Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**: March 2026

Tuesday, March 31, 2026



 


अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है किसानों को
-बार-बार मौसम की मार झेल रहे हैं किसान
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में जहां किसानों ने 20,000 हेक्टेयर पर सरसों तो 9000 हेक्टेयर के करीब गेहूं की फसल उगाई थी बाकी पर सब्जी तथा चारे वाली फसलें उगाई थी। इस बार किसान बेहद परेशान है। बार-बार मौसम की मार झेल रहा है। रही सही कसर अब पूरी कर दी जब ओलावृष्टि ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। ओलावृष्टि भी लंबे समय तक चली।
 मिली जानकारी अनुसार इस बार रबी फसल उगाने बाद जहां कभी सर्दी, कभी गर्मी, कभी ठंड, कभी पाला जमा,तो कभी वर्षा, बार-बार वर्षा और बार-बार ओलावृष्टि ने किसानों की कमर ही तोड़कर रख दी है। अब जब किसान सरसों की फसल की लावणी करके पैदावार ले रहे थे और गेहूं की लावणी शुरू कर दी है तब ओलावृष्टि ने तबाही मचा दी है। किसान बेहद परेशान है। बार-बार वर्षा के कारण जब फसल भीग जाती है और ज्योंही उसे सुखाता है तो दोबारा से वर्षा हो जाती है। ऐसे में बहुत से किसानों ने मजबूरी में अपनी फसल पैदावार आनन फानन में ले ली है।
 किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, मनोज कुमार, कृष्ण कुमार, अजीत कुमार आदि ने बताया कि इस बार रबी फसल लेना तलवार की धार के समान रहा है। बार-बार मौसम की मार झेली है। यही नहीं लगता कि सही सलामत रूप से पैदावार घर तक या मंडियों तक पहुंच जाएगी। किसान जितना जल्दी करना चाह रहे हैं उतनी ही देरी हो रही है। जहां सरकार हरियाणा सरकार ने गेहूं और सरसों की खरीद भी शुरू कर दी है लेकिन किसान अभी तक फसल पैदावार नहीं ले पाए हैं क्योंकि मौसम से लगातार जूझ रहे हैं। किसानों ने बताया कि इतनी बुरी हालत पहले कभी नहीं हुई थी। यह भी सत्य है हर वर्ष जब फसल पक जाती है तब ओलावृष्टि आती है और ओलावृष्टि से हर वर्ष फसलों में थोड़ा बहुत नुकसान हो जाता है। एक और जहां फसल उगाई जाती है तभी से ठंड, गर्मी, कभी आवारा जंतुओं से फसल को बचाते बचाते किसान मौसम की मार के आगे जरूर असहाय हो जाता है और इस मार को झेल भी नहीं पाता।
 किसानों ने बताया कि बहुत से ऐसे किसान है जिन्होंने अपनी फसल का बीमा ही नहीं करवाया था। परिणाम यह निकलेगा कि अब सरकार कुछ मुआवजा दे तो उन्हें लाभ होगा वरना उनकी फसल भी बर्बाद हो गई मुआवजा भी मिलने की संभावना कम होती है। अब कृषि विभाग का कार्य शुरू होगा कि वह देखेगा कितनी फसल में नुकसान हुआ है और अपनी रिपोर्ट आगे भेजेगा। मंगलवार को ओलावृष्टि से फसलों में नुकसान हुआ। कनीना के काम से कम दो दर्जन गांवों में ओलावृष्टि हुई है। ओलावृष्टि भी इतनी तेज हुई है की सरसों की फसल को नुकसान हुआ है, गेहूं की फसल में नुकसान नाम मात्र हो सकता है परंतु गेहूं की लावणी का काम दूभर हो गया है।
 उल्लेखनीय इस क्षेत्र के लोग गेहूं और जो चारे के लिए उगते हैं। तूड़ी प्राप्त होती और तूड़ी में रेत मिल जाएगा क्योंकि लावणी करते समय गेहूं कि जड़ साथ आने की संभावना बन गइ्र है चूंकि जमीन नरम हो गई है। एक और जहां किसान चिंतित यूं भी है समय पर मजदूर नहीं मिले। वैसे भी किसान मजदूर से लावणी करवाता है। परिणाम यह निकला कि इस बार मजदूर नहीं मिले जिसके कारण फसल पैदावार लेने में देरी हो गई है। अब भविष्य पर निर्भर करता है का मौसम खुलता है या नहीं और किसान कैसे अपनी फसल को सुखाकर पैदावार ले पाते हैं। तब तक किसानों की सरकार से मांग उठने लगी है कि उन्हें मुआवजा दिया जाए।
फोटो कैप्शन 9/ 11/ 12: गेहूं और सरसों की फसल काटकर एवं खड़ी फसल



स्वास्थ्य सुपरवाइजर मुन्नी बाई सेवानिवृत्त, सम्मान समारोह आयोजित
-32 वर्ष 7 माह की सेवा के बाद विदाई, स्टाफ ने किया सम्मान
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कनीना की आवाज।
 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी सेहलंग में कार्यरत स्वास्थ्य सुपरवाइजर मुन्नी बाई के सेवानिवृत्त होने पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा. प्रभा यादव ने की, जबकि मंच संचालन एसएमआई राजेंद्र सिंह ने किया। कार्यक्रम में डा. सचिन, डा. आशीष और डा. नंदिनी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर स्वास्थ्यकर्मी नवनीत एवं पूर्व राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुकेश चौहान ने बताया कि मुन्नी बाई ने स्वास्थ्य विभाग में करीब 32 वर्ष 7 माह की सेवाएं दी हैं। वे 3 अप्रैल 2025 को सीएचसी सेहलंग में स्वास्थ्य सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत हुई थीं और इससे पहले भी विभिन्न स्थानों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कर्तव्यनिष्ठा और मिलनसार व्यवहार से सभी का दिल जीता।
समारोह के दौरान स्वास्थ्य निरीक्षक इंद्रजीत तथा पीएचसी धनोंदा के स्वास्थ्य सुपरवाइजर पवन शर्मा के नेतृत्व में स्टाफ ने मुन्नी बाई को पगड़ी पहनाकर व शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। साथ ही उन्हें पौधा भेंट कर हरियाली व खुशहाली का संदेश दिया गया। इस अवसर पर डा. नंदिनी, डा. आशीष, डा. अरोड़ा, राजेंद्र सिंह, विक्रम, आलोक, भूपेंद्र, इंद्रजीत, राजेश, कुलदीप, मैना, संतोष, मंजू, प्रिया सहित नर्सिंग ऑफिसर, फार्मेसी अधिकारी, लैब टेक्नीशियन, अकाउंटेंट एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने मुन्नी बाई को उपहार भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
फोटो कैप्शन 08: मुन्नी को विदाई में पौधा भेंट करते हुए



कुतरूं प्राचार्य के कारनामे-19वीं कड़ी पढ़े 2 अप्रैल को
-कुतरूं महिला शिक्षकों में मिलता था प्रसन्न, उसकी पत्नी रही सदमे में




ओलावृष्टि से खराब हुई पकी
फसल                                  --फसलों का किसानों को उचित मुआवजा दे सरकार- सुनील  
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कनीना की आवाज।
बार एसोसिएशन कनीना के पूर्व उप प्रधान सुनील राव ककरालिया ने असमय हुई ओलावृष्टि और बारिश से किसानों की तैयार हुई फसल खराब का सरकार से जल्दी से जल्दी उचित मुआवजा किसानों को देने की मांग की है।
किसानों की मेहनत से तैयार फसल को हुए नुकसान से किसानों को आर्थिक व मानसिक नुकसान हुआ है। किसानों का जीवनयापन खेतीबड़ी से ही चलता है । किसानों की उम्मीदों पर इससे नुकसान हो गया है। दिनों दिन बढ़ रही महंगाई और अब फसल नुकसान से किसान चिंतित है।





फैक्ट्री में नकदी चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार और नकदी बरामद
-सुनील कुमार अगिहार की शिकायत पर हुआ था मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
थाना शहर महेंद्रगढ़ पुलिस ने माजरा चुंगी स्थित एक फैक्ट्री में हुई चोरी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान अजय निवासी गांव परसरामपुरा, जिला झुंझुनूं (राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के दौरान चोरी की गई 83,500 रुपये की कुल राशि में से 58 हजार रुपये की नकदी बरामद कर ली है।
इस संबंध में पीडि़त सुनील कुमार निवासी गांव अगिहार (हाल माजरा चुंगी, महेंद्रगढ़) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उसकी माजरा चुंगी पर दरवाजों और खिड़कियों की फैक्ट्री है, जहां आरोपी अजय पिछले कुछ समय से नौकर के रूप में काम कर रहा था। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में बताया कि दिनांक 27 मार्च की रात को उसने इंश्योरेंस के पैसे देने के लिए अपने ऑफिस के गल्ले में 83,500 रुपये रखे थे, जिसकी जानकारी आरोपी अजय को थी। रात को ऑफिस बंद कर वह अपने घर चला गया और अजय सहित दो मजदूर फैक्ट्री में ही मौजूद थे।
जब शिकायतकर्ता ने दिनांक 28 मार्च को सुबह आकर देखा तो ऑफिस के पीछे का दरवाजा खुला था, सामान बिखरा हुआ था और गल्ले का ताला खुला हुआ था, जिसमें से 83,500 रुपये गायब थे। इसके बाद जब फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की गई, तो उसमें आरोपी अजय फैक्ट्री के शटर के नीचे से छुपकर निकलता हुआ दिखाई दिया। घटना के बाद से ही आरोपी का मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ था और दूसरे कर्मचारी को उसके जाने की कोई भनक नहीं लगी।
शिकायत और सीसीटीवी साक्ष्यों के आधार पर थाना शहर महेंद्रगढ़ पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अजय को गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ करने पर उसके कब्जे से 58 हजार रुपये बरामद किए गए।





कई गांवों में हुई ओलावृष्टि
- कनीना क्षेत्र में ही 9 एमएम वर्षा तथा हल्के ओले भी पड़े
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कनीना की आवाज।
 कनीना उप-मंडल के कई गांव में ओलावृष्टि हुई तथा वर्षा हुई। सुबह से ही मौसम बदला हुआ था।  दोपहर पश्चात तेजी से वर्षा होने लगी और कनीना क्षेत्र में 9 एमएम वर्षा हुई वहीं कई गांवों में ओलावृष्टि से भी फसलों में नुकसान पहुंचाने की संभावना बन गई है।
  मिली जानकारी अनुसार कनीना कके गांव मोहनपुर, छितरौली ,कनीना, उच्चत, सीहोर, रसूलपुर, ककराला, गुढ़ा और विभिन्न गांवों से ओलावृष्टि के होने का समाचार मिला है। ककराला के रमेश कुमार ने बताया कि ओलावृष्टि से एक बार धरती सफेद हो गई थी। मोहनपुर के मुंशीराम ने बताया कि जमकर ओलावृष्टि  हुई है। गुढ़ा से राजकुमार ने बताया कि ओलावृष्टि हुई है। छीथरोली एवं कनीना के किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है।
 इस समय जहां गेहूं और सरसों दोनों फैसले खड़ी हुई है। कुछ किसानों ने काट कर फसल डाल रखी है। फसलों में ओलावृष्टि से खड़ी व पड़ी दोनों फसलों में नुकसान की संभावना बन गई है। विशेष कर सरसों की फसल पककर तैयार है जिसकी फलियों पर ओले की मार से फलियां फट जाती हें और सरसों मिट्टी में मिल जाती है।अभी तक विभिन्न गांव से ओलावृष्टि के समाचार मिल रहे हैं। इस संबंध में एसडीओ कृषि डा. अजय यादव से बात हुई उन्होंने कहा कि अभी तक उनके पास पुष्ट सूचना नहीं मिली है कि कहां कहां ओलावृष्टि हुई है।  उधर अभी से ही किसानों ने ओलावृष्टि से नुकसान का मुआवजा मांगना शुरू कर दिया है।
 उधर बार एसोसिएशन कनीना के पूर्व उप प्रधान सुनील राव ककरालिया ने असमय हुई ओलावृष्टि और बारिश से किसानों की तैयार हुई फसल खराब का सरकार से जल्दी से जल्दी उचित मुआवजा किसानों को देने की मांग की है।
किसानों की मेहनत से तैयार फसल को हुए नुकसान से किसानों को आर्थिक व मानसिक नुकसान हुआ है। किसानों का जीवनयापन खेतीबड़ी से ही चलता है । किसानों की उम्मीदों पर इससे नुकसान हो गया है। दिनों दिन बढ़ रही महंगाई और अब फसल नुकसान से किसान चिंतित है।
फोटो कैप्शन 6: इकट्ठे किए ओले दिखाता किसान
7: खेत में ओलावृष्टि का एक नजरा
  03: किसान ओलावृष्टि के नुकसान को देखता हुआ




गोमला की लड़की परी ने डांस में दिखाया दम बढ़ाया क्षेत्र का मान
-किसमें कितना है दम में, दिखाया अपना दम
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कनीना की आवाज।
गोमला की प्रतिभाशाली लड़की परी गोमला ने डांस में अपनी लगन ,मेहनत और निरंतर अभ्यास से एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। चंडीगढ़ में केके एचडी (किस में कितना है दम)टीवी रियलिटी शो द्वारा आयोजित डांस प्रतियोगिता के ग्रांड फाइनल राष्ट्रीय शो में परी गोमला ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोमला का नाम रोशन किया है। इससे पहले परी गोमला ने कनीना और अलग-अलग जगह में आयोजित प्रारंभिक इंटरमीडिएट राउंड को सफलतापूर्वक क्वालीफाई कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। केकेएचडी शो के निदेशक  वरुण बंसल द्वारा आयोजित एक ऐसा प्लेटफार्म है जो न केवल एक डांस के शो को बल्कि पेंटिंग ड्राइंग गीद्धा, भांगड़ा डांस, कैलीग्राफी और अलग-अलग प्रतिभाओं को निखारने के अवसर प्रदान करता है।
   परी की यह उपलब्धि ने केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है बल्कि गोमला के अन्य युवा योग साधकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनके पिता महेश गोमला ने बताया की बेटी की कड़ी मेहनत और गुरुजनों के मार्गदर्शन से ही यह सफलता संभव हो पाई है। 26 मार्च को मोहाली में रायक बहरा यूनिवर्सिटी पंजाब में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ है।
फोटो कैप्शन 04 व 05: परी को पुरस्कृत करते हुए


घटता ही जा रहा है अप्रैल फूल बनाने का सिलसिला
-लोगों की जागरूकता के चलते ऐसा हुआ संभव
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कनीना की आवाज।
 कहीं कहीं आज भी क्षेत्र में हंसी मजाक के रूप में फूल डे मनाया जाता है। अंग्रेजी काल के समय से ही चली आ रही परिपाटी को मनाने वाले कम लोग रहे हैं। जिस प्रकार हिंदु नव वर्ष कम लोग मनाते हैं वैसे ही मूर्ख दिवस कम लोग मनाते हैं। हिंदू नव वर्ष मनाने वाले मूर्ख दिवस मनाए जाने का विरोध भी करते हैं। लोग जागरूक भी हुए हैं।
 ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से प्रथम अप्रैल फूल डे मनाने की अनोखी परंपरा है। सुबह से ही मूर्ख बनाने की कार्रवाई शुरू होती है और शाम तक चलती रहती है। विशेषकर ग्रामीण लोगों को तो इस दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कभी-कभी तो फोन के मार्फत मूर्ख बनाया जाता है जो भारी तनाव का कारण बनता है।
  यूं तो मूर्ख बनाने के तरीके हजार होते हैं किंतु बच्चे से लेकर युवा वर्ग नोट से मूर्ख बनाने की कार्रवाई अक्सर करते देखे जा सकते हैं। एक सौ रुपये के नोट का एक सिरा धागे से बांध लेते हैं और भीड़ वाले रास्ते में डाल दिया जाता है। इस नोट को बड़े धागे से बांधकर दूर ले जाया जाता है। जब कोई सज्जन इस नोट को उठाने लगता है तो धागे की सहायता से इसे तेजी से खींच लिया जाता है। जब नोट उठाने वाले की नजर इन शरारतियों पर पड़ती है तो भारी मजाक होता है। ग्रामीण लोग अक्सर फूल डे के बारे में अंजान होते हैं और ऐसे में उनके साथ अच्छा खासा मजाक होता है। वैसे भी फसल कटाई का समय होता है और किसान अपनी फसल काटने में व्यस्त रहते हैं। फसल कटाई दौरान उनके साथ अच्छा मजाक होता है। एक किसान को कह दिया जाता है कि वह कृषि के यंत्र खेत में लेकर आओ। वह किसान बेचारा पुन: खेत से घर जाता है और बार-बार उसके साथ मजाक होता है। जब उन्हें अप्रैल फूल बनने का पता चलता है तो वे झुंझलाते हुए नजर आते हैं।
  जिन घरों में फोन लगे होते हैं उनको भी कई प्रकार की समस्याएं अप्रैल फूल से संबंधित झेलनी पड़ती हैं। कई बार तो ऐसे फोन आते हैं कि आपके परिचित की दुर्घटना होने के कारण उन्हें अमुक अस्पताल में भर्ती कराया गया है आप जल्दी से पहुंचो। जब फोन उठाने वाला भाग दौड़कर अस्पताल पहुंचता है तो उसे भारी झुंझलाहट होती है। मोबाइल पर भी अनेकों प्रकार की मजाक की जाती हैं किंतु ये मजाक अधिक समय तक नहीं चलती हैं। बाद में आम जन अप्रैल फूल के विषय में परिचित हो जाता है।  इस संबंध में डा. होशियार सिंह का कहना है कि पुराने समय में लोग अप्रैल फूल के प्रति आकर्षित होते थे किंतु अब इस मूर्ख दिवस को मनाने वाले बहुत कम बचे हैं।
   अप्रैल फूल बनने से सरकारी कर्मी भी पीछे नहीं होते हैं। जहां अस्थाई कर्मी काम करते हैं उनका एक अप्रैल फूल संबंधित आदेश निकालकर रख दिया जाता है जिसमें लिखा होता है कि आपकी सेवाएं समाप्त की जाती हैं। कर्मी परेशान होते हैं किंतु जब उन्हें हकीकत का पता चलता है तो वे अपना सा मुंह लेकर रह जाते हैं। पूरा दिन ही छोटे बड़े मजाकों में व्यतीत है। कई अन्य तरीकों से भी मूर्ख बनाया जाता है किंतु जिनके साथ मजाक किया जाता है वे बुरा नहीं मानते क्योंकि कहा है-बुरा ना मानो अप्रैल फूल डे है।




दीपक कुमार वशिष्ठ को मिला ग्रासरूट्स सस्टेनेबिलिटी लीडरशिप अवार्ड
--देश से लगभग 125 प्रतिभागियों ने भाग लिया था भाग
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कनीना की आवाज।
पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पर्यावरण प्रेमी दीपक कुमार वशिष्ठ को ग्रासरूट्स सस्टेनेबिलिटी लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान नई दिल्ली स्थित यूनेस्को हाउस में आयोजित एक समारोह के दौरान प्रदान किया गया।
यह आयोजन नेट ग्रीन फाउंडेशन द्वारा आयोजित हाई-इम्पैक्ट सस्टेनेबिलिटी डायलाग और अर्थ अवार्ड्स-2026 के अंतर्गत किया गया, जिसमें पूरे देश से लगभग 125 प्रतिभागियों ने भाग लिया। यह पहल पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सहयोग से आयोजित की गई, जो वैश्विक स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा उद्योग, पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव मंत्री, जीएनसीटीडी तथा विशेष अतिथि डा. बेन्नो बोअर (यूनेस्को) उपस्थित रहे। इस अवसर पर नेट ग्रीन फाउंडेशन के निदेशक एवं प्रधान संपादक उमेश कुमार शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नेहा एडविन, डा. लिपिका शर्मा संयुक्त राष्ट्र महिला - वरिष्ठ सलाहकार, लिंग एवं जलवायु विशेषज्ञ, एयर मार्शल विनोद के. भाटिया सेवानिवृत्त, भारतीय वायु सेना, सुरभि गुप्ता और वाणी हीरेमथ सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
दीपक कुमार वशिष्ठ को यह सम्मान जमीनी स्तर पर पर्यावरण संरक्षण, जलवायु कार्रवाई और सतत विकास के लिए किए जा रहे उनके निरंतर प्रयासों के लिए प्रदान किया गया। उनके कार्यों को समारोह में विशेष रूप से सराहा गया और उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया। उनके प्रमुख कार्यों में वृक्षारोपण अभियान, स्वच्छता जागरूकता और जल संरक्षण शामिल हैं।
फोटो कैप्शन 01: दीपक वशिष्ठ को अवार्ड देते हुए




कनीना में हुई 9 एमएम वर्षा, किसानों के चेहरे उतरे, मायूस
-लावणी का काम














हो गया प्रभावित
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर पश्चात मौसम में बदलाव आया और वर्षा होने लगी। यूं तो सुबह से ही बादल छाए हुए थे और बूंदाबांदी हुई लेकिन दोपहर पश्चात  बूंदाबांदी के बाद वर्षा होने लग गई। देखते-देखते 9 एमएम वर्षा हुई। वर्षा होने का सिलसिला जारी था।
वर्षा कारण किसानों की सरसों पैदावार ,सरसों लावणी, गेहूं की लावणी का कार्य ठप हो गया है। बार-बार किसान वर्षा के बाद फसल को सुखाता है, फिर से वर्षा हो जाती है। वर्षा के कारण एक बार फिर से सरसों की काटकर डाली गई फसल भीग गई है। वहीं गेहूं की लावणी भी प्रभावित हो गई है।
 क्या कहते हैं किसान-
 किस सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, अजीत कुमार, महेंद्र सिंह, योगेश कुमार, रोहित कुमार आदि ने बताया कि वर्षा के कारण जहां सरसों की काटकर डाली गई फसल भीग गई है। उसे सुखाना पड़ेगा तथा फिर से सुखाकर इसकी पैदावार ली जायेगी। आनन फानन में बहुत से किसानों ने तो अपनी सरसों की पैदावार ले ली है। कुछ एक ने तो मंडियों तक भी पहुंचा दी है। किसने कहना है कि यदि यूं ही मौसम खराब रहा तो इस बार उनकी फसल पैदावार बर्बाद हो जाएगी।
क्या पड़ेगा प्रभाव -
किसानों ने बताया कि इस समय लावणी करना भी कठिन हो जाएगा क्योंकि गेहूं की लावणी करना बहुत जरूरी है वहीं सरसों की लावणी भी जरूरी है। यदि लावणी नहीं होगी तो सरसों की फलिया फट जाएगी और मिट्टी में मिल जाएगी। वहीं गेहूं की लावणी का कार्य धीमा होगा क्योंकि दरांती से गेहूं की कटाई की जाती है तो गेहूं की जड़े भी साथ आ जाती है। जड़ों का रेत तूड़ी में चला जाएगा और पशु कम खाएंगे। किसानों कहना है कि तूड़ी भी खराब हो जाएगी क्योंकि इस क्षेत्र में तूड़ी प्रमुख पशु चारा है। अगर वह खराब हो जाता है तो किसानों के पशु भी अच्छी प्रकार दूध नहीं दे पाएंगे।
 नहीं मिल रहे हैं मजदूर-
 क्योंकि सरसों और गेहूं की लावणी एक साथ आने से मजदूर नहीं मिल रहे हैं। मजदूर मिलते हैं वो भी मुंह मांगा दाम मांग रहे हैं। ऐसे में किस कंबाइंड हार्वेस्ट मशीनों से ही लावणी करवा रहे हैं। किसान सूबे सिंह और राजेंद्र सिंह ने बताया कि यदि मजदूर नहीं मिलेंगे तो वो भी मशीनों द्वारा लावणी एवं फसल पैदावार लेंगे।
सरसों खरीद प्रभावित-
उधर कनीना की अनाज मंडी स्थित चेलावास में सरसों की खरीद जारी है किंतु वर्षा के कारण काम प्रभावित हो गया है। सरकारी तौर पर किसान सरसों नहीं बेच रहे हैं केवल निजी स्तर पर ही सरसों बेचने का कार्य कर रहे हैं।
 फोटो कैप्शन 02: कनीना क्षेत्र में होती हुई वर्षा


Monday, March 30, 2026



 


हकीकत कहानी ......
-दोस्ती शुभचिंतक और अच्छे व्यक्तियों से करे
- बुरे व्यक्तियों से दोस्ती का वही हाल होगा जो होशियार सिंह विज्ञान अध्यापक के साथ हुआ
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कनीना की आवाज।
बुजुर्ग और संत कहते हैं कि दोस्ती केवल संत और भला चाहने वाले, हित करने वाले, सदा दूसरे की सोच को आगे बढ़ाने वाले व्यक्तियों के साथ करनी चाहिए। अगर दोस्ती अच्छे व्यक्तियों से नहीं है तो जीवन में बड़ी मार खानी पड़ सकती है ,ताउम्र दर्द सताएगा,जब तक इंसान जीता है तड़प-तड़प कर ही जीता है, उन यादों को ,उन बातों को, उस दोस्ती को याद कर रोता और पछताता है। यह यह कोई बनावटी कहानी नहीं हकीकत कहानी बयां की जा रही है।
  कनीना के होशियार सिंह विज्ञान अध्यापक बतौर सेवानिवृत्त होने में दोस्त का योगदान साथ में बार-बार वक्त और हालातों ने धोखा दिया किंतु सबसे अधिक धोखा दोस्ती ने दिया। उन दोस्तों को जिन पर विश्वास किया जबकि लोग पहले से ही कहने लग गए थे कि तुम गलत दोस्ती कर बैठे। यह व्यक्ति जीवन भर धोखा देगा। आज भी लोग वही बात दोहराते हैं कि होशियार सिंह ने हमारा कहना नहीं माना परिणाम देख लो। वो यह भी कहते हैं कि जिस व्यक्ति से होशियार सिंह की दोस्ती रही उसने जीवन में किसी का भला नहीं किया।  लोगों का कहना है कि वह सदा अपने हित एवं स्वार्थ की और दूसरे के अहित की बात सोचता है। दूसरे के कंधे पर बंदूक रखकर चलाना जानता है। होशियार सिंह की जिंदगी में उस समय बदलाव आया जब गरीब हालात में दसवीं की पढ़ाई पूरी करके महेंद्रगढ़ कालेज जाना शुरू किया वहां से फिर नारनौल पढ़ाई की। कक्षा में सदा अव्वल रहा, खूब नाम कमाया और 1986 में बीएड करके नौकरी के लाइन में लग गया। कनीना का वैसे तो गुरु और शिष्य दोनों को ही प्रथम और द्वितीय विज्ञान ग्रेजुएट होने का भी श्रेय जाता है। सुरेंद्र सिंह विज्ञान अध्यापक से होशियार सिंह विज्ञान की शिक्षा पाई। होशियार सिंह ने भी विज्ञान की पढ़ाई की। लोग अनायास ही चर्चा छेड़ते हैं हैं कनीना का प्रथम विज्ञान स्नातक सुरेंद्र सिंह पूर्व विज्ञान शिक्षक रहे हैं तथा दूसरा विज्ञान स्नातक होशियार सिंह विज्ञान अध्यापक रहे हैं परंतु कई विषयों में एमए, एमएड, एमएससी और उच्च शिक्षा पाने के बाद भी और होशियार सिंह को सही दोस्त न मिलने से सही नौकरी का चुनाव नहीं करने दिया। कहने को तो होशियार  सिंह की दोस्ती दो व्यक्तियों से हुई जिनमें एक जिसने सदा धोखा दिया और गलत मार्गदर्शन किया और दूसरा व्यक्ति कंवर सेन वशिष्ठ रहा। कंवरसेन वशिष्ठ ने होशियार सिंह का कभी बुरा नहीं सोचा और भला करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी परंतु दूसरा दोस्त जिसे सदा धोखा दिया आखिरी दम तक भी धोखा दिया है।
   हुआ यू कि वर्ष 1995 में जेबीटी पदों पर बीएड को लगाया गया था। और होशियार सिंह का जेबीटी सूचि में जिला महेंद्रगढ़ की मेरिट सूची में पहला स्थान था। जब जेबीटी शिक्षक लगे तो सूची में पहले स्थान पर होशियार सिंह को देख आज भी याद करते हैं। आज भी अनायास ही उस समय के जेबीटी पद पर लगने वाले शिक्षक याद करते हैं। चूंकि होशियार सिंह को पहले से ही एडहाक आधार पर विज्ञान अध्यापक की नौकरी मिल गई थी और उसी समय जेबीटी के स्थायी पद की नौकरी मिल गई। अब चुनाव करना था कि जेबीटी पद पर जाया जाए या एडहाक को ही जारी रखा जाए। कंवरसेन वशिष्ठ ने कहा कि जेबीटीपर ज्वाइन कर लो। उस समय जयलाल शिक्षा अधिकारी होते थे जो प्राइमरी विभाग को डील करते थे। उस दर्द देने वाले तथा बुरा चाहने वाले दोस्त के सामने मामला रखा और कहा कि आपका अनुभव है मुझे बताओ कि कौन सा पद रखना चाहिए। उसने एक ही बात कही कि तुम एडहाक पद को ही जारी रखो। जेबीटी पर मत जाइए। परिणाम यह निकला की बार-बार जयलाल की तरफ से सूचना आई कि अपना ज्वाइनिंग लेटर लेकर जाए, कनीना स्कूल में ज्वाइन करें, सीनियरटी भी वही रहेगी परंतु जिस दोस्त का मैं ऊपर बार-बार हवाला दे रहा हूं उसने कहा कि नहीं जय लाल के विरुद्ध मामला न्यायालय में चला दो। क्योंकि उसने तुम्हें समय पर सूचित नहीं किया। परिणाम यह निकला की जय लाल के वकील ने कहा कि होशियार सिंह ने जानबूझकर जेबीटी पर ज्वाइन नहीं किया क्योंकि वह बड़े पद पर अर्थात एडहाक आधार पर कार्यरत और मामला खारिज हो गया, नौकरी भी जब्त हो गई। जेबीटी ज्वाइन नहीं किया परिणाम यह निकला बहुत लंबे समय तक संघर्ष करने के बाद अर्थात 9 साल का दर्द सहने के बाद न्यायालय के आदेश पर हम पक्के तो कर दिए लेकिन भारी नुकसान उठाना पड़ा।
  अगर उस समय जेबीटी पर ज्वाइन कर लिया जाता तो 2 साल बाद ही अथा्रत 1997 में प्रमोशन हो जाता और 2 साल बाद ही अर्थात 1999 तक प्राध्यापक बन जाता। बाद में कम से कम प्राचार्य स्तर तक पहुंच कर जरूर सेवानिवृत्त होना होता। आज भी यह चर्चा का विषय है, जो साथ के व्यक्ति है इन्होंने जेबीटी पर ज्वाइन किया था वो बार-बार यही कहते हैं कि तुमने बहुत बड़ी भूल की। होशियार सिंह बस यही कहते हैं भूल मैंने नहीं की, उसे, दोस्त ने करवाई जिस पर भरोसा किया और उसने धोखा दिया। खैर यहीं पर कहानी खत्म नहीं हुई। तत्पश्चात 1995 में प्राध्यापक पद राजनीति शास्त्र पर भी चयन हो गया लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या कर दी और हरियाणा में भजन लाल की सरकार चली गई। किसके साथ-साथ हमारी राजनीति शास्त्र प्राध्यापक की सूची भी दफन हो गई। तत्पश्चात प्राध्यापक हिंदी वेटिंग में रख दिया गया दुर्भाग्य यह रहा वेटिंग सूची वालों ने केस दायर नहीं किया वरना उसे समय प्राध्यापक हिंदी पर हो जाता। उसका अहित करने वाले दोस्त ने भी यह नहीं बताया कि इस पर केेस डाला जा सकता है। परिणाम बार बार मार खाई। फिर से 1998 में नई आस जगी जब वीर कुमार नठेड़ा जो चयन समिति के सदस्य होते थे और उनसे अच्छा परिचय होने के कारण क्योंकि पत्रकारिता से होशियार सिंह जुड़ा हुआ था वीर कुमार ने उन्हें साक्षात्कार पर पहचान लिया, बहुत अच्छी सेवा की, चाय पानी भी पिलाई। विज्ञान अध्यापक, प्राध्यापक राजनीति शास्त्र, प्राध्यापक हिंदी तीनों पर साक्षात्कार दिया और वीर कुमार ने कहा कि आपका तीनों पर चयन हो जाएगा। दुर्भाग्य बंसीलाल की सरकार रामबिलास शर्मा ने गिरा दी और हमारी सूची भी दफन हो गई। वहां पर भी दुर्भाग्य रहा बाद में भी खैर कई अन्य पदों पर चयन होते-होते रह गया लेकिन जिस दोस्त पर विश्वास किया उसने कोई मदद नहीं की। हां उसने एक जरूर काम किया मेरी अच्छी बुरी सारी बातें नोट कर सारी बुरी बातें अपने घर जाकर लिख ली, अच्छी बातों को भुला दिया। फिर क्या था वर्ष 2000 समाप्त होने को आया तब हमारी दोस्ती में कुछ दरार आ गई और वह अलग हो गया। तब फिर से लोगों ने कहा कि देखना अब यह तुम्हारा कितना बुरा करेगा? हुआ भी वही जो लोग कहते थे। हालात ऐसे बना दिए कि स्वयं तो नहीं दूसरे के कंधे पर बंदूक रखकर खूब चलाई। जितनी मर्जी उतनी चलाई, यहां तक की कभी आरटीआई लगवाई, कभी नौकरी हटाने के लिए जमकर प्रयास किया। कभी निदेशालय को बार-बार पत्र लिखा और आरोप लगाया कि  इसकी दसवीं की सर्टिफिकेट में जन्मतिथि बदल रखी है, कभी इसने बीड में अंक बढ़ा रखें है, कभी एमए में में अंक बढ़ा रखें हैं और कभी कोई आरोप लगाए, बार बार जांच चली, लंबी जांच चली परंतु सच तो सच ही रहेगी। न जाने क्या-क्या आरोप लगाए परिणाम यह निकला कि जिस होशियार सिंह को लाभ मिलना था वो सभी लाभ रुक गए। इतना दर्द दिया शायद बड़ेे से बड़ा दुश्मन भी नहीं देता। कितने ही लोगों को उसने अपने पास बिठा बिठाकर होशियार सिंह के विरुद्ध भड़काया, खूब दर्द दिया। परिणाम पदोन्नति का नुकसान हुआ, कोई बात नहीं। धन दौलत कई लाख रुपए का नुकसान हुआ कोई बात नहीं, मानसिक परेशानी झेली वह बहुत दर्द दे गई। आज तक सारी बातें याद हैं, दर्द है, बस एक ही बात उभर कर आई। अगर कोई अच्छा दोस्त होता तो होशियार सिंह कम से कम प्राचार्य पद से तो सेवानिवृत्त होता, पर हुआ वह जिस पद से चला था।  विज्ञान अध्यापक बतौर सेवानिवृत्त हुआ, एसीपी के लाभ नहीं मिले, फिर बाद में स्टेट अवार्ड के लाभ नहीं मिले, स्टेट अवार्ड की 2 साल का सेवा विस्तार नहीं मिला, और भी कई लाभ नहीं मिले। दर्द इतना है पर किसे कहा जाए। आज भी न्यायालय में केस चल रहे हैं। बहुत रह रहकर बात याद आती है कि बुजुर्ग और संत सदा सही कहते हैं कि दोस्ती सदा अच्छे हित करने वाले लोगों से करें, वरना दोस्ती ना करें। अगर अहित करने वाले संकुचित मानसिकता रखने वाले लोगों से दोस्ती की तो जीवन भर तड़पना होगा। बात सत्य सिद्ध हुई हो रही है और होती रहेगी, जब तक होशियार सिंह जीएंगे तब तक उन्हें यह दर्द सताता रहेगा। बीच में कितने ही दर्द उस दोस्त ने दिए वो मने यहां बयान नहीं किए।  एक बात मैं होशियार सिंह सभी से  कहना चाहूंगा कि दोस्ती करें बेहतर इंसान से, किसी दूसरे इंसान से किसी की बुद्धि का प्रयोग ना करें, अपनी बुद्धि से काम ले, किसी को अपना भेद नहीं बताएं, किसी पर अधिक विश्वास न करें, एक नहीं सलाह कई लोगों से करें, तब जाकर ही जीवन में सफलता मिल सकती है।
 मैं होशियार सिंह कंवर सेन वशिष्ठ का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने  2015 में मेवात से तबादला वापस करवाने में सबसे ज्यादा रोल निभाया और पूर्ण किया। यही नहीं सज्जन सिंह बोहरा और भीम सिंह ने भी  2006 में मेवात से बदली वापस करवाने में सबसे ज्यादा भूमिका निभाई। दोनों ही ने मेरी बदली वापस करवाई।   शिक्षा- दोस्ती सदा सज्जन से करो बुरे से डरो।--
पेट पर जो वार करें वो राक्षस कुल का होता है।
दोस्ती में दगा करें वह कफन के बीज होता है।।
चार दिनों की जिंदगी बुराई से बचाना सीख लो,
पाप, अहित करने वाला जीवन भर यूं रोता है।।



हनुमान जन्मोत्सव पर बाबा बुर्जेश्वर धाम में होगा भव्य गुणगान व भंडारा
-2 अप्रैल को आयोजित कार्यक्रम में भजन संध्या व देशी घी का भंडारा
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कनीना की आवाज।
उप मंडल के गांव कोटिया स्थित बाबा बुर्जेश्वर धाम में हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर 2 अप्रैल 2026 को भव्य बाबा का गुणगान व भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम वीरवार को सुबह 8:15 बजे हवन के साथ शुरू होगा। इसके बाद सुबह 10 बजे से बाबा का गुणगान व भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा, जबकि सुबह 11 बजे से श्रद्धालुओं के लिए देशी घी के भंडारे (प्रसाद वितरण) की व्यवस्था रहेगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. राकेश कुमार शिरकत करेंगे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में जयप्रकाश यादव पंचायत समिति चेयरमैन उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर विभिन्न प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी, जिनमें अमित चौधरी, छम्मा तिवारी, गुंजन शर्मा, कोमल चौधरी, राहुल चौधरी, लक्की भाटीया और विकास प्रजापति शामिल हैं।
आयोजक समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम में भाग लेने और प्रसाद ग्रहण करने का आग्रह किया है। कार्यक्रम का आयोजन बाबा बुर्जेश्वर मंदिर कमेटी व समस्त ग्रामवासी, कोटिया द्वारा किया जा रहा है।



प्राचार्य सतपाल हुए सेवानिवृत्त, विदाई समारोह आयोजित
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कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नौताना में सोमवार को प्राचार्य सत्यपाल यादव की सेवानिवृत्ति पर विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ पर मुख्य अतिथि सुरेश यादव बीईओ कनीना ने विद्या की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया। स्कूल के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत पेश किया।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक वीरेंद्र, बलवंत, रतिराम,प्राचार्य सतीश, महेंद्र सिंह, कर्मचारी नेता सुजान मालड़ा, डीपीसी कार्यालय से डाक्टर विक्रम, सहायक ओमप्रकाश शर्मा आदि ने प्राचार्य के कार्यकाल पर प्रकाश डालते हुए उनके आगामी जीवन की शुभकामनाएं दी। प्राचार्य सत्यपाल यादव ने आयोजन समिति, कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का, विद्यालय के समस्त स्टाफ का धन्यवाद किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विदाई गीत पेश कर माहौल को गमगीन कर दिया। सुजान मालड़ा ने बताया कि सत्यपाल यादव ने 1991 में अध्यापन का कार्य शुरू किया था और 34 साल 4 माह के सेवा काल के बाद प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए है। इस दौरान उन्होंने अनेक पदों पर रहते हुए अनेक जिलों में सेवाएं दी। उन्होंने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों,मिड डे मील वर्करों को व स्कूल को आर्थिक सहायता भी दी। इस अवसर पर सभी ने प्राचार्य सत्यपाल यादव को पगड़ी, फूलमाला व स्मृति चिन्ह भेंट किए।
फोटो कैप्शन 07: सत्यपाल प्राचार्य का विदाई समारोह



 

 वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषणा के अवसर पर बच्चों को किया सम्मानित
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मुंडिया खेड़ा के अध्यापकों ने  पिछले सप्ताह से लगातार घर- घर जाकर विशेष नामांकन अभियान चलाया जा रहा है। प्राचार्य छोटे लाल यादव की अगुवाई में स्कूल स्टाफ की टीमें सरकारी स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं सहित स्कूल में होने वाली अच्छी पढ़ाई व सुविधाओं का प्रचार व प्रसार किया जा रहा है। ताकि आम नागरिक अपने बच्चों को संस्कारों के साथ अच्छी शिक्षा दिलवा सके ।
इसी के साथ परीक्षा परिणाम घोषित किया गया और अव्वल आने वाले विद्यार्थियों को ईनाम वितरित किए गए तथा बच्चों को और मेहनत व लगन से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया गया।
फोटो कैप्शन 08: डोर टू डोर नामांकन अभियान चलाते हुए



कनीना में संत रविदास महाराज की मूर्ति को लेकर विवाद, समाज में रोष
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कनीना की आवाज।
कनीना वार्ड  6 में संत रविदास महाराज की स्थापित मूर्ति को खंडित करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। नगरपालिका चेयरपर्सन रिम्पी कुमारी, पार्षद होशियार सिंह, पार्षद राजकुमार, पार्षद सूबे सिंह, मनोनीत पार्षद नीलम देवी द्वारा की गई शिकायत पर कार्रवाई करने के लिए नगरपालिका अधिकारी मौके पर पहुंचे।
जैसे ही मूर्ति को अवैध बताकर हटाने करने की कार्रवाई की बात सामने आई, समाज के लोगों में भारी रोष फैल गया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए और कार्रवाई का विरोध किया।
इसके बाद समाज के लोग एकजुट होकर नगरपालिका कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने नगरपालिका सचिव को लिखित शिकायत पत्र सौंपा। शिकायत पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया कि यदि संत रविदास महाराज की मूर्ति को अवैध बताकर खंडित किया जाता है, तो क्या कस्बे में बने अन्य सभी धार्मिक स्थलों पर भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।
समाज के लोगों ने प्रशासन से निष्पक्षता बरतने और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने की मांग की है। लोग प्रशासन के अगले कदम पर नजर बनाए हुए हैं।
  इस संबंध में एमई दिनेश कुमार से बात हुई तो उन्होंने बताया कि एक फरवरी 2026 को शिकायत पर नगरपालिका के अधिकारी मौके पर गये थे तो पाया कि संत की मृर्ति स्थापित कर रविदास जयंती मनाई जा रही है। बाद में नपा चेयरमैन ने ग्रीवेंस कमेटी में शिकायत कर इसे हटाने की मांग की थी जिस पर फिर से सोमवार को बिना पुलिस के नपा अधिकारी चबूतरा आदि हटाने पहुंचे किंतु लोग झाड़, जेली, लाठी लेकर आ गए तो वापस लौटना पड़ा। वो चाहते हैेंं कि संत की प्रतिमा लगी रहे और गांव का माहौल सौहार्दपूर्ण बना रहे।
फोटो कैप्शन 09: विवादित रविदास की मूर्ति



राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक अगिहार से सेवादार कालूराम सेवानिवृत्त
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अभियान से सेवादार कालूराम अपने 25 साल 5 महीने की सेवा पूरी करके आज सेवानिवृत्त हो गए इस अवसर पर विद्यालय के प्रांगण में विदाई समारोह आयोजित किया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या पूनम यादव ने की विद्यालय के सभी स्टाफ सदस्यों ने कालूराम को स्मृति चिन्ह तथा माल्यार्पण करके और पगड़ी पहनाकर  सम्मानित किया इस अवसर पर कालूराम के सगे संबंधी परिजन तथा विद्यालय के स्टाफ के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 06: सेवानिवृत्ति पर सम्मान देते हुए






बेवल में मेगा पीटीएम व वार्षिक परिणाम समारोह का आयोजन
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बेवल में मेगा पेटीएम व वार्षिक परिणाम समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अमीन कुमार व पूरी स्कूल प्रबंधन कमेटी के सदस्य रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्यारेलाल कटारिया ने की। परीक्षा परिणाम इंचार्ज आशा यादव ने  विभिन्न कक्षाओं के वार्षिक परिणाम बताएं व कक्षाओं में प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान पर आने वाले विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की व सभी को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर प्राचार्य ने स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों से आग्रह किया कि वह हमारे स्कूल के अध्यापकों के साथ घर-घर जाकर स्कूल की उपलब्धियां का वर्णन करें तथा स्कूल में नामांकन बढ़ाने में उनका सहयोग करें।
  स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अमीन कुमार ने प्राचार्य को विश्वास दिलाया कि उनकी पूरी टीम स्कूल के सभी अध्यापकों के साथ मिलकर स्कूल में नामांकन बढ़ाने के लिए प्रयास करेंगे। परीक्षा में प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान पर आने वाले विद्यार्थियों को स्कूल प्रबंधन समिति व स्कूल की तरफ से स्मृति चिन्ह देखकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता सरोज कुमारी, इंदु बाला, गजराज सिंह, विक्रांत सेन,नीलम यादव, दीपक कुमार, हंसराज सिंह,पवन कुमार, हवा सिंह, कृष्ण कुमार  व सभी स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05: अव्वल रहे विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते हुए


सीहोर स्कूल में प्रवेश उत्सव की धूम,
टापर्स के साथ माता-पिता भी किए गए सम्मानित
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कनीना की आवाज।
सीहोर स्थित शहीद सतपाल सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में प्रवेश उत्सव के अंतर्गत प्रतिभा प्रोत्साहन एवं सम्मान समारोह आयोजन किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार यादव ने जहां सरकारी स्कूलों में दाखिला बढ़ाने के लिए अभिभावकों ,सामाजिक कार्यकर्ताओं, ग्राम पंचायतों,स्कूल प्रबंधन समिति से अपील की और कक्षा टापर्स व उनके माता-पिता को सम्मानित किया।
उप-शिक्षा अधिकारी डा. दिलबाग सिंह  ने इंस्पायर अवार्ड, बुनियाद और सुपर 100  के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों को छात्र जीवन में सफलता के पांच प्रेरक टिप्स बताएं व नामांकन बढ़ाने पर जोर दिया।
      विद्यालय के प्राचार्य हरीश प्रधान ने वार्षिक रिपोर्ट पेश की, संस्कृत अध्यापिका शालू बाई के निर्देशन में मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए गए। कार्यक्रम में एसएमसी प्रधान सीमा, उप प्रधान धर्मपाल, सरपंच  हरीश कुमार, विद्यालय में विशेष योगदान देने वाले महापुरुषों को भी सम्मानित किया गया। ऐसा अवसर पर जनगणना जागरूकता पर केंद्रित शपथ, रंगोली तथा पुष्प सज्जा मनमोहक रही।
फोटो कैप्शन 03: सीहोर स्कूल में अभिभावकों को सम्मानित करते हुए



बैठक में विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा
 -कोरोना काल के दौरान रोका गया 18 माह  का महंगाई भत्ता का एरियर ब्याज सहित देने की मांग
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कनीना की आवाज।
कर्मचारी भवन सुखपूरा चौक रोहतक में रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा संबंधित अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन की राज्य कार्यकारिणी  की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्य प्रधान मास्टर वजीर सिंह ने की व संचालन राज्य महासचिव रतन जिंदल ने किया। इस बैठक में वयोवृद्ध कर्मचारी  व किसान नेता मास्टर शेर सिंह व आशा शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रेस सचिव धर्मपाल शर्मा ने बताया कि बैठक मे सर्वप्रथम दिवंगत साथियों व सांसद जगबीर सिंह तथा अमेरिका इजरायल ने ईरान पर जो हमला कर रखा है उसमें मारे गए निर्दोष बच्चों महिलाओं व पुरुषों की याद में 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।   
       राज्य प्रधान मास्टर वजीर सिंह द्वारा वह राज्य कार्यकारिणी के द्वारा अखिल भारतीय राज्य सरकारी फेडरेशन के राष्ट्रीय सफल आयोजन के लिए कुरुक्षेत्र के साथियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। राज्य कार्यकारिणी ने मास्टर वजीर सिंह अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन का राष्ट्रीय महासचिव चुने जाने पर सभी ने उन्हें शुभकामनाएं व बधाई दी। मास्टर वजीर सिंह ने बताया की सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए सारे राज्य के रिटायर्ड कर्मचारियों के पदाधिकारी व सदस्यों का आभार जताया। राष्ट्रीय सम्मेलन की समीक्षा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया की समस्त राज्य कार्यकारिणी 11 से 13 अप्रैल को करनाल में होने वाले हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति के सम्मेलन में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। 21 अप्रैल को पूरे हरियाणा में मांग दिवस मनाया जाएगा। राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने 12 सूत्री मांग पत्र बनाया है। पेंशन सम्बन्धी वित विधेयक  2025 को तुरंत वापस लिया जाए। रिटायर्ड कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग के सभी लाभ पूर्व की भांति दिए जाएं। कम्युट की गई राशि सभी राज्यों में 11 वर्ष तक काटी जाए। कोरोना काल के दौरान रोका गया 18 माह  का महंगाई भत्ता का एरियर ब्याज सहित दिया जाए। 65 वर्ष की आयु में 10 प्रतिशत व 75 की आयु में 20त्न मूल वेतन में वृद्धि की जाए। रिटायर्ड कर्मचारियों का सभी सरकारी व पैनल वाले अस्पतालों में मुफ्त इलाज किया जाए और मेडिकल भत्ता 3000 रुपए प्रति माह दिया जाए। रिटायर्ड कर्मचारियों को रेलवे व हवाई जहाज यात्रा में पहले की तरह 50 प्रतिशत छूट दी जाए। न्यायालय के सभी लाभकारी निर्णय को सभी योग्य  कर्मचारी व पेंशनर्स पर लागू किया जाए। मजदूर विरोधी कर श्रम संहिताओं को समाप्त किया जाए। सभी विभागों में रिक्त पदों पर स्थाई रूप से नियुक्ति की जाए तथा निजीकरण नीतियों पर रोक लगाई जाए।  एनपीएस तथा यूपीएस पेंशन स्कीम को समाप्त करके  पुरानी पेंशन स्कीम लागू की जाए।
 इस मांग पत्र पर पूरे राज्य में कम से कम 100000 रिटायर्ड कर्मचारियों के हस्ताक्षर करवाए जाएंगे। यह सभी हस्ताक्षर पेंशन दिवस के ऊपर प्रधानमंत्री को सौंपे  जाएंगे।  बैठक में फैसला लिया गया कि इसके अलावा रिटायर्ड कर्मचारी संघ जिला वाइज स्वास्थ्य जांच शिवर लगाएगा। वेटरनर गेम्स करवाए जाएं। 80 साल से ऊपर के रिटायर्ड कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। जोन वाइज रिटायर्ड कर्मचारी संघ के ब्लॉक व जिला लेवल के पदाधिकारी के लिए प्रशिक्षण शिविर लगाये जाएंगे। बैठक में वक्ताओं ने अमेरिका व भारत के बीच जो डील हुई है अमेरिका जो भारत को उत्पाद देगा उन पर भारत कोई टैक्स नहीं लगाएगा और भारत से अमेरिका  जो कृषि उत्पादन खरीदेगा उसे पर 18 प्रतिशत टैक्स लगाया जाएगा ।इस भारत व अमेरिका की डील से भारत का किसान बर्बाद हो जाएगा। इस बात की कड़े शब्दों में निंदा की गई। सभी को अपने ढंग से जीवन जीने का अधिकार है । अमेरिका ईरान युद्ध से दुनिया में सभी लोगों के जीवन पर प्रभाव पड़ेगा। भारत गुटनिरपेक्ष आंदोलन का नेता रहा है। अमेरिका की अर्थव्यवस्था हथियारों पर चलती है। हम इस बैठक में बिजली कानून, स्मार्ट मीटर ,चार लेबर कोर्ट ,सीड बिल जो सरकार लाई है उनकी कड़ी निंदा करते हैं ।सरकार ने एटामिक पावर भी प्राइवेट कर दिया है और सरकार की नई शिक्षा नीति की भी हम कड़ी आलोचना करते हैं। वजीर सिंह ने सर्व कर्मचारी संघ द्वारा चलाई गई सभी आंदोलन का भी सभी से समर्थन करने की पूर्व जोर अपील की ।राज्य उप प्रधान बलवान सिंह व उपमहासचिव कृष्ण कुमार शर्मा ने चंडीगढ़ में  विभिन्न विभागों के अधिकारियों से हुई बातचीत का ब्योरा दिया। इस बैठक  घनश्याम दास शर्मा ,जयप्रकाश शर्मा , धर्मपाल शर्मा, कलीराम, बलराज, मंगतराम कौशिक ,देवेन्द्र यादव ,बलवान सिंह  विक्रम यादव, ओम प्रकाश, राजवीर सिंह  उमा खान। शीशपाल, गुलाब सिंह, हरिश्चंद्र वर्मा, नरेश शर्मा, कमल सिंह ,धर्मपाल यादव  आजाद पांचाल, रामेश्वर दयाल ,प्रीतम रावल व मुख्तियार सिंह तथा सभी जिलों के जिला सचिव व प्रधान उपस्थित थे।
फोटो केप्शन 04: संबंधित है




गेहूं की खरीद पर लगाई गई शर्ते हटाई जाए
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कनीना की आवाज।
बसपा के नेता अतरलाल एडवोकेट ने राज्य सरकार द्वारा सरसों तथा गेहूं की सरकारी खरीद के लिए लगाई गई शर्तों को किसान विरोधी बताते हुए इन्हें हटाने की मांग की है। अतरलाल ने जिला के गांव कपूरी, ककराला, भडफ़, इसराणा में किसानों की समस्याएं सुनते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सरसों तथा गेहूं की सरकारी खरीद के लिए जो शर्तें लगाई हैं वे बहुत कठिन हैं। उनसे किसानों को परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने सरसों तथा गेहूं की सरकारी खरीद के लिए मंडियों में आने वाले उत्पादक किसानों पर शर्त लगाई है कि किसान अपने ट्रैक्टर ट्राली में फसल लाएगा। मंडी गेट पर उस ट्रैक्टर ट्राली तथा नंबर प्लेट की फोटो ली जाएगी। फोटो व नम्बर अपलोड होने के बाद ही गेट पास जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिस किसान के पास अपनी ट्रैक्टर ट्राली नही तो उसको बहुत परेशानी होगी। इसी तरह सरकार ने शर्त लगाई है कि पोर्टल पर फसल रजिस्ट्रेशन करने वाले हर किसान को ट्रैक्टर ट्राली के साथ बायोमैट्रिक हाजरी लगाने के लिए स्वयं आना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अभी तो सरसों का मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक होने के कारण किसान अपनी सरसों निजी विक्रेताओं को बेच रहे हैं, परन्तु गेहूं की सरकारी खरीद में किसानों को इन शर्तों के कारण परेशानी उठानी पड़ेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने तत्काल इन कठिन व नाजायज शर्तों को नहीं हटाया तो बहुजन समाज पार्टी आंदोलन करने पर मजबूर होगी। इस अवसर पर उनके साथ शेर सिंह यादव, भाग सिंह चेयरमैन, कैलाश सेठ, पवन, मदन, ओमप्रकाश यादव आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।


दिनभर छाए रहे आकाश में बादल, दो बार हुई बूंदाबांदी
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में मौसम ने एक बार फिर से करवट बदल ली है। दिनभर आकाश में काले बादल छाए रहे। सोमवार सुबह तथा दोपहर हल्की बूंदाबांदी भी हुई। बूंदाबांदी से किसानों की चिंता बढ़ गई और लावणी का काम रुक गया है। क्षेत्र में अंधड़ भी चला। अंधड़ के कारण किसानों द्वारा इकट्ठी की गई गेहूं और सरसों की फसल दूर तक उड़कर चली गई। किसान पल-पल मौसम पर नजर टिकाए हैं। मौसम विभाग पहले ही किसानों को चेतावनी दे चुका है किंतु किसान मजबूरन अपनी गेहूं और सरसों दोनों की फसल की लावणी लगातार कर रहे हैं।
एक तरफ जहां सरसों की लावणी भी पूरी नहीं हुई है वहीं गेहूं की लावणी आ जाने से गेहूं की लावणी में व्यस्त हो गए हैं। दोनो फसलों की लावणी साथ साथ चल रही है। किसान परेशान है। इस बार रबी फसल पैदावार लेते समय कई बार बूंदाबांदी हो चुकी है और अंधड़ के कारण बार-बार उनका कार्य रुका है। किसान  बार-बार लावणी की गई फसल को सूखाते है तब तक फिर से बूंदाबांदी हो जाती हे। कुछ किसानों ने पैदावार घर तक डाली है तो कुछ किसान अनाज मंडियों में निजी स्तर पर बेच भी आए हैं।
 किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, योगेश कुमार आदि ने बताया कि इस बार मौसम बार-बार बदल रहा है और उनकी समस्या बढ़ती ही जा रही है।
 फोटो कैप्शन 02: आकाश में छाए हुए बादल


अंग्रेजी माध्यम प्राइमरी माडल स्कूलों में स्टेशन भरने में अध्यापकों ने नहीं दिखाई दिलचस्पी
-74 पोस्टों पर किसी भी प्राइमरी अध्यापक ने रुचि नहीं दिखाई
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कनीना की आवाज।
शिक्षा विभाग हरियाणा द्वारा हाल ही में पेपर लेकर अध्यापकों को अंग्रेजी माध्यम माडल स्कूलों में तैनाती की योजना बनाई थी लेकिन महेन्द्रगढ़ जिले के चौबीस स्कूलों में 74 पोस्टों पर किसी भी प्राइमरी अध्यापक ने रुचि नहीं दिखाई। इसमें राजकीय प्राइमरी माडल स्कूल ककराला में 4,कनीना में 2,कनीना कन्या स्कूल में 3,भोजावास में 4 पदों पर किसी भी प्राइमरी अध्यापक ने अपनी सहमति नहीं दी। हालांकि अब इन स्थानों पर अतिथि अध्यापकों को मौका दिया जाएगा लेकिन जिला महेंद्रगढ़ में प्राइमरी अतिथि अध्यापक नहीं है। अब अंत में इन स्कूलों में सामान्य तबादला नीति में उन अध्यापकों को दोबारा मौका दिया जाएगा जिन्होंने प्रथम राउंड में इन अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में जाने में अपनी रुचि नहीं दिखाई। इसी तरह की कुछ  स्थिति पोस्ट ग्रेजुएट टीचर विषय कामर्स व अर्थशास्त्र में रही इन विषयों में भी अध्यापकों ने अपनी रुचि अंग्रेजी माध्यम माडल स्कूलों में काम करने में नहीं दिखाई।



सरसों की खरीद शुरू किंतु निजी स्तर पर सरसों बेच रहे हैं किसान
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कनीना की आवाज।
 प्रदेश सरकार द्वारा अनाज











मंडी में सरकारी तौर पर 6200 पर प्रति क्विंटल के हिसाब से सरकारी खरीद के आदेश दे दिए किंतु किसान अभी तक सरकारी तौर पर सरसों बेचने के लिए नहीं आ रहे हैं। निजी स्तर पर सरसों बेचने के लिए जरूर आ रहे हैं।
 मिली जानकारी अनुसार 6200 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से सरकारी तौर पर सरसों हैफेड खरीद एजेंसी द्वारा खरीदी जा रही है किंतु 6200 रुपए से अधिक पर निजी स्तर पर कोई भी सरसों अनाज मंडी में खरीद सकता है। ऐसे में अनाज मंडी में निजी स्तर पर जरूर सरसों कुछ खरीदी गई है। जिसका कम से कम रेट 6205 रुपए रहा है।
इस संबंध में हैफेड मैनेजर वीरेंद्र सिंह से बात हुई। उन्होंने कहा कि सरसों खरीदने के लिए हम तैयार है किंतु सरकारी तौर पर सरसों बेचने के लिए किसान नहीं पहुंच रहे हैं। निजी स्तर पर जरूर किसान सरसों बेच रहे हैं। कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में निजी स्तर पर सरसों जरूर खरीदी गई है जबकि सरकारी तौर पर अभी तक एक भी किसान सरसों बेचने के लिए नहीं पहुंचा है। अनाज मंडी में जहां चेयरमैन मार्किट कमेटी जेपी कोटिया ने भी दौरा किया और उन्होंने बताया कि अभी तक सरसों बेचने के लिए किसान नहीं आ रहे हैं।
 फोटो कैप्शन 01: निजी स्तर पर सरसों बेचते किसान कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास

Sunday, March 29, 2026



 






 बैठक में परशुराम जन्मोत्सव की तैयारियों पर चर्चा
 -ब्राह्मण समाज के उत्कृष्ट विद्यार्थियों व समाजसेवियों को किया जाएगा सम्मानित
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कनीना की आवाज।
श्रीगौड़ सभा कनीना की आम सभा का आयोजन नेताजी मेमोरियल क्लब कनीना में किया गया, जिसमें आगामी भगवान परशुराम जन्मोत्सव को भव्य रूप से मनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता डा. रवि कौशिक ने की, जबकि मंच संचालन उप-प्रधान बुद्धि प्रकाश शर्मा ने किया। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष भगवान परशुराम जन्मोत्सव को पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान ब्राह्मण समाज के उत्कृष्ट विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को भी सम्मान प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर समाज हित में निशुल्क लाइब्रेरी संचालित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। इस पर प्रधान व कार्यकारिणी सदस्यों ने विस्तृत विचार-विमर्श के लिए समय मांगा, ताकि इसे व्यवस्थित रूप से लागू किया जा सके।
बैठक में उपप्रधान सुरेश वशिष्ठ, डा. अजीत शर्मा, इंद्रलाल आर्य, प्रदीप शर्मा, गोविंद शर्मा, मोहित इसराना, सचिन शर्मा सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05: बैठक में मौजूद संगठन सदस्य।



ईमानदारी की मिसाल हरियाणा रोडवेज
-- यात्री का पर्स लौटाकर दिया ईमानदारी का परिचय।
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कनीना की आवाज।
 नारनौल से अटेली होते हुए कनीना जा रही हरियाणा रोडवेज बस में ईमानदारी की एक सराहनीय मिसाल देखने को मिली। प्राप्त जानकारी के अनुसार कल दोपहर को नारनौल से कनीना बस में यदुवंशी शिक्षा निकेतन, नारनौल के शिक्षक अनूप (निवासी गांव बहु झोलरी) अटेली से बस में सवार हुए थे। कनीना पहुंचने पर उतरते समय उनका पर्स बस में ही गिर गया।
पर्स में लगभग 2000 रुपये नकद, 2 एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस थे। कनीना बस स्टैंड पर जानकारी मिलने के बाद स्टैंड इंचार्ज प्रदीप कुमार (रेवाड़ी) ने तुरंत बस के चालक और परिचालक से संपर्क किया।
बस चालक सुदेश और परिचालक संतलाल को पर्स बस में सुरक्षित मिला। बाद में स्टैंड इंचार्ज पंकज (नारनौल) व प्रदीप कुमार (रेवाड़ी) की मौजूदगी में पर्स शिक्षक को लौटा दिया गया।
शिक्षक अनूप ने रोडवेज कर्मचारियों की ईमानदारी की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
फोटो कैप्शन 06: पर्स लौटाते हुए रोड़वेज कर्मी


गौसेवा के लिए आगे आए दानदाता
-श्रीकृष्ण गौशाला कनीना को नवीन कुमार ने दिए एक लाख रुपए
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कनीना की आवाज।
कनीना कस्बे के वार्ड 12 निवासी रामसिंह के पौत्र एवं जगदीश प्रसाद के पुत्र फल व्यापारी नवीन कुमार अपने परिवार सहित आज श्रीकृष्ण गौशाला कनीना पहुंचे, जहां उन्होंने गौमाताओं की सेवा करते हुए हरा चारा एवं खल खिलाया। इस अवसर पर नवीन कुमार ने गौशाला के लिए 1 लाख 1 हजार रुपए का  सहयोग प्रदान किया।
नवीन कुमार ने बताया कि उन्हें दान-पुण्य के संस्कार अपने परिवार से मिले हैं तथा ईश्वर की कृपा से उन्हें गौसेवा में विशेष रुचि है। उन्होंने कहा कि गौमाता की सेवा से आत्मिक शांति प्राप्त होती है और समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। इसी क्रम में वार्ड 2 निवासी जगदीश सिंह पुत्र श्रीराम ने भी गौशाला को 11 हजार रुपए की राशि भेंट कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। गौशाला कार्यकारिणी ने दोनों दानदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए उनके इस पुनीत कार्य की सराहना की और कहा कि ऐसे सहयोग से गौशाला के संचालन में निरंतर मजबूती मिलती है। इस अवसर पर नवीन कुमार के साथी अमित व मोहित सहित गौशाला प्रधान भगत सिंह, उपप्रधान रवींद्र बंसल, दिलावर सिंह, सूबे सिंह, होशियार सिंह सत्संगी, कप्तान दीनदयाल, सूबेदार मेजर महेंद्र सिंह, कर्ण सिंह, राज डीलर, सत्यवीर गुगनवाला, अधिवक्ता कैलाश गुप्ता, पूर्व पार्षद राजेंद्र सिंह, मास्टर सुरेंद्र सोनी, डॉ. नीरज, महेश, नरेंद्र, अमीर सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04: गौशाला कनीना में दान देते हुए नवीन कुमार




14 पद यात्रियों का दल पहुंचा कनीना से भैरू का बास
- 4 घंटे में पहुंचा 20 किलोमीटर दूरी की तय
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कनीना की आवाज।
 कनीना के सक्रिय पदयात्रियों का दल विभिन्न धार्मिक स्थानों की यात्रा करता आ रहा है। अभी तक इन्होंने नांधा बालवाड़ी, माता महासर ,भैरू का बास आदि स्थानों की पदयात्रा की है। भैरू का बास की पदयात्रा उन्होंने 5 बजे कनीना से शुरू की थी और ककराला, कपूरी, नीमोठ, मंडोला ,शोभा की ढाणी कुलाना, राधा की ढाणी होते हुए भैरू का बास चार घंटे में तय की। करीब 20 किलोमीटर दूरी तय करने में उन्होंने एक जगह पड़ाव भी किया। सक्रिय पदयात्रियों का दल दो अप्रैल को लालदास महाराज जैनाबाद की पदयात्रा पर जाएगा। इस मौके पर डा. होशियार सिंह यादव पदयात्री ने बताया कि वह 2010 से लगातार हरिद्वार से बाघेश्वर धाम की करीब 350 किलोमीटर दूरी कर बाघेश्वर धाम पर हर वर्ष कावड़ अर्पित करते आ रहे हैं वहीं 2010 से ही 200 किलोमीटर दूरी खाटू श्याम मंदिर तक ध्वज अर्पित करके जा रहे हैं। यही नहीं जैतपुर के श्याम बाबा पर भी हर वर्ष पदयात्रा पर जाते हैं तथा विभिन्न धार्मिक स्थानों की भी यात्रा कर रहे हैं।  उनका कहना है कि इंसान को जिस कार्य में खुशी होती है वह कार्य जरूर करना चाहिए। इससे शरीर भी स्वस्थ रहता है और मौसम में भी बदलाव आ जाता है जिससे शरीर रोगरोधी बन जाता है।
  उन्होंने बताया कि केवल उद्देश्य शरीर को स्वस्थ रखने और थोड़ी बहुत आस्था विभिन्न धार्मिक स्थानों में रखना है। इससे वातावरण में बदलाव आता है तथा मन में खुशी होती है। इस मौके पर जहां जगदीश पूर्व पंच करीरा, निरंजन लाल, होशियार सिंह दहिया, सत्य प्रकाश, परमानंद शर्मा, श्रीकिशन वैद्य, राजपाल पूर्व सैनिक, संजीव भारद्वाज, सतवीर बोहरा, शिवचरण, सुरेंद्र मुख्य शिक्षक, सतीश कुमार मुख्य शिक्षक, नरेश कुमार तथा नरेंद्र आदि शामिल हुए।
 फोटो कैप्शन 01: पद यात्रियों का दल भैरूं का बास में





बीआर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सेहलंग में परिणाम घोषित
- पुरस्कार वितरण समारोह का हुआ आयोजन
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कनीना की आवाज।
बीआर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेहलंग में आज कक्षा तृतीय से ग्यारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषणा एवं पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम उत्साह, अनुशासन एवं अभिभावकों की गरिमामयी उपस्थिति के साथ सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में चेयरमैन हरिश भारद्वाज, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपाध्यक्ष कृष्ण भारद्वाज तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्या ज्योति भारद्वाज द्वारा की गई।
इसके उपरांत विद्यालय द्वारा वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया। कक्षा 3 से 11 तक के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मंच पर आमंत्रित कर मेडल एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न विषयों, अनुशासन एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चेयरमैन हरिश भारद्वाज ने कहा कि सफलता का मूल मंत्र निरंतर मेहनत, अनुशासन एवं सही मार्गदर्शन है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की पढ़ाई में नियमित रूप से सहयोग करें तथा विद्यालय के साथ निरंतर संपर्क में रहें।
उपाध्यक्ष कृष्ण भारद्वाज ने विद्यार्थियों को निरंतर आगे बढऩे और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्या श्रीमती ज्योति भारद्वाज ने सभी विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी तथा विद्यालय द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। बड़ी संख्या में उपस्थित अभिभावकों ने विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था, अनुशासन एवं बच्चों के प्रदर्शन की सराहना की और संतोष व्यक्त किया।
कार्यक्रम का समापन अभिभावक-शिक्षक बैठक के साथ हुआ, जिसमें अभिभावकों ने शिक्षकों से अपने बच्चों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की।
फोटो कैप्शन 03: चेयरमैन हरिश भारद्वाज एवं उपाध्यक्ष कृष्ण भारद्वाज तथा प्रिंसिपल विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए।



30 को लगेगा 3 घंटों का कट
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कनीना की आवाज।
डीएचबीवीएन कनीना के धनौंदा एवं खरकड़ाबास में 30 मार्च को दो घंटों का कट लगेगा।  विस्तृत जानकारी देते हुए एसडीओ ने बताया कि निवारक रखरखाव के लिए 30 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक 11 केवी धनौंदा आरडीएस फीडर पर परमिट टू वर्क लिया जाएगा। इसके चलते  सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक धनौंदा और खरकड़ाबास गांवों में बिजली की आपूर्ति बंद रहेगी।





 बाइक से 3454 किलोमीटर की शहीद स्मारक यात्रा संपन्न
-अगिहार स्कूल के प्राध्यापक ने चला रखा है यात्रा अभियान
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार में अंग्रेजी के प्रवक्ता और ग्राम झगड़ोली निवासी मदन मोहन कौशिक ने अपनी  पांच दिवसीय  3454 किलोमीटर लंबी बाईक यात्रा संपन्न की।
 यह जानकारी देते हुए मदन मोहन कौशिक ने बताया कि उनकी यात्रा पांच राज्यों हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, गुजरात तथा मध्य प्रदेश सहित 57 जिलों से होकर गुजरी इस यात्रा के दौरान उन्होंने 10 से ज्यादा शहीद स्मारकों तथा वार मेमोरियल के अलावा भारत के सबसे बड़े थार के रेगिस्तान तथा ऐतिहासिक रण आफ कच्छ का भ्रमण किया।
 इस यात्रा के दौरान उन्होंने भारत के पांच सबसे बड़े जिलों कच्छ,,जैसलमेर,बीकानेर तथा बाड़मेर  तथा पूर्व में लेह का भ्रमण पूरा किया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने सतलुज, घग्गर, गंग नहर, काकनी नदी, क्षिप्रा,चंबल, साबरमती, विश्वमित्री, दुधिमती, चंद्रभागा तथा काली नदी  सहित अरावली पर्वत शृंखला को पार किया। उन्होंने राष्ट्रीय शहीद स्मारक हुसैनी वाला, वार मेमोरियल जैसलमेर, भारत की एकता और अखंडता के नायक लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के घर तथा उनके संग्रहालय गांव करमसद जिला आनंद  गुजरात,भारत के महानतम क्रांतिकारियों में से एक चंद्रशेखर आजाद के पैतृक घर चंद्रशेखर आजाद नगर पूर्व में  भावरा, जिला-अलीराजपुर ,मध्य प्रदेश, मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में आदिवासी क्रांतिकारी तात्या भील की समाधि, उज्जैन स्थित प्रसिद्ध महाकाल मंदिर तथा चित्तौडग़ढ़ के किले का भी भ्रमण किया। उन्होंने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य भारत की  ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक धरोहर का दिग्दर्शन करना,भारत के स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों को सहेज कर रखना तथा क्रांतिकारियों के विचारों तथा उनकी देशभक्ति के प्रसंगो को जन-जन  तथा खासतौर पर युवा पीढ़ी तक पहुंचाना है। इसके साथ ही उनके द्वारा बाइक से भ्रमण किए गए जिलों की संख्या बढ़कर 527 से 542 हो गई है।
फोटो कैप्शन 02: बाइक से यात्रा करता हुआ प्राध्यापक




अंग्रेजी माध्यम प्राइमरी माडल स्कूलों में स्टेशन भरने में अध्यापकों ने नहीं दिखाई दिलचस्पी
-74 पोस्टों पर किसी भी प्राइमरी अध्यापक ने रुचि नहीं दिखाई
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कनीना की आवाज।
शिक्षा विभाग हरियाणा द्वारा हाल ही में पेपर लेकर अध्यापकों को अंग्रेजी माध्यम माडल स्कूलों में तैनाती की योजना बनाई थी लेकिन महेन्द्रगढ़ जिले के चौबीस स्कूलों में 74 पोस्टों पर किसी भी प्राइमरी अध्यापक ने रुचि नहीं दिखाई। इसमें राजकीय प्राइमरी माडल स्कूल ककराला में 4,कनीना में 2,कनीना कन्या स्कूल में 3,भोजावास में 4 पदों पर किसी भी प्राइमरी अध्यापक ने अपनी सहमति नहीं दी। हालांकि अब इन स्थानों पर अतिथि अध्यापकों को मौका दिया जाएगा लेकिन जिला महेंद्रगढ़ में प्राइमरी अतिथि अध्यापक नहीं है। अब अंत में इन स्कूलों में सामान्य तबादला नीति में उन अध्यापकों को दोबारा मौका दिया जाएगा जिन्होंने प्रथम राउंड में इन अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में जाने में अपनी रुचि नहीं दिखाई। इसी तरह की कुछ  स्थिति पोस्ट ग्रेजुएट टीचर विषय कामर्स व अर्थशास्त्र में रही इन विषयों में भी अध्यापकों ने अपनी रुचि अंग्रेजी माध्यम माडल स्कूलों में काम करने में नहीं दिखाई।




28 मार्च से सरसों और 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू
-इस बार बायोमेट्रिक सिस्टम से होगी खरीद : उपायुक्त
-किसानों की सुविधा के लिए सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर 18001802060
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कनीना की आवाज।
रबी सीजन की फसलों की सुचारू खरीद सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा शनिवार रात्रि राज्य के सभी जिला उपायुक्तों के साथ की गई समीक्षा बैठक के बाद महेंद्रगढ़ जिले में भी खरीद प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया गया है। उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि जिले में 28 मार्च से सरसों और 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू की जा रही है।
उन्होंने कहा कि केवल उन्हीं किसानों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जाएगी, जिन्होंने मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाया है।
मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में डीसी ने जिले की सभी 6 मंडियों में बारदाने, लेबर और परिवहन की व्यवस्था पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की और किसानों की सुविधा का भरोसा दिलाया।
बैठक के बाद डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस बार सरकार द्वारा लागू किए गए बायोमेट्रिक सिस्टम का कड़ाई से पालन किया जाए।
उन्होंने बताया कि यह सिस्टम खरीद प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों की सहायता और समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने विशेष हेल्पलाइन नंबर 18001802060 भी जारी किया है। इस पर संपर्क कर किसान खरीद से संबंधित कोई भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
डीसी ने मंडियों में बिजली, स्वच्छ पेयजल, सफाई व्यवस्था और अटल कैंटीन की सुविधाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
इस बैठक में डीईएमओ जगजीत कादियान, सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी अरुण सैनी, डीएम हैफेड प्रवीण कुमार और कृषि विभाग के डॉ. हरपाल सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।



करोड़ों की लागत से बना बीआरसी भवन बन चुका है शराबखाना
-तुगलकी नीति















यों के कारण सरकार को लगा दिया है करोड़ों रुपए का चूना
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव भडफ़ में करोड़ों रुपए की लागत से निर्मित दो मंजिला भवन तुगलकी नीतियों के कारण आज शराबखाना बन चुका है। दरवाजे खिड़कियां, बिजली की फिटिंग अज्ञात चोर  उखाड़ ले गए। महेश 5 वर्षों तक ही यह भवन यहां चला। और ठीक मोहम्मद बिन तुगलक की याद आ गई जिसने कभी दिल्ली तो कभी दोआब राजधानी बदलते बदलते कितना भारी नुकसान करवा दिया था। ठीक वैसे ही इस बीआरसी आफिस के कारण सरकार को करोड़ों रुपए का घाटा उठाना पड़ा है इस प्रकार की नीतियां बनाने वाले और सरकार को घाटे में पहुंचने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। आज अधिकारी एवं कर्मचारी इस बाबत बोलने से भी हिचकिचा रहे हैं।
वर्ष 2001 में कनीना से महज 3 किलोमीटर दूर रेवाड़ी सड़क मार्ग पर कनीना उप-मंडल के अंतिम गांव भडफ़ बस स्टैंड से करीब एक किलोमीटर दूर भडफ़ की बणी में यह भवन निर्मित किया गया था। क्योंकि खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का कार्य यही चलाया गया था। बाकायदा 2 मंजिला भवन में शौचालय महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय, बेहतरीन कमरे ,कार्यालय सब कुछ तैयार किए गए। बेहतर दर्जे के का कार्यालय स्थापित करने के बाद ऐसी क्या आफत आ पड़ी की इसे फिर से कनीना शिफ्ट करना पड़ा और वो भी महज 5 वर्षों के अंतराल में। पास में ही भडफ़ का सरकारी स्कूल स्थित है। पहले ही से ही अगर भडफ़ स्कूल से के पास बना दिया जाता तो स्कूल परिसर विस्तृत हो जाता या फिर अन्य किसी सरकारी संस्थान या कार्यालय यहां स्थापित किया जा सकता था। जब यह भवन निर्मित करने के बाद कनीना स्थानांतरित कर दिया गया तो यहां किसी चौकीदार की तैनाती नहीं करना अपने आप में अनुत्तरित प्रश्र है? परिणाम धीरे-धीरे इसके दरवाजे, खिड़कियां उखाड़ उखाड़ कर लोग ले गए। आज खंडहरनुमा भवन आने जाने वाले लोगों को दुहाई दे रहा है कि मुझे बचाओ।  पुराने शिक्षकों , कर्मचारियों  आदि से इस संबंध में चर्चा की गई तो एक ही बात सामने आई की कनीना खंड के तहत उस समय समय 58 गांव होते थे और विभिन्न स्कूलों के शिक्षक एवं प्राचार्य, खंड शिक्षा अधिकारी के पास पहुंचने के लिए कई सममस्याओं को पार करके ही पहुंच पाते थे। कनीना से या तो निजी या सरकारी बसों से या  निजी वाहनों से चलकर आते थे। ककनीना से  3 किलोमीटर दूर भडफ़ बस स्टैंड पपुंचते। फिर एक किमी दूर भडफ़ की बणी में जाते तबकार्यालय पहुंच पाते। बगैर निजी साधनों के यहां पक पहुंचने के लिए गर्मी, सर्दी, बरसात मेें एक किमी दूर पैदल चलकर कार्यालय तक पहुंच पाते थे। इतना बड़ा सफर तय करने के बाद आखिरकार लोग बेहद परेशान हो चले। शिक्षक बेहद परेशान हो चले और बार-बार यही मांग की गई की बीआरसी कार्यालय वापस कनीना स्थानांतरित किया जाए। उल्लेखनीय है कि डीपीईपी योजना के तहत इसका नााम बीआरसी कार्यालय था जो वर्तमान में बीइओ नाम से जाना जाता है। यही नहीं उस समय के अधिकारी और कर्मचारी जो यहां कार्यरत थे वो भी यहां उबाऊ जगह पर बोर हो चले थे क्योंकि उसे समय यहां खाने-पीने,चाय पानी की सुविधा, दुकानों की सुविधा नहीं थी। केवल जंगल में यह बना दिया गया और खतरों से भी खाली नहीं रहा। परिणाम अपनी गलतियों को दबाने के लिए अधिकारियों ने इसे कनीना शिफ्ट कर दिया। वैसे तो इसका उद्घाटन तत्कालीन एसडीएम संदीप सिंह ने 2002 में किया। ऐसा लगा हुआ पत्थर प्रमाणित कर रहा है। आज इसमें गंदगी का साम्राज्य शराबियों का अड्डा बना हुआ है। जब पत्रकार इस कार्यालय तक पहुंचे तो शराबी शराब की बोतल छोड़ कर भाग खड़े हुए। आवारा जंतु, भेड़ बकरी चराने वाले लोग इस जगह खूब आनंद लेते हैं परंतु आज इसमें न तो कोई खिड़की बची है और न कोई दरवाजा। न कोई पंखा है ना कोई फिटिंग का सामान। कुछ ग्रिल जरूर लगी हुई है, अगर उनकी भी देखरेख नहीं की गई तो जल्दी उनको भी चोर उखाड़ कर ले जा सकते हैं।
इस संबंध में जब उच्च अधिकारियों से बात की तो कोई जवाब नहीं देकर एक दूसरे पर बात को टालते रहे। उसे समय के बाबू और कुछ लोगों से चर्चा की गई तो एक ही बात सामने आई कि यह गलत जगह पर निर्मित कर दिया गया था। यद्यपि यहां की जमीन ग्राम पंचायत द्वारा दी गई थी जिस पर यह कार्यालय निर्मित किया गया था। सभी कर्मचारी और अधिकारी इसे वापस कनीना देखना चाहते थे। इस बात को आज भी शिक्षक मानते हैं। परिणाम यह निकला कि जैसे तैसे इसे कनीना ही शिफ्ट करने की कवायद चली और वर्तमान में राजकीय माडल संस्कृति स्कूल के परिसर में ही खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गय।
चलाया जा सकता था कोई कार्यालय-
 कोई जरूरी नहीं है कि बीआरसी कार्यालय यहां चलाया जाए। जब भवन कनीना स्थानांतरित हो गया तो इसमें कोई अन्य सरकारी कार्यालय आसानी से इस भवन में चलाया जा सकता था किंतु न तो सरकार को बताया गया और न हीं यहां कोई चौकीदार छोड़ा गया जो इसकी देखरेख कर सके। सबसे बड़ी बात थी की इस भवन में काम से कम प्राथमिक स्कूल चलाया जा सकता था, आंगनबाड़ी केंद्र भी चलाया जा सकता था किंतु किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। सरकार का करोड़ों का नुकसान करते हुए भवन जर्जर बना दिया।
एक चौकीदार बचा सकता था करोड़ों रुपए-
यदि बीआरसी आफिस स्थानांतरित ही कर दिया गया तो कम से कम सरकार को एक चौकीदार यहां छोड़ दिया होता तो करोड़ों रुपए जो आज बर्बाद हो गए उसे खराब होने से बचाया जा सकता था किंतु किसी ने यह बात नहीं सोची कि कम से कम एक कर्मी की तैनाती लगा दी जाए। ताकि यहां के कीमती उपकरणों और फिटिंग आदि को उखाडऩे से बचा जा सकता था। अगर इसे स्थानांतरित किया जाना था तो पहले अधिकारियों की सोच कहां चली गई थी।
इस संबंध में बीआरसी नारनौल से बात की गई तो पहले तो उन्होंने साफ कह दिया कि इसका उन्हें  कोई ज्ञान नहीं है दूसरी बार फोन ही नहीं उठाया।  जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बात को बीआरसी पर टाल दिया। आखिर इसका जवाबदेही कौन है,अधिकारी बोलने से भी डर रहे हैं। वर्तमान में दीवारों में छेद कर दिये हैं, दीवारे ढहा दी गई हैं। कृड़ा कचरा कई क्विंटल भरा है। सैकड़ों शराब की बोतलें, कांच भंड़ बकरियों का मलमूत्र भरा हुआ है।
किसने दी थी बीआरसी की भूमि-
बीआरसी भवन निर्माण के तत्कालीन सरपंच भडफ़ ने यह जमीन शिक्षा विभाग को दान दी थी। सरपंच 2000 से 2005 योजना में रहा है।
क्या क्या निर्मित किया गया-
सरकार की हिदायतों के अनुसार उस समय लाखों रुपये में जो वर्तमान करोड़ों रुपये लागत से दो मंजिला भवन में एक ट्रेनिंग कक्ष, आइसीटी रूम, लोबी, टायलेट पुरुष एवं महिला, रिसेप्शन 30 से 50 लोगों का ट्रेनिंग हाल, दो कार्यालय जिनमें एक बीइओ तो दूसरा स्टाफ के लिए बनाने का प्रावधान था।
फोटो कैप्शन 01: उखाड़े हुए दरवाजों का भवन
              02: कमरों की जर्जर हालात
            03:चोरों द्वारा उखाड़े गये पंखे एवं फिटिंग
            04:शौचालयों की दुर्गति
            05:शराब की बोतलें
             06:कूड़ा कचरा भरा भवन
             07: जर्जर दो मंजिलों का भवन