Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Saturday, May 15, 2021

 
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अन्तर्राष्ट्रीय परिवार दिवस पर विशेष लेख
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याद आने लगी हैं दादा-दादी की कहानियां
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कनीना। कहते हैं कि इतिहास अपने आपको दोहराता है। यह कथन सत्य होता नजर आता है और हमारे  समाज पर सही बैठता है। एक जमाने में जब संयुक्त परिवार होते थे घरों में बूढ़े-बड़े लोग जिन्हें दादा-दादी नाम से जाना जाता है की मदद से बच्चों का न केवल भरपूर मनोरंजन होता था अपितु उन्हें कहानियां सुनाकर उनका मनोबल बढ़ाया जाता था। बच्चे के विकास में इनका बहुत बड़ा योगदान रहा है किंतु जब से परिवार में विघटन होने लगा है तभी से न तो दादा-दादी का समय सही तरीके से बीत पाता है और नही बच्चों का सही ढंग से विकास होता है। महज टीवी एवं मोबाइल द्वारा ही मन बहलाने की प्रक्रिया चलती है जो अधिक टिकाऊ नहीं है और सभ्य जन बनने की बजाए टीवी/मोबाइल संस्कृति वाला मानव बनता जा रहा है।
  कृष्ण सिंह, राजेंद्र सिंह, रोशन, राम सिंह, मेहरचंद आदि बताते हैं कि एक जमाना था जब बड़े-बूढ़ों की उनके बच्चे कहना मानते थे और पूरे-पूरे जीवन एकल परिवार के रूप में बीता देते थे। सभी मिलकर काम करते थे तथा आय को पूरे परिवार के लिए सभी सदस्य लाकर दे देते थे। यदि घर पर खेत का काम है तो सारे सदस्य एकसाथ मिलकर बुआई, कटाई और मढ़ाई आदि का काम करते थे। उनके बीच जरा भी मन मुटाव नहीं होता था। परिवार के बूढ़े बड़े जो खेतों में काम नहीं कर नाते थे वे घर की रखवाली के अलावा घर में छोटे बच्चों की देखभाल का काम करते थे। कहने का तात्पर्य यह है कि परिवार के छोटे बच्चों को सही दिशा देने का काम अक्सर बूढ़े-बड़ों का होता था। वे बच्चों को देशभक्ति की कहानियां सुनाते थे और उन्हें महान बनने में कसर नहीं छोड़ते थे। यही कारण था कि पुराने जमाने के बच्चे अधिक सभ्य एवं देशभक्ति से परिपूर्ण होते थे। उस जमाने में टीवी/मोबाइल जैसी कोई वस्तु घर में नहीं होती थी जिसके चलते शिक्षाप्रद कहानियां और उच्चकोटि के ज्ञान का स्रोत बूढ़े-बड़े ही होते थे। यदि किसी भी देशभक्त की विगत कहानी पर नजर डाले तो पता चलता है कि उसकी सफलता के पीछे बूढ़े-बड़ों का हाथ रहा है या फिर देशभक्ति की कहानियां रही हैं।
     वक्त ने करवट ली और परिवारों में भी विघटन की स्थितियां पैदा होने लगी। आज कोई भी बड़ा परिवार एक नहीं मिल सकता है क्योंकि आपसी फूट के कारण बदहाली आ चुकी है। आज घरों में दादा-दादी नहीं अपितु टीवी/मोबाइल ही दादा बना हुआ है जिस पर परोसे जाने वाले घटिया एवं फूहड़ नृत्य, नाटक एवं कहानियों को देखकर होने वाली संतान एवं देश के कर्णधार चोरी, डाका, लूटपाट, गंदी आदतें, गंदा फैशन, बिगड़ती चालढ़ाल एवं घटती देशभक्ति का शिकार बनते जा रहे हैं। किसी चोर या लुटेरे से जब पुलिस सारी कहानी उगलवाती है तो पता चलता है कि उसने चोरी, जारी आदि अवगुण टीवी/मोबाइल पर नाटक या फिल्म देखकर इस अंजाम को दिया। आज परिवारों में बूढ़े बड़े किसी टूटी हुई चारपाई पर पड़े मिल सकते हैं जिनकी कोई कद्र नहीं होती और समय बिताने के लिए वृद्ध आश्रमों में जाना पड़ता है। इस बदलाव के पीछे भी आधुनिक टीवी संस्कृति ही दोषी है। आज देशभक्त कम पैदा होने सूचना नहीं मिलती है और न ही कोई महान व्यक्तित्व उभरकर आता है जिसका सीधा-सादा अर्थ है कि उन्हें अब बूढ़े बड़े देशभक्ति का जजबा पैदा नहीं करते हैं। घर में अगर बूढ़े बड़े है तो उनकी सुनने वाला ही कोई नहीं है। देखने में आता हे कि उनके परिवार के सदस्य ही अपने बड़ों का आदर नहीं करते हैं ऐसे में भावी पीढ़ी पर तो बुरा असर पडऩा स्वाभाविक है।
 एक जमाने में जब आस-पास के बच्चे इक_ïे हो जाते थे और दादा या दादी उन्हें एक-एक करके शानदार, मजेदार, रोचक, देशभक्ति औा ज्ञानवर्धक कहानियां सुनाती थी। एक नहीं अपितु कई-कई कहानियां सुनाने में उनका घंटों समय बीत जाता था और बच्चे भी उनसे दूर जाने का नाम ही नहीं लेते थे। एक तरफ बच्चों को ज्ञान की बातें मिलती थी जिससे उनमें कुछ कर गुजरने की ताकत पैदा होती थी वहीं दादा-दादी का समय भी अच्छी प्रकार बीत जाता था। यही एक कारण था कि उनका बहुत बढिय़ा समय बीत जाता था और इधर उधर के सोच विचार से बच जाते थे और लंबे समय तक धरा पर जीवित रहते थे। अब समय बदल गया है बूढ़े बड़ों से कोई बात करने वाला भी नहीं होता हे और वे सोच विचार में डूबे हुए भगवान को प्यारे हो जाते हैं। उनके बच्चे भी उनकी कोई परवाह नहीं करते हैं। उल्टे यह कहकर पीछा छुड़ा लेते हैं कि अच्छा हुआ चलते हुए हाड़ पैर चला गया वरना पैरों को घसीटकर मरना पड़ता
    एक बार फिर समय में बदलाव आ रहा है और पुन: दादा-दादी की कहानियों की आवश्यकता समझी जाने लगी है। टीवी/मोबाइल  संस्कृति के बुरे प्रभावों की जांच हो रही है और कुछ समझदार जन तो अब अपने बच्चों को दूर दराज से रोचक एवं देशभक्ति की कहानियों की पुस्तकें लाकर देने लगे हैं। उनके दिल में उन्हें मजेदार कहानियां सुनाने की टीस रहती है। आज हर मां बाप यह सोचने को मजबूर हो रहा हे कि बच्चे को महान बनाने के लिए टीवी संस्कृति से दूर करके देशभक्ति का जजबा पैदा करना होगा और इसके लिए उन्हें दादा दादी ही सक्षम नजर आने लगे हैं। अब आम आदमी उन सुनहरे दिनों को पुन: याद करने लगा है और परिवारों में विघटनकारी कारणों को दूर करने के लिए प्रयासरत है। यदि ऐसा होता है तो एक बार पुन: बूढ़ों का मान सम्मान बढ़ेगा और देश के भावी कर्णधार अपने पूर्वजों के युग में लौट चलेंगे और अच्छे संस्कार ग्रहण करके महान देशभक्त बन सकेंगे।





कनीना क्षेत्र में मिले 56 कोरोना संक्रमित
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 कनीना। कनीना क्षेत्र के 25 गांवों में 56 कोरोना संक्रमित पाए गए। लापरवाही के चलते केस बढ़ते ही जा रहे हैं। मिली जानकारी अनुसार ढाणा में 12, दौंगड़ा अहीर- 4 ,कनीना 8 मोहनपुर-एक, मुडियाखेड़ा- 5 नांगल हरनाथ-एक, बचीनी - एक भडफ़ 3 ,भोजावास दो, चेलावास-एक,  गुढ़ा-एक, इसराना-दो ककराला-एक कोका-एक, कोटिया-9 पड़तल- एक, रामबास दो और रसूलपुर-3 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।





77 सैंपल आरटीपीसीआर के लिए
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 कनीना। कनीना उप नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिए जाते। शनिवार को 77 सेंपल लिये गये।  विस्तृत जानकारी देते हुए बताया  डॉ जितेंद्र मोरवाल ने बताया कि शनिवार को 77 सैंपल लिए गए हैं। जांच के लिए इन्हें भेजा जा रहे हैं। 2 दिनों बाद इनकी रिपोर्ट आएगी।



163 डोज दी गई
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संस,कनीना। कनीना के उप नागरिक अस्पताल में शनिवार को 18 से 44 आयु वर्ग कको 63 डोज वैक्सीन दी गई।
विस्तृत जानकारी देते हुए एसएसओ डा धर्मेंद्र यादव तथा कंप्यूटर आपरेटर पवन कुमार ने बताया कि सोमवार को फिर से सेशन शुरू होगा। रविवार तक 400 डोज वैक्सीन आने की संभावना हैं। अगर विभिन्न गांवों के सरपंच अपनी जिम्मेदारी ले तो गांवों में भी डोज दी जा सकती हैं। ककराला एवं नांगल हरनाथ दोनों गांवों में लोग शांति से डोज लगवाते हैं किंतु कुछ गांवों में पुलिस तक बुलानी पड़ती है। अब 18 से 44 के लिए सोमवार को डोज दिये जाने की संभावना है।




कोरोना महायोद्धा के रूप में उभरे सतीश जेलदार को मिला पुन: मौका
-सेवा रसोई के जरिये करेंगे मरीजों के जलपान एवं खाने की व्यपस्था
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 कनीना। कनीना पालिका के प्रधान सतीश जेलदार वर्ष 2020 में कोरोना महायोद्धा के रूप में उभर कर सामने आए थे जिन्होंने 25 मार्च से लगातार प्रतिदिन 2000 लोगों को दो माह तक खाना खिलवाया। एक बार उन पर सेवा रसोई की जिम्मेदारी फिर से आ गई है। पुराने पालिका भवन में वे अस्पताल के मरीजों एवं उनके सहायकोंं को खाना खिलाएंगे।
 विदित है कि 2020 में बाहर के लोगों के खाने, ठहराने की अहम भूमिका अदा की थी। जहां पालिका के सभी पार्षदों ने अपने दो-दो माह का पारिश्रमिक खाने के लिए दिया वही गांवों से तथा कनीना के लोगों ने जमकर दान दिया जिसके चलते यहां ठहरने खाने-पीने की समुचित व्यवस्था बाहर के लोगों के लिए बन पाई थी जो अभी तक याद है। इसमें सबसे अहम भूमिका सतीश जेलदार की रही है। उन्होंने छह बार कनीना को सैनिटाइज करवाया तीन बार फोगिंग करवाई, तीन बार मास्क वितरित करवाए,सैनिटाइजर दिए तथा हाथ में पहनने के लिए दस्तानों का वितरण भी करवाया।
यही नहीं उन्होंने पालिका में कार्यरत कर्मियों के लिए जूते, सॉक्स, सैनिटाइजर, मास्क, दस्ताने, जैकेट आदि भी उपलब्ध करवाई ताकि कनीना को साफ सुथरा रख सके। उनके कार्य की पूरे राज्य और सीएम कार्यालय तक सराहना की गई है जिसके चलते वे एक कोरोना महायोद्धा के रूप में उभरे हैं। सीताराम विधायक ने शनिवार को उनकी प्रशंसा करने के उपरांत उनको जिम्मेदारी सौंप दी है कि वो प्रबंध करके कनीना अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए खाना पैक करके पहुंचाने में मदद करेंगे।
सतीश जेलदार ने कहा कि जिस प्रकार विगत वर्ष उन्होंने बेहतर कार्य सभी के साथ मिलकर किया था ठीक उसी प्रकार का कार्य इस बार भी करने का प्रयास होगा। कनीना में जहां विगत वर्ष कहने को  दो शेल्टर होम थे किंतु मुख्य सेंटर होम कनीना पालिका के समक्ष था जिसमें कहने को 52 लोग ठहरते थे किंतु दो हजार लोगों को प्रतिदिन खाना खिलाया जा रहा था जिसके पीछे भी उन्हीं का अहम योगदान रहा था।
पालिका प्रधान सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जिम्मेदारी देकर खाने की व्यवस्था करवा रखी थी। अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक सभी बाहर के लोगों को खाना खिलाते रहे हैं जिनमें सचिव, पूर्व पालिका प्रधान , पालिका उपप्रधान , महेंद्र सिंह हलवाई, पोंडा हलवाई तथा ठेकेदार ओमप्रकाश लेखाकार शिवचरण शर्मा ,केशव सहित सभी ने अहम भूमिका निभाई और कनीना कस्बे को पूरे हरियाणा भर में एक नंबर पर लाकर सिद्ध कर दिया था कि सतीश जेलदार की अध्यक्षता में सभी कार्य सही सुचारू रूप से चल सकते हैं।
फोटो कैप्शन : सतीश जेलदार।




विधायक ने किया सेवा रसोई का उद्घाटन
-पुराने नगरपालिका भवन में चलेगी
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कनीना। अटेली विधायक सीताराम यादव ने कनीना में पुरानी नगरपालिका के भवन में सेवा रसोई का शुभारंभ किया है। इस रसोई से कनीना अस्पताल में आने वाले मरीज तथा उनके साथ आने वाले परिजनों के लिए मुफ्त खाना मिलेगा। नगरपालिका प्रधान सतीश जेलदार की देखरेख में होगा सारा काम चलेगा। प्रधान ने बताया कि केशव फोन नंबर 7876664066 व राकेश उर्फ विक्की 8059420780 के मोबाइल नंबरों पर काल कर आर्डर दे सकते है, खाना पैक हो कर मिलेगा। इसके लिए समय प्रात: 8 से 10 बजे और शाम को तीन से पांच बजे का रखा गया है। इस मौके पर अजीत सिंह कलवाड़ी सेवा रसोई के जिला संयोजक, अतर सिंह  कनीना मंडल अध्यक्ष,सतबीर सेहलंगिया आदि मौजूद थे।
 तत्पश्चात विधायक ने कनीना उप नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल में कुछ कमियां पाई गई जिसके लिए एसएमओ डा धर्मेंद्र को सख्त हिदायत दी और मरीजों की देखभाल में कोई कोताही न बरतने की हिदायत भी दी है।
  विधायक सीताराम ने कहा कि महामारी का बुरा वक्त है। इस काल में सावधानी जरूरी है। साथ में मरीजों और गरीबों की सहायता की जरूरत भी है। उनकी सहायता करना हम सभी का कत्र्तव्य बनता है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष भी पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने पूरे प्रदेश में मजदूरों को खाना खिलाकर नाम कमाया था। इस बार फिर से उनकी जरूरत है। उन्होंने सभी से अपील की कि जनसेवा में जुट जाये।
फोटो कैप्शन 09: उप नागरिक अस्पताल में विधायक एवं पालिका प्रधान कर्मियों को हिदायत देते हुए।
10: विधायक अटेली सीताराम यादव सेवा रसोई कनीना शुरू करते हुए।
विधायक ने किया सेवा रसोई का उद्घाटन
-पुराने नगरपालिका भवन में चलेगी
कनीना। अटेली विधायक सीताराम यादव ने कनीना में पुरानी नगरपालिका के भवन में सेवा रसोई का शुभारंभ किया है। इस रसोई से कनीना अस्पताल में आने वाले मरीज तथा उनके साथ आने वाले परिजनों के लिए मुफ्त खाना मिलेगा। नगरपालिका प्रधान सतीश जेलदार की देखरेख में होगा सारा काम चलेगा। प्रधान ने बताया कि केशव फोन नंबर 7876664066 व राकेश उर्फ विक्की 8059420780 के मोबाइल नंबरों पर काल कर आर्डर दे सकते है, खाना पैक हो कर मिलेगा। इसके लिए समय प्रात: 8 से 10 बजे और शाम को तीन से पांच बजे का रखा गया है। इस मौके पर अजीत सिंह कलवाड़ी सेवा रसोई के जिला संयोजक, अतर सिंह  कनीना मंडल अध्यक्ष,सतबीर सेहलंगिया आदि मौजूद थे।
 तत्पश्चात विधायक ने कनीना उप नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल में कुछ कमियां पाई गई जिसके लिए एसएमओ डा धर्मेंद्र को सख्त हिदायत दी और मरीजों की देखभाल में कोई कोताही न बरतने की हिदायत भी दी है।
  विधायक सीताराम ने कहा कि महामारी का बुरा वक्त है। इस काल में सावधानी जरूरी है। साथ में मरीजों और गरीबों की सहायता की जरूरत भी है। उनकी सहायता करना हम सभी का कत्र्तव्य बनता है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष भी पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने पूरे प्रदेश में मजदूरों को खाना खिलाकर नाम कमाया था। इस बार फिर से उनकी जरूरत है। उन्होंने सभी से अपील की कि जनसेवा में जुट जाये।
फोटो कैप्शन 09: विधायक अटेली सीताराम यादव सेवा रसोई कनीना शुरू करते हुए।



इसराणा गांव को किया युवाओं ने सैनिटाइज
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कनीना। सर्वोदय युवा मंडल इसराना व नेहरू युवा केंद्र नारनौल युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा गांव इसराणा को सैनिटाइज करवाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
समाजसेवी मोहित शर्मा ने बताया कि इस महामारी के चलते युवा मंडल के सभी सदस्य पदाधिकारियों ने समय समय पर अपना योगदान दिया है, चाहे क्यों सैनिटाइजर वितरण हो या गरीबों को भोजन वितरण या कोरोना - 19 टीकाकरण पंजीकरण हो। किसी भी प्रकार की सेेवा के लिए गांव के युवा इस महामारी को बचाव के लिए हर संभव कार्य कर रहे हैं। अब सभी युवा मंडल के सदस्यों ने गांव को सैनिटाइज करवाने में अपना पूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम का महेंद्र सिंह कार्यक्रम समन्वयक नेहरू युवा केंद्र के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। उन्होंने युवा मंडल तथा नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवक गीता  देवी और कार्तिकेय के सहयोग की सराहना की है,  नेहरू युवा केंद्र के पूरे जिले में अपने अपने स्तर पर बचने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में प्रवक्ता कृष्ण कुमार, नरेश कुमार मुनीम, सतेंद्र, प्रीतम , मोहित इसराना ,धीरज, रामवीर, गजेंद्र देशराज शुभम ,अजय,अंकित,उदयवीर अमित, मदन, शेर सिंह, ममता, सरोज, लाली देवी ,आदि ने अपना सराहनीय योगदान दिया।
फोटो कैप्शन 8: गांव इसराणा में सेनिटाइजर छिड़कते युवा।



लाकडाउन में महंगे दामों पर बेच रहे थे शराब
,मामला दर्ज
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कनीना। लाकडाउन में समय महंगे दामों पर शराब बेचने के जुर्म में 4 जनों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मिली जानकारी अनुसार पुलिस को सूचना मिली कि बस स्टैंड मोहनपुर पर ठेके का कारिंदा तथा ठेके का मालिक विशाल इसराणा चोरी छुपे शराब बेच रहे हैं। अगर तुरंत रेड की जाए तो गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस ने मोहनपुर के ठेके पर रेड की तो दो व्यक्ति ठेके के पास शराब बेचते दिखाई दिए। पुलिस ने उनको काबू करके पूछताछ की। एक में अपना नाम बच्चन सिंह लखवाड़ उत्तराखंड हाल आबाद मोहनपुर बताया तो दूसरे ने विशाल इसराना बताया। लाकडाउन के समय शराब बेचने बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि ठेके में विशाल, अनिल इसराना, विकास इसराना ने कह रखा है कि लाकडाउन में शराब महंगी हो रही है। लाकडाउन में शराब ऊंचे दाम पर बेचोगे तो जो भी मुनाफा होगा सभी इससे में बराबर बांट लेंगे। बच्चन सिंह लखवाड़ एवं विशाल इसराना ने सरकार के आदेशों की अवहेलना करने पर अपने मालिक को से मिलीभगत कर शराब बेची जिसके चलते पुलिस ने बच्चन सिंह, विशाल, अनिल व विकास इसराणा के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।


दो एमएम हुई बारिश
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 कनीना। कनीना क्षेत्र में शनिवार की सुबह 2 एमएम बारिश हुई। गर्मी से जहां राहत मिली है वहीं कुछ फसलों के लिए लाभप्रद मानी जा रही है। वर्तमान में खेत में चारा देने वाली फसलें खड़ी हुई है तथा कपास की फसल भी उगाई हुई है। जहां कुछ किसानों ने राहत महसूस की है वहीं लोगों ने भी गर्मी से राहत महसूस की।
कृषि वैज्ञानिक डा देवराज यादव का कहना है कि बार-बार मौसम के बदलाव के कारण कुछ पौधों पर फल भी नहीं लग रहे हैं। लगातार अगर गर्मी पड़े तो टींट,सांगरी तथा पील आदि पर फल लगते हैं किंतु अब न तो फल आ रहे हैं और न ही उचित वातावरण बन रहा है। उन्होंने कहा कि ठीक है कि हल्की बूंदाबांदी से गर्मी से राहत मिल रही है तथा कुछ फसलों के लिए खेतों में खड़ी कुछ फसलों के लिए लाभ हो रहा है किंतु भावी फसल के गर्मी पडऩा जरूरी है।


महामारी से ब






चाव के लिए दो दिवसीय चल यज्ञ शुरू
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कनीना। कनीना उपमंडल के गांव गाहड़ा में पूरे जग में फैली महामारी से बचाव के लिए दो दिवसीय चल यज्ञ का आयोजन किया गया। वैन द्वारा सभी घरों के सामने जाकर आहुति डलवाई गई। इस मौके पर पुरोहित आचार्य सत्यपाल प्रेरक , यज्ञमान आरडी शास्त्री ने निभाई। आरडी शास्त्री ने कहा कि यज्ञ हर प्रकार से समाज हित का कार्य होता है। पुराने समय से बुजुर्ग गांव में छोटे-छोटे यज्ञ करते आए हैं। अब चूंकि पूरे ही जगत में महामारी का प्रकोप है, इस प्रकोप से बचने का एकमात्र रामबाण इलाज यज्ञ है। यदि सभी मिलकर यज्ञ करें तो निसंदेह वातावरण साफ सुथरा हो जाएगा और इस महामारी से बचाव निकल सकता है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से गांव गाहड़ा के सभी लोगों ने मिलकर दो दिवसीय हवन का आयोजन किया है।
रविवार को यज्ञ का समापन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों की आहुति डलवाने के लिए चल प्रकार का हवन यज्ञ करवाया गया। यज्ञ एक गाड़ी में करवाया गया जिसमें को धीरे-धीरे सभी गलियों से गुजारा गया तथा अधिक से अधिक लोगों ने यज्ञ में आहुति डाली। इस मौके पर प्रधान राम सिंह, राजू सरपंच दारा सिंह पूर्व सरपंच, राजबीर सिंह पूर्व सरपंच, सत्यवीर सिंह पूर्व सरपंच,पतराम आर्य, सुमेर सिंह पंच, धुरेंद्र शर्मा, धर्मवीर सिंह, अनिल परदेशी, राजेश कुमार, राम सिंह साहब सहित विभिन्न जन मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 7: चल यज्ञ में आहुति डालते लोग।

Friday, May 14, 2021


रामबास में बनाया आइसोलेशन सेंटर
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 कनीना। उपमंडल कनीना के गांव रामबास में एसडीएम दिनेश कुमार के आदेशानुसार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रामबास में आइसोलेशन सेंटर स्थापित कर दिया गया है। विस्तृत जानकारी देते हुए प्राचार्य डा मुंशी राम यादव ने बताया की एसडीएम के आदेश अनुसार देवेंद्र सिंह पटवारी, जितेंद्र ग्राम सचिव, विक्रम सिंह, धर्मवीर स्कूल चौकीदार, वेदप्रकाश नंबरदार, रतिराम इत्यादि के सहयोग सहयोग से कोविड-19 आइसोलेशन सेंटर स्थापित कर दिया गया है। इस मौके पर ग्रामीणों ने हर संभव सहायता की बात कही।
वेद प्रकाश नंबरदार रामबास ने बताया कि गांव में ठीकरी पहरा लगा दिया गया है तथा 10 बिस्तर स्कूल में लगा दिए हैं। ज्यों ज्यों कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ेगी त्यों त्यों बिस्तर भी बढ़ा दिए जाएंगे। इनकी देखरेख के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
फोटो कैप्शन 11: आइसोलेशन सेंटर रामबास में अधिकारी सेंटर स्थापित करते हुए। 






अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी पंकज यादव ने लगवाया टीका
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कनीना। उप मंडल के गांव नांगल मोहनपुर के अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी पंकज यादव ने शुक्रवार को कोरोना टीका लगवाया।
टीका लगवाने के बाद पंकज यादव ने सभी क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि वैक्सीन जरूर लें, मास्क का प्रयोग करें, सामाजिक दूरी बनाए रखें। अगर कोविड-19 के नियमों का पालन नहीं किया तो कोरोना की दूसरे लहर जानलेवा साबित हो जाएगी। सुबह शाम अपनी दिनचर्या में मेडिटेशन को भी शामिल करें। अनावश्यक घर से बाहर ना निकले। घर पर ही रहकर योग व अपने खान-पान का ध्यान रखें । प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, कपालभाति आदि करे।  मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य के लिए को फिट रखने के लिए योग काफी कारगर साबित होते हैं। प्राणायाम करने से छाती वाला हिस्सा खुलता है और फेफड़ों की कार्य क्षमता  बढ़ती है। प्राणायाम से  शरीर में आक्सीजन का भी स्तर बढ़ता है व पाचन क्रिया व रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। जिससे शरीर में आक्सीजन का फ्लो अच्छा होता है। प्राणायाम कम से कम 5 से 7 मिनट तक करें व दिन में कम से कम आधे से एक घंटे तक शारीरिक कसरत करें।
 वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग के सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट फतेह चंद दायमा धनौंदा ने भी अपनी कोरोना वैक्सीन डोज ली तथा इसके बाद उन्होंने लोगों से अपील की है की करोना वैक्सीन लगने के बाद हमारे दिल,मन  व शरीर को मजबूती मिलती है जिससे हमारी आत्मशक्ति तो बढ़ती ही है शारीरिक शक्ति भी बढ़ जाती है। जिसके कारण शरीर पर किसी रोगाणु का हमला अपने आप निरस्त हो जाता है। ऐसे में कोरोना वैक्सीन अवश्य ही लेनी चाहिए और इसके बाद भी सरकार द्वारा बनाई गई कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए मास्क व दो गज की दूरी का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना महामारी किसी अमीर गरीब जात बिरादरी को नहीं देखती यह तो सभी पर हमला बोलती है। इसलिए कोरोना गाइडलाइन के अनुसार ही अपने जीवन में कार्य करने चाहिए ताकि कोरोना पर काबू पाया जा सके।
फोटो कैप्शन-  खिलाड़ी पंकज यादव एवं फतेहचंद दायमा टीका लगाते हुए।




145 युवाओं को दी कोरोना वैक्सीन
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 कनीना। कनीना उप-नागरिक अस्पताल में 18-44 वर्ष आयु वर्ग के 145 युवाओं को कोरोना वैक्सीन दी गई। शनिवार को भी 18 से 44 आयु वर्ग को वैैक्सीन दिए जाने की योजना है। विस्तृत जानकारी देते हुए डा धर्मेंद्र यादव एसएमओ तथा कंप्यूटर आपरेटर पवन कुमार ने बताया कि शुक्रवार को 145 डोज 18 से 44 आयु वर्ग को दी है। शनिवार को भी इसी आयु वर्ग को डोज दी जाएगी। अभी तक और कोई डोज न होने से शनिवार को भी 45 प्लस के लोगों को कोरोना वैक्सीन दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सोमवार तक 45 प्लस के लोगों के लिए कोरोना वैक्सीन आने की संभावना है।
उधर पीएचसी भोजावास में 90 वैक्सीन 45 प्लस के लोगों को दी गई। विस्तृत जानकारी देते हैं राजकुमार चौहान सुपरवाइजर ने बताया कि 45 प्लस के लोगों को ये दूसरी डोज दी गई हैं जिसमें 60 वर्ष से अधिक के लोग 87, हेल्थ वर्कर,  फ्रंट वर्कर और हरियाणा पुलिस के जवान को जवान को एक एक वैक्सीन दी गई है।




अक्षय तृतीया एवं परशुराम जयंती मनाई
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 कनीना। क्षेत्र में शुक्रवार को अक्षय तृतीया एवं परशुराम जयंती का पर्व मनाया गया किंतु इस बार कोरोना के चलते विवाह शादियां कम हो रही है। इस तिथि को अबूझ विवाह तथा मांगलिक कार्य किए जाते हैं किंतु इस बार महामारी के चलते हैं मांगलिक कार्य कम किए गये। कनीना एवं आस पास आधा दर्जन शादियां संपन्न हुई। यह दिन बहुत शुभ माना जाता है। कनीना के कंवरसेन वशिष्ठ, सुरेंद्र वशिष्ठ ने बताया कि इस दिन परशुराम ने विष्णु के अवतार के रूप में जन्म लिया था। इस दिन का फल कभी समाप्त नहीं होता। हिंदू धर्म में यह भी माना जाता है कि इस दिन जो दान दक्षिणा दी जाती है वह अगले जन्म में प्राप्त होंगी। वे कभी समाप्त नहीं होंगी। भगवान विष्णु की पूजा की गई तथा दान दक्षिणा चली।



पुराने खंडहरनुमा भवन को हटाकर पार्क बनाने की मांग
-पूर्व एसडीएम संदीप सिंह ने स्थिति का लिया था जायजा
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 कनीना। कनीना कस्बे में गुरु चरण गुप्ता के घर के पास सैकड़ों साल पुराने खंडहरनुमा घर को हटाकर पार्क बनाने की मांग बलवती हो गई है। यह भवन सैकड़ों वर्षों से यूं ही पड़ा है जिसका न कोई वारिस है अपितु इसके अंदर कई क्विंटल कूड़ा कचरा भरा पड़ा है।
विस्तृत जानकारी देते हैं भाजपा नेता अशोक वर्मा, सुरेश, दिनेश, महेंद्र आदि ने बताया कि करीब 100 सालों से इसका कोई वारिस नहीं है। जिन्होंने इसे बनवाया था वो वैश्य वर्ग से संबंध रखता था जिनका इंतकाल हो चुका है और वर्तमान में कोई वारिस नहीं है। समय-समय पर लोगों ने इसमें कब्जा करने की कार्यवाई की। इसके दरवाजे टूट चुके हैं और द्वार पर दीवार में 50 फुट ऊंचा पीपल का पेड़ खड़ा है जबकि इसके अंदर झांक कर देखें तो विलायती कीकर खड़ी है।
आसपास के लोगों ने बताया कि इसके अंदर मल मूत्र त्यागने की कार्रवाई भी लंबे समय तक जारी रही। इसके अंदर हजारों चमगादड़ छुपे हुए हैं जिनसे किसी रोग होने का अंदेशा भी बना हुआ है। पूर्व एसडीएम संदीप सिंह ने दौरा करके यहां पार्क बनाने की योजना बनाई थी किंतु उनका तबादला हो गया था। एक बार फिर से लोगों ने मांग की है कि इस बिल्डिंग को छुड़वाया जाए वरना इससे कोई दुर्घटना घट सकती है।
क्या कहते पालिका प्रधान -
नगर पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने बताया कि उनके संज्ञान में अभी तक किसी ने यह पुरानी बिल्डिंग नहीं डाली है। वे स्वयं जाकर देखेंगे और जो कोई समाधान हो पाएगा हल करने का प्रयास किया जाएगा।
 फोटो कैप्शन 8: पुराने भवन पर दरवाजे पर  दीवार में खड़ा पीपल का पेड़
9: आंगन में खड़ी हुई विलायती कीकर और भरा हुआ कूड़ा कचरा।




विज्ञान स्नातकोत्तर बेच रहा है सब्जी
-पूर्ण रूप से बंद झोपड़ी में बेच रहे हैं आर्गेनिक सब्जी
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 कनीना। कनीना उपमंडल के गांव भडफ़ के मुख्य सड़क मार्ग पर रवि कुमार नामक व्यक्ति एमएससी आर्गेनिक केमिस्ट्री में होते हुए भी सब्जी बेच रहा है। एक बहुत सुंदर झोपड़ी का निर्माण करवा रखा है जो चारों ओर से बंद है। पानी का छिड़काव करने पर एसी की तरह काम करती है। इसके अंदर छन छन कर हवा आती है और यह अपने खेतों में तैयार विभिन्न आर्गेनिक सब्जियां झोपड़ी कें अंदर से ग्राहकों को देते हैं। झोपड़ी में खिड़कीनुमा सुराख है जहां से ग्राहक झांकने पर सबसे पहले यह सैनिटाइज करते हैं, तत्पश्चात सब्जी तोल कर देते हैं। रवि कुमार एमएससी आर्गेनिक केमिस्ट्री सेकरने के बाद प्राइवेट सेक्टर में एक वर्ष तक नौकरी करने के पश्चात अपने घर पर ही जनसेवा करने का निश्चय किया। आर्गेनिक सब्जी उगाने का निश्चय किया। वर्तमान में जब कोरोना की मार पड़ रही है कोरोना कल में सब्जी बेचने के लिए इन्होंने व्यापक प्रबंध किए हुए हैं। किसी भी वस्तु को नहीं छुए इसलिए ग्राहकों को अंदर आने की अनुमति नहीं दे रखी है। महज एक ही सुराख से  ग्राहकों से आर्गेनिक सब्जी का लेनदेन होता है। रवि कुमार ने बताया कि उनकी सब्जी दूर-दराज तक विख्यात है। जब कोई ग्राहक उनके पास सब्जी लेने के लिए आते हैं तो वे सबसे पहले उनके हाथ और को सैनिटाइज करवाते हैं। उन्होंने बताया कि उनके तरबूजों की बहुत अधिक मांग है, वहीं हर प्रकार की सब्जी आर्गेनिक है इसलिए उनके पास ग्राहक दूर दराज से आते हैं। वे अजय कुमार इसराना के पदचिह्नों पर चल रहे हैं जो आर्गेनिक सब्जी के क्षेत्र में सम्मान पा चुके हैं।
फोटो कैप्शन 10: रवि कुमार ग्राहक को सब्जी देने से पहले हाथ सेनिटाइज कराते हुए।




नायब तहसीलदार के नेतृत्व में टीम ने  गांवों में जाकर  हुक्के पानी से कुछ दिन दूर रहने की कि अपील
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कनीना। कोरोना  के बढ़ते प्रकोप को लेकर शुक्रवार को नायब तहसीलदार सत्यपाल सिंह के नेतृत्व में गिरदावर राजेंद्र कुमार सैनी, राज पटवारी ,अनूप पटवारी के अलावा अन्य कर्मचारियों ने गांव गांव जाकर लोगों से मुलाकात की वहां आई समस्या के बारे में विचार किया।
 जानकारी देते हुए टीम के सदस्य अनूप सिंह हलका पटवारी कनीना ने बताया उप मंडल अधिकारी दिनेश कुमार के आदेश अनुसार उनकी टीम खंड के गांव गुढ़ा, चेलावास, उन्हाणी, रसूलपुर तथा ककराला के अलावा अन्य गांव में डोर टू डोर जा रही है तथा गांव में संक्रमित लोगों से मुलाकात भी कर रही है। उन्होंने कहा कि  टीम ग्रामीणों को सरकार द्वारा बनाई गई गाइडलाइन का पालन भी कराने के लिए अपील कर रही है। नायब तहसीलदार सत्यपाल यादव ने ग्रामीणों को बताया कि कोरोना महामारी से घबराना नहीं है तथा गांव में जो भी कोई कोरोना से पीडि़त है उसकी सरकार द्वारा बनाई गई गाइडलाइन के अनुसार देखभाल करनी है। उसको टाइम पर दवाइयां दिलवाने चाहिए व अन्य लोगों को कुछ दिन के लिए उसे दूर रखना है ताकि उक्त महामारी अन्य लोगों में न फैले। उन्होंने लोगों से यह भी अपील की है कि यह कुछ दिन का बुरा समय है जिसमें आप ही एकत्रित होकर ताश ना खेलें तथा साथ न हीं हुक्का प्रयोग करें जिससे कि इस बीमारी पर जल्द ही काबू पाया जा सकता है। नायब तहसीलदार ने बताया इसी प्रकार की कई टीमें उपमंडल अधिकारी दिनेश कुमार के आदेश अनुसार बनाई गई थी जो गांव में फैल रही कोरोना महामारी पर जल्द ही काबू पाने के प्रयास करेंगी।
फोटो कैप्शन 5: गुढ़ा गांव का दौरा करते हुए टीम।


कोरोना की हास्य कविता---
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पिट कर जाएगा
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बहुत सता लिया है कोरोना,
अच्छा हो अब चला जाएगा,
कुछ दिन और ठहर गया तो,
मार खाएगा, पिटकर जाएगा।


बांगड़ , लट्ठ लिये  बैठे  लोग,
जमकर तंग कर रहा यह रोग,
जब पुलिस वाली मार खाएगा,
तब ये सारा ही हाल बताएगा।


कहां से आया बता ये है कौन,
अब तो  बन रहा है यह डोन,
पांच सात घूंसे जब पड़ जाएंगे,
बंदर सा रुसेगा हो जाएगा मौन।


हिम्मत से सबको काम लेना है,
भागेगा ये,भारत से क्या लेना है,
उतारेंगे, पटक कर इसकी खाल,
फिर बन जाएगा देश मालामाल।


कितने आए थे और चले गये हैं,
स्थायी डेरा कभी न बन पाएगा,
जय बोलेंगे भारत की मिलकर ,
दिन दूर नहीं जल्दी ही आएगा।


मिलकर पटक लो इस महामारी,
होशियार सिंह कर रहा है तैयारी,
घिसोल पड़ेंगे जब भारतवासी के,
चीन में जाकर कहेगा मेरे तो मारी।

*होशियार सिंह,कनीना*******


ईद के मौके पर कोरोना से निजात दिलाने की गुहार की








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कनीना।  ईद के मौके पर कनीना के विभिन्न मुस्लिम लोगों ने बहुत सादगी पूर्ण अपने घर ईद मनाई और अल्लाह से दुआ मांगी इस इस खतरनाक कोरोना बीमारी से सभी देश वासी सुरक्षित रहे। नौरंग कनीना ने बताया कि कोरोना के चलते पर्व को सादगी से मनाया गया है और वह भी घरों में कोविड के गाइडलाइन का पालन करते हुए ईद मनाई और मोबाइल से बधाई दी गई।
 इस मौके पे सोनू,लीलू अमरसिंह नितिन  नौरंग, फूल ,सभी ने अपील की कि घर पर रहे और सुरक्षित रहे। छोटी बच्ची आइल्या ने भी दुवा की किइस बीमारी से अल्लाह जल्दी से जल्दी निजात दिलाये।
फोटो कैप्शन 6: छोटी बच्ची जग को सुरक्षित रखने की दुआ ईद पर मांगते हुए। 

Thursday, May 13, 2021


 कोरोना तेरा सत्यानाश हो
-और किस-किस की जान लेगा
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कनीना। कोरोना तूने कितने लोगों की जान ले ली है और कितनों की जान लेगा? एक-एक करके कितने बिछड़ गए, हर शाम दर्द भरी जाती है और सुबह नया दर्द लेकर आती है। उठते ही पता चलता है कि हमारा साथी, प्यारा, परिचित हमारे बीच से बिछड़ गया। वास्तव में इंसान आज के दिन सोते वक्त यह सोचता है कि पता नहीं सुबह तक बचेगा या नहीं? कैसा समय आ गया, हंसी खुशी से भारत विकास की ओर अग्रसर था किंतु वर्ष 2020 से कैसी आपत्ति आ गई? कोरोना एक ऐसा दुश्मन आ गया जिसे बम बारूद एवं तोप से उड़ाना कठिन हो गया है। हम हाथ पर हाथ रखे बंद कमरे में बैठे थोड़ा बहुत बचाव कर रहे हैं परंतु यह राक्षस कोरोना देव तुल्य इंसानों के प्राण यूं ही लेता रहेगा। कोई ऐसा गांव और शहर नहीं जहां प्रतिदिन 2-3 व्यक्ति न बिछुड़ जाते हो।
 इंसान ने सोचा भी नहीं था कि ऐसा दिन आएगा कि इंसान इंसान से दूर भागेगा। आज अपनों से ही लोग दूर होते जा रहे हैं। कभी मौत होने पर सारा माहौल गमगीन दशा में अंत्येष्टि करता था और आज शहरों में यह हालात बन गई है कि मृत व्यक्ति को के दर्शन भी नहीं होने देते। बड़े-बड़े शहरों में नदियों और तालाबों में शव बहा दिये जाते हैं। गंगा में अस्थियां प्रवाहित की जाती थी वो क्रिया भी दूर होती जा रही है। कितना दर्दनाक मंजर है, जिन व्यक्तियों को कंधे पर हजारों लोग श्मशान घाट ले जाते थे, आज चंद लोग डरे और सहमे साथ जाते हैं।
अब तो आलम यह है कि अपनों के अंतिम संस्कार में भी भयभीत और डर कर जाना पड़ रहा है। जिन लोगों को सरकार द्वारा सम्मान के साथ विदाई देनी होती थी अगर वह भी चला जाता है तो चंद कंधों के अलावा कुछ भी नसीब नहीं हो रहा है। कितनी ही महान हस्तियां धीरे-धीरे जग को छोड़ कर जा रही हैं।
यह नहीं पता कि कब तक कि यह सिलसिला जारी रहेगा। सचमुच कोरोना ने सब कुछ तबाह कर दिया, अपनों को अपनों से दूर कर दिया जिनके लिए दो आंसू बहाने होते हैं उस वक्त घर के अंदर छुपे रहते हैं? कैसा वक्त आ गया, कब तक यह कोरोना हमें यूं सताता रहेगा और अपनों की जान लेता रहेगा?
जिन व्यक्तियों के आशीर्वाद की बहुत जरूरत होती है वो तेजी से स्वर्ग की ओर जा रहे हैं और हम अभागे धरती पर बस इतना कह कर शांत हो जाते हैं कि आज फलां व्यक्ति अपना चला गया।
अब तो प्रभु से यही विनती है कि किसी प्रकार पूरे जग से कोरोना को भगा दे ताकि फिर से धरती खुशहाल हो जाए और इंसान सुखी सुखी जीवन जी सके। वरना यही हाल चलता रहा तो इस साल के पूरे इस साल के पूरे होते होते जनसंख्या का बहुत अधिक भाग नष्ट हो जाएगा।
  जा रहे मुख मोड़ कर, कैसे उन्हें भुला पाएंगे।
  नहीं पता अब कौन कौन, यूं ही हमें रुलाएंगे।।
  अंत होगा एक दिन चाहे कोरोना हँसे ले आज।
  मारेंगे तुझे मसल मसल, आने दे अपना राज।।




गुरुवार को दी गई 370 कोरोना डोज
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 कनीना। कनीना और आसपास क्षेत्रों में विभिन्न आयु वर्ग के लोगों को कोरोना डोज दी गई। कनीना में 200 डोज 45 प्लस के लोगों को दी गई।
 विस्तृत जानकारी देते हुए डा धर्मेंद्र यादव एसएम तथा कंप्यूटर आपरेटर पवन कुमार ने बताया कि ककराला में कैंप आयोजित कर 170 डोज 45 प्लस के लोगों को दी गई है। उधर पीएचसी भोजावास में भी कोरोना डोज देने का सिलसिला जारी है। यहां 116 डोज प्रथम एवं द्वितीय दी गई। विस्तृत जानकारी देते हुए
सुपरवाइजर राजकुमार चौहान ने बताया कि 45 प्लस के लोगों को प्रथम 56 तथा दूसरी डोज 5 वहीं 60 प्लस के लोगों को प्रथम 20 तथा दूसरी 35 डोज दी गई हैं।
कनीना की कंप्यूटर ऑपरेटर पवन कुमार ने बताया कि शुक्रवार को कनीना में $160 डोज 18-44 वर्ग को दी जाएंगी।


शिक्षा के क्षेत्र में नाम चमकाया था दो हस्तियों नें
-दोनों स्वर्ग सिधार गये
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कनीना। यह संयोग कहा जाए कि या विधि का विधान कनीना में शिक्षा की बयार बहाने में अग्रिम पंक्ति में खड़े होने वाले कनीना के वयोवृद्ध पूर्व मुख्याध्यापक करतार सिंह(95) शिक्षा समिति के पूर्व अध्यक्ष का निधन बुधवार को हो गया वहीं शिक्षा समिति के महासचिव तथा विभिन्न शिक्षण संस्थान चलाने वाले शिक्षाविद पूर्व प्राचार्य सत्यनारायण(81) का निधन गुरुवार को हो गया।
दोनों ने ही विभिन्न शिक्षण संस्थानों में शिक्षा दी थी वहीं वर्तमान में भी शिक्षा की बयार बहा रहे थे। कनीना में कालेज स्थापना के समय से ही व्यस्त थे। चाहे गौशाला स्थापना का मसला हो या आर्य समाज का या फिर गांव के हित का मुद्दा हो दोनों अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं। कनीना के पूर्व प्रधान मा दलीप सिंह, पार्षद मोहन सिंह, कंवरसेन वशिष्ठ, प्रो हरिओम भारद्वाज, महेंद्र शर्मा, महेश कुमार, कुलदीप बोहरा, कृष्ण सिंह आदि ने शोक जताया है।






तीन दिनों तक चले हवन का हुआ समापन
-महामारी को रोकने के लिए किया गया हवन
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कनीना। कनीना उपमंडल के गांव रसूलपुर में चल रहे तीन दिवसीय हवन का विधि विधान सं समापन हो गया है। महामारी को रोकने के लिए किया गया हवन।
गांव रसूलपुर में लगातार तीन दिन तक, हवन कुंड को गांव की प्रत्येक गली में घुमाया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन आर्य समाज द्वारा किया गया। जिसमें पूरे गांव का भरपूर सहयोग मिला जिससे सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। गांव की सुख-समृद्धि वह महामारी से बचाव के लिए औषधि युक्त सामग्री को आहूत किया गया जिसमें विशेष रूप से नौजवानों ने मदद की तीनों दिनों की हवन कुंड यात्रा में जोश बना रहा महिलाओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया सतीश आर्य , धर्मपाल आर्य, विनोद कुमार, अजीत सिंह, यशपाल, मनजीत व संदीप आदि ने इस सुकर्म को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
फोटो कैप्शन 7: रसूलपुर में हवन कुंड को घूमाते हुए ताकि अधिक से अधिक लोग आहुति दे सके।  

 

 







नांगल हरनाथ में बिजली के करंट से दो मोर मरे

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कनीना। कनीना खंड के गांव नांगल हरनाथ में लगे बिजली के ट्रांसफार्मर पर बैठने से  दो मोरों की बिजली की चपेट मेंआने  से मृत्यु हो गई। उल्लेखनीय है कि गांव नांगल हरनाथ में बिजली की सप्लाई देने के लिए 11000 वोल्टेज की  बिजली खुले तारों के माध्यम से सप्लाई की हुई है ।जिसमें आए दिन हमारे राष्ट्रीय पक्षी मोरों की बिजली की बिजली की चपेट में आने से मृत्यु होती रहती है । ग्रामीणों ने मांग की है कि हमारे गांव के अंदर बिजली की सप्लाई केबल के माध्यम से की जाए जिससे किसी भी प्रकार के  पक्षियों की बिजली की चपेट में आने से मृत्यु ना हो।

यह ट्रांसफार्मर गांव में बाबा भैया नामक धार्मिक स्थान के पास बने एक चौक पर लगा हुआ है।
गांव में मोरों के मरने की घटना लगातार जारी है। गांव के बाबा भैया के पास जा 11000 वोल्ट की खुली लाइन होने से वहां अक्सर पक्षी मरते रहते हैं। गांव के हवलदार रामपाल ,विजय कुमार, रमेश कुमार दुकानदार ,विजय सिंह, रिंकू ,सूरजभान व आस-पास के लोगों ने ट्रांसफार्मर के पास गिरे एक मोर को उठाया जिसकी बिजली की चपेट में आने से मृत्यु हो गई थी उसे दूर ले जाकर जमीन में दबा दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान घटना में दो मोर मर गए जिनमें से एक तो अभी भी पोल पर टंगा हुआ है।  ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव के बीचों बीच गुजर रही एचटी लाइन पर खोल चढ़ाए जाए ताकि जीवों की सुरक्षा हो सके।
उन्होंने बताया कि लंबे समय से देख रहे हैं कि इस प्रकार की घटनाएं घटित होती आ रही है।  बार-बार प्रशासन से मांग कर चुके हैं कि गांव के अंदर से गुजरने वाली एचटी लाइन को इंसुलेटर से ढक दिया जाए ताकि पक्षी एवं मोर आदि दुर्घटनाग्रस्त न हो सके।
फोटो कैप्शन 8: पोल पर टंगा हुआ मोर का मृत शरीर।





हरियाणा विद्यालय शिक्षा विभाग की नियमावली 2003 में संशोधित किया नियम 10
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 कनीना।  सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में एनसीईआरटी और एससीईआरटी तथा हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रकाशित निर्धारित पुस्तकें लागू की जाएंगी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा नियमावली 2003 के नियम नंबर 10 में संशोधन कर दिया गया है। यह जानकारी जानकारी अध्यापक नेता निर्मल शास्त्री ने दी। उन्होंने कहा कि अब अन्य सहायक पुस्तकें लगाने पर दंडित किया जा सकता।


क्षेत्र में हुई बूंदाबांदी
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संस,कनीना। कनीना क्षेत्र में दोपहर पश्चात  करीब एक एमएम बूंदाबांदी हुई जिससे मौसम सुहावना हो गया। दिन भर से गर्मी पड़ रही थी जिसके कारण जीना मुहाल हो गया था। अचानक तेज अंधड़ के बाद बूंदाबांदी हुई। बूंदाबांदी का लाभ खड़ी हुई कपास की फसल और उगाये गये पशुचारे को हो सकता है।


बाजारों में दुकानों के खुलने के समय को लेकर हुई बैठक
-संभी गांवों में प्रात: 11 बजे तक खुलेंगी दुकानें
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कनीना। उपमंडल कार्यालय के सामने खाली हाल में एसडीएम दिनेश कुमार की अध्यक्षता में किराना सब्जी विक्रेता फल विक्रेता कि एसोसिएशन की बैठक हुई।
इस दौरान मौजूद दुकानदारों की सहमति से फैसला लिया गया कि बाजारों में दुकानें सुबह छह बजे से 11 बजे तक खुलेंगी।  एसडीएम दिनेश कुमार ने कहा कि सब्जी विक्रेता, फल विक्रेता, किराना स्टोर की दुकान कनीना सहित उपमंडल के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों में यह नियम लागू होंगे। सभी दुकानदारों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि जो फैसला बैठक में हुआ है उसी के अनुरूप कार्य करेंगे। जो दुकानदार इसके अनुरूप कार्य करता नहीं मिलता उसके खिलाफ कोई कार्रवाई होती है तो कोई दुकानदार उसका साथ नहीं देगा। एसडीएम ने कहा कि सभी को चाहिए कि जो भी जरूरत का सामान है उसको लेने के लिए हर रोज बाजारों में न आए। एक बार जब बाजार में परिवार का एक सदस्य सामान लेने आए तो वह कई दिनों का राशन सहित अन्य जरूरत का सामान ले जाएं। नियमों का पालन करके कोरोना संक्रमण की चेन को बनने से रोक सकते हैं। खुद संक्रमण से बचेंगे तो परिवार व समाज भी बचेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी तरफ बीज  विके्रताओं ने महेश बोहरा की अध्यक्षता में ऑनलाइन बैठक की जिसमें यह फैसला लिया गया कि सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही बीज भंडार की दुकान ने खोली जाएंगी। इस बैठक में किराना स्टोर के दुकानदार पतराम, लालचंद, बबलू ,सुरेश, सूबे सिंह, छबील, मनोज, अरविंद शर्मा, मनोज शर्मा, सब्जी व फल विक्रेेता गुड्डू, विजेंद्र, कैलाश, पवन, विजय, देवेंद्र, गोपीराम दुलीचंद, छाजू राम, मूलचंद,बाबूलाल ,जगदीश प्रसाद, रोशन ,रमेश, विकास सहित अन्य मौजूद रहे।
बिना मास्क पहने आए ग्राहक को सामान नहीं दे दुकानदार--
चौकी प्रभारी अश्वनी कुमार ने कहा कि दुकानदार दुकान पर मास्क पहने। अगर दुकानदार बिना मास्क पहने ग्राहक को सामान देता मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कोरोना संक्रमण को हराना है। यह तभी संभव है जब हम सब मिलकर नियमों का पालन करेंगे।
फोटो कैप्शन 5: एसडीएम दिनेश कुमार दुकानदारों की बैठक लेते हुए।





भोजावास पीएचसी के अंतर्गत आने वाले गांवों मे 77 संक्रमित
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कनीना। कोरोना काल में बढ़ते संक्रमण के साथ ही अब गांवों में भी संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। भोजावास स्थित पीएचसी केंद्र के अंतर्गत आने वाले गांवो में 77 संक्रमित मिले हैं। इस विषय में जानकारी देते हुए पीएचसी भोजावास के इंचार्ज डाक्टर नवीन ने बताया कि भोजावास पीएचसी जिसके अंतर्गत 15 गांव आते हैं। इसके अंतर्गत 5 सब सेंटर हैं । इन सभी गांवो में 77 संक्रमित पाए गए है। उन्होंने बताया कि यहां कुल 252 संक्रमित हुए हैं। जिसमें 77 एक्टिव केस है। 172  को डिस्चार्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि 75 लोग होम आइसोलेशन में है। दो लोगों को कोविड-19 अस्पताल पटीकरा में भर्ती किया गया है। वही तीन लोगों की मौत हो चुकी है ।


गांव स्तर पर लोकल कमेटियों का गठन कर कोरोना के खिलाफ जीती जाएगी जंग-एसडीएम दिनेश कुमार
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कनीना। कोरोना की चेन को तोडऩे के लिए एसडीएम दिनेश कुमार ने ग्राम सचिव, पटवारी, कानूनगो की बैठक ली। एसडीम दिनेश कुमार ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को सख्त आदेश दिया कि जो भी अधिकारी व कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर नहीं मिला तो उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 एसडीएम दिनेश कुमार ने कहा कि आने वाली स्थिति को ध्यान में रखते हुए गांव में तुरंत प्रभाव से प्रबंध किए जाएं, मरीजों को अलग से रखने की व्यवस्था पर ध्यान दिया जाए। इस समय बढ़ते कोरोना केस को देखते हुए गांवों में बड़े स्तर के प्रबंधों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं कस्बे के सभी पटवारी, ग्राम सचिव, कानूनगो सभी का फोकस अब केवल कोरोना की चेन को तोडऩे पर होना चाहिए। संक्रमित आ रहे लोगों को गांवों में अलग रखने की व्यवस्था की जाए। कस्बे के सभी गांवों में किसी स्कूल या चौपाल जैसे सार्वजनिक स्थान पर आइसोलेशन वार्डों की व्यवस्था की जाए तथा आसपास के संक्रमित लोगों को वहां पर रखें। ऐसे स्थानों पर संक्रमित लोगों के देखभाल और सुविधा के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र का सहयोग लिया जाए। उपलब्ध जन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए ही स्कूल एवं चौपाल आदि में मरीजों को रखा जाए। उन्होंने कहा कि कस्बे को विभिन्न जान में बांटकर उन सभी में समय-समय पर निरीक्षण करने के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। उन्होंने ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर तरीके से उपयोग करके जरूरतमंदों को समय पर मदद पहुंचाई जा सके। क्षेत्र में कोरोना के अधिक के सारे हैं उनको तुरंत कंटेनमेंट जोन घोषित करवाया जाए और सुनिश्चित किया जाए कि वहां से कोई भी व्यक्ति बाहर ना आए।
 एसडीएम दिनेश कुमार ने सभी ग्राम सचिव, पटवारी व अन्य अधिकारी कर्मचारियों को निर्देश दिए कि गांवों ठीकरी पहरा लगवाया जाए। चौकीदारों के माध्यम से पहले मुनादी करवाई जाए कि घर से बिना काम से कोई भी व्यक्ति बाहर ना निकले। ठीकरी पहरा का दौरान एक रजिस्टर में सभी की एंट्री की जाए। गांव से बाहर आने जाने वाले व्यक्तियों की डिटेल नोट की जाए और सभी को आदेश दिए जाएं की दूसरे क्षेत्र में ना तो जाएं और दूसरे क्षेत्र से ना ही गांव में प्रवेश करे। रेवाड़ी गुडग़ांव दिल्ली आदि क्षेत्र में जाने वाले व आने वाले लोगों को गांव में प्रवेश ना करने दिया जाए। हर गांव में 15 से 20 बेड का इकाई आइसोलेशन वार्ड बनाया जाए। गांव में किसी को भी खांसी, जुकाम या कोविड-19 संक्रमण के लक्षण दिखाई दे तो तुरंत आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करें। गांव के नंबरदार चौकीदार सरपंच व पूर्व सरपंच की इस कार्य में मदद लें।





टीकाकरण की सुविधा गांवों में शुरू की जाए
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कनीना। कोरोना महामारी के दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे मामलों के दृष्टिगत प्रजा भलाई संगठन के सुप्रीमो अतरलाल एडवोकेट ने राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन से अटेली विधानसभा क्षेत्र के गांवों को तुरंत सेनिटाइज करने, घरों में रोग प्रतिरोधक क्षमता की दवाइयां पहुंचाने तथा गांवों में टेस्टिंग तथा टीकाकरण की सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है।
अतरलाल ने अटेली क्षेत्र के गांव अगिहार, पाथेड़ा, नौतना, स्याना, बाघोत, उच्चत, छितरौली, खेड़ी, तलवाना, पड़तल, भोजावास, खैरानी, खोड़, भीलवाड़ा, कुंजपुरा, सराय सुरानी के कार्यकर्ताओं से कोरोना महामारी में ग्रामीणों को हो रही परेशानियों की जानकारी लेने के बाद कहा कि गांवों में पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में लोगों की जिंदगियां जा रही हैं, प्रभावित परिजन परेशान हैं। उन्होंने राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन से समय रहते तत्काल गांवों को सेनिटाइज करने, टेस्टिंग तथा टीकाकरण सुविधा बढ़ाने, गांवों में होम आइसोलेटेड मरीजों को पुख्ता उपचार देने की मांग की। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से मिलजुल कर मुश्किलों का सामना करने, लोगों में उम्मीद, साहस, हौसला जगाने के साथ लाकडाउन के नियमों का पालन करते हुए प्रभावितों की मदद करने की अपील की है।


अब गांव में कोरोना महामारी को फैलने से रोका जाएगा-एसडीएम दिनेश कुमार
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कनीना। कोरोना महामारी के बढ़ते आलम को देखते हुए आज एसडीम दिनेश कुमार ने खंड के गांव धंनौंदा,खरखड़ा बास के अलावा अन्य गांव का दौरा कर गांव के लोगों से बात कर गांव की स्थिति का जायजा लिया। वही गांव में चल रही पीएचसी व आंगनवाड़ी केंद्रों का भी जायजा लिया। इसी कड़ी में उप मंडल अधिकारी दिनेश कुमार ने धनौंदा पीएचसी में में पहुंच कर वहां इलाज कराने आए लोगों से मुलाकात की तथा पीएचसी प्रभारी डाक्टर दिशांत से भी बात कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीएचसी चिकित्सक को यह भी कहा कि गांव में कितने संक्रमित मरीज हैं तथा उनके लिए अलग से कोविड-19 सेंटर अस्थाई बनाने पर विचार किया जाए ताकि पाजिटिव को उनके परिजनों से दूर रखा जाए। डा दिशांत ने उन्हें आश्वासन दिया कि हर चीज को बारीकी से ले रहे हैं और कोशिश  यही है कि गांव में महामारी फैलने से रोक सके। इस अवसर पर इनके साथ एच आई कंवरपाल किरण, बलजीत, राजेश व अन्य अस्पताल स्टाफ मौजूद था।
फोटो केप्शन 6: पीएचसी धनौंदा का एसडीएम जायजा लेते हुए।





नहीं रहे नेताजी मेमोरियल क्लब कनीना के संस्थापक
-81 वर्ष की उम्र में पूर्व प्राचार्य सतनारायण का निधन
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 कनीना। कनीना में नेताजी मेमोरियल क्लब के स्थापना संस्थापक एवं पूर्व प्राचार्य सतनारायण यादव का निधन हो गया। वे कुछ रोज से बीमार थे। वे सदासुख इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन थे।
1969 में उन्होंने सरकारी सेवा में बतौर एसएस अध्यापक कार्य करना शुरू किया, उसी समय उन्होंने कनीना में बस स्टैंड के पास उबड़ खाबड़ जमीन पर नेताजी मेमोरियल क्लब की स्थापना की। अपने करीब 100 साथियों सहित एक रजिस्टर्ड संस्था स्थापित की क्लब स्थापित किया था। कनीना का आज भव्य नेताजी मेमोरियल क्लब उन्हीं की देन है। इसके अतिरिक्त उन्होंने कान्ह सिंह महाविद्यालय कनीना, आर्य समाज कनीना, श्रीकृष्ण गौशाला स्थापना में अग्रणी भूमिका निभाई। अपने समय के अच्छे विद्वान ,वक्ता एवं प्रतिभा के धनी रहे हैं। प्रारंभा में उन्होंने कुछ दिनों कालेज में शिक्षण कार्य भी किया था।  मुख्याध्यापक से प्राचार्य पद तक पहुंचे तथा ककराला, महेंद्रगढ़ आदि कई स्कूलों में शिक्षण कार्य करने के पश्चात बतौर प्राचार्य खेड़ी तलवाना से सेवानिवृत्त हुए थे।  सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अपना सदा सुख मेमोरियल स्कूल स्थापित किया।
पितामह कान्ह सिंह महाविद्यालय की शिक्षा समिति के महासचिव रहे चुके हैं। विगत 2 दिनों में ही शिक्षा समिति के दो पदाधिकारियों अध्यक्ष एवं महासचिव का निधन हो चुका है। जहां अध्यक्ष पूर्व मुख्याध्यापक करतार सिंह का निधन हो गया था।
वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार बेटे, पोते आदि छोड़ गए हैं। उनके निधन पर भारत विकास परिषद के कंवर सेन वशिष्ठ, महेश कुमार बोहरा ,मोहन सिंह पार्षद, प्रोफ़ेसर हरिओम भारद्वाज सहित विभिन्न लोगों ने शोक जताया है।
फोटो कैप्शन: पूर्व प्राचार्य सतनारायण।



99 मिले कोरोना संक्रमित
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 कनीना। कनीना क्षेत्र में 99 कोरोना संक्रमित मिले हैं।  लापरवाही के चलते कनीना क्षेत्र में कोरोना संक्रमित बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि कनीना क्षेत्र के 25 गांवों में 99 कोरोना संक्रमित मिले हैं।
 मिली जानकारी अनुसार भडफ़-3, भोजावास-16, चेलावास-एक, ढाणा-2, दौंगड़ा अहीर- 3, गुढ़ा- 2, ककराला-1, कनीना-13, करीरा-1,  मुंडियाखेड़ा-2, बाघोत-1,बवानिया-3, बवाना-6, बेवल-8, गोमली-1,करीरा-1, खेड़ी-2, कोका-3, नौताना-3, सेहलंग-5, धनौंदा-5, गाहड़ा-3,कैमला-1, कलवाड़ी-8, मुंडिया खेड़ा-2, पड़तल-एक, पाथेड़ा-7 प्रमुख हैं।
उधर डा धर्मेंद्र यादव एसएमओ कनीना का कहना है कि लापरवाही के चलते ये केस बढ़ रहे हैं। लोग जानबूझकर कोरोना की जांच नहीं करवाते। कनीना में लगातार कोरोना के केस आ रहे हैं। प्रतिदिन करीब 100 व्यक्तियों की कोरोना जांच की जाती है परंतु कुछ लोग जानबूझकर मास्क नहीं लगाते। इधर-उधर आवारा घूमते हैं। कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं करते ,यहां तक की कोरोना की संभावना होने जैसे बुखार,सर्दी, जुकाम आदि होने जांच नहीं करवाते। ऐसे में महामारी बढ़ती ही जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी नियमों का पालन नहीं करेंगे, महामारी को भगाया नहीं जा सकता।


अक्षय तृतीया शुक्रवार को
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 कनीना। क्षेत्र में शुक्रवार को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जा रहा है किंतु इस बार कोरोना के चलते विवाह शादियां कम हो रही है। इस तिथि को अबूझ विवाह तथा मांगलिक कार्य किए जाते हैं किंतु इस बार महामारी के चलते हैं  मांगलिक कार्य कम किए जा रहे हैं। कनीना एवं आस पास आधा दर्जन शादियां होने जा रही हैं। यह दिन बहुत शुभ माना जाता है। यहां तक कि माना जाता है कि इसी दिन परशुराम ने विष्णु के अवतार के रूप में जन्म लिया था। इस दिन का फल कभी समाप्त नहीं होता। हिंदू धर्म में यह भी माना जाता है कि इस दिन जो दान दक्षिणा दी जाती है वह अगले जन्म में प्राप्त होंगी। वे कभी समाप्त नहीं होंगी। भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है।


30 से 45 सेकंड में पूरे हो जाते हैं 200 स्लोट
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 कनीना। अब कोरोना वैक्सीन लगवाना बहुत कठिन हो गया है। वैक्सीन लगवाने के लिए आनलाइन अपाइंटमेंट लेना होता है। मुश्किल से कनीना क्षेत्र के सेहलंग, कनीना, भोजावास अस्पतालों में 200 स्लाट खुलते हैं। स्लाट 30- 45 सेकंड भर जाते हैं। ऐसे में वैक्सीन की मांग बढ़ गई है। आम आदमी द्वारा आनलाइन आवेदन करने में कई कई दिन अभ्यास करना पड़ता है।


अंतिम संस्कार में मिलते थे सैकड़ों अब मिलते हैं गिने-चुने व्यक्ति
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कनीना। एक और जहां कोरोना की मार है वही कोरोना के नियमों के पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है। ऐसे में अंतिम संस्कार में ही गिने चुने व्यक्ति ही मिलते हैं। कोराना ने ऐसा भय पैदा कर दिया है। आलम यह है कि बुजुर्ग तो दाह संस्कार में जाने से डरते हैं।
विगत वर्ष ऐसी हालात नहीं देखी गई थी किंतु इस बार तो लोग बहुत डरे हुए नजर आ रहे हैं और प्रत्येक गांव में प्रतिदिन 1-2 बुजुर्ग आदि स्वर्ग लोक चले जाते हैं। कभी गांवों में इनकी संख्या बढ़ती ही जा रही है।

Wednesday, May 12, 2021

 
दुकानें खुली प्रात: नौ से शाम 6 बजे तक, हुये दुकानदार बोर

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-कनीना में फल एवं सब्जी विके्रेताओं ने ज्ञापन भेज समय प्रात: 6 से 11 बजे तक करने की मांग
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कनीना। कनीना क्षेत्र में जिला उपायुक्त के आदेशानुसार विभिन्न दुकानें प्रात: 9 बजे से शाम छह बजे तक खुली। ग्राहकों का किया इंतजार। दुकानदारों ने कहा कि ग्राहक कम मिले हैं और कहीं रोग अधिक न मिल जाये। एक ही दिन में दुकानदार बोर हो गये। दुकानदारों ने ज्ञापन भेज समय कम करने की मांग की है।
उपमंडल अधिकारी व जिला उपायुक्त से मांग कर दुकान खोलने का टाइम सुबह  6 बजे से प्रात: 11 बजे करने की मांग की है। सब्जी एवं फल विक्रेेताओं ने उप मंडल अधिकारी को ज्ञापन आनलाइन भेजा है। जिसमें  सभी दुकानदारों ने कनीना उपमंडल अधिकारी दिनेश कुमार को व्हाट्सएप के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर कहां है कि अब दुकानदारों का समय 9 बजे से शाम 6 बजे तक का है जिसमें काफी भीड़ जुटने के कारण कोरोना महामारी फैलने का खतरा बढ़ता है। जिसके चलते हम आपके माध्यम से आपसे तथा जिला उपायुक्त के अलावा सरकार से मांग करते हैं कि हमारा दुकानदारों का टाइम सुबह 6 बजे से दोपहर पूर्व 11 बजे तक का ही किया जाए ताकि  महामारी से बचा जा सके। दुकानदार रामनारायण, गुड्डू, सुमेर सिंह, मुकेश कुमार के अलावा अन्य दुकानदारों ने मांग कर सब्जियों और फलों के दुकान खोलने का समय सुबह 6 से 11 बजे तक करने की मांग की है।
एक दिन में ही हुये बोर-
बुधवार को दुकानें खोलने का यह समय रखा गया है जिसमें दुकानदार बोर हो गये। शाम के छह बजे तक ग्राहकों की संख्या कम होती चली गई। कुछ दुकानदार तो ठाली बैठे नजर आये। उन्होंने मांग की है कि महामारी से बवने के लिए समय सुबह 11 बजे तक का ही किया जाए।
क्या कहते हैं प्रधान व्यापार मंडल-
कनीना बस स्टैंड के व्यापार मंडल एवं व्यापारी एकता मंच के अध्यक्ष महेश बोहरा ने बताया कि ग्राहक कुछ समय ही आते हैं बाकी समय वे ठाली बैठे नजर आये। ऐसे में उन्होंने कहा कि कमाई कम कर पाएंगे और कहीं रोग अधिक न ले जाये? ऐसे में उन्होंने एसडीएम से गुहार लगाई है कि दुकानें खोलेने का समय कम किया जाए।




अब तक लगी 16780  वैक्सीन डोज
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 कनीना। उप नागरिक अस्पताल कनीना के तहत विभिन्न गांवों में अब तक 16780 डोज वैक्सीन विभिन्न आयु वर्ग के व्यक्तियों को दी जा चुकी है। विस्तृत जानकारी देते हुए डा धर्मेंद्र यादव तथा कंप्यूटर आपरेटर पवन कुमार ने बताया कि बुधवार को 18 से 44 आयु वर्ग के 188 युवाओं को कोरोना डोज दी गई हैं। 16 जनवरी 2021 से कोरोना डोज देने का सिलसिला शुरू हुआ था। बुधवार को 18 से 44 आयु वर्ग के युवाओं को 188 डोज वैक्सीन दी गई। 300 डोज और आने से गुरुवार को 45 प्लस के लोगों को डोज दी जाएगी।
उधर भोजावास पीएचसी में 120 कोरोना डोज बुधवार को दी गई। सुपरवाइजर राजकुमार चौहान ने बताया कि बुधवार को 45 प्लस के लोगों को ही कोरोना डोज गई दी गई जिनमें 67 प्रथम दोष तथा 53 दूसरी डोज दी गई है।
डा धर्मेंद्र यादव ने बताया कि सेहलंग एरिया में अब तक 11,502 डोज दी जा चुकी हैं। यहां 18 से 44 आयु वर्ग को 1001 तथा 45 प्लस के लोगों को 10501 डोज दी जा चुकी है।






व्यंग्य समाचार **********
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विज्ञान पढ़ाना गुनाह बना
-अनपढ़ को बहू भी चाहिए तो एमएससी
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कनीना। अब तो विज्ञान की पढ़ाई करवाना गुनाह बनता जा रहा है। एक जमाना था जब विज्ञान स्नातक इक्का-दुक्का कहीं मिलता था किंतु वर्तमान समय में तो घास खोदने वाली घसियारी भी एमएमएसी मिलती है। यदि अनपढ़ व्यक्ति बैलों के पीछे हल चलाने वाले, ट्रैक्टर से हल जोतने वाले, हाली,पाली और मवाली सभी की ख्वाहिश पूछी जाए तो ऐसी लड़की बहू के रूप में
चाहिए। वास्तव में इतना के्रेज विज्ञान की ओर बढ़ा है किंतु विज्ञान पढऩा अब लगता है गुनाह बनता जा रहा है। कभी विज्ञान पढऩे वाले को बुद्धिमान समझा जाता था आजकल उसे मूर्ख। विज्ञान पढऩे वाले विज्ञान तो बेशक पढ़ ले लेकिन शिक्षा विभाग में चले जाए तो समझो बड़ी समस्या बन जाती है। जहां विज्ञान की पढ़ाई करने से आंखें और स्वास्थ्य भी गिर जाता है जबकि आर्ट से स्नातक करने वाले हंसते गाते, भजन गीत, गाते कालेज में जाते हैं, अब तो सिनेमाघर नहीं है वरना सिनेमा देखकर वापस आ जाते थे और विज्ञान स्नातक दिन रात प्रयोगशाला में जुटे रहते थे किंतु हरियाणा में क्या कोई विज्ञान शिक्षक लग जाए तो उसको एक रुपए तनख्वाह भी अन्य शिक्षकों के मुकाबले फालतू नहीं मिलती। आप तो यह भी देखने में आया है की पीटीआई, शास्त्री या ड्राइंग आदि का कोर्स कर शिक्षक बन जाए ज्यादा बेहतर है क्योंकि अधिक मेहनत भी नहीं करनी पड़ती और तनक्ष्वाह भी विज्ञान शिक्षक के बराबर ही मिलती है। सबसे बड़ी बात है संस्कृत से स्नातक करने वाले शिक्षक को शास्त्री की संज्ञा दी जाती है क्योंकि संस्कृत को शास्त्र माना गया है बाकी चाहे भौतिक शास्त्र,प्राणी शास्त्र, राजनीति शास्त्र, वनस्पति शास्त्र और कितने ही शास्त्र पढ़ ले विज्ञान शिक्षक को शास्त्री नहीं कहा जाएगा। सबसे बड़ी बात है की विज्ञान शिक्षक से स्कूल में अधिक लिया जाता है, काम भी अधिक करना पड़ता है ,प्रयोग तक भी करवाने पड़ते हैं किंतु वेतन के नाम पर कोई फालतू पैसा नहीं। अब तो सरकार ने यह मान लिया है कि विज्ञान की पढ़ाई करने वालों में कोई भी रोग नहीं होता। कोरोना का बाप भ्भी विज्ञान शिक्षकों का बाल तक बांका नहीं कर सकता तभी तो सभी विज्ञान शिक्षकों या प्राध्यापकों की तैनाती कोरोना कार्यों में लगाई है। नतीजा यह है कि उन्हें शायद कोई रोग नहीं होता है या विज्ञान पढ़कर उन्होंने गुनाह कर दिया केवल उन्हीं की तैनाती लगेगी, बाकी शिक्षक और अन्य विभागों के कर्मी आराम से घर मौज मस्ती करो। वास्तव में विज्ञान शिक्षक ने कालेजों में भी दिन रात मेहनत की और आप शिक्षा विभाग में आ गए तो उनकी गर्दन भी शिक्षा विभाग जल्दी पकड़ता है। आर्ट विषय लेने वाले कालेज में जाते समय भी खूब ढोलक तबला बजा बजाकर सिनेमा देखकर घर आए और अब उनको घर में आराम से बिताने पड़ेंगे। यही नहीं अगर किसी आईएएस या अन्य विभागों में कार्यरत अधिकारियों को देखा जाए  तो विज्ञान के स्नातक कम जाते हैं और आर्ट वाले ज्यादा जाते हैं। इसलिए यह निष्कर्ष निकाला है कि भविष्य में जहां भी पत्थर फेंकोगे विज्ञान स्नातक खड़ा मिलेगा। आर्ट स्नातक ढूंढे भी नहीं पाए। अपनी मृत्यु से पहले अपने बेटे पोतों को कह कर जाऊंगा की विज्ञान की पढ़ाई नहीं करना, केवल हंसी खुशी से आर्ट से स्नातक करना और फिर संस्कृत का कोर्स कर लेना शास्त्री भी कहलाओगे और अड़ी आंट में फेरे भी करवा दोगे।
 और तो और एमएससी/बीएससी शिक्षक की घरवाली भी उन्हें घर में देखना पसंद नहीं करती। स्कूल में शिक्षा विभाग गर्दन पकड़ता है तथा घर में घरवाली। बाहर जाये तो कोरोना मार आखिरकार कहां जाये?
पढ़ाई से दिल लगाया, विज्ञान को समझा शान। बेशक एमएससी कर लेना, नहीं बनेगी पहचान।।


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एक निवेदन
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किसी भी समय कोई समाचार देना हो या किसी समाचार में कोई त्रुटि नजर आए तो तुरंत मेरे फोन नंबर 9416348400 पर संपर्क करें, खबर को समुचित स्थान देने का प्रयास किया जाएगा वहीं कोई समाचार में त्रुटि है तो उसे को भी दूर कर सही किया जाएगा।



मिट्टी के नीचे दबकर मौत
-चार घंटे चले बचाव अभियान
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कनीना। गांव सीगडा में 35 वर्षीय व्यक्ति की करीब 40 फुट गहरे कुएं में मोटर बदलते समय मिट्टी धंसने से मौत हो गई। कच्चा कुआं अचानक धंस गया और उसके ऊपर मिट्टी आ गिरी।
मिली जानकारी के अनुसार  गांव सिगड़ा निवासी इंद्रजीत यादव एक किसान के कुएं में मोटर बदलते के लिए नीचे उतरा था। जब वह मोटर दल रहा था तो कच्चा कुआं ढह गया और मिट्टी के नीचे दब गया।
 घटना की सूचना पाकर घटना स्थल पर एसडीएम दिनेश कुमार, थाना प्रभारी महेंद्रगढ़ सतबीर सिंह, डाक्टरों की टीम,एम्बुलेंस, 3 जेसीबी ,1 पोपलेंड मौके पर पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया गया। मिली जानकारी अनुसार करीब 4 घंटे लगातार जेसीबी से खुदाई के पश्चात इंद्रजीत को मिट्टी से निकाला। मिट्टी से निकाला तुरंत एंबुलेंस से महेंद्रगढ़ अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बचाव अभियान मंगलवार रात करीब साढ़े नौ बजे तक चलता रहा। गांव से सिगड़ा में माहौल गमगीन है।
 इंद्रजीत अपने माता पिता के 2 भाई 2 बहन हैं जोकि सभी शादीशुदा हैं। इंद्रजीत के दो बच्चे हैं 1 लड़का 1 लड़की हैं। पूरे परिवार की आजीविका का साधन केवल इंद्रजीत ही था। इंद्रजीत बोरिंग मशीन से मोटर ठीक करने का काम करता था।
फोटो कैप्शन 5: सिगड़ा में मिट्टी के नीचे दबे युवक को बचाने का प्रयास करता प्रशासन। सौजन्य: लक्की सिगड़ा


प्रदीप शास्त्री के निधन पर विधायक सीताराम यादव अटेली ने शोक जताया
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कनीना। प्रदीप शास्त्री पोता के निधन पर विधायक सीताराम यादव विधानसभा अटेली ने शोक जताया है उन्होंने प्रदीप शास्त्री के निधन पर शोक जताया और कहा कि श्री शास्त्री धार्मिक सामाजिक ओर कर्तव्य पालन इंसान थे। शिक्षा जगत में अपनी 56 साल की छोटी सी उम्र में अपनी अमिट छाप छोड़ गये। उनकी कमी कभी भी पूरी नहीं हो सकती। वे कपूरी राजकीय विद्यालय में संस्कृत अध्यापक के पद पर कार्यरत थे।
प्रदीप शास्त्री के निधन पर शोक व्यक्त करने वालों में सत्यवीर सिंह यादव सेहलंग, राजेन्द्र प्रसाद भारद्वाज पोता, डा विनोद यादव करीरा,  हनुमान शर्मा अगिहार, शक्ति सिंह यादव पोता, कप्तान सिंह रोहिल्ला, सवाई सिंह, हनुमान यादव,  शिवकुमार शर्मा खेड़ी,  महेन्द्र सिंह यादव सिहोर,  नथन यादव पोता, रामप्रताप यादव कनीना, रोशनी देवी कनीना, शीला देवी, लखनलाल जांगड़ा, ओमप्रकाश लिसानिया, राजेन्द्र आदि ने फोन पर शोक प्रकट किया।  





दूसरे दिन भी हवन आयोजित
-गुरुवार को होगा हवन का समापन
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संस,कनीना। गांव रसूलपुर में मंगलवार की भांति हवन कुंड यात्रा पूरे गांव में घर घर निकाली गई। दूसरे दिन उत्साह अधिक देखने को मिला। दस किलो घी आहूत होने के बाद पांच किलो घी आज शेष रह गया जो कल अन्तिम दिन  आहूत किया जाएगा। इस मौकेपर सतीश आर्य, धर्मपाल आर्य , विनोद कुमार, यशपाल व मनजीत आदि का सहयोग मिला। गुरुवार को हवन का प्रसाद भी  दस्तानें पहनकर बांटा जाएगा।





पुलिया निर्माण बीच में बन्द करने से स्याणा के किसान परेशान
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कनीना।  कनीना तहसील के गांव स्याणा से गांव चिडिय़ा को जाने वाले सड़क मार्ग को स्याणा माइनर नहर दो बार क्रास करती है। दोनों जगहों पर पुलियों का निर्माण पहले से ही किया हुआ था और उनका आकार सही नहीं होने से आये दिन दुर्घटनाएं होती रहती थी। वर्ष 2010-11 में सड़क का निर्माण हो गया जिससे आने जाने वाले वाहनों की आवाजाही बढ़ गई। ग्रामीण किसानों को भी अपनी फसल लाने ले जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। किसानों ने काफी बार नहर विभाग को लिखा तथा कई बार सीएम विंडो में भी शिकायतें दर्ज करवाई। यह शिकायतों का सिलसला 2018 के आरंभ से शुरू हुआ जिसके चलते दोनों पुलियों को सीधा और आसान बनाने के अस्टीमेटों की स्वीकृति अधीक्षक अभियंता नहर विभाग नारनौल से मिल पाई। एस्टीमेटों की स्वीकृति होने के बाद दोनों पुलियों के निर्माण हेतु टेंडर भी हो गए। टेंडर होने के बाद पुलियों का निर्माण कार्य होना था जिसमें एक पुलिया के दायरे में एक पीपल का पेड़ बाधक बन गया। गांव के किसानों/ग्राम पंचायत के प्रयासों से उक्त पीपल का पेड़ वन विभाग ने जुलाई 2019 में हटा दिया। पीपल के पेड़ के हटने से पहले दूसरे पुलिया का निर्माण भी नहीं करवाया गया। दूसरे पुलिया निर्माण में कोई बाधा नहीं थी। जबकि दोनों पुलियों का टेंडर एक ठेकेदार के पास न हो कर अलग-अलग के पास थे। दोनों ही पुलियों का निर्माण न होने से दुखी ग्रामीण किसान समशेर कोसलिया ने कई बार सीएम विंडो में शिकायत दर्ज कराई तब जाकर विभाग ने रिकाल टेंडर किए।
पु:टेंडर होने के बावजूद भी पुलियों का निर्माण कार्य चालू नहीं किया गया। किसान समशेर ने पुन: सीएम विंडो में शिकायत की तब जाकर एक पुलिया का निर्माण कार्य चालू किया गया। पुराने वाले पुलिया को हटा दिया गया और गांव स्याणा से गांव चिडिय़ा सड़क को बंद कर दिया गया और निर्माण कार्य बीच में रुका पड़ा रहा। फिर शिकायतों का दौर शुरू हुआ तब जाकर आठ नौ महीने में पुलिया का निर्माण आधी अधूरी मिट्टी डालकर पूरा किया गया। जबकि दोनों पुलियों का निर्माण एक साथ नहीं किया गया। दूसरे पुलिया का निर्माण कार्य पहले का निर्माण लगभग पूरा होने को था तब शुरू किया गया पुराने पुलिया को हटा दिया गया तथा दोनों तरफ की दीवार बना दी गई। पिछले 6 महीने से पुलिये का निर्माण कार्य बीच में ही लटका हुआ है जिससे आम राहगीरों व ग्रामीण किसानों को अपने ही खेतों में आना जाना दूभर हो गया है। न तो नहर विभाग इस तरफ ध्यान दें रहा है और ना ही ठेकेदार इस कार्य को पूरा करवा रहा है। समशेर कोसलिया, वीरपाल, जगदीश,विक्रम, सत्यपाल, सुमेर सिंह, अंकुश,भागमल, मांगेराम,जयविन्द्र, मनोज, कुलदीप आदि किसानों  सरकार से मांग है कि इस पुलिया का निर्माण शीघ्र करवाया जाए।
फोटो कैप्शन 2:अधूरा पड़ा स्याणा-चिडिय़ा माग््र पर नहर का पुलिया।





पूर्व मुख्याध्यापक एवं कनीना पालिका के पूर्व पार्षद करतार सिंह का निधन
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कनीना। करीब 95 वर्षीय कनीना के सबसे अधिक वृद्ध व्यक्ति करतार सिंह पूर्व मुख्य अध्यापक का बुधवार को निधन हो गया। कनीना में दो बार पालिका पार्षद रहे थे वहीं पितामह कान्ह सिंह कालेज की शिक्षा समिति के  अध्यक्ष भी रहे थे। धनौंदा के राजकीय स्कूल से सेवानिवृत्त हुए करतार सिंह मुख्य अध्यापक पूर्णरूप से स्वस्थ थे तथा कनीना में ही अपने आवास पर रह रहे थे। हरियाणा के पूर्व मंत्री राव दलीप सिंह कभी कनीना विधान सभा क्षेत्र से चुनाव लड़े और मंत्री पद तक रहे उनके भाई होते थे जिनका पहले ही निधन हो चुका है। कोरोना काल में किसी रिश्तेदार को अंत्येष्टि में नहीं बुलाया गया। उनके पौते पंचम पार्षद ने बताया कि घर परिवार में वे पांच लड़े, दो लड़कियां,8 पौते, 5 पौतियां, 4 पड़पौते, 4 पड़पौतियां छोड़ गये हैं।
  उनके निधन पर कनीना के पूर्व प्रधान मा दलीप सिंह, कंवरसेन वशिष्ठ, प्रो हरिओम भारद्वाज, महेश बोहरा , सुमेर सिंह चेयरमैन तथा विभिन्न जनों ने शोक जताया है।
फोटो कैप्शन: पूर्व मुख्याध्यापक करतार सिंह।


पूरे कस्बा को कर दिया है सेनिटाइज
-आवश्यकता हुई तो फांगिंग भी कराई जाएगी
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 कनीना। कस्बा कनीना में विगत तीन दिनों से सेनिटाइजर छिड़कने का काम चला और पूरे कस्बा को सेनिटाइज कर दिया गया है। नगरपालिका प्रधान सतीश जेलदार ने बताया कि उनके पास सैनिटाइजर आया हुआ था किंतु  मशीन खराब होने से थोड़ा विलंब हो गया। मशीन ठीक करवा दी गई है और ट्रैक्टरों की सहायता से दवा का छिड़काव का काम भी पूर्ण कर दिया गया है।
  प्रधान ने कहा कि संपूर्ण कस्बेवासी पूरी तरह से आश्वस्त रहें, किसी प्रकार की कोई समस्या आती है तुरंत उन्हें अवगत कराएं। हर प्रकार समस्या के समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विगत वर्ष भी कस्बा कनीना को सात बार सेनिटाइज किया गया था। दूसरी लहर में पहली बार कस्बा को सेनिटाइज किया जा रहा है। आवश्यकतानुसार पुन: सैनिटाइज करवा दिया जाएगा और फोगिंग भी करवाई जाएगी।
फोटो कैप्शन 1: कनीना में दवा का छिड़काव कर सेनिटाइज करते हुए।


77 मिले कोरोना संक्रमित
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 कनीना। कनीना क्षेत्र में 77 कोरोना संक्रमित मिले हैं।  लापरवाही के चलते कनीना क्षेत्र में कोरोना संक्रमित बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि कनीना क्षेत्र के 17 गांवों में 77 कोरोना संक्रमित मिले हैं।
 मिली जानकारी अनुसार भडफ़-दो, भोजावास-1, चेलावास-एक, ढाणा-5, दौंगड़ा अहीर- 14, गुढ़ा- 2, ककराला-3, कनीना-27, करीरा-5, कोटिया-61, कोका-एक, मोहनपुर-दो मुंडियाखेड़ा-1, रामबास-दो, सुंदराह-दो  एवं उन्हाणी-2 प्रमुख हैं।
उधर डा धर्मेंद्र यादव एसएमओ कनीना का कहना है कि लापरवाही के चलते ये केस बढ़ रहे हैं। लोग जानबूझकर कोरोना की जांच नहीं करवाते। कनीना में लगातार कोरोना के केस आ रहे हैं। प्रतिदिन करीब 100 व्यक्तियों की कोरोना जांच की जाती है परंतु कुछ लोग जानबूझकर मास्क नहीं लगाते। इधर-उधर आवारा घूमते हैं। कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं करते ,यहां तक की कोरोना की संभावना होने जैसे बुखार,सर्दी, जुकाम आदि होने जांच नहीं करवाते। ऐसे में महामारी बढ़ती ही जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी नियमों का पालन नहीं करेंगे, महामारी को भगाया नहीं जा सकता।







Tuesday, May 11, 2021




 सोच बदलो
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बुलबुले सम जिंदगी..........
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कनीना। ललकार फिल्म में एक मधुर संगीत आया था-किसको पता कल साथी छूट जाए, जीवन की डोर बड़ी कमजोर.... सचमुच कितनी बढिय़ा बात कही थी। आज हर गांव व शहर में दिन निकलते ही चर्चाओं का दौर शुरू हो जाता है कि कौन-कौन चले गए? परंतु बचे हुए लोग फिर से यक्ष प्रश्न की तरह जीने की तमन्ना हो में लीन हो जाते हैं। प्रतिदिन कितने ही साथियों के असामयिक चले जानेके समाचार सुनने को मिल रहे हैं परंतु एक बात स्पष्ट नजर आती है कि जो किसी की आंखों के तारे होते हैं, सभी को चाहने वाले होते हैं, लोकप्रिय व्यक्ति सबसे पहले जा रहे हैं। यहां तक आम चर्चा का विषय है कि दारु खोर महामारी से कम पीडि़त हो रहे हैं। यह बात तो कुछ हद तक लोग मानने लग गए हैं कि जब सैनिटाइजर में अल्कोहल से हाथ धोने से कोरोना वायरस मर सकता है तो प्रतिदिन दवा बतौर एक आध चम्मच शराब लेने वाले व्यक्ति शायद रोग से कम पीडि़त होंगे। उनकी जिंदगी बच जाएगी। कबीर दास ने स्पष्ट लिखा था -पानी केरा बुदबुदा अस मानुस की जात..... पानी के समान इंसान की जिंदगी है। बहुत धन दौलत जोड़ रहे हैं, एक दूसरे की टांग खिंचाई कर रहे हैं, कष्ट दे रहे हैं किंतु जब जाते हैं तो सिकंदर वाली कहावत लागू होती है कि खाली हाथ जाना पड़ता है। चाहे कितनी बुराई और कष्ट दे लो आखिरकार एक मुटठी राख बनेगी। परंतु इंसान की प्रवृत्ति है कि वह हर कष्ट, हर बुराई को थोड़े समय याद रखता है फिर उसे भुला देता है। यही कारण है कि आज इंसान दूसरे की सहायता की बजाय मारने के लिए उतारू है, दवा हो या गैस सिलेंडर हो, खाने पीने की चीजें हो बस लूटने की योजना बनाते नजर आते हैं। कुछ डाक्टर भी डाकू बन गये हैं, भगवान का रूप राक्षस रूप में नजर आते हैं। अस्पताल में जाने पर लाखों रुपये का बिल और 75 फीसदी मौत की गारंटी है। विगत वर्ष कोरोना काल में बहुत मददगार सामने आए थे और इस साल जब मौत का सिलसिला जारी है मदद तो दूर गैस सिलेंडर के लिए भी तड़पते सड़क पर दम तोड़ते लोग नजर आए, कहां गई इंसानियत। लगता है कि आज के दिन इंसानियत खत्म हो रही है,दम तोड़ रही है। कोई किसी का नजर न सगा नजर नहीं आता, बस लूट लो, खा लो पी लो और दूसरा भाड़ में जाए? क्या जीवन बना है? कभी सोच कर देखिए इस धरती पर गुणों का नाम पर इंसान सदा अमर रहा है, जो दूसरे के लिए जीता है जो दूसरों के लिए जिया उसको सदा धरती के लोग याद करते रहेंगे।
आज एक बार फिर से तड़पते लोगों को सहायता की जरूरत है, यदि किसी को सहायता ही दी जानी है तो दवा, आक्सीजन और जो कुछ वस्तु की जरूरत बन पाए, दी जा सके, वह दी जाए वरना आने वाले पीढ़ी हँसा करेगी कि लोग स्वार्थ वश दूसरों को मौत के कगार में धकेल गये।
सच ही कहा है-
ये जिंदगी के मेले दुनिया में कम ना होंगे, अफसोस हम ना होंगे।
या
मारी गई मती कर रहा है, औछे धंधे।
कर भलाई काम कोई, कहा खो गया हे बंदे।


सूचना मांगने वाले को देना होगा आईडी प्रूफ
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 कनीना।  जन सूचना अधिकार 2005 जब से बना है तब से इसमें अनेकों फेरबदल किए जा चुके हैं। विगत दिनों जहां शिक्षा विभाग में व्यक्तिगत सूचना नहीं दिये जाने का पत्र जारी किया था वहीं अब हाल ही में छोटा सा बदलाव और किया है। सूचना मांगने वाले को अपना कोई प्रमाणित आईडी प्रूफ देना होगा। अपने सूचना प्रपत्र के साथ आईडी प्रूफ नहीं देता है तो सूचना नहीं दी जाएगी। सरकार ने विभिन्न विभागों को यह आदेश जारी कर दिया है।


स्थानांतरित शिक्षा विभाग के लिपिकों को न्याय दिलाने की मांग
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कनीना। हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन जिला महेंद्रगढ़ के प्रधान बाबू लाल यादव, राज्य आडिटर अनिल कुमार, सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व प्रधान व सचिव सुजान मालडा, नरेंद्र लिशानिया, ओमप्रकाश दौगड़ा, पंकज राव,,प्रदीप यादव द्वारा जारी बयान में मांग की गई कि 14 अगस्त 2020 को संगठन के सुझाव को दरकिनार करके लगभग 350 लिपिकों को दूरदराज स्थानांतरित कर दिया गया है उनके साथ न्याय किया जाए।
यह स्थानांतरण बहुत ही गलत किया गया। हरियाणा एजुकेशन मिनिस्टीरियल स्टाफ मांग करता है कि इन लिपिकों को न्याय प्रदान करते हुए इनका समायोजन किया जाए। क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यरत लिपिकों का सरेआम शोषण किया जा रहा है। मिडिल स्कूल में एकमात्र लिपिक की  पोस्ट को कैप्ट कर दिया गया जोकि  लिपिकों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है व सरकार के तानाशाही रवैया को दर्शाता है। हरियाणा एजुकेशन मिनिस्टर स्टाफ एसोसिएशन लिपिकों की मांग को लेकर कई बार शिक्षा सदन में बैठे अधिकारियों व शिक्षा मंत्री से मिल चुका है। परंतु अधिकारियों व सरकार पर जूं तक नहीं रेंग रही। क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यरत लिपिक की लगभग 28 से 30 वर्ष सेवा उपरांत सहायक के पद पर पदोन्नति संभव है जबकि शिक्षा सदन पंचकूला में कार्यरत लिपिक 30 साल में सहायक निदेशक बन जाता है। संगठन पूरे जोर शोर से मांग करता है कि स्थानांतरित लिपिकों को तुरंत समायोजित किया जायेे, वरिष्ठता सूची अपडेट की जाये, लिपिक से सहायक, सहायक से उपाधीक्षक, उपाधीक्षक से अधीक्षक के पदों पर पदोन्नति की जाये। वित्त विभाग से मांगी गई सूचना के अनुसार संबंधित विभाग खुद सक्षम है। मानदेय बढ़ाने के लिए तथा शिक्षा विभाग भी 9300-34800 के मानदेय को सही मानता है। अत: इस बीच लिपिकों के अंदर असमंजस की स्थिति बनी हुई है , जिसका अति शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए तथा लिपिकों का मानदेय में बढ़ोतरी की जाए। 9300-34800 वेतनमान किया जाए। समस्याओं का अतिशीघ्र समाधान किया जाये। अन्यथा विवश होकर सांगठनिक कदम उठाने पड़ेंगे जिसके लिए शिक्षा विभाग व सरकार स्वयं जिम्मेदार होगी।





भाजपा की वर्चुअल बैठक में लिये गये कई निर्णय
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कनीना। भाजपा के नव-नियुक्त संगठन की वर्चुअल बैठक हुई । इसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश धनखड़ ने की। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज एवं संगठन मंत्री रविंद्र राजू विशेष रूप से उपस्थित थे। बैठक में कोरोना महामारी में पार्टी द्वारा सेवा ही संगठन कार्यक्रम के माध्यम से चलाए जा रहे राहत कार्यों पर चर्चा हुई। सभी पदाधिकारियों ने अपने अपने सुझाव रखे और इसी कड़ी में संतोष यादव ने कनीना मे दो व अटेली, सतनाली, महेंद्रगढ़ एवं नांगल चौधरी में भी वेंटिलेटर स्टाफ सहित लगवाने की मांग की एवं कनीना अस्पताल सहित जिले के सभी अस्ंपतालों में आक्सीजन बेड एवं स्टाफ को बढ़ाने की मांग की। संतोष यादव ने वैक्सिनेशन को ग्रामीण इलाके में बढ़ाने की भी कवायद की। संतोष यादव ने कोविड-19 के लिए एक जागरूकता अभियान चलाने की मांग की ताकि सभी को संक्रमण के लक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके एवं इससे बचने के लिए प्रेरित किया जाए। इसी अभियान तहत लोगों को जागरूक किया जाए ताकि अगर उनमें कोरोना के लक्षण हैं तो वो सही समय पर अस्पताल जा सके । प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़  ने इन सभी विषयों पर विचार करने का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी।




कृष्ण सिंह इंजीनियर का हुआ निधन
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 कनीना। कनीना निवासी विदेशों तक अपनी धाक जमाने वाले कृष्ण सिंह इंजीनियर का निधन हो गया। वे इससे पूर्व नेवी में कार्यरत थे। सेवानिवृत्ति के बाद के पश्चात करीब 10 साल विदेशों में सेवा देकर कनीना लौटे थे। अस्वस्थ रहने के चलते गत दिनों उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। मंगलवार को उनका निधन हो गया। क्षेत्र में शोक की लहर है। उनके भाई नौबत राज पूर्व मुख्याध्यापक होते थे जो पहले स्वर्ग सिधार चुके हैं।


सरसों का तेल हुआ महंगा, गरीबों की परेशानी बढ़ी
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 कनीना। क्षेत्र सबसे अधिक ्रखाद्य तेलों के रूप में प्रयोग किया जाने वाला सरसों का तेल 200 रुपये किलो तक पहुंच गया है। जहां सरसों के भाव इस बार आसमान छू रहे हैं वही तेल के भाव भी ऊंचाई छू रहे है जिसके चलते गरीब आदमी द्वारा अपना गुजर-बसर करना कठिन हो गया है। जहां लोक डाउन चल रहा है जिसके चलते भी सरसों का तेल नहीं मिल पा रहा है।




187 युवा वर्ग को दी गई डोज
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 कनीना। कनीना के उप नागरिक अस्पताल में 187 कोरोना डोज 18 से 44 आयु वर्ग के युवाओं को दी गई। पवन कुमार कंप्यूटर आपरेटर ने बताया कि अब महज 200 डोज 18से 44 वर्ग की बची हैं। जिसके लिए बुधवार को सेशन चलेगा। उधर सेहलंग सीएचसी पर भी कोरोना डोज दी गई।
96 सैंपल लिए गये-
 कनीना उप नागरिक अस्पताल में कोरोना टेस्ट के लिए 96 सैंपल लिए गये। डा दीपांशु द्वारा ये सैंपल लिए गए। विस्तृत जानकारी देते हुए डा जितेंद्र मोरवाल ने बताया कि प्रतिदिन सैंपल लिए जाते हैं। टेस्ट रिपोर्ट 2 दिनों के बाद आती है।


51 लोगों को रसोई का सामान वितरित किया
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कनीना। कोरोना महामारी एवं लाकडाउन की स्थिति में श्रीराम सेवा ट्रस्ट ,गुजरवास द्वारा मंगलवार को आर्थिक रूप से कमजोर 51 परिवारों को रसोई का सामान वितरित किया। श्रीराम सेवा ट्रस्ट के सचिव राजेन्द्र वर्मा ने बताया कि जो व्यक्ति  लाकडाउन की वजह से घर बैठे हैं ऐसे लोगों का सर्वे किया गया तथा जरूरतमंद लोगों को आटा,दाल,चावल,चाय, चीनी,मसाले,साबुन, सैनेटाइजर, मास्क इत्यादि वितरित किए गए ।
श्रीराम सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष ओपी चौहान ने बताया कि मानवता की सेवा करना ही ट्रस्ट का उद्देश्य है ।  आज जब रोज कमाने-रोज खाने वाले घर बैठे हैं तो इनका सहयोग करना हमारा नैतिक कर्तव्य है। इस महामारी के दौर में हम सबको आगे आकर जरूरतमंद लोगों की हर सम्भव मदद करनी चाहिए । इस अवसर पर ट्रस्ट-निदेशक डा छत्रपाल वर्मा तथा कार्यकारिणी-सदस्य सुरेश यादव सहित रोहित वर्मा व कृष्ण रोहिल्ला इत्यादि  ने पैकिंग कर, घर- घर जाकर खाद्य-सामग्री वितरण में सहयोग किया।
 उल्लेखनीय है कि श्रीराम सेवा ट्रस्ट, गुजरवास गत एक वर्ष से पर्यावरण-संरक्षण, बालिका शिक्षा तथा सांस्कृतिक-संरक्षण के प्रति निष्ठापूर्वक सेवारत है।
फोटो कैप्शन 5: जरूरतमंद लोगों को रसोई का सामान वितरित करती श्रीराम सेवा ट्रस्ट।


कोरोना वैक्सीन हमारे शरीर के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करती है वैशाली शेखावत
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कनीना। वैक्सीन हमारे शरीर के लिए अति महत्वपूर्ण इसलिए हमें अपनी बारी पर कोरोना वैक्सीन अवश्य ही लगवानी चाहिए। उक्त विचार वैशाली शेखावत ने आज कोरोना वैक्सीन की पहली डोज के उपरांत व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भारत में बनी कोरोना से बचाव की वैक्सीन हमारे लिए वरदान साबित हो रही है। जिसको हमें समय रहते हुए अवश्य ही लगवा लेना चाहिए। इसके उपरांत हमारी बाडी में सुरक्षा कवच बन जाता है। जो कोरोना जैसी महा मारी के अलावा अन्य कई बीमारियों से हमारी रक्षा करता है उन्होंने यह भी बताया कि वैक्सीन के अलावा हमें बार-बार हद होने चाहिए। मास्क का प्रयोग करना चाहिए वही 2 गज की दूरी बनाकर रखनी चाहिए। सरकार व स्वास्थ्य विभाग द्वारा बनाई गई गाइडलाइन का पालन करते हुए इस महामारी पर काबू पाया जा सकता है। वहीं दूसरी तरफ वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील राव ककराला ने भी कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ली। उन्होंने भी लोगों से अपील की है कि 2 गज दूरी मास्क है जरूरी को अपनाते हुए हमें अपने घरों में ही रहकर अपने कार्य करने चाहिए। यह ज्यादा लंबी बात नहीं है। परमात्मा की कृपा से जल्द ही भारत देश में सुख और शांति प्राप्त होगी।



अस्पतालों में बढ़ाई जाए सुविधाएं-बोहरा
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कनीना। कोरोना महामारी के चलते अस्पतालों में बेड की कमी को देखते हुए समाजसेवी एवं व्यापार मंडल बस स्टैंड के अध्यक्ष महेश बोहरा ने सरकार से मांग की है कि बिना देरी किए कनीना अस्पताल में बेड  संख्या बढ़ाई जाए व कोरोना स्टाफ को बढ़ाया जाए। श्री बोहरा ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते संक्रमण के केस तो ज्यादा हो ही रहे हैं बल्कि अब तो कोरोना के कारण लोगों की जीवन लीला ही समाप्त हो रही है। इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए अविलंब अस्पताल में सुविधा दी जाए। श्री बोहरा ने सभी सामाजिक संगठनों से अपील करते हुए कहा कि इस महामारी के चलते सभी समाजसेवी लोगों को आगे आना चाहिए और एक ग्रुप बनाकर अपने अपने गांव में सेनिटाइजर छिड़काव करवाना चाहिए और वैक्सीन व संक्रमित के इलाज के लिए अस्पतालों की तरफ ध्यान रखना चाहिए।
श्री बोहरा ने कनीना के सभी प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टरों से अपील की है कि डाक्टर एक भगवान का रूप होता है और अपने अंदर के भगवान को दिखाने के लिए यह सही समय है इसलिए उचित रेट में मरीजों का इलाज किया जाये। बीमारी के बारे में सबसे ज्यादा जानकारी डॉक्टर के पास ही होती है इसलिए ज्यादा लोगों को जागरूक किया जाए और डाक्टरों के हिसाब से खाना-पीना संभव हो तो इस बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है। श्री बोहरा ने कहां बुलंद हौसले दृढ़ निश्चय के साथ इस लड़ाई से लड़ा जाए, नेक इरादे से लोगों की सेवा की जाए यही सभी का लक्ष्य होना चाहिए।
फोटो कैप्शन : महेश बोहरा।





नई पहल---
हवन कुंड को पूरे गांव में घुमाया गया,
-दी जमकर आहुति
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कनीना। कनीना उपमंडल के गांव रसूलपुर में तीन दिन हवन चलेगा। परंतु इस हवन में अधिक से अधिक लोगों द्वारा आहुति दिलवाने के लिए कुंड को वैन द्वारा गली गली घुमाया और घरों से लोगों को बुलाकर आहुति डलवाई। लोगों ने जमकर आहुति दी। कोरोना को हराने के लिए यह कदम उठाया गया है।
आर्य समाज रसूलपुर के सतीश आर्य ने बताया कि सुबह दस बजे पूरे गांव में हवन कुंड घुमाया गया। सभी ने सहयोग किया सभी को अच्छा लगा। सामग्री सामान्य नहीं थी। यह रोग नाशक सामग्री डाक्टरों के द्वारा शोधकर्ताओं के शोध के बाद तैयार की गई थी जिसमें सेन्धा नमक,नीम के पत्ते, गिलोय, राई, सरसों, गूगल व लोहबाण आदि औषधीय गुणों वाले पदार्थ मिलाए गए थे। आर्य समाज की ओर से गाय का घी वह गांव में महिलाओं ने देशी घी यज्ञ में भरपूर मात्रा में दिया। यज्ञ के वाहन पिकअप में हवन कुंड रखा गया था। सतीश आर्य व धर्मपाल आर्य, मन्त्री आर्य समाज  विनोद कुमार ने मंत्रोच्चारण किया। गाड़ी चलाने व निर्धारित रास्ते पर चलने का काम मनजीत यादव व यशपाल यादव कर रहे थे। उन्होंने बताया कि बुधवार एवं गुरुवार को भी यह यज्ञ इसी प्रकार चलेगा।
फोटो कैप्शन 3: पिकअप पर रसूलपुर में हवन कुंड घूमाते हुए तथा आहुति डालती महिलाएं।


भाविप ने प्रदीप







शास्त्री की मौत पर जताया शोक
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,कनीना। भारत विकास परिषद् शाखा कनीना की सदस्या उर्मिला कौशिक के पति प्रदीप शास्त्री कनीना का विराट हस्पताल रेवाड़ी में कोरोना महामारी के कारण देहांत हो गया। भारत विकास परिषद् शाखा कनीना के अध्यक्ष मोहन सिंह पार्षद ने बताया कि प्रदीप कौशिक कपूरी स्कूल में शास्त्री के पद पर कार्यरत थे। उनका जन्म 1964 में पोता गांव में जन्में प्रदीप शास्त्री का अंतिम संस्कार कोविड 19 के नियमों के तहत कनीना मे किया गया।
भारत विकास परिषद् शाखा कनीना के संरक्षक कंवर सैन वशिष्ठ ने बताया कि उनके दो लड़के, सचिन व अक्षय, पोती नीलम वह पत्नी उर्मिला को अपने पीछे छोड़ गए।  मिलनसार व्यक्तित्व के धनी की मौत पर अतर सिंह कैमला, लखनलाल, महेश बोहरा, जगदीश आचार्य, सुरेश शर्मा, शिव कुमार अग्रवाल, गजराज साहब, योगेश मंडी, ओमप्रकाश साहब गाहडा, धनपत साहब, सुरेन्द्र साहब, प्रवक्ता अश्वनी कुमार, कृष्ण हैडमास्टर,पाली सोनी,सूबे साहब, यादराम, संतलाल धनौदा, अनिल सेहलंग, अरुणा कौशिक पार्षद, सरिता भारद्वाज, ऊषा जांगड़ा व भारत विकास परिषद् शाखा कनीना के सभी सदस्यों ने दु:ख जाहिर करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा और भगवान दिवंगत आत्मा को शान्ती प्रदान करे और अपने चरणों में स्थान दें, परिवार को ये दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करे।
फोटो कैप्शन: प्रदीप शास्त्री।