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Wednesday, June 24, 2020


नहीं भूला पाये हैं आपात काल के समय का दर्द, आज भी याद हैं यातनाएं
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कनीना। 25 जून 1975 को जब देश में आपातकाल लागू हुआ था उसके बाद कुछ लोगों को जबरन पकड़कर जेल में डाल दिया गया। कोई बोलता तो यातनाएं मिलती थी।। अब भी अनेकों प्रत्यक्षदर्शी जीवित हैं जो उन दिनों को याद कर दुखी हो उठते हैं। वे बताते कि आपातकाल  काला कानून से कम नहीं था। उस वक्त मनमर्जी अत्याचार किए गए।
 संतरा देवी 68 वर्ष ने अपने भाई को जेल में जाते हुये देखा था।  वो बताती है कि आपातकाल के समय उनके भाई को जेल में ले गए तो उनके करीब आधा दर्जन परिवार सदस्य बहुत दुखी हुए। खाने पीने रहने की समस्या आ गई थी क्योंकि बच्चे छोटे थे। उनकी शादी भी उस वक्त हुई थी जब उनके भाई जेल में थे। न कोई सुनने वाला था। अगर कोई बोलता तो उसे भी अंदर कर दिया जाता था। संतरा देवी ने आपातकाल की याद को ताजा करते हुए बताया कि उस वक्त भाई जेल में चला गया था और उसने घर  पर भी नहीं बताया था बाद में अन्य लोगों से और जब सामान घड़ी वगैरह घर पहुंची तो पता चला कि वह आपातकाल के दौरान जेल में जाने का पता लगा और अगले एक-दो दिन बाद ही दादी की मौत हो गई थी और थोड़े दिन बाद ही जब बहन की शादी थी तो हरिराम को जेल पर जमानत पर 1 दिन के लिए लेकर आए थे।
माया देवी बुजुर्ग महिला है जिनकी उम्र 79 साल है। इनके नाते में बेटा जेल गया थे। उनका कहना है कि बिना किसी नोटिस के उनके बेटे को घर से गिरफ्तार करके जेल में ठूंस दिया था। उस समय की हालात बताती है कि कोई नियम कानून नहीं होते थे। जबरन लोगों का परिवार नियोजन करवाया जा रहा था। बसों से उतारकर नसबंदी कर दी जाती थी। लोग छुपते फिर रहे थे। आंदोलन बेअसर थे। लोगों को जबरन कैद में डाला जा रहा था। 
अध्यापक नेता कंवरसेन वशिष्ठ 65 का कहना है कि उस जमाने में हरियाणा में चौधरी बंसीलाल की सरकार होती थी और वे अस्थाई शिक्षक होते थे। उन्हें नौकरी से हटा दिया गया था। बहुत भारी आंदोलन सरकार के विरुद्ध चला। आंदोलन दौरान उन्हें 10 दिन दिल्ली की तिहाड़ जेल में बिताए और 1977 तक उनका आंदोलन चलता रहा। उन्होंने बताया कि चौधरी देवीलाल उस समय सत्ता में आए तो उन्होंने उनका दुखड़ा सुनकर उनकी समस्या का समाधान किया। आपातकाल में बहुत अधिक परेशान रहे।
बनारसीदास 80 वर्ष हैं जिनका नाते में बेटा जेल में गया था।  उनका कहना है कि उनके बेटे को जबरन पकड़कर ले जाया गया। उनका कहना है कि घर पर बच्चे छोटे होने की वजह से वह बेहद परेशान हुई किंतु लोगों की मदद से उन्होंने घर का को यथावत चलाए रखा। आखिरकार एक दिन उनके वे जेल से छूटकर आया तब उन्हें बहुत तसल्ली हुई थी। वो कहते है कि उस समय कोई नियम कानून नहीं था। जबरन किसी को भी पकड़ लिया जाता था।
 फोटो कैप्शन: कंवरसेन वशिष्ठ, बनारसीदास, माया देवी,संतरा देवी।
 








गर्मियों में बेहतर पेय बन रहा है राबड़ी
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कनीना। क्षेत्र में जहां भीषण गर्मी पड़ रही है वहीं ताप 40 डिग्री पर पहुंच जाता है। ऐसे में जहां ग्रामीण क्षेत्र के लोग पेयजल के अतिरिक्त सबसे अधिक राबड़ी का प्रयोग कर रहे हैं। उन्हें गर्मी से ही नहीं बचाती बल्कि शरीर को ठंडक पहुंचाती है। पुराने समय से बुजुर्ग घर पर राबड़ी तैयार करते थे और उसका दिनभर सेवन करते थे ताकि गर्मी और लू से बचा जा सके।
राबड़ी जौ का आटा, प्याज, बेशन, लस्सी से बनने वाला गर्मियों का ग्रामीण क्षेत्र का बेहतर टानिक है जिसे लस्सी में घोल कर ग्रामीण क्षेत्र के लोग पीते हैं। अब तो राबड़ी दुकानों पर बिक्री के लिए भी उपलब्ध हो गई है।
सुमेर सिंह चेयरमैन का कहना है कि उन्हें राबड़ी बहुत पसंद है। वे घर का काम करते  हैं किंतु घर में राबड़ी प्रयोग करते हैं। राबड़ी गर्मी से उन्हें बचाती है अपितु पेयजल की पूर्ति करती है। उनका कहना है कि उनके पूर्वज भी प्रयोग करते थे जिसके जिनसे सीखकर वे भी इसका उपयोग कर रहे हैं।
राजेंद्र सिंह का कहना है सुबह खाने में तथा दोपहर के खाने में राबड़ी का जरूर उपयोग करते हैं। राबड़ी उनके लिए टॉनिक का कार्य कर रही है। उनका कहना है कि बेशक उन्हें कोई चीज खाने पीने के लिए मिले या न मिले किंतु राबड़ी पीकर उनको प्रसन्नता होती है। गर्मी एवं लू ये बचाती है वहीं नींद अच्छी आती है ताकि वे 2 घंटे  विश्राम कर सके। उनका कहना है कि वे किसान है दिनभर खेतों में काम करना पड़ता है या अन्य कोई कार्य करना पड़ता है तो उन्हें दोपहर के बेहतर नींद पाने के लिए राबड़ी प्रयोग करनी पड़ती है।
भडफ़ के सुरेश कुमार(56) साइकिल स्टोर चलाते हैं। उनका कहना है कि उन्हें राबड़ी बेहद पसंद है। पूर्वज भी बताते थे कि राबड़ी से बेहतर कोई टॉनिक नहीं है। ठंडा, चाय आदि की जगह राबड़ी पीनी चाहिए जो सेहत के लिए लाभकारी है वहीं गर्मी से बचाती है। राबड़ी पीने से जहां भूख शांत हो जाती है वही गर्मी में शरीर के लिए ठंडक प्रदान करती है और वे दिनभर प्रसन्न रहते हैं।         महेश बोहरा का कहना है कि वे सुबह दो-तीन लीटर राबड़ी लेकर अपने साथ आते हैं। आस पड़ोस के दुकानदारों को राबड़ी पिलाते हैं। वे बीज भंडार का कार्य कर रहे हैं और उनका कहना है कि जब तक राबड़ी नहीं पी लेते तब तक उनके मन को तसल्ली नहीं होती। प्याज, बेसन, जौ का आटा लस्सी आदि से  बनी राबड़ी दूसरे साथियों को भी पिलाते हैं। उनका कहना है कि पूर्वजों ने जिस चीज का सबसे अधिक उपयोग गर्मी भगाने के लिए किया था वे भी उसका उपयोग कर रहे हैं।
वैद्य बालकिशन एवं श्रीकिशन का कहना है कि राबड़ी पीने से बीपी,शुगर,हृदयघात रोगों में लाभ होता है वहीं लू, गर्मी से बचाती है तथा नींद लाने में शुद्ध शाकाहार पेय है। 
फोटो कैप्शन : राजेंद्र सिंह, महेश बोहरा, सुरेश कुमार, सुमेर सिंह

पतंगबाजी जोर पकडऩे लगी 

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 कनीना। कनीना क्षेत्र में पतंगबाजी जोर पकडऩे लगी है। यद्यपि 23 जुलाई को हरियाली तीज का पर्व मनाया जा रहा है। जब तक पतंगबाजी धीरे-धीरे जोर पकड़ती चली जाएगी।
 विद्यार्थी वर्ग, युवा वर्ग एवं बच्चे छतों पर देर शाम स्कूल से आने के पश्चात पतंगबाजी में लग जाते हैं। विभिन्न दुकानों पर पतंग एवं डोर आई हुई है। युवा वर्ग पतंग व डोर लाकर छतों पर खड़े होकर शाम को पतंग उड़ाते हैं।  बारिश होने के बाद खुशी के अवसर पर भी यह पतंगबाजी का लुत्फ उठाया जाता है। कनीना में हरियाली तीज तक ही पतंगबाजी की जाती है। तत्पश्चात पतंगबाजी बंद हो जाती है।
 उधर योगेश कुमार, कृष्ण कुमार, रोहित कुमार ने बताया कि यह डोर बरेली से से अधिक आती है। युवा वर्ग धीरे-धीरे पतंग एवं डोर के शौकीन बनते चले जाएंगे और हरियाली तीज तक पतंग उड़ा कर मजा लेंगे। हरियाली तीज के बाद पतंगबाजी धीरे-धीरे घटने लग जाती है और बंद हो जाती है। बरसात के बाद बेहतर फसल होने के चलते भी पतंगबाजी का पर्व मनाया जाता है।

गर्मियों में बेहतर पेय बन रहा है राबड़ी

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 कनीना। क्षेत्र में जहां भीषण गर्मी पड़ रही है वहीं ताप 40 डिग्री पर पहुंच जाता है। ऐसे में जहां ग्रामीण क्षेत्र के लोग पेयजल के अतिरिक्त सबसे अधिक राबड़ी का प्रयोग कर रहे हैं। उन्हें गर्मी से ही नहीं बचाती बल्कि शरीर को ठंडक पहुंचाती है। पुराने समय से बुजुर्ग घर पर राबड़ी तैयार करते थे और उसका दिनभर सेवन करते थे ताकि गर्मी और लू से बचा जा सके।
राबड़ी जौ का आटा, प्याज, बेशन, लस्सी से बनने वाला गर्मियों का ग्रामीण क्षेत्र का बेहतर टानिक है जिसे लस्सी में घोल कर ग्रामीण क्षेत्र के लोग पीते हैं। अब तो राबड़ी दुकानों पर बिक्री के लिए भी उपलब्ध हो गई है।
सुमेर सिंह चेयरमैन का कहना है कि उन्हें राबड़ी बहुत पसंद है।  किंतु अपने साथ दोपहर में प्रयोग करने के लिए राबड़ी लेकर आते हैं। राबड़ी गर्मी से उन्हें बचाती है अपितु पेयजल की पूर्ति करती है। उनका कहना है कि उनके पूर्वज भी प्रयोग करते थे जिसके जिनसे सीखकर वे भी इसका उपयोग कर रहे हैं।
राजेंद्र सिंह का कहना है सुबह खाने में तथा दोपहर के खाने में राबड़ी का जरूर उपयोग करते हैं। राबड़ी उनके लिए टॉनिक का कार्य कर रही है। उनका कहना है कि बेशक उन्हें कोई चीज खाने पीने के लिए मिले या न मिले किंतु राबड़ी पीकर उनको प्रसन्नता होती है। गर्मी एवं लू ये बचाती है वहीं नींद अच्छी आती है ताकि वे 2 घंटे  विश्राम कर सके। उनका कहना है कि वे किसान है दिनभर खेतों में काम करना पड़ता है या अन्य कोई कार्य करना पड़ता है तो उन्हें दोपहर के बेहतर नींद पाने के लिए राबड़ी प्रयोग करनी पड़ती है। लोग अक्सर डॉक्टर नाम से जानते हैं और लोगों की सेवा करते आ रहे हैं।
भडफ़ के सुरेश कुमार(56) साइकिल स्टोर चलाते हैं। उनका कहना है कि उन्हें राबड़ी बेहद पसंद है। पूर्वज भी बताते थे कि राबड़ी से बेहतर कोई टॉनिक नहीं है। ठंडा, चाय आदि की जगह राबड़ी पीनी चाहिए जो सेहत के लिए लाभकारी है वहीं गर्मी से बचाती है। राबड़ी पीने से जहां भूख शांत हो जाती है वही गर्मी में शरीर के लिए ठंडक प्रदान करती है और वे दिनभर प्रसन्न रहते हैं।         महेश बोहरा का कहना है कि वे सुबह दो-तीन लीटर राबड़ी लेकर अपने साथ आते हैं। आस पड़ोस के दुकानदारों को राबड़ी पिलाते हैं। वे बीज भंडार का कार्य कर रहे हैं और उनका कहना है कि जब तक राबड़ी नहीं पी लेते तब तक उनके मन को तसल्ली नहीं होती। प्याज, बेसन, जौ का आटा लस्सी आदि से  बनी राबड़ी दूसरे साथियों को भी पिलाते हैं। उनका कहना है कि पूर्वजों ने जिस चीज का सबसे अधिक उपयोग गर्मी भगाने के लिए किया था वे भी उसका उपयोग कर रहे हैं।
वैद्य बालकिशन एवं श्रीकिशन का कहना है कि राबड़ी पीने से बीपी,शुगर,हृदयघात रोगों में लाभ होता है वहीं लू, गर्मी से बचाती है तथा नींद लाने में शुद्ध शाकाहार पेय है। 
फोटो कैप्शन : राजेंद्र सिंह, महेश बोहरा, सुरेश कुमार, सुमेर सिंह

पतंगबाजी जोर पकडऩे लगी 

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 कनीना। कनीना क्षेत्र में पतंगबाजी जोर पकडऩे लगी है। यद्यपि 23 जुलाई को हरियाली तीज का पर्व मनाया जा रहा है। जब तक पतंगबाजी धीरे-धीरे जोर पकड़ती चली जाएगी।
 विद्यार्थी वर्ग, युवा वर्ग एवं बच्चे छतों पर देर शाम स्कूल से आने के पश्चात पतंगबाजी में लग जाते हैं। विभिन्न दुकानों पर पतंग एवं डोर आई हुई है। युवा वर्ग पतंग व डोर लाकर छतों पर खड़े होकर शाम को पतंग उड़ाते हैं।  बारिश होने के बाद खुशी के अवसर पर भी यह पतंगबाजी का लुत्फ उठाया जाता है। कनीना में हरियाली तीज तक ही पतंगबाजी की जाती है। तत्पश्चात पतंगबाजी बंद हो जाती है।
 उधर योगेश कुमार, कृष्ण कुमार, रोहित कुमार ने बताया कि यह डोर बरेली से से अधिक आती है। युवा वर्ग धीरे-धीरे पतंग एवं डोर के शौकीन बनते चले जाएंगे और हरियाली तीज तक पतंग उड़ा कर मजा लेंगे। हरियाली तीज के बाद पतंगबाजी धीरे-धीरे घटने लग जाती है और बंद हो जाती है। बरसात के बाद बेहतर फसल होने के चलते भी पतंगबाजी का पर्व मनाया जाता है।

बिना मास्क वालों के काटे 15 चालान
संवाद सहयोगी,कनीना। बिना मास्क सड़क पर चलने वालों के कनीना पुलिस ने 15 चालान काटे हैं। एएसआई गोविंद सिंह ने बताया कोरोना काल के समय भी मास्क को सही ढंग से नहीं लगाते या मास्क पूर्णरूप से नहीं लगाते, ऐसे लोगों के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई कर रही है।
इसी कड़ी में 15 लोगों के चालान काटे गये हैं। प्रत्येक पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।


दुर्घटना में 4 घायल 

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संवाद सहयोगी, कनीना। कनीना-रेवाड़ी मार्ग पर स्थित एस्सार पेट्रोल पंप के पास एक ट्राला और वैगनआर के बीच टक्कर में वैगनआर में सवार चार लोग घायल हो गए। लोगों तुरंत हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
 मिली जानकारी के अनुसार रेवाड़ी की ओर से ट्राला आ रहा था तथा आगे वैगनआर मोड़ काट रही थी। ट्राले ने वैगनआर को टक्कर मार दी जिससे उसमें सवार 4 लोग घायल हो गए जिन्हें कनीना के उप नागरिक अस्पताल लाया गया जहां उनकी हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।चारों राजस्थान के चौबारा गांव के रहले वाले हैं।



















जिला संगठन मंत्री बने विक्रांत यदुवंशी 

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कनीना। विक्रांत यदुवंशी को भारतीय जनता कार्यकर्ता मोर्चा महेंद्रगढ़ का जिला  संघठन मंत्री नियुक्त किया गया है।
     कार्यकर्ता मोर्चा के नवनियुक्त  जिला संगठन मंत्री विक्रांत यदुवंशी ने अपनी नियुक्ति पर कार्यकर्ता मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन पंडित, हरियाणा के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेन्द्र जोनी और  हरियाणा के प्रदेश मिडिया प्रभारी मयंक तंवर का आभार जताते हुए कहा कि कार्यकर्ता मोर्चा को संगठनात्मक एवं वैचारिकता के आधार पर देश व प्रदेश में युवाओं तक पहुंचा कर मजबूती के साथ संवाद से समर्थन और समर्थन से सम्मान की बात की जाएगी। सामान्य कार्यकर्ता संगठन के लिए अपना जीवन समर्पित कर देते हैं उनके महत्व को समाज में सम्मान दिलाना संगठन का मुख्य कार्य रहेगा।
    भारतीय जनता कार्यकर्ता मोर्चा के  जिला संगठन मंत्री विक्रांत यदुवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने भारतीय जनता कार्यकर्ता मोर्चा अपने राजनीतिक भविष्य को देखते हुए ज्वाइन किया है और जिले एवं पूरे प्रदेश के हर क्षेत्र में संगठन के विचारों का प्रचार प्रसार एवं संगठनात्मक गतिविधियां शुरू की जाएंगी और युवाओं को राष्ट्रभक्ति की ओर आकर्षित करेंगे और पूरे जिले और प्रदेश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगे ।
 

Tuesday, June 23, 2020

 25 जून 1975 को लगी थी
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 आपातकाल के समय के शिक्षक, डाक्टर तथा पीडि़तों के परिवार बता रहे हैं अपना दुखड़ा 

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कनीना। 25 जून 1975 को जब देश में आपातकाल लागू हुआ था उसके बाद कुछ लोगों को जबरन पकड़कर जेल में डाल दिया गया। उनके परिवार वाले तो परेशान रहे ही साथ में उनके देखने वाले भी बड़े दुखी रहे। क्षेत्र में आने को शिक्षक, डाक्टर वं पीडि़त परिजन उस हालात का बयान करते हुए नहीं थकते। वे बताते कि आपातकाल को काला कानून से कम नहीं आंकते, मनमर्जी अत्याचार किए गए।
 डॉक्टर वे कनीना के जाने-माने निजी चिकित्सक। डॉ वेद उस जमाने में अपनी प्रैक्टिस करते थे। उनका कहना है कि आपातकाल में लोगों की जबरन नसबंदी की गई।  बेचारे बचाव के लिए घरों की  दीवार फांद कर भाग जाते थे। उनका कहना है कि जो लोग चाहे उनकी शादी भी नहीं हुई हो एक बार तो पकड़ लिया जाता था और उन्हें पूरी छानबीन करके ही यदि छोडऩा होता है छोड़ते थे वरना नसबंदी की जाती थी। वे उस दौर को बहुत बुरा दौर मानते हैं।
अध्यापक नेता कंवरसेन वशिष्ठ 65 का कहना है कि उस जमाने में हरियाणा में चौधरी बंसीलाल की सरकार होती थी और वे अस्थाई शिक्षक होते थे। उन्हें नौकरी से हटा दिया गया था। बहुत भारी आंदोलन सरकार के विरुद्ध चला। आंदोलन दौरान उन्हें 10 दिन दिल्ली की तिहाड़ जेल में बिताए और 1977 तक उनका आंदोलन चलता रहा। उन्होंने बताया कि चौधरी देवीलाल उस समय सत्ता में आए तो उन्होंने उनका दुखड़ा सुनकर उनकी समस्या का समाधान किया। आपातकाल में बहुत अधिक परेशान रहे।
ललिता देवी 60 जो हरिराम मित्तल की पत्नी है। हरिराम मित्तल आपातकाल में जेल गए थे। उन्हें जबरन पकड़कर ले जाया गया।  उनका कहना है कि घर पर बच्चे छोटे होने की वजह से वह बेहद परेशान हुई किंतु आसपास के लोगों की मदद से उन्होंने घर का को यथावत चलाए रखा। आखिरकार एक दिन उनके पति जेल से छूटकर आया तब उन्हें बहुत तसल्ली हुई थी। वो कहती है कि उस समय कोई नियम कानून नहीं था। जबरन किसी को भी पकड़ लिया जाता था। उन दिनों को याद कर वे रो पड़ती हैं।
 कैलाशी देवी शिवकुमार अग्रवाल की पत्नी है तथा इन्होंने अपने पति को जेल में जाते हुए देखा था। यह बताती है कि आपातकाल के समय उनके पति को जेल में ले गए तो उनके करीब आधा दर्जन परिवार सदस्य बहुत दुखी हुए। खाने पीने रहने की समस्या आ गई थी क्योंकि बच्चे छोटे थे। सहयोगी जयप्रकाश की सहायता से उनके घर में राशन तथा अन्य सामग्री का प्रबंध किया जाता था। आपातकाल बहुत बुरा बताती है और जेल से छूटकर आए तो उन्हें अपार खुशी हुई थी।
 शांति देवी बुजुर्ग महिला है जिनकी उम्र 84 साल है। इनके बेटे हरिराम मित्तल जेल गए थे। उनका कहना है कि बिना किसी नोटिस के उनके बेटे को घर से गिरफ्तार करके जेल में ठूंस दिया था। उस समय की हालात बताती है कि कोई नियम कानून नहीं होते थे। जबरन लोगों का परिवार नियोजन करवाया जा रहा था। लोग छुपते फिर रहे थे। आंदोलन बेअसर थे। लोगों को जबरन कैद में डाला जा रहा था तथा परेशानियों की पूरी हद कर दी जाती थी। वे कहती है कि ऐसा बुरा वक्त शायद उनके जीवन में पहले कभी नहीं आया था। और न अपने भविष्य में आने की उम्मीद है। फोटो कैप्शन: डॉ वेद, कैलाशी देवी, कंवर सेन वशिष्ठ, ललिता, शांति देवी






बिजेंद्र चौहान बने भारतीय जनता कार्यकर्ता मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष
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कनीना। कनीना खंड के गांव कपूरी निवासी बिजेंद्र चौहान को भारतीय जनता कार्यकर्ता मोर्चा का जिला उपाध्यक्ष नियुक्त करने पर कस्बा वासियों ने खुशी जताई है । नव नियुक्त जिला उपाध्यक्ष बिजेंद्र चौहान ने भारतीय जनता कार्यकर्ता मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन पंडित , हरियाणा प्रदेश के उपाध्यक्ष जितेंद्र जानी तथा प्रदेश सचिव दीपक वशिष्ठ  और प्रदेश मीडिया प्रभारी मयंक तंवर का आभार जताया।। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता मोर्चा  संगठनात्मक  तथा वैचारिकता के आधार पर देश व प्रदेश में युवाओं तक पहुंचा कर मजबूती के साथ संवाद से समर्थन और समर्थन से सम्मान की बात की जाएगी। उन्होंने कहा है कि जल्द ही प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में संगठन के विचारों का प्रचार प्रसार में संगठनात्मक गतिविधियां शुरू की जाएगी।

साहब घर पर खाने का नहीं है स्वयं एसडीएम पहुंच गए राशन देने
कनीना मंडी में होम क्वारनटाइन में आमीर ने फोन पर दी सूचना
20 किलोग्राम आटा व चार किलोग्राम पहुंचाई दाल 

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कनीना।एसडीएम रणबीर सिंह ने करोना संक्रमितों की समस्या जानने के लिए उनको फोन करने की बात रंग ला रही हैं। एसडीएम स्टाफ की ओर से कंटेंटमेंट जॉन में समस्या जानने के लिए फोन किया तो कनीना मंडी स्थित जॉन में खाने का सामान नहीं होने की सूचना प्राप्त हुई।
सूचना एसडीएम रणबीर सिंह के पास पहुंची तो उन्होंने तुरंत ही दुकान में जाकर 20 किलोग्राम आटा व चार किलोग्राम चने की दाल खरीद आमीर तक पहुंचाई। इतना ही नहीं कंटेंटमेंट जॉन में जाकर आमीर नामक संक्रमित युवक से बातचीत की व हर संभव मदद का आश्वासन दिया। आमीर ने बताया कि साहब उनके पास कुछ खाने को नहीं था। एसडीएम ने मार्केट कमेटी के सचिव को भी फोन कर जॉन में जरूरी सामान पहुंचाने की हिदायत दी। जिसके बाद मार्केट कमेटी सचिव की टीम भी मौके पर पहुंची व आमीर को सब्जी आदि प्रदान की गई।
सामान लेते हुए आमीर भावुक हो गया व उसने एसडीएम रणबीर सिंह का धन्यवाद किया। एसडीएम ने वहां पर ड्यूटी पर तैनात स्टाफ को निर्देश दिए की वे आवश्यक सामग्री पानी आदि देने में मदद करें ताकि ये अपने आपको को अकेला महसूस न करें। साथ ही एसडीएम ने कहा कि संक्रमित व्यक्ति को फोन पर भी मोटीवेट करें।
भेदभाव की दृष्टि से ना देखे करें मदद
एसडीएम रणबीर सिंह ने लोगों से आह्वान किया है कि कंटेंटमेंट जॉन में लोगों की मदद करें। मानव सेवा ही सबसे बडा धर्म हैं, हमें मरीज के प्रति भेदभाव नहीं करना है जबकि उसको मोटीवेंट करना है व उसका इस कष्ट की घड़ी में साथ देना है।
एसडीएम ने कहा कि कंटोल रूम में फोन से संक्रमितों को फोन कर समस्या जानी जाती है। मंगलवार को मंडी स्थित आमीर नामक युवक ने बताया कि उसका खाने-पीने का सामान समाप्त हो गया है तो उनके खाने के लिए सुखा राशन पहुंचाया।
फोटो कैप्शन 3: खाने का सामान एसडीएम स्वयं ले जाकर देते हुए।
कोविड सेंटर का किया दौरा 

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संवाद सहयोगी, कनीना। कनीना रेवाड़ी रोड पर स्थित डीएवी अकेडमी में डेडीकेटेड कोविड केयर सेंटर स्थापित किया गया है। जिसमें 200 बेड की सुविधा है। यहां वैसे तो पहले से ही सफाई बिजली पानी तथा सभी सुविधाएं उपलब्ध है।
 वहां की व्यवस्था देखने के लिए एसडीएम रणवीर सिंह ने समस्त कार्यालयों के अधिकारियों को सहित दौरा किया और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उधर नगर पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने बताया कि डीएवी पब्लिक एकेडमी में संपूर्ण व्यवस्था की गई है। जहां सभी सफाई कर्मी लगाए गए हैं। भविष्य में मरीज स्थापित कर यहां भेजे जाएंगे तो उनको मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कुछ कमियां नजर आई उनसे संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया।
इस मौके पर सचिव राजाराम, जेई हितेष कुमार, एसएमओ कनीना डा धर्मेंद्र सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।

भवनिर्माण कामगार यूनियन की इकाई ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा

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कनीना। भवन निर्माण कामगार यूनियन की कनीना इकाई ने आज सैकड़ों कामगार महिला एवं पुरुषों के साथ स्थानीय कस्बा कनीना के नेताजी मेमोरियल क्लब मेें एक बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान महाबीर सिंह एवं ब्लाक प्रधान पवन प्रजापत द्वारा  संयुक्त रूप से कि गई। जिसमें यूनियन के लोगों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। वही इस अवसर पर जिला प्रधान महाबीर सिंह ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि ब्लाक कनीना मेें  लगभग छह हजार मजदूर है जिसमें 3500 मजदूर प्रवासी है वही समूचे जिले में लगभग 28 से 32 हजार मजदूर है जो अपनी विभिन्न जायज मंागों को लेकर दर-दर की ठोकरें खाने पर विवश हैं।  उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। ब्लाक प्रधान पवन प्रजापत ने बताया कि उक्त मजदूरों बीओसीडब्लू में पंजीकरण करवाने के लिए एक वर्ष में तीन माह का कार्य भवन निर्माण में करना जरूरी है।  तीन माह के कार्य को प्रमाणित करने के लिए ग्राम सचिव, बीडीपीओं व 8 अन्य अधिकारियों को मनोनीत किया हुआ है लेकिन इसके बाद भी इन मजदूरों को अपने तीन माह के कार्य को प्रमाणित कराने के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगा-लगा कर थक चुके है। इनकी सुनने वाला कोई नही है। वही ब्लाक प्रधान ने यह भी बताया कि अगर उक्त मजदूरों के कार्य को ग्राम सचिव प्रमाणित करता है और मोहर बीडीपीओं की लगाता है तो उच्च अधिकारी उसको रद्द कर देता है। ऐसे में गरीब मजदूर परेशान हैं।       इसी को लेकर आज भवन निर्माण कामगार यूनियन ने एक जुलूस निकाल कर एसडीएम कार्यालय पहुंचे तथा अपना मांग पत्र एसडीम को सौंप कर समस्याओं का समाधान कराने की गुहार लगाई। इस अवसर पर पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष शिवकुमार जांगिड़, जिला प्रधान महाबीर सिंह, ब्लाक प्रधान पवन कुमार के अलावा अन्य नेतागण उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 2: आंदोलन करते भवन निर्माण यूनियन के सदस्य।

बिजेंद्र चौहान बने भारतीय जनता कार्यकर्ता मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष 

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कनीना। कनीना खंड के गांव कपूरी निवासी बिजेंद्र चौहान को भारतीय जनता कार्यकर्ता मोर्चा का जिला उपाध्यक्ष नियुक्त करने पर कस्बा वासियों ने खुशी जताई है । नव नियुक्त जिला उपाध्यक्ष बिजेंद्र चौहान ने भारतीय जनता कार्यकर्ता मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन पंडित , हरियाणा प्रदेश के उपाध्यक्ष जितेंद्र जानी तथा प्रदेश सचिव दीपक वशिष्ठ  और प्रदेश मीडिया प्रभारी मयंक तंवर का आभार जताया।। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता मोर्चा  संगठनात्मक  तथा वैचारिकता के आधार पर देश व प्रदेश में युवाओं तक पहुंचा कर मजबूती के साथ संवाद से समर्थन और समर्थन से सम्मान की बात की जाएगी। उन्होंने कहा है कि जल्द ही प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में संगठन के विचारों का प्रचार प्रसार में संगठनात्मक गतिविधियां शुरू की जाएगी।


कोविड सेंटर का किया दौरा 

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कनीना। कनीना रेवाड़ी रोड पर स्थित डीएवी अकेडमी में डेडीकेटेड कोविड केयर सेंटर स्थापित किया गया है। जिसमें 200 बेड की सुविधा है। यहां वैसे तो पहले से ही सफाई बिजली पानी तथा सभी सुविधाएं उपलब्ध है।
 वहां की व्यवस्था देखने के लिए एसडीएम रणवीर सिंह ने समस्त कार्यालयों के अधिकारियों को सहित दौरा किया और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उधर नगर पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने बताया कि डीएवी पब्लिक एकेडमी में संपूर्ण व्यवस्था की गई है। जहां सभी सफाई कर्मी लगाए गए हैं। भविष्य में मरीज स्थापित कर यहां भेजे जाएंगे तो उनको मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कुछ कमियां नजर आई उनसे संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया।
इस मौके पर सचिव राजाराम, जेई हितेष कुमार, एसएमओ कनीना डा धर्मेंद्र सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।

भवनिर्माण कामगार यूनियन की इकाई ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा

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कनीना। भवन निर्माण कामगार यूनियन की कनीना इकाई ने आज सैकड़ों कामगार महिला एवं पुरुषों के साथ स्थानीय कस्बा कनीना के नेताजी मेमोरियल क्लब मेें एक बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान महाबीर सिंह एवं ब्लाक प्रधान पवन प्रजापत द्वारा  संयुक्त रूप से कि गई। जिसमें यूनियन के लोगों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। वही इस अवसर पर जिला प्रधान महाबीर सिंह ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि ब्लाक कनीना मेें  लगभग छह हजार मजदूर है जिसमें 3500 मजदूर प्रवासी है वही समूचे जिले में लगभग 28 से 32 हजार मजदूर है जो अपनी विभिन्न जायज मंागों को लेकर दर-दर की ठोकरें खाने पर विवश हैं।  उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। ब्लाक प्रधान पवन प्रजापत ने बताया कि उक्त मजदूरों बीओसीडब्लू में पंजीकरण करवाने के लिए एक वर्ष में तीन माह का कार्य भवन निर्माण में करना जरूरी है।  तीन माह के कार्य को प्रमाणित करने के लिए ग्राम सचिव, बीडीपीओं व 8 अन्य अधिकारियों को मनोनीत किया हुआ है लेकिन इसके बाद भी इन मजदूरों को अपने तीन माह के कार्य को प्रमाणित कराने के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगा-लगा कर थक चुके है। इनकी सुनने वाला कोई नही है। वही ब्लाक प्रधान ने यह भी बताया कि अगर उक्त मजदूरों के कार्य को ग्राम सचिव प्रमाणित करता है और मोहर बीडीपीओं की लगाता है तो उच्च अधिकारी उसको रद्द कर देता है। ऐसे में गरीब मजदूर परेशान हैं।       इसी को लेकर आज भवन निर्माण कामगार यूनियन ने एक जुलूस निकाल कर एसडीएम कार्यालय पहुंचे तथा अपना मांग पत्र एसडीम को सौंप कर समस्याओं का समाधान कराने की गुहार लगाई। इस अवसर पर पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष शिवकुमार जांगिड़, जिला प्रधान महाबीर सिंह, ब्लाक प्रधान पवन कुमार के अलावा अन्य नेतागण उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 2: आंदोलन करते भवन निर्माण यूनियन के सदस्य।

एसडीएम ने कंटेंटमेंट जान का किया औचक निरीक्षण, रजिस्टर में दर्ज होगी एंटी 

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कनीना। एसडीएम कनीना रणबीर सिंह ने सोमवार रात को गांव रसूलपुर व भडफ में करोना संक्रमित के लिए बनाए गए कंटेंटमेंट जॉन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संक्रमितों के घर से बाहर लगाई डृयूटी अधिकारियों से जानकारी जुटाई। गांव रसूलपुर में चेकिंग के दौरान पहुंचे कनीना के एसएमओ डॉ धर्मेंद्र को निर्देश दिए गये कि समय-समय पर संक्रमित व्यक्तियों की मेडिकल जांच करें। इसके साथ-साथ उनके संपर्क में आए लोगों का भी सैंपल लेकर जांच के लिए अवश्य भेजे।
वहीं उन्होंने पंचायत अधिकारियों से भी आह्वान किया की संक्रमित व्यक्ति उनके गांव के ही है। उनको भेदभाव की दृष्टि से ना देखे। बल्कि उनका आवश्यक वस्तुओं का इंतजाम करें व उनको फोन के माध्यम से उनसे बातचीत कर उनको मोटीवेट करें ताकि वे संक्रमण के दौर में अपने आपको अकेला महसूस न करें। एसडीएम ने पंचायत व सरपंचों का भी सहयोग करने के लिए धन्यवाद किया।
रजिस्टर में होगी दौरा करने वालों की एंटी --
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एसडीएम रणबीर सिंह ने बताया कि कंटेंटमेंट जॉन में जिन अधिकारियों की चेकिंग के लिए डृयूटी लगाई है। उनकी रजिस्टर में एंटी करते है। अगर कोई अधिकारी डृयूटी पर नहीं जाता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम कार्यालय फोन पर संक्रमितों को करेंगा मोटीवेंट
एसडीएम रणबीर सिंह ने बताया कि फोन कर संक्रमित व्यक्तियों से उनकी समस्या व समाधान के बारे में जानकारी के साथ-साथ उनको मोटीवेट करेंगा ताकि संक्रमित परेशान न हो।
एसडीएम कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज होगी ताकि संक्रमितों को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। इसके लिए एसडीएम कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। कंटोल रूम का नंबर 01285235044 पर कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता हैं।
एसडीएम कनीना ने कहा कि औचक निरीक्षण के दौरान अगर कोई कर्मचारी व अधिकारी ड्यूटी का निर्वहन सही ढंग से नहीं करता पाया गया तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ लापरवाही बरतने का केस भी दर्ज करवाया जाएगा।
वायरस का प्रकोप दिन-प्रतिदिन बढता जा रहा है। आमजन से निवेदन है कि वे घर से निकले तो मास्क का प्रयोग अवश्य करें। फिजिकल डिस्टेंश की पालना करें। जरूरी कार्य हो तो ही घर से बाहर निकले। संक्रमित व्यक्ति या किसी व्यक्ति को समस्या हो तो कंट्रोल रूम नंबर पर जानकारी दें।
फोटो कैप्शन 1: संक्रमित एवं कंटेंमेंट जोन की जानकारी लेते कनीना के एसडीएम।




25 जून 1975 को लगी थी
 आपातकाल के समय के शिक्षक, डाक्टर तथा पीडि़तों के परिवार बता रहे हैं अपना दुखड़ा 









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 कनीना। 25 जून 1975 को जब देश में आपातकाल लागू हुआ था उसके बाद कुछ लोगों को जबरन पकड़कर जेल में डाल दिया गया। उनके परिवार वाले तो परेशान रहे ही साथ में उनके देखने वाले भी बड़े दुखी रहे। क्षेत्र में आने को शिक्षक, डाक्टर वं पीडि़त परिजन उस हालात का बयान करते हुए नहीं थकते। वे बताते कि आपातकाल को काला कानून से कम नहीं आंकते, मनमर्जी अत्याचार किए गए।
 डॉक्टर वे कनीना के जाने-माने निजी चिकित्सक। डॉ वेद उस जमाने में अपनी प्रैक्टिस करते थे। उनका कहना है कि आपातकाल में लोगों की जबरन नसबंदी की गई।  बेचारे बचाव के लिए घरों की  दीवार फांद कर भाग जाते थे। उनका कहना है कि जो लोग चाहे उनकी शादी भी नहीं हुई हो एक बार तो पकड़ लिया जाता था और उन्हें पूरी छानबीन करके ही यदि छोडऩा होता है छोड़ते थे वरना नसबंदी की जाती थी। वे उस दौर को बहुत बुरा दौर मानते हैं।
अध्यापक नेता कंवरसेन वशिष्ठ 65 का कहना है कि उस जमाने में हरियाणा में चौधरी बंसीलाल की सरकार होती थी और वे अस्थाई शिक्षक होते थे। उन्हें नौकरी से हटा दिया गया था। बहुत भारी आंदोलन सरकार के विरुद्ध चला। आंदोलन दौरान उन्हें 10 दिन दिल्ली की तिहाड़ जेल में बिताए और 1977 तक उनका आंदोलन चलता रहा। उन्होंने बताया कि चौधरी देवीलाल उस समय सत्ता में आए तो उन्होंने उनका दुखड़ा सुनकर उनकी समस्या का समाधान किया। आपातकाल में बहुत अधिक परेशान रहे।
ललिता देवी 60 जो हरिराम मित्तल की पत्नी है। हरिराम मित्तल आपातकाल में जेल गए थे। उन्हें जबरन पकड़कर ले जाया गया।  उनका कहना है कि घर पर बच्चे छोटे होने की वजह से वह बेहद परेशान हुई किंतु आसपास के लोगों की मदद से उन्होंने घर का को यथावत चलाए रखा। आखिरकार एक दिन उनके पति जेल से छूटकर आया तब उन्हें बहुत तसल्ली हुई थी। वो कहती है कि उस समय कोई नियम कानून नहीं था। जबरन किसी को भी पकड़ लिया जाता था। उन दिनों को याद कर वे रो पड़ती हैं।
 कैलाशी देवी शिवकुमार अग्रवाल की पत्नी है तथा इन्होंने अपने पति को जेल में जाते हुए देखा था। यह बताती है कि आपातकाल के समय उनके पति को जेल में ले गए तो उनके करीब आधा दर्जन परिवार सदस्य बहुत दुखी हुए। खाने पीने रहने की समस्या आ गई थी क्योंकि बच्चे छोटे थे। सहयोगी जयप्रकाश की सहायता से उनके घर में राशन तथा अन्य सामग्री का प्रबंध किया जाता था। आपातकाल बहुत बुरा बताती है और जेल से छूटकर आए तो उन्हें अपार खुशी हुई थी।
 शांति देवी बुजुर्ग महिला है जिनकी उम्र 84 साल है। इनके बेटे हरिराम मित्तल जेल गए थे। उनका कहना है कि बिना किसी नोटिस के उनके बेटे को घर से गिरफ्तार करके जेल में ठूंस दिया था। उस समय की हालात बताती है कि कोई नियम कानून नहीं होते थे। जबरन लोगों का परिवार नियोजन करवाया जा रहा था। लोग छुपते फिर रहे थे। आंदोलन बेअसर थे। लोगों को जबरन कैद में डाला जा रहा था तथा परेशानियों की पूरी हद कर दी जाती थी। वे कहती है कि ऐसा बुरा वक्त शायद उनके जीवन में पहले कभी नहीं आया था। और न अपने भविष्य में आने की उम्मीद है। फोटो कैप्शन: डॉ वेद, कैलाशी देवी, कंवर सेन वशिष्ठ, ललिता, शांति देवी


Monday, June 22, 2020


कोरोना पॉजिटिव की मौत, रोहतक में हुआ दाह संस्कार 

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कनीना। कनीना मंडी के एक 80 वर्षीय बुजुर्ग  की कोरोना के चलते मौत हो गई। उनका अंतिम संस्कार रोहतक में ही किया गया।
 मिली जानकारी अनुसार 13 जून से पूर्व न्यूरो की प्रॉब्लम शिकायत के चलते 80 वर्षीय बुजुर्ग पार्क अस्पताल गुडग़ांव गए थे। वहां से ठीक होकर कनीना आए। 13 जून को सैंपल दिया और 15 जून को रिपोर्ट पाजिटिव आई जिसके चलते होने पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। जहां उनका इलाज चलता रहा।
उनके साथ उनका एक संबंधी वहीं रह रहा था जिसने कनीना फोन किया कि बुजुर्ग की हालात खराब है। सोमवार की सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया उनका अंतिम संस्कार रोहतक में ही किया गया।

 



भवनिर्माण कामगार यूनियन की इकाई ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा
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कनीना। भवन निर्माण कामगार यूनियन की कनीना इकाई ने आज सैकड़ों कामगार महिला एवं पुरुषों के साथ स्थानीय कस्बा कनीना के नेताजी मेमोरियल क्लब मेें एक बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान महाबीर सिंह एवं ब्लाक प्रधान पवन प्रजापत द्वारा  संयुक्त रूप से कि गई। जिसमें यूनियन के लोगों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। वही इस अवसर पर जिला प्रधान महाबीर सिंह ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि ब्लाक कनीना मेें  लगभग छह हजार मजदूर है जिसमें 3500 मजदूर प्रवासी है वही समूचे जिले में लगभग 28 से 32 हजार मजदूर है जो अपनी विभिन्न जायज मंागों को लेकर दर-दर की ठोकरें खाने पर विवश हैं।  उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। ब्लाक प्रधान पवन प्रजापत ने बताया कि उक्त मजदूरों बीओसीडब्लू में पंजीकरण करवाने के लिए एक वर्ष में तीन माह का कार्य भवन निर्माण में करना जरूरी है।  तीन माह के कार्य को प्रमाणित करने के लिए ग्राम सचिव, बीडीपीओं व 8 अन्य अधिकारियों को मनोनीत किया हुआ है लेकिन इसके बाद भी इन मजदूरों को अपने तीन माह के कार्य को प्रमाणित कराने के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगा-लगा कर थक चुके है। इनकी सुनने वाला कोई नही है। वही ब्लाक प्रधान ने यह भी बताया कि अगर उक्त मजदूरों के कार्य को ग्राम सचिव प्रमाणित करता है और मोहर बीडीपीओं की लगाता है तो उच्च अधिकारी उसको रद्द कर देता है। ऐसे में गरीब मजदूर परेशान हैं।       इसी को लेकर आज भवन निर्माण कामगार यूनियन ने एक जुलूस निकाल कर एसडीएम कार्यालय पहुंचे तथा अपना मांग पत्र एसडीम को सौंप कर समस्याओं का समाधान कराने की गुहार लगाई। इस अवसर पर पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष शिवकुमार जांगिड़, जिला प्रधान महाबीर सिंह, ब्लाक प्रधान पवन कुमार के अलावा अन्य नेतागण उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 2: आंदोलन करते भवन निर्माण यूनियन के सदस्य।



कनीना उपमंडल में दो और कोरोना पॉजिटिव आने से संख्या बढ़कर 30 हो गई है 

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 कनीना। कनीना क्षेत्र में कोरोना के दो नये केस और आने संख्या 30 हो गई है, वहीं विगत दिनों से रोहतक भर्ती एक बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया है।
 गांव भडफ़ में जहां दिल्ली पुलिस के कर्मी में कोरोना पॉजिटिव पाया गया वहीं बचीनी के एक व्यक्ति में भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। उप नागरिक अस्पताल की टीम ने जाकर के भडफ़ में कोंटेनमेंट जोन बनाया जिसमें 26 घर और 116 लोग शामिल किए गए वही बफर जोन में 49 लोग तथा 247 लोग शामिल किए गए हैं। डॉ दीपांशु टीम इंचार्ज की अध्यक्षता में शीशराम सुपरवाइजर राकेश कुमार एमपीएचडब्ल्यू, सुनीता एएनएम पिंकी आशा वर्कर जबकि दूसरी टीम में राजवीर एमपीएचडब्ल्यू, शारदा एएनएम, शशि बाला आशा वर्कर ने जाकर के स्क्रीनिंग की।
 उधर बचीनी में भी डाक्टरों की टीम ने जा कर लोगों का स्क्रीनिंग किया  तथा कंटेनमेंट जोन बनाया। चीनी का कोरोना केस धारूहेड़ा में प्राइवेट जॉब करता है।
धीरे-धीरे कोरोना केस बढ़ते ही जा रहे हैं। एक और जहां कोरोना केस बढ़ रही है वहीं स्कूलों में समस्त शिक्षकों को बुलाया जा रहा है जिसके चलते कोरोना केस बढऩे की और भी संभावना है। डॉ धर्मेंद्र एसएमओ उप नागरिक अस्पताल का कहना है कि नियमों का पालन करके ही इस रोग से छुटकारा पा सकते हैं।
 फोटो कैप्शन  तीन: स्क्रनिंग करते कर्मचारी।


 सरजीत यादव को हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष 

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कनीना। सरजीत यादव कनीना को यादव शक्ति संगठन का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर कस्बा वासियों में खुशी है।
 राष्ट्रीय यादव शक्ति संगठन छतरपुर मध्यप्रदेश द्वारा सरजीत यादव वार्ड न बर दस निवासी कनीना जिला महेन्द्रगढ़ हरियाणा को संगठन का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर उन्हें बधाई दी है। उन्होंने राष्ट्रीय यादव शक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश यादव, संगठन के संरक्षक राजकुमार यादव, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी कमल यादव व रूपनारायण यादव का सरजीत यादव कनीना को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर तह दिल से धन्यवाद किया है।


23 को देंगे धरना

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कनीना। इलाके की अनेक मांगों व समस्याओं को लेकर बहुजन समाज पार्टी द्वारा आगामी 23 जून को अटेली तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन का नेतृत्व बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता ठाकुर अतरलाल एडवोकेट करेंगे।
  प्रदर्शन संयोजक शेर सिंह यादव व भाग सिंह तंवर ने उक्त जानकारी देते हुए कहा कि प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री तथा उप मुख्यमंत्री के नाम मांगों का ज्ञापन अटेली तहसीलदार को सौंपकर इलाके की जनता, युवा, किसान व मजदूरों की मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की जाएगी।


शहीदों को याद किया

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कनीना। भारत और चीन सीमा पर गलवान घाटी में शहीद हुए भारतीय जवानों को सोमवार के दिन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में हिंदुस्तान स्काउट्स एंड गाइड्स के द्वारा पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इस मौके पर चीन की कायरता का परिचय दिया। मौके पर हिंदुस्तान स्काउट्स एंड गाइड के जिला ट्रेनर दीपक कुमार वशिष्ठ ,प्रिंसिपल लाल सिंह, हेड मास्टर पंकज कुमार, सुरेंद्र मास्टर, एनसीसी प्रभारी रमन शास्त्री, डीपी अमरजीत, मास्टर श्री राम  ,अमृतलाल  अन्य अध्यापक गण तथा साथ में हिंदुस्तान स्काउट व गाइड्स के वालिंटियर कृष्ण, दीपांशु मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 1: शहीदों को नमन करते कर्मचारी एवं अधिकारी।



योग के साथ साथ शहीदों को भी नमन किया

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  कनीना। विश्व योग-दिवस पर श्रीराम सेवा ट्रस्ट गुजरवास की ओर से गांव में योग-शिविर का आयोजन किया गया । गलवान घाटी में हुए शहीदों के सम्मान में दो मिनट का मौन धारण करने के उपरांत, योग-प्रशिक्षक ओमप्रकाश चौहान के दिशा-निर्देशन में  21 युवा योग प्रशिक्षुओं ने फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ योग-अभ्यास किया । जीवन मे योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए  योग-प्रशिक्षक  चौहान ने कहा कि योग मनुष्य को शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाकर मानसिक प्रबलता प्रदान करता है । उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है जिसे आज समूचे विश्व ने अपनाया है । प्रशिक्षण शिविर में सूर्य नमस्कार, हलासन, पवन मुक्त आसन, चक्रासन सहित ओउम उच्चारण, भ्रामरी, कपालभांति तथा अनुलोम-विलोम प्राणायामों का भी अभ्यास करवाया गया । श्रीराम सेवा ट्रस्ट की ओर से शिविर में भाग लेने वाले युवाओं को टी शर्ट व मास्क उपलब्ध करवाए गए जबकि छोटे बच्चों को रजिस्टर- पेन  व प्रोटीन के पैकिट वितरित किए गए ।  इस अवसर पर श्रीराम सेवा ट्रस्ट के निदेशक डॉ  छत्रपाल वर्मा, महासचिव महेश चौहान, सचिव राजेन्द्र वर्मा, लक्ष्मीचंद नम्बरदार, बीर सिंह नम्बरदार, रणजीत बाल्मीकि, कृष्ण गोपाल रोहिला, संजय शर्मा, मनिंद्र व रोहित सहित अनेक गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 7: योग करते हुए जन।

चार व्यक्ति होम आइसोलेशन से डिस्चार्ज किये

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 कनीना। कनीना क्षेत्र के चार कोरोना मरीज जो घर पर आइसोलेट किए गए थे उन्हें बाहर कर दिए गया है।
  विस्तृत जानकारी देते हुए बताया डॉ धर्मेंद्र एसएमओ ने बताया कि ककराला एक, मोहनपुर से 1 तथा कनीना के दो व्यक्ति घर पर आइसोलेट किये गये थे उन्हें आइसोलेशन से बाहर बाहर कर दिया गया हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में 4 व्यक्ति घर पर आइसोलेशन सेट किए हुए थे इनको बाहर कर दिया गया है।

Sunday, June 21, 2020

 कोरोना केस बढ़कर हुये 30   दो नये केस भडफ़ एवं बचीनी में आये। कोरोना पाजिटिव एक की मौत हो गई। वो कनीना का रहने वाला था।
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 कुल केस 30      ठीक होकर वापस आये-16
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गांव का नाम         कोरोना पोजिटिव संख्या
1.   ककराला       04
2.   इसराना         02
3.   रामबास        02
4.   कनीना          05 मौत 01
5.   मोहनपुर        01
6.   सिहोर           02
7.  छीथरोली        01
8.   गोमला         01
9.   खैराना          01
10  धनौंदा          03
11  रसूलपुर        01
12  सेहलंग         01
13  गाहड़ा          01
14 दौंगड़ा अहीर    01
15  नांगल हरनाथ  01
16  मुडायन        01
17 भडफ़           01
18 बचीनी          01

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वापस आये-16



योग के साथ साथ शहीदों को भी नमन किया 
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कनीना। विश्व योग-दिवस पर श्रीराम सेवा ट्रस्ट गुजरवास की ओर से गांव में योग-शिविर का आयोजन किया गया । गलवान घाटी में हुए शहीदों के सम्मान में दो मिनट का मौन धारण करने के उपरांत, योग-प्रशिक्षक ओमप्रकाश चौहान के दिशा-निर्देशन में  21 युवा योग प्रशिक्षुओं ने फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ योग-अभ्यास किया । जीवन मे योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए  योग-प्रशिक्षक  चौहान ने कहा कि योग मनुष्य को शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाकर मानसिक प्रबलता प्रदान करता है । उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है जिसे आज समूचे विश्व ने अपनाया है । प्रशिक्षण शिविर में सूर्य नमस्कार, हलासन, पवन मुक्त आसन, चक्रासन सहित ओउम उच्चारण, भ्रामरी, कपालभांति तथा अनुलोम-विलोम प्राणायामों का भी अभ्यास करवाया गया । श्रीराम सेवा ट्रस्ट की ओर से शिविर में भाग लेने वाले युवाओं को टी शर्ट व मास्क उपलब्ध करवाए गए जबकि छोटे बच्चों को रजिस्टर- पेन  व प्रोटीन के पैकिट वितरित किए गए ।  इस अवसर पर श्रीराम सेवा ट्रस्ट के निदेशक डॉ  छत्रपाल वर्मा, महासचिव महेश चौहान, सचिव राजेन्द्र वर्मा, लक्ष्मीचंद नम्बरदार, बीर सिंह नम्बरदार, रणजीत बाल्मीकि, कृष्ण गोपाल रोहिला, संजय शर्मा, मनिंद्र व रोहित सहित अनेक गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 7: योग करते हुए जन।


चार व्यक्ति होम आइसोलेशन से बाहर किया गया

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कनीना। कनीना क्षेत्र के चार कोरोना मरीज जो घर पर आइसोलेट किए गए थे उन्हें बाहर कर दिए गया है।
  विस्तृत जानकारी देते हुए बताया डॉ धर्मेंद्र एसएमओ ने बताया कि ककराला एक, मोहनपुर से 1 तथा कनीना के दो व्यक्ति घर पर आइसोलेट किये गये थे उन्हें आइसोलेशन से बाहर बाहर कर दिया गया हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में 4 व्यक्ति घर पर आइसोलेशन सेट किए हुए थे इनको बाहर कर दिया गया है।



रिक्त पद भरने की मांग
बेहतरीन सुविधाओं वाला बन सकता है कनीना का उप नागरिक अस्पताल 

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कनीना। कनीना के उप नागरिक अस्पताल का निर्माण महज डेढ़ वर्षो में पूरा कर दिया गया था। 4 मंजिला बेहतरीन भवन है। जनवरी 2018 से निर्माण कार्य शुरू हुआ था और अगस्त 2019 में उद्घाटन कर दिया गया था। तत्पश्चात से कनीना के पुराने सीएचसी से उप नागरिक अस्पताल में शिफ्ट हो गये थे। कोरोना काल में जहां यह बेहतरीन सुविधाएं प्रदान की जा सकती हैं और भविष्य में भी
कनीना के उप नागरिक अस्पताल के तहत 37 गांव आते हैं और जिनमें से पीएचसी भोजावास के तहत 15 गांव तथा मुंडियाखेड़ा के तहत 9 गांव शामिल किए गए हैं जबकि कनीना उपमंडल के धनौंदा अस्पताल को सीएचसी सेहलंग के तहत शामिल किया गया है। कनीना नागरिक अस्पताल के तहत 16 उप स्वास्थ्य केंद्र पड़ते हैं जिसमें से 5 भोजावास, चार मुंडियाखेड़ा तथा सात कनीना के तहत शामिल किए गए हैं। करीब डेढ़ लाख लोग इस अस्पताल पर आश्रित हैं किंतु कुछ पद अभी तक नहीं भरे गए हैं जिसके चलते परेशानी बढ़ रही है।
वैसे तो हाल ही में 2 नए मेडिकल ऑफिसर कनीना उप नागरिक अस्पताल में कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं। वर्तमान में जहां 6 कार्यरत है जबकि 7 पद स्वीकृत है वहीं एसएमओ का पद भी रिक्त पड़ा हुआ है। यहां डेंटल सर्जन कार्यरत है वही फार्मासिस्ट भी कार्यरत है किंतु सबसे बड़ी दिक्कत लैब टेक्नीशियन का पद खाली होना है। रेडियोग्राफर का पद भी खाली है वही स्टाफ नर्स पद पूर्ण रूप से भरे हुए है। बीइइ का एक पद रिक्त है।
 कनीना अस्पताल में जहां अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे की मशीन नहीं है। कस्बा कनीना के सुमेर सिंह चेयरमैन, मोहन पार्षद, महेश बोहरा, कुलदीप सिंह, सुरेश कुमार, रवि कुमार आदि ने सरकार से मांग की है कि तुरंत प्रभाव से कनीना उप नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन तथा एक्स-रे की मशीन स्थापित करवाई जाए तथा यहां पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाए। उधर कनीना उप नागरिक अस्पताल के तहत आने वाले मुडिया खेड़ा में एक डाक्टर का पद खाली है वही एक स्टाफ नर्स तथा ,लैब टेक्नीशियन का पद भी रिक्त है। इसी प्रकार भोजावास में एक डॉक्टर का तथा एक पद फार्मेसिस्ट का खाली होने के अतिरिक्त स्टाफ नर्स के 2 पद रिक्त हैं तथा लैब टेक्नीशियन के पद भी खाली पड़े है।
 बिल्डिंग को देखते हुए बार-बार प्रशासन से मांग की जा रही है कि यहां सुख सुविधाएं प्रदान की जाए। यदि इस अस्पताल में सभी सुुविधाएं प्रदान कर सभी रिक्त पद भर दिए जाए तो आने वाले समय में यदि कोई महामारी फैलती है तो उसका इलाज भी आसानी से किया जा सकेगा।
किसी जमाने में कनीना के सीएचसी में भी एक्सरे मशीन होती थी किंतु वर्तमान में एक्सरे करवाने के लिए भी दूरदराज जाना पड़ता है। कनीना के मरीज नरेश कुमार, दिनेश कुमार, अजीत कुमार आदि ने बताया कि उन्हें जब कभी जरूरत हो तो एक्स-रे की जरूरत होती है तो मजबूरन महेंद्रगढ़ या रेवाड़ी जाना पड़ता हैं। ऐसे में परेशानियों से जूझना पड़ता हैं। उधर कनीना के उप नागरिक अस्पताल पर जहां आधुनिक सुख सुविधाएं प्रदान की जाए तो मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में लूटने पीटने से बचाया जा सकता है वहीं लोगों को सुख सुविधाएं प्राप्त हो सकती हैं। उधर ऐसे में डॉ धर्मेंद्र ने बताया कि सरकार के आदेशों के तहत सभी अधिकारी और कर्मचारी जी जान से कार्यरत हैं। हाल ही में 2 डॉक्टर कनीना में कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं।
 फोटो कैप्शन 1: कनीना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का नजारा

सूर्य ग्रहण तथा योग दिवस पर आयोजित हुए कई कार्यक्रम

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कनीना। सूर्य ग्रहण तथा योग दिवस पर आयोजित हुए कई कार्यक्रम आयोजित हुए। सूर्य ग्रहण पर गांव खेड़ी भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा हरियाणा प्रदेश के कार्यकारणी सदस्य  ने अपने निवास पर किया हवन।
चौधरी रामनिवास खेडी ने सूर्य ग्रहण पर गांव की सुख शांति एवं समृद्धि के लिए अपने निवास खेड़ी पर परिवार के साथ सूर्य ग्रहण पर हवन कर सूर्य देवता महाराज से अपने गांव खेड़ी में सुख शांति समृद्धि बनाए रखने के लिए की प्रार्थना। समस्त परिवार ने इस मौके पर आहुति डाली।
उधर अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर रमन शास्त्री एनसीसी अधिकारी राजकीय स्कूल  कनीना के नेतृत्व में फिजिकल डिस्टेंस रखते हुए  कैडेट्स के साथ योग किया जिसमे भ्रस्त्रिका ,अनुलोम विलोम, कपाल भाती, शितली, शशकासन, मण्डुकाशन ,सर्पासन, सूर्य नमस्कार, आदि योग किए तथा प्रत्येक योग के लाभ भी बताये।
उन्होंने कहा कि योग हमारी भारतीय संस्कृति का हिस्सा व परम्परा रही है। इसी सभ्यता व संस्कृति की वजह से भारत के ऋषि मुनियों ने विस्तृत उल्लेख किया हुआ है। जो महामारी फैली हुई है उसका इलाज भी योग के माध्यम से ही संभव है। ऐसे में हम सबको अपनी दिनचर्या में योग को हर हाल में शामिल कर लेना चाहिए जिससे कोई भी बीमारी से बचा जा सकता है। रमन शास्त्री जी ने बताया की हर वर्ष 16  हरियाणा बटालियन नारनौल योग दिवस मनाते है  इस अवसर पर कैडिट सचिन, अश्विन,कुनाल, सचिन, देव दर्शन, गौरव,तरुण, मनेश ,रोहित इत्यादि उपस्थित रहे।
 उधर खंड के गांव गाहडा में वाइस ऑफ यूथ के सदस्यों ने सूर्य को ग्रहण लगने पर हवन यज्ञ किया। इस यज्ञ को प्रारंभ आचार्य चंद्र शास्त्री ने किया उनके साथ पंडित सुरेश चंद्र शर्मा, विद्या देवी, आनंद पांडे, सरोज, अरविंद आदि रहे । आचार्य सत्येंद्र शास्त्री ने जानकारी देते हुए बताया कि देश में को सूर्यग्रहण लगा है इसके बाद प्राकृतिक आपदा, महामारी जैसे अमंगलों में कमी आएगी और मंगल होगा। इसका तात्पर्य है कि कोरोना का संकट भी अब चरम पर पहुंचने के बाद दूर होने लगेगा। ग्रहण काल में जप, तप, ध्यान, दान आदि करने से अनंत पुण्य मिलता है। भगवान वेदव्यास ने ग्रंथों में उल्लेख किया है कि ग्रहण के समय जो भी पुण्य, हवन, यज्ञ किया जाता है उसका एक लाख गुना अधिक फल सामान्य दिनों में किए गए हवन से प्राप्त होता है।
हिंदू धर्म में हवन, यज्ञ का विशेष महत्व माना जाता है। अग्नि के माध्यम से ईश्वर की उपासना करने की प्रक्रिया को हवन या यज्ञ कहते हैं। यह हमारे जीवन में सकारात्मकता लेकर आता है।  सनातन काल से यज्ञ और हवन की परंपरा चली आ रही है।
आचार्य सत्येंद्र शास्त्री ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि
ज्योतिष के अनुसार ग्रहण काल को शुभ नहीं माना जाता है। ग्रहण काल के समय व्यक्तियों को घर के बाहर नहीं निकलना चाहिए साथ ही ग्रहण के दर्शन भी नहीं करना चाहिए।
फोटो कैप्शन 4 व 6: हवन करते हुए तथा फोटो 5 में योग करते हुए।

जय प्रकाश कनीना ने देखे हैं आपातकाल की यातनाएं

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 कनीना। कनीना मंडी के शिव कुमार अग्रवाल जिनका लोकतंत्र के प्रहरियों में नाम क्षेत्र में सर्वोपरि है। उन्होंने 7 जुलाई 1975 से 16 दिसंबर 1975 तक जेल की यातनाएं सही।
 1975 में जब वे आरएसएस की शाखा, कनीना मंडी में स्टोर तथा समाचार पत्र के एजेंट भी थे। 5 जुलाई को कनीना थाने से एक पुलिसकर्मी आए और कहा कि थानेदार ने बुलाया हैं। जब शिवकुमार अग्रवाल उनके साथ कनीना पुलिस स्टेशन पहुंचे तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनके विरुद्ध 7 जुलाई को एफआईआर दर्ज कर दी और महेंद्रगढ़ जेल में भेज दिया गया। न्यायालय ने 5 महीने की सजा और 100 रुपये जुर्माना लगा दिया, अगर जुर्माना नहीं भरता तो 2 माह की अतिरिक्त सजा काटने का प्रावधान रखा। सरकार के विरुद्ध गुप्त मीटिंग करके सरकार के आदेशों का पालन न करने का आरोप भी उन पर लगाया गया।
  उनके पीछे से समस्त जिम्मेदारी कनीना के जयप्रकाश ने निभाई जो आज कनीना बस स्टैंड पर मिष्ठान स्टोर चला रहे हैं।  
 उस वक्त शिव कुमार के चार बच्चे जिनमें दो लड़के और दो लड़कियां थी। जब जेल में गए तो चारों बच्चे गणेश, महेश, लक्ष्मी और कृष्णा तथा उनकी पत्नी कैलाशी देवी पर बुरी बीती। क्योंकि उस समय बच्चों की उम्र 7 साल, पांच साल, तीन तथा एक वर्ष थी। सारा कष्ट उनकी पत्नी कैलाशी देवी पर आ पड़ा। उस वक्त कनीना मंडी में सस्ता वस्तु भंडार नाम से अखबार की प्रसिद्ध दुकान होती थी जिस पर जयप्रकाश उनके पास दुकान संचालन में मदद करते थे। शिव कुमार के जेल जाने के बाद समस्त जिम्मेदारी अपने सिर पर लेकर अखबार बेचने, हिसाब रखने तथा घर परिवार की वस्तुओं की आपूर्ति का काम किया।
 1975 से 1977 तक आपातकाल लागू रहा। उस अवधि में परिवार नियोजन का उंक लोगों ने झेला। वो बताते हैं कि जबरन परिवार नियोजन करवाया जाता रहा। किसी बहाने से पुलिस उन्हें ले गई और वे महेंद्रगढ़ जेल में यातनाएं सहते रहे। 
जयप्रकाश बताते हैं कि महेंद्रगढ़ ट्रायल कोर्ट के फैसले के विरुद्ध  शिव कुमार ने 16 दिसंबर 1975 को सेशन कोर्ट नारनौल पहुंचे तो 100 रुपये जुर्माना वापस मिल गया, निर्दोष साबित करते हुए जेल की सजा भी माफ कर दी किंतु जब तक वे 6 महीने की जेल की सजा भुगत चुके थे। जब 16 दिसंबर 1975 को शाम के करीब 5:00 बजे पैसेंजर ट्रेन से कनीना खास रेलवे स्टेशन पर पहुंचे तो कनीना व आसपास गांवों की भारी भीड़ उन्हें देखने के लिए जमा थी। भीड़ तथा यात्रियों ने उनका भव्य स्वागत किया, खुफिया विभाग के लोग भी उनसे मिलने आए। उनके विरुद्ध न्यायालय में किसी ने कोई गवाही नहीं दी गई। महेंद्रगढ़ न्यायालय में रामफल सिपाही ने जब उनके विरुद्ध बयान नहीं दिया तो वकील ने जबरन उनके विरुद्ध गवाही देने की बात कही। उन्होंने बताया जब आपातकाल चली तब उन्होंने आरएसएस की शाखा नहीं चलाई फिर भी उनके विरुद्ध डीआईआर की धारा 33 के तहत मामला दर्ज किया। आठ गवाह जिनमें  4 सरकारी और 4 गैर सरकारी बनाए गए जिन्होंने किसी ने भी उनके विरुद्ध कोई गवाही नहीं दी।
 जहां शिवकुमार अग्रवाल जेल की यादें ताजा करते  हैं वहीं जयप्रकाश उनके परिवार पर जे बीती उनका जिक्रा करते हैं। 
  शिव कुमार बताते हैं कि जेल में शरद पूर्णिमा की खीर अपने हाथों से बनाई थी, जन्माष्टमी का पर्व मनाया था। वे बैडमिंटन चौधरी देवीलाल के साथ भी खेलते थे सैर पर भी जाते थे और उनके साथ बेहतर संबंध बन गए थे। यही कारण है कि जब हरियाणा के मुख्यमंत्री बने तो कई बार उनके पास आए चुनाव लडऩे का आफर दिया परंतु वे राजनीति में नहीं आना चाहते थे। वे बताते हैं कि मनोहर लाल खट्टर मुख्यमंत्री उनके घर 1989-90 में आए थे जब वे संघ चलाते थे। वर्तमान में वे अपना स्टोर चलाते हैं। देवीलाल को शिव कुमारके घर आते हुए तथा उनसे मिलकर जाते हुए जयप्रकाश ने देखा था।
  उन दिनों को याद करके जयप्रकाश ही नहीं शिव कुमार भी सिहर उठते हैं। आज दोनों जयप्रकाश एवं शिव कुमार अपने अपने काम और मेहनत से प्रसन्न हैं।
फोटो कैप्शन : जयप्रकाश कनीना।


सेनिटाइजर वितरित किये

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कनीना। भारतीय जनता पार्टी  अनुसूचित जाति मोर्चा हरियाणा प्रदेश के कार्यकारिणी सदस्य चौधरी रामनिवास खेडी ने  गांव खेड़ी में अनुसूचित जाति की बस्ती के लोगों को  सैनिटाइजर व मास्क वितरित किए गए।
 उन्होंने बूथ नंबर 25 में सेनिटाइजर वितरित करते हुए कहा कि कोरोना से बचने का सबसे अच्छा तरीका सेनिटाइजर से हाथ धोना है। उन्होंने मुंह पर मास्क लगाने, हाथों में ग्लव्ज पहनने तथा फिजिकल डिस्टेंस का पालन करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना एक बड़ी बीमारी है जिससे बचकर रहने में भी भलाई है।



बाघोत में युवा समाज सेवी संगठन ने गलवान घाटी में शहीद हुए जवानों को दी श्रद्धांजलि 

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************************************ कनीना। गांव बाघोत में युवा समाज सेवी संगठन ने चाइना के खिलाफ विरोध में चीनी उपकरणों का बहिष्कार किया व गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ हुई झड़प में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई।
उपस्थित लोगों ने मोमबत्ती जलाकर 2 मिनट का मौन भी रखा । संस्था के उपाध्यक्ष सुनील अत्री ने कहा की  चीनी सैनिकों ने हमारे देश के सैनिकों को धोखे से मौत के घाट उतारा। चीनी सैनिकों की यह बर्बरता हमें स्वीकार नहीं। हमारे देश में चीनी उपकरणों का सबसे अधिक उपयोग होता है। इसलिए हम सब विरोध में चीनी उपकरणों का उपयोग नहीं करेंगे। अब हमें संकल्प लेना होगा कि कोई भी भारतवासी अब चीनी सामग्री का उपयोग नहीं करेगा और जब चीन को आर्थिक क्षति पहुंचेगी तब समझ आएगा कि भारत के साथ दगा करने वालों का नतीजा क्या होता है।
हमारा संगठन प्रत्येक गांव कस्बे में जाकर लोगों को जागरूक करेगा व चीनी वस्तुओं का बहिष्कार के लिए प्रेरित करेगा। इसके साथ ही लोगों को सेना के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराएंगे। हमारा संगठन केंद्र सरकार से ये कहना चाहता हैं कि वो इस मुद्दे पर जो भी फैसला लेगी हम उस फैसले के साथ खड़े हैं ।
इस अवसर पर चेयरमैन महिपाल नंबरदार, प्रधान सुनील पहलवान, उप प्रधान सुनील अत्री , सचिव नरवीर खटाना, नरवीर रावत, प्रीतम, अजीत, मोनू, इंद्रजीत, हरीश राठी, जय भगवान, धरम वीर, अशोक, महिपाल, युवा समाज सेवी संस्था के सदस्य मौजूद रहे।


कनीना क्षेत्र में हुई 9 एमएम बारिश








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कनीना।  कनीना क्षेत्र में शनिवार दोपहर पश्चात 9 एमएम बारिश हुई। कई दिनों से गर्मी का माहौल बना हुआ था, तत्पश्चात गर्मी से राहत मिली है। वहीं खड़ी फसलों को भी लाभ मिलेगा। किसान सूबे सिंह, कृष्ण सिंह, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि समय कपास और पशु चारे वाली फसलें खड़ी हुई है जिनके लिए बारिश बहुत लाभप्रद है। उन्होंने कहा कि लगातार गर्मी का माहौल बना हुआ है। वहीं मौसम विभाग बारिश होने की सूचना दे रहा है जिसके चलते किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

Saturday, June 20, 2020

बाघोत में युवा समाज सेवी संगठन ने गलवान घाटी में शहीद हुए जवानों को दी श्रद्धांजलि 
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कनीना। गांव बाघोत में युवा समाज सेवी संगठन ने चाइना के खिलाफ विरोध में चीनी उपकरणों का बहिष्कार किया व गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ हुई झड़प में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई।
उपस्थित लोगों ने मोमबत्ती जलाकर 2 मिनट का मौन भी रखा । संस्था के उपाध्यक्ष सुनील अत्री ने कहा की  चीनी सैनिकों ने हमारे देश के सैनिकों को धोखे से मौत के घाट उतारा। चीनी सैनिकों की यह बर्बरता हमें स्वीकार नहीं। हमारे देश में चीनी उपकरणों का सबसे अधिक उपयोग होता है। इसलिए हम सब विरोध में चीनी उपकरणों का उपयोग नहीं करेंगे। अब हमें संकल्प लेना होगा कि कोई भी भारतवासी अब चीनी सामग्री का उपयोग नहीं करेगा और जब चीन को आर्थिक क्षति पहुंचेगी तब समझ आएगा कि भारत के साथ दगा करने वालों का नतीजा क्या होता है।
हमारा संगठन प्रत्येक गांव कस्बे में जाकर लोगों को जागरूक करेगा व चीनी वस्तुओं का बहिष्कार के लिए प्रेरित करेगा। इसके साथ ही लोगों को सेना के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराएंगे। हमारा संगठन केंद्र सरकार से ये कहना चाहता हैं कि वो इस मुद्दे पर जो भी फैसला लेगी हम उस फैसले के साथ खड़े हैं ।
इस अवसर पर चेयरमैन महिपाल नंबरदार, प्रधान सुनील पहलवान, उप प्रधान सुनील अत्री , सचिव नरवीर खटाना, नरवीर रावत, प्रीतम, अजीत, मोनू, इंद्रजीत, हरीश राठी, जय भगवान, धरम वीर, अशोक, महिपाल, युवा समाज सेवी संस्था के सदस्य मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 5: चीन का विरोध जताते कनीना क्षेत्र के समाजसेवी।

कनीना क्षेत्र में हुई 9 एमएम बारिश

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कनीना।  कनीना क्षेत्र में दोपहर पश्चात 9 एमएम बारिश हुई। कई दिनों से गर्मी का माहौल बना हुआ था, तत्पश्चात गर्मी से राहत मिली है। वहीं खड़ी फसलों को भी लाभ मिलेगा। किसान सूबे सिंह, कृष्ण सिंह, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि समय कपास और पशु चारे वाली फसलें खड़ी हुई है जिनके लिए बारिश बहुत लाभप्रद है। उन्होंने कहा कि लगातार गर्मी का माहौल बना हुआ है। वहीं मौसम विभाग बारिश होने की सूचना दे रहा है जिसके चलते किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

बाघोत में युवा समाज सेवी संगठन ने गलवान घाटी में शहीद हुए जवानों को दी श्रद्धांजलि 

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कनीना। गांव बाघोत में युवा समाज सेवी संगठन ने चाइना के खिलाफ विरोध में चीनी उपकरणों का बहिष्कार किया व गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ हुई झड़प में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई।
उपस्थित लोगों ने मोमबत्ती जलाकर 2 मिनट का मौन भी रखा । संस्था के उपाध्यक्ष सुनील अत्री ने कहा की  चीनी सैनिकों ने हमारे देश के सैनिकों को धोखे से मौत के घाट उतारा। चीनी सैनिकों की यह बर्बरता हमें स्वीकार नहीं। हमारे देश में चीनी उपकरणों का सबसे अधिक उपयोग होता है। इसलिए हम सब विरोध में चीनी उपकरणों का उपयोग नहीं करेंगे। अब हमें संकल्प लेना होगा कि कोई भी भारतवासी अब चीनी सामग्री का उपयोग नहीं करेगा और जब चीन को आर्थिक क्षति पहुंचेगी तब समझ आएगा कि भारत के साथ दगा करने वालों का नतीजा क्या होता है।
हमारा संगठन प्रत्येक गांव कस्बे में जाकर लोगों को जागरूक करेगा व चीनी वस्तुओं का बहिष्कार के लिए प्रेरित करेगा। इसके साथ ही लोगों को सेना के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराएंगे। हमारा संगठन केंद्र सरकार से ये कहना चाहता हैं कि वो इस मुद्दे पर जो भी फैसला लेगी हम उस फैसले के साथ खड़े हैं ।
इस अवसर पर चेयरमैन महिपाल नंबरदार, प्रधान सुनील पहलवान, उप प्रधान सुनील अत्री , सचिव नरवीर खटाना, नरवीर रावत, प्रीतम, अजीत, मोनू, इंद्रजीत, हरीश राठी, जय भगवान, धरम वीर, अशोक, महिपाल, युवा समाज सेवी संस्था के सदस्य मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 5: चीन का विरोध जताते कनीना क्षेत्र के समाजसेवी।


एक पिता ने अपने दोनों पुत्रों को बनाया कामयाब,वैज्ञानिक बतौर काम कर रहे हैं

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कनीना। कनीना तहसील के गांव गुढ़ा में रहने वाले रामावतार एक ऐसे पिता है  जिनकी सादगी और सामाजिक सेवा का बखान करता हुआ आदमी थकता  ही नहीं है। वे हैं 70 वर्षीय सेवानिवृत्त विज्ञान अध्यापक जो पंजाब यूनिवर्सिटी के साईंस ग्रेजुएट हैं। भगवान ने इनको दो पुत्र दिए और दोनों ही प्रतिभा के धनी हैं ।
बड़ा पुत्र भारत भूषण 1996 में मुरथल से इलेक्ट्रॉनिकस एंड टेलिकोमनिकेशन से बी.टेक की उपाधि ली और इसरो में बैतोर साईंटिस्ट कार्यभार संभाला।उ सकी शादी ईशा आकांक्षा इलेक्ट्रॉनिक एंड टेलिकोमनिकेन उपाधि वाली लड़की से बिना दान दहेज के सम्पन्न हुई। जो डाक्ट्रेट करने के बाद टेक्निकल यूनिवर्सिटी बैंगलोर में बैतोर प्रोफेसर सेवारत है ।
दूसरा पुत्र योगेश्वर है जो प्रतिभा का धनी है । प्राइमरी तक अपने गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ा और पांचवी कक्षा में पूरे जनपद में प्रथम स्थान प्राप्त करने के बाद नवोदय विद्यालय करीरा में चला गया । वहां दसवीं की परीक्षा में पूरे भारत वर्ष में प्रथम स्थान प्राप्त किया जिसके उपलक्ष्य में तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री डाक्टर मुरली मनोहर जोशी ने गोल्ड मेडल दिया और भारत सरकार ने पिता पुत्र दोनों को निशुल्क पंद्रह दिन का हवाई टूर करवाया ।
दस जमा दो की परीक्षा पास करने के बाद उसे आईआईटी कानपुर में प्रवेश मिला । यह भी उल्लेखनीय है कि आईआईटी में भी रैंक एक मिला वहाँ राष्ट्रपति गोल्ड मैडल हासिल करने के बाद डाक्ट्रेट की पढाई करने के लिए कोर्नेल यूनिवर्सिटी इथिका (न्यूयॉर्क)  चला गया। डाक्ट्रेट के बाद कनाडा में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्य किया । तत्पश्चात कैलिफोर्निया में आकर रिसर्च साईंटिस्ट के रूप में सेवाएं देनी शुरू की ।
उसकी भी शादी बिना दान दहेज के सम्पन्न हुई । उनकी छोटी पुत्रवधू भी बैतोर रिसर्च साईंटिस्ट कैलिफोर्निया में सेवारत है ।
मास्टर जी ने ज्यादातर सेवाएँ ग्रामीण क्षेत्र में दी । उनकी शिक्षण शैली प्रभावी रहती थी क्योंकि वे खेल ही खेल में पढ़ाते थे ।
सेवा निवृत्ति के बाद वे राजकीय विद्यालयों में जाकर  प्रतिभाओं को पुरस्कार देते हैं। सर्दियों में गरीब लोगों को कपड़े जूते बाँटते ही रहते हैं ।
वे 7 बार अमेरिका की भी यात्रा भी कर चुके हैं ।  दोनों पुत्रों को जन्म देने वाली रामावतार की पत्नी बहुत पहले स्वर्ग सिधार चुकी है।
वे धार्मिक प्रवृत्ति के हैं और बिना किसी से कुछ लिए 2884 व्यक्तियों की आँखों का इलाज करवा चुके हैं । इतना कुछ करने के बाद भी अभिमान उन्हें छू भी नहीं सका है । हम उनके सुखद जीवन और दीर्घायु की कामना करते हैं। दोनों पुत्रों को अपने पिता पर नाज है।
फोटो कैप्शन : रामावतार।

प्रतिदिन व्यायाम कर दूसरों को भी शिक्षा देते हैं

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कनीना। कनीना के निवासी मनोज कुमार ने योग का लोहा पहले खुद माना और फिर आगे चलकर स्वयं को भी योग के द्वारा समाज की सेवा में समर्पित कर दिया। कनीना में आयुर्वेदिक औषधियों व घरेलू उपयोग के सामानों की दुकान चलाने वाले मूल रूप से सेहलंग के निवासी मनोज कुमार लम्बे समय तक केरल और गुरुग्राम में काम किया। काम की जरूरत पूरी करते करते कमर दर्द और माइग्रेन ने जकड़ लिया। इसके बाद काम भी पूरी तरह से छूट गया और शरीर भी स्वास्थ्य खो बैठा था। तब टीवी पर योगगुरु स्वामी रामदेव का कार्यक्रम देखा। मेरे पिताजी जगदीश यादव भी लम्बे समय से स्वामी रामदेव के भारत स्वाभिमान ट्रस्ट से जुड़े हुए थे। उनकी रुचि जाग्रत होने पर उन्होंने मुझे गहराई से योग के अभ्यासों से अवगत कराया। कुछ ही दिनों के अभ्यास के बाद से ही उन्होंने कमर दर्द और माइग्रेन में लाभ अनुभव किया। तब से लेकर आज तक योगाभ्यास नित्य प्रति करता हूं। पूरा परिवार योग करता है। अपने छोटे छोटे दोनों बच्चियों को भी उन्होंने छोटी उम्र से ही योग करवाना शुरू कर दिया ताकि इन्हें भविष्य में कोई भी रोग आसानी से ना हो।
 उन्होंने योग करने करवाने के साथ साथ भारत स्वाभिमान संगठन का कनीना खंड का प्रभार भी देखते हैं।  खंड में अनेकों गांवों और कनीना नगर में योग शिविरों का आयोजन किया हैं। आगे भी इसी प्रकार इच्छुक गांवों में योग के निशुल्क  शिविरों का आयोजन करके योग जागरण का काम जीवन पर्यंत करने का आश्वासन दिया है।
फोटो कैप्शन: मनोज कुमार

प्रतिदिन योग करते हैं महिपाल सिगड़ा

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कनीन। प्रतिदिन सुबह योगा करने वाले महिपाल सिंह का कहना है कि योग वह विद्या है जो मन और शरीर के बीच सामंजस्य स्थापित करता है। योग करने से हम स्वस्थ और प्रसन्न रहते हैं। योगाभ्यास करने से हमें शारीरिक और मानसिक दृष्टि से मजबूती मिलती है। योगाभ्यास प्रारंभ करने से पहले में मल-मूत्र का त्याग कर देना चाहिए। खाली पेट योगा अभ्यास करना चाहिए। जमीन व फर्श पर दरी अवश्य बिछाएं।
योगा अभ्यास के अच्छे परिणाम आने में वक्त लग सकता है इसलिए लगातार और नियमित अभ्यास आवश्यक है।क हावत है कि करो योग रहो निरोग। हम सभी को योग को दिनचर्या में अवश्य शामिल करना चाहिए।
फोटो कैप्शन : महिपाल सिंह।


जय प्रकाश कनीना ने देखे हैं आपातकाल की यातनाएं

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 कनीना। कनीना मंडी के शिव कुमार अग्रवाल जिनका लोकतंत्र के प्रहरियों में नाम क्षेत्र में सर्वोपरि है। उन्होंने 7 जुलाई 1975 से 16 दिसंबर 1975 तक जेल की यातनाएं सही।
 1975 में जब वे आरएसएस की शाखा, कनीना मंडी में स्टोर तथा समाचार पत्र के एजेंट भी थे। 5 जुलाई को कनीना थाने से एक पुलिसकर्मी आए और कहा कि थानेदार ने बुलाया हैं। जब शिवकुमार अग्रवाल उनके साथ कनीना पुलिस स्टेशन पहुंचे तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उनके विरुद्ध 7 जुलाई को एफआईआर दर्ज कर दी और महेंद्रगढ़ जेल में भेज दिया गया। न्यायालय ने 5 महीने की सजा और 100 रुपये जुर्माना लगा दिया, अगर जुर्माना नहीं भरता तो 2 माह की अतिरिक्त सजा काटने का प्रावधान रखा। सरकार के विरुद्ध गुप्त मीटिंग करके सरकार के आदेशों का पालन न करने का आरोप भी उन पर लगाया गया।
  उनके पीछे से समस्त जिम्मेदारी कनीना के जयप्रकाश ने निभाई जो आज कनीना बस स्टैंड पर मिष्ठान स्टोर चला रहे हैं।  
 उस वक्त शिव कुमार के चार बच्चे जिनमें दो लड़के और दो लड़कियां थी। जब जेल में गए तो चारों बच्चे गणेश, महेश, लक्ष्मी और कृष्णा तथा उनकी पत्नी कैलाशी देवी पर बुरी बीती। क्योंकि उस समय बच्चों की उम्र 7 साल, पांच साल, तीन तथा एक वर्ष थी। सारा कष्ट उनकी पत्नी कैलाशी देवी पर आ पड़ा। उस वक्त कनीना मंडी में सस्ता वस्तु भंडार नाम से अखबार की प्रसिद्ध दुकान होती थी जिस पर जयप्रकाश उनके पास दुकान संचालन में मदद करते थे। शिव कुमार के जेल जाने के बाद समस्त जिम्मेदारी अपने सिर पर लेकर अखबार बेचने, हिसाब रखने तथा घर परिवार की वस्तुओं की आपूर्ति का काम किया।
 1975 से 1977 तक आपातकाल लागू रहा। उस अवधि में परिवार नियोजन का उंक लोगों ने झेला। वो बताते हैं कि जबरन परिवार नियोजन करवाया जाता रहा। किसी बहाने से पुलिस उन्हें ले गई और वे महेंद्रगढ़ जेल में यातनाएं सहते रहे। 
जयप्रकाश बताते हैं कि महेंद्रगढ़ ट्रायल कोर्ट के फैसले के विरुद्ध  शिव कुमार ने 16 दिसंबर 1975 को सेशन कोर्ट नारनौल पहुंचे तो 100 रुपये जुर्माना वापस मिल गया, निर्दोष साबित करते हुए जेल की सजा भी माफ कर दी किंतु जब तक वे 6 महीने की जेल की सजा भुगत चुके थे। जब 16 दिसंबर 1975 को शाम के करीब 5:00 बजे पैसेंजर ट्रेन से कनीना खास रेलवे स्टेशन पर पहुंचे तो कनीना व आसपास गांवों की भारी भीड़ उन्हें देखने के लिए जमा थी। भीड़ तथा यात्रियों ने उनका भव्य स्वागत किया, खुफिया विभाग के लोग भी उनसे मिलने आए। उनके विरुद्ध न्यायालय में किसी ने कोई गवाही नहीं दी गई। महेंद्रगढ़ न्यायालय में रामफल सिपाही ने जब उनके विरुद्ध बयान नहीं दिया तो वकील ने जबरन उनके विरुद्ध गवाही देने की बात कही। उन्होंने बताया जब आपातकाल चली तब उन्होंने आरएसएस की शाखा नहीं चलाई फिर भी उनके विरुद्ध डीआईआर की धारा 33 के तहत मामला दर्ज किया। आठ गवाह जिनमें  4 सरकारी और 4 गैर सरकारी बनाए गए जिन्होंने किसी ने भी उनके विरुद्ध कोई गवाही नहीं दी।
 जहां शिवकुमार अग्रवाल जेल की यादें ताजा करते  हैं वहीं जयप्रकाश उनके परिवार पर जे बीती उनका जिक्रा करते हैं। 
  शिव कुमार बताते हैं कि जेल में शरद पूर्णिमा की खीर अपने हाथों से बनाई थी, जन्माष्टमी का पर्व मनाया था। वे बैडमिंटन चौधरी देवीलाल के साथ भी खेलते थे सैर पर भी जाते थे और उनके साथ बेहतर संबंध बन गए थे। यही कारण है कि जब हरियाणा के मुख्यमंत्री बने तो कई बार उनके पास आए चुनाव लडऩे का आफर दिया परंतु वे राजनीति में नहीं आना चाहते थे। वे बताते हैं कि मनोहर लाल खट्टर मुख्यमंत्री उनके घर 1989-90 में आए थे जब वे संघ चलाते थे। वर्तमान में वे अपना स्टोर चलाते हैं। देवीलाल को शिव कुमारके घर आते हुए तथा उनसे मिलकर जाते हुए जयप्रकाश ने देखा था।
  उन दिनों को याद करके जयप्रकाश ही नहीं शिव कुमार भी सिहर उठते हैं। आज दोनों जयप्रकाश एवं शिव कुमार अपने अपने काम और मेहनत से प्रसन्न हैं।
फोटो कैप्शन : जयप्रकाश कनीना।

जोहड़ का किया जीर्णोद्धार, भरा लबालब पानी

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कनीना। बवानिया गांव की सामाजिक संस्था सर्वोदय ने गांव के सभी जोहड़ों के जीर्णोद्धार का बीड़ा उठाया है। इसी क्रम में गांव की ही पंचायत जगह बिटौड़े वाली में एक जोहड़ गांव से दूर होने की वजह से सालों से खस्ता हाल था उसे पानी से भर दिया गया।
 संगठन के पर्यावरणीय प्रेमियों की निगाह जब इस पर गयी तो अपनी लाव लश्कर के साथ जुट पड़े की क्या क्या कमी है , टूटी पाइप लाइन को तीन जगह से अपने प्रयास से दुरुस्त किया व साथ ही गांवों के आस पास के जमींदारों से मन्त्रणा कर उनको जोहड़ भरने तक पानी सप्लाई से कोई छेड़छाड़ ना करने के लिये मना लिया। अब जब नहर का टर्न आया तो जोहड़ में भरे लबालब पानी को देख संगठन के सदस्यों ने मिठाई बांट अपनी खुशी का इजहार किया। इस मौके पर संगठन के लोगों  ने बताया कि गांव से दूर एकांत में प्रकार के जीव जंतुओं पक्षियों के लिये जीवन पर्याय का काम ये जोहड़ करते हैं और जोहड़ में पानी भरा रहे इसके लिये प्रयास भविष्य में भी जारी रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि बवानिया स्थित बाबा खेमदास धाम खुडाली आश्रम पर मन्दिर परिसर के नज़दीक बने जोहड़ में पंचायत व सिंचाई विभाग द्वारा विगत दिनों डाली गई नई पाइपलाइन से पहली बार नहरी पानी पहुँचने पर महंत वीरेंद्र , मन्दिर समिति प्रधान रत्न , सरपंच प्रतिनिधि सुंदर द्वारा पूजा पाठ करके जल आगमन जैसे शुभ कार्य पर सभी को बधाई दी। साथ ही गाँव की युवा संस्था सर्वोदय के लगातार इस मसले पर विभिन्न विभागीय स्तर पर तालमेल की तारीफ की । सोनू यादव एसडीओ ने भी विचार व्यक्त करते हुए कहा की जोहड़ में साफ पानी पहुँचना अभिभूत करने जैसा है और जोहड़ में लगातार पानी बने रहने से खुडाली आश्रम स्थित बनी के फ्लोरा फ्योना को नया जीवन मिलेगा , अनेकों प्रकार के जंतु , पेड़ अपने प्राचीन महत्व को दोबारा प्राप्त कर पाएंगे। 
फोटो कैप्शन 2: जोहड़ में पानी पहुंचाते ग्रामीण।



योग निरोग रखता है

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कनीना। योग करने वाले कर्मपाल यादव का कहना है कि हे दैनिक जीवन मे योग को अपनाना चाहिए।
योगा शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान रखने के लिए किया जाता है पर योग कुछ मायनों में और चीजों से भिन्न है। योग शरीर और मन को स्वस्थ रखने के लिए एक आध्यात्मिक प्रक्रिया है। योगिक अभ्यास शरीर को ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ ऊर्जावान रखता है।
योग शब्द का शाब्दिक अर्थ है जुडऩा यानि हमारा जुड़ाव ब्रह्माण्ड से होना। अगर आध्यात्मिक रूप से देखा जाये तो योग जीवात्मा और परमात्मा का मिलन है और अगर व्यावहारिक तौर पर कहा जाये तो योग शरीर, मन और भावनाओं को संतुलित करने और तालमेल बनाने का एक साधन है।
योग की अलग अलग मुद्राओं से अलग अलग लाभ प्राप्त होते हैं। भागती दौड़ती जिन्दगी में जहाँ लोग मानसिक शारीरिक परेशानी से पीडि़त रहते हैं। योग का प्रतिदिन करना उन्हें मानसिक और शारीरिक शक्ति देता है।
योग का जन्म प्राचीन काल में भारत में हुआ था और आज योग विदेशों तक पहुंच गया है। दिन प्रतिदिन योग का महत्व बढ़ता जा रहा है, इसका कारण है इससे मिलने वाले लाभ। योग से शारीरिक और मानसिक उपचार होते हैं। पहले जहाँ केवल आयुर्वेदिक रूप के योग को महत्व दिया जाता था वही आज योग एक वैज्ञानिक रूप से भी प्रभावकारी सिद्ध हो चुका है। डॉक्टर भी अपने मरीज़ों को योग के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
फोटो कैप्शन : कर्मपाल।


जरूरतमंदों को दे रहे हैं रक्त

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संवाद सहयोगी,कनीना। जहां कोरोना भयंकर महामारी में जहां सब और भय का माहौल है फिर भी बीइंग ह्यूमैन सेवा मंडल का प्रत्येक सदस्य पूरी सुरक्षा और निष्ठा से सेवा दे रहा है।
 नारनौल में डिलीवरी केस में किसी जरूरतमंद महिला को जब रक्त की आवश्यकता हुई तो संस्था के उपेन्द्र यादव ने टीम के जयसिंह गांव पड़तल को साथ लिया और अपना रक्त किसी जरूरतमंद को दिया। उपेन्द्र ने बताया कि जैसे ही उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रार्थना देखी हम साथी जयसिंह के साथ नारनौल रवाना हुए और इस कमी को पूरा किया इसी कड़ी में संस्था के अध्यक्ष नवीन कौशिक ने बताया कि हाल ही में हमने रक्तदान दिवस पर एक शिविर का आयोजन किया था लेकिन फिर भी किसी जरूरतमंद को रक्त की आवश्यकता होती है तो हम उसे पूरा करते हैं। उन्होंने बताया कि संस्था का हर सदस्य अपनी जिम्मेदारी को हर क्षेत्र में पूर्ण रूप से निभाता है चाहे वो पर्यावरण, लोगों की सेवा, पशु पक्षियों की चिकित्सा या शिक्षा संबंधित कार्य हो हम हर क्षेत्र में अपने कार्यों को लोगों की सहायता से पूर्ण करते हैं।

पौधारोपण कर मनाया जन्मदिन 

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 कनीना। कनीना कालेज समक्ष डिवाइडर पर पौधारोपण करके राहुल नामक युवक ने अपना 23वां जन्मदिन मनाया।
 विस्तृत जानकारी देते हुए मुकेश फोटो स्टूडियो ने बताया कि राहुल की दुकान है और सभी दुकानदारों ने नियम बना रखा है कि जब भी किसी का जन्मदिन होता है तो यह डिवाइडर पर पौधा रोपण करते हैं ताकि पेड़ पौधों की संख्या बढ़ जाए और वातावरण साफ सुथरा रहे। इसी क्रम में राहुल ने अपना 23वां जन्मदिन मनाते हुए डिवाइडर पर पौधारोपण कर उसमें जल दिया और शपथ ली कि भविष्य में वह इसमें पानी डालकर बड़ा बनाएंगे। इस मौके पर मुकेश कुमार, प्रमोद कुमार, मनोज कुमार, गोलू, रविंद्र, रामनिवास, सुनील कुमार, श्रीभगवान आदि उपस्थित थे।
 फोटो कैप्शन 1: पौधा रोपण करते हुए राहुल।


बिजली सप्लाई की मांग को लेकर दिया ज्ञापन 

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कनीना। कपूरी की ढ़ाणी के लोगों ने बिजली की समस्या को लेकर एक ज्ञापन एसडीएम कनीना को सौंप कर ढ़ाणी में बिजली की सप्लाई सीटी से जुड़वाने के लिए गुहार लगाई है।
 एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर बिजली की समस्या के बारे में बताया कि ढ़ाणी में बिजली  की सप्लाई ट्यूबवेल की सप्लाई से जुड़ी हुई है जिसके कारण इस ढ़ाणी में बिजली बहुत ही कम आती है और जिसके कारण सैकड़ों परिवारों को बिजली-पानी की मूलभूत सुविधाओं के लिए दर-दर की ठोकरें खाने पर विवश होना पड़ रहा है।  ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बिजली की समस्या को लेकर कई बार विभाग के आला अधिकारियों से मिल कर भी अपना दु:खड़ा रोया है लेकिन इस समस्या का समाधान करना तो दूर की बात इसकी और अब तक बिजली विभाग के किसी अधिकारी व कर्मचारियों ने आकर देखना भी उचित नही समझा। ग्रामीण महिलाओंंं ने उपमंडल अधिकारी कनीना को अपना दु:खड़ा बताते हुए कहा कि इस भीषण गर्मी में बिजली की सप्लाई का न आना सबसे बड़ी समस्या है। उन्होंने यह भी बताया कि समस्या के समाधान को लेकर पिछले चार माह से भटक रहे है लेकिन अब तक विभाग व अन्य प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि चार माह पहले भी हम कनीना के एसडीएम को अपनी समस्या से लिखित में अवगत करा चुके हैं।
 एसडीएम के माध्यम से मांग करते हुए कहा है कि उनकी बिजली की सप्लाई ट्यूबवेलों से हटाकर सीटी की सप्लाई से जोड़ दी जाए तो उक्त समस्या का समाधान तुरंत हो जाए। वही इसी कड़ी में चेलावास के दर्जनों ग्रामीणों ने भी बिजली की समस्या को लेकर एक ज्ञापन एसडीएम कनीना को देकर मोहनपुर फीडर के नीचे लगने वाले ट्यूबवेलों की लाइट दुरुस्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर बताया कि मोहनपुर फीडर के अन्तर्गत ही समूचे चेलावास व अन्य पड़ोसी ग्रामीणों के ट्यूबवेल लगते है जिनकी सप्लाई ठीक नही आने के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 
फोटो कैप्शन 3: एसडीएम को ज्ञापन देते ग्रामीण।