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Monday, August 31, 2026



 


कंवरपाल वाटर पंप आपरेटर हुए सेवानिवृत्त
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कनीना की आवाज।
कंवरपाल सिंहपाथेड़ा निवासी बतौर वाटर पंप आपरेटर सेवानिवृत्त हो गए हैं। उन्होंने लगभग 38 वर्ष 9 माह की गौरवपूर्ण सेवा पूर्ण की है। मिली जानकारी अनुसार 02 नवम्बर 1987, मास्ट्रोल में
लगभग 9 वर्ष पटौदी एरिया में सेवा की।
31 मार्च 1993 को नियमित सेवा में हुए।
1997 में महेंद्रगढ़ सब-डिवीजन में कार्यभार ग्रहण किया और सेवानिवृत्त हो गये हैं।
 इस मौके पर केके पूनिया, जयपाल कंवाली, राकेश कुमार, जसवंत कनीना, कनीना निवासी राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित डा. होशियार सिंह यादव, हेंद्रगढ़, अटेली तथा कई अन्य क्षेत्रों के विभाग के कर्मी, अधिकारी एवं अन्य जन मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 08: कंवरपाल को पगड़ी पहनाते हुए



33 वर्ष 4 माह 24 दिन की राजकीय सेवा के बाद गणित अध्यापक कैलाश चंद्र बंसल सेवानिवृत्त
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कनीना की आवाज।
 राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, कनीना में कार्यरत गणित अध्यापक कैलाश चंद्र बंसल 33 वर्ष 4 माह 24 दिन की दीर्घ राजकीय सेवा पूर्ण करने के बाद सेवानिवृत्त हो गए। उनके सम्मान में विद्यालय परिसर में भावपूर्ण सेवानिवृत्ति समारोह आयोजित किया गया। श्री बंसल ने 7 अप्रैल 1993 को बतौर गणित अध्यापक राजकीय सेवा में प्रवेश किया था और अपनी पूरी सेवा अवधि के दौरान गणित विषय के अध्यापन के प्रति समर्पित रहते हुए इसी पद से सेवानिवृत्त हुए।
समारोह के मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश यादव ने कहा कि शिक्षा का कार्य सबसे पुनीत कार्य है। एक शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने का कार्य नहीं करता, बल्कि वह विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा देने वाला वास्तविक पथ प्रदर्शक होता है। उन्होंने कहा कि कैलाश चंद्र बंसल ने अपने लंबे सेवाकाल में विद्यार्थियों को गणित विषय का ज्ञान देने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीना मंडी के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने कहा कि श्री बंसल की सेवाएं सदैव सराहनीय रही हैं। उन्होंने अपने सेवाकाल में लगभग आठ विद्यालयों में गणित अध्यापक के रूप में कार्य करते हुए विद्यार्थियों को विषय की मजबूत नींव प्रदान की। गणित जैसे विषय को सरल एवं रुचिकर ढंग से पढ़ाने के लिए उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने कहा कि श्री बंसल का अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणादायी है।
समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने श्री बंसल के स्वस्थ, सुखद एवं सक्रिय सेवानिवृत्त जीवन की कामना करते हुए उनके दीर्घ सेवाकाल के लिए आभार व्यक्त किया। विद्यालय स्टाफ की ओर से उन्हें स्मृति चिह्न एवं सम्मान स्वरूप उपहार भेंट कर भावभीनी विदाई दी गई।
इस अवसर पर कनीना क्षेत्र के अनेक समाजसेवी एवं गणमान्य लोग, सेवानिवृत्त प्रवक्ता सुभाष वर्मा, ओमप्रकाश सहायक, कनीना निवासी राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित डा. होशियार सिंह यादव, दीपचंद यादव, अध्यापिकाएं रूबी यादव, अनीता यादव, कश्मीरी, निर्मल, ओमप्रकाश पालीवाल, शालिनी प्रधान, सुनीता मेहरा, शीतल चौहान, बस्तीराम यादव, सुशील कुमार जांगड़ा, बाबूलाल सहित विद्यालय के स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान सहकर्मियों एवं शुभचिंतकों ने श्री बंसल के साथ बिताए सेवाकाल के संस्मरण साझा किए और उनके सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठा तथा विद्यार्थियों के प्रति समर्पण की सराहना की। कार्यक्रम भावपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
फोटो कैप्शन 10: कैलाश बंसल को सेवानिवृत्ति पर विदाई देते


40 वर्ष की सेवाओं के बाद डाइट महेंद्रगढ़ के अधीक्षक बाबूलाल यादव प्रधान सेवानिवृत्त
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कनीना की आवाज।
 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) महेंद्रगढ़ में अधीक्षक के पद पर कार्यरत बाबूलाल यादव प्रधान शिक्षा विभाग में करीब 40 वर्षों की उल्लेखनीय एवं समर्पित सेवाओं के बाद सेवानिवृत्त हो गए। उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों, प्राचार्यों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए उनके दीर्घ एवं उत्कृष्ट सेवाकाल की सराहना की।
बाबूलाल यादव प्रधान ने अपने करीब चार दशक लंबे सेवाकाल में शिक्षा विभाग में लिपिक, सहायक, उप-अधीक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अधीक्षक तथा डाइट महेंद्रगढ़ में अधीक्षक सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी कनीना, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय नारनौल तथा डाइट महेंद्रगढ़ के कार्यालय में भी अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
सेवाकाल के दौरान बाबूलाल यादव प्रधान ने प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ शिक्षा विभाग में कर्मचारियों के हितों के लिए भी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन (हेमसा) में जिला एवं प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी के रूप में कार्य करते हुए कर्मचारियों की समस्याओं और अधिकारों को लेकर अनेक बार प्रभावी ढंग से आवाज उठाई। कर्मचारियों के हितों के लिए उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।
शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता केवल विभागीय कार्यों तक सीमित नहीं रही। उन्होंने अपने गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मां सरस्वती की प्रतिमा की स्थापना करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा विद्यार्थियों के हित से जुड़े अनेक कार्यक्रमों में उन्होंने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
सेवानिवृत्ति समारोह में सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त, डा. बीर सिंह, हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, अटेली कालेज के प्राचार्य प्रवीण यादव, कनीना के प्राचार्य नरेश कौशिक, कनीना के खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश यादव, ओम प्रकाश सहायक राज कुमार यादव, कनीना निवासी राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित डा. होशियार सिंह यादव,हंस राज यादव, पंकज यादव सहित शिक्षा विभाग के अनेक अधिकारी, प्राचार्य, शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने कहा कि बाबूलाल यादव प्रधान ने अपने सेवाकाल में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और कर्मचारियों के प्रति सहयोगात्मक भावना के साथ कार्य किया। उनके अनुभव और सरल व्यवहार ने उन्हें विभाग में एक अलग पहचान दिलाई। वक्ताओं ने उनके स्वस्थ, सुखद एवं खुशहाल सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।
समारोह में बाबूलाल यादव प्रधान को स्मृति चिह्न एवं पुष्पमालाएं भेंट कर सम्मानित किया गया। भावुक माहौल में सहकर्मियों ने उनके साथ बिताए कार्यकाल के अनुभव साझा किए और कहा कि सरकारी सेवा से उनकी औपचारिक विदाई हुई है, लेकिन शिक्षा विभाग में उनके योगदान और सहयोग की स्मृतियां सदैव बनी रहेंगी।
फोटो कैप्शन 11 : बाबूलाल यादव सेवानिवृत्ति समारोह में विदाई देते हुए




33 वर्ष की शिक्षा विभाग में सेवाओं के बाद खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश यादव सेवानिवृत्त
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कनीना की आवाज।
 शिक्षा विभाग में करीब 33 वर्षों तक विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं देने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश यादव 30 अगस्त को सेवानिवृत्त हो गए। उनकी सेवानिवृत्ति पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों, प्राचार्यों, मुख्याध्यापकों एवं सहकर्मियों ने उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए उनके दीर्घ और सफल सेवाकाल की सराहना की।
सुरेश यादव ने अपने सेवाकाल में मुख्याध्यापक के रूप में कार्य करने के साथ-साथ एक दशक से अधिक समय तक माडल संस्कृति स्कूल, चरखी दादरी में प्राचार्य के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। इसके बाद उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी के रूप में भी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान दिया।
विदाई समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सुरेश यादव ने अपने पूरे सेवाकाल में कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और सौहार्दपूर्ण व्यवहार के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। मॉडल संस्कृति स्कूल चरखी दादरी में प्राचार्य के रूप में उनका लंबा कार्यकाल शिक्षा एवं विद्यालय प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय रहा।
इस अवसर पर प्राचार्य नरेश कौशिक, कनीना मंडी, हरीश सिहोर, कनीना निवासी राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित डा. होशियार सिंह यादव, बाबूलाल, सुंदरह, धर्मवीर खेड़ी-तलवाना, हेडमास्टर शुभ करण यादव, सत्य प्रकाश सहित खंड के सभी प्राचार्य एवं मुख्याध्यापक मौजूद रहे। सभी ने सुरेश यादव को सेवानिवृत्ति के बाद स्वस्थ, सुखद एवं सक्रिय जीवन की शुभकामनाएं दीं।
समारोह के दौरान सहकर्मियों ने उनके साथ बिताए सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग में उनकी सेवाएं और सहयोगी स्वभाव लंबे समय तक याद रखा जाएगा। अधिकारियों एवं शिक्षकों ने उन्हें स्मृति चिह्न एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।
फोटो कैप्शन 09: बीइओ सेवानिवृत्ति समारोह


 निधि शर्मा ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा की पास
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कनीना की आवाज।
कारोली की निधि शर्मा ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा जून 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा जारी परिणाम के अनुसार निधि शर्मा ने भूगोल विषय में सहायक प्रोफेसर बनने तथा पीएचडी में प्रवेश के लिए पात्रता प्राप्त की है।
निधि शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता सतीश कुमार शर्मा, माता सुमन शर्मा, दादा कमलेश शर्मा, गुरुजनों तथा परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने बताया कि नियमित अध्ययन, निर्धारित लक्ष्य और निरंतर अभ्यास के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
बीआर आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेहलंग की प्राचार्या ज्योति भारद्वाज ने निधि शर्मा को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां आज शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं।
निधि की सफलता अन्य विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए प्रेरित करेगी।
विद्यालय के चेयरमैन हरीश भारद्वाज ने निधि शर्मा एवं उनके परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। दृढ़ संकल्प, अनुशासन और कठिन परिश्रम के बल पर विद्यार्थी किसी भी बड़े लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने निधि के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि वह शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां प्राप्त करेंगी।
फोटो कैप्शन- निधि शर्मा




अंतर-विद्यालय सड़क सुरक्षा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में बीआर स्कूल के विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन
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कनीना की आवाज।
शिक्षा विभाग, हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित अंतर-विद्यालय सड़क सुरक्षा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में बी.आर. आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सेहलंग के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की कक्षाओं के आधार पर प्रतियोगिता को तीन स्तरों में विभाजित किया गया था।
लेवल-1 (कक्षा पहली से पांचवीं) में कक्षा तीसरी के देवांश ने प्रथम, कक्षा चौथी की रिया ने द्वितीय तथा कक्षा पांचवीं की प्ररेणा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
लेवल-2 (कक्षा छठी से आठवीं) में कक्षा आठवीं के जयेश ने प्रथम, हर्षित ने द्वितीय तथा आरव ने तृतीय स्थान हासिल किया।
लेवल-3 (कक्षा नौवीं से बारहवीं) में कक्षा ग्यारहवीं की साक्षी पुत्री मनोज ने प्रथम तथा कक्षा बारहवीं के यश पुत्र मुकेश ने द्वितीय और सुमित पुत्र अमर सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय को गौरवान्वित किया।
विद्यालय की प्राचार्या ज्योति भारद्वाज ने विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी प्रत्येक नागरिक के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के ज्ञान एवं जागरूकता को बढ़ाने के साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करती हैं।
विद्यालय के चेयरमैन हरीश भारद्वाज ने विजेता विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और मार्गदर्शक शिक्षकों को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता उनके परिश्रम और शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी शैक्षणिक एवं जागरूकता संबंधी प्रतियोगिताओं में सक्रिय भागीदारी करते हुए विद्यालय का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
फोटो कैप्शन 06:अंतर-विद्यालय सड़क सुरक्षा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता की परीक्षा देते




पढ़ाई को लेकर डांट से नाराज होकर घर से निकला नाबालिग बच्चा
- महेंद्रगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई से करीब तीन घंटे में सुरक्षित बरामद
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कनीना की आवाज।
30 अगस्त की शाम घर से नाराज होकर निकले एक नाबालिग बच्चे को महेंद्रगढ़ पुलिस ने करीब तीन घंटे के गहन तलाशी अभियान के बाद सुरक्षित बरामद कर उसके परिजनों के हवाले किया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक फैजल खान ने बताया 30 अगस्त को शाम करीब 7 बजे एक नाबालिग बच्चा पढ़ाई को लेकर माता-पिता द्वारा डांटे जाने से नाराज होकर साइकिल लेकर घर से निकल गया। परिजनों ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन बच्चे का कहीं पता नहीं चला। इसके बाद चिंतित परिजनों ने करीब साढ़े 7 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।
सूचना मिलते ही महेंद्रगढ़ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। थाना सिटी महेंद्रगढ़ टीम के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों की डायल 112 टीमों को भी बच्चे के संबंध में आवश्यक जानकारी देकर सतर्क किया गया। पुलिस द्वारा महेंद्रगढ़ शहर के प्रमुख स्थानों, संभावित मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर बच्चे की तलाश शुरू की गई।
तलाश अभियान के दौरान पुलिस को महेंद्रगढ़ बस स्टैंड पर बच्चे की साइकिल मिली। इसके बाद पुलिस ने बस स्टैंड एवं आसपास के क्षेत्र में गहन तलाशी की, लेकिन बच्चा वहां नहीं मिला। पुलिस टीम ने तकनीकी एवं मानवीय सहायता से तलाश को आगे बढ़ाते हुए संभावित स्थानों की लगातार जांच की।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि बच्चा रेलवे स्टेशन की ओर जा सकता है। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर वहां तलाश शुरू की। पुलिस की तत्परता से बच्चे को रेलवे स्टेशन से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित अपने साथ लिया तथा उसकी साइकिल भी बरामद कर परिजनों को सौंप दी।
इस प्रकार पुलिस द्वारा करीब तीन घंटे के गहन तलाशी अभियान के दौरान बच्चे को लगभग रात 10:30 बजे सुरक्षित बरामद कर उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया।
बच्चे की सुरक्षित बरामदगी के बाद पुलिस द्वारा उसके माता-पिता की भी काउंसलिंग की गई। उन्हें समझाया गया कि बच्चों पर पढ़ाई को लेकर अनावश्यक दबाव न बनाया जाए तथा उनकी भावनाओं एवं मानसिक स्थिति को समझते हुए उनसे संवाद किया जाए, ताकि बच्चे किसी परेशानी की स्थिति में घर से बाहर जाने जैसा कदम न उठाएं। बच्चे के परिजनों ने महेंद्रगढ़ पुलिस द्वारा तत्परता से कार्रवाई करते हुए बच्चे को सुरक्षित बरामद करने पर पुलिस टीम का तहेदिल से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।







जिले के पांचों शहरों में पानी व सीवर कनेक्शन वैध करने का अभियान जारी
-अभियान के बाद अवैध कनेक्शनधारियों पर होगी विभागीय कार्रवाई-अधीक्षक अभियंता
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कनीना की आवाज।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, परिमंडल नारनौल द्वारा जिले के पांचों शहरों के नागरिकों
के लिए जल एवं सीवरेज कनेक्शन स्वीकृति अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत नागरिक अपने अवैध एवं अनधिकृत जल एवं सीवरेज कनेक्शनों को बिना किसी कनेक्शन शुल्क के स्वीकृत एवं नियमित करवा सकते हैं।
अधीक्षक अभियंता एस.पी. जोशी ने बताया कि अभियान के तहत अभी तक किए गए सर्वे के दौरान अटेली शहर में 82 जल एवं 145 सीवरेज कनेक्शन, कनीना में 68 जल एवं 202 सीवरेज कनेक्शन, महेंद्रगढ़ में 96 जल एवं 312 सीवरेज कनेक्शन, नांगल चौधरी में 279 जल एवं 623 सीवरेज कनेक्शन तथा नारनौल में 158 जल एवं 261 सीवरेज कनेक्शन वैध किए जा चुके हैं। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे अपने कनेक्शनों को जल्द से जल्द वैध एवं नियमित करवाएं।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत केवल जल कनेक्शन, केवल सीवरेज कनेक्शन अथवा जल एवं सीवरेज दोनों कनेक्शन स्वीकृत करवाए जा सकते हैं। जल एवं सीवरेज कनेक्शनों की बिलिंग विभाग द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार की जाएगी। उन्होंने बताया कि जल एवं सीवरेज कनेक्शन के आवेदन फार्म विभागीय टीम के पास तथा संबंधित कार्यालयों में उपलब्ध हैं।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज-नागरिकों को कनेक्शन स्वीकृति के लिए आवेदन करते समय ये दस्तावेज उपलब्ध करवाने होंगे
फोटो पहचान पत्र, परिवार पहचान पत्र, संपत्ति/मालिकाना हक का प्रमाण निर्धारित आवेदन पत्र।
अधीक्षक अभियंता ने नागरिकों से अपील की कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र जमा करवाकर अपने अवैध अथवा अनधिकृत कनेक्शनों को समय रहते नियमित करवाएं।
मीटर एवं रोड कटिंग शुल्क भी नहीं-
अभियान के प्रमुख लाभों की जानकारी देते हुए अधीक्षक अभियंता एस.पी. जोशी ने बताया कि इस विशेष अभियान के दौरान नागरिकों से कोई भारी फाइल/कनेक्शन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा मीटर लगाने का कोई शुल्क तथा रोड कटिंग/रोड कट शुल्क भी नहीं लिया जाएगा।
घर-घर सर्वे के माध्यम से अनधिकृत कनेक्शनों की पहचान-
उन्होंने बताया कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा जिले के सभी पांचों शहरों में डोर-टू-डोर सर्वे भी करवाया जा रहा है। सर्वे के दौरान अवैध एवं अनधिकृत जल एवं सीवरेज कनेक्शनों की पहचान की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सर्वे के दौरान अपने कनेक्शनों से संबंधित सही जानकारी उपलब्ध करवाएं और इस अभियान का लाभ उठाकर अपने अनधिकृत कनेक्शनों को नियमित करवा लें।
अभियान की अवधि के बाद होगी विभागीय कार्रवाई--
अधीक्षक अभियंता ने स्पष्ट किया कि यह अभियान नागरिकों को अपने अवैध एवं अनधिकृत जल एवं सीवरेज कनेक्शनों को बिना किसी कनेक्शन शुल्क के स्वीकृत एवं नियमित करवाने का अवसर प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि अभियान की अवधि समाप्त होने के बाद पाए जाने वाले सभी अवैध एवं अनधिकृत जल एवं सीवरेज कनेक्शनों को डिस्कनेक्ट किया जाएगा। इसके पश्चात नया कनेक्शन निर्धारित पेनल्टी एवं लागू शुल्क जमा करवाने के बाद ही स्वीकृत किया जाएगा।
अधीक्षक अभियंता एस.पी. जोशी ने जिले के पांचों शहरों के नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने जल एवं सीवरेज कनेक्शनों को समय रहते नियमित एवं वैध करवाएं। इससे न केवल नागरिकों को भविष्य की विभागीय कार्रवाई से राहत मिलेगी, बल्कि शहरों में पेयजल एवं सीवरेज व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने में भी सहायता मिलेगी।
फोटो कैप्शन 07:डोर-टू-डोर सर्वे करती जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की टीम।





सुरेश कुमार सेहलंग निवासी बतौर खंड शिक्षा अधिकारी कनीना सेवानिवृत्त हुए
16 मार्च 2026 को बने थे बीइओ कनीना
-आधा दर्जन कर्मी हुए हैं सेवानिवृत्त
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कनीना की आवाज।
कनीना में सेहलंग निवासी सुरेश यादव 31 अगस्त 2026 को 31 सालों की सेवा करके बतौर खंड शिक्षा अधिकारी कनीना सेवानिवृत्त हो गए हैं। उन्होंने 16 मार्च 2026 को कार्यभार ग्रहण किया था।
 मिली जानकारी अनुसार सुरेश कुमार ने 24 नवंबर 1995 में बवाना में बतौर जेबीटी शिक्षक शुरुआत की थी। तत्पश्चात लावन में सीआरसी बने। धनौदा में विज्ञान अध्यापक रहे। तत्पश्चात रेवाड़ी के लखी गांव में मुख्य अध्यापक बने। बालरोड में भी मुख्याध्यापक रहे। स्याणा में प्रिंसिपल बतौर कार्य किया। तत्पश्चात 4 जनवरी 2016 को चरखी दादरी में बतौर प्राचार्य कार्यभार ग्रहण किया था। अब वो सेवानिवृत्त होंगे।
 बाबूलाल यादव प्रधान शिक्षा विभाग से बतौर अधीक्षक हुए सेवानिवृत्त
-40 सालों की सेवा की है पूर्ण---

 बाबूलाल यादव प्रधान शिक्षा विभाग से बतौर अधीक्षक सेवानिवृत्त हो गए हैं। उन्होंने 40 सालों की लंबी सेवा शिक्षा विभाग को दी है।
16 अगस्त 1968 को करीरा में जन्मे बाबूलाल ने 27 जून 1986 को करीरा स्कूल से सेवा देनी शुरू की थी। करीरा में 28 सालों की सेवा दी है। वर्ष 2014 में वे बीइओ कनीना कार्यालय में एसिस्टेंट बने और 8 वर्षों की सेवा दी। वर्ष 2022 में डीइओ नारनौल उपाधीक्षक बने और अढ़ाई साल सेवा दी। 5 फरवरी 2025 को पदोन्नति पाकर वे डाइट महेंद्रगढ़ में अधीक्षक बने और अब वहां से सेवानिवृत्त गए हैं।
होनहार विरवान के  होत चिकने पात पंक्ति को चरित्रार्थ करने वाले और एक साधारण परिवार गांव करीरा में जन्मे बाबूलाल यादव बचपन से ही मेधावी एवं प्रतिभा संपन्न  विधार्थी रहें हैं ।
संस्कारों की शिक्षा- दीक्षा पारिवारिक पृष्ठभूमि से ही रही है अपने काम के प्रति लगन, निष्ठा  समाज सेवा एवं जनकल्याण की भावना आदि संस्कार इन्हें विरासत में मिले हैं जिसके परिणाम स्वरूप शिक्षा विभाग में बतौर लिपिक के पद पर दिनांक 27 जून 1986 को राजकीय उच्च विद्यालय करीरा में अपने कार्य की शुरुआत की।
उन्होंने  अपनी ड्यूटी को बड़ी ही पूर्णतया ईमानदारी, लगन ,निष्ठा, स्पष्टता एवं पारदर्शिता के साथ लगभग 28 वर्ष तक लिपिक के पद पर कार्य किया ।
उनकीं उल्लेखनीय सेवा और कार्यशैली को देखते हुए विभाग के द्वारा  वर्ष 2014 में सहायक असिस्टेंट के पद पर पदोन्नत  होकर खंड शिक्षा कार्यालय कनीना में कार्यभार संभाला और लगभग 7 वर्ष तक उन्होंने अपनी ड्यूटी को बखूबी निभाया और समय पर विभाग के कार्यों को पूरा करना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है तथा जन- कल्याण के कार्यों के प्रति सेवा भाव इनकीं रग- रग में भरा हुआ था। जिसके कारण उन्होंने हेमसा  (लिपिक वर्ग) संगठन में बतौर जिला प्रधान रहते हुए अपने संगठन के कार्यों को बखूबी निभाया और लिपिक वर्ग को सम्मान एवं गौरव के स्थान पर पहुंचाया।  वर्ष 2021 में शिक्षा विभाग द्वारा सहायक अधीक्षक के पद पर पदोन्नत होकर  जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय नारनौल में कार्यग्रहण किया। अपने कार्यों में एकाग्रता, संगठन को साथ लेकर चलने का नेतृत्व एवं मिलनसार व्यक्तित्व की धनी और कार्यों के प्रति समर्पण भाव आदि विशेषताओं से जाने जाते हैं। इनकीं उल्लेखनीय कार्यशैली के कारण ही वर्तमान में  दिनांक 31 दिसंबर 2024 को शिक्षा विभाग द्वारा अधीक्षक पदोन्नति की सूची जारी की गई है जिसमें अधीक्षक बने। अधीक्षक बतौर अब सेवानिवृत्त हो गए हैं।
33 सालों की सेवा करके कैलाश गुप्ता गणित अध्यापक हुए सेवानिवृत्त-
 कनीना के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय से 33 वर्ष 4 महीने 24 दिन की सेवा पूरी करके गणित अध्यापक कैलाश गुप्ता सेवानिवृत्त हो गए हैं। 7 अप्रैल 1993 को उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया और 2013 तक धनौंदा के उच्च विद्यालय में गणित शिक्षक रहे। 2013 से 2017 तक खरकड़ा बास में मुख्य अध्यापक रहे तत्पश्चात 2018 से 2022 ढाणा के मिडिल स्कूल  में मुख्याध्यापक रहे। 2022 से 31 अगस्त 2026 तक कनीना के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय में सेवा दी है। इसी अवधि में उन्होंने सतनाली, रतेरा, खुडाना, खातोदड़ा आदि स्कूलों में भी कुछ समय सेवा दी है।
कंवरपाल वाटर पंप आपरेटर हुए सेवानिवृत्त--
 कंवरपाल सिंहपाथेड़ा निवासी बतौर वाटर पंप आपरेटर सेवानिवृत्त हो गए हैं। उन्होंने लगभग 38 वर्ष 9 माह की गौरवपूर्ण सेवा पूर्ण की है। मिली जानकारी अनुसार 02 नवम्बर 1987, मास्ट्रोल में
लगभग 9 वर्ष पटौदी एरिया में सेवा की।
31 मार्च 1993 को नियमित सेवा में हुए।
1997 में महेंद्रगढ़ सब-डिवीजन में कार्यभार ग्रहण किया और सेवानिवृत्त हो गये हैं।
इसके अतिरिक्त सतीश कुमार प्राचार्य पोता आदि भी सेवानिवृत्त हो गए हैं।
फोटो कैप्शन 05: बीईओ,बाबूलाल, कैलाश गुप्ता, कंवरपाल



 निधि शर्मा ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा की पास
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कनीना की आवाज।
  निधि शर्मा ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा जून 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा जारी परिणाम के अनुसार निधि शर्मा ने भूगोल विषय में सहायक प्रोफेसर बनने तथा पीएचडी में प्रवेश के लिए पात्रता प्राप्त की है।
निधि शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता सतीश कुमार शर्मा, माता सुमन शर्मा, दादा कमलेश शर्मा, गुरुजनों तथा परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने बताया कि नियमित अध्ययन, निर्धारित लक्ष्य और निरंतर अभ्यास के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
फोटो कैप्शन- निधि शर्मा


नपा के सफाई कर्मियों की काम छोड़ हड़ताल 26वें दिन भी जारी
-मांगे नहीं मानी तो 3 सितंबर तक रहेगी हड़ताल
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कनीना की आवाज।
नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर पालिका सफाई कर्मचारी 26वें दिन भी हड़ताल पर रहे। । सभी सफाई कर्मचारियों की काम छोड़ हड़ताल जारी रही। कर्मियों का कहना है कि सरकार ने अभी तक उनकी मांगें नहीं मानी हैं जिसके कारण हड़ताल तीन सितंबर तक बढ़ा दी गई है। कनीना में  इस हड़ताल की अध्यक्षता सचिन सुनील कुमार कोषाध्यक्ष करेंगे।
  यूनिट कनीना प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि सभी कर्मी हड़ताल पर हैं। उनकी प्रमुख मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेका प्रथा बंद करने, एचकेआरएन खत्म करने, समान काम का समान वेतन लागू करने की प्रमुख हैं। लेकिन सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है।
उनका कहना है कि कर्मचारियों को शहर की सफाई का काम जान हथेली पर रखकर करना पड़ता है।  उनका कहना है कि सरकार के 13 मई को समझौता हुआ था जिस पर सरकार ने कहा था कि हमें 30 जून 2026 तक का समय दिया जाए, आपकी जितनी मांग है सभी पूरी की जाएगी लेकिन सरकार ने अभी तक कोई मांग पूरी नहीं की है।
गंदगी के ढ़ेर-
कनीना के विभिन्न स्थानों पर गंदगी के ढ़ेर लग गए हैं।  लोग बेहद परेशान हैं। जगह जगह गंदगी के ढेरों में आवारा जंतु मंडराते रहते हैं।
  इस मौके पर अशोक कुमार उप प्रधान, योगेश कुमार, राकेश कुमार, जमादार नवीन कुमार, कर्मवीर, सुभाष, सोनू, शशि बाला, रतनलाल, राजेश, प्रदीप, पवन, संजय व सभी कर्मचारी हड़ताल में उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 03: सफाई कर्मी कनीना हड़ताल पर




सूख चली है बाजरा, मूंग और कपास की फसल
-नहीं मिल रही किसानों को राहत
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में बड़ी मुश्किल से किसानों द्वारा उगाई गई बाजरा मूंग और कपास की फसल वर्षा अभाव में सूखने लगी है। अगर एक दो रोज में वर्षा नहीं हुई तो किसानों की सारी मेहनत मिट्टी में मिल जाएगी। किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, योगेश कुमार आदि ने बताया कि जून में उन्होंने बड़ी मुश्किल से बाजरे के अलावा मूंग एवं कपास की फसल उगाई थी। उन्हें आशा थी किबहुत बेहतर पैदावार होगी क्योंकि सावन माह में 10 अगस्त तक वर्षा हुई इसके बाद वर्षा नहीं हुई। किसान टकटकी लगाकर आकाश की ओर देखते रहते हैं किंतु कोई वर्षा नहीं हुई है। जिसके चलते अब फसल तबाह होने के कगार पर पहुंच गई है। किसानों का कहना है कि यदि एक दो रोज में वर्षा नहीं हुई तो उनकी सारी फसल तबाह हो जाएगी। चारा और अनाज के काम आती है फसल पैदावार-
 बाजरा जिसे श्रीअन्न व मोटा और नाम से भी जाना जाता है। विशेष कर दक्षिण हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि क्षेत्रों में रोटी बनाकर सर्दियों में खाने के लिए काम में लाया जाता है। वैसे भी किसानों के लिए एमएसपी 2900 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया हुआ है। किसानों को आशा थी कि बेहतर पैदावार होगी और वो अपने सभी कर्जा उतारकर बेहतर जीवन जी सकेंगे लेकिन बाजरे पर भुट्टे तो आ गए, इसके बाद वर्षा नहीं हुई। परिणाम खेतों में खड़ी फसल सूखने लग गई है। किसान मायूस है।
चारे के लिए भी काम में लाई जाती है फसल- बाजरा फसल चारे के भी काम में लाई जाती है लेकिन किसान सूखने वाली फसल को लेकर चिंतित हैं। चारे की भी समस्या बन सकती है। किसानों का कहना है कि अब तो वर्षा ही एकमात्र विकल्प है।
ट्यूबवेलों से सिंचाई-
किसान बड़े परेशान हैं और ट्यूबवेलों से सिंचाई करनी शुरू कर दी है। जिन किसानों के पास पर्याप्त संसाधन है वो ट्यूबवेलों से सिंचाई करके अपनी फसल को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। और जिनके पास ट्यूबवेल नहीं है वो केवल अपनी  बर्बाद होने वाली फसल को निहार रहे हैं।
कम वर्षा हुई-
इस बार जहां जून-जुलाई में कुछ वर्षा होने के बाद अगस्त 10 तक ही कुछ वर्षा कनीनाऔर आसपास क्षेत्रों में हुई। इसके बाद वर्षा की एक बूंद भी नहीं आई जिससे किसानों की सारी मेहनत मिट्टी में मिलती नजर आ रही है। किसान मायूस और सरकार से मांग की है कि उन्हें बर्बाद हो रही बाजरे की फसल का मुआवजा दिया जाए।
 फोटो कैप्शन 01 और 02: कनीना क्षेत्र में सूख रही बाजरे की फसल





















शिक्षण संस्थान को दोबारा शुरू करवाने के लिए हुई समीक्षा बैठक
बैठक की अध्यक्षता करते हुए हरेंद्र शर्मा ने कहा कि अब हर रविवार एवं अवकाश के दिन होगी कार्यप्रणाली की समीक्षा
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कनीना की आवाज।  हरेंद्र शर्मा ने कहा कि आज की बैठक कनीना में पिछले कई वर्षों से बंद पड़े ष्ठ्रङ्क शिक्षण संस्थान को दोबारा शुरू करवाने की मांग को लेकर आला अधिकारियों एवं संबंधित जिम्मेदार संस्थाओं को ज्ञापन देने के बाद रविवार शाम को आगे की कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर एवं आसपास के क्षेत्र के नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अभियान को लेकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव एवं विचार रखे।
बैठक में शामिल लोगों की सहमति से ये निर्णय लिया गया कि अब आगे हस्ताक्षर अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। बैठक में ये तय किया गया कि कनीना के प्रत्येक वार्ड में पार्षदों सहित प्रमुख नागरिकों, शिक्षाविदों, युवाओं एवं अन्य जागरूक लोगों से हस्ताक्षर करवाकर जनसमर्थन जुटाया जाएगा।
बैठक में सर्वसम्मति से यह भी निर्णय लिया गया कि जब तक ष्ठ्रङ्क शिक्षण संस्थान को पुन: शुरू करवाने की दिशा में ठोस परिणाम सामने नहीं आते, तब तक प्रत्येक रविवार एवं अवकाश के दिन बैठक कर अभियान की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाएगी और आगामी रणनीति तय की जाएगी।
बैठक में उपस्थित नागरिकों ने कहा कि यह अभियान किसी राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराने और आने वाली पीढिय़ों के बेहतर भविष्य के लिए जनहित का प्रयास है। बैठक में कई जन शामिल हुए।
फोटो कैप्शन 04: डीएवी समक्ष बैठक में मंथन करते




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