Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Tuesday, January 24, 2023

 



कनीना मंडी की सड़क को सुधारने के लिए एसडीम को दिया ज्ञापन
*****************************************************
*************************************************************
**************************************
**************************
कनीना की आवाज। कनीना सरकारी अस्पताल से लेकर रेलवे स्टेशन तक सड़क की हालत बदतर है ध्यान देने वाला कोई नहीं।
ये विचार वरिष्ठ समाजसेवी हरेंद्र शर्मा ने आज दर्जनों कस्बा वासियों के साथ कनीना उपमंडल अधिकारी को ज्ञापन सौंपने के उपरांत व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि कस्बे की मेन सड़क है जिसमें हो रहे गड्ढे आए दिन लोगों को मौत बांट रहे हैं लेकिन इसके बावजूद भी इस की तरफ ध्यान देने वाला कोई नहीं है। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर एसडीएम से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द ही सड़क के गड्ढे भरे जाए और इसे बनवाया जाए ताकि लोगों की जान को बचाया जा सके। उन्होंने कम से एक 50 व्यक्तियों के हस्ताक्षर का एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
 फोटो कैप्शन 3: कनीना एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए कनीनावासी।






अधिवक्ताओं की समस्याओं के निदान के लिए करेंगे हर संभव सहयोग- ओपी रामबास
********************************************************************
************************************************************************
****************************************
***************************
कनीना की आवाज।  कनीना स्थित न्यायालय प्रांगण में मंगलवार को बार एसोसिएशन के सदस्यों की आम बैठक प्रधान ओपी रामबास की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। जिसमें प्रधान ने तोशाम में वकीलों को लिटिगेंट्स हाल में जगह ना दिए जाने की समस्या से सभी अधिवक्ताओं को अवगत करवाया। बार एसोसिएशन तोशाम ने उनकी मांग के समर्थन में पूरे हरियाणा में वर्क सस्पेंड रखने का मांग की थी। जिनकी मांग को सभी वकीलों ने समर्थन देते हुए मंगलवार को वर्क सस्पेंड रखने का निर्णय लिया। इस पर कनीना बार के प्रधान ओपी रामबास ने कहा कि वकीलों की समस्याओं के समाधान के लिए हर तरह का सहयोग किया जाएगा और आगे भी इसके लिए किसी तरह का सहयोग और आंदोलन करना पड़ा तो बार एसोसिएशन कनीना के समस्त अधिवक्ता तोशाम बार के साथ खड़े मिलेंगे। इस अवसर पर उनके साथ उप प्रधान विक्रम सिंह यादव, कैशियर अशोक ढाणा, वरिष्ठ अधिवक्ता  पूर्व प्रधान कुलदीप कनीना, हरीश गाहड़ा, दीपक चौधरी, राजकुमार तंवर, कंवर सिंह यादव, नरेश यादव, सुनील राव, रमेश कौशिक, अनिल शर्मा, सुभाष शर्मा, संदीप यादव, संत कुमार, कुणाल कुमार, रजत, यश कुमार, रमेश यादव सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 2: अधिवक्ता एकजुट होकर तोशाम मुद्दा उठाते हुए।






10 दिन में किसान की फसल कि स्पेशल गिरदावरी
-वरना कांग्रेस सड़कों पर आने के लिए विवश
***********************************************
*********************************************************
**************************************
******************
कनीना की आवाज।  कड़ाके की सर्दी के साथ पाला जमने सरसों में 70 फीसदी तक नुकसान हो गया है। जिसके कारण उसकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है और किसान अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है।
 ये विचार पूर्व विधायक  एवं पूर्व सीपीएस अनीता यादव ने दर्जनभर गांवों के खेतों में सरसों की फसल का जायजा लेने के उपरांत यहां व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पाले के नुकसान से आज किसान दर-दर की ठोकरें खाने पर विवश है लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। अनीता यादव ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मांग की है कि उसे तुरंत प्रभाव से स्पेशल गिरदावरी करा किसानों की फसल के नुकसान का मुआवजा प्रदान करें ताकि किसान की उम्मीदों को बरकरार रखा जाए।
 उन्होंने कहा है कि अगर सरकार ने 10 दिन के अंदर अंदर किसान की स्पेशल गिरदावरी नहीं कराई तो कांग्रेस को मजबूरी वश रोड पर आना पड़ेगा और किसानों का सहयोग करना पड़ेगा। इस अवसर पर इनके साथ रवि कुमार, अनिल कुमार, नरेंद्र सिंह, नरेश कुमार, गायत्री देवी, बर्फी देवी के अलावा अन्य किसान उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 4: खेतों में पाले से नष्ट हुई सरसों की फसल का अवलोकन करते हुए पूर्व विधायक अनीता यादव








एक लाख पौधे लगाकर चुके हैं मनोज मेघनवास
-कई बार किये जा चुके हैं सम्मानित
*************************************************
***************************************************************
*****************************************
**************************
कनीना की आवाज।  पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को आगे बढ़ा, वन विभाग का सहयोग कर वन क्षेत्र बढ़ाने में मनोज मेघनवास टीम बना लगभग 150 स्थानों पर एक लाख से भी अधिक पौधे लगवा चुके हैं। लगभग 30000 पौधे पेड़ बनने की ओर अग्रसर हैं।
        गांव मेघनवास निवासी मनोज कुमार शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी लोगों को जागरूक कर उन्हें अपनी मुहिम में जोडऩे में लगे हुए हैं। यह कार्य वो प्रयास श्री बालाजी नामक संस्था बना अधिक से अधिक लोगों को संस्था से जोड़ इस कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं। ताकि एक अच्छे समाज और राष्ट्र का निर्माण हो सके। इतना ही नहीं उनका लक्ष्य हर वर्ष लगभग 2000 पौधे लगाने का है। लेकिन यह उनकी टीम और लोगों के सहयोग से हर साल लगभग 5 से 7000 पौधे लग जाते हैं । वह पौधे शिक्षण संस्थाओं, गांव में सार्वजनिक स्थानों तथा लोगों को जागरूक कर उनके घरों, खेतों या खाली पड़े स्थानों पर लगवाने का कार्य करते हैं  तथा स्थानीय टीम बना उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने कार्य किया जाता है। संस्था इन पौधों को पेड़ बनने तक दवा पानी व खराब पौधों को बदलने का कार्य करती है। अपनी इस मुहिम में  लोगों को प्रेरित कर एक लाख पांच हजार के लगभग  पौधे लगवा चुके हैं । जिनमें से लगभग 30,000 पौधे पेड़ बन चुके हैं और 20,000 पौधे पेड़ बनने की ओर अग्रसर है। उनकी इस मुहिम के कारण उन्हें  प्रशासन, ग्राम पंचायतें व सामाजिक संगठन भी कई बार सम्मानित कर चुके हैं।
 उनकेे अनुसार उन्हें इस कार्य में समाज के लोगों, संस्था से जुड़े साथियों व मिडिया के साथियों का भी पूरा सहयोग मिला है।  2009 में मेघनवास मन्दिर व पाली ज्ञान दीप व संस्कार भारती स्कूल पाली व से पौधरोपण की शुरूआत की। इन गांवों में अब 1200 पौधे, पेड़ बन गए हैं और 700 पौधे पेड़ बनने की और अग्रसर है। इसी तर्ज पर संस्था ने अनानास, जैतपुर,कुराहवटा, कोथल कला, जांजडिय़ावास, खातोदडा, मालडाबास, बेरावास, डालनवास, सलूनी, अकाली, बलाना भालखी,भांडोर ऊंची, बवानिया,चितलांग, डुलाना, देवास,इकबालपुर नगरी, माजरा कलां, माजरा खुर्द,निम्बी,मुडायन, पालड़ी रिवासा,सीगड़ा,सुरजनवास,सीसोठ, ककराला,खायरा,राजावास,मन्दोला ,धवाना,के साथ साथ 150 के लगभग स्थानों पर पौधरोपण व पर्यावरण संरक्षण मुहिम मनोज ने चला रहे हैं। हर गांव में उनकी टीम जल संचय आदि की मुहिम भी उनके द्वारा चलाई जा रही है इसी कड़ी में 170 विद्यालयो में वे स्वयं जा कर पर्यावरण संरक्षण जल ही जीवन है, पृथ्वी मेरा घर विषय पर बच्चों की भाषण, ड्राइंग प्रतियोगिता कर जल संरक्षण की शपथ दिला जागरूक करने का काम कर चुके मनोज ने पर्यावरण संरक्षण अभियान के साथ साथ झुग्गी बस्ती के घुमंतू बच्चों को भी पढ़ाने का बीड़ा भी उठा रखा है वे स्वयं भी झुग्गी बस्ती के बच्चों को पढ़ाने व उनकी पर्यावरण विषय पर रंग भरो प्रतियोगिता कर उन्हें भी शिक्षा से जोडऩे में लगे हुए हैं।
उनका लक्ष्य है हर गांव में उनकी एक पर्यावरण संरक्षक टीम हो जो अपने आस पास पौधरोपण व पर्यावरण संरक्षण अभियान में सहयोग करें। लगभग 70 गांवों में उनकी टीम यह कार्य बखूबी निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि उनकी टीम का मुख्य उद्देश्य चाहे पौधरोपण कम किया जाए लेकिन उनकी देखभाल सुनिश्चित हो ताकि आने वाली पीढिय़ों के लिए कुछ योगदान हो सके।
  जहां भी मनोज कुमार जाते हैं वहां पेड़ पौधे ले जाते हैं और अपने हाथों से प्रांगण में लगा विद्यार्थियों को शपथ दिलवाते हैं। वृक्षमित्र नाम से दूर दराज तक जाने जाते हैं। वर्षा का जल संचयन की बात चलती है या पौधारोपण की बात चले तो उनको जरूर याद किया जाता है। उनका कहना है कि पेड़ पौधे ही हमारा भविष्य है। अगर हम पेड़ पौधों को बचाएंगे तो वो दिन दूर नहीं जब वातावरण साफसुथरा होगा और इंसान की जिंदगी निरोगी रहेगी। उन्हें खेद है कि लोग वृक्षों की कटाई कर देते हैं किंतु नये पेड़ लगाने से गुरेज करते हैं।
फोटो कैप्शन : मनोज मेघनवास
साथ में फोटो कैप्शन 2: मनोज कोक सम्मानित करते हुए संस्था।
05:पेड़ पौधे लगाने की शपथ दिलाते हुए मनोज






एक लाख पौधे लगाकर चुके हैं मनोज मेघनवास
-कई बार किये जा चुके हैं सम्मानित
******************************************
*****************************************************
**************************************
*****************
कनीना की आवाज।  पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को आगे बढ़ा, वन विभाग का सहयोग कर वन क्षेत्र बढ़ाने में मनोज मेघनवास टीम बना लगभग 150 स्थानों पर एक लाख से भी अधिक पौधे लगवा चुके हैं। लगभग 30000 पौधे पेड़ बनने की ओर अग्रसर हैं।
        गांव मेघनवास निवासी मनोज कुमार शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी लोगों को जागरूक कर उन्हें अपनी मुहिम में जोडऩे में लगे हुए हैं। यह कार्य वो प्रयास श्री बालाजी नामक संस्था बना अधिक से अधिक लोगों को संस्था से जोड़ इस कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं। ताकि एक अच्छे समाज और राष्ट्र का निर्माण हो सके। इतना ही नहीं उनका लक्ष्य हर वर्ष लगभग 2000 पौधे लगाने का है। लेकिन यह उनकी टीम और लोगों के सहयोग से हर साल लगभग 5 से 7000 पौधे लग जाते हैं । वह पौधे शिक्षण संस्थाओं, गांव में सार्वजनिक स्थानों तथा लोगों को जागरूक कर उनके घरों, खेतों या खाली पड़े स्थानों पर लगवाने का कार्य करते हैं  तथा स्थानीय टीम बना उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने कार्य किया जाता है। संस्था इन पौधों को पेड़ बनने तक दवा पानी व खराब पौधों को बदलने का कार्य करती है। अपनी इस मुहिम में  लोगों को प्रेरित कर एक लाख पांच हजार के लगभग  पौधे लगवा चुके हैं । जिनमें से लगभग 30,000 पौधे पेड़ बन चुके हैं और 20,000 पौधे पेड़ बनने की ओर अग्रसर है। उनकी इस मुहिम के कारण उन्हें  प्रशासन, ग्राम पंचायतें व सामाजिक संगठन भी कई बार सम्मानित कर चुके हैं।
 उनकेे अनुसार उन्हें इस कार्य में समाज के लोगों, संस्था से जुड़े साथियों व मिडिया के साथियों का भी पूरा सहयोग मिला है।  2009 में मेघनवास मन्दिर व पाली ज्ञान दीप व संस्कार भारती स्कूल पाली व से पौधरोपण की शुरूआत की। इन गांवों में अब 1200 पौधे, पेड़ बन गए हैं और 700 पौधे पेड़ बनने की और अग्रसर है। इसी तर्ज पर संस्था ने अनानास, जैतपुर,कुराहवटा, कोथल कला, जांजडिय़ावास, खातोदडा, मालडाबास, बेरावास, डालनवास, सलूनी, अकाली, बलाना भालखी,भांडोर ऊंची, बवानिया,चितलांग, डुलाना, देवास,इकबालपुर नगरी, माजरा कलां, माजरा खुर्द,निम्बी,मुडायन, पालड़ी रिवासा,सीगड़ा,सुरजनवास,सीसोठ, ककराला,खायरा,राजावास,मन्दोला ,धवाना,के साथ साथ 150 के लगभग स्थानों पर पौधरोपण व पर्यावरण संरक्षण मुहिम मनोज ने चला रहे हैं। हर गांव में उनकी टीम जल संचय आदि की मुहिम भी उनके द्वारा चलाई जा रही है इसी कड़ी में 170 विद्यालयो में वे स्वयं जा कर पर्यावरण संरक्षण जल ही जीवन है, पृथ्वी मेरा घर विषय पर बच्चों की भाषण, ड्राइंग प्रतियोगिता कर जल संरक्षण की शपथ दिला जागरूक करने का काम कर चुके मनोज ने पर्यावरण संरक्षण अभियान के साथ साथ झुग्गी बस्ती के घुमंतू बच्चों को भी पढ़ाने का बीड़ा भी उठा रखा है वे स्वयं भी झुग्गी बस्ती के बच्चों को पढ़ाने व उनकी पर्यावरण विषय पर रंग भरो प्रतियोगिता कर उन्हें भी शिक्षा से जोडऩे में लगे हुए हैं।
उनका लक्ष्य है हर गांव में उनकी एक पर्यावरण संरक्षक टीम हो जो अपने आस पास पौधरोपण व पर्यावरण संरक्षण अभियान में सहयोग करें। लगभग 70 गांवों में उनकी टीम यह कार्य बखूबी निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि उनकी टीम का मुख्य उद्देश्य चाहे पौधरोपण कम किया जाए लेकिन उनकी देखभाल सुनिश्चित हो ताकि आने वाली पीढिय़ों के लिए कुछ योगदान हो सके।
  जहां भी मनोज कुमार जाते हैं वहां पेड़ पौधे ले जाते हैं और अपने हाथों से प्रांगण में लगा विद्यार्थियों को शपथ दिलवाते हैं। वृक्षमित्र नाम से दूर दराज तक जाने जाते हैं। वर्षा का जल संचयन की बात चलती है या पौधारोपण की बात चले तो उनको जरूर याद किया जाता है। उनका कहना है कि पेड़ पौधे ही हमारा भविष्य है। अगर हम पेड़ पौधों को बचाएंगे तो वो दिन दूर नहीं जब वातावरण साफसुथरा होगा और इंसान की जिंदगी निरोगी रहेगी। उन्हें खेद है कि लोग वृक्षों की कटाई कर देते हैं किंतु नये पेड़ लगाने से गुरेज करते हैं।
फोटो कैप्शन : मनोज मेघनवास
साथ में फोटो कैप्शन 2: मनोज कोक सम्मानित करते हुए संस्था।
05:पेड़ पौधे लगाने की शपथ दिलाते हुए मनोज





श्मशान घाट पर करीब चार लाख की लागत से बाबा भोलेनाथ की प्रतिमा स्थापित
*******************************************************************
*******************************************************************
**************************************
*********************
कनीना की आवाज।  कनीना राजकीय महाविद्यालय के पास स्थित श्मशान घाट पर मुक्तिधाम कमेटी द्वारा करीब चार लाख की लागत से बाबा भोलेनाथ की प्रतिमा स्थापित की गई है। वही उन्होंने कहा की बाबा भोलेनाथ की प्रतिमा पर पानी व झरना चलता रहेगा जिससे ये लगे की बाबा तपस्या में लीन है और बरसात चल रही है ।मुक्तिधाम कमेटी के प्रधान तोताराम जांगिड़, उप प्रधान मदन गेरा ने कहा की मुक्तिधाम पर भी भगवान और देवता निवास करते है इस पावन धाम पर जब इंसान की अंतिम यात्रा आती है तो यहां उपस्थित लोग भी बाबा भोलेनाथ के ध्यानार्थ रहकर ईश्वर का नाम जपते हुए मरने वाले इंसान की आत्मा की शान्ति के लिए प्रार्थना करते रहे। मिस्त्री रतिराम शर्मा, प्रधान महाबीर ठेकेदार द्वारा इस मंदिर निर्माण में निशुल्क योगदान दिया है जिसकी प्रशंसा कस्बे के लोगो ने की। उन्होंने कहा की पेड़ पौधे मे पानी डालने के लिए करीब एक लाख पच्चीस हजार की राशि से पानी का बोर भी कराया गया है और लोगों के बैठने के लिए टिन शेड भी लगवाया गया है ये सभी कार्य चंदा एकत्रित कर कराया गया है इसमें सभी का सहयोग है। इस अवसर पर शिवकुमार अग्रवाल, समाजसेवी नित्यानंद शर्मा, समाजसेवी रवि शर्मा, विष्णुदत, राजेश खंडेलवाल,मिस्त्री रतिराम शर्मा, प्रधान महाबीर ठेकेदार, मिस्त्री जुगलाल जांगिड़ आदि उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 01: बाबा भोलेनाथ की प्रतिमा स्थापित करते मुक्तिधाम कमेटी के पदाधिकारी व सदस्य।






धुंध एवं कोहरा जारी
*****************************
*********************************
*********************************
******
कनीना की आवाज।  कनीना क्षेत्र में धुंध एवं कोहरा जारी है। विगत दिनों पाला पडऩे के बाद फिर से धुंध पड़ रही है। मंगलवार को सुबह धुंध पडऩे लगी है। यद्यपि सर्दी कम पड़ रही है। किसान अब प्रसन्न हैं। रात को बादल छाये रहे तथा मौसम बदलने से किसान प्रसन्न हैं। मौसम विभाग बूंदाबांदी की संभावना जता रहा है। किसान बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कृषि से जुड़े अधिकारी डा मनोज कुमार एवं डा देवेंद्र ने बताया कि धुंध एवं कोहरे से फसलों को लाभ मिलता है।








परीक्षा घबराकर नहीं शांत मन से दे



















-रटने की प्रक्रिया को छोड़ दे
**********************************
********************************************
***********************************************
कनीना की आवाज।  परीक्षा पास हैं और विद्यार्थी परीक्षाओं की तैयारी में हैं। ऐसे में शिक्षाविदों की टिप्स उन्हें बेहतर अंक लेने के लिए प्रेरित कर सकती है।
प्रो राजेश बंसल का कहना है कि अक्सर विद्यार्थी परीक्षा के नजदीक आते ही तनाव में आ जाते हैं। उन्हें अपने परिणाम का डर सताने लगता है। पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ हमें परीक्षा देनी चाहिए। परीक्षा की गहनता से तैयारी करनी चाहिए।  सबसे पहले हमें एक समय सारिणी बनानी होगी जिसमें पढ़ाई के लिए 8-10 घंटे रखना होगा। सुबह जल्दी उठकर, नित्य क्रिया से निवृत्त होकर, थोड़ी देर योग प्राणायाम एवं ध्यान करना चाहिए। इससे आपकी सेहत ठीक रहेगी एवं एकाग्रता और याददाश्त भी बढ़ेगी। उसके बाद हर विषय के लिए अपनी पढ़ाई के घंटे बराबर बराबर बांट दीजिए। क्योंकि परीक्षा के लिए सभी विषय महत्व के हैं। ऐसा न हो कि आप एक विषय को बहुत ज़्यादा समय दे एवं बाकी विषयों पर ध्यान न दें । अब  आपके पास परीक्षा के लिए मात्र 25 दिन है तो आप ज़्यादा से ज़्यादा अपने पढ़े हुए पाठ्यक्रम की दोहराई करें। अपने संक्षिप्त से नोट्स बना ले । महत्वपूर्ण फार्मूला, समीकरण, टेबल के रूप में लिख लें एवं उन्हें बार बार दोहराएं। कोशिश करें कि उन्हें लिख लिख कर याद करें और सबसे महत्वपूर्ण यह है कि पिछले 8 दस वर्षों के परीक्षाओं के जों प्रश्न पत्र है उन्हें अवश्य ही हल कर लें इससे आपका आत्मविश्वास बहुत मजबूत हो जाएगा। दो या तीन माक टेस्ट भी जरूर देकर देखें। इस से आपको समय प्रबंधन करने में मदद मिलेगी।
स्टेट अवार्डी शिक्षक विरेंद्र कैमला का कहना है कि एक और स्थानीय एग्जाम के साथ-साथ   कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड की परीक्षाओं का दौर शुरू हो चुका है वर्तमान में विद्यार्थियों के मन में प्री-बोर्ड परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसलिए विद्यार्थी के अंदर परीक्षाओं में पूर्ण सफलता का सबसे जरूरी है आत्मविश्वास का होना सभी विद्यार्थियों ने खुले मन- मस्तिष्क के साथ परीक्षा को बिना बोझ समझे तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने अपनी कक्षा -कक्ष में मस्ती के साथ पढ़ाई करनी चाहिए और किसी प्रकार का दबाव महसूस नहीं करना चाहिए। हमेशा निरंतरता सैर ,घूमना- फिरना, खेल आदि  को बनाए रखना चाहिए अभ्यास ही दबाव को कम करता है और परीक्षा को बोझ न समझ कर खुले मन से जब विद्यार्थी परीक्षा देगा तो निश्चित रूप से वह अव्वल परिणाम देगा। वह स्कोरिंग परीक्षा होगी जो बच्चे के आत्मविश्वास को निरंतर वृद्धि में सहायक होगी इसलिए विद्यार्थियों को बिना किसी भय झिझक के साथ परीक्षा की तैयारी करते रहना चाहिए और किसी प्रकार का दबाव महसूस नहीं करना चाहिए। एक अध्यापक ने भी अपने कक्षा- कक्ष में सभी विद्यार्थियों को इस प्रकार से प्रेरित करना चाहिए ताकि बच्चों का आत्मविश्वास निरंतर बना रह सकें।
फोटो कैप्शन: प्रो. राजेश बंसल एवं स्टेट अवार्डी शिक्षक विरेंद्र कैमला

No comments: