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Thursday, August 13, 2026



 





मोटे अन्न के प्रति बढ़ता ही जा रहा है रूझान
-दक्षिण हरियाणा में श्रीअन्न का है भंडार
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कनीना की आवाज।
 सरकार के प्रयासों के चलते श्रीअन्न के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। कभी ग्रामीण क्षेत्रों में श्रीअन्न बाजरा, ज्वार आदि पर्याप्त मात्रा में पैदा होता था। बाजरे की रोटी को जमकर खाया जाता था किंतु अब इस रोटी को बनाने की जानकारी रखने वाली बुजुर्ग महिलाएं घटती जा रही हैं। वर्तमान पीढ़ी बाजरे की रोटी बनाने में आलस्य महसूस करती है तथा बनाने में महारत हासिल नहीं है।
वर्ष 2023 में जहां वित्त वर्ष बजट में मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए श्रीअन्न योजना की शुरुआत हुई है वहीं दक्षिण हरियाणा मोटे अनाज का भंडार है। इसे मिलेट कहा गया है जो जलवायु को सहन कर सकता है। श्रीअन्न में जहां ज्वार, बाजरा, कुट्टू आदि कई अन्नों को शामिल किया गया है। ज्वार और बाजरा दक्षिण हरियाणा के खरीफ उत्पाद हैं जो पोषक तत्वों से भरपूर हैं। 2023 को अन्तर्राष्ट्रीय श्रीअन्न के रूप में घोषित किया है। बाजरा एवं ज्वार दक्षिण हरियाणा अधिक पैदावार देता है जिसका  समर्थन मूल्य गेहूं से अधिक है।
*** बाजरा जलवायु सहिष्णु होता है। कम उर्वरा शक्ति वाले खेत में भी अच्छी पैदावार देता इसलिए किसान का दोस्त कहा जाता है। कम मेहनत में अधिक पैदावार देता है और पोषक तत्वों का भंडार है। श्रीअन्न में प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम लोहा, मैग्नीज, फास्फोरस, पोटाशियम और विटामिन बी-कंपलेक्स पर्याप्त मात्रा में मिलते हैं। इससे कुपोषण की समस्या से निजात पाया जा सकता है। श्रीअन्न में  प्रोटीन और फाइबर पोषक तत्व अधिक मिलने से। यह मधुमेह उच्च, रक्तचाप एवं कैंसर जैसे रोगों से भी बचाता है।
  **डा. देवराज पूर्व कृषि अधिकारी
जहां जी-20 में मेहमानों को बाजरे के उत्पाद खिलाये गये जो अन्न का सम्मान हुआ। वहीं करीरा गांव में भी बाजरे से अनेक पदार्थ बनाये जा रहे हैं जो लघु उद्योग और स्वयं रोजगार को बढ़ावा देता है। हरियाणा में इस  बार बाजरे का एमएसपी 2775 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। जी-20 से भी मोटे अन्न के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा की गई ताकि अधिक से अधिक प्रयोग करें और रोगों से बच सके। मोटे खाने से शरीर में रोग रोधक क्षमता बढ़ जाती है। गेहूं का परंपरागत तरीके से प्रयोग करते आ रहे हैं उनमें रोग बढ़ सकते हैं। इसलिए गेहूं को छोड़कर मोटे उनका उपयोग किया जाए तो ज्यादा बेहतर होगा। बाजरा और ज्वार दोनों ही मोटे अन्न में शामिल किए गए हैं। जहां ज्वार अन्न हल्का होता है वही बाजरे में लोहे/आयरन की मात्रा अधिक होती है। इनमें ग्लूटेन नहीं होता। ग्लूटेन फ्री आटा बनाने के लिए उन्होंने कई अनाजों को शामिल करके प्रयोग करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बहुत से लोगों को ग्लूटन नुकसान पहुंचाता है उनके लिए श्रीअन्न बहुत लाभप्रद हैं। उधर किसान महावीर सिंह, अनिल कुमार, सुमेर सिंह, अजीत सिंह, देवेंद्र बलिया आदि ने उन्होंने बताया कि श्रीअन्न पैदा करने में अधिक मेहनत की जरूरत नहीं होती, जल्दी पैदावार दे देता है।
बाजरा 90 दिनों की फसल है जबकि गेहूं 150 दिनों की फसल है। भाव बाजरे के बेहतर हैं वहीं खाद डालने की जरूरत कम पड़ती है वहीं भाव बाजरे के अधिक हैं, शरीर के लिए अधिक लाभप्रद हैं ऐसे में श्रीअन्न की पैदावार लेनी चाहिए।
  --डा. देवेंद्र यादव
फोटो कैप्शन 09: पूर्व कृषि अधिकारी डा देवराज, डा. देवेंद्र



कर्मचारी उलझे है एसआईआर में
-अब नोटिस देकर उन्हें ठीक करने की प्रक्रिया जारी
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र ही नहीं हर जगह कर्मचारी अब तो एसआईआर में उलझे दिखाई पड़ रहे हैं। सुबह से लेकर शाम तक कर्मचारी परेशान नजर आते हैं।
कर्मचारियों ने बताया अब नोटिस जारी करने की प्रक्रिया जारी है। नोटिस जारी करने का अर्थ यह नहीं है कि कहीं न्यायालय जाना होगा अपितु नाम आदि में किए गए बदलाव के बाबत प्रमाण देना होगा। जिस प्रकार किसी ने नाम के साथ सिंह लगा दिया है जो पहले नहीं था तो ऐसा प्रमाण देना पड़ेगा जिसमें सिंह लगा हुआ हो जैसे दसवीं की सर्टिफिकेट। कर्मचारियों ने बताया कि आनलाइन कार्य करना होता है और नोटिस देकर उसे दुरुस्त करने के लिए कठिन परिस्थितियों से होकर गुजरना पड़ता है। वास्तव में यह कार्य उच्च अधिकारियों का था किंतु शिक्षक वर्ग एक ऐसा वर्ग हाथ लग जाता है जिसको किसी प्रकार का कोई काम दिया जा सकता है। कहने को तो शिक्षक पढ़ाने के लिए नियुक्त हुए हैं किंतु उनसे हर प्रकार के कार्य लिए जा रहे हैं। भविष्य में झाड़ू पोछा भी करवा लिया जाए तो कोई आश्चर्य नहीं होगा?
फोटो कैप्शन 08: कर्मचारी एसआईआर में उलझे हुए

हड़ताल का आठवां दिन
 नपा कर्मचारियों ने निकाला रोष प्रदर्शन,कहा झूठे वादों की सरकार है।
जगह जगह लग रहे कूड़े के ढेर, कस्बावासियों में रोष
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कनीना की आवाज।
प्रदेश में चल रहे सर्व कर्मचारी संघ के नेतृत्व मे ंकनीना नगरपालिका कर्मचारियों ने कल रोष प्रदर्शन कर मार्च निकाला जो कनीना मंडी टी-प्वाइंट से लेकर नगर पालिका के मुख्य गेट पर खत्म हुआ। इसी बीच कर्मचारियों ने मौजूदा सरकार को जुमलों की सरकार कहा। प्रदर्शन के बीच कर्मचारियों ने कहा कि जब तक हमारी मांगे सरकार भी मानेगी तब तक यू ही प्रदर्शन होता रहेगा अब सरकार की तानाशाही नहीं चलेगी और हमारी मांगे माननी पड़ेगी।
कनीना संघ के प्रधान अनिल मालिक ने बताया कि आज हड़ताल का आठवां दिन है अब तक हमारे पास कोई भी सरकार का कर्मचारी नहीं आया है जो हमारी बात सुन सके । कम से कम सरकार हमारी जरूरत वाली मांग तो पूरी करे । इसी बीच जहां कर्मचारी संघ की हड़ताल चल रही है अब उसका असर कनीना कस्बे में भी दिखाई देने लग गया है। जहां एक तरफ सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया जा रहा है तो दूसरी ओर कस्बे में जगह जगह पर कूड़े के ढेर दिखाई देने लग गए है जिसमें से वर्षा के मौसम में पास से निकलना मुश्किल हो गया है । कूड़े के कारण नालियों का पानी सड़कों पर भी आने लग गया है तो दूसरी ओर उसमें से गंदी बदबू भी आने लग गई है। कई जगह पर तो दुकानदार कूड़े को सड़क के साथ लगते डिवाइडर पर ही डालने लग जाते है । जिसमें बदबू के कारण अनेकों बीमारी हो जाती है । बरसात के मौसम में कूड़े के ढेर के पास से राहगीरों का निकलना मुश्किल हो जाता है। इसी बीच कस्बा वासियों का कहना है कि जहां एक तरफ हड़ताल के कारण प्रशासन के द्वारा लगाए गए कूड़े दान भी भर गए है जहां आवारा पशु मुंह मारते रहते है । जिसे कोई भी पालिका कर्मी देखने भी नहीं आते।
फोटो कैप्शन 05: जुलूस निकालते सफाई कर्मी
             06: लगे हुए कूड़े के ढ़ेर




एसडीएम स्कूल छिथरोली के 199 खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में दिखाएंगे दमखम
गोल्डन गर्ल शर्मिला धनखड़ को बनाया प्रेरणास्रोत
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कनीना की आवाज।
 एसडीएम वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, छिथरोली के खिलाडिय़ों ने जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए अपनी जगह पक्की की है। विद्यालय के 199 खिलाड़ी विभिन्न खेलों में राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
विद्यालय के चेयरमैन अजमेर सिंह दांगी ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में चयनित खिलाडिय़ों में साफ्टबाल, बेसबाल और कुश्ती सहित विभिन्न खेलों के खिलाड़ी शामिल हैं। 12 सितंबर को झज्जर में आयोजित होने वाली अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 साफ्टबाल प्रतियोगिताओं में विद्यालय के 48 खिलाड़ी भाग लेंगे। वहीं 24 सितंबर को कैथल में होने वाली सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता में 48 छात्राएं अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 वर्ग में अपना प्रदर्शन करेंगी।
इसके अलावा 16 सितंबर से फतेहाबाद में आयोजित होने वाली बेसबाल प्रतियोगिता में 96 खिलाड़ी प्रतिभागिता करेंगे। वहीं रोहित शर्मा अंडर-17 कुश्ती वर्ग में सोनीपत में विद्यालय का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस प्रकार विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में विद्यालय के कुल 199 खिलाड़ी राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
शर्मिला धनखड़ को मानते हैं अपना आदर्श-
खिलाडिय़ों ने ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली विद्यालय की पूर्व छात्रा शर्मिला धनखड़ को अपना प्रेरणास्रोत और आदर्श बताया। खिलाडिय़ों ने कहा कि शर्मिला ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर न केवल विद्यालय, बल्कि हरियाणा और पूरे देश का गौरव बढ़ाया है।
चेयरमैन अजमेर सिंह दांगी ने बताया किखेलों के माध्यम से विद्यार्थियों को अनुशासन, मेहनत, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विद्यालय के खिलाड़ी राज्य स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन कर पदक जीतकर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।
फोटो कैप्शन 01: राज्य स्तरीय खेलों में भाग लेने वाले विद्यार्थी





कनीना में देशप्रेम के तरानों के साथ स्वतंत्रता दिवस की फुल ड्रेस रिहर्सल संपन्न
-15 अगस्त को विधायक कंवर सिंह यादव करेंगे ध्वजारोहण
-फुल ड्रेस रिहर्सल में एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह ने ली मार्च पास्ट की सलामी
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कनीना की आवाज।
15 अगस्त को आयोजित होने वाले 80वें स्वतंत्रता दिवस उपमंडल स्तरीय समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए वीरवार को पितामह कान्हा सिंह राजकीय महाविद्यालय कनीना के प्रांगण में फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन किया गया।
आगामी 15 अगस्त को कनीना के इस उपमंडल स्तरीय समारोह में महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे और ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे।
एसडीएम कनीना डा. जितेंद्र सिंह ने आज मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत कर ध्वजारोहण किया। इसके बाद उन्होंने अनुशासित परेड का निरीक्षण किया और मार्च पास्ट की भव्य सलामी ली। परेड की कमान पीएसआई साहिल के नेतृत्व में रही, जिनकी अगुवाई में जवानों ने सधे हुए कदमों से मंच के सामने से गुजरते हुए राष्ट्रध्वज को नमन किया।
रिहर्सल के बाद अधिकारियों व टीम प्रभारियों को एसडीएम डा. जितेंद्र सिंह ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त का दिन पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का प्रतीक है, इसलिए आयोजन में समय-सीमा के कड़ाई से पालन के साथ उच्चस्तरीय सांस्कृतिक व देशभक्ति कार्यक्रमों की प्रस्तुति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से मुख्य समारोह को ऐतिहासिक बनाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर तहसीलदार पायल यादव, कनीना खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश यादव, बीडीपीओ राजेश कुमार, महाविद्यालय के प्राचार्य सुनील कुमार तथा प्रशासनिक सचिव कपिल सहित विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्य नागरिक विशेष रूप से उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: सांस्कृतिक व देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम प्रस्तुत करते विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी।



हर घर तिरंगा अभियान के तहत विद्यार्थियों ने लिया राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय सेवा का संकल्प
-पीकेएस राजकीय महाविद्यालय कनीना में जागरूकता कार्यक्रम एवं तिरंगा यात्रा का आयोजन
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कनीना की आवाज।
पीकेएस राजकीय महाविद्यालय, कनीना में हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। अभियान के तहत विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता, अखंडता तथा देश के प्रति कर्तव्य और जिम्मेदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया।
 महाविद्यालय परिसर से एक भव्य 'हर घर तिरंगा यात्रा एवं जागरूकता रैली निकाली गई। रैली को महाविद्यालय के प्राचार्य डा. विनोद कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।  











रैली के दौरान विद्यार्थियों ने आमजन को संदेश दिया कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है तथा प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी अंकुर, सहायक प्रोफेसर, इतिहास विभाग ने विद्यार्थियों को 'हर घर तिरंगाÓ अभियान के उद्देश्य एवं महत्व पर विस्तृत और प्रेरणादायक व्याख्यान दिया।
फोटो कैप्शन 03: तिरंगा यात्रा की जानकारी देते हुए प्राचार्य



गांव खेड़ा में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित
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कनीना की आवाज।
टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गांव खेड़ा में स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष स्क्रीनिंग एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों में टीबी के लक्षणों की पहचान कर समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित करना रहा।
शिविर में अरुण चौधरी, स्वास्थ्य कर्मी ऋषिराज तथा आशा कार्यकर्ता अनीता एवं रामभतेरी ने सक्रिय रूप से सेवाएं प्रदान कीं। इसके अलावा पवन तथा नारनौल से पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य कर्मियों ने भी शिविर में सहयोग किया।
शिविर के दौरान कुल 183 लोगों की टीबी संबंधी स्क्रीनिंग की गई। संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए 51 लोगों के एक्स-रे करवाए गए, जबकि आवश्यकतानुसार 4 लोगों के बलगम  सैंपल भी लिए गए।
स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को टीबी के प्रमुख लक्षणों, जैसे दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना एवं भूख में कमी के बारे में जानकारी दी। साथ ही लोगों को टीबी के लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करवाने के लिए प्रेरित किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि टीबी एक उपचार योग्य बीमारी है और समय पर पहचान एवं पूरा उपचार मिलने पर मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। ऐसे स्क्रीनिंग शिविर टीबी की जल्द पहचान और समाज को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
फोटो कैप्शन 04: टीबी की जानकारी देते हुए स्वास्थ्यकर्मी


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