मौसम बदला, आंधी चली, पेड़ गिरे
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कनीना की आवाज। क्षेत्र में गुरुवार शाम को अचानक मौसम बदल गया और तेज अंधकार के साथ साथ बूंदा बांदी हुई। पिछले कुछ दिनों पहले आई आंधी में सिविल अस्पताल कनीना में खड़ा वर्षों पुराना पेड़ गिर गया। गनीमत रही कि उस समय आस पास कोई नहीं था वरना कोई भी अनहोनी हो सकती थी। मगर अब तक पेड़ को हटाया नहीं गया है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में तापमान में बढ़ोतरी और गिरावट दर्ज होती रही है। जगह जगह अंधकार से पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की घटना प्रकाश में आती रही है। जिस कारण बिजली और पेय जल व्यवस्था लंबे समय तक ठप रही। प्रशासन भी लाचार नजर आया।
फोटो कैप्शन 07: अंधड़ से गिरे पेड़
हरियाणा में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
- स्वास्थ्य विभाग और मेदांता फाउंडेशन के बीच हुआ समझौता
- इस पहल से क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार होगा : आरती सिंह राव
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कनीना की आवाज। हरियाणा में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने आज महेंद्रगढ़ जिले के अटेली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अपग्रेडेशन और संचालन को मजबूत करने के लिए मेदांता फाउंडेशन पुअर एंड नीडी पेशेंट्स वेलफेयर ट्रस्ट के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव तथा मेदांता फाउंडेशन के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ नरेश त्रेहन इस एमओयू को एक्सचेंज किया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा , मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च के निदेशक यशेंद्र सिंह ,हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री मनोज कुमार , स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के महानिदेशक डा. मनीष बंसल , निदेशक डा. ब्रह्मदीप भी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस एमओयू को प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने सरकार और मेदांता के इस सहयोग की सराहना करते हुए बताया कि यह सहयोग सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार होगा और लोगों को अपने घर के नजदीक ही बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
उन्होंने बताया कि इस साझेदारी के तहत अटेली के स्वास्थ्य केंद्र को 50 बिस्तरों वाले उप-मंडल अस्पताल (सब-डिविजनल अस्पताल) के रूप में अपग्रेड किया जाना प्रस्तावित है, जिसके बाद रेवाड़ी के मीरपुर और गुरुग्राम के फर्रुखनगर में भी इसी तरह के सुधार किए जाएंगे। इस रणनीतिक साझेदारी का मुख्य उद्देश्य बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाकर, विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करके, स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता निर्माण और सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं, नवजातों और बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाना है।
मेदांता फाउंडेशन के चेयरमैन डा. नरेश त्रेहन ने बताया कि इस समझौते के तहत मेदांता फाउंडेशन अटेली में एक समर्पित सिजेरियन सेक्शन ऑपरेशन थिएटर की स्थापना, लेबर रूम का नवीनीकरण, अल्ट्रासाउंड और डायग्नोस्टिक उपकरणों की स्थापना के साथ-साथ मातृ एवं नवजात देखभाल सेवाओं को मजबूत करने और एक एनीमिया स्क्रीनिंग क्लिनिक स्थापित करने में पूरा सहयोग देगा।
स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख सचिव डॉ सुमिता मिश्रा ने बताया कि यह फाउंडेशन एक स्वीकृत सेवा प्रदाता के माध्यम से स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट सहित विशेषज्ञ चिकित्सा जनशक्ति की उपलब्धता भी सुनिश्चित करेगा। इस अनूठी पहल से क्षेत्र के लोगों को प्रिवेंटिव और क्यूरेटिव आउटपेशेंट सेवाएं, महिलाओं के लिए कैंसर स्क्रीनिंग, प्वाइंट-ऑफ-केयर डायग्नोस्टिक टेस्टिंग, नवजातों के लिए कंगारू मदर केयर सुविधाएं, एम्बुलेंस सहायता और समुदाय में नियमित स्वास्थ्य आउटरीच कैंप जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं मिल सकेंगी।
उन्होंने जानकारी दी कि यह समझौता शुरुआत में तीन साल की अवधि के लिए किया गया है, जिसे आपसी सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकता है। इस व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य विभाग आवश्यक बुनियादी ढांचा, उपयोगिताएं, दवाएं, प्रयोगशाला और डायग्नोस्टिक सहायता प्रदान करेगा, जबकि मेदांता फाउंडेशन तकनीकी विशेषज्ञता, उपकरण, क्षमता निर्माण और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में अपना योगदान देगा।
आरती सिंह राव ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सहयोग हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और राज्य के लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
उधर कनीना के पार्षद एवं एडवोकेट दीपक चौधरी ने आरती सिंह राव का आभार जताया है और कहा है कि इससे समाज का हित होगा।
फोटो कैप्शन 06:अटेली अस्पताल में निजी अस्पताल के डाक्टर समझौता करते हुए
लड़का गुम, गुमशुदगी का मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना निवासी साहिल उम्र 18 साल मोटरसाइकिल को लेकर घर से निकला था वापस नहीं आया। उनके पिता ने गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया है। पीडि़त के पिता नीतू ने पुलिस में बताया कि उनका लड़का साहिल उम्र 18 वर्ष है मोटरसाइकिल पर फेरी का काम करता है तथा 7 जून को घर से बिना बताए कहीं चला गया वापस नहीं लौटा। उनके बयान पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है।
दो लोगों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव चेलावास में एक व्यक्ति ने महिला के सिर में लठ मार कर उसकी हत्या कर दी। मनोज नामक व्यक्ति ने दो लोगों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज करवाया है। मनोज नामक व्यक्ति ने कहा है कि वह चेलावास का निवासी है और उसके माता-पिता का देहांत हो चुका है। वे दो भाई व उसकी दो बहने है। मनोज पुत्र राजकपूर और उसकी बहाने शादीशुदा है किंतु उनका बड़ा भाई अमित उर्फ गरडू विवाहित है। जबकि मनोज की शादी अंजली, रामनगर ,अमेठी यूपी से हुई है। इसकी उम्र 23 साल है। मनोज ने कहा कि हम दोनों भाई एक ही मकान में रहते हैं। बड़ा भाई शराब पीने का आदि है। बुधवार की शाम को करीब 6 बजे अमित शराब के नशे में घर आया और मनोज की पत्नी से पैसे मांगने लगा। अंजलि ने कहा कि मेरे पास पैसे नहीं है। अमित ने कहा कि मनोज पुत्र राजपाल मेरे 30000 रुपए मांगता है। मनोज पुत्र कपूर का आरोप है कि मनोज पुत्र राजपाल इसको शराब पिलाता है । इस वजह से अमित अंजलि के साथ झगड़ा किया और सिर में लठ मारा जिससे अंजलि की मौत हुई है। मनोज पुत्र राजकपूर अंजलि के सिर में लठ मारकर फरार हो गया। अंजलि को अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। कनीना पुलिस ने अमित पुत्र राज कपूर तथा मनोज पुत्र राजपाल के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
अमित उर्फ गरडू शराबी किस्म का है तथा उसका भाई मनोज खेती बाड़ी का काम करता है। कुछ वर्ष पहले अमित पर अपने पिता को ईंट मारकर हत्या करने का आरोप लगा था वो मामला रफा दफा हो चुका है। मृतका अंजली का हत्यारा अभी गिरफ्त से बाहर है। पुलिस जल्द ही गिरफर करने की बात कह रही है। बहरहाल मृतका के शव का पोस्टमार्टम करवा उनका अंतिम संस्कार गांव चेलावास में कर दिया गया है।
अंग्रेजी के प्रवक्ता को पितृ शोक
-सामाजिक कार्यकर्ता के निधन पर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने जताया शोक
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कनीना की आवाज। प्रमुख समाजसेवी एवं भूतपूर्व समाज शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी रघुबीर प्रसाद कौशिक का कल चौरासी वर्ष की आयु में उनके पैतृक गांव झगड़ोली में स्वर्गवास हो गया। वर्ष 2000 में सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अपना सारा ध्यान सामाजिक सेवाओं पर केंद्रित किया उन्होंने सार्वजनिक जीवन में गौशालाओं के लिए चंदा अनाज व भूसा एकत्रित करने में, तथा अन्य सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। उनके निधन पर गांव के सरपंच दिनेश सोनी ब्राह्मण सभा के प्रधान दिनेश चंद्र वैद्य, पूर्व सीनियर मैनेजर गजानंद शर्मा, पूर्व आबकारी एवं कराधान आयुक्त नरेंद्र कौशिक,मुख्य अध्यापक नरेश कुमार शर्मा पूर्व प्राचार्य ओम प्रकाश सैनी , गांव माजरा खुर्द के सरपंच प्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीण यादव, पूर्व सरपंच भंवर सिंह,राजेंद्र सोनी नंबरदार, राजवीर नंबरदार,कालूराम लाटा, सतीश लाटा,परमानंद भजनी सहित अनेक सामाजिक संगठनों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। उनके शोकाकुल परिवार में उनकी धर्मपत्नी संतरा देवी, शिक्षा विभाग हरियाणा में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत उनके पुत्र महेश कुमार कौशिक एवं मदन मोहन कौशिक, उनकी दो पुत्री तथा चार पौत्र एवं एक पौत्री शामिल हैं।
फोटो कैप्शन: रघुवीर प्रसाद
कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जन-जागरण अभियान का शुभारंभ
- बेटियों के सम्मान और सशक्तिकरण का लिया संकल्प
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कनीना की आवाज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सेहलंग में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभा यादव के नेतृत्व में कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम एवं बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत एक भव्य जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई के विरुद्ध व्यापक जन-जागरण अभियान का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना तथा लिंगानुपात में सुधार लाना है।
कार्यक्रम में सभी चिकित्सा अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मचारियों एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया तथा कन्या भ्रूण हत्या को जड़ से समाप्त करने, बेटियों को समान अधिकार, सम्मान एवं अवसर प्रदान करने की शपथ ली। उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने समाज के प्रत्येक वर्ग तक जागरूकता संदेश पहुंचाने तथा बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में डॉ. प्रभा यादव ने कहा कि बेटियां किसी भी समाज की शक्ति, सम्मान और भविष्य की आधारशिला हैं। कन्या भ्रूण हत्या न केवल एक अपराध है बल्कि मानवता के विरुद्ध भी एक गंभीर सामाजिक अपराध है। हमें मिलकर ऐसी मानसिकता को बदलना होगा जो बेटियों को बोझ समझती है।
उन्होंने कहा कि एक शिक्षित और सशक्त बेटी पूरे परिवार और समाज को नई दिशा देती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह बेटियों के जन्म का स्वागत करे, उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराए और उनके सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करे।
डा. यादव ने कहा कि सीएचसी सेहलंग द्वारा शुरू किया गया यह जन-जागरण अभियान गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाया जाएगा, ताकि लोगों को कन्या भ्रूण हत्या के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जा सके तथा बेटियों के प्रति सम्मान और समानता की भावना को मजबूत किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने लोगों से अपील की कि वे कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएं तथा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने में अपना योगदान दें।
फोटो कैप्शन 02= भ्रूण हत्या के विरुद्ध अभियान चलाते हुए
विश्व गुरु बनने की राह में योग सबसे बड़ा माध्यम - एसडीएम
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कनीना की आवाज। जिला उपायुक्त के निर्देशन में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में पीकेएसडी कालेज, कनीना में तीन दिवसीय योग प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कनीना के एसडीएम डा. जितेंद्र अहलावत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
अपने संबोधन में डा. अहलावत ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनता है। स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाकर हम स्वयं को स्वस्थ रखते हुए देश को प्रगति एवं विश्व गुरु बनने की दिशा में अग्रसर कर सकते हैं।
कार्यक्रम का संचालन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ आध्यात्मिक गीत प्रेम से बस दो घड़ी" से किया गया, जिसने उपस्थित योग साधकों को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने बताया कि विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम शरीर और मन को स्वस्थ रखने के साथ-साथ जीवन शक्ति को बढ़ाने में सहायक हैं। स्वस्थ व्यक्ति समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होता है। आयुष विभाग के योगाचार्यों ने उपस्थित प्रतिभागियों को विभिन्न योगासनों एवं प्राणायामों का अभ्यास करवाया तथा उनके स्वास्थ्य संबंधी लाभों की विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डा. शशि मोरवाल, होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डा. नेहा यादव, खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार यादव, नगर पालिका सचिव कपिल कुमार, राजकीय महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य डा. हरिओम भारद्वाज, हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) के जिला प्रधान अरविंद यादव, प्राचार्य सुनील खुडानिया, हेडमास्टर किशन लाल सहित विभिन्न विभागों के लगभग 350 शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार यादव ने बताया कि खंड शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी आगामी दो दिनों तक आयोजित योग प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करेंगे तथा 20 एवं 21 जून को आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमों में भी अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि योग केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का सतत अभियान है।
फोटो कैप्शन 03: कनीना कालेज में योग करते हुए एसडीएम सहित कर्मी एवं अधिकारी
कनीना के अस्पताल एवं पेयजल सप्लाई को जोड़ा जाए हाटलाइन से
-कभी दोनों जुड़े थे हाटलाइन से
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कनीना की आवाज। कनीना की पेयजल सप्लाई और उप-नागरिक अस्पताल को हाटलाइन से जोड़ा जाए। यह मांग क्षेत्र के अनेक लोगों ने की है। कनीना क्षेत्र के विजय कुमार, सुनील कुमार ,दिनेश कुमार, महेश कुमार ,रवि कुमार आदि ने बताया कि कभी पेयजल सप्लाई हाटलाइन से जुड़ी हुई थी। मोटी केबल द्वारा हाटलाइन से जोड़ा गया था जिससे निर्बाध से बिजली सप्लाई होती रहती थी और पेयजल सप्लाई पूरे कनीना में नियमित रूप से होती थी किंतु जब से मोटी केबल लाइन को हटाकर एल्यूमिनियम की तारे बिछी है और उनसे कनेक्शन विभिन्न लोगों को दे दिया गया है तब से बार-बार बिजली फाल्ट हो जाती है और पेयजल सप्लाई बाधित हो जाती है। कनीना में जहां 3ह्म् द्घठ्ठह्वद्मह्यड्ड को बार-बार पेयजल सप्लाई बाधित रही क्योंकि बार-बार बिजली फाल्ट आ रहा था। ऐसे में यदि फिर से कनीना के पेयजल सप्लाई को हाटलाइन से जोड़ दिया जाए तो पेयजल की सुचारू रूप से व्यवस्था चलती रहेगी। हालात यह है कि कनीना में पेयजल सप्लाई के लिए जो लाइन बिछाई गई है वह नहर के साथ-साथ रेवाड़ी रोड़ की ओर गई है और इसके समानांतर एक और बिजली की लाइन चल रही है। दो-दो लाइन लगाकर सरकार को नुकसान किया जा रहा है। ऐेसे में एक ही लाइन से सभी को जोड़ दिए जाएं या फिर मोटी केबल द्वारा बिजली सप्लाई को पेयजल सप्लाई तक अलग से जोड़ा जाए।
यही हालात कनीना के उप-नागरिक अस्पताल की है। उप-नागरी अस्पताल में हाटलाइन न होने से समस्या बनी रहती है। किसी प्रकार की छोटा-मोटा आपरेशन या मरीजों की शिकायत सुनते वक्त सुचारु रूप से बिजली नहीं होना एक समस्या बन सकता है। ऐसे में कनीना उप नागरिक अस्पताल को भी हाटलाइन से जोड़ा जाना चाहिए।
मिली जानकारी अुनसार वर्ष 2011 में तत्कालीन जनस्वास्थ्य मंत्री किरण चौधरी ने कनीना की बड़ी बणी स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट/डब्ल्यूटीपी का उद्घाटन किया था। उस समय जनस्वास्थ्य विभाग कनीना ने करीब 9 लाख रुपये ताो कनीना उप नागरिक अप्ताल ने करीब 3 लाख रुपये बिजली विभाग को जमा करवाकर मोटी केंल द्वारा हाटलाइन से जुड़वाया गया था। यह केबल कनीना की पुरानी नगरपालिका से थाना होकर नहर के साथ साथ चलकर वर्तमान श्रीमती सुमन यादव पत्रकार चेरिटेबल कार्यालय के पास से होकर मुख्य पेयजल सप्लाई तक पहुंची हुई थी किंतु वर्ष 2015 के बाद इस खत्म कर दिया। और एक नहीं तीन बिजली की लाइन के बिछाकर बिजली का जंजाल बना दिया गया और सरकार को भारी क्षति पहुंचाई। और तो और आज तक यह पता नहीं चल पाया है कि मोटी केबल कहां गई? बिजली विभाग के अधिकारी फोन तक उठाना अपनी शान के विरुद्ध समझते हैं। ऐसे में चोरी हो गई या विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से कहीं खुर्दबुर्द हो गई?
क्या कहते हैं उपभोक्ता--
***यदि वाटर सप्लाई को हाटलाइन से जोड़ दिया जाए तो निर्बाध गति से निर्धारित समय पर उपभोक्ता को पेयजल उपलब्ध हो पाएगा। क्योंकि बार-बार बिजली कट लग जाते हैं जिससे पेयजल सप्लाई में व्यवधान आता है जिसके चलते उपभोक्ता परेशान रहते हैं। यदि हाटलाइन से जोड़ दिया जाए तो फाल्ट का भी आसानी से पता लग पाएगा। यदि पेयजल सप्लाई को हाटलाइन से जोड़ा जाता है तो सबसे बड़ी सुविधा न केवल उपभोक्ताओं को होगी अपितु पेयजल सप्लाई करने वाले कर्मचारियों को भी होगी। वे समय पर विभिन्न वार्डों में पेयजल सप्लाई कर पाएंगे और उपभोक्ता भी यह सुनिश्चित कर लेंगे कि उन्हें कब पेयजल सप्लाई होना है। इस प्रकार दोनों को ही बहुत लाभ होगा।
--- थान सिंह पूर्व पार्षद
यदि अस्पताल को हाटलाइन से जोड़ दिया जाता है तो मरीजों को होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है। वही पेयजल सप्लाई को होटलाइन से जोड़ दिया जाता है तो किसी प्रकार की बिजली की फाल्ट आने का आसानी से पता लगाया जा सकेगा। इस प्रकार उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। उपभोक्ताओं को इधर-उधर पानी के लिए नहीं दौडऩा पड़ेगा। यदि उपनागरिक अस्पताल और वाटरसप्लाई दोनों को ही हाटलाइन से जोड़ दिया जाए तो क्षेत्र की बहुत अधिक समस्याएं हल हो पाएंगी। मोटी केबल से दोनों को हाटलाइन से जोड़ा जाए। कभी मोटी केबल से पहले भी हाटलाइन से जुड़े हुए थे लेकिन न जाने क्यों विभाग ने केवल को हटा दिया है और उपभोक्ताओं को इस लाइन से बहुत अधिक कनेक्शन दे दिए जिसके कारण आसानी से बिजली में फाल्ट आ जाता है।
- योगेश अग्रवाल कमार्केट कमेटी सदस्य
उधर पवन कुमार कनिष्ठ अभियंता जन स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इस संबंध में विभिन्न फाइलों का जायजा लेने के बाद ही बता पाएंगे कि विभाग को कोई पत्र लिखा भी है या नहीं। परंतु उन्होंने कहा हाटलाइन से जुड़ जाने पर उपभोक्ताओं की समस्या हल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वे पता लगा रहे हैं कि कितनी राशि हाटलाइन के लिए भरी थी और हाटलाइन से वंचित करने का कारण क्या रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही बिजली विभाग से वे जाकर हाटलाइन से जोडऩे की पैरवी करेंगे।
फोटो कैप्शन 03: पेयजल सप्लाई केंद्र
साथ में थान सिंह व योगेश अग्रवाल














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