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Friday, February 27, 2026



 



पुलिस ने पकड़ी भारी मात्रा में शराब
-आबकारी अधिनियम के तहत एक व्यक्ति के विरुद्ध मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
 कनीना पुलिस को मुखबिरी के आधार पर सूचना मिली कि वार्ड पांच में लाल रंग की गाड़ी में एक व्यक्ति शराब बेच रहा है। कनीना पुलिस ने छापामारी की पुलिस आता देख गाड़ी में बैठा व्यक्ति गाड़ी छोड़कर भाग गया। पुलिस ने गाड़ी से एक गत्ता पेटी से 12 बोतल शराब देसी, दूसरी पेटी में 12 बोतल शराब देसी संतरा ब्रांड, तीसरी पेटी में छह बोतल देसी रसीला संतरा ब्रांड और चौथी गट्टा बेटी में 48 पव्वा शराब बरामद की। बलवंत निहालोठ निवासी गाड़ी को छोड़कर भाग गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।



कनीना खंड के 09 केंद्रों पर 12वीं की राजनीति शास्त्र परीक्षा संपन्न
-521 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे और चार रहे अुपस्थित

 

 

 

 

 

 

 

 


मोलडऩाथ मेला अपडेट...
-कबड्डी में रोहतक ने अहरी की टीम को हराया 



राष्ट्रीय विज्ञान दिवस- 28 फरवरी
समाज में विज्ञान के प्रति जागरूकता लाने के लिए मनाया जाता है विज्ञान दिवस
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कनीना की आवाज।
 समाज में विज्ञान की प्रति जागरूकता लाने, वैज्ञानिक सोच बढ़ाने के लिए 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। वैसे भी इस दिन भारतीय वैज्ञानिक सीवी रमन ने रमन प्रभाव खोजा था और नोबेल पुरस्कार जीता था। इसीलिए भी यह दिवस मनाया जाता है। इस संबंध में वैज्ञानिक सोच रखने वाले शिक्षाविद डा. एचएस यादव कनीना से बात हुई।
उन्होंने कहा कि विज्ञान अनेकों उपलब्धियां और खोज कर रहा है। जिनके प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है ताकि अंधविश्वास और गलत धारणाओं से बचा जा सके। विज्ञान के कारण इंसान ऊंचाइयों को छू सकता है। विज्ञान के प्रति सकारात्मक सोच रखना ही विज्ञान दिवस मनाने के उद्देश्य को सार्थक सिद्ध करेगा। देश के विकास के लिए वैज्ञानिक सोच का प्रसार आवश्यक है। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस जैसे आयोजन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रसार में निश्चित रूप से सहायक सिद्ध होते हैं। विज्ञान द्वारा ही समाज के लोगों को जीवन स्तर अधिक से अधिक खुशहाल बनाया जा सकता है। ऐसे में लोगों को विज्ञान के प्रति सोच बढ़ाना विज्ञान दिवस का कार्य है। विज्ञान के होने वाले लाभों के प्रति समाज में जागरूकता लाने का कार्य और वैज्ञानिक सोच पैदा करना भी विज्ञान दिवस को सिद्ध करता है। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी हर इंसान को उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। यहां तक की भाषण, निबंध, लेख, विज्ञान प्रश्नोत्तरी, विज्ञान प्रदर्शनी, संगोष्ठी आयोजित की जानी चाहिए ताकि आम आदमी विज्ञान से जुड़ सके। विज्ञान के प्रति लगाव बढ़ाने के लिए पुरस्कार घोषित किए जाने चाहिए जिससे लोगों का रुझान विज्ञान की और बढ़े तभी विज्ञान दिवस मनाना सार्थक सिद्ध होगा।
फोटो कैप्शन :डा. एचएस यादव


मोलडऩाथ मेले में भंडारों की रही भरमार
-पेड़ों पर चढ़कर देखी ऊंट एवं घोडिय़ों की दौड़
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कनीना की आवाज।
 कनीना के बाबा मोलडऩाथ का मेला अपने आप में पूरे ही प्रदेश हरियाणा में विख्यात है। ऊंट और घोडिय़ों के अतिरिक्त बैलों की दौड़ भी आयोजित की गई और यह नजारा बहुत सुंदर था। अपार भीड़ लोगों की जमा हो गई क्योंकि अच्छी प्रकार दौड़ दिखाई दे इसलिए लोग घरों पर और पेड़ों पर चढ़कर बैठ गए। कुछ लोग कंटीले पेड़ों पर चढ़कर बैठ देखे गए वहीं अपने वाहनों के ऊपर बैठकर भी दौड़ का नजारा लेते रहे। हर वर्ष यह नजारा देखने को मिलता है। जहां सुंदर नजारा देखा गया वहीं कुश्ती, घोडिय़ों की चाल, कबड्डी भी आयोजित की गई। मेले की सबसे बड़ी खासियत भंडारों की परमार रही। अधिकांश भंडारों में हलवा, पूड़ी, सब्जी मिल रही थी तो बहुत से भंडारों में प्रसाद के रूप में लड्डू एवं बूंदी मिल रही थी। कुछ जगह जहां पकोड़े मिल रहे थे तो कुछ जगह खीर खिलाई जा रही थी। ऐसा लग रहा था जैसे पूरा कस्बा कनीना हीं लोगों की आवभगत में लग गया हो। सुबह से शाम तक भंडारों में लोग भोजन करते देखे गए। वैसे भी आंवला एकादशी होने से लोगों ने जमकर दान पुण्य भी किया।
 सबसे घटिया नजारा बाबा मोलडऩाथ के धूने पर देखा गया। कुछ लोग शराब धूने में डालते देखे गए। जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि प्रसाद है लेकिन आश्चर्य हुआ कि वे शराब को पी नहीं रहे थे किसी को बांटा नहीं जा रहा था। अगर प्रसाद है तो लोग क्यों नहीं ले रहे थे, क्यों पी नहीं रहे थे? ऐसे में इस प्रकार की घटिया हरकत को मोलडऩाथ कमेटी द्वारा रोक लगाई जानी चाहिए या इस प्रकार की हरकत करने वालों के लिए अलग से लाइन बनवाई जाए ताकि पता लग जाए कि ये शराब पीने और पिलाने वाले लोग हैं।
 फोटो कैप्शन 21 भंडारा लगाते लोग
22: पेड़ पर चढ़कर घोडिय़ों की दौड़ देखते हुए


 ऊंट एवं घोडिय़ों ने करतब दिखाकर मन मोह लिया
-मोलडऩाथ मेला संपन्न
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कनीना की आवाज।
कनीना का बाबा मोलडऩाथ मेला करीब 80 वर्षों से भरता आ रहा है। विक्रमी संवत 2006 में संत मोलडऩाथ ब्रह्मलीन हुए थे तब से लेकर आज तक का मेला भरता रहा है।   
मेले में घोडिय़ों की चाल, घोड़ी और ऊंट का नृत्य आदि अनेक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूल के खेल के मैदान में ऊंट एवं घोडिय़ों की चाल एवं नृत्य चलते रहे। उनके करतबों ने सभी का मन मोह लिया। करीब एक दर्जन ऊंटों ने करतब दिखाकर मन मोह लिया। चारपाई पर, दो चारपाइयों पर, चार चारपाइयों पर खड़े होकर ऊंटों ने नृत्य किया।
ऊंटों को चौकी पर बिठाया गया। चौकी पर बिठाकर उनके नृत्य करवाए गए, उनके द्वारा हवा में करतब दिखाने, उनके द्वारा बाल्टी द्वारा पानी पिलाने, केतली द्वारा पानी पिलाने जैसे कितने ही करतब दिखाए गए। उन्होंने लोगों का मन मोह लिया। इसी क्रम में घोडिय़ों के करतब देखने लायक थे। यहां अगले पैरों पर खड़े होकर घोडिय़ों ने नृत्य किया वही घोडिय़ों द्वारा चारपाई पर नृत्य करके दिखाया गया। अव्वल आने वाले प्रतिभागियों को अतरलाल, विनय एडवोकेट एवं हरिश कनीनवाल ने सम्मानित किया।
फोटो कैप्शन 15 से 10: ऊंट एवं घोडिय़ां करतब दिखाते हुए।



खेड़ी तलवाना के 9 विद्यार्थियों ने बुनियाद में पाया स्थान
-जिले भर में पाया प्रथम स्थान
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कनीना की आवाज।
 पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी तलवाना के नौ विद्यार्थियों ने बुनियाद लेवल-2 में सफलता हासिल की है और जिले भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस अद्वितीय सफलता के लिए विद्यालय के प्राचार्य धर्मवीर सिंह ने स्टाफ सदस्यों और विद्यार्थियों को बधाई दी है। प्राचार्य ने बताया इन नो छात्रों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है। इन नौ विद्यार्थियों में अभिजीत ,भानुप्रताप, हिमांशु ,ईशा, जतिन, खुशी, कोमल, कोमल कुमारी, आर्यन तंवर प्रमुख हैं। प्राचार्य को बधाइयां मिल रही हैं।
फोटो कैप्शन 12: खेड़ी तलवाना स्कूल




मोलडऩाथ मेले में जुटी भीड़, शक्कर का प्रसाद चढ़ा
-पूरा का पूरा परिवार पेट के बल पहुंचा धाम पर
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कनीना की आवाज।
  कनीना क्षेत्र के प्रमुख पर्व मोलडऩाथ मेले को लेकर दिनभर संत आश्रम पर भक्तों का तांता लगा रहा। बाबा के धूने पर प्रसाद अर्पित किया और धोक लगाकर मन्नत मांगी। आश्रम को विगत कई दिनों से सजाया गया था जिसके बाद इस मेले का इंतजार था। आखिरकार वह घड़ी आ गई। यही नहीं संत आश्रम के पास में श्याम मंदिर पर भी मेला आयोजित हुआ और भारी संख्या में भक्तों ने निशाना अर्पित किए। जहां मोलडऩाथ मेले में दिन भर शक्कर का प्रसाद अर्पित किया जता रहा वहीं दूर-दराज से भक्तों ने आकर धोक लगाई। यही नहीं अपितु मोलडऩाथ  आश्रम के पास ही राधा कृष्ण मंदिर, हनुमान मंदिर, पुराना हनुमान मंदिर, माता मंदिर, शिवालय, शनिदेव मंदिर, शिर्डी मंदिर तथा अनेक धार्मिक स्थान स्थित है जिन पर भी प्रसाद दिनभर अर्पित किया गया।
मेले में जहां पर प्रशासन ने शांति बनाए रखने में मदद की वहीं कैमरों द्वारा भक्तों पर नजर रखी गई। दिनभर भक्त दूर दराज से आकर मेले का आनंद लेते रहे। कनीना के इस मेले में कम से कम दो दर्जन स्थानों पर भंडारे लगाए हुए थे जहां हलवा, पकौड़े, सब्जी पूड़ी, तथा विभिन्न प्रकार के पकवान मुफ्त में उपलब्ध हो रहे थे। भक्तजनों ने आनंद से जहां प्रसाद ग्रहण किया वहीं मेले का आनंद लिया। भक्तों ने जहां कबड्डी, कुश्ती घोडिय़ों की दौड़, घोडिय़ों की चाल, ऊंट की दौड़ आदि के नजारे देखें वही छांट्रावास 76 वर्ष पहले प्राण त्यागने वाले संत मोलडऩाथ के आश्रम पर पहुंच कर अपनी मन्नत मांगी
भक्ति विभिन्न तरीकों से आ रहे थे संत आश्रम पर -
दूर दराज से भक्त विभिन्न साधनों, पैदल एवं पेट के बल आ रहे थे। पेट के बल चलकर आने वालों का नजारा सुंदर लग रहा था। कनीना का एक पूरा परिवार पेट के बल आश्रम पर पहुंचा। कनीना का एक परिवार तो ऐसा था जिसमें सारे ही सदस्य पेट केवल रात्रि 12 बजे अपने घर से चले और संत आश्रम पर धोक लगाई, मन्नत मांगी। इस परिवार में जहां शकुंतला, सरला, टिंकू, अमीश कुमार, अमीशा, शर्मिला, जादू,
 योगेंद्र, डा. शर्मिला यादव,प्रवीण कुमारी, आरती देवी, गुड्डो आदि आदि प्रमुख सदस्य रहे। डीजे के साथ पेट के बल चलने में उन्हें करीब ढाई घंटे का समय लगा और संत आश्रम पर पहुंच कर मन्नत मांगी। मोलडऩाथ मेले में जहां कनीना ही नहीं कनीना से बाहर के करीब 50 गांवों के लोग पहुंचे। दूसरे प्रांतों से भी भक्तजन पहुंचे। जहां घुड़ दौड़ ऊंट दौड़ में तो उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब आदि के लोगों ने भी आकर दौड़ में भाग लिया। प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि यह मेल प्रदेश भर में विख्यात है और तीन दिनों तक जारी रहता है।
 फोटो कैप्शन 13: संत आश्रम पर मल मोलडऩाथ की प्रतिमा
14: पूरा परिवार रात्रि 12 बजे पेट के बल जाते हुए



आरपीएस इंटरनेशनल स्कूल कनीना में किया गया जेंडर व कल्चरल संवेदनशीलता पर चर्चा का आयोजन
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कनीना की आवाज।
 आरपीएस इंटरनेशनल स्कूल, भडफ़ में जेंडर और कल्चरल संवेदनशीलता पर एक गहन चर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय की चेयरपर्सन डा. पवित्रा राव ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने बच्चों से इस विषय पर खुलकर बात की और उन्हें समाज में व्याप्त भेदभाव और असमानताओं के प्रति जागरूक किया। डा. पवित्रा राव ने अपने जीवन के अनुभवों और वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से बच्चों को समझाया कि कैसे हम एक दूसरे के प्रति संवेदनशील रहकर एक बेहतर समाज बना सकते हैं।
बच्चों ने भी अपने विचार साझा किए और जेंडर संवेदनशीलता के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे वे अपने दैनिक जीवन में इस ज्ञान को लागू कर सकते हैं और दूसरों को भी जागरूक कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम अपने छात्रों को जागरूक और संवेदनशील नागरिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस तरह के कार्यक्रम हमें इस दिशा में आगे बढऩे में मदद करते हैं।
फोटो कैप्शन 11: संबंधित फोटो है।



चंद्रशेखर आजाद का बलिदान दिवस मनाया
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कनीना की आवाज। 
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार के प्रांगण में शुक्रवार को भारत के महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य पूनम यादव ने की विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक ने विद्यार्थियों को चंद्रशेखर आजाद के जीवन तथा भारत की आजादी की लड़ाई में उनके योगदान के बारे में विस्तार से बताया।
 उन्होंने चंद्रशेखर आजाद के जीवन पर कविता का वाचन भी किया उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे चंद्रशेखर आजाद के जीवन से प्रेरणा ग्रहण करे तथा देश भक्ति की एक प्रबल भावना अपने हृदय में संजोए। इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता अजय कुमार बंसल, राजेंद्र कटारिया निशा जांगड़ा, कैलाश देवी,पूनम कुमारी, शशि कुमारी, धर्मेंद्र डीपी राकेश कुमार,विद्यालय के मुख्य शिक्षक रतनलाल व प्रीतम सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 08: अगिहार स्कूल में चंद्रशेखर आजाद को याद करते हुए



सुंदरह एवं भडफ़ को मिला सौंदर्यीकरण में प्रथम पुरस्कार
-खंड स्तर पर मिडिल एवं प्राथमिक स्कूलों का परिणाम अभी घोषित नहीं
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कनीना की आवाज।
  मुख्यमंत्री विद्यालय सौंदर्यकरण पुरस्कार 2026 के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह को खंड स्तर पर प्रथम स्थान मिलने पर विद्यालय में समस्त अध्यापकों,विद्यार्थियों, अभिभावकों में उत्साह का माहौल था। विद्यालय में मिठाइयां बांट कर तथा रंगोत्सव मना कर खुशी का इजहार किया। विद्यालय प्राचार्य बाबूलाल यादव ने इसका श्रेय समस्त विद्यालय स्टाफ, विद्यार्थी गण अभिभावकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के साथ-साथ ग्राम पंचायत का आभार व्यक्त किया। सरपंच कबूल बाई  ने इस अवसर पर खुशी व्यक्त करते हुए प्राचार्य एवं समस्त विद्यालय स्टाफ का धन्यवाद किया। इस अवसर पर सुरेश कुमार,राज सिंह,अनिल कुमार ,चेतन शर्मा, कुलदीप सिंह, रेनू यादव, राजेश कुमारी, राजेश यादव, तरु यादव,मंजू यादव, प्रदीप कुमार,ओम प्रकाश सहित समस्त विद्यालय सदस्य उपस्थित थे।
भडफ़ उच्च विद्यालय रहा प्रथम-
कार्यकारी खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार खुडानिया ने बताया कि खंड स्तर पर उच्च विद्यालयों में प्रथम स्थान राजकीय उच्च विद्यालय भडफ़ का रहा है किंतु मिडिल एवं प्राथमिक स्कूलों के खंड स्तर के परिणाम अभी आने बाकी हैं। प्रथम आने वाले स्कूल को 50-50 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।
फोटो कैप्शन 09: सुंदराह स्कूल प्रथम आने पर खुशी जताते हुए





कनीना क्षेत्र में मनाई आंवला एकादशी
-आंवला पौधे का किया गया पूजन
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कनीना की आवाज।
  कनीना क्षेत्र में शुक्रवार को आंवला एकादशी का पर्व मनाया गया। व्रत करके महिलाओं ने आंवला की पूजा की और आंवला एकादशी की कथा सुनाई। इसे आमलकी एकादशी नाम से भी जाना जाता है।
महिला आशा यादव ने बताया कि हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यूं तो एक वर्ष के अंतराल में 24 एकादशियां आती हैं। जब मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। आमलकी यानी आंवला को शास्त्रों में उसी प्रकार श्रेष्ठ स्थान प्राप्त है जैसा नदियों में गंगा को प्राप्त है और देवों में भगवान् विष्णु को। विष्णु जी ने जब सृष्टि की रचना के लिए ब्रह्मा को जन्म दिया उसी समय उन्होंने आंवले के वृक्ष को जन्म दिया। आंवले को भगवान विष्णु ने आदि वृक्ष के रूप में प्रतिष्ठित किया है। आंवले के हर अंग में ईश्वर का स्थान माना गया है। स्वयं भगवान विष्णु ने कहा है जो प्राणी स्वर्ग और मोक्ष प्राप्ति की कामना रखते हैं उनके लिए फाल्गुन शुक्ल पक्ष में जो पुष्य नक्षत्र में एकादशी आती है उस एकादशी का व्रत अत्यंत श्रेष्ठ है। इस एकादशी को आमलकी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस मौके पर गुड्डो, आशा यादव, नीलम देवी, शकुंत, बबली, सरला सहित विभिन्न महिलाएं उपस्थित रही।
फोटो कैप्शन 10: आंवला एकादशी पर आंवला की पूजा करती महिलाएं

बाबा मोलडऩाथ मेले में जुटी अपार भीड़
-ऊंट दौड़ एवं घुड़दौड़ देखने पहुंचे भारी संख्या में लोग
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कनीना की आवाज।
  कनीना में आयोजित बाबा मोलडऩाथ मेले दूर दराज से भक्तों ने आकर धोक लगाई। बीती रात्रि को जागरण आयोजित हुआ। मेले में जहां अपार शक्ति देखने को मिली। वहीं पर ऊंटों तथा घोडिय़ों की दौड़ ने लोगों समा बांधे रखा। मेले में जहां कबड्डी, कुश्ती,  घोड़ों की दौड़, घोडिय़ों की चाल, घोड़ी और ऊंट का नृत्य आदि अनेक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूल के खेल के मैदान में ऊंट एवं घोडिय़ों की चाल एवं नृत्य चलते रहे। उनके करतबों ने सभी का मन मोह लिया।
 बाबा आश्रम पर अपार श्रद्धा भक्ति देखने को मिली। विक्रमी संवत 2006 में वे ब्रह्मलीन हुए थे तब से लेकर आज तक का मेला भरता रहा है। एकादशी को मेला लगता है किंतु फागुन की एकादशी का यह मेला अपार भक्ति और श्रद्धा से भरा होता है जिसमें भारी संख्या में पूरे ही प्रदेश से भक्त आते हैं।  इस मेले की विशेषता है कि हर घर से शक्कर चढ़ाई जाती है।
चेतराम का ऊंट दौड़ा सबसे तेज
-घोड़ी दौड़ में कालूभाई महसाना रही पहले स्थान पर
 फाल्गुन की एकादशी को लगे  बाबा मोलडऩाथ मेले का आयोजन शुक्रवार को धूमधाम से किया गया। मेले में हरियाणा, उत्तर प्रदेश पंजाब राजस्थान से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने माथा टेक कर शक्कर का प्रसाद चढ़ाकर मन्नतें मांगी। इस मेले को शक्कर मेला कहा जाता है। मेले में आज भी राजा महाराजाओं के समय के मनोरंजन की पुरानी परंपराएं चली आ रही हैं। जिनमें ऊंट, घोड़ों की दौड़, दंगल व कबड्डी खेले जाते हैं। मेले में ऊंटों की दौड़ में चेतराम डागीवास ने प्रथम स्थान पर रहकर 51 हजार रुपये का इनाम प्राप्त किया। दूसरा स्थान अमर सिंह करौली ने 41 हजार रुपये का इनाम प्राप्त किया। तीसरे स्थान पर सुरेश इस्लामपुर का ऊंट रहा और 31 हजार रुपये का इनाम जीता। वहीं संदीप गिगलाणा का ऊंट चौथे स्थान पर रहा और 21 हजार रुपये का इनाम जीता। पांचवे स्थान पर हाजी कमरूं का ऊंट रहा और 11 हजार रुपये का इनाम दिया गया। घोड़ी दौड़ में कालूभाई मेहसाणा ने पहला इनाम 51 हजार रुपये जीता। दूसरा इनाम राम सिंह ने 41 हजार रुपये का इनाम जीता। तीसरा इनाम मोनू पाथेड़ा ने 31 हजार रुपये का ईमान जीता। वहीं धूड़ाराम सरपंच की घोड़ी ने चौथा स्थान पाकर 31 हजार रुपये का इनाम जीता। नरेश पाथेड़ा की घांंड़ी पांचवें स्थान पर रही जिसे 11 हजार रुपये का इनाम दिया गया। बाबा मोलडऩाथ ट्रस्ट प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि गुरुवार की रात्रि को बाबा मोलडऩाथ का विशाल जागरण किया गया था।
  मेले में जहां आधा दर्जन भंडारे लगे वहीं पैदल एवं पेट के बल बाबा के दर्शन करने आने वाले भक्तों की संख्या अधिक रही। दिनभर बाबा के धूणे पर प्रसाद चढ़ाया तथा शक्कर का प्रसाद वितरित किया।  
प्रधान ने बताया कि ऊंटों की दौड़ में प्रथम 51 हजार, दूसरा इनाम 41000 तीसरा 31 हजार, चौथा 21000 तथा पांचवा इनाम 11000 रुपए का दिया गया। इसी प्रकार देसी घोडियों में प्रथम 51 हजार, दूसरा 41 हजार, तीसरा 31000 ,चौथा 2100 तथा पांचवां 11000 रुपये का दिया गया।  घोडिय़ों की चाल आयोजित होगी जिसमें प्रथम इनाम 21 हजार  दूसरा इनाम 15000 रुपए और तीसरा इनाम 7100 रुपए का दिया गया।
           फोटो कैप्शन 01 से 08: मोलडऩाथ मेले में ऊंट एवं घोडिय़ों की दौड़
























Thursday, February 26, 2026



 




कनीना डेवलपमेंट एसोसिएशन द्वारा मेले के दृष्टिगत लगाये भव्य द्वार
-27 फरवरी को है मोलडऩाथ मेला
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कनीना की आवाज।
 कनीना डेवलपमेंट एसोसिएशन द्वारा बाबा मोलडऩाथ मंदिर में आयोजित होने वाले मेले के अवसर पर नगर में भव्य स्वागत द्वार लगाए गए। इन द्वारों के माध्यम से आमजन को होली एवं धुलंडी की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं है।
27 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाले इस पावन मेले में श्रद्धालुओं के स्वागत हेतु किया गया यह प्रयास सामाजिक एकता, संस्कृति और परंपरा को दर्शाता है। अंकुर यादव ने बताया कि
कनीना डेवलपमेंट एसोसिएशन का उद्देश्य केवल आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जोडऩा और सकारात्मक संदेश देना है।
फोटो कैप्शन 10: संबंधित है




कैमरों से रखी जाएगी भक्तों पर नजर
-दंगल फुटबाल ग्राउंड में तो ऊंट एवं घोडिय़ों की दौड़ छितरोली मार्ग पर होगी आयोजित
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कनीना की आवाज।
 कनीना के प्रमुख पर्व एवं 27 फरवरी को आयोजित मोलडऩाथ मेले में भक्तों पर नजर कैमरों द्वारा रखी जाएगी। किसी भी प्रकार की गतिविधि के मद्देनजर कैमरे लगाए गए हैं।
विस्तृत जानकारी देते हुए प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि कैमरों का प्रबंध किया गया है तथा पुलिस प्रशासन भी गतिविधियों पर नजर रखेगा। उधर मोलडऩाथ आश्रम को दुल्हन की तरह सजाया गया है। हर वर्ष मनमोहक दृश्य मोलडऩाथ आश्रम का देखने को मिलता है। यह मेला तीन दिनों तक चलता है। अंत में साधु संतों को विदा किया जाता है।
 उधर दंगल के लिए कनीना के फुटबाल के मैदान को सजाया गया है, लाइट का प्रबंध कर मैदान को समतल करवाया गया है। इसी मैदान में  ऊंट एवं घोडिय़ां अपने करतब दिखाएंगे। विगत वर्ष तो बकरी, ऊंट और घोडिय़ां के करतब देखने के लिए अपार भीड़ जुट गई थी। यहीं पर दंगल भी आयोजित होंगे। इसके अतिरिक्त छीथरोली कच्चे मार्ग पर ऊंट और घोडिय़ां की दौड़ 27 फरवरी को सुबह आयोजित होगी। दूर तरह से भक्त अपने ऊंट एवं घोडिय़ों को लेकर मैदान में पहुंच गए हैं। मोलडऩाथ मेले में जहां शक्कर का प्रसाद बांटा जाएगा और अर्पित किया जाता है वहीं अनेक भंडारे भी आयोजित होंगे। योगेश कुमार कनीना दुकानदार ने बताया कि वे भी भंडारे एवं भक्तों के के लिए प्रसाद निर्मित करवा रहे हैं।
 उधर मोलडऩाथ के पुराने जोहड़ को पानी से भरवा दिया गया है। जहां वक्त स्नान करके संत के के दर्शन कर सकते हैं। झूले और सामान बेचने वाले दो सप्ताह सेे अपनी जगह रोककर बैठे हुए हैं। मोलडऩाथ आश्रम पर प्रसाद बनाने के लिए हवाई भी जुटे हुए हैं। इस मेले की सबसे बड़ी विशेषता है कि शक्कर का प्रसाद अर्पित किया जाता है। संत मोलडऩाथ ने मांदी, नीमराना, रोडवाल, ढाणी बाटोठा, कांवी भोजावास, मानसरोवर एवं रोड़वाल आदि स्थानों पर याद किया जाता है। वहीं आश्रम भी रोड़वाल में बना हुआ है। 76 वर्षों पहले संत मोलडऩाथ ने प्राण त्यागे थे और उन्हें इसी आश्रम के नीचे दफनाया गया था। उन्हें बालकनाथ, मोलडऩाथ, मोलड़ और खेड़ा वाला आदि नाम से जाना जाता है। मोलडऩाथ पर कई पुस्तकें, आरतियां एवं बाबा चालीसा कनीना के लेखक डा. होशियार सिंह यादव द्वारा प्रकाशित करवाई हुई हैं। उनका शोध कार्य अभी चला हुआ है।
 फोटो कैप्शन 6:सजाया हुआ मोलडऩाथ संत आश्रम
07: हलवाई प्रसाद तैयार करते हुए
08: वह मार्ग जहां ऊंट एवं घोडिय़ों की दौड़ होनी है





पेंशन बहाली की मांग को लेकर बुजुर्गों ने एसडीएम कनीना को सौंपा ज्ञापन
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कनीना की आवाज।
 गुरुवार को कनीना एवं आसपास के क्षेत्रों के बुजुर्गों ने अपनी बुढ़ापा पेंशन दोबारा शुरू करवाने की मांग को लेकर एसडीएम डा. जितेंद्र अहलावत के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बुजुर्गों ने कहा है कि उनकी पेंशन बंद होने से उनके सामने जीवन यापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बुजुर्ग चंपा देवी, संतोष देवी, पार्वती, शेर सिंह एवं भीम सिंह ने बताया कि वे सभी गरीब परिवारों से संबंध रखते हैं और उनका गुजारा मुख्य रूप से वृद्धावस्था पेंशन पर ही निर्भर था। पेंशन बंद होने के कारण उन्हें रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि भोजन की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो रहा है। बुजुर्गों ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से अपील करते हुए कहा कि उन्होंने सदैव सरकार का समर्थन किया है और अब आवश्यकता के समय उन्हें सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि उनकी बुढ़ापा पेंशन शीघ्र प्रभाव से पुन: शुरू की जाए ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।
  इस दौरान रतिराम, खुशीराम, अतर सिंह, पूनम चंद, रोहित, धर्मपाल, बनारसी देवी, उमराव, भीम सिंह, शेर सिंह सहित अन्य बुजुर्ग भी उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में पेंशन बहाली की मांग का समर्थन किया।
फोटो कैप्शन 09: पेंशन बहाली की मांग को लेकर ज्ञापन देते हुए





खाटू श्याम के लिए भक्तों का जाना बंद किंतु जैतपुर के लिए भारी संख्या में जा रहे भक्त
-  भक्तों के लिए लगाये गये शिविर भी होने लगे हैं बंद
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कनीना की आवाज।
 राजस्थान में  रिंगस से 17 किलोमीटर दूर खाटू धाम पर जाने वाले भक्तों की संख्या नगण्य हो गई है क्योंकि अधिकांश भक्त खाटू धाम जा चुके हैं। 27 फरवरी को सबसे बड़ा मेला लगता है। इसलिए भक्तों को जाना बंद हो गया है किंतु कनीना क्षेत्र से अभी भी खत जैतपुर धाम जाने का सिलसिला जारी है भारी संख्या में भक्त जैतपुर धाम पर जा रहे हैं। जैतपुर धाम पर लंबी कतार लग गई है और अब दर्शनों के लिए धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं।
 उधर नरेश कुमार शिक्षक ने अपनी पत्नी बबीता सहित खाटू धाम पर चार दिनों में चलकर निशान अर्पित किया वही निर्मल शास्त्री नांगल हरनाथ ने  कनीना के श्याम भक्त एचएस यादव संग अपना निशान जैतपुर धाम अर्पित किया। सारा वातावरण खाटू के जयकारों से गूंज रहा है।
 फोटो कैप्शन 5: भारी संख्या में भक्त जैतपुर धाम पर निशान अर्पित करते हुए




दो दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का हुआ समापन
-अव्वल को दी गई ट्राफी
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कनीना की आवाज।
एआईटी ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशन में दो दिवसीय सालाना स्पोर्ट्स मीट फरवरी 2026 की खेलकूद प्रतियोगिता संपन्न हुई। समापन समारोह में खेलों में भाग लेने वालों को मेडल, ट्राफी और सर्टिफिकेट दिए गए।
एआईटी ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशन के चेयरमैन एडवोकेट विनय कुमार यादव ने समापन समारोह में विद्यार्थियों को खेलों के महत्व एवं जि़ंदगी में खेलकूद की उपयोगिता की व्याख्या की। उन्होंने विद्यार्थियों को कालेज के कार्यक्रम में ज़्यादा से ज़्यादा हिस्सा लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया। चाहे वह खेलकूद हो या कोई शैक्षिक उत्सव विद्यार्थियों को आगे आना चाहिए। चेयरमैन ने विजेता टीम के साथ-साथ रनर अप टीम को भी नकद इनाम प्रदान किया । चेयरमैन द्वारा बोर्ड परीक्षा में कालेज टापर छात्रों को भी पुरस्कार दिया गया। प्राचार्य डा. बिजेंद्र सिंह यादव ने इस गतिविधि को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए स्टाफ सदस्यों रामभगत, संजीत, नवनीत,  विजयवीर, गौरव,  प्रियंका, प्रीति यादव,  मंजीत, संदीप, पवन, राकेश, कपिल,  निशु,  जतिन और बीर सिंह का आभार जताया।
फोटो कैप्शन 03: खेलों में अव्वल को ट्राफी देते हुए



दिल के अरमां आंसुओं में बह गये......
30 सालों की सेवा देकर वीरेंद्र सिंह संस्कृत शिक्षक होंगे सेवानिवृत्त
-हनुमान का रोट भी किया आयोजित
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव ढ़ाणा निवासी वीरेंद्र सिंह यादव 30 सालों की सेवा देकर  28 फरवरी को सेवानिवृत्त होंगे। उन्होंने हाल ही में हनुमान जी का रोट कार्यक्रम आयोजित कर अपनी सेवानिवृत्ति पर खुशी जताई। सरकारी सेवा से पहले वे 1 अप्रैल 1992 से 10 जनवरी 1996 तक एमआर हाई स्कूल मोहनपुर नांगल में हैडमास्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। अप्रैल 98 से जुलाई 2005 तक आल इंडिया रेडियो रोहतक में उद्घोषक के रूप में पार्ट टाइम सेवाएं दी हैं।
सरकारी सेवा में 1996 में आये। 16 जनवरी 1996 से 31 जुलाई 2006 तक राजकीय प्राथमिक पाठशाला ढाणी इसराना में जेबीटी अध्यापक के रूप में कार्य किया। 1 अगस्त 2006 से 31 जुलाई 2007 तक राजकीय प्राथमिक पाठशाला सुंदरह में जेबीटी अध्यापक के रूप में कार्य किया। 1 अगस्त 2007 से 16 सितंबर 2017 तक राजकीय माध्यमिक विद्यालय कपूरी में संस्कृत अध्यापक के रूप में कार्य किया। 17 सितंबर 2017 से 31 अगस्त 2022 तक राजकीय उच्च विद्यालय रसूलपुर में संस्कृत अध्यापक के रूप में कार्य किया। 1 सितंबर 2022 से 28 फरवरी 2026 तक पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास में संस्कृत अध्यापक के रूप में कार्य किया।  
सामाजिक कार्य-गांव में समाज के हर काम में बढ़ चढ़कर भाग लिया व पूर्ण सहयोग किया। तीन भांजियों व एक भतीजी की शादियां की गई। गांव ढाणा में संयुक्त परिवार की एक मिसाल पेश की है। उनकी इच्छा संस्कृत प्राध्यापक की थी किंतु सरकार ने पदोन्नति नहीं की और उनके अरमान मिट्टी में मिल गये।
फोटो कैप्शन: विरेंद्र सिंह संस्कृत अध्यापक



विद्यार्थियों ने देखी हरियाणा विधानसभा की कार्यवाही
--उन्हाणी कालेज की छात्राओं ने देखा सत्र
















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कनीना की आवाज। राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हानी की छात्राओं ने शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत चंडीगढ़ में  हरियाणा विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन किया। इस अवसर पर छात्राओं ने प्रश्नकाल, शून्यकाल, विधेयकों पर चर्चा तथा सदन की कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से देखा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गहन जानकारी प्राप्त की।
भ्रमण के दौरान छात्राओं को विधानसभा भवन की संरचना, विधायी प्रक्रिया तथा राज्य सरकार की कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तार से बताया गया। यह अनुभव छात्राओं के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।
इस शैक्षिक भ्रमण के सफल आयोजन में अटेली की विधायक एवं हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री आरती सिंह राव का विशेष सहयोग रहा। उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से छात्राओं को विधानसभा की कार्यवाही निकट से देखने का अवसर प्राप्त हुआ। महाविद्यालय परिवार ने उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डा. विक्रम सिंह ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों के शैक्षणिक ज्ञान को व्यवहारिक अनुभव से जोड़ते हैं तथा उनमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करते हैं। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय भविष्य में भी छात्राओं के समग्र विकास हेतु ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।भ्रमण में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण भी छात्राओं के साथ उपस्थित रहे और उन्होंने छात्राओं का मार्गदर्शन किया। छात्राओं ने इस अवसर को अपने शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव बताया।
फोटो कैप्शन 01: मंत्री आरती सिंह राव के साथ विद्यार्थी एवं शिक्षक


हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से प्रारंभ
-खंड कनीना में 1639 परीक्षार्थी उपस्थित रहे,14 अनुपस्थित
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कनीना की आवाज।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं आज से प्रारंभ हो गईं। परीक्षा के पहले दिन गणित विषय की परीक्षा आयोजित की गई। कनीना शहर के एकमात्र परीक्षा केंद्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी में परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
परीक्षा आरंभ होने से पूर्व विद्यार्थियों को नकल रहित एवं निष्पक्ष परीक्षा देने की शपथ दिलाई गई। परीक्षा की ओपनिंग के समय उप जिला शिक्षा अधिकारी डा. दिलबाग सिंह  उपस्थित रहे उन्होंने विद्यार्थियों से परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने का आह्वान किया तथा ईमानदारी से परीक्षा देने की अपील की। मुख्य परीक्षा अधीक्षक नरेश कुमार कौशिक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा की पवित्रता बनाए रखना प्रत्येक विद्यार्थी का दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदारी पूर्वक परीक्षा देने तथा किसी भी प्रकार के बाहरी तत्वों या अनुचित साधनों से दूर रहने का आह्वान किया।
केंद्र अधीक्षक अशोक कुमार एवं उपाधीक्षक विजयपाल ने भी परीक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। परीक्षा संचालन में लिपिक कश्मीरी निमल सहित समस्त स्टाफ का सराहनीय सहयोग रहा।
परीक्षा केंद्र पर प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं तथा परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
खंड कनीना में 1639 परीक्षार्थी उपस्थित रहे,14 अनुपस्थित--
कनीना खंड के 9 विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर 1639 परीक्षार्थी उपस्थित रहे,14 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। विस्तृत जानकारी देते हुए कार्यकारी खंड शिक्षा अधिकारी सुनील खुडानिया ने बताया कि 9 परीक्षा केंद्र दस जमा दो के हैं तो इतने ही केंद्र दसवीं की परीक्षा के हैं।
फोटो कैप्शन 02: नकलरहित परीक्षा देने की शपथ लेते विद्यार्थी



Wednesday, February 25, 2026



 



 अति उदारवादी थे संत मोलडऩाथ 
-27 फरवरी को लगेगा मेला
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कनीना की आवाज।
 कनीना के अति उदारवादी, परम संत मोलडऩाथ का मेला 27 फरवरी का आयोजित होगा। मेला तीन दिनों तक चलता है किंतु प्रमुख रूप से ऊंट और घोडिय़ां की दौड़, कुश्ती, दंगल आदि देखने के लिए कई प्रांतों के लोग आते हैं। इस मेले की प्रमुख विशेषता है कि शक्कर का प्रसाद अर्पित करते हैं, कनीना का कोई भी व्यक्ति किसी भी जिले या राज्य में हो इस दिन जरूर यहां आकर धोक लगाता है। भक्त एक मु_ी दाना पक्षियों के लिए डालता है तथा जोहड़ की माटी छांटने का रिवाज है। राजा और महाराजा जिन ऊंट एवं घोडिय़ों की दौड़ का आनंद लेते थे वो खेल कनीना में सालों से चले आ रहे है। 76 साल पहले संत मोलडऩाथ ने प्राण त्यागे थे। जिनमें पानी के नीचे रहने की अपार क्षमता थी। पानी के नीचे रहने से ही उन्हें निमोनिया लगा था। पानी में समाधि लेना उनका प्रमुख गुण था। आज भी उनके उद्धात गुणों को याद कर लोग प्रसन्नचित हो जाते हैं।
आश्रम का हुआ है पुन: निर्माण-
करोड़ों रुपए की लागत से बाबा मोलडऩाथ आश्रम को पुन: निर्मित किया गया है। प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि भक्तों और लोगों की श्रद्धा के चलते यह भव्य आश्रम निर्मित किया गया है। हर वर्ष आश्रम में कोई नहीं कोई नया परिवर्तन किया जाता है और इस बार एक विशेष परिवर्तन किया गया है। इस बार आश्रम को ऐसा रूप दिया गया है कि भक्तजन आसानी से संत की समाधि तक पहुंच पाएंगे और संत के दर्शन कर पाएंगे। कनीना के इस संत की धूना लगातार जीवित रहता है वहीं रामनिवास संत धूने पर विराजमान है।
आश्रम के नीचे विराजमान हैं संत-
संत मोलडऩाथ को आश्रम के नीचे ही समाधि दी गई थी। 76 साल पहले कच्चा जोहड़ होता था। अब पक्का तालाब बना दिया गया है जिस पर घूमने फिरने की भी सुविधा दी गई है। विदेश तक कनीना के संत का नाम प्रसिद्ध है।
रोड़वाल में भी बना है आश्रम-
 रोड़वाल में बाबा का भव्य आश्रम बना हुआ है। बाबा ने मांदी, कांवी भोजावास, मानसरोवर, नीमराना, रोड़वाल में तप किया था। इन गांवों में बाबा की मंढ़ी बनी हुई है। रोड़वाल में 2 साल पहले बाबा का आश्रम निर्मित किया है। संत मोलडऩाथ ने रोड़वाल, राजस्थान में तप किया था इसलिए वहां के लोगों ने कनीना के इस परम संत मोलडऩाथ का भव्य आश्रम स्थापित किया है। 2 साल पहले भव्य आश्रम स्थापित किया है जहां हर वर्ष मेला लगता है। दूसरे तप स्थलों पर भी मोलडऩाथ की मंढ़ी या  आश्रम निर्मित किए जाने  के प्रयास किए जा रहे हैं।
विभिन्न पुस्तकों में वर्णित है बाबा का गुणगान- बाबा की आरतियां, बाबा चालीसा, बाबा की आईएसबीएन पुस्तक तथा मोलडऩाथ की अन्य पुस्तकों में बाबा का गुणगान किया गया है। बाबा पर कनीना के लेखक, पत्रकार एवं साहित्यकार डा. होशियार सिंह यादव ने अहम भूमिका निभाई है और उनका कहना है कि वह भविष्य में भी बाबा पर शोध कार्य करते रहेंगे।
बालक रूप में आए थे बाबा-
 बाबा कनीना में बालक रूप में ही आ गए थे। ऐसे में मोलडऩाथ को कई बार बालकनाथ नाम से पुकारा जाता है क्योंकि कनीना के प्रमुख संतों में बाबा का नाम है, इसलिए हर घर में लगभग संत की पूजा की जाती है। यूं तो विभिन्न संतों को याद किया जाता है लेकिन पूजा में अग्रणी संत मोलडऩाथ है।  संत जीवो के प्रति उदारदिली रहे हैं तथा हर जाति के लोगों को निष्पक्ष भाव से देखते थे। और उनके समस्या का समाधान करते थे। उनके लिए हर इंसान प्रिय था किसी को छोटा या बड़ा नहीं समझते थे। सभी पर समदृष्टि रखते का अद्भुत गुण था।
फोटो कैप्शन 10: संत से संबंधित है


कनीना खंड में 1804 विद्यार्थियों ने दी बोर्ड की परीक्षा
-10 विद्यार्थी रहे अनुपस्थित
- परीक्षा केंद्रो पर 4 अधिकारियों की हुई तैनाती
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कनीना की आवाज।
 कनीना खंड में 9 परीक्षा केंद्र हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा बनाए गए हैं। इन नो परीक्षा केंद्रों पर 1804 विद्यार्थी परीक्षा देने के लिए पहुंचे जबकि 10 विद्यार्थी अनुपस्थित मिले। कोई भी यूएमसी का केस नहीं बनाया गया।
 कौन से है 9 परीक्षा केंद्र -
कनीना खंड में 9 परीक्षा केंद्र है जिनमें बामनिया बवानिया, बेवल,भोजावास, दौंगड़ा अहीर, ककराला, कनीना मंडी, खेड़ी तलवाना, पोता और सेहलंग प्रमुख हैं। कार्यकारी खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार खुडानिया ने बताया कि परीक्षाएं शांतिपूर्वक चली। परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्न पत्र एसडीएम कार्यालय कनीना से उपलब्ध होते हैं वहीं उत्तर पुस्तिका एसडीएम कार्यालय कनीना में ही जमा की गई हैं। उन्होंने बताया की परीक्षा शांतिपूर्वक चली है। विद्यार्थी परीक्षा देकर प्रसन्न नजर आए।
अंग्रेजी की थी बारहवीं की परीक्षा-
विस्तृत जानकारी देते चीफ कंट्रोलर नरेश कौशिक ने बताया कि पहले दिन दस जमा दो का  अंग्रेजी का पेपर संपन्न हुआ है। परीक्षा का समय दोपहर 12:30 से शाम 3:30 बजे तक का रहा है। क्या कहते हैं विद्यार्थी-
 आज संपन्न हुई परीक्षा के बारे मेें खुशबू, भगवती, जाह्नवी, गुंजन, भतेरी, हिना, दिव्या, आरती और ज्योति से बात की। उन्होंने बताया कि प्रश्न पत्र विद्यार्थियों के अनुसार सही रहा है। इसलिए अच्छी तरह हल कर पाए। विद्यार्थी खुश नजर आए और परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते समय चेहरे पर मुस्कान थी। विद्यार्थियों के चेहरे से पता चलता है कि आज की परीक्षा बेहतर ढंग से संपन्न हुई और विद्यार्थी अच्छी प्रकार उत्तर दे पाए हैं
कनीना ब्लाक में चार अधिकारी नियुक्त-
 जिला उपयुक्त नारनौल ने परीक्षाओं को शांतिपूर्वक संपन्न करने के लिए कनीना के नौ परीक्षा केंद्रों पर चार अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। यह अधिकारी 25 फरवरी से एक अप्रैल तक परीक्षा केंद्रों पर तैनात रहेंगे। मिली जानकारी अनुसार बवानिया और बेवल परीक्षा केंद्रों पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी राजेश कुमार को तैनात किया गया है वही भोजावास और दौंगड़ा अहीर परीक्षा केंद्रों पर खंड शिक्षा अधिकारी सुनील खुडानिया को नियुक्त किया गया है। ककराला, कनीना मंडी और खेड़ी तलवाना में डिप्टी डीईओ अशोक कुमार को तैनात किया गया है। वही पोता और सेहलंग के दो परीक्षा केंद्रों पर एसडीएम कनीना जितेंद्र अहलावत की नियुक्ति की गई है। ये परीक्षा केंद्रों पर पारदर्शिता और सुचारू रूप से परीक्षा करवाने के लिए, नकल रहित परीक्षा केंद्र बनाने के लिए अहम भूमिका निभाएंगे।
फोटो कैप्शन 09: परीक्षा देकर बाहर आते हुए विद्यार्थी


उन्हाणी कालेज की पीहू ने विश्वविद्यालय की मेरिट सूचि में पाया नाम, खुशी का माहौल
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कनीना की आवाज।
राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हानी की छात्रा कुमारी पीहू ने इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय  मीरपुर (रेवाड़ी) द्वारा आयोजित बीकाम पांचवें सेमेस्टर की विश्वविद्यालय परीक्षा में सातवां स्थान प्राप्त कर महाविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डा. विक्रम सिंह ने इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर छात्रा व प्राध्यापकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उसकी निरंतर मेहनत, अनुशासन एवं समर्पण का परिणाम है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वह भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर महाविद्यालय एवं अपने परिवार का नाम रोशन करती रहेगी।
महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं छात्राओं ने भी पीहू को शुभकामनाएं दी तथा उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। महाविद्यालय परिवार इस उपलब्धि पर गर्व अनुभव करता है।
फोटो कैप्शन: पीहू उन्हाणी कालेज





कनीना में गूंजे खाटू के जयकारे, दूसरे दिन भी
-950 भक्त पहुंचे जैतपुर
--4 मार्च तक चलेगा मेला
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कनीना की आवाज।
जैतपुर में 4 मार्च तक श्याम मेला लगने जा रहा है जिसमें अपार भीड़ जुटेगी। 27 फरवरी एकादशी को अपार भीड़ जुटती है। जहां कनीना का करीब 950 भक्तों का एक दल कनीना के श्याम मंदिर से जैतपुर पहुंचा और निशान अर्पित किये। इससे पहले कनीना मंडी से 22 फरवरी को एक दल जैतपुर पहुंचा था।  सारा वातावरण खाटूमय हो गया है।
 कनीना व आस पास के भक्त जैतपुर जाते हैं। करीब 30 किमी के इस सफर में वे मोहनपुर, भोजावास, रातां से होकर प्रतापुर एवं जैतपुर पहुंचते हैं। इस पदयात्रा में उनके साथ जल एवं खाने पीने का सामान वाहन में साथ साथ चलता है। खाटू मंदिर की श्रीश्याम सेवक मंडल कनीना के प्रधान संदीप राठी, पाल्हाराम, संदीप यादव, गुड्डू चौधरी, पूनम गुप्ता,योगेश गुप्ता आदि ने बताया कि डीजे पर थिरकते पैर एवं रंग गुलाल में भीगे भक्त खुशी खुशी जैतपुर के लिए रवाना हुए।  भक्त आपने साथ अमर ज्योति लेकर गये। यह ज्योति भी जैतपुर धाम पर अर्पित की गई। साथ में पेयजल आदि का प्रबंध किया हुआ था। यह इस वर्ष की खाटू मंदिर की ओर से अंतिम यात्रा रही। इसके साथ ही खाटू श्याम मंदिर पर विगत दिनों से चला आ रहा शिविर संपन्न हो गया है। सुबह भारी संख्या में भक्तजन अपना-अपना निशान लेकर खाटू मंदिर पहुंच गए जहां से सुबह यात्रा प्रारंभ हुई जो खाटू श्याम मंदिर जैतपुर पहुंची। 18 फरवरी से कनीना में भक्तों के लिए चला आ रहा शिविर शिविर 25 फरवरी को संपन्न हो गया है।
 इस यात्रा में मंदिर पुजारी खाटू मंदिर बाबा मूर्ति के पास बैठे हुए थे, जो वाहन में ले जाई गई तथा पीछे पीछे भक्तजन अपने-अपने निशान को लेकर चल रहे थे। निशान यात्रा जगह-जगह रुकते हुए गीत, भजन गाते हुए जैतपुर पहुंची।
 उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी एक निशान यात्रा खाटू धाम जैतपुर पहुंची थी। यह दूसरी यात्रा और अंतिम यात्रा मानी जाती है।
 उल्लेखनीय है कि दो अलग-अलग सेवक मंडल इस प्रकार का आयोजन करवाते आ रहे हैं। इसके बाद कनीना के संत शिरोमणि बाबा मोलडऩाथ आश्रम तथा खाटू श्याम पर लगने वाले मेले की तैयारियां शुरू हो गई है। 27 फरवरी को यहां मेला लगेगा।
  जैतपुर मंदिर पुजारी ने बताया कि कलकत्ता तथा अलवर के शृंगारकर्ता प्रतिदिन ताजा फूलों से बाबा का शृंगार करते हैं। करीब 300 वर्ष पुराने इस श्याम मंदिर का विगत वर्षों जीर्णोंद्धार करवाया गया है।
फोटो कैप्शन 08: खाटू धाम मंदिर जैतपुर में जाते हुए निशान यात्रा


कैमला स्कूल का किया खंड स्तरीय कमेटी ने निरीक्षण
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कनीना की आवाज।
राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में खंड स्तरीय कमेटी जिसमें सतीश कुमार प्राचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पोता, महेंद्र कुमार प्राचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाघोत, पूजा प्रभारी बाल विकास अधिकारी खंड कनीना आदि ने संयुक्त रूप से विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय की प्रत्येक  शैक्षिक व्यवस्था के साथ- साथ, साफ-सफाई, स्वच्छता आदि का समग्र शिक्षा मिशन के अंतर्गत एवं पाठ्यक्रम आधारित क्रियाकलापों  का पूर्णता निरीक्षण किया।
 प्राचार्य गोयल ने शिक्षा ,संस्कृति और संस्कार के प्रति प्रेरित किया। सतीश कुमार पोता ने विद्यार्थियों को जीवन में शिक्षा का महत्व और आज की आवश्यकता एवं साफ -सफाई और अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। पूजा सुपरवाइजर ने सभी को साफ- सफाई नियमित रूप से अपनाने पर बल दिया। मौलिक मुख्याध्यापक वीरेंद्र सिंह जांगिड़ ने सभी मेहमानों का विद्यालय आगमन पर स्वागत किया और उनकें आदर्शवादी और स्पष्ट विचारधारा को जीवन में अपनाने  का भरोसा दिलाया। जहां स्वच्छता का वास  होता है वहीं पर स्वर्ग की कल्पना संभव है जन -जन को बतलाना है स्वच्छता को अपनाना है। इस अवसर पर मनवीर सिंह विज्ञान अध्यापक सुनील कुमार शास्त्री, सुनील कुमार डीपीई ,देवेंद्र अंग्रेजी अध्यापक,राजेश कुमार, भगत सिंह, गरिमा रानी तारामणि देवी ,बबली देवी, सूबे सिंह , सुनील कुमार आदि उपस्थित रहें।
फोटो कैप्शन 07: कैमला स्कूल का निरीक्षण करते हुए


बाबा मंगलदास को गांव धनौन्दा में किया सम्मानित
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कनीना की आवाज।
ऐतिहासिक बिहाली गांव के मंदिर के गद्दीनशीन महन्त, प्रसिद्ध गौ भक्त और समाजसेवी बाबा मंगलदास को गांव धनौन्दा में राष्ट्र गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया। उनके सम्मान में आयोजित अभिनंदन समारोह में अतरलाल एडवोकेट ने श्रद्धालुओं के साथ बाबा मंगलदास को केसरिया साफा पहनाकर, शॉल, प्रशस्ति पत्र तथा स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। अध्यक्षता डा. मुकेश तंवर ने की।
  अतरलाल ने कहा कि बाबा मंगलदास का व्यक्तित्व प्रेरणा स्त्रोत है। साधु संत, महन्त, बाबा और महापुरुष प्रकाश स्तंभ होते हैं। हमें उनका आदर सम्मान करना चाहिए। इससे समाज को साधु संतों का आशीर्वाद मिलता है और समाज खुशहाल बनता है। महन्त मंगलदास ने सम्मान समारोह आयोजित करने के लिए ग्रामीणों का धन्यवाद करते हुए लोगों से गौ सेवा करने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा गौसेवा से व्यक्ति, समाज व देश की तरक्की होती है।  इस अवसर पर राजेन्द्र नम्बरदार, डा. मुकेश, पृथीसिंह किशनपाल तंवर, सूबेदार प्रताप सिंह, बिजेन्द्र ठेकेदार, मीर सिंह वैद्य, दीपक शर्मा, चन्द्रपाल, टींकू, महेन्द्र, राजेन्द्र, ईश्वर सिंह, मदन तंवर, गायत्री, रेशम, ओमवती, सोमवती, राजवती, अंजू, कोमल आदि अनेक श्रद्धालुगण उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 06: महन्त मंगलदास को सम्मानित करते अतरलाल






 पारंपरिक परिधानों के साथ आधुनिक डिजाइन का दिया समन्वित प्रशिक्षण
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कनीना की आवाज।
राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हानी में महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में संचालित सिलाई प्रशिक्षण कार्यशाला जारी है। यह कार्यशाला प्राचार्य डा. विक्रम यादव की अध्यक्षता तथा महिला प्रकोष्ठ प्रभारी डा. सीमा देवी के निर्देशन में संचालित की जा रही है।
18 फरवरी से प्रारंभ हुई इस कार्यशाला में छात्राओं की सक्रिय सहभागिता एवं सीखने की प्रबल इच्छा को देखते हुए इसकी अवधि तीन दिन और बढ़ाई गई है। प्रशिक्षिका पवित्रा बाई द्वारा छात्राओं को पारंपरिक परिधानों की उन्नत कटिंग, आकर्षक गले एवं बाजू की नवीन डिजाइन, सटीक नाप लेने की विधि तथा फिनिशिंग की सूक्ष्म तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अतिरिक्त दिनों में पाइपिंग, लेस वर्क, फाल-पीको, मशीन संचालन, बुटीक स्तर की सिलाई तथा परिधानों की पेशेवर प्रस्तुति जैसे महत्वपूर्ण कौशलों का विशेष अभ्यास कराया जा रहा है। साथ ही पारंपरिक वेशभूषा को आधुनिक रूप में प्रस्तुत करने के समन्वित तरीकों पर भी विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।
प्राचार्य डा. विक्रम यादव ने कहा कि इस प्रकार के कौशल-विकास कार्यक्रम छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होते हैं, जबकि डा. सीमा देवी ने छात्राओं को पूर्ण समर्पण और लगन के साथ प्रशिक्षण का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के विस्तारित सत्रों से छात्राओं के आत्मविश्वास एवं दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि परिलक्षित हो रही है।
फोटो कैप्शन 05:कटिंग का प्रशिक्षण लेती छात्राएं






नितिन गुप्ता ने फिजिकल साइंस में की नेट
-अखिल भारतीय स्तर पर सामान्य वर्ग में मिला 29वां स्थान
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कनीना की आवाज।
 कनीना निवासी नितिन गुप्ता ने सीएसआइआर द्वारा आयोजित नेट की परीक्षा पास की है। 18 दिसंबर 2025 को उनकी परीक्षा संपन्न हुई थी। उन्होंने सामान्य वर्ग में अखिल भारतीय स्तर पर 29वां स्थान मिला है। 40 वर्षी नितिन गुप्ता ने बीएससी यदुवंशी डिग्री कालेज महेंद्रगढ़ से पास की थी वहीं एमएससी की परीक्षा राव जय राम डिग्री कालेज महेंद्रगढ़ से पास की थी।
 नेट की परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर सामान्य वर्ग में 29वां स्थान मिलने पर अनेक लोगों ने उन्हें बधाई दी है।
फोटो कैप्शन: नितिन गुप्ता






मां बेटी ने किया निशान अर्पित
-जैतपुर धाम पहुंची दोनों
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कनीना की आवाज।
 कनीना के वार्ड एक निवासी पत्रकार एवं लेखिका आशा यादव एवं उनकी पुत्री अमीशा यादव ने एक साथ निशान जैतपुर धाम, राजस्थान में अर्पित किया। कनीना से पदयात्रा सुबह शुरू की और दोपहर पश्चात 30 किलोमीटर दूर जैतपुर धाम दोनों मां एवं बेटी पहुंची। उन्होंने निशान अर्पित कर मन्नत मांगी। वैसे तो कनीना कस्बे से हजारों की संख्या में भक्तजन जैतपुर जा रहे हैं। छोटे-छोटे बच्चे, बूढ़े और जवान सभी में श्याम के प्रति जोश है। जहां कनीना से 190 किलोमीटर दूर खाटू धाम स्थित है वही महज 30 किलोमीटर दूर जैतपुर धाम स्थित है। यह कनीना के नजदीक होने के कारण जैतपुर धाम जाने वाले भक्तों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही है। लगातार कनीना एक के बाद एक करके दो जत्थे निशान यात्रा के रूप में जैतपुर धाम पहुंचे हैं। वहीं कनीना की लेखिका एवं पत्रकार आशा यादव के साथ उनकी पुत्री अमीशा यादव भी निशान लेकर जैतपुर पहुंची और अपना निशाना अर्पित किया। उन्होंने बताया कि उन्हें खुशी है कि उन्होंने दूसरी बार यह निशान अर्पित किया है।
 फोटो कैप्शन 11: आशा और अमीशा निशान यात्रा पर


रामबास में हिंदु सम्मेलन एक मार्च को















-एकता और अखंडता का दिया जाएगा संदेश
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कनीना की आवाज। राधा कृष्ण मंदिर रामबास में 01 मार्च को एक विशाल हिंदू सम्मेलन होने जा रहा है। यह जानकारी देते हुए आचार्य कृष्णानंद महाराज ने बताया कि हिन्दू जागरण कि दिशा को नई ऊर्जा एवं चेतना प्रदान करने हेतु सर्व हिन्दू सनातन संस्कृति, सनातन धर्म एवं सामाजिक एकता का प्रतीक हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन के माध्यम से समाज में एकता, अखंडता को बनाए रखने का संदेश दिया जाएगा। हिंदू सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं बल्कि हमारी संस्कृति परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का उत्सव है। यह वह मंच है जहां समाज एकत्र होकर अपने मूल्यों, इतिहास और गौरव को याद करता है तथा आने वाली पीढिय़ों को सही दिशा देने का संकल्प लेता है। हमारी सभ्यता ने हमेशा वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश दिया है मतलब पूरा संसार एक परिवार है। यही भावना हमें एक दूसरे के प्रति सम्मान, सेवा और सहयोग का मार्ग दिखाती है। ऐसा सम्मेलन समाज को संगठित करने युवाओं में आत्मविश्वास जगाने और सकारात्मक ऊर्जा भरने का कार्य करता है। जब हम अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं तभी हम आधुनिकता के साथ संतुलन बना पाते हैं। हिंदू सम्मेलन हमें अपनी आस्था के साथ-साथ कर्तव्य, नैतिकता और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा भी देता है।
फोटो कैप्शन 04: संत कृष्णानंद महाराज