Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Wednesday, November 4, 2026



 
करीरा सरकारी स्कूल के बहुचर्चित मामले में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा रिपोर्ट भेजने में की जा रही है देरी

**करीरा के लोग छेड़ेंगे दोषी अधिकारियों के विरुद्ध आंदोलन
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कनीना की आवाज।
 कनीना उपमंडल के गांव करीरा स्कूल में गांववालों द्वारा एक शिक्षक व शिक्षिका के खिलाफ शिकायत सीएम विंडो के माध्यम से डेढ़ महीने पहले की गई थी। तीन प्राचार्यों की कमेटी ने एक महीने पहले अपनी रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारी को सौंप दी थी तथा सभी ने अपनी जांच में उपरोक्त दोनों अध्यापकों की शिकायत ठीक पाई गई व विभाग से इनका किसी अन्य विद्यालय में समायोजन करने की सिफारिश की व खंड शिक्षा अधिकारी ने भी उपरोक्त दोनों अध्यापकों की जांच में अपनी टिप्पणी विद्यालय, स्कूल समिति अभिभावकों व कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर उपरोक्त दोनों अध्यापकों का किसी अन्य विद्यालय में भेजने की अनुशंसा कर दी गई थी लेकिन इसके बाद भी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बच्चों के अभिभावकों की शिकायत को अनदेखा किया जा रहा है। गांववासियों ने मांग की है कि जांच को समय पर निदेशालय नहीं भेजा गया तो जिला उपायुक्त के माध्यम से जांच को भेजने में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ इसकी शिकायत की जाएगी।




विकसित भारत युवा संसद 2026-27 के जिला स्तरीय कार्यक्रम में युवाओं ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव विषय पर रखे विचार
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कनीना की आवाज।
मेरा युवा भारत, महेंद्रगढ़ द्वारा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026-27 के अंतर्गत जिला स्तरीय विकसित भारत युवा संसद 2026-27 का आयोजन बाबा खेतानाथ पॉलिटेक्निक कॉलेज में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय 'एक राष्ट्र एक चुनाव रहा। कार्यक्रम में युवाओं ने विषय पर अपने विचारों, तर्कों एवं सुझावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसदीय परंपराओं के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नारनौल के विधायक ओमप्रकाश यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्घाटन बाबा खेतानाथ पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्राचार्य श्री अनिल यादव ने किया।
मुख्य अतिथि माननीय श्री ओमप्रकाश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में युवाओं को राष्ट्र निर्माण, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और राष्ट्रीय विकास से जोडऩे के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 'एक राष्ट्र एक चुनाव राष्ट्रीय महत्व का विषय है, जिस पर युवाओं को तथ्यों, तर्कों एवं संवैधानिक दृष्टिकोण के आधार पर अपने विचार प्रस्तुत करने चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत के संकल्प से प्रेरणा लेते हुए अपनी नेतृत्व क्षमता, नवाचार एवं सकारात्मक सोच के माध्यम से देश की प्रगति में योगदान दें। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य साकार करने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी, राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान आवश्यक है। ऐसे युवा संसद कार्यक्रम युवाओं में लोकतांत्रिक चेतना, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर निर्णायक मंडल में डॉ. जितेंद्र भारद्वाज, इंजीनियर विकास यादव, यूथ आइकन हरीश शर्मा, प्रोफेसर जितेंद्र यादव तथा  के ब्यूरो चीफ  मनीष शामिल रहे। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों के विचारों, विषय की समझ, तार्किक क्षमता एवं प्रस्तुतीकरण के आधार पर उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन किया।
कॉलेज के प्राचार्य अनिल यादव ने युवाओं को ऐसे शैक्षणिक एवं लोकतांत्रिक मंचों से जुडऩे के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि युवा संसद जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल, नेतृत्व क्षमता तथा राष्ट्रीय मुद्दों के प्रति जागरूकता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मेरा युवा भारत, महेंद्रगढ़ के जिला युवा अधिकारी नित्यानंद यादव ने युवाओं को माय भारत की विभिन्न गतिविधियों से जुडऩे का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत युवा संसद युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था, संसदीय कार्यप्रणाली एवं राष्ट्रीय महत्व के विषयों को समझने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने प्रतियोगिता के विजेताओं को बधाई देते हुए आगामी राज्य स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।
प्रतियोगिता के परिणामों के अनुसार प्रथम स्थान - संदीप, द्वितीय स्थान- सुश्री करीना एवं
 तृतीय स्थान- विवेक ने प्राप्त किया।
तीनों विजेताओं ने अपने विचारों एवं प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण के आधार पर स्थान प्राप्त किए। ये तीनों प्रतिभागी आगामी राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद प्रतियोगिता में महेंद्रगढ़ जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।
कार्यक्रम में माय भारत के युवा स्वयंसेवकों के अतिरिक्त प्रोफेसर श्री सतपाल सुलोदिया,  प्रदीप कुमार तथा युवा साथी ग्रुप के प्रधान टिंकू सैनी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहने तथा सामाजिक एवं राष्ट्रीय विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को संसदीय परंपराओं से परिचित कराना, उनमें तार्किक चिंतन एवं प्रभावशाली संवाद कौशल विकसित करना तथा माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
फोटो कैप्शन 04: संबंधित है





खेल महाकुंभ ट्रायल्स में श्रीश्याम शूटिंग अकादमी का दबदबा, खिलाडिय़ों ने जीते गोल्ड, सिल्वर और ब्रांज मेडल।
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कनीना की आवाज।
खेल विभाग हरियाणा द्वारा आयोजित खेल महाकुंभ 2026-27 के जि़ला स्तरीय राइफल व पिस्टल शूटिंग ट्रायल्स में अटेली की श्रीश्याम स्पोर्ट्स शूटिंग अकादमी का एकतरफा जलवा रहा। मुख्य कोच प्रवीण सोनी के मार्गदर्शन में अकादमी के निशानेबाजों ने सटीक निशाना लगाते हुए पदक जीते और राज्य स्तर के लिए क्वालीफाई किया-
 संजय (कटकई) ने 10 मीटर एयर पिस्टल में शानदार प्रदर्शन कर गोल्ड मेडल जीता। अदम्य खैरवाल (कनीना)ने 10 मीटर एयर राइफल में जबरदस्त निशाना साधकर सिल्वर मेडल पर कब्जा किया। महिमा (अटेली) व साहिल (बाछौद)व  चिमनलाल की जोड़ी ने मिक्स टीम इवेंट में बेहतरीन तालमेल से कांस्य पदक अपने नाम किया।कोच प्रवीण सोनी ने बताया कि खिलाडिय़ों का मनोबल ऊंचा है और वे राज्य स्तर पर भी महेंद्रगढ़ के लिए मेडल जीतकर लाएंगे। इस सफलता पर क्षेत्र के खेल प्रेमियों ने पूरी टीम को बधाई दी है।
फोटो: संजय







सड़क हादसे में वन विभाग कर्मचारी की मौत, परिजनों ने शव रखकर लगाया जाम
डीएसपी संजय के आश्वासन और ट्रैक्टर चालक की गिरफ्तारी के बाद खुला जाम
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कनीना की आवाज।
 कनीना उपमंडल के गुढ़ा-मोहनपुर गांव के पास बाइक और ट्रैक्टर की टक्कर में वन विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान कोका गांव निवासी कालू के रूप में हुई है। हादसे के बाद परिजन और ग्रामीण शव को लेकर कनीना पहुंचे, जहां नागरिक अस्पताल में शव रखवाया गया। पुलिस द्वारा मामला दर्ज करने की कार्रवाई में देरी होने से परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
इसके विरोध में लोगों ने जुलूस निकालकर धरना दिया और मृतक का शव लेकर कनीना-महेंद्रगढ़ मुख्य सड़क मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि दुर्घटना के जिम्मेदार ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाए।
सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारी तथा डीएसपी संजय मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसी दौरान पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर और उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खोल दिया और धरना समाप्त कर दिया।
इसके बाद मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए कनीना के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं ग्रामीणों ने सड़क हादसे में कर्मचारी की मौत पर दुख जताते हुए दोषी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की।
फोटो कैप्शन: कनीना-महेंद्रगढ़ मुख्य सड़क मार्ग पर मृतक का शव रखकर जाम लगाते हुए परिजन एवं ग्रामीण।



अनाज मंडी का 5 नवंबर को रहेगा अवकाश
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कनीना की आवाज।
कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में 5 नवंबर को अवकाश रहेगा। सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी मार्केट कमेटी अजीत सिंह ने बताया कि बाजरे का उठान कार्य व मंडी में बची हुई बाजरे की ढेरियों की आनलाइन निलामी/आक्षन किया जाएगा।  ऐसे में कोई गेट पास नहीं कटेगा और अवकाश रहेगा।



अपने जमाने के प्रसिद्ध फुटबाल खिलाड़ी थे राव भगवान सिंह-नीतू सिंह
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कनीना की आवाज।
कनीना उप-मंडल के गांव गुढ़ा निवासी एवं शिक्षा के क्षेत्र में नाम कमाने वाले राव भगवान सिंह की तीसरी पुण्यतिथि पर हवन एवं प्रसाद वितरण किया गया। उनका 2023 में निधन हो गया था।
वे राजकीय विद्यालय ककराला से बतौर मुख्य अध्यापक पद से 2004 में सेवानिवृत्त हुए थे। आज के दिन सभी भाइयों की मौत हो चुकी है। जिनमें से दो भाई सेना में, एक गुजरात पुलिस, एक सीआरपी तथा एक जमींदार थे।
नीतू सिंह राष्ट्रपति अवार्डी डेरी पालन ने बताया कि 1942 के में मेघनवास में जन्मे भगवान सिंह ने हर क्षेत्र में नाम कमाया है। पूर्व मंत्री राव बंशी सिंह के बहुत करीबी रहे। उनका एक पुत्र पवनवीर भडफ़ स्कूल कार्यरत है वहीं दूसरा पुत्र रविंद्र डाक्टर है तथा तीसरा पुत्र जयपाल डेरी के नाम से विख्यात है। उनकी एक पोती एमबीबीएस कर चुकी है तथा एक पुत्रवधू कालेज कनीना में प्रोफेसर है। उनकी एक अन्य पोती शैली है। उनकी पत्नी संतरा देवी आज भी स्वस्थ है।
राव भगवान सिंह संयुक्त पंजाब के समय फुटबाल के अग्रणी खिलाड़ी रहे हैं। कालेज के दौरान भी अन्तर विश्वविद्यालय फुटबाल खेलों में कालेज का प्रतिनिधित्व किया है।
  राव भगवान सिंह मेघवनवास गांव के प्रथम शिक्षक लगे थे, तत्पश्चात प्रथम प्रथम ही प्राध्यापक एवं प्रथम मुख्याध्यापक के रूप में जाने जाते हैं।   अति सौम्य प्रकृति तथा सीधी बात को रखाने वाले राव भगवान सिंह का दूर दराज तक नाम रहा है। कितने ही अध्यापकों को उन्होंने अपनी प्रयास से सेवा तथा एनसीसी दिलवाने में अहं भूमिका निभाई। वह करीब 30 साल तक शिक्षा विभाग से जुड़े रहे। कनीना में लंबे समय तक प्राध्यापक बतौर रहे हैं। वे गौशाला, गरीब एवं दीन दुखियों के लिए अपनी पेंशन का अधिक भाग दान दे देते थे। उन्हें महेंद्रगढ़ विधायक राव कंवर सिंह ने भी पुष्प अर्पित किए।
फोटो कैप्शन 01: राव कंवर सिंह विधायक पुष्प अर्पित करते हुए



न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर भगौड़ा  घोषित, कनीना पुलिस ने किया मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
 कनीना की न्यायाधीश डा. प्रियंका जैन एसडीजेएम की अदालत में विकास उर्फ लोढ़ा बार-बार न्यायालय में बुलाई जाने पर भी उपस्थित न होने पर पीओ घोषित करते हुए कनीना पुलिस को मामला दर्ज करने का आदेश दिया। कनीना पुलिस ने उन्हें पीओ घोषित कर दिया है।





पिकअप गाड़ी ने पीछे से मारी टक्कर, मोटरसाइकिल पर सवार दो घायल, पुलिस ने मामला किया दर्ज
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कनीना की आवाज।
 कनीना-कोसली सड़क मार्ग पर मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों को पीछे से आ रही है पिकअप गाड़ी ने टक्कर जड़ दी जिसके चलते दोनों घायल हो गए। जुड्डी निवासी देशराज की शिकायत पर पिकअप गाड़ी चालक के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।
 देशराज ने कहा है कि वह तथा उसकी पत्नी राजेश देवी अपने गांव जुड्डी से 21 अक्टूबर को दोपहर 12:30 बजे मोटरसाइकिल पर सवार होकर जुड्डी से कनीना जा रहे थे। जब कनीना में करीब 1 बजे पहुंचे तो कनीना कोसली सड़क मार्ग पर पीछे से रही है पिकअप गाड़ी ने टक्कर जड़ दी जिससे दोनों गिर गए। दोनों को चोटें आई ।देशराज का कहना कि उसकी पत्नी का बाएं हाथ की हड्डी टूट गई सिर में गुम चोट लगी तथा उसे उसके भी हाथ पर चोट लगी मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गई पिकअप चालक गाड़ी को घटनास्थल से भगा ले गया। राहगीरों ने उन्हें उठाकर कनीना के उप नागरिक अस्पताल भर्ती करवाया। जहां उनका प्राथमिक इलाज करके हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद उनका इलाज हांसी में चला। देशराज का कहना है कुछ की पत्नी का हाथ का ऑपरेशन किया गया है। अभी भी इलाज चल रहा है जबकि देशराज ने अपना इलाज कोसली में करवाया। उनकी शिकायत पर पिकअप गाड़ी चालक के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।



बाइक चोरी, बाइक चोरी का मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव गुढ़ा बस स्टैंड पर खड़ी बाइक अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। मोटरसाइकिल मालिक संजय कुमार ने मोटरसाइकिल चोरी का मामला दर्ज करवा दिया है। उन्होंने पुलिस में कहा है कि वह कैमला से प्रतिदिन मोटरसाइकिल को गुढ़ा बस स्टैंड पर खड़ी करके अपने दैनिक काम पर जाता है। और काम समाप्त होने पर वापस आता है। 29 अक्टूबर को सुबह 7:30 बजे अपनी बाइक गुढ़ा बस स्टैंड पर खड़ी करके काम के लिए गया था जब शाम को 4 बजे वापस लौटा तो बाइक नहीं मिली। खोजबीन अपने स्तर पर की और अभी तक खोजबीन जारी थी किंतु बाइक नहीं मिली। अब उन्होंने बाइक चोरी का मामला दर्ज करवा दिया है।


Tuesday, November 3, 2026




 



दीयों की मांग घटी, मोमबत्तियों की मांग बढ़ी
-तेल, घी एवं बाती महंगी हुई
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कनीना की आवाज।
दीपावली पर खुशियों को व्यक्त करने के लिए परम्परागत रूप से जलाए जाने वाले दीयों का स्थान मोमबत्तियों ने ले लिया है। एक जाति विशेष कुम्हार जाति, के लोगों द्वारा दीये बनाकर अपनी रोटी रोजी कमाने वालों का तो मानो धंधा ही चौपट हो गया है। सस्ती, सुलभ तथा अविलंब प्रकाशमान होने वाली मोमबत्तियां दीपावली पर भारी संख्या में बिकती हैं।
     दीपावली के आगमन से करीब एक माह पूर्व ही कुम्हार जाति के लोग मिट्टïी लाकर दीपक बनाते हैं तत्पश्चात उन्हें पकाकर घर-घर बेचते हैं। एक जमाना था जब दीपावली के शुभ दिन पर घी के दीये जलाते थे किंतु अब दीयों के प्रति रुझान भी बदल गया है। वैसे तो माना जाता है कि श्रीराम के 14 वर्षों का वनवास पूरा करके, रावण पर विजय पाकर जब सीता सहित राम, लक्ष्मण व हनुमान अयोध्या लौटे थे तो लोगों ने खुशी के मारे घरों में घी के दीये जलाए थे और तत्पश्चात प्रति वर्ष उसी याद को दिल में संजोकर प्रतिवर्ष घी के दीये जलाते आ रहे हैं। समय के साथ-साथ दीये जलाने का रिवाज भी बदल गया है। अब तो लोग तेल के दीये भी नहीं जलाते अपितु मोमबत्ती जलाकर ही खुशी व्यक्त करते हैं। कुम्हार जाति के लोगों ने बताया कि एक वक्त था जब दीपावली के दिन इतने दीये बिकते थे कि उनके परिवार का गुजर बसर आसानी से हो जाता था किंतु अब तो रोटी रोजी के भी लाले पड़ गए हैं।  अब तो दीये बनाकर पकाने का काम भी धीमा पड़ गया है और यहां तक कि कुछ कुम्हारों ने तो अपना यह धंधा ही बदल लिया है या फिर दीये खरीदकर लाते हैं और उन्हें घरों में बेचते हैं। उन्होंने खेद जताया कि अब तो लोग मोमबत्ती से ही गुजारा चला लेते हैं।
   उधर दीपावली से कई दिन पूर्व ही दुकानों पर मोमबत्ती उपलब्ध हो जाती हैं। ये सस्ती भी मिलती हे ऐसे में लोग परम्परागत दीयों को भूला बैठे हैं। गृहणियों ने बताया कि दीयों को देशी घी से जला पाना कठिन हो गया है क्योंकि देशी घी का भाव भी 1400 रुपये से अधिक तक पहुंच गया है वहीं रुई की बाती बनानी पड़ती हैं और दीपकों को पानी में भीगोकर रखना पड़ता है ताकि वे घी कम चूसे। बाद में तेल के दीये जलाने की प्रथा चली क्योंकि तेल का भाव भी 200 रुपये किलो से कम नहीं होता है ऐसे में तेल के दीये जलाना भी आसान काम नहीं है। आदमी के आलसी होने के कारण तथा मेहनत से बचने के लिए मोमबत्ती को ही सुविधाजनक समझ लिया है और दीपावली के दिन मोमबत्तियां ही जलाई जा रही है। उधर मोमबत्ती महज एक रुपये से दस रुपये तक चल रही है। अकेला दीया 5 रुपये का पड़ रहा है।
   वैसे तो भगवान् श्रीराम के अयोध्या लौटने के बाद देशी घी के दीये जलाने का सिलसिला शुरू हुआ था किंतु हालात ये बन गए हैं कि अब मोमबत्ती जलाकर ही काम चलाया जाता है। दीये जाने से स्वास्थ्य पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है जबकि मोमबत्ती जलाने से स्वास्थ्य पर कुप्रभाव पड़ रही है। वैसे भी मोमबत्तियों को जलाने के धंधे ने कुम्हारों का व्यवसाय छीन लिया है। आगे आने वाले समय में मोमबत्तियों का स्थान कौन लेता है वक्त ही बताएगा।
 समय के साथ-साथ दिवाली मनाने के तौर तरीकों  में भी बदलाव आ रहा है। यह सब विज्ञान का चमत्कार ही कहिए क्योंकि  विज्ञान के कारण ही जहां पटाखे चलाने का रिवाज चला आ रहा है वहीं दीये जलाने के रिवाज में परिवर्तन भी आ गया है। कभी घी के दीये जलाए तांते थे फिर तेल के दीये जलाए गए। अब मोमबत्ती ही जलाकर खुशियां व्यक्त की जाती हैं यहां तक की कुछ लोग तो मोमबत्ती के स्थान पर छोटे-छोटे बल्ब जलाकर ही काम चलाते हैं।
दीपावली के दृष्टिगत बाजार में सजे हैं विभिन्न रूपों और रंगों के दीये --
दीपावली के इस पर्व पर जहां अधिकांश चाइनीज आइटम बाजार से गायब हैं। विगत वर्षों से सरकार भी इस मामले को लेकर प्रयासरत थी जिसके चलते इस सराहनीय कदम बताया जा रहा है, वहीं बाजार में इस बार अलग-अलग डिजाइन के दीयों की बहार आ गई है। विभिन्न रंग और रूप और देखने में मन को मोहने वाले दीये नजर आते हैं।
महेंद्र एवं जितेंद्र नामक व्यक्ति ने बताया कि ये दीये मिट्टी के बने हैं किंतु इनको शंख, गुलाब के फूल में दीये तथा विभिन्न डिजाइन रंगो एवं आकार के दीये बनाए गए हैं। जिनमें विभिन्न रंग लगाकर संजोकर इनको और भी शानदार बनाया गया है जिसके चलते ये मन को मोह लेते हैं। बाजार में इनकी कीमत बड़े दीये एक सौ रुपये तक जबकि छोटे दिए पांच रुपये तक मिल रहे हैं।
फोटो कैप्शन 03: दीयों की दुकानों पर बहार





किसान जुटे एक बार फिर से सरसों बिजाई के कार्य में
-वर्षा से तबाह  हो गई थी बिजाई
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में किसान एक बार फिर जोर-शोर से सरसों की बिजाई में जुट गए हैं। गत 29 अक्टूबर को हुई भारी वर्षा ने क्षेत्र के अनेक किसानों की सरसों की फसल को नुकसान पहुंचाया था। खेतों में पानी भरने और मिट्टी में नमी अधिक होने के कारण छोटी सरसों की पौध खराब हो गई, जिससे किसानों के सामने दोबारा बिजाई करने की मजबूरी पैदा हो गई है।
किसानों के सामने अब असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि वे गेहूं की बिजाई करें या फिर सरसों की दोबारा बुवाई करें। पहले ही हजारों रुपये खर्च कर चुके किसान अब आर्थिक नुकसान उठाने के बावजूद दोबारा सरसों की बिजाई में जुट गए हैं। किसानों का मानना है कि जितनी जल्दी बिजाई हो जाएगी, उतना ही फसल के बेहतर उत्पादन की संभावना बनी रहेगी।
किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार सहित अनेक किसानों ने बताया कि वर्षा ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। अब उनके पास दोबारा बिजाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
पूर्व कृषि वैज्ञानिक डा. देवराज यादव ने बताया कि इस समय किसान लेट वैरायटी की सरसों की बिजाई कर सकते हैं। किसानों को मौसम और खेतों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जल्द बिजाई करनी चाहिए, ताकि फसल को आगे बढऩे के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
फोटो कैप्शन 02:कनीना क्षेत्र में वर्षा से फसल खराब होने के बाद खेत में दोबारा सरसों की बिजाई करते किसान।



अब तक अनाज मंडी में खरीदा गया 3.75 लाख क्विंटल बाजरा
-4 नवंबर को कई गांवों के किसान बेचेंगे बाजरा
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कनीना की आवाज।
 कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में बाजरे की खरीद तेजी से जारी है। अब तक मंडी में करीब 3 लाख 75 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद हो चुकी है। खरीद कार्य में करीब 10 निजी एजेंसियां लगी हुई हैं, जो किसानों से बाजरा खरीद रही हैं। हालांकि, अभी तक सरकारी स्तर पर बाजरे का एक दाना भी नहीं खरीदा गया है।
एक ओर जहां किसान खेतों में सरसों और गेहूं की बिजाई के कार्य में जुटे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर अपनी बाजरे की फसल बेचने के लिए भी मंडी पहुंच रहे हैं। किसान निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रालियों में बाजरा लेकर चेलावास मंडी आ रहे हैं। खरीद प्रक्रिया लगातार जारी रहने से मंडी में किसानों की आवाजाही बनी हुई है।
सचिव अजीत सिंह ने बताया कि  जारी शेड्यूल के अनुसार 4 नवंबर को खरकड़ा बास, खेड़ी, खैराना, कोका, कोटिया, मानपुरा, मोहम्मदपुर, मुंडिया खेड़ा, नांगल, नौताना, पड़तल,पोता, रामबास, रसूलपुर, स्याणा, सेहलंग, सिहोर सुंदराह, तलवाना, उच्चत, उन्हाणी और ढाणा गांवों के किसान अपना बाजरा बेचने के लिए मंडी पहुंचेंगे। किसानों को निर्धारित तारीख के अनुसार ही बाजरा लेकर आने की सलाह दी गई है, ताकि खरीद कार्य सुचारू रूप से चलता रहे।
फोटो कैप्शन 04: चेलावास अनाज मंडी में बाजरे की फसल बेचने के लिए पहुंचे किसान एवं ट्रैक्टर-ट्रालियां।


ज्ञान भवन नई दिल्ली में गूंजी कनीना की आवाज
-सचिन कुमार ने किया दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का मंच संचालन ।
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कनीना की आवाज।
विश्व हिंदी परिषद के तत्वाधान में देश की राजधानी नई दिल्ली के प्रतिष्ठित विज्ञान भवन में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम भारत रत्न अटल -हिंदी, राष्ट्रवाद एवं सुशासन में कनीना निवासी प्रवक्ता सचिन कुमार ने लगातार दो दिनों तक मंच संचालन कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया।
पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को समर्पित इस कार्यक्रम में उनके व्यक्तित्व, राष्ट्र के प्रति समर्पण, हिंदी भाषा के उत्थान तथा सुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को स्मरण किया गया। हिंदी, राष्ट्रवाद और सुशासन के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने की भावना इस आयोजन के केंद्र में रही।
कार्यक्रम में भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति  एम वेंकैया नायडू, विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, पूर्व राज्यसभा सांसद केसी त्यागी, पूर्व गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार, पद्मश्री एवं पद्म भूषण से सम्मानित प्रख्यात साहित्यकार आचार्य यर्लगड्डा लक्ष्मी प्रसाद, बिहार विधान परिषद के सदस्य एवं पूर्व मंत्री श्री संजय पासवान, प्रख्यात स्तंभकार एवं सदस्य, वित्त एवं ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार डा. विपिन कुमार, सदस्य, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार श्री देवी प्रसाद मिश्र तथा भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के सदस्य सचिव प्रोफेसर सच्चिदानंद मिश्र सहित अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल हुईं।
इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में अनेक वर्तमान एवं पूर्व मंत्री, सांसद, विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर एवं शिक्षाविद्, विभिन्न मंत्रालयों के राजभाषा अधिकारी, प्रतिष्ठित साहित्यकार तथा पद्मश्री एवं पद्म भूषण से अलंकृत विभूतियों ने भाग लिया। लगभग 20 देशों से आए गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय गरिमा प्रदान की। अपने शानदार मंच संचालन के लिए सचिन कुमार को विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया।
गौरतलब है कि सचिन कुमार अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मंच संचालन कर चुके हैं। विज्ञान भवन में उनके शानदार मंच संचालन और सम्मान से कनीना क्षेत्र गौरवान्वित है। वर्तमान में सचिन कुमार रेवाड़ी जिले के नांगल तेजू स्थित मॉडल संस्कृति विद्यालय में भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता के पद पर कार्यरत हैं।
फोटो कैप्शन 01: सचिन शर्मा संबोधित करते हुए


सरसों की





बीजाई नष्ट, मिले आर्थिक सहायता
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कनीना की आवाज। जिला के किसानों द्वारा बोई गई सरसों की 70 प्रतिशत बिजाई गत 29, 30 अक्टूबर को हुई बरसात के कारण रपट (खराब) हो गई। किसानों को दोबारा बिजाई करनी पड़ रही है। इस सम्बन्ध में बसपा के नेता अतरलाल एडवोकेट ने राज्य सरकार से प्रभावित किसानों को दस हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से विशेष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
    अतरलाल ने कहा कि उन्हें मुंडिया खेड़ा, दौंगड़ा जाट, दौंगड़ा अहीर, सिलारपुर, अटाली तथा जिला के अनेक गांवों के किसानों से शिकायत मिली है कि उन्होंने सरसों की जो बिजाई की थी वह गत 29-30 अक्टूबर को लगातार हुई बरसात के कारण खराब हो गई है। बरसात के कारण खेतों में जलभराव हो गया और बोए गए सरसों के बीज अंकुरित होने से पहले ही मिट्टी में दब गए। इस प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित किसानों को मजबूरन दोबारा बिजाई करनी पड़ रही है। इस तरह किसानों को प्रति एकड़ आठ-दस हजार रूपए का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिला में करीब 2 लाख एकड़ भूमि में सरसों की बिजाई की जाती है। इसमें से 70 प्रतिशत रकबे में सरसों की बिजाई रपट खराब होने से किसान चिंतित तथा उदास हैं। इसलिए सरकार तथा कृषि विभाग तत्काल खराब हुई सरसों की बिजाई का सर्वे करवाकर प्रभावित किसानों को दस हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से विशेष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए।





Monday, November 2, 2026






 


जबलपुर में डा. होशियार सिंह को सम्मान लेने जाना था। इसलिए 3 दिन कनीना की आवाज बंद रहा जिसका बड़ा खेद है।



दीपावली पर कबाड़ निकलने से कबाडिय़ों की मौज
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कनीना की आवाज।
दीपावली पर कबाड़ घर से निकालने पर कबाडिय़ों की मौज हो गई है। 8 नवंबर को दीपावली मनाई जाएगी, वही दीपावली को लेकर घरों की साफ-सफाई करने में, मिठाई बनाने वाले मिठाई बनाने में, घरों में रंग पेंट करने वाले लंबे समय से व्यस्त हैं तथा उनके पास किसी के भी पास कोई फुर्सत नहीं है। साल में एक बार यह पर्व आता है जिस पर इन मजदूरों की मांग अधिक होती है। क्षेत्र में जहां रंग पेंट की विशेष मांग है मांग है पुताई करने वाले इस समय फुर्सत में नहीं है।  पेंटर ने बताया सुरेश और मोनू पेंटर ने बताया कि उनके पास इस समय दिवाली तक कोई फुर्सत नहीं है तत्पश्चात ही कुछ वक्त निकल पाएगा। दीपावली एवं पंचायत चुनाव एक साथ आने से भी व्यस्तता बढ़ गई है। वर्षभर कूड़ा कचरा घरों में जमा होता रहता हैं उसे भी वर्ष में एक बार साफ किया जाता है तथा अब कबाड़ी घर घर घूमने लग गए हैं ताकि उन्हें अधिक से अधिक कबाड़ मिल सके। दीपावली के बाद ही विवाह शादियां शुरू होंगी। ऐसे में कुछ लोग जहां विवाह शादियों के दृष्टिगत तो बहुत अधिक लोग दीपावली के दृष्टिगत घरों में पेंटिंग रंग आदि कर रहे हैं। रंग रोगन के चलते आप घर साफ-सुथरे नजर आने लग गए हैं। रवि, दिनेश, सुरेश एवं महेश आदि ने बताया कि रंग पेंट वर्ष में कम से कम एक बार तो जरूर करवा लेना चाहिए ताकि घर लंबे समय तक चल सके।
दीपावली पास आने से कबाड़ी खुश--
दीपावली नजदीक आने से घरों की सफाई करने से कबाड़ी खुश हैं। घरों से भारी मात्रा में कबाड़ का सामान निकाला जा रहा है।
  उल्लेखनीय है कि दीपावली के पर्व पर सफाई करने से प्रत्येक घर से कबाड़ी का सामान निकलता है जिसे कबाड़ के भाव बेच दिया जाता है। कबाड़ी इस सामान को सस्ते में खरीद लेते हैं और दीपावली पर अच्छी दिहाड़ी बना लेते हैं। कबाड़ी दीपावली पर इतना सामान खरीदते हैं जिससे कई माह का गुजारा संभव हो पाता है। एक ओर जहां कबाड़ी सफाई में अहं भूमिका निभा रहे हैं वहीं वे अपने परिवार का पालन पोषण आसानी से करने की क्षमता रखते हैं।






दीयों का स्थान ले लिया मोमबत्तियों ने
-तेल, घी एवं बाती महंगी हुई
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कनीना की आवाज।
दीपावली पर खुशियों को व्यक्त करने के लिए परम्परागत रूप से जलाए जाने वाले दीयों का स्थान मोमबत्तियों ने ले लिया है। एक जाति विशेष कुम्हार जाति, के लोगों द्वारा दीये बनाकर अपनी रोटी रोजी कमाने वालों का तो मानो धंधा ही चौपट हो गया है। सस्ती, सुलभ तथा अविलंब प्रकाशमान होने वाली मोमबत्तियां दीपावली पर भारी संख्या में बिकती हैं।
     दीपावली के आगमन से करीब एक माह पूर्व ही कुम्हार जाति के लोग मिट्टïी लाकर दीपक बनाते हैं तत्पश्चात उन्हें पकाकर घर-घर बेचते हैं। एक जमाना था जब दीपावली के शुभ दिन पर घी के दीये जलाते थे किंतु अब दीयों के प्रति रुझान भी बदल गया है। वैसे तो माना जाता है कि श्रीराम के 14 वर्षों का वनवास पूरा करके, रावण पर विजय पाकर जब सीता सहित राम, लक्ष्मण व हनुमान अयोध्या लौटे थे तो लोगों ने खुशी के मारे घरों में घी के दीये जलाए थे और तत्पश्चात प्रति वर्ष उसी याद को दिल में संजोकर प्रतिवर्ष घी के दीये जलाते आ रहे हैं। समय के साथ-साथ दीये जलाने का रिवाज भी बदल गया है। अब तो लोग तेल के दीये भी नहीं जलाते अपितु मोमबत्ती जलाकर ही खुशी व्यक्त करते हैं। कुम्हार जाति के लोगों ने बताया कि एक वक्त था जब दीपावली के दिन इतने दीये बिकते थे कि उनके परिवार का गुजर बसर आसानी से हो जाता था किंतु अब तो रोटी रोजी के भी लाले पड़ गए हैं।  अब तो दीये बनाकर पकाने का काम भी धीमा पड़ गया है और यहां तक कि कुछ कुम्हारों ने तो अपना यह धंधा ही बदल लिया है या फिर दीये खरीदकर लाते हैं और उन्हें घरों में बेचते हैं। उन्होंने खेद जताया कि अब तो लोग मोमबत्ती से ही गुजारा चला लेते हैं।
   उधर दीपावली से कई दिन पूर्व ही दुकानों पर मोमबत्ती उपलब्ध हो जाती हैं। ये सस्ती भी मिलती हे ऐसे में लोग परम्परागत दीयों को भूला बैठे हैं। गृहणियों ने बताया कि दीयों को देशी घी से जला पाना कठिन हो गया है क्योंकि देशी घी का भाव भी 1400 रुपये से अधिक तक पहुंच गया है वहीं रुई की बाती बनानी पड़ती हैं और दीपकों को पानी में भीगोकर रखना पड़ता है ताकि वे घी कम चूसे। बाद में तेल के दीये जलाने की प्रथा चली क्योंकि तेल का भाव भी 200 रुपये किलो से कम नहीं होता है ऐसे में तेल के दीये जलाना भी आसान काम नहीं है। आदमी के आलसी होने के कारण तथा मेहनत से बचने के लिए मोमबत्ती को ही सुविधाजनक समझ लिया है और दीपावली के दिन मोमबत्तियां ही जलाई जा रही है। उधर मोमबत्ती महज एक रुपये से दस रुपये तक चल रही है। अकेला दीया 5 रुपये का पड़ रहा है।
   वैसे तो भगवान् श्रीराम के अयोध्या लौटने के बाद देशी घी के दीये जलाने का सिलसिला शुरू हुआ था किंतु हालात ये बन गए हैं कि अब मोमबत्ती जलाकर ही काम चलाया जाता है। दीये जाने से स्वास्थ्य पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है जबकि मोमबत्ती जलाने से स्वास्थ्य पर कुप्रभाव पड़ रही है। वैसे भी मोमबत्तियों को जलाने के धंधे ने कुम्हारों का व्यवसाय छीन लिया है। आगे आने वाले समय में मोमबत्तियों का स्थान कौन लेता है वक्त ही बताएगा।
 समय के साथ-साथ दिवाली मनाने के तौर तरीकों  में भी बदलाव आ रहा है। यह सब विज्ञान का चमत्कार ही कहिए क्योंकि  विज्ञान के कारण ही जहां पटाखे चलाने का रिवाज चला आ रहा है वहीं दीये जलाने के रिवाज में परिवर्तन भी आ गया है। कभी घी के दीये जलाए तांते थे फिर तेल के दीये जलाए गए। अब मोमबत्ती ही जलाकर खुशियां व्यक्त की जाती हैं यहां तक की कुछ लोग तो मोमबत्ती के स्थान पर छोटे-छोटे बल्ब जलाकर ही काम चलाते हैं।
दीपावली के दृष्टिगत बाजार में सजे हैं विभिन्न रूपों और रंगों के दीये --
दीपावली के इस पर्व पर जहां अधिकांश चाइनीज आइटम बाजार से गायब हैं। विगत वर्षों से सरकार भी इस मामले को लेकर प्रयासरत थी जिसके चलते इस सराहनीय कदम बताया जा रहा है, वहीं बाजार में इस बार अलग-अलग डिजाइन के दीयों की बहार आ गई है। विभिन्न रंग और रूप और देखने में मन को मोहने वाले दीये नजर आते हैं।
महेंद्र एवं जितेंद्र नामक व्यक्ति ने बताया कि ये दीये मिट्टी के बने हैं किंतु इनको शंख, गुलाब के फूल में दीये तथा विभिन्न डिजाइन रंगो एवं आकार के दीये बनाए गए हैं। जिनमें विभिन्न रंग लगाकर संजोकर इनको और भी शानदार बनाया गया है जिसके चलते ये मन को मोह लेते हैं। बाजार में इनकी कीमत बड़े दीये एक सौ रुपये तक जबकि छोटे दिए पांच रुपये तक मिल रहे हैं।
फोटो कैप्शन 01: दीयों की दुकानों पर बहार






दीपावली को लेकर बाजारों में रौनक, दुकानों पर सजने लगा त्योहार का सामान
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कनीना की आवाज।
 दीपावली पर्व नजदीक आते ही कनीना के बाजारों में रौनक बढऩे लगी है। दुकानदारों ने त्योहार को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार की तस्वीरें, दीपावली से संबंधित सजावटी सामान और घरों में उपयोग होने वाली वस्तुएं दुकानों के बाहर सजानी शुरू कर दी हैं। बाजारों में मिट्टी के दीये, रंग-पेंट, रंगोली का सामान, आकर्षक झालरें, लाइटें तथा घरों को सजाने के लिए विभिन्न प्रकार की वस्तुएं खरीददारों को आकर्षित कर रही हैं।
पिछले कुछ दिनों से बाजारों में खरीददारी के लिए पहुंचने वाले लोगों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। दुकानों के बाहर सामान सजाने और खरीददारों की भीड़ बढऩे से बाजारों में आवागमन भी प्रभावित होने लगा है। विशेषकर कनीना बस स्टैंड पर सबसे अधिक भीड़ देखने को मिल रही है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन चालकों, राहगीरों और स्कूली बच्चों का आवागमन होता है। ऐसे में जाम जैसी स्थिति बनने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रत्येक त्योहार पर बाजारों में भीड़ बढ़ती है, लेकिन प्रशासन की ओर से यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। नई नगर पालिका भी इस समस्या के समाधान को लेकर कोई प्रभावी व्यवस्था करती नजर नहीं आ रही है। लोगों की शिकायतों पर अक्सर यही जवाब मिलता है कि त्योहारों के दौरान भीड़ होना सामान्य बात है।
लोगों का कहना है कि त्योहार खुशियां मनाने का अवसर है, लेकिन अव्यवस्थित यातायात और जाम के कारण खरीददारी करने वालों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन दीपावली से पहले यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कोई कदम उठाता है या लोगों को इसी अव्यवस्था के बीच त्योहार मनाने को मजबूर होना पड़ेगा।
फोटो कैप्शन 02: दीपावली के मद्देनजर कनीना में दुकानों पर सजा सामान और खरीददारी करते ग्राहक।






डा. होशियार सिंह यादव को कादंबरी संस्था ने किया सम्मानित
--लेखन के क्षेत्र में परिवार की विशिष्ट पहचान
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कनीना की आवाज।
 साहित्य एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे समय से अपनी लेखनी के माध्यम से विशेष पहचान बनाने वाले कनीना निवासी डॉ. होशियार सिंह यादव को कादंबरी संस्था की ओर से सम्मानित किया गया है। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र के साहित्यकारों, पत्रकारों, गणमान्य लोगों और शुभचिंतकों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
डॉ. होशियार सिंह यादव लंबे समय से साहित्य सृजन और पत्रकारिता के कार्य में सक्रिय हैं। अब तक उनकी लगभग 45 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। साहित्य एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्हें राज्यपाल के हाथों भी तीन बार सम्मानित होने का गौरव प्राप्त है। विभिन्न उपलब्धियों के साथ उनका नाम विश्व रिकॉर्ड से संबंधित पुस्तकों में भी दर्ज हो चुका है। वर्तमान में भी वे निरंतर लेखन कार्य में जुटे हुए हैं।
विशेष बात यह है कि डॉ. यादव का पूरा परिवार साहित्य और लेखन के प्रति समर्पित है। उनके पुत्र अमीश कुमार को हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी की ओर से दो बार सम्मानित किया जा चुका है। उनकी पत्नी आशा यादव को भी हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी से श्रेष्ठ कृति पुरस्कार प्राप्त हुआ है। उनकी पुत्री अमीशा यादव भी लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हैं और अपनी रचनात्मक प्रतिभा के लिए पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं। डॉक्टर होशियार सिंह की अब तक 45 पुस्तके प्रकाशित हो चुकी है।
डॉ. होशियार सिंह यादव ने अपने परिवार के सदस्यों के साहित्यिक योगदान को प्रसन्नता का विषय बताते हुए कहा कि लेखन केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति से जुडऩे का महत्वपूर्ण साधन है। परिवार के सभी सदस्यों का साहित्य के प्रति लगाव उनके लिए प्रेरणादायक है।
डॉ. यादव को मिले इस सम्मान से कनीना और महेंद्रगढ़ क्षेत्र में खुशी का माहौल है। अनेक लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
फोटो संलग्र है




पूर्व मुख्याध्यापक राव भगवान सिंह की तीसरी पुण्यतिथि 4 को
-पूर्व मंत्री राव बंसी सिंह के थे नजदीकी
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कनीना की आवाज।
कनीना उप-मंडल के गांव गुढ़ा निवासी एवं शिक्षा के क्षेत्र में नाम कमाने वाले राव भगवान सिंह का 2023 में निधन हो गया। उनकी दूसरी पुण्यतिथि पर गुढ़ा में जहां हवन एवं प्रसाद वितरण किया जाएगा। उनका निधन करीब 81 वर्ष की उम्र में हुआ था। वे राजकीय विद्यालय ककराला से बतौर मुख्य अध्यापक पद से 2004 में सेवानिवृत्त हुए थे। उनका पैतृक गांव मेघनवास है तथा वे अपने परिवार में छह भाई होते थे। आज के दिन सभी भाइयों की मौत हो चुकी है। जिनमें से दो भाई सेना में, एक गुजरात पुलिस, एक सीआरपी तथा एक जमींदार थे।
1942 के में मेघनवास में जन्मे भगवान सिंह ने हर क्षेत्र में नाम कमाया है। पूर्व मंत्री राव बंशी सिंह के बहुत करीबी रहे। उनका एक पुत्र पवनवीर भडफ़ स्कूल कार्यरत है वहीं दूसरा पुत्र रविंद्र डाक्टर है तथा तीसरा पुत्र जयपाल डेरी के नाम से विख्यात है। उनकी एक पोती एमबीबीएस कर चुकी है तथा एक पुत्रवधू कालेज कनीना में प्रोफेसर है। उनकी एक अन्य पोती शैली है।  उनकी पत्नी संतरा देवी आज भी स्वस्थ है। राव भगवान सिंह संयुक्त पंजाब के समय फुटबाल के अग्रणी खिलाड़ी रहे हैं। कालेज के दौरान भी अन्तर विश्वविद्यालय फुटबाल खेलों में कालेज का प्रतिनिधित्व किया है।
 मेघनावास से संबंध रखने वाले कप्तान महावीर सिंह, डीएसपी जगदीश, बाबूलाल प्रधान  एवं राजकुमार मुख्य अध्यापक ने बताया कि राव भगवान सिंह मेघवनवास गांव के प्रथम शिक्षक लगे थे, तत्पश्चात प्रथम प्रथम ही प्राध्यापक एवं प्रथम मुख्याध्यापक के रूप में जाने जाते हैं।  उनकी एक पुत्रवधू नीतू राष्ट्रपति से सम्मानित है। दूरदराज तक पुत्र जयपाल की डेरी प्रसिद्ध है। अति सौम्य प्रकृति तथा सीधी बात को रखाने वाले राव भगवान सिंह का दूर दराज तक नाम रहा है। कितने ही अध्यापकों को उन्होंने अपनी प्रयास से सेवा में तथा एनसीसी दिलवाने में अहं भूमिका निभाई। वह करीब 30 साल तक शिक्षा विभाग से जुड़े रहे। कनीना में लंबे समय तक प्राध्यापक बतौर रहे हैं। वे गौशाला, गरीब एवं दीन दुखियों के लिए अपनी पेंशन का अधिक भाग दान दे देते थे। परिजन ने बताया कि 4 नवंबर को हवन के अतिरिक्त प्रसाद वितरण किया जाएगा।
 फोटो कैप्शन: राव भगवान सिंह फाइल फोटो


बोलोरो गाड़ी ने मारी टक्कर दो घायल, एक की अस्पताल में मौत,
--दूसरे का हायर सेंटर में उपचार जारी
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कनीना की आवाज।
 कलवाड़ी के पास बोलोरो गाड़ी ने दो जनों को टक्कर मारी जिससे दोनों घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर एक महिला ने दम तोड़ दिया जबकि एक युवक का हायर सेंटर में इलाज चल रहा है। पुलिस में दी गई शिकायत में सतपाल कलवाड़ी ने कहा है कि वह इंडस वैली स्कूल दौंगड़ा अहीर में चपरासी पद पर कार्यरत है। एक नवंबर को रात 8 बजे वह उसकी मां संतोष देवी तथा उसका भतीजा कृष सभी कलवाड़ी गांव के निवासी, खाना खाकर अपने नए मकान से पुराने मकान में सोने के लिए जा रहे थे। संतोष देवी और कृष आगे चल रहे थे तथा सतपाल पीछे चल रहा था। सभी पैदल जा रहे थे। घर से थोड़ा आगे सड़क मार्ग पर चले तो दौंगड़ी अहीर की तरफ से एक सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी तेज रफ्तार से आई और आगे चल रहे संतोष देवी और कृष को टक्कर मार दी। दोनों गिर गए और घायल हो गए। गाड़ी चालक गाड़ी रोक कर नीचे आया तो गाड़ी का नंबर नोट कर लिया गया। तत्पश्चात नाम व पता पूछने पर बगैर बताए गाड़ी को तेज रफ्तार से अटेली की तरफ भगा ले गया। सतपाल के जोर-जोर से शोर करने पर लोग इकट्ठे हो गए और स्वजन भी आ गए। एंबुलेंस की सहायता से संतोष व कृष को सरकारी अस्पताल नारनौल लेकर गए जहां डाक्टरों ने संतोष देवी का मृत घोषित कर दिया जबकि कृष को ज्यादा चोट होने के कारण हायर सेंटर रेफर कर दिया। संतोष देवी का पोस्टमार्टम करवा अंतिम संस्कार कलवाड़ी में कर दिया गया है। पुलिस ने गाड़ी चालक के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।









Thursday, October 29, 2026



 


कनीना की पीपल वाली बणी को बचाने की कवायद शुरू,
-पांच फीट ऊंची कच्ची दीवार बनाने का काम शुरू
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कनीना की आवाज।
 कनीना की पीपलवाली बणी को एसटीपी के जल से बचाने के लिए आखिरकार प्रयास शुरू हो गए हैं। यहां एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) से साफ पानी डाला जा रहा था, जो धीरे-धीरे दूर तक फैलने लगा। इससे बणी में लगे पीपल, कैर और अन्य पेड़-पौधों के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा था। स्थानीय लोगों ने इस समस्या पर एतराज जताते हुए उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाई थी। यहां तक कि ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में भी यह मुद्दा उठाया गया था। इसके बाद अब टेंडर के माध्यम से पांच-पांच फीट ऊंची कच्ची मिट्टी की दीवार बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
इस संबंध में जनस्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता पवन कुमार ने बताया कि डीएमसी भी इस स्थान का दौरा कर चुके हैं। पानी के सैंपल भी जांच के लिए भिजवाए गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां साफ पानी डाला जा रहा है। हालांकि, पेड़-पौधों के सूखने की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि दीवार बनाने का कार्य पूरा होने के बाद नर्सरी से अच्छे किस्म के पौधे लाकर बनी के चारों ओर लगाए जाएंगे, ताकि हरियाली को बचाया जा सके और पानी का फैलाव सीमित रहे।
उल्लेखनीय है कि कनीना-कोसली मार्ग पर रणास बणी में एसटीपी स्थित है। वहां जगह की कमी के चलते शोधित पानी को पीपल वाली बनी में पहुंचाया जा रहा है। यह पानी आसपास के बड़े क्षेत्र में फैल गया है। इससे वहां खड़े कई पेड़-पौधों के सूख गए हैं और बचे हुए भी सूखने की प्रबल संभावना है चूंकि लगातार पानी खड़ा रहता है।  स्थानीय लोग इस समस्या को लेकर काफी चिंतित थे और उन्होंने अधिकारियों से समाधान की मांग की थी।
अब दीवार बनाने की कार्रवाई शुरू होने से लोगों को उम्मीद जगी है कि पीपल वाली बणी की हरियाली बचाई जा सकेगी और पेड़-पौधों को जलभराव से होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी।
फोटो कैप्शन 06: कनीना की पीपल वाली बणी में पानी का फैलाव रोकने के लिए कच्ची मिट्टी की दीवार बनाते हुए







कनीना क्षेत्र में चार मिलीमीटर वर्षा से किसान चिंतित, सरसों की बिजाई प्रभावित होने के आसार
-वर्षा से खेतों में नमी बढ़ी, हाल ही में बोई गई सरसों को नुकसान की आशंका
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कनीना की आवाज।
  कनीना क्षेत्र में हुई करीब चार मिलीमीटर वर्षा और रुक-रुककर जारी बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इन दिनों क्षेत्र में किसान सरसों की बिजाई युद्धस्तर पर कर रहे हैं। ऐसे में बारिश होने से बिजाई का कार्य प्रभावित हो गया है। वहीं, जिन किसानों ने हाल ही में सरसों की बिजाई की है, उनकी फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पडऩे की आशंका जताई जा रही है।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सरसों की बिजाई के लिए खेतों में अनुकूल परिस्थितियां होना जरूरी है। लगातार नमी बढऩे और खेतों में पानी ठहरने की स्थिति में नई बोई गई सरसों के बीजों के अंकुरण पर असर पड़ सकता है। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
क्या कहते हैं एसडीओ कृषि-
कृषि विभाग के एसडीओ डा. अजय यादव ने बताया कि यह वर्षा सरसों की फसल के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। जिन किसानों ने तीन-चार दिन पहले ही सरसों की बिजाई की है, उनकी फसल खराब होने की आशंका है। वहीं, सरसों की जो फसल कुछ अधिक दिन पहले बोई गई है, उसमें कीट पैदा हो गए थे वो मर जाएंगे।
उन्होंने बताया कि वर्षा के कारण किसानों का कृषि कार्य भी प्रभावित हुआ है। जिन किसानों ने अभी तक सरसों की बिजाई नहीं की है, उन्हें खेतों में नमी की स्थिति सामान्य होने का इंतजार करना पड़ सकता है। इससे बिजाई में देरी होने की संभावना है।
उधर, किसान एक नवंबर के बाद गेहूं की बिजाई की तैयारी में जुटे हुए हैं। इसके लिए खेतों को तैयार किया जा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार, मौजूदा वर्षा गेहूं की फसल के लिए लाभदायक साबित हो सकती है, लेकिन अभी गेहूं की बिजाई का समय नहीं आया है। ऐसे में किसान मौसम की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और सरसों की फसल को लेकर चिंतित हैं।
फोटो कैप्शन 07: कनीना क्षेत्र में बृहस्पतिवार को हुई वर्षा
साथ में एसडीओ कृषि डा. अजय यादव





कनीना अनाज मंडी में 3 लाख 25 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद, वर्षा से प्रभावित हुआ कार्य
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कनीना की आवाज।
 कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में बाजरे की सरकारी एवं निजी एजेंसियों के माध्यम से खरीद का कार्य तेजी से चल रहा है। अब तक मंडी में करीब 3 लाख 25 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद की जा चुकी है। किसान बड़ी मात्रा में अपने वाहनों में बाजरा भरकर मंडी पहुंच रहे हैं। हालांकि, गुरुवार को क्षेत्र में हुई वर्षा के कारण खरीद कार्य प्रभावित हुआ। वर्षा से बाजरे को बचाने के लिए उसे तिरपाल से ढकना पड़ा, ताकि किसानों की मेहनत से तैयार फसल को नुकसान न पहुंचे।
मंडी में बाजरे की आवक लगातार जारी है। खरीद कार्य को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए गांवों के अनुसार शेड्यूल बनाया गया है। शेड्यूल के मुताबिक किसानों को मंडी में बाजरा लाने के लिए निर्धारित समय दिया जा रहा है। इससे मंडी में भीड़ को नियंत्रित करने और खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने में मदद मिल रही है। किसानों को भी इसका लाभ मिल रहा है और उन्हें अपनी उपज बेचने में सुविधा हो रही है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में मंडी में बाजरा लेकर पहुंचने वाले सभी किसानों की उपज खरीद ली जाएगी। वर्षा के कारण कुछ समय के लिए काम प्रभावित जरूर हुआ है, लेकिन मौसम अनुकूल रहने पर खरीद और उठान में तेजी आने की उम्मीद है। प्रधान पूर्णचंद ने बताया कि मंडी में झारने की व्यवस्था तथा उठान की व्यवस्था उत्तम है।
फोटो कैप्शन: 5. कनीना की चेलावास अनाज मंडी में बाजरे की खरीद



साइबर अपराधों से बचाव के लिए विद्यार्थियों का जागरूक होना जरूरी
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कनीना की आवाज।
साइबर थाना नारनौल की टीम द्वारा ओडीएम इंटरनेशनल स्कूल, महेंद्रगढ़ में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर बुलिंग, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन गेमिंग के खतरों, फर्जी लिंक, डिजिटल ब्लैकमेलिंग तथा साइबर अपराधों से बचाव के महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी गई।
साइबर थाना नारनौल की टीम ने विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए बताया कि वर्तमान डिजिटल युग में इंटरनेट शिक्षा, मनोरंजन और संचार का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। बच्चे भी पढ़ाई, ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया के जरिए तेजी से डिजिटल दुनिया से जुड़ रहे हैं। ऐसे में साइबर अपराधी बच्चों की जिज्ञासा, विश्वास और तकनीकी जानकारी की कमी का फायदा उठाकर उन्हें विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों का शिकार बना सकते हैं। टीम ने विद्यार्थियों को समझाया कि इंटरनेट पर दिखाई देने वाली प्रत्येक जानकारी और व्यक्ति की पहचान विश्वसनीय नहीं होती। इसलिए सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से दोस्ती करने, अपनी व्यक्तिगत तस्वीरें, मोबाइल नंबर, घर का पता, लोकेशन और अन्य निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को आलाइन गेमिंग के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी के बारे में विशेष रूप से जागरूक किया गया। टीम ने बताया कि साइबर अपराधी मुफ्त गेमिंग काइन, डायमंड, गिफ्ट कार्ड, स्कालरशिप, आनलाइन पुरस्कार और आकर्षक आफर का लालच देकर बच्चों को फर्जी वेबसाइट एवं संदिग्ध लिंक के माध्यम से ठगी का शिकार बना सकते हैं। विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, बिना अभिभावकों की अनुमति के आनलाइन भुगतान न करें तथा किसी अपरिचित व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, यूपीआई पिन अथवा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
साइबर पुलिस टीम ने साइबर बुलिंग, आनलाइन धमकी, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, फोटो एवं वीडियो के दुरुपयोग और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर विषयों पर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। टीम ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर परेशान करता है, आपत्तिजनक संदेश भेजता है, निजी फोटो या वीडियो वायरल करने की धमकी देता है अथवा किसी प्रकार का अनुचित दबाव बनाता है, तो डरने या चुप रहने के बजाय तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा पुलिस को इसकी जानकारी दें। विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि किसी की फोटो या वीडियो का बिना अनुमति दुरुपयोग करना, फर्जी अकाउंट बनाना और ऑनलाइन परेशान करना कानूनन दंडनीय हो सकता है।
टीम ने विद्यार्थियों को मजबूत पासवर्ड बनाने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अपनाने, सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग सुरक्षित रखने तथा संदिग्ध मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने से बचने की भी सलाह दी।
फोटो कैप्शन 03: साइबर अपराधों की जानकारी देते हुए पुलिस



राजकीय महाविद्यालय नारनौल में जोनल युवा महोत्सव को लेकर बैठक आयोजित, 21 महाविद्यालयों ने कराया पंजीकरण
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कनीना की आवाज।
 राजकीय महाविद्यालय नारनौल में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक आयोजित होने वाले इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर के जोनल युवा महोत्सव-2026 के सफल आयोजन को लेकर सभी महाविद्यालयों के कंटिजेंट इंचार्जों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने भी भाग लिया।
बैठक के दौरान युवा महोत्सव में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम-क्रम निर्धारित किया गया तथा प्रत्येक प्रतियोगिता के लिए कोड आवंटित किए गए। इसका उद्देश्य प्रतियोगिताओं का संचालन सुव्यवस्थित ढंग से करना तथा निर्णयन प्रक्रिया में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। सभी कंटिजेंट इंचार्जों को प्रतियोगिताओं से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
आयोजन सचिव डॉ. नरेश कुमार यादव ने बताया कि 31 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस युवा महोत्सव में अब तक जिले के 21 महाविद्यालयों ने भाग लेने के लिए पंजीकरण करवाया है। महोत्सव के दौरान कुल 46 प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें विद्यार्थी अपनी सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
उन्होंने बताया कि युवा महोत्सव विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, सांस्कृतिक विरासत से जुडऩे तथा आपसी समन्वय और रचनात्मकता को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समन्वयक डॉ. हवा सिंह यादव एवं महाविद्यालय प्रशासन ने नारनौल शहर तथा आसपास के क्षेत्र के नागरिकों से युवा महोत्सव में शामिल होकर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की। महोत्सव के माध्यम से क्षेत्र में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा युवाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा।
फोटो कैप्शन 03:जोनल युवा महोत्सव के संबंध में आयोजित बैठक में मौजूद महाविद्यालयों के कंटिजेंट इंचार्ज।


रिटायर्ड कर्मी एक नवंबर को दिल्ली में देंगे धरना
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कनीना की आवाज।
 रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा  संबंधित अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के प्रधान मास्टर वजीर सिंह राज्य महासचिव रतन जिंदल वह राज्य प्रेस सचिव धर्मपाल शर्मा ने संयुक्त बयान में बताया कि हम सभी को मालूम है कि केंद्र सरकार द्वारा एसआईआर लागू करने पर लाखों वोट कट गए । ज्यादा तर गरीब व कमजोर अल्पसंख्यक लोगों के वोटों पर प्रभाव पड़ा है । इसके विरोध में दिल्ली जंतर मंतर में जीएनजी और विभिन्न सामाजिक राजनीतिक संस्थाओं द्वारा  चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार  के इस्तीफे  की मांग को लेकर लगातार आंदोलन किया जा रहा है। घबराई हुई सरकार  ने जंतर मंतर पर किसी भी प्रकार का धरना प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया । शान्ति पूर्वक आन्दोलन कर्ताओं पर  पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारी, मारपीट के विरोध स्वरूप में 1 नवंबर को सभी सामाजिक संस्थाओं , ट्रेड यूनियनो व  इंडिया गठबंधन द्वारा  रामलीला ग्राउंड दिल्ली में विरोध रैली का आयोजन किया जा रहा है।  एसआईआर  का प्रभाव हम सब पर भी पड़ रहा है। इसलिए रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा ने भी दिल्ली रामलीला मैदान की 1 नवंबर की रैली में शामिल होने का  निर्णय लिया है।  
फोटो कैप्शन: धर्मपाल





मोहित चौधरी ने विभिन्न गांवों का किया दौरा, ग्रामीणों से साधा संवाद
-जीवन स्तर सुधारना है धर्म सेना का उद्देश्य : मोहित चौधरी
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कनीना की आवाज।
भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह के सुपुत्र और धर्म सेना (न्यास) के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहित चौधरी ने वीरवार को अटेली विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याएं सुनी तथा जल्द से जल्द समाधान का आश्वासन दिया। वीरवार को मोहित चौधरी ने अपने इस जनसंपर्क अभियान के दौरान छापड़ा सालिमपुर, सराय, सुरानी, कुंजपुरा, श्यामपुरा, बाछोद, मिर्जापुर, भीलवाड़ा, ताजपुर, फतनी, तोबड़ा और खोड़ सहित कई गांवों का दौरा किया। ग्रामीणों ने इस दौरान उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दौरे के दौरान अपने संबोधन में मोहित चौधरी ने कहा कि धर्म सेना का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक जन के समक्ष आ रही समस्याओं का समाधान करवाकर उनका जीवन आसान बनाना है। इसी उद्देश्य के साथ वे विभिन्न गांवों का दौरा करते है तथा समस्याएं सुनते है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों द्वारा उन्हे विभिन्न समस्याओं से अवगत करवाया गया है, जिन समस्याओं को वे अपने पिता सांसद धर्मबीर सिंह के संज्ञान में लाएंगे तथा जल्द से जल्द उनका समाधान करवाया जाएगा। जनसंपर्क अभियान के दौरान मोहित चौधरी ने ग्रामीणों को आगामी 30 अक्तूबर को भिवानी के ऐतिहासिक भीम स्टेडियम में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय खिलाड़ी सम्मान समारोह में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया। उन्होंने बताया कि इस राज्य स्तरीय भव्य समारोह में हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री अपने कर-कमलों से एशियन और पैरा एशियन खेलों में देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले कुल 125 मेधावी खिलाडिय़ों को 185 करोड़ रुपये की भारी-भरकम नकद पुरस्कार राशि से सम्मानित करेंगे। मोहित चौधरी ने कहा कि इतनी बड़ी राशि से खिलाडिय़ों का सम्मान किया जाना यह साबित करता है कि प्रदेश सरकार खेल और खिलाडिय़ों को प्रोत्साहन देने के प्रति कितनी संजीदा और प्रतिबद्ध है। इस पहल से न केवल प्रदेश के खिलाडिय़ों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि आने वाली युवा पीढ़ी भी खेलों के प्रति प्रेरित होगी। इस अवसर पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बढ़-चढकऱ भाग लिया और इस सकारात्मक राजनीतिक और सामाजिक पहल का स्वागत किया।
फोटो कैप्शन 04: संबोधित करते हुए मोहित चौधरी



अतिथि अध्यापक नियमित किए जाएं: अतरलाल
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कनीना की आवाज।
बसपा ने हरियाणा सरकार से राज्य के सरकारी स्कूलों में वर्षों से सेवाएं दे रहे अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की मांग की है।  अतरलाल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को एक पत्र भेजकर मांग उठाई है।
  पत्र के बारे में जानकारी देते हुए अतरलाल ने कहा कि अतिथि अध्यापक करीब 20 सालों से सरकारी स्कूलों में सराहनीय सेवाएं दे रहे हैं। वे स्थायी शिक्षकों की तरह स्थायी प्रकृति के सभी कार्य कर रहे हैं और उनकी नियुक्तियां भी 2005 से 2007 के बीच में सरकार की निर्धारित चयन प्रक्रिया के तहत हुई थी। हरियाणा अतिथि शिक्षक सेवा अधिनियम 2019 भी अतिथि अध्यापकों को 58 वर्ष तक सेवा जारी करने की सुरक्षा देता है। उन्होंने कहा कि आंदोलनरत अतिथि अध्यापकों की नियमित करने की मांग बिल्कुल जायज और कानून सम्मत है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में परीक्षाएं सिर पर आ रही हैं। यदि अतिथि अध्यापकों को मजबूर होकर आंदोलन को आगे चलाना पड़ा तो इससे विद्यार्थियों के भविष्य पर बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अतिथि अध्यापकों की मांग को टालते रहने से उनमें रोश बढ़ता जा रहा है। इसलिए बहुजन समाज पार्टी सरकार से अतिथि अध्यापकों को तत्काल नियमित करने की मांग करती है।
फोटो कैप्शन: अतरलाल।




 दुर्घटना में एक घायल, मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
 कनीना उप-मंडल के गांव कोटिया निवासी इंद्र सिंह ने अज्ञात गाड़ी चालक के विरुद्ध टक्कर मारकर घायल करने का मामला दर्ज करवाया है। पुलिस में उसने बताया कि 4 अक्टूबर को शाम 4: बजे वह भोजावास से अपने गांव कोटिया बाइक पर जा रहा था। कनीना अनाज मंडी स्थित चेलावास के पास पहुंचा तो पीछे से आ रही एक गाड़ी ने टक्कर मार दी जिसके चलते वह घायल हो गया। घायल को सरकारी अस्पताल कनीना ले जाया गया वहां से उन्हें रोहतक रेफर कर दिया। लेकिन चोट ज्यादा होने के कारण उन्हें रेवाड़ी एक निजी अस्पताल भर्ती करवाया और अब तक इलाज चल रहा था। अब अस्पताल से छुट्टी मिलने पर उन्होंने कनीना पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया है। उन्होंने कहा है कि टक्कर में टक्कर मारने वाली गाड़ी की नंबर प्लेट गिर गई थी जो उनके पास है।


युवती लापता, गुमशुदगी का मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
 कनीना उप-मंडल के एक गांव से करीब 18 वर्षीय युवति लापता हो गई। उसके पिता ने गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाते हुए एक लड़के पर शक जताया है। कनीना पुलिस लड़की के पिता ने दर्ज करवाए मामले में कहा है कि उसकी लड़की 18 वर्ष 3 माह की है जो आईटीआई में पढऩे जाती है। उसकी लड़की यह कहकर शाम के समय अपनी सहेली के घर गई थी कि वह कुआं पूजन पर है किंतु उसकी लड़की जब अगली सुबह घर नहीं पहुंची तो आईटीआई से पता लगाया किंतु नहीं मिली। उन्होंने समीपी एक गांव के लड़के पर शक जाता है कि उसने बंधक बनाकर कहीं रखा हुआ है। उनकी शिकायत पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।




विश्व बचत दिवस- 30 अक्टूबर
थोड़ा-थोड़ा बचाने से बना सकता है बड़ा काम -शिवचरण
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कनीना की आवाज।
  विश्व बचत दिवस 30 अक्टूबर को भारत में मनाया जा रहा है। अपनी कमाई में कुछ धन अगर बैंक या डाकघर में जमा कर दिया जाता है तो भविष्य में सुखद परिणाम आ सकते हैं। यह बचाई हुई राशि भविष्य में काम आ सकती है। यह दिवस 1924 में सबसे पहले मनाया गया था। तत्पश्चात से हर वर्ष मनाया जाता आ रहा है। अल बचत वह राशि है जो सभी खर्च करने के बाद कुछ निश्चित अवधि के बाद बच जाती है। इसका उपयोग डाकघर या बैंक में राशि को जमा करके प्राप्त किया जा सकता है। अल्प बचत भविष्य के लिए अच्छा परिणाम देने वाली हो सकती है। ऐसे में अल्प बचत की आदत डालने पर जोर दिया जाता है।
विभिन्न डाकघर एजेंट से बचत दिवस पर विचार लिए गये जिनके विचार अलग-अलग रहे।
*** विश्व बचत का अर्थ है कि सभी कुछ न कुछ राशि जमा करे। अल्प बचत एक ऐसा माध्यम है कि जीवन में खुशहाली ला सकता है। स्माल सेविंग एफडी, एमआइएस,एनएससी, केवीपी आते हैं। कनीना डाकघर के तहत 16 उप-शाखा कार्यालय आते हैं। साथ में कनीना, उन्हाणी और चेलावास शामिल किए गए हैं। विगत वर्षों से लोगों का रुझान अल्प बचत की ओर बढ़ा है।  बैंकों की बजाय डाकघर की ओर रुझान अधिक देखने को मिल रहा है। अच्छा धन  लोग डाकघर में कर रहे हैं। इस प्रकार की आदत को डालने और आगे बढ़ाने की भी मांग की है।
सरकार ने अल्प बचत योजनाएं शुरू कर रखी है जिनमें प्रमुख रूप से एफडी, आरडी, केवीपी, एनएससी आदि आती हैं।  सरकार ने आरडी योजना चला रखी है जो कम से कम 100 रुपये से शुरुआत होती है तथा कितनी भी राशि जमा कर सकते हैं। इस पर 6.7 प्रतिशत ब्याज मिलता है। जबकि एफडी एक व दो वर्ष की करने पर 6.9 प्रतिशत तथा तीन साल से अधिक के लिए जमा राशि पर अधिक ब्याज मिलता है। 5 वर्ष तक की अवधि पर ब्याज दर 7.4 फीसदी है। लोगों का रुझान एफडी की ओर अधिक देखने को मिलता है।
---शिवचरण, डाकघर एजेंट कनीना
आज के दिन सरकार ने बचत के कई माध्यम बनाये हुये हैं। एफडी अधिक प्रचलन में है। कभी एनएससी एवं केवीपी का दौर होता था जब सरकार साढ़े पांच वर्ष में धन दोगुना कर देती थी किंतु अब इन दोनों योजनाओं में नौ सात सात माह में लगाई गई राशि दोगुनी होती है। यही कारण है कि लोगों का इन योजनाओं की ओर रुझान घट गया है।  बैंक हो या डाकघर कहीं भी बचत की जा सकती है किंतु डाकघर में ब्याज बैंक के मुकाबले कम ब्याज मिलता है।
   ---बालकिशन करीरा डाकघर एजेंट
फोटो कैप्शन: शिवचरण एवं बालकिशन।



 कनीना में पैनल अधिवक्ताओं की बैठक आयोजित
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कनीना की आवाज।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की चेयरपर्सन एवं जिला व सत्र न्यायाधीश डा. रितु वाईके बहल के दिशा निर्देशानुसार उप-मंडल विधिक सेवा समिति (एसडीएलएससी) महेंद्रगढ़ तथा कनीना में पैनल अधिवक्ताओं की एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) मैडम नीलम कुमारी ने की।
बैठक के दौरान डीएलएसए सचिव नीलम कुमारी ने आगामी 21 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाली एनआई एक्ट (चेक बाउंस प्रकरणों) से संबंधित स्पेशल लोक अदालत तथा 12 दिसंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने उपस्थित पैनल अधिवक्ताओं को निर्देश दिए कि वे आमजन एवं मुकदमों से जुड़े पक्षों को लोक अदालत के माध्यम से विवादों का आपसी सहमति व सौहार्दपूर्ण वातावरण में निपटारा कराने के लिए प्रेरित करें। लोक अदालत में मामलों के निपटारे से समय और धन दोनों की बचत होती है और इसके फैसले के खिलाफ कोई अपील भी नहीं होती।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव ने आमजन को जागरूक करते हुए मुफ्त कानूनी सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों की विस्तृत समीक्षा की और जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम के तहत समाज के कमजोर, जरूरतमंद और आर्थिक रूप से अक्षम वर्गों को निशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करने का प्रावधान है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसाधनों की कमी के कारण कोई भी नागरिक न्याय से वंचित न रहे।
सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किए जाने वाले विधिक जागरूकता शिविरों की रूपरेखा पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि दूर-दराज के गांवों में समाज के अंतिम व्यक्ति तक कानूनी अधिकारों और विधिक सहायता की जानकारी पहुंचाना प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य है। इसके लिए अधिवक्ताओं को गांवों में अधिक से अधिक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में आमजन को त्वरित विधिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी साझा की गई। सचिव नीलम कुमारी ने बताया कि किसी भी प्रकार की निशुल्क कानूनी सलाह या जानकारी के लिए नागरिक नालसा के राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 15100 तथा डीएलएसए नारनौल के हेल्पलाइन नंबर 01282-250322 पर संपर्क कर सकते हैं। इस अवसर पर उप-मंडल के पैनल अधिवक्ता उपस्थित रहे।
फोटो 01: कनीना में पैनल अधिवक्ताओं की बैठक लेती सीजेएम नीलम कुमारी।


प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना द्वारा
आरती श्रीवास्तव सम्मानित
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कनीना की आवाज।
 सहकार नगर, रामपुर निवासी श्रीमती आरती श्रीवास्तव को उन्नत वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन, मत्स्य बीज उत्पादन एवं रोजगार सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश शासन द्वारा सम्मानित किया गया। भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित समारोह में उन्हें मानपत्र प्रदान करने के साथ अनुदान राशि दी गई।
समारोह में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार के मंत्रिगण अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इनमें केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल तथा मध्यप्रदेश के मंत्री श्री नारायण सिंह पवार शामिल थे।
इस अवसर पर अतिथियों ने आरती श्रीवास्तव की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरणादायी बताया। उल्लेखनीय है कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस क्षेत्र में सम्मानित होने वाली वे देश की प्रथम महिला हैं।
आरती श्रीवास्तव की यह उपलब्धि उनके परिश्रम, संकल्प और नवाचार के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने फाइनेंस में एमबीए की उपाधि प्राप्त करने के बाद लगभग दस वर्षों तक विदेशों में सेवाएं दीं। इसके उपरांत अपने गृह नगर जबलपुर लौटकर उन्होंने बरगी क्षेत्र के घाट पिपरिया में वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन एवं मत्स्य बीज उत्पादन का कार्य प्रारंभ किया। उनके इस प्रयास से मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार सृजन और आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहन मिल रहा है।
आरती श्रीवास्तव समाजसेवी अमरेश श्रीवास्तव की सुपुत्री हैं। उनकी यह उपलब्धि  महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है, जो नवाचार, उद्यमिता एवं स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देना चाहती हैं।
फोटो कैप्शन 08: संबंधित है


सशक्त हस्ताक्षर की 53वीं काव्य गोष्ठी सम्पन्न
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कनीना की आवाज। 
साहित्य, समाज और संस्कृति के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय संस्था 'सशक्त हस्ताक्षर की 53वीं काव्य गोष्ठी केसरवानी महाविद्यालय में सम्पन्न हुई। प्रारंभ में संस्थापक गणेश श्रीवास्तव प्यासा ने साहित्य के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केसरवानी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आशुतोष दुबे तथा अध्यक्ष महामहोपाध्याय आचार्य डॉ. हरिशंकर दुबे रहे। विशिष्ट अतिथि शिवहरि श्रीवास्तव, विवेक गुप्ता सहर एवं आचार्य विजय तिवारी 'किसलय रहे। सारस्वत अतिथि राजेश पाठक 'प्रवीण

















थे। मंगलभाव कवि संगम त्रिपाठी एवं अरुण शुक्ल ने व्यक्त किया। सरस्वती वंदना प्रकाश सिंह ठाकुर ने प्रस्तुत की। स्वागत श्रीमती रचना गुप्ता, आरव गुप्ता, दिवाकर शर्मा, महेश स्थापक, धनंजय श्रीवास्तव तथा राजीव लाल श्रीवास्तव ने किया।
वक्ताओं ने कहा कि साहित्य संस्कृति और मानवीय मूल्यों का संवाहक है। साहित्यकार अपनी लेखनी के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन, संवेदनशीलता, सद्भाव और नैतिक मूल्यों की स्थापना के लिए जीवन को नई दिशा प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर प्राचार्य डा. आशुतोष दुबे, शिवहरि श्रीवास्तव, विवेक गुप्ता, गुलजारी जैन एवं राजरंजन श्रीवास्तव को शाल, स्मृतिचिह्न, अंगवस्त्रम, कलम एवं मोतियों की माला भेंट कर सम्मानित किया गया।
द्वितीय सोपान में आयोजित काव्य गोष्ठी में कुंजीलाल चक्रवर्ती, हीराधर बडग़ैयां, दीनदयाल तिवारी, बालमुकुंद लखेरा, अखिलेश खरे कछारगाँव, सुभाषमणि बैरागी, लखनलाल रजक, प्रेमकुमार पालीवाल, डॉ. सुरेंद्र लाल साहू, विजय सिन्हा, मानसिंह ठाकुर, निरंजन द्विवेदी, रघुवीर अम्बर, अरविंद मोहन नायक, डॉ. मुकुल तिवारी, शिवानी भगत, प्रभा 'शील, तरुणा खरे एवं कालिदास ताम्रकार ने अपनी उत्कृष्ट काव्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन सिद्धेश्वरी सराफ 'शीलू ने किया तथा गुलजारी जैन ने आभार प्रदर्शन किया।
फोटो कैप्शन 09: संबंधित है