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Friday, March 20, 2026




 


कुतरूं प्राचार्य के कारनामे-16
-हाजिर को गैर हाजिर दर्शाकर काट लिया वेतन, लड़ते रहो न्यायालय में
-अंधेर नगरी चौपट राजा, टका सेर भाजी खा जा
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कनीना की आवाज।
 कनीना निवासी डा. होशियार सिंह यादव ने बतौर विज्ञान अध्यापक एवं प्राध्यापक 40 सालों तक शिक्षण कार्य किया है। उन्होंने स्कूल, कालेज निजी और सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य किया है। इस अवधि दौरान करीब 35 विभिन्न स्कूल प्राचार्यों के साथ काम किया और उनमें से चंद कुतरूं प्राचार्य निकले। जिनका नाम लेते ही तन मन में दर्द होता है। जिनकी भावना हीन रही है। किसी के काम को रोकने आए हैं। सच का साथ नहीं दिया और उन्होंने सदा ही अच्छे और स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों का विरोध किया। ऐसे ही कुतरूं प्राचार्य के कारनामे सामने आये हैं। आज एक कारनामा यहां उजागर किया जा रहा है।
कुतरूं प्राचार्य किस प्रकार कर्मचारियों को परेशान करते हैं कैसे उनको अनुपस्थित दर्शकर वेतन काट लेते हैं का एक बहुत सुंदर उदाहरण सामने आया है। होशियार सिंह की विज्ञान अध्यापक अनेकों बार तबादले किए गए। यहां तक की मेवात में दो बार तबादले करवाए गए और इन दौरान परेशानियां स्वाभाविक होती है। सबसे बड़ी परेशानी उसे समय आई जब होशियार सिंह की पत्नी कैंसर से पीडि़त थी और उस समय भी एक बार बदली हुई मेवात में करवा दी गई, परंतु सबसे बड़ा दुर्भाग्य उस वक्त का है जब एक कुतरूं प्राचार्य ने तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला से पहुंच बनाकर और किसी के जरिये पाठ खोरी, मेवाती में तबादला करवा दिया। यद्यपि 21 नवंबर को तबादले के आदेश आए। उस दिन होशियार सिंह ने पूरा दिन विद्यालय में काम किया और एक कुतरूं प्राचार्य ने जानबूझकर कार्यभार  मुक्त कर दिया। यद्यपि कुतरूं प्राचार्य से यह बात हुई थी कि आज यानी 21 नवंबर को उन्हें कार्यभार मुक्त मत करना किंतु उन्होंने किसी के दवाब में आकर झटपट ही कार्यभारमुक्त कर ही दिया। साथ में उस दिन को भी अनुपस्थित दर्शा दिया। जबकि हाजिरी रजिस्टर में 21 नवंबर के पूरे समय के हस्ताक्षर किए हुए हैं। यद्यपि वापस कार्यभार ग्रहण 15 दिसंबर को कर लिया गया किंतु 21 नवंबर से 15 दिसंबर तक कुतरूं प्राचार्य नेे अनुपस्थित दर्शाया है। जिससे समस्या बढ़ गई। एक दिन का वेतन काट लिया गया। अनावश्यक रूप से वेतन काट लिया गया। आश्चर्य तो तब हुआ कि न तो उच्च अधिकारियों ने इस संबंध में कोई बात सुनी। जिला शिक्षा अधिकारी, एसओ तथा जिस स्कूल से सेवानिवृत्त हुआ उन्होंने भी संबंध में कुछ नहीं सुना। इससे बुरी बात और क्या हो सकती है। यदि इन कुतरूं प्राचार्यों का एक दिन का वेतन जानबूझकर काटा जाए तो उनके साथ क्या बीतेगी? यह उनसे पता किया जाए जिनके चोट लगती है। अब कोर्ट कचहरी में लड़ते रहिए जो मिलने हैं उससे कहीं ज्यादा पैसे खर्च कीजिए। तब जाकर यह हक मिलेगा लेकिन अब यह निर्णय किया है कि चाहे एक रुपये लेने के लिए हजार रुपए खर्च करने पड़े किंतु उन कुतरूं प्राचार्यों से जो इसके लिए जिम्मेदार हैं,ब्याज सहित पैसे वसूलने का प्रयास किया जाएगा। न्यायालय की शरण ली जाएगी और चाहे सुप्रीम कोर्ट भी जाना पड़े तो जाने के लिए तैयार रहेंगे किंतु इन कुतरूं प्राचार्य को जिन्होंने इस प्रकार की चाल की चली और अब तक उस दिन का वेतन नहीं निकला उनको चैन से नहीं बैठने दिया जाएगा। कहावत है सांच को आंच नहीं लगता चूंकि यहां तो सांच ही जलती नजर आ रही है। एक कवि ने कहा है अंधेर नगरी चौपट राजा टका सेर भाजी खा जा वाली कहावत लागू हो रही है। फांसी का फंदा किसी को डालना चाहिए और डाल रहे किसी और को। एक सच को जानते हुए भी कितने कुतरूं प्राचार्य अनजान बन रहे हैं। इससे बुरी बात और क्या हो सकती है। लोग अक्सर कहते की सच्चाई की जीत होती है लेकिन पता नहीं सच्चाई की जीत कब होगी? इस प्रकरण में एक कुतरूं प्राचार्य नहीं कई कुतरूं प्राचार्यों का हाथ है स्पष्ट है कि उच्च अधिकारियों का भी हाथ है जो जानकर अनजान बने हुए हैं। आंखें मूंदकर बैठे हुए हैं। हाजिरी रजिस्टर में हस्ताक्षर होते हुए भी फिर क्यों नहीं मान रहे? हैं ना, वो सभी कुतरूं जो सच को सच नहीं मान रहे।



सब्जी मंडी कनीना के व्यापारियों ने मंदिर निर्माण में दिये 21500
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कनीना की आवाज।
सब्जी मंडी कनीना के व्यापारियों ने मंदिर निर्माण में किया 21500 का सहयोग दिया है।
बाबा मोलडऩाथ मंदिर कमेटी प्रधान दिनेश यादव ने बताया कि व्यापारियों ने 21500 रुपए का सहयोग किया है। अनेक व्यापारी बाबा के धाम पर पहुंचे और इन्होंने अपनी श्रद्धा से राशि भेंट की। व्यापारियों में गोपी सेठ, गुड्डू चौधरी, विजय कुमार देवेंद्र ,छोटू, राहुल, विक्रम सिंह व अन्य लोगों का मंदिर कमेटी द्वारा फूल मला पहनकर सम्मान किया गया।
 इस मौके पर गुड्डू चौधरी ने कहा कि आगे भी हम मंदिर निर्माण में सहयोग करते रहेंगे और यह सभी व्यापारियों की सहमति से हमने राशि भेंट की है। नवरात्रों के शुभ अवसर पर यह दान करके हम बहुत ही खुशी और प्रसन्नता महसूस करते हैं। मंदिर कमेटी द्वारा जो हमारा सम्मान में स्वागत किया उसके लिए हम कमेटी के आभारी हैं। इस मौके पर प्रधान दिनेश यादव, रमेश कुमार, मास्टर अनिल कुमार, अशोक डीपी, बलबीर साहब, प्रकाश साहब, लाल सिंह, महंत रामनिवास, मुकेश शर्मा, शिवकुमार, शिवचरण, महेंद्र सिंह, अरविंद कुमार व अन्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05: व्यापारी मोलडऩाथ आश्रम निर्माण हेतु दान देते हुए।





होटलों और धर्मशालाओं के लिए हरसमय पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य, जिलाधीश कैप्टन मनोज कुमार ने जारी किए आदेश
-मेहमानों के विवरण का रियल-टाइम अपडेट होना जरूरी
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कनीना की आवाज।
जिला में चल रहे सभी होटलों, गेस्ट हाउसों, लाज, धर्मशालाओं और होमस्टे संचालकों के लिए अब हरसमय पोर्टल' पर पंजीकरण करना अनिवार्य कर दिया गया है। जिलाधीश कैप्टन मनोज कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत इस संबंध में कड़े आदेश जारी किए हैं। ये आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
जिला प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कई आवास प्रतिष्ठानों ने अभी तक इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण नहीं कराया है। नए निर्देशों के अनुसार, सभी मालिकों और प्रबंधकों को न केवल खुद को पोर्टल पर पंजीकृत करना होगा, बल्कि वहां रुकने वाले हर मेहमान और आगंतुक की पूरी जानकारी भी प्रतिदिन समय पर अपडेट करनी होगी।
इन आदेशों का मुख्य उद्देश्य जिले में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाना और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करना है। जिलाधीश ने स्पष्ट किया है कि मेहमानों के विवरण का रियल-टाइम अपडेट होना बेहद जरूरी है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की निगरानी और जांच प्रभावी ढंग से की जा सके। उचित दस्तावेजीकरण न होने से सुरक्षा में चूक की संभावना बनी रहती है, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इन आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जाएगा और दंडित किया जाएगा। जिले के सभी संबंधित संचालकों को हिदायत दी गई है कि वे बिना किसी देरी के इस प्रक्रिया को पूरा करें।



विश्व कविता दिवस -21 मार्च
-कविता के प्रति गहन लगाव होता है लोगों का
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कनीना की आवाज।
विश्व कविता दिवस  21 मार्च को मनाया जाता है  और इसे संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन द्वारा 1999 में काव्य अभिव्यक्ति के माध्यम से भाषाई विविधता का समर्थन करने और लुप्तप्राय भाषाओं को सुनने के अवसर बढ़ाने  के उद्देश्य से घोषित किया गया था।
कविता दिवस का उद्देश्य विश्व भर में कविता के पठन, लेखन, प्रकाशन और शिक्षण को बढ़ावा देना है और जैसा कि मूल यूनेस्को घोषणा में कहा गया है राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कविता आंदोलनों को नई पहचान और प्रोत्साहन देना है।  विभिन्न स्थानों पर कविता पाठ, प्रतियोगिताएं और शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिसमें अक्सर अल्पसंख्यक भाषाओं की कविताओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
इस समाज में कवि और लेखक डा. होशियार सिंह यादव चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि कविता के प्रति यूं तो हर बच्चा, बूढ़ा ,महिला और पुरुष का लगाव होता है किंतु बेहतरीन कविता हो तो सभी को मन को लुभाती है। यदि कविता में कोई भाव हो या रोचक तथ्य शामिल हो तो उसकी और ध्यान अधिक दिया जाता है। यद्यपि गद्य लेखन और कविता लेखन दोनों ही मुश्किल काम है लेकिन कविता लिखने, पढऩे, सुनने की ओर अधिक रुझान होता है जबकि ले,ा आदि पढऩे में कम रुचि रखी जाती है। समाज भी कवियों की कवियों की बात को ध्यान से सुनता है और उनके विचारों को से प्रभावित होता है किंतु लेखक के विचारों को कम ध्यान देते हैं। यह स्वाभाविक बन गया है। आज किसी भी बच्चे से पूछा जाए तो कविता लिखने के लिए अधिक लालायित मिलता है और वो कवि कहलाने में खुशी महसूस करता है।
कविता लिखते समय हर पहलू को ध्यान में रखकर लिखा जाए तो रोचकता बढ़ जाती है और अधिक लोग पसंद करते हैं। वैसे तो आलेख और गद्य विधा को भी सुनने वाले और पढऩे वाले कम नहीं। गद्य में अग रोचकता अधिक पाई जाए ,उसमें यदि आंकड़े अधिक है और सारगर्भित हो तो अधिक पढ़ा जाएगा। ऐसे में चाहे विधा पद्य हो या गद्य उसमें आंकड़े और विचारों का समावेश किया जाए, कविता है तो वह गेय पद्धति पर आधारित हो तो अधिक उत्सुकता बनती है।
  फोटो कैप्शन: डा. होशियार सिंह यादव


4.23 करोड़ से अधिक की सरसों का हुआ
गबन
- एक व्यक्ति के विरुद्ध मामला दर्ज, उन्हाणी हैफेड परिसर से हुआ है गबन, पुलिस मामले की जांच में जुटी
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कनीना की आवाज।
 कनीना से 3 किलोमीटर दूर उन्हाणी स्थित है हैफेड परिसर से करीब 4 करोड़ 23 लाख की सरसों का गबन कर दिया गया है। इस संबंध में जिला प्रबंधक हैफेड नारनौल द्वारा एक व्यक्ति के विरुद्ध गबन का मामला दर्ज करवाया है। कनीना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
 पुलिस में दी गई शिकायत में जिला प्रबंधक हैफेड, नारनौल ने कहा है कि आरएमएस/रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान सरसों खरीद से संबंधित स्टाक जो अप्रैल 2025 से जून 2025 तक हैफेड कांप्लेक्स उन्हाणी, कनीना के गोदाम में स्टोर किया गया था। ऋषिदेव पुत्र सतबीर सिंह निवासी कंवर सिंह कालोनी झज्जर को फील्ड इंस्पेक्टर, स्टोर कनीना के पद पर कार्यरत है, कि सुरक्षा में रखा गया था। कार्यालय के अभिलेखों के अनुसार उनके पास कुल 131635.50 क्विंटल सरसों जो 45 किलो ग्राम वाले 295483 बैगों में पैक थी और स्टाक थी।  6 मार्च 2026 को दो आरओ एक अलवर तथा दूसरा कोटा को हैफेड परिसर उन्हाणी से 2600 क्विंटल सरसों प्रत्येक आरओ डिलीवरी हेतु जारी किए थे। 12 मार्च 2026 को जब इस पार्टी के प्रतिनिधि हैफेड परिसर उन्हाणी में सरसों लिफ्ट करने आए तो वहां लोड करने के बाद उन्होंने कार्यालय को फोन पर सूचित किया कि अधिकांश स्टाक ढेर में बिखरे पड़े हैं और कुछ बैग कटे हुए हैं जिनकी डिलीवरी के लिए मात्रा कम हो सकती है। तुरंत हैफेड अधिकारी ने हैफेड परिसर उन्हाणी का दौरा किया और ऋषिदेव फील्ड इंस्पेक्टर को मोबाइल पर काल किया लेकिन काल नहीं उठाई गई। बाद में उन्होंने मोबाइल बंद कर दिया गया।
 इसके बाद वीरेंद्र कुमार केंद्र प्रभारी को भी गोदाम पर बुलाया गया। उस वक्त गोदाम स्टाक रजिस्टर उपलब्ध नहीं था और स्टाक की डिलीवरी सुरक्षा गार्ड द्वारा की जा रही थी। 12 मार्च 2026 तक उनके स्टाक में कुल 124033.90 क्विंटल सरसों जो की 280281 बैंगों में निजी पार्टियों तथा एचओएम रेवाड़ी एवं नारनौल को डिलीवरी की जा चुकी थी। ऐसे में कार्यालय के रिकार्ड अनुसार गोदाम में लगभग 16892 बैग सरसों के होने चाहिए था परंतु भौतिक सत्यापन दौरान गोदाम में लगभग 4600 बैग ही उपलब्ध हो पाए। इस प्रकार सरसों में लगभग 12292 बैग सरसों की कमी पाई गई। अधिकारी अनुसार करीब 5531.60 क्विंटल सरसों की कमी पाई गई है जिसका अनुमानित मूल्य 4 करोड़ 12 लाख 44 हजार 793 बनता है। इसी प्रकार कार्यालय रिकार्ड अनुसार उनके पास बारदाना भी विभिन्न ब्रांड के कम पाए गए जिनमें एक ब्रांड के 969 बैग/बारदाना कम पाए गये जिनकी कीमत करीब 91 हजार 842 रुपए बनती है। दूसरे ब्रांड के 12685 बैग/बसरदाना कम पाए गए जिनका मूल्य 10 लाख 32 हजार 940 है। इस प्रकार सरसों बारदाना कमी के कारण हरियाणा स्टेट कोऑपरेटिव सप्लाई एवं मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड करो अनुमानित 4 करोड़ 23 लाख 69 हजार 575 रुपए की हानि हुई है। उन्होंने कहा एक ऋषिदेव फील्ड इंस्पेक्टर 12 मार्च 2026 को लगभग 3 बजे शाम से ड्यूटी स्थल से अनुपस्थित है। जिला प्रबंधक एवं केंद्र प्रभारी द्वारा उनसे लगातार फोन संपर्क करने का प्रयास किया, उनके निवास स्थान झज्जर पर भी जाकर देखा परंतु वह वहां नहीं मिले। यही नहीं वे अब तक संपर्क में नहीं आए हैं। समस्त स्टाक का रखरखाव एवं कस्टडी कार्य ऋषिदेव फील्ड इंस्पेक्टर हफ्टेड कांप्लेक्स उन्हाणी के पास थी। ऐसे में स्टाक में पाई गई सरसों एवं बारदाना कमी के लिए उपरोक्त पूर्ण जिम्मेदार है। और हरियाणा स्टेट कोआपरेटिव सप्लाई मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड को आर्थिक हानि हुई है। उन्होंने कहा कि गोदाम में रखे गए  स्टॉक रजिस्टर भी मौके पर उपलब्ध नहीं पाया गया। ऐसे में ऋषिदेव पुत्र सतवीर सिंह झज्जर निवासी, फील्ड इंस्पेक्टर के विरुद्ध मामला दर्ज करके कड़ी कार्रवाई की जाए। ऐसे में कनीना पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया और जांच अभी जारी है।
 इस मामले के संबंध में थाना शहर कनीना एसआई राकेश कुमार से बात हुई। उन्होंने बताया कि मामला एक व्यक्ति के विरुद्ध हो चुका है। मामले की जांच अपराध शाखा आर्थिक कर रहे हैं। उधर जिला प्रबंधक हैफेड नारनौल फोन नहीं उठा रहे हैं।






सदन में पार्षद महिला की जगह नहीं बैठ पाएंगे पार्षद पति...
-नगर निकाय बैठकों में महिला पार्षद की उपस्थिति अनिवार्य, नियम तोडऩे पर होगी कार्रवाई
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कनीना की आवाज।
हरियाणा में महिला सशक्तिकरण को ज़मीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अब प्रदेश की नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों की बैठकों में महिला पार्षदों की जगह उनके पति, भाई, बेटे या किसी भी पुरुष प्रतिनिधि के बैठने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग  की ओर से जारी नए निर्देशों के अनुसार, यदि कोई पुरुष प्रतिनिधि महिला पार्षद की जगह सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेता या हस्तक्षेप करता पाया गया तो संबंधित पार्षद के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सरकार के संज्ञान में आया था कि च्प्रतिनिधि प्रथाज् के कारण महिला आरक्षण का वास्तविक उद्देश्य कई जगहों पर पूरा नहीं हो पा रहा था। अक्सर महिलाएं चुनाव तो जीत जाती हैं, लेकिन सदन के भीतर उनके अधिकारों और शक्तियों का इस्तेमाल उनके परिवार के पुरुष सदस्य करते हैं। आम बोलचाल में इन्हें च्पार्षद पतिज् या च्सुपर पार्षदज् कहा जाता है।
इसी प्रथा को खत्म करने के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि नगर निकायों की बैठकों में महिला पार्षद की स्वयं उपस्थिति अनिवार्य होगी। सरकार का मानना है कि इससे महिलाएं अपने वार्ड की समस्याओं को खुद सदन में रखेंगी, जिससे उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी विकसित होगी।
नए निर्देशों में यह भी कहा गया है कि नगर निगमों को हर महीने कम से कम एक बैठक और हर छह महीने में तीन दिन का विधिवत सत्र बुलाना अनिवार्य होगा।
वहीं नगर निगम गुरुग्राम  की अगली सदन बैठक 19 मार्च को प्रस्तावित है। निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस बैठक में किसी भी महिला पार्षद के प्रतिनिधि को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। साथ ही अब बैठकों की सूचना और कार्यवाही की रिपोर्ट संबंधित सांसदों और विधायकों को भेजना भी अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।


पिता की तेरहवीं पर पुत्री ने गौशाला को दिए 2.11 लाख रुपए
--आर्य समाज मंदिर को दिये 11 हजार रुपए
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कनीना की आवाज।
कनीना निवासी स्वर्गीय सूबेदार करतार सिंह की तेरहवीं पर उनकी पुत्री नीना यादव ने श्रीकृष्ण गौशाला, कनीना को 2 लाख 11 हजार रुपए का दान दिया है। यही नहीं अपितु आर्य समाज मंदिर में लगने वाले चिकित्सा शिविर के लिए भी 11 हजार रुपये का दान दिया है। नीना यादव अपने पिता की इकलौती संतान हैं। उन्होंने अपने पति पूर्व कालेज प्राचार्य पीके यादव के साथ मिलकर पिता की वृद्धावस्था में निरंतर सेवा की और अंतिम समय तक उनका पूरा ध्यान रखा। नीना यादव सेवानिवृत्त प्राध्यापिका हैं, जबकि उनके पति कालेज प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
गौरतलब है कि स्वर्गीय करतार सिंह ने भी गौसेवा के प्रति आस्था रखते हुए इस वर्ष अपने जन्मदिन के अवसर पर गौशाला को 51 हजार रुपये का सहयोग दिया था। इस अवसर पर गौशाला प्रधान भगत सिंह व कार्यकारिणी सदस्यों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए शांति पाठ किया और परिवार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य समाज को सेवा और संस्कारों की प्रेरणा देते हैं। इस दौरान सचिव यश कनीनवाल, सह-सचिव रामपाल, बलवान सिंह आर्य, ओमप्रकाश आर्य, उप-प्रधान दिलावर सिंह, रविंद्र बंसल, मास्टर रामप्रताप, पूर्व पार्षद राजेंद्र, कृष्ण प्रकाश गुरुजी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02:पूर्व प्राध्यापिका नीना यादव गौशाला में दान देते हुए



कनीना क्षेत्र में दो दिनों से हुई 14 एमएम वर्षा
-गेहूं की फसल को हुआ है नुकसान
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में जहां विगत तीन दिनों से मौसम लगातार बदल रहा है और बूंदाबांदी रुक रुककर हो रही है। इससे पहले जहां गर्मी का माहौल रहा। जबकि तीन दिनों से गर्मी में भी सर्दी का एहसास हुआ है। फिर से लोगों को ऊनी कपड़े पहनने पड़े  हैंक्योंकि तापमान गिरता ही जा रहा है।
 जहां शुक्रवार को सुबह 7 एमएम वर्षा हुई । वर्षा सुबह 4बजे से पहले ही शुरू हो गई थी। धीरे-धीरे बूंदाबांदी चलती रही। दोपहर तक मौसम खराब रहा जिसके चलते सड़कों के किनारे पर पानी खड़ा हो गया। हर जगह कीचड़ और दलदल की हालत बन गई है। इस प्रकार के झड़ ने सावन को भी मात दे दी है। वहीं सबसे अधिक नुकसान किसानों को उठाना पड़ा है।
 इस समय किसानों ने सरसों की फसल को काटकर इक_ा कर रखा है जो तेज हवाएं चलने से उड़ गई वहीं लावणी में व्यवधान आ गया है। अभी गेहूं की फसल की लावणी होने में कुछ समय बाकी है किंतु सरसों की फसल में  दिक्कत आ गई है। किसान अब काटकर डाली गई फसल को सुखाएंगे तत्पश्चात ही पैदावार ले पाएंगे। उधर गेहूं की फसल वर्षा होने और तेज हवाएं चलने से धरती पर लेट गई। अधिकांश किसानों की गेहूं की फसल धरती पर लेट गई है। किसानों के अनुसार उसमें 10 से 20 प्रतिशत नुकसान होने का अंदेशा बन गया है क्योंकि धरती पर लेटी फसल की लावणी भी संभव नहीं और वह सही ढंग से पक भी नहीं पाएगी।
 उल्लेखनीय है कि कनीना क्षेत्र में करीब 20000 हेक्टेयर पर सरसों तथा करीब 9 हजार हेक्टेयर पर गेहूं की फसल उगाई गई है। किसान गेहूं की लावणी का इंतजार कर रहे है जबकि सरसों की लावणी त्वरित गति से चल रही है।
 इस संबंध में एसडीओ कृषि विभाग महेंद्रगढ़ डा. अजय यादव से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि सरसों की फसल में अभी तक कोई नुकसान नहीं हुआ है लेकिन गेहूं की फसल जो धरती पर लेट गई है उसमें नुकसान होने की पूरी संभावना बन गई है।
एसडीओ ने दी किसानों को हिदायत-
एसडीओ कृषि डा. अजय यादव अनुसार जिन किसानों को लगता है कि फसल में नुकसान हो गया है और उन्होंने फसल का बीमा करवा रखा है। उन्हें खेत में अपनी पालिसी ले जाकर खेत में खड़े होकर आनलाइन शिकायत दर्ज करवानी है। शिकायत में पालिसी नंबर होना बहुत जरूरी है। तत्पश्चात शिकायत पर सर्वे होगी और आगे की कार्रवाई चलेगी। ऐसे में उन्होंने कहा कि केवल वो किसान जिन्होंने अपनी फसल बीमा करवा रखा है और नुकसान हुआ है तो वे ही आनलाइन शिकायत दर्ज करवाये।
फोटो कैप्शन 04: गेहूं की फसल लेटी हुई दिखाता किसान
फोटो कैप्शन 3: सड़क के किनारे भरा हुआ वर्षा का जल



सूबेदार करतार सिंह की याद में दिए गौशाला को 2.11 लाख रुपए
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कनीना की आवाज।
 कनीना के सूबेदार करतार सिंह की पगड़ी के कार्यक्रम में उनकी पुत्री नीना यादव ने कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला को 2.11 लाख रुपए दिये हैं। उनका कहना है कि गायों के लिए चारे की जरूरत होती है। यही नहीं उन्होंने कनीना के आर्य समाज मंदिर में प्रतिदिन लगने वाले चिकित्सा शिविर हेतु भी 11000 रुपए दिए हैं। उल्लेखनीय यादव हिंदी प्रवक्ता से सेवानिवृत्त है तथा अपने पिता सूबेदार करतार सिंह की एकमात्र पुत्री है। उन्होंने कहा कि समाज में गायों की सेवा करना तथा मरीजों की सेवा करना हर इंसान का फर्ज होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए यह दान दिया है ताकि गायों और गरीबों की सेवा में कुछ राशि खर्च की जा सके।
इस मौके पर प्रधान भगत सिंह, नीना यादव, रीता देवी, पवन कुमार, प्रदीप, दिलावर सिंह, यश यादव, सह सचिव रामपाल यादव, विकास यादव, रविंद्र बंसल,होशियार सिंह सत्संगी, राजेंद्र पार्षद बलवान सिंह, अशोक कुमार, सतवीर गुगनवाला, राज सिंह प्रापर्टी डीलर ,महेंद्र सिंह साहब आदि उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 02: नीना यादव गौशाला में दान करते हुए







एलपीजी के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्त व हेल्पलाइन नंबर जारी
-उपभोक्ता 01282-251249 पर कर सकते हैं शिकायत
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कनीना की आवाज।
उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार के निर्देशानुसार जिला महेंद्रगढ़ में एलपीजी की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनाधिकृत उपयोग पर जिला प्रशासन सख्ती से कार्रवाई कर रहा है। विभाग ने इसके लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के साथ-साथ जिला स्तरीय हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।
यह जानकारी देते हुए सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि प्रभावी निगरानी के लिए
सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी नारनौल अरुण कुमार को नारनौल, अटेली व नांगल चौधरी तथा सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी, सर्कल कार्यालय नारनौल पुरुषोत्तम को महेंद्रगढ़ कनीना तथा सतनाली के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
उन्होंने बताया कि सर्कल कार्यालय नारनौल के लैंडलाइन नंबर 01282-251249 को उपभोक्ताओं की एलपीजी से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। यदि किसी भी उपभोक्ता को एलपीजी वितरण में अनियमितता, कालाबाजारी या जमाखोरी की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत उपरोक्त हेल्पलाइन नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

 


कनीना का मां शेरावाली मंदिर जहां नवरात्रों में लगती है भीड़
-वर्ष में दो बार आते हें नवरात्रे
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कनीना की आवाज।
 मंदिर की स्थापना करीब 18 वर्ष पूर्व हुई है। इसका निर्माण कार्य संजीत यादव कनीना के निवासी की देखरेख में संपन्न हुआ है। इस मंदिर के चारों ओर द्वार एवं विशाल सीढिय़ां हैं। दूर से ही आकर्षित करता हुआ माता मंदिर वर्तमान में विख्यात है। संत मोलडऩाथ आश्रम परिसर में ही यह मां का भव्य मंदिर बना हुआ है। इस मंदिर के पास बाबा को ग्राउंड है जहां संतों को भोजन कराया जाता है।
मंदिर की भव्य मूर्ति 51 हजार रुपये में जयपुर के प्रसिद्ध कारीगरों द्वारा निर्मित करवाकर विधि विधान से इस मंदिर में स्थापित करवाई गई थी। प्रत्येक नवरात्रों के समय मां के मंदिर को सजाया जाता है। भारी संख्या में भक्तजन यहां आते हैं। इस मंदिर की भव्यता ही इसका आकर्षण है। सुमन रोहिल्ला ने बताया कि कि वो हर वर्ष मां को नवरात्रों में पोशाक पहनाती हैं।
पूजा का विशेष विधान.
नवरात्रों पर समीपी गांवों के भक्तजन आते हैं और अपने साथ नारियल, मां की चुनरी, प्रसाद, मां की ध्वजा लेकर आते हैं और विधि विधान से पूजा करके ध्वजा को अर्पित कर देते हैं। करीब 61 फुट ऊंचे इस मंदिर में आकर पूजा अर्चना करते हैं।
शहर का एकमात्र मां मंदिर-
शहर का यह एकमात्र मां शेरावाली का मंदिर है। संत शिरोमणि बाबा मोलडऩाथ आश्रम परिसर में बने इस मंदिर में भक्तजन अधिक आने के पीछे मंदिरों  का एक समूह विकसित होना है। पास में विभिन्न देवी देवताओं के एक दर्जन मंदिर बने हैं। आकर्षण का कारण शहीद प्रतिमाओं के पास होना भी है। पार्कों से सुसज्जित दस मंदिर को दूर दराज से भी देखा जा सकता है।
नवरात्रों के दिनों में यहां सैकड़ों भक्तजन आते हैं और मां के दर्शन करते हैं। इस मंदिर की देखरेख का काम भी कनीना के संत शिरोमणि बाबा मोलडऩाथ आश्रम पर रहने वाले संत ही करते हैं। प्राचीन बाबा मोलडऩाथ आश्रम जोहड़ के किनारे पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचना आसान है क्योंकि पास में सामान्य बस स्टैंड स्थित है। वर्ष में दो बार आने वाले नवरात्रों पर भीड़ एक मेले का रूप ले लेती है।
 महेंद्रगढ़ के कनीना कस्बे तक रेल सेवा या बस सेवा से पहुंचा जा सकता है। रेलवे स्टेशन से महज दो किमी बस स्टैंड के पास ही यह भव्य मंदिर दिखाई पड़ता है। बाबा मोलडऩाथ आश्रम के पास मंदिर स्थित है। यहां पर कोई भी पुजारी नहीं रहता है। भक्तजन स्वयं यहां आकर धोक लगाकर अपने घरों को चले जाते हैं।
क्या कहते हैं भक्त.
भक्त दिनेश कुमार का कहना है कि कनीना क्षेत्र में यह विशाल मंदिर है जहां नवरात्रों में सुबह.शाम जोत जलती है और पूजा चलती है। भक्तजन भी यहां आकर जोत जलाते हैं। इस मंदिर में भक्तों का पूरे नवरात्रों में तांता लगा रहता है। दूर दराज से भक्त आते हैं और पूजा करते हैं।
क्या कहते हैं पुजारी-
पूजारी रामनिवास महंत का कहना है कि वर्ष में दो बार आने वाले इन नवरात्रों में वे मां के मदिर जाते हैं और पूजा अर्चना करके विशेष आनंद मिलता है। मां के नवरात्रों में वे व्रत रखते हैं और मां की पूजा अर्चना करने के लिए प्रसाद, नारियल एवं चुनरी ले जाते हैं। मां के चरणों में जोत जलाते हैं।
फोटो कैप्शन-01 मां मंदिर
02 मां की मूर्ति।
साथ में दिनेश एवं रामनिवास












पूर्व प्राध्यापिका ने मोलडऩाथ आश्रम को दिये 51 हजार
-मोलडऩाथ कमेटी ने किया उन्हें सम्मानित
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कनीना की आवाज।
बेटियां भी किसी से कम नहीं होती। ऐसा ही उदाहरण पेश किया आज स्व. करतार सिंह साहब की बेटी नीना यादव ने। पूर्व प्राध्यापिका नीना यादव बाबा मोलडऩाथ मंदिर अपनी चाची रीता देवी व चचेरे भाई पवन कुमार को साथ लेकर आई और संत के दर्शन करके  51000 रुपए की सहयोग राशि मंदिर निर्माण कार्य के लिए भेंट की। उन्होंने यह राशि अपने स्वर्गीय पिता करतार साहब की याद में दिये हैं। नीना यादव ने जहां पढ़ लिखकर एक ऊंचा मुकाम हासिल किया और बतौर प्राध्यापिका उन्होंने समाज की सेवा की। उन्होंने हर तरह से अपना फर्ज निभाया और अपने पिता को कभी यह महसूस होने ही नहीं दिया कि समाज में सिर्फ बेटे ही वह कार्य कर सकते हैं जो बेटियां नहीं कर सकती। वो अपने पिता करतार साहब की इकलौती पुत्री है। उन्होंने अपने हर कार्य को बखूबी निभाया है।
 प्रधान दिनेश यादव का मंदिर कमेटी की पूरी टीम ने उनका सम्मान किया। इस मौके पर प्रधान दिनेश यादव, सतबीर यादव, रमेश, मुकेश शर्मा, अशोक डीपी, प्रकाश साहब, बालवीर साहब, लाल सिंह, बाबा रामनिवास, शिवचरण, शिव कुमार, महेंद्र सिंह, अरविंद यादव ,मास्टर अनिल कुमार व अन्य लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: नीना यादव संत मोलडऩाथ आश्रम कनीना को दान देते हुए।




Thursday, March 19, 2026



 





अन्तर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस-20 मार्च
-हंसने से मिट जाती हैं बीमारियां-यादव
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कनीना की आवाज।
इंसान धन दौलत से परिपूर्ण होते हुए भी प्रसन्न नहीं मिलता। प्रसन्न होना धन दौलत से हटकर होती है। प्रसन्नता का क्या आधार है, इस बारे में शिक्षाविद डा. एचएस यादव से चर्चा की गई। उनके विचार इस प्रकार रहे-   ***मौजूदा तनाव भरी जिंदगी में लोगों के चेहरे से खुशी गायब हो गई है। लोग खुश रहने के लिए लाफ्टर क्लब का सहारा लेने लगे हैं। भागमभाग जिंदगी में लोगों को अपने घर-परिवार के लिए समय ही नहीं है। लोगों के चेहरे की मुस्कराहट तनाव और अवसाद के चलते गायब होने लगी है। इससे शारीरिक और मानसिक सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। ऐसा माना जाता है कि जो समाज खुश रहता है वह समाज सबसे ज्यादा प्रगति करता है। जो देश सबसे ज्यादा खुशहाल है वह सबसे ज्यादा आर्थिक उन्नति भी करता है। अंतरराष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस पर यह प्रण लें कि खुश रहने के लिए किसी एक दिन का इंतजार करने के बजाय हर पल में खुशी का क्षण तलाशने का प्रयास करें। उन्होंने बताया कि हंसने से जहां शरीर की अनेक बीमारियां गायब हो जाती हैं। इंसान को प्रतिदिन कुछ समय निकालकर हंसना चाहिए। बाबा रामदेव भी हंसने के लिए ठहाका लगवाते हैं। हंसने से दिनभर की थकान मिट जाती है। हंसना एक कला भी है। जो समाज में हंसना एवं मुस्कुराना जानते हैं वो जीवन में सफल होते हैं। अब तो डाक्टर भी मानते हैं कि दिल की बीमारियों में हंसना एक दवा का काम करती है। जो नहीं हंसते या जो नहीं रोते उनमें हृदयघात अधिक होने की संभावना होती है। ऐसे में खुलकर हंसना चाहिए।
  --डा. एचएस यादव



किसान सभी कार्य करवा रहे हैं मजदूरों से, हो गये हैं आलसी
--किसानों के पास वक्त का अभाव
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में सरसों की फसल कटाई शुरू हो गई हैं। किसान अपनी फसल कटाई स्वयं कम करते हैं और मजदूरों से अधिक करवा रहे हैं। दूसरे राज्यों से भारी संख्या में मजदूर आए हुए हैं जो 3500 प्रति एकड़ के हिसाब से फसल कटाई करते हैं। किसान अपने खेतों में फसल कटाई सरसों निकालना, यहां तक कि आने वाले समय में गेहूं की कटाई और भंडारण भूसे का भंडार आदि सभी कार्य इन मजदूरों से करवाते हैं। आलम यह है कि किसान अपने खेतों में जबसे फसल उगाता है तभी से उसकी रखवाली  का कार्य भी मजदूरों पर छोड़ता रहा है। मजदूर निश्चित राशि में फसलों की देखभाल करते हैं। फसलों की आवारा जंतुओं से देखरेख के लिए अलग से रखवाले भी रखे जाते हैं। ये रखवाले रात को आवारा जंतु जैसे नीलगाय से फसल की सुरक्षा करते हैं।
 किसानों ने बताया कि एक जमाना था जब परिवार के सदस्यों की संख्या अधिक होती थी उस समय मजदूरों की जरूरत कम पड़ती थी किंतु अब प्रत्येक घर में सदस्य की संख्या कम होती है। एक और जहां  चल रही हैं विद्यार्थी अपने स्कूल में परीक्षा देने जाते हैं वही किसान अपने खेतों में लावणी का कार्य करते हैं। लेकिन ऐसे बहुत कम किसान है जो अपने खेत की लावणी स्वयं करते हैं। मजदूरों पर ही लावणी का कार्य निर्भर करता है।
 मिली जानकारी अनुसार राजस्थान, बिहार ,उत्तर प्रदेश तथा अन्य राज्य से मजदूरों के ग्रुप आए हुए हैं। ये ग्रुप दस से लेकर के 30 की संख्या में मिलते हैं। एक साथ मिलकर कार्य करते हैं। फसल कटाई का काम जो दिनों में पूरा होना चाहिए कुछ ही घंटों में पूरा कर जाते हैं। यही कारण है किसान मौसम को देखते हुए तथा मौसम बदलाव के चलते हुए इन मजदूरों से कटाई करवाता है। यहां तक सरसों निकालना आदि का कार्य भी मजदूरों से करवा भंडारण तक का कार्य भी मजदूरों से करवाता है। एक और मजदूरों को अपनी रोटी रोजी मिल रही है वही किसान भी इन मजदूरों से काम करवा कर प्रसन्न नजर आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि घर गृहस्थी के काम में फुरसत नहीं मिलती जिसके चलते मजदूरों से काम करवाते हैं। दूसरे प्रांतों में दैनिक मजदूरी प्रदेश से कम है।
  कभी किसान खुशहाल होते थे। उसका सारा परिवार ही मेहनत करके लावणी आदि का काम कर लेता था जिससे कुछ पैसों की बचत होती थी किंतु अब पैसे भी नहीं बच पा रहे हैं। किसान की हालात बेहतर नहीं है।
फोटो कैप्शन 06: सरसों की लावणी का नजारा।



गर्मी में भी हुआ सर्दी का एहसास
-दो दिनों से हो रही है रुक-रुककर बूंदाबांदी 

-किसानों की चिंता बढ़ी
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कनीना की आवाज। 
कनीना और आसपास क्षेत्र में गर्मी में भी सर्दी का एहसास हो रहा है। मौसम बदलने, बूंदाबांदी होने से जहां सर्दी के कपड़े उतार दिए गए थे वो एक बार फिर से पहनने को मजबूर हो गए हैं क्योंकि तापमान घटता ही जा रहा है। कम से कम तापमान 17 डिग्री तो अधिकतम 24 डिग्री सेंटीग्रेड पहुंचा गया है। मौसम विभाग भविष्य में कुछ और दिनों तक भी इसी प्रकार मौसम रहने की संभावना जाता रहे हैं। परंतु सबसे बुरा हाल किसानों का है जो लगातार मौसम पर नजर टिकाए हुए हैं क्योंकि उनकी पकी पकाई फसल को नुकसान होने का अंदेशा बढ़ता ही जा रहा है। कनीना क्षेत्र में जहां 20,000 हेक्टेयर पर सरसों तो 9000 हेक्टेयर पर गेहूं उगाई गई है। गेहूं की फसल को अभी लावणी आने में 15 दिन बाकी है जबकि सरसों की त्वरित गति से लावणी  जारी है। कुछ किसानों ने तो सरसों की पैदावार भी ले ली है। किसान बेहद परेशान है क्योंकि लगातार मौसम बदलने से न केवल कृषि कार्य प्रभावित हो गए हैं अपितु सरसों की लावणी रुकी हुई है तथा नुकसान का अंदेशा बढ़ता जा रहा है। जहां दो दिनों से तेज हवा चलने से गेहूं की फसल गिर गई और गेहूं की फसल गिरने के बाद वह खड़ी नहीं हो सकती और उसमें नुकसान बढ़ता ही चला जाएगा। किसान मान्य अभी तक 10 प्रतिशत फसल में नुकसान हो चुका है।
 सरसों की फसल जो काट कर डाली गई उसमें भी नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। क्योंकि किसानों की वर्ष भर की आय इन्हीं फसलों से होती है और इनमें ही हर वर्ष इस प्रकार की समस्या आ जाती है। किसान अपनी फसलों को दिन रात मेहनत करके उगाते हैं और उनकी फसलों को ऐन मौके पर मौसमी समस्याएं नष्ट कर देती हैं। कृषि विभाग भी मानता है कि फसलों में नुकसान होगा। कुछ जगह तो ओले भी पड़े हैं वही फसल पक गई है उसमें अधिक नुकसान होने का अंदेशा है। सरसों की फलियां फट जाएगी जिससे सरसों मिट्टी में मिल जाएगी।
फोटो कैप्शन 06: गेहूं की गिरी हुई फसल




नव संवत्सर पर महाविद्यालय में वैदिक यज्ञ का भव्य आयोजन
-ताली बजाकर निरोग रहने के गुर सिखाए
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कनीना की आवाज।
राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हाणी में विक्रम संवत् 2083 के शुभारंभ के उपलक्ष्य में पवित्र यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ कंवर सिंह आर्य ने संपन्न कराया। उन्होंने यज्ञ की महिमा एवं उससे उत्पन्न सकारात्मक ऊर्जा के मानव जीवन पर पडऩे वाले प्रभावों पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर कृष्णानंद महाराज ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि बेटियां राष्ट्र की आधारशिला हैं। अत: स्त्री शिक्षा राष्ट्र के समग्र विकास के लिए न केवल आवश्यक, बल्कि अनिवार्य है। उन्होंने सनातन संस्कृति की महत्ता को भी विस्तारपूर्वक स्पष्ट किया।
हंसराज आर्य ने अपने वक्तव्य में आत्मसुधार पर बल देते हुए कहा कि व्यक्ति को सबसे पहले अपने अवगुणों को दूर करना चाहिए, तभी वह दूसरों को सही मार्ग दिखा सकता है।  इसके साथ ही उन्होंने 15 सेकंड तक ताली बजाने की सरल तकनीक के माध्यम से निरोग रहने के उपायों के बारे में भी छात्राओं को जानकारी दी, जिससे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश मिला।  
प्राचार्य डा. विक्रम सिंह ने नव वर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसी पावन दिन भगवान श्रीराम, धर्मराज युधिष्ठिर एवं सम्राट विक्रमादित्य का राज्याभिषेक हुआ था तथा महर्षि दयानंद सरस्वती द्वारा आर्य समाज की स्थापना भी इसी दिन की गई थी।
उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों को भी अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाएं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की वाहक बने।
फोटो कैप्शन 05: कालेज में यज्ञ करते हुए




झगड़े में एक घायल, पीजीआई रोहतक रेफर
-एक व्यक्ति के विरुद्ध मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव सुंदरह में झगड़े में एक व्यक्ति घायल। कनीना पुलिस ने किया मामला दर्ज।
 देवकीनंदन गांव कटैया पनेहा,उत्तरप्रदेश हाल आबाद सुंदरह ने पुलिस में शिकायत दी है कि 11 मार्च को सुंदरह मेहनत मजदूरी के लिए महेंद्र सिंह सुंदराह के पास सरसों कटाई के लिए वह और उसके साथी आए हुए थे। सभी कुएं पर बने हुए कमरे में आराम कर रहे थे। शाम करीब 5:30 बजे अनिल उर्फ कालू भाड़ावास अपने तीन चार साथियों सहित आया और जबरदस्ती उसे उठाकर भाड़ावास लेकर जाना चाहा किंतु देवकीनंदन ने मना किया तो मारपीट करने और गाली-गलौज पर उत्तर आया। जबरदस्ती गाड़ी में डालने लगे तो शोर किया। अंदर से देवकीनंदन के साथी आ गए और उन्होंने छुड़वाया। जो जाते वक्त चाकू से वार कर उठा कर ले जाना चाहते थे और जान से मारना चाहते थे। उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। कनीना पुलिस ने एक व्यक्ति के विरुद्ध मामला दर कर लिया है।




मां दुर्गा मंदिर कनीना में मनाया हिंदु नव वर्ष
-अखंड ज्योति की प्रज्वलित
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कनीना की आवाज।
बाबा मोलडऩाथ प्रांगण स्थित मां दुर्गा मंदिर में हिंदू नव वर्ष के शुभ अवसर पर नवरात्रों के अखंड ज्योति जलाकर व पूजा पाठ करके नए वर्ष की शुरुआत की। 9 दिन तक चलने वाली अखंड ज्योति को प्रवेश शर्मा द्वारा विधि विधान से प्रज्वलित किया गया।
इस मौके पर प्रधान दिनेश यादव ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नए साल की शुरुआत नवरात्रों के शुभ दिन से शुरू किया गया और 9 दिन तक जो जलेगी। उसके बाद विधि विधान से कन्या पूजन कर, प्रसाद वितरण किया जाएगा। दिनेश यादव ने बताया कि यह नव वर्ष हिंदू नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है। पहले जब फसल काटते थे तो नया संवत भी इसको बोलते थे और घी-शक्कर खाकर इसकी शुरुआत करते थे। किसानों के लिए यह बहुत ही शुभ दिन माना जाता है कि नई फसल पककर तैयार हो जाती है और किसानों में इसके प्रति पूरा उत्साह देखने को मिलता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि नव वर्ष पर सभी मेलजोल मिलकर रहे और आपस में एक दूसरे से प्रेम भावना बनाए क्योंकि सनातन धर्म में यह पर्व बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। हम अंग्रेजी त्योहारों की तरह बढ़ गए और अपने पारंपरिक त्यौहारों को भूलते जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह हमेशा इस त्यौहार को बड़े हर्ष और उल्लास से मनाये।  
 इस मौके पर रमेश अनिल, मा.अशोक डीपी लाल सिंह, शिवचरण, अरविंद यादव, मुकेश शर्मा राजेंद्र सिंह, बलबीर साहब, प्रकाश साहब, बाबा रामनिवास, महेंद्र सिंह, सतवीर सिंह, विक्की शर्मा, आनंद शर्मा, पवन कुमार व अनेक महिलाएं विद्या देवी, सुमन रोहिल्ला, मुकेश देवी, संतोष देवी, लाली देवी आदि उपस्थित रही।
फोटो कैप्शन 03: नव वर्ष पर अखंड ज्योति जलाकर प्रसाद वितरित करते हुए




कनीना में प्रशासन का छापा, 8 अवैध सिलिंडर जब्त
--जिले में 4,614 सिलिंडर बैलेंस
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कनीना की आवाज।
जिला महेंद्रगढ़ में एलपीजी की सप्लाई को लेकर जिला प्रशासन सतर्क है। उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार के दिशा-निर्देशों पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम ने आज कनीना क्षेत्र में छापेमारी की।
गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से 8 अवैध सिलिंडर जब्त किए हैं। इस सफल रेड का नेतृत्व निरीक्षक ध्यान सिंह, निरीक्षक रमेश और उप निरीक्षक संदीप की संयुक्त टीम ने किया।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की इस सक्रियता का मुख्य उद्देश्य घरेलू गैस के दुरुपयोग को जड़ से खत्म करना और आम उपभोक्ताओं के अधिकारों को सुरक्षित करना है।
सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी अरुण सैनी ने बताया कि जिला में गैस की निर्बाध आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 18 मार्च की शाम तक जिले की विभिन्न गैस एजेंसियों के पास कुल 10,513 सिलेंडरों का स्टाक उपलब्ध रहा। उपभोक्ताओं की मांग को देखते हुए वितरण प्रक्रिया में भी तेजी लाई गई है, जिसके तहत आज 5,338 नई आनलाइन बुकिंग के मुकाबले कुल 5,899 सिलिंडरों की सफल डिलीवरी की गई। दिन भर के सुचारू वितरण के बाद जिले में 4,614 सिलिंडरों का मजबूत क्लोजिंग बैलेंस बचा है।
उन्होंने बताया कि आपूर्ति और मांग के बीच इस बेहतर तालमेल को बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार मानिटरिंग कर रहा है ताकि जिले के किसी भी कोने में गैस की किल्लत न हो।
फोटो कैप्शन 04:टीम द्वारा पकड़े गए अवैध सिलिंडर।




दृष्टांत के जन्मदिन पर गौशाला में किया दान-पुण्य
-5100 रुपये का दिया दान
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कनीना की आवाज।
गांव धवाना निवासी अशोक कुमार हाल आबाद कनीना ने अपने पुत्र दृष्टांत का जन्मदिन श्री कृष्ण गौशाला, कनीना में श्रद्धा एवं सेवा भाव के साथ मनाया। इस अवसर पर परिवार ने गौशाला पहुंचकर गौसेवा की तथा भगवान श्रीकृष्ण मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
जन्मदिन के उपलक्ष्य में परिवार द्वारा गोमाता की सेवा हेतु 5100 रुपए का सहयोग भी प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि अशोक कुमार अपने पुत्र दृष्टांत का प्रत्येक जन्मदिन गौशाला में ही मनाते हैं और हर बार 5100 रुपए का योगदान देते आ रहे हैं, जो उनकी गोसेवा एवं गोमाता के प्रति अटूट आस्था को दर्शाता है।
अशोक कुमार भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के पश्चात वर्तमान में हरियाणा पुलिस में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि दृष्टांत की माता सरिता देवी राजकीय माडल संस्कृति विद्यालय, कनीना में स्पेशल टीचर के पद पर कार्यरत हैं।
गौशाला प्रधान भगत सिंह ने दृष्टांत को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उसके दीर्घायु एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। गौशाला कार्यकारिणी ने परिवार के इस सराहनीय कार्य के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर होशियार सत्संगी, मास्टर रामप्रताप, ओमप्रकाश आर्य भडफ़, अमीर सिंह सुपरवाइजर तथा फूल सिंह यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: गौशाला में जन्म दिन मनाते हुए



वर्ष परिवर्तन का वास्तविक दिन वर्ष प्रतिपदा ही है -सत्यव्रत शास्त्री
-आज ही है सांस्कृतिक अहीरवाल संस्था के स्थापना दिवस
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कनीना की आवाज।
सांस्कृतिक अहीरवाल संस्था के स्थापना दिवस के अवसर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सत्यव्रत शास्त्री ने कहा वर्ष परिवर्तन का वास्तविक दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा ही होता है क्योंकि आज ही के दिन ईश्वर ने इस सृष्टि की और रचना की थी । प्रकृति में इस समय जो परिवर्तन होता है वही इस बात का संकेत देता है। इस दिन को शुभ दिन मानकर अनेक महापुरुषों ने कुछ व्यवस्थाएं इस दिन के लिए ही रखी। जिसमें नवरात्रों को का शुभारंभ होता है ,श्रीराम का राज्याभिषेक के लिए भी  वर्ष प्रतिपदा के दिन को ही चुना गया था। उसके बाद महाभारत कालीन समय में महाराज युधिष्ठिर का राज्याभिषेक होना था तो उनके लिए भी इसी दिन के लिए चुनाव किया गया। जब इस देश पर शकों और हुणों का आतंक था तब महाराजा विक्रमादित्य ने उन विदेशी आक्रमणकारियों पर विजय प्राप्त की और और विजय दिवस के रूप में इसी वर्ष प्रतिपदा के दिन को ही चुना और उन्होंने आज से ही विक्रमी संवत का शुभारंभ किया।
  सत्यव्रत शास्त्री सांस्कृतिक अहीरवाल की स्थापना दिवस पर गोद गांव में आयोजित यज्ञ पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इसी दिन संत झूलेलाल का जन्मदिन भी वर्तमान पाकिस्तान के सिंध क्षेत्र में मनाया जाता था। गुरु अंगद देव का  जन्मदिन भी सिख परंपरा में इसी दिन मनाया जाता है। महर्षि दयानंद सरस्वती ने जब इस देश की परतंत्रता ,पाखंडवाद और घोर अंधकार के समय में जब कार्य करना शुरू किया तो उसके लिए आर्य समाज की स्थापना का दिन भी उन्होंने इसी दिन को चुना। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डा. केशव राव बलिराम हेडगेवार का जन्मदिन भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इसी दिन मनाता है। इन सब घटनाओं और महापुरुषों के कृत्य कार्यों से हम सबको यह ध्यान में आता है की युग युगांतरकारी परिवर्तन इसी दिन से शुरू होते हैं।
  इसलिए सांस्कृतिक अहीरवाल ट्रस्ट की स्थापना भी आज से 5 वर्ष पूर्व इसी दिन की थी? जिसका उद्देश्य अहीरवाल की प्राचीन संस्कृति व सभ्यता को परम वैभव तक पहुंचाने के लिए एक कार्य योजना का निर्माण कर आगे बढ़ाना है।  सत्यव्रत शास्त्री ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक हम अपने पूर्वजों द्वारा स्थापित मान्यताओं परंपराओं पर निर्विवाद रूप से चलते और मानते रहेंगे तो हमारे अंदर किसी प्रकार का दोष नहीं आएगा परिवार में गांव में देश में और समाज में जब भी कोई गलत काम करने का साहस करता है तो  उसका नाम दूसरी भाषा में होता है। इससे  हमें बचना चाहिए। कार्यक्रम संयोजक  केडी यादव ने उपस्थित लोगों का स्वागत व धन्यवाद किया । कार्यक्रम में सांस्कृतिक अहीरवाल के जिला मीडिया प्रभारी शीशपाल बदोपुर, विश्व हिंदू परिषद के जिला संयोजक सांवत सिंह, स्वदेशी जागरण के जिला संयोजक राजेश शास्त्री, काशीराम , अमरसिंह  भांखरी,रामौतार, शेर सिंह, राजेंद्र यादव, ओमप्रकाश यादव, बिल्लू, अभय सिंह यादव, नरेश मास्टर, इंद्रजीत मास्टर, सुरेश यादव, कर्ण सिंह यादव, राजेंद्र यादव डोहर कलां उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: हवन आयोजित करते हुए


कुतरूं प्राचार्य के कारनामे-15वीं कड़ी पढ़े 20 मार्च को
-हाजिर को गैर हाजिर दर्शाकर काट लिया वेतन, लड़ते रहो न्यायालय में
-अंधेर नगरी चौपट राजा, टका सेर भाजी खा जा









Wednesday, March 18, 2026



 



ओरल हेल्थ दिवस-20 मार्च
-समय पर दांतो की जांच करवानी चाहिए- डा मोरवाल
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कनीना की आवाज।
स्वास्थ्य व्यक्ति को भी समय-समय पर अपने दांतों एवं मुख की हर तीन से 6 माह के बीच जांच करवानी चाहिए। ये विचार कनीना के उप नागरिक अस्पताल के दंत चिकित्सक डा जितेंद्र मोरवाल के हैं। उन्होंने बताया कि संतुलित एवं ताजा खाना खाते रहना चाहिए। प्रतिदिन 4-5 लीटर पानी पीने से लार अधिक बनती है जो दांतों को स्वस्थ रखती है।
डॉ जितेंद्र मोरवाल ने कहा की ब्रश करते समय भी पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। ब्रश दो मिनट से अधिक नहीं करनी चाहिए किंतु शांति पूर्वक दांतों की बाहर भीतर सफाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हरी सब्जी, दूध, फल आदि का अधिक सेवन करना चाहिए जो दांतों को स्वस्थ रखते हैं। दिन में दो बार ब्रश करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सबसे अधिक स्वास्थ्य को तथा दांतों को नुकसान जंक फूड करते हैं और जंक फूड खाने की आदत बढ़ती ही जा रही है। उन्होंने इस आदत से बचने की अपील की। यदि जंक फूड खा रहे हैं तो तुरंत बाद गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें। ज्यादा मीठा खाने से तथा दांतों पर एक ही स्थान पर अमल बनने से कैविटी बन जाती है जिसे कीड़ा लगना कहा जाता है। लोगों के दांतों पर पदार्थ जम जाता है किंतु ध्यान नहीं देते।
  उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में पानी में अधिक फ्लोराइड पाया जाता है जो दांतों को भंगुर बनकर टूट जाते हैं। पानी में एक पीपीएम(पार्टीकल पर मिलियन)फ्लोराइड से अधिक नहीं होना चाहिए किंतु यहां पानी में 100 पीपीएम तक फ्लोराइड पाया जाता है। यदि इससे बचना है तो आरओ का पानी पीना चाहिये और जो आरओ नहीं लगवा सकते उन्हें घर में चौड़े बर्तन में पानी को गर्म करके ठंडा करना चाहिए और फिर पानी को निथारकर घड़े आदि में भर लेना चाहिए तथा नीचे के पानी को फेंक देना चाहिए। इससे अधिक मिनरल खत्म किये जा सकते हैं। क्षेत्र में दांतों में पयरिया की श्किायत अधिक है। इसमें मसूडे खराब हो जाते हैं। ऐसे में ब्रश के अतिरिक्त दांतों की अंगुली द्वारा मसाज करनी चाहिए। कैल्शियम युक्त आहार अधिक लेना चाहिए।
फोटो कैप्शन: डा जितेंद्र मोरवाल।





कुतरूं प्राचार्य के कारनामे-15वी कड़ी पढ़े 20 मार्च को
-हाजिर को गैर हाजिर दर्शाकर काट लिया वेतन, लड़ते रहो न्यायालय में







महेंद्रगढ़ जिले के 32 पत्रकारों ने विधानसभा सत्र का किया अवलोकन
- हरियाणा पत्रकार संघ की ओर से आयोजित हुआ कार्यक्रम
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कनीना की आवाज।
 हरियाणा पत्रकार संघ की ओर से पत्रकारों को विधानसभा स्तर का अवलोकन कर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को नजदीकी से समझने का मौका मिला। जिला महेंद्रगढ़ के 32 पत्रकारों ने भाग लिया और करीब 1 घंटे तक सदन की कार्रवाई को नजदीकी से देखा। हरियाणा पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष केबी पंडित, जिला महेंद्रगढ़ इकाई के प्रधान प्रदीप बालरोडिय़ा ने सभी पत्रकारों को चंडीगढ़ के विधानसभा सत्र का अवलोकन करवाने के लिए नेतृत्व किया। जहां कनीना के पत्रकारों ने वरिष्ठ पत्रकार दीपचंद यादव की अध्यक्षता में चंडीगढ़ पहुंचने का मौका मिला।
पहली बार कनीना क्षेत्र के 8 पत्रकार जिनमें दीपचंद यादव, डा. होशियार सिंह ,जसवंत सिंह, इंद्रजीत शर्मा, अनिल शर्मा, कर्मवीर , मनीष कुमार, सुशील मित्तल बड़े ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में चंडीगढ़ पहुंचे। जहां केबी पंडित अध्यक्ष हरियाणा हरियाणा पत्रकार संघ ने नेतृत्व किया। करीब एक घंटे तक विधानसभा सत्र को देखा। अब तक न्यूज चैनल पर विधानसभा की कार्रवाई देखते आए थे किंतु नजदीक से कार्रवाई देखकर उन्हें खुशी का एहसास हुआ और पत्रकारों में नई ऊर्जा का संचार हुआ।
 विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने भी विधानसभा में मंच से पत्रकारों का हवाला दिया। उपाध्यक्ष कृष्ण मिड्ढा पत्रकारों से मिलने आए और पत्रकारों को हंसी खुशी सब कुछ समझाया। 1 घंटे तक कार्रवाई देखने के बाद महेंद्रगढ़ के विधायक राव कंवर सिंह पत्रकारों से लंबे समय तक मिले। यहां तक के उन्हें अपने साथ लंच भी करवाया। सभी पत्रकारों को गरीबी से मिले और उन्होंने खुशी जाहिर की,की जिले से इतने पत्रकार पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि पत्रकार ही नहीं कोई भी उनसे मिलने आता है तो भी इसी प्रकार मिलते हैं। सबसे बड़ी बात उसे समय लगी जब कनीना के पत्रकार डा. होशियार सिंह से मिले और उन्होंने उस समय की याद दिलाए जब राव भगवान सिंह गुढ़ा निवासी के यहां मिलते थे।
तत्पश्चात विधायक डा. ओमप्रकाश एडीओ पत्रकारों से मिले और उन्होंने खुशी जताई। उन्हें खुशी हुई कि जिला महेंद्रगढ़ की पत्रकार विधानसभा क्षेत्र देखने के लिए आए हैं। तत्पश्चात अटेली से विधायक एवं मंत्री आरती सिंह राव
पत्रकारों से मिली और उन्होंने खुशी जताई। पत्रकारों का कहना था की विधानसभा कार्रवाई को देखकर बेहतर अनुभव हुआ। कुछ पत्रकारों पहली बार ही विधानसभा सत्र देखा है। मंत्री और विधायकों से पत्रकारों ने मिलकर अपने अनुभव सांझा किये और विभिन्न पहलुओं पर चर्चा भी की। सौहार्दपूर्ण वातावरण में कनीना एवं जिला जिला महेंद्रगढ़ के सभी पत्रकार अपने-अपने वाहनों से घर पहुंच गए। उन्होंने लगा कि सचमुच विधानसभा सत्र देखने लायक होता है।
फोटो कैप्शन 9 व 10 पत्रकार विधानसभा सत्र देखकर मंत्री एवं विधायकों से मिलते हुए

कनीना में लगा बिजली का कट
-कुछ नहीं पता कब तक आएगी बिजली





विश्व गौरैया दिवस 20 मार्च
झोपड़ी लुप्त होने से लुप्त हो गई गौरैया
-इंसान से गहन संबंध रहा है गौरैया का
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कनीना की आवाज। 
ग्रामीण क्षेत्र में किसी समय इंसान के संग सैकड़ों गौरैया देखने को मिलती थी। इनके संग गहरा नाता होता था। इंसान जहां सुबह सवेरे उठता तो गौरैया उन्हें उठाती थी तथा उनकी झोपड़ी में जहां इंसान आराम करता गौरैया नजर आती थी। आज वह गौरैया और वो झोपड़ी गायब हो गए हैं। आज न तो ग्रामीण क्षेत्रों में झोपड़ी बची हैं और ना ही गौरैया को छिपने के लिए कोई ठिकाने बचे हैं।  जहां भी देखें ऊंचे ऊंचे महल,उच्च वोल्टेज की बिजली की तारे, गर्मियों में पानी की कमी, दानों आदि में जहरीली दवाओं का होना, वृक्षों की कटाई के चलते ये गौरैया धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है। गौरैया की संख्या यूं ही घटती गई तो आने वाले समय में शायद धरती पर कोई गौरैया बच पाएगी। विश्व गौरैया दिवस पहली बार बीस मार्च 2010 में मनाया गया था। तब से, यह दिवस प्रत्येक वर्ष 20 मार्च को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य गौरैया के संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता लाना है।
इस संबंध में शिक्षाविद डा. होशियार सिंह यादव ने बताया कि
**जब वे छोटे बच्चे होते थे तो पक्के मकान कम होते थे और कच्चे घर, झोपड़ी अधिक होती थी जिनमें गौरैया देखने को मिलती थी किंतु वर्तमान समय में गौरैया लुप्त होने के कगार पर हैं। इंसान के क्रियाकलापों के चलते  गौरैया घटती जा रही हैं।
 झोपडिय़ां जहां उनके छिपने के स्थान होते थे खत्म होने के बाद जहां वन जंगल धीरे-धीरे खत्म होते चले गए। यद्यपि गौरैया इंसान के ज्यादा समीप रहती थी किंतु इंसानों से दूर होने पर भी उन्हें कोई छुपने के ठिकाने नहीं मिले। वृक्षों को इतना काट डाला है कि उनके घोंसले के लिए स्थान नहीं मिलता, उनकी प्रजनन के लिए उचित वातावरण न मिलने से उनकी संख्या घटती जा रही है, विशेषकर गर्मियों में पीने के लिए उनको पानी नहीं मिलता वहीं दाने भी नहीं मिलते हैं। उनको उचित दाना पानी नहीं मिलने के कारण भी वे लुप्त हो गई है। साथ में इंसान बहुत अधिक जीव जंतु पालता है, ये जीव जंतु भी गौरैया के दुश्मन है। कभी गौरैया को विशेष रूप से बुलाकर उनको दाना पानी दिया जाता था। एक जमाना था जो मोर गौरैया एवं गीदड़ आदि आवाज लगाने पर हाजिर हो जाते थे। कनीना के प्रसिद्ध संत मोलडऩाथ अपने हाथों से मोर और गौरैया को दाने देते थे पानी पिलाते थे किंतु अब सभी लुप्त हो चुके हैं। क्योंकि इंसान की आदतों ने उनको दूर कर दिया है।
जलवायु में परिवर्तन और इंसान की छेड़छाड़ के चलते जीव जंतु लुप्त हो गए हैं जिनमें गौरैया भी एक है। अगर समय रहते इंसान नहीं चेता तो भविष्य में गौरैया धरती से लुप्त हो जाएंगी।अ ऐसे में पक्षियों विशेषकर गौरैया को बचाने के लिए सिकोरे रखे जाने चाहिए। हमें शपथ लेनी चाहिए कि छतों एवं पेड़ों पर सिकोरे रखकर पक्षियों को बचाएंगे।
फोटो कैप्शन: शिक्षाविद डा. होशियार सिंह यादव
फोटो कैप्शन 07: एक पेड़ पर बैठी चिडिय़ा


हिंदु नववर्ष पर मोलडऩाथ आश्रम पर होगा हवन
-जलेगी अखंड ज्योति
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कनीना की आवाज।
 कनीना के संत मोलडऩाथ आश्रम पर जहां नववर्ष पर अखंड ज्योति जलेगी वहीं हवन आयोजित होगा। अखंड ज्योति 9 दिनों तक जलती रहेगी। नवरात्रि संपन्न होने पर कन्याओं का पूजन किया जाएगा एवं प्रसाद वितरण किया जाएगा।
 वहीं नव वर्ष के प्रारंभ में हवन आयोजित होगा। विस्तृत जानकारी देते हुए दिनेश कुमार प्रधान ने बताया हर वर्ष नए साल पर हवन आयोजित होता है।




कनीना क्षेत्र में भी 7 एमए वर्षा, चली तेज हवाएं
-फसलों को नुकसान का अंदेशा

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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में बुधवार शाम को 7 एमएम वर्षा हुई। दोपहर पश्चात मौसम बदल गया ,काले बादल आकाश में छा गए और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ वर्षा होने लगी। वर्षा के कारण जहां किसानों की लावणी का कार्य रुक गया वहीं फसलों में कुछ नुकसान होने का अंदेशा बन गया है।
 किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार आदि ने बताया कि इस समय सरसों की लावणी का कार्य पूरे यौवन पर है। ऐसे समय में वर्षा नुकसानदायक है क्योंकि सरसों की काटकर डाली गई फसल की फलिया फट जाएगी और नुकसान होगा। किसान पल-पल मौसम को निहार रहे हैं। मौसम विभाग दो-तीन दिन ऐसा ही मौसम रहने की आशंका जाता रहे हैं। उधर वर्षा के कारण और तेज हवाओं का गेहूं की खड़ी फसल गिर गई है जिसमें नुकसान होने का अंदेशा हो गया है।
 इस संबंध में एसडीओ कृषि डा. अजय यादव से बात हुई उन्होंने बताया कि सरसों की फसल में नुकसान होने की कोई संभावना अभी तक तो नहीं है। अगर ओलावृष्टि होती है तो नुकसान होगा क्योंकि फसल वर्षा के बाद तेज हवाओं से गिर जाएगी। गिरने पर नुकसान होगा। उन्होंने किसानों से गेहूं की फसल की सिंचाई रोकने की बात कही है। अभी गेहूं की लावणी आने में 15 दिन का समय और लगेगा।
 उल्लेखनीय की चंद रोज से भीषण गर्मी पड़ रही थी। अचानक मौसम में बदलाव आया है। किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। कनीना क्षेत्र में करीब है 20000 हेक्टेयर पर सरसों तो 9000 हेक्टेयर पर गेहूं के फसल उगाई गई थी जिसकी लावणी चल रही है।
 फोटो कैप्शन 04: वर्षा एवं तेज हवाओं से गिरी गेहूं की फसल
05: कनीना क्षेत्र में होती हुई वर्षा


श्रीकृष्ण गौशाला में महिला सत्संग मंडल ने किया सत्संग
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कनीना की आवाज।
 अमावस्या के दिन शिव सत्संग महिला मंडल ने कनीना के श्रीकृष्ण गौशाला में सत्संग आयोजित किया। इस मौके पर प्रधान सोमवती, उसके साथ सविता कमलेश, सुमन, तारावती, नीलम, शकुंत, माया, पप्पू मीणा, राजेश, सुनीता, लाली, गोमती, राज, छोटा, सुरेश, बनारसी, संयोगिता के अतिरिक्त श्याम बाबा सत्संग मंडल की प्रधान प्रेम, मोनिका, अंजू, सविता, रीना, प्रेम, सुनीता आदि मौजूद रही। उधर श्रीकृष्ण गौशाला के प्रधान भगत सिंह, बलवान सिंह, यश यादव, रामपाल, महेंद्र सिंह, दिलावर, कृष्ण प्रकाश, अशोक आदि मौजूद रहे।  फोटो कैप्शन 3: सत्संग आयोजित करते हुए महिला मंडल


अमावस्या के दिन गौशाला में गूंजते हैं भजन-कीर्तन
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कनीना की आवाज।
श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में प्रत्येक माह अमावस्या को भक्ति और श्रद्धा का विशेष वातावरण देखने को मिलता है। इसी क्रम में आज अमावस्या के दिन कस्बे की महिलाओं द्वारा भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुई।
कार्यक्रम में ढोकलमल पार्क स्थित शिव मंदिर सत्संग मंडली की प्रधान सोमवती के नेतृत्व में सविता, कमलेश, सुमन, तारावती, नीलम, माया, शकुंतला, पप्पू मीणा, राजेश, सुनीता, लाली, राज, छोटा, सुरेश, बनारसी व संयोगिता ने मिलकर बाबा भोले के भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। इसके उपरांत श्याम बाबा सत्संग मंडली की प्रधान प्रेम के नेतृत्व में मोनिका, अंजू, सविता, रीना, प्रेम व सुनीता सहित अन्य महिलाओं ने श्याम जी के भजनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। दोनों भजन मंडलियों की प्रधानों ने संयुक्त रूप से कस्बे की महिलाओं से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में प्रत्येक अमावस्या को गौशाला में एकत्रित होकर भजन-कीर्तन में भाग लें। अमावस्या का दिन पितृ पूजन एवं धार्मिक कार्यों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर गौशाला में आकर गौसेवा करने से घर में सुख-शांति एवं समृद्धि बनी रहती है। कार्यक्रम के अंत में भजन-कीर्तन के उपरांत श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।





तेज गति की हवाओं आंधी अंधड़ चलने और हल्की से मध्यम बारिश
- कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि को नकारा नहीं जा सकता-डा. चंद्रमोहन
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कनीना की आवाज।
18 मार्च  को शाम बाद एक नया मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होगा। जिसकी वजह से दक्षिणी पंजाब और उत्तरी राजस्थान पर चक्रवातीय सर्कुलेशन बनने से अरब सागर से व बंगाल की खाड़ी से प्रचुर मात्रा में नमी पहुंचने से सम्पूर्ण पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बर्फबारी जबकि मैदानी राज्यों पंजाब राजस्थान उत्तर प्रदेश विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में  18-19-21 मार्च के दौरान हल्की से मध्यम बारिश के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं अंधड़ आंधी और कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ बिजली गिरने और ओलावृष्टि को नहीं नकारा जा सकता।  इस मौसम प्रणाली से सम्पूर्ण मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में तापमान में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी। दिन और रात्रि तापमान सामान्य से नीचे दर्ज होंगे।  
किसान भाइयों को  विशेष सावधानी बरतने की सलाह
बारिश और अंधड़ आंधी व ओलावृष्टि के दौरान मुख्य सावधानियां बरतनी चाहिए
1.जल निकासी (
खेतों में जलजमाव न होने दें। अतिरिक्त पानी निकालने के लिए मेड़ काटकर चैनल बनाएं।
 2.कटाई और भंडारण:
  वर्तमान समय में यदि फसल कटी हुई है, तो  उसके उत्पाद को  सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढक दें। वेयर हाउस में संरक्षित करें। अगर मंडियों में तों भी सुरक्षित करें या तिरपाल से ढके।
 3.ओलावृष्टि से बचाव
 आमजन और किसान भाई ओलावृष्टि के दौरान पेड़ों के नीचे, बिजली के खंभों के पास या कमजोर छप्परों के नीचे बिल्कुल भी शरण न लें।
 4.फसल और सब्जियां का संरक्षण:
  फसलों और सब्जियों व कतार वाली फसलों  में मिट्टी चढ़ाएं ताकि वे गिरे नहीं।
 5.कैमिकल स्प्रे का छिड़काव न करें:  वर्तमान परिदृश्य में बारिश के पूर्वानुमान के दौरान उर्वरक या कीटनाशकों का छिड़काव न करें, क्योंकि इससे वे धुल जाएंगे।
 6.किसान भाई सिंचाई टालें:
  आज और आने वाले दिनों में तेज़ गति की हवाएं  आंधी अंधड़ चलने पर  किसान भाई सिंचाई करने से बचें, क्योंकि इससे फसल के गिरने की संभावना बढ़ जाती है।
  7.मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट पर ध्यान रखें हुए सावधानी बरतें
प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया व इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से मौसम विभाग द्वारा अलर्ट को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों को अंजाम दे और सावधानी बरतें।

एआईटी कनीना में अंतर्राट्रीय युवा दिवस पर विशेष कार्यक्रम
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कनीना की आवाज।
एआईटी कनीना अध्यक्ष अधिवक्ता विनय प्रकाश के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर एआईटी कनीना  में  अंतर्राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह विशेष व्याख्यान सिविल अस्पताल कनीना से डा. नेहा और काउंसलर डा. रणधीर सिंह द्वारा दिया गया। एआईटी कालेज के कालेज के छात्रों के साथ- साथ शिक्षण कर्मचारी रामभगत,  प्रियंका यादव,  संजीत, विजयवीर, नवनीत,  मंजीत, प्रीति, जतिन,  रनतेज,  निशु  व्याख्यान में उपस्थित थे। वक्ताओं ने एड्स के कारणों और रोकथाम पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को एचआईवी परीक्षण के लिए खुले दिमाग से सोचने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
प्रधानाचार्य  डा. बिजेंद्र सिंह ने अतिथि वक्ताओं का स्वागत किया और उनके बहुमूल्य प्रयासों के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।
फोटो कैप्शन 02: डाक्टर जानकारी देते हुए




हिंदू नववर्ष है हमारा असली नववर्ष, 19 मार्च से शुरू
-अंग्रेजी नव वर्ष के पीछे नहीं भागेंगे-मोनिका यादव
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कनीना की आवाज।
 19 मार्च से हिंदू नव वर्ष, नव संवत्सर 2083 शुरू हो रहा है। यह वह वर्ष है जो वर्षों से मनाया जाता रहा है। हिंदुओं के लिए यह वर्ष नव वर्ष कहलाता है। चाहे अंग्रेजी वर्ष के पीछे पूरा समाज चल रहा हो किंतु हिंदू नव वर्ष को मनाने की परंपरा अनोखी होती है। हिंदू नव वर्ष मनाने को लेकर के विभिन्न लोगों से चर्चा की गई।
हिंदू नव वर्ष के महीनों के नाम भी बहुत से लोग नहीं जानते जबकि इनका ज्ञान होना हम सभी के लिए गर्व की बात है। इन हिंदू महीनों में चैत्र से शुरुआत होती है। बाद में वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, सावन, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्कशीर्ष, पोष माघ और अंतिम महीना फागुन का होता है। ये महीने बहुत से युवा पीढ़ी को ज्ञान नहीं है जबकि इनका ज्ञान होना जरूरी है। अंग्रेजी वर्ष के सभी महीना के नाम लोग आसानी से बता सकते हैं। इनका शिक्षण भी होना चाहिए।
-- मोनिका यादव ,कनीना
हिंदू नव वर्ष विक्रमादित्य द्वारा चलाया हुआ 19 मार्च से शुरू होगा। उस दिन को नव संवत्सर के रूप में मनाया जाता है। घरों में विभिन्न पकवान बनाकर इस वर्ष की शुरुआत होती है। लंबे समय से लोग घरों में पकवान बनाकर खाते आ रहे हैं। वास्तव में यह राजा विक्रमादित्य को याद करते हैं। ग्रेगोरियन कैलेंडर को तो हम याद रखते हैं किंतु हिंदू नव वर्ष तथा हिंदू कैलेंडर को भूल जाते हैं। यही हमारी भूल है।
-- क्रिश यादव
राजा विक्रमादित्य ने ही नव वर्ष शुरू किया था क्योंकि उन्होंने हूणों को हराकर टैक्सास नदी में अपने अश्वों को पानी पिलाया था और इसी खुशी में इस वर्ष की शुरुआत की थी। ऐसे में इस वर्ष को धूमधाम से मनाया जाना चाहिए। न केवल पुस्तकों में अपितु घर-घर में इस वर्ष को खुशी से मनाना चाहिए तभी हम हिंदू देश के नागरिक कहलाएंगे। यह वर्ष राजा विक्रमादित्य को समर्पित है। ग्रेगोरियन कैलेंडर और हिंदू कैलेंडर में 57 सालों का अंतर है। जब अंग्रेजी कैलेंडर वर्ष में 57 वर्ष जोड़ दिए जाते हैं तो हिंदू नव वर्ष बनता है अर्थात यह ग्रेगोरियन कैलेंडर से 57 वर्ष पहले शुरू हुआ था। यह आज भी चला आ रहा है। यही हमारा असली वर्ष है।
-- जतिन यादव,कनीना
** भारत का असली नव वर्ष, विक्रम संवत 2083 जो 19 मार्च से शुरू हो रहा है। राजा विक्रमादित्य द्वारा इस वर्ष शुरुआत की गई थी जो चंद्रमा गणना के अनुसार शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा 18 मार्च से शुरू होगा। राजा विक्रमादित्य ने ही यह वर्ष शुरू किया था जिसने हिंदू प्रजा की भलाई के लिए उन्होंने अनेक कार्य किए थे। उनके कार्य राम राज्य के समान ही माने जाते हैं। इसे पूरे जोश से मनाया जाना चाहिए।
-- महेश बोहरा, हिंदु जागरण
 फोटो कैप्शन:महेश कुमार, मोनिका यादव, क्रिश यादव, जतिन यादव

 

हिन्दू नववर्ष पर सांस्कृतिक अहीरवाल ट्रस्ट का स्थापना दिवस मनाया जाएगा
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कनीना की आवाज।
हिन्दू नव वर्ष के अवसर पर सांस्कृतिक अहीरवाल का स्थापना दिवस कनीना खंड द्वारा कनीना में आयोजित किया जाएगा। इस विषय की जानकारी देते हुए कनीना खंड संयोजक सत्येंद्र शास्त्री ने बताया कि हिंदू नव वर्ष के अवसर पर  आज से 5 वर्ष पूर्व सत्यव्रत शास्त्री ने सांस्कृतिक अहीरवाल ट्रस्ट की स्थापना की थी जिसका उद्देश्य सांस्कृतिक अहीरवाल  क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति को वैश्विक पहचान दी जाए। हजारों साल पुरानी इस सांस्कृतिक धरोहर को परतंत्रता के कालखंड में विदेशी आक्रांताओं द्वारा नष्ट भ्रष्ट तो किया ही  गया। परंतु आजादी के बाद भी इस सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के संरक्षण के लिए कोई बहुत बड़ा कदम नहीं उठाया गया ? जिस प्रकार अंग्रेजी शासन ने सन् 1857 की क्रांति के बाद अहीरवाल को विभिन्न छोटी-छोटी इकाइयों में बांट दिया था अपने वफादार रियासतों को ईनाम स्वरूप दे दिया था। परन्तु आजादी के बाद भी इस सांस्कृतिक इकाई को हरियाणा राजस्थान और दिल्ली के शासकीय इकाइयों में बांटा गया जिससे लोगों में एकता और गौरव करने जैसी बात नहीं हो पाई । मुख्य अतिथि सत्यव्रत शास्त्री होंगे।
सांस्कृतिक अहीरवाल ने पिछले 5 वर्ष में ढाई हजार गांव में पहुंचकर हर गांव का ऐतिहासिक इतिहास लेखन का काम पूरा किया है । जिसको अब  प्रकाशित किया जाएगा। सतेंद्र शास्त्री ने बताया कि हिंदू नव वर्ष के साथ-साथ सांस्कृतिक अहीरवाल की स्थापना दिवस पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसमें समाज के गणमान्य लोग उपस्थित होकर इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए योजना रचना बनाएंगे।
फोटो कैप्शन: सत्यव्रत शास्त्री

















 गौशाला कनीना में दिया 1 लाख रुपये का दान
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कनीना की आवाज। श्रीकृष्ण गौशाला, कनीना में डा. हेमंत स्वामी लूखी एवं अमित यादव लीलोढ़ ने 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की
उन्होंने गौशाला में चल रहे नवीनीकरण कार्यों, गौ संरक्षण तथा नस्ल सुधार की दिशा में प्रधान भगत सिंह के अथक समर्पण एवं निष्ठा की हृदय से प्रशंसा की। डा. स्वामी एवं अमित यादव ने कहा कि पूर्व जन्मों के संस्कारों से ही गोसेवा का ऐसा सौभाग्य प्राप्त होता है।
इस अवसर पर गौशाला के प्रधान भगत सिंह के साथ कृष्ण प्रकाश गुरुजी, बलवान सिंह आर्य, अमीर सिंह (सुपरवाइजर), फूल सिंह यादव सहित अनेक जन उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01 : गौशाला में दान देते हुए





शराब ठेके में हथियार के बल पर डकैती के मामले में सीआईए महेंद्रगढ़ ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया, रिमांड पर लिया
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कनीना की आवाज।
 सीआईए महेंद्रगढ़ की टीम ने पुलिस थाना सदर कनीना के अंतर्गत गांव गुढ़ा में एक शराब के ठेके पर हथियार के बल पर बंधक बनाकर की गई लूटपाट की वारदात को सुलझाने में कामयाबी हासिल की है। इस मामले में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सोमबीर निवासी सिवाना, थाना बेरी जिला झज्जर को गिरफ्तार किया है। जांच में पुलिस ने पता लगाया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी हत्या, हत्या का प्रयास, लूट के अन्य मामले भी दर्ज हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से लूटे गए सामान और नकदी की बरामदगी के साथ-साथ वारदात में शामिल अन्य फरार साथियों व इस्तेमाल किए गए वाहन के बारे में भी गहनता से पूछताछ की जाएगी।
शिकायतकर्ता सुनील कुमार निवासी बधवाना ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया था कि वह गांव गुढ़ा में कैमला रोड पर शराब के ठेके का लाइसेंस वेंडर है। दिनांक 12-13 फरवरी की मध्य रात्रि अज्ञात युवक आरी से ठेके का गेट काटकर अंदर घुस गए। आरोपियों ने वहां मौजूद सेल्समैन राजबीर के हाथ बांध दिए, मुंह पर कंबल डालकर उसका मोबाइल छीन लिया और हथियार का खौफ दिखाकर शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से आरोपियों ने सीसीटीवी कैमरे का कंट्रोलर और हार्ड डिस्क भी तोड़ दिए। इसके बाद आरोपी गल्ले में रखे 4500 रुपये नकद, बीयर, देशी व अंग्रेजी शराब की पेटियां, सेल्समैन का मोबाइल और सीसीटीवी कैमरा लूटकर एक अज्ञात गाड़ी में डालकर फरार हो गए। इस शिकायत के आधार पर पुलिस थाना सदर कनीना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

Tuesday, March 17, 2026



करीरा
में चयन परीक्षा का परिणाम घोषित           

 कक्षा 6 में दिया जाएगा प्रवेश 

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कनीना की आवाज। ।जवाहर नवोदय विद्यालय, कनीना रोड स्थित करीरा (महेंद्रगढ़) में कक्षा 6 में प्रवेश के लिए आयोजित चयन परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया है। इस परिणाम का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों और अभिभावकों में खुशी की लहर देखी जा रही है।
विद्यालय प्रशासन के अनुसार, अभ्यर्थी अपना परिणाम जवाहर नवोदय विद्यालय, करेरा, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, नारनौल अथवा नवोदय विद्यालय समिति की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं। ऑनलाइन परिणाम देखने के लिए अभ्यर्थी निम्न लिंक का उपयोग कर सकते हैं:
https://cbseit.in/cbse/2026/nvsrst/NVS_Cls6.aspx

विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों को आगे की प्रवेश प्रक्रिया के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि पर विद्यालय में उपस्थित होना होगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर विद्यालय अथवा आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।
गौरतलब है कि जवाहर नवोदय विद्यालयों में कक्षा 6 में प्रवेश के लिए प्रत्येक वर्ष देशभर में चयन परीक्षा आयोजित की जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी भाग लेते हैं। इस वर्ष भी जिले के अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त कर विद्यालय में प्रवेश पाने का अवसर हासिल किया है।

 

 

 



कनीना में कार्यकारी अभियंता (बिजली) का कार्यालय खोलने की मांग

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कनीना की आवाज।

 बहुजन समाज पार्टी के नेता प्रमुख समाजसेवी अतरलाल एडवोकेट ने हरियाणा सरकार से कनीना में कार्यकारी अभियंता (बिजली) का कार्यालय खोलने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि राज्य सरकार व जिला प्रशासन ने एक माह के अंदर उक्त कार्यालय खोलने की कार्यवाही शुरू नहीं की तो कनीना उपमंडल के कार्यकर्ता आंदोलन शुरू करेंगे।
 अतरलाल ने कनीना उपमंडल के गांव गाहड़ा, करीरा, कोटिया, भडफ़ में जनसमस्याएं सुनने के बाद कहा कि उन्हें क्षेत्र के विभिन्न गांवों से शिकायत मिली है कि कार्यकारी अभियन्ता (बिजली) से सम्बन्धित समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें महेन्द्रगढ़ जाना पड़ता है। इससे उनका धन व समय अधिक लगता है तथा आने-जाने में ही पूरा दिन व्यतीत हो जाता है। इसलिए लोगों की सुविधा के लिए कनीना में कार्यकारी अभियंता बिजली का दफतर होना चाहिए। जिससे कनीना उपमंडल के आस-पास के अनेक गांवों के लोगों को बिजली सम्बन्धी समस्याओं के निराकरण के लिए महेन्द्रगढ़ भागना न पड़े। उन्होंने कहा कि महेन्द्रगढ़ में कार्यकारी अभियंता (बिजली) का जो दूसरा कार्यालय शुरू किया गया है उसको कनीना में स्थानांनतरित किया जाए। उन्होंनें कहा कि महेन्द्रगढ़ में पहले से कार्यकारी अभियंता बिजली का एक कार्यालय संचालित है। कनीना उपमंडल के लोग काफी दिनों से यहाँ कार्यकारी अभियंता (बिजली) का कार्यालय खोलने की मांग कर रहे हैं। लेकिन कमजोर नेतृत्व के कारण कनीना अब तक इस कार्यालय से वंचित है। जिसके कारण लोगों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल कनीना में कार्यकारी अभियंता (बिजली) का कार्यालय खोलने की मांग की है। जिससे उपभोक्ताओं को त्वरित राहत, न्याय व समाधान मिल सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार ने एक महीने के अंदर कार्यालय खोलने की घोषणा व कार्यवाही शुरू नहीं की तो बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता आंदोलन शुरू करेंगे।


शराब ठेके में हथियार के बल पर डकैती के मामले में सीआईए महेंद्रगढ़ ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया, रिमांड पर लिया।

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कनीना की आवाज।

  सीआईए महेंद्रगढ़ की टीम ने पुलिस थाना सदर कनीना के अंतर्गत गांव गुढ़ा में एक शराब के ठेके पर हथियार के बल पर बंधक बनाकर की गई लूटपाट की वारदात को सुलझाने में कामयाबी हासिल की है। इस मामले में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सोमबीर निवासी सिवाना, थाना बेरी जिला झज्जर को गिरफ्तार किया है। जांच में पुलिस ने पता लगाया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी हत्या, हत्या का प्रयास, लूट के अन्य मामले भी दर्ज हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से लूटे गए सामान और नकदी की बरामदगी के साथ-साथ वारदात में शामिल अन्य फरार साथियों व इस्तेमाल किए गए वाहन के बारे में भी गहनता से पूछताछ की जाएगी।
शिकायतकर्ता सुनील कुमार निवासी बधवाना ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया था कि वह गांव गुढ़ा में कैमला रोड पर शराब के ठेके का लाइसेंस वेंडर है। दिनांक 12-13 फरवरी की मध्य रात्रि अज्ञात युवक आरी से ठेके का गेट काटकर अंदर घुस गए। आरोपियों ने वहां मौजूद सेल्समैन राजबीर के हाथ बांध दिए, मुंह पर कंबल डालकर उसका मोबाइल छीन लिया और हथियार का खौफ दिखाकर शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से आरोपियों ने सीसीटीवी कैमरे का कंट्रोलर और हार्ड डिस्क भी तोड़ दिए। इसके बाद आरोपी गल्ले में रखे 4500 रुपये नकद, बीयर, देशी व अंग्रेजी शराब की पेटियां, सेल्समैन का मोबाइल और सीसीटीवी कैमरा लूटकर एक अज्ञात गाड़ी में डालकर फरार हो गए। इस शिकायत के आधार पर पुलिस थाना सदर कनीना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।


करीरा में चयन परीक्षा का परिणाम घोषित           
  कक्षा 6 में दिया जाएगा प्रवेश                        

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कनीना की आवाज।

 जवाहर नवोदय विद्यालय, कनीना रोड स्थित करीरा (महेंद्रगढ़) में कक्षा 6 में प्रवेश के लिए आयोजित चयन परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया है। इस परिणाम का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों और अभिभावकों में खुशी की लहर देखी जा रही है।
विद्यालय प्रशासन के अनुसार, अभ्यर्थी अपना परिणाम जवाहर नवोदय विद्यालय, करेरा, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, नारनौल अथवा नवोदय विद्यालय समिति की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं। ऑनलाइन परिणाम देखने के लिए अभ्यर्थी आनलाइन देख सकते हैं।
विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों को आगे की प्रवेश प्रक्रिया के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित तिथि पर विद्यालय में उपस्थित होना होगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर विद्यालय अथवा आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।
गौरतलब है कि जवाहर नवोदय विद्यालयों में कक्षा 6 में प्रवेश के लिए प्रत्येक वर्ष देशभर में चयन परीक्षा आयोजित की जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी भाग लेते हैं। इस वर्ष भी जिले के अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त कर विद्यालय में प्रवेश पाने का अवसर हासिल किया है।
फोटो कैप्शन: बीएम रावत


गौभक्तों ने गौमाता की सेवा में अपना सौभाग्य माना
श्री कृष्ण गौशाला, कनीना में डॉ. हेमंत स्वामी लूखी एवं अमित यादव ने किया 1 लाख रुपये का उदार दान

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कनीना की आवाज।

  कृष्ण गौशाला, कनीना में आज गौभक्तों के लिए एक भावुक एवं प्रेरणादायक क्षण रहा। प्रसिद्ध गौभक्त डॉ. हेमंत स्वामी लुखी एवं अमित यादव लीलोढ़ ने गौशाला में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की और स्वयं गौ माताओं को हरा चारा खिलाकर गौसेवा का सुख प्राप्त किया।
उन्होंने गौशाला में चल रहे नवीनीकरण कार्यों, गौ संरक्षण तथा नस्ल सुधार की दिशा में प्रधान भगत सिंह के अथक समर्पण एवं निष्ठा की हृदय से प्रशंसा की। डॉ. स्वामी एवं श्री अमित यादव ने भावुक होते हुए कहा,  
पूर्व जन्मों के संस्कारों से ही गौसेवा का ऐसा दुर्लभ सौभाग्य प्राप्त होता है। आज हम यहां उपस्थित होकर स्वयं को अत्यंत गौरवान्वित एवं भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं।
इस अवसर पर उन्होंने श्री कृष्ण गौशाला को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की, जिससे गौशाला के संचालन एवं गौ संरक्षण कार्यों को नई गति मिलेगी। गौशाला कार्यकारिणी ने उनके इस उदार योगदान के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा उन्हें गौ माता का आशीर्वाद प्राप्त होने की कामना की।
इस अवसर पर गौशाला के प्रधान भगत सिंह के साथ कृष्ण प्रकाश गुरुजी, बलवान सिंह आर्य, अमीर सिंह (सुपरवाइजर), फूल सिंह यादव सहित अनेक गौभक्तगण उपस्थित रहे। सभी ने गौसेवा की महत्ता पर प्रकाश डाला और समाज में गौभक्ति की भावना को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
श्री कृष्ण गौशाला, कनीना निरंतर गौ संरक्षण, नस्ल सुधार एवं गोबर-गौमूत्र आधारित उत्पादों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में कार्यरत है। ऐसे समर्पित गौभक्तों के सहयोग से ही यह संस्था अपनी मंजिल की ओर अग्रसर है।
फोटो कैप्शन 04 : गौशाला में दान देते हुए


पुन चक्रण दिवस 18 मार्च             
   कचरे को एक नई रोशनी दिखता है पुनर्चक्रण दिवस

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कनीना की आवाज।

  प्रतिदिन भारी मात्रा में पालीथिन, प्लास्टिक, कांच तथा विभिन्न धातुओं के डब्बे घरों से कचरे के रूप में निकलते हैं। इनमें से कुछ पदार्थों का पुनर्चक्रण/ रिसाइकिल संभव है जबकि कुछ का संभव नहीं है। विज्ञान के जानकार ऐसे पदार्थों को प्रयोग करने पर बल देते हैं जिनका पुनर्चक्रण संभव है। इनसे पर्यावरण के लिए बहुत अच्छा संदेश जाता है। यह पानी, हवा की गुणवत्ता को बढ़ाता है जिससे सांस लेने और जलवायु परिवर्तन में मुकाबला करने में मदद मिलती है। इस संबंध में विज्ञान के जानकारों और पुनर्चक्रण का कार्य करने वाले कुछ लोगों से बात हुई-
** यह विधि नये उत्पादों को बनाने के लिए नए कच्चे माल का काम करता है जिससे पैसे और प्राकृतिक संसाधनों की बचत होती है। समाचार पत्र, प्लास्टिक की पानी की बोतल, सोडा के डिब्बे, अनाज के बक्से, दूध के डब्बे कुछ प्रतिदिन काम में आने वाले पदार्थ हैं जिनका पुनर्चक्रण संभव है लेकिन पालीथिन जैसे पदार्थों का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि यह वातावरण के लिए प्रदूषण का कारण बनता है।
-- मंजू शर्मा विज्ञान की जानकार
यदि हम उन वस्तुओं का उपयोग अधिक करें जिनका पुनर्चक्रण संभव है तो भविष्य में धन की बचत होगी वही प्रदूषण घटेगा।  पालीथिन की जगह कपड़े या कागज के बैग प्रयोग करने पर बल दे तो भविष्य के लिए एक सुखद एहसास होगा। 2018 में यह दिवस सबसे पहले मनाया गया, वह भी उसे समय जब ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्या सामने आई। यदि पुनर्चक्रण न होने वाले पदार्थों पर अंकुश नहीं लगा तो आने वाले समय में जीवन को बचाना मुश्किल हो जाएगा।
-- भीम सिंह, समाजसेवी
प्राकृतिक संसाधनों को खतरा है क्योंकि प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। पिछले दशकों ने सबसे अधिक प्रदूषण बढ़ाया जो प्राकृतिक तबाही का कारण बना और आर्थिक नुकसान भी हुआ है। घर में कम से कम पालीथिन प्रयोग करे तथा पुनर्चक्रण वाले पदार्थों को बोरों में भरकर कबाड़ी बेच दे ताकि ताकि संसाधनों की बचत हो सके।
-- बलवान आर्य, समाजसेवी
घर में एक अभियान चलाए जिससे पालीथिन आदि प्रयोग नहीं करने पर बल दिया जाए। घर में पुनर्चक्रित तो होने वाली पदार्थ को बोरों में भरकर कबाड़ी को दे दिया जाए ताकि संसाधनों की बचत हो वहीं पालीथिन आदि के स्थान पर कागज/कपड़े के बैग प्रयोग करने पर बल दिया जाए। दूसरों को भी शिक्षा दे ताकि प्रदूषण से बचा जा सके। यदि पालीथिन का ज्यादा प्रयोग हुआ तो जीव जंतुओं पर भी इसका घातक प्रभाव पड़ेगा।
-- भीम सिंह समाजसेवी
फोटो कैप्शन 01:बलवान सिंह, मंजू शर्मा, भीम सिंह, भगत सिंह


पत्रकारों में बढ़ा उत्साह, जनसमस्याओं को भी रखा जनप्रतिनिधियों के समक्ष

---पत्रकारों ने देखा विधानसभा सत्र










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कनीना की आवाज।

 हरियाणा पत्रकार संघ महेंद्रगढ़ इकाई के पत्रकारों ने विधानसभा सत्र का अवलोकन कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नजदीक से समझा। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष पंडित के नेतृत्व में पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा की कार्यवाही देखी। कार्यक्रम में महेंद्रगढ़ जिले के करीब 32 पत्रकारों ने भाग लिया, जिससे पत्रकारों में नया उत्साह देखने को मिला।
महेंद्रगढ़ इकाई के प्रधान प्रदीप बलरोडिया ने बताया कि विधानसभा की कार्यवाही को प्रत्यक्ष रूप से देखना पत्रकारों के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा। इससे न केवल उनकी कार्यशैली में सुधार आएगा, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से पत्रकारों में नई ऊर्जा का संचार होता है। अध्यक्ष हरियाणा केबी पंडित के नेतृत्व में विधानसभा सत्र देखने का मौका मिला।
इस दौरान महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह यादव ने पत्रकारों से मुलाकात कर कहा कि पत्रकार समाज का आईना होते हैं और उनका विधानसभा सत्र देखने आना सराहनीय पहल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे पत्रकारिता और अधिक सशक्त होगी। वहीं अटेली विधायक एवं स्वास्थ मंत्री आरती सिंह राव तथा नारनौल विधायक ओमप्रकाश यादव ने भी पत्रकारों से मुलाकात कर उनके अनुभव साझा किए और पत्रकारिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। जनप्रतिनिधियों ने पत्रकारों की भूमिका की सराहना करते हुए उन्हें निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर दीपचंद यादव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को भी विधायकों और मंत्रियों के समक्ष रखा। जनप्रतिनिधियों ने इन समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
पत्रकारों ने कहा कि विधानसभा सत्र का यह दौरा उनके लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा, जिससे वे भविष्य में और अधिक जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभा सकेंगे। इस मौके पर मंत्री आरती सिंह राव एवं विधायक डा. ओमप्रकाश यादव से भी मुलाकात हुई। कनीना से पत्रकार दीपचंद यादव, डा. होशियार सिंह यादव, जसवंत सिंह, इंद्रजीत शर्मा, कर्मवीर
,अनिल शर्मा, जसवंत सिंह, मनीष कुमार, सुशील मित्तल आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 06 व 07: आरती सिंह राव से भेटवार्ता करते हुए पत्रकार