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Friday, September 4, 2026
क्षेत्र में मनाई जन्माष्टमी
-गौशालाओं में गायों को खिलाया मीठा भोजन
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कनीना की आवाज। कनीना एवं आस पास क्षेत्रों में जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया। इस मौके पर व्रत रखा, भजन चलते रहे वहीं दिनभर राधा कृष्ण को पोशाक पहनाई गई।
कनीना एवं आस पास श्रीकृष्ण मंदिरों में चहल पहल रही। भारी संख्या में भक्त आए और राधाकृष्ण को पोशाक पहनाई। कनीना की आशा यादव, नीलम देवी, शकुंतला देवी आदि ने बताया कि उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को नये वस्त्र पहनाये जाते हैं। व्रत रखकर भजन दिनभर चलते रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी जन्माष्टमी का पर्व मनाया गया। राधा एवं श्रीकृष्ण के स्वांग रचे गए। कनीना के बड़े मंदिर में दिनभर पूजा अर्चना चली। पूर्ण शर्मा ने बताया कि मध्यरात्रि को चरणामृत बांटने की प्रथा चली आ रही है।
गो-सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं-संत
गो सेवा से बेहतर कोई सेवा नहीं है। गायों की सेवा ही इंसान के सभी पूर्व पापों से मुक्ति दिलाती है। ये विचार संत शिरोमणि बाबा उधोदास गौशाला में गौशाला के स्थापना दिवस दौरान बाबा लालदास ने व्यक्त किए। इस मौके पर हवन भी आयोजित किया गया।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति नित्य गायों की सेवा करता है उसे पुण्य प्राप्त होता है। गायों को घर में रखने से घर के संताप मिट जाते हैं और गाय का दूध व घी प्रयोग करने से सभी रोग समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने गायों की सेवा करने व उनका घी व दूध प्रयोग करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण भी गायों की सेवा करने के कारण गोपाल कहलाए थे।
उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी श्रीकृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। वे महान योगीराज थे और उनके बताए हुए अनुकरणों का ही पालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने संसार गीता का उपदेश दिया, गीता ही एक एेसा गं्रथ है जिसको सभी मानते हैं।
फोटो कैप्शन 05: जन्माष्टमी पर मनमोहक झांकी निकालते हुए
अच्छे शिक्षकों को सदा रखा जाता है याद
-डा. जयभगवान यादव एसोसिएट प्रोफेसर करते हैं शिक्षकों को याद
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कनीना की आवाज। तीन दशक से भी अधिक समय पहले, जब डा. जयभगवान यादव एसोसिएट प्रोफेसर (गणित) एवं निदेशक, मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, खेड़ी तलवाना में सातवीं कक्षा में पढ़ता था, तब मुझे अपने ही गांव सेहलंग (महेंद्रगढ़) के एक अद्भुत गणित शिक्षक, राम कुमार शर्मा जी से पढऩे का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
स्कूल के समय के बाद, शर्मा अपने घर पर हमें गणित और विज्ञान पढ़ाने के लिए समय निकालते थे। छठी से दसवीं कक्षा तक के छात्र उनके मार्गदर्शन का लाभ उठाने के लिए हमारे गांव और आसपास के गांवों से पैदल या साइकिल चलाकर आते थे। यह हमारा सौभाग्य था कि वे इस सेवा के लिए एक भी पैसा नहीं लेते थे। उनकी एकमात्र मांग यह थी कि हम सच्चा प्रयास करें और अपनी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करें।
वे मुफ्त में किताबें और कापियां तक बांटते थे। उनकी धर्मपत्नी, कलावती देवी , जिन्हें हम प्यार से दादी कलावती कहते थे, कभी-कभी हमारे लिए जलपान परोसती थीं। उनका यह प्रयोग बेहद सफल साबित हुआ और इसके परिणाम सभी उम्मीदों से कहीं बेहतर रहे।
शर्मा जी के लिए पढ़ाना महज एक पेशा नहीं था—यह एक जुनून था। उनके छात्रों का अच्छा प्रदर्शन उन्हें असीम संतोष देता था। मैं बहुत भाग्यशाली था कि गणित में 100 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जबकि विज्ञान और अन्य विषयों में भी मेरा प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा।
हालांकि, यह केवल एक शिक्षक की कहानी नहीं है। हमारे हिंदी शिक्षक, विजय पाल यादव जी, जो हमारे गांव से ही थे और उसी स्कूल में पदस्थ थे, वे भी कई अन्य शिक्षकों के साथ यह सुनिश्चित करने के लिए समान रूप से समर्पित थे कि उनके छात्र परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करें। उनके इस समर्पण ने हममें से कई लोगों पर एक अमिट और गहरी छाप छोड़ी।
आज छात्रों को ट्यूशन की दुकानों और कोचिंग सेंटरों पर तेजी से निर्भर होते देखकर बहुत दुख होता है, जहां माता-पिता को मोटी रकम खर्च करनी पड़ती है। इन सेंटरों तक आने-जाने में छात्रों का कीमती समय भी बर्बाद होता है। कई मामलों में, औपचारिक स्कूल केवल एक ऐसी जगह बनकर रह गए हैं जहां छात्र परीक्षाओं के लिए अपना पंजीकरण कराते हैं, जबकि पढ़ाने के प्रति सच्चा और निष्ठावान समर्पण अब दुर्लभ होता जा रहा है।
इस स्थिति ने कई माता-पिता को केवल अपने बच्चों को कोचिंग के अवसर प्रदान करने के लिए नजदीकी शहरों में बसने के लिए मजबूर कर दिया है। इससे परिवारों पर बहुत भारी वित्तीय और भावनात्मक बोझ पड़ता है।
केंद्र और राज्य सरकारों को इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। शिक्षा नीति इस तरह से तैयार की जानी चाहिए जो कक्षाओं में होने वाली पढ़ाई को मजबूत करे और निजी कोचिंग पर छात्रों की निर्भरता को कम करे। शिक्षा के नाम पर छात्रों और अभिभावकों के शोषण को रोकने के लिए एक उचित नियामक ढांचे की भी आवश्यकता है।
यदि स्कूल नियमित घंटों के दौरान ही उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने में सक्षम हों, तो महंगी निजी ट्यूशन और कोचिंग की आवश्यकता अपने आप कम हो जाएगी। इससे छात्रों और उनके अभिभावकों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी और बदले में समाज की भी एक बड़ी सेवा होगी।
इसके साथ ही, शिक्षकों को पर्याप्त वेतन और पेशेवर सम्मान दिया जाना चाहिए, चाहे वे सरकारी स्कूलों में काम करते हों या निजी स्कूलों में। बेहतर पहचान, कार्यस्थल की अच्छी स्थितियां और उचित मुआवजा हमारे शिक्षकों से सर्वश्रेष्ठ परिणाम बाहर लाने में मदद कर सकते हैं।
शिक्षक ही सच्चे राष्ट्र-निर्माता हैं। हमें केवल शब्दों में या साल में एक बार शिक्षक दिवस मनाकर उनका सम्मान नहीं करना चाहिए, बल्कि साल भर अपनी नीतियों, संस्थानों और कार्यों के माध्यम से उनका सम्मान करना चाहिए।
मेरे शिक्षक, राम कुमार शर्मा जी ने हमें गणित और विज्ञान से कहीं अधिक सिखाया। उन्होंने हमें समर्पण, सेवा का मूल्य और दूसरों को सफल होने में मदद करने की खुशी सिखाई। तीन दशक से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी, वह पाठ आज भी मेरे साथ है।
फोटो कैप्शन:डा. जयभगवान यादव
जन्माष्टमी पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का आह्वान, भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को आत्मसात करे युवा शक्ति
-पीएम मोदी के विकसित भारत संकल्प को सीएम सैनी की अगुवाई में गति देगा श्रीकृष्ण का कर्मयोग : आरती सिंह राव
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कनीना की आवाज। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार प्रदेश की संस्कृति व संस्कारों को संरक्षित करने में जुटी हुई है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के माध्यम से जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना हजारों वर्ष पहले था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में श्रीकृष्ण के कर्मयोग का दर्शन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
स्वास्थ्य मंत्री आज अटेली में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थीं। कार्यक्रम में पहुंचने पर यादव सभा के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने स्वास्थ्य मंत्री का पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ स्वागत किया।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन मानवता को कर्तव्यपालन, सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने की सीख देता है। उन्होंने गीता के कर्मयोग के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दर्शन आज के युवाओं को बिना फल की चिंता किए अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।
आरती सिंह राव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा इस संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने में देश की युवा शक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवाओं को अपनी संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं से जुड़कर इन मूल्यों को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए, तभी सच्चे अर्थों में विकसित भारत का सपना पूरा हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को आत्मसात करने का अवसर भी है। यह पर्व हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और साहस के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कैसे किया जाए।
इस अवसर पर नारनौल के विधायक ओमप्रकाश यादव, कोसली के विधायक अनिल यादव, जिला अध्यक्ष डॉ यतेन्द्र राव, पूर्व जिला अध्यक्ष दयाराम यादव, जिला उपाध्यक्ष धीरज यादव, पंचायत समिति के चेयरमैन जयप्रकाश, मार्केट कमेटी के चेयरमैन दिनेश जेलदार, चेयरमैन विकास सहित यादव सभा अटेली के पदाधिकारी, सदस्य एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित कर बढ़ाया हौसला--
कार्यक्रम के दौरान यादव सभा द्वारा क्षेत्र के प्रतिभाशाली युवाओं की उपलब्धियों को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया। इन युवाओं ने शिक्षा, प्रशासन, खेल, विज्ञान एवं अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर समाज और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इन प्रतिभाशाली बंधुओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी और कहा कि ऐसी प्रतिभाएं युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
प्रतिभाशाली बंधुओं में चिराग यादव सुपुत्र सुरेश कुमार, गांव बजाड़, का चयन जून 2026 में अहमदाबाद, गुजरात में आयोजित एशियन वालीबॉल चैंपियनशिप 2026 में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय वालीबॉल टीम में हुआ।
इसी प्रकार कुमारी भव्य गुनवाल सुपुत्री डॉ. अनिल यादव, अनार कौर अस्पताल, अटेली मंडी ने वर्ष 2024 में रोमानिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय जूनियर विज्ञान ओलंपियाड में स्वर्ण पदक, वर्ष 2025 में फिलीपींस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय जीव विज्ञान ओलंपियाड में रजत पदक तथा जुलाई 2026 में लिथुआनिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय जीव विज्ञान ओलंपियाड में स्वर्ण पदक हासिल किया। साथ ही उन्होंने नीट 2026 में जिला स्तर पर प्रथम स्थान तथा अखिल भारतीय स्तर पर 71वीं रैंक प्राप्त की।
ज्योति यादव सुपुत्री डॉ. विनोद कुमार, गांव नावदी, बिहार लोक सेवा आयोग में चयनित होकर खंड विकास पदाधिकारी के पद पर पहुंची हैं। आदित्य यादव सुपुत्र सतीश कुमार, गांव बेगपुर, का चयन भारतीय विदेश सेवा में हुआ है। वहीं तेजवीर यादव सुपुत्र दलीप सिंह, गांव दौंगड़ा अहीर, ने संघ लोक सेवा आयोग की वर्ष 2026 की परीक्षा उत्तीर्ण की है।
हरिश यादव सुपुत्र विक्रम सिंह, गांव धनौंदा का चयन प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए हुआ है। साक्षी यादव सुपुत्री लवली यादव, अटेली मंडी ने 11 वर्ष से कम आयु वर्ग में ताई कमांडो राष्ट्रीय चैंपियनशिप में राष्ट्रीय चैंपियन का खिताब हासिल किया है।
जयवर्धन सुपुत्र सज्जन कुमार, गांव राजपुरा ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2026 में अखिल भारतीय स्तर पर 176वीं रैंक प्राप्त की तथा उन्हें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई में कंप्यूटर विज्ञान में प्रवेश मिला है। वहीं स्वाति पुत्री श्री विद्याधर, गांव उनिंदा ने जूडो में अखिल भारतीय विश्वविद्यालय स्तर पर रजत पदक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन प्रतिभाशाली युवाओं की उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की पूरी क्षमता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करनी चाहिए तथा अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करना चाहिए।
फोटो साथ हैं
5 सितंबर शिक्षक दिवस पर विशेष
खंड कनीना में 64 वर्षों में चार शिक्षकों को मिल चुका है राज्य शिक्षक अवार्ड
-दो हो चुके हैं सेवानिवृत्त, दो अभी भी कार्यरत
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कनीना की आवाज। कनीना खंड में विगत 64 वर्षों के इतिहास में महज चार शिक्षकों को हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार मिला है जिनमें से दो सेवा में हैं और दो सेवानिवृत्त हो चुके हंै। 5 सितंबर 1962 से डा सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा था जो अभी भी जारी है।
कनीना प्रखंड के गांव ककराला निवासी एवं रसूलपुर स्कूल से मुख्याध्यापक पद से सेवानिवृत्त बनवारीलाल को कनीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में बतौर समाजशास्त्र प्रवक्ता काम करते हुए 2006 में हरियाणा शिक्षक अवार्ड से सम्मानित किया गया था। आज भी जनसेवा में जुटे हुए हैं। उन्होंने दो साल की अतिरिक्त सेवा का लाभ भी मिला था। कनीना खंड के पहले अवार्डी शिक्षक रहे हैं। बाद में समाजशास्त्र के प्रवक्ता बने और मुख्याध्यापक बने और बतौर 2011 को बतौर मुख्याध्यापक रसूलपुर से सेवानिवृत्त हुये हैं।
वीरेंद्र सिंह मौलिक मुख्य अध्यापक राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला खंड कनीना जिला महेंद्रगढ़ में 2 जून 2014 से कार्यरत हैं तब से लेकर अब तक उन्होंने विद्यालय में पूर्ण नैतिकता समर्पण भाव के साथ कार्य किया है। एक रेल दुर्घटना में अपने दोनों पैर गंवा देने के बाद पूर्ण दिव्यांग होने के उपरांत भी उन्होंने कड़ी मेहनत लगन निष्ठा विद्यार्थियों के साथ लगातार शैक्षिक उपलब्धियों में नए-नए आयाम सफलता के प्राप्त किए हैं। वे सेवा में 16 जनवरी 1997 में तदर्थ आधार पर बतौर हिंदी शिक्षक सेवा में आये और अब मुख्याध्यापक बतौर कार्यरत हैं। वे 2032 में सेवानिवृत्त होंगे।
प्रमिला पत्नी कुलदीप कुमार जेबीटी अध्यापिका वर्ष 2000 में सेवा में आई तथा वर्तमान में पाथेड़ा में हिंदी शिक्षिका बतौर कार्यरत है। अध्यापिका शुरुआत से होनहार रही है। उन्हें भी 5 सितंबर 2019 में राज्य शिक्षक अवार्ड से सम्मानित किया गया था। अति मृदुभाषी एवं अपने शिक्षण कार्य में लीन रहने वाली प्रमिला हर क्षेत्र में उपलब्धि प्राप्त होने के बाद ही उन्हें यह अवार्ड मिला है। उन्हें भी दो वर्ष अतिरिक्त सेवा का मौका दिया जाएगा। वे आठ नवंबर 2000 से बतौर जेबीटी सेवा में आई थी और अब हिंदी शिक्षिका हैं।
वर्ष 2021 में धनौंदा स्कूल से डा. होशियार सिंह यादव को स्टेट अवार्ड मिल चुका है। आज भी उनसे पढ़ा हुआ विद्यार्थी उन्हें याद कर नतमस्तक हो जाता है। वे कालेज से लेकर नवोदय विद्यालयों सहित सरकारी विभिन्न विद्यालयों में सेवा दे चुके हैं। दो बार राज्यपाल से सम्मानित हो चुके हैं। वे 30 अप्रैल 2024 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वे वर्ष 1995 में तदर्थ आधार पर सेवा में आये तथा 5 सितंबर 2021 को राज्य शिक्षक पुरस्कार मिला। उनसे शिक्षा ग्रहण करने वाला विद्यार्थी उन्हें नहीं भूला सकता। उनके पढ़ाये हुए विद्यार्थी प्रोफेसर, डाक्टर, शिक्षक, प्राध्यापक, एवं ऊंचे पदों पर पदाधिकारी हैं।
फोटो कैप्शन: विरेंद्र कैमला, प्रोमिला देवी, बनवारीलाल एवं डा. होशियार सिंह यादव
हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त डा. होशियार सिंह का नाम दर्ज है विश्व रिकार्ड बुक में
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कनीना की आवाज।। कनीना निवासी डा. होशियार सिंह यादव कई क्षेत्रों में नाम कमा चुके हैं। सैकड़ों राष्ठ्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार उन्हें मिल चुके हैं।
स्टेट अवार्ड से सम्मानित
वर्ष 2021 में धनौंदा स्कूल से डा. होशियार सिंह यादव को स्टेट अवार्ड मिल चुका है। उन्होंने 45 पुस्तकों की रचना भी की है तथा अपने शिक्षण कार्य के लिए सदा ही जाने जाते हैं। आज भी उनसे पढ़ा हुआ विद्यार्थी उन्हें याद कर नतमस्तक हो जाता है। वे कालेज से लेकर नवोदय विद्यालयों सहित सरकारी विभिन्न विद्यालयों में सेवा दे चुके हैं। दो बार राज्यपाल से सम्मानित हो चुके हैं। वे 30 अप्रैल 2024 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वे वर्ष 1995 में तदर्थ आधार पर सेवा में आये तथा 5 सितंबर 2022 को राज्य शिक्षक पुरस्कार मिला। उनसे शिक्षा ग्रहण करने वाला विद्यार्थी उन्हें नहीं भूला सकता। एनएमएमएस हो या सांस्कृतिक कार्यक्रम उनकी भागीदारी बेहतर रही है। पढ़ाये हुए विद्यार्थी प्रोफेसर, डाक्टर, शिक्षक, प्राध्यापक, एवं ऊंचे पदों पर पदाधिकारी हैं। उनका नाम विश्व रिकार्ड बुक में भी दर्ज है।
साइकिल चलाने के क्षेत्र में विश्व रिकार्डधारी हैं --
वैसे तो प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार प्रदूषण रोकने पर बल दे रही है किंतु कनीना निवासी एवं पूर्व विज्ञान अध्यापक डा. होशियार सिंह 41 सालों से लगातार साइकिल चला रहे हैं और स्कूल भी साइकिल से जाते रहे हैं। वे साइकिल से ही दैनिक जीवन के कार्य करते हैं। उनके पास किसी प्रकार की कोई बाइक आदि नहीं है। कहीं भी 10 से 15 किमी दूर किसी कार्य में के लिए जाना हो तो साइकिल ही प्रयोग करते हैं और साइकिल मैन के रूप में एक उदाहरण बन गये हैं। समय-समय पर विभिन्न संस्थाएं उन्हें सबसे लंबे समय तक साइकिल चलाने के कारण सम्मानित करने की बात तो कर रहे हैं किंतु कभी उन्होंने तो सरकार द्वारा और ना ही किसी संस्था द्वारा सम्मानित किया गया है। विश्व रिकार्ड में नाम गत वर्ष जरूर दर्ज करवाया था। उनका कहना है कि उनके शरीर का स्वास्थ्य और पैरों की कसरत होने के कारण ही साइकिल चला रहा है।
40 बार कर चुके हैं पैदल यात्रा-
यही नहीं अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अब तक 17 बार पैदल हरिद्वार से कावड़ तथा इतनी ही बार कनीना से खाटू श्याम पदयात्रा पर ध्वज लेकर जा चुके हैं। छह बार कनीना से जैतपुर, एक बार कनीना से नांधा बलवाड़ी, कनीना से माता मंदिर महासर, कनीना से भैरूं का बास पैदल यात्रा की है। एक अगस्त 2026 को हरिद्वार से कांवड़ लाकर अर्पित कर चुके हैं। साइकिल चलाने के लंबे अरसे के बाद भी किसी प्रकार का कोई प्रोत्साहन तथा प्रशंसा पत्र भी नहीं मिला है जिसके कारण वे मायूस हैं। उन्होंने बताया कि कड़ी सर्दी तथा भीषण गर्मी में भी वे साइकिल चलाते रहे हैं। साइकिल चलाने से जहां उन्हें नींद अच्छी आती है।
45 पुस्तकों की रचना की-
डा. होशियार सिंह लंबे समय से लेखन कार्य से जुड़े होने के कारण अब तक उनकी 45 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है और किसी भी फोटो वगैराह लेने के लिए भी साइकिल पर ही जाते हैं। लोग उन्हें साहित्यकार के नाम से जानते हैं। शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो उनकी साइकिल चलाने की अदा को नहीं जानता हो। डा.होशियार सिंह के लंबे समय से साइकिल चलाने के कारण उन्हें सम्मानित करने की मांग सरकार से की है।
लेखन के क्षेत्र में हो चुके हैं सम्मानित-
बतौर लेखक हरियाणा साहित्य अकादमी, हरियाणा के राज्यपाल सहित सैकड़ों संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। हजारों की संख्या में लेखन कार्य में उपलब्धियां के प्रशस्ति पत्र मिले हुए हैं। उल्लेखनीय है कि उनकी पत्नी आशा यादव तथा पुत्र अमीश कुमार भी लेखन के क्षेत्र में हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा सम्मानित हो चुके हैं और उनकी भी पांच-पांच कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं।
पर्यावरण प्रेमी हैं डा.साहब-
डा होशियार सिंह पर्यावरण से अति लगाव रखते हेें। अपने घर एवं पलट पर सैकड़ों पौधे लगा रखे हैं जिनकी प्रतिदिन समय निकाल कर सेवा करते हैं। पर्यावरण मित्र बतौर भी उन्हें सम्मान मिल चुके हैं। उनका कहना है कि समय रहते सभी को साइकिल प्रयोग करनी चाहिए। इससे देश का ईंधन भी बचेगा तथा सेहत भी बनी रहेगी।
फोटो कैप्शन: डा. होशियार सिंह यादव
गोगा नवमी मेला 5 सितंबर को
-होंगी अनेकों खेल प्रतियोगिताएं
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कनीना की आवाज। कनीना के सिरसवाला जोहड़ पर गोगा नवमी का मेला 5 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। विस्तृत जानकारी देते हुए प्रीतम उर्फ जोनू ने बताया कि खेल मेले में हरीश कनीनवाल,अतरलाल, विनय यादव एडवोकेट, मनीष यादव एडवोकेट पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि लड़कियों एवं लड़कों की दौड़ 100 मी. 400 मी.और 1600 मी., बूढों की दौड़ हरियाणा स्टाइल कबड्डी, नेशनल स्टाइल कबड्डी अंडर19, लंबी कूद, ऊंची कूद आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि हरियाणा स्टाइल कबड्डी 35000 रुपए प्रथम, 25000 रुपए द्वितीय और 15000 तृतीय इनाम दिया जाएगा वही नेशनल स्टाइल कबड्डी में 21000 प्रथम, 11000 द्वितीय और 7100 तृतीया स्थान पर रहने वाली टीमों को दिया जाएगा। बूढों की दौड़ में 2100 रुपए प्रथम 1500 रुपए द्वितीय और 1100 रुपए तृतीय ईनाम रखा गया है। लड़के और लड़कियों की दौड़ 1600 मीटर में 3100 रुपए, 2500 एवं 2100 रुपए का क्रमश: प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय इनाम दिया जाएगा। बूढ़ों की 100 मीटर दौड़ में 2100 प्रथम, 1500 द्वितीय तथा 1100 रुपए तृतीय को इनाम दिया जाएगा। लंबी और ऊंची कूद में प्रथम 2100 रुपए, द्वितीय 1500 रुपए और तीसरा इनाम 1100 रुपए का दिया जाएगा।
फोटो कैप्शन: प्रीतम उर्फ जोनू
शराब ठेके का ताला तोड़ चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार,
--पुलिस रिमांड के दौरान चोरी की शराब बरामद
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कनीना की आवाज। थाना सदर कनीना क्षेत्र के गांव बेवल में शराब ठेके का ताला तोड़कर शराब चोरी करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी संजय निवासी बेवल को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी की निशानदेही पर चोरी की छह बोतल शराब, एक अध्धा तथा दो बीयर कैन बरामद किए गए।
डीएसपी डा. कविता ने बताया कि गांव बेवल में एक सितंबर की रात शराब ठेके पर चोरी की वारदात हुई थी। इस संबंध में ठेके के सेल्समैन विनोद कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, एक सितंबर की रात शराब ठेके का ताला टूटा होने की सूचना मिलने पर सेल्समैन मौके पर पहुंचा। ठेके के अंदर सामान बिखरा हुआ था तथा विभिन्न ब्रांड की 30 से अधिक शराब की बोतलें गायब मिलीं।
पुलिस ने शिकायत पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की और वारदात में संलिप्त आरोपी को 02 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेशानुसार आरोपी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ एवं उसकी निशानदेही पर छह बोतल शराब, एक अद्धा तथा दो बीयर कैन बरामद किए गए। पुलिस द्वारा आरोपी से चोरी की वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों, चोरी किए गए सामान तथा मामले में संभावित अन्य संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में पूछताछ की गई।
पुलिस रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को 04 सितंबर 2026 को पुन: न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेशानुसार आरोपी संजय निवासी बेवल को न्यायिक हिरासत में नसीबपुर जेल भेज दिया गया।
फोटो कैप्शन 01: पकड़ा गया आरोपी
युवक पर लड़की बहला फुसलाकर भगा ले जाने का केस दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के एक गांव से 19 वर्षीय, बीएससी द्वितीय वर्ष में पढऩे वाली लड़की 4 सितंबर को सुबह से लापता है। उसके पिता ने कनीना पुलिस में एक युवक पर बहला फुसलाकर भगा ले जाने का केस दर्ज करवाया ह।
पुलिस में उन्होंने बताया कि 4 सितंबर को सुबह करीब ढाई से तीन बजे के बीच उनकी पुत्री लापता हो गई। काफी जगह तलाश की किंतु नहीं मिली। उनके पास फोन भी नहीं है। बाद में उन्हें पता चला कि इंद्रजीत नामक युवक उसे बहला फुसलाकर भगा ले गया। उन्होंने लड़की की तलाश करने की मांग की जिस पर पुलिस ने इंद्रजीत के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच में जुटी है।
मारपीट करने व शराब के झूठे मामले में फंसाने का केस दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव मोहनपुर के विक्की नामक व्यक्ति के साथ मारपीट करने व शराब के झूठे मामले में केस दर्ज किया है।
विक्की ने पुलिस में बताया कि तीन सितंबर को वह नांगल मोहनपुर से अपनी मोटरसाइकिल लेकर गांव के सतीश नामक व्यक्ति के साथ खेत की ओर जा रहा था। जब कोका-मोहनपुर चौक पर पहुंचा तो प्रदीप अपने दो अन्य साथियों के साथ गाड़ी लेकर वहां खड़ा था। उन्होंने मोटरसाइकिल के आगे अपनी गाड़ी लगाकर मारपीट की और शराब के झूठे केस में फसाने का बात कही। अपनी तरफ से शराब वहां डालकर पुलिस को विक्की से शराब पकड़े जाने की झूठी सूचना दी। जिससे पुलिस मौके पर पहुंची तब तक प्रदीप व उसके साथी जा चुके थे। पुलिस ने आकर सारी पूछताछ की तब तक लोग इकट्ठे हो गए। इसके बाद विक्की को कनीना अस्पताल ले जाया गया ।विक्की की शिकायत पर मारपीट करने और शराब का झूठा मुकदमा लगाने की कोशिश करने का प्रदीप के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच में जुटी है।
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