खैरानी में आयोजित हुआ त्रिदिवसीय आंगनबाड़ी मिलन कार्यक्रम
*******************************************************
**************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज। आंगन मिलन सेवा अभियान के तहत गांव खैरानी में तीन दिवसीय आंगन मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सेवा कार्य क्रम के तीसरे दिन महिलाओं तथा बच्चों को स्वास्थ्य पोषण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व सुपरवाइजर मनीषा यादव द्वारा किया गया जिसमें 0 से 06 वर्ष के बच्चों का वजन कर उनकी स्वास्थ्य एवं पोषण स्थिति की जानकारी ली गई। मनीषा यादव ने बताया कि जन्म से छह वर्ष तक के आयु वर्ग के बच्चों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास महत्वपूर्ण होता है। इस अवधि में उचित पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच और खेल आधारित शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार , आयरन युक्त आहार देना चाहिए। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोद भराई भी करवाई गई। इस अवसर पर जिला पार्षद मुनीपाल, सरपंच बजरंग सिंह, चंद्रकला, एएनएम मीनू, सरोज, आंगन वर्कर मणि देवी, बबीता, सहायिका मंजू,प्रियंका,आशा वर्कर बिना , सुरेखा और गांव की महिलाएं भी उपस्थित रही।
फोटो कैप्शन 02: खैरानी में आंगनबाड़ी मिलन समारोह
सोमवार को भी नहीं हुई कनीना मंडी में सरकारी तौर पर बाजरे की खरीद
-निजी स्तर पर 2000 क्विंटल बाजरा खरीदा
*******************************************************
**************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज। कनीना अनाज मंडी स्थित चेलावास में बाजरे की सरकारीतौर पर कोई खरीद नहीं हो पाई। प्राइवेट एजेंसियों द्वारा करीब 2000 क्विंटल बाजरा खरीदा गया। कनीना की नई अनाज मंडी में पहली बार एक महिला किरनी देवी बव्वा निवासी अपनी फसल पैदावार बेचने के लिए पहुंची। उधर पूर्ण सिंह प्रधान ने बताया कि करीब 2000 क्विंटल बाजरे की निजी स्तर पर खरीद हुई है।
क्या कहते हैं खरीद एजेंसी अधिकारी-
खरीद एजेंसी हैफेड अधिकारी जगराम यादव ने बताया कि बाजरे की खरीद सरकारी तौर पर नहीं हो पा रही क्योंकि बाजरा उनके नार्म के अनुसार खरा नहीं उतर पा रहा है। यही कारण है कि अभी तक एक दाना भी सरकारी तौर पर बाजरा नहीं खरीदा गया है। किसान भरसक प्रयास कर रहे हें कि उनका बाजरा सरकारी तौर पर बेचा जाए किंतु मजबूरी में निजी स्तर पर बाजरा बेच रहे हैं।
मिली जानकारी अनुसार बाजरे की खरीद 2300 रुपये प्रति क्विंटल निजी स्तर पर की जा रही है जबकि 600 रुपये भावांतर भरपाई सरकार द्वारा किसानों के खाते में डाले जाएंगे।
फोटो कैप्शन 03: किरनी नामक महिला पहली बार बाजरा बेचने कनीना मंडी में पहुंची
सड़क किनारे खड़े वाहनों और मवेशियों के कारण लगा लंबा जाम , एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद खुला
*******************************************************
**************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज। कनीना में मुख्य सड़क मार्ग के किनारे वाहन खड़ा होने और अचानक गौवंश आने के कारण दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। जिस से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मिली जानकारी के अनुसार कल दोपहर कोर्ट के सामने अचानक गौवंश का टोला आ गया इसके साथ ही वाहन चालक भी अपने वाहनों को सड़क के किनारे खड़ा करके आवश्यक कार्य के लिए चले गए। जिस कारण चारों तरफ लंबा जाम लग गया। पुलिस प्रशासन को जानकारी मिलते ही कर्मचारियों ने स्थल पर पहुंच कर जाम खुलवाया। दुकानदार अशोक और दलीप सिंह ने बताया कि जैसे जैसे त्योहारी सीजन नजदीक आता है वैसे ही बाजार में भीड़ लगनी आम बात हो जाती है । उन्होंने प्रशासन से दिन के समय पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की मांग की है ताकि आगे जाम की स्थिति ना हो सकें।
फोटो कैप्शन 01: मवेशियों के कारण जाम की स्थिति
तारीख पर तारीख से थके शिक्षक, तबादलों का इंतजार बरकरार
*******************************************************
**************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक लंबे समय से सामान्य तबादला अभियान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि पिछले करीब चार वर्षों से तबादलों के नाम पर लगातार तारीख पर तारीख दी जा रही है, लेकिन जब प्रक्रिया शुरू होने का समय आता है तो कभी न्यायालय के आदेश, कभी प्रशासनिक व्यस्तता और कभी समय की अनुकूलता का हवाला देकर मामला आगे खिसका दिया जाता है। इससे प्रदेशभर के शिक्षकों में भारी असमंजस और रोष है।
शिक्षा विभाग ने जून 2026 में अध्यापक तबादला नीति-2026 जारी की थी और जुलाई में आगामी आनलाइन ट्रांसफर ड्राइव के लिए डेटा सत्यापन एवं प्रमाणीकरण की संशोधित समय-सारिणी भी जारी की थी। इसके बावजूद शिक्षक अब वास्तविक तबादला प्रक्रिया शुरू होने और पोर्टल खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
शिक्षकों का कहना है कि सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से बार-बार नई तारीखों और संभावित कार्यक्रमों की चर्चा होती है, लेकिन धरातल पर तबादला प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही। प्रदेश की सबसे बड़ी शिक्षक यूनियन हसला के प्रदेश अध्यक्ष सहित शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि समय-समय पर शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग के निदेशक और अतिरिक्त मुख्य सचिव से मुलाकात करते दिखाई देते हैं। शिक्षक संगठनों की ओर से लगातार मांग उठाई जा रही है, लेकिन शिक्षकों का कहना है कि इन मुलाकातों का ठोस परिणाम अभी तक धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा।
सैकड़ों किलोमीटर दूर तैनात शिक्षकों की बढ़ी चिंता--
दूर-दराज के जिलों में तैनात शिक्षकों के लिए तबादला केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि रोजमर्रा की बड़ी समस्या बन चुका है। अनेक शिक्षक अपने घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर कार्यरत हैं और प्रतिदिन लंबी दूरी तय करके स्कूल पहुंचते हैं। शिक्षकों का कहना है कि सर्दियों में घना कोहरा इस परेशानी को और गंभीर बना देता है। रोजाना लंबी दूरी की यात्रा के दौरान सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और हर वर्ष प्रदेश में कोहरे के कारण अनेक दुर्घटनाएं सामने आती हैं।
शिक्षकों का कहना है कि यदि सरकार ने आनलाइन और पारदर्शी तबादला व्यवस्था बनाई है तो फिर उसे निर्धारित समय पर लागू करने में लगातार देरी क्यों हो रही है।
नई नीति बनी, लेकिन शिक्षक अब भी इंतजार में-
हरियाणा सरकार ने 2026 की नई शिक्षक तबादला नीति में पारदर्शिता और बेहतर प्रक्रिया का प्रावधान किया है। सरकार के अनुसार नई नीति में स्थानांतरण के लिए संशोधित 120 अंकों की व्यवस्था तथा विशेष परिस्थितियों को अधिक महत्व दिया गया है।
शिक्षकों का कहना है कि नीति बनना तभी सार्थक है जब उसका समयबद्ध क्रियान्वयन भी हो। बार-बार कार्यक्रम बदलने से शिक्षकों को अपने परिवार, बच्चों की पढ़ाई और आवागमन की व्यवस्था को लेकर लगातार अनिश्चितता बनी रहती है।
मंत्री जी, तारीख नहीं बटन दबाने की तारीख बताइए--
शिक्षकों का कहना है कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री लगातार जल्द ही नई तारीख घोषित करने की बात कह रहे हैं। ऐसे में अब शिक्षकों की अपेक्षा केवल एक और तारीख सुनने की नहीं, बल्कि तबादला पोर्टल खोलने और वास्तविक प्रक्रिया शुरू करने की तारीख जानने की है।
शिक्षकों का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में समस्या का समाधान करना चाहती है तो उसे अपने ही पूर्ववर्ती कार्यकाल की ऑनलाइन व्यवस्था से सीख लेते हुए ऐसी स्थिति बनानी चाहिए कि सिर्फ घोषणा नहीं, बल्कि तय समय पर पोर्टल खुले और शिक्षक अपनी पसंद के स्थान के लिए आवेदन कर सकें।
काश, मंत्री जी भी तारीख घोषित करने के बजाय वह तारीख घोषित करें जिस दिन तबादला पोर्टल का बटन दबाया जाएगा।
यह भावना आज प्रदेश के हजारों दूर-दराज तैनात शिक्षकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
सरकार ने 2026 की स्थानांतरण नीति को पारदर्शी और मेरिट आधारित व्यवस्था बताया है। अब शिक्षकों की निगाह इस बात पर है कि इस नीति का लाभ उन्हें कागजों और घोषणाओं में मिलता है या वास्तव में स्कूलों के स्थानांतरण आदेशों के रूप में।
अभी हाल ही में जनगणना 2027 के लिए आखिरी चरण की प्रशिक्षण तिथियां भी घोषित हो चुकी है इसलिए किसी भी सूरत में तबादले होना दिखाई नहीं दे रहा है
तबादलों की आस में अध्यापक आह भर के कह रहे हैं ना इधर के रहे ना उधर के हम।
4 साल पहले हुए थे तबादले-
शिक्षकों के तबादले वर्ष 2016 ,2017 2019 और 2022 में हुये थे इसके बाद कोई तबादला नहीं हुआ है। ऐसे में शिक्षक बेचैन है और बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि कब तबादले होंगे। यहां तक की माडल, पीएमश्री स्कूल शिक्षकों के प्रेफरेंस भरवा लिए गए थे किंतु और मौके पर कोर्ट के वजह से सूची जारी नहीं हो सकी। शिक्षा मंत्री महिपाल सिंह ढ़ांढा जल्द ही तबादलों की नई प्रक्रिया की नई तिथि जारी करने की बात कर रहे हैं।
क्या कहते अधिकारी -
इस संबंध में प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी कनीना सुनील खुडानिया ने बताया कि तबादले करना शिक्षा विभाग का काम है और समय रहते तबादलो हो जाए तो सभी के हितकर होंगे। सरकार इस संबंध में कुछ प्रयास भी कर रही है।
स्कूटी को अर्टिगा ने मारी टक्कर, स्कूटी क्षतिग्रस्त केस दर्ज
*******************************************************
**************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज। कनीना सदर थाना में संदीप कुमार बव्वा निवासी ने अर्टिगा चालक के विरुद्ध उनकी स्कूटी को टक्कर मारने का केस दर्ज करवाया है। संदीप कुमार बव्वा निवासी ने कहा है कि 25 सितंबर को दोपहर के समय किसी काम की भोजावास बस स्टैंड पर गया था, स्कूटी साइड में खड़ी करके दुकान से सामान लेने के लिए गया था तभी कनीना की तरफ से अर्टिंगा चालक तेज रफ्तार से चलाता आया और स्कूटी को टक्कर मारी। जिससे स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गई। गाड़ी का चालक को लेकर फरार हो गया। उनकी शिकायत पर कनीना पुलिस ने अर्टिगा चालक के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने पकड़ी 36 पेटी अवैध शराब, केस दर्ज
*******************************************************
**************************************************
*******************************************************
कनीना की आवाज। चार अक्टूबर को पुलिस को सूचना मिली कि दो व्यक्ति बोलो
रो गाड़ी में अवैध शराब की पेटियां लेकर डहीना जिला रेवाड़ी की तरफ से कपूरी व ककराला होते हुए कोका गांव की ओर जाएंगे।
पुलिस ने रीडिंग पार्टी तैयार की और मोहनपुर नांगल पर नाका लगाया। सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी ककराला की तरफ से आई और तेज गति से मोहनपुर की तरफ चली गई। पुलिस ने गाड़ी का पीछा किया। नांगल गांव से दौंगड़ा की ओर एक मशरूम फार्म के पास बोलोरो गाड़ी चालक ने अपनी गाड़ी को बड़ी चतुराई सड़क के दाएं तरफ झाडिय़ां में उतार दिया और मौके से भाग खड़ा हुआ। कर्मचारियों की मदद से बोलेरो के नजदीक जाकर गाड़ी के पास जाकर परिचालक सीट पर बैठे व्यक्ति को काबू किया। नाम पूछा तो उसने नाम हेमंत कोका बताया जबकि दूसरा भागने में सफल हुआ जिसका नाम कृष्ण जाटवास बताया।
पुलिस ने जब गाड़ी को चेक किया तो 25 पेटी शराब देसी, 10 पेटी देसी शराब पव्वा, एक पेटी शराब अंग्रेजी की मिली। कनीना पुलिस ने दोनों के विरुद्ध अभियोग अंकित कर लिया है और शराब अपने कब्जे में लेकर कार्रवाई कर दी है।





























.jpg)

.jpg)

.jpg)











