Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Monday, March 2, 2026



 कुतरूं प्राचार्य के कारनामे -5 मार्च से
-घर से बाहर होने के कारण नहीं भेज पाया अगली कडिय़ां
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कनीना की आवाज।
 कुतरूं प्राचार्य के कारनामों पर चल रही कडिय़ों में को बीच में इसलिए विराम दिया गया क्योंकि मुझे लखनऊ, बरेली, प्रयागराज और कई स्थानों पर मजबूरी में जाना पड़ गया फिर 15 दिनों के बाद लौटने पर खाटू धाम पदयात्रा पर चला गया। फिर जैतपुर धाम पर चला गया। इस प्रकार समय नहीं मिल पाया और कुतरूं प्राचार्य की जो कडिय़ां प्रस्तुत की जा रही थी वां आगे नहीं बढ़ पाई। अब फिर से 5 मार्च से कुतरूं प्राचार्य के कारनामों की कडिय़ां जारी रहेगी। आशा एवं विश्वास है कि आपका सहयोग सदा बना रहेगा।

 

 


कनीना में संपन्न हुआ होलिका दहन
-4 मार्च को रंगो का त्यौहार मनाएंगे

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कनीना की आवाज।
कनीना में होलिका दहन का कार्य पूर्ण हुआ। दूर दराज से आए भक्तों एवं महिलाओं  ने होली की पूजा की। वही जौ अन्न की बालियों को भूलकर पूरे परिवार सहित चखा। उल्लेखनीय है कि पुराने वक्त में जब जौ की फसल पक जाती थी उसे होली दहन में भूनकर पूरा परिवार चखता था ताकि पके हुए अन्न का पूरा ज्ञान मिल सके। अब यह प्रथा धीरे-धीरे समाप्त हो रही है। कनीना में जहां एक माह पहले डंडा गाड़ा हुआ है अर्थात होलिका दहन स्थल पर घड़ा पानी से भरकर गाड़ दिया था, अब उसे निकाला जाएगा। पुराने समय माना जाता था यदि घड़े का पानी खत्म हो गया तो फसल पैदावार अच्छी नहीं होगी जबकि घड़े में पानी बचा मिलता है तो फसल बेहतर होने की बात कही जाती थी। जहां पर्व पर विभिन्न पकवान बनाकर खा गए वहीं जौ को भूलकर पूरे परिवार और समाज ने चखा। कुछ रिवाज होली से संबंधित आज भी चले आ रहे हैं। लोगों में प्रसन्नता मिली। वहीं रंगों को त्योहार होली को लेकर के अभी भी संशय से बना हुआ है। कुछ लोग रंगों का त्योहार होली 3 मार्च को मनाएंगे वही 4 मार्च को सबसे लोग होली का त्यौहार मनाएंगे।
फोटो कैप्शन 15: होली दहन

कनीना में संपन्न हुआ कृषि मेला
--800 किसानों ने लिया भाग

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कनीना की आवाज।
कनीना में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन-पोषक अनाज योजना के अंतर्गत एक दिवसीय जिला स्तरीय किसान मेल का सफल आयोजन किया गया। मंच का संचालन डा. योगेश यादव विषय विशेषज्ञ प्रशिक्षण महेंद्रगढ़ ने किया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राकेश कुमार जिला प्रमुख जिला परिषद् नारनौल रहे। उन्होंने किसानों को मोटे अनाज के महत्व, पोषण के बारे में किसान को के बारे बताया इसके बाद डा. हनुमानदास सेवानिवृत्त डायरेक्ट एक्सटेंशन चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार ने मूल्य एवं खेती की आधुनिक तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा अधिक से अधिक क्षेत्र में मोटे अनाज की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
मेले का आयोजन डा. संदीप सांगवान, खंड कृषि अधिकारी, महेंद्रगढ़ द्वारा डा. अजय यादव, उपमंडल कृषि अधिकारी, महेंद्रगढ़ की निगरानी में किया गया।
इस अवसर पर डा. पूनम कृषि विज्ञान केंद्र ने मोटे अनाज के फायदों के बारे बताया इस अवसर पर डा. अजय कुमार यादव उप मंडल कृषि अधिकारी महेंद्रगढ़ ने फसलों से संबंधित उन्नत कृषि तकनीकों, बीज चयन, उर्वरक प्रबंधन एवं रोग नियंत्रण के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। पशुपालन तथा बागवानी विभाग सहित अन्य विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में डा. संजय यादव, डा. हरपाल यादव सहित कृषि विभाग, महेंद्रगढ़ के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मेले में विभिन्न कंपनियों के लगभग 25 स्टाल लगाए गए, जिनमें कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र, जैविक उत्पाद एवं नई तकनीकों की जानकारी प्रदान की गई।
मोटे अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, रागी आदि पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। ये फाइबर, प्रोटीन, आयरन एवं कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं। कम पानी में उत्पादन होने के कारण ये पर्यावरण के अनुकूल तथा जल संरक्षण के लिए भी लाभकारी हैं।
यह जिला स्तरीय किसान मेला किसानों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक मंच सिद्ध हुआ। इस अवसर पर लगभग 800 से अधिक किसानों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया। इस मौके पर रिम्पी चेयरमैन सहित विभिन्न गांवों के किसानों ने भाग लिया।
फोटो कैप्शन 12: कनीना में कृषि मेले में संबोधित करते अधिकारी


 बाबा दयाल धर्मार्थ गौशाला समिति धनौंदा का तृतीय वार्षिकोत्सव संपन्न
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कनीना की आवाज।
जय बाबा दयाल धर्मार्थ गौशाला समिति के तृतीय वार्षिकोत्सव पर गौसेवा, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण एकता का भव्य संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में धर्मवीर सिंह सांसद, महेंद्रगढ़-भिवानी ने शिरकत की। उनके आगमन पर गौशाला समिति एवं ग्राम पंचायत द्वारा पारंपरिक पगड़ी पहनाकर व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
रासायनिक खेती से मुक्ति की अपील करते हुए
सांसद धर्मवीर सिंह ने ग्रामीणों व गौ-सेवकों को कहा कि देश में लगभग 9000 करोड़ रुपए की रासायनिक खाद खेतों में डाली जा रही है, जो आने वाली पीढिय़ों के स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार शीघ्र ही ऐसी योजना लाने जा रही है, जिसके अंतर्गत केवल जैविक/प्राकृतिक खाद का प्रयोग करने वाले किसानों को लगभग 10,000 रुपएप्रति एकड़ प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसान प्राकृतिक खेती अपनाएं तो—
भूमि की उर्वरक क्षमता बढ़ेगी, उत्पादन रसायन मुक्त एवं स्वास्थ्यवर्धक होगा, गाय आधारित खेती (दूध, घी, दही, गोबर, गोमूत्र एवं पंचगव्य) से आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है।
 प्राचार्य प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने मंच सचालन किया। गौशाला समिति की ओर से सांसद को एक मांग पत्र सौंपा गया, जिसमें प्रमुख मांगों में गौशाला की चारदीवारी निर्माण,बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवाना,टाइलें बिछवाना
चारा भंडारण व्यवस्था,11,000 वोल्ट की बिजली लाइन को गौशाला परिसर से हटवाना था।
सांसद ने आश्वासन दिया कि ग्राम पंचायत पहले गौशाला भूमि की विधिवत लीज प्रक्रिया पूर्ण करवाए ताकि विकास कार्य नियमानुसार शीघ्र प्रारंभ किए जा सकें।
कार्यक्रम में भजन कलाकार नरेंद्र दांगी एवं नरेंद्र सिंह खरकराम ने भक्ति गीतों से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। भंडारे का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर गौशाला प्रधान पवन सिंह, सरपंच प्रतिनिधि वीर सिंह, डा. संदीप खटाना, सरपंच बलवान आर्य, हरिओम, पूर्व सरपंच रामनिवास, खेड़ी के सरपंच पंकज हिंदू, सुनील सिंह पंच, सूरज सिंह प्रवक्ता, मास्टर प्रहलाद सिंह, राजेश कुमार तंवर, साधु नंबरदार, सोनू अंबावता सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 10: सांसद को मांगपत्र सौंपते हुए




प्रदेश के अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार होगा
- कनीना बस स्टैंड का बजट पास

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कनीना की आवाज।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को चंडीगढ़ विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया। इस मौके पर दीपक चौधरी ने विधान सभा की पूरी कार्यवाही देखी। और स्वास्थ्य विभाग के लिए जारी किए गए बजट पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का धन्यवाद करते हुए बताया कि बजट में मुख्यमंत्री ने कनीना बस स्टैंड का तोहफा दिया और महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा की है। हर नारी, स्वस्थ नारी योजना के तहत,हर जिले में स्वस्थ नारी क्लीनिक बनाए जाएंगे। वहीं स्वास्थ्य के बजट में 21.73 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में आधुनिक सेवाएं तथा आधुनिक उपकरण सीटी स्कैन,एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, ब्लड एनालाइजर और डिजिटल एक्सरे उपलब्ध करवाए जाने का प्रस्ताव रखा है। 18 जिलों में सीटी स्कैन, 7 जिलों में एमआरआई सेवाएं तथा सभी जिलों में अल्ट्रासाउंड सेवाएं और रक्त एनालाइजर सुविधा उपलब्ध करवाई है। जिलों में सीटी स्कैन, एमआरआई, डिजिटल एक्सरे मशीनें 30 जून 2026 तक उपलब्ध होगी। बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा खेतानाथ राजकीय आयुर्वेदिक कालेज के विकास की घोषणा की। कालेज में लड़कों-लड़कियों के छात्रावास, शिक्षकों व कर्मचारियों के आवासीय क्वार्टर, फार्मेसी, व्याख्यान कक्ष, बहुउद्देश्यीय हाल, योग हाल और आयुष वेलनेस सेंटर बनाए जाएंगे। यह स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के प्रयासों का परिणाम है, जिससे क्षेत्र में आयुर्वेदिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।  इस विधान सभा की कार्रवाई देखने दीपचंद यादव, पूर्व प्राध्यापक बिजेंद्र यादव, पूर्व प्राध्यापक रत्न लाल, सेवानिवृत्त सूबेदार अभय सिंह, महेन्द्र पाल लिखी आदि साथी रहे।
फोटो कैप्शन 11: विधान सभा में बजट सत्र देखकर बाहर आते दीपक चौधरी


बीआर स्कूल, सेहलंग में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया होली उत्सव
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कनीना की आवाज।
बीआर स्कूल, सेहलंग में रंगों के पावन पर्व होली को बड़े उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर रंग-बिरंगे गुलाल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं खुशियों की मुस्कान से सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना सभा से हुई, जिसके पश्चात विद्यार्थियों ने होली के महत्व पर विचार प्रस्तुत किए। बच्चों ने गीत, नृत्य एवं लघु नाटिका के माध्यम से प्रेम, भाईचारे और एकता का संदेश दिया। विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल होली मनाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन हरिश भारद्वाज ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में भी प्रेम और सहयोग के रंग भरने का संदेश दिया। प्राचार्या ज्योति भारद्वाज ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि त्योहार हमें एकता और संस्कारों से जोड़ते हैं। उन्होंने सभी से सुरक्षित एवं अनुशासित ढंग से होली मनाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
फोटो कैप्शन 07: बीआर स्कूल, सेहलंग में आयोजित होली उत्सव के दौरान रंगों के साथ आनंदित होते विद्यार्थी एवं शिक्षक


कनीना में होली मेला संपन्न
-बाबू वेदप्रकाश की ओर से लगाया भंडारा

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कनीना की आवाज।
कनीना के प्रसिद्ध होलीवाला जोहड़ की जहां प्रशासन की ओर से खोदाई पूर्ण हो चुकी है तथा इसके तट पर वर्षों से होली दहन चला रहा है। इसी जगह विगत वर्षों से मेला लगता है जिसे होली मेला नाम से जाना जाता है। यह होली मेला सुबह से शाम तक चलता रहा।  महिलाएं विभिन्न प्रकार के गोबर से बने हथियार होलिका दहन स्थल पर डालने और पूजा करने आई वे मेले का भी आनंद लिया।
 उधर बाबू वेद प्रकाश कनीना ने हलवे का भंडारा लगाया और हलवे का प्रसाद वितरित किया। विगत वर्षों से बाबू वेदप्रकाश ताज पकोड़े एवं हलवे का भंडारा लगाते आ रहे हैं।
 इस बार उन्होंने हलवे का भंडारा लगाया।
कनीना का प्रमुख स्थल है होली वाला जोहड़- कनीना का यह पुराना जोहड़ होलीवाला नाम इसलिए जाना जाता है क्योंकि यह होलिका दहन होता हैञ इसलिए होलीवाला जोहड़ कहलाता है। इसी जोहड़ पर जहां अब मेला लगता है और होली की पूजा अर्चना की जाती है। करीब पूरे कनीना के लोग इस होली दहन स्थल पर पूजा करने आते हैं। करीब आधा किलोमीटर सड़क मार्ग पर मेला लगता है।
 फोटो कैप्शन 5: होली मेला
    6: भंडारे का प्रसाद वितरित करते हुए

हरियाणा बजट पर प्रतिक्रिया
बहु-तकनीकी कालेज खुलने से मिलेगी रोजगार पूर्ण शिक्षा- अमीश कुमार

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कनीना की आवाज।
हरियाणा सरकार ने अपना बजट पेश कर दिया जिसमें कुछ विभिन्न किसानों एवं विद्यार्थियों, महिलाओं के लिए लाभ देने का प्रयास किया गया है। इस संबंध में महिलाओं, विद्यार्थियों एवं किसानों आदि से चर्चा की गई। जिससे पता चलता है कि लोगों में खुशी है। इस संबंध में किसानों के विचार -
**देसी कपास की खेती के प्रोत्साहन राशि 3000 से बढ़कर 4000 रुपए प्रति एकड़ किए जाने और तिलहन, कपास और दालें उगाने पर किसानों को 2000 रुपये प्रति एकड़ बोनस देने की योजना बहुत बेहतर साबित होगी। इसका किसानों का सीधा लाभ होगा वही मधुमक्खी पालन, बागवानी को बीमा योजना में शामिल करना भी बेहतरीन कदम होगा।
-- किसान रोहित
जहां जैविक किसानों को उपज बेचने के लिए नारनौल, चरखी दादरी और हिसार आदि में मंडियों की स्थापना करना बेहतर कदम है। इससे किसानों को जैविक खेती करने में मदद मिलेगी। वहीं बागवानी बीमा योजना में फलों पर मुआवजा बढ़ाना लाभप्रर साबित होगा। प्रदेश में 7 नये पशु औषधालय, चार राजकीय चिकित्सालय खोलने सराहनीय कदम होगा।
--हनुमान सिंह किसान
इस संबंध में विद्यार्थियों के विचार इस प्रकार रहे-
**खेड़ी तलवाना में पालिटेक्निक संस्थान स्थापित करना विद्यार्थियों के लिए बेहतर साबित होगा। इससे उन्हें रोजगार से संबंधित विभिन्न कोर्स करने में सुविधा मिलेगी। अभी तक दूर दराज जाना पड़ता था, अब पास में ही उपलब्ध हो जाएगा। यह कनीना उप-मंडल का गांव है।
-- अमीश कुमार, विद्यार्थी
हरियाणा में 250 विद्यालयों को सीएम विद्यालयों के रूप में विकसित करना, राजकीय वरिष्ठ एवं उच्च् विद्यालयों में खेल मैदान स्थापित करने के लिए एक एक लाख रुपये प्रदान करना तथा बहुत तकनीकी संस्थान स्थापित करना विद्यार्थियों के लिए कारगर साबित होंगे। इससे विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में कुछ करने को मिलेगा।
--हर्ष कुमार, विद्यार्थी
इस संबंध में महिलाओं का क्या कहना है- महिलाओं के नाम पर गाड़ी खरीदने पर टैक्स में 1 फीसदी छूट देना, इलेक्ट्रानिक गाडिय़ों में 20 प्रतिशत से अधिक छूट देने का प्रावधान करना बेहतर कदम हैं। इससे महिलाओं के नाम पर गाडिय़ां खरीदने की घोषणा होगी वही आतंकवादी विरोधी गतिविधियों के लिए एटीएस का गठन करना और महिला कमांडो की स्थापना करना भी अच्छी पहल है। जहां अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी रिजर्वेशन रखना सराहनीय कदम है।
--सविता देवी
 बजट में जहां लाडो लक्ष्मी योजना का दायरा बढ़ाना बेहतरीन कदम है। 1000 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी के रूप में अपग्रेड किये जाने से छोटे बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। 5800 आंगनबाड़ी केंद्रों केे भवन बनाए जाएंगे इससे भी लाभ होगा। वीटा के बूथों पर  महिला समूहों को 20 प्रतिशत आरक्षण देना भी सरहनीय कम होगा।
-- शारदा देवी
फोटो कैप्शन: रोहित, हनुमान सिंह, हर्ष ,अमीश कुमार, शारदा देवी तथा सविता देवी


एक गांव ऐसा जहां खेली जाती है लट्ठमार होली
-नवविवाहित, एक जाति विशेष में भी है प्रचलन सोटी मार होली का
-ऐसा भी गांव जहां होली पर पूरा गाव मंदिर में खाना खाता है

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कनीना की आवाज।
उप-मंडल कनीना और समीपी ग्रामीण परिवेश में रंगों का त्योहार होली मनाने के अनोखे एवं रोचक अंदाज होते हैं। इस त्योहार को होली, छारेंडी व दुलेंडी आदि नामों से जाना जाता है। हर वर्ग, जाति के स्त्री, पुरुष व बच्चे बढ़ चढ़कर भाग लेते हैं।
   रंगों का त्योहार होली यूं तो एकता और भाईचारे की अनूठी मिशाल कायम करता है जो फसल पकने की खुशी में भक्त प्रहलाद के होलिका दहन में प्रभु की कृपा से बचने की खुशी को इंगित करता है परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में तो इसका एक नया रूप उभरकर सामने आने लगा है, वह सभ्य जन को इस पर्व से कोसों दूर रहने की प्रेरणा देता है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रात:काल से ही रंगों और गुलाल से होली की शुरुआत होने लगती है। कीचड़ में पटकने, मुंह में गुलाल व रंग भरने, पानी में पटकने, कालिख से मुंह पोतने से होली का लुत्फ उठाया जाता है। मतवालों की टोली दोपहर में कनीना कस्बा से निकलती है वहीं कुछ प्रबुद्धजन रात को हंसी ठठ्ठा का आयोजन करते हैं जिसे होली स्वांग तथा खेल की समाप्ति का सूचक माना जाता है।
  जिला के कनीना से मात्र दो किमी दूर चेलावास में 
लट्ठमार होली खेली जाती है। देवर और भाभी एक दूसरे पर लट्ठ  मारते हैं जो भाग खड़ा होता हे वह हारा हुआ माना जाता है। उन्हाणी में रही ऐसी ही परंपरा। कुछ लोग लट्ठ के डर से घर से ही इस दिन दूर रहते हैं और देर रात लौटते हैं। कनीना में भी एक जाति विशेष में जाल पेड़ की सोटी मारकर नव विवाहिता से होली खेली जाती है। गांव सीहा व भडफ़ में मेले भी लगते हैं। ढप व ढोल की ताल पर लोग थिरकते देखे जा सकते हैं। कनीना एवं आस पास गांवा में नव विवाहित वर-वधू जात देने की परम्परा पूर्ण करते हैं। एक जाति विशेष के लोगों में पति व पत्नी वृक्षों की लोदकों से खेल खेलते हैं बाकी परिवार दर्शक होता है। यह दृश्य अति रोचक होता है।
 समीपी गांव कारोली में जहां सारा गांव एक साथ मंदिर में भोजन करके एकता की मिशाल कायम करता है । यहां के लोग अपने-अपने बर्तन लेकर मंदिर पहुंच जाते हैं और खाना खाकर लौटते हैं। परिवार में चाहे मेहमान भी आ जाए उसे भी मंदिर में ही खाना खाने जाना पड़ता है। ठाकुर जी का यह मंदिर गांव के बीच में है। होली जहां भाईचारे का पर्व है वहीं दुश्मनी साधने का तरीका भी बन गया है।
  पुराने वक्त से फूलों द्वारा तैयार रंग व गुलाल ही होली खेलने में काम लेते थे परंतु आजकल तो गुलाल, रंग, जहरीले रासायनिक पदार्थों से बने रासायनिक पदार्थ काम में लाया जाता है जो शरीर में जाकर हानि पहुंचाता है। नाक, कान, जीभ व आंखों को भारी हानि होती है वहीं हाथों, कपड़ों मुंह व चेहरे पर डाला गया रंग कई-कई दिन तक साफ नहीं होता है।
  जिला के समीपी गांव बव्वा, मसीत, निमोठ आदि में मुंडन संस्कार की प्रथा चली आ रही है। नवजात बच्चे के बाल वहां जाकर माता की पूजा करके उतरवाएं जाते हैं। गांव में होली खेलने की शुरुआत भाभी देवर पर पानी डालकर करती है। पिचकारी से रंग डालने के स्थान पर गुब्बारों में रंगीन पानी भरकर फेंका जाता है लेकिन यह विधि अति घातक मानी जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई अन्य तरीके भी होली खेल के पनप रहे हैं। गांव जैनाबाद के उधोदास मंदिर में होली के दिन महंत लालदास स्वयं होली खेलने के लिए आगे आता है और दिनभर होली खेलते हैं।
फोटो कैप्शन 04: कारोली का मंदिर जहां पूरा गांव दुलेंडी को खाना खाता है।


खुशी का पर्व है गले मिलेंगे
-पानी बर्बादी रोकेंगे,रासायनिक रंगों का प्रयोग नहीं करेंगे

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कनीना की आवाज।
रंगों के पर्व होली को यादगार बनाने के लिए इस बार भी युवा कम से कम पानी का प्रयोग करेंगे तथा हो सके तो पानी बगैर होली खेलेंगे। गले मिलकर तथा टीका लगाकर ही होली खेलेंगे। गुलाल का भी कम से कम प्रयोग करेंगे। शिक्षित वर्ग ने सादगी एवं कम पानी प्रयोग करके मनाने पर बल दिया।
  **रासायनिक रंगों का प्रयोग स्वास्थ्य के लिए घातक साबित होता है वहीं इसका प्रयोग अधिक पानी को खराब करने का एक तरीका है। उन्होंने कहा कि कम से कम पानी प्रयोग करना चाहिए। गुलाल का प्रयोग भी कर सकते हैं। नाक,आंख गले एवं शरीर के लिए घातक साबित होता है।
    -रवि कुमार,कनीना
होली एक पवित्र एवं हंसी खुशी से मनाने की शिक्षा देता है। ऐसे में हमें प्यार से एक दूसरे को चंदन आदि का टीका लगाकर या फूलों की होली खेलकर मनाना चाहिए। प्राकृतिक पदार्थों के संग मनाई गई होली सच्ची होली होगी।
  --सुरेश कुमार, समाजसेवी
 पानी बचाना इस पर्व का प्रमुख कत्र्तव्य होगा। पेयजल की कमी होती जा रही है। ऐसे में होली मनाने के लिए हमें प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करने पर बल देना चाहिए। उन्होंने यह संदेश हर जन तक पहुंचाने की अपील की।
इस होली के पर्व पर रासायनिक रंगों का त्याग करके प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करेंगे। पानी की बचत करेंगे और भाईचारे का पैगाम देंगे। एक दूसरे से गले से मिलकर पर्व को बेहतर बनाएंगे।
    --सतीश कुमार,कनीना
दिनोंदिन पानी कम होता जा रहा है वहीं इंसान पानी का दुरुपयोग कर रहा है। एक ओर जहां खुशी का अवसर है तो क्यों न पानी की बचत करते हुए या तो कम से कम गुलाल लगाकर या फिर चंदन आदि का टीका लगाकर खुशी का इजहार किया जाए। उन्होंने कहा कि वे सभी को जल बचाने, रासायनिक रंगों से होली खेलने से बचने की प्रेरणा देंगे। यह जनहित का कार्य है और इस कार्य में अधिक से अधिक लोगों को आगे आना चाहिए।
     -विनय कुमार एडवोकेट
 फोटो कैप्शन: विनय कुमार, सतीश कुमार, रवि कुमार, सुरेश कुमार



साहित्य एवं संस्कृति एक दूसरे के पूरक - पुष्कर वर्मा
-होली मिलन काव्य संध्या में कवियों ने बिखेरे कविता के रंग

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कनीना की आवाज।
नामदेव समाज समिति नारनौल के तत्वावधान में रविवार को होली मिलन काव्य संध्या'कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें कवि साहित्यकारों ने अपनी गीत रचनाओं के माध्यम से प्रेम की फुहारें बरसाई।  कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी पुष्करमल वर्मा ने की जबकि शिक्षाविद साहित्यकार डॉ रामनिवास मानव ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। मंच संचालन कवि गीतकार डा. सी एस वर्मा प्रभाकर ने किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नामदेव महाराज की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। साहित्यकार डा. रामनिवास मानव ने होली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि होली प्रेम और रंगों का त्योहार है जो हमें आपसी प्रेम,भाईचारे और एकता का संदेश देता है। डॉ मानव ने अपने दोहों के माध्यम से सामाजिक विसंगतियों तथा घटती मानवीय संवेदनाओं पर चिंता व्यक्त की ।
कवि- गीतकार डा. सीएस वर्मा प्रभाकर ने मन के मंदिर में आशा का दीप जलाने आ जाना। तुम प्रीत निभाने आ जाना। तथा तुम बिन कैसे खेलूं होली काव्य पंक्तियों के माध्यम से जीवन में प्रेम की पवित्रता तथा समर्पण भाव को दर्शाया। युवा कवि नवरत्न रोहिला ने होली के रंग में तर ब तर हो गया गीत के द्वारा श्रोताओं को प्रेम रस से सराबोर कर दिया।
कवि महेंद्र वर्मा रत्न ने अपनी पंक्तियों हमने पुकारा, तुमने आने की जहमत उठाई, बस यही प्रेम है काव्य पंक्तियों में प्रेम की भावना और महत्व की सरल व्याख्या की। कवि सत्यनारायण सत्यम ने अपनी हास्य व्यंग्य की रचनाओं से श्रोताओं को गुदगुदाया। पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी पुष्करमल वर्मा ने अपने अध्यक्षीय भाषण में साहित्य और संस्कृति के आपसी संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साहित्य और संस्कृति एक दूसरे के पूरक हैं और समाज को एकता और प्रेम की दिशा में ले जाते हैं। समारोह में नामदेव समाज समिति की ओर से डा. रामनिवास मानव तथा डॉ सी एस वर्मा प्रभाकर को उनके साहित्यिक अवदान हेतु ' साहित्य-श्री सम्मान से विभूषित किया गया । कार्यक्रम  संयोजक डॉ संजय रोहिला ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर केशव रोहिल्ला, प्रवक्ता श्रीराम, प्रमोद रोहिल्ला सहित नाम देव समिति के समस्त पदाधिकारी एवं श्रोता मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 03: संबंधित है

कई गाडिय़ां नहीं रही हैं सड़क पर चलने लायक
-टैक्स भरने की कार्रवाई जारी-भगत सिंह

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कनीना की आवाज।
कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में कई गाडिय़ां चलने लायक नहीं है क्योंकि यदि दुर्घटना हो जाती है उसके क्लेम की दिक्कत आती है। उनका न तो टैक्स भरा गया है और न पासिंग आउट हैं।
विस्तृत जानकारी देते हुए प्रधान श्रीकृष्ण गौशाला भगत सिंह ने बताया गाड़ी संख्या एचआर-66बी 7735 टेंपो जिसका 27 फरवरी 2020 की रजिस्ट्रेशन है तथा 26 फरवरी 2022 तक ही वैलिड थी। इसके बाद इसकी पासिंग नहीं हुई। यही नहीं इसका 31 दिसंबर 2020 तक का टैक्स भी भरा था इसके बाद टैक्स भी नहीं भरा है। इंश्योरेंस भी 14 जुलाई 2026 तक का हुआ है। 27 फरवरी 2020 से इसका प्रदूषण भी नहीं किया गया है। ऐसे में के चलने लायक नहीं है। यही नहीं गाड़ी नंबर एचआर- 43ई- 0351 कैंपर जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर 4 जनवरी 2008 है और 25 फरवरी 2016 तक की फिटनेस थी। इसके बाद इसकी पासिंग नहीं हुई है। यही नहीं इसका टैक्स भी 31 मार्च 2015 तक भरा था। इसके बाद इंश्योरेंस नहीं हुआ। पाल्यूशन भी नहीं किया हुआ है। ऐसे में यह गाड़ी भी चलने लायक नहीं है। इसी प्रकार गाड़ी एचआर-66बी-0136 टेंपो भी चलने लायक नहीं है क्योंकि इसका रजिस्ट्रेशन 17 जून 2021 का है। जो 16 जून 2023 तक की फिटनेस में थी। इसके बाद इसकी पासिंग नहीं हुई, टैक्स भी 31 मार्च 2022 के बाद नहीं भरा गया है। पाल्यूशन भी नहीं भरा गया है। इसी प्रकार गाड़ी संख्या एचआर- 66ए-8146 पिकअप का रजिस्ट्रेशन 11 जनवरी 2016 है। इसका फिटनेस 30 दिसंबर 2017 तक का इसके बाद इसकी पासिंग नहीं हुई है। टैक्सी 30 सितंबर 2016 तक भरा था इसके बाद इसका टैक्स और पाल्यूशन नहीं भरा गया है।  
भगत सिंह ने सरकार से मांग की है कि गौशाला के लिए गाडिय़ों को टैक्स मुक्त किया जाए। उन्होंने बताया कि जब कभी कोई गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है तो उसका क्लेम इसलिए नहीं मिल सकता क्योंकि वह फिटनेस सर्टिफिकेट के तहत नहीं आती। ऐसे में उन्होंने मांग की है कि जो गौशालाएं लोगों से पैसे इकट्ठे करके चलाई जा रही है उन गाडिय़ों पर टैक्स न लगाया जाए।
भगत सिंह ने बताया कि गत दिनों  गौशाला गाड़ी की गाड़ी नीलगाय आने से क्षतिग्रस्त हो गई। जब उन्होंने इंश्योरेंस के बारे में पता किया तो इंश्योरेंस कंपनी ने बताया कि जब तक टैक्स नहीं भरा गया है और पासिंग आउट नहीं हुई है तब तक उनका इंश्योरेंस क्लेम नहीं किया जा सकता। ऐसे में उन्होंने सभी गाडिय़ों को गौशाला में खड़ा करवा दिया है और इनको टैक्स भरने की कार्रवाई शुरू कर दिया है। उन्होंने गौशालाओं से मांग की है कि अपनी सभी पासिंग और टैक्स भरने के बाद ही गाडिय़ों को सड़क पर चलाया जाए ताकि किसी प्रकार का क्लेम लिया जा सके।
 फोटो कैप्शन: भगत सिंह


गुढ़ा की नीतू यादव को किया नायब सिंह सैनी मुख्यमंत्री ने सम्मानित
-लंबे समय से चला रही है डेयरी

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कनीना की आवाज।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार द्वारा लाडवा में आयोजित कृषि विज्ञान मेले में अकनीना उप मंडन की गुढ़ा निवासी नीतू यादव को हाईटेक डेयरी फार्मिंग में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया है। नीतू यादव वर्ष 2008 से डेयरी फार्म में महारथ हासिल किए हुए है। इसके अलावा कई जगह पर उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। नीतू यादव महिलाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। नायब सिंह सैनी मुख्यमंत्री ने उन्हें सम्मानित किया जिसमें उन्हें शाल एवं प्रशस्ति पत्र आदि देखकर सम्मानित किया है। कनीना और आसपास के लोगों ने उन्हें बधाई दी है।
 फोटो कैप्शन 02: नीतू यादव को सम्मानित करते नायब सिंह सैनी

पुलिस ने पकड़े 53 पव्वा अवैध शराब के, मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
कनीना पुलिस को सूचना मिली कि विजयपाल दौंगड़ा अहीर अवैध शराब बेचने का धंधा करता है और होली के त्यौहार को लेकर अपने प्लाट के पास बने कोटड़े में शराब रखता है। जब पुलिस ने रेड की तो बताए गए स्थान पर एक व्यक्ति सफेद कट्टा रखे हुए दिखाई दिया। पुलिस का आता देख तेज कदमों से चलने लगा जिसे पुलिस ने पड़कर नाम पूछा तो विजयपाल बताया।  जब उसके पास रखे सफेद रंग के कट्टे को चेक किया तो उससे 53 पव्वा देसी शराब के मिले। कनीना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।



कनीना खंड की ग्राम पंचायतों के लिए ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन
-नागरिक 9 मार्च तक कर सकते हैं निरीक्षण

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कनीना की आवाज।
हरियाणा पंचायती राज निर्वाचन नियम 1994 के उपबंधों के तहत कनीना खंड के तहत आने वाली विभिन्न ग्राम पंचायतों की ड्राफ्ट मतदाता सूचियां तैयार कर ली गई हैं।
जिला निर्वाचक अधिकारी एवं एसडीएम कनीना ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव स्याना, कपूरी, भोजावास, छितरौली व धनौंदा की सूचियां 1 जनवरी 2026 की पात्रता तिथि के आधार पर तैयार की गई हैं, जिनका निरीक्षण आम नागरिक 9 मार्च 2026 तक कर सकते हैं।
प्रशासन द्वारा यह सूचियां उपायुक्त कार्यालय नारनौल, तहसीलदार कनीना, संबंधित हल्का पटवारी, ग्राम पंचायत कार्यालय, पंचायत समिति कनीना और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) कार्यालय में नि:शुल्क अवलोकन के लिए उपलब्ध करवा दी गई हैं।
उन्होंने बताया कि यदि किसी नागरिक को मतदाता सूची में अपना नाम सम्मिलित करवाने, किसी प्रविष्टि को संशोधित करवाने या किसी नाम पर आपत्ति दर्ज करानी है तो वह 3 मार्च से 10 मार्च 2026 को शाम 4 बजे तक अपना लिखित दावा या आपत्ति एसडीएम कार्यालय कनीना, बीड़ीपीओ कार्यालय या संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालय में प्रस्तुत कर सकता है।
प्राप्त दावों और आपत्तियों का निपटान 12 मार्च को जिला निर्वाचक अधिकारी एवं एसडीएम कनीना द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति इस निर्णय के विरुद्ध अपील करना चाहता है, तो वह 16 मार्च तक उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) नारनौल के कार्यालय में आवेदन कर सकता है, जिनका अंतिम निपटान 19 मार्च 2026 तक किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।




























अगिहार के प्रवेश ने महेंद्रगढ़ जिले की मेरिट सूची में पाया छठा स्थान
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार से आठवीं कक्षा के तीन विद्यार्थियों प्रवेश ,साइना तथा ममता ने बुनियाद लेवल 2 की परीक्षा पास की है विद्यालय की प्राचार्य पूनम यादव ने तीनों विद्यार्थियों को आज विद्यालय के प्रांगण में पुरस्कृत किया तथा तीनों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की प्रवेश ने पूरे महेंद्रगढ़ जिले में छठा तथा हरियाणा राज्य में 143 वां स्थान प्राप्त किया इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: तीन बच्चों को पुरस्कृत करते हुए

 

 

 

 

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