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Tuesday, February 3, 2026



 

कनीना की मांगों के लिए दीपक चौधरी ने दिया ज्ञापन
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कनीना की आवाज।
आरती सिंह राव स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा सरकार  से सचिवालय  चंडीगढ़ में मुलाकात कर दीपक चौधरी पार्षद कनीना की दो प्रमुख मांगों को रखी। जिनमें  मुख्यतौर पर बाबा मोहलडऩाथ धाम कनीना के निर्माणाधीन भवन के लिए आर्थिक सहयोग राशि प्रदान करवाने के लिए रखी गई। जिसके लिए मंत्री आरती सिंह राव ने पूरा आश्वासन दिया है कि गांव के लोगों की धार्मिक आस्था को ध्यान में रखकर हर संभव मदद करेंगी। मंदिर कमेटी के प्रधान दिनेश और कमेटी सदस्यों द्वारा शुरू किए गए निर्माण कार्य की लिए सराहना की। दूसरा कार्य होलीवाला जोहड़ के सौंदर्यीकरण के लिए नगरपालिका के पास उपलब्ध सरकार द्वारा दी गई ग्रांट में से रुपये रिलीज करने के लिए डीएमसी नारनौल को संबंधित पत्र के बारे में संज्ञान लाने के लिए फारवर्ड किया ताकि सरकारी ग्रांट का पैसा कनीना के विकास कार्यों में लगे। सरकार की स्कीम के अनुसार पहले आयी हुई ग्रांट जब लग जाती है उसके बाद ही नई ग्रांट मिलने का प्रावधान है।  स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने दोनों बातों को सुना और तत्परता से इन दोनों मांगों को जल्द पूरा करवाने का आश्वासन दिया।  इस समय कनीना से देवेन्द्र कनीना और कृष्ण कुमार साथ रहे।
फोटो कैप्शन 09: दीपक चौधरी ज्ञापन देते हुए


कोटिया स्कूल में चल रहा है छह दिवसीय योग शिविर
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कनीना की आवाज।
 शहीद हनुमान सिंह राजकीय माध्यमिक विद्यालय कोटिया में 6 दिवस योग प्रशिक्षण का आयोजन चल रहा है। पतंजलि योग प्रशिक्षक सीताराम ने विद्यालय के सभी बच्चों को सूर्य नमस्कार अन्य आसनों एवं प्राणायामों करवाया।
 देशराज रिटायर्ड मुख्य शिक्षक ने बताया कि सभी बच्चों का वह विद्यालय स्टाफ इस कार्यक्रम में रुचि लेकर अभ्यास कर रहे हैं और स्वामी रामदेव के नारे को साकार करने का प्रयास कर रहे हैं- करो योग रहो निरोग। सीताराम प्रशिक्षक बच्चों को योग प्राणायाम का जीवन में महत्व के बारे में भी साथ-साथ बताते रहते हैं। विद्यालय परिवार में दीपक, सत्यवीर, देशराज यादव, संजू यादव, रेखा एवं मनफूल ने इस प्रशिक्षण की सराहना की और कहा है कि ऐसे कार्यक्रम स्कूल में निरंतर चलते रहने चाहिए ताकि बच्चों को लाभ मिल सके।
फोटो कैप्शन 07: योग करते हुए बच्चे



शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे मंत्री के निजी सचिव
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कनीना की आवाज।
हनुमान शर्मा अगियार की माता शान्ति देवी का देहांत 31 जनवरी को हो गया था। वो अपने पीछे एक भरा पूरा परिवार छोड़ गई जिसमें उनके दो बेटे,तीन पोते,तीन पड़पोते,एक पड़पोती शामिल है। शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने के लिए आस पास के विभिन्न गांवों से गणमान्य लोग पहुंच रहें हैं। हनुमान शर्मा को मातृ शोक श्रद्धांजलि देने लिए आरती सिंह राव,स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा सरकार के पर्सनल सचिव गोविंद कनीना, पवन खैरवाल, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष महेंद्रगढ़ बीजेपी, मुकेश यादव अटेली मंडल अध्यक्ष, प्रवीण यादव बाछोद मंडल अध्यक्ष, विनीत कुमार सरपंच सेहलंग,सत्यवीर यादव पूर्व उपाध्यक्ष भाजपा महेंद्रगढ़,र ाजेंद्र भारद्वाज पूर्व मंडल अध्यक्ष कनीना, शक्ति सिंह पोता, दीपांशु शर्मा, अश्वनी शर्मा, निलेश कौशिक, हार्दिक शर्मा,राघव शर्मा, चैतन्या शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 08: श्रद्धांजलि देते हुए सचिव, मंत्री आरती सिंह राव



डांडा गाडऩे के पीछे माना जाता है फसल पैदावार का पूर्व अनुमान
-होली दहन से एक माह पहले गाड़ा जाता है डांडा
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कनीना की आवाज।
होलिका दहन की ग्रामीण क्षेत्रों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। वैसे तो बसंत पंचमी को ही होली का डांडा गाडऩे का रिवाज है जबकि कनीना में होलिका दहन 2 मार्च होगा और जबकि कुछ गांवों में होली का डांडा बसंत पंचमी को ही गाड़ दिया है।
  डांडा गाडऩे का अर्थ सीधे शब्दों में बताते हुए ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि विधि विधान से जल का घड़ा भूमि में दबाकर ईंधन डाल देते हैं जिसके बाद गांव में कोई पर्व नहीं मनाते जब तक कि होलिका दहन का काम पूर्ण न हो जाये। कुछ जगह सवा माह पहले तो कुछ जगह एक माह पूर्व ही डांडा गाडऩे का रिवाज है।
क्या है डांडा-
कनीना में वर्षों से होलिका दहन रेवाड़ी रोड़ के पास एक जोहड़ के किनारे संपन्न होता है जिसे होलीवाला जोहड़ कहा जाता है। होली से एक माह पूर्व एक घड़े में पानी भरकर अच्छी तरह ढककर होलिका दहन स्थल पर गाड़ दिया जाता है जिसे होली का डांडा नाम से जाना जाता है।
 बाबू वेदप्रकाश, सूबे सिंह, राव मोहर सिंह आदि बताते हैं कि डांडा गाडऩे के बाद बहुएं अपने ससुराल को नहीं छोड़ती उनके लिए मायके जाना भी अशुभ माना जाता है। तत्पश्चात डांडे के ऊपर ईंधन उपले व गोबर के बने हुए ढाल व तलवार कस्बावासी मिलकर डालते हैं। उनका मानना है कि पुराने समय में नव विवाहिता अपने ससुराल पक्ष में जाकर लावणी आदि कार्यों में हाथ बंटाती थी जिसके कारण यह प्रथा बनाई गई है।
होलिका दहन के बाद, एक निश्चित गहराई पर गाड़ी गए जल के घड़े को निकाला जाता है और इस में जल की मात्रा को देखा जाता है। यदि घड़ा जल से पूरा भरा मिलता है तो इसे बेहतर पैदावार होने की उम्मीद जताई जाती है जबकि घड़े में जितना पानी कम होता जाता उतनी फसल पैदावार कम मानी जाती है। सैकड़ों वर्षों से यही रिवाज चला रहा है। होलिका दहन स्थल पर यह प्रथा विधि विधान से पूर्ण की जाती है। जहां पकी हुई बालियों को होली में भूलकर लावणी शुरू करने की प्रथा है वही पानी की मात्रा देखकर पैदावार का पता लगाते हैं। क्या कहते हैं डांडे के विषय में कनीना के लोग -
गांव के राजेंद्र सिंह बताते हैं कि उनके पूर्वजों से यही प्रथा चली आ रही है। पानी के घड़े को भूमि में दबाया जाता है और उस पर एक माह तक ईंधन डालकर होलिका दहन किया जाता है। जब होलिका दहन पूर्ण हो जाता है अगले दिन इसे निकालकर पानी की मात्रा देखी जाती है जिसे फसल पैदावार अर्थात शामत का अनुमान लगाते हैं। पुराने समय में किसानों के पास यही आधार था जिससे फसल पैदावार का अनुमान लगाते थे।
राजेंद्र सिंह किसान का कहना है कि यह रिवाज उनके पूर्वजों से सुनते आ रहे हैं। उनका कहना है कि विज्ञान बेशक इसे न माने परंतु घड़े का पानी जितना काम होता है उतनी फसल पैदावार कम होती है। यह कनीना के होली वाला जोहड़ पर पूर्वजों से चला आ रहा एक रिवाज है।
क्या कहते हैं डांडा गाडऩे वाले-
कनीना के रोहताश सिंह, राजकुमार, प्रदीप, वेदप्रकाश, सज्जन सिंह एवं देवेंद्र कुमार डांडा गाडऩे का काम करते हैं। उनका कहना है कि करीब 3 फुट गहराई में डांडा गाड़ा जाता है तथा विधि विधान से डांडा गाड़कर उस पर ईंधन डाल दिया जाता है। इसके बाद होली के खेल की शुरूआत होती है। पकती फसल को देखकर लोग खुशी खुशी विभिन्न खेल खेलते हैं।
अब तो कनीना में ही दो स्थानों पर होली दहन किया जाता है। कभी पूरे कस्बा का एक ही होली दहन स्थल होता था।
 फोटो कैप्शन 05: होलीवाला जोहड़ पर डांडा गाड़ा हुआ दिखाते हुए




गांव झाड़ली में हुई हत्या के मामले में दो आरोपित गिरफ्तार
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कनीना की आवाज।
थाना सदर पुलिस कनीना द्वारा आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गांव झाड़ली में हुई हत्या के मामले को सुलझाते हुए आज दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राजकुमार और विनोद कुमार निवासी गांव झाड़ली के रूप में हुई है। इस घटना के संबंध में मृतक के पुत्र कृष्ण कुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनके परिवार की आरोपियों के साथ पुरानी रंजिश चल रही थी, जिसके चलते फरवरी 2025 में भी एक मुकदमा दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता के अनुसार, दिनांक 01 फरवरी 2026 की रात करीब 9 बजे जब उसके पिता अनिल एक कुआं पूजन कार्यक्रम में गए थे, तभी एक व्यक्ति उन्हें बुलाकर बाहर ले गया, जहां पहले से घात लगाए बैठे राजकुमार, विनोद और अन्य ने लाठी, डंडों और कुल्हाड़ी से उन पर जानलेवा हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल अनिल को पहले कनीना के सरकारी अस्पताल और बाद में पीजीआई रोहतक ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 02 फरवरी 2026 को उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी राजकुमार और विनोद को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ में वारदात में प्रयोग की गई लाठी बरामद की है। आरोपियों को आज न्यायालय में पेश किया गया।
फोटो साथ है





कुतरूं प्राचार्य के कारनामे-10
 आज कुछ समाजसेवी बने हैं कल तक वो कुतरूं से मिलकर करते थे जमकर शिकायतें
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कनीना की आवाज।।
 कनीना निवासी डा. होशियार सिंह यादव ने बतौर विज्ञान अध्यापक एवं प्राध्यापक 40 सालों तक शिक्षण कार्य किया है। उन्होंने स्कूल, कालेज निजी और सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य किया है। इस अवधि दौरान करीब 35 विभिन्न स्कूल प्राचार्यों के साथ काम किया और उनमें से चंद कुतरूं प्राचार्य निकले। जिनका नाम लेते ही तन मन में दर्द होता है। जिनकी भावना हीन रही है। किसी के काम को रोकने आए हैं। सच का साथ नहीं दिया और उन्होंने सदा ही अच्छे और स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों का विरोध किया। ऐसे ही कुतरूं प्राचार्य के कारनामे सामने आये हैं। आज एक कारनामा यहां उजागर किया जा रहा है।
 यहां उल्लेखनीय है कि अनेक कई ऐसे शिक्षक रहे हैं जो आज समाजसेवी बने घूम रहे हैं लेकिन कल तक वो कुतरूं प्राचार्य के बहुत नजदीकी रहे हैं और उससे मिलकर सदा ही डा. होशियार सिंह यादव विज्ञान अध्यापक का विरोध किया। उन्होंने यहां तक की होशियार सिंह को नौकरी से हटाने के अथक एवं जमकर प्रयास किया। यह सत्य है कि उन्होंने मंत्री नेता,कितने ही संतों और किसी बड़े अधिकारियों से  मिलकर न केवल डा. होशियार सिंह की बार बार शिकायत करवाकर जांच करवाई अपितु 29 बार तबादला करवाया। और कितने ऐसे कारनामे की है जिनके चलते लगता है कि ये लोग समाजसेवी नहीं अत्याचारी हैं। आज भी इधर-उधर किसी मोड़ पर ये लोग मिल जाते हैं। करीब चार लोग ऐसे रहे हैं जो कुतरूं प्राचार्य के बहुत करीबी थे। कहावत है-घर का भेदी लंका ढाए। उन्होंने डा. होशियार सिंह के बारे में कुतरूं को उल्टी सीधी पट्टियां पढ़ानी शुरू कर दी और न जाने कितनी आरटीआई लगवाई। बाद में तो डा. होशियार सिंह ने उनके विरुद्ध इतनी आरटीआई लगाकर आंकड़े इकट्ठे किए अलमारी में भरे पड़े हैं। परंतु हर इंसान का एक समय होता है। कुतरूं प्राचार्य से मिलकर ये विरोध जताते रहे जबकि उन्हें मालूम था कि डाक्टर होशियार सिंह शिक्षण कार्य में कभी पीछे नहीं रहेंगे। इसलिए पढ़ाने वालों की कदर तो ये लोग करते ही नहीं थे क्योंकि खुद जिन्होंने कभी पढ़ाया तो वे दूसरे को पढ़ाते हुए नहीं देख पाते थे। 29 बार बदली होने के पीछे भी यही एक कारण था। ऐसे लोगों से जब डा. होशियार सिंह की भेंट होती है तो बड़ा दर्द और अफसोस होता है कि समाज में कहीं भी रहेंगे कलंक कहलाएंगे क्योंकि इनका कार्य ही सदा उल्टे सीधे काम करना होता है, अति स्वार्थी भी हैं। कुतरूं प्राचार्य ने इनका सहारा लेकर के डाक्टर होशियार सिंह का कितना ही बुरा करना चाहा, कितनी ही आरटीआई लगाई, कितने ही उनके मिलने वाले लाभों को रोकने का प्रयास किया किंतु जिनके साथ प्रभु होते हैं उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाता। यह सत्य है कि बहुत से डा. होशियार सिंह के लाभ आज तक नहीं मिले। इसी कड़ी में जहां 10 फरवरी को भी पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में एक सुनवाई होनी है। खैर इन्होंने दूसरों का बुरा किया और चाहा तो आज उनका भी कुछ भला नहीं हुआ। कहावत है कर भला सो  हो भला। जिन्होंने दूसरों का बुरा किया उनका खुद का कैसे भला होगा। इस गैंग में कनीना कस्बे के ही नहीं कई बाहर के भी गांव के भी लोग शामिल थे जिनकी सारी सूची मैंने अपनी पुस्तक में प्रकाशित कर दी है। इनको कनीना और आसपास के लोग भी जानते हैं। इसलिए इन लोगों को जो कुतरूं का साथ देते हैं नीच अधम प्राणी बोलते हैं। किसी से पूछा जाए वे बस यही कहेंगे इनका तो जीवन में बुरा करने का उद्देश्य रहा है। कहने को तो अब वह समाज सेवा में जुट रहे हैं। यूं दिखाई देता है कि पता नहीं कितनी समाज सेवा की है लेकिन समाज का अहित जमकर किया है। इस वक्त समाज को ऐसे लोगों से बचकर रहने की जरूरत है वरना ये समाज को भी कलंकित कर डालेंगे।



लाठी-डंडों से पीटकर व्यक्ति की हत्या के मामले में दो आरोपी काबू
-तीसरे को किया जाएगा जल्द ही गिरफ्तार-पुलिस
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कनीना की आवाज।
उपमंडल के गांव झाड़ली में पुरानी रंजिश के चलते हुई हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव झाड़ली निवासी विनोद व राजकुमार के रूप में हुई है। दोनों आरोपी सगे भाई हैं। पुलिस ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 152 डी के नजदीक गांव खेड़ी से आरोपियों को काबू किया है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार ने बताया कि हत्या के इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मृतक अनिल के बेटे कृष्ण कुमार की शिकायत पर राजकुमार, विनोद और भावना के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजकुमार व विनोद को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। बता दें कि रविवार रात को आरोपियों ने अनिल कुमार को लाठी-डंडों व कुल्हाड़ी से मारपीटकर बुरी तरह घायल कर दिया था। घायलावस्था में परिजन अनिल को उपचार के लिए उप नागरिक अस्पताल कनीना ले गए थे। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद गंभीर हालत में पीजीआई रोहतक रेफर किया था। पीजीआई में चिकित्सकों ने अनिल को मृत घोषित कर दिया था। सोमवार देर शाम को ही मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों और मृतक के बीच करीब दस सालों से पारिवारिक रंजिश चली आ रही थी। पुलिस के अनुसार आरोपी राजकुमार ने फरवरी 2025 में मृतक अनिल के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करवाया था। वहीं मृतक अनिल करीब चार महीने पहले जमानत पर बाहर आया था तथा इसी मामले में दूसरा आरोपी मृतक का अनिल का बेटा धर्मेंद्र भी करीब डेढ़ महीने पहले ही जमानत पर बाहर आया था। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।



महाशिवरात्रि मेला-15 को
 शिव के  प्रति अगाध आस्था ने बनवाया शिवालय
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कनीना की आवाज।
कनीना के शिवभक्त भरपूर सिंह निर्बाण की शिव के प्रति आस्था जागृत हुई फिर कावड़ लाने का सिलसिला शुरू किया तत्पश्चात उन्होंने कनीना में ही विशाल शिवालय का निर्माण करवाया।
  कनीना के मोदीका मोहल्ले का रहने वाला भरपूर सिंह पेशे से एक छोटा सा दुकानदार है किंतु उनकी आस्था विशाल है। अच्छी आमदनी न होते हुए भी उन्होंने शिव के प्रति विश्वास नहीं छोड़ी। अपने एक साथी तथा कनीना में सर्वाधिक कावड़ लाने का रिकार्ड कायम करने वाले सुमेर सिंह चेयरमैन से वे इतने प्रभावित हुए कि नीलकंठ एवं हरिद्वार से कावड़ लाने का सिलसिला शुरू कर दिया। वे लगातार 13 वर्षों तक कावड़ लाते रहे। अपनी दुकान का काम छोड़कर भी वे कावड़ लाते और कावड़ लाकर कनीना के गांव बाघोत स्थित बाघेश्वरी धाम पर चढ़ा देते। वे शिव के प्रति इतने आशक्त हो गए कि उन्होंने अपने खून पसीने की पूंजी से कनीना में विशालकाय शिवालय बनवाने का निर्णय लिया।
 कनीना के बाबा मोलडऩाथ मंदिर के पास ही भरपूर सिंह ने 21 फुट ऊंची प्रतिमा वाले शिवालय का निर्माण शुरू करवा दिया। पूरे एक वर्ष तक काम चलने और लाखों रुपये खर्च करके उनका शिवालय पूर्ण हो गया। आखिरकार शिवरात्रि के दिन वर्ष 2001 में यह शिवालय आमजन के लिए खोल दिया गया।  यहां उल्लेखनीय है कि भरपूर सिंह के इस शिवालय पर जो भी खर्चा आता है वह स्वयं वहन करता है। चढ़ावे के रूप में जो अन्न आता है उसे वह बोरों में भरकर या तो गौशाला को दान कर देता है या फिर गायों को चरा देता है।
 शिवरात्रि एवं महाशिवरात्रि को यहां भारी भीड़ जुटती है तथा भक्त शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। हर वर्ष छोटा मेला भी लगता है।
फोटो कैप्शन 04: कनीना का 21 फुट ऊंची प्रतिमा वाला शिवालय।




 आर्यभट्ट गणित चैलेंज में देश के शीर्ष 100 विद्यार्थियों में स्थान प्राप्त करने पर किया सम्मानित ****************************************************
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कनीना की आवाज।
बीआर आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेहलंग में पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सीबीएसई द्वारा आयोजित आर्यभट्ट गणित चैलेंज 2025 में विद्यालय के कक्षा दसवीं के तीन विद्यार्थियों—निकिता गांव सेहलंग, अंजलि आकोदा तथा चाहत पोता द्वारा देश के शीर्ष 100 विद्यार्थियों में स्थान प्राप्त करने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इसी क्रम में हाल ही में आयोजित खंड स्तरीय लीगल लिटरेसी क्लब प्रतियोगिता में कक्षा दसवीं की छात्रा चाहत ने पेंटिंग में प्रथम स्थान तथा अंजलि ने निबंध लेखन प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया।
इसके अतिरिक्त इंटरनेशनल इंग्लिश ओलंपियाड में कक्षा चौथी के विद्यार्थियों पंकज, निहिर तथा भाविक ने गोल्ड मेडल आफ डिस्टिंक्शन प्राप्त कर विद्यालय को गौरवान्वित किया।
विद्यालय के चेयरमैन हरिश भारद्वाज ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यहाँ के विद्यार्थी हर क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। यह विद्यालय की गुणवत्ता, शिक्षकों की मेहनत और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। हमारा उद्देश्य बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रखकर उन्हें सर्वांगीण विकास की ओर अग्रसर करना है।
प्रधानाचार्या ज्योति भारद्वाज ने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता उनकी लगन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। विद्यालय सदैव विद्यार्थियों को आगे बढऩे के लिए उचित मार्गदर्शन और अवसर प्रदान करता रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा सभी सफल विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को शुभकामनाएं दी गईं तथा उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
फोटो कैप्शन 02: पुरस्कार वितरण समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए



सघन धुंध पड़ी, दोपहर तक चली
-कनीना में लगातार बदल रहा है मौसम
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कनीना की आवाज।
 विगत एक सप्ताह में कनीना में दो दिनों धुंध छाई रही जो दोपहर तक चलती रही। इससे पहले दो दिनों से ही धूप खिली, मौसम साफ रहा तथा सुबह सवेरे कुछ समय के लिए हल्की धुंध पड़ी। शनिवार को बूंदाबांदी भी हुई।
 उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में लगातार मौसम बदल रहा है, कभी ठंड कभी पाला जमना, कभी बादल छाना, कभी वर्षा, कभी मौसम साफ रहना आदि घटनाएं लगातार घट रही हैं। जिसके चलती किसानों के माथे पर चिंता की रेखाएं बनी हुई हैं। किसान लगातार मौसम को तथा अपनी फसलों को निहार रहे हैं। किसानों का मानना है कि शायद अब मौसम साफ रहेगा और उनकी फसल वृद्धि करेगी। अभी तक गेहूं की वृद्धि नहीं हो पाई है। गेहूं की फसल बहुत छोटी है। सरसों की फसल पकान  पर जा चुकी है। गेहूं की फसल अभी छोटी है।
 किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह , रवि कुमार योगेश कुमार आदि का कहना है कि अब गेहूं में बढ़ोतरी होगी और जल्दी पक जाएगी। होली पर्व तक सभी फसलें पक जाती है। इस बार होली का पर्व 4 मार्च को लगेगा। ऐसे में किसान अभी तक खुश हैं और अपनी फसलों पर नजर जमाए हय हैं।
फोटो कैप्शन 03: कनीना क्षेत्र में छाई धुंध

 

 










गौशाला प्रांगण में मनाया जितेंद्र ने 48वां जन्मदिन
-11000 रुपए दिया दान
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कनीना की आवाज।
कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में गौभक्त जितेंद्र ने अपना 48वां जन्मदिन परिवार एवं गौशाला कार्यकारिणी की उपस्थिति में हर्षोल्लास से मनाया। जितेंद्र के बड़े भाई कैप्टन रविंद्र सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी संतोष देवी ने शुभ आशीष दिया। जितेंद्र ने गौशाला को 11000 रुपए सहयोग राशि दी।
  इस मौके पर भगत सिंह प्रधान गौशाला ने कहा कि गायों को दान पुण्य जरूर करते रहना चाहिए। किसी भी अवसर पर गौशाला में आकर चारा चराने, सवामणि लगाने,गुड़ आदि खिलाने, गाय गोद लेने या अन्य किसी प्रकार की गायों की सेवा के लिए जरूर पहुंचना चाहिए। गायों की सेवा  से पाप और संताप सभी नष्ट हो जाते हैं। गायों की सेवा सर्वोत्तम सेवा मानी गई है। गाय को माता का दर्जा दिया गया इसलिए गायों की सेवा जरूर घर पर या गौशाला में करनी चाहिए। जिनके पास घर पर गाये हैं वो घर पर उनकी सेवा करें और अगर गाय नहीं है तो गौशाला में आकर सेवा कर सकते हैं।
  उन्होंने बताया कि गौशाला को आधुनिकतम बनाया गया है। कनीना वासी और आसपास के लोगों का फर्ज बनता है कि आकर के गौशाला में गायों के दर्शन करें।
 इस मौके पर श्रीकृष्ण गौशाला केे सभी पदाधिकारियों ने उनका अभिनंदन किया।
इस मौके पर जितेंद्र के बड़े भाई कैप्टन रविंद्र सिंह ने भी 2100 रुपए गौशाला को सहयोग दिया। इस मौके पर अनीता देवी, मुकेश देवी, प्रवीन, भुवनेश, अरविंद राज सिंह ठेकेदार, सतबीर गुगनवाला, राज सिंह धर्म कांटा, गौशाला प्रधान भगत सिंह, अशोक कुमार, डा. नीरज, प्रवीन ठेकेदार, ओम प्रकाश भडफ़ सहित गणमान्य जन उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: गौशाला में दान देते गौभक्त


Monday, February 2, 2026



 




पुरानी रंजिश में व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या, मामला दर्ज
-झाड़ली गांव में हत्या से सनसनी, शव का पीजीआई रोहतक में पोस्टमार्टम
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कनीना की आवाज।
उपमंडल कनीना के गांव झाड़ली में आपसी रंजिश के चलते तीन लोगों द्वारा एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना बीती रात की बताई जा रही है। मृतक की पहचान करीब 55 वर्षीय अनिल उर्फ बिल्लू निवासी गांव झाड़ली के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अनिल उर्फ बिल्लू का गांव के ही राजकुमार व विनोद एवं भावना से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। यह विवाद देखते ही देखते झगड़े में बदल गया, जिसके दौरान तीनों आरोपियों ने अनिल उर्फ बिल्लू के साथ मारपीट की, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में परिजन उसे उपचार के लिए उप नागरिक अस्पताल कनीना लेकर पहुंचे, जहां से चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रोहतक स्थित पीजीआई रेफर कर दिया। पीजीआई रोहतक पहुंचने पर चिकित्सकों ने अनिल उर्फ बिल्लू को मृत घोषित कर दिया।
मृतक की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया तथा गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जा रहा है कि मृतक और आरोपियों के बीच पिछले करीब दस वर्षों से आपसी रंजिश चली आ रही थी। जानकारी के अनुसार करीब पांच माह पूर्व भी दोनों पक्षों के बीच मारपीट की घटना हुई थी, जिसके बाद से तनाव बना हुआ था। इसी पुरानी रंजिश के चलते बीती रात विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
घटना की सूचना मिलते ही थाना सदर कनीना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रोहतक पीजीआई भिजवा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और गांव में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।






झाड़ली में हत्या का मामला दर्ज, 3 लोगों पर मामला दर्ज
-मृतक का किया गांव में अंतिम संस्कार
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव झाड़ली हत्याकांड में मृतक अनिल के पुत्र कृष्ण कुमार ने कनीना सदर थाने में मामला दर्ज करवाया है। उन्होंने दी शिकायत में कहा है कि वे दो भाई एवं एक बहन है। परिवार के ही राजकुमार, विनोद कुमार झाड़ली के साथ पुरानी रंजिश चली आ रही है। फरवरी 2025 में राजकुमार ने अनिल एवं भाई धर्मेंद्र उर्फ बिट्टू के खिलाफ 307 का मुकदमा दर्ज करवाया था। अनिल व धर्मेंद्र जमानत पर आए हुए थे।  एक फरवरी 2026 को संजय झाड़ली के कुआं पूजन में गए थे। करीब 9 बजे एक व्यक्ति कार्यक्रम से उसके पिता अनिल को घर से बाहर लाया। बाहर गली में राजकुमार, विनोद और विनोद की पत्नी भावना लाठी, डंडे और कुल्हाड़ी से मारपीट करने लगे। उन्होंने सिर, पैरों ,मुंह और शरीर पर काफी चोट मारी। सूचना पाकर कृष्ण कुमार कार्यक्रम से बाहर भागकर आया तो भीड़ होने के कारण अनिल को मरा हुआ समझ मारने वाले वहां से यह भाग निकले। कृष्ण व उसकी मां अनीता देवी एक निजी वाहन का इंतजाम कर अनिल कुमार को सरकारी अस्पताल कनीना लाये जहां अधिक चोंट एवं गंभीरता को देख रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। 2 फरवरी को सुबह इलाज के दौरान रोहतक उनकी मौत हो गई। राजकुमार, विनोद कुमार एवं भावना ने पुरानी रंजिश रखते हुए अनिल की पीट पीटकर हत्या कर दी है। कनीना पुलिस ने बीएनएस की धारा 103(1) 351(3) 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच अभी जारी है। मिली जानकारी अनुसार मृतक का गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया






परम संत मोलडऩाथ के उदात गुणों एवं चमत्कारों पर चलेंगी कडिय़ां जल्द ही
   --कनीना क्षेत्र के परम संत दूर दराज तक विख्यात,पढ़ते रहिये कनीना की आवाज
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कनीना की आवाज।
 परम संत मोलडऩाथ का कनीना में मेला 27 फरवरी को आयोजित होगा। यह ऊंट दौड़, घुढ़दौड़ आदि के लिए दूर दराज तक विख्यात है। परम संत मोलडऩाथ कौन थे, इनका कैसा जीवन चरित्र रहा तथा कैसे कैसे चमत्कार किए, इसके बारे में वैसे तो डा. होशियार सिंह यादव कनीना निवासी की चार कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं किंतु आम जन तक पहुंचाने के लिए अब विभिन्न कडिय़ों/एपिसोड के रूप में उनके जीवन और विचारधारा को कनीना की आवाज में जल्द ही प्रकाशित किया जाएगा। ऐसे में कनीना की आवाज ब्लाग को पढ़ते रहिए।





संत मोलडऩाथ की याद दिलाता है प्राचीन जोहड़
 -35 लाख रुपये आई थी लागत
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कनीना की आवाज। 
जहां कनीना के परम संत मोलडऩाथ  विक्रमी संवत 2006 में पंचतत्व में विलीन हो गये थे किंतु वे जिस तालाब के पास आराम करते थे वह तालाब अैाज के दिन सभी का मन मोह रहा है। गर्मियों में तो इसे पानी से भर देते हैं जो आकर्षण का केंद्र होता है।  आज संत को पंचतत्व में विलीन हुई करीब 75 साल बीत गये हैं। इस तालाब को नगरपालिका ने प्रधान सतीश जेलदार के प्रयासों के चलते करीब 35 लाख रुपये की लागत से पक्का करवाकर वर्ष 2023 में आखिरकार पानी से भरवा दिया था। पहले तो इसे नहरी पानी से भरने की योजना थी किंतु सफलता नहीं मिलने पर 3 मार्च 2023 को लगे मोलडऩाथ मेेले के वक्त पानी से भर दिया गया था। गर्मियों में बच्चे दिनभर जल में मस्ती लेते हैं वहीं बंदर भी प्रसन्न मिलते हैं। इसमें साफ पानी भरा गया है।
 प्रकृति प्रेमी थे संत मोलडऩाथ-
संत मोलडऩाथ प्रकृति प्रेमी थे । जीवों को चुग्गा डालते थे तथा इसी जोहड़/वर्तमान में तालाब के किनारे जाल के पेड़ के नीचे विश्राम करते थे। यहां एक बणी होती थी जिसमें जाल के पेड़ के नीचे संत आराम करते थे और तालाब का ही पानी प्रयोग करते थे। यहां छोटी बणी होती थी। गीदड़, चिडिय़ा तथा अनेकों प्रकार के जीव जंतु यहां विचरते थे। उनकी यादों को ताजा कर दिया गया है। जोहड़ में पानी भरने के बाद आश्रम की रौनक और बढ़ गई है।
क्या क्या हैं सुविधाएं-
 कनीना के प्रसिद्ध संत तालाब के चारों ओर सैर करने वाले और दर्शन करने वाले लोगों के लिए भी प्रकाशमान पक्की सड़क निर्मित की गई है।  यह जोहड़ अब तालाब का रूप ले चुका है जो पास में स्थित खाटू श्याम मंदिर के कुंड का भी के काम करता है। यही कारण है कि श्याम कुंड नाम से भी यह तालाब भविष्य में जाना जाएगा। बोर के पानी से भरने के बाद जीवों के गिरने से बचने के लिए सुंदर द्वार बना दिया गया है।
संत की प्रतिमा का श्रेय दो व्यक्तियों को-
 कनीना के परम संत मोलडऩाथ की प्रतिमा स्थापित करने में दो व्यक्तियों का अहं योगदान है। जहां स्व. मेहरचंद सत्संग मंडल संस्थापक ने कनीना निवासी डा.होशियार सिंह यादव को मोलडऩाथ के बारे में समस्त जानकारी एवं फोटो लाने का आदेश दिया। जिसके चलते वर्ष 2000 में डा. होशियार सिंह यादव ने विभिन्न स्थानों, जहां पर संत मोलडऩाथ ने तप किया, घूमे फिरे, वहां वहां जाकर विस्तृत जानकारी हासिल की। संत के गांव से जहां फोटो का प्रबंध किया और 2001 में अपनी प्रथम पुस्तक संत शिरोमणि मोलडऩाथ निकाली। उसके बाद एक के बाद कर चार कृतियां डा. होशियार सिंह यादव द्वारा निकाली गई। जिनमें तो एक कृति आईएसबीएन नंबर की है। वहीं बाबा के कैलेंडर, आरतियां, बाबा चालीसा आदि पुस्तकें भी प्रकाशित की गई। तत्पश्चात अनेक लोगों ने इसमें अहम योगदान दिया जिसमें लियाकत अली ने आरतियों की आडियो बनाई और फिर पहुंची बात संत की प्रतिमा की। कनीना मंडी निवासी भीम सिंह ट्रंक हाउस पुरखोत्ममपुर निवासी ने करीब 10 हजार रुपये की लागत से गोला का बास ,जयपुर से प्रतिमा बनवाई और विधि विधान से 2007 में स्थापित करवाई। यह प्रतिमा डा. होशियार सिंह यादव द्वारा उनकी पुस्तक संत शिरोमणि मोलडऩाथ प्रकाशित फोटो के आधार पर बनवाई थी।
मोलडऩाथ ट्रस्ट के प्रधान हैं दिनेश कुमार
 वर्तमान में कुछ वर्षों से संत मोलडऩाथ ट्रस्ट के प्रधान दिनेश कुमार कनीना निवासी है। वो बाबा आश्रम के कायाकल्प करने में जुटे हुए हैं।
  दर्शनीय स्थल बना है-
 कनीना का सबसे प्रमुख दर्शनीय स्थल और बस स्टैंड के पास संत मोलडऩाथ आश्रम है। संत आश्रम के पास अब तो एक दर्जन से अधिक दर्शनीय स्थल बन गए हैं। किसी को पूजा अर्चना करनी हो तो सभी देवी देवता आश्रम के पास ही मिल जाएंगे। वहीं शहीदों की प्रतिमाएं भी आसपास स्थापित है। कनीना की शहीद स्मारक भी मोलडऩाथ आश्रम के करीब है। श्याम मंदिर, शिर्डी मंदिर, शनिदेव मंदिार, हनुमान मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर, सीताराम मंदिर, माता स्थल, मां मंदिर, हनुमान मंदिर, 21 फुट ऊंची शिव प्रतिमा वाला शिवालय, बाबा भैया, शहीदों की प्रतिमाएं आदि अनेक स्थल मोलडऩाथ आश्रम आस पास स्थित हैं।
फोटो कैप्शन 06: तालाब का भव्य द्वार एवं तालाब



सोमवार को हुई हल्की बूंदाबांदी, मौसम का मिजाज बिगड़ा
- सुबह सवेरे छाई रही धुंध
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में मौसम लगातार बदल रहा है। जहां सोमवार सुबह सवेरे बूंदाबांदी हुई फिर धुंध छाई रही तथा मौसम बिगड़ा नजर आया। जहां गत दिवस भी धुंध छाई हुई थी। 15 जनवरी के बाद लगातार मौसम बदल रहा है। इस अवधि में जहां वर्षा हुई, बूंदाबांदी हुई, पाला जमा, कड़ाके की ठंड रही, धूप खिली, तापमान बढ़ा और बार-बार कोहरा छाया रहा। इस समय रबी फसल खड़ी हुई है। रबी फसलों के दौरान हर वर्ष यही हालत देखने को मिलती है। किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार, कृष्ण कुमार, योगेश कुमार आदि बताते हैं कि हर वर्ष रबी फसल दौरान अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जब सरसों पक जाती उसके बाद अनेक समस्याएं आने लग जाती हैं। किसान पाल-पाल मौसम को निहारता रहता है। नहीं पता कब मौसम की नजाकत बदले और फसलों को नुकसान कर दे। जहां विगत वर्षों पाले से भी फसलों को नुकसान हुआ था वही इस वर्ष भी पाले का सरसों फसलों पर नुकसान हुआ है।  किसानों का कहना है कि अभी भी फसल बेहतर खड़ी हुई है। यदि मौसम सही रहा तो बेहतर पैदावार हो सकती है।
 फोटो कैप्शन 5:कनीना क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी एवं धुंध का नजारा


प्रवेश परीक्षा 7 फरवरी को, प्रवेशपत्र जारी
-नौवीं के लिए बनाये गये हैं दो सेंटर
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कनीना की आवाज।
पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, करीरा, महेंद्रगढ़ में सत्र 2026-27 में कक्षा 09वीं 11वी में दाखिले के लिए 7 फरवरी 2026 को होने वाली एलइएसटी परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी हो चुके है। जिन विद्यार्थियों ने जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा में कक्षा 9वीं व 11वीं में दाखिले के लिए आवेदन किया है,  वे विद्यार्थी नवोदय विद्यालय समिति की वेबसाइट लिंक पर जाकर अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
प्राचार्य  बीएमरावत ने बताया कि प्रवेश पत्र  डाउनलोड करने के लिए आवेदक को रजिस्ट्रेशन संख्या व जन्म तिथि की आवश्यकता पड़ेगी। यदि किसी विद्यार्थी को प्रवेश पत्र डाउनलोड करने में किसी भी प्रकार की असुविधा है, तो विद्यार्थी अपने विद्यालय के प्राचार्य अथवा पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय,करीरा,महेंद्रगढ़ में  विक्रम सिंह ,चलभाष 9467997332 से इस सम्बन्ध में सम्पर्क कर सकते हैं। इस परीक्षा के लिए कक्षा 09वी के दो परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जिनमें एक राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना जिसमें 240 विद्यार्थी परीक्षा देंगे व दूसरा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी जिसमें 226 विद्यार्थी परीक्षा देंगे,बनाए गए है। कक्षा ग्यारहवीं का परीक्षा केंद्र पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, करीरा, महेंद्रगढ़ को बनाया गया है जहां 267 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। प्राचार्य बीएम रावत ने विद्यार्थियों से निर्धारित परीक्षा केंद्र व तिथि को पहुंचने की अपील की है।
फोटो कैप्शन 04: नवोदय विद्यालय करीरा


प्रेरणा कार्यक्रम में अधिक से अधिक करवायें रजिस्ट्रेशन -बीएम रावत प्राचार्य
-  कक्षा 8 से 11 में पढऩे वाले विद्यार्थी करवा सकते हैं रजिस्ट्रेशन
-वडनगर गुजरात में चलेगा  एक सप्ताह का कार्यक्रम
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कनीना की आवाज।
भारत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वडनगर में पढ़े थेद्ध ऐसे में वडनगर में प्रेरणा कार्यक्रम के तहत वर्ष 202- 26 में प्रत्येक जिले से एक लड़का और एक लड़की का चयन किया जाएगा जो वहां पर एक सप्ताह के लिए प्रेरणा शिक्षा प्राप्त करेगा। संपूर्ण खर्चा सरकार वहन करेगी।
विस्तृत जानकारी देते हुए पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य बीएम रावत ने बताया कि वर्ष 2024-25 में भी कार्यक्रम चला था। जिसमें नवोदय विद्यालय का एक विद्यार्थी मोहित कुमार का चयन भी हुआ था। अब सत्र 2025-26 के लिए फिर से यह कार्यक्रम चलेगा।
 उन्होंने बताया पूरे महेंद्रगढ़ जिले से कक्षा 8 से 11 में पढऩे वाले विद्यार्थी प्रेरणा पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन मुफ्त में करवा सकते हैं। प्रेरणा पोर्टल में रजिस्ट्रेशन के बाद नोडल सेंटर जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा में आगामी कार्रवाई चलेगी। जहां विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं, टेस्ट, इंटरव्यू के आधार पर जिले से 15 लड़कों और 15 लड़कियों का चयन किया जाएगा जिनके नाम आगे भेजे जाएंगे। वडनगर में के लिए एक लड़का और एक लड़की का अंतिम चयन किया जाएगा। सरकारी कार्यक्रम होने से इसका अधिक से अधिक लाभ उठाया जा सकता है। सरकार मुफ्त में संपूर्ण विकास और बहुत चहुमुखी विकास के लिए विद्यार्थियों को न केवल शिक्षण करवाएगी अपितु एक्सपर्ट से वार्ता, वैज्ञानिकों से भेंट वार्ता और उनके लेक्चर आदि के जरिए कार्यक्रम को संपूर्ण करवाया जाएगा।चयनित विद्यार्थियों को वहीं पर रहना पड़ेगा और खाने एवं रहन सहन वगैरह सभी प्रबंध सरकार की ओर से किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह बहुत बेहतर कार्यक्रम है और इस कार्यक्रम में चयन होना अपने आप में एक उपलब्धि माना जाता है। ऐसे में सभी कक्षा 8 से 11 में पढऩे वाले विद्यार्थियों से उन्होंने रजिस्ट्रेशन करवाने की बात कही है। किसी प्रकार की दिक्कत आए तो प्राचार्य जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा से  संपर्क किया जा सकता है। यह एक सप्ताह का कार्यक्रम चलेगा। उन्होंने अभिभावकों, स्कूल प्राचार्यों एवं शिक्षकों से भी इस कार्यक्रम में रजिस्ट्रेशन करवाने की अपील की है।
 फोटो कैप्शन:बीएम रावत प्राचार्य


कई लोगों ने श्रीकृष्ण गौशाला मेें दिया दान
-खिलाया गायों को गुड़
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कनीना की आवाज।
 कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में कई लोगों ने दान दिया और गायों को गुड़ खिलाया।
 विस्तृत जानकारी देते हुए भगत सिंह प्रधान श्रीकृष्ण गौशाला ने बताया कि स्व. सज्जन सिंह एडवोकेट कनीना के पुत्र एडवोकेट अमन यादव ने अपने पिता की पुण्यतिथि पर गौशाला को 11 हजार रुपये का दान पानी के खेल बनाने दिये। साथ में गायों को गुड़ भी खिलाया। उधर फूल सिंह माजरा कलां नेे भी 11000 रुपये गौशाला को दान दिया। वेद प्रकाश यादव भडफ़ ने 2100 रुपए का दान दिया।
  इस मौके पर भगत सिंह प्रधान गौशाला ने कहा कि गायों को दान पुण्य जरूर करते रहना चाहिए। किसी भी अवसर पर गौशाला में आकर चारा चराने, सवामणि लगाने,गुड़ आदि खिलाने, गाय गोद लेने या अन्य किसी प्रकार की गायों की सेवा के लिए जरूर पहुंचना चाहिए। गायों की सेवा  से पाप और संताप सभी नष्ट हो जाते हैं। गायों की सेवा सर्वोत्तम सेवा मानी गई है। गाय को माता का दर्जा दिया गया इसलिए गायों की सेवा जरूर घर पर या गौशाला में करनी चाहिए। जिनके पास घर पर गाये हैं वो घर पर उनकी सेवा करें और अगर गाय नहीं है तो गौशाला में आकर सेवा कर सकते हैं।
  उन्होंने बताया कि गौशाला को आधुनिकतम बनाया गया है। कनीना वासी और आसपास के लोगों का फर्ज बनता है कि आकर के गौशाला में गायों के दर्शन करें।
 इस मौके पर श्रीकृष्ण गौशाला केे सभी पदाधिकारियों ने उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर भगत सिंह प्रधान, सह सचिव रामपाल, मास्टर रामप्रताप, सचिव यश यादव, दीपक चौधरी, मुकेश नंबरदार, आर्य ओमप्रकाश ठेकेदार, उपाध्यक्ष रविंद्र बंसल, उप प्रधान दिलावर सिंह, बलवान सिंह आर्य, कृष्णा प्रकाश, नरेंद्र फौजी, नवीन यदुवंशी आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 03: गौशाला में दान देते हुए एडवोकेट अमन यादव



पुल निर्माण में अनियमितता
-किसानों ने किया प्रदर्शन
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कनीना की आवाज।
धनौन्दा से मोहनपुर तक बनाई जा रही पक्की सड़क पर धनौन्दा पंप हाउस से निकलने वाली खेड़ी डिस्ट्रिब्यूट्री, बवाना डिस्ट्रिब्यूट्री तथा मेन जवाहर लाल नेहरू कनाल के पुलों के निर्माण कार्य में बरती जा रही अनियमितताओं के खिलाफ किसानों ने निर्माण स्थल पर इकट्ठे होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व बसपा नेता अतरलाल ने किया। इसमें धनौन्दा, खरकड़ा बास, उन्हाणी, चेलावास, मोहनपुर गांव के सैकड़ों किसानों ने भाग लेकर ठेकेदार तथा निर्माण एजेंसी से पुलों का निर्माण ठीक तथा बेहतर ढ़ंग से करने की मांग की।
अतरलाल ने कहा कि खेड़ी डिस्ट्रिब्यूट्री, बवाना डिस्ट्रिब्यूट्री तथा मेन कनाल के तीनों पुलों की सड़क के बीच में खड़े तीन कीकर के पेड़ तथा एक बिजली का खंभा को हटाने, पुलों की रिटेनिंग वाल की लंबाई बढ़ाने, पुलों के तीनों रेंपो का भरत करके सीधी सड़क बनाने तथा पुलों के ऊपर से गुजर रही 33केवी की बिजली की लाईनों को ऊपर उठाने की मांगे की गई। किसानों ने उपमंडल अधिकारी नागरिक से तत्काल निर्माण स्थल का निरीक्षण कर उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि चार दिन के अंदर उनकी मांगों का संज्ञान लेकर कार्यवाही नहीं की गई तो आगे निर्माण कार्य नहीं करने देंगे। अतरलाल ने किसानों की मांगों को जायज बताया है और शिकायत उच्चाधिकारियों को प्रेषित करने की बात कही। इस अवसर पर मीर सिंह वैद्य, किशनपाल, मुकेश सिंह, सतेन्द्र, यशपाल, इन्द्रजीत, नितेश, अंश, दिनेश पंच, रामबीर पंच, कप्तान ओमपाल सिंह, कलेक्टर सिंह, कप्तान सीताराम, राजेश, परमसिंह राघव, सुभाष, जीतपाल, हनुमान, लखन, रविन्द्र, महेन्द्र आदि सैकड़ों किसान उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 01: किसान आंदोलन करते हुए


किसानों की परेशानी का कारण बना कनीना-कोटिया खेतों का कच्चा रास्ता, पक्का करने की मांग
-मार्केट कमेटी कनीना के चेयरमैन को सौंपा ज्ञापन
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कनीना की आवाज।
कनीना से कोटिया जाने वाले खेतों के रास्ते की बदहाल स्थिति को लेकर किसानों में भारी रोष है। यह रास्ता लंबे समय से कच्चा पड़ा हुआ है और जगह-जगह गहरे गड्ढे हो जाने के कारण किसानों को आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि ट्रैक्टर से खेतों तक पहुंचना तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
किसानों ने बताया कि कोटिया गांव की सीमा तक यह रास्ता पहले से पक्का है, लेकिन कनीना क्षेत्र में प्रवेश करते ही रास्ता कच्चा रह जाता है। बरसात के मौसम में यह मार्ग कीचड़ और पानी से भर जाता है, जिससे किसानों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी भारी परेशानी होती है।
इस समस्या को लेकर मार्केट कमेटी कनीना के चेयरमैन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की गई है कि जनहित और किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कनीना से कोटिया जाने वाले खेतों के रास्ते को शीघ्र पक्का करवाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता पक्का होने से न केवल खेती-बाड़ी के कार्य आसान होंगे, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।
फोटो कैप्शन 02: किसान चेयरमैन को ज्ञापन सौंपते हुए











Sunday, February 1, 2026



 


कनीनावासी नहीं देख पाए आम बजट लाइव
-बिना पूर्व सूचना के साढ़े 7 घंटों से भी अधिक का लगा कट
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कनीना की आवाज।
 डीएचबीवीएन कनीना की मनमानी के चलते कनीना क्षेत्र में बिजली कट लगे रहते हैं। बिजली कट भी इतने लंबे कि इंसान परेशान हो जाता है और इनवर्टर भी काम छोड़ जाते हैं।
आम बजट के दिन दोपहर 12 बजे कनीना क्षेत्र में बिजली काटी जिसके बाद शाम 7:35 बजे बहाल हो पाई। जिसके कारण दिनभर चलने वाला आम बजट भी नहीं देख पाए। लोगों में भारी रोष है।
 कनीना क्षेत्र के दिनेश कुमार, सुमर सिंह, महेंद्र सिंह सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार आदि ने बताया कि बिजली अभाव में वे परेशान रहे। पावर हाउस से बिजली के मनमानी कट लगा दिये जाते हैं।
मिली जानकारी अनुसार जेई ने परमिट ले रखा था जिसके चलते शाम 7:35 बजे बिजली आई। परिणाम यह निकला कि लोग बेहद दुखी रहे।  विशेषकर दुकानदार बहुत परेशान मिले जिनका बिजली पर आधारित काम चलता है। रोटी रोजी भी बिजली से चलती है। इतने लंबे कट की न तो सूचना दी जाती है और न ही किसी को पता होता है। दुकानदारों में भी भारी रोश है। महिलाएं पेयजल के लिए तरसती रही। इस प्रकार के कटों के बारे में जब अधिकारियों से बात करनी चाही तो फोन ही नहीं उठाया। लोगों का कहना है कि बजट के दिन तो कम से कम बिजली देनी चाहिए, इतना लंबा कट नहीं लगना चाहिए।


 सुबह से ही पडऩी शुरू हुई धुंध, रात को हुई बूंदाबांदी
-विगत दिनों से लगातार बदल रहा है मौसम
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कनीना की आवाज।
 कनीना में सुबह सवेरे से ही धुंध छा गई जो दोपहर तक चलती रही। शनिवार की रात को बूंदाबांदी भी हुई । इससे पहले दो दिनों से ही धूप खिली, मौसम साफ रहा तथा सुबह सवेरे कुछ समय के लिए हल्की धुंध पड़ी।
 उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में लगातार मौसम बदल रहा है, कभी ठंड कभी पाला जमना, कभी बादल छाना, कभी वर्षा, कभी मौसम साफ रहना आदि घटनाएं लगातार घट रही हैं। जिसके चलती किसानों के माथे पर चिंता की रेखाएं बनी हुई हैं। किसान लगातार मौसम को तथा अपनी फसलों को निहार रहे हैं। किसानों का मानना है कि शायद अब मौसम साफ रहेगा और उनकी फसल वृद्धि करेगी। अभी तक गेहूं की वृद्धि नहीं हो पाई है। गेहूं की फसल बहुत छोटी है। सरसों की फसल पकान  पर जा चुकी है।
 किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह , रवि कुमार योगेश कुमार आदि का कहना है कि अब गेहूं में बढ़ोतरी होगी और जल्दी पक जाएगी। होली पर्व तक सभी फसलें पक जाती है। इस बार होली का पर्व 4 मार्च को लगेगा। ऐसे में किसान अभी तक खुश हैं और अपनी फसलों पर नजर जमाए हय हैं।
फोटो कैप्शन 03: कनीना क्षेत्र में छाई धुंध



गौशाला में संपन्न बैठक, अनेक मुद्दों पर हुई चर्चा
-पूर्व सचिव को 8 फरवरी को बैठक में बुलाया जाएगा
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कनीना की आवाज।
 कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में कनीना क्षेत्र के विभिन्न लोगों की बैठक संपन्न हुई जिसमें गौशाला के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में अनेक मुद्दों पर चर्चा की गई लेकिन मुकेश नंबरदार ने बताया कि गौशाला के पूर्व सचिव मास्टर कृष्ण कुमार द्वारा व्हाट्सएप पर गौशाला के चंदे के दुरुपयोग का बड़े प्रचार किया जा रहा है। उसके इस कार्य से गौशाला की छवि धूमिल हो रही है। मुकेश नंबरदार के इस प्रस्ताव पर उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि 8 फरवरी 2026 रविवार को प्राप्त 10 बजे गौशाला प्रांगण में गौशाला सदस्यों एवं ग्राम सदस्यों की एक आवश्यक बैठक बुलाई जाए जिसमें यह सुनिश्चित किया जाए कि पूर्व सचिव अवश्य उपस्थित हो और गौशाला कार्यकारी पर लगाए गए आरोपों के संदर्भ में सभा के समक्ष अपने साक्ष्य प्रस्तुत करें। इस बारे में पूर्व सचिव को लिखित रूप से सूचित किया जाएगा तथा उनसे पावती भी ली जाएगी। इस मौके पर मुकेश नंबरदार के प्रस्ताव के समर्थन में दीपचंद यादव, रतनलाल शर्मा, अभय सिंह यादव, सूबेदार मेजर राजेश कुमार, जयप्रकाश, दीनदयाल साहब सहित सभी ने अपनी अपनी सहमति दर्शाई।
 फोटो कैप्शन 02: गौशाला में आयोजित बैठक

बिना दान दहेज के शादी करके दी समाज को प्रेरणा
-उप-मैनेजर है लड़के का पिता

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कनीना की आवाज।
नांगल मोहनपुर में जांगिड़ के वरिष्ठ समाज सेवक एवं बैंक उप-प्रबंधक के सुपुत्र उमेश कुमार के शादी समारोह  के अंतर्गत  लग्न कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें भात और लग्न एक रुपया लेकर समाज को एक नई मिसाल प्रस्तुत की है। उन्होंने अपने बेटे की शादी  बिना किसी प्रकार का देहज लिए  शादी करके एक मिशाल प्रस्तुत की है। आज के भौतिकवादी युग में सभी आनन - फानन में सुख सुविधाओं के पीछे दौड़ रहे हैं। उसमें यह परिवार शिक्षा ,संस्कार और संस्कृति  के लिए जाना जाता है। उन्होंने बिना किसी स्वार्थ और लालच की भावनाओं से ऊपर उठकर नेक और उदारतापूर्ण भावनाओं का परिचय दिया है जो समाज में आपसी  मेल-जोल और प्रेम भाव को बढ़ाने में कारगर सिद्ध होता है। समाज ऐसी विचारधारा और व्यक्तित्व का स्वागत करती है। आशा है कि ऐसे नेक कार्यों से दूसरों को भी विषय प्रेरणा मिलेगी।  
  विजयपाल उप प्रबंधक एवं लड़के के पिता तथा वीरेंद्र सिंह मौलिक मुख्याध्यापक ने बताया कि लड़का संस्कारवान है तथा उनकी एक ही इच्छा थी कि बिना दान दहेज के शादी की जाए। ऐसे में बिना दान दहेज के शादी की है।
 इस लगन समारोह में नांगल मोहनपुर, रामबास,  पड़ताल, भोजावास, इसराना ,गोमला,कनीना, कैमला , ककराला, भडफ़, कोका, सुन्दरह ,कोटिया आदि आस-पास   के सम्मानित ग्रामीण व्यक्तित्व तो  विशेष रूप से उपस्थित रहें। बेटे के पिता विजयपाल के बड़े भाई कैलाश ने अपने परिवार के साथ सभी मेहमानों का स्वागत किया। इस शुभ अवसर पर अशोक कुमार जिला अध्यक्ष,रोहतास नंबरदार पूर्व जिला अध्यक्ष, सूबे सिंह समाज सेवक, मुन्नीलाल साहब,  रघुवीर सिंह रिटायर्ड हेड मास्टर, सुमन जांगड़ा महिला प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा, ठेकेदार मदनलाल खंड सभा कनीना , राजकुमार चैयरमैन , गोपीचंद,  ठेकेदार ओमप्रकाश आर्य, सुरेंद्र पाल कप्तान साहब, होशियार सिंह सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक, हीरालाल,  विजय कुमार, अशोक कुमार, अत्तर सिंह  ढाणा , बिल्लू आदि सम्मानित जन उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 10: बिना दान दहेज के लग्र लेते हुए





बीआर. स्कूल सेहलंग में पीटीएम एवं पैरेंट्स ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन
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कनीना की आवाज।
बीआर आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेहलंग में पीटीएम कम पैरेंट्स ओरिएंटेशन प्रोग्राम का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में दिल्ली की प्रसिद्ध ट्रेनर एवं काउंसलर तरुणा तंवर उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के चेयरमैन हरिश भारद्वाज एवं प्रधानाचार्या  ज्योति भारद्वाज ने की।
तरुणा तंवर को अभिभावक प्रशिक्षण एवं छात्र कैरियर काउंसलिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने प्रेरणादायक संबोधन में अभिभावकों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।
अपने वक्तव्य में उन्होंने अभिभावकों को बच्चों की परवरिश से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि माता-पिता को बच्चों से नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए, उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनना चाहिए तथा पढ़ाई के साथ-साथ उनके मानसिक और भावनात्मक विकास पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने अभिभावकों को यह भी सलाह दी कि वे बच्चों की मेहनत की सराहना करें, उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं, मोबाइल और इंटरनेट के सीमित एवं सकारात्मक उपयोग के लिए प्रेरित करें तथा समय प्रबंधन की आदत विकसित करें।
साथ ही उन्होंने कहा कि माता-पिता को बच्चों की तुलना दूसरों से नहीं करनी चाहिए, उन पर अनावश्यक दबाव नहीं डालना चाहिए, छोटी-छोटी गलतियों पर डाँटना या अपमानित करना नहीं चाहिए तथा हर समस्या का समाधान स्वयं करने के बजाय बच्चों को सीखने का अवसर देना चाहिए।
तरुणा तंवर ने कहा कि प्रेम, अनुशासन, विश्वास और सकारात्मक वातावरण के साथ की गई परवरिश ही बच्चों को आत्मविश्वासी, जिम्मेदार और सफल बनाती है। कार्यक्रम का मुख्य विषय बच्चों के भविष्य निर्माण में अभिभावकों की भूमिका रहा। उन्होंने बताया कि माता-पिता और शिक्षक मिलकर ही बच्चों को सही दिशा दे सकते हैं।
विद्यालय के चेयरमैन हरिश भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि बच्चों को संस्कारवान, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। इसके लिए अभिभावकों और शिक्षकों का संयुक्त प्रयास आवश्यक है।
प्रधानाचार्या  ज्योति भारद्वाज ने अभिभावकों से नियमित संवाद बनाए रखने और बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर आगे बढ़ाने का आह्वान किया। स्टेज संचालन दीपा मैडम ने किया। इस अवसर पर विंग हेड कपिल शर्मा, बिजेंद्र यादव, कल्पना तंवर, पूनम यादव सहित समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
फोटो कैप्शन 07:अभिभावकों को संबोधित करती ट्रेनर तरुणा तंवर



आम बजट पर प्रतिक्रिया
-बजट आम जन के लिए बेहतर, हर वर्ग का रखा ध्यान
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कनीना की आवाज।
 आम बजट पर अनेक लोगों ने अपनी प्रतिक्रया दी हैं। लोगों ने कर्मचारी, अधिकारी एवं आम जन के पक्ष का बताया है।
मध्यम वर्ग, जो देश की जीडीपी में लगभग 40 प्रतिशत योगदान देता है, को इस बजट में ठोस कर राहत मिली है। पुरानी कर व्यवस्था में मानक कटौती को 50,000 रुपये से दोगुना बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह और अधिक उदार है। नई कर व्यवस्था में स्लैबों को सरल बनाया गया—5 लाख रुपये तक की आय पर शून्य कर का प्रावधान। शिक्षा ऋण पर टीसीएस हटाया गया (10 लाख रुपये तक), जबकि किराया टीडीएस सीमा को 2.4 लाख से बढ़ाकर 6 लाख रुपये किया गया। दो स्व-व्यवहृत आवासीय संपत्तियों पर कर राहत का प्रावधान किया गया है और आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा को 2 वर्ष से बढ़ाकर 4 वर्ष कर दिया गया। कर संहिता को 819 धाराओं से घटाकर 536 धाराओं में सरलीकृत करने का वादा सराहनीय है। ये कदम करदाता को राजस्व का मात्र स्रोत न मानकर भरोसेमंद भागीदार बनाने की दिशा में हैं। हरियाणा जैसे राज्यों में, जहां मध्यम वर्ग कृषि और सेवा क्षेत्र पर निर्भर है, ये राहतें उपभोग बढ़ाकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देंगी। हालांकि, जमीनी स्तर पर अनुपालन प्रक्रिया को और सरल बनाना होगा, वरना ये राहतें कागजी औपचारिकताओं तक सीमित रह सकती हैं। मध्यम वर्ग की बचत को निवेश के लिए प्रोत्साहित करने से बाजार में तरलता बढ़ेगी, जो स्टॉक मार्केट और रियल एस्टेट को लाभ पहुंचाएगी।
--रविंद्र बंसल कनीना व्यापारी
कृषि क्षेत्र, जो अभी भी 18 प्रतिशत जीडीपी और 65 प्रतिशत ग्रामीण आबादी का आधार है, पर बजट ने विशेष ध्यान दिया। प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना को 100 जिलों में विस्तारित किया गया, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन दिया गया, तथा सिंचाई और भंडारण क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया। पीएम किसान सम्मान निधि में वृद्धि, किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ाई गई। मत्स्य पालन विकास के लिए अंडमान-लक्षद्वीप में आर्थिक क्षेत्र घोषित किए गए, फल-सब्जी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने का प्रावधान। मनरेगा बजट में वृद्धि, ग्रामीण क्रेडिट स्कोरिंग प्रणाली से स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को ऋण सुगम बनाया गया। चमड़ा-फुटवियर और खिलौना उद्योगों से 22 लाख नए रोजगार का अनुमान है। हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्य में, जहां गेहूं-धान चक्र प्रमुख है, फसल विविधीकरण से मिट्टी स्वास्थ्य सुधरेगा और आय अस्थिरता कम होगी। ये प्रावधान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देंगे, लेकिन वास्तविक परीक्षा यही होगी कि क्या ये योजनाएं कागजों से निकलकर खेतों, बाजारों तक पहुंच पाएंगी। छोटे और सीमांत किसानों को लाभ मिलना चाहिए, न कि बड़े जमींदारों तक सीमित रहना चाहिए। डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से किसानों को सीधे उपभोक्ता से जोडऩा ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देगा।
 - सुमन कुमारी,कनीना
महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता देते हुए लक्ष्मी वंदना योजना का विस्तार किया गया, स्वरोजगार ऋण पर गारंटी हटाई गई (20 लाख तक)। शहरी महिलाओं के लिए घर-आधारित कार्य को कर छूट का लाभ दिया गया। पंचायती राज संस्थाओं के लिए 10,000 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान हरियाणा जैसे राज्यों में, जहां महिला आरक्षण 50 प्रतिशत है, वास्तविक नेतृत्व को बढ़ावा देगा। ये कदम लैंगिक समानता की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। ग्रामीण महिलाओं के लिए एसएचजी ऋण और कौशल प्रशिक्षण से आर्थिक स्वावलंबन बढ़ेगा। पंचायत स्तर पर महिला नेतृत्व से स्थानीय मुद्दे जैसे जल संरक्षण, स्वच्छता बेहतर होंगे। लेकिन पंचायत स्तर तक प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी होगा, क्योंकि भ्रष्टाचार और जागरूकता की कमी बाधाएं हैं। हरियाणा में 50त्न आरक्षण का लाभ उठाकर महिलाएं पंचायतों को परिवर्तन का माध्यम बना सकती हैं।
  --पूनम कुमारी, महिला कनीना
फोटो साथ हैं


माडल संस्कृति स्कूल कनीना के विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में पाया दूसरा स्थान
-माडल स्कूल का अब तक का है रिकार्ड
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कनीना की आवाज।
माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना के लिए यह अत्यंत हर्ष एवं गौरव का विषय है कि विद्यालय के होनहार विद्यार्थियों नैन्सी एवं हिमांशु ने राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में सहभागिता कर विद्यालय, क्षेत्र एवं जिले का नाम एक बार फिर गौरवान्वित किया है।
यह राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी एवं शैक्षिक प्रतियोगिताए दिनांक 31 जनवरी एवं 1 फरवरी को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद गुरुग्राम में आयोजित की गईं, जिसमें हरियाणा राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित विद्यार्थियों ने भाग लिया।
इस प्रतिष्ठित प्रदर्शनी में छात्रा नैन्सी ने गणितीय माडलिंग विषय पर आधारित अपना नवाचारी एवं विश्लेषणात्मक मॉडल प्रस्तुत किया, जिसमें गणित के व्यावहारिक उपयोग, तार्किक सोच एवं समस्या समाधान की उत्कृष्ट झलक देखने को मिली। वहीं छात्र हिमांशु ने स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विषय पर आधारित मॉडल प्रस्तुत कर समाज में स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता एवं स्वस्थ जीवनशैली का सशक्त संदेश दिया।
प्रदर्शनी के साथ आयोजित राज्य स्तरीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भी मॉडल संस्कृति स्कूल कनीना की छात्रा नैन्सी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे राज्य से भाग लेने वाले 154 विद्यार्थियों में से द्वितीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय की उपलब्धियों में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ा।
उल्लेखनीय है कि मॉडल संस्कृति स्कूल, कनीना के विद्यार्थियों ने इससे पूर्व भी विभिन्न शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। विद्यालय ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान प्रदर्शनी  में खंड स्तर पर नौ स्थानों पर तथा जिला स्तर पर चार स्थानों पर कब्जा कर अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का परिचय दिया है।
इस उल्लेखनीय सफलता में विद्यालय के समर्पित मार्गदर्शक शिक्षकों श्री नितिन मुद्गिल एवं  गुरदीप सिंह का विशेष योगदान रहा, जिनके कुशल निर्देशन, प्रेरणादायक मार्गदर्शन एवं निरंतर सहयोग से विद्यार्थी राज्य स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सके।
विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील खुडानिया एवं जिला विज्ञान विशेषज्ञ रविंद्र अग्रवाल ने भी विद्यार्थियों की उपलब्धि की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं तथा विद्यालय के प्रयासों को सराहनीय बताया।
फोटो कैप्शन 09: एससीइआरटी में प्रदर्शन कनीना के करते विद्यार्थी।





कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में लाया गया एक और नंदी
-अब तक उन्नत नस्लों के हो गए हैं चार नंदी
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कनीना की आवाज।
कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में रेवाड़ी की गौक्रांति गौशाला से उन्नत नस्ल का नंदी लाया गया। क्षेत्र के विभिन्न लोगों ने नंदी का गौशाला में अभिनंदन किया। प्रधान भगत सिंह ने बताया कि कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला गायों की नस्ल सुधारने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में नया नंदी लाया गया है। इससे कनीना की गौशाला में गायों की नस्ल सुधरेंगी। और अधिक दूध देने वाली गायें तैयार होगी। उन्होंने बताया कि करीना की श्रीकृष्ण गौशाला अब तक नए आयाम स्थापित कर रही है। अभी तक तीन नंदी उन्नत नस्ल के थे। एक और आने से अब 4 नंदी हो गए हैं। उन्होंने बताया कि देवेंद्र और प्रदीप डागर का इस नंदी लाने में अहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि कनीना क्षेत्र और आसपास के लोगों के लिए खुशी का अवसर है कि उनके यहां उन्नत नस्ल का एक नंदी और आ गया है। वैसे भी श्री कृष्ण गौशाला अब तक नए-नए आयाम स्थापित कर रही है। गायों को गोद लेने की ककड़ी में 500 से अधिक गाये गोद ली जा चुकी हैं। गौशाला तरक्की पर है।
गौशाला की बेहतर हालात देखते हुए क्षेत्रवासी भगत सिंह का आभार जता रहे हैं। उल्लेखनीय के क्षेत्रवासी भगत सिंह से अति प्रसन्न है और क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने आज भगत सिंह का आभार व्यक्त किया और कहा कि यदि भगत सिंह गौशाला के प्रधान रहे तो निशान दे एक दिन श्रीकृष्ण गौशाला पूरे भारत की श्रेष्ठ गौशालाओं में शामिल हो जाएगी।
 फोटो कैप्शन 5: नंदी का अभिनंदन करते हुए


शांति देवी का 87 वर्ष की उम्र में हुआ निधन
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कनीना की आवाज।
हनुमान प्रसाद शर्मा ,पूर्व मंडल अध्यक्ष भाजपा कनीना गांव अगिहार की माता शांति देवी का स्वर्गवास हो गया। वे 87 वर्ष की थी तथा अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गई है। उनका अन्तिम संस्कार उनके पैतृक गांव अगिहार में  किया गया। उनके अन्तिम संस्कार में
सीताराम यादव पूर्व विधायक अटेली , सत्यवीर सिंह यादव ,राजेन्द्र प्रसाद भारद्वाज, शक्ति सिंह,डा. रविंद्र कुमार, सुरेश कुमार शर्मा ,कप्तान सिंह  रमेश कुमार साहब,हिम्मत सिंह तंवर,कुलदीप सिंह यादव,पंकज, धर्मवीर साहब अगिहार सतीश कुमार यादव आदि अनेक गांवों के गणमान्य लोग भारी संख्या में शामिल हुए।
फोटो कैप्शन: शांति देवी



रविदास की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक
-मीरा के भी गुरु थे संत रविदास-सचिन प्रवक्ता
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कनीना की आवाज।
कनीना एवं आस पास गांवों में संत रविदास जयंती धूमधाम से मनाई गई।  इस कार्यक्रम में रविदास के जीवन पर प्रकाश डाला और लोगों को उनके दिखाए गए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। कनीना के वार्ड 8 में रविदास को याद किया। यहां अतरलाल मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि जब मन साफ होता है तो कोई तीर्थ व्रत करने की भी आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि यह कथन संत शिरोमणि स्वामी रविदास महाराज ने साफ कर दिया था कि मन का साफ होना जरूरी है। चाहे तन साफ हो या ना हो क्योंकि जिनके मन साफ होते हैं उनको कोई तीर्थ स्थल पर जाने की भी जरूरत नहीं है। गंगा स्नान करने की भी आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि जिनके मन साफ होते हैं उनके तो घर में भी गंगा माता स्वयं आ जाती है। इसलिए हमें साफ मन रख कर के अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए।  मन में मैल नहीं रखना चाहिए। प्रभु तो तन के अंदर बैठा है और वह मन को अच्छे से देख रहा है क्योंकि उसकी दृष्टि में साफ मन वाले लोगों का सदा सदा सम्मान होता है।  
उन्होंने कहा कि संत के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत  के जीवन से हमें भाई-चारा कायम रखने की  सीख मिलती है। संत जी ने काम को महत्व दिया था और गंगा स्नान बारे उनका कहना था कि मन चंगा तो कठौती में गंगा।
मीरा के भी गुरु थे संत रविदास-दीपक चौधरी
दीपक चौधरी पार्षद ने रविदास जी के जीवन पर प्रकाश डाला और लोगों को उनके दिखाए गए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
 उन्होंने कहा कि संत के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत  के जीवन से हमें भाई-चारा कायम रखने की  सीख मिलती है। संत जी ने काम को महत्व दिया था और गंगा स्नान बारे उनका कहना था कि मन चंगा तो कठौती में गंगा। इस मौके पर भंडारे का आयोजन भी किया गया।  संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती क़स्बे के वार्ड 8 में बड़ी धूमधाम से आयोजित की गई । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रकाश यादव ने संत रविदास के सिद्धांतों को अपनाने की अपील की। इस मौके पर प्रकाश यादव ने 31 हजार, अतरलाल ने 11 हजार एवं विनय एडवोकेट ने 5100 रुपए दान दिए।
मुख्य अतिथि ठाकुर अत्तरलाल ने संत रविदास के दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में शानदार कार्य कर रही प्रतिभाओं को सम्मानित भी किया गया। सचिन प्रवक्ता को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर प्रधान मोहर सिंह आर्य , विनय यादव एडवोकेट , दिनेश यादव , अशोक ठेकेदार ,बलवान सिंह आर्य, कृष्ण प्रकाश गुरुजी ,कमल यादव ,पवन कुमार ,सतीश मास्टर , रामेश्वर पूर्व पार्षद ,दीपक चौधरी पार्षद आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 03: संत रविदास को याद करते हुए




आम बजट पेश
-विभिन्न लोगों ने दी अपनी अपनी प्रतिक्रिया
-किसी ने बेहतर तो किसी ने खराब बजट होने की बात कही
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कनीना की आवाज।
 सरकार ने आम बजट पेश कर दिया है। आम बजट को लेकर के विभिन्न लोगों ने अपनी अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। जहां बजट को कुछ ने बेहतर बताया तो कुछ लोगों ने इसे प्रतिकूल करार दिया है। बजट के बारे में क्या कहना है लोगों का-
**किसानों के लिए एआई टूल भारत विस्तार कार्यक्रम का लागू करना तथा चंदन के पेड़ों की लकड़ी के लिए विशेष योजना बनाने, बादाम अखरोट पैदावार बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं शुरू की गई है जो किसानों के लिए भविष्य में लाभप्रद साबित होंगी। इन योजनाओं से किसान कुछ नया कर पाएंगे तथा नया करके अपनी आय को बढ़ा पाएंगे।
-- दीनदयाल कनीना निवासी
इनकम टैक्स को सरल बनाया जाना सराहनीय कदम है परंतु इनकम टैक्स में कोई छूट न देना उचित नहीं है। विदेश यात्रा पर भी टैक्स 2 प्रतिशत लगा दिया गया है। वही अपग्रेड अस्पतालों में सुविधा देने, ट्रामा सेंटर स्थापित करने आदि योजनाएं बेहतर है। ऐसे में बजट कुछ मायने में जन अनुकूल साबित हो सकेगा।
-- राम प्रताप कनीना निवासी  
पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप और प्रत्येक जिले में लड़कियों के लिए छात्रावास खोलना बेहतर साबित होगा। क्योंकि चिकित्सा प्रमुख सुविधा होनी चैाहिए। चिकित्सा के बगैर अनेक इंसान लुटने पीटते रहते हैं। अगर प्रत्येक जिले में ट्रामा सेंटर होगा तो इसका विभिन्न लोगों को लाभ मिलेगा।
- ओमप्रकाश भडफ़ निवासी
हेल्थ केयर सेक्टर को लेकर बड़ी घोषणा की है जिससे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो पाएंगी। जिला अस्पताल का अपग्रेड करने का मसला भी बेहतर साबित होगा। ऐसे में यह बजट जन अनुकूल साबित होगा।
- दुलीचंद साहब
पशुधन, किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा देने तथा मत्स्य पालन के लिए 500 जलाशय और अमृत सरोवर का इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट करने की योजना किसानों के लिए भी लाभप्रद साबित होगी। वहीं पशुपालन क्षेत्र के लिए लोन आधारित सब्सिडी कार्यक्रम शुरू करना किसानों के लिए बेहतर साबित होगा। इसलिए किसानों के लिए यह बजट हितकर साबित होगा।
-- रामपाल कनीना किसान
यह बजट किसान, व्यापारी, अधिकारी, कर्मचारी आदि के कुछ अनुकूल नजर आता है।  क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को अनेक सुविधाओं की जरूरत होती है। पेड़ पौधों एवं फसलों से अपना लालन-पालन करते हैं। ऐसे में किसानों के लिए बेहतर पैदावार लेने के लिए एआई टूल्स स्थापित करने की घोषणा किसानों के लिए हितकर साबित होगी।
- सोनू यादव,कनीना।
फोटो कैप्शन: दीनदयाल, सोनू यादव, रामपाल , दुलीचंद साहब, ओमप्रकाश, रामप्रताप




संत रविदास की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक-दीपक चौधरी
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कनीना की आवाज।
कनीना के वार्ड 6 और 8 में बड़ी धूमधाम से मनाया गया संत रविदास जी की के चरणों में पुष्प अर्पित कर व माला पहनाकर सभी ने संत रविदास को याद किया।
  दीपक चौधरी ने बताया कि संत रविदास जी ने समानता की बात कही और दूसरी परिश्रम करके अपनी आजीविका कमाने की बात कही। महान संत रविदास जी ने सभी के आपसी भाईचारे को बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि सभी धर्म और सभी वर्गों को मिल झूल कर समाज को सशक्त बनाना चाहिए। समाज की सभी कुरीतियों को मिटाने के लिए समाज को जागरूक करना चाहिए। ऐसे महान संतों के दिखाए हुए रास्ते पर सभी को चलना चाहिए और समय समय पर महान संतों की यादगार में कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
इस कार्यक्रम में मुकेश नंबरदार, नरेंद्र फौजी, मनीष कुमार,राकेश पार्षद, योगेश, देशराज, पूजा, नीरज चौधरी, बिजेंद्र हेडमास्टर, धर्मपाल,गोवर्धन, चांदराम नंबरदार, बाबूलाल, आदि अनेक गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
फोटो कैप्शन 04: संत रविदास को याद करते हुए

























कुतरूं प्राचार्य के कारनामे एपिसोड- 09
बच्चों को घटिया खाना खिलाने का समाचार छपने पर कुतरूं ने दिलवाया नोटिस
-फिर पकड़ा गया लकड़ी बेचने के लिए ट्रैक्टर भर कर ले जाते हुए
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कनीना की आवाज। कनीना निवासी एवं विज्ञान अध्यापक रहे विभिन्न पदों, पर विभिन्न विद्यालयों में कार्य करने वाले डा. होशियार सिंह यादव ने अपने जीवन काल में करीब तीन दर्जन से अधिक प्राचार्यों से भेंट की, उनके साथ काम किया किंतु इनमें से कुछ ऐसे कुतरूं प्राचार्य भी मिले जिनके नाम लेते वक्त भी शर्म आती है, जिनकी नीचता एवं घृणित कार्यों से मन व्यथित हो जाता है। परंतु बहुत से ऐसे प्राचार्य मिले जिनसे मिलकर बेहद खुशी हुई। आज भी उनसे मिलने को मन करता है और इच्छा होती है कि ऐसे प्राचार्य अगर हो तो युवा शिक्षक आगे की ओर बढ़ते चले जाएंगे किंतु जिनका कार्य ही घटिया हैं, दूसरों को दुख देना है, ज्ञान में अज्ञानी है, ब्लैकमेलिंग का कार्य करते हैं, उनसे पूरा समाज दुखी रहता है। आइये चर्चा करते हैं एपिसोड-9 में एक ऐसे कुतरूं प्राचार्य की जो ब्लैकमेलिंग में नंबर वन रहे हैं। कुतरूं प्राचार्य ब्लैकमेलर नाम से भी जाना जाता है। ब्लैकमेलिंग में अग्रणी रहे हैं परंतु हाथ जोडऩे और किसी के पैर पकडऩे में भी बहुत माहिर रहे हैं। बच्चों को भड़काने में एक नंबर के रहे हैं। आश्चर्य  होता है कि उनको किसी विषय का कोई ज्ञान नहीं है और इसीलिए कुतरूं प्राचार्य कहलाता है और लोग उसे कुतरूं कहते हैं। दुख होता है कि शिक्षा विभाग में ऐसे कलंक भी है जो समाज को कलंकित करते हैं। इसीलिए शिक्षकों की समाज को कुछ गिरावट होने लगी है। मेरा दावा है कि मेरे साथ कुतरूं प्राचार्य किसी भी विषय में ब्लैकमेलिंग एवं पैर  पकडऩे के कार्य को छोड़कर, स्पर्धा/ मुकाबला करवा दो अगर वह जीत जाए तो मैं ताउम्र उसकी गुलामी करूंगा, अगर वह हार जाए तो उसके जूते मारने चाहिए और जूतों की माला पहनानी चाहिए क्योंकि ऐसे घृणित व्यक्ति समाज में कुछ नहीं दे पाते। देते हैं तो बस बुराई।
 घटना उस समय की है जब कुतरूं प्राचार्य बच्चों के शिविर में बैठे हुए थे। आश्चर्य है कि बच्चे लकड़ी फाड़ रहे थे, पेड़ों की छंगाई कर रहे थे, धुआं कर रहे थे और एक भी अच्छा काम नहीं कर रहे थे। कहने को तो शिविर लगा हुआ था लेकिन शिविर में सकारात्मक कार्य नहीं कर रहे थे। आश्चर्य तब हुआ जब उनको दिया गया खाना देखा। उनका खाना इतना खराब कि देखकर रोना आ गया। कितने लोगों को उनका खाना दिखाया। या तो  कोई बोलने की हिम्मत नहीं कर पाया और बोलने का प्रयास किया तो कुतरूं प्राचार्य ने उनके पैर पकड़ लिये।
   बच्चों को इतना भड़काने में माहिर रहा है कि कभी भी किसी शिक्षक के विरुद्ध भड़का सकता है। आज भी उसमें यह अवगुण है। यही कारण है कि कितने ही अच्छे-अच्छे शिक्षकों के विरुद्ध विद्यार्थियों को भड़काया। जातिवाद में गहरा आनंद उठाता है। सदा जातिवाद का विष भी घोलता है। अपने जाति के शिक्षकों का ख्याल भी रखता है। कैंप लग रहा था जिसमें बच्चे ही लकड़ी फाड़ रहे थे, धुआं कर रहे थे। पेड़ों की कटाई कर रहे थे और जब खाना देखा तो बहुत दर्द हुआ। इतना घटिया खाना बच्चे खा रहे थे। क्योंकि कुतरूं अपनी जेब में पैसे डाल रहा था, झूठे बिल लगा रहा था जिनका प्रमाण आज तक हमारे पास है। कोई उसके विरुद्ध बोलता उसके पैर पकड़ लेता। एक पत्रकार हरियाणा सरकार से मान्यता प्राप्त है और शिक्षक भी है। उसने जब समाचार को प्रकाशित कर दिया तो उसके विरुद्ध शिक्षा विभाग में और अखबार कार्यालय में नोटिस भिजवाया। यह नोटिस नहीं अपितु दबाव की नीति बनाकर ब्लैकमेलिंग करना था। उसका एक दोस्त के बहुत नजदीकी भी इसमें शामिल रहा है जिनका कार्य ही ब्लैकमेलिंग रहा है। आखिर यह नोटिस इसलिए दिलवाया था कि किसी प्रकार दबाव की नीति बनाई जाए और आगे समाचार प्रकाशित नहीं करें। साथ में उच्च अधिकारियों से शिक्षक को फटकार दिलवाने की चाल थी। सरकार से कुतरूं नोटिस देने की अनुमति भी नहीं ली चूंकि वह भी एक कर्मचारी था। परंतु उच्च अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया। हां ब्लैकमेलिंग के लिए दूसरों के जरिए बहुत दबाव डाला परंतु मेरे एक निकृष्ट साथी ने कहा कि-हांडी फुटेगी तो कुत्ता की जात दिखेगी।
   निकृष्ट दोस्त के कहने से कुतरूं का मुंह भी बंद किया गया। चूंकि कुतरूं स्कूल के समान को खुर्द बुर्द करने में सदा माहिर रहा है। किसी कैंप कुतरूं उल्टे सीधे काम करवाने में माहिर था। दो व्यक्ति इसी ताक में थे कि कब कुतरूं को रंगे हाथों पकड़ा जाए।
   कुतरूं प्राचार्य ने एक दिन लकडिय़ां कटवाकर एक ट्रैक्टर भर लिया और उसे बेचने की फिराक में था। ट्रैक्टर को आरा मशीन की ओर भेज दिया जबकि खुद पीछे-पीछे चल रहा था। फिर क्या था दो व्यक्ति इसी फिराक में थे उन्होंने उस ट्रैक्टर को रुकवा कर पूछा कि ये लकडिय़ां कहां से लाये हो और कहां ले जा रहे हो? तो उसने स्पष्ट कह दिया कि कुतरूं प्राचार्य ने कटवाई हैं और आरा मशीन पर जाएंगी। बस फिर क्या था कुतरूं प्राचार्य भी आ पहुंचा। जब कुतरूं प्राचार्य ने देखा कि अब तो पकड़ा गया और नौकरी जाएगी तो वह सीधा उनके पैरों में लेट गया। उन्होंने कहा कि अब नहीं बख्शेंगे। तुम्हारे विरुद्ध पुलिस में मामला दर्ज करवाएंगे और उच्च अधिकारियों को शिकायत करेंगे। कुतरूं प्राचार्य ने कहा कि मुझे बख्श दो मैं वादा करता हूं भविष्य में ऐसा कुछ नहीं करूंगा। अगर तुम कुछ करोगे तो मेरे बच्चों की जिंदगी बर्बाद हो जाएगी। मेरी भी जिंदगी खराब हो जाएगी, बहुत रोया उनके आगे। वो दोनों भी अपनी जगह स्टैंड पर नहीं मिले और कुतरूं प्राचार्य को यह कहकर छोड़ दिया कि करेगा सो भरेगा। खैर कुतरूं आचार्य ने लकड़ी भी बेची खूब झूठे बिल भी लगाए, शोषण भी किया। बात धीरे-धीरे सभी लोगों तक पहुंची। आदत के अनुसार लोग चुप हो गये कि कुतरूं प्राचार्य है ही घटिया। पर इससे बच्चों का अहित, समाज का अहित हुआ। ऐसे से सावधान रहना चाहिए जो न किसी का अच्छा कार्य करते और न भविष्य में करेंगे। ये कुतरूं करेंगे तो बस घटिया कारनामे।