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Sunday, February 15, 2026



 



श्रीश्याम जागरण में झूमे श्रद्धालु
-भजनों पर देर रात तक गूंजा रामलीला मैदान
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कनीना की आवाज।
कनीना मंडी स्थित रामलीला मैदान में श्री श्याम मित्र मंडल के तत्वावधान में फाल्गुन महोत्सव के उपलक्ष्य में श्री श्याम बाबा का भव्य जागरण आयोजित किया गया। कार्यक्रम में श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में डूबे रहे और भजनों पर झूमकर नाचते नजर आए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी हरीश कनिंवाल ने शिरकत की। इस अवसर पर समाजसेवी सरला गोयल, रामलीला कमेटी के उप प्रधान दिनेश यादव, भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि बलबीर सिंह धनखड़ तथा कनीना नगरपालिका के एमई दिनेश यादव, नपा लिपिक सुरेन्द्र वशिष्ठ ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मंच संचालन प्रवक्ता सचिन शर्मा ने किया, जिन्होंने भजनों और प्रस्तुति के बीच श्रद्धालुओं का भरपूर उत्साहवर्धन किया। मंडल के प्रधान अनिल गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत गुरुग्राम से पहुंचे धु्रव गोयल ने गणेश वंदना से की। इसके बाद गायक अनुज पारिक ने मधुर भजनों की प्रस्तुति दी, जिन पर श्रद्धालु जमकर झूमे। मुख्य कलाकार के रूप में श्रीधाम वृंदावन से पहुंचीं श्याम दीवानी खुशबू राधा ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उनके भजनों पर विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं ने तालियों की गडग़ड़ाहट से स्वागत किया। लक्की म्यूजिकल ग्रुप ने भी आकर्षक संगीत प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को भव्य बनाया।
प्रवक्ता सचिन शर्मा ने बताया कि श्री श्याम मित्र मंडल द्वारा 11वीं निशान यात्रा का आयोजन 22 फरवरी 2026, रविवार को किया जाएगा। यह यात्रा श्याम मंदिर कनीना से प्रारंभ होकर हुडिया जैतपुर धाम तक निकाली जाएगी। मंडल प्रधान अनिल गर्ग ने बताया कि निशान यात्रा में शामिल होने वाले सभी भक्तों के लिए ध्वज, भोजन तथा आवागमन की संपूर्ण व्यवस्था मंडल की ओर से की जाएगी। उन्होंने क्षेत्र के सभी श्याम प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की।
फोटो कैप्शन 11: उपस्थित जन




7 एवं 8 मार्च को आर्य समाज उत्सव रसूलपुर में
-कई विद्वान पहुंचेंगे
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कनीना की आवाज।
आर्य समाज रसूलपुर का वार्षिक उत्सव 7 एवं 8 मार्च 2026 शनिवार रविवार को होना निश्चित हुआ है यह आर्य समाज रसूलपुर का 36वां वार्षिक उत्सव है। इसमें मनोरंजन आदि व संगीत से केवल रिझाने का उद्देश्य न होकर युवा चरित्र निर्माण राष्ट्रभक्ति व ईश्वर जीव प्रकृति आदि अनेक विषयों पर विद्वानों द्वारा उपदेश किए जाएंगे। इस मौके पर आमंत्रित विद्वान भारत प्रसिद्ध विदुषी संगीता आर्य सहारनपुर उत्तर प्रदेश,अनुज शास्त्री देहरादून उत्तराखंडय नीरज महेंद्रगढ़ ,महाशय विजय पाल जटगांव, बंसी राम कलवाड़ी, सतवीर सिंह एवं स्थानीय भजन मंडली अपना कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। भोजन की व्यवस्था आर्य समाज रसूलपुर की ओर से होगी। आमंत्रित विशेष रूप से कंवर सिंह यादव महेंद्रगढ़ ,डा. यश देव शास्त्री,  भगत सिंह प्रधान एव समाजसेवी कनीना,  जगदेव सिंह अध्यक्ष एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल ककराला आप सभी सादर आमंत्रित हैंं।
फोटो कैप्शन: सतीश आर्य



27 फरवरी को लग रहा है शक्कर मेला
-कनीना का देव है बाबा मोलडऩाथ
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कनीना की आवाज।
27 फरवरी फाल्गुन एकादशी को कनीना के संत मोलडऩाथ मेले के दृष्टिगत तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। सिहोर के कच्चे मार्ग पर ऊंट एवं घुड़दौड़ होगी वहीं स्कूल के मैदान में ईनामी दंगल होगा।
  बस स्टैंड के पास संत मोलडऩाथ आश्रम में संत की प्रतिमा देखने से ही लगती है। यह प्रतिमा कनीना मंडी के निवासी भीम सिंह एवं उनके परिजनों ने फरवरी 2007 में स्थापित करवाई थी। इससे पूर्व तो बाबा की कोई प्रतिमा भी नहीं थी। बाबा के जीवन एवं चमत्कारों पर डा. होशियार सिंह यादव की पुस्तक भी प्रकाशित हो चुकी है तथा प्रतिवर्ष बाबा के कलेंडर प्रकाशित किए जाते हैं।  
    बाबा स्थल को चार चांद लगाने के लिए बाबा के स्थल के पास ही अनेकों धार्मिक स्थलों का निर्माण होता जा रहा है। बाबा के आश्रम के पास ही 21 फुट ऊंची शिव प्रतिमा वाला शिवालय है।    
कनीना का बाबा मोलडऩाथ मेले क्षेत्र का बहुत बड़ा मेला है। संत मोलडऩाथ ने कनीना ही नहीं अपितु नारनौल के मांदी, भोजावास, कांवी, बाठोठा, राजस्थान के अलावा कई अन्य स्थानों पर तप किया था और अपने महान चारित्रिक गुणों के कारण सभी जन श्रद्धा एवं भक्ति से उनको याद करते हें। उनकी पुण्यतिथि पर यह विशाल मेला प्रत्येक वर्ष लगता है। शक्कर मेले के रूप में प्रसिद्ध इस मेले में कई वर्षों से बुजुर्गों की दौड़, घुड़दौड़, ऊंट दौड़ एवं दंगल आयोजित किए जाते हैं।
  मोलडऩाथ धाम की सबसे बड़ी विशेषता है कि प्रत्येक घर से लगभग सभी सदस्य इस स्थान पर आकर धोक लगाते हैं। महिला भक्तों की संख्या अधिक होती है। संतों का सम्मान, जागरण एवं भंडारा आयोजित किया जाता है। चाहे कनीना का भक्त किस भी स्थान पर क्यों न हो इस दिन कनीना आकर मन्नत मांगता है। इस मेले में अपार भीड़ जुटती है। इस दिन लगभग समस्त बाजार बंद रहता है। शक्कर का प्रसाद चढ़ाया जाता है। चढ़ावे की शक्कर को प्रसाद के रूप में कई दिनों तक बांटा जाता है। मेला स्थल को दुल्हन की तरह सजाया जाता है जहां आठ मार्च को विशाल मेला लगने जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाती है।
कई नामों से जाना जाता है बाबा-
कनीना के महान संत बाबा मोलडऩाथ कई नामों से जाने जाते हैं। उन्हें बालकनाथ, मोलडऩाथ, खेड़ावाला बाबा के नामों से भी जाना जाता है। उन्होंने रोड़वाल, मानसरोवर, मांदी, कांवी भोजावास, ढाणी बाठोठा सहित एक दर्जन गांवों में रहते हुए तप किया था।  बालपन से ब्रह्मचारी एवं तपस्वी थे। बाबा गणेशनाथ उनके गुरू थे। कनीना में विक्रमी संवत 2006 में ब्रह्मलीन हुए थे। कनीना एवं आस पास के लोग जब भी कोई नया काम करते हैं तो बाबा का नाम लेते हैं।
मेले के भी हैं कई नाम-
बाबा मोलडऩाथ मेला बाबा खेड़ावाला मेला तथा शक्कर मेला नामों से जाना जाता है। यहां पर आए शक्कर के प्रसाद को बोरों में भरकर रख दिया जाता है तथा उसे बांटा जाता है या फिर गौशाला में दान कर दिया जाता है। मेले से अगले दिन विशाल भंडारा आयोजित करके साधु संतों को विदा किया जाएगा।
डा. होशियार सिंह का योगदान-
यूं तो बााबा मोलडऩाथ की संपूर्ण जीवनी कनीना के लेखक डा.होशियार सिंह यादव का नाम प्रसिद्ध है वहीं उन्होंने कनीना के भीम सिंह को प्रेरित कर बाबा की प्रतिमा लगवाई। होशियार सिंह ने बाबा मोलडऩाथ पर चार पुस्तकें जिनमें से एक आइएसबीएन नंबर की निकाली वहीं बाबा चालीसा, बाबा कैलेंडर, बाबा करी आरती आदि भी निकाली हैं तथा बाबा के लिए आज भी समर्पित हैं।



 कमल सिंह को दिया मिस्टर एफिशिएंट का अवार्ड
-विश्वविद्यालय के 51 साल पूरे होने पर दिया गया है यह सम्मान
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कनीना की आवाज।
 कमल सिंह सहायक वरिष्ठ सहायक को विश्वविद्यालय के 51 साल पूरे होने पर अपने काम में तीव्रता और दक्षता के चलते मिस्टर एफिशिएंट का अवार्ड दिया गया है। कमल सिंह अपने काम में बेहतरीन और त्वरित गति से काम को पूरा करते हैं। विगत वर्ष विश्वविद्यालय ने स्वर्ण जयंती मनाई थी। इसलिए रोहिलखंड विश्वविद्यालय  के 51 साल पूर्ण होने पर उन्हें यह सम्मान दिया गया है। यह सम्मान उन्हें विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा दिया गया है।
  उल्लेखनीय है कि कमल सिंह लंबे समय से विश्वविद्यालय में वरिष्ठ सहायक हैं। उनका काम सदा बेहतरीन रहा है। इसलिए उन्हें यह सम्मान दिया गया है। उनके सम्मान मिलने पर जहां क्षेत्र के अनेक लोगों ने उन्हें बधाई दी है जिनमें मुन्नीलाल यादव, रीना यादव, सीमा यादव, आशा यादव, डा. होशियार सिंह यादव, पूजा सिंही,शिवा, भूपेंद्र सिंह सहित विभिन्न सैकड़ों लोगों ने उन्हें बधाई दी है।
 फोटो कैप्शन 09: कमल सिंह सम्मान सहित



महाशिवरात्रि की रही धूम
-विभिन्न स्थानों पर लगे भंडारे एवं मेले, शिवालयों में रही भीड़
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कनीना की आवाज।
 कनीना एवं आस पास क्षेत्रों में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। शिवालयों में दिनभर पूजा अर्चना का सिलसिला चलती रहा। सबसे अधिक भीड़ प्राचीन शिवालय बाघोत स्थित बाघेश्वर धाम पर रही। कई जगह भंडारे आयोजित किए गए।
  महाशिवरात्रि के पर्व पर मंदिरों में भारी भीड़ रही। कनीना के 21 फुट ऊंचे शिव प्रतिमा वाले शिवालय पर दिनभर तांता लगा और भक्तजन गाजर, बेर, फूल एवं फलों से अर्चना करते देखे गए। महिलाओं की संख्या बहुत अधिक थी। उन्होंने आज व्रत किया और शिवलिंग का जलाभिषेक किया। पुराने शिवभक्त भरपूर सिंह, उनकी पत्नी शकुंतला देवी तथा बच्चे सुबह से शिवालय में पूजा अर्चना करते देखे गए।
 उधर विश्व में प्रसिद्ध कनीना से 13 किमी दूर स्थित बाघेश्वर धाम पर अपार जनसमूह उमड़ पड़ा। बाघोत में मेला आयोजित हुआ जिसमें भारी भीड़ जुटी। भक्तों ने स्वयंभू शिवलिंग का अभिषेक किया।
 बाघोत स्थित स्वयंभू शिलिंग के दर्शन हजारों वर्ष पूर्व राजा कल्याण सिंह रैबारी ने यहां स्थित जंगल में सर्वप्रथम किए थे। तत्पश्चात यहां अपार जनसमूह प्रतिवर्ष उमड़ता है। बाघेश्वरी धाम नि:संतानों के लिए आस्था का केंद्र बन चुका है। राजा दलीप ने यहीं पर तप एवं व्रत करके संतान प्राप्त की थी। यहीं कारण है कि इस मेले में एक प्राचीन पीपल के पेड़ पर अपनी आस्था एवं मन्नत के परिणित संतान प्राप्ति हेतु कच्चा धागा बांधते हैं और जब उनकी मन्नत पूर्ण होती है तो उस कच्चे धागे को अपने कमलों से हटाने का रिवाज चला आ रहा है। कई कारणों एवं आस्थाओं के चलते बाघेश्वर धाम पर अपार भीड़ रहती है। वैसे भी प्रत्येक सोमवार को यहां भक्तों का तांता लगता है। विभिन्न गांवों में शिवालयों में भारी भीड़ रही। सोमवार के दिन भी शिवभोले की पूजा की जाती है तथा व्रत रखा जाता है।
  बाघोत का पुराना नाम हरयेक वन था। यहां पीपलाद ऋषि का आश्रम भी तो यहीं था। उनके कुल में राजा दलीप के कोई संतान नहीं थी। वे दु:खी थे और दुखी मन से अपने कुलगुरु वशिष्ठ के पास गए। उन्होंने अपना पूरा दु:ख का वृतांत मुनिवर को सुनाया। वशिष्ठ ने उन्हें पीपलाद ऋषि के आश्रम में नंदिनी नामक गाय एवं कपिला नाम की बछिया निराहार रहकर चराने का आदेश दे दिया। राजा ने गाय व बछिया को निराहार रहकर चराते वक्त एक दिन भगवान् भोलेनाथ ने बाघ का रूप बनाकर राजा की परीक्षा लेने का निर्णय लिया। बाघ ने बछिया पर धावा बोल दिया। गाय को बचाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने को राजा तैयार हुए। परंतु जब वे ऐसा करने लगे तो  बाघ के स्थान पर शिवभोले खड़े थे। बाघ के कारण ही गांव का नाम बाघोत पड़ा। प्रारंभ में बाघेश्वर शिवालय का निर्माण कणाणा के राजा कल्याण सिंह रैबारी ने करवाया था जिसका समय समय पर उद्धार होता रहा है।
  हरियाणा सरकार की पुस्तकों में भी बाघोत का छोटा उल्लेख है वहीं लेखक डा. एचएस यादव की कृति में संपूर्ण इतिहास दिया गया है।
 विभिन्न गांवों में भंडारा आयोजित किया गया जहां भक्तों की भीड़ रही। लंबी भीड़ जुटी। एक एक घंटे में जलाभिषेक करने के लिए इंतजार करना पड़ता है।
फोटो कैप्शन 5 एवं 7 शिवलिंग पर जल अर्पित करते हुए भक्त
फोटो कैप्शन 8: स्वयंभू शिवलिंग पर जल अर्पित करते हुए संत।





महाशिवरात्रि पर आयोजित हुआ हवन
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कनीना की आवाज।
आर्य समाज मंदिर कनीना में शिवरात्रि के अवसर पर हवन का आयोजन किया गया।  इस अवसर पर गुलशन आर्य यजमान बने। मनफूल आर्य ने बताया कि स्वामी दयानन्द सरस्वती ने आज के दिन ही पवित्र ज्ञान प्राप्त हुआ था। आज के दिन से ही वेद मार्ग पर चले थे। इस अवसर पर आर्य समाज के प्रधान मोहर सिंह आर्य,मनफुल सिंह आर्य,बहन सरला आर्य,प्रेम आर्य,ओम प्रकाश आर्य आदि आर्य गण उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 04: हवन करते हुए




महेंद्रगढ़ कनीना राज्य मार्ग को यथाशीघ्र चार मार्गी करें-राव दान सिंह
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कनीना की आवाज।
प्रदेश सरकार को महेंद्रगढ़ कनीना राज्य मार्ग को यथाशीघ्र चार मार्गी कर आम जन को राहत प्रदान करने का काम वरीयता पर करवाना चाहिए। ये विचार पूर्व संसदीय सचिव एवं महेंद्रगढ़ के पूर्व विधायक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राव दान सिंह ने  कनीना में पत्रकारों के समक्ष व्यक्त किए। वे यह एक विवाह समारोह में शरीक होने पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस वे 152डी से सीधे तौर पर जुडऩे के बाद कनीना महेंद्रगढ़ राज्य मार्ग पर वाहनों का आवागमन अत्यधिक बढ़ गया है-जिससे 152-डी से महेंद्रगढ़ और कनीना दोनों तरफ वाहनों की भीड़ लगी रहती है। आए दिन इस सड़क के दोनों ओर ट्रैफिक जाम के हालात बने रहते हैं। उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार से कनीना महेंद्रगढ़ राज्यमार्ग को फोरलेन में परिवर्तित कर आमजन को जाम लगने से होने वाली परेशानी, जाम लगने से होने वाले प्रदूषण तथा जाम में फंसने वाले वाहन मालिकों की जेब पर पेट्रोल, डीजल व सीएनजी की बढ़ती लागत से भी राहत मिलेगी।
फोटो कैप्शन 06: पत्रकारवार्ता करते राव दान सिंह



करीरा सड़क मार्ग पर अड़चन हुई खत्म जल्द ही शुरू होगा सड़क मार्ग का निर्माण कार्य
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कनीना की आवाज।
कुछ दिनों से करीरा रोड़ पर खड़े पेड़ों के कारण रोड बनाने  में अड़चन आ रही थी वो आज खत्म हो गई। कानूनी रूप से सभी प्रक्रिया पूरी कर पेड़ों को रास्ते से हटा दिया गया और अब जल्दी ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
 करीरा गांव में जाने के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ रहीं थीं वो जल्द ही खत्म हो जाएगी। दीपक चौधरी ने बताया कि रास्ते के निर्माण काफी सालों से अटका हुआ था जिसमें कोर्ट में मामला फाइनल होने के बाद कुछ पेड़ों और अन्य परेशानी आ रहीं थीं जिनके बारे में स्थानीय विधायक आरती सिंह राव से मिलकर  समस्या बताई तो उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बातचीत की और जल्द ही इस मुद्दे को हल करने के निर्देश दिए और आज पेड़ों की कटाई कर दी गई। मंत्री आरती सिंह राव का आभार जताया है।
फोटो कैप्शन 03:पेड़ों की कटाई करते हुए
 


















हिंदू सम्मेलन को लेकर बैठक आयोजित
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कनीना की आवाज। कनीना मंडल में आगामी हिंदू सम्मेलन 22 फरवरी 2026 होने की तैयारी को लेकर विशेष बैठक नेताजी मेमोरियल क्लब कनीना में संपन्न हुई। शिव कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सभी गांवों के जन-प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक की शुरुआत करते हुए  प्रवक्ता सुरेंद्र सिंह ने सभी को संबोधित किया आगामी इस हिंदू सम्मेलन को विराट रूप देने के लिए सभी प्रतिनिधियों से गांवों के सभी धार्मिक संस्थाओं को इसमें शामिल करने के लिए निवेदन किया। सभी जन-प्रतिनिधियों से इसे और अच्छा वह ज्यादा से ज्यादा संख्या वहां पर पहुंचे इसके लिए सभी से सुझाव मांगे। सूबेदार मेजर राजेश आर्य ने विचार रखते हुए बाइक रैली निकली जाए ऐसा सुझाव दिया जो की कनीना मंडी गेट  और मंडल के गांवों से शुरू होकर बाबा बृजेश्वर धाम कोटिया तक निकाली जाए जिसको सभी उपस्थित सदस्यों ने स्वीकार किया। सफलतापूर्वक संचालन के लिए विभिन्न कमेटियों का गठन कर ग्रामीणों को जिम्मेदारियां सौंपी गई जो अपने-अपने गांव में कार्य करेंगे। आयोजन समिति ने सभी जन-प्रतिनिधियों से क्षेत्र वासियों को बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की । इस मौके पर, वीरेंद्र सिंह मंडल अध्यक्ष, नवीन कुमार, धनुष शर्मा, फतेह सिंह, मनिंदर शर्मा, जसवंत सिंह, मोहित कुमार, लीला राम, पोप सिंह, प्रदीप यादव, रामपाल, शेरु, देवदत्त जांगड़ा, राजेंद्र, सतबीर सिंह, काशीराम व संदीप आदि गणमान्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: आयोजित बैठक

Saturday, February 14, 2026



 

तीन बेटियों पर किया कुआं पूजन
-मनाई गई खुशियां
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कनीना की आवाज।
कस्बा कनीना में अनोखा और खुशी का अवसर मनाया गया जहां एक परिवार ने तीसरी बेटी कि जन्म पर कुआं पूजन किया। यह आयोजन समाज में बेटियों के महत्व और सम्मान को दर्शाता है ।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटियों के उज्ज्वल भविष्य और समाज में उनके योगदान के लिये यह आयोजन किया है । कुआं पूजन कि दौरान परिवार ने दान पुण्य भी किया और समाज कि लोगों को भोजन पर आमंत्रित किया। इस अवसर पर गांव कि लोग और रिश्तेदार मौजूद रहे। जिन्होंने परिवार को बढ़ायी दी और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
फोटो 07: संबंधित है


गाहड़ा क्रिकेट प्रतियोगिता में दूसरे दिन रोमांचक मुकाबले
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कनीना की आवाज।
  उपमंडल के गांव गाहड़ा में चल रही बाबा भैया क्रिकेट प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेल प्रेमियों को एक से बढ़कर एक रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। दूसरे दिन कुल 10 टीमों ने भाग लिया और पूरे दिन मैदान पर उत्साह का माहौल बना रहा। खेल कमेटी सदस्य अजय यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि दिन का पहला मैच बचीनी और खैराना के बीच खेला गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए खैराना ने 60 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए बचीनी की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 ओवर में मैच जीत लिया। दूसरा मुकाबला  छीथरोली और बूचावास के बीच हुआ। छीथरोली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 ओवर में 68 रन बनाए, लेकिन बूचावास की टीम ने सधी हुई बल्लेबाजी करते हुए लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया। तीसरे मैच में भडफ़ और नौसवा आमने-सामने रहे। नौसवा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 ओवर में 80 रन बनाए, परंतु भडफ़ की टीम ने दमदार खेल दिखाते हुए 6 ओवर में लक्ष्य हासिल कर मैच अपने नाम कर लिया।
चौथा मैच धनिया और मोहलड़ा के बीच खेला गया। मोहलड़ा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 ओवर में 60 रन बनाए। जवाब में धनिया की टीम ने 5.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर जीत दर्ज की। पांचवें मुकाबले में करीरा और गाहड़ा की टीमें भिड़ीं। करीरा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 ओवर में 77 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए गाहड़ा की टीम 5 ओवर में 50 रन ही बना सकी, जिससे करीरा ने मैच जीत लिया। इस अवसर पर पारस, हैप्पी शर्मा कनीना, पुष्पेंद्र यादव, अक्षय स्वामी, अजीत, कृष्ण, राहुल, नरेश, रोहित, नवीन, दीपक सहित अनेक खेल प्रेमी उपस्थित रहे और खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन किया।
फोटो कैप्शन 04:खेलते हुए खिलाड़ी।



बचीनी आंगनबाड़ी केंद्र में बाल विवाह रोकने को लेकर जागरूकता बैठक
-महिलाओं ने ली शपथ — बाल विवाह न करेंगे, न होने देंगे
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कनीना की आवाज।
उपमंडल के गांव बचीनी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को रोकने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर मंजू देवी के मार्गदर्शन में जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मिथलेश, सुनीता और माया देवी ने संयुक्त रूप से की। बैठक में उपस्थित आशा वर्कर सुमन देवी एवं पिंकी देवी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई ही नहीं, बल्कि कानूनन अपराध भी है। उन्होंने जानकारी दी कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत 18 वर्ष से कम आयु की लड़की तथा 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह गैर-कानूनी है और इसके लिए दंड का प्रावधान है। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मिथलेश ने उपस्थित महिलाओं को बाल विवाह रोकने की शपथ दिलाई।महिलाओं ने संकल्प लिया कि वे न तो बाल विवाह करेंगी, न उसका समर्थन करेंगी और अपने आसपास कहीं भी बाल विवाह होने की सूचना तुरंत 1098 हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने को देंगी। साथ ही समाज को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए जागरूकता फैलाने का संकल्प भी लिया गया। कार्यक्रम में सुपरवाइजर मंजू देवी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मिथलेश, सुनीता देवी, माया देवी, आशा वर्कर सुमन देवी, पिंकी देवी, हेल्पर भगोती देवी, शकुन्तला सहित अनेक ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।
फोटो कैप्शन 05: शपथ लेते हुए




करीरा रोड पर अड़चन हुई खत्म जल्द ही शुरू होगा रोड़ का निर्माण कार्य
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कनीना की आवाज।
  कुछ दिनों से करीरा रोड़ पर खड़े पेड़ों के कारण रोड बनाने  में अड़चन आ रही थी वो आज खत्म हो गई। कानूनी रूप से सभी प्रक्रिया पूरी कर पेड़ों को रास्ते से हटा दिया गया और अब जल्दी ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
 करीरा गांव में जाने के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ रहीं थीं वो जल्द ही खत्म हो जाएगी। दीपक चौधरी ने बताया कि रास्ते के निर्माण काफी सालों से अटका हुआ था जिसमें कोर्ट में मामला फाइनल होने के बाद कुछ पेड़ों और अन्य परेशानी आ रहीं थीं जिनके बारे में स्थानीय विधायक आरती सिंह राव से मिलकर  समस्या बताई तो उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बातचीत की और जल्द ही इस मुद्दे को हल करने के निर्देश दिए और आज पेड़ों की कटाई कर दी गई। मंत्री आरती सिंह राव का आभार जताया है।
फोटो कैप्शन 06: संबंधित है




शिव भोले का भंडारा लगाया गया
-भजन सत्संग ने मोहा मन
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कनीना की आवाज।
  वार्ड नंबर 1 कनीना में स्थित शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 11वें विशाल भंडारे एवं भव्य जागरण का आयोजन बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में कस्बे के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और देर रात तक चले जागरण में भगवान भोलेनाथ के भजनों का आनंद लिया।
मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था। रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों की सजावट से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। भजन मंडली द्वारा प्रस्तुत शिव भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।
कार्यक्रम के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी कस्बावासियों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति द्वारा व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संभाली गईं और स्वयंसेवकों ने सेवा भाव से सहयोग किया।
महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर आयोजित 11वां भंडारा और जागरण कस्बे में आस्था, एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनकर उभरा। श्रद्धालुओं ने आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की और भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों की निरंतरता की कामना की। भंडारे की व्यवस्था में वॉर्ड पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र, धर्मवीर उर्फ बिल्लू, राजेंद्र सिंह, नवीन यदुवंशी, अशोक लाखा, अशोक कुमार, अश्वनी, अजय भोलू, संजय, संदीप, प्रवीण, नितेश, आकाश, रोहित व अन्य गणमान्य सदस्यों एवं कस्बे वासियों का विशेष योगदान रहा।
फोटो कैप्शन 01: भंडारे का प्रसाद चखते भक्त


कनीना में होने वाले हिंदू सम्मेलन की तैयारियां जोरों पर   
-22 फरवरी को होगा कार्यक्रम आयोजित       
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कनीना की आवाज।
  कनीना उपमंडल के गांव गांव कोटिया में 22 फरवरी 2026 को होने वाले कनीना मंडल का हिंदू सम्मेलन सरपंच धर्मवीर यादव की अध्यक्षता में एक मीटिंग का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए जिसकी जिम्मेवारी बाबा बृजेश्वर धाम कोटिया कमेटी ने ली। कार्यक्रम की आगामी रूपरेखा तैयार की गई यह कार्यक्रम बाबा बृजेश्वर धाम कोटिया में सुबह 11:15 पर आयोजन किया जाएगा प्रवक्ता सुरेंद्र सिंह ने सभी धार्मिक संगठनों को शामिल होने के लिए आग्रह किया जिसमें कनीना मंडल में आने वाले गांव कनीना, कोटिया करीरा,भडफ, गाहडा, उन्हानी चेलावास व सीहोर गांव हिस्सा लेंगे इस मौके पर सूबेदार मेजर राजेश कुमार, संदीप,राधेश्याम शास्त्री, सुरेंद्र मास्टर,वीर सिंह, नरेश प्रधान,फतेह सिंह, सूरजभान बाबूजी, अमरपाल नंबरदार , अशोक, भूपेंद्र, रजत, हरि शर्मा, शेरु तथा गांव के अन्य गण मान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 02: बैठक का नजारा




पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास में एक दिवसीय एनएसएस कैंप का आयोजन
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कनीना की आवाज।
 पी एम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास में एक दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का आयोजन किया गया । इसमें एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी  राजेश बालवान ने विद्यालय के सौंदर्यीकरण एवं रखरखाव हेतु स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी दी तथा स्वयंसेवकों ने निर्धारित समय में अपनी जिम्मेदारी को पूरा किया । स्वयंसेवकों ने अपनी कार्यशैली एवं परिश्रम से विद्यालय की छटा को शानदार बना दिया । इस शिविर में विद्यालय के यूथ  इको क्लब प्रभारी  परमानंद ने विद्यार्थियों के साथ छोटे पौधों की कटाई-छँटाई तथा खरपतवार उन्मूलन का कार्य संभाला । गणित शिक्षक  धर्म सिंह  ने साफ-सफाई संबंधी कार्यों की जिम्मेदारी संभाली तथा स्वयंसेवकों के माध्यम से अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन किया । आज के कार्यक्रम की अध्यक्षता धर्म सिंह गणित शिक्षक ने की तथा मुख्य वक्ता के रूप में दयानंद पीजीटी अंग्रेजी ,राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुन्दरह उपस्थित रहे । उन्होंने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को केवल दिखाने के लिए नहीं अपितु अपने हर किरदार को वास्तविक अर्थों में जीने का आह्वान किया । उन्होंने विद्यार्थियों को आगामी वार्षिक परीक्षाओं में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए पूर्ण निष्ठा के साथ अधिक से अधिक स्वाध्याय करने पर बल दिया तथा अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया । कार्यक्रम अधिकारी राजेश बालवान ने उपस्थित विद्यार्थियों के कल्याण हेतु जीवन उपयोगी गुणों पर प्रकाश डाला तथा उन्हें अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया । उन्होंने हर परिस्थिति में सकारात्मकता एवं संयम अपनाने पर जोर दिया । यूथ इको क्लब प्रभारी परमानंद ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण हेतु अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने व उनका संरक्षण करने का आह्वान किया ।
इस अवसर पर एसएमसी के पूर्व उप-प्रधान  राकेश कुमार व शिवकुमार आदि उपस्थित रहे ।
फोटो कैप्शन 03: एनएसएस शिविर का नजारा








Friday, February 13, 2026



 


दिव्यांग कर्मचारियों की सेवा-आयु बहाली को लेकर विधायक ओम प्रकाश यादव को सौंपा ज्ञापन
-60 साल तक नौकरी पुन: बहाली की मांग
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कनीना की आवाज।
हरियाणा प्रगतिशील दिव्यांग शिक्षा अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश कौशिक  ने आज हरियाणा के पूर्व समाज कल्याण मंत्री एवं नारनौल से विधायक ओम प्रकाश यादव को दिव्यांग कर्मचारियों की सेवा-आयु 60 वर्ष पुन: बहाल करने संबंधी ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन संघ तथा विकलांग संघ उमंग शिक्षा की ओर से प्रस्तुत किया गया।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि राज्य सरकार के वित्त विभाग द्वारा दिनांक 03 फरवरी 2026 को जारी गजट अधिसूचना के माध्यम से हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 के नियम 143 में संशोधन करते हुए 70 प्रतिशत अथवा उससे अधिक दिव्यांगता वाले कर्मचारियों को पूर्व में प्रदान की गई 60 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।
संघ की ओर से कहा गया कि पूर्व प्रावधान राज्य की संवेदनशील एवं कल्याणकारी नीति का प्रतीक था। दिव्यांग कर्मचारी शारीरिक एवं सामाजिक चुनौतियों के बावजूद पूर्ण निष्ठा से सेवाएँ प्रदान करते हैं और 60 वर्ष की सेवा-आयु उन्हें आर्थिक स्थिरता एवं सम्मानजनक जीवन-निर्वाह का अवसर देती थी।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि उक्त संशोधन से दिव्यांग कर्मचारियों में मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक असुरक्षा की भावना उत्पन्न हुई है। यह निर्णय सामाजिक न्याय की उस भावना के विपरीत है जिसे दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 द्वारा संरक्षित किया गया है।
संघ ने विधायक से आग्रह किया कि वे इस विषय में माननीय मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर गजट अधिसूचना 03 फरवरी .2026 को निरस्त कराने तथा दिव्यांग कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु पुन: 60 वर्ष निर्धारित कराने हेतु पहल करें। साथ ही दिव्यांग संगठनों के साथ संवाद स्थापित कर संतुलित एवं न्यायोचित निर्णय सुनिश्चित कराने की मांग भी की गई।
विधायक ओम प्रकाश यादव ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विषय पर उचित स्तर पर विचार-विमर्श कराने का आश्वासन दिया।
 हरियाणा प्रदेश दिव्यांग शिक्षा अधिकारी संघ तथा विकलांग संघ उमंग सिरसा शिक्षा की तरफ से दिव्यांगों की सेवानिवृत्ति संबंधित अध्यादेश वापस लेने बारे ज्ञापन नारनौल से विधायक एवं हरियाणा के पूर्व समाज कल्याण मंत्री राव ओम प्रकाश यादव को संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश कुमार कौशिक द्वारा सौंपा गया।
फोटो कैप्शन 07: नरेश कौशिक पूर्व मंत्री को ज्ञापन देते हुए


नवोदय में प्रेरणा उत्सव व फुटबाल फार स्कूल कार्यक्रम आयोजित
--ओमप्रकाश यादव पूर्व मंत्री रहे मुख्य अतिथि
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कनीना की आवाज।
पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा में प्रेरणा उत्सव व फुटबाल फार स्कूल कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें मुख्य अतिथि नारनौल विधायक एवं पूर्व मंत्री ओमप्रकाश यादव रहे। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित प्रेरणा उत्सव जिसके अंतर्गत प्रत्येक जिले के एक छात्र एक छात्रा का चयन किया जाता है। इन विद्यार्थियों को वडनगर, गुजरात में  नई शिक्षा नीति- 2020 पर आधारित एक माडल स्कूल में एक सप्ताह का आवासीय दौरा कराया जाता है ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके और वे प्रेरणा ले सके।
इसी संदर्भ में जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा में  जिला स्तरीय प्रेरणा उत्सव का आयोजन किया गया। इस उत्सव में जिले के विभिन्न स्कूलों के 39 छात्र छात्राओं ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में निबंध लेखन,कविता, गीत लेखन, चित्रकला आदि में से एक क्रियात्मक रचना तथा साक्षात्कार के आधार पर अंतिम रूप से एक छात्र तथा एक छात्रा के चयन हेतु प्रक्रिया सम्पन्न की गई।  
दूसरी ओर खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा निर्देशित फुटबाल फार स्कूल का भी विद्यालय में आयोजन किया गया जिसके अंतर्गत विभिन्न स्कूलों से आए हुए छात्र-छात्राओं को फीफा फुटबाल वितरित किए गए। इस कार्यक्रम में ओमप्रकाश जी यादव विधायक नारनौल विद्यालय में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे। फुटबाल फार स्कूल कार्यक्रम योगेश शर्मा तथा उषा रानी प्राचार्य बृजमोहन रावत तथा उप-प्राचार्य धर्मेंद्र आर्य के नेतृत्व में कार्यक्रम संपन्न कराया गया।
  नारनौल से विधायक एवं हरियाणा के पूर्व समाज कल्याण मंत्री ओम प्रकाश यादव ने आज पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय नारनौल में आयोजित प्रेरणा कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को संबोधित किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रेरणा कार्यक्रम की शुरुआत माननीय प्रधानमंत्री की कर्मभूमि वडनगर के पावन स्थल से हुई है और यह पहल आने वाले समय में देशभर के विद्यालयों के लिए प्रेरणापुंज सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को नई दिशा और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करेगा, जिससे वे अपने जीवन में लक्ष्य निर्धारण कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
विधायक ओम प्रकाश यादव ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि जब भी उन्हें विद्यार्थियों के बीच आने और मार्गदर्शन देने का अवसर मिलेगा, वे सदैव हर्षपूर्वक उसे स्वीकार करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के प्राचार्य बृजमोहन लाल रावत की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में विद्यालय ने शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है तथा विकास की गति को नई दिशा मिली है।
कार्यक्रम में प्राचार्य रामस्वरूप, प्राचार्य वीरेंद्र सिंह, प्राचार्य नरेश कौशिक सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने वातावरण को प्रेरणादायी बना दिया।
 इस उत्सव के आयोजन को विजय मोहन,  लोकेश कुमार, विक्रम सिंह व अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 06: पूर्व मंत्री संबोधित करते हुए



एसएचओ नरेश कुमार ने स्कूली बच्चों को पढ़ाए सड़क सुरक्षा के पाठ
- यातायात नियमों के पालन की दी महत्वपूर्ण जानकारी
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कनीना की आवाज।
राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एसएचओ ट्रैफिक निरीक्षक नरेश कुमार ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन अमूल्य है और सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
निरीक्षक नरेश कुमार ने विद्यार्थियों को वाहन चलाते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि कार चलाते समय सीट बेल्ट और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करना चाहिए। उन्होंने विशेष जोर देते हुए कहा कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने छात्रों को समझाया कि हमेशा अपनी लेन में सुरक्षित दूरी बनाकर चलना चाहिए और लेन बदलते समय या मुड़ते समय इंडिकेटर का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।
ड्राइविंग की तकनीकी जानकारी देते हुए एसएचओ ने बताया कि गोल चक्कर, सिग्नल या किसी भी मोड़ पर ओवरटेक करने से बचना चाहिए और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में वाहन की गति हमेशा धीमी रखनी चाहिए। रात्रि के समय ड्राइविंग करते समय हाई बीम और लो बीम का सही इस्तेमाल तथा ओवरटेक करते समय डिपर का प्रयोग करने के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन नहीं चलाना चाहिए। 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद वैध ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के उपरांत ही वाहन का उपयोग करें। अंत में, उन्होंने वाहन को सड़क या मोड़ पर खड़ा न करके हमेशा निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही पार्क करने की अपील की ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
फोटो कैप्शन 04: एसएचओ यातायात नियमों की जानकारी देते हुए



सात दिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिता का हुआ शुभारंभ
-अतरलाल ने किया शुभारंभ
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गाहड़ा गांव में 7 दिवसीय बाबा भैया क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ मुख्य अतिथि बसपा नेता अतरलाल ने रिबन काट कर किया। उन्होंने खेल ग्राउंड में शाट लगाकर खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन भी किया।
 उन्होंने शानदार क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित करने के लिए गांव की खेल कमेटी व ग्रामवासियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं से प्रतिभाएं निखरती हैं और सामने आती हैं। प्रतियोगिताओं से खिलाडिय़ों को आगे बढऩे की प्रेरणा मिलती है। उद्घाटन में बाहला और नाहड़ गांव के बीच में खेला गया जिसमें बाहला गांव 5 विकेट से विजयी रही। दूसरा मैच रामबास और बव्वा गांव के बीच में खेला गया जिसमें रामबास की टीम 7 विकेट से जीती।
  कमेटी सदस्य अजय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगिता में महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, चरखी दादरी, झज्जर और भिवानी सहित विभिन्न जिलों की कुल 48 टीमें भाग ले रही हैं। प्रतिदिन सुबह 9 बजे से सायं 6 बजे तक मुकाबले खेले जा रहे हैं। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 21 हजार रुपये तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 11 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त फाइनल मुकाबले में मैन ऑफ द मैच को 1100 रुपये तथा मैन ऑफ द सीरीज को 2100 रुपये से सम्मानित किया जाएगा। प्रतियोगिता के पहले दिन कई रोमांचक मुकाबले खेले गए। पहले मैच में बहाला ने नाहड़ को हराया। नाहड़ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 ओवर में 68 रन बनाए, जिसका पीछा करते हुए बहाला ने 6 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। दूसरे मैच में रामबास ने बव्वा को पराजित किया। तीसरे मुकाबले में मालडा ने बहाला को 101 रन का लक्ष्य दिया, जिसके जवाब में बहाला 69 रन ही बना सकी। चौथे मैच में सीहोर ने पाथेड़ा को हराते हुए जीत दर्ज की। इस अवसर पर पारस, हैप्पी शर्मा, पुष्पेंद्र यादव, अक्षय स्वामी, अजीत, कृष्ण, राहुल, नरेश, रोहित, नवीन, दीपक सहित अनेक खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता स्थल पर पहुंचने पर खिलाडिय़ों में मुख्य अतिथि अतरलाल का फूल मालाओं से स्वागत किया। इस अवसर पर खेल कमेटी के सदस्य अजय, हैपी, जितेन्द्र, भुनेश, राजबीर, चिंटा, पारस, सतीश कुमार, नानड़ सिंह, पवन, पुष्पेंदर, लीलू, दीपक, कालिया, टिंकू, अमित, अजय यादव, बलवान आदि खेल समिति के सदस्य तथा खिलाड़ी उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 05: क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए अतरलाल


युगदेव का जन्मदिन श्री कृष्ण गौशाला में मनाया गया
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कनीना की आवाज।
श्रीकृष्ण गौशाला कनीना यहां के प्रबंध व्यवस्था,सेवाभाव, अनुशासन और गौमाता के प्रति समर्पण के कारण क्षेत्र में निरंतर ख्याति अर्जित करती जा रही है। यहां प्रतिदिन बढ़ती श्रद्धा और विश्वास इस बात का प्रमाण है कि गौसेवा समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन रही है।
इसी क्रम में आज गौशाला प्रांगण में कुमार युगदेव का जन्मदिवस बड़े ही हर्षोल्लास एवं धार्मिक वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर युगदेव के पिता नवीन यदुवंशी अपने समस्त परिवार सहित गौशाला पहुंचे और अपने पुत्र के जन्मदिवस को गौसेवा के माध्यम से मनाकर समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
परिवार द्वारा गौशाला को 5100 रुपए नकद तथा पांच क्विंटल गाजर गायों के लिए भेंट की गई। साथ ही पूरे परिवार ने गायों को गाजर व गुड़ खिलाकर सेवा का पुण्य लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर गौशाला परिसर भक्ति, सेवा और सद्भावना के वातावरण से सराबोर रहा। गौशाला प्रधान भगत सिंह ने कुमार युगदेव के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए पूरे परिवार का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में गौसेवा के प्रति जागरूकता बढ़ती है और युवा पीढ़ी को संस्कारों से जोडऩे का कार्य होता है।  उल्लेखनीय है कि उन्होंने कुछ दिन पूर्व ही गौशाला को 100 क्विंटल बाजरा भेंट कर गौसेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था। कार्यक्रम में मैनेजर हंसराज, सूबेदार मेजर लेखराम, नरेंद्र फौजी, बलजीत यादव, गौशाला सचिव यश कनीनवाल, सह सचिव रामपाल, बलवान सिंह आर्य, उपप्रधान  दिलावर सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति की आत्मा है। गौमाता केवल दूध देने का माध्यम नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संतुलन और मानव जीवन के पोषण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। गौशालाएं न केवल निराश्रित एवं असहाय गौवंश का संरक्षण करती हैं बल्कि समाज में करुणा, सेवा और सहयोग की भावना को भी सशक्त बनाती हैं।
फोटो कैप्शन 01: गौशाला में जन्मदिन मनाते हुए




महाशिवरात्रि पर बाघोत में लगेगा विशाल मेला
-पौराणिक इतिहास समेटे हैं बाघोत
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव बाघोत पर 15 फरवरी को महाशिवरात्रि मेला लगने जा रहा है। वर्ष में दो बार मेला लगता है। सावन त्रयोदशी शिवरात्रि पर कावड़ मेला लगता है। बाघोत जिसे बाघेश्वर धाम नाम से पूरे भारत में जाना जाता है। बाघोत पौराणिक महत्व एवं अपने में इतिहास समेटे हुए है।
 बाघोत का नाम बाघ के आधार पर पड़ा है।
 बाघोत का पुराना नाम हरयेक वन था। यहां पीपलाद ऋषि का आश्रम भी तो यही था। उनके कुल में राजा दलीप के कोई संतान नहीं थी। वे दु:खी थे और दुखी मन से अपने कुलगुरु वशिष्ठ के पास गए। उन्होंने अपना पूरा दु.:ख का वृतांत मुनिवर को सुनाया। वशिष्ठ ने उन्हें पीपलाद ऋषि के आश्रम में नंदिनी नामक गाय एवं कपिला नाम की बछिया निराहार रहकर चराने का आदेश दे दिया। राजा ने गाय व बछिया को निराहार रहकर चराते वक्त एक दिन भगवान् भोलेनाथ ने बाघ का रूप बनाकर राजा की परीक्षा लेने का निर्णय लिया। बाघ ने बछिया पर धावा बोल दिया। गाय को बचाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने को राजा तैयार हुए। परंतु जब वे ऐसा करने लगे तो  बाघ के स्थान पर शिवभोले खड़े थे। बाघ के कारण ही गांव का नाम बाघोत पड़ा। प्रारंभ में बाघेश्वर शिवालय का निर्माण कणाणा के राजा कल्याण सिंह रैबारी ने करवाया था जिसका समय समय पर उद्धार होता रहा है।
   बाघोत स्थित शिवालय उन भक्तों के लिए भी प्रसिद्ध माना जाता है जिनके कोई संतान नहीं होती है। मेले में आकर दंपति अपने हाथों से एक विशाल वटवृक्ष को कच्चा धागा बांधकर सुंदर संतान होने की कामना करता है। जब संतान हो जाती है तो यहां आकर ही धागा खोलता है। यही कारण है कि शिवलिंग के पास ही खड़ा एक वटवृक्ष कच्चे धागों से लदा मिलता है।
हरियाणा सरकार की पुस्तकों में भी बाघोत का छोटा उल्लेख है वहीं लेखक डा. एचएस यादव की कृति में संपूर्ण इतिहास दिया गया है।
बाघोत के शिवालय का शिवलिंग स्वयंभू होने के कारण यहां अपार भीड़ भक्तों की वर्षभर चलती है। छोटा सा गांव है किंतु ठहरने के लिए अनेक धर्मशालाएं हैं। प्राकृतिक शिवलिंग के भक्त दर्शन कर प्रसन्न हो जाते हैं।
स्वयंभू है शिवलिंग.
बाघोत का शिवलिंग स्वयंभू है। यही कारण है कि शिवरात्रि एवं महाशिवरात्रि पर यहां अपार भीड़ जुटती है। हरिद्वार एवं ऋषिकेश से गंगाजल लाकर अर्पित करते हैं।
मांग रहेगी गाजर एवं बेरों की..
 महाशिवरात्रि पर बेर, गाजर एवं फलों की मांग रहती है।  गाजर के अच्छे भाव मिलने की संभावना से  किसानों ने खेतों से गाजर बचा रखी थी और उन्हें बाजार में बेचकर आय माने की संभावना है। उधर  बेहतर बेर की पैदावार लेने वाले बेरों की पैकिंग कर रहे हैं। दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग के पौधों की भी मांग रहती है।
 बाघेश्वर धाम को सजाया गया है। कतारबद्ध भक्तों के खड़े रहने, पेयजल, पुलिस आदि का प्रबंध किया गया है वहीं भंडारे, ठहरने का प्रबंध भी किया गया है।
फोटो कैप्शन 02: बाघोत का शिवालय 03: स्वयंभू शिवलिंग


अग्निपथ योजना के तहत आनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू
-उम्मीदवार 2 अग्निवीर श्रेणी के लिए कर सकते हैं आवेदन
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कनीना की आवाज।
अग्निपथ योजना के तहत आनलाइन आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। इच्छुक युवा 1 अप्रैल तक पोर्टल पर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
सेना भर्ती कार्यालय चरखी दादरी भर्ती निदेशक ने बताया कि आनलाइन परीक्षा के लिए अभ्यार्थी द्वारा प्रति आवेदन परीक्षा शुल्क 250 रुपए का भुगतान आनलाइन करना होगा। इच्छुक उम्मीद्वार उनकी योग्यता के अनुसार 2 अग्निवीर श्रेणी के लिए आवेदन करने का विकल्प इस वर्ष भी दिया गया है। अग्निवीर श्रेणी में प्राथमिकता का विकल्प है जिसको उम्मीदवार को आवेदन करते समय चुनाव करना है। भर्ती वर्ष 2027 के लिए अग्निवीरो कि भर्ती दो चरणों में की जाएगी। प्रथम चरण में आनलाइन कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा (संयुक्त प्रवेश परीक्षा) व द्वितीय चरण में भर्ती रैली होगी। भर्ती के लिए इच्छुक उम्मीद्वार को अपना नाम वेबसाइट ज्वाइन इंडियन आर्मी डॉट एनआईसी डाट इन पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि चरखी दादरी, भिवानी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिला के जिन युवाओ का जन्म 1 जुलाई 2005 से 1 जुलाई 2009 के बीच हुआ है और उन्होंने कक्षा 10वीं या कक्षा 12वीं पास कर ली है और जो उम्मीद्वार कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित हुए हैं और परिणामों की घोषणा की प्रतीक्षा कर रहे हैं वे आवेदन करने के पात्र हैं बशर्ते वे अन्य सभी शर्तों को पूरा करते हो। यह भर्ती अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर क्लर्क, स्टोरकीपर तकनीकी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर ट्रेड्समैन 10वीं पास व अग्निवीर ट्रेड्समैन 8वीं पास के पद के लिए है, जिन उम्मीद्वारों ने न्यूनतम शैक्षणिक और आयु सीमा की योग्यता पूरी कर रखी है वे इस योजना के तहत अपने आवेदन आनलाइन कर सकते हैं। आवेदन करते समय सभी उम्मीद्वार अपना निजी मोबाइल नंबर की जानकारी दर्ज करके सबमिट का बटन अवश्य दबाएं। उम्मीद्वार जितनी बार भी अपना आनलाइन फार्म खोले, उसे बंद करने से पहले वे सबमिट बटन को अवश्य दबाएं, आनलाइन आवेदन करने से पहले नोटिफिकेशन को अच्छी तरह से पढ़े और योजना के तहत भर्ती प्रक्रिया को अच्छी तरह से समझ लें।















संत बाबा मोलडऩाथ मेला 27 फरवरी को
-कनीना का प्रमुख पर्व है मोलडऩाथ मेला
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कनीना की आवाज।
 27 फरवरी को कनीना का प्रसिद्ध पर्व संत बाबा मोलडऩाथ मेला लगने जा रहा है जिसमें पूरे प्रदेश से अपार भीड़ जुटती वही दंगल, घोडिय़ों की दौड़, ऊंटों की दौड़ आदि देखने को मिलते हैं। वास्तव में यह पर्व 3 दिन लगातार चलता है। पपहले दिन रात्रि को जागरण तो दूसरे दिन दंगल, घुड़दौड़, ऊंटदौड़ एवं मेला लगता है। तीसरे दिन साधु-संतों एवं आए हुए भक्तों को विदा किया जाता है।
 संत शिरोमणि बाबा मोलडऩाथ मेले को शक्कर मेला नाम से भी जाना जाता है। शक्कर को अक्सर चीनी मान लेते हैं लेकिन क्षेत्र के लोग गुड़ जैसे रंग की शक्कर कह जाती है जो यहां प्रसाद के रूप में बांटी जाती है। इसलिए शक्कर मेला कहते हैं। भक्तजन घर से शक्कर का प्रसाद लेकर बाबा को अर्पित करने के लिए पहुंचते हैं। यह परंपरा लंबे अरसे से चली आ रही है। वैसे तो हर मेले में अलग-अलग प्रसाद वितरित करने की परंपरा है किंतु इस मेले में शक्कर का प्रसाद ही अर्पित किया जाता है। शक्कर का प्रसाद क्यों अर्पित किया जाता है इसके बारे में अधिकांश लोगों का कहना है कि पुराने समय में शक्कर प्रमुख रूप से खाई जाती थी इसलिए यह अर्पित की जाने लगी जो आज भी परंपरा के रूप में कायम है।
 बुजुर्ग राजेंद्र सिंह बताते हैं की पुराने समय से ही शक्कर मेला भरता आ रहा है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए शक्कर प्रयोग में लाई जाती रही है। शक्कर आहार में शामिल किया गया था इसलिए शक्कर को ही खाने के लिए तथा अर्पित करने के लिए भी प्रयोग करते आ रहे हैं। इन दिनों दुकानों पर कनीना क्षेत्र में केवल शक्कर ही शक्कर नजर आती है। प्रसाद के रूप में आई शक्कर को इक_ा करके संत शिरोमणि मोलडऩाथ आश्रम में रख दिया जाता है जिसे बाद में प्रयोग किया जाता है या गौशाला को दान दिया जाता हैं
 इस संबंध में कमला देवी का कहना है कि इतनी भारी मात्रा में शक्कर संत शिरोमणि मोलडऩाथ पर चढ़ाई जाती जो पहली बार किसी मेले में देखने को मिलती है। संत आश्रम के आस पास विन्नि धार्मिक स्थानों पर मेले के दिन शक्कर ही चढ़ाई जाती है। पास में करीब एक दर्जन धार्मिक स्थान सभी पर शक्कर नजर आती है क्योंकि शक्कर पुराने समय से लोग सेहत बनाने के लिए काम में लेते आये हैं।
 भगत सिंह का कहना है कि वे तथा उनके पूर्वज भी शक्कर प्रसाद बांटते आये हैं क्योंकि संत मोलडऩाथ के समय शक्कर ही सबसे ज्यादा प्रचलन में थी। इसलिए तो प्रसाद के रूप में वितरित की जाती है।
 भीम सिंह का कहना है कि शक्कर उस जमाने से खाने में प्रयोग की जाती थी। शक्कर संत को भी पसंद थी। शक्कर आज भी प्रचलन में है और शक्कर को घर-घर में बांटा जाता है। मेले की बड़ी विशेषता है कि घर-घर में शक्कर को बांटा जाता है प्रसाद भी शक्कर का दिया जाता है ऐसा लगता है कि पूरा कस्बा ही शक्करमय हो जाता है। इसलिए प्रमुख रूप से शक्कर मेला नाम से जाना जाता है।
फोटो कैप्शन 08: मोलडऩाथ आश्रम का मुख्य द्वार

Thursday, February 12, 2026



 




दूल्हे ने एक रुपये में की शादी, दहेज रहित विवाह कर पेश की मिसाल
-नारकोटिक्स विभाग में कार्यरत आशीष बोले— कुप्रथा खत्म करना शिक्षित समाज की जिम्मेदारी
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कनीना की आवाज।
दहेज जैसी सामाजिक कुप्रथा के खिलाफ ककराला निवासी एक परिवार ने अनोखी पहल करते हुए मात्र एक रुपये शगुन में लेकर विवाह संपन्न कर समाज के सामने मिसाल पेश की है।
ककराला निवासी सेवानिवृत्त इतिहास प्रवक्ता फूलचंद यादव के बड़े पुत्र आशीष ने 10 फरवरी को राजस्थान के बुहाना क्षेत्र के गांव पाथड़ोली निवासी ज्योति यादव के साथ सादगीपूर्ण तरीके से विवाह किया। विवाह में दहेज के रूप में कोई सामान या नकद राशि स्वीकार नहीं की गई। प्रतीकात्मक शगुन के तौर पर केवल एक रुपया और नारियल लिया गया। फूलचंद यादव ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक कार्य करते हुए उन्होंने दहेज रहित विवाह का संकल्प लिया था। उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अपने पुत्र का विवाह बिना दान-दहेज के संपन्न कराया। उनका कहना है कि इस प्रकार की पहल से कन्या पक्ष पर पडऩे वाला अनावश्यक आर्थिक बोझ कम होता है और गरीब परिवार भी सम्मानपूर्वक अपनी बेटी का विवाह कर सकते हैं। दूल्हे आशीष ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और वर्तमान में नारकोटिक्स विभाग में कार्यरत हैं। दुल्हन ज्योति यादव जीव विज्ञान में स्नातकोत्तर हैं। आशीष ने कहा कि जब परिवार स्वयं सक्षम है तो दहेज लेने का कोई औचित्य नहीं है। दहेज जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करना शिक्षित समाज की जिम्मेदारी है और बदलाव की शुरुआत खुद से करनी चाहिए।
विवाह समारोह में उपस्थित लोगों ने दूल्हे पक्ष की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया। सादगीपूर्ण ढंग से संपन्न हुए विवाह के बाद आशीष एक रुपया और नारियल लेकर दुल्हन को विदा कर अपने घर ले गए।
फोटो कैप्शन: बिना दहेज शादी करने वाले



68- अटेली निर्वाचन क्षेत्र के बीएलओज/ सुपरवाइजर्स को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
--मतदाता सूची में नाम दर्ज करने और संशोधन करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश
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कनीना की आवाज।
भारत निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार जिला महेन्द्रगढ़ के 68-अटेली विधानसभा क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य की तैयारियों को लेकर एक ट्रेनिंग का आयोजन किया गया। यह बैठक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी एवं एसडीएम कनीना डा. जितेन्द्र की अध्यक्षता में हुई।
प्रशिक्षण के दौरान बीएलओ को पुनरीक्षण कार्य से जुड़ी मुख्य जानकारिया दी गईं। इस दौरान गणना फॉर्म भरना और जरूरी दस्तावेजों की जांच के बारे में बताया गया।
एसडीएम ने मतदाता सूची में नाम दर्ज करने और संशोधन करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए। उन्होंने बताया कि जैसे ही निर्वाचन आयोग द्वारा आदेश प्राप्त होंगे, विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इस अवसर पर सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी - 2 एवं बीडीपीओ अटेली राजेश, निर्वाचन कानूनगो पूनम और सुपरवाइजर सुरेन्द्र कुमार, कामेश व अभिमन्यु सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।


बाइक और मोपेड की टक्कर में एक व्यक्ति घायल
-स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग
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कनीना की आवाज।
कनीना के रेवाड़ी सड़क मार्ग पर वाटर सप्लाई समक्ष स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग की जा रही है। चुकी एक तरफ कनीना कस्बे से सड़क मार्ग रेवाड़ी सड़क मार्ग में मिलता है वहीं स्पीड से चलने वाले वाहन स्पीड ब्रेकर को तोड़ देते हैं।
 स्पीड ब्रेकर अभाव में पहले भी यहां कई दुर्घटनाएं घट चुकी है। सुमर सिंह वार्ड 14 जो अपनी मोपेड से रेवाड़ी की ओर जा रहा था जबकि मोटरसाइकिल सवार कनीना की ओर आ रहा था। दोनों की टक्कर में सुमेर सिंह वार्ड 14 बुरी तरह से घायल हो गया। जिसे कनीना अस्पताल भर्ती करवाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उल्लेखनीय के यहां पर स्पीड ब्रेकर होता था जो  तेज वाहन चलाने से टूटता रहा है जिसके चलते पीडब्ल्यूडीबीएंड आर ने स्पीड ब्रेकर हटा दिया। एक बार पुन: स्पीड ब्रेकर बनाए जाने की मांग उठ रही है।
 बीएंडआरने स्पीड ब्रेकर को ही गत दिनों हटा दिया है।
 स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग--
 कनीना और आसपास के लोगों के लिए यह बहुत जरूरी है क्योंकि जब लोग कनीना कस्बे से रेवाड़ी सड़क मार्ग पर चढ़ते हैं तो दुर्घटना होने का अंदेशा बना होता है। पहले भी एक बाइक सवार की यहां मौत हो चुकी है। ऐसे में स्पीड ब्रेकर होगा तो वाहन धीमी गति से चलेंगे और दुर्घटना होने के आशंका घट जाएगी। ऐसे में कनीना के नरेश कुमार, दिनेश, सुरेश, मदन सिंह, राम सिंह आदि ने मांग की है कि तुरंत यहां स्पीड ब्रेकर बनाया जाए ताकि पेयजल सप्लाई में किसी काम से आने वाले लोगों को भी राहत मिल सके। यहां उल्लेखनीय है कि स्पीड ब्रेकर के करीब 100 गज आगे एक स्पीड ब्रेकर बनाया था जो आधा टूट चुका है और आधा अधूरा अभी भी पड़ा हुआ है। इसके 100 गज आगे एक और स्पीड ब्रेकर बनाया था जो आधा टूट चुका है। ऐसे में सरकार से लोगों ने मांग की है कि या तो स्पीड ब्रेकर बनाया ही न जाये और बनाया जाए तो बेहतर दर्जे का स्पीड ब्रेकर बनाया जाए ताकि किसी प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
 उल्लेखनीय है कि यहां मोड़ पर पहले भी कई दुर्घटनाएं घट चुकी जिनके पीछे तेज गति से आने वाले वाहन होते हैं। सड़क मार्ग के साथ साथ बसासत है। ऐसे में यहां स्पीड ब्रेकर होना बहुत जरूरी है।
फोटो कैप्शन 07 रेवाड़ी मार्ग का वह स्थान जहां से स्पीड ब्रेकर हटा दिया गया




बूचावास बिजली बोर्ड में आक्रोष
 राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में 2 घंटे तक दिया समर्थन
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कनीना की आवाज।
राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में आज बिजली बोर्ड बूचावास परिसर में कर्मचारियों ने दो घंटे की विशाल गेट मीटिंग की और कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया। मीटिंग की अध्यक्षता सतीश जेई सीहोर ने की ।
  उन्होंने ने स्पष्ट किया कि विभाग में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को स्थायी किया जाए, समान काम के लिए समान वेतन लागू किया जाए तथा आनलाइन ट्रांसफर पालिसी को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से ये मांगें लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
इस मौके पर बलबीर यूडीसी,अंकित जेई ,अमित जेई, बंशीराम फोरमैन ,सतीस फोरमैन, सुजीत फोरमैन, राजेश फौरमैन,  दीपक लाइनमैन,ज्वाईट सचिव सोमबीर लाइनमैन, सुनिल यूडीसी,कैशियर आलोक , सपना यूडीसी ,नवीन लाइनमैन  , विवेक , विजयपाल इंचार्ज, नवीन लाइनमैन , अंचल लाइनमैन , अंकित ,गोपाल इत्यादि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 08: आंदोलनरत कर्मी




बिजली रहेगी बंद, मोहनपुर फीडर रहेगा 7 घंटे बंद
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कनीना की आवाज।
डीएचबीवीएन के तहत कनीना-अटेली रोड पर रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य के लिए मोहनपुर एपी फीडर पर 13 फरवरी को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक 11 केवी का परमिट लिया जाएगा। इस कार्य के दौरान मोहनपुर के 11 केवी की बिजली आपूर्ति सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहेगी।



बाइक और मोपेड की टक्कर में एक व्यक्ति घायल
-स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग
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कनीना की आवाज।
 कनीना के रेवाड़ी सड़क मार्ग पर वाटर सप्लाई समक्ष स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग की जा रही है। चुकी एक तरफ कनीना कस्बे से सड़क मार्ग रेवाड़ी सड़क मार्ग में मिलता है वहीं स्पीड से चलने वाले वाहन स्पीड ब्रेकर को तोड़ देते हैं।
 स्पीड ब्रेकर अभाव में पहले भी यहां कई दुर्घटनाएं घट चुकी है। सुमर सिंह वार्ड 14 जो अपनी मोपेड से रेवाड़ी की ओर जा रहा था जबकि मोटरसाइकिल सवार कनीना की ओर आ रहा था। दोनों की टक्कर में सुमेर सिंह वार्ड 14 बुरी तरह से घायल हो गया। जिसे कनीना अस्पताल भर्ती करवाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उल्लेखनीय के यहां पर स्पीड ब्रेकर होता था जो  तेज वाहन चलाने से टूटता रहा है जिसके चलते पीडब्ल्यूडीबीएंड आर ने स्पीड ब्रेकर हटा दिया। एक बार पुन: स्पीड ब्रेकर बनाए जाने की मांग उठ रही है।



समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत ट्विनिंग कार्यक्रम का हुआ सफल आयोजन
-मंडी स्कूल की छात्राओं ने किया बहाला का दौरा
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कनीना की आवाज।
समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत विद्यालयों के मध्य आपसी समन्वय, अनुभव साझा करने तथा शैक्षणिक गुणवत्ता संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित ट्विनिंग कार्यक्रम के तहत आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी की छात्राओं ने सीबीआर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बहाला का शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक दौरा किया।
कार्यक्रम के दौरान दोनों विद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच शैक्षणिक गतिविधियों, खेलकूद प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आदान-प्रदान किया गया। विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतिस्पर्धात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए प्रतिभा का प्रदर्शन किया। साथ ही विद्यालयों में संचालित नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों, सह-शैक्षणिक गतिविधियों तथा खेल प्रशिक्षण व्यवस्थाओं का अवलोकन भी किया गया।
इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी के प्राचार्य  नरेश कुमार कौशिक ने कहा कि ट्विनिंग कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास की दिशा में अत्यंत उपयोगी पहल है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक समझ को सुदृढ़ करती हैं, बल्कि उनमें पारस्परिक सहयोग, सामंजस्य एवं नेतृत्व क्षमता का भी विकास करती हैं।
कार्यक्रम में सी बी आर संस्थान के अध्यक्ष  नरसिंह रानोलिया, प्राचार्य सुमन देवी, सेवानिवृत्त प्राचार्य  दुलीचंद यादव, अंग्रेज़ी प्रवक्ता  रेखा देवी, हिंदी प्रवक्ता  निर्मल, संगीत शिक्षिका  अनीता यादव, कला अध्यापिका  सरोज, शिक्षक रवींद्र कुमार,  राकेश कुमार तथा बहाला विद्यालय के मुख्य अध्यापक अनिल कुमार सहित समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर सी बी आर विद्यालय के अध्यक्ष द्वारा मुख्य अतिथि प्राचार्य  नरेश कुमार कौशिक को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही दोनों विद्यालयों के शिक्षकों को भी सम्मान स्वरूप स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
यह ट्विनिंग कार्यक्रम समग्र शिक्षा अभियान के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यालयों के मध्य शैक्षणिक सहयोग, अनुभव साझेदारी तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।
फोटो कैप्शन 04 व 05: स्कूली शिक्षकों को पुरस्कृत करते प्राचार्य


होने लगी है खाटू श्याम मेले की तैयारी
- हजारों की संख्या में जाते हैं भक्तजन कनीना से
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कनीना की आवाज।
 20 फरवरी से 4 मार्च तक चलने वाले 12 दिवसीय फाल्गुनी मेले की तैयारी शुरू हो गई है। जहां कनीना में श्याम बाबा का मंदिर है वहीं कनीना से लोग राजस्थान के दो स्थानों पर पदयात्रा पर जाते हैं। एक और जहां हुडिय़ा जैतपुर जाते हैं वही खाटू श्याम धाम पर जाते हैं। भक्तजन ध्वज लेकर दोनों ही स्थानों पर जाते हैं। आजकल जहां हुडिय़ा जैतपुर का धाम बहुत प्रसिद्ध होता जा रहा है क्योंकि महज 30 किलोमीटर दूरी पर है। इसमें महिलाएं बढ़ चढ़कर पदयात्रा करती है। वैसे भी एक ही दिन में पदयात्रा पूर्ण हो जाती है, इसलिए भी हुडिय़ा जैतपुर का श्याम धाम प्रसिद्ध होता जा रहा है। वहीं जहां कनीना से करीब 190 किलोमीटर दूर राजस्थान में रिंगस से 17 किलोमीटर दूर खाटू धाम है। जहां सबसे अधिक बड़ा मेला लगता है। इस मेले में सभी गांव से सैकड़ों की संख्या भक्तजन पदयात्रा करते हैं। जगह-जगह उनके लिए जहां ठहरने के प्रबंध किए जाते हैं।
इस यात्रा की विस्तृत जानकारी देते हुए श्यामभक्त मनोज कुमार ने बताया कि उनका एक दल हर वर्ष पैदल जैतपुर जाता है वही सूबे सिंह और दुलीचंद साहब ने बताया कि वे कनीना के श्याम बाबा पर हर वर्ष भंडारा लगते हैं वहीं अखंड ज्योति जैतपुर ले जाते हैं। इस मेले को लेकर के तैयारियां जारी है।
 उधर कनीना के सुरेश कुमार एवं रवि कुमार ने बताया कि वे इन मेलों में जाते हैं और श्याम बाबा के दर्शन करते हैं। जहां इन मेलों के प्रति हर वर्ष संख्या बढ़ती ही जा रही है। कनीना से 190 किलोमीटर दूर स्थित खाटू श्याम धाम पर सबसे अधिक भीड़ रहती है तथा करीब चार दिनों में यह सफर पूरा करना होता है। भक्त पूरे ही हरियाणा एवं पंजाब आदि से इस तरफ से गुजरते हैं और पदयात्रा पर खाटू श्याम धाम पर पहुंचते हैं। मनीष कुमार ने बताया कि वह एक दिन में पूरा होने वाले श्याम धाम जैतपुर जाते हैं और श्रद्धा भक्ति से वहां दर्शन करके वापस आते हैं। ऐसे में जहां 12 दिवसीय फाल्गुनी मिले की तैयारी शुरू हो गई है वहीं भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
फोटो कैप्शन 06: जैतपुरा का श्याम धाम।




प्रेरणा कार्यक्रम 13 फरवरी को
-नवोदय विद्यालय करीरा में पहुंचेंगे 100 विद्यार्थी
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल गांव करीरा स्थिता पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा में 13 फरवरी को प्रेरणा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। विस्तृत जानकारी देते हुए प्राचार्य बीएम रावत ने बताया कि जिले के करीब 1000 विद्यार्थियों ने प्रेरणा के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है जिसमें से प्रत्येक विद्यालय के दो-दो विद्यार्थी नवोदय विद्यालय करीरा पहुंचेंगे। जिनकी छटनी की जाएगी और 15 लड़के हैं 15 लड़कियों का चयन किया जाएगा। इनमें से भी बाद में एक लड़का और एक लड़की का अंतिम चयन करके वडनगर गुजरात भेजा जाना है।
 प्राचार्य ने बताया कि 13 फरवरी को फुटबाल फार स्कूल कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में 25 स्कूलों को आमंत्रित किया गया है जिन्हें फुटबाल वितरित किए जाएंगे।
फोटो कैप्शन: बीएम रावत प्राचार्य



13 फरवरी विश्व रेडियो दिवस .
आज भी मनोरंजन का बेहतरीन साधन है रेडियो
-मोदी की मन की बात ने रेडियो के प्रति बढ़ाया क्रेज
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कनीना की आवाज।
सत्तर के दशक में  रेडियो का बहुत अधिक प्रचलन होता था किंतु नब्बे के दशक के बाद रेडियो की मांग घटी है। मोबाइल एवं टीवी क्रांति ने रेडियों की मांग धूमिल कर दी। किंतु जब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कही तब तब रेडियो को की मांग बढ़ी है तथा स्कूलों में रेडियो की गूंज सुनाई दी। गांवों में तो अब भी एक या दो रेडियो मिल जाते हैं किंतु खेतों में रहने वाले किसानों के लिए रेडियो आज भी मनोरंजन का बेहतरीन साधन है।  विगत वर्षों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात ने रेडियो का क्रेज बढ़ाया है। गांवों में एक या दो रेडियो ही मिल पाते हैं।
 ***हम आज भी रेडियो को अपने बहुत करीब रखते हैं और किसानों की किसानों संबंधित जानकारी रेडियो से ही प्राप्त करते हैं। हमारी सबसे अहम चीज रेडियो है और रेडियो के बिना भी एक पल भी दूर नहीं हो सकते हैं। संगीत में कम रुचि रखते हैं लेकिन किसानों संबंधित, कृषि संबंधित जानकारी में विशेष रुचि रखते हैं। रेडियों से हल्का फुलका मनोरंजन हो जाता है। साथ में कृषि की जानकारी अधिक मिलती है। किसान राजेंद्र सिंह का कहना है कि खेतों में बच्चों को रेडियो सुनाकर उन्हें प्रसन्न रखा जाता है।
---राजेंद्र सिंह एवं सूबे सिंह किसान

















 मैं अपने ट्यूबवेल पर रहता हूं और रेडयो से पुराना लगाव है। समाचार एवं कृषि से लगाव होने के कारण रेडियो पास में रखना मजबूरी बन गई है।  रेडियो से ही उन्हें अहम जानकारियां मिलती हैं । कृषि संबंधित जानकारी रेडियो पर समय-समय पर प्रसारित होती है जिनका वे लाभ उठा रहे हैं।
--बनवारीलाल पूर्व प्राध्यापक
 वे 30 वर्षों से रेडियो बेचने का काम करता आ रहा हूं किंतु 25 वर्ष पहले प्रतिदिन 50 से 60 रेडियो बिक जाते थे किंतु अब दिन में अधिकतम दो बिक पाते हैं। अकेले रेडियो से रोटी रोजी कमान कठिन है। अब वह जमाना बीत गया है जब रेडियो की मांग थी। अब तो लोग मोबाइल अधिक पसंद करते हैं।
  ---रवि कुमार दुकानदार
 कभी प्रतिदिन 10 से 15 रेडियों ठीक करने का काम मिलता था किंतु अब तो दो तीन दिनों में एक दिन में एक आ पाता है।  टीवी एवं मोबाइल क्रांति के चलते रेडियो की मांग घटी है और उनकी रोटी रोजी मोबाइल ने छीन ली है। कभी रेडियो ठीक एवं नए रेडियो बेचने का कार्य करते थे किंतु अब यह काम सिमटता जा रहा है।
--रेडियो मैकेनिक्स सुरेश कुमार
फोटो कैप्शन 04: संबंधित है

 
महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती पर आयोजित हुआ यज्ञ
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कनीना की आवाज।
आर्य समाज के प्रवर्तक व महान समाज सुधारक महर्षि दयानंद सरस्वती  की जयंती पर आर्य समाज कनीना में यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए आर्य समाज कनीना के प्रधान मोहर सिंह साहब ने कहा कि स्वामी स्वामी ने देश को जगाने का कार्य किया उन्होंने समाज में फैली हुई बुराइयों का खुलकर विरोध किया। हेड मास्टर कृष्ण प्रकाश ने कहा कि बाल विवाह जैसी को प्रथाओं का विरोध किया विधवा विवाह का समर्थन किया स्त्री शिक्षा पर विशेष रूप से बल दिया।
 स्वामी ने मूर्ति पूजा का भी खंडन किया समाज में फैली हुई बुराइयों के घोर विरोधी थे। स्वामी ने देश की आजादी में क्रांतिकारियों को भी तैयार किया स्वराज का नारा सबसे पहले स्वामी दयानंद ने ही दिया। भारत की सबसे पहले गौशाला रेवाड़ी में स्वामी ने खुलवाई मंगल आर्य ने कहा कि हमें स्वामी  के अहसानों को सदा याद रखना चाहिए। बलवान आर्य ने कहा आर्य समाज हमें सत्य का मार्ग दिखलाता है यज्ञ का समापन शांति पाठ के साथ हुआ। इस अवसर पर बहन सरल लता आर्या ओमप्रकाश आर्य प्रेम आर्य गुलशन आर्य आर्य समाज के प्रधान मोर सिंह साहब एडवांस्ड क्वेश्चन प्रकाश बलवान आ रही है राकेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 03: यज्ञ करते हुए यज्ञमान




पीकेएस गवर्नमेंट कालेज, कनीना में दो दिवसीय बसंत-ए-उत्सव का भव्य आयोजन
--सांस्कृतिक रंग में रंगे विद्यार्थी
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कनीना की आवाज।
पीकेएस राजकीय कालेज, कनीना में उच्चतर शिक्षा विभाग, हरियाणा के निर्देशानुसार 11 व 12 फरवरी 2026 को दो दिवसीय बसंत-ए-उत्सव का भव्य आयोजन अत्यंत उत्साह, उल्लास एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय का संपूर्ण परिसर बसंती रंगों, लोक-संस्कृति और विद्यार्थियों की रचनात्मक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया।
कार्यक्रम की संयोजक डा. सपना यादव रसायन विज्ञान विभाग ने बताया कि बसंत उत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, लोक कला, साहित्य एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए दो दिवसीय कार्यक्रम में नृत्य, कविता, भाषण एवं रागिनी जैसी विविध सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
प्रथम दिवस (11 फरवरी 2026) को हरियाणवी नृत्य, पंजाबी नृत्य, सोलो डांस, ग्रुप डांस तथा हरियाणवी स्किट प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगे परिधानों में मंच पर मनमोहक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हरियाणवी लोक-संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा।
द्वितीय दिवस (12 फरवरी 2026) को हरियाणवी, हिंदी एवं अंग्रेज़ी कविता पाठ, हिंदी एवं अंग्रेज़ी भाषण प्रतियोगिता तथा रागिनी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने सामाजिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक विषयों पर प्रभावशाली काव्य पाठ एवं ओजस्वी भाषण प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
संपूर्ण कार्यक्रम का समन्वय डॉ नीनू यादव (भूगोल विभाग) द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया, जबकि दो दिवसीय कार्यक्रम का सफल मंच संचालन सोमवीर (राजनीति विज्ञान विभाग) द्वारा अत्यंत प्रभावी ढंग से किया गया।
प्रतियोगिताओं के परिणाम
हरियाणवी नृत्य में पूजा ने प्रथम, कविता ने द्वितीय तथा अंजलि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
सोलो डांस प्रतियोगिता में कोमल ने प्रथम, जानवी ने द्वितीय तथा दिव्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
ग्रुप डांस में तन्नू, मुस्कान एवं रचना के समूहों ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया।
12 फरवरी को आयोजित प्रतियोगिताओं में हरियाणवी कविता में महक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। हिंदी कविता पाठ में अंजलि तथा अंग्रेज़ी कविता पाठ में दिव्या ने प्रथम स्थान हासिल किया। रागिनी प्रतियोगिता में आदित्य ने प्रथम, तन्नू ने द्वितीय एवं रोहित ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
निर्णायक मंडल एवं अतिथि उपस्थिति
प्रतियोगिताओं के निष्पक्ष मूल्यांकन हेतु डा. आशा, डा. अश्मिता एवं डा. माधवी ने निर्णायक मंडल के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डा. विनोद कुमार ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं, जिससे उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं सांस्कृतिक चेतना का विकास होता है।
विद्यार्थियों का आभार डा. कांता, अध्यक्ष, राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर डा. अजय प्रकाश, डा. रविंद्र, डा. राकेश, डा. बलराज, डा. संदीप, डा. यतेंद्र, डा. प्रदीप, डा. हरिओम, डा. महेश, डा. मंजू बाला, डा. सत्यवती, डा.भारती, डा. प्रीति, डा. नीलम , डा. ज्योति सहित महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01 व 02: अव्वल को पुरस्कृत करते तथा प्रस्तुति देते विद्यार्थी