़ा बताते हैं कि जो लोग कुत्ते, बंदर, बिल्ली आदि पालते हैं उन्हें एंटी रेबीज की टीके जरूर लगवाने चाहिए किंतु यदि ये एंटी रेबीज के टीके लगे हुए कुत्ते बंदर, बिल्ली किसी को काट ले तो सावधानी के लिए टीके जरूर लगवाएं। उन्होंने बताया कि जिन बिल्ली कुत्तों को एंटी रेबीज के टीके लगे हुए हैं उनसे यह रोग होने का खतरा कम होता है परंतु ये कुत्ते भी काट जाए तो टीके जरूर लगवा लेने चाहिए।
फोटो कैप्शन: डा जितेंद्र मोरवाल
तथा डा. पवन कांगड़ा




निजी स्कूल संचालकों की बैठक संपन्न
बैठक में अग्नि सुरक्षा, भवन प्रमाणपत्र, बसों के चालान और छुट्टियों के मुद्दों पर हुआ मंथन
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कनीना की आवाज।
  कनीना में वर्ष 2020 के बाद निजी विद्यालय संचालकों की लंबे अंतराल के बाद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करण सिंह यादव ने की। इसमें क्षेत्र के विभिन्न निजी विद्यालयों के संचालकों ने भाग लिया और स्कूलों के सामने आ रही समस्याओं, प्रशासनिक चुनौतियों तथा विभिन्न विभागों से संबंधित प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में समस्याओं के समाधान के लिए आपसी समन्वय मजबूत करने और हर माह बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र, सरकार की ओर से विद्यालयों के 10 वर्षीय नवीनीकरण की प्रक्रिया, स्कूल बसों पर लगने वाले कर और विद्यालय परिसर में खड़ी बसों के चालान सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं पर मंथन किया गया। विद्यालय संचालकों ने इन प्रक्रियाओं के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को साझा किया।
छुट्टियों से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कुछ संचालकों ने दूसरे शनिवार सहित अन्य अवकाशों की आवश्यकता पर पुनर्विचार करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि अनावश्यक छुट्टियों से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। उन्होंने छुट्टियों से संबंधित निर्णय लेते समय विद्यार्थियों की शैक्षणिक निरंतरता और विद्यालयों की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखने की बात कही।
एकजुट होकर समस्याओं का समाधान करने पर जोर
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अजमेर सिंह दांगी ने कहा कि निजी विद्यालय संचालकों को एक मंच पर बैठकर विचार-विमर्श किए काफी समय बीत चुका है। इस दौरान लगभग हर विद्यालय संचालक को किसी न किसी समस्या या चुनौती का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि बदलती परिस्थितियों में कई समस्याओं का समाधान अकेले संभव नहीं है। सभी संचालकों को एकजुट होकर आपसी सहयोग से समस्याओं को संबंधित विभागों और अधिकारियों के समक्ष रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
बैठक में सभी संचालकों ने आपसी समन्वय मजबूत करने और समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक माह बैठक आयोजित करने पर सहमति जताई।
 नई कार्यकारिणी के गठन पर भी हुआ विचार-विमर्श
बैठक में संगठन के ढांचे और नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे करण सिंह यादव ने बताया कि वर्ष 2016 में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों का चयन किया गया था। संगठन में प्रत्येक तीन वर्ष में अध्यक्ष का चुनाव करने का प्रावधान रहा है। लंबे समय से नई कार्यकारिणी का गठन नहीं होने के कारण इसे लेकर गंभीरता से विचार किया गया।
करण सिंह यादव ने अगली बैठक 17 अक्टूबर को सदासुख मेमोरियल स्कूल, कनीना में आयोजित करने की घोषणा की। उन्होंने सभी निजी विद्यालय संचालकों से अधिक से अधिक संख्या में बैठक में पहुंचने, अपने सुझाव साझा करने और नई कार्यकारिणी के गठन में भाग लेने का आह्वान किया।
फोटो कैप्शन 01:कनीना में बैठक के दौरान निजी विद्यालयों की समस्याओं और नई कार्यकारिणी के गठन पर चर्चा करते विद्यालय संचालक।



सुबह-सुबह सड़क पर दौड़ रहे व्यक्ति को मोटरसाइकिल ने मारी टक्कर, घायल
-अस्पताल में मृत घोषि














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कनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के गांव भोजावास में सड़क पर दो व्यक्ति दौड़ते हुए एक्सरसाइज कर रहे थे। सामने से आ रही मोटरसाइकिल ने एक को टक्कर मार दी जिससे वह घायल हो गया। अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कनीना पुलिस में आकाश ने मामला दर्ज करवाते हुए कहा है कि 27 सितंबर को सुबह वह तथा संजय (उसके चाचा का लड़का) एक्सरसाइज करने के लिए सुंदरह सड़क मार्ग पर गए थे। दोनों अपनी साइड में दौड़ते हुए जा रहे थे। सुंदरह गांव  की तरफ से एक मोटरसाइकिल चालक तेज रफ्तार से चलाता हुआ आया और संजय को सीधी टक्कर मार दी। संजय गिर गया काफी चोटें आई। तभी आकाश ने मोटरसाइकिल के नंबर नोट किए तथा चालक का नाम पूछा तो उसने विकास, खेड़ा बताया। आकाश ने संजय के परिजनों को सूचित किया। निजी गाड़ी में संजय को सरकारी अस्पताल कनीना ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। संजय फायर ब्रिगेड में नारनौल नौकरी करता था।