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Saturday, March 28, 2026



 



कुतरूं प्राचार्य के कारनामे-18
-कुतरूं को चमचों पर रहा भरोसा, कानों का रहा कच्चा
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कनीना की आवाज।
 कनीना निवासी डा. होशियार सिंह यादव ने बतौर विज्ञान अध्यापक एवं प्राध्यापक 40 सालों तक शिक्षण कार्य किया है। उन्होंने स्कूल, कालेज, निजी और सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य किया है। इस अवधि दौरान करीब 35 विभिन्न स्कूल प्राचार्यों के साथ काम किया और उनमें से चंद कुतरूं प्राचार्य निकले। जिनका नाम लेते ही तन मन में दर्द होता है। जिनकी भावना हीन रही है। उनका धरती पर आना ऐसा लगता है कि किसी के काम को रोकने आए हैं। सच का साथ नहीं दिया और उन्होंने सदा ही अच्छे और स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों का विरोध किया। ऐसे ही कुतरूं प्राचार्य के कारनामे सामने आये हैं। आज एक कारनामा यहां उजागर किया जा रहा है।
  शास्त्रों में लिखा है जिसकी अपनी बुद्धि काम नहीं करती उसका शास्त्र क्या कर सकता है? कुतरूं जैसी तुच्छ लोग भी अपने आप को किसी मंत्री और प्रधानमंत्री से कम नहीं समझते। बहुत से ऐसे मंत्री होते जो कानों के कच्चे होते हैं और लोगों का उल्टा सीधा काम करते रहते हैं। वो यह नहीं जानते कि लोगों ने उन्हें मंत्री पद तक पहुंचा है परंतु करते हैं उल्टा काम और वो भी किसी के कहने से, कान भरने से, कानों के कच्चे मिलते हैं, अपने चमचों पर ज्यादा विश्वास करते हैं। ऐसा होशियार सिंह ने खुद अपने जीवन में झेला है परंतु क्या करें वक्त की मार सहकर भी जीवित है। कुछ स्कूलों में कुतरूं प्राचार्य मिल जाते हैं और कुछ चमचे भी होते हैं और चमचे उन कुतरूं प्राचार्यों की कमजोरी को भांप कर उनकी चमची मारना शुरू कर देते हैं। अपने काम तो करवा लेते हैं लेकिन दूसरों का भी बिगड़वा देते हैं। एक ऐसे प्राध्यापक भी मिले जो प्राचार्यों की कमजोरी पड़कर उनको धमकाते थे। जिनको किसी प्रकार का कोई ज्ञान नहीं, कभी कक्षा में पढ़ाया नहीं किंतु दूसरों का अहित कैसे करते हैं या दूसरों के कंधे पर बंदूक रखकर कैसे चलाते हैं, इस बात का जरूर ज्ञान रहा है। वे दूसरे का बुरा कुछ करवा देते हैं। एक बार होशियार सिंह की जांच हो रही थी जब उन्होंने पत्रकारिता की अनुमति ले रखी थी। उच्च अधिकारियों से जांच होती -होती कुतरूं प्राचार्य तक आई। कुतरूं प्राचार्य ने अपने चमचा से पूछा। एक चमचे ने उसे बताया कि आप यह जवाब लिखकर भेज दो कि हमें नहीं पता कि होशियार सिंह पत्रकार है या नहीं। आप दैनिक जागरण, दैनिक ट्रिब्यून कार्यालयों से संपर्क कर सकते हैं अर्थात चमचों ने उन अखबारों का नाम लिखवा दिया जिनमें होशियार सिंह काम करता था परंतु अनुमति ले रखी थी। इसलिए चमचे और कुतरूं कुछ नहीं बिगाड़ पाये। कोई भी प्राचार्य है उसे अपने विवेक से काम लेना चाहिए, भगवान ने उन्हें बुद्धि दी है। किसी चमचे पर विश्वास नहीं करना चाहिए जो उनकी खुशामद करते हैं। उनकी बात पर विश्वास न करके केवल अपने विवेक से काम लेना चाहिए। कुतरूं आचार्य कानों के कच्चे होते हैं उन्हें ऐसा नहीं होना चाहिए। हर बात को स्वयं करें, स्वयं समझे तब ही वो कामयाब होते हैं। कुतरूं अपने आप को समझते हैं कि पता नहीं तुम्हारे अंदर क्या पावर है और वह अपनी पावर भी दिखा लेते हैं और किसी का कुछ बिगाड़ भी नहीं सकते। सच्चाई यह है कि बुरे बन जाते हैं। इक्का-दुक्का प्राचार्य को छोड़कर किसी में दम नहीं होता कि किसी का कुछ बिगाड़ सके। हां कुछ कुतरूं ऐसे जरूर है जो कर्मचारी के लाभ रोक लेते हैं, समय पर उनका काम नहीं करते, उनको पीछे-पीछे हंडवाते हैं। वो यह समझते हैं कि तुम्हारे तो लंबी पूंछ लग गई है। वो यह नहीं समझते कि पूछ सदा दुखदाई होती है। न जाने कब पूंछ को पकड़ कर लोग झटका मार दे, पूंछ भी टूट जाए और कुतरूं भी गिरा मिले, मुंह के दांत भी गायब हो जाए। एक जगह चर्चा आती है किकुटरु प्राचार्य ने एक चपरासी की बदली करवाने का प्रयास किया लेकिन चपरासी ने सबक सिखाते हुए कुतरूं प्राचार्य को दूर दराज भिजवा दिया। पता नहीं किस इंसान में क्या गुण पाया जा सकता है। सदा यह नौकरी नहीं रहेगी। कुतरूं प्राचार्य ज्यादा समय नहीं रहते। अअगर 10 साल या 20 साल। क्या वो किसी का बुरा करके और समाज में सम्मान पाएंगे। एक ऐसा निकृष्ट प्राध्यापक भी  होशियार सिंह ने देखा है जिसने कभी जीवन में किसी का हित नहीं किया, दूसरे के जरिए अहित करवाता रहा, स्वयं सामने भी नहीं आया। परंतु लोग उसे जानते हैं इसलिए उसे नीचे, मक्कार, कुतरूं का बच्चा कहते हुए नहीं शर्माते। ऐसे में किसी का हित नहीं करने वाले प्राचार्य सदा दुख पाते हैं। कुछ ऐसे प्राचार्य मिले जो दूसरे के हित में लगे रहते थे किसी को कुछ नहीं कहते थे परंतु होशियार सिंह को तो ऐसे कुतरूं प्राचार्य मिले जिन्होंने उनका अहित किया। ऐसे कुछ कुतरूं प्राध्यापक मिले, ऐसे कुछ नीच व्यक्ति मिले जिन्होंने अहित किया। यहां स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि और होशियार सिंह ने बतौर पत्रकारिता किसी का आज तक बुरा नहीं किया। कोई धरती पर यह नहीं कह सकता कि उनसे कोई एक नया पैसा लेकर समाचार लिखा हो। किसी का किया तो हित किया होगा। शायद कनीना और आसपास जितने पत्रकार हैं वो सभी मिलकर उतनी खबर नहीं लिख पाते हैं जितनी होशियार सिंह अकेला लिखता है लेकिन फिर भी लोग उसके दुश्मन है। कहते कि अच्छे के ही दुश्मन होते हैं और बुरे से तो सभी डरते हैं यहां तक कि कहावतें भगवान भी बुरे से डरता है। चाहे कुछ भी हो बुरा करने वाले का अंत बुरा होता है। कभी किसी का बुरा नहीं करना चाहिए, कान का कच्चा होकर के कितने कुतरूं प्राचार्य मिले जिनके प्रति होशियार  सिंह के दिल में नफरत बची है। होशियार सिंह केवल चाहता है कि भगवान इन कुतरूं प्राचार्यों को वह सजा दे कि खाट में पड़े पड़े लंबे समय तक दुख झेले ताकि उनको पीछे सभी बातें याद आए और कितने अहित किए हैं उसके सारे सामने आए। भगवान से यही प्रार्थना है कि इन कुतरू प्राचार्यों को जल्दी नहीं उठाये इनको ऐसी सजा दे की चारपाई पर ही हगने मूतते रहे, उनके परिवार वाले भगवान से दुआ करें कि इस कुतरूं को उठा ले।





 देश के लिए 5 लड़ाई में लडऩे वाले हवलदार राम सिंह नहीं रहे
-कनीना में किया गया अंतिम संस्कार
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कनीना की आवाज।
  देश के लिए 5 लड़ाई लडऩे वाले एवं करीब 87 वर्षीय कनीना के निवासी राम सिंह हवलदार चल बसे। वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गये हैं। उनका अंतिम संस्कार कनीना में किया गया। अनेक जन उनके अंतिम संस्कार में पहुंचे।
  वे अपने पीछे अपनी पत्नी, दो बेटे, दो पोते, एक पोती, 3 पड़पोती से भरा परिवार छोड़ गये हैं। उन्होंने देश के लिए पांच लड़ाइयां लड़ी थी।
उनका कहना है कि देश की सीमाओं पर जो कुछ छिटपुट की घटनाएं घटती वे देश की सीमाओं पर जाने को तैयार हो जाते थे।
 1939 में कनीना में जन्मे हवलदार राम सिंह की मां का नाम डोडी देवी है तथा पिता का नाम मातादीन है। वेे 9 अक्टूबर 1957 में हिसार में देश सेवा के लिए भर्ती हुए। महज चार जमात पास राम सिंह हवलदार 5 जनवरी 1975 को सेवानिवृत्त हुए थे। उन्हें अब तक सेवा के दौरान अनेकों मेडल मिले थे। जिनमें गोवा रक्षा मेडल, नागा हिल्स मेडल, 9 साल की लंबी सेवा का मेडल तथा गोवा मेडल आदि अनेक मेडल मिले थे।
 राम सिंह सिपाही पद पर 11 कमाऊ रेजीमेंट में भर्ती हुए थे जिन्होंने 29 अगस्त 1958 से लेकर 11 अप्रैल 1960 तक गोवा युद्ध ,6 दिसंबर 1961 से 21 दिसंबर 1963 तक चीन के विरुद्ध युद्ध, 20 दिसंबर 1964 से 11 सितंबर 1965 तक पाक के विरुद्ध युद्ध, 20 सितंबर 1965 से 27 अप्रैल 1968 तक पाक के विरुद्ध चल रहे युद्ध तथा 27 नंबर 1970 से 20 अगस्त 1973 तक सिक्किम  का युद्ध आदि में भाग लिया लेकिन स्वर्ग सिधारने से पहले बताते थे कि 1961 में गोवा में पुर्तगालियों को भगाने के लिए युद्ध किया। चाइना युद्ध में उनका योगदान अहम था। उन्होंने बताया था कि चुसूल मोर्चे पर चार्ली कंपनी के 114 सैनिक मारे गए थे उस समय जब हेडक्वार्टर से उनका संपर्क टूट गया था तो उन्हें तथा उनके साथी 3 सिपाही तथा एक नायक को सूचना लाने को भेजा गया था। चारों गलती से दुश्मनों के बीच में पहुंच गए जिसमें 2 सिपाही तथा नायक भी मारे गए किंतु हवलदार रामसिंह किसी प्रकार दुश्मनों से बच निकले और हेड क्वार्टर को सूचना दी कि किस प्रकार उनकी कंपनी को खत्म कर दिया गया है तथा दुश्मन अभी भी सक्रिय है जिसके चलते गोलाबारी करके दुश्मन को खदेड़ा गया। उस समय की लड़ाई को याद कर रो पड़ते थे । 1965 में राजोरी से आगे महिंद्रा में उन्होंने तैनाती दी और युद्ध के दौरान घायलों को लाने ले जाने की भूमिका निभाई थी।
 फोटो कैप्शन: हवलदार राम सिंह

आज भी लोकप्रिय हैं देशी फ्रिज
--कोरोना काल के बाद बढ़ी है कुछ मांग
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कनीना की आवाज।
गर्मियां से पेयजल के रूप में काम में लिए जाने वाले मिट्टी के घड़ों की मांग कम है जिसके कारण मिट्टी के घड़े बनाने वाले मायूस हैं। परंतु बुजुर्ग लोग मिट्टी के घड़ों का ही प्रयोग करते हैं। सेहत के लिए उत्तम एवं बेहतर पेयजल हमेशा प्रदान करने वाले गरीबों के फ्रिज अब विवाह शादियों पर अधिक देखने को मिल रहे हें। वैज्ञानिक युग में देसी फ्रिज का स्थान बिजली से चलने वाले फ्रिज ने ले लिया है। आने वाले समय में इनका अस्तित्व ही लुप्त होने की कगार पर पहुंच जाएगा।
  पूर्वजों से लेकर आज तक इन घड़ों का जल प्रयोग करते आ रहे हैं। इन घड़ों का जल आज भी बुजुर्ग बड़े चाव से पीते हैं। बेशक बिजली से चलने वाले फ्रिज ने घड़ों का स्थान ले ही लिया है किंतु आज भी कुछ उत्सवों पर इन देसी फ्रिज का वजूद देखने को मिल रहा है।
   गरीबों के घड़े अर्थात देसी फ्रिज आज के वैज्ञानिक युग में भी उतने ही लोकप्रिय हैं जितने पहले के जमाने में होते थे। घड़े बनाने वालों की मुसीबतें बढ़ जाने से उनकी रोटी रोजी के लाले मंडराने लगे हैं। अब तो गिने चुने घड़े बनाने वाले लोग ही घड़ों का निर्माण करते हैं वरना उन्हें घड़े खरीदकर लाने पड़ रहे हैं। आने वाले समय में गरीबों के फ्रिज लुप्त प्राय हो जाएंगे। कुम्हार जाति के लोग अपनी रोटी रोजी छिनने से परेशान हैं।
    विज्ञान के युग में जहां फ्रिज की भरमार देखने को मिलती है वहीं गरीबों के फ्रिज घड़े आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं जितने पहले होते थे। आज भी भीषण गर्मी में सड़के के किनारे वाटर हट्स देखने को मिलती हैं जहां ठंडा पानी पीने के लिए राहगीर रुकते हैं। इन घड़ों का पानी पीकर वे शकुन महसूस करते हैं। घरों में जहां फ्रिज लग रहे हैं वहीं मटकों को भुलाया नहीं जा रहा है। बुजुर्ग तो आज भी फ्रिज को विभिन्न रोगों का कारण मानते हुए घड़ों के पानी को ही पसंद करते हैं।
  एक वक्त था जब घड़े बनाने वालों की संख्या प्रत्येक गांव में काफी होती थी किंतु समय की मार एवं विज्ञान के प्रभाव के चलते उनकी रोटी रोजी पर संकट के बादल मंडराने लगे हें। अब घड़े किसी सड़क के किनारे भी लोगों को बेचते देखा जा सकता है। एक घड़ों का व्यापार करने वाले श्रीराम प्रजापत, शीशराम, राजू एवं मोतीलाल का कहना है कि पहले उनके गांव की मिट्टी बेहतर होती थी किंतु भट्ठा लग जाने से उनको वो मिट्टी नहीं मिलती है और वे मजबूरन कहीं दूसरे स्थानों से बने बनाए घड़े लेकर आते हैं। उन्होंने बताया कि नारनौल के आस पास की मिट्टी आज भी घड़े बनाने के लिए बेहतर है किंतु उस मिट्टी को लाना महंगा पड़ता है। यही कारण है कि बने बनाए घड़ों को बेचकर उनको अल्प धन की बचत होती है जो उनके परिवार का भरण पोषण करने में नाकाफी है।
    बेशक घड़ों की कद्र कम हो गई हो किंतु आज भी घड़ों को भुलाया नहीं जा सकता है। लोग दूर दराज से घड़े खरीदकर अपने घरों में ला रहे हें और देसी फ्रिज नाम से प्रसिद्ध इन घड़ों के जल को पीकर अपने को निरोग रहने में कारगर बता रहे है। घड़ा, मटका, मूण, घट, झाल आदि घड़ों के ही रूप हैं जिन्हें ग्रामीण लोग पसंद करते हैं। यदि ईंट भट्टों की इसी प्रकार रफ्तार बढ़ती रही तो आने वाले समय में ये घड़े भी लुप्त हो जाएंगे और घड़े बनाने वाले भी नहीं मिल पाएंगे।
 कोरोना काल में फ्रिज का पानी पीने के लिए डाक्टरों ने मलना कर दिया था जिसके बाद से कुछ लोगों का रुझान मिट्टी के घड़ों की ओर बढ़ा है। यह भी सत्य है कि इतिहास अपने आपको दोहराता हे। ऐसे में फिर से इन घड़ों की मांग बढऩे के प्रबल आसार बन रहे हैं।
 फोटो कैप्शन 06: देशी फ्रिज का नजारा।





भंडारा 2 अप्रैल को
-एक अप्रैल की रात को होगा जागरण  
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कनीना की आवाज।
 कनीना -महेंद्रगढ़ मुख्य मार्ग पर र्गुढ़ा के पास स्थित हनुमान मंदिर पर 2 अप्रैल को भंडार आयोजित किया जाएगा।
 विस्तृत जानकारी देते हुए पं. ओमप्रकाश पुजारी ने बताया कि 1 अप्रैल की रात को जागरण आयोजित होगा वहीं 2 अप्रैल को भंडारा आयोजित होगा जिसमें अतरलाल मुख्य अतिथि होंगे। हर वर्ष यहां भंडारा आयोजित होता है। उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने की अपील की।


भारतीय ज्ञान प्रणाली पर आयोजित की गई प्रश्रोत्तरी
 -नवोदय विद्यालय के विद्यार्थियों को किया गया प्रोत्साहित
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कनीना की आवाज।
कनीना  से दो किमी दूर स्थित पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय भारतीय ज्ञान प्रणाली पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। अव्वल रहे विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।  यह प्रतियोगिता श्रीमती सुमन यादव पत्रकार चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आयोजित की गई थी।
 प्राचार्य जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा बीएम रावत, उप-प्राचार्य धर्मेंद्र आर्य की उपस्थिति में यह प्रतियोगिता आयोजित करवाई गई जिसमें कक्षा 6 से 8 के सभी विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में अव्वल रहने वाले तीनों कक्षाओं के 15 विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। वहीं भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहित किया गया।
 इस मौके पर समस्त स्टाफ सदस्यों ने सहयोग किया। ट्रस्ट की ओर से योगेश कुमार सचिव तथा नवोदय विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
योगेश कुमार ने बताया कि श्रीमती सुमन यादव चैरिटेबल ट्रस्ट 2011 स्थापित की गई थी जिसका उद्देश्य जनहित कार्य का है। विभिन्न अवसरों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करके ट्रस्ट सेवा प्रदान करती है। इससे पहले भी विभिन्न स्कूलों में कई कार्यक्रम आयोजित करवाए हैं। उन्होंने बताया कि सुमन यादव कनीना की लेखिका और पत्रकार रही है जिनकाछोटी उम्र में ही देहांत हो गया था। उनकी याद में यह ट्रस्ट बनाई हुई है। प्राचार्य तथा प्राचार्य ने ट्रस्ट सदस्यों का आभार जताया।
 इस मौके पर प्रधान ट्रस्ट डा. होशियार सिंह यादव ने बताया कि सुमन यादव अलवर की रहने वाली थी तथा कनीना में विवाहिता थी। 21 नवंबर 2000 को उनकी शादी कनीना में हुई थी किंतु 2008 में वह कैंसर से पीडि़त हो गई थी। लगातार उनका इलाज एम्स, महावीर कैंसर अस्पताल, एसएमएस जयपुर, लुधियाना तथा विभिन्न अस्पतालों में चलाया जिसके चलते वह स्वस्थ हो गई थी किंतु दोबारा से कैंसर ने उन्हें जकड़ लिया जिसके चलते 17 नवंबर 2010 को उनका देहांत हो गया था। उनके नाम पर 2011 में ट्रस्ट का निर्माण किया गया। तब से लेकर आज तक ट्रस्ट जनहित कार्य कर रही है। श्रीमती सुमन यादव राष्ट्रीय अखबारों की पत्रकार थी वहीं कई पुस्तकें भी उनकी प्रकाशित हुई। मृदुभाषी सुमन यादव ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा आयोजित कहानी में पूरे ही हरियाणा में दूसरा स्थान प्राप्त किया था। ट्रस्ट जहां उनकी पुण्यतिथि पर हर वर्ष पौधारोपण ,खेल प्रतियोगिताएं तथा आंखें डोनेट करने के लिए अभियान चलाती आ रही है और आगे भी इसी प्रकार अभियान चलता रहेगा। विभिन्न स्कूलों में भी खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थी।
फोटो कैप्शन 01 एवं 02: ट्रस्ट की ओर से अव्वल विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते हुए





परमार्थ दिवस के रूप में मनाया पुण्यतिथि को
--पुष्पा देवी की सातवीं पुण्यतिथि पर हवन यज्ञ
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कनीना की आवाज।
शिक्षाविद् एवं अनेक शिक्षण संस्थानों की संस्थापक  पुष्पा देवी की सातवीं पुण्यतिथि को परमार्थ दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर गांव धनौन्दा स्थित उनके पावन स्मृति धाम परमार्थ स्थल पर विश्व शांति कल्याण एवं पर्यावरण शुद्धि के लिए वैदिक यज्ञ का आयोजन किया गया। स्वर्गीय पुष्पा देवी के अनेक शिष्यों, प्रशंसकों और इलाके के गणमान्य व्यक्तियों ने हवन यज्ञ में आहुति डाली और उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
  उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुए यज्ञ ब्रह्मा संतलाल दायमा आर्य ने पुष्पा देवी के जीवन और कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुष्पा देवी ने अपने जीवन में हमेशा सत्यनिष्ठा, कर्तव्यपरायणता और सदाचार का पालन किया, जो अपने आप में एक मिसाल है। उन्होंने नारी सशक्तिकरण, सामाजिक भाईचारा, शिक्षा प्रसार तथा सामाजिक धार्मिक कार्यों में बढ़ चढ़कर भाग लिया तथा दान दिया। इससे सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
समाजवादी चिंतक रविन्द्र यादव ने पुष्पा देवी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें महान शिक्षाविद् बताया और कहा कि उनके द्वारा जलाई गई शिक्षा की ज्योति सदैव इलाके का पथ प्रदर्शन करती रहेगी। धनौन्दा के हिन्दी प्रवक्ता आचार्य आशुतोष शास्त्री ने पुष्पा देवी के कार्यों पर प्रकाश डाला और कहा कि पुष्पा देवी विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य धारण करने वाली महान महिला थी। सब को उनसे प्रेरणा लेते हुए कठिन हालातों का भी धैर्य से सामना करना चाहिए। प्रमुख समाजसेवी अतरलाल एडवोकेट ने कहा कि स्वर्गीय पुष्पा देवी का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। वह सादा जीवन उच्च विचार को अपने जीवन में अपनाने वाली महान देवी थी। वे सत्य और शील की प्रतिमूर्ति थी। अतरलाल ने उपस्थित सभी जनों से उनके जीवन और आदर्शों पर चलने की अपील की।
वरिष्ठ एलआईसी अधिकारी प्रहलाद सिंह ने पुष्पा देवी को संकल्प शक्ति का प्रतिमान बताते हुए उपस्थित सभी विद्यार्थियों से पुष्पा देवी के व्यक्तित्व व कृतित्व से प्रेरणा लेने की अपील की। प्रोफेसर नवीन जांगड़ा ने उपस्थित जनसमुदाय से पुष्पा देवी के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर प्रमुख समाजसेवी नेताजी अतरलाल, संतलाल आर्य, रविन्द्र यादव, डॉ. सतेन्द्र सिंह, डा. सुभाष यादव, नरेन्द्र कौशिक, मुकेश यादव, प्रवीण शर्मा, नवीन कुमार, आशुतोश शास्त्री, प्रहलाद सिंह, पवन धनखड़, मनजीत गौड, अतरपाल, मुकेश तंवर, सतीश कुमार, परमजीत कौशिक, पूजा, पवित्रा, रेनू यादव सहित सैकड़ों विद्यार्थी, ग्रामीण और गणमान्यजन उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05:धनौंदा में परमार्थ दिवस मनाजते हुए










सरकारी स्कूलों में नामांकन के लिए चलाया विशेष अभियान
-घर घर जाकर अभिभावकों को किया गया प्रेरित
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कनीना की आवाज। सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए चलाए गए विशेष नामांकन अभियान के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेवल के अध्यापकों ने घर-घर जाकर अभिभावकों को अपने बच्चों का प्रवेश सरकारी विद्यालय में करवाने के लिए प्रेरित किया। यह कार्यक्रम 23 मार्च से चलाया जा रहा है।
 विद्यालय प्राचार्य प्यारेलाल कटारिया  के मार्गदर्शन में प्रवक्ता गजराज सिंह, विक्रांत सैन, दीपक शर्मा, नीलम यादव व इंदु बाला की टीम ने बेवल गांव के घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क किया। प्राध्यापकों की टीम ने अभिभावकों को सरकारी स्कूल में मिलने वाली सुविधाएं निशुल्क पाठ्य पुस्तक,  मिड डे मील और छात्रवृत्ति के बारे में जानकारी दी। उनके अलावा विद्यालय में मिलने वाली आधुनिक सुविधाओं जैसे कंप्यूटर लैब, स्मार्ट बोर्ड, बायोलाजी लैब, फिजिक्स लैब, केमिस्ट्री लैब के बारे में बताया व अभिभावकों से अनुरोध किया कि बच्चों को का नामांकन विद्यालय में बढ़ाएं। विद्यालय में आर्ट कामर्स एम साइंस के योग्य अध्यापकों द्वारा बच्चों को अच्छी शिक्षा दी जाती है।
फोटो कैप्शन 03: नामांकन के लिए बेवल में चलाया गया अभियान

Friday, March 27, 2026



 




कनीना नगर पालिका के सभी वार्डों की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन
-आम जनता विभिन्न स्थानों जाकर मतदाता सूची का निशुल्क कर सकती है निरीक्षण
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कनीना की आवाज।
उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने आज कनीना नगर पालिका के सभी वार्डों की मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन कर दिया है।
डीसी ने बताया कि इन मतदाता सूचियों की प्रतियां आम जनता के निरीक्षण के लिए विभिन्न स्थानों पर निशुल्क उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने बताया कि  उपायुक्त कार्यालय नारनौल, एसडीएम कार्यालय कनीना, नगर पालिका कार्यालय कनीना व तहसील कार्यालय कनीना में जाकर निशुल्क मतदाता सूची देख सकते हैं।



राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना का प्रवेश उत्सव अभियान दूसरे दिन भी जारी
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कनीना की आवाज।
शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय  कनीना द्वारा नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शुरू किया गया विशेष प्रवेश उत्सव अभियान आज दूसरे दिन भी उत्साहपूर्वक जारी रहा। विद्यालय के प्राचार्य सुनील खुडानिया के कुशल नेतृत्व में शिक्षकों की विशेष टीमों ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों और मोहल्लों में जनसंपर्क कर अभिभावकों को सरकारी स्कूल की आधुनिक सुविधाओं और उपलब्धियों से अवगत कराया।
अभियान के दूसरे दिन शिक्षकों की टीम, जिनमें नरेश कुमार, नितिन मुद्गिल, बलदीप यादव, मुंशी राम, कमल सिंह और रविंद्र जाखड़ शामिल रहे, ने घर-घर जाकर ग्रामीणों से मुलाकात की। टीम ने अभिभावकों को बताया कि किस प्रकार मॉडल संस्कृति स्कूल कनीना निजी स्कूलों के मुकाबले बेहतर संसाधन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नि:शुल्क या न्यूनतम शुल्क पर प्रदान कर रहा है।
प्रचार के दौरान विद्यालय की हालिया सफलताओं को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। प्राचार्य सुनील खुडानिया ने बताया कि:
 विद्यालय ने क्षेत्र में एक अनूठा कीर्तिमान स्थापित किया है। यह इलाके का एकमात्र ऐसा स्कूल है जिसके विद्यार्थियों का चयन लगातार तीसरे वर्ष इंस्पायर अवार्ड के लिए हुआ है।
विद्यालय का बोर्ड परीक्षा परिणाम प्रतिवर्ष शत-प्रतिशत रहता है और छात्र मेरिट सूची में स्थान प्राप्त कर रहे हैं। स्कूल के मार्गदर्शन में पढऩे वाले अनेक विद्यार्थियों ने हाल ही में विभिन्न सरकारी नौकरियों में चयन पाकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। पढ़ाई के साथ-साथ ब्लाक और जिला स्तर की खेलकूद व सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भी विद्यालय के छात्रों ने विभिन्न प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
शिक्षकों ने अभिभावकों को आश्वस्त किया कि मॉडल संस्कृति स्कूल कनीना क्षेत्र का इकलौता ऐसा संस्थान है जो डिजिटल क्लासरूम, सुसज्जित प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय और अनुभवी स्टाफ जैसी सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं एक ही छत के नीचे प्रदान कर रहा है। प्राचार्य सुनील खुडानिया ने क्षेत्र के अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के सर्वांगीण विकास और उज्ज्वल भविष्य के लिए जल्द से जल्द विद्यालय में प्रवेश दिलाएं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल साक्षरता नहीं, बल्कि संस्कारयुक्त और रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करना है।
फोटो केप्शन 12: प्रवेश के लिए सरकारी स्कूल शिक्षक डोर टू डोर जाते हुए



गिरिराजजी सबकी मनोकामना पूर्ण करने वाले हैं:अक्षित
-ब्रज रसामृत कथा में राम जन्म प्रसंग व गिरिराज महिमा का भावपूर्ण वर्णन
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कनीना की आवाज।
 उप मंडल के गांव खेड़ी तलवाना में आयोजित 9 दिवसीय ब्रज उत्सव के अंतर्गत चल रही ब्रज रसामृत कथा के द्वितीय दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा के प्रारंभ में मथुरा से पधारे पूज्य अक्षित लाडली शरण महाराज ने भगवान राम की वंदना की और राम नवमी के उपलक्ष्य में श्रीराम जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन कर भक्तों को भावविभोर कर दिया। इसके उपरांत महाराज ने गिरिराज की महिमा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि ठाकुर जी के अनेक स्वरूप सिंहासन पर विराजमान होते हैं, लेकिन गिरिराज जी ही ऐसे हैं जो ब्रज की पावन धरा पर विराजते हैं। वे बिना किसी भेदभाव के सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और सभी को समान भाव से दर्शन देते हैं। उन्होंने बताया कि गिरिराज की परिक्रमा मात्र से जीवन के कष्ट दूर हो जाते हैं।
कार्यक्रम के आयोजक दास मोहित कौशिक महाराज ने कहा कि यदि श्रद्धालु एकाग्रचित होकर कथा श्रवण करें तो श्रीजी स्वयं उनके हृदय में प्रकट होते हैं। भक्ति को दृढ़ बनाने के लिए विश्वास को सबसे मजबूत आधार बताया गया। इस अवसर पर गांव खेड़ी के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05: अक्षित महाराज कथा सुनाते हुए




किसान जुट गए जोर शोर से गेहूं की लावणी में
-मजदूरों का है अभाव गर्मी बढ़ी
-हो सके तो अभी दो-तीन दिन रोके लावणी-डा. अजय
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र का किसान गेहूं की लावणी में लग गया है। लावणी तेजी से आ गई है। जहां किसान अभी सरसों की लावणी करके पैदावार ले रहा था तुरंत गेहूं की लावणी भी आ गई है। एक और जहां गर्मी बढ़ गई है वही लावणी जैसे कृषि कार्यों की अधिकता के चलते किसान परेशान नजर आ रहा है। क्योंकि लावणी तो आ गई है किंतु मजदूर अपने गृह जिलों में जा चुके हैं। बहुत कम मजदूर उपलब्ध हैं। उल्लेखनीय है कि होली के पर्व पर सरसों की लावणी आ गई थी और लावणी करने के लिए मजदूर अपने गृहक्षेत्रों से कम आ पाये। अधिकांश मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान एवं नेपाल आदि से आते हैं। मजदूर न मिलना किसानों के लिए समस्या बन गया है। यहां उल्लेखनीय की किसान स्वयं लावणी नहीं करता अधिकांश कार्य मजदूरों से करवाता है। यही कारण है कि आज के दिन अपने काम स्वयं करने को मजबूर हो रहा है। क्योंकि किसान लावणी करने के लिए कंवाइन हार्वेस्ट मशीन आ जाने से थोड़ी बहुत राहत जरूर मिली है। किसान मशीनों से लावणी करवाने में जुट गया है ताकि मजदूरों का अभाव न खले। किसान सूबे सिंह, राजेंद्र कुमार, कृष्ण कुमार, योगेश कुमार आदि ने बताया कि इस बार बंपर गेहूं की पैदावार होनी थी किंतु विगत दिनों अचानक गर्मी पडऩे एवं मौसम की मार के चलते पैदावार कम आने की संभावना है। किसानों का मानना है कि इस बार करीब 45 से 48 मण प्रति एकड़ पैदावार होने का अंदेशा है।
किसानों ने बताया कि सरसों एवं गेहूं की लावणी एक साथ चल रही है जिसके कारण भी समस्या बढ़ गई है। किसान अब परेशान है कि लावणी कैसे की जाए। आए दिन मौसम बदल रहा है। गुरुवार की रात को भी तेज अंधड़ एवं बूंदाबांदी हुई थी। किसान सहमे हुए लावणी के कार्य में जुटे हुए हैं। अंधड़ के कारण खेतों में ही गेहूं के बिखरने की संभावना बन गई है। बहरहाल बहुत से किसान तो मजदूर को ढूंढ रहे हैं, वहीं मजदूर ढूंढे भी नहीं मिल रहे हैं। इस बार विगत वर्ष की तुलना में कम क्षेत्रफल पर गेहूं उगाया है। करीब 9,000 हेक्टेयर पर गेहूं उगाया गया है जिसकी पैदावार लेने में किसान जुट गया है। चूंकि एक दम ही गेहूं की संपूर्ण फसल लावणी आ गई है जिससे किसान परेशान है।
क्या कहते हैं एसडीओ कृषि-
डा. अजय यादव एसडीओ कृषि ने बताया कि हो सके तो किसानों को लावणी दो तीन दिनों के लिए रोक देनी चाहिए चूंकि मौसम बिगडऩे की संभावना जताई जा रही है। चूंकि गेहूं को काटकर इकट्ठा डाला जाता है तो वर्षा से नुकसान का अंदेशा बन जाता है।
 फोटो कैप्शन 10 व 11: गेहूं की लावणी करते हुए किसान
 साथ में एसडीओ कृषि डा. अजय यादव





 नहर के खुले होल में गिरा नील गाय का बच्चा
-कड़ी मशक्कत के बाद निकाला बाहर
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कनीना की आवाज।
भूमिगत नहर के खुले होल में नील गाय का एक बच्चा कान्ह सिंह पार्क नजदीक सिरसवाला जोहड़ गिर गया। भूमिगत पाइप में करीब एक किमी तक कभी इधर तो कभी उधर घूमता रहा। कनीना के लोग इसे बचाने के प्रयास में लगे रहे। आखिरकार रेवाड़ी रोड़ के पास एक होल में कनीना के लोग घुसे और करीब दो घंटों तक अथक प्रयासों के चलते इसे घायल अवस्था में निकाल लिया। घायल का प्राथमिक उपचार करके जंगल में छोड़ दिया गया।
  मिली जानकारी अनुसार कनीना कान्ह सिंह पार्क के सुबह लगभग 10 बजे नहर के खुले होल में नील गाय का बच्चा गिर गया। जिसे गिरते हुए वहां पर बैठे लोगों ने देख लिया। उसके बाद उन्होंने बाहर निकालने के लिए भरपूर कोशिश की । लेकिन नहीं निकाल पाए। कुछ समय बाद हरेंद्र सहित कुछ लोग जमा हो गये। उन्होंने लोगों के साथ मिलकर बाहर निकालने का भरसक प्रयास किया। अंत में 4 घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को  घायल अवस्था में एक किमी दूर नहर के दूसरे होल से बाहर निकाला गया।
 बचाव दल बताया कि अक्सर नहर का ढक्कन जगह जगह पर खुला पड़ा रहता है। वहां पर न तो कोई ताला है और ना ही उसे जीवों के गिरने से सुरक्षित किया हुआ है। इस से  कोई भी दुर्घटना हो सकती है।
  उल्लेखनीय है कि अटेली सड़क मार्ग से रेवाड़ी सड़क मार्ग के बीच कनीना मंडी से गुजरने वाली रामपुरी डिस्ट्रीब्यूट्री को भूमिगत किया हुआ है। चौड़े पाइप भूमि के नीचे दबा रखे हैं। कान्ह सिंह पार्क के पास गिरा नील गाय का बच्चा पाइप से चलता हुआ करीब एक किमी दूर रेवाड़ी रोड़ के पास चला गया। बचाव दल के लोग भी पीछे पीछे चलते रहे। खुले होल से बचाव दल ने उसे पकड़कर रस्सों की सहायता से बाहर निकाला। उल्लेखनीय है कि नहर में इस समय पानी नहीं आ रहा है जिससे नहर के चौड़े भूमिगत पाइप से बचाव दल नील गाय के बच्चे को हांकते हुए दूसरे खुले होल तक ले गया जहां से उसे निकाला गया।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से खुले हुए ढक्कनों को बंद करने की मांग की है ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना न हो सके। इस मौके पर समाज सेवी हरेंद्र शर्मा,मोंटी ,नरेंद्र, कपिल,
राकेश कुमार, दीपक ,राहुल,जानू, अमित इत्यादि मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 07: नील गाय का निकाला बच्चा
             08: नील गाय के बच्चे को निकालते हुए
             06: भूमिगत नहर का खुला होल



शराब ठेके पर डकैती के मामले में 2 ओर आरोपी गिरफ्तार
- रिमांड पर लिया
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कनीना की आवाज।
सीआईए महेंद्रगढ़ की टीम ने कनीना सदर थाना क्षेत्र के बाघोत गांव में एक शराब ठेके पर हुई डकैती के मामले में संलिप्त दो ओर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनकी पहचान विनोद वासी कुगाई, झज्जर और युवराज वासी रोहतक के रूप में हुई है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनका रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों सोमबीर निवासी सिवाना बेरी झज्जर और अंकित निवासी कुगाई झज्जर को पहले गिरफ्तार किया गया था।
दिनांक 1/2 मार्च की मध्यरात्रि लगभग 1:30 से 2 बजे के बीच, 3-4 अज्ञात बदमाशों ने बाघोत गांव में बहु रोड़ स्थित शराब के ठेके पर मौजूद सेल्समैन को बंधक बना लिया और ठेकेदार को भविष्य में ठेका न चलाने तथा जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वे ठेके से अंग्रेजी शराब, बीयर और देसी शराब एक अज्ञात गाड़ी में लादकर ले गए थे। साथ ही, वे गल्ले में रखी नकदी और सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर भी उखाड़ ले गए थे। इस संबंध में सुनील कुमार की शिकायत पर थाना सदर कनीना में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।





वर्षों से बंद पड़ी डीएवी अकादमी हो शुरू-हरेंद्र
-विभिन्न जन समुदाय उठा रहे हैं यह मांग
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कनीना की आवाज।
कनीना की बेशकीमती 58 एकड़ पर बनाई गई संस्था जो वर्तमान में बंद पड़ी है उसे पुन: शुरू करवाने की मांग बलवती हो रही है। बच्चों के भविष्य का सपना लेकर डीएवी  संस्थान को 99 साल के लीज पर दी गई थी। संस्था विगत लगभग 10 सालों से वीरान पड़ी है। जहां कभी बच्चों की पढ़ाई, युवाओं का भविष्य और समाज का विकास होना था, वहां आज सन्नाटा और लापरवाही का राज है।
प्रमुख समाजसेवी हरेंद्र शर्मा ने इस गंभीर मुद्दे को कई बार नगरपालिका चेयरपर्सन, जिला उपायुक्त और एसडीएम तक पहुंचाया लेकिन अफसोस, अब तक सिर्फ आश्वासन मिले, समाधान नहीं। यह कहना है समाजसेवी हरेंद्र शर्मा का।
उन्होंने बताया कि बंद डीएवी की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि असामाजिक तत्वों ने इस जमीन पर कब्जा जमा लिया है। हालत ये है कि कनीना के ही नौजवान, जो सुबह-शाम व्यायाम करने जाते हैं, उन्हें अंदर जाने तक नहीं दिया जाता।
हरेंद्र शर्मा का कहना है कि इस संस्थान को या तो पुन: चलाया जाए या फिर किसी अन्य उद्देश्य के लिए प्रयोग की जाए ताकि इस जमीन का सही उपयोग हो सके। यहां उच्च स्तरीय शिक्षा संस्थान खुले, और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें।
फोटो कैप्शन 06: बंद डीएवी को दिखाते हुए हरेंद्र एवं अन्य




एक दिवसीय एनएसएस शिविर संपन्न
--कालेज में चलाया स्वच्छता अभियान
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कनीना की आवाज।
पीकेएस राजकीय महाविद्यालय कनीना में राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डा. अजय प्रकाश और डा. आशा ने बताया कि महाविद्यालय में स्वच्छता अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना के सौजन्य से एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाइयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का प्रारंभ सबसे पहले विद्यार्थियों को महाविद्यालय के प्रांगण में एकत्रित किया गया ।
 प्राचार्य डा. विनोद कुमार ने  विद्यार्थियों को स्वच्छता और सफाई का विशेष संदेश दिया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से विद्यार्थी सामाजिक, मानसिक और पर्यावरण प्रदूषण  दूर कर सकते हैं। उसके बाद राष्ट्रीय सेवा योजना के पूर्व कार्यक्रम अधिकारी संदीप कुमार ककरालिया  विद्यार्थियों को विशेष व्याख्यान दिया और विद्यार्थियों को कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना एक ऐसा कार्यक्रम है जिसमें विद्यार्थी -मैं नहीं आप- विचारधारा पर चलते। विद्यार्थी नियमित रूप से  अपने महाविद्यालय परिसर को स्वच्छ बनाएं बल्कि अपने गांव समाज परिवार इत्यादि को भी स्वच्छ बनाने में सहयोग करें।
इसके बाद विद्यार्थियों के 10 ग्रुप बनाए गए प्रत्येक ग्रुप को महाविद्यालय के निर्धारित स्थान पर सफाई का निर्देश दिया गया और विद्यार्थियों ने इसे स्वच्छ भारत  अभियान के अंतर्गत महाविद्यालय परिसर के वातावरण को बहुत ही सुंदर और मनमोहन बनाया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों का सहयोग डा. प्रदीप, डा. नीलम, डा. प्रीति, डा. ज्योति ,डा. जय भारती, डा. माया और अन्य प्राध्यापकों ने किया।
फोटो कैप्शन 01: एनएसएस की जानकारी देते हुए प्राचार्य





कंजकों को कराया गया भोजन,  दूर दराज से ढूंढकर लाई गई बच्चियां
-नवरात्रों का हुआ समापन
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कनीना की आवाज।
 दुर्गा सप्तमी से ही कंजकों को भोजन कराकर उन्हें दान पुण्य करने का सिलसिला जारी था जो रामनवमी शुक्रवार को संपन्न हो गया। दिनभर कंजकों को भोजन कराया गया तथा दान पुण्य किया। एक ही बच्ची को दर्जनों घरों में खाना खाना पड़ा। दोपहर तक कंजकों को भोजन कराने का सिलसिला जारी रहा। विगत दो दिनों से भोजन कराने का सिलसिला जारी रहा। रामनवमी भी दो दिनों तक मनाई गई। गुरुवार को सरकारी स्कूलों का अवकाश भी रहा जबकि बहुत से लोगों ने शुक्रवार को रामनवमी मनाई। जगह जगह कढ़ाई की गई।
 यही नहीं अपितु कुत्तों एवं कौवों ने भी जी भर के भोजन किया। बच्चियोंं की कद्र साल में दो बार आने वाले नवरात्रों पर देखी जाती है। दूसरे प्रांतों से आयी बच्चियों को भी खाना खिलाया गया।
 राम नवमी शुक्रवार को संपन्न हो गया। वैसे तो कंजकों की कमी रही वहीं उन्हें जबरन खाना खाना पड़ा। इस दिन ही बच्चियों की मांग रहती है।
  नवरात्रों के नवें एवं अंतिम दिन मंदिरों में पूजा अर्चना का जोर रहा वहीं मां की कढ़ाई की गई। विभिन्न मंदिरों में रौनक देखने को मिली।  विभिन्न स्थानों पर हवन, कढ़ाई, भजन एवं सत्संग हुये। नवरात्रों के अंतिम दिन तो कन्याओं को घुमंतू जाति की बस्ती से लाया गया और खाना खिलाने की औपचारिकताएं पूर्ण की गई। कहीं हलवा पूड़ी तो कहीं फास्ट फूड खिलाए गए।
  एक एक कंजक को कई कई जगह खाना पड़ता है। बेचारे कंजक मीठा हलवा पूड़ी, खा खाकर, तंग आ चुके होते हैं और वे फास्ट फूड खाने की चाहत रखते हैं। अब तो लोग फास्ट फूड  खिलो लगे हैं जिनको वे खाकर कंजक प्रसन्न रहते हैं। यहां तक कि उनको भेंट में मिले पैसों से भी वे फास्ट फूड अधिक खाते हैं। अब तो घर घर में फास्ट फूड खिलाने का प्रचलन बढ़ गया है।
क्या कहते हैं भक्त-
माता के नवरात्रे करने वाले नरेश कुमार, बबीता, आशा, अनीता देवी, शकुंतला, नीलम, अनीता आदि ने बता















या कि नवरात्रों में नौ दिनों तक पूजा करने के बाद व्रत खोला है।
फोटो कैप्शन 02: कंजकों को भोजन कराते हुए।
             03: नवरात्रों के समापन पर कढ़ाई का प्रसाद खिलाते





ब्रह्मचारी कृष्णानंद धाम में नवरात्रि के समापन पर मिनी गौशाला का हुआ शुभारंभ
--भंडारा भी आयोजित
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कनीना की आवाज।
नवरात्रों के समापन के उपलक्ष्य पर धनौंदा में एक विशाल यज्ञ का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न राज्यों दिल्ली राजस्थान,  गुजरात के अलावा अन्य प्रदेशों के हजारों लोगों ने पहुंचकर यज्ञ में आहुति डाली।
इस अवसर पर ब्रह्मचारी शिवानंद महाराज ने भ कहा कि आज का दिन बहुत ही शुभ दिन है और हम पिछले 9 दिन से माता के नवरात्रे कर जो पूजा अर्चना कर रहे थे उसका आज समापन हो गया है। जीवन में विभिन्न प्रकार के अवगुणों को दूर करने के लिए एक प्रतिज्ञा करनी चाहिए और माता, बहन और बेटियों की रक्षा कर उनका सम्मान करना चाहिए। तभी जाकर हम माता की सच्ची आराधना कर सकते हैं।
कृष्णानंद धाम पर मिनी गौशाला का विधिवत रूप से उद्घाटन किया। स्वामी ने कहा गौ-माता किसी एक कि नहीं बल्कि विश्व की माता है। इसकी पूजा करने से सभी देवी देवता खुश होते हैं।  प्रत्येक घर में गौ माता को रखना चाहिए और उसकी पूजा करनी चाहिए। जो गौ माता की पूजा करता है उसे किसी और देवता की पूजा करने की आवश्यकता नहीं है। गौ-माता की पूजा भगवान गोविंद की सच्ची पूजा है। इस मौके पर लोगों के साथ मिलकर मिनी गौशाला का शुभारंभ किया। यह एक दिन इस क्षेत्र की सबसे बड़ी गौशाला बनेगी और यहां गायों की सेवा ही नहीं बल्कि गायों की पूजा भी की जाएगी। स्वामी जी ने गौशाला का शुभारंभ करने के उपरांत गौ माता की पूजा की।
 इस अवसर पर भाजपा नेता आनंद सिंघल दिल्ली, भाजपा नेत्री ज्योति सिंगल, डा. वृद्धि चौधरी, वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज दहिया, नरेंद्र शास्त्री, ठाकुर कर्मवीर सिंह, महावीर पहलवान, विजय कुमार आर्य, योगेंद्र शर्मा, दीपांशु तवर, सत्येंद्र यादव ,योगेश कुमार, फतेहचंद दायमा,   नरेंद्र कुमार ,चौधरी बलबीर सिंह, महेश हलवाई, रिंकू शर्मा, मनदीप जाखड़, सिंटू तंवर, संजय शर्मा झाड़ली, राहुल तंवर ,योगेश कुमार, विनय चौहान के अलावा ने अन्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04: शिवानंद महाराज धनौंदा में गौशाला का उद्घाटन करते हुए।


Thursday, March 26, 2026



 




डोर-टू-डोर नशा मुक्त अभियान: गागड़वास में युवाओं को नशे के खिलाफ किया गया जागरूक, नए आपराधिक कानूनों की भी दी गई जानकारी।
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कनीना की आवाज।
जिले में चलाए जा रहे डोर-टू-डोर नशा मुक्त अभियान के तहत गठित टीम द्वारा गांव गागड़वास का दौरा कर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गांव के शिव मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में सभी वर्गों के लोगों ने हिस्सा लिया, जहां मुख्य रूप से समाज को नशामुक्त बनाने पर गहन चर्चा की गई। अभियान के दौरान टीम ने विशेष रूप से युवा वर्ग से सीधा संवाद किया और उन्हें नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से अवगत कराते हुए इस बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए निरीक्षक शारदा और उनकी टीम ने बताया कि जो भी नशा पीडि़त व्यक्ति स्वेच्छा से नशा छोडऩा चाहता है, पुलिस द्वारा उसकी हर संभव मदद की जाएगी। इस दौरान ग्रामीणों को मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 के बारे में भी जागरूक किया गया।
नशा मुक्ति के साथ-साथ इस अवसर पर ग्रामीणों को नए आपराधिक कानूनों— भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों और बदलावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में गांव के सरपंच अजय सहित कई गणमान्य व्यक्ति और ग्रामीण उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 09: संबंधित है




कुतरूं प्राचार्य के कारनामों की 18वीं कड़ी पढ़े 28 को
-कुतरूं को चमचों पर रहा भरोसा, कानों का रहा कच्चा







राताकलां से मानपुरा तक कृष्णावती नदी को रिचार्ज के लिए किया जाएगा विकसित
-सरकार ने 2.71 लाख रुपये की राशि की मंज़ूर-सीताराम यादव
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कनीना की आवाज।
अटेली-कनीना क्षेत्र में गिरते भूजल स्तर को सुधारने के उद्देश्य से कृष्णावती नदी के माध्यम से रिचार्ज की एक महत्वपूर्ण योजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। राताकलां से मानपुरा तक नदी के विकास और जल संचयन के लिए हरियाणा सरकार ने 2.71 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है।
पूर्व विधायक सीताराम यादव ने बताया कि इस योजना पर पिछले दो वर्षों से निरंतर कार्य चल रहा था और अब इसे तेजी से पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए पूर्व कार्यकाल में तत्कालीन सिंचाई राज्यमंत्री डा. अभय सिंह यादव के माध्यम से दो बड़ी पाइपलाइन स्वीकृत करवाई गई थी।
इनमें से एक पाइपलाइन भालखी से राताकलां के पास कृष्णावती नदी में मिलती है, जबकि दूसरी सुर्जनवास खेड़ा से मानपुरा के पास आकर जुड़ती है। इसके अलावा महासर गांव से एक अतिरिक्त वाटर चैनल भी तैयार किया गया है, जो ओवरफ्लो पानी को राताकलां के पास नदी में पहुंचाएगा। इन तीनों स्रोतों से पर्याप्त मात्रा में पानी नदी में आएगा, लेकिन वर्तमान में नदी की क्षमता इस पानी को समाहित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
इसी को ध्यान में रखते हुए नदी की खुदाई कर उसकी जल धारण क्षमता बढ़ाई जाएगी। साथ ही विभिन्न स्थानों पर जल भंडारण संरचनाएं विकसित की जाएंगी और पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए अवरोधकों (चेक डैम) का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त नदी के मार्ग में आने वाले रास्तों को सुगम बनाने के लिए आवश्यक पुलिया एवं पार मार्ग भी बनाए जाएंगे।
पूर्व विधायक ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से आसपास के कई दर्जन गांवों के भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही जिन पंचायतों द्वारा भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी, वहां बड़े जोहड़ों का निर्माण कर रिचार्ज प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने हरियाणा सरकार की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में जल संरक्षण और प्रबंधन को लेकर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी सहित सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह योजना क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
 फोटो कैप्शन: सीताराम पूर्व विधायक





श्रीराम शिव सनातन धर्म सभा में हुआ भव्य कार्यक्रम

-- निकाली कलश यात्रा।
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव गुढ़ा गांव में राम नवमी के दिन कलश यात्रा निकाली गई।यह कलश यात्रा पूरे गांव से होती हुई राम मंदिर पहुंची। उसके बाद मंदिर में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि  महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव जी महाराज उपस्थित थे। इसके अलावा विशिष्ठ अतिथि वि_ल गिरी महाराज और स्वामी कैलाश दास महाराज भी मंदिर में पहुंचे। कलश यात्रा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया । और श्री राम के जय घोष करते हुए गांव के चक्कर लगाएं इसके साथ महिलाएं भी कलश लिए हुए श्रीराम की भक्ति में लीन होती दिखी। कलश यात्रा के दौरान मंदिर समिति की तरफ से  भक्तों पर पुष्प वर्षा की गई। जानकारी देते हुए कैलाश बिरला ने बताया कि कलश यात्रा के बाद 27 मार्च को  प्रात: काल में मूर्ति स्थापना की जाएगी उसके बाद हवन का आयोजन किया जाएगा और अंत में भंडारे का आयोजन के साथ समापन किया जाएगा।
उधर गुढ़ा गांव में आयोजित सम्मान समारोह में आश्रम हरि मंदिर पटौदी जिला गुरूग्राम के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी धर्मदेव और महंत लक्ष्मण गिरी गौशाला बूचावास जिला महेन्द्रगढ़ के महंत स्वामी वि_ल गिरी को राष्ट्र गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया। उन्हें यह अवार्ड उनके समाजसेवा, शिक्षा, चिकित्सा, पर्यावरण, युवा विकास, महिला सशक्तिकरण, साहित्य, कृषि, खेल, गौसेवा और सनातन धर्म मूल्यों के संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट व सराहनीय योगदान के लिए दिया गया है।
गांव गुढ़ा में आयोजित भव्य समारोह में  अतरलाल एडवोकेट ने स्वामी धर्मदेव व स्वामी वि_ल गिरी को शाल ओढ़ाकर तथा स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र भेंट कर राष्ट्र गौरव अवार्ड से सम्मानित किया। अतरलाल ने कहा कि स्वामी धर्मदेव व स्वामी वि_ल गिरी का जीवन समाज के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। दोनों संतों ने अपनी विचारों और कार्यों से पूरे समाज को एक नई दिशा प्रदान करने का कार्य किया है। उन्हें सनातन धर्म और संस्कृति का आधुनिक संरक्षक बताते हुए अतरलाल ने कहा कि एक महान ज्ञानयोगी और कर्मयोगी के रूप में गौ सेवा, शिक्षा और प्राचीन संस्कृति के संरक्षण के लिए उनका योगदान चिर स्मरणीय रहेगा। इस अवसर पर श्रीराम शिव सनातन धर्म सभा गुढ़ा के तत्वावधान में मंदिर में श्रीगणेश, रामदरबार, शिव परिवार, राधा कृश्ण, मां दुर्गा तथा हनुमान जी की मूर्तियों की स्थापना भी की गई एवं भव्य कलश यात्रा तथा भंडारे का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर पूर्णचंद बिड़ला, रतन सिंह चेयरमैन, राजेन्द्र सिंह नम्बरदार, पूर्णचंद मक्कड़, धर्मपाल दीक्षित, सरपंच विरेन्द्र दीक्षित प्रधान  रवि छाबड़ा, नेब राज बिरला,नवनीत बिरला ,पूरण बिरला, साहिल छाबड़ा ,नरेंद्र गेरा आदि मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 07: कलश यात्रा निकालते हुए
          08: उपस्थित महामंडलेश्वर एवं अन्य







 कपूरी में शराब ठेके की आड़ में चल रहे अवैध धंधे का भंडाफोड़,
--भारी मात्रा में शराब बरामद
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री पर कड़ा प्रहार करते हुए महेंद्रगढ़ पुलिस की सीआईए महेंद्रगढ़ की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। दिनांक 25 मार्च की रात थाना सदर कनीना के अंतर्गत आने वाले गांव कपूरी में की गई इस छापेमारी में, एक वैध शराब ठेके के बिल्कुल बगल में अवैध रूप से संचालित हो रहे शराब के जखीरे का पर्दाफाश किया गया है। गुप्त सूचना के आधार पर सीआईए महेंद्रगढ़ और एक्साइज विभाग द्वारा यह कार्रवाई की गई, जिसमें ठेके के सेल्समैन को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में देशी, अंग्रेजी शराब और बीयर बरामद की गई है।
सीआईए महेंद्रगढ़ की टीम को यह गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि कपूरी गांव स्थित शराब ठेके का सेल्समैन मोहित निवासी कपूरी, ठेके के ठीक बराबर में बने एक लोहे के टीन शेड (खोखे) में अवैध रूप से शराब का भंडारण कर रहा है और ठेके की आड़ में उसे बेच रहा है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सीआईए की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सेल्समैन मोहित को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की, तो उसने टीन शेड का ताला खोल दिया। शेड के अंदर शराब की पेटियों का बड़ा भंडार देखकर पुलिस ने तुरंत एक्साइज विभाग को टीम को मौके पर बुलाया।
संयुक्त टीम द्वारा शेड में रखी गई शराब की जांच करने पर यह स्पष्ट हो गया कि यह पूरा स्टॉक अवैध है और इसका ठेके के आधिकारिक रिकॉर्ड से कोई संबंध नहीं है। इस दौरान टीम ने कुल 115 पेटियों से अधिक अवैध शराब बरामद की। इस विशाल खेप में देशी शराब, अंग्रेजी शराब और बीयर की भी कई पेटियां जब्त की गई हैं। जो यह शराब विभिन्न जिलों से लाकर यहां टीन शेड में स्टॉक की हुई थी।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी सेल्समैन मोहित अपने कुछ पुराने साथियों के साथ मिलकर लाइसेंस वाले ठेके की आड़ में इस अवैध शराब के कारोबार को चला रहा था। थाना सदर कनीना में आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।





एक ही आदेश परंतु अलग-अलग नियम
- हरियाणा में आहरण एवं वितरण अधिकारी की नियुक्ति पर उठे गंभीर सवाल
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कनीना की आवाज।
हरियाणा सरकार के वित्त विभाग द्वारा जारी स्पष्ट निर्देशों के बावजूद प्रदेश के विभिन्न जिलों में उनके पालन में व्यापक असमानता देखने को मिल रही है। 07 अप्रैल 2025 को जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि उच्च वेतनमान वाले पदों का अतिरिक्त कार्यभार किसी भी स्थिति में निम्न वेतनमान वाले अधिकारी या कर्मचारी को नहीं सौंपा जा सकता। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति आदेश के विपरीत नजर आ रही है।
प्रदेश के अनेक सरकारी विद्यालयों में प्राध्यापक  एवं वरिष्ठ अध्यापक व कार्यरत कर्मचारियों को आहरण एवं वितरण अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। यह न केवल वित्त विभाग के निर्देशों की अवहेलना है, बल्कि प्रशासनिक संतुलन और जवाबदेही को भी प्रभावित करता है।
सूत्रों के अनुसार एक ही आदेश को प्रदेश के विभिन्न जिलों में अलग-अलग तरीके से लागू किया जा रहा है—
 जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 1 अप्रैल तक सभी विद्यालयों में आहरण एवं वितरण पावर समीपवर्ती प्राचार्य या मुख्याध्यापक को सौंपने के निर्देश जारी किए गए हैं।
सोनीपत मे पहले से ही डीडी पावर वरिष्ठ प्राध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक से लेकर नजदीकी प्राचार्यों या मुख्याध्यापकों को दी जा चुकी है।
महेंद्रगढ़ में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा हाल ही में खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक/प्राध्यापक को ही डीडी पावर देने को सुनिश्चित करने को कहा गया है। जबकि पलवल पानीपत जिले में यह शक्तियां समीपवर्ती विद्यालयों के प्राचार्य को हस्तांतरित की जा चुकी है
एक ही आदेश की भिन्न-भिन्न व्याख्या और क्रियान्वयन से प्रशासनिक एकरूपता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। शिक्षा एवं प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की असंगत व्यवस्था से कई गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं—
वित्तीय जवाबदेही प्रभावित हो सकती है
वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका कमजोर पड़ सकती है। भविष्य में ऑडिट आपत्तियां एवं प्रशासनिक विवाद बढ़ सकते हैं
वित्त विभाग के 07 अप्रैल 2025 के आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि—
उच्च वेतनमान वाले पदों का कार्यभार निम्न वेतनमान वाले कर्मचारी को नहीं दिया जाए
सभी विभागाध्यक्ष एवं जिला अधिकारी इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
इस मुद्दे को लेकर कर्मचारियों एवं विभिन्न संगठनों ने सरकार से मांग की है कि—
पूरे प्रदेश में एक समान नीति लागू की जाए
नियमों के उल्लंघन की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर भ्रम की स्थिति समाप्त की जाए।





नहीं फेंकना चाहिए उगाए हुए जौ/जवारा
-व्रत समापन दौरान प्रयोग करें-वैद्य
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कनीना की आवाज।
नवरात्रि शुक्रवार को संपन्न हो जाएंगे। नवरात्रों पर जहां जौ और गेहूं आदि उगाने की एक प्रथा है। करीब 9 दिनों में ये गेहूं और जौ बड़े हो जाते हैं जिन्हें पानी में बहा दिया जाता है। यद्यपि पानी में बहाने से जहां जल दूषित होता है वहीं अनेक विद्वान मानते हैं कि बहाने नहीं चाहिए। इनका उपयोग करना चाहिए। ये अनेक रोगों में काम आते हैं। लोग जवारे को कूड़े में डाल देते हैं या फिर गंदे पानी में बहा देते हैं जो नहीं बहाना चाहिए।
क्या कहते हैं वैद्य-
मांगेलाल शर्मा योगाचार्य जिन्होंने क्षेत्र में हजारों लोगों को अपनी योग एवं जड़ी बूटियों से ठीक किया है, का कहना है कि ये जौ तथा गेहूं  जब आठ दिन बाद काटे जाए तो इनसे जवारे रस प्राप्त किया जा सकता है। इसमें क्लोरोफिल आयोडीन, सेलेनियम, आयरन, विटामिन आदि अनेक पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के लिए लाभप्रद है। इसलिए नवरात्रि संपन्न किए जाए इन का ऊपरी भाग काट कर पानी में मिलाकर जरूर व्रत खोलना चाहिए जिससे शरीर लंबे समय तक स्वस्थ रहेगा। उनका कहना है कि जहां करीब 350 के करीब बीमारियां ठीक हो जाती है वही कैंसर में भी लाभप्रद है। दांतों से खून आना, दांतो की समस्या को दूर करने के लिए जवारे रस पी लेना चाहिए।
उधर श्रीकिशन वैद्य का कहना है कि जवारे रस पीने से लाभ होते हैं इसलिए इनमें बुढ़ापा रोकने, वजन घटाने में काम में लेते हैं वहीं रक्तचाप घटाने, हृदयघात की समस्या में जवारे रस लाभप्रद है। उनका कहना है कि नवरात्रों में जो- गेहूं और जौ बड़े हो जाते हैं उनका सेवन किया जा सकता है। इससे दोहरा लाभ होगा। एक तो घर में उगाए हुए जौ एवं गेहूं से जवारे रस तैयार हो सकता है वहीं इनको अनावश्यक रूप से पानी में फेंकने से प्रदूषण बढ़ता है। उन्होंने कहा कि कुछ भी नहीं तो यह जवारा गायों को खिला देना चाहिए किंतु गंदे नालों में नहीं डालना चाहिए।
 फोटो कैप्शन 05: नवरात्रों में घरों में पैदा जवारा
साथ में मांगेलाल शर्मा एवं श्रीकिशन वैद्य




कंजकों को कराया गया भोजन
-- शुक्रवार को भी कराया जाएगा भोजन
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कनीना की आवाज।
 दुर्गा अष्टमी पर कंजकों को भोजन कराया और उन्हें दान पुण्य किया। शुक्रवार को भी भोजन कराया जाएगा । दोपहर तक कंजकों को भोजन कराने का सिलसिला जारी रहा। यही नहीं अपितु कुत्तों एवं कौवों ने भी जी भर के भोजन किया। हरियाणा सरकार ने गुरुवार को ही राम नवमी करा अवकाश घोषित किया हुआ था। दो दिनों तक राम नवमी चलेगी।
बुधवार से कंजकों को भोजन कराने का सिलसिला जारी है। दुर्गा सप्तमी से सिलसिला शुरू हुआ था और नवमी शुक्रवार को भी जारी रहेगा। वैसे तो कंजकों की कमी रही वहीं उन्हें जबरन खाना खाना पड़ा।
  नवरात्रों के आठवें दिन मंदिरों में पूजा अर्चना का जोर रहा वहीं मां की कढ़ाई की गई। विभिन्न मंदिरों में रौनक देखने को मिली। शुक्रवार को क्षेत्र में नवरात्रे पूर्ण होने जा रहे हैं। विभिन्न स्थानों पर हवन, कढ़ाई, भजन एवं सत्संग होते रहे।
 इस हाइटेक युग में जहां खानपान में तीव्र गति से बदलाव आ रहा है वहीं नवरात्रों में कंजकों को खाना खिलाने में भी बदलाव आ गया है।  हाइटेक युग में जहां हलवा पुड़ी एवं शुद्ध देशी घी से बनी वस्तुओं से इंसान का मोह भंग हो रहा है। नवरात्रों पर कंजकों को भी अब फास्ट फूड भी खिलाये जाने लगे हैं। नवरात्रों के दिनों में फल एवं सब्जियां महंगी रही हैं।  केले से लेकर सेब तक महंगे हैं। इन चीजों की जरूरत हर घर में रहती है।
फल महंगे-
बाजार में सभी फल एवं सब्जियां महंगी चल रही हैं। रेहडिय़ों पर फल एवं सब्जियां सजी हुई हैं। नवरात्रों के बाद फिर से फल एवं सब्जियां सस्ती हो जाएंगी।
51 कन्याओं को कराया भोजन, हवन आयोजित-
संत मालडऩाथ आश्रम में 9 दिनों से चल रही मां दुर्गा के अखंड ज्योति का आज हवन करके विधि विधान से समापन किया गया। 51 कन्याओं को भोजन करवा कर दान दक्षिणा देकर कन्याओं का पूजन किया गया। मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मां दुर्गा का नवरात्रों का समापन पर हवन किया गया वहीं कन्याओं को भोजन करवा कर दान दक्षिणा दी गई।
महिलाओं ने जहां मां दुर्गा के भजन किये वहीं पर हवन में पांच जोड़ों से आहुति दिलाई गई। जिनमें प्रधान दिनेश यादव अपनी धर्मपत्नी मंजू देवी, नरेश यादव अपनी धर्मपत्नी सनेह लता देवी, शिवकुमार अपनी धर्मपत्नी, पवन कुमार अपनी धर्मपत्नी व अशोक डीपी अपनी धर्मपत्नी सहित ने पूर्ण आहुति दी।
 इस मौके पर राजेंद्र सिंह, बलबीर साहब, नरेश कुमार, शिव कुमार, प्रकाश साहब, लाल सिंह,  अरविंद कुमार, महेंद्र सिंह, सतबीर यादव, रमेश कुमार, मास्टर अनिल कुमार, सुरेंद्र सिंह अनेक महिलाएं विद्या देवी, सुमन देवी, कौशल्या देवी, लाली देवी, रामकला देवी, सावित्री देवी प्रमुख रही। पंडित प्रवेश शर्मा द्वारा हवन पूर्ण करवाया गया। सैकड़ों महिलाओं एवं पुरुषों ने हवन में आहुति देकर धर्म लाभ कमाया।
फोटो कैप्शन 02:कंजकों को भोजन कराते हुए।
            03: मोलडऩाथ आश्रम पर 51 कन्याओं को भोजन कराते हुए
         04: मोलडऩाथ आश्रम पर हवन करते हुए।

















मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जन्म दिन के रूप में मनाया जाता है-यादव
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कनीना की आवाज। राम नवमी एक हिंदू त्योहार है जो भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम के जन्म का उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
इस संबंध में लेखक एवं साहित्यकार डा. एचएस यादव का कहना है कि रामायण के अनुसार, भगवान राम का जन्म अयोध्या में राजा दशरथ और रानी कौशल्या के घर हुआ था। यह दिन हिंदू महीने चैत्र के नौवें दिन मनाया जाता है, जो इस बार 27 मार्च को पड़ रहा है। यह त्यौहार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को बुराई पर अच्छाई, धर्म की स्थापना और सत्य व मर्यादा के प्रतीक के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। क्योंकि चैत्र मास के शुक्ल पक्ष के प्रतिपदा से ही चैत्र नवरात्रि का त्यौहार शुरू होता है जो की लगातार 9 दिनों तक पूजा की जाती है। इन नौ दिनों में माता पार्वती के 9 रूपों की पूजा की जाती है। और रामनवमी पर्व के दिन नवरात्रि का पर्व समाप्त होता है। रामायण के मुख्य संस्करणों के अनुसार, भगवान राम की कोई पुत्री नहीं थी। उनके केवल दो पुत्र थे - लव और कुश।
डा. यादव के अनुसार कई भक्त राम नवमी पर कठोर उपवास रखते हैं और सूर्यास्त तक भोजन और पानी का त्याग करते हैं। ऐसा माना जाता है कि उपवास शरीर और मन को शुद्ध करता है, जिससे आध्यात्मिक उत्थान और आत्म-अनुशासन में सहायता मिलती है। हिन्दु धर्म शास्त्रों के अनुसार त्रेतायुग में रावण के अत्याचारों को समाप्त करने तथा धर्म की पुन: स्थापना के लिये भगवान विष्णु ने मृत्यु लोक में श्रीराम के रूप में अवतार लिया था। श्रीराम चन्द्र जी का जन्म चैत्र शुक्ल की नवमी के दिन रानी कौशल्या की कोख से, राजा दशरथ के घर में हुआ था।
डा. यादव बताते हैं कि रामायण के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ की तीन पत्नियां थीं लेकिन बहुत समय तक कोई भी राजा दशरथ को सन्तान का सुख नहीं दे पायी थीं जिससे राजा दशरथ बहुत परेशान रहते थे। पुत्र प्राप्ति के लिए राजा दशरथ को ऋषि वशिष्ठ ने पुत्रकामेष्टि यज्ञ कराने को विचार दिया।
यज्ञ के कुछ महीनों बाद ही तीनों रानियां गर्भवती हो गयीं। ठीक 9 महीनों बाद राजा दशरथ की सबसे बड़ी रानी कौशल्या ने श्रीराम को जो भगवान विष्णु के सातवें अवतार थे, कैकयी ने श्रीभरत को और सुमित्रा ने जुड़वा बच्चों श्रीलक्ष्मण और श्रीशत्रुघ्न को जन्म दिया। भगवान श्रीराम का जन्म धरती पर दुष्ट प्राणियों को सहार करने के लिए हुआ था।
डा. यादव का कहना है कि रामनवमी के त्यौहार के साथ ही मां दुर्गा के नवरात्रों का समापन भी होता है। हिन्दू धर्म में रामनवमी के दिन पूजा अर्चना की जाती है।
डा. यादव भातृ प्रेम का सुंदर उदाहरण देते हुए कहते हैं कि यह पर्व भारत में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। रामनवमी के दिन ही चैत्र नवरात्र की समाप्ति भी हो जाती है। श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम एवं भातृ रक्षक बताया गया है। चारों ही भाइयों में अनमिट प्रेम था। जहां राम ने सहर्ष राज त्यागकर भरत को दे दिया किंतु भरत ने भाई के प्रेम के चलते श्रीराम की खड़ाऊं से राज किया जब तक भगवान श्रीराम वनवास से नहीं लौटे। उधर लक्ष्मण ने वन में भटकते हुए सभी सुख का त्याग कर दिया और भाई एवं माता सीता के लिए दिनरात तत्पर रहा। उर्मिला का त्याग सदा याद रहेगा।
फोटो कैप्शन: डा. एचएस यादव




Wednesday, March 25, 2026



 



कनीना मंडी विद्यालय में शिक्षा अधिकारियों का सम्मान समारोह

--- नामांकन बढ़ाने का दिया संदेश
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी में आज एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उप-जिला शिक्षा अधिकारी दिलबाग सिंह तथा नव आगंतुक खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश यादव के पदोन्नति एवं सम्मान में समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में खंड कनीना के सभी विद्यालयों के मुखियाओं ने भाग लेकर शिक्षा जगत के इन अधिकारियों का अभिनंदन किया।
समारोह के मुख्य अतिथि उप-जिला शिक्षा अधिकारी दिलबाग सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि अध्यापक समाज की सबसे बड़ी संपत्ति का निर्माता होता है और एक समर्पित शिक्षक ही देश की तस्वीर और तकदीर बदल सकता है। उन्होंने प्राचार्य वर्ग से आह्वान किया कि वे नए शैक्षणिक सत्र में नामांकन बढ़ाने को एक सकारात्मक चुनौती के रूप में स्वीकार करें तथा सरकार की नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यालयों में कार्य करें।
इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार यादव ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समावेशी वातावरण पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक द्वारा अतिथियों के स्वागत से हुई। उन्होंने जानकारी दी कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी अब सह-शिक्षा विद्यालय बन चुका है और इस वर्ष से कक्षा 6 से 12 तक विद्यार्थियों के दाखिले भी किए जाएंगे।
समारोह में छात्राओं प्रीति, भारती एवं सुप्रिया ने मधुर स्वागत गीत प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया, इन छात्रों को विद्यालय की शिक्षा समिति प्रधान मंजीता देवी के साथ सम्मानित किया गया वहीं अमृत राघव एवं सत्य प्रकाश मुख्याध्यापक ने विदाई गीत प्रस्तुत किया। इस दौरान वीरेंद्र सिंह मौलिक मुख्याध्यापक, प्राचार्य हरीश यादव, ईश्वर सिंह सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखें। मुख्य अतिथि व अध्यक्ष को पेंटिंग व स्मृति चिन्ह भेंट करके उनका आभार व्यक्त किया गया। प्राचार्य सुनील खुडानिया ने सभी का आभार जताया।
फोटो कैप्शन 06: उप जिला शिक्षा अधिकारी एवं बीइओ कनीना का अभिनंदन करते हुए




नवरात्रि पूजा में बचा हुआ सामान यूं ही न फेंके
-सही ढंग से डिस्पोज करें-यादव
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कनीना की आवाज।
हर जन के दिमाग में आता है कि नवरात्रों की पूजा के बाद बचा हुआ पदार्थ कहां प्रयोग करे। व्रत पूर्ण होते ही लोग इसे इधर उधर फेंककर अपने कार्य की इतिश्री मान लेते हैं। अकसर गंदे पानी के जोहड़ में डाल देते हैं या नदी नालों में डालकर जल में गंदगी बढ़ाने का काम करते हैं। नवरात्रे हवन के समान होते हें और सभी पदार्थ शुद्ध मानकर सही रूप में डिस्पोज करने चाहिए। नवरात्रि पूजा में बचा हुआ सामान जैसे फूल, माला, कलश का नारियल पवित्र माना जाता है। नवरात्रे संपन्न होते ही कुछ लोग उसे कूड़े में फेंक देते हैं या फिर गंदे नालों में फेंक देते हैं। इस संबंध में कनीना के विज्ञान के ज्ञाता डा. एचएस यादव का कहना है कि नवरात्रि पूजा में बचा हुआ सामान कूड़े में न डाले। पुरानी मालाओं को किसी पेड़ के नीचे या गमले में डालें इससे नये पौधे गेंदे के तैयार हो जाएंगे। या फिर इन मालाओं को पार्क, क्यारियों में दबा दे ताकि नये पौधे तैयार हो जाएंगे। कलश के नारियल को प्रसाद के रूप में बांटें या फिर हलवा आदि पकवान में डाल सकते हैं। यहां तक कि चुनरी को जोहड़ों एवं नहरों में न डाले। हो सके तो तिजोरी या मंदिर में रखें इससे चुनरी का उपयोग हो जाएगा।
डा. यादव ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या जवारे से संबंधित देखने को मिलता है। लोग जवारे को नदी, जोहड़ में बहा देते हैं। हकीकत यह है कि जवारे को व्रत संपन्न करते वक्त ऊपर से काटकर पानी में डालकर मिक्सी में मिक्स करके चीनी आदि डालकर या बगैर चीनी के छानकर पीने से कई रोगों से बच जाते हैं। यह जवारा कैंसर से भी बचा सकता है। जवारे को प्रयोग नहीं करना चाहे तो उसे गाय को खिलाएं या खेत में दबा देना चाहिए।
उनका कहना है कि सूखी हुई माला को पूजा घर में रख सकते हैं। बाकी को गमले की मिट्टी में दबा दें ताकि वे खाद बन जाएं। कलश स्थापना वाले नारियल को प्रसाद के रूप में या हलवा आदि बनाने में प्रयोग करें। हो सके कन्या पूजन के वक्त हलवे के प्रसाद में डालकर सभी को खिलाए। परिवार में बांटें। कलश के जल को आम के पत्तों की मदद से पूरे घर में छिड़कें ताकि सकारात्मक ऊर्जा आए। बाकी बचे हुए जल को तुलसी के पौधे में डाल दें। कलश को फिर से काम में लिया जा सकता है। अखंड ज्योति की बची हुई बाती को इकट्ठा करके दोबारा जलाकर उसमें कपूर डाल दें।
कलश में डाले गए सिक्कों को अपनी तिजोरी में रखें या पर्स में सुरक्षित रख ले। पूजा की सामग्री को कभी भी गंदी जगह या पैरों के नीचे न आने दें।
फोटो कैप्शन: डा. एचएस यादव




बीआर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेहलंग में अंतरराष्ट्रीय गणित ओलंपियाड के विजेताओं को किया गया सम्मानित
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कनीना की आवाज।
बीआर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेहलंग में साइंस ओलंपियाड फाउंडेशन के द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय गणित ओलंपियाड के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विजेता विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की उपलब्धियों को सराहना तथा अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित करना रहा।
विद्यालय प्रबंधन ने सभी विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के उत्साह और आत्मविश्वास को देखकर अभिभावक एवं शिक्षक अत्यंत प्रसन्न दिखाई दिए।
विद्यालय के चेयरमैन हरिश भारद्वाज ने इस अवसर पर कहा कि ओलंपियाड जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
प्रधानाचार्या ज्योति भारद्वाज ने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय सदैव छात्रों को आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित करता रहेगा।
यह समारोह विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा और विद्यालय में शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
फोटो कैप्शन 04:विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए हरिश भारद्वाज




450 लोगों की नेत्र जांच

-60 नेत्र रोगियों का आपरेशन के लिए चयन
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव  बेवल में समाजसेवी स्व. उमराव यादव की स्मृति में नि:शुल्क नेत्र जांच एवं आपरेशन शिविर लगाया गया। मुख्य अतिथि अतरलाल एडवोकेट शिविर का शुभारम्भ किया। शिविर में मिश्रीदेवी आई अस्पताल नीमराणा बहरोड़ के नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. बिरेन्द्र सिंह यादव की टीम ने 450 लोगों की नेत्र जांच कर जरूरतमंद नेत्र रोगियों को नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गई। टीम ने 60 नेत्र रोगियों का आपरेशन के लिए चयन किया। अतरलाल ने शिविर आयोजित करने के लिए व्यवस्थापक डॉ. सोमबीर, निहाल सिंह व नेत्र रोग विशेषज्ञ टीम का फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर करण सिंह यादव, जयसिंह, सरजीत, भगवानदास, रामपाल, रामौतार, जगरूप, विनय कुमार, रणवीर, सुबेसिंह, रामपाल, पवन कुमार, दीनदयाल जांगड़ा, बनवारीलाल, सुनील कुमार, औमप्रकाश, मुन्नी, सुनीता, मंजू, कमला, सुमन, मायावती ने शिविर की सफलता में उल्लेखनीय योगदान दिया।
फोटो कैप्शन 03: शिविर में रजिस्ट्रेशन कराते नेत्र रोगी।


शिक्षा आपके द्वार
 राजकीय माडल संस्कृति स्कूल कनीना द्वारा भव्य नामांकन अभियान का आगाज
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कनीना की आवाज।
राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना द्वारा नए शैक्षणिक सत्र के लिए नया नामांकन अभियान पूरे उत्साह के साथ शुरू किया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा से जोडऩा है।
यह विशेष अभियान विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील खुडानिया के कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व में चलाया जा रहा है। स्कूल प्रशासन द्वारा शिक्षकों की 4 से 5 विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो कनीना शहर सहित आस-पास के सभी गांवों में घर-घर जाकर अभिभावकों और बच्चों को सरकारी स्कूल की सुविधाओं और शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक कर रही हैं। इस जनसंपर्क अभियान में विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक  रवि कुमार, मुंशी राम, रविंद्र जाखड़, सुरेंद्र मोरवाल, सोमबीर धनखड़, नरेश कुमार, बलदीप यादव, हिम्मत सिंह एवं सुरेंद्र कुमार पूरी तन्मयता से जुटे हुए हैं। ये टीमें गांवों की गलियों और चौपालों पर जाकर ग्रामीणों से संवाद कर रही हैं और उन्हें विद्यालय में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं की जानकारी दे रही हैं।
  प्रधानाचार्य सुनील खुडानिया ने बताया कि मॉडल संस्कृति स्कूल होने के नाते हमारा लक्ष्य बच्चों को निजी स्कूलों से भी बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में अनुभवी एवं योग्य अध्यापकों की टीम, आधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब, खेल की उत्कृष्ट सुविधाएं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उचित माहौल उपलब्ध है।विद्यालय प्रबंधन ने क्षेत्र के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उनका नामांकन राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना में करवाएं। सरकारी योजनाओं और नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार के तहत यहाँ बच्चों को बेहतरीन मंच प्रदान किया जा रहा है।
प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभिभावक किसी भी कार्य दिवस में विद्यालय कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं या गांव में आ रही स्कूल की टीमों से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
फोटो कैप्शन 01: माडल स्कूल के शिक्षक नामांकन अभियान चलाते हुए


महाविद्यालयों की विभिन्न मांगों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपा ज्ञापन 

--अनेक मांगों का दिया ज्ञापन     
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कनीना की आवाज।
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर से संबद्ध सरकारी महाविद्यालयों के शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को लेकर प्रोफेसर शमशेर सिंह (सदस्य—कार्यकारी परिषद, शैक्षणिक परिषद (कालेज) एवं विश्वविद्यालय न्यायालय) ने विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति व कुल-सचिव को एक विस्तृत प्रतिनिधित्व पत्र सौंपा । इस प्रतिनिधित्व में शिक्षकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं प्रशासनिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है।
प्रोफेसर शमशेर सिंह ने अपने पत्र में कहा कि वर्तमान में प्रस्तावित सेमेस्टर परीक्षाओं की तिथि 15 मई 2026 निर्धारित की गई है, जिसे संशोधित करते हुए 1 मई 2026 से प्रारंभ किया जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि यदि परीक्षाएं पहले शुरू होंगी, तो अधिकांश परीक्षाएं ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व ही पूर्ण हो जाएंगी, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को सुविधा होगी तथा पूर्व वर्षों की परंपरा भी बनी रहेगी।
इसके अतिरिक्त, बीएड पाठ्यक्रम की परीक्षाओं को जुलाई 2026 के प्रथम सप्ताह में आयोजित करने का सुझाव दिया गया है। उनका कहना है कि इससे महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक अपने निर्धारित ग्रीष्मकालीन अवकाश का पूरा लाभ उठा सकेंगे और शैक्षणिक कार्य भी सुचारु रूप से संचालित हो सकेगा।
उन्होंने अपने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा संबंधी कार्यों—जैसे प्रश्नपत्र निर्माण, मूल्यांकन एवं अन्य परीक्षा ड्यूटी—के लिए दिए जाने वाले मानदेय में काफी समय से कोई संशोधन नहीं किया गया है। अत: इन मानदेयों में यथोचित वृद्धि की जानी चाहिए और इसे आगामी मई/जून 2026 की परीक्षाओं से ही लागू किया जाना चाहिए,
इसके साथ ही, नए शैक्षणिक कैलेंडर के निर्माण को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए । उन्होंने आग्रह किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन को इस प्रक्रिया में सरकारी महाविद्यालयों के वरिष्ठ प्राध्यापकों एवं प्राचार्यों से विस्तृत विचार-विमर्श करना चाहिए, ताकि एक संतुलित, व्यवहारिक एवं सभी पक्षों के लिए उपयुक्त शैक्षणिक कैलेंडर तैयार किया जा सके।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन शिक्षकों की इन जायज मांगों एवं सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगा और शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक कार्यवाही करेगा।
फोटो कैप्शन 02: ज्ञापन सौंपते हुए शमशेर सिंह प्रोफेसर


कामनवेल्थ गेम्स 2026 और एशियन गेम्स 2026 किया क्वालीफाई
-छीथरोली की शर्मिला ने जीते 2 गोल्ड मेडल
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव छीथरोली की लड़की शर्मिला ने कामनवेल्थ गेम्स 2026 और एशियन गेम्स 2026 के लिए क्वालीफाई कर लिया है। एक प्रतिभाशाली पैरा एथलीट, ने अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने जनवरी 2026 में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शाटपुट और डिस्कस थ्रो में 2 गोल्ड मेडल जीते। इसके अलावा, उन्होंने फरवरी 2026 में दुबई ग्रैंड प्रिक्स चैंपियनशिप में शाटपुट में गोल्ड मेडल और डिस्कस थ्रो में ब्रान्ज मेडल हासिल किया। मार्च 2026 में भुवनेश्वर में आयोजित 24वें पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में, उन्होंने शाटपुट में गोल्ड मेडल और डिस्कस थ्रो में ब्रान्ज मेडल जीता। साथ ही नए राष्ट्रीय रिकार्ड भी बनाए। उनकी इस उपलब्धि के साथ, उन्होंने कामनवेल्थ गेम्स 2026 और एशियन गेम्स 2026 के लिए क्वालीफाई कर लिया है। वह पिछले 2 साल से सोनीपत में कोच वीरेंद्र धनखड़ के साथ प्रशिक्षण ले रही हैं।
फोटो कैप्शन: शर्मिला



कनीना में 10.67 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक बस स्टैंड
-परिवहन सुविधाओं में होगा विस्तार - आरती सिंह राव
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कनीना की आवाज।
हरियाणा सरकार ने कनीना में 6-बेज के आधुनिक बस स्टैंड के निर्माण को प्रशासनिक मंजूरी दी है। इस परियोजना पर कुल 10.67 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी।
यह जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि कई दशकों से क्षेत्र के लोगों की मांग रही है। अब यह परियोजना सिरे चढऩे जा रही है। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग की ओर से इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि कनीना में बनने वाला यह नया बस स्टैंड पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसमें यात्रियों के बैठने के लिए विशाल एवं आरामदायक प्रतीक्षालय, स्वच्छ पेयजल, महिला व पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय, आधुनिक टिकट काउंटर और डिजिटल सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। बसों के सुव्यवस्थित आवागमन के लिए 6 अलग-अलग प्लेटफार्म बनाए जाएंगे ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि बस स्टैंड बनने से न केवल यात्रियों का सफर सुगम होगा, बल्कि इससे पूरे कनीना क्षेत्र के आर्थिक व सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी। परिवहन सुविधाओं में विस्तार होने से स्थानीय बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को मिलेगा।
आरती सिंह राव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद अब टेंडर प्रक्रिया व अन्य औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएं ताकि निर्माण कार्य समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के हर कोने में समान रूप से विकास कार्य करवाने के लिए प्रतिबद्ध है और कनीना का यह बस स्टैंड क्षेत्र के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।
  उल्लेखनीय है कि कनीना के बस स्टैंड का उद्घाटन तत्कालीन मंत्री कर्नल महा सिंह ने 1976 में किया था जो बाद में जर्जर होने के कारण चार वर्ष पहले गिरा दिया गया था। सर्दी एवं गर्मी में यात्री परेशान रहे जिसके चलते आंदोलन भी चले और एक टीन शेड का निर्माण करवाया गया था। दो वर्षों से टीन शेड में ही बस स्टैंड कनीना चल रहा है। अब इसका भवन बनाने की संभावना बनी है।
फोटो कैप्शन 05: कनीना बस 
स्टैंड











निर्माण की मांग करते लोग