कनीना के अस्पताल एवं पेयजल सप्लाई को जोड़ा जाए हाटलाइन से
-कभी दोनों जुड़े थे हाटलाइन से
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कनीना की आवाज। कनीना की पेयजल सप्लाई और उप-नागरिक अस्पताल को हाटलाइन से जोड़ा जाए। यह मांग क्षेत्र के अनेक लोगों ने की है। कनीना क्षेत्र के विजय कुमार, सुनील कुमार ,दिनेश कुमार, महेश कुमार ,रवि कुमार आदि ने बताया कि कभी पेयजल सप्लाई हाटलाइन से जुड़ी हुई थी। मोटी केबल द्वारा हाटलाइन से जोड़ा गया था जिससे निर्बाध से बिजली सप्लाई होती रहती थी और पेयजल सप्लाई पूरे कनीना में नियमित रूप से होती थी किंतु जब से मोटी केबल लाइन को हटाकर एल्यूमिनियम की तारे बिछी है और उनसे कनेक्शन विभिन्न लोगों को दे दिया गया है तब से बार-बार बिजली फाल्ट हो जाती है और पेयजल सप्लाई बाधित हो जाती है। कनीना में जहां 3ह्म् द्घठ्ठह्वद्मह्यड्ड को बार-बार पेयजल सप्लाई बाधित रही क्योंकि बार-बार बिजली फाल्ट आ रहा था। ऐसे में यदि फिर से कनीना के पेयजल सप्लाई को हाटलाइन से जोड़ दिया जाए तो पेयजल की सुचारू रूप से व्यवस्था चलती रहेगी। हालात यह है कि कनीना में पेयजल सप्लाई के लिए जो लाइन बिछाई गई है वह नहर के साथ-साथ रेवाड़ी रोड़ की ओर गई है और इसके समानांतर एक और बिजली की लाइन चल रही है। दो-दो लाइन लगाकर सरकार को नुकसान किया जा रहा है। ऐेसे में एक ही लाइन से सभी को जोड़ दिए जाएं या फिर मोटी केबल द्वारा बिजली सप्लाई को पेयजल सप्लाई तक अलग से जोड़ा जाए।
यही हालात कनीना के उप-नागरिक अस्पताल की है। उप-नागरी अस्पताल में हाटलाइन न होने से समस्या बनी रहती है। किसी प्रकार की छोटा-मोटा आपरेशन या मरीजों की शिकायत सुनते वक्त सुचारु रूप से बिजली नहीं होना एक समस्या बन सकता है। ऐसे में कनीना उप नागरिक अस्पताल को भी हाटलाइन से जोड़ा जाना चाहिए।
मिली जानकारी अुनसार वर्ष 2011 में तत्कालीन जनस्वास्थ्य मंत्री किरण चौधरी ने कनीना की बड़ी बणी स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट/डब्ल्यूटीपी का उद्घाटन किया था। उस समय जनस्वास्थ्य विभाग कनीना ने करीब 9 लाख रुपये ताो कनीना उप नागरिक अप्ताल ने करीब 3 लाख रुपये बिजली विभाग को जमा करवाकर मोटी केंल द्वारा हाटलाइन से जुड़वाया गया था। यह केबल कनीना की पुरानी नगरपालिका से थाना होकर नहर के साथ साथ चलकर वर्तमान श्रीमती सुमन यादव पत्रकार चेरिटेबल कार्यालय के पास से होकर मुख्य पेयजल सप्लाई तक पहुंची हुई थी किंतु वर्ष 2015 के बाद इस खत्म कर दिया। और एक नहीं तीन बिजली की लाइन के बिछाकर बिजली का जंजाल बना दिया गया और सरकार को भारी क्षति पहुंचाई। और तो और आज तक यह पता नहीं चल पाया है कि मोटी केबल कहां गई? बिजली विभाग के अधिकारी फोन तक उठाना अपनी शान के विरुद्ध समझते हैं। ऐसे में चोरी हो गई या विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से कहीं खुर्दबुर्द हो गई?
क्या कहते हैं उपभोक्ता--
***यदि वाटर सप्लाई को हाटलाइन से जोड़ दिया जाए तो निर्बाध गति से निर्धारित समय पर उपभोक्ता को पेयजल उपलब्ध हो पाएगा। क्योंकि बार-बार बिजली कट लग जाते हैं जिससे पेयजल सप्लाई में व्यवधान आता है जिसके चलते उपभोक्ता परेशान रहते हैं। यदि हाटलाइन से जोड़ दिया जाए तो फाल्ट का भी आसानी से पता लग पाएगा। यदि पेयजल सप्लाई को हाटलाइन से जोड़ा जाता है तो सबसे बड़ी सुविधा न केवल उपभोक्ताओं को होगी अपितु पेयजल सप्लाई करने वाले कर्मचारियों को भी होगी। वे समय पर विभिन्न वार्डों में पेयजल सप्लाई कर पाएंगे और उपभोक्ता भी यह सुनिश्चित कर लेंगे कि उन्हें कब पेयजल सप्लाई होना है। इस प्रकार दोनों को ही बहुत लाभ होगा।
--- थान सिंह पूर्व पार्षद
यदि अस्पताल को हाटलाइन से जोड़ दिया जाता है तो मरीजों को होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है। वही पेयजल सप्लाई को होटलाइन से जोड़ दिया जाता है तो किसी प्रकार की बिजली की फाल्ट आने का आसानी से पता लगाया जा सकेगा। इस प्रकार उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। उपभोक्ताओं को इधर-उधर पानी के लिए नहीं दौडऩा पड़ेगा। यदि उपनागरिक अस्पताल और वाटरसप्लाई दोनों को ही हाटलाइन से जोड़ दिया जाए तो क्षेत्र की बहुत अधिक समस्याएं हल हो पाएंगी। मोटी केबल से दोनों को हाटलाइन से जोड़ा जाए। कभी मोटी केबल से पहले भी हाटलाइन से जुड़े हुए थे लेकिन न जाने क्यों विभाग ने केवल को हटा दिया है और उपभोक्ताओं को इस लाइन से बहुत अधिक कनेक्शन दे दिए जिसके कारण आसानी से बिजली में फाल्ट आ जाता है।
- योगेश अग्रवाल कमार्केट कमेटी सदस्य
उधर पवन कुमार कनिष्ठ अभियंता जन स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इस संबंध में विभिन्न फाइलों का जायजा लेने के बाद ही बता पाएंगे कि विभाग को कोई पत्र लिखा भी है या नहीं। परंतु उन्होंने कहा हाटलाइन से जुड़ जाने पर उपभोक्ताओं की समस्या हल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वे पता लगा रहे हैं कि कितनी राशि हाटलाइन के लिए भरी थी और हाटलाइन से वंचित करने का कारण क्या रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही बिजली विभाग से वे जाकर हाटलाइन से जोडऩे की पैरवी करेंगे।
फोटो कैप्शन 03: पेयजल सप्लाई केंद्र
साथ में थान सिंह व योगेश अग्रवाल
अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम कानून बनाने की मांग
--कनीना सब डिवीजन स्तर पर एडीजे कोर्ट की स्थापना करने की मांग
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कनीना की आवाज। बसपा के नेता एवं प्रमुख समाजसेवी अतरलाल एडवोकेट ने हरियाणा सरकार से वकीलों की सुरक्षा के लिए अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम कानून बनाने की मांग की है। उन्होंने केंद्र सरकार से भी राष्ट्रीय स्तर पर केन्द्रीय अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम बनाने की मांग की है।
अतरलाल ने उक्त मांग कनीना उपमंडल न्यायालय में कार्यरत वकीलों की समस्याएं सुनते हुए उठाई। वकीलों ने अपनी समस्याएं अतरलाल को बताते हुए कहा कि राजस्थान, तेलंगाना सहित कई राज्य सरकारों ने अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम अपने राज्यों में लागू कर रखा है परन्तु हरियाणा में अभी तक यह एक्ट लागू न होने के कारण वकीलों को अपनी सुरक्षा का जोखिम हमेशा बना रहता है। उन्होंने कहा कि वकीलों को उनके पेशेवर कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान हमलों, धमकियों, उत्पीडऩ और झूठे मुकदमे बनने का हमेशा डर रहता है। इस अधिनियम के लागू होने से वकीलों को बिना किसी भय दबाव डर के निष्पक्ष न्याय प्रणाली में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का मौका मिलेगा। उन्होंने बार में प्रैक्टिस कर रहे नए वकीलों को 5 साल तक भत्ता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार नए एडवोकेट को इस संदर्भ में भत्ता दे रही है। वकीलों ने कनीना न्यायालय में चैंबर्स की मांग करते हुए कहा कि गर्मी तथा सर्दी के मौसम में उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसलिए सरकार को वकीलों के लिए चैंबर्स का तत्काल निर्माण करवाकर उनको चैंबर अलाट करने चाहिए। उन्होंने कनीना सब डिवीजन स्तर पर एडीजे कोर्ट की स्थापना करने की मांग भी की। अतरलाल ने वकीलों की मांगों को जायज व तर्कसंगत बताते हुए उनकी समस्याओं तथा मांगों को तत्काल राज्य सरकार, उच्च न्यायालय व उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के संज्ञान में लाकर समस्याओं का तत्काल समाधान करवाने का भरोसा दिया। इस अवसर पर एडवोकेट विक्रम यादव, एडवोकेट अखिल अग्रवाल, एडवोकेट मनीष कौशिक, एडवोकेट मीनाक्षी, एडवोकेट अनिल शर्मा, एडवोकेट मुनेश, एडवोकेट सीमा आदि अनेक एडवोकेट उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 02: कनीना न्यायालय परिसर में वकीलों से बातचीत करते अतरलाल।
अवैध नल कनेक्शन धारकों को दिये जाने लगे हैं नोटिस
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध जल कनेक्शन धारकों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। विस्तृत जानकारी देते हुए कनिष्ठ अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग पवन कुमार ने बताया कि जन स्वास्थ्य विभाग मंत्री रणबीर गंगवा का सख्त आदेश है कि अवैध कनेक्शनधार को के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। ऐसे में अवैध कनेक्शन धारकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। प्रतिदिन 30 से 40 नोटिस जारी हो रहे हैं। या तो वे अवैध कनेक्शनधारी अपने कनेक्शन को वैध करवा ले वरना सरकार द्वारा की जारी कार्रवाई के लिए तैयार रहे। ऐसे में उन्होंने तुरंत प्रभाव से अवैध कनेक्शन धारकों से अपील की है कि वे तुरंत जनस्वास्थ्य कार्यालय जाकर अपने जल कनेक्शन को वैध करवा ले।
घरों के ऊपर से गुजरने वाली बिजली के लाइनें हटाई जाए
--तारों को इंसुलेटिड किया जाए या मोटी केबल लगाई जाए
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में अनेकों घरों एवं दीवारों के ऊपर से बिजली की लाइनें गुजर रही है। बिजली विभाग बेहतरीन फलदार और फूलदार पौधों की कटिंग कर जाता है। पेड़ पौधे लगाने वालों में रोष पनप रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एचटी बिजली की लाइन आबादी से दूर से निकली जाए।
एक और जहां हरियाणा सरकार ने भी यह बात कही है कि एचटी लाइन आबादी से दूर से निकाली जाए वहीं उच्च न्यायालय का भी यही आदेश है कि बिजली के लाइन घनी आबादी के बीच से न गुजरी जाए। यदि बिजली बोर्ड से संपर्क किया जाता है और बिजली के खंभों को शिफ्ट करवाने की बात कही जाए तो भारी खर्चा मांगा जाता है। खर्चा भी इतना कि आम आदमी उसे वहन नहीं कर पाता। यही कारण है कि बहुत से दीवारों और प्लाट टेढ़े मेढ़े बना दिए गए हैं क्योंकि बिजली विभाग में जिस भी खाली प्लाट में खंभे गाड़े वो अपनी मनमर्जी से गाड़ दिये। अब वे समस्या बनते जा रहे हैं। कनीना-रेवाड़ी मार्ग पर नहर कटान के पास कृष्ण कुमार, भरपूर सिंह, करतार सिंह, विजयपाल, होशियार सिंह आदि के प्लाट में एचटी लाइन गुजर रही है जो एक दीवार पर तीन पोल लगाकर मालिक के प्लाट का नक्षा ही बदल दिया है। इस संबंध में समाधान शिविर में भी यह बात रखी गई है किंतु कोई गौर नहीं किया गया है। पीएम पोर्टल पर शिकायत करने पर अधिकारी झूठी बातों से खानापूर्ति कर देते हैं।
आश्चर्य तब होता है कि दो लाइन एक साथ गुजारी गई हैं। यदि एक को हटा दिया जाए तो सरकार का माल भी बच जाए और लोगों को राहत भी मिल जाए किंतु विभाग है कि टस से मस तक नहीं होता हे। अब प्रधानमंत्री को इस संबंध में इन अधिकारियों की बार बार शिकायत की जाएगी तथा आंदोलन चलाया जाएगा।
भरपूर सिंह, कृष्ण कुमार, रोहित कुमार, योगेश कुमार, होशियार सिंह आदि ने बताया कि बिजली विभाग ने हद कर रखी है। प्लाट में ही पोल गाड़ दिये हैं। करीब 4 फुट अंदर प्लाट में पोल गाड़े गए हैं। वो भी एक नहीं तीन-तीन पोल टेढ़ेे मेढ़े गाड़कर बेहद परेशान कर दिया है। होशियार सिंह प्रधान ट्रस्ट ने बताया कि उनका ट्रस्ट कार्यालय इसलिए अधर में अटका पड़ा है कि पोल एवं तार उनके प्लाट से नहीं हटाये जा रहे हैं। चार फुट जमीन के अंदर पोल खड़े हैं।
बिजली की तारे घरों के ऊपर से गुजर रही है जो बड़े हादसे को न्योता दे रही है। अनेकों दुर्घटनाएं घट चुकी है। परंतु विभाग लाइन व खंभों को शिफ्ट नहीं करता जिसके कारण कोई भी हादसा हो सकता है। ये बिजली के तार कभी भी टूट सकते हैं। एचटी की लाइन भी घरों के ऊपर से गुजर रही हैं या फिर घनी आबादी से भी बिजली की लाइन गुजर रही है। सभी को अविलंब हटा दिया जाए तो बड़ा हादसा होने से टाला जा सकता है। ऐसे कई दुकानदार और घरों के मालिक परेशान है। उनकी परेशानी को दूर करने का एकमात्र इलाज बिजली की लाइनों को शिफ्ट करना है। या फिर खंभे सीधे करने के उपरांत स्टे लगाकर घरों से दूर से लाइन गुजारी जाए।
बिजली की तारे घनी आबादी के पास से गुजरती हैं। घरों में बड़ी ही मेहनत से फलदार और फूलदार पौधे उगाई जाते हैं जो बड़े होते ही तारों के छूने से खतरा बन जाते हैं। एक तरफ बड़ा हादसा होने का खतरा बन जाता है वहीं बिजली विभाग इन पेड़ पौधों को कभी भी काट जाता है जिसके कारण बेहतरीन दर्जे के फलदार और फूलदार पौधे नष्ट हो जाते हैं। कस्बावासियों की मांग है कि बिजली के तारों को घरों के आसपास से हटाया जाए ताकि फलदार और फूलदार पौधे विकसित हो सके।
बिजली के खंभे मनमर्जी से खाली प्लाटों में गाड़ दिए गये जो अब इनको हटाना बहुत महंगा पड़ रहा है। विभाग इनको भारी राशि जमा करके ही शिफ्ट करता है। जिनकी पहुंच उच्च अधिकारियों तक नहीं है वह बेचारे परेशान होकर घरों में बैठ जाते हैं। जहां उच्च न्यायालय और हरियाणा सरकार ने भी बिजली के तारों को दूर शिफ्ट करने की मांग की बात कही है किंतु विभाग अभी तक शिफ्ट नहीं कर रहा है। अविलंब इन तारों को आबादी से दूर किया जाए।
लोगों ने मांग की है कि दो एचटी लाइन जो पास पास गुजर रही हैं जिनमें से एक का कोई लाभ नहीं है। यदि इसे हटा दिया जाए तो सरकार के बिजली के तार एवं पोल बच जाएंगे किंतु अधिकारी जानबूझकर उनको नहीं हटा रहे हैं। आबादी से थोड़ा दूर हटाकर उनको इंसुलेटिड किया जाए तो भी राहत मिल सकती है या फिर मोटी केबल लगाई जा सकती है। अब देखना है कि अधिकारी जागते हैं या नहीं। वरना आंदोलन किया जाएगा और प्रधानमंत्री को इन अधिकारियों के बारे में अवगत कराया गया तो गोलमाल जवाब और झूठी बातें लिख कर रफा दफा करवा दिया।
आरटीआई का झूठा जवा-
उपरोक्त मसले के समाधान के लिए एसडीओ डीएचबीवीएन का कहना है कि उन्होंने एस्टीमेट रजिस्टर्ड डाक से भेज दिया है। 15 जनवरी 2026 को भेजी गई रजिस्टर्ड डाक आज तक नहीं मिली है। इस रजिस्टर्ड डाक की आरटीआई लगाई गई तो कोई उत्तर नहीं दिया और एक लाइन में उत्तर दिया वो भी झूठा दिया गया। एसडीओ डीएचबीवीएन कनीना के एक लाइन के जवाब में लिखा है कि एस्टीमेट को रजिस्टर्ड डाक नंबर ईई 25734789218 दिनांक 15 जनवरी को एस्टीमेट भेजी थी। जबकि डाकघर से संपर्क करने पर पाया कि इस नंबर की कोई डाक आज तक किसी ने नहीं भेजी। यह नंबर झूठा व गलत है। अब आगामी कार्रवाई जारी है।
फोटो कैप्शन 01: बिजली के तार घरों के ऊपर से गुजरते हुए या दीवार पर लगाये खंभे
86वां वार्षिकोत्सव 13 व 14 जून को
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कनीना की आवाज। आर्य समाज लूखी का 86वां वार्षिक उत्सव 13 व 14 जून 2026 को आयोजित किया गया है।
विस्तृत जानकारी देते राजेश नेता ने बताया कि दो दिवसीय आर्य समाज उत्सव में प्रवचन, हवन, भजन ,उपदेश, सांस्कृतिक समागम,रात्रि सभा आदि आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इस मौके पर स्वामी नित्यानंद रोहतक, आचार्य विजय पाल झज्जर, स्वामी समर्पणानंद दड़ोली, कृष्णानंद पावटी आश्रम, रामाचार्य वैदिक विद्वान बीगोपुर, डा. बलवंत शास्त्री, बहरोड़, डा. सुमन रानी महेंद्रगढ़, सत्येंद्र आर्य रेवाड़ी के अतिरिक्त आर्य भजन उपदेशक कुलदीप विद्यार्थी उत्तर प्रदेश, उम्मेद सिंह निराला भोजावास, छवि सनातनी उत्तर प्रदेश, स्नेहा आर्य नोएडा, आचार्य प्रद्युम्न नारनौल विशेष रूप से आमंत्रित किए गए हैं।
मंदिरों के दानपात्रों से हुई चोरी, मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के गांव बेवल में अज्ञात चोरों द्वारा शिव मंदिर से 6000 रुपए चोरी कर ििलए , समाध आश्रम के दान पत्र को उठाकर दूसरे स्थान पर ले जाकर चोरी करने की कोशिश की। इसी रात ओमप्रकाश मुंडिया खेड़ा के निजी मंदिर में भी चोरी करने की कोशिश की। गांव के मुकेश कुमार और हनुमान सिंह ने बताया कि वे गांव कमेटी के सदस्य हैं। चार व पांच जून को विभिन्न मंदिरों के दानपात्रों से चोरी की गई है। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज चेक की तथा यह पता लगाया जाएगा कि कितनी कितनी चोरी दान पात्रों से हुई है। दौंगड़ा अहीर चौकी ने मामला आजा चोरों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।
20 वर्षीय युवती गुम, गुमशुदगी का मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। कनीना उप-मंडल के एक गांव से एक युवती कालेज में पढऩे गई थी किंतु वापस नहीं लौटी। कनीना पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है। लड़की के पिता ने पुलिस में दी शिकायत में कहा कि उसकी तीन लड़कियां और एक लड़का है। छोटी लड़की की उम्र 19 साल 10 महीना है। जो कालेज में बीएससी की पढ़ाई करती है। 9 जून को कालेज के लिए गई थी किंतु वापस नहीं लौटी। जिसके चलते उनके बयान पर अज्ञात चोरों के विरुद्ध गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।









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