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Thursday, November 5, 2026



 




बारिश ने मूंगफली की फसल पर फेरा पानी, खेतों में ही अंकुरित होने लगी फलियां
-एक एकड़ में उगाई थी मूंगफली, खराब फसल देखकर किसान मायूस
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कनीना की आवाज।
 क्षेत्र में हुई बेमौसमी बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी फसलों के साथ-साथ जमीन के नीचे तैयार हो रही मूंगफली की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। किसान सूबे सिंह और राजेंद्र सिंह अब अपनी मूंगफली की फसल को खेतों से उखाड़ रहे हैं, लेकिन बारिश के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
किसानों ने करीब एक एकड़ भूमि में मूंगफली की फसल उगाई थी। फसल तैयार होने पर जब उन्होंने मूंगफली निकालनी शुरू की तो अधिकांश फलियां खराब हालत में मिलीं। किसानों के अनुसार लगातार बारिश के कारण मूंगफली लंबे समय तक जमीन के नीचे पड़ी रही। मिट्टी में नमी अधिक होने से फलियों के अंदर ही अंकुर निकलने शुरू हो गए। अब किसान मजबूरी में मूंगफली को उखाड़कर अलग कर रहे हैं, लेकिन खराब हुई मूंगफलियों को देखकर उनके चेहरे पर मायूसी साफ दिखाई दे रही है।
सूबे सिंह और राजेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने फसल की अच्छी पैदावार की उम्मीद के साथ काफी मेहनत और खर्च किया था। समय पर बारिश न रुकने के कारण मूंगफली जमीन में ही खराब हो गई। किसानों का कहना है कि इस बार मौसम की मार ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया है। पहले सरसों और अब मूंगफली की फसल प्रभावित होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने सरकार से फसल नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है।
फोटो कैप्शन 06: संबंधित है




बिजली बिल भरने के मसले को लेकर कर्मचारी से गाली-गलौज और मारपीट, मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
 बिजली निगम के शिकायत केंद्र पर कार्यरत एक कर्मचारी के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने का मामला सामने आया है। कर्मचारी की शिकायत पर पुलिस ने प्रदीप कुमार के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में एएलएम प्रदीप कुमार ने बताया कि वह 20 अक्टूबर को दोपहर करीब 12:30 बजे अपने साथी एएलएम मोनू के साथ गांव कोका निवासी रामचंद्र के घर बिजली बिल भरने के लिए कहने गया था। रामचंद्र के बिजली मीटर पर 40,183 रुपये की बकाया राशि थी। विभागीय निर्देशों के अनुसार वह उपभोक्ता को बिल जमा करवाने के लिए कहने पहुंचा था। उस समय घर पर प्रदीप नाम का व्यक्ति मौजूद था। उसने बिजली बिल जमा करवाने के लिए 21 नवंबर 2026 तक का समय मांगा।
शिकायतकर्ता के अनुसार इसी दौरान उसने दूसरे मीटर का भी उल्लेख किया, जिसकी बकाया राशि 14,402 रुपये थी। संबंधित व्यक्ति ने मीटर दोबारा लगवाने के लिए कहा और 10 हजार रुपये लेकर मीटर वापस लगाने की बात कही। इस पर कर्मचारी ने उसे विभागीय नियमों के अनुसार ही कार्रवाई होने की बात कही।
आरोप है कि इसी बात को लेकर प्रदीप कुमार ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और अभद्र शब्द कहे। इसके बाद लकड़ी के डंडे से कई बार हमला कर दिया, जिससे उसके शरीर पर चोटें आईं। घायल कर्मचारी ने अस्पताल में उपचार करवाया, जहां चिकित्सक ने मेडिकल रिपोर्ट (एमएलसी) तैयार की।
इसके बाद कर्मचारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने प्रदीप कुमार के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।


जिला स्तरीय महोत्सव 2026 में एसडियंस ने लहराया परचम
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कनीना की आवाज।
जिले में आयोजित जिला स्तरीय बाल भवन प्रतियोगिता में एसडी विद्यालय ककराला के विद्यार्थियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पूरे मंच पर अपना दबदबा बनाया। प्रतियोगिता में विद्यालय की टीम समूह नृत्य, समूह गान और एकल गायन में हासिल किए पुरस्कार हासिल कर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया।
विद्यालय निदेशक ओमप्रकाश यादव ने बताया कि जिला स्तरीय बाल भवन प्रतियोगिता में विद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं में भाग लिया। इसमें समूह नृत्य में द्वितीय स्थान तथा समूह गान में द्वितीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वहीं विद्यालय की होनहार छात्रा तन्वी ने सोलो सांग प्रतियोगिता में तृतीय स्थान हासिल किया।
इस अवसर पर विद्यालय चेयरमैन जगदेव यादव ने सभी विजेता विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह कि उपलब्धि अपने आप में बड़े गर्व का विषय है। यह विद्यार्थियों अध्यापकों एवं अभिभावकों के सयुंक्त प्रयास का परिणाम है। अत: हमें हमेशा एकाग्रचित होकर सच्ची लग्न से परिश्रम करना चाहिए। सच्ची लग्न से कर्म करते रहने से ही सफलता सम्भव है। प्रत्येक कार्य को आनन्द से पूरा करना चाहिए जिससे काम करने की गति भी बढ़ती है व काम सुंदर तरीके से पूरा होता है।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक ओमप्रकाश, विद्यालय समिति के वरिष्ठ सदस्य राजेन्द्र यादव, उपनिदेशक पूरण सिंह, प्रधानाचार्य अरविन्द कुमार तोमर, कोर्डिनेटर स्नेह यादव, प्रियंका यादव सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 04: अपनी प्रस्तुति देते हुए एसडी स्कूल




 
कृषि में विविधता अपनाकर उद्यमिता विकास की तरफ बढऩा आज की जरूरत - लक्की राव सीगड़ा
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कनीना की आवाज।
सामाजिक संस्थान बीएमडी फाउंडेशन के चेयरमैन एवं सामाजिक कार्यकर्ता लक्की राव सीगड़ा ने चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार में आयोजित दो दिवसीय कृषि उद्यमिता विकास कार्यशाला में हिस्सा लेकर महेंद्रगढ़ जिले का प्रतिनिधित्व किया। लक्की राव सीगड़ा ने जानकारी देते हुए बताया की इस दो दिवसीय कृषि उद्यमिता विकास कार्यशाला का आयोजन चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के सायना नेहवाल कृषि तकनीकी प्रशिक्षण एवं विस्तार शिक्षा संस्थान में ग्रामीण विकास मंडल निहालगढ़ और विश्व युवक केन्द्र नई दिल्ली द्वारा किया गया। इसका कार्यशाला में मुख्य रूप से कृषि को लाभकारी व्यवसाय की श्रेणी में लाने के लिए उद्यमिता की ओर नई पीढ़ी का रुझान बढ़ाने के लिए आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, जम्मू कश्मीर और मध्य प्रदेश के एक सौ प्रतिभागियों ने विषय विशेषज्ञों की उपस्थिति में गहन चिंतन के साथ समझ विकसित करने का प्रयास किया।
चेयरमैन लक्की राव सीगड़ा ने कहा की किसान देश की आन-बान और शान हैं, लेकिन दुर्भाग्य से हमने कृषि व्यवसाय की गरिमा को समझने में बड़ी नादानी की है। विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए किसान को बेचारा समझने की मानसिकता से स्वयं किसान और समाज को बाहर निकलना होगा। भारत की मिट्टी, जलवायु और मौसम की विविधता किसानों के लिए वरदान है, लेकिन हमने इसे अभिशाप समझ लिया है। कृषि में विविधता अपनाकर किसान अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। इसके लिए खेती को केवल परंपरागत व्यवसाय के रूप में देखने के बजाय उद्यमिता और बाजार की संभावनाओं से जोडऩा होगा। दुनिया में भारतीय किसानों के लिए सबसे बड़ा बाजार उपलब्ध है ।
कार्यशाला के समापन सत्र में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त निदेशक विस्तार शिक्षा निदेशालय डॉ.एचडी यादव, विश्व युवक केन्द्र नई दिल्ली के सीनियर प्रोग्राम ऑफिसर रजत थॉमस, कार्यक्रम अधिकारी प्रदीप खत्री और विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त डॉक्टर धनंजय कुमार शर्मा ने संबोधित किया। कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए लक्की सीगड़ा ने ग्रामीण विकास मंडल दादरी के अध्यक्ष राजेंद्र यादव एवं  विश्व युवक केंद्र के वरिष्ठ प्रोग्राम ऑफिसर रजत थॉमस को भी शुभकामनाएं दी।
फोटो कैप्शन 05: लक्की राव सिगड़ा को सम्मानित करते हुए



कनीना अनाज मंडी में नहीं हुई बाजरे की खरीद, नहीं कटे गेट पास, उठान कार्य जारी
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कनीना की आवाज।
 कनीना की नई अनाज मंडी स्थित चेलावास में गुरुवार, 5 नवंबर को बाजरे की खरीद नहीं हुई और न ही किसानों के गेट पास काटे गए। मार्केट कमेटी की ओर से पहले ही पांच नवंबर को खरीद का अवकाश रहने की सूचना जारी कर दी गई थी।   दूसरी ओर मंडी में पहले खरीदे जा चुके बाजरे का उठान कार्य लगातार जारी है। उठान के चलते मंडी में रखे बाजरे के ढेर धीरे-धीरे कम हो रहे हैं। मार्केट कमेटी द्वारा अवकाश की पूर्व सूचना दिए जाने के कारण आज खरीद प्रक्रिया पूरी तरह बंद रही। किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही अपनी उपज मंडी में लेकर आएं, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी न हो।



दिवाली को लेकर सजने लगा कनीना बस स्टैंड, दुकानों पर बढ़ी रौनक, संकरे हुए रास्ते
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कनीना की आवाज।
 दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही कनीना बस स्टैंड सहित बाजारों में रौनक बढऩे लगी है। बस स्टैंड क्षेत्र में सैकड़ों दुकानें सजने लगी हैं। दुकानदारों ने अपनी दुकानों को रंग-बिरंगी लाइटों, सजावटी सामान और आकर्षक वस्तुओं से सजा दिया है। त्योहार को देखते हुए बाजार में ग्राहकों की आवाजाही भी बढऩे लगी है। दुकानों के बाहर सामान सजाकर रखने के कारण सड़क मार्ग संकरे हो गए हैं, जिससे वाहनों के आवागमन में परेशानी होने लगी है। बस स्टैंड क्षेत्र में कई बार जाम जैसी स्थिति बन जाती है। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो दिवाली के दिनों में यही स्थिति और गंभीर हो सकती है।
उधर, विद्यार्थी अपनी पढ़ाई में जुटे हुए हैं, वहीं किसान गेहूं की बिजाई की तैयारियों और खेतों में काम करने में व्यस्त हैं। हैरानी की बात यह है कि अभी भी कुछ किसान सरसों की बिजाई कर रहे हैं। क्षेत्र में इस बार सरसों की बिजाई इतनी देरी से होने का यह पहला अवसर माना जा रहा है।
दूसरी ओर व्यापारी वर्ग दिवाली पर अच्छी आमदनी की उम्मीद लगाए बैठा है। पुराने कारोबार के साथ कुछ व्यापारी नए-नए व्यवसाय भी शुरू कर रहे हैं। बाजार में सजावटी सामान, मिठाइयों, कपड़ों और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की दुकानों पर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। व्यापारियों को उम्मीद है कि त्योहार के दिनों में ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी और कारोबार अच्छा रहेगा।
फोटो कैप्शन 02 व 03: कनीना बस स्टैंड पर दिवाली के मद्देनजर सजाई जा रही दुकानें।





दीपावली पर्व नहीं महापर्व है
 -पंचपर्वों का महापर्व है दीपावली    
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कनीना की आवाज।
दीपावली का पर्व एक पर्वों का समूह है। इस पर्व से पहले तथा बाद में भी दीपावली की धूम रहती है। शुक्रवार से ही दीपावली पर्व की शुरूआत हो जाएगी। धन तेरस का पर्व मनाया जा रहा है जिसके बाद तो एक के बाद एक पर्व लगातार चलते रहेंगे।
    ग्रामीण अचल में 6 नवंबर धन तेरस के दिन से ही दिवाली के दीये जलाने शुरू कर दिए जाते हैं। इस दिन माना जाता है कि बर्तन खरीदना लाभकारी है। यही कारण है कि इस दिन बर्तनों की दुकानों पर भारी भीड़ मिलती है। धन तेरस के दिन ही बर्तन क्यों खरीदे जाते हैं। इसके विषय में माना जाता है कि देवताओं और दानवों के द्वारा समुद्र मंथन के पश्चात इसी दिन ही धनवंतरि अमृत कलश लेकर समुद्र से बाहर आए थे। अमृत पाने के लिए देवता बर्तन लेकर दौड़े थे। इसी कारण से यह दिन धनवंतरि त्रयोदशी कहलाता है। लोगों का मानना है कि धनवंतरि इस दिन ही सभी को अमृत बांटते हैं और अमृत पाने की लालसा को लेकर नए बर्तन खरीदे जाते हैं। प्रार्थना की जाती है कि उनका यह नया बर्तन अमृत से भरा रहे और परिवार खुश एवं खुशहाल रहे। वैद्य के लिए यह दिन अति शुभ माना जाता है।
   दिवाली से पूर्व यानी 7 नवंबर को नरक चतुर्दशी व छोटी दीपावली का त्योहार आएगा। यह पर्व श्रद्धा एवं उल्लास से मनाया जाता है। इस दिन सुबह सवेरे स्नान करना लाभप्रद माना जाता है। अत: लोग सूर्योदय से पूर्व ही स्नान करते हैं। इस पर्व को ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी दिवाली का पर्व कहा जाता है। नरक चतुर्दशी का पर्व असुर नरकासुर की याद दिलाता हैं। अति अभिमानी और देवताओं को सताने वाला नरकासुर राक्षस का भगवान् श्रीकृष्ण ने इसी दिन वध किया था। कहीं मृत्यु का देवता उन्हें नरक न प्रदान करे। इस भय के मारे लोग यमराज की पूजा करते हैं। इसे दूसरे दिन की दिवाली भी कहा जाता है।
8 नवंबर को दिवाली का पर्व अंधेरे को मिटाने वाला तथा प्रकाश रूपी पुष्प भेजने वाला हिन्दुओं का महान पर्व है। जब भगवान् श्रीराम को 14 वर्षों का वनवास भेजा गया था तभी से प्रजाजन अति दु:खी थे और पल.पल उनको याद करते रहते थे। आखिरकार एक दिन रावण ने सीता का ही हरण कर लिया और उन्हें लंका ले गया। हनुमान की सहायता से जब सीता का पता लगाया तो भगवान् श्रीराम ने लंका पर धावा बोलकर रावण का वध कर दिया जिसे दशहरा नाम दिया गया । उस दिन पश्चात श्रीराम अयोध्या के लिए लौट चले थे। जब श्रीराम अयोध्या लौटे तो लोगों ने खुशी के मारे तीन दिन देशी घी के दीये जलाए थे। तभी से यह त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। अमावस्या के दिन घोर अंधेरा होता है किंतु दीप जलाकर इस अंधेरे को नष्ट कर दिया जाता है। इस त्योहार पर घरों और आवास को चमकाया जाता है। लक्ष्मी सरस्वती और गणेशजी की पूजा की जाती है।
   दिवाली के अगले दिन अर्थात 9 नवंबर को अन्नकूट का पर्व मनाया जाता है। इसे गोवर्धन नाम से भी जाना जाता है। इस दिन मंदिरों में खिचड़ी व कढ़ी बांटी जाती हैं जिसे प्रत्येक जन चाव से खाता है। गोवर्धन पर्व से जुड़ी है श्रीकृष्ण और इन्द्र देव के बीच का प्रसंग। एक बार इंद्र देव भगवान् श्रीकृष्ण से कुपित हो गए और मूसलाधार वर्षा करने लगे। गोकुल में इतनी भारी वर्षा देखकर ग्रामीण भयभीत हो गए और चारों ओर त्राहि.त्राहि मच गई। जीव जल में डूबकर मरने लगे तो ग्रामीण दौड़कर भगवान् श्रीकृष्ण के पास आए। भगवान् श्रीकृष्ण ने उस वक्त गोवर्धन पर्वत ही अपनी अंगुली पर उठा लिया और गोकुलवासियों को उसके नीचे आने का आदेश दिया। इस प्रकार इंद्र का गर्व चूर.चूर हो गया और खुश होकर ग्रामीणों ने गोवर्धन पर्वत की पूजा की। इसी दिन आजकल गाय आदि की पूजा करने का विधान भी है। विश्वकर्मा जयंती भी मनाई जा रही है।
   दिवाली के दूसरे दिन यानी 10 नवंबर को भैया दूज नाम से जाना जाता है। यह पर्व भाई बहन के अटूट प्रेम को दर्शाता है। विवाहित महिलाएं इस दिन अपने भाई को बुलाकर उनका आदर सत्कार करती हैं। तथा उनके दर्शन किए बगैर अन्न भी ग्रहण नहीं करती हैं। बहन भाई को तिलक करके उसकी लंबी उम्र की कामना करती है। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र के लिए यमराज की पूजा करती हैं। इस प्रकार दिवाली का पर्व पूरे पांच दिनों तक चलने वाला पर्व है जिसका महत्व आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में उतना ही है जितना पहले कभी होता था।



कनीना खंड के स्कूलों में प्राचार्यों और मुख्य अध्यापकों के पद खाली, कैसे सुधरे शिक्षा व्यवस्था?
-24 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में मात्र 9 प्राचार्य कार्यरत, खंड शिक्षा अधिकारी का पद भी रिक्त
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कनीना की आवाज।
 कनीना खंड में सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था इन दिनों शिक्षकों और अधिकारियों के रिक्त पदों की समस्या से जूझ रही है। हालात यह हैं कि खंड के 24 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में से केवल 9 विद्यालयों में ही प्राचार्य के पद भरे हुए हैं, जबकि शेष 15 विद्यालयों में प्राचार्यों के पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा चार राजकीय उच्च विद्यालय तथा आठ मिडिल स्कूल भी खंड में संचालित हैं।
सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि उच्च विद्यालयों में मुख्य अध्यापकों के सभी पद रिक्त बहैं। इसके चलते विद्यालयों का प्रशासनिक कार्य और शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। एक-एक प्राचार्य को दो -दो विद्यालयों का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा हुआ है। ऐसे में किसी एक अधिकारी के लिए कई विद्यालयों की व्यवस्था संभालना और पढ़ाई की गुणवत्ता पर ध्यान देना आसान नहीं है।
समस्या केवल विद्यालयों तक सीमित नहीं है। कनीना के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) का पद भी खाली चल रहा है। इसके साथ ही कार्यालय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सहायक का पद भी रिक्त है। अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी के कारण कार्यालय के कामकाज तथा विद्यालयों की निगरानी पर भी असर पड़ रहा है।
खंड में शिक्षा व्यवस्था की ऐसी स्थिति को लेकर अभिभावकों और शिक्षा से जुड़े लोगों में चिंतित है। सवाल उठ रहा है कि जब विद्यालयों में प्राचार्य और मुख्य अध्यापक ही उपलब्ध नहीं हैं तथा खंड स्तर पर शिक्षा विभाग का कार्यालय भी नियमित अधिकारियों के बिना चल रहा है, तो बच्चों की पढ़ाई और विद्यालयों की व्यवस्था कैसे सुचारु रह पाएगी?
शिक्षा विभाग और सरकार को चाहिए कि कनीना खंड के विद्यालयों में रिक्त प्राचार्यों, मुख्य अध्यापकों तथा खंड शिक्षा अधिकारी सहित कार्यालय के अन्य पदों को शीघ्र भरा जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और सरकारी शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके।





क्षेत्र में धनतेरस को लेकर सजी बर्तन की दुकानें
-हर घर से खरीदते हैं बर्तन
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में शुक्रवार को धन तेरस का पर्व मनाया जाएगा जिसको लेकर बाजार में बर्तनों की दुकानें सज गई हैं।
  कनीना क्षेत्र में दो दिनों पूर्व से ही दिवाली पर्व की धूम मची है। बाजारों में भारी रौनक देखने को मिली है वहीं बर्तनों की दुकानों पर दुकानदार ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं।
 दीपावली के चलते बाजार सजने लगे हैं। दीपावली के पर्व को महज चार दिन ही बाकी हैं और बाजार में रौनक आने लगी है। बाजार सजने लगे हैं। अब तक ऐसा लग रहा था कि रौनक फीकी रहेगी किंतु अब धीरे-धीरे बाजार सजने लगे हैं।  धीरे-धीरे बाजार में रौनक आने लगी है और भीड़ के चलते आवागमन में परेशानी होने लगी है। मुख्य मार्गों पर भी दुकानों की वजह से मार्ग संकीर्ण बन गए हैं। क्या कहते हैं दुकानदार एवं ग्राहक--
 सुरेश कुमार एवं रवि कुमार का कहना है कि  इस दिन घर परिवार में बर्तनों की जरूरत होती है किंतु इस दिन का विशेष इंतजार होता है क्योंकि इस दिन बर्तन खरीदने की परंपरा चली आ रही है। वे जरूर बर्तन खरीदकर ले जाएंगे। चाहे बर्तना छोटा हो या बड़ा मांग के अनुसार खरीद ही लेते हैं। आचार्य दीपक कौशिक का कहना है कि धन तेरस के दिन ही राक्षसों एवं देवताओं के बीच हुए समुद्र मंथन से अमृत निकला था जिसे पाने के लिए देवता अपना अपना बर्तन लिए बैठे थे और धनवंतरि सभी को अमृत बांट रहे थे। उसी दिन से माना जाता है कि धनवंतरि उन्हें अमृत बाटने आते हैं। इस दिन लोग नए बर्तन में धनवंतरि से अमृत पाने की इच्छा से बर्तन खरीदते हैं।
फोटो कैप्शन 01: बर्तनों की सजी दुकानें



करीरा सरकारी स्कूल के बहुचर्चित मामले में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा रिपोर्ट भेजने में की जा रही है देरी
---मामले ने पकड़ा तूल,








कार्रवाई न होने पर ग्रामीण दे सकते हैं धरना
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव करीरा स्कूल में गांववालों द्वारा एक शिक्षक व शिक्षिका के खिलाफ शिकायत सीएम विंडो के माध्यम से डेढ़ महीने पहले की गई थी। तीन प्राचार्यों की कमेटी ने एक महीने पहले अपनी रिपोर्ट खंड शिक्षा अधिकारी को सौंप दी थी तथा सभी ने अपनी जांच में उपरोक्त दोनों अध्यापकों की शिकायत ठीक पाई गई व विभाग से इनका किसी अन्य विद्यालय में समायोजन करने की सिफारिश की व खंड शिक्षा अधिकारी ने भी उपरोक्त दोनों अध्यापकों की जांच में अपनी टिप्पणी विद्यालय, स्कूल समिति अभिभावकों व कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर उपरोक्त दोनों अध्यापकों का किसी अन्य विद्यालय में भेजने की अनुशंसा कर दी गई थी लेकिन इसके बाद भी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बच्चों के अभिभावकों की शिकायत को अनदेखा किया जा रहा है। गांववासियों ने मांग की है कि जांच को समय पर निदेशालय नहीं भेजा गया तो जिला उपायुक्त के माध्यम से जांच को भेजने में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ इसकी शिकायत की जाएगी। इस संबंध में कार्यकारी खंड शिक्षा अधिकारी सुनील खुडानिया ने बताया कि उन्होंने प्राचार्यो की टिप्पणी लिखवाकर जिला शिक्षा अधिकारी को रिपोर्ट भेज रखी है। उधर जिला शिक्षा अधिकारी नानौल फोन तब नहीं उठाते।


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