रोल माडल कार्यक्रम का हुआ आयोजन
-सपना ने किया छात्राओं को प्रेरित
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कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धनौंदा में विद्यालय के प्रांगण में रोल मॉडल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि गांव धनौंदा निवासी सपना कुमारी रही। साथ में रमन सिंह, निशा सहित आंगनबाड़ी वर्कर भी छात्राओं को प्रेरित करने पहुंची।
अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य सतीश कुमार ने कहां कि जीवन में सफलता पानी हो तो बस मेहनत से काम लो। हर ताले की चाबी मेहनत है। कुशल व्यक्ति वही है जो मेहनत करता है। उसके लिए कोई कठिन से कठिन दौर भी आसानी से टल जाता है।
इस मौके पर रोल माडल की भूमिका निभा रही सपना ने उपस्थित करीब 110 छात्राओं को जीवन में सफलता के टिप्स दिये तथा कामयाबी हासिल करने के गुर सिखाए। उन्होंने सफलता पाने के लिए मोबाइल फोन से दूर रहकर मेहनत से काम लेने की बात कही तथा आने वाली परीक्षाओं में अच्छे अंक पाने का रास्ता बताया। उन्होंने कहा कि वे अपनी आने वाली परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत करें क्योंकि बिना मेहनत के सफलता की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने विद्यालय की छात्राओं द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब भी दिए। इस अवसर पर गांव की रमन सिंह एवं निशा ने भी छात्राओं से रूबरू होकर उनके द्वारा पूछे गये सवालों का जवाब दिया तथा मेहनत को सबसे बड़ा हथियार बताया। इस अवसर पर आंगनबाड़ी वर्कर्स, स्कूल का समस्त महिला स्टाफ हाजिर रहा।
फोटो कैप्शन 7: रोल माडल कार्यक्रम धनौंदा में संबोधित करते हुए सपना।
गलती से दूसरे नंबरों पर फोन पे से भेज दिये 25 हजार
-पुलिस में शिकायत देकर पैसे दिलवाने की मांग की
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कनीना की आवाज। तलवाना निवासी दीपक बंसल ने कनीना पुलिस में शिकायत देकर गलती से फोन पेय के माध्यम से दूसरे नम्बर पर भेजे गए रुपयों को वापस दिलाने की मांग की है। दीपक बंसल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह कनीना में दुकान चलाता है। उसने बताया कि वह फोन पे के माध्यम से वह 25 हजार रुपए भेज रहा था परन्तु गलती से उक्त रुपए दूसरे के फोन पर चले गए। जिसके बाद जब उसने संबंधित व्यक्ति से बात की तो उसने अपना नाम अजय बताया। उसके बाद से वह न तो अपना फोन उठा रहा है और न ही किसी प्रकार से कोई जवाब दे रहा है।
दीपक ने बताया कि जब वह किसी नए नम्बर से उसके पास फोन करता है तो वह उस नम्बर को ब्लैक लिस्ट में डाल देता है। दीपक ने पुलिस में शिकायत देकर संबंधित व्यक्ति से उसके रुपये वापस दिलवाने की मांग की है।
लाठी चार्ज तथा बल प्रयोग की निंदा की
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कनीना की आवाज। बसपा नेता समाजसेवी ठाकुर अतरलाल एडवोकेट ने पुरानी पेंशन योजना की मांग कर रहे आंदोलनरत कर्मचारियों तथा ई-टेंडरिंग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे सरपंचों पर हरियाणा पुलिस द्वारा किए गए लाठी चार्ज तथा बल प्रयोग की निंदा करते हुए राज्य सरकार सेकर्मचारी तथा सरपंचों की मांगों को पूरा करने की अपील की है।
अतरलाल ने बताया कि पड़तल, मोड़ी, भोजावास गांवों में उन्होंने जनसम्पर्क किया है तथा पुरानी पेंशन योजना लागू करने के पक्ष में है तथा ई-टेंडरिंग के खिलाफ सरपंचों के प्रदर्शन व मांगों का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रदर्शन धरना व आंदोलन करना सबका अधिकार है। इसलिए सरकार को तानाशाही रवैया छोड़कर कर्मचारियों तथा सरपंचों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों पर पंचकूला तथा चंडीगढ़ में तथा सरपंचों पर जींद में पुलिस द्वारा किए गए लाठी चार्ज करने तथा बल प्रयोग कर दौड़ा-दौड़ा कर सरपंचों को पीटने की कार्यवाही की निंदा की है। इस अवसर पर उनके साथ भाग सिंह चेयरमैन, दान सिंह प्रजापत, कैलाश सेठ, शेर सिंह यादव, ओमप्रकाश यादव, रामपत शर्मा, पवन आदि अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे।
उधर पूर्व सर्कल सचिव एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के राम रतन जेई गोमली ने भी हरियाणा में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर आंदोलनरत कर्मियों पर पानी की बौछार करकरने लाठीचार्ज करने की निंदा की है। उन्होंने कहा कि इसके तहत 20 कर्मचारी घायल हो गए। उन्होंने मांग की है कि अविलंब पुरानी पेंशन बहाल की जाए वरना आंदोलन उग्र हो सकता है।
निशान यात्रा हुडिय़ा जैतपुर के लिए 28 फरवरी को
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कनीना की आवाज। कनीना के श्याम मंदिर से पदयात्रा हुडिय़ा जैतपुर जाएगी। श्याम बाबा के दर्शन किए यह यात्रा 28 फरवरी को चलेगी जिसके लिए सभी प्रबंध श्री श्याम मंडल कनीना द्वारा किए गए हैं। विस्तृत जानकारी देते हुए श्री श्याम मंडल कनीना के दुलीचंद साहब तथा प्रदीप शास्त्री ने बताया की पदयात्रा के लिए जो कोई भक्त जाना चाहे वह श्री श्याम मंडल कनीना से संपर्क कर सकता है।
विधानसभा सत्र के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति के आदेश
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कनीना की आवाज। हरियाणा विधानसभा अधिवेशन 20 फरवरी से प्रारंभ हो चुका है जिसके लिए सरकारी कार्यालयों में सभी शिक्षा अधिकारियों व कर्मचारियों की शत-प्रतिशत हाजिरी सुनिश्चित करने का आदेश निदेशक मौलिक शिक्षा हरियाणा पंचकूला ने दिये हैं। पत्र में कहा गया है कि अति आवश्यक कार्य हो तो केवल अपरिहार्य कारणों की दृष्टिगत अवकाश स्वीकृत किया जाए। बिना किसी सक्षम अधिकारी की पूर्व स्वीकृति के अवकाश पर न जाने का आदेश दिया है। वही सभी को अपना अपना मोबाइल फोन ऑन रखने के आदेश भी दिए हैं। पत्र में कहा है कि अधिवेशन की तैयारी को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई बार दूरभाष या फैक्स पर मांगी गई सूचना तत्परता से उपलब्ध करवाई जानी होती है। ऐसे में कर्मचारी पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे तो सूचना तुरंत भेजी जा सकेगी।
उन्हाणी कालेज की एनएसएस स्वयंसेविकाओं ने किया जागरूकता रैली निकालकर जागरूक
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय सेवा योजना के सौजन्य से प्राचार्य डा विक्रम सिंह के निर्देशन में बागेश्वर धाम में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना के छठे दिन आज स्वयं सेविकाओं ने पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में लोगों को जागृत करते हुए रैली निकालकर उन्हें पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया।
प्राचार्य ने संबोधित करते हुए कहा कि इस समूचे ब्रह्मांड में केवल पृथ्वी पर ही जीवन है तथा जीवन के लिए पर्यावरण प्रकृति का एक अमूल्य उपहार है। वह प्रत्येक तत्व जिसका उपयोग हम जीवित रहने के लिए करते हैं, वे सभी पर्यावरण के अन्तर्गत आते हैं जैसे- हवा, पानी प्रकाश, भूमि, पेड़, जंगल और अन्य प्राकृतिक तत्व।उन्होंने बताया कि -धरती हमारा निवास स्थान ही नहीं, अपितु हमारी माता भी है, इसके शोषण और दोहन को रोकना हमारा कर्तव्य है। यदि मानव पर्यावरण के प्रति जागरूक नहीं होगा तो इसका दुष्परिणाम मानव जाति को भोगना पड़ेगा। हम प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें और उतना ही उपयोग करें जितना हमारे लिए आवश्यक है। साथ ही अपनी अस्मिता के साथ साथ इस धरती पर रहने वाले सभी जीवों की अस्मिता का आदर करें । उन्होंने पेड़ लगाकर अन्य ग्रामवासियों से भी एक-एक पेड़ लगाकर उसके संरक्षण का दायित्व लेने की अपील की। उन्होंने विविध सांस्कृतिक गतिविधियों द्वारा भी पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित किया। सांयकालीन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित डॉ. सुधीर यादव ने आत्मनिर्भर भारत प्रगतिशील और समृद्ध भारत के संदर्भ में बहुत ही रोचक एवं प्रेरणादायी व्याख्यान दिया। कार्यक्रम संयोजिका सीमा देवी ने मुख्य वक्ता का राष्ट्रीय सेवा योजना के इस वर्ष के थीम से संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डा सीमा देवी एवं नीरज उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 3:एनएसएस की स्वयंसेविकाएं जागरूकता रैली निकालते हुए।
अच्छा रैंक आने पर विद्यार्थियों को किया पुरस्कृत
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कनीना की आवाज। राष्ट्रीय शिक्षा समिति टोहाना द्वारा आयोजित हरियाणा विज्ञान प्रतियोगिता की लिखित परीक्षा में सरस्वती पब्लिक स्कूल के 3 विद्यार्थियों ने संपूर्ण हरियाणा में उच्च स्तरीय रैंक हासिल करके इस विद्यालय व क्षेत्र को गौरवान्वित किया है । इस विद्यालय के प्राथमिक ग्रुप से कृष ने 22वां रैंक हासिल किया, इसी तरह मिडिल ग्रप से संपूर्ण हरियाणा में देव पांचवें स्थान पर तथा सचिन 61वें स्थान पर रहा। इस उपलब्धि के अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन रमेश कुमार भारद्वाज ने बच्चों को पारितोषिक देकर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की । इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक गजराज सिंह यादव ने विद्यार्थियों व समस्त स्टाफ की भूरी भूरी प्रशंसा की व आने वाले समय में इससे भी अधिक उपलब्धि हासिल करने के लिए उन्हें उत्साहित किया। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार ने इस तरह की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने व इससे भी अधिक स्थान हासिल करने के लिए सभी बच्चों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं है बशर्ते उन्हें निखारने का मंच मिले। इस तरह का प्रयास यह विद्यालय परिवार सदा करता रहा है और आगे भी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए हम कृत संकल्प रहेंगे।
फोटो कैप्शन 6:अव्वल रहे विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते श्री भारद्वाज।
संत मोलडऩाथ मेला तीन मार्च को
-आयोजित होंगेे खेल एवं ऊंट,घोडिय़ों की दौड़
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कनीना की आवाज। 3 मार्च को कनीना का प्रसिद्ध पर्व संत शिरोमणि बाबा मोलडऩाथ मेला लगने जा रहा है जिसमें पूरे प्रदेश से अपार भीड़ जुटती वही दंगल, घोडिय़़ों की दौड़, ऊंटों की दौड़ आदि देखने को मिलते हैं। वास्तव में यह पर्व 3 दिन लगातार चलता है। पपहले दिन रात्रि को जागरण तो दूसरे दिन दंगल, घुड़दौड़, ऊंटदौड़ एवं मेला लगता है। तीसरे दिन साधु-संतों एवं आए हुए भक्तों को विदा किया जाता है।
संत शिरोमणि बाबा मोलडऩाथ मेले को शक्कर मेला नाम से भी जाना जाता है। शक्कर को अक्सर चीनी मान लेते हैं लेकिन क्षेत्र के लोग गुड़ जैसे रंग की शक्कर कह जाती है जो यहां प्रसाद के रूप में बांटी जाती है। इसलिए शक्कर मेला कहते हैं। भक्तजन घर से शक्कर का प्रसाद लेकर बाबा को अर्पित करने के लिए पहुंचते हैं। यह परंपरा लंबे अरसे से चली आ रही है। वैसे तो हर मेले में अलग-अलग प्रसाद वितरित करने की परंपरा है किंतु इस मेले में शक्कर का प्रसाद ही अर्पित किया जाता है। शक्कर का प्रसाद क्यों अर्पित किया जाता है इसके बारे में अधिकांश लोगों का कहना है कि पुराने समय में शक्कर प्रमुख रूप से खाई जाती थी इसलिए यह अर्पित की जाने लगी जो आज भी परंपरा के रूप में कायम है।
बुजुर्ग मेहरचंद, कमला देवी, भीम सिंह, भगत सिंह आदि बताते हैं की पुराने समय से ही शक्कर मेला भरता आ रहा है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए शक्कर प्रयोग में लाई जाती रही है।
कौन थे संत-
संत मोलडऩाथ चमत्कारी साधु थे जिनमें अनेक गुण थे। जीवों की सेवा करने वाले संत थे जिन्होंने सभी का भला किया। रोड़वाल,मानसरोवर, मांदी, भोजावास सहित विभिन्न क्षेत्रों में तप किया। विक्रमी संवत 2006 में उन्होंने प्राण त्यागे थे जिनको समाधि के नीचे दफनाया गया था।
खेलकूद-
संत की याद में ऊंटदौड़, घोडिय़ों की दौड़, दंगल, कबड्डी आदि आयोजित होते आ रहे हैं। वर्षें से यहां की ऊंटदौड़ एवं घोडिय़ों की दौड़ प्रसिद्ध है। पूरे प्रदेश से ही भक्त एवं ऊंट दौड़ के चाहने वाले आते हैं। अब तक संत की जीवन एवं शोधपरक तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
फोटो कैप्शन 4: संत की समाधि
05-संत शिरोमणि बाबा मोलडऩाथ आश्रम














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