Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Sunday, August 9, 2026



 


151 कलशों में गंगाजल से निकाली कलश यात्रा, सैकड़ों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
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कनीना की आवाज।
प्राचीन शिव मंदिर कनीना से   भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कनीना क्षेत्र में पहली बार  कलशों में हरिद्वार से लाया गया गंगाजल भरा गया। कलश यात्रा कस्बे के चारों ओर चक्कर लगाती हुई वापिस शिव मंदिर में खत्म हुई। बाबा मोलडऩाथ आश्रम के पुजारी महंत रामनिवास ने बताया कि मंगलवार को जागरण का आयोजन किया जाएगा और अगले दिन हवन के साथ भंडारा का आयोजन किया जाएगा। जागरण में मुख्य अतिथि के रूप में प्रमुख समाज सेवी ठाकुर अतरलाल और पूर्व पार्षद मनीष यादव आएंगे। वहीं अरविंद बंसल दीप प्रज्वलित करेंगे। महंत ने बताया कि हर वर्ष जागरण और भंडारे का आयोजन श्रावण मास में किया जाता है पहली बार शिव मंदिर पर कलश यात्रा का आयोजन किया गया है। यात्रा में सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने कलश उठाया और नाचते गाते हुए महादेव का गुणगान किया। यात्रा के दौरान जगह जगह पर श्रद्धालुओं ने मीठे पानी की छबील लगा कर पुण्य कमाया। इस मौके पर पूर्व पार्षद मोहन सिंह,राजू योगी, विक्की, नरेश, सुषमा,कविता, गौरव सैन, इत्यादि भक्त मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 10: महिलाएं कलश के साथ नृत्य करते हुए





व्रतों के भरमार, एक के बाद एक तीन व्रत एक साथ
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कनीना की आवाज।
 3 दिनों तक व्रतों की भरमार है। एक और जहां रविवार 9 अगस्त को एकादशी का व्रत महिलाओं ने रखा वहीं 10 अगस्त को सोमवार का व्रत रखेंगे। यही नहीं 11 अगस्त का शिवरात्रि का व्रत रहेगा। ऐसे में एक साथ तीन व्रत चलेंगे। यह एक अनोखा अवसर है जब तीन व्रत लगातार चलेंगे।



चाय छोडऩे का बीता एक वर्ष
-हरिद्वार में कावड़ लाते वक्त छोड़ी थी चाय
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कनीना की आवाज।
 चाय छोडऩे का अपना ही अलग मजा है। डा. होशियार सिंह यादव पत्रकार एवं लेखक ने जहां करीब वर्ष पहले कावड़ लाते वक्त चाय छोडऩे का प्रण लिया था और आज तक चाय नहीं पी। एक वर्ष पूरा हो गया है। दूसरी बार कावड़ लाई जा चुकी है। ऐसा यहां इसलिए बताया जा रहा है कि चाय शरीर के लिए नुकसान करती है। चाय में कैफीन जहर होता है जो शरीर को नुकसान पहुंचता है। वैसे भी चाय छोडऩे पर बड़ा आनंद आता है। चाय वैसे भी अंग्रेजों की देन मानी जाती है परंतु भारत के लोग जमकर चाय पीते हैं, चाहे कोई भी मौसम हो चाय बगैर जीवन नहीं चलता। अगर इंसान चाहे तो कोई भी बुराई जड़ से छोड़ सकता है।
 उल्लेखनीय है कि डा. होशियार सिंह यादव बीड़ी, सिगरेट तथा अन्य किसी प्रकार का नशा कभी जीवन में नहीं किया। होशियार सिंह का कहना है कि कम से कम एक बुराई कावड़ लाते वक्त त्याग देने से उन्हें अनहद खुशी हो रही है। कुछ लोगों का कहना है कि विज्ञान का व्यक्ति कावड़ क्यों ला रहा है? चाहे कुछ भी कहे आस्था तो है, शरीर स्वस्थ रहता है और कावड़ का नाम भी हो जाता है।



लड़की लापता, एक व्यक्ति पर जताया उसे छुपाने का शक
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कनीना की आवाज।
 भिवानी जिले से अपनी रिश्तेदारी में आई हुई एक लड़की 8 अगस्त को गुम हो गई। उसकी मां ने पुलिस में लापता होने का मामला दर्ज करवाया है। उन्होंने कहा है कि उसकी लड़की की उम्र करीब 20 वर्ष है तथा अपने रिश्तेदारी में वह तथा उसकी लड़की आए हुए थे। कमरे में एक साथ सोए थे किंतु 8 अगस्त को देखा कि लड़की लापता मिली। उन्होंने शक जाहिर किया है कि सुरेंद्र सिरसा जिले का रहने वाला उसे कहीं बहला फुसला कर ले गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।




मुफ्त चिकित्सा शिविर का उठाया 30 मरीजों ने लाभ
-हर माह के दूसरे रविवार को लगता है  शिविर
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कनीना की आवाज।
 सेवा भारती कनीना व उजाला सिग्रस अस्पताल रेवाड़ी द्वारा आयोजित निशुल्क चिकित्सा शिविर कनीना मंडी में संपन्न हुआ। यह कैंप 5 मार्च 2017 से लगातार हर महीने के दूसरे रविवार को लगाया जाता है। लाल शिवलाल धर्मशाला कनीना मंडी में लगे शिविर में रेवाड़ी के लिवर स्पेशलिस्ट डाक्टर पीयूष कुमार, डाक्टर सिमरन कौर, डाक्टर जय श्री द्वारा 30 मरीजों के स्वास्थ्य की गहन जांच की। और उन्हें उचित परामर्श दिया। इस अवसर पर बीपी, शुगर ईसीजी की निशुल्क जांच की गई और दवाइयां वितरित की गई। अस्पताल की ओर से प्रताप यादव, डाक्टर, नर्सिंग स्टाफ किरण, वंदना, पवन आदि ने भाग लिया।
 उल्लेखनीय है कि सेवा भारती कनीना 2017 से ही शाम 4 से 6 बजे निशुल्क प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, आर्य समाज मंदिर कनीना में नियमित रूप से चला रहा है। इसमें अब तक एक लाख से अधिक मरीजों ने स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया है। महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए सिलाई प्रशिक्षण भी दिया जाता है। वर्तमान में गोविंदीबाई धर्मशाला कनीना मंडी में शाम को 3 से 5 बजे तक सिलाई प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। इस मौके पर सेवा भारती के अध्यक्ष सुरेश शर्मा, उपाध्यक्ष नवीन मित्तल सचिव श्याम सुंदर, सह सचिव प्रेम सिंगला कोषाध्यक्ष अमित कुमार, डाक्टर वेद प्रकाश शर्मा, रवि दत्त जांगिड़, यादराम यादव, जगदीश आचार्य सहित कई जन उपस्थित रहे। फोटो कैप्शन 3: मरीजों की डाक्टर जांच करते हुए




बेटी के जन्म पर खुशियां मनाई, मिटाया भेदभाव , ककराला में मनाया गया कुआं पूजन संस्कार
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव ककराला में हिमांशु यादव, मैनेजर और शुभम की पुत्री का नामकरण संस्कार बड़े हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। नवजात का नाम दीक्षा रखा गया।
इस अवसर पर दादा सूबेदार मनोज कुमार और दादी सुनीता देवी ने कहा कि हमारे घर में पोती के आगमन को लक्ष्मी का आगमन माना गया है। हम समाज में किसी भी प्रकार के लैंगिक भेदभाव का कड़ा विरोध करते हैं। इसी सोच के साथ हमने बेटी के जन्म पर भी कुआं पूजन जैसा शुभ संस्कार कराने का फैसला किया, जो परंपरागत रूप से केवल बेटे के जन्म पर किया जाता है।
मिशन महेंद्रगढ़ अपना जल टीम सदस्य राजकुमार  और अनिल रसूलपुरिया ने हरियाली का प्रतीक पौधा भेंट कर दंपति को पुत्री रत्न की बधाई दी और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के संदेश को दोहराया।
ननहाल पक्ष से नाना ओमप्रकाश यादव ने भावुक होते हुए बताया कि हमारे घर में काफी वर्षों बाद बेटी हुई है। पूरा परिवार दीक्षा के स्वागत की तैयारियों में जुटा है।
कार्यक्रम में डाक्टर सुनील ककरालिया, सूबेदार अजय कुमार, सुमन देवी, हर्ष यादव, पूनम देवी, सूबेदार रामप्रसाद सहित गांव के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे और परिवार को बधाई दी।
फोटो कैप्शन 05: बच्ची के नरामकरण पर उपहार देते हुए




लेखक डा. होशियार सिंह ने अपनी कावड़ अर्पित की
-साढ़े 5 दिनों में लाए हरिद्वार से बाघोत तक कावड़
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कनीना की आवाज।
वर्ष 2010 से लगातार कांवड़ ला रहे तथा खाटू श्याम पर हर वर्ष 2010 से ध्वज अर्पित करते आ रहे डा. होशियार सिंह यादव लेखक एवं साहित्यकार ने अपनी कांवड़ बाघेश्वर धाम पर अर्पित कर दी है। वे लगातार कांवड़ ला रहे हैं।
 इस वर्ष सुमेर सिंह चेयरमैन, वेद प्रकाश, भरत सिंह, दलीप सिंह एवं देशराज, मिंटू बोस आदि का ग्रुप कांवड़ लेकर पदयात्रा करते हुए बाघेश्वर धाम पहुंचा और वहां पर अपनी अपनी कांवड़ अर्पित कर दी।
 उल्लेखनीय है कि इस बार उन्होंने यात्रा एक अगस्त 2026 को कनीना से रवानगी की। नीलकंठ, मंशा देवी के दर्शन करने के उपरांत 3 अगस्त को कावड़ पदयात्रा हरिद्वार से शाम दो बजे शुरू की गई। संभवत 8 अगस्त को 350 किमी पदयात्रा पूर्ण कर बाघोत अर्पित कर दी गई।
यहां उल्लेखनीय है कि डा. होशियार सिंह यादववर्ष 2010 से लगातार 350 किमी पदयात्रा कर कावड़ अर्पित करता आ रहा है। 2010 से ही हर वर्ष हुडिय़ा, जैतपुर -राजस्थान पर पदयात्रा कर ध्वज अर्पित करता आ रहा है। 2010 से ही हर वर्ष खाटू श्याम पदयात्रा करके निशान अर्पित करता आ रहा है। इसके अतिरिक्त घड़ी महासर, भैरू का बास, बलवाड़ी धार्मिक स्थानों की पदयात्रा भी कर चुके हैं। उनका नाम तीन बार विश्व रिकार्उ बुक में दर्ज हो चुका है।
होशियार सिंह के कांवड़ लाने चले जाने के कारण कनीना की आवाज ब्लाग पर कोई समाचार नहीं डाला जा सका जिसके चलते पाठकों को निराशा हाथ लगी है किंतु श्री सिंह का कहना है कि भगवान भोलेनाथ सभी की मनोकामना पूर्ण करें, चूंकि घर से दूर होने के कारण एवं भगवान भोलनाथ को याद करने में समय बीता जिसके कारण ब्लाग पर समाचार नहीं डाले जा सके हैं किंतु अब विधिवत रूप से समाचार डाले जाते रहेंगे।
 फोटो कैप्शन 07: डा होशियार सिंह कांवड़ लाते हुए।




मेराथन केवल दौड़ नहीं, स्वस्थ जीवन का संकल्प: नायब सिंह सैनी
-नशे को हराने और मुख्यमंत्री के संकल्प को जीताने नारनौल में उमड़ा जनसैलाब
-मुख्यमंत्री ने स्वयं 5 किलोमीटर दौड़ लगाकर युवाओं का किया उत्साहवर्धन
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कनीना की आवाज।
नारनौल के नूनी शेखपूरा मोड़ पर रविवार को तिरंगा हाथों में लिए यूथ मेराथन व तिरंगा यात्रा में शामिल हुए रिकार्ड जन सैलाब को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और नशा मुक्ति का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्वयं 5 किलोमीटर दौड़ में शामिल होकर युवाओं का हौसला बढाया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, सांसद धर्मबीर सिंह, नारनौल विधायक औमप्रकाश यादव, महेन्द्रगढ विधायक कंवर सिंह यादव, जिला अध्यक्ष यतेन्द्र राव, यूथ मैराथन की ब्रांड ऐंबेस्डर व कामन वैल्थ गोल्ड मेडल विजेता शर्मिला धनखड़, पंकज नैन आईपीएस, उपायुक्त अनुपमा अंजली भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जब किसी प्रदेश के युवा सुबह-सुबह तिरंगा हाथ में लेकर दौडऩे निकल पड़ते हैं, तब समझ लीजिए कि वह प्रदेश केवल विकास की नहीं, बल्कि जागरूकता, राष्ट्रभक्ति और उज्ज्वल भविष्य की दौड़ भी जीतने वाला है। अगर कोई मुझसे पूछे कि विकसित भारत की सबसे सुंदर तस्वीर कैसी होगी... तो मैं कहूँगा-हाथ में तिरंगा, जीवन में खेल और मन में नशा मुक्त भारत का संकल्प। उन्होंने कहा कि यह मेराथन केवल कुछ किलोमीटर की दौड़ नहीं है। यह स्वस्थ जीवन का संकल्प है। यह नशे के अंधकार से उजाले की ओर बढऩे का संकल्प है। आज नारनौल की धरती से यह संदेश पूरे हरियाणा में जाना चाहिए कि नशा जीवन को समाप्त करता है, जबकि खेल जीवन को संवारता है। 26 जुलाई को यमुनानगर से जो जन-जागरण की यह मशाल जली थी, आज नारनौल की धरती पर वह और अधिक प्रज्वलित दिखाई दे रही है। युवाओं का यह उत्साह बताता है कि हरियाणा नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लडऩे के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का यह आयोजन हर घर तिरंगा अभियान का भी साक्षी है। वर्ष 2022 में आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान शुरू हुआ यह अभियान आज देश का जन आंदोलन बन चुका है। इस वर्ष यह अभियान वंदे मातरम के 150 गौरवशाली वर्षों को समर्पित है। वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की आवाज़ है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान करोड़ों देशवासियों में राष्ट्रभक्ति की नई चेतना जगाई। आज हमारी जिम्मेदारी है कि हम नई पीढ़ी को उन बलिदानों से परिचित कराएं, जिनकी बदौलत हमें यह आज़ादी मिली है। हमने संकल्प लिया है कि हर घर तिरंगा अभियान को हरियाणा के गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। सरकारी विभाग, शिक्षण संस्थान, सामाजिक संगठन और नागरिक समाज मिलकर इसे जनआंदोलन बनाएंगे। तिरंगा यात्राएं, साइकिल यात्राएँ और अन्य कार्यक्रम स्वतंत्रता सेनानियों तथा शहीदों की स्मृति से जुड़े स्थलों पर आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवा केवल तिरंगा हाथ में न लें, बल्कि उसके पीछे के बलिदान को भी समझें। मुझे विश्वास है कि हमारी माताएं-बहनें, स्वयं सहायता समूह, युवा, किसान, खिलाड़ी और विद्यार्थी इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। तिरंगे के प्रति उत्साह के साथ उसकी मर्यादा का पालन करना भी हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। अभियान के बाद तिरंगे को सम्मानपूर्वक उतारकर सुरक्षित रखें। तिरंगे का सम्मान केवल नियमों का पालन नहीं है। यह उन वीर शहीदों के प्रति हमारी श्रद्धांजलि है, जिन्होंने इसकी आन-बान-शान के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। तिरंगा हमें कर्तव्य सिखाता है। खेल हमें अनुशासन सिखाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर के एक करोड़ से अधिक युवाओं को संबोधित करते हुए नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान का शुभारंभ किया है। उन्होंने कहा कि आज का युवा भारत की अमृत पीढ़ी है, जिस पर 2047 तक देश को विकसित बनाने का दायित्व है और इसके लिए नशे से पूर्णत: दूर रहना अनिवार्य है। प्रधानमंत्री जी ने बहुत सही कहा है कि नशा कुछ पल का हाई जरूर देता है, पर पूरे जीवन को लो कर देता है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए हमने 'हरियाणा उदय' के माध्यम से नशा मुक्त हरियाणा के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया है। मैराथन, साइक्लोथॉन, राहगीरी और अनेक जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लाखों युवाओं और नागरिकों को इस जनआंदोलन से जोड़ा गया है। अब तक 2,483 कार्यक्रमों का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें 17 लाख से अधिक लोगों ने सक्रिय भागीदारी की है। प्रदेश में 160 नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों और सिविल अस्पतालों में भी उपचार की व्यवस्था की गई है। अब तक 7,523 लोगों की पहचान कर उनका इलाज कराया जा चुका है, ताकि वे सम्मान के साथ सामान्य जीवन में लौट सकें। नशा तस्करों के विरुद्ध विशेष टास्क फोर्स, एंटी नारकोटिक्स सेल और हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के माध्यम से लगातार कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल सरकार नहीं जीत सकती। इसमें परिवार, विद्यालय, पंचायत, खेल संस्थाएँ और समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। यदि समय रहते हम किसी भटके हुए युवा का हाथ पकड़ लें, तो हम केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक पूरा परिवार बचा सकते हैं। मैराथन हमें सिखाती है कि लक्ष्य मिलने तक रुकना नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नारनौल की इस धरती से हम पाँच संकल्प लें कि नशे से दूर रहेंगे, दूसरों को भी बचाएंगे, प्रतिदिन खेल या योग करेंगे, तिरंगे की मर्यादा का पालन करेंगे और राष्ट्र निर्माण के हर अभियान में सक्रिय भागीदार बनेंगे।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह ने एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने 10 किलोमीटर मैराथन में महिला वर्ग में प्रथम स्थान पर रही भारती को एक लाख, द्वितीय स्थान पर रही सोनिका को 50 हजार व तीसरे स्थान पर रही नीता रानी को 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया। इसी प्रकार 10 किलोमीटर पुरूष वर्ग में प्रथम स्थान पर रहे मोहित, द्वितीय स्थान पर रहे गौरव व तीसरे स्थान पर रहे शुभम को पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने 5 किलोमीटर मैराथन पुरुष वर्ग में प्रथम रहे केशव, द्वितीय रहे अमित व तीसरे स्थान पर रहे साहिल को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इसी प्रकार 5 किलोमीटर मैराथन महिला वर्ग में प्रथम कोमल, द्वितीय आरती व तृतीय स्थान पर रही जागृति को भी मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर पूर्व डिप्टी स्पीकर संतोष यादव, पूर्व विधायक डॉ. अभय सिंह यादव, पूर्व विधायक सीताराम यादव, क्रिकेट खिलाड़ी जोगेन्द्र शर्मा, पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार, पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक व अधिकारी उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 08 व 09: मेराथन दौड़ से संबंधित हैं





बीआर स्कूल में दो दिवसीय सीबीएसई प्रशिक्षण का समापन
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कनीना की आवाज।
बी.आर. आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेहलंग में आयोजित दो दिवसीय सीबीएसई आंतरिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का दूसरे दिन सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराते हुए उनके शिक्षण कौशल को और अधिक प्रभावी बनाना रहा। दूसरे दिन भी सीबीएसई प्रशिक्षक डा. राज सांगवान ने शिक्षकों को विभिन्न गतिविधियों एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
दूसरे दिन के प्रशिक्षण में शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कक्षा में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने, सकारात्मक शिक्षण वातावरण तैयार करने, विद्यार्थियों के व्यवहार को समझने तथा प्रभावी कक्षा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न तकनीकों को सीखा। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण एवं विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
प्राचार्या ज्योति भारद्वाज ने कहा कि प्रशिक्षण के दोनों दिन शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। सीबीएसई प्रशिक्षक डॉ. राज सांगवान द्वारा दी गई जानकारी शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी रही। हमारा प्रयास रहेगा कि प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को कक्षा शिक्षण में प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
इस अवसर पर चेयरमैन हरिश शर्मा ने कहा कि शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक है। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण से शिक्षकों को अपने अनुभवों को साझा करने तथा नई शिक्षण तकनीकों को सीखने का अवसर मिला है। इसका लाभ निश्चित रूप से विद्यार्थियों को मिलेगा।
दो दिवसीय प्रशिक्षण के समापन पर विद्यालय प्रबंधन की ओर से सीबीएसई प्रशिक्षक डॉ. राज सांगवान का आभार व्यक्त किया गया। इस प्रशिक्षण के दौरान दोनों विद्यालयों के विभागाध्यक्ष एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। सभी शिक्षकों ने प्रशिक्षण की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया तथा प्रशिक्षक द्वारा दी गई जानकारी एवं सुझावों को ध्यानपूर्वक समझा।
फोटो कैप्शन कक्षा प्रबंधन पर प्रशिक्षण देते डॉ. राज सांगवान।
फोटो कैप्शन  प्रशिक्षण गतिविधियों में भाग लेते शिक्षक।




महाराजा दक्ष प्रजापति प्रतिभा सम्मान समारोह 20 सितंबर को दौंगड़ा में होगा
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कनीना की आवाज।
प्रजापति विकास समिति कनीना की आम सभा का आयोजन रविवार को हरि सिंह के कार्यालय, कनीना में समिति के प्रधान बलवान सिंह की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में समाज की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करने के उद्देश्य से आयोजित किए जाने वाले महाराजा दक्ष प्रजापति प्रतिभा सम्मान समारोह के संबंध में विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि महाराजा दक्ष प्रजापति प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन 20 सितंबर 2026 को ग्राम दौंगड़ा में किया जाएगा। समारोह में समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित करने तथा युवाओं को शिक्षा एवं अन्य क्षेत्रों में आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
सभा में समारोह की तैयारियों एवं आयोजन की रूपरेखा को लेकर भी चर्चा की गई तथा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी सदस्यों से सहयोग करने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर पूर्व प्रधान हवा सिंह, खजांची सुबे सिंह, सह सचिव हरि सिंह, निहाल सिंह, रामकुमार,  सुमेर सिंह,आरडी पूर्व प्रधान धनौंदा बाबूलाल, नरेंद्र पाल , कैप्टन बलवंत सिंह, राजेंद्र सिंह सीहोर, शेर सिंह मैकेनिक, जय सिंह, हुकम चंद, नवरत्न प्रजापति, योगेंद्र प्रजापति कनीना सहित समिति के अन्य सदस्य एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 02: प्रजापति की कनीना में बैठक




एसडी स्कूल में पीटीएम का हुआ आयोजन
-850 अभिभावकों ने लिया भाग
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कनीना की आवाज। एसडी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ककराला में कक्षा नर्सरी से बारहवीं तक के अध्यापक-अभिभावक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में 850 से अधिक अभिभावकों ने भाग लिया।
विद्यालय उपनिदेशक पूरन सिंह ने अपने वार्षिक पाठ्यक्रम के बारे में विस्तृत वर्णन करते हुए बतया कि एसडी विद्यालय खेल एवं गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाई करवाता है ताकि बच्चा उसे मनोरंजन के साथ सीखे। सभी अभिभावकों ने अग्रिम सोच का परिचय देते हुए बच्चों के भविष्य के लिए विद्यालय प्रबंधन व सभी संबंधित अध्यापकों के साथ अध्ययन संबंधी समस्याओं के समाधान, शैक्षिक उपलब्धियों के साथ-साथ अन्य गतिविधियों व विषयों पर विमर्श किया। अभिभावकों ने अपने बच्चों की दिनचर्या उनके व्यवहार समय-सारिणी, रुचि आदि से संबंधित पहलुओं से प्रबंधन व संबंधित अध्यापकों से परिचित करवाया और अपने बच्चों की रिपोर्ट लेने में काफी रुचि दिखाई। विद्यालय सी ए ओ नरेन्द्र यादव ने अध्यापक-अभिभावक बैठक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बैठक जागरूक अभिभावकों के लिए अध्यापकों से समय-समय पर विचार विमर्श करने व बच्चों के लिए सही मार्ग का चुनाव व सहयोग का आधार है। जिस प्रकार तीन भुजाएं एक साथ मिलकर त्रिभुज का आकार बनाती है उसी प्रकार अभिभावक के सहयोग से बच्चे बड़े से बड़े लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर सकते है। उन्होंने यह भी बताया कि यह बैठक शैक्षिक जानकारी के साथ-साथ सम्पूर्ण व्यवहार, सामथ्र्यता से संबंधित बातों के आदान-प्रदान के लिए आयोजित की जाती है। अध्यापक एवं अभिभावकों का विचार-विमर्श छात्र के जीवन को नई दिशा प्रदान करता है। बच्चे के शैक्षणिक विकास में विद्यालय के साथ-साथ अभिभावक की भी अहम् भूमिका होती है।
 इस अवसर पर विद्यालय सीईओ आर. एस. यादव, डिप्टी डायरेक्टर पूर्ण सिंह, कोआर्डिनेटर स्नेहलता, सहित सभी कोआर्डिनेटर्स एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहा और कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई।
फोटो कैप्शन 01: एसडी स्कूल में पीटीएम

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