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Tuesday, February 10, 2026



 

कनीना के परम संत मोलडऩाथ का मेला 27 फरवरी को
-आयोजित होंगी कुश्ती, कबड्डी, ऊंट और देसी घोडिय़ों की दौड़
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कनीना की आवाज।
  कनीना के परम संत मोलडऩाथ का मेला 27 फरवरी फागुन शुक्ल एकादशी को आयोजित होगा।
 जिसमें कुश्ती, कबड्डी, ऊंटदौड़ एवं देशी घोडिय़ों की दौड़ आयोजित होगी। मोलडऩाथ आश्रम ट्रस्ट प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि 26 फरवरी को रात 8 बजे जागरण होगा। जागरण फुटबाल के खेल के मैदान में आयोजित होगा जिसमें प्रदीप जांडली, आरके लहरी, आंचल पांचाल, अन्नू शर्मा आदि बाबा का गुणगान करेंगे। ऊंट एवं घोडिय़ों की दौड़ 27 फरवरी को प्रात: 8 बजे आएगी तो होगी। ऊंटों की दौड़ में प्रथम 51  51 हजार, दूसरा इनाम 41000 तीसरा 31 हजार, चौथा 21000 तथा पांचवा इनाम 11000 रुपए का होगा। इसी प्रकार देसी घोडिय़ों में प्रथम 51 हजार, दूसरा 41 हजार, तीसरा 31000 ,चौथा 2100 तथा पांचवां 11000 रुपये का होगा।  घोडिय़ों की चाल आयोजित होगी जिसमें प्रथम इनाम 21 हजार  दूसरा इनाम 15000 रुपए और तीसरा इनाम 7100 रुपए का होगा। सर्कल कबड्डी आयोजित होगी जिसमें प्रथम इनाम 71000 रुपए तो दूसरा इनाम 51 हजार और तृतीय नाम 21000 रुपए का होगा। बेस्ट कैचर को 5100 रुपए और बेस्ट रैडर को भी 5100 रुपए का इनाम दिया जाएगा। 51 रुपए से लेकर 31000 रुपए तक की कुश्तियां आयोजित होगी।
 उल्लेखनीय है कि तीन दिनों तक यह मेला आयोजित होता है। जहां प्रथम दिन बाबा का जागरण एवं गुणगान होता है दूसरे दिन मेला एवं दौड़ आयोजित होती हैं और तीसरे और अंतिम दिन आए हुए भक्तजनों को विदा किया जाता है। कनीना का यह सबसे प्रमुख और सबसे प्रसिद्ध मेला है। इस मेल को लेकर हरियाणा ही नहीं नहीं दूसरे प्रदेशों से भी भक्त आते हैं और दौड़ आदि में भाग लेते हैं। कनीना कस्बा का कोई भी व्यक्ति कहीं हो वह इस दिन जरूर आकर शक्कर का प्रसाद चढ़ाता है। संत की अब तक चारकंृतियां, आरतियां, कैलेंडर, बाबा चालीसा आदि प्रकाशित हो चुके हैं। इनमें तो एक पुस्तक आईएसबीएन तक की भी प्रकाशित हो चुकी है। कनीना निवासी डा. होशियार सिंह यादव ने बाबा के प्रचार एवं प्रसार में अहं योगदान दिया है। उधर बाबा का प्राचीन जोहड़ अब जल से भराने की तैयारी की जा रही हैं।
फोटो कैप्शन 07: संत मोलडऩाथ की प्रतिमा कनीना





गायों के लिए सवामणि लगाई
-डा. नरेंद्र बोहरा की पुण्यतिथि पर लगाई सवामणि
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कनीना की आवाज।
  कनीना निवासी डा. नरेंद्र बोहरा की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके सुपुत्र चंद्रमोहन बोहरा द्वारा आज श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में गायों के लिए सवामणि का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धा भाव से गायों को हरा चारा एवं गुड़ खिलाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। गायों के लिए 11 हजार रुपये दिये।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने डा. नरेंद्र बोहरा के समाज सेवा एवं मानवीय मूल्यों को स्मरण करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। सभी ने उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार के इस पुनीत कार्य की सराहना की।
इस अवसर पर प्रधान भगत सिंह, बलवान आर्य, मा. रामप्रताप, सचिव यश, सह-सचिव रामपाल, कृष्णप्रकाश गुरुजी, बाबू दिलावर सिंह, पूर्व पार्षद राजेंद्र सिंह, होशियार सत्संगी, बोबी सत्संगी, नवीन यदुवंशी, नरेंद्र फौजी, योगेश पार्षद, महेश बोहरा जी, मोहन यादव, राज डीलर, सूबेदार महेंद्र सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 06: गायों के लिए गुड़ खिलाते हुए बोहरा




भडफ़ की टीम ने जीता 6 दिवसीय बीबीसी क्रिकेट टूर्नामेंट
-मुख्य अतिथि विनोद भडफ़ ने बढ़ाया खिलाडिय़ों का हौसला, विजेताओं को दिए नकद पुरस्कार
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कनीना की आवाज।
   उपमंडल के गांव भडफ़ में आयोजित 6 दिवसीय बीबीसी क्रिकेट टूर्नामेंट का  उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हुआ। पूरे छह दिन तक चले इस खेल महोत्सव में खिलाडिय़ों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खेल प्रेमियों का भरपूर मनोरंजन किया। प्रतियोगिता में विभिन्न जिलों की कुल 48 टीमों ने भाग लिया, जिससे टूर्नामेंट का स्तर काफी प्रतिस्पर्धात्मक रहा। कमेटी सदस्य अश्वनी कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि फाइनल मुकाबले में भडफ़ की टीम ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। विजेता टीम को 31 हजार रुपए की नकद राशि प्रदान की गई। वहीं पाली कुण्ड रेवाड़ी गांव की टीम द्वितीय स्थान पर रही, जिसे 21 हजार रुपए का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया । समापन समारोह में मुख्य अतिथि विनोद भडफ़ ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और नकद पुरस्कार प्रदान किए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताएं युवाओं की प्रतिभा को निखारने का सशक्त माध्यम हैं। खेल केवल जीत-हार का नाम नहीं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर खेलों को अपनाने और अपने गांव व क्षेत्र का नाम रोशन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हार से निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे सीख मानकर आगे बढऩा चाहिए। खेल मैदान में किया गया परिश्रम जीवन के हर क्षेत्र में सफलता दिलाता है। टूर्नामेंट के दौरान बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे और खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर अमरजीत कुमार, अजीत, बाबूलाल, जितेंद्र, कृष्ण, विक्रम, राहुल शर्मा, नरेश कुमार, रोहित, मोनी, देवेंद्र, गुलशन, नवीन, दीपक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 03: क्रिकेट का खेल खेलते हुए खिलाड़ी




दिव्यांग कर्मचारियों की सेवा-आयु घटाने के विरोध में राज्य-स्तरीय बैठक
गजट अधिसूचना रद्द करने की मांग, 22 सदस्यीय समिति गठित
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कनीना की आवाज। 
हरियाणा सरकार द्वारा दिव्यांग कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु से संबंधित जारी गजट अधिसूचना के विरोध में रविवार को जींद के पांडू पिंडारा में हरियाणा प्रदेश के दिव्यांग कर्मचारियों एवं अधिकारियों की राज्य-स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या संख्या में दिव्यांग कर्मचारी, अधिकारी एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में वक्ताओं ने बताया कि हरियाणा सरकार के वित्त विभाग द्वारा दिनांक 03 फरवरी 2026 को जारी गजट अधिसूचना के माध्यम से हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 के नियम 143 में संशोधन करते हुए 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले कर्मचारियों को दी गई 60 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है, जिससे दिव्यांग कर्मचारियों में भारी रोष है।
वक्ताओं ने कहा कि यह निर्णय बिना किसी सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन तथा दिव्यांग संगठनों से परामर्श के लिया गया है, जो समानता के सिद्धांत, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की भावना के प्रतिकूल है। सेवा-आयु में अचानक कटौती से दिव्यांग कर्मचारियों में मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक असुरक्षा उत्पन्न हुई है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि गजट अधिसूचना को निरस्त करवाने तथा दिव्यांग कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु पुन: 60 वर्ष बहाल करवाने के लिए प्रदेश-स्तर पर संगठित आंदोलन चलाया जाएगा। इसके लिए 22 सदस्यीय प्रदेश-स्तरीय समिति का गठन किया गया, जो मुख्यमंत्री सहित विभिन्न स्तरों पर जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर दिव्यांग कर्मचारियों का पक्ष रखेगी।
यह भी निर्णय लिया गया कि यदि राजनीतिक एवं प्रशासनिक स्तर पर समाधान नहीं निकलता है, तो दिव्यांग कर्मचारी न्यायालय की शरण लेने के विकल्प पर भी आगे बढ़ेंगे। इस रणनीति को मजबूत करने के लिए प्रत्येक जिले में कार्यकारिणी सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
बैठक की अध्यक्षता हरियाणा प्रदेश दिव्यांग शिक्षा अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश कुमार कौशिक उमंग के प्रदेश अध्यक्ष बंसीलाल जोहर, संरक्षक सुभाष कुलरिया, उप जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र आज़ाद, हरियाणा नेत्रहीन कर्मचारी संघ के पदाधिकारी सहित सैकड़ों दिव्यांग कर्मचारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में सरकार से मांग की गई कि 03 फरवरी 2026 की गजट अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए और दिव्यांग कर्मचारियों की सेवा-आयु 60 वर्ष पुन: निर्धारित की जाए।
फोटो कैप्शन 04: बैठक आयोजित करते हुए






संत मोलडऩाथ आश्रम को सजाया जा रहा है
-साफ सफाई पर दे रहे हैं विशेष ध्यान
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कनीना की आवाज।
  बाबा मोलडऩाथ मेले में प्रशासन भी पूर्ण सहयोग कर रहा है। मोलडऩाथ मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने बताया कि मंदिर की  चारों तरफ सफाई का विशेष ध्यान रखते हुए प्रशासन अपना पूरा सहयोग कर रहा है। नगर पालिका कर्मचारी दिन-रात इसमें लगे हुए हैं। किसी भी तरह की गंदगी मंदिर के आसपास नजर नहीं आएगी। आने वाले भक्तों को इसमें पूरा लाभ मिलेगा। बिजली प्रबंध का भी काम अपने चरम पर है। मंदिर के चारों तरफ की लाइट ठीक करवा दी गई है।
 प्रधान दिनेश यादव ने बताया कि आने वाले भक्तों को किसी भी तरह की कोई परेशानी ना हो इसका विशेष ध्यान रखा गया है। मंदिर के चारों ओर बड़े वाहनों को अंदर आने के लिए बैरीकेट लगाकर व्यवस्था की जाएगी जिसमें पुलिस प्रशासन भी अपना पूरा सहयोग करता है।
27 फरवरी के मेले में मेडिकल स्टाफ की तरफ से पूरी सेवाएं दी जाती है। मेले में डा. और  नर्सिंग स्टाफ अपनी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हैं। एंबुलेंस की तैनाती की जाती है। सभी संस्थाएं इसमें अपना सहयोग करती हैं।
 बाबा मोलडऩाथ युवा संगठन, बाबा मोलडऩाथ सत्संग मंडल मिलकर सहयोग करते हैं। इसके लिए मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने सभी का तहेदिल से आभार एवं स्वागत किया कि वो  अपने गांव के इस धार्मिक मेले में जैसा बनता है वैसा सहयोग करते हैं। उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले समय में बाबा मोलडऩाथ मंदिर एक बहुत बड़ा तीर्थ स्थान बनने की कगार पर है। चारों तरफ बहुत ही सुंदर नजारा आपको देखने को मिलेगा। मंदिर के सामने शहीद सुजान सिंह पार्क की भी सफाई करवाई जा रही है ताकि आने वाले भक्ति पार्क में विश्राम कर सके। मंदिर कमेटी के सभी कार्यकर्ता इस सफाई अभियान में लगे हुए हैं जिनमें शिवकुमार, महेंद्र सिंह ,अशोक डीपी, अनिल मास्टर, लाल सिंह, रमेश, बलवीर साहब, प्रकाश साहब, बाबा रामनिवास, संजय यादव, राजेंद्र सिंह, महिपाल सिंह, बलिया, सतबीर शिवचरण, लक्की शर्मा, आनंद शर्मा, विक्की शर्मा व अनेक कार्यकर्ता इसमें लगे हुए हैं।
फोटो कैप्शन 01। मोलडऩाथ आश्रम की सफाई करते कर्मी




खिलाड़ी का किया सम्मान, अतरलाल ने पहनाई पगड़ी
-कनिष्क चौहान को साफा और चांदी का मुकुट पहनाकर तथा प्रशस्ति पत्र भेंट की
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कनीना की आवाज।
  प्रजा भलाई संगठन के अतरलाल एडवोकेट एवं संगठन के पदाधिकारियों ने भारत की अंडर-19 क्रिकेट वल्र्ड कप चैंपियन टीम के आलराउंडर खिलाड़ी कनिष्क चौहान को को साफा और चांदी का मुकुट पहनाकर तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर राष्ट्र गौरव अवार्ड से सम्मानित किया। संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कनिष्क चौहान के पैतृक गांव कुलाना में आयोजित सार्वजनिक अभिनंदन समारोह में पहुंचकर कनिष्क चौहान को सम्मानित किया।
 जानकारी देते हुए प्रजा भलाई संगठन के डा. मुकेश तंवर ने बताया कि ने कहा कि कनिष्क चौहान ने जिंब्बावे में खेले गए अंडर-19 वल्र्ड कप फाइनल मुकाबले में शानदार पारी खेलते हुए 20 गेंदों में तीन चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 37 रन बनाकर भारतीय टीम का स्कोर 411 तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए दो विकेट हासिल किये तथा इंग्लैंड की तरफ से शतक बनाने वाले फाल्कनर जैसे जमे हुए बल्लेबाज को आउट कर टीम इंडिया की जीत को सुनिश्चित कर दिया। कार्यक्रम में अतरलाल एडवोकेट ने सम्मान समारोह आयोजित करने के लिए गांव कुलाना का धन्यवाद करते हुए कहा कि खिलाड़ी देश की शान तथा गौरव होते हैं। इस तरह के सम्मान समारोह आयोजित करने से खिलाडिय़ों का उत्साह बढ़ता है और दूसरे खिलाडिय़ों को भी प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर उनके साथ चेयरमैन रतन सिंह तंवर, राजेंद्र सिंह नंबरदार, सूबेदार मेजर मदन सिंह, डा. मुकेश, मीर सिंह वैद्य, किशनपाल सिंह तंवर ने भी शानदार प्रदर्शन के लिए कनिष्क चौहान को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
फोटो कैप्शन 02:. कनिष्क चौहान को चांदी का मुकुट पहनकर सम्मानित करते हुए नेताजी













12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा बढ़ चढ़कर लेगा
भाग
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कनीना की आवाज। 
रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के प्रदेश सचिव धर्मपाल शर्मा, जिला प्रधान घनश्याम दास शर्मा व जिला सचिव रोशनलाल निंबल ने संयुक्त बयान में बताया कि देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और फेडरेशनों तथा  पेंशनर्स फेडरेशनों ने पेश किए गए चार लेबर कानूनों को वापस करवाने के लिए  12 फरवरी 2026 को आम हङ़ताल पर जाने का फैसला किया है। 12 फरवरी होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में हरियाणा प्रदेश  व जिला महेन्द्रगढ़ के सभी   रिटायर्ड कर्मचारी हङ़ताल मे बढ़ चढ़कर भाग लेंगे तथा  हङ़ताल  से जुड़े सभी कार्यक्रम में भाग लेंगे।
रिटायर्ड कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव धर्मपाल शर्मा ने बताया की अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन का दूसरा राष्ट्रीय अधिवेशन हरियाणा के कुरुक्षेत्र में 22 -23 फरवरी 2026 को सैनी समाज धर्मशाला में होने जा रहा है। इस सम्मेलन में रिटायर्ड कर्मचारी को आने वाली समस्याओं पर गहन विचार विमर्श किया जाएगा । इस बात पर जोर दिया जाएगा की पेंशन वित्त विधेयक 2025 वापस हो। पुरानी पेंशन लागू की जाए। करोना कल के दौरान का 18 माह का बकाया महंगाई भत्ता ब्याज सहित दिया जाए। काम्यूटेशन की राशि 11 साल तक ही काटी जाए। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 65-70 व 75 वर्ष की आयु में 5, 10, 15 परसेंट वेतन वर्दी लागू हो ।ए सी, वोल्वो, निजी बसों, रेलवे हवाई यात्रा में रियायती किराए की सुविधा लागू की जाए । रिटायर्ड कर्मचारियों के हक में हुए माननीय न्यायालय के फैसलों को जनरलाइज किया जाए। रिटायर्ड कर्मचारियों के  पारिवारिक पेंशन वालों की बुढ़ापा पेंशन की रिकवरी ने की जाए ।मजदूर किसान विरोधी काले कानून वापस ले जाए। सरकार रिटायर्ड कर्मचारियों की मांगे मान लेगी वरना आखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के सम्मेलन में बड़े आन्दोलन करने का निर्णय लिया जायेगा।
फोटो कैप्शन: धर्मपाल

Monday, February 9, 2026



 

कनीना में कई विकास कार्यों को मिली मंज़ूरी
बहन आरती राव ने अपने कोष से 25 लाख की दी स्वीकृति : दीपक चौधरी
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कनीना की आवाज।
कनीना नगर क्षेत्र में जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न वार्डों में कई विकास कार्यों के लिए 25 लाख रुपये की मंज़ूरी दी गई है। इस संबंध में जानकारी देते हुए दीपक चौधरी ने बताया कि  आरती राव ने अपने विवेकाधीन कोष से इन कार्यों को करवाने की स्वीकृति प्रदान की है।
दीपक चौधरी के अनुसार कनीना के अलग-अलग वार्डों में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए चौपाल निर्माण, पैदल चलने के ट्रैक, पार्कों के नवीनीकरण, पेयजल सुविधा तथा अन्य आवश्यक विकास कार्य शामिल किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि वार्ड नंबर 1 में चौपाल का निर्माण तथा होली वाला जोहड़ के चारों ओर पैदल चलने के लिए ट्रैक बनाया जाएगा। वार्ड नंबर 8 में एससी चौपाल का नवीनीकरण किया जाएगा। वहीं वार्ड नंबर 10 में शहीद अशोक पार्क का नवीनीकरण तथा वार्ड नंबर 4 में चंदा मामा पार्क में ट्यूबवेल का नवीनीकरण किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त वार्ड नंबर 6 में दो वाटर कूलर लगाए जाएंगे, जिससे आम नागरिकों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सके। अनाज मंडी व बस स्टैंड क्षेत्र के पास पैदल चलने के ट्रैक और पार्क विकास का कार्य भी प्रस्तावित है।
दीपक चौधरी ने कहा कि इन विकास कार्यों के पूरा होने से कनीना शहर में बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा और आम जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। कनीना के विकास में बहन आरती राव के द्वारा दिये गये सहयोग के लिए जिन वार्डो के कार्य होने है उनके पार्षद साथियों ने उनका धन्यावाद किया पार्षद मंजू देवी, योगेश कुमार, राकेश, रेखा देवी,पूजा देवी वार्ड 8,मुकेश नंबरदार, नरेंद्र फौजी, देसराज सभी ने आभार व्यक्त किया






 कनीना खास उपमंडल के रेलवे स्टेशन पर फास्ट ट्रेन
--जिले का एकमात्र अभागा रेलवे स्टेशन
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कनीना की आवाज।
   कनीना उपमंडल मुख्यालय का कनीना खास ऐसा अभागा रेलवे स्टेशन होगा जहां केवल पैसेंजर ट्रेन रुकती है। कहने को तो उपमंडल स्तर का रेलवे स्टेशन है किंतु कोई फास्ट और सुपरफास्ट ट्रेन यहां नहीं रुकती है। राजनीति की मार झेलता हुआ यह रेलवे स्टेशन इसका अच्छा उदाहरण है जहां कभी फास्ट ट्रेन रुकती थी उनका भी रुकना बंद हो चला है।
एक वक्त था जब कनीना खास रेलवे लाइन मीटर गेज होती थी यहां पर फास्ट ट्रेन बीकानेर एवं जोधपुर ट्रेने भी रुकती थी किंतु जब से यह लाइन ब्राड गेज में बदली है तब से सभी ट्रेन रुकनी बंद हो गई। एकमात्र पैसेंजर ट्रेन ही यहां रुकती है। ऐसा कोई अधिकारी नहीं है जहां तक कनीना वासियों ने शिकायत नहीं की हो किंतु राजनीति की मार झेलता हुआ आज तक कनीना खास रेलवे स्टेशन नहीं उभर पाया है। कहने को तो भारी संख्या में कनीना में नेता, मंत्री, विधायक हुए हैं और कनीना राजनीति का गढ़ माना जाता है किंतु आज तक रेलवे स्टेशन की सुध नहीं ली है। आश्चर्यजनक तो है कि विगत नवरात्रों तक जहां एक फास्ट ट्रेन का 15 दिनों तक ठहराव होता था वो भी इस बार  के नवरात्रों में नहीं रुकी। यहां किसी प्रकार की सुविधा नहीं दी जा रही है। कनीना खास एकमात्र ऐसा रेलवे स्टेशन है जो रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिलों की सीमा पर स्थित है। एक ओर कनीना के बाद रेवाड़ी जिले का जैनाबाद डहीना रेलवे स्टेशन है वहीं दूसरी ओर महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन है। इस रेलवे स्टेशन ने कितने ही रूप देखे हैं। जहां बीकानेर के महाराज भी यहां आकर रुकते थे और जिनके कारण यहां से ट्रेन का मार्ग निकाला गया था। आज यह रेलवे स्टेशन अपनी बिछुडऩे की दास्तान सुना रहा है। वर्तमान में इस रेलवे स्टेशन विद्युतीकरण भी हो चुका है किंतु अफसोस कनीना को उसका हक नहीं मिला है। अब कनीना पालिका प्रधान के दावेदार इस रेलवे स्टेशन पर सभी ट्रेनों के रुकवाने के लिए प्रयास करने की बात कह रहे हैं वहीं चरखी दादरी से अलवर वायां कनीना रेलवे लाइन बिछाने की कार्रवाई करवाने की बात कह रहे हैं।
सबसे बड़ी विशेषता यह है कि 1935 में स्थापित किए रेलवे स्टेशन कनीना की विशाल अनाज मंडी के चलते स्थापित हुआ था। कनीना की विशाल अनाज मंडी है जिसे दूर दराज तक कनीना मंडी के नाम से ही जाना जाता है परंतु आज तक किसी मंत्री, विधायक, सांसद या अधिकारी की यह नजर नहीं पड़ी है कि कम से कम यहां  सभी ट्रेनों का ठहराव कर दिया जाए ताकि यहां के लोग दूर दराज तक जा सके।
 अहीरवाल का गढ़ और देश सेवा में इस क्षेत्र के हजारों सैनिक कार्यरत है उनके दृष्टिगत भी यहां कोई ट्रेन का ठहरा नहीं किया जाता। पैसेंजर ट्रेन के कारण ही कनीना का विकास नहीं हो पा रहा है। एक और जहां चरखी दादरी से अलवर वाया कनीना वही कोसली से कनीना रेल मार्ग जोड़े जाने की आस लगाए कनीनावासी बैठे हैं। इनकी सर्वे भी हो चुकी है। विगत समय में यह विषय चर्चा का विषय बना था।  यदि ये मार्ग जुड़ जाते हैं तो कनीना जंक्शन बन जाएगा और फिर से यहां ट्रेनों की सुविधा मिलने की उम्मीद बन जाएगी।
 कनीना खास रेलवे स्टेशन 1939 में निर्मित किया गया था किंतु यहां फास्ट एवं सुपरफास्ट ट्रेन नहीं रुकती, महज एक फास्ट तथा पैसेंजर ट्रेनों से ही गुजारा करना पड़ता है। कनीना से रेवाड़ी की ओर14 ट्रेन तथा रेवाड़ी से महेंद्रगढ़ भी 14 ट्रेन चलती हैं जिनमें से कनीना को महज 7 ट्रेन पैसेंजर नसीब होती हैं जबकि कनीना खास रेवाड़ी से 34 किमी तथा महेंद्रगढ़ से 17 किमी दूरी पर स्थित है। अगर कोई चरखी दादरी, रोहतक ,अटेली एवं नारनौल आदि की ओर जाना चाहे तो नहीं जा सकता क्योंकि यह ट्रेन केवल महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी की और देर शाम तक ही चलती हैं। तत्पश्चात सुबह होने का इंतजार करना पड़ता है।



महाभारत का इतिहास समेटे है बाबा खाटू श्याम
-20 फरवरी से लगेगा मेला, किया जाता है निशान अर्पित
-जाएगी कनीना से निशान यात्रा
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कनीना की आवाज।
 20 फरवरी से 4 मार्च तक चलने वाले खाटू श्याम मेले के लिए 20 फरवरी से निशान यात्रा शुरू हो जाएगी।  कनीना ही नहीं पूरे प्रदेश से हजारों की संख्या में भक्त निशान लेकर जाते हैं। जगह जगह उनके लिए शिविरों का प्रबंध शुरू हो गया है। राजस्थान में रिंगस से करीब 17 किमी दूर खाटूश्याम धाम पौराणिक इतिहास को समेटे हुए है। यूं तो इस धाम पर वर्ष भर भारी भीड़ चलती है किंतु फाल्गुन शुक्ल एकादशी को जो मेला लगता है उसमें अपार जनसैलाब उमड़ता है। यहां कई दिनों पूर्व ही भक्तजन आकर ध्वज चढ़ाने लग जाते हैं। राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के अलावा पंजाब के बेशुमार भक्तजन पदयात्रा करके इस धाम पर पहुंचते हैं।
खाटूश्याम की कथा-  
श्याम बाबा का नाम बर्बरीक था तथा महाभारत में भीम का पौत्र घाटोत्कच का पुत्र था। जब कौरवों और पांडवों का युद्ध चल रहा था तो बर्बरीक तीन बाण लेकर युद्ध में आया। जब श्रीकृष्ण की नजरें उन पर पड़ी तो उनका परिचय तथा युद्ध में आने का कारण पूछा। बरबरीक ने अपना नाम घटोत्कच पुत्र बबरीक बताया और कहा मैं युद्ध के लिए आया हूं और तीन बाणों से तीन लोकों को बेंध सकता हूं। कृष्ण ने उनकी परीक्षा हेतु सामने खड़े विशाल पीपल के सभी पत्ते एक ही बाण से छेदने के लिए कहा।
बर्बरीक ने एक बाण धनुष पर चढ़ाया और, पीपल के सभी पत्ते छेद डाले। श्रीकृष्ण ने शीश दान में मांगा। बर्बरीक ने हाथ जोड़कर एक विनती की कि उन्हें पूरा युद्ध दिखाया जाये।
शीश को ऊंचे पर्वत पर रख युद्ध का हाल देखने दिया। जब पांडव युद्ध जीत गए तो युद्ध में जीत का कारण श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र तथा द्रोपदी का काल रूप बताया।
बर्बरीक के सच्चे न्याय को सुन श्रीकृष्ण ने उन्हें कलियुग में श्याम बाबा नाम से पूजे जाने का वरदान दिया। इसके बाद शीश नदी में बहा दिया जो चलकर खाटू पवित्र धाम में रुका। तभी से खाटू श्याम स्थल पर श्याम मन्दिर बनाकर पूजा आरम्भ की। मन्दिर में रखा शीश स्वयं उत्पन्न हुआ माना जाता है।
रास्ता -
कनीना से सैकड़ों की संख्या में झंडा लेकर श्री खाटू श्याम की ओर रवाना होते हैं। विभिन्न जिलों और राज्यों के भक्तजन निजामपुर सड़क मार्ग को काटने वाले रेलवे ट्रैक के साथ-साथ चलकर जाते हैं रास्ते में अनेक पड़ाव एवं ठहराव होते हैं। रास्ता कनीना-मोहनपुर-सुंदराह-झीगावन-बेवल-अटा ली-सिहमा-खासपुर-नारनौल- निजामपुर-डाबला- जीलो-मावंडा-नीम का थाना-भागेगा-कांवट-कछेरा-श्रीमाधोपुर-रिंगस- खाटूश्याम।
ठहराव-
 खाटूश्याम धाम पर मेला अति दर्शनीय है। राजस्थान के भरने वाले प्रसिद्ध मेले के श्रद्धालुओं के लिए गांव-गांव में ठहरने के लिए शिविर लगाये जाते हैं। श्याम बाबा को पहुंचने वाले श्रद्धालुओं व भक्तों को यहां ठहराकर प्रबंधक विभोर हो जाते हैं। वहीं भक्तों की अच्छी सेवा की जाती है। किसी भी भक्त को रास्ते में कोई परेशानी नहीं आती है। वैसे भी भारी संख्या में भक्त विशेषकर महिलाएं अधिक जाती हैं। रास्ते में नहाने, खाने एवं दवाओं को शिविरों में भी बेहतर प्रबंध होता है।
तैयारी-
खाटूश्याम जाने  के लिए एक डंडे पर सवा मीटर का कपड़ा जो खाटू ध्वज के नाम से पूजा अर्चना करने के बाद धारण किया जाता है और रास्ते में किसी कपड़े आदि या साफ जगह पर ही रखा जाता है। सुबह सवेरे खाटू की पूजा करके ही ध्वज को लेकर आगे बढ़ते हैं। सफाई के साथ-साथ मन एवं वचन से पूरे रास्ते शुद्धता का ख्याल रखा जाता है। कांवड़ के मुकाबले खाटूश्याम के नियम लचीले होते हैं। साबुन, तेल, ब्रश आदि की जा सकती है। क्योंकि अधिकांश रास्ता ट्रैक के साथ-साथ होकर गुजरता है। ऐसे में भक्तों को ट्रेन का ध्यान रखना जरूरी है।  
22 फरवरी को जाएगी कनीना से निशान यात्रा-
निशान यात्रा खाटूधाम एवं जैतपुरा खाटू धाम दो स्थानों पर पहुंचती हैं। जो भक्त करीब 200 किमी दूर राजस्थान में खाटू श्याम धाम पर नहीं जा सकते हैं उनके लिए जैतपुर का धाम विख्यात है। हुडिय़ा-जैतपुर जो कनीना से 22 किमी दूर राजस्थान में स्थित है।  प्रति वर्ष यहां पर कई हजार निशान अर्पित किए जाते हैं और खाटू श्याम भक्त पैदल चलकर जाते हैं। कनीना, अटेली, नारनौल तथा महेंद्रगढ़ के अलावा आस पास के भक्त जो एक ही दिन में अपना निशान खाटू को अर्पित करना चाहते हैं और अधिक दूर चलने में असमर्थ हैं उनके लिए यह खाटू श्याम मंदिर जाना जाता है। भक्त अपने घर से खाटू श्याम का निशान लेकर पदयात्रा करता हुआ कनीना से भोजावास तथा राताकलां से जैतपुर पहुंचता है।
कनीना से सैकड़ों भक्तों की निशानयात्रा हर वर्ष की भांति इस वर्ष श्याम मंदिर कनीना से शुरू होगी और उसी दिन जैतपुर धाम पर पहुंचेगी।
फोटो कैप्शन 01: जैतपुरा धाम।
          02: खाटूश्याम द्वार


बाबूलाल करीरा अपने व्यवहार सेे कमा रहे हैं नाम
-अपने पैसों से लगते हैं पेड़ पौधे, करते हैं सेवा
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कनीना की आवाज।
करीरा निवासी बाबूलाल सुख सहाय जहां शिक्षा विभाग में 25 सालों से सेवा दे रहे हैं वहीं वर्तमान में राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कनीना में कार्यरत हैं। आज के दिन चाहे लोग काम से जी चुराते हैं किंतु वह पूरी लगाने से काम करते हैं तथा अपनी पैसों से पेड़ पौधे लगाकर विद्यालय का सौंदर्यीकरण में लगे हुए हैं। जहां उन्होंने अपने पैसों से पेड़ पौधे लगाए हैं वही फव्वारे लगाकर घास का लान तैयार कर रहे हैं। बाबूलाल से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि चाहे इंसान किसी भी पद पर हो किंतु उसे जी जान से मेहनत करनी चाहिए ताकि नाम कमा सके। यह हमारा फर्ज है। सरकार जब हमें वेतन देती है तो हमारा भी फर्ज बनता है कि हम जी जान से काम करें। परिवार की आर्थिक हालात ठीक होने के कारण अवकाश के दिन भी स्कूल में आ जाते हैं और काम में लगे रहते हैं। सौम्य स्वभाव के बाबूलाल जहां प्रांगण को सजाने में लगे हुये है वहीं शीत ऋतु आने पर उनके फूलदार पौधे नष्ट हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि कई बार निज पैसों से पेड़ पौधे लाकर पेड़ लाकर प्रांगण सजाते हैं।  अपने घर में उगे हुए फूलदार तथा फलदार पौधे भी लाकर लगाते हैं। जहां किचन गार्डन बनाना हो तो उसमें भी स्वयं अपने हाथों से किचन गार्डन तैयार करते हैं और बीज भी  अपने पैसों से लाकर लगाते हैं। सबसे बड़ी बात है कि वर्तमान स्कूल के प्रार्थना सभा स्थल का घास का लान तैयार कर रहे हैं जिसमें उन्होंने खुद अपने पैसों से पाइपलाइन दबाकर उसमें फव्वारा सेट लगाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि बार-बार बंदर फव्वारा सेट को तोड़ जाते हैं इसलिए भूमि के नीचे से पाइप दबाकर छोटे फवारा लगाए हैं। जब भी किसी भी प्रकार का कोई आदेश मिलता है उसे बखूबी से पालन करते हैं कि तथा सद्व्यवहार होने के कारण सभी स्टाफ सदस्य उन्हें चाहते हैं। ऐसे वैसे भी सुखसहाय का वेतन बहुत कम होता है किंतु जो भी मिलता है उसे अपनी खुशनसीबी समझ कर मेहनत में विश्वास करते हैं। उनके लान में सदा हरी औषधि की भरमार है।
फोटो कैप्शन 4: घास का लान तैयार करते बाबूलाल तथा बाबूलाल की पासपोर्ट



विभिन्न मेलों एवं परीक्षाओं की तैयारी शुरू
-कनीना का मोलडऩाथ मेला
27 फरवरी को
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कनीना की आवाज।
 कनीना एवं आस पास क्षेत्रों में विभिन्न मेले फरवरी एवं मार्च माह में लग रहे हैं वहीं परीक्षाएं भी फरवरी में शुरू हो रही हैं। 22 फरवरी से 4 मार्च तक चलने वाले 12 दिवसीय खाटू श्याम फाल्गुनी मेले की तैयारी शुरू हो गई है। जहां कनीना में श्याम बाबा का मंदिर है वहीं कनीना से लोग राजस्थान के दो स्थानों पर पदयात्रा पर जाते हैं। एक और जहां हुडिय़ा जैतपुर जाते हैं वही खाटू श्याम धाम पर जाते हैं। दोनों ही जगह श्याम मेले लगते हैं।  कनीना से करीब 190 किलोमीटर दूर राजस्थान में रिंगस से 17 किलोमीटर दूर खाटू धाम है। जहां सबसे अधिक बड़ा मेला लगता है। इस मेले में सभी गांव से सैकड़ों की संख्या भक्तजन पदयात्रा करते हैं। जगह-जगह उनके लिए जहां ठहरने के प्रबंध किए जाते हैं।
15 फरवरी को महाशिवरात्रि का बाघोत में मेला लगेगा। यह कांवड़ मेला नाम से जाना जाता हे। वर्ष में दो बार लगता है तथा गर्मियों में भारी संख्या में कांवड़ अर्पित की जाती हैं।
  उधर  को कनीना के संत मोलडऩाथ का मेला लगेगा। इसे शक्कर मेला नाम से जाना जाता हे। मोलडऩाथ मेला 27 फरवरी को संपन्न हो चुका है। कनीना का मोलडऩाथ मेला ऊंट एवं घुड़दौड़ के लिए विख्यात है।  




कनीना में बदला मौसम
सुबह से ही निकलती है धूप





Sunday, February 8, 2026



 

पूर्व पार्षद ने 
गुसाई मठ के निर्माण हेतु दिये 2.51 लाख रुपए
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कनीना की आवाज।
बाबा गुसाई भारती मठ आश्रम कनीना मैं बाबा के नवनिर्मित भवन के अधूरे कार्य को
  पूर्ण करने तथा   उसमें मूर्ति स्थापना के संबंध में एक आम जनसभा का आयोजन किया गया। जिसमें मनीष पुत्र श्री राज सिंह ने भवन के अधूरे कार्य को पूरा करने के लिए  2 लाख 51000 की राशि अपनी नेक कमाई में से देने की घोषणा की। इस सभा में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने उनका धन्यवाद किया। बाबा गोसाई भारती  आश्रम गांव का सबसे पुराना आश्रम है। यहां पर गांव के सभी नवजात  पुत्रों के जङुले होली पर्व के दूसरे दिन  
 दूसरे दिन यानी
धूलंडी के दिन  उतारे जाते हैं। तथा किसी भी घर में  गाय तथा भैंस के बयान पर द्वादशी के दिन दूध तथा दही का भोग बाबा पर लगाने की परंपरा है।
फोटो कैप्शन 06: संबंधित है


योग भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग - वर्षा रानी
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कनीना की आवाज।
ग्राम पंचायत गुजरवास के सौजन्य से ओम गार्डन  गुजरवास में चल रहे सात दिवसीय सूर्य नमस्कार योग शिविर का रविवार को विधिवत समापन हो गया । समापन अवसर पर योग प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए सरपंच वर्षारानी ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है । योग साधना से व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य में वृद्धि होती है , इसलिए हमें योग को अपनी दिनचर्या में शुमार करना चाहिए ।  आयुष विभागबकी ओर से योग सहायक पवन कौशिक ने सूर्य नमस्कार के विभिन्न चरणों का अभ्यास करवाते हुए कहा कि सूर्य नमस्कार से शरीर को ऊर्जा मिलती है, पाचन शक्ति बढ़ती है, और मानसिक तनाव कम होता है। इसलिए हमें निरंतर योगाभ्यास करना चाहिए ।
शिविर संयोजक योग गुरु ओमप्रकाश चौहान ने बताया कि 2 फरवरी से चल रहे सात दिवसीय योग शिविर का रविवार को समापन हो गया। इस शिविर में सात दिनों तक पुरुषों, महिलाओं तथा बच्चों ने सूर्य नमस्कार योगासन का निरंतर अभ्यास किया। समापन अवसर पर सेंट जॉन ब्रिगेड ऑफिसर डॉ सी एस वर्मा प्रभाकर, मनीष राठौड़, रमेश मेहरा, संतोष वर्मा, हंसा देवी, गुलाब, चम्पा, बाला, मंजू, बरजी, नंदिनी कौशल्या एवं मुन्नी सहित काफी संख्या में पुरुष, महिलाओं तथा बच्चों ने योगाभ्यास किया ।
फोटो कैप्शन 07: संबंधित है


श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में आम सभा आयोजित, विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा
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कनीना की आवाज।
श्रीकृष्ण गौशाला कनीना के प्रांगण में आज कनीना कस्बावासियों की एक महत्वपूर्ण आम सभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता वरिष्ठतम गौ सेवक सूबेदार रामसिंह ने की। सभा अध्यक्ष की अनुमति से गौशाला प्रधान भगत सिंह यादव ने एक जुलाई 2025 से 31 जनवरी 2026 तक किए गए विकास एवं सेवा कार्यों का सिलसिलेवार विवरण उपस्थित जनसमूह के समक्ष प्रस्तुत किया।
प्रधान भगत सिंह यादव ने अपने संबोधन में बताया कि गौशाला में गौवंश की बेहतर देखभाल, संरक्षण एवं संवर्धन को ध्यान में रखते हुए विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग बाड़ों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें बछड़ों, दुधारू गायों, वृद्ध गायों, सांडों, उत्तम नस्ल की बछडिय़ों तथा नस्ल सुधार हेतु लाए गए उच्च नस्ल के नंदियों के लिए पृथक-पृथक बाड़े बनाए जा रहे हैं। इन बाड़ों की संरचना इस प्रकार की जा रही है कि सभी गौवंश को समय पर चारा, स्वच्छ पानी तथा उचित देखभाल की समुचित सुविधा मिल सके।
उन्होंने बताया कि इन विकास कार्यों को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक दानदाताओं को प्रेरित किया गया, जिस पर सभी ने श्रद्धा भाव से सहयोग प्रदान किया है तथा भविष्य में भी निरंतर सहयोग देने का विश्वास दिलाया है। सहयोग केवल कनीना क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कोटिया, गाहड़ा, करीरा, भडफ़, ककराला सहित आसपास के गांवों तथा दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया है।
सभा में सचिव यश कनीनवाल ने एक जुलाई 2025 से 31 जनवरी 2026 तक का विस्तृत आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किया। इस अवधि में 1 करोड़ 86 लाख 72 हजार रुपए की आय हुई तथा 1 करोड़ 35 लाख 20 हजार रुपए खर्च हुए जिसे उपस्थित सदस्यों ने संतोषजनक बताया। वित्तीय पारदर्शिता की सभी ने सराहना की।
 अधिवक्ता कैलाश गुप्ता ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि गौशाला समाज की अमूल्य धरोहर है और इसके विकास के लिए सभी नागरिकों को एकजुट होकर सहयोग करना चाहिए। उन्होंने वर्तमान प्रधान भगत सिंह यादव द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
देवेंद्र कुमार ने अपने विचार रखते हुए कहा कि कार्यकारिणी का लगभग 90 प्रतिशत समय गोवंश के पोषण, उत्तम चारे की व्यवस्था, मजबूत शेड, बेहतर चिकित्सा सुविधा तथा सबसे महत्वपूर्ण नस्ल संरक्षण एवं संवर्धन पर केंद्रित होना चाहिए। शेष समय अन्य व्यवस्थाओं में लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गौशाला की सुदृढ़ व्यवस्था गांव के समग्र विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
बाबू दिलावर सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में गौशाला में गायों की सेवा के लिए सर्वोत्तम व्यवस्था की जा रही है और हमारा निरंतर प्रयास रहता है कि गोवंश को हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध हो। कृष्णप्रकाश गुरुजी ने प्रबंधकीय कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सभी को बिना किसी राजनीतिक भावना के एकजुट होकर प्रधान भगत सिंह के कार्यों में सहयोग करते रहना चाहिए।
चेयरमैन सुभाष यादव ने भी गौशाला में हो रहे विकास कार्यों को प्रशंसनीय बताया और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। सह सचिव रामपाल ने सभी उपस्थित लोगों से अनुरोध किया कि वे समय-समय पर गौशाला पहुंचकर व्यवस्थाओं का अवलोकन करें तथा अपने बहुमूल्य सुझाव भी दें, जिससे व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाया जा सके।
सभा का वातावरण अत्यंत सौहार्दपूर्ण, अनुशासित एवं सद्भावनापूर्ण रहा। अंत में सभापति सूबेदार रामसिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2003 में गौशाला की स्थापना के समय वे भी इससे जुड़े थे। उस समय संसाधनों एवं सुविधाओं का अभाव था। प्रभु की कृपा से गौशाला को अमरसिंह जैसे समर्पित गोभक्त मिले, जिन्होंने अपने कुशल नेतृत्व और व्यक्तित्व से आवश्यक संसाधन जुटाने का कार्य किया।
उन्होंने बताया कि अमरसिंह में दूसरों को अपनी बात मनवाने की अद्भुत क्षमता थी, जिसका भरपूर लाभ गौशाला को मिला। वे अपनी टीम के साथ दूर-दराज के गांवों और शहरों में जाकर धन-धान्य एकत्रित करते थे, जिससे गौशाला में मजबूत आधारभूत संरचना विकसित हो सकी। सभापति ने वर्तमान प्रबंधन द्वारा किए जा रहे नवीनीकरण एवं नस्ल संवर्धन के प्रयासों की भी विशेष सराहना की।
इस अवसर पर सतबीर गुगनवाला, सूबेदार महेंद्र सिंह, कमल यादव, नरेंद्र कुमार, मुकेश नंबरदार, पाले सोनी, उप प्रधान रवींद्र बंसल, मास्टर रामप्रताप, ऑडिटर अशोक पैकन पूर्व प्राचार्य, होशियार सत्संगी, पूर्व पार्षद राजेंद्र, बॉबी सत्संगी, नरेश यादव, कुलदीप नंबरदार, होशियार पार्षद, सुभाष यादव उप प्रधान नगरपालिका, फौजी नवीन यदुवंशी, दीपक यादव, कैप्टन देशराज, सूबेदार राजेश, सूबेदार दुलीचंद, विजय चेयरमैन, पृथ्वी बोहरा, संदीप यादव, पूर्व सचिव कृष्ण कुमार सहित अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी एवं गौभक्त उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: बैठक में संबोधित करते वक्ता



बीआर स्कूल में स्कालरशिप टेस्ट का सफल आयोजन, हजारों विद्यार्थियों ने लिया भाग
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कनीना की आवाज।
बी.आर. आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेहलंग में आज छात्रवृत्ति परीक्षा का सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से आए हजारों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर एवं पूजा-अर्चना के साथ की गई, जिसके पश्चात परीक्षा प्रक्रिया प्रारंभ हुई।
यह परीक्षा विद्यार्थियों की शैक्षणिक योग्यता, तार्किक क्षमता एवं बौद्धिक विकास को परखने के उद्देश्य से आयोजित की गई। परीक्षा में कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने पूरे अनुशासन एवं आत्मविश्वास के साथ भाग लिया।
परीक्षा से पूर्व प्रार्थना सभा में विद्यालय के चेयरमैन श्री हरिश भारद्वाज ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाएँ बच्चों में आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धा की भावना एवं आगे बढऩे की प्रेरणा विकसित करती हैं।
उन्होंने बताया कि विद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विशेष कोचिंग कक्षाएँ, खेल प्रशिक्षण, इंग्लिश स्पीकिंग प्रोग्राम, व्यक्तित्व विकास सत्र, स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएँ तथा अनुभवी शिक्षकों द्वारा नियमित मार्गदर्शन की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती  है ।
उन्होंने आगे कहा कि चयनित विद्यार्थियों को आगामी शैक्षणिक सत्र में 100 प्रतिशत तक शुल्क में छूट, नि:शुल्क अध्ययन सामग्री एवं विशेष कोचिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी।
विद्यालय की प्रधानाचार्या ज्योति भारद्वाज ने बताया कि परीक्षा परिणाम तीन बाद घोषित किए जाएंगे तथा चयनित विद्यार्थियों को व्यक्तिगत रूप से सूचित किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं स्टाफ सदस्यों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया।
फोटो कैप्शन 02:
बी.आर. आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेहलंग में स्कॉलरशिप टेस्ट कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ करते हुए विद्यालय पदाधिकारी एवं परीक्षा देते विद्यार्थी।





मेले की आय एवं व्यय का दिया गया ब्यौरा
सेहलंग में लगा था खिमज का मेला
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कनीना की आवाज।
सेहलंग  मेले की आय एवं व्यय का दिया गया ब्यौरा  आम सभा आयोजित की ग?ई।मेले का आय -व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया।मेले के दिन 681681(छह लाख इक्यासी हजार छह सौ इक्यासी) रुपए की आय हुई। खेलों,सफेदी, रंग-रोगन,ध्वजा,साफ -सफाई पर 557368(पांच लाख सत्तावन हजार तीन सौ अड़सठ) रुपए खर्च हुए।भंडारे में 558010(पांच लाख अ_ावन हजार दस) रुपए की आय हुई तथा खर्च के बाद 51240(इक्यावन हजार दो सौ चालीस)रुपए बचे। मेले के सुचारू रूप से भरवाने के लिए व्यवस्था की सराहना की गई तथा जाम की स्थिति के निराकरण के लिए विचार -विमर्श किया गया।अशोक कुमार प्रधान, खजांची -मास्टर विजय पाल सेहलंगिया,निहाल सिंह,महावीर साहब,सीताराम,भीम सिंह,हरि सिंह पवन पंच,प्रकाश,बलबीर,धर्मपाल,मंजीत,रविन्द्र, युधिष्ठिर,पाला राम, सत्यप्रकाश,कपिल राय,विनोद,रमेश,हंसराज,शैलेष, रामकुमार,राजबीर,राजेश आदि ने अपने विचार रखे तथा आगामी मेले के सफल आयोजन की कामना करते हैं।
फोटो कैप्शन 03: संबंधित है



68 मरीजों की, की गई जांच
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कनीना की आवाज।
हर माह की भाँति सेवा भारती कनीना एवं उजाला सिग्रस अस्पताल द्वारा नि:शुल्क हृदय रोग, स्त्री रोग, हड्डी व जोड़ रोग, सामान्य रोग एवं नेत्र रोग जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन लाला शिवलाल धर्मशाला, कनीना मंडी में किया गया। यह कैंप हर महीने के दूसरे रविवार को आयोजित किया जाता है।
सेवा भारती द्वारा आयोजित यह कैंप 95वाँ मेडिकल कैंप है। इसमें उजाला सिग्नेश अस्पताल से
डॉ. मनीष वर्मा (हड्डी रोग विशेषज्ञ),
डॉ. हर्ष (सामान्य रोग विषेषज्ञ), डॉ तरुण (नेत्र रोग विषेषज्ञ)ने अपनी टीम श्री प्रताप यादव, मुस्कान, रेखा यादव व कृष्ण सहित सेवा प्रदान की 7
कैंप में बीपी शुगर, इसीजी की नि:शुल्क सुविधा दी गई। इसी प्रकार दवाइयाँ भी नि:शुल्क वितरित की गईं।
इस अवसर पर सेवा भारती कनीना इकाई अध्यक्ष श्री सुरेश शर्मा, जिला प्रमुख श्री जगदीश प्रसाद गुप्ता, सचिव श्री श्याम सुंदर , कोषाध्यक्ष अमीत सिंघल, योगेश अग्रवाल जी प्रचार प्रमुख, सहित दिनेश, अंकित, नवीन,  रविद्त सहित सभी कार्यकर्ता एवं गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
आज के इस कैंप में 68 रोगियों ने अपनी जाँच व परामर्श लेकर लाभ प्राप्त किया।
फोटो कैप्शन 04: संबंधित है



परिवारों में कटुता








का परिणाम भुगत रहा है हिंदु समाज
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कनीना की आवाज। परिवारों में जो कटुता बढ़ रही है उसका परिणाम उनके बालक भुगत रहे हैं समाज में जो जाति विभाजन हो रहा है। उसका परिणाम हिंदू समाज भुगत रहा है विदेशी वस्तुओं का अत्यधिक प्रयोग और स्वदेशी की तरफ समाज की संकीर्ण सोच देश की अर्थव्यवस्था को विदेशियों का गुलाम बना रही है बढ़ता पर्यावरण प्रदूषण करोना जैसी महामारियों को विश्व में फैला रहा है और भारत का नागरिकअपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह होता जा रहा है यह सभी बातें सारे हिंदू समाज के विचार योग्य हैं यह बात आज बाबा जयराम दास स्थित आश्रम पर पाली मंडल के हिंदू सम्मेलन मे आए हजारो महिला पुरुषो को संबोधित करते हुए सन्त राजेंद्र दास जटेला धाम ने कहीं उन्होंने कहा कि आज भारत की संस्कृति पर पाश्चात्य का प्रभाव इतना अधिक हो गया है कि मां बाप पुत्र और पुत्री में भी आपस में दूरियां बढ़ गई है कुछ क्षेत्रों में आज भी जातिगत भेदभाव है जो समाज के लिए कलंक है प्रत्येक देश अपने उत्पादों को अत्यधिक प्रयोग करता है लेकिन भारत का जनमानस अब भी विदेशी चीजों की तरफ आकर्षित होता है जबकि भारत की संस्कृति का मूल स्वदेशी है लगातार पेड़ों की कटाई अत्यधिक पॉलिथीन का प्रयोग प्रकृति का दोहन देश में महामारियों को जन्म दे रहे हैं हिंदू सम्मेलन के माध्यम से उन्होंने संदेश दिया कि अब समस्त समाज को एकजुट होकर इन सभी बुराइयों पर प्रहार करना चाहिए सम्मेलन को संबोधित करते हुए विभाग कार्यवाह नरेश ने कहा कि आज देश को सचेत होकर हिंदू आस्थाओं को अपनाते हुए वसुदेव कुटुंबकम के नारे को आगे बढाते हुए चलना चाहिए  दुनिया के सामने भारत में रहने वाले लोगों के बारे में जो धरणा बन गई है उसको हटाना होगा आज इस कार्यक्रम मे गांव पाली से 1100 महिलाएं कलश लेकर के मंदिर के लिए चली थोड़ा बग्गी मे मूतिकार चन्द्रेश राम लला की मूर्ति लेकर शोभा यात्रा मे शामिल हुए उन पर जगह जगह पुष्प वर्षा की गई वही जाट से 551 महिला पुरुषों का जत्था डीजे के साथ नाचता गाता हुआ मंदिर के प्रांगण में पहुंचा इसी प्रकार पालड़ी रूपा दास धाम से सैकड़ो महिलाएं और पुरुष बाबा के स्थान पर हिंदू सम्मेलन में भाग देने के लिए आए वहीं कुराहवटा से जयपाल भक्त के नेतृत्व में 101 युवा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश देते हुए पैदल पाली तक पहुंचे इसी प्रकार जयपुर मंडोला उस्मापुर के लोग भक्ति में माहौल में आए वहीं धोली झाखड़ी  गांव से बाबा हीरा मल के भक्त अपना विशेष परिधान पहनकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे ललिता भारद्वाज के नेतृत्व में लड़कियों ने दंड प्रहार का दृश्य दिखाया वहीं 11 बच्चे महापुरुषों का वेश धारण कर मंच पर पहुंचे सम्मेलन की खासियत रही कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं ने अधिक संख्या में बढ़-चढ़कर भाग लिया पंडाल के अंदर सभी संप्रदायों के महान पुरुषों के चित्र लगाए हुए थे। कार्यक्रम का अंत भारत मां की आरती के साथ हुआ गॉव के सरपंच देशराज सिह के परिवार द्वारा सम्मेलन में भाग लेने वालो को प्रसाद रूपी भोजन करवाया गया आए हुए अतिथियों का अभिनंदन कैलाश पाली ने किया और सभी का आभार कार्यक्रम के संयोजक दशरथ सिंह ने व्यक्त किया।
फोटो कैप्शन 05: संबंधित है

Saturday, February 7, 2026



 लाइब्रेरी में दिया दान

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कनीना की आवाज।
खंड के गाँव ककराला में शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल सामने आई है। डॉ. राजीव एवं रविंद्र ने अपने पूज्य पिता आदरणीय श्री बनवारी लाल जी की रस्म पगड़ी के अवसर पर बाबा भैंया लाइब्रेरी के लिए ₹21,000 की सहयोग राशि प्रदान की।
इसी क्रम में राजकुमार पुत्र जगदेव (चेयरमैन, एस डी ग्रुप) ने भी अपने विवाह जैसे शुभ अवसर पर लाइब्रेरी मुहिम हेतु ₹11,000 का योगदान देकर समाज के सामने एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया था। इन दोनों परिवारों ने अन्य सामाजिक संस्थाओं और गौशाला में सहयोग करते हुए शिक्षा की इस मुहिम में भी अपना योगदान करके नई पहल की है।
लाइब्रेरी प्रबंधन के कॉर्डिनेटर राजसिंह ने बताया कि यह सहयोग गाँव में शिक्षा के प्रसार और युवाओं को बेहतर अध्ययन सुविधाएँ उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ऐसे सामाजिक योगदान न केवल शिक्षा को मजबूती देते हैं, बल्कि समाज में सेवा और सहभागिता की भावना को भी बढ़ावा देते हैं।
बाबा भैंया लाइब्रेरी परिवार ने सभी सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह नई पहल गाँव के अन्य लोगों को भी शिक्षा जैसे पवित्र कार्य में आगे आने के लिए प्रेरित करेगी। इस मौके पर संस्था से मास्टर रामनिवास, ओमप्रकाश, दिनेश सोनी, बॉबी, राममेहर सहित गांव के सभी गणमान्य मौजिज उपस्थित रहे।

 

 

 

श्री कृष्ण गौशाला कनीना में गौसेवा का बना प्रेरणादायी  उदाहरण

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कनीना की आवाज
जबसे श्री कृष्ण गौशाला कनीना का प्रधान भगत सिंह ने कार्यभार संभाला है, उनके अथक प्रयासों से अब आम आदमी भी गौशाला में आकर गौरवान्वित महसूस करता है और दिल खोलकर सहयोग भी करने लगा है। आज श्री कृष्ण गौशाला कनीना में गांव कपूरी निवासी ग्राम सचिव राखी एवं उनके भाई प्रदीप बाबू जी द्वारा श्रद्धा भाव से 1-1 गाय को गोद लिया गया। गौवंश को गुड़ भी खिलाया। गौभक्तों द्वारा गोद ली गई गायों के चारे, दवाई, देखरेख एवं संरक्षण की जिम्मेदारी ली गई। इस पुनीत कार्य से गौशाला में रह रही गौमाताओं के संरक्षण को मजबूती मिली है तथा समाज में गौसेवा के प्रति सकारात्मक संदेश गया है।

इस अवसर पर गौशाला में अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे  जिनमें प्रधान भगत सिंह, बलवान सिंह आर्य, सचिव यश यादव, सतबीर गुगन वाला, मोहन पार्षद, पृथ्वी बोहरा, इंद्रजीत करीरा, मास्टर रामप्रताप, बाबू जी दिलावर तथा ग्राम सचिव अंजली कोटिया प्रमुख रूप से शामिल रहे।
उपस्थित सदस्यों ने गौभक्तों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गौसेवा केवल धार्मिक कार्य ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने अन्य लोगों से भी आगे आकर गौमाता की सेवा एवं संरक्षण में सहयोग करने की अपील की।
श्री कृष्ण गौशाला कनीना प्रबंधन द्वारा गौभक्तों का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि इस प्रकार के प्रयास गौ संरक्षण आंदोलन को नई दिशा प्रदान करते हैं।

 

 

शहीद स्टेडियम खरकड़ावास में उपमंडल प्रशासन बनाम प्रेस का सद्भावना क्रिकेट मैच सम्पन्न

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कनीना की आवाज।
उपमंडल के गांव खरकड़ावास स्थित शहीद स्टेडियम में आज उपमंडल प्रशासन 11 और प्रेस 11 के बीच एक भव्य सद्भावना क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। इस मुकाबले का मुख्य उद्देश्य प्रशासन और प्रेस के बीच आपसी समन्वय, सौहार्द एवं सकारात्मक संवाद को सुदृढ़ करना रहा।

उपमंडल प्रशासन की टीम का नेतृत्व एसडीएम डॉ. जितेंद्र सिंह अहलावत ने किया, जबकि टीम के उपकप्तान उमेश सिंह जाखड़ (गिरदावर) रहे। वहीं प्रेस 11 की कमान वरिष्ठ पत्रकार दीपचंद यादव ने संभाली तथा मनोज रोहिल्ला उपकप्तान रहे।
मैच में उपमंडल प्रशासन की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया और निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी प्रेस 11 की टीम संघर्ष के बावजूद 113 रन पर सिमट गई। इस प्रकार उपमंडल प्रशासन 11 ने मुकाबला अपने नाम किया।
प्रशासन 11 की ओर से कपिल कुमार ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 96 रन की उत्कृष्ट पारी खेली और उन्हें मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। वहीं कप्तान डॉ. जितेंद्र सिंह अहलावत ने उपयोगी बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी दमखम दिखाया और एक ही ओवर में दो महत्वपूर्ण विकेट झटककर मैच का रुख पलट दिया, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
प्रेस 11 की ओर से मनोज रोहिल्ला को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ फील्डर चुना गया।
मैच में कमेंट्री की जिम्मेदारी प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने निभाई। अंपायर की भूमिका सेवानिवृत्त कैप्टन विजयपाल एवं पूर्व सरपंच बलवान सिंह ने अदा की, जबकि स्कोरर की भूमिका डॉ. मनिंदर सिंह ने निभाई।
टीम विवरण
उपमंडल प्रशासन 11:
कपिल कुमार, प्रदीप कुमार, सोनू (विकेटकीपर), देवेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, हरि, पवन कुमार, कप्तान डॉ. जितेंद्र सिंह अहलावत, उपकप्तान उमेश सिंह जाखड़।
प्रेस 11:
कप्तान दीपचंद यादव, उपकप्तान मनोज रोहिल्ला, अनिल शर्मा, कर्मवीर सिंह, इंद्रजीत शर्मा, जसवंत सिंह, अभिषेक शर्मा, कपिल राव, निशांत, शैलेंद्र, कुणाल, साहिल एवं योगेश।
मैच के समापन अवसर पर एसडीएम डॉ. जितेंद्र सिंह अहलावत ने खिलाड़ियों, पत्रकारों एवं ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि उपमंडल में इस प्रकार का सद्भावना क्रिकेट मैच पहली बार आयोजित किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि गांव खरकड़ावास का यह मैदान भविष्य में भी ऐसे खेल आयोजनों का साक्षी बनेगा। साथ ही उन्होंने मैदान में कृत्रिम पिच बनवाने के लिए आवश्यक धनराशि की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर विजेता खिलाड़ियों को मेडल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। कार्यक्रम में गांव के सरपंच प्रतिनिधि सूबेदार राजेंद्र सिंह, उपतहसीलदार कनीना, ग्राम पंचायत के सभी सदस्य रिटायर्ड हवलदार नंदकिशोर खटाना, स्टेनो सुनील कुमार शर्मा, सभी पटवारी एवं गिरदावर, पूर्व सरपंच रामनिवास खेड़ी, ग्राम सचिव तथा प्रेरणा कुमारी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे ।

 

 

दिव्यांग कर्मचारियों के सेवा अधिकारों को लेकर कल जींद में राज्य स्तरीय बैठक

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कनीना की आवाज। 
हरियाणा सरकार द्वारा दिव्यांग कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु से संबंधित हालिया गजट नोटिफिकेशन के विरोध एवं दिव्यांग कर्मचारियों के सेवा अधिकारों की रक्षा को लेकर कल जींद में एक राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन किया जा रहा है।

यह बैठक जींद बस स्टैंड के समीप पिंडारा स्थित धर्मशाला में आयोजित की जाएगी। बैठक का आयोजन विकलांग संघ उमंग, सिरसा—जो प्रदेश में देश की नामचीन दिव्यांग हितैषी संस्था के रूप में कार्यरत है—तथा हरियाणा प्रगतिशील दिव्यांग शिक्षा अधिकारी संघ के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। बैठक में प्रदेश भर में दिव्यांगों के हितों के लिए कार्य करने वाली विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे।
संघ पदाधिकारियों ने बताया कि बैठक में हालिया गजट नोटिफिकेशन पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा तथा दिव्यांग कर्मचारियों के हित में भविष्य की रणनीति एवं आंदोलनात्मक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
बैठक में सर्वसम्मति से यह मांग उठाई जाएगी कि सरकार इस निर्णय पर सहानुभूतिपूर्वक पुनर्विचार करते हुए गजट नोटिफिकेशन को वापस ले तथा दिव्यांग कर्मचारियों को 60 वर्ष की आयु तक सेवा का अधिकार प्रदान करे।
संघ नेताओं ने बताया कि बैठक के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री, माननीय मुख्यमंत्री, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री सहित संबंधित विभागों और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को इस विषय में ज्ञापन भेजकर निर्णय को पुनर्स्थापित एवं दिव्यांग-हितैषी बनाने की मांग की जाएगी।
संघ ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र व राज्य सरकारें दिव्यांगजनों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निभाते हुए इस विषय पर सकारात्मक और न्यायोचित निर्णय लेंगी।

 

 

बाबा भैंया लाइब्रेरी, ककराला।

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कनीना की आवाज।
खंड के गाँव ककराला में शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल सामने आई है। डॉ. राजीव एवं रविंद्र ने अपने पूज्य पिता आदरणीय श्री बनवारी लाल जी की रस्म पगड़ी के अवसर पर बाबा भैंया लाइब्रेरी के लिए ₹21,000 की सहयोग राशि प्रदान की।

इसी क्रम में राजकुमार पुत्र जगदेव (चेयरमैन, एस डी ग्रुप) ने भी अपने विवाह जैसे शुभ अवसर पर लाइब्रेरी मुहिम हेतु ₹11,000 का योगदान देकर समाज के सामने एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया था। इन दोनों परिवारों ने अन्य सामाजिक संस्थाओं और गौशाला में सहयोग करते हुए शिक्षा की इस मुहिम में भी अपना योगदान करके नई पहल की है।

लाइब्रेरी प्रबंधन के कॉर्डिनेटर राजसिंह ने बताया कि यह सहयोग गाँव में शिक्षा के प्रसार और युवाओं को बेहतर अध्ययन सुविधाएँ उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ऐसे सामाजिक योगदान न केवल शिक्षा को मजबूती देते हैं, बल्कि समाज में सेवा और सहभागिता की भावना को भी बढ़ावा देते हैं।
बाबा भैंया लाइब्रेरी परिवार ने सभी सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह नई पहल गाँव के अन्य लोगों को भी शिक्षा जैसे पवित्र कार्य में आगे आने के लिए प्रेरित करेगी। इस मौके पर संस्था से मास्टर रामनिवास, ओमप्रकाश, दिनेश सोनी, बॉबी, राममेहर सहित गांव के सभी गणमान्य मौजिज उपस्थित रहे।

 

 

मंजू मोहनपुर ने पाई सफ़लता

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कनीना की आवाज।
राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा में कनीना खंड के गाँव मोहनपुर नांगल की बेटी मंजु चौहान ने पीएचडी प्रवेश के लिए परीक्षा को अपने पहले ही प्रयास मे उत्तीर्ण कर लिया है मंजू चौहान ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता ठाकुर किरण पाल सिंह माता सन्तोष देवी व निरंतर मेहनत को दिया है. मंजू ने वाणिज्य विषय मे इस प्रतिष्ठान परीक्षा मे 88.90 परसेटाइल स्कोर हासिल किया गाँव की बेटी की इस उपलब्धी पर प्रदीप चौहान बीरेन्द्र सिंह जितेंद्र दयाराम जांगड़ा रोशन पूर्व सरपंच लखमीचंद चौहान रामनिवास यादव नाहर सिंह शर्मा मुकेश यादव अजीत लाम्बा प्रदीप जोशी आदि ने बधाई दे उज्ज्वल भविष्य कि कामना की है

 

 

 

नवोदय विद्यालय परीक्षा संपन्न

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कनीना की आवाज।
जवाहर नवोदय विद्यालय महेंद्रगढ़ में आज कक्षा नवमी एवं कक्षा ग्यारहवीं की प्रवेश परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। परीक्षा के लिए कुल तीन परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए थे, जहाँ परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।

विद्यालय के प्राचार्य श्री बृजमोहन पाल रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि कक्षा ग्यारहवीं (XI) के लिए कुल 267 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 156 परीक्षार्थी उपस्थित रहे, जबकि 111 परीक्षार्थी अनुपस्थित पाए गए।
वहीं कक्षा नवमी (IX) की प्रवेश परीक्षा के लिए कुल 466 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 346 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी तथा 120 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
प्राचार्य श्री रावत ने बताया कि परीक्षा संचालन के दौरान सभी केंद्रों पर अनुशासन, पारदर्शिता एवं दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया गया।
इस अवसर पर राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना के प्राचार्य सुनील कुमार खुडानिया , राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी के प्राचार्य  नरेश कुमार कौशिक, जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रवक्ता गोविंद सिंह, अंग्रेजी प्रवक्ता  सुंदरलाल, सुरेंद्र मोरवाल, फाइन आर्ट प्रवक्ता सुरेंद्र कुमार, तथा मॉडल स्कूल कनीना से भौतिक शास्त्र प्रवक्ता प्रवीण कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।
परीक्षा के सफल समापन के पश्चात प्राचार्य  बृजमोहन पाल रावत ने परीक्षा कार्य में सहयोग देने वाले सभी केंद्र अधीक्षकों, पर्यवेक्षकों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।

 

बुढ़ों, विधवा तथा दिव्यांगों की पेंशन को बहाल करवाने के लिए आंदोलन करेगी                                                                                

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कनीना की आवाज।
बहुजन समाज पार्टी हरियाणा सरकार द्वारा शर्तें लगाकर काटी गई बुढ़ों, विधवा तथा दिव्यांगों की पेंशन को बहाल करवाने के लिए आंदोलन करेगी। उक्त घोषणा बसपा नेता अतरलाल ने पार्टी पदाधिकारियों की बैठक को सम्बोधित करते हुए की।

                अतरलाल ने कहा कि उन्हें प्रदेश के कोने-कोने से शिकायत मिली है कि राज्य सरकार द्वारा अनेक शर्तें लगाकर प्रदेश में लगभग साठ हजार बुढ़ों तथा पचास हजार विधवा व विकलांगों की पेंशन काट दी गई है। उन्होंने कहा कि ये बुढ़ों का सम्मान भत्ता है। इस पर बार-बार गैर वाजिब शर्तें लगाकर बुढ़ों की पेंशन काटना सरासर उनके साथ अन्याय है। इसी तरह विधवा व दिव्यांगों पर शर्तें थोपकर उनकी पेंशन काटना गरीब विरोधी कार्य है। उन्होंने कहा कि शर्तें लगाकर बुढ़ापा, विधवा व विकलांग पेंशन काटने से पीड़ित व्यक्तियों को भारी परेशानी हो रही है। सम्मान भत्ता बुढ़ापे में उनका सहारा था जिससे वे अपनी जरूरत की चीजें ले लेते थे। सम्मान भत्ता बंद करने से पीड़ित वृद्धों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने वृद्धों, विधवाओं, दिव्यांगों की काटी गई पेंशन अगले 15 दिनों के अंदर बहाल नहीं की तो बहुजन समाज पार्टी जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालयों के समक्ष धरना प्रदर्शन करेगी। इस अवसर पर महेन्द्रगढ़ - भिवानी लोकसभा प्रभारी पवन ठाकुर, जिला प्रधान प्रमोद कटारिया, अतुल नागर, नांधा, औमप्रकाश यादव ने भी सरकार की किसान, गरीब, श्रमिक विरोधी नितियों की आलोचना करते हुए कार्यकर्ताओं से लामबंद होने की अपील की।

 

 

महेंद्रगढ़ पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुलझाई हत्या की गुत्थी, जमीनी विवाद में युवक की हत्या करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार।

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कनीना की आवाज।
महेंद्रगढ़ पुलिस ने थाना सदर महेंद्रगढ़ क्षेत्र के गांव खातोदड़ा में जमीनी विवाद के चलते एक युवक की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नवीन, मोहित और सोनू के रूप में हुई है, जो सभी गांव खातोदड़ा के ही रहने वाले हैं। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

घटना के संबंध में मृतक सोमदत के भाई प्रदीप ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया था कि 5 फरवरी की शाम उसका भाई सोमदत घर से बाहर गया था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। तलाश करने पर गांव की बनी के पास उसने देखा कि आरोपी नवीन, मोहित और सोनू उसके भाई सोमदत पर लोहे की रॉड, कील लगी फट्टियों और सरियों से हमला कर रहे थे। शिकायतकर्ता को देख आरोपी वहां से भाग निकले और जाते-जाते धमकी दी। गंभीर रूप से घायल सोमदत ने अस्पताल ले जाते समय बताया कि आरोपियों ने जमीनी रंजिश के चलते उस पर जानलेवा हमला किया है। इलाज के दौरान 6 फरवरी को सोमदत की मृत्यु हो गई।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी। मामले में पुलिस टीम ने तत्परता से कार्रवाई की और महज कुछ ही समय में वारदात में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई है कि यह हत्या जमीनी विवाद को लेकर की गई थी। पुलिस द्वारा मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।

 

 











 

15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर बाघोत में लगेगा विशाल मेला
-पौराणिक इतिहास समेटे हैं बाघोत                                                                                                                

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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव बाघोत पर 15 फरवरी को महाशिवरात्रि मेला लगने जा रहा है। वर्ष में दो बार मेला लगता है। सावन त्रयोदशी शिवरात्रि पर कावड़ मेला लगता है। बाघोत जिसे बाघेश्वर धाम नाम से पूरे भारत में जाना जाता है, का पौराणिक महत्व एवं अपने में इतिहास समेटे हुए है।  महाशिवरात्रि पर कांवड़ कम अर्पित की जाती हैं।

 बाघोत का नाम बाघ के आधार पर पड़ा है।
 बाघोत का पुराना नाम हरयेक वन था। यहां पीपलाद ऋषि का आश्रम भी तो यही था। उनके कुल में राजा दलीप के कोई संतान नहीं थी। वे दु:खी थे और दुखी मन से अपने कुलगुरु वशिष्ठ के पास गए। उन्होंने अपना पूरा दु:ख का वृतांत मुनिवर को सुनाया। वशिष्ठ ने उन्हें पीपलाद ऋषि के आश्रम में नंदिनी नामक गाय एवं कपिला नाम की बछिया निराहार रहकर चराने का आदेश दे दिया। राजा ने गाय व बछिया को निराहार रहकर चराते वक्त एक दिन भगवान् भोलेनाथ ने बाघ का रूप बनाकर राजा की परीक्षा लेने का निर्णय लिया। बाघ ने बछिया पर धावा बोल दिया। गाय को बचाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने को राजा तैयार हुए। परंतु जब वे ऐसा करने लगे तो  बाघ के स्थान पर शिवभोले खड़े थे। बाघ के कारण ही गांव का नाम बाघोत पड़ा। प्रारंभ में बाघेश्वर शिवालय का निर्माण कणाणा के राजा कल्याण सिंह रैबारी ने करवाया था जिसका समय समय पर उद्धार होता रहा है।
   बाघोत स्थित शिवालय उन भक्तों के लिए भी प्रसिद्ध माना जाता है जिनके कोई संतान नहीं होती है। मेले में आकर दंपति अपने हाथों से एक विशाल वटवृक्ष को कच्चा धागा बांधकर सुंदर संतान होने की कामना करता है। जब संतान हो जाती है तो यहां आकर ही धागा खोलता है। यही कारण है कि शिवलिंग के पास ही खड़ा एक वटवृक्ष कच्चे धागों से लदा मिलता है।
हरियाणा सरकार की पुस्तकों में भी बाघोत का छोटा उल्लेख है वहीं लेखक एचएस यादव की कृति में संपूर्ण इतिहास दिया गया है।
बाघोत के शिवालय का शिवलिंग स्वयंभू होने के कारण यहां अपार भीड़ भक्तों की वर्षभर चलती है। छोटा सा गांव है किंतु ठहरने के लिए अनेक धर्मशालाएं हैं। प्राकृतिक शिवलिंग के भक्त दर्शन कर प्रसन्न हो जाते हैं।
स्वयंभू है शिवलिंग-
बाघोत का शिवलिंग स्वयंभू है। यही कारण है कि शिवरात्रि एवं महाशिवरात्रि पर यहां अपार भीड़ जुटती है। हरिद्वार एवं ऋषिकेश से गंगाजल लाकर अर्पित करते हैं।
मांग रहेगी गाजर एवं बेरों की--
 महाशिवरात्रि पर बेर, गाजर एवं फलों की मांग रहती है। गाजर जो 20 रुपये किलो बिक रही है। वहीं बेर 70 रुपये तो केले 60 रुपये दर्जन बिक रहे हैं। इस दिन व्रत होने से बेलपत्र की भी मांग रहती है। महाशिवरात्रि के दिन महंगे रहने की संभावना है।
  गाजर के अच्छे भाव मिलने की संभावना से  किसानों ने खेतों से गाजर बचा रखी थी और उन्हें बाजार में बेचकर आय माने की संभावना है। उधर  बेहतर बेर की पैदावार लेने वाले बेरों की पैकिंग कर रहे हैं। दूध, बेलपत्र, धतूरा, भाग के पौधों की भी मांग रहती है। दुकानदार नरेंद्र कुमार ने बताया कि वो बेर, बेलपत्र, बेर एवं अन्य पदार्थों का प्रबंध कर चुके हैं।
 कई जगह लगेंगे मेले-
महाशिवरात्रि पर जहां कनीना एवं बाघोत के अलावा तथा विभिन्न स्थानों पर मेले लगते हैं। विभिन्न गांवों में शिवालय बने हुए हैं जहां महाशिवरात्रि पर मेले लगते हैं। भंडारे भी लगते हैं।
सजाया गया है शिवालय को-
 बाघेश्वर धाम को सजाया गया है। कतारबद्ध भक्तों के खड़े रहने, पेयजल, पुलिस आदि का प्रबंध किया गया है वहीं भंडारे, ठहरने का प्रबंध भी किया गया है। महिपाल सिंह बाघोत ने बताया कि मेले विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित होती हैं।

Friday, February 6, 2026



 
अटेली की राजनीति में घमासान,
  मार्केट कमेटी कनीना चेयरमैन जयप्रकाश कोटिया ने सीताराम यादव के आरोपों को बताया निराधार
-राव इंद्रजीत सिंह पर लगाए आरोपों को बताया साजिश, समय आने पर सबूत दिखाने की चेतावनी
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कनीना की आवाज।
कनीना के एक निजी रेस्टोरेंट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मार्केट कमेटी अध्यक्ष जयप्रकाश कोटिया ने अटेली के पूर्व विधायक सीताराम यादव द्वारा केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया।
जयप्रकाश कोटिया ने कहा कि सीताराम यादव को सरपंच से विधायक बनाने वाले स्वयं राव इंद्रजीत सिंह रहे हैं, जिन्होंने 2019 के विधानसभा चुनाव में टिकट दिलवाकर उन्हें जिताया। आज वही व्यक्ति उन्हीं के खिलाफ बयानबाजी कर रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीताराम यादव किसी के बहकावे में आकर इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।
कोटिया ने कहा कि सीताराम यादव ने एक निजी चैनल के इंटरव्यू में यह बयान दिया कि अटेली विधानसभा में राव इंद्रजीत सिंह के साथ नान अहीर समाज के 10 लोग भी नहीं हैं, जो पूरी तरह तथ्यहीन और समाज को बांटने वाला बयान है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान सीताराम यादव ने षड्यंत्र के तहत कार्य किया। एक ओर वह स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के साथ गांवों में गाडिय़ों में घूमते थे, वहीं दूसरी ओर उनका बेटा और उनकी टीम गांवों में जाकर उनके खिलाफ प्रचार करते थे।
उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा षड्यंत्र था, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। जयप्रकाश कोटिया ने यह भी आरोप लगाया कि सीताराम यादव न तो भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता हैं और न ही उनकी पार्टी में कोई आस्था है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समय आने पर इन सभी बातों के ठोस सबूत सार्वजनिक किए जाएंगे।
प्रेस वार्ता के दौरान मौजूद नान-अहीर समाज के 10 से अधिक लोगों ने भी पूर्व विधायक सीताराम यादव के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उनके बयानों की कड़ी निंदा की।
इस मौके पर अटेली नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश जेलदार ने कहा कि सीताराम यादव द्वारा राव इंद्रजीत सिंह के खिलाफ दिए गए बयान अशोभनीय हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग राव इंद्रजीत सिंह में विश्वास नहीं रखते, वही इस प्रकार की अफवाहें फैलाते हैं, लेकिन इससे केंद्रीय मंत्री के राजनीतिक कद पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
प्रेस वार्ता में मार्केट कमेटी अध्यक्ष जयप्रकाश कोटिया, उपाध्यक्ष दीपक गुप्ता, पार्षद दीपक चौधरी, मुकेश नंबरदार, बीर सिंह धनौंदा, महावीर पहलवान बाघोत, सुरेश अत्रि बाघोत, सतपाल सिंह पूर्व जिला पार्षद, पूर्व सरपंच इसराना बिजेंद्र सिंह, मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह, महिपाल सिंह सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
  उधर सीताराम पूर्व विधायक ने कहा कि वे सदा तन मन से भाजपा के साथ रहे हैं। उन्होंने गांव गांव जाकर वोट भी भाजपा के लिए मांगे हैं। भाजपा मेरे लिए तन मन है। पहले भी इसके लिए काम किया है और आगे भी करता रहूं।
फोटो कैप्शन 08: प्रेस वार्ता में हाजिर विभिनन लोग


मौसम रहा साफ, धुंध से मिला छुटकारा
-ठंड जारी, फसलों के लिए अनुकूल
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में मौसम साफ रहा, कोई धुंध नहीं पड़ी किंतु ठंड अभी भी जारी है। जहां विगत दिनों से धुंध पड़ रही थी किंतु अचानक धुंध पडऩा बंद हो गया परंतु मौसम लगातार बदल रहा है। ठंड जारी है। अभी फरवरी माह तक ठंड चलने के आसार बने हुए हैं। लेकिन एक कनीना क्षेत्र में लगातार मौसम बदल रहा है और इस समय सरसों और गेहूं की फसल खड़ी हुई है। सरसों पकान की ओर पहुंच गई है। कनीना क्षेत्र के किसान पल-पल मौसम को निहार रहे हैं क्योंकि पाला जमने से पहले ही फसल को नुकसान हो चुका है। सरसों में इस समय पाले का नुकसान दिखाई देने लग गया है।


संत मोलडऩाथ के लिए की है एक मिसाल कायम
-राजेंद्र प्रसाद 50 वर्षों से निभा रहे हैं सेवक की भूमिका
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कनीना की आवाज
। कनीना निवासी पूर्व पार्षद राजेंद्र प्रसाद संत मोलडऩाथ आश्रम के लिए एक मिसाल बने हुए हैं। करीब 50 सालों से नित्य शाम के समय दूध और रोटियां संत आश्रम पर उपलब्ध करवा रहे हैं। चाहे आंधी बरसात आए परंतु वे अपने कार्य से पीछे नहीं हटते। पूर्व में शिक्षक विभाग में नौकरी की है तथा सेवानिवृत्त होने के बाद भी यह भूमिका निभा रहे हैं। वो प्रतिदिन कम से कम 2 लीटर दूध और रोटियां संत आश्रम मोलडऩाथ पर उपलब्ध करवाते हैं ताकि रात के समय कोई भी संत आता है तो खाना खाकर आराम कर सकता है। एक मुलाकात में राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि उनकी उम्र 68 वर्ष हो चुकी है किंतु आज भी वह अपनी भूमिका निभा रहे हैं। 197-75 के आसपास उन्होंने यह सेवा शुरू की थी।
 कैसे शुरू की यह सेवा-
 राजेंद्र प्रसाद बताते एक बार एक संत मोलडऩाथ पर रात के वक्त पहुंचा किंतु उसे खाना नहीं मिला और रात को प्रबंध नहीं हो पाया।  उनके मुख से निकला कि कैसा आश्रम है जहां संतों की सेवा नहीं हो? जब राजेंद्र प्रसाद ने बात सुनी तो उन्होंने निश्चय कर लिया कि चाहे कोई भी दिन हो वो रोटी व दूध जरूर उपलब्ध करवाएंगे। अगर किसी कारणवश खाना बच भी गया तो गायों के लिए दे दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वह लगातार अपनी भूमिका निभा रहे हैं। कोई भी संत अगर रात के समय आ जाए तो वह ोजन कर सकता है और यही विश्राम कर सकता है। इतनी बड़ी सेवा बिना किसी स्वार्थ के निभा रहे हैं। उनकी सेवा से सभी खुश है और  जो भी कोई सुनता है वह कहता है कि निश्चित रूप से राजेंद्र प्रसाद बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
 फोटो कैप्शन 07: राजेंद्र प्रसाद दूध व रोटी ले जाते हुए



  नवोदय की परीक्षा के लिए आयोजित हुई बैठक
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कनीना की आवाज।
जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा नवमी के लिए आयोजित होने वाली लेटरल एंट्री चयन परीक्षा के सफल, निष्पक्ष एवं सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने हेतु आज परीक्षा केंद्र अधीक्षक एवं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।
इस बैठक में परीक्षा केंद्र पर तैनात किए जाने वाले समस्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित की गई। साथ ही परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखने, परीक्षार्थियों को समय पर एवं उपयुक्त वातावरण उपलब्ध कराने तथा परीक्षा से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
केंद्र अधीक्षक नरेश कुमार कौशिक ने उपस्थित सभी शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि जवाहर नवोदय विद्यालय की चयन परीक्षा एक राष्ट्रीय स्तर की अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षा है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्मिक परीक्षा दिवस पर निर्धारित समय से पूर्व परीक्षा केंद्र पर उपस्थित रहें तथा परीक्षा संचालन से जुड़े अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षार्थियों की बैठने की व्यवस्था, प्रश्न पत्रों का समयबद्ध वितरण, उत्तर पुस्तिकाओं का सुरक्षित संग्रहण तथा परीक्षा उपरांत की सभी औपचारिकताएं निर्धारित नियमों के अनुसार ही संपन्न की जाएंगी। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था अथवा अनुचित गतिविधि पाए जाने पर तुरंत संज्ञान लेते हुए नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जानकारी दी गई कि जवाहर नवोदय विद्यालय की कक्षा नवमी लेटरल एंट्री चयन परीक्षा कल दिनांक 07 फरवरी 2026 को प्रात: 11 बजे प्रारंभ होगी, जिसकी अवधि लगभग ढाई घंटे निर्धारित की गई है। इस परीक्षा में परीक्षा केंद्र पर कुल 226 विद्यार्थी सम्मिलित होंगे। परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक एवं सुरक्षा संबंधी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
फोटो कैप्शन 04: नवोदय परीक्षा के लिए तैयारियों में जुटे शिक्षक

पाथेड़ा में सती माता का मेला संपन्न
 आयाजित हुई ऊंट एवं घोड़ी दौड़
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कनीना की आवाज।
ग्राम पाथेड़ा में शुक्रवार को सती माता का मेला आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि प्रमुख समाजसेवी अतरलाल एडवोकेट ने रिबन काट कर मेला का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विशाल, भंडारा, कबड्डी खेल प्रतियोगिता तथा ऊंट, घोडिय़ों की दौड़ आयोजित की गई। प्रात: ग्रामीणों की तरफ से सती माता के दरबार में हवन यज्ञ कर समाज में सुख समृद्धि की कामना की।
   अतरलाल ने कहा कि मेले हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने मेले में खेल प्रतियोगिता आयोजित करने के लिए मेला कमेटी की सराहना की। उन्होंने कहा कि गांवों में खेल प्रतियोगिताऐं ग्रामीण युवा खिलाडिय़ों और उभरती प्रतिभाओं को आगे बढऩे का बेहतर अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने खिलाडिय़ों से अनुशासन, प्रेम तथा खेल भावना से खेलों में भाग लेने की अपील की। मेला कमेटी द्वारा अतरलाल को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। ऊंटों की दौड़ में मेवात के हाजी का ऊँट प्रथम तथा चितला डांगी का ऊंट द्वितीय स्थान पर रहा। घोडिय़ों की दौड़ कालू मुकलवास की दोनों घोडिय़ां प्रथम व द्वितीय स्थान रहा। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय कब्बडी खिलाड़ी सचिन तंवर, हवासिंह नम्बरदार, राजबीर ठेकेदार, नवीन सेठ, उमेद सिंह प्रधान, रविपाल चेयरमैन, चन्द्रभान पंच, डालू नम्बरदार, पूर्व सरपंच दलीप सिंह, पूर्व सरपंच महिपाल सिंह, अशोक मैनेजर, राजेन्द्र नम्बरदार, मीर सिंह वैद्य, सुमेर सिंह यादव, मोनू शर्मा, रामकिशन पंडित, करतार, शक्ति, रोहतास, अमित, आशीश, महावीर, रमेश, सहित सैकड़ों मौजीजान, खिलाड़ी व ग्रामीण मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 05: प्रसाद ग्रहण करते भक्त



परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में हथियार ले जाने, फोटोकापी व कोचिंग सेंटरों के संचालन पर रहेगा प्रतिबन्ध
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कनीना की आवाज।
जिलाधीश कैप्टन मनोज कुमार ने जवाहर नवोदय विद्यालयों में कक्षा 9वीं और 11वीं में उम्मीदवारों की खाली सीटों के लिए 7 फरवरी को अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा के सुचारु और शांतिपूर्ण संचालन के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं।
जिलाधीश ने आदेशों में स्पष्ट किया है कि महेंद्रगढ़ जिले के सभी परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में किसी भी हथियार को ले जाने पर पाबंदी रहेगी। परीक्षा केंद्रों में सक्षम प्राधिकारी द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित पहचान पत्र के बिना किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश तथा सभी परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में सभी फोटोकॉपी मशीनों की दुकानों और कोचिंग सेंटरों के संचालन पर भी पाबंदी रहेगी। यह आदेश 7 फरवरी को महेंद्रगढ़ जिले में परीक्षा केंद्रों की सीमाओं के अंदर लागू रहेगा और ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा।
फोटो: नवोदय स्कूल


बिना दहेज के शादी करके दी समाज को एक प्रेरणा
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कनीना की आवाज।
गांव राजपुरा निवासी आइटीबीपी में असिस्टेंट कमांडेंट प्रशांत यादव ने अपनी शादी बिना दहेज के संपन्न कर समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया है । प्रशांत यादव और उसकी पत्नी दिव्या ने दहेज रहित शादी करने का फैसला लिया था । उनकी शादी चार फरवरी, बुधवार को सम्पन्न हुई। इस शादी की विशेषता यह रही कि शादी में वर पक्ष की ओर से मात्र एक रुपया और नारियल लेकर ही शादी की रस्में पूरी की गईं। हालांकि दोनों ही पक्षों द्वारा मेहमानों का अच्छा आदर सत्कार किया गया और शादी का जश्न मनाया गया, लेकिन शादी में दहेज के रूप में कोई वस्तु नहीं ली गई, जो कि एक सराहनीय कदम है।
 प्रशांत के पिता अरुण यादव शिक्षा विभाग में अध्यापक तथा  माता  कुसुम यादव पीएम श्री स्कूल अटेली में प्राचार्य हैं जबकि प्रशांत के दादाजी धर्मवीर यादव सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक हैं । प्रशांत के माता पिता का कहना है कि उनका  बेटा सुशिक्षित एवं समझदार युवक है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए हमेशा तैयार रहता है। उसने अपनी शादी में दहेज न लेने का फैसला करके समाज में एक मिशाल पेश की है।
उल्लेखनीय है कि मा. अरुण यादव के चाचा संतलाल शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त प्रवक्ता हैं और दादा स्व. मेनपाल सिंह, विगत में गांव राजपुरा के दो बार सरपंच भी रहे हैं ।
प्रशांत और दिव्या की इस दहेज रहित शादी की सर्वत्र चर्चा है। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, कृष्ण हुड्डा, राजेश, सुनिल यादव चेयरमैन, विधायक बालकनाथ, पूर्व हरियाणा लोक सेवा आयोग सदस्य पवन कुमार, भाजपा जिला अध्यक्ष यतींद्र राव,
जिला प्रमुख डॉ राकेश कुमार, पूर्व चेयरमैन सतीश अग्रवाल,राव नरेंद्र सिंह, विधायक कंवर सिंह पूर्व  विधायक सीताराम यादव, संतोष चौहान, वरिष्ठ साहित्यकार रोहित यादव, डॉ सी एस वर्मा प्रभाकर, डॉ रणपाल सिंह, सुंदरलाल सुबोध, बिशन शर्मा, एडवोकेट ऐश यादव, कमल यादव, मनीष गुरुग्राम,  ललित टोनी सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोगों ने दहेज रहित शादी की सराहना करते हुए वर वधू को शुभ कामनाएं दी हैं।
फोटो कैप्शन 03: बिना दहेज के  शादी करते हुए


मोलडऩाथ मेले की तैयारियां जोर शोर से
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कनीना की आवाज।
कनीना के संत संत मोलड़ऩाथ मेले की तैयारियां जोरों पर चल रही है। मंदिर को संवारने में सभी कार्यकर्ता लगे हुए हैं। 27 फरवरी होने वाले मेले की तैयारी शुरू हो गई है। बाबा मोलडऩाथ मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि रंग रोगन का काम शुरू हो गया है।
 तालाब को पानी से भरने के लिए तालाब की सफाई की गई है। मेले से पहले तालाब को पानी से लबालब भर दिया जाएगा। आने वाले श्रद्धालु इसमें स्नान करके पुण्य लाभ कमा पाएंगे। मेले के प्रति लोगों की भारी आस्था और लोगों का एक दूसरे के प्रति प्रेम इस दर्शाता है कि यह मेला हर साल अपना नया रूप लेते जा रहा है। ऊंट में घोडिय़ों की दौड़ करने वाले फोन पर रोज बातें करते रहते हैं । उन्हें इस बात का इंतजार रहता है कि कब यह मेल आए और कब हम अपने पशुओं का प्रदर्शन इस मेले में दिखाएंगे। ऊंट ,घोड़ी रखने वाले सभी भक्त इस मेले के लिए साल भर इंतजार करते हैं और यहां कर अपने आप को बहुत ही प्रसन्नचित मिलते हैं क्योंकि जो पशु लेकर आता है उसे इनाम के तौर पर कुछ ना कुछ जरूर दिया जाता है और सभी का गांववासी मिलकर बड़ा आदर सम्मान करते हैं। पूरा गांव आने वाले मेहमानों की सेवा भक्त में लग जाता है। गांव का बच्चा-बच्चा इस मेले में अपना योगदान देता है।
प्रधान दिनेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि मिले हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। इसे हमारे रखना हमारा परम कर्तव्य है। क्योंकि मिले ही हमारे सनातन और आस्था का केंद्र है। इस तरह के आयोजन जहां भी हो सब अपना सहयोग करें। प्रेम और भाईचारा बनाए रखें। आपस में एक दूसरे की भावनाओं का आदर करें और सभी से मिलजुल कर एक दूसरे के प्रति अपना सम्मान रखें। आने वाली महिलाओं का विशेष ख्याल रखें। उन्होंने इस बात पर ध्यान देते हुए कहा कि महिलाएं जब भी किसी भी मेले में जाएं या कहीं भी सार्वजनिक स्थानों पर जाए तो अपने आभूषणों का विशेष ध्यान रखें। सोने,चांदी के जेवरात को अपने संभाल कर पहन कर आए अन्यथा चोरी होने का डर रहता है।
फोटो कैप्शन 01: मोलडऩाथ मेले की तैयारियों को लेकर रंग रोगन करते हुए



गुलाब दिवस-7 फरवरी
 कैंसर से बचे हुए रोगियों को गुलाब का पुष्प देकर लंबी जिंदगी की,की जाती है कामना
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कनीना की आवाज।
  गुलाब दिवस  उन लोगों को समर्पित है जो कैंसर से बच गए हैं। परंतु इसको प्यार का इजहार करने के लिए भी देने लगे हैं।
 कैंसर से बचने के बाद लोग तेजी से अपने पहले वाली जिंदगी में आने की कोशिश करते हैं। ऐसे समय में उनका गुलाब देकर यह दिन मनाया जाता है ताकि वो प्रसन्न रहे और जल्दी रोग के सदमे से उभरे। जब किसी में कैंसर हो जाता है तो मरीज के सामने नाम लेने से दिक्कत रहती हैं क्योंकि यदि इस रोग का पता लग जाता है तो वह और तेजी से बीमार होता चला जाता है यहां तक कि डिप्रेशन में जा सकता है क्योंकि कैंसर को ला-इलाज बीमारी मानते हैं। ऐसे समय में मरीजों को कैंसर की जानकारी नहीं दी जाती लेकिन जो कैंसर से बच गए हैं उनको जानकारी देना उचित भी माना जाता है ताकि वह और तेजी से अपने पहले वाली जिंदगी में आ सके और वह खुश नजर आए। उनकी खुशी को बढ़ाने के लिए गुलाब दिया जाता है। यह दिन उन मरीजों के लिए है। यूं तो देश में यूं तो हर प्रकार के कैंसर के मरीज पाए जाते हैं और हर  उम्र अनुसार इनका प्रभाव कम या अधिक होता है।  बुजुर्ग व्यक्ति कुछ लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं जबकि जवान और बच्चे में तेजी से कोशिकाओं की वृद्धि होने से त्वरित गति से कोशिकाओं की वृद्धि होने से यह रोग तेजी से फैलता है। इसलिए बुजुर्गों को ऑपरेशन आदि डाक्टर मना कर देते हैं। कनीना और आसपास सैकड़ों मैरिज कैंसर के है। कभी कैंसर का नाम सुनते ही आसपास के लोग अवाक हो जाते थे किंतु अब कैंसर आम रोग बन गया है। कैंसर के विषय में कनीना उप नागरिक अस्पताल के डा. जितेंद्र मोरवाल से बात की गई।
 कैंसर एक जानलेवा बीमारी है। कैंसर का नाम सुनकर मैरिज डिप्रेशन में चले जाते हैं। इसलिए कैंसर का नाम रोगी समक्ष बताना उचित नहीं लगता लेकिन जब वह रोग से बच जाता है तो बताना गलत नहीं हो सकता है और उन्हें गुलाब का फूल जो सुंदरता का प्रतीक होता है भेंट किया जाना चाहिए। डाक्टर ने बताया देश में सबसे अधिक मरीज ब्रेस्ट कैंसर और दूसरे सर्वाइकल कैंसर के होते हैं। इन दोनों कैंसर से कुछ मरीज बच जाते हैं किंतु फेफड़े का कैंसर बहुत तेजी से फैलता है। बाकी कैंसर की विभिन्न प्रकार पाई जाती है वो भी घातक साबित होती है किंतु ब्रेस्ट व सर्वाइकल कैंसर से बहुत से मरीज बच जाते हैं यदि समय पर उन्हें डायग्नोज किया जाए।
डा. जितेंद्र मोरवाल का कहना है कि मरीजों को जो कैंसर से बच जाते हैं उन्हें बेहतर भोजन देने के साथ-साथ प्रसन्नचित रहने की जरूरत होती है और उसकी प्रसन्नता को बढ़ाने के लिए गुलाब का फूल भी दिया जाता है और यह दिन गुलाब के फूल के रूप में मनाया जाता है। अक्सर लोग गुलाब के फूल दिवस को समझते हैं कि गुलाब को समर्पित है परंतु यह कैंसर  से बचे हुए मरीजों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि महिला को अपने ब्रेस्ट में किसी प्रकार की गांठ आदि होने  उसकी जांच करवाते रहना चाहिए। अगर प्रारंभ में किसी रोग का पता लग जाता है तो निदान संभव है अन्यथा बाद में इस रोग से बचपन भी बहुत कठिन हो जाता है, यहां तक की मौत भी हो जाती है। 10 प्रतिशत लोग प्राथमिक अवस्था में  कैंसर रोग को पहचान पाते हैं जिससे उनकी जान बचाई जा सकती है।
 गुलाब को प्यार के प्रतीक से भी जोडऩे लगे हैं। कनीना एवं आस पास गुलाब के पौधे शौकिया तौर पर घरों में लोग उगा लेते हैं किंतु व्यवसायिक उद्देश्यों के लिए नहीं उगाये जाते हैं।
फोटो कैप्शन : डा. जितेंद्र मोरवाल












प्लेसमेंट सेल द्वारा आयोजित किया गया विशेष व्याख्यान
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कनीना की आवाज।
पितामह कान्ह सिंह राजकीय, महाविद्यालय कनीना में प्लेसमेंट सेल के तत्वावधान में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर औद्योगिक विस्तार अधिकारी  राहुल यादव को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। यह आमंत्रण कालेज की प्लेसमेंट सेल के संयोजक एवं सहायक प्रोफेसर डा. संदीप कुमार द्वारा किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डा. विनोद कुमार ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को करियर निर्माण एवं रोजगारोंमुखी कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया तथा ऐसे कार्यक्रमों को अत्यंत उपयोगी बताया।
मुख्य वक्ता श्री राहुल यादव ने विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वर्तमान आवश्यकताओं, स्वरोजगार, स्टार्टअप, सरकारी योजनाओं तथा कौशल विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उनके व्याख्यान से विद्यार्थियों को करियर चयन में विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम का मंच संचालन सोमवीर द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रोफेसर डा. कांता, डा. हरिओम, डा. मनीषा, डा. मंजू एवं डा. माधवी सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
फोटो कैप्शन 02: प्लेसमेंट पर आयोजित कार्यक्रम