Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Wednesday, July 10, 2024


 
15 फवारा पाइप तथा छह नोजल चोरी
-कई पाइपों को तोड़ गए अज्ञात चोर
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कनीना की आवाज। कनीना के नरेश कुमार, वार्ड नंबर एक निवासी के खेत से अज्ञात चोर 15 फव्वारा पाइप और 6 नोजल चोरी कर ले गए। साथ में कुछ पाइपों को तोड़ भी गये। उन्होंने कनीना पुलिस में मामला दर्ज करवाया है। नरेश कुमार ने बताया कि मैं सीहोर रोड़ के बीच से उन्हाणी की ओर जाने वाले रास्ते पर 9 जुलाई की रात को 3 एकड़ भूमि पर कपास की फसल में 40 पाइप लगा रखे थे। जिन पर 13 पितल की नोजल लगाकर अपने घर आ गया। दस जुलाई को जब खेत में जाकर देखा तो कई पाइप तोड़े हुए थे और 15 पाइप और 13 नोजल चोरी कर ले गये किंतु तलाश करने पर 7 नोजल पड़ोसी के खेत में पड़े मिले। शेष 6 नोजल चोरी कर ले गये। उन्होंने 15 पंप पर 6 नोजल चोरी का मामला दर्ज करवा दिया है। उन्होंने मांग की है कि अज्ञात चोरों को पड़कर उनका चोरी हुआ सामान बरामद करवाया जाए।
फोटो कैप्शन 09: तोड़े हुए पाइप दिखाता हुआ किसान।







ककराला में लगाये पौधे, महिला सरपंच आई आगे
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव ककराला में सरपंच  नीलम देवी के नेतृत्व में पौधारोपण किया गया। इस मौके पर सरपंच नीलम देवी ने कहा कि पेड़ पौधों का हमारे जीवन में बहुत बड़ा महत्व है। मनुष्य को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगा कर उसका पालन पोषण करना चाहिए। इसी के साथ पौधों से भूमि कटाव रुकता है  और मनुष्य को आक्सीजन देकर उसे जीवन प्रदान करता है। इस मौके पर ओमप्रकाश (रिटायर्ड आर्मी), सुरेंद्र पंच,सुमन सुपरवाइजर,किरण योग टीचर,पवन सफाई कर्मचारी,राकेश इत्यादि उपस्थित रहें।
फोटो कैप्शन 12: पौधारोपण करते हुए महिला सरपंच।



लेख.......
बस अब कमी है तो सोशल मीडिया पर लिंग दिखाने की
-अश्लीलता भरी फोटो डालने में कोई कसर नहीं
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कनीना की आवाज। बुजुर्गों का आज से 50 साल पहले का जीवन बहुत शांत प्रिय और बेहद आनंददायक होता था। बुजुर्ग जो अनुभव एवं ज्ञान प्राप्त करके अपने बच्चों को देकर गए वह उच्च कोटि का रहा है। बीता हुआ युग अब शायद लौटकर नहीं आएगा। जब से मोबाइल क्रांति आई है वास्तव में जीवन को बदल कर रख दिया, यह दूसरे जन्म जैसा नजर आता है। आज से 100 साल पहले कोई व्यक्ति जिसकी मौत हो गई उसे जीवित करके आधुनिक तकनीक वाले कमरे में बिठा दिया जाए तो निश्चित रूप से कुछ घंटे में पागल हो जाएगा और उसकी मौत हो जाएगी। क्योंकि विज्ञान प्रगति पर है और मरे हुए व्यक्ति को जीवित करने के लिए काफी सफलता मिल गई है। देशभर में मृत करीब 200 व्यक्तियों ने तो अपनी मम्मी बनवाकर डीप फ्रीज करवा रखी है ताकि वक्त आने पर उन्हें जीवित किया जा सके। तकनीक के आगे सर झुकाने को जी करता है, बहुत कुछ बदल दिया जितनी सुख सुविधा प्रदान की उससे कहीं अधिक दुख दुविधाएं प्रदान की हैं। आज के दिन सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर न जाने क्या-क्या ऊलजलूल वीडियो, फोटो, चैटिंग एवं अन्य जानकारी आदि डाली जाती है। अधिकांश लोग तो अल्प ज्ञान के कारण उल्टी सीधी बातें ही डालते रहते हैं। एक वक्त था जब इंसान बिना पोशाक की अपनी फोटो खिंचवाने से डरता था किंतु आज तो निडर होकर बिना कपड़ों के फोटो खिंचवाने के लिए खुशी-खुशी तैयार हो जाता है और आने वाले वक्त में पूर्ण रूप से नग्न फोटो डाले जाने की हौड़ लगा करेगी और लिंगों की फोटो प्रतियोगिता भी आयोजित हुआ करेंगी। कहने और सुनने में तो अटपटा लगता है लेकिन यह दिन अधिक दूर नहीं है। आज के दिन कैसे हगते हैं, कैसे मूतते हैं और कैसे सेक्स करते हैं आदि प्वाइंट की ओर बहुत करीब पहुंच आ गए हैं। कुछ तन के कपड़े बेचने वाले, अंडरवियर बेचने वाले, महिला और पुरुषों के तन वस्त्र बेचने वाले तो नग्रता की सारी हदें पार कर गए हैं। महिला एवं पुरुष के लिंग को अल्प ढकने वाले वस्त्र सरेआम फोटो के साथ बेचे जा रहे हैं एवं कितनी दवाइयां पौरुष तत्व को बढ़ाने एवं लिंग से संबंधित विज्ञापनों के जरिये बेची जा रही हैं। अगर मोबाइल खोल कर देखा जाए तो सबसे बहुत अधिक संख्या में ऐसी फोटो आती है जिनको देखकर मन में अनेकों विचार आते हैं। जीवन भर जिन्होंने पाप किया, अधर्म एवं अत्याचारों पर चलकर जन का बुरा किया वो भी गंगा में डुबकी लगाकर केवल अंडरवीयर में फोटो खिंचवा कर डालते हैं और लाइक करने वाले भी कुछ कम नहीं है उसे शाबाशी देने में कसर नहीं छोड़ते। कितने ऐसे लोग हैं जो अपनी पत्नी को खाना खिलाते हुए साथ खाते हुए फोटो डालते हैं। बुजुर्ग तो यह कहते थे कि खाना छुपाकर खाना चाहिए परंतु आजकल तो वीडियो बनाकर खुशी-खुशी डाली जाती है कि मैं अपनी पत्नी को कैसे खाना खिलाया, कैसे प्यार किया? यहां तक की शरीर पर बनियान तक नहीं है और अंडरवीयर में फोटो बड़ी ही हंसमुख तरीके से खिंचवा कर डाली जाती है। कितने ही लड़के और लड़कियों के बीच 
अश्लील चैटिंग सोशल मीडिया प्लेटफार्म के आने लगी है। कितने ही तब लड़कियों ने तो स्कूल में मिले टैब का तबला बना दिया। बहुत सी लड़कियों ने तो टैब का साफ्टवेयर तुड़वाकर अश्लील चैटिंग, मीटिंग, रोमांस की बातें लिख डाली। हुआ यूं कि टैब वापस देते समय रोती नजर आई कि उनकी तो पोल ही खुल गई।  वास्तव में सोशल मीडिया एक बुराई बनती जा रही है। एक वक्त था जब होने वाले पति-पत्नी को आपस में नहीं मिलाया जाता था, जब तक शादी न हो जाए? अब तो शादी से पहले ही रोमांस करके शादीशुदा वाले आनंद उठा लिये जाते हैं। और अपने रोमांस की फोटो तक शादी समारोह में लगवाने लगे हैं। अगर कोई विरोध करें तो बस एक जवाब मिलता है-आप बूढ़े हो गये, आपको क्या ज्ञान कि रोमांस क्या होता है? अफसोस होता है कि आने वाले समय में क्या हाल होगा? धोखा फरेब बढ़ गया है, कितने विज्ञापन धोखे से भरे हुए हैं, लोग एक दूसरे को धोखा देने पर लगे हुए हैं, जिसमें बहुत सी लड़कियां लड़कों के चंगुल में फंसती नजर आती है और धोखे होते हैं। पहले लड़कियों के भागने के कोई किस्सा सामने आता था तो पास पड़ोस के लोगों को भी शर्म आती थी, दर्द महसूस करते थे आज तो ऐसी बातें खुशी से बताई जाती है कि फलां की लड़की किसके संग भाग गई। पहले सात फेरे दिए जाते थे फिर आठ फेरे कर दिए फिर न जाने क्या क्या मिलान करने लग गये। गण भी मिलाये जाने लगे, अब तो लड़के लड़कियों की डाक्टरी रिपोर्ट भी मांगी जाने लगी और भविष्य में यदि यही हाल हुआ तो लड़के और लड़कियों की लिंग की फोटो भी मांगी जाया करेगी? कहने को तो अटपटा लगेगा परंतु यह दिन कोई ज्यादा दूर नहीं है। निश्चित रूप से ऐसा होगा। कवि की कल्पनाएं कई गलत सिद्ध नहीं होती। आज के जिस दौर में अश्लील वीडियो चैटिंग, फोटो डाली जा रही है उन्हें धीरे-धीरे लोग सहन करने लग गए हैं। पर आने वाले समय में तो ऐसी फोटो ग्रुप में नहीं डाले जाने वाले को तो ग्रुप से रिमूव कर दिया जाएगा या उसे नपुंसक माना जाएगा। ऐसे में आने वाला समय बहुत खतरनाक होगा।





हल्की बूंदाबांदी के हैं आसार
-अब तक कनीना में जून-जुलाई में हुई 81 एमएम वर्षा
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कनीना की आवाज। हरियाणा एनसीआर दिल्ली में पिछले कई दिनों से मानसून कमजोर और सुस्त पड़ा हुआ है हरियाणा के अभी भी 13 जिलों में मानसून वर्षा की कमी बनी हुई है जबकि केवल 9 जिलों में मानसून बारिश सामान्य से अधिक दर्ज हुई है। 1 जून से 9 जुलाई तक हरियाणा राज्य में कुल 72.5 मिली मिलीमिटर बारिश दर्ज हुई है जबकि इस दौरान सम्पूर्ण राज्य में  84.4 मिलीमीटर सामान्य वर्षा होती है जो सामान्य से 18त्न कम बनीं हुईं हैं। सम्पूर्ण हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अभी भी मानसून की सक्रियता नहीं बन रही है। परन्तु जल्द ही हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर मानसून सक्रियता होने की संभावना बन रही है। मौसम विशेषज्ञ डॉ चंद्र मोहन ने बताया कि हरियाणा राज्य में  मानसून ब्रेक और  कमजोर मानसून की स्थिति बनी हुई है आधा से ज्यादा जिलों में मानसून बारिश में कमी  बनी हुई है। अभी तक हरियाणा के पश्चिमी और दक्षिणी जिलों में लगातार मानसून मेहरबान रहा है यहां बारिश सामान्य से ज्यादा दर्ज हों रही है जबकि उत्तरी और पूर्वी जिलों में अभी भी मानसून की झमाझम बारिश की दरकार बनीं हुईं हैं । हरियाणा एनसीआर दिल्ली के दक्षिणी हिस्सों पर आज भी उत्तर-पूर्वी राजस्थान के ऊपर एक चक्रवातीय सर्कुलेशन (परिसंचरण तंत्र )बना हुआ है । जिसका आंशिक असर देखने को मिल रहा है आज बुधवार को भी हरियाणा एनसीआर दिल्ली के दक्षिणी जिलों महेंद्रगढ़, रेवाड़ी गुडग़ांव फरीदाबाद पलवल मेवात और सोनीपत में कहीं कहीं बिखराव वाली छिटपुट बूंदा-बांदी/बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही है। हरियाणा एनसीआर दिल्ली के दक्षिणी हिस्सों पर मानसून के आगमन 28 जून से लेकर लगातार मेहरबान है।11 जूलाई को एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से एक चक्रवातीय सर्कुलेशन पंजाब पर बनेगा इस दौरान मानसून ट्रफ लाइन अपनी सामान्य स्थिति यानी हरियाणा एनसीआर दिल्ली पर पहुंचने की सम्भावना बन रही है जो आज बुधवार को भी राजस्थान से होकर गुजर रही है मानसून ट्रफ मध्य समुद्रतल पर अब जैसलमेर, कोटा, शिवपुरी, डालटनगंज, पुरुलिया, 
कोंटई से होकर पूर्व की ओर पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी  तक विस्तृत है। इन सभी मौसम प्रणालियों की वजह से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में एक बार फिर से मानसून में सक्रियता बनने की संभावना बन रही है । 11-14 जुलाई के दौरान हरियाणा एनसीआर दिल्ली के उत्तरी और पूर्वी जिलों में   मेघ गर्जन के साथ हल्की मध्यम बारिश  और कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। जबकि शेष हरियाणा एनसीआर दिल्ली में इस दौरान हल्की बारिश बूंदाबांदी देखने को मिलेगी। इस मौसम प्रणालियों द्वारा पिछली मौसम प्रणाली से विपरीत स्थानों पर बारिश की गतिविधियों की संभावना है पिछली बार पश्चिमी और दक्षिणी जिलों पर ज्यादा असर रहा इस बार उसके विपरीत उत्तरी और पूर्वी जिलों में ज्यादा असर देखने को मिलेगा। पूरे यूपी, हरियाणा और राजस्थान, एमपी के कुछ हिस्सों में ब्रेक चरण के दौरान अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बिखराव वाली बारिश बूंदा-बांदी देखने को मिल रही है । अगले 2 दिनों के दौरान यूपी और बिहार में बारिश धीरे-धीरे बढ़ेगी।  आज हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर रात्रि तापमान 25.0 डिग्री सेल्सियस और 29.0 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया जबकि राज्य में आज अधिकतर स्थानों पर दिन के तापमान 35.0 डिग्री सेल्सियस और 38.0 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है मानसून गतिविधियां न होने से धीरे-धीरे सम्पूर्ण इलाके में तापमान में बढ़ोतरी और प्रचुर मात्रा में नमी से आमजन को पसीने वाली उमसभरी गर्मी से रूबरू होना पड रहा है। अभी भी हरियाणा के जिलों में मानसून बारिश की कमी बनी हुई है जबकि केवल जिलों में मानसून गतिविधियां सामान्य से अधिक बनीं हुईं हैं। आज जिला महेंद्रगढ़ में राजस्थान पर बने परिसंचरण तंत्र का आंशिक असर साफ तौर पर देखने को मिला । दोपहर बाद नारनौल और आसपास निजामपूर नांगल चौधरी और कनीना के आसपास बिखराव वाली हल्की बारिश बूंदा-बांदी की गतिविधियां देखने को मिलीं जबकि आज सतनाली अटेली और महेंद्रगढ़ में आज बारिश नदारद रही । जिला महेंद्रगढ़ में नारनौल पर मानसून  बारिश लगातार अपने रंग दिखा रही हैं। आज जिला महेंद्रगढ़ में नारनौल और महेंद्रगढ़ का रात्रि और दिन के तापमान क्रमश:  27.5, 36.5डिग्री सेल्सियस और 27.1,38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।




वर्षा के बाद दिखाई दिये रेन बग
-तीज के पर्व के पास अक्सर मिलने से इन्हें कहते हैं तीज
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कनीना की आवाज।  कनीना एवं आस पास क्षेत्रों में अब तक 81 एमएम वर्षा होने के बाद  मखमली गहरे लाल रंग के जीवों के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ गया है। इन्हें ग्रामीण लोग तीज नाम से जानते हैं। तीज के पर्व पर ये निकलने के कारण ऐसा नाम दिया गया है। ये दुर्लभ जीव वर्षा के बाद ही निकलते हैं। अब तक जून एवं जुलाई में 81 एमएम वर्षा हो चुकी है तथा तीज का पर्व 7 अगस्त को मनाया जा रहा है।
  क्षेत्र में वर्षा होने के बाद मखमली गहरे लाल रंग के जीव जिन्हें ग्रामीण तीज नाम से जानते हैं, काफी मात्रा में निकलने लग गए हैं। ये जीव केवल वषा के बाद और वो भी हरियाली तीज के नजदीक आने का संकेत देते हैं जिनके कारण इन्हें तीज नाम से जाना जाता है। इन जीवों को बच्चे पकड़कर खेलते देखे गए हैं। बुजुर्ग बताते हैं कि ये केवल जुलाई एवं अगस्त माह र्की वषा के बाद ही निकलते हैं बाकी किसी भी बारिश में नहीं दिखाई देते हैं। वास्तव में इनका नाम रेन बग या रेड वेल्वेट माइटस भी है।
क्या कहते हैं जीव शास्त्री-
क्षेत्र के वनस्पति शास्त्री रविंद्र कुमार का कहना है कि ये 'रेन बग या रेड वेल्वेट माइट्स कहलाते हैं जो नर एवं मादा अलग-अलग होते हैं। ये बारिश में निकलते हैं और दवाओं में काम आते हैं। लकवा के रोग में तथा शारीरिक शक्ति बढ़ाने के काम आते हैं जिन्हें दवा बनाने वाले सूखाकर रख लेते हैं। उन्होंने बताया कि इनका वैज्ञानिक नाम ट्रोंबिडियम स्पीशिज है।
क्या कहते हैं बच्चे-
इन जीवों को बच्चे पकड़कर अपनी ज्योमेट्री बाक्स में रख लेते हैं और विद्या को बढ़ाने वाले मानते हैं। बच्चों से बात करने पर उन्होंने बताया कि ये जीव छूने पर अच्छा महसूस कराते हैं। मिट्टी से निकलने वाले ये जीव देखने में अति मनमोहक होते हैं।
फोटो कैप्शन 11: वर्षा के बाद खेतों में निकले रेन बग।








उन्हाणी के पास नहर के पुल का हो रहा है रिसाव
-सड़क हो चुकी है जर्जर
-समस्या समाधान कैंप में भी उठाई मांग
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कनीना की आवाज। कनीना-महेन्द्रगढ़  सड़क मार्ग पर उन्हाणी गांव के पास रामपुरी नहर की पुलिया में पानी का रिसाव होने से सड़क में चौड़े-चौड़े गड्डे बन गए हैं। जिसके कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। यात्री तथा वाहन चालक भारी परेशान हैं। ग्रामीणों ने तत्काल रिसाव रोकने तथा गड्डे भरकर सड़क की मरम्मत करने की मांग की है।
ग्रामीण दिनेश कुमार, सुरेश कुमार, मनोज कुमार, महेश अनुसार नहर विभाग तथा पीडब्ल्यूडी विभाग की रस्सा कस्सी के कारण लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। नहर विभाग न तो जर्जर पुलिया को ठीक कर पानी का रिसाव बंद कर रहा है और न ही पीडब्ल्यूडी विभाग गड्डो को भरकर सड़क की मरम्मत कर रहा है परिणामस्वरूप रोजाना हजारों यात्रियों व वाहन चालकों को परेशान होना पड़ रहा है। आए दिन हादसे हो रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी राजकीय महिला कॉलेज उन्हाणी की छात्राओं को उठानी पड़ रही है। जर्जर सड़क के कारण लगातार छात्राएं दुर्घटनाग्रस्त हो रही हैं।
 उन्हाणी की इस सड़क का मुद्दा जन संवाद नारनौल में भी उठा था किंतु अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। इस संबंध में एक्षन पीडब्ल्यूडी, जेई इरिगेशन से बात की तो उन्होंने एक दूसरे पर बात का टाल दिया। बहरहाल नेता इस मुद्दे को उठा रहे हैं। यह सड़क मार्ग विगत वर्ष बना था किंतु वर्तमान में उन्हाणी के पास लगभग समाप्त हो गया है। उधर बुधवार को कनीना में लगे समस्या समाधान कैंप में डा अजीत कुमार एवं डा नरेश वर्मा एसडीएम सुरेंद्र सिंह से इस संबंध में मिले और उन्होंने समस्या समाधान का आश्वासन दिया। उधर बलराज जांगड़ा एवं तदनेश, महेश आदि ने भी समस्या का समाधान करवाने के लिए पीडब्ल्यूडी एवं जनस्वस्थ्य विभाग को पत्र प्रेषित करके करोड़ों रुपये की लागत से बनी कनीना-महेंद्रगढ़ सड़क मार्ग की सुध लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह सड़क मार्ग स्टेट हाई-वे 24 नाम से जाना जाता है जिस पर आये दिन नेता, हजारों राहगीर एवं गणमान्य जन गुजरते हैं किंतु कोई भी समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। बारिश के कारण समस्या और भी विकराल बन गई है।
फोटो कैप्शन 10: उन्हाणी के पास नहर के पुल का रिसाव होने से जर्जर सड़क मार्ग।









कनीना के यूरोलोजिस्ट डा. राजेंद्र सिंह को किया गया सम्मानित
--कनीना के निवासी हैं डा राजेंद्र सिंह यादव
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कनीना की आवाज। कनीना के जाने माने यूरोलाजिस्ट एवं विदेशों तक धाक जमाने वाले डाक्टर राजेंद्र यादव को दिल्ली में बतौर यूरोलाजिस्ट सम्मानित किया गया। बाबू वेद प्रकाश कनीना के परिवार से डा राजेंद्र यादव संबंध रखते हैं तथा यूरोलाजिस्ट बतौर उनकी प्रसिद्धि है। इस मौके पर उन्हें सम्मान मिलने पर कनीना एवं आसपास के लोगों ने बधाई दी है। बधाई देने वालों में पंकज एडवोकेट, प्रकाश, सुनील कुमार, रवि कुमार, सुरेश कुमार सहित विभिन्न जन प्रमुख है। फोटो कैप्शन 07: डाक्टर राजेंद्र यादव को सम्मानित करते हुए।













एक पौधा मां के नाम लगाकर एसडीएम ने की पौधारोपण की शुरुआत
-विभिन्न कर्मचारियों द्वारा लगाए गए एक सौ पौधे
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कनीना की आवाज।  कनीना नगर पालिका परिसर के पास एक पौधा मां के नाम पर एसडीएम कनीना सुरेंद्र सिंह के हाथों से लगवाकर पौधारोपण की शुरुआत की गई। इस मौके पर विभिन्न कर्मचारी ने 100 विभिन्न छायादार और फलदार पौधे लगाए जिनमें पापड़ी, आंवला, करेला, नींबू, बरगद आदि प्रमुख है।
एसडीएम कनीना ने कहा कि आज के दिन प्रदूषण बढ़ रहा है। प्रदूषण को कम करने का एकमात्र जरिया पौधारोपण है। यदि अधिक से अधिक पौधे लगाए जाएंगे तो निश्चित रूप से भविष्य में इस प्रकार की प्रदूषण की कोई समस्या नहीं रहेगी। उन्होंने हर व्यक्ति को एक-एक पौधा लगाने और उसकी देखरेख करने की अपील की। इस मौके पर सुरेंद्र सिंह बाबू सहित विभिन्न कर्मचारी मौजूद रहे।
 फोटो कैप्शन 3: पौधारोपण करते हुए एसडीएम कनीना








दूसरे दिन भी चलाया अतिक्रमण हटाओ अभियान
--दुकानदारों ने झटके से अपना सामान किया अंदर
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में नगर पालिका द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। मौके पर दुकानों के बाहर रखे हुए सामान को सरकारी गाडिय़ों में डालकर नगर पालिका परिसर में डाल दिया गया। एसडीएम सुरेंद्र सिंह की देखरेख में चलाए गए अभियान में विभिन्न कर्मचारी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि गत दिवस जहां एसडीएम के आदेश पर होर्डिंग और बैनर हटाए गए थे, वहीं बुधवार को दुकानों के बाहर रखा हुआ सामान जब्त किया गया। नगर पालिका की गाड़ी देखते ही हलचल मच गई। जल्दी-जल्दी दुकानदारों ने अपनी दुकान की बाहर रखा हुआ सामान अंदर किया। कुछ समय में ही सभी दुकानदारों ने सारा सामान दुकानों के अंदर कर लिया।
 उल्लेखनीय है कि अतिक्रमण की बहुत जरूरत है। कनीना में अतिक्रमण सिर चढ़कर बोलता है। कनीना बस स्टैंड समक्ष गुजरने वाले रेवाड़ी महेंद्रगढ़ मार्ग पर तो दुकानदारों ने सड़क तक अपना सामान रखा हुआ है।
जब सामान को कोई छू जाता है तो दुकानदार मार पीटाई पर उतर आते हैं। दुकान के अंदर समान कम रखा है जबकि दुकानों से बाहर सामान अधिक रखा जाता है। ऐसी होड़ लगी हुई है जिसके चलते दूर दराज तक केवल दुकानों के बाहर सामान नजर आता है। जब तक सख्ती नहीं बरती जाएगी यूं ही दुकानदारों को सामान बाहर रखा दिखाई देगा और आवागमन प्रभावित होता रहेगा। लोगों ने एसडीएम से मांग की है कि इस प्रकार का कार्यक्रम हर रोज चलाया जाए।
 फोटो कैप्शन 04: दुकानों के बाहर रखा हुआ अतिक्रमण हटाते हुए नगर पालिका कर्मी।








पोता में आयोजित हुई किसान गोष्ठी
-100 किसानों ने लिया भाग
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कनीना की आवाज। गांव पोता खण्ड कनीना में भारतीय किसान संघ जिला महेंद्रगढ़  ने एक किसान सभा का आयोजन किया। इसमें 100 किसानों ने भाग लिया। देवेंद्र यादव पूर्व कृषि अधिकारी  एवं प्रांत  कार्यकारिणी सदस्य भारतीय किसान संघ हरियाणा ने इस मौके पर बाजरे की देखरेख करने तथा कीटों से बचाने के तरीके बताये वहीं मूंग फसल पर भी बल दिया क्योंकि मूंग की मांग भी अधिक है और किसानों के लिए दाल के रूप में काम भी आ सकते हैं।
इस मौके पर एक पेड़ मां के नाम लगाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर श्री बिल्लू यादव को सर्वसम्मति से खण्ड कनीना भारतीय किसान संघ का अध्यक्ष बनाया गया। इस मौके पर अशोक वर्मा, बिजेंद्र सिंह, रणबीर सिंह, लाल सिंह पंच, हनुमान सिंह आदि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: किसान गोष्ठी का पोता में आयोजन
           02: पौधारोपण करते हुए।





























पाथेड़ा में आयोजित हुई विभिन्न प्रतियोगिताएं
-वंदना रही निबंध में प्रथम
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कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पाथेड़ा में एक भारत ,श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत कलस्टर स्तरीय रोल प्ले, निबंध लेखन, स्लोगन, पोस्टर मेकिंग, फाक डांस आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्राचार्य ओमकुमार यादव ने बताया कि एबीआसी रीना, प्रियंका, हनुमान सिंह एवं राकेश कुमार अगिहार ने निर्णायक  की भूमिका निभाई । कक्षा वर्ग 6 -8 में निबंध में वंदना पाथेड़ा, पोस्टर मेकिंग में ईशा पाथेड़ा, फाक डांस में कोमल अगिहार तथा रोल प्ले में कनिका पाथेड़ा की टीम विजयी रही।
वहीं कक्षा वर्ग 9-12 में स्लोगन में पल्लवी अगिहार तथा निबंध में सोनिया पाथेड़ा ने बाजी मारी। अपने अध्यक्षीय भाषण में प्राचार्य ओम कुमार यादव ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएँ बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है । उन्होंने प्रतियोगिता में पधारे कलस्टर के सभी अध्यापकों व  प्रतिभागी बच्चों का धन्यवाद किया । इस अवसर पर पाथेड़ा का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा ।
फोटो कैप्शन 06: बच्चे विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेते हुए।













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