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Tuesday, March 3, 2026



 



कनीना में होली के उपलक्ष्य में खेल प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन
-रस्साकशी, कबड्डी, कुश्ती आदि आयोजित
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कनीना की आवाज।
होली के पावन अवसर पर कबड्डी व रस्साकसी प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में आसपास के गांवों की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और शानदार प्रदर्शन किया।
कबड्डी प्रतियोगिता में सिद्धिपुर की टीम ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि अहरी की टीम उपविजेता रही। खिलाडिय़ों के जोश और रोमांचक मुकाबलों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
वहीं पुरुष रस्साकसी प्रतियोगिता में शक्तिमान सागरपुर की टीम विजेता रही तथा होली वाला क्लब की टीम उपविजेता रही। इसके अलावा महिला रस्साकशी में मंजीता की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और ओमवती की टीम उप-विजेता रही।
सभी विजेता एवं उपविजेता टीमों को कृष्ण कुमार समाजसेवी जयनारायण की दुकान द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करते हुए खेल भावना बनाए रखने का संदेश दिया।
इस अवसर पर अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें रामानंद, लाल सिंह जेई., होशियार सिंह सत्संगी, लेखराम, पूर्व पार्षद राजेंद्र, रामप्रताप शिक्षक , लक्ष्मण दादा, नित्यानंद तथा रामसिंह  शामिल रहे।
प्रतियोगिता के दौरान मैच रैफरी की भूमिका सुभाष जी भाला व महावीर सिंह बिसौवा ने निभाई, जबकि अंकुर डीपी ने कमेंटेटर के रूप में दर्शकों का उत्साह बढ़ाया।
कार्यक्रम का आयोजन सौहार्दपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने भाग लिया।
फोटो कैप्शन 11 से 14: खेलों से संबंधित हैं


साल में दो विज्ञापन भी नहीं देने वालों के अब समाचार प्रकाशित नहीं होंगे
- अखबार का आदेश है विज्ञापन देने वालों की खबरें लगे अधिक से अधिक
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कनीना की आवाज।
 लंबे समय से डा. होशियार सिंह यादव पत्रकारिता में जुटा हुआ है। सुबह से रात 11 जाते हैं तब जाकर पत्रकारिता पूर्ण होती है किंतु न तो समाचार पत्र एक रुपया भी देता और न ही लोग विज्ञापन देते। साल में अनेक समाचार छपने के बाद भी जब विज्ञापन का वक्त आता है तब कोई विज्ञापन नहीं दिया जाता, जिससे अखबार नाराज है और ऐसे पत्रकार जो विज्ञापन नहीं देते उनको हटाने का निर्णय ले लेता है। ऐसे में जो साल में दो विज्ञापन नहीं दे पाए वो कृपया मेरे पास/डा. होशियार सिंह यादव के पास समाचार प्रकाशन हेतु न भेजे। इसे कड़ाई से पालन किया जाएगा। भविष्य में यदि कोई समाचार भेजता है तो स्वयं जिम्मेदार होगा और वे प्रकाशित नहीं होंगे। अपने घर से कंप्यूटर, बिजली, नेट खर्चा, भाग दौड़ करनी पड़ती है वहीं बच्चों से दूर रहना पड़ता है। उस पर भी एक रुपए भी जेब में नहीं आता और खर्चा बढ़ता ही चला जाता है। एक और परिवार वाले नाराज वहीं अखबार वाले नाराज क्योंकि कुछ लोगों की आदत बन गई है कि समाचार के समय तो कहेंगे बड़े-बड़े समाचार छाप दो और विज्ञापन के नाम पर कहेंगे सोचेंगे, देखेंगे या फिर फोन नहीं उठाते, फोन बंद कर लेते हैं।  ऐसे में ऐसे व्यक्ति जो साल में दो विज्ञापन नहीं दे पाते वो कृपया माफ करें, समाचार भविष्य में न भेजे। केवल वही व्यक्ति भेजें जिन्होंने कुछ विज्ञापन दिया है या मेरी किसी क्षेत्र में मदद की है ताकि उनका खर्चा में स्वयं वहन कर सकूं। सबसे बड़ी बात है कि अखबार के निर्देशानुसार एक विज्ञापन कम से कम 10 हजार का देने वालों के छह माह समाचार प्रकाशित होंगे, दो विज्ञापन देने वालों के पूरे साल समाचार प्रकाशित होंगे। अधिकतम दिन में एक समाचार प्रकाशित करवा सकता है वह भी स्वयं टाइप करके भेजना होगा। यदि साल में 20000 तक का विज्ञापन देता है उनके लिए यह सुविधा एक साल चलती रहेगी। समाचारपत्रों का कहना है कि उन लोगों पर समय बर्बाद ना करें जो विज्ञापन नहीं देते। एक और मजबूरी है दूसरी और विज्ञापन देना जरूरी है। शायद कनीना क्षेत्र के प्रतिदिन 10 बड़े समाचार अकेले मेरे प्रकाशित होते हैं लेकिन इस होली पर महज एक छोटा सा विज्ञापन मिला जिनसे उम्मीद थी वो कल देंगे, फिर देंगे, आगे देंगे करते-करते होली भी टाल दी। अब ऐसा नहीं होगा। केवल क्राइम के समाचार और उन लोगों के समाचार प्रकाशित होंगे जो विज्ञापन देते हैं या ऐसे व्यक्तित्व जो वास्तव में समाज के लिए  उदाहरण बने हुए हैं।





सुरेश यादव बने कनीना के नए खंड शिक्षा अधिकारी
-- शिक्षा विभाग ने जारी किए आदेश
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कनीना की आवाज।
राजकीय माडल संस्कृति स्कूल, चरखी दादरी के प्राचार्य एवं हाल ही में पदोन्नत बीईओ अधिकारी सुरेश यादव को खंड शिक्षा अधिकारी  कनीना नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति हरियाणा सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग के आदेशानुसार की गई है।
उल्लेखनीय है कि खंड शिक्षा अधिकारी का पद पिछले लगभग दो माह से रिक्त चल रहा था, जिसके चलते प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे थे। श्री सुरेश यादव की नियुक्ति से अब खंड के शिक्षा प्रबंधन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
श्री यादव मूल रूप से कनीना खंड के गांव सेहलंग निवासी हैं। उन्होंने अपने शैक्षणिक जीवन की शुरुआत इसी खंड में बतौर अध्यापक की थी। इसके बाद उन्होंने मुख्य अध्यापक एवं प्राचार्य के रूप में लंबे समय तक सफलतापूर्वक सेवाएं दीं। वर्तमान में वे राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल, चरखी दादरी में प्राचार्य के पद पर कार्यरत थे।
उनकी नियुक्ति पर शिक्षा जगत में हर्ष का माहौल है।
सेवानिवृत्त उप जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र सिंह यादव, रामानंद यादव,नरेश कुमार कौशिक (प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी),जयप्रकाश कोटिया (अध्यक्ष, कनीना मार्केट कमेटी),जयप्रकाश ककराला (अध्यक्ष, ब्लॉक समिति),अमर सिंह निमोरिया (पूर्व प्राचार्य),सतपाल यादव (प्राचार्य, गुढ़ा),
डॉ. वीरेंद्र सिंह (प्राचार्य, बुचावास) तथा
वरिष्ठ प्रवक्ता नरेश यादव सहित अनेक शिक्षाविदों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने सुरेश यादव को नई जिम्मेदारी मिलने पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि श्री यादव के अनुभव, प्रशासनिक दक्षता और शैक्षणिक नेतृत्व से कनीना खंड में शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा मिलेगी।
फोटो कैप्शन: सुरेश कुमार बीइओ




गूंगे बहरे व्यक्ति को मिला न्यायालय से न्याय
-- आरोपी को एक वर्ष का कारावास
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कनीना की आवाज।
  कनीना न्यायालय में एसडीजेएम प्रवीण कुमार की अदालत से गूंगे बहरे व्यक्ति पंकज कुमार को चैक बाउंस के केस में न्याय मिला। पंकज कुमार के पिता से आरोपी विक्रम ने चार लाख रुपए लिए थे और वह रकम आरोपी ने नहीं लौटाई और पंकज कुमार के पिता का देहांत हो गया। उसके बाद भी आरोपी ने रुपए ना लौटाए। तब पंकज कुमार ने अदालत में कानून का सहारा लिया और  गूंगे बहरे इंसान ने कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरते हुए अदालत से न्याय की मांग की। काफी सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को एक वर्ष कारावास की सजा सुनाई है।
  गूंगे बहरे इंसान पंकज कुमार की तरफ से अदालत में पैरवी पूर्व प्रधान ओपी रामबास  एडवोकेट ने की। इस बारे में उन्होंने बताया कि अदालत ने सभी पक्षों को गहनता से सुनकर आरोपी को एक वर्ष की जेल और चार लाख रुपए  हर्जाना छह प्रतिशत ब्याज के साथ देने के आदेश दिया है।




एटीएम और बीटीएम के सहारे चल रहा है कनीना खंड कृषि कार्यालय
-आठ एडीओ और खंड कृषि अधिकारी का पद है रिक्त
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कनीना की आवाज।
 देश की अर्थव्यवस्था में अहं भूमिका निभाने वाला कृषि विभाग एडीओ एवं बीओ अभाव में जूझ रहा है। कनीना के खंड कृषि कार्यालय में खंड कृषि अधिकारी/बीओ का पद लंबे समय से रिक्त चला आ रहा है। महेंद्रगढ़ से के बीओ को अतिरिक्त चार्ज कनीना का दिया हुआ है।
यहां उल्लेखनीय है कि कनीना और इसके आसपास विभिन्न गांवों में 8 एडीओ के पद सृजित किए हुए हैं और ये सभी पद रिक्त पड़े हैं।  सेहलंग, खेड़ी, भोजावास, दौंगड़ा अहीर, सुंदरह, बूचावास और बवानिया में एक-एक एडीओ का पद सृजित  है किंतु सारे पद खाली पड़े हैं। महेश बीटीएम/ ब्लाक टेक्नोलाजी मैनेजर और एटीएम/ असिस्टेंट टेक्नोलाजी मनी मैनेजर के सहारे कनीना खंड कृषि कार्यालय चल रहा है। इससे बुरी हालत किसी और विभाग की नहीं है। सरकार ने एचकेआरएन के तहत सुपरवाइजर जरूर नियुक्ति कर रखे हैं।





एक ही परिवार के तीन भाइयों ने गौशाला में साथ मनाई शादी की सालगिरह
--सादगी और गौ-सेवा का अनुपम उदाहरण पेश किया...
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कनीना की आवाज।
  कस्बा कनीना निवासी विजय सिंह के तीन सगे पुत्र नवीन कुमार, सुरेन्द्र कुमार एवं प्रवीण कुमार ने अपनी शादी की सालगिरह बड़ी सादगी और श्रद्धाभाव के साथ श्री कृष्ण गौशाला, कनीना में एक साथ मनाई। उल्लेखनीय है कि तीनों भाइयों का विवाह भी एक ही परिवार की तीन बहनों पूनम, सोनू एवं संदीप के साथ एक ही दिन संपन्न हुआ था।
इस अवसर पर विजय सिंह के तीनों पुत्र, उनकी पत्नियां तथा उनके बच्चे गौशाला पहुंचे। सभी ने गौ माताओं को गुड़-चारा खिलाया, सेवा-संभाल की तथा गौशाला को 5100 रुपये का आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया। इसके पश्चात गौशाला प्रांगण स्थित श्रीकृष्ण मंदिर में तीनों दंपतियों ने भगवान श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आज के दौर में जहां अधिकांश लोग पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में बड़े-बड़े होटलों में भव्य आयोजन कर अनावश्यक खर्च करते हैं, वहीं इस परिवार ने सादगीपूर्ण ढंग से कार्यक्रम आयोजित कर गौ-सेवा को प्राथमिकता दी, जो समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। इस अवसर पर श्रीकृष्ण गौशाला के प्रधान भगत सिंह ने तीनों युगल जोड़ों को शुभाशीष प्रदान करते हुए पूरे परिवार का आभार व्यक्त किया और उनके इस अनुकरणीय कार्य की सराहना की। कार्यक्रम सामाजिक सद्भाव, पारिवारिक एकता एवं भारतीय संस्कृति की गौ-सेवा परंपरा को मजबूत करने का प्रतीक बना।
 

किसान लगे सरसों की लावणी में
-दूसरे प्रांतों से आने लगे हैं मजदूर
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र के किसान सरसों की लावणी में लग गये हैं। होली के बाद लावणी में तेजी आ जाएगी चूंकि कनीना में मोलडऩाथ मेला एवं होली पर्व के चलते लावणी में देरी हो रही थी। अभी गेहूं की बालियां आ चुकी हैं जिनमें गेहूं का दाना मिल्किंग स्टेज पर है जिसे ठंड की जरूरत होती है।
  करीब 20,000 हेक्टेयर पर उगाई गई सरसों की फसल पक चुकी है। कुछ किसान कटाई के काम में लग गये हैं। दिन के समय ताप बढ़ गया है।
   किसान अजीत कुमार,कृष्ण कुमार, राजेंद्र सिंह से इस संबंध में चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि इस वक्त गेहूं की फसल की सिंचाई की जरूरत है। गत दिनों थोड़ी सी बूंदाबांदी हुई थी किंतु अब किसानों को सिंचाई की जरूरत पड़ रही है। करीब 9500 हेक्टेयर पर गेहूं की खेती की गई है।  अधिकांश मजदूर होली पर्व के बाद आते हैं।
पहुंचने लगे हैं मजदूर-
सरसों एवं गेहूं की लावणी के दृष्टिगत मजदूर इस क्षेत्र में आने लग गये हैं। ये मजदूर अपनी रोटी रोजी लावणी से ही कमाते हैं। उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार, राजस्थान आदि राज्यों से मजदूर चार माह के लिए इस क्षेत्र में आते हैं और रोटी रोजी कमाकर वापस अपने घरों को लौट जाते हैं।
 हर हर वर्ष बढ़ जाते हैं इनके रेट-
 हर वर्ष इन मजदूरों के भी रेट बढ़ जाते हैं। विगत वर्ष जहां 5000 रुपये तक एक एकड़ गेहूं खेत की लावणी की गई। इस बार अनुमान है कि कम से कम 6000 रुपये प्रति एकड़ में लावणी करेंगे। लावणी के अतिरिक्त भी इन मजदूरों से खेती करने तथा मुर्गी फार्म में रखरखाव का काम करते हैं।
नहीं है आत्मनिर्भर किसान-
 किसानों ने बताया कि एक जमाना था जब परिवार के सदस्यों की संख्या अधिक होती थी उस समय मजदूरों की जरूरत कम पड़ती थी किंतु अब प्रत्येक घर में सदस्य की संख्या कम होती है। एक और जहां  चल रही हैं विद्यार्थी अपने स्कूल में परीक्षा देने जाते हैं वही किसान अपने खेतों में लावणी का कार्य करते हैं। लेकिन ऐसे बहुत कम किसान है जो अपने खेत की लावणी स्वयं करते हैं। मजदूरों पर ही लावणी का कार्य निर्भर करता है।
 क्या कहते हैं कृषि अधिकारी-
उधर इस संबंध में पूर्व कृषि अधिकारी डा. देवराज से बात हुई। उन्होंने बताया कि अकसर सरसों की लावणी मार्च के दूसरे सप्ताह से शुरू होती है किंतु खेत के स्वभाव एवं वातावरण का भी प्रभाव पड़ता है। अगैती फसल पहले लावणी आ जाती है। किसान तेजी से लावणी कार्य में लग गये हॅैं।
 स्टेज पर है जिसे ठंड की जरूरत होती है।
सरसों खरीद की तिथि नहीं आई-
उधर कनीना व्यापार मंडल प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष रविंद्र बंसल ने बताया कि सरकार ने सरसों का समर्थन मूल्य 6250 रुपये वहीं गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल रखा है तथा सरसों की खरीद की कोई अभी तक तिथि नहीं आई है। एक अप्रैल से खरीद होने की संभावना है।
फोटो कैप्शन 09: कनीना के खेतों में लावणी करते किसान




रंगों की होली 2 दिन चलेगी, मंगलवार को भी जमकर खेली गई होली
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कनीना की आवाज।
 यूं तो होली दहन भी होली दहन भी दो दिनों तक चला है। कुछ क्षेत्रों में जहां मंगलवार को होली दहन किया गया वहीं कुछ जगह सोमवार को होली दहन हो चुका है। इसी प्रकार रंगों का त्योहार होली भी दो दिनों तक चलेगा। मंगलवार को सरकारी स्कूलों एवं छोटे बच्चों आदि ने जमकर होली खेली। एक दूसरे पर रंग गुलाल लगाया और खुशी वक्त की परंतु बुधवार को विभिन्न मंदिरों एवं संस्थानों में मेले एवं होली खेली जाएगी। जिन क्षेत्रों में होली दहन मंगलवार को किया गया है वहां पर भी रंगों का त्योहार बुधवार को ही मनाया जाएगा। छोटे-छोटे बच्चे भी रंग गुलाल लगाते देखे गए और खुशी व्यक्त करते देखे गये। यद्यपि उन्हें होली के पर्व का अधिक ज्ञान नहीं परंतु जिस ढंग से  रंग गुलाल लगा रहे थे देखकर हंसी आ रही थी।  
फोटो कैप्शन 5: रंग गुलाल लगाते छोटे बच्चे


कैमला में मनाया होली मिलन समारोह
-स्कूल को मिला सौंदर्यीकरण का पुरस्कार

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कनीना की आवाज।
राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में होली मिलन समारोह का आयोजित किया गया। सभी बच्चों ने होली के पर्व की महता ,उत्साह, उमंग  के साथ अपने गुरुजनों के साथ रंग लगाकर होली का जश्न मनाया। मौलिक मुख्याध्यापक वीरेंद्र सिंह जांगिड़ ने रंगों के पर्व होली  की महता हमारी धार्मिक आस्था, शिक्षा और संस्कृति के ओत-प्रोत महत्वपूर्ण प्रसंग विद्यार्थियों को बताते हुए सभी से अपील की कि आप रंगों के त्योहार को उमंग और उत्साह के साथ सभी मिलकर मनाएं। यह पर्व हमें जीवन में सादगी सदाचारी, आपसी मेल-जोल और बुराई पर अच्छाई की जीत की प्रेरणा देता है। हमें  होली का पर्व हम यही संदेश देता है कि हम  सभी को परस्पर अपने आपसी गिलवे -शिकवे आदि भूलकर निश्चल भाव से मन की बुराई को दूर कर परस्पर गले लगा कर  भेद-भाव को मिटाकर मिलजुल कर रहना चाहिए और इन रंगों की भांति घुल  मिल  कर रहना चाहिए। जिससे हमें जीवन में अपार खुशियां प्राप्त करनी चाहिए। इस अवसर पर मनवीर सिंह, सुनील कुमार शास्त्री, सुनील कुमार डीपीई ,देवेंद्र ,राजेश कुमार, भगत सिंह, सुनील कुमार ,सूबे सिंह, तारामणि देवी, पिंकी देवी, बबली देवी आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 08: होली मिलन समारोह मनाते हुए।




शादी की सालगिरह मनाई और 5100 रुपये का दिया दान
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कनीना की आवाज।
 श्रीकृष्ण गौशाला में पूनम पत्नी नवीन कुमार ,सोनू कुमारी पत्नी सुरेंद्र सिंह, संदीप देवी पत्नी प्रवीन गांव कनीना ने अपनी शादी की सालगिरह श्रीकृष्ण गौशाला कनीना बनाई। गायों को गुड़ खिलाया और 5100 रुपए का दान दिया।
 इस मौके पर प्रधान भगत सिंह, विजय सिंह, नवीन कुमार ,सुरेंद्र सिंह, प्रवीण, शारदा देवी, ओम, सुनीता, मास्टर रामप्रताप, दिलावर सिंह, सचिव यश यादव, रामपाल सिंह, बलवान सिंह, अशोक पैकन, सतवीर गूगनवाला, राज प्रापर्टी डीलर आदि उपस्थित रहे।
 फोटो फोटो कैप्शन 7: गौशाला में दान देते हुए महिलाएं



व्यक्ति गुम, गुमशुदगी का मामला दर्ज

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कनीना की आवाज।
कनीना उप- मंडल के गांव चेलावास की रेनू ने मामला दर्ज करवाया है कि उनके पति प्रवीण, 34 वर्ष एक मार्च को दोपहर करीब 2 बजे घर से बलेनो गाड़ी लेकर निकले थे किंतु वापस नहीं आए। जिसकी अपने स्तर पर जांच की किंतु कहीं नहीं मिला। फोन भी बंद आ रहा है। कनीना पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।



सुंदरह प्राथमिक स्कूल सौंदर्यीकरण में रहा प्रथम खुशी
--होली की खुशियां बढ़ी
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कनीना की आवाज।
मुख्यमंत्री विद्यालय सुंदरीकरण पुरस्कार 2026 के लिए प्राथमिक श्रेणी में राजकीय प्राथमिक पाठशाला सुंदरह को खंड स्तर पर प्रथम स्थान मिलने पर समस्त अध्यापकों ,विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। विद्यालय प्राचार्य बाबूलाल यादव ने इसका श्रेय कुलदीप यादव मुख्य शिक्षक की सतत मेहनत विद्यार्थियों के अनुशासन एवं स्वच्छतापूर्ण व्यवहार को दिया है। इस अवसर पर एसएमसी प्रधान राजेश, भोलाराम,  चेतन शर्मा, राजसिंह, अनिल शर्मा,रेनू यादव, राजेश कुमारी ,राजेश यादव,मंजू यादव, तरु यादव, प्रदीप छिल्लर ,ओम प्रकाश, छोटेलाल, बिमला लक्ष्मी, शकुंतला, सिया सहित समस्त स्टाफ उपस्थित थे। इस खुशी का इजहार विद्यार्थियों ने अबीर ,गुलाल लगाकर  किया। विद्यालय की तरफ से बच्चों को मिठाइयां एवं फल वितरित किए गए।
  उल्लेखनीय है कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में भी सुंदरह स्कूल प्रथम रहा है, उच्च विद्यालयों में भडफ़, मिडिल स्कूलों में कैमला प्रथम तथा प्राथमिक विद्यालयों में सुंदरह स्कूल प्रथम रहा है।
फोटो कैप्शन 06: प्रथम स्थान पर रहने पर सुंदरह स्कूल में खुशी का माहौल



राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी में ककराला का उत्कृष्ट प्रदर्शन
--एसडी स्कूल ककराला के विद्यार्थी रहे अव्वल
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कनीना की आवाज।
एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। देशभर से आए प्रतिभागियों के मध्य विद्यालय के छात्रों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय स्थान प्राप्त किए।
कार्यशील माडल प्रतियोगिता में अभिनव एवं दिशांत मित्तल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बेस्ट आउट आफ वेस्ट माडल प्रतियोगिता में इशिका, तन्वी एवं अंशिका ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का परिचय दिया। पोस्टर प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता में दक्ष एवं जतिन ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि बेस्ट आउट आफ वेस्ट प्रतियोगिता में दक्ष, तेजस एवं रीतिक ने तृतीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय की उपलब्धियों में वृद्धि की।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डा. जी. सतीश रेड्डी पूर्व अध्यक्ष, डीआरडीओ रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार तथा प्रो-कुलपति प्रोफेसर पवन कुमार ने की।
 विद्यालय की प्रधानाचार्य डा. शिप्रा सारस्वत ने विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देते दी है। विद्यालय के चेयरमैन जगदेव यादव ने अपने संदेश में कहा कि विद्यालय सदैव विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नैतिक मूल्यों एवं सृजनात्मक चिंतन के विकास हेतु प्रतिबद्ध है।
फोटो कैप्शन 04: अव्वल रहे विद्यार्थियों को पुरस्कृत करते हुए मुख्य अतिथि




कनीना खंड की ग्राम पंचायतों के लिए ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन
-नागरिक 9 मार्च तक कर सकते हैं निरीक्षण, पांच गांवों में होना है उप-चुनाव
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कनीना की आवाज।
हरियाणा पंचायती राज निर्वाचन नियम 1994 के उपबंधों के तहत कनीना खंड के तहत आने वाली विभिन्न ग्राम पंचायतों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियां तैयार कर ली गई हैं।
जिला निर्वाचक अधिकारी एवं एसडीएम कनीना ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव स्याना, कपूरी, भोजावास, छितरौली व धनौंदा की सूचियां 1 जनवरी 2026 की पात्रता तिथि के आधार पर तैयार की गई हैं, जिनका निरीक्षण आम नागरिक 9 मार्च 2026 तक कर सकते हैं।
प्रशासन द्वारा यह सूचियां उपायुक्त कार्यालय नारनौल, तहसीलदार कनीना, संबंधित हल्का पटवारी, ग्राम पंचायत कार्यालय, पंचायत समिति कनीना और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) कार्यालय में नि:शुल्क अवलोकन के लिए उपलब्ध करवा दी गई हैं।
उन्होंने बताया कि यदि किसी नागरिक को मतदाता सूची में अपना नाम सम्मिलित करवाने, किसी प्रविष्टि को संशोधित करवाने या किसी नाम पर आपत्ति दर्ज करानी है तो वह 3 मार्च से 10 मार्च 2026 को शाम 4 बजे तक अपना लिखित दावा या आपत्ति एसडीएम कार्यालय कनीना, बीड़ीपीओ कार्यालय या संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है।
प्राप्त दावों और आपत्तियों का निपटान 12 मार्च को जिला निर्वाचक अधिकारी एवं एसडीएम कनीना द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति इस निर्णय के विरुद्ध अपील करना चाहता है, तो वह 16 मार्च तक उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) नारनौल के कार्यालय में आवेदन कर सकता है, जिनका अंतिम निपटान 19 मार्च 2026 तक किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।



अगिहार के प्रवेश ने महेंद्रगढ़ जिले की मेरिट सूची में पाया छठा स्थान
--तीन विद्यार्थी हुए सफल
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार से आठवीं कक्षा के तीन विद्यार्थियों प्रवेश ,साइना तथा ममता ने बुनियाद लेवल-2 की परीक्षा पास की है विद्यालय की प्राचार्य पूनम यादव ने तीनों विद्यार्थियों को आज विद्यालय के प्रांगण में पुरस्कृत किया तथा तीनों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की प्रवेश ने पूरे महेंद्रगढ़ जिले में छठा तथा हरियाणा राज्य में 143 वां स्थान प्राप्त किया इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: तीन बच्चों को पुरस्कृत करते हुए




खुशी का पर्व है गले मिलेंगे
-पानी बर्बादी रोकेंगे,रासायनिक रंगों का प्रयोग नहीं करेंगे
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कनीना की आवाज।
रंगों के पर्व होली को यादगार बनाने के लिए इस बार भी युवा कम से कम पानी का प्रयोग करेंगे तथा हो सके तो पानी बगैर होली खेलेंगे। गले मिलकर तथा टीका लगाकर ही होली खेलेंगे। गुलाल का भी कम से कम प्रयोग करेंगे। शिक्षित वर्ग ने सादगी एवं कम पानी प्रयोग करके मनाने पर बल दिया।
  **रासायनिक रंगों का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए घातक साबित होता है वहीं इसका प्रयोग अधिक पानी को खराब करने का एक तरीका है। उन्होंने कहा कि कम से कम पानी प्रयोग करना चाहिए। गुलाल का प्रयोग भी कर सकते हैं। नाक,आंख गले एवं शरीर के लिए घातक साबित होता है।
    -रवि कुमार,कनीना
होली एक पवित्र एवं हंसी खुशी से मनाने की शिक्षा देता है। ऐसे में हमें प्यार से एक दूसरे को चंदन आदि का टीका लगाकर या फूलों की होली खेलकर मनाना चाहिए। प्राकृतिक पदार्थों के संग मनाई गई होली सच्ची होली होगी।
  --सुरेश कुमार, समाजसेवी
 पानी बचाना इस पर्व का प्रमुख कत्र्तव्य होगा। पेयजल की कमी होती जा रही है। ऐसे में होली मनाने के लिए हमें प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करने पर बल देना चाहिए। उन्होंने यह संदेश हर जन तक पहुंचाने की अपील की।
इस होली के पर्व पर रासायनिक रंगों का त्याग करके प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करेंगे। पानी की बचत करेंगे और भाईचारे का पैगाम देंगे। एक दूसरे से गले से मिलकर पर्व को बेहतर बनाएंगे।
    --सतीश कुमार,कनीना
दिनोंदिन पानी कम होता जा रहा है वहीं इंसान पानी का दुरुपयोग कर रहा है। एक ओर जहां खुशी का अवसर है तो क्यों न पानी की बचत करते हुए या तो कम से कम गुलाल लगाकर या फिर चंदन आदि का टीका लगाकर खुशी का इजहार किया जाए। उन्होंने कहा कि वे सभी को जल बचाने, रासायनिक रंगों से होली खेलने से बचने की प्रेरणा देंगे। यह जनहित का कार्य है और इस कार्य में अधिक से अधिक लोगों को आगे आना चाहिए।
     -विनय कुमार एडवोकेट
 फोटो कैप्शन: विनय कुमार, सतीश कुमार, रवि कुमार, सुरेश कुमार


एक गांव ऐसा जहां खेली जाती है लट्ठमार होली
-नवविवाहित एक जाति विशेष भी है प्रचलन सोटी मार होली का
-ऐसा भी गांव जहां होली पर पूरा गाव मंदिर में खाना खाता है
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कनीना की आवाज।
 उप-मंडल कनीना और समीपी ग्रामीण परिवेश में रंगों का त्योहार होली मनाने के अनोखे एवं रोचक अंदाज होते हैं। इस त्योहार को होली, छारेंडी व दुलेंडी आदि नामों से जाना जाता है। हर वर्ग, जाति के स्त्री, पुरुष व बच्चे बढ़ चढ़कर भाग लेते हैं।
   रंगों का त्योहार होली यूं तो एकता और भाईचारे की अनूठी मिशाल कायम करता है जो फसल पकने की खुशी में भक्त प्रहलाद के होलिका दहन में प्रभु की कृपा से बचने की खुशी को इंगित करता है परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में तो इसका एक नया रूप उभरकर सामने आने लगा है, वह सभ्य जन को इस पर्व से कोसों दूर रहने की प्रेरणा देता है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रात:काल से ही रंगों और गुलाल से होली की शुरुआत होने लगती है। कीचड़ में पटकने, मुंह में गुलाल व रंग भरने, पानी में पटकने, कालिख से मुंह पोतने से होली का लुत्फ उठाया जाता है। मतवालों की टोली दोपहर में कनीना कस्बा से निकलती है वहीं कुछ प्रबुद्धजन रात को हंसी ठठ्ठा का आयोजन करते हैं जिसे होली स्वांग तथा खेल की समाप्ति का सूचक माना जाता है।
  जिला के कनीना से मात्र दो किमी दूर चेलावास में लट्ठमार होली खेली जाती है। देवर और भाभी एक दूसरे पर ल_ï मारते हैं जो भाग खड़ा होता हे वह हारा हुआ माना जाता है। उन्हाणी में रही ऐसी ही परंपरा। कुछ लोग लट्ठ के डर से घर से ही इस दिन दूर रहते हैं और देर रात लौटते हैं। कनीना में भी एक जाति विशेष में जाल पेड़ की सोटी मारकर नव विवाहिता से होली खेली जाती है। गांव सीहा व भडफ़ में मेले भी लगते हैं। ढप व ढोल की ताल पर लोग थिरकते देखे जा सकते हैं। कनीना एवं आस पास गांवा में नव विवाहित वर-वधू जात देने की परम्परा पूर्ण करते हैं। एक जाति विशेष के लोगों में पति व पत्नी वृक्षों की लोदकों से खेल खेलते हैं बाकी परिवार दर्शक होता है। यह दृश्य अति रोचक होता है।
 समीपी गांव कारोली में जहां सारा गांव एक साथ मंदिर में भोजन करके एकता की मिशाल कायम करता है । यहां के लोग अपने-अपने बर्तन लेकर मंदिर पहुंच जाते हैं और खाना खाकर लौटते हैं। परिवार में चाहे मेहमान भी आ जाए उसे भी मंदिर में ही खाना खाने जाना पड़ता है। ठाकुर जी का यह मंदिर गांव के बीच में है। होली जहां भाईचारे का पर्व है वहीं दुश्मनी साधने का तरीका भी बन गया है।
  पुराने वक्त से फूलों द्वारा तैयार रंग व गुलाल ही होली खेलने में काम लेते थे परंतु आजकल तो गुलाल, रंग, जहरीले रासायनिक पदार्थों से बने रासायनिक पदार्थ काम में लाया जाता है जो शरीर में जाकर हानि पहुंचाता है। नाक, कान, जीभ व आंखों को भारी हानि होती है वहीं हाथों, कपड़ों मुंह व चेहरे पर डाला गया रंग कई-कई दिन तक साफ नहीं होता है।
  जिला के समीपी गांव बव्वा, मसीत, निमोठ आदि में मुंडन संस्कार की प्रथा चली आ रही है। नवजात बच्चे के बाल वहां जाकर माता की पूजा करके उतरवाएं जाते हैं। गांव में होली खेलने की शुरुआत भाभी देवर पर पानी डालकर करती है। पिचकारी से रंग डालने के स्थान पर गुब्बारों में रंगीन पानी भरकर फेंका जाता है लेकिन यह विधि अति घातक मानी जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई अन्य तरीके भी होली खेल के पनप रहे हैं। गांव जैनाबाद के उधोदास मंदिर में होली के दिन महंत लालदास स्वयं होली खेलने के लिए आगे आता है और दिनभर होली खेलते हैं।
फोटो कैप्शन 02: कारोली का मंदिर जहां पूरा गांव दुलेंडी को खाना खाता है।



प्रदेश के अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार होगा
- बजट में कनीना बस स्टैंड का बजट पास,  कनीना अस्पताल में डायलिसिस सुविधा होगी   






















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कनीना की आवाज।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को चंडीगढ़ विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया। इस मौके पर दीपक चौधरी ने विधान सभा की पूरी कार्यवाही देखी। और स्वास्थ्य विभाग के लिए जारी किए गए बजट पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का धन्यवाद करते हुए बताया कि बजट में मुख्यमंत्री ने कनीना बस स्टैंड का तोहफा दिया और महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा की है। उन्होंने बताया कि कनीना अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा प्रदान की जाएगी। हर नारी, स्वस्थ नारी योजना के तहत,हर जिले में स्वस्थ नारी क्लीनिक बनाए जाएंगे। वहीं स्वास्थ्य के बजट में 21.73 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में आधुनिक सेवाएं तथा आधुनिक उपकरण सीटी स्कैन,एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, ब्लड एनालाइजर और डिजिटल एक्सरे उपलब्ध करवाए जाने का प्रस्ताव रखा है। 18 जिलों में सीटी स्कैन, 7 जिलों में एमआरआई सेवाएं तथा सभी जिलों में अल्ट्रासाउंड सेवाएं और रक्त एनालाइजर सुविधा उपलब्ध करवाई है। जिलों में सीटी स्कैन, एमआरआई, डिजिटल एक्सरे मशीनें 30 जून 2026 तक उपलब्ध होगी। बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कालेज के विकास की घोषणा की। कालेज में लड़कों-लड़कियों के छात्रावास, शिक्षकों व कर्मचारियों के आवासीय क्वार्टर, फार्मेसी, व्याख्यान कक्ष, बहुउद्देश्यीय हाल, योग हाल और आयुष वेलनेस सेंटर बनाए जाएंगे। यह स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के प्रयासों का परिणाम है, जिससे क्षेत्र में आयुर्वेदिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।  इस विधान सभा की कार्रवाई देखने दीपचंद यादव, पूर्व प्राध्यापक बिजेंद्र यादव, पूर्व प्राध्यापक रत्न लाल, सेवानिवृत्त सूबेदार अभय सिंह, महेन्द्र पाल लिखी आदि साथी रहे।
फोटो कैप्शन 03: विधान सभा में बजट सत्र देखकर बाहर आते दीपक चौधरी

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