किसानों के लिए आफत है सांप,बिजली के तार और थ्रेसर
-अनेकों हादसे हो जाते साल में
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स्रनीना की आवाज। किसान बड़ी मुश्किल से 2 जून की रोटी कमा पाता है। निरंतर खेतों में अपने खेतों की देखभाल करता है, बीज बोता है, फसल सुरक्षा करता है और अनेकों आपदाएं सहन करनी पड़ती है। कभी वर्षा नहीं होती, कभी अधिक वर्षा होती है, कभी ओलावृष्टि हो जाती है तो कभी ठंड के कारण फसल बर्बाद हो जाती है। किसान सब कुछ मायूसी से सहता रहता है किंतु कर भी क्या सकता है? उसके सामने अन्य कोई विकल्प नहीं होता? बिजली आती है तो फव्वारों से सिंचाई कर लेता है किंतु उसके सामने सबसे बड़ी आफत तीन हैं।
सांप- अकसर गर्मियों के दिनों में जुलाई से सितंबर माह तक जमकर सांप निकलते हैं। यही नहीं गर्मियों की फसल कटाई के समय भी कुछ सांप निकलते हैं। सांपों के कारण अनेक किसानों की साल में मौत हो जाती है। सांप न जाने कब इंसान को काट खाए। जब फव्वारा लाइन बदलते हैं या खेतों में काम करते रात्रि के समय यह सांप उनके लिए आफत बन जाते हैं। कहने को तो सांप किसानों के साथ दोस्त है किंतु ये दुश्मन बन जाते हैं। कितनी ही जान हर वर्ष चली जाती है। किसान कितनी ही सुरक्षा करें फिर भी कुछ सांप फव्वारों में, पाइपों में या घर के आसपास अंधेरे में पैरों से दब जाते और वो काट खाते हैं। किसान का परिवार इतनी जल्दी से सांप कांटे को नहीं समझ पाता और वो अकसर मौत के शिकार हो जाते हैं। किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार बताते हैं कि इस वर्ष सांप बहुत अधिक संख्या में निकले। भविष्य में भी सांप फसल कटाई के समय निकलते रहेंगे। सबसे बड़ा किसानो की मौत का कारण सांप होते हैं।
बिजली के पोल व तारे-
दूसरी सबसे बड़ी आफत बिजली की तारे हैं। ऐसा शायद ही कोई खेत ना हो जहां से बिजली की तारे न गुजर रही हो। किसानों को रात के समय काम करना होता है और फव्वारा लाइन उठाकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर रखनी होती है। इसी दौरान उनके फव्वारा/एल्युमिनियम के फव्वारा पाइप बिजली के तारों से छू जाते हैं और मौके पर ही मौत हो जाती है। हर वर्ष कितने किसानों की मौत हो जाती है। कितनी भी सावधानी बरतें कभी ना कभी कोई गलती हो ही जाती है। वैसे भी बिजली बोर्ड के कर्मचारी और अधिकारी किसानों की ओर ध्यान नहीं देते हैं। खेतों में तार झुके रहते हैं, बहुत नीचे होते हैं। किसान मजबूर होता है। कुछ कमा पाता है और इन बिजली अधिकारियों को देकर ही कुछ तारों की खींचाई करवा सकता है। सामान्य तौर पर किसान परेशान घूमता रहता है, चक्कर लगाता रहता है। न तो किसानों के बिजली के तार टाइट किए जाते हैं और न अधिकारी उनकी कोई सुनते। परिणाम किसानों की मौत का दूसरा बड़ा कारण बिजली के तार बन जाते हैं।
थ्रेसर--
तीसरे नंबर पर किसानों की मौत का कांड थ्रेसर होती है। अक्सर थ्रेसर से जब फसल कटाई की जाती है और अन्न निकाला जाता है, उस समय कोई ना कोई घटना घट ही जाती है। कई किसानों की मौत या हाथ, पैर कट जाते हैं। कुछ पूरे के पूरे थ्रेसर में कट कर खून हो जाता है। कितने ही केस ऐसे सामने आते हैं। हर वर्ष किसानों की मौत का यह कारण बनते हैं। किसान भी मजबूर होता है। फसल निकलना उसकी मजबूरी है और इसी दौरान हादसा हो जाता है।
यद्यपि सरकार एवं कृषि विभाग इनके लिए कुछ सहायता देता है किंतु सहायता ऊंट के मुंह में जीरे के समान होती है। परिवार का भरण पोषण करने वाला ही जब चला जाता है तो परिवार कैसे आगे बढ़ पाएगा। किसानों की यूं तो अनेक और भी समस्याएं हैं लेकिन मौत के कारण तीन प्रमुख माने गए हैं।
राखियों से सज गए हैं बाजार
- अलग-अलग प्रकार की राखियों की भरमार
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स्रनीना की आवाज। 28 अगस्त रक्षाबंधन के पर्व के दृष्टिगत बाजार विभिन्न प्रकार की राखियों से सज गए हैं। कई डिजाइन की राखियां बाजार में आई हुई हैं। राखियों को भेजने की परंपरा जारी है। बहने अपने भाइयों के लिए राखियां भेज रही है वहीं पर्व को मनाने के लिए विभिन्न गांव में तैयारियां चल रही हैं। विशेष का दुकानें सज गई हैं। गांव में राखी बेचने के लिए भी लोग आने लगे हैं। सबसे बड़ी विशेषता है कि त्योहार को लेकर के विभिन्न दुकानदार अपनी दुकानों के आगे राखियां रख लेते हैं और जमकर बेचते हैं। इस दिन जहां विगत वर्षों महिलाओं को पूरे हरियाणा की रोड़वेज बसों में मुफ्त यात्रा करने का प्रावधान है वही रक्षाबंधन को लेकर के अच्छा खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
या तो बहने अपने भाइयों के घर जाती है और राखी बांधकर कर आती है या भाई अपने बहन के घर राखी बंधवाने जाते हैं। यह पर्व सभी पर्वों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है और भाई बहन के प्यार को इंगित करता है। अब तो भारी भरकम राखियों की बचाए हल्की राखियां पसंद की जाति और आधुनिक समय विज्ञान की उन्नति के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की राखियां बाजार में आ गई है। जिनको लेकर के बच्चे, बूढ़े और युवा सभी में उत्साह होता है। म्यूजिकल राखियां भी बाजार में आई हुई है।
एक वक्त था जब डाकघरों के माध्यम से राखियां गंतव्य स्थान तक जाती थी। डाकघर में गर्मी दिनभर लगे रहते थे किंतु अब राखी भेजने का रिवाज कम हो गया है। कोरियर से भी राखियां भेजी जाती हैं। इस संबंध में दुकानदारों का कहना है कि राखियां आनलाइन भेजे जाने के कारण उनकी खरीददारी कम हो रही है। इस संबंध में दुकानदारों एवं पोस्टमैन के विचार निम्र हैं-
एक वक्त था जब 20 दिनों से लेकर एक माह तक केवल राखियों के पैकेट घर घर पहुंचाए जाते थे। ये राखियां तीन दिनों से दस दिनों के बीच गंतव्य स्थान पर पहुंचती थी। पोस्टमैन का काम उन दिनों सबसे अधिक होता था। इसके बाद कुरियर सेवा की ओर रुझान बढ़ा। इसके बाद तो डाकघरों में राखी कम से कम आने लगी। समय बदला और डाकघरों की बजाय लोग राखी न भेजकर रक्षा बंधन पर्व पर या तो भाई बहन के पास या बहन भाई के पास पहुंचती है। इस प्रकार रक्षा पर्व भी हाइटेक हो गया है।
--राजेंद्र सिंह पोस्टमैन
अब तो आनलाइन राखी भेजे जाने एवं गांवों में राखियां बेचने वाले आने लगे हैं जिससे उनका काम कम होता जा रहा है। चाहे कितनी भी बेहतर राखियां दे दे किंतु बेचने वालों की राखियों की मांग अधिक होती है। उनका कारोबार कम होता जा रहा है। अब तो आनलाइन राखियों का जमाना आ गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में राखियां अब भी दुकानों से सीधे खरीदकर बांधी जाती हैं किंतु बड़े शहरों में उल्टा राखी आनलाइन खरीदकर आनलाइन ही गंतव्य स्थान पर भेज दी जाती हैं। राखी के प्रति आधुनिक युग में बहन एवं भई एक दूसरे के पास जाने लगे हैं।
---रोहित कुमार दुकानदार
फोटो कैप्शन 02: बाजार में राखियां
वहीं राजेंद्र कुमार, रोहित कुमार की पासपोर्ट फोटो
परमिट टू वर्क के चलते
बाघोत व सिहोर गांवों में रहेगी 26 अगस्त को बिजली चार घंटे रहेगी बंद
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स्रनीना की आवाज। परमिट टू वर्क के चलते
बाघोत व सिहोर गांवों के 33 केवी फीडरों से 26 अगस्त को बिजली आपूर्ति चार घंटे बंद रहेगी।
डीएचबीवीएन ने सूचित किया जाता है कि रखरखाव के काम के लिए 26 अगस्त को 33 केवी बाघोत और 33 केवी सिहोर लाइन पर परमिट टू वर्क लिया जाएगा। इस काम के चलते 33 केवी सिहोर और 33 केवी बाघोत से निकलने वाले सभी 11 केवी आउटगोइंग फीडर की सप्लाई सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बंद रहेगी।
रक्षाबंधन पर महिलाओं को हरियाणा सरकार की बड़ी सौगात
-रोडवेज बसों में 27 को दोपहर से 28 अगस्त मध्य रात्रि तक मिलेगी मुफ्त यात्रा की सुविधा
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स्रनीना की आवाज। रक्षाबंधन के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार ने प्रदेश की महिलाओं और बच्चों के लिए मुफ्त बस यात्रा की घोषणा की है। इस फैसले के तहत हरियाणा राज्य परिवहन की साधारण बसों में महिलाओं तथा 15 वर्ष तक के बच्चों को किराए में शत-प्रतिशत छूट दी जाएगी।
नारनौल डिपो के जीएम देवदत्त ने बताया कि विभाग ने त्यौहार के दौरान यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए सभी जरूरी प्रबंध पूरे कर लिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुफ्त सफर की सुविधा 27 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शुरू होकर 28 अगस्त की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगी, जिससे बहनें बिना किसी असुविधा के अपने भाइयों के घर पहुंचकर रक्षाबंधन मना सकें।
जीएम देवदत्त ने बताया कि यह छूट केवल हरियाणा राज्य परिवहन की साधारण बसों में ही मान्य होगी। इसके अतिरिक्त, मुफ्त यात्रा का दायरा हरियाणा के एक शहर से दूसरे शहर के अलावा दिल्ली और चंडीगढ़ आने-जाने वाली साधारण बसों पर भी पूरी तरह लागू रहेगा।
उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के दिन यात्रियों की अतिरिक्त संख्या को देखते हुए नारनौल डिपो द्वारा प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बसों के संचालन की योजना बनाई गई है। डिपो स्तर पर अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मुख्य बस स्टैंडों और रूटों पर सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी भी यात्री को परेशानी न हो।
जुलाई के बकाया सरसों तेल का 31 अगस्त तक होगा वितरण
-पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर पात्र लाभार्थियों को मिलेगा तेल
-नियमों की अनदेखी पर डिपोधारकों के खिलाफ होगी कार्यवाही: सावित्री बाई
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स्रनीना की आवाज। जिला में माह जुलाई में सरसों तेल के वितरण के बाद भी सरसों तेल की मात्रा बकाया है। बकाया सरसों तेल का वितरण माह अगस्त के पात्र लाभार्थियों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर 31 अगस्त तक सरसों का तेल वितरित किया जाएगा।
यह जानकारी देते हुए जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक सावित्री बाई ने बताया कि मुख्यालय के
निर्देशसानुसार माह जुलाई के बकाया सरसों तेल का वितरण माह अगस्त के पात्र लाभार्थियों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर 31 अगस्त तक वितरित करने का निर्णय लिया है। कोई भी डिपोधारक किसी भी सूरत में लाभार्थी राशन कार्डधारकों को कम व अधिक मात्रा में आवश्यक वस्तुओं का वितरण नहीं करेगा। यदि कोई डिपोधारक कार्डधारको को सरकारी हिदायतानुसार राशन वितरण नहीं करता है तो उस डिपोधारक के खिलाफ विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
महिला समानता दिवस 26 अगस्त
किसी भी क्षेत्र में महिलाएं पुरुषों से नहीं है कम-सरिता यादव
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स्रनीना की आवाज। महिलाओं कानूनी तौर पर पुरुषों की समान अधिकार मिले हैं लेकिन समाज में उनकी स्थिति समान नहीं है, लोगों के मन में महिलाओं के प्रति दोहरी मानसिकता मिलती है। हरियाणा में भी उनको समानता का अधिकार दिलाने तथा उनकी स्थिति मजबूत करने के लिए 33 फीसदी आरक्षण दिया गया है। किसी समय महिलाओं को देश में मतदान का अधिकार भी नहीं था किंतु 26 अगस्त को 1920 से यह दिवस मनाने की शुरुआत की। विभिन्न देशों में महिलाओं का अधिकार दिलाने के लिए आंदोलन चले। वास्तव में 26 अगस्त 1920 में वोट के अधिकार को लेकर अमेरिका में आंदोलन चला था। इसके बाद यह दिवस मनाया जा रहा है। क्या कहती है क्षेत्र में नाम कमाने वाली महिलाएं एवं सम्मान प्राप्त महिलाएं-
हालांकि महिला और पुरुषों को बराबर अधिकार दिए गए हैं किंतु समाज में फिर भी उन्हें अच्छी नजरों से नहीं देखा जाता जो कि समाज की कहीं गलती है। पुरुष से किसी प्रकार महिला कम नहीं है किंतु फिर भी उन्हें अच्छी नजरों से नहीं देखा जाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि आज के दिन किसी घर में देखा जाए बच्चियों महिलाएं हर प्रकार से पुरुष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही है। ऐसे में महिला को पुरुष के बराबर हर प्रकार से यथायोग्य समझना चाहिए। आज तो वक्त ऐसा भी है कि महिलाएं पुरुषों से बहुत आगे निकल चुकी है ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि महिलाएं किसी प्रकार पुरुषों से कम है। समानता का अधिकार हर महिला को मिला हुआ है बशर्ते उसे अपने अंदर झांकना चाहिए। अपनी काबिलियत को ध्यान में रखते हुए आगे बढऩा चाहिए। एक दिन यह समाज भी उसके सामने झुकता नजर आएगा।
--कमला देवी, कनीना
आज के परिवेश में नारी किसी भी मायने में पुरुष से कम नहीं है। उसने हर क्षेत्र में पुरुष से बेहतर प्रदर्शन किया है। प्रशासनिक व राजनीतिक क्षेत्र में अपनी अभूतपूर्व सूझबूझ का परिचय दिया है। जिस क्षेत्र में महिलाओं ने नेतृत्व किया है वहां भ्रष्टाचार के मामले कम से कम हुए हैं। लोगों को अपनी संकीर्ण भावना से ऊपर उठकर पुरुष प्रधानता को तिलांजलि देकर नारी शक्ति की महता पहचान कर उन्हें बराबरी का दर्जा देना होगा, तभी सही मायने में आजादी का अमृत महोत्सव मनाने का सपना साकार होगा।
--सरिता यादव,कनीना
फोटो कैप्शन:सरिता यादव एवं कमला देवी
बालाजी मंदिर कनीना में संपन्न हुआ हवन
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स्रनीना की आवाज। कनीना के 132 केवी पावर हाउस के प्रांगण में स्थित बालाजी मंदिर में हवन आयोजित किया गया। कृष्ण कुमार पंडित द्वारा यह हवन संपन्न कराया गया। यजमान के रूप में हवा सिंह प्रधान अपनी पत्नी सुमन देवी के साथ उपस्थित रहे।
हवन के बारे में कृष्ण कुमार ने बताया कि हवन से वातावरण शुद्ध होता है। सुख, शांति, शक्ति एवं संपत्ति सब कुछ मिलती है। उन्होंने कहा कि हवन से शालीनता, संयम, सादगी, सफलता, समृद्धि, साधना, संस्कार, यश मिलता है। उन्होंने इस मौके पर सभी के स्वस्थ जीवन की कामना की।
इस मौके पर रामरतन गोमली, मनोज कुमार, आनंद कुमार, नरेश कुमार, सज्जन सिंह, राकेश तीर्थराज, विक्रम, मोहन कुमार, सोनू, सचिन, पवन, शिशुपाल, सिकंदरा, अमित आदि उपस्थित रहे जिन्होंने संपूर्ण आहुति डाली। प्रसाद भी वितरित किया गया।
फोटो कैप्शन 01: बालाजी मंदिर कनीना में हवन करते हुए
पुराने ट्रक व बस मालिकों के लिए खुशखबरी
-स्क्रैप कराने और नई गाडिय़ां खरीदने पर सरकार दे रही बंपर सब्सिडी
-परिवर्तन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराकर उठाएं भारी छूट का लाभ
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स्रनीना की आवाज।
हरियाणा सरकार ने पुराने कॉमर्शियल वाहनों यानी ट्रक और बस के मालिकों को बड़ी राहत देने के लिए एक बेहद आकर्षक योजना की शुरुआत की है। अगर आपके पास बीएस-वन, बीएस-टू, बीएस-थ्री या बीएस-फोर मानक का पुराना ट्रक या बस है, तो अब उसे स्क्रैप यानी कबाड़ कराने या बदलने पर सरकार की तरफ से भारी सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
यह जानकारी देते हुए आरटीए मनोज कुमार ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ बनाने की दिशा में सरकार ने परिवर्तन पोर्टल तैयार किया है। इस योजना के तहत पुराना वाहन स्क्रैप कराने पर वाहन मालिकों को सौ प्रतिशत मोटर वाहन कर यानी एमवी टैक्स में छूट दी जा रही है। इसके साथ ही नए वाहन के रजिस्ट्रेशन के समय सौ प्रतिशत पंजीकरण शुल्क पूरी तरह माफ रहेगा।
इतना ही नहीं, नया वाहन खरीदने के लिए लोन लेने पर पांच प्रतिशत ब्याज अनुदान यानी इंटरेस्ट सब्सिडी का लाभ भी मिलेगा। वाहनों की एक्स-शोरूम कीमत पर आठ प्रतिशत की छूट के साथ-साथ ईंधन वाउचर और प्रोत्साहन राशि का भी प्रावधान किया गया है। जिला परिवहन अधिकारी-कम-सचिव मनोज कुमार ने नारनौल क्षेत्र के सभी बस एवं ट्रक मालिकों से अपील की है कि वे समय रहते सरकार के आधिकारिक परिवर्तन पोर्टल पर अपने वाहनों का पंजीकरण कराकर इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
सफाई कर्मियों की जायज मांगे अविलंब मानी जाए
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स्रनीना की आवाज। बसपा के अतरलाल एडवोकेट ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन भेजकर स्थानीय नगर निकाय के हड़ताली सफाई कर्मचारी तथा अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की मांगों को तत्काल स्वीकृत कर हड़ताल खत्म करवाने की मांग की है।
अतरलाल ने बताया कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण प्रदेश के कस्बों तथा शहरों में कूड़ा और गंदगी के अंबार लग गए हैं। दुर्गंध फैल रही है और बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने हड़ताली कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि सरकार समय रहते कर्मचारियों से बातचीत कर समाधान निकालती तो प्रदेश के शहरों में गंदगी का यह आलम नहीं होता। उन्होंने कहा कि कर्मचारी 20 दिन से हड़ताल पर हैं लेकिन सरकार इसे हल्के में ले रही है। सरकार की हठधर्मिता के कारण कर्मचारियों के साथ-साथ उनके परिवारजनों और जनता में भी रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप कर कर्मचारियों की मांगे मानकर शहरों में सफाई व्यवस्था तत्काल बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बसपा हड़ताली कर्मचारियों के साथ खड़ी है। यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया तो कर्मचारी बड़ा आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
18 वर्षीय युवती लापता,भाई ने अपनी बहन के लापता होने का करवाया केस दर्ज
- एक व्यक्ति पर शक जताया
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स्रनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के एक गांव से 18 वर्षीय युवती 24 अगस्त से घर से बिना बताए कहीं चली गइ। परिवार वालों ने काफी तलाश की किंतु कहीं सुराग नहीं मिला। लापता होने वाली युवती के भाई ने पुलिस में मामला दर्ज करवाते हुए कर्ण उर्फ हैप्पी रेवाड़ी जिले के व्यक्ति पर शक जताया है। उन्होंने कहा है कि वह युवती को कहीं ले गया और उसने कहीं छुपा रखा है। कनीना पुलिस ने करण उर्फ हैप्पी के विरुद्ध अभियोग दर्ज कर लिया है।
जांच जारी है।
प्रथम पुण्यतिथि पर श्री कृष्ण गौशाला कनीना में सवामणि का आयोजन
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स्रनीना की आवाज।नरेंद्र कुमार लखेरा पुत्र स्वर्गीय जगमाल सिंह लखेरा वार्ड नंबर 4 कनीना ने अपने पिता स्वर्गीय जगमाल सिंह की प्रथम पुण्यतिथि पर श्री कृष्ण गौशाला कनीना में सवामणि का आयोजन किया इस अवसर पर नरेंद्र कुमार की माता जी श्रीमती चंद्रकला व परिवार के सभी सदस्य गण व गौशाला प्रशासक पूर्व प्रधानाचार्य कृष्ण सिंह मास्टर रामप्रताप जी बलवान सिंह कृष्ण प्रकाश गुरुजी हिमांशु मुनीम सुपरवाइजर अमीर सिंह डॉक्टर महेश कुमार ठेकेदार ओमप्रकाश एवं समस्त गौशाला परिवार उपस्थित रहा।

















































