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Thursday, November 4, 2021

 

जमकर महंगी बेची वस्तुएं, भारी भीड़ बाजारों में देखने को मिली
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 कनीना। दीपावली के दिन जमकर भीड़ विभिन्न सड़क मार्गों पर देखने को मिली वही दुकानदारों ने जमकर महंगे दामों पर वस्तुएं बेची जहां सेब 150 रुपये किलो वहीं केले 80 रुपये दर्जन बेचे गये। आनानास 125 रुपये प्रति पीस बेचा वहीं विभिन्न स्थानों पर भीड़ देखने को मिली। जहां ग्राहकों को जमकर घटियां वस्तुएं खाने को मिली। टमाटर 90 रुपये किलो वहीं प्याज 70 रुपये किलो के हिसाब से बिकी। विभिन्न सड़क मार्गों पर भारी भीड़ देखने को मिल


अन्नकूट का पर्व 5 को
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कनीना। कनीना क्षेत्र में 5 नवंबर को अन्नकुट का पर्व मनाया जाएगा। इसे गोवर्धन नाम से भी जाना जाता है। इस दिन मंदिरों में खिचड़ी व कढ़ी बांटी जाती हैं जिसे प्रत्येक जन चाव से खाता है। गोवर्धन पर्व से जुड़ी है श्रीकृष्ण और इन्द्र देव के बीच का प्रसंग।
एक बार इंद्र देव भगवान् श्रीकृष्ण से कुपित हो गए और मूसलाधार वर्षा करने लगे। गोकुल में इतनी भारी वर्षा देखकर ग्रामीण भयभीत हो गए और चारों ओर त्राहि-त्राहि मच गई। जीव जल में डूबकर मरने लगे तो ग्रामीण दौड़कर भगवान् श्रीकृष्ण के पास आए। भगवान् श्रीकृष्ण ने उस वक्त गोवर्धन पर्वत ही अपनी अंगुली पर उठा लिया और गोकुलवासियों को उसके नीचे आने का आदेश दिया। इस प्रकार इंद्र का गर्व चूर-चूर हो गया और खुश होकर ग्रामीणों ने गोवर्धन पर्वत की पूजा की। इसी दिन आजकल गाय आदि की पूजा करने का विधान भी है। विश्वकर्मा जयंती भी मनाई जा रही है। इस दिन विभिन्न मंदिरों में अन्नकूट बनाकर वितरित किया जाएगा।
  अन्नकुट का पर्व मनाया जाता है। इसे गोवर्धन नाम से भी जाना जाता है। इस दिन मंदिरों में खिचड़ी व कढ़ी बांटी जाती हैं जिसे प्रत्येक जन चाव से खाता है। गोवर्धन पर्व से जुड़ी है श्रीकृष्ण और इन्द्र देव के बीच का प्रसंग। एक बार इंद्र देव भगवान् श्रीकृष्ण से कुपित हो गए और मूसलाधार वर्षा करने लगे। गोकुल में इतनी भारी वर्षा देखकर ग्रामीण भयभीत हो गए और चारों ओर त्राहि-त्राहि मच गई। जीव जल में डूबकर मरने लगे तो ग्रामीण दौड़कर भगवान् श्रीकृष्ण के पास आए। भगवान् श्रीकृष्ण ने उस वक्त गोवर्धन पर्वत ही अपनी अंगुली पर उठा लिया और गोकुलवासियों को उसके नीचे आने का आदेश दिया। इस प्रकार इंद्र का गर्व चूर-चूर हो गया और खुश होकर ग्रामीणों ने गोवर्धन पर्वत की पूजा की। इसी दिन आजकल गाय आदि की पूजा करने का विधान भी है। विश्वकर्मा जयंती भी मनाई जा रही है।



भैया दूज का पर्व 6 नवंबर को
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 कनीना। कनीना क्षेत्र में भाई बहन के अटूट प्यार को निभाने वाला पर्व भैया दूज 6 नवंबर  को मनाया जा रहा है। इस पर्व पर दूरदराज से बहन अपने भाई से मिलने के लिए पहुंचती है या फिर भाई अपनी बहन से मिलने के लिए उन तक पहुंचता है।
यह माना जाता है कि यह पर्व रिश्तों को प्रगाढ़ बनाने के लिए मनाया जाता है। वर्ष में दो बार यह पर्व आता है। होली के पश्चात तथा दीपावली के पश्चात दोनों ही पर्वों के बाद यह पर्व मनाया जाता है। इस दिन अवकाश रहेगा। यह पौराणिक कथा यम यमी की याद दिलाता है।
क्या है कहानी
सूर्यदेव की पत्नी छाया की कोख से यमराज तथा यमुना का जन्म हुआ। यमुना अपने भाई यमराज से स्नेहवश निवेदन करती थी कि वे उसके घर आकर भोजन करें। लेकिन यमराज व्यस्त रहने के कारण यमुना की बात को टाल जाते थे।
कार्तिक शुक्ल द्वितीया को यमुना अपने द्वार पर अचानक यमराज को खड़ा देखकर हर्ष.विभोर हो गई। प्रसन्नचित्त हो भाई का स्वागत.सत्कार किया तथा भोजन करवाया। इससे प्रसन्न होकर यमराज ने बहन से वर मांगने को कहा।
तब बहन ने भाई से कहा कि आप प्रतिवर्ष इस दिन मेरे यहां भोजन करने आया करेंगे तथा इस दिन जो बहन अपने भाई को टीका करके भोजन खिलाए उसे आपका भय न रहे। यमराज ने तथास्तु कहा और यमपुरी चले गए।
ऐसी मान्यता है कि जो भाई आज के दिन यमुना में स्नान करके पूरी श्रद्धा से बहनों के आतिथ्य को स्वीकार करते हैं उन्हें तथा उनकी बहन को यम का भय नहीं रहता।































































शांतिपूर्वक मनाई गई दीपावली
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कनीना। कनीना एवं आस पास क्षेत्र में दीपावली का पर्व शांतिपूर्वक मनाई गई। इस बार कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं घटी। न्यायालय के आदेशों के चलते पटाखों पर बैन था किंतु चोरी छिपके बहुत पटाखे चलाए गए। वैसे भी लोग कोरोना काल से परेशान थे और खुशी मनाने के लिए यह दिन नजर आया। ऐसे में जमकर पटाखे तोड़े।
  सबसे बड़ा प्रभाव मार्केट में चाइनीज आइटम न खरीदे जाने व न बेचे जाने का देखने को मिला।  वहां भी चाइनीज पटाखे एवं सामान नहीं देखने को मिला। इस बार पटाखे भी कम चले और देर रात तक नहीं चलाए गए।  ग्राहकों को सीधे अपने घर पर बुलाकर पटाखे बेचे गए। युवा वर्ग ने पटाखे खरीदे परंतु महंगे दामों पर। देर शाम तक हल्के पटाखे चलाए गए परंतु चाइनीज आइटम नहीं खरीदे गए।
 सबसे अधिक भीड़ मिठाई की दुकानों पर देखी गई। मिठाई का लेन देन दिनभर चला।


Wednesday, November 3, 2021

 
एसडीएम स्कूल छिथरोली में हुई दीपावली पर आयोजित हुई विभिन्न प्रतियोगिताएं
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कनीना।  एसडीएम वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छिथरोली में दिवाली पर्व की बड़ी धूमधाम से मनाया गया । इस पर्व के उपलक्ष्य पर विद्यालय के छात्र -छात्राओं ने दीया मेकिंग ,मेहंदी ,दीपावली कार्ड मेकिंग, रंगोली बनाकर प्रांगण को विभिन्न रंगों से सरोबार कर दिया। देवी देवताओं के स्वागतार्थ अपनी कला को प्रस्तुत किया गया। विद्यालय में सत्यम हाउस, शिवम हाउस, शुभम हाउस ,सुंदर हाउस की टीमों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया। जिसमें दीया मेकिंग में खुशी प्रथम सत्यम हाउस, पायल द्वितीय शिवम हाउस वहीं मेहंदी प्रतियोगिता में खुशी प्रथम सत्यम हाउस और शुभम हाउस की आरजू द्वितीय। दीपावली कार्ड मेकिंग में लक्ष्य प्रथम शिवम हाउस साहिल द्वितीय सत्यम हाउस ,रंगोली प्रतियोगिता में कपिल प्रथम सुंदरम हाउस रहा वहीं खुशबू द्वितीय शिवम हाउस के विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। संस्था के चेयरमैन अजमेर सिंह दांगी ने सभी सफल विद्यार्थियों को सम्मानित किया और दीपावली की शुभकामनाएं दी तथा सभी को प्रदूषण रहित दीपावली मनाने के लिए शपथ दिलवाई।
फोटो कैप्शन 10: एसडीएम स्कूल छीथरोली के अव्वल रहे विद्यार्थी।





राज सिंह यादव बीइओ ने किया कार्यभार ग्रहण
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कनीना। राज सिंह यादव ने खंड शिक्षा अधिकारी कनीना का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। खंड कार्यालय कनीना में फूल मालाएं पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया गया। उनका तबादला भट्टूकलां से कनीना हुआ है। इस अवसर पर कार्यवाहक खंड शिक्षा अधिकारी  अभय राम यादव, प्रधान बाबू लाल यादव, पंकज राव, राजकुमार मुख्य अध्यापक, सुरेता यादव, अनुराधा, कविता, प्रियंका, प्रदीप यादव , सोमबीर शर्मा, प्रदीप शर्मा, रामपाल, मानव कुमार उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 8: बीइओ राज सिंह यादव कार्यभार ग्रहण करने के बाद स्टाफ के साथ।


दो बैग बस में मिले
-रोड़वेज बस चालक ने पहुंचाये मालिकों तक
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कनीना। उत्तर प्रदेश के दो मजदूरों के बैग रोड़वेज बस में छूट गए। कनीना उपमंडल के गांव भडफ़ के चालक बलराज को जब ये मिले तो उन्होंने मालिकों को बुलाकर उन तक पहुंचाया। बलराज ने बताया कि मजदूर गुरुग्राम से रेवाड़ी आते समय अपना बैग भूल गए। रात के समय दो बैग चालक को मिले।  बैग में जिनमें कपड़े, नकदी, जूते आदि भरे थे। बैग तलाशने पर टीटू नामक व्यक्ति के मोबाइल नंबर लिखे हुए नोटबुक पर मिले। इसी फोन नंबर पर जब फोन मिलाया तो टीटू उसका साथी अमरपाल उत्तर प्रदेश से अपने बैग लेने के लिए पहुंचे। चालक बलराज ने जीएम अशोक कौशिक की मौजूदगी में उनको लौटा दिए। मजदूरों ने बताया बड़ी मेहनत से भी पैसे कमाए थे और गलती से बैग गाड़ी में छूट गए थे। उन्होंने चालक बलराज एवं अधिकारियों का आभार जताया।
फोटो कैप्शन 9: बलराज बैग मजदूरों को लौटाते हुए।



क्षेत्र में मनाया गया धन तेरस का पर्व, खरीदे बर्तन
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 कनीना। कनीना क्षेत्र में मंगलवार को धन तेरस का पर्व मनाया गया। बाजार में बर्तनों की दुकानों पर भार भीड़ देखने को मिली। कई दिनों से बर्तनों की दुकानें सजी हुई थी और ग्राहक आने का इंतजार था।
  कनीना क्षेत्र में मंगलवार से ही दिवाली पर्व की धूम मची है। बाजारों में भारी रौनक देखने को मिली है वहीं बर्तनों की दुकानों पर लोगों ने बर्तन खरीदे।
 दीपावली की रौनक के चलते बाजार सजने लगे हैं। दीपावली के पर्व को महज एक दिन ही बाकी हैं और बाजार में रौनक आने लगी है। बाजार सजने लगे हैं। अब तक ऐसा लग रहा था कि रौनक फीकी रहेगी किंतु अब धीरे-धीरे बाजार सजने लगे हैं।  धीरे-धीरे बाजार में रौनक आने लगी है और भीड़ के चलते आवागमन में परेशानी होने लगी है। मुख्य मार्गों पर भी दुकानों की वजह से मार्ग संकीर्ण बन गए हैं।
  बर्तन विक्रेता रमेश कुमार ने बताया कि इस दिन का लंबे समय से इंतजार होता है। इस दिन अन्य दिनों की बजाय सबसे ज्यादा बर्तन बिकते हैं। इस दिन लगभग हर घर से बर्तन खरीदने के लिए बाजार आते हैं। बर्तन वालों के लंबी कतार देखने को मिली।
  ज्योतिषाचार्य अरविंद वशिष्ठ का कहना है कि धन तेरस के दिन ही राक्षसों एवं देवताओं के बीच हुए समुद्र मंथन से अमृत निकला था जिसे पाने के लिए देवता अपना अपना बर्तन लिए बैठे थे और धनवंतरि सभी को अमृत बांट रहे थे। उसी दिन से माना जाता है कि धनवंतरि उन्हें अमृत बाटने आते हैं। इस दिन लोग नए बर्तन में धनवंतरि से अमृत पाने की इच्छा से बर्तन खरीदते हैं।
फोटो कैप्शन 10: बर्तन की दुकानों पर बर्तन बेचते एवं खरीदते लोग।



घर की मिठाई खाकर सादगी से मनाएंगे दीपावली
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कनीना। इस बार क्षेत्र के युवा घर की बनी मिठाई खाकर,चाइनीज आइटम नहीं खरीदेंगे और दीपावली सादगी से मनाएंगे। दीपावली को घी के दीये जलाकर एवं आपस में मिलकर दीपावली मनाना चाहते हैं। वे एक नारा लगा रहे हैं कि घर की मिठाई खाकर, आपस में मिलकर घी के दीये जलाएंगे।  उनका मानना है कि लाखों रुपये चाइनीज आइटम पर खर्च होते हैं वे खर्च नहीं किए जाएंगे। क्या कहते हैं दीपावली मनाने वाले-
कंवरसेन वशिष्ठ का कहना है कि चीन के बने सामान, लाइट आदि नहीं खरीदेंगे। देसी घी को दीये में डालकर दीपावली के दिन बुजुर्ग पुराने समय से जलाते आ रहे हैं। बुजुर्ग बहुत बुद्धिमान थे। अब उन्हीं के कदमों पर चलकर वे इस बार दीवाली को देसी घी के दीयों से मनाएंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।  
डा वेद प्रकाश का कहना है कि वे कई वर्षों से देसी घी के दीये जलाते आ रहे हैं। न केवल बड़ी या छोटी दीवाली अपितु मुख्य दीवाली के दिन घर में विभिन्न स्थानों पर रखे जाने वाले समस्त दीये देसी घी से ही जलते हैं। उनके अनुसार देसी घी का दीया जलाने का अर्थ है कि वातावरण की देखभाल करना तथा सभी के जीवन की मंगलकामना करना। उन्होंने इन दीयों को अंधकार दूर करने वाला तथा दिलों में शुद्धता भरने वाला प्रतीक बताया। चीन के बने दीपावली के आइटमों से दूर रहने की सलाह दी है।
मुकेश नंबरदार का कहना है कि वे चाइनीज कोई आइटम नहीं खरीदेंगे। वे न केवल स्वयं देसी घी के दीये जलाएंगे अपितु दूसरों को भी इस बार देसी घी के ही दीये जलाने के लिए प्रेरित करेंगे। उनके अनुसार देसी घी के दीये जलाना एक हवन या यज्ञ के बराबर होता है। पर्यावरण का प्रदूषण दूर होता है तथा सुगंधित वातावरण बन जाता है। दीये का प्रकाश जहां तक जाता है वहां तक हानिकारक कीट नष्ट हो जाते हैं।
 कैलाश पाली का कहना है कि हमारी संस्कृति के अनुसार घी के दीये जलाना शुभ माना जाता है और ऐसे में वे देशी घी के दीये स्वयं भी जलाते हैं और दूसरों को भी प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि बाजार की मिठाई नहीं खरीदेंगे, चाइनीज आइटमों का सदा बहिष्कार करते आये हैं।  दीये खरीदने पर बल देंगे।
फोटो कैप्शन : कंवरसेन वशिष्ठ, कैलाश पाली, डा वेदप्रकाश, मुकेश नंबरदार




दीपावली पर आई मिठाइयों की दुकानों पर अधिक रौनक
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कनीना। दीपावली का पर्व पास आने से मिठाइयों की दुकानों पर रौनक आ गई है। मिठाई बनाने वाले वर्ष भर में सबसे अधिक कमाने की होड़ में मिलावटी मिठाइयां बनाने में व्यस्त हैं।
   दीपावली पर्व पर सबसे अधिक रौनक मिठाई की दुकान पर होने के कारण मिठाई बनाने वाले व्यस्त हैं। यह कटु सत्य है कि मिठाइयों की भारी मात्रा में आपूर्ति करने के लिए या तो भारी मात्रा में चीनी डाली जा रही है या फिर जमकर मिलावट की जा रही है। लेने देने में मिठाइयों का प्रयोग होने से मिठाइयों की मांग बढ़ी है।  
फोटो कैप्शन 3: दीपावली पवर भीड़।


पटाखे नहीं चलाएंगे, चाइनीज आइटम नहीं खरीदेंगे
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कनीना। इस बार क्षेत्र के युवा दीपावली को घी के दीये जलाकर एवं आपस में मिलकर दीपावली मनाना चाहते हैं। पटाखे न चलाने व चाइनीज आइटम न खरीदने की शपथ ली।  देसी घी के भाव अधिक होने के बावजूद भी वे मुख्य दीया घी का ही जलाते आ रहे हैं। महंगाई के कारण दस फीसदी लोग मोमबत्ती ही जलाकर दीपावली का पर्व मनाते हैं। युवाओं में इस बार दीपावली को सौहार्द, भाईचारा एवं एकता का पर्व बनाने की होड़ लगी है। वे पटाखे चलाने के पक्ष में भी नहीं हैं।
महेंद्र शर्मा झाड़ली का कहना है कि घरों में मोमबत्ती न जलाकर घी के दीये ही जलाने चाहिए। यही परंपरा श्रीराम के अयोध्या में लौटने पर अपनाई गई थी। उनका कहना है कि घर की मिठाइयां ही खानी चाहिए। वे पटाखे न चलाकर प्रदूषण से बचना चाहते हैं।
मोहन कुमार का कहना है कि घर की मिठाइयां खाकर, घी के दीये जलाकर एवं पटाखे न चलाकर ही दीपावली मनाएंगे। उनका मानना है कि महंगाई के युग भी दीपावली के प्रति लोगों में जोश है। उनका मानना है कि चाइनीज आइटम नहीं खरीदने चाहिए।
  अजीत कुमार का कहना है कि वे दीपावली को सादगी से मनाना चाहते हैं। लोग जुआ खेलते हैं और दुकानों की मिठाइयां खाकर पटाखे चलाते हैं जो अनुचित है। वे चीन के माल के विरोधी हैं तथा भारत का सामान खरीदना चाहते हैं। अमन रोहिल्ला एवं सोनू का कहना है कि वे इस बार गांव में भी देसी घी के ही दीये जलाने की सलाह दे रहे हैं और इस पर्व पर पटाखे न चलाने की प्रेरणा देकर कनीना व आस पास को साफ सुथरा एवं प्रदूषण मुक्त बनाना चाहते हैं। उन सभी का कहना है कि वे स्वयं भी प्रदूषण नहीं करेंगे और दूसरों को भी रोकेंगे। उन्हें सादगी से दीपावली मनाने की तमन्ना है। वे घी के दीये जलाकर दूसरों को भी प्रेरणा देंगे। उन्होंने शपथ ली कि वे चाइनीज आइटम नहीं खरीदेंगे।
  कुल मिलाकर युवा पीढ़ी इस बार कम से कम पटाखे चलाने के पक्ष में हैं और दीपावली को सादगीपूर्ण मनाए जाने के पक्ष में है। वे चाइनीज आइटम नहीं खरीदना चाहते।
फोटो कैप्शन 4: चाइनीज आइटम न खरीदने की शपथ लेते युवा।




 मूर्तियों एवं दीयों की बहार देखने को मिली
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कनीना। जहां दीपावली पर विभिन्न प्रकार के सामान की बिक्री देखने को मिल रही है वहीं मिट्टी के दीये एवं मिट्टी की मूर्तियों की मांग बढ़ गई है और खरीददार देखने को मिले।
 वैज्ञानिक युग में जहां मिट्टी की मूर्तियों की जगह दीपावली को पूजे जाने वाले गणेश, लक्ष्मी एवं सरस्वती देवी की कागज की मूर्तियां प्रसिद्ध हैं वहीं अब फिर से रुझान मिट्टी की मूर्तियों की ओर बढ़ा है। संजय कुमार, रवि कुमार, सुरेश कुमार, मनोज कुमार, रमेश कुमार, सुरेश कुमार, सुरेंद्र कुमार आदि ने बताया कि उनके पूर्वज मिट्टी की मूर्तियों को घर में लाना शुभ मानते रहे हैं और विधि विधान से पूजा में मिट्टी की मूर्तियां शुभ मानी जाती है। ऐसे में वे मिट्टी की मूर्तियां खरीद रहे हैं।
  उधर विज्ञान के युग में मिट्टी के दीयों का स्थान मोमबत्ती एवं बिजली की लडिय़ों ने ले लिया है परंतु आज भी बुजुर्ग एवं पूजा करने वाले मिट्टी के दीयों को महत्व देने लगे हैं। उनका कहना है कि भगवान श्रीराम जब अयोध्या लौटे थे तो उस खुशी में मिट्टी के दीये घी से भरकर जलाए थे। आज भी मिट्टी के दीये उस दिन की याद दिलाते हैं। उनका कहना है कि आज भी हमें मिट्टी के दीये ही जलाने चाहिए ताकि भगवान श्रीराम की याद ताजा हो जाए।
फोटो कैप्शन 5: मिट्टी के दीये एवं मूर्तियां बेचते जन।  




      खूब बेचा जा रहा है पुराना सामान, दीपावली के नाम पर दुकानदार बेच रहे हैं सस्ते में
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कनीना। दीपावली का पर्व आते ही एक साल ही नहीं वरना सालों पुराने सामान बेचने की होड़ लगने लगी है। कहने को तो 50 से 60 प्रतिशत तक की छूट किंतु हकीकत में वो लूट है।
   क्षेत्र में पर्व आने पर दुकानों के आगे सेल लगाने के नाम पर या फिर सस्ता सामान बेचने के नाम पर पुराना और घिसा पिटा सामान बेचने का वक्त आ गया है। चप्पल, जूते, कपड़ा, बर्तन, प्लास्टिक का सामान, खिलौने आदि कितने ही प्रकार का सामान बेरोकटोक बेचा जा रहा है। धीरे धीरे सेल सेंटर खुलने लगे हैं। गरीब एवं सस्ते में सामान खरीदने वाले इनसे सामान तो खरीद लेते हैं किंतु घर जाकर पछताने के अलावा कुछ भी नहीं बचता।
  वैसे तो लोगों का कहना है कि दीवाली सबसे खर्चीला पर्व है जिस पर्व पर प्रत्येक घर से दो हजार से लेकर लाखों रुपये तक का खर्चा आता है। ऐसे में किसी को उपहार देने के लिए या मिठाई देने के नाम पर स्वयं तो ठगाई में आ जाते हैं साथ में घटिया सामान भी अपने साथियों तक पहुंचाने का जरिया भी मिलता है।
  दीपावली पर्व पर सभी दुकानदार चाहते हैं कि उनका पुराना सामान बिक्री हो जाए। ऐसे में लगभग सभी दुकानदार अपनी दुकानों के आगे सामान सस्ते में बेचने के सेल सेंटर बना देते हें। एक ओर वे अतिक्रमण कर डालते हैं वहीं लोगों को पुराना घिसा पिटा सामान देकर मुनाफा कमाते हैं।
 


दीपावली सादगी से मनाते हैं समाजसेवी
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कनीना। दीपावली के पर्व को सादगी से मनाने वालों की संख्या अधिक है। क्षेत्र के विभिन्न समाजसेवियों से दीपावली मनाए जाने के बारे में परिचर्चा की तो सभी ने दीपावली को सादगी से मनाए जाने, हवन करने, जनसेवा करने तथा दान पुण्य करने पर बल देते हैं। इस संबंध में विभिन्न पेशों से जुड़े लोगों से इस संबंध में बात की गई तो उनके विचार अलग अलग उभरकर आए-
पूर्व मुख्याध्यापक सतीश कुमार-
 मोड़ी निवासी पूर्व मुख्याध्यापक सतीश कुमार का कहना है कि दीवाली हिंदुओं का पवित्र एवं महान पर्व है। यह पर्व हमें एकता एवं भाईचारे की शिक्षा देता है। वे अपने परिवार में अति सादगी से तथा बगैर पटाखे चलाए परिवार के संग मनाते हैं। इस दिन पूरा परिवार कुछ धन निकालकर जनहित में खर्च करता है। वे सभी से पटाखे रहित, सादगी से मनाने की अपील करते हैं। वे अपने साथियों को सलाह देते हें कि सादगी से तथा घर की मिठाई खाकर दीपावली मनाए। उनका कहना है कि इस दिन खोखले मनोरंजन न करके बेहतर कार्य, परहित के कार्य, जनसेवा करके, पौधारोपण करके
सत्येंद्र यादव, प्रसिद्ध आर्य समाजी-
सत्येंद्र आर्य का कहना है कि दीवाली हिंदुओं का प्रसिद्ध त्योहार है और इस दिन हमें शुभ काम करना चाहिए। प्रदूषण करने की बीमारी इसी दिन से जुड़ी है। प्रदूषण विश्वव्यापी बीमारी है जो हर इंसान पर बुरा प्रभाव डाल रही है। ऐसे में पटाखे नहीं चलाने चाहिए। मैं स्वयं भी प्रदूषण नहीं करूंगा और दूसरों को भी प्रदूषण करने से रोकूंगा। एक ओर पूरा देश महात्मा गांधी के सपनों के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन में लगा है और दूसरी ओर यदि प्रदूषण होता है तो सांस की अनेकों बीमारियां फैल जाएंगी। ऐसे में दीपावली के शुभ दिन हवन करके वातावरण को साफ सुथरा बनाने का प्रयास करूंगा और अपने साथियों को भी इस काम के लिए उत्साहित करूंगा साथ में अपील करता हूं कि जगह जगह इस दिन हवन आयोजित करके वातावरण को साफ सुथरा बनाने में अपना योगदान देवें।
मांगेलाल शर्मा, योगाचार्य-
योगाचार्य मांगेलाल ने बताया कि वे दीवाली को वर्षों से सादगी से मनाते आ रहे हैं। घर में सफाई करके, सुबह सवेरे योग एवं प्राणायाम के बाद शाम तक ईश्वर स्तुति करते हैं।  तत्पश्चात पूरा परिवार मिलकर मिठाई खाता है। बाजार की बनी मिठाइयां परिवार नहीं खाता है। पूरे परिवार के बच्चे पटाखे नहीं चलाते बल्कि पटाखों पर जो खर्च आता है उतना ही पास की अपंग गौशाला में दान कर दिया जाता है। इससे मन को अति प्रसन्नता होती है। वे  अपने साथियों को भी इसी तरीके से दीवाली मनाने की सलाह देता हूं। दीवाली के पर्व पर जो प्रदूषण होता है उसका कुप्रभाव मरीजों के शरीर पर कई दिनों तक पड़ता रहता है।
फोटो: सतीश कुमार पूर्व मुख्याध्यापक, सत्येंद्र आर्य, मांगेलाल शर्मा।

Tuesday, November 2, 2021





 

क्षेत्र में मनाया गया धन तेरस का पर्व, खरीदे बर्तन
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 कनीना। कनीना क्षेत्र में मंगलवार को धन तेरस का पर्व मनाया गया। बाजार में बर्तनों की दुकानों पर भार भीड़ देखने को मिली। कई दिनों से बर्तनों की दुकानें सजी हुई थी और ग्राहक आने का इंतजार था।
  कनीना क्षेत्र में मंगलवार से ही दिवाली पर्व की धूम मची है। बाजारों में भारी रौनक देखने को मिली है वहीं बर्तनों की दुकानों पर लोगों ने बर्तन खरीदे।
 दीपावली की रौनक के चलते बाजार सजने लगे हैं। दीपावली के पर्व को महज एक दिन ही बाकी हैं और बाजार में रौनक आने लगी है। बाजार सजने लगे हैं। अब तक ऐसा लग रहा था कि रौनक फीकी रहेगी किंतु अब धीरे-धीरे बाजार सजने लगे हैं।  धीरे-धीरे बाजार में रौनक आने लगी है और भीड़ के चलते आवागमन में परेशानी होने लगी है। मुख्य मार्गों पर भी दुकानों की वजह से मार्ग संकीर्ण बन गए हैं।
  बर्तन विक्रेता रमेश कुमार ने बताया कि इस दिन का लंबे समय से इंतजार होता है। इस दिन अन्य दिनों की बजाय सबसे ज्यादा बर्तन बिकते हैं। इस दिन लगभग हर घर से बर्तन खरीदने के लिए बाजार आते हैं। बर्तन वालों के लंबी कतार देखने को मिली।
  ज्योतिषाचार्य अरविंद वशिष्ठ का कहना है कि धन तेरस के दिन ही राक्षसों एवं देवताओं के बीच हुए समुद्र मंथन से अमृत निकला था जिसे पाने के लिए देवता अपना अपना बर्तन लिए बैठे थे और धनवंतरि सभी को अमृत बांट रहे थे। उसी दिन से माना जाता है कि धनवंतरि उन्हें अमृत बाटने आते हैं। इस दिन लोग नए बर्तन में धनवंतरि से अमृत पाने की इच्छा से बर्तन खरीदते हैं।
फोटो कैप्शन 10: बर्तन की दुकानों पर बर्तन बेचते एवं खरीदते लोग।



 
भारी मात्रा में पटाखे पकड़े
-मामला दर्ज
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 कनीना। कनीना पुलिस ने मुखबिरी के आधार पर छापा मारकर वार्ड नंबर 6 के अनिल कुमार के घर से भारी मात्रा में पटाखे आदि प्लास्टिक के कट्टों में पैक किये पकड़े।  
  मिली जानकारी अनुसार पुलिस को मुखबिर के आधार पर वार्ड नंबर 6 कनीना में छापामारी की जहां अनिल कुमार घर के बाहर खड़ा दिखाई दिया। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम अनिल कुमार बताया। उनके कमरे में जाकर चेक किया तो प्लास्टिक के कट्टों में पटाखे, फुलझड़ी, राकेट, अनार , विभिन्न प्रकार के बम, फिरकी आदि 18 प्लास्टिक के कट्टों में बरामद किया। जिनके पास कोई परमिट न होने के कारण कनीना पुलिस ने विस्फोटक एक्ट के तहत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।


अज्ञात वाहन की टक्कर से एक घायल
-कनीना पुलिस ने किया मामला दर्ज
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 कनीना। बाघोत बस स्टैंड पर खड़े स्याणा गांव के एक व्यक्ति को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी जिससे वह घायल हो गया। उसे राहगीरों ने रेवाड़ी अस्पताल भर्ती करवाया जहां से उसे गुडग़ांव के अस्पताल में ले गए जहां इलाज चल रहा है। घायल के पिता राजेंद्र सिंह पुलिस में मामला दर्ज कराया है।
 दी गई शिकायत में कहा गया है कि उनका लड़का सुनील कुमार 28 अक्टूबर को बाघोत बस स्टैंड पर वाहन आने का इंतजार कर रहा था, तभी तेज गति से आ रही अज्ञात गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी और वह गाड़ी को लेकर फरार हो गया। घायल को लोगों ने गुडगांव अस्पताल भर्ती करवाया गया करवाया है। जहां उनका इलाज चल रहा है। राजेंद्र सिंह के बयान पर कनीना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।





राजकीय कन्या हाई स्कूल कनीना में बांटी गई 404 स्वेटर
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 कनीना। राजकीय कन्या हाई स्कूल कनीना में  डा कैप्टन शिखा कोथल कलां के द्वारा राजकीय कन्या हाई स्कूल कनीना , राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल कनीना , व राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल ढाणी कनीना की छात्राओं को 404 स्वेटर वितरित की।
सुरेंद्र सिंह प्रवक्ता ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए बताया कि पूर्व हेडमास्टर रोहताश कुमार राजकीय कन्या हाई स्कूल कनीना से 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हुए थे । उस समय उन्होंने इन तीनों विद्यालयों के छात्राओं को स्वेटर देने की इच्छा जताई थी। जिसको पूर्ण करते हुए आज अपनी बेटी डा कैप्टन शिखा के हाथों से छात्राओं को स्वेटर वितरित करवाई गई। डा शिखा एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद भारतीय सेना में कैप्टन के पद पर सुशोभित है। जिन्होंने अपनी रुचि अनुसार भारतीय सेना में सेवा देने का मन बना, देश सेवा में अपना योगदान देने की ठानी है । सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इस विद्यालय में पिछले लगातार तीन साल से छात्राओं को सहयोग स्वरूप समाज के लोगों से योगदान करवाया जाता है। 3 साल पहले विद्यालय में 363 स्वेटर विद्यालय की अध्यापिका कांता यादव, महेश बोहरा व मनोज शर्मा के सहयोग से बटवाई । 2 साल पहले विद्यालय की अध्यापिका कांता देवी ने 200 जोड़ी जूते और जुराब दी गई थी।इसी कड़ी में इस वर्ष दीपावली के पावन अवसर पर 404 स्वेटर वितरित करवाई गई है। प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह बोहरा ने विद्यालय में आए सभी अतिथियों का विद्यालय परिवार की तरफ से स्वागत किया।
इस अवसर पर पूर्व मुख्य अध्यापक रोहताश कुमार ने सभी बच्चों को आशीर्वाद व दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम की मुख्य केंद्र बिंदु कैप्टन डा शिखा का पहेली कक्षा से दसवीं कक्षा तक की 10 छात्राओं ने फूल मालाओं से स्वागत किया। नगर पालिका प्रधान सतीश जैलदार व आर्य समाज के प्रधान सूबेदार मोहर सिंह ने नगर की तरफ से मुख्य अध्यापक को पगड़ी पहनाकर और कैप्टन डॉ शिखा का स्वामी दयानंद जी का चित्र भेंट कर सम्मान किया । डा शिखा ने बच्चों को संबोधित करने होते हुए बहुत ही प्रेरणादायक बातें बताई। उन्होंने छात्राओं को अच्छी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया और जीवन में कुछ बड़ा करने की बात कही। उन्होंने साफ-सफाई, अनुशासन, ईमानदारी व अपने माता पिता की आज्ञा पालन का भी संदेश दिया। उन्होंने अपने बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने एमबीबीएस करने के बाद भारतीय सेना में सेवा देने का संकल्प लिया है। ताकि वह देश सेवा में लगे अपने नौजवानों की सेवा कर सके और देश सेवा में अपना योगदान दे सकें । ऐसे राष्ट्रवादी विचार से उन्होंने छात्राओं को भी एक प्रेरणा दी। आर्य समाज के प्रधान राम मोहर सिंह , पूर्व हेड मास्टर कृष्ण प्रकाश, मनफूल आर्य , एसएमसी प्रधान होशियार सिंह ने इस कार्य के लिए मुख्य अध्यापक व डॉ कैप्टन शिखा का बहुत-बहुत धन्यवाद किया । नगर पालिका प्रधान सतीश जैलदार ने पूर्व मुख्य अध्यापक रोहताश कुमार व उनकी पुत्री कैप्टन डॉ शिखा का इस कार्य के लिए नगर की तरफ से प्रशंसा करते हुए उनका धन्यवाद किया। विद्यालय के मुख्य अध्यापक विजय प्रकाश ने संबोधित करते हुए रोहताश कुमार व कैप्टन डॉ शिखा का तीनों विद्यालय की छात्राओं को स्वेटर देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद किया और समाज के लोगों का इसमें सहयोग करने के लिए बहुत धन्यवाद किया। इस अवसर पर सदा सुख स्कूल के चेयरमैन एडवोकेट विनय यादव, विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड अध्यक्ष दिलावर सिंह, प्रखंड मंत्री लखनलाल, पार्षद दलीप सिंह, प्रेम सिंह ,सुरेंद्र सिंह व समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
फोटो कैप्शन 9: कनीना स्कूल में स्वेटर वितरित करते हुए डा शिखा।




 नीट की परीक्षा में पाए 628 अंक
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 कनीना। कनीना उपमंडल के गांव धनौंदा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के हंसराज भौतिक शास्त्र के प्राध्यापक की पुत्री श्रुति शर्मा ने 720 में से 628 अंक पाकर नीट की परीक्षा में नाम कमाया है। सामान्य कैटेगरी में उन्होंने 4246 वां रैंक हासिल किया है जबकि अखिल भारतीय स्तर पर रैंक 8918 है। श्रुति शर्मा ने कठोर परिश्रम करने के चलते यह नाम कमाया है। विद्यालय स्तर विद्यालय में मंगलवार को श्रुति शर्मा द्वारा बेहतर रैंक प्राप्त होने पर उन्हें बधाई दी तथा इस दिवाली की खुशियां और बढ़ाने वाला बताएं। इस अवसर पर प्राचार्य कृष्ण सिंह, महिपाल सिंह मुख्याध्यापक, राजेश कुमार प्राध्यापक, सुखबीर सिंह आदि विभिन्न स्टाफ सदस्यों ने उन्हें बधाई दी है।
फोटो कैप्शन: श्रुति शर्मा



एनआर स्कूल में हुईं रंगोली प्रतियोगिता
विजेताओं को किया गया सम्मानित
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 कनीना। एनआर पब्लिक स्कूल कोटीया में मंगलवार को रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। संस्था के डायरेक्टर डॉ महेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल में रंगोली प्रतियोगिता में पहली कक्षा में पहले स्थान पर काविन व दूसरे स्थान पर प्रिंस रहे। दूसरी कक्षा में पहले स्थान पर साक्षी व दूसरे स्थान पर दीक्षा रही। तीसरी कक्षा में पहले स्थान पर महक व दूसरे स्थान पर मुस्कान रही। चौथी कक्षा में पहले स्थान पर निधि व दूसरे स्थान पर कनिका रही। छठी कक्षा में पहले स्थान पर दीक्षित व दूसरे स्थान पर निशा रही। सातवी कक्षा में पहले स्थान पर मनीषा व दूसरे स्थान पर निधि रही। नोवी व कक्षा में पहले स्थान पर नेहा व दूसरे स्थान पर लक्की रही। दसवीं कक्षा में पहले स्थान पर मुस्कान व दूसरे स्थान पर आरती रही। विजेता प्रतिभागियों को विद्यालय परिवार की ओर से सम्मानित किया गया। डॉ महेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ विद्यालय में होने वाले विभिन्न प्रतियोगिताओं में भी भाग लेना चाहिए।,ह्व1



नीट में पाया अच्छा स्थान
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कनीना। राष्ट्रीय टेस्टिंग एजेंसी, नई दिल्ली द्वारा आयोजित नीट(नीट)परीक्षा में आरआरसीएम पब्लिक स्कूल,कनीना के 6 विद्यार्थियों जिनमे मुस्कान कनीना ने रैंक 1557 , छवि बव्वा ने रैंक 4667, नेहा कनीना ने रैंक 30944, हिमांशी कनीना ने रैंक  20153, हरविन्द्र करीरा ने 47120 तथा हरीश ने 50258  रैंक प्राप्त कर के अपने माता-पिता तथा स्कूल का गौरव बढाया। यह जानकारी चेयरमैन रोशनलाल ने दी।
इस अवसर पर संस्था के चेयरमैन रोशन लाल यादव ने बताया कि यदि विद्यार्थी योजनाबद्ध तरीके से कठिन परिश्रम करेंगे तो उन्हें सफलता अवश्य प्राप्त होगी। आगे उन्होंने बताया कि विद्यार्थी को अपने शिक्षक के प्रति श्रद्धा रखते हुए उनके कुशल मार्ग दर्शन में अध्ययन करना चाहिए तथा विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के धेय्य वाक्य उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाये को अपने जीवन में धारण करना चाहिए।
संस्था के निदेशक संजय यादव ने इस अवसर पर बताया कि हमारे विद्यालय में कुशल एवं प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा शिक्षण कार्य कोटा, सीकर व दिल्ली की संस्थाओं की तर्ज पर कराया जाता है तथा प्रति माह मासिक टेस्ट सिरीज द्वारा विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति का आकलन किया जाता है।
विद्यालय के प्राचार्य नरेंद्र कुमार ने सभी सफल विद्यार्थियों को उनकी सफलता पर हार्दिक बधाई व शुभ कामनाएं प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।



बिजली निगम की कर्मियों ने 2 घंटे सरकार विरोधी प्रदर्शन किया
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 कनीना। उपमंडल अधिकारी कनीना (विद्युत)के 132 केवी सब स्टेशन के प्रांगण में निगम बिजली निगम के कर्मियों ने 2 घंटे मैनेजमेंट एवं प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर अध्यक्षता अमरजीत यूनिट सचिव ने की।
 उन्होंने बताया कि निगम मैनेजमेंट के आदेशानुसार बिजली चोरी पकडऩे के लिए स्पेशल ड्राइव चलाया गया था जिसके तहत सिटी सब-डिवीजन महेंद्रगढ़ में मनोज मनोज कुमार एएफएम की अध्यक्षता में गठित टीम ने कोका के एक घर में चेकिंग दौरान चोरी का मामला पाया गया।  जिसके चलते घर के सदस्यों ने तथा महिलाओं ने बिजली कर्मियों पर हमला बोल दिया, मारपीट की। यहां तक कि सिटी थाने में एफआईआर दर्ज  करवाई गई। घर का मालिक वर्ष 2019 में भी बिजली चोरी करता पाया गया था। उस समय भी बिजली कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया था। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय निगम मैनेजमेंट चोर पकडऩे गई टीम पर ही झूठा मुकदमा दर्ज कर लिया। ऐसे में प्रशासन से दोषियों को गिरफ्तार करने, मामला दर्ज करने तथा बिजली कर्मियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर्र रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा जब तक कर्मियों के खिलाफ दर्ज झूठा मुकदमे रद्द नहीं होगा तब तक कर्मचारी बिजली चोरी पकडऩे नहीं जाएंगे। समय रहते प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दिया तो दिवाली के अवसर पर बिजली बाधित होगी इसके जिम्मेवार मैनेजमेंट और प्रशासन दोनों होंगे। इस मौके पर रामरतन शर्मा सर्कल मैनेजर, सत्यवीर सिंह, हवा सिंह, सुरेश कुमार, पोहप सिंह कृष्ण, रामनिवास, राजवीर, धर्मेंद्र, देवानंद, अशोक कुमार, ब्रह्म प्रकाश आदि मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 4: बिजली निगम कर्मी आंदोलन करते हुए।



जीआर स्कूल में विद्यार्थियों ने सजाये दीये
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कनीना। जीआर इंटरनेशनल स्कूल कनीना में दीपावली से पूर्व दीया सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में कक्षा एलकेजी से दूसरी कक्षा तक के बच्चों ने भाग लिया।
 एक्टिविटी इंचार्ज अविजीत बनर्जी और पूजा शर्मा के निर्देशानुसार, सविता यादव, गूंजन कौशिक ,अनीता यादव, मनीषा रानी और लता यादव की देखरेख में बच्चों ने आकर्षक दीये सजाए। इस प्रतियोगिता में कक्षाएलकेजी से युग और नव्या कक्षा यूकेजी से दिव्यांशी, कक्षा पहली से जितेश, कक्षा दूसरी से हार्दिक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर विद्यालय के संचालक विजय पाल यादव व प्राचार्य दीपक वशिष्ठ ने सभी विजेताओं को बधाई दी और सभी बच्चों को दीपावली की शुभकामनाएं दी।
फोटो कैप्शन 8: दीये सजाते हुये जीआर स्कूल के बच्चे।


उपभोक्ता जागरूकता सुरक्षा क्लिनिक सप्ताह कार्यक्रम आयोजित
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कनीना। कनीना की  शहीद एके इंडेन गैस एजेंसी द्वारा ककराला के एसडी स्कूल में उपभोक्ता जागरूकता हेतु सुरक्षा क्लिनिक प्रतियोगिता एवं सतर्कता जागरूकता सप्ताह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपक्रम के कार्यकर्ता मदन लाल शास्त्री ने की। कार्यक्रम में रामधारी यादव व जगदेव चेयरमैन एस डी स्कूल ने उपरोक्त विषय पर उपभोक्ताओं को जागरूक किया। सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम में उपभोक्ताओं को एलपीजी के सुरक्षित प्रयोग हेतु सिलेंडर का रखरखाव में रेगुलेटर सुरक्षा और बोरिंग के बारे में संपूर्ण सुरक्षा संबंधित जानकारियां दी गई। मैकेनिक नवीन कुमार ने लोगों को बताया कि हमेशा आई एस आई मार्क वाले हॉ प्लेट और रबर ट्यूब ही खरीदें। डिलीवरी मैन अशोक कुमार ने हाट प्लेट से जोड़कर दिखाएं। उपभोक्ताओं को जानकारी दी गई थी गैस चूल्हे को जलाने के लिए लाइट का प्रयोग ना करें। कैलेंडर को किसी बंद बॉक्स में ना रखें। अपने आप मरम्मत करना खतरनाक है। हर रात रेगुलेटर नाव को जरूर बंद करें। सिलेंडर को जमीन के स्तर से नीचे या किसी गड्ढे में ना रखें। हाट प्लेट को खिड़की के पास ना रखें। उन्होंने बताया कि खाना पकाने के दौरान सूती वस्त्र का उपयोग करें। क्षेत्र के एलपीजी उपभोक्ताओं को आपातकालीन ग्राहक सेवा प्रकोष्ठ में लीकेज हेल्पलाइन नंबर 1906 की जानकारी दी और एलपीजी से होने वाली दुर्घटना से बचने के उपाय बताए गए।
फोटो कैप्शन 2: एके इंडेन गैस एजेंसी मालिक युवाओं को गैस सिलेंडर रख रखाव की जानकारी देते हुए।



एस डी विद्यालय ककराला में दीया डेकोरेशन प्रतियोगिता का आयोजन
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कनीना। एसडी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ककराला में प्रकाश के पावन त्योहार दिवाली के उपलक्ष्य में  दीया डेकोरेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता कक्षावार एल के जी से 12वीं के विद्यार्थियों के बीच हुई। सभी प्रतिभागीयो ने बहुत ही सुंदर दीये सजाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
रैडीयन्ट विभाग में कक्षा छठी से अंशिका  व प्रिया  ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सातवीं कक्षा से अदिती  व नैन्सी पुत्री नवीन ने संयुक्त रूप से तथा  कक्षा आठवीं से सिद्ध ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। छठी कक्षा से वंशिका  व कंचन  एवं सातवीं से देवांशी तथा आठवीं कक्षा से आंकाक्षा द्वितीय स्थान पर रहे।
कनिष्ठ विभाग में आठवीं कक्षा से दीपिका , शाक्षी व भूमिका ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सातवीं कक्षा से प्रतिक , रिया  व हर्ष  ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। छठी कक्षा से दिपेश , रिशान्त  व निधि  व पांचवीं से रिद्धि  शिवांशु  व कल्पना ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। चौथी कक्षा से रक्षा , नवया  तथा तीसरी कक्षा से दिव्यांशी  प्रथम स्थान पर रहे। दूसरी कक्षा से हार्दिक , सौरय व कनिष्का व प्रथम कक्षा से पार्थ व तनवी तथा यूकेजी से रिशु व एलकेजी से जयन्त  प्रथम स्थान रहे।
वरिष्ठ विभाग में नौवीं कक्षा से गुनमय पतथा दसवीं कक्षा महम प्रथम स्थान पर रहे। नौवीं कक्षा से यतीन ्र, तम्मना  तथा दसवीं कक्षा व हर्षित ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। बाहरवीं कक्षा से कर्ण  ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
विद्यालय निदेशक जगदेव यादव ने सभी प्रतिभागियों को शुभ कामनाएं देते हुए कहा कि सभी पाठ्य सहगामी क्रियाओं में सभी विद्यार्थियों की भूमिका सुनिश्चित होनी चाहिए। इससे विद्यार्थियों के कौशल विकास में वृद्धि होती है तथा आत्मविश्वास बढ़ता है। भारत एक विशाल और उत्सव प्रिय देश है। यहां के हर त्योहार का अपना महत्व है। ओर हर त्योहार कोई न कोई संदेश देता है। हमें मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों पर चलते हुए समाज में नैतिकता को स्थापित करने का प्रयास करते रहना होगा।
इस अवसर पर प्राचार्य ओमप्रकाश, वरिष्ठ सदस्य राजेन्द्र यादव, सीईओ आरएस यादव, वरिष्ठ विभाग के मुखिया पूर्ण सिंह, कनिष्ठ विभाग के मुखिया नरेन्द्र यादव, शैक्षणिक विभाग के मुखिया सुनील यादव, सुरेन्द्र कुमार चौहान, संदीप कुमार, सरित बाला, सुशीला, अनिता, शोभा राय, सुमित्रा  उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 3: दीया सजाओ प्रतियोगिता में भाग लेते विद्यार्थी।





बाजार में सजे हैं विभिन्न रूपों और रंगों के मिट्टी के दीये
-घट गये हैं चाइनीज आइटम
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 कनीना। दीपावली के इस पर्व पर जहां चाइनीज आइटम इक्का दुक्का कहीं नजर आता है वहीं अधिकांश चाइनीज आइटम बाजार से गायब हैं। सरकार भी इस मामले को लेकर प्रयासरत थी जिसके चलते इस सराहनीय कदम बताया जा रहा है, वहीं बाजार में इस बार अलग-अलग डिजाइन के दीयों की बहार आ गई है। विभिन्न रंग और रूप और देखने में मन को मोहने वाले दीये नजर आते हैं।
सतप्रकाश नामक व्यक्ति ने बताया कि ये दीये मिट्टी के बने हैं किंतु इनको शंख, गुलाब के फूल में दीये तथा विभिन्न डिजाइन रंगो एवं आकार के दीये बनाए गए हैं। जिनमें विभिन्न रंग लगाकर संजोकर इनको और भी शानदार बनाया गया है जिसके चलते ये मन को मोह लेते हैं। बाजार में इनकी कीमत बड़े दीये 60 रुपये तक जबकि छोटे दिए 10 रुपये तक मिल रहे हैं। दीये को देखकर जहां दीपावली के प्रति आकर्षण पैदा हो रहा है वहीं विभिन्न स्थानों पर सेल लगी है।
फोटो कैप्शन 1: सुंदर सजीले दीये।














Monday, November 1, 2021

 
हरियाणा के बाजरे किसान की जेब से 200 से 300 करोड़ की लूट सरकार ने की
-डीएपी की किल्लत सरकार की लापरवाही की वजह से निर्मित है
-जय किसान आंदोलन के नेतृत्व ने लगातार पांचवें वर्ष किया मंडियों का दौरा
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कनीना। हरियाणा सरकार द्वारा लाई गई नई भावांतर योजना के माध्यम से किसानों को प्रति क्विंटल 200 - 300 रुपये का कम से कम नुकसान हो रहा है। जय किसान आंदोलन के संस्थापक योगेंद्र यादव व अन्य पदाधिकारियो  ने आज मंडी का दौरा किया। योगेंद्र यादव ने 5 अक्टूबर 2021 को के मुख्यमंत्री को चि_ी लिखकर इस होने वाले नुकसान के बारे में आगाह किया था और सरकार से मांग की थी कि भावांतर मूल्य को 600 से बढ़ाकर 1000 रुपये किया जाए ताकि किसान को होने वाले नुकसान से किसान को बचाया जा सके। एक तरह से एमएसपी 2250 से घट कर 2000 रह गयी और हरियाणा के बाजरा किसान को 250 से 300 करोड़ का नुकसान हुआ है।
सरसों की बिजाई के समय किसानों की जरूरत में आने वाला डीएपी खाद नहीं मिल रहा है जिसके कारण महिलाएं, बुजुर्ग नौजवान सब परेशान है घर का काम खेती का काम छोड़ कर रात में एक बजे, दो बजे आकर लाइनों में खड़े हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा सरकार ने मजबूर किया है किसानों को लाइनों में खड़ा होने के लिए आज किसानों में खाद समय पर न मिलने का डर और सरसों की फसल की अच्छी पैदावार ना होने की शंका सताए जा रही है। सरकार को अंदाजा था कृषि विभाग और कृषि मंत्री को भी पता था, कितने डीएपी की जरूरत पड़ेगी कितना हमारे पास स्टॉक में है उसके बावजूद इस सरकार ने ध्यान नहीं दिया समय पर इम्पोर्ट का आर्डर नही दिया। ये सरकार निर्मित संकट है। जय किसान आंदोलन के प्रदेश प्रवक्ता संदीप यादव ने बताया।
जय किसान आंदोलन के नेताओं ने रेवाड़ी, कनीना, अटेली, नारनौल की मंडी का आज दौर किया। इस मंडी यात्रा के दौरान दो नवंबर को भिवानी की मंडियों का दौरा करेंगे। इस मौके पर युद्धवीर सिंह अहलवात प्रदेश अध्यक्ष जय किसान आंदोलन हरियाणा,  राष्ट्रीय अध्यक्ष अविक शाह और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक लांबा व जिले के पदाधिकारी शामिल हुये। उन्होंने इस मौके पर मंडी में जाकर किसानों की समस्या जानी।
फोटो कैप्शन 12: योगेंद्र यादव कनीना मंडी के दौरे दौरान किसानों से बात करते हुए।


हेरिटेज स्कूल के विद्यार्थियों ने किया हरियाणा कल्चर का भ्रमण
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कनीना। कनीना उपमंडल में स्थित हेरिटेज पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल मोहनपुर के विद्यार्थियों ने प्रतापगढ़ में हरियाणा कल्चर का भ्रमण किया। चेयरमैन ओमप्रकाश शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
 विद्यालय के चेयरमैन ओमप्रकाश शर्मा ने बताया की बच्चों को हरियाणा कल्चर के भ्रमण के लिए प्रतापगढ़ ले जाया गया, वहां बच्चों ने हरियाणा करके भ्रमण का पूर्ण रूप से आनंद लिया और उन्हें बड़े ही अच्छे ढंग से समझने की कोशिश की कि किस तरह हमारे हरियाणा में सभी मिलजुल कर रहते हैं, क्या क्या हमारे हरियाणा में नृत्य होते हैं, कौन-कौन से खेल खेले जाते हैं, हरियाणा की कौन सी चीजें प्रसिद्ध है, हरियाणा का खेल जगत कैसा है, किस प्रकार से हरियाणा के लोग अपना मनोरंजन करते हैं और मनोरंजन के लिए क्या-क्या साधन अपनाते हैं? कैसे हरियाणा के लोग कुछ समय पहले एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते थे, कौन-कौन से पशु पाले जाते थे ,किस प्रकार से गांवों के लोग अपना मनोरंजन करते थे कृषि के लिए कौन-कौन से साधन अपनाते थे? हरियाणा की क्या-क्या प्रसिद्धि है? इन सभी के बारे में बच्चों ने भ्रमण किया और बड़े ही सहज तरीके से अपने हरियाणा कल्चर के भ्रमण का आनंद लिया विद्यालय के चेयरमैन ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि बच्चों के साथ साथ विद्यालय के अध्यापक गण भी इस भ्रमण का आनंद उठाते हुए नजर आए। बच्चों के साथ साथ अध्यापक गणों में भी एक उत्साह की भावना देखने को मिला। विद्यालय के चेयरमैन ओमप्रकाश शर्मा ने बच्चों को बताया की हमें समय-समय पर भ्रमण करते रहना चाहिए जिससे हमें नई चीजें सीखने को मिलेगी तथा हमारा ज्ञान भी बढ़ेगा।
फोटो कैप्शन 10: हेरिटेज स्कूल के विद्यार्थी हरियाणा कल्चर का भ्रमण करने जाते हुए। हरी झंडी दिखाते ओमप्रकाश चेयरमैन।





बाजार में सजे हैं विभिन्न रूपों और रंगों के दीये
 -गायब है चाइनीज आइटम
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 कनीना। दीपावली के इस पर्व पर जहां चाइनीज आइटम इक्का दुक्का कहीं नजर आता है वहीं अधिकांश चाइनीज आइटम बाजार से गायब हैं। सरकार भी इस मामले को लेकर प्रयासरत थी जिसके चलते इस सराहनीय कदम बताया जा रहा है, वहीं बाजार में इस बार अलग-अलग डिजाइन के दीयों की बहार आ गई है। विभिन्न रंग और रूप और देखने में मन को मोहने वाले दीये नजर आते हैं।
सतप्रकाश नामक व्यक्ति ने बताया कि ये दीये मिट्टी के बने हैं किंतु इनको शंख, गुलाब के फूल में दीये तथा विभिन्न डिजाइन रंगो एवं आकार के दीये बनाए गए हैं। जिनमें विभिन्न रंग लगाकर संजोकर इनको और भी शानदार बनाया गया है जिसके चलते ये मन को मोह लेते हैं। बाजार में इनकी कीमत बड़े दीये 60 रुपये तक जबकि छोटे दिए 10 रुपये तक मिल रहे हैं। दीये को देखकर जहां दीपावली के प्रति आकर्षण पैदा हो रहा है वहीं विभिन्न स्थानों पर सेल लगी है। वर्ष भर का सामान निकालने का अच्छा जरिया है। बाजार में जहां जरूरी खाद्य पदार्थ महंगे दामों पर मिल रहे हैं। टमाटर जहां 90 रुपये किलो पहुंच गए हैं वहीं प्याज भी इसका मुकाबला कर रही है। बाजार में जहां हरा धनिया, केले से आदि महंगे चल रहे हैं। दीपावली के पर्व के दृष्टिगत इनकी मांग अधिक होने के कारण यह महंगे दामों पर मिल रहे हैं।
फोटो कैप्शन 8: सुंदर सजीले दीये।


नगरपालिका ने करवाया कूड़ा कचरा इकट्ठा
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 कनीना। कनीना कस्बा का संपूर्ण कूड़ा कचरा जहां मानका नामक बणी में इकट्ठा
 किया जा रहा था जो उड़ उड़ कर किसानों के खेतों में समस्या पैदा कर रहा था। वही रास्तों में भी जाकर पॉलिथीन इधर-उधर घूम रही थी जिसके दृष्टिगत किसान और लोगों ने इस संबंध में नगर पालिका को शिकायत की नगर पालिका ने उन्हें कूड़े कचरे को जेसीबी की सहायता से खट्टा करके दबा दिया है। सतीश कुमार पालिका प्रधान ने बताया कि विभिन्न किसानों की शिकायतों के दृष्टिगत मानका वाली बणी में पड़ा हुआ कूड़ा कचरा जेसीबी की सहायता से इकट्ठा
 करवा कर मिट्टी से ढकवा दिया है ताकि इधर-उधर न उड़े और किसानों के खेतों, आम रास्तों में समस्या न  बने। उल्लेखनीय है कि इस कूड़े कचरे में विगत वर्ष लंबे समय तक बार-बार आग लगी थी, बार-बार फायर ब्रिगेड को बुलाया गया था। यहां तक कि कूड़ा कचरा फैलता ही जा रहा था। इसी कारण से लोगों ने शिकायत नगर पालिका को की। नगर पालिका ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कूड़े कचरे को इकट्ठा
 कर दिया है।



हरियाणा का जन्म दिन मनाया
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कनीना। सरस्वती पब्लिक स्कूल भडफ के प्रांगण में हरियाणा दिवस के उपलक्ष्; में विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार ने बच्चों को हरियाणा की स्थापना और सभी 22 जिलों के इतिहास का सविस्तार वर्णन किया। बच्चों ने बड़ी जिज्ञासा से अपने प्रांत के इतिहास को जाना। विद्यालय के निदेशक राव गजराज सिंह ने बच्चों को पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाने की प्रेरणा दी व इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को पर्यावरण अनुकूल पटाखा रहित दीपावली मनाने की शपथ दिलवाई।
 उन्होंने बच्चों को शपथ दिलाते हुए कहा कि हमें पर्यावरण प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए संकल्प लेना चाहिए की हम इस दिवाली पर बिल्कुल पटाखे नहीं जलाएंगे और पटाखों के विरुद्ध का एक नारा दिया। उन्होंने पटाखों पर खर्च किए जाने वाले पैसों का सदुपयोग करने की प्रेरणा दी और बच्चों से कहा की इस पैसे को हम किसी चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए प्रयोग करें। इसी अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन रमेश कुमार भारद्वाज ने दीपावली के साथ-साथ आने वाले विभिन्न त्योहारों के बारे में विस्तार से बताया जैसे धनतेरस गोवर्धन पूजा व भैया दूज के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने बच्चों को भगवान श्रीराम के चरित्र से बहुत कुछ सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पिता के आदेश के पालन के लिए वन गमन व वन में अनेकों राक्षसों का संहार करते हुए सीता की रक्षा के लिए लंकापति रावण का वध किया व बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। उन्होंने बच्चों को उस समय का व आज का तुलनात्मक वर्णन करते हुए अपने जीवन में भगवान राम के चरित्र को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी स्टाफ सदस्य मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 5: पटाखे न चलाने की शपथ लेते विद्यार्थी।



दीपावली के दृष्टिगत बाजार में भीड़ बढ़ी
-बेचा जा रहा है पुरान माल सेल पर
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कनीना। कनीना क्षेत्र में दीपावली पर्व के पास आने पर कपड़ों की दुकानों पर भीड़ देखने को मिल रही है। वे नए कपड़े खरीद रहे हैं। पुरुष एवं महिलाएं दुकानों से नए नए कपड़े खरीद रहे हैं। ऐसे में सबसे अधिक भीड़ सीले हुए कपड़ों की दुकानों पर देखने को मिल रही है जहां पुरुषों ने अपने लिए तो कपड़े खरीद रहे हैं साथ में महिलाओं के लिए कपड़े भी खरीद रहे हैं।
   दुकानदारों ने बताया कि दीपावली का पर्व पास आने से कपड़ों की दुकानों पर कुछ भीड़ नजर आने लगी है जो दीपावली पर्व के प्रति तैयारियों को इंगित करता है।
      खूब बेचा जा रहा है पुराना सामान-  दीपावली का पर्व आते ही एक साल ही नहीं वरना सालों पुराने सामान बेचने की होड़ लगने लगी है। कहने को तो 50 से 60 प्रतिशत तक की छूट किंतु हकीकत में वो लूट है।
   क्षेत्र में पर्व आने पर दुकानों के आगे सेल लगाने के नाम पर या फिर सस्ता सामान बेचने के नाम पर पुराना और घिसा पिटा सामान बेचने का वक्त आ गया है। चप्पल, जूते, कपड़ा, बर्तन, प्लास्टिक का सामान, खिलौने आदि कितने ही प्रकार का सामान बेरोकटोक बेचा जा रहा है। धीरे धीरे सेल सेंटर खुलने लगे हैं। गरीब एवं सस्ते में सामान खरीदने वाले इनसे सामान तो खरीद लेते हैं किंतु घर जाकर पछताने के अलावा कुछ भी नहीं बचता।
  वैसे तो लोगों का कहना है कि दीवाली सबसे खर्चीला पर्व है जिस पर्व पर प्रत्येक घर से दो हजार से लेकर लाखों रुपये तक का खर्चा आता है। ऐसे में किसी को उपहार देने के लिए या मिठाई देने के नाम पर स्वयं तो ठगाई में आ जाते हैं साथ में घटिया सामान भी अपने साथियों तक पहुंचाने का जरिया भी मिलता है।
  दीपावली पर्व पर सभी दुकानदार चाहते हैं कि उनका पुराना सामान बिक्री हो जाए। ऐसे में लगभग सभी दुकानदार अपनी दुकानों के आगे सामान सस्ते में बेचने के सेल सेंटर बना देते हें। एक ओर वे अतिक्रमण कर डालते हैं वहीं लोगों को पुराना घिसा पिटा सामान देकर मुनाफा कमाते हैं।
फोटो कैप्शन 6: सड़क किनारे पुराना माल बेचने की सेल।




अभिभावकों को समझना होगा बच्चों के मनोविज्ञान को-मनोवैज्ञानिक सूर्यकांत
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कनीना। छात्रों की समुचित शिक्षा में अभिभावकों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। क्योंकि बालकों का अधिकांश समय माता-पिता तथा परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ही गुजरता है। फलत: उनके व्यवहार तथा आचरण का सीधा प्रभाव बालकों के व्यक्तित्व विकास पर पड़ता है। इतना ही नहीं अभिभावकों की धारणा भी अप्रत्यक्ष रूप से बालकों के विकास और विद्यालय शिक्षा को प्रभावित करती है। माता-पिता अपने बच्चे के विकास में अपना कितना समय निवेश करते हैं, इसका सीधा असर बच्चे के व्यक्तित्व निर्माण पर पड़ता है। यह कहना है उम्मीद काउंसलिंग सेंटर डाइट महेंद्रगढ़ के मनोवैज्ञानिक सूर्यकांत यादव का।
  उन्होंने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में स्थितियां तेजी से बदली हैं। एक विद्यार्थी के जीवन में जहां शिक्षक का अहम योगदान है,वहीं दूसरी तरफ अभिभावकों की भूमिका को भी कम करके नहीं आंका जा सकता। प्रतियोगिता के इस दौर में हर अभिभावक यही चाहता है की उनकी संतान परीक्षा में अच्छे अंक लेकर उत्तीर्ण हो। यूं तो पूरा वर्ष ही अभिभावक अपने बच्चों के लिए चिंतित रहते हैं,मगर ये चिन्ता उस वक्त और अधिक बढ़ जाती है,जब परीक्षाएं सामने हों। अपने बच्चों के लिए अभिभावकों की यह चिंता तो स्वाभाविक है, मगर इस बात का ध्यान रखना भी नितांत आवश्यक है कि अपेक्षाएं इतनी अधिक ना हों की छात्र तनाव व भय के आगोश में समा जाये।
अभिभावकों को अपने बच्चों की तुलना अन्य बच्चों से करने से भी बचना चाहिए क्योंकि प्रत्येक बच्चा विभिन्न गुणों,विवेक शारीरिक क्षमता और स्वभाव के साथ ही पैदा होता है। इसीलिए वे कुशाग्रता, बुद्धि और व्यक्तित्व के मामलों में एक-दूसरे से अलग होते हैं। बच्चों में ऐसे कई जन्मजात गुण होते हैं,जिन पर अभिभावकों के मार्गदर्शन और व्यवहार का असर पड़ता है। अक्सर यह भी देखा गया है कि अभिभावकों का ध्यान बच्चों पर कम और उनके परीक्षा परिणाम की तरफ ज्यादा होता है। समस्या तब और अधिक बढ़ जाती है जब दोनों ही अभिभावक कामकाजी या नौकरी पेशा हों। इससे कहीं ना कहीं एक कम्युनिकेशन गैप पैदा होने की संभावना बढ़ जाती है।
कई बार अभिभावक अपने बच्चों से अपनी उन अपूर्ण इच्छाओं को पूरा करने की भी आस लगा बैठते हैं,जिन्हें वे कभी अपने विद्यार्थी काल में या अपने जीवन में करने में सफल न हुए हों। यह बिल्कुल भी आवश्यक नहीं है कि बच्चे की रूचि उन्हीं चीजों में हो,जो उनके लिए अभिभावक सही समझते हों।दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद विषयों का चयन करते समय भी अभिभावकों को अपनी मर्जी बच्चों पर नहीं थोपनी चाहिए बल्कि उन्हें उनकी मर्जी और रुचि के अनुसार ही विषयों का चयन करने देना चाहिए। साथ ही माता-पिता को चाहिए कि वे बाल-मनोविज्ञान को समझते हुए अपने बच्चे की मानसिक योग्यता, अभिरुचि तथा आकांक्षा स्तर के अनुरूप ही व्यवहार करें। बच्चों को अनावश्यक डांटना,फटकारना तथा ग्लानि सूचक शब्द कहना हमेशा हानिप्रद होते हैं, इसलिए अभिभावकों और बच्चों के बीच एक स्वस्थ संवाद का होना जरूरी है ताकि अगर बच्चे किसी परेशानी से जूझ रहे हों तो उसका एक सकारात्मक हल निकाला जा सके। अपने जीवन के प्रेरणादायक प्रसंग और अनुभवों को बच्चों के साथ सांझा करके भी उन्हें तनाव और भयमुक्त किया जा सकता है।
फोटो कैप्शन: सूर्यकांत मनोवैज्ञानिक।


कनीना पालिका के पूर्व पार्षद एवं गौशाला प्रधान को याद किया
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कनीना। राव सतवीर सिंह बोहरा की द्वितीय पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया। पुष्प अर्पित किये गये। श्री बोहरा कनीना पालिका के पूर्व पार्षद तथा कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला के प्रथम प्रधान, किसान नेता एवं समाजसेवी के रूप में जाने जाते हैं।
श्री बोहरा के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और झुग्गी झोपड़ी में जा कर फल व मिठाई वितरण किया। उनके पुत्र महेश बोहरा ने बताया कि उनके  पिताजी को गायों की सेवा करना बहुत अच्छा लगता था वह अपने पुरखों की तरह उनके दादा जमादार भैरू सिंह भी सैकड़ों गाय रखते थे उन्हीं के पद चिन्हों पर चलते हुए सतवीर बोहरा कनीना गौशाला के संस्थापक व प्रथम प्रधान थे। उन्होंने गौशाला बनाने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत की थी। दिन रात एक कर के यहां पर गायों की सेवा करना संभव हुआ था। महेश बोहरा ने बताया कि पिताजी गो भगत थे उन्हीं से हमें प्रेरणा लेकर चाचा पूर्व पार्षद मोहन ने अपने दादा की याद में गौशाला में एक बड़ा हाल का निर्माण करवाया। वो कहते थे कि गायों की  सेवा करनी चाहिए और वे 35 सालों से किसानों की सेवा कर रहे थे। उनकी हमेशा कोशिश रहती थी किसानों के लिए अच्छी गुणवत्ता के बीज उपलब्ध करवाये जा सके।  इस मौके पर पुष्प अर्पित करने वाले लोगों में पूर्व पार्षद मोहन, चेयरमैन विजयपाल, डा नरेंद्र यादव, अजीत कुमार, सिंटू, विनीत कुमार, हर्ष कुमार, बीजेपी युवा नेता देशराज यादव, एडवोकेट मनोज कुमार शर्मा, सतबीर सिंह, हैडमास्टर बीजे कुमार, प्रोफेसर अश्मनी, राजकुमार यादव, कृष बोहरा, जतिन बोहरा, रवि कुमार, सतवीर सिंह आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 3: राव सतबीर सिंह बोहरा को याद करते जन।



उपभोक्ता जागरूकता सुरक्षा क्लिनिक सप्ताह कार्यक्रम आयोजित
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कनीना। रविवार को स्थानीय शहीद एके इंडेन गैस एजेंसी द्वारा ककराला के एसडी स्कूल में उपभोक्ता जागरूकता हेतु सुरक्षा क्लिनिक प्रतियोगिता एवं सतर्कता जागरूकता सप्ताह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ऊपर क्रम के दत्ता मदन लाल शास्त्री ने की। कार्यक्रम में रामधारी यादव व जगदेव चेयरमैन एस डी स्कूल ने उपरोक्त विषय पर उपभोक्ताओं को जागरूक किया। सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम में उपभोक्ताओं को एलपीजी के सुरक्षित प्रयोग हेतु सिलेंडर का रखरखाव में रेगुलेटर सुरक्षा और बोरिंग के बारे में संपूर्ण सुरक्षा संबंधित जानकारियां दी गई। मैकेनिक नवीन कुमार ने लोगों को बताया कि हमेशा आई एस आई मार्क वाले हॉ प्लेट और रबर ट्यूब ही खरीदें। डिलीवरी मैन अशोक कुमार ने हाट प्लेट से जोड़कर दिखाएं। उपभोक्ताओं को जानकारी दी गई थी गैस चूल्हे को जलाने के लिए लाइट का प्रयोग ना करें। कैलेंडर को किसी बंद बॉक्स में ना रखें। अपने आप मरम्मत करना खतरनाक है। हर रात रेगुलेटर नाव को जरूर बंद करें। सिलेंडर को जमीन के स्तर से नीचे या किसी गड्ढे में ना रखें। हाट प्लेट को खिड़की के पास ना रखें। उन्होंने बताया कि खाना पकाने के दौरान सूती वस्त्र का उपयोग करें। क्षेत्र के एलपीजी उपभोक्ताओं को आपातकालीन ग्राहक सेवा प्रकोष्ठ में लीकेज हेल्पलाइन नंबर 1906 की जानकारी दी और एलपीजी से होने वाली दुर्घटना से बचने के उपाय बताए गए।


जीआर स्कूल में दिखी हरियाणा दिवस व दीपावली की धूम
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कनीना। जीआर इंटरनेशनल स्कूल कनीना के प्रांगण में हरियाणा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर राजेश भारद्वाज और अविजीत बनर्जी ने बच्चों को संबोधित किया और हरियाणा की संस्कृति भौगोलिक स्थिति और खान पान के बारे में बच्चों को अवगत कराया। हरियाणा दिवस पर बच्चों ने संगीत, नृत्य, कविता व भाषण प्रस्तुत किए। इस अवसर पर रिटायर्ड प्राध्यापक रतन लाल ने बाल भवन में हुई विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं में विजेता रहे विद्यार्थियों और ड्राइंग अध्यापक अनिल कुमार, डांस अध्यापक विवेक कुमार और संगीत अध्यापक प्रशांत कुमार को सम्मानित किया। दीपावली से पूर्व  विद्यालय में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन अविजीत बनर्जी और पूजा शर्मा की देखरेख में हुआ है। प्रतियोगिताओं में रंगोली प्रतियोगिता को अंतरसदनीय करवाया गया और दीया और कैंडल सजाओ प्रतियोगिताओं को कक्षा स्तर पर करवाया गया। रंगोली प्रतियोगिता में पटेल सदन और टैगोर सदन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया व तिलक सदन ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया,दीया सजाओ प्रतियोगिता में  अदम्य ने प्रथम स्थान, आरवी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। बी ग्रुप से रिद्धिमा ने प्रथम यशिका और जिया ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। ग्रुप सी में उचित और तिलक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। मोमबत्ती सजाओ प्रतियोगिता में ग्रुप एस से नैना  ने प्रथम और हनी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। ग्रुप बी में रिधिमा ने प्रथम और दीपांशु ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। अंत में विद्यालय के संचालक  विजय पाल यादव व प्राचार्य दीपक वशिष्ठ ने विजेताओं को सम्मानित किया।
फोटो कैप्शन 11: जीआर स्कूल के अव्वल रहे विद्यार्थी।

आरआरसीएम में आयोजित हुई पीटीएम
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,कनीना। आरआरसीएम पब्लिक स्कूल कनीना में आज शिक्षक.अभिभावक संघ की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें अभिभावकों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया।  
इस अवसर पर संस्था के चेयरमैन रोशन लाल यादव ने शिक्षक.अभिभावक संघ की बैठक का विधिवत शुभ आरम्भ किया उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को उनके बच्चों की शैक्षिक प्रगति एवं पाठ्य सहगामी क्रियाओं में उनकी प्रगति से अवगत कराना है प्
इस अवसर पर संस्था के निदेशक संजय यादव ने भी अपने विचार प्रकट करते हुए कहा  कि  शिक्षक.अभिभावक संघ की बैठक अपना विशेष महत्व रखती है जिसके द्वारा विद्यालय व समाज एक दूसरे के सम्पर्क में आते है जिससे विद्यार्थियों की शैक्षिक एवं  सामाजिक प्रगति का  विकास होता है    
कार्यक्रम को अंत मं विद्यालय के प्राचार्य नरेन्द्र गौतम  ने भी संबोधित किया  अभिभावकों का शिक्षक.अभिभावक संघ की बैठक  में आने पर उनका हार्दिक आभार प्रकट किया ।  कार्यक्रम में समस्त अध्यापकगण एवं अभिभावक  उपस्थित थे।




एसडी विद्यालय ककराला में दीया डेकोरेशन प्रतियोगिता का आयोजन
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कनीना। एसडी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ककराला में प्रकाश के पावन त्योहार दिवाली के उपलक्ष्य में  दीया डेकोरेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता कक्षावार एल के जी से 12वीं के विद्यार्थियों के बीच हुई। सभी प्रतिभागीयो ने बहुत ही सुंदर दीये सजाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
रैडीयन्ट विभाग में कक्षा छठी से अंशिका  व प्रिया  ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सातवीं कक्षा से अदिती  व नैन्सी पुत्री नवीन ने संयुक्त रूप से तथा  कक्षा आठवीं से सिद्ध ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। छठी कक्षा से वंशिका  व कंचन  एवं सातवीं से देवांशी तथा आठवीं कक्षा से आंकाक्षा द्वितीय स्थान पर रहे।
कनिष्ठ विभाग में आठवीं कक्षा से दीपिका , शाक्षी व भूमिका ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सातवीं कक्षा से प्रतिक , रिया  व हर्ष  ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। छठी कक्षा से दिपेश , रिशान्त  व निधि  व पांचवीं से रिद्धि  शिवांशु  व कल्पना ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। चौथी कक्षा से रक्षा , नवया  तथा तीसरी कक्षा से दिव्यांशी  प्रथम स्थान पर रहे। दूसरी कक्षा से हार्दिक , सौरय व कनिष्का व प्रथम कक्षा से पार्थ व तनवी तथा यूकेजी से रिशु व एलकेजी से जयन्त  प्रथम स्थान रहे।
वरिष्ठ विभाग में नौवीं कक्षा से गुनमय पतथा दसवीं कक्षा महम प्रथम स्थान पर रहे। नौवीं कक्षा से यतीन ्र, तम्मना  तथा दसवीं कक्षा व हर्षित ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। बाहरवीं कक्षा से कर्ण  ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
विद्यालय निदेशक जगदेव यादव ने सभी प्रतिभागियों को शुभ कामनाएं देते हुए कहा कि सभी पाठ्य सहगामी क्रियाओं में सभी विद्यार्थियों की भूमिका सुनिश्चित होनी चाहिए। इससे विद्यार्थियों के कौशल विकास में वृद्धि होती है तथा आत्मविश्वास बढ़ता है। भारत एक विशाल और उत्सव प्रिय देश है। यहां के हर त्योहार का अपना महत्व है। ओर हर त्योहार कोई न कोई संदेश देता है। हमें मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों पर चलते हुए समाज में नैतिकता को स्थापित करने का प्रयास करते रहना होगा।
इस अवसर पर प्राचार्य ओमप्रकाश, वरिष्ठ सदस्य राजेन्द्र यादव, सीईओ आरएस यादव, वरिष्ठ विभाग के मुखिया पूर्ण सिंह, कनिष्ठ विभाग के मुखिया नरेन्द्र यादव, शैक्षणिक विभाग के मुखिया सुनील यादव, सुरेन्द्र कुमार चौहान, संदीप कुमार, सरित बाला, सुशीला, अनिता, शोभा राय, सुमित्रा  उपस्थित रहे।


दहेज विरोधी संस्था का निर्विरोध हुआ चुनाव
.रामेश्वर दयाल गोमला को चुनाव प्रधान
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 कनीना। दहेज विरोधी संस्था ने बैठक कर कार्यकारिणी का गठन किया गया। उक्त आशय की जानकारी देते हुए रामेश्वरदयाल गोमला ने बताया हमने एक दहेज विरोधी संस्था चला रखी है जिसका कार्यकाल 3 वर्ष का रखा जाता है जिसका मुख्य उद्देश्य बिना मां बाप की बच्चियों की शादी करना होता है उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकार इस संस्था ने कई शादियां कराई है जिन का सारा खर्चा स्वयं संस्था उठाती है। उन्होंने बताया कि हमारी संस्था 3 वर्ष तक कार्य करती है उसके बाद फिर संस्था में कार्यकारिणी का गठन किया जाता है जिसको लेकर आज हमारी संस्था में फिर कार्यकारिणी का गठन किया गया जिसकी अध्यक्षता जगराम यादव सुंदराह ने की वहीं दहेज विरोधी संस्था में प्रधान रामेश्वर दयाल गोमला को बनाया गया तथा उप प्रधान अशोक कुमार व सतीश कुमार राता कला को मनोनीत किया गया वही सचिव दयानंद शर्मा गोमली उपसचिव देवराज  खराना खजांची ईश्वर सिंह सांतोद प्रवक्ता हंसराज रामबास सूचना अधिकारी विनोद कुमार एडवोकेट भोजावास आदि को सर्वसम्मति से चुनाव किया गया।
फोटो कैप्शन 02: दहेज विरोधी संस्था के चुने हुये पदाधिकारी।





मंगलवार से दीपावली पर्व की शुरूआत
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 कनीना। दीपावली का पर्व एक पर्वों का समूह है। इस पर्व से पहले तथा बाद में भी दीपावली की धूम रहती है। मंगलवार से ही दीपावली पर्व की शुरूआत हो जाएगी। धन तेरस का पर्व मनाया जा रहा है जिसके बाद तो एक के बाद एक पर्व लगातार चलते रहेंगे।
    ग्रामीण अचल में 02 नवंबर धन तेरस के दिन से ही दिवाली के दीये जलाने शुरू कर दिए जाते हैं। इस दिन माना जाता है कि बर्तन खरीदना लाभकारी है। यही कारण है कि इस दिन बर्तनों की दुकानों पर भारी भीड़ मिलती है। धन तेरस के दिन ही बर्तन क्यों खरीदे जाते हैंए के विषय में माना जाता है कि देवताओं और दानवों के द्वारा समुद्र मंथन के पश्चात इसी दिन ही धनवंतरि अमृत कलश लेकर समुद्र से बाहर आए थे। अमृत पाने के लिए देवता बर्तन लेकर दौड़े थे। इसी कारण से यह दिन धनवंतरि त्रयोदशी कहलाता है। लोगों का मानना है कि धनवंतरि इस दिन ही सभी को अमृत बांटते हैं और अमृत पाने की लालसा को लेकर नए बर्तन खरीदे जाते हैं। प्रार्थना की जाती है कि उनका यह नया बर्तन अमृत से भरा रहे और परिवार खुश एवं खुशहाल रहे। वैद्य के लिए यह दिन अति शुभ माना जाता है।
   दिवाली के एक दिन पूर्व यानी 03 नवंबर  नरक चतुर्दशी व छोटी दीपावली का त्योहार आता है। यह पर्व श्रद्धा एवं उल्लास से मनाया जाता है। इस दिन सुबह सवेरे स्नान करना लाभप्रद माना जाता है। अतरू लोग सूर्योदय से पूर्व ही स्नान करते हैं। इस पर्व को ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी दिवाली का पर्व कहा जाता है। नरक चतुर्दशी का पर्व असुर नरकासुर की याद दिलाता हैं। अति अभिमानी और देवताओं को सताने वाला नरकासुर राक्षस का भगवान् श्रीकृष्ण ने इसी दिन वध किया था। कहीं मृत्यु का देवता उन्हें नरक न प्रदान करेए इस भय के मारे लोग यमराज की पूजा करते हैं। इसे दूसरे दिन की दिवाली भी कहा जाता है।
 04 नवंबर दिवाली का पर्व अंधेरे को मिटाने वाला तथा प्रकाश रूपी पुष्प भेजने वाला हिन्दुओं का महान पर्व है। जब भगवान् श्रीराम को 14 वर्षों का वनवास भेजा गया था तभी से प्रजाजन अति दुरूखी थे और पल.पल उनको याद करते रहते थे। आखिरकार एक दिन रावण ने सीता का ही हरण कर लिया और उन्हें लंका ले गया। हनुमान की सहायता से जब सीता का पता लगाया तो भगवान् श्रीराम ने लंका पर धावा बोलकर रावण का वध कर दिया जिसे दशहरा नाम दिया गया । उस दिन पश्चात श्रीराम अयोध्या के लिए लौट चले थे। जब श्रीराम अयोध्या लौटे तो लोगों ने खुशी के मारे तीन दिन देशी घी के दीये जलाए थे। तभी से यह त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। अमावस्या के दिन घोर अंधेरा होता है किंतु दीप जलाकर इस अंधेरे को नष्ट कर दिया जाता है। इस त्योहार पर घरों और आवास को चमकाया जाता है। लक्ष्मी सरस्वती और गणेशजी की पूजा की जाती है।
   दिवाली के अगले दिन अर्थात 05 नवंबर अन्नकूट का पर्व मनाया जाता है। इसे गोवर्धन नाम से भी जाना जाता है। इस दिन मंदिरों में खिचड़ी व कढ़ी बांटी जाती हैं जिसे प्रत्येक जन चाव से खाता है। गोवर्धन पर्व से जुड़ी है श्रीकृष्ण और इन्द्र देव के बीच का प्रसंग। एक बार इंद्र देव भगवान् श्रीकृष्ण से कुपित हो गए और मूसलाधार वर्षा करने लगे। गोकुल में इतनी भारी वर्षा देखकर ग्रामीण भयभीत हो गए और चारों ओर त्राहि.त्राहि मच गई। जीव जल में डूबकर मरने लगे तो ग्रामीण दौड़कर भगवान् श्रीकृष्ण के पास आए। भगवान् श्रीकृष्ण ने उस वक्त गोवर्धन पर्वत ही अपनी अंगुली पर उठा लिया और गोकुलवासियों को उसके नीचे आने का आदेश दिया। इस प्रकार इंद्र का गर्व चूर.चूर हो गया और खुश होकर ग्रामीणों ने गोवर्धन पर्वत की पूजा की। इसी दिन आजकल गाय आदि की पूजा करने का विधान भी है। विश्वकर्मा जयंती भी मनाई जा रही है।
   दिवाली के दूसरे दिन यानी 06 नवंबर को भैया दूज नाम से जाना जाता है। यह पर्व भाई बहन के अटूट प्रेम को दर्शाता है। विवाहित महिलाएं इस दिन अपने भाई को बुलाकर उनका आदर सत्कार करती हैं। तथा उनके दर्शन किए बगैर अन्न भी ग्रहण नहीं करती हैं। बहन भाई को तिलक करके उसकी लंबी उम्र की कामना करती है। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र के लिए यमराज की पूजा करती हैं। इस प्रकार दिवाली का पर्व पूरे पांच दिनों तक चलने वाला पर्व हैे जिसका महत्व आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में उतना ही है जितना पहले कभी होता था।
फोटो कैप्शन 2: बाजार में बर्तनों की सजी हुई दुकानें।





यादगार दीवाली मनाएंगे शहीदों को याद करेंगे
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 कनीना। लोगों में धीरे धीरे आई जागरूकता के चलते इस बार प्रदूषण रहित दीवाली मनाने के लिए युवा एवं बुजुर्ग आगे आने लगे हैं। दीवाली के दिन दीये जलाकरए घर की मिठाई खाकर मनाएंगे। दीवाली को हंसी खुशी, भाईचारा एवं एकता के साथ एक दूसरे को मिठाई बांटकर मनाना चाहते हैं।  इस बार दीवाली पर युवा एवं बुजुर्ग जागृत हैं और वे प्रदूषण के विषय में जानते हैं। मैत्रीभाव से मिलकर दीवाली मनाने का निर्णय लेने वालों की होड़ लगी हुई है। दीये जलाने व शहीदों की याद में एक एक दीया जलाने का निर्णय लिया है।
कनीना के समाजसेवी विजयपाल का कहना है कि पटाखों से भारी प्रदूषण होता है जहां कोर्ट के आदेशों के चलते राहत मिली है वहीं लोग जागरूक हुए हैं। यहां तक कि सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में वे पेड़ पौधे लगाकर तथा लोगों को सादगीपूर्ण दीवाली मनाने को प्रेरित करेंगे। उनको प्रदूषण खल रहा है।
युवा राजेश शास्त्री का कहना है कि प्रसिद्ध पर्व पर प्रदूषण क्यों करेंघ् हवन आदि करके वातावरण को शुद्ध रखने का प्रयास किया जाएगा। लोगों को प्रेरणा देकर पटाखे न चलाने या बहुत कम चलाने पर बल दिया जाएगा। उनका कहना है कि गले मिलकर मिठाई का आदान प्रदान करके ही दीवाली का आनंद आएगा। उन्होंने कहा कि खुशियों का त्योहार है इसमें नाखुशी कैसे बर्दाश्त की जाएघ्
निर्मल कुमार नांगल हरनाथ का कहना है कि प्रेमए भाईचाराए एकता का पर्व दीवाली है। इस पर्व पर प्रदूषण करके बुजुर्ग एवं रोगियों के लिए सांस लेने की तकलीफ  पैदा हो जाती हैं।  ऐसे में अगर प्रदूषण रहित दीवाली सबके मन को लुभाएगी। उन्होंने मिठाइयां बांटकर दीवाली मनाने पर बल दिया।
  समाजसेवी जसवंत सिंह का कहना है कि देसी घी को दीये में डालकर दीपावली के दिन बुजुर्ग पुराने समय से जलाते आ रहे हैं। बुजुर्ग बहुत बुद्धिमान थे। पर्व पर तेल या मोमबत्ती जलाना अशुभ मानते थे। अब उन्हीं के कदमों पर चलकर वे इस बार दीवाली को देसी घी के दीयों से मनाएंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।
डा मुंशीराम का कहना है कि देसी घी के दीये जलाकर हिंदुओं के महान पर्व को मनाना अति लाभदायक एवं फलदायक होता है। देसी घी के दीये जलाने प्रदूषण नामक बीमारी से बचा जा सकता है। वैसे भी घरों में पशुधन मिलता है और देसी घी भी आसानी से मिल जाता हे। ऐसे में इस पर्व पर देसी घी के दीये ही जलाएंगे।
  महेश कुमार समाजसेवी का कहना है कि वे न केवल स्वयं देसी घी के दीये जलाएंगे अपितु दूसरों को भी इस बार देसी घी के ही दीये जलाने के लिए प्रेरित करेंगे। उनके अनुसार देसी घी के दीये जलाना एक हवन या यज्ञ के बराबर होता है। पर्यावरण का प्रदूषण दूर होता है तथा सुगंधित वातावरण बन जाता है। दीये का प्रकाश जहां तक जाता है वहां तक हानिकारक कीट नष्ट हो जाते हैं।
फोटो कैप्शन: राजेश शास्त्री विजयपाल निर्मल कुमार महेश कुमार जसवंत सिंह डा मुंशीराम।