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Saturday, April 25, 2026



 





हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर आग उगलने वाली गर्मी का सिलसिला जारी है-डा. चंद्र मोहन
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कनीना की आवाज।
  हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर आग उगलने वाली गर्मी ने अपने तीखे तेवरों को अख्तियार किए हुए हैं। सम्पूर्ण इलाके में दिन और रात का पारा में उफान देखने को मिल रहा है परन्तु आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा तेज़ गति की हवाओं आंधी अंधड़ के साथ हल्की बारिश बूंदा-बांदी की सम्भावना बन रही है। मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर लगातार पश्चिमी  गर्म मरूस्थलीय शुष्क हवाओं  और सूर्य के तल्ख तेवरों ने सम्पूर्ण इलाके में तापमान में सामान्य से अधिक बने हुए और जलती तपती गर्मी अपने तीखे तेवरों से आगाज किए हुए हैं क्योंकि गर्म और शुष्क हवाओं ने वातावरण से धीरे-धीरे नमी को सोख लिया है। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर दिन के तापमान 40.0 डिग्री सेल्सियस से 44.6 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है  कुछ स्थानों पर हीट बेब लूं की स्थिति बनी हुई है।आज हरियाणा एनसीआर दिल्ली में सबसे ज्यादा गर्म दिन रोहतक के 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया वहीं दूसरी तरफ रात्रि तापमान भी 25.0 डिग्री सेल्सियस से 30.0 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। भिवानी की रात सबसे ज्यादा गर्म 30.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम पूर्वानुमान
 आने वाले दिनों में हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। आज शनिवार को एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में बादलों की आवाजाही देखने को मिल रही है इस मौसम प्रणाली का असर शनिवार शाम से  रविवार रात्रि तक रहेगा जिससे हरियाणा एनसीआर दिल्ली में तेज़ गति की हवाओं आंधी अंधड़ के साथ बिखराव वाली हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियां देखने को मिलेगी। इस मौसम प्रणाली से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में तापमान में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिलेगी केवल हल्की गिरावट ही होंगी। हवाओं की दिशा पश्चिमी से दक्षिणी पश्चिमी होने वातावरण में नमी पहुंचनें से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में आग उगलने वाली गर्मी के स्थान पर  उमसभरी पसीना छूटाने वाली गर्मी से आमजन को रूबरू होना पड़ेगा। परन्तु इस मौसम प्रणाली के पीछे पीछे एक नया पश्चिमी विक्षोभ 27 अप्रैल रात को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होने से उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी हरियाणा पर एक चक्रवातीय सर्कुलेशन बनने से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से प्रचुर मात्रा में नमी पहुंचने लगेगी जिससे सम्पूर्ण इलाके में बादलों की आवाजाही में बढ़ोतरी और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने आंधी अंधड़ के साथ हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियों की 27-28-29 अप्रैल के दौरान सम्भावना बन रही है। भारतीय मौसम विभाग ने सम्पूर्ण इलाके पर येलो अलर्ट जारी कर दिया है।यह मौसम प्रणाली बढ़ते हुए तापमान को जरूर नियंत्रित करेंगी जिसकी वजह से आमजन को कुछ राहत के आसार बन रहे हैं।अगर हवाओं की गति धीमी हुई तो हरियाणा एनसीआर दिल्ली में उमसभरी गर्मी अपने रंग दिखाती रहेगी। उसके पिछे पिछे 30 अप्रेल और उसके बाद 2  मई और 5 मई  को भी एक बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अप्रेल माह के अन्तिम दिनों और मई महिने के पहले सप्ताह में लगातार मौसम में बदलाव जारी रहेगा।
जिला महेंद्रगढ़ और जिला हिसार का मौसम का मिजाज
जिला महेंद्रगढ़ और में  सूर्य देव के तल्ख तेवरों और पश्चिमी शुष्क हवाओं से तापमान में उफान देखने को मिल रहा है। सम्पूर्ण इलाके पर हीट बेब लूं और आग उगलने वाली गर्मी अपने तीखे तेवरों से आगाज़ किए हुए हैं। शनिवार को जिला हिसार और महेंद्रगढ़ पर दोपहर बाद आंशिक बादल वाही देखने को मिलीं वहीं महेंद्रगढ़ में कहीं कहीं छिट-पुट बूंदाबांदी की गतिविधियों को दर्ज किया गया। आज जिला महेंद्रगढ़ में नारनौल और महेंद्रगढ़ का दिन और रात का तापमान क्रमश:  43.5,29.5 डिग्री सेल्सियस और  42.025.5डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जिला महेंद्रगढ़ में दिन और रात के तापमान  सामान्य से अधिक बने हुए हैं। जबकि हिसार का दिन और रात का तापमान क्रमश: 43.0डिग्री सेल्सियस और 25.6डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिला हिसार में दिन और रात के तापमान सामान्य से अधिक बने हुए हैं।





चार घंटे बिजली रहेगी बंद
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कनीना की आवाज।
डीएचबीवीएन में निवारक रखरखाव  के लिए 33 केवी सिहोर लाइन पर दिनांक 26 अप्रैल 2026 को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक काम करने की अनुमति ली जाएगी। इस कार्य के चलते 26 अप्रैल 2026 को 11 केवी सिहोर, 11 केवी उच्चत, 11बहाला और 11 केवी झाड़ली फीडरों की बिजली आपूर्ति बंद रहेगी।





महापंचायत 26 अप्रैल को
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कनीना की आवाज।
कनीना विधानसभा क्षेत्र की बहाली को लेकर कनीना कस्बे के लोगों की एक पंचायत मोलडऩाथ आश्रम ग्राउंड में आयोजित की जाएगी। विस्तृत जानकारी देते हुए दीपचंद यादव ने बताया कि इस पंचायत में फैसला लिया मां पंचायत में फैसला लिया जाएगा की विभिन्न गांवों के लोगों की महापंचायत कब आयोजित की जाए।






राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास में मनाया विश्व मलेरिया दिवस
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास में  विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या रेणु मेहरा ने की।
इस कार्यक्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोजावास में कार्यरत स्वास्थ्य निरीक्षक अमरजीत एवं स्वास्थ्य कर्मी अनिल रसूलपूरियां ने विद्यालय परिसर में उपस्थित छात्रों एवं स्कूल स्टाफ को बताया कि हर वर्ष 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है, उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग आमजन के सहयोग से मलेरिया को खत्म करना चाहता है। मलेरिया मादा एनाफ्लीज मच्छर के काटने से होता है, ऐसे में मलेरिया से बचने के लिए मच्छरों को पनपने से रोकना होगा, हमे फ्रिज की वेस्टेज पानी ट्रे ,कूलर, पानी के सकोरे आदि समय समय पर खाली करते रहना चाहिए। बुखार होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर अपने रक्त की जांच करवानी चाहिए और बुखार की दवाई लेनी चाहिए। मलेरिया की पुष्टि होने पर  दवाई का पूरा कोर्स लेना चाहिए।                                      
इस अवसर पर अशोक कुमार, प्रवक्ता मंजू, आशा वर्कर  सुलोचना, आशा वर्कर अमृता एवं स्कूल का समस्त स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 09: स्कूल में मलेरिया दिवस मनाते हुए



मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रहार, थाना सदर कनीना पुलिस ने 179 ग्राम गांजा सहित आरोपी को दबोचा
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कनीना की आवाज।
पुलिस अधीक्षक दीपक के निर्देशानुसार नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए, थाना सदर कनीना की पुलिस टीम ने मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान गांव कपूरी निवासी चितरपाल के रूप में हुई है।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी चितरपाल कपूरी गांव में चौराहे के नजदीक मादक पदार्थ (गांजा) बेचने का अवैध धंधा करता है। इस सूचना को पुख्ता मानते हुए तुरंत एक रेडिंग पार्टी का गठन किया गया और मौके पर पहुंचकर आरोपी को काबू किया गया। नियमानुसार पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत राजपत्रित अधिकारी मौके पर बुलाया गया। उनकी उपस्थिति में जब आरोपी की तलाशी ली गई, तो उसके पास से प्लास्टिक की थैली बरामद हुई। जांच और वजन करने पर थैली से कुल 179 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने मौके पर ही बरामद गांजे को सील कर अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपी के खिलाफ थाना सदर कनीना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा इस मामले में आगामी जांच और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
फोटो कैप्शन 07: पकड़ा का आरोपी


उन्हाणी व गुढा में स्व-जनगणना पोर्टल को लेकर जन-जागरूकता अभियान तेज
- 30 अप्रैल तक स्वयं कर सकेंगे जनगणना, गणनाकार करेंगे सत्यापन
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कनीना की आवाज।
आगामी जनगणना को डिजिटल, पारदर्शी एवं जनसहभागिता आधारित बनाने की दिशा में गांव उन्हाणी एवं गुढा में स्व-जनगणना  पोर्टल को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में जिला स्तरीय प्रशिक्षक प्रोफेसर हरिओम भारद्वाज ने ग्रामीणों को पोर्टल के उपयोग की विस्तृत एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की।
प्रो. भारद्वाज ने बताया कि सरकार द्वारा आरंभ किए गए स्व-जनगणना पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक नागरिक 30 अप्रैल 2026 तक अपनी जनगणना स्वयं कर सकता है। उन्होंने मौके पर पोर्टल को संचालित कर लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिया, जिससे ग्रामीणों को इसकी कार्यप्रणाली सहज रूप से समझ आई।
उन्होंने समझाया कि स्व-जनगणना पूर्ण करने के उपरांत प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट पहचान प्राप्त होगी। जब गणनाकार  घर-घर पहुंचेंगे, तब परिवार द्वारा यह आई डी उन्हें प्रदान की जाएगी, जिसके आधार पर गणनाकार केवल डेटा का सत्यापन करेंगे। इस प्रकार जनगणना प्रक्रिया में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होने के साथ-साथ गणनाकारों की भूमिका भी अधिक सटीक एवं प्रभावी हो जाएगी।
प्रो. भारद्वाज ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि जनगणना में दी गई सभी सूचनाएं पूर्णत: गोपनीय रखी जाती हैं और इन्हें किसी भी अन्य उद्देश्य के लिए साझा नहीं किया जाता। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सही, स्पष्ट एवं तथ्यात्मक जानकारी ही दर्ज करें, ताकि जनगणना के आंकड़े विश्वसनीय बन सकें।
कार्यक्रम के दौरान गणनाकारों को भी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे वे पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों का सही एवं समयबद्ध सत्यापन कर सकें। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए मौके पर ही पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज की, जिससे कार्यक्रम में जागरूकता के साथ-साथ सहभागिता भी देखने को मिली।
इस अवसर पर जिला स्तरीय प्रशिक्षित अधिकारी संदीप यादव ने तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम में श्री राजसिंह (गिरदावर), अनूप सिंह (पटवारी), प्रदीप कुमार (पटवारी) सहित गांव के गणमान्य नागरिक, पंच, सरपंच एवं नंबरदार भी उपस्थित रहे और उन्होंने इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
सरकार के इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु दोनों गांवों में जन-जागरूकता अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है, जिसके तहत अधिक से अधिक लोगों को स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना तथा जनगणना प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी, सहभागी एवं समयबद्ध बनाना है। अंत में प्रो. भारद्वाज ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे इस राष्ट्रीय दायित्व में सक्रिय भागीदारी निभाएं और जनगणना कार्य को सफल बनाएं।
फोटो कैप्शन 08: जनगणना की जानकारी देते हुए प्रो. हरिओम भारद्वाज



नगरपालिका कनीना उपचुनाव (वार्ड-14)
-आखिरी दिन 6 उम्मीदवारों ने भरे नामांकन
-कुल 8 प्रत्याशी मैदान में
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कनीना की आवाज।
नगरपालिका कनीना के वार्ड संख्या 14 में होने वाले उपचुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन शनिवार को 6 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए, जिससे कुल प्रत्याशियों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है।
21 से 25 अप्रैल तक चली नामांकन प्रक्रिया के दौरान अंतिम दिन सुमेर सिंह यादव, अशोक कुमार, बलजीत, प्रदीप यादव और अनूप यादव ने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। इसके अतिरिक्त विकास ने अपने पिता सुरेंद्र के पक्ष में कवरिंग उम्मीदवार के रूप में नामांकन प्रस्तुत किया। प्रशासन द्वारा नामांकन प्रक्रिया की विस्तृत रिपोर्ट जिला उपायुक्त एवं राज्य निर्वाचन आयोग, पंचकूला को प्रेषित कर दी गई है।
चुनाव रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पूरी नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल को प्रात: 11:30 बजे नामांकन पत्रों की जांच  की जाएगी, जबकि 28 अप्रैल को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी का समय निर्धारित किया गया है। इसके उपरांत प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।
उन्होंने आगे बताया कि 10 मई को मतदान संपन्न होगा तथा 13 मई को मतगणना की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
मतदाताओं की सुविधा एवं शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए कंट्रोल रूम (संपर्क नंबर- 01285-294030) स्थापित किया गया है। मतदान के लिए 'पितामह कान्हसिंह धर्मशालाÓ को मतदान केंद्र निर्धारित किया गया है। साथ ही, सुरक्षा के मद्देनजऱ पुलिस प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं।
फोटो कैप्शन 01 से 04: नामांकन करने वाले प्रत्याशी


महाविद्यालय की छात्राओं ने रचा इतिहास, विश्वविद्यालय मेरिट सूची में पाया प्रथम व द्वितीय स्थान
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कनीना की आवाज।
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर  द्वारा आयोजित कला स्नातक (बीए) प्रथम वर्ष की वार्षिक परीक्षा में राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हाणी की छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
महाविद्यालय की मेधावी छात्रा आरजू गांव पोता ने विश्वविद्यालय की मेरिट सूची में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि छात्रा सोनिया गांव खेड़ी तलवाना ने द्वितीय स्थान हासिल कर शानदार सफलता अर्जित की। यह पूरे महाविद्यालय, अभिभावकों एवं क्षेत्र के लिए अत्यंत गर्व का विषय है।
इस  उपलब्धि के उपलक्ष्य में महाविद्यालय परिसर में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दोनों छात्राओं को उनके अभिभावकों के साथ मंच पर आमंत्रित कर  स्मृति-चिन्ह एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विक्रम सिंह ने कहा कि स्टाफ की कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और अनुशासन की बदौलत इस महाविद्यालय की छात्राओं ने मात्र 8 वर्षों में चार बार इन्दिरा गांधी विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया है और तीनों संकायों की मेरिट सूची में इस महाविद्यालय की छात्राएं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि ये दोनों छात्राएं ग्रामीण अंचल के सरकारी स्कूलों से शिक्षा ग्रहण करके इस महाविद्यालय में अध्ययन कर इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की है जो अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
दोनों छात्राओं ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों को दिया। उन्होंने अन्य विद्यार्थियों को भी नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढऩे की सलाह दी।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त स्टाफ, विद्यार्थियों  ने आरजू और सोनिया को बधाई दी एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं की।
फोटो कैप्शन 05: छात्राओं को पुरस्कृत करते हुए
  साथ में सोनिया एवं आरजू


घनी आबादी के बीचों बीच गुजार रखी है एचटी लाइन
-बार-बार प्रशासन से मांग करने पर भी नहीं हटाया गया
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कनीना की आवाज।
 एक और जहां सरकार और न्यायालय नहीं चाहते कि घनी आबादी के बीच से एचटी लाइन गुजरी जाए किंतु कनीना में घनी आबादी के बीच-बीच एचटी लाइन गुजरी हुई है। यही नई टेढ़े मेढ़े पोल भी किसानों की दीवार व किसी की जगह में गाड़ दिए हैं। अब हटाते वक्त एस्टीमेट बनाकर उनसे राशि वसूली जा रही है। यह यही नहीं दो-दो एचटी लाइन साथ-साथ गुजरी गई है। यदि एक को हटा भी दिया जाए तो सरकार पर आर्थिक बोझ कम पड़ेगा।
 मिली जानकारी अनुसार कनीना मंडी से गुजरने वाली रामपुरी नहर को भूमिगत कर दिया गया किंतु ेरेवाड़ी सड़क मार्ग के कटान के पास दोनों तरफ एचटी लाइन बिछाई है जो रेवाड़ी रोड के कटान बिंदु तक पहुंचती है। ये दोनों एचटी लाइन लगाकर सरकार को नुकसान पहुंचाया गया है। यदि एक एचटी लाइन को हटा दिया जाए तो सरकार को कम नुकसान होगा। दूसरी एचटी लाइन जो रास्ते के साथ-साथ कुछ लोगों की जमीन के अंदर से गुजारी गई है जो घनी आबादी के बीचों बीच संकीर्ण गलियों से पोल गाड़कर ली गई है। यदि इस लाइन की बजाय नहर के दूसरी तरफ से गुजर रही लाइन को ही चालू रखा जाए तो एक लाइन को हटाया जा सकता है। पुराने से पेट्रोल पंप राजकुमार कनीनवाल पूर्व मार्केट कमेटी प्रधान के घर के पास से एक गली में से यह एचटी लाइन गुजरती है। लोगों ने बार-बार उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस लाइन को हटाया जाए लेकिन  हटाया नहीं गया। अगर प्रशासन लाइन को हटाना नहीं चाहता तो कम से कम इस पर इंसुलेशन करके ले जाया जाए, मोती केबल भी बिछाई जा सकती है किंतु प्रशासन इसके एस्टीमेट बनाकर राशि वसूलना चाहता है।
 इस क्षेत्र के थान सिंह, विजयपाल, कृष्ण कुमार करतार सिंह और भरपूर सिंह, योगेश कुमार,राज सिंह राजकुमार आदि ने मांग की है कि घनी आबादी के बीच से एचटी लाइन को हटाया जाए।और इसे नहर के साथ-साथ ले जाया जाए या फिर दोनों लाइनों को साथ-साथ ले जाने की बजाय एक ही लाइन से काम लिया जा सकता हे। कृष्ण कुमार, भरपूर सिंह और रोहित एवं योगेश कुमार आदि ने बताया कि एचटी लाइन के कारण बहुत से पौधे बेकार हो गए हैं। हर साल पेड़ों की कटाई कर दी जाती है फिर भी ये बढ़कर लाइन को छू जाते हैं जिससे किसी के आहत होने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने मांग की है कि दो लाइनों के बजाय एक से ही काम लिया जाए। यही नहीं प्रशासन यदि नहीं हटाना चाहता तो मोटी केबल से भी यह लाइन ले जाई जा सकती है जिससे किसी के करंट लगने की संभावना से बचा जा सकता है।
इस समय में उच्च अधिकारियों तक भी शिकायत की हुई है किंतु विभाग टस से मस भी नहीं होता।
 फोटो कैप्शन दो व तीन: घनी आबादी से गुजारी गई एचटी लाइन, खंभो को टेढ़ा मेढा गाड़ा हुआ


गर्मी से बचाव के लिए कांता यादव ने वितरित की 80 पानी की बोतलें
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कनीना की आवाज।
राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में बाल प्रतिभा उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अध्यक्षता राजकुमार पंच ने तो मुख्य अतिथि डा. कांता यादव प्रोफेसर  मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुई ।उन्होंने  विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए शिक्षा, अनुशासन, संस्कार ,संस्कृति के ओत-प्रोत अपने विचार व्यक्त किए। बिना मनुष्य अधूरा है हमें अनुशासन बद्ध रहकर  ज्यादा से ज्यादा ज्ञान प्राप्त कर अपने जीवन में उच्च लक्ष्य को प्राप्त करना चाहिए। शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास संभव है। नई शिक्षा नीति 2020 का हवाला देते हुए उन्होंने नवीनतम , तकनीकी आधारित शिक्षण, उपचारात्मक, सृजनात्मक आधुनिक , नवीनतम शिक्षण अधिगम  की महता  पर प्रकाश डाला।
   मुख्य अतिथि ने विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा आठवीं तक के सभी विद्यार्थियों को ठंडा पानी पीने की 80 बोतलें वितरित की। उन्होंने कहा कि गर्मी में सभी जल का सेवन अधिक से अधिक मात्रा में करें। उन्होंने  विद्यार्थियों को हीटवेव  से बचाव करने की सलाह दी। मौलिक मुख्याध्यापक वीरेंद्र सिंह जांगिड़ ने कहा कि परोपकार में ही ईश्वरीय सेवा भाव निहित होता है। इस शुभ अवसर पर सूबे सिंह वरिष्ठ समाज सेवक, सतपाल साहब ,बृजलाल सेठ ,राजकुमार ,सुनील कुमार शास्त्री, मनवीर सिंह तंवर , देवेंद्र, सुनील कुमार डीपीई ,राजेश कुमार ,भगत सिंह ,गरिमा रानी आदि सम्मानित ग्रामीण जन उपस्थित रहें।
फोटो कैप्शन 04: प्रो. डा. कांता बच्चों को पानी की बोतल वितरित करते हुए।


विश्व बौद्धिक संपदा दिवस-26 अप्रैल
एक नहीं दो-दो बेटे वैज्ञानिक पद पर हैं रामावतार गुढ़ा के
-पति एवं पत्नी भी हैं लेखक एवं लेखिका
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कनीना की आवाज।
  कनीना उपमंडल के गांव गुढ़ा निवासी रामावतार स्वयं ही प्रतिभावान नहीं हैं अपितु उनकी वर्तमान पत्नी भी समाजसेवा में नाम कमा चुकी है। उनके एक नहीं अपितु दो-दो पुत्र युवा वैज्ञानिक हैं जो देश की ही नहीं अपितु विदेशों की सेवा भी दे रहे हैं।
 रामावतार की शादी उस वक्त हुई जब वे एमएससी की शिक्षा पा रहे थे। उनकी शादी कांटी खेड़ी निवासी शकुंतला से हुई । वह कुशाग्र बुद्धि की विदुषी थी जो अपने बेटों की पढ़ाई की ऐसी नींव डाल गई कि बच्चे प्रथम पंक्ति में ही रहे । अफसोस वह दो पुत्ररत्न (बड़ा भारत भूषण और छोटा योगेश्वर शर्मा) छोड़कर जब स्वर्ग सिधारी तब छोटे बच्चे की आयु सात वर्ष और बड़े की आयु चौदह वर्ष थी। भारत भूषण शुरू से ही पढ़ाई में तेज रहा था। उसे पढऩे की तकनीक वास्तव में उसकी मां से मिली थी। 1976 में जन्मा भारत भूषण ने पांचवीं में भी जिला स्तर पर वजीफा हासिल किया था। उसने सैनिक स्कूल परीक्षा पास की लेकिन वहां पर वह पढ़ा नहीं। कुंजपुरा (करनाल) में सैनिक स्कूल में भी प्रवेश मिला  लेकिन उसका दिल न जाने क्यों तैयार नहीं हुआ। दसवीं में भी राज्य स्तरीय वजीफा जीता। और अपनी मेहनत के बल पर बहुत अच्छे अंक लेकर कुछ समय बाद वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए मुरथल चला गया। वहां पर चार साल की पढ़ाई बिना किसी रुकावट के पूरी की और अपने पैरों पर खड़े होने की हिम्मत आ गई थी । देखते ही देखते भगवान ने मेहर की तो वह इसरो मे बतौर वैज्ञानिक 1998 में लग गया। वर्तमान में वे बैंगलोर स्थित स्पेस संस्थान में वैज्ञानिक पद पर विराजमान हैं। वे लगातार स्पेस संस्थान में सेवा दे रहे हैं और युवा प्रतिभावान वैज्ञानिक माने जाते हैं। उनका कहना है कि वे देश की सेवा में लगातार सेवा करते रहेंगे और देश को उन्नति के मार्ग पर ले जाने के लिए भरसक संकल्प लिये हुये हैं। वे गरीबों के लिए विभिन्न नेत्र चिकित्सा शिविर आदि करवा रहे हैं।
 रामावतार का छोटा लड़का योगेश्वर 1983 में जन्में तथा प्राइमरी स्कूली शिक्षा अपने गांव गुढ़ा जिला महेंद्रगढ़ से प्राप्त करने के बाद उनका चयन नवोदय विद्यालय करीरा में हो गया और वह आगे की पढ़ाई के लिए वहां चला गया। वहां जाकर उसने राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कालेज देहरादून में दाखिले के लिए तैयारी की। वहां एक सेमेस्टर में केवल 25 विद्यार्थियों का चयन होता है। सौभाग्य से उसका चयन हुआ लेकिन मेडिकल के दौरान एक डाक्टर ने उसे (नोक नीज ) के कारण दाखिले के अयोग्य लिख दिया। जबकि नोक नीज कोई परमानेंट डिफोरमिटी नहीं है । उस समय वह सातवीं में पढ़ता था। लेकिन वह हतोत्साहित नहीं हुआ । अपना ध्यान बस पढ़ाई में ही रखा ।
दसवीं की परीक्षा में नवोदय विद्यालयों में आल इंडिया टाप किया तो भारत सरकार ने उसको अपने पिता के साथ पंद्रह दिन का नि:शुल्क  हवाई टूर दिया जो तत्कालीन विदेश राज्यमंत्री वसुंधरा राजे और इसरो चेयरमैन डाक्टर कस्तूरीरंगन की देख रेख में पूरा हुआ। तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री डा. मुरली मनोहर जोशी ने योगेश्वर शर्मा को फिक्की ओडिटोरियम में गोल्ड मैडल प्रदान किया। दो साल बाद वह आईआईटी कानपुर में दाखिल हुआ और वही पर राष्ट्रपति गोल्ड मेडल जीता फिर डाक्ट्रेट की पढ़ाई के लिए अमेरिका की कोर्नेल युनिवर्सिटी में चयनित हुआ। वर्तमान में फेसबुक में बतौर वैज्ञानिक कैलिफोर्निया में कार्यरत हैं। वे फेस में लगातार नया अन्वेषण कार्य में लालायित हैं। वे भारत का नाम विदेश में ऊंचा कर रहे हैं। उसी के प्रयास से
 दोनों वैज्ञानिकों के माता पिता भी देश सेवा में जुटे हुये हैं और बतौर लेखन कार्य नाम कमा चुके हैं। दोनों की अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हें।
  मास्टर रामावतार का जन्म 02 जनवरी 1950 को गाव गुढ़ा जिला महेन्द्रगढ में एक साधारण से घर में जन्मे मास्टर रामअवतार ने निष्काम सेवा के संस्कार अपनी मां स्व.गिन्दोड़ी देवी , अपने पिता स्व. नत्थूराम ,अपने दादा स्व. हरदयाल से लिए ।
गरीबी का दौर था 1955-60 के दौरान इनकी माता इन्हें स्कूल जाते समय दादा जी के लिए रात की रोटी छाछ राबड़ी दे देती थी ।
अधिकांश बार दादा जी अपने लिए आई रोटी राबड़ी किसी राहगीर को खिला देते थे । बस निष्काम सेवा का भाव वहां से शुरू हुआ जो आज तक जारी है ।
यद्यपि घर की आर्थिक स्थिति बहुत बढिय़ा नहीं थी फिर भी माता पिता और बड़े भाइयों ने यथासंभव सहयोग कर विज्ञान स्नातक की पढ़ाई पूरी करवाई ।
फिर उनकी शादी शकुन्तला से हुई । वह कुशाग्र बुद्धि की विदुषी थी जो अपने बेटों की पढ़ाई की ऐसी नींव डाल गई कि दोनों शिक्षा के क्षेत्र में प्रथम पंक्ति में रहते हैं। लंबी बीमारी के चलते उनका देहांत नौ मार्च 1991 में हो गया किंतु रामावतार ने बच्चों का किसी प्रकार हौसला कम नहीं दिया।
आज से तेरह वर्ष पहले वे सेवानिवृत्त हुए तो उन्होंने अपना ध्यान जनसेवा और लेखन पर केन्द्रित कर दिया ।
उन्होंने अपने पिता जी की पुण्य तिथि पर पहला आँखों का फ्री कैम्प अपने ही गुढा में लगवाया । आप्रेशन और इलाज के तमाम खर्चे मास्टर जी ने बच्चों की नेक कमाई से किए । जब लाभार्थी रोगियों की संख्या 2314 हुई तो सेंटर युनिवर्सिटी जाट पाली में राष्ट्रपति के आगमन पर उन्हें बुला कर सम्मानित किया गया । आज यह संख्या 5 हजार हो गई है ।
मास्टर जी सरकारी स्कूलों में जाकर मेधावी छात्रों को नकद पुरस्कार देते हैं और साथ ही गरीब बच्चों को वांछित सामान भी देते रहे हैं ।
लेखन तो इनकी दिनचर्या में शामिल है । लम्बे समय से इनके लेख , कहानियां , दोहे , रागिनियां और कुण्डलियां प्रकाशित हो रही हैं । इनकी पहली पुस्तक बाल विकास , समस्याएं और समाधान समाज के द्वारा काफी सराही गई थी । एक साल बाद ही इसका दूसरा संस्करण आ गया था । उसके बाद हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा इनकी नारी की सै दुश्मन नारी,बेट्टी बेट्टे तैं कम कौन्या,अवतार दोहावली ,अवतार सतसई हरियाणा साहित्य अकादमी से अनुदानित की हुई। इनकी दो पुस्तकें
कल्लो ताई की कलम तै और कोरोना काल की कुण्डलियां आ चुकी हैं।
चूंकि घर की परिस्थितियां एवं अपने जीवन को आगे चलाने के लिए मास्टर रामावतार ने दूसरी शादी 2002 में कमला देवी से की जो अलवर की रहने वाली हैं। उनकी इस साधना में उनकी अर्धांगिनी  कमला देवी का विशेष योगदान है। कुल मिला कर यह कहा जा सकता है कि मास्टर रामअवतार जैसे निष्काम साधक कम ही मिलते हैं। इनकी दिल का दर्द तथा भंवर सहित चार पुस्तकें हरियाणा साहित्य अकादमी से अनुदानित हो चुकी हैं।




















फोटो कैप्शन 01:रामावतार , कमला देवी, भारत भूषण, योगेश्वर।





Friday, April 24, 2026



 

  57 वर्षों से सुरेश कुमार लगा रहे हैं पंचर
-1969 में अधिकतम कमा लेते थे 4 रुपये
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कनीना की आवाज।
 66 वर्षीय सुरेश कुमार भडफ़ निवासी ने अपनी 10 वर्ष की उम्र में साइकिल पंचर लगाने शुरू किए थे और आज 65 वर्ष की उम्र में भी पंचर लगा रहे हैं। उन्होंने साइकिलों का वह दौर देखा है जब एक साइकिल की कीमत 60 से 100 रुपये की होती थी। उस जमाने में साइकिल का क्रेज होता था। उन्होंने बहादुरगढ़, हरियाणा में अपनी पंचर की छोटे से पंप से दुकान शुरू की थी और आज कनीना में पंचर की दुकान लगाकर अपनी रोटी रोटी कमा रहे हैं।
सुरेश कुमार से संबंध में बात हुई तो उन्होंने बताया कि वह अधिकतम 4 रुपये कमा लेते थे जिसमें से एक रुपये स्टेट बैंक में खाते में जमा कर देते थे और महीने के 30 से 40 रुपये बचाकर शानदार जीवन जी रहे थे। एक दिन इतने पैसों का उसके पिता को पता चला तो उन पैसों से उनके लिए पंखा एवं घरेलू सामान खरीद कर लाये। सुरेश कुमार ने तीन-चार जमात पास की थी किंतु परिवार की आर्थिक हालात अच्छी न होने के कारण इस काम में जुट गए। वो बताते हैं कि एक हवा भरने का पंप खरीदा और काम शुरू कर दिया। 10 पैसे में पंचर लगाया जाता था। लगातार मेहनत करते थे। उस जमाने में इतने साइकिल सवार होते थे कि पंचर लगवाने वाले कतारबद्ध खड़े होते थे। उस वक्त साइकिल में हवा भरने का काम भी पंचर लगाने वाला ही करता था। यही कारण है कि दिन में 40 से 50 तक पंचर लगा पाते थे इसके अतिरिक्त साइकिल ठीक करने का काम भी करते थे जिनका अलग से चार्ज लेते थे। उस जमाने में जो साइकिल होती थी वह स्वास्थ्य के लिए ज्यादा बेहतर मानी जाती थी। इंसान सभी कार्य साइकिल से करता था। मामूली सा खर्चा और सेहत के लिए लाभप्रद होने के कारण गरीब जन भी प्रयोग करते थे। धीरे-धीरे समय बदला और सुरेश कुमार 1994 में कनीना आ पहुंचे और साइकिल के पंचर लगाने का काम शुरू किया। वो बताते हैं कि वर्तमान में साइकिल इतनी कम हो गई है कि अधिकतम 10 पंचर लगा पाते हैं। वर्तमान में छोटे बच्चों की साइकिल का क्रेज बढ़ गया है। धनवान लोग साइकिल कम चलाते हैं, आज के दिन कम से कम 4200 की साइकिल आती है और अधिकतम हीरो की इलेक्ट्रानिक साइकिल 35000 हजार रुपये की आती है।
सुरेश कुमार बताते हैं कि एक इंसान जब अपने काम के प्रति समर्पित होता है तो निश्चित ही सफलता मिलती है। सुरेश कुमार काम के प्रति इतने समर्पित रहे कि आज भी दूर आज तक नाम है। यह ठीक है कि आज के युग में युवा पीढ़ी साइकिलों की तरफ कम मोटरसाइकिल को अधिक पसंद करती है। सड़क पर साइकिल चलाने वाले गरीब माने जाते हैं जबकि गाडिय़ों में चलने वाले लोग अमीर माने जाते हैं। उनका कहना है कि विदेश में इससे उलटा है। अमीर व्यक्ति अपनी सेहत के लिए साइकिल चलाते हैं। वैसे भी सरकार साइकिल चलाने वालों के लिए कोई विशेष प्रोत्साहन नहीं देती। इस बात का गम है। अगर साइकिल के प्रति सरकार विशेष प्रोत्साहन दे तो निसंदेह बहुत से लोग साइकिल चलाना शुरू कर देंगे। यह सत्य है कि शिक्षा विभाग ने छात्राओं के लिए जो दूर से आती है साइकिल मुफ्त देने का प्रावधान कर रखा है परंतु अच्छे दर्जे की साइकिल उन्हें भी नहीं मिल पाती।
साइकिल लगातार प्रयोग करें तो आदमी न तो बूढ़ा होता न ही पैरों की समस्या होगी। उनका कहना है कि आज के दिन हुए 2000 रुपये तक कमा लेते हैं फिर भी उसे जमाने के चार रुपए के मुकाबले कम हैं और वो खुशी नहीं मिल रही है।
कनीना क्षेत्र में अगर साइकिल चलाने वाले देखे जाए तो अधिकतम पांच व्यक्ति 20 सालों से अधिक वर्षों से साइकिल चला रहे हैं। आधुनिक युवा पीढ़ी अगर साइकिल चलाती है तो विशेष प्रकार की साइकिल प्रयोग करती है। साइकिल की कीमत अधिक है। ऐसे में सरकार को साइकिल चलाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए और कम से कम सप्ताह में एक दिन सभी वाहन चालक घर पर और आसपास साइकिल प्रयोग करें तो ऊर्जा की भी बचत हो सकती है। साइकिल चलाने वालों को समय-समय पर सम्मानित किया जाना चाहिए। वैसे तो साइकिल यूपी में चुनाव चिन्ह भी नेताओं का है किंतु हरियाणा में साइकिल चलाने वाले का क्रेज घटना ही जा रहा है। आने वाले समय में शायद विश्वास नहीं करेंगे कि हजारों की संख्या में लोग साइकिल चलते थे।
 फोटो कैप्शन  सुरेश कुमार की फोटो साथ में
फोटो कैप्शन09:  साइकिल के पंचर लगता हुआ सुरेश कुमार




वार्ड 14 उपचुनाव
 40 साल की सत्ता के खिलाफ उभर रहा जनाक्रोश, बदलाव की ओर बढ़ते कदम-
पवन कुमार
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कनीना की आवाज।
कनीना कस्बे के वार्ड नंबर 14 में होने वाले 10 मई के उपचुनाव को लेकर सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। चुनावी सरगर्मियों के बीच अब लगभग सभी प्रमुख चेहरों के नाम भी सामने आ चुके हैं। इस बार का चुनाव सामान्य नहीं बल्कि बदलाव की दिशा में एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
 चुनाव लड़ रहे एक प्रत्याशी पवन कुमार का कहना है कि पिछले करीब 40 वर्षों से सत्ता का सुख भोग रहे कुछ परिवारों के खिलाफ जनता में गहरा रोष देखने को मिल रहा है। लोगों का मानना है कि इन परिवारों ने हमेशा फूट डालो और राज करो की नीति अपनाकर अपने राजनीतिक वर्चस्व को बनाए रखा। एक ही मोहल्ले और एक ही परिवार के लोगों के बीच विभाजन कर उन्हें आमने-सामने खड़ा करना इनकी पुरानी रणनीति रही है, जो इस चुनाव में भी साफ नजर आ रही है।
बताया जा रहा है कि इस बार भी एक ही मोहल्ले से जुड़े दो परिवारों को एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारकर वोटों का ध्रुवीकरण करने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय मतदाताओं का आरोप है कि इन परिवारों का मुख्य उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना रहा है, जबकि कस्बे के वास्तविक विकास से इनका कोई सरोकार नहीं रहा।
इसी बीच, वार्ड 14 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उभर रहे चेहरों को जनता का अच्छा खासा समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है। कई मतदाता अब पारंपरिक राजनीति से हटकर एक नए विकल्प की तलाश में हैं। उनका मानना है कि निर्दलीय उम्मीदवार ही बिना किसी दबाव के वार्ड और कस्बे के वास्तविक विकास के लिए काम कर सकता है।
वार्ड के मतदाताओं का कहना है कि यह चुनाव सिर्फ प्रतिनिधि चुनने का नहीं, बल्कि एक नई सोच और नई दिशा तय करने का अवसर है। ऐसे में मतदाताओं से अपील की जा रही है कि वे जाति, परिवार और पुराने समीकरणों से ऊपर उठकर सोच-समझकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें।
कस्बे में बदलाव की इस लहर के बीच यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि इस बार का जनादेश पारंपरिक राजनीति को चुनौती देते हुए एक नई शुरुआत की ओर इशारा कर सकता है।
फोटो कैप्शन : नगरपालिका कनीना


पशु चिकित्सा दिवस-2026
पशुओं के प्रति समर्पण भाव से सेवा को दर्शाता है पशु चिकित्सक का उद्यम- डा. कांगड़ा

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कनीना की आवाज।
पशु चिकित्सा, पशुओं के रोग, रोगों के इलाज के लिए पूर्ण रूप से समर्पित होती है। पशु चिकित्सकों के व्यवहार के कारण ही कितने पशु ,पक्षी एवं जीव बच जाते हैं। ऐसे में पशु चिकित्सा दिवस पर पशु चिकित्सकों के समर्पण को सम्मानित करना, खाद्य सुरक्षा बीमारियों के नियंत्रण के बारे में जागरूक करना करना प्रमुख उद्देश्य है। इस मौके पर पशु कैंप,निशुल्क रेबीज टीकाकरण, बांझपन निवारण आदि के शिविर आयोजित किए जाते हैं। इस संबंध में पशु चिकित्सा दिवस पर कनीना पशु चिकित्सालय के डा.पवन कांगड़ा से विस्तृत जानकारी प्राप्त  की। उन्होंने बताया कि पशु चिकित्सक की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। पशु चिकित्सक न केवल जानवरों का इलाज करते अपितु मानव समाज के स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था में भी अहम योगदान देते हैं। इसलिए पशु चिकित्सक के समाज में योगदान को भूला पाना कठिन है। उन्होंने बताया कि जब पशु बीमार हो जाता है या घायल हो जाता है तो लोग  पशु चिकित्सालय में लाते हैं जहां पशु का इलाज किया जाता है और पशु स्वस्थ रहते हैं। उनकी मृत्यु दर भी कम हो जाती है। ऐसे में डाक्टर अहम भूमिका निभाते हैं। कई बीमारियां जानवरों से इंसानों में फैलती है पशु चिकित्सा टीकाकरण और जागरूकता के माध्यम से रोगों पर नियंत्रण का कार्य करते हैं। ऐसे में इंसानों को पशुओं से होने वाले रोगों से बचाने में अहम योगदान देते हैं। दुग्ध और खाद्य सुरक्षा में भी अहम योगदान देते हैं। पशु चिकित्सा के सुनिश्चित करते हैं कि दूध एवं पशु उत्पाद सुरक्षित और स्वस्थ है या नहीं है? जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव न पड़ सके। ऐसे में पशु चिकित्सा खाद्य वस्तुओं में भी योगदान देते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालक के लिए पशु आय का मुख्य स्रोत होता है। पशु चिकित्सा पशु की देखभाल प्रबंधन में सहायता करके किसानों की आय बढ़ाने में मदद करते हैं। यही नहीं वह किसानों के लिए बताते हैं कि कैसे पशु पाले कैसे सुरक्षा की जाए?
पशु चिकित्सा पशुओं के साथ होने वाले अत्याचारों को रोकने औरउनका जीवन बेहतर बनाने में योगदान देते हैं। जब कभी क्षेत्र या पूरे देश आदि में महामारी फैल जाती है जैसे कोविड-19 तब पशु चिकित्सा शोध और नियंत्रण में सहयोग करते हैं।
 डाक्टर कांगड़ा का कहना है कि पशु चिकित्सा समाज के लिए आवश्यक है। यह पशु और मनुष्य दोनों के स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं और समाज के विकास कार्यों एवं भूमिका निभाते हैं। इसलिए पशु चिकित्सकों का योगदान कभी नहीं भुलाया जा सकता।
फोटो कैप्शन 06: खरगोश का इलाज करते हुए  07: पक्षी का इलाज करते हुए और
08: भैंस का आपरेशन करते हुए डा. कांगड़ा





 विद्यार्थियों द्वारा रेलवे स्टेशन पर खड़ी की जा रही बाइकों पर होता है जुर्माना
-रेलवे पार्किंग की मांग
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कनीना की आवाज।
कनीना खास रेलवे स्टेशन की स्थापना सन् 1935 में हुई थी साथ में सरकार की तरफ से कनीना खास से झज्जर - कोसली - कनीना  व चरखी दादरी - कनीना - नीमराना - अलवर ये दोनों नई रेलवे लाईन परियोजना भी जल्दी ही धरातल पर उतारने की तैयारी है परन्तु कनीना खास रेलवे स्टेशन पर कोई भी वाहन पार्किंग की सुविधा नहीं है । यात्रियों का आरोप है कि कोई पार्किंग न होने के कारण उनको या तो खुले में वाहन खड़े करने पड़ते है जहां से वाहन की हानि होने का खतरा सदा बना रहता है और जो यात्री वाहन स्टेशन के अंदर खड़े करते है जीआरपी वाले उनके वाहन को बेलो से बांध कर चले जाते है।
जिसके बाद यात्रियों को घंटों स्टेशन पर जीआरपी वाले का घंटों इंतजार करना पड़ता है और 500 रुपए का चालान भी भरना पड़ता है। भले ही वाहन किसी तरह बाधा न बन रहा हो। जो विशेष रूप से विद्यार्थी और दैनिक यात्रियों की जेब पर बहुत भारी पड़ता है। अगर कोई यात्री कुछ पूछे तो उससे महेंद्रगढ़ एसडीएम कार्यालय से वाहन प्राप्त करने को बोला जाता है जो यात्रियों के द्वारा सरासर पैसे वसूलने का तरीका व अपने साथ हुआ अन्याय बताया जा रहा है। यात्रियों में भरी आक्रोश इसलिए भी है क्योंकि दीवारों पर पार्किंग न करने का लिखा हुआ है वो ऐसी जगह लिखा है जो रात्रि में यात्रा करने वाले यात्रियों को दिखाई भी नहीं देता है। कुछ सवाल यात्रियों को विचलित करते है कि यदि पार्किंग रेलवे स्टेशन पर नहीं करेंगे तो कहा करेंगे ? जो वाहन किसी भी तरह से बाधा नहीं बन रहे उनका चालान क्यों किया जाता है। स्टेशन पर पार्किंग की सुविधा देने की मांग है।
यात्रियों की मांग है कि शीघ्र ही कनीना रेलवे स्टेशन पर पार्किंग की सुविधा दी जाए और जिनके पिछले कुछ दिनों में नो पार्किंग के गलत चालान काटे है उनके रुपए वापस किए जाए अन्यथा रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव को पत्र लिख कर यात्रियों द्वारा अपने साथ जो ठगा महसूस किया जा रहा है उससे अवगत कराया जाएगा। नीतिन कुमार, हर्ष कुमार, अमीश कुमार विद्यार्थियों ने मांग की है कि विद्यार्थियों के लिए पार्किंग की सुविधा दी जाए ताकि वे अपनी पढ़ाई निर्बाध गति से पूरा कर पाए और ट्रेनों से सफर कर सके।
फोटो कैप्शन 04: जीआरपी द्वारा बेल से बांधी मोटरसाइकिल
            05: अंधेरे में न दिखाई देने वाले चेतावनी शब्द




स्याणा में पंच के लिए आया एक नामांकन
-कनीना के पांच गांवों में होंगे पंचों के उप चुनाव
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कनीना की आवाज।
कनीना उप-मंडल के पांच गांवों के पंचों के उप चुनाव होंगे जिनमें नामांकन का काम जारी है। ये पांच गांव हैं भोजावास,कपूरी, स्याणा, धनौंदा और छीथरोली प्रमुख हैं। शुक्रवार को स्याणा से एक नामांकन आया जबकि गत दिवस धनौंदा में पंच के लिए एक नामांकन भरा गया है। इस संबंध में एआरओ सोमवीर धनखड़ ने बताया कि धनौंदा एवं स्याणा में एक-एक नामांकन भरा जा चुका है। नामांकन भरने की अंतिम तिथि 25 अप्रैल है।

 

विश्व मलेरिया दिवस-25 अप्रैल
घटते ही जा रहे हैं जिला में मलेरिया के केस
-2025 में कनीना में मलेरिया का एक केस आया  
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कनीना की आवाज।
 मच्छर से होने वाली बीमारी की प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विश्व मच्छर दिवस मनाया जाता है। मच्छर जानलेवा बीमारी डेंगू, चिकनगुनिया एवं मलेरिया आदि फैलाते हैं। 20 अगस्त 1897 को रोनाल्डो रोस मादा एनाफ्लीज मच्छर की खोज की और मलेरिया का कारण बताया था।  इसीलिए इस दिन को विश्व मच्छर दिवस के रूप में मनाया जाता है।
कनीना के एमपीएचडब्ल्यू सुनील कुमार ने बताया कि मलेरिया फैलाकर लोगों की जान लेने में एनाफ्लीज मच्छर का योगदान होता है। एनाफिलीज मच्छर से मलेरिया नहीं होता बल्कि परजीवी इसका कारण होता है। यद्यपि मलेरिया के उपचार की दवा कुनीन पहले से ही खोज ली थी। सुनील कुमार एमपीएचडब्ल्यू का कहना है कि मच्छरों के काटने से अपने आपको बचाना चाहिए। अक्सर पानी में मच्छर अंडे देता हैं जिससे लारवा पैदा होता है इसलिए आस पास पानी नहीं खड़े होने देना चाहिए। एनाफ्लीज मच्छर की 40 प्रजातियां मिलती हैं और यह मच्छर अक्सर सुबह काटते हैं। चौकी मादा एनाफिलीज मच्छर को अंडे देने के लिए खून की जरूरत इसलिए खून पीती है जबकि नर मच्छर अक्षर फूल अन्य स्रोतों पर मिलते हैं।
 मलेरिया इंस्पेक्टर शीशराम ने बताया कि  
जिला महेंद्रगढ़ में 2021 में 5, वर्ष 2022 में 3 केस मलेरिया के थे। कनीना में वर्ष  2015 में 6 केस मलेरिया के थे जो 2016 में घटकर तीन रह गए, 2017 में फिर से 2 केस रह गए 2018 में 3 केस मलेरिया के आए। 2019 में कोई मलेरिया का केस नहीं किंतु वर्ष 2025 में कनीना में मलेरिया का एक केस आया है।
उन्होंने बताया कि मलेरिया प्लाजमोडियम परजीवी से फैलता है जिसे मादा एनाफिलीज खून पीते वक्त शरीर में छोड़  जाती है। मच्छर काटने के 10 से 15 दिनों में बार बार बुखार सिरदर्द आदि आता है। यदि जल्द उपचार नहीं किया जाए तो यह बहुत घातक भी साबित बन सकता है।
 ऐसे में मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी, क्रीम, तेल, लगाकर बचना चाहिए।  मलेरिया का इलाज करवाना बहुत जरूरी है वरना भविष्य में घातक परिणाम निकल सकते हैं।
 फोटो कैप्शन: शीशराम एचआई एवं सुनील कुमार।





मलेरिया जागरूकता अभियान चलाया -विद्यार्थियों को बताएं मलेरिया के लक्षण
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कनीना की आवाज।
राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में प्राचार्य की अध्यक्षता में मलेरिया के बारे में सभा का आयोजन किया गया। जिसमें संदीप यादव प्राध्यापक जीव विज्ञान में मलेरिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मलेरिया के बारे में रोनाल्ड रोश ने सबसे पहले जानकारी दी थी और नोबेल पुरस्कार विजेता बने थे। उन्होंने सबसे पहले बताया था कि मलेरिया मादा एनाफ्लीज मच्छर के काटने से फैलता है। बीइइ सतीश कुमार ने बताया कि इस रोग में तेज बुखार होता है,कपकपी, जी मचलाना, आरबीसी के टूटने के कारण खून में सीरम का लेवल बढ़ता है, पीलिया और मस्तिष्क की समस्या बनती है।
 उधर सुनील कुमार एमपीएचडब्ल्यू ने बताया कि इस रोग से बचने के लिए अपने आसपास पानी जमा न होने दे। सप्ताह में एक बार रविवार को ड्राई दिवस मनाया जाए, घरों की खुली टंकी होती सप्ताह में एक दिन जरूर सुखाया जाए, घर की दरवाजे खिड़कियों पर जाली लगवाए, जहां पानी जमा होता है मिट्टी भर दे, मिट्टी से नहीं भरा जाता तो काला तेल/ मिट्टी का तेल डालें। सोते समय मच्छरदानी प्रयोग करें। शाम के समय और प्रात: काल विशेष कर पूरी बाजू के कपड़े पहने। बुखार होने पर नजदीक की स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।
 फोटो कैप्शन 03: मलेरिया के बारे में जानकारी देते हुए



छात्राओं का सम्मान समारोह 25 अप्रैल को
-विश्वविद्यालय में पाया प्रथम एवं दूसरा स्थान
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कनीना की आवाज।
राजकीय कन्या महाविद्यालय उन्हाणी की छात्राओं ने इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर में कला स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा में पहले और दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसको लेकर के महाविद्यालय में उनका सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
 विस्तृत जानकारी देते हुए प्राचार्य डा. विक्रम सिंह ने बताया कि मीरपुर इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय की कला स्नातक प्रथम वर्ष में आरजू पोता ने विश्वविद्यालय में पहला और सोनिया खेड़ी तलवाना ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसी खुशी में अभिभावकों और समस्त स्टाफ द्वारा उनका अभिनंदन किया जाएगा।
















कनीना नगरपालिका उपचुनाव
-वार्ड-14 के लिए शुक्रवार को दो उम्मीदवारों ने भरा नामांकन
-पितामह कान्हसिंह धर्मशाला में होगा मतदान
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कनीना की आवाज। नगरपालिका कनीना के वार्ड संख्या 14 में होने वाले आगामी उपचुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नामांकन प्रक्रिया के चौथे दिन शुक्रवार को दो उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान बलजीत राज और सुरेन्द्र ने अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर चुनाव रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष नामांकन पत्र जमा किए। प्रशासन द्वारा चौथे दिन की कार्यवाही की विस्तृत रिपोर्ट जिला उपायुक्त और राज्य निर्वाचन आयोग, पंचकूला को भेज दी गई है।
चुनाव रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से चल रही है। उन्होंने कहा कि
चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मतदाताओं की सहायता और किसी भी प्रकार की शिकायत के समाधान के लिए कंट्रोल रूम (संपर्क नंबर: 01285-294030) स्थापित किया गया है। वहीं बताया कि मतदान के लिए पितामह कान्ह सिंह धर्मशाला को मतदान केंद्र निर्धारित किया गया है तथा पुलिस प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
एसडीएम ने नागरिकों से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और शांतिपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग करें।
फोटो कैप्शन 01 व 02: नामांकन करते हुए प्रत्याशी


Thursday, April 23, 2026



 



सरकारी दर पर 2961 क्विंटल खरीदी सरसों
-गेहूं की कुल खरीद पहुंची 74746 क्विंटल
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कनीना की आवाज।
कनीना में सरकारी दर एवं निजी स्तर पर सरसों की खरीद जारी है। सरकारी तौर पर करीब 2961 क्विंटल सरसों 6200 प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदी गई। । अब तक किसान प्राइवेट स्तर पर सरसों बेच रहे हैं। नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में निजी स्तर पर सरसों बेचने वाले भारी संख्या में किसान आ रहे हैं और निजी स्तर पर करीब 23886 क्विंटल सरसों खरीदी जा चुकी है। अब तक 19110 क्विंटल सरसों की लिफ्टिंग की जा चुकी है।
 विस्तृत जानकारी देते हुए जगराम यादव सीनियर मैनेजर हैफेड ने बताया कि अब तक 2961 क्विंटल सरसों सरकारी तौर पर खरीदी गई है। अशोक कुमार डीइओ/डाटा इंट्री आपरेटर ने बताया कि कनीना की अनाज मंडी स्थित चेलावास में अब तक करीब 74746 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। सरकारी तौर पर यह गेहूं खरीदा गया है और अब तक करीब 55500 क्विंटल गेहूं का उठान किया जा चुका है।
फोटो कैप्शन 03: कनीना अनाज मंडी में सरसों की खरीद





धनौंदा में पंच के लिए आया एक नामांकन
-कनीना के पांच गांवों में होंगे पंचों के उप चुनाव
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कनीना की आवाज।
कनीना उप-मंडल के पांच गांवों के पंचों के उप चुनाव होंगे जिनमें नामांकन का काम जारी है। ये पांच गांव हैं भोजावास,कपूरी, स्याणा, धनौंदा और छीथरोली प्रमुख हैं। अभी तक धनौंदा में पंच के लिए एक नामांकन भरा गया है। इस संबंध में एआरओ सोमवीर धनखड़ ने बताया कि एक नामांकन भरा जा चुका है। नामांकन भरने की अंतिम तिथि 25 अप्रैल है।




वार्ड 14 उपचुनाव
- सियासी सरगर्मियां तेज, चुनावी पारा चढ़ा
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कनीना की आवाज।
कनीना कस्बे के वार्ड नंबर 14 में होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। बढ़ती गर्मी के बावजूद उम्मीदवारों की चुनावी दौड़-धूप और जनसंपर्क अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। विभिन्न गुटों और निर्दलीय संभावित प्रत्याशी घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं।
अभी तक एक भी नामांकन नहीं भरा है। नामांकन से पहले वोट मांगने की प्रक्रिया जारी है। अभी तक एक दर्जन के करीब संभावित प्रत्याशी वोट मांग रहे हैं। एक ओर तपती गर्मी उस पर चुनावी सरगर्मी और अब वोट मांगने की गर्मी वार्ड 14 के वोटरों को चैन की सांस नहीं लेने दे रही है।
चुनावी माहौल में इस बार मतदाता भी काफी जागरूक नजर आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि नगरपालिका के प्रधान और उपप्रधान चुनाव के समय जितनी सक्रियता दिखा रहे हैं, यदि वही प्रतिबद्धता पिछले एक वर्ष के कार्यकाल में विकास कार्यों में दिखाई जाती तो आज इस तरह घर-घर जाकर वोट मांगने की जरूरत नहीं पड़ती।
इस उपचुनाव में कुछ दिलचस्प समीकरण भी देखने को मिल रहे हैं। एक निजी स्कूल संचालक द्वारा दो-दो प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारने की चर्चा जोरों पर है, जिस पर मतदाता अपने स्तर पर आकलन कर रहे हैं। जिन्होंने कस्बे के विकास के लिए कोई भी कार्य नहीं किया हो और पहले पार्षद आदि रह चुका हो किंतु अब चुनाव की तैयारी में जुटा हो उसको लेकर भी मतदाताओं के बीच मूल्यांकन का दौर जारी है। कुछ संभावित उम्मीदवारों के सामाजिक और व्यक्तिगत रिकार्ड को लेकर भी मतदाताओं में मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह उपचुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बदलाव का संकेत भी दे सकता है। मतदाताओं की बढ़ती जागरूकता और मुद्दों पर केंद्रित चर्चा इस चुनाव को और अधिक रोचक बना रही है।
  स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे इस बार विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। आने वाले दिनों में चुनावी गतिविधियों के और तेज होने की संभावना है, जिससे वार्ड 14 का यह उपचुनाव कस्बे की राजनीति में एक अहम मोड़ साबित हो सकता है।




कनीना में उपचुनाव के मद्देनजर शस्त्र जमा कराने के आदेश
कनीना वार्ड-14 व विभिन्न गांवों में सुरक्षा के मद्देनजर धारा 163 लागू
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कनीना की आवाज।
जिले के विभिन्न गांवों और कनीना नगर पालिका के वार्ड नंबर 14 में आगामी 10 मई को होने वाले उपचुनावों के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। जिलाधीश अनुपमा अंजली ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जिला की सीमाओं के भीतर आग्नेयास्त्र और गोला-बारूद ले जाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। चुनावी प्रक्रिया संपन्न होने तक प्रभावी रहने वाले इन आदेशों के तहत सभी शस्त्र लाइसेंस धारकों को अपने हथियार संबंधित पुलिस थानों या अधिकृत शस्त्र डीलरों के पास अनिवार्य रूप से जमा कराने होंगे।
यह निर्देश विशेष रूप से फतेहपुर, छिथरोली, स्याना, खुडाना, बुडवाल और कनीना वार्ड-14 सहित उन सभी क्षेत्रों के लिए जारी किए गए हैं जहां मतदान होना है।
प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, केवल ड्यूटी पर तैनात वर्दीधारी पुलिस, सैन्य व अर्धसैनिक बलों के कर्मियों, बैंक सुरक्षा गार्डों और खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले अधिकृत खिलाडिय़ों को ही नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी। अन्य किसी भी स्थिति में हथियार रखने की आवश्यकता होने पर लाइसेंस धारक जिला प्रशासन द्वारा गठित विशेष स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
जिलाधीश ने स्पष्ट किया है कि संबंधित थाना प्रबंधक और शस्त्र डीलर जमा किए गए हथियारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायी होंगे। आदेशों की अवहेलना या उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 तथा अन्य सुसंगत कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।



कनीना पुलिस की कामयाबी
 राजस्थान के लूट के मामले में पीओ (कनीना थाने का हिस्ट्रीशीटर) पकड़ा
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कनीना की आवाज।
जिला पुलिस द्वारा अपराधियों और भगोड़ों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत आज थाना शहर कनीना की पुलिस टीम ने सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए राजस्थान के सूरजगढ़ थाने के एक पुराने लूट के मामले में फरार चल रहे उद्घोषित अपराधी (पीओ) और थाना शहर कनीना के हिस्ट्रीशीटर मनजीत निवासी उन्हाणी को काबू कर लिया है।
आरोपी मनजीत थाना शहर कनीना का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ अलग-अलग थानों में हत्या, लूट, मारपीट, लडाई–झगड़े, आर्म्स एक्ट के तहत करीब 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी राजस्थान के थाना सूरजगढ़ में वर्ष 2009 में दर्ज लूट और मारपीट के एक मामले में लंबे समय से उद्घोषित अपराधी (पीओ) चल रहा था। पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद आरोपी मनजीत को गहन पूछताछ के लिए थाना शहर कनीना लाया गया। यहां आवश्यक पूछताछ और कार्रवाई पूरी करने के उपरांत, आरोपी को आगामी कानूनी कार्रवाई के लिए थाना सूरजगढ़ (राजस्थान) की पुलिस टीम के हवाले कर दिया गया है।
इस गिरफ्तारी के माध्यम से जिला पुलिस ने यह कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। जिला पुलिस अपराधियों, भगोड़ों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।
फोटो कैप्शन 02: पकड़ा गया पीओ




कनीना नगरपालिका में तीसरे दिन भी नहीं आया कोई नामांकन
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कनीना की आवाज।
नगरपालिका कनीना के वार्ड संख्या 14 में होने वाले उपचुनाव को लेकर जारी नामांकन प्रक्रिया के तीसरे दिन भी नामांकन केंद्र पर कोई नामांकन पत्र नहीं आया।
चुनाव रिटर्निंग अधिकारी (नगरपालिका कनीना) एवं एसडीएम डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि नामांकन की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है, परंतु आज शाम तक किसी भी उम्मीदवार द्वारा पर्चा नहीं भरा गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विस्तृत दैनिक रिपोर्ट जिला उपायुक्त तथा राज्य निर्वाचन आयोग, पंचकूला को प्रेषित कर दी गई है।




पंचायती-राज दिवस-24 अप्रैल
लोकतंत्र की बुनियादी संरचना है पंचायती राज-राधेश्याम
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कनीना की आवाज।
पंचायती-राज दिन भारतीय लोकतंत्र की उस बुनियादी संरचना को समर्पित है, जो गांव-गांव में जनभागीदारी, आत्मनिर्भरता और विकेंद्रीकरण की भावना को मजबूत करती है। पंचायती-राज केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा है, जहां जनता स्वयं अपने विकास का निर्णय लेती है। ये विचार राष्ट्रीय पंचायती राज प्रशिक्षक, विशेषज्ञ राधेश्याम गोमला के हैं।
उन्होंने कहा कि भारत में पंचायती व्यवस्था का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। वैदिक काल से ही ग्राम सभाओं और स्थानीय निकायों का उल्लेख मिलता है। ऋग्वेद में ग्रामीण व्यवस्था से जुड़े सभा, समिति, विदथ व ग्रामणि शब्दों का कई बार जिक्र आया है।
मौर्यकाल, गुप्तकाल, मुगलकाल और ब्रिटिश काल में शासकों ने इसका क्रियात्मक रूप अपने अनुरूप रखा ।  हालांकि ब्रिटिश काल में लॉर्ड रिपन को इसके सुधार का श्रेय दिया जाता है। यद्यपि भारत की आजादी के बाद कुछ समितियों का गठन कर सुधार के प्रयास हुए। हालांकि सन् 1959 में राजस्थान से इसकी शुरुआत हुई, मगर आधुनिक भारत में इसे संस्थागत रूप देने का महत्वपूर्ण कदम 1992 में उठाया गया, जब 73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम पारित किया गया। यह संशोधन 24 अप्रैल 1993 से लागू हुआ, इसलिए इस दिन को पंचायती राज दिवस के रूप में मनाया जाता है।
इस संशोधन ने ग्राम पंचायत, पंचायत समिति (ब्लॉक स्तर) और जिला परिषद की तीन-स्तरीय प्रणाली वाली पंचायतों को संवैधानिक दर्जा प्रदान कर वर्तमान पंचायती राज व्यवस्था को स्थापित किया। साथ ही, महिलाओं, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण का प्रावधान भी किया गया, जिससे लोकतंत्र अधिक समावेशी बन सका।
पंचायती राज प्रणाली का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर शासन को प्रभावी और उत्तरदायी बनाना है। ग्राम सभा इसका सबसे महत्वपूर्ण अंग है, जहां गाँव के सभी वयस्क नागरिक शामिल होते हैं। ग्राम सभा विकास योजनाओं की स्वीकृति, सामाजिक लेखा-जोखा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का कार्य करती है।
73वें संवैधानिक संशोधन की ग्यारहवीं अनुसूची के अंतर्गत पंचायतों को 29 विषयों पर कार्य करने का अधिकार दिया गया है, जिनमें कृषि, जल प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण सड़कें, आवास और सामाजिक कल्याण शामिल हैं। इससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन संभव होता है।
लोकतंत्र की जड़ों को मजबूती
पंचायती राज प्रणाली लोकतंत्र को केवल संसद और विधानसभाओं तक सीमित नहीं रखती, बल्कि इसे गांव के स्तर तक पहुँचाती है। इससे आम नागरिक को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिलता है। यह व्यवस्था न केवल शासन को पारदर्शी बनाती है, बल्कि लोगों में जिम्मेदारी और अधिकारों के प्रति जागरूकता भी बढ़ाती है।
महिलाओं की भागीदारी पंचायती राज की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। आज लाखों महिलाएँ सरपंच और पंचायत सदस्य आदि के रूप में कार्य कर रही हैं, जिससे सामाजिक परिवर्तन की नई दिशा मिल रही है। यह नारी सशक्तिकरण का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है।
हालाँकि पंचायती राज व्यवस्था ने कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं, फिर भी कई चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
कई पंचायतों के पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन नहीं होते।
प्रशासनिक अधिकारों का पूर्ण हस्तांतरण अभी भी अधूरा है।
कुछ स्थानों पर राजनीतिक हस्तक्षेप और भ्रष्टाचार भी देखने को मिलता है।
डिजिटल साक्षरता और तकनीकी संसाधनों की कमी भी कार्यक्षमता को प्रभावित करती है।
इन समस्याओं के कारण पंचायतों की प्रभावशीलता कई बार सीमित रह जाती है।
आज के समय में डिजिटल तकनीक पंचायती राज को नई दिशा दे रही है। ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से योजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी सूचना का प्रवाह तेज हुआ है और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण लगाने में मदद मिली है।
सरकार द्वारा डिजिटल पंचायत और स्वच्छ ग्राम जैसी पहले इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे पंचायतें अधिक सक्षम और आधुनिक बन रही हैं।
पंचायती राज व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए
पंचायतों को पर्याप्त वित्तीय स्वायत्तता दी जानी चाहिए। प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी साधनों का विस्तार किया जाए।
युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाए।
यदि इन सुधारों को सही ढंग से लागू किया जाए, तो पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण भारत के समग्र विकास का मजबूत आधार बन सकती है।
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि यह लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने का अवसर है। यह हमें याद दिलाता है कि सच्चा लोकतंत्र तभी संभव है, जब सत्ता का विकेंद्रीकरण हो और हर नागरिक को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का अधिकार मिले।
आज आवश्यकता है कि हम पंचायती राज की भावना को समझें और इसे और अधिक सशक्त बनाने के लिए मिलकर प्रयास करें। जब गाव मजबूत होंगे, तभी भारत सशक्त बनेगा, और यही इस दिवस का वास्तविक संदेश है।
फोटो कैप्शन: राधेश्याम गोमला



मिन्दरजीत यादव की जीत पर नारनौल के वकीलों ने बांटे लड्डू
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कनीना की आवाज।
पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के चुनाव में एडवोकेट मिन्दरजीत यादव को मिली ऐतिहासिक जीत पर नारनौल बार के सदस्यों ने लड्डू बांटकर खुशी मनाई।
इस अवसर पर भेजे सन्देश में मिन्दरजीत यादव ने नारनौल बार एसोसिएशन के सभी अधिवक्ताओं, विशेषरूप से युवा साथियों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और विश्वास दिलाया कि उनकी सभी लंबित मांगों को जल्दी ही पूरा करवाया जाएगा। अधिवक्ता सजीत यादव ने बताया कि मिन्दरजीत यादव जल्दी ही नारनौल बार का व्यक्तिगत रूप से दौरा करके सहयोग के लिए आभार प्रकट करेंगे और नारनौल बार के साथियों की भलाई के लिए हमेशा समर्पित रहेंगे।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 01: एडवोकेट मिन्दरजीत यादव की जीत पर लड्डू बांटकर खुशी मनाते नारनौल के अधिवक्तागण













कनीना अनाज मंडी में खोली जाए अटल कैंटीन
-मजदूर एवं किसान उठा सके लाभ
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कनीना की आवाज।
बसपा नेता अतरलाल एडवोकेट ने हरियाणा सरकार से कनीना अनाज मंडी में अटल कैंटीन खोलने की मांग की है।
 अतरलाल ने गांव भोजावास, गोमला, गोमली, मोड़ी, सुन्दरह में किसानों की समस्याएं सुनते हुए उक्त मांग उठाई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश की अनेक अनाज मंडियों में अटल कैंटीन स्थापित की हुई है। जिसमें किसानों व श्रमिकों को रियायती दर पर भोजन उपलब्ध होता है परन्तु कनीना अनाज मंडी में अटल कैंटीन न होने के कारण यहाँ के किसान तथा श्रमिक इस सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कनीना के साथ भेदभाव कर रही है। बार-बार किसानों तथा श्रमिकों द्वारा मांग किए जाने के बावजूद भी कनीना अनाज मंडी में अटल कैंटीन का स्थापित न किया जाना यह सिद्ध करता है कि राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन को यहां के किसान व श्रमिक वर्ग की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि कनीना अनाज मंडी के अंतर्गत 50 से ज्यादा गांव लगते हैं। इसलिए यहाँ अटल कैंटीन स्थापित किया जाना जरूरी है। अटल कैंटीन स्थापित न होने के कारण किसानों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने कनीना अनाज मंडी में दूसरा टीन शेड स्थापित करने की मांग भी की। इस अवसर पर उनके साथ शेर सिंह यादव, राकेश यादव, भाग सिंह चेयरमैन, कैलाश सेठ, मदन, रणवीर आदि पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

Wednesday, April 22, 2026



 


152 छात्राओं को खिलाई एलबेंडाजोल की गोली
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कनीना की आवाज।
 राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाछौद में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा  विद्यालय की 152 छात्राओं को एलबेंडाजोल की गोली खिलाकर कृमि संक्रमण से बचाव के उपाय बताए गए।  
विद्यालय प्राचार्य अनीता यादव ने छात्राओं को स्वच्छता की जीवनशैली बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सुरक्षित पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता और साफ-सुथरा वातावरण न केवल बीमारियों से बचाता है बल्कि बच्चों के शैक्षिक प्रदर्शन को भी बेहतर बनाता है।  नोडल अधिकारी रजनीश कुमारी ने बताया कि विद्यालय की 152 छात्राओं को एलबेंडाजोल की कृमि नाशक दवा खिलाई गई है  ताकि शरीर रोग मुक्त बन सके और प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो पाए ।  उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं और घर में साफ-सफाई का ध्यान रखें।  
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छात्राओं को दवा लेने का सही तरीका समझाने के साथ ही हाथ धोने की तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया।  
विद्यालय स्टाफ के सहयोग से यह अभियान सुचारू रूप से संपन्न हुआ।
फोटो कैप्शन 09: एलबेंडाजोल की गोली खिलाते हुए




हरियाणा एनसीआर दिल्ली में लगातार तापमान में उछाल और गर्मी
-अपने तीखे तेवरों से आगाज किए हुए हैं- डा. चंद्रमोहन
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कनीना की आवाज।
 हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर गर्मी अपने तीखे अंदाज से आगाज किए हुए हैं। सम्पूर्ण इलाके में लगातार पारा में उफान देखने को मिल रहा है। मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में लगातार पश्चिमी शुष्क गर्म हवाओं ने और सूर्य के तल्ख तेवरों से सम्पूर्ण इलाके में तापमान में उछाल जारी है। सम्पूर्ण इलाके में लगातार दिन और रात के तापमान सामान्य से अधिक बने हुए हैं। एक दो स्थानों पर हीट बेब लूं के हालात बने हुए हैं।
मौसम पूर्वानुमान
 आने वाले तीन चार दिनों तक हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी जारी रहेगी और कुछ स्थानों पर हीट बेब लूं की स्थिति बनी रहेगी। जिसकी वजह से भारतीय मौसम विभाग ने हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर येलो अलर्ट जारी किया हुआ है।  उसके बाद लगातार एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे पहला 25/26 अप्रैल को उसके बाद दुसरा 28 अप्रेल और उसके बाद तीसरा 31 अप्रेल  को होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मौसम में बदलाव लगातार बादलों की आवाजाही देखने को मिलेगी और 25 अप्रेल से ही तेज़ गति की हवाओं आंधी अंधड़ और बिखराव वाली हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियों की सम्भावना बन रही है। इन पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में 25-31 के दौरान बार मौसम में बदलाव और तेज़ गति की हवाओं आंधी अंधड़ और हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियों की सम्भावना बन रही है। आज हरियाणा एनसीआर दिल्ली में सबसे ज्यादा दिन के तापमान नारनौल के क्रमश: 42.5डिग्री सेल्सियस और जबकि सबसे ज्यादा भिवानी के रात के तापमान 27.0  डिग्री सेल्सियस दर्ज हुएं हैं। जबकि हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। सम्पूर्ण इलाके में दिन और रात के तापमान सामान्य से अधिक बने हुए हैं।
हीट वेव  लूं की स्थिति क्यों बन रही है
मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन के अनुसार, इस समय थार मरुस्थल की तरफ से पश्चिम दिशा से गर्म व शुष्क हवाएं चल रही हैं।  पश्चिमी हवाओं से धीरे-धीरे वातावरण से नमी कम  होने लगीं है जिसकी वजह से सतही दबाव भी गिर रहा है। इन परिस्थितियों में  सूर्य की चमकदार तेज धूप और गर्म हवाएं मिलकर हीट वेव लूं की परिस्थितियों को बनाती हैं। यही कारण है आने वाले दिनों में दिन के साथ रात में भी गर्मी अपने तीखे तेवरों से आगाज़ करेंगी।
जिला महेंद्रगढ़ और हिसार मौसम के मिजाज -
जिला महेंद्रगढ़ में नारनौल और महेंद्रगढ़ के दिन और रात के तापमान क्रमश: 42.5 ,26.1डिग्री सेल्सियस और 40.3,20.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। जिला महेंद्रगढ़ में दिन और रात के तापमान सामान्य से अधिक बने हुए हैं वहीं हिसार के दिन के तापमान 41.2डिग्री सेल्सियस जबकि रात के तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। जिला महेंद्रगढ़ और हिसार में दिन और रात के तापमान सामान्य से अधिक बने हुए हैं।
आमजन के लिए सावधानी जरूरी-
आमजन को सलाह दी जाती है कि बढ़ती हुई गर्मी और लूं से बचाव हेतु दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, ज्यादा से ज्यादा पानी पीने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने  सिर पर तौलिया छाता का प्रयोग की सलाह दी है।


कापीराइट दिवस-23 अप्रैल
कापीराइट के तहत है सजा का प्रावधान-डा. यादव
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कनीना की आवाज।
 कई बार अनजाने में लोग ऐसी गलती कर बैठते हैं जिसका अंजाम बुरा होता है। विशेष कर लेखन के क्षेत्र में दूसरे के विचारधारा आदि उठकर अपने नाम से प्रकाशित करने का प्रयास करते हैं जिसे कापीराइट का मामला माना जाता है और इसके तहत सजा का प्रावधान है। किसी भी भूलकर भी किसी की कापीराइट की हुई फोटो, विचार, समाचार या अन्य लेखन सामग्री नहीं उठानी चाहिए। अगर उठना भी चाहे तो उसके नीचे जहां से ली गई है उसका संदर्भ जरूर दिया जाना चाहिए अन्यथा गंभीर परिणाम हो सकते। इस बाबत विस्तार से जानकारी देते हुए डा. होशियार सिंह यादव बताते हैं कि कापीराइट एक गंभीर मसला बन रहा है और इसमें बड़ी सजा का प्रावधान है ।
 कापीराइट मामले में सजा
-अपराध की गंभीरता के आधार पर 6 महीने से लेकर 3 साल तक की कैद और 50,000 रुपए से 2 लाख रुपए तक के जुर्माने तक हो सकता है। बार-बार उल्लंघन करने पर सजा बढ़ जाती है, और इसमें गैर-जमानती और संज्ञेय  अपराध माना जाता है, जिसमें अवैध सामग्री और उपकरणों को जब्त भी किया जा सकता है।
सजा के मुख्य प्रावधान (भारतीय कापीराइट अधिनियम, 1957 के अनुसार)
    धारा 63:पहली बार उल्लंघन करने पर कम से कम 6 महीने की कैद और 50,000 रुपए के जुर्माने से लेकर अधिकतम 3 साल तक की कैद और 2 लाख रुपएतक का जुर्माना हो सकता है।
    धारा 63 (दोबारा उल्लंघन): दूसरी बार दोषी पाए जाने पर कम से कम 1 साल की कैद और 1 लाख रुपए के जुर्माने से लेकर अधिकतम 3 साल तक की कैद और 2 रुपए लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
    धारा 63बी(कंप्यूटर प्रोग्राम का उल्लंघन): कंप्यूटर प्रोग्राम की उल्लंघनकारी प्रति का जानबूझकर उपयोग करने पर कम से कम 7 दिन की कैद और 50,000 रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।
अन्य दंड:उल्लंघन करने वाली प्रतियां और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए जा सकते हैं, और कापीराइट मालिक सिविल मुकदमे के जरिये मौद्रिक हर्जाना भी मांग सकता है।
फोटो: डा. होशियार सिंह यादव




सरकारी दर पर 1031 क्विंटल खरीदी सरसों
-गेहूं की कुल खरीद पहुंची 70948 क्विंटल
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कनीना की आवाज।
कनीना में सरकारी दर एवं निजी स्तर पर सरसों की खरीद जारी है। सरकारी तौर पर करीब 1031 क्विंटल सरसों 6200 प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदी गई। । अब तक किसान प्राइवेट स्तर पर सरसों बेच रहे हैं। नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में निजी स्तर पर सरसों बेचने वाले भारी संख्या में किसान आ रहे हैं और निजी स्तर पर करीब 21726 क्विंटल सरसों खरीदी जा चुकी है।
 विस्तृत जानकारी देते हुए जगराम यादव सीनियर मैनेजर हैफेड ने बताया कि अब तक 1031 क्विंटल सरसों सरकारी तौर पर खरीदी गई है। कुमार  डीइओ/डाटा इंट्री आपरेटर ने बताया कि कनीना की अनाज मंडी स्थित चेलावास में अब तक करीब 70948 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। सरकारी तौर पर यह गेहूं खरीदा गया है और अब तक करीब 46 हजार क्विंटल गेहूं का उठान किया जा चुका है।
फोटो कैप्शन 08: कनीना अनाज मंडी में अनाज के लगे ढेर




 5 मई को मनाया जाएगा मोप अप डे
-अब तक 28,000 बच्चे और युवाओं को दी जा चुकी है डिवर्मिंग गोलियां
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कनीना की आवाज।
 कनीना उप- नागरिक अस्पताल के डा. विनय शर्मा ने बताया कि एक वर्ष 19 वर्ष तक के बच्चों को और युवाओं को डिवर्मिंग गोलियां दी गई है जिसमें सरकारी स्कूल ,निजी स्कूल, आंगनबाड़ी, कालेज तकनीक स्कूल, सलम एरिया आदि के बच्चे और युवकों को शामिल किया गया है। यह कार्य आशा वर्कर, एएनएम द्वारा पूर्ण किया गया है।
 कनीना उप नागरिक अस्पताल के तहत दोंगड़ा अहीर, मुंडिया खेड़ा और भोजावास पीएचसी आते हैं। इन सभी में मिलकर 31000 बच्चे और युवाओं को यह गोलियां खिलाई जाने का लक्ष्य रखा था लेकिन अब तक 28000 गोलियां खिलाई जा चुकी है।
 5 में को मोप अप डे मनाया जाएगा अर्थात उस दिन बचे हुए बच्चों को गोलियां खिलाई जाएंगी। फोटो कैप्शन 07:यवाओं को गोलियां खिलाते हुए


 
नगरपालिका कनीना उपचुनाव
- दूसरे दिन भी नहीं हुआ कोई नामांकन
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कनीना की आवाज। 
नगरपालिका कनीना के वार्ड संख्या 14 में होने वाले उपचुनाव के तहत नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन बुधवार को भी कोई उम्मीदवार नामांकन दाखिल करने नहीं पहुंचा।
यह जानकारी देते हुए चुनाव रिटर्निंग अधिकारी (नगरपालिका कनीना) एवं एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग, हरियाणा द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार नामांकन प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है, लेकिन दूसरे दिन भी एक भी नामांकन प्राप्त नहीं हुआ है। इस संबंध में दैनिक रिपोर्ट जिला उपायुक्त एवं राज्य निर्वाचन आयोग, पंचकूला को भेज दी गई है।
उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। नामांकन केंद्र पर पर्याप्त स्टाफ और सुरक्षा व्यवस्था तैनात है, ताकि उम्मीदवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
एसडीएम ने संभावित उम्मीदवारों और क्षेत्र के जागरूक नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने नामांकन पत्र दाखिल करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि निर्वाचन विभाग पूरी तरह सतर्क है और चुनाव प्रक्रिया को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है।
फोटोङ एसडीएम कनीना





राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार में मनाया गया  विश्व पृथ्वी दिवस
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार में लीगल लिटरेसी क्लब के तत्वावधान में विश्व पृथ्वी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य पूनम यादव ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को ग्लोबल वार्मिंग से होने वाले खतरों के बारे में अवगत कराया। विद्यालय में लीगल लिटरेसी के प्रभारी तथा अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक ने विद्यार्थियों को बताया कि हमारी पृथ्वी उस बीमार व्यक्ति की तरह से है जिसका स्वास्थ्य दिन प्रतिदिन खराब हो रहा है, अगर पर्यावरण का संतुलन ऐसे ही बिगड़ता रहा तो इस ग्रह पर हमारा जीवन मुश्किल हो जाएगा।
 उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाए, उनकी देखभाल करें, जल संरक्षण अपनाए, ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों का प्रयोग करें, सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग से बचें तथा सभी तरह की फिजूल खर्ची बंद करें। इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने पृथ्वी दिवस पर एक लघु नाटिका प्रस्तुत की विद्यालय किया छात्रों प्रिंस सरला,साइना,ममता कल्पना,नव्या, नरगिस,प्रीति, जानवी,कंचन,शारदा तथा प्रवेश ने अपनी कविताओं के माध्यम  से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर  समस्त स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित रहे
उधर एस.डी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ककराला में विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में भाषण प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता, कोलाज मेकिंग, पोस्टर मेकिंग, स्किट (नाटक), लघु नाटिका (प्ले) तथा पृथ्वी दिवस पर प्रोजेक्ट प्रस्तुति जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता एवं अभिव्यक्ति के माध्यम से पृथ्वी बचाओ, जीवन बचाओ का प्रभावशाली संदेश प्रस्तुत किया।
फोटो कैप्शन 04: एसडी स्कूल में पृथ्वी दिवस मनाते हुए
             06: अगिहार स्कूल में पृथ्वी दिवस मनाते हुए




-मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना-
-पात्र श्रद्धालु अब 30 तक कर सकते हैं सरल हरियाणा पोर्टल पर पंजीकरण
-मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 5 मई को कुरुक्षेत्र से विशेष रेलगाड़ी को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना
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कनीना की आवाज।
हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत बुजुर्ग श्रद्धालुओं को पवित्र तीर्थ स्थल तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब नांदेड़ (महाराष्ट्र) के दर्शन के लिए आवेदन की तिथि बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दिया गया है, पहले इसकी अंतिम तिथि 15 अप्रैल थी।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी इस ट्रेन को 5 मई को कुरुक्षेत्र से झंडी दिखाकर प्रदेश के विभिन्न जिलों से जाने वाली संगत को रवाना करेंगे। इसके लिए पात्र श्रद्धालु नजदीकी सीएससी सेंटर या अपने स्मार्ट फोन से सरल हरियाणा पोर्टल पर घर बैठे अब 30 अप्रैल तक सरल हरियाणा पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं।
उपायुक्त अनुपमा अंजली ने बताया कि वरिष्ठ नागरिक, जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है और उनकी पारिवारिक आय एक लाख 80 हजार रुपए से कम है, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना के तहत यात्रा पूरी तरह नि:शुल्क होगी और पात्र श्रद्धालुओं को रहने व खाने सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। चयन प्रक्रिया "पहले आओ, पहले पाओ" के आधार पर होगी, इसलिए पात्र लाभार्थी समय रहते आवेदन करें। इस यात्रा का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए कुछ नियम निर्धारित किए गए हैं। इसके लिए आवेदक की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। परिवार की वार्षिक आय परिवार पहचान पत्र में 1.80 लाख रुपए से कम होनी चाहिए।
डीसी ने स्पष्ट किया कि पंजीकरण करवाने वाले सभी लाभार्थियों को 1 मई से पहले पुराने लघु सचिवालय में स्थित जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कार्यालय नारनौल में अपनी सूचना देना अनिवार्य होगी, ताकि यात्रा संबंधी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जा सकें। उन्होंने जिले के पात्र बुजुर्गों से अपील की कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और पवित्र धाम के दर्शन कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करें।
योजना का लाभ उठाने के लिए यह होगी पात्रता
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत आवेदन करने के लिए कुछ आवश्यक दस्तावेज अनिवार्य किए गए हैं, जिनमें वैध फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य सरकारी आईडी), परिवार पहचान पत्र (पीपीपी), शारीरिक रूप से यात्रा के लिए फिट होने की स्वयं घोषणा तथा पिछले तीन वर्षों में योजना का लाभ न लेने की घोषणा शामिल है। आवेदक का हरियाणा का निवासी होना और परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है।



ग्रीष्म ऋतु के दौरान बागवानी फसलों और सब्जियों को बचाने के लिए किसानों के लिए एडवाइजरी जारी
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कनीना की आवाज।
जिला बागवानी विभाग की ओर से वर्तमान ग्रीष्म मौसम को देखते हुए जिले के किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. प्रेम कुमार ने किसानों को सलाह दी है कि फसलों को गर्मी के प्रकोप से बचाव के लिए वे अपनी फसलों की निरंतर निगरानी करें।
किसान अपने खेतों का कार्य सुबह के समय ही निपटा लें। बाग और सब्जियों में उचित सिंचाई प्रबंधन करें। नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग का उपयोग अवश्य करें।
फलदार पौधों के लिए प्रबंधन
 जिला उद्यान अधिकारी डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि नए फलदार पौधों को ढककर 'लू' से बचाएं।
तने के निचले हिस्से पर बोर्डो पेस्ट लगाएं। इसके लिए 2 किलो नीला थोथा, 3 किलो बिना बुझा चूना और 30 लीटर पानी का मिश्रण तैयार करें। बागों में खरपतवार नियंत्रण एवं नमी संरक्षण के लिए मल्चिंग का उपयोग करना चाहिए। बेर के बागों में अप्रैल-मई में छंटाई कर बोर्डो पेस्ट लगाएं। नए बाग लगाने वाले किसान खेत तैयार करके उचित दूरी पर 3 फीट चौड़े व 3 फीट गहरे गड्ढे खोदकर खुला छोड़े उसके बाद गली सड़ी गोबर की खाद व 2 किलोग्राम सिंगल सुपर फास्फेट को अच्छी तरह से मिलाकर भरें।
सब्जियों के लिए प्रबंधन
सब्जियों की नई पौध को हरे शेडनेट से ढकें।
सब्जियों की तुड़ाई केवल सुबह या शाम के समय ही करें।
बेल वाली सब्जियों में हल्की सिंचाई के माध्यम से उचित नमी बनाए रखें।
फसलों में कीटों और बीमारियों की निरंतर जांच करते रहें। उन्होंने बताया कि किसान अन्य किसी जानकारी के लिए अपने संबंधित ब्लॉक स्तर कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।




एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ककराला में विश्व पृथ्वी दिवस पर विविध कार्यक्रम आयोजित
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कनीना की आवाज।
एस.डी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ककराला में विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में भाषण प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता, कोलाज मेकिंग, पोस्टर मेकिंग, स्किट (नाटक), लघु नाटिका (प्ले) तथा पृथ्वी दिवस पर प्रोजेक्ट प्रस्तुति जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता एवं अभिव्यक्ति के माध्यम से पृथ्वी बचाओ, जीवन बचाओ का प्रभावशाली संदेश प्रस्तुत किया।
विद्यालय के चेयरमैन जगदेव यादव ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में जिस प्रकार प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन हो रहा है, वह वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि बढ़ते प्रदूषण, निरंतर हो रही वनों की कटाई और ग्लोबल वार्मिंग के कारण पृथ्वी का संतुलन बिगड़ता जा रहा है। मानव जीवन की सुरक्षा के लिए पर्यावरण संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को पृथ्वी को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या डा. शिप्रा सारस्वत ने अपने संबोधन में बताया कि 22 अप्रैल को विश्व भर में पृथ्वी दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना समय की आवश्यकता है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में जागरूकता और संवेदनशीलता को बढ़ाती हैं।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रबंधन समिति के वरिष्ठ सदस्य राजेन्द्र सिंह, ओमप्रकाश यादव, सीईओ आरएस यादव, डिप्टी डायरेक्टर  पूर्ण सिंह, कोआर्डिनेटर स्नेहलता सहित समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04: अव्वल विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते हुए।






विश्व पृथ्वी दिवस पर विद्यालय में किया पौधा रोपण कार्यक्रम
-पेड़ पौधे लगाए गए
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कनीना की आवाज।
सेहलंग स्थित बीआर. आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर पोस्टर मेकिंग, भाषण, नारे लेखन एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने पृथ्वी बचाओ-भविष्य बचाओ तथा पेड़ लगाओ-पृथ्वी बचाओ जैसे संदेशों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
चेयरमैन हरिश भारद्वाज, प्राचार्या ज्योति भारद्वाज, समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों ने मिलकर विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया। साथ ही सभी विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे अपने जन्मदिन के अवसर पर कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल करें।
विद्यालय की प्राचार्या ने भी विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने और दैनिक जीवन में छोटे-छोटे कदम उठाकर पृथ्वी को बचाने का संदेश दिया।
फोटो कैप्शन 05:  सेहलंग में पौधारोपण करते चेयरमैन, प्राचार्या, स्टाफ एवं छात्र-छात्राएं।



कनीना में जनगणना 2027 प्रशिक्षण का सफल समापन, शिक्षकों को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी
कनीना
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कनीना की आवाज।
जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के लिए आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। 6 अप्रैल 2027 से विभिन्न चरणों में आयोजित इस प्रशिक्षण में उपमंडल कनीना के लगभग सभी विद्यालयों से प्राथमिक शिक्षक, टीजीटी, मौलिक मुख्य अध्यापक, विद्यालय प्रमुख, प्राचार्य एवं प्राध्यापकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी तथा मॉडल संस्कृति विद्यालय, कनीना में आयोजित किया गया, जहां प्रतिभागियों को जनगणना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उप तहसीलदार एवं उपमंडल चार्ज अधिकारी अर्जुन सिंह ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े जनगणना अभियान में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पूर्ण गोपनीयता, सत्यता एवं सटीकता के साथ किया गया सर्वेक्षण ही प्रदेश एवं देश के विकास की दिशा और दशा तय करेगा।
उन्होंने बताया कि शीघ्र ही ग्राम पंचायतों को जागरूक कर स्व-गणना के लिए प्रेरित किया जाएगा तथा पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। साथ ही विद्यालयों में अध्यापकों एवं विद्यार्थियों को ब्रांड एंबेसडर बनाकर इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
इस अवसर पर जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर डा. हरिओम शर्मा एवं डा. शोएब खान ने प्रशिक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। वहीं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने कहा कि हाउस लिस्टिंग के 32 बिंदुओं पर गंभीरता से कार्य करने से आगे की प्रक्रिया सरल होगी और प्रथम चरण को सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा सकेगा।
कार्यक्रम में प्राचार्य वीरेंद्र सिंह, विनोद जांगड़ा, सहायक चार्ज अधिकारी एवं कानूनगो राजेश कुमार, तथा अनूप सिंह (पटवारी) सहित खंड के लगभग 40 शिक्षकों एवं प्राचार्यों ने सहभागिता की।
प्रशिक्षण के दौरान हाउस लिस्टिंग के सभी आयामों पर विशेष बल दिया गया तथा प्रतिभागियों ने व्यवहारिक सर्वेक्षण के माध्यम से अपने कार्य का अभ्यास भी किया, जिससे वे वास्तविक जनगणना कार्य के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
फोटो कैप्शन 01: अर्जुन सिंह शिक्षकों को संबोधित करते हुए















कनीना क्षेत्र में मनाया गया पृथ्वी दिवस
-विभिन्न स्कूलों में आयोजित हुए कार्यक्रम
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कनीना की आवाज।  कनीना एवं आस पास विभिन्न संस्थाओं में पृथ्वी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम आयोजित किए गए।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेवल में विश्व पृथ्वी दिवस पर लीगल लिटरेसी के सौजन्य से  लीगल लिटरेसी प्रभारी वरिष्ठ प्रवक्ता गजराज सिंह ने विद्यार्थियों को  संबोधित करते हुए कहा कि हमें विश्व पृथ्वी दिवस पर पृथ्वी को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पेड़ लगाकर वातावरण को शुद्ध बनाने पर्यावरण प्रदूषण तथा ग्लोबल वार्मिंग जैसे बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं जैसे पोस्टर मेकिंग, निबंध लेखन, स्लोगन लेखन आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।आशा यादव प्रवक्ता समाजशास्त्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पर्यावरण पर अत्यधिक मात्रा में पीड़कनशियों के प्रयोग पर चिंता जाहिर करते हुए उनके बुरे प्रभाव पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रवक्ता सरोज कुमारी, इंदु बाला ,विक्रांत सैन, दीपक शर्मा, हंसराज, माया बाई,पवन कुमार संस्कृत अध्यापक हवा सिंह, कृष्ण कुमार, लैब सहायक धर्मपाल, प्रमोद कुमार,नवनीत, मुकेश सहित समस्त विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहे।
  उधर बूचावास में पौधारोपण कर पृथ्वी दिवस के मनाने के पीछे कारण बताए गए। इस अवसर पर कार्यवाहक प्राचार्य सूबे सिंह चौहान, डाइट मगढ़ से राकेश यादव , शर्मीला, कृष्ण संजीत आदि उपस्थित रहे।
 बच्चों से स्लोगन, पेंटिंग, आदि प्रतियोगिता करवाई गई। राकेश द्वारा प्रार्थना सभा में बच्चों को विश्व पृथ्वी दिवस पर बहुत ज्यादा पौधे व वातावरण को शुद्ध रखने बारे प्रेरित किया
 फोटो कैप्शन 02: बेवल में विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते हुए
 फोटो कैप्शन 03: बूचावास स्कूल में पृथ्वी दिवस मनाते हुए