खेड़ी में लड़की का घोड़ी पर निकाला बनवारा
---शादी 12 मार्च की
*********************************************
**************************************************
********************************************
कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव खेड़ी तलवाना निवासी श्री सूबे सिंह ने अपनी सुपुत्री मोनिका के विवाह समारोह के दौरान एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल की। उन्होंने सामाजिक परंपरा से अलग हटकर अपनी बेटी मोनिका को घोड़ी पर बनवारा दिलाकर समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया।
आमतौर पर यह रस्म बेटों के साथ जुड़ी मानी जाती है, लेकिन सूबे सिंह के इस कदम ने लड़का-लड़की के बीच भेदभाव खत्म करने और बेटियों को समान अधिकार देने का संदेश दिया है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी सोच समाज में बेटियों के सम्मान और समानता को बढ़ावा देती है।
गांव और आसपास के क्षेत्र में यह पहल चर्चा का विषय बनी हुई है और लोगों ने इसे समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
सूबे सिंह ने बताया कि उनकी पुत्री मोनिका एमएससी करने के बाद बीएड कर रही है तथा उनकी शादी फरीदाबाद 12 मार्च को होने जा रही है। उनका शौहर राजस्व विभाग में पटवारी के पद पर कार्यरत है।
फोटो कैप्शन 07= लड़की का बनवारा निकालते हुए
अंतर्राष्ट्रीय विवाद सप्ताह 2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री का किया सम्मान
--रमन प्राचार्य की मुख्यमंत्री ने प्रशंसा की
***************************************************
********************************************************
***************************************************
कनीना की आवाज। कबीर भवन चंडीगढ़ में आयोजित भारत अंतर्राष्ट्रीय विवाद सप्ताह 2026 के अवसर पर आयोजित एक संवादात्मक सत्र में मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार नायब सिंह सैनी का रमन शास्त्री प्राचार्य एवं अन्य ने सम्मान किया। यह सत्र 7 मार्च से शुरू हुआ था।
अनुसूचित समाज की समस्याओं के निदान हेतु मुख्यमंत्री ने डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा, मनोज कुमार प्रोफेसर व रमन शास्त्री प्राचार्य के नेतृत्व में समाज के गणमान्य लोगों की समस्याएं सुनी और उन सभी का का मौके पर ही निदान करवाया। मुख्यमंत्री व कृष्ण मिड्ढा का मनोज व रमन शास्त्री व समाज के लोगों ने फूलमालाओं व पगड़ी पहनाकर अभिनन्दन किया। रमन शास्त्री ने सभी का आभार व धन्यवाद किया। मुख्यमंत्री ने रमन शास्त्री एवं अन्य का आभार जताया।
फोटो कैप्शन 06: रमन शास्त्री मुख्यमंत्री का सम्मान करते हुए
नवाचार आधुनिक शिक्षण अधिगम और उपचारात्मक शिक्षा के साथ बच्चों की मानसिक , बौद्धिक विकास में सहायक- वीरेंद्र जांगिड़
---एसएमसी की बैठक संपन्न
***************************************************
********************************************************
***************************************************
कनीना की आवाज। राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में एसएमसी बैठक का आयोजन एसएमसी प्रधान विकासचंद एवं राहुल की संयुक्त अध्यक्षता में किया गया।
इस मौके पर बैठक में पहुंचे अनेक ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने विद्यालय परिसर में साफ- सफाई, अनुशासन, शैक्षिक व्यवस्था, दोपहर मध्यांतर भोजन व्यवस्था की गुणवत्ता और पौष्टिकता आदि का निरीक्षण किया। विद्यालय प्रबंधन की इस व्यवस्था को देखकर वह उत्साहित नजर आए उन्होंने कहा कि विद्यालय की शैक्षिक व्यवस्था उत्तम और श्रेष्ठ है जिसकी सर्वत्र प्रशंसा होती हैं खण्ड स्तर पर विद्यालय की अपनी पहचान है।
मौलिक मुख्याध्यापक वीरेंद्र सिंह जांगिड़ ने सभी के आगंतुकों को विधार्थियों की शैक्षिक प्रगति रिपोर्ट और पाठ्यक्रम आधारित नवीनतम क्रियाकलापों आदि प्रस्तुत की और बताया कि मुख्यमंत्री सौन्दर्य करण स्कीम के अंतर्गत यह विद्यालय खंड स्तर पर प्रथम रहा है। उन्होंने पाठ्यक्रम आधारित सभी गतिविधियों को विस्तार से बताया और विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए सभी नवीनतम माडल जो नवाचार आधुनिक शिक्षण अधिगम और उपचारात्मक शिक्षा के साथ बच्चों की मानसिक , बौद्धिक विकास में सहायक होते है । उन्होंने उपस्थित सदस्यों से प्रार्थना की कि ग्रामीण ज्यादा से ज्यादा नामांकन आपके गांव के सरकारी विद्यालय में करवाये विद्यालय में गुणवत्ता पूर्ण और संस्कारवान शिक्षा का केंद्र है कक्षा 6 से 8 तक के सभी विद्यार्थी अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जो की अपने आप में एक अनूठी मिसाल है। इसके लिए सभी अध्यापकों का आभार व्यक्त किया और प्रवेश उत्सव का भी निमंत्रण दिया। इस अवसर पर सुनील कुमार, मनवीर सिंह तंवर ,सुनील कुमार, देवेंद्र कुमार, राजेश कुमार ,भगत सिंह, गरिमा रानी ,विकास चंद प्रधान, राहुल प्रधान ,सूबे सिंह पूर्व प्रधान ,सतपाल साहब, राजकुमार पंच,धर्मवीर ठेकेदार सतबीर, तारामणि देवी,पिंकी देवी, बबली देवी, माया देवी, ललिता देवी ,मंजू देवी, धर्मा देवी ,लाली देवी, मोनिका देवी, रूपकला देवी, कौशल्या देवी,बबिता देवी,मुन्नी देवी आदि सम्मानित जन उपस्थित रहें।
फोटो कैप्शन 01: एसएमसी बैठक में भाग लेते हुए ग्रामीण।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन
- नन्हें वैज्ञानिकों ने माडलों के माध्यम से दिखाया अपना हुनर
***************************************************
********************************************************
***************************************************
कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह में वार्षिक विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न विषयों पर शानदार वर्किंग माडल प्रस्तुत किए।
छात्रों ने डाई बेस , इलेक्ट्रोस्कोप, प्रकाश संश्लेषण , मैग्नेटिक पेन स्टैंड , टर्मरिक पेपर, गोताखोर , पूर्णांकों का जोड़ एवं घटा , गोनोमीटर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित प्रोजेक्ट्स दिखाए। इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में जिज्ञासा पैदा करना और उन्हें सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप में लागू करने के लिए प्रेरित करना था। सर्वश्रेष्ठ माडलों का चयन करने के लिए जूरी द्वारा मूल्यांकन किया गया, जिससे छात्रों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना देखने को मिली ।
कार्यक्रम के दौरान स्कूल के प्रधानाचार्य बाबूलाल जी ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करती हैं।
इस सारे कार्यक्रम को विज्ञान शिक्षिका मंजू यादव ने संचालित किया । इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी महानुभावों ने विज्ञान शिक्षिका की कार्य प्रणाली की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की ।
फोटो कैप्शन 02: विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए
कालेज में पढऩे वाली लड़की गुम, गुमशुदगी का मामला दर्ज
--एक व्यक्ति पर उसे छुपाने का मामला दर्ज
***************************************************
********************************************************
***************************************************
कनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के एक गांव से कालेज में पढऩे गई लड़की गुम हो गई। लड़की के पिता ने मामला दर्ज करवाया है।
उन्होंने पुलिस में कहा है कि उसकी लड़की पढऩे के लिए कालेज में गई थी किंतु वापस नहीं आई। आसपास तलाश की गई किंतु कहीं नहीं मिली। उन्होंने राज नामक लड़के पर शक जाहिर किया कि उसने कहीं उसे छुपा रखा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
निकिता ने पाया विश्वविद्यालय में आठवां स्थान, कालेज में खुशी का माहौल
--उन्हाणी कालेज की है छात्रा
***************************************************
********************************************************
***************************************************
कनीना की आवाज।राजकीय कन्या महाविद्यालय, उन्हानी की छात्रा निकिता पोता निवासी ने इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर द्वारा आयोजित बीएससी पांचवें सेमेस्टर की विश्वविद्यालय परीक्षा में आठवां स्थान प्राप्त कर महाविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डा. विक्रम सिंह ने इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर छात्रा व प्राध्यापकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उसकी निरंतर मेहनत, अनुशासन एवं समर्पण का परिणाम है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय का शैक्षणिक माहौल पूरे जिले में अग्रणी है जिसके परिणामस्वरूप हर वर्ष महाविद्यालय की छात्राएं विश्वविद्यालय की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त कर रही हैं। यहां सभी प्राध्यापक लगन और मेहनत से शिक्षण का कार्य कर रहे हैं जिससे इस प्रकार की उपलब्धि महाविद्यालय प्राप्त कर रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यहां की छात्राएं भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर महाविद्यालय एवं अपने परिवार का नाम रोशन करती रहेगी।
फोटो कैप्शन: निकिता
कुतरूं प्राचार्य के कारनामे-14 कड़ी पढ़े 11 मार्च को
-कुतरू की आईडी खोलकर तबादले के आप्शन ही बदल दिये
कनीना की आवाज ब्लाग से न उठाये कोई समाचार
-वरना कापीराइट के तहत होगा मामला दर्ज
-आरएनआई द्वारा है रजिस्टर्ड
***************************************************
********************************************************
***************************************************
कनीना की आवाज।कनीना की आवाज नमक ब्लाग आरएनआई द्वारा रजिस्टर्ड समाचार पत्र है। इससे यूं की यूं खबर को उठाकर कुछ लोग अनजाने में ग्रुप में डाल देते हैं जो कापीराइट का उल्लंघन है। कहने को तो अज्ञानता कहेंगे लेकिन कानून के सामने अज्ञानता का कोई बहाना नहीं होता। ऐसे में ऐसी गलती दो-तीन बार कुछ लोग कर चुके हैं जो डा. होशियार सिंह यादव कापीराइट अधिकारी द्वारा देखी जा चुकी हैं। भविष्य में अगर कोई ऐसी गलती करेगा चाहे वह जाने या अनजाने में हुई उसके खिलाफ कापीराइट के तहत मामला दर्ज करवाया जाएगा। इसके लिए ग्रुप एडमिन भी जिम्मेवार होगा। कनीना की आवाज ब्लाग की खबर को कापी करके कहीं प्रयोग न करें, सावधानी बरते अन्यथा अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे।
कापीराइट मामले में सजा
-अपराध की गंभीरता के आधार पर 6 महीने से लेकर 3 साल तक की कैद और 50,000 रुपए से 2 लाख रुपए तक के जुर्माने तक हो सकता है। बार-बार उल्लंघन करने पर सजा बढ़ जाती है, और इसमें गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध माना जाता है, जिसमें अवैध सामग्री और उपकरणों को जब्त भी किया जा सकता है।
सजा के मुख्य प्रावधान (भारतीय कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के अनुसार)
धारा 63:पहली बार उल्लंघन करने पर कम से कम 6 महीने की कैद और 50,000 रुपए के जुर्माने से लेकर अधिकतम 3 साल तक की कैद और 2 लाख रुपएतक का जुर्माना हो सकता है।
धारा 63 (दोबारा उल्लंघन): दूसरी बार दोषी पाए जाने पर कम से कम 1 साल की कैद और 1 लाख रुपए के जुर्माने से लेकर अधिकतम 3 साल तक की कैद और 2 रुपए लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
धारा 63बी(कंप्यूटर प्रोग्राम का उल्लंघन): कंप्यूटर प्रोग्राम की उल्लंघनकारी प्रति का जानबूझकर उपयोग करने पर कम से कम 7 दिन की कैद और 50,000 रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।
अन्य दंड:उल्लंघन करने वाली प्रतियां और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण जब्त किए जा सकते हैं, और कापीराइट मालिक सिविल मुकदमे के जरिये मौद्रिक हर्जाना भी मांग सकता है।
साल में दो विज्ञापन भी नहीं देने वाले समाचार न भेजे
- अखबार का आदेश है विज्ञापन देने वालों की खबरें लगे अधिक से अधिक
***************************************************
********************************************************
***************************************************
कनीना की आवाज। लंबे समय से डा. होशियार सिंह यादव पत्रकारिता में जुटा हुआ है। सुबह से रात 11 जाते हैं तब जाकर पत्रकारिता पूर्ण होती है किंतु न तो समाचार पत्र एक रुपया भी देता और न ही लोग विज्ञापन देते। साल में अनेक समाचार छपने के बाद भी जब विज्ञापन का वक्त आता है तब कोई विज्ञापन नहीं दिया जाता, जिससे अखबार नाराज है और ऐसे पत्रकार जो विज्ञापन नहीं देते उनको हटाने का निर्णय ले लेता है। ऐसे में जो साल में दो विज्ञापन नहीं दे पाए वो कृपया मेरे पास/डा. होशियार सिंह यादव के पास समाचार प्रकाशन हेतु न भेजे। इसे कड़ाई से पालन किया जाएगा। भविष्य में यदि कोई समाचार भेजता है तो स्वयं जिम्मेदार होगा और वे प्रकाशित नहीं होंगे। अपने घर से कंप्यूटर, बिजली, नेट खर्चा, भाग दौड़ करनी पड़ती है वहीं बच्चों से दूर रहना पड़ता है। उस पर भी एक रुपए भी जेब में नहीं आता और खर्चा बढ़ता ही चला जाता है। एक और परिवार वाले नाराज वहीं अखबार वाले नाराज क्योंकि कुछ लोगों की आदत बन गई है कि समाचार के समय तो कहेंगे बड़े-बड़े समाचार छाप दो और विज्ञापन के नाम पर कहेंगे सोचेंगे, देखेंगे या फिर फोन नहीं उठाते, फोन बंद कर लेते हैं। ऐसे में ऐसे व्यक्ति जो साल में दो विज्ञापन नहीं दे पाते वो कृपया माफ करें, समाचार भविष्य में न भेजे। केवल वही व्यक्ति भेजें जिन्होंने कुछ विज्ञापन दिया है या मेरी किसी क्षेत्र में मदद की है ताकि उनका खर्चा में स्वयं वहन कर सकूं। सबसे बड़ी बात है कि अखबार के निर्देशानुसार एक विज्ञापन कम से कम 10 हजार का देने वालों के छह माह समाचार प्रकाशित होंगे, दो विज्ञापन देने वालों के पूरे साल समाचार प्रकाशित होंगे। अधिकतम दिन में एक समाचार प्रकाशित करवा सकता है वह भी स्वयं टाइप करके भेजना होगा। यदि साल में 20000 तक का विज्ञापन देता है उनके लिए यह सुविधा एक साल चलती रहेगी। समाचारपत्रों का कहना है कि उन लोगों पर समय बर्बाद ना करें जो विज्ञापन नहीं देते। एक और मजबूरी है दूसरी और विज्ञापन देना जरूरी है। शायद कनीना क्षेत्र के प्रतिदिन 10 बड़े समाचार अकेले मेरे प्रकाशित होते हैं लेकिन इस होली पर महज एक छोटा सा विज्ञापन मिला जिनसे उम्मीद थी वो कल देंगे, फिर देंगे, आगे देंगे करते-करते होली भी टाल दी। अब ऐसा नहीं होगा। केवल क्राइम के समाचार और उन लोगों के समाचार प्रकाशित होंगे जो विज्ञापन देते हैं या ऐसे व्यक्तित्व जो वास्तव में समाज के लिए उदाहरण बने हुए हैं।
गर्मी आते ही घड़ों की ओर रुझान बढ़ा
-देशी फ्रिज नाम से जानते हैं लोग
***************************************************
********************************************************
***************************************************
कनीना की आवाज। यूं तो गर्मी आने पर फ्रिज का लोग जमकर उपयोग करते हैं किंतु बुजुर्ग एवं ग्रामीण लोगों का रुझान आज भी घड़ों की ओर है। यद्यपि घड़े बनाने में घंटों का समय लगता है किंतु इनमें पानी स्वास्थ्य अनुकूल माना जाता है। यही कारण है कि बीमारियों से और फ्रिज से छुटकारा पाने के लिए आज भी लोग घड़ों का पानी प्रयोग करते हैं।
घड़ा बनाने वाले महिपाल सिंह,दिनेश कुमार ने बताया कि आज के दिन कनीना एवं आस पास क्षेत्रों की माटी से घड़े नहीं बनाए जाते बल्कि माटी भी नांगल चौधरी, भिवानी तथा दूर दराज गांवों से खरीदकर लानी पड़ती है जिससे घड़े बनाए जाते और उन्हें सूखाकर, पकाया जाता है। आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में आवे(घड़े पकाने की भट्ठी) पाई जाती है। घड़े ही नहीं अपितु समय-समय पर दीपक, सुराही, छोटी मटकी तथा अनेक अन्य मिट्टी के उपकरण तैयार किए जाते हैं जिन्हें भ_ी में पकाया जाता है। घड़ों की कीमत दिनों दिन बढ़ती जा रही है। वर्तमान में एक घड़ा 100-125 रुपये का मिलता है। उधर घड़े का पानी पीने वाले राजेंद्र सिंह, सूबे सिंह, कृष्ण कुमार, सत्यराज
आदि ने बताया कि उनके वक्त कभी फ्रीज नहीं होते थे। महज घड़ों का ही पानी ठंडा रहता था जिसे पीकर लंबे समय तक स्वस्थ रहते थे। आज घड़ों की बजाय फ्रीज, कुल्फी, आइसक्रीम आदि पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। कोरोना महामारी के कारण फ्रीज एवं ठंडे खाने पसंद नहीं किये गये किंतु कोरोना समाप्त होने के बाद आज तक देशी फ्रिज की मांग बढ़ी है।
डा. वेद, डा अजीत कुमार आदि ने बताया कि घड़ों का पानी स्वास्थ्य के लिए ज्यादा उचित रहता है। फ्रिज का पानी पीना नुकसानदायक है, ऐसे में उनका कहना है कि घड़ों का पानी ही पीना चाहिए और आने वाले समय में फिर से घड़ों की मांग होगी। वर्तमान में घड़े बनाने वाले त्वरित गति से घड़े बना रहे हैं। घड़ों के अतिरिक्त छोटे-छोटे घड़े, सुराही, मटकी, पौधे उगाने वाले गमले आदि भी बनाए जाते हैं।













































