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Tuesday, March 3, 2026
कनीना में होली के उपलक्ष्य में खेल प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन
-रस्साकशी, कबड्डी, कुश्ती आदि आयोजित
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कनीना की आवाज। होली के पावन अवसर पर कबड्डी व रस्साकसी प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में आसपास के गांवों की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और शानदार प्रदर्शन किया।
कबड्डी प्रतियोगिता में सिद्धिपुर की टीम ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि अहरी की टीम उपविजेता रही। खिलाडिय़ों के जोश और रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
वहीं पुरुष रस्साकसी प्रतियोगिता में शक्तिमान सागरपुर की टीम विजेता रही तथा होली वाला क्लब की टीम उपविजेता रही। इसके अलावा महिला रस्साकशी में मंजीता की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और ओमवती की टीम उप-विजेता रही।
सभी विजेता एवं उपविजेता टीमों को कृष्ण कुमार समाजसेवी जयनारायण की दुकान द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करते हुए खेल भावना बनाए रखने का संदेश दिया।
इस अवसर पर अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें रामानंद, लाल सिंह जेई., होशियार सिंह सत्संगी, लेखराम, पूर्व पार्षद राजेंद्र, रामप्रताप शिक्षक , लक्ष्मण दादा, नित्यानंद तथा रामसिंह शामिल रहे।
प्रतियोगिता के दौरान मैच रैफरी की भूमिका सुभाष जी भाला व महावीर सिंह बिसौवा ने निभाई, जबकि अंकुर डीपी ने कमेंटेटर के रूप में दर्शकों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम का आयोजन सौहार्दपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने भाग लिया।
फोटो कैप्शन 11 से 14: खेलों से संबंधित हैं
साल में दो विज्ञापन भी नहीं देने वालों के अब समाचार प्रकाशित नहीं होंगे
- अखबार का आदेश है विज्ञापन देने वालों की खबरें लगे अधिक से अधिक
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कनीना की आवाज। लंबे समय से डा. होशियार सिंह यादव पत्रकारिता में जुटा हुआ है। सुबह से रात 11 जाते हैं तब जाकर पत्रकारिता पूर्ण होती है किंतु न तो समाचार पत्र एक रुपया भी देता और न ही लोग विज्ञापन देते। साल में अनेक समाचार छपने के बाद भी जब विज्ञापन का वक्त आता है तब कोई विज्ञापन नहीं दिया जाता, जिससे अखबार नाराज है और ऐसे पत्रकार जो विज्ञापन नहीं देते उनको हटाने का निर्णय ले लेता है। ऐसे में जो साल में दो विज्ञापन नहीं दे पाए वो कृपया मेरे पास/डा. होशियार सिंह यादव के पास समाचार प्रकाशन हेतु न भेजे। इसे कड़ाई से पालन किया जाएगा। भविष्य में यदि कोई समाचार भेजता है तो स्वयं जिम्मेदार होगा और वे प्रकाशित नहीं होंगे। अपने घर से कंप्यूटर, बिजली, नेट खर्चा, भाग दौड़ करनी पड़ती है वहीं बच्चों से दूर रहना पड़ता है। उस पर भी एक रुपए भी जेब में नहीं आता और खर्चा बढ़ता ही चला जाता है। एक और परिवार वाले नाराज वहीं अखबार वाले नाराज क्योंकि कुछ लोगों की आदत बन गई है कि समाचार के समय तो कहेंगे बड़े-बड़े समाचार छाप दो और विज्ञापन के नाम पर कहेंगे सोचेंगे, देखेंगे या फिर फोन नहीं उठाते, फोन बंद कर लेते हैं। ऐसे में ऐसे व्यक्ति जो साल में दो विज्ञापन नहीं दे पाते वो कृपया माफ करें, समाचार भविष्य में न भेजे। केवल वही व्यक्ति भेजें जिन्होंने कुछ विज्ञापन दिया है या मेरी किसी क्षेत्र में मदद की है ताकि उनका खर्चा में स्वयं वहन कर सकूं। सबसे बड़ी बात है कि अखबार के निर्देशानुसार एक विज्ञापन कम से कम 10 हजार का देने वालों के छह माह समाचार प्रकाशित होंगे, दो विज्ञापन देने वालों के पूरे साल समाचार प्रकाशित होंगे। अधिकतम दिन में एक समाचार प्रकाशित करवा सकता है वह भी स्वयं टाइप करके भेजना होगा। यदि साल में 20000 तक का विज्ञापन देता है उनके लिए यह सुविधा एक साल चलती रहेगी। समाचारपत्रों का कहना है कि उन लोगों पर समय बर्बाद ना करें जो विज्ञापन नहीं देते। एक और मजबूरी है दूसरी और विज्ञापन देना जरूरी है। शायद कनीना क्षेत्र के प्रतिदिन 10 बड़े समाचार अकेले मेरे प्रकाशित होते हैं लेकिन इस होली पर महज एक छोटा सा विज्ञापन मिला जिनसे उम्मीद थी वो कल देंगे, फिर देंगे, आगे देंगे करते-करते होली भी टाल दी। अब ऐसा नहीं होगा। केवल क्राइम के समाचार और उन लोगों के समाचार प्रकाशित होंगे जो विज्ञापन देते हैं या ऐसे व्यक्तित्व जो वास्तव में समाज के लिए उदाहरण बने हुए हैं।
सुरेश यादव बने कनीना के नए खंड शिक्षा अधिकारी
-- शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश
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कनीना की आवाज। राजकीय माडल संस्कृति स्कूल, चरखी दादरी के प्राचार्य एवं हाल ही में पदोन्नत बीईओ अधिकारी सुरेश यादव को खंड शिक्षा अधिकारी कनीना नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति हरियाणा सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग के आदेशानुसार की गई है।
उल्लेखनीय है कि खंड शिक्षा अधिकारी का पद पिछले लगभग दो माह से रिक्त चल रहा था, जिसके चलते प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे थे। श्री सुरेश यादव की नियुक्ति से अब खंड के शिक्षा प्रबंधन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
श्री यादव मूल रूप से कनीना खंड के गांव सेहलंग निवासी हैं। उन्होंने अपने शैक्षणिक जीवन की शुरुआत इसी खंड में बतौर अध्यापक की थी। इसके बाद उन्होंने मुख्य अध्यापक एवं प्राचार्य के रूप में लंबे समय तक सफलतापूर्वक सेवाएं दीं। वर्तमान में वे राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल, चरखी दादरी में प्राचार्य के पद पर कार्यरत थे।
उनकी नियुक्ति पर शिक्षा जगत में हर्ष का माहौल है।
सेवानिवृत्त उप जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र सिंह यादव, रामानंद यादव,नरेश कुमार कौशिक (प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी),जयप्रकाश कोटिया (अध्यक्ष, कनीना मार्केट कमेटी),जयप्रकाश ककराला (अध्यक्ष, ब्लॉक समिति),अमर सिंह निमोरिया (पूर्व प्राचार्य),सतपाल यादव (प्राचार्य, गुढ़ा),
डॉ. वीरेंद्र सिंह (प्राचार्य, बुचावास) तथा
वरिष्ठ प्रवक्ता नरेश यादव सहित अनेक शिक्षाविदों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने सुरेश यादव को नई जिम्मेदारी मिलने पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि श्री यादव के अनुभव, प्रशासनिक दक्षता और शैक्षणिक नेतृत्व से कनीना खंड में शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा मिलेगी।
फोटो कैप्शन: सुरेश कुमार बीइओ
गूंगे बहरे व्यक्ति को मिला न्यायालय से न्याय
-- आरोपी को एक वर्ष का कारावास
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कनीना की आवाज। कनीना न्यायालय में एसडीजेएम प्रवीण कुमार की अदालत से गूंगे बहरे व्यक्ति पंकज कुमार को चैक बाउंस के केस में न्याय मिला। पंकज कुमार के पिता से आरोपी विक्रम ने चार लाख रुपए लिए थे और वह रकम आरोपी ने नहीं लौटाई और पंकज कुमार के पिता का देहांत हो गया। उसके बाद भी आरोपी ने रुपए ना लौटाए। तब पंकज कुमार ने अदालत में कानून का सहारा लिया और गूंगे बहरे इंसान ने कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरते हुए अदालत से न्याय की मांग की। काफी सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को एक वर्ष कारावास की सजा सुनाई है।
गूंगे बहरे इंसान पंकज कुमार की तरफ से अदालत में पैरवी पूर्व प्रधान ओपी रामबास एडवोकेट ने की। इस बारे में उन्होंने बताया कि अदालत ने सभी पक्षों को गहनता से सुनकर आरोपी को एक वर्ष की जेल और चार लाख रुपए हर्जाना छह प्रतिशत ब्याज के साथ देने के आदेश दिया है।
एटीएम और बीटीएम के सहारे चल रहा है कनीना खंड कृषि कार्यालय
-आठ एडीओ और खंड कृषि अधिकारी का पद है रिक्त
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कनीना की आवाज। देश की अर्थव्यवस्था में अहं भूमिका निभाने वाला कृषि विभाग एडीओ एवं बीओ अभाव में जूझ रहा है। कनीना के खंड कृषि कार्यालय में खंड कृषि अधिकारी/बीओ का पद लंबे समय से रिक्त चला आ रहा है। महेंद्रगढ़ से के बीओ को अतिरिक्त चार्ज कनीना का दिया हुआ है।
यहां उल्लेखनीय है कि कनीना और इसके आसपास विभिन्न गांवों में 8 एडीओ के पद सृजित किए हुए हैं और ये सभी पद रिक्त पड़े हैं। सेहलंग, खेड़ी, भोजावास, दौंगड़ा अहीर, सुंदरह, बूचावास और बवानिया में एक-एक एडीओ का पद सृजित है किंतु सारे पद खाली पड़े हैं। महेश बीटीएम/ ब्लाक टेक्नोलाजी मैनेजर और एटीएम/ असिस्टेंट टेक्नोलाजी मनी मैनेजर के सहारे कनीना खंड कृषि कार्यालय चल रहा है। इससे बुरी हालत किसी और विभाग की नहीं है। सरकार ने एचकेआरएन के तहत सुपरवाइजर जरूर नियुक्ति कर रखे हैं।
एक ही परिवार के तीन भाइयों ने गौशाला में साथ मनाई शादी की सालगिरह
--सादगी और गौ-सेवा का अनुपम उदाहरण पेश किया...
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कनीना की आवाज। कस्बा कनीना निवासी विजय सिंह के तीन सगे पुत्र नवीन कुमार, सुरेन्द्र कुमार एवं प्रवीण कुमार ने अपनी शादी की सालगिरह बड़ी सादगी और श्रद्धाभाव के साथ श्री कृष्ण गौशाला, कनीना में एक साथ मनाई। उल्लेखनीय है कि तीनों भाइयों का विवाह भी एक ही परिवार की तीन बहनों पूनम, सोनू एवं संदीप के साथ एक ही दिन संपन्न हुआ था।
इस अवसर पर विजय सिंह के तीनों पुत्र, उनकी पत्नियां तथा उनके बच्चे गौशाला पहुंचे। सभी ने गौ माताओं को गुड़-चारा खिलाया, सेवा-संभाल की तथा गौशाला को 5100 रुपये का आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया। इसके पश्चात गौशाला प्रांगण स्थित श्रीकृष्ण मंदिर में तीनों दंपतियों ने भगवान श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आज के दौर में जहां अधिकांश लोग पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में बड़े-बड़े होटलों में भव्य आयोजन कर अनावश्यक खर्च करते हैं, वहीं इस परिवार ने सादगीपूर्ण ढंग से कार्यक्रम आयोजित कर गौ-सेवा को प्राथमिकता दी, जो समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। इस अवसर पर श्रीकृष्ण गौशाला के प्रधान भगत सिंह ने तीनों युगल जोड़ों को शुभाशीष प्रदान करते हुए पूरे परिवार का आभार व्यक्त किया और उनके इस अनुकरणीय कार्य की सराहना की। कार्यक्रम सामाजिक सद्भाव, पारिवारिक एकता एवं भारतीय संस्कृति की गौ-सेवा परंपरा को मजबूत करने का प्रतीक बना।
किसान लगे सरसों की लावणी में
-दूसरे प्रांतों से आने लगे हैं मजदूर
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र के किसान सरसों की लावणी में लग गये हैं। होली के बाद लावणी में तेजी आ जाएगी चूंकि कनीना में मोलडऩाथ मेला एवं होली पर्व के चलते लावणी में देरी हो रही थी। अभी गेहूं की बालियां आ चुकी हैं जिनमें गेहूं का दाना मिल्किंग स्टेज पर है जिसे ठंड की जरूरत होती है।
करीब 20,000 हेक्टेयर पर उगाई गई सरसों की फसल पक चुकी है। कुछ किसान कटाई के काम में लग गये हैं। दिन के समय ताप बढ़ गया है।
किसान अजीत कुमार,कृष्ण कुमार, राजेंद्र सिंह से इस संबंध में चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि इस वक्त गेहूं की फसल की सिंचाई की जरूरत है। गत दिनों थोड़ी सी बूंदाबांदी हुई थी किंतु अब किसानों को सिंचाई की जरूरत पड़ रही है। करीब 9500 हेक्टेयर पर गेहूं की खेती की गई है। अधिकांश मजदूर होली पर्व के बाद आते हैं।
पहुंचने लगे हैं मजदूर-
सरसों एवं गेहूं की लावणी के दृष्टिगत मजदूर इस क्षेत्र में आने लग गये हैं। ये मजदूर अपनी रोटी रोजी लावणी से ही कमाते हैं। उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार, राजस्थान आदि राज्यों से मजदूर चार माह के लिए इस क्षेत्र में आते हैं और रोटी रोजी कमाकर वापस अपने घरों को लौट जाते हैं।
हर हर वर्ष बढ़ जाते हैं इनके रेट-
हर वर्ष इन मजदूरों के भी रेट बढ़ जाते हैं। विगत वर्ष जहां 5000 रुपये तक एक एकड़ गेहूं खेत की लावणी की गई। इस बार अनुमान है कि कम से कम 6000 रुपये प्रति एकड़ में लावणी करेंगे। लावणी के अतिरिक्त भी इन मजदूरों से खेती करने तथा मुर्गी फार्म में रखरखाव का काम करते हैं।
नहीं है आत्मनिर्भर किसान-
किसानों ने बताया कि एक जमाना था जब परिवार के सदस्यों की संख्या अधिक होती थी उस समय मजदूरों की जरूरत कम पड़ती थी किंतु अब प्रत्येक घर में सदस्य की संख्या कम होती है। एक और जहां चल रही हैं विद्यार्थी अपने स्कूल में परीक्षा देने जाते हैं वही किसान अपने खेतों में लावणी का कार्य करते हैं। लेकिन ऐसे बहुत कम किसान है जो अपने खेत की लावणी स्वयं करते हैं। मजदूरों पर ही लावणी का कार्य निर्भर करता है।
क्या कहते हैं कृषि अधिकारी-
उधर इस संबंध में पूर्व कृषि अधिकारी डा. देवराज से बात हुई। उन्होंने बताया कि अकसर सरसों की लावणी मार्च के दूसरे सप्ताह से शुरू होती है किंतु खेत के स्वभाव एवं वातावरण का भी प्रभाव पड़ता है। अगैती फसल पहले लावणी आ जाती है। किसान तेजी से लावणी कार्य में लग गये हॅैं।
स्टेज पर है जिसे ठंड की जरूरत होती है।
सरसों खरीद की तिथि नहीं आई-
उधर कनीना व्यापार मंडल प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष रविंद्र बंसल ने बताया कि सरकार ने सरसों का समर्थन मूल्य 6250 रुपये वहीं गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल रखा है तथा सरसों की खरीद की कोई अभी तक तिथि नहीं आई है। एक अप्रैल से खरीद होने की संभावना है।
फोटो कैप्शन 09: कनीना के खेतों में लावणी करते किसान
रंगों की होली 2 दिन चलेगी, मंगलवार को भी जमकर खेली गई होली
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कनीना की आवाज। यूं तो होली दहन भी होली दहन भी दो दिनों तक चला है। कुछ क्षेत्रों में जहां मंगलवार को होली दहन किया गया वहीं कुछ जगह सोमवार को होली दहन हो चुका है। इसी प्रकार रंगों का त्योहार होली भी दो दिनों तक चलेगा। मंगलवार को सरकारी स्कूलों एवं छोटे बच्चों आदि ने जमकर होली खेली। एक दूसरे पर रंग गुलाल लगाया और खुशी वक्त की परंतु बुधवार को विभिन्न मंदिरों एवं संस्थानों में मेले एवं होली खेली जाएगी। जिन क्षेत्रों में होली दहन मंगलवार को किया गया है वहां पर भी रंगों का त्योहार बुधवार को ही मनाया जाएगा। छोटे-छोटे बच्चे भी रंग गुलाल लगाते देखे गए और खुशी व्यक्त करते देखे गये। यद्यपि उन्हें होली के पर्व का अधिक ज्ञान नहीं परंतु जिस ढंग से रंग गुलाल लगा रहे थे देखकर हंसी आ रही थी।
फोटो कैप्शन 5: रंग गुलाल लगाते छोटे बच्चे
कैमला में मनाया होली मिलन समारोह
-स्कूल को मिला सौंदर्यीकरण का पुरस्कार
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कनीना की आवाज। राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में होली मिलन समारोह का आयोजित किया गया। सभी बच्चों ने होली के पर्व की महता ,उत्साह, उमंग के साथ अपने गुरुजनों के साथ रंग लगाकर होली का जश्न मनाया। मौलिक मुख्याध्यापक वीरेंद्र सिंह जांगिड़ ने रंगों के पर्व होली की महता हमारी धार्मिक आस्था, शिक्षा और संस्कृति के ओत-प्रोत महत्वपूर्ण प्रसंग विद्यार्थियों को बताते हुए सभी से अपील की कि आप रंगों के त्योहार को उमंग और उत्साह के साथ सभी मिलकर मनाएं। यह पर्व हमें जीवन में सादगी सदाचारी, आपसी मेल-जोल और बुराई पर अच्छाई की जीत की प्रेरणा देता है। हमें होली का पर्व हम यही संदेश देता है कि हम सभी को परस्पर अपने आपसी गिलवे -शिकवे आदि भूलकर निश्चल भाव से मन की बुराई को दूर कर परस्पर गले लगा कर भेद-भाव को मिटाकर मिलजुल कर रहना चाहिए और इन रंगों की भांति घुल मिल कर रहना चाहिए। जिससे हमें जीवन में अपार खुशियां प्राप्त करनी चाहिए। इस अवसर पर मनवीर सिंह, सुनील कुमार शास्त्री, सुनील कुमार डीपीई ,देवेंद्र ,राजेश कुमार, भगत सिंह, सुनील कुमार ,सूबे सिंह, तारामणि देवी, पिंकी देवी, बबली देवी आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 08: होली मिलन समारोह मनाते हुए।
शादी की सालगिरह मनाई और 5100 रुपये का दिया दान
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कनीना की आवाज। श्रीकृष्ण गौशाला में पूनम पत्नी नवीन कुमार ,सोनू कुमारी पत्नी सुरेंद्र सिंह, संदीप देवी पत्नी प्रवीन गांव कनीना ने अपनी शादी की सालगिरह श्रीकृष्ण गौशाला कनीना बनाई। गायों को गुड़ खिलाया और 5100 रुपए का दान दिया।
इस मौके पर प्रधान भगत सिंह, विजय सिंह, नवीन कुमार ,सुरेंद्र सिंह, प्रवीण, शारदा देवी, ओम, सुनीता, मास्टर रामप्रताप, दिलावर सिंह, सचिव यश यादव, रामपाल सिंह, बलवान सिंह, अशोक पैकन, सतवीर गूगनवाला, राज प्रापर्टी डीलर आदि उपस्थित रहे।
फोटो फोटो कैप्शन 7: गौशाला में दान देते हुए महिलाएं
व्यक्ति गुम, गुमशुदगी का मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना उप- मंडल के गांव चेलावास की रेनू ने मामला दर्ज करवाया है कि उनके पति प्रवीण, 34 वर्ष एक मार्च को दोपहर करीब 2 बजे घर से बलेनो गाड़ी लेकर निकले थे किंतु वापस नहीं आए। जिसकी अपने स्तर पर जांच की किंतु कहीं नहीं मिला। फोन भी बंद आ रहा है। कनीना पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।
सुंदरह प्राथमिक स्कूल सौंदर्यीकरण में रहा प्रथम खुशी
--होली की खुशियां बढ़ी
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कनीना की आवाज। मुख्यमंत्री विद्यालय सुंदरीकरण पुरस्कार 2026 के लिए प्राथमिक श्रेणी में राजकीय प्राथमिक पाठशाला सुंदरह को खंड स्तर पर प्रथम स्थान मिलने पर समस्त अध्यापकों ,विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। विद्यालय प्राचार्य बाबूलाल यादव ने इसका श्रेय कुलदीप यादव मुख्य शिक्षक की सतत मेहनत विद्यार्थियों के अनुशासन एवं स्वच्छतापूर्ण व्यवहार को दिया है। इस अवसर पर एसएमसी प्रधान राजेश, भोलाराम, चेतन शर्मा, राजसिंह, अनिल शर्मा,रेनू यादव, राजेश कुमारी ,राजेश यादव,मंजू यादव, तरु यादव, प्रदीप छिल्लर ,ओम प्रकाश, छोटेलाल, बिमला लक्ष्मी, शकुंतला, सिया सहित समस्त स्टाफ उपस्थित थे। इस खुशी का इजहार विद्यार्थियों ने अबीर ,गुलाल लगाकर किया। विद्यालय की तरफ से बच्चों को मिठाइयां एवं फल वितरित किए गए।
उल्लेखनीय है कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में भी सुंदरह स्कूल प्रथम रहा है, उच्च विद्यालयों में भडफ़, मिडिल स्कूलों में कैमला प्रथम तथा प्राथमिक विद्यालयों में सुंदरह स्कूल प्रथम रहा है।
फोटो कैप्शन 06: प्रथम स्थान पर रहने पर सुंदरह स्कूल में खुशी का माहौल
राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में ककराला का उत्कृष्ट प्रदर्शन
--एसडी स्कूल ककराला के विद्यार्थी रहे अव्वल
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कनीना की आवाज। एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। देशभर से आए प्रतिभागियों के मध्य विद्यालय के छात्रों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय स्थान प्राप्त किए।
कार्यशील माडल प्रतियोगिता में अभिनव एवं दिशांत मित्तल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बेस्ट आउट आफ वेस्ट माडल प्रतियोगिता में इशिका, तन्वी एवं अंशिका ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का परिचय दिया। पोस्टर प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता में दक्ष एवं जतिन ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि बेस्ट आउट आफ वेस्ट प्रतियोगिता में दक्ष, तेजस एवं रीतिक ने तृतीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय की उपलब्धियों में वृद्धि की।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डा. जी. सतीश रेड्डी पूर्व अध्यक्ष, डीआरडीओ रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार तथा प्रो-कुलपति प्रोफेसर पवन कुमार ने की।
विद्यालय की प्रधानाचार्य डा. शिप्रा सारस्वत ने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देते दी है। विद्यालय के चेयरमैन जगदेव यादव ने अपने संदेश में कहा कि विद्यालय सदैव विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नैतिक मूल्यों एवं सृजनात्मक चिंतन के विकास हेतु प्रतिबद्ध है।
फोटो कैप्शन 04: अव्वल रहे विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते हुए मुख्य अतिथि
कनीना खंड की ग्राम पंचायतों के लिए ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन
-नागरिक 9 मार्च तक कर सकते हैं निरीक्षण, पांच गांवों में होना है उप-चुनाव
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कनीना की आवाज। हरियाणा पंचायती राज निर्वाचन नियम 1994 के उपबंधों के तहत कनीना खंड के तहत आने वाली विभिन्न ग्राम पंचायतों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियां तैयार कर ली गई हैं।
जिला निर्वाचक अधिकारी एवं एसडीएम कनीना ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव स्याना, कपूरी, भोजावास, छितरौली व धनौंदा की सूचियां 1 जनवरी 2026 की पात्रता तिथि के आधार पर तैयार की गई हैं, जिनका निरीक्षण आम नागरिक 9 मार्च 2026 तक कर सकते हैं।
प्रशासन द्वारा यह सूचियां उपायुक्त कार्यालय नारनौल, तहसीलदार कनीना, संबंधित हल्का पटवारी, ग्राम पंचायत कार्यालय, पंचायत समिति कनीना और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) कार्यालय में नि:शुल्क अवलोकन के लिए उपलब्ध करवा दी गई हैं।
उन्होंने बताया कि यदि किसी नागरिक को मतदाता सूची में अपना नाम सम्मिलित करवाने, किसी प्रविष्टि को संशोधित करवाने या किसी नाम पर आपत्ति दर्ज करानी है तो वह 3 मार्च से 10 मार्च 2026 को शाम 4 बजे तक अपना लिखित दावा या आपत्ति एसडीएम कार्यालय कनीना, बीड़ीपीओ कार्यालय या संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है।
प्राप्त दावों और आपत्तियों का निपटान 12 मार्च को जिला निर्वाचक अधिकारी एवं एसडीएम कनीना द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति इस निर्णय के विरुद्ध अपील करना चाहता है, तो वह 16 मार्च तक उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) नारनौल के कार्यालय में आवेदन कर सकता है, जिनका अंतिम निपटान 19 मार्च 2026 तक किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
अगिहार के प्रवेश ने महेंद्रगढ़ जिले की मेरिट सूची में पाया छठा स्थान
--तीन विद्यार्थी हुए सफल
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कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार से आठवीं कक्षा के तीन विद्यार्थियों प्रवेश ,साइना तथा ममता ने बुनियाद लेवल-2 की परीक्षा पास की है विद्यालय की प्राचार्य पूनम यादव ने तीनों विद्यार्थियों को आज विद्यालय के प्रांगण में पुरस्कृत किया तथा तीनों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की प्रवेश ने पूरे महेंद्रगढ़ जिले में छठा तथा हरियाणा राज्य में 143 वां स्थान प्राप्त किया इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: तीन बच्चों को पुरस्कृत करते हुए
खुशी का पर्व है गले मिलेंगे
-पानी बर्बादी रोकेंगे,रासायनिक रंगों का प्रयोग नहीं करेंगे
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कनीना की आवाज। रंगों के पर्व होली को यादगार बनाने के लिए इस बार भी युवा कम से कम पानी का प्रयोग करेंगे तथा हो सके तो पानी बगैर होली खेलेंगे। गले मिलकर तथा टीका लगाकर ही होली खेलेंगे। गुलाल का भी कम से कम प्रयोग करेंगे। शिक्षित वर्ग ने सादगी एवं कम पानी प्रयोग करके मनाने पर बल दिया।
**रासायनिक रंगों का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए घातक साबित होता है वहीं इसका प्रयोग अधिक पानी को खराब करने का एक तरीका है। उन्होंने कहा कि कम से कम पानी प्रयोग करना चाहिए। गुलाल का प्रयोग भी कर सकते हैं। नाक,आंख गले एवं शरीर के लिए घातक साबित होता है।
-रवि कुमार,कनीना
होली एक पवित्र एवं हंसी खुशी से मनाने की शिक्षा देता है। ऐसे में हमें प्यार से एक दूसरे को चंदन आदि का टीका लगाकर या फूलों की होली खेलकर मनाना चाहिए। प्राकृतिक पदार्थों के संग मनाई गई होली सच्ची होली होगी।
--सुरेश कुमार, समाजसेवी
पानी बचाना इस पर्व का प्रमुख कत्र्तव्य होगा। पेयजल की कमी होती जा रही है। ऐसे में होली मनाने के लिए हमें प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करने पर बल देना चाहिए। उन्होंने यह संदेश हर जन तक पहुंचाने की अपील की।
इस होली के पर्व पर रासायनिक रंगों का त्याग करके प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करेंगे। पानी की बचत करेंगे और भाईचारे का पैगाम देंगे। एक दूसरे से गले से मिलकर पर्व को बेहतर बनाएंगे।
--सतीश कुमार,कनीना
दिनोंदिन पानी कम होता जा रहा है वहीं इंसान पानी का दुरुपयोग कर रहा है। एक ओर जहां खुशी का अवसर है तो क्यों न पानी की बचत करते हुए या तो कम से कम गुलाल लगाकर या फिर चंदन आदि का टीका लगाकर खुशी का इजहार किया जाए। उन्होंने कहा कि वे सभी को जल बचाने, रासायनिक रंगों से होली खेलने से बचने की प्रेरणा देंगे। यह जनहित का कार्य है और इस कार्य में अधिक से अधिक लोगों को आगे आना चाहिए।
-विनय कुमार एडवोकेट
फोटो कैप्शन: विनय कुमार, सतीश कुमार, रवि कुमार, सुरेश कुमार
एक गांव ऐसा जहां खेली जाती है लट्ठमार होली
-नवविवाहित एक जाति विशेष भी है प्रचलन सोटी मार होली का
-ऐसा भी गांव जहां होली पर पूरा गाव मंदिर में खाना खाता है
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कनीना की आवाज। उप-मंडल कनीना और समीपी ग्रामीण परिवेश में रंगों का त्योहार होली मनाने के अनोखे एवं रोचक अंदाज होते हैं। इस त्योहार को होली, छारेंडी व दुलेंडी आदि नामों से जाना जाता है। हर वर्ग, जाति के स्त्री, पुरुष व बच्चे बढ़ चढ़कर भाग लेते हैं।
रंगों का त्योहार होली यूं तो एकता और भाईचारे की अनूठी मिशाल कायम करता है जो फसल पकने की खुशी में भक्त प्रहलाद के होलिका दहन में प्रभु की कृपा से बचने की खुशी को इंगित करता है परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में तो इसका एक नया रूप उभरकर सामने आने लगा है, वह सभ्य जन को इस पर्व से कोसों दूर रहने की प्रेरणा देता है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रात:काल से ही रंगों और गुलाल से होली की शुरुआत होने लगती है। कीचड़ में पटकने, मुंह में गुलाल व रंग भरने, पानी में पटकने, कालिख से मुंह पोतने से होली का लुत्फ उठाया जाता है। मतवालों की टोली दोपहर में कनीना कस्बा से निकलती है वहीं कुछ प्रबुद्धजन रात को हंसी ठठ्ठा का आयोजन करते हैं जिसे होली स्वांग तथा खेल की समाप्ति का सूचक माना जाता है।
जिला के कनीना से मात्र दो किमी दूर चेलावास में लट्ठमार होली खेली जाती है। देवर और भाभी एक दूसरे पर ल_ï मारते हैं जो भाग खड़ा होता हे वह हारा हुआ माना जाता है। उन्हाणी में रही ऐसी ही परंपरा। कुछ लोग लट्ठ के डर से घर से ही इस दिन दूर रहते हैं और देर रात लौटते हैं। कनीना में भी एक जाति विशेष में जाल पेड़ की सोटी मारकर नव विवाहिता से होली खेली जाती है। गांव सीहा व भडफ़ में मेले भी लगते हैं। ढप व ढोल की ताल पर लोग थिरकते देखे जा सकते हैं। कनीना एवं आस पास गांवा में नव विवाहित वर-वधू जात देने की परम्परा पूर्ण करते हैं। एक जाति विशेष के लोगों में पति व पत्नी वृक्षों की लोदकों से खेल खेलते हैं बाकी परिवार दर्शक होता है। यह दृश्य अति रोचक होता है।
समीपी गांव कारोली में जहां सारा गांव एक साथ मंदिर में भोजन करके एकता की मिशाल कायम करता है । यहां के लोग अपने-अपने बर्तन लेकर मंदिर पहुंच जाते हैं और खाना खाकर लौटते हैं। परिवार में चाहे मेहमान भी आ जाए उसे भी मंदिर में ही खाना खाने जाना पड़ता है। ठाकुर जी का यह मंदिर गांव के बीच में है। होली जहां भाईचारे का पर्व है वहीं दुश्मनी साधने का तरीका भी बन गया है।
पुराने वक्त से फूलों द्वारा तैयार रंग व गुलाल ही होली खेलने में काम लेते थे परंतु आजकल तो गुलाल, रंग, जहरीले रासायनिक पदार्थों से बने रासायनिक पदार्थ काम में लाया जाता है जो शरीर में जाकर हानि पहुंचाता है। नाक, कान, जीभ व आंखों को भारी हानि होती है वहीं हाथों, कपड़ों मुंह व चेहरे पर डाला गया रंग कई-कई दिन तक साफ नहीं होता है।
जिला के समीपी गांव बव्वा, मसीत, निमोठ आदि में मुंडन संस्कार की प्रथा चली आ रही है। नवजात बच्चे के बाल वहां जाकर माता की पूजा करके उतरवाएं जाते हैं। गांव में होली खेलने की शुरुआत भाभी देवर पर पानी डालकर करती है। पिचकारी से रंग डालने के स्थान पर गुब्बारों में रंगीन पानी भरकर फेंका जाता है लेकिन यह विधि अति घातक मानी जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई अन्य तरीके भी होली खेल के पनप रहे हैं। गांव जैनाबाद के उधोदास मंदिर में होली के दिन महंत लालदास स्वयं होली खेलने के लिए आगे आता है और दिनभर होली खेलते हैं।
फोटो कैप्शन 02: कारोली का मंदिर जहां पूरा गांव दुलेंडी को खाना खाता है।
प्रदेश के अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार होगा
- बजट में कनीना बस स्टैंड का बजट पास, कनीना अस्पताल में डायलिसिस सुविधा होगी
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कनीना की आवाज। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को चंडीगढ़ विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया। इस मौके पर दीपक चौधरी ने विधान सभा की पूरी कार्यवाही देखी। और स्वास्थ्य विभाग के लिए जारी किए गए बजट पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का धन्यवाद करते हुए बताया कि बजट में मुख्यमंत्री ने कनीना बस स्टैंड का तोहफा दिया और महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा की है। उन्होंने बताया कि कनीना अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा प्रदान की जाएगी। हर नारी, स्वस्थ नारी योजना के तहत,हर जिले में स्वस्थ नारी क्लीनिक बनाए जाएंगे। वहीं स्वास्थ्य के बजट में 21.73 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में आधुनिक सेवाएं तथा आधुनिक उपकरण सीटी स्कैन,एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, ब्लड एनालाइजर और डिजिटल एक्सरे उपलब्ध करवाए जाने का प्रस्ताव रखा है। 18 जिलों में सीटी स्कैन, 7 जिलों में एमआरआई सेवाएं तथा सभी जिलों में अल्ट्रासाउंड सेवाएं और रक्त एनालाइजर सुविधा उपलब्ध करवाई है। जिलों में सीटी स्कैन, एमआरआई, डिजिटल एक्सरे मशीनें 30 जून 2026 तक उपलब्ध होगी। बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कालेज के विकास की घोषणा की। कालेज में लड़कों-लड़कियों के छात्रावास, शिक्षकों व कर्मचारियों के आवासीय क्वार्टर, फार्मेसी, व्याख्यान कक्ष, बहुउद्देश्यीय हाल, योग हाल और आयुष वेलनेस सेंटर बनाए जाएंगे। यह स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के प्रयासों का परिणाम है, जिससे क्षेत्र में आयुर्वेदिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। इस विधान सभा की कार्रवाई देखने दीपचंद यादव, पूर्व प्राध्यापक बिजेंद्र यादव, पूर्व प्राध्यापक रत्न लाल, सेवानिवृत्त सूबेदार अभय सिंह, महेन्द्र पाल लिखी आदि साथी रहे।
फोटो कैप्शन 03: विधान सभा में बजट सत्र देखकर बाहर आते दीपक चौधरी
Monday, March 2, 2026
कुतरूं प्राचार्य के कारनामे -5 मार्च से
-घर से बाहर होने के कारण नहीं भेज पाया अगली कडिय़ां
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कनीना की आवाज। कुतरूं प्राचार्य के कारनामों पर चल रही कडिय़ों में को बीच में इसलिए विराम दिया गया क्योंकि मुझे लखनऊ, बरेली, प्रयागराज और कई स्थानों पर मजबूरी में जाना पड़ गया फिर 15 दिनों के बाद लौटने पर खाटू धाम पदयात्रा पर चला गया। फिर जैतपुर धाम पर चला गया। इस प्रकार समय नहीं मिल पाया और कुतरूं प्राचार्य की जो कडिय़ां प्रस्तुत की जा रही थी वां आगे नहीं बढ़ पाई। अब फिर से 5 मार्च से कुतरूं प्राचार्य के कारनामों की कडिय़ां जारी रहेगी। आशा एवं विश्वास है कि आपका सहयोग सदा बना रहेगा।
कनीना में संपन्न हुआ होलिका दहन
-4 मार्च को रंगो का त्यौहार मनाएंगे
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कनीना की आवाज। कनीना में होलिका दहन का कार्य पूर्ण हुआ। दूर दराज से आए भक्तों एवं महिलाओं ने होली की पूजा की। वही जौ अन्न की बालियों को भूलकर पूरे परिवार सहित चखा। उल्लेखनीय है कि पुराने वक्त में जब जौ की फसल पक जाती थी उसे होली दहन में भूनकर पूरा परिवार चखता था ताकि पके हुए अन्न का पूरा ज्ञान मिल सके। अब यह प्रथा धीरे-धीरे समाप्त हो रही है। कनीना में जहां एक माह पहले डंडा गाड़ा हुआ है अर्थात होलिका दहन स्थल पर घड़ा पानी से भरकर गाड़ दिया था, अब उसे निकाला जाएगा। पुराने समय माना जाता था यदि घड़े का पानी खत्म हो गया तो फसल पैदावार अच्छी नहीं होगी जबकि घड़े में पानी बचा मिलता है तो फसल बेहतर होने की बात कही जाती थी। जहां पर्व पर विभिन्न पकवान बनाकर खा गए वहीं जौ को भूलकर पूरे परिवार और समाज ने चखा। कुछ रिवाज होली से संबंधित आज भी चले आ रहे हैं। लोगों में प्रसन्नता मिली। वहीं रंगों को त्योहार होली को लेकर के अभी भी संशय से बना हुआ है। कुछ लोग रंगों का त्योहार होली 3 मार्च को मनाएंगे वही 4 मार्च को सबसे लोग होली का त्यौहार मनाएंगे।
फोटो कैप्शन 15: होली दहन
कनीना में संपन्न हुआ कृषि मेला
--800 किसानों ने लिया भाग
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कनीना की आवाज। कनीना में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन-पोषक अनाज योजना के अंतर्गत एक दिवसीय जिला स्तरीय किसान मेल का सफल आयोजन किया गया। मंच का संचालन डा. योगेश यादव विषय विशेषज्ञ प्रशिक्षण महेंद्रगढ़ ने किया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राकेश कुमार जिला प्रमुख जिला परिषद् नारनौल रहे। उन्होंने किसानों को मोटे अनाज के महत्व, पोषण के बारे में किसान को के बारे बताया इसके बाद डा. हनुमानदास सेवानिवृत्त डायरेक्ट एक्सटेंशन चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार ने मूल्य एवं खेती की आधुनिक तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा अधिक से अधिक क्षेत्र में मोटे अनाज की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
मेले का आयोजन डा. संदीप सांगवान, खंड कृषि अधिकारी, महेंद्रगढ़ द्वारा डा. अजय यादव, उपमंडल कृषि अधिकारी, महेंद्रगढ़ की निगरानी में किया गया।
इस अवसर पर डा. पूनम कृषि विज्ञान केंद्र ने मोटे अनाज के फायदों के बारे बताया इस अवसर पर डा. अजय कुमार यादव उप मंडल कृषि अधिकारी महेंद्रगढ़ ने फसलों से संबंधित उन्नत कृषि तकनीकों, बीज चयन, उर्वरक प्रबंधन एवं रोग नियंत्रण के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। पशुपालन तथा बागवानी विभाग सहित अन्य विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में डा. संजय यादव, डा. हरपाल यादव सहित कृषि विभाग, महेंद्रगढ़ के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मेले में विभिन्न कंपनियों के लगभग 25 स्टाल लगाए गए, जिनमें कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र, जैविक उत्पाद एवं नई तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई।
मोटे अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, रागी आदि पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। ये फाइबर, प्रोटीन, आयरन एवं कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं। कम पानी में उत्पादन होने के कारण ये पर्यावरण के अनुकूल तथा जल संरक्षण के लिए भी लाभकारी हैं।
यह जिला स्तरीय किसान मेला किसानों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक मंच सिद्ध हुआ। इस अवसर पर लगभग 800 से अधिक किसानों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया। इस मौके पर रिम्पी चेयरमैन सहित विभिन्न गांवों के किसानों ने भाग लिया।
फोटो कैप्शन 12: कनीना में कृषि मेले में संबोधित करते अधिकारी
बाबा दयाल धर्मार्थ गौशाला समिति धनौंदा का तृतीय वार्षिकोत्सव संपन्न
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कनीना की आवाज। जय बाबा दयाल धर्मार्थ गौशाला समिति के तृतीय वार्षिकोत्सव पर गौसेवा, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण एकता का भव्य संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में धर्मवीर सिंह सांसद, महेंद्रगढ़-भिवानी ने शिरकत की। उनके आगमन पर गौशाला समिति एवं ग्राम पंचायत द्वारा पारंपरिक पगड़ी पहनाकर व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
रासायनिक खेती से मुक्ति की अपील करते हुए
सांसद धर्मवीर सिंह ने ग्रामीणों व गौ-सेवकों को कहा कि देश में लगभग 9000 करोड़ रुपए की रासायनिक खाद खेतों में डाली जा रही है, जो आने वाली पीढिय़ों के स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार शीघ्र ही ऐसी योजना लाने जा रही है, जिसके अंतर्गत केवल जैविक/प्राकृतिक खाद का प्रयोग करने वाले किसानों को लगभग 10,000 रुपएप्रति एकड़ प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसान प्राकृतिक खेती अपनाएं तो—
भूमि की उर्वरक क्षमता बढ़ेगी, उत्पादन रसायन मुक्त एवं स्वास्थ्यवर्धक होगा, गाय आधारित खेती (दूध, घी, दही, गोबर, गोमूत्र एवं पंचगव्य) से आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है।
प्राचार्य प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने मंच सचालन किया। गौशाला समिति की ओर से सांसद को एक मांग पत्र सौंपा गया, जिसमें प्रमुख मांगों में गौशाला की चारदीवारी निर्माण,बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवाना,टाइलें बिछवाना
चारा भंडारण व्यवस्था,11,000 वोल्ट की बिजली लाइन को गौशाला परिसर से हटवाना था।
सांसद ने आश्वासन दिया कि ग्राम पंचायत पहले गौशाला भूमि की विधिवत लीज प्रक्रिया पूर्ण करवाए ताकि विकास कार्य नियमानुसार शीघ्र प्रारंभ किए जा सकें।
कार्यक्रम में भजन कलाकार नरेंद्र दांगी एवं नरेंद्र सिंह खरकराम ने भक्ति गीतों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। भंडारे का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर गौशाला प्रधान पवन सिंह, सरपंच प्रतिनिधि वीर सिंह, डा. संदीप खटाना, सरपंच बलवान आर्य, हरिओम, पूर्व सरपंच रामनिवास, खेड़ी के सरपंच पंकज हिंदू, सुनील सिंह पंच, सूरज सिंह प्रवक्ता, मास्टर प्रहलाद सिंह, राजेश कुमार तंवर, साधु नंबरदार, सोनू अंबावता सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 10: सांसद को मांगपत्र सौंपते हुए
प्रदेश के अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार होगा
- कनीना बस स्टैंड का बजट पास
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कनीना की आवाज। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को चंडीगढ़ विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया। इस मौके पर दीपक चौधरी ने विधान सभा की पूरी कार्यवाही देखी। और स्वास्थ्य विभाग के लिए जारी किए गए बजट पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का धन्यवाद करते हुए बताया कि बजट में मुख्यमंत्री ने कनीना बस स्टैंड का तोहफा दिया और महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा की है। हर नारी, स्वस्थ नारी योजना के तहत,हर जिले में स्वस्थ नारी क्लीनिक बनाए जाएंगे। वहीं स्वास्थ्य के बजट में 21.73 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में आधुनिक सेवाएं तथा आधुनिक उपकरण सीटी स्कैन,एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, ब्लड एनालाइजर और डिजिटल एक्सरे उपलब्ध करवाए जाने का प्रस्ताव रखा है। 18 जिलों में सीटी स्कैन, 7 जिलों में एमआरआई सेवाएं तथा सभी जिलों में अल्ट्रासाउंड सेवाएं और रक्त एनालाइजर सुविधा उपलब्ध करवाई है। जिलों में सीटी स्कैन, एमआरआई, डिजिटल एक्सरे मशीनें 30 जून 2026 तक उपलब्ध होगी। बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कालेज के विकास की घोषणा की। कालेज में लड़कों-लड़कियों के छात्रावास, शिक्षकों व कर्मचारियों के आवासीय क्वार्टर, फार्मेसी, व्याख्यान कक्ष, बहुउद्देश्यीय हाल, योग हाल और आयुष वेलनेस सेंटर बनाए जाएंगे। यह स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के प्रयासों का परिणाम है, जिससे क्षेत्र में आयुर्वेदिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। इस विधान सभा की कार्रवाई देखने दीपचंद यादव, पूर्व प्राध्यापक बिजेंद्र यादव, पूर्व प्राध्यापक रत्न लाल, सेवानिवृत्त सूबेदार अभय सिंह, महेन्द्र पाल लिखी आदि साथी रहे।
फोटो कैप्शन 11: विधान सभा में बजट सत्र देखकर बाहर आते दीपक चौधरी
बीआर स्कूल, सेहलंग में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया होली उत्सव
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कनीना की आवाज। बीआर स्कूल, सेहलंग में रंगों के पावन पर्व होली को बड़े उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर रंग-बिरंगे गुलाल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं खुशियों की मुस्कान से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना सभा से हुई, जिसके पश्चात विद्यार्थियों ने होली के महत्व पर विचार प्रस्तुत किए। बच्चों ने गीत, नृत्य एवं लघु नाटिका के माध्यम से प्रेम, भाईचारे और एकता का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल होली मनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन हरिश भारद्वाज ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में भी प्रेम और सहयोग के रंग भरने का संदेश दिया। प्राचार्या ज्योति भारद्वाज ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि त्योहार हमें एकता और संस्कारों से जोड़ते हैं। उन्होंने सभी से सुरक्षित एवं अनुशासित ढंग से होली मनाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
फोटो कैप्शन 07: बीआर स्कूल, सेहलंग में आयोजित होली उत्सव के दौरान रंगों के साथ आनंदित होते विद्यार्थी एवं शिक्षक
कनीना में होली मेला संपन्न
-बाबू वेदप्रकाश की ओर से लगाया भंडारा
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कनीना की आवाज। कनीना के प्रसिद्ध होलीवाला जोहड़ की जहां प्रशासन की ओर से खोदाई पूर्ण हो चुकी है तथा इसके तट पर वर्षों से होली दहन चला रहा है। इसी जगह विगत वर्षों से मेला लगता है जिसे होली मेला नाम से जाना जाता है। यह होली मेला सुबह से शाम तक चलता रहा। महिलाएं विभिन्न प्रकार के गोबर से बने हथियार होलिका दहन स्थल पर डालने और पूजा करने आई वे मेले का भी आनंद लिया।
उधर बाबू वेद प्रकाश कनीना ने हलवे का भंडारा लगाया और हलवे का प्रसाद वितरित किया। विगत वर्षों से बाबू वेदप्रकाश ताज पकोड़े एवं हलवे का भंडारा लगाते आ रहे हैं।
इस बार उन्होंने हलवे का भंडारा लगाया।
कनीना का प्रमुख स्थल है होली वाला जोहड़- कनीना का यह पुराना जोहड़ होलीवाला नाम इसलिए जाना जाता है क्योंकि यह होलिका दहन होता हैञ इसलिए होलीवाला जोहड़ कहलाता है। इसी जोहड़ पर जहां अब मेला लगता है और होली की पूजा अर्चना की जाती है। करीब पूरे कनीना के लोग इस होली दहन स्थल पर पूजा करने आते हैं। करीब आधा किलोमीटर सड़क मार्ग पर मेला लगता है।
फोटो कैप्शन 5: होली मेला
6: भंडारे का प्रसाद वितरित करते हुए
हरियाणा बजट पर प्रतिक्रिया
बहु-तकनीकी कालेज खुलने से मिलेगी रोजगार पूर्ण शिक्षा- अमीश कुमार
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कनीना की आवाज। हरियाणा सरकार ने अपना बजट पेश कर दिया जिसमें कुछ विभिन्न किसानों एवं विद्यार्थियों, महिलाओं के लिए लाभ देने का प्रयास किया गया है। इस संबंध में महिलाओं, विद्यार्थियों एवं किसानों आदि से चर्चा की गई। जिससे पता चलता है कि लोगों में खुशी है। इस संबंध में किसानों के विचार -
**देसी कपास की खेती के प्रोत्साहन राशि 3000 से बढ़कर 4000 रुपए प्रति एकड़ किए जाने और तिलहन, कपास और दालें उगाने पर किसानों को 2000 रुपये प्रति एकड़ बोनस देने की योजना बहुत बेहतर साबित होगी। इसका किसानों का सीधा लाभ होगा वही मधुमक्खी पालन, बागवानी को बीमा योजना में शामिल करना भी बेहतरीन कदम होगा।
-- किसान रोहित
जहां जैविक किसानों को उपज बेचने के लिए नारनौल, चरखी दादरी और हिसार आदि में मंडियों की स्थापना करना बेहतर कदम है। इससे किसानों को जैविक खेती करने में मदद मिलेगी। वहीं बागवानी बीमा योजना में फलों पर मुआवजा बढ़ाना लाभप्रर साबित होगा। प्रदेश में 7 नये पशु औषधालय, चार राजकीय चिकित्सालय खोलने सराहनीय कदम होगा।
--हनुमान सिंह किसान
इस संबंध में विद्यार्थियों के विचार इस प्रकार रहे-
**खेड़ी तलवाना में पालिटेक्निक संस्थान स्थापित करना विद्यार्थियों के लिए बेहतर साबित होगा। इससे उन्हें रोजगार से संबंधित विभिन्न कोर्स करने में सुविधा मिलेगी। अभी तक दूर दराज जाना पड़ता था, अब पास में ही उपलब्ध हो जाएगा। यह कनीना उप-मंडल का गांव है।
-- अमीश कुमार, विद्यार्थी
हरियाणा में 250 विद्यालयों को सीएम विद्यालयों के रूप में विकसित करना, राजकीय वरिष्ठ एवं उच्च् विद्यालयों में खेल मैदान स्थापित करने के लिए एक एक लाख रुपये प्रदान करना तथा बहुत तकनीकी संस्थान स्थापित करना विद्यार्थियों के लिए कारगर साबित होंगे। इससे विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में कुछ करने को मिलेगा।
--हर्ष कुमार, विद्यार्थी
इस संबंध में महिलाओं का क्या कहना है- महिलाओं के नाम पर गाड़ी खरीदने पर टैक्स में 1 फीसदी छूट देना, इलेक्ट्रानिक गाडिय़ों में 20 प्रतिशत से अधिक छूट देने का प्रावधान करना बेहतर कदम हैं। इससे महिलाओं के नाम पर गाडिय़ां खरीदने की घोषणा होगी वही आतंकवादी विरोधी गतिविधियों के लिए एटीएस का गठन करना और महिला कमांडो की स्थापना करना भी अच्छी पहल है। जहां अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी रिजर्वेशन रखना सराहनीय कदम है।
--सविता देवी
बजट में जहां लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ाना बेहतरीन कदम है। 1000 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी के रूप में अपग्रेड किये जाने से छोटे बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। 5800 आंगनबाड़ी केंद्रों केे भवन बनाए जाएंगे इससे भी लाभ होगा। वीटा के बूथों पर महिला समूहों को 20 प्रतिशत आरक्षण देना भी सरहनीय कम होगा।
-- शारदा देवी
फोटो कैप्शन: रोहित, हनुमान सिंह, हर्ष ,अमीश कुमार, शारदा देवी तथा सविता देवी
एक गांव ऐसा जहां खेली जाती है लट्ठमार होली
-नवविवाहित, एक जाति विशेष में भी है प्रचलन सोटी मार होली का
-ऐसा भी गांव जहां होली पर पूरा गाव मंदिर में खाना खाता है
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कनीना की आवाज। उप-मंडल कनीना और समीपी ग्रामीण परिवेश में रंगों का त्योहार होली मनाने के अनोखे एवं रोचक अंदाज होते हैं। इस त्योहार को होली, छारेंडी व दुलेंडी आदि नामों से जाना जाता है। हर वर्ग, जाति के स्त्री, पुरुष व बच्चे बढ़ चढ़कर भाग लेते हैं।
रंगों का त्योहार होली यूं तो एकता और भाईचारे की अनूठी मिशाल कायम करता है जो फसल पकने की खुशी में भक्त प्रहलाद के होलिका दहन में प्रभु की कृपा से बचने की खुशी को इंगित करता है परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में तो इसका एक नया रूप उभरकर सामने आने लगा है, वह सभ्य जन को इस पर्व से कोसों दूर रहने की प्रेरणा देता है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रात:काल से ही रंगों और गुलाल से होली की शुरुआत होने लगती है। कीचड़ में पटकने, मुंह में गुलाल व रंग भरने, पानी में पटकने, कालिख से मुंह पोतने से होली का लुत्फ उठाया जाता है। मतवालों की टोली दोपहर में कनीना कस्बा से निकलती है वहीं कुछ प्रबुद्धजन रात को हंसी ठठ्ठा का आयोजन करते हैं जिसे होली स्वांग तथा खेल की समाप्ति का सूचक माना जाता है।
जिला के कनीना से मात्र दो किमी दूर चेलावास में लट्ठमार होली खेली जाती है। देवर और भाभी एक दूसरे पर लट्ठ मारते हैं जो भाग खड़ा होता हे वह हारा हुआ माना जाता है। उन्हाणी में रही ऐसी ही परंपरा। कुछ लोग लट्ठ के डर से घर से ही इस दिन दूर रहते हैं और देर रात लौटते हैं। कनीना में भी एक जाति विशेष में जाल पेड़ की सोटी मारकर नव विवाहिता से होली खेली जाती है। गांव सीहा व भडफ़ में मेले भी लगते हैं। ढप व ढोल की ताल पर लोग थिरकते देखे जा सकते हैं। कनीना एवं आस पास गांवा में नव विवाहित वर-वधू जात देने की परम्परा पूर्ण करते हैं। एक जाति विशेष के लोगों में पति व पत्नी वृक्षों की लोदकों से खेल खेलते हैं बाकी परिवार दर्शक होता है। यह दृश्य अति रोचक होता है।
समीपी गांव कारोली में जहां सारा गांव एक साथ मंदिर में भोजन करके एकता की मिशाल कायम करता है । यहां के लोग अपने-अपने बर्तन लेकर मंदिर पहुंच जाते हैं और खाना खाकर लौटते हैं। परिवार में चाहे मेहमान भी आ जाए उसे भी मंदिर में ही खाना खाने जाना पड़ता है। ठाकुर जी का यह मंदिर गांव के बीच में है। होली जहां भाईचारे का पर्व है वहीं दुश्मनी साधने का तरीका भी बन गया है।
पुराने वक्त से फूलों द्वारा तैयार रंग व गुलाल ही होली खेलने में काम लेते थे परंतु आजकल तो गुलाल, रंग, जहरीले रासायनिक पदार्थों से बने रासायनिक पदार्थ काम में लाया जाता है जो शरीर में जाकर हानि पहुंचाता है। नाक, कान, जीभ व आंखों को भारी हानि होती है वहीं हाथों, कपड़ों मुंह व चेहरे पर डाला गया रंग कई-कई दिन तक साफ नहीं होता है।
जिला के समीपी गांव बव्वा, मसीत, निमोठ आदि में मुंडन संस्कार की प्रथा चली आ रही है। नवजात बच्चे के बाल वहां जाकर माता की पूजा करके उतरवाएं जाते हैं। गांव में होली खेलने की शुरुआत भाभी देवर पर पानी डालकर करती है। पिचकारी से रंग डालने के स्थान पर गुब्बारों में रंगीन पानी भरकर फेंका जाता है लेकिन यह विधि अति घातक मानी जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई अन्य तरीके भी होली खेल के पनप रहे हैं। गांव जैनाबाद के उधोदास मंदिर में होली के दिन महंत लालदास स्वयं होली खेलने के लिए आगे आता है और दिनभर होली खेलते हैं।
फोटो कैप्शन 04: कारोली का मंदिर जहां पूरा गांव दुलेंडी को खाना खाता है।
खुशी का पर्व है गले मिलेंगे
-पानी बर्बादी रोकेंगे,रासायनिक रंगों का प्रयोग नहीं करेंगे
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कनीना की आवाज। रंगों के पर्व होली को यादगार बनाने के लिए इस बार भी युवा कम से कम पानी का प्रयोग करेंगे तथा हो सके तो पानी बगैर होली खेलेंगे। गले मिलकर तथा टीका लगाकर ही होली खेलेंगे। गुलाल का भी कम से कम प्रयोग करेंगे। शिक्षित वर्ग ने सादगी एवं कम पानी प्रयोग करके मनाने पर बल दिया।
**रासायनिक रंगों का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए घातक साबित होता है वहीं इसका प्रयोग अधिक पानी को खराब करने का एक तरीका है। उन्होंने कहा कि कम से कम पानी प्रयोग करना चाहिए। गुलाल का प्रयोग भी कर सकते हैं। नाक,आंख गले एवं शरीर के लिए घातक साबित होता है।
-रवि कुमार,कनीना
होली एक पवित्र एवं हंसी खुशी से मनाने की शिक्षा देता है। ऐसे में हमें प्यार से एक दूसरे को चंदन आदि का टीका लगाकर या फूलों की होली खेलकर मनाना चाहिए। प्राकृतिक पदार्थों के संग मनाई गई होली सच्ची होली होगी।
--सुरेश कुमार, समाजसेवी
पानी बचाना इस पर्व का प्रमुख कत्र्तव्य होगा। पेयजल की कमी होती जा रही है। ऐसे में होली मनाने के लिए हमें प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करने पर बल देना चाहिए। उन्होंने यह संदेश हर जन तक पहुंचाने की अपील की।
इस होली के पर्व पर रासायनिक रंगों का त्याग करके प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करेंगे। पानी की बचत करेंगे और भाईचारे का पैगाम देंगे। एक दूसरे से गले से मिलकर पर्व को बेहतर बनाएंगे।
--सतीश कुमार,कनीना
दिनोंदिन पानी कम होता जा रहा है वहीं इंसान पानी का दुरुपयोग कर रहा है। एक ओर जहां खुशी का अवसर है तो क्यों न पानी की बचत करते हुए या तो कम से कम गुलाल लगाकर या फिर चंदन आदि का टीका लगाकर खुशी का इजहार किया जाए। उन्होंने कहा कि वे सभी को जल बचाने, रासायनिक रंगों से होली खेलने से बचने की प्रेरणा देंगे। यह जनहित का कार्य है और इस कार्य में अधिक से अधिक लोगों को आगे आना चाहिए।
-विनय कुमार एडवोकेट
फोटो कैप्शन: विनय कुमार, सतीश कुमार, रवि कुमार, सुरेश कुमार
साहित्य एवं संस्कृति एक दूसरे के पूरक - पुष्कर वर्मा
-होली मिलन काव्य संध्या में कवियों ने बिखेरे कविता के रंग
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कनीना की आवाज। नामदेव समाज समिति नारनौल के तत्वावधान में रविवार को होली मिलन काव्य संध्या'कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें कवि साहित्यकारों ने अपनी गीत रचनाओं के माध्यम से प्रेम की फुहारें बरसाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी पुष्करमल वर्मा ने की जबकि शिक्षाविद साहित्यकार डॉ रामनिवास मानव ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। मंच संचालन कवि गीतकार डा. सी एस वर्मा प्रभाकर ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नामदेव महाराज की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। साहित्यकार डा. रामनिवास मानव ने होली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि होली प्रेम और रंगों का त्योहार है जो हमें आपसी प्रेम,भाईचारे और एकता का संदेश देता है। डॉ मानव ने अपने दोहों के माध्यम से सामाजिक विसंगतियों तथा घटती मानवीय संवेदनाओं पर चिंता व्यक्त की ।
कवि- गीतकार डा. सीएस वर्मा प्रभाकर ने मन के मंदिर में आशा का दीप जलाने आ जाना। तुम प्रीत निभाने आ जाना। तथा तुम बिन कैसे खेलूं होली काव्य पंक्तियों के माध्यम से जीवन में प्रेम की पवित्रता तथा समर्पण भाव को दर्शाया। युवा कवि नवरत्न रोहिला ने होली के रंग में तर ब तर हो गया गीत के द्वारा श्रोताओं को प्रेम रस से सराबोर कर दिया।
कवि महेंद्र वर्मा रत्न ने अपनी पंक्तियों हमने पुकारा, तुमने आने की जहमत उठाई, बस यही प्रेम है काव्य पंक्तियों में प्रेम की भावना और महत्व की सरल व्याख्या की। कवि सत्यनारायण सत्यम ने अपनी हास्य व्यंग्य की रचनाओं से श्रोताओं को गुदगुदाया। पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी पुष्करमल वर्मा ने अपने अध्यक्षीय भाषण में साहित्य और संस्कृति के आपसी संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साहित्य और संस्कृति एक दूसरे के पूरक हैं और समाज को एकता और प्रेम की दिशा में ले जाते हैं। समारोह में नामदेव समाज समिति की ओर से डा. रामनिवास मानव तथा डॉ सी एस वर्मा प्रभाकर को उनके साहित्यिक अवदान हेतु ' साहित्य-श्री सम्मान से विभूषित किया गया । कार्यक्रम संयोजक डॉ संजय रोहिला ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर केशव रोहिल्ला, प्रवक्ता श्रीराम, प्रमोद रोहिल्ला सहित नाम देव समिति के समस्त पदाधिकारी एवं श्रोता मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 03: संबंधित है
कई गाडिय़ां नहीं रही हैं सड़क पर चलने लायक
-टैक्स भरने की कार्रवाई जारी-भगत सिंह
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कनीना की आवाज। कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में कई गाडिय़ां चलने लायक नहीं है क्योंकि यदि दुर्घटना हो जाती है उसके क्लेम की दिक्कत आती है। उनका न तो टैक्स भरा गया है और न पासिंग आउट हैं।
विस्तृत जानकारी देते हुए प्रधान श्रीकृष्ण गौशाला भगत सिंह ने बताया गाड़ी संख्या एचआर-66बी 7735 टेंपो जिसका 27 फरवरी 2020 की रजिस्ट्रेशन है तथा 26 फरवरी 2022 तक ही वैलिड थी। इसके बाद इसकी पासिंग नहीं हुई। यही नहीं इसका 31 दिसंबर 2020 तक का टैक्स भी भरा था इसके बाद टैक्स भी नहीं भरा है। इंश्योरेंस भी 14 जुलाई 2026 तक का हुआ है। 27 फरवरी 2020 से इसका प्रदूषण भी नहीं किया गया है। ऐसे में के चलने लायक नहीं है। यही नहीं गाड़ी नंबर एचआर- 43ई- 0351 कैंपर जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर 4 जनवरी 2008 है और 25 फरवरी 2016 तक की फिटनेस थी। इसके बाद इसकी पासिंग नहीं हुई है। यही नहीं इसका टैक्स भी 31 मार्च 2015 तक भरा था। इसके बाद इंश्योरेंस नहीं हुआ। पाल्यूशन भी नहीं किया हुआ है। ऐसे में यह गाड़ी भी चलने लायक नहीं है। इसी प्रकार गाड़ी एचआर-66बी-0136 टेंपो भी चलने लायक नहीं है क्योंकि इसका रजिस्ट्रेशन 17 जून 2021 का है। जो 16 जून 2023 तक की फिटनेस में थी। इसके बाद इसकी पासिंग नहीं हुई, टैक्स भी 31 मार्च 2022 के बाद नहीं भरा गया है। पाल्यूशन भी नहीं भरा गया है। इसी प्रकार गाड़ी संख्या एचआर- 66ए-8146 पिकअप का रजिस्ट्रेशन 11 जनवरी 2016 है। इसका फिटनेस 30 दिसंबर 2017 तक का इसके बाद इसकी पासिंग नहीं हुई है। टैक्सी 30 सितंबर 2016 तक भरा था इसके बाद इसका टैक्स और पाल्यूशन नहीं भरा गया है।
भगत सिंह ने सरकार से मांग की है कि गौशाला के लिए गाडिय़ों को टैक्स मुक्त किया जाए। उन्होंने बताया कि जब कभी कोई गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है तो उसका क्लेम इसलिए नहीं मिल सकता क्योंकि वह फिटनेस सर्टिफिकेट के तहत नहीं आती। ऐसे में उन्होंने मांग की है कि जो गौशालाएं लोगों से पैसे इकट्ठे करके चलाई जा रही है उन गाडिय़ों पर टैक्स न लगाया जाए।
भगत सिंह ने बताया कि गत दिनों गौशाला गाड़ी की गाड़ी नीलगाय आने से क्षतिग्रस्त हो गई। जब उन्होंने इंश्योरेंस के बारे में पता किया तो इंश्योरेंस कंपनी ने बताया कि जब तक टैक्स नहीं भरा गया है और पासिंग आउट नहीं हुई है तब तक उनका इंश्योरेंस क्लेम नहीं किया जा सकता। ऐसे में उन्होंने सभी गाडिय़ों को गौशाला में खड़ा करवा दिया है और इनको टैक्स भरने की कार्रवाई शुरू कर दिया है। उन्होंने गौशालाओं से मांग की है कि अपनी सभी पासिंग और टैक्स भरने के बाद ही गाडिय़ों को सड़क पर चलाया जाए ताकि किसी प्रकार का क्लेम लिया जा सके।
फोटो कैप्शन: भगत सिंह
गुढ़ा की नीतू यादव को किया नायब सिंह सैनी मुख्यमंत्री ने सम्मानित
-लंबे समय से चला रही है डेयरी
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कनीना की आवाज। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार द्वारा लाडवा में आयोजित कृषि विज्ञान मेले में अकनीना उप मंडन की गुढ़ा निवासी नीतू यादव को हाईटेक डेयरी फार्मिंग में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया है। नीतू यादव वर्ष 2008 से डेयरी फार्म में महारथ हासिल किए हुए है। इसके अलावा कई जगह पर उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। नीतू यादव महिलाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। नायब सिंह सैनी मुख्यमंत्री ने उन्हें सम्मानित किया जिसमें उन्हें शाल एवं प्रशस्ति पत्र आदि देखकर सम्मानित किया है। कनीना और आसपास के लोगों ने उन्हें बधाई दी है।
फोटो कैप्शन 02: नीतू यादव को सम्मानित करते नायब सिंह सैनी
पुलिस ने पकड़े 53 पव्वा अवैध शराब के, मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना पुलिस को सूचना मिली कि विजयपाल दौंगड़ा अहीर अवैध शराब बेचने का धंधा करता है और होली के त्यौहार को लेकर अपने प्लाट के पास बने कोटड़े में शराब रखता है। जब पुलिस ने रेड की तो बताए गए स्थान पर एक व्यक्ति सफेद कट्टा रखे हुए दिखाई दिया। पुलिस का आता देख तेज कदमों से चलने लगा जिसे पुलिस ने पड़कर नाम पूछा तो विजयपाल बताया। जब उसके पास रखे सफेद रंग के कट्टे को चेक किया तो उससे 53 पव्वा देसी शराब के मिले। कनीना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
कनीना खंड की ग्राम पंचायतों के लिए ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन
-नागरिक 9 मार्च तक कर सकते हैं निरीक्षण
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कनीना की आवाज। हरियाणा पंचायती राज निर्वाचन नियम 1994 के उपबंधों के तहत कनीना खंड के तहत आने वाली विभिन्न ग्राम पंचायतों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियां तैयार कर ली गई हैं।
जिला निर्वाचक अधिकारी एवं एसडीएम कनीना ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव स्याना, कपूरी, भोजावास, छितरौली व धनौंदा की सूचियां 1 जनवरी 2026 की पात्रता तिथि के आधार पर तैयार की गई हैं, जिनका निरीक्षण आम नागरिक 9 मार्च 2026 तक कर सकते हैं।
प्रशासन द्वारा यह सूचियां उपायुक्त कार्यालय नारनौल, तहसीलदार कनीना, संबंधित हल्का पटवारी, ग्राम पंचायत कार्यालय, पंचायत समिति कनीना और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) कार्यालय में नि:शुल्क अवलोकन के लिए उपलब्ध करवा दी गई हैं।
उन्होंने बताया कि यदि किसी नागरिक को मतदाता सूची में अपना नाम सम्मिलित करवाने, किसी प्रविष्टि को संशोधित करवाने या किसी नाम पर आपत्ति दर्ज करानी है तो वह 3 मार्च से 10 मार्च 2026 को शाम 4 बजे तक अपना लिखित दावा या आपत्ति एसडीएम कार्यालय कनीना, बीड़ीपीओ कार्यालय या संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है।
प्राप्त दावों और आपत्तियों का निपटान 12 मार्च को जिला निर्वाचक अधिकारी एवं एसडीएम कनीना द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति इस निर्णय के विरुद्ध अपील करना चाहता है, तो वह 16 मार्च तक उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) नारनौल के कार्यालय में आवेदन कर सकता है, जिनका अंतिम निपटान 19 मार्च 2026 तक किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
अगिहार के प्रवेश ने महेंद्रगढ़ जिले की मेरिट सूची में पाया छठा स्थान
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कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार से आठवीं कक्षा के तीन विद्यार्थियों प्रवेश ,साइना तथा ममता ने बुनियाद लेवल 2 की परीक्षा पास की है विद्यालय की प्राचार्य पूनम यादव ने तीनों विद्यार्थियों को आज विद्यालय के प्रांगण में पुरस्कृत किया तथा तीनों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की प्रवेश ने पूरे महेंद्रगढ़ जिले में छठा तथा हरियाणा राज्य में 143 वां स्थान प्राप्त किया इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: तीन बच्चों को पुरस्कृत करते हुए
Sunday, March 1, 2026
पुण्यतिथि पर गौशाला को दिया 11000 रुपए का दान
-गायों को खिलाया सांद्र चारा
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कनीना की आवाज। कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में कनीना निवासी महादेव प्रसाद की पुण्यतिथि पर उनके पुत्र राकेश कुमार, उनकी माता चंद्रा देवी ने 11000 रुपए का दान दिया और गायों को पांच बैग खल खिलाई, चारा दिया।
प्रधान गौशाला भगत सिंह ने कहा कि गायों को दान देने से एवं उनको चारा चराने से मन के संताप नष्ट हो जाते हैं। गायों की सेवा पूर्वज करते आये हैं और हमें भी करनी चाहिए। घर में गाय नहीं है तो गौशाला में आकर सेवा कर सकते हैं।
इस मौके पर प्रेम ,पूनम, सुमन, सुमित्रा, मोहरली, चंद्रो, नवीन, जितेंद्र जेई, दिलीप सिंह, सतीश ठेकेदार, सुभाष एडवोकेट, कैलाश, राकेश कुमार, मास्टर सुरेंद्र सोनी, प्रधान भगत सिंह आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 03: पुण्यतिथि पर गौशाला में दान करते हुए
कनीना में होली के उपलक्ष्य में खेल प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन 03 मार्च को
-कबड्डी, कुश्ती एवं रस्साकशी होंगी आयोजित
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कनीना की आवाज। होली के पावन अवसर पर 03 मार्च 2026 को कस्बा कनीना में कबड्डी और रस्साकस्सी प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया जाएगा।
आयोजकों द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य होली के पर्व को आपसी भाईचारे, उत्साह और खेल भावना के साथ मनाना है। कार्यक्रम में विभिन्न टीमों के बीच कबड्डी और रस्साकस्सी के रोमांचक मुकाबले होंगे, जिससे दर्शकों को भी भरपूर मनोरंजन का अवसर मिलेगा।
आयोजन समिति के सदस्य बलजीत, नरेंद्र फौजी, नवीन यदुवंशी, यश कुमार, योगेश पार्षद, योगेश (भीम) व समस्त कस्बावासियों ने सभी सम्मानित नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर खिलाडिय़ों का हौसला बढ़ाएं और कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएं।
आयोजकों ने विश्वास जताया है कि यह आयोजन खेल प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ सामाजिक एकता को भी मजबूत करेगा।
एसडीओ नरेश कुमार यादव का सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्ति समारोह आयोजित
--धनौंदा स्थित 440 केवी पावर हाउस में एसडीओ रहे हैं नरेश कुमार यादव
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कनीना की आवाज। धनौंदा स्थित हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम, 440 केवी पावर हाउस में एसडीओ नरेश कुमार यादव के सेवानिवृत्ति अवसर पर एक भावपूर्ण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों तथा ग्रामीण गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लेकर श्री यादव की सेवाओं को सराहा।
सरकार के 3 फरवरी 2026 के निर्णय के अनुसार पूर्व में दी गई दो वर्ष की सेवा वृद्धि को वापस लिए जाने के कारण नरेश कुमार यादव की सेवानिवृत्ति की औपचारिक घोषणा की गई। उल्लेखनीय है कि दिव्यांग एसडीओ के रूप में उन्हें पूर्व में दो वर्ष का सेवा विस्तार प्रदान किया गया था, जो फिलहाल शासन के निर्णयाधीन रहा।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों में संजय यादव (एक्सईएन, 400 केवी सब स्टेशन धनौंदा), नितिन कुमार (एसडीओ-सीसी), अरुण यादव (एसडीओ), विकास यादव (एसडीओ), मुकेश (एसडीओ), पवन (एसडीओ), धर्मेंद्र शर्मा (एसडीओ) सहित अनेक अधिकारी शामिल रहे। समारोह का संचालन गौतम वशिष्ठ (एसएसई, धनौंदा) ने प्रभावशाली ढंग से किया।
इसके अतिरिक्त सोमबीर जेई, राहुल जेई, राहुल यादव जेई, सुभाष जेई, जगबीर यादव जेई, दिनेश कुमार जेई (पाली), नरेश कुमार जेई (कनीना), प्रवीन जेई, बीर सिंह जेई सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
ग्रामीण प्रतिनिधियों में धनौंदा के सरपंच वीर सिंह, पूर्व सरपंच मुकेश कुमार, हलुहेड़ा के सरपंच सुरेश, कैप्टन रामकंवर, सूबेदार सुरेंद्र, ओमपाल थानेदार, मोहिंद्र थानेदार, करमपाल थानेदार, महिपाल, रमेश कुमार, धनराज, रिसिपाल, सुनील (प्रेसिडेंट डीईए), मनोज सैनी (प्रधान) सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक तथा सुनील कुमार पंच धनौंदा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। श्री यादव के परिवारजन, उनके पिताजी, भाई तथा अन्य परिजन भी समारोह में सम्मिलित हुए।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने श्री यादव की ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और विभाग के प्रति समर्पण की प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। अंत में स्मृति चिन्ह भेंट कर उन्हें सम्मानित किया गया और भावभीनी विदाई दी गई।
फोटो कैप्शन 04: नरेश यादव की विदाई समारोह में उन्हें स्मृति चिह्न प्रदान करते हुए
वार्षिकोत्सव एवं पारितोषिक वितरण समारोह का हुआ आयोजन
-अव्वल विद्यार्थियों को किया पुरस्कृत
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कनीना की आवाज। कनीना खंड के गांव धनौंदा स्थित ब्रिलिएंट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में वार्षिकोत्सव एवं पारितोषिक वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इसमें खेल, शिक्षा, कृषि, चिकित्सा व समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चार लोगों को श्रीमती पुष्पा देवी मेमोरियल लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड तथा प्रेरणादायक उपलब्धि प्राप्त करने वाले चार लोगों को को श्रीमती पुष्पा देवी मेमोरियल एक्स्ट्राआर्डिनरी अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख समाजसेवी अतरलाल एडवोकेट ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित सेवानिवृत्त कैप्टन ओमपाल सिंह तंवर ने की।
मुख्य अतिथि अतरलाल एडवोकेट ने अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ मां सरस्वती तथा विद्यालय की संस्थापक प्राचार्य पुष्पा देवी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति एवं सामाजिक मुद्दों से जुड़े विषयों पर गीत, भजन, नाटक व भाषण आदि कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। 12वीं की छात्राओं पलक विशाखा और नेहरू ने सरस्वती वंदना तथा बनी तनु और मुस्कान ने अतिथियों के सम्मान में स्वागत गीत प्रस्तुत किया। एलकेजी - यूकेजी के छोटे-छोटे बच्चों ने छोटी छोटी गईया छोटे छोटे ग्वाल, तेरी उंगली पकड़ के चला, वक्त बदल देंगे, चक बूम बूम गीतों पर शानदार नृत्य करके समा बांध दिया। गौरव, खुशी, केशव, गर्व, हर्षवर्धन, राहुल और अदिति ने विभिन्न विषयों पर हिंदी व अंग्रेजी में भाषण देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सातवीं कक्षा की छात्राओं हिमांशी, अक्षिता, इशिका जयवंती आदि ने शिक्षा के महत्त्व पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत करके उपस्थित दर्शकों को शिक्षा की उपयोगिता के बारे में समझाया। कक्षा आठवीं के छात्रों ओम, गौरव, अमन, देवेंद्र आदि ने कृष्ण सुदामा मिलन गीत नाटिका प्रस्तुत करके दर्शकों को भाव विभोर कर दिया सुदामा के रूप में गौरव के अभिनय ने दर्शकों की आंखों में आंसू ला दिए। कक्षा नौवीं के छात्रों दीपांशु, निशांत,अंश, लकी, हर्ष आदि ने कंजूस मालिक और मूर्ख ने नौकर हास्य नाटिका प्रस्तुत कर दर्शकों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया
कार्यक्रम में कैप्टन ओमपाल सिंह, डा. राजवीर सिंह, थानेदार बाबूलाल को श्रीमती पुष्पा देवी मेमोरियल लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड तथा डा.विनयपाल तंवर, डा. रजनीश खटाना, पवन कुमार और कुमारी सुलेखा को श्रीमती पुष्पा देवी मेमोरियल एक्स्ट्राआर्डिनरी अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। मंच संचालन कक्षा बारहवीं के छात्र यशवंत और दीपांशु ने किया। मुख्य अतिथि अतरलाल एडवोकेट ने विद्यार्थियों से कड़ी मेहनत और लगन से कार्य करने तथा एकाग्रचित होकर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की अपील की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कैप्टन ओमपाल सिंह तंवर ने शानदार प्रस्तुतियों के लिए सभी छात्रों को बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के अंत में वार्षिक परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी स्टाफ सदस्य, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 02: अव्वल विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते हुए
सादगी से मनाएंगे रंगों का पर्व होली
-जल बचत पर देंगे जोर
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कनीना की आवाज। रंगों का पर्व होली को सादगी से मनाए जाने के लिए कई सामाजिक समूह सामने आने लगे हैं। युवा वर्ग में होली खेलने के प्रति विशेष उत्साह है परंतु प्राकृतिक रंगों तथा गुलाल लगाकर एवं चंदन का टीका लगाकर होली खेलेंगे। इस बार जल की बचत करेंगे।
रंगों के त्योहार होली के प्रति लोग जल बचाने, रंगों की बजाय गुलाल एवं तिलक लगाकर होली खेलने के पक्ष में हैं। वे इस प्यार एवं भाईचारे के पर्व को दुश्मनी भुलाकर खेलना पसंद करते हैं। पानी नहीं बचाया तो भविष्य अंधकारमय होगा ऐसे में जल की बचत मुख्य थीम होगा। कुछ लोगों से इस संबंध में बात की गई जिनके विचार निम्र हैं-
पानी जीवन का आधार है और दिनोंदिन पानी कम होता जा रहा है। ऐसे में रंगों से बचने एवं पानी को बचाने के अलावा तिलक लगाकर होली खेलना चाहते हैं और दूसरों को भी यही प्रेरणा देंगे। होली पर पानी अनावश्यक न बहाने की शपथ लेते हैं और गुलाल एवं प्राकृतिक रंगों से ही होली खेलेंगे। पानी बिन सब सूना है उसकी बचत करेंगे। वर्षा जल संरक्षण पर जोर देंगे तथा पानी को बर्बाद होने से रोकेंगे।
-- अंकुर कनीनवाल
रंगों का पर्व होली टूटे दिलों को जोडऩे का पर्व है। ऐसे में पुराने बैर भाव भुलाकर प्रेम एवं सद्भाव से यह पर्व मनाना चाहिए। गुलाल से ही होली खेलना चाहते हैं। पानी को बचाना चाहते हैं।
--पंकज एडवोकेट
जल जीवन है इसे व्यर्थ नहीं बहाना चाहिए। जल बिना जीवन की कल्पना ही संभव नहीं। होली जरूर खेलनी चाहिए किंतु अनावश्यक जल बहाना अनुचित होगा। वे इस संबंध में लोगों को जागरूक भी करेंगे।
--अजीत कुमार कनीना
होली रंगों के बहाने एकता का प्रतीक है।र सभी प्यार में मिलकर इतना बड़ा प्यार कायम करे कि पूरा देश एकसूत्र में बंध जाए। पानी का कम से कम प्रयोग करेंगे। दिनोंदिन पानी कम होता जा रहा है। इसे बर्बाद नहीं करेंगे।
--मुकेश नंबरदार
फोटो कैप्शन: मुकेश नंबरदार, अंकुर कनीनवाल, पंकज एडवोकेट एवं अजीत कुमार
डाक्टरों की सलाह
- रासायनिक रंगों से न खेले होली, हानिकारक
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कनीना की आवाज। रंगों के पर्व होली को विभिन्न तरीकों से मनाया जाता है। किंतु रंगों की होली हानिकारक प्रभाव डालती है। ऐसे में डाक्टर रोगों से बचने के लिए रासायनिक रंगों से होली न खेलने की सलाह देते हैं।
रासायनिक रंगों के प्रयोग से जहां खुजली, एलर्जी तथा कई अन्य बीमारियां हो जाती हैं। कनीना के विभिन्न डाक्टरों एवं वैद्य अनुसार रासायनिक रंगों के प्रयोग करने के बारे में राय प्रस्तुत है---
रासायनिक रंगों से होली खेलना सेहत के लिए प्रतिकूल है। इन रंगों से खुजली, त्वचा के रोग, जलन एवं कई अन्य बीमारियां होने का अंदेशा होता है। रासायनिक रंगों में जल का अधिक उपयोग होने से जल की बर्बादी होती है। कपड़ों एवं चेहरे को रंग खराब कर देता है। इन रंगों से उन्होंने बचने की सलाह दी है।
---डा. अजीत शर्मा
रासायनिक रंगों से होली खेलना किसी भी रूप में बेहतर नहीं है। एक ओर रासायनिक रंग कपड़ों को दागिल कर देता है तो दूसरी ओर शरीर से रंग छुड़ाने से भी नहीं छूटता है। उन्होंने कहा कि आंख, मुंह व नाक आदि में रंग गिर जाने पर तुरंत डाक्टर की सलाह लेनी चाहिए। ये रंग जहरीले होते हैं।
--डा. वेदप्रकाश
होली खेलना अच्छी बात है किंतु रासायनिक रंगों की बजाय चंदन से तथा हो सके तो गुलाल से ही खेलना चाहिए। किसी परेशान व्यक्ति पर रंग गुलाल न डालकर गले से मिलकर खुशी का इजहार करना चाहिए। रंगों का पर्व होली हमें संदेश देता है कि एकता एवं बैर भाव को भूलाना। पुराना बैर भाव भूला देना चाहिए तथा एकता को कायम करना चाहिए। रासायनिक रंग कानों, आंखों एवं चेहरे के लिए घातक होते हैं।
--वैद्य श्रीकिशन शर्मा
व्यक्तियों को होली के कृत्रिम/रासायनिक रंगों से बचना चाहिए क्योंकि इनमें सीसा पारा और तांबा सल्फेट जैसे हानिकारक रसायन होते हैं जो गंभीर त्वचा जलन, चकते सांस लेने में तकलीफ अस्थमा और आंखों में एलर्जी लालपन, खुजली का कारण बन सकते हैं। हर्बल या प्राकृतिक रंगों का उपयोग करना ही सुरक्षित है।
--डा. जितेंद्र मोरवाल
फोटो कैप्शन: डा. जितेंद्र मोरवाल, डा. अजीत शर्मा, डा. वेदप्रकाश, वैद्य श्रीकिशन शर्मा
3 मार्च को लगेगा चंद्र ग्रहण-पं. ऋषिराज
-होली 3 मार्च को
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कनीना की आवाज। पंडित ऋषिराज शितिकंठा ने बताया कि 3 मार्च को लगने वाला ग्रहण यह एक खंडग्रास चंद्र ग्रहण है। भारतीय समयानुसार, चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू हो जाएगा और शाम को 6 बजकर 46 मिनट पर इसका समापन हो जाएगा। साल के इस पहले चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 27 मिनट तक रहेगी।
3 मार्च को रंगों की होली मनाई जाएगी-
3 मार्च को भारत में शाम के समय ग्रस्तोदित खंडग्रास चंद्र ग्रहण लग रहा है, इसे ग्रस्तोदित इसलिए कहा जा रहा है कि जिस समय चंद्र ग्रहण दिखेगा, वो ग्रहण से ग्रसित होगा ग्रहण शाम 6 बजे से साफ तौर पर दिखाई देगा। इस ग्रहण का सूतक सुबह लग जाएगा। भारत, आस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर, एशिया, उत्तर और दक्षिण अमेरिका में चंद्रग्रहण दिखाई देगा।
चंद्र ग्रहण के दौरान हिंदू मान्यताओं के अनुसार गर्भवती महिलाओं को खुले आसमान के नीचे नहीं आना चाहिए और सीधे चंद्रमा को नहीं देखना चाहिए। माना जाता है कि ग्रहण के दौरान निकलने वाली नकारात्मक किरणें मां और अजन्मे बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती हैं। आपको बता दें कि चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले
लग जाएगा। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे।
फोटो कैप्शन: पं. ऋषिराज
इसराना में हिंदु सम्मेलन आयोजित
--लव जिहाद पर चिंता जताई
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कनीना की आवाज। इसराना के शिव मंदिर मंदिर प्रांगण में सकल हिंदु समाज के तत्वाधान में सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें स्वामी समर्णानंद, आचार्य नीरज मेधार्थी व महाराज रामभजनदास, सवामी कृष्णानंद मुख्य रूप से मौजूद रहे। स्वामी समर्णानंद जी सनातन समाज को सामाजिक कुरीतियां मिटाने के साथ पर्यावरण बचाने तथा पौधारोपण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति के अनुसरण का संदेश दिया। महाराज रामभजनदास ने कहा कि युवाओं में चरस, सिंथेटिक, ड्रग्स, चिट्टा, शराब का प्रचलन तेजी से प्रभाव से बचने का आह्वान किया
स्कूल व कालेज के विद्यार्थियों तक नशे की पकड़ पहुंच गई। जिससे सामाजिक स्वरूप बिगडऩे का खतरा उत्पन्न हो गया। समाधान के लिए पुलिस और आम नागरिकों को तालमेल बनाकर कार्रवाई को अंजाम देना जरूरी है।
आचार्य नीरज मेधार्थी ने पंच परिवर्तन पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि कुटुंब प्रबोधन कार्यक्रम हर परिवार को अपनाना चाहिए
उन्होंने लव जिहाद पर चिंता जताई, कहा कि युवाओं में संस्कारों की कमी आ गई।
एस डी स्कूल के छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के संयोजक बलजीत थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी कृष्णानंद ने की। मंच संचालन मोहित इसराना ने किया
संघ के जिला बौद्धिक प्रमुख डा. अनिल कुमार ने पंच परिवर्तन पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में अभय सिंह मानपुरा , सुनील इंजीनियर, नरेंद्र कुलदीप, देवसेना ऋषिराज ढाणा, उपेन्द्र ढाणा, सूर्यकांत ढाणा, बिजेंद्र सिंह, अमित चौहान, विजय कुमार , रवि कुमार नांगल, नरेंद्र कपूरी, कुलदीप , हंसराज रामबास, विरेन्द्र सिंह , अमर सिंह , रामेश्वर प्रजापत, निर्मल शास्त्री, मनोज कौशिक, सन्नी झगडौली , महेश झगडौली, कनीना खंड के पालक फतेह सिंह मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 01: हिंदु सम्मेलन में संत को सम्मानित करते हुए
अज्ञात चोरों ने उड़ाई घर के सामने से मोटरसाइकिल, मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कपूरी निवासी मैनपाल की मोटरसाइकिल उनके घर के सामने अज्ञात चोरो ने चोरी कर ली। उन्होंने पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया है। पुलिस में दी गई शिकायत में उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल रात को अपने घर के बाहर खड़ी की थी जो सुबह उठकर देखा तो गायब मिली। अपने तौर पर तलाश की किंतु कहीं नहीं मिली। आखिरकार कनीना पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया है।



































































