Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Tuesday, September 1, 2026



 



विश्व नारियल दिवस- 2 सितंबर
नारियल को कच्चा और पका दोनों रूपों में किया जाता उपयोग
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कनीना की आवाज। 
नारियल यूं तो दक्षिण भारत में पैदा होता है किंतु नारियल का के उपयोग को की जानकारी से धीरे-धीरे लोग जागरूक होते जा रहे हैं। वर्तमान समय में नारियल को कच्चा और पका दोनों रूपों में उपयोग किया जा रहा है। पूरे विश्व में नारियल की खेती होती है। जहां नारियल खाने से वैज्ञानिक लाभ बताते हैं। नारियल खाने से जहां वजन कम रहता है, मधुमेह से बचा जा सकता है और अनेक समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। नारियल के गुणों के चलते 2 सितंबर को विश्व नारियल दिवस मनाया जाता है। विशेषकर सर्दियों में कच्चा नारियल अधिक खाया जाता है क्योंकि मौसम में अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है, कच्चे नारियल में बहुत सारे गुण पाए जाते हैं। इस संबंध में डा. जितेंद्र मोरवाल से से नारियल के विषय में चर्चा की।
 उन्होंने बताया कि नारियल में विटामिन और लोहा होने के साथ-साथ तांबा, सेलिनियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम आदि पाए जाते हैं यदि इसका उपयोग रोजाना किया जाए तो शरीर में मजबूती और ऊर्जा दोनों का संचार होगा। उन्होंने बताया कि कच्चा नारियल खाने से पेट की बहुत सी समस्याएं हल हो जाती हैं क्योंकि कच्चे नारियल में 60 प्रतिशत तक पानी होता है। यह कब्ज, एसिडिटी, पेट की जलन, अफारे की समस्या से छुटकारा दिलाता है। जिन व्यक्तियों को अपना वजन काबू करना है वह इसकी कच्चे नारियल की सहायता से वजन पर काबू पा सकता है। क्योंकि इसमें विटामिन बी-6 पाया जाता है जो याददाश्त को बढ़ाता है। शुगर की मात्रा नियंत्रित रखने में भी इसका उपयोग किया जाता है। विटामिन-ए अधिक होने के कारण एंटी एक्सीडेंट का काम भी करता ही है साथ में बालों की समस्या को मिटाता है। पेय के रूप में कच्चे नारियल के जल का उपयोग होता है। जहां किसी भी पूजा में कच्चे नारियल का उपयोग होता है वहीं अंतिम संस्कार के समय भी नारियल का उपयोग किया जाता है। जहां कच्चा नारियल लोग बेचकर अपनी रोटी रोजी भी कमाते हैं वही नारियल पक जाने पर न जाने किस कितने प्रकार की मिठाइयों में डाला जाता है शरीर में लाभ होता है। विटामिन-सी भी नारियल में पाया जाता है जो हृदय को स्वस्थ रखता है वहीं पाचन क्रिया की रुकावट दूर होती है। ऐसे में कच्चा नारियल हो या पका हुआ नारियल अवश्य प्रयोग किया जाता है। कोरोना काल के समय नारियल का पानी बहुत कारगर सिद्ध हुआ था। नारियल महंगे भी हो गए थे परंतु नारियल का उपयोग करके लोगों ने अपनी जान को बचाया। ऐसे में डॉक्टर का कहना है कि नारियल का उपयोग जरूर करें।
फोटो कैप्शन: डा. जितेंद्र मोरवाल







खरीफ फसल बचाने के लिए किसान कर रहे अंतिम प्रयास
-फव्वारों द्वारा कर रहे हैं सिंचाई
- वर्षा न होना बनी है आफत
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र के किसान खरीफ फसल को बचाने के लिए अपना अंतिम प्रयास कर रहे हैं क्योंकि कनीना और आसपास क्षेत्र में लंबे समय से कोई वर्षा नहीं हुई है जिसके चलते फसल सूखने के कगार पर जा चुकी है। ऐसे में किसान अपना अंतिम प्रयास फव्वारों द्वारा सिंचाई कर रहे हैं। फव्वारों द्वारा सिंचाई करना भी उनके लिए आफत बनता जा रहा है क्योंकि पर्याप्त मात्रा में बिजली आपूर्ति नहीं होती वहीं संपूर्ण खेतों की सिंचाई फव्वारों द्वारा संभव नहीं लग रही। ऐसे में किसान बेहद मायूस हैं। एक के बाद एक अनेक प्रहार मौसम के पड़ रहे हैं। जब जून 2026 में बाजरा, कपास, मूंग की बिजाई का समय हुआ तब वर्षा नहीं हुई। वर्षा हुई तो देरी से हुई जिसके चलते बहुत से खेत खाली रह गए हैं। कुछ किसानों ने अपने ट्यूबवेलों द्वारा सिंचाई करके बाजरा उगाया था वो इस समय लावणी कर रहे हैं। किसान समझ रहे थे कि अच्छी पैदावार हो जाएगी किंतु इन वक्त पर जब फसल पककर तैयार होने लगी तब वर्षा नहीं हुई जिसके चलते फसल सूखने के कगार पर है। कोई विकल्प नहीं नजर आ रहा है, महज फव्वारों द्वारा सिंचाई करके थोड़े बहुत अनाज व चारा लेने की चाहत में किसान हैं।  मौसम विभाग भी निकट भविष्य में वर्षा होने का कोई संकेत नहीं दे रहे हैं। यही कारण है कि किसान इस वर्ष बेहद परेशान नजर आ रहे हैं। अनाज और चार दोनों बाजरे से प्राप्त होते हैं। दोनों ही इस बार प्राप्त करना कठिन हो गया है।
   किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, योगेश कुमार आदि ने बताया कि थोड़ी बहुत फसल पैदावार लेने के लिए आखिर फव्वारों द्वारा सिंचाई कर रहे हैं और कोई विकल्प उनके पास नहीं है।
फोटो कैप्शन 5: फव्वारों द्वारा सिंचाई करके मूंग की खेती को बचाते हुए किसान



मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर वीसी के जरिए समीक्षा बैठक
-जिला में दावे-आपत्ति प्रक्रिया के तहत अब तक 11212 फॉर्म प्राप्त
-नागरिक 30 सितंबर तक दर्ज करा सकते हैं दावे-आपत्तियां
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कनीना की आवाज।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर मंगलवार को हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास की अध्यक्षता में सभी उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक हुई। इस बैठक में जिला महेंद्रगढ़ की ओर से उपायुक्त अनुपमा अंजली ने जिले की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
बैठक के बाद उपायुक्त ने बताया कि जिले में अब तक दावे-आपत्ति प्रक्रिया के तहत कुल 11212 फॉर्म प्राप्त हो चुके हैं। इनमें 5183 फार्म 6 प्राप्त हुए हैं, 392 फार्म 7 तथा 5637 फार्म 8 प्राप्त हुए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि प्रजातंत्र की मजबूती के लिए शुद्ध एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची का होना अत्यंत आवश्यक है। कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है।
उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि जिन मतदाताओं के नाम सूची में दर्ज नहीं हैं या जिन्हें किसी प्रकार का संशोधन कराना है, वे शीघ्र ही फॉर्म 6, 7 व 8 के माध्यम से अपने संबंधित बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) के पास दावे-आपत्तियां अवश्य दर्ज करवाएं, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग ने दावे-आपत्तियां दाखिल करने की अवधि बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 तक कर दी है, ताकि अधिक से अधिक मतदाता इस प्रक्रिया में भाग ले सकें।
उपायुक्त ने बताया कि राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय एजेंटों (बीएलए) को भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जा रहा है और उनके लिए विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया गया है। इसके साथ ही युवाओं को मतदाता सूची में पंजीकरण हेतु प्रेरित करने के लिए जिले के शैक्षणिक संस्थानों में विशेष जागरूकता शिविर भी लगाए जा रहे हैं।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी लंबित कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ संपन्न किए जाएं, ताकि जिले की मतदाता सूची पूर्णत: शुद्ध व त्रुटिरहित रूप में प्रकाशित हो सके।
इस मौके पर कनीना एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह, नगराधीश डॉ मंगल सेन व तहसीलदार चुनाव सुरेंद्र सिंह भी मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 03:वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मौजूद डीसी अनुपमा अंजली।



महेंद्रगढ़ डाइट में गणित प्रवक्ताओं की पांच दिवसीय कार्यशाला शुरू
-हरियाणा सरकार की पहल से मिलेगी नई शिक्षण दिशा
-पहले दिन प्री-टेस्ट से हुआ मूल्यांकन
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कनीना की आवाज।
 हरियाणा सरकार की शिक्षा नीति को धरातल पर उतारने की दिशा में एक और अहम कदम बढ़ाते हुए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), महेंद्रगढ़ में मंगलवार को एससीईआरटी गुरुग्राम के तत्वावधान में गणित प्रवक्ताओं के लिए पांच दिवसीय विशेष कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का उद्घाटन संस्थान के प्रिंसिपल एवं जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विश्वेश्वर कौशिक के मार्गदर्शन में किया गया।
यह कार्यशाला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के प्रावधानों के अनुरूप प्रवक्ताओं को निर्धारित 50 घंटे के प्रशिक्षण लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में आयोजित की जा रही है। कार्यशाला के दौरान प्रवक्ताओं को नई तकनीकों के प्रयोग की जानकारी दी जाएगी, ताकि विद्यार्थियों में गणित विषय के प्रति रुचि जागृत हो सके। साथ ही शिक्षकों को नवीनतम तकनीक के अनुरूप अपने सतत व्यावसायिक विकास के अवसर भी मिलेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक क्षमता, रचनात्मकता और सृजनात्मकता का विकास करना है।
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ विश्वेश्वर कौशिक ने कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त नवीनतम शिक्षण विधियों और विषय में हुए सार्थक बदलावों को शिक्षकों को अपनी कक्षाओं तक पहुंचाना होगा, तभी इस प्रकार के प्रशिक्षण और कार्यशालाओं का वास्तविक उद्देश्य सार्थक सिद्ध हो पाएगा।
कार्यशाला के पहले दिन प्रवक्ताओं का स्वागत करते हुए उन्हें पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराया गया। इसके साथ ही प्रवक्ताओं का प्री-टेस्ट के माध्यम से मूल्यांकन भी किया गया। कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद पोस्ट-टेस्ट और इंपेक्ट स्टडी के जरिये इसकी सार्थकता का आकलन किया जाएगा।
विशेषज्ञों ने किया प्रवक्ताओं का मार्गदर्शन-
कार्यशाला में आईएफएससी इंचार्ज डा. ईश्वर चंद शर्मा तथा डीआरयू विंग प्रमुख नरेश कुमार गोयल मुख्य रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने प्रवक्ताओं को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
कार्यशाला के सफल आयोजन में गणित प्रवक्ता जितेंद्र यादव, महेश यादव, डा. ज्योति खन्ना, डा. किरण, डा. पूजा, विकास कुमार सहित डाइट का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा और अपना सहयोग दिया।
फोटो कैप्शन 04:कार्यशाला में संबोधित करते विशेषज्ञ।



सेवानिवृत्त नायब सूबेदार जयपाल सिंह का किया गया सम्मान
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कनीना की आवाज।
भारतीय सेना से नायब सूबेदार पद से सेवानिवृत्त जयपाल सिंह का अपने पैतृक गांव धनौन्दा पहुंचने पर ग्रामीणों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। बाबा दयाल पर आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि अतरलाल और चेयरमैन रतनसिंह के नेतृत्व में इलाके के गणमान्यों ने जयपाल सिंह को साफा ओढ़ाकर तथा प्रशस्ति पत्र भेंटकर राष्ट्र गौरव अवार्ड से सम्मानित किया। इस अवसर पर उनकी माता कमला देवी तथा धर्मपत्नी राजबाला को भी शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। अनेक ग्रामीणों ने नोटों की माला पहनाई तथा शॉल, माला, बुके, स्मृति चिह्न व अनेकों उपहार भेंट किए।
 मुख्य अतिथि अतरलाल ने जयपाल सिंह के सेना में 24 साल के दीर्घ सेवाकाल की सराहना करते हुए युवाओं से उनके जीवन से सीख लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जयपाल सिंह ने अपने मेहनत और कौशल से नायब सूबेदार का पद प्राप्त कर सिद्ध कर दिया की कोई भी चीज कठिन नहीं है। हौसला, मेहनत तथा अनुशासन से लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। सेवानिवृत्त जयपाल सिंह ने ग्रामीणों का धन्यवाद करते हुए कहा कि वे सेना की तरह ही अब ग्रामीणों के सहयोग से गांव के विकास के लिए काम करेंगे। उन्होंने युवाओं से सेना में भर्ती होने की अपील की। इस अवसर पर रतनसिंह चेयरमैन, राजेन्द्र सिंह नम्बरदार, सूबेदार माल सिंह, हव. भरत सिंह, घनश्याम प्रधान, पवन प्रधान, सुबेदार जीवनसिह, रामपाल सिंह शेखावत, टीकम सिंह शेखावत, कैलाश सेठ, दानसिंह प्रजापत, मा. प्रहलाद सिंह, रमेश सिंह चौहान, पृथ्वी सिंह, दीवान सिंह महला, कालूराम हलवाई, दलीप सिंह, अशोक सिंह पंच, पिताम्बर प्रधान, विजय सिंह, रामबिलास शर्मा, हव. बिरेन्द्र सिंह, सुरेन्द्र सिंह, महेन्द्र सिंह आदि सैकड़ों गणमान्य मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 01- सेवानिवृत्त नायब सूबेदार जयपाल सिंह को सम्मानित करते नेताजी अतरलाल व अन्य।



सिंगापुर की शैक्षणिक यात्रा से एस डियन्स  को मिलेगी नई उड़ान-आरएस यादव
-सीईओ आरएस यादव ने विश्वस्तरीय शिक्षा पद्धतियों को करीब से समझा
- शिक्षा को नई दिशा देने और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए
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कनीना की आवाज।
निरंतर नए प्रयास कर रहे एसडी








स्कूल ककराला के सीईओ आरएस यादव ने सिंगापुर की पांच दिवसीय शैक्षणिक यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की। यात्रा के दौरान उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों का दौरा कर वहां की आधुनिक एवं विश्वस्तरीय शिक्षा व्यवस्था को करीब से समझा।
इस दौरान उन्होंने वुडग्रोव प्राइमरी स्कूल एवं यिशुन सेकेंडरी स्कूल का विस्तृत भ्रमण किया तथा विद्यार्थियों और शिक्षकों से संवाद कर
वहां अपनाई जा रही शिक्षण पद्धतियों की जानकारी प्राप्त की।  विभिन्न  इसी के साथ कार्यशालाओं, परिचर्चा एवं शैक्षणिक सत्रों में
भाग लेकर आधुनिक शिक्षा के प्रभावी तरीकों को समझा। उन्होंने यह भी जाना
कि किस प्रकार विद्यार्थियों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास, समस्या-समाधान
की क्षमता एवं स्वतंत्र चिंतन को विकसित किया जा सकता है।
यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव नेशनल इंस्टीट्यूट आफ एजूकेशन  एवं
नानयांग टेक्नोलाजिकल यूनिवर्सिटी रहा। यहां उन्होंने शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ संवाद करते हुए नवीनतम शिक्षा पद्धतियों, प्रभावी शिक्षण तकनीकों, शिक्षकों की भूमिका तथा विद्यार्थियों में समझ एवं चिंतन विकसित करने के आधुनिक तरीकों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के समापन पर विश्वविद्यालय की ओर से जिम्मी टन द्वारा आरएस यादव को सहभागिता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया।
इस अवसर पर यादव ने कहा कि सिंगापुर की यात्रा के दौरान जो भी नई और प्रभावी शैक्षणिक पद्धतियां देखने और सीखने को मिली हैं, उन्हें   एसडी विद्यालय के विद्यार्थियों के हित में और बेहतर रूप में लागू करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिंगापुर की अनेक अच्छी शिक्षण पद्धतियां एस डी विद्यालय में पहले से ही अपनाई जा रही हैं और विद्यालय के शिक्षक विद्यार्थियों की शिक्षा, व्यवहारिक ज्ञान एवं व्यक्तित्व विकास के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नई गतिविधियों एवं आधुनिक शिक्षणपद्धतियों को शामिल कर विद्यार्थियों की समझ, आत्मविश्वास, रचनात्मकता,रुचि और भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
फोटो कैप्शन 02:सिंगापुर की शैक्षणिक यात्रा करते आरएस यादव

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