Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Monday, September 7, 2026



 

सांस्कृतिक अहीरवाल ट्रस्ट की बैठक 12 को कनीना में
************************************************
*******************************************************
************************************************
कनीना की आवाज।
 सांस्कृतिक अहीरवाल ट्रस्ट की एक बैठक एआईटी कालेज कनीना में 12 सितंबर को आयोजित की जाएगी। सत्यव्रत आर्य निदेशक सांस्कृतिक अहीरवाल ट्रस्ट ने बताया कि बैठक में सांस्कृतिक अहीरवाल- एक सार्थक प्रयास विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की जाएगी। जिसमें वक्ताओं का  उद्बोधन होगा तथा अब तक ट्रस्ट द्वारा किए गए कार्यों पर चर्चा की जाएगी।





कनीना क्षेत्र में करीब आधा घंटा तेज वर्षा चली, हुई 15 एमएम वर्षा
 -अभी तक 11 अगस्त के बाद इतनी वर्षा हुई है
************************************************
*******************************************************
************************************************
कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में करीब आधा घंटा तेज वर्षा चली। अभी तक 11 अगस्त के बाद इतनी वर्षा हुई है।बार 11 अगस्त से पहले वर्षा हुई थी, तत्पश्चात सोमवार को वर्षा हुई है। फसल सूख चली है। कनीना क्षेत्र में 15 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई। अभी वर्षा होना जारी है।  
किसान बताते हैं कि वर्षा अभाव में फसलों को काफी नुकसान हुआ है। जब बिजाई की गई थी तब भी वर्षा नहीं हुई और अब जब फसल को पानी की जरूरत थी तब भी वर्षा नहीं हुई। किसानों का कहना है कि शायद फसल कटाई पर वर्षा होगी। किसान बाजरे की फसल कटाई में लग गए हैं लेकिन दूसरी फसलों में इस वर्षा का लाभ होगा। बाजरे की खड़ी फसल में वर्षा का लाभ नहीं तो नुकसान भी नहीं होगा। वैसे भी वर्षा आगामी रबी फसल के लिए लाभप्रद साबित होगी। किसान मानते हैं कि वर्षा होगी वह लाभप्रद साबित होगी। इस समय बाजरे के अतिरिक्त कपास, मूंग, चारा देने वाली फसले,अरहर और सब्जियां उगाई हुई है। किसान लंबे समय से आकाश की ओर टकटकी लगाकर देख रहे थे किंतु वर्षा समय पर नहीं हुई। 11 अगस्त तक अच्छी वर्षा हुई तत्पश्चात कोई वर्षा नहीं हुई और आज सोमवार को बेहतर वर्षा हुई है। अभी वर्षा होना जारी है।
फोटो कैप्शन 07: वर्षा के बाद फसलों पर आब






हड़ताली कर्मियों के समर्थन में पहुंचे अतरलाल
************************************************
*******************************************************
************************************************
कनीना की आवाज।
बसपा नेता अतरलाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ कनीना में हड़ताली कर्मचारी सफाई कर्मचारियों के धरने पर पहुंचकर पार्टी का समर्थन दिया। उन्होंने धरने पर बैठकर सफाई कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए राज्य सरकार से तत्काल मांगों को स्वीकृत कर हड़ताल खत्म करवाने की मांग की।
अतरलाल ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता के कारण कस्बों और शहरों में सफाई का बुरा हाल हो गया है। गंदगी के अंबार लग गए हैं और बीमारियां फैलने लगी हैं। इसके कारण सफाई कर्मियों, उनके परिजनों और आम नागरिकों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने सरकार के कर्मचारी विरोधी रवैये की निंदा करते हुए चेतावनी दी की सरकार ने तत्काल मांगे स्वीकृत नहीं की तो आंदोलन उग्र हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को संवेदनशीलता दिखाते हुए आगे आकर खुद आंदोलनकारी सफाई कर्मचारियों से वार्ता करनी चाहिए।इस अवसर पर कैलाश सेठ, दान सिंह प्रजापत, राकेश यादव, अनिल कुमार, सुनील, सुभाष, कर्मवीर, रमेश, संजय, राजेश, रतनलाल, नवीन, नरेंद्र, सोनू, पवन, विमल, शशि बाला, योगेश, राकेश, अशोक, कुलदीप व प्रदीप सहित अनेक बसपा कार्यकर्ता और सफाईकर्मी उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 06: कनीना में सफाई कर्मचारियों के धरने पर बैठकर उनकी मांगों का समर्थन करते हुए अतरलाल एडवोकेट।


डा. जगजीत यादव का यूरोलाजी के लिए चयन
************************************************
*******************************************************
************************************************
कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव रसूलपुर निवासी डा. जगजीत यादव जनरल सर्जन का चयन एमसीएच य्रूरोलाजी के लिए राजकीय सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल जम्मू में हुआ है। उन्होंने यह सफलता नीट एसएस परीक्षा दिसम्बर 2025 में आयोजित हुई में प्रथम प्रयास में ही हासिल की।
डा. जगजीत ने एमबीबीएस,पीजीआईएमएस रोहतक से व पीजी जनरल सर्जरी रविन्द्रनाथ टैगोर मेडिकल कालेज उदयपुर से की। डा. जगजीत के पिताजी कैप्टन सुरेन्द्र यादव भारतीय सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं व माताजी सुरेश देवी गृहिणी हैं।
उनकी इस सफलता पर गांव के गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें बधाई दी व उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
फोटो कैप्शन: डा. जगजीत सिंह



विश्व साक्षरता दिवस-8 सितंबर
प्रदेश एवं देश में बढ़ी है साक्षरता दर-नरेश कुमार
************************************************
*******************************************************
************************************************
कनीना की आवाज।
 विश्व साक्षरता दिवस 1966 से लगातार मनाया जा रहा है।  हरियाणा में यह 75.55 फीसदी है  जबकि भारत की साक्षरता दर पुरुषों की 82.14 तथा महिलाओं की 65.46 प्रतिशत है। सबसे साक्षर केरल है और सबसे कम साक्षर बिहार है।
सत्तर के दशक में प्रदेश में जहां प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम सरकार ने चलाया था जिससे बुजुर्गों और निरक्षरों को पढ़ाया गया, साक्षर किया गया जिससे उन्हें कम से कम अपना नाम आदि लिखना पढऩा आ गया था। इसके बाद प्रेरक लगाए गए जिन्होंने भी इस महत्वपूर्ण योजना के तहत अपना योगदान दिया परंतु दोनों ही योजनाएं बंद हो गई। बाद में भी कई योजनाएं सरकार ने शुरू की किंतु साक्षरता वर्तमान में बढ़ती ही जा रही है। कभी बुजुर्ग और गरीब तबके के लोग निरक्षर रहते थे परंतु अब विभिन्न प्रकार के सोशल माध्यमों द्वारा एवं विज्ञान की प्रगति के साथ-साथ लोगों में जागरूकता आ गई है और साक्षरता की ओर अब ध्यान दे रहे हैं। साक्षरता का सीधा सा अर्थ है अक्षर का ज्ञान। यह कोई डिग्री या सर्टिफिकेट आदि के लिए नहीं होती अपितु अक्षर ज्ञान कराना साक्षरता कहलाता है। साक्षरता पर विभिन्न लोगों से चर्चा की गई जिनके विचार अलग अलग हैं-
**वर्ष 2012-13 में प्रेरक लगाए गए थे जिन्होंने साक्षर करने का कार्य किया था। इससे पहले भी प्रदेश में प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम चला था जिसमें निरक्षरों को पढ़ाया जाता था परंतु वर्तमान युग में अनपढ़ व्यक्ति भी यह चाहता है कि उसका बच्चा पढ़ लिखकर महान बने। यही कारण है कि आजकल साक्षरता बढ़ती जा रही है। साक्षरता के क्षेत्र में अब भी बहुत गरीब तबके के लोग निरक्षर हो सकते हैं। बुजुर्ग निरक्षर मिलते थे जो धीरे-धीरे कम होते जा रहे हैं। उमर के चलते वे स्वर्ग सिधार रहे हैं जिससे साक्षरता दर तेजी से बढ़ती ही जा रही है। आज जागरूकता गई है और स्कूल में पढऩे वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती जा रही है। प्रौढ़ों की संख्या घटती जा रही है जिसके चलते साक्षरता दर बढ़ रही है। स्कूल, कालेज अधिक संख्या में बढ़ गए हैं। इंसान को शिक्षा की आवश्यकता महसूस हो रही है। उसे मालूम हो गया है की खेती बाड़ी की बजाय शिक्षा पर ध्यान दिया जाए तो ज्यादा लाभ होगा। यही कारण है कि आज के दिन साक्षरता दर बढ़ती जा रही है और भविष्य में साक्षरता दर और भी बढ़ सकती है। आधुनिक साधनों के चलते हर इंसान के जेहन में शिक्षा की प्रति लगाव बढ़ता जा रहा है।
  --नरेश कुमार शिक्षक
प्रौढ़ रोड शिक्षा पर भी काम किया है तथा करीब 20 लोगों को जब 1970 में शिक्षा पा रहे थे तब भी अनौपचारिक शिक्षा के तहत पढ़ाकर बाद में उन्हें शिक्षा के प्रति लगन जगाई और उन्हें पांचवीं कक्षा तक की परीक्षा भी पास करवाई थी। वर्तमान समय में अधिक से अधिक विज्ञान के उपकरणों के जरिये इंसान को शिक्षा के लाभों की जानकारी मिल रही है। जिसके चलते कोई भी इंसान अपने बच्चों को अनपढ़ नहीं रखना चाहता। यही कारण है की साक्षरता की दर बढ़ी है। साक्षरता दर बढ़ाने में सरकार ने भी कई कदम समय-समय पर उठाये हैं। प्रौढ़ शिक्षा, प्रेरक शिक्षा सर्व ,शिक्षा अभियान आदि के जरिए यही सिद्ध करना चाहे की शिक्षा बहुत जरूरी है।
- बनवारी लाल स्टेट अवार्डी पूर्व प्राध्यापक
फोटो कैप्शन: नरेश कुमार एवं बनवारी लाल

किसान जुटे जोर शोर से लावणी के काम में,स्वयंकर रहे हैं कटाई
-वर्षा की रही कमी
************************************************
*******************************************************
************************************************
कनीना की आवाज।
किसान बाजरे की लावणी में जोर शोर से लग गए है। किसान सितंबर के अंत तक कटाई का काम पूरा करके पैदावार घरों में डालना चाहते हैं। दूसरे राज्यों से कम मजदूर आने के कारण किसान स्वयं ही लावणी कर रहे हैं। वैसे भी मजदूर प्रतिदिन कम से कम 700 रुपये लेता है जिसके आधार पर लावणी करवाना बहुत कठिन है। जिन किसानों ने बिजाई नहीं की थी वो अब रबी फसल की तैयारी में लग गए हैं।
किसान सूबे सिंह, मनोज कुमार, सूबे सिंह,कृष्ण कुमार ने बताया कि किसानों का पूरा  परिवार की लावणी कर रहा है। विगत वर्ष मजदूरों से लावणी करवाई गई थी और 6000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से खर्चा आया था। इस बार आठ हजार रुपये तक मजदूरी मांग रहे हैं।  इस बार दूसरे प्रदेशों से आने वाले मजदूर अभी तक नहीं आए हैं, हो सकता है कि भविष्य में मजदूर  इस क्षेत्र में आ जाए परंतु वर्तमान समय में बाजरे की कटाई शुरू हो गई है और किसान स्वयं कटाई कर रहे हैं।
 उल्लेखनीय है कि इस बार जून में बिजाई शुरू हो गई थी जो अब लावणी आ गई है। वर्षा कम होने से किसानों की फसल बेहतर ढंग से नहीं पक पाई है। ऐसे में किसान अपने दम पर ही लावणी कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि जब बिजाई का समय था तब भी वर्षा समय पर नहीं हुई और जब फसल के पकान की बारी थी तो भी वर्षा का अभाव रहा। अगैती बिजाई करने वाले लावणी में जुट गए हैं।
 फोटो कैप्शन 05: लावणी करते किसान


डीएवी शिक्षण संस्थान के समर्थन में हुई समीक्षा बैठक।
युवाओं ने दिया पुरजोर समर्थन
************************************************
*******************************************************
************************************************
कनीना की आवाज।
 कनीना की डीएवी शिक्षण संस्थान को दोबारा खुलवाने के लिए गेट के पास रविवार को  समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया जिसमें कनीना के अलावा आस पास गांव के युवाओं ने अपनी राय दी। समीक्षा बैठक हर रविवार को होती है जिसमें पूरे सप्ताह की नीति बनाई जाती है। इस बार युवाओं में जोश देखने को मिला । वहीं भडफ़ से आए रवि यादव ने संगठन को गांव में पंचायत घर पर दोपहर 12 बजे जन संवाद के लिए आमंत्रित किया है । उन्होंने बताया कि एक समय था जब उनके गांव के युवा डीएवी मैदान में शारीरिक परीक्षण के लिए आते थे। जब शिक्षण संस्थान चला करता था तो उस समय रेवाड़ी रोड पर परिवहन विभाग की तरफ से बस स्टाप भी बनाया गया था। लेकिन अब सब कुछ वीरान पड़ा है। उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि भडफ़ गांव का युवा पीढ़ी ही नहीं बल्कि बुजुर्ग  और महिलाएं भी समर्थन में साथ है। हरेंद्र शर्मा ने बताया कि डी ए वी संस्था को दोबारा खुलवाने के लिए जो हस्ताक्षर अभियान शुरू किया था उसकी शुरुआत कनीना के वार्ड नंबर 06 से हो चुकी है जिसमें पूर्व पार्षद पहलाद राय और राज कुमार चौहान ने समर्थन दिया । इसके अलावा वार्ड वासियों ने भी बढ़ चढ़ कर समर्थन दिया। समीक्षा बैठक में समाज सेवी हरेंद्र शर्मा, मोनू यादव, सोनू , दीपांशु, राज कुमार,राज सिंह, हैप्पी, पंकज शर्मा,रिंकू सिंह,इत्यादि क्षेत्र वासी मौजूद थे ।
फोटो कैप्शन 01: बैठक आयोजित करते हुए कनीना के लोग


जनसहयोग, विद्यालय शिक्षा समिति और स्टाफ के सक्रिय सहयोग से करीरा विद्यालय उन्नति की ओर अग्रसर
************************************************
*******************************************************
************************************************
कनीना की आवाज।
सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदलने के लिए केवल सरकारी संसाधनों पर निर्भर रहने के बजाय यदि जनसहयोग, विद्यालय शिक्षा समिति और समर्पित स्टाफ एकजुट होकर कार्य करें तो सकारात्मक बदलाव निश्चित रूप से संभव है। इसका उदाहरण राजकीय विद्यालय करीरा में देखने को मिल रहा है, जहां प्राचार्य हरीश कुमार के नेतृत्व और प्रेरक प्रयासों व शिक्षा समिति प्रमुख पवन कुमार तथा सदस्य राम किशन के सक्रिय भागीदारी से विद्यालय लगातार विकास एवं शैक्षणिक उन्नयन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
विद्यालय में विद्यार्थियों को बेहतर और सुविधाजनक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने के लिए जनसहयोग, विद्यालय शिक्षा समिति, ग्रामीणों तथा स्टाफ सदस्यों के सक्रिय सहयोग से अनेक विकासात्मक कार्य किए जा रहे हैं। विद्यालय प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
इसी क्रम में विद्यालय के आठ कमरों में बिजली बैकअप की व्यवस्था के लिए इनवर्टर और बैटरियां लगवाई गई हैं। इस महत्वपूर्ण कार्य में विद्यालय के पूर्व प्राचार्य रामस्वरूप ने 23 हजार रुपए, वर्तमान प्राचार्य हरीश कुमार ने 9 हजार रुपए तथा ग्रुप-डी कर्मचारी सतीश कुमार ने 4 हजार रुपये का सहयोग दिया। कुल 36 हजार रुपए की लागत से विद्यालय के आठ कमरों में बिजली बैकअप की सुविधा उपलब्ध कराई गई।
विद्यालय में बेहतर बिजली व्यवस्था और हवादार कक्षाओं की दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को गर्मी और बिजली की समस्या से राहत मिल सके तथा पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो। इन कार्यों में विद्यालय शिक्षा समिति और ग्रामीणों का सहयोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
विद्यालय में विकास कार्यों के साथ-साथ प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। सभी स्टाफ सदस्यों, विद्यार्थियों, मिड-डे-मील कार्यकर्ताओं तथा विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों के पहचान पत्र तैयार करवाए गए हैं। यह कार्य विद्यालय के सभी स्टाफ सदस्यों के सक्रिय सहयोग से पूरा किया गया।
प्राचार्य हरीश कुमार ने कहा कि विद्यालय का विकास किसी एक व्यक्ति के प्रयास से संभव नहीं होता। जब ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, विद्यालय शिक्षा समिति, अभिभावक और स्टाफ सदस्य एक लक्ष्य के साथ मिलकर काम करते हैं तो विद्यालय निश्चित रूप से प्रगति के नए आयाम स्थापित करता है।
उन्होंने विद्यालय के पूर्व प्राचार्य रामस्वरूप, स्टाफ सदस्यों, विद्यालय शिक्षा समिति, ग्रामीणों और सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को हर संभव बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
फोटो कैप्शन 03:सरकारी स्कूल के बच्चों के बनवाए आई कार्ड दिखाते हुए


घर से वायर चोरी करने के मामले में महेंद्रगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार
************************************************
*******************************************************
************************************************
कनीना की आवाज।
 थाना सिटी महेंद्रगढ़ पुलिस ने घर से वायर चोरी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
 04 सितंबर 2026 को शिकायतकर्ता अशोक कुमार, निवासी वार्ड नंबर 9, महेंद्रगढ़ ने पुलिस को शिकायत दी कि उसके मकान के बाहर लगी केबल तथा मकान के अंदर की विद्युत वायरिंग को काटकर चोरी कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त, कुछ तारों के बंडल भी मौके से गायब मिले हैं। शिकायत मिलने पर थाना सिटी महेंद्रगढ़ पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए आरोपी की तलाश की।
पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दिनांक 06 सितंबर 2026 को आरोपी प्रिंस निवासी मोहल्ला सैनीपुरा, महेंद्रगढ़ को सैनी स्कूल के पास से गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी द्वारा वारदात को अकेले अंजाम देना सामने आया है। पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपी ने चोरी की गई वायर को स्थानीय स्तर पर घूमने वाले अलग अलग कबाडिय़ों को बेच दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 700 रुपए बरामद किए हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी प्रिंस के खिलाफ थाना सिटी महेंद्रगढ़ में वर्ष 2022 में चोरी का एक अन्य मामला भी दर्ज है। गिरफ्तार आरोपी को नियमानुसार आज माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा।
महेंद्रगढ़ पुलिस द्वारा आमजन से अपील की जाती है कि चोरी, लूटपाट अथवा किसी भी अन्य आपराधिक घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। समय पर सूचना मिलने से पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी एवं चोरी की संपत्ति की बरामदगी सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
फोटो कैप्शन 02: पकड़ा गया आरोपी












No comments: