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Saturday, April 18, 2020
गाहड़ा गांव में खेत से फव्वारा नोजल चोरी ******************************* ********************************** कनीना।
उपमंडल के गांव गाहड़ा से अज्ञात चोर बीती रात किसान के खेत से फव्वारा
नोजल चोरी कर ले गए। गाहड़ा निवासी गजराज सिंह ने बताया कहा है कि चोर उनके
खेत से फव्वारों की 5 नोजल नलकी चोरी कर ले गए। अपने स्तर पर छानबीन के
बाद किसान ने पुलिस से चोरों के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार कर चोरी की गई
नोजल बरामद करने की मांग की है।
चौथे दिन खरीद 4939 क्विंटल *********************************** ************************************* कनीना।
कनीना तथा कनीना के तहत आने वाले तीन विभिन्न खरीद केंद्रों पर सरसों की
खरीद जारी है। चौथे खरीद के चौथे दिन 181 किसानों की 4939 क्विंटल सरसों
खरीदी। विस्तृत जानकारी देते हुए हैं हैफेड मैनेजर सत्येंद्र यादव ने
बताया कि कनीना में 56 किसानों ने 1560 क्विंटल, सेहलंग में 45 किसानों ने
1326 क्विंटल, करीरा में 40 किसानों ने 1153 क्विंटल तथा दौंगड़ा अहीर में
40 किसानों ने 900 क्विंटल सरसों बेची है। इससे पहले 3 दिनों में 27281 बैग
सरसों के खरीदी जा चुकी हैं। आज यह चौथा दिन था। चौथे दिन की खरीद बैग
अनुसार 10975 बैग है। अब तक चारों दिन 38256 बैग सरसों खरीदी है जिसमें से
करीब 20 हजार बैग सरसों का उठान हो चुका है। फोटो कैप्शन 8: मौसम की नजाकत को देखते हुए तिरपालों से सरसों ढककर खरीदते हुए।
लॉकडाउन में याद आते हैं फास्ट फूड ************************************ ************************************ कनीना। बेशक परिवार तथा डॉक्टर फास्ट फूड को खराब बताएं किंतु बच्चे फास्ट फूड विशेषकर समोसे पानी के बतासे, दही बल्ले आदि को नहीं भूल पा रहे हैं। अब घर पर ही ये चीजें बना करके खाने लगे हैं। वैसे तो जब से लॉकडाउन बढ़ा है तब से परिवार वाले भी परेशान हो गए हैं। बच्चे जन्म से ही शरारती होते हैं। यही कारण है कि घर में दिनभर हा-ल्लड़ रखते जिसके चलते परिवार वाले अक्सर यही कहते सुने हैं कि कब खुलेंगे स्कूल? उधर उनकी फास्ट फूड की मांग भी बढ़ गई है क्योंकि फास्ट फूड आदि कुछ खाने को नहीं मिलता। चटपटा खाने को उनका जी करता है। यहां तक कि बच्चे भी अब बहुत एक्टिव हो गए हैं ऐसे में पानी बतासा, समोसे, इडली, चाउमीन, बर्गर आदि बनाकर खाने लगे हैं। अक्की और चिक्की नाम के दो भाई बहनों ने तो स्वयं रसोई का कार्य संभाल लिया है। इन्होंने तो जमकर पानी बतासा बनाए और न केवल खुद खाए अपितु परिवार वालों को भी खिलाएं। बच्चे अति चतुर होते हैं और नेट के जरिए पानी बतासे, समोसे आदि बनाना सीख लेते हैं और स्वयं तैयार करके बड़े चाव से खाते हैं। बड़े भी इनके कार्य को देख कर के बहुत खुश होते हैं। फोटो कैप्शन: अक्की और चिक्की पानी पतासे, समोसे खाते हुए।
घर पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं विद्यार्थी ***************************************** ******************************************** कनीना। बेशक लॉकडाउन के चलते स्कूल मई माह तक बंद रहेंगे किंतु सभी स्कूलों ने आनलाइन शिक्षण शुरू कर दिया है। इस वजह से विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। मोबाइल एवं कंप्यूटर की मदद कारगर हो रही है वहीं टीवी चैनल शिक्षक की भूमिका में आगे आ रहे हैं। कक्षा आठवीं की छात्रा मानवी यादव व कनिका यादव ने बताया की हम दोनों बहनें ऑनलाइन कक्षाओं का बहुत फायदा उठा रही है। सभी स्कूलों ने हम सभी बच्चों के लिए ये ऑनलाइन पढ़ाई का अच्छा कदम उठाया हैं ऑनलाइन पढ़ाई से पहले हम टीवी देखकर बोर हो जाते थे लेकिन अब व्हाट्सअप के द्वारा हमें अपना होमवर्क मिल जाता है वहाँ से पढ़कर हम अपने समय का सदुपयोग कर रहे है । अध्यापक जब हमें कक्षाओं में पढ़ाते थे तब हमें बहुत ज्यादा मेहनत नही करनी पड़ती थी क्योंकि टीचर ने ब्लैकबोर्ड पर प्रश्नों को हल किया और हमने नोटबुक में लिख लिया लेकिन अब हमें टीचर से केवल कुछ टिप्स ही मिल पाते है बाकी सारा कार्य किताब की मेहनत से कर रहे है जिससे हमारे अंदर स्वयं पढऩे की एक बहुत अच्छी आदत विकसित हो रही है।हम खुद किताब को पढ़कर प्रश्न का उत्तर ढूंढ पा रहे है। ये आदत हमें क्रिएटिव दिमाग का बना रही है। हम अपने माता पिता जो की दोनो गणित के शिक्षक है की मदद से भी अपनी पढ़ाई कर लेते है ।पहले मोबाइल को गेम खेलने के लिए मम्मी पापा से लेते थे तब मम्मी पापा दोनों डाट लगाते थे लेकिन अब सुबह सुबह होमवर्क के लिए मोबाइल लेते है तो मम्मी पापा दोनो को बहुत अच्छा लगता है ।हमने तो समय से अपनी किताबें ले ली थी लेकिन हमारी कक्षा के बहुत सारे बच्चे तो किताबें भी नही खरीद पाए थे इससे पहले ही लॉकडाउन हो गया था इसलिए उन बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई करने में दिक्कत आ रही हैं। हम दोनों बहनें घर पर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई का बहुत ज्यादा फायदा उठा रही है। हम मासूम बच्चे भगवान से प्रार्थना करते है की भगवान इस कोरोना बीमारी को भारत से भगाओ ताकि हमारे सभी को आ रही परेशानियां खत्म हो व हमारे स्कूल खुल सकें।
युवाओं ने किया गांव बाघोत को सैनिटाइज ग्रामीणों को किए 450 मास्क वितरित ***************************** ************************************** कनीना। बाघोत ग्राम पंचायत व परशुराम ग्रुप ने त्वरित गति से कोरोना से लडऩे के लिए कार्यवाही में जुटा हुआ है। परशुराम ग्रुपके माध्यम से कीटनाशक दवाई छिड़कवाई गई है। परशुराम ग्रुप के सुनील अत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि 200 ग्राम कीटनाशक को 500 लीटर पानी की टंकी में डालकर ट्रैक्टर द्वारा गांव के मंदिर से गांव की सभी छोटी बड़ी गलियों में से होते हुए गांव के चारों तरफ इस कीटनाशक का छिड़काव किया गया है। उसके बाद हरिजन बस्ती, तथा विभिन्न स्थानों पर छिड़कवाया है। गांव में कुछ युवाओं ने एक परशुराम ग्रुप बनाया हुआ हैं जो कोरोना की जानकारी दे रहा है । इसके साथ ही यह ग्रुप ग्रामीणों को 450 मास्क वितरित कर उनको घर में रहने के लिए जागरूक कर रहा है । इस मुहिम में मुख्य रूप से सुनील अत्री, मंजीत वशिष्ठ, प्रवीण अत्री, मोनू पहलवान, सतीश अत्री आदि शामिल रहे ।
गाहड़ा गांव में खेत से फव्वारा नोजल चोरी ******************************* ********************************** कनीना। उपमंडल के गांव गाहड़ा से अज्ञात चोर बीती रात किसान के खेत से फव्वारा नोजल चोरी कर ले गए। गाहड़ा निवासी गजराज सिंह ने बताया कहा है कि चोर उनके खेत से फव्वारों की 5 नोजल नलकी चोरी कर ले गए। अपने स्तर पर छानबीन के बाद किसान ने पुलिस से चोरों के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार कर चोरी की गई नोजल बरामद करने की मांग की है।
जब पार्षद ने पूड़ी तलकर खिलाई शेल्टर होम में ********************* ************************************* कनीना। कनीना के वार्ड एक के पार्षद मास्टर दिलीप कुमार सेवानिवृत्त होने के बावजूद भी अब जनसेवा में जुटे हुए हैं। कनीना के पार्षद हैं किंतु दुर्भाग्यवश उनका एक हाथ नहीं है। परंतु एक हाथ से भी सभी कार्य पूर्ण कर सकते हैं। हुआ यूं कि शनिवार दोपहर जब पूडिय़ां तलने वाला हलवाई नहीं था और शेल्टर होम में लोग खाना खाने आ गए। आंव देखा ना ताव पार्षद ने स्वयं ही पूड़ी तलनी शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि वे किसी काम को छोटा नहीं समझते। पूडिय़ां ही नहीं अपितु खाना भी बना सकते हैं। इस प्रकार पूड़ी तलकर उन्होंने उपस्थित समस्त लोगों को खाना खिलाया। फोटो कैप्शन 7:पूडिय़ा तलते हुए दिलीप कुमार पार्षद।
लॉकडाउन में डॉक्टर की सलाह... मरीज फोन से सलाह ले सकते हैं ***************************** *********************************** कनीना। कनीना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक जमाने में एसएमओ पद पर रहे एवं बेहतरीन नाम कमाने वाले डा सुरेंद्र सनसनवाल(एमबीबीएस, डीसीएच) वर्तमान में बस स्टैंड पर सेवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब मरीजों को उनके पास आने की जरूरत नहीं है। जब तक लॉकडाउन चले तब तक सरकार के द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करे। उन्होंने कहा कि कोई भी मरीज 946638427 पर फोन कर सकता है। वे तुरंत उनको दवाइयों के बारे में नए केवल बताएंगे अपितु मरीज के घर के आस पास किसी भी मेडिकल स्टोर संचालक को भी समझएंगे कि कौन कौन सी दवाई मरीज को कैसे जाए? उन्होंने कहा कि लोकडाउन में फिजिकल डिस्टेंस बनाए रखना जरूरी है वही हाथों को नियमित रूप से धोते रहना चाहिए। मास्क का प्रयोग करना चाहिए किंतु उनके पास ज्यादा आने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि यूं तो उनके पास प्रतिदिन 50 तक मरीज आते हैं किंतु वे नहीं चाहते कि उन तक वे अधिक आए। फोन पर पूर्ण सलाह देंगे। उन्होंने कहा कि यदि खांसी बुखार, जुकाम के लक्षण हो तो उसे तुरंत सरकारी अस्पताल में संपर्क करना चाहिए। फोटो कैप्शन: डा सुरेंद्र सनसनवाल।
डॉक्टर की सलाह दुकानदारों को बरतनी चाहिए सामान देते वक्त सावधानियां ********************************* ****************************************** कनीना। डॉ राजनेश (एमबीबीएस, एमडी) का कहना है कि कोरोनावायरस एक गंभीर बीमारी है इससे बचने के लिए ऐतिहात के सभी नियमों का पालन करने से ही इस रोग से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि घर के अंदर रहना, बाहर जाने का जरूरी हो तो बाहर जाए किंतु मुंह पर मास्क लगा हो। दूसरे व्यक्ति से 1 मीटर दूरी बनाए रखें किंतु किसी अपरिचित व्यक्ति से लिफ्ट न ले। अज्ञात व्यक्ति यदि बाइक पर जा रहा है तो उससे लिफ्ट या तो न ले और ले ली है तो उस व्यक्ति को न छुए। नियमित हाथों की सफाई करें। यदि परिवार का सदस्य है तो उसके साथ बेशक एक बाइक पर बैठ सकता है। उन्होंने कहा अक्सर इस रोग को फैलाने में फल, सब्जी, अनाज तथा परचून का सामान विक्रेता भी कारण बन सकते हैं। उन्हें चाहिए कि वे आम ग्राहक वस्तुएं न छूने दे। अगर रोगी वस्तु को छू जाए तो फल, सब्जियों तथा अनाज आदि से रोगाणु होते हुए घर तक पहुंच जाएंगे। उन्होंने कहा कि फल/ सब्जियों को भी अच्छी प्रकार धो लेना चाहिए। उन्होंने कहा दुकानदार भी ग्राहकों को दूर दूर खड़े करने चाहिए। एक 1 मीटर दूरी पर खड़े करके उनसे दूर से ही पूछ लेना चाहिए और स्वयं पर्ची बनाकर दूर से ही सामान दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ की ओर से अभी तक कोई यह स्पष्ट नहीं है कि धूप का और गर्मी का इस दिन पर कोई प्रभाव पड़ता हो। फोटो कैप्शन: डा रजनेश
गर्मियों में पक्षियों के लिए हो पानी का प्रबंध ****************************** **************************************** कनीना। गर्मी के दिनों में बहुत से पक्षी बिना पानी के मर जाते हैं। उनको बचाने के लिए प्रयास करने चाहिए। सूबे सिंह का कहना है कि गर्मियों में वन्य जीवों को बचाने के लिए पानी का प्रबंध किया जाए। गर्मी के दिनों में पक्षियों को दूर दराज तक पानी एवं चुग्गा नहीं मिलता है जिसके चलते उनकी मौत हो जाती है। उनका मानना है कि जब गर्मी के दिनों में इंसान की हालात बदहाल हो जाती है तो पानी के बगैर पक्षियों पर क्या बीतती होगी? करीरा के निवासी एवं पीएफए के सदस्य बालकिशन का कहना है कि वे अपने घर की छत पर पक्षियों के लिए चुग्गे का प्रबंध कर रहे हैं तथा पानी के बर्तन रखवाए हैं। उन्होंने कहा कि पक्षियों की सुरक्षा से उनकी सुरक्षा संभव है। उन्होंने भी अपने गांव में जितना हो सके पक्षियों के लिए पानी का प्रबंध करेंगे। सुनील कुमार का कहना है कि गर्मियों में ट्यूबवेल से खेत में खाली जगह पर पक्षियों के लिए पानी का प्रबंध करेंगे वहीं पक्षियों के लिए पेड़ों पर झावली टांगते हैं। उनका कहना है कि वे पक्षियों के लिए ही नहीं अपितु लोगों के लिए भी प्याऊ लगाते आ रहे हैं। उनका कहना है कि वन्य जीव भी शृंखला का एक अंग होते हैं। राजेंद्र सिंह कनीना के निवासी हैं तथा समाजसेवा में अग्रणी हैं। उनका कहना है कि वे तो वर्षों से अपने खेत में जीवों के लिए जल का प्रबंध करते आ रहे हैं। छत पर भी जल तथा चुग्गे का प्रबंध करेेंगे। उनका कहना है कि उनके पूर्वज कभी से पक्षियों के लिए जल का प्रबंध करते आए हैं। उन्होंने सभी से प्रार्थना की कि वे भी पक्षियों के लिए जल का प्रबंध करें। फोटो कैप्शन: राजेंद्र सिंह, सुनील कुमार, सूबे सिंह, बालकिशन
कनीना खंड के सभी स्कूलों में चल रहा है ऑनलाइन शिक्षण ******************************* ******************************* कनीना। कनीना खंड के तहत 128 सरकारी स्कूल तथा निजी स्कूल मिलाकर 178 स्कूल बनते हैं और सभी स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कनीना खंड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुढ़ा तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी तलवाना में 25 मार्च से ऑनलाइन शिक्षण कार्य शुरू हो गया था। शिक्षक भी विद्यार्थियों से फीडबैक ले रहे हैं तथा लगातार रोजाना गृृहकार्य भी दिया जा रहा है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुढ़ा में प्राचार्य अभयराम यादव की देखरेख में नितिन, कृष्णचंद्र तथा अन्य सभी शिक्षक जी जान से जुट रहे हैं और प्रतिदिन विद्यार्थियों को व्हाट्सएप, फेसबुक, यू-ट्यूब के जरिये ऑनलाइन शिक्षण करवा रहे हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी तलवाना में प्राचार्य जयप्रकाश की अध्यक्षता में वेबसाइट बनाया हुआ है जहां व्हाट्सएप, यूट्यूब के जरिए शिक्षण कार्य जयपाल प्रवक्ता की देखरेख में चल रहा है। सभी शिक्षक अपना अपना शिक्षण मेटिरियल तथा प्रश्रोत्तर डालते हैं और विद्यार्थी उत्साह से उसका अध्ययन करते हैं। यह सत्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभिभावकों के पास एंड्रॉयड फोन नहीं है किंतु वे पड़ोसियों से एंड्रॉयड फोन की सहायता से अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं। यहां तक कि सीधा संवाद भी फोन के जरिए चल रहा है। क्या कहते हैं खंड शिक्षा अधिकारी- खंड शिक्षा अधिकारी अभयराम यादव ने बताया कि कक्षा 9 से 12 तक सभी स्कूलों में व्हाट्सएप ग्रुप बन चुके हैं और विद्यार्थियों को जोड़ा गगया है। एबीआरसी इसमें माध्यम की भूमिका निभा रहे हैं। जिसमें प्रतिदिन सामग्री भेजी जा रही है। कक्षा 6 से 8 में भी बहुत बेहतरीन संदेश जा रहा है। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चे कक्षा 1 से 5 में थोड़ी दिक्कत आ रही है। गरीब तबके के जन है लेकिन उनसे सीधे फोन पर संवाद हो रहा है और उनके बच्चों को सामान्य फोन से संवाद करके पढ़ाया जा रहा है।
27281 बैग सरसों खरीदी ********************************* ***************************** कनीना। कनीना तथा तीन विभिन्न कनीना के खरीद केंद्रों पर 27281 बैग सरसों के खरीदे जा चुके हैं। सरसों खरीद का कार्य त्वरित गति से जारी है किंतु अनाज मंडी में मजदूरों का अभाव खल रहा है। मजदूरों का प्रबंध हैंडलिंग एजेंट अर्थात आढ़तियों को करना पड़ रहा है। कनीना अनाज मंडी में जहां करीब दिन भर में 50 से 60 किसानों को ही सरसों बेचने का मौका मिलता है जो कम संख्या होने से किसान परेशान है। अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं। उधर कनीना मार्केट कमेटी के चेयरमैन राजकुमार कनीनवाल उपाध्यक्ष ओमप्रकाश लिसानिया ने विभिन्न खरीद केंद्रों का दौरा किया और पाया कि किसानों की भी कुछ समस्याएं हैं। पहले तिरपालों का अभाव था किंतु वो भी समस्या हल कर दी गई है। उन्होंने बताया कि करीरा अनाज मंडी कच्चा होने के कारण अधिकांश वाहन जमीन में धंस जाते हैं जिन्हें निकालना पड़ता है। इसलिए वाहनों के आवागमन में परेशानी हो रही है। रविंद्र बंसल हैंडलिंग एजेंट ने बताया कि बाहर के मजदूरों को अनुमति न दिए जाने से मजदूरों की समस्या आई हुई है। सिलाई करने वाले मजदूर दिल्ली से आते हैं जिनको अनुमति नहीं मिल सकती। उधर जब कभी कोई किसान सरसों बेचने के लिए आता है तो कनीना अनाज मंडी में अनेकों अनावश्यक खानापूर्ति कराई जा रही है। जससे किसान तंग आ चुका है। किसान अपने मैसेज आने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन किसानों को मैसेज नहीं मिल रहे हैं। उनका आरोप है कि मैसेज भी अपने चाहे तो कहीं मंगवाए जा रहे हैं। कनीना अनाज मंडी में खरीद एजेंसी हैफेड के चेयरमैन सत्येंद्र यादव ने बताया कि खरीद का कार्य सभी केंद्रों पर सुचारु रूप से चल रहा है। अब तक 27281 बैग सरसों के खरीदे जा चुके हैं। फोटो कैप्शन 5: खरीद केंद्र का दौरा करते चेयरमैन राजकुमार कनीनवाल एवं उप प्रधान।
जांगिड़ समाज ने राहत कोष में दिए 21 हजार रुपए ************************* ******************************** कनीना। कनीना खंड के गांव रामबास के जांगिड़ परिवार के सदस्यों ने मिलकर 21 हजार रुपये का ड्राफ्ट हरियाणा कोरोनावायरस राहत कोष के लिए एसडीएम कनीना रणवीर सिंह के मार्फत भिजवाया है। उन्होंने यह चेक एसडीएम कार्यालय कनीना में जाकर एसडीएम को प्रदान की। चेक राशि भेंट करने वालों में अशोक पैकेन, सत्यवीर जांगड़ा, ईश्वर सिंह, बलबीर सिंह सहित विभिन्न जन मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि राहत राशि भेजे जाने का सिलसिला जारी है वहीं बहुत से लोग शेल्टर होम में खाने के वास्ते भी धनराशि द्वारा सहयोग कर रहे हैं। सेवक श्रीश्याम मित्र मंडल कनीना द्वारा कनीना नगर पालिका में चल रहे शेल्टर होम के लोगों के लिए खाना अपने हाथों से बना कर खिलाया। उधर कनीना के कई जनों ने राहत राशि शेल्टर होम के लिए दान दी है। इनमें प्रमुख रूप से 10 हजार रुपये केंद्रीय मंत्री के इंद्रजीत सिंह के निजी सचिव रवि यादव, 5 हजार अनिल सेहलंगिया, 5 हजार रोहताश, 2100 लाजपत राय, 3100 गजराज, 5100 मास्टर उदित, 5 हजार इंद्रजीत, 5100 रुपये पीटीआई कर्ण सिंह, 3000 रुपये सुरेंद्र, 5100 राजेश खंडेलवाल, एक हजार महाबीर व कप्तान सुमेर सिंह आदि ने नगर पालिका चेयरमैन सतीश जेलदार को भेंट किए हैं। उधर मुकेश पार्षद ने अपना 7 महीने का मानदेय शेल्टर होम के लोगों के खाने के लिए दिया है 31500 रुपये दान किए हैं। फोटो कैप्शन 4 एसडीएम को राहत राशि भेंट करते हुए जांगिड़ समाज। फोटो कैप्शन 6: सेवक श्रीश्याम मित्र मंडल
किसानों ने सरसों खरीद में धांधली के लगाए आरोप ************************** *********************************** कनीना। कनीना उपमंडल में बिक्री के लिए सरसों खरीद में हो रही अनियमितताओं की शिकायत किसानों ने मुख्यमंत्री हरियाणा को भेज कर पर आरोप लगाया है कि किसानों की कड़ी मेहनत से पैदा की गई सरसों को खरीदने के लिए से अपने चहेतों को बुलाकर उनकी सरसों खरीदी जा रही है जिसको लेकर पहले रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसान परेशान है। पोता गांव के किसान हनुमान सिंह, रणबीर सिंह, पवन, मंदीप, रविप्रकाश, बीर सिंह, सुभाष, अभिषेक निवासी पोता ने जानकारी देते हुए बताया कि जब हम अपनी सरसों बिक्री के लिए अनाज मंडी पहुंचे और खरीद एजेंसी वालों से बात कर सरसों खरीद के लिए पूछा कि अब तक कोई मैसेज नहीं आया है, मैसेज कब तक आएगा तो उन्होंने बताया कि मैसेज पंचकूला से आते हैं। उन्होंने कहा कि एक दो अधिकारी अपने चहेतों के नाम पर मैसेज जल्दी मंगवा लेते हैं और बाकी किसान परेशान घूमते रहते हैं। किसानों में सरकार व प्रशासन के प्रति रोष पनप रहा है। वही छितरोली निवासी बलवान सिंह आर्य, योगेश यादव, नीरज कुमार, अमित कुमार, सत्यपाल निवासी छितरोली के अलावा अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सरकार द्वारा सभी अनाज खरीद ऐजेंसियों को साफ कहा गया था कि किसान द्वारा बिक्री के लिए मंडियों में लाए अनाज का एक दाना भी नही काटा जाएगा तथा किसानों को मंडी में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी लेकिन किसानों को कोई सुविधाएं नहीं दी गई तथा उस पर आधा किलोग्राम धर्मकांटे के नाम पर काँट कर उनको लुटा जा रहा है। इस मामले को लेकर जब एसडीएम कनीना रणबीर सिंह से बात कि गई तो उनका कहना था कि उन्होंंने कनीना तथा अन्य मंडियों का दौरा किया है जिसमें कुछ खामियां नजर आई जिसको लेकर कनीना मार्केट कमेटी सचिव को भी बताया गया है और अगर जल्द से जल्द उक्त समस्याओं का समाधान नही हुआ तो आगामी कार्रवाई की जाएगी। फोटो कैप्शन 6: किसानों का मैसेज न आने पर रोष जताते हुए।
तीसरे दिन में 239 किसानों की 5885 क्विंटल सरसों खरीदी ****************************** ******************************* कनीना। कनीना में सरसों खरीदने का कार्य कनीना सहित चार खरीद केंद्रों पर जारी है। शुक्रवार खरीद का तीसरा दिन था। चारों खरीद केंद्रों पर 239 किसान पहुंचे और 5885 क्विंटल सरसों खरीदी गई। विस्तृत जानकारी देते हुए हैफेड मैनेजर सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 64 किसानों ने 1682 क्विंटल,सेहलंग में 65 किसानों ने 1631 क्विंटल,करीरा में 70 किसानों ने 1872 क्विंटल तथा दोंगरा अहीर में 40 किसानों ने 700 क्विंटल सरसों बेची। किसान प्रतिदिन सरसों बेचने के लिए आ रहे हैं और उनकी सरसों खरीदी जा रही है। 17 हेंडलिंग एजेंट सरसों खरीद रहे हैं किंतु इस बार मजदूरों की कमी झलक रही है। फोटो कैप्शन 1 एवं 2: सरसों खरीदते तथा सरसों के ढेर।
डॉक्टर की सलाह----- घर में रहकर खुशी खुशी समय बीताए *************************** ************************************ कनीना। कनीना के डॉक्टर वेद प्रकाश का कहना है कि कोरोनावायरस पूरे ही जग में समस्या बनता जा रहा है। ऐसे में हम सभी का फर्ज बनता है कि इससे रोकथाम के उपाय अपनाए। रोग से बचने का सबसे सरल उपाय है फिजिकल डिस्टेंस बनाए रखें, घरों में रहकर सरकार के आदेश अनुसार आराम करें, बार-बार हाथों को साबुन या डिटोल से धोए, सैनिटाइज करना हो तो अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर से ही सैनिटाइज करें। उनका कहना है कि धातुओं पर लंबे समय तक यह कोरोना जीते हैं। इसलिए धातु के बर्तनों को छूने के बाद हाथों को जरूर धोए। उन्होंने कहा कि इधर-उधर घूमने से समस्या बनती है जब कोई काम ना हो तो अनावश्यक इधर-उधर न घूमे, रोग के लक्षण अगर किसी में नजर आए तो 1 मीटर की दूरी बनाए। अगर रोग के लक्षण नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से सलाह करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मास्क जरूर पहने। मास्क पहनने से न केवल कोरोनावायरस अपितु उड़ती हुई राख, हवा में उड़ते भी कीट आदि से भी बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि रोगाणु से बचना ही सबसे बेहतरीन तरीका होगा। ऐसे में किसी भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर न जाए, आसपास सभा आदि हो रहा हो तो उसमें भी नहीं जाना चाहिए। अपने पूरे परिवार के साथ बैठकर खुशी खुशी दिन बिताना चाहिए। खुशी-खुशी जीवन जिये, शुद्ध सात्विक भोजन खाए, ताजा सब्जी, दाल आदि जरूर प्रयोग कर।ें इससे रोग से बचा जा सकता है। डॉ वेदप्रकाश फिजिशियन कनीना
सेवा स्वार्थ नहीं संस्कार का विषय है - मोहित इसराना सरसों खरीद केन्द्र पर बांटें मास्क वह सेनेटाइजर **********************************
*********************************** कनीना। खंड के गांव इसराना व नांगल के युवा स्वयंसेवकों के द्वारा लोक डाउन के चलते कनीना के आसपास के क्षेत्र में रह रहे जरूरतमंद परिवारों तक लगातार राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। इसी कार्यक्रम के निमित्त गांव मोहनपुर के जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई गई जिसमें सूखा राशन, सब्जी, साबुन आदि उपलब्ध करवाएं । इसके साथ ही मोहित इसराना ने दौंगड़ा अहीर सरसों खरीद केंद्र पर किसानों सहित मंडी में काम करनेवाले और लोगों को मास्क और सेनिटाइजर भी वितरित किए इस दौरान रवि यादव ने लोगों फिजिकल डिस्टेंसिंग के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर मोहित कुमार, सोमपाल, चेतन कार्तिक, प्रीतम, दिनेश, अशोक, रोशन मौजूद रहे। फोटो कैप्शन 3: मास्क आदि वितरित करते हुए समाजसेवी।
Friday, April 17, 2020
तीसरे दिन में 239 किसानों की 5885 क्विंटल सरसों खरीदी ********************************** ************************************** *************************************** कनीना। कनीना में सरसों खरीदने का कार्य कनीना सहित चार खरीद केंद्रों पर जारी है। शुक्रवार खरीद का तीसरा दिन था। चारों खरीद केंद्रों पर 239 किसान पहुंचे और 5885 क्विंटल सरसों खरीदी गई। विस्तृत जानकारी देते हुए हैफेड मैनेजर सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 64 किसानों ने 1682 क्विंटल,सेहलंग में 65 किसानों ने 1631 क्विंटल,करीरा में 70 किसानों ने 1872 क्विंटल तथा दोंगरा अहीर में 40 किसानों ने 700 क्विंटल सरसों बेची। किसान प्रतिदिन सरसों बेचने के लिए आ रहे हैं और उनकी सरसों खरीदी जा रही है। 17 हेंडलिंग एजेंट सरसों खरीद रहे हैं किंतु इस बार मजदूरों की कमी झलक रही है। फोटो कैप्शन 8 एवं 9: सरसों खरीदते तथा सरसों के ढेर।
प्रतिदिन भेजे जा रहे 5 सैंपल ****************************** ************************************* कनीना। कनीना के उप-नागरिक अस्पताल से प्रतिदिन पांच सैंपल कोरोना के दृष्टिगत जांच के लिए रोहतक भेजे जा रहे हैं। एसएमओ डा धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि प्रतिदिन 5 सैंपल भेजे जा रहे हैं। ये संदिग्ध लोगों के होते हैं जिनमें किसी प्रकार की सर्दी, जुकाम, खांसी आदि की तकलीफ पाई जाती है। एसएमओ ने बताया कि विगत दिनों से यह सैंपल भेजे जाने का सिलसिला जारी है। प्रतिदिन 5 सैंपल भेजे जाते हैं कुल 45 सैंपल भेजे गए हैं। अब तक जो भी रिपोर्ट आई है वह सभी नेगेटिव आई है। उन्होंने घर पर रहने, हाथ बार-बार साबुन से धोने, मास्क प्रयोग करने तथा फिजिक्स डिस्टेंस बनाए रखने पर बल दिया।
पुलिस ने बढ़ाई सख्ती ************************** ********************************** कनीना। कनीना पुलिस ने कनीना मंडी तिराहे पर सख्ती बढ़ा दी है। आने जाने वाले दुपहिया वाहन चालकों की गहनता से जांच करके विशेष काम के लिए आने जाने दिया जा रहा है। हेलमेट ,मुंह पर मास्क लगाए हो तभी आने जाने दिया जा रहा है तथा मोटरसाइकिल सवारों को रोका जा रहा है। एक बाइक पर दो सवारों को नहीं जाने दिया जा रहा है। उनको सलाह दी जा रही है कि एक ही बाइक पर दो दो सवार होने से किसी प्रकार का रोग धावा बोल सकता है। गोविंद सिंह एसआई जी जान से जुटे हुए और अमन-चैन कायम रखे हुए हैं। उधर कनीना कस्बे के अतिरिक्त विभिन्न गांव में ठीकरी पहरा दिया जा रहा है। मोहनपुर नांगल में अमरजीत कोच ने स्वयंसेवक बनकर ठीकरी पहरा दिया और बताया कि उन्हें बेहतर महसूस हुआ है। एक तरफ वे कोच का कार्य कर रहे वही समाज सेवा में भी बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। उन्होंने अपने साथियों सहित पूरी रात की पहरा दिया। फोटो कैप्शन पांच: मोहनपुर में ठीकरी पहरा देते अमरजीत तथा उनके साथी। फोटो कैप्शन 6: नाके पर दुपहिया वाहन चालकों की चेकिंग करती पुलिस
महिला बीमार मिली, पहुंचाया शेल्टर होम ******************************* ************************************ कनीना। कनीना अटेली फाटक के पास एक अज्ञात महिला बीमार सड़क केपास बैठी पाई गई। बीइंग हुमन सेवामंडल के नवीन कौािक सहित सदस्य वहां पहुंचे और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित कर कोरोना जांच करवाने तथा उन्हें शेल्टर होम में पहुंचाने में मदद की। महिला का कहना था कि एक ट्रक चालक उन्हें वहां छोड़ गया। फोटो कैप्शन 7: महिला को पुलिस अस्पताल पहुंचाते हुए।
राहत राशि एवं डाक्टरी सलाह दोनों दी ................................................. **************************** ********************************* दुकानदारों को सामान ग्राहकों को न छूने देना चाहिए ********************************** *********************************** कनीना। कोरोना राहत कोष में दिनोंदिन भारी मात्रा में राहत राशि भेजी जा रही है। कनीना कस्बे के लोग लगातार इस मुहिम में लगे हुए हैं । इस कड़ी में कनीना के डॉ अजीत कुमार शर्मा ने प्रधान मंत्री रिलीफ़ फंड में 5100 रुपए का सहयोग दिया। डॉ. अजीत कुमार शर्मा ने बताया कि जो व्यक्ति सक्षम हैं वो जरूर सहयोग करें । डॉ अजीत कुमार शर्मा ने बताया कि इस समय पूरी दुनिया कोरोना से लडऩे के लिए एक जुट हो गई है । इसमें हम सबका कर्तव्य बनता है कि जितना सहयोग हमसे किया जा सकता है वो करना चाहिए । डॉ अजीत कुमार शर्मा ने कहा कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखा जाए । डॉक्टर अजीत कुमार शर्मा ने लोगों को खुद को बीमारी से बचाने और बीमार लोगों से दूर रहने की सलाह दी है। लेकिन, माता-पिता अपने बच्चों के बारे में अधिक चिंतित हैं क्योंकि वायरस एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे में आसानी से फैलता है और यह बच्चों और बुजुर्गों को जल्दी संक्रमित कर रहा है। बचाव कैसे करें - अपने बच्चों को साबुन और पानी से हाथ धोना सिखाएं। साथ ही उन्हें समझाएं हाथों को साफ रखना कितना जरूरी है। अपने बच्चों को किसी भी संक्रमित व्यक्ति के आस-पास ना जाने दें। खांसी-जुकाम से पीडि़त लोगों से भी अपने बच्चों को दूर रखें। घरों के फर्श को साफ रखें और बच्चों के खिलौने को भी सेनिटाइज करते रहें। अपने बच्चों के नाखूनों को साफ रखें क्योंकि उनमें मौजूद वायरस उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं। अपने बच्चों को सिखाएं कि बार-बार चेहरे को ना छुएं। अपने बच्चों के साथ भीड़-भाड़ वाली जगहों पर ट्रैवल करने से बचें। अपने बच्चों को बताएं कि खांसते या छींकते वक्त मुंह पर टिशू पेपर रखें, ना कि हाथ। अपने बच्चों को कोरोना वायरस से जुड़ी सारी जानकारी दें। संक्रमण के जोखिम को रोकने के लिए अपने बच्चों को बेसिक हाइजीन की आदतों के बारे में बताएं। किसी दूसरे व्यक्ति के साथ लिफ्ट न ले। साथ में दुकानदारों को कोई वस्तु ग्राहकों को न छूने दी जानी चाहिए। उनसे लिस्ट लेकर सामान मास्क,दस्ताने पहनकर दे। बुजुर्ग जगह जगह ना थूके , गांवों के बुज़ुर्ग एक छोटी मटकी ले कर उसमें बालू मिट्टी डाल कर रखें। उसमें ही थूके और बाद में उसको गांव से दूर एक जगह पर गड्ढा खोद कर दबा दे । फोटो कैप्शन: डा अजीत कुमार शर्मा
लोगों ने शेल्टर होम में दिया दान *************************** *********************************** कनीना। शेल्टर होम आर एस वाटिका में भोजन की व्यवस्था को लेकर कई लोगों ने दान दिया है। जिसमें ठेकेदार बीरेंद्र सिंह ने 11 हज़ार रुपये का सहयोग दिया जबकि 2500 रुपए रामनिवास बंसल सरपंच तालवना ने योगदान दिया है । 100 रुपये उदमीराम पूर्व सरपंच तलवना व 100 रुपये बाबूलाल किरोड़ीमल ने सहयोग किया 200 रुपये महेश 500 मुकेश कुमार ,100 राजेश कुमार ,500 रुपये तेजपाल सिंह ,500 रुपये ओम प्रकाश ,500 अशोक सिंह , 1000 कप्तान सिंह मामराज ,500 रुपये मूर्ति देवी आदि ने सहयोग राशि जमा करवाई ।
ईमानदारी का परिचय दिया, रुपयों से भरा पर्स लौटाया *************************** ************************************ कनीना। कनीना के योगेश अग्रवाल का रुपयो से भरा पर्स ईमानदारी का परिचय देते हुए एक व्यक्ति ने लौटाया। योगेश कुमार ने बताया कि झज्जर जिले से आते समय डाबला गांव के पास उनका पर्स गिर गया जो ईमानदारी का परिचय देते हुए लौटा दिया। योगेश अग्रवाल ने बताया कि उनका पर्स रुपयों से भरा था वही एटीएम एवं कीमती कागजात थे। डाबला के हरीश को यह पर्स मिला उन्होंने फोन से सूचना देकर पर्स लौटा दिया।
दाना पानी राजेश कुमार शिक्षक उन्हाणी *************************** ********************************* कनीना। जब हम इंसानों को प्यास इतना व्याकुल कर देती है तो उन बेजुबान पक्षियों की हालत बहुत कष्टदायक होगी इसलिए हमें अपने अपने घरों की छतों ; मुंडेर या पेड़ों आदि पर पक्षियों के लिए पानी का प्रबंध करना चाहिए । यह कहना है शिक्षक व सोशल एक्टिविस्ट स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी राजेश उन्हाणी का जिन्होंने आज अपनी घर की छत पर पक्षियों के लिए पानी का सिकोरा रखे। फोटो कैप्शन राजेश कुमार दाना पानी ************* कनीना। कनीना निवासी सूबे सिंह प्रतिदिन पक्षियों के लिए पानी, दाना में डालते हैं। पक्षियों को ही नहीं जीवों को बचाने में भी लगे हुए हैं। पूरी गर्मी यह गतिविधि अपनाते हैं। सूबे सिंह कनीना नजदीक जीआर स्कूल कनीना
खखार निगलने का नुकसान शरीर के इम्यून सिस्टम पर निर्भर करता है-डा दीपांशु ****************************** *********************************** कनीना। कनीना के उपनागरिक अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर दीपांशु का कहना है कि जहां सरकार ने थूकने पर प्रतिबंध लगा दिया है वहीं थूकने पर जुर्माने का भी प्रावधान किया है लेकिन नेचुरल काल अक्सर आती रहती है। वात पित्त, कफ तीन प्रकार की घटनाएं होती है जो शरीर में घटती है। वात रोग में गैस खारिज हो जाती है वही कई बार थूकना जरूरी है। पित्त रोग के समय उल्टी आती है लेकिन किसी में भी यह घटना नेचुरल हो सकती है किंतु प्रत्येक व्यक्ति अपने पास रुमाल या टिशू पेपर होता ै उससे भी कुछ हद तक थूकने पर काबू किया जा सकता है और प्रयुक्त टिशू पेपर निर्धारित दिन में डालना चाहिए। इसके अतिरिक्त यदि रुमाल को बेहतर ढंग से साबुन से धो लेना चाहिए। इसी प्रकार यदि किसी भीड़ वाले स्थान पर अचानक थूक आता है आता है तो अपनी कोहनी मोड़ कर भी मुंह पर लगाया जा सकता है। रही बात लॉकडाउन की तो ऐसे समय में सरकार ने पान मसाला तथा तंबाकू चबाने आदि पर पर पहले ही प्रतिबंध लगाया है। ऐसे लोग ज्यादा थूकते हैं इसलिए अगर कहीं से कोई यह चीजें खाता भी है तो सार्वजनिक स्थानों पर थूकता है तो जुर्माना होना चाहिए। इसके अतिरिक्त नेचुरल काल के बारे में यदि डॉक्टर के पास जाता है थूकने या उल्टी आते समय कुछ सावधानियां बरतने की बात भी कहेंगे। उन्होंने कहा कि थूक निगलना निर्भर करता है कि व्यक्ति के शरीर में रोग रोधक क्षमता कितनी है। वैसे तो थूक उसी के शरीर का एक अंग होता है फिर भी यदि थूक निगला जाता है तो उसके शरीर में रोग रोधक क्षमता पर निर्भर करता है। अगर रोग रोधक क्षमता कम है तो नुकसान होने की पूरी संभावना बन जाती है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर थूकना मना है ऐसे में सार्वजनिक स्थानों पर अपने रुमाल कोहनी मोड़कर,टिशू पेपर आदि का उपयोग करना चाहिए। फोटो कैप्शन:डॉक्टर दीपांशु कनीना
डॉक्टर की सलाह----- घर में रहकर खुशी खुशी समय बीताए ****************************** ************************************* कनीना। कनीना के डॉक्टर वेद प्रकाश का कहना है कि कोरोनावायरस पूरे ही जग में समस्या बनता जा रहा है। ऐसे में हम सभी का फर्ज बनता है कि इससे रोकथाम के उपाय अपनाए। रोग से बचने का सबसे सरल उपाय है फिजिकल डिस्टेंस बनाए रखें, घरों में रहकर सरकार के आदेश अनुसार आराम करें, बार-बार हाथों को साबुन या डिटोल से धोए, सैनिटाइज करना हो तो अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर से ही सैनिटाइज करें। उनका कहना है कि धातुओं पर लंबे समय तक यह कोरोना जीते हैं। इसलिए धातु के बर्तनों को छूने के बाद हाथों को जरूर धोए। उन्होंने कहा कि इधर-उधर घूमने से समस्या बनती है जब कोई काम ना हो तो अनावश्यक इधर-उधर न घूमे, रोग के लक्षण अगर किसी में नजर आए तो 1 मीटर की दूरी बनाए। अगर रोग के लक्षण नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से सलाह करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मास्क जरूर पहने। मास्क पहनने से न केवल कोरोनावायरस अपितु उड़ती हुई राख, हवा में उड़ते भी कीट आदि से भी बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि रोगाणु से बचना ही सबसे बेहतरीन तरीका होगा। ऐसे में किसी भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर न जाए, आसपास सभा आदि हो रहा हो तो उसमें भी नहीं जाना चाहिए। अपने पूरे परिवार के साथ बैठकर खुशी खुशी दिन बिताना चाहिए। खुशी-खुशी जीवन जिये, शुद्ध सात्विक भोजन खाए, ताजा सब्जी, दाल आदि जरूर प्रयोग कर। इससे रोग से बचा जा सकता है। डॉ वेदप्रकाश फिजिशियन कनीना
सरसों खरीद केंद्रों के तोडऩे पर रोष ********************************* ************************************* कनीना। बहुजन समाज पार्टी के नेता ठाकुर अतरलाल ने सरसों तथा गेहूं की सरकारी खरीद के लिए बनाए गए भोजावास, धनौन्दा तथा खोड़ केंद्रों को रद्द करने पर रोष व्यक्त करते हुए राज्य सरकार तथा जिला प्रशासन से उक्त खरीद केंद्रों को तत्काल बहाल करने की मांग की है। हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल तथा मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मांग करते हुए अतरलाल ने कहा है कि जिला प्रशासन ने अचानक रातों-रात उक्त केंद्रों को रद्द करके किसान विरोधी कार्य किया है। उन्होंने कहा कि इन खरीद केंद्रों के साथ संलग्न किए गए लगभग 20 - 25 गांवों के किसान बेहद चिंतित, परेशान तथा रोष में हैं। लाकडाउन के चलते पहले से परेशान किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। उन्होंने किसानों के हित में तत्काल उक्त खरीद केंद्रों को बहाल कर उनमें सरसों तथा गेहूं की सरकारी खरीद शुरू करवाने की मांग की है। दो दिनों में कनीना के चार खरीद केंद्रों पर 16969 बैग सरसों खरीदी ******************************* ************************************** कनीना। कनीना अनाज मंडी में सरसों की दैूसरे दिन भी खरीद हुई। वहीं कनीना सहित चार विभिन्न खरीद केंद्रों पर भी सरसों की खरीद बुधवार से शुरू हुई जो गुरुवार दूसरे दिन भी जारी रही। जहां मजदूरों की कमी स्पष्ट झलक रही है। पहले ही दिन 141 किसानों से 8091 बैग सरसों के खरीदे गए। सबसे अधिक सरसों करीरा में खरीदी गई जहां स्टेट वेयर हाउस सरसों की खरीद कर रहा है। बाकी तीन जगह हैफेड खरीद कर रहा है। कनीना में पहले दिन कनीना में 34 किसानों से 901 कुंतल तो दूसरे दिन 58 किसानों से 1800 कुंतल सरसों खरीदी गई जबकि लिफ्टिंग 950 कुंतल की हो पाई। करीरा केंद्र पर पहले दिन 45 किसानों ये 1191 कुंतल सरसों खरीदी गई वहीं दूसरे दिन 42 किसानों से 917 कुंतल सरसों खरीदी। दोंगड़ा अहीर में पहले दिन 30 किसानों से 750 कुंतल तो दूसरे दिन 25 किसानों से 350 कुंतल सरसों खरीदी। सेहलंग केंद्र से पहले दिन 32 किसानों से 800 कुंतल तो दूसरे दिन 35 किसानों से 928 कुंतल सरसों खरीदी गई। विस्तृत जानकारी देते हुए हैफेड मैनेजर सत्येंद्र यादव ने बताया कि सुबह और शाम पारियों में सरसों की खरीद की जाती है। पहले राउंड में जिन किसानों को संदेश प्राप्त हुआ है वे ही सरसों बेचने के लिए आ रहे हैं। कनीना के अतिरिक्त जहां तीन अन्य केंद्रों पर भी सरसों की खरीद हो रही है। कनीना अंगड़ाई व्यापार मंडल के उप प्रधान रविंद्र बंसल ने बताया की सबसे बड़ी समस्या मजदूरों की है। मजदूर न होने से परेशानी बढ़ सकती है। एक दुकान पर दस मजदूरों की जरूरत होती है किंतु चार दुकानों पर नौ मजदूर कार्यरत हैं। उधर कनीना मंडी में खरीद के लिए पर्याप्त मात्रा में बारदाना मंगवाया हुआ है। वही सरसों की खरीद है हैफेड तथा स्टेट वेयरहाउस दोनों द्वारा की जाएगी। खरीद के समय फिजिकल डिस्टेंस तथा मास्क लगाकर ऐतिहात के सभी नियमों का पालन किया गया। कनीना मंडी से 17 हैंडलिंग एजेंट बनाए गए हैं जिनको 40 रुपये प्रति क्विंटल आढ़़त मिलेगी। वर्तमान में ढाई लाख बारदाना आया हुआ है। सरसों खरीद के वक्त हैफेड मैनेजर सत्येंद्र सिंह यादव, भरपूर सिंह, दशरथ सिंह, व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष रविंद्र बंसल, महेंद्र कुमार आदि मौजूद थे। फोटो कैप्शन 7: कनीना मंडी में सरसों खरीद का एक नजारा।
हरियाणवी गायकी में विशेष नाम कमाया अमृत सिंह राघव ने --होशियार सिंह-- ***************************** ****************************** हरियाणा के जिला महेंद्रगढ़ के कनीना कस्बे के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में समावेशित शिक्षा के अंतर्गत कार्यरत विशेष अध्यापक अमृत सिंह राघव किसी प्रतिभा के मोहताज नहीं हैं। हरियाणवी रागिनियां एवं भजनों के क्षेत्र में विशेष नाम कमा चुके हैं। विभिन्न अवसरों पर उनके भजन, गीत तथा हरियाणवी रागिनियां प्रस्तुत की जाती हैं। अब तो वे हरियाणवीं लोक गायकों की श्रेणी में आ पहुंचे हैं। हरियाणवी लोक गायक अमृत सिंह ने बताया कि बहरोड़ (राजस्थान) में गांव खोहर की सत्संग मंडली गुरु मुकेश सिंह राघव तथा नरेश शर्मा से गायन विद्या पाकर सबसे पहले बाबा भगवान दास महाराज मंदिर खोहर में राधा बन गई जिलाधीश भजन गाकर सबका मन मोह लिया। इससे पूर्व विद्यालय एवं कालेज स्तर पर भी रागिनी एवं भजन गाकर नाम कमाया है। वर्तमान में श्री राघव घड़वा, बेंजू, साज पर पंडित लख्मी चंद, पंडित मांगेराम, गुरु मुकेश सिंह द्वारा रचित कविताओं को सुर, ताल, रिदम के साथ गाकर लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं। वे बहुत से किस्से गाते हैं जिनमें सेठ ताराचंद, फूल सिंह नौटंकी, पूरणमल भगत, खांडेराव परी, पद्मावत, सरवर नीर, हीर रांझा, साही लकड़हारा सभाओं में बीच गाकर तथा पंडित लख्मीचंद का ब्रह्म ज्ञान गाकर सभाओं में खूब तालियां बटोरी हैं। उन्होंने बताया कि हरियाणवी रागिनी मनोरंजन ही नहीं बल्कि जीवन जीने का एक तरीका बतलाती हैं। रागिनियां जीवन को एक नई दिशा प्रदान करने के साथ-साथ जीवन में उतार लिया जाए तो व्यक्ति एक सभ्य नागरिक बन सकता है। उनके साजिंदों के रूप में रमेश मटका वादन, सज्जन, मोनू, विजय, मास्टर प्रदीप रमेश बैंजो वादक, रघुवीर, सलीम, रमेश आदि प्रमुख हैं। फोटो कैप्शन: अमृत राघव की।
Thursday, April 16, 2020
दो दिनों में 16969 बैग सरसों के खरीदे ******************************** ******************************** *************************************** कनीना। कनीना अनाज मंडी में सरसों की दैूसरे दिन भी खरीद हुई। वहीं कनीना सहित चार विभिन्न खरीद केंद्रों पर भी सरसों की खरीद बुधवार से शुरू हुई जो गुरुवार दूसरे दिन भी जारी रही। जहां मजदूरों की कमी स्पष्ट झलक रही है। पहले ही दिन 141 किसानों से 8091 बैग सरसों के खरीदे गए। सबसे अधिक सरसों करीरा में खरीदी गई जहां स्टेट वेयर हाउस सरसों की खरीद कर रहा है। बाकी तीन जगह हैफेड खरीद कर रहा है। कनीना में पहले दिन कनीना में 34 किसानों से 901 कुंतल तो दूसरे दिन 58 किसानों से 1800 कुंतल सरसों खरीदी गई जबकि लिफ्टिंग 950 कुंतल की हो पाई। करीरा केंद्र पर पहले दिन 45 किसानों ये 1191 कुंतल सरसों खरीदी गई वहीं दूसरे दिन 42 किसानों से 917 कुंतल सरसों खरीदी। दोंगड़ा अहीर में पहले दिन 30 किसानों से 750 कुंतल तो दूसरे दिन 25 किसानों से 350 कुंतल सरसों खरीदी। सेहलंग केंद्र से पहले दिन 32 किसानों से 800 कुंतल तो दूसरे दिन 35 किसानों से 928 कुंतल सरसों खरीदी गई। विस्तृत जानकारी देते हुए हैफेड मैनेजर सत्येंद्र यादव ने बताया कि सुबह और शाम पारियों में सरसों की खरीद की जाती है। पहले राउंड में जिन किसानों को संदेश प्राप्त हुआ है वे ही सरसों बेचने के लिए आ रहे हैं। कनीना के अतिरिक्त जहां तीन अन्य केंद्रों पर भी सरसों की खरीद हो रही है। कनीना अंगड़ाई व्यापार मंडल के उप प्रधान रविंद्र बंसल ने बताया की सबसे बड़ी समस्या मजदूरों की है। मजदूर न होने से परेशानी बढ़ सकती है। एक दुकान पर दस मजदूरों की जरूरत होती है किंतु चार दुकानों पर नौ मजदूर कार्यरत हैं। उधर कनीना मंडी में खरीद के लिए पर्याप्त मात्रा में बारदाना मंगवाया हुआ है। वही सरसों की खरीद है हैफेड तथा स्टेट वेयरहाउस दोनों द्वारा की जाएगी। खरीद के समय फिजिकल डिस्टेंस तथा मास्क लगाकर ऐतिहात के सभी नियमों का पालन किया गया। कनीना मंडी से 17 हैंडलिंग एजेंट बनाए गए हैं जिनको 40 रुपये प्रति क्विंटल आढ़़त मिलेगी। वर्तमान में ढाई लाख बारदाना आया हुआ है। सरसों खरीद के वक्त हैफेड मैनेजर सत्येंद्र सिंह यादव, भरपूर सिंह, दशरथ सिंह, व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष रविंद्र बंसल, महेंद्र कुमार आदि मौजूद थे। फोटो कैप्शन 7: कनीना मंडी में सरसों खरीद का एक नजारा।
दाना पानी ************* **************************** कनीना। कनीना निवासी सूबे सिंह प्रतिदिन पक्षियों के लिए पानी, दाना में डालते हैं। पक्षियों को ही नहीं जीवों को बचाने में भी लगे हुए हैं। पूरी गर्मी यह गतिविधि अपनाते हैं। सूबे सिंह कनीना नजदीक जीआर स्कूल कनीना
हीमोफीलिया दिवस *************** ************************** कनीना। डॉ राजीव का कहना है कि हिमोफीलिया एक पैतृक रक्त स्राव है। यह अनुवांशिक रोग है जिसमें रक्त लंबे समय तक चोट लगने के बाद बहता रहता है। उनका कहना है कि भारत में ऐसे रोगी कम है किंतु जो भी होते हैं उनकी मृत्यु अधिक होने की संभावना रहती है। रक्त में थर्मोप्लास्टिन नामक थक्का जमाने वाला पदार्थ कम होता है। राजीव का कहना है कि ऐसे व्यक्ति में नीले निशान बनते हैं, नाक से खून बहता है, आंख से खून निकलता है, जोड़ों में सूजन आदि होता है रोग में खून के थक्के बनने में समय लगता है। डॉ राजीव का कहना है कि इस रोग में बार-बार रुधिर आधान अर्थात रक्त देना जरूरी होता है ताकि रक्त की कमी न हो पाए। इसके अलावा रिप्लेसमेंट थेरेपी हिमोफीलिया का महत्वपूर्ण इलाज है। उन्होंने बताया कि क्विन विक्टोरिया का पूरा परिवार इस रोग से पीडि़त रहा है। उनका कहना है कि इस रोग लक्षण पाए जाए तो रक्तस्राव रोकने के लिए जैसे ऊतक अर्क, रक्त सीरम, ऑक्ज़ैलिक अम्ल अथवा अंतर्शिरा में कोआगुलिन लाभदायक है विशेषकर दंत चिकित्सा, शल्य चिकित्सा के समय ये विधियां अपनाई जाती है। साथ में बार-बार रक्त देना चाहिए। फोटो कैप्शन:डा राजीव ककराला
खखार निगलने का नुकसान शरीर के इम्यून सिस्टम पर निर्भर करता है-डा दीपांशु *********************************** *********************************** कनीना। कनीना के उपनागरिक अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर दीपांशु का कहना है कि जहां सरकार ने थूकने पर प्रतिबंध लगा दिया है वहीं थूकने पर जुर्माने का भी प्रावधान किया है लेकिन नेचुरल काल अक्सर आती रहती है। वात पित्त, कफ तीन प्रकार की घटनाएं होती है जो शरीर में घटती है। वात रोग में गैस खारिज हो जाती है वही कई बार थूकना जरूरी है। पित्त रोग के समय उल्टी आती है लेकिन किसी में भी यह घटना नेचुरल हो सकती है किंतु प्रत्येक व्यक्ति अपने पास रुमाल या टिशू पेपर होता ै उससे भी कुछ हद तक थूकने पर काबू किया जा सकता है और प्रयुक्त टिशू पेपर निर्धारित दिन में डालना चाहिए। इसके अतिरिक्त यदि रुमाल को बेहतर ढंग से साबुन से धो लेना चाहिए। इसी प्रकार यदि किसी भीड़ वाले स्थान पर अचानक थूक आता है आता है तो अपनी कोहनी मोड़ कर भी मुंह पर लगाया जा सकता है। रही बात लॉकडाउन की तो ऐसे समय में सरकार ने पान मसाला तथा तंबाकू चबाने आदि पर पर पहले ही प्रतिबंध लगाया है। ऐसे लोग ज्यादा थूकते हैं इसलिए अगर कहीं से कोई यह चीजें खाता भी है तो सार्वजनिक स्थानों पर थूकता है तो जुर्माना होना चाहिए। इसके अतिरिक्त नेचुरल काल के बारे में यदि डॉक्टर के पास जाता है थूकने या उल्टी आते समय कुछ सावधानियां बरतने की बात भी कहेंगे। उन्होंने कहा कि थूक निगलना निर्भर करता है कि व्यक्ति के शरीर में रोग रोधक क्षमता कितनी है। वैसे तो थूक उसी के शरीर का एक अंग होता है फिर भी यदि थूक निगला जाता है तो उसके शरीर में रोग रोधक क्षमता पर निर्भर करता है। अगर रोग रोधक क्षमता कम है तो नुकसान होने की पूरी संभावना बन जाती है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर थूकना मना है ऐसे में सार्वजनिक स्थानों पर अपने रुमाल कोहनी मोड़कर,टिशू पेपर आदि का उपयोग करना चाहिए। फोटो कैप्शन:डॉक्टर दीपांशु कनीना
दाना पानी ************* ************************* कनीना। कनीना निवासी सूबे सिंह प्रतिदिन पक्षियों के लिए पानी, दाना में डालते हैं। पक्षियों को ही नहीं जीवों को बचाने में भी लगे हुए हैं। पूरी गर्मी यह गतिविधि अपनाते हैं। सूबे सिंह कनीना नजदीक जीआर स्कूल कनीना
ईमानदारी का परिचय दिया, रुपयों से भरा पर्स लौटाया ******************************* *************************** कनीना। कनीना के योगेश अग्रवाल का रुपयो से भरा पर्स ईमानदारी का परिचय देते हुए एक व्यक्ति ने लौटाया। योगेश कुमार ने बताया कि झज्जर जिले से आते समय डाबला गांव के पास उनका पर्स गिर गया जो ईमानदारी का परिचय देते हुए लौटा दिया। योगेश अग्रवाल ने बताया कि उनका पर्स रुपयों से भरा था वही एटीएम एवं कीमती कागजात थे। डाबला के हरीश को यह पर्स मिला उन्होंने फोन से सूचना देकर पर्स लौटा दिया।
राजेश कुमार शिक्षक उन्हाणी ****************************** *********************************** कनीना। जब हम इंसानों को प्यास इतना व्याकुल कर देती है तो उन बेजुबान पक्षियों की हालत बहुत कष्टदायक होगी इसलिए हमें अपने अपने घरों की छतों ; मुंडेर या पेड़ों आदि पर पक्षियों के लिए पानी का प्रबंध करना चाहिए । यह कहना है शिक्षक व सोशल एक्टिविस्ट स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी राजेश उन्हाणी का जिन्होंने आज अपनी घर की छत पर पक्षियों के लिए पानी का सिकोरा रखे। फोटो कैप्शन राजेश कुमार
जब तक सरकार चाहेगी और लोग सहयोग करेंगे कोई भूखा नहीं जाएगा -जेलदार ******************************** ************************************** कनीना। जब तक सरकार चाहेगी और लोग सहयोग करेंगे कोई भूखा नहीं जाएगा। कनीना पालिका में आए हुए किसी भी व्यक्ति को भूखा नहीं जाने दिया जाएगा। ये विचार कनीना पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने नगरपालिका व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पूरा प्रशासन उनके इस नेक कार्य से खुश है वही गरीब व्यक्ति भी जो यहां दूसरे प्रांतों के आते हैं खाना खाकर प्रसन्न लौटते हैं किंतु कुछ लोग नहीं चाहते शेल्टर होम तथा अन्य लोगों के लिए खाना बने। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार चाहेगी और लोग यूं ही सहयोग करते रहेंगे खाना खिलाने का सिलसिला चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में दूसरे प्रांतों के लोगों को खाना खिलाया जा रहा है तो हमें इस पुनीत कार्य में पीछे क्यों हटना है? ऐतिहात के सभी कदम सख्ती से उठाते हुए सेनिटाइजर, मास्क, हाथों की धुलाई करते हुए, नियमानुसार खाना खिलाते रहेंगे। खाने में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने बताया कि अब तक 2,20,107 रुपये की सहायतार्थ राशि लोगों ने प्रदान की है जिनमें हाल ही में रामेश्चरी देवी वार्ड 9 से 13000 रुपये, रोहताश वार्ड दो से 5 हजार रुपये, लाजपतराय 2100 रुपये, विकास पुत्र रवि ने दस हजार रुपये, अहनिल सेहलंगिया ने 5 हजार, बीर सिंह वार्ड 5 ने 11 हजार रुपये,गजराज सिंह ने 3100 रुपये सहायतार्थ राशि खाने के लिए प्रदान की है। फोटो कैप्शन: सतीश जेलदार
जानवरों और पक्षियों का जीवन बचाने का संकल्प लिया ************************** ********************************** कनीना। एक और देश भयंकर महामारी से जूझ रहा है दूसरी ओर इंसान से लेकर पशु पक्षियों का बुरा हाल है। ऐसे में आपकी सामाजिक संस्था बीइंग ह्यूमन सेवा मंडल ने लोगों को भोजन वितरण करने के साथ साथ पशु पक्षियों की देखभाल करने का निर्णय लिया है जिसमें संस्था के साथियों द्वारा पक्षियों के परिंडे और जानवरों के चारे और पानी का इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके बारे में संस्था अध्यक्ष नवीन कौशिक ने बताया कि गर्मी शुरू होते ही हमारी संस्था द्वारा परिंडे लगाओ पक्षी बचाओ अभियान के तहत हर साल परिंडे लगाते हैं लेकिन इस बार लॉकडाउन की वजह से पक्षियों का बुरा हाल है। इसलिए हमने लोगों को भोजन के साथ इस मुहिम को शुरू किया है। उन्होंने बताया कि अगर कोई परिंडे न लगा सके तो जो भी परिंडे रखे हुए हैं उनमें पानी जरूर डाले और मानवता की मिसाल पेश कर। उन्होंने कहा कि किसी भी असहाय को भोजन की कमी न रहे इसके लिए भी वे लगातार लगे हुए हैं। इस मौके पर सुरेश कुमार, साकेत, मोहित, प्रीतम, अजय युवा साथी मौजूद थे।
खाद्य सामग्री के किट वितरित ****************** ******************************* कनीना। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते देश लॉकडाउन की संवेदनशील स्थिति में बीएमडी क्लब द्वारा कनीना क्षेत्र के आस-पास गांव खेड़ी,तलवाना,धनोंदा एवं खरकड़ा बास में जरूरतमंदों को फिजिकल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए खाद्य सामग्री किट वितरित की गई। क्लब के प्रतिनिधियों चेयरमैन लक्की सीगड़ा एवं सचिव इन्द्रजीत शर्मा द्वारा खाद्य सामग्री किट वितरित की गई। चेयरमैन लक्की सीगड़ा ने कहा कि उनकी संस्था कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में कोई कसर नही छोड़ रहा है। यह समय देश व प्रदेश में संकट का है इसलिए देश के जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हम प्रदेश व जिला प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग में खड़े हैं। प्रदेश सरकार के पर्याप्त साधनों को ध्यान में रखकर जिला प्रशासन के सहयोग से गली-गली, बस्ती-बस्ती में घर-घर जाकर लोगों को राशन पहुंचा रहे हैं, क्योंकि यह जिम्मेदारी सिर्फ जिले के उपायुक्त की नहीं, हम सबकी भी बनती है। इसलिए जो भी नागरिक वास्तव में भारत देश व अपने हरियाणा से प्यार करता है तो यह समय है देश ओर प्रदेश के प्रति अपना दायित्व निभाने का। आप जिन भी साधनों से जिला प्रशासन की मदद कर सकते हैं, उससे करें, आगे आएं और सहयोग करें। इस मौके पर इंद्रजीत सहित विभिन्न पदाधिकारी मौजूद थे। मासूम यश ने गुल्लक से निकालकर दान कर दिए 2100 रुपये ***************************** ************************************ कनीना। आपदा की घड़ी में बड़ों के साथ मासूम बच्चे भी कोरोना को हारने और सरकार को आर्थिक सहयोग देने में आगे आ रहे हैं। बाघोत गांव का साढ़े चार वर्षीय यश पुत्र सत्यनारायण ऐसे ही परोपकारी मासूम छात्र हैं। वह पहली कक्षा में पढ़ता है। यश ने कोरोना वायरस की रोकथाम और गरीब-जरूरतमंदों की सहायता के लिए नगर पालिका कनीना में अपनी गुल्लक दी है। गुल्लक खोलने पर उसमें 2100 रुपये निकले। यश ने यह राशि अपने परिवार के सदस्यों एवं रिश्तेदारों से भेंट में मिले रुपयों को गुल्लक में डालकर जोड़ी थी। खेलने-कूदने की उम्र में अपने अनूठे योगदान से पीडि़त मानवता की मदद करने वाले यश ने बताया कि कोरोना के खिलाफ जारी जंग में आर्थिक सहयोग देने की भावना उसके अंतर मन में टीवी पर मुख्यमंत्री की अपील और देश-प्रदेश के हालात को देखकर जागी। लॉकडाउन की वजह से गरीब श्रमिकों, कमजोर वर्गों को हो रही परेशानी एवं राष्ट्रीय आपदा के समय शासन-प्रशासन को नागरिकों के द्वारा दिल खोलकर आर्थिक सहयोग करते देख उसने अपनी गुल्लक में जमा राशि देने की बात अपने परिवार वालों से कही। यश के इस नेक इरादे और जज्बे का पता जब परिवार के अन्य सदस्यों को चला तो सभी ने उसकी हौसला आफजाई की। फोटो कैप्शन 1: गुल्लक तोड़कर राहत के लिए राशि देता यश।
नवोदय विद्यालय करीरा के विद्यार्थियों का शुरू किया आनलाइन शिक्षण ******************************* ************************************** कनीना। कोविड-19 महामारी के कारण लॉकडाउन से देश भर के स्कूल-कालेज बंद हैं। इससे सरकारी स्कूलों के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। इस दौरान देश के निपुण एवं कुशल शिक्षक ऑनलाइन पढ़ाई के अलग-अलग उपाय कर रहे हैं। इसी कड़ी में नवोदय विद्यालय के कंप्यूटर शिक्षक डॉ. सुनील कुमार ने बच्चों की अधिगम प्रक्रिया को सरल बनाते हुए ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर घर बैठे बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाना शुरू किया है, जो बच्चों के लिए रामबाण साबित हो रहा है। इस अनोखे प्रयोग के प्रारंभ का नवोदय विद्यालय परिवार के ऑफिसरों ने अभिनंदन किया है और इस नवाचार को देश भर के विद्यार्थियों के लिए आधिकारिक रूप से खोल दिया है। विद्यालय प्राचार्य सुरेश कुमार व समस्त स्टाफ ने प्राध्यापक डॉ. सुनील कुमार की तारीफ की है जो शैक्षणिक दायित्वों के निर्वहन के लिए जी तोड़ कोशिश करने में लगे हैं। विद्यालय प्राचार्य सुरेश कुमार ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से विद्यालय के छात्र सूचना व प्रौद्योगिकी विषय की विज्ञान प्रदर्शनी में अपना परचम फहराते हुए राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उपरोक्त विषय पर जानकारी देते हुए डा. वत्स ने बताया कि कंप्यूटर विज्ञान विषय के कक्षा 11 व 12 के सभी लेक्चर एक ही जगह पर उपलब्ध होंगे। इसके लिए छात्र इस लिंक के माध्यम से अपनी पढ़ाई कर सकते है जरूरत होने पर छात्र दिए गए लिंक पर अपने उत्तर भी पा सकते है। वेबसाइट एचटीटीपीएसकोलनस्लैशडब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडाटडीआरसुनीलवत्सडाट कामडेशविडियोलेक्चर है। विद्यालय प्राचार्य सुरेश कुमार ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज के समय में इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का बहुत बड़ा योगदान है। इस तकनीक का इस्तेमाल करते हुए ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो शेयरिंग के जरिये बच्चों को लाभान्वित कर रहे हैं। विद्यालय के प्राचार्य ने कहा कि बच्चों की निरंतर पढ़ाई में यह कार्यक्रम बहुत उपयोगी साबित हो रहा है। इसके कार्यक्रम अंतर्गत किसी भी विद्यालय के छात्र दिये गये लिंक के माध्यम से जुड़ सकते हैं। यह 11वीं से 12वीं कक्षा तक के लिए शुरू किया गया है। इस पोर्टल के जरिए लाखों छात्र बिना किसी शुल्क के ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। फोटो कैप्शन : डा सुनील वत्स।
मुख्यमंत्री कोरोना रिलीफ फंड में दिए 11 हजार ******************************** ************************************** कनीना। ब्राह्मण समाज बाघोत के युवाओं ने एसडीएम रणबीर सिंह को 11 हज़ार व नगर पालिका कनीना को 13800 रुपए का सहयोग किया । युवा मंजीत वशिष्ठ ने बताया कि नोवल कोरोना वायरस से आज पुरा विश्व संकट में खड़ा है, ओर इस बीमारी से निपटने के लिए जो भी प्रयास किए जा रहे है, सभी देश मिलजुल कर कर रहे है। ब्राह्मण समाज की धार्मिक संस्था, परशुराम सेना बाघोत ने 11000 रुपए मुख्यमंत्री कोरोना रिलीफ फंड में जमा कर देश को इस महामारी से लडऩे हेतु सहयोग का प्रयास किया गया है। इस अवसर पर अमित अत्री, सुनील गौड़, सुनील अत्री, सुरेंद्र शर्मा उपस्थित रहे । उधर बाघोत निवासी महिपाल नंबरदार जिला इनसो चेयरमैन ने अपने निजी कोष से 11000 रुपए शेल्टर होम में रुके प्रवासियों के भोजन के लिए नगर पालिका चेयरमैन सतीश जेलदार को दिए । महिपाल नंबरदार ने कहा की कोरोना वायरस के खिलाफ सरकार की इस मुहिम में आप भी शामिल हो । आपके योगदान से सरकार के हाथ मजबूत होंगे। फोटो कैप्शन 02: कनीना के एसडीएम को राहत राशि का चेक प्रदान करते हुए बाघोत के जन।
5 सैंपल और भेजे, पहले भेजे गए कुछ सैंपल की रिपोर्ट नेगेटिव आई संवाद सहयोगी, कनीना। कनीना के उप नागरिक अस्पताल से बुधवार को 5 सैंपल कोरोना जांच के लिए फिर से रोहतक भेजे हैं। जहां मंगलवार को भी 5 सैंपल भेजे गए थे वही विगत दिनों 25 सैंपल कोरोनावायरस की जांच के लिए भेजे गए थे। डा धर्मेंद्र एसएमओ कनीना ने बताया कि विगत दिनों भेजे गए 25 सैंपल में से कुछ की रिपोर्ट अभी तक आ चुकी है और कुछ की आनी बाकी है। जिनकी रिपोर्ट आई हैं वे सभी नेगेटिव आई है। जबकि बुधवार को पांच अन्य सैंपल भी भेजे गए हैं। ये संदिग्ध व्यक्तियों के सैंपल होते हैं जिनमें खांसी, जुकाम, बुखार आदि के लक्षण पाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि ये रिपोर्ट भी जल्द ही आने की उम्मीद हैं। उल्लेखनीय है कि कनीना नगर पालिका के तहत जहां दो शेल्टर होम बनाए गए हैं वहां से भी सैंपल भेजे गए हैं किंतु जो भी रिपोर्ट आई है वे सभी नेगेटिव आई है।
पुलिस ने बढ़ाई सख्ती संस,कनीना। जहां लॉकडाउन की अवधि बढ़ा दिए जाने के चलते पुलिस ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। इधर उधर घूमने वालों को सघनता से जांच की जा रही है तथा कुछ के चालान भी काटे जा रहे हैं। किसानों को खेतों में जाने की जरूरत होती है जो खेतों में जाने को मजबूर हैं। विभिन्न नाकों पर जहां पुलिसकर्मी बैठे रहते हैं जो वाहनों की जांच कर रहे हैं वही ठीकरी पहरा भी दिया जा रहा है।
डॉक्टर की सलाह......... खाली पेट में न घूमे ************************* ***************************** कनीना। कनीना उप नागरिक अस्पताल के एसएमओ धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि खाली पेट नहीं रहना चाहिए और न घूमना चाहिए। खाली पेट से रोग होने की ज्यादा संभावना हो सकती है। उन्होंने कहा कि कोरोना की महामारी के चलते ऐतिहात के सभी नियमों का पालन करना जरूरी है। जहां तक हो सके घर में आराम करें। बूढ़े बड़ों को घर से बाहर किसी भी सूरत में न जाने दे। बूढ़े बड़ों में जहां रोग रोधक क्षमता कम होती है इसलिए उन्हें बाहर नहीं जाने देना चाहिए। एक जिल से दूसरे जिले में न जाए। डॉ धर्मेंद्र का कहना है कि फिजिकल डिस्टेंस बनाए रखनी चाहिए इससे रोग नहीं लगेगा। वहीं मास्क लगाकर इधर उधर जाना चाहिए, हाथों को बार-बार साबुन या डिटोल से धोना चाहिए। सैनिटाइजर का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की कोई खांसी सर्दी, जुकाम बुखार आदि की शिकायत है तो डॉक्टर की सलाह लेने से नहीं हिचकिचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खाना नियमित रूप से खाते रहना चाहिए। खाने के लिए कोई बंदिश नहीं है। लेकिन खाली पेट नहीं रहना चाहिए। फोटो कैप्शन: डॉ धर्मेंद्र एसएमओ
डॉक्टर की सलाह----- घर में रहकर खुशी खुशी समय बीताए ***************************** ****************************** कनीना। कनीना के डॉक्टर वेद प्रकाश का कहना है कि कोरोनावायरस पूरे ही जग में समस्या बनता जा रहा है। ऐसे में हम सभी का फर्ज बनता है कि इससे रोकथाम के उपाय अपनाए। रोग से बचने का सबसे सरल उपाय है फिजिकल डिस्टेंस बनाए रखें, घरों में रहकर सरकार के आदेश अनुसार आराम करें, बार-बार हाथों को साबुन या डिटोल से धोए, सैनिटाइज करना हो तो अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर से ही सैनिटाइज करें। उनका कहना है कि धातुओं पर लंबे समय तक यह कोरोना जीते हैं। इसलिए धातु के बर्तनों को छूने के बाद हाथों को जरूर धोए। उन्होंने कहा कि इधर-उधर घूमने से समस्या बनती है जब कोई काम ना हो तो अनावश्यक इधर-उधर न घूमे, रोग के लक्षण अगर किसी में नजर आए तो 1 मीटर की दूरी बनाए। अगर रोग के लक्षण नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से सलाह करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मास्क जरूर पहने। मास्क पहनने से न केवल कोरोनावायरस अपितु उड़ती हुई राख, हवा में उड़ते भी कीट आदि से भी बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि रोगाणु से बचना ही सबसे बेहतरीन तरीका होगा। ऐसे में किसी भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर न जाए, आसपास सभा आदि हो रहा हो तो उसमें भी नहीं जाना चाहिए। अपने पूरे परिवार के साथ बैठकर खुशी खुशी दिन बिताना चाहिए। खुशी-खुशी जीवन जिये, शुद्ध सात्विक भोजन खाए, ताजा सब्जी, दाल आदि जरूर प्रयोग कर।ें इससे रोग से बचा जा सकता है। डॉ वेदप्रकाश फिजिशियन कनीना
वर्दी वाले साथी...................... अमन चैन कायम करने में अहम भूमिका निभाई है गोविंद सिंह एसआई ने *******************************
************************************ कनीना। कनीना सिटी प्रभारी/ चौकी प्रभारी गोविंद सिंह एएसआई ने कनीना क्षेत्र में अमन-चैन कायम करने में अहम भूमिका निभाई है। विशेषकर कोरोना महामारी के चलते लोगों को घरों के अंदर रहने की बार-बार प्रेरणा दी किंतु कोरोना महामारी में भी दुपहिया वाहन चालक नियमों को तोड़ते नजर आए तो उनके चालान भी काटे गए। अब तक का 60 चालान कोरोना महामारी दौरान काटकर करीब चार लाख राजस्व लाभ प्रदान किया है। दिन रात आने जाने वाले वाहनों पर नजर जुटाए हुए हैं। जब भी कोई गाड़ी दूसरे प्रांतों से आती है तुरंत उस में बैठे हुए लोगों को अस्पताल तक पहुंचाते हैं ताकि उनकी जांच की जा सके। अब तक 100 के करीब ऐसे लोग कनीना अस्पताल तक पहुंचाए हैं ताकि उनकी जांच करके आगे की कार्रवाई की जा सके। गोविंद सिंह एएसआई दिन को तो तैनाती निभाते हैं वहीं रात को पूरे कस्बा की तीन गश्त लगाते हैं ताकि अमन-चैन कायम रहे। सभी दुकानें बंद रहती है। ऐसे में श्त और बढ़ा दी है। रात्रि के समय एक बार मोटरसाइकिल पर तथा दो पैदल गश्त लगाई जाती है ताकि सभी की बंद दुकानें सुरक्षित रहें। जब कभी कहीं ताश खेलने वाले और हुक्का पीने वालों की सूचना आती है तो तुरंत पहुंचते हैं किंतु जब तक पहुंचते हैं ताश पीटने वाले तथा हुक्का पीने वाले इधर-उधर गायब हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना के चलते अपनी जिंदगी को दाव पर लगा कर दिन रात लोगों की सेवा में जुटे रहते हैं। गोविंद सिंह एसआई का कोरोना महामारी से पहले नियम तोडऩे वाले विशेषकर युवा पीढ़ी में खौफ रहा है। लड़कियों को सताने वाले, फब्तियां कसने वाले, बुलेट बाइक से पटाखे छोडऩे वालों पर विशेष नजर रखते थे। उनसे भयभीत थे जिसके चलते पटाखे छोडऩे की घटनाएं और लड़कियों को छेडऩे, उन पर फब्तियां कसने वाले गायब हो गए थे। उनकी कार्यशैली अधिकारी भी प्रभावित है वही लोग भी खुश है। अब तो वे आम जन के चहेते बन रहे हैं। जब भी किसी को कहीं आवश्यकता होती है तुरंत उन्हें फोन से संपर्क कर लेते हैं। फोटो कैप्शन: गोविंद सिंह एएसआई