जिला महेंद्रगढ़ में तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए डीओएसएम कमेटी गठित
-- किसानों को मिलेगा लाभ
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कनीना की आवाज। क्षेत्र में तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने, किसानों की आय में वृद्धि करने और कृषि क्षेत्र में मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नेशनल मिशन आन एडिबल आयल्स,आयल सीड्स के तहत माननीय अतिरिक्त उपायुक्त महोदय जिला महेंद्रगढ़ की अध्यक्षता में डीओएसएम (डिस्ट्रिक्ट ऑयल सीड मिशन) का गठन किया गया है। इस पहल से क्षेत्र के किसानों को तिलहन उत्पादन बढ़ाने तथा कृषि आधारित गतिविधियों से जुडऩे के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
अधिकृत अधिकारियों की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की गई। बैठक में कृषि एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एसजीएल एग्रोइंडिया प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड करीरा तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मिशन के अंतर्गत किसानों को तिलहन फसलों के उत्पादन, उन्नत कृषि तकनीकों तथा फसल की बेहतर पैदावार के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।
बैठक में कृषि विभाग, उद्यान विभाग, एचएएफईडी, सहकारी बैंक तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही किसान उत्पादक संगठनों और किसान समूहों को मजबूत करने तथा तिलहन उत्पादन से जुड़े कार्यों को संगठित तरीके से आगे बढ़ाने की योजना पर विचार किया गया।
मिशन के तहत किसानों को बेहतर उत्पादन तकनीक अपनाने, फसल की गुणवत्ता में सुधार करने और उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। तिलहन फसलों के उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा मिलने से किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से कृषि आधारित गतिविधियों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाने और मूल्य संवर्धन की दिशा में काम किया जाए। इसके अंतर्गत तिलहन बीज वितरण, फॉर्मर फील्ड स्कूल का आयोजन, फील्ड डिमॉन्स्ट्रेशन, खरीद और भंडारण,ऑयल एक्सपेलर मशीन लगाना तथा अन्य जरूरी सुविधाएं स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया, ताकि किसानों को अपनी उपज के प्रसंस्करण और विपणन में सहायता मिल सके।
फोटो कैप्शन 06: संबंधित है
26अक्टूबर को खिलाई जाएगी खीर
शरद पूर्णिमा पर बनाई जाएगी खीर, श्वास रोगियों के लिए रामबाण
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कनीना की आवाज। क्षेत्र में शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है। इस मौके पर 25 अक्टूबर की रात के समय खीर बनाने तथा प्रसाद के रूप में अगले दिन बांटने की प्रथा चली आ रही है। मंदिरों में खीर बनाकर रात के समय चंद्रमा की किरणें डालकर खिलाने की परंपरा भी अनोखी है। 25 अक्टूबर को खिलाई जाएगी खीर।
घरों में तो खीर बनती ही है साथ में मंदिरों में भी खीर बनाने की परंपरा है। यह खीर रातभर रखी खुले आकाश के नीचे रखी जाती है तथा चंद्रमा की किरणें डालकर इसे रोग विनाशक बनाकर ही खिलाया जाता है। महंत लालदास का कहना है कि इस रात को चंद्रमा अपने आप में पूर्ण होता है बाकी किसी भी पूर्णिमा को इतना बेदाग नहीं होता है। यही कारण है कि इसकी किरणें डाली जाती है जो मन व मस्तिष्क पर अच्छा प्रभाव डालती हैं।
उधोदास आश्रम के महंत लालदास ने बताया कि उनके यहां तो जो खीर बनाई जाती है उस मखमल के कपड़े से ढककर रख दिया जाता है ताकि अधिक मात्रा में चंद्रमा की किरणें गिर सके। इन्हीं किरणों के कारण खीर का स्वाद मधुर बन जाता है। तत्पश्चात इस खीरा को रात के बारह बजे बाद ही प्रसाद बतौर खिलाया जाता है। इस खीर का श्वास रोगियों के लिए बेहद लाभ होता है। उन्होंने बताया कि इस खीर में डालने के लिए कई प्रकार की औषधियां व पदार्थ मंगवाएं हैं ताकि खीर के प्रसाद से उनका रोग ठीक हो सके। रातभर भजन कीर्तन करते हुए ठाकुर जी का भोग लगाकर प्रसाद चखते हंै।
क्या कहते हैं वैद्य-
वैद्य बालकिशन एवं श्रीकिशन का कहना है कि शरद पूर्णिमा का पर्व बहुत अहमियत रखता है। यह पर्व कई रोगों से छुटकारा दिलाने वाला ही नहीं अपितु इंसान में नया संचार जगाने वाला होता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने भी इस पर्व का विशेष महत्व बताया है तथा इस पर्व से सर्दी का मौसम जुड़ा है। सर्दी प्रारंभ होने से सेहत के लिए लाभकारी होती हैं। उन्होंने कहा कि इस दिन से जल्दी उठकर स्नान ध्यान करने से सभी कष्टï स्वत छूट जाते हैं तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है।
उन्होंने बताया कि इसी पर्व से जुड़ी है कार्तिक स्नान करने की परंपरा। महिलाएं पूरे एक माह तक चलता रहता है। एक माह बाद इसे संपन्न करती हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह समय अनुकूल माना जाता है।
फोटो कैप्शन: बाबा लालदास महाराज
कनीना अनाज मंडी में बाजरे की खरीद 2 लाख 75 हजार क्विंटल के पार
-10 निजी एजेंसियां कर रही हैं खरीद
-- निलंबित सचिव और मंडी सुपरवाइजर बहाल
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कनीना की आवाज। कनीना अनाज मंडी स्थित चेलावास में बाजरे की खरीद 2 लाख 75 हजार क्विंटल के पार पहुंच गई है। किसान तेजी से अपने वाहनों में बाजरा भरकर मंडी में बेचने के लिए पहुंच रहे हैं। यहां 10 निजी एजेंसियों द्वारा बाजरे की खरीद की जा रही है। दूसरी ओर, सरकारी स्तर पर अभी तक बाजरे की खरीद शुरू नहीं हुई है।
प्रधान पूर्ण चंद ने बताया कि मंडी में बाजरे की खरीद का कार्य तेजी से चल रहा है। किसान अपनी उपज लेकर लगातार मंडी पहुंच रहे हैं और निजी एजेंसियां बाजरे की खरीद कर रही हैं। एक ओर किसान रबी फसलों की तैयारी में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर खरीफ की फसल बाजरे को बेचने के लिए मंडी का रुख कर रहे हैं।
यद्यपि सरकारी खरीद नहीं होने के कारण किसानों को निजी एजेंसियों के माध्यम से ही बाजरा बेचना पड़ रहा है। मंडी में लगातार बढ़ रही आवक के बीच खरीद कार्य सुचारु रूप से जारी है।
सचिव और मंडी सुपरवाइजर बहाल--
कनीना अनाज मंडी के सचिव अजीत सिंह तथा मंडी सुपरवाइजर कुलदीप कुमार को गत दिनों अनियमितताओं के चलते निलंबित किया गया था। अब दोनों अधिकारियों की बहाली हो गई है। सचिव अजीत सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि वे दोनों बहाल हो चुके हैं और अपना कार्यभार संभालकर काम कर रहे हैं।
फोटो कैप्शन 05: कनीना मंडी में बाजरे की खरीद
कनीना के नए बस स्टैंड का निर्माण कार्य शुरू
-छह बूथों वाली दो मंजिला इमारत में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं, 18 माह में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
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कनीना की आवाज। कनीना बस स्टैंड के नए भवन का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। शनिवार सुबह बस स्टैंड परिसर में नारियल तोड़कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। हरियाणा सरकार की ओर से इस परियोजना के लिए 11 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। छह बूथों वाला यह बस स्टैंड दो मंजिला इमारत के रूप में तैयार किया जाएगा। इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। निर्माण कार्य को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ठेकेदार सुनील ने बताया कि नए बस स्टैंड भवन में यात्रियों की सुविधा और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक व्यवस्थाएं की जाएंगी। भवन में वातानुकूलित प्रतीक्षालय, डिजिटल बारकोड सुविधा वाला टिकट काउंटर, जलपान के लिए तीन दुकानें और एटीएम के लिए अलग स्थान निर्धारित किया जाएगा। इसके अलावा महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए जाएंगे। दिव्यांगजनों के लिए अलग शौचालय और रैंप की व्यवस्था भी होगी, ताकि उन्हें आवागमन में परेशानी न हो।
नए बस स्टैंड भवन में छोटे बच्चों को दूध पिलाने के लिए बेबी फीडिंग रूम बनाया जाएगा। यात्रियों के मोबाइल और अन्य उपकरण चार्ज करने के लिए अलग चार्जिंग रूम की व्यवस्था होगी। भवन की ऊपरी मंजिल पर पांच कार्यालय और कर्मचारियों के लिए एक विश्राम कक्ष बनाया जाएगा। यात्रियों को दोनों मंजिलों तक आने-जाने में सुविधा देने के लिए लिफ्ट भी लगाई जाएगी। बस स्टैंड परिसर में वाहनों की पार्किंग के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने की योजना है। इसके साथ ही परिसर की सुंदरता बढ़ाने के लिए हरियाली विकसित की जाएगी। इन सुविधाओं से यात्रियों को बसों का इंतजार करने, टिकट लेने और अन्य जरूरी कार्यों के लिए बेहतर वातावरण मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य मंत्री एवं अटेली की विधायक आरती सिंह राव ने दूरभाष पर जानकारी देते हुए बताया कि कनीना क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से बस स्टैंड के नए भवन के निर्माण की मांग और शिकायतें सामने आ रही थीं। यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए नए भवन के लिए बजट स्वीकृत करवाया गया है। उन्होंने बताया कि छह बूथों वाला बस स्टैंड दो मंजिला इमारत के रूप में बनाया जाएगा, जिसमें यात्रियों के लिए विभिन्न आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। ठेकेदार सुनील ने बताया कि निर्माण कार्य पूरा होने में करीब 18 महीने लगने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान यात्रियों को बसों का इंतजार करने और वाहनों को खड़ा करने में परेशानी न हो, इसके लिए अस्थायी व्यवस्था की गई है। यात्रियों के बैठने और ठहरने के लिए टीन शेड बनाया गया है। साथ ही पीने के पानी की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने बताया कि बस स्टैंड परिसर में निर्माण से संबंधित सभी कार्य निर्धारित नियमों के अनुसार करवाए जाएंगे। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद कनीना और आसपास के गांवों से आने-जाने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि अगस्त 2026 में बस स्टैंड के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। पुराने बस स्टैंड का शिलान्यास 22 दिसंबर 1974 कर्नल महासिंह
ने किया था और उन्हीं ने इसका उद्घाटन भी किया था।
फोटो कैप्शन 04: बस स्टैंड कनीना निर्माण कार्य करते हुए
एचसीएस बनी शीतल यादव का सम्मान 25 को
--एचसीएस में पाई है 26वीं रैंक
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव कोटिया की शीतल ने पास की एचसीएस की परीक्षा। उन्होंने एचसीएस में 26वां रैंक पाया था।
25 अक्टूबर को कोटिया गांव के सरकारी स्कूल में उनका सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
विस्तृत जानकारी देते हुए देशराज यादव समाजसेवी कोटिया ने बताया कि शीतल ने ग्रामीण क्षेत्र के सरकारी विद्यालय में प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की उसने हरियाणा सिविल सर्विस में सफलता प्राप्त कर अपने परिवार और गाव व समाज का नाम रौशन किया है ।
शीतल के दादा स्व. दयाराम ने हमेशा बच्चों की शिक्षा पर ही जोर दिया और पोती के लिए भी हमेशा कहते थे की बेटी खूब पढ़ लिख कर बड़ी अफसर बनना। आज दादा के उसी सपने को साकार करते हुए हरियाणा सिविल सर्विस में सफलता हासिल कर अपने माता पिता और गांव व क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। शीतल के माता और पिताजी दोनों ही सरकारी शिक्षक है। शीतल ने प्राथमिक शिक्षा शिक्षा गाहड़ा के सरकारी विद्यालय से पूरी की उच्च शिक्षा पंचकुला व चंडीगढ़ से पूरी की। शीतल शुरू से ही होनहार छात्रा रही है स्नातक शिक्षा में भी उन्होंने विश्वविद्यालय में दूसरा स्थान हासिल किया था। उसके बाद यूपीएससी में भी इंटरव्यू स्तर तक पहुंच गई थी और अब यूपीएससी की एचसीएस की परीक्षा पास करके दादा के सपने को साकार किया है।
फोटो कैप्शन: एचसीएस शीतल
महिला के साथ किया दुष्कर्म, पुत्री के साथ छेड़छाड़
-कमरा किराये पर दिलाने के नाम पर किया दुष्कर्म
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के एक गांव की महिला ने परिचित व्यक्ति पर उसके साथ दुष्कर्म करने और उसकी नाबालिग बेटी के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत पर शहर थाना कनीना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी देने और पाक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में महिला ने बताया कि वह घरेलू काम करती है और उसके तीन बच्चे हैं। उसका पति रेवाड़ी में स्टील बाइंडिंग का काम करता है। महिला के अनुसार, उसके पति की जान-पहचान झाड़ली निवासी एक व्यक्ति से थी, जिसका उनके घर भी आना-जाना था। इसी परिचय के चलते महिला भी आरोपी को जानती थी।
महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे अपनी दुकान पर बर्तन साफ करने का काम दिया था। करीब छह माह पूर्व वह महिला से फोन पर बातचीत करने लगा। आरोपी ने महिला को काम पर आने-जाने में होने वाली देरी का हवाला देकर कनीना में वेद मंदिर के पास किराए पर कमरा दिलाने की बात कही। महिला के अनुसार, आरोपी ने कमरा दिलाया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया।
महिला की शिकायत के अनुसार, 30 सितंबर 2026 की रात आरोपी मकान पर आया हुआ था। महिला ने आरोप लगाया कि रात करीब 12:30 बजे आरोपी ने उसकी नाबालिग बेटी के साथ गलत व्यवहार किया और उसके कपड़े फाड़ दिए। महिला ने किसी तरह अपनी बेटी को आरोपी से छुड़ाया और उसे घर से जाने के लिए कहा।
वहां से जाते समय आरोपी ने घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद महिला अपनी बेटी और पति के साथ पुलिस थाने पहुंची और शिकायत दी।कनीना पुलिस ने महिला और नाबालिग पीडि़ता के बयान दर्ज किए गए। शुक्रवार को को शहर थाना कनीना में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
32 वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026-27 में एसडी स्कूल की दो टीमों का राज्य स्तरीय के लिए हुआ चयन
--जगदेव यादव ने दी बधाई
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कनीना की आवाज। 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026-27 में एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की दो टीमों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए हुआ है।
विद्यालय उपनिदेशक पूर्ण सिंह ने बताया कि 23 अक्टूबर को नारनौल आयोजित इस प्रतियोगिता में कुल 170 टीमों ने भाग लिया जिनमें से केवल 10 टीमों को राज्य स्तर पर आगे बढऩे का अवसर मिला। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच एसडी विद्यालय की दोनों टीमों ने उपलब्धि हासिल की। प्रतियोगिता का आयोजन दो वर्गों में किया गया। जूनियर वर्ग में समर तथा हार्दिक ने अपने शोध प्रोजेक्ट हाइड्रोकेश के माध्यम से अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वहीं सीनियर वर्ग में रितिकतथा यश ने अपने शोध प्रोजेक्ट एसी कंडेनसेट हाइड्रोपोनिक्स के माध्यम से सफलता प्राप्त की। इस परियोजना में एयर कंडीशनर से निकलने वाले संघनित जल का उपयोग हाइड्रोपोनिक विधि से पौधे उगाने में करने की संभावनाओं पर शोध किया गया। यह प्रयास जल के सदुपयोग, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि की दिशा में एक अभिनव पहल है।
विद्यालय के चेयरमैन जगदेव यादव ने बताया कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता, शोध प्रवृत्ति और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने वाला एक प्रमुख विज्ञान कार्यक्रम है। इसमें विद्यार्थी अपने आसपास की समस्याओं का अध्ययन करते हैं, स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर शोध करते हैं और वैज्ञानिक विधि से संभावित समाधान प्रस्तुत करते हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें खोज, प्रयोग और नवाचार के लिए प्रेरित करना है।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक ओमप्रकाश, विद्यालय समिति के वरिष्ठ सदस्य राजेन्द्र यादव, उपनिदेशक पूरण सिंह एवं प्रधानाचार्य अरविंद कुमार तोमर, कोर्डिनेटर स्नेह यादव, प्रियंका यादव सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 03: राज्य स्तर के लिए चयनीत स्कूली बच्चे
नशा मुक्त युवा, विकसित भारत विषय पर पड़ोस युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन
-माय भारत द्वारा आस पड़ोस युवा संसद का आयोजन
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कनीना की आवाज। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत माय भारत, महेंद्रगढ़ द्वारा युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा नशा मुक्त भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नशा मुक्त युवा, विकसित भारत विषय पर पड़ोस युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन बैजनाथ चौधरी राजकीय महिला महाविद्यालय नांगल चौधरी में किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विभिन्न सत्रों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में डा. अनीता तंवर, प्राचार्य ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए इस प्रकार की जागरूकता एवं सहभागिता आधारित गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही नशा मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा सकते हैं।
प्रो. सुषमा यादव ने नशे के कारणों, दुष्प्रभावों तथा व्यक्ति, परिवार एवं समाज पर पडऩे वाले इसके गंभीर प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने, सकारात्मक सोच अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
डॉ. मनोज कुमार ने समूह चर्चा, प्रश्नोत्तरी, उदाहरण आधारित अध्ययन, भूमिका-अभिनय तथा अन्य सहभागितापूर्ण गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को नशा मुक्ति के प्रति जागरूक किया। उन्होंने युवाओं को अपने परिवार, मित्रों और समाज में नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया ।
यूथ आइकन हरीश शर्मा ने नशा मुक्ति पर आधारित लघु फिल्मों एवं वृत्तचित्रों का प्रदर्शन किया। इसके माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्परिणामों, नशे से बाहर निकलने के प्रयासों तथा नशा मुक्त भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका के बारे में जागरूक किया गया।
जिला युवा अधिकारी नित्यानंद यादव ने दी माय भारत पोर्टल की जानकारी-
जिला युवा अधिकारी नित्यानंद यादव ने माय भारत पोर्टल पर संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवा इस पोर्टल के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता को विकसित कर सकते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से विकसित भारत युवा संसद 2026-27 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 18 से 25 वर्ष की आयु के युवा एक राष्ट्र, एक चुनाव विषय पर आयोजित युवा संसद में भाग ले सकते हैं। उन्होंने युवाओं से माय भारत पोर्टल पर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने तथा राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
नशा मुक्ति की शपथ-
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित युवाओं को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक राहुल, अमित एवं बृजेश का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके सहयोग से कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों के संचालन में सहायता मिली।
फोटो कैप्शन 01 व 02:संबंधित है









































