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Thursday, February 5, 2026



 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर बाघोत में लगेगा विशाल मेला

-पौराणिक इतिहास समेटे हैं बाघोत                                                                                                                   88888888888888888888888888888888888888888888888

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कनीना की आवाज।  कनीना उपमंडल के गांव बाघोत पर 15 फरवरी को महाशिवरात्रि मेला लगने जा रहा है। वर्ष में दो बार मेला लगता है। सावन त्रयोदशी शिवरात्रि पर कावड़ मेला लगता है। बाघोत जिसे बाघेश्वर धाम नाम से पूरे भारत में जाना जाता है, का पौराणिक महत्व एवं अपने में इतिहास समेटे हुए है।  महाशिवरात्रि पर कांवड़ कम अर्पित की जाती हैं।
 बाघोत का नाम बाघ के आधार पर पड़ा है।
 बाघोत का पुराना नाम हरयेक वन था। यहां पीपलाद ऋषि का आश्रम भी तो यही था। उनके कुल में राजा दलीप के कोई संतान नहीं थी। वे दु:खी थे और दुखी मन से अपने कुलगुरु वशिष्ठ के पास गए। उन्होंने अपना पूरा दु:ख का वृतांत मुनिवर को सुनाया। वशिष्ठ ने उन्हें पीपलाद ऋषि के आश्रम में नंदिनी नामक गाय एवं कपिला नाम की बछिया निराहार रहकर चराने का आदेश दे दिया। राजा ने गाय व बछिया को निराहार रहकर चराते वक्त एक दिन भगवान् भोलेनाथ ने बाघ का रूप बनाकर राजा की परीक्षा लेने का निर्णय लिया। बाघ ने बछिया पर धावा बोल दिया। गाय को बचाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने को राजा तैयार हुए। परंतु जब वे ऐसा करने लगे तो  बाघ के स्थान पर शिवभोले खड़े थे। बाघ के कारण ही गांव का नाम बाघोत पड़ा। प्रारंभ में बाघेश्वर शिवालय का निर्माण कणाणा के राजा कल्याण सिंह रैबारी ने करवाया था जिसका समय समय पर उद्धार होता रहा है।
   बाघोत स्थित शिवालय उन भक्तों के लिए भी प्रसिद्ध माना जाता है जिनके कोई संतान नहीं होती है। मेले में आकर दंपति अपने हाथों से एक विशाल वटवृक्ष को कच्चा धागा बांधकर सुंदर संतान होने की कामना करता है। जब संतान हो जाती है तो यहां आकर ही धागा खोलता है। यही कारण है कि शिवलिंग के पास ही खड़ा एक वटवृक्ष कच्चे धागों से लदा मिलता है।
हरियाणा सरकार की पुस्तकों में भी बाघोत का छोटा उल्लेख है वहीं लेखक एचएस यादव की कृति में संपूर्ण इतिहास दिया गया है।
बाघोत के शिवालय का शिवलिंग स्वयंभू होने के कारण यहां अपार भीड़ भक्तों की वर्षभर चलती है। छोटा सा गांव है किंतु ठहरने के लिए अनेक धर्मशालाएं हैं। प्राकृतिक शिवलिंग के भक्त दर्शन कर प्रसन्न हो जाते हैं।
स्वयंभू है शिवलिंग-
बाघोत का शिवलिंग स्वयंभू है। यही कारण है कि शिवरात्रि एवं महाशिवरात्रि पर यहां अपार भीड़ जुटती है। हरिद्वार एवं ऋषिकेश से गंगाजल लाकर अर्पित करते हैं।
मांग रहेगी गाजर एवं बेरों की--
 महाशिवरात्रि पर बेर, गाजर एवं फलों की मांग रहती है। गाजर जो 20 रुपये किलो बिक रही है। वहीं बेर 70 रुपये तो केले 60 रुपये दर्जन बिक रहे हैं। इस दिन व्रत होने से बेलपत्र की भी मांग रहती है। महाशिवरात्रि के दिन महंगे रहने की संभावना है।
  गाजर के अच्छे भाव मिलने की संभावना से  किसानों ने खेतों से गाजर बचा रखी थी और उन्हें बाजार में बेचकर आय माने की संभावना है। उधर  बेहतर बेर की पैदावार लेने वाले बेरों की पैकिंग कर रहे हैं। दूध, बेलपत्र, धतूरा, भाग के पौधों की भी मांग रहती है। दुकानदार नरेंद्र कुमार ने बताया कि वो बेर, बेलपत्र, बेर एवं अन्य पदार्थों का प्रबंध कर चुके हैं।
 कई जगह लगेंगे मेले-
महाशिवरात्रि पर जहां कनीना एवं बाघोत के अलावा तथा विभिन्न स्थानों पर मेले लगते हैं। विभिन्न गांवों में शिवालय बने हुए हैं जहां महाशिवरात्रि पर मेले लगते हैं। भंडारे भी लगते हैं।
सजाया गया है शिवालय को-
 बाघेश्वर धाम को सजाया गया है। कतारबद्ध भक्तों के खड़े रहने, पेयजल, पुलिस आदि का प्रबंध किया गया है वहीं भंडारे, ठहरने का प्रबंध भी किया गया है। महिपाल सिंह बाघोत ने बताया कि मेले विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित होती हैं।
फोटो कैप्शन 01: बाघोत का शिवालय


गांव सुंदरह और कोका में नशा मुक्ति व नए आपराधिक कानूनों पर जागरूकता अभियान
-नशे से दूर रहने की ,की अपील

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कनीना की आवाज। डोर टू डोर नशा मुक्त अभियान और नया सवेरा मुहिम के तहत थाना सदर कनीना के अंतर्गत आने वाले गांव सुंदरह और कोका में पुलिस टीम द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। गांव सुंदरह की चौपाल और गांव कोका के पंचायत घर में आयोजित इन बैठकों में समाज के सभी वर्गों, विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया गया और उन्हें इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। निरीक्षक शारदा और उनकी टीम ने ग्रामीणों को बताया कि जो नशा पीडि़त व्यक्ति नशा छोड़कर मुख्य धारा में लौटना चाहते हैं, पुलिस प्रशासन उनकी हर संभव मदद करेगा। इसके साथ ही, मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों को भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर गांव सुंदरह और कोका के सरपंच, प्रतिनिधि, ग्राम सचिव और गांव के अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 08: पुलिस जागरूक करते हुए


नेत्र, हृदय, शिशु रोग एवं सामान्य जांच परामर्श शिविर 8 को

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कनीना की आवाज। सेवा भारती कनीना द्वारा आयोजित  विशाल हृदय रोग, सामान्य रोग, शिशु व बाल रोग जांच एवं परामर्श शिविर 8 फरवरी 2026 को लाल शिवलाल धर्मशाला कनीना मंडी ,नजदीक रेलवे स्टेशन सुबह  10 बजे से 2 बजे तक लगेगा जिसमें सामान्य रोग विशेषज्ञ डा. हर्ष तथा डा, मनीष वर्मा हड्डी जोड़ रोग विशेषज्ञ अपनी सेवाएं देंगे। विस्तृत जानकारी देते हुए सेवा भारती के योगेश अग्रवाल ने बताया कि इस शिविर में बीपी, शुगर, इसीजी की निशुल्क जांच की जाएगी। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से अपील की, कि इस मुफ्त चिकित्सा शिविर का लाभ उठाएं।


तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से पैदल जा रहे राजमिस्त्री की मौत
धनौंदा निवासी निहाल सिंह की सड़क हादसे में गई जान

                                                            









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कनीना की आवाज। उपमंडल के गांव धनौंदा निवासी एक व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। मृतक की पहचान निहाल सिंह के रूप में हुई है, जो पेशे से चिनाई राजमिस्त्री था।
मृतक के पुत्र दीनदयाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पिता बुधवार सायं चिनाई का काम समाप्त करने के बाद धनौंदा बस स्टैंड से कनीना की ओर पैदल जा रहे थे। इसी दौरान तेज गति और गफलत में चल रही एक मोटरसाइकिल ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
राहगीरों ने तत्काल घटना की सूचना परिजनों को दी, जिसके बाद घायल निहाल सिंह को उपचार के लिए रेवाड़ी के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शहर थाना प्रभारी सब-इंस्पेक्टर राकेश ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक के पुत्र दीनदयाल की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है तथा मामले की जांच की जा रही है।

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