कनीना अनाज मंडी में बाजरे की खरीद में आई तेजी
- शाम चार बजे तक निपट रही किसानों की भीड़
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कनीना की आवाज। कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में बाजरे की खरीद और उठान कार्य में तेजी आई है। चार-चार गांवों का शेड्यूल निर्धारित किए जाने से किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिल रही है। मंडी में खरीद प्रक्रिया इस गति से चल रही है कि किसानों की भीड़ शाम चार बजे तक निपट जाती है। इससे किसानों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ रहा और वे अपने वाहनों में बाजरा भरकर निर्धारित शेड्यूल के अनुसार मंडी पहुंच रहे हैं।
मंडी में अब तक करीब तीन लाख क्विंटल से अधिक बाजरे की खरीद की जा चुकी है। खरीद 10 विभिन्न निजी एजेंसियों द्वारा निर्धारित शेड्यूल के अनुसार किसानों के बाजरे की खरीद की जा रही है। किसान भी अपने गांव के शेड्यूल के अनुसार बाजरा लेकर पहुंच रहे हैं। इससे मंडी में व्यवस्था बनाए रखने और खरीद कार्य को गति देने में मदद मिल रही है। किसानों को उम्मीद है कि इसी प्रकार खरीद जारी रहने से उनकी उपज समय पर बिक जाएगी और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
दस खरीद एजेंसियां कर रही हैं खरीद-
मंडी प्रधान पूर्ण चंद ने बताया कि बाजरे की खरीद का शेड्यूल जारी होने से व्यवस्था में सुधार आया है। मंडी में करीब दस खरीद एजेंसियां खरीद कार्य में लगी हुई हैं। प्रत्येक दिन चार-चार गांवों के किसानों को बाजरा लेकर आने के लिए निर्धारित किया गया है। शेड्यूल के अनुसार किसान मंडी पहुंच रहे हैं और उनका काम जल्द निपटाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि खरीद के साथ-साथ बाजरे का उठान भी तेजी से किया जा रहा है। इससे मंडी में खरीदे गए बाजरे को आगे भेजने में सुविधा मिल रही है। खरीद और उठान दोनों कार्यों में तेजी आने से मंडी की व्यवस्था बेहतर हुई है। किसानों को भी निर्धारित समय में अपनी उपज बेचने का अवसर मिल रहा है।
फोटो कैप्शन 02:कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में बाजरे की खरीद और उठान कार्य में जुटे कर्मचारी।
नीलगाय रौंद रही किसानों की फसलें, दिन-रात रखवाली के बावजूद नहीं मिल रही राहत
-सरसों की बिजाई के साथ बढ़ी किसानों की चिंता, गेहूं की फसल पर भी मंडराने लगा खतरा
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में नीलगाय किसानों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही हैं। खेतों में सरसों की बिजाई होते ही नीलगाय के झुंड फसलों को रौंदकर बर्बाद करने लगे हैं। किसान दिन-रात अपनी फसलों की रखवाली करने के लिए मजबूर हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नुकसान से राहत नहीं मिल रही है। किसानों की मेहनत पर नीलगाय पानी फेर रही हैं, जिससे उनकी चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
किसानों के अनुसार नीलगाय झुंड के रूप में खेतों में प्रवेश करती हैं। जिस खेत में घुस जाती हैं, वहां खड़ी फसल को पैरों से रौंद देती हैं और पौधों को खाकर भी नुकसान पहुंचाती हैं। सरसों की हाल ही में बिजाई हुई है। ऐसे में नन्हे पौधों के उगने से पहले ही खेतों में नीलगाय की आवाजाही किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। किसानों का कहना है कि वे खेतों की सुरक्षा के लिए रखवाली करने वाले भी लगाते हैं, लेकिन नीलगाय मौका मिलते ही फसलों को तबाह कर जाती हैं।
किसानों की परेशानी इसलिए भी बढ़ रही है, क्योंकि अब गेहूं की बिजाई का समय नजदीक है। गेहूं की फसल उगने के बाद नीलगाय का आतंक और बढऩे की आशंका है। किसान फसलों को बचाने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनके प्रयास भी नीलगाय के सामने कारगर साबित नहीं हो पा रहे हैं।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार नीलगाय के कारण फसल उत्पादन में करीब 10 प्रतिशत तक नुकसान होने का अनुमान है। यह नुकसान किसानों की आमदनी को प्रभावित करता है। बीज, खाद, सिंचाई और मेहनत पर खर्च करने के बाद जब फसल नष्ट होती है तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
किसानों की मांग है कि नील गायों के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए, ताकि उनकी मेहनत और फसलों को बचाया जा सके। यदि समय रहते उचित व्यवस्था नहीं की गई तो रबी सीजन में किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
फोटो कैप्शन 01: नील गाए सरसों की बीजाई को रौंदते हुए
चार लोगों पर मारपीट का मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना के सतीश कुमार वार्ड 10 निवासी ने चार लोगों पर मारपीट का मामला दर्ज करवाया है। उन्होंने कहा है कि उनका पुराना मकान वार्ड 10 वाल्मीकि मोहल्ला में स्थित है जो किराए पर उत्तर प्रदेश के लोगों बीरन कुमार तथा राजवीन कुमार को दे रखा है। 2 अक्टूबर को रात 10 बजे किराएदारों का फोन आया और उन्होंने बताया कि तीन आदमी शराब पीकर मकान पर आए हुए हैं। आते गाली गलौज करने लगे हैं, कहने लगे कि तुम ऊपर ही रहना। बाहर से दरवाजा बंद करके ताला लगा दिया। उस समय नीचे के कमरे में वीरन कुमार और उसकी पत्नी बच्चे सो रहे थे। आरोपियों ने उसके दरवाजे पर लात मारी, किसी हथियार से मार कर दरवाजा तोड़ दिया और वीरान को गाली गलौज करने लगे। किराएदार ने बताया कि उसके पत्नी बच्चों को भी धक्के मारकर बाहर निकाल दिया। किराएदार ने पुलिस को भी सूचित किया मौके पर पुलिस वाले पहुंचे। घटना की सूचना पाकर सतीश कुमार भी मौके पर पहुंचा। सतीश कुमार मौके पर पहुंचा तो उन पर भी जानलेवा हमला बोल दिया। सतीश कुमार कुमार जान बचाकर भाग निकला। अपने भाई की सहायता से दिनेश को कनीना अस्पताल भर्ती करवाया जहां सेे उन्हें हायर सेंटर पीजीआईएमएस रोहतक भेज दिया। अब उन्होंने घर आकर चार लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज करवा दिया जिनमें दिनेश कुमार ,मुकेश कुमार, तरुण और देवेंद्र प्रमुख हैं। पुलिस जांच में जुटी है।
48 वर्षीय महिला लापता, गुमशुदगी का मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना थाने के तहत एक गांव से 48 वर्षीय महिला गुम हो गई। उसकी पुत्री ने गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया है। उसकी पुत्री ने पुलिस में बताया कि उसकी 48 वर्षीय मां 25 अक्टूबर को शाम 6:00 बजे घी लेने का नाम लेकर निकाली थी। घर वापस नहीं लौटी। जिसको आसपास और हर जगह तलाश किया किंतु सुराग नहीं मिला। लड़की के बयान पर उसकी मां के गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।
बस में चढ़ते वक्त हजारों रुपए के गहने चोरी
-कनीना पुलिस ने किया मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। बस में चढ़ते वक्त एक महिला के बैग से गहने व नकदी चोरी हो गए। अरुणा कनीना निवासी अपनी पुत्री रितु संग महेंद्रगढ़ गहने लेकर लेकर जा रहे थे। बस में चढ़ते समय उनके गहने और नकदी चोरी हो गए। पुलिस में दी गई शिकायत में अरुणा ने कहा है कि वह तथा उसकी पुत्री रितु महेंद्रगढ़ सुनार के पास दो चूड़ी, दो अंगूठी, दो लौंग सोने/चांदी की और 13000 रुपये नगद लेकर बैग में रखकर जा रहे थे। क्योंकि उसकी बेटी की शादी 5 दिसंबर 2026 को है। शादी के गहने ठीक करवाने के लिए कनीना बस स्टैंड से महेंद्रगढ़ वाली बस में चढऩे लगे तो उनके पीछे एक अनजान व्यक्ति व महिला भी चढ़ रहे थे। भीड़ में चढ़ते समय भीड़ अधिक होने की वजह से दो-तीन बार बैग को तथा महिला को धक्का लगा और उन्होंने समझा की भीड़ की वजह से धक्का लगा है। उनका कहना है कि उसकी बेटी रितु को तो सीट मिल गई किंतु उसे सीट न मिलने के कारण बैग से पैसे निकालने के लिए नीचे झुकी तो बग की चेन खुली थी। पीछे महिला व पुरुष जो बस में चढ़े थे वो गायब थे। बैग के अंदर हाथ डाला तो थैली सहित आभूषण गायब मिले। तलाशने पर नहीं सुराग नहीं लगा। अब अनजान महिला व व्यक्ति के विरुद्ध चोरी का मामला दर्ज करवा दिया है।
त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई तेज, 14 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए
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कनीना की आवाज। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव तथा खाद्य सुरक्षा विभाग के कमिश्नर डॉ. मनोज कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत आज खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अमित कुमार ने जिला महेंद्रगढ़ में विभिन्न खाद्य पदार्थों के 14 नमूने लिए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अमित कुमार ने कहा कि त्योहारी सीजन के मद्देनजर आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिले में निरंतर जांच अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अंकुश लगाना तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अमित कुमार ने मिठाई विक्रेताओं एवं अन्य खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए कि वे मिठाइयों के निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाले घी एवं तेल के संबंध में सही जानकारी अपने काउंटर पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें, ताकि उपभोक्ताओं को पता चल सके कि मिठाइयां किस प्रकार के घी या तेल से तैयार की गई हैं।
उन्होंने खाद्य कारोबारियों को मिठाइयों में अनावश्यक रंगों का प्रयोग न करने, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने तथा खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन में अधिक बिक्री के बावजूद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
डॉ. अमित कुमार ने सभी खाद्य कारोबारियों से अपील की कि वे गुणवत्तापूर्ण कच्चे माल का उपयोग करें, खाद्य पदार्थों को स्वच्छ परिस्थितियों में तैयार करें तथा अपने प्रतिष्ठानों का स्नस्स््रढ्ढ पंजीकरण या लाइसेंस सुनिश्चित करें।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि त्योहारों के दौरान मिठाइयां एवं अन्य खाद्य पदार्थ विश्वसनीय दुकानों से खरीदें और किसी भी प्रकार की मिलावट या खाद्य सुरक्षा संबंधी अनियमितता दिखाई देने पर विभाग को सूचित करें।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावट पर रोक लगाने के लिए निरीक्षण एवं नमूना संग्रहण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
फोटो 05-निरीक्षण के दौरान मौजूद टीम।
राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़ की छात्रा कोमल ने विश्वविद्यालय में टॉप कर महाविद्यालय का किया नाम रोशन
-प्रोफेसर डॉ. सोमवीर सिवाच ने छात्रा कोमल को 11हजार नकद पुरस्कार राशि देकर किया सम्मानित
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कनीना की आवाज। राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़ की एम.ए. हिंदी की छात्रा कोमल ने विश्वविद्यालय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए द्वितीय सेमेस्टर में प्रथम स्थान हासिल किया है। कोमल की इस उपलब्धि से महाविद्यालय के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनकी इस सफलता ने महाविद्यालय का गौरव बढ़ाया है और अन्य विद्यार्थियों को भी मेहनत करके आगे बढऩे की प्रेरणा दी है।
कोमल की इस शानदार उपलब्धि के साथ महाविद्यालय की अन्य छात्राओं ने भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। विश्वविद्यालय की टॉप-10 सूची में राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़ की कुल चार छात्राओं ने स्थान प्राप्त किया है। कोमल ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि महाविद्यालय की अन्य छात्राओं ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रेनू ने छठा, साक्षी ने आठवां और लक्ष्मी ने दसवां स्थान प्राप्त किया। इस प्रकार हिंदी विभाग की छात्राओं ने अपनी मेहनत, लगन और निरंतर अध्ययन के बल पर विश्वविद्यालय स्तर पर महाविद्यालय की मजबूत पहचान बनाई है।
इस उपलब्धि पर महाविद्यालय के हिंदी विभाग में खुशी की लहर है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर विजय यादव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी इसी तरह मेहनत करने, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और शैक्षणिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर हिंदी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. सोमवीर सिवाच ने प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा कोमल को 11 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि वे पहले भी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नकद पुरस्कार प्रदान करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी जो विद्यार्थी प्रथम स्थान प्राप्त करेगा, उसे इसी प्रकार की नकद पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता पूरे विभाग और महाविद्यालय के लिए गर्व की बात है। कोमल की उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि महाविद्यालय के विद्यार्थी भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय देंगे।
हिंदी विभाग के प्राध्यापकों ने भी छात्राओं की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस सफलता से यह संदेश मिलता है कि नियमित अध्ययन, कठिन परिश्रम, सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प के माध्यम से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़ के लिए यह उपलब्धि गर्व का विषय है। विश्वविद्यालय की टॉप-10 सूची में चार छात्राओं का स्थान बनाना महाविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन को दर्शाता है। महाविद्यालय परिवार ने सभी सफल छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान हिंदी विभाग से डॉ. पविता यादव, डॉ. अनीता यादव, डॉ. अमिता कुमारी, डॉ. विकास गुप्ता सहित महाविद्यालय के अन्य स्टाफ सदस्य और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
एसडीएम ने ली उप-मंडल स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक
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कनीना की आवाज। एसडीएम गुरविंदर सिंह ने मंगलवार को अपने कार्यालय में उप-मंडल स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक ली। बैठक में अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत पीडि़तों को दी जाने वाली राहत और मुआवजे से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई।
एसडीएम ने बताया कि अधिनियम के क्रियान्वयन में अलग-अलग अधिकारियों की भूमिका तय करने और जिला प्रशासन को मिली विभिन्न रिपोर्टों की समीक्षा के लिए प्रशासन ने यह सतर्कता कमेटी गठित की है।
उन्होंने कहा कि जब अनुसूचित जाति या जनजाति के किसी व्यक्ति पर गैर-अनुसूचित जाति के व्यक्ति द्वारा अत्याचार किया जाता है, तो पीडि़त को आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि ट्यूबवेल को नुकसान, चल-अचल संपत्ति की हानि, स्थायी या अस्थायी अपंगता, दुष्कर्म और हत्या जैसे मामलों में दी जाती है।
एसडीएम ने बताया कि अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989, नियम 1995 व 2011 की धारा 3 और नियम 12 (4) के तहत राहत राशि के मापदंड (4/2016) निर्धारित हैं। इनके अनुसार अत्याचार की प्रकृति के आधार पर 1 लाख रुपये से लेकर 8 लाख 25 हजार रुपये तक की राशि दी जाती है। यह सहायता उन्हीं मामलों में मिलती है, जिनमें अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई हो।
बैठक में जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय से तहसील कल्याण अधिकारी ममता, नायब तहसीलदार लच्छी राम, बीडीपीओ श्याम लाल, जयपाल (डेरोली), अतर सिंह (नुनी शेखपुरा) सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जिला स्तरीय बाल-महोत्सव के पांचवें दिन हैंड राइटिंग और वन एक्ट प्ले/थिएटर प्ले प्रतियोगिताओं का आयोजन
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कनीना की आवाज।बाल भवन में आयोजित की जा रही 8 दिवसीय जिला स्तरीय बाल-महोत्सव प्रतियोगिताओं की श्रृंखला के तहत आज पांचवें दिन हैंड राइटिंग और वन एक्ट प्ले/थिएटर प्ले प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में जिला बाल कल्याण अधिकारी राजेन्द्र सिंह ने सभी निर्णायक मंडल के सदस्यों, अध्यापकों, बच्चों और उनके अभिभावकों का गर्मजोशी से स्वागत किया। आज के दिन आयोजित वन एक्ट प्ले/थिएटर प्ले (चतुर्थ ग्रुप) प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ', भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा और देशभक्ति जैसे विषयों पर अपने सजीव अभिनय की शानदार प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के अभिनय ने समाज में फैली कुरीतियों पर कड़ा प्रहार किया और उपस्थित दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया। आज की विभिन्न स्पर्धाओं में जिले भर के 40 स्कूलों से लगभग 250 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
जिला बाल कल्याण अधिकारी राजेन्द्र सिंह ने बताया कि वन एक्ट प्ले/थिएटर प्ले में प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेता आगे मंडल स्तरीय प्रतियोगिताओं में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। वहीं, हैंड राइटिंग (प्रथम व द्वितीय ग्रुप) के प्रथम व द्वितीय स्थान विजेता सीधे राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे, जिनकी तिथियों व आयोजन की घोषणा शीघ्र की जाएगी। उन्होंने आगे बताया कि इन सभी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को 14 नवंबर को आयोजित होने वाले जिला स्तरीय बाल दिवस एवं पारितोषिक वितरण समारोह में उपायुक्त अनुपमा अंजली द्वारा सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 28 अक्टूबर को सोलो सॉन्ग (द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ ग्रुप) तथा डिक्लेमेशन (तृतीय व चतुर्थ ग्रुप) प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में मंच संचालन कार्यक्रम अधिकारी विवेक कुमार एवं लिपिक सुरेन्द्र शर्मा ने किया।
प्रतियोगिताओं के निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए योग्य निर्णायकों की नियुक्ति की गई थी। हैंड राइटिंग (अंग्रेजी व हिन्दी) में स्पर्धा में डॉ. पंकज गौड़, डॉ. ममता शर्मा, हिंदी पीजीटी शर्मिला यादव, अंग्रेजी पीजीटी संजय शर्मा तथा डॉ. जितेन्द्र भारद्वाज ने निर्णायक की भूमिका निभाई। वहीं वन एक्ट प्ले/थिएटर प्ले प्रतियोगिता में ललित सैनी, वंदना शर्मा, रामबिलास सैनी ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व जिला बाल कल्याण अधिकारी विपिन कुमार शर्मा, बाल कल्याण परिषद के आजीवन सदस्य भारत भूषण वालिया, कार्यक्रम अधिकारी विवेक कुमार, लेखाकार मनीष कुमार, लिपिक सुरेन्द्र शर्मा और बाल भवन का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
प्रतियोगिताओं के परिणाम--
हैंड राइटिंग हिन्दी (प्रथम ग्रुप) में यदुवंशी शिक्षा निकेतन नारनौल की मोनल ने प्रथम, द गुरुकुलम पब्लिक स्कूल नांगल चौधरी की ईशाना ने द्वितीय, गांधी हाई स्कूल नारनौल की डिंपल ने तृतीय, एम.एल.एस.डी.ए.वी. सी.सै. स्कूल के हर्ष ने सांत्वना (प्रथम) और आर.पी.एस. पब्लिक सी.सै. स्कूल नारनौल की कृषा ने सांत्वना (द्वितीय) स्थान हासिल किया।
हैंड राइटिंग अंग्रेजी (प्रथम ग्रुप) में भारती पब्लिक सी.सै. स्कूल नारनौल की कनक बंसल ने प्रथम, श्री कृष्ण सी.सै. स्कूल भुंगारका की रिशिता ने द्वितीय, यदुवंशी शिक्षा निकेतन कनीना की देवांशी ने तृतीय, आर.पी.एस. सी.सै. स्कूल महेंद्रगढ़ के लक्ष्य ने सांत्वना (प्रथम) तथा बी.आर. ज्ञानदीप सी.सै. स्कूल सूरजनवास महेंद्रगढ़ की हिमानी ने सांत्वना (द्वितीय) स्थान प्राप्त किया।
हैंड राइटिंग अंग्रेजी (द्वितीय ग्रुप): में आर.पी.एस. सी.सै. स्कूल महेंद्रगढ़ की अंशु ने प्रथम, श्री कृष्ण सी.सै. स्कूल भुंगारका की वंशिका ने द्वितीय, द वेदांता इंटरनेशनल स्कूल नारनौल की कनिष्का ने तृतीय, हैप्पी एवरग्रीन सी.सै. स्कूल महेंद्रगढ़ की यशवी ने सांत्वना (प्रथम) और भारती पब्लिक सी.सै. स्कूल नारनौल की नव्या गुप्ता ने सांत्वना (द्वितीय) स्थान अर्जित किया।
हैंड राइटिंग हिन्दी (द्वितीय ग्रुप) में श्री कृष्ण सी.सै. स्कूल भुंगारका की चहक ने प्रथम, यदुवंशी शिक्षा निकेतन की चंचल ने द्वितीय, आर.पी.एस. सी.सै. स्कूल महेंद्रगढ़ के अयान सिंह ने तृतीय, नवज्ञान ज्योति पब्लिक स्कूल मांदी की नियति ने सांत्वना (प्रथम) तथा सी.एल. पब्लिक स्कूल नारनौल की मोहनाश्री ने सांत्वना (द्वितीय) स्थान प्राप्त किया।
विकसित भारत युवा संसद 2027 के तहत जिला स्तरीय भाषण प्रतियोगिता का आयोजन 4 नवंबर को
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कनीना की आवाज। मेरा युवा भारत नारनौल, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (ङ्कक्चङ्घरुष्ठ) 2027 के तहत विकसित भारत युवा संसद 2026-27 की जिला स्तरीय भाषण प्रतियोगिता का आयोजन 4 नवंबर 2026 को किया जाएगा। विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग युवाओं के नेतृत्व विकास एवं नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख राष्ट्रीय मंच है। इसके माध्यम से देशभर के प्रतिभाशाली युवाओं को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श करने, नवाचारपूर्ण विचार साझा करने तथा नीति-निर्माताओं, विषय विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों के साथ संवाद करने का अवसर मिलता है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को विकसित भारत ञ्च2047 के संकल्प की प्राप्ति में सक्रिय भागीदार बनाना है। इसी उद्देश्य से विकसित भारत युवा संसद को एक विशेष ट्रैक के रूप में शामिल किया गया है। यह कार्यक्रम युवाओं में संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक सहभागिता, सार्वजनिक नीतियों की समझ, आलोचनात्मक चिंतन, नवाचार तथा नेतृत्व क्षमता का विकास करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रतियोगिता का विषय एवं प्रारूप
जिला स्तरीय भाषण प्रतियोगिता का विषय एक राष्ट्र, एक चुनाव निर्धारित किया गया है। प्रतिभागियों को इस विषय पर अपने विचार तार्किक, तथ्यपरक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने होंगे। प्रत्येक प्रतिभागी को भाषण के लिए तीन मिनट का समय दिया जाएगा। प्रतिभागी हिंदी, अंग्रेजी अथवा निर्धारित अन्य भारतीय भाषाओं में अपना भाषण प्रस्तुत कर सकते हैं।
प्रतियोगिता के माध्यम से युवाओं को भारत की चुनावी व्यवस्था, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं तथा राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों को समझने और उन पर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, उनमें निर्णय लेने की क्षमता, दूसरों के विचारों के प्रति सम्मान, संवाद कौशल तथा जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करने पर भी बल दिया जाएगा।
पात्रता एवं चयन प्रक्रिया--
प्रतियोगिता में 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवा भाग ले सकते हैं। आयु की गणना के लिए निर्धारित कट-ऑफ तिथि 17 अगस्त 2026 है। जिला स्तरीय प्रतियोगिता से चयनित तीन प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलेगा। राज्य स्तर से चयनित प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर पर अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 17 नवंबर से 7 दिसंबर 2026 के बीच आयोजित की जाएगी, जबकि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता 9 एवं 10 जनवरी 2027 को नई दिल्ली स्थित संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में आयोजित होगी। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित प्रतिभागी 11 एवं 12 जनवरी 2027 को आयोजित ङ्कक्चङ्घरुष्ठ 2027 में भी सहभागिता करेंगे।
वाल्मीकि के आदर्श अपनाएं युवा, रामायण आज भी उतनी ही प्रासंगिक
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कनीना की आवाज। पूर्व मंत्री एवं नारनौल के विधायक ओमप्रकाश यादव ने कहा कि संतों-महापुरुषों के विचार केवल इतिहास की धरोहर नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के लिए जीवन का मार्गदर्शन हैं और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में चल रही हरियाणा सरकार महान संतों की परंपराओं को आगे बढ़ा रही है। उनके पदचिह्नों पर चलने के लिए युवाओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से ही संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना के तहत ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। श्री यादव सोमवार को लघु सचिवालय के मीटिंग हाल में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम की शुरुआत में चंडीगढ़ के कबीर कुटीर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का एलईडी के माध्यम से प्रसारण किया गया तथा नागरिकों ने मुख्यमंत्री के संबोधन को सुना। इस मौके पर समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्य अतिथि को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। श्री यादव ने महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री यादव ने कहा कि आज हमारा देश संविधान के अनुसार आगे बढ़ रहा है, लेकिन सदियों पहले हमारा समाज रामायण जैसे प्राचीन ग्रंथ में बताए गए आदर्शों के अनुरूप ही जीवन जीता था। रामायण ने केवल कथा नहीं सुनाई, बल्कि जीवन जीने की राह दिखाई और आचरण की मर्यादाएं तय कीं। भगवान श्रीराम ने अपने जीवन में जिन मर्यादाओं का पालन किया, समाज ने उन्हें अपना मार्गदर्शक माना। यही कारण है कि रामायण आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी सदियों पहले थी।
उन्होंने कहा कि समाज की संरचना, सांस्कृतिक धरोहर और विरासत को सहेजने में महर्षि वाल्मीकि का योगदान अतुलनीय है। उनके द्वारा रचित रामायण सत्य, धर्म, कर्तव्यनिष्ठा और मर्यादा का संदेश देती है।
श्री यादव ने युवाओं को आह्वान किया कि वे महर्षि वाल्मीकि के दिखाए आदर्शों को जीवन में उतारें और सामाजिक समरसता, समानता तथा भाईचारे की भावना को मजबूत करें।
उन्होंने कहा कि महापुरुषों को याद करना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके विचारों को आत्मसात करने का अवसर है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ने सेवा विभाग से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र भी वितरित किए।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त तरुण कुमार पावरिया, नगराधीश डॉ. मंगल सेन, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित शर्मा, महर्षि वाल्मीकि सभा नारनौल के प्रधान योगेंद्र सिंह जौदियां, उप प्रधान बारा चंद चांवरिया, महासचिव राजेश कुमार डुलगच, कोषाध्यक्ष राजेश कुमार चांवरिया, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के पूर्व प्रदेश सचिव महेंद्र सिंह बोयत, नगर पालिका संघ के राज्य कोषाध्यक्ष महेंद्र सिंह संगोतिया, अखिल भारतीय सफाई कल्याण संघ के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दयाराज डुलगच, नगर पालिका नारनौल के जिला प्रधान राहुल सारवान, इकाई प्रधान सुरेंद्र सारवान, संकल्प फाउंडेशन नारनौल के अध्यक्ष सर्वश्याम बिंवाल, महेंद्र खन्ना सहित अनेक अधिकारी, समाज के गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
अन्तराष्ट्रीय कादम्बरी का अखिल भारतीय साहित्यकार सम्मान समारोह 31 को
-129 साहित्यकार होंगे सम्मानित
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कनीना की आवाज। अन्तराष्ट्रीय स्तर पर क्रियाशील संस्था कादम्बरी का अखिल भारतीय साहित्यकार - पत्रकार सम्मान समारोह 31 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे से शहीद स्मारक सभागार में आयोजित होगा। कादम्बरी के अध्यक्ष आचार्य भगवत दुबे एवं महामंत्री राजेश पाठक प्रवीण ने बताया कि इस अवसर पर देश के विविध अंचलों के 129 साहित्यकारों को सम्मान स्वरूप चार लाख अठारह हजार दो सौ रुपये की नगद राशि मानपत्र, शाल से सम्मानित किया जाएगा।
स्वामी प्रज्ञानंद सम्मान से विमल बुन्देला छतरपुर, स्व. ब्रह्मदत तिवारी सम्मान से सुधाकर शर्मा बालाघाट, स्व. महेशकिशोर शर्मा सम्मान से डा. अनुज प्रताप सिंह मिर्जापुर, स्व. लक्ष्मी शर्मा सम्मान से डा. पशुपतिनाथ उपाध्याय अलीगढ़, स्व.ओंकार दुबे सम्मान से गिरिमोहन गुरु नर्मदापुरम, स्व. डा. गार्गीशरण मिश्रा सम्मान से भगत दुबे एवं डा. संध्या जैन श्रुति, स्व.ओंकार प्रसाद तिवारी सम्मान सुरेन्द्र मोहन कौशिक यूएसए, पं. अश्वनी कुमार पाठक सम्मान डॉ. सुधा गुप्ता, स्व. रामेन्द्र तिवारी सम्मान से प्रवोध गोविल जयपुर, सेठ गोविन्ददास सम्मान से मुक्तिनाथ झा बिहार, स्व. विश्वंभर दयाल अग्रवाल सम्मान से नरेन्द्र दीपक भोपाल, स्व. भवानी प्रसाद तिवारी सम्मान से जगदीश मोहन रावत, स्व.डॉ. सुमित्र सम्मान से कैलाशनाथ वाजपेयी, स्व. राजेश दुबे सम्मान से मनोरमा श्रीवास्तव भोपाल, स्व.डॉ. जमालुद्दीन सम्मान से वीरेन्द्र चंद्र?सखी गाजियाबाद, स्व. जवाहरलाल तरूण सम्मान से डॉ. गिरिजा नरवरिया भिण्ड के साथ ही स्व. श्रवण दीपावरे, स्व. सिद्धार्थ भट्ट, स्व.आशा देवी दुबे स्व. आशुतोष तिवारी स्व. रमा आलोक, स्व. सुशील पाण्डे, स्व. सुधीर वाजपेयी, स्?व. रमानिवास तिवारी, स्व. अवधेश माथुर,स्व.विद्यासागर शर्मा, स्व. हनुमान प्रसाद शर्मा, स्व. बुन्देला, स्व. सुखेन्द्र स्व. प्रेमकिशोर भार्गव स्व. प्रभा सिंह की स्मृति में प्रदान किए जा रहे हैं।
तत्संबंध में आज होटल एलाइट में बैठक आयोजित की गई। जिसमें राजेंद्र मिश्रा, अमरेंद्र नारायण,प्रतुल श्रीवास्तव,विजय जायसवाल, यशोवर्धन पाठक, संतोष नेमा,आशुतोष तिवारी डॉ. संध्या श्रुति,सिद्देश्वरी सराफ, अस्मिता शैली, प्रभा शील, ज्योति मिश्रा,डॉ.कामना कौस्तुभ, ज्योति प्यासी, गीता पाण्डे, भावना निगम, विनीता पैगवार,तरुणा खरे,गीता पांडे,प्रीति नामदेव,राजीव गुप्ता,सुरेश दर्पण,चंद्रकांत जैन,महेश स्थापक, दिवाकर शर्मा,, रमाकांत गौतम अमरनाथ सोनी, एड. दीपक पचौरी उपस्थित थे।
14 कृतियों का होगा विमोचन-
उन्होंने बताया कि इस मौके पर 14 विभिन्न कृतियों का विमोचन भी होगा जिनमें गोविंद पाल भिलाई की बाघ मामा सियार भांजा, गोविंद पाल की भारतीय ज्ञान परंपरा और विश्व बौद्ध, शंकर भट्टाचार्य दुर्ग की बेजुबान सच, शंकर भट्टाचार्य दुर्ग की ही दूसरी कृति एक मु_ी ईमानदारी, राकेश माहेश्वरी काल्पनिक नरसिंहपुर धूप छांव के संग, डा.अनामिका तिवारी जबलपुर की ऋषि द्वद्व, डा. उमेश चंद्र मिश्रा मैहर प्रतापगढ़ की करवा चौथ, नौमी श्रीवास्तव जबलपुर की जब एक नदी मेरी कहानी में उतरी, हेमंत झा छिंदवाड़ा की आधी हकीकत आधा फसाना, डा. विजय प्रकाश सैनी झांसी की हम इतने झूठे कभी न थे, ज्योति प्यासी अनिका जबलपुर की अंत से अनंत तक, संतोष जाटव जलौनी भिलाई की चिडिय़ा रानी बड़ी सयानी, ज्योति मिश्रा जबलपुर की पारिजात मन, डा. लखविंदर कौर जस्सल जबलपुर की सोच की दिशा प्रमुख हैं।
फोटो कैप्शन 03 व 04: संबंधित हैं















































