अब नहीं बिकते शहतूत बाजारों में
-कभी माली समाज आता था बेचने शहतूत
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कनीना की आवाज। ग्रामीण क्षेत्रों में पाए जाने वाले शहतूत की आवक कम हो गई है। अति मधुर एवं चंद दिनों के ग्रामीण फल बड़े ही चाव से खाए जाते हैं।
शहरी जन बेशक पसंद न करें किंतु ग्रामीण क्षेत्रों में बेहद चाव से खाए जाने वाले शहतूत फल की पैदावार कम हो पाने के कारण आवक घट गई है। एक जमाना था जब इन्हें रेहड़ी एवं ऊंटगाड़ी में डालकर गांवों में बेचा जाता था किंतु अब एक भी व्यक्ति इनको बेचकर रोटी रोजी कमाता नजर नहीं आता है। ये दो प्रकार के होते हैं खट्टे एवं मीठे। ये पौधे छाया भी प्रदान करता है तो फल भी।
इस संबंध में किसान राजेंद्र सिंह ने बताया कि मौसम की मार के चलते ये फल या तो झड़ गए हैं या फिर बहुत कम मात्रा में पक पाते हैं जिसके चलते आवक घट गई है। इस संबंध में पूर्व खंड कृषि अधिकारी डा. देवराज का कहना है कि ये फल इस क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में होते हैं किंतु मौसम की मार पडऩे से झड़ जाते हैं।
कुछ लोग इसलिए भी नहीं खाते क्योंकि इन पर मक्खी एवं मच्छर बैठे गंदा करते रहते हैं। ये धरती पर गिर जाए तो रेत लग जाता है और धोने पर मधुर स्वाद खत्म हो जाता है।
इस संबंध में डा. होशियार सिंह यादव विज्ञान के जानकार का कहना है कि इसमें प्रोटीन, वसा, विटामिन एवं खनिज लवण पाये जाते हैं। शहतूत के रस में एंटीआक्सीडेंट, विटामिन और खनिज भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं और इसमें औषधीय गुण भी होते हैं। यह रक्त संचार को बेहतर बनाता है और रक्तचाप को कम करता है, जिससे रक्त के थक्के बनने और स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा, शहतूत के रस का सेवन एनीमिया के लक्षणों को कम करने में भी सहायक होता है।
फोटो कैप्शन 10: ग्रामीण क्षेत्रों में चाव से खाया जाने वाला शहतूत फल।
कुतरूं प्राचार्य के कारनामे-15 पढ़े 15 मार्च को
--अलग थलग पड़ा कुतरूं किंतु स्वभाव नहीं बदला, इसे कहते हैं कि रस्सी जल गई परंतु.....
कनीना की आवाज ब्लाग से न उठाये कोई समाचार
-वरना कापीराइट के तहत होगा मामला दर्ज
-आरएनआई द्वारा है रजिस्टर्ड
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कनीना की आवाज। कनीना की आवाज नमक ब्लाग आरएनआई द्वारा रजिस्टर्ड समाचार पत्र है। इससे यूं की यूं खबर को उठाकर कुछ लोग अनजाने में ग्रुप में डाल देते हैं जो कापीराइट का उल्लंघन है। कहने को तो अज्ञानता कहेंगे लेकिन कानून के सामने अज्ञानता का कोई बहाना नहीं होता। ऐसे में ऐसी गलती दो-तीन बार कुछ लोग कर चुके हैं जो डा. होशियार सिंह यादव कापीराइट अधिकारी द्वारा देखी जा चुकी हैं। भविष्य में अगर कोई ऐसी गलती करेगा चाहे वह जाने या अनजाने में हुई उसके खिलाफ कापीराइट के तहत मामला दर्ज करवाया जाएगा। इसके लिए ग्रुप एडमिन भी जिम्मेवार होगा। कनीना की आवाज ब्लाग की खबर को कापी करके कहीं प्रयोग न करें, सावधानी बरते अन्यथा अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे।
कापीराइट मामले में सजा
-अपराध की गंभीरता के आधार पर 6 महीने से लेकर 3 साल तक की कैद और 50,000 रुपए से 2 लाख रुपए तक के जुर्माने तक हो सकता है। बार-बार उल्लंघन करने पर सजा बढ़ जाती है, और इसमें गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध माना जाता है, जिसमें अवैध सामग्री और उपकरणों को जब्त भी किया जा सकता है।
सजा के मुख्य प्रावधान (भारतीय कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के अनुसार)
धारा 63:पहली बार उल्लंघन करने पर कम से कम 6 महीने की कैद और 50,000 रुपए के जुर्माने से लेकर अधिकतम 3 साल तक की कैद और 2 लाख रुपएतक का जुर्माना हो सकता है।
धारा 63 (दोबारा उल्लंघन): दूसरी बार दोषी पाए जाने पर कम से कम 1 साल की कैद और 1 लाख रुपए के जुर्माने से लेकर अधिकतम 3 साल तक की कैद और 2 रुपए लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
धारा 63बी(कंप्यूटर प्रोग्राम का उल्लंघन): कंप्यूटर प्रोग्राम की उल्लंघनकारी प्रति का जानबूझकर उपयोग करने पर कम से कम 7 दिन की कैद और 50,000 रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।
अन्य दंड:उल्लंघन करने वाली प्रतियां और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए जा सकते हैं, और कापीराइट मालिक सिविल मुकदमे के जरिये मौद्रिक हर्जाना भी मांग सकता है।
साल में दो विज्ञापन भी नहीं देने वाले समाचार न भेजे
- अखबार का आदेश है विज्ञापन देने वालों की खबरें लगे अधिक से अधिक
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कनीना की आवाज। लंबे समय से डा. होशियार सिंह यादव पत्रकारिता में जुटा हुआ है। सुबह से रात 11 जाते हैं तब जाकर पत्रकारिता पूर्ण होती है किंतु न तो समाचार पत्र एक रुपया भी देता और न ही लोग विज्ञापन देते। साल में अनेक समाचार छपने के बाद भी जब विज्ञापन का वक्त आता है तब कोई विज्ञापन नहीं दिया जाता, जिससे अखबार नाराज है और ऐसे पत्रकार जो विज्ञापन नहीं देते उनको हटाने का निर्णय ले लेता है। ऐसे में जो साल में दो विज्ञापन नहीं दे पाए वो कृपया मेरे पास/डा. होशियार सिंह यादव के पास समाचार प्रकाशन हेतु न भेजे। इसे कड़ाई से पालन किया जाएगा। भविष्य में यदि कोई समाचार भेजता है तो स्वयं जिम्मेदार होगा और वे प्रकाशित नहीं होंगे। अपने घर से कंप्यूटर, बिजली, नेट खर्चा, भाग दौड़ करनी पड़ती है वहीं बच्चों से दूर रहना पड़ता है। उस पर भी एक रुपए भी जेब में नहीं आता और खर्चा बढ़ता ही चला जाता है। एक और परिवार वाले नाराज वहीं अखबार वाले नाराज क्योंकि कुछ लोगों की आदत बन गई है कि समाचार के समय तो कहेंगे बड़े-बड़े समाचार छाप दो और विज्ञापन के नाम पर कहेंगे सोचेंगे, देखेंगे या फिर फोन नहीं उठाते, फोन बंद कर लेते हैं। ऐसे में ऐसे व्यक्ति जो साल में दो विज्ञापन नहीं दे पाते वो कृपया माफ करें, समाचार भविष्य में न भेजे। केवल वही व्यक्ति भेजें जिन्होंने कुछ विज्ञापन दिया है या मेरी किसी क्षेत्र में मदद की है ताकि उनका खर्चा में स्वयं वहन कर सकूं। सबसे बड़ी बात है कि अखबार के निर्देशानुसार एक विज्ञापन कम से कम 10 हजार का देने वालों के छह माह समाचार प्रकाशित होंगे, दो विज्ञापन देने वालों के पूरे साल समाचार प्रकाशित होंगे। अधिकतम दिन में एक समाचार प्रकाशित करवा सकता है वह भी स्वयं टाइप करके भेजना होगा। यदि साल में 20000 तक का विज्ञापन देता है उनके लिए यह सुविधा एक साल चलती रहेगी। समाचारपत्रों का कहना है कि उन लोगों पर समय बर्बाद ना करें जो विज्ञापन नहीं देते। एक और मजबूरी है दूसरी और विज्ञापन देना जरूरी है। शायद कनीना क्षेत्र के प्रतिदिन 10 बड़े समाचार अकेले मेरे प्रकाशित होते हैं लेकिन इस होली पर महज एक छोटा सा विज्ञापन मिला जिनसे उम्मीद थी वो कल देंगे, फिर देंगे, आगे देंगे करते-करते होली भी टाल दी। अब ऐसा नहीं होगा। केवल क्राइम के समाचार और उन लोगों के समाचार प्रकाशित होंगे जो विज्ञापन देते हैं या ऐसे व्यक्तित्व जो वास्तव में समाज के लिए उदाहरण बने हुए हैं।
कांग्रेस का नेता बेच रहा है गन्ने का जूस
- रोटी रोजी कमाने में कोई हर्ज नहीं -अशोक वर्मा
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कनीना की आवाज। कनीना निवासी अशोक वर्मा जो कांग्रेसी नेता है तथा उनके पिता रामकुमार वर्मा कट्टर कांग्रेसी रहे हैं। आज अशोक वर्मा अपनी रोटी रोटी चलाने के लिए गन्ने का जूस बेच रहा है। उनसे इस बाबत चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि रोटी रोटी कमाना हर इंसान का फर्ज बनता है। इसमें किसी प्रकार की तौहीन नहीं होती। कमाने के लिए चाहे कोई भी काम मिले, जरूर मेहनत और लगन सीखना चाहिए। उनका कहना है कि वह गन्ने का रस पिलाकर लोगों की सेहत का ध्यान रख रहे हैं तथा बेहतर दर्जे का गन्ने का रस पिलाते हैं। डाक्टर भी कुछ मरीजों को गन्ने का जूस पीने के लिए सलाह देते हैं। इसलिए उनका ध्येय है कि बेहतरीन जूस पिलाकर लोगों की सेहत का ध्यान रखा जाए। उनका कहना है कि अब वो अपने इस कार्य को विस्तार देंगे तथा बड़ी-बड़ी मशीन जूस से संबंधित लाकर अनेक फलों का जूस निकालने का कार्य भी भविष्य में करेंगे। उन्होंने कहा कि जो मेहनत से जी चुराते हैं वो इंसान नहीं होते और जब इंसान होते हैं वो मेहनत करके ही अपनी रोटी रोटी कमाते हैं।
उल्लेखनीय है कि अशोक वर्मा ने पहले कबाड़ी का काम भी किया था तथा खूब ख्याति पाई थी। विशेष प्रकार की सूती चद्दर छपाई करके बेचने में भी मशहूर रहे हैं।
फोटो कैप्शन 09:अशोक वर्मा गन्ने का जूस पिलाते हुए
अन्तर्राष्ट्रीय गणित दिवस -14 मार्च
-पाई दिवस के रूप में भी याद किया जाता है गणित दिवस
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कनीना की आवाज। भारत के प्रसिद्ध गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के जन्मदिन को राष्ट्रीय गणित दिवस के रूप में मनाया जाता है। वहीं पाई के महत्व को याद करके अन्तर्राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया जाता है। आज के दिन विद्यार्थी गणित से कुछ दूर भागते हैं जबकि भारत के इस गणितज्ञ ने वह खोज की जो आज भी विदेशों तक शोध का आधार बने हुए हैं। इस संबंध में गणित के जानकार राजकुमार राव से बात हुई --
**बेशक वर्तमान पीढ़ी गणित से कुछ दूर भागती हो किंतु गणित बहुत आसान विषय है। गणित को अगर सही ढंग से पढ़ा जाए तो निसंदेह हर विषय की समस्याओं को हल करने की चाबी के रूप में कार्य करेगा। जिस प्रकार रामानुजन ने 32 वर्ष के अल्प जीवन काल में 3900 समीकरण और सर्वसमिकाओं का संकलन किया है, पाई की अनंत श्रेणी शामिल की गई, अनेक सूत्र भी प्रदान किये चुनौती पूर्ण गणित की समस्याओं को हल करने के लिए नए विचार प्रस्तुत कर गणित को आसान से भी आसान विषय सिद्ध करके दिखाया।
गणित से डरना बुरी बात है किंतु गणित के साथ खेलने से यह विषय एक सुंदर खेल का माध्यम बन जाता है। गणित से जो डरकर दूर भागता है उतना ही गणित में कमजोर हो जाता है लेकिन जो गणित के गहराई तक जाने का प्रयास करता है वह गणित में पारंगत हासिल कर लेता है और उसकी पहचान प्रतिभावान के रूप में की जाती है।
गणित बहुत बड़ा विषय है। गणित की छोटी-छोटी समस्याओं को हल करने में यदि ध्यान दिया जाए तो सही मायने में इंसान का ज्ञान निखर कर सामने आएगा। गणित से दूर भागना योद्धा के समान है जो युद्ध की विभीषिका देखकर डर के मारे भाग रहा हो लेकिन जिस प्रकार एक योद्धा युद्ध में पूरे हौसले के साथ उतरता है तो जीत उसके कदमों को चूमती है। गणित को सरल तरीके एवं छोटी छोटी बातों से बड़ी बातों की ओर ले जाने पर विद्यार्थी आसानी से सीख सकते हैं। गणित में अगर एक बार रुचि जागृत हो जाए तो गणित सबसे सरल विषय बन सकता है।
--राजकुमार राव, पूर्व मुख्याध्यापक एवं गणित के जानकार
फोटो कैप्शन: राजकुमार राव
खेड़ी में जलभराव और गंदे नालों से ग्रामीण परेशान, निकासी व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
-नालों में जलभराव से गांव में महामारी फैलने का बना भय
-दो दिन पानी में खड़े होकर मांगा था समाधान, अब सरपंच बनने के बाद भी खेड़ी में जलभराव से लोग त्रस्त
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव खेड़ी में जलभराव और नालियों में खड़े गंदे पानी की समस्या एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। गांव की कई गलियों और मुख्य रास्तों पर जमा गंदा पानी ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। नालियों में गंदगी और ठहरे पानी से उठती बदबू और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो गांव में बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्तमान सरपंच पंकज हिंदू ने चुनाव के समय गांव में पानी निकासी की समस्या को प्रमुख मुद्दा बनाकर लोगों से समर्थन मांगा था। उस समय उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर इस समस्या को लेकर जोरदार आवाज उठाई थी। बताया जाता है कि मुख्य रास्ते पर जलभराव की समस्या को लेकर उन्होंने दो दिनों तक पानी में खड़े रहकर सरकार और प्रशासन से समाधान की मांग भी की थी।
ग्रामीणों को उम्मीद थी कि सरपंच बनने के बाद वह गांव में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करवाएंगे और वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होगा। इसी भरोसे के साथ ग्रामीणों ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना था। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच बनने के बाद भी गांव में पानी निकासी की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।
समाजसेवी अधिवक्ता मंदीप सिंह, समाजसेवी तेजपाल रजलीवालद, धर्मपाल दुप्पट, पूर्व सरपंच रामनिवास चौधरी, राजेश, संदीप, दीपक, जोनी, मामन, संजय, दारासिंह और धर्मेंद्र सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कई घरों के पास बनी नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। इनमें पानी जमा रहने से दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की कई गलियों में लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण लोगों को आने-जाने में भी कठिनाई होती है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो गांव में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नालियों की नियमित सफाई करवाई जाए और पानी निकासी के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि गांव के लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके।
इस मामले में सरपंच पंकज हिंदू से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि गांव में नाले के निर्माण का टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है। केके कंस्ट्रक्शन कंपनी को सड़क चौड़ीकरण और उसके साथ नाले के निर्माण का कार्य दिया गया है। उन्होंने बताया कि पानी निकासी के लिए नालों का निर्माण भी करवाया गया है। सरपंच के अनुसार अब तक चार बार नालों की मरम्मत और कुछ स्थानों पर नया निर्माण भी कराया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद पानी की निकासी पूरी तरह से नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि संबंधित कंपनी द्वारा सही लेवल नहीं निकालने के कारण कुछ नालियों में पानी जमा हो जाता है। इस समस्या को दूर करने के लिए प्रयास किया जा रहा है।
पाइप डालने का कार्य जारी, जल्द दूर होगी समस्या - पवन कुमार
कंपनी का कार्य देख रहे पवन कुमार ने बताया कि नालों से पानी की निकासी को बेहतर बनाने के लिए पाइप डालने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पाइप लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद गांव में जलभराव और पानी निकासी की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
फोटो कैप्शन 07: गंदे पानी की समस्या दर्शाता हुआ ग्रामीण
प्रदेश स्तरीय युवा महा सम्मेलन में पहुंचने की,की अपील
--वेदप्रकाश नंबरदार रामबास पहुंचे कैथल
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कनीना की आवाज। वेदप्रकाश नंबरदार रामबास कैथल पहुंचे। कैथल में इनेलो पार्टी एससी प्रकोष्ठ की प्रदेश स्तरीय बैठक में उन्होंने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चौ. रामपाल माजरा को डा. भीमराव अंबेडकर का स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। साथ में एससी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर पहलवान , प्रभारी वेद सिंह मुंडे , महेंद्र कलशन आदि मौजूद रहे। बैठक में 23 मार्च 2026 को नरवाना की नई अनाज मंडी में होने वाले प्रदेश स्तरीय युवा महा सम्मेलन को सफल बनाने के लिए आगामी रणनीति तैयार की। सभी साथियों ने सम्मेलन में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने का भरोसा दिलाया।
फोटो कैप्शन 08: वेदप्रकाश नंबरदार रामबास इनेलो पदाधिकारियों को स्मृति चिह्न प्रदान करते हुए
हाई कोर्ट के न्यायाधीश संजय वशिष्ठ पहुंचे कनीना
--लायर्स चैंबर्स के लिए जगह चिह्नित करके शिलान्यास किया
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कनीना की आवाज। कनीना न्यायालय परिसर में उस समय उत्साह और गरिमा का वातावरण देखने को मिला जब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट, चंडीगढ़ के न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ कनीना पहुंचे।
न्यायमूर्ति के आगमन पर कनीना बार एसोसिएशन के अधिवक्ता साथियों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान किया। इस अवसर पर अधिवक्ताओं ने लंबे समय से लंबित अपनी विभिन्न मांगों एवं न्यायिक सुविधाओं से संबंधित समस्याओं को भी माननीय न्यायमूर्ति के समक्ष रखा।
इस अवसर पर लायर्स चैंबर्स के लिए जगह चिह्नित करके शिलान्यास किया। न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ ने अधिवक्ताओं की बातों को गंभीरता से सुना तथा समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक आश्वासन दिया। उनके इस सौहार्दपूर्ण व्यवहार से अधिवक्ता साथियों में संतोष और प्रसन्नता का माहौल देखने को मिला।
इस अवसर पर उपस्थित अधिवक्ताओं एवं गणमान्य व्यक्तियों ने न्यायमूर्ति का आभार व्यक्त करते हुए उनके न्यायिक मार्गदर्शन की सराहना की।
फोटो कैप्शन 04: न्यायाधीश पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय कनीना पहुंचने पर स्वागत करते हुए
कोटिया के स्कूल में स्थायी अध्यापक न होने पर अभिभावकों में रोष
-स्कूल के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया
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कनीना की आवाज।राजकीय माध्यमिक विद्यालय कोटिया में अक्टूबर 2025 किसी भी विषय का स्थायी अध्यापक न होने के कारण अभिभावक और ग्रामीणों में भारी रोष है। शुक्रवार को ग्रामीण एवं अभिभावक विद्यालय परिसर पहुंचे और मुख्य द्वार पर धरना प्रदर्शन किया।
एसएससी सदस्य देशराज यादव ने बताया कि विद्यालय में अक्टूबर 2025 से किसी भी विषय का स्थायी अध्यापक नहीं है। इस कारण बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। इसके लिए कई बार उच्च अधिकारियों को लिखा जा चुका परंतु को स्थायी समाधान नहीं हुआ। इसलिए सभी अभिभावक एवं ग्रामीणों ने स्कूल द्वार पर धरना व प्रदर्शन किया। यही नहीं अपितु ग्रामीणों ने खंड शिक्षा अधिकारी सुनील खुडानिया व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नारनौल सुनील दत्त यादव से फोन पर बात की तथा विद्यालय की समस्याओं से अवगत करवाया। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने फोन पर बीइओ कनीना आदेश दिया कि सोमवार को दो विषयों के अध्यापक जरूर भेज कर रिपोर्ट करें।
इस धरना प्रदर्शन में चंदगीराम, सूबेदार निहाल सिंह, करतार सिंह, नरेश प्रधान एसएमसी, पवन कुमार,पूर्व पंचायत समिति सदस्य, सूरजभान दुलीचंद, रमेश जांगड़ा, देशराज यादव सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक ,सुशीला, राजबाला, भतेरी आदि ग्रामीणों ने इस पर दर्शन में भाग लिया।
उल्लेखनीय की दैनिक जागरण में कई बार समाचार को प्रकाशित किया एवं समस्या ओ उजागर किया है किंतु विभाग के कानों पर जू तक नहीं रेंगी है।
स्कूल में है कुल 69 विद्यार्थी-
कक्षा 6 में 11 कक्षा 7 में 13 और कक्षा 8 में 6 विद्यार्थी हैं और क़ल 6 से 8 तक 30 बच्चे शिक्षा पा रहे है। वहीं पहले से पांचवीं तक 39 विद्यार्थी शिक्षा पा रहे हैं। सबसे बड़ी बात है कि इस विद्यालय में जहां उन्हें पहली से पांचवीं तक कक्षा में दो शिक्षक हैं। एक बीएलओ आदि की ट्रेनिंग पर जाता है और एक से पांच कक्षा तक एक शिक्षक की पढ़ाने को मजबूर हो जाता है। वही 6 से 8 तक चतुर्थश्रेणी कर्मी गणित, बाबू अंग्रेजी, संस्कृत का दूसरे स्कूल से थोड़े समय के लिए भेजा हुआ शिक्षक, वही एसएमसी का सदस्य देशराज भी शिक्षण कर रहा है।
मर्ज करने के हुए थे आदेश-
2020 से पहले जब छात्र संख्या घट गई थी तो इस विद्यालय को मर्ज करने की बात सोची थी। तत्पश्चात वर्ष 2022 में ट्रांसफर ड्राइव चला जिसमें केवल मुख्य अध्यापक महिपाल सिंह बाघोत को भेजा। बाकी सभी पद कैप्ट कर दिए गए। परिणाम यह निकला कि अकेला मुख्य अध्यापक की तीन कक्षाओं को पढ़ाता रहा लेकिन अक्टूबर 2025 में वह भी सेवानिवृत्त हो गए।
एमआईएस पोर्टल पर कैप्ट रखे पद-
मिली जानकारी अनुसार वर्ष 2022 में चले ड्राइव में मुख्य अध्यापक, चपरासी बाबू और पीटीआई के पद खोले गए। बाकी सभी कैप्ट कर दिए गए। मुख्याध्यापक सेवानिवृत्त हो गए। पीटीआई पद पर कोई शिक्षक आया नहीं। महज बाबू एवं चपरासी मजबूरी में कक्षा ले रहे हैं।
कई बार प्रकाशित हुआ समाचार-
दैनिक अखबारों में प्रमुखता से यह समाचार कई बार प्रकाशित हुआ। बार-बार उच्च अधिकारियों को शिकायत की किंतु परिणाम जिसका दस का तस रहा।
फोटो कैप्शन 6: मुख्य द्वार पर अभिभावक एवं ग्रामीण प्रदर्शन करते हुए
गुजरात की गिर नश्ल का युवा नंदी बना श्रीकृष्ण गौशाला का नया सदस्य
-गौशाला में किया अभिनंदन
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कनीना की आवाज। श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में चल रहे नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को गुजरात प्रदेश की प्रसिद्ध गिर नस्ल का एक युवा नंदी गौशाला में शामिल किया गया। कोटिया निवासी सूबेदार संतोष सिंह पुत्र श्योताज सिंह ने यह नंदी गौशाला को भेंट किया।
उन्होंने बताया कि कोटिया निवासी सुरेश कुमार यादव, चेयरमैन दी स्कालर गुरुकुल विद्यालय, लगभग दो वर्ष पूर्व गुजरात से गिर नस्ल की एक उच्च गुणवत्ता वाली गाय लेकर आए थे, जो प्रतिदिन करीब 21 किलो दूध देती थी। उसी गाय का यह नंदी अब लगभग ढाई वर्ष का हो चुका है। हिसार पशुपालन विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों द्वारा इसके निरीक्षण के बाद इसे शुद्ध गिर नस्ल का बताया गया था।
गौशाला पहुंचने पर गौभक्तों ने नंदी का फूलमालाओं से स्वागत कर उसे विधिवत नंदी बाड़े में शामिल किया। इस अवसर पर एचडीएफसी बैंक कनीना के प्रबंधक विक्रम दत्त, प्रीतम यादव और कंवर सिंह ने गौशाला को सहयोग स्वरूप 21 हजार रुपए भेंट किए।
इस मौके पर गौशाला प्रधान भगत सिंह, सचिव यश कनीनवाल, सह-सचिव रामपाल, उप प्रधान दिलावर सिंह, रवींद्र बंसल, दुलीचंद साहब, दीनदयाल साहब, सूबेदार मेजर महेंद्र सिंह, विष्णु जांगड़ा, मदन लाल गेरा, नित्यानंद जांगिड़, दलजीत फौजी, होशियार सत्संगी, राजेंद्र सिंह (पूर्व पार्षद), मास्टर रामप्रताप, राजकुमार डीलर, सतवीर गुगनवाला सहित अनेक गौभक्त उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01 व 02: गौशाला में नंदी का स्वागत करते तथा बैक मैनेजर का अभिनंदन करते हुए
जीएम देवदत ने हरी झंडी दिखाकर चित्तौडग़ढ़ के लिए बस को किया कनीना से रवाना
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कनीना की आवाज। लंबे अरसे से लोगों की बेहद दिमाग तथा मंत्री आरती सिंह राव के अनुशंसा पर कनीना बस स्टैंड से चित्तौडग़ढ़ के लिए सीधी बस सेवा शुरू हो गई है। शुक्रवार को सुबह 7 जीएम रोडवेज नारनौल देवदत ने हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया। यह बस प्रतिदिन सुबह 7 बजे चलेगी जो चित्तौडग़ढ़ 9 बजे के करीब पहुंचेगी तथा अगली सुबह 4:15 बजे बस वापसी कनीना के लिए रवाना होगी जो रात को 10:15 बजे कनीना पहुंचेगी। इस बस के शुरू होने से जल नारनौल जयपुर और चित्तौडग़ढ़ के लिए जाना सरल हो गया है वही चित्तौडग़ढ़ जहां जहां ऐतिहासिक नगरी को देखने तथा सेठ सांवरिया मंदिर को देखने का मौका मिलेगा।
मिली जानकारी इस बस का एक तरफ का किराया 590 रुपए होगा। वैसे भी चित्तौडग़ढ़ का किला मौर्य वंशी राजा चित्रांगदा मौर्य ने बनवाया था जो पहाड़ी पर स्थित है। यह दुर्ग ऐतिहासिक है। पद्मावती राजा रतन सिंह की रानी के लिए भी यह क्षेत्र जाना जाता है वहीं राणा कुंभा ने महमूद खिलजी को यहां हराया था। सबसे प्रमुख यहां महाराणा प्रताप के नाम से जाना जाता है जिन्होंने मेवाड़ का युद्ध किया था। कनीना बस स्टैंड से पहली बार कोई लंबी दूरी की बस का सचलन हुआ है। जीएम ने बताया कि कनीना से कभी लबी दूरी की बस चलती थी जिसको ध्यान में रखकर यह बस सेवा शुरू की है। इसी बीच लोगों ने चंड़ीगढ़ के लिए बस सेवा तथा यमुनानगर आदि के लिए भी बस सेवा शुरू करने की मांग की।
अब यह बस सेवा धार्मिक और पर्यटन महत्व रखेगी। इस मौके पर नारनौल डिपो जीएम देवदत्त टीएम जनरेल सिंह, डीआई करतार सिंह, कनीना स्टैंड इंचार्ज निरंजन सिंह, पंकज, प्रदीप कुमार , बस चालकसंदीप, परिचालक महेश कुमार नारनौल डिपो प्रधान अनिल भीलवाड़ा, यार्ड मास्टर श्रीभगवान, प्रीतम बागड़ी, महेश कुमार बोहरा, मुकेश नंबरदार, पार्षद दीपक चौधरी सहित विभिन्न जन मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 03: बस को रवाना करते हुए जीएम












































