बिजली का हजारों रुपये का सामान चोरी
-ट्रांसमिशन लाइन स्थापना हेतु डाला हुआ था सामान
कनीना की आवाज। 765 केवी डीसी सीकर-नरेला ट्रांसमिशन लाइन में कंडक्टर एवं अन्य सामग्री अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर ले गये और लाइन को क्षतिग्रस्त कर गए। इस संबंध में दौंगड़ा अहीर पुलिस चौकी में अज्ञात चोरों के विरुद्ध केस दर्ज करवा दिया हैद्ध
शिवकुमार मैसर्स केइसी इंटरनेशनल लिमिटेड सालावास, झज्जर में कार्यरत ने पुलिस में बताया कि केइसी कंपनी द्वारा 765 केवी डीसी सीकर नरेला ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है। इस परियोजना में 4 अक्टूबर 2026 को पाया कि भालखी-पीपली चौराहे पर तीन अक्टूबर की रात को अज्ञात चोरों द्वारा ट्रांसमिशन लाइन के कंडक्टर अन्य सामग्री चोरी कर लिए एवं ट्रांसमिशन लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया है। केइसी कंपनी ने अपने स्तर पर चोरों की जांच पड़ताल की लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर अब दौंगड़ा चौकी में शिकायत दर्ज करवा दी है। पुलिस ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध हजारों रुपये का बिजली का सामान एवं उपकरण चोरी करने का मामला दर्ज कर लिया है।
दो एमएम वर्षा हुई, तापमान में आई गिरावट
-रबी फसल को होगा लाभ
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कनीना की आवाज। शुक्रवार की सुबह कनीना क्षेत्र में 2 एमएम वर्षा हुई। वर्षा से जहां किसानों की बाजरे की पड़ी हुई फसल को चाहे थोड़ा बहुत नुकसान हुआ हो किंतु भावी रबी फसल को लाभ मिलेगा क्योंकि कुछ किसानों ने सरसों की बिजाई कर दी है जिसके लिए तापमान कम चाहिए किंतु तापमान अभी तक अधिक था। वर्षा के बाद तापमान में गिरावट आएगी। यही नहीं रबी फसल की तैयारियां चल रही है जिसके लिए किसान खेतों में त्वरित कार्रवाई कर रहे हैं। वर्षा का किसानों को लाभ मिलेगा ताकि बिजाई में फायदा हो।
किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार कृष्ण सिंह, रोहित, योगेश कुमार आदि ने बताया कि चाहे वर्षा कम हुई किंतु इसका रबी फसल को लाभ होगा। अगर कुछ वर्षा अधिक हो जाती तो एक साथ सभी खेतों में बिजाई की संभावना बन जाती। वर्षा से कोई विशेष नुकसान नहीं देखने को मिला बल्कि चारा देने वाली, सब्जी तथा कुछ अन्य फसलें भी अभी तक खेतों में खड़ी है उसको लाभ होने की संभावना जताई जा रही है।
फोटो कैप्शन 07: किसान सरसों की बिजाई करते हुए
बाजरे की खरीद पहुंची करीब डेढ़ लाख क्विंटल
-सरकारी तौर पर नहीं खरीदा गया एक दाना भी
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कनीना की आवाज। कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में अब तक करीब डेढ़ लाख क्विंटल बाजरा प्राइवेट एजेंसियों द्वारा खरीद लिया गया है। सरकारी तौर पर बाजरे का एक दाना भी नहीं खरीदा गया है। सरकारी खरीद एजेंसी हैफेड के मैनेजर जगराम यादव ने बताया कि सरकारी तौर पर बाजरा नहीं खरीदा गया। उधर पूर्णचंद प्रधान ने बताया कि अब तक करीब डेढ़ लाख क्विंटल बाजरे की प्राइवेट एजेंसिज द्वारा खरीद लिया गया है। करीब 10 खरीद एजेंसी बाजरे के खरीद कर रही है और भारी मात्रा में बाजरा आ रहा है। जहां शुक्रवार की सुबह वर्षा होने के कारण बाजरे को को तिरपालों से ढक दिया गया था जिससे बाजरे का बचाव हो गया लेकिन नमी बढऩे की संभावना को लेकर के बाजरे को सुखाया गया है। वहीं बाजरे की निजी स्तर पर भी खरीद सुबह थोड़ी देरी से हुई।
फोटो कैप्शन 04: महिला अपने ट्रैक्टर से बाजरा बेचने के लिए आते हुए
05: बाजरे को सूखाते हुए अनाज मंडी में तथा
06:तिरपाल से ढका हुआ बाजरा
साहित्य मनीषियों के महाकुंभ में होगा 14 कृतियों का विमोचन
-129 साहित्यकारों और पत्रकारों को किया जाएगा सम्मानित
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कनीना की आवाज। जबलपुर में 31 अक्टूबर को अपराह्न 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक साहित्य मनीषियों का महाकुंभ जुटने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रियाशील कादंबरी संस्था की ओर से 129 साहित्यकारों एवं पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा।
विस्तृत जानकारी देते हुए संस्था के अध्यक्ष आचार्य भगवत दुबे, महासचिव राजेश पाठक 'प्रवीण' तथा यशोवर्धन पाठक कोषाध्यक्ष ने बताया कि इस मौके पर मुख्य अतिथि राकेश सिंह, मंत्री लोक निर्माण विभाग मध्य प्रदेश शासन होंगे वही श्रीमां साध्वी विभानंद गिरि नईदिल्ली मंगल आशीष देंगी। साथ में डा. कैलाश गुप्ता, अशोक मनोध्याय, डा. राजेश धीरावाणी, आचार्य रामनाथ साहू 'ननकी' आदि भी उपस्थित रहेंगे। समारोह में देश के विविध अंचलों के साहित्यकारों द्वारा सृजित 14 कृतियों का विमोचन भी किया जाएगा तथा 129 देश और विदेश से आए हुए साहित्यकारों और पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा।संस्था द्वारा चार लाख 18 हजार 200 रुपये की राशि के 129 स्मृति पुरस्कार दिए जाएंगे जिनमें एक पुरस्कार के 21 हजार रुपये, चार पुरस्कार ग्यारह ग्यारह हजार के, 32 पुरस्कार 5000- 5000 रुपये के तथा 92 पुरस्कार 2100-2100 रुपये के दिए जाएंगे। कादंबरी परिवार विगत कई वर्षों से यह सम्मान समारोह हर वर्ष आयोजित करता आ रहा है।समारोह में कादम्बरी की स्मारिका का भी विमोचन होगा। प्रथम सोपान में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
किन कृतियों का होगा विमोचन-
उन्होंने बताया कि इस मौके पर 14 विभिन्न कृतियों का विमोचन भी होगा जिनमें गोविंद पाल भिलाई की बाघ मामा सियार भांजा, गोविंद पाल की भारतीय ज्ञान परंपरा और विश्व बौद्ध, शंकर भट्टाचार्य दुर्ग की बेजुबान सच, शंकर भट्टाचार्य दुर्ग की ही दूसरी कृति एक मु_ी ईमानदारी, राकेश माहेश्वरी काल्पनिक नरसिंहपुर धूप छांव के संग, डा.अनामिका तिवारी जबलपुर की ऋषि द्वद्व, डा. उमेश चंद्र मिश्रा मैहर प्रतापगढ़ की करवा चौथ, नौमी श्रीवास्तव जबलपुर की जब एक नदी मेरी कहानी में उतरी, हेमंत झा छिंदवाड़ा की आधी हकीकत आधा फसाना, डा. विजय प्रकाश सैनी झांसी की हम इतने झूठे कभी न थे, ज्योति प्यासी अनिका जबलपुर की अंत से अनंत तक, संतोष जाटव जलौनी भिलाई की चिडिय़ा रानी बड़ी सयानी, ज्योति मिश्रा जबलपुर की पारिजात मन, डा. लखविंदर कौर जस्सल जबलपुर की सोच की दिशा प्रमुख हैं।
राज्य एवं राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं के दो इंक्रीमेंट का लाभ रिटायरमेंट व उसके बाद तक देने के आदेश
-पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट ने पुरस्कृत शिक्षकों के इंक्रीमेंट काटने के आदेशों को किया रद्द
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कनीना की आवाज। हरियाणा के राज्य एवं राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता शिक्षकों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने पुरस्कार के साथ मिले दो अतिरिक्त वेतनवृद्धियों (इंक्रीमेंट) का लाभ वापस लेने और शिक्षकों का वेतन घटाकर दोबारा निर्धारित करने संबंधी विभागीय आदेश रद्द कर दिए हैं। जिला महेंद्रगढ़ के वर्ष 2016 से अब तक के करीब 15 शिक्षकों को लाभ मिलेगा।
अदालत ने स्पष्ट किया कि विशेष पुरस्कार योजना के तहत दिए गए प्रोत्साहन को सामान्य वेतन नियमों के आधार पर स्वयं समाप्त नहीं किया जा सकता। फैसले से उन शिक्षकों को राहत मिलेगी, जिनका वेतन दो इंक्रीमेंट वापस लेकर कम कर दिया गया था। सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी इसका लाभ मिलेगा।
किसने किया प्रयास-
जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की अदालत ने पंचकुला की रिटायर्ड प्राचार्या इंद्रा सांगवान सहित 18 से अधिक याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। याचिकाकर्ता शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए विभिन्न वर्षों में हरियाणा सरकार की ओर से राजकीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए गए थे।
जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की अदालत ने 18 से अधिक याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। याचिकाकर्ता शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए विभिन्न वर्षों में हरियाणा सरकार की ओर से राजकीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए गए थे।
पुरस्कार नीति के तहत उनके वेतन में दो अतिरिक्त वेतनवृद्धियों का लाभ दिया गया था। बाद में शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग के 12 नवंबर 2024 के स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए इस लाभ को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। विभाग का तर्क था कि हरियाणा सिविल सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियम 37 के प्रावधानों के अनुसार अग्रिम वेतनवृद्धियों पर निर्धारित शर्तें इन मामलों में भी लागू होती हैं। इसके बाद शिक्षकों का वेतन दोबारा निर्धारित कर दिया गया और उन्हें पहले मिल रहा लाभ समाप्त कर दिया गया। इस कार्रवाई को शिक्षकों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट ने मामले पर विचार करते हुए हरियाणा सरकार की पुरस्कार योजना और सामान्य वेतन नियमों के बीच अंतर को महत्वपूर्ण माना। अदालत ने कहा कि क्या सामान्य वेतन नियमों के प्रावधानों के आधार पर पुरस्कार योजना के तहत दिए गए प्रोत्साहन को वापस लिया जा सकता है।
अदालत ने माना कि राजकीय शिक्षक पुरस्कार का उद्देश्य उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करना और उनका मनोबल बढ़ाना है। इसके तहत दी जाने वाली वेतनवृद्धियों का आधार और उद्देश्य सामान्य वेतन नियमों के तहत मिलने वाली अग्रिम वेतनवृद्धियों से अलग है।
जब तक पुरस्कार नीति से संबंधित नियमों की शर्तें स्पष्ट रूप से लागू नहीं होतीं, तब तक विशेष योजना पर सामान्य वेतन नियमों को स्वत: लागू नहीं किया जा सकता।
अदालत के आदेश के अनुसार, सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों की गणना भी संशोधित वेतन के आधार पर करनी होगी।
एक मांग पूरी-
स्टेट अवार्डी शिक्षकों की अनेक मांगे हैं और मांगें पूरी न होने पर कई रिट याचिकाएं भी डाली गई हैं। आने वाले समय में कुछ और याचिकाओं के फैसले आने की उम्मीद जताई गई है।
राम-भरत मिलाप और राजा दशरथ के अंतिम समय की लीला ने दर्शकों को रुलाया
-राम वनवास के संवाद रोचक रहे
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कनीना की आवाज। कनीना में चल रही श्री आदर्श रामलीला के रंगमंच पर गुरुवार रात राजा दशरथ के अंतिम समय की लीला और राम-भरत मिलाप का भावुक मंचन किया गया। भगवान श्रीराम की 13 दिवसीय लीलाओं के आठवें दिन कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय और मार्मिक संवादों से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। राम-भरत मिलाप के दृश्य में दर्शकों की आंखें नम हो गईं, वहीं राजा दशरथ के अंतिम समय के संवादों के दौरान पहली बार पर्दे पर श्रवण कुमार और उनके माता-पिता की आत्मा का दृश्य दिखाया गया। इस अनूठी प्रस्तुति को देखकर दर्शक चकित रह गए। पूरा रामलीला परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसडीएम जितेंद्र सिंह अहलावत, मार्केट कमेटी चेयरमैन जेपी कोटिया और नारनौल से पहुंचे चौधरी विकास जैन ने शिरकत की। गौरव सिंगला विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मंच संचालन की जिम्मेदारी रामलीला कमेटी के उपप्रधान दिनेश यादव ने निभाई।
लीला में राजा दशरथ का किरदार डा. राहुल शर्मा ने निभाया। वे 36 वर्ष पूर्व हंसी-व्यंग्य के माध्यम से रामलीला मंच पर अपनी अलग पहचान बनाने वाले स्वर्गीय मास्टर जगदीश शर्मा के पौत्र हैं। डा. राहुल शर्मा ने राजा दशरथ के अंतिम समय के संवादों को इतनी भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया कि दर्शक भावुक हो गए। श्रवण कुमार और उनके माता-पिता के श्राप तथा उनकी आत्मा को पर्दे पर दर्शाने का दृश्य भी आकर्षण का केंद्र रहा। पहली बार इस तरह की प्रस्तुति देखकर दर्शकों ने कलाकारों की सराहना की।
राम-भरत मिलाप ने दर्शकों की आंखें की नम-
राम-भरत मिलाप की लीला रात का सबसे भावुक दृश्य रही। भरत का किरदार पिनाक भारद्वाज और भगवान श्रीराम का किरदार शिवकुमार शर्मा ने निभाया। दोनों भाइयों के मिलन के मार्मिक संवादों ने दर्शकों को भावुक कर दिया। महिलाओं सहित अनेक दर्शकों की आंखों से आंसू छलक पड़े। वहीं लक्ष्मण का किरदार निभा रहे प्रवक्ता सचिन शर्मा ने भरत को ललकारते हुए प्रभावशाली संवाद प्रस्तुत किए, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। सीता माता का किरदार शुभम द्वारा दी गई प्रस्तुति को खूब सराहा गया।
राम वनवास की लीला में भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वनगमन के साथ केवट प्रसंग का भी मंचन किया गया। केवट का किरदार हेडमास्टर सत्यप्रकाश महरौलिया ने निभाया। उनकी सादगी और संवाद अदायगी ने दर्शकों का मन मोह लिया। केकैयी के किरदार में मुकेश कपूर ने शानदार अभिनय किया। वनवास के दौरान लक्ष्मण और भरत के बीच हुए संवादों को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया। माता कौशल्या का किरदार अमित जांगड़ा ने निभाया।
कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से भाईचारे, त्याग, प्रेम और पारिवारिक रिश्तों की महत्ता को जीवंत कर दिया।
इस अवसर पर श्याम मित्र मंडल के प्रधान अनिल गर्ग, व्यापार मंडल प्रधान रविंद्र बंसल, विक्की पंसारी, शिब्बू पंसारी, महेंद्र मित्तल, सुभाष मित्तल, सुरेंद्र शर्मा, रामलीला कमेटी प्रधान मोहित जेलदार, बाबा मोलडऩाथ कमेटी प्रधान दिनेश यादव, रामकिशन, रामा शर्मा, सुरेंद्र मिनिया, पिन्नू मित्तल और कृष्ण पहलवान सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 01: अतिथियों को सम्मानित करते हुए
02:रामलीला मंचन के दौरान राजा दशरथ की मौत के बाद का दृश्य।

























































