अवैध खनन के खिलाफ जीरो टालरेंस नीति - डीसी अनुपमा
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कनीना की आवाज। हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन पारदर्शी व्यवस्था बनाए रखने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिला में किसी भी सूरत में अवैध खनन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह बात उपायुक्त अनुपमा अंजली ने आज लघु सचिवालय के मीटिंग हॉल में आयोजित जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी की एक बैठक में कही।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री खुद खनन मामलों की निरंतर फीडबैक ले रहे हैं। सरकार के निर्देश अनुसार प्रशासन इस विषय पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर संयुक्त टीमें गठित करें और फील्ड में उतरकर लगातार सघन निरीक्षण अभियान चलाएं।
उन्होंने कहा कि जो भी नियमों की अवहेलना करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी ताकि जिले में पूरी तरह से पारदर्शी खनन व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक दीपक, नारनौल एसडीएम अनिरुद्ध यादव, महेंद्रगढ़ एसडीएम योगेश सैनी, नांगल चौधरी एसडीएम उदय सिंह, कनीना एसडीएम डॉ जितेंद्र सिंह, नगराधीश डॉ मंगलसेन, खनन विभाग से इंजीनियर अनिल कुमार के अलावा अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
फोटो साथ है
*गौशाला में मनाया गया इंजीनियर विपिन कुमार का 23वां जन्मदिन, 51,000 का किया दान*
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कनीना की आवाज। श्री कृष्ण गौशाला कनीना में आज सेवा और श्रद्धा का प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब चौधरी सूबेदार महेंद्र सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी सोमवती ने अपने पुत्र इंजीनियर विपिन कुमार का 23वां जन्मदिवस गौमाता की सेवा के बीच सादगीपूर्वक मनाया।
इस शुभ अवसर पर सूबेदार महेंद्र सिंह ने गौसेवा के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए 51,000 रुपए का दान गौशाला को समर्पित किया। परिवार ने गौमाता को चारा एवं गुड़ खिलाकर आशीर्वाद प्राप्त किया और समाज को सेवा का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान गौशाला के प्रधान भगत सिंह ने परिवार के इस पुनीत कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और गौसेवा की भावना को मजबूत बनाते हैं।
इस अवसर पर सहसचिव रामपाल यादव, राज (प्रॉपर्टी डीलर), बलवान आर्य, लक्ष्मीनारायण साहब, हेडमास्टर कृष्ण प्रकाश सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं गौसेवक उपस्थित रहे और सभी ने विपिन कुमार को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
गौशाला प्रबंधन ने दानदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इसी प्रकार समाज का सहयोग मिलता रहा तो गौसेवा के कार्य और भी सुदृढ़ होंगे। फोटो कैप्शन गौशाला में दान देते हुए विपिन कुमार
रात को करीब 11:30 बजे कनीना क्षेत्र में हुई जमकर ओलावृष्टि - --रात भर चली वर्षा 20 एमएम हुई वर्षा
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में रविवार की रात करीब 11:30 बजे जमकर ओलावृष्टि हुई। एक बार धरती सफेद हो गई वहीं अंदर आया और पूरी रात बूंदाबांदी चली कथा इस दौरान कुल 20 एमएम वर्षा हुई। ओलावृष्टि ने जहां पेड़ पौधों की पत्तियां तक भी झाड़ डाला। इस वक्त कुछ किसानों की कपास की फसल खड़ी हुई है या फिर चारा देने वाली फसल खड़ी हुई है। किसानों ने अपनी सरसों और गेहूं की पैदावार पहले ही ले ली है। जिसके चलते किसान राजेंद्र सिंह, सूबे सिंह मनोज कुमार दिनेश कुमार आदि ने बताया कि रात भर वर्षा के कारण खेतों में भी पानी जमा हो गया था।
उल्लेखनीय है कि कई बार आए अंधड़ ने इस बार फलों को झाड़ डाला है। किसान सूबे सिंह बताते हैं कि उनके यहां बेहतर दर्जे के आम लगे हुए थे किंतु सभी अंधड़ ने झाड़ दिए हैं किसान मायूस है उनका कहना है कि इस समय अगर फसल खड़ी होती तो भारी नुकसान होने का अंदेशा होता। किंतु सब्जी उगाने वाले बेहद परेशान है क्योंकि सब्जी की फसलों पर ओलावृष्टि का नुकसान हुआ है।
कड़ी धूप में करेंगे जनगणना शिक्षक
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कनीना की आवाज। अब शिक्षक कड़ी धूप में गांव-गांव में जाकर जनगणना करेंगे। सरकार के आदेशानुसार ये शिक्षक तैनात किए गए हैं जो हर घर जाकर के सबसे पहले घरों के नंबर लगाएंगे। नंबर लगाने के बाद घर के बारे में सारी जानकारी हासिल करेंगे। शिक्षक नरेश कुमार ने बताया कि उन्होंने कड़ी धूप में अपना कार्य शुरू कर दिया है। घरों के नंबर लगाए जा रहे हैं । इसके बाद घरों की जनगणना होगी और घरों के भी गणना होगी, नक्शा बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कड़ी धूप में बड़ी मेहनत का कार्य है। शिक्षक इस कार्य को बखूबी से पूर्ण करने के लिए तत्पर है। तथा उन्हें विश्वास है कि जनगणना को बेहतर ढंग से पूर्ण कर पाएंगे।
फोटो कैप्शन धूप में जनगणना करते हुए
विश्व अस्थमा दिवस 5 मई
दमा एक असंचरणीय बीमारी है
-डाक्टरी सलाह से ही ले दवा-डा जितेंद्र
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कनीना की आवाज। अस्थमा जिसे दमा नाम से भी जाना जाता है फेफड़ों से संबंधित असंचरणीय बीमारी है। यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं लगती परंतु जिस व्यक्ति में होती है उसका चलना फिरना भी दूभर हो जाता है। फेफड़ों में सूजन हो जाता है।
कनीना उप-नागरिक अस्पताल के एमओ डा. जितेंद्र मोरवाल बताते हैं कि इस बीमारी में फेफड़ों में सूजन हो जाता है तो इस रोग के लक्षण दिखाई देने लग जाते हैं। कनीना क्षेत्र में अनेकों मरीज हैं किंतु उनका अलग से कोई रिकॉर्ड नहीं होता। अस्थमा में सांस लेना मुश्किल होता है।
सरकारी आंकड़ों अनुसार भारत में करीब एक करोड़ 72 लाख से अधिक अस्थमा रोगी है। डाक्टर बताते हैं जब सांस लेते हैं तो हवा नाक या मुंह से गले में जाती है फिर फेफड़ों तक पहुंचती है। फेफड़ों में छोटे-छोटे वायु मार्ग होते हैं जो आक्सीजन को लेकर रक्त प्रवाह में मदद करते हैं। जब वायु मार्ग की पर्त में सूजन आ जाता है तब अस्थमा दमा के लक्षण दिखाई देते हैं। इन वायु मार्गों में बलगम भर जाता है। हवा गुजर नहीं पाती। इन स्थिति में अस्थमा का अटैक आता है।
खांसी, छाती में जकडऩ महसूस होती है। अस्थमा आम लक्षण घरघराहट है। एक सीटी की आवाज सांस लेने पर निकलती है। अन्य लक्षणों में सीने में जकडऩ, सांस लेने में कठिनाई, बात करने में दिक्कत, बेचैनी, थकान, छाती दर्द, सांस न ले पाना, नींद ना आना आदि दमा के लक्षण हो सकते जाते हैं किंतु इनके अलावा भी कुछ अन्य लक्षण हो सकते हैं।
डा बताते हें कि यह पैतृक बीमारी भी है। जिन लोगों में बचपन में रेस्पिरेट्री वायरस इनफेक्शन है उसमें अधिक होने के लक्षण होते हैं। अन्य कारण भी हो सकते हैं।
क्या है अस्थमा का निदान -
डा.बताते हैं अस्थमा किसी भी उम्र में हो सकता है। उन्होंने बताया कि इस रोग में धूल धुआं से बचना चाहिए, धूम्रपान नहीं करना चाहिए, खुद ही दवा नहीं लेनी चाहिए। यदि ऑक्सीजन की कमी कभी महसूस हो तो डॉक्टर से मिलकर पता लगाया जा सकता है और ऑक्सीजन सिलेंडर कनीना अस्पताल में 24 घंटे उपलब्ध है। यहां तक कि यदि किसी को इनहेलर की जरूरत होती है तो वो भी डॉक्टर की सलाह से ही लेने चाहिए। फोटो कैप्शन डॉ जितेंद्र मोरवाल






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