दिल्ली और एनसीआर में पड़ा कमजोर मानसून-डा. चंद्रमोहन
3 से 8 अगस्त के दौरान मानसून की गतिविधियां होंगी सक्रिय
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कनीना की आवाज। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मौसम आमतौर पर परिवर्तन शील बना हुआ है बादलों की आवाजाही देखने को मिल रही है। परन्तु मानसून गतिविधियां नदारद है सम्पूर्ण इलाके में मानसून कमजोर कमजोर बना हुआ है। इस साल मानसून की अजब-गजब चाल देखने को मिल रही है एक तरफ बाढ़ गुजरात और राजस्थान में दूसरी तरफ हरियाणा एनसीआर दिल्ली में सूखें की स्थिति देखने को मिल रही है। हरियाणा राज्य में 1 जून से 31 जुलाई तक कुल
109.8 मिलीलीटर बारिश दर्ज हुई है जबकि इस दौरान 150.5 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती हैं जो सामान्य से 27 फीसदी कम हुई है। पिछले दिनों बंगाल की खाड़ी पर बने मौसम प्रणाली का असर हरियाणा के उत्तरी और पूर्वी जिलों पर ही देखने को मिल रहा है जबकि हरियाणा के पश्चिमी हिस्सों में सूखें जैसे हालात बने हुए हैं। हरियाणा में मानसून की गतिविधियों का नक्शा से बिल्कुल स्पष्ट है कि हरियाणा एनसीआर दिल्ली में कमजोर मानसून गतिविधियां हुई है। सम्पूर्ण राज्य में धीरे धीरे तापमान में उछाल देखने को मिल रहा है और उमसभरी पसीना छूटाने वाली गर्मी से आमजन को रूबरू होना पड़ रहा है। दूसरी तरफ किसान भाइयों को कमजोर पड़े मानसून से चिंता की लकीरें साफ तौर पर देखने को मिल रही है खरीफ फसलें सूखने लगीं है। दिन भर सूर्य देव के तल्ख तेवरों से खुले स्थानों पर निकलना दुश्वार हो गया है। मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में हरियाणा एनसीआर दिल्ली में कमजोर मानसून की परिस्थितियां देखने को मिल रही है। कहीं कहीं छिट-पुट खंड बारिश की गतिविधियां ही देखने को मिल रही है। साथ ही साथ सम्पूर्ण इलाके में दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी और उमस भरी पसीना छूटाने वाली गर्मी से आमजन को रूबरू होना पड़ रहा है। क्योंकि वर्तमान परिदृश्य में हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर कोई भी मौसमी प्रणाली का असर नहीं होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मौसम आमतौर पर परिवर्तन शील परन्तु शुष्क बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी पर बना लो प्रेशर एरिया जो डिप डिप्रेशन में तब्दील हो चुका है उसका ट्रैक मध्य प्रदेश और राजस्थान से होकर गुजरात पर पहुंच कर 2 अगस्त को वापिस राजस्थान पर कमजोर पडऩे की सम्भावना बन रही है। कुल मिलाकर बंगाल की खाड़ी से आए डिप डिप्रेशन के प्रभाव से मानसून टर्फ अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण में राजस्थान पर मौजूद होने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मानसून गतिविधियां कमजोर पड़ चुकी है । 2 अगस्त को यह मौसम प्रणाली कमजोर पड़ जाएगी । साथ ही बंगाल की खाड़ी पर एक नया कम दबाव का क्षेत्र भी 3 अगस्त को बनने और इसके अलावा उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ 3 अगस्त को सक्रिय होने उत्तरी राजस्थान और दक्षिणी पंजाब के हिस्सों में एक चक्रवातीय सर्कुलेशन बनने से एक बार फिर से मानसून टर्फ हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर पहुंचने से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में 3- 8 अगस्त के दौरान मानसून की सक्रियता में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी और हरियाणा एनसीआर दिल्ली में झमाझम बारिश की गतिविधियों की सम्भावना बन रही है उससे पहले हरियाणा एनसीआर दिल्ली में बिखराव वाली खंड बारिश की गतिविधियां ही देखने को मिलेगी। आज हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी और उमस भरी पसीना छूटाने वाली गर्मी से आमजन को रूबरू होना पड़ रहा है और दिन और रात के तापमान सामान्य से अधिक बने हुए हैं।
फोटो कैप्शन 04: कमजोर मानसून की स्थिति
पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, करीरा में कक्षा 6 मे प्रवेश हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 07 अगस्त तक बढ़ी
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कनीना की आवाज। नवोदय विद्यालय समिति द्वारा आयोजित जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा -2027के माध्यम से पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, करीरा, महेंद्रगढ़ में सत्र 2027-28 के लिए कक्षा 6 में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 07 अगस्त 2026 तक बढ़ा दी गई है।
विद्यालय के प्राचार्य श्री बी. एम. रावत ने बताया कि जिन अभिभावकों ने अभी तक अपने बच्चों का ऑनलाइन आवेदन नहीं कराया है, वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाते हुए निर्धारित अंतिम तिथि से पूर्व आवेदन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि जवाहर नवोदय विद्यालयों में विद्यार्थियों को नि:शुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवास, भोजन, पाठ्यपुस्तकें, वर्दी, आधुनिक प्रयोगशालाएँ, स्मार्ट कक्षाएँ, खेलकूद, कंप्यूटर शिक्षा तथा सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास जैसी उत्कृष्ट सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं।
उन्होंने जिले के सभी अभिभावकों, प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों से अपील की कि वे पात्र विद्यार्थियों का अधिक से अधिक पंजीकरण सुनिश्चित करें ताकि कोई भी योग्य छात्र इस अवसर से वंचित न रहे।
पात्र अभ्यर्थी द्धह्लह्लश्चह्य://ठ्ठड्ड1शस्रड्ड4ड्ड.द्दश1.द्बठ्ठ अथवा द्धह्लह्लश्चह्य://ष्ड्ढह्यद्गद्बह्लद्वह्य.ह्म्ष्द्बद्य.द्दश1.द्बठ्ठ/ठ्ठ1ह्य पर जाकर 07 अगस्त 2026 तक नि:शुल्क ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
शिवरात्रि पर बाघोत में लगेगा विशाल मेला
-पौराणिक इतिहास समेटे हैं बाघोत
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव बाघोत पर 11 अगस्त को शिवरात्रि मेला लगने जा रहा है। इसे कावड़ मेला भी कहते हैं। वर्ष में दो बार मेला लगता है। सावन त्रयोदशी शिवरात्रि पर कावड़ मेला लगता है। बाघोत जिसे बाघेश्वर धाम नाम से पूरे भारत में जाना जाता है,का पौराणिक महत्व एवं अपने अंदर इतिहास समेटे हुए है। मंदिर का इतिहास करीब 1680 वर्ष पुराना माना जाता है। इस शिवालय के पास खड़े कदंब के पेड़, तालाब एवं स्वयंभू शिवलिंग ऋषि मुनियों की तप स्थली होने की याद दिलाते हैं। महाशिवरात्रि पर कांवड़ कम अर्पित की जाती हैं।
इतिहास-
बाघोत का नाम बाघ के आधार पर पड़ा है।
बाघोत का पुराना नाम हरयेक वन था। यहां दधि ऋषि के पुत्र पीपलाद ने भी तप किया। उनका आश्रम भी तो यहीं था। उनके कुल में राजा दलीप के कोई संतान नहीं थी। वे दु:खी थे और दुखी मन से अपने कुलगुरु वशिष्ठ के पास गए। उन्होंने अपना पूरा दु:ख का वृतांत मुनिवर को सुनाया। वशिष्ठ ने उन्हें पीपलाद ऋषि के आश्रम में नंदिनी नामक गाय एवं कपिला नाम की बछिया निराहार रहकर चराने का आदेश दे दिया। राजा ने गाय व बछिया को निराहार रहकर चराते वक्त एक दिन भगवान् भोलेनाथ ने बाघ का रूप बनाकर राजा की परीक्षा लेने का निर्णय लिया। बाघ ने बछिया पर धावा बोल दिया। गाय को बचाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने को राजा तैयार हुए। परंतु जब वे ऐसा करने लगे तो बाघ के स्थान पर शिवभोले खड़े थे। बाघ के कारण ही गांव का नाम बाघोत पड़ा जो आज बाघेश्वर धाम नाम से जाना जाता है।
बाघोत स्थित शिवालय का निर्माण कणाणा के राजा कल्याण सिंह रैबारी ने करवाया था। एक बार राजा के ऊंटों की कतार हरयेक वन से गुजर रही थी जिन पर सोना-चांदी लदा था। हरयेक वन में लुटेरों ने ऊंटों को लूट लिया और वहीं छुप गए। ऊंटों के सरदार को घायल कर दिया। सरदार स्वयंभू शिवलिंग के पास ही पड़ा था। सरदार ने ऊंटों के लूटने की सूचना राजा तक पहुंचाई। इसी बीच शिवलिंग से सरदार को दृष्टïांत मिला कि लुटेरे सभी इसी वन प्रदेश में ही छुपे हुए हैं। राजा के सरदार के पास आने पर सरदार ने राजा को शिवभोले का दृष्टïांत सुनाया तो समूचे वन प्रदेश को सैनिकों द्वारा घिरवा दिया। सैनिकों ने लुटेरों को पकड़ लिया और धन-दौलत वापस मिल गया। महाराज ने खुश होकर स्वयंभू शिवलिंग पर शिवालय का निर्माण करवाया। स्वयं गंगाजल लाकर शिवलिंग का अभिषेक किया।
एक बार झज्जर के नवाब फकरुद्दीन ने एक बार स्वयंभू शिवलिंग को ढ़ोंग समझकर इसे खुदवा फेंकने का आदेश अपने सैनिकों को दिया। सैनिकों ने राजा का आदेश मानते हुए स्वयंभू शिवलिंग को खोदकर फेंकने का प्रयास किया किंतु उस वक्त असफल हो गए जब खुदाई दौरान जहरीले नाग व कीट निकलने लगे। सैनिक खुदाई का काम छोड़कर भाग खड़े हुए। नवाब के पुत्र रहमुद्दीन को भी इस स्वयंभू शिवलिंग पर भरोसा नहीं था जिसके चलते उन्होंने जन मेले के स्थान पर पशु मेला भरवाने के आदेश ही दे डाले। एक बार मेला लग रहा था कि भारी वर्षा व ओलावृष्टिï शुरू हो गई। हजारों पशु मारे गए और मेले में उपस्थित लोगों ने भागकर जान बचाई। परंतु शिवलिंग के पास कोई ओलावृष्टिï नहीं हुई। अब महाराज की आंखें खुल गई और स्वयं गंगाजल लाकर शिवलिंग को अर्पित करके जन मेले की शुरुआत की।
बाघोत स्थित शिवालय उन भक्तों के लिए भी प्रसिद्ध माना जाता है जिनके कोई संतान नहीं होती है। मेले में आकर दंपति अपने हाथों से एक विशाल वटवृक्ष को कच्चा धागा बांधकर सुंदर संतान होने की कामना करता है। जब संतान हो जाती है तो यहां आकर ही धागा खोलता है। यही कारण है कि शिवलिंग के पास ही खड़ा एक वटवृक्ष कच्चे धागों से लदा मिलता है।
हरियाणा सरकार की पुस्तकों में भी बाघोत का छोटा उल्लेख है वहीं लेखक एचएस यादव की कृति में संपूर्ण इतिहास दिया गया है।
स्वयंभू है शिवलिंग-
बाघोत के शिवालय का शिवलिंग स्वयंभू होने के कारण यहां अपार भीड़ भक्तों की वर्षभर चलती है। छोटा सा गांव है किंतु ठहरने के लिए अनेक धर्मशालाएं हैं। प्राकृतिक शिवलिंग के भक्त दर्शन कर प्रसन्न हो जाते हैं।
महाशिवरात्रि-
इस दिन अमरनाथ गुफा में भोलेनाथ ने पार्वती को अमर कथा सुनाई थी किंतु पार्वती को नींद आ गई और कबूतरों ने इसे सुन लिया और वे इंसान जैसी आवाज में हुंकारें भरते रहे किंतु बाद में शिवभोले को पता चला तो कबूतरों को मारना चाहा किंतु वे अमर हो चुके थे। ये कबूतर अमरनाथ गुफा में दिखाई पड़ते हैं।
क्या कहते हैं भक्त-
45 कांवड़ चढ़ाने वाले 60 वर्षीय सुमेर सिंह का कहना है कि उनके पूर्वज कभी से यहां मेले में जाते रहे हें तथा कांवड़ भी अर्पित करते रहे हैं। वर्षभर छोटे छोटे मेले सोमवार को लगते रहते हैं। यह ऐतिहासिक शिवालय है। यहां का स्वयंभू शिवलिंग है।
फोटो कैप्शन 05:बाघेश्वरी धाम शिवालय
06: प्राकृतिक शिवलिंग
07: मनोकामना के धागे
साथ में सुमेर सिंह एवं भरपूर सिंह
मुकेश गोमला बने कनीना सब-यूनिट प्रधान और राकेश एएफअम बने सब यूनिट सचिव.
--सब यूनिट बाडी कनीना का द्विवार्षिक चुनाव संपन्न
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कनीना की आवाज। 132 केवी पावर हाउस कनीना के प्रांगण में हरियाणा पावर कारपोरेशन अनुसूचित जाति /जनजाति और पिछड़ा वर्ग कर्मचारी यूनियन के बैनर तले सब यूनिट बाडी कनीना का द्विवार्षिक चुनाव सौहार्दपूर्ण माहौल में सर्व सम्मति से संपन्न हुआ। जिसकी अध्यक्षता सर्कल सचिव लखन लाल एवं दीपांशु जेई फिल्ड ने की और मंच का संचालन सर्कल आर्गेनाइजर सुरेंद्र कुमार एवं राजेश कुमार यूनिट सचिव नारनौल ने की। मुख्य रूप से चुनाव अधिकारी के रूप में राजेंद्र सिंह कपूरी राज्य वित्त सचिव हरियाणा प्रदेश व महेश गोमलाराज्य अतिरिक्त महासचिव और राज्य उपप्रधान संदीप कुमार फोरमैन रहे। सभी कर्मचारी साथियों ने अपना-अपना विचार और सुझाव साझा किया। सभी ने सर्व सम्मति से चुनाव करवाने का सुझाव दिया। इसके बाद चुनाव अधिकारियों ने सर्वसम्मति से चुनाव संपन्न करवाए ।
सभी सदस्यों की सहमति से मुकेश कुमार जीएसए सब-यूनिट प्रधान चुने गए। सचिव राकेश कुमार एएफएम बने। सचिन कुमार एएलएम उप प्रधान, मोहित कुमार एसए सह-सचिव, कुलदीप एएलएम खजांची , प्रवीण कुमार एसए को संगठनकर्ता चुना गया।
हरियाणा प्रदेश राज्य वित्त सचिव राजेंद्र सिंह कपूरी ने भारतीय संविधान अनुसार यूनियन के संविधान की शपथ दिलाई । और यूनियन के कर्मचारियों के कार्यों को प्राथमिकता पर करवाने का प्रण लिया । बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारी को फूलमालाएं पहना कर सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारी को सम्मानित किया और हार्दिक बधाई दी एवं शुभकामनाएं दी। चुनाव करवाने के लिए पहुंचे केंद्रीय कार्यकारिणी से राजेंद्र सिंह कपूरी व महेश गोमला ओर संदीप कुमार फोरमैन को चुनाव स्थल पर मौजूद रहेइनके अतिरिक्त लखन लाल सर्कल सचिव, सुरेंद्र सिंह सर्कल आर्गेनाइजर, राजेश कुमार जे ई यूनिट सचिव ने मिल करके चुनाव स्थल व प्रक्रिया का आर्गेनाइज किया। इस अवसर पर महेश गोमला, संदीप फोरमैन, दीपांशु जेई गौरी शंकर फोरमैन, प्रदीप एसए , राजेश कुमार जेई फील्ड, कुलदीप एएलएम व अनेकों कर्मचारी मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 02: चुनाव पूर्ण होने पर खुशी जताते
नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 के लिए प्रवेश हेतु आवेदन तिथि बढ़ाई
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कनीना की आवाज। जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा 2027 के आनलाइन आवेदन की तिथि अब तक 31 जुलाई 2026 थी जो बढ़ा दी गई है।
प्राचार्य जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा बीएम रावत ने बताया कि अब यह तिथि 7 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। कोई भी पात्र आवेदन करना चाहिए और निशुल्क आनलाइन आवेदन कर सकता है इसके बाद 2027-28 के लिए कक्षा 6 में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा 2027 आयोजित होगी।
फेफड़ों का कैंसर दिवस 1 अगस्त
अति खतरनाक है फेफड़ों का कैंसर
-रोग होने से बचने के करने चाहिए उपाय- डा.मोरवाल
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कनीना की आवाज। फेफड़ों का कैंसर से होने वाली मौत भारत में चौथे स्थान पर हैं। अधिकांश मरीजों की इस रोग में मौत हो जाती है चूंकि प्रथम स्टेज पर तो इसका पता ही नहीं चल पाता।
कनीना उप-नागरिक अस्पताल के डा. जितेंद्र मोरवाल बताते हैं कि धूम्रपान करने वालों में फेफड़ों के कैंसर की संभावना 13 गुना अधिक होती हैं, इसके अतिरिक्त रासायनिक पदार्थों जैसे रेडियोधर्मी, आर्सेनिक या पर्यावरण प्रदूषण फेफड़ों के कैंसर का कारण बन सकता है।
डॉक्टर बताते हैं कि फेफड़ों के कैंसर के प्रारंभिक चेतावनी के संकेत मिलते हैं। यदि उस समय सही जांच करवा ली जाए और पकड़ में आ जाए इस रोग से निजात पाया जा सकता है। उन्होंने बताया लगातार खांसी बने रहना, थूक में खून आना, गहरी सांस लेने पर छाती पीठ में सांस की तकलीफ, थकान, वजन घटना कुछ सामान्य लक्षण हैं। इनके अतिरिक्त निगलने में कठिनाई, चेहरे और गर्दन में सूजन, उंगलियों के स्वरूप में परिवर्तन, बार-बार निमोनिया रोग होना इस कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। इसके कुछ उन्नत लक्षण भी होते है।
डा. मोरवाल बताते एक्सरे, सीटी स्कैन, एमआरआई, बायोप्सी आदि से रोग का पता लग जाता है जिसका इलाज रेडियोथैरेपी, कीमो थेरेपी, सर्जरी आदि से संभव है।
इस रोग से रोकथाम के विषय में डा. मोरवाल बताते हैं इस रोग में धूम्रपान बंद कर देना चाहिए, सेकेंड हैंड धुआं के के संपर्क में आने से कैंसर हो सकता है। स्वास्थ्य आहार ले, नियमित रूप से व्यायाम करें तो बचाव में ही बचाव है।
डाक्टर ने बताया कि क्षेत्र में अभी तक जितने फेफड़े के कैंसर हुये हैं दुर्भाग्यवश मौत के शिकार हो चुके हैं। इस रोग में बचने की संभावना कम होती है।
फोटो कैप्शन: डा जितेंद्र मोरवाल
भाजपा मंडल महामंत्री हनुमान सिंह ने पांच गौशालाओं को 5100 -5100 रुपए का दिया दान
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कनीना की आवाज। भाजपा मंडल महामंत्री कनीना,हनुमान सिंह ने पांच गौशालाओं को 5100 -5100 रुपए का दान दिया है। हनुमान सिंह ने बताया कि शिव धाम गौशाला बाघोत 5100 रुपए, बाबा दयाल गौशाला धनौदा 5100 रुपए, श्रीकृष्ण गौशाला कनीना 5100 रुपए, श्रीवि_लगिरी विकलांग गौशाला रसूलपुर गुढा 5100 रुपए, बाबा हेमादास गौशाला भोजावास में 5100 रुपए दान किए वहीं भोजावास में जाकर अपने पिता स्वर्गीय मांगेराम यादव की 13वीं पर गायों को गुड़ खिलाया। विगत 17 जुलाई को मांगेराम यादव का हृदय गति रुकने से निधन हो गया था।
इस शुभ अवसर पर महंत वि_ल गिरी महाराज, भाजपा युवा नेता कुलदीप यादव, भाजपा कनीना मंडल महामंत्री हनुमान सिंह यादव पोता, आशा यादव, भारती यादव, सूर्यपाल ,हर्ष, जीया यादव, शिव कुमार शर्मा खेड़ी, भाजपा उपाध्यक्ष कनीना रमेश क्रांति सेहलगिया, बिट्टू लाम्बा,विक्रम भगवाधारी, मनोज यादव ककरालिया, सवितराज बजरंग दल व पांचों गोशाला प्रधान उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: गायों के लिए दान देते हुए नेता हनुमान सिंह
युवक हुआ लापता, पुलिस में लापता होने का केस किया दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव मोहनपुर नांगल से पवन कुमार नामक युवक लापता हो गया। स्वजनों ने लापता होने का मामला दर्ज करवाया है।
पुलिस में रामबिलास, मसानी चौक महेंद्रगढ़ ने कहा है कि उनकी बुआ का लड़का पवन कुमार जो मोहनपुर नंगल में रहता था 27 जुलाई को करीब 2:30 बजे घर से थोड़ी देर में आने के लिए बोल कर गया था लेकिन घर वापस नहीं आया। हर जगह तलाश की किंतु कोई सुराग नहीं मिला। पवन कुमार के दो बच्चे और बुजर्ग माता-पिता है वहीं पत्नी की दिमाग की हालत ठीक नहीं है। ऐसे में उन्होंने उसकी तलाश करने की मांग की है। कनीना पुलिस ने लापता होने का मामला दर्ज कर लिया है।
व्यक्ति की पत्नी हुई लापता, लापता होने का केस दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के एक गांव से एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के गुम होने का मामला दर्ज करवाया है। उन्होंने कहा कि वह खेती बाड़ी करता है और उनकी शादी 5 जून 2023 को उत्तर प्रदेश की लड़की से हुई थी। उसकी पत्नी 15 जुलाई 2026 को बिना बताए घर से चली गई। हर जगह तलाश की गई किंतु कहीं नहीं मिली। उन्होंने शक है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे छुपा कर रखा है। कनीना पुलिस ने उनकी शिकायत पर लापता होने का मामला दर्ज कर लिया है।
जिला की चारों विधानसभाओं में प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन
-आम नागरिकों के लिए सभी बूथों पर मतदाता सूची उपलब्ध
-आनलाइन माध्यम से ईसीआई नेट ऐप पर भी देख सकते हैं अपना नाम
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कनीना की आवाज। भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशानुसार जिला महेंद्रगढ़ की चारों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। यह मतदाता सूची सभी मतदान बूथ पर उपलब्ध है। कोई भी नागरिक इसे देख सकता है।
यह जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अनुपमा अंजली ने बताया कि इस विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का मुख्य लक्ष्य जिला के प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज करना तथा सूची को पूरी तरह से सटीक और त्रुटिरहित बनाना है।
उपायुक्त ने बताया कि एक मजबूत और पारदर्शी लोकतंत्र के लिए प्रत्येक नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना अति आवश्यक है। इसी उद्देश्य से 31 जुलाई 2026 से लेकर 30 अगस्त 2026 तक आम जनता से दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इस एक महीने की अवधि में कोई भी नागरिक अपने नाम की जांच कर सकता है और आवश्यकतानुसार नए नाम जुड़वाने या संशोधन कराने के लिए आवेदन कर सकता है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय-सारणी साझा करते हुए बताया कि 30 अगस्त तक प्राप्त होने वाले सभी दावों तथा आपत्तियों का निपटारा 28 सितंबर 2026 तक कर लिया जाएगा।
इसके बाद सभी संशोधनों को शामिल करते हुए 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते मतदाता सूची में अपने नाम की पुष्टि कर लें। नागरिक आनलाइन माध्यम से ईसीआई नेट ऐप का प्रयोग करके भी अपना नाम चेक कर सकते हैं तथा घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा किसी भी प्रकार की सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है या संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) व जिला निर्वाचन कार्यालय से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
अगर आपका मतदाता सूची में नाम है तो क्या करें-
यदि आपने प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना नाम जांच लिया है और आपकी सभी जानकारियां (नाम, पिता/पति का नाम, पता, आयु व फोटो) पूरी तरह सही हैं, तो आपको किसी भी प्रकार की कार्रवाई या दस्तावेज जमा करवाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
अगर आपका नाम मतदाता सूची में नहीं है तो क्या करें-
यदि आप 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र नागरिक हैं और आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, तो आप पूर्ण आवश्यक दस्तावेजों और घोषणा पत्र के साथ फार्म 6 भरकर अपना नाम शामिल करवाने हेतु आवेदन करें।
अगर नाम या पते में कोई त्रुटि है तो क्या करें-
यदि आपका नाम मतदाता सूची में दर्ज तो है लेकिन नाम, पिता का नाम, मकान नंबर, पता, आयु या फोटो में कोई अशुद्धि है, तो उसे दुरुस्त करवाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ फार्म 8 भरकर जमा करवाएं-
प्रारंभिक मतदाता सूची अनुसार जिला में कुल 6,85,653 मतदाता--
चुनाव तहसीलदार सुरेंद्र सिंह ने ड्राफ्ट मतदाता सूची के आंकड़े जारी करते हुए बताया कि अब जिला महेंद्रगढ़ की चारों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 6,85,653 मतदाता हैं। ये मतदाता बीएलओ द्वारा सत्यापित किया जा चुके हैं। इस कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए पूरे जिला में 772 बीएलओ तैनात हैं।
अटेली विधानसभा: 1,91,736 मतदाता बीएलओ: 215
महेंद्रगढ़ विधानसभा: 1,98,194 मतदाता
बीएलओ- 220
नारनौल विधानसभा- 1,41,841 मतदाता
बीएलओ:-155
नांगल चौधरी विधानसभा: 1,53,882 मतदाता
बीएलओ- 182


























































