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Sunday, August 16, 2026







 


कनीना का 15 अगस्त राष्ट्रीय पर्व कई मायनों  में रहा चर्चित
   -कंवर सिंह यादव विधायक ने किया ध्वजारोहण
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कनीना की आवाज।
 कनीना का 15 अगस्त राष्ट्रीय पर्व कई मायनों  में चर्चित रहा। पर्व धूमधाम से मनाया गया। महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव ने ध्वजारोहण किया। इस बार कार्यक्रम में अनेक बातें सामने आई जो लोगों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
एक-- 15 अगस्त को उमस एवं भीषण गर्मी थी जिसके चलते बाहर/बगैर पंडाल के खड़ा होना भी कठिन हो गया। फोन भी वीडियो बनाते समय बार-बार हैंग हो रहे थे, गरम हो रहे थे और इस कड़ी धूप में बिना पंडाल के, बगैर छाया के विभिन्न स्कूलों के बच्चे अपनी-अपनी प्रस्तुति देने को मजबूर हो रहे थे। जब खड़ा होना भी मुश्किल हो ऐसी स्थिति में बगैर पंडाल के बच्चों के द्वारा अपनी प्रस्तुति देने में कितनी कठिनाई आई होगी यह तो उन बच्चों से पूछा जाए। ऐसे में जिसने भी उन बच्चों का की प्रस्तुति देखी बस एक ही बात कही कि कम से कम पंडाल तो लगाया जाना चाहिए था ताकि उसके नीचे बच्चे अपना अपनी प्रस्तुति बेहतर ढंग दे सके।
दो- इस बार पर्व पर सांस्कृतिक कार्यक्रम चाहे अधिक नहीं रहे। एक और हरियाणा सरकार भारी भरकम राशि स्कूलों पर खर्च कर रही है लेकिन आश्चर्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में केवल एक ही कार्यक्रम सरकारी स्कूल का था, बाकी सभी निजी स्कूलों के रखे गए थे। जो चर्चा का विषय बना हुआ है। नए केवल चर्चा चल रही है अपितु इससे ऐसा लगता है कि सरकारी स्कूलों को पीछे धकेलना का प्रयास किया जा रहा है।
 तीन-पुलिस के तथाकथित अधिकारी एक यूट्यूबर के बारे में कह रहा था कि इसने काली शर्ट पहन रखी है। 15 अगस्त एवं 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर काली पोषक नहीं पहननी चाहिए। यह सत्य है कि सामाजिक दृष्टि से काले कपड़े पहनना इस पर्व पर उचित नहीं लगता। वैसे भी विज्ञान कहता है गर्मियों में काले कपड़े पहनना बुद्धिमत्ता नहीं होती किंतु उस समय पुलिस अधिकारी को नीचा देखना पड़ा जब एक पत्रकार ने कहा कि आप इस यूट्यूबर की बात कर रहे हो। देखो अधिकारियों को, वो भी काले कपड़े पहने हुए हैं।
4. राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय गान जो राष्ट्र को समर्पित होते हैं। इस दौरान सावधान खड़ा होना होता है लेकिन बहुत से लोग इधर-उधर फोटो बनाते देखे गए, जो वास्तव में अनुचित लगता है। अगर फोटो ही बनानी है तो अन्य किसी समय बनाई जाए। राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत के समय जब यह दोनों चल रहे होते हैं तो उस समय हिलना डुलना अनुचित माना जाता है परंतु सभी नियमों ताक पर रखकर कितने लोग फोटो बना रहे थे।
5- इस राष्ट्रीय पर्व पर एक अधिकारी सबसे अधिक चर्चित रहा जिसने पूर्ण रूप से नीचे से ऊपर तक काली पोशाक पहन रखी थी। जिसकी नजर पड़ी उसने यही कहा कि यह ठीक नहीं है। इस राष्ट्रीय पर्व को तो कम से कम बख्श देना चाहिए। इस दिन तो एकता का प्रतीक सफेद पोशाक पहने। सफेद पोशाक अच्छी भी लगती है और गर्मी में गर्मी से भी बचाती है। लेकिन अधिकारी ने शायद अपनी शान समझते हुए काले कपड़े पहने होंगे। बस उस अधिकारी की चर्चा अभी भी जारी है। आश्चर्य गर्मी के दिनों में तो काले वस्त्र पहनना विज्ञान के अनुसार भी अनुचित होते हैं। फिर अधिकारी ने काले कपड़े पहनकर सिद्ध कर दिया कि राष्ट्रीय पर्व पर कोई जरूरी नहीं कि सफेद कपड़े पहने जाएं।
8- सम्मान बहुत से दिए गए। शीरदों के परिजन भी सम्मानित किए गए किंतु किसी विशेष क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने वाला ऐसा कोई भी चेहरा सामने नहीं आया। किसी क्षेत्र विशेष में उपलब्धि हासिल करने वाले को यदि सम्मान दिया जाता तो ज्यादा बेहतर लगता। दो-चार साल से शिक्षण करने वाले भी सम्मानित कर दिए किंतु वर्षों से बेहतर रिजल्ट देने वाले दूर रहे। शायद स्कूलों को  सूचना देने में कहीं कमी रही हो।



 33 केवी लाइन के रखरखाव के चलते 17 अगस्त को दो घंटे बिजली आपूर्ति रहेगी बाधित
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कनीना की आवाज।
17 अगस्त 2026 को 33 केवी सब-स्टेशन गुढ़ा एवं 33 केवी सब-स्टेशन देवास से चलने वाली बिजली आपूर्ति नांगल मोहन से आने वाली 33 केवी लाइन के आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक बाधित रहेगी।
उपमंडल अधिकारी विकास यादव ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि 33 केवी सब-स्टेशन गुढ़ा से जुड़े गुढ़ा, रसूलपुर, कोका आदि गांवों की बिजली आपूर्ति दोपहर 12 से 2 बजे तक बंद रहेगी।
इसी प्रकार 33 केवी सब-स्टेशन देवास से जुड़े देवास, चितलांग, बुचौली, मेघनवास, दुलाना आदि गांवों की बिजली आपूर्ति भी उक्त अवधि में बाधित रहेगी।
उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि रखरखाव कार्य के दौरान विभाग का सहयोग करें तथा आवश्यक विद्युत कार्य पूर्व में ही निपटा लें।


मेघवाल उत्थान सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह 23 अगस्त को
मुख्य मंत्री नायब सिंह सैनी होंगे मुख्य अतिथि।
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कनीना की आवाज।
  कनीना में शनिवार को डा. भीम राव अंबेडकर समिति की तरफ से एक सभा का आयोजन किया गया जिसमें मेघवाल उत्थान समिति के संयोजक वेद प्रकाश, सुंदर लाल भटेरिया सलाहकार, भान सिंह अध्यक्ष खोल ब्लाक, और राम पाल सिंह मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने  23 अगस्त को बावल में होने वाले प्रतिभा सम्मान समारोह का निमंत्रण पत्र डा. भीम राव अंबेडकर समिति के प्रधान केके पूनिया को सौंपा ।  
समारोह में मुख्य मंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि होंगे जो समस्त अनुसूचित जाति को संबोधित करेंगे। समारोह में उन सभी छात्रों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने शिक्षा और खेल के क्षेत्र में अपना और देश का नाम रोशन किया। निमंत्रण पत्र सौंपते हुए वेद प्रकाश ने कहा कि अपने समाज में जिस मूलभूत सुविधाओं से संबंधित बिरादरी वंचित है उन पर चर्चा करके मुख्य मंत्री को पत्र सौंपा जाएगा । इस पर समिति के प्रधान के के पूनिया ने आभार व्यक्त करते हुए समारोह में पहुंचने का आश्वासन दिया। इस मौके पर प्रवक्ता धर्मेंद्र,एडवोकेट दलीप सिंह,सूरत सिंह,सचिन रंगा,ईश्वर सिंह रंगा,रतिराम पूर्व सरपंच मोहनपुर,रमेश गोठवाल,डीग राम,पवन ,सूबे सिंह इत्यादि मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 04: कनीना के केके पूनिया को ज्ञापन सौंपते हुए




दो दिनों तक रहेगी 3 घंटे बिजली आपूर्ति बंद
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कनीना की आवाज।
  एसएसई एचवीपीएन ने सूचना दी है कि 17 व 18 अगस्त 2026 को  दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक मोहनपुर स्थित 132 केवी सब-स्टेशन पर शटडाउन लिया जाएगा। इस दौरान रामबास और भोजावास स्थित 33 केवी सब-स्टेशनों की बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। साथ ही रामबास और भोजावास के 33 केवी सब-स्टेशनों से निकलने वाले सभी 11 केवी फीडरों की आपूर्ति भी दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक बंद रहेगी।


बाघोत तक जाएगी पदयात्रा
-सावन माह का तीसरा सोमवार है
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कनीना की आवाज।
 यू तो पूरे ही सावन में शिवालय पर भक्तों की भीड़ मिलती है किंतु सावन के सोमवार को अधिक भक्त पहुंचते हैं। जहां बीते 11 अगस्त को शिवरात्रि का पर्व भी मनाया था। अपार भीड़ जुटी थी।
 कनीना पदयात्री संघ विभिन्न स्थानों पर समय समय पर यात्रा पदयात्रा करता रहा है। पदयात्री संघ के प्रधान श्रीकृष्ण शर्मा करीरा वाले ने बताया  िकनीना और आसपास के भक्तों का एक दल सोमवार को सुबह कनीना से बाघोत पद यात्रा के लिए रवाना होगा। बाघोत शिवालय पर जल अर्पित करके वापस लौटेगा। उन्होंने बताया कि इस पदयात्रा ने जहां जैतपुर, घड़ी महासर मां मंदिर, शनिदेव मंदिर बंसदुदा, बालवाड़ी आदि की पदयात्रा समय-समय पर पूरी की है। अब बाघोत धाम की पदयात्रा पर जाएगा। उन्होंने बताया कि उनके संघ में सदस्यों की संख्या बढ़ती ही जा रही है जो सिद्ध करती है कि भक्तों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।

तीन लोगों पर मारपीट का केस दर्ज
-  सुंदरह गांव का है मामला

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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव सुंदरह निवासी नवीन कुमार ने तीन लोगों पर मारपीट का केस दर्ज करवाया है। उन्होंने पुलिस में बताया कि 11 अगस्त को रात करीब 2:30 बजे वह अपने मकान के अंदर सो रहा था तभी भूपेंद्र, प्रवीन और प्रिंस तीनों व्यक्ति आये और आते ही मारना पीटना शुरू कर दिया। उन्होंने हाथों में डंडे ले रखे थे। नवीन के शोर मचाने पर नवीन का भाई प्रदीप व भोलाराम दौड़कर आए। जाते वक्त वो जान से मारने की धमकी दे गए। तत्पश्चात नवीन के स्वजन उसे कनीना उप-नागरिक अस्पताल ले गए जहां से उन्हें पीजीआइएमएस रोहतक रेफर कर दिया। रोहतक इलाज चला और अब घर आकर उन्होंने तीन लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज करवा दिया है।




नाग पंचमी- 17 अगस्त
-आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में की जाती है नागों की पूजा
-बनाये हुये हैं नाग देवता मंदिर
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कनीना की आवाज।
 नाग पंचमी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है जो सावन माह की शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है। नागों की पूजा की जाती है। इस दिन नाग देवता या सर्प की पूजा की जाती है और उन्हें दूध से स्नान कराया जाता है। लेकिन कहीं-कहीं दूध पिलाने की परम्परा चल पड़ी है। सांप को दूध पिलाने से पच नहीं पाता जिससे उनकी मृत्यु हो जाती है। शास्त्रों में नागों को दूध पिलाने को नहीं बल्कि दूध से स्नान कराने को कहा गया है। खेलकूद का आयोजन कर मेले भी लगते हैं।  गाय, बैल आदि पशुओं को इस दिन नदी, तालाब में ले जाकर नहलाया जाता है।
वास्तव में हिन्दू संस्कृति ने पशु-पक्षी, वृक्ष-वनस्पति सबके साथ आत्मीय संबंध जोडऩे का प्रयत्न किया है। परन्तु नाग पंचमी जैसे दिन नाग का पूजन जब हम करते हैं, तब तो हमारी संस्कृति की विशिष्टता पराकाष्ठा पर पहुंच जाती है।
नाग बड़े उपयोगी हैं। नाग को देव के रूप में स्वीकार करते आये हैं।
भारत जैसे कृषि प्रधान देश में सांप खेतों का रक्षण करता है, इसलिए उसे खेत का रक्षक कहते हैं। जीव-जंतु, चूहे आदि जो फसल को नुकसान करने वाले तत्व हैं, उनका नाश करके सांप हमारे खेतों को हराभरा रखता है। सांप सामान्यतया किसी को अकारण नहीं काटता। उसे परेशान करने वाले को या छेडऩे वालों को ही वह डंसता है। चंपा के पौधे को लिपटकर वह रहता है या तो चंदन के वृक्ष पर वह निवास करता है। केवड़े के वन में भी वह फिरता रहता है। उसे सुगंध प्रिय लगती है।  पुराणों में वर्णन आता है कि देव-दानवों द्वारा किए गए समुद्र मंथन में साधन रूप बनकर वासुकी नाग का प्रयोग किया गया था। यहां तक कि साल में एक बार सांपों की पूजा की जाती है। कुछ जगह मंदिर भी नाग देवता के बने हुए हैं जहां नागों की पूजा की जाती है।
कुछ लोग तो नागों को दूध पिलाने के लिए सपेरों के यहां जाना पड़ता है। दिनभर नागों को याद किया जाता है। महाभारत काल में जहां नागों और पांडवों का बैर चला किंतु बाद में यह बैर दोस्ती में बदल गया और गांडीवधारी अर्जुन का विवाह नाग कन्या उलूपी से हुआ। बताया जाता है तब से इंसान एवं सांपों की दोस्ती चली आ रही है। आज भी यह दोस्ती कायम है। ऐसे में नाग पूजा के अधिकारी हैं।
 पूर्व कृषि अधिकारी डा देवराज यादव का कहना है कि सांप किसान के दोस्त होते हैं। ये चूहों को खाते हैं जो फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। किसान सूबे सिंह, महेंद्र सिंह ने बताया कि सांप जंगल में फसलों में मिल जाते हैं किंतु वे उनको नहीं मारते।






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