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Sunday, May 3, 2026






अहीरवाल की राजनीति पर नकारात्मकता का साया- अभय सिंह
-परियोजनाओं को रोकने की साजिश, मेडिकल कालेज से लाजिस्टिक हब तक उठाए सवाल
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कनीना की आवाज।
अहीरवाल की राजनीति को लेकर पूर्व सिंचाई मंत्री और नांगल चौधरी के पूर्व विधायक डा. अभय सिंह यादव ने तीखा और सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की राजनीति इस समय नकारात्मकता के कब्जे में है, जहां कुछ बड़े नेता व्यक्तिगत अहंकार की संतुष्टि के लिए विकास कार्यों को रोकने में अपनी ऊर्जा लगा रहे हैं।
राजस्थान सीमा से सटे कांवी की ढाणी गांव में अपने सम्मान समारोह में बोलते हुए डा. यादव ने बिना नाम लिए राजनीतिक विरोधियों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में लाई गई बड़ी परियोजनाओं को योजनाबद्ध तरीके से पीछे धकेला जा रहा है, जिससे पूरे इलाके के विकास पर असर पड़ रहा है।
डा. यादव ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री जहां विकास की रफ्तार बढ़ाने में लगे हैं, वहीं अहीरवाल के कुछ नेता आर्बिटल रेल कारिडोर के तहत बनने वाले आधुनिक शहरों का भी विरोध कर रहे हैं। उन्होंने इसे क्षेत्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए कहा कि विकास के रास्ते में रोड़े अटकाना राजनीति नहीं, बल्कि क्षेत्र के साथ अन्याय है।
अपने संबोधन में उन्होंने 700 करोड़ रुपये से अधिक लागत से बने मेडिकल कालेज का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संस्थान को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है, जिससे न केवल स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, बल्कि वहां पढ़ रहे करीब 100 छात्रों का भविष्य भी खतरे में पड़ गया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले समय में छात्र इस संस्थान में दाखिला लेने से हिचकेंगे।
लॉजिस्टिक हब परियोजना को लेकर भी डॉ. यादव ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस बड़े रोजगार देने वाले प्रोजेक्ट में बार-बार बाधाएं डाली जा रही हैं। भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वालों को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि या तो सबूत पेश करें, या फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
समारोह में मौजूद हजारों ग्रामीणों के बीच उन्होंने अपने कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि भूजल रिचार्ज और नहरी पानी से न केवल हरियाणा बल्कि राजस्थान के सीमावर्ती गांवों को भी फायदा हुआ है। उन्होंने कहा, पानी और हवा राजनीतिक सीमाओं की परवाह नहीं करते, उनका लाभ सभी को मिलता है। डा. यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुछ लोग यह भ्रम पाल बैठे हैं कि वे अहंकार के बल पर उन्हें जनता के दिलों से हटा देंगे। उन्होंने कहा, मैंने 10 साल जनता के बीच रहकर काम किया है। मेरे काम जमीन पर दिखाई देते हैं और लोगों की खुशहाली में झलकते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बड़े पद से राजनीति बड़ी हो सकती है, लेकिन दिल बड़ा होना जरूरी नहीं।दूसरों के काम की तारीफ सहन न कर पाना ही असली समस्या है।
डा. अभय सिंह यादव का यह बयान सिर्फ एक भाषण नहीं, बल्कि अहीरवाल की मौजूदा राजनीति पर सीधा सवाल है, क्या विकास की राह में राजनीति आड़े आ रही है? यह सवाल अब जनता के बीच है और जवाब भी वहीं से आएगा।
फोटो कैप्शन 04: सम्मान में मिला हल दिखाते हुए

कभी खुद ठगा गया और अब लोगों को बचा रहे हैं ठगी होने से
-एंटी हैकर टूल बनाया, किया पुरस्कृत
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कनीना की आवाज।
कभी खुद हैकर्स से ठगा गया और अब लोगों को ठगी होने से बचा रहे हैं। उन्होंने एंटी हैकर टूल बनाया है। विभिन्न लोगों ने उन्हें पुरस्कृत किया है।
कनीना उपमंडल के गांव तलवाना निवासी निवासी अंकित ने 10वीं, 12वीं की पढ़ाई गांव के ही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से पूरी की। उसके बाद कंप्यूटर में रुचि होने के कारण 2015 में खुद ही कंप्यूटर नेटवर्किंग, कोडिंग तथा साइबर सिक्योरिटी की जानकारी लेना और पढ़ाई करना शुरू कर दिया।
जिसे ठगना चाहा, आज वही बना डिजिटल पेमेंट ऐप्स का सुरक्षा कवच-
डिजिटल इंडिया के दौर में जहां हर दिन करोड़ों रुपए का आनलाइन लेन-देन होता है, वहीं साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। महेंद्रगढ़ जिले के गांव तलवाना खेड़ी के रहने वाले एक युवक की कहानी इसी कड़वी सच्चाई से शुरू होती है, लेकिन आज वही युवक साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल बनकर उभरा है।
यह कहानी है अंकित ठाकुर की, जिनके पिता सुनील गुरुग्राम में एक कार ड्राइवर के रूप में काम करते हैं। साल 2020 में सुनील साइबर ठगी का शिकार हो गए और उनके बैंक खाते से 20 हजार रुपए निकल गए। एक साधारण परिवार के लिए यह रकम काफी मायने रखती थी। जब पिता की मेहनत की कमाई यूं ही ठगों के हाथ चली गई, तो बेटे अंकित को यह बात अंदर तक झकझोर गई।
अंकित बताते हैं कि उस दिन उन्होंने ठान लिया कि वह पता लगाएंगे कि आखिर साइबर ठग लोगों को कैसे निशाना बनाते हैं। इसके बाद उन्होंने दिन-रात रिसर्च शुरू कर दी और डिजिटल पेमेंट सिस्टम की तकनीकी कमजोरियों को समझना शुरू किया।
अंकित ने अपनी रिसर्च में एक बहुत ही गंभीर खतरे का खुलासा किया है। उन्होंने पाया कि कई यूपीआई ऐप्स (जैसे गूगल पे, फोन पे, पेटीएम) में सुरक्षा की एक ऐसी बड़ी चूक है, जिसकी वजह से भुगतान के समय वे फोन की आवाज पर अपना नियंत्रण नहीं रख पाते।
इसका सीधा मतलब यह है कि जब आप किसी को पैसे भेज रहे होते हैं, तो कोई भी दूसरी फर्जी ऐप बैकग्राउंड में अपनी आवाज चला सकता है। उदाहरण के लिए, आपके पैसे कटते समय पीछे से एक नकली आवाज सुनाई दे सकती है जो कहेगी—पैसे प्राप्त करने के लिए अपना पिन डालें। एक साधारण व्यक्ति को लगेगा कि यह आवाज खुद पेमेंट ऐप की है और वह उस पर भरोसा करके ठगी का शिकार हो जाएगा। अंकित का कहना है कि ऐप की इस आवाज की कमजोरी का फायदा उठाकर ठग पलक झपकते ही किसी का भी बैंक खाता खाली कर सकते हैं।
अंकित ने अपने परीक्षण  में दिखाया कि जब कोई व्यक्ति पेमेंट स्क्रीन खोलता है, तो बैकग्राउंड में चल रही फर्जी ऐप तेज आवाज में निर्देश देती है— प्लीज क्लिक आन पे बटन, इंटर यूवर पिन टू रिसिव मनी इन यूवर अकाउंट।
कम पढ़े-लिखे या साधारण लोग इसे असली यूपीआई ऐप की आवाज समझकर भरोसा कर लेते हैं और अपना पिन डाल देते हैं, जिसके बाद ठग उनके खाते से पैसे निकाल लेते हैं।
किया पुरस्कृत-
 गांव तलवाना खेड़ी के युवा अंकित ठाकुर ने डिजिटल ट्रांजेक्शन में साइबर सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने शोध करके ऐसा ऐप तैयार किया है जो डिजिटल ट्रांजेक्शन में साइबर धोखाधड़ी को रोकेगा। उनकी इस सफलता पर रविवार को आसपास के दस गांवों के ग्रामीणों ने इक_े होकर उनको सम्मानित किया।
 इस मौके पर पहुंचे प्रजा भलाई संगठन के अतरलाल एडवोकेट तथा अन्य गणमान्य जनों ने अंकित ठाकुर को पगड़ी पहनाकर तथा प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने अंकित की माता मिथिलेश, दादी सुदेश देवी तथा पिता सुनील कुमार को शाल ओढ़ाकर तथा दादा ओमवीर प्रधान को साफा पहनाकर भी सम्मानित किया। अतरलाल ने अंकित की उपलब्धि कि सराहना करते हुए युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने की अपील की। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करके हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से अंकित को राज्य सरकार की तरफ से पुरस्कृत करने की मांग की। इस संबंध में ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन अतरलाल को सौंपा, जिसे उन्होंने तत्काल सरकार को प्रेषित करने का भरोसा दिलाया। अंकित ठाकुर ने भी ग्रामीणों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य आम जनता की मेहनत की कमाई को साइबर ठगी से बचाना है। उनके द्वारा विकसित तकनीक से डिजिटल ट्रांजेक्शन में साइबर धोखाधड़ी पर रोक लगेगी। इस अवसर पर अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 03:युवा अंकित ठाकुर को सम्मानित करते हुए अतरलाल और अन्य




पलवल का वांछित आरोपी पकड़ा, होडल पुलिस को सौंपा
-आरोपी की पहचान अहमद, निवासी खेड़ी तलवाना के रूप में हुई
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कनीना की आवाज।
पुलिस अधीक्षक दीपक के सख्त निर्देशों और कुशल मार्गदर्शन में जिला पुलिस अपराधियों के खिलाफ लगातार व्यापक अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत जिला पुलिस न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि दूसरे जिलों और राज्यों के वांछित अपराधियों को भी पकड़ कर संबंधित पुलिस के हवाले कर रही है। इसी कड़ी में सीआईए महेंद्रगढ़ की टीम ने पलवल जिले के एक मामले में वांछित चल रहे एक आरोपी को धर दबोचने में अहम सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपी की पहचान अहमद, निवासी खेड़ी तलवाना (कनीना) के रूप में हुई। आरोपी पलवल जिले के थाना होडल में धोखाधड़ी और जालसाजी की गंभीर धाराओं के तहत दर्ज मामले में वांछित था और वह गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस की पहुंच से बाहर चल रहा था।
सीआईए महेंद्रगढ़ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी के गांव खेड़ी तलवाना क्षेत्र में दबिश देकर उसे काबू किया। जिसके बाद आरोपी को आगामी कानूनी कार्रवाई के लिए थाना होडल, जिला पलवल पुलिस की टीम को सौंप दिया गया।
जिला पुलिस न केवल स्थानीय अपराधियों पर सख्त कार्रवाई कर रही है, बल्कि बाहरी क्षेत्रों के अपराधियों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाए हुए है। इससे पूर्व भी महेंद्रगढ़ पुलिस ने राजस्थान में दर्ज एक मामले के पीओ को पकड़कर राजस्थान पुलिस के सुपुर्द किया था। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है और इस प्रकार के विशेष अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।
फोटो कैप्शन 02: पकड़ा गया आरोपी




प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों का दल जानेगा हरियाणा की जनकल्याणकारी योजनाओं की बारीकी
-अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान के अधिकारियों का तीन दिवसीय जिला प्रवास 6 मई से
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कनीना की आवाज।
जिले में आगामी 6 से 8 मई तक भारत सरकार के अधिकारियों का एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान, फरीदाबाद की ओर से आयोजित इस 33वें प्रोफेशनल ट्रेनिंग कोर्स के तहत भारतीय नागरिक लेखा सेवा, भारतीय रक्षा लेखा सेवा, भारतीय डाक एवं दूरसंचार लेखा एवं वित्त सेवा और भारतीय लागत एवं लेखा सेवा के गु्रप-ए अधिकारी जिले के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य इन प्रशिक्षु अधिकारियों को हरियाणा सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं जैसे अंत्योदय सरल, सक्षम हरियाणा और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के जमीनी क्रियान्वयन से रूबरू करवाना है।
यह जानकारी देते हुए जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि उपायुक्त के निर्देशानुसार
कार्यक्रम के पहले दिन यानी 6 मई को अधिकारी अटेली खंड के सुराना गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का भ्रमण करेंगे। यहां पर शिक्षा के स्तर को लेकर शिक्षकों और अभिभावकों के साथ संवाद करेंगे।
इसके उपरांत सचिवालय स्थित सरल केंद्र में जाकर ऑनलाइन नागरिक सेवाओं की प्रक्रिया को समझेंगे और एसडीएम, तहसीलदार व नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे। प्रवास के दूसरे दिन अधिकारी जिला मुख्यालय और उपमंडल स्तर पर विभिन्न विभागों के कामकाज का अवलोकन करेंगे और मुख्यमंत्री विंडो जैसी जन-शिकायत निवारण प्रणाली की बारीकियों की जानकारी लेंगे।
दौरे के अंतिम दिन 8 मई को ये अधिकारी अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय और जिला परिषद में केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं के ऑडिट और प्रबंधन की प्रक्रियाओं को समझेंगे।
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि इस तीन दिवसीय शैक्षणिक दौरे के माध्यम से प्रशिक्षु अधिकारी यह देख पाएंगे कि किस प्रकार तकनीक और नई नीतियों के माध्यम से अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाया जा रहा है।

अग्रिशामक दिवस-4 मई
कई लोगों की जान बचा चुके हैं राकेश कुमार कनीना
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कनीना की आवाज।
वर्ष 2020 तक पूरे जिला महेंद्रगढ़ में जहां नारनौल एवं महेंद्रगढ़ दो अग्नि शामक केंद्र स्थापित थे वही कनीना, अटेली, और नांगल चौधरी में अभी निर्माणाधीन अग्निशमन केंद्र चल रहे थे जो अब शुरू हो चुके हैं। एक अग्निशमन अधिकारी लोगों की जान बचाने में अहं भूमिका निभाता है। कनीना निवासी राकेश कुमार अग्निशमन अधिकारी गुरुग्राम, सतनाली, बहादुरगढ़ आदि में कई जान बचा चुके हैं।
 1999 में सेवा में आए कनीना निवासी राकेश कुमार उप अग्निशमन अधिकारी बतौर बहादुरगढ़ में कार्यरत है। उन्होंने बताया कि वे 2013 तक गुरुग्राम में मुख्य अग्निशामक होते थे जो  2013 में महेंद्रगढ़ पदोन्नत होकर आए। ग्ररुग्राम की घटना बताते हैं कि वे प्रतिदिन चार से पांच आगजनी की घटनाओं पर काबू पाने का कार्य किया है।
राकेश कुमार ने अब तक 20 से 25 लोगों की जान बचाई है। अग्निशमन अधिकारी राकेश कुमार से संबंध में चर्चा की तो उन्होंने बताया कि आग की सूचना उन तक आती है तो वे तुरंत कार्रवाई कर 40 सेकेंड में गाड़ी रवाना कर देते है। गाड़ी में एक चालक और अग्निशामक होते है। तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया जाता है। उनका उद्देश्य होता है किसी प्रकार जानकी तत्पश्चात जान न हो तो माल माल को बचाने का प्रयास किया जाता है।  यह बताते हैं कि जहां कनीना में रोकी पार्षद के यहां फैक्ट्री में करोड़ों रुपए का सामान जलने से बचाया था वहीं महेंद्रगढ़ शापिंग कंपलेक्स में उन्होंने भारी माल को बचाया था। अब तक डेढ़ सौ के करीब मेजर फायर
तथा रेस्क्यू फायर आपरेशन में अहं भूमिका निभा चुके हैं। उन्होंने बताया कि अग्निशमन यंत्र के तहत उनकी गाड़ी वाटर टेंडर नाम से जानी जाती है जिसमें 4500 लीटर पानी भरा होता है जो 2 से 4 घंटे तक आग पर काम कर सकती है। यदि तेल में आग लगती है तो फोम(झाग) टेंडर नामक गाड़ी आग बूझाने के लिए जाती है। यदि तुरंत मौके पर पहुंच जाए तो आग पर काबू पाया जा सकता है। आग से बचाने, आग बुझाने तथा आग के बारे में विस्तृत जानकारी देने का काम किया जाता है। समय-समय पर स्कूलों में भी कैंप लगाते  हैं। 14 से 20 अप्रैल के बीच फायर वीक मनाया जाता है जिसमें वे तुरंत जाकर उन्हें आग पर काबू पाने की जानकारी देते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें बेहद खुशी होती है जब कोई जान माल बच जाता है और भी हर बार लगभग सफल होते हैं। वे बताते हैं कि कभी कभी इंसान की जान आग में चली जाती है।  
उधर अग्रिशमन अधिकारी राकेश कुमार का कहना है कि सरकार ने नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 लागू किया हुआ है जिसकी टेबल नंबर 7 लागू की हुई है। इस टेबल का अगर पालन सही तरीके से किया जाए तो आग पर जैसी दुर्घटना के समय आग पर काबू पाया जा सकता है तथा जान माल की हानि से बचा जा सकता है। उन्होंने आग रोकने के लिए सभी संस्थानों में फायर फाइटिंग सिस्टम आदि लगाने की बात कही। उनका कहना है कि सभी व्यवसायिक संस्थानों में अग्निशमन यंत्र का डेमो दिलवाना चाहिए।
फोटो कैप्शन: राकेश कुमार।








भारी नुकसान पहुंचाया जाता है सरकारी पेड़ पौधों को
-फलों को तोड़ ले जाते हैं लोग
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कनीना की आवाज। यूं तो सरकारी संस्थाओं  में पेड़ पौधे बड़ी मेहनत से कुछ लोग लगाते हैं किंतु कुछ ऐसे भी लोग है जो इन पेड़ पौधों की टहनियों को मौका देखकर काट ले जाते हैं वहीं फलों को तोड़ कर ले जाते हैं।
 कनीना के राजकीय उच्च विद्यालय में बाबूलाल नमक कर्मठ व्यक्ति दिन-रात पेड़ पौधों की सेवा करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके यहां भारी मात्रा में बेलगिरी लगते हैं किंतु कुछ लोग मौका देखकर बेलगिरी पेड़ के सभी फल तोड़ ले जाते हैं। उधर कुछ लोग जो भेड़ बकरियों को चराने के लिए पेड़ पौधों को लोहे के ताड़ से टहनियां काट ले जाते हैं। वो संस्थाओं में अंदर नहीं घुसते अपितु बाहर से ही लोहे की ताड़ से टहनियों को काटकर ले जाते हैं जिससे पेड़ धीरे-धीरे समाप्ति के कगार पर पहुंच जाते हैं। विशेष कर सरकारी संस्थाओं की दीवार के साथ लगे पेड़ों को सबसे ज्यादा हानि पहुंचाई जाती है। कुछ जगह तो जंगली जानवर भी सरकारी संस्थानों में घुसे रहते हैं जो पेड़ पौधे और वनस्पतियों को नुकसान पहुंचाते हैं। फूलों को तोड़ कर ले जाना तथा अन्य गतिविधियों में भी कुछ युवा और बच्चे शामिल होते हैं। जब तक सरकारी संस्थानों में बेहतर रक्षक नहीं होंगे तब तक पेड़ पौधों को यूं ही नुकसान होता रहेगा।
 राजकीय कन्या उच्च विद्यालय में पेड़ पर चढ़े हुए एक व्यक्ति को पकड़ा उससे पहले भी कुछ व्यक्ति चढ़कर फलों को तोड़ ले गए। यद्यपि इस संबंध में मुखिया को सूचित भी कर दिया किंतु मुखिया मजबूर होते हैं कि किसके खिलाफ मामला दर्ज करवाये। वो बस इतना ही कि लोगों को भगा देते हैं और उनका कहना होता है कि उनके हाथ कोई पावर नहीं है।
 फोटो कैप्शन 01: पेड़ से बेलगिरी फल तोड़ता हुआ अज्ञात व्यक्ति

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