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Saturday, July 6, 2024


 

किसी को नौकरी लगवाना आसान किंतु एसीपी लगवाना कठिन
 -सेवानिवृत्त हो जाते हैं किंतु नहीं मिलती एसीपी
-पीएम को की है शिकायत नहीं सुनी तो राष्ट्रपति को की जाएगी शिकायत
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कनीना की आवाज,कनीना। कहने को तो शिक्षा विभाग सबसे अच्छा माना जाता है परंतु इस विभाग में घोर लापरवाही देखने को मिल रही है। एक तरफ शिक्षा मंत्री बयान दे रही है कि किसी प्रकार का कार्य किसी कर्मचारी का नहीं रुकना चाहिए किंतु हकीकत इससे उलट है। ऐसे सैकड़ो कर्मचारी मिल जाएंगे जिनका 5 वर्षों से एसीपी/ एश्योर्ड कैरियर प्रोग्रेशन नहीं मिला है। यह एक प्रकार की वेतन वृद्धि है जो आठ साल तत्पश्चात 16 तत्पश्चात 24 साल पूरे करने पर मिलती है। अधिकतम तीन एसीपी एक कर्मचारी को मिल सकती है किंतु ऐसे कर्मचारी है जो सेवानिवृत्ति के बाद भी कई वर्षों तक अपना संघर्ष जारी रखते हैं किंतु उनका एसीपी नहीं दिया जाता। फाइलें अधिकारियों के पास पड़ी रहती है और अधिकारी के मन में शायद कोई खोट है इसके कारण वह फाइलों का आगे नहीं सरकते। आजकल तो आनलाइन फाइल है कभी आफलाइन हुआ करती थी। आनलाइन फाइल को आगे भेजने ने में चंद सेकंड लगते हैं किंतु चंद सालों तक भी यह फाइल आगे नहीं सरकती। एक अधिकारी के पास नहीं अपितु 5 से 7 अधिकारियों के पास फाइल जाती है जिसके चलते शिक्षक एवं कर्मी परेशान हो जाते हैं।  पूर्व अध्यापक नेता सुनील कुमार,धर्मपाल शर्मा आदि ने बताया कि जिस प्रकार कर्मचारियों को बेहद परेशान किया जाता है उससे स्पष्ट है कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। एक कर्मचारी नौकरी पाने के लिए इतनी अधिक मेहनत नहीं कर पाता जितनी एसीपी पाने में करता है। विशेषकर एसओ/ सेक्शन आफिसर बेहद परेशान करते हैं। यह किसी एक जिले में नहीं अपितु पूरे ही प्रदेश की हालात है।
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग कार्यालय में तो बहुत अधिक अंधेरगर्दी है, न कोई सुनने वाला है और ना किसी की समस्या का समाधान होता। जब एसीपी की बात आती है तो सब कुछ मौन हो जाता है। कर्मचारी बार-बार सरकार से मांग कर रहे हैं कि एसीपी के निपटारे का अधिकार संबंधित मुखिया को दिया जाना चाहिए ताकि उसको अच्छी प्रकार ने निपटारा कर सके। कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से परेशान ना होना पड़े। एसीपी लगवाने के लिए एक शिक्षक चंडीगढ़ जाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया जो आज तक बेड से नहीं उठ पा रहा है। कितने ही समस्याएं झेल रहे हैं,  नेमीचंद नामक शिक्षक सेवानिवृत्त होने के बाद न्यायालय के चक्कर काट रहा है ताकि उनको एसीपी मिल सके, कितने ऐसे कर्मचारी है जिनके सेवानिवृत्ति को कई वर्ष हो गए किंतु उनका एसीपी नहीं मिला है। उन्होंने शिक्षा मंत्री से मांग की है कि या तो ऐसा आदेश जारी किया जाए कि जिस भी टेबल पर किसी कर्मचारी की आनलाइन फाइल तीन दिन से अधिक रुकती है उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई  की जाएगी या फिर एसीपी लगाने का प्रावधान संबंधित मुखिया को दिया जाए ताकि सारी समस्या हल हो जाए किंतु जब तक यह अधिकार उन्होंने नहीं दिया जाएगा तब तक यूं ही शिक्षक परेशानियों का सामना करते रहेंगे। शिक्षा मंत्री को भी संदेश भिजवाया गया है।  उधर बीईओ, डीइइओ, डीइओ सभी यह कहकर पल्लू झाड़ लेते हैं कि उनके पास किसी कर्मी की कोई फाइल पेंडिंग नहीं है। ऐसे में चंडीगढ़ जाकर फाइल रुक जाती है।
  यह कोई एक मामला नहीं अपितु एलटीसी लेनी हो तो विभिन्न कार्यालयों के चक्कर काट काटकर थक जाओ नहीं मिलेगी किंतु एलटीसी पास करवाने के नाम पर एक कर्मी की एलटीसी के 500 से 800 रुपये देने पड़ते हैं वहीं एलटीसी के बजट के नाम पर 500 रुपये प्रति कर्मी ऐंठ लिये जाते हैं। शिक्षा विभाग का रवैया बेहद खराब है। छोटे छोटे कामों के लिए फाइल को लेकर चक्कर लगाते रहो जब तक रिश्वत न ले ले तब तक ऐतराज लगते रहते हैं और रिश्वत दे दो तो सभी ऐतराज एक पल में ही दूर हो जाते हैं। इसे कहते हैं दाम बनाये काम। सरकार बदल जाए किंतु शिक्षा विभाग का रवैया भ्रष्ट मिलेगा। एक ऐसे अधिकारी की जरूरत है जो शिक्षकों की हर समस्या को हल करवाने में सक्षम हो।
 





 श्रावण माह की तैयारियां शुरू
शिव आराधना का माह सावन, कावडिये होंगे हरिद्वार के लिए रवाना              
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कनीना की आवाज,कनीना। 22 जुलाई से सावन माह शुरू होगा जो 19 अगस्त तक चलेगा। 21 जुलाई की गुरू पूर्णिमा है जब हरिद्वार में सबसे अधिक भक्त पहुंचते हैं। देशभर में श्रावण माह में कई स्थानों पर मेले लगते हैं, पींग पर झूलने की प्रथा , तीज का पर्व, पतंगबाजी तथा रक्षा बंधन का त्यौहार भी इसी माह से जुड़े हुए हैं। हरियाणा के बाघोत स्थित बाघेश्वर धाम का प्रसिद्ध मेला भी सावन माह में 2 अगस्त को लगेगा। ऐसे में श्रावण माह को त्योहारों का माह कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगा।  गुरु पूर्णिमा के अगले दिन से सावन शुरू होता है तथा रक्षा बंधन पर समाप्त हो जाएगा।  
   भीषण गर्मी से जहां राहत मिलती है वहीं दिन को झूला झूलने तथा रात के समय श्रावणी गीतों की गूंज सुनाई पड़ती है जो मन को मोह लेती है। श्रावण माह के आते ही ऊंचे वृक्षों पर झूले डाल दिए जाते हैं जिन पर बच्चियां व महिलाएं दिनभर झूलती रहती हैं।
    श्रावण/सावन माह की तीज का यूं तो पूरे देश में ही महत्व है किंतु ग्रामीण क्षेत्रों में पतंगबाजी करके यह पर्व मनाया जाता है। ज्यों-ज्यों यह पर्व पास आता है त्यों-त्यों पतंगबाजी तेज हो जाती है। तीज के दिन अंतिम बार पतंगबाजी की जाती है। अच्छी वर्षा व सुहावना मौसम के साथ--साथ लहलहाती फसल को देखकर युवा वर्ग पूर्णतया पतंगबाजी में खो जाता है। तीज पूर्व सिंधारा आता है जब घेवर मिठाई की बहार देखने को मिलती है। अपनी विवाहित लड़की के लिए मां-बाप घेवर की मिठाई भेजते हैं। पूरे माह पकवान बनते हैं तथा गीत गूंजते रहते हैं। पदमावत के गीतों से कम इनमें भी विरह नहीं होता।
 श्रावण माह के शुरू होते ही बम-बम की जयघोष शुरू हो जाती है। भारी संख्या में भक्तजन नीलकंठ व हरिद्वार जाते हैं और वहां से कांवर लाकर शिवालयों में गंगाजल चढ़ाते हैं। शिवालयों में तांता लगता है वहीं पूरे माह व्रत चलता है। भक्तजन गंगा में डुबकी लगाते हैं और शिवालयों में जाकर भक्ति करते हैं।  श्रावण माह के अंत में भाई-बहन के प्यार को इंगित करने वाला रक्षा बंधन का पर्व आता है। भाई अपनी बहन के पास अपनी कलाई पर रक्षासूत्र बंधवाने बहन के पास जाता है। बहन कहीं भी हो वह अपने भाई के आने का इंतजार करती है। इस पर्व का ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व भी है।  सुमेर सिंह चेयरमैन, वेदप्रकाश, मिंटू आदि कांवडिय़ों ने बताया कि सावन माह की तैयारियां पूर्ण हो गई हैं और वे हरिद्वार ट्रेन से जाएंगे। पांच दिनों में हरिद्वार से कावड़ लाकर बाघेश्वर धाम पर अर्पित कर देंगे।




 विश्व चाकलेट दिवस- 7 जुलाई
चाकलेट खाने के होते हैं शरीर को लाभ -डाक्टर
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कनीना की आवाज,कनीना। चाकलेट का नाम लेते बच्चे और बूढ़े सभी प्रसन्नचित नजर आते हैं। चाकलेट खाने का रिवाज बढ़ता ही जा रहा है, विशेष कर छोटे बच्चे जो किसी के जन्मदिन या उत्सव में जाते हैं तो सबसे अधिक पसंद चाकलेट को करते हैं। यह दिन उन्हीं को समर्पित है।
चाकलेट खाने से जहां लाभ भी माने जाते हैं तो कुछ हानियां भी बताई जाती है। बच्चे रमन, अमीश, हर्ष, दिनेश आदि ने बताया कि उन्हें चाकलेट बहुत पसंद हैं। वे अक्सर किसी भी कार्यक्रम में जाते हैं तो चाकलेट जरूर खाते हैं। चाकलेट वास्तव में कई रूपों में मिलती है, जिनके लाभ अधिक बताए जाते हैं।
डाक्टर जितेंद्र मोरवाल से इस संबंध में बात की तो उन्होंने बताया कि अभी तक चाकलेट खाने के लाभों पर शोध जारी है परंतु माना जाता है कि डिप्रेशन को कम करती है, ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रण में रखती है। त्वचा के लिए भी चाकलेट एंटीआक्सीडेंट का कार्य करती है, हृदय रोगों से बचाती तथा शरीर में कोलेस्ट्राल को भी कम करती है किंतु चाकलेट खाने से कुछ हानियां भी होती है
यदि रात के समय चाकलेट खाएंगे तो नींद कम आती है। चाकलेट को सावधानीपूर्वक खाना चाहिए।
फोटो कैप्शन: डा. जितेंद्र मोरवाल।





कालोनी का पानी सिंचाई में किया जा रहा है प्रयोग
-कनेक्शन काटे जाने की मांग की
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कनीना की आवाज,कनीना। कनीना उपमंडल के गांव रामबास के ग्रामीणों ने इंदिरा आवास कालोनी के बोर से कृषि कार्यों के लिए, लिए गए कनेक्शन को काटने की मांग करते हुए एसडीएम सुरेंद्र सिंह बीडीपीओ अरुण कुमार को ज्ञापन सौंपा है तथा कहा है कि पेयजल की सप्लाई कम होती है, वह भी कृषि कार्यों के लिए प्रयोग कर ली जाती है। ऐसे में उन्होंने यह कनेक्षन काटे जाने की मांग की है जो कृषि कार्यों के लिए लिया गया है। इस मौके पर नरेंद्र सिंह समर सिंह सोमवीर, सुनीता, वेद प्रकाश, वेदप्रकाश,सुरेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
 ग्राम पंचायत पर लगाया पेड़ काटने का आरोप-
रामबास के वेद प्रकाश नंबरदार ने पंचायती भूमि पर अवैध रूप से पेड़ों की कटाई पंचायत द्वारा किए जाने का विरोध जताते हुए वन राज्य का अधिकारी को शिकायत भेजी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत रामबास के मंदिर परिसर और अनुसूचित जाति चौपाल के पेड़ों की कटाई कर डाली है। उन्होंने उन्होंने इस मामले की जांच भी करने की माग की है।
 फोटो कैप्शन 10: रामबास में काटे गये पेड़





इसराना में एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का हुआ आयोजन
-एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किया पौधारोपण
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कनीना की आवाज,कनीना। शनिवार को उपमंडल के गांव इसराना में अटल भूजल योजना ,जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन द्वारा एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभाग की ओर से खंड संसाधन संयोजक मोहित कुमार, अटल भूजल ट्रेनर पूजा कुमारी ने शिरकत की। पूजा कुमारी ने ग्रामीणों को स्मार्ट कृषि एवं सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली से अवगत कराया। कार्यक्रम का उद्देश्य जल प्रबंधन, उर्वरक एवं कीटनाशकों के प्रयोग संबंधी पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना तथा फसल लागत में कमी लाना मुख्य रूप से शामिल रहा।
स्मार्ट कृषि से किसानों को मौसम पूर्वानुमान ,मिट्टी की नमी एवं पोषक तत्वों की जानकारी उपलब्ध होना, स्मार्ट सिंचाई के माध्यम से जल प्रबंधन करना।
पूजा कुमारी ने मौसम पूर्वानुमान के लिए सैटेलाइट आधारित सिंचाई और सूचना ऐप के बारे में बताया जो कि किसानों को 15 दिन का मौसम पूर्वानुमान प्रदान करता है। फसल विविधीकरण विधि के बारे में उन्होंने बताया कि किसानों को कम पानी लागत वाली फसलों का प्रयोग करना चाहिए। सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि की दी जाती है। जीरो टिलेज विधि पर बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा शून्य जुताई तकनीक अपनाने के लिए किसानों को 1000 रुपये प्रत्येक एकड़ का प्रोत्साहन प्रदान करती हैं। इससे किसानों की आय में वृद्धि भी होती है।  सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के बारे में बताते हुए कहा कि राज्य कृषि में उपयोग होने वाली भूजल को बचाने के लिए सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा देना चाहिए जो स्थायी जल प्रबंधन की ओर ले जाता है और जल संसाधन के संरक्षण में मदद करता है। बर्बादी को कम करता है इसके साथ ही खंड संसाधन संयोजक मोहित कुमार ने ग्रामीणों को पेयजल के हो रहे दुरुपयोग के बारे में लोगों को जागरूक किया साथ उन्होंने बताया कि हमें दैनिक जीवन में जल का संरक्षण करना चाहिए।  हर नल पर टूंटी लगी होनी चाहिए। हमें पानी के पुन: प्रयोग के बारे में भी विचार करना चाहिए। कार्यक्रम के उपरांत एक पेड़ मां के नाम  अभियान के तहत पौधारोपण किया। इस अवसर पर अटल जल सहेली गीता ,सीमा, विनय, राहुल, हेमंत,  हनुमान सिंह, गुमान सिंह, सहित अनेको ग्रामीण उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 08: एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण करते हुए।






कनीना में वर्षा से बचाव के नहीं हो पाए हैं पूरे प्रबंध
-बार बार जोहड़ हो रहे हैं ओवरफ्लो
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कनीना की आवाज,कनीना।  रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था। यह कहावत कनीना पर लागू होती है। मानसून से पूर्व नालों की सफाई जोहड़ों की सफाई की बातें चल रही थी बार-बार निवेदन भी किया जा रहा था किंतु प्रशासन द्वारा किसी भी जोहड़ की सफाई नहीं करवाई यहां तक की कुछ नालों की सफाई जरूर कार्रवाई। वर्षा के समय कनीना प्रशासन नालों के बनाने पर लगा हुआ है परंतु कनीना के बचे हुए नालों की सफाई, पानी के समुचित निकासी का प्रबंध अभी तक नहीं किया गया है। परिणाम यह है कि कनीना का होलीवाला और कालरवाली जोहड़ और इसके आसपास जितने भी घर है सभी के डूबने का हर वर्ष खतरा मंडराता रहा है। इस वर्ष भी दो बार कनीना की गलियों में पानी जमा देखा गया किंतु अधिक वर्षा होती है तो निश्चित रूप से कनीना के घरों में पानी घुस जाएगा। कनीना के वेद प्रकाश, किशन सिंह, महेश कुमार, सुरेंद्र, दिनेश कुमार आदि ने बताया कि पानी निकासी के व्यापक प्रबंध का निर्णय प्रशासन द्वारा नहीं किया है जिसके चलते दोनों ही जोहड़ों की समस्या वर्षों से विकराल बनी हुई है किंतु जोहड़ों का पानी अभी तक नहीं निकाला गया है, परिणाम यह है कि जोहड़ों में गंदा पानी भरा हुआ है और चंद बूंदे बारिश की होते ही जोहड़ों में पानी लबालब भर जाता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इन जोहड़ों की भी सफाई जरूर करवाएं। जहां सरकार ने इन जोहड़ों के लिए अमृत सरोवर योजना लागू करनी थी लेकिन उसकी भी बजट नहीं आने से जोहड़ गंदे जल से भरे खड़े हैं। चौड़े गंदे नाले नालियां अभी भी पूर्ण रूप से साफ नहीं हुये हैं।  विशेष कर जोहड़ों के पास से एसटीपी तक गंदे पानी को ले जाने वाले चौड़े नाले रामगढ़ नहर तक पहुंचने में सक्षम हैं, आगे बहुत कम पानी पहुंच पाता है, इसके व्यापक प्रबंध किया जाए तो हो सकता है संपूर्ण पानी एसटीपी तक पहुंच पाए और वहां पर पानी को साफ करके पीपल वाली बणी में पहुंचा दिया जाएगा। एसटीपी पूर्ण रूप से  सक्षम है पांच मोटरें लगी हुई है किंतु एसटीपी तक पानी बहुत कम पहुंच पा रहा है। अब यह देखा जाना है कि कब तक प्रशासन इन जोहड़ों की सफाई और नाले नालियों की सफाई करवा कर कनीना वासियों को आश्वस्त करेगा कि भविष्य में उनकी गलियों में कोई पानी नहीं खड़ा होगा।
 इस वक्त विभिन्न सड़क मार्गों पर वर्षा का जल खड़ा हुआ है। जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है जिसके चलते कनीनावासी परेशान हैं। उन्होंने गंदे जल की निकासी का प्रबंध करने की मांग की है।
क्या कहते हैं विधायक-
अटेली विधायक सीताराम यादव का कहना है कि कनीना के दोनों जोहड़ों कालरवाली तथा होलीवाला का गंदा जल निकालने तथा सीवरेज का गंदा जल एसटीपी तक पहुंचाने के हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। समय लग सकता है। अमृत सरोवर के लिए योजना अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाई है। पुन: प्रयास जारी हैं।
फोटो कैप्शन 6 व 7: गलियोंं में भरा गंदा जल।
साथ में विधायक सीताराम



 पर्यावरण मित्रता अच्छे शिष्टाचार को बढ़ावा देती है-जगदेव
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कनीना की आवाज,कनीना। एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने अपने छात्रों के बीच पर्यावरण मित्रता और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्कूल के चेयरमैन श्री जगदेव यादव जी ने सुबह की सभा के दौरान छात्रों को पौधे वितरित किये और उन्हें एक एक पौधा गोद लेने और उसकी देखभाल करने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस पहल का उद्देश्य छात्रों को पर्यावरण के प्रति पोषण और जिम्मेदारी का महत्व सिखाना है। चेयरमैन ने छात्रों को पर्यावरण अनुकूल नागरिक बनने और बड़ा बदलाव लाने की दिशा में छोटे- छोटे कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।
सभा के दौरान छात्रों ने अपने साथी छात्रों को वृक्षारोपण और अच्छे संस्कार के महत्व पर संबोधित किया। उन्होंने पर्यावरण की रक्षा करने और दैनिक जीवन में अच्छे शिष्टाचार अपनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
अपने छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी पैदा करने का स्कूल का प्रयास सराहनीय है। पौधे वितरित करके और छात्रों को उनकी देखभाल के लिए प्रोत्साहित करके एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक महान उदाहरण स्थापित कर रहा है।
हम चाहते हैं कि हमारे छात्र पर्यावरण और समाज की देखभाल करने वाले जिम्मेदार नागरिक बनें एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के अध्यक्ष जगदेव जी ने कहा। यह पहल एक बड़ा बदलाव लाने की दिशा में एक छोटा सा कदम है और हमें यह देखकर गर्व है कि हमारे छात्र इसे गंभीरता से ले रहे हैं।
विद्यालय भविष्य में भी ऐसी पहल जारी रखने की योजना बना रहा है जिससे पर्यावरण जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी को उसके पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग बनाया जा सके।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री ओमप्रकाश जी सीईओ रामधारी जी उप प्राचार्य पूर्ण सिंह सेकेंडरी विंग हेड सुनील कुमार कोआर्डिनेटर ईश्वर जी जोगेंद्र जी व  स्नेह जी उपस्थित रहे।  सभी ने पर्यावरण के प्रति विद्यालय की सजगता में अपनी भागीदारी दी।
फोटो कैप्शन 09: पर्यावरण मित्रता दर्शाते विद्यार्थी।





दो बाइक चोरी, शिकायत पहुंची थाने

----बरामद हुई दोनों बाइक
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कनीना की आवाज,कनीना। बीती रात को कनीना के वार्ड 6 से दो अलग अलग चोरी की घटना सामने आई हैं, जहां अज्ञात चोरों द्वारा दो बाइक चोरी कर ली गई है। जिसमें राजेश नजदीक रेलवे स्टेशन  के पास घर की कुंडी तोड़कर प्लेटिना बाइक चोरी कर ले गए  पीडि़त राजेश ने बताया की वह फिटिंग का काम करता है वहीं दूसरी चोरी की घटना भी वार्ड 06 में पहले मकान से 100 मीटर की दूरी पर हुई है। पीडि़त रामनिवास ने बताया उसके दामाद की बाइक डिलक्स घर के अंदर से चोरी कर ले गए । बाद में पुलिस की सहायता से दोनों बाइक बरामद कर ली गई।



किसानों की मेहनत पर फिर पानी, 14 एमएम वर्षा ने नष्ट की बीजाई
-पुन: बिजाई की आ गई नौबत
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कनीना की आवाज,कनीना। कनीना आसपास क्षेत्र में इस वर्ष एक तो किसानों के लिए मानसून देरी से पहुंची उस पर बार बार वर्षा ने बिजाई को ही नष्ट कर दिया है। अब पुन: बिजाई की नौबत आ गई है। जून और जुलाई में अब तक 85 एमएम वर्षा हो चुकी है।
किसान सूबे सिंह, अजीत सिंह, महेश कुमार आदि ने बताया कि पहले ही 10 से 15 दिन देरी बाजरे की बिजाई की गई थी उस पर शनिवार को हुई 14 एमएम वर्षा ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। अगली रबी की फसल में भी देरी हो सकती है। उल्लेखनीय है कि बाजरे की फसल को पकने के लिए 25 सितंबर निर्धारित किया गया है। इसके बाद किसान सरसों की बिजाई में व्यस्त हो जाते हैं। ऐसे में अभी तक बाजरे की बिजाई नहीं हो पाई है, दो बार बिजाई की गई दोनों बार अधिकांश किसानों की बिजाई बर्बाद हो गई है। उल्लेखनीय है कि कनीना क्षेत्र में जहां 26000 हेक्टेयर पर बाजरे की बिजाई का अनुमान है। 10 से 15 दिन बाजरा बिजाई में देरी हो चुकी है, वह भी सही सलामत नहीं बच पाई है क्योंकि विगत तीन दिनों हुई वर्षा के कारण बाजरे की बिजाई में रपट हो चुकी है। किसान वर्षा तो अधिक से अधिक चाहता है किंतु इस वक्त नहीं।
बार-बार वर्ष की कारण जहां रेतीली जमीन में बिजाई बाजरे बचने की संभावना अधिक है किंतु जहां जमीन चिकनी है या कठोर है वहां बाजरा जल्दी खराब हो जाता है। किसान बाजरे की अच्छी पैदावार भी चाहता है क्योकि सरकार द्वारा समर्थन मूल्य भी बेहतर दिए हुए हैं। इस बार का बाजरे का समर्थन मूल्य 2625 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है।
पूर्व कृषि अधिकारी डा देवराज ने बताया कि बार बार वर्षा से किसानों की बीजाई नष्ट हो रही है। रेतीली जमीन की बीजाई हो सकता है सलामत रहे वरना रपट की समस्या बन गई है। एक बार फिर से किसानों को मेहनत करनी पड़ सकती है।
फोटो कैप्शन 03: कपास की फसल में खड़ा पानी।





जगह जगह हुआ पौधारोपण
-लगाये गये फल, फल एवं छायादार पौधे
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कनीना की आवाज,कनीना। कनीना क्षेत्र के विभिन्न संस्थानों में पौधारोपण कार्यक्रम चला। विद्यार्थी एवं शिक्षकों ने मिलकर पेड़ लगाये।
राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में  पर्यावरण संरक्षण के लिए विद्यालय में अध्यनरत सभी विद्यार्थियों के द्वारा  प्रांगण को हरा-भरा बनाए रखने के लिए फल, फूल और छायादार पौधे लगाए ,जो आज  के जीवन की आवश्यकता है । वीरेंद्र सिंह जांगिड़ मौलिक मुख्याध्यापक ने सभी विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए  बताया कि पर्यावरण संरक्षण आज के जीवन की अत्यंत आवश्यकता है हमें जीवन में ज्यादा से ज्यादा पेड़ -पौधे लगाने चाहिए जिससे हमें शुद्ध आक्सीजन प्राप्त होती है और स्वच्छ विचार बनते हैं। शुद्ध पर्यावरण से ही स्वर्ग की कल्पना की जा सकती है, जो तन मन को स्वच्छ रखती है। हमें जीवन में हर अवसर पर ज्यादा से ज्यादा पेड़ -पौधे लगाकर पर्यावरण का संरक्षण एवं संवर्धन करना चाहिए जिससे भविष्य में किसी प्रकार की प्राकृतिक आपदा से बचा जा सकें। सभी विद्यार्थियों ने स्लोगन बोलते हुए-जन-जन को बतलाना है हमें पेड़- पौधे लगाना है, पौधे लगाये। हम सभी ने अपने घर ,विद्यालय और गांव आदि में सार्वजनिक स्थानों पर अधिक से अधिक पेड़- पौधे लगाकर इसका संदेश देना चाहिए और उनकी निरंतर के देखरेख करनी चाहिए। इस अवसर पर सरपंच डिंपल जांगड़ा,  मनवीर सिंह विज्ञान अध्यापक, सुनील कुमार  डीपीई ,सुनील कुमार शास्त्री ,भगत सिंह ,गरिमा रानी प्राथमिक शिक्षक, राजेश कुमार ,सुबे सिंह एस एम सी प्रधान,सुनील कुमार डीटीएच चौकीदार ,महावीर ठेकेदार, छोटेलाल महाशय ,सीताराम  अनिल कुमार पंच, सुबे सिंह पंच, आदि उपस्थित रहें
उधर राजकीय माध्यमिक विद्यालय खरकड़ाबास में शनिवार को यूथ एवं इको क्लब द्वारा विद्यालय में पौधारोपण करवाया गया।  हरियाणा शिक्षा विभाग के योजना अनुसार सभी छात्रों को जामुन, नींबू, चमेली ,नीम व पीपल के पौधे वितरित किए गए। विद्यालय मुखिया श्रीमती रीता रानी व सभी स्टाफ सदस्यों के द्वारा बाबा दयाल कैंपस में एक त्रिवेणी भी लगाई गई। इस अवसर पर विद्यालय मुखिया ने अपने संबोधन में कहा कि पौधे हमारे जीवन का आधार होते हैं। पौधे पर्यावरण के तापमान को सामान्य रखने में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं। वे हमें शुद्ध हवा देते हैं।उन्होंने सभी स्टाफ सदस्यों व विद्यार्थियों से इस बार अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया। पौधारोपण के इस अवसर पर सुभाष बालवान, भूपेंद्र सिंह शास्त्री, अजीत सिंह बोहरा,  अमरनाथ पीटीआई,  प्राथमिक विंग इंचार्ज  पटेल सिंह,  राजेश माहोर, योगेंद्र शर्मा , कृष्ण कुमार अमित कुमार व सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04: कैमला स्कूल में पौधारोपण
            05: खरकड़ाबास स्कूल में पौधारोपण






समाज सेवा के बाद अब राजनीति में उतरना चाहते हैं कैलाश पाली
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कनीना की आवाज,कनीना। जन सेवा के बाद अब राजनीति में उतरना चाहते हैं कैलाश पाली। समस्त तैयारियों में जुटे हुए हैं।
 शर्म संकोच अभिमान छोड़कर समाज हित में किया गया कार्य सदैव आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणादायी होता है। वर्तमान समय में जो व्यक्ति प्रकृति और पर्यावरण के लिए काम करते हैं सेवा भाव से किया वह कार्य युवाओं के लिए प्रेरणाप्रद होता है। बचपन से सामाजिक और संस्कृतिक संगठन से जुड़े और पिछले कुछ वर्षों से पर्यावरण संरक्षण हेतु लगातार कार्य कर रहे सेवानिवृत्त प्राचार्य कैलाश पाली का जीवन वर्तमान में युवाओं के लिए प्रेरणा दायी है। राजकीय विद्यालय पाली से नीम लगाकर पर्यावरण बचाने का संदेश देने वाले पाली ने बाबा जयरामदास धाम पर 25 जुलाई 2009 को नीम वाटिका लगाकर एक नया प्रयोग किया और जब पेड़ एक वर्ष के हो गए तब उनका जन्मदिन मना कर उनकी देखभाल के लिए भी प्रेरणा दी इसी प्रकार गांव पालड़ी पनिहार नावा और पाली की मोक्ष भूमि में सैकड़ों नीम के पेड़ उनके द्वारा लगाए गए जो आज विशाल वृक्ष का रूप धारण कर चुके 9 जुलाई 2022 को 1111 त्रिवेणी 56 स्थान पर लगाकर गोल्डन बुक आफ वल्र्ड रिकार्ड में नाम दर्ज कराया भारत के शास्त्रों में त्रिवेणी का अपना महत्व है नीम बट और पीपल के वृक्षों का यह समूह वैज्ञानिक दृष्टि से मानव जीवन के लिए आवश्यक आक्सीजन का सबसे अधिक उत्पादन करते हैं। भारत की संस्कृति में इसका धार्मिक महत्व भी है पुरातन काल से ही मंदिर और कुआं पर त्रिवेणी लगाकर लोग धर्म लाभ कमाते थे वास्तव में इसके पीछे एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण था एक साथ एक समय में इतनी त्रिवेणी लगाना यह एक अच्छा प्रयोग था। पक्षियों के विलुप्त होते आश्रय स्थल को ध्यान में रखकर उन्होंने पाली मंदिर पर समाज के सहयोग से भारत के सबसे ऊंचे पक्षी घर का निर्माण करवाया। 9 मंजिल के इस पक्षी घर में एक साथ 5000 पक्षी निवास कर रहे हैं। प्रकृति संरक्षण में पक्षियों की भी अपनी भूमिका होती है अपने यहां बने सभी पुराने भवनों में पक्षियों के आश्रय स्थल अवश्य बनाए जाते थे परंतु वर्तमान में इस तरफ से सामान्य जन का ध्यान हट गया है और छोटी चिडिय़ा जैसे अनेक पक्षी विलुप्त होने की कगार पर आ गए हैं इस पक्षी घर का निर्माण पक्षी बचाने के उद्देश्य में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।। पर्यावरण के क्षेत्र के साथ विश्व मंगल को ग्राम यात्रा में अपने घर में दो या इससे अधिक गाय रखने वाले गोपालकों का सम्मान करके उनके द्वारा एक अच्छी पहल की गई। स्वामी विवेकानंद के जीवन के 150 वर्ष पूरे होने पर स्कूली विद्यार्थियों के लिए सूर्य नमस्कार और युवाओं के लिए एक मैराथन का आयोजन करके समाज को स्वामी विवेकानंद के जीवन से अवगत करवाया।
 ऐसी महान शख्सियत वर्तमान में महेन्द्रगढ़ विधान सभा से भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर उनके चुनाव लडऩे चर्चा है। सामाजिक धार्मिक और पर्यावरण पर काम करने वाले जीवन की राजनैतिक पारी कैसी रहती है, यह भविष्य के गर्भ में छिपा है।
फोटो कैप्शन 02: ऊंट की सवारी करते कैलाश पाली जो अब राजनीति की सवारी करने की टोह में।




























स्कूल में आयोजित वनमहोत्सव और विज्ञान प्रदर्शनी
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कनीना की आवाज,कनीना। यूरो स्कूल प्रागंण में वनमहोत्सव के साथ-साथ विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
वनमहोत्सव कक्षा पहली से कक्षा बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने बड़ी धूम-धाम से मनाया जिसमें सभी विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर इसमें भाग लिया। छोटे-छोटे बच्चों ने वृक्षरूपी परिधान पहनकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों के बीच विज्ञान प्रदर्शनी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वकभाग लिया। इस प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए धु्रवीय अनुकूलता का प्रारूप, मानव धड़ का प्रारूप, जीव कोशिका व पादप कोशिका का प्रारूप, ज्वालामुखी सिक्योरिटी सिस्टम व फेफड़े की संरचना आदि प्रारूप बनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों ने अपनी बुद्धि बल का प्रयोग करते हुए उनकी संपूर्ण जानकारी दी। इस शुभावसर पर प्राचार्य सुनील यादव व उप प्राचार्या संजू यादव ने बताया कि आज का युग वैज्ञानिक युग है। अगर समय पर ऐसी प्रतियोगिताओं का आयोजन नही हुआ तो हम इस वैज्ञानिक युग में पीछे रह जाऐंगे। उन्होंने विजेताओं को पुरस्कृत करते हुए बताया कि हमें हर प्रकार के क्षेत्र में चाहे वो शैक्षणिक हो या खेलों से संबंधित हो उसमें भाग अवश्य लेना चाहिए। ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने से हमारा बौद्धिक स्तर बढ़ता है और हमें नई-नई जानकारियाँ प्राप्त करने का सुनहरा अवसर मिलता है। उन्होंने इस प्रतियोगिता का श्रेय विज्ञान अध्यापिका अंतु यादव, मंजू यादव व मधू यादव को दिया है। इस अवसर पर का-र्डिनेटर विरेन्द्र सिंह, रितू तंवर, तन्नू गुप्ता, सुमन यादव व समस्त अध्यापक उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 01: विज्ञान प्रदर्शनी यूरो स्कूल का नजारा।

Friday, July 5, 2024


 

बाजरे की बिजाई में हो रही है दिनों दिन देरी
-25 सितंबर तक बाजरे के पकने का है टारगेट
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कनीना की आवाज। कनीना आसपास क्षेत्र में इस वर्ष किसानों के लिए मानसून देरी से पहुंची है, परिणाम यह निकला कि विगत वर्ष की तुलना में भी 10 से 15 दिन देरी बाजरे की बिजाई में हो चुकी है। परिणामस्वरूप बाजरे की फसल को पकने के लिए 25 सितंबर निर्धारित किया गया है। इसके बाद किसान सरसों की बिजाई में व्यस्त हो जाते हैं। ऐसे में अभी तक बाजरे की बिजाई नहीं हो पाई है, कुछ बिजाई की गई वह पुन: वर्षा होने से बर्बाद हो गई है। उल्लेखनीय है कि कनीना क्षेत्र में जहां 26000 हेक्टेयर पर बाजरे की बिजाई का अनुमान है। 10 से 15 दिन बाजरा बिजाई में देरी हो चुकी है, वह भी सही सलामत नहीं बच पाई है क्योंकि विगत दो दिनों हुई वर्षा के कारण बाजरे की बिजाई में रपट हो चुकी है।
बार-बार वर्ष की कारण जहां रेतीली जमीन में बिजाई बाजरे बचने की संभावना अधिक है किंतु जहां जमीन चिकनी है या कठोर है वहां बाजरा जल्दी खराब हो जाता है। वैसे तो जिला महेंद्रगढ़ पानी की जरूरत अधिक है, जितनी अधिक वर्षा होती है वह लाभप्रद साबित होगी। परंतु किसानों की अब समस्या उभर कर आ रही है कि किस प्रकार बाजरे की बिजाई कर पाएंगे जिसकी 25 सितंबर से पहले पहले कटाई हो जाए क्योंकि बाजरे की फसल कटाई के लिए करीब 90 दिन की जरूरत होती है। सरकार द्वारा समर्थन मूल्य भी बेहतर दिए हुए हैं। इस बार का बाजरे का समर्थन मूल्य 2625 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है।
यही कारण है कि किसान जल्दी से बाजरे की बिजाई करना चाहते हैं। कुछ किसानों ने बाजरे की बिजाई की जो पुन: वर्षा होने से खराब हो चुकी है। इस संबंध में एसडीओ कृषि महेंद्रगढ़ डा. अजय यादव से बात हुई। उन्होंने बताया कि कनीना क्षेत्र में 26000 हेक्टेयर पर बाजरे की बिजाई का अनुमान है। अभी तक 6000 हेक्टेयर पर बाजरे की बिजाई हो चुकी है। इस वर्ष बाजरे की बिजाई 10 से 15 दिन लेट हो चुकी है। पूरे कृषि उपमंडल महेंद्रगढ़ जिसमें कनीना भी शामिल है के तहत 35000 हेक्टेयर पर कपास की बिजाई की हुई है और शेष भूमि पर बाजरे की बिजाई होने का अनुमान है। अब तक जो बिजाई की गई थी उसमें से कुछ बर्बाद हो गई है जबकि रेतीली मिट्टी में की गई बिजाई सुरक्षित रहने की संभावना अधिक है। किसान तेजी से बिजाई कर रहे हैं और किसानों के सामने सबसे बड़ी सिरदर्दी बार-बार वर्षा होना है। बार-बार वर्षा होगी तो बाजरे की फसल बर्बाद हो जाएगी।
फोटो कैप्शन 07: कपास की फसल तथा
 06: बाजरे की बिजाई किया खेत
साथ में डा. अजय कुमार यादव एसडीओ






कनीना में वर्षा से बचाव के नहीं हो पाए हैं पूरे प्रबंध
-बार बार जोहड़ हो रहे हैं ओवरफ्लो
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कनीना की आवाज। रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था। यह कहावत कनीना पर लागू होती है। मानसून से पूर्व नालों की सफाई जोहड़ों की सफाई की बातें चल रही थी बार-बार निवेदन भी किया जा रहा था किंतु प्रशासन द्वारा किसी भी जोहड़ की सफाई नहीं करवाई यहां तक की कुछ नालों की सफाई जरूर कार्रवाई। वर्षा के समय कनीना प्रशासन नालों के बनाने पर लगा हुआ है परंतु कनीना के बचे हुए नालों की सफाई, पानी के समुचित निकासी का प्रबंध अभी तक नहीं किया गया है। परिणाम यह है कि कनीना का होलीवाला और कालरवाली जोहड़ और इसके आसपास जितने भी घर है सभी के डूबने का हर वर्ष खतरा मंडराता रहा है। इस वर्ष भी दो बार कनीना की गलियों में पानी जमा देखा गया किंतु अधिक वर्षा होती है तो निश्चित रूप से कनीना के घरों में पानी घुस जाएगा। कनीना के वेद प्रकाश, किशन सिंह, महेश कुमार, सुरेंद्र, दिनेश कुमार आदि ने बताया कि पानी निकासी के व्यापक प्रबंध का निर्णय प्रशासन द्वारा नहीं किया है जिसके चलते दोनों ही जोहड़ों की समस्या वर्षों से विकराल बनी हुई है किंतु जोहड़ों का पानी अभी तक नहीं निकाला गया है, परिणाम यह है कि जोहड़ों में गंदा पानी भरा हुआ है और चंद बूंदे बारिश की होते ही जोहड़ों में पानी लबालब भर जाता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इन जोहड़ों की भी सफाई जरूर करवाएं। जहां सरकार ने इन जोहड़ों के लिए अमृत सरोवर योजना लागू करनी थी लेकिन उसकी भी बजट नहीं आने से जोहड़ गंदे जल से भरे खड़े हैं। चौड़े गंदे नाले नालियां अभी भी पूर्ण रूप से साफ नहीं हुये हैं।  विशेष कर जोहड़ों के पास से एसटीपी तक गंदे पानी को ले जाने वाले चौड़े नाले रामगढ़ नहर तक पहुंचने में सक्षम हैं, आगे बहुत कम पानी पहुंच पाता है, इसके व्यापक प्रबंध किया जाए तो हो सकता है संपूर्ण पानी एसटीपी तक पहुंच पाए और वहां पर पानी को साफ करके पीपल वाली बणी में पहुंचा दिया जाएगा। एसटीपी पूर्ण रूप से  सक्षम है पांच मोटरें लगी हुई है किंतु एसटीपी तक पानी बहुत कम पहुंच पा रहा है। अब यह देखा जाना है कि कब तक प्रशासन इन जोहड़ों की सफाई और नाले नालियों की सफाई करवा कर कनीना वासियों को आश्वस्त करेगा कि भविष्य में उनकी गलियों में कोई पानी नहीं खड़ा होगा।








अपनी मांगों के समर्थन में पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल यूनियन कर्मी आयोजित करेंगे बैठक
--अपनी मांगों को लेकर दिया जाएगा धरना
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कनीना की आवाज। आल हरियाणा पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल यूनियन रजिस्टर्ड ब्रांच 681 कनीना संबंधित महासंघ की बैठक जल घर कनीना में हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान भेदपाल ने की बैठक में जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार पूनिया ने बताया कि प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर जिला महेंद्रगढ़ में 8 जुलाई को मंडल कार्यालय नारनौल यूनियन दफ्तर में एक मीटिंग बुलाई गई है, यह मीटिंग प्रदेश  कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की देखरेख में होगी। श्री पूनिया ने कहा कि जिला महेंद्रगढ़ के महासंघ से संबंधित सभी कर्मचारी सुबह 10 बजे नारनौल मंडल एक में यूनियन दफ्तर में पहुंचने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी कर्मचारी 25 जुलाई को जन स्वास्थ्य अभियंत्रिक विभाग एवं लोक निर्माण विभाग डा. बनवारी लाल मंत्री के आवास पर घेराव व प्रदर्शन करेंगे और कर्मचारियों की मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके अलावा 6 अगस्त को सिंचाई विभाग मंत्री हरियाणा सरकार डा. अभय सिंह यादव नारनौल कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे और मांग पत्र सौंपेंगे। 22 अगस्त को मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र नारायणगढ़ में कैंपस कार्यालय का घेराव किया जाएगा तथा कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। आल हरियाणा पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल कर्मचारियों की मुख्य मांगों में हरियाणा में कौशल रोजगार निगम को भंग करके सभी विभागों  के कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, पुरानी पेंशन नीति बाहाल की जाए, एक्सग्रेसिया पूर्णता लागू किया जाए, कैशलेस मेडिकल पूर्णत लागू की जाए, नई भर्ती की जाए ,तृतीय श्रेणी पद पर काम करने वाले कर्मचारियों का वेतन 35400 का मान देय दिया जाए, सभी कर्मचारियों की एलटीसी का भुगतान किया जाए, आईटीआई पास कर्मचारियों को टेक्निकल स्केल दिया जाए आदि प्रमुख हैं। बैठक में मौजूद रहे कर्मचारी राकेश नौताना, मांगेराम ,संजय शर्मा परमजीत , विजय सिंह ,करीरा मास्टर जसवंत कनीना, विनोद, दीपक ,जयपाल, इत्यादि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 05: कनीना में आयोजित कर्मियों की बैठक।







नये वोट बनाने का कार्य घर घर जारी
-बीएलओ दे रहे हैं तैनाती
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कनीना की आवाज। प्रदेश हरियाणा के विधानसभा चुनावों के दृष्टिगत विभिन्न बूथ लेवल अधिकारियों/बीएलओ को 25 जून से घर-घर जाकर सर्वे करने में तल्लीन है।
 सुनील कुमार बीएलओ ने बताया कि जिनके वोट नहीं बने हैं उनको वोट बनाना है, 1 जुलाई 2024 से अर्हता तिथि मानी गई है। किसी मृतक स्थानांतरित या डबल मतदाताओं की वोट काटनी है जिनकी गलती से कटी हुई है उनके वोट बनानी है। जिस भी बीएलओ के पास 1400 से अधिक वोट है उनमें मृतक/ स्थानांतरित/ डबल वोट दर्ज नहीं है और इस तीन प्रकार के मतदाताओं की संख्या अधिक होने की संभावना होती है। साथ में कहा गया है कि मतदाता का विवरण, जन्मतिथि पिता का नाम, यदि मतदाता सूची में गलत दर्ज है, फोटो धुंधली है या ब्लैक एंड व्हाइट है तो उसे दुरुस्त करना है। कर्मी अपने अपने बूथों पर बैठने के अलावा घर घर जाकर सर्वे कर रहे हैं।
फोटो कैप्शन 04: बीएलओ सुनील कुमार आनलाइन वोट बनाते हुए।







राव इंद्रजीत सिंह के सेहलंग गांव में पहुंचने को लेकर हुई बैठक
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कनीना की आवाज। भिवानी- महेंद्रगढ़ लोकसभा से चौधरी धर्मवीर सिंह के विजयी होने पर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह  इलाके के लोगों का धन्यवाद करने के लिए 13 जुलाई को सुबह 10 बजे सेहलंग गांव में पहुंचेंगे । उनके आने के कार्यक्रम की रूपरेखा बनाने के लिए आज विजय सिंह चेयरमैन की अध्यक्षता में  गांव सेहलंग में मीटिंग की गई जिसमें आस- पास के गांवों के सरपंच, पंच, चेयरमन, पार्षद व जिम्मेदार आदमी सम्मिलित हुए।
 सभी गांव के लोगों ने मिलकर यह फैसला लिया गया कि केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के यहां पर पहुंचने पर अधिक से अधिक संख्या में गांव से लोग पहुंच कर उनका स्वागत करें। सरपंच विनीत सेहलंग, सरपंच वीरपाल स्याना, सरपंच विकास नौताना, सरपंच हरिओम पोता, पार्षद राज  सिंह, नरेंद्र शास्त्री छिथरोली, ठेकेदार शेर सिंह, ओम प्रकाश, एडवोकेट योगेश आर्य, मास्टर विजय पाल, पूर्व डीडीपीओ सुभाष शर्मा, रामकिशन, आरडी प्रजापत आदि गणमान्य सम्मिलित हुए।
फोटो कैप्शन 01: राव इंद्रजीत सिंह के आगमन को लेकर आयोजित बैठक







कालेजों में प्रवेश की प्रथम मेरिट सूची जारी
-प्रवेश के लिए कालेजों में चलेगी मारामारी
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कनीना की आवाज। कनीना के दो सरकारी कालेज हैं जिनमें लड़कियों के लिए उन्हाणी तथा लड़कों के लिए कनीना में हरियाणा प्रदेश के विभिन्न सरकारी कालेजों के लिए कनीना में स्थित है। प्रवेश की प्रथम मेरिट सूची जारी कर दी है।
डा. विक्रम सिंह प्राचार्य उन्हाणी कालेज ने बताया कि उनके कालेज में 240 सीट में बीए की है। प्रथम सूची में हरियाणा ओपन 63 प्रतिशत बीसीबी 58.6 प्रतिशत रही। बीएससी की 80 सीटें है जिसमें हरियाणा ओपन 75.6 बीसीबी 68.4 प्रतिशत रही।
 इसी प्रकार प्रोफेसर विनोद कुमार राजकीय कालेज कनीना ने बताया कि कालेज में बीए के लिए अखिल भारतीय ओपन कैटेगरी अधिकतम 99.2 प्रतिशत जबकि हरियाणा ओपन कैटिगरी अधिकतम 86 प्रतिशत रहा। बीकाम अखिल भारतीय स्तर पर 103 प्रतिशत तथा हरियाणा ओपन 80.4 प्रतिशत, बीएससी जीव विज्ञान अखिल भारतीय स्तर पर 98.64 तथा हरियाणा ओपन 86 प्रतिशत रहा। बीएससी नान मेडिकल प्रथम वर्ष कनीना कालेज के लिए अधिकतम अखिल भारतीय स्तर पर 98.4 और हरियाणा ओपन कैटिगरी 85.4 प्रतिशत रहा। विस्तृत जानकारी कालेज से प्राप्त की जा सकती है।
 फोटो कैप्शन: उन्हाणी कालेज






आईटीआई भोजावास परिसर में किया पौधारोपण
-पर्यावरण को बचाने की अपील की
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कनीना की आवाज। आईटीआई भोजावास में स्टाफ एवं विद्यार्थियों ने पौधारोपण किया। समस्त विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया। इस मौके पर विद्यार्थियों ने स्टाफ के साथ मिलकर आईटीआई परिसर में फलदार, छायादार एवं फूलदार पौधे लगाए। इस अवसर पर छोटे लाल फिटर इंचार्ज ने विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूकता विषय पर विस्तार से जानकारी दी और कहां के पर्यावरण को बचाने में पेड़ पौधों का अहम योगदान है। हमें पेड़ पौधे की न केवल देखरेख करनी चाहिए अपितु समय समय पर पानी और खाद आदि देना चाहिए। इंसान चला जाता है फिर भी जीवित रहते हैं। पौधे हर मुसीबत से इंसान को बचाते हैं। इस मौके पर स्टाफ तथा विद्यार्थी मौजूद रहे।
 उन्होंने कहा कि प्रत्येक इंसान को जीवन में कम से कम 100 पौधे लगाने चाहिए। जिस तरह पौधे लगाना धार्मिक कार्य है। उसी तरह उनमें समय समय पर पानी देना और उनकी देख भाल करना भी आवश्यक है। संस्थान में 80 पौधे लगाए गए। इस दौरान अजीत , कृष्ण ,मनोज ,प्रवेश आर्य  ने सहयोग दिया और अनुज कनीना भीम पवन राज मोहित आदि छात्रों ने भाग लिया।
फोटो कैप्शन 02: पौधारोपण करते हुए विद्यार्थी एवं स्टाफ।
























नींव कार्यक्रम के लिए सीहोर के विद्यार्थियों और शिक्षकों को किया जागरूक
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कनीना की आवाज। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद गुरुग्राम द्वारा लागू किए गए नींव कार्यक्रम के बारे में प्राचार्य,शिक्षक  एवं विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन शहीद सतपाल सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीहोर में किया गया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के विषय विशेषज्ञ राजेश गुप्ता द्वारा प्राचार्य हरीश यादव की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
 राजेश कुमार द्वारा कार्यक्रम के विषय में बताया गया की नींव कार्यक्रम जुलाई 2023 में पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के दो जिलों के 4 विद्यालयों में प्रारंभ किया गया है तथा कार्यक्रम सफलता को देखते हुए पूरे ही प्रदेश के 44 विद्यालयों में लागू किया गया है। इसके तहत विद्यालय  समय उपरांत प्रदेश भर से विषय विशेषज्ञ आनलाइन माध्यम से सप्ताह में तीन-तीन दिन कक्षा लेंगे और चौथे दिन शनिवार को लाइव कक्षा का आयोजन किया जाएगा। इसमें आनलाइन क्विज, आनलाइन परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर भौतिक शास्त्र प्रवक्ता  महेश कुमार, रसायन शास्त्र कर्ण सिंह, गणित प्रवक्ता सुशीला देवी, एबीआरसी मनोज कुमार सहित स्टाफ सदस्य एसएमसी के सदस्य आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 03: नींव कार्यक्रम के तहत जानकारी देते हुए राजेश कुमार डाइट से




Thursday, July 4, 2024


 


स्वामी विवेकानन्द के निर्वाण दिवस पर दी श्रद्धांजलि
-युवाओं के प्रेरणास्त्रोत थे स्वामी विवेकानन्द- पिंकी
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कनीना की आवाज। बीएमडी फाउंडेशन द्वारा कनीना स्थित कार्यालय पर स्वामी विवेकांनद की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।  कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही काउंसलर पिंकी यादव ने स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए कहा की स्वामी विवेकानंद का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। स्वामी विवेकानन्द ऊर्जावान एवं जीवन आदर्श का प्रतिरूप थे । सनातन धर्म,आध्यात्म व अलौकिक जीवन आदर्श का उच्च प्रतिमान रखते हुए स्वामी जी युवाओं के लिए चिरस्मणीय व प्रेरणा स्त्रोत रहेंगे।  उनके विचार और आदर्श युवाओं में नई शक्ति और ऊर्जा का संचार कर सकते हैं। किसी भी देश के युवा उसका भविष्य होते हैं। उन्हीं के हाथों में देश की उन्नति की बागडोर होती है। विवेकानंद जी के विचारों में वह क्रांति और तेज है जो सारे युवाओं को नई चेतना से भरकर नई ऊर्जा और सकारात्कमता का संचार कर देती हैं । हमें अपने जीवन में सामाजिक सरोकारों से जुड़कर कार्य करना चाहिए ताकि समाप्त होते जीवन मूल्यों को बचाया जा सके।
इस अवसर पर लक्की राव सीगड़ा, रचना शर्मा, प्रियंका प्रजापति, कुनाल, रिंकू यादव, हर्षवर्धन,आकाश यादव, हेमलता, हैप्पी, टीना, प्रियंका सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 08: स्वामी दयानंद को याद करते बीएमडी क्लब







6 महीने  पहले से बिजली विभाग को शिकायत देने के बाद भी नहीं हो रहा है समाधान
-कब सुनी जाएगी समस्या
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कनीना की आवाज। जहां एक तरफ सरकार आम आदमी की समस्या को दूर करने के लिए दावे किये जा रहे हो किंतु पीडि़त व्यक्ति न्याय पाने के लिए परेशान हो रहे हैं लेकिन उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है।
कनीना उपमंडल के गांव रामबास के अधिवक्ता कुलदीप यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता रामनिवास शर्मा, वरिष्ठ समाजसेवी हंसराज यादव, बनवारी लाल पंच, बलराम, सिकंदर, राजेंद्र, संजीव, वेद प्रकाश रोशन लाल, राममेहर, रामावतार आदि ने जानकारी देते हुए बताया कि रामबास गांव से निमोठ के लिए एक लिंक रोड निकलता है जिस पर लोगों का आवागमन बना रहता है। वही इस रोड के किनारे पर चार बिजली के खंभे खड़े होने के कारण इस रोड से निकलने वाले लोगों को आए दिन भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिसको लेकर ग्रामीण काफी परेशान हैं। गांव के लोगों का यह कहना है कि इस समस्या को लेकर वह 6 महीने पहले एसडीओ विद्युत निगम कनीना तथा विधायक अटेली सीताराम यादव तथा सांसद महोदय से मिलकर अपना दुखड़ा रो चुके हैं लेकिन झूठे आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिला और उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है।  ग्रामीणों ने बिजली मंत्री व मुख्यमंत्री हरियाणा से मांग कर खड़े बिजली के खंभों को तुरंत हटाने की गुहार लगाई है।
 फोटो कैप्शन 09: ग्रामीण समस्या को लेकर पहुंचे बिजली विभाग







एसटीपी तक नहीं पहुंच रहा कनीना का समुचित गंदा जल
- रेवाड़ी-कोसली टी-प्वाइंट हो रहा है जमा, दुकानदार एवं राहगीर परेशान
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कनीना की आवाज। वर्षा के समय इंजनों द्वारा गंदे नालों में डाला गया समुचित जल एसटीपी/सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक नहीं पहुंच पाता। एसटीपी पर गंदा जल साफ करके पीपल वाली बणी तक पहुंचाने के व्यापक प्रबंध किए किंतु नालों द्वारा एसटीपी पर समुचित पानी नहीं पहुंच पाने के कारण समस्या बढ़ती जा रही है। वर्षों वाली समस्या फिर से बनती जा रही है।  कनीना कस्बे के का गंदा जल भूमिगत पाइपों द्वारा एसटीपी पर पहुंच रहा है जिसका साफ करके पीपल वाली बणी तक पहुंचाया जा रहा है किंतु जब अधिक वर्षा होती है और होलीवाला और कालरवाली जोहड़ों को ओवरफ्लों होने से बचाने के लिए दोनों जोहड़ों का पानी को उठाकर चौड़े गंदे नाले में डाला जाता है। यह इस नाले का समुचित पानी एसटीपी तक नहीं पहुंच पाता और वह रेवाड़ी कोसली टी-प्वाइंट पर सड़कों पर फैल जाता है। हर वर्ष की सड़क के टूटने में सबसे अहम कारण वर्ष का जल का फैलना होता है।
 मिली जानकारी अनुसार कोसली मार्ग से होते हुए एसटीपी तक पहुंचाने के लिए चौड़ा नाला पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाया हुआ है जिसे पूर्ण रूप से ढका हुआ है। इसका सफाई की जिम्मेवारी संबंधित पंचायत और नगरपालिका की होती है चूंकि यह सिमेंटीड लेंटर से ढका हुआ है, ऐसे में इसकी सफाई करना भी कठिन हो गया है। लेंटर तोड़कर ही उनकी सफाई हो सकती है, वह अभी संभव नहीं हो पा रही जिसके कारण इनमें डाला गया पानी रामगढ़ नहर तक जाता है आगे नहीं पहुंच पाता। जिससे गंदा जल कोसली-रेवाड़ी टी प्वाइंट पर जमा होने लग जाता है। दुकानदार परेशान हो जाते हैं वही आवागमन भी गंदे पानी से होता है। सड़क टूटने के ज्यादा असर होते हैंं। इस संबंध में अधिकारियों और लोगों से चर्चा की गई जो इस प्रकार है--
**गंदा जल पूर्ण रूप से एसटीपी तक नहीं पहुंच पाता जिसके कारण जब कभी बारिश होती है तो नगरपालिका द्वारा गंदे नाले में भेजा गया पानी वापस बहकर सड़क पर आ जाता है। एसटीपी कनीना तक पहुंचने वाले चौड़े गंदे नाले की सफाई करवाई जाए ताकि गंदा चल सड़कों पर न फैले। -मुकेश नंबरदार,कनीना मंडी
गंदे नाले की सफाई नहीं होगी तो गंदा जल यूं ही सड़कों पर फैलेगा। सड़क टूटने से सरकार को लाखों रुपये का नुकसान होगा, वही कोई भी दुर्घटना घटने से इनकार नहीं किया जा सकता। --मनीष कुमार,कनीना
गंदे नाले को न केवल साफ किया जाए अपितु रामगढ़ नहर के पार न पहुंचने के कारणों का पता लगाया जाए। यदि समुचित गंदा जल एसटीपी पर पहुंचेगा तो समस्या का समाधान निश्चित रूप से हो जाएगा।
-- आशुतोष यादव, कनीना
 यदि प्रशासन यूं ही देरी करता रहेगा तो आने वाले समय में विगत वर्षों की भांति रेवाड़ी-कोसली सड़क मार्ग जल्दी क्षतिग्रस्त हो जाएगा जो विगत अर्से में बनकर तैयार हुआ था। इसका परिणाम होगा की सरकार को लाखों रुपये की क्षति उठाती पड़ेगी। ऐसे में गंदे नाले की सफाई करके वर्षा के समय जोहड़ों का संपूर्ण पानी एसटीपी तक पहुंचने का प्रबंध किया जाए ।
--अशोक कुमार, कनीनावासी
क्या कहते हैं एसडीओ जन स्वास्थ्य विभाग-
एसडीओ जन स्वास्थ्य विभाग नरेंद्र सिंह से इस संबंध में चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि जो भी गंदा जल एसटीपी तक पहुंचता है उसे दो बड़ी मोटरों द्वारा साफ करके पीपलवाली बणी तक पहुंचा जा रहा है। मोटर लगातार काम कर रही है।
--नरेंद्र सिंह एसडीओ,जन स्वास्थ्य विभाग
नगर पालिका के कनिष्ठ अभियंता जयबीर सिंह ने बताया कि गंदे पानी के एसटीपी तक न पहुंचने के कारणों की जानकारी ले रहे हैं। संपूर्ण जानकारी मिलने पर ही पता चल पाएगा की गंदा जल एसटीपी तक क्यों नहीं पहुंच पा रहा है?
फोटो कैप्शन 06 व 07: कोसली टी-प्वाइंट पर फैला गंदा जल
साथ में मुकेश नंबरदार, मनीष कुमार, आशुतोष, अशोक शर्मा, नरेंद्र एसडीओ






कनीना में फिर हुई 6 एमएम वर्षा,
-बिजाई हो रही है दिनप्रतिदिन लेट
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में गुरुवार की सुबह 6 एमएम वर्षा हुई। अब तक जून माह में पांच तो जुलाई माह में 66 एमएम वर्षा हो चुकी है। वर्षा होने के बाद प्रशासन असहाय नजर आया। कुछ वर्षा से ही नालियां, नाले जोहड़ सभी ओवरफ्लो हो जाते हैं।  दिनोंदिन बाजरे की बीजाई में देरी हो रही है जिसके कारण किसान परेशान है। नगरपालिका की ओर से जोहड़ों का पानी इंजनों से निकालने का प्रबंध किया जा रहा है किंतु यह पानी भी रेवाड़ी-कोसली टी-प्वाइंट के आस पास जमा हो रहा है। दुकानदार परेशान हैं तथा अधिक वर्षा होगी तो हालत कनीना के डूबने जैसी बन सकती है।
 कनीना के दो प्रमुख जोहड़ों के पास से गुजरने वाले सड़क मार्गों पर भारी मात्रा में गंदा पानी खड़ा हुआ है। मोलडऩाथ आश्रम के पास,बस स्टैंड के पास और रामपुरी डिस्ट्रीब्यूट्री के साथ-साथ कनीना के बाईपास माना जाने वाला मार्ग पर गंदा जल भरा हुआ है।
 कनीना के मुकेश कुमार, रविंद्र कुमार, मनोज कुमार आदि ने बताया की कनीना में वर्षों से गंदे पानी के निकासी का व्यापक प्रबंध नहीं किया गया है।  हर वर्ष वर्षा होते ही कनीना जलमग्न हो जाता है। प्रशासन द्वारा जोहड़ों की सफाई तक नहीं करवाई है।
अब तो किसानों के खेतों में वर्षा का पानी नजर आता है। खेतों में कपास के पौधे भी पानी में खड़े हैं। अजीत कुमार, कृष्ण कुमार, सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया खेतों में वर्षा का जल खड़ा हुआ है। एक बार फिर से बीजाई रोकनी पड़ गई है। अभी तक बहुत कम क्षेत्रफल पर ही बीजाई हो पाई है। अभी बिजाई होने की संभावना कम है। किसान बिजाई को लेकर दिनोंदिन लेट होता जा रहा है।  किसानों का कहना है कि बीजाई के लिए जितनी वर्षा की आवश्यकता है उतनी हो चुकी है किंतु बीजाई का मौका नहीं मिल पा रहा है।
उधर पूर्व कृषि अधिकारी डाक्टर देवराज ने बताया कि बाजरे की बीजाई में देरी होती जा रही है। विगत वर्ष की बजाय इस वर्ष करीब दस दिन बीजाई लेट हो चुकी है। अभी भी नहीं पता कि कब बीजाई हो पाएगी।





स्कूल प्रांगण में पौधारोपण किया गया
-प्रत्येक विद्यार्थी लगाएगा एक पौधा
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कनीना की आवाज। पर्यावरण सुरक्षा के तहत किया किए गए आप आधार ओपन संवाद सहयोगी जागरण कनीना पर्यावरण सुरक्षा अभियान के तहत राजकीय माध्यमिक  विद्यालय झीगावन  में विद्यालय स्टाफ और विद्यार्थियों द्वारा मेगा पौधारोपण अभियान के तहत करीपत्ता, आंवला, जामुन,नीम आदि पौधे विद्यालय प्रांगण में लगाए और स्कूल परिसर के बाहर भी पौधे लगाकर प्रकृति की सुरक्षा का संदेश दिया। इस अवसर पर मिडिल मुख्य अध्यापक हरिओम ने बताया कि पर्यावरण की सुरक्षा से ही अपना जीवन सुरक्षित रहता है। साथ में हमें जीवन दायिनी आक्सीजन तथा फल, फूल, खाद्य पदार्थ प्रदान करने वाले भी पौधे हैं। ऐसे पौधों का अधिक से अधिक लगाना चाहिए और उनकी सुरक्षा भी करनी चाहिए। प्रत्येक विद्यार्थी अपने घर पर एक-एक पौधारोपण भी करेगा। इस अवसर पर हरिओम, प्रदीप कुमार विज्ञान अध्यापक, मीना शर्मा अध्यापिका, ओमप्रकाश सुख सहायक सहित सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
 फोटो कैप्शन 04: पौधारोपण करते हुए मुख्य अध्यापक एवं विद्यार्थी






कचरा प्रबंधन पर हुई चर्चा
-अगिहार स्कूल के समर कैंप में चल रहा है अभियान
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कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार में  चल रहे समर कैंप के चौथे दिन कचरा प्रबंधन तथा कचरा कम कैसे करें जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। समर कैंप के समन्वयक तथा विद्यालय में अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक ने विद्यार्थियों को कचरा कम करने तथा कचरे का सही निपटान करने के तौर तरीकों से विद्यार्थियों को अवगत कराया उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे गीला और सूखा कचरा अलग-अलग स्थानों पर डालें ताकि गीले कचरे का खाद के रूप में प्रयोग किया जा सके तथा सूखे कचरे का पुन चक्रण करके दोबारा प्रयोग  किया जा सके। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विद्यालय प्रांगण में स्वच्छता अभियान भी चलाया तथा विद्यार्थियों को भारत के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के कचरा प्रबंधन पर एक शार्ट फिल्म भी दिखाई गई। इस अवसर पर विद्यालय  के प्रवक्ता अजय बंसल,निशा,राजेंद्र कटारिया, मुख्य शिक्षक रतनलाल, धर्मेंद्र  डीपीई, प्रमोद कुमार,चंद्रशेखर,पूनम कुमारी व निशा कुमारी सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 05: कचरा प्रबंधन करते विद्यार्थी।







छात्रा हुई गुम, गुमशुदगी का मामला हुआ दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के एक गांव से स्कूल में पढऩे वाली छात्रा गुम हो गई। उसके पिता ने गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया है। माता-पिता मजदूरी करते हैं। स्कूल में पढऩे गई छात्रा घर नहीं लौटी जब माता-पिता को सूचना मिली तो तुरंत घर पहुंचे, तलाश की गई किंतु कहीं नहीं मिली। उनके बयान पर कनीना पुलिस में गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है, जांच जारी है।





सरकार कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र करें 60 वर्ष
- स्टेट अवार्डी शिक्षकों का खोया हुआ सम्मान किया जाए बहाल
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कनीना की आवाज। लंबे समय से स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों को देखते हुए विभिन्न अध्यापक नेताओं ने जहां हरियाणा में कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 58 साल से बढ़कर 60 वर्ष करने तथा स्टेट अवार्डी शिक्षकों का खोया हुआ सम्मान वापस दिलवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्टेट अवार्डी शिक्षकों को न  तो 2 साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार और न ही दो अतिरिक्त वेतन वृद्धियां दी जा रही है जिसके कारण कर्मचारी एवं स्टेट अवार्डी शिक्षकों में रोष है। अध्यापक नेताओं ने कहा कि यदि इनको बहाल कर दिया जाता है तो आने वाले चुनाव में सरकार को लाभ मिल सकता है वहीं समाज का हित भी होगा अध्यापक नेताओं ने जहां 1 जनवरी 2024 से सभी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 58 साल से बढ़कर 60 वर्ष किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का हित होगा ही साथ में रिक्त पदों को भरने की जरूरत नहीं होगी। लंबे समय से पद रिक्त पड़े हैं। यही नहीं स्टेट अवार्डी  शिक्षक मारे मारे फिर रहे हैं। उनकी सभी मांगों को पूरा किया जाए। इस संबंध में कुछ अध्यापक नेताओं से चर्चा की गई। उनके विचार निम्र हैं-
**शिक्षक को तथा अन्य कर्मचारियों की उम्र 58 साल से 60 किया की जाए। यद्यपि विगत सरकार में 2014 में भी 58 से बढ़कर 60 करने का निर्णय लिया था। चाहे परिस्थितियां कुछ भी रही हो, इस समय 1 जनवरी 2024 से सेवानिवृत्ति की उम्र 60 साल की जानी चाहिए। यह केंद्र की तर्ज होगी। जिससे कर्मचारियों का भी हित होगा और विद्यार्थियों का भी हित होगा।
- निर्मल कुमार शास्त्री अध्यापक नेता
पूरे ही प्रदेश में स्टेट अवार्डी शिक्षकों की संख्या बहुत कम है। परंतु 2020 के बाद स्टेट अवार्डी शिक्षकों को न तो दो अतिरिक्त वेतनवृद्धियां और न ही उन्हें 2 साल की अतिरिक्त सेवा का मौका दिया गया है। दोनों ही उनकी जायज मांगे हैं। साथ में प्रदेश के सभी कर्मचारियों की जनवरी 2024 से सेवानिवृत्ति की उम्र 60 साल की किया जाना भी तो समाज हित का कार्य होगा।
-- सुनील कुमार ,अध्यापक नेता
प्रदेश सरकार में जहां विभिन्न कर्मियों की संख्या घटती है जा रही है। विशेषकर शिक्षा विभाग में कर्मचारी बहुत कम हो गए हैं। निरंतर सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसे में जनवरी 2024 से सभी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 साल कर दी जाए साथ में स्टेट अवार्डी शिक्षकों को तबादलों तबादलों में अतिरिक्त अंक देने, दो अतिरिक्त वेतनवृद्धियां देने तथा 2 साल की सेवा वृद्धि किया जाना सर्वथा उचित होगा तथा सरकार के हित की बात होगी।
-कंवरसेन वशिष्ठ, पूर्व अध्यापक नेता
 फोटो कैप्शन: निर्मल शास्त्री, सुनील कुमार, कंवरसेन वशिष्ठ


























 कीमती 5 एकड़  जमीन पर हुआ अवैध कब्जा
 -छुड़ाने वाला कोई नहीं
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कनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के गांव रामबास की कीमती जमीन पर गांव के दबंगों ने अवैध कब्जा कर लिया है।
 ग्रामीणों से मिली जानकारी अनुसार पंचायत रामबास के पास लगभग 80 किला पंचायती जमीन है जिसमें गांव की कीमती 5 एकड़ जमीन कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया है। जिसकी कीमत करोड़ों रुपये है। ग्रामीणों ने बताया गांव के कुछ जागरूक लोगों द्वारा अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ 7 वीसीएल तथा न्यायालय में मुकदमे डाले हुए हैं। कोई व्यक्ति इन अवैध कब्जेधारियों के खिलाफ कुछ कहने की भी  हिम्मत नहीं जुटा पाता है।
गांव के ईश्वर सिंह, ओम प्रकाश फौजी ,राजेंद्र सिंह, हंसराज, संजीत सिंह, राजवीर सिंह,  फूल सिंह आदि ने बताया कि लोगों द्वारा कहीं लकड़ी डालकर तो कहीं छड़े लगाकर तो कहीं पक्की तामीर बनाकर अवैध कब्जे किए हुए हैं।  गांव की बेश कीमती जमीन को अवैध कब्जाधारियों से छुड़ाने की गुहार लगाई है।