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Wednesday, April 15, 2026



 


नई सिरीज -02
-गायन ही नहीं शिक्षा के क्षेत्र में नाम कमाया है सुनील कुमार ने
-बेहतरीन शिक्षक एवं बेहतरीन गायक, नम्र स्वभाव के हैं प्राचार्य सुनील कुमार
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कनीना की आवाज।
 कभी-कभी ऐसे इंसान भी जग में पैैदा होते हैं जो जितने शील और नम्र स्वभाव के होते हैं उतने ही अपने कार्य के प्रति समर्पित होते हैं। उनका क्षेत्र में बहुत बड़ा नाम होता है। अपने आसपास ही देखने पर ऐसी शख्सियत मिल जाएगी जिन्होंने न केवल अपने लिए व्यक्ति दूसरों के लिए बहुत कुछ किया है और कर रहे हैं और भविष्य में भी करते रहेंगे। ऐसी शख्सियत नाम इस दुनिया में न रहने पर भी सदा अमर रहता है।
 कनीना निवासी वार्ड नंबर 2 के रहने वाले अति मृदु स्वभाव के तथा बेहतरीन गायक सुनील कुमार यादव एक ऐसी शख्सियत है जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा नाम कमाया है। वो बनना चाहते थे गायकी के उस्ताद लेकिन बन गए शिक्षा क्षेत्र में प्राचार्य। तीन मई1972 को कनीना में जन्मे सुनील कुमार के पिता जगदीश प्रसाद उन्हें बहुत चाहते थे लेकिन उनकी माता सावित्री देवी का उस समय निधन हो गया जब सुनील कुमार की उम्र यही कोई ढाई वर्ष थी। उनकी मां का देहांत 1975 में हुआ जबकि पिता का देहांत 2006 हुआ। इसलिए बचपन में उनका लालन-पालन पिता के अतिरिक्त दादा नौबतराम, दादी मनकौरी देवी ने किया। और बड़े ही प्यार से पाला। परिवार एक सामान्य किसान और कृषक पृष्ठभूमि से संबंध रखता है। छोटी सी उम्र में इनमें बाल प्रतिभा देखने को मिली और इन्हें आदर्श विद्या मंदिर कनीना में शिक्षा पाने का मौका मिला।  छोटी उम्र से संगीत में गहन रुचि गायन एवं वाद्य यंत्र बजाने का विशेष शौक रहा है परंतु उचित माध्यम न मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखना पड़ा।
   आदर्श स्कूल कनीना में छठी कक्षा पास करने के बाद सातवीं कक्षा हिंदू स्कूल सोनीपत से पास की और आठवीं कक्षा में फिर से आदर्श स्कूल कनीना में पढ़ाई शुरू कर दी। 1 साल पढऩे के पश्चात नौवीं और दसवीं की परीक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना से प्राप्त की और  इसके बाद उन्होंने कालेजी शिक्षा में कदम रखा। सुनील कुमार ने 10 + 2 की परीक्षा महेंद्रगढ़ कालेज और बीएससी मेडिकल 1994 में नारनौल से पास की। तत्पश्चात राजकीय कालेज आदमपुर से उन्होंने फार्मेसी का डिप्लोमा किया और 1997 में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक से बीएड की परीक्षा पास की। एमएससी की शिक्षा विनायक मिशन  विश्वविद्यालय से 2004 में पास करने के बाद बाद 2006 में एमए शिक्षा तथा एमए इतिहास में 2008 में पास किया। प्रतिभा इनकी सदा गुलाम रही है। यही कारण है कि उन्होंने एक बार एचटेट टीजीटी की तथा दो बार एचटेट पीजीटी बायो की परीक्षा पास की जो असाधारण प्रतिभा को दर्शाती है किंतु उन्होंने बड़े ही अदब से यह सब कर दिखाया।
 उनके परिवार में एक शादीशुदा बेटी एमएससी, बीएड शिवानी यादव है और दामाद एक्साइज इंस्पेक्टर है। वही उनका लड़का अनुराग यादव बीटेक करके महिंद्रा में डाटा एनालिस्ट का जोब कर रहा है।
 सुनील कुमार की गायकी बहुत बेहतरीन रही है। समय-समय पर लोगों ने उनके सुंदर भजन और गीतों की प्रतिभा की प्रशंसा की है। वैसे तो 1997 से शिक्षण कार्य शुरू किया और आज करीब 30 सालों तक का शिक्षण कार्य कर चुके हैं। 17 सालों से प्राचार्य की भूमिका निभा रहे हैं। 10 सालों से यूरो स्कूल में, 2 सालों से रामचंद्र पब्लिक स्कूल के निदेशक कर चुके हैं जबकि 5 सालों में साल आरएसएस स्कूल के प्राचार्य रह चुके हैं। जब से 1997 में उन्होंने बीएड की शिक्षा पूरी की तभी से शिक्षण कार्य शुरू किया। बीएड करने के बाद उन्होंने 2 साल तक अपना निजी स्कूल चलाया जिसमें विजयपाल प्राचार्य, जसवंत सिंह शिक्षक तथा डाक्टर हरिओम भारद्वाज ने भूमिका निभाई थी। इसके बाद करीब साढ़े चार वर्षों तक गीता स्कूल में पढ़ाने का मौका मिला। एक वर्ष डीएवी स्कूल कनीना ममें 2003 में शिक्षण कार्य किया। 2004 में आरआरसीएम स्कूल में प्राचार्य पद पर रहे और वर्ष 2014 तक रहे। वर्ष 2014 में आररसीएम के निदेशक बने और 2016 तक कार्य किया और 1 अप्रैल 2016 यूरो स्कूल में लगातार प्राचार्य की भूमिका निभा रहे हैं।
   जब वे कक्षा सातवीं में पढ़ते थे तो उनके पिता ने उन्हें हारमोनियम लाकर दिया। वे तभी से गायन के क्षेत्र में उतरे और गायकी में रुचि रखने लगे। कालेज की यूथ फेस्टिवल में अक्सर भाग लेते थे और कालेज कलर भी मिला। कई बार यूथ फेस्टिवल में गजल और भजन गए। बाबा मोलडऩाथ भजनों का एक आडियो  शिव म्यूजिकल कंपनी द्वारा निकाला गया जिसमें उनके भजन गाकर नाम कमाया। स्कूलों में जहां पर प्राचार्य की भूमिका निभाई या शिक्षक की भूमिका निभाई तब भी गायन जारी रख रहा। हारमोनियम, कीबोर्ड, माउथ आर्गन सभी को अच्छी प्रकार/पर्फेक्ट तरीके से बजा लेते हैं। वास्तव में गाने बजाने गुण अपने पिता से सीखा। क्योंकि उनके पिता गोसाई मंदिर में भजन गाते थे और सुनील कुमार को साथ ले जाते थे और वहीं से उनमें गायकी की रुचि बढ़ती चली गई। कक्षा सातवीं से हारमोनियम बजाना शुरू कर दिया और समय-समय पर गायकी से सभी को प्रभावित किया।
 उन्होंने कई बार सरकारी तौर पर नौकरी पाने का प्रयास किया क्योंकि भ्रष्टाचार के कारण बेहतर अंक वाले सदा पीछे रह जाते हैं। यही हाल सुनील कुमार के साथ हुआ इसके बाद तो उन्होंने मन बना लिया कि वह सरकारी जाब नहीं करेंगे। वैसे तो जितने उत्साह और मन से उन्हें सरकारी जाब की तैयारी करनी चाहिए थी वह नहीं की क्योंकि उनके भाग्य में निजी स्कूलों में बेहतर शिक्षण कार्य लिखा था। वो वर्तमान में अपने जीवन से संतुष्ट हैं। उनका कहना है कि अफसोस संगीत में करियर नहीं बन पाया, रुचि थी, सुविधा नहीं मिली। क्योंकि कालेज में लड़कियों को संगीत की शिक्षा देते थे लड़कों को नहीं, यही कारण है कि वो गायकी में पिछड़ते चले गए, वरना आज संगीत के क्षेत्र में, गायकी में उसी प्रकार चमकते जैसे रफी, मुकेश मन्ना डे आदि चमक रहे हैं। उनका कहना है कि इंसान का जिधर रुचि हो उसी तरफ जी तोड़ मेहनत करनी चाहिए फिर देखना एक न एक दिन सफलता कदम चूमेगी और सुनील कुमार ने भी यह कर दिखलाया कि जाना संगीत के क्षेत्र में था किंतु शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन शिक्षक बने है। आज भी उनका नाम है, पहले भी नाम था और भविष्य में भी उनका नाम रहेगा।



अगि़हार में ओरल हेल्थ शिविर का किया गया आयोजन
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के अगिहार गांव में ओरल हेल्थ माह  (20 मार्च से 20 अप्रैल) के उपलक्ष्य में स्वस्थ मुख खुशहाल जीवन थीम के अंतर्गत डा. दीक्षा शर्मा ने सरकारी विद्यालय में प्राथमिक वर्ग (नर्सरी से कक्षा 8 तक) के विद्यार्थियों के लिए स्कूल दंत शिक्षा एवं जांच शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर के दौरान नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी बच्चों की दंत जांच (स्क्रीनिंग) की गई। बच्चों को सही तरीके से ब्रश करने की विधि, दांतों में कीड़ा, मसूड़ों की बीमारी जैसे सामान्य दंत रोगों तथा उनके बचाव के उपायों के बारे में सरल भाषा में समझाया गया। साथ ही, मौखिक स्वच्छता बनाए रखने के लिए दैनिक आदतों और सही खान-पान के महत्व पर भी जोर दिया गया।
विद्यालय के शिक्षकों को भी बच्चों के मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया तथा उन्हें प्रेरित किया गया कि वे बच्चों को नियमित रूप से सही ब्रशिंग और स्वच्छता के लिए प्रोत्साहित करें। शिविर के दौरान समस्त स्टाफ का सहयोग सराहनीय रहा।
 जिन बच्चों को उपचार की आवश्यकता पाई गई, उन्हें आगे उपचार हेतु पीएचसी में रेफर किया गया। पवन भरद्वाज एचआई,कुलदीप कुमार एमपीएचडब्ल्यू, रेखा, विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं सभी शिक्षकगण शिविर के दौरान उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 08: ओरल, मुख जांच करते हुए डाक्टर


गरपालिका कनीना के आगामी उप-चुनाव के संदर्भ में प्रेस कांफ्रेंस 16 को
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कनीना की आवाज।
नगरपालिका कनीना के आगामी उप-चुनाव के संदर्भ में एसडीएम कनीना डा. जितेंद्र सिंह 16 अप्रैल 2026 को एक प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। जिसके लिए समय दोपहर 01 बजे
कार्यालय उप मण्डल अधिकारी (ना), कनीना का रखा गया है।



जोहड़ में जल घटा
-नहर से अविलंब आपूर्ति करने की मांग
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कनीना की आवाज।
 कनीना उप-मंडल के गांव नांगल मोहनपुर के नए जोहड़ में पशुओं के लिए जल का अभाव होता जा रहा है। जो जल भरा हुआ है वह गंदा है क्योंकि कम मात्रा में जल बचा है। गांव के अभय सिंह आर्य ने बताया कि ककराला नहर से भूमिगत पाइपलाइन बंद बिछी हुई है जो इस जोहड़ के जल को भरती है लेकिन कुछ माह पहले तक इस पाइप से अच्छी प्रकार जल की आपूर्ति होती थी, जोहड़ लबालब भरा होता था किंतु गत दिनों से इसमें जल की आपूर्ति बहुत कम हो पा रही है जिससे बचा हुआ जल दूषित होता जा रहा है। पशुओं के लिए यह जल बहुत महत्व रखता है। वही पक्षी भी इसी जल के सहारे जीवित है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि नांगल मोहनपुर के नए जोहड़ को अविलंब नहर के जल से भरा जाए ताकि गर्मी में राहत मिल सके और आने वाले समय भी पशुओं के लिए जल आपूर्ति हो सके। उन्होंने कहा कि गांव के रोशन लाल, गजेंद्र, अभय सिंह का कहना है कि गांव का यह एकमात्र जोहड़ है जिसमें पानी पशुओं के लिए उपलब्ध हो पाता है। पास में ही जहां गंदा जल भरा खड़ा है। उन्होंने कहा कि नहर में पानी छोड़ा जाए और इस जोहड़ को भरा जाए।
 फोटो कैप्शन 07: नांगल मोहनपुर का जोहड़ दिखाते हुए अभय सिंह आर्य





अरबी उगाकर कमा रहा है गजेंद्र सिंह नाम
 -विगत 4 वर्षों से उगा रहा है आर्गेनिक सब्जी
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव मोहनपुर नांगल निवासी गजेंद्र सिंह चार वर्षों से आर्गेनिक सब्जी उगाकर न केवल आय प्राप्त कर रहा है अपितु लोगों की सेहत का ध्यान भी दे रहा है।  विगत 4 वर्षों से सब्जी उगा रहा है और हजारों रुपए का लाभ वर्ष भर में कमा लेता है। विगत वर्ष 7000 रुपए की आय हुई थी।
 उनका कहना है की फसलों के मुकाबले सब्जी उगाना बहुत बेहतर साबित होता है और लोगों को फसल की बजाय सब्जी उगाने पर भी ध्यान देना चाहिए। इससे सेहत भी बनेगी और आय भी बढ़ेगी। गजेंद्र सिंह ने बताया कि विगत वर्ष कई सब्जियों के साथ साथ,अरबी की खेती की थी। दो क्विंटल अरबी पदा हुई जिसे बाजार में बेचकर लाभ कमाया। इस वर्ष एक एकड़ में जहां भिंडी,  अरबी, सोयाबीन, लौकी, प्याज, करेला, सौंप आदि की सब्जी उगाई हुई है। इस बार उन्हें बेहतरीन पैदावार होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि अरबी के पत्ते बड़े-बड़े शहरों में ऊंचे दामों पर बिकते हैं वहीं अरबी की भी अच्छी मांग बाजार में है। उन्होंने बताया कि महेंद्रगढ़-रेवाड़ी आदि सब्जी मंडियों में यह सब्जी बेचकर आना पड़ता है। यहां तक कि छोटी मंडियों में सब्जी की खपत कम होने से कम मात्रा में बिकती है। गजेंद्र सिंह का कहना है कि एक कनाल में अरबी उगाई है। इस समय बेहतर अरबी खड़ी हुई है और आने वाले समय में बेहतर पैदावार देने की उम्मीद है। वही लौकी  भी अच्छी पैदावार दे रही है। आने वाले समय में सब्जियों बेहतर पैदावार हो सकेगी। उन्होंने बताया कि वह कभी दवाइयां, उर्वरक आदि नहीं डालते जिसके कारण उनकी सब्जी की मांग अधिक है। फोटो कैप्शन 6: अरबी की खेती दिखाते हुए गजेंद्र सिंह



महेंद्रगढ़ जिले में पंचायती राज संस्थाओं के उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित
-10 मई को होगा मतदान -डीसी कैप्टन मनोज कुमार
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कनीना की आवाज।
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि जिला महेंद्रगढ़ में पंचायती राज संस्थाओं के रिक्त पदों को भरने के लिए उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार जिले में चुनावी प्रक्रिया आज यानी 15 अप्रैल से विधिवत रूप से शुरू हो गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने चुनावों को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव के लिए नामांकन पत्र भरने का सिलसिला 21 अप्रैल से शुरू होगा और उम्मीदवार 25 अप्रैल को दोपहर 3:00 बजे तक अपने पर्चे दाखिल कर सकेंगे।
इसके बाद 27 अप्रैल को सुबह 11:00 बजे से नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। यदि कोई उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहता है, तो वह 28 अप्रैल को दोपहर 3 बजे तक अपना आवेदन दे सकता है। नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होते ही इसी दिन उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए जाएंगे और चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि मतदान 10 मई (रविवार) को सुबह 8:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक करवाया जाएगा। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद वोटों की गिनती शुरू कर दी जाएगी और उसी दिन नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।
यदि किसी कारणवश किसी बूथ पर दोबारा मतदान (री-पोल) की जरूरत पड़ती है, तो उसके लिए 12 मई की तारीख सुरक्षित रखी गई है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हरियाणा पंचायती राज चुनाव नियमों की सख्ती से पालना की जाए और चुनावी प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए।
जिला के इन गांव में होंगे उपचुनाव-
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि महेंद्रगढ़ जिले के विभिन्न खंडों में रिक्त पदों पर उपचुनाव होने हैं। इसमें खंड अटेली नांगल के तहत ग्राम पंचायत फतेहपुर में सरपंच पद के लिए चुनाव होगा। इसके अतिरिक्त जिले के विभिन्न गांवों में पंचों के रिक्त पदों के लिए भी मतदान प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी?। इनमें मुख्य रूप से खंड कनीना के गांव छितरोली (वार्ड 7), स्याना का (वार्ड 11), कपुरी (वार्ड 2), धनौंदा (वार्ड 4), भोजावास (वार्ड 7), खंड महेंद्रगढ़ के गांव खुडाना (वार्ड 3), खंड नांगल चौधरी के गांव इकबालपुर नंगली (वार्ड 6), बुढवाल (वार्ड 3), खंड नारनौल के गांव थाना (वार्ड 5 व 7), खंड निजामपुर के गांव मारोली (वार्ड 4), नापला (वार्ड 3), खंड सतनाली के गांव ढाणा (वार्ड 4), नंगला (वार्ड 4), ढाणी कुमहारान (वार्ड 5) शामिल हैं।


विश्व आवाज दिवस -16 अप्रैल

--आवाज भगवान का दिया हुआ एक वरदान
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कनीना की आवाज।
आवाज भगवान का दिया हुआ एक वरदान होता है, आवाज के बगैर इंसान मूक महसूस होता है जिसके मन की भावना को समझ पाना भी कठिन होता है किंतु जब इंसान अपने विचार व्यक्त करता है तो उसकी आवाज से पता चलता है कि वह किस प्रकृति का इंसान है। जब बच्चा छोटा होता है तब उसकी आवाज का पूरा परिवार इंतजार करता रहता है और जब से वह बोलना शुरू करता है तब से सबके मन को हर लेता है। आवाज से ही किसी की भावना का पता लगता है। सशक्त आवाज समाज,सभा आदि में सम्मान दिलाती है वहीं आवाज यदि कमजोर हो तो बड़े से बड़ा अधिकारी और नेता सफल नहीं हो सकता। सफलता के चरम पर पहुंचने में एक चीज आवाज का अहम रोल होता है। आवाज के विषय में विभिन्न लोगों से चर्चा की गई।
**आवाज के कारण देश क्या विदेश तक जहां रफी को आज भी रेडियो टीवी आदि पर सुनते हैं क्योंकि आवाज मधुर और कर्णप्रिय है। सशक्त आवाज सभी का मन मोह लेती है, आवाज से ही इंसान की दूरदराज तक पहचान बनती है। यदि आवाज में दर्द, मिठास का समावेश हो तो समाज में नाम कमाती है। आवाज से ही इंसान की अंदरूनी भावना का पता चलता है। आवाज ही है जो इंसान को ऊंचाइयों तक ले जाती है।
-- सुनील कुमार, वक्ता
आवाज के बल पर इंसान बड़े से बड़ा पद पा सकता है। यदि अच्छा वक्ता है तो किसी बड़े पद के लिए साक्षात्कार पर जाता है तो उसका चयन संभव हो सकता है किंतु यदि आवाज अच्छी नहीं है और अपने बातों को समझने का प्रयास करते हुए आवाज के कारण उसकी बातें मंद पड़ जाती है, तो उसका चयन नहीं हो पाता। बहुत से ऐसे इंसान है जो देखने में तो बहुत हट्टे, कट्टे नजर आते हैं किंतु जब आवाज सुनते हैं तो ऐसा लगता है कि इंसान सफल नहीं है। नेता की आवाज ही उसे सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।
--कृष्ण कुमार, समाजसेवी
फोटो कैप्शन: सुनील कुमार तथा कृष्ण कुमार


कनीना नगर पालिका के वार्ड नंबर 14 के उपचुनाव के लिए शेड्यूल जारी
-10 मई को होगा मतदान, मतगणना 13 मई को
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कनीना की आवाज।
रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम कनीना डा. जितेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि कनीना नगर पालिका के वार्ड नंबर 14 में सदस्य पद के लिए रिक्त सीट पर उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार चुनाव प्रक्रिया के तहत इच्छुक उम्मीदवार 21 अप्रैल से 25 अप्रैल तक सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच एसडीएम कोर्ट कनीना में अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे।
डॉ. जितेंद्र कुमार ने आगे बताया कि प्राप्त नामांकन पत्रों की जांच 27 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे से की जाएगी। जो उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहते हैं, वे 28 अप्रैल को दोपहर 3 बजे तक अपनी उम्मीदवारी वापस ले सकेंगे, जिसके तुरंत बाद उसी दिन चुनाव प्रतीकों का आवंटन कर दिया जाएगा और उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी। मतदान 10 मई (रविवार) को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। यदि कहीं पुनर्मतदान की आवश्यकता पड़ती है, तो उसके लिए 12 मई की तारीख तय की गई है। चुनाव के नतीजों के लिए वोटों की गिनती 13 मई को सुबह 8 बजे से महेंद्रगढ़ स्थित नारनौल में जिला उपायुक्त द्वारा निर्धारित स्थान पर की जाएगी और मतगणना पूरी होते ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।


देश की सबसे बड़ी सांख्यिकीय कवायद जनगणना-2027 में भी डिजिटल क्रांति
-आज से घर बैठे अपने मोबाइल से ऑनलाइन कर सकेंगे स्व-गणना
-प्रगणक के घर आने का ना करें इंतजार, खुद भरें विवरण
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कनीना की आवाज।
आधुनिक भारत की बदलती तस्वीर में अब देश की सबसे बड़ी सांख्यिकीय कवायद जनगणना-2027 भी पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। आम नागरिक 16 अप्रैल (वीरवार) से आनलाइन माध्यम से स्व-गणना में भाग ले सकते हैं।
यह जानकारी देते हुए उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि आगामी डिजिटल जनगणना के प्रथम चरण का आगाज आगामी 01 मई 2026 से पूरे हरियाणा में होने जा रहा है। इस बार की सबसे बड़ी विशेषता 16 अप्रैल से स्व-गणना की नई पहल है जो आमजन को सशक्त बनाने और डेटा की सटीकता सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
उपायुक्त ने बताया कि नागरिक अब प्रगणकों के घर आने का इंतजार किए बिना खुद अपना विवरण पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह न केवल समय की बचत करेगा बल्कि आपकी गोपनीयता और डेटा की शुद्धता को भी बढ़ाएगा।
नारनौल के नोडल अधिकारी सह नगराधीश डॉ मंगलसेन ने बताया कि प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के तीसरे दौर का प्रशिक्षण 15 से 17 अप्रैल तक जिले के 15 केंद्रों पर आयोजित किया जा रहा है ताकि प्रक्रिया निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।
जनगणना निदेशालय के अंकेत यादव और सहायक प्रमंडल प्रभारी सतीश कुमार ने जनगणना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके लिए टोल-फ्री नंबर 1855 जारी किया गया है जिस पर कॉल करके नागरिक किसी भी प्रकार की सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
कैसे करें स्व-गणना-अपनी और अपने परिवार की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करना बेहद सरल और सुरक्षित है। नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करें।
16 अप्रैल 2026 से पोर्टल पर जाए, पोर्टल पर लाग-इन करें। अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और ओटीपी के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करें। पोर्टल पर मौजूद डिजिटल फार्म में अपने परिवार के सदस्यों की जानकारी और शैक्षिक योग्यता एवं अन्य आवश्यक विवरण भरें। फार्म भरने के बाद आपको एक यूनिक रेफरेंस नंबर प्राप्त होगा। जब जनगणना कर्मी आपके घर आए तो आपको बस वह रेफरेंस नंबर उन्हें देना होगा। आपकी जानकारी स्वत: ही उनके डेटाबेस से सिंक हो जाएगी।

 कनीना नगर पालिका उपचुनाव-10 मई को
-उपचुनाव की तारीख घोषित होते ही चुनावी गतिविधियां शुरू हो गई हैं
-डोर टू डोर मांग रहे हैं रात को भी वोट
-उम्मीदवारों ने वोट मांगने और जनसंपर्क तेज कर दिया
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कनीना की आवाज।
कनीना नगर पालिका उपचुनाव 10 मई को निर्धारित कर दिए गए हैं।  ज्यों ही उपचुनाव की तारीख घोषित हुई है त्यों ही संभावित प्रत्याशियों की चुनावी गतिविधियां शुरू हो गई हैं। वे डोर टू डोर वोट मांग रहे हैं। शाम से रात तक वोटरों के पास जाकर उनका मन टटोल रहे हैं। ऐसे में उम्मीदवारों ने वोट मांगने और जनसंपर्क तेज कर दिया है। वार्ड 14 में उपचुनाव होना है जिसके चलते स्थानीय लोग और उम्मीदवार मीटिंग, बैठकों और घर-घर जाकर संपर्क कर रहे हैं। हुक्कों पर एवं चौपालों में
चुनावी चर्चाएं और हलचल बढ़ गई है।
अलग-अलग उम्मीदवार अपने-अपने समर्थन के लिए लोगों से संपर्क कर रहे हैं। 760 वोटर किसी का चुनाव बतौर पार्षद करेंगे। संभावित प्रत्याशी लोगों के बीच स्थानीय मुद्दों और विकास कार्यों को लेकर भी बातचीत कर रहे हैं। इन उप चुनावों में कई प्रत्याशी मैदान में उतरने की संभावना है। पुराने चुनाव लडऩे वाले भी मैदान में आने लगे हैं। इस उप चुनाव में कठिन मुकाबला होने के आसार बन गए हैं। क्योंकि सभी पार्षद वोटरों से संपर्क कर उनके वोट अपने अपने प्रत्याशी के पक्ष में करने का प्रयास कर रहे हैं। मास्टर एवं लोढ़ा गुट के अलावा स्वतंत्र रूप से चुनाव लडऩे वाले भी कई प्रत्याशी मैदान में होंगे।
फोटो कैप्शन 03: वोट मांगते हुए संभावित प्रत्याशी एवं वोटर




दिल्ली पुलिस की सब-इंस्पेक्टर एकता यादव का गोसेवा को किया नमन
— परिवार संग पहुंचकर 31,000 रुपए का किया सहयोग
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कनीना की आवाज।
श्रीकृष्ण गोशाला कनीना में उस समय श्रद्धा और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला, जब दिल्ली पुलिस में कार्यरत सब-इंस्पेक्टर एकता यादव अपने माता-पिता के साथ गोशाला पहुंची और गायों की सेवा कर समाज को प्रेरित किया।
एकता यादव अपनी माता राजबाला यादव एवं पिता राजकुमार के साथ गोशाला पहुंची। जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और गोवंश को चारा खिलाया। इस दौरान उन्होंने गायों के लिए चारा खरीदने के लिए 31,000 रुपए की सहयोग राशि भेंट की।
खास बात यह रही कि एकता यादव इससे पहले भी अपनी नौकरी ज्वाइन करते समय 31,000  रुपए का सहयोग दे चुकी हैं, जो उनके निरंतर सेवा भाव और समर्पण को दर्शाता है। उनका परिवार वर्षों से गोसेवा से जुड़ा हुआ है और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
इसी कड़ी में समाजसेवी गुरदयाल साहब ने भी 3,100 रुपए की राशि भेंट कर सेवा कार्य में अपनी सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर गौशाला परिसर में प्रधान भगत सिंह, उपप्रधान रविंद्र कुमार, सह मंत्री रामपाल यादव, पृथ्वी सिंह बोहरा, पूर्व पार्षद राजेंद्र प्रसाद, जितेंद्र कादियान, मास्टर रामप्रताप, नीलम देवी लिली, बलवान आर्य, ओमप्रकाश ठेकेदार, अधिवक्ता कैलाश गुप्ता सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
 प्रधान भगत सिंह ने एकता यादव के परिवार एवं गुरदयाल साहब का विशेष आभार व्यक्त किया।
फोटो कैप्शन 04: एकता यादव गायों की सेवा करते हुए


कोटिया गांव की सड़कों पर गंदा पानी फैला
-घरों के आस पास खड़ा है गंदा जल
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव कोटिया की  हरिजन बस्ती में फिरनी पर हर समय गंदा पानी भरा रहता है। राहगीर बेहद परेशान हैं। वर्षों से यह समस्या चली आ रही है। पैदल जाने वाले भी गंदे पानी से गुजर रहे हैं।
 ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में डीसी  समाधान शिविर ,सीएम विंडो में भी लिखित शिकायत दी लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। प्रशासन ओर अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। मकान मालिक  करतार सिंह एवं रविंद्र कुमार का कहना है कि उनका मकान गिरने के कगार पर है। गरीब परिवारों का कोई  सहारा भी नहीं है ताकि पैसा लगा कर मकान बना ले। इसलिए सरकार ओर मांग की है कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान किया जाये।
कोटिया निवासी लाल सिंह ,राजेन्द्र,
जयवीर, सत्यवीर आदि ने बताया कि विगत लंबे समय से जोहड़ की समस्या चली आ रही थी। अब नाले के चलते गंदा पानी सड़कों पर खड़ा हो गया है।














  इस संबंध में धर्मवीर सरपंच कोटिया से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह मामला न्यायालय में चल रहा है। ऐसे में न्यायालय का जो आदेश होगा उसका पालन किया जााएगा।
फोटो कैप्शन 01 व 02: सड़कों पर फैला गंदा जल

Tuesday, April 14, 2026



 




भीमराव आंबेडकर को किया गया याद
- गुढ़ा में निकली शोभायात्रा
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कनीना की आवाज।
 कनीना उप-मंडल के गांव गुढ़ा में डा. भीमराव आंबेडकर की जयंती मनाई गई। ग्राम पंचायत गुढ़ा, कमेटी के सदस्यों एवं समस्त ग्राम वासियों की सहयोग से बाबा साहब की प्रतिमा माल्यार्पण किया तथा शोभायात्रा निकाली गई। गांव के सरपंच एडवोकेट वीरेंद्र दीक्षित ने छत पर चढ़कर पुष्प वर्षा कर झांकी का स्वागत किया। गांव के सभी गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। प्रशासन की तरफ से सदर कनीना की पूरी टीम,  खुशीराम, सुमेर सिंह, जोगेंद्र  महेश, सुगन सिंह, श्रीचंद एवं सुरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 12: संबंधित है




कनीना क्षेत्र में जगह जगह डा.
आंबेडकर को याद किया
-समाजसेवियों को पुरस्कृत भी किया गया
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में जगह जगह डा. आबेडकर को याद किया। उन्हें पुष्प अर्पित किए।
कनीना उपमंडल के गांव पड़तल में भारत रत्न डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े ही श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक शिक्षित एवं गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और बाबा साहेब को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
  कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बाबा साहेब के जीवन और उनके महान योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उन्होंने भारतीय संविधान के माध्यम से देश को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार दिया। संविधान में मौलिक अधिकारों की व्यवस्था, छुआछूत का उन्मूलन, सभी नागरिकों को समान अवसर, शिक्षा का अधिकार और कानून के समक्ष समानता जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान उनके दूरदर्शी विचारों का परिणाम हैं।
उधर  भारत रत्न बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर अतरलाल एडवोकेट ने सामाजिक न्याय और समानता के लिए सामाजिक न्याय यात्रा और जन अभियान की शुरुआत की। गांव भोजावास में डा. अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्होंने इस अभियान और सामाजिक न्याय यात्रा का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विनोद एडवोकेट ने की।
उन्होंने कहा कि डा. अम्बेडकर की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं। उनकी शिक्षाओं संघर्ष करो-संगठित बनो-शिक्षित बनों को अपनाकर ही हम अपने अधिकार ले सकते हैं।
 उधर कनीना उपमंडल के गांव धनौंदा में डा. भीमराव अंबेडकर जी की 135वीं जयंती के अवसर पर उन्हें याद किया गया। इस अवसर पर भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा महेन्द्रगढ़ जिला महासचिव चौधरी रामनिवास खेड़ी सहित विभिन्न लोगों ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस मौके पर सूरत सिंह ने बाबा साहब के महान विचारों, सामाजिक समरसता, समानता और न्याय के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देता है।
इस गरिमामय अवसर पर कनीना पंचायत समिति चेयरमैन जयप्रकाश यादव, , जिला पार्षद अजित सिंह, कनीना मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन रतन सिंह, हैंड मास्टर सूरत सिंह, थानेदार सतपाल, प्रधान वेदपाल दहिया, ईश्वर सिंह, रिटायर इंस्पेक्टर पूर्ण सिंह, पूर्व पंच हवा सिंह दुबट, रमेश कुमार, भोला खेड़ी, पूर्व पंच धर्मबीर जी सहित अनेक प्रबुद्धजन, समाजसेवी एवं गणमान्य जन मौजूद रहे। प्रतिभावान विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया।
फोटो कैप्शन 06: धनोंदा में आंबेडकर जयंती पर अव्वल विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते हुए
          10: पड़तल में 11: भोजावास में डा. आबेडकर को याद करते हुए



डा. आंबेडकर को याद किया
-प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को किया पुरस्कृत
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव धनौंदा में डा. भीमराव अंबेडकर जी की 135वीं जयंती के अवसर पर उन्हें याद किया गया। इस अवसर पर भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा महेन्द्रगढ़ जिला महासचिव चौधरी रामनिवास खेड़ी सहित विभिन्न लोगों ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस मौके पर सूरत सिंह ने बाबा साहब के महान विचारों, सामाजिक समरसता, समानता और न्याय के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देता है।
इस गरिमामय अवसर पर कनीना पंचायत समिति चेयरमैन जयप्रकाश यादव, , जिला पार्षद अजित सिंह, कनीना मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन रतन सिंह, हैंड मास्टर सूरत सिंह, थानेदार सतपाल, प्रधान वेदपाल दहिया, ईश्वर सिंह, रिटायर इंस्पेक्टर पूर्ण सिंह, पूर्व पंच हवा सिंह दुबट, रमेश कुमार, भोला खेड़ी, पूर्व पंच धर्मबीर जी सहित अनेक प्रबुद्धजन, समाजसेवी एवं गणमान्य जन मौजूद रहे। प्रतिभावान विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया।
फोटो कैप्शन 05: डा. आंबेडकर जयंती मनाते हुए।




नई सिरीज -02 पढ़े 15 अप्रैल को
-गायन ही नहीं शिक्षा के क्षेत्र में नाम कमाया है सुनील कुमार ने

 




बीआर आदर्श विद्यालय सेहलंग में शिक्षकों की प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित
-सेहलंग तथा बिरही कलां के समस्त शिक्षकों ने लिया भाग
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कनीना की आवाज।
बीआर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेहलंग में आज शिक्षकों के लिए एक भव्य एवं ज्ञानवर्धक सीबीएसई आंतरिक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय की दोनों ब्रांच सेहलंग तथा बिरही कलां के समस्त शिक्षकों ने भाग लिया। यह कार्यशाला शिक्षकों के कौशल विकास एवं शिक्षण गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
कार्यशाला का मुख्य विषय कक्षा प्रबंधन तथा गतिविधि आधारित शिक्षण रहा। इस दौरान शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने के उपायों तथा कक्षा में अनुशासन बनाए रखने के प्रभावी तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। रिसोर्स पर्सन  सुकन्या पी. शर्मा ने अपने अनुभवों के माध्यम से शिक्षकों को यह समझाया कि किस प्रकार गतिविधि आधारित शिक्षण को अपनाकर विद्यार्थियों को अधिक रुचिकर एवं प्रभावी ढंग से पढ़ाया जा सकता है। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से यह भी बताया कि कक्षा में प्रत्येक विद्यार्थी को सक्रिय बनाए रखने के लिए नवीन शिक्षण विधियों का प्रयोग आवश्यक है।
कार्यशाला के दौरान विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियों का आयोजन भी किया गया, जिसमें शिक्षकों ने स्वयं भाग लेकर नए-नए शिक्षण तरीकों को सीखा और उन्हें अपनी कक्षाओं में लागू करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर शिक्षकों के बीच विचार-विमर्श का भी आयोजन किया गया, जिससे उन्हें अपने अनुभव साझा करने तथा नई जानकारियां प्राप्त करने का अवसर मिला।
मुख्य अतिथि हरिश भारद्वाज ने कहा कि एक सक्षम शिक्षक ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखता है। उन्होंने कहा कि समय के साथ शिक्षा पद्धति में निरंतर बदलाव आ रहा है, इसलिए शिक्षकों को भी स्वयं को निरंतर अद्यतन करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यालय द्वारा इस प्रकार की प्रशिक्षण कार्यशालाओं के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता में निश्चित रूप से सुधार होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्या ज्योति भारद्वाज ने भी विचार रखे और कहा कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को अपनी कक्षाओं में प्रभावी रूप से लागू करें, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
 इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन हरिश भारद्वाज मुख्य अतिथि, रिसोर्स पर्सन एवं ट्रेनर सुकन्या पी शर्मा विशिष्ट अतिथि, प्रधानाचार्या ज्योति भारद्वाज अध्यक्ष तथा विद्यालय के वाईस चेयरमैन कृष्ण भारद्वाज विशेष रूप से मौजूद रहे  ।
फोटो कैप्शन
09:  रिसोर्स पर्सन एवं ट्रेनर सुकन्या पी. शर्मा प्रशिक्षण सत्र के दौरान शिक्षकों को संबोधित करते हुए।
08: कार्यशाला में भाग लेते शिक्षकगण।




हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति त्रिवार्षिक
चुनाव, वार्षिक सम्मेलन व राज्य कार्यकारिणी के चुनाव सम्पन्न
--प्रमोद गौरी को प्रदेश अध्यक्ष चुना
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कनीना की आवाज।
हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति त्रिवार्षिक वार्षिक सम्मेलन व राज्य कार्यकारिणी के चुनाव सम्पन्न हुए जिसमें जिला महेंद्रगढ़ का प्रतिनिधिमंडल धर्मपाल शर्मा जिला संयोजक हरियाणा विज्ञान मंच के नेतृत्व में  संतोष शर्मा एवं नरेश कुमार सैनी ने भाग लिया ।
धर्मपाल शर्मा ने बताया कि करनाल में स्थानीय महाराणा प्रताप भवन सेक्टर-8 में हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति के 11वें राज्य सम्मेलन के तीसरे दिन संगठन के संविधान के ड्राफ्ट को प्रस्तुत किया गया। विभिन्न राज्यों से आए हुए प्रतिनिधियों ने संविधान के ड्राफ्ट पर चर्चा की। चर्चा के उपरांत प्रस्तावित संशोधन के बाद संविधान का सर्वसम्मति से अनुमोदन कर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान 3 महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। सामाजिक न्याय का प्रस्ताव अमृतलाल ने, शिक्षा का प्रस्ताव मा. बजीर सिंह तथा युद्ध विरोधी प्रस्ताव संदीप महिया ने प्रस्तुत किया।
सर्वसम्मति से सदन में इसका समर्थन किया गया। सभी प्रतिभागियों के फीडबैक प्रपत्र का समेकन मंच से प्रस्तुत किया गया, जिसमें युवाओं, महिलाओं की भागीदारी अच्छी रही।
इस अवसर पर भारत ज्ञान विज्ञान समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. काशीनाथ चटर्जी ने संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर देखा जाए तो विकसित देशों के अमीर लोग अपने देश के सत्ता पक्ष पर दबाव बनाकर जन कल्याण की दिशा को अवरुद्ध करते दिखाई दे रहे हैं ताकि वे स्वयं जनकल्याणकारी मुद्दों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों से भी बड़े मुनाफे ले पाएं। इसके चलते उन देशों में बेरोजगारी के साथ-साथ अनेक सामाजिक विकृतियां उभरने लग रही हैं। हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश भुरेटा ने ज्ञान विज्ञान समिति के अनुभवों को साझा किया।
इस अवसर पर तीन वर्ष के लिए नई कार्यकारिणी का चुनाव किया गया, जिसमें
अध्यक्ष -प्रमोद गौरी ,उपाध्यक्ष- सोहनदास व नंदकिशोर,महासचिव-सुरेशकुमार,सहसचिव :वेदपाल,कोषाध्यक्ष  मनीषा,सचिव मंडल के सदस्यों में रामफल मलिक ,सुरेश गिरधर,शीतल चुने गए। नरेश प्रेरणा, प्रमोद कुमार ,संदीप महिया, ललित सोलंकी, अमृतलाल, प्रवीण कुमार, विनोद मंगलोरा, सतीश शेखपुरा कृष्ण मलिक, कृष्ण वत्स ,बबीता, शीशपाल
राम मेहर ,अनीता भगोटिया, वजीर सिंह ,लाभ सिंह हुड्डा, डॉक्टर बलजीत भ्याण को कार्यकारिणी सदस्य चुना गया।
सम्मेलन को सफल बनाने में जिला करनाल कार्यकारिणी सदस्यों विनोद कुमार, सतीश कुमार, जरासो देवी,जयप्रकाश शास्त्री, डा. पवन कुमार,सतीश कुमार ,सूरज कुमारी ,मीना, मेहर,गुंजन कहरबा, शबनम, कृष्णचन्द्र शर्मा, ओमप्रकाश सिंहमार उधम सिंह राठी, जय भगवान शर्मा,नीरज अरोडा  तथा सेवाराम बड़सर आदि का सराहनीय योगदान रहा ।
फोटो कैप्शन 07: सम्मेलन में भाग लेते हुए





कनीना नगर पालिका के उप चुनाव की तिथि घोषित होते ही वोट मांगने की प्रक्रिया शुरू
-वार्ड 14 से होना है उपचुनाव, 670 है वोटर
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कनीना की आवाज।
 नगर पालिका कनीना के यूं तो प्रधान एवं उप प्रधान पहले ही बन चुके हैं। नगर पालिका अपना कार्य विधिवत रूप से कर रही थी कि अचानक वार्ड 14 के पार्षद राजेंद्र लोढ़ा की चार दिसंबर 2025 को मौत के बाद एक बार फिर से कनीना के वार्ड 14 की तरफ लोगों की नजरें टिक गई है। यहां 10 मई को उपचुनाव होने वाले हैं क्योंकि वार्ड 14 का पार्षद नगर पालिका प्रधान का ससुर था। अब लोगों की नजरें वार्ड 14 पर टिक गई है और कई नए और पुराने चुनाव लडऩे वाले इस चुनाव मैदान में उतर सकते हैं।  वार्ड 14 से पहले चुनाव लड़ चुके ऐसे पूर्व पार्षदों के मैदान में उतरने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वार्ड 14 एक नया वार्ड पहली बार चुनाव इस बार के चुनावों में बनाया गया था। बीते चुनावों से पहले कनीना नगर पालिका के 13 वार्ड होते थे। पहली बार चुनाव में वार्ड 14 बनाया गया था  जिसमें अधिकांश लोग रेवाड़ी, करीरा,गाहड़ा आदि सड़क मार्ग पर बसे हुई वोटर हैं। उसके लिए चुनाव लडऩे वालों की जमकर तैयारी भी शुरू हो गई है। चुनाव तिथि की घोषणा की रात से वार्ड में वोट मांगने वाले सक्रिय हो गये हैं।
  मिली जानकारी अनुसार 9 जनवरी को प्रदेश सरकार ने चुनाव आयोग से कुछ परिषदों के चुनाव एवं उप चुनाव कराने की अनुमति मांगी थी जिस पर चुनाव आयोग ने अनुमति भी दे दी है। और अब उप-चुनाव तिथि घोषित कर दी गई है।
कितने हैं वोटर -
कनीना वार्ड 14 में वोटर लिस्ट की 27 मार्च 2026 की प्रकाशन तिथि अनुसार 670 वोटर है जिसमें से 340 पुरुष वोटर तथा 330 महिला वोटर हैं। मतदान केंद्र पितामह कान्ह सिंह धर्मशाला रेवाड़ी रोड दायां कक्षा बनाया हुआ है। इस वार्ड में जहां कस्बा कनीना के बाहर से गुजरने वाला कनीना- रेवाड़ी सड़क मार्ग पर वार्ड 14 बना हुआ है। जिसमें गाहड़ा रोड करीरा, कोसली रोड, रेवाड़ी रोड के के वोटर शामिल हैं।
इस प्रकार चलेंगे उपचुनाव-
चुनाव आयोग से मिली जानकारी अनुसार 21 अप्रैल से 25 अप्रैल तक सुबह 11 बजे से शाम 3 तक नामांकन चलेंगे और 27 अप्रैल 2026 को नामांकनों की जांच की जाएगी। 28 अप्रैल को सुबह 11 बजे से शाम 3 के बीच नाम वापस लिए जा सकेंगे और 28 अप्रैल को ही चुनाव चिन्ह प्रदान कर दिए जाएंगे। मतदान 10 मई 2026 को  रविवार के दिन होगा। मतदान का समय सुबह 8 से शाम 6 तक चलेगा जबकि वोटो की गिनती 13 मई 2026 को सुबह 8 बजे से शुरू होगी और उसी दिन परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।
हुक्को पर चल पड़ी है चुनावी चर्चाएं-
 वार्ड नंबर 14 से उपचुनाव लडऩे वाले अभी से ही तैयार हो गए हैं। जहां उपचुनाव की घोषणा होते ही उसी रात को भागदौड़ मच गई थी। वार्ड 14 के मतदाताओं का मन टटोलने लगे हैं। ऐसे में हुक्को की गुडग़ुड़ाहट पर भी वोटो की चर्चा और चुनाव लडऩे वाले आगे आने लगे हैं। यह वार्ड इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि इसमें कनीना कस्बे के अंदर नहीं अपितु कनीना कस्बे के बाहर सड़क पर बसे ढाणियों के वोटर शामिल हैं। वैसे भी इस बार यह पता लग पाएगा की पूर्व प्रधान लोढ़ा की मृत्यु के बाद हार जीत पर क्या प्रभाव पड़ेगा। अभी तक कनीना कस्बा में दो ही प्रमुख गुट माने गए हैं जिनमें मास्टर गुट तथा लोढ़ा गुट प्रमुख हैं। इस उप चुनाव में दोनों के प्रत्याशी खड़े होंगे वहीं अनेक प्रत्याशी भी मैदान में खड़े होने के लिए तैयार हो गए हैं। इस बार इस वार्ड से जीत पाना आसान नहीं होगा क्योंकि यह वार्ड-एक और अन्य वार्डों से बना है जिसमें ढाणियों एवं ट्यूबवेलों पर बसे हुए वोटरों को ही शामिल किया गया है।
किसान रहेंगे व्यस्त-
कनीना उप चुनाव दौरान किसान अति व्यस्त रहेंगे। अभी मौसम बदलते ही लावणी एवं फसल पैदावार लेने का काम शुरू हो गया है। अप्रैल माह के अंत तक फसल पैदावार लेने के बाद खरीफ फसल की तैयारियों में किसान लग जाएंगे। ऐसे में वोट मांगने वालों को खेतों में या रात के समय ही वोटरों के पास जाना होगा।
फोटो कैप्शन: नगरपालिका कनीना
साथ में 04: हुक्कों पर चर्चा करते वोटर


डा. भीमराव को जगह जगह किया याद
-गांवों में भी किया याद
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कनीना की आवाज।
कनीना एवं आस पास गांवों में डा. भीमराव आंबेडकर की जयंती मनाई गई। प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए
डा. भीमराव आंबेडकर जन जागरण समिति कनीना के तत्वाधान में कनीना आंबेडकर चौक पर बाबा साहब की 135वीं जयंती बड़ी धूमधाम से मनाई गई। उपस्थित लोगों ने फूल मालाएं अर्पित की और संविधान निर्माता को याद किया।
उधर रामबास में डा. आंबेउकर जयंती मनाई गई। जिसमें वेदप्रकाश नम्बरदार रामबास मुख्य अथिति बतौर पहुंचे। ग्रामीणों  ने बाबा साहेब को माला पुष्प अर्पित किये जिसमें पूर्व प्रधान रमेश  कुमार,  भाना राम, दयाराम, हरद्वारीलाल ,अजय निम्भल  कपिल निंभल, सरपंच माया देवी, शर्मीला, बिमला निर्मला, कुलदीप आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शनल 01: कनीना में डा. आंबेडकर को याद करते हुए
         02: रामबास में संविधान निर्माता को याद करते हुए।






श्रीकृष्ण गोशाला में सूबेदार मेजर मनोज कुमार ने मनाई वैवाहिक वर्षगांठ
-11 हजार रुपए का दान भी दिया
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कनीना की आवाज।
भारतीय संस्कृति में गौसेवा को अत्यंत पुण्यदायी और श्रेष्ठ कार्य माना गया है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आज श्रीकृष्ण गोशाला कनीना में गांव दखोरा रेवाड़ी निवासी सूबेदार मेजर मनोज कुमार एवं उनकी धर्मपत्नी बीना देवी ने अपनी 30वीं वैवाहिक वर्षगांठ बड़े ही श्रद्धा और सादगीपूर्ण तरीके से मनाई। इस पावन अवसर पर उनके सुपुत्र एडवोकेट हर्ष यादव भी उपस्थित रहे। पूरे परिवार ने गौशाला पहुंचकर गोमाताओं की सेवा की तथा उन्हें गुड़ और खल खिलाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही परिवार द्वारा गोशाला के लिए 11,000 रुपये की सहयोग राशि भेंट की। इस अवसर पर गौशाला प्रबंधन समिति के सदस्यों ने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में इस प्रकार के प्रेरणादायक कार्य समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश देते हैं। उन्होंने बताया कि गोसेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय ही नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। गौमाता भारतीय संस्कृति की आधारशिला रही है, जिनसे हमें दूध, घी, गोबर और गोमूत्र जैसे अनेक उपयोगी संसाधन प्राप्त होते हैं।
गोशाला प्रबन्धन ने सूबेदार मेजर मनोज कुमार एवं उनके परिवार का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा किया गया सहयोग गौशाला के संचालन और गोमाताओं की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
अंत में गोशाला कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने परिवार का धन्यवाद करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि गौमाता की कृपा सदैव सूबेदार मेजर मनोज कुमार के परिवार पर बनी रहे और उनका जीवन सुख, समृद्धि एवं स्वास्थ्य से परिपूर्ण रहे।
फोटो कैप्शन 03: गोशाला में वैवाहिक वर्षगांठ मनाते हुए।



राज्यसभा सांसद कर्मवीर बौद्ध का नारनौल में आज किया जाएगा भव्य स्वागत- सत्यवीर
















यादव झुकिया
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कनीना की आवाज। हरियाणा से नवनियुक्त राज्यसभा सांसद कर्मवीर बौद्ध का 15 अप्रैल को नारनौल आगमन होगा। इस अवसर पर उनके स्वागत को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और क्षेत्र की जनता में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
महेंद्रगढ़ जिला कांग्रेस अध्यक्ष सत्यवीर यादव झुकिया ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि सांसद कर्मवीर बौद्ध 15 अप्रैल प्रात: 10 बजे पीडब्ल्यूडी विश्रामगृह, नारनौल पहुंचेंगे। यहां हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी उनका भव्य स्वागत करेंगे।
इसके बाद सांसद बौद्ध नारनौल विधानसभा क्षेत्र के गांव पटीकरा में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में भाग लेंगे, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा उनका जोरदार अभिनंदन किया जाएगा।
सत्यवीर झुकिया ने अपने बयान में कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा धनबल के इस्तेमाल के बावजूद कांग्रेस की रणनीति के चलते कर्मवीर बौद्ध विजयी रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने एक दलित नेता को राज्यसभा पहुंचने से रोकने के लिए मर्यादाओं को नजरअंदाज किया।
उन्होंने यह भी कहा कि महेंद्रगढ़ और नारनौल क्षेत्र की जनता में सांसद कर्मवीर बौद्ध के स्वागत को लेकर भारी उत्साह है और बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल होंगे।
फोटो कैप्शन: सत्यवीर झूकिया

Monday, April 13, 2026



 






कुतरूं प्राचार्य के करनामे- 21
-कुतरूं  को नमन किया और दुख पाया, डांट मारकर ही काम करवाया
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कनीना की आवाज।
 कनीना निवासी लेखक, पत्रकार एवं पूर्व शिक्षक रहे होशियार सिंह ने बतौर शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को पढऩे में 40 सालों की सेवा दी। इस दौरान करीब 30 प्राचार्य/मुखियाओं से सामना करना पड़ा जिनमें से कुछेक कुतरूं शिक्षकों के प्रति बुरा व्यवहार करने वाले, काम रोकने वाले, परेशान करने वाले नजर आए। जिनको लोग कुतरूं नाम से जानते हैं जबकि बहुत से ऐसे प्राचार्य और मुखिया मिले जो शिक्षकों के हर सुख दुख में आगे मिले, उन्हें यदि एक रोटी की जरूरत हो तो दो देने के लिए तैयार मिलते थे। कुछ कुतरूं प्राचार्य ऐसे मिले जिनके कारण शिक्षा विभाग वास्तव में गर्त की ओर जाता है जबकि बहुत से प्राचार्यों ने शिक्षा विभाग को चार चांद लगाए हैं, मान सम्मान शिक्षकों का बढ़ाया है। परंतु इस अवधि दौरान होशियार सिंह ने पाया की कुतरूं प्राचार्य के सामने जो नमन करता मिला, उनके हर सुख दुख में आगे खड़ा होने का प्रयास किया, उनकी सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। कुतरूं ने ऐसे शिक्षकों का शोषण ही किया। न तो उनका काम समय पर किया और न उनके कामों में सहायता की अपितु उनको दुख दर्द देने में कसर नहीं छोड़ी। कहावत है जो दूसरे के लिए गड्ढा खोदते हैं वो एक दिन उसी में गिरते हैं। कई कुतरुओं ने दूसरों के लिए गड्ढे खोदे हैं परिणाम अब वो खुद भी गड्ढे में गिर चुके हैं या गिर रहे हैं या आगे भी गिर जाएंगे। यह भी सत्य हैं कि लोहे को लोहा काटता है। एक कुतरूं प्राचार्य से एक कुतरूं  शिक्षक ने कहा कि या तो मेरा काम कर दो वरना जूतों की माला पहनाई जाएगी। वह कुतरूं शिक्षक जमकर गालियां देता था, मजाल उस प्राचार्य की कि उस कुतरूं शिक्षक को एक शब्द बोल दिखाए। उल्टा कुतरूं प्राचार्य उससे डरता था, उसके पास कमरे में बैठा रहता था। उसके हर काम को पूरा करने में कसर नहीं छोड़ता था। अफसोस जो कुतरूं को गाली दे उसके ही काम प्रमुखता से पूर्ण होते थे।
इससे बहुत दर्द भी हुआ कि जो कक्षा में पढऩा तो दूर बच्चों से नफरत करते थे वो कुतरूं शिक्षक कुतरूं प्राचार्य से भी नफरत करता था और उसके किसी काम को कभी नहीं रोका। जिससे साफ जाहिर है की कुतरूं प्राचार्य के साथ तो कुतरूं   बनकर ही रहे तो कामयाब होंगे। कुतरूं को आंखें दिखाने पर ही काम आसानी से होगा। एक नहीं ऐसे कई उदाहरण सामने आए जब कुतरूं शिक्षक कुतरूं प्राचार्य का सामना करते थे उनका कभी काम नहीं रोका गया और जो दिन रात कक्षा में मेहनत करते थे, दिन-रात पढ़ाई करवाने में लीन रहते थे, बच्चों का हित करते थे उनके सभी कार्य समय-समय पर रोक गए, ऐसे कुतरूं प्राचार्य देखने में आए। एक और उदाहरण सामने आया था की डांट करने वाले ही सफल हुए। एक कुतरूं प्राचार्य ने तो शिक्षक से किसी मुद्दे को लेकर कहा कि यूं सेटअप। बस उस शिक्षक ने तो झड़ी लगा दी और कहा -यू ब्लडी बस्टर्ड यू सेटअप और यहां तक की कहा कि तुम जैसे तो मैंने कितने ही कुतरूं प्राचार्य देखें हैं। बस फिर क्या था कुतरूं  प्राचार्य ने उसके सभी काम पूर्ण किए। ऐसा लगा कि वास्तव में कुटरू प्राचार्यों के सामने तो पढ़ाने वाले नहीं सीधे बोलने वाले, विरोध करने वाले शिक्षक ही होने चाहिए। एक शिक्षक दिन रात पढ़ाता ,कितनी ही बार नाम कमाया, हर जगह उसने पढऩे में नाम कमाया किंतु जब सेवानिवृत्त हुआ तो कुतरूं  प्राचार्य छुप गया, स्कूल में नहीं आया। बड़ा अफसोस हुआ ऐसे कुतरूं प्राचार्य जब सेवानिवृत्त होते हैं तो उनका भी वही हाल होता है और जो कुछ रह गए उनका वही हाल होगा जो उन्होंने दूसरे के साथ बीताए। मां नामक चलचित्र में बताया गया है कि एक हथिनी के बच्चे को हथनी से अलग करने के लिए हथिनी के पैरों को पकडऩे वाले यंत्र लगाए गए। हथिनी फंस गई और उसके बच्चे को पकड़ लिया गया। एक दिन एक उस हाथी पकडऩे वाले व्यक्ति की मां का पीछा हथिनी करने लगी। जब हाथी पकडऩे वाले ने देखा कि उसकी मां का पीछा हथिनी कर रही है तो दौडऩा शुरू किया और उसका पैर भी इस यंत्र ने पकड़ लिया जिसमें इस आदमी ने कभी हथिनी को पकड़ा था। परिणाम यह निकला कि हाथी को पकडऩे वाले की मां को हथिनी ने मार डाला। तब उसे एहसास हुआ कि जो दूसरे के साथ बिताता है उसके साथ भी वही दुर्गति एक ना एक दिन होती है, चाहे कोई खुश हो ले कि वह आज कुतरूं प्राचार्य है परंतु कितने दिन का, आखिर आना इसी गली में है, उन्हीं लोगों के बीच में है और उसी बांसों से बनी अर्थी पर जाना है। उन्हें भी आखिर उसी मुर्दाघाट में जाकर एक मु_ी राख बनेगी और वह भी उड़ती फिरेगी। लोग पीछे से गालियां देंगे कि कुतरूं चला गया। इसलिए कुतरूं न बनकर इंसानियत निभानी चाहिए।




होनहार परी को किया पुरस्कृत
-किसमें कितना है दम में दिखाया था परी ने दम
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कनीना की आवाज।
अनुसूचित जाति /जनजाति और पिछड़ा वर्ग कर्मचारी यूनियन ने गांव गोमला में महेश कुमार फोरमैन, राज्य अतिरिक्त महासचिव की होनहार परी को स्मृति चिह्न भेंट किया। और संगठन कि तरफ से 1100 रुपए देकर पुरस्कृत किया गया।
 टीवी धारावाहिक चैनल रियलिटी शो  के डायरेक्टर केडी बंसल के द्वारा किसमें कितना है दम वाले टीवी शो में अपना लोहा मनवाने वाली  परी अंडर-15 के 5 लाख विद्यार्थियों में से 5 राउंड को पार करते हुए नाम रोशन किया। इस अवसर पर एससी/एसटी और बीसी कर्मचारी यूनियन के राज्य वित्त सचिव राजेंद्र सिंह कपूरी , सर्कल सचिव लखन लाल गोकुल चन्द जेई ,राजेश कुमार जी जेई, राकेश कुमार फोरमैन, सत्यवान कुमार फोरमैन, बाबू लाल एएलएम,सतीश कुमार एसए आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 08: परी को स्मृति चिह्न भेंट करते हुए




खुशियों से भरा पर्व है बैसाखी-यादव
-पंजाब का प्रमुख पर्व है बैसाखी
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कनीना की आवाज।
बैसाखी का त्योहार आमतौर पर हर साल 14 अप्रैल को मनाया जाता है। पूरे भारत में मनाया जाने वाला बैसाखी 2026 पूरे भारत में, विशेष रूप से पंजाब के सिख गुरुद्वारों और खेतों में कई धूमधाम से मनाया जाएगा। हरियाणा के कुछ जिलों में भी पर्व मनाया जाता हे। बैसाखी के दिन सिख गुरु गोविंद सिंह द्वारा 1699 में स्थापित खालसा पंथ की स्थापना का जश्न मनाते हैं। यह रबी फसल की कटाई की खुशी में मनाया जाने वाला पर्व है और सिख धर्म में खालसा पंथ की स्थापना के कारण इसका विशेष धार्मिक महत्व है। 1699 में, गुरु गोविंद सिंह ने खालसा की स्थापना के लिए इस पर्व को चुना था। खालसा सिखों का सामूहिक नाम है जिन्होंने बपतिस्मा लिया है। यह जानकारी डा. होशियार सिंह यादव ने देते हुए बताया कि-
कथा के अनुसार, पर्व के दौरान वे एक तंबू से तलवार लेकर निकले और कहा कि जो भी सिख अपने धर्म के लिए प्राणों की आहुति देने को तैयार हो, वह तंबू में आ जाए। इस त्योहार से जुड़ा एक और रोचक तथ्य यह है कि बैसाखी उन तीन प्रमुख त्योहारों में से एक थी जिन्हें तीसरे सिख गुरु, गुरु अमर दास ने मनाने का निर्णय लिया था। 1699 में बैसाखी के दिन, दसवें सिख गुरु, गुरु गोविंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। बैसाखी, जिसे वैशाखी भी कहा जाता है, सिखों का एक महत्वपूर्ण त्योहार है जिसे बड़े उत्साह और सम्मान के साथ मनाया जाता है। यह एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना और फसल के मौसम के आगमन का प्रतीक है। बैसाखी सिख संस्कृति और आध्यात्मिकता में एक विशेष स्थान रखती है, जो एकता, समानता और नवजीवन का प्रतीक है। बैसाखी का अर्थ है फसल कटाई के समय मनाया जाने वाला एक त्योहार, जो पंजाब में नए साल की शुरुआत का प्रतीक है। बैसाखी रबी की फसल के पकने और कटाई की खुशी में मनाई जाती है। इस दिन खेतों में मेहनत करने वाले किसान अपनी मेहनत का फल मिलने पर जश्न मनाते हैं। ढोल-नगाड़ों, भांगड़ा-गिद्धा और पारंपरिक पकवानों के साथ यह त्योहार पूरे जोश के साथ मनाया जाता है।
फोटो कैप्शन: डा. होशियार सिंह यादव



155 किलोमीटर रेल लाइन बनेगा चरखी दादरी से अलवर वाया,कनीना एवं नीमराना,क्षेत्र में खुशी की लहर
-सर्वे का काम पूर्ण,
रेल मंत्री का जताया आभार
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कनीना की आवाज। 
बहु-चर्चित चरखी दादरी से कनीना-काठूवास होकर अलवर तक 155 किलोमीटर रेलवे लाइन निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होगा। मिली जानकारी अनुसार 4000 करोड़ रुपए से यह रेलवे लाइन बनेगी जिससे कई नए स्टेशन बनेंगे।
 मिली जानकारी अनुसार चरखी दादरी, कनीना खास और काठूवास प्रमुख जंक्शन होंगे जबकि नीमराना, ततारपुर क्रासिंग स्टेशन होंगे। साथ में रामनगर, मोड़ी, चिडिय़ां, बाघोत, रामबास, गोमला नांगल जमालपुर, मांढण, नयागांव, जाट बहरोड़ रनोत, जिंदोली आदि हाल्ट बनेंगे। अगर जल्द ही रेलवे लाइन पर काम शुरू हो जाएगा तो निश्चित रूप से कनीना एवं काठूवास आदि के लिए बेहतर लाभ होगा। विगत वर्षों भी यह मामला जोर-शोर से उठाया गया था किंतु अधर में लटका हुआ था। अब रेलवे सूत्रों अनुसार यह सर्वे पूर्ण हो चुका है। 155 किलोमीटर लंबे रूट के लिए 15 नये स्टेशन बनेंगे। एमएल एवं एमपी इस संबंध में रेल मंत्री अश्विनी वष्र्णेय से इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं।
 रेल मंत्री का जताया आभार-
 कनीना क्षेत्र के पूर्ण सिंह प्रधान मंडी, रविंद्र बंसल ,ब्रह्म दत्त जांगड़ा, सुरेंद्र कुमार, अनिल प्रधान, ओमप्रकाश लिसानिया, योगेश अग्रवाल, शिवकुमार अग्रवाल, लाजपत प्रधान, गणेश अग्रवाल, निरंजन लाल प्रधान आदि ने रेल मंत्री अश्विनी वाष्र्णय का आभार जताया कि उन्होंने कनीना क्षेत्र से यह रेलवे लाइन निर्माण का निर्णय लिया है। इससे कनीना का खोया हुआ सम्मान वापस बहाल होगा तथा कनीनावासियों के लिए जीवन मरण का प्रश्न बना हुआ है।
 होगा कनीना का विकास-
यह रेलवे लाइन कनीना होकर गुजरने पर कनीना क्षेत्र का विकास संभव हो पाएगा तथा औद्योगिक क्षेत्र बन जाएगा। विशेष कर बाघोत जो देश में बाघेश्वर धाम के लिए जाना जाता है, वह भी रेलवे लाइन से जुड़ जाएगा। इसलिए बाघोत में खुशी का माहौल है। वैसे भी अलवर अहीरवाल का गढ़ है। इसलिए इससे जुडऩे का सौभाग्य मिलेगा। कनीना और आसपास के बहुत अधिक संख्या में लोग अलवर जान जाते रहते हैं। उनका सुविधा मिलेगी। ऐसे गांव जिन में अभी तक रेलवे हाल्ट भी नहीं है उन्हें भी यह रेल की सुविधा मिलेगी। इसलिए सभी में खुशी की लहर है और उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्दी इस रेलवे लाइन पर काम शुरू किया जाए।
 जल्द ही आयोजित होगी बैठक-
 कनीना और आसपास विभिन्न गांवों में जल्द ही बैठक आयोजित और होगी जिसमें रेल मंत्री का आभार जताया जाएगा और उन तक ज्ञापन भेज कर अविलंब इस रेलवे लाइन को पूरा करने की मांग की जाएगी।
 फोटो कैप्शन 5: कनीना खास रेलवे स्टेशन



आंबेडकर जयंती मंगलवार को मनेगी कनीना में
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कनीना की आवाज।
भारत रत्न डा. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती समारोह अंबेडकर चौक कनीना में प्रात. 10 बजे डा. भीमराव अंबेडकर जनजागरण समिति के तत्वावधान में मनाई जाएगी।
 इस जयंती समारोह के मुख्य अतिथि नपा कनीना रहेगी जिसकी अध्यक्षता समाजसेवी शेर सिंह फौजी करेंगे। इसी समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी ठाकुर अतरलाल व डा. प्रवीण कुमार यादव प्राचार्य कन्या महाविद्यालय अटेली व बीडीसी मेंबर प्रतिनिधि,पवन एडवोकेट  रहेंगे।
 समिति के प्रधान कृष्ण कुमार पूनिया ने बताया कि भारतीय संविधान के जनक डा. भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू छावनी में हुआ था। वो अपने माता-पिता की चौधवी और अंतिम संतान थे। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा सतारा महाराष्ट्र से और माध्यमिक शिक्षा मुंबई के एलीफस्टन हाई स्कूल से प्राप्त की थी वह एक प्रख्यात अर्थशास्त्री कानून विद और समाज सुधारक बने जिन्होंने भारतीय संविधान का निर्माण किया।


पावर वेट लिफ्टिंग में नंदिनी ने पाया प्रथम स्थान
-राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में लेगी भाग
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कनीना की आवाज।
 पावर वेट लिफ्टिंग में नंदिनी पुत्री देवेंद्र यादव, वार्ड पांच, कनीना निवासी ने बहादुरगढ़ में आयोजित हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में सब जूनियर कैटेगरी में प्रथम स्थान पाया है। वे राष्ट्रीय स्तर के लिए होने वाली प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई हो चुकी है।
 विस्तृत जानकारी देते हुए पूर्व शिक्षक राम प्रताप यादव ने बताया कि 15 मई को आंध्र प्रदेश में आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में वे भाग लेंगी। कनीना और आसपास क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर है। उन्होंने नंदिनी को बधाई दी है।
 फोटो कैप्शन 02: नंदिनी वेट लिफ्टिंग में करतब दिखाते हुए



जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईन ने किया जलघर बाघोत का निरीक्षण
-जल समस्या का समाधान करने का दिया आदेश
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कनीना की आवाज।
बाघोत में  पब्लिक हेल्थ के एक्सईन प्रदीप यादव ने  आरती सिंह राव स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा सरकार के निर्देश पर जल घर का निरीक्षण किया। बाघोत गांव में नहर से आने वाले नाले जो नहर से जल घर तक बना हुआ है उसमें रुकावट बनी हुई है। उसके समाधान के लिए पूरी गहनता से जांच की। उन्होंने कहा कि जल्द नई पाइप लाइन बिछवाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। जब तक पाइप लाइन का काम नही होता तब तक अस्थाई नाला जो जोहड़ भरने के लिए बना हुआ है उससे जल घर का तालाब भरवाने का काम किया जाएगा और उस कच्चे नाले की सफाई करके नहर आने से पहले साफ किया जाएगा।
 गांव में पीने के पानी की कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी। उनके साथ विभाग के जेई पवन कुमार को आदेश दिया कि इस जोहड़ वाले नाले को कल से सफाई करवा कर नहर आने पर जल घर के तालाब को भरवाया जाए। गांव के सरपंच राजेन्द्र पहलवान व महावीर पहलवान ने एक्सईन प्रदीप यादव को कहा कि गांव में पीने का पानी की समस्या बनी हुई है। इस पर अधिकारी ने पूरा आश्वासन दिया। उनके साथ जेई पवन कुमार को तुरंत आदेश दिया कल से काम करके पानी के तालाब को भरवाने का काम करें।
फोटो कैप्शन 04: बाघोत में एक्सईन जल समस्या का निरीक्षण करते हुए





क्रीड़ा भारती, हरियाणा प्रांत की दो दिवसीय वार्षिक नियोजन बैठक संपन्न
- नई जिम्मेदारियां, खेल एवं संस्कार आधारित गतिविधियों को मिलेगा नया विस्तार
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कनीना की आवाज।
क्रीड़ाभारती, हरियाणा प्रांत की बहुप्रतीक्षित दो दिवसीय वार्षिक नियोजन बैठक एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ककराला संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं खेल प्रेमियों ने भाग लिया।
बैठक के विभिन्न सत्रों में विस्तार से चर्चा करते हुए वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक कैलेंडर तैयार किया गया। इसमें यह निर्णय लिया गया कि हनुमान जयंती, जो क्रीड़ा भारती का स्थापना दिवस है, उसे पूरे प्रदेश में धूमधाम से मनाया जाएगा। साथ ही अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को बड़े स्तर पर मनाने, विद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खेल पखवाड़ा आयोजित करने, विद्यार्थियों में खेल एवं सामान्य ज्ञान के विकास हेतु क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा आयोजित करने तथा खिलाडिय़ों की माताओं को सम्मानित करने के लिए जीजाबाई सम्मान समारोह प्रत्येक जिले में आयोजित किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त सूर्य नमस्कार कार्यक्रम को व्यापक स्तर पर चलाने, अधिक से अधिक युवाओं को जोडऩे तथा खेलों के माध्यम से स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में कार्य करने पर विशेष जोर दिया गया।
  इस मौके पर रामदीप पंचकुला को सह जिला मंत्री,राजेश कैथल जिला मंत्री,सुरेंद्र प्रांत युवा प्रमुख,सुनील सह प्रांत योग प्रमुख,सुनिल गुरुग्राम,सह विभाग प्रमुख,सौरभ अंबाला, विभाग संयोजक,कुसुम मलिक नूंह जिला अध्यक्ष,आमिर नूंह जिला मंत्री मनोनीत किया गया।
 इस मौके पर दीपक वत्स , डा. उमेश प्रताप , अजमेर सिंह एवं राकेश खोला,
सतीश कुमार, सुरेंद्र मलिक, डा. नरेश कुमार, हंसराज चौधरी, डा. सुशील त्यागी, राजेश कुमार, बबली देवी, जितेंद्र सिंह, जगदेव, किरण नांदल, जसवीर सिंह, डा. उदयवीर पाल, जयसिंह, रमेश, वेदपाल, नितिन भारद्वाज, सुनील भारद्वाज, डा. अनीता सिंह, मुकेश, अमित कुमार, सविता पटेल, जुगल किशोर, राजेश कुमार  सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 01: ककराला में बैठक का नजारा।



डा. भीमराव आंबेकर को किया याद
-कैमला स्कूल में मनाई गई जयंती
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कनीना की आवाज।
राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में को भारतीय संविधान के जनक डा. भीमराव आंबेडकर की जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के मौलिक मुख्य अध्यापक वीरेंद्र सिंह जांगिड़ ने की उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे दलितों के मसीहा डा. भीमराव अंबेडकर के जीवन से प्रेरणा ग्रहण करें तथा उनके आत्मनिर्भरता,आत्म सम्मान तथा सामाजिक समानता के मार्ग पर चलते हुए संगठित होकर संघर्ष करने जैसी शिक्षाओं पर अमल करे। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार  में अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक ने विद्यार्थियों को भारत रत्न डा. भीमराव अंबेडकर के जीवन तथा उनकी शिक्षाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि सामाजिक उत्थान के अनेक कार्य जैसे छुआछूत  के विरुद्ध संघर्ष, महिलाओं तथा वंचित वर्ग की शिक्षा व उनके उत्थान के लिए कार्य, संविधान व कानून में विश्वास तथा न्याय के लिए संघर्ष  जैसी उनकी शिक्षाओं ने लाखों लोगों का जीवन बदल दिया। इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों निधि,पुनीत, जयंत,समर, यश, विवेक,कार्तिक, अनु तथा जीया ने डा. भीमराव अंबेडकर के जीवन पर आधारित अनेकों विचार व्यक्त किए इस अवसर पर एक पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया जिसमें निधि ने प्रथम, विवेक ने द्वितीय तथा लीना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया तथा वान्या और अंकित को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया इस अवसर पर विद्यालय के स्टाफ सदस्य मनवीर सिंह तंवर ,देवेंद्र कुमार,सुनील कुमार शास्त्री,सुनील कुमार डीपीई, राजेश कुमार, भगत सिंह, गरिमा रानी,सुबे सिंह पूर्व प्रधान, तारामणि देवी, पिंकी देवी सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी गण उपस्थित रहें।
फोटो कैप्शन 03: आंबेडकर जयंती मनाते हुए कैमला





धनौंदा के अभिनेता को किया याद
-स्व. सतीश कौशिक की जयंती मनाई
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कनीना की आवाज।
मशहूर अभिनेता, फिल्म निर्माता, निर्देशक और पटकथा लेखक स्व. सतीश कौशिक की जयंती पर उनके पैतृक गांव धनौन्दा में स्मृति समारोह आयोजित कर उन्हें याद किया गया। अभिनेता सतीश कौशिक चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित समारोह में आसपास के ग्रामीणों तथा उनके प्रशंसकों ने उन्हें याद कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता उनके बचपन के सहपाठी राजेन्द्र सिंह नम्बरदार ने की।
   अतरलाल एडवोकेट ने सतीश कौशिक के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपस्थित स्व. सतीश कौशिक के अनेक प्रशंसकों और ग्रामीणों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए नेताजी अतरलाल ने कहा कि सतीश कौशिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त एक ऐसे हरफनमौला कलाकार थे जिन्होंने अभिनय, पटकथा लेखन, निर्देशन तथा सिनेमा के हर क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ी। उन्हें एक साथ कई भूमिकाएं निभाने की महारत हासिल थी। राजेन्द्र सिंह नंबरदार ने उनके बचपन के किस्से सुनाते हुए कहा कि वे अपने गांव, अपने साथियों तथा गांव की परंपराओं से प्यार करते थे। वे अंतिम समय तक अपने गांव से जुड़े रहे। उन्होंने हरियाणा सरकार से कहकर गांव में बड़ा खेल स्टेडियम बनवाया तथा गांव के पुराने ठाकुर जी मंदिर के जीर्णोद्धार में सहयोग दिया। कैलाश सेठ ने सतीश कौशिक को याद करते हुए कहा कि वे ऊंचाइयों पर पहुंचकर भी जमीन से जुड़े हुए इंसान थे। विभिन्न मंचों पर गर्व से खुद को महेंद्रगढ़ जिला के कनीना उपमंडल के धनौन्दा गांव का मूल निवासी बताते थे। इस अवसर पर ग्रामीणों ने उनके नाम पर अभिनेता सतीश कौशिक लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड और अभिनेता सतीश कौशिक एक्स्ट्राआर्डिनरी अवार्ड स्थापित तथा शुरू करने का निर्णय लिया। जो अगले साल से शिक्षा, संस्कृति, साहित्य, कला तथा सिनेमा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाएगा। इस दौरान देवेन्द्र नंबरदार अगिहार, भूपेन्द्र सिंह, डा. मुकेश, औमप्रकाश यादव, राकेश यादव, कैलाश सेठ, कृष्ण सिंह फोरमैन, धीरज, जसमेर, मीर सिंह वैद्य, पवन प्रजापत, प्रोफेसर नवीन जांगड़ा, परमजीत कौशिक, सुभाषचंद यादव सहित अनेक ग्रामीण और प्रशंसक उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 06: अभिनेता सतीश कौशिक को याद करते हुए

















मंगलवार को कनीना में होगी जल की आपूर्ति
-खराब हुई मोटर को लगाया गया, आंशिक रूप से की गई जल सप्लाई बहाल
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कनीना की आवाज। कनीना-रेवाड़ी मुख्य मार्ग पर स्थित जलघर केंद्र की मुख्य मोटर जल जाने के बाद चार दिनों से पेयजल का संकट छाया हुआ है। लोग इधर-उधर से उपभोक्ता इधर-उधर से पानी का प्रबंध करते देखे गए, वहीं टैंकरों से जल की आपूर्ति की गई। टैंकर चालकों ने भी कुछ लाभ कमाया वहीं उपभोक्ताओं ने सिर पर पानी ढो-ढोकर घर तक पहुंचाया।
उपभोक्ताओं की मांग है कि गर्मी की हालत को देखते हुए एक अतिरिक्त मोटर का प्रबंध किया जाए ताकि आपातकाल के समय उसे प्रयोग में लाया जा सके। उल्लेखनीय की दैनिक जागरण पेयजल संकट पर लगातार समाचार प्रकाशित किया, उच्च अधिकारियों से इस संबंध में बात हुई। अधिकारी एक दिन में ही सप्लाई बहाल करने की बात कह रहे थे किंतु पूरे चार दिनों तक कोई पेयजल सप्लाई आपूर्ति नहीं हो पाई। मंगलवार को संभावना है कि पेयजल की आपूर्ति हो पाए क्योंकि 40 हार्स पावर की मोटर जो जल गई थी उसे फिर से स्थापित करवा दिया गया। दैनिक जागरण के प्रभाव के चलते ऐसा संभव हो पाया है। वैसे तो कस्बा कनीना के उपभोक्ता गर्मियों में दो बार पेय जल सप्लाई की मांग कर रहे हैं किंतु दो बार सप्लाई नहीं हो पाए तो प्रत्येक वार्ड में एक-एक घंटा पर जलापूर्ति जरूर सप्लाई होनी चाहिए ताकि गर्मी से राहत मिल सकेगी।
फोटो कैप्शन 07: पेयजल की मोटर स्थापित करते हुए