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**KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**
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Sunday, September 6, 2026
डीएवी शिक्षण संस्थान के समर्थन में हुई समीक्षा बैठक। युवाओं ने दिया पुरजोर समर्थन ************************************************ ****************************************************** ************************************************ कनीना की आवाज। कनीना की डीएवी शिक्षण संस्थान को दोबारा खुलवाने के लिए गेट के पास रविवार को समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया जिसमें कनीना के अलावा आस पास गांव के युवाओं ने अपनी राय दी। समीक्षा बैठक हर रविवार को होती है जिसमें पूरे सप्ताह की नीति बनाई जाती है। इस बार युवाओं में जोश देखने को मिला । वहीं भडफ़ से आए रवि यादव ने संगठन को गांव में पंचायत घर पर दोपहर 12 बजे जन संवाद के लिए आमंत्रित किया है । उन्होंने बताया कि एक समय था जब उनके गांव के युवा डीएवी मैदान में शारीरिक परीक्षण के लिए आते थे। जब शिक्षण संस्थान चला करता था तो उस समय रेवाड़ी रोड पर परिवहन विभाग की तरफ से बस स्टाप भी बनाया गया था। लेकिन अब सब कुछ वीरान पड़ा है। उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि भडफ़ गांव का युवा पीढ़ी ही नहीं बल्कि बुजुर्ग और महिलाएं भी समर्थन में साथ है। हरेंद्र शर्मा ने बताया कि डी ए वी संस्था को दोबारा खुलवाने के लिए जो हस्ताक्षर अभियान शुरू किया था उसकी शुरुआत कनीना के वार्ड नंबर 06 से हो चुकी है जिसमें पूर्व पार्षद पहलाद राय और राज कुमार चौहान ने समर्थन दिया । इसके अलावा वार्ड वासियों ने भी बढ़ चढ़ कर समर्थन दिया। समीक्षा बैठक में समाज सेवी हरेंद्र शर्मा, मोनू यादव, सोनू , दीपांशु, राज कुमार,राज सिंह, हैप्पी, पंकज शर्मा,रिंकू सिंह,इत्यादि क्षेत्र वासी मौजूद थे । फोटो कैप्शन 06: संबंधित है
गुरुकुल कनीना में शिक्षक सम्मान समारोह काश ऐसा सरकारी स्कूलों में भी हो तो बदल जाए तस्वीर! ************************************************ ****************************************************** ************************************************ कनीना की आवाज। 5 सितंबर रात 9 बजे तक गुरुकुल कनीना में जो कार्यक्रम चला। वह कहने को तो निजी स्कूल था किंतु तंत्र सरकारी देखने को मिला। किसी भी कार्यक्रम में सरकारी स्कूलों में इतना बड़ा तंत्र, इतने अधिक शिक्षक ,इतना बड़ा सम्मान नहीं देखने को मिलता। जिला शिक्षा अधिकारी नारनौल, खेलाधिकारी नारनौल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नारनौल सहित दर्जनों खंड के अधिकारी, सैकड़ों सरकारी स्कूलों के शिक्षक ,निजी स्कूलों के शिक्षक दूर दराज तक सम्मान की सूचक पगड़ी बांधे दिखाई दे रहे थे। इन शिक्षकों का चयन और उन्हें सम्मान के लिए किस आधार पर बुलाया गया यह तो कह पाना कठिन है किंतु ऐसा बड़ा कार्यक्रम शायद ही किसी सरकारी स्कूल में हो पाएगा। एक और जहां 5 सितंबर को जिला के अधिकारियों को चंडीगढ़ में आयोजित राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह में आमंत्रित किया गया था किंतु अधिकांश अधिकारी वहां न जाकर कनीना पहुंचे जो इस गुरुकुल के आकर्षण की ओर इशारा करता है। इन अधिकारियों को बड़ी-बड़ी भगवत गीता आदि दी गई जो उनके घरों में सुरक्षित रख दी जाएगी। शायद ही दो प्रतिशत ऐसे अध्यापक होंगे जो इन गीता का एक चैप्टर भी पढ़ पाएंगे। यदि जिला के शिक्षा अधिकारियों को किसी सरकारी कार्यक्रम में बुलाया जाए तो शायद इतनी संख्या में हाजिर नहीं हो पाएंगे। इससे लगता है की सरकारी स्कूल इसीलिए पीछे बिछड़ते जा रहे हैं। यद्यपि गुरुकुल की अच्छी पहल थी किंतु इसमें जिन शिक्षकों को बुलाया गया जिनको सम्मान दिया गया वह आधार एवं क्राइटेरिया समझ से परे रहा। क्योंकि राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक भी इस क्षेत्र में कम से कम चार है, विश्व रिकार्ड धारक शिक्षक भी है किंतु उनका कोई तवज्जो नहीं दिया गया परंतु निजी संस्थान है वो चाहे वैसा करने का उन्हें पूरा हक है।। सभी को शायद ही बुलाया गया हो। कार्यक्रम सराहनीय रहा किंतु सरकार को भी एक बार सोचना होगा कि इस प्रकार के कार्यक्रम में जब सरकारी अधिकारी और सरकारी शिक्षक आदि पहुंचेंगे तो सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों में क्या संदेश जाएगा। यह सत्य है कि जिस प्रकार कार्यक्रम का गुरुकुल में आयोजन किया गया वह बेहतरीन रहा क्योंकि कुछ पुराने शिक्षकों को कम से कम याद किया गया। चाहे गुरुकुल ने इस बहाने अपना विज्ञापन भी इन शिक्षकों तक पहुंचा दिया, अपना संदेश, अपना ध्येय और अपना उद्देश्य भी शिक्षक को के जरिए पहुंचाया क्योंकि शिक्षक एक ऐसी कड़ी होती है जो एक बार मन में ठान ले कर गुजरते हैं। यदि उन्हें गुरुकुल की पद्धति अच्छी लगेगी तो निसंदेह वो अन्य लोगों को इससे जोडऩे के लिए कहेंगे। अब सरकार को भी चाहिए इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करें जिसमें पुराने शिक्षक को कम से कम एक बार किसी मंच पर बुलाने का मौका मिले। ऐसा कार्यक्रम 5 सितंबर को एक बार आयोजित करवाया जा सके। इसके लिए सभी अधिकारियों को जरूर उपस्थित रहने का आदेश दिया जाए वरना इस प्रकार गुरुकुल जैसे कार्यक्रम को देखकर एक ही बात पुरानी शिक्षकों में चुभती रहेगी कि काश निजी स्कूलों की तरह सरकारी स्कूल भी आगे बढ़े। वरना इस प्रकार के कार्यक्रमों में सरकारी अधिकारियों को भाग लेने से रोका जाए। वरना सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों एवं अभिभावकों में भेदभाव का रवैया दिल में घर कर जाएगा। फोटो कैप्शन 07: संबंधित फोटो है
सड़क मार्ग की जर्जर हालत, ठीक करवाने की उठी मांग ************************************************ ****************************************************** ************************************************ कनीना की आवाज। कनीना-महेंद्रगढ़ मार्ग पर नायरा पेट्रोल समक्ष से गुजरने वाले धनौंदा- चरखी दादरी को जाने वाला मार्ग नायरा पेट्रोल पंप के समक्ष बहुत जर्जर हालत में हो चला है। एक और जहां गंदा नाला भी इधर से गुजरता है वही चौड़े चौड़े गड्ढे बन गए हैं। जब कभी वर्षा होती है तो इनमें पानी खड़ा हो जाता है और निकल पाना कठिन हो जाता है। जब वर्षा का जल भर जाता है तो यह गड्ढे दिखाई नहीं देते जिसमें दोपहिया वाहन चालक गिरकर गंभीर चोटिल हो रहे हैं। वैसे भी उन्हाणी पुल निर्माण के कारण इस मार्ग से होकर महेंद्रगढ़, धानोंदा एवं चरखी दादरी आदि की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या बढ़ गई है परंतु प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। चरखी दादरी मार्ग तक इस सड़क की जर्जर हालात बन चुकी है। राहगीर नरेश कुमार, दिनेश कुमार, सुरेश कुमार, महेश कुमार आदि ने बताया कि लंबे समय से राहगीर परेशान हैं। जब से उन्हाणी पुल का निर्माण जारी है उन्हें इधर से गुजरना होता है। वैसे भी धनौंदा जाने के लिए यह छोटा मार्ग है किंतु यहां के गड्ढे समस्या बनते जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का निदान किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। फोटो कैप्शन 01: नायरा पेट्रोल पंप समक्ष धनौंदा को जाने वाला जर्जर मार्ग
कनीना श्रीकृष्ण गोशाला की कार्यकारिणी के चुनाव 18 सितंबर को ************************************************ ****************************************************** ************************************************ कनीना की आवाज। कनीना की श्रीकृष्ण गोशाला की कार्यकारिणी के चुनाव 18 सितंबर को होंगे। विस्तृत जानकारी देते हुए श्रीकृष्ण गोशाला के प्रशासकीय अधिकारी कृष्ण सिंह डागर पूर्व प्राचार्य कनीना ने जानकारी देते हुए बताया कि नामांकन भरने की तिथि 12 सितंबर से 13 सितंबर तक, वही नामांकन फार्म जांच करने की तिथि 14 सितंबर को होगी। नाम वापस लेने के लिए 15 सितंबर रखा गया है जबकि नाम वापस लेने के बाद सदस्यों की सूची 16 सितंबर को जारी होगी और 17 सितंबर को उनका चुनाव चिन्ह प्रदान कर दिए जाएंगे मतदान 18 को सितंबर को होगा तथा उसी दिन शाम को 3 बजे मतगणना चलेगी। प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि अब तक श्रीकृष्ण गोशाला के 31 सदस्य निर्धारित है जो अपना वोट डालेंगे। उल्लेखनीय के श्रीकृष्ण गोशाला 2003 में स्थापित की गई थी और अभी तक इसकी कार्यकारिणी का चुनाव नहीं हो पाया था। सभी चुनाव सर्वसम्मति से हुए हैं लेकिन इस बार एक व्यक्ति की शिकायत पर यह चुनाव निर्धारित किए गए हैं। गोशाला बहुत ही शानदार तरीके से पूर्व प्रधान भगत सिंह की देखरेख में चल रही थी और गोशाला को चार चांद लगा दिए गए थे। शिकायत के बाद से बहुत से लोगों में रोष पनपा परिणाम यह निकला कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का पर्व भी फीका रहा। फोटो कैप्शन 05: मतदान की घोषणा और सूची चिपकाते हुए कृष्ण सिंह पूर्व प्राचार्य
गुरुकुल में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित, शिक्षा अधिकारियों ने भारतीय शिक्षा पद्धति को बताया गौरवशाली -देर रात तक चला कार्यक्रम ************************************************ ****************************************************** ************************************************ कनीना की आवाज। भारतीय संस्कृति की गौरवशाली गुरुकुल परंपरा और आधुनिक शिक्षा के समन्वय का संदेश देते हुए कनीना स्थित नवस्थापित गुरुकुल की ओर से शिक्षक दिवस पर भव्य शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षाविदों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षा और ज्ञान की अधिष्ठात्री मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके उपरांत भारत के महान शिक्षाविद एवं पूर्व राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इसके साथ ही शिक्षक दिवस समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ। इसके पश्चात स्कूली बच्चों ने मनमोहक अध्यापक वंदना प्रस्तुत कर गुरु-शिष्य परंपरा की महान भारतीय संस्कृति को साकार किया। समारोह में जिला शिक्षा अधिकारी विश्वेश्वर कौशिक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार शर्मा अति विशिष्ट अतिथि रहे। अतिथियों का संस्था की ओर से पारंपरिक राजस्थानी पगड़ी पहनाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी का कार्यभार संभाल रहे माडल संस्कृति स्कूल के प्राचार्य सुनील खुडानिया भी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे। स्वागत भाषण देते हुए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने शिक्षक दिवस की महत्ता और भारतीय गुरुकुल परंपरा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरुकुल केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार और चरित्र निर्माण की प्रयोगशाला रहा है। भारतीय दर्शन पर आधारित गुरुकुल शिक्षा व्यवस्था के कारण ही भारत को एक समय ज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में विश्व का अग्रणी राष्ट्र बनने का गौरव प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और संस्कारों को भी विद्यार्थियों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए, ताकि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम न रहकर श्रेष्ठ नागरिक और सशक्त राष्ट्र निर्माण का आधार बने। मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी विश्वेश्वर कौशिक ने शिक्षक दिवस के अवसर पर गुरुकुल की स्थापना और शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित करने को अत्यंत सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सदैव सर्वोच्च रहा है। भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण जैसे महान व्यक्तित्वों ने भी अपने गुरुओं के सान्निध्य में गुरुकुल परंपरा के माध्यम से शिक्षा और जीवन मूल्यों का ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने विभिन्न शिक्षण पद्धतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय शिक्षा प्रणाली की मूल शक्ति उसके संस्कार, जीवन मूल्य और गुरु-शिष्य संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिकता को अपनाते हुए भारतीय शिक्षा की इन महान परंपराओं को आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता है। संस्था के प्रबंध निदेशक अंकुर यादव ने नवस्थापित गुरुकुल के उद्देश्य और भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि संस्था का लक्ष्य विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और श्रेष्ठ संस्कारों से जोडऩा है। उन्होंने कहा कि गुरुकुल के माध्यम से ऐसे प्रतिभाशाली और संस्कारवान विद्यार्थियों को तैयार करने का प्रयास किया जाएगा, जो भविष्य में देश और समाज को नई दिशा दे सकें। संस्था के निदेशक विजय भुरथला एवं अनीता यादव ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति और संस्कारों पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक एवं नृत्य प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार शर्मा, एईओ हंसराज गुर्जर, जीआर इंटरनेशनल स्कूल के अध्यक्ष विजयपाल यादव, बुचावास गौशाला के संरक्षक महंत लक्ष्मण गिरि, आर्य समाज से जुड़े सतीश आर्य, राजेश शासत्री लूखी,गुरुकुल एवं विद्यालय का समस्त स्टाफ, क्षेत्र के शिक्षाविद और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह के समापन अवसर पर संस्था की ओर से मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों को भारतीय ज्ञान और जीवन दर्शन के महान ग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता का विशेष संस्करण सम्मानस्वरूप भेंट किया गया। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित यह समारोह केवल शिक्षकों के सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय गुरुकुल परंपरा की पुनस्र्थापना, संस्कार आधारित शिक्षा और आधुनिक शिक्षण व्यवस्था के बीच एक मजबूत सेतु बनाने का संदेश देकर शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायक पहल बन गया। फोटो कैप्शन 02: सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए बच्चे 03: डीइओ एवं डीइइओ को गीता भेंट करते हुए विजय भुरथला
नपा के सफाई कर्मियों की काम छोड़ हड़ताल 32वें दिन भी जारी ************************************************ ****************************************************** ************************************************ कनीना की आवाज। नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर पालिका सफाई कर्मचारी 32वें दिन भी हड़ताल पर रहे। कर्मियों का कहना है कि सरकार ने अभी तक उनकी मांगें नहीं मानी हैं जिसके कारण हड़ताल जारी है। अगर मांगे नहीं मानी तो आगे भी हड़ताल जारी रहेगी। यूनिट कनीना प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि सभी कर्मी हड़ताल पर हैं। उनकी प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेका प्रथा बंद करने, एचकेआरएन खत्म करने, समान काम का समान वेतन लागू करने की प्रमुख हैं। लेकिन सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है। उनका कहना है कि सरकार ने अभी तक कोई मांग पूरी नहीं की है। उधर कनीना के विभिन्न स्थानों पर गंदगी के ढ़ेर लग गए हैं। लोग बेहद परेशान हैं। जगह जगह गंदगी के ढेरों में आवारा जंतु मंडराते रहते हैं। इस मौके पर अशोक कुमार उप प्रधान, योगेश कुमार, राकेश कुमार, जमादार नवीन कुमार, कर्मवीर, सुभाष, सोनू, शशि बाला, रतनलाल, राजेश, प्रदीप, पवन, संजय व अन्य हड़ताल पर रहे। फोटो कैप्शन 01: सफाई कर्मी कनीना हड़ताल पर रहे
वैश्विक क्षमा दिवस 7 सितंबर क्षमा करने से शरीर में पैदा होती है सकारात्मक ऊर्जा ************************************************ ****************************************************** ************************************************ कनीना की आवाज। क्षमा करना इंसान की अंदरूनी आत्मा से उत्पन्न एक विचार है। क्षमा कर देने से इंसान में एक विशेष गुण पैदा जो उसे अधिक सहनशील, उम्र में वृद्धि और सकारात्मक सोच पैदा करता है। क्षमा करने से जहां शरीर में एक सकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है वही क्षमा करना सदियों से चला रहा है। कितने ही उदाहरण मिलते हैं कि ऋषि मुनियों के सामने जब कोई याचक क्षमा मांगता था तो उसे सदा माफ किया जाता था। क्षमा करने मन की कड़वाहट दूर होती है। 1994 से क्षमा दिवस मनाने की परंपरा चली आ रही है। यह पाया गया है कि जो लोग क्षमा करते हैं वो क्रोध करने वालों की तुलना में अधिक खुश और स्वस्थ रहते हैं। किसी को क्षमा करना कभी-कभी कठिन और चुनौती पूर्ण होता है लेकिन असंभव कुछ नहीं है।क्षमा करने से डिप्रेशन, क्रोध, स्ट्रेस की हर तरह में कमी आती है। क्या कहते हैं डाक्टर -- क्षमा सांस्कृतिक रूप से समाज का हिस्सा है। यह अनेक दान दक्षिणाओं में से एक प्रकार का दान है जिसे हम क्षमादान कहते हैं। क्षमा करने से मन में संतुष्टि और आत्मा को तृप्ति प्रदान होती है। मनोवैज्ञानिक रूप से दोनों पक्षों को ही शांति प्रदान करता है। क्षमा करने पर मस्तिष्क में डोपामाइन नामक हार्मोन निकलता है जो हमें मानसिक रूप से खुशी प्रदान करता है। क्षमा या माफी हर मनुष्य के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रत्येक मनुष्य ने अपने जीवन में अनेक बार किसी को क्षमा किया होगा और किसी ने क्षमा मांगी होगी। यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। क्षमा करने से सामाजिक रिश्तों मजबूती आती है और शारीरिक स्वास्थ्य को भी लाभ होता है। मनुष्य को केवल दूसरों को क्षमा करना ही नहीं अपितु स्वयं को भी क्षमा करना भी आना चाहिए। इससे मनुष्य का मानसिक तनाव कम होता है। जिन मनुष्य में क्षमा करने की क्षमता होती है शारीरिक और मानसिक रूप से ज्यादा स्वस्थ रहते हैं। --डा. जितेंद्र मोरवाल क्षमा मनुष्यता की पहचान है। क्षमावाणी में दो पहलू हैं। एक तरफ से मांगी गई या की गई क्षमा का भी सम्यक या पूर्ण अस्तित्व नहीं है। कोई क्षमा मांगे और आप उसे क्षमा करें और जब आप क्षमा मांगे तो वह आपको क्षमा करे। ऐसे समय क्षमा देने वाले का भी दायित्व है कि वह अपने हृदय की विशालता का परिचय दे और क्षमा मांगने वाले के साथ किसी भी तरह का विरोध या बैर मिटाकर मैत्री की स्थापना करे। अनेक धर्मों के धर्मग्रन्थों में क्षमा के महत्व को दर्शाया भी गया है। शास्त्रों में भी कहा गया है-क्षमा वीरों का आभूषण है। हमें राग-द्वेष छोड़ सभी जीवों के प्रति पवित्र भाव रखते हुए हित-मित प्रिय वचन बोलना चाहिए और अपने हृदय के साथ वाणी में भी क्षमा लाना चाहिए। क्षमावाणी वर्ष में एक दिन नहीं बल्कि प्रतिदिन व प्रति क्षण होना चाहिए। --सतीश आर्य समाजसेवी रसूलपुर फोटो कैप्शन: डा. जितेंद्र मोरवाल तथा सतीश आर्य
Saturday, September 5, 2026
अगिहार स्कूल में मनाया गया शिक्षक दिवस ************************************************** ********************************************************** ************************************************** कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार में शिक्षक दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या पूनम यादव ने की। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति भारत रत्न ड. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन से प्रेरणा ग्रहण करें। विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता तथा लीगल लिटरेसी प्रभारी मदन मोहन कौशिक ने विद्यार्थियों को डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन तथा कार्यों से परिचित करवाया तथा गुरु और शिष्य के अनेक प्रसंग भी बताएं। उन्होंने अपने संबोधन में लीगल लिटरेसी के विषयों को भी प्रमुखता से उठाया । विद्यालय में संस्कृत की प्रवक्ता कैलास देवी भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस अवसर पर लीगल लिटरेसी प्रभारी मदन मोहन कौशिक को विद्यालय प्राचार्य ने सम्मानित भी किया विद्यालय की छात्राओं साइना,नव्या,नरगिस, शारदा,अनामिका, नेहा, कल्पना तथा सरला ने भी शिक्षक दिवस पर कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस अवसर पर विद्यालय विद्यालय की प्रवक्ता निशा जांगड़ा धर्मेंद्र डीपीई, कैलाश देवी,राकेश कुमार, मुख्य शिक्षक रतनलाल वंदना जांगिड़,पूनम कुमारी,तथा शशि कुमारी सहित सभी स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। फोटो कैप्शन 10: अध्यापक दिवस पर शिक्षकों को सम्मानित करते हुए
पेड़ पौधों की विधि विधान से की गई पूजा -परंपरागत पकवान खीर एवं लापसी का लगा भोग ************************************************** ********************************************************** ************************************************** कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में गोगा पर्व मनाया गया। जाटी एवं गोगा पौधों की पूजा करके पकवान बनाए गए। खीर एवं लापसी का भोग लगाया वहीं दिनभर पूजा चली। कई जगह गोगा के नाम पर मेले लगे वहीं भंडारे आयोजित हुए। दीवारों पर गोगा देव की तस्वीर बनाकर उनकी पूजा की गई। कनीना में विशाल मेला शिरीषवाला जोहड़ पर लगा। गोगा पर्व जाहर वीर गोगा देव की याद में भाद्रपद कृष्ण नवमी को मनाया जाता है। जाटी व गोगा दोनों पौधों की पूजा करके जल में प्रवाहित किया गया। कनीना में शिरीषवाला जोहड़ पर मेले में गोगा एवं जाटी पौधा ले जाने का रिवाज है जहां जल में प्रवाहित किया गया। गोगा जिसे जाहर वीर गोगा कहा जाता है। गोगा एक पौधे को कहते हैं जो शाक है जिसे अपामार्ग, लटजीरा, चिरचिटा आदि नामों से जाना जाता है। इसमें इतने अधिक औषधीय गुण है कि इसे गोगा देव के रूप में पूजा जाता है। यही कारण है कि गोगा देव के साथ साथ गोगा पौधे की भी पूजा की जाती है जो कई बीमारियों में सहायक है वहीं घर के आस पास मिल जाता है। कैसे की गई पूजा-- प्रत्येक घर में पूजा का स्थान निर्धारित होता है जो अक्सर रसोई में होता है। दीवार पर हल्दी व चंदन से गोगा पीर व जाटी पौधे की तस्वीर बनाई जाती हैं। तवे की कालिख से तस्वीरों को रंग भरा जाता है। गोगा व जाटी पौधों की टहनी तस्वीर के पास रख दी जाती हैं और विधि विधान से पूजा की जाती है। शाम होने के बाद उन्हें जोहड़ में बहा दिया जाता है। जाटी दक्षिण हरियाणा का प्रमुख पेड़ है जो फसलों के लिए लाभप्रद होता है। सुख दुख में सदा यह काम आता है। राजस्थान में खेजड़ी नाम से पूजा जाता है। फोटो कैप्शन 07: दीवार पर कालिख से बनाया गया गोगा वीर देव। एवं 08: गोगा एवं जाटी की पूजा हुई।
रामबास में खेलकूद एवं भंडारा आयोजित ************************************************** ********************************************************** ************************************************** कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव रामबास में जन्माष्टमी के पावन पर्व पर खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित हुई साथ में भण्डारा और जागरण का आयोजन किया गया। खेल प्रतियोगिता में अनेक खेलों में विभिन्न दूर दराज के गांवों की टीमों ने हिस्सा लिया। कबड्डी की 51000 रुपए की प्रथम इनाम अहरी गांव की टीम ने, 31000 रुपए की द्वितीय इनाम गद्दीखेडी की टीम ने जीती। इसी तरह से बालीवाल में प्रथम इनाम 21000 रुपए की रामबास गांव की टीम ने,15000 रुपए की द्वितीय खिडवाली मनचल गांव की टीम ने जीती। उधर कुश्ती मे 11000 की इनाम अन्नी पहलवान बाघोत ने जीती। महिला रस्साकशी मे दादरी की टीम ने प्रथम स्थान व रामबास की टीम उप विजेता रही। पुरुष रस्साकशी में पहला स्थान खुशपुरा की टीम ने और दूसरा स्थान जींद की टीम का रहा। इस मौके पर वरिष्ठ नागरिकों की दौड़,महिला मटका दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद सहित अनेक खेलों में दूर-दूर से आए हुए खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया। विजाताओं को नकद इनाम दिया गया। इस अवसर पर गाव के अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। फोटो कैप्शन 09: अव्वल रही टीम ट्राफी लेते हुए
कनीना श्रीकृष्ण गोशाला की कार्यकारिणी के चुनाव 18 सितंबर को ************************************************** ********************************************************** ************************************************** कनीना की आवाज। कनीना की श्रीकृष्ण गोशाला की कार्यकारिणी के चुनाव 18 सितंबर को होंगे। विस्तृत जानकारी देते हुए श्रीकृष्ण गोशाला के प्रशासकीय अधिकारी कृष्ण सिंह डागर पूर्व प्राचार्य कनीना ने जानकारी देते हुए बताया कि नामांकन भरने की तिथि 12 सितंबर से 13 सितंबर तक, वही नामांकन फार्म जांच करने की तिथि 14 सितंबर को होगी। नाम वापस लेने के लिए 15 सितंबर रखा गया है जबकि नाम वापस लेने के बाद सदस्यों की सूची 16 सितंबर को जारी होगी और 17 सितंबर को उनका चुनाव चिन्ह प्रदान कर दिए जाएंगे मतदान 18 को सितंबर को होगा तथा उसी दिन शाम को 3 बजे मतगणना चलेगी। प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि अब तक श्रीकृष्ण गोशाला के 31 सदस्य निर्धारित है जो अपना वोट डालेंगे। उल्लेखनीय के श्रीकृष्ण गोशाला 2003 में स्थापित की गई थी और अभी तक इसकी कार्यकारिणी का चुनाव नहीं हो पाया था। सभी चुनाव सर्वसम्मति से हुए हैं लेकिन इस बार एक व्यक्ति की शिकायत पर यह चुनाव निर्धारित किए गए हैं। गोशाला बहुत ही शानदार तरीके से पूर्व प्रधान भगत सिंह की देखरेख में चल रही थी और गोशाला को चार चांद लगा दिए गए थे। शिकायत के बाद से बहुत से लोगों में रोष पनपा परिणाम यह निकला कि श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का पर्व भी फीका रहा। फोटो कैप्शन 06: मतदान की घोषणा और सूची चिपकाते हुए कृष्ण सिंह पूर्व प्राचार्य
कनीना क्षेत्र में हुई एक एमएम वर्षा -गत दिवस हुई थी 2 एमएम वर्षा, अभी भी सूखा है कनीना क्षेत्र ************************************************** ********************************************************** ************************************************** कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में 11 अगस्त से पहले वर्षा हुई है तत्पश्चात महज अगर दो दिनों में 3 एमएम वर्षा हुई है जिसके कारण बाजरा, कपास, मूंग आदि की फसले सूखने के कगार पर पहुंच चुकी है। बाजरे की फसल पूर्ण रूप से पकान की ओर जा चुका है। अब तक किसान बेसब्री से वर्षा होने का इंतजार कर रहे थे लेकिन वर्षा नहीं हुई। फव्वारों द्वारा कुछ किसानों ने सिंचाई भी की है। बार-बार किसान आकाश की ओर टकटकी लगाकर देखते रहे किंतु वर्षा नहीं हुई । आकाश में काले काले बादल छाए और बिन बरसे ही गुजर गए। कुछ वर्षा हुई वह भी ऊंट के मुंह में जीरे के समान हुई है। तीन एमएम वर्षा हुई है। किंतु वर्षा को कृषि वैज्ञानिक नुकसानदायक नहीं मान रहे। उनका कहना है कि फसल पकान पर है इससे फसलों को लाभ ही होगा तो नुकसान किसी भी हालात में नहीं होगा। क्या कहते हैं उपमंडल अधिकारी कृषि- एसडीओ कृषि विभाग डा.अजय यादव से बात हुई। उन्होंने कहा कि वर्षा का इस समय होना फसलों के लिए लाभप्रद साबित होगा। कम से कम जो बाजरे की फसल पकान पर है उसे लाभ होगा और वह अच्छी प्रकार पक सकेगी। उन्होंने कहा कि वर्षा आगामी फसलों के लिए भी लाभप्रद साबित होगी किंतु अभी तक पर्याप्त मात्रा में वर्षा नहीं हुई है। उल्लेखनीय है कि कनीना क्षेत्र में जून के समय जब बाजरे की बिजाई की जानी थी तब वर्षा नहीं हुई। जुलाई में कुछ वर्षा हुई जिसके चलते कुछ किसानों ने अपनी बाजरे की फसल उगा दी तो कुछ अच्छी वर्षा का इंतजार करते रहे और अच्छी वर्षा नहीं हुई परिणाम यह निकला की बहुत से खेत पड़े हैं जिनमें कोई फसल नहीं उगाई है। फिर एक अगस्त से 11 अगस्त तक कुछ वर्षा हुई तत्पश्चात वर्षा नहीं हुई परिणाम यह निकला अब फसल पकन पर है और उसे वर्षा की जरूरत है वह भी नहीं मिल पाई। न तो बिजाई के समय वर्षा हो पाई न ही पकान के समय पर्याप्त वर्षा हो पाई। परिणाम किसान झेल रहे हैं। किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि अब फसल सूख चुकी है। कुछ किसानों ने फव्वारों द्वारा सिंचाई कर दी उनकी बाजरे की पैदावार जरूर अच्छी होगी। कपास की फसल में भी नुकसान हो चुका है वही बाजरे की फसल और मूंग की फसल बुरी तरह से प्रभावित हो चुकी हैं। फोटो कैप्शन 5: बाजरे की पकी हुई फसल
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान महेंद्रगढ़ में शिक्षक दिवस पर हुआ प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन ************************************************** ********************************************************** ************************************************** कनीना की आवाज। एससीईआरटी गुरुग्राम के तत्वावधान में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) महेंद्रगढ़ में आयोजित गणित प्रवक्ताओं की पांच दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह आयोजन जिला शिक्षा अधिकारी एवं डाइट प्राचार्य डॉ. विश्वेश्वर कौशिक के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें जिले भर के पांचों ब्लॉकों से गणित प्रवक्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के माध्यम से प्रवक्ताओं ने कार्यशाला के पांचों दिनों में सिखाए गए मॉडल्स की रोचक अंदाज में पुनरावृत्ति की। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईएफआईसी प्रभारी डॉ. आई.सी. शर्मा और सीनियर लेक्चरर नरेश गोयल विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान गणित की कक्षाओं में हरबंस पजल के प्रयोग पर विशेष बल दिया गया, ताकि विद्यार्थियों में तर्कशक्ति, चिंतन क्षमता, कल्पनाशीलता और सृजनात्मकता के साथ-साथ 21वीं सदी के आवश्यक कौशलों का विकास हो सके, जिससे वे भविष्य में सही दिशा में अपने करियर का चुनाव कर पाएं। उपस्थित शिक्षकों से आग्रह किया गया कि वे इन कौशलों के साथ-साथ प्रशिक्षण में सिखाई गई सभी विधियों को अपनी कक्षाओं में अधिक से अधिक अपनाएं, ताकि गणित विषय को और अधिक रुचिकर व सुगम बनाया जा सके। आयोजकों के अनुसार, इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य गणित विषय को रोचक बनाना और बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार लाना है, जिससे विद्यार्थियों की गणितीय प्रतिभा को निखारा जा सके। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के गणित विषय के अधिगम स्तर तथा परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने पर बल दिया गया, क्योंकि गणित को समस्त विषयों का मूल आधार माना जाता है। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों द्वारा गणित में की जाने वाली सामान्य त्रुटियों के समाधान पर भी विस्तृत व्याख्यान दिया गया, जिसमें बताया गया कि अध्यापक किस प्रकार सरल तरीकों से इन त्रुटियों का समाधान कर विषय को अधिक रोचक बना सकते हैं। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों को कक्षा-कक्ष में तकनीक के प्रभावी उपयोग द्वारा बच्चों को सिखाने हेतु व्याख्यान के साथ-साथ हैंड्स-ऑन अभ्यास भी करवाया गया। कार्यशाला के पांचवें एवं अंतिम दिन प्रवक्ताओं का पोस्ट-टेस्ट भी लिया गया, जिससे प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रभाव-अध्ययन (इंपैक्ट स्टडी) की जा सके। शिक्षक दिवस के इस विशेष अवसर पर डॉ. राकेश यादव एवं डॉ. आई.सी. शर्मा ने प्रवक्ताओं को प्रेरित करते हुए विशेष व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में अनेक शिक्षक मौजूद रहे। फोटो कैप्शन 04: डाइट में प्रशिक्षण दौरान रोल प्ले करते हुए
अध्यापक दिवस की कैमला में रही धूम ************************************************** ********************************************************** ************************************************** कनीना की आवाज। राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में आजाद भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म दिवस शिक्षक दिवस के रूप में धूमधाम के साथ विद्यालय परिसर में मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच डिंपल जांगड़ा ने की और मुख्य अतिथि के रूप में डा. सुरेश कुमार प्रोफेसर चरखी दादरी व डा. विनोद कुमार प्राचार्य कनीना रहें। कार्यक्रम का संचालन पुनीत और समर छात्र के द्वारा किया गया। सभी विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम एक से बढ़कर एक प्रस्तुत के जिसकी सर्वत्र प्रशंसा हुई। सभी विद्यार्थियों ने भाषण, कला, पेंटिंग, शिक्षक का गुणगान, महिमा और गौरव का गनगान किया जो प्रभावित और प्रेरित करने वाले थे। डॉक्टर सुरेश कुमार ने बच्चों को शिक्षा, संस्कार संस्कृति और अनुशासन के साथ शिक्षा आज की आवश्यकता पर विद्यार्थियों को प्रेरित किया। वहीं डा. विनोद कुमार ने विद्यार्थियों को नियमित अभ्यास प्रतिदिन का होमवर्क पूर्ण करना सुनिश्चित करना और माता-पिता व गुरु का सम्मान करना शिक्षा का पहला पायदान है। आप छोटे-छोटे बच्चे बड़े से बड़े पद पर पहुंच जाएंगे, नियमित रूप से पढ़ाई को जारी रखेंगे। विद्यालय की ओर से सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार किया गया। इस अवसर पर मुख्याध्यापक बीरेंद्र जांगिड़,समस्त स्टाफ एसएमसी प्रधान, विकास चंद एसएमसी प्रधान, रोहतास ,राजेश कुमार तंवर, तारामणि ,बबली देवी आदि उपस्थित रहें। फोटो कैप्शन 03: शिक्षकों को पुरस्कृत करते हुए
गुरु गोरखनाथ मंदिर खरकड़ाबास में भक्तों ने चढ़ाई चादर, भंडारा लगा ************************************************** ********************************************************** ************************************************** कनीना की आवाज। गुरु गोरखनाथ मंदिर खरकड़ाबास में जाहरवीर गोगा की स्मृति में विशाल भंडारा तथा रागिनी कार्यक्रम आयोजित किया गया। अतरलाल और जिला पार्षद अजीत सिंह ने जाहरवीर गोगा की मूर्ति पर चादर चढ़ा कर समाज व राष्ट्र के चहुंमुखी विकास और भलाई की कामना की। रागिनी गायक कलाकार राजेश शर्मा एवं पार्टी ने बाबा जाहरवीर, गुरु गोरखनाथ व भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का ओजस्वी भजनों द्वारा गुणगान कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। भंडारे में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। जिला पार्षद अजीत सिंह ने अपने कोटे से पांच लाख रुपए की लागत से टीन शेड बनवाने की घोषणा की। आयोजन समिति ने जिला पार्षद अजीत सिंह और नेताजी अतरलाल तथा अन्य अतिथि गण को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे। फोटो कैप्शन -02: गांव खरकड़ा बास में गुरु गोरखनाथ मंदिर में चादर चढ़ाते हुए
बीआर स्कूल सेहलंग में हर्षोल्लास से मनाया शिक्षक दिवस - शिक्षकों को सम्मानित किया ************************************************** ********************************************************** ************************************************** कनीना की आवाज। बीआर आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेहलंग में शिक्षक दिवस बड़े उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संस्था के चेयरमैन हरीश भारद्वाज उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या ज्योति भारद्वाज ने की। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने शिक्षकों के सम्मान में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और अपने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षक-विद्यार्थी संबंध, शिक्षा के महत्व तथा राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। मुख्य अतिथि हरीश भारद्वाज ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को विषय ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए समर्पण और जिम्मेदारी के साथ विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने का आह्वान किया। प्राचार्या ज्योति भारद्वाज ने कहा कि शिक्षक समाज की वह मजबूत नींव हैं, जिनके मार्गदर्शन से विद्यार्थी अपने जीवन में सही दिशा प्राप्त करते हैं। उन्होंने शिक्षकों से बदलते समय के अनुरूप नई शिक्षण विधियों को अपनाने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के शिक्षकों को सम्मानित किया गया तथा उनके समर्पण, मेहनत और शिक्षा के क्षेत्र में दिए जा रहे योगदान की सराहना की गई। समारोह का समापन शिक्षक दिवस की शुभकामनाओं और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। फोटो कैप्शन 01: बीआर आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेहलंग में शिक्षकों को सम्मानित करते हुए
Friday, September 4, 2026
क्षेत्र में मनाई जन्माष्टमी -गौशालाओं में गायों को खिलाया मीठा भोजन ******************************************** *************************************** ******************************************** कनीना की आवाज। कनीना एवं आस पास क्षेत्रों में जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया। इस मौके पर व्रत रखा, भजन चलते रहे वहीं दिनभर राधा कृष्ण को पोशाक पहनाई गई। कनीना एवं आस पास श्रीकृष्ण मंदिरों में चहल पहल रही। भारी संख्या में भक्त आए और राधाकृष्ण को पोशाक पहनाई। कनीना की आशा यादव, नीलम देवी, शकुंतला देवी आदि ने बताया कि उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को नये वस्त्र पहनाये जाते हैं। व्रत रखकर भजन दिनभर चलते रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी जन्माष्टमी का पर्व मनाया गया। राधा एवं श्रीकृष्ण के स्वांग रचे गए। कनीना के बड़े मंदिर में दिनभर पूजा अर्चना चली। पूर्ण शर्मा ने बताया कि मध्यरात्रि को चरणामृत बांटने की प्रथा चली आ रही है। गो-सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं-संत गो सेवा से बेहतर कोई सेवा नहीं है। गायों की सेवा ही इंसान के सभी पूर्व पापों से मुक्ति दिलाती है। ये विचार संत शिरोमणि बाबा उधोदास गौशाला में गौशाला के स्थापना दिवस दौरान बाबा लालदास ने व्यक्त किए। इस मौके पर हवन भी आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति नित्य गायों की सेवा करता है उसे पुण्य प्राप्त होता है। गायों को घर में रखने से घर के संताप मिट जाते हैं और गाय का दूध व घी प्रयोग करने से सभी रोग समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने गायों की सेवा करने व उनका घी व दूध प्रयोग करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण भी गायों की सेवा करने के कारण गोपाल कहलाए थे। उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी श्रीकृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। वे महान योगीराज थे और उनके बताए हुए अनुकरणों का ही पालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने संसार गीता का उपदेश दिया, गीता ही एक एेसा गं्रथ है जिसको सभी मानते हैं। फोटो कैप्शन 05: जन्माष्टमी पर मनमोहक झांकी निकालते हुए
अच्छे शिक्षकों को सदा रखा जाता है याद -डा. जयभगवान यादव एसोसिएट प्रोफेसर करते हैं शिक्षकों को याद ******************************************** *************************************** ******************************************** कनीना की आवाज। तीन दशक से भी अधिक समय पहले, जब डा. जयभगवान यादव एसोसिएट प्रोफेसर (गणित) एवं निदेशक, मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, खेड़ी तलवाना में सातवीं कक्षा में पढ़ता था, तब मुझे अपने ही गांव सेहलंग (महेंद्रगढ़) के एक अद्भुत गणित शिक्षक, राम कुमार शर्मा जी से पढऩे का सौभाग्य प्राप्त हुआ। स्कूल के समय के बाद, शर्मा अपने घर पर हमें गणित और विज्ञान पढ़ाने के लिए समय निकालते थे। छठी से दसवीं कक्षा तक के छात्र उनके मार्गदर्शन का लाभ उठाने के लिए हमारे गांव और आसपास के गांवों से पैदल या साइकिल चलाकर आते थे। यह हमारा सौभाग्य था कि वे इस सेवा के लिए एक भी पैसा नहीं लेते थे। उनकी एकमात्र मांग यह थी कि हम सच्चा प्रयास करें और अपनी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करें। वे मुफ्त में किताबें और कापियां तक बांटते थे। उनकी धर्मपत्नी, कलावती देवी , जिन्हें हम प्यार से दादी कलावती कहते थे, कभी-कभी हमारे लिए जलपान परोसती थीं। उनका यह प्रयोग बेहद सफल साबित हुआ और इसके परिणाम सभी उम्मीदों से कहीं बेहतर रहे। शर्मा जी के लिए पढ़ाना महज एक पेशा नहीं था—यह एक जुनून था। उनके छात्रों का अच्छा प्रदर्शन उन्हें असीम संतोष देता था। मैं बहुत भाग्यशाली था कि गणित में 100 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जबकि विज्ञान और अन्य विषयों में भी मेरा प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा। हालांकि, यह केवल एक शिक्षक की कहानी नहीं है। हमारे हिंदी शिक्षक, विजय पाल यादव जी, जो हमारे गांव से ही थे और उसी स्कूल में पदस्थ थे, वे भी कई अन्य शिक्षकों के साथ यह सुनिश्चित करने के लिए समान रूप से समर्पित थे कि उनके छात्र परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करें। उनके इस समर्पण ने हममें से कई लोगों पर एक अमिट और गहरी छाप छोड़ी। आज छात्रों को ट्यूशन की दुकानों और कोचिंग सेंटरों पर तेजी से निर्भर होते देखकर बहुत दुख होता है, जहां माता-पिता को मोटी रकम खर्च करनी पड़ती है। इन सेंटरों तक आने-जाने में छात्रों का कीमती समय भी बर्बाद होता है। कई मामलों में, औपचारिक स्कूल केवल एक ऐसी जगह बनकर रह गए हैं जहां छात्र परीक्षाओं के लिए अपना पंजीकरण कराते हैं, जबकि पढ़ाने के प्रति सच्चा और निष्ठावान समर्पण अब दुर्लभ होता जा रहा है। इस स्थिति ने कई माता-पिता को केवल अपने बच्चों को कोचिंग के अवसर प्रदान करने के लिए नजदीकी शहरों में बसने के लिए मजबूर कर दिया है। इससे परिवारों पर बहुत भारी वित्तीय और भावनात्मक बोझ पड़ता है। केंद्र और राज्य सरकारों को इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। शिक्षा नीति इस तरह से तैयार की जानी चाहिए जो कक्षाओं में होने वाली पढ़ाई को मजबूत करे और निजी कोचिंग पर छात्रों की निर्भरता को कम करे। शिक्षा के नाम पर छात्रों और अभिभावकों के शोषण को रोकने के लिए एक उचित नियामक ढांचे की भी आवश्यकता है। यदि स्कूल नियमित घंटों के दौरान ही उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने में सक्षम हों, तो महंगी निजी ट्यूशन और कोचिंग की आवश्यकता अपने आप कम हो जाएगी। इससे छात्रों और उनके अभिभावकों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी और बदले में समाज की भी एक बड़ी सेवा होगी। इसके साथ ही, शिक्षकों को पर्याप्त वेतन और पेशेवर सम्मान दिया जाना चाहिए, चाहे वे सरकारी स्कूलों में काम करते हों या निजी स्कूलों में। बेहतर पहचान, कार्यस्थल की अच्छी स्थितियां और उचित मुआवजा हमारे शिक्षकों से सर्वश्रेष्ठ परिणाम बाहर लाने में मदद कर सकते हैं। शिक्षक ही सच्चे राष्ट्र-निर्माता हैं। हमें केवल शब्दों में या साल में एक बार शिक्षक दिवस मनाकर उनका सम्मान नहीं करना चाहिए, बल्कि साल भर अपनी नीतियों, संस्थानों और कार्यों के माध्यम से उनका सम्मान करना चाहिए। मेरे शिक्षक, राम कुमार शर्मा जी ने हमें गणित और विज्ञान से कहीं अधिक सिखाया। उन्होंने हमें समर्पण, सेवा का मूल्य और दूसरों को सफल होने में मदद करने की खुशी सिखाई। तीन दशक से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी, वह पाठ आज भी मेरे साथ है। फोटो कैप्शन:डा. जयभगवान यादव
जन्माष्टमी पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का आह्वान, भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को आत्मसात करे युवा शक्ति -पीएम मोदी के विकसित भारत संकल्प को सीएम सैनी की अगुवाई में गति देगा श्रीकृष्ण का कर्मयोग : आरती सिंह राव ******************************************** *************************************** ******************************************** कनीना की आवाज। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार प्रदेश की संस्कृति व संस्कारों को संरक्षित करने में जुटी हुई है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के माध्यम से जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना हजारों वर्ष पहले था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में श्रीकृष्ण के कर्मयोग का दर्शन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। स्वास्थ्य मंत्री आज अटेली में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थीं। कार्यक्रम में पहुंचने पर यादव सभा के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने स्वास्थ्य मंत्री का पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ स्वागत किया। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन मानवता को कर्तव्यपालन, सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की सीख देता है। उन्होंने गीता के कर्मयोग के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दर्शन आज के युवाओं को बिना फल की चिंता किए अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। आरती सिंह राव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा इस संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में देश की युवा शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवाओं को अपनी संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं से जुड़कर इन मूल्यों को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए, तभी सच्चे अर्थों में विकसित भारत का सपना पूरा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को आत्मसात करने का अवसर भी है। यह पर्व हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और साहस के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कैसे किया जाए। इस अवसर पर नारनौल के विधायक ओमप्रकाश यादव, कोसली के विधायक अनिल यादव, जिला अध्यक्ष डॉ यतेन्द्र राव, पूर्व जिला अध्यक्ष दयाराम यादव, जिला उपाध्यक्ष धीरज यादव, पंचायत समिति के चेयरमैन जयप्रकाश, मार्केट कमेटी के चेयरमैन दिनेश जेलदार, चेयरमैन विकास सहित यादव सभा अटेली के पदाधिकारी, सदस्य एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित कर बढ़ाया हौसला-- कार्यक्रम के दौरान यादव सभा द्वारा क्षेत्र के प्रतिभाशाली युवाओं की उपलब्धियों को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया। इन युवाओं ने शिक्षा, प्रशासन, खेल, विज्ञान एवं अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर समाज और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इन प्रतिभाशाली बंधुओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी और कहा कि ऐसी प्रतिभाएं युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। प्रतिभाशाली बंधुओं में चिराग यादव सुपुत्र सुरेश कुमार, गांव बजाड़, का चयन जून 2026 में अहमदाबाद, गुजरात में आयोजित एशियन वालीबॉल चैंपियनशिप 2026 में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय वालीबॉल टीम में हुआ। इसी प्रकार कुमारी भव्य गुनवाल सुपुत्री डॉ. अनिल यादव, अनार कौर अस्पताल, अटेली मंडी ने वर्ष 2024 में रोमानिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय जूनियर विज्ञान ओलंपियाड में स्वर्ण पदक, वर्ष 2025 में फिलीपींस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय जीव विज्ञान ओलंपियाड में रजत पदक तथा जुलाई 2026 में लिथुआनिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय जीव विज्ञान ओलंपियाड में स्वर्ण पदक हासिल किया। साथ ही उन्होंने नीट 2026 में जिला स्तर पर प्रथम स्थान तथा अखिल भारतीय स्तर पर 71वीं रैंक प्राप्त की। ज्योति यादव सुपुत्री डॉ. विनोद कुमार, गांव नावदी, बिहार लोक सेवा आयोग में चयनित होकर खंड विकास पदाधिकारी के पद पर पहुंची हैं। आदित्य यादव सुपुत्र सतीश कुमार, गांव बेगपुर, का चयन भारतीय विदेश सेवा में हुआ है। वहीं तेजवीर यादव सुपुत्र दलीप सिंह, गांव दौंगड़ा अहीर, ने संघ लोक सेवा आयोग की वर्ष 2026 की परीक्षा उत्तीर्ण की है। हरिश यादव सुपुत्र विक्रम सिंह, गांव धनौंदा का चयन प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए हुआ है। साक्षी यादव सुपुत्री लवली यादव, अटेली मंडी ने 11 वर्ष से कम आयु वर्ग में ताई कमांडो राष्ट्रीय चैंपियनशिप में राष्ट्रीय चैंपियन का खिताब हासिल किया है। जयवर्धन सुपुत्र सज्जन कुमार, गांव राजपुरा ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2026 में अखिल भारतीय स्तर पर 176वीं रैंक प्राप्त की तथा उन्हें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई में कंप्यूटर विज्ञान में प्रवेश मिला है। वहीं स्वाति पुत्री श्री विद्याधर, गांव उनिंदा ने जूडो में अखिल भारतीय विश्वविद्यालय स्तर पर रजत पदक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन प्रतिभाशाली युवाओं की उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करनी चाहिए तथा अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करना चाहिए। फोटो साथ हैं
5 सितंबर शिक्षक दिवस पर विशेष खंड कनीना में 64 वर्षों में चार शिक्षकों को मिल चुका है राज्य शिक्षक अवार्ड -दो हो चुके हैं सेवानिवृत्त, दो अभी भी कार्यरत ******************************************** *************************************** ******************************************** कनीना की आवाज। कनीना खंड में विगत 64 वर्षों के इतिहास में महज चार शिक्षकों को हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार मिला है जिनमें से दो सेवा में हैं और दो सेवानिवृत्त हो चुके हंै। 5 सितंबर 1962 से डा सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा था जो अभी भी जारी है। कनीना प्रखंड के गांव ककराला निवासी एवं रसूलपुर स्कूल से मुख्याध्यापक पद से सेवानिवृत्त बनवारीलाल को कनीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में बतौर समाजशास्त्र प्रवक्ता काम करते हुए 2006 में हरियाणा शिक्षक अवार्ड से सम्मानित किया गया था। आज भी जनसेवा में जुटे हुए हैं। उन्होंने दो साल की अतिरिक्त सेवा का लाभ भी मिला था। कनीना खंड के पहले अवार्डी शिक्षक रहे हैं। बाद में समाजशास्त्र के प्रवक्ता बने और मुख्याध्यापक बने और बतौर 2011 को बतौर मुख्याध्यापक रसूलपुर से सेवानिवृत्त हुये हैं। वीरेंद्र सिंह मौलिक मुख्य अध्यापक राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला खंड कनीना जिला महेंद्रगढ़ में 2 जून 2014 से कार्यरत हैं तब से लेकर अब तक उन्होंने विद्यालय में पूर्ण नैतिकता समर्पण भाव के साथ कार्य किया है। एक रेल दुर्घटना में अपने दोनों पैर गंवा देने के बाद पूर्ण दिव्यांग होने के उपरांत भी उन्होंने कड़ी मेहनत लगन निष्ठा विद्यार्थियों के साथ लगातार शैक्षिक उपलब्धियों में नए-नए आयाम सफलता के प्राप्त किए हैं। वे सेवा में 16 जनवरी 1997 में तदर्थ आधार पर बतौर हिंदी शिक्षक सेवा में आये और अब मुख्याध्यापक बतौर कार्यरत हैं। वे 2032 में सेवानिवृत्त होंगे। प्रमिला पत्नी कुलदीप कुमार जेबीटी अध्यापिका वर्ष 2000 में सेवा में आई तथा वर्तमान में पाथेड़ा में हिंदी शिक्षिका बतौर कार्यरत है। अध्यापिका शुरुआत से होनहार रही है। उन्हें भी 5 सितंबर 2019 में राज्य शिक्षक अवार्ड से सम्मानित किया गया था। अति मृदुभाषी एवं अपने शिक्षण कार्य में लीन रहने वाली प्रमिला हर क्षेत्र में उपलब्धि प्राप्त होने के बाद ही उन्हें यह अवार्ड मिला है। उन्हें भी दो वर्ष अतिरिक्त सेवा का मौका दिया जाएगा। वे आठ नवंबर 2000 से बतौर जेबीटी सेवा में आई थी और अब हिंदी शिक्षिका हैं। वर्ष 2021 में धनौंदा स्कूल से डा. होशियार सिंह यादव को स्टेट अवार्ड मिल चुका है। आज भी उनसे पढ़ा हुआ विद्यार्थी उन्हें याद कर नतमस्तक हो जाता है। वे कालेज से लेकर नवोदय विद्यालयों सहित सरकारी विभिन्न विद्यालयों में सेवा दे चुके हैं। दो बार राज्यपाल से सम्मानित हो चुके हैं। वे 30 अप्रैल 2024 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वे वर्ष 1995 में तदर्थ आधार पर सेवा में आये तथा 5 सितंबर 2021 को राज्य शिक्षक पुरस्कार मिला। उनसे शिक्षा ग्रहण करने वाला विद्यार्थी उन्हें नहीं भूला सकता। उनके पढ़ाये हुए विद्यार्थी प्रोफेसर, डाक्टर, शिक्षक, प्राध्यापक, एवं ऊंचे पदों पर पदाधिकारी हैं। फोटो कैप्शन: विरेंद्र कैमला, प्रोमिला देवी, बनवारीलाल एवं डा. होशियार सिंह यादव
हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त डा. होशियार सिंह का नाम दर्ज है विश्व रिकार्ड बुक में ******************************************** *************************************** ******************************************** कनीना की आवाज।। कनीना निवासी डा. होशियार सिंह यादव कई क्षेत्रों में नाम कमा चुके हैं। सैकड़ों राष्ठ्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार उन्हें मिल चुके हैं। स्टेट अवार्ड से सम्मानित वर्ष 2021 में धनौंदा स्कूल से डा. होशियार सिंह यादव को स्टेट अवार्ड मिल चुका है। उन्होंने 45 पुस्तकों की रचना भी की है तथा अपने शिक्षण कार्य के लिए सदा ही जाने जाते हैं। आज भी उनसे पढ़ा हुआ विद्यार्थी उन्हें याद कर नतमस्तक हो जाता है। वे कालेज से लेकर नवोदय विद्यालयों सहित सरकारी विभिन्न विद्यालयों में सेवा दे चुके हैं। दो बार राज्यपाल से सम्मानित हो चुके हैं। वे 30 अप्रैल 2024 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वे वर्ष 1995 में तदर्थ आधार पर सेवा में आये तथा 5 सितंबर 2022 को राज्य शिक्षक पुरस्कार मिला। उनसे शिक्षा ग्रहण करने वाला विद्यार्थी उन्हें नहीं भूला सकता। एनएमएमएस हो या सांस्कृतिक कार्यक्रम उनकी भागीदारी बेहतर रही है। पढ़ाये हुए विद्यार्थी प्रोफेसर, डाक्टर, शिक्षक, प्राध्यापक, एवं ऊंचे पदों पर पदाधिकारी हैं। उनका नाम विश्व रिकार्ड बुक में भी दर्ज है। साइकिल चलाने के क्षेत्र में विश्व रिकार्डधारी हैं -- वैसे तो प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार प्रदूषण रोकने पर बल दे रही है किंतु कनीना निवासी एवं पूर्व विज्ञान अध्यापक डा. होशियार सिंह 41 सालों से लगातार साइकिल चला रहे हैं और स्कूल भी साइकिल से जाते रहे हैं। वे साइकिल से ही दैनिक जीवन के कार्य करते हैं। उनके पास किसी प्रकार की कोई बाइक आदि नहीं है। कहीं भी 10 से 15 किमी दूर किसी कार्य में के लिए जाना हो तो साइकिल ही प्रयोग करते हैं और साइकिल मैन के रूप में एक उदाहरण बन गये हैं। समय-समय पर विभिन्न संस्थाएं उन्हें सबसे लंबे समय तक साइकिल चलाने के कारण सम्मानित करने की बात तो कर रहे हैं किंतु कभी उन्होंने तो सरकार द्वारा और ना ही किसी संस्था द्वारा सम्मानित किया गया है। विश्व रिकार्ड में नाम गत वर्ष जरूर दर्ज करवाया था। उनका कहना है कि उनके शरीर का स्वास्थ्य और पैरों की कसरत होने के कारण ही साइकिल चला रहा है। 40 बार कर चुके हैं पैदल यात्रा- यही नहीं अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अब तक 17 बार पैदल हरिद्वार से कावड़ तथा इतनी ही बार कनीना से खाटू श्याम पदयात्रा पर ध्वज लेकर जा चुके हैं। छह बार कनीना से जैतपुर, एक बार कनीना से नांधा बलवाड़ी, कनीना से माता मंदिर महासर, कनीना से भैरूं का बास पैदल यात्रा की है। एक अगस्त 2026 को हरिद्वार से कांवड़ लाकर अर्पित कर चुके हैं। साइकिल चलाने के लंबे अरसे के बाद भी किसी प्रकार का कोई प्रोत्साहन तथा प्रशंसा पत्र भी नहीं मिला है जिसके कारण वे मायूस हैं। उन्होंने बताया कि कड़ी सर्दी तथा भीषण गर्मी में भी वे साइकिल चलाते रहे हैं। साइकिल चलाने से जहां उन्हें नींद अच्छी आती है। 45 पुस्तकों की रचना की- डा. होशियार सिंह लंबे समय से लेखन कार्य से जुड़े होने के कारण अब तक उनकी 45 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है और किसी भी फोटो वगैराह लेने के लिए भी साइकिल पर ही जाते हैं। लोग उन्हें साहित्यकार के नाम से जानते हैं। शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो उनकी साइकिल चलाने की अदा को नहीं जानता हो। डा.होशियार सिंह के लंबे समय से साइकिल चलाने के कारण उन्हें सम्मानित करने की मांग सरकार से की है। लेखन के क्षेत्र में हो चुके हैं सम्मानित- बतौर लेखक हरियाणा साहित्य अकादमी, हरियाणा के राज्यपाल सहित सैकड़ों संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। हजारों की संख्या में लेखन कार्य में उपलब्धियां के प्रशस्ति पत्र मिले हुए हैं। उल्लेखनीय है कि उनकी पत्नी आशा यादव तथा पुत्र अमीश कुमार भी लेखन के क्षेत्र में हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा सम्मानित हो चुके हैं और उनकी भी पांच-पांच कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं। पर्यावरण प्रेमी हैं डा.साहब- डा होशियार सिंह पर्यावरण से अति लगाव रखते हेें। अपने घर एवं पलट पर सैकड़ों पौधे लगा रखे हैं जिनकी प्रतिदिन समय निकाल कर सेवा करते हैं। पर्यावरण मित्र बतौर भी उन्हें सम्मान मिल चुके हैं। उनका कहना है कि समय रहते सभी को साइकिल प्रयोग करनी चाहिए। इससे देश का ईंधन भी बचेगा तथा सेहत भी बनी रहेगी। फोटो कैप्शन: डा. होशियार सिंह यादव
गोगा नवमी मेला 5 सितंबर को -होंगी अनेकों खेल प्रतियोगिताएं ******************************************** *************************************** ******************************************** कनीना की आवाज। कनीना के सिरसवाला जोहड़ पर गोगा नवमी का मेला 5 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। विस्तृत जानकारी देते हुए प्रीतम उर्फ जोनू ने बताया कि खेल मेले में हरीश कनीनवाल,अतरलाल, विनय यादव एडवोकेट, मनीष यादव एडवोकेट पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि लड़कियों एवं लड़कों की दौड़ 100 मी. 400 मी.और 1600 मी., बूढों की दौड़ हरियाणा स्टाइल कबड्डी, नेशनल स्टाइल कबड्डी अंडर19, लंबी कूद, ऊंची कूद आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि हरियाणा स्टाइल कबड्डी 35000 रुपए प्रथम, 25000 रुपए द्वितीय और 15000 तृतीय इनाम दिया जाएगा वही नेशनल स्टाइल कबड्डी में 21000 प्रथम, 11000 द्वितीय और 7100 तृतीया स्थान पर रहने वाली टीमों को दिया जाएगा। बूढों की दौड़ में 2100 रुपए प्रथम 1500 रुपए द्वितीय और 1100 रुपए तृतीय ईनाम रखा गया है। लड़के और लड़कियों की दौड़ 1600 मीटर में 3100 रुपए, 2500 एवं 2100 रुपए का क्रमश: प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय इनाम दिया जाएगा। बूढ़ों की 100 मीटर दौड़ में 2100 प्रथम, 1500 द्वितीय तथा 1100 रुपए तृतीय को इनाम दिया जाएगा। लंबी और ऊंची कूद में प्रथम 2100 रुपए, द्वितीय 1500 रुपए और तीसरा इनाम 1100 रुपए का दिया जाएगा। फोटो कैप्शन: प्रीतम उर्फ जोनू
शराब ठेके का ताला तोड़ चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, --पुलिस रिमांड के दौरान चोरी की शराब बरामद ******************************************** *************************************** ******************************************** कनीना की आवाज। थाना सदर कनीना क्षेत्र के गांव बेवल में शराब ठेके का ताला तोड़कर शराब चोरी करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी संजय निवासी बेवल को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी की निशानदेही पर चोरी की छह बोतल शराब, एक अध्धा तथा दो बीयर कैन बरामद किए गए। डीएसपी डा. कविता ने बताया कि गांव बेवल में एक सितंबर की रात शराब ठेके पर चोरी की वारदात हुई थी। इस संबंध में ठेके के सेल्समैन विनोद कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, एक सितंबर की रात शराब ठेके का ताला टूटा होने की सूचना मिलने पर सेल्समैन मौके पर पहुंचा। ठेके के अंदर सामान बिखरा हुआ था तथा विभिन्न ब्रांड की 30 से अधिक शराब की बोतलें गायब मिलीं। पुलिस ने शिकायत पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की और वारदात में संलिप्त आरोपी को 02 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेशानुसार आरोपी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ एवं उसकी निशानदेही पर छह बोतल शराब, एक अद्धा तथा दो बीयर कैन बरामद किए गए। पुलिस द्वारा आरोपी से चोरी की वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों, चोरी किए गए सामान तथा मामले में संभावित अन्य संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में पूछताछ की गई। पुलिस रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को 04 सितंबर 2026 को पुन: न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेशानुसार आरोपी संजय निवासी बेवल को न्यायिक हिरासत में नसीबपुर जेल भेज दिया गया। फोटो कैप्शन 01: पकड़ा गया आरोपी
युवक पर लड़की बहला फुसलाकर भगा ले जाने का केस दर्ज ******************************************** *************************************** ******************************************** कनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के एक गांव से 19 वर्षीय, बीएससी द्वितीय वर्ष में पढऩे वाली लड़की 4 सितंबर को सुबह से लापता है। उसके पिता ने कनीना पुलिस में एक युवक पर बहला फुसलाकर भगा ले जाने का केस दर्ज करवाया ह। पुलिस में उन्होंने बताया कि 4 सितंबर को सुबह करीब ढाई से तीन बजे के बीच उनकी पुत्री लापता हो गई। काफी जगह तलाश की किंतु नहीं मिली। उनके पास फोन भी नहीं है। बाद में उन्हें पता चला कि इंद्रजीत नामक युवक उसे बहला फुसलाकर भगा ले गया। उन्होंने लड़की की तलाश करने की मांग की जिस पर पुलिस ने इंद्रजीत के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच में जुटी है।
मारपीट करने व शराब के झूठे मामले में फंसाने का केस दर्ज ******************************************** *************************************** ******************************************** कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव मोहनपुर के विक्की नामक व्यक्ति के साथ मारपीट करने व शराब के झूठे मामले में केस दर्ज किया है। विक्की ने पुलिस में बताया कि तीन सितंबर को वह नांगल मोहनपुर से अपनी मोटरसाइकिल लेकर गांव के सतीश नामक व्यक्ति के साथ खेत की ओर जा रहा था। जब कोका-मोहनपुर चौक पर पहुंचा तो प्रदीप अपने दो अन्य साथियों के साथ गाड़ी लेकर वहां खड़ा था। उन्होंने मोटरसाइकिल के आगे अपनी गाड़ी लगाकर मारपीट की और शराब के झूठे केस में फसाने का बात कही। अपनी तरफ से शराब वहां डालकर पुलिस को विक्की से शराब पकड़े जाने की झूठी सूचना दी। जिससे पुलिस मौके पर पहुंची तब तक प्रदीप व उसके साथी जा चुके थे। पुलिस ने आकर सारी पूछताछ की तब तक लोग इकट्ठे हो गए। इसके बाद विक्की को कनीना अस्पताल ले जाया गया ।विक्की की शिकायत पर मारपीट करने और शराब का झूठा मुकदमा लगाने की कोशिश करने का प्रदीप के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच में जुटी है।
Thursday, September 3, 2026
कनीना में पेयजल समस्या, पानी के लिए इधर उधर भटक रहे उपभोक्ता ****************************************************** ************************************************************ ****************************************************** कनीना की आवाज। गर्मी के दिनों में भी उपभोक्ता पेयजल के लिए मारे मारे फिर रहे हैं। या तो पेयजल आता ही नहीं या फिर गंदा आता है। मोटर जलने से भी समस्या बनी हुई है। कनीना में गोशाला रोड के पास लगती ढाणी में पिछले एक सप्ताह से पेय जल समस्या हो रही है। जिस कारण ढाणी उमस भरी गर्मी में इधर उधर पानी के लिए भटक रहे है। पिछले एक सप्ताह से मोटर खराब है लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई सुध नहीं ली है। ढाणी वासी महिला बबीता, सुमन, रूबी, कमलेश , सोनम , हेमंत ने बताया कि एक सप्ताह से पानी के लिए निजी घर तो कभी बाबा राधे दास मंदिर की टंकी तो कभी गोशाला से पानी भर कर ला रहे है। लेकिन अब तक जल विभाग से कोई भी कर्मचारी सुध लेने नहीं आया है। हमने वार्ड पार्षद को भी सूचना दी लेकिन सब ने यह कह कर पल्ला झाड़ लिया कि यह हमारा क्षेत्र नहीं है। ढाणी वासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने की अपील की है। उधर रेवाड़ी सड़क मार्ग पर स्थित मुख्य पेयजल केंद्र पर एक मोटर जली हुई थी जो बार बार उच्चाधिकारियों से संपर्क साधकर गुरुवार को ठीक करवाई गई है। उधर नहर पर आधारित पेयजल गत दिनों से न के बराबर आ रहा था। दूषित पेयजल सप्लाई की शिकायत आ रही थी वहीं कनीना मंडी नहर के साथ साथ रेवाड़ी रोड़ तक थाना पेयजल लाइन के उपभोक्ता गत दिनों से परेशान हैं। पेयजल प्राप्त करना बिना मोटर के संभव नहीं हैजबकि विगत दिनों तक बिना मोटर के अधिक प्रेशर वाला जल सप्लाई हो रहा था। इस संबंध में जेई जनस्वास्थ्य विभाग पवन कुमार का कहना है कि हम समस्या को ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं। फोटो कैप्शन 11: पानी के लिए तरसती महिलाएं
गोगा पर्व को लेकर ट्रेनों में चल रही है भारी भीड़ -पूरे सितंबर माह इसी प्रकार चलेगी भीड़ ****************************************************** ************************************************************ ****************************************************** कनीना की आवाज। 5 सितंबर जाहरवीर गोगा देव के पूजन के लिए राजस्थान में भारी भीड़ पहुंच रही है। कनीना खास होकर जाने वाली सभी ट्रेनों में जमकर भीड़ होती है। हर वर्ष यह भीड़ देखने को मिलती है किंतु रेलवे विभाग कनीना-महेंद्रगढ़ होकर अलग से कोई ट्रेनों की सुविधा उपलब्ध नहीं करवाता है, यही कारण है कि कनीना से जो भी ट्रेन होकर गुजरती है उनमें जमकर भीड़ देखने को मिलती है। इन ट्रेनों में गोगा भक्तों के अलावा बैठने एवं खड़े होने तक की जगह भी नहीं मिलती है। यात्री नरेंद्र, जमुना, कैलाश से बात की तो उन्होंने बताया कि यदा कदा महेंद्रगढ़ या रेवाड़ी जाना होता है तो भाद्रपद माह में गोगा भक्तों की भीड़ को देखते हुए ट्रेनों में सफर करना मुश्किल हो जाता है। मिली जानकारी अनुसार जाहरवीर गोगा चौहान वंश के थे और राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के गोगामेड़ी में उनकी पूजा होती है। सभी धर्म के लोग गोगा महाराज के नाम से पूजा करने के लिए वहां पर जाते हैं। गोगा गुरु गोरखनाथ के शिष्य थे, जिनका जन्म चुरू जिले के ददरवा गांव में हुआ था। उन्हें जाहर वीर गोगा नाम से जाना जाता है। लोग मन्नत मांगने वहां जाते हैं और वहां जाने वाले सभी पीले वस्त्र पहन कर जाते हैं यही कारण है कि गोगाजी जाने वाले सभी यात्रियों को दूर से पहचाना जा सकता है। जहां कनीना में पहले उनके लिए रेलवे स्टेशन पर भंडारा आयोजित होता था किंतु इस बार कोई भंडारा नहीं लगाया गया है। यूं तो पूरे ही देश में जन्माष्टमी के अगले दिन गोगा पर्व मनाया जाता है परंतु गोगामेड़ी मेेले की अलग ही पहचान होती है। गोगामेड़ी में गोगा जी की समाधि बनी हुई है जहां लोग जाकर धोक लगते हैं। यह एकमात्र ऐसा मेला है जहां पर जाने वाले कुछ भक्त तो सरीसृपों जैसे सांप एवं गोह आदि लेकर जाते हैं। यह माना जाता है कि सांप का विश्व भी वहां जाने से जहरीले जीव का विष भी उतर जाता है। यही कारण है कि इस मेले में कुछ भक्त सरीसृपों को लेकर जाते हैं। क्योंकि गोगा की उत्पत्ति बाछल देवी के गर्भ में गूगल नामक फल के प्रसाद खाने के बाद ही हुई थी। इसलिए नाम गोगा रखा था जो चौहान वंश के संबंध रखते थे। जाने वाले यूपी के भक्त चंदनदास, कपिला, सोमदेव से बात हुई तो उन्होंने बताया कि वे हर वर्ष गोगामेड़ी जाते हैं और वापसी इसी माह में हो जाएगी। फोटो कैप्शन 10: गोगामेड़ी मेले में ट्रेन से जाते हुए भक्त।
जिला स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव में सुंदरह स्कूल की छात्राओं ने जीता सांत्वना पुरस्कार ****************************************************** ************************************************************ ****************************************************** कनीना की आवाज। राजकीय माडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नारनौल में जिला स्तरीय सांस्कृतिक उत्सव 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुंदरह की कक्षा पांचवी से आठवीं तक की छात्राओं ने पारंपरिक हरियाणवी लोकगीत दस जनी का झुमला जी सारी पाणी न जाए पर शानदार एवं मनमोहक समूह नृत्य प्रस्तुत किया । प्रस्तुति की विशेषता यह रही की छात्राओं ने पीतल की टोकनी को सिर पर रखकर संतुलन एवं आकर्षक स्टंट के साथ नृत्य प्रस्तुत किया। इस बेहतरीन प्रस्तुति के लिए विद्यालय की छात्राओं को सांत्वना पुरस्कार मिला। इस उपलब्धि में एक्टिविटी इंचार्ज चेतन शर्मा के मार्गदर्शन तथा मंजू यादव के सहयोग का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विद्यालय के प्राचार्य श्री बाबूलाल यादव ने सभी प्रतिभागी छात्राओं ,एक्टिविटी इंचार्ज तथा सहयोगी शिक्षिका को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। फोटो कैप्शन 07: सामूहिक नृत्य करते हुए सुंदराह की छात्राएं
गुढ़ा में गोगामेड़ी यात्रियों के लिए लगा जल पान और भंडारा ****************************************************** ************************************************************ ****************************************************** कनीना की आवाज। उपमंडल के गांव गुढ़ा में गोगामेड़ी जाने वाले यात्रियों के लिए ग्रामीणों द्वारा सुबह जल पान और दोपहर व रात को भोजन की व्यवस्था की गई है। अमित दुलौठिया ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग से हर वर्ष भादप्रद में शिविर का आयोजन किया जाता है और गांव वासी तन मन और धन से सहयोग करते है। उन्होंने बताया कि आज तीसरा दिन है और लगभग ढाई से तीन हजार श्रद्धालु अब तक आ चुके है। इस मौके पर मंगतू राम साहब, रमेश दुलौठिया, महावीर नंबरदार, हरभगवान, जीवन प्रजापत, अमित कुमार इत्यादि ग्रामीण उपस्थित थे फोटो कैप्शन 08: गोगामेडी में जाने वाले भक्तों के लिए गुढ़ा में कैंप
कृष्ण जन्माष्टमी आज , लड्डू गोपाल पोशाक और शृंगार सामान की लगने लगी भीड़ ****************************************************** ************************************************************ ****************************************************** कनीना की आवाज। क्षेत्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बड़ी धूम धाम से मनाई जाएगी । इस अवसर पर मंदिरों को सजाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर बाजार में लड्डू गोपाल के शृंगार की खरीद दारी भी बढऩी शुरू हो चुकी है और दुकानों पर महिलाओं की भीड़ भी बढऩे लग गई है। इस समय बाजार में शृंगार के सामन की रौनक हर दुकान पर सजी हुई है । कनीना में जनरल स्टोर पर लड्डू गोपाल की रंग बिरंगी पोशाक से लेकर सिंहासन , झूले, मुकुट, जरीदार मोरपंखी और अन्य सजावटी सामग्री की कई वैरायटी उपलब्ध रही। इस बार खास आकर्षण कस्टमाइज ड्रेस बनी हुई है जिसे श्रद्धालु अपनी पसंद के रंग , डिजाइन, और साइज के अनुसार तैयार करवा रहे है।दुकान पर भी अलग अलग डिजाइन और साइज की एक से एक कपड़े आए हुए है। कृष्ण जन्माष्टमी पर श्रद्धालु मंदिरों में लड्डू गोपाल को सजा कर साथ लेकर जाते है और हर्षोल्लास से जन्मोत्सव मनाते है। फोटो कैप्शन 09: लड्डू गोपाल खरीदते हुए भक्त
जन्माष्टमी एवं गोगा नवमी पर होती है पेड़ों की पूजा -वर्षों से चला आ रहा रीति रिवाज ****************************************************** ************************************************************ ****************************************************** कनीना की आवाज। बेशक वर्ष भर हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ा चलता रहता हो तथा पेड़ पौधों की बेकद्री होती हो किंतु वर्ष में एक बार हर घर में पौधों की पूजा की जाती है तथा उनको सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। हर वर्ष साथ साथ आने वाले जन्माष्टमी एवं गोगा पर्व बेशक किसी देवों से जुड़े हुए पर्व होते हैं किंतु इन दोनों दिनों में एक एक पौधे की पूजा इन देवों के साथ साथ की जाती है। यही नहीं अपितु पूजा किए गए पौधों को विधि विधान से जल में प्रवाहित किया जाता है। यही कारण है कि कई गांवों में तो मेले भी आयोजित होते हैं ताकि उन मेलों के माध्यम से पौधों को जल में प्रवाहित किया जा सके। जन्माष्टमी के दिन यूं तो भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है तथा इस पर्व को ग्रामीण क्षेत्र में जाटी नाम से ही जाना जाता है। यही कारण है कि इस दिन जाटी पेड़ की पूजा की जाती है। वैसे तो जाटी राजस्थान में खेजड़ी नाम से जाना जाता है और इसे राज्य पौधा का दर्जा दिया गया है। पूर्वज बताते हैं कि वर्षों से जन्माष्टमी के दिन सुख दु:ख का साथी जाटी अर्थात खेजड़ी की पूजा चली आ रही है। पूर्वजों के अनुसार जब कुकिंग गैस सिलेंडर नहीं होते थे उस वक्त किसानों का सुख दु:ख का साथी जाटी ही थी। खेतों से जाटी को उखाड़कर लकड़ी को ही सुख दु:ख में जलाकर काम में लेते थे वहीं हवन में इसी वृक्ष की लकड़ी का प्रयोग आज भी हो रहा है। जाटी के पत्तों एवं फलों पर इंसान से लेकर पशु तक आश्रित हैं और जाटी पेड़ खाद की पूर्ति कर अपने नीचे फसल पैदावार को बढ़ाता है। ऐसे में जाटी की पूजा करके उसे जोहड़ में प्रवाहित किया जाता है। गोगा पर्व जाहर वीर गोगा देव की याद में भाद्रपद कृष्ण नवमी को मनाया जाता है जिसका राजस्थान में विशेष महत्व होता है किंतु हरियाणा में भी कम नहीं होता है। राजस्थान के हनुमानगढ़ में गोगा का बहुत बड़ा मेला लगता है जहां पूरे देश के लोग पीतांबर धारण कर आते हैं। गोगा जिसे जाहर वीर गोगा कहा जाता है। उस देव के गुणों की चर्चा हर जगह है। हरियाणा में गोगा एक पेड़ को कहते हैं जो शाक है जिसे अपामार्ग, लटजीरा, चिरचिटा आदि नामों से जाना जाता है। वैज्ञानिक भाषा में इसे अचिरांथिस अस्पेरा कहते हैं। इसमें इतने अधिक औषधीय गुण है कि इसे गोगा देव के रूप में पूजा जाता है। यही कारण है कि गोगा देव के साथ साथ गोगा पौधे की भी पूजा की जाती है जो कई बीमारियों में सहायक है वहीं घर के आस पास मिल जाता है। कौन है जाहरवीर गोगा-- गोगाजी राजस्थान के लोक देवता हैं। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले का एक शहर गोगामेड़ी है। जहां भाद्रपद शुक्लपक्ष की नवमी को गोगा का मेला भरता है। गोगा जी गुरु गोरक्षनाथ के शिष्य थे। उनका जन्म चुरू जिले के ददरेवा गांव में हुआ था। ददरेवा में सभी धर्म और सम्प्रदाय के लोग मत्था टेकने के लिए दूर-दूर से आते हैं। मुस्लिम उन्हें पीर नाम से जानते हैं। गोगाजी का जन्म राजस्थान के ददरेवा (चुरू) चौहान वंश के राजपूत शासक जेवरसिंहकी पत्नी बाछल के गर्भ से गुरु गोरक्षनाथ के वरदान से भादो सुदी नवमी को हुआ था। चौहान वंश में राजा पृथ्वीराज चौहान के बाद गोगा वीर और ख्याति प्राप्त राजा थे। वे प्रसिद्ध शासक थे जिनका राज्य हांसी (हरियाणा) तक था। उन्हें सांपों के देवता के रूप में भी पूजा जाता है। लोग उन्हें गोगाजी, गुग्गा वीर, जाहर वीर,राजा मण्डलिक व जाहर पीर के नामों से पुकारते हैं। गोगादेव की जन्मभूमि पर आज भी उनके घोड़े का अस्तबल है। उनके जन्म स्थान पर गुरु गोरक्षनाथ का आश्रम भी है और वहीं है गोगादेव की घोड़े पर सवार मूर्ति है। ग्रामीण क्षेत्रों में गोगाजी के प्रतीक के रूप में पत्थर या लकड़ी पर सर्प मूर्ती उत्कीर्ण की जाती है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष तथा कृष्ण पक्ष की नवमी को गोगा की स्मृति में मेला लगता है। हनुमानगढ़ जिले के नोहर उपखंड में स्थित गोगाजी के पावन धाम गोगामेड़ी स्थित है। प्रतिवर्ष लाखों लोग गोगा जी के मंदिर में मत्था टेक तथा छडिय़ों की विशेष पूजा करते हैं। राजस्थान के महापुरूष गोगाजी का जन्म गुरू गोरखनाथ के वरदान से हुआ था। गोगाजी की माँ बाछल देवी नि:संतान थी। संतान प्राप्ति के सभी यत्न करने के बाद भी संतान सुख नहीं मिला। गुरू गोरखनाथ गोगामेडी के टीले पर तपस्या कर रहे थे। बाछल देवी उनकी शरण में गईं तथा गुरू गोरखनाथ ने उन्हें पुत्र प्राप्ति का वरदान दिया और एक गुगल नामक फल प्रसाद के रूप में दिया। प्रसाद खाकर बाछल देवी गर्भवती हो गई और तदुपरांत गोगाजी का जन्म हुआ। गुगल फल के नाम से इनका नाम गोगाजी पड़ा। नृत्य करती टोली अपने साथ गोगा पीर की छड़ी लेकर जब घर-घर आती है तो पर्व की याद ताजा हो जाती है। यूं तो मेले तथा दंगल गांवों में लगते हैं किंतु त्योहार पर अनोखे रिवाज प्रचलित हैं। इस पर्व पर वृक्षों की पूजा भी की जाती है। जन्माष्टमी का दिन और रात कृष्ण उत्सव,व्रत व लीलाओं में व्यतीत होने के बाद गोगा पर्व शुरू होता है। प्रात:काल से ही पर्व की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। किसान के खेतों में खड़ी जाटी पौधे की टहनी तथा गोगा नामक पौधे को उखाड़कर प्रत्येक घर में लाया जाता है जिसकी विधि विधान से पूजा की जाती है। ग्रामीण महिलाओं का कहना है जाटी किसानों की सुख-दु:ख की साथी होने के बाद ही इसे पूजा जाता है। हरियाणा में जाटी हर किसान के खेत में मिलता है जो हर सुख एवं दु:ख में काम आता रहा है और इसके इतने अधिक उपयोग हैं कि इसे कृष्ण जन्माष्टमी पर पूजा जाता है। राजस्थान का राज्य पेड़ खेजड़ी भी जाटी ही है। तत्पश्चात प्रत्येक घर में पूजा का स्थान निर्धारित होता है जो अक्सर रसोई में होता है। दीवार पर हल्दी व चंदन से गोगा पीर व जाटी पौधे की तस्वीर बनाई जाती हैं। तवे की कालिख से तस्वीरों को रंग भरा जाता है। गोगा व जाटी पौधों की टहनी तस्वीर के पास रख दी जाती हैं और विधि विधान से पूजा की जाती है। शाम होने के बाद उन्हें जोहड़ में बहा दिया जाता है। रक्षा बंधन पर बहन द्वारा भाई की कलाई पर बांधा गया धागा भी जोहड़ में बहाने का रिवाज है। तीज उत्सव पर शुरू हुआ पतंग उड़ाने का कार्य भी इसी दिन पूर्ण किया जाता है। इस पर्व से पूर्व एक जाति विशेष के लोग लंबी बांस पर मोर पंख, रंगीन वस्त्र,गोटा आदि से सजाकर गोगा पीर की छड़ी बनाते हैं। गोगा पर्व से 10-12 दिन पूर्व ही इस छड़ी को लेकर पांच सात जनों की एक टोली, ढ़ोल और ताशों के साथ नृत्य करती द्वार-द्वार तक पहुंचती है और छड़ी की मुबारक देते हैं। त्योहार पर मेले की धूम मची होती है जहां विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। वर्तमान में रिवाज और पर्व की महक कुछ फीकी जरूर पडऩे लगी है किंतु वृद्ध त्योहार के प्रति अधिक उत्सुक रहते हैं। फोटो कैप्शन 05: जाटी एवं गोगा पौधों की फोटो।
शराब के ठेके का ताला तोड़कर शराब की चोरी -पुलिस ने दर्ज किया केस ****************************************************** ************************************************************ ****************************************************** कनीना की आवाज। जगदीश वाइन बेवल के ठेके का ताला तोड़कर चोर भारी मात्रा में शराब ले गया। सीसीटीवी फुटेज से चोर का पता लग गया है और सेल्समैन ने चोर के विरुद्ध केस दर्ज करवा दिया है। केस दर्ज करवाते हुए विनोद कुमार खरकड़ाबास ने कहा है कि वह बेवल स्थित शराब के ठेके पर सेल्समैन है।एक व दो सितंबर की रात को शराब के ठेके को बाहर से लाक करके सोने के लिए चला गया। उसे सूचना मिले की रात को दो से 2:30 बजे ठेका शराब का ताला टूटा हुआ है। जब उन्होंने जाकर देखा तो ताला टूटा पड़ा था और भारी मात्रा में शराब गायब मिली। जब सीसीटीवी फुटेज चेक किया तो संजय नामक व्यक्ति ठेके का ताला तोड़कर चोरी करता नजर आया। उन्होंने संजय के विरुद्ध केस दर्ज करवा दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शर्मा दंपति ने करवाया मौसम मानिटरिंग डिवाइस का पेटेंट -दोनों ही शोधार्थी हैं ****************************************************** ************************************************************ ****************************************************** कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव झगड़ोली के विशाल शर्मा और उसकी पत्नी अंकित ने पोर्टेबल एयर एवं मौसम मानिटरिंग डिवाइस पेटेंट करवाया है। भारत सरकार ने दोनों के नाम पर इस यंत्र का पेटेंट कर दिया है। उनके पिता डा. अजीत शर्मा ने बताया कि विशाल शर्मा ग्वालियर विश्वविद्यालय से शोधार्थी है वहीं अंकित झुंझुनू विश्वविद्यालय से शोधार्थी है। दोनों ने एक ऐसा यंत्र पेटेंट करवाया है जो छोटा होने के साथ-साथ वायु और मौसम को नियंत्रित करेगा। विशाल शर्मा ने एमटेक मुरथल से की है। विशाल शर्मा बताते हैं कि इस डिवाइस को कहीं भी और किसी भी जगह ले जाया जा सकता है। इस से वायु की गुणवत्ता का भी पता लगाया जा सकेगा। जिसके लिए बड़े उपकरणों की जगह ये एक डिवाइस ही काम मौसम और वायु की गुणवत्ता को मापने में सक्षम रहेगी। ये एक हैंडी डिवाइस है जिसे एक छोटे से बैग में भी ले के जा सकते हो इसका आइडिया 2022 में जब सरकार ने दिवाली के बाद ग्रैप नार्म लागू किए तब आया था कि कोई ऐसे उपकरण हो जो हर जगह के वायु की गुणवत्ता का मापन कर सके। वैसे भी हमेशा दिल्ली का ही एयर इंडेक्स दिखाया जाता है। इसमें परेशानी सबसे बड़ी ये थी कि इसका आकार कैसे छोटा किया जाए। क्योंकि मौसम मानीटरिंग के साथ साथ इसमें वायु की गुणवत्ता का मापन भी करना था। इन दोनों के लिए बहुत सारे सेंसर और माइक्रोप्रोसेसर की जरूरत रहती है। इसमें प्रेरणा स्त्रोत रही मेरी मुरथल यूनिवर्सिटी की गाइड सुदेश चौधरी रही है। फोटो कैप्शन: विशाल एवं अंकिता
नपा के सफाई कर्मियों की काम छोड़ हड़ताल 29वें दिन भी जारी ****************************************************** ************************************************************ ****************************************************** कनीना की आवाज। नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर पालिका सफाई कर्मचारी 29वें दिन भी हड़ताल पर रहे। । कर्मियों का कहना है कि सरकार ने अभी तक उनकी मांगें नहीं मानी हैं जिसके कारण हड़ताल जारी है। यूनिट कनीना प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि सभी कर्मी हड़ताल पर हैं। उनकी प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेका प्रथा बंद करने, एचकेआरएन खत्म करने, समान काम का समान वेतन लागू करने की प्रमुख हैं। लेकिन सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है। उनका कहना है कि सरकार ने अभी तक कोई मांग पूरी नहीं की है। उधर कनीना के विभिन्न स्थानों पर गंदगी के ढ़ेर लग गए हैं। लोग बेहद परेशान हैं। जगह जगह गंदगी के ढेरों में आवारा जंतु मंडराते रहते हैं। इस मौके पर अशोक कुमार उप प्रधान, योगेश कुमार, राकेश कुमार, जमादार नवीन कुमार, कर्मवीर, सुभाष, सोनू, शशि बाला, रतनलाल, राजेश, प्रदीप, पवन, संजय व अन्य हड़ताल पर रहे। फोटो कैप्शन 04: सफाई कर्मी कनीना हड़ताल पर
खरकड़ाबास में भंडारा लगाया -भक्तों ने किया प्रसाद ग्रहण ****************************************************** ************************************************************ ****************************************************** कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव खरकड़ाबास में भगवान देवनारायण हीरामल बाबा का वार्षिक भंडारा आस्था, श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम से आयोजित किया गया। रात्रि को जागरण में दिनेश एवं पार्टी ने भगवान देवनारायण की महिमा का गुणगान कर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में धोक लगाकर मन्नत मांगी और प्रसाद ग्रहण किया। अतरलाल ने कार्यक्रम में पहुंचकर भगवान देवनारायण के मंदिर में पूजा अर्चना कर बाबा से समाज में सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि जागरण, भंडारा, कीर्तन, कलश यात्रा भारत की सनातन समृद्ध परंपराएं हैं। इनसे समाज में समरसता, भाईचारा, सेवा और समर्पण की भावना विकसित होती है। उन्होंने कहा कि जो सच्चे मन से बाबा के दरबार में आता है उसकी मनोकामना पूरी होती है। इस अवसर पर भागमल, कंवर सिंह, जगदीश , भगत जगदीश, पाल सिंह, सूबे सिंह, सुंदरपाल, विनोद, राजू, रामबिलास, नरेश, बलवान, अजीत, धर्मसिंह, राजपाल, ताराचंद, रोहताश आदि सैकड़ों भक्तजन उपस्थित थे। फोटो कैप्शन 03: भंडारा में प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालु।
पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा में चार दिवसीय विज्ञान शिविर का समापन -डा. रेणु वर्मा रही मुख्य अतिथि ****************************************************** ************************************************************ ****************************************************** कनीना की आवाज। पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, करीरा में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के विज्ञान ज्योति टीसी कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित चार दिवसीय विशेष शिविर का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस चार दिवसीय आयोजन में दो दिन विज्ञान शिविर और दो दिन अटल टिंकरिंग गतिविधि का आयोजन किया गया था। शिविर के समापन समारोह में उप-मंडलीय अस्पताल कनीना की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा. रेणु वर्मा ने मुख्य अतिथि भूमिका निभाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य बीएम रावत ने की। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि डा. रेणु वर्मा ने छात्राओं को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया। उन्होंने दैनिक जीवन में विज्ञान के महत्व को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य और अनुसंधान के क्षेत्र में करियर बनाने की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। विद्यालय के प्राचार्य बीएम रावत ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और छात्राओं को विज्ञान ज्योति कार्यक्रम का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस चार दिवसीय शिविर के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने अटल टिंकरिंग लैब में रोबोटिक्स, कोडिंग और आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। विज्ञान शिविर के दौरान विभिन्न प्रयोगों के माध्यम से विद्यार्थियों की तार्किक और खोजी क्षमता को बढ़ावा दिया गया। विज्ञान ज्योति प्रभारी शिक्षका रजनी यादव ने छात्राओं को विशेष मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया। फोटो कैप्शन 01: विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन करते एसएमओ कनीना डा. रेणु वर्मा एवं प्राचार्य बीएम रावत
एसडी विद्यालय ककराला में मनाया श्री कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव ****************************************************** ************************************************************ ****************************************************** कनीना की आवाज। एसडी विद्यालय ककराला में जन्माष्टमी के पावन अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में विद्यालय उपनिदेशक पी एस यादव ने स्टाफ सदस्यों के साथ भगवान श्री कृष्ण फोटो के सामने द्वीप प्रज्ज्वलित कर पूजा अर्चना की। इसके बाद कार्यक्रम शुभारम्भ हुआ जिसमें नन्हे बच्चों ने स्वयं को भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं के साथ-साथ अलग-अलग रूपों में प्रस्तुत कर उनकी शिक्षाओं को उजागर किया। विद्यार्थियों ने सुदामा, बलराम, नन्द बाबा, माता यशोदा एवं माता देवकी के पात्रों को भी प्रदर्शित किया। विद्यार्थियों द्वारा भगवान श्री कृष्ण एवं राधा रानी से जुड़े गीतों पर नृत्य कर अपनी भावनाओं को प्रदर्शित किया। विद्यालय निदेशक ओमप्रकाश यादव ने जन्माष्टमी के अवसर पर सभी प्रतिभागियों के साथ व अन्य विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं दी तथा भगवान श्री कृष्ण के जीवन पर प्रकाश डाला कि भगवान श्री कृष्ण एक बच्चे, सारथी, योद्धा, शिष्य, चरवाहा, गोपियों का प्रिय आदि भूमिकाओं में सम्पूर्ण मानव जाति को सन्देश देते रहे। वे जीत और हार, सुख-दुख स्थितियों में समान अनुभव करते हैं। उन्होंने कर्म की प्रधानता के महत्व को बताया तथा हमेशा प्रसन्न रहने का सन्देश दिया। यह भी बताया गया कि पांच हजार वर्ष पूर्व भगवान श्री कृष्ण द्वारा गीता उपदेश के माध्यम से जो सन्देश दिया वो परम सत्य है। उन्हें अपनाकर हम दुख-कलेश से मुक्त होकर सफल-सुखद जीवन जी सकते हैं। मनुष्य का संघर्ष जितना बाहरी होता है उतना ही आन्तरिक भी चलता रहता है इसलिए विचार एवं कर्म का संतुलन ही सफलता का मूल मन्त्र है। इस अवसर पर निदेशक ओमप्रकाश, सीईओ आरएस यादव, स्नेह यादव, ईश्वर सिंह,
प्रियंका यादव, बिंदु व समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। फोटो कैप्शन 02: जन्माष्टमी मनाते हुए एसडी स्कूल के ककराला के बच्चे