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Wednesday, May 26, 2021

 
युवाओं को लगाए 170 डोज
-गुरुवार को लगेंगे 45 प्लस के 200 डोज
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 कनीना। कनीना उप नागरिक अस्पताल में बुधवार को 170 कोरोना डोज 18 से 44 आयु वर्ग के युवाओं को दिए गए। जिनमें से डेढ़ सौ यूको को आनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने  वाले थे तथा 20 आफलाइन वैक्सीन लेने वाले थे। वैक्सीन की कमी चल रही है। विस्तृत जानकारी देते हुए डॉ धर्मेंद्र यादव एसएमओ तथा कंप्यूटर आपरेटर पवन कुमार ने बताया कि 200 डोज 45 प्लस के लोगों को गुरुवार को दी जाएंगी ।उन्होंने कहा कि ये डोज 45 प्लस तथा 60 प्लस सभी आयु वर्ग के लोगों को दी जाएंगी।



घर पर लगाया काला झंडा, जताया विरोध
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कनीना। केंद्र सरकार के तीन काले कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के 6 महीने होने पर काले झंडे लगाकर काला दिवस मनाया। इनेलो नेता वेदप्रकाश नंबरदार रामबास ने तो अपनी गाड़ी तथा घर पर काला झंडा लगाकर विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में सरकार का किसानों की मांगे न मानना देश के प्रत्येक नागरिक को आक्रोशित कर रहा है, इसीलिए देशभर में काला दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से किसानों की मांगे माने जाने की अपील की है।
फोटो केप्शन 8: वेदप्रकाश अपने घर पर काला झंडा लगाकर विरोध जताते हुए।






12 बजे तक खुली इवन नंबर की दुकानें
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 कनीना। कनीना में सोमवार को ओड-इवन के चक्कर में जहां दिनभर दुकानें नहीं खुल सकी किंतु मंगलवार को विधिवत रूप से ओड/विषम नंबर की दुकानें खोली गई। सोमवार को सभी दुकानों पर ओड एवं इवन नंबर दे दिए गए थे। मंगलवार को जहां ओड नंबर की दुकानें खुली तो बुधवार को इवन नंबर की दुकानें खुली। दुकानें खुलने का समय दोपहर 12 बजे तक का ही निर्धारित है। व्यापार एकता मंच के अध्यक्ष महेश बोहरा ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते जो सरकार ने निर्णय लिया है वह यथा योग्य है। ऐसे में उन्होंने वह ऐतिहात के सभी कदम उठाए जाने, मास्क लगाकर सामान देने तथा ग्राहकों को भी मास्क लगाकर आने देने, 2 गज की दूरी अपनाने तथा नियमों का सख्ती से पालन करके सरकार का सहयोग करें।







नहीं सुधर रहे हैं लोग, खुद ही करना पड़ता है प्रबंध
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 कनीना। कनीना क्षेत्र में बेशक पुलिस और प्रशासन कोरोना के दृष्टिगत कितनी भी सख्ती बरतें परंतु लोग मानने वाले नहीं है। मोटरसाइकिल एवं वाहनों पर रात को, सुबह सवेरे हर समय लोग घूमते नजर आते हैं। यहां तक कि मास्क भी प्रयोग नहीं करते। दुर्भाग्य है कि एक ओर कोरोना को हराने के लिए सरकार और प्रशासन जी जान से जुटे हुए हैं किंतु ये लोग सरकार और प्रशासन को पीछे धकेलने में जुटे हुए हैं। जहां भी देखें दुकानों के बाहर फल
एवं सब्जी की दुकानों के बाहर लोग देखे जा सकते हैं। ऐसे में अपनी सुरक्षा अपने हाथ ही बन गई है। राजेश कुमार का कहना है कि जहां भी जाते हैं उन्हें लोगों के मुंह पर मास्क नजर नहीं आता। वह उनको काफी समझाते हैं किंतु लोग समझ नहीं पाते। ऐसे में वे अपना स्वयं ख्याल करते हैं ।उन्होंने बताया कि वे अब दो मास्क लगाने लग गए हैं।
दिनेश कुमार का कहना है कि लोगों को बिना मास्क देखकर दुखी है। उनका कहना है मास्क प्रयोग करना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं तो अपनी चुन्नी जैसे कपड़े को ही मास्क बनाए रखती है वहीं बूढ़े बुजुर्ग धोती को प्रयोग कर रहे हैं किंतु युवा पीढ़ी जानबूझकर मास्क प्रयोग नहीं करती। दूसरे राज्य से रह रहे लोग तो प्रशासन को कुछ भी नहीं मानते। उन्होंने सरकार से प्रशासन से मांग की है कि गलियों में भी चक्कर लगाए जाए और नियमों का पालन नहीं करते उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।






नहीं सुधर रहे हैं लोग, खुद ही करना पड़ता है प्रबंध
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 कनीना। कनीना क्षेत्र में बेशक पुलिस और प्रशासन कोरोना के दृष्टिगत कितनी भी सख्ती बरतें परंतु लोग मानने वाले नहीं है। मोटरसाइकिल एवं वाहनों पर रात को, सुबह सवेरे हर समय लोग घूमते नजर आते हैं। यहां तक कि मास्क भी प्रयोग नहीं करते। दुर्भाग्य है कि एक ओर कोरोना को हराने के लिए सरकार और प्रशासन जी जान से जुटे हुए हैं किंतु ये लोग सरकार और प्रशासन को पीछे धकेलने में जुटे हुए हैं। जहां भी देखें दुकानों के बाहर फल
एवं सब्जी की दुकानों के बाहर लोग देखे जा सकते हैं। ऐसे में अपनी सुरक्षा अपने हाथ ही बन गई है। राजेश कुमार का कहना है कि जहां भी जाते हैं उन्हें लोगों के मुंह पर मास्क नजर नहीं आता। वह उनको काफी समझाते हैं किंतु लोग समझ नहीं पाते। ऐसे में वे अपना स्वयं ख्याल करते हैं ।उन्होंने बताया कि वे अब दो मास्क लगाने लग गए हैं।
दिनेश कुमार का कहना है कि लोगों को बिना मास्क देखकर दुखी है। उनका कहना है मास्क प्रयोग करना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं तो अपनी चुन्नी जैसे कपड़े को ही मास्क बनाए रखती है वहीं बूढ़े बुजुर्ग धोती को प्रयोग कर रहे हैं किंतु युवा पीढ़ी जानबूझकर मास्क प्रयोग नहीं करती। दूसरे राज्य से रह रहे लोग तो प्रशासन को कुछ भी नहीं मानते। उन्होंने सरकार से प्रशासन से मांग की है कि गलियों में भी चक्कर लगाए जाए और नियमों का पालन नहीं करते उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।



पीटीआई को पुन: बहाल किया जाए-धर्मपाल शर्मा
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कनीना। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के राज्य सचिव धर्मपाल शर्मा ने सरकार विरोध दिवस के अवसर पर हरियाणा सरकार से मांग की कि इस महामारी के दौर में किसी भी अस्थाई कर्मचारी को नौकरी से न निकाला जाए, बल्कि उनकी लंबी सेवाओ के मध्यनजर उन्हें नियमित किया जाए। 350 दिनों से अधिक धरने पर बैठे पी.टी.आई. को सरकार अपने वादे अनुसार पुन: नौकरी पर कार्य ग्रहण करवाए। शिक्षा विभाग लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नति सूचियां जारी करे, रेशनलाइजेशन को व्यवहारिक बनाते हुए स्थानांतरण किए जाएं, मेवात जिला को भी पदोन्नति व स्थानांतरण में शामिल किया जाए। लंबित 2016-19 एवं वर्तमान 2020-23 ब्लाक की एल.टी.सी. स्वीकृत व भुगतान करने की प्रक्रिया तुरन्त आरम्भ करें। शर्मा  ने कहा कि बहुत अफसोस है कि इस महामारी में हरियाणा के 100 के लगभग अध्यापक कोरोना पाजिटिव के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। उन्हें महामारी के तहत उनके संबंधित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए तथा जो अध्यापक इस महामारी में  फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में कार्य कर रहे हैं, उनको तत्काल वैक्सीनेशन की जाए, वांछित स्वास्थ्य सुरक्षा किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाई जाए। कोरोना पाजिटिव होने की स्थिति में तत्काल नि:शुल्क इलाज करवाया जाए तथा यदि किसी अध्यापक की ड्यूटी करते हुए दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो जाती है तो उसको कोरोना योद्धा  माना जाए तथा संबंधित परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी दी जाए व न्यूनतम एक करोड़ रुपयेका आर्थिक मुआवजा दिया जाए। उन्होंने 55 वर्ष से अधिक तथा गंभीर बीमारी से पीडि़त शिक्षकों को शिक्षण के अलावा किसी तैनाती में न लगाने की मांग की है।
 







कोरोना को दूर करने के लिए बुद्ध पूर्णिमा पर यज्ञ किया
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कनीना। कितनी भी बड़ी बीमारी हो या फिर कोई और महामारी हो लेकिन प्रभु का साथ हो तो किसी बात का डर नहीं होता। ये विचार संत शिरोमणि कृष्णानंद महाराज ने  कनीना खंड के गांव धनौंदा की बणी में स्थित धाम पर आयोजित बुद्ध पूर्णिमा के पावन पर्व पर कोरोना महामारी को रोकने के साथ साथ विश्व शांति के लिए किए गए यज्ञ पर व्यक्त किए।
 इस अवसर पर स्वामी ने कहा कि इस कोरोना नामक महामारी ने चारों तरफ से ही घेर रखा है। ऐसे में हमें प्रभु एक बात की तरफ इशारा करते हुए कहते हैं कि इस मानव जीवन में केवल मानव जैसे ही कर्म करने चाहिए, पशुओं जैसे नहीं। क्योंकि जब भी मानव ने प्रकृति के साथ खिलवाड़ किया है तब तक प्रकृति द्वारा मानव को झटका दिया गया है। इसीलिए संसार में रहने वाले सभी लोगों को केवल मानव जैसे ही कर्म करने चाहिए ताकि प्रकृति खुश रहे। यज्ञ पर आए भक्त जनों को कहा कि जब तक मानव मानव जैसे कार्य नहीं करेगा तब तब हमें इसी प्रकार की परिस्थितियों से गुजरना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जब भी कोई बड़े से बड़ी समस्या देश व संसार में आती है तब  यज्ञ रूपी भगवान को याद करना चाहिए तभी जाकर इस प्रकार की महामारी से बच सकते हैं।  इस महामारी में सरकार व प्रशासन द्वारा जो नियम दिए गए हैं उसी नियम के अनुसार चलना चाहिए तब जाकर हम इस महामारी से निजात पा सकते हैं। इस अवसर पर  जीतपाल सिंह, डा राजेश, आनंद सिंगल, डा फतेहचंद दायमा, जगदीश, विनय पाल खेड़ी, शिव कुमार जांगड़ा, पवन कुमार प्रजापत, के अलावा अन्य लोग उपस्थित थे।






पंचायत चुनाव जल्द होने की आहट
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कनीना। जल्द ही हो सकते हैं पंचायतों के चुनाव और गांव को मिल सकती हैं नई पंचायतें। मिली जानकारी के अनुसार जल्दी ही प्रदेश में पंचायतों के चुनाव होने की आशंका जताई जा रही है जिसको लेकर सरकार ने प्रशासन तंत्र को सक्रिय कर दिया है जो वार्ड बंदी व वोटर लिस्ट को खंगालने का कार्य करने में जुट गए हैं।
 यहां गौरतलब है कि सरकार द्वारा वार्ड बंदी व वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है जिसको लेकर आज उपमंडल कार्यालय कनीना में तहसीलदार नवजीत कौर, नायब तहसीलदार, सत्यपाल सिंह ने मोडी व गोमली गांव के लोगों की वार्ड बंदी को लेकर समस्या सुनी तथा दोनों को उनके वार्ड के बारे में बताया। इस अवसर पर तहसीलदार नवजीत कौर बराड़ नायब तहसीलदार सत्यपाल सिंह यादव, हलका पटवारी विक्रम सिंह, एसीपीओ अरविंद यादव, पटवारी अनूप सिंह सुहाग, उमेद सिंह जाखड़ पटवारी के अलावा अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।





धनौंदा में कोरोना केस बढऩे लगे
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कनीना। जहां कोरोना महामारी अभी थमने का नाम ही नहीं ले रही है और कुछ गांव में लोग कोरोना महामारी से ग्रस्त होते हुए भी अपना काम कर लोगों को महामारी बांट रहे हैं।  कनीना के उपमंडल के गांव धनौंदा में दर्जनों कोरोना संक्रमित आए हैं जिसको लेकर गांव में भय का माहौल व्याप्त है। धनौंदा के लोगों ने बताया कि गांव में उक्त बीमारी को लेकर दो व्यक्ति भगवान को भी प्यारे हो चुके हैं लेकिन गांव में आज तक सेनिटाइजर या अन्य बचाव का कोई कार्य नहीं हुआ है जिसको लेकर ग्रामीण  भय के साये में जीने पर मजबूर हैं। जब एसडीएम दिनेश कुमार कनीना से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति कोरोना से पीडि़त है और वह सरेआम दुकान में बैठ अन्य लोगों को सामान देता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उसको किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।








 बिना लक्षणों के एक माह में पांच बार जांच करवाई पांच बार कोरोना संक्रमित मिला
-डाक्टर भी अचरज में
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 कनीना। कनीना उपमंडल के गांव भडफ़ निवासी विजय कुमार कुमार पुत्र श्रीराम पूर्व सरपंच, जो मुख्य वन संरक्षण दक्षिणी परिमंडल गुरुग्राम में सहायक पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने डाक्टरों को भी अपनी रिपोर्ट से चकित कर  दिया है। जिनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं किंतु पांच बार संक्रमित मिले हैं। 20 अप्रैल से लगातार 5 बार कोरोना संक्रमित मिला हैं किंतु खाने पीने, हाव भाव, चलने फिरने तथा चेहरे की मुस्कान पर कोई फर्क नहीं पड़ा है।   20 अप्रैल को विजय कुमार ने आरटीपीसीआर जांच करवाई। इसकी रिपोर्ट आने में देरी हुई तो उन्होंने गजेंद्रा अस्पताल रेवाड़ी 24 अप्रैल को फिर से जांच करवा ली। दोनों रिपोर्ट पाजिटिव आई।
तत्पश्चात उन्होंने 4 मई को फिर से जांच करवाई कोरोना संक्रमित पाया गया किंतु कोई लक्षण नहीं नजर आया। एक बार फिर से 20 मई को जांच करवाने पर कोरोना संक्रमित पाया।  24 मई को एक बार फिर से जांच करवाई कि कहीं विगत जांच में कोई कमी रही हो किंतु पांचवीं बार भी कोरोना संक्रमित मिला है। बड़े आश्चर्य से वो कनीना के उप नागरिक अस्पताल पहुंचा तथा सारी कहानी बताई। डाक्टरों ने बड़े डाक्टरों से इस संबंध में बात की तो उन्होंने बताया कि कई बार लक्षण न होते हुए भी पाजिटिव मिल जाता है।
26 मई को उन्होंने रेवाड़ी से सिटी स्कैन करवाया है जिसमें डाक्टरों ने फेफड़ों पर कुछ असर बताया किंतु घबराने वाली बात नहीं कहीं।
इस प्रकार का यह मसला पहली बार कनीना अस्पताल में पाया गया है। यद्यपि अधिकांश मसलों में महज 4-5 दिन पश्चात ही कोरोना संक्रमण खत्म हो जाता है किंतु यह एक ऐसी शख्सियत है जो 5 बार में कोरोना संक्रमित पाए गए हैं और अभी भी हिम्मत नहीं हारी है। उन्होंने बताया कि उन्हें सर्दी, जुकाम और बुखार कुछ भी लक्षण नहीं दिखाई दिये हैं। उनकी विचारधारा सकारात्मक है।







सत्यार्थ प्रकाश पढ़कर दूर किया कोरोना, बने कोरोना योद्धा
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,कनीना। कनीना निवासी सतेंद्र शास्त्री लूखी कोरोना योद्धा बनकर उभरे हैं। एक साथ उनका पुत्र तथा वे स्वयं 6 मई को कोरोना संक्रमित पाए गए। उस वक्त वे अपने साथी प्रदीप शास्त्री (कोरोना संक्रमित मिले थे जिनकी बाद ममें मृत्यु हो गई) की  चिकित्सा कार्यों में लगे हुये थे। स्वयं संक्रमित होने पर सतेंद्र शास्त्री ने अपने घर में बहुत सकारात्मक विचारों से नारियल पानी और मौसमी का जूस लेकर तीन दिन बिना अन्न के बिताये, सत्यार्थप्रकाश का अध्ययन किया।  तत्पश्चात उन्होंने चौथे दिन फिर से कोरोना टेस्ट करवाया और वह कोरोना नेगेटिव आए। वे बताते हैं कि उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती का सत्यार्थ प्रकाश अध्ययन किया, जिसमें वे ईश्वर को मानते हैं किंतु की मूर्ति पूजा का विरोध करते हैं, शुद्ध सात्विक आहार और हवन, संध्या हवन करने पर बल दिया है। जिसके चलते श्री शास्त्री ने अपने घर में जहां प्रभु को याद किया बार-बार हवन और संध्या हवन किया जिसके चलते वह तथा उनका बेटा तुरंत कोरोना नेगेटिव हो गए। उन्होंने खुशी जताई कि वे कोरोना को मात दे सके। उनका कहना है कि कोरोना को मात देने के लिए एकांत, ऐतिहात के नियमों का पालन करना, प्रभु भक्ति और सकारात्मक विचार, शुद्ध फलाहार का अहम योगदान है। उन्होंने बताया कि किसी के साथी अगर सही हो तो इंसान जल्दी ठीक हो सकता है। यदि उसके साथी नकारात्मक विचारों से भरे हो और फोन पर भी नकारात्मक बातें करे तो उसका कुप्रभाव पड़ता है। उनका कहना है कि केवल सोच सकारात्मक होनी चाहिए। ऐसे व्यक्तियों से ही संपर्क करना चाहिए जो सकारात्मक विचारधारा रखें तभी कोरोना का मात दी जा सकती है।
 फोटो कैप्शन: सतेंद्र शास्त्री।





10 दिन पूर्व घर से गायब हुई लड़की का अता तक पता नहीं
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कनीना। कनीना खंड के गांव  से एक लड़की को गायब हो जाने का का मामला कनीना पुलिस ने दर्ज किया है। पीडि़त लड़की के परिजनों ने पुलिस में दी शिकायत ने बताया कि उनकी लड़की पिछले 10 दिन से लगभग 2:30 बजे घर से अचानक गायब हो गई जिसको उन्होंने इन सभी जगह देखा लेकिन वह कहीं नहीं मिली। उन्होंने जिला भिवानी के एक लड़के पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारी लड़की को वह लड़का ले गया है जिसका बार-बार हमारे पास फोन आता है कि आप अपनी लड़की को लेकर पुलिस में किसी तरह की शिकायत नहीं करना वरना अच्छा नहीं होगा। उन्होंने यह भी बताया कि आखिर हमारी लड़की उन्हीं के चंगुल में है जिसे छुड़ाकर हमारे पास लाया जाए। वही पुलिस ने रपट दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है ।







7 गांवों में मिले 14 संक्रमित
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 कनीना। कनीना क्षेत्र में 7 विभिन्न गांवों से 14 व्यक्ति संक्रमित पाए गए। कोरोना धीरे-धीरे घटता जा रहा है। मिली जानकारी अनुसार भडफ़- एक, भोजावास-2दौंगड़ा जाट एक, गाहड़ा-एक,  कनीना-5, करीरा-एक ,कोटिया- तीन , करीरा-एक संक्रमित पाए गए हैं।
एसएमओ धर्मेंद्र यादव का कहना है कि हर इंसान को ऐतिहात के कदम उठाने चाहिए। कोविड के नियमों का पालन करना चाहिए तभी इस महामारी से बचा जा सकता है। उन्होंने नियमित रूप से हाथों को सेनिटाइज करने, मास्क का प्रयोग करने, घर से बाहर न निकलने हाथों में ग्लव्ज पहनने की अपील की है।





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      नजरिया

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बदल रहा है बलात्कार का स्वरूप
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आज पैसे





ऐंठने के लिए भी कुछ महिलाएं बलात्कार का आरोप लगाती हैं
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 कनीना। बलात्कार सृष्टि में हर जीव में सदियों से चला आ रहा है, चाहे सतयुग, त्रेता युग, द्वापर युग या कलियुग हो हर युग में बलात्कार की घटनाएं घटी है। महाभारत और रामायण तो बदसलूकी के परिणाम महायुद्ध हुये थे किंतु बलात्कार का स्वरूप, रंग रूप ही बदल रहा है। पुरानी वक्त में यही कोई 40 साल पहले जब कहीं कोई ऐसी घटना घट जाती थी तो पूरा समाज एक ही बात कहता था कि लड़की की बात कहीं उजागर न हो। अगर ऐसा हुआ तो मां बाप की बदनामी होगी और घटना को दबाने का प्रयास करते थे। किसी थाना तहसील की जरूरत नहीं अपितु उसका मुंह काला करके गधों पर बिठाकर गलियों में ढोल एवं पीपा आदि पीटते हुए घुमाया जाता था ताकि लोग देख सके कि यह व्यक्ति बलात्कारी है। उन्हें समाज में बैठने नहीं दिया जाता था। किसी घर में आने की इजाजत नहीं होती थी किंतु आज भी ऐसे लोग समाज में मिल जाएंगे जो गधे पर बैठे थे किंतु उन्हें आज समाज अपने गले से लगा रहा है। बलात्कार को दबाने का प्रयास किया जाता था, थाना तहसील बहुत कम होते थे। वक्त आया आधुनिक मीडिया बढ़ता गया,मीडिया का प्रभाव इस हालात में ले गया कि बलात्कार हो जाता है तो उस दुष्कर्म की संज्ञा दी जाती है और तुरंत थाना तहसील होता है, मेडिकल जांच होती है, अपराधी को सजा दिलाने का भरसक प्रयास किया जाता है।
 एक वह वक्त था जो बात को दबाया जाता था आज वह वक्त है जब बात को ज्यादा से ज्यादा उछाला जाता है। वर्तमान में यदि ऐसी कोई घटना घट जाती है तो मां-बाप परेशान जरूर रहता है परंतु उसके दिल में एक ही इच्छा होती है कि चलो इस पापी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। देश में बलात्कारियों को तो फांसी भी हो चुकी है परंतु वह वक्त अब लौटकर नहीं आएगा। मदर इंडिया फिल्म की कहानी यही कहती है कि अपने पास की लड़की को छेड़ देने पर ही मां ने अपने बेटे को गोली से उड़ा दिया। वास्तव में यही मदर इंडिया है। इस इंडिया में किसी बहन बेटी को अगर कोई छेड़ देता था उसकी खैर नहीं होती थी, समाज ही उसे वह सजा देता था।
एक सच कहानी याद आती है कि एक युवक ने अपे पउ़ोस की लड़की से बलात्कार कर दिया। मां बाप ने स्वयं उसे सजा दिलवाई। मां ने तो यह कसम खाई कि जिस दिन लड़का कैद से बाहर आएगा वो स्वयं फांसी खा लेगी। जब बेटा कैद से बाहर आया तो मां ने कलंक के डर से फांसी लगा ली। कितना बदलाव आ गया। आज तो कुछ ऐसे किस्से भी सुनने में मिलते हैं जब महिलाएं पैसे ऐंठने के चक्कर में बलात्कार के मामले दर्ज करवा देती है बहुत से ऐसे लोग हैं जिन पर बलात्कार का मामला दर्ज हुआ किंतु लाखों रुपए देकर के पीछा छुड़वा लिया। अब तो घटना भी अजीबोगरीब होती है। आज भी वह वक्त याद आता है जब बलात्कारियों को सजा समाज देता था। आज समाज नहीं अपितु पुलिस और न्यायालय न्याय देता है। आने वाले समय में पता नहीं क्या-क्या घटनाएं घटने की उम्मीद है। बहरहाल कच्चे घरों में रहने वाले लोग दिल के पक्के होते थे अब पक्के घरों में रहने वाले लोग दिल के कच्चे होने लग गए। अब तो बलात्कारी को मारते कूटते नहीं अपितु न्यायालय सजा देता है। पहले मार कूटकर भूत बना दिया जाता था परंतु उस लड़की की बेइज्जती आसपास के लोग नहीं करते थे। आज अगर कोई लड़की लांछित हो जाती है तो समाज से सिर ऊंचा करके निकलती है। ऐसे भी केस देखे गए जब लड़की के मां-बाप को बहला-फुसलाकर मामला दर्ज करवा दिया दूर-दराज तक बात फैल गई और उस लड़की की शादी तक भी नहीं हो पाई। यह सत्य है कि बलात्कारी को समाज से निकाला जाए। अच्छा हो ऐसे को इंगित किया जाए, हुक्का पानी बंद किया जाए, वह अपनी मौत खुद घुट घुटकर मरे, ऐसा समाज हो तब तो आनंद है वरना भविष्य में बलात्कार  का स्वरूप और कुछ बिगड़ कर सामने आ सकता है।

Tuesday, May 25, 2021


 

महामारी में सहयोग करना हम सबकी जिम्मेदारी -डा ओम प्रकाश यादव
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 कनीना। महामारी में हम सभी की जिम्मेदारी बनती है कि जो कुछ बन पाए सहयोग करना चाहिए ताकि इस महामारी से निपटा जा सके। ये विचार आरपीएस इंस्टीट्यूशंस के क चेयरमैन डा ओम प्रकाश यादव ने कनीना के उप नागरिक अस्पताल में एक एंबुलेंस भेंट करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने सीएचसी अटेली को भी एक इसी प्रकार की एंबुलेंस भेंट की की है।
 उन्होंने कहा कि उन्होंने विगत वर्ष भी महामारी में कनीना क्षेत्र के लिए पूर्ण सहयोग किया था। सबसे पहले उन्होंने 1.51 लाख एसडीएम कनीना के मार्फत महामारी से राहत के लिए भिजवाए थे वहीं स्वचालित हैंड सैनिटाइजर उपलब्ध करवाए थे। उन्होंने कहा कि जब तक इस प्रकार की महामारी चलती है तब तक वे जी जान से सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि हम सभी का दायित्व बनता है कि जो भी तन मन और धन से सेवा दें। उन्होंने बताया कि एक एंबुलेंस 9 लाख रुपये के करीब की पड़ी है। यह कनीना को समर्पित कर दी गई है।
 इस मौके पर एसएमओ डा धर्मेंद्र यादव ने कहा कि इस समय महामारी का प्रकोप है और एंबुलेंस की बहुत जरूरत है। यह मरीजों को लाने ले जाने के काम आएगी। निसंदेह कनीना उप नागरिक अस्पताल के लिए एक बड़ा तोहफा साबित होगी।
एसएमओ ने बताया कि कुछ 12 नये बेड भी अस्पताल में और आ गए हैं और कोरोनावायरस लडऩे के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। इस मौके पर एसडीएम दिनेश कुमार, डीएसपी राजीव कुमार, पालिका प्रधान स्टील जेलदार, पूर्व पालिका प्रधान मास्टर दिलीप सिंह, अशोक ठेकेदार, कमल पार्षद, मास्टर दलीप पार्षद, बलवान आर्य, रोहताश सिंह, दिलावर, कुलदीप, बार एसोसिएशन के प्रधान अजीत सिंह, बार एसोसिएशन प्रधान कनीना कुलदीप यादव, सहित विभिन्न अधिकारी गणमान्य जन मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 1:  एंबुलेंस भेंट करते ओम प्रकाश यादव।
              2: एंबुलेंस की चाबी भेंट करते डा ओमप्रकाश यादव।







 सफाई कर्मियों की तनख्वाह न मिलने पर कर्मियों ने दिया दूसरे दिन भी धरना
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कनीना। कनीना नगर पालिका में ठेके पर लगाए गए अस्थाई कर्मचारियों ने मंगलवार को दूसरे दिन भी सांकेतिक धरना दिया। इस बारे में सफाई दरोगा विक्की ने बताया कि नगर पालिका कनीना में ठेके पर लगाए गए 23 अस्थाई कर्मचारियों को पिछले चार-पांच महीनों से तनख्वाह नहीं मिली है। नगर पालिका के पार्क में माली का काम करने वाले सुभाष ने बताया कि नगर पालिका की तरफ से जनवरी से अभी तक तनख्वाह नहीं दी गई है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि ठेके पर लगाए गए सफाई कर्मचारियों के साथ दो माली भी हैं जिन्हें पिछले चार-पांच माह से तनख्वाह नहीं मिली है। सफाई कर्मचारी ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष से ठेके पर लगाए गए कर्मचारियों का पीएफ का पैसा भी उनके खाते में नहीं डाला गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए पालिका सचिव और प्रधान से काफी बार मिल चुके हैं और अनुरोध कर चुके हैं लेकिन अभी तक उनकी तनखा और पीएफ का पैसा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के चलते लाकडाउन लगा हुआ है जिससे खाने पीने की सभी सामानों के रेट दुगने हो रहे हैं। तनखा नहीं मिलने से उन्हें अपने घर परिवार और बच्चों का पालन करना मुश्किल हो रहा है। इस मौके पर पालिका प्रधान सतीश जेलदार सहित विभिन्न पार्षद धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि हाउस मीटिंग ने तो वेतन निकालने का प्रस्ताव पारित कर रखा है। सचिव  कार्यालय में नहीं आता जिसके चलते यह समस्या बनी हुई है। उन्होंने स्थानीय विधायक से इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए मांग की है कि उनकी बकाया वेतन और पीएफ का पैसा तुरंत डलवाया जाए। इस धरने मे सतीश, सुरेंद्र, प्रवीण कुमार, प्रमोद, नीरज, जोगेंद्र, प्रदीप, विद्यानंद, राजकुमार, कैलाश, अजय, सचिन, जितेंद्र, अमित, पूनम, ममता,  शिवा, प्रदीप, केशव आदि मौजूद रहे।
क्या कहते हैं पालिका प्रधान- नगर पालिका प्रधान सतीश जैलदार
नगरपालिका के सचिव ने खुद हाउस की मीटिंग करने के लिए तारीख दी थी। जिस डेट पर सभी हाउस कर्मी मौजूद हो गए थे। लेकिन नगरपालिका सचिव ने अपना मोबाइल बंद कर लिया था। सभी कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए नगरपालिका के पार्षदों ने मीटिंग में कहा था। मैंने डीएमसी को लेटर लिखकर उसके बारे में अवगत करवा दिया है । डीएमसी ने सभी कर्मचारियों के हिस्ट्री भेजने को कहा था।  सभी कर्मचारियों को तनख्वाह मिलनी चाहिए।
क्या कहते हैं सचिव नगरपालिका कनीना-
 नवीन पांडेय,नगर पालिका सचिव का कहना है कि वर्तमान सफाई कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली कंपनी का टेंडर जनवरी 2021 प्रारंभ होते ही समाप्त हो गया था। इस संबंध में डीएमसी को पत्राचार के माध्यम से अवगत करा दिया गया था।  ठेकेदारी का रिन्यूअल न होने के कारण इनकी तनख्वा रुकी हुई है । शहरी स्थानीय निकाय के स्तर पर यह अनुमति अभी नहीं मिल पाई है। विधायक सीताराम यादव अटेली ने अविलंब वेतन दिलवाने की बात कही है।
फोटो कैप्शन 3: सांकेतिक धरने पर बैठे नगर पालिका में सफाई कर्मचारी।
एसडीएम ने पालिका के सफाई कर्मियों का धरना करवाया समाप्त
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-दस दिनों में वेतन देने का दिया आश्वासन  
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 कनीना। नगरपालिका के सफाई कर्मचारियों को 5 माह से वेतन न मिलने पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे कर्मियों को दस दिन में वेतन देने का आश्वासन दिया जिसके चलते कर्मियों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की।      
 धरने पर बैठे कर्मियों ने बताया कि वे नगर पालिका कनीना में लंबे समय से कार्यरत है तथा उनको पिछले 5 माह से वेतन न मिलने के कारण आज उनका परिवार भूखा मरने के कगार पर पहुंच गया है लेकिन उनकी उनके विभाग ने कोई नहीं सुनी जिसको लेकर उन्होंने गत दिवस से नगर पालिका गेट पर धरना शुरू कर दिया। धरने पर बैठे विभिन्न सफाई कर्मचारियों ने बताया कि पिछले 5 माह से सचिव नगर पालिका को वेतन दिलवाने की मांग कर रहे थे लेकिन आजकल करते करते उन्होंने हमारी बात को महत्व नहीं दिया जिसको लेकर हम 2 दिनों से धरने पर बैठे हैं।  
 धरने की सूचना पाकर कनीना के एसडीएम दिनेश कुमार धरनना स्थल पर पहुंचे, कर्मियों से बात की, समस्या को जाना। उन्होंने दस दिनों में 10 दिन में वेतन दिलवा  देने का आश्वासन दिया। इससे प्रसन्न होकर कर्मी काम पर चले गये और धरना समाप्त कर दिया। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि जिस भी कर्मचारी ने इन कर्मियों का वेतन को रोका है उसके खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा ताकि भविष्य में आपके साथ इस तरह की खिलवाड़ ना हो।
 वही नगरपालिका के प्रधान सतीश जैलदार, पूर्व पालिका प्रधान मास्टर दलीप सिंह, नगर पालिका के उप प्रधान अशोक कुमार ठेकेदार, पार्षद दलीप सिंह के डा रवि शर्मा के अलावा कस्बे के अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 6: धरने पर बैठे कर्मियों को समझाते हुए एसडीएम कनीना दिनेश कुमार।









पूर्व मैनेजर का कैसर से निधन
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कनीना। भाजपा नेता ओमप्रकाश लिसानिया के बड़े चचेरे भाई प्रताप सिंह अग्रवाल पूर्व मैनेजर पंजाब नेशनल बैंक का 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे तीन महीने से कैंसर से पीडि़त चल रहे थे। राजीव गांधी कैंसर अस्पताल दिल्ली में उन्होंने अपने अंतिम सांस ली। अपने पीछे पत्नी के अलावा दो बेटे दो, बेटियां पोते, पोतियां,भाई  बहनों से भरा पूरा परिवार छोड़ कर गए हैं।  श्री लिसानिया ने बताया कि उनके परिजनों को फोन संदेश से शोक संवेदना दी जा सकती है। उनकी अंत्येष्टि में तेजराम, महावीर भगवान दास, ओम प्रकाश,मदनलाल, गौरी शंकर श्रीभगवान,राकेश, प्रवीण, अभिषेक ,अनिल के साथ कई लोग शामिल हुए।
फोटो कैप्शन: प्रताप सिंह पूर्व मैनेजर पीएनबी कनीना।


 




कनीना न्यायालय ने 2 को घोषित किया भगोड़ा
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कनीना। कनीना न्यायालय ने में लंबे समय से अनुपस्थित रहने वाले अनिल उर्फ नब्बु उर्फ बब्बू तथा फकरू को न्यायालय ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। 2016 से इनके विरुद्ध मामला चला आ रहा था। बार-बार बुलाए जाने पर भी हाजिर नहीं होने पर इन्हें पीओ घोषित कर दिया है।





भोजावास में लगी 96 डोज
-बुधवार को 70 डोज बिना पंजीकरण के दी जाएंगी
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कनीना। कनीना उपमंडल के गांव भोजावास पीएचसी में 18-44 आयु वर्ग के युवाओं को 96 डोज लगाई गई।
 राजकुमार एचआई भोजावास ने बताया कि 18-44 आयु वर्ग के युवाओं को ये डोज दी गई हैं। अपंजीकृत युवाओं को दी जाएंगी 70 डोज - कनीना उप नागरिक अस्पताल में बुधवार को 170 डोज 18 से 44 आयु वर्ग को दी जाएगी। पहले $160 दिए जाने की बात कही गई थी किंतु 10 डोज भोजावास से आने के कारण  170 निर्धारित हुई हैं। एसएमओ डा धर्मेंद्र यादव तथा कंप्यूटर आपरेटर पवन कुमार ने बताया 100 डोज आनलाइन तथा 70 डेज आफलाइन दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि बुधवार 12 बजे तक आनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने वालों को डोज दी जाएंगी तत्पश्चात 70 डोज आफलाइन 18 से 44 आयु वर्ग को दी जाएंगी।






दिनभर खुली ओड नंबर की दुकानें
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 कनीना। कनीना में सोमवार को ओड-इवन के चक्कर में जहां दिनभर दुकानें नहीं खुल सकी किंतु मंगलवार को विधिवत रूप से ओड/विषम नंबर की दुकानें खोली गई। सोमवार को सभी दुकानों पर ओड एवं इवन नंबर दे दिए गए थे। मंगलवार को जहां ओड नंबर की दुकानें खुली तो बुधवार को इवन नंबर की दुकानें खुलेगी। व्यापार एकता मंच के अध्यक्ष महेश बोहरा ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते जो सरकार ने निर्णय लिया है वह यथा योग्य है। ऐसे में उन्होंने वह ऐतिहात के सभी कदम उठाए जाने, मास्क लगाकर सामान देने तथा ग्राहकों को भी मास्क लगाकर आने देने, 2 गज की दूरी अपनाने तथा नियमों का सख्ती से पालन करके सरकार का सहयोग करें।






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जानिये ग्रहण के बारे में/ अंधविश्वास से बचे
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कल लगेगा चंद्र ग्रहण
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कनीना। 26 मई 2021 बुधवार को  इस साल का  पहला चन्द्र ग्रहण होगा । वैशाखी  पूर्णिमा के दिन लगने वाला  पूर्ण चन्द्र  ग्रहण जो भारतवर्ष में दिखाई नहीं देगा। यह उपछाया चन्द्र ग्रहण होगा । इस अद्भुत घटना का समय 26 मई को दोपहर 3:15 से लेकर 7:19 होगा और चन्द्रमा लाल सुर्ख हो जायेगा। इसे ब्लड मून भी कहते हैं । यह दक्षिण अमेरिका, उतरी अमेरिका, पूर्वी एशिया, प्रशान्त महासागर, आस्ट्रेलिया, अंटार्कटिका में पूर्ण चन्द्र ग्रहण दिखाई देगा। भारतवर्ष में देश के उत्तर पूर्वी भाग मे पश्चिम बंगाल, उङीसा, अण्डमान निकोबार द्वीप समूह में आंशिक रूप से दिखाई देगा।  चन्द्रमा पूर्वी क्षितिज से नीचे होने के कारण हरियाणा वासियों को चन्द्र ग्रहण देखने को नहीं मिलेगा । अगला चन्द्र ग्रहण 19 नवंबर 2021 को लगेगा । चन्द्र ग्रहण उस खगोलीय स्थिति को कहते हैं जब चन्द्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी परछाया में आ जाता है। एंसा तभी होता है जब जब सूर्य ,पृथ्वी ,और चन्द्रमा इस क्रम में लगभग एक सीधी रेखा में अवस्थित हो। चन्द्र ग्रहण केवल पूर्णिमा को घटित हो सकता है ।यह चन्द्र ग्रहण मे चन्द्रमा पहले काले फिर धीरे धीरे सुर्ख लाल रंग में तब्दील हो जायेगा ।
    पृथ्वी अपने उपग्रह, चांद को लेकर जब सूरज के चक्कर लगाती है तो पूर्णिमा के दिन सूरज और चांद के बीच में पृथ्वी आ जाती है और सूरज की रोशनी को चांद पर पडऩे से रोक देती है, इस कारण चंद्रमा की चमक खत्म हो जाती है और चांद की सतह काली या कम चमकीली पड़ जाती है। चांद की इस स्थिति को चंद्र ग्रहण कहते हैं। चंद्र ग्रहण पूर्ण या आंशिक हो सकता है। यह एक खगोलिये घटना है और विज्ञान का नियम है, इसमें राहु केतु का कोई रोल नहीं है। वैसे भी राहु-केतु कोई ग्रह नहीं हैं, ये काल्पनिक काल्पनिक बिंदु मान रखते हैं जिनका उपयोग कुछ मनुष्य जानबूझकर अपने स्वार्थ सिद्धि और  उदर पूर्ति  के लिए कर रहे  हैं। वे इससे आदमी को डराते हैं उन्हें उन में खौफ पैदा करते हैं और वह मनुष्य की अज्ञानता, अनजानपन और अनभिज्ञता का लाभ उठाते हैं, उनमें अंधविश्वास फैलाते हैंऔर वह आदमी  और  आदमियत को बौना बनाते हैं।
      चंद्र ग्रहण में किसी भी राहु या केतु का कोई रोल नहीं है क्योंकि राहुल या केतु आकाश में कोई बिंदु नहीं हैं, कोई ग्रह या उपग्रह नहीं हैं। इनका कोई अस्तित्व नहीं है, इनसे हमें डरने की जरूरत नहीं है। ग्रहण के दिन हमें अपने बच्चों को डराना नहीं चाहिए और ना ही डरना चाहिए। यह एक अद्भुत नजारा है, प्रकृति का चमत्कार है हमें इसका भरपूर आनंद लेना चाहिए और अपने बच्चों को इसके बारे में पूरी जानकारी देनी चाहिए इससे कोई अहित, हानि या समस्या  होने वाला नहीं है। यह एक खगोलीय घटना है, इसको इसी रूप में लीजिए। इससे देखने में कोई तकलीफ नहीं होने वाली है। अपने बच्चों को अंधविश्वासों के भंवर से निकाले।









कृष्ण कुमार दक्षिणी अमेरिका में चैंपियनशिप शूटिंग में लेगा भाग
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कनीना। दौंगड़ा अहीर के कृष्ण कुमार का लिमा-2021 पैरा वल्र्ड चैंपियनशिप शूटिंग पेरू दक्षिणी अमेरिका में आयोजित होने वाले टूर्नामेंट में चयन हुआ है। प्रतियोगिता 10 जून से 19 जून तक आयोजित होगा। उनकी इस उपलब्धि पर गांव में खुशी का माहौल है।
इस अवसर पर इंजीनियर अशोक यादव ने बताया कि कृष्ण की इस कामयाबी पर उन्होंने गांव ही नहीं बल्कि पूरे देश को ही गौरवान्वित किया है। ग्रामीणों को आशा है की कृष्ण इस ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करेगा। इस दौरान समाजसेवियों व बड़े बुजुर्गों ने आशीर्वाद देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस मौके पर पवन कुमार,सुरेंद्र, प्रधान शेर सिंह, टिंकू विक्की, अनिल, छोटा, जयप्रकश, मामन सिंह प्रधान सहित गांव के अनेक गणमान्य मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 8: कृष्ण कुमार जीत की आशा के शाथ विकटरी चिहऩ बनाते हुए।







हाइवे के निर्माण कार्य को त्वरित करवाने के लिए सौंपा ज्ञापन
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कनीना। बीएमडी क्लब द्वारा एसडीएम दिनेश कुमार कनीना के माध्यम से जिला उपायुक्त को ज्ञापन भेजकर बूचावास के पास 152-डी हाइवे के चल रहे निर्माण कार्यों की जांच कर जल्द से जल्द पूरा करवाने की अपील की हैं। साथ ही मनोहर लाल खट्टर  मुख्यमंत्री हरियाणा, मूलचन्द शर्मा परिवहन मंत्री, हरियाणा सरकार, नितिन गडकरी,सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री,भारत सरकार एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण दिल्ली मुख्यालय को भी मेल द्वारा भेजकर आवश्यक कार्यवाही के लिए अनुरोध किया हैं। ज्ञापन के दौरान चेयरमैन लक्की सीगड़ा, नवीन कुमार एवं पंकज कनीनवाल द्वारा एसडीएम कनीना को 152-डी हाईवे की इस समस्या से अवगत करवाया। लक्की सीगड़ा ने क्षेत्र की इस समस्या को ज्ञापन के माध्यम से उठाते हुए लिखा की हमारे जिले में 152-डी एक्सप्रेस वे गांव बुचावास में महेंद्रगढ़ -रेवाड़ी सड़क मार्ग के ऊपर से होकर निकलता है। इस पॉइंट पर लगभग मार्च महीने से चारों तरफ और ब्रिज का निर्माण कार्य एक साथ किया जा रहा हैं ओवर ब्रिज के निर्माण कार्य की वजह से रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ की तरफ जाने वाले वाहनों को करीबन डेढ़ किलोमीटर सर्विस रोड पर घूमना पड़ता है। इस सर्विस रोड की हालात निर्माण कार्य की वजह से बहुत दयनीय हैं। पूरे दिन धूल उड़ती रहती है  जिससे दोपहिया वाहनों को बहुत परेशानी होती हैं। कई बार तो इतनी धूल उड़ती हैं की सामने क्या साधन हैं दिखाई नहीं देता हैं। इस वजह से पिछले दिनों में बहुत सी दुर्घटनाएं होने से बची हैं। कई गाडिय़ों के ऊपर ट्रक के टायरों के नीचे से रोड़ा लगने से शीशे टूटने का भी नुक्सान हुआ हैं। प्रतिदिन कोई ना कोई ट्रक पलटा रहता हैं या फंसा खड़ा रहता हैं। कई बार तो एम्बुलेंस को भी 5 से 10 मिनट का इन्तजार करना पड़ जाता हैं। जब इस प्रोजेक्ट के कर्मचारियों एवं अधिकारियों से रास्ते को सही करने की की बात की जाती हैं तो वह लीपापोती कर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।  कर्मचारियों के अनुसार तो प्रतिदिन पानी का छिड़काव किया जाता हैं लेकिन ग्राउंड पर कुछ भी नजर नहीं आता हैं जो जांच का विषय हैं।
चेयरमैन लक्की सीगड़ा ने यह भी कहा की आम जन प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सड़क पर चलने का टैक्स सरकार को अदा करता हैं। अच्छी सड़क उपलब्ध होना आम जन का मूल-भूत अधिकार हैं। इस समस्या से जल्द से जल्द लोगों को निजात मिलनी चाहिए।  अगर ऐसा नहीं होता हैं तो लोगों को एक जुट होकर आगे आना पड़ेगा ताकि इस समया का समाधान करवाया जा सके। लक्की सीगड़ा ने जिला उपायुक्त महेंद्रगढ़ से अनुरोध करते हुए इस पूरे मामले के निर्माण कार्यों की जांच कर अति शीघ्र रेवाड़ी महेंद्रगढ़ सड़क के ऊपर से गुजरने वाले 152 - डी ओवर ब्रिज के कार्यों को प्राथमिकता से करवाने अपील की है ताकि आवागमन करने वालों को कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
फोटो कैप्शन 7: एसडीएम दिनेश कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए लक्की सीगड़ा व अन्य।





पावर हाउस के 48 कर्मियों को दी गई डोज
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 कनीना। कनीना उप नागरिक अस्पताल में 147 पावर हाउस कर्मियों को डोज देना निर्धारित हुआ था किंतु मंगलवार को केवल 48 कर्मचारी वैक्सीन लेने के लिए पहुंचे। वैक्सीन लेने वालों में सभी आयु वर्ग के कर्मचारी शामिल हुये। विस्तृत जानकारी देते हुए कंप्यूटर आपरेटर पवन कुमार तथा एसएमओ डा धर्मेंद्र यादव ने बताया कि बुधवार 18 से 44 आयु वर्ग के कर्मियों को वैक्सीन दी जाएगी। महज 160 वैक्सीन उपलब्ध हैं तथा और वैक्सीन अभी आनी हैं।






हेमसा के जिला प्रधान बने कोरोना योद्धा
-10 दिनों में ही मात दे दी कोरोना को
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 कनीना। हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के जिला प्रधान बाबूलाल करीरा ने महज 10 दिन में हंसते गाते कोरोना को मात दे दी। अब वे पूर्णरूप से स्वस्थ हैं।
बाबूलाल करीरा ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लगातार कार्य करते रहने तथा ऐतिहात के नियमों का पालन करते हुए भी 8 मई को उन्हें बुखार आया, जिसके चलते उन्होंने 13 मई को कनीना उप नागरिक अस्पताल में सैंपल दिया जिसकी 15 मई को पाजिटिव रिपोर्ट आई किंतु वे घबराए नहीं बल्कि हिम्मत से काम लिया। डाक्टरों द्वारा दी गई कुछ टेबलेट प्रयोग करते हुए, विशेष रूप से सकारात्मक विचार मन में रखते हुए परिवार से अलग रहकर कोरोना को मात दे दी। उन्होंने मंगलवार को फोन पर बताया कि अभी पूर्णरूप से स्वस्थ हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सकारात्मक विचार रखते हुए, फोन आदि से दूर रहकर, नकारात्मक विचार मन में न लाकर कोरोना का मार देना बहुत आसान है। उन्होंने कहा जब भी उन्हें समय लगा तब वे सुबह सवेरे ऐतिहात के नियम पालन करते हुए घर के अंदर घूमते फिरते रहे, योगाभ्यास किया, मनोरंजन के अलावा, प्रभु का मनन किया तथा शुद्ध सात्विक भोजन लेते हुए, फलों खट्टे फलों का अधिक प्रयोग करके कोरोना को मात दे दी है।
उन्होंने बताया कि कोरोना से डरने वाले लोग और हिम्मत हारने वाले लोग भगवान को प्यारे हो सकते हैं। ऐसे में उन्होंने कहा कि सभी लोग  कोरोना संक्रमित व्यक्ति को सकारात्मक विचारों से आगे बढ़ाएं तो तो कोरोना जल्दी भाग सकता है। उन्होंने कहा कि वे लगातार अच्छी कहानिया, अच्छे विचार पढ़ते रहा और उनकी स्थिति दिनोंदिन अच्छी होती चली गई और अब से पूर्णतया स्वस्थ हो गए हैं। उन्होंने खुशी जताई और लोगों से अपील की कि मास्क जरूर पहनें, 2 गज की दूरी अपनाएं तथा ऐतिहात के सभी नियमों का पालन करें।
फोटो कैप्शन: बाबूलाल करीरा हेमसा प्रधान।






हाइवे के निर्माण कार्य को त्वरित करवाने के लिए सौंपा ज्ञापन
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कनीना। बीएमडी क्लब द्वारा एसडीएम दिनेश कुमार कनीना के माध्यम से जिला उपायुक्त को ज्ञापन भेजकर बूचावास के पास 152-डी हाइवे के चल रहे निर्माण कार्यों की जांच कर जल्द से जल्द पूरा करवाने की अपील की हैं। साथ ही मनोहर लाल खट्टर  मुख्यमंत्री हरियाणा, मूलचन्द शर्मा परिवहन मंत्री, हरियाणा सरकार, नितिन गडकरी,सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री,भारत सरकार एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण दिल्ली मुख्यालय को भी मेल द्वारा भेजकर आवश्यक कार्यवाही के लिए अनुरोध किया हैं। ज्ञापन के दौरान चेयरमैन लक्की सीगड़ा, नवीन कुमार एवं पंकज कनीनवाल द्वारा एसडीएम कनीना को 152-डी हाईवे की इस समस्या से अवगत करवाया। लक्की सीगड़ा ने क्षेत्र की इस समस्या को ज्ञापन के माध्यम से उठाते हुए लिखा की हमारे जिले में 152-डी एक्सप्रेस वे गांव बुचावास में महेंद्रगढ़ -रेवाड़ी सड़क मार्ग के ऊपर से होकर निकलता है। इस पॉइंट पर लगभग मार्च महीने से चारों तरफ और ब्रिज का निर्माण कार्य एक साथ किया जा रहा हैं ओवर ब्रिज के निर्माण कार्य की वजह से रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ की तरफ जाने वाले वाहनों को करीबन डेढ़ किलोमीटर सर्विस रोड पर घूमना पड़ता है। इस सर्विस रोड की हालात निर्माण कार्य की वजह से बहुत दयनीय हैं। पूरे दिन धूल उड़ती रहती है  जिससे दोपहिया वाहनों को बहुत परेशानी होती हैं। कई बार तो इतनी धूल उड़ती हैं की सामने क्या साधन हैं दिखाई नहीं देता हैं। इस वजह से पिछले दिनों में बहुत सी दुर्घटनाएं होने से बची हैं। कई गाडिय़ों के ऊपर ट्रक के टायरों के नीचे से रोड़ा लगने से शीशे टूटने का भी नुक्सान हुआ हैं। प्रतिदिन कोई ना कोई ट्रक पलटा रहता हैं या फंसा खड़ा रहता हैं। कई बार तो एम्बुलेंस को भी 5 से 10 मिनट का इन्तजार करना पड़ जाता हैं। जब इस प्रोजेक्ट के कर्मचारियों एवं अधिकारियों से रास्ते को सही करने की की बात की जाती हैं तो वह लीपापोती कर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं।  कर्मचारियों के अनुसार तो प्रतिदिन पानी का छिड़काव किया जाता हैं लेकिन ग्राउंड पर कुछ भी नजर नहीं आता हैं जो जांच का विषय हैं।
चेयरमैन लक्की सीगड़ा ने यह भी कहा की आम जन प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सड़क पर चलने का टैक्स सरकार को अदा करता हैं। अच्छी सड़क उपलब्ध होना आम जन का मूल-भूत अधिकार हैं। इस समस्या से जल्द से जल्द लोगों को निजात मिलनी चाहिए।  अगर ऐसा नहीं होता हैं तो लोगों को एक जुट होकर आगे आना पड़ेगा ताकि इस समया का समाधान करवाया जा सके। लक्की सीगड़ा ने जिला उपायुक्त महेंद्रगढ़ से अनुरोध करते हुए इस पूरे मामले के निर्माण कार्यों की जांच कर अति शीघ्र रेवाड़ी महेंद्रगढ़ सड़क के ऊपर से गुजरने वाले 152 - डी ओवर ब्रिज के कार्यों को प्राथमिकता से करवाने अपील की है ताकि आवागमन करने वालों को कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
फोटो कैप्शन 7: एसडीएम दिनेश कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए लक्की सीगड़ा व अन्य।






भाविप की शाखा का किया गया विस्तार
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कनीन। भारत विकास परिषद शाखा कनीना की वर्चुअल बैठक कनीना शाखा प्रधान मोहन सिंह यादव की अध्यक्षता में हुई जिसमें उन्होंने शाखा कनीना कार्यकारिणी का विस्तार किया गया।
बैठक में आम सहमति से सरिता भारद्वाज को महिला प्रमुख ,अरुणा पार्षद को सह प्रमुख, संपर्क प्रमुख महेश बोहरा ,सेवा प्रमुख संतलाल धंनौदा संस्कार प्रमुख सुरेश शर्मा एक गांव एक शाखा संयोजक दिलीप सिंह पार्षद को मनोनीत किया गया। संरक्षक शाखा कनीना कंवरसेन  वशिष्ठ ने इस मौके पर कहा कि कार्यकारिणी के सभी सदस्य जनहित कार्यों में रुचि रखते हैं और भविष्य में वे शाखा कनीना के कार्यों का विस्तार करेंगे। और एक आदर्श शाखा स्थापित करेंगे। इस मौके पर लखनलाल कैमला, प्रेम सिंगला, उषा जांगड़ा ,जगदीश आचार्य ,योगेश ,शिव कुमार अग्रवाल मंडी अनिल सेहलंग मौजूद थे।







गांव कोटिया में सेनिटाइजर का किया छिड़काव
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 कनीना। उप-मंडल कनीना के गांव कोटिया में के दिन सेनिटाइजर का छिड़काव किया गया। कृष्ण कुमार और ओमप्रकाश की देखरेख में यह कार्य पूर्ण किया गया। उन्होंने बताया कि गांव में दूर ढाणियों तक भी लोग बसे हुए हैं। ऐसे में महामारी से बचने के गलियों, मोहल्लों में दवा का छिड़काव किया गया। उन्होंने कहा कि महामारी दिनों दिन बढ़ती जा रही है जिसके चलते गांव को सैनिटाइज करने की जरूरत समझी जा रही थी। उन्होंने कहा कि सरकार की गाइडलाइन का जरूर पालन करें। हाथों को सेनिटाइजर से बार-बार धोये, ग्लव्ज पहने, 2 गज की दूरी बनाए तथा हो सके इधर-उधर न घूमे। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को वैक्सीन लगवानी चाहिए। इस मौके पर महेश कुमार, जसवंत सिंह, दयाराम आदि जन मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 5: गलियों को सैनिटाइज करते हुए ग्रामवासी एवं कृष्ण कुमार।











Monday, May 24, 2021

 5 माह से कर्मियों को वेतन न मिलने पर बैठे अनिश्चितकालीन धरने पर
-नपा के 23 कर्मचारी वेतन से हैं वंचित
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 कनीना। विगत करीब 5 महीनों से 23 विभिन्न प्रकार के कर्मचारियों को उनका वेतन न मिलने के कारण सोमवार से नगरपालिका कार्यालय के भूमिगत तल में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। ये कर्मचारी सफाई कर्मचारी, माली, टेंपो चालक आदि कुल मिलाकर 23 हैं। जिला नगर उपायुक्त तक भी मामला पहुंचा हुआ है तथा उन्होंने भी वेतन निकालने का मौखिक आदेश दिया हुआ है। कर्मियों के वेतन को लेकर विगत दिनों हाउस  मीटिंग भी हुई थी जिसमें सभी पार्षदों ने सर्वसम्मति से वेतन देने का प्रस्ताव भी पारित कर दिया है।
धरने पर बैठे प्रदीप यादव, विक्की दरोगा, ढि़ल्लू राम, प्रमोद, प्रवीण कुमार, सोनू, प्रदीप कुमार, सचिन, राज कुमार, अजय कुमार, शिव कुमार, जितेंद्र, कैलाश, पूनम, ममता, विद्यानंद, केशव पुरुषोत्तम आदि ने बताया कि जनवरी माह से अब तक उनको वेतन नहीं मिला है। वे लगातार जी जान से अपने काम में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि डेढ़ साल से उनको पीएफ भी नहीं दिया गया है तथा कोरोना के चलते किसी प्रकार का मास्क सेनीटाइजर आदि कोरोना से सुरक्षा का सामान नहीं दिया गया है। उन्होंने बताया कि वे सभी  अधिकारियों से मिल चुके हैं बस उनको एक एक दिन पर टरकायेे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे अब अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए, जब तक उनका वेतन नहीं दिया जाएगा वे  धरने पर बैठे रहेंगे।
कर्मियों ने बताया कि वे इस संबंध में सचिव से मिले थे उन्होंने भी एमएलए के पास जाने का आदेश दिया है। जब इस संबंध में नगर पालिका सचिव नवीन पांडेय से फोन पर बार बार संपर्क साधा तो उन्होंने फोन तक नहीं दठाया।
उधर इस संबंध में इनको वेतन दिए जाने को लेकर के नपा पार्षदों की बैठक आयोजित की गई थी जिसमें सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर दिया गया है साथ में यह भी शर्त लगाई थी कि यदि सभी कर्मी काम पर नहीं आते तो सभी शर्षद इस्तीफा देंगे। इस संबंध में एक ज्ञापन भी डीएमसी सहित उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दिया है।
उधर इस संबंध में जब पालिका प्रधान सतीश जेलदार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वेतन निकालने का कार्य सचिव का होता है। उन्होंने रोष भरे लहजे में कहा कि सचिव, जेई तथा एमई विगत लंबे समय से कार्यालय में नहीं आ रहे हैं। यहां तक कि वर्तमान सचिव पर उन्होंने आरोप लगाया कि जबसे उन्होंने कार्यभार ग्रहण किया है दो बैठक आयोजित की गई किंतु दोनों में ही अनुपस्थित रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे कर्मियों का वेतन निकालने के लिए कटिबद्ध है। इस संबंध में वे डीएमसी से भी मिले हैं। उन्होंने इन कर्मियों की संपूर्ण जानकारी देते हुए वेतन निकालने की बात कही थी किंतु इतना होते हुए भी बात जस की तस है। नगर पालिका प्रधान का कहना है कि जब हाउस मीटिंग में इनका वेतन निकालने का प्रस्ताव पारित कर दिया है तो इसे किस सचिव या अन्य कोई अधिकारी क्यों रोक रहे हैं? उन्होंने कहा कि इन कर्मियों की अविलंब वेतन देने की देने के लिए कटिबद्ध है किंतु जब तक सचिव काम पर लौट कर इनकी वेतन नहीं तब तक वेतन निकालना असंभव लग रहा है। उधर धरने पर बैठे कर्मियों ने कहा कि अब वे करो या मरो की नीति पर चलेंगे जब तक वेतन नहीं तब तक धरने पर बैठे रहेंगे।
इस संबंध में विधायक सीताराम यादव से बात की तो उन्होंने कहा कि पालिका की ओर से सचिव की शिकायत उन्हें तथा मुख्यमंत्री को भेजी जा चुकी है। वे हर संभव प्रयास कर जल्द से जल्द समस्या समाधान कर इन कर्मियों का वेतन दिलवाएंगे चाहे मुख्यमंत्री तक क्यों न जाना पड़े? उन्होंने कहा कि सचिव की शिकायत मिल चुकी है। वे जल्द ही मुख्यमंत्री से बात करके इनका तबादला करवाने का प्रयास करेंगे।
वेतन देने में क्या है रुकावट-
  मिली जानकारी अनुसार ये कर्मी आउटसोर्सिंग /डीसी रेट पर लगाये जाते हें जिनकी अनुमति हर वर्ष लेनी पड़ती है। इनको एक वर्ष पूरा हो चुका है किंतु मंजूरी नहीं मिली है। सरकार का आदेश है कि नई नियुक्ति न की जाये किंतु ये कर्मी तो पुराने है बस वेतन एवं आगे रखे जाने की मंजूरी लेनी होती है। पालिका प्रधान का कहना है कि मानसून के चलते कुछ कर्मी अतिरिक्त लगाकर साफ सफाई करके कस्बे को बारिश से बचाने के प्रयास करने पड़ते हैं। पहले ही आबादी के हिसाब से 20 कर्मी कम लगे हुये हैं।
फोटो कैप्शन 11: धरने पर बैठे विभिन्न कर्मी साथ में पालिका प्रधान सतीश जैलदार।







युवक की दर्दनाक मौत के बाद समूचे परिवार ने कराया को टेस्ट
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कनीना। गांव कैमला में कोरोना महामारी से हुई एक युवक की मृत्यु के पश्चात उसके परिजनों ने कोरोना टेस्ट कराया। उक्त आशय की जानकारी भाजपा के वरिष्ठ नेता अतर सिंह कैमला ने देते हुए बताया कि 2 दिन पूर्व मेरे भतीजे की महामारी से दर्दनाक मौत हो गई थी जिसको लेकर सोमवार को समूचे परिवार का कोरोना टेस्ट कराया है तथा उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि  इस महामारी को हल्के में नहीं लेना चाहिए हम जैसा कोई हादसा किसी के साथ न हो सके।
फोटो कैप्शन 8: कैमला में आरटी-पीसीआर टेस्ट करती टीम।







इसराना में घर-घर जाकर जांचा आक्सीजन लेवल
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,कनीना। नेहरू युवा केंद्र नारनौल और आजाद युवा समिति  ईसराना के संयुक्त तत्वावधान में नेहरू युवा केंद्र स्वयंसेवक गीता व कार्तिकेय सहित युवा समिति के सदस्यों ने गांव इसराना में घर घर जाकर लोगों का आक्सीजन लेवल चेक किया।
नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवक कोरोना महामारी  दौरान लगातार लोगों को जागरूक कर रहे हैं स्वयं सेवक कार्तिकेय ने लोगों को मास्क के सही उपयोग एवं महामारी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में अवगत कराया साथ साथ  युवाओं को बड़े पैमाने पर टीका लगवाने के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं। यह कार्यक्रम नेहरू युवा केंद्र नारनौल के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है
नेहरू युवा केंद्र के अधिकारी युवा समन्वयक महेंद्र कुमार नायक व लेखाकार महेंद्र सिंह लगातार स्वयंसेवकों को उचित दिशा निर्देश देकर जागरूकता अभियान चलाए हुए हैं।
 कार्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर, युवा समिति सहित अन्य युवा सहयोग कर रहे हैं
इस दौरान. विक्रम ,शर्मिला, मोहित इसराना,चेतन, नवीन ,चंद्रपाल,मुकेंद्र,अंकित, आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 9: ईसराणा में आक्सीजन लेवल चेक करते समाजसेवी।






मंगलवार को लगेंगी पावर हाउस कर्मियों को डोज
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 कनीना। मंगलवार को 147 विभिन्न आयुवर्ग के पावर हाउस कर्मियों को डोज दी जाएंगी। कनीना सब-डिवीजन के तहत आने वाले सभी प्रकार के पावर हाउस कर्मी शामिल किए गए हैं जिनकी सूचि उप नागरिक अस्पताल में उपलब्ध है।
 विस्तृत जानकारी देते हुए एसएमओ डा धर्मेंद्र यादव तथा कंप्यूटर आपरेटर पवन कुमार ने बताया कि पहले यह सेशन 18 से 44 आयु वर्ग के युवाओं के लिए निर्धारित किया गया था किंतु उच्च आदेश आने के चलते अब विभिन्न आयु वर्ग के 147 पावर हाउस कर्मियों को ही यह कोरोनारोधी टीका दिया जाएगा।






दुकानों के ओड ओर इवन नंबर दिए गए
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 कनीना। कनीना के बस स्टैंड पर विभिन्न दुकानों के ओड और इवन नंबर आवंटित कर दिए गए है।
 मिली जानकारी के अनुसार एक दुकान एक नंबर तो दूसरी दुकान दो नंबर निर्धारित कर दिया गया हैं। जिला उपायुक्त और सरकार के आदेश अनुसार ओड और इवन का फार्मूला अपनाते हुए दुकान खुला करेंगी। एसडीएम दिनेश कुमार के निर्देशानुसार विभिन्न दुकानों के नंबर आवंटित कर दिए गए हैं, आवश्यक सेवाओं की दुकानें पहले से ही खुली हुई है। सोमवार को एक बार सभी दुकानें खुली किंतु पुलिस प्रशासन ने सभी को बंद करवा दिया था। यह ओड ओर इवन फार्मूला यद्यपि सोमवार से लागू हो गया है किंतु मंगलवार से विधिवत रूप से चलने की उम्मीद है।






160 डोज उम्रदराज के लोगों को लगाई
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 कनीना। कनीना उप-नागरिक अस्पताल में सोमवार को 160 डोज 45 प्लस के लोगों को लगाई गई। मंगलवार को 18-44 आयु वर्ग के 200 युवाओं को दी जाएगी जिसके लिए रजिस्ट्रेशन आनलाइन करना होता है। विस्तृत जानकारी देते हुए एसएमओ डाक्टर देवेंद्र यादव तथा कंप्यूटर आपरेटर पवन कुमार ने बताया कि लंबे समय से 45 प्लस के लोगों की डोज लगाने की मांग चल रही थी जिसके चलते 160 डोज 45 प्लस तथा 60 प्लस को दी गई। उन्होंने बताया कि मंगलवार को 18-44 आयु वर्ग के लोगों के लिए डोज दी जाएंगी। यही भोजावास तथा मुंडिया खेड़ा में भी 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन दी जाएंगी।






गांव रामबास में सैनिटाइजर का किया छिड़काव
-गांव में बना हुआ है आइसोलेशन सेंटर
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 कनीना। उप-मंडल कनीना के गांव रामबास में सोमवार के दिन सैनिटाइजर का छिड़काव किया गया। वेद प्रकाश नंबरदार की देखरेख में यह कार्य पूर्ण किया गया। वेद प्रकाश नंबरदार ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार तथा एसडीएम दिनेश कुमार, देवेंद्र कुमार पटवारी, जोगेंद्र सिंह ग्राम सचिव के दिशा निर्देशानुसार गांव में आइसोलेशन सेंटर बना हुआ है।
गांव में दूर ढानियों तक भी लोग बसे हुए हैं। ऐसे में महामारी से बचने के गलियों, मोहल्लों में दवा का छिड़काव किया गया। उन्होंने कहा कि महामारी दिनों दिन बढ़ती जा रही है जिसके चलते गांव को सैनिटाइज करने की जरूरत समझी जा रही थी। उन्होंने कहा कि सरकार की गाइडलाइन का जरूर पालन करें। हाथों को सेनिटाइजर से बार-बार धोये, ग्लव्ज पहने, 2 गज की दूरी बनाए तथा हो सके इधर-उधर न घूमे। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को वैक्सीन लगवानी चाहिए। इस मौके पर पूर्व सरपंच माया देवी, विक्रम सिंह, धर्मपाल, सुनीता देवी, रमेश कुमार चौकीदार, कपिल निंबल, ज्ञानेश्वर निंबल, रिंकू, कृष्ण आदि जन मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 5: गलियों को सैनिटाइज करते हुए ग्रामवासी एवं वेद प्रकाश नंबरदार।








कैसे आएगा कोरोना?
 खेतों में पेड़ पौधों की देखरेख कर रहे हैं दो किसान भाई
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 कनीना। कनीना कस्बा निवासी राजेंद्र सिंह और उनका भाई सूबे  सिंह जहां कनीना से दूर 3 किलोमीटर दूर खेतों में रहते हैं तथा इस समय उन्होंने विभिन्न प्रकार के फलदार पौधे उगा रखे हैं। जो दिन भर अपने पेड़ पौधों की
देखरेख में व्यस्त रहते हैं। न केवल विभिन्न हरी सब्जियां उगा रखी है अपितु आम, चीकू, जामुन नींबू आदि भी उगा रखे हैं जिनकी दिन-रात देखभाल करते रहते हैं। दोनों भाइयों ने बताया कि उनके पास कोई फुर्सत नहीं होती। यही कारण है कि अपने काम में मस्त रहते हैं। उन्होंने बताया कि इस समय भारी मात्रा में आम,चीकू व नींबू लगे हुए हैं। कोरोना से बचने के लिए पूरा परिवार ताजा फल और नींबू आदि का प्रयोग करते हुए जीवन जी रहे हैं। उनका कहना है कि न तो वे कस्बे में जा रहे हैं और न कस्बे के लोग उन तक आ रहे हैं। इसलिए उनका कहना है कि अब देखना है कि कोरोना कैसे आएगा?
कोरोना से सबक लेकर कर रहे हैं पौधों की सेवा--
उल्लेखनीय है कि राजेंद्र सिंह को विगत दिनों कोरोना हो गया था जिससे उन्होंने यह सबक लेकर यह विधि अपनाई है। राजेंद्र सिंह पहले कनीना कस्बा में प्रैक्टिस किया करते थे जिसके चलते कोरोना संक्रमित हो गए थे किंतु अब वे रोग से  मुक्तक हो गये हैं और लोगों को शिक्षा दे रहे हैं कि भीड़ में न घूमो।
 फोटो कैप्शन 7: चीकू पौधों की सेवा करते किसान राजेंद्र सिंह।





पर्यावरण को संरक्षित करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी- नवीन कौशिक
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कनीना।पर्यावरण संरक्षण के लिए एक और अनेक बुद्धिजीवी व सामाजिक वर्ग के लोग लगातार प्रयासरत हैं वही दूसरी तरफ मानव अपने अल्प लाभ के लिए हरे भरे पेड़ो की अंधाधुंध कटाई करवा रहा है जो प्रकृति के साथ खिलवाड़ है। जब जब भी किसी ने प्रकृति से छेड़छाड़ की मानव जीवन में अनेकों बीमारियों से ग्रस्त हुआ है और किसी महामारी ने भयंकर रूप धारण कर मानवता को प्रभावित किया है। इसलिए जितना हो सके पेड़ पौधों का संरक्षण करें।
 ये विचार सामाजिक संस्था बीइंग ह्यूमन सेवा मंडल के अध्यक्ष नवीन कौशिक समाजसेवी ने व्यक्त किये जो लगातार पर्यावरण को बचाने में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि हर रोज हरे पेड़ो की कटाई की जा रही हैं और गाडिय़ों में भरकर लोग प्रशासन की नाक के नीचे से इन पेड़ों को मंडियों में बेच देते हैं। अगर वन विभाग और पुलिस प्रशासन इन लोगों पर कोई सख्त कार्यवाही करें तो कुछ हद तक हरे पेड़ो की कटाई पर रोक लग सकती है। हमारे आस पास जितने भी जंगल, गौचर भूमि, बणी आदि थे सभी में हरियाली छाई रहती थी लेकिन धीरे धीरे सब हरियाली गायब हो गई क्योंकि इनके साथ लगते गांव के लोगों ने उन्हें काट कर जला दिया, जिस वजह से बारिश भी कम होती है और बीमारियां पनपती हैं। अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो निश्चित ही मानव अपने पतन का कारण खुद बनेगा।
उन्होंने बताया कि जून जुलाई में जैसे ही बारिश शुरू होती है हम पौधे वितरण का कार्य शुरू कर देते हैं। इन पौधों को संस्था खुद अपनी नर्सरी में तैयार कर लोगों तक पहुंचाती है और उनको संरक्षित करने के बारे में बताया जाता है।
फोटो कैप्शन  6: नर्सरी लगाकर पौधे वितरण करी तैयारी करते नवीन कौशिक।








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हास्य व्यंग्य
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नर-नारी और व्यापारी, करो घूंघट की तैयारी
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कनीना। नर-नारी और व्यापारी, कर लो घूंघट की तैयारी,
जान लगे अगर प्यारी, कर लो घूंघट की तैयारी।।
वैसे तो मास्क बहुत लाभप्रद साबित हो रहा है कोरोना जैसा रोग बुजुर्गों ने अपने जीवन में पहली बार सुना होगा। चाहे लोग चीन की बुहान लैब की उपज कहे या फिर तृतीय जैव युद्ध कहे किंतु इस अजीब वायरस ने कितने ही लोगों को बर्बाद कर दिया, कितनों की जान चली गई किंतु  ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी मास्क प्रयोग करने में गुरेज करते  हैं। तरह तरह के ताने दिये जाते हैं। इस मास्क को
अक्सर लोग कहते सुनी है कि घूंघट कर लो। इसका मतलब यह नहीं कि तुम औरत हो और तुमने पल्लू सिर पर डाल रखा है अपितु घूंघट करने का अर्थ होता है मास्क लगा लो। यह भी सत्य है कि महिलाओं को मास्क लगाने की कम जरूरत पड़ती है क्योंकि वैसे तो औरत अक्सर घूंघट में रहती है और घूंघट तो बहुत बड़ी चीज है। बेशक कलियुग में घूंघट हटाने पर महिलाएं तुली हैं और घूंघट करना उचित नहीं मानती। परंतु वो युग याद आता है जब हर औरत घूंघट में रहती थी। जो पूरे शरीर को ढकती थी वे शायद सैकड़ों वर्षों के आगे के इस रोग के बारे में जानकारी देती नजर आती थी। बुजुर्ग धोती पहनते हैं यहां तक की धोती से ही मास्क बना लेते हैं, अपने मुंह पर धोती लपेट लेते हैं। मास्क कुछ जातियों में कुछ धर्मों में विशेष रूप से पहनी जाती है जो कीटों को शरीर में जाने से रोकती है।
मास्क जब हमें रोगों से बचाती है तो प्रयोग करने में कोई बुराई नहीं है किंतु लोग मास्क भारी-भरकम वजन की इस चीज से भी तंग है। वे मास्क को हनुमान जी वाला पहाड़ मानते हैं और लगाने से भी डरते हैं ।
मास्क जान बचाती है, मास्क करो प्रयोग।
मास्क कीटों से बचाए, और बचाये रोग।।
हल्की सी मास्क है, ये कोई पहाड़ नही।
भूल गये लगाना तो, जिंदगी जाएगी कहीं।।
एक दिन के बात है जब मैं अपनी साइकिल पर जा रहा था, भीड़ ज्यादा थी। सड़क पार करनी थी तभी एक बस में भारी संख्या में लोग बैठे जा रहे थे। बस मरे सामने आ खड़ी हुई और क्रासिंग का इंतजार कर रही थी। उस बस से एक बच्चा खिड़की से झांक रहा था और पहले तो मुझे देखकर हँसा और फिर जोर से कहा- बाबा, क्यों डर रहे हो। रोग वोग कुछ नहीं है। मास्क और सिर पर पग्गड़ क्यों बांध रखा है। देख मैंने भी कुछ नहीं लगा रखा, कुछ नहीं होगा। मुझे बच्चे की बात पर शर्म आई कि इस बच्चे को क्या कहूं?
  हमारा दुर्भाग्य था। जहां मुझे बड़ा फील हुआ। क्यों लोग खुद तो कुछ करते नहीं और दूसरे को करने नहीं देते, उस बच्चे की बात सुनकर मैं चकित था कि खुद तो मास्क नहीं लगा रखा और हमें लगाने से मना करता है। खैर वह बस निकल गई, मुझे जैसे तैसे रास्ता मिला। सोचता ही चला गया। गत वर्ष जो रोग को झूठ बता रहे थे जब उन पर आ पड़ी तो दुहाई दे रहे हैं। टीके को नकली या रोग फैलाने में कारगर बता रहे थे वो आग टीका लगवाने के लिए लाइनों में खड़े हैं। यह है युवा भारत की सोच।
 लोग मास्क से छुटकारा पाना चाहते हैं और यही कारण है कि बहुत से तो लोग जिंदगी से छुटकारा पा गए, उनमें कुछ निर्दोष थे कुछ दोषी थे। कुछ मास्क न लगाने वाले दूसरों को मार रहे हैं। मास्क न लगाने वाले अपराधी हैं उन्हें पकड़ पकड़कर पीटा जाये तो कम है।
जब एक छोटे से कपड़े से हमारी जिंदगी बच सकती है तो जिंदगी बड़ी या यह कपड़ा बड़ा? दुर्भाग्य है देश में सरकार बढिय़ा फैसले लेती हैं लेकिन कुछ सिरफिरे न तो खुद करते और नहीं दूसरे को कुछ करने देते। ऐसे में हमें तो वह लोग बेहतर लगे जो घूंघट कह कर कम से कम मास्क तो लगा लेते हैं।
  मास्क नहीं लगाया चले गये, दे गये दर्द जहान।
 मास्क जीवनदायिनी, अब तो जाग, ले पहचान।।
मरना है तो मर जाओ, पर मास्क जरूर लगाओ।
जीवन जन का कीमती, इसे को जरूर बचाओ।।
मुझे याद है सरसों कटाई के दिनों की जब सड़क किनारे कुछ लोग मिले कोई थूक रहा था तो कोई नाक निकाल रहा था। पूछा कि क्या हुआ? तो उन्होंने बताया कुछ काले रंग के कीट सरसों से निकलकर उनकी आंखों व नाकों में चले गए। अगर मास्क होता तो ये जीव कैसे घुस जाते? कितनी अच्छी बात बताई है कि कपड़ा मुंह पर ढक लो अनेकों बीमारियों से पीछा छूट जाता है तो क्यों नहीं समाज को बताओ, घूंघट करो और कराओ।।
बचा ले जान, लगा ले मास्क, यह नहीं है पहाड़।
रोग कोरोना फैल रहा है, ले ले मास्क की आड़।।
खुद तो मरने जा रहे, औरों को क्यों मार रहे।
मास्क जरूरी मान ले, होशियार सिंह ये कहे।।








13 विभिन्न गांवों में मिले 23 कोरोना संक्रमित
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कनीना। 13 विभिन्न गांवों में 23  कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। कनीना क्षेत्र में कोरोना संक्रमित दिन प्रतिदिन कम होने लगे हैं। पाये गये संक्रमितों में भोजावास-7, कनीना-3, नौताना-2, धनौंदा, पाथेड़ा, नांगल, रसूलपुर, ढ़ाणा, बाघोत, दौंगड़ा अहीर, रामबास, करीरा एवं सिहोर में एक-एक कोरोना संक्रमित केस मिले हैं। एसएमओ धर्मेंद्र यादव का कहना है कि हर इंसान को ऐतिहात के कदम उठाने चाहिए। कोविड के नियमों का पालन करना चाहिए तभी इस महामारी से बचा जा सकता है। उन्होंने नियमित रूप से हाथों को सेनिटाइज करने, मास्क का प्रयोग करने, घर से बाहर न निकलने हाथों में ग्लव्ज पहनने की अपील की है।









एक बार सभी दुकानें खुली
-पुलिस ने करवाई बंद
-दुकानदार बैठे रहे दुकानों के बाहर
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कनीना। कनीना क्षेत्र में जहां लाकडाउन की अवधि बढ़ाने के बाद सोमवार को सुबह सभी दुकानदार दुकानें खोल कर सामान बेचने के लिए तैयार हो गए किंतु कनीना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुकानें बंद करवाई। केवल आवश्यक सेवाओं की दुकानें खुली रहीं परंतु दुकानदार भी दुकानों के बाहर बैठे दिखाई दिये। लंबे समय तक उनके समझ नहीं आया कि आड ईवन का नियम पालन होगा या नहीं? न ही दुकानों के बाहर दुकानों के कोई नंबर डाले गये।
विदित है कि विगत दिनों कनीना पुलिस ने दुकान खोल कर सामान बेचने वाले दुकानदारों के चालान भी काटे थे। किंतु दुकानदार यही नहीं समझ पाए कि कौन सी दुकान खुलेगी कौन सी नहीं?
 उधर शिव कुमार, दिनेश, महेश, पवन आदि ने बताया कि वे दिनभर समझ नहीं पाये कि कौन सी दुकान खोली जाएंगी। यद्यपि पुलिस ने सभी दुकानें बंद करवा दी, डाक्टर, बीज विक्रेता,मेडिकल स्टोर आदि की दुकानें खुली रही।
उधर कनीना पालिका प्रधान सतीश जेलदार से इस संबंध में बात की उन्होंने बताया कि उनके पास अभी तक कोई ऐसा संदेश नहीं आया है। सभी संदेश नगर पालिका सचिव के पास आते किंतु सचिव लंबे समय से कार्यालय नहीं आ रहा है और ना ही कोई संपर्क कर रहा है। ऐसे में दुकानदार दिन भर परेशान नजर आए।













नहीं सुधर रहे हैं लोग, खुद ही करना पड़ता है प्रबंध
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 कनीना। कनीना क्षेत्र में बेशक पुलिस और प्रशासन कोरोना के दृष्टिगत कितनी भी सख्ती बरतें परंतु लोग मानने वाले नहीं है। मोटरसाइकिल एवं वाहनों पर रात को, सुबह सवेरे हर समय लोग घूमते नजर आते हैं। यहां तक कि मास्क भी प्रयोग नहीं करते। दुर्भाग्य है कि एक ओर कोरोना को हराने के लिए सरकार और प्रशासन जी जान से जुटे हुए हैं किंतु ये लोग सरकार और प्रशासन को पीछे धकेलने में जुटे हुए हैं। जहां भी देखें दुकानों के बाहर फल
एवं सब्जी की दुकानों के बाहर लोग देखे जा सकते हैं। ऐसे में अपनी सुरक्षा अपने हाथ ही बन गई है। राजेश कुमार का कहना है कि जहां भी जाते हैं उन्हें लोगों के मुंह पर मास्क नजर नहीं आता। वह उनको काफी समझाते हैं किंतु लोग समझ नहीं पाते। ऐसे में वे अपना स्वयं ख्याल करते हैं ।उन्होंने बताया कि वे अब दो मास्क लगाने लग गए हैं।
दिनेश कुमार का कहना है कि लोगों को बिना मास्क देखकर दुखी है। उनका कहना है मास्क प्रयोग करना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं तो अपनी चुन्नी जैसे कपड़े को ही मास्क बनाए रखती है वहीं बूढ़े बुजुर्ग धोती को प्रयोग कर रहे हैं किंतु युवा पीढ़ी जानबूझकर मास्क प्रयोग नहीं करती। दूसरे राज्य से रह रहे लोग तो प्रशासन को कुछ भी नहीं मानते। उन्होंने सरकार से प्रशासन से मांग की है कि गलियों में भी चक्कर लगाए जाए और नियमों का पालन नहीं करते उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

Sunday, May 23, 2021

 

प्रथम और द्वितीय दोनों डोज लगेंगे सोमवार को
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 कनीना। कनीना के उप नागरिक अस्पताल में सोमवार 24 मई को प्रथम एवं द्वितीय कोरोना वैक्सीन 45 प्लस के लोगों को दी जाएंगी। लंबे समय से यह लोग इंतजार कर रहे हैं। महज 150 कोरोना वैक्सीन उपलब्ध हैं। ऐसे में करीब नौ बजे से ही कोरोना वैक्सीन देने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। जिनको दूसरी डोज का समय हो गया उन्हें दूसरी डोज दी जाएगी।
विस्तृत जानकारी देते हुए डा धर्मेंद्र यादव तथा
पवन कुमार कंप्यूटर आपरेटर ने बताया कि मैं 150 कोरोना वैक्सीन उनके पास उपलब्ध हैं। सोमवार को दोनों ही प्रकार की वैक्सीन दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नौ बजे के करीब डोज देने का सिलसिला शुरू हो जाता है। ऐसे में आन द स्पाट रजिस्ट्रेशन किया जाता है। लंबी कतार कोरोना वैक्सीन लेने वालों की लगी देखी गई है। विगत कई दिनों के बाद 45 प्लस के लोगों को वैक्सीन दी जाएगी। उन्होंने बताया कि गुढ़ा एवं ककराला में 200-200 वैैक्सीन तथा नांगल हरनाथ में डेढ़ सौ वैक्सीन दिए जाने का प्रस्ताव है। वैक्सीन आते ही इन गांव को भी वैक्सीन दी जाएंगी।








राकेश कुमार बने फायर स्टेशन आफिसर अब तक थे फायर अधिकारी
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 कनीना। कनीना निवासी तथा महेंद्रगढ़- कनीना पर कार्यरत एकमात्र फायर अधिकारी राकेश कुमार की पदोन्नति हो गई है। अब तक हुए कनीना और महेंद्रगढ़ दोनों उप-मंडलों पर कार्यरत थे और अब वे पूरे जिला नूह पर कार्य करेंगे। राकेश यादव ने बताया कि उनके तहत अब तावडू ,पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका, नूह क्षेत्र आएंगे तथा अब जिला स्तर पर कार्य करेंगे। क्षेत्र के लोगों ने उनकी पदोन्नति पर बधाई दी है। उन्होंने अपना कार्यभार नूह में ग्रहण कर लिया है।
 फोटो कैप्शन: राकेश यादव।







कोरोना से नरेंद्र ने हारी जिंदगी
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कनीना। भाजपा कनीना मंडल के अध्यक्ष अतर सिंह राजपूत कैमला के भतीजे नरेंद्र सिंह तंवर का करोना महामारी से निधन हो गया। उसका अंतिम संस्कार कोविड 19 के नियमों के तहत उनकेे गांव कैमला में किया गया। फोन पर संवेदना प्रकट करने वालों में क्षेत्र के विधायक सीताराम यादव ने अपने शोक संदेश में कहा कि नरेंद्र सिंह तंवर कैमला का हमारे बीच से  छोटी उम्र में चलें जाना दर्द की बात है। फोन पर संवेदना प्रकट करने वालों में सत्यवीर सिंह यादव सेहलंग, राजेंद्र प्रसाद भारद्वाज पोता, हनुमान शर्मा अगिहार, डा विनोद यादव करीरा हनुमान यादव सेहलंग  शिव कुमार शर्मा खेड़ी,  ओमप्रकाश कौशिक, लखनलाल जांगड़ा कैमला, अरुणा कौशिक, रोशनी देवी कनीना, शीला देवी, रामप्रताप यादव,  रामनिवास दुबट खेड़ी, बाबुलाल प्रधान, सुरेश अत्रि, महेंद्र सिंह यादव सिहोर, सुरेश यादव ,जितेंद्र सिंह यादव रामबास, कंवर सैन वशिष्ठ कनीना, राजकुमार भारद्वाज कनीना, अनिल परदेशी गाहडा ,कप्तान सिंह छिथरोली, ओमप्रकाश लिसानिया कनीना  आदि गणमान्य लोगों ने संवेदना प्रकट की है।
फोटो कैप्शन: फाइल फोटो नरेंद्र सिंह।








60 वर्षीय महिला ने कोरोना के चलते दम तोड़ा
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 कनीना। कनीना निवासी रामरति 60 ने कोरोना के चलते दम तोड़ दिया है। मिली जानकारी अनुसार कनीना की रामरति को 10 मई के दिन कनीना अस्पताल भर्ती करवाया गया था जो कोरोना पाजिटिव आई थी। 23 मई को उनकी मौत हो गई। मिली जानकारी अनुसार कनीना में अब तक 350 लोग कोरोना संक्रमित आ चुके आ चुके हैं इनमें से अधिकांश ठीक हो चुके हैं।





7 गांवों में 10 कोरोना संक्रमित मिले
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 कनीना। कनीना क्षेत्र में कोरोना संक्रमित घटते ही जा रहे हैं। रविवार को 7 गांवों में 10 कोरोना संक्रमित मिले हैं। मिली जानकारी के अनुसार ढ़ाणा, धनौंदा, सेहलंग में 2-2, कनीना, दौंगड़ा जाट, नौताना, कोटिया में 1-1 कोरोना संक्रमित मिले हैं।






पेड़ काटने वालों पर हो ठोस कार्रवाई
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कनीना। ककराला की बाबा भैया सेवा दल के प्रधान महेश कुमार ने शनिवार को नहर  पर हरे पेड़ों को पोकलैंड से गिराने वाले व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।  रात के अंधेरे में मशीन द्वारा इस कार्यवाही को अंजाम दिया गया यह बहुत ही निंदनीय हरकत है। इसमें सभी ग्रामवासी वन विभाग व नहर विभाग से मांग करते हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाये। संस्था के पर्यावरण विभागीय समन्वयक इंद्रपाल ने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा दोषी की काल डिटेल भी निकलवाई जाये ताकि विभाग के कर्मचारियों के साथ भी यदि सांठ गांठ है तो उसका भी पर्दाफाश हो सके।  उन्होंने सूखे जोहड़ों को नहर से भरने का रास्ता निकालने की मांग की है।
इस मौके पर पूर्व प्रधान डा राजीव, राकेश, राममेहर, उपप्रधान अजय, दीपचंद, युवा पर्यावरण सेवी सुनील, अजय व अन्य ग्रामीण मौजूद थे।



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हास्य व्यंग्य










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बंदर उठाकर ले गया फोन-एक खबर
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         ---होशियार सिंह यादव-
कनीना। बंदर उठा ले गया फोन।
अब बंदरों को भोजन नहीं मिलता, खाने की समस्या आ रही है और बंदर इधर-उधर छतों पर घूमते फिरते हैं। ऐसे में कनीना कस्बे से एक बंदर फोन उठाकर ले गया। शायद वह अपने साथी बंदरों को फोन करेगा कि किस जगह खाना उपलब्ध है, किसके घर में पेड़ों पर फल लग रहे हैं कौन सी बाड़ी आज उजाडऩी है, फोन उठाकर ले जाने से बहुत सी समस्याएं हल हो जाएंगी।
यदि धरती पर इंसान के बाद सबसे खतरनाक जानवर कोई है तो बंदर है जो हमारी फसलों, फलों, सब्जियों और कितने यंत्रों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। कुछ लोग तो बिना सोचे समझे हनुमान की फौज बोल देते हैं परंतु सत्य है कि हनुमान दुनिया में एकमात्र ऐसे देव हैं जिस जैसा परम भक्त और शक्तिशाली दूसरा कोई देव न तो हुआ और न होगा। यह ठीक है कि युद्ध में उनका मुंह पर प्रहार पडऩे से थोड़ा मुंह इस प्रकार का हो गया कि लोग ऐसे देव का मजाक उड़ाते हैं बंदर जैसी शक्ल बनाने लग गए। अपने देव का लोग मजाक करने में कोई कसर नहीं छोड़ते। हकीकत यह है कि उनका ऐसा बिगड़ा हुआ रूप कभी नहीं था। आर्य समाजी भी मानते हैं कि हनुमान सर्वशक्तिमान देव हैं।  ऐसे देव को प्रणाम करना चाहिए। परंतु हनुमान की फौज बंदर नहीं हो सकती चूंकि बंदर कभी किसी का भला नहीं सोचते परंतु कभी हनुमान ने किसी का बुरा आज तक नहीं किया है। परहित में जीवन जीते आ रहे हैं और जीते रहेंगे।  ऐसे महान है हमारे देव हनुमान जी परंतु दुर्भाग्य है लोग बंदरों को पूजते हैं, उन को खाना खिलाने के लिए दूरदराज जाते हैं। ठीक है कि ये भी जीव हैं और जीने का अधिकार है। जिस जगह एकांत में रहते हैं इन्हें खाने की भी जरूरत होती है और खाना खिलाना चाहिए लेकिन इनको पूजना अच्छी बात नहीं। वरना घर एवं छत पर आये तो पूजने की बजाय लट्ठ से बात न की जाये। किसी भी गांव और शहर में देखें सबसे अधिक नुकसान बंदरों ने पहुंचाया है। किसानों की सबसे अधिक क्षति नील गायों ने पहुंचाई है तो फिर इनको जीव जरूर मानते हैं परंतु यह नुकसान के अलावा कुछ नहीं करते। कितने ही लोग मौत के शिकार हो गए। इन बंदरों के कारण कितने ही लोगों ने बंदरों के काटने की पीड़ा सही है। वास्तव में बंदर वह खतरनाक जानवर है जो इंसान को गर्त में ले जाता है। किसी के घरों पर यदि देखा जाए तो कांटेदार बाड़ लगी है। बाड़ को टंकियों पर देखकर लोग समझ जाते हैं कि बंदर से बचने के लिए ऐसा किया गया है घरों की शोभा बिगाडऩे में लोग मजबूर हैं। बंदर और चूहे की एक विशेषता होती है कि वे खाते हैं और उससी थाली में छेद कर जाते हैं। टंकियों में मलमूत्र त्याग जाते हैं, नहा जाते हैं और वही पानी यदि इंसान प्रयोग कर ले तो कई रोगों का शिकार होना पड़ेगा क्योंकि बंदर एक ऐसा जानवर है जो शाकाहारी के अलावा मांसाहारी है। मांस ,अंडे जीव जंतु को पकड़कर खाने में बड़ा माहिर है। यह सत्य है कि इसमें बुद्धि की कमी नहीं है। बंदर का कुछ शरीर एवं अंदरूनी अंग इंसान से मिलते जुलतेे होने के कारण प्रयोगशाला में जरूर बंद काम आता है और प्रयोग किये जाते हैं। अब बंदर फोन उठा ले गए जो सिद्ध करता है कि यह फोन करेगा। ककराला गांव की कहानी मुझे याद आती है कि एक शख्स अपनी रेजर से दाढ़ी बना रहा था। छत पर दाढ़ी बना रहा था तभी उनके साथी ने द्वार पर आवाज लगाई। रेजर को छोड़कर वह जन नीचे आ गया और दाढ़ी बनाने के तरीके को एक बंदर बैठा देख रहा था जो है। वह व्यक्ति अपने साथी से मिलने छत से नीचे गया, बंदर ने सोचा क्यों नमैं भी दाढ़ी बना लूं और बंदर ने रेजर उठाया और जोर से अपने गाल पर खींच दिया। जब खून की पिचकारी आई तो रेजर फेंक शीशा तोड़ डाला। जब व्यक्ति अपने मित्र से मिलकर छत पर चढऩे लगा तो शीशा उसके सिर पर लगा। उसके होश ठिकाने लग गये। बंदर नकल में एक नंबर है परंतु बंदर घुड़की बहुत प्रसिद्ध है। बंदर, कुत्ता, बिल्ली और किसी भी जीव के आगे डर के मारे दौड़ पड़े तो ये जीव से नहीं बख्शेंगे क्योंकि ये समझते हैं कि इंसान डर गया और जो डर गया वह मर गया। अगर बंदर के सामने खड़े रहे, बंदर घुड़की मारेगा अगर उसमें डर गए तो मर गए, बच गए तो बंदर  उल्टे पांव दौड़ जाएगा। इसलिए इन जीवों के सामने भाग पड़ोगे तो मारोगे। जब तक हाथ में कोई डंडा चप्पल कुछ भी है ये जीव पास नहीं आएंगे।
एक कहावत है बंदर सा रूसना। यदि बंदर को जो करंट लग जाता है या कोई चपत लग जाती है तो बंदर ऐसे बैठा मिलेगा जैसे कई दिनों से खाना नहीं मिला हो। बुजुर्ग कहते है कि बंदर और बच्चा अगर हरकत में नहीं है तो वे बीमार हैं।
याद रहे बंदर के काटने से रेबीज होने का खतरा बढ़ जाता है, बंदर कुत्ता और लंगूर आदि काटने से रेबीज होता है इसलिए इनकी टीके लगवाने पड़ते हैं। कितने ही लोग मजबूरी में बंदरों के काटने से टीके लगवा चुके हैं और लगाते रहेंगे।
जो भी हो बंदर खतरनाक जानवर है और अब गर्मी के दिनों में फोन की जरूरत हो गई है। अपने फोन को संभाल कर रखना, ये बंदर अब उठा उठा कर फोन ले जाएंगे और आपस में बातें करेंगे और फिर देखना किसी के घर में फल, फूल, सब्जी खत्म जाएंगे, झुंड के रूप में आएंगे और तबाह कर चले जाएंगे। सावधान रहना बंदरों से वरना कहोगे बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद।।




फिर हुई बूंदाबांदी
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 कनीना। कनीना क्षेत्र में सुबह रविवार को हल्की बूंदाबांदी हुई। जहां मंगलवार और बुधवार की रात को 36 एमएम बारिश हुई थी तत्पश्चात शुक्रवार की सुबह 7 एमएम बारिश हुई और रविवार को फिर से बूंदाबांदी हुई।
अभी भी मौसम सुहावना बना हुआ है ।मौसम विभाग बारिश होने की संभावना पहले ही जता चुका है।






आवश्यकता आविष्कार की जननी है
-अब किसानों के लिए उपलब्ध है खाद बिखेरने की मशीन
-घंटों का काम होता है मिनटों में
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  कनीना। कनीना क्षेत्र में अब खाद बिखेरने की मशीन प्रसिद्ध हो रही है। फसल कटाई के उपरांत किसान अपने खेतों में गोबर का या कंपोस्ट खाद खेतों में डालते हैं किंतु इस खाद को डालना बहुत कठिन कार्य होता है। पहले ट्रैक्टर आदि कूड़े कचरे और गोबर को खेतों तक पहुंचाया जाता है, तत्पश्चात धीरे-धीरे उसे खेत में डाला जाता है, इसके बाद पूरे खेत में उसे कस्सी से बिखेरा जाता है किंतु अब किसानों को इन झंझटों  से नहीं गुजरना पड़ेगा। उनके लिए ऐसी मशीन आ गई है जो ट्रैक्टर से संचालित होती है। प्रति ट्राली 500 रुपये में खाद बिछडऩे के लेती है।
 किसान कृष्ण कुमार, योगेश कुमार, रोहित कुमार आदि ने बताया कि उन्होंने कपूरी गांव से इस प्रकार की मशीन मंगवाई थी जो प्रति ट्राली खेत में खाद बिखेरने के लिए 500 रुपये लेती है किंतु जो कार्य कई घंटों में होता था वह चंद मिनटों में पूरा हो जाता है। यही कारण है कि अब किसान एक और जहां अपनी सभी सुविधाएं ढूंढते हैं वहीं कृषि करना आसान बनाता जा रहा हैं। इसे आवश्यकता आविष्कार की जननी कहा जा सकता है
एक ट्राली खाद बिखेरने में 10 से 15 मिनट का समय लेती है और किसान इस मशीन से प्रसन्नचित नजर आते हैं।
जहां विगत महीनों गेहूं की कटाई के समय भी मजदूरों के अभाव में किसानों ने दो प्रकार की मशीनें प्रयोग की थी। एक मशीन कंबाइन हार्वेस्टर नाम से जानी जाती है जो तुरंत ही खेत के गेहूं की खेती से किसान को गेहूं अलग करके दे देती है। करीब एक घंटे में 1 एकड़ से भी अधिक खेत की कटाई कर देती है। वही तत्पश्चात तूड़ी के लिए एक अलग से मशीन आई जिसने खेत में खड़े हुए गेहूं के ठूंठ को तूड़ी में बदला। इस प्रकार किसान आजकल खेतों में पुराने समय में जो कार्य करते थे वो सिमटते जा रहे हैं और किसान आलसी बनता जा रहा है।
 फोटो कैप्शन 4: खेत में खाद बिखेरती मशीन।







कनीना से महेंद्रगढ़ रोड को चौड़ा किया जाए
-डंपरों पर लगाम कसने की मांग
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 कनीना। कनीना से महेंद्रगढ़ कहने को तो 20 किलोमीटर मार्ग है किंतु सिंगल मार्ग होने की वजह से अब भीड़ बढऩे लगी है।  लोगों और समाजसेवियों ने इसे चौड़ा करने की मांग की है।
 वाहन चालक महेश कुमार, कुलदीप बोहरा, डा अजीत शर्मा, रवि कुमार, रोहित यादव आदि ने बताया कि जब यह कभी महेंद्रगढ़ काम से जाते हैं तो पूरे रास्ते साइड ले पाना कठिन हो जाता है। उनका कहना है कि भारी संख्या में डंपर चलते हैं। आगे से भी डंपर और पीछे से भी डंपर चलते रहते हैं जो न तो साइड देते और यह रोड जर्जर होने से दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। जहां उन्हाणी के पास सड़क मार्ग पूर्णता क्षतिग्रस्त हो गया है वहीं जगह-जगह गड्ढे बन गये है। गांव बुचावास के पास 152-डी हाइवे गुजर रहा है जहां से 3 किलोमीटर लंबा घुमाव पड़ता है। यहां बारिश के समय पानी भरा रहता है तथा आवागमन में बाधा आती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि डंपरोंपर लगाम कसी जाए। कोई सड़क मार्ग को चौड़ा किया जाए। उन्होंने कहा महज कनीना से महेंद्रगढ़ मार्ग सिंगल रह गया है बाकी सभी मार्ग लगभग चौड़े हो गए हैं। यह मार्ग कनीना ही नहीं अपितु 35 विभिन्न गांवों के लिए बहुत महत्वपूर्ण सड़क मार्ग है। इसे चौड़ा किया जाए। यहां तक कि कनीना बस स्टैंड के सामने अटेली-टी प्वांइट तक चार मार्गी बनाने का कार्य भी अभी तक अधर में अटका है जिसके चलते आवागमन में परेशानी हो रही है।
फोटो कैप्शन 5: कनीना-महेंद्रगढ़ मार्ग पर डंपरों का जोर।






मास्क एवं सेनिटाइजर किये वितरित
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कनीना। जिला उपायुक्त एवं जिला रेडक्रास प्रधान के दिशा निर्देश में उपमंडल स्तरीय कोविड जागरूकता अभियान खण्ड शिक्षा अधिकारी सत्यवान सिंह के नेतृत्व में मास्क और सेनिटाइजर वितरित किए गए।
उपमंडल को-आर्डिनेटर अजमेर सिंह दांगी ने बताया कि गाहडा रोड ,रेवाड़ी रोड, अटेली टी-प्वाइंट पर झुग्गी झोपडिय़ों में मास्क और सेनिटाइजर वितरित किए गए तथा कोविड के बारे में जागरूक किया गया। वैक्सीन अवश्य लगवाएं , दो गज की दूरी मास्क है जरूरी का पालन करें। जरूरी होने पर ही बाहर निकले, सामूहिक तौर पर है ताश खेलना, हुक्का पीने से परहेज करें  ताकि आमजन को इस महामारी से मुक्ति मिल सके इस मौके पर काऊंसलर रेखा देवी, ओम प्रकाश, सुशील कुमार, शर्मिला डीपी, विनोद कुमार ,देवेंद्र सिंह आदि उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 2: मास्क एवं सेनिटाइजर वितरित करते अजमेर सिंह एवं अन्य।







लाकडाउन में बढ़ा मकान बनाने का सिलसिला
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कनीना। ज्यो-ज्यों लाकडाउन चल रहा है त्यों-त्यों विभिन्न गलियों, मोहल्लों एवं गांवों में चिनाई एवं मकान बनाने का सिलसिला बढ़ा है। एक और जहां पंचायतें भी भंग हैं वही इन कार्यों में तेजी आ गई है। किसी भी गली से गुजरना कठिन हो रहा है चूंकि विभिन्न प्रकार का मकान बनाने का सामान डाल रखा है जिससे परेशानी बढ़ रही है।
वर्तमान में न तो कोई मजदूर फ्री है और न ही मकान बनाने वाला मिस्त्री। अधिकांश मजदूर मिस्त्री अपने राज्यों में लाकडाउन के डर से  पहले ही जा चुके हैं। लोकल मिस्त्री और मजदूरों की मांग बढ़ी है। जहां भी जाए चुनाई का काम मिलता है जिसको देखकर लगता है कि लाकडाउन का ला बेहतर ढंग से लाभ उठाया जा रहा है।