गुप्त सूचना पर पुलिस ने नाकाबंदी कर पकड़ी अवैध अंग्रेजी शराब ।
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कनीना की आवाज।। क्षेत्र के गांव सेहलंग में पुलिस ने नाके बंदी करके 2 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की। बीती रात्रि को पुलिस को सूचना मिली कि रवींद्र वासी बसई अपनी सफेद रंग की ब्रेजा कार में अवैध शराब लेकर जा रहा है । पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सेह लंग के पास नाके बंदी लगा दी। कुछ समय के बाद बसई की तरफ से सफेद रंग की कार आती दिखी। पुलिस ने रुकने का प्रयास किया तो कार चालक ने गाड़ी मोड़कर भागने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने पकड़ लिया । आरोपी की पहचान रवींद्र वासी बसई के रूप मे हुई । जब गाड़ी की तलाशी ली गई तो उसमें 2 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस ने 2 बोतल जांच के लिए लेकर बाकी शराब को जब्त कर लिया है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
भागवत कथा प्रारंभ, धुंधकारी गौकर्ण की कथा सुनाई
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के धनौन्दा गांव में 7 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन महिलाओं ने गांव में कलश यात्रा निकाली। मुख्य अतिथि प्रमुख समाजसेवी अतरलाल एडवोकेट, रतनसिंह चेयरमैन व पिताम्बर तंवर ने श्रीराम ध्वजा दिखाकर कलश यात्रा का शुभारम्भ किया।
कथा के प्रथम दिन व्यासपीठ पर विराजमान कथावाचक शिवराम अग्निहोत्री साहित्य आचार्य ने भागवत के नियमों का वर्णन करते हुए धुंधकारी गौकर्ण की कथा सुनाई। उन्होंने ज्ञान, भक्ति और वैराग्य के बारे में वर्णन करते हुए कहा कि भागवत शक्ति, भक्ति, मुक्ति देने वाली सिद्ध कथा है। इसके सुनने से संशय और कष्ट दूर होते हैं। उन्होंने कहा कि जो भागवत कथा को निष्ठा और विश्वास के साथ सुनते हैं उनके सभी रोग दोष छूट जाते हैं और सुख समृद्धि को प्राप्त करते हैं। प्रथम दिन कथा आयोजन में रतनसिंह चेयरमैन, शिब्बू भगत, पिताम्बर, सरोज, कमलेश, पुष्पा, संगीता, कमला, ममता, मदन, राकेश, सुरेश आदि श्रद्धालुओं ने उल्लेखनीय योगदान दिया।
फोटो कैप्शन 02: कलश यात्रा निकालते हुए
अवैध शराब बेचने वालों पर कार्रवाई; अलग-अलग मामलों में दो आरोपी गिरफ्तार, अंग्रेजी शराब सहित तस्करी में प्रयुक्त गाड़ी बरामद।
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कनीना की आवाज। जिला पुलिस ने अवैध रूप से शराब बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक दीपक के कुशल मार्गदर्शन और कड़े निर्देशों के अनुपालन में कार्रवाई करते हुए जिले की पुलिस टीमों ने दो अलग-अलग थानों के अंतर्गत मुस्तैदी से कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 8 पेटी (96 बोतलें) अवैध अंग्रेजी शराब और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक गाड़ी को जब्त किया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
एक कार्रवाई थाना सदर महेंद्रगढ़ की पुलिस टीम द्वारा की गई। गश्त के दौरान पुलिस टीम को गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि गांव बसई निवासी संदीप अपने घर पर अवैध रूप से अंग्रेजी शराब रखने और उसे बेचने का अवैध धंधा करता है। यदि तुरंत छापेमारी की जाए तो उसे अवैध शराब के साथ काबू किया जा सकता है। पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए सूचना को पुख्ता मानते हुए मकान पर रेड की। मकान की गहन तलाशी लेने पर वहां बने एक छोटे कमरे से कुल 6 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब, जिसमें कुल 72 बोतलें थीं, बरामद हुईं। आरोपी संदीप इस शराब को अपने कब्जे में रखने के संबंध में कोई भी वैध लाइसेंस या परमिट पेश नहीं कर सका। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शराब को जब्त कर आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
इसी प्रकार दूसरी कार्रवाई थाना सदर कनीना की पुलिस टीम द्वारा की गई। कनीना पुलिस की टीम जब गश्त पर तैनात थी, तभी सूचना मिली कि बसई निवासी रविंद्र कुमार गाड़ी में अवैध अंग्रेजी शराब लादकर बेचने की नीयत से बसई की तरफ आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए सेहंलग रोड बसई मोड़ के पास तुरंत नाकाबंदी शुरू कर दी। कुछ ही समय बाद जब संदिग्ध गाड़ी आती दिखाई दी, तो पुलिस बल को देखकर चालक ने गाड़ी को मोड़कर भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने गाड़ी को मौके पर ही रोक लिया और चालक को काबू किया, जिसकी पहचान रविंद्र कुमार के रूप में हुई। गाड़ी की पिछली सीट की तलाशी लेने पर वहां से 2 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब, कुल 24 बोतलें बरामद हुईं। वैध दस्तावेज न होने के कारण पुलिस ने शराब और गाड़ी को जब्त कर लिया।
जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों, नशा तस्करी अथवा अवैध शराब की बिक्री को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे अपराधियों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि यदि उनके आस-पास कोई भी व्यक्ति अवैध शराब या नशीले पदार्थों के धंधे में संलिप्त पाया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।
चरिवेति-चरिवेति के मूल मंत्र और स्वामी रामदेव के दिव्य मार्गदर्शन से महक उठा भारत निर्माण युवा दल का शिविर
-योग ऋषि ने युवाओं को दिया अखंड निरंतरता का संदेश
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कनीना की आवाज। भारत निर्माण युवा दल द्वारा जिला के गांव भडफ़ में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षण शिविर का बुधवार का दिन युवाओं के लिए ऐतिहासिक रहा। शिविर में योग ऋषि स्वामी रामदेव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से शिरकत कर दलवीरों का मार्गदर्शन किया।
युवाओं को संबोधित करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि हम सब ऋषियों की संतान हैं, जिनके भीतर राम, कृष्ण और बह्म का अंश समाहित है। इतिहास के महापुरुष हमारे उच्च विचारों के जीवंत प्रमाण हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं के भीतर छिपे सामर्थ्य को जगाकर उसे सही दिशा देना ही मुख्य कार्य है। उन्होंने युवाओं को चरिवेति-चरिवेति (अखंड-प्रचंड निरंतरता) का मूल मंत्र देते हुए आह्वान किया कि वे परिणाम की चिंता किए बिना अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ते रहें, क्योंकि दिशाहीन व्यक्ति कभी सफल नहीं हो सकता।
इस अवसर पर युवाओं के बीच मौजूद संस्था के संस्थापक अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह यादव ने दलवीरों में नई ऊर्जा का संचार किया। स्वामी जी के विचारों को आत्मसात करने की प्रेरणा देते हुए उन्होंने जीवन में सफलता और श्रेष्ठ चरित्र निर्माण के लिए तीन मूलभूत सूत्र दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को सबसे पहले अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार लक्ष्य तय करना चाहिए, हर परिस्थिति में अपनी सोच को सकारात्मक रखना चाहिए और प्रतिदिन समाज व राष्ट्र हित में कुछ न कुछ अच्छा कार्य अवश्य करना चाहिए।
कार्यक्रम के समापन पर संस्थापक अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह यादव ने दलवीरों को अपना बहुमूल्य समय और दिव्य मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए स्वामी रामदेव का आभार व्यक्त किया।
फोटो कैप्शन 01:वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से दलवीरों को संबोधित करते स्वामी रामदेव।
मोहनपुर में मनाया जाएगा पर्यावरण दिवस
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कनीना की आवाज। गांव नांगल (मोहनपुर) में 5 जून को पर्यावरण दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिला स्तरीय वृक्ष रक्षक अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान के मुख्य अतिथि प्रमुख समाजसेवी नेताजी अतरलाल होंगे।
यह जानकारी देते हुए वृक्ष रक्षक अभियान के प्रवक्ता मनोज व मास्टर सोमबीर ने कहा कि वृक्ष रक्षक अभियान का उद्देश्य बीज संग्रह करना, पेड़-पौधे लगाना और उनकी रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि वृक्ष लगाने और उनकी रक्षा करने से ही पर्यावरण बचेगा और पर्यावरण बचेगा तो जीवन बचेगा। इसलिए अधिक से अधिक पेड़ लगाना और पेड़ों की रक्षा करना हर नागरिक का नैतिक कत्र्तव्य है। अभियान के तहत गांव-गांव में युवा मंडल गठित कर पेड़ लगाए जाएंगे और चेतना सभाएं, संगोष्ठियां, सेमिनार और जनसंवाद आयोजित कर लोगों को पर्यावरण रक्षण और पेड़ रक्षण के लिए जागरूक किया जाएगा।
फर्जी बीमा अधिकारी बन व्यक्ति से ऐंठी मोटी रकम
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कनीना की आवाज।
कनीना में फर्जी बीमा एजेंट बनकर एक व्यक्ति से 10,000 रुपए लेने का मामला
सामने आया है। देवेंद्र वासी लिसान ने बताया कि मेरे पास एक ट्रैक्टर है
जिसका बीमा करवाने के लिए जो मनोज कुमार वासी मोहनपुर से संपर्क किया तो
उसने बताया कि वह बीमा एजेंट है उसने स्वयं की दुकान पूजा फिलिंग स्टेशन
कनीना के पास पालिसी जंक्शन के नाम से बताई। पीडि़त ने 09 मई 2019 को मनोज
को 10,000 रुपए बीमा के नाम के दिए और रिलायंस इंश्योरेंस का बीमा बता दिया
गया। ट्रैक्टर का 28 अगस्त 2019 को दुर्घटनाग्रस्त हो गया और घायल व्यक्ति
ने दावा याचिका दायर की। बीमा अधिकारियों ने उपस्थित होकर बीमा को फर्जी
करार दिया। उसके बाद ट्रैक्टर मालिक ने 80,0000 रुपए का भुगतान घायल
व्यक्ति धर्मेंद्र बनाम देवेंद्र कालिया को दिया। उसके बाद पीडि़त ने
23 फरवरी 2026 को जिला पुलिस अधीक्षक के समक्ष मामला पेश किया। उसके उपरांत
मामला कनीना थाना भेज दिया गया। यहां पर आपसी सहमति के पश्चात मामले को
समाप्त करने और भरपाई होने की बात हुई थी लेकिन काफी दिन बीत जाने के बाद
भी आज तक कोई सकारात्मक कारवाही ना होने के बाद दोबारा आरोपी के विरुद्ध
मामला दर्ज करने की शिकायत दर्ज की गई है। पीडि़त ने पुलिस प्रशासन से
न्याय की गुहार लगाई है। सदर पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर
दी गई है।सड़क दुर्घटना में आमने सामने की टक्कर में युवक की दर्दनाक मौत-
उधर
कनीना में गाहड़ा-बव्वा रोड पर सोमवार शाम को बुलेट सवार युवक की मौत हो
गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार नीरज वासी बब्बा अपनी मोटर साइकिल पर सवार
होकर किसी काम से बाहर जा रहा था। तभी सामने से एक बाइक ने टक्कर मार दी और
फरार हो गया । टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार बुरी तरह घायल हो गया।
घायल को तुरंत उप नागरिक अस्पताल कनीना लेकर आए। लेकिन डाक्टरों ने मृत
घोषित कर दिया। मंगलवार को मृतक का कनीना में पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को
सौंप दिया। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर
दी है।
57 वर्षों से सुरेश कुमार लगा रहे हैं पंचर
-1969 में अधिकतम कमा लेते थे 4 रुपये
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कनीना की आवाज। 67 वर्षीय सुरेश कुमार भडफ़ निवासी ने अपनी 10 वर्ष की उम्र में साइकिल पंचर लगाने शुरू किए थे और आज 65 वर्ष की उम्र में भी पंचर लगा रहे हैं। उन्होंने साइकिलों का वह दौर देखा है जब एक साइकिल की कीमत 60 से 100 रुपये की होती थी। उस जमाने में साइकिल का क्रेज होता था। उन्होंने बहादुरगढ़, हरियाणा में अपनी पंचर की छोटे से पंप से दुकान शुरू की थी और आज कनीना में पंचर की दुकान लगाकर अपनी रोटी रोटी कमा रहे हैं।
सुरेश कुमार से संबंध में बात हुई तो उन्होंने बताया कि वह अधिकतम 4 रुपये कमा लेते थे जिसमें से एक रुपये स्टेट बैंक में खाते में जमा कर देते थे और महीने के 30 से 40 रुपये बचाकर शानदार जीवन जी रहे थे। एक दिन इतने पैसों का उसके पिता को पता चला तो उन पैसों से उनके लिए पंखा एवं घरेलू सामान खरीद कर लाये। सुरेश कुमार ने तीन-चार जमात पास की थी किंतु परिवार की आर्थिक हालात अच्छी न होने के कारण इस काम में जुट गए। वो बताते हैं कि एक हवा भरने का पंप खरीदा और काम शुरू कर दिया। 10 पैसे में पंचर लगाया जाता था। लगातार मेहनत करते थे। उस जमाने में इतने साइकिल सवार होते थे कि पंचर लगवाने वाले कतारबद्ध खड़े होते थे। उस वक्त साइकिल में हवा भरने का काम भी पंचर लगाने वाला ही करता था। यही कारण है कि दिन में 40 से 50 तक पंचर लगा पाते थे इसके अतिरिक्त साइकिल ठीक करने का काम भी करते थे जिनका अलग से चार्ज लेते थे। उस जमाने में जो साइकिल होती थी वह स्वास्थ्य के लिए ज्यादा बेहतर मानी जाती थी। इंसान सभी कार्य साइकिल से करता था। मामूली सा खर्चा और सेहत के लिए लाभप्रद होने के कारण गरीब जन भी प्रयोग करते थे। धीरे-धीरे समय बदला और सुरेश कुमार 1994 में कनीना आ पहुंचे और साइकिल के पंचर लगाने का काम शुरू किया। वो बताते हैं कि वर्तमान में साइकिल इतनी कम हो गई है कि अधिकतम 10 पंचर लगा पाते हैं। वर्तमान में छोटे बच्चों की साइकिल का क्रेज बढ़ गया है। धनवान लोग साइकिल कम चलाते हैं, आज के दिन कम से कम 4200 की साइकिल आती है और अधिकतम हीरो की इलेक्ट्रानिक साइकिल 35000 हजार रुपये की आती है।
सुरेश कुमार बताते हैं कि एक इंसान जब अपने काम के प्रति समर्पित होता है तो निश्चित ही सफलता मिलती है। सुरेश कुमार काम के प्रति इतने समर्पित रहे कि आज भी दूर आज तक नाम है। यह ठीक है कि आज के युग में युवा पीढ़ी साइकिलों की तरफ कम मोटरसाइकिल को अधिक पसंद करती है। सड़क पर साइकिल चलाने वाले गरीब माने जाते हैं जबकि गाडिय़ों में चलने वाले लोग अमीर माने जाते हैं। उनका कहना है कि विदेश में इससे उलटा है। अमीर व्यक्ति अपनी सेहत के लिए साइकिल चलाते हैं। वैसे भी सरकार साइकिल चलाने वालों के लिए कोई विशेष प्रोत्साहन नहीं देती। इस बात का गम है। अगर साइकिल के प्रति सरकार विशेष प्रोत्साहन दे तो निसंदेह बहुत से लोग साइकिल चलाना शुरू कर देंगे। यह सत्य है कि शिक्षा विभाग ने छात्राओं के लिए जो दूर से आती है साइकिल मुफ्त देने का प्रावधान कर रखा है परंतु अच्छे दर्जे की साइकिल उन्हें भी नहीं मिल पाती।
साइकिल लगातार प्रयोग करें तो आदमी न तो बूढ़ा होता न ही पैरों की समस्या होगी। उनका कहना है कि आज के दिन हुए 2000 रुपये तक कमा लेते हैं फिर भी उसे जमाने के चार रुपए के मुकाबले कम हैं और वो खुशी नहीं मिल रही है।
कनीना क्षेत्र में अगर साइकिल चलाने वाले देखे जाए तो अधिकतम पांच व्यक्ति 20 सालों से अधिक वर्षों से साइकिल चला रहे हैं। आधुनिक युवा पीढ़ी अगर साइकिल चलाती है तो विशेष प्रकार की साइकिल प्रयोग करती है। साइकिल की कीमत अधिक है। ऐसे में सरकार को साइकिल चलाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए और कम से कम सप्ताह में एक दिन सभी वाहन चालक घर पर और आसपास साइकिल प्रयोग करें तो ऊर्जा की भी बचत हो सकती है। साइकिल चलाने वालों को समय-समय पर सम्मानित किया जाना चाहिए। वैसे तो साइकिल यूपी में चुनाव चिन्ह भी नेताओं का है किंतु हरियाणा में साइकिल चलाने वाले का क्रेज घटना ही जा रहा है। आने वाले समय में शायद विश्वास नहीं करेंगे कि हजारों की संख्या में लोग साइकिल चलते थे।
फोटो कैप्शन: सुरेश कुमार की फोटो साथ में
फोटो कैप्शन 08: साइकिल के पंचर लगता हुआ सुरेश कुमार







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