पुलिस ने पकड़ी भारी मात्रा में शराब
-आबकारी अधिनियम के तहत एक व्यक्ति के विरुद्ध मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना पुलिस को मुखबिरी के आधार पर सूचना मिली कि वार्ड पांच में लाल रंग की गाड़ी में एक व्यक्ति शराब बेच रहा है। कनीना पुलिस ने छापामारी की पुलिस आता देख गाड़ी में बैठा व्यक्ति गाड़ी छोड़कर भाग गया। पुलिस ने गाड़ी से एक गत्ता पेटी से 12 बोतल शराब देसी, दूसरी पेटी में 12 बोतल शराब देसी संतरा ब्रांड, तीसरी पेटी में छह बोतल देसी रसीला संतरा ब्रांड और चौथी गट्टा बेटी में 48 पव्वा शराब बरामद की। बलवंत निहालोठ निवासी गाड़ी को छोड़कर भाग गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
कनीना खंड के 09 केंद्रों पर 12वीं की राजनीति शास्त्र परीक्षा संपन्न
-521 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे और चार रहे अुपस्थित
मोलडऩाथ मेला अपडेट...
-कबड्डी में रोहतक ने अहरी की टीम को हराया
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस- 28 फरवरी
समाज में विज्ञान के प्रति जागरूकता लाने के लिए मनाया जाता है विज्ञान दिवस
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कनीना की आवाज। समाज में विज्ञान की प्रति जागरूकता लाने, वैज्ञानिक सोच बढ़ाने के लिए 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। वैसे भी इस दिन भारतीय वैज्ञानिक सीवी रमन ने रमन प्रभाव खोजा था और नोबेल पुरस्कार जीता था। इसीलिए भी यह दिवस मनाया जाता है। इस संबंध में वैज्ञानिक सोच रखने वाले शिक्षाविद डा. एचएस यादव कनीना से बात हुई।
उन्होंने कहा कि विज्ञान अनेकों उपलब्धियां और खोज कर रहा है। जिनके प्रति लोगों को जागरूक किया जाता है ताकि अंधविश्वास और गलत धारणाओं से बचा जा सके। विज्ञान के कारण इंसान ऊंचाइयों को छू सकता है। विज्ञान के प्रति सकारात्मक सोच रखना ही विज्ञान दिवस मनाने के उद्देश्य को सार्थक सिद्ध करेगा। देश के विकास के लिए वैज्ञानिक सोच का प्रसार आवश्यक है। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस जैसे आयोजन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रसार में निश्चित रूप से सहायक सिद्ध होते हैं। विज्ञान द्वारा ही समाज के लोगों को जीवन स्तर अधिक से अधिक खुशहाल बनाया जा सकता है। ऐसे में लोगों को विज्ञान के प्रति सोच बढ़ाना विज्ञान दिवस का कार्य है। विज्ञान के होने वाले लाभों के प्रति समाज में जागरूकता लाने का कार्य और वैज्ञानिक सोच पैदा करना भी विज्ञान दिवस को सिद्ध करता है। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी हर इंसान को उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। यहां तक की भाषण, निबंध, लेख, विज्ञान प्रश्नोत्तरी, विज्ञान प्रदर्शनी, संगोष्ठी आयोजित की जानी चाहिए ताकि आम आदमी विज्ञान से जुड़ सके। विज्ञान के प्रति लगाव बढ़ाने के लिए पुरस्कार घोषित किए जाने चाहिए जिससे लोगों का रुझान विज्ञान की और बढ़े तभी विज्ञान दिवस मनाना सार्थक सिद्ध होगा।
फोटो कैप्शन :डा. एचएस यादव
मोलडऩाथ मेले में भंडारों की रही भरमार
-पेड़ों पर चढ़कर देखी ऊंट एवं घोडिय़ों की दौड़
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कनीना की आवाज। कनीना के बाबा मोलडऩाथ का मेला अपने आप में पूरे ही प्रदेश हरियाणा में विख्यात है। ऊंट और घोडिय़ों के अतिरिक्त बैलों की दौड़ भी आयोजित की गई और यह नजारा बहुत सुंदर था। अपार भीड़ लोगों की जमा हो गई क्योंकि अच्छी प्रकार दौड़ दिखाई दे इसलिए लोग घरों पर और पेड़ों पर चढ़कर बैठ गए। कुछ लोग कंटीले पेड़ों पर चढ़कर बैठ देखे गए वहीं अपने वाहनों के ऊपर बैठकर भी दौड़ का नजारा लेते रहे। हर वर्ष यह नजारा देखने को मिलता है। जहां सुंदर नजारा देखा गया वहीं कुश्ती, घोडिय़ों की चाल, कबड्डी भी आयोजित की गई। मेले की सबसे बड़ी खासियत भंडारों की परमार रही। अधिकांश भंडारों में हलवा, पूड़ी, सब्जी मिल रही थी तो बहुत से भंडारों में प्रसाद के रूप में लड्डू एवं बूंदी मिल रही थी। कुछ जगह जहां पकोड़े मिल रहे थे तो कुछ जगह खीर खिलाई जा रही थी। ऐसा लग रहा था जैसे पूरा कस्बा कनीना हीं लोगों की आवभगत में लग गया हो। सुबह से शाम तक भंडारों में लोग भोजन करते देखे गए। वैसे भी आंवला एकादशी होने से लोगों ने जमकर दान पुण्य भी किया।
सबसे घटिया नजारा बाबा मोलडऩाथ के धूने पर देखा गया। कुछ लोग शराब धूने में डालते देखे गए। जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि प्रसाद है लेकिन आश्चर्य हुआ कि वे शराब को पी नहीं रहे थे किसी को बांटा नहीं जा रहा था। अगर प्रसाद है तो लोग क्यों नहीं ले रहे थे, क्यों पी नहीं रहे थे? ऐसे में इस प्रकार की घटिया हरकत को मोलडऩाथ कमेटी द्वारा रोक लगाई जानी चाहिए या इस प्रकार की हरकत करने वालों के लिए अलग से लाइन बनवाई जाए ताकि पता लग जाए कि ये शराब पीने और पिलाने वाले लोग हैं।
फोटो कैप्शन 21 भंडारा लगाते लोग
22: पेड़ पर चढ़कर घोडिय़ों की दौड़ देखते हुए
ऊंट एवं घोडिय़ों ने करतब दिखाकर मन मोह लिया
-मोलडऩाथ मेला संपन्न
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कनीना की आवाज। कनीना का बाबा मोलडऩाथ मेला करीब 80 वर्षों से भरता आ रहा है। विक्रमी संवत 2006 में संत मोलडऩाथ ब्रह्मलीन हुए थे तब से लेकर आज तक का मेला भरता रहा है।
मेले में घोडिय़ों की चाल, घोड़ी और ऊंट का नृत्य आदि अनेक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूल के खेल के मैदान में ऊंट एवं घोडिय़ों की चाल एवं नृत्य चलते रहे। उनके करतबों ने सभी का मन मोह लिया। करीब एक दर्जन ऊंटों ने करतब दिखाकर मन मोह लिया। चारपाई पर, दो चारपाइयों पर, चार चारपाइयों पर खड़े होकर ऊंटों ने नृत्य किया।
ऊंटों को चौकी पर बिठाया गया। चौकी पर बिठाकर उनके नृत्य करवाए गए, उनके द्वारा हवा में करतब दिखाने, उनके द्वारा बाल्टी द्वारा पानी पिलाने, केतली द्वारा पानी पिलाने जैसे कितने ही करतब दिखाए गए। उन्होंने लोगों का मन मोह लिया। इसी क्रम में घोडिय़ों के करतब देखने लायक थे। यहां अगले पैरों पर खड़े होकर घोडिय़ों ने नृत्य किया वही घोडिय़ों द्वारा चारपाई पर नृत्य करके दिखाया गया। अव्वल आने वाले प्रतिभागियों को अतरलाल, विनय एडवोकेट एवं हरिश कनीनवाल ने सम्मानित किया।
फोटो कैप्शन 15 से 10: ऊंट एवं घोडिय़ां करतब दिखाते हुए।
खेड़ी तलवाना के 9 विद्यार्थियों ने बुनियाद में पाया स्थान
-जिले भर में पाया प्रथम स्थान
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कनीना की आवाज। पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी तलवाना के नौ विद्यार्थियों ने बुनियाद लेवल-2 में सफलता हासिल की है और जिले भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस अद्वितीय सफलता के लिए विद्यालय के प्राचार्य धर्मवीर सिंह ने स्टाफ सदस्यों और विद्यार्थियों को बधाई दी है। प्राचार्य ने बताया इन नो छात्रों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है। इन नौ विद्यार्थियों में अभिजीत ,भानुप्रताप, हिमांशु ,ईशा, जतिन, खुशी, कोमल, कोमल कुमारी, आर्यन तंवर प्रमुख हैं। प्राचार्य को बधाइयां मिल रही हैं।
फोटो कैप्शन 12: खेड़ी तलवाना स्कूल
मोलडऩाथ मेले में जुटी भीड़, शक्कर का प्रसाद चढ़ा
-पूरा का पूरा परिवार पेट के बल पहुंचा धाम पर
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र के प्रमुख पर्व मोलडऩाथ मेले को लेकर दिनभर संत आश्रम पर भक्तों का तांता लगा रहा। बाबा के धूने पर प्रसाद अर्पित किया और धोक लगाकर मन्नत मांगी। आश्रम को विगत कई दिनों से सजाया गया था जिसके बाद इस मेले का इंतजार था। आखिरकार वह घड़ी आ गई। यही नहीं संत आश्रम के पास में श्याम मंदिर पर भी मेला आयोजित हुआ और भारी संख्या में भक्तों ने निशाना अर्पित किए। जहां मोलडऩाथ मेले में दिन भर शक्कर का प्रसाद अर्पित किया जता रहा वहीं दूर-दराज से भक्तों ने आकर धोक लगाई। यही नहीं अपितु मोलडऩाथ आश्रम के पास ही राधा कृष्ण मंदिर, हनुमान मंदिर, पुराना हनुमान मंदिर, माता मंदिर, शिवालय, शनिदेव मंदिर, शिर्डी मंदिर तथा अनेक धार्मिक स्थान स्थित है जिन पर भी प्रसाद दिनभर अर्पित किया गया।
मेले में जहां पर प्रशासन ने शांति बनाए रखने में मदद की वहीं कैमरों द्वारा भक्तों पर नजर रखी गई। दिनभर भक्त दूर दराज से आकर मेले का आनंद लेते रहे। कनीना के इस मेले में कम से कम दो दर्जन स्थानों पर भंडारे लगाए हुए थे जहां हलवा, पकौड़े, सब्जी पूड़ी, तथा विभिन्न प्रकार के पकवान मुफ्त में उपलब्ध हो रहे थे। भक्तजनों ने आनंद से जहां प्रसाद ग्रहण किया वहीं मेले का आनंद लिया। भक्तों ने जहां कबड्डी, कुश्ती घोडिय़ों की दौड़, घोडिय़ों की चाल, ऊंट की दौड़ आदि के नजारे देखें वही छांट्रावास 76 वर्ष पहले प्राण त्यागने वाले संत मोलडऩाथ के आश्रम पर पहुंच कर अपनी मन्नत मांगी
भक्ति विभिन्न तरीकों से आ रहे थे संत आश्रम पर -
दूर दराज से भक्त विभिन्न साधनों, पैदल एवं पेट के बल आ रहे थे। पेट के बल चलकर आने वालों का नजारा सुंदर लग रहा था। कनीना का एक पूरा परिवार पेट के बल आश्रम पर पहुंचा। कनीना का एक परिवार तो ऐसा था जिसमें सारे ही सदस्य पेट केवल रात्रि 12 बजे अपने घर से चले और संत आश्रम पर धोक लगाई, मन्नत मांगी। इस परिवार में जहां शकुंतला, सरला, टिंकू, अमीश कुमार, अमीशा, शर्मिला, जादू,
योगेंद्र, डा. शर्मिला यादव,प्रवीण कुमारी, आरती देवी, गुड्डो आदि आदि प्रमुख सदस्य रहे। डीजे के साथ पेट के बल चलने में उन्हें करीब ढाई घंटे का समय लगा और संत आश्रम पर पहुंच कर मन्नत मांगी। मोलडऩाथ मेले में जहां कनीना ही नहीं कनीना से बाहर के करीब 50 गांवों के लोग पहुंचे। दूसरे प्रांतों से भी भक्तजन पहुंचे। जहां घुड़ दौड़ ऊंट दौड़ में तो उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब आदि के लोगों ने भी आकर दौड़ में भाग लिया। प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि यह मेल प्रदेश भर में विख्यात है और तीन दिनों तक जारी रहता है।
फोटो कैप्शन 13: संत आश्रम पर मल मोलडऩाथ की प्रतिमा
14: पूरा परिवार रात्रि 12 बजे पेट के बल जाते हुए
आरपीएस इंटरनेशनल स्कूल कनीना में किया गया जेंडर व कल्चरल संवेदनशीलता पर चर्चा का आयोजन
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कनीना की आवाज। आरपीएस इंटरनेशनल स्कूल, भडफ़ में जेंडर और कल्चरल संवेदनशीलता पर एक गहन चर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय की चेयरपर्सन डा. पवित्रा राव ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने बच्चों से इस विषय पर खुलकर बात की और उन्हें समाज में व्याप्त भेदभाव और असमानताओं के प्रति जागरूक किया। डा. पवित्रा राव ने अपने जीवन के अनुभवों और वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से बच्चों को समझाया कि कैसे हम एक दूसरे के प्रति संवेदनशील रहकर एक बेहतर समाज बना सकते हैं।
बच्चों ने भी अपने विचार साझा किए और जेंडर संवेदनशीलता के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे वे अपने दैनिक जीवन में इस ज्ञान को लागू कर सकते हैं और दूसरों को भी जागरूक कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम अपने छात्रों को जागरूक और संवेदनशील नागरिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस तरह के कार्यक्रम हमें इस दिशा में आगे बढऩे में मदद करते हैं।
फोटो कैप्शन 11: संबंधित फोटो है।
चंद्रशेखर आजाद का बलिदान दिवस मनाया
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कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार के प्रांगण में शुक्रवार को भारत के महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद को उनके बलिदान दिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य पूनम यादव ने की विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक ने विद्यार्थियों को चंद्रशेखर आजाद के जीवन तथा भारत की आजादी की लड़ाई में उनके योगदान के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने चंद्रशेखर आजाद के जीवन पर कविता का वाचन भी किया उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे चंद्रशेखर आजाद के जीवन से प्रेरणा ग्रहण करे तथा देश भक्ति की एक प्रबल भावना अपने हृदय में संजोए। इस अवसर पर विद्यालय के प्रवक्ता अजय कुमार बंसल, राजेंद्र कटारिया निशा जांगड़ा, कैलाश देवी,पूनम कुमारी, शशि कुमारी, धर्मेंद्र डीपी राकेश कुमार,विद्यालय के मुख्य शिक्षक रतनलाल व प्रीतम सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 08: अगिहार स्कूल में चंद्रशेखर आजाद को याद करते हुए
सुंदरह एवं भडफ़ को मिला सौंदर्यीकरण में प्रथम पुरस्कार
-खंड स्तर पर मिडिल एवं प्राथमिक स्कूलों का परिणाम अभी घोषित नहीं
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कनीना की आवाज। मुख्यमंत्री विद्यालय सौंदर्यकरण पुरस्कार 2026 के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह को खंड स्तर पर प्रथम स्थान मिलने पर विद्यालय में समस्त अध्यापकों,विद्यार्थियों, अभिभावकों में उत्साह का माहौल था। विद्यालय में मिठाइयां बांट कर तथा रंगोत्सव मना कर खुशी का इजहार किया। विद्यालय प्राचार्य बाबूलाल यादव ने इसका श्रेय समस्त विद्यालय स्टाफ, विद्यार्थी गण अभिभावकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के साथ-साथ ग्राम पंचायत का आभार व्यक्त किया। सरपंच कबूल बाई ने इस अवसर पर खुशी व्यक्त करते हुए प्राचार्य एवं समस्त विद्यालय स्टाफ का धन्यवाद किया। इस अवसर पर सुरेश कुमार,राज सिंह,अनिल कुमार ,चेतन शर्मा, कुलदीप सिंह, रेनू यादव, राजेश कुमारी, राजेश यादव, तरु यादव,मंजू यादव, प्रदीप कुमार,ओम प्रकाश सहित समस्त विद्यालय सदस्य उपस्थित थे।
भडफ़ उच्च विद्यालय रहा प्रथम-
कार्यकारी खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार खुडानिया ने बताया कि खंड स्तर पर उच्च विद्यालयों में प्रथम स्थान राजकीय उच्च विद्यालय भडफ़ का रहा है किंतु मिडिल एवं प्राथमिक स्कूलों के खंड स्तर के परिणाम अभी आने बाकी हैं। प्रथम आने वाले स्कूल को 50-50 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।
फोटो कैप्शन 09: सुंदराह स्कूल प्रथम आने पर खुशी जताते हुए
कनीना क्षेत्र में मनाई आंवला एकादशी
-आंवला पौधे का किया गया पूजन
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में शुक्रवार को आंवला एकादशी का पर्व मनाया गया। व्रत करके महिलाओं ने आंवला की पूजा की और आंवला एकादशी की कथा सुनाई। इसे आमलकी एकादशी नाम से भी जाना जाता है।
महिला आशा यादव ने बताया कि हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यूं तो एक वर्ष के अंतराल में 24 एकादशियां आती हैं। जब मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। आमलकी यानी आंवला को शास्त्रों में उसी प्रकार श्रेष्ठ स्थान प्राप्त है जैसा नदियों में गंगा को प्राप्त है और देवों में भगवान् विष्णु को। विष्णु जी ने जब सृष्टि की रचना के लिए ब्रह्मा को जन्म दिया उसी समय उन्होंने आंवले के वृक्ष को जन्म दिया। आंवले को भगवान विष्णु ने आदि वृक्ष के रूप में प्रतिष्ठित किया है। आंवले के हर अंग में ईश्वर का स्थान माना गया है। स्वयं भगवान विष्णु ने कहा है जो प्राणी स्वर्ग और मोक्ष प्राप्ति की कामना रखते हैं उनके लिए फाल्गुन शुक्ल पक्ष में जो पुष्य नक्षत्र में एकादशी आती है उस एकादशी का व्रत अत्यंत श्रेष्ठ है। इस एकादशी को आमलकी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस मौके पर गुड्डो, आशा यादव, नीलम देवी, शकुंत, बबली, सरला सहित विभिन्न महिलाएं उपस्थित रही।
फोटो कैप्शन 10: आंवला एकादशी पर आंवला की पूजा करती महिलाएं
बाबा मोलडऩाथ मेले में जुटी अपार भीड़
-ऊंट दौड़ एवं घुड़दौड़ देखने पहुंचे भारी संख्या में लोग
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कनीना की आवाज। कनीना में आयोजित बाबा मोलडऩाथ मेले दूर दराज से भक्तों ने आकर धोक लगाई। बीती रात्रि को जागरण आयोजित हुआ। मेले में जहां अपार शक्ति देखने को मिली। वहीं पर ऊंटों तथा घोडिय़ों की दौड़ ने लोगों समा बांधे रखा। मेले में जहां कबड्डी, कुश्ती, घोड़ों की दौड़, घोडिय़ों की चाल, घोड़ी और ऊंट का नृत्य आदि अनेक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्कूल के खेल के मैदान में ऊंट एवं घोडिय़ों की चाल एवं नृत्य चलते रहे। उनके करतबों ने सभी का मन मोह लिया।
बाबा आश्रम पर अपार श्रद्धा भक्ति देखने को मिली। विक्रमी संवत 2006 में वे ब्रह्मलीन हुए थे तब से लेकर आज तक का मेला भरता रहा है। एकादशी को मेला लगता है किंतु फागुन की एकादशी का यह मेला अपार भक्ति और श्रद्धा से भरा होता है जिसमें भारी संख्या में पूरे ही प्रदेश से भक्त आते हैं। इस मेले की विशेषता है कि हर घर से शक्कर चढ़ाई जाती है।
चेतराम का ऊंट दौड़ा सबसे तेज
-घोड़ी दौड़ में कालूभाई महसाना रही पहले स्थान पर
फाल्गुन की एकादशी को लगे बाबा मोलडऩाथ मेले का आयोजन शुक्रवार को धूमधाम से किया गया। मेले में हरियाणा, उत्तर प्रदेश पंजाब राजस्थान से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने माथा टेक कर शक्कर का प्रसाद चढ़ाकर मन्नतें मांगी। इस मेले को शक्कर मेला कहा जाता है। मेले में आज भी राजा महाराजाओं के समय के मनोरंजन की पुरानी परंपराएं चली आ रही हैं। जिनमें ऊंट, घोड़ों की दौड़, दंगल व कबड्डी खेले जाते हैं। मेले में ऊंटों की दौड़ में चेतराम डागीवास ने प्रथम स्थान पर रहकर 51 हजार रुपये का इनाम प्राप्त किया। दूसरा स्थान अमर सिंह करौली ने 41 हजार रुपये का इनाम प्राप्त किया। तीसरे स्थान पर सुरेश इस्लामपुर का ऊंट रहा और 31 हजार रुपये का इनाम जीता। वहीं संदीप गिगलाणा का ऊंट चौथे स्थान पर रहा और 21 हजार रुपये का इनाम जीता। पांचवे स्थान पर हाजी कमरूं का ऊंट रहा और 11 हजार रुपये का इनाम दिया गया। घोड़ी दौड़ में कालूभाई मेहसाणा ने पहला इनाम 51 हजार रुपये जीता। दूसरा इनाम राम सिंह ने 41 हजार रुपये का इनाम जीता। तीसरा इनाम मोनू पाथेड़ा ने 31 हजार रुपये का ईमान जीता। वहीं धूड़ाराम सरपंच की घोड़ी ने चौथा स्थान पाकर 31 हजार रुपये का इनाम जीता। नरेश पाथेड़ा की घांंड़ी पांचवें स्थान पर रही जिसे 11 हजार रुपये का इनाम दिया गया। बाबा मोलडऩाथ ट्रस्ट प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि गुरुवार की रात्रि को बाबा मोलडऩाथ का विशाल जागरण किया गया था।
मेले में जहां आधा दर्जन भंडारे लगे वहीं पैदल एवं पेट के बल बाबा के दर्शन करने आने वाले भक्तों की संख्या अधिक रही। दिनभर बाबा के धूणे पर प्रसाद चढ़ाया तथा शक्कर का प्रसाद वितरित किया।
प्रधान ने बताया कि ऊंटों की दौड़ में प्रथम 51 हजार, दूसरा इनाम 41000 तीसरा 31 हजार, चौथा 21000 तथा पांचवा इनाम 11000 रुपए का दिया गया। इसी प्रकार देसी घोडियों में प्रथम 51 हजार, दूसरा 41 हजार, तीसरा 31000 ,चौथा 2100 तथा पांचवां 11000 रुपये का दिया गया। घोडिय़ों की चाल आयोजित होगी जिसमें प्रथम इनाम 21 हजार दूसरा इनाम 15000 रुपए और तीसरा इनाम 7100 रुपए का दिया गया।
फोटो कैप्शन 01 से 08: मोलडऩाथ मेले में ऊंट एवं घोडिय़ों की दौड़























































