ताजा समाचार/विडियो/लेख का बेहतर ब्लाग
Best Blog for News/Video & Lekh
Thursday, April 23, 2020
कैप्टन आकाश यादव की हृदय गति रूकने से हुई मौत, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई ************************************ *********************************** ************************** कनीना। खंड के गांव स्याणा निवासी कैप्टन आकाश यादव की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। जिनका अंतिम संस्कार गुरुवार को उनके पैतृक गांव में किया गया। इस दौरान हलका विधायक सीताराम यादव, एसडीएम रणबीर सिंह, एसएचओ विकास कुमार, आर्मी के अधिकारियों व जवानों ने पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। गांव के सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण यादव ने बताया कि आकाश 70 इंजीनियरिंग बंगाल रेजिमेंट में वर्ष 2013 में बतौर लेफ्टिनेंट के पद पर भर्ती हुए थे। जो फिलहाल प्रतापपुर में कार्यरत थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार कैप्टन आकाश अपनी ड्यूटी पूरी करके रेजिडेंस में आ गए थे। वहां पर हृदय गति रुकने से उनकी मौत हो गई। उनके पिता सुरेश कुमार शिक्षक के पद से रिटायर्ड है व उनका बड़ा भाई हितेश भी सेना में मेजर के पद पर राजपूताना रेजिमेंट में कार्यरत है। बता दे कि 14 मार्च को उनका तबादला उत्तराखंड के रुड़की में किया गया था लेकिन लॉक डाउन की वजह से वे वहां पर ज्वाइन नहीं कर पाए थे। 5 मई को उनका रिलीवर आने के बाद उन्हें रुड़की में ज्वाइन करना था। कैप्टन आकाश का विवाह वर्ष 2017 में गांव खातोदडा निवासी निधि के साथ हुआ था। जो फिलहाल 8 माह से प्रेग्नेंट है। दो दिन पहले ही निधि की आकाश से बात हुई थी। वहीं कोरोना वायरस के चलते आर्मी के जवान उन्हें सलामी नहीं दे पाए। इस दौरान हलका विधायक सीताराम यादव, एसडीएम रणबीर सिंह, थाना प्रभारी विकास कुमार, खुफिया विभाग से एसआई शशिकांत शर्मा, विजेंद्र सिंह, पटवारी उम्मेद सिंह जाखड़, सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण सिंह यादव सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। फोटो कैप्शन: कै आकाश यादव।
राहत कोष में दिए 50 हजार ********************** ****************************** ***************************** कनीना। कनीना खंड के गांव करीरा की विभिन्न संस्थाओं ने एसडीएम रणवीर सिंह कनीना को 50 हजार रुपये की सहायतार्थ राशि भेजी है। अब तक 3.12 लाख रुपये की सहायतार्थ राशि करीरा की विभिन्न संस्थाएं भेज चुकी हैं। यह राशि मुख्यमंत्री कोरोनावायरस कोष में भेजी गई है। विस्तृत जानकारी देते हुए कैप्टन सुमेर सिंह, कैप्टन राम सिंह, सूबेदार रामकिशन ,हंसराज विकम आदि ने बताया की पूर्व सैनिक एवं पूर्व अर्धसैनिक बल संगठन की ओर से 50 हजार रुपये सहायतार्थ राशि भेजी है। इससे पहले भी गांव द्वारा 251000 भेजे जा चुके हैं। इसी क्रम में करीरा आर्य समाज की ओर से 11000 रुपये सहायता राशि दी है। उधर बाबा कृष्णानन्द आश्रम ट्रस्ट धनौंदा द्वारा कोरोना नामक वैश्विक समस्या से जूझ रहे लोगों की सहायतार्थ एसडीएम कनीना के मार्फत सीएम कोरोना रिलीफ फंड में 11 हजार रुपये देकर सरकार की मदद की है। आश्रम के जीतपाल सिंह तथा फतेचन्द दायमा ने बताया कि इससे पहले भी बाबा कृष्णानन्द आश्रम देश मेें आई किसी भी आपदा में बढ़-चढ़ कर अपना योगदान देते रहे हैं। वही इसी कड़ी में डाक्टर फतेचन्द दायमा धनौन्दा द्वारा भी मुख्य मंत्री रिलीफ फंड हरियाणा को 5,100 रुपये की राशी देकर सरकार की मदद की है। उधर कनीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चल रहे शेल्टर होम में खाने के वास्ते लोग जी जान से जुटे हुए हैं दान दक्षिणा दे रहे हैं। विस्तृत जानकारी देते हुए पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने बताया कि रामप्रसाद साहब ने 5100 रुपए, एएसआई अनिल मंदोली 5000 रुपये, धर्म वीर मिस्त्री 5100 रुपए, प्रदीप बलिया 5100 रुपए, ठेकेदार ओमप्रकाश भडफ़ ने 2100 रुपये तो विक्रम पुत्र डॉक्टर मेहरचंद ने 11000 रुपये तथा लाल सिंह ने 1000 रुपये दान दिया है। फोटो कैप्शन 1: सहायतार्थ राशि भेंट करते करीरा के जन।
कोरोनावायरस से बचाव के लिए मास्क बांट दे रही हे सलाह ************************ ************************ कनीना। कस्बा कनीना में वार्ड 9 की एक महिला अपनी रोटी रोजी कमाने के उपरांत बचे समय में जन सेवा में जुटी हुई है। वे घर पर मास्क बनाकर लोगों को वितरित कर रही है और कोरोना बीमारी से बचने की उन्हें सलाह दे रही है। मोनी देवी वार्ड नंबर 9 की निवासी है जो अपने परिवार का लालन पालन तो करती है वही समय बचते ही मास्क बना लेती हैं और अब तक उन्होंने 400 मास्क बनाकर क्षेत्र में मुफ्त दे दिए हैं ताकि कोरोनावायरस बच सकें। उन्होंने बताया कि विगत दिनों से जब वैश्विक बीमारी कोरोनावायरस के बारे में तो अपने परिवार की सुरक्षा हेतु बाजार से मास्क खरीदना पड़ा जो महंगा लगा। उन्होंने सोचा क्यों ना अपने घर पर सस्ता मास्क बनाने का प्रयास करूं। एक मास्क को बेहतरीन ढंग से उन्होंने सस्ते में बना डाला तत्पश्चात उनका मनोबल बढ़ा। उनके पति योगेश कुमार ने उनका मनोबल बढ़ाया और कहा कि जन सेवा हेतु मास्क बनाओ मैं लोगों को वितरित कर दूंगा। मनोबल इतना बढ़ाया कि मेोनी ने मास्क बनाने शुरू कर दिए।अब तो वे 20- 25 मास्क प्रतिदिन बना देती है और योगेश कुमार को दे देती है। योगेश कुमार अपने क्षेत्र में तथा दूरदराज भी जरूरतमंदों को बांट देते हैं। उनके सराहनीय कदम के सभी कायल है। एक महिला होकर भी जी जान से जुटी हुई है और लोगों को कोरोनावायरस से बचाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है जब तक बीमारी पूर्ण रूप से समाप्त नहीं हो जाएगी तब तक वे इसी प्रकार मास्क बनाती रहेगी। फोटो कैप्शन 02: मास्क बनाते हुए वार्ड 9 की मोनी।
खरीद के आठवें दिन 277 किसानों ने 7378 क्विंटल सरसों बेची -28 किसानों ने 1253 क्विंटल गेहूं बेचा ************************ ********************************** कनीना। कनीना अनाज मंडी तथा इसके तहत आने वाले तीन खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद त्वरित गति से जारी है जबकि गेहूं की आवक बहुत कम हो रही है। महज कनीना मंडी में ही गेहूं खरीद हो रही है। खरीद के आठवें दिन बुधवार को जहां 277 किसानों ने 7378 क्विंटल सरसों तो 28 किसानों ने 1253 क्विंटल गेहूं बेचा है। हैफेड चेयरमैन सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 93 किसानों ने 2551 क्विंटल, सेहलंग में 71 किसानों ने 1900 क्विंटल, दौंगड़ा अहीर में 64 किसानों ने 1603 क्विंटल तथा करीरा में 49 किसानों ने 1324 क्विंटल सरसों बेची है जबकि गेहूं 28 किसानों ने 1253 क्विंटल बेचा है। गेहूं की खुली बोली न होने से मंडी में आ रहा है कम गेहूं --- यद्यपि कनीना क्षेत्र में 19950 हेक्टेयर पर सरसों और 10400 हेक्टेयर पर गेहूं बोया गया है किंतु सरसों के मुकाबले बहुत कम गेहूं अनाज मंडी में आ रहा है। मिली जानकारी अनुसार हर वर्ष गेहूं की खरीद ओपन मार्केट में होती थी किंतु इस बार सरकार के आदेश अनुसार उन्हीं किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा जिन्होंने अपनी जमीन पर गेहूं उगाया है और रजिस्ट्रेशन करवाया है। यही वजह है कि बहुत से किसान तो रजिस्ट्रेशन ही नहीं करवा पाए और करीब 750 किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। यही कारण है कि प्रतिदिन 500 क्विंटल का आंकड़ा पार कर पा रहा है। किसान भी नाराज है। उनकी मांग है कि इन सभी किसानों का गेहूं खरीदा जाए।
टीम गठित की ********************** **************************** कनीना। उप- नागरिक अस्पताल कनीना की ओर से एक तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है जो पुलिस प्रशासन, एसडीएम कार्यालय, नाकों पर कार्यरत अधिकारियों की स्वास्थ्य जांच करेगी। विस्तृत जानकारी देते हुए एसएमओ डॉ धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि यह 3 सदस्यीय टीम उन लोगों की स्वास्थ्य जांच करेगी जो कोरोना वायरस को मिटाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक ओपीडी टीम गांव गांव जा रही थी जिसकी मांग को देखते हुए एक टीम और गठित कर दी है। इस प्रकार 2 टीमें विभिन्न गांवों में जाकर कार्य करेंगी।
खरीद के नौवें दिन 239 किसानों ने 6114 क्विंटल सरसों बेची -14 किसानों ने 573 क्विंटल गेहूं बेचा ********************************
********************************** कनीना। कनीना अनाज मंडी तथा इसके तहत आने वाले तीन खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद त्वरित गति से जारी है जबकि गेहूं की आवक बहुत कम हो रही है। महज कनीना मंडी में ही गेहूं खरीद हो रही है। खरीद के नौवें दिन बुधवार को जहां 239 किसानों ने 6114 क्विंटल सरसों तो 14 किसानों ने 573 क्विंटल गेहूं बेचा है। हैफेड चेयरमैन सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 88 किसानों ने 2300 क्विंटल, सेहलंग में 43 किसानों ने 1067 क्विंटल, दौंगड़ा अहीर में 63 किसानों ने 1676 क्विंटल तथा करीरा में 45 किसानों ने 1071 क्विंटल सरसों बेची है जबकि गेहूं 14 किसानों ने 573 क्विंटल बेचा है।
Wednesday, April 22, 2020
शेल्टर होम में रुके हुए लोगों ने भूख हड़ताल की *********************************** *********************************** *************************************** -वापस
अपने प्रदेश को जाने की कर रहे हैं मांग ********************************* -सुबह की चाय भी नहीं पी डीएसपी मौके
पर पहुंचे ******************************************* कनीना। पिछले करीब 1 महीने से राजकीय वरिष्ठ
माध्यमिक विद्यालय कनीना शेल्टर होम में रुके हुए दूसरे राज्यों के लोगों
ने आखिरकार परेशान होकर तीन घंटे भूख हड़ताल की। सुबह की चाय भी उन्होंने
नहीं ली। वे वापस अपने प्रदेश को जाने की मांग कर रहे हैं। कनीना के
शेल्टर होम में 49 उत्तर प्रदेश के लोग ठहरे हुए हैं जिसमें से सात रामपुर,
24 लखीमपुर, 6 शहजानपुर, 3 फर्रुखाबाद तथा 7 पीलीभीत से है दो अन्य ऐसे
व्यक्ति भी है जो अपना अता पता भी नहीं बता पा रहे हैं। विगत 30 मार्च से
शेल्टर होम में रुके हुए हैं। बेहतरीन खाना रहन-सहन,बिस्तर, पंखे आदि की
व्यवस्था की गई है जिसको लेकर के उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं
है लेकिन बुधवार की सुबह अचानक सभी भड़क उठे और प्रार्थना सभा मैदान में इकट्ठे हो गए सुबह जब करीब 7:00 बजे चाय पहुंचाई गई तो चाय लेने से इंकार कर
दिया। आखिरकार बात उच्च अधिकारियों तक पहुंची। उच्च अधिकारियों में कनीना
डीएसपी साधुराम बिश्रोई, विकास कुमार एसएचओ, एएसआई गोविंद सिंह सहित पुलिस
बल मौके पर पहुंचा उनकी समस्त जानकारी हासिल की। उन्होंने अपनी समस्याएं
उनके समक्ष रखी कि वे अपने वतन पर लौटना चाहते हैं और वहां अपने बच्चों की
देखरेख करना चाहते हैं। वे यहां बोर हो चले हैं। उन्होंने बताया की उनके
बच्चे घर पर परेशान हो रहे हैं। इसीलिए भी उनकी जरूरत है। उन्हें किसी भी
प्रकार अपने वतन को पहुंचाया जाए। उनका यहां तक कि यह भी कहना है कि यहीं
से बस आदि का प्रबंध किया जाए। इस मौके पर उपस्थित डीएसपी कनीना साधु
राम बिश्नोई ने उन्हें बताया कि वह इस मामले में वे उनकी बात उच्च
अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं जो भी निर्णय होगा सरकार का होगा। उसका वे
पालन कर करेंगे। अपनी तरफ से उन्हें उनके वतन नहीं लौटा सकते। ऐसे में
उन्हें समझा बूझाया, बार-बार विभिन्न अधिकारियों ने आकर उनको समझाया और
आखिरकार करीब 3 घंटे पश्चात दोपहर के खाने पर नगरपालिका कार्यालय में
पहुंचे लेकिन अभी भी उनका रोष समाप्त होता नजर नहीं आ रहा है। इस मौके पर
रमेश कुमार गिरददावर, श्रीराम प्राध्यापक, कंवरसेन वशिष्ठ, अमरजीत आदि
उपस्थित थे। फोटो कैप्शन: एक से 7 तथा 10 एवं 11 रोष दर्शाते हुए तथा अधिकारी उन्हें समझाते हुए।
बोर हो गए हैं शेल्टर होम में अपने वतन लौटना चाहते हैं ****************************** ********************************* कनीना। कनीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के शेल्टर होम में 30
मार्च से रुके हुए अधिकांश उत्तर प्रदेश के लोग आखिरकार परेशान हो चले
हैं, बोर हो गए हैं। वे अपने वतन जाकर अपने परिवार की देखरेख, फसल कटाई एवं
अनाज आदि का प्रबंध करना चाहते हैं। उनसे विस्तृत चर्चा की तो उन्होंने
बताया कि वे अब नहीं रुकना चाहते हैं। उन्हें यहां खाने-पीने, रहने सहने की
हर सुविधा उपलब्ध है। स्थानीय प्रबंध पर उन्होंने खुशी जताई किंतु अब लंबे
समय से घर की याद आ रही है। वे अपने घर परिवार की समस्याओं को लेकर अच्छी
खासे नाराज हैं। वे किसी प्रकार अपने घर जाना चाहते हैं। यहां ठहरे हुए
वीरेंद्र पाल लखीमपुर खीरी ने बताया कि उनके बच्चे घर पर परेशान है। उनके
केवल दो छोटी लड़कियां हैं। वे घर पर दुखी हैं। उनके लिए खाने पीने का
प्रबंध करना है यहां तक कि उनके बच्चे बार-बार बीमार हो रहे हैं इसलिए वह
वापस वतन को जाना चाहते हैं। उनकी फसल लावणी के लिए तैयार है। वे 16 मार्च
को हरियाणा में काम पर आए थे, लावणी करते हैं। ओम प्रकाश रामपुर का
कहना है कि उनके चार बच्चे हैं और वे 16 मार्च से हरियाणा आए थे। फसल कटाई
के बाद जब वापस जाना चाह रहे थे तो उन्हें पकड़ लिया गया। तत्पश्चात से
यहां पर ठहरे हुए हैं। चार बच्चों की देखरेख करने, फसल कटाई, अनाज का
प्रबंध आदि करने के लिए वे अपने घर जाने को लालायित हैं। सर्वेश कुमार
लखीमपुर ने बताया कि उनके चार बच्चे हैं। बच्चों की घर पर पढ़ाई की चिंता
होने जा रही है। वे अपने वतन लौट आना चाहते हैं। कमलेश कुमार लखीमपुर ने
बताया कि वे तीन बच्चों के पिता हैं। उनके खेतों में फसल खड़ी है। गेहूं की
कटाई उन्हें स्वयं करनी पड़ती है। ऐसे में वापस अपने वतन को जाना चाहते
हैं ताकि बीवी बच्चों के साथ मिलकर फसल कटाई कर सके और उनकी समस्या हल कर
सके। कनीना की ओर से दिया जाता बेहतरीन खाना- नगर पालिका प्रधान
सतीश जेलदार, एमई चमन लाल, सचिव राजाराम, लेखाकार शिवचरण शर्मा सहित
महेंद्र सिंह हलवाई, पवन कुमार पोंडा, ओम्रपकाश ठेकेदार, बिक्रम सिंह आदि
सभी निशुल्क सेवा प्रदान कर रहे हैं और इनके लिए बेहतरीन खाना नगर पालिका
कार्यालय में बनाकर इन्हें दिया जा रहा है। खाने पीने से बेहद खुश है वही
पंखों की व्यवस्था, सोने रहने, यहां तक कि साबुन, सेनीटाइजर और चाय पानी हर
प्रकार की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। समस्त कनीना वासी और आसपास के लोग
दान दक्षिणा से इस शेल्टर होम को चला रहे हैं। इन लोगों से बातचीत करने
पर पता लगा कि यहां किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है अपितु घरेलू याद सता
रही है। इसलिए यह वापस अपने घर जाना चाहते हैं। अधिकांश का कहना है कि
उन्हें घर पर बहुत अधिक काम है। घर की रोटी रोजी भी चलानी है। इसलिए उन्हें
वापस वतन को जाने दिया जाए। बहरहाल इन को भूख हड़ताल से समझा-बुझाकर
खाना तो खिला दिया लेकिन भविष्य का कुछ नहीं कहा जा सकता। अचानक फिर से
भड़कने के मूड में हैं और इधर उधर मायूस बैठे रहते हैं। बहरहाल विभिन्न
अधिकारी इनको समझाने के लिए समय-समय पर आ रहे हैं। फोटो कैप्शन 8-9 रोष जताते हुए तथा फोटो कैप्शन वीरेंद्र पाल, कमलेश कुमार, ओमप्रकाश आदि।
राहत कोष में दिए 50 हजार **************************** ****************************** कनीना। कनीना खंड के गांव करीरा की विभिन्न संस्थाओं ने एसडीएम रणवीर सिंह कनीना को 50 हजार रुपये की सहायतार्थ राशि भेजी है। अब तक 3.12 लाख रुपये की सहायतार्थ राशि करीरा की विभिन्न संस्थाएं भेज चुकी हैं। यह राशि मुख्यमंत्री कोरोनावायरस कोष में भेजी गई है। विस्तृत जानकारी देते हुए कैप्टन सुमेर सिंह, कैप्टन राम सिंह, सूबेदार रामकिशन ,हंसराज विकम आदि ने बताया की पूर्व सैनिक एवं पूर्व अर्धसैनिक बल संगठन की ओर से 50 हजार रुपये सहायतार्थ राशि भेजी है। इससे पहले भी गांव द्वारा 251000 भेजे जा चुके हैं। इसी क्रम में करीरा आर्य समाज की ओर से 11000 रुपये सहायता राशि दी है। फोटो कैप्शन 5: सहायतार्थ राशि भेंट करते करीरा के जन।
खरीद के आठवें दिन 277 किसानों ने 7378 क्विंटल सरसों बेची -28 किसानों ने 1253 क्विंटल गेहूं बेचा ********************************* कनीना। कनीना अनाज मंडी तथा इसके तहत आने वाले तीन खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद त्वरित गति से जारी है जबकि गेहूं की आवक बहुत कम हो रही है। महज कनीना मंडी में ही गेहूं खरीद हो रही है। खरीद के आठवें दिन बुधवार को जहां 277 किसानों ने 7378 क्विंटल सरसों तो 28 किसानों ने 1253 क्विंटल गेहूं बेचा है। हैफेड चेयरमैन सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 93 किसानों ने 2551 क्विंटल, सेहलंग में 71 किसानों ने 1900 क्विंटल, दौंगड़ा अहीर में 64 किसानों ने 1603 क्विंटल तथा करीरा में 49 किसानों ने 1324 क्विंटल सरसों बेची है जबकि गेहूं 28 किसानों ने 1253 क्विंटल बेचा है।
कोरोनावायरस से बचाव के लिए मास्क बांट दे रही है सलाह ********************************* *********************************** कनीना। कस्बा कनीना में वार्ड 9 की एक महिला अपनी रोटी रोजी कमाने के उपरांत बचे समय में जन सेवा में जुटी हुई है। वे घर पर मास्क बनाकर लोगों को वितरित कर रही है और कोरोना बीमारी से बचने की उन्हें सलाह दे रही है। मोनी देवी वार्ड नंबर 9 की निवासी है जो अपने परिवार का लालन पालन तो करती है वही समय बचते ही मास्क बना लेती हैं और अब तक उन्होंने 400 मास्क बनाकर क्षेत्र में मुफ्त दे दिए हैं ताकि कोरोनावायरस बच सकें। उन्होंने बताया कि विगत दिनों से जब वैश्विक बीमारी कोरोनावायरस के बारे में तो अपने परिवार की सुरक्षा हेतु बाजार से मास्क खरीदना पड़ा जो महंगा लगा। उन्होंने सोचा क्यों ना अपने घर पर सस्ता मास्क बनाने का प्रयास करूं। एक मास्क को बेहतरीन ढंग से उन्होंने सस्ते में बना डाला तत्पश्चात उनका मनोबल बढ़ा। उनके पति योगेश कुमार ने उनका मनोबल बढ़ाया और कहा कि जन सेवा हेतु मास्क बनाओ मैं लोगों को वितरित कर दूंगा। मनोबल इतना बढ़ाया कि मेोनी ने मास्क बनाने शुरू कर दिए।अब तो वे 20- 25 मास्क प्रतिदिन बना देती है और योगेश कुमार को दे देती है। योगेश कुमार अपने क्षेत्र में तथा दूरदराज भी जरूरतमंदों को बांट देते हैं। उनके सराहनीय कदम के सभी कायल है। एक महिला होकर भी जी जान से जुटी हुई है और लोगों को कोरोनावायरस से बचाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है जब तक बीमारी पूर्ण रूप से समाप्त नहीं हो जाएगी तब तक वे इसी प्रकार मास्क बनाती रहेगी। फोटो कैप्शन 13: मास्क बनाते हुए वार्ड 9 की मोनी।
शेल्टर होम में खाने वास्ते दिया दान **************************** ************************************ कनीना। कनीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में चल रहे शेल्टर होम में खाने के वास्ते लोग जी जान से जुटे हुए हैं दान दक्षिणा दे रहे हैं। विस्तृत जानकारी देते हुए पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने बताया कि रामप्रसाद साहब ने 5100 रुपए, एएसआई अनिल मंदोली 5000 रुपये, धर्म वीर मिस्त्री 5100 रुपए, प्रदीप बलिया 5100 रुपए, ठेकेदार ओमप्रकाश भडफ़ ने 2100 रुपये तो विक्रम पुत्र डॉक्टर मेहरचंद ने 11000 रुपये तथा लाल सिंह ने 1000 रुपये दान दिया है। धनोन्दा गांव के किसानों की सरसों खरीद शुरू ************************************ कनीना। धनौन्दा गांव के किसानों की सरसों कनीना मंडी में बिकने लगी है। इस गांव में स्थापित खरीद केंद्र बंद कर दिया गया था जिसके चलते समस्या बन गई थी। यहां गौरतलब है कि एक सप्ताह से प्रदेश की सभी मंडियों में किसान की सरसों की खरीद शुरू हो गई थी। इसी कड़ी कोरोना महामारी को लेकर कनीना मंडी के तहत करीरा, भोजावास, सेहलंग, कनीना तथा धनौन्दा गांव में सरसों खरीद के लिए केंद्र बनाए थे लेकिन किसी कारण वश धनौन्दा का केंद्र हटा देने के कारण ग्राम वासियों को अपनी सरसों बेचने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर होना पड़ा। धनौंदा गांव के किसान सरसों खरीद करवाने के लिए एसडीएम कनीना रणवीर सिंह से मिले ौर उनकी समस्या हल करते हुए अब धनौन्दा गांव के किसानों के पास भी सरसों बेचने के संदेश आने लगे हैं।
आश्रम ट्रस्ट ने दिए 11 हजार राहत कोष में *********************************** कनीना। बाबा कृष्णानन्द आश्रम ट्रस्ट धनौंदा द्वारा कोरोना नामक वैश्विक समस्या से जूझ रहे लोगों की सहायतार्थ एसडीएम कनीना के मार्फत सीएम कोरोना रिलीफ फंड में 11 हजार रुपये देकर सरकार की मदद की है। आश्रम के जीतपाल सिंह तथा फतेचन्द दायमा ने बताया कि इससे पहले भी बाबा कृष्णानन्द आश्रम देश मेें आई किसी भी आपदा में बढ़-चढ़ कर अपना योगदान देते रहे हैं। वही इसी कड़ी में डाक्टर फतेचन्द दायमा धनौन्दा द्वारा भी मुख्य मंत्री रिलीफ फंड हरियाणा को 5,100 रुपये की राशी देकर सरकार की मदद की है। फोटो कैप्शन 12 आपदा कोष में एसडीएम के मार्फत राशि का चेक भेजते धनौंदा के ट्रस्टी।
सात दिनों में 82863 बैग सरसों खरीदी है जबकि 5283 बैग उठान
*********************************** कनीना। कनीना अनाज मंडी तथा इसके तहत आने वाले तीन खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद त्वरित गति से जारी है जबकि गेहूं की आवक बहुत कम हो रही है। महज कनीना मंडी में ही गेहूं खरीद हो रही है। खरीदके सातवें दिन जहां किसानों ने 6696 क्विंटल सरसों तो 19 किसानों ने 877 क्विंटल गेहूं बेचा है। हैफेड चेयरमैन सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 40 किसानों ने 1200 क्विंटल, सेहलंग में 59 किसानों ने 1693 क्विंटल, दौंगड़ा अहीर में 72 किसानों ने 2597 क्विंटल तथा करीरा में 58 किसानों ने 1206 क्विंटल सरसों बेची है जबकि गेहूं 19 किसानों ने 877 क्विंटल बेचा है। अब तक सात दिनों में 82863 बैग सरसों खरीदी है जबकि 52836 बैग उठान किए जा चुके हैं जबकि गेहूं की दो दिनों में 30 किसानों से 1355 क्विंटल खरीद हुई है। गेहूं की खुली बोली न होने से मंडी में आ रहा है कम गेहूं --- यद्यपि कनीना क्षेत्र में 19950 हेक्टेयर पर सरसों और 10400 हेक्टेयर पर गेहूं बोया गया है किंतु सरसों के मुकाबले बहुत कम गेहूं अनाज मंडी में आ रहा है। मिली जानकारी अनुसार हर वर्ष गेहूं की खरीद ओपन मार्केट में होती थी किंतु इस बार सरकार के आदेश अनुसार उन्हीं किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा जिन्होंने अपनी जमीन पर गेहूं उगाया है और रजिस्ट्रेशन करवाया है। यही वजह है कि बहुत से किसान तो रजिस्ट्रेशन ही नहीं करवा पाए और करीब 750 किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। यही कारण है कि प्रतिदिन 500 क्विंटल का आंकड़ा पार कर पा रहा है। किसान भी नाराज है। उनकी मांग है कि इन सभी किसानों का गेहूं खरीदा जाए। फोटो कैप्शन 1: सरसों की खरीद करते हैफेड मैनेजर। गेहूं की खुली बोली न होने से मंडी में आ रहा है कम गेहूं संवाद सहयोगी,कनीना। यद्यपि कनीना क्षेत्र में 19950 हेक्टेयर पर सरसों और 10400 हेक्टेयर पर गेहूं बोया गया है किंतु सरसों के मुकाबले बहुत कम गेहूं अनाज मंडी में आ रहा है। मिली जानकारी अनुसार हर वर्ष गेहूं की खरीद ओपन मार्केट में होती थी किंतु इस बार सरकार के आदेश अनुसार उन्हीं किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा जिन्होंने अपनी जमीन पर गेहूं उगाया है और रजिस्ट्रेशन करवाया है। यही वजह है कि बहुत से किसान तो रजिस्ट्रेशन ही नहीं करवा पाए और करीब 750 किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। यही कारण है कि प्रतिदिन 500 क्विंटल का आंकड़ा पार कर पा रहा है। किसान भी नाराज है। उनकी मांग है कि इन सभी किसानों का गेहूं खरीदा जाए।
Tuesday, April 21, 2020
नोडल अधिकारी ने किया कनीना मंडी का औचक निरीक्षण ******************************** ****************************** ****************************** कनीना।
कनीना अनाजमंडी में नोडल अधिकारी आईएएस विकास यादव एवं एसडीएम रणबीर सिंह
ने मंगलवार को कनीना अनाज मंडी का औचक निरीक्षण कर सरसों व गेहूं खरीद का
जायजा लिया। उन्होंने दुकानों पर जाकर जांच की बल्कि मंडी में रहे
किसानों से बातचीत कर समस्याओं के बारे में पूछा। उन्होंने यह भी देखा कि
फिजिकल डिस्टेंस के आदेशों के साथ साथ मंडी में कहीं दूसरे जिले की फसल की
बिक्री हो रही है या नहीं। मंडी में निरीक्षण के दौरान उनके साथ एसडीएम
रणबीर सिंह, मार्केट कमेटी के चेयरमैन राजकुमार कनीनवाल,कनीना मार्केट
कमेटी के सचिव अदित्य यादव भी मौजूद थे। निरीक्षण के बाद उन्होंने कनीना
मार्केट कमेटी के अधिकारियों से पूछताछ कर पूरी स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने मंडी में अभी तक हुई अनाज की पूरी आवक की रिपोर्ट भी ली। किसानों
ने नोडल अधिकारी को सरकार द्वारा खरीदी जा रही गेहूं के रजिस्ट्रेशन
दोबारा से खोलने की मांग की। किसानों ने कहा कि अभी तक हमारी गेहूं की फसल
खेत में ही है निकाली नहीं गई है सभी किसान अपने अपने खेत में गेहूं
निकालने के लिए लगे हुए हैं। हर वर्ष यहां पर राजस्थान, यूपी पंजाब से
थ्रेसर आते हैं । जिनके पास गेहूं निकालने के लिए मजदूर साथ में होते हैं।
कोरोना के कारण अबकी बार बाहर से कोई थ्रेसर नहीं आया। गांव के जो थ्रेसर
है उनसे ही गेहूं निकलवा रहे हैं। गांव में थ्रेसरों की संख्या कम हैं।
धीरे धीरे सभी किसान गेहूं निकलवा रहे हैं। इसलिए गेहूं के रजिस्ट्रेशन
दोबारा से खोले जाए , जिसपर नोडल अधिकारी ने कहां की एक बार अधिकारियों से
इसके बारे में चर्चा करने के बाद फैसला होगा। किसान अभय सिंह,अंकित,
हिमांशु, अश्वनी ने कहा की गेट पास लेने के लिए दस्तावेजों की फोटोकॉपी
मांगी जाती है जिसमें यहां फोटोकॉपी की दुकान खुली हुई नहीं है जिससे बहुत
कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने फोटोस्टेट की मशीन गेट पास
परमिशन ऑफिस में लगवाने की मांग की है जिससे सभी किसान जल्दी जल्दी से अपना
कार्य पूरा कर सकें। उधर गुढ़ा गांव के किसान बीरेंद्र ने नोडल अधिकारी
को बताता कि उनकेे गांव के किसानों की खरीद नहीं हो रही है इससे ग्रामीणों
में रोष है । जवाब में नोडल अधिकारी ने कहा कि कंप्यूटर द्वारा जिस-जिस के
नाम आ रहे हैं उनको एसएमएस कर दिया जा रहा है। सभी किसानों का एक-एक दाना
खरीदा जाएगा। उन्होंने मंडी की समस्याओं को लेकर अधिकारियों व आढ़तियों से
भी बात की । उन्होंने बताया की आढ़तियों का पिछले वर्ष का बाजरे की आढ़त
और मजदूरी का रुका हुआ 4 करोड़ 40 लाख रुपये जल्दी ही मिल जाएगा। फोटो कैप्शन 3: कनीना मंडी का जायजा लेते नोडल अधिकारी विकास यादव।
खरीद के सातवें दिन 229 किसानों ने 6696 क्विंटल सरसों बेची -19 किसानों ने 877 क्विंटल गेहूं बेचा ************** *********************************** कनीना। कनीना अनाज मंडी तथा इसके तहत आने वाले तीन खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद त्वरित गति से जारी है जबकि गेहूं की आवक बहुत कम हो रही है। महज कनीना मंडी में ही गेहूं खरीद हो रही है। खरीदके सातवें दिन मंगलवार को जहां किसानों ने 6696 क्विंटल सरसों तो 19 किसानों ने 877 क्विंटल गेहूं बेचा है। हैफेड चेयरमैन सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 40 किसानों ने 1200 क्विंटल, सेहलंग में 59 किसानों ने 1693 क्विंटल, दौंगड़ा अहीर में 72 किसानों ने 2597 क्विंटल तथा करीरा में 58 किसानों ने 1206 क्विंटल सरसों बेची है जबकि गेहूं 19 किसानों ने 877 क्विंटल बेचा है। अब तक सात दिनों में 82863 बैग सरसों खरीदी है जबकि 5283 बैग उठान किए जा चुके हैं जबकि गेहूं की दो दिनों में 30 किसानों से 1355 क्विंटल खरीद हुई है। फोटो कैप्शन 6: सरसों की खरीद करते हैफेड मैनेजर।
गेहूं की खुली बोली न होने से मंडी में आ रहा है कम गेहूं ******************************* ********************************** कनीना। यद्यपि कनीना क्षेत्र में 19950 हेक्टेयर पर सरसों और 10400 हेक्टेयर पर गेहूं बोया गया है किंतु सरसों के मुकाबले बहुत कम गेहूं अनाज मंडी में आ रहा है। मिली जानकारी अनुसार हर वर्ष गेहूं की खरीद ओपन मार्केट में होती थी किंतु इस बार सरकार के आदेश अनुसार उन्हीं किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा जिन्होंने अपनी जमीन पर गेहूं उगाया है और रजिस्ट्रेशन करवाया है। यही वजह है कि बहुत से किसान तो रजिस्ट्रेशन ही नहीं करवा पाए और करीब 750 किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। यही कारण है कि प्रतिदिन 500 क्विंटल का आंकड़ा पार कर पा रहा है। किसान भी नाराज है। उनकी मांग है कि इन सभी किसानों का गेहूं खरीदा जाए।
दूरदराज से विद्यार्थियों को लाने की व्यवस्था की जाए ****************************** ************************************** कनीना। दूर दराज पढऩे के लिए गए विद्यार्थियों को वापस वतन में लाने की मांग बढ़ गई है। बहुत से अभिभावकों के बच्चे कोटा तथा देश की विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे हैं। लॅकडाउन होने की वजह से वे अपने घरों को नहीं लौट पाए जिसके चलते कोटा,सीकर तथा अन्य शिक्षण संस्थानों में जहां कोचिंग ले रहे सैकड़ों विद्यार्थी दूरदराज बैठे हुए हैं। अभिभावक भी परेशान है। इसी प्रकार लोगों की मांग है कि पूरे हरियाणा में विभिन्न शेल्टर होम में रुके हुए मजदूरों को यूपी सरकार द्वारा बसे भेजकर विद्यार्थियों को जिस प्रकार वापस बुलाया है उसी प्रकार इन लोगों के लिए भी विशेष बसें चला कर इनके वतन भेजा जाए। गजराज सिंह, महेश कुमार, दिनेश कुमार, रवि कुमार आदि ने बताया कि बहुत से बच्चे कोटा सीकर तथा देश के शिक्षण संस्थानों में रुके हुए हैं। लॉकडाउन के चलते उनकी पढ़ाई नहीं हो रही है वहीं वे परिवार से दूर बैठे हैं। ऐसे में सभी विद्यार्थियों को उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जानी चाहिए वही लोगों की मांग है कि मजदूर अब धीरे-धीरे बेघर होते जा रहे हैं। फसल कटाई पूर्ण होगी त्यों त्यों मजदूर बेघर होते चले जाएंगे। उनको अपने वतन लौटाने का प्रबंध किया जाए ताकि वे अपने घर परिवार से मिल सके। जब तक लॉकडाउन रहेगा ये लोग अपने वतन नहीं जा सकते। अभी तक संशय बना हुआ है की ट्रेन तथा बसे कब चलेगी?
पुलिस अधीक्षक ने किया दौरा ******************************* ******************************** कनीना। पुलिस अधीक्षक नारनौल सुलोचना गजराज ने कनीना के विभिन्न नाकों का दौरा किया और हिदायतें दी। विभिन्न नाकों पर जहां सख्ती बढ़ाने के आदेश दिए वही बिना किसी कारण घूमने वालों के विरुद्ध सख्ती से पेश आने की बात कही। इस मौके पर उन्होंने कनीना के विभिन्न नाकों का दौरा किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को हिदायत दी और कहा कि कोरोना से लडऩे के लिए एकमात्र उपाय है कि घरों में लोग बैठे। फिर भी वे नहीं मानते तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
तीन चालान काटे *************************** ******************************* कनीना। कनीना मंडी टी-प्वाइंट पर एक पिकप सहित दो दुपहिया वाहनों के चालान एएसआई गोविंद सिंह ने काट।े मिली जानकारी अनुसार नियमों का पालन न करने वालों पर सख्ती हुए पुलिस ने पिकअप को पकड़ा जिसका 33500 रुपये को तो दो अन्य बाइकों के चालान काटे जिनमें से एक बाइक का 5 हजार रुपये का चालान किया गया।
धनौन्दा के किसानों की सरसों खरीदी जाएगी कनीना ****************************** ********************************* कनीना। किसान की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा जिसके लिए किसान को किसी भी प्रकार से परेशान नही होने दिया जाएगा। ये विचार कनीना एसडीएम रणबीर सिंह ने मंगलवार को मार्केट कमेटी कार्यालय कनीना में किसानों की समस्या सुनने के उपरांत व्यक्त किए। एसडीएम ने किसानों से उनकी समस्या जानी जिसमें किसान रमेश कुमार उन्हाणी, अभय सिंह, राज सिंह, धनौन्दा से किशपाल ङ्क्षसंह, दिनेश कुमार, सतीश कुमार, अशोक कुमार, लालराम हलवाई, प्रथवी ङ्क्षसंह, डाक्टर मुकेश कुमार आदि ने उपमंडल अधिकारी को बताया कि सरकार द्वारा सरसों खरीद के लिए धनौन्दा को खरीद केन्द्र बनाया गया था लेकिन अपरिहार्य कारणों के चलते धनौंदा में खरीद नहीं की गई। ऐसे में किसी भी धनौंदा के किसान की सरसों आज तक नहीं बिक पाई है। वही किसानों का यह भी कहना है कि एक तरफ तो कनीना उपमंडल के किसानों के गेहंू खरीद शुरू कर दी जहां दूसरी तरफ धनौन्दा के किसानों की आज तक सरसों भी नही खरीदी गई। वही एसडीएम कनीना ने मार्केट कमेटी सचिव को निर्देश दिया कि जल्द से जल्द धनौन्दा के किसानों की सरसों खरीद के प्रबंध किए जाए। फोटो कैप्शन : एसडीएम कनीना से मिलकर आते धनौंदा के किसान।
सरपंच नौताना ने राहत कोष में भेजे डेढ़ लाख रुपए *************************** *********************************** कनीना। कनीना खंड के गांव नौताना के लोगों ने तथा गांव में गठित कमेटी ने सरपंच गजेंद्र कुमार के नेतृत्व में 151000 इक_े किए जिनमें से एक लाख रुपये सीएम केयर फंड में तथा 51 हजार पीएम केयर फंड में भेजे हैं। उन्होंने ये चेक जिला उपायुक्त नारनौल जगदीश शर्मा के मार्फत भिजवाए हैं। सरपंच गजेंद्र सिंह ने बताया कि उनके नेतृत्व में वैश्विक महामारी से निपटने के लिए गांव में कमेटी गठित की गई थी। पूरे गांव के लोगों से राशि की इकट्ठी की गई थी। अपनी इच्छा से जिन्होंने जो कुछ दान दिया वह समस्त इक_ा करके सीएम तथा पीएम केयर फंड में जमा करवाया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालातों को देखते हुए सभी का फर्ज बनता है किस प्रकार की सेवा प्रदान करें। उन्होंने कहा कि जब कोई विपत्ति और कष्ट आता है उस समय हम सभी का फर्ज बनता है कि कुछ भी सहयोग बन पाए वह किया जाए। फोटो कैप्शन 5: जिला उपयुक्त नारनौल को पीएम और सीएम केयर फंड के लिए चेक देते सरपंच नौताना गजेंद्र सिंह।
रोट का प्रसाद खिलाया शेल्टर होम में ************************** ******************************* कनीना। मंगलवार के दिन जहां कनीना के नगर पालिका के पास स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के शेल्टर होम के तथा बाहर से आए लोगों को रोट का प्रसाद खिलाया। सब्जी, पूड़ी एवं बूंदी क्षेत्र में प्रसिद्ध है जो आजकल रोट में बनाया जाता है। कनीना निवासी रामकिशन पुत्र जगमाल सिंह ने मंगलवार का रोट बोल रखा था। लेकिन लॉकडाउन की वजह से पूरा नहीं हो पा रहा था। कनीना पालिका प्रधान सतीश जेलदार ,रामकिशन से मिले और उन्हें रोट का प्रसाद शेल्टर होम में खिलाने की बात कही। रामकिशन ने तुरंत स्वीकार कर लिया और मंगलवार को रोट आयोजित किया। इस मौके पर मिलजुल कर उपस्थित जनों ने यहां तक कि पालिका प्रधान ने भी अपने हाथों से शेल्टर होम के लोगों को रोट का प्रसाद चखाया। रोट का प्रसाद खाकर शेल्टर होम के लोग खुश नजर आए। फोटो कैप्शन 1: रोट का प्रसाद पालिका प्रधान एवं अन्य लोग खिलाते हुए।
भाविप ने 400 मास्क वितरित किए ******************************
********************************* कनीना। जहां पूरा देश कोरोना संकट से ग्रस्त है सरकार जनता के लिए कोरोना से बचाव का हर प्रयास कर रही है । वही भारत विकास परिषद शाखा कनीना ने वार्ड नंबर 10- 11 एवं 12, घर-घर जाकर मास्क वितरित किए। 400 मास्क वितरित करते हुए संस्था के सदस्यों ने लोगों को जरूरी कार्य हो तभी बाहर निकले के लिए कहा। भारत विकास परिषद के प्रधान कंवर सेन वशिष्ठ ने गांव में घर-घर जाकर कोरोना से मुक्ति के उपाय समझाएं व सरकार के निर्देशों का पालन करने की विधि समझाई। फिजिकल डिस्टेंस का हो सके तो घर में ही रहे इस नियम का पालन करना चाहिए। फिजिकल डिस्टेंस का हो सके तो घर में ही रहे। इस नियम का पालन करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि भारत विकास परिषद शाखा कनीना के सदस्य पिछले एक माह से गांव में लोगों को खाना , हाथ धोने की साबुन व मास्क वितरित कर रहा है। मास्क बांटने पर सभी लोगों में प्रशंसा की और एक सराहनीय कार्य बताया फिजिकल डिस्टेंस रखते हुए कंवरसेन वशिष्ठ प्रधान व सुनीता भारद्वाज महिला प्रमुख, धनपत यादव, दलित पार्षद ,डॉ रवि आदि साथ थे। फोटो कैप्शन 2: मास्क देते प्रधान भारत विकास परिषद कनीना कंवरसेन वशिष्ठ व सदस्य।
Monday, April 20, 2020
कनीना में पहले दिन बिका 11 किसानों का गेहूं ********************************* ********************************** ******************************************* कनीना। मार्केट कमेटी कनीना ने 20 अप्रैल से गेहूं की खरीददारी शुरू कर दी है । दोपहर को मंडी का निरीक्षण करने विधायक सीताराम यादव पहुंचे। सीताराम यादव ने कहा की फिजिकल डिस्टेंस का ध्यान रखें मजदूर अपने मुंह को ढक कर रखें सभी किसानों का दाना दाना खरीदा जाएगा । इसी कड़ी में एससीएस सेंटर व सक्षम वॉलिंटियरो को खरीद संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है। सोमवार को 4 सक्षम वॉलिंटियरो व 1 सीएससी सेंटर को लगाया हुआ है। जहां इन्हें पर्चेज सेंटर पर आने वाले किसानों के पास बनाने के लिए प्रशिक्षित किया है। कमेटी सचिव ने बताया की प्रति दिन दो शिफ्टों में एक एक सेंटर पर 100, 100 किसानों तक बुलाया जा सकता है । लेकिन शुरआती दिन में 11 किसानों का 478 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। गेहूं के रजिस्ट्रेशन 750 किसानों ने करवाया है। फोटो कैप्शन 5: गेहूं की खरीद का नजारा।
सोमवार को 4939 क्विंटल सरसों खरीदी ***************************** ******************************** ********************************* कनीना।
कनीना तथा कनीना के तहत आने वाले तीन विभिन्न खरीद केंद्रों पर सरसों की
खरीद जारी है। खरीद के पांचवें दिन 173 किसानों की 4178 क्विंटल सरसों
खरीदी। विस्तृत जानकारी देते हुए हैं हैफेड मैनेजर सत्येंद्र यादव ने
बताया कि कनीना में 65 किसानों ने 2116 क्विंटल, सेहलंग में 46 किसानों ने
810 क्विंटल, करीरा में 29 किसानों ने 852 क्विंटल तथा दौंगड़ा अहीर में 33
किसानों ने 400 क्विंटल सरसों बेची है।
लाकडाउन के मद्देनजर घर पर ही बनाकर खिलाए लज़ीज़ गोलगप्पे ****************************** ************************************* कनीना।
लाकडाउन की वजह से सब घरों में कैद है और मानसिक अवसाद से गुजर रहें हैं।
परिवारों के सदस्यों को खान-पान में ज्यादा कुछ नया नहीं मिल रहा है। सभी
दाल रोटी खाकर ऊब गए हैं। बच्चे भी फास्ट-फूड खाने की जिद्द करने लग
जाते हैं लेकिन लेकिनउनको ले जाए तो कहा ले जाएं? सब कुछ लाकडाउन के कारण
बंद है । कल ऐसी ही जिद्द उन्हाणी के शिक्षक राजेश कुमार के घर बच्चों ने
लगाई। बच्चे गोल गप्पे खाना चाहते थे। राजेश कुमार व उसकी अर्धांगिनी
सुमित ने गोल गप्पे बनाने का सामान जुटाकर बच्चों के लिए घर पहुंच ही गोल
गप्पे बनाकर खिलाए। जिससे बच्चे मयंक महलावत; भावेश ; अनिकेत बहुत खुश हुए। इस
शिक्षाविद दंपति का कहना है कि हमें घर पर ही बच्चों को या परिवार के अन्य
सदस्यों को कुछ लजीज व्यंजन बनाकर खिलाने चाहिए जिससे लाकडाउन के दौरान
समय भी व्यतीत हो जाएं और सभी को बिना मिलावट का शुद्ध व्यंजन खाने को मिल
जाए
अब एसडीएम की देखरेख में भेजे जाएंगे किसानों को संदेश ****************************** ********************************** कनीना। सरसों बेचते समय किसानों में लंबे समय से रोष पनप रहा है। अधिकांश किसानों का कहना है कि उन्हें संदेश नहीं मिल रहे हैं। यहां तक कि उनका कहना है कि अपने चहेतों को संदेश भेजे जाते हैं। इस मामले को संज्ञान लेकर के एसडीएम कनीना रणवीर सिंह ने मार्केट कमेटी के सचिव को आदेश दिया है कि किसानों के पास फोन नंबर पर संदेश भेजने के कार्य में नियुक्त किए गए कंप्यूटर ऑपरेटर को निर्देश दिया जाए कि किसानों के पास मैसेज भेजने का कार्य एसडीएम कार्यालय में उपस्थित होकर उनकी अनुमति से भेजे जाए। 20 अप्रैल से 9:00 बजे रिकॉर्ड सहित कार्यालय में उपस्थित होने का आदेश भी दिया। उदर कनीना के किसान रतन सिंह ठाठा का कहना है कि संदेश भेजने की कार्यप्रणाली उचित नहीं है। उनका कहना है कि कनीना कस्बा बहुत बड़ा है लेकिन महज 6 किसानों को संदेश प्राप्त हुए हैं जिनमें से 5 किसान अंग्रेजी वर्णमाला के बी से शुरू होते हैं जबकि एक किसान का नाम आर से शुरू हो रहा है। उनका कहना है कि अल्फाबेट अनुसार किसानों को नहीं बुलाया जा रहा है। इसका उनमें भारी रोष है। उधर मार्केट कमेटी के चेयरमैन राजकुमार कनीन वालों ने बताया कि उनके संज्ञान में भी कुछ लोगों ने ऐसी बात डाली है। उन्होंने भी इस बाबत उन्हें आश्वस्त किया है कि भविष्य में किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिलेगी क्योंकि अब संदेश भेजने का कार्य एसडीएम कार्यालय की देखरेख में होगा।
एएसआई ने काटे पांच चालान ************************** ******************************** कनीना। कनीना सिटी प्रभारी एएसआई गोविंद सिंह ने 5 चालान विभिन्न वाहनों के काटते करीब 50,000 रुपये की रिकवरी की है। सड़क के नियमों या फिर लॉकडाउन के नियमों का पालन न करने के चलते एक पिकअप का चालान 15000 रुपये का तो 13000 रुपये एवं 11 हजार रुपये के बाइक सवारों के चालान काटे गए। नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले लोगों को बख्शा नहीं जा रहा है। पुलिस सख्ती से पेश आ रही है। एक और जहां सरकार लॉकडाउन में घरों के अंदर रहने का आदेश दे रही है वही कुछ लोग लॉकडाउन का मजाक बना रहे।
पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च ***************************** ****************************** कनीना। कनीना के डीएसपी साधु राम की अध्यक्षता में पुलिस प्रशासन ने फ्लैग मार्च कनीना मंडी से रेवाड़ी रोड़ टी-प्वाइंट तक फ्लैग मार्च निकाला तथा दुकानदारों को सख्त हिदायत दी। जिन दुकानों ने अनावश्यक रूप से सोमवार को दुकान खोली थी उनकी दुकानें बंद करवा दी तथा जिन्होंने दुकानों को खोलने का आदेश है उनको हिदायत दी कि ग्राहकों को दूर दूर खड़ा करें, तुरंत प्रभाव से सामान दे और चलता करें। उन्होंने ऐतिहात के सभी नियमों का पालन करने का भी उनको आदेश दिया। इस मौके पर विकास कुमार एसएचओ, एसआई गोविंद राम सहित पुलिस प्रशासन मौजूद था।
सिलाई के काम में बचे हुए कपड़े के टुकड़ों से बना रहे हैं मास्क **************************** ************************************ कनीना। कस्बा कनीना में मास्क बनाने वाले तो कई लोग हैं लेकिन जिस बुद्धिमता और तन्मयता से मास्क मोनी देवी एवं योगेश कुमार(दंपति) कनीना मंडी मास्क बनाने में जुटे हैं वो सराहनीय कदम है। मोनी देवी लंबे समय से रोटी रोजी के लिए सिलाई कढ़ाई का काम करती आ रही है जो कपड़े के टुकड़े बच गए उन्हें बोरे में भर रखा था। अब समय आ गया प्रतिदिन उनके मास्क बनाकर आस-पास ही नहीं दूरदराज तक मुफ्त बांटा जा रहा है। मोनी देवी ने बताया कि इस प्रकार प्रत्येक मास पर मुश्किल से 3 रुपये ही खर्च आता है। उनके पति योगेश कुमार ने बताया कि वे इस कार्य में मदद कर रहे हैं। जहां उनकी पत्नी मास्क सिलती तो वे उनको प्रेस कर देते हैं। इस प्रकार पति-पत्नी एक उदाहरण बन गए हैं। फोटो कैप्शन 4: पति पत्नी मास्क बनाते हुए।
एसडीएम स्कूल के छात्रों का सीएम रिलीफ फंड में योगदान **************************** ********************************** कनीना। एसडीएम स्कूल के छात्रों ने सीएम रिलीफ फंड में एसडीएम रणबीर सिंह को दिए 5100 रुपए का चेक दिया। एसडीएम स्कूल छितरोली के छात्रों ने प्राचार्या रेखा दांगी से प्रेरित होकर अपने जेब खर्च को खर्च ना करके मौजूदा हालातों को देखते हुए मुख्यमंत्री रिलीफ फंड में दिए हैं। इस मौके पर उपस्थित छात्रों तेजस्वी, सार्थक, पीयूष एवं नितिन का एसडीएम रणबीर सिंह ने भरपूर प्रोत्साहन किया एवं उनके योगदान की भूरी भूरी प्रशंसा की। इंसाफ मंच के सदस्य सुशील यादव गाहड़ा के निवासी ने झुग्गी-झोपड़ी बस्ती में रहने वाले लोगों को राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने हाल में खेत से गेहूं निकलवाकर आटा बनवाकर बांटा है। सामाजिक संस्था बीइंग ह्यूमन सेवा मंडल द्वारा लोगों को भोजन व राशन सामग्री वितरण की। उन्होंने पड़तल, मोहनपुर, सुन्दरह व कनीना के आस पास झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को राशन सामग्री उपलब्ध करवाई है। उधर कनीना में चल रहे हैं शेल्टर होम के लिए मुकेश रॉकी पार्षद ने 31500 रुपये, सुरेश कुमार 5000 रुपये, राकेश कुमार 3100 रुपये, गोयल हार्डवेयर 5100 रुपए ,महेश बोहरा 11000 रुपये, विक्रम पुत्र मेहरचंद ने 3000 रुपये, मनीष कुमार पार्षद ने 9000 रुपये, हितेश जेई 11000, सूबेदार राजेंद्र सिंह 15000 रुपये तथा गुरुदयाल ने 1000 रुपये पालिका प्रधान सतीश जेलदार को भेंट किए ताकि शेल्टर होम में लोगों के लिए खाना खिलाया जा सके। कनीना खंड के गांव रामबास में वेद प्रकाश नंबरदार ने गांव के चारों ओर बनी 4 चौकियों पर तैनात लोगों(पुलिस चौकी नहीं)ं को मास्क वितरित किए और सैनिटाइजर बैठे उन्होंने लोगों को लोक डाउन में अपना ख्याल रखने की बात कही। फोटो कैप्शन 2: एसडीएम स्कूल के विद्यार्थी 5100 रुपये का चैक एसडीएम कनीना को देते हुए।
टीम ने 80 लोगों का किया चेकअप ****************************** ***************************************** कनीना। सीएचसी सेहलंग की मेडिकल टीम ने कैमला में लोगों का चैक अप किया। इस मौके पर 80 लोगों का चेक अप किया गया। डा हितेश अरोड़ा, डॉ नंदिनी, संदीप फार्मासिस्ट व ममता एएनएम की टीम कोरोनावायरस संक्रमण के चलते चेकअप करने के लिए गांव में में पहुंची। पूरी टीम ने पूरे गांव का चेकअप किया और जरूरत या आवश्यकता वालों को उचित दवाई / मेडिसिन और उचित सलाह उपलब्ध करवाई। गांव के सरपंच दलीप कुमार ने डॉक्टरों की टीम का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि गांव पूर्णतया सुरक्षित है और गांव में लॉकडाउन का पूर्ण पालन हो रहा है। फिजिकल डिस्टेंस बराबर बनाए रखते हैं और सभी ग्रामीणों का सहयोग मिल रहा है। इस संक्रमण महामारी को पूर्णता समाप्त करने के लिए सहयोग मिल रहा है। हम सब ग्रामीण जन मिलकर के इस कोरोनावायरस को दूर भगाने का संकल्प लिया हुआ है। सभी ग्रामीण अपना -अपना सहयोग यथासंभव सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने सभी ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया कि संकट की घड़ी में सब सरकार के साथ खड़े हैं और पूर्णता लोग विभागीय आदेशों पालन कर रहे हैं। चौकीदार के माध्यम से मुनियादी करवाकर व व्यक्तिगत रूप से सभी को सूचना देकर सभी ग्रामीणों को मेडिकल चेकअप कराने के लिए कहा गया और लगभग 80 लोगों का चेकअप किया गया और उचित मेडिसन उपलब्ध कराई गई इस अवसर पर गांव में वार्ड के के अनुसार गठित की गई बूथ इकाई कमेटी के सभी सदस्यों एवं नोडल अधिकारी का सहयोग मिला गांव की आशा वर्कर श्रीमती रेखा देवी का सहयोग सबसे ज्यादा रहा और उन्होंने अपनी देख-रेख में सभी का चेकअप कराया इस अवसर पर वीरेंद्र सिंह जांगिड़ मुख्याध्यापक , संतलाल नंबरदार, सतपाल , हरीश कुमार ,ज्ञानी पूर्वपंच, रामपाल, धर्मपाल नंबरदार, महेंद्र पंच ,सुरेंद्र कुमार ,सुबे सिंह , राजू ,सुनील आदि का सहयोग एवं उपस्थिति रही। फोटो कैप्शन 3: कैमला में मेडिकल टीम लोगों की जांच करते हुए।
शाखा आयोजित *************************** ******************************** कनीना। आज पूरे भारत में भारत माता की वंदना करने के लिए एक साथ परिवार शाखा लगने का निश्चय हुआ था। उसी निमित्त कनीना में सुरेन्द्र सिंह के परिवार ने परिवार शाखा लगा भारत माता की वंदना की। इस अवसर पर परिवार के सदस्य सुनीता यादव सह विभाग कार्यवाहिका, दीपक यादव और हिमांशी शारीरिक प्रमुख उपस्थित रहे। सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पूरे ही देश में ये शाखाएं आयोजित हुई हैं। फोटो संलग्र
डॉक्टर की सलाह दुकानदारों को बरतनी चाहिए सामान देते वक्त सावधानियां ***************************** *************************** कनीना। डॉ राजनेश (एमबीबीएस, एमडी) का कहना है कि कोरोनावायरस एक गंभीर बीमारी है इससे बचने के लिए ऐतिहात के सभी नियमों का पालन करने से ही इस रोग से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि घर के अंदर रहना, बाहर जाने का जरूरी हो तो बाहर जाए किंतु मुंह पर मास्क लगा हो। दूसरे व्यक्ति से 1 मीटर दूरी बनाए रखें किंतु किसी अपरिचित व्यक्ति से लिफ्ट न ले। अज्ञात व्यक्ति यदि बाइक पर जा रहा है तो उससे लिफ्ट या तो न ले और ले ली है तो उस व्यक्ति को न छुए। नियमित हाथों की सफाई करें। यदि परिवार का सदस्य है तो उसके साथ बेशक एक बाइक पर बैठ सकता है। उन्होंने कहा अक्सर इस रोग को फैलाने में फल, सब्जी, अनाज तथा परचून का सामान विक्रेता भी कारण बन सकते हैं। उन्हें चाहिए कि वे आम ग्राहक वस्तुएं न छूने दे। अगर रोगी वस्तु को छू जाए तो फल, सब्जियों तथा अनाज आदि से रोगाणु होते हुए घर तक पहुंच जाएंगे। उन्होंने कहा कि फल/ सब्जियों को भी अच्छी प्रकार धो लेना चाहिए। उन्होंने कहा दुकानदार भी ग्राहकों को दूर दूर खड़े करने चाहिए। एक 1 मीटर दूरी पर खड़े करके उनसे दूर से ही पूछ लेना चाहिए और स्वयं पर्ची बनाकर दूर से ही सामान दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ की ओर से अभी तक कोई यह स्पष्ट नहीं है कि धूप का और गर्मी का इस दिन पर कोई प्रभाव पड़ता हो। फोटो कैप्शन: डा रजनेश
दुकानें खोलने की अनुमति देने बारे *************************** ***************************** कनीना। बहुजन समाज पार्टी के नेता ठाकुर अतरलाल एडवोकेट ने हरियाणा सरकार से किराना दुकानदारों तथा छोटे व्यापारियों को अपनी दुकानें तथा प्रतिष्ठान खोलने की अनुमति देने की मांग की है। अतरलाल ने ने कहा लॉकडाउन के दौरान बड़ी कंपनियों को ऑनलाइन सामान बेचने की अनुमति को किराना दुकानदार तथा छोटे व्यापारी विरोधी कदम बताते हुए कहा कि लॉक डाउन में सबसे ज्यादा नुकसान किराना दुकानदारों तथा छोटे व्यापारियों को उठाना पड़ा है। और अब कंपनियों को ऑनलाइन घरों में सामान पहुंचाने की अनुमति से स्थानीय दुकानदारों की आजीविका बिल्कुल चौपट हो जाएगी। इसलिए सरकार ने उनके हितों की तरफ तत्काल ध्यान देकर स्थानीय किराना दुकानदारों तथा छोटे व्यापारियों को भी लॉक डाउन के नियमों का पालन करते हुए अपनी दुकान तथा प्रतिष्ठान खोलने की अनुमति देनी चाहिए। उन्होंने उनको विशेष राहत पैकेज देने की भी मांग की है।
निशुल्क मास्क बना,वितरित कर समाज के लिए आदर्श बनी पिंकी यादव *****************************
**************************** कनीना। लॉकडाउन के दौरान जहां पूरा देश ठहर सा गया है। जन विभिन्न तरीकों से सेवा कर रहे हैं। कुछ महिलाएं ऐसी भी है जो घरों में भी रहकर बढ़ चढ़कर समाजसेवा कर रही हैं। कोरोना प्रकोप के चलते लॉकडाउन के बीच ऐसी सामजसेवी महिलाएं भी सामने आई हैं जो कोरोना से जंग लडऩे में अपनी भूमिका निभा रही हैं। ऐसा एक नजारा पिंकी यादव के घर में भी देखने को मिला जहां घर की महिलाएं जरूरी कामकाज निपटा कर लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए कपड़े के मास्क तैयार कर उन्हें जरूरतमंद ग्रामीणों में वितरित किया जा रहा हैं। देश व समाज हमें इतना कुछ देता है कि हम ताउम्र उसकी सेवा करें तो भी कम है। इसी सोच के साथ पिंकी यादव ने देश के सामने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के दौरान लॉकडाउन की स्थिति में भी कपड़े के मास्क सिलकर नि:शुल्क वितरण कर समाजसेवा एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। इस महिला का नाम है पिंकी । पिंकी यादव अपना घर का काम पूरा करके बाकी का समय मास्क बनाने में लगी हुई हैं। अभी तक तकरीबन 500 मास्क बनाए हैं,जो कि बीएमडी क्लब संस्था द्वारा मुफ्त में आसपास के क्षेत्र के लोगों को बांटे जा चुके हैं। लाकडाउन के बाद इस मुश्किल घड़ी में अपने परिवार के साथ मिलकर कपड़े के मास्क तैयार करने में जुट गई हैं। इनका सहयोग भले ही उस गिलहरी की तरह है जो समुद्र में सेतु निर्माण सहयोग करते हुए अपने शरीर में बालू के कण लपेटकर पानी में डाल रही थी लेकिन योगदान नहीं भुलाया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि लोगों को बाजार से मास्क उपलब्ध नहीं हो रहे थे और कहीं मिल भी रहे थे तो कीमत बहुत ज्यादा थी जिसे आम आदमी खरीदने में असमर्थ थे इसलिए उन्होंने निश्चय किया कि वह लोगों को नि:शुल्क मास्क वितरित करेंगी। कपड़ें से बने इन मास्कों को अच्छी तरह धोने के बाद ही लोगों को वितरित करते हैं जिससे किसी प्रकार का संक्रमण होने से भी बचा जा सकें। इनका कहना हैं की ऐसा करने से लोगों को नि:शुल्क मास्क भी उपलब्ध होंगे और लोग कालाबाजारी का शिकार होने से भी बचेंगे। संकट की इस घड़ी में हम देश के साथ हैं। पिंकी यादव से समाज के लोगों से निवेदन भी किया कि कोविड-19 जैसी चुनौती का सामना करने के लिए मजबूत सामुदायिक भागीदारी और समर्थन की आवश्यकता है। कोरोना का इलाज संक्रमण से सुरक्षित बचाव ही है, मास्क लगाकर स्वयं सुरक्षित रहें व लोगों को मास्क लगाने हेतु प्रोत्साहित कर सुरक्षित रहने में सहयोग दें। फोटो कैप्शन 02: मास्क बनाती हुई पिंकी यादव।
Sunday, April 19, 2020
2 घंटे विलंब से शुरू हुई सरसों की खरीद ****************************** ********************************** *********************************** कनीना। कनीना अनाज मंडी में सुबह किसानों की सरसों की खरीद 2 घंटे देरी से हुई जिसके चलते किसानों में रोष पनपा। तत्पश्चात कनीना के कनीना मार्केट कमेटी के चेयरमैन राजकुमार कनीनवाल, उप-चेयरमैन ओमप्रकाश लिशानिया, सचिव आदित्य यादव ने आढ़तियों को समझा-बुझाकर सरसों की खरीद शुरू करवाई। मिली जानकारी अनुसार किसान प्रात: करीब 8 बजे ही सरसों बेचने के लिए कनीना मंडी पहुंच गए थे लेकिन 11:00 बजे बाद ही सरसों की खरीद हो पाई जिसके पीछे बताया जा रहा है कि कोई नया फरमान आढ़तियों के लिए जारी हुआ था जिसको वे मानने के तैयार नहीं थे। आढ़तियों ने ऐसे में सरसों खरीद करने से मना कर दिया जिससे किसानों में रोष पनपा और किसानों ने अनाज मंडी में रोष जताया। तत्पश्चात सचिव, चेयरमैन, उप चेयरमैन सभी तुरंत मौके पर पहुंचे और आढ़तियों को समझा-बुझाकर खरीद शुरू करवाई। मार्केट कमेटी चेयरमैन राजकुमार कनीनवाल ने बताया कि किसानों की किसी प्रकार की सरसों की कोई कटौती करने का प्रावधान नहीं है। किसान प्रति क्विंटल आधा किलो कटौती करने की शिकायत कर रहे हैं। उनकी कोई कटौती नहीं की जाएगी। फोटो कैप्शन 7: कनीना मंडी में रोष जताते किसान।
सेहलंग मंडी में बेचने के लिए सरसों से भरा ट्रैक्टर पकड़ा ********************************** *************************************** कनीना। कनीना मार्केट कमेटी चेयरमैन राजकुमार कनीनवाल कनीना मार्केट कमेटी चेयरमैन ने सरसों से भरा हुआ ट्रैक्टर पकड़ा जो सेहलंग अनाज मंडी बेचने के लिए जा रहा था। जिसका ट्रैक्टर सहित वजन 11440 किलो ग्राम दर्शाया गया है। चेयरमैन ने बताया की ट्रैक्टर चालक रामवीर सरसों बेचने के लिए सेहलंग अनाज मंडी में आ रहा था। ट्रैक्टर चालक ने बताया कि वो तलवाना के मुकेश नामक व्यक्ति की यह सरसों लेकर आया हूं तथा मेरा ट्रैक्टर किराए पर है। मुकेश सरसों खरीददारी का काम करता है। उधर ट्रैक्टर में लदे सरसों का वजन करवाने के बाद तथा पुलिस की जांच के बाद ही भेद खुल पाएगा। चेयरमैन ने बताया कि ट्रैक्टर चालक के साथ कोई किसान नहीं था उसके पास 2 किसानों के 40-40 क्विंटल सरसों बेचने के कागज जरूर थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शाखा आयोजित ***************************** ********************************* कनीना। आज पूरे भारत में भारत माता की वंदना करने के लिए एक साथ परिवार शाखा लगने का निश्चय हुआ था। उसी निमित्त कनीना में सुरेन्द्र सिंह के परिवार ने परिवार शाखा लगा भारत माता की वंदना की। इस अवसर पर परिवार के सदस्य सुनीता यादव सह विभाग कार्यवाहिका, दीपक यादव और हिमांशी शारीरिक प्रमुख उपस्थित रहे। सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पूरे ही देश में ये शाखाएं आयोजित हुई हैं। फोटो संलग्र
सरसों खरीद का पांचवां दिन,चार खरीद केंद्रों पर खरीदी 6221 क्विंटल सरसों ************************ ****************************** कनीना। कनीना तथा कनीना के तहत आने वाले तीन विभिन्न खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद जारी है। पांचवें दिन खरीद के 243 किसानों की 6221 क्विंटल सरसों खरीदी गई। विस्तृत जानकारी देते हुए हैं हैफेड मैनेजर सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 75 किसानों ने 1900 क्विंटल, सेहलंग में 80 किसानों ने 2200 क्विंटल, करीरा में 38 किसानों ने 921 क्विंटल तथा दौंगड़ा अहीर में 50 किसानों ने 1200 क्विंटल सरसों बेची है। यह खरीद अन्य दिनों की बजाय अधिक है। अब 20 अप्रैल से गेहूं की भी हैफेड द्वारा खरीद की जाएगी। कनीना मार्केट कमेटी चेयरमैन राजकुमार कनीनवाल ने बताया कि गेहंू के लिए करीब 700 किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है जिनकी खरीद कनीना में होगी। आगामी कोई आदेश सरकार का मिलेगा तो उस पर भी अमल किया जाएगा। फोटो कैप्शन 8: कनीना मंडी में सरसों खरीदते हैफेड चेयरमैन सत्येंद्र यादव।
26 पेटी शराब पकड़ी ************************ *************************** कनीना। कनीना थाना पुलिस द्वारा मिली सूचना के आधार पर बाल्मीकि मोहल्ले के एक घर से 26 पेटी अवैध शराब पकड़ी है। शराब बेचने वाला सूचना पाकर फरार हो गया। कनीना थाना पुलिस ने गश्त के दौरान कनीना बाल्मीकि मोहल्ले के एक घर में अवैध शराब की सूचना मिली। पुलिस ने गौरव नामक व्यक्ति के घर छापा मारकर 10 पेटी पव्वा , 16 पेटी बोतल कुल 26 पेटी शराब बरामद की है। पुलिस ने शराब को अपने कब्जे में ले लिया है व्यक्ति अभी तक गिरफ्तारी में नहीं आया है।
हरियाणवी कवि महेंद्र शर्मा को पितृशोक ***************************** ********************************* कनीना। झाड़ली निवासी एवं हरियाणवी कवि महेंद्र शर्मा को पितृशोक हुआ है उनके पिता नत्थूराम शर्मा 74 वर्ष का रविवार को निधन हो गया। वे कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। वे अपने पीछे 2 पुत्र, तीन पुत्रियां, पोते, पोतियां तथा भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन पर क्षेत्र के विभिन्न लोगों ने शोक जताया है। कवि महेंद्र शर्मा ने अपनी लेखनी से हरियाणवी फिल्म राख को लिरिक्स दी हैं वहीं बाबा भोले की महिमा, खाटू वाले श्याम , सच्चा दरबार सहित अनेकों एल्बम महेंद्र शर्मा ने लिखे हैं ।
अब तक 55 सैंपल भेजे जा चुके, सभी रिपोर्ट नेगेटिव आई *********************************** ********************************** कनीना। कनीना नागरिक अस्पताल से अब तक 55 सैंपल कोरोना के चलते भेजे जा चुके हैं जिनमें से अब तक आई सभी रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है। एसएमओ धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि प्रतिदिन 5 सैंपल भेजे जा रहे। इस प्रकार कुल 55 सैंपल रोहतक जांच के लिए भेजे गए हैं। अब तक जो रिपोर्ट आई हैं वे सभी नेगेटिव हैं। चौथे दिन तक कुल खरीद 38256 बैग पहुंची ***************************** *********************************** कनीना। कनीना तथा कनीना के तहत आने वाले तीन विभिन्न खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद जारी है। चौथे खरीद के चौथे दिन 181 किसानों की 4939 क्विंटल सरसों खरीदी। विस्तृत जानकारी देते हुए हैं हैफेड मैनेजर सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 56 किसानों ने 1560 क्विंटल, सेहलंग में 45 किसानों ने 1326 क्विंटल, करीरा में 40 किसानों ने 1153 क्विंटल तथा दौंगड़ा अहीर में 40 किसानों ने 900 क्विंटल सरसों बेची है। इससे पहले 3 दिनों में 27281 बैग सरसों के खरीदी जा चुकी हैं। आज यह चौथा दिन था। चौथे दिन की खरीद बैग अनुसार 10975 बैग है। अब तक चारों दिन 38256 बैग सरसों खरीदी है जिसमें से करीब 20 हजार बैग सरसों का उठान हो चुका है। उधर कनीना मार्केट कमेटी के चेयरमैन राजकुमार कनीनवाल उपाध्यक्ष ओमप्रकाश लिसानिया ने विभिन्न खरीद केंद्रों का दौरा किया और पाया कि किसानों की भी कुछ समस्याएं हैं। पहले तिरपालों का अभाव था किंतु वो भी समस्या हल कर दी गई है। उन्होंने बताया कि करीरा अनाज मंडी कच्चा होने के कारण अधिकांश वाहन जमीन में धंस जाते हैं जिन्हें निकालना पड़ता है। इसलिए वाहनों के आवागमन में परेशानी हो रही है। रविंद्र बंसल हैंडलिंग एजेंट ने बताया कि बाहर के मजदूरों को अनुमति न दिए जाने से मजदूरों की समस्या आई हुई है। सिलाई करने वाले मजदूर दिल्ली से आते हैं जिनको अनुमति नहीं मिल सकती। उधर जब कभी कोई किसान सरसों बेचने के लिए आता है तो कनीना अनाज मंडी में अनेकों अनावश्यक खानापूर्ति कराई जा रही है। जससे किसान तंग आ चुका है। किसान अपने मैसेज आने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन किसानों को मैसेज नहीं मिल रहे हैं। उनका आरोप है कि मैसेज भी अपने चाहे तो कहीं मंगवाए जा रहे हैं। कनीना अनाज मंडी में खरीद एजेंसी हैफेड के चेयरमैन सत्येंद्र यादव ने बताया कि खरीद का कार्य सभी केंद्रों पर सुचारु रूप से चल रहा है। अब तक 27281 बैग सरसों के खरीदे जा चुके हैं। फोटो कैप्शन 1: खरीद केंद्र का दौरा करते चेयरमैन राजकुमार कनीनवाल एवं उप प्रधान।
सूखा राशन वितरित किया ************************* ****************************** संवाद सहयोगी,कनीना। कनीना खंड के गांव करीरा के पूर्ण सिंह ने 12 गरीब लोगों को सूखा राशन वितरित किया। पूर्ण सिंह वर्तमान में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) पंजाब के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। करीरा गांव के 12 परिवारों जो लॉक डाउन की वजह से दिहाड़ी पर नहीं जा सके, को खाने पीने का राशन देकर उनकी मदद की ताकि उनमें इस कोविड-19 वैश्विक विपत्ति की घड़ी में कुछ साहस की भावना पैदा हो। इससे दो दिन पूर्व उन्होंने 14 ऐसे दिहाड़ीदार परिवारों को 1000-1000 रुपये प्रति परिवार लॉक डाउन के दौरान दिहाड़ी के हुए नुकसान की आंशिक पूर्ति के लिए दिए थे। उन्होंने सभी परिवारों को यह सलाह दी कि जहां तक संभव हो घर से बाहर न जाएं। आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी की गई सलाह अनुसार पूरा दिन गर्म पानी ही पीये, हल्दी, जीरा, लहसुन, धनिया आदि का प्रयोग जरूर करते रहे व 30 मिनट के लिए रोजाना योगाभ्यास करे। उन्होंने कहा कि दिहाड़ी पर जाएंगे तो दूसरे व्यक्ति से कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाए रखें व मुंह पर साफ मास्क, चुन्नी या रुमाल जरूर रखें।
जब पार्षद ने पूड़ी तलकर खिलाई शेल्टर होम में ****************************** **************************** कनीना। कनीना के वार्ड एक के पार्षद मास्टर दिलीप कुमार सेवानिवृत्त होने के बावजूद भी अब जनसेवा में जुटे हुए हैं। कनीना के पार्षद हैं किंतु दुर्भाग्यवश उनका एक हाथ नहीं है। परंतु एक हाथ से भी सभी कार्य पूर्ण कर सकते हैं। हुआ यूं कि शनिवार दोपहर जब पूडिय़ां तलने वाला हलवाई नहीं था और शेल्टर होम में लोग खाना खाने आ गए। आंव देखा ना ताव पार्षद ने स्वयं ही पूड़ी तलनी शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि वे किसी काम को छोटा नहीं समझते। पूडिय़ां ही नहीं अपितु खाना भी बना सकते हैं। इस प्रकार पूड़ी तलकर उन्होंने उपस्थित समस्त लोगों को खाना खिलाया। फोटो कैप्शन 2:पूडिय़ा तलते हुए दिलीप कुमार पार्षद।
लॉकडाउन में डॉक्टर की सलाह... मरीज फोन से सलाह ले सकते हैं ************************ **************************** कनीना। कनीना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक जमाने में एसएमओ पद पर रहे एवं बेहतरीन नाम कमाने वाले डा सुरेंद्र सनसनवाल(एमबीबीएस, डीसीएच) वर्तमान में बस स्टैंड पर सेवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब मरीजों को उनके पास आने की जरूरत नहीं है। जब तक लॉकडाउन चले तब तक सरकार के द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करे। उन्होंने कहा कि कोई भी मरीज 946638427 पर फोन कर सकता है। वे तुरंत उनको दवाइयों के बारे में नए केवल बताएंगे अपितु मरीज के घर के आस पास किसी भी मेडिकल स्टोर संचालक को भी समझएंगे कि कौन कौन सी दवाई मरीज को कैसे जाए? उन्होंने कहा कि लोकडाउन में फिजिकल डिस्टेंस बनाए रखना जरूरी है वही हाथों को नियमित रूप से धोते रहना चाहिए। मास्क का प्रयोग करना चाहिए किंतु उनके पास ज्यादा आने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि यूं तो उनके पास प्रतिदिन 50 तक मरीज आते हैं किंतु वे नहीं चाहते कि उन तक वे अधिक आए। फोन पर पूर्ण सलाह देंगे। उन्होंने कहा कि यदि खांसी बुखार, जुकाम के लक्षण हो तो उसे तुरंत सरकारी अस्पताल में संपर्क करना चाहिए। फोटो कैप्शन: डा सुरेंद्र सनसनवाल।
डॉक्टर की सलाह दुकानदारों को बरतनी चाहिए सामान देते वक्त सावधानियां ************************* ***************************** संस,कनीना। डॉ राजनेश (एमबीबीएस, एमडी) का कहना है कि कोरोनावायरस एक गंभीर बीमारी है इससे बचने के लिए ऐतिहात के सभी नियमों का पालन करने से ही इस रोग से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि घर के अंदर रहना, बाहर जाने का जरूरी हो तो बाहर जाए किंतु मुंह पर मास्क लगा हो। दूसरे व्यक्ति से 1 मीटर दूरी बनाए रखें किंतु किसी अपरिचित व्यक्ति से लिफ्ट न ले। अज्ञात व्यक्ति यदि बाइक पर जा रहा है तो उससे लिफ्ट या तो न ले और ले ली है तो उस व्यक्ति को न छुए। नियमित हाथों की सफाई करें। यदि परिवार का सदस्य है तो उसके साथ बेशक एक बाइक पर बैठ सकता है। उन्होंने कहा अक्सर इस रोग को फैलाने में फल, सब्जी, अनाज तथा परचून का सामान विक्रेता भी कारण बन सकते हैं। उन्हें चाहिए कि वे आम ग्राहक वस्तुएं न छूने दे। अगर रोगी वस्तु को छू जाए तो फल, सब्जियों तथा अनाज आदि से रोगाणु होते हुए घर तक पहुंच जाएंगे। उन्होंने कहा कि फल/ सब्जियों को भी अच्छी प्रकार धो लेना चाहिए। उन्होंने कहा दुकानदार भी ग्राहकों को दूर दूर खड़े करने चाहिए। एक 1 मीटर दूरी पर खड़े करके उनसे दूर से ही पूछ लेना चाहिए और स्वयं पर्ची बनाकर दूर से ही सामान दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ की ओर से अभी तक कोई यह स्पष्ट नहीं है कि धूप का और गर्मी का इस दिन पर कोई प्रभाव पड़ता हो। फोटो कैप्शन: डा रजनेश
वर्क ऐट होम ----------- घर पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं विद्यार्थी ********************* ********************************* कनीना। बेशक लॉकडाउन के चलते स्कूल मई माह तक बंद रहेंगे किंतु सभी स्कूलों ने आनलाइन शिक्षण शुरू कर दिया है। इस वजह से विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। मोबाइल एवं कंप्यूटर की मदद कारगर हो रही है वहीं टीवी चैनल शिक्षक की भूमिका में आगे आ रहे हैं। कक्षा आठवीं की छात्रा मानवी यादव व कनिका यादव ने बताया की हम दोनों बहनें ऑनलाइन कक्षाओं का बहुत फायदा उठा रही है। सभी स्कूलों ने हम सभी बच्चों के लिए ये ऑनलाइन पढ़ाई का अच्छा कदम उठाया हैं ऑनलाइन पढ़ाई से पहले हम टीवी देखकर बोर हो जाते थे लेकिन अब व्हाट्सअप के द्वारा हमें अपना होमवर्क मिल जाता है वहाँ से पढ़कर हम अपने समय का सदुपयोग कर रहे है । अध्यापक जब हमें कक्षाओं में पढ़ाते थे तब हमें बहुत ज्यादा मेहनत नही करनी पड़ती थी क्योंकि टीचर ने ब्लैकबोर्ड पर प्रश्नों को हल किया और हमने नोटबुक में लिख लिया लेकिन अब हमें टीचर से केवल कुछ टिप्स ही मिल पाते है बाकी सारा कार्य किताब की मेहनत से कर रहे है जिससे हमारे अंदर स्वयं पढऩे की एक बहुत अच्छी आदत विकसित हो रही है।हम खुद किताब को पढ़कर प्रश्न का उत्तर ढूंढ पा रहे है। ये आदत हमें क्रिएटिव दिमाग का बना रही है। हम अपने माता पिता जो की दोनो गणित के शिक्षक है की मदद से भी अपनी पढ़ाई कर लेते है ।पहले मोबाइल को गेम खेलने के लिए मम्मी पापा से लेते थे तब मम्मी पापा दोनों डाट लगाते थे लेकिन अब सुबह सुबह होमवर्क के लिए मोबाइल लेते है तो मम्मी पापा दोनो को बहुत अच्छा लगता है ।हमने तो समय से अपनी किताबें ले ली थी लेकिन हमारी कक्षा के बहुत सारे बच्चे तो किताबें भी नही खरीद पाए थे इससे पहले ही लॉकडाउन हो गया था इसलिए उन बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई करने में दिक्कत आ रही हैं। हम दोनों बहनें घर पर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई का बहुत ज्यादा फायदा उठा रही है। हम मासूम बच्चे भगवान से प्रार्थना करते है की भगवान इस कोरोना बीमारी को भारत से भगाओ ताकि हमारे सभी को आ रही परेशानियां खत्म हो व हमारे स्कूल खुल सकें। फोटो कैप्शन 4: बच्चियां घर पर ही आनलाइन पढ़ते एवं होम वर्क करते हुए।
लॉकडाउन में याद आते हैं फास्ट फूड, खुद बनाकर खा रहे हैं बच्चे ************************** ************************************** कनीना। बेशक परिवार तथा डॉक्टर फास्ट फूड को खराब बताएं किंतु बच्चे फास्ट फूड विशेषकर समोसे पानी के बतासे, दही बल्ले आदि को नहीं भूल पा रहे हैं। अब घर पर ही ये चीजें बना करके खाने लगे हैं। वैसे तो जब से लॉकडाउन बढ़ा है तब से परिवार वाले भी परेशान हो गए हैं। बच्चे जन्म से ही शरारती होते हैं। यही कारण है कि घर में दिनभर हा-ल्लड़ रखते जिसके चलते परिवार वाले अक्सर यही कहते सुने हैं कि कब खुलेंगे स्कूल? उधर उनकी फास्ट फूड की मांग भी बढ़ गई है क्योंकि फास्ट फूड आदि कुछ खाने को नहीं मिलता। चटपटा खाने को उनका जी करता है। यहां तक कि बच्चे भी अब बहुत एक्टिव हो गए हैं ऐसे में पानी बतासा, समोसे, इडली, चाउमीन, बर्गर आदि बनाकर खाने लगे हैं। अक्की और चिक्की नाम के दो भाई बहनों ने तो स्वयं रसोई का कार्य संभाल लिया है। इन्होंने तो जमकर पानी बतासा बनाए और न केवल खुद खाए अपितु परिवार वालों को भी खिलाएं। बच्चे अति चतुर होते हैं और नेट के जरिए पानी बतासे, समोसे आदि बनाना सीख लेते हैं और स्वयं तैयार करके बड़े चाव से खाते हैं। बड़े भी इनके कार्य को देख कर के बहुत खुश होते हैं। फोटो कैप्शन 6:अक्की और चिक्की पानी पतास बनाते हुऐ, 5: समोसे खाते हुए।
युवाओं ने किया गांव बाघोत को सैनिटाइज ग्रामीणों को किए 450 मास्क वितरित *******************************
******************************** कनीना। बाघोत ग्राम पंचायत व परशुराम ग्रुप ने त्वरित गति से कोरोना से लडऩे के लिए कार्यवाही में जुटा हुआ है। परशुराम ग्रुपके माध्यम से कीटनाशक दवाई छिड़कवाई गई है। परशुराम ग्रुप के सुनील अत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि 200 ग्राम कीटनाशक को 500 लीटर पानी की टंकी में डालकर ट्रैक्टर द्वारा गांव के मंदिर से गांव की सभी छोटी बड़ी गलियों में से होते हुए गांव के चारों तरफ इस कीटनाशक का छिड़काव किया गया है। उसके बाद हरिजन बस्ती, तथा विभिन्न स्थानों पर छिड़कवाया है। गांव में कुछ युवाओं ने एक परशुराम ग्रुप बनाया हुआ हैं जो कोरोना की जानकारी दे रहा है । इसके साथ ही यह ग्रुप ग्रामीणों को 450 मास्क वितरित कर उनको घर में रहने के लिए जागरूक कर रहा है । इस मुहिम में मुख्य रूप से सुनील अत्री, मंजीत वशिष्ठ, प्रवीण अत्री, मोनू पहलवान, सतीश अत्री आदि शामिल रहे ।