Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Tuesday, February 24, 2026



 





रामबास में हिंदु सम्मेलन एक मार्च को
-एकता और अखंडता का दिया जाएगा संदेश
******************************************
*********************************************
******************************************
कनीना की आवाज।
राधा कृष्ण मंदिर रामबास  में 01 मार्च को एक विशाल हिंदू सम्मेलन होने जा रहा है। यह जानकारी देते हुए आचार्य कृष्णानंद महाराज ने बताया कि हिन्दू जागरण कि दिशा को नई ऊर्जा एवं चेतना प्रदान करने हेतु सर्व हिन्दू सनातन संस्कृति, सनातन धर्म एवं सामाजिक एकता का प्रतीक हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन के माध्यम से समाज में एकता, अखंडता को बनाए रखने का संदेश दिया जाएगा। हिंदू सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं बल्कि हमारी संस्कृति परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का उत्सव है। यह वह मंच है जहाँ समाज एकत्र होकर अपने मूल्यों, इतिहास और गौरव को याद करता है तथा आने वाली पीढिय़ों को सही दिशा देने का संकल्प लेता है। हमारी सभ्यता ने हमेशा वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश दिया है मतलब पूरा संसार एक परिवार है। यही भावना हमें एक दूसरे के प्रति सम्मान, सेवा और सहयोग का मार्ग दिखाती है। ऐसा सम्मेलन समाज को संगठित करने युवाओं में आत्मविश्वास जगाने और सकारात्मक ऊर्जा भरने का कार्य करता है। जब हम अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं तभी हम आधुनिकता के साथ संतुलन बना पाते हैं। हिंदू सम्मेलन हमें अपनी आस्था के साथ-साथ कर्तव्य, नैतिकता और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा भी देता है।
फोटो कैप्शन 08: संबंधित है




संत बालकनाथ मेले की हो गई है तैयारी
-शक्कर मेला और मोलडऩाथ नाम से है मान्यता
******************************************
*********************************************
******************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना के सबसे प्रसिद्ध एवं परम संत मोलडऩाथ मेले की तैयारियां जोरों पर चल रही है। 27 फरवरी को मेला लगेगा। झूले लग गए हैं तथा रंग पेंट आदि करके विभिन्न स्मारकों एवं मोलडऩाथ आश्रम के पास धार्मिक स्थलों को सजाया जा रहा है। झूले आदि लगाने वाले, मेले की शोभा बढ़ाने वाले, अनेक भक्त  करीब एक पखवाड़े से आए हुए हैं। घोड़ी और ऊंट की दौड़ के अलावा कुश्तियों का नजारा अति सुंदर होता है।
संत मोलडऩाथ पर ऊंट और घोडिय़ां की दौड़ शुरू की गई थी जो राजा महाराजाओं के समय से चलती थी। कनीना के संत आश्रम पर करीब 76 सालों से यह परंपरा चली आ रही है। शक्कर का प्रसाद पुराने समय से अर्पित किया जाता है। इसलिए इसे शक्कर मेला नाम से भी जानते हैं। जब से कनीना में मेले की परंपरा शुरू हुई और संत मोलडऩाथ ने विक्रमी संवत 2006 में समाधि ली तत्पश्चात से ही शक्कर का प्रसाद चढ़ाया जाता रहा है। उस समय शक्कर एवं घी किसानों के लिए प्रयोग की जाती थी, घरों में भी खाने के लिए काम में लाया जाता था। घी शक्कर का बोलबाला था। सबसे बड़ी विशेषता है कि यह मेला तीन दिनों तक चलता है। अपार साधु संत आते हैं। दूर दराज के विभिन्न राज्यों से ऊंट दौड़, घोड़ी दौड़ में भाग लेने के लिए भक्त पहुंचते हैं। खेलों का नजारा अति सुंदर होता है। आसपास के करीब एक सौ विभिन्न गांवों के लोग यहां पहुंचते हैं। कनीना में अगर किसी संत की मान्यता अधिक है तो संत मोलडऩाथ की है। संत मोलडऩाथ ने भी एक दर्जन विभिन्न स्थानों पर यात्रा की और तप किया था। आज भी उन स्थानों पर संत मोलडऩाथ की पूजा अर्चना की जाती है। मानसरोवर एवं नीमराना ऐसे क्षेत्र जहां संत ने अपना प्रभाव दिखाया था। कनीना में बालकरूप में आये थे इसलिए बालकनाथ कहलाए थे। किंतु मोलडऩाथ के नाम से विख्यात हैं क्योंकि संत मोलडऩाथ हर समय मोलड़ की तरह ही खाने पीने और हंसते गाते रहते थे। भक्तों का दर्द दूर करने में व्यस्त रहते थे। उनमें हैजा रोकने ओलावृष्टि को रोकने की अपार क्षमता थी। जिस जगह संत मोलडऩाथ ने तप किया और उनको समाधि दी थी आज आज उसी जगह संत मोलडऩाथ आश्रम बना है। कभी यहां सिर्फ एक बणी थी और एक जाल के पेड़ के नीचे संत ने अपना आश्रम बनाया था। जिस जोहड़ के किनारे संत ने तप किया था वह प्राचीन जोहड़ आज भी स्थित है और संत मोलडऩाथ की याद दिलाता है।
मोलडऩाथ के समकालीन बाबा रामेश्वर दास होते थे। संत रामेश्वरदास आश्रम सिरस वाला जोहड़ पर स्थित है। दोनों में गहन दोस्ती थी। संत मोलडऩाथ का देह त्याग प्रसंग भी संत रामेश्वर दास से जुड़ा हुआ है। दोनों ही पानी के नीचे कपाली खींचकर बैठ सकते थे। दोनों में होड़ लग गई कि कौन पानी के नीचे अधिक समय जीवित रह सके। संतरामेश्वरदास पानी से बाहर आ गए जबकि संत मोलडऩाथ पानी के नीचे बैठे रहे। ठंड लगने और निमोनिया होने के कारण संत मोलडऩाथ ने देह त्याग दी।
आज संत मोलडऩाथ आश्रम दर्शनीय स्थल और कनीना के बस स्टैंड के पास स्थित है। जबकि कनीना खास रेलवे स्टेशन सिकरी 3 किलोमीटर दूर है। सभी दिशाओं रेवाड़ी, दिल्ली, नारनौल, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, कोसली आदि से जुड़ा हुआ कनीना कस्बा है। यहां बहुत सुंदर मार्मिक नजारा देखने को मिल रहा है। बाबा का धुन सदा सजग रहता है। रामनिवास महाराज इस समय गद्दी पर वर्तमान में विराजमान है। सैकड़ों संतों ने यहां आकर तप किया है। ऐसे में कनीना की है भूमि संतों की तपोभूमि बन गई है। कनीना का युद्ध स्तर पर विकास नहीं हुआ किंतु कनीना का नाम विदेश तक प्रसिद्ध है। 27 फरवरी को शक्कर मेला लगेगा जो 3 दिनों तक चलता है। प्रसिद्ध ऊंट और घोडिय़ां की दौड़ एवं दंगल देखने लायक होता है। इतनी अधिक संख्या में भक्त पहुंचते हैं जो पुलिस द्वारा प्रशासन द्वारा काबू किए जाते हैं।
कनीना कस्बा को कोई भी व्यक्ति कहीं भी हो वह एक बार इस दिन जरूर पहुंचता है।
कनीना के डा. होशियार सिंह पत्रकार ,लेखक एवं साहित्यकार ने संत मोलडऩाथ के नाम प्रचार में अहम भूमिका निभाई है। आइएसबीएन नंबर की पुस्तक सहित चार पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। जबकि आरतियां, बाबा चालिसा पर भी डा. होशियार सिंह यादव की कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं। कनीना मंडी के भीम सिंह ने संत की मूर्ति निजी कोष से लगवाई थी जो आज भी विराजमान है। संत मोलडऩाथ नाम बढ़ता ही जा रहा है वहीं लोगों की आस्था बाबा के प्रति गहराती ही जा रही है। खाटू जाने वाले भक्त भी संत मोलडऩाथ  की पूजा अर्चना करके आगे बढ़ते हैं।
फोटो कैप्शन 05: मेले की तैयारियां
 06: संत की प्रतिमा




ग्रामीण क्षेत्र से अपार भक्त जा रहा है खाटू की ओर
-अपने साथ ले जाते हैं निशान
******************************************
*********************************************
******************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना ही नहीं अपितु हरियाणा के दूसरे जिलों तथा दूसरे राज्य से भारी संख्या में खाटू भक्त, खाटू की ओर रवाना हो रहे हैं।  जगह-जगह खाटू भक्तों के लिए शिविर लगे हैं जिनमें बेहतरीन प्रबंध किए गए हैं। भक्तों लिए उनके लिए खाने, ठहरने का प्रबंध, गर्म जल स्नान के लिए तथा दवाइयां आदि सब मौजूद हैं। घर में भी इतना बेहतर खाना नहीं बनता, उतना बेहतरीन खाना इन भक्तों को दिया जाता है। नाश्ता, दोपहर का खाना, शाम का खाना आदि खूब दिए जा रहे हैं। कनीना से करीब 190 किलोमीटर दूर रिंगस से 17 किलोमीटर दूर खाटू धाम स्थित है। जहां जाने वाले भक्त अनेक साथ निशान लेकर चलते हैं और अनेक शंकाएं लेकर गुजरते हैं किंतु जब शिविरों से गुजरते हैं तब उन्हें किसी प्रकार का कष्ट अनुभव नहीं होता। इसलिए भक्तों की भारी भीड़ खाटू धाम की ओर रवाना हो रही है।
  यह सत्य है कि कुछ खाटू भक्त बीड़ी, सिगरेट, चिलम, गांजा पीते हुए भी देखे गए हैं। जिस जगह वातावरण शुद्ध था वहां कुछ भक्तों की वजह से अशुद्ध जरूर हुआ है। जहां शिविर लगाए गए हैं वहां मलमूत्र त्याग कर भी वातावरण दूषित हो रहा है। अधिकांश दूरी रेलवे ट्रैक के साथ-साथ पूर्ण होती है। कनीना से जाने वाले भक्त निजामपुर से रेलवे ट्रैक के साथ चलते हैं और रिंगस तक पहुंचाते हैं। रिंग्,स में भी बहुत बेहतरीन प्रबंध है परंतु रात के समय यदि रिंगस से खाटू श्याम धाम तक 17 किलोमीटर दूरी के लिए आना जाना चाहे तो किराया सो रुपए एक भक्त से लिया जा रहा है। खाटू श्याम धाम पौराणिक इतिहास समेटे हुए इसलिए बहुत प्रसिद्ध है। आज से 30 साल पहले बहुत कम भक्त जाते थे। इन भक्तों की संख्या दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है। यहां तक की जिनको खाटू धाम तक पहुंचना कठिन लैगता है विशेष कर बच्चे और महिलाएं वो राजस्थान के ही हुडिय़ा जैतपुर जाते हैं। हुडिय़ा जैतपुर की बच्चे एवं महिलाएं नृत्य करते हुए जाती हैं। कनीना से दो जत्थे जैतपुर के लिए भक्तों के हर वर्ष रवाना होते जिनमें 400 से 500 भक्त एक साथ निशान लेकर जाते हैं और जयकारे लगते हैं। चारों ओर खाटू श्याम के जयकारे गूंज रहे हैं। अब तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी खाटू श्याम सिर चढ़कर बोलता है। जो महिलाएं घर के अंदर कैद समझती थी वो भी आप खाटू के लिए खुलकर जाने लगी हैं। खाटू धाम भक्तों के लिए एक अत्यंत साहसिक एवं भक्तिमय वातावरण पैदा करता है। जगह-जगह शिविरों में भक्त नृत्य करते हुए देखे गए। ऐसा सुंदर नजारा शायद और कहीं नहीं देखने को मिलता।
 कोई राज्यों से भक्त पहुंचते हैं जिससे वातावरण सुंदर बन गया है। भक्तों के मनोकामना पूर्ण होती है, यही भक्तों का कहना है। यद्यपि बुजुर्ग व्यक्ति भी धीरे-धीरे इस धाम की ओर पहुंचते हैं। पैरों में छाले पड़ जाते किंतु मुख से खाटू श्याम का नाम सुमिरन करते हैं।
  कनीना के पत्रकार लेखक एवं साहित्यकार ने भी अपने दो साथियों संदीप कुमार पुत्र जीतराम चौधरी तथा बैंक के अधिकारी सतीश कुमार के साथ धाम की यात्रा की और अपना 17वां निशान अर्पित किया। भक्त भारी संख्या में निशान ले जा रहे हैं चारों ओर रेलवे ट्रैक के साथ निशान ही निशान नजर आते हैं। रिंगस से खाटू श्याम तक तो भारी संख्या में भक्तों के लिए पंडाल लगे हैं। भक्त 24 घंटे चलते रहते हैं।
फोटो सात संबंधित है




अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन का राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न
-सुरेंद्र चौधरी अध्यक्ष, वजीर सिंह महासचिव तो अरुणा घोष बनी वित्त सचिव
******************************************
*********************************************
******************************************
कनीना की आवाज।
अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन का 2 दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन कुरूक्षेत्र  सैनी समाज धर्मशाला में सम्पन्न हुआ। राष्ट्रीय अधिवेशन में 400 प्रतिनिधि 100 आबजर्वर ने शिरकत की। सम्मेलन से लोटने के बाद रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा की प्रदेश सचिव धर्मपाल शर्मा बताया की जिला महेंद्रगढ़ से जिला प्रधान घनश्याम शर्मा, जिला सचिव रोशन लाल, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ की पूर्व राज्य वरिष्ठ उप प्रधान बिमला यादव व संतोष शर्मा ने दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लिया। अधिवेशन  में महासचिव द्वारा सांगठनिक, तथा कोषाध्यक्ष ने वित्त रिपोर्ट पेश की। सांगठनिक, कोषाध्यक्ष की रिपोर्ट पर 23 प्रतिनिधियों ने बहस में हिस्सा लिया। दोनों रिपोर्ट को सर्वसम्मति से पास किया गया। अधिवेशन में आगामी 3 वर्षों के लिए सर्व सम्मति से सांगठनिक कमेटी का गठन किया गया
जिसमें सुरेंद्र चौधरी अध्यक्ष (बिहार) वजीर सिंह महासचिव (हरियाणा), अरुणा घोष वित्त सचिव (पश्चिम बंगाल) निर्मल दास,(उड़ीसा) ,
बी.कृष्णमूर्ति (तमिलनाडु) डी वेंकटेशवारलून(आंध्र प्रदेश) को सहायक महासचिव, एनचंद्र शेखर रेड्डी, जय धरण, सालिक मौलिकार, एसपी सिंह, अनंत सिन्हा, रामधर शर्मा, देविया मथा पट्टी, पला काजा, राजकुमार दुबे, करम सिंह धनौवा,  को उपाध्यक्ष, गुरु सिद्धा , सुरजीत दास, बुद्धा सरकर, मंजीत सैनी (पंजाब) कल्यानम नागेश्वर राव, रामेश्वर सिंह, हरभजन सिंह खुंगर, सतीश कुमार राणा, आरके थवायत, प्रभु दास, को सचिव निर्वाचित घोषित किया गया,
नव निर्वाचित केंद्रीय कमेटी को अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा ने पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। अधिवेशन के समापन अवसर पर नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी ने बोलते हुए कहा कि पेंशनर्स की मांगों को लेकर  आंदोलन जारी रहेंगा। धर्मपाल शर्मा राज्य प्रेस सचिव ने वजीर सिंह को अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन का राष्ट्रीय महासचिव बनने पर शुभकामनाएं व बधाई दी।
शर्मा ने बताया कि आगामी 26 फरवरी को देशभर में जिला मुख्यालयों पर आयोजित होने वाले प्रदर्शन में भी  भाग लेंगे । आंदोलन के दूसरे चरण में 21 अप्रैल को मांग दिवस के रूप में  देशभर में सभी जिलों व राज्यों की राजधानियों पर विशाल प्रदर्शन करेंगे, केंद्र सरकार लगातार किसान मजदूर कर्मचारी छात्र व पेंशनर्स के अधिकारों पर हमला कर रही है, जिस किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, उन्होंने मांग करते हुए कहा कि पब्लिक सेक्टर के संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए। नए 4 खतरनाक लेबर कोड को खत्म किया जाए, पेंशन पर कोई आयकर न लगाया जाए।
फोटो कैप्शन 04: संबंधित फोटो है




कृष्ण कुमार का किया सम्मान समारोह
-पुलिस में उपनिरीक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए हैं कृष्ण कुमार
******************************************
*********************************************
******************************************
कनीना की आवाज।
हरियाणा पुलिस में उपनिरीक्षक पद से सेवानिवृत्त कृष्ण कुमार का पैतृक गांव सेहलंग में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समाजसेवी अतरलाल एडवोकेट के नेतृत्व में उन्हें साफा पहनाकर तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। समारोह की अध्यक्षता होशियार सिंह चेयरमैन ने की।
   अतरलाल ने कहा कि पुलिस विभाग से उपनिरीक्षक पद से सेवानिवृत्त कृष्ण कुमार ने पहले भारतीय सेना में सराहनीय सेवाएं दी। इसके बाद हरियाणा पुलिस विभाग में सराहनीय तथा उत्कृष्ट जनसेवा कर इलाके का नाम रोशन किया। उन्होंने सेवा के दौरान हमेशा अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति की भावना से कार्य किया। ग्रामीणों ने उनके सम्मान में समारोह आयोजित कर प्रेरक कार्य किया है। इससे युवाओं को आगे बढऩे, देशभक्ति और जनसेवा की प्रेरणा मिलेगी। सरपंच विनीत कुमार, होशियार सिंह चेयरमैन, रगबीर सिंह मुकदम, राजेन्द्र सिंह नम्बरदार, ओमप्रकाश पी.टी.आई., सतीश यादव, डा. कर्णसिंह, कृष्ण पंच, नवीन जांगड़ा, कैलाश सेठ, दान सिंह प्रजापत और रामबीर पंच ने भी कृष्ण कुमार की सेवाओं की सराहना करते हुए युवाओं से उनके आदर्श जीवन से सबक लेने की अपील की। इस अवसर पर प्रीतिभोज भी आयोजित किया गया।
फोटो कैप्शन 01: सेवानिवृत्त पुलिस उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार का सम्मान करते हुए





वार्ड एक में विकास की मिसाल बने नरेंद्र फौजी, लोगों में बढ़ा विश्वास
-कई बार किया गया उनका विरोध
******************************************
*********************************************
******************************************
कनीना की आवाज।
नगरपालिका चुनाव को लगभग 11 महीने पूरे होने को हैं। इस अवधि दौरान वार्ड एक के नरेंद्र फौजी ने अपने कार्यों से अलग पहचान बनाई है।
पिछले 10-11 महीनों से वे पूरी लगन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने वार्ड के विकास कार्यों में जुटे हुए हैं। उनका एकमात्र उद्देश्य वार्ड का समुचित विकास और नागरिकों की सेवा करना है।
वार्ड एक की गलियां वर्षों से जर्जर अवस्था में थीं, सड़कों का निर्माण नहीं हुआ था। सफाई व्यवस्था खराब थी। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे रहते थे। इसके अलावा वार्ड में मौजूद तीन जोहड़ गाद से भरे हुए थे। चुनाव से पहले ही नरेंद्र फौजी ने इन समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए और जोहड़ों की सफाई के लिए टेंडर (टेंडर चुनाव से पहले ही लग गया था)लगवाकर कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करवाया।
इस दौरान उन्हें कई विरोध और दुव्र्यवहार का भी सामना करना पड़ा। यहां तक कि एक बार तो उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की कोशिशें भी की गईं, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। बल्कि वे और अधिक उत्साह के साथ विकास कार्यों में जुटे रहे।
हाल ही में होलिका दहन स्थल पर फैली गंदगी की सफाई का कार्य भी उनके नेतृत्व में तेजी से किया जा रहा है। उनके इसी समर्पण और कार्यशैली से लोग प्रभावित हैं।
नरेंद्र फौजी की कार्य करने की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनसेवा का जज्बा चर्चा का विषय बन गया है। अब अन्य वार्डों के लोग भी अपने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए उनसे संपर्क कर रहे हैं।
नागरिकों का मानना है कि सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और पार्षदों को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए, ताकि नगर का समग्र विकास संभव हो सके और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
फोटो कैप्शन 02: वार्ड एक में गंदगी साफ करवाते हुए नरेंद्र फौजी




कैसे करें परीक्षा की तैयारी
सोशल मीडिया से दूरी दिला सकती है परीक्षा में अच्छे नंबर- प्राचार्य विजयपाल
******************************************
*********************************************
******************************************
कनीना की आवाज।
परीक्षा का सिलसिला शुरू होने वाला है बोर्ड परीक्षाओं के साथ ही अन्य कक्षाओं के बच्चे भी परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे हुए हैं। ऐसे में परीक्षा की तारीख पास आते ही विद्यार्थी अक्सर तनाव का शिकार व चिंता से घिरने लगते हैं। परिवार और शिक्षकों की उम्मीदें भी कई बार बच्चों में तनाव का कारण बन जाती है।
प्राचार्य विजयपाल यादव का कहना है कि सोशल मीडिया से दूरी परीक्षा में अच्छे नंबर दिला सकती हैं क्योंकि अनेक बच्चे सोशल मीडिया पर अपना समय व्यर्थ जाया करते है। अक्सर परीक्षा की तैयारी करते हुए बच्चों को यह समझ नहीं आता है कि वह कहां से शुरुआत करें ? परीक्षा की तैयारी करने से पहले एक टाइम टेबल जरूर बनाएं। टाइम टेबल को पालना करने से आप आराम से अपनी पढ़ाई भी कर पाएंगे और आपका आत्मविश्वास भी बना रहेगा।
एक बार दोहराई अवश्य करे। अगर आप परीक्षा से होने वाले तनाव को दूर रखना चाहते हैं, तो समय का उपयोग करते हुए रिवीजन शुरू कर दें, ताकि परीक्षा की तारीख नजदीक आने पर आपको घबराहट या तनाव महसूस ना हो। पढ़ाई के लिए अपना टाइम टेबल बनाते समय-समय पर ब्रेक को भी शामिल करे ताकि लगातार पढ़ाई करने से आपकी एकाग्रता में दिक्कत ना हो और साथ ही यह आपको शारीरिक और मानसिक तकलीफ भी ना दे सके।
अक्सर परीक्षा के दौरान बच्चे रात भर जाग कर तैयारी करते हैं। लेकिन ऐसा करना आपकी सेहत के लिए काफी हानिकारक हो सकता है। कोशिश करें कि परीक्षा की तैयारी करते समय 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें। अगर आप तनाव के बिना परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं, तो यह जरूरी है कि आप शारीरिक और मानसिक तौर पर एक्टिव रहें। व्यायाम, एक्सरसाइज, वाकिंग करते रहें। साथ ही संतुलित आहार का भी सेवन करें।
 सभी परीक्षार्थी अपने महत्वपूर्ण प्रश्नों के नोट्स भी बनाकर रखें, ताकि दोहराई में कोई असुविधा का सामना न करना पड़े तथा खुद को पहचानें, लक्ष्य तय करें, स्टूडेंट को अपनी ताकत और कमजोरी के बारे में पूरा ज्ञान होना चाहिए। योग्यता के आधार पर जब कोई लक्ष्य निर्धारण किया जाता है तो यह वास्तविक होता है। इस लक्ष्य के पूरा होने में कोई संदेह नहीं रहता है।
किसी  भी परीक्षा कि तैयारी के लिए प्लानिंग जरूरी है। तय कर लें कि आप दिनभर में परीक्षा की तैयारी के लिए कितना समय दे सकते हैं और एक जगह बैठकर एक साथ कितनी देर सेल्फ-स्टडी कर सकते हैं।
आपके माता-पिता आपको सबसे बेहतर जानते और समझते हैं अत: परीक्षा की तैयारी के  बारे में वे अपने स्तर पर जो सुझाव देंगे उसको अवश्य मानना चाहिए क्योंकि उसमें आपके माता पिता के मार्गदर्शन के साथ साथ प्यार और प्रेरणा भी मिलेगी।
फोटो कैप्शन: प्राचार्य विजयपाल



मुख्यमंत्री सौंदर्यीकरण पुरस्कार हेतु खंड कनीना के विद्यालयों का निरीक्षण
--कनीना मंडी स्कूल का हुआ निरीक्षण
******************************************
*********************************************
******************************************
कनीना की आवाज।
खंड कनीना के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों में मुख्यमंत्री सौंदर्यीकरण पुरस्कार के लिए गठित निरीक्षण कमेटी ने आज आवेदनकर्ता विद्यालयों का दौरा किया। निरीक्षण टीम में सतीश कुमार ,प्राचार्य, पोता, महेंद्र गोयल प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाघोत तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर पूजा खींची शामिल रहीं।
निरीक्षण के क्रम में टीम ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय की विज्ञान प्रयोगशालाओं, खेलकूद गतिविधियों, सौंदर्यीकरण कार्यों, शौचालयों में जल व्यवस्था, खेल मैदान, पार्क तथा समग्र साफ-सफाई व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया गया।
टीम ने विद्यालय परिसर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली की भी जांच की तथा विद्यालय में संचालित शूटिंग रेंज का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सराहना की।
इसके उपरांत निरीक्षण दल ने राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला, कनीना मंडी भवन का भी निरीक्षण किया और आवश्यक बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर कनीना मार्केट कमेटी के अध्यक्ष जयप्रकाश कोटिया तथा विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक भी उपस्थित रहे। निरीक्षण टीम ने विद्यालय में किए गए सौंदर्यीकरण कार्यों एवं व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छता, अनुशासन एवं आधारभूत सुविधाओं की गुणवत्ता ही विद्यालय की पहचान होती है।
खंड कनीना के विद्यालयों में चल रहे सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों को लेकर क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है तथा सभी विद्यालय पुरस्कार के लिए बेहतर प्रदर्शन का प्रयास कर रहे हैं।
फोटो कैप्शन 03: सौंदर्यीकरण के लिए टीम जायज लेते हुए











जिला महेंद्रगढ़ में वार्ड वार मतदाता सूची तैयार करने का शेड्यूल जारी
-कनीना के पांच गांवों के वार्डों में होना है उप-चुनाव
******************************************
*********************************************
******************************************
कनीना की आवाज। हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के विभिन्न कारणों से रिक्त हुए पदों को भरने के लिए उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए जिले में रिक्त पंच और सरपंच के पदों के लिए वार्ड वार मतदाता सूचियां तैयार करने का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है।
यह जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत 19 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक विधानसभा मतदाता सूची के आधार पर वार्ड वार ड्राफ्ट मतदाता सूची तैयार की जाएगी। इसका प्रारंभिक प्रकाशन 2 मार्च 2026 को होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल वही व्यक्ति पंचायत मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते हैं, जिनका नाम संबंधित गांव की विधानसभा मतदाता सूची में दर्ज है।
संबंधित गांवों के नागरिक निर्धारित केंद्रों पर जाकर सूची में अपने नाम की जांच कर सकते हैं और किसी भी त्रुटि की स्थिति में दावे व आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते हैं।
ये हैं मतदाता-
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार वार्ड वार ड्राफ्ट मतदाता सूची तैयार करने का कार्य 19 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक पूरा किया जाएगा। इसके बाद 2 मार्च को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का सार्वजनिक प्रकाशन कर दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। इच्छुक व्यक्ति 9 मार्च (शाम 4 बजे तक) अपने दावे और आपत्तियां संबंधित प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं, जिनका निपटारा 12 मार्च तक किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति इन निर्णयों से संतुष्ट नहीं है, तो वह 16 मार्च तक उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है, जिसका निपटान 19 मार्च तक होगा। आखिर में सभी संशोधनों के बाद 27 मार्च 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
कनीना के 5 गांवों में भी होगा उप-चुनाव-
जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) कार्यालय के अनुसार महेंद्रगढ़ जिले के विभिन्न खंडों में रिक्त पदों पर उपचुनाव होने हैं। इसमें खंड अटेली नांगल के तहत ग्राम पंचायत फतेहपुर में सरपंच पद के लिए चुनाव होगा। इसके अतिरिक्त जिले के विभिन्न गांवों में पंचों के रिक्त पदों के लिए भी मतदान प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी?। इनमें मुख्य रूप से खंड कनीना के गांव छितरोली (वार्ड 7), स्याना का (वार्ड 11), कपुरी (वार्ड 2), धनौंदा (वार्ड 4), भोजावास (वार्ड 7), खंड महेंद्रगढ़ के गांव खुडाना (वार्ड 3), खंड नांगल चौधरी के गांव इकबालपुर नंगली (वार्ड 6), बुढवाल (वार्ड 3), खंड नारनौल के गांव थाना (वार्ड 7), खंड निजामपुर के गांव मारोली (वार्ड 4), नापला (वार्ड 3), खंड सतनाली के गांव ढाणा (वार्ड 4), नंगला (वार्ड 4), ढाणी कुमहारान (वार्ड 5) शामिल हैं। इन सभी संबंधित गांवों में वार्ड वार मतदाता सूची तैयार करने का कार्य अधिसूचना के अनुसार शुरू कर दिया गया है।



Friday, February 20, 2026



 



गरीबों के सेब, सेब को भी दे रहे हैं मात
-सर्दी की मार के चलते महंगे हैं बेर
*****************************************
************************************************
*****************************************
कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में भारी मात्रा बेरों की आवक हो रही है। यूं तो ये बेर गरीबों के सेब कहलाते आये हैं क्योंकि ये गरीबों के लिए आसानी से उपलब्ध हो जाते रहे हैं। जो सेब नहीं खा सकते वे बेर खा सकते हैं। किंतु इस बार सेब सस्ते रहे हैं जबकि बेर महंगे। इस बार बेर के भाव 100 रुपये किलो हैं जबकि सेब 100 रुपये किलो मिल जाते हैं। यही कारण है इस बार गरीबों के सेब गरीबों की पहुंच से दूर हो गए हैं।
 कनीना क्षेत्र में जहां इसराणा ,मोहनपुर, उन्हाणी, कनीना एवं करीरा आदि अनेक स्थानों पर बेरी की खेती की हुई है तथा उससे पैदावार ली जाती है। परंतु इस बार सभी जगह बेर कम बचे हैं क्योंकि सर्दी अधिक पड़ी है। अधिकांश बेर झड़ गए या पक्षियों ने बर्बाद कर दिये हैं जिससे किसान परेशान हैं। आवक कम होने के कारण बेर महंगे हैं।
बेर उगाने वाले महावीर सिंह करीरा, अजीत किसान , रामप्रताप कनीना, अजय मोड़ी गजराज सिंह मोड़ी आदि से बात हुई उन्होंने कहा कि इस बार सर्दी के मौसम के कारण बेर महंगे है क्योंकि सर्दी की मार से अधिकांश बेर झड़ गए हैं जिसके कारण पैदावार में गिरावट आई है।
बेरों के शौकीन लोग बेर जरूर खाते हैं। वैद्य हरिकिशन, डा रविंद्र, वैद्य बालकिशन का कहना है कि बेर दांतो और मसूड़ों की एक्सरसाइज करते हैं। ये विटामिन, कैल्शियम, फास्फोरस, लोहा आदि के बेहतर स्रोत है। यह अच्छी मात्रा में ऊर्जा भी देते हैं और इनका मनपसंद टेस्ट भी होता है। बाजार में इस समय एप्पल बेर आए हुए हैं जिनको ग्रीन एप्पल नाम से जाना जाता है। जो प्राय: कुछ सस्ते होते हैं।
जिला उद्यान अधिकारी डा प्रेम कुमार बताते हैं कि जिला महेंद्रगढ़ में बेरों की अच्छी पैदावार होती है जिनमें जोधपुरी गोला, ग्रीन एप्पल, कश्मीरी एप्पल, बाल सुंदरी आदि कई किस्में होती हैं जबकि जंगलों में लगने वाले झाड़ी और देसी बर होते हैं। इस सर्दी की मार से बेर कम बचे है और बेर महंगे है।
रोटी रोजी कमाते रेहडी पर बेर बेचने वाले-बेर बेचने वाले रेहडिय़ों पर बेरबेचकर रोटी रोजी कमाते हैं। बेर बेचने वालों भोलू, दिनेश, मनीष आदि ने बताया कि वे बेर बाजार से खरीद कर लाते और महंगे दामों पर मिलते इसलिए महंगे दामों पर ही बेरों को बेच रहे हैं परंतु वे प्रतिदिन अपनी रोटी रोजी रोटी कमा लेते हैं। वे 500 से 600 रुपये प्रतिदिन बेरों से कमा लेते हैं। परंतु जब भी महंगे हो जाते हैं तो उनकी बिक्री भी बढ़ सकती है।
  उधर महाबीर सिंह करीरा का भी यही कहना है कि बेरों को सर्दी लग जाने से पैदावार कम है। फरवरी माह में शिवरात्रि पर भारी मांग रहती है किंतु बाजार में एप्पल बेर तो मिल जाएंगे किंतु बेहतरीन बेर नहीं मिल पाएंगे। अभी देसी बेर पके नहीं हैं जो मार्च माह में पकेंगे जब तक बेरों की मांग कम हो जाएगी।
फोटो कैप्शन 05: बेर

परीक्षा, मेले,डीजे एवं शादियों की है भरमार
-नहीं पढ़ पा रहे हैं विद्यार्थी
*****************************************
************************************************
*****************************************
कनीना की आवाज।
  कनीना क्षेत्र में इन दोनों जहां परीक्षा, डीजे, शादी और मेलों की भरमार है। ऐसे में विद्यार्थी सही ढंग से पढ़ नहीं पा रहे हैं। उल्लेखनीय की सीबीएसई की परीक्षाएं शुरू हो चुकी है वहीं हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं 25 फरवरी शुरू होने जा रही हैं।  ऐसे में जहां परीक्षाओं का दौर है, विद्यार्थी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। दिन-रात अपना समय देकर अच्छे अंक पाने के प्रयास कर रहे हैं किंतु मेलों का शोर और डीजे का शोर उनकी पढ़ाई में खलल डाल रहा है। जहां मोलडऩाथ संत का मेला 27 फरवरी को है वही श्याम बाबा के दो मेले जैतपुर और खाटू श्याम में लगेंगे। करीब 10 दिनों तक मेले चलते हैं जिसमें भारी संख्या में भक्तजन पहुंचते हैं। ऐसे में भक्तजनों के लिए जगह-जगह शिविर लगे हुए हैं और वहां पर भी डीजे का प्रबंध किया गया है। डीजे के कारण विद्यार्थी पढ़ नहीं पा रहे हैं। यही नहीं विवाह-शादियों की भी भरमार हैं। फरवरी माह में तो कुछ अधिक शादियां रही हैं और चलती रहेंगी। जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई में खलल पड़ रहा है किंतु सबसे अधिक समस्या डीजे दे रहे हैं। बड़ी संख्या में डीजे का शोर गलियों में सुनाई देता है। मैरिज पैलेस के आसपास तो रात को 10 बजे तक डीजे का शोर सुनाई पड़ता है। ऐसे में विद्यार्थी कैसे पढ़े? उनके लिए सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है कि डीजे को बंद करना कठिन है। इसी शोर शराबे के बीच विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई पूर्ण करनी है। साथ में मार्च महीने में तो अनेकों पर्व आ रहे हैं।




तीन दिन ब्लाग रहेगा बंद
-खाटू श्याम पदयात्रा के कारण
-24 फरवरी को अगला ब्लाग आने की संभावना





कैसे करें परीक्षा की बेहतर तैयारी
-परीक्षा का भय सिर पर न पाले-
वीरेंद्र सिंह प्राचार्य               *****************************************
************************************************
*****************************************
कनीना की आवाज।
  हरियाणा में सीबीएसई की परीक्षाएं शुरू हो चुकी है तथा हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं।  विद्यार्थी जी जान से परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं। अच्छे अंक पाने के लिए शिक्षाविद एवं प्राचार्य बूचावास वीरेंद्र सिंह का कहना है कि सर्वप्रथम किसी भी बच्चे में कोई भी परीक्षा से संबंधित भय नहीं होना चाहिए। प्रत्येक बच्चे को परीक्षा से संबंधित उत्साह और ऊर्जावान होना चाहिए। बच्चों को कक्षा में रुचि पूर्ण पढ़ाई करनी चाहिए।  सिर्फ अपनी मेहनत पर भरोसा करें और तनाव पर काबू रखें शारीरिक रूप से सक्रिय होने से भी चिंता को कम किया जा सकता है। कम समय का उचित उपयोग करें। किसी भी चीज को हल्के में ले ले अपने आप को आराम दें । कभी भी असफलता के बारे में न सोचे। दोस्तों से तैयारी के बारे में नहीं पूछे, व्यायाम करें । जहां आप अध्ययन कर रहे हैं वहां पर एक खुशबूदार अगरबत्ती जला दे ताकि आपका मन स्वस्थ रह सके परीक्षा आते ही रट्टू तोते न बन जाए बल्कि पढ़ाई पर ध्यान दें। बस पढ़ते जाए परीक्षा से पूर्व पुन: रिवीजन करें। पढ़ाई करते वक्त साथ वातावरण होना जरूरी होता है । हमेशा प्रसन्न चित्त रहने से मन स्वस्थ रहेगा जिससे कि पढ़ाई में मन लगेगा। पढ़ाई करते वक्त हो सके तो शवासन कर लेना चाहिए इससे लाभ मिलता है। जो पढ़े उसे थोड़ी देर बाद एक पन्ने पर लिखकर देखे कि जो पढ़ा उसमें से कितना सही है। किसी भी प्रकार से मन में संकोच न लाए नहीं तो असफलता का विचार आएगा। यदि आप में आत्मविश्वास होगा तो आप हर मुसीबतों का सामना डटकर कर सकते हैं। परीक्षा की तैयारी के लिए उचित शेड्यूल बनाएं। सोने को पर्याप्त समय दें, मानसिक अभ्यास करें, ज्यादा से ज्यादा पानी पिये, दिमाग को आराम करने दें। सकारात्मक सोच बनाए रखें।
फोटो कैप्शन: वीरेंद्र सिंह प्राचार्य






डोर-टू-डोर नशा मुक्त अभियान के तहत कई गांवों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन
*****************************************
************************************************
*****************************************
कनीना की आवाज।
  नशामुक्त समाज की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ के कुशल मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम द्वारा डोर-टू-डोर नशा मुक्त अभियान के तहत थाना सदर कनीना के अंतर्गत आने वाले विभिन्न गांवों का दौरा किया गया। इस अभियान के तहत पुलिस टीम ने गांव तलवाना, स्याना और नौताना में सघन जनसंपर्क किया और ग्रामीणों को नशे के विरुद्ध एकजुट होने का आह्वान किया।
अभियान के दौरान निरीक्षक धर्मसिंह और उनकी टीम ने गांव तलवाना के शिव मंदिर, स्याना के बाबा भैया मंदिर और नौताना के सार्वजनिक स्थल पर ग्राम सभाओं का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों में युवा वर्ग और सभी आयु वर्ग के ग्रामीणों को नशे के विनाशकारी दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया गया। टीम ने युवाओं को नशे की लत से दूर रहने के लिए प्रेरित किया और स्पष्ट किया कि जो लोग इस दलदल में फंसे हैं और निकलना चाहते हैं, उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए पुलिस हर संभव सहायता प्रदान करेगी। इसके साथ ही, मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 के बारे में भी जागरूक किया गया।
इस अवसर पर कानूनी जागरूकता का प्रसार करते हुए टीम ने भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के बारे में जानकारी दी। ग्रामीणों को नई संहिता की धाराओं के बारे में बताया। इन कार्यक्रमों में संबंधित गांवों के सरपंच प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति विशेष रूप से उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04: डोर टू डोर कार्यक्रम करती पुलिस




अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस -21 फरवरी
मातृभाषा ही सदा लगती है मधुर भाषा-नरेश कुमार
*****************************************
************************************************
*****************************************
कनीना की आवाज।
  यूं तो हिंदी दिवस मातृभाषा दिवस मनाया जाएगा। हिंदी ही हमारी मातृभाषा है। हिंदी पूरी दुनिया में बोली जाने वाली पांच भाषाओं में से एक है। विश्व भर के करोड़ों लोग आज हिंदी बोलते हैं।
हिंदी भाषा अब विदेशों में भी लोकप्रिय हो रही है। विदेश में रहने वाले लोगों को भी अब हिंदी का महत्व पता लग रहा है।
दैनिक व्यवहार में हिन्दी के उपयोग करने आदि की शिक्षा दी जाती है। क्या कहते हैं शिक्षाविद-

मातृभाषा दिवस पर हिन्दी के प्रति लोगों को प्रेरित करना चाहिए। हिंदी माथे की बिंदी होनी चाहिए। यह मातृभाषा है इसका सम्मान करना चाहिए। हिंदी में काम करने वाले लोगों को सम्मानित करना चाहिए।  हिन्दी भाषा के विकास और विस्तार हेतु हर संभव प्रयास करने चाहिए। मातृभाषा में बात करना सरस एवं आनंद देने वाला होता है।
        --बिजेंद्र सिंह, शिक्षाविद
मातृभाषा हिंदी बोलने वालों की संख्या के अनुसार अंग्रेजी और चीनी भाषा के बाद हिन्दी भाषा पूरे दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी भाषा है। लेकिन उसे अच्छी तरह से समझनेए पढऩे और लिखने वालों में यह संख्या बहुत ही कम है। यह और भी कम होती जा रही। इसके साथ ही हिन्दी भाषा पर अंग्रेजी के शब्दों का भी बहुत अधिक प्रभाव हुआ है और कई शब्द प्रचलन से हट गए और अंग्रेजी के शब्द ने उसकी जगह ले ली है। जिससे भविष्य में भाषा के विलुप्त होने की भी संभावना अधिक बढ़ गयी है। हिंदी के प्रचार एवं प्रसार का प्रयास करना वाहिए।
    ---नरेश कुमार शिक्षाविद
मातृभाषा के रूप में हिन्दी के प्रति अपने कर्तव्य का बोध करवाने के लिए इस दिन को मातृभाषा दिवस के रूप में मनाया जाता है जिससे वे सभी अपने कर्तव्य का पालन कर हिन्दी भाषा को भविष्य में विलुप्त होने से बचा सकें। वर्ष में एक दिन इस बात से लोगों के समक्ष रखना है कि जब तक वे हिन्दी का उपयोग पूर्ण रूप से नहीं करेंगे तब तक हिन्दी भाषा का विकास नहीं हो सकता है। इसे आम बोलचाल की भाषा बनाना चाहिए तथा हर काम हिंदी में करने चाहिए।
-लक्ष्मी देवी, शिक्षाविद
हिंदी भारत की एकता और विविधता का प्रतीक है। यह भाषा देशभक्ति, संस्कृति और समृद्धि का प्रतीक है। हिंदी हमारे संविधान की अधिकारिक भाषा है और हमारी राष्ट्रीय भाषा के रूप में महत्वपूर्ण है। हिंदी दिवस के अवसर पर, हमें अपनी मातृभाषा के प्रति समर्पित रहना चाहिए। हमें इसे सीखनाए उसका सदुपयोग करनाए और उसका संरक्षण करना चाहिए। हमें हिंदी की बढ़ती उपयोगिता को समझना चाहिएए ताकि हम अपने विचारों को सही ढंग से व्यक्त कर सकें।
 -- शिक्षाविद नेमी सिंह
फोटो कैप्शन-नेमी सिंह,लक्ष्मी देवी, नरेश कुमार, बिजेंद्र सिंह
















आधुनिक तकनीक से जुड़ता फैशन- सिलाई प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन मिला नवाचार का संदेश
*****************************************
************************************************
*****************************************
कनीना की आवाज। राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हाणी में महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन छात्राओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सिलाई मशीन के विभिन्न भागों की जानकारी दी गई तथा उन्हें मशीन चलाने का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
प्रशिक्षिका द्वारा छात्राओं को नाप लेने की सही विधि, कपड़े की कटिंग तथा साधारण सलवार एवं पेटीकोट की सिलाई की प्रारंभिक तकनीकों का विस्तार से अभ्यास करवाया गया। छात्राओं ने पूरी लगन और रुचि के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा अपने कौशल में निखार लाने का प्रयास किया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित डॉ. कविता ने छात्राओं को संबोधित करते हुए विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में फैशन और तकनीक का समन्वय अत्यंत आवश्यक है। आधुनिक तकनीकों जैसे कंप्यूटराइज्ड सिलाई मशीन, आनलाइन डिजाइनिंग प्लेटफार्म, डिजिटल मार्केटिंग तथा सोशल मीडिया के माध्यम से फैशन को वैश्विक स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित किया कि वे पारंपरिक कौशल के साथ-साथ नवीन तकनीकों को अपनाकर आत्मनिर्भर बनें।
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डा. विक्रम सिंह ने  कहा कि कौशल आधारित शिक्षा ही आज के समय की आवश्यकता है। ऐसे प्रशिक्षण शिविर छात्राओं को केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार की भावना भी विकसित करते हैं। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे इस अवसर का पूर्ण लाभ उठाएं और सीखे गए कौशल को अपने जीवन में व्यवहारिक रूप से अपनाएं।
तीसरे दिन का आयोजन सफल एवं प्रेरणादायक रहा। शिविर आगामी दिनों में भी इसी उत्साह और ऊर्जा के साथ जारी रहेगा।
फोटो कैप्शन 02:फैशन तकनीक की जानकारी देते हुए



53 वर्ष की उम्र में हैं प्राध्यापक जवां
-अखिल भारतीय सिविल सर्विस स्पोर्ट्स मीट में लिया भाग और दिखाया जलवा
*****************************************
************************************************
*****************************************
कनीना की आवाज।
  राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय स्याणा के 53 वर्षीय इतिहास प्रवक्ता सूरत सिंह आज भी जवां हैं। उन्होंने अखिल भारतीय सिविल सर्विस स्पोर्ट्स मीट में भाग लेकर सिद्ध कर दिया कि उम्र कभी अड़चन नहीं बनी है। धनौन्दा  निवासी प्रवक्ता सूरत सिंह ने थ्यागराज स्टेडियम दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सर्विस मीट में उन्होंने बाडी बिल्डिंग 50+उम्र में हरियाणा का नेतृत्व किया। उनके इस प्रदर्शन से इलाके में खुशी का माहौल है। उनकी इस उपलब्धि पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सयाणा मैं एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जिसमें विद्यालय की प्राचार्य प्रवीण कुमार , एसएमसी प्रधान गजराज सिंह,समस्त अध्यापक साथी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
प्राचार्य ने कहा कि उनके इस जज्बे से उनका चयन नेशनल प्रतियोगिता में हुआ है। इससे आने वाली पीढिय़ों को प्रेरणा मिलेगी। उनके साथ बाघोत गांव के अध्यापक रामचंद्र ने भी 80 किलो भार में हिस्सा लिया। हालांकि वे इस प्रतियोगिता में किसी प्रकार का कोई मैडल नहीं ला पाए। गोल्ड है अगला लक्ष्य-
 सूरत सिंह ने साबित कर दिया कि अगर लक्ष्य साफ हो और मेहनत सच्ची हो तो उम्र मायने नहीं रखती। अब पूरे क्षेत्र की नजरें अगली प्रतियोगिता पर टिकी है कि अगली बार गोल्ड लेकर आएंगे।
फोटो कैप्शन 01: सूरत सिंह को सम्मानित करता स्कूल स्टाफ





पैक्स एक मुश्त ऋण समाधान योजना करे तत्काल लागू
*****************************************
************************************************
*****************************************
कनीना की आवाज।
  बसपा के नेता  अतरलाल एडवोकेट ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से सरकार द्वारा घोषित पैक्स एक मुश्त ऋण समाधान योजना तत्काल लागू करने की मांग की है।
 अतरलाल ने सीहोर, चेलावास, इसराणा, रामबास, भोजावास, बेवल में जनसम्पर्क के दौरान उक्त मांग उठाई। उन्होंने कहा कि गत 10 दिसम्बर 2025 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सहकारी समितियों से जुड़े किसानों को लंबित ऋणों से मुक्ति दिलाने के लिए एक मुश्त समाधान योजना लागू करने की योजना की थी। इसके द्वारा हरियाणा के 6.81 लाख किसानों व गरीब श्रमिकों को 2266 करोड़ के ब्याज माफी का लाभ दिया जाना था और इसकी अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 निर्धारित की गई थी। परन्तु घोषणा के बाद सरकार इसके कार्यान्वयन के बारे में भूल गई। किसान पैक्स सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं। जब किसान व श्रमिक सहकारी समितियों के अधिकारियों से पूछते हैं तो उत्तर मिलता है कि अभी ऊपर से एकमुश्त समाधान योजना का आदेश नहीं मिला है। सरकार द्वारा की जा रही देरी के कारण किसान मानसिक व आर्थिक संकट झेलने को मजबूर हैं। सरकार द्वारा घोषित योजना का अभी तक किसान व श्रमिकों को लाभ न मिलने से उनमें भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि एक मुश्त समाधान योजना से कर्ज के बोझ तले दबे किसानों को राहत मिलती और वे नए ऋण लेने में समर्थ होते। अतरलाल ने चेतावनी दी कि सरकार ने 15 दिन के अंदर एक मुश्त समाधान योजना के कार्यान्वयन के आदेश नहीं किए तो बहुजन समाज पार्टी पीडि़त किसानों के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। उन्होंने अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 से बढ़ाकर 30 जून 2026 करने की मांग की है। इस अवसर पर कैलाश सेठ, राकेश यादव, शेर सिंह यादव, भाग सिंह चेयरमैन, पदम सिंह, दानसिंह प्रजापत, बीर सिंह, महिपाल आदि पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन: अतरलाल




एक माह पहले प्राचार्य की सूझबूझ से अपने ही साथी प्रवक्ता की बची थी जान
- अब वो पाया कमरे में मृत,पुलिस जांच में जुटी
*****************************************
************************************************
*****************************************
कनीना की आवाज।
 जिस शिक्षक की करीब एक माह पहले प्राचार्य की सूझबूझ से जान बच गई थी वो शुक्रवार को कमरे पर पाया गया मृत। हुआ यूं कि शिक्षक स्कूल से अनुपस्थित मिला तो प्राचार्य ने कर्मियों को उनके कमरे पर अनुपस्थिति का कारण जानना चाहा। भेजे कर्मचारियों ने कनीना के लोगों को इकट्ठा कर दरवाजे से झांक कर देखा मिला शैलेश मेहता मृत पाया गया। 29 जनवरी को इसी कमरे पर यह शिक्षक अचेत अवस्था में पाया गया था जिसे  पीजीआई रोहतक भेजा गया था और जान बच गई थी। किंतु इस बार संदिग्ध परिस्थितियों में वह मृत पाया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक के स्वजनों को बुलाया गया है तथा कनीना से मृतक का पोस्टमार्टम करवाया करवा कर उन्हें सौंप दिया गया है।
 मिली जानकारी अनुसार धर्मवीर सिंह प्राचार्य पोता निवासी के साथ आदमपुर मंडी से शैलेश मेहता प्राध्यापक/पीजीटी अंग्रेजी खेड़ी तलवाना में कार्यरत था। करीब 1 साल से कनीना बस स्टैंड पर किराए का मकान में रह रहा था। प्रतिदिन खेड़ी तलवाना स्कूल जाता था। गुरुवार को भी वह स्कूल गया था। जहां स्कूल का समय प्रात: 8:30 बजे का है। जब शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचा तो प्राचार्य ने उनके फोन पर संपर्क किया किंतु फोन नहीं उठाया। तत्पश्चात उन्होंने अपने कर्मियों की सहायता से बार-बार फोन किया किंतु फोन नहीं उठाया तो उन्होंने कर्मियों को भेजा कि पता लगाओ कि शिक्षक स्कूल क्यों नहीं आ रहा है? कनीना के लोगों की सहायता से जब किराए के मकान में जाकर देखा तो शैलेश मेहता मृत पाया गया जिसकी सूचना प्राचार्य को दी गई। स्कूल से आए हुए कर्मचारियों ने पुलिस को सूचित किया और पुलिस मौके पर पहुंची। तत्पश्चात मृतक के स्वजनों को बुलाया गया और 3 स्वजन मौके पर पहुंचे। पुलिस ने हालात से रूबरू करवाते हुए कनीना उपनागरिक अस्पताल उनका मृत शरीर ले जाया गया। जहां उनका पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है। अभी तक हृदय गति रुकना उनकी मौत का कारण माना जा रहा है।
29 जनवरी की घटना-
उल्लेखनीय है कि 29 जनवरी 2026 को शैलेश मेहता जब खेड़ी तलवाना स्कूल नहीं पहुंचा तो प्राचार्य धर्मवीर पोता ने बार-बार फोन किया था। स्कूल का समय 29 जनवरी को प्रात: 9:30 बजे का था। जब कोई सूचना नहीं मिली। तब भी धर्मवीर सिंह पोता निवासी ने अपनी कर्मचारियों को भेजा और घर का दरवाजा लोगों की सहायता से तोड़ कर देखा तो वह अचेत अवस्था में पाया गया था क्योंकि वह अंगीठी जलाकर बंद कमरे में सो गया था और कार्बन मोनोआक्साइड एक जहरीली गैस के कारण अचेत हो गया था। अगर उस समय भी प्राचार्य ने सूझबूझ नहीं दिखाई होती तो उनका बचना कठिन था। तत्पश्चात शैलेश मेहता के परिजनों को सूचित किया था और खेड़ी तलवाड़ा के कर्मियों की सहायता से उन्हें पीजीआई रोहतक भर्ती करवाया गया था। रोहतक तीन दिन भर्ती रहकर ठीक हुआ था। खेड़ी तलवाना प्राचार्य के कारण उनकी तब तो जान बच गई थी किंतु अब महज एक महीने से भी कम समय बाद आज शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई है।
 प्राचार्य धर्मवीर सिंह पोता ने बताया कि शैलेश मेहता गुरुवार को भी स्कूल पहुंचा था तब कोई ऐसी बात नहीं थी। उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षक आदमपुर मंडी का निवासी है और स्टाफ में बैठता था किंतु कम ही बोलता था। उनसे बार-बार यह कहा जाता था कि आप सभी से घुलमिल कर रहो परंतु वह किसी कारण से कम बोलता था और आज उनकी मौत हो गई है। पूरे स्कूल में शोक की लहर है। करीब 1 साल से शिक्षक कनीना में रह रहा था और खेती तलवाना में कार्यरत था। उसे समय प्राचार्य की सूझबूझ से उनकी जान बच गई थी। इस बार भी फोन न उठाने पर प्राचार्य ने समझा कि कहीं विगत घटना की तरह इस बार भी कोई अप्रिय घटना न घट गई हो, इसलिए कर्मचारियों को तुरंत उसके कमरे पर जाकर सूचना देने की बात कही थी। कर्मचारियों ने कनीनावासियों की सहायता से पता लगाया तो मृत अवस्था में पाया गया।
 फोटो कैप्शन: शैलेश मेहता


Thursday, February 19, 2026



 


जितेंद्र शर्मा की शादी में पहुंचे पूर्व विधायक सीताराम यादव
 
--कई नेता शामिल हुए और दी बधाई     
*****************************************
*********************************************
****************************************   
कनीना की आवाज।
कनीना निवासी अध्यापक नेता कंवर सेन वशिष्ठ के पौत्र जितेंद्र शर्मा की शादी में अनेक नेता पहुंचे। मिली जानकारी अनुसार पूर्व विधायक सीताराम यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष यतेंद्र राव, नेता अतरलाल, विनय एडवोकेट सहित पहुंचे । उन्होंने जितेंद्र शर्मा को बधाई दी। उल्लेखनीय है कि कांवर्सेन वशिष्ठ अध्यापक नेता रहे हैं। लंबे समय तक शिक्षक रहे हैं तथा उनके पौत्र डाक विभाग में अधिकारी हैं। उनका लग्न समारोह बड़े धूमधाम से संपन्न हुआ । अनेक नेताओं ने शिरकत की तथा जितेंद्र शर्मा को बधाई दी। इस मौके पर कनीना और आसपास विभिन्न क्षेत्रों के नेता पूर्व नेता ,समाजसेवी आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 07: संबंधित है






कैसे करे परीक्षा की तैयारी-
परीक्षा के दौरान अनावश्यक तनाव से बचे-निर्मल शास्त्री
*****************************************
*********************************************
****************************************   
कनीना की आवाज।
अपनी आशाओं को बच्चों में पूरा करने का प्रयास किया जाता है जबकि होना यह चाहिए कि परीक्षा के दौरान बच्चे को किसी प्रकार का अनावश्यक तनाव न मिले। यदि हमें बच्चे का परीक्षा के लिए सहयोग ही करना है  तो उसका पौष्टिक व संतुलित आहार में सहयोग करें उसको बेहतर शैक्षणिक माहौल देने में सहयोग करे। ये विचार शिक्षाविद निर्मल शास्त्री के हैं।
 उन्होंने कहा कि कहीं भी नकारात्मक पहलू नजर आए तो प्यार से बच्चे को समझा कर उसे शिक्षण के लिए प्रेरित करें। अब हमें यह देखना है कि बच्चे ने परीक्षा की तैयारी के लिए जो तरीका अपनाया है वह कितना उचित है ? सबसे पहले तो बच्चा जो विषय पढ़ रहा है उसका संपूर्ण पाठ्यक्रम उसे रुचि लेकर समझना होगा अर्थात हर एक तथ्य को  एक बार पुन: दोहराया जाए और उन खास बातों को नोट किया जाए जो हमारे ध्यान से निकल रही थी ।  
यदि योजनाबद्ध तरीके से तैयारी शुरू से करनी आरंभ कर दी तो अवश्य ही परीक्षा में नंबर बढ़ेंगे । योजनाबद्ध तरीके से समयानुसार रुचि लेकर तैयार किया गया हो तो परीक्षा आपके लिए एक साधारण खेल के समान साबित होगी ।
 संपूर्ण विषय एवं संपूर्ण पाठ्यक्रम थोड़े-थोड़े समय के अंतराल के बाद दोहराना होता है। इस समय हमें अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखना होगा साथ ही हमारा शिक्षण कक्ष शांतिप्रिय होना अति आवश्यक है।
 पूर्ण रूप से आश्वस्त कर लेना चाहिए कि जितना समय परीक्षा में मिलेगा उतने समय में सारे प्रश्न में आसानी से पूरे कर सकता हूं बल्कि अभ्यास के दौरान समय से पूर्व ही पूरा प्रश्न पत्र हल करने का अभ्यास करना चाहिए और संपूर्ण उत्तर भी बिल्कुल सही होने चाहिए।  परीक्षा देते समय उतावलेपनपन में अक्सर उत्तर भूल जाते हैं और उनकी शिकायत होती है कि यह प्रश्न तो मैंने कई बार याद किया था और वह मुझे अच्छी तरह आता था लेकिन परीक्षा देते समय समय अभाव के कारण में उसे नहीं कर पाया। परीक्षा से पूर्व अपने मस्तिष्क को पूर्ण रूप से संतुलित करें। जब मनोदशा पूर्ण रूप से सकारात्मक होगी तो आधी से अधिक मंजिल आप पहले ही पार कर चुके होंगे। मन को शांत और आश्वस्त रखना अति अनिवार्य है।  एक - एक प्रश्न को क्रमश: पढ़ते जाएं और अपने विवेक अनुसार उसका सटीक व सार्थक उत्तर लिखते जाए कई बच्चे ज्यादा लिखने को अच्छा समझते हैं जबकि होना यह चाहिए कि जो पूछा गया है वह सटीक व सार्थक होना चाहिए। तथा प्रश्न पत्र में दिए अंकों के अनुरूप ही हमें उसका उत्तर देना चाहिए । प्रश्न का उत्तर न लिखने की बजाय जितना जानते हैं वह लिखेंगे तो बिल्कुल न लिखने से कहीं ज्यादा बेहतर होगा । अंत में संपूर्ण पेपर का पुन: अवलोकन करें।
फोटो कैप्शन: निर्मल शास्त्री





श्याम भक्तों के लिए लग गये शिविर
-जैतपुर एवं खाटू श्याम के लिए जा रहे हैं भक्त
*****************************************
*********************************************
****************************************   
कनीना की आवाज।
  खाटूश्याम एवं जैतपुरा धाम के लिए भक्त लगातार रवाना हो रहे हैं। उनके लिए जगह जगह शिविर लगा दिये गये हैं। कनीना में जहां कई जगह शिविर लगे हुए हैं वहीं श्याम मंदिर में भी शिविर लग गया है। सभी शिविरों में हवन हुआ और भक्तों के लिए सेवा प्रबंध शुरू हो गये हैं। हरेक गांव में इस प्रकार के शिविर लगे हुए हैं।
खाटू श्याम धाम तथा हुडिय़ा जैतपुर में 4 मार्च तक भारी भीड़ जुटेगी। दोनों ही स्थल राजस्थान में हैं। श्याम भक्त नवीन सिंगला, सत्यनारायण गुप्ता, गुड्डू चौधरी, पूनम गुप्ता, हंसराज अग्रवाल, महेश गुप्ता, अनिल सिंगला ने बताया कि इस बार हजारों भक्तों के यहां से पहुंचने का अनुमान है।
  यूं तो हर शहर में खाटू श्याम की धूम मची है किंतु गली गली में लगाए गए श्याम भक्तों के लिए सेवा शिविर एवं श्याम भक्तों का आवागमन अब पूरे यौवन की ओर है।
  पंडित संदीप राठी ने बताया कि वे हर वर्ष भक्तों के लिए शिविर लगाते हैं जहां भक्तों के लिए हर प्रकार की खाने पीने, रहने तथा स्नान आदि की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
 श्याम भक्तों की जुबान पर बस श्याम का नाम है।  बूढ़े, युवा एवं बच्चे सभी में श्याम के प्रति गहन आस्था देखने को मिल रही है।  
विभिन्न गांवों में भी श्याम के मंदिर बने हुए हैं जहां सुबह से शाम तक पूजा अर्चना करते हुए भक्त मिलते हैं और यहां तक कि भक्तों के ठहरने का प्रबंध भी अक्सर इन्हीं मंदिरों में किया जा रहा है। भारी जन इन भक्तों की सेवा में जुटे हुए हैं।  
 भक्त केला देवी, शकुंतला, नवीन, नीशू, अनिल, नीरज, किशोरी आदि भक्त खाटे श्याम के लिए रवाना हो रहे हैं और वे 4 दिन में खाटू श्याम धाम पहुंच जाएंगे। उधर भक्तों की सेवा करने वाले  अनूप सिंह, सतपाल, श्योनाथ, ओमप्रकाश, बबलू, हनुमान ने बताया कि वे भक्तों की शिविर में सेवा करके प्रसन्न हो जाते हैं।
फोटो कैप्शन 02: कनीना में लगाए गए श्याम शिविर का नजारा





खाटू श्याम भक्तों के दो दल जाएंगे जैतपुर
-श्याम शिविर संपन्न होने पर जाते हैं जैतपुर
*****************************************
*********************************************
****************************************   
कनीना की आवाज।
 कनीना के  श्याम मंदिर पर खाटू श्याम भक्तों के लिए 18 फरवरी से मुफ्त शिविर शुरू किया गया है। विस्तृत जानकारी देते हुए श्री श्याम मंदिर कनीना के संदीप राठी ने बताया कि 18 फरवरी से खाटू श्याम भक्तों के लिए शिविर शुरू हो चुका है जो 24 फरवरी तक चलेगा। 24 फरवरी को  हजारों भक्तों का जत्था हुडिय़ा जैतपुर के लिए रवाना होगा। हर वर्ष हुडिय़ा जैतपुर के लिए हजारों भक्त जाते हैं। यही नहीं कनीना मंडी के राधा कृष्ण मंदिर से भी  हजारों भक्तों का जत्था 22 फरवरी के दिन रवाना होगा। खाटू श्याम भक्तों का खाटू  श्यााम मंदिर के लिए पदयात्रा शुरू होने जा रही है। धीरे-धीरे भक्तों की संख्या बढ़ती चली जाएगी क्योंकि हुडिय़ा जैतपुर राजस्थान तथा खाटू श्याम राजस्थान में 18 फरवरी से 4 मार्च तक मेला लगता है और इस मेले में भारी संख्या में भक्त कनीना और आसपास तथा विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचते हैं। महिलाओं की संख्या बहुत अधिक होती है।





ऊंट, घोडिय़ों की दौड़ का मार्ग किया गया साफ
-27 फरवरी का है मेला
*****************************************
*********************************************
****************************************   
कनीना की आवाज।
बाबा मोलडऩाथ मेले की तैयारी शुरू हो गई हैं। ऊंट एवं घोडिय़ों की दौड़ का रास्ता तैयार करने में कार्यकर्ता जुट गये हैं।
 प्रधान दिनेश यादव ने बताया कि बाबा मोलडऩाथ के मेले में ऊंट एवं घोडिय़ों की दौड़के लिए जो रास्ता तैयार किया जाता है सीहोर-छीथरोली रोड़ पर कच्चा रास्ता है। इस रास्ते को तैयार करने में संजय यादव व उनकी पूरी टीम का विशेष रूप से योगदान रहता है। वे निशुल्क इस रास्ते को तैयार करते हैं। दिन में हजारों रुपए का उनका खर्च आता है लेकिन वो ये सेवा निशुल्क करते हैं और मेले में अपना पूरा सहयोग देते हैं। जिनमें उनके साथ जानी यादव, भूपी ठेकेदार, गजराज सिंह व अन्य कई कार्यकर्ता अपने ट्रैक्टरों से इसमें सेवा देते हैं।
 दिनेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया दूर दराज से इस मेले में जो भक्त अपने पशु लेकर पहुंचते हैं उन्हें किसी भी तरह की परेशानी ना हो, उनके लिए दवाई आदि का विशेष प्रबंध किया जाता है, रहने के लिए विशेष स्थान तैयार किए गैंये हैं। सभी कार्यकर्ता उनके भोजन पानी तक की व्यवस्था में लगे रहते हैं। जो भी दूरदराज से लोग आते हैं वो पूरे कनीना की तारीफ करते हुए कहते हैं कि यहां कर उन्हें बहुत ही आनंद आता है। लोगों की सेवाभाव बहुत ही सराहनीय है। उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी इस दौरान नहीं आती। वे खुशी-खुशी आते हैं और खुशी-खुशी अपने पशुओं का प्रदर्शन दिखाकर वापस जाते हैं और फिर अगले साल होने वाले मेले की तैयारी में लग जाते हैं। उन्होंने बताया कि यहां आने वाले हर भक्त के दिल में बाबा मोलडऩाथ के प्रति अपार श्रद्धा है। जो भक्त यहां कर अपनी मन्नत मांगते हैं उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ऊंट एवं घोडिय़ों की रेस सुबह 8 बजे 27 फरवरी को शुरू होगी। दौड़ के बाद कुश्ती और कबड्डियों का आयोजन शुरू हो जाएगा, जो फुटबाल ग्राउंड में बस स्टैंड के पीछे होगा।
फोटो कैप्शन 01: ऊंट एवं घोडिय़ों की दौड़ का मार्ग साफ करते हुए



कौशल से सशक्त भविष्य की ओर: छात्राओं ने सीखे आत्मनिर्भरता के नए सूत्र










फैशन एवं स्वरोजगार के अवसरों से परिचित हुआ प्रशिक्षण शिविर का द्वितीय दिवस
*****************************************
*********************************************
****************************************   
कनीना की आवाज। राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हाणी में महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण शिविर का द्वितीय दिवस उत्साह एवं सक्रिय सहभागिता के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं रोजगारोंमुख बनाना है।
दूसरे दिन शिविर की मुख्य प्रशिक्षिका पवित्रा बाई ने छात्राओं को परिधान निर्माण की उन्नत एवं व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने सटीक माप लेने की विधि, कपड़े की संतुलित कटिंग, आधुनिक डिज़ाइन चयन, विभिन्न प्रकार के गले एवं आस्तीन की शैलियों तथा सिलाई की उत्कृष्ट फिनिशिंग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं ने पूर्ण अनुशासन एवं समर्पण के साथ अभ्यास करते हुए अपने कौशल को और अधिक निखारा।
इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित कुमारी नीतू ने फैशन एवं डिजाइनिंग क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार एवं स्वरोजगार के विविध अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में फैशन उद्योग युवतियों के लिए आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने बुटीक संचालन, स्वयं का ब्रांड स्थापित करने, सोशल मीडिया एवं आनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से उत्पाद विपणन तथा लघु उद्योग के रूप में व्यवसाय प्रारंभ करने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विभिन्न प्रश्न पूछे और महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डा. विक्रम यादव ने कहा कि कौशल विकास ही सशक्त भविष्य की आधारशिला है। कार्यक्रम की संयोजिका डा. सीमा देवी ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन छात्राओं के व्यक्तित्व विकास एवं आत्मविश्वास को सुदृढ़ करते हैं। सह-संयोजिका डा. सुषमा यादव ने भी कौशल आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया।
दूसरे दिन का यह आयोजन छात्राओं के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ, जिसने उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढऩे के लिए नई ऊर्जा प्रदान की।
फोटो कैप्शन 3 व 4: आस्तीन बनाने का काम सीखते हुए छात्राएं





Wednesday, February 18, 2026



 




दीमक से परेशान हैं किसान
-लाखों रुपये की क्षति पहुंचाती है दीमक
********************************************
***************************************************
*********************************************
कनीना की आवाज।
 दीमक नामक कीट किसानों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। अब किसान के लिए तो दीमक एक आफत बनकर उभर रही है।
  किसानों की फसल, रद्दी पड़ी हो या सूखी लकड़ी, दीवार हो या गिली लकड़ी, पौधे हो या फूलदार शाक हर जगह सफेद एवं पीले रंग का यह कीट अपनी पहुंच बनाकर धीरे-धीरे उन्हें तबाह कर देता है। प्रत्येक वर्ष लाखों रुपये की क्षति तो अकेला यह दीमक नामक कीट ही पहुंचा रहा है। किसान को जहां फसल बचाने के लिए जीवों एवं नील गायों के साथ संघर्ष करना होता है वहीं इन कीटों को मारने के लिए भरसक प्रयास करने होते है।
  क्या कहते हैं कृषि अधिकारी-
 कनीना के पूर्व खंड कृषि अधिकारी डा देवराज यादव का कहना है कि दीमक अक्सर नमी वाले क्षेत्रों से दूर भागती है और नर्म स्थान एवं सूखे क्षेत्रों में बेहद परेशान करती है। यही कारण है कि जहां अधिक वर्षा होती है या फिर नहरों का पानी उपलब्ध है वहां दीमक नजदीक भी नहीं आती है।  दीमक किसान की रबी एवं खरीफ की फसल में बेहद नुकसान पहुंचाती है। यह जड़ों को काट जाती है और जमीन में छुप जाती है। इसकी सूंघने की क्षमता अत्याधिक होने के कारण दवा को दूर से सूंघकर जमीन में चली जाती है।  दीमक मार्च, जून, सितंबर एवं दिसंबर माह में अधिक निकलती है और उस वक्त खेतों में फसल खड़ी होती है जिसे भारी नुकसान पहुंचाती है। दस फीसदी तक फसल दीमक खराब कर देती है। इनमें दवा निमारीन, फोरेट, क्लोरोपाइरीफास जैसी दवा डाली जाती है तो दीमक उसे दूर से ही सूंघकर भूमि में गहराई पर चली जाती है।
जीव वैज्ञानिक रवींद्र कुमार का कहना है कि दीमक अपने खाने में सेलूलोज पसंद करती है। लकड़ी, पेड़, जड़, तना या किसी कागज को खाने के पीछे सेलूलोज प्राप्त करना है। इनके पेट में कोई भी पदार्थ जाते ही मिट्टी बन जाता है। ये हर इंसान के लिए सिरदर्द बन सकती है।  
फोटो कैप्शन 06: पेड़ पर दीमक का प्रभाव।



परीक्षा की कैसे करें तैयारी---
-परीक्षा से घबराना है अनुचित - मदनमोहन
********************************************
***************************************************
*********************************************
कनीना की आवाज।
 एक और जहां 10वीं और 12वीं के परीक्षाएं शुरू हो गई हैं वही विद्यार्थी दिन-रात परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा की तैयारी कैसे करें इस संबंध में विभिन्न शिक्षाविदों से चर्चा की गई।
वरिष्ठ प्राध्यापक मदनमोहन कौशिक का कहना है कि परीक्षा से घबराने की जरूरत नहीं। सामान्य रूप में परीक्षा को ले, कक्षा में अध्यापक के सामने जिस प्रकार से प्रश्न का उत्तर दिया जा रहा है वैसी परीक्षा में हल करें। परीक्षा के समय विद्यार्थी को पूर्ण आत्मविश्वास के साथ तैयारी करनी चाहिए। जिस भी विषय की परीक्षा देनी है उसकी तैयारी के लिए मुख्य बिंदुओं को अलग से नोट बुक में उतारे, अलग से समय देकर दोहराये,ध्यान रहे उन्हें रटे नहीं। शिक्षा की तिथि की पूर्व संध्या को विद्यार्थी अधिक थकान एवं दिमाग पर परीक्षा का भूत सवार न होने दे। पूरी नींद ले, प्रसन्न चित्त होकर परीक्षा की तैयारी के लिए हर विषय के प्रत्येक टापिक का ध्यान लगाकर स्मरण करें तथा पूर्ण आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे।
 सुनील कुमार का कहना है कि बिना दबाव के पढ़ाई की जाती है तो परिणाम बेहतर होते हैं, स्वास्थ्य अच्छा रहता है। छात्र हर दिन को योजना बनाकर पढ़ाई करें जिनकी बेहतर तरीके से दोहराई होती है। थ्योरी के पेपर के लिए लिखकर देखे तो स्मृति टिकाऊ रहती है। परीक्षा के समय सही उत्तर देने में सक्षम बनाता है। गणित, भौतिक शास्त्र एवं रसायन शास्त्र में अभ्यास अधिक से अधिक करें। दिभर में कितना पढ़े यह विद्यार्थियों की अपनी क्षमता के अनुसार तय होता है। 7 घंटे की नींद लेकर एक घंटे व्यायाम या रुचि अनुसार खेल खेलना चाहिए। हर दिन को प्लान करना और उसे पूरा करना पढ़ाई में चार चांद लगा देता है। इन दिनों में अपने को स्वस्थ रखना जरूरी है ताकि समय पर सभी कार्य पूर्ण कर सकें। पढ़ाई को तनावमुक्त का आनंदमय बनाए। हर दिन की योजना बनाये और उसे पूर्ण करें।
फोटो कैप्शन-वरिष्ठ प्राध्यापक मदनमोहन



अपार श्रद्धा के साथ 160 किमी दूर पैदल जा रहे हैं भक्त
--जगह जगह हैं उनके लिए शिविर
********************************************
***************************************************
*********************************************
कनीना की आवाज।
 4 मार्च तक खाटू श्याम में लगने वाले फाल्गुन एकादशी के मेले के दृष्टिगत भारी संख्या में भक्तजन रवाना हो रहे हैं। दूर दराज से खाटू की ओर निशान लेकर जाने का सिलसिला चंद दिनों तक जारी जारी रहेगा।
  यूं तो खाटू श्याम मेले के दृष्टिगत ध्वज लेकर पदयात्रा पर एक के बाद एक समूह रवाना होने लगा है तथा उनके लिए जगह जगह शिविर स्थापित किए जा रहे हैं। कनीना से करीब चार दिनों में खाटू धाम पहुंचते हैं। कुछ भक्तों की सेवा करके ही प्रसन्न हो जाते हैं।
  इस संबंध सुशील देवी 52 वर्ष का कहना है कि वे विगत आठ वर्षों से खाटू श्याम जाकर ध्वज अर्पित कर रही है। उनकी कोई मनोकामना नहीं है। अपितु उनके दिल में श्रद्धा एवं भक्ति भरी है जिसके चलते व्यस्त समय में से समय निकालकर खाटू जाती हूं। उन्होंने कहा सफर करीब 250 किमी है किंतु खाटू के प्रति भक्ति के चलते यह दूरी कष्टदायी नहीं लगती है।
--  सुशीला देवी
संगीता 40 वर्षीय का कहना है कि वे विगत आठ वर्षों से खाटू श्याम का भक्त हैं। श्याम को मन में संजोकर लंबी दूरी को पार कर जाते हैं। उनके अनुसार उन्हें थकान तो होती है परंतु रास्ते में लोगों की भक्तों के प्रति भक्ति प्रसन्न रखती है और सफर आसानी से पूरा हो जाता है। कावड़ की अपेक्षा ध्वज में कम नियमों का पालन करना होता है वहीं दूरी भी कम है।
  --संगीता देवी
  सुमन देवी 42 वर्ष का कहना है कि वे 7 वर्षों से खाटू श्याम जा रहे हैं और उन्हें मन को प्रसन्नता एवं भक्ति भाव इसी यात्रा से प्राप्त होता है। जब कभी खाटू मेला पास आता है तो वे मेले में जाने की तैयारी में जुट जाते हैं। पदयात्रा विशेषकर रेलवे ट्रैक के साथ साथ चल पाना थोड़ा कठिन है किंतु मन में भक्तिभाव रखते हुए यह सफर सामान्य महसूस होने लग जाता है। श्याम बाबा के दर्शन करके सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती हैं।
----सुमन देवी
 मुकेश देवी का कहना है कि वे विगत दो वर्षों से श्याम बाबा के यहां जा रही हैं। उनकी सभी इच्छाएं श्याम बाबा के जाने पर खत्म हो जाती हैं। उन्हें खाटू जाना बेहद प्रसन्नतापूर्ण लगता है। उनका कहना है कि अपार भक्तों को मीलों का सफर तय करता देख उनका सफर आसानी से पूर्ण हो जाता है।  
 -- मुकेश देवी
  मैं लगातार 6 वर्षों से ध्वज लेकर 250 किमी दूरी तय करके खाटूश्याम पहुंचती हूं किंतु कोई थकान नहीं होती है अपितु खुशी मिलती है।
       ---सीमा
 मैं विगत 9 वर्षों से झज्जर जिले के नया बास से खाटूश्याम तक पदयात्रा करती हूं। कभी कोई थकान नहीं होती है। मुझे खुशी होती है। शरीर स्वस्थ हो जाता है।
---कृष्णा देवी
मैं भक्तों की सेवा करके खुशी महसूस करता हूं। मुझे कभी कभार ही जैतपुर एवं खाटू श्याम जाने का मौका मिलता है। भक्तों की सेवा में बड़ा आनंद आता है।
फोटो कैप्शन 07: श्याम भक्त खाटू श्यााम जाते हुए






कनीना क्षेत्र में हुई 4 एमएम वर्षा, फसलों के लिए लाभप्रद
********************************************
***************************************************
*********************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में सुबह से शाम तक बादल छाए रहे तथा हल्की वर्षा  हुई। कनीना क्षेत्र में 4 एमए वर्षा हुई। इस समय क्षेत्र में गेहूं, सरसों एवं जौ आदि की फसलें खड़ी हुई है और फसलों के लिए बहुत बेहतर मानी जा रही है। वर्षा से फसलों को लाभ होगा।
 इस संबंध में किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार आदि ने बताया कि उनकी फसलों के लिए इस समय वर्षा की जरूरत थी। वर्षा हो जाने से फसलों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि कुछ दिन से फसलों को पानी की जरूरत थी वह पानी की पूर्ति हो गई है।
 उधर एसडीओ कृषि विभाग महेंद्रगढ़ डा. अजय यादव ने बताया कि वर्षा फसलों के लिए बेहद लाभप्रद साबित होगी। क्योंकि एक और जहां किसान बड़ी फसलों में पानी देने से हिचकिचाते हैं क्योंकि फसल टूटने का अंदेशा होता है वहीं वर्षा से पानी की पूर्ति हो गई है। गेहूं की फसलों में लाभ होगा। मौसम में भी बदलाव होगा जिससे फसलों की वृद्धि होगी। इस समय गर्मी बढ़ गई थी किंतु वर्षा से लाभ होगा। उन्होंने कहा कि इस समय की वर्षा फसलों के लिए बेहद लाभप्रद है।
 फोटो कैप्शन 5: किसान सरसों की फसल को निहारते हुए
तथा एसडीओ डा. अजय यादव कृषि



दान देने से धन बढ़ता है और पाप कर्म क्षय होते हैं: भगत सिंह
********************************************
***************************************************
*********************************************
कनीना की आवाज।
कस्बा कनीना में जीवन में दान-धर्म की परंपरा को निभाते हुए पुण्य कार्यों की एक सराहनीय मिसाल देखने को मिली। सनातन धर्म में स्वर्गवासी आत्मा की शांति एवं पुण्य लाभ हेतु किए जाने वाले दान-पुण्य कार्यों की इसी परंपरा के अंतर्गत कस्बे की प्रसिद्ध कपड़ा व्यापारी फर्म कोका राम हरीश चंद्र के संस्थापक स्वर्गीय कोकाराम गेरा की पुण्यतिथि पर उनके पुत्र सतीश गेरा, पुत्रवधू आशा गेरा सहित समस्त परिवार ने श्री कृष्ण गौशाला कनीना में पहुंचकर गौमाताओं की सेवा की।
इस अवसर पर गेरा परिवार द्वारा गायों को गुड़ व हरा चारा खिलाया गया तथा गौशाला के विकास व संचालन हेतु 11,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
 इसी क्रम में गुरदयाल की पोती अंजली पुत्री प्रेमचंद ने अपनी बेटी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में गौशाला में सेवा करते हुए एक गाय को गोद लेने हेतु 5,100 रुपये का सहयोग प्रदान किया। उनके इस पुनीत कार्य की सभी ने सराहना की।
गौशाला प्रधान भगत सिंह ने सभी दानदाताओं का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सहयोग से गौसेवा एवं सामाजिक सेवा को नई ऊर्जा मिलती है।
इस अवसर पर सचिव यश कनीनवाल, सहसचिव रामपाल, मास्टर रामप्रताप, होशियार सत्संगी, कृष्ण प्रकाश गुरुजी, उपप्रधान दिलावर सिंह, रविन्द्र बंसल, सतबीर गुगनवाला, सूबेदार मेजर महेंद्र सिंह, राजेंद्र (पूर्व पार्षद), राज डीलर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 03: दान देते हुए लोग



कौशल विकास से आत्मनिर्भरता की ओर: उन्हाणी महाविद्यालय में सात दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम
-राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हाणी में छात्राओं के सशक्तिकरण की पहल
********************************************
***************************************************
*********************************************
कनीना की आवाज।
राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हाणी में महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में 18 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक सात दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. विक्रम यादव द्वारा की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को कौशल आधारित शिक्षा प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना है।
प्रशिक्षिका श्रीमती पवित्र रानी द्वारा छात्राओं को माप लेने की विधि, कटिंग तकनीक, सिलाई मशीन के सही उपयोग तथा परिधान निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महाविद्यालय की छात्राओं ने इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा पूर्ण समर्पण और लगन के साथ अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने नई तकनीकों को सीखने में गहरी रुचि दिखाई और प्रत्येक गतिविधि में आत्मविश्वास, अनुशासन एवं रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर प्राचार्य ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल ही आत्मनिर्भरता की कुंजी है। उन्होंने छात्राओं को पूरे उत्साह एवं समर्पण के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने हुनर को स्वरोजगार में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की संयोजिका डा. सीमा देवी ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं के व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं सह-संयोजिका डॉ. सुषमा यादव ने कहा कि कौशल आधारित शिक्षा वर्तमान समय की आवश्यकता है और इस प्रकार के आयोजन छात्राओं को भविष्य के लिए तैयार करने में सहायक सिद्ध होते हैं।
फोटो कैप्शन 02: प्रशिक्षण लेते हुए छात्राएं











वार्ड-वार मतदाता सूची का ड्राफ्ट 28 फरवरी को
-नागरिक 7 मार्च तक दर्ज करवा सकेंगे दावे व आपत्तियां
********************************************
***************************************************
*********************************************
कनीना की आवाज। राज्य चुनाव आयोग हरियाणा की ओर से नगर पालिका कनीना के उपचुनाव के लिए जारी चुनावी अधिसूचना के अनुपालन में आज एसडीएम कनीना डॉ जितेंद्र सिंह ने बीएलओ तथा संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की बैठक ली।
इस बैठक में एसडीएम ने स्पष्ट किया कि कनीना नगर पालिका क्षेत्र के लिए फोटोयुक्त मतदाता सूची को अपडेट करने का कार्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू कर दिया गया है।
उन्होंने निर्देश दिए कि इस प्रक्रिया के दौरान विधानसभा निर्वाचन नामावली के डेटा का मिलान करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता पंजीकरण से वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि वार्ड-वार मतदाता सूची का ड्राफ्ट 28 फरवरी 2026 को प्रकाशित किया जाएगा। इस सूची पर नागरिक अपने दावे और आपत्तियां 7 मार्च तक दर्ज करवा सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों और शिक्षकों को सख्त निर्देश दिए कि वे मृत व्यक्तियों के नाम हटाने और दोहरी प्रविष्टियों को समाप्त करने के लिए भौतिक सत्यापन का कार्य पूरी निष्ठा से करें। मतदाताओं की सुविधा के लिए क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में 'वोटर इंफॉर्मेशन एंड कलेक्शन सेंटर' भी स्थापित किए जा रहे हैं, जहां मुफ्त में फॉर्म उपलब्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 27 मार्च 2026 को किया जाएगा, ताकि आगामी उपचुनाव निष्पक्ष और त्रुटिहीन मतदाता सूची के आधार पर संपन्न हो सकें।
फोटो कैप्शन 01:बीएलओ की बैठक लेते एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह।