कनीना के वार्ड 12 से व्यक्ति हुआ गुम,
-गुमशुदगी का मामला दर्ज
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कनीना। कनीना पुलिस में वार्ड नंबर 12 से मनीष कुमार ने शिकायत दर्ज करवाई है कि उन का छोटा भाई विष्णु शर्मा 23 जुलाई से गायब है। हर जगह तलाश की किंतु है नहीं मिला। उन्होंने उसे ढूंढने की गुहार लगाई है। कनीना पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।
फार्म हाउस से हजारों रुपए की चोरी
- कनीना पुलिस ने किया मामला दर्ज
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कनीना। कनीना उपमंडल के गांव नौतान के एक फार्म हाउस से कृषि के औजार एवं उपकरण चोरी हो गये। पुलिस ने अज्ञात चार के विरुद्ध मामला दर्ज कराया है।
संजय नौताना ने पुलिस में कहा है कि उसका फार्म पालड़ी के रास्ते पर पड़ता है। रात को अज्ञात चोर हजारों रुपये का सामान चोरी कर ले गए। सुबह होने पर पता लगा। अज्ञात चोर ताला तोड़कर अल्टीनेटर, जनरेटर, इनवर्टर, मोटर समर्सिबल, डंपर का हुक ,मोटर स्टार्टर,
दो क्रास, चार पंखे, चाबी पाना अन्य सामान जिसकी कीमत करीब 70 से 75 हजार के बीच बनती है चोरी हो गए। कनीना पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गुरु ज्ञान है गुरु श्रद्धा है गुरु समर्पण है गुरु विश्वास है-लालदास महाराज
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कनीना। अंधेरे से प्रकाश में ले जाने वाले तत्वज्ञान को गुरु कहते हैं। यही गुरु का संपूर्ण अर्थ है उक्त विचार परम संत लालदास ने गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में उधोदास आश्रम पर आयोजित एक यज्ञ के उपरांत देश श्रद्धालुओं को व्यक्त किए।
इस अवसर पर उन्होंने बोलते हुए कहा कि गुरु दो शब्द से मिला हुआ एक तत्व ज्ञान है। जो मानव को अंधेरी रूपी जीवन एवं अज्ञान रूपी जीवन से निकाल कर ज्ञान रूपी प्रकाश में जीवन में ले जाता है। उसी का मतलब गुरु होता है। उन्होंने यह भी कहा कि पानी पियो छान के और गुरु बनाओ जानकर अगर आपने अंधे होकर किसी को अपना गुरु बनाया तो आप नर्क में जाओगे। इसलिए आपको गुरु बनाने से पहले अच्छे से सोच समझकर गुरु दीक्षा लेनी चाहिए क्योंकि जिसको हम गुरु बना रहे हैं क्या वह गुरु बनने के लायक भी है या नहीं। इसलिए हमें सोच समझकर ज्ञानवान समझदार संस्कारवान चरित्रवान सामाजिक बुद्धिमान व्यक्ति को ही गुरु बनाना चाहिए ताकि गुरु बनाने के बाद हमारा जीवन सुखमय हो जाए क्योंकि जिस भी मानव में उक्त सभी गुण होंगे वह न तो खुद अधोगति में जाएगा और ना ही अपने शिष्य को ले जाएगा। वह हमेशा वही कर्मकांड करेगा जिससे प्रभु का मार्ग खुलता हो और प्रभु के पास जाने का सच्चा रास्ता हो। उन्होंने कहा कि गुरु कोई व्यक्ति नहीं कोई शरीर नहीं गुरु एक तत्व है, एक शक्ति है गुरु अगर शरीर होता तो इस छोटी सी दुनिया में एक ही गुरु पर्याप्त होता। गुरु एक भाव है ,गुरु एक समर्पण है, गुरु एक शरदा है आपका गुरु आपके व्यक्तित्व का परिचय है। कब कौन कैसे आपके लिए गुरु साबित हो यह बात आपकी दृष्टि एवं मनोभाव पर निर्भर करता है। गुरु प्रार्थना से मिलता है, गुरु समर्पण से मिलता है, गुरु दृष्टा भाव से मिलता है, गुरु किस्मत से मिलता है और गुरु किस्मत वालों को मिलता है। इसलिए अपने गुरु को सदैव पूजनीय समझिए क्योंकि उनके बताए मार्ग पर चलकर आप मोक्ष को प्राप्त हो सकते हो। इसी प्रकार का कार्यक्रम धनौंदा में कृष्णानंद महाराज आश्रम में आयोजित हुआ। हवन एवं भंडारा चला। कनीना के बाबा रामेश्वरदास आश्रम में भी गुरु पूर्णिमा मनाई गई।
फोटो कैप्शन 11: भंडारे का प्रसाद चखते भक्तजन।
कृषि विज्ञान केंद्र आर्या परियोजना के तहत जिले के युवाओं को दे रहा है सशक्तिकरण- ओम प्रकाश यादव मंत्री
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कनीना। कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा आर्या परियोजना के तहत युवाओं को कृषि आधारित उद्योगों की ओर आकर्षित करते हुए इन उपक्रमों के द्वारा आर्थिक उत्थान के लिए भरसक कार्य कर रहा है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली की चल रही राष्ट्रीय परियोजना के तहत केवीके की योजना 200 ग्रामीण युवाओं को कृषि आधारित उपक्रमों जैसे मधुमक्खी पालन ,मूल्य संवर्धन व प्रसंस्करण, केंचुआ उत्पादन, मशरूम के लिए प्रशिक्षण के साथ साथ आर्थिक सहयोग दे रही है। इस परियोजना के तहत करीरा की युवा ललित कुमार ने खाद्य प्रसंस्करण व मूल्य संवर्धन के तहत बाजरा आधारित बेकरी उत्पादन का काम शुरू किया है। ललित ने बाजरा बिस्कुट, बाजरा केक,बाजरा बेकरी उत्पादन से अच्छा मुनाफा ले रहे हैं तथा मोटे अनाज आधारित उत्पादों की मार्केट में मांग है। ललित की आर्य परियोजना के तहत इस इकाई का उद्घाटन ओम प्रकाश यादव मंत्री ने किया।
उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जिले के ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार की नई संभावनाओं तथा शहरों की तरफ उनके पलायन को रोकने में सार्थक प्रयास होगा। इस अवसर पर केंद्र के वरिष्ठ संयोजक डा रमेश कुमार यादव और उनकी टीम भी उपस्थित रही। केंद्र के वैज्ञानिक डा अशोक ढिल्लो, डाक्टर नरेंद्र सिंह, डाक्टर पूनम यादव आदि उपस्थित रहे। मंत्री ओमप्रकाश यादव ने कहा कि युवा सरकारी रोजगार की बजाय इस तरह के स्वरोजगार अपनाकर स्वावलंबी बन सकते हैं। उन्हें इस प्रकार के कार्यों की ओर ध्यान देने पर बल दिया ताकि आने वाले समय में युवा अपने पैरों पर खड़े हो सके ।
फोटो कैप्शन 10: मंत्री ओम प्रकाश यादव गांव करीरा में खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन इकाई का उद्घाटन करने के बाद कृषि वैज्ञानिकों को जानकारी देते हुए।
डेंगू व चिकनगुनिया बुखार को फैलने से रोकने के लिए दी गई जानकारी
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कनीना। सीएचसी केन्द्र सेहलंग की एसएमओ डा प्रभा यादव ने स्वास्थ्य केंद्र में डेंगू एवं चिकनगुनिया जागरूकता के लिए बैठक का आयोजन किया गया। एसएमओ डा प्रभा यादव ने बताया कि प्रत्येक वर्ष जुलाई माह को एंटी डेंगू मास के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि डेंगू बीमारी एडिज नामक मच्छर के काटने से होती है। बुखार होने पर सरकारी संस्था में जांच करवाए जो बिलकुल निशुल्क है। वहीं उन्होंने बताया कि निजी अस्पताल व प्रयोगशालाओं को डेंगू, चिकनगुनिया की जांच के लिए 600 रुपये से ज्यादा वसूल न करने बारे सरकार की तरफ से हिदायत जारी की हुई है। इस दौरान उन्होंने डैंगू बुखार के लक्षणों में बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अचानक तेज बुखार, छाती व ऊपर के हिस्सों में दानों का निकलना, सिर के आगे वाले हिस्से में जोरदार दर्द, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, शरीर के जोड़ों में दर्द, भूख न लगना, जी मिचलाना व उल्टी आना आदि शामिल है। वहीं हेल्थ इंस्पेक्टर राजेन्द्र कुमार ने बताया कि डेंगू बुखार का मादा मच्छर दिन के समय में काटता है जो साफ पानी में अपने अंडे देती है। इसलिए अपने घरों के आस-पास बरसात के समय में पानी इकट्ठा न होने दे। अपने कूलर, फूलदान व फ्रिज की ट्रे को सप्ताह में एक बार जरूर सुखाए। अपने घरों की छतों पर पक्षियों के लिए पानी के बर्तन को रोज साफ करके ही भरे। टूटे फूटे बर्तनों में पानी इकट्ठा न होने दे। मच्छरों के काटने से बचने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहने, रात को सोते समय मच्छर दानी व मच्छर रोधी क्रीम का इस्तेमाल करे। ताकि डेंगू व चिकनगुनिया बुखार से बचा जा सके। हेल्थ इंस्पेक्टर राजेन्द्र कुमार ने बताया कि उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में सीएचसी सेहलंग के एरिया में जुलाई मास में एंटी लारवल एक्टीविटी के दौरान 18 घरों को नोटिस जारी किए गए है और आगे भी अभियान जारी रहेगा। इस काम के लिए सभी एमपीएचडब्ल्यू को नोटिस बुक दे दी गई है।
फोटो कैप्शन 9: डा प्रभा डेंगू को लेकर बैठक आयोजित करते हुये।
डेंगू व चिकनगुनिया बुखार को फैलने से रोकने के लिए दी गई जानकारी
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कनीना। सीएचसी केन्द्र सेहलंग की एसएमओ डा प्रभा यादव ने स्वास्थ्य केंद्र में डेंगू एवं चिकनगुनिया जागरूकता के लिए बैठक का आयोजन किया गया। एसएमओ डा प्रभा यादव ने बताया कि प्रत्येक वर्ष जुलाई माह को एंटी डेंगू मास के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि डेंगू बीमारी एडिज नामक मच्छर के काटने से होती है। बुखार होने पर सरकारी संस्था में जांच करवाए जो बिलकुल निशुल्क है। वहीं उन्होंने बताया कि निजी अस्पताल व प्रयोगशालाओं को डेंगू, चिकनगुनिया की जांच के लिए 600 रुपये से ज्यादा वसूल न करने बारे सरकार की तरफ से हिदायत जारी की हुई है। इस दौरान उन्होंने डैंगू बुखार के लक्षणों में बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अचानक तेज बुखार, छाती व ऊपर के हिस्सों में दानों का निकलना, सिर के आगे वाले हिस्से में जोरदार दर्द, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, शरीर के जोड़ों में दर्द, भूख न लगना, जी मिचलाना व उल्टी आना आदि शामिल है। वहीं हेल्थ इंस्पेक्टर राजेन्द्र कुमार ने बताया कि डेंगू बुखार का मादा मच्छर दिन के समय में काटता है जो साफ पानी में अपने अंडे देती है। इसलिए अपने घरों के आस-पास बरसात के समय में पानी इकट्ठा न होने दे। अपने कूलर, फूलदान व फ्रिज की ट्रे को सप्ताह में एक बार जरूर सुखाए। अपने घरों की छतों पर पक्षियों के लिए पानी के बर्तन को रोज साफ करके ही भरे। टूटे फूटे बर्तनों में पानी इकट्ठा न होने दे। मच्छरों के काटने से बचने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहने, रात को सोते समय मच्छर दानी व मच्छर रोधी क्रीम का इस्तेमाल करे। ताकि डेंगू व चिकनगुनिया बुखार से बचा जा सके। हेल्थ इंस्पेक्टर राजेन्द्र कुमार ने बताया कि उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में सीएचसी सेहलंग के एरिया में जुलाई मास में एंटी लारवल एक्टीविटी के दौरान 18 घरों को नोटिस जारी किए गए है और आगे भी अभियान जारी रहेगा। इस काम के लिए सभी एमपीएचडब्ल्यू को नोटिस बुक दे दी गई है।
फोटो कैप्शन 9: डा प्रभा डेंगू को लेकर बैठक आयोजित करते हुये।
27 जुलाई को स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कनीना में दिव्यांग जनों को अंग वितरण कैंप का किया जाएगा आयोजन
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कनीना। 27 जुलाई को स्थानीय अस्पताल कनीना में दिव्यांग जनों के लिए एक कैंप का आयोजन किया जाएगा। उक्त आशय की जानकारी देते हुए एसडीम कार्यालय के स्टेनो वीरेंद्र कुमार बताया कि आगामी 27 जुलाई को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कनीना के प्रांगण में भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम दिल्ली के सौजन्य से दिव्यांग जनों के कल्याण हेतु सहायक उपकरण प्रदान करने के लिए सरकारी अस्पताल कनीना में 9 बजे से दोपहर 4 बजे तक कैंप आयोजन किया जाना है। उन्होंने यह भी बताया कि इसकी सूचना बाल विकास परियोजना विभाग के द्वारा प्रत्येक गांव में लेकर अवगत करा दिया गया है ताकि दिव्यांग जनों को समुचित सुविधा उपलब्ध हो सके।
पेंशन बहाली संघर्ष समिति की बैठक कनीना पावर में हुई बैठक
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कनीना। पावर हाउस कनीना के प्रांगण में पेंशन बहाली संघर्ष समिति की एक बैठक की गई। बैठक अध्यक्षता जिला प्रधान सुरेंद्र यादव ने की। जिला प्रधान सुरेंद्र यादव ने कहा कि पेंशन बहाली संघर्ष समिति के संगठन को मजबूत बनाने व अधिक से अधिक कर्मचारियों को संगठन से जोडऩे का निर्णय किया गया है। संगठन के सभी कर्मचारियों को अलग-अलग जिम्मेवारी सौंप दी गई है। जिला प्रधान ने आगे बताया कि 1 जनवरी 2006 के बाद सेवा में आए कर्मचारियों को पेंशन हटाकर सरकार ने उन्हें एनपीएस के तहत कर दिया। अब जब लोग रिटायरमेंट होने लगे हैं तो उनको पता चला है कि एनपीएस जो की पूरी तरह शेयर मार्केट पर आधारित है उसके तहत बुढ़ापा पेंशन योजना से भी कम रुपया मिल रहा है। कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि पुरानी पेंशन लागू करने का कार्य किया जाए जिसमें कर्मचारी को अंतिम वेतन का आधा वेतन के रूप में धनराशि प्राप्त होती थी और समय-समय पर टीए/डीए मिलता रहता था लेकिन एनपीएस में ऐसा प्रावधान नहीं है। अगस्त माह में उपमंडल व जिला स्तर पर ज्ञापन देने का कार्य किया जायेगा। जिला के सभी विधायकों को भी कर्मचारी ज्ञापन सौंपेंगे। इस अवसर पर हंसराज, देवेंद्र यादव, महेश शर्मा, रमेश शर्मा, कनीना ब्लॉक प्रधान सतीश शर्मा, योगेश यादव, संगीत शर्मा, हवा सिंह, अजीत, नित्यानंद, अशोक, यशवंत, राजेंद्र प्रसाद, सत्यवीर यादव आदि विभिन्न विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 9: कनीना पावर हाउस में पेंशन बहाली संघर्ष समिति के सदस्य बैठक करते हुए।
विधायक सीताराम यादव ने कनीना से ककराला होते हुए कपूरी जाने वाले 6.20 किलोमीटर रोड़ का नारियल फोड़कर किया शुभारंभ
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कनीना। अटेली विधायक सीताराम यादव ने कनीना से ककराला होते हुए कपूरी जाने वाले रास्ते का पूजा करके विधि विधान से नारियल फोड़कर शुभारंभ किया। इस दौरान उनके साथ एक्शन पीडब्ल्यूडी सज्जन सिंह, पीडब्ल्यूडी जेईभूपेंद्र सिंह मौजूद रहे। 6.20 किलोमीटर लंबी 18 फुट चौड़ी इस सड़क का उद्घाटन किया। विधायक सीताराम यादव ने वहां मौजूद गांव के लोगों की समस्याएं सुनी उनका समाधान करवाने का आश्वासन दिया।
इस दौरान भाजपा वरिष्ठ नेता मनोज यादव, सतवीर सेहलंग, सुंदर यादव सुंदरह, थानसिंह भोजावास मंडल अध्यक्ष, सतीश जैलदार प्रधान नगर पालिका कनीना, निगरानी कमेटी के चेयरमैन मुनीलाल शर्मा, कृष्ण सरपंच ककराला, राजेंद्र भारद्वाज, विजेंद्र पूर्व सरपंच इसराना, मीडिया प्रभारी दीपक वशिष्ठ, पूर्व जिला उपाध्यक्ष कमलेश वशिष्ठ, रोशनी देवी, प्रताप, उमेद सिंह महामंत्री, ओमवीर नंबरदार रसूलपुर, सुरेश अत्री बाघोत आदि मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 8: नारियल फोड़कर उद्घाटन करते विधायक सीताराम।
7:समस्याओं संबंधित ज्ञापन देते हुये ग्रामीण।
आफत बना हुआ है कोटिया का रामेश्वर जोहड़ -बार-बार पानी घुस जाता है घरों में
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कनीना। कनीना उपमंडल के गांव कोटिया में रामेश्वर नामक जोहड़ लंबे समय से आफत बना हुआ है। जब जब बारिश होती है तब तक भारी मात्रा में जल घरों में घुस जाता है। जोहड़ के आसपास रहने वाले लोग बेहद परेशान है। नाला बनाकर इसके गंदे जल को बाहर निकालने की मांग है। कोटिया के देशराज सिंह, राजेंद्र सिंह, भैरू, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि विगत दिनों बारिश के समय उनके घरों में पानी घुस गया था जो धीरे-धीरे कम हुआ है।
लोगों ने बताया कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। ऐसे में उन्होंने मांग की है कि जोहड़ के साथ नाला बनाया जाए ताकि पानी की निकासी का प्रबंध हो सके और आसपास के लोग कुछ राहत महसूस कर सके।
फोटो कैप्शन 3: कोटिया का रामेश्वर जोहड़।
भारतीय ओलंपिक दल का हौसला अफजाई के लिये लहराया तिरंगा
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कनीना। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अगिहार में शनिवार को भारतीय ओलंपिक दल का हौसला अफजाई के लिए विद्यालय के प्रांगण में विद्यार्थियों और अध्यापकों ने तिरंगा लहराया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अंग्रेजी के प्रवक्ता मदन मोहन कौशिक ने बताया बताया कि ओलंपिक खेलों में भारत के लगभग 100 एथलीट हिस्सा ले रहे हैं जिनमें से 30 हरियाणा से हैं जो हरियाणा जैसे छोटे से प्रांत के लिए बड़े ही गौरव की बात है भारतीय हाकी टीम में 9 खिलाड़ी हरियाणा की है। इसके अलावा बाक्सिंग मुक्केबाजी कुश्ती के अलावा पुरुष हाकी टीम से भी पदक की उम्मीदें हैं। इस अवसर पर प्राचार्य डा सुरेंद्र सिंह जयप्रकाश यादव, पूनम, अनीता, सुषमा, सूर्य प्रकाश, अजय बंसल, धर्मेंद्र, राकेश, सुरेंद्र पाल, रतनलाल सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 6: भारतीय ओलंपिक दल का हौसला अफजाई के लिये स्कूल में फहराया तिरंगा।
पूर्व उप जिला शिक्षा अधिकारी ने लगाई त्रिवेणी
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कनीना। राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला में आषाढ़ मास की गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर डा राजेंद्र सिंह यादव पूर्व उप जिला शिक्षा अधिकारी (डीपीसी) ने विद्यालय में त्रिवेणी बड़, पीपल, नीम, और फलदार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कोविड-19 वैश्विक महामारी के बाद विद्यालय पुन: खुलने के अवसर पर विद्यालय परिसर यज्ञ /हवन का आयोजन राधेश्याम शास्त्री द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न किया गया। इस अवसर पर राजेंद्र सिंह यादव ने शिक्षाविद् ने बच्चों को गुणवत्ता परक एवं संस्कारवान शिक्षा ग्रहण करने व गुरु के प्रति सच्ची निष्ठा व्यक्त करने की प्रेरणा दी कि जो विद्यार्थी अपने गुरु के मार्गदर्शन में उचित मूल्यों को धारण करता है वह विद्यार्थी जीवन में ऊंचे पद को प्राप्त करता है। आज पेड़-पौधे लगाकर हमें वातावरण को शुद्ध रखना है और प्रत्येक विद्यार्थी को संकल्प लेना चाहिए कि हमें अपने जन्मदिन पर एक वृक्ष /पेड़ अवश्य लगाएं। पर्यावरण की शुद्धता ही जीवन का आधार होती है जो मनुष्य के जीवन की सफलता में सहायक होता है। पर्यावरण की हरियाली ही मनुष्य के दृष्टिकोण और विचारों को भी शुद्ध करती हैं और हमें एक सजग प्रहरी के रूप में हमेशा पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए। दूसरी ओर यह यज्ञ वैदिक परंपरा है जो हमें विरासत, गौरवमयी संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों का बोध कराती है। जिस स्थान पर यज्ञ होता है वह स्थान और उसके आस-पास का क्षेत्र शुद्ध माना जाता है। इसलिए हमें अपने घर पर यज्ञ की परंपरा को अपनाना चाहिए ताकि हमारे आचार - विचार व संस्कार शुद्ध बन सकें। इस अवसर पर मौलिक मुख्याध्यापक वीरेंद्र सिंह जांगिड़ ने अपने बच्चों को प्रेरित करते हुए बताया कि हमें प्रतिदिन 2 घंटे पढ़ाई करनी चाहिए और अपने घर पर सुरक्षित रहकर गृहकार्य को पूरा करना चाहिए। उन्होंने विद्यालय की शैक्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसकी सभी उपस्थित जनों काफी सराहना की और बताया कि शिक्षा ही हमारी उन्नति का एकमात्र सहारा है। हमें इसके महत्व और गुरु की महिमा को समझना चाहिए जो विद्यार्थी इन का पालन करते हैं वे अच्छे होते हैं। उनके जीवन की दशा और दिशा ,आचार -विचार और संस्कार प्रबल बन जाते हैं जो उन्नति में सहायक होते हैं। इस अवसर पर सूबे सिंह समाज सेवक दलीप सिंह पूर्व सरपंच ,ज्ञानी पूर्व पंच ,गंगाराम शिक्षाविद् बुधराम प्रधान सीताराम, अमर सिंह साहब, देशराज , सतवीर भगत सिंह ,राजेश ,संदीप ,सुनील, आदि गणमान्य ग्रामीण -जन उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 5: पूर्व उप जिला शिक्षा अधिकारी डा राजेंद्र सिंह कैमला में त्रिवेणी लगाते हुए।
महामारी एवं भूखमरी से बचने के लिए करें पौधारोपण-कैलाश पाली
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कनीना। अपने आर्थिक विकास और भौतिक सुविधाओं के लिए मनुष्य द्वारा प्रकृति का जो शोषण किया जा रहा है वह दुनिया को महामारी और भुखमरी की तरफ अग्रसर कर रहा है। पर्यावरण का बिगड़ता संतुलन एक चुनौती के रूप में विश्व के सामने मुंह बाए खड़ा है। इस चुनौती का सामना करने के लिए पानी बचाओ, पेड़ लगाओ, पालीथिन भगाओ के नारे पर प्रत्येक व्यक्ति को अमल करना पड़ेगा। ये विचार राजकीय उच्च विद्यालय कुराहवटा में वृक्षारोपण करते हुए मुख्य अध्यापक कैलाश पाली ने कहीं। उन्होंने कहा की अत्यधिक कीटनाशकों के उपयोग से पृथ्वी की उर्वरा शक्ति समाप्त हो रही है। एक समय था जब देश में 434 के केंचुओं की प्रजाति पाई जाती थी जो एक वर्ष में एक हेक्टेयर में छह लाख छेद करते थे जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति बदती थी परंतु वर्तमान में केंचुये भूमि से लुप्त होने की कगार पर आ गए हैं। ऐसे में भूमि का सुपोषण करना हमारा नैतिक दायित्व है अपनी भौतिक सुविधाओं के लिए हम जो प्रकृति का शोषण कर रहे हैं वह आने वाली पीढिय़ों के लिए एक खतरे की घंटी है वर्तमान में जो महामारियां विश्व में अपना रौद्र रूप दिखा रही है उसके पीछे प्रकृति का मनुष्य द्वारा अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए किया जा रहा शोषण है हमने अपने बच्चों को प्रकृति से विमुख कर दिया है इस समय समाज में प्रकृति को बचाने के लिए एक व्यापक जन जागरण की आवश्यकता है और इसकी शुरुआत हमें अपने घर से करनी होगी प्रकृति का शोषण मानव जाति के लिए विनाश का कारण न बन जाए इसका हम सबको चिन्तन करना होगा। ऐसे में हम सब मिलकर अत्यधिक पेड़ लगाऐ यह हमारा कर्तव्य है वृक्षारोपण के समय प्रवक्ता सुशीला देवी, दिनेश कुमार ,रोशन लाल, अध्यापक अशोक कुमार ,विनोद शर्मा ,नवीन, जयचंद, सतीश, सुनील के साथ विद्यालय के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 4: पौधारोपण करते कुराहवटा के विद्यार्थी एवं शिक्षक।
सावन माह है भोलेनाथ का-प्रदीप शास्त्री
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कनीना। साल में एक माह भगवान भोलेनाथ का होता है और चतुर्मास भी प्रारंभ होता है। 25 जुलाई से सावन प्रारंभ हो रहा है शास्त्रों के अनुसार सावन मास में भगवान शिव पृथ्वी पर वास करते हैं जो कि असाढ़ पक्ष की पूर्णमासी के पश्चात प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होता है और शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते,वर्जित माना गया है। ये विचार प्रदीप शास्त्री श्रीश्याम मंदिर पुजारीकनीना ने व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि सावन मास में भगवान भोलेनाथ की आराधना होती है। भगवान भोलेनाथ को विशेष रूप से प्रसन्न करने के लिए भक्तगण अनेक प्रकार के पूजा पाठ करते हैं और व्रत करते हैं भगवान शिव की उपासना करते हुए भगवान की अनेक प्रिया चीजों का भोग लगाते हैं। भगवान को प्रसन्न करने के लिए रुद्राभिषेक करते हैं और भगवान भोलेनाथ को एक माह तक जल चढ़ाते हैं सावन मास में कुछ विशेष बातें बताई गई हैं। जिनका हमको पालन करना चाहिए सावन मास में खानपान को लेकर सावधानी रखनी चाहिए। माना जाता है कि सावन के महीने में बैंगन, दूध एवं दही का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही भगवान शिव की पूजा के दौरान हल्दी का प्रयोग नहीं करना चाहिए और पूजा करने के नियम सुबह जल्दी उठ जाएं और स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद साफ वस्त्र धारण करें।
घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें,सभी देवी- देवताओं का गंगा जल से अभिषेक करें। शिवलिंग में गंगा जल और दूध शहद घी दही चढ़ाएं,भगवान शिव को पुष्प अर्पित करें। भगवान शिव को बेल पत्र, शमी पत्र, आक का फूल, धतूरे का फल अर्पित करें।
उन्होंने कहा कि इस माह में भगवान शिव की आरती करें और भोग भी लगाएं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है। भगवान शिव का अधिक से अधिक ध्यान करें। और भगवान शिव का इस मंत्र से जाप करें। भोलेनाथ सभी संकटों का नाश विनाश करेंगे।
फोटो कैप्शन: प्रदीप शास्त्री। फोटो स्वयं प्रदीप शास्त्री
सावन माह 25 जुलाई से शुरू
शिव आराधना का माह सावन
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,कनीना। श्रावण माह यूं तो कवियों की कई कल्पनाओं को मूर्तरूप देता रहा है और आमजन के लिए भी खुशी का पैगाम लाता है। देशभर में श्रावण माह में कई स्थानों पर मेले लगते हैं, पींग पर झूलने की प्रथा , तीज का पर्व, पतंगबाजी तथा रक्षा बंधन का त्यौहार भी इसी माह से जुड़े हुए हैं। हरियाणा के कनीना उपमंडल के गांव बाघोत स्थित बाघेश्वरी धाम का प्रसिद्ध मेला भी इसी माह में आता है ऐसे में श्रावण माह को त्योहारों का माह कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगा।
श्रावण माह के आगमन से जुड़ी है वर्षा। किसान अपनी खरीफ की फसल में व्यस्त हो जाते हैं क्योंकि खरीफ की फसल पूर्णरूप से वर्षा पर आश्रित है। भीषण गर्मी से जहां राहत मिलती है वहीं दिन को झूला झूलने तथा रात के समय श्रावणी गीतों की गूंज सुनाई पड़ती है जो मन को मोह लेती है। श्रावण माह के आते ही ऊंचे वृक्षों पर झूले डाल दिए जाते हैं जिन पर बच्चियां व महिलाएं दिनभर झूलती रहती हैं। नव विवाहित तो पींग पर अपने प्रियतम के विछोह एवं पुनर्मिलन के गीत गाती देखी जा सकती हैं। नव विवाहिता के जीवन में प्रथम श्रावण के समय में अपने प्रियतम के दर्शन करने पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। विवाहिता पूरे श्रावण माह में अपने मायके रहती है। ससुराल पक्ष अपनी बहु के लिए रस्सी व पींग भी भेजता है।
श्रावण माह की तीज का यूं तो पूरे देश में ही महत्व है किंतु ग्रामीण क्षेत्रों में पतंगबाजी करके यह पर्व मनाया जाता है। ज्यों-ज्यों यह पर्व पास आता है त्यों-त्यों पतंगबाजी तेज हो जाती है। तीज के दिन अंतिम बार पतंगबाजी की जाती है। अच्छी वर्षा व सुहावना मौसम के साथ--साथ लहलहाती फसल को देखकर युवा वर्ग पूर्णतया पतंगबाजी में खो जाता है। तीज पूर्व सिंधारा आता है जब घेवर मिठाई की बहार देखने को मिलती है। अपनी विवाहित लड़की के लिए माँ-बाप घेवर की मिठाई भेजते हैं। पूरे माह पकवान बनते हैं तथा गीत गूंजते रहते हैं। पद्मावत के गीतों से कम इनमें भी विरह नहीं होता।
श्रावण माह के शुरू होते ही बम-बम की जयघोष शुरू हो जाती है। भारी संख्या में भक्तजन नीलकंठ व हरिद्वार जाते हैं और वहां से कांवर लाकर शिवालयों में गंगाजल चढ़ाते ह किंतु दो वर्षों से कांवड़ पर प्रतिबंध है। शिवालयों में तांता लगता है वहीं पूरे माह व्रत चलता है। भक्तजन गंगा में डुबकी लगाते हैं और शिवालयों में जाकर भक्ति करते हैं। श्रावण माह के अंत में भाई-बहन के प्यार को इंगित करने वाला रक्षा बंधन का पर्व आता है। भाई अपनी बहन के पास अपनी कलाई पर रक्षासूत्र बंधवाने बहन के पास जाता है। बहन कहीं भी हो वह अपने भाई के आने का इंतजार करती है। इस पर्व का ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व भी है।
अवैध शराब बेचने वाला 11 देसी शराब बोतल सहित एक काबू
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कनीना। पुलिस को मुखबिर के आधार पर सूचना मिली कि कनीना बस स्टैंड के पीछे फुटबाल ग्राउंड में कोई व्यक्ति शराब बेच रहा है। कनीना पुलिस ने झटपट कार्रवाई करते हुये छापामारी की। पुलिस को देखकर व्यक्ति भागने लगा। पुलिस ने उसे काबू कर लिया। उन्होंने अपना नाम किशोरी लाल, खरगापुर, मध्य प्रदेश का रहने वाला बताया जिसके पास से पुलिस ने बोरी के कट्टे में रखी हुई 11 बोतल देसी शराब बरामद की। आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
सीहोर में 4 लोगों के विरुद्ध मारपीट का मामला दर्ज
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कनीना। कनीना पुलिस ने सीहोर के एक व्यक्ति के बयान पर चार लोगों के विरुद्ध मारपीट का मामला दर्ज किया है। पुलिस जांच में जुटी हुई है।
सीहोर निवासी गोविंद सिंह ने पुलिस में में दिए गए बयान में कहा है कि 16 जुलाई को पंचायत घर के पास से जा रहा था तभी चार व्यक्ति हाथों में कुल्हाड़ी, बर्फ तोडऩे का सुइया, चाकू और लोहे की राड लेकर रास्ता रोक लिया। एक ने कुल्हाड़ी सिर पर मारी तो दूसरे ने बर्फ तोडऩे का सुइया दो जगह घोप दिया वहीं तीसरे ने चाकू से वार किया तो चौथे ने राड से वार किया। शोर मचाने पर लोग आ गए। भीड़ को देखकर ये लोग जान से मारने की धमकी देकर भाग खड़े हुए। तब तक गोविंद बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। जब उन्हें होश आया तो कनीना के उप नागरिक अस्पताल में पाया। उन्हें मालूम नहीं किसने उसे बचाया। उन्होंने इन लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की जिसके चलते कनीना पुलिस ने एक महिला सहित चार विभिन्न लोगों के विरुद्ध मार पिटाई का मामला दर्ज कर लिया है।
पाथेड़ा में जन्मदिन पर लगाई त्रिवेणी
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कनीना। उपमंडल के गांव पाथेड़ा निवासी पंच गजेंद्र प्रताप सिंह ने अपने जन्मदिन पर गांव के सती माता के मंदिर में त्रिवेणी लगाई। पंच गजेंद्र सिंह ने कहा की जन्मदिन पर हर वर्ष एक धार्मिक स्थान पर त्रिवेणी लगाकर उसकी देखरेख का जिम्मा भी लिया। इसी मुहिम से प्रेरित होकर गांव के युवा भी त्रिवेणी लगाकर अपना जन्मदिन मनाते हैं। इस दौरान शंकर जोशी, राज कुमार, नवीन फौजी, पंकज सिंह, हरिओम शर्मा, मुकेश ठेकेदार सहित अन्य लोगों ने भी पौधारोपण किया।
फोटो कैप्शन 01: जन्मदिन पर त्रिवेणी लगाते हुए पंच गजेंद्र प्रताप सिंह व अन्य।
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Saturday, July 24, 2021
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