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Tuesday, April 28, 2020

 आरपी सहानी सीजीएम हैफेड पंचकूला ने किया कनीना मंडी का दौरा 
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 कनीना। कनीना अनाज मंडी तथा इसके तहत तीन अन्य खरीद केंद्रों पर सरसों और गेहूं की खरीद जारी है। मंगलवार को आरपी साहनी सीजीएम हैफेड पंचकूला ने कनीना अनाज मंडी का दौरा किया और अधिकारियों को हिदायत दी।
 मिली जानकारी के अनुसार करीरा में में जहां 32 किसानों की 880 क्विंटल, दौं$गड़ा अहीर में 72 किसानों की 1621 क्विंटल,  कनीना में 145 किसानों ने 4062 क्विंटल, सेहलंग में 43 किसानों की 1186 क्विंटल सरसों खरीदी गई वहीं 32 किसानों का 1211 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। इस दौरान खरीद का जायजा लेने अनाज मंडी में राम कुमार डीएम नारनौल, जीआर यादव एसओ हैफेड सहित सीजीएम आरपी साहनी पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से बात की और लॉकडाउन में नियमों का पालन करवाने में अहम भूमिका निभाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि किसानों का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। किसानों की कोई भी समस्या होगी उसे हल करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। इस मौके पर भरपूर सिंह तथा कनीना मार्केट कमेटी के विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 7:अनाज मंडी में दौरा करते आरपी साहनी।

 लोग हैं कि मानते ही नहीं 

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 कनीना। एक और जहां हरियाणा सरकार ने तंबाकू चबाने और बीड़ी सिगरेट पर रोक लगा रखी है वही ठेके भी बंद कर रखे हैं किंतु लोग है कि बीड़ी, सिगरेट और शराब आदि खाए पिये बगैर रह नहीं सकते। ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ दुकानदारों के पास अभी भी बीड़ी, सिगरेट और गुटका का स्टाक बाकी है। यूपी, बिहार तथा कुछ क्षेत्र के लोग इनके शौकीन हैं। यही कारण है कि 9 रुपये का बीड़ी का बंडल 15  रुपये तो 14 रुपये का बीड़ी का बंडल 25 रुपये में मिल रहा है वहीं पांच रुपये का गुटखा अब 40 रुपये में चोरी छिपे मिल रहा है और फिर भी लोग इन को बड़े चाव से लाकर खा पी रहे हैं। एक और जो शरीर को नुकसान कर रहे हैं वहीं अधिक धन देकर विषैली चीजों को प्राप्त कर रहे हैं।

जीआर स्कूल ने दिए 11 हजार रुपये

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 कनीना। जीआर स्कूल कनीना के चेयरमैन विजयपाल ने कनीना नगर पालिका में बाहर के लोगों को खाना खिलाने के लिए 11 हजार रुपये की राशि का सहयोग किया है। विजयपाल चेयरमैन ने यह राशि नगर पालिका प्रधान सतीश जेलदार को दी।

कनीना में अब खुलेंगी पुस्तकों की दुकानें 

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 कनीना। कनीना में 26 अप्रैल से पुस्तकों की दुकानें खोले जाने का आदेश जारी हो चुका है। अब कनीना में शुक्रवार को छोड़कर बाकी सप्ताह दुकानें खुली रहेंगी लेकिन नियमों का पालन करना जरूरी होगा।
विस्तत जानकारी देते हुए सस्ता वस्तु भंडार कनीना मंडी के गणेश कुमार एवं शिव कुमार अग्रवाल ने बताया कि कस्बे की 7 दुकानों को प्रात: आठ से दोपहर 12 बजे तक दुकान खोलने के निर्देश दिया है। इस संबंध में एसडीएम कनीना ने एक पत्र पुलिस उपाधीक्षक को जारी करते हुए दुकान में निर्धारित समय पर खोले जाने  का आदेश दिया है।
 पत्र में कहा गया है कि कनीना की सस्ता वस्तु भंडार,,मदन बुक डिपो,  अजय बुक डिपो,लक्ष्मी बुक डिपों, शंकर, अग्रवाल एवं रवि बुक डिपो की दुकानें केवल निर्धारित समय पर खुलेंगी। गृह मंत्रालय भारत सरकार के दिशा निर्देशानुसार विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो इसलिए यह निर्णय लिया गया है जिसके तहत इन दुकानदारों को कोरोना से बचने के सभी नियमों का पालन करना जरूरी होगा। उधर खंड शिक्षा अधिकारी को भी आदेश दिया गया है कि वे इन दुकानों पर नियमों का पालन करवाएं तथा मास्क पहनकर, दूरी बनाए रखते हुए पुस्तक खरीद एवं बेचे। खरीददार पुस्तकें निर्धारित दूरी पर खड़े होकर खरीदे तथा कोरोना वायरस से बचने के लिए सभी नियमों का पालन किया जाए।
 खंड शिक्षा अधिकारी को दुकानों की मोनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी हैं। उन्होंने कहा है कि कोई भी दुकानदार नियमों का पालन नहीं करता या निर्धारित कीमत से अधिक आंकता है तो तुरंत एसडीएम कार्यालय को सूचित करें। विस्तृत जानकारी देते हुए सस्ता वस्त्र भंडार के गणेश कुमार ने बताया कि विगत दिनों उन्होंने एसडीएम दुकान खोलने का निवेदन किया था जिसके चलते उन्होंने कनीना के सात दुकानदारों को ही अनुमति दी है।


अब जंगली भांग के पौधे बने समस्या

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कनीना। कभी जंगली भांग के पौधे इक्का दुक्का नजर आते थे किंतु वर्तमान में जंगली भांग के पौधे समस्या बनते जा रहे और सड़क के किनारे, पुराने खेत, बंजर खेत, पुराने घर तथा नहर के किनारे पर भारी मात्रा में खड़े हैं। जिनका दुरुपयोग लोग करने लगे हैं।
उल्लेखनीय है जंगली भांग, भांग का ही रूप है जिसको लोग दुरुपयोग कर रहे हैं। नशे में काम लेने लगे हैं। विभिन्न पंचायतों एवं संस्थाओं को को यदि इस पौधे को उखाडऩे का आदेश जारी किया जाए तो भविष्य में होने वाली बुराइयों एवं पौधे से छुटकारा मिल सकता है। कभी कांग्रेस घास बड़ी समस्या बनी थी उसी प्रकार की यह समस्या भांग का पौधा बनता जा रहा है। बहुत तेजी से फैलती जा रही है। इसे देखकर लगता है कि आने वाले समय में संपूर्ण खेत इसी से घिर जाएंगे। कृषि विभाग के अधिकारी भी मानते हैं कि यह भांग का पौधा बहुत तेजी से वृद्धि करता है। ऐसे में इस पर रोक की रोक लगाई जानी जरूरी है। वरना धीरे-धीरे क्षेत्र में भारी मात्रा में फैल जाएगा और युवा पीढ़ी पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। जिस प्रकार कांग्रेस घास उखाड़ी गई थी उसी प्रकार इस पौधे को उखाडऩा जरूरी हो गया है। कनीना के अजीत कुमार, राजेंद्र सिंह, सूबे सिंह, महेश कुमार, कुलदीप बोहरा ने इसे उखाडऩे का आह्वान किया है।
 फोटो कैप्शन 7: नहर के साथ खड़े भांग के पौधे।

 प्राइवेट स्कूल भोजावास ने बच्चों की 3 माह की फीस माफ 

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कनीना। खंड के गांव भोजावास स्थित मून स्टार प्ले स्कूल ने शिक्षा जगत में अपनी अनूठी मिसाल पेश की कोरोनावायरस  से लड़ाई में स्कूल के संचालक सुरेंद्र आंटला ने अपना मानवीय पहलू पेश करते हुए विद्यालय में पढऩे वाले विद्यार्थियों की अप्रैल से लेकर जून माह तक की ट्यूशन फीस सहित पूरी फीस माफ कर दी है। इसी के साथ अभिभावकों से एडमिशन फीस भी नहीं ली जाएगी।
श्री आंटला ने कहा कि एक ओर जहां पूरा देश कोरोना की चपेट में हैं वहीं विद्यार्थी भी आनलाइन शिक्षा पा रहे हैं। ऐसे में उनके अभिभावकों का भार घटाने के लिए यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिक इस समय बड़ी भयंकर स्थिति का सामना कर रहे हैं। अनेक परिवार ऐसे हैं जिनका समाज में रुतबा तो है किंतु आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है।
उन्होंने इस फैसले का उद्देश्य बताया कि शिक्षा व्यवसाय नहीं सेवा का माध्यम भी है
इनके इस प्रयास को सामाजिक कार्यकर्ता मोहित इसराना सहित अभिभावकों ने सराहनीय बताया।
फोटो कैप्शन 3: श्री आंटला फीस न लेने का पत्र दिखाते हुए।


आत्मा की शांति की की प्रार्थना

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कनीना। विश्व हिंदू परिषद के प्रखंड अध्यक्ष महेश बोहरा ने बताया कि महाराष्ट्र के पालघर में पूज्य संतों में उनके चालक के हुत महात्माओं को श्रद्धांजलि व महाराष्ट्र सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता व उनके परिजनों ने शोक जताया। श्री बोहरा ने कहा कि संतों के साथ हुई एक घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। 
  उन्होंने कहा कि वैसे तो हर इंसान पूजा योग्य होता है किंतु संतों को तो समाज में एक अलग दृष्टि से देखा जाता है। ऐसे में उनकी निर्मम हत्या समाज के लिए कलंक का कार्य करेगी। उन्होंने उनकी आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।


स्थानीय प्रशासन हुआ सख्त, बाहर के लोगों को नहीं आने दिया जाएगा कस्बा कनीना में 

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कनीना। कोरोनावायरस के चलते अब दूसरे जिलों से कस्बा कनीना में आने वाले कर्मचारियों और लोगों को किसी भी सूरत में नहीं आने दिया जाएगा। ये लोग रोग फैला सकते हैं। विस्तृत जानकारी देते हुए नगर पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने बताए कहा कि जिला उपायुक्त नारनौल के आदेशानुसार उन्होंने सख्ती से पेश आने का निर्णय लिया है। वे स्थानीय पुलिस प्रशासन से भी इस संबंध में जल्द ही बैठक आयोजित कर रहे हैं और इस संबंध में कस्बा कनीना की हर गली मोहल्ले में मुनादी करवा दी गई है कि किसी भी सूरत में किसी दूसरे जिलों विशेषकर गुडग़ांव मेवात आदि के लोगों को कस्बा कनीना में नहीं घुसने दिया जाएगा।
 उन्होंने कहा कि बहुत से कर्मचारी विशेषकर पुलिस के कर्मचारी आते जाते हैं। उन पर भी प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में  पुलिस अधिकारियों से बैठक आयोजित करेंगे और उनसे सहयोग लेंगे। अगर उन्होंने कोई सहयोग नहीं किया तो वे अपने स्तर पर सख्त कदम उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र में दूसरे प्रांतों के भारी संख्या में श्रमिक अब लावणी कार्य से मुक्त होने लगे हैं और भी अपने प्रदेशों में जाना चाहते हैं। उनके लिए पर्याप्त मात्रा में आश्रय और भोजन की व्यवस्था की गई है। प्रतिदिन 2000 लोग
खाना खा रहे हैं और जब तक प्रशासन और कस्बा कनीना का सहयोग मिलेगा इसी प्रकार लोगों को खाना खिलाते रहेंगे। उन्हें खुशी है कि कस्बावासी उन लोगों को खाना खिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग भी बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं।
पुलिस भी हुई सख्त--
 उधर जहां स्थानीय प्रशासन सख्त हुआ है वहीं स्थानीय पुलिस भी सख्त होती जा रही है। जहां प्रतिदिन वाहनों के चालान काटे जा रहे हैं वहीं चालकों से गहन पूछताछ की जाती है। पुलिस बल के चलते अब तो किसान भी खेतों में जाने से कतराने लगे हैं।
फोटो कैप्शन 4। कनीना नगर पालिका परिसर में खाना खाते हुए लोग।

20 चालान काटे आठ इंपाउंड 

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 कनीना। कनीना चौकी इंचार्ज एसआई गोविंद सिंह ने नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के चालान काटे जिनमें से 8 को इंपाउंड कर दिया गया। डेढ़ लाख के करीब जुर्माना वसूला है।
उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के समय नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। एसपी नारनौल के आदेश अनुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी सुनिश्चित है। ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस सख्ती से पेश आ रही है।


सेवा मंडल ने रखे 200 शिकोरे, जगह जगह रखे जा रहे हैं शिकोरे

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 कनीना। बीइंग हुमैन सेवा मंडल ने कनीना एवं आस पास धार्मिक स्थानों पर 200 शिकोरे रखें। हैं इस मौके पर सुरेश कुमार यादव संदराह, नवीन कौशिक अध्यक्ष तथा मनजीत भोजावास साथ थे।
 अवसर पर नवीन कौशिक ने बताया कि प्रतिदिन 50 से 60 परिंडे रखे जा रहे हैं। कनीना के संगम कॉलोनी में भी उन्होंने पांच शिकोरे रखें। उनका कहना है कि जब तक गर्मी का सीजन चलता है तब तक लगातार इस प्रकार के परिंडे रखते रहेंगे। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में लाख 7 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। बारिश शुरू होते ही विभिन्न प्रकार के छायादार, फलदार तथा औषधि पौधे लगाने शुरू कर दिए जाएंगे। ब्लड डोनेशन कैंप भी लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पक्षी इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रहे हैं उनके लिए पानी और अन्न उपलब्ध करवा पाना बहुत कठिन होता है ऐसे में पानी और उपलब्ध करवा कर ही चैन लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी का फर्ज बनता है कि नियमित रूप से पानी और अन्न का प्रबंध करें।
कनीना के विकी पंसारी ने बताया वे प्रतिदिन पक्षियों के लिए छत पर दाना पानी डालते हैं। उन्होंने सभी को प्रेरित किया कि गर्मी के सीजन में छत पर पानी रखने का प्रबंध किया जाए ताकि पक्षियों का जीवन भी बच सके। वे जीवित रह सके। उन्होंने कहा कि पक्षी भी हमारे जीवन का एक अंग होते हैं। इसलिए इनसे प्यार की अनुभूति दिखानी चाहिए।
  उधर कनीना पावर हाउस में रामरत्न जेई गोमली ने पावर हाउस परिसर में जीवों के लिए शिकोरे रखे हैं। सेवाराम सहित विभिन्न जन उपस्थित थे। जेई का कहना है कि गर्मी में जीवों के लिए पानी की समस्या होती है। ऐसे में उनके लिए पानी का प्रबंध करना हम सभी का दायित्व बनता है। उन्होंने अन्य लोगों को भी इस प्रकार पक्षियों की सेवा करने पर बल दिया।
फोटो कैप्शन 1: बीइंग हुमैन सेवा संस्था के लोग तथा विकी पंसारी।
             2: रामरत्न जेई गोमली पानी का प्रबंध करते हुए।

कोरोना योद्धा
कोरोना योद्धा बनकर युवाओं के लिए मिशाल बना लक्कीराव सीगड़ा

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कनीना। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के दौरान लॉकडाउन जैसी सवेंदनशील स्थिति में पूरा देश एक तरह से ठहरा हुआ है वही कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इस मुश्किल हालात में भी कोरोना चुनौती से निपटने के लिलए जी जान से लगे हैं। सीगड़ा के युवा समाजसेवी एवं बीएमडी क्लब चेयरमैन लक्कीराव सीगड़ा भी कोरोना से जंग लडऩे में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
लक्की सीगड़ा ने क्षेत्र को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए जनता कफ्र्यू के दिन से ही कोरोना योद्धा के रूप में नि:स्वार्थ भाव से लोगों एवं जरूरतमंदों की सेवा कर रहे हैं और सरकार ,प्रशासन एवं आमजन के सहयोग के लिए भी प्रयासरत हैं। लगातार आस-पास के क्षेत्र में जरूरतमंदों को चिह्नित कर खाद्य सामग्री किट वितरित के अतिरिक्त 1000 से ज्यादा मास्क वितरित कर चुके हैं। उनके बीएमडी क्लब द्वारा संचालित कान्हा जी स्कूल का भवन वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से बचाव उपाय हेतु नि:शुल्क उपलब्ध करवाने एवं इस दौर में हर संभव सरकार की सहायता करने हेतु भी एसडीएम कनीना के माध्यम से मुख्यमंत्री महोदय को ज्ञापन भी सौंपा था। आस-पास के कई गांवों को सैनेटाइज करवाने के साथ-साथ फिजिकल डिस्टन्सिंग पर भी लोगो को लगातार जागरूक किया जा रहा हैं। वे  स्वंय भी नि:स्वार्थ भाव से इंडियन रेडक्रास सोसाइटी नारनौल के कोविड-19 वालंटियर के रूप में भी कार्यरत हैं। यही नहीं उनकी पत्नी डिम्पल यादव भी घर का काम पूरा करके बाकी का समय मास्क बनाने में लगी हुई हैं, जो मुफ्त में आस-पास के क्षेत्र के लोगों को बांटे जा रहे हैं।
लक्की का कहना हैं की धन कमाना और उसे खुद पर खर्च करना बहुत आसान है लेकिन  दूसरों पर खर्च करना बहुत मुश्किल होता हैं। जरूरतमंदों को खाना खिलाना सबसे बड़ा धर्म है, दूसरों की सेवा करना ही सबसे बड़ी साधना होती है। वैश्विक महामारी से सभी को बचाने के लिए लोगों द्वारा संगठित रूप से हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। हमारा फर्ज है कि एक टाइम खाना खाकर उन लोगों की सेवा करनी चाहिए। इस संवेदनशील परिस्थितियों में सामाजिक लोगों खासकर युवाओं को एक-दूसरे के सुख-दु:ख में भागीदार होना चाहिए। हम सभी का सांझा सहयोग दूसरों के लिए अनमोल साबित हो सकता है।
फोटो कैप्शन लक्की सिगड़ा।

Monday, April 27, 2020


विभिन्न प्रदेशों के लोग अपने घरों को लौटने के लिए लालायित
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-लावणी कार्य संपन्न होने से बंघर हो रहे हैं

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कनीना। उत्तरप्रदेश के लिए बसें रवाना होने के बाद अब विभिन्न प्रदेशों के भारी संख्या में लोगों ने पूछताछ शुरू कर दी है और वे अविलंब अपने घरों को लौटना चाह रहे हैं। करीब 2000 मजदूर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों में जाना चाहते हैं। ये लोग अब तक या तो किसानों के खेतों में कटाई कार्य में जुटे थे या फिर किराए के मकानों में रह रहे हैं। लावणी का कार्य खत्म होते ही ये बेघर होने लगे हैं।
 पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने सभी लोगों से विस्तृत रिपोर्ट भेजने की बात कही है और सभी की विस्तृत जानकारी दर्ज करनी शुरू कर दी है ताकि सरकार द्वारा कोई कदम उठाया जाए तो उनको उनके प्रदेश भेजा जा सकेगा।
शेल्टर होम में लेने लगे शरण-
 विभिन्न प्रदेशों के सरमीक करीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शेल्टर होम में आकर ठहरने लगे हैं। ये लोग भी अपने प्रदेश में जाना चाहते हैं। जहां एसडीएम कार्यालय तथानगर पालिका इन लोगों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। कहां जाना है, मुखिया कौन है, किनके यहां ठहर रहे थे आदि बातों की जानकारी दर्ज की जा रही है।
खाना जारी रहेगा-
जब तक प्रशासन चाहेगा और लोगों का सहयोग हुआ खाना जारी रहेगा। पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि 3 मई तक यहां खाना मजदूरों को खिलाया जाएगा। करीब 2000 मजदूर यहां सुबह-शाम खाना खा रहे हैं। पालिका प्रधान ने कहा कि जब तक गांववासी चाहेंगे तब तक इन लोगों को खाना दिया जाता रहेगा। यदि लॉकडाउन और बढ़ाया तो भी खाना खिलाने का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में खिलाना जारी रहेगा।
फोटो कैप्शन 2: अपना नाम दर्ज करवाते विभिन्न प्रदेशों के मजदूर।
 



20 चालान काटे आठ इंपाउंड 
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कनीना। कनीना चौकी इंचार्ज एसआई गोविंद सिंह ने नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के चालान काटे जिनमें से 8 को इंपाउंड कर दिया गया। डेढ़ लाख के करीब जुर्माना वसूला है।
उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के समय नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। एसपी नारनौल के आदेश अनुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी सुनिश्चित है। ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस सख्ती से पेश आ रही है।

चार खरीद केंद्रों पर खरीदी 5506 क्विंटल सरसों

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कनीना। कनीना तथा कनीना के तहत आने वाले तीन विभिन्न खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद जारी है। सोमवार के दिन खरीद के  207 किसानों की 5506 क्विंटल सरसों खरीदी गई।
 विस्तृत जानकारी देते हुए हैं हैफेड मैनेजर सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 70 किसानों ने 2024 क्विंटल, सेहलंग में 33 किसानों ने 700 क्विंटल, करीरा में 28 किसानों ने 757 क्विंटल तथा दौंगड़ा अहीर में 76 किसानों ने 2025 क्विंटल सरसों बेची है। उधर 54 किसानों से 2079 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है।
फोटो कैप्शन 7: कनीना मंडी में सरसों खरीदते हैफेड चेयरमैन सत्येंद्र यादव।


किसान उत्पादक कंपनी करीरा जुटी है सरसों की खरीद में 

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 कनीना। एक और जहां पूरे प्रदेश में सरसों खरीदने का कार्य पूरे यौवन पर चल रहा है और सरसों खरीदने का कार्य विभिन्न एजेंसियों द्वारा किया जा रहा है वहीं करीरा में 195 सदस्यों से निर्मित किसान उत्पादक कंपनी अपने सदस्य किसानों का अनाज खुद खरीद कर आदत का लाभ उठा रही है अपना अनाज अपनी आढ़त का लाभ उठा रही है। किसान अपनी फसल अपनी आढ़त के जरिये अपना सपना पूरा कर रहे हैं। इसके तहत कनीना, कोटिया, करीरा एवं भडफ़ के किसान इसमें शामिल हो सकते हैं। सरसों बेचने के लिए सदस्य होना जरूरी नहीं है।
 विस्तृत जानकारी देते हुए किसान उत्पादक कंपनी के निदेशक महावीर सिंह ने बताया कि सरकार की नीति के तहत यह कंपनी बनाई गई है। अपनी फसल अपनी आढ़त करीरा का एफपीसी चला रहा है। इस ग्रुप में जुड़े हुए सभी किसान अपनी फसल पैदावार अपनी आढ़त का लाभ उठाकर बेच रहे हैं।
 एफपीसी सदस्य बैठकर अपनी सरसों बेचते हैं जिससे किसानों को आढत का सीधा फायदा हो रहा है। किसानों के इस ग्रुप में 195 सदस्य है और 16 अप्रैल से लगातार सरसों की खरीद कर रहे हैं। अब तक करीब 10,000 से ज्यादा बैग सरसों के खरीद चुका है। इस प्रकार के प्रथम प्रयास से किसान बहुत खुश है। इस एसपीसी को चलाने में हॉर्टिकल्चर विभाग बहुत सहयोगी है।
इस संबंध में जिला उद्यान अधिकारी मंदीप यादव ने बताया कि जिले में ऐसे 16 एफपीसी समूह पूरे जिला में बने हुए हैं जिनमें से चार समूह का कार्य भी कर रहे हैं कनीना क्षेत्र में एकमात्र आढ़त का कार्य कर रहे हैं। कनीना क्षेत्र में महज एक समूह है जिसके डायरेक्टर महावीर सिंह हैं। इससे आढ़त का लाभ होगा और भविष्य में किसी प्रकार की कोई सुविधा सरकार देती है तो इसी ग्रुप के जरिए मिलेगी। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग की ओर से भोजावास में इस प्रकार का एक समूह बनाया हुआ है।
फोटो कैप्शन 6: करीरा का एफपीसी सरसों खरीदते हुए।



ओपीडी टीम 29 तक सभी 37 गांव कवर करेगी 

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 कनीना। कनीना उप नागरिक अस्पताल के तहत 3-3 सदस्यीय दो टीमें गठित की हुई है जिनमें से एक ओपीडी टीम 29 अप्रैल तक का नागरिक अस्पताल के तहत आने वाले सभी 37 गांवों के लोगों को कवर करेगी जबकि दूसरी टीम पुलिस स्टेशन थाना चौकी नाका एसडीएम कार्यालय अधिकारियों एवं कर्मियों की स्क्रीनिंग करेगी। एसएमओ डा धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों टीमें जोर-शोर से अपने काम में जुटी हुई है।

कोरोना से बचाने का विडियो गीत लांच

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कनीना। हरियाणा महेन्द्र गढ़ के छोटे से कस्बे कनीना के एक कलाकार लियाकत अलि ने  बहुत ही सुंदर ढंग से लोगों को कोरोना से बचने के उपाय अपने गाने के माध्यम से बताए हैं।
 इस गीत के गायक लियाकत अली  जो कि इलाके के जानें माने संगीतकार के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने बताया कि आज देश एक बहुत बड़ी महामारी से जूझ रहा है, देश के डॉक्टर  पुलिस नर्स अन्य सरकारी कर्मचारी और  अन्य लोग भी अपने अपने स्तर पर देश की सेवा कर रहे हैं , देश के कलाकार एक्टर भी इस कार्य में पीछे नहीं है। सभी कलाकार भी अपने संगीत के द्वारा लोगों को जागरूक कर रहें हैं इसी बात को ध्यान में रख कर लियाकत अली (लक्की ) ने लोगों को इस महामारी से बचने के उपाय अपने गाने के माध्यम से बताये हैं। उन्होंने इस गीत में बताया है कि ये महामारी जात पात नहीं देखती है इससे बचने के लिए लोगों को एकजुट होकर अपने ही घरों में रहना है और अपना बचाव करना है  ताकि हमारा देश इस संकट से जीत सके। इस गीत को सुरेश मान लिखा है जबकि अजित बेदी ने इस गीत का फिल्मांकन किया है जो कि केवल मोबाइल से ही पूरा कार्य किया गया है।  इस गीत में  झगड़ू,मनीष राणा ,पवन लाम्बा ,प्रदीप सांगवान आदि ने योगदान दिया है। उल्लेखनीय है कि पहले भी लियाकत अलि कनीना के संत शिरोमणि बाबा मोलडऩाथ पर एक ओडियो सीडी निकालकर नाम कमा चुके हैं।
फोटो: लियाकत अलि।


कनीना खंड के सभी स्कूलों में चल रहा है ई-लर्निंग शिक्षण 

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 कनीना। कनीना खंड के तहत 128 सरकारी स्कूल तथा निजी स्कूल मिलाकर 178 स्कूल बनते हैं और सभी स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब तो हर सरकारी स्कूल में ई-लर्निंग का कार्य चल रहा है। उधर नवोदय विद्यालय करीरा एवं निजी स्कूलों में आनलाइन/ई-लर्निंग शिक्षण का कार्य चल रहा है। नियमितरूप े फीडबैक ली जा रही है।
 कनीना खंड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुढ़ा तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी तलवाना में 25 मार्च से ऑनलाइन शिक्षण कार्य शुरू हो गया था। शिक्षक भी विद्यार्थियों से फीडबैक ले रहे हैं तथा लगातार रोजाना गृृहकार्य भी दिया जा रहा है।
 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुढ़ा में प्राचार्य अभयराम यादव की देखरेख में नितिन, कृष्णचंद्र तथा अन्य सभी शिक्षक जी जान से जुट रहे हैं और प्रतिदिन विद्यार्थियों को व्हाट्सएप, फेसबुक, यू-ट्यूब के जरिये ऑनलाइन शिक्षण करवा रहे हैं। अब तो ई-लर्निंग के जरिए बीइओ निरंतर स्कूल मुखियों के संपर्क  में हैं।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी तलवाना में प्राचार्य जयप्रकाश की अध्यक्षता में वेबसाइट बनाया हुआ है जहां व्हाट्सएप, यूट्यूब के जरिए शिक्षण कार्य जयपाल प्रवक्ता की देखरेख में चल रहा है। सभी शिक्षक अपना अपना शिक्षण मेटिरियल तथा प्रश्रोत्तर डालते हैं और विद्यार्थी उत्साह से उसका अध्ययन करते हैं। सभी स्कूलों में इसी प्रकार की गतिविधियां जारी हैं।
क्या कहते हैं खंड शिक्षा अधिकारी-
खंड शिक्षा अधिकारी अभयराम यादव ने बताया कि कक्षा 9 से 12 तक सभी स्कूलों में व्हाट्सएप ग्रुप बन चुके हैं और विद्यार्थियों को जोड़ा गगया है। एबीआरसी इसमें माध्यम की भूमिका निभा रहे हैं। जिसमें प्रतिदिन सामग्री भेजी जा रही है। कक्षा 6 से 8 में भी बहुत बेहतरीन संदेश जा रहा है। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चे कक्षा 1 से 5 में थोड़ी दिक्कत आ रही है। गरीब तबके के जन है लेकिन उनसे सीधे फोन पर संवाद हो रहा है और उनके बच्चों को सामान्य फोन से संवाद करके पढ़ाया जा रहा है।
फोटो कैप्शन 3 से 5: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल खेड़ी तलवाना के वेबसाइट के  स्क्रीनशॉट।

 2.65 लाख रुपये राहत कोष में

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कनीना। खेड़ी ग्राम पंचायत खेड़ी तलवाना के सांझा प्रयास से राष्ट्रीय एकता पर कर गांव के सरपंच सूबे सिंह तंवर ने 1,11,000 रुपये पीएम केयर फंड तथा 1,54,000 रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष में कोरोना के पीडि़तों के लिए सहायतार्थ राशि प्रदान की है। इस प्रकार 2,65,000 की कुल राशि का चेक गांव के सरपंच सूबे सिंह वह ग्राम के प्रतिनिधियों के साथ जिला उपायुक्त जगदीश शर्मा को उनके कैंप कार्यालय में सौंपा। इसके अतिरिक्त इसके अतिरिक्त सरपंच सुबह सिंह ने कनीना की आरएस वाटिका में चले कोरना पीडि़त शिविर में 11,000 रुपये देने की घोषणा की। इस नेक कार्य के लिए गांव के  पंच सुनील सिंह, गांव के निवासी एनआईएस कोच जसमेर सिंह, कैप्टन तेजपाल सिंह, पवन कुमार पंच, पूर्व सरपंच रामनिवास, पूर्व सरपंच सुरेंद्र सिंह तवर, पूर्व सरपंच रामनिवास चौधरी,  नेशनल कोच जगमोहन सिंह.,बाबू संत वीर,, गोल्डन स्टार क्लब खेड़ी तलवाना के प्रधान मास्टर देशराज सिंह,  धर्मपाल जेलदार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी तलवाना के प्राचार्य जयप्रकाश यादव वरिष्ठ प्रवक्ता नरेश कौशिक ने इस उत्कृष्ट कार्य के लिए ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया तथा कहा कि आने वाले समय में गांव तथा गांव की पंचायत जिला में राज्य सरकार की सहायता में तन मन धन का योगदान देने में कोई कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
फोटो कैप्शन 6: जिला उपायुक्त नारनौल को चेक प्रदान करते सूबे सिंह सरपंच खेड़ी।

 बीइंग हुमैन सेवा मंडल ने अब तक रखे 200 शिकोरे 

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 कनीना। बीइंग हुमैन सेवा मंडल ने कनीना एवं आस पास धार्मिक स्थानों पर 200 शिकोरे रखें। हैं इस मौके पर सुरेश कुमार यादव संदराह, नवीन कौशिक अध्यक्ष तथा मनजीत भोजावास साथ थे।
 अवसर पर नवीन कौशिक ने बताया कि प्रतिदिन 50 से 60 परिंडे रखे जा रहे हैं। कनीना के संगम कॉलोनी में भी उन्होंने पांच शिकोरे रखें। उनका कहना है कि जब तक गर्मी का सीजन चलता है तब तक लगातार इस प्रकार के परिंडे रखते रहेंगे। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में लाख 7 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। बारिश शुरू होते ही विभिन्न प्रकार के छायादार, फलदार तथा औषधि पौधे लगाने शुरू कर दिए जाएंगे। ब्लड डोनेशन कैंप भी लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पक्षी इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रहे हैं उनके लिए पानी और अन्न उपलब्ध करवा पाना बहुत कठिन होता है ऐसे में पानी और उपलब्ध करवा कर ही चैन लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी का फर्ज बनता है कि नियमित रूप से पानी और अन्न का प्रबंध करें।
कनीना के विकी पंसारी ने बताया वे प्रतिदिन पक्षियों के लिए छत पर दाना पानी डालते हैं। उन्होंने सभी को प्रेरित किया कि गर्मी के सीजन में छत पर पानी रखने का प्रबंध किया जाए ताकि पक्षियों का जीवन भी बच सके। वे जीवित रह सके। उन्होंने कहा कि पक्षी भी हमारे जीवन का एक अंग होते हैं। इसलिए इनसे प्यार की अनुभूति दिखानी चाहिए।
फोटो कैप्शन 1: बीइंग हुमैन सेवा संस्था के लोग तथा विकी पंसारी।


कोरोना वारियर
कोरोना में अहं भूमिका निभा रहे हैं सुनील कुमार 

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कनीना। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में कार्यरत सुनील कुमार लॉकडाउन में अनेकों भूमिका निभा चुके हैं। इससे पहले भी वे कनीना ब्लॉक के बीएलओ रहते आ रहे हैं। वर्तमान में भी बीएलओ का कार्य कर रहे हैं।
   रेवाड़ी के जिला बिसोहा निवासी सुनील कुमार को गांव वालों ने भी कोरोना वारियर का टाइटल दिया हुआ है जिसे वे अपने सिर पर पहने रहते हैं। उन्होंने जहां प्रशासन के आदेश अनुसार घर घर जाकर लोगों के इनकम की सर्वे की। घर-घर जाकर लोगों की आय का पता लगा रिपोर्ट प्रशासन को दी जिसमें 2 दिन उनके लगे। एक बार फिर से वे कोरोना का सर्वे करने जा रहे हैं जिसमें करीब 1 सप्ताह का समय लगने के आसार हैं। पहले भी कनीना के शेल्टर होम में 3 दिनों तक सेवा दे चुके हैं। गांव-गांव और घर-घर जाकर कोरोना से बचने के तरीके बता रहे हैं। ऐसे में वे एक सच्चे कोरोना वारियर के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने बताया उन्होंने लोगों को अपने घरों में सुरक्षित रहने, खांसते सीखते समय रूमाल, टिशू पेपर प्रयोग करने फिजिकल डिस्टेंस बनाए रखने तथा हाथ बार-बार धोने, मुंह पर मास्क लगाने आदि की जानकारी लगातार प्रदान कर रहे हैं। एक और जहां कोरोना के डर से लोग अपने घरों में छिपे हुए और वो दिन रात लोगों की सेवा में जुटे हुए हैं।
जब-जब विभिन्न प्रकार की बीएलओ की तैनाती लगाई जाती है उनका नाम सबसे पहले आता है। कनीना स्कूल में कार्यरत सुनील कुमार अक्सर घर से स्कूल, स्कूल से गांव, कस्बा कनीना आदि में एक नहीं कई सरकारी कारणों से चक्कर लगाते रहते हैं और लोगों को जागरूक करते रहते हैं।
 फोटो कैप्शन :सुनील कुमार।


जमकर दान दे रहे हैं लोग

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 कनीना। कनीना नगरपालिका के शेल्टर होम में लोग जमकर दान दक्षिणा दे रहे ताकि लोगों को खाना खिलाया जा सके। बार एसोसिएशन कनीना 31 हजार तो सुनील पुत्र दरिया ने 11 हजार,कृष्ण साहब सीहमावाला ने 11हजार दिए हैं।
 विस्तृत जानकारी देते हुए पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने बताया कि महेश कुमार, सत्यवीर सिंह, सोमेंद्र, प्रताप, सतगुरु आयल मिल आदि ने पांच-पांच हजार रुपये दिये हैं वही रवि फोटो फोटोस्टेट, नीलम शर्मा, पंडित केसर दत्त, गोलू अशोक कुमार आदि ने भी दान दिया है। अब तक करीब चार लाख कर दान आ चुका है।

Sunday, April 26, 2020


पुलिस प्रशासन का फूल मालाओं से किया सम्मान

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 कनीना। कनीना पुलिस स्टेशन तथा पुलिस चौकी कनीना में कार्यरत पुलिस अधिकारियों की कोरोना के समय में बेहतरीन कार्य करने के चलते वार्ड 7 के लोगों ने उन्हें सम्मानित किया।
 वार्ड नंबर 7 में कनीना के एसएचओ विकास कुमार, एसआई आत्माराम, एएसआई गोविंद सिंह सहित पुलिस बल ने फ्लैग मार्च निकाला तत्पश्चात वार्ड के लोगों ने सभी को फूल मालाओं से स्वागत किया, फूल बरसा कर उनका स्वागत किया।
 विस्तृत जानकारी देते हुए वार्ड सात के मनोज शर्मा ने बताया कि पुलिस प्रशासन कोरोना के दृष्टिगत बेहतरीन कार्य कर रहा है। यही कारण है कि उनको वार्ड 7 में सम्मानित किया गया है। महिलाओं ने जहां फूल बरसाए वहीं पुरुषों ने उन्हें फूल माला पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर मनोज शर्मा, नरेश रोहिल्ला, हरीश जांगड़ा, बाबूलाल जांगड़ा, विजय सेठ, बजरंग सेठ आदि मौजूद थे।
 फोटो कैप्शन साथ 7:पुलिस बल का फूल मालाओं से स्वागत करते वार्ड सात के लोग।











 बारिश ने बिगाड़ा खरीद का कार्य, 52 किसानों की 1418 क्विंटल सरसों खरीदी 

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कनीना। कनीना क्षेत्र में बारिश होने के कारण खरीद का कार्य प्रभावित रहा। कनीना और तीन अन्य खरीद केंद्रों पर महज 52 किसानों की 1418 क्विंटल सरसों खरीदी गई। हैफेड मैनेजर सत्येंद्र यादवने बताया कि  कनीना अनाज मंडी में 14 किसानों की 407 क्विंटल सरसों खरीदी गई। सेहलंग में 16 किसानों की 439 क्विंटल तथा करीरा में 22 किसानों की 572 क्विंटल सरसों खरीदी गई है। गेहूं का उठान कार्य धीमा होने के कारण गेहूं की खरीद नहीं हो पाई। वैसे भी बारिश ने गेहूं की खरीद में जहां खलल डाली वहीं सरसों की आवक भी कम रही।
 फोटो कैप्शन 6: गेहूं की कनीना मंडी में उठान।

 


महंगाई भत्ता बन्द करने पर हरियाणा कर्मचारी महासंघ ने की केंद्र सरकार की आलोचना
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कनीना। कर्मचारियों व पेंशन भोगियो का महंगाई भत्ता बन्द करने की हरियाणा कर्मचारी महासंघ के प्रदेश मुख्यप्रवक्ता महावीर पहलवान बाघोत ने कड़े शब्दों में आलोचना की ।
महावीर पहलवान ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा  केन्द्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता जनवरी 2020 से जुलाई 2021 तक बन्द करने का जो निर्णय किया है वह न्याय संगत नही है और इससे कर्मचारियों को गहरा आघात पहुचा है जबकी दूसरी और इस कोरोना महामारी की जंग में सभी विभागों के कर्मचारी जोखिम भरी अपनी ड्यूटी को ईमानदारी से देश हित मे हर सम्भव प्रयासों से कर रहे है और प्रधान मंत्री राहत कोष में हर प्रकार की सम्भव मदद भी कर रहे है फिर भी केन्द्र सरकार महंगाई भते को बन्द कर रही है जिससे तीसरे व चौथे दर्जे की श्रेणी के कर्मचारी व पेंशन भोगी को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
फोटो कैप्शन : महाबीर सिंह पहलवान।


कोरोना वारियर
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कोरोना में अहं भूमिका निभा रहे हैं सुनील कुमार 

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कनीना। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में कार्यरत सुनील कुमार लोक डाउन में अनेकों भूमिका निभा चुके हैं। इससे पहले भी वे कनीना ब्लॉक के बीएलओ रहते आ रहे हैं। वर्तमान में भी बीएलओ का कार्य कर रहे हैं।
   रेवाड़ी के जिला बिसोहा निवासी सुनील कुमार को गांव वालों ने भी कोरोनाद वारियर का टाइटल दिया हुआ है जिसे वे अपने सिर पर पहने रहते हैं। उन्होंने जहां प्रशासन के आदेश अनुसार घर घर जाकर लोगों के इनकम की सर्वे की। घर-घर जाकर लोगों की आय का पता लगा रिपोर्ट प्रशासन को दी जिसमें 2 दिन उनके लगे। एक बार फिर से वे कोरोना का सर्वे करने जा रहे हैं जिसमें करीब 1 सप्ताह का समय लगने के आसार हैं। पहले भी कनीना के शेल्टर होम में 3 दिनों तक सेवा दे चुके हैं। गांव-गांव और घर-घर जाकर कोरोना से बचने के तरीके बता रहे हैं। ऐसे में वे एक सच्चे कोरोना वारियर के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने बताया उन्होंने लोगों को अपने घरों में सुरक्षित रहने, खांसते सीखते समय रूमाल, टिशू पेपर प्रयोग करने फिजिकल डिस्टेंस बनाए रखने तथा हाथ बार-बार धोने, मुंह पर मास्क लगाने आदि की जानकारी लगातार प्रदान कर रहे हैं। एक और जहां कोरोना के डर से लोग अपने घरों में छिपे हुए और वो दिन रात लोगों की सेवा में जुटे हुए हैं।
जब-जब विभिन्न प्रकार की बीएलओ की तैनाती लगाई जाती है उनका नाम सबसे पहले आता है। कनीना स्कूल में कार्यरत सुनील कुमार अक्सर घर से स्कूल, स्कूल से गांव, कस्बा कनीना आदि में एक नहीं कई सरकारी कारणों से चक्कर लगाते रहते हैं और लोगों को जागरूक करते रहते हैं।
 फोटो कैप्शन :सुनील कुमार।


जमकर दान दे रहे हैं लोग

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 कनीना। कनीना नगरपालिका के शेल्टर होम में लोग जमकर दान दक्षिणा दे रहे ताकि लोगों को खाना खिलाया जा सके। बार एसोसिएशन कनीना 31 हजार तो सुनील पुत्र दरिया ने 11 हजार,कृष्ण साहब सीहमावाला ने 11हजार दिए हैं।
 विस्तृत जानकारी देते हुए पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने बताया कि महेश कुमार, सत्यवीर सिंह, सोमेंद्र, प्रताप, सतगुरु आयल मिल आदि ने पांच-पांच हजार रुपये दिये हैं वही रवि फोटो फोटोस्टेट, नीलम शर्मा, पंडित केसर दत्त, गोलू अशोक कुमार आदि ने भी दान दिया है। अब तक करीब चार लाख कर दान आ चुका है।



कनीना के दोनों शेल्टर होम हुए खाली, 95 लोग बसों द्वारा रवाना

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 कनीना। कनीना में चल रहे दोनों शेल्टर होम से 95 लोगों को उनके प्रदेशों में बसों द्वारा रविवार को सुबह रवाना कर दिया गया है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना तथा आरएस वाटिका खाली हो चुके हैं। उनको बसों में भेजे जाने से पहले मेडिकल जांच की गई तथा ऐतिहात के सभी नियम पालन करने की हिदायतें दी गई। डॉक्टरों की टीम तथा एसडीएम कनीना रणबीर सिंह ने इनकी मेडिकल कार्रवाई तथा सुबह उनको उनके प्रदेश रवाना कर दिया गया।
 उल्लेखनीय है कि ये लोग करीब एक माह से शेल्टर होम में ठहरे हुए थे। एक बार तो भूख हड़ताल भी कर चुके हैं। उनकी तीव्र इच्छा अपने प्रदेश जाने की थी। अब उनकी इच्छा पूरी हो गई है।
फोटो कैप्शन 7: उत्तरप्रदेश के लिए रवाना होने से पूर्व शेल्टर होम में मेडिकल करवाते हुए।


विभिन्न प्रदेशों के लोगों की लगी लाइन

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कनीना। उत्तरप्रदेश के लिए बसें रवाना होने के बाद अब विभिन्न प्रदेशों के भारी संख्या में लोगों ने पूछताछ शुरू कर दी है। करीब 2000 मजदूर मध्य प्रदेश्,ा उत्तर प्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों में जाना चाहते हैं।
 पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने सभी लोगों से विस्तृत रिपोर्ट भेजने की बात कही है और सभी की विस्तृत जानकारी दर्ज करनी शुरू कर दी है ताकि सरकार द्वारा कोई कदम उठाया जाए तो उनको उनके प्रदेश भेजा जा सकेगा।
शेल्टर होम में लेने लगे शरण-
 विभिन्न प्रदेशों के सरमीक करीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शेल्टर होम मैें आकर ठहरने लगे हैं। ये लोग भी अपने प्रदेश में जाना चाहते हैं। जहां एसडीएम कार्यालय तथानगर पालिका इन लोगों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। कहां जाना है, मुखिया कौन है, किनके यहां ठहर रहे थे आदि बातों की जानकारी दर्ज की जा रही है।
खाना जारी रहेगा-
जब तक प्रशासन चाहेगा और लोगों का सहयोग हुआ खाना जारी रहेगा। पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि 3 मई तक यहां खाना मजदूरों को खिलाया जाएगा। करीब 2000 मजदूर यहां सुबह-शाम खाना खा रहे हैं। पालिका प्रधान ने कहा कि जब तक गांववासी चाहेंगे तब तक इन लोगों को खाना दिया जाता रहेगा। यदि लॉकडाउन और बढ़ाया तो भी खाना खिलाने का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में खिलाना जारी रहेगा।
फोटो कैप्शन 6: अपना नाम दर्ज करवाते विभिन्न प्रदेशों के मजदूर।
 



लॉकडाउन के कारण घर पर ही स्वतंत्रता सेनानी नेतराम को श्रद्धासुमन अर्पित किए
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कनीना।  लाकडाउन के कारण स्वतंत्रता सेनानी नेतराम को उनकी 14वी पुण्यतिथि पर उनके परिजनों ने घर पर ही उनको श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
 कनीना उपमंडल के गांव उन्हाणी में खुशहाल के घर 1918 में  जन्मे नेतराम ने जंग ए आजादी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। बचपन में ही इनके पिता के देहांत पश्चात माता धापा देवी ने उन्हें पाला था।
वे 22वर्ष की आयु में 7वीं राज राइफल सेना में भर्ती हो गए। प्रशिक्षण के बाद अंग्रेजों ने इनकी बटालियन को जापान से लडऩे के लिए भेजा। वे पकड़ लिए गए किंतु रास बिहारी बोस, सिंगापुर पहुंचे और भारतीय बंदी सैनिकों को छुड़वाया। 1942 मे आजाद हिन्द फौज का गठन किया जिसमें नेतराम भी शामिल हुए। लेकिन यह सेना जापानियों ने पुन: बंदी बनाकर तोपखाना जेल में डाल दिया।
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस अंग्रेजी सरकार के आंखों में धूल झोंककर सिंगापुर पहुंचे।  नेतराम भी  नेता जी के विचारों से प्रभावित हुए। इसी के साथ वो आजाद हिन्द फौज के नेहरू बिर्गेड में शामिल हो गए। आजाद हिन्द फौज में रहते हुए उन्होंने वतन की आजादी के लिए बर्मा की रंगून जेल, पाकिस्तान की मुल्तान जेल, बंगाल की गिरगिच्छा जेलों में कठोर यातनाएं सही।
  बंगाल की गिरगिच्छा जेल में भी रहे। इनकी रिहाई मुल्तान जेल से ही हुई। नेतराम की बहादुरी व भारत माता को आजाद करवाने के लिए 15 अगस्त 1972 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राष्ट्र की ओर से ताम्र पत्र देकर सम्मानित किया। ताऊ देवीलाल ने भी उनको सम्मान सहित ताम्र पत्र प्रदान किया।1997 तत्कालीन मुख्यमंत्री बंशीलाल ने ताम्र पत्र देकर सम्मानित किया। 26 अप्रैल 2007 को वे पंचतत्व में विलीन हुए। नेतराम का देशभक्ति का जज्बा भी देश के जवानों के लिए प्रेरणा स्त्रोत है।
उन्हें याद करने वालों में रत्न सिंह; मा.राजेश कुमार, अमित इंजिनियर, मयंक महलावत, मुन्नी देवी, सुमित, सोनू,अनिकेत आदि थे।
फोटो कैप्शन 3: नेतराम को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए।



किसान व आढ़ती के आपसी विश्वास के अटूट सम्बन्ध को बनाये रखे  

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कनीना। जिला पार्षद व कांग्रेस नेत्री सुनीता वर्मा ने कनीना अनाज मंडी में चल रही सरसों खरीद केंद्र का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने किसानों और आढ़तियों से उनकी तकलीफों को जाना। उन्होंने किसानों के अन्न की 40 क्विंटल की शर्त नहीं रखनी चाहिए। सरकार को किसान की पूरी फसल खरीदने का तुरन्त इंतजाम करना चाहिए, क्योंकि किसान अपनी शेष बची फसल का भंडारण नहीं कर पाएंगे।
 श्रीमती वर्मा के अनुसार उस किसान को बड़ी परेशानी होगी जिसका सबसे आखिर में नंबर आएगा, और न जाने उसका ये नंबर कितने दिनों बाद आयेगा। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंद किसानों को मास्क भी वितरित किये।
जिला परिषद की पूर्व उपाध्यक्षा वर्मा ने कहा कि  किसान की सुविधा का ध्यान रखते हुए और उनकी दुविधा समझते हुए पुरानी प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से लागू कर देना चाहिये  क्योंकि हमारे यहां किसानों व आढ़तियों में आपसी विश्वास का एक अटूट संबंध रहा है, उन पर शक करके स्थानीय भाईचारे को ना तोड़े। उन्होंने कहा कि बीते माह बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से खराब हुई फसल की अभी तक ठीक ढंग से गिरदावरी तक भी नही की गई है।


 कार्यालयों में अधिकारियों की की गई स्क्रीनिंग 

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कनीना। सीएमओ नारनौल द्वारा उप-नागरिक अस्पताल कनीना के डा विनय शर्मा शर्मा की अध्यक्षता में गठित 3 सदस्यीय मेडिकल टीम ने एसडीएम कार्यालय कनीना, पुलिस चौकी तथा थाना कार्यालय में समस्त 43 कर्मचारियों एवं अधिकारियों की स्क्रीनिंग कर कोविड-19 से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी हासिल कर की। सभी को कोविड-19 से बहार पाया गया है।    विस्तृत जानकारी देते हुए टीम अध्यक्ष डा विनय कुमार शर्मा ने बताया कि कोविड-19 के तहत सबसे पहले तापमान नोट किया जाता है, यदि शरीर का ताप नार्मल है तो उसे कोविड-19 से बाहर कर दिया जाता है। तत्पश्चात खांसी, जुकाम संबंधित विभिन्न जानकारी हासिल की जाती है। यदि किसी प्रकार की कोई ऐसी बीमारी पाई गई तो उसे आईएलआई अर्थात इंफ्लुयेंजा इलनेस में शामिल कर दिया जाता है। मौके पर ही उसे संबंधित बीमारी की दवा दी जाती है तथा उसे फोलो अप में रखकर खांसी जुकाम आदि घटने या बढऩे की जानकारी हासिल की जाती है।
 तत्पश्चात ट्रैवलिंग हिस्ट्री ज्ञात की जाती है कि कर्मचारी कहीं बाहर से आता है तो कहां से आता है? इस संबंधित समस्त जानकारी भी हासिल टीम द्वारा की गई। उन्होंने बताया कि उनकी टीम में एएनएम शर्मिला, डीएम लखपत सिंह भी शामिल हैं। विदित हो कि कनीना उप नागरिक अस्पताल में 2 टीमें गठित की हुई है, एक ओपीडी टीम है जो गांव गांव जाकर लोगों की सेवा कर रही है वहीं दूसरी टीम कार्योलयों में स्क्रीनिंग करेगी।
 फोटो कैप्शन 2: एसडीएम का स्क्रीनिंग करते डा विनय।

बीइंग हुमैन सेवा मंडल ने रखे 50 शिकोरे 

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 कनीना। बीइंग हुमैन सेवा मंडल ने कनीना क्षेत्र में 50 शिकोरे रखें। इस मौके पर सुरेश कुमार यादव संदराह, नवीन कौशिक अध्यक्ष तथा मनजीत भोजावास साथ थे।
 अवसर पर नवीन कौशिक ने बताया कि प्रतिदिन 50 से 60 परिंडे रखे जा रहे हैं। कनीना के संगम कॉलोनी में भी उन्होंने पांच शिकोरे रखें। उनका कहना है कि जब तक गर्मी का सीजन चलता है तब तक लगातार इस प्रकार के परिंडे रखते रहेंगे। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में लाख 7 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। बारिश शुरू होते ही विभिन्न प्रकार के छायादार, फलदार तथा औषधि पौधे लगाने शुरू कर दिए जाएंगे। ब्लड डोनेशन कैंप भी लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पक्षी इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रहे हैं उनके लिए पानी और अन्न उपलब्ध करवा पाना बहुत कठिन होता है ऐसे में पानी और उपलब्ध करवा कर ही चैन लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी का फर्ज बनता है कि नियमित रूप से पानी और अन्न का प्रबंध करें।
कनीना के विकी पंसारी ने बताया वे प्रतिदिन पक्षियों के लिए छत पर दाना पानी डालते हैं। उन्होंने सभी को प्रेरित किया कि गर्मी के सीजन में छत पर पानी रखने का प्रबंध किया जाए ताकि पक्षियों का जीवन भी बच सके। वे जीवित रह सके। उन्होंने कहा कि पक्षी भी हमारे जीवन का एक अंग होते हैं। इसलिए इनसे प्यार की अनुभूति दिखानी चाहिए।
फोटो कैप्शन 1: बीइंग हुमैन सेवा संस्था के लोग तथा विकी पंसारी।




सीएम आफिस तक चर्चा में है कस्बा कनीना 

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कनीना। एक और जहां कोरोनावायरस से लोग जूझ रहे हैं वहीं कनीना वासी दूसरे प्रदेशों के करीब 2000 लोगों को प्रतिदिन खाना खिला कर कनीनावासी नाम कमा रहे हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव ने शनिवार को  कनीना में औचक निरीक्षण करने के पश्चात कनीना वासियों एवं प्रधान सतीश जेलदार की पीठ थपथपाई वहीं बेहतर कार्यकर्ताओं को मौके पर ही सम्मानित भी किया।
    उल्लेखनीय है कि कनीना वासियों के सहयोग से दूसरे प्रदेशों के इतनी भारी तादाद में लोगों को खाना खिला कर एक मिसाल कायम की है जो पूरे प्रदेश में विख्यात है। विदित हो कस्बा कनीना में नगर पालिका कनीना के समक्ष राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शेल्टर होम लगाया गया है जहां करीब 45 लोग अन्य प्रदेशों के करीब एक महीने से रह रहे हैं। लेकिन खाने के वक्त दो हजार के करीब लोग पहुंच जाते हैं। सभी को खाना खिलाया जाता है।  गांवों के लोग भी इस खाने में जमकर सहयोग कर रहे हैं।
 शेल्टर होम में महेंद्र हलवाई, पवन पोंडा चायवाला, ओमप्रकाश ठेकेदार, विक्रम सिंह,
लेखाकार शिवचरण शर्मा, राजाराम सचिव, एमई चमनलाल सहित अन्य समस्त कर्मचारी एवं अधिकारी अपने कार्य के साथ साथ सेवक बने हुए हैं। ये अधिकारी,कर्मचारी एवं जनसेवक इन लोगों की सेवा में जुटे रहते हैं। जिसके चलते सीएम ऑफिस तक कनीना वासियों की तारीफ हो रही है। कस्बा कनीना में इस प्रकार का यह पहला अवसर है जब लोग अपने घरों में खाना बनाने में बेशक मदद न करते हो लेकिन यहां या तो खाना बनवाते हैं या खिलाते हैं। यहां तक कि नगरपालिका कार्यालय को रसोईघर का रूप दिया हुआ है तथा इसके सामने सरकारी स्कूल है जहां शेल्टर होम स्थापित है। खाने के समय लंबी-लंबी कतारें लग जाती है उनको अनुशासन में रखना, ऐतिहात के नियमों का पालन करवाकर खुशी खुशी खाना खिला कर घर भेजते हैं। हर आपदा एवं समस्या के समय कनीनावासी एकजुटता का प्रमाण देते हैं।






Saturday, April 25, 2020

 रविवार को खाली हो जाएंगे शेल्टर होम
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कनीना। कनीना के शेल्टर होम रविवार को खाली हो जाने की उम्मीद है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना से 42 तथा आरएस वाटिका से 53 प्रदेशियों को उनके प्रदेश छोडऩे के लिए रोडवेज बसे जाएंगी। डा विनय कुमार शर्मा एवं उनकी टीम ने इन सभी की मेडिकल जांच की तथा विभिन्न अधिकारियों की मौजूदगी में सभी औपचारिक्ताएं पूर्ण की गई हैं। 



कार्यालयों में अधिकारियों की की गई स्क्रीनिंग 
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 कनीना। सीएमओ नारनौल द्वारा उप-नागरिक अस्पताल कनीना के डा विनय शर्मा शर्मा की अध्यक्षता में गठित 3 सदस्यीय मेडिकल टीम ने एसडीएम कार्यालय कनीना, पुलिस चौकी तथा थाना कार्यालय में समस्त 43 कर्मचारियों एवं अधिकारियों की स्क्रीनिंग कर कोविड-19 से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी हासिल कर की। सभी को कोविड-19 से बहार पाया गया है।    विस्तृत जानकारी देते हुए टीम अध्यक्ष डा विनय कुमार शर्मा ने बताया कि कोविड-19 के तहत सबसे पहले तापमान नोट किया जाता है, यदि शरीर का ताप नार्मल है तो उसे कोविड-19 से बाहर कर दिया जाता है। तत्पश्चात खांसी, जुकाम संबंधित विभिन्न जानकारी हासिल की जाती है। यदि किसी प्रकार की कोई ऐसी बीमारी पाई गई तो उसे आईएलआई अर्थात इंफ्लुयेंजा इलनेस में शामिल कर दिया जाता है। मौके पर ही उसे संबंधित बीमारी की दवा दी जाती है तथा उसे फोलो अप में रखकर खांसी जुकाम आदि घटने या बढऩे की जानकारी हासिल की जाती है।
 तत्पश्चात ट्रैवलिंग हिस्ट्री ज्ञात की जाती है कि कर्मचारी कहीं बाहर से आता है तो कहां से आता है? इस संबंधित समस्त जानकारी भी हासिल टीम द्वारा की गई। उन्होंने बताया कि उनकी टीम में एएनएम शर्मिला, डीएम लखपत सिंह भी शामिल हैं। विदित हो कि कनीना उप नागरिक अस्पताल में 2 टीमें गठित की हुई है, एक ओपीडी टीम है जो गांव गांव जाकर लोगों की सेवा कर रही है वहीं दूसरी टीम कार्योलयों में स्क्रीनिंग करेगी।
 फोटो कैप्शन सात: एसडीएम का स्क्रीनिंग करते डा विनय।

सीएम आफिस तक चर्चा में है कस्बा कनीना

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 कनीना। एक और जहां कोरोनावायरस से लोग जूझ रहे हैं वहीं कनीना वासी दूसरे प्रदेशों के करीब 2000 लोगों को प्रतिदिन खाना खिला कर कनीनावासी नाम कमा रहे हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव ने शनिवार को  कनीना में औचक निरीक्षण करने के पश्चात कनीना वासियों एवं प्रधान सतीश जेलदार की पीठ थपथपाई वहीं बेहतर कार्यकर्ताओं को मौके पर ही सम्मानित भी किया।
    उल्लेखनीय है कि कनीना वासियों के सहयोग से दूसरे प्रदेशों के इतनी भारी तादाद में लोगों को खाना खिला कर एक मिसाल कायम की है जो पूरे प्रदेश में विख्यात है। विदित हो कस्बा कनीना में नगर पालिका कनीना के समक्ष राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शेल्टर होम लगाया गया है जहां करीब 45 लोग अन्य प्रदेशों के करीब एक महीने से रह रहे हैं। लेकिन खाने के वक्त दो हजार के करीब लोग पहुंच जाते हैं। सभी को खाना खिलाया जाता है।  गांवों के लोग भी इस खाने में जमकर सहयोग कर रहे हैं।
 शेल्टर होम में महेंद्र हलवाई, पवन पोंडा चायवाला, ओमप्रकाश ठेकेदार, विक्रम सिंह,
लेखाकार शिवचरण शर्मा, राजाराम सचिव, एमई चमनलाल सहित अन्य समस्त कर्मचारी एवं अधिकारी अपने कार्य के साथ साथ सेवक बने हुए हैं। ये अधिकारी,कर्मचारी एवं जनसेवक इन लोगों की सेवा में जुटे रहते हैं। जिसके चलते सीएम ऑफिस तक कनीना वासियों की तारीफ हो रही है। कस्बा कनीना में इस प्रकार का यह पहला अवसर है जब लोग अपने घरों में खाना बनाने में बेशक मदद न करते हो लेकिन यहां या तो खाना बनवाते हैं या खिलाते हैं। यहां तक कि नगरपालिका कार्यालय को रसोईघर का रूप दिया हुआ है तथा इसके सामने सरकारी स्कूल है जहां शेल्टर होम स्थापित है। खाने के समय लंबी-लंबी कतारें लग जाती है उनको अनुशासन में रखना, ऐतिहात के नियमों का पालन करवाकर खुशी खुशी खाना खिला कर घर भेजते हैं। हर आपदा एवं समस्या के समय कनीनावासी एकजुटता का प्रमाण देते हैं।

किसान व आढ़ती के आपसी विश्वास के अटूट सम्बन्ध को बनाये रखे
संस,कनीना। जिला पार्षद व कांग्रेस नेत्री सुनीता वर्मा ने शनिवार को कनीना अनाज मंडी में चल रही सरसों खरीद केंद्र का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने किसानों और आढ़तियों से उनकी तकलीफों को जाना। उन्होंने किसानों के अन्न की 40 क्विंटल की शर्त नहीं रखनी चाहिए।
सरकार को किसान की पूरी फसल खरीदने का तुरन्त इंतजाम करना चाहिए, क्योंकि किसान अपनी शेष बची फसल का भंडारण नहीं कर पाएंगे।
 श्रीमती वर्मा के अनुसार उस किसान को बड़ी परेशानी होगी जिसका सबसे आखिर में नंबर आएगा, और न जाने उसका ये नंबर कितने दिनों बाद आयेगा। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंद किसानों को मास्क भी वितरित किये।
जिला परिषद की पूर्व उपाध्यक्षा वर्मा ने कहा कि  किसान की सुविधा का ध्यान रखते हुए और उनकी दुविधा समझते हुए पुरानी प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से लागू कर देना चाहिये  क्योंकि हमारे यहां किसानों व आढ़तियों में आपसी विश्वास का एक अटूट संबंध रहा है, उन पर शक करके स्थानीय भाईचारे को ना तोड़े। उन्होंने कहा कि बीते माह बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से खराब हुई फसल की अभी तक ठीक ढंग से गिरदावरी तक भी नही की गई है।
फोटो कैप्शन 6: श्रीमती वर्मा कनीना मंडी में समस्या जानते हुए।


 किसान व आढ़ती के अखरीद के ग्यारहवें  दिन 217 किसानों ने 5708 क्विंटल सरसों बेची

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35 किसानों ने 1150 क्विंटल गेहूं बेचा
कनीना। कनीना अनाज मंडी तथा इसके तहत आने वाले तीन खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद त्वरित गति से जारी है जबकि गेहूं की आवक बहुत कम हो रही है। महज कनीना मंडी में ही गेहूं खरीद हो रही है। खरीद के ग्यारहवें  दिन 217 किसानों ने 5708 क्विंटल सरसों बेची तो 35 किसानों ने 1150 क्विंटल गेहूं बेचा है।
हैफेड चेयरमैन सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 88 किसानों ने 2350 क्विंटल, सेहलंग  में 47 किसानों ने 1228 क्विंटल, दौंगड़ा अहीर में 32 किसानों ने 779 क्विंटल तथा करीरा में 50 किसानों ने 1351 क्विंटल सरसों बेची है जबकि गेहूं 35 किसानों ने 1150 क्विंटल बेचा है।



शेल्टर होम के बेहतर कार्यविधि को लेकर मंत्री ने कनीनावासियों की सराहना की

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कनीना। प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव ने ेशनिवार को कनीना नगर पालिका में पहुंच कर कोरोना वायरस को लेकर गरीब व बेसहारा लोगों की तन, मन व धन से मदद कर रहे लगभग 20 वालंटियरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर उनके साथ अटेली के विधायक सीताराम यादव विशेष रूप से उपस्थित थे।
मंत्री ओमप्रकाश यादव ने कहा कि भारत ऋषि-मुनियों का देश है जहां संकट में एक दूसरे की मदद करना हमें अपने पूर्वजों से विरासत में मिला है। भारत के लोगों की संस्कृति है कि आपस में पड़े हुए दुख को हम बांट लेते हैं। आज पूरा देश कोरोनावायरस बीमारी के चलते संकट के दौर से गुजर रहा है। देश पर इतनी बड़ी आफत आ पड़ेगी हम सब में से किसी ने यह स्वप्न में भी नहीं सोचा था। आज पूरा विश्व इस संकट के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका, इटली व अन्य देशों में कोरोना बीमारी को लेकर रोजाना मरने वालों लोगों की संख्या कई हजार है जबकि भारत में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व लोकप्रिय मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सूझबूझ से इस बीमारी को काबू करने में काफी हद तक सफलता प्राप्त की है। जिस कारण विश्व भर में भारत की तारीफ हो रही है।
 उन्होंने कहा कि इस संकट में  जो लोग वालंटियर बनकर तन,मन व धन से जरूरतमंद लोगों को भोजन,दवाई,वस्त्र व अन्य जरूरत का सामान उपलब्ध करा रहे हैं निश्चित ही वे बधाई के पात्र हैं । मेरे सामने खड़े वालंटियरों  के हौसलों से मुझे लगता है कि जल्द ही हम कोरोना को भारत से भगा देंगे। उन्होंने लोगों से लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन करने का अनुरोध किया। इस मौके पर अटेली के विधायक सीताराम यादव ने कहा कि सरकार व आप  सब की सूझबूझ का परिणाम है कि महेंद्रगढ़ जिले में कोरोना बीमारी का अब तक एक भी मरीज नहीं है। आप सब लोगों ने प्रधानमंत्री के लॉकडाउन का मजबूती से पालन किया है। आगे जब भी भविष्य में प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री की तरफ से आदेश मिलेगा उसका पालन आप सब करोगे।  इस मौके पर मंत्री ओम प्रकाश यादव ने स्थानीय डीएसपी साधुराम,कनीना थाना प्रभारी विकास कुमार व गोविंद राम एएसआई को भी कोरोना बीमारी में अच्छे कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस संकट में पुलिस भी दिन रात लोगों को लॉकडाउन को लेकर जागरूक करने में लगी हुई है।  इस अवसर पर करीना नगर पालिका, एसडीएम कनीना रणवीर सिंह,ओमप्रकाश इेकेदार, चेयरमैन सतीश जेलदार, उप प्रधान अशोक ठेकेदार, सचिव राजाराम,पूर्व प्रधान राजेंद्र लोढ़ा, युवा भाजपा नेता उमेश यादव, विक्रम, मुकेश नंबरदार, कंवरसेन वशिष्ठ, सोमदत्त,सतबीर सेहलंग व सीताराम आदि उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 5 एवं 6: शनिवार को मंत्री ओम प्रकाश यादव कनीना में वॉलंटियरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करते हुए, साथ में विधायक सीताराम यादव।

जंग ए आजादी के महान् योद्धा थे नेतराम

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कनीना। कनीना उपमंडल के गांव उन्हाणी में खुशहाल के घर 1918 में  जन्मे नेतराम ने जंग ए आजादी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। बचपन में ही इनके पिता के देहांत पश्चात माता धापा देवी ने उन्हें पाला था।
वे 22वर्ष की आयु में 7वीं राज राइफल सेना में भर्ती हो गए। प्रशिक्षण के बाद अंग्रेजों ने इनकी बटालियन को जापान से लडऩे के लिए भेजा। वे पकड़ लिए गए किंतु रास बिहारी बोस, सिंगापुर पहुंचे और भारतीय बंदी सैनिकों को छुड़वाया। 1942 मे आजाद हिन्द फौज का गठन किया जिसमें नेतराम भी शामिल हुए। लेकिन यह सेना जापानियों ने पुन: बंदी बनाकर तोपखाना जेल में डाल दिया।
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस अंग्रेजी सरकार के आंखों में धूल झोंककर सिंगापुर पहुंचे।  नेतराम भी  नेता जी के विचारों से प्रभावित हुए। इसी के साथ वो आजाद हिन्द फौज के नेहरू बिर्गेड में शामिल हो गए।
आजाद हिन्द फौज में रहते हुए उन्होंने वतन की आजादी के लिए बर्मा की रंगून जेल, पाकिस्तान की मुल्तान जेल, बंगाल की गिरगिच्छा जेलों में कठोर यातनाएं सही।
जेलों में यातनाएं सहन करनी पड़ी। बंगाल की गिरगिच्छा जेल में पेड़ों की छाल खाकर अपना जीवन बचाते थे। इनकी रिहाई मुल्तान जेल से ही हुई। नेतराम की बहादुरी व भारत माता को आजाद करवाने के लिए 15 अगस्त 1972 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राष्ट्र की ओर से ताम्र पत्र देकर सम्मानित किया। ताऊ देवीलाल ने भी उनको सम्मान सहित ताम्र पत्र प्रदान किया।1997 तत्कालीन मुख्यमंत्री बंशीलाल ने राज्य की ओर से ताम्र पत्र देकर सम्मानित किया। 26 अप्रैल 2007 को यह वीर सेनानी पंचतत्व में विलीन हुए। नेतराम का देशभक्ति का जज्बा भी देश के जवानों के लिए प्रेरणा स्त्रोत है।
फोटो कैप्शन: स्वतंत्रता सेनानी नेतराम।

शेल्टर होम में आया 25 हजार का दान

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 कनीना। कनीना के शेल्टर होम (राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना) के लिए दानदाता धन से सहयोग कर रहे ताकि रह रहे लोगों के लिए खाने का प्रबंध किया जा सके। पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने बताया कि 11000 रुपये यश कुमार पुत्र सुधीर कुमार ने,
रोहित पुत्र भरपूर सिंह, दिनेश पुत्र राजेंद्र सिंह, नवीन यदुवंशी, नरेंद्र पुत्र ओमप्रकाश ने क्रमश: दो दो हजार तथा विनोद, योगेंद्र, कमल, हरीश, हिमांशु ने एक-एक हजार रुपये तथा 1100 विकास ने दान दिए हैं।
फोटो कैप्शन  1: दान देते हुए लोग।

खरीद के दसवें  दिन 209 किसानों ने 5678 क्विंटल सरसों बेची

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कनीना।  कनीना अनाज मंडी तथा इसके तहत आने वाले तीन खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद त्वरित गति से जारी है जबकि गेहूं की आवक बहुत कम हो रही है। महज कनीना मंडी में ही गेहूं खरीद हो रही है। खरीद के दसवें दिन 209 किसानों ने 5678 क्विंटल सरसों बेची तो 54 किसानों ने 1900 क्विंटल गेहूं बेचा है।
हैफेड चेयरमैन सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 88 किसानों ने 2415 क्विंटल, सेहलंग  में 29 किसानों ने 753 क्विंटल, दौंगड़ा अहीर में 42 किसानों ने 1068 क्विंटल तथा करीरा में 50 किसानों ने 1442 क्विंटल सरसों बेची है जबकि गेहूं  45 किसानों ने 1900 क्विंटल बेचा है।





सुनील ने उगाया है ऊंट कटारा तथा चक्र पुष्प

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  कनीना। किसान कृषि में बदलाव करने लगे हैं और परंपरागत खेती की बजाय अब सब्जी एवं औषधीय पौधे उगाने लगे हैं। सुनील कुमार सीहमा अपने 2 एकड़ में पुष्प चक्कर (जिसे मोटी सौंफ) कहते हैं तथा डेढ़ एकड़ में ऊंट कटारा उगाए हैं जो कि दोनों ही पौधे औषधीय है। इन्हें कोई आवारा जंतु तथा पालतू जंतु भी नहीं खाते। ऊंट कटारा रेगिस्तान में अधिक उगता है और कांटे वाला पौधा है जो अनेक औषधियों में काम आता है। सुनील कुमार ने बताया कि उनके खेत में 15 क्विंटल ऊंट कटारा होने की संभावना है जबकि 5 क्विंटल चक्कर पुष्प होने की संभावना है। वर्तमान में फसल पैदावार लेने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाजार में इसके भाव अच्छे है। एक 1 एकड़ में जहां सरसों 7 क्विंटल के करीब हो जाती है जो 30 हजार रुपये के करीब बिकती है वही ऊंट कटारा से करीब 1.40 लाख रुपये मिलने की उम्मीद है। उन्होंने विगत वर्ष केसर उगायी थी जिसमें भारी नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि वे किसानों के मुफ्त बीज एवं सलाह देंगे।
 उन्होंने बताया कि बरेली से बीज लेकर आए थे और वही बेचा जाना है। बीज प्रदाता उन्हें खरीद कर ले जाएंगे। इन पौधों की देखरेख की अधिक जरूरत नहीं होती महज 3 बार पानी दिया है।
इन पौधों से खेत में बेहतर दर्जे का खाद भी पैदा होता है। ऐसे में उन्होंने कहा कि वे जिले में शायद पहले किसान होंगे जिन्होंने इस प्रकार की खेती की है। ये पौधे आयुष विभाग के तहत आते हें और आस पास मंडियां नहीं हैं।
 फोटो कैप्शन 2: ऊंट कटारा की खेती


बीइंग हुमैन सेवा मंडल ने रखे 50 शिकोरे 

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 कनीना। बीइंग हुमैन सेवा मंडल ने कनीना क्षेत्र में 50 शिकोरे रखें। इस मौके पर सुरेश कुमार यादव संदराह, नवीन कौशिक अध्यक्ष तथा मनजीत भोजावास साथ थे।
 अवसर पर नवीन कौशिक ने बताया कि प्रतिदिन 50 से 60 परिंडे रखे जा रहे हैं। कनीना के संगम कॉलोनी में भी उन्होंने पांच शिकोरे रखें। उनका कहना है कि जब तक गर्मी का सीजन चलता है तब तक लगातार इस प्रकार के परिंडे रखते रहेंगे। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में लाख 7 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। बारिश शुरू होते ही विभिन्न प्रकार के छायादार, फलदार तथा औषधि पौधे लगाने शुरू कर दिए जाएंगे। ब्लड डोनेशन कैंप भी लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पक्षी इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रहे हैं उनके लिए पानी और अन्न उपलब्ध करवा पाना बहुत कठिन होता है ऐसे में पानी और उपलब्ध करवा कर ही चैन लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी का फर्ज बनता है कि नियमित रूप से पानी और अन्न का प्रबंध करें।
कनीना के विकी पंसारी ने बताया वे प्रतिदिन पक्षियों के लिए छत पर दाना पानी डालते हैं। उन्होंने सभी को प्रेरित किया कि गर्मी के सीजन में छत पर पानी रखने का प्रबंध किया जाए ताकि पक्षियों का जीवन भी बच सके। वे जीवित रह सके। उन्होंने कहा कि पक्षी भी हमारे जीवन का एक अंग होते हैं। इसलिए इनसे प्यार की अनुभूति दिखानी चाहिए।
फोटो कैप्शन 3: बीइंग हुमैन सेवा संस्था के लोग तथा विकी पंसारी।


लोक डाउन में समय बिताने के अलग अलग तरीकें

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कनीना। लॉकडाउन में जहां समय बिताना कठिन हो जाता है वहीं कुछ लोग बड़ी हंसी खुशी के साथ अपना समय बिता रहे हैं।
 कनीना के हरियाणवी लोक गायक अमृत सिंह राघव अपने बच्चों के संग घर पर रहकर सरकार के आदेशों का पालन करते हुए जहां हारमोनियम पर रागिनी का रियाज करते हैं वही पंडित लख्मीचंद द्वारा रचित किस्से याद करते हैं वहीं पंडित मांगेराम के ध्रुवभक्त, खांडेराव परी आदि किस्सों को भी दोहराते हैं। बाकी बचे हुए समय में बच्चों के साथ लूडो, सांप सीढ़ी, कैरम आदि खेलकर बच्चों का मनोरंजन करते हैं। अमृत सिंह हरियाणवी रागिनी कलाकार ने बताया कि हरियाणवी रागिनी पढऩे से जीवन जीने की कला का अहसास होता है।फिलहाल कोरोनावायरस पर गुरु मुकेश सिंह की मदद से एक चार पंक्ति की रागिनी तैयार की है।
फोटो कैप्शन 04: कैरम खेलते हुए रागिनी गायक अमृतलाल राघव।


कोरोनावायरस से बचाव के लिए मास्क बांट दे रही हे सलाह

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कनीना। कस्बा कनीना में वार्ड 9 की एक महिला अपनी रोटी रोजी कमाने के उपरांत बचे समय में जन सेवा में जुटी हुई है। वे घर पर मास्क बनाकर लोगों को वितरित कर रही है और कोरोना बीमारी से बचने की उन्हें सलाह दे रही है।
मोनी देवी वार्ड नंबर 9 की निवासी है जो अपने परिवार का लालन पालन तो करती है वही समय बचते ही मास्क बना लेती हैं और अब तक उन्होंने 400 मास्क बनाकर क्षेत्र में मुफ्त दे दिए हैं ताकि कोरोनावायरस बच सकें।
उन्होंने बताया कि विगत दिनों से जब वैश्विक बीमारी कोरोनावायरस के बारे में तो अपने परिवार की सुरक्षा हेतु बाजार से मास्क खरीदना पड़ा जो महंगा लगा। उन्होंने सोचा क्यों ना अपने घर पर सस्ता मास्क बनाने का प्रयास करूं। एक मास्क को बेहतरीन ढंग से उन्होंने सस्ते में बना डाला तत्पश्चात उनका मनोबल बढ़ा। उनके पति योगेश कुमार ने उनका मनोबल बढ़ाया और कहा कि जन सेवा हेतु मास्क बनाओ मैं लोगों को वितरित कर दूंगा। मनोबल इतना बढ़ाया कि मेोनी ने मास्क बनाने शुरू कर दिए।अब तो वे 20- 25 मास्क प्रतिदिन बना देती है और योगेश कुमार को दे देती है। योगेश कुमार अपने क्षेत्र में तथा दूरदराज भी जरूरतमंदों को बांट देते हैं।  उनके सराहनीय कदम के सभी कायल है। एक महिला होकर भी जी जान से जुटी हुई है और  लोगों को कोरोनावायरस से बचाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है जब तक बीमारी पूर्ण रूप से समाप्त नहीं हो जाएगी तब तक वे इसी प्रकार मास्क बनाती रहेगी।
फोटो कैप्शन 05: मास्क बनाते हुए वार्ड 9 की मोनी।


Friday, April 24, 2020

शेल्टर होम में आया 25 हजार का दान
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 कनीना। कनीना के शेल्टर होम (राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना) के लिए दानदाता धन से सहयोग कर रहे ताकि रह रहे लोगों के लिए खाने का प्रबंध किया जा सके। पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने बताया कि 11000 रुपये यश कुमार पुत्र सुधीर कुमार ने,
रोहित पुत्र भरपूर सिंह, दिनेश पुत्र राजेंद्र सिंह, नवीन यदुवंशी, नरेंद्र पुत्र ओमप्रकाश ने क्रमश: दो दो हजार तथा विनोद, योगेंद्र, कमल, हरीश, हिमांशु ने एक-एक हजार रुपये तथा 1100 विकास ने दान दिए हैं।
फोटो कैप्शन  6: दान देते हुए लोग।

खरीद के दसवें  दिन 209 किसानों ने 5678 क्विंटल सरसों बेची

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कनीना।  कनीना अनाज मंडी तथा इसके तहत आने वाले तीन खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद त्वरित गति से जारी है जबकि गेहूं की आवक बहुत कम हो रही है। महज कनीना मंडी में ही गेहूं खरीद हो रही है। खरीद के दसवें दिन 209 किसानों ने 5678 क्विंटल सरसों बेची तो 54 किसानों ने 1900 क्विंटल गेहूं बेचा है।
हैफेड चेयरमैन सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 88 किसानों ने 2415 क्विंटल, सेहलंग  में 29 किसानों ने 753 क्विंटल, दौंगड़ा अहीर में 42 किसानों ने 1068 क्विंटल तथा करीरा में 50 किसानों ने 1442 क्विंटल सरसों बेची है जबकि गेहूं  45 किसानों ने 1900 क्विंटल बेचा है।



विगत सुनील ने उगाया है ऊंट कटारा तथा चक्र पुष्प 

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 संवाद सहयोगी, कनीना। किसान कृषि में बदलाव करने लगे हैं और परंपरागत खेती की बजाय अब सब्जी एवं औषधीय पौधे उगाने लगे हैं। सुनील कुमार सीहमा अपने 2 एकड़ में पुष्प चक्कर (जिसे मोटी सौंफ) कहते हैं तथा डेढ़ एकड़ में ऊंट कटारा उगाए हैं जो कि दोनों ही पौधे औषधीय है। इन्हें कोई आवारा जंतु तथा पालतू जंतु भी नहीं खाते। ऊंट कटारा रेगिस्तान में अधिक उगता है और कांटे वाला पौधा है जो अनेक औषधियों में काम आता है। सुनील कुमार ने बताया कि उनके खेत में 15 क्विंटल ऊंट कटारा होने की संभावना है जबकि
 5 क्विंटल चक्कर पुष्प होने की संभावना है। वर्तमान में फसल पैदावार लेने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाजार में इसके भाव अच्छे है। एक 1 एकड़ में जहां सरसों 7 क्विंटल के करीब हो जाती है जो 30 हजार रुपये के करीब बिकती है वही ऊंट कटारा से करीब 1.40 लाख रुपये मिलने की उम्मीद है। उन्होंने विगत वर्ष केसर उगायी थी जिसमें भारी नुकसान हुआ।
 उन्होंने बताया कि बरेली से ीज लेकर आए थे और वही बेचा जाना है। बीज प्रदाता उन्हें खरीद कर ले जाएंगे। इन पौधों की देखरेख की अधिक जरूरत नहीं होती महज 3 बार पानी दिया है।इन पौधों से खेत में बेहतर दर्जे का खाद भी पैदा होता है। ऐसे में उन्होंने कहा कि वे जिले में शायद पहले किसान होंगे जिन्होंने इस प्रकार की खेती की है। ये पौधे आयुष विभाग के तहत आते हें और आस पास मंडियां नहीं हैं।
 फोटो कैप्शन पांच: ऊंट कटारा की खेती


मलेरिया दिवस पर विशेष----
विगत वर्ष से कनीना में मलेरिया का कोई केस नहीं 

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कनीना। कनीना उप नागरिक अस्पताल में 2019 से अब तक मलेरिया का कोई कस नहीं आया है। वर्ष 2015 से 2018 तक मलेरियां के केस आते रहे हैं। 2019 में कोई केस न आना जागरूकता का परिणाम है।
 मलेरिया इंस्पेक्टर शीशराम ने बताया कि वर्ष 2015 में 6 केस मलेरिया के थे जो 2016 में घटकर तीन रह गए, 2017 में फिर से 2 केस रह गए 2018 में 3 केस मलेरिया के आए। 2019 में कोई मलेरिया का केस नहीं आया जिसके पीछे लोगों की जागरूकता बताई जा रही है।
एमपीएचडब्ल्यू गली-गली जाकर के 9 लोगों को मलेरिया से बचने की सावधानियां बताते रहे हैं। पानी जमा न होने देना चाहिए। जमा पानी पर तेल का छिड़काव करना चाहिए। टंकियों, कूलरों को एक सप्ताह में एक बार साफ कर देना चाहिए।
उधर एमपीएचडब्ल्यू सुनील कुमार ने बताया कि वे गली-गली जाकर के मलेरिया से बचने का प्रचार करते आए हैं जिसके चलते मलेरिया का केस कोई नहीं आया है।  मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से मलेरिया होता है। मलेरिया प्लाजमोडियम परजीवी से फैलता है जिसे मादा एनाफिलीज खून पीते वक्त शरीर में छोड़  जाती है। लाज्मोडियम फेल्सीपैरम और प्लाज्मोडियम वाइवक्स दो परजीवी सबसे अधिक रोग फैलाते हैं। काटने के 10 से 15 दिनों में बार बार बुखार सिरदर्द आदि आता है। यदि जल्द उपचार नहीं किया जाए तो यह बहुत घातक भी साबित बन सकता है।
 मादा एनाफिलीज मच्छर की करीब  400 विभिन्न स्पीशीज पाई जाती है इनमें से 30 प्रमुख हैं। मादा एनाफिलीज मच्छर अपने अंडे पानी पर देती हैं। अंडों को भोजन देने के लिए खून की जरूरत होती है इसलिए मादा एनाफिलीज मच्छर खून पीती है।
ऐसे में मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी, क्रीम, तेल, लैगाकर बचना चाहिए।  मलेरिया का इलाज करवाना बहुत जरूरी है वरना भविष्य में घातक परिणाम निकल सकते हैं।
 फोटो कैप्शन: शीशराम एचआई।




 बीइंग हुमन सेवा मंडल ने रखे 50 शिकोरे 

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 कनीना। बीइंग हुमैन सेवा मंडल ने कनीना क्षेत्र में 50 शिकोरे रखें। इस मौके पर सुरेश कुमार यादव संदराह, नवीन कौशिक अध्यक्ष तथा मनजीत भोजावास साथ थे।
 अवसर पर नवीन कौशिक ने बताया कि प्रतिदिन 50 से 60 परिंडे रखे जा रहे हैं। कनीना के संगम कॉलोनी में भी उन्होंने पांच शिकोरे रखें। उनका कहना है कि जब तक गर्मी का सीजन चलता है तब तक लगातार इस प्रकार के परिंडे रखते रहेंगे। उन्होंने बताया कि जुलाई माह में लाख 7 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। बारिश शुरू होते ही विभिन्न प्रकार के छायादार, फलदार तथा औषधि पौधे लगाने शुरू कर दिए जाएंगे। ब्लड डोनेशन कैंप भी लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पक्षी इस समय भीषण गर्मी की मार झेल रहे हैं उनके लिए पानी और अन्न उपलब्ध करवा पाना बहुत कठिन होता है ऐसे में पानी और उपलब्ध करवा कर ही चैन लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम सभी का फर्ज बनता है कि नियमित रूप से पानी और अन्न का प्रबंध करें।
कनीना के विकी पंसारी ने बताया वे प्रतिदिन पक्षियों के लिए छत पर दाना पानी डालते हैं। उन्होंने सभी को प्रेरित किया कि गर्मी के सीजन में छत पर पानी रखने का प्रबंध किया जाए ताकि पक्षियों का जीवन भी बच सके। वे जीवित रह सके। उन्होंने कहा कि पक्षी भी हमारे जीवन का एक अंग होते हैं। इसलिए इनसे प्यार की अनुभूति दिखानी चाहिए।
फोटो कैप्शन 2: बीइंग हुमैन सेवा संस्था के लोग तथा विकी पंसारी।


लोक डाउन में समय बिताने के अलग अलग तरीकें

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कनीना। लॉकडाउन में जहां समय बिताना कठिन हो जाता है वहीं कुछ लोग बड़ी हंसी खुशी के साथ अपना समय बिता रहे हैं।
 कनीना के हरियाणवी लोक गायक अमृत सिंह राघव अपने बच्चों के संग घर पर रहकर सरकार के आदेशों का पालन करते हुए जहां हारमोनियम पर रागिनी का रियाज करते हैं वही पंडित लख्मीचंद द्वारा रचित किस्से याद करते हैं वहीं पंडित मांगेराम के ध्रुवभक्त, खांडेराव परी आदि किस्सों को भी दोहराते हैं। बाकी बचे हुए समय में बच्चों के साथ लूडो, सांप सीढ़ी, कैरम आदि खेलकर बच्चों का मनोरंजन करते हैं। अमृत सिंह हरियाणवी रागिनी कलाकार ने बताया कि हरियाणवी रागिनी पढऩे से जीवन जीने की कला का अहसास होता है।फिलहाल कोरोनावायरस पर गुरु मुकेश सिंह की मदद से एक चार पंक्ति की रागिनी तैयार की है।
फोटो कैप्शन 03: कैरम खेलते हुए रागिनी गायक अमृतलाल राघव।


टीम गठित की

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कनीना। उप- नागरिक अस्पताल कनीना की ओर से एक तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है जो पुलिस प्रशासन, एसडीएम कार्यालय, नाकों पर कार्यरत अधिकारियों की स्वास्थ्य जांच करेगी।
 विस्तृत जानकारी देते हुए एसएमओ डॉ धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि यह 3 सदस्यीय टीम उन लोगों की स्वास्थ्य जांच करेगी जो कोरोना वायरस को मिटाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक ओपीडी टीम गांव गांव जा रही थी जिसकी मांग को देखते हुए एक टीम और गठित कर दी है। इस प्रकार 2 टीमें विभिन्न गांवों में जाकर कार्य करेंगी।

खरीद के नौवें दिन 239 किसानों ने 6114 क्विंटल सरसों बेची
-14 किसानों ने 573 क्विंटल गेहूं बेचा 

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कनीना। कनीना अनाज मंडी तथा इसके तहत आने वाले तीन खरीद केंद्रों पर सरसों की खरीद त्वरित गति से जारी है जबकि गेहूं की आवक बहुत कम हो रही है। महज कनीना मंडी में ही गेहूं खरीद हो रही है। खरीद के नौवें दिन जहां 239 किसानों ने 6114 क्विंटल सरसों तो 14 किसानों ने 573 क्विंटल गेहूं बेचा है।
हैफेड चेयरमैन सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना में 88 किसानों ने 2300 क्विंटल, सेहलंग  में 43 किसानों ने 1067 क्विंटल, दौंगड़ा अहीर में 63 किसानों ने 1676 क्विंटल तथा करीरा में 45 किसानों ने 1071 क्विंटल सरसों बेची है जबकि गेहूं  14 किसानों ने 573 क्विंटल बेचा है।


कोरोनावायरस से बचाव के लिए मास्क बांट दे रही हे सलाह

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कनीना। कस्बा कनीना में वार्ड 9 की एक महिला अपनी रोटी रोजी कमाने के उपरांत बचे समय में जन सेवा में जुटी हुई है। वे घर पर मास्क बनाकर लोगों को वितरित कर रही है और कोरोना बीमारी से बचने की उन्हें सलाह दे रही है।
मोनी देवी वार्ड नंबर 9 की निवासी है जो अपने परिवार का लालन पालन तो करती है वही समय बचते ही मास्क बना लेती हैं और अब तक उन्होंने 400 मास्क बनाकर क्षेत्र में मुफ्त दे दिए हैं ताकि कोरोनावायरस बच सकें।
उन्होंने बताया कि विगत दिनों से जब वैश्विक बीमारी कोरोनावायरस के बारे में तो अपने परिवार की सुरक्षा हेतु बाजार से मास्क खरीदना पड़ा जो महंगा लगा। उन्होंने सोचा क्यों ना अपने घर पर सस्ता मास्क बनाने का प्रयास करूं। एक मास्क को बेहतरीन ढंग से उन्होंने सस्ते में बना डाला तत्पश्चात उनका मनोबल बढ़ा। उनके पति योगेश कुमार ने उनका मनोबल बढ़ाया और कहा कि जन सेवा हेतु मास्क बनाओ मैं लोगों को वितरित कर दूंगा। मनोबल इतना बढ़ाया कि मेोनी ने मास्क बनाने शुरू कर दिए।अब तो वे 20- 25 मास्क प्रतिदिन बना देती है और योगेश कुमार को दे देती है। योगेश कुमार अपने क्षेत्र में तथा दूरदराज भी जरूरतमंदों को बांट देते हैं।  उनके सराहनीय कदम के सभी कायल है। एक महिला होकर भी जी जान से जुटी हुई है और  लोगों को कोरोनावायरस से बचाने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है जब तक बीमारी पूर्ण रूप से समाप्त नहीं हो जाएगी तब तक वे इसी प्रकार मास्क बनाती रहेगी।
फोटो कैप्शन 01: मास्क बनाते हुए वार्ड 9 की मोनी।