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Wednesday, May 5, 2021


300 वैक्सीन डोज उपलब्ध
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 कनीना। कनीना उप नागरिक अस्पताल में 45 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को गुरुवार के दिन  वैक्सीन डोज लगेगी। इसकी जानकारी देते हुए डा धर्मेंद्र यादव और कंप्यूटर आपरेटर पवन कुमार ने बताया कि 300 डोज उपलब्ध हैं तथा प्रथम डोज के लिए आन द स्पाट रजिस्ट्रेशन होगा ।उन्होंने बताया कि पीएचसी
पीएचसी मुडिय़ा खेड़ा और भोजवास में 18 से 44 वर्ष वर्ग में कोरोना डोज देने का सिलसिला चलेगा।


महिला की अस्पताल में मौत
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कनीना। ढाणा की एक 67 वर्षीय महिला की कनीना अस्पताल में मौत हो गई। उनका सैंपल लिया हुआ है किंतु अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है। ऐसे में नहीं कहा जा सकता कि वह कोरोना संक्रमित है या नहीं।  उन्हें गत दिवस बीमार होने के चलते कनीना में भर्ती करवाया गया था। बुधवार को उन्होंने दम तोड़ दिया है।



कोरोना संक्रमित केस बढ़े
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 कनीना। कनीना क्षेत्र में कोरोना का कहर अभी जारी है। लगातार कोरोना संक्रमित केस बढ़ते ही जा रहे हैं। विगत कुछ दिनों से कनीना में भी कोरोना केस किसी हाल में कम नहीे हो रहे हैं। मिली जानकारी अनुसार अगिहार में 64 कनीना में 31, पाथेड़ा-19, सुंदराह 14, करीरा, कोटिया, रामबास, ढाणा में 4-4 धनौंदा व दौंगड़ा 3-3, चेलावास-2 केस मिले हैं।  इसके अतिरिक्त धनौंदा, खेड़ी, बाघोत, सीहोर, कोका, इसराणा,खरकड़ा, छीथरोली,,झीगावन, ककराला आदि में भी कोरोना संक्रमित केस मिले हैं। एसएमओ धर्मेंद्र यादव का कहना है कि हर इंसान को ऐतिहात के कदम उठाने चाहिए। कोविड के नियमों का पालन करना चाहिए तभी इस महामारी से बचा जा सकता है। उन्होंने नियमित रूप से हाथों को सेनिटाइज करने, मास्क का प्रयोग करने, घर से बाहर न निकलने हाथों में ग्लव्ज पहनने की अपील की है।
कोरोना संक्रमित की सूची:-

1. जिला जेल नारनौल-134

2. अगिहार-64

3. दुबलाना-37

4. पाथेड़ा-19

5. नसीबपुर-15

6. बाछौद-14

7. सुंदरह-13

8. गुवाणी-12

9. कोरियावास-10

10. जैलाफ-10

11. सुराणी-8

12. अटेली मंडी-6

13. खुडाना-6

14. नांगल चौधरी-6

15. वार्ड नंबर 13 कनीना-6

16. नीरपुर-6

17. हसनपुर-5

18. खेड़ी-5

19. मंडाना - 5

20. मेई - 5

21. बगडाणा - 4

22. गणेश कॉलोनी - 4

23. कोरियावास मेडिकल कॉलेज - 4

24. महेंद्रगढ़ - 4

25. पट्टीकरा - 4

26. शहबाजपुर - 8

27. सिलारपुर - 4

28. बचीनी - 4

29. हुडीना नारनौल - 4

30. कोटिया - 4

31. पाथेडा - 4

32. रसूलपुर - 4

33. बूचोली महेंद्रगढ़ - 3

34. केशव नगर नारनौल - 3

35. मोहल्ला खडख़ड़ी नारनौल - 3

36. नई मंडी नारनौल - 3

37. नारनौल - 3

38. ढाणा - 3

39. कनीना वार्ड 3 - 3

40. कनीना वार्ड 4 - 3

41. कनीना वार्ड 7 - 3

42. कनीना वार्ड 10 - 3

43. करीरा - 3

44. रामबास कनीना - 3

45. मंडलाना नारनौल - 3

46. अटेली सिटी - 2

47. चंद्रपुरा - 2

48. चौक मोहल्ला महेंद्रगढ़ - 2

49. ढाणी बाठोठा नारनौल - 2

50. धनौंदा - 2

51. दौंगली - 2

52. गनियार - 2

53. गाहडा महेंद्रगढ़ - 2

54. हाउसिंग बोर्ड नारनौल - 2

55. हुड्डा सेक्टर नारनौल - 2

56. कुंजपुरा अटेली - 2

57. मोहल्ला जमालपुर नारनौल - 2

58. मोहलडा अटेली - 3

59. नांगल नूनिया - 2

60. नसीबपुर नारनौल - 2

61. नायन महेंद्रगढ़ - 2

62. नीरपुर नारनौल - 2

63. पुरानी मंडी नारनौल - 2

64. रघुनाथपुरा नारनौल - 2

65. रेलवे रोड नारनौल - 2

66. सागरपुर - 2

67. सैदपुर - 2

68. श्याम कॉलोनी नारनौल - 2

69. तिगरा - 2

70. अगिहार - 2

71. बापडोली नारनौल - 2

72. बॉस किलारोड नारनौल - 2

73. भांखरी - 2

74. चेलावास - 2

75. गुढ़ा - 2

76. कनीना वार्ड 5 - 2

77. मेघनवास - 2

78. मूलोदी - 2

79. जेरपुर महेंद्रगढ़ - 2

80. खेड़ी - 2

81. बाघौत - 2

82. खानपुर नारनौल - 2

83. अटेली - 2

84. कांटी - 2

85. अक्लिमपुर नारनौल - 1

86. आकोदा महेंद्रगढ़ - 1

87. अमृतधरा नारनौल - 1

88. अटेली पुलिस स्टेशन - 1

89. अटेली - 1

90. बजाड़ - 1

91. बलाह कलां नारनौल - 2

92. बेरी - 1

93. बेवल - 1

94. भांखरी - 1

95. भीलवाड़ा-1

96. भोजावास-1

97. मोडी-1

98. भूषण कला-1

99. बोचडिय़ा-2

100. बुढवाल-1

101.सीआईए नारनौल-1

102. चंदपुरा-1

103. छाजूपुरम-1

104. छिलरो-1

105. सिटी थाना नारनौल-1

106. सेंट्रल यूनिवर्सिटी जाट-1

107. डेरोली अहीर-1

108. ढाढोत-1

109. ढाणी बाठोठा-1

110. ढाणी जाजमा-1

111.धनोन्दा-1

112. धरसु-1

113. दौंगडा़ अहीर-2

114.दौंगडा़-1

115. दुबलाना-1

116. डुलाना-1

117.दुलोट जाट-2

118. घड़ी रुथल-1

119.गावड़ी जाट-1

120. जीएच नारनौल-1

121.. घड़ी-1

122.घाटाशेर-1

123. गुजरवास-1

124. गूलावला-1

125. हुडा सेक्टर नारनौल-1

126. अकबरपुर नंगली-1

127. जाट गुवाना-1

128. झांजरियावास-1

129. झगडोली-1

130. कैलाश नगर नारनौल-2

131.जवाहर नगर महेंद्रगढ़-1

132.. कनीना-1

133.कांटी-1

134. कांवी-1

135 कटकई-1

136.खारीवाड़ा-1

137.खरखड़ा-1

138. खातोदड़ा-1

139. खटोटी कला-1

140. खत्रीपुर-1

141. खायरा-1

142. खेड़ी-1

143. खुडाना-1

144. किला रोड नारनौल-1

145.. कोजिंदा-1

146. कोका-2

147. कोरियावास-1

148. कुशला बास-1

149. महावीर चौक नारनौल-1

150. महेंद्रगढ़-3

151. माजरा खुर्द-1

152.मंडाणा-2

153. मनु नगर नारनौल-1

154. मेई-1

155..मेघोत बिंजा-1

156. मोहल्ला चांदूवाड़ा नारनौल-1

157. मोहल्ला बास नारनोल-1

158. मोहल्ला चौधरियन नारनौल-1

159. मोहल्ला फरासखाना नारनौल-1

160.मोहल्ला ईदगाह कॉलोनी नारनौल-1

161. मोहल्ला मिस वाड़ा नारनोल-1

162. मोहल्ला मिया की सराय नारनोल-1

163. मोहल्ला एमपी नगर नारनौल-2

164. मोहल्ला राव का नारनौल-2

165. मोहम्मदपुर-1

166. मोहनपुर-2

167. मोहालडा-1

168. मोखुता-2

169. मोती नगर नारनौल-2

170. निवाज नगर नारनौल-1

171. नईसराय नारनोल-1

172. नांगतिहाड़ी नारनौल-1

173. नंगल हरनाथ-1

174. नांगल  कालिया-1

175. नावदी-2

176. नयागांव नारनौल-1

177 नोलजा-1

178.  नूनी कला-2

179. नूनी शेखपुरा-1

180. पाली-1

181. पालड़ी पनियारा-1

182. पुल बाजार नारनौल-2

183. पाथेड़ा-1

184. पुरानी सराय-1

185. पीडब्ल्यूडी कॉलोनी नारनौल-1

186. राजपुरा-1

187.. रामनगर कॉलोनी नारनौल-2

188.. रामबास-3

189.. रात्ता कला-1

190. रिवासा-1

191.सलामपुर-1

192. एसबीआई बैंक रेवाड़ी रोड नारनौल-1

193. सेका-1

194. शेखपुरा-1

195. शिव कॉलोनी नारनौल-1

196. सिगड़ी-1

197. सुभाष पार्क नारनौल-1

198. सुंदरह-3

199 विजयनगर नारनौल-1

200. आनावास-1

201.बदोपुर-1

202. भडफ़-1

203. बुचावास -1

204.  छितरौली-1

205. ढाणी किरारोद-1

206. गाहडा-1

207. हुडीना-1

208. इसराना-1

209. जैलाफ-1

210. झिंगावन-1

211. जगडोली-1

212. ककराला-1

213. कनीना-1

214. कनीना वार्ड 3-1

215. कनीना वार्ड 10-1

216.कनीना वार्ड 8-1

217.कनीना वार्ड 9-1

218.कनीना वार्ड 1-1

219.कनीना वार्ड 6-1

220.कनीना वार्ड 3-1

221.करीरा-1

222. खरोली-1

223. खरखड़ा बास-1

224. खेड़ा-1

225.तलोट-1

226 नांगल मोहनपुर-1

227 सीहोर-1

228 उन्हाणी-1

229. यादव हॉस्पिटल महिंदरगढ़-1

230. जेरपुर-1

231. बागोत-1

232. डिस्ट्रिक्ट जेल नारनौल-1

233.हुडा सेक्टर नारनौल-2

234. छाजीपुर-1

235. मंडाणा-1

236. मोहल्ला खडख़ड़ी नारनौल-1

237. रामनगर कॉलोनी नारनौल-1

238 माली टीबा नारनौल-1

239.सिद्धार्थनगर नारनौल-1

240. गोद-1

241 मोहल्ला चांदूवाड़ा नारनौल-1

242. तलोट-1

243. फौजदार कॉलोनी नारनौल-2

244. खैराना-1

245. शेखपुरा -1

246. बारडा-1

247. भांडोर-1

248. छापड़ा सलीमपुर-1

249 डोहर खुर्द-1

250. पटीकरा-1

251. दीवान कॉलोनी महेंद्रगढ़-1

252. नांगल चौधरी -1

253. नांगल सोढा-1


बंगाल में 11 लोगों की हुई निर्मम हत्या में शामिल लोगों को फांसी की सजा सुनाई जानी चाहिए
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कनीना। बंगाल में गत दिवस हुई दर्जनभर लोगों की निर्मम हत्या की जिम्मेवार आखिर कौन सत्ता किसी को मिली और वोट किसी के बडे लेकिन उनका कसूर क्या था जिनको मार डाला। उक्त विचार इनेलो की वरिष्ठ नेत्री एवं महिला विंग महेंद्रगढ़ की जिला अध्यक्ष श्रीमती सुदेश ढिल्लो ने व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि टीएमसी सत्ता को पाने के लिए लोगों का खून कराती है। आखिर जो 11 लोग मारे गए उन का जिम्मेदार कौन क्या देश में गुंडाराज आ गया है जो जो चाहे वही करें सुदेश डीलर ने शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि ऐसी सत्ता भी किस काम की जिसको हासिल करने के लिए लहूलुहान होना पड़े। उन्होंने भारत के राष्ट्रपति से मांग कर कहा है कि बंगाल में हत्या करने वाले लोगों को फांसी की सजा होनी चाहिए और जिसने उनको इस काम के लिए प्रेरित किया है उनको भी बख्शा नहीं जाना चाहिए ताकि देश में अमन और चैन से लोग रह सके।



150 वैक्सीन दी गई
-100 सैंपल लिए गए, अधिक से अधिक सैंपल लिए जाने की मांग
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 कनीना। कनीना उप नागरिक अस्पताल में 18 से 44 आयु वर्ग में 150 रजिस्टर्ड युवाओं को कोरोना वैक्सीन दी गई। ये वो ही युवा वर्ग है जिन्होंने अपना रजिस्ट्रेशन खुद करवाया था।
जानकारी देते हुए नागरिक अस्पताल कनीना के एचआई शीशराम ने बताया कि युवा वर्ग आनलाइन रजिस्ट्रेशन करके तथा स्थान स्वयं चुनता है जिसके आधार पर उन्हें कोरोना वैक्सीन दी जा रही है। जो युवा रजिस्टर्ड नहीं है उनको कोई कोरोना वैक्सीन नहीं दी जा रही है।
 100 सैंपल लिए गए -
डाक्टर जितेंद्र मोरवाल ने बताया कि करीब 100 सैंपल बुधवार को लिए गए। प्रतिदिन सैंपल लिए जाते हैं जिनकी संख्या 100 के आस पास होती है। 2 दिनों बाद रिपोर्ट आती है।
अधिक से अधिक सैंपल लिये जाने की मांग- कनीना क्षेत्र के लोगों ने अधिक से अधिक से सैंपल लिये जाने की मांग की है। प्रबुद्ध जनों का कहना है कि जानबूझकर लोग अपना सैंपल नहीं दे रहे जिसके चलते उनमें कोरोना होने की संभावना है और ये दूसरे लोगों में रोग फैला सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि एक बार कस्बा कनीना में सभी का सैंपल हो जाए तो इस रोग पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने अधिक से अधिक सैंपल लिए जाने की प्रशासन से मांग की है।


दस बजे बाद दुकानें हो जाती है बंध
- दोपहर सड़क मार्ग हो जाता है सुनसान
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कनीना। यद्यपि 7 दिन का लाकडाउन है किंतु प्रशासन की ओर से सुबह दस बजे तक दुकान खोले जाने की अनुमति है जिसके चलते दस बजे के बाद सभी दुकानों के स्टरडाउन हो जाते हैं। इनमें बैंक, डाक्टर, मेडिकल स्टोर, बीज की दुकानें, पोस्ट आफिस दूध की दुकानें आदि खुली रहती है। जहां गर्मी के चलते लोग घरों में छुप जाते,इक्का-दुक्का व्यक्ति ही सड़क मार्ग पर घूमता नजर आता है। क्षेत्र के दुकानदारों ने मांग की है कि दुकान खोलने का समय 12 बजे तक का किया जाए ताकि वे अपने सामान को ठीक ढंग से बेच सके। उनका कहना है कि ज्योंही दुकान खोलते हैं सामान को जचाते हैं तब तक दस बज जाते हैं। ऐसे में फिर से कुछ सामान को समेट कर वापिस रखना होता है। उन्होंने कुछ समय अवधि बढ़ाने की मांग की है। उधर कनीना के दुकानदार सुरेश कुमार, महेश कुमार, सुरेंद्र, देवेंद्र आदि ने बताया की दुकानें खोले जाने का समय कम है ऐसे में उनकी दुकानें लंबे समय तक खुलनी चाहिए। उन्होंने कहा विगत वर्ष भी कोरोना के चलते उनकी दुकानें बंद रही थी फिर से वही हालात बन रहे हैं। ऐसे में कुछ और समय अवधि में दुकानें खोले जाने की प्रार्थना की है।


कोरोना संक्रमितों की संख्या पहुंची 115
-चार की मौत हो चुकी है अगियार में
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कनीना। धनौंदा पीएचसी के अधीन आने वाले गांव अगियार में करोना संक्रमितों की संख्या 115 हो गई है लेकिन सुविधाओं का टोटा बना हुआ है ग्रामीण दर-दर की ठोकरें खाने पर विवश हैं।
गांव के सरपंच प्रतिनिधि राज सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि गांव में 115 केस कोरोना संक्रमित के हैं वही अब तक चार लोगों की मौत भी हो चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह के कोरोना से बढ़ते मामले को लेकर गांव परेशान है लेकिन कोई विशेष सुविधा न मिलने के कारण यहां अन्य बाकी बचे लोगों को भारी समस्या झेलनी पड़ रही है। प्रतिनिधि राज सिंह के अलावा अन्य लोगों का भी यह कहना है की कोरोना संक्रमितों की संख्या आए दिन बढ़ोतरी होना विकट समस्या है। लेकिन इस समस्या को डील करने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी सुन रहे है। उनका यह भी कहना है कि इस प्रकार की समस्या को हमने कई बार अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। ग्रामीणों ने उपमंडल अधिकारी कनीना एसडीम दिनेश कुमार से गुहार लगाई है कि यहां पर स्थायीतौर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम रखी जाए ताकि बाकी बचे गांव में अन्य लोग सुरक्षित रह सके। वही एसडीएम कनीना दिनेश कुमार का कहना है कि गांव में कई बार दौरा किया है और अब यह समस्या उनके सामने आई है।


पूरी सावधानी बरते, महामारी दूर हो जाएगी-नरेश कौशिक
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कनीना। कोरोना महामारी के बचाव के लिए जहां पूरे उपमंडल में डाक्टर पैरामेडिकल स्टाफ व पुलिसकर्मी अपनी जान की परवाह न करते हुए लोगों की सेवा कर रहे हैं वही लोग अब भी सामाजिक दूरी बनाने में लापरवाही कर रहे हैं। सेहलंग स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर टीकाकरण हुआ जिसमें 18 साल से ऊपर के लोगों के लिए 70 व 40 साल से ऊपर के लोगों के लिए 110 वैक्सीन लगाई गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेहलंग की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा प्रभा यादव ने बताया कि वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन हेल्पलाइन दी हुई है तथा ऐप आधारित पंजीकरण के बाद ही वैक्सीन लगाई जाएगी जिसमें अनेक लोग अभी बिना पंजीकरण के स्वास्थ्य केंद्र पर आ रहे हैं तथा इससे कोरोना संक्रमण की फैलने की संभावना बढ़ सकती है। वरिष्ठ प्रवक्ता नरेश कुमार कौशिक ने खुद को वैक्सीन लगवाई तथा लोगों से अपील की कि वे आरोग्य सेतु ऐप व कोविन ऐप पंजीकरण के बाद ही चिकित्सा केंद्रों पर जाएं वह 2 गज की दूरी तथा मास्क लगाकर अपनी बारी का इंतजार करें क्योंकि कोरोना संक्रमण का बढ़ता विकराल रूप हमारे लिए और बड़ी समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिए इस समस्या का सही समाधान कोरोना गाइडलाइन को अनुसरण कर निकाला जा सकता है। इस अवसर पर डा नंदिनी शर्मा एएनएम आशा देवी, एएनएम नैना देवी तथा डाटा एंट्री ऑपरेटर प्रविंद्र सिंह भी मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 5: सेहलंग सीएचसी पर नरेश प्रवक्ता कोरोना वैक्सीन लेते हुए।



रसूलपुर में किया गया गिलोय ओर विटामिन-सी की टैब्लेट का वितरण
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कनीना। करोनो की इस महामारी में ग्रामीणों की  रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिये ओर इसका प्रकोप कम करने के लिये गांव के जागरूक युवाओं द्वारा विटामिन -सी तथा गिलोय का घर-घर जाकर वितरण किया । रसूलपुर जागरूक मंच  तथा आर्य समाज रसूलपुर का इसमें विशेष योगदान रहा।
आर्य समाज रसूलपुर के अध्यक्ष सतीश आर्य  ने बताया कि यह कार्यक्रम अभी आगामी दिनों तक चलाया जाएगा। जिससे हर ग्रामीण को टेबलेट मिल सके।  इस मौके पर धर्मपाल आर्य , राजकुमार , अजीत राव , देवेंद्र यादव , मनजीत , अजीत मनोज निम्भल ,सोनू संदेश आदि युवाओं ने वितरण करने बड़ चढ़ कर हिस्सा लिया।
फोटो कैप्शन 4: विटमिन एवं गिलोय की टेबलेट बांटते हुए।









बारिश का पानी निकासी प्रबंध पूरे नहीं
-लचर सीवर व्यवस्था से बढ़ सकता का जोहड़ों का पानी
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कनीना। कनीना में बारिश का पानी निकालने के लिए अभी तक बेहतर प्रबंध नहीं हैं। जब कभी बारिश आती है तो कनीना के कालरवाली तथा होलीवाला जोहड़ पानी से भर जाते हैं और पास के घरों में गंदा पानी घुस जाता है।  बारिश में कनीना का रखवाला ऊपरवाला है। सीवर व्यवस्था डगमगा चुकी है।
  कनीना कस्बा के सभी घरों का प्रमुख रूप से दो जोहड़ों कालरवाली एवं होलीवाला में इक_ा होता है। इन जोहड़ों की हालात यह है कि बिन बारिश के ही भरे रहते है। जब मानसून की बारिश होती है तो पानी किनारों को तोड़कर आस पास घरों में घुस जाता है। दोनों ही जोहड़ों ने जहां दर्जनों हरे पौधों को लील लिया है वहीं कालरवाली जोहड़ ने तो एक वर्ष कनीना-रेवाड़ी मार्ग को जर्जर कर डाला था। भारी क्षति पहुंचाई थी।  कालरवाली जोहड़ में अब तक एक व्यक्ति की अंधेरे में गिरकर मौत हो चुकी है वहीं अंधेरे में काई बड़ा नुकसान होने का अंदेशा बना रहता है।
   इन जोहड़ों का पानी निकासी के लिए एक नाला बनाकर रणास नामक बेणी में गंदे पानी को ट्रीट करके कृषि योग्य जल बनाने के प्लांट भी बनाया गया किंतु अधूरा पड़ा होने से गंदा पानी वहां तक नहीं पहुंच पा रहा है।  
  यदि कनीना का सीवर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट शुरू हो जाता है तो एक ओर जहां कनीना के जोहड़ भारी बारिश में भी कनीना को नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे वहीं ट्रीटमेंट प्लांट का जल कृषि कार्यों के काम भी आ सकेगा। उधर कनीना पालिका प्रधान सतीश जेलदार का कहना है कि कनीना में सीवरेज व्यवस्था खराब पड़ी है। कई जगह गंदा जल रिसाव हो रहा है वहीं सैकड़ों अवैध कनेक्षन गंदा जन सीवरेज में बढ़ा रहे हैं। सीवरेज का गंदा जल उचित तरीके से न निकल पाने से भविष्य में बहुत बड़ी समस्या बन सकता है। 

Tuesday, May 4, 2021

 पूर्व डिप्टी स्पीकर संतोष यादव को बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष बनाने पर कस्बे में खुशी की  लहर
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संवाद सहयोगी कनीना। कनीना। पूर्व डिप्टी स्पीकर संतोष यादव को बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए जाने पर कस्बे में खुशी की लहर है। पूर्व मार्केट कमेटी चेयरमैन राजकुमार कानीनवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व डिप्टी स्पीकर वह पूर्व एमएलए अटेली विधानसभा संतोष यादव बीजेपी के प्रधान नेतृत्व में प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। जिससे सभी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। पूर्व मार्केट कमेटी चेयरमैन राजकुमार कानीनवाल ने बताया कि संतोष यादव जब अटेली विधानसभा क्षेत्र से विधायक थी तो उन्होंने अटेली विधानसभा को बहुत सारे प्रोजेक्ट दिए।


आपातकाल के समय जेल काटकर आये थे हरि राम मित्तल
लोकतंत्रता सेनानी हरिराम मित्तल का कोरोना की वजह से निधन
कनीना, गाहड़ा, बाघोत में भी कोरोना के संक्रमण से हुईं तीन मौत
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 कनीना। भारतीय जनता पार्टी कनीना मंडल के कोषाध्यक्ष व लोकतंत्रता सेनानी और भारतीय जनता पार्टी में विभिन्न पदों पर रहें सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले हरिराम मितल का मंगलवार को कोरोना के कारण मौत हो गई। तकरीबन 4 दिन पहले हरिराम मित्तल बीमार हुए थे उसके बाद परिजनों से एक निजी अस्पताल में लेकर गए वहां से चिकित्सकों ने उन्हें रोहतक रेफर कर दिया।  हरिराम मित्तल रोहतक अस्पताल में भर्ती थे। कस्बे में रह रहे हरिराम मितल लोकतंत्र के प्रहरियों में से एक थे। जिन्होंने 6 दिसंबर 1975 को सत्याग्रह किया, जिसका परिणाम भुगतते हुए उन्होंने उन्हें जेल की सजा मिली। छह अप्रैल 1956 चेलावास में मामचंद और शांति देवी के यहां पैदा हुई संतान लोकतंत्र के सजग प्रहरी बनकर उभरी।
 उन दिनों जब इंदिरा गांधी पूर्व प्रधानमंत्री ने 24 जून 1975 की रात को आपात काल घोषित कर दिया था। आपातकाल के विरोध में नारनौल में सात जनों ने सत्याग्रह की राह अपनाया जिनमें  सत्यप्रकाश गुरुग्राम, मौजी राम, लक्ष्मीनारायण, रामनिवास तथा हरिराम मित्तल एवं दो अन्य साथियों ने नारनौल के आजाद चौक से जुलूस शुरू किया और बाजार से होते हुए कचहरी तक आंदोलन किया था। उनके इस कृत्य से रुष्ट होकर उन्हें बंदी बना लिया। उस वक्त सरकार के विरुद्ध किसी भी प्रकार की बोलने की आजादी नहीं थी, पत्रकारिता पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। जायज बातों पर भी सेंसरशिप लगी हुई थी, पब्लिक के साथ अन्याय किया जाता था, जबरन नसबंदी की की जा रही थी चाहे 15 साल का हो या 85 वर्ष का, बसों में सवार हो या ट्रेनों में सवार और सभी को पकड़कर नसबंदी कर दी जाती थी। नसबंदी करने वाले डॉक्टरों के लिए इनाम की घोषणा भी कर रखा था। जबरन नसबंदी के परिणाम स्वरूप लोगों में भारी रोष पनपा। यदि कोई खुलकर बोलता तो पुलिस पकड़ कर ले जाती उसे मीसा या डीआईआर लगा देती। मीसा लगने पर न्यायालय में भी नहीं जा सकते थे। डीआईआर लगने पर सुनवाई न्यायालय में बड़ी मुश्किल से हो पाती थी। बिना बात नेताओं के अंदर कर दिया गया। इंदिरा गांधी को इलाहाबाद कोर्ट हरा दिया गया, उनका चुनाव अवैध घोषित हो चुका था। उस समय कनीना में आरएसएस शाखा के सदस्य के रूप में शिव कुमार अग्रवाल आदि को भी पकड़ लिया गया और उन्हें जेलों में बंद कर दिया गया। 6 जनवरी 1976 को जमानत मिल गई थीं। हरिराम मित्तल के बेटे राहुल मित्तल बताते हैं कि उनके पिता ने उन्हें बताया था कि उस वक्त उनकी उम्र महज 19 वर्ष की थी। शादी नहीं हुई थी किंतु उनकी दादी मनभावती गुजर चुकी थी वहीं उनकी मंझली बहन की 19 जनवरी 1976 को शादी होनी थी। ऐसे में जब वे जेल में थे तो घर परिवार बेहद परेशान रहा। आखिरकार 1977 तक केस चलता रहा और 21 मार्च 1977 को आपात काल खत्म कर दिया गया केस वापस ले लिए गए। उनका केस भी खत्म हो गया। जेल के वक्त उस वक्त उनका सारा परिवार दुखी था। वे दो भाई और पांच बहने परिवार के सदस्य थे। इस वक्त भी उनकी मां शांति देवी(87) जीवित है वह भी उन दिनों को याद करके सिहर उठती है परंतु आखिरकार उनकी वर्तमान सरकार ने सुनी।  26 जनवरी 2016 को नारनौल में ताम्रपत्र लेकर उन्हें पुरस्कृत किया उस समय विक्रम सिंह मंत्री भी हाजिर थे। दो अक्टूबर 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने उन्हें बसों में सफर करने के लिए बस पास प्रदान किया। प्रथम नवंबर 2017 को दस हजार रुपये प्रति माह पेंशन घोषित की और उसी दिन से लागू रही।  राहुल मित्तल बताते हैं कि उनके पिता जब नारनौल जेल में गए तब 17 लोग उनके साथ गए थे। जिनमें से कुछ रेवाड़ी के भी थे। उन दिनों दर्पण नामक अखबार चोरी-छिपे छपता था, चोरी छिपे ही बांटा जाता था, वे बड़ी लगन से उसे पढ़ते थे जिसमें लिखा होता था कि प्रजा अगर अन्यायी हो तो राजा दंड देता है लेकिन राजा अगर अन्यायी हो तो उसे कौन दंड देगा? महज धर्म की रक्षा पब्लिक करती है। धर्म की रक्षा करते हुए वे 65 वर्ष की उम्र में कोराना से संक्रमित होने के कारण उनकी मौत हो गई। वर्तमान में उनकी पत्नी ललिता देवी, उनकी दो लड़कियां और दो लड़के हैं लड़कियों की शादी हो चुकी है तथा एक लड़का अभी भी कुंवारा है। स्वास्थ विभाग की टीम ने उनका कोविड-19 की गाइड लाइन के अनुरूप अंतिम संस्कार कर दिया।


वहीं दूसरी तरफ बाघोत गांव की 24 वर्षीय
महिला मीनाक्षी की कोरोना की वजह से मौत हो गई। मीनाक्षी को बीपी की शिकायत थी जिसकी वजह से उसे नारनौल अस्पताल में भर्ती करवाया। मंगलवार को उसकी मौत हो गई। मीनाक्षी के एक 7 वर्ष की लड़की है वह 4 महीने पहले ही उसके एक लड़का हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुसार उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
वहीं दूसरी तरफ गाहडा गांव के बसंत लाल शर्मा का रेवाड़ी में कोरोना की वजह से देहांत हो गया। बसंत लाल 4 दिन पहले बीमार हुए थे परिजनों से रेवाड़ी सामान्य अस्पताल में लेकर गए जहां पर लगातार चार दिन उनका इलाज चला सोमवार को उनकी मौत हो गई। जहां स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने कोविड 19 की गाइडलाइन के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया।



दोगडा अहीर को किया सैनिटाइंज
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 कनीना। सोमवार को दौंगड़ा अहीर गांव में करोना बीमारी से 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद लोगों में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ गांव दौंगड़ा अहीर के युवाओं ने कोरोना वाइरस से बचाव के लिए सेन्टाइज करते हेतु गांव की गलियों में छिड़काव किया तथा करोना बीमारी से मरने वाले व्यक्ति के मोहल्ले को पूरी तरह से सैनिटाइज किया। युवा शक्ति संघ के प्रधान दिनेश कुमार तथा गजेंद्र की देखरेख में गांव के मुख्य रास्तों,गलियों एवं सार्वजनिक स्थलों पर दवा का छिड़काव किया। इस दौरान संघ के सचिव इंजीनियर अशोक कुमार यादव ने बताया कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने को बिना काम से घरों से बाहर न निकलना,सार्वजनिक स्थानों तथा दुकानों पर इक_े न होना,ताश ना खेलना के बारे में भी प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि बचाव ही इस बीमारी का एकमात्र उपाय है। उन्होंने सभी ग्रामीणों से निवेदन किया कि प्रदेश के लोक डाउन के महत्व को समझते हुए अपने घरों से बाहर निकलने से बचे।
वहीं शेर सिंह प्रधान ने बताया की इस घातक वायरस से एकमात्र उपाय बस स्वच्छता एवम सामाजिक दूरी बनाकर घर पर ही रहना है। अब जब अपने ही गांव में इस बीमारी से मौत हो गई है तथा आस-पास के गांवों में इस रोग के संदिग्ध मरीज मिल रहे हैं, तो गांव के युवाओं ने घरों से बाहर निकलने का खतरा मोल लेते हुए,समाजसेवा और गांव के प्रति अपने उत्तरदायित्व का निर्वाह करते हुए सेनीटाइज किया। सेनीटाइज करने से वायरस के साथ-साथ अनेक दूसरी बीमारियों का खतरा भी दूर होगा। गांव के बुजुर्ग व मौजिज लोगों ने युवाओं के इस कार्य की भरपूर सराहना कर उनको आशीर्वाद दे कहा की युवाओं के हाथ में गांव का उज्ज्वल भविष्य है और वे अपने कर्तव्य और कार्यों के प्रति भली-भांति जागरूक हैं। गांव में सैनिटाइजेशन के कार्य के दौरान इंजीनियर अशोक यादव के अलावा "युवा शक्ति संघ"से दिनेश,शेर सिंह प्रधान ,सोनू उर्फ सतीश ,नरवीर, सुनिल, गजेंद्र ,पुनीत आदि अनेक युवाओं ने ट्रैक्टर का उपयोग कर गांव की गलियों को सेनीटाइज किया। फोटो साथ है


कड़ी धूप में भी बंदरों की करनी होती है सुरक्षा
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,कनीना। कनीना कस्बे में बंदरों की समस्या सिर चढ़कर बोल रही है। लंबे अरसे से कनीना में बंदर बेहद परेशान कर रहे हैं। हर घर में हजारों रुपए का नुकसान प्रतिवर्ष कर देते हैं। यदि बागवानी, फल फूल पौधे लगा लिए जाये तो कुछ ही दिनों में बंदरों द्वारा उखाड़ दिये जाते हैं। कस्बा की सुमंत देवी का कहना है कि वह दिन भर पेड़ पौधों के पास धूप और छांव में बैठी रहती है। क्योंकि बंदर न जाने का उनके फलों को तोड़ जाते हैं। पौधों को क्षत विक्षत कर जाते हैं तथा छोटे पौधों को तो उखाड़ कर रख देते हैं। बंदरों द्वारा काटने, परेशान करने, नुकसान पहुंचाने की घटनाएं आम हो गई है। एक बार कनीना नगर पालिका ने कुछ बंदर पकड़वा कर छुड़वाए थे और अब फिर से उन्हें दूर छुड़वाने की मांग उठ रही है।


घरों में रहे, बाहर न घूमे
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 कनीना। कनीना उप नागरिक अस्पताल के डा जितेंद्र मोरवाल कहा है कि गर्मी बढ़ती जा रही है तथा कोरोना भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे में लोगों को घरों में रहना चाहिए। ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लेना चाहिए तथा घर से बाहर नंगे हाथ पैर कभी नहीं घूमना चाहिए। वैसे भी कोरोना की वजह से घर से बाहर निकलना उचित नहीं है। ऐसे में उन्होंने हिदायत दी है कि लोगों को घर में आराम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अक्सर गर्मी के दिनों में डिहाइड्रेशन हो जाता है शरीर से पानी की कमी हो जाती है और समस्या बढ़ जाती है उधर बाहर घूमने से कोरोना की मार पड़ रही है। ऐसे में शांत होकर घर में आराम करें।



लोकडाउन का उल्लंघन करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा- एसडीएम दिनेश कुमार
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कनीना। कोरोना महामारी को लेकर लगे लाकडाउन में अगर कोई भी सरकार द्वारा बनाए गए नियम का पालन नहीं करता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ये विचार कनीना के एसडीएम दिनेश कुमार ने सोमवार को कनीना कार्यालय में अपने अधीन आने वाले कर्मचारियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।इस अवसर पर उन्होंने बैठक में आए कर्मचारियों को कहां की सरकार द्वारा एक सप्ताह का पूण लोकडाउन लगा दिया गया है जिसमें जो नियम बनाये हैं उनके अनुसार ही लोगों से कार्य कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर लोग डाउन में कोई सरकार द्वारा बनाए गए नियमों को तोड़ता है तो उसके खिलाफ सख्ती से निपटा जाए ताकि कोरोना महामारी को रोका जा सके। वही बैठक में आए अधिकारी व कर्मचारियों ने  उप मंडल अधिकारी को आश्वासन दिया कि सरकार की गाइडलाइन का पालन कराना हमारी ड्यूटी है जिसको हम बखूबी निभाएंगे और लोगों को लाकडाउन के महत्व के बारे में भी समझाएंगे। इस अवसर पर अधीक्षक सुरेंद्र कुमार, रीडर आनंदपाल, बाबू वीरेंद्र सिंह, मनीष कुमार, रितु उमेद जाखड़ पटवारी, अनूप पटवारी के अलावा अन्य लोग उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 1: कर्मचारियों की बैठक लेते हुए एसडीएम दिनेश कुमार।




मंडी से उठान हुआ पूर्ण
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 कनीना ।कनीना अनाज मंडी में इस वर्ष की खरीद पूर्ण हुई। गेहूं की खरीद 212495 बैग की, की गई है।जिनका उठान कार्य भी पूर्ण हो गया है।
 विस्तृत जानकारी देते हुए हैफेड मैनेजर सतेंद्र यादव ने बताया कि अभी तक उठान चल रहा था, वह भी पूर्ण हो चुका है। इस समय आन रिकार्ड किसी भी बैग उठाना बाकी नहीं है। विगत वर्ष की तुलना में इस बार अच्छी खरीद हो पाई है। पिछले वर्ष का खरीद में रिकार्ड टूट चुका है।

 



कड़ी मेहनत को सलाम--
प्रतिदिन 200 मरीजों की पर्ची बनाकर दवाई देने आदि का काम करते हैं फार्मेसी अधिकारी सतेंद्र
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 कनीना। कनीना के उप-नागरिक अस्पताल में सतेंद्र यादव फार्मेसी अधिकारी बेशक कनीना में 1 जनवरी 2020 से कार्यरत है किंतु उनकी तैनाती देखकर लगता है कि एक नहीं तीन कर्मियों का काम करते हैं। प्रतिदिन 150 से 200 मरीजों की पर्चियां बनाना, तत्पश्चात उनको दवा देना, 25 से 30 इंजेक्शन लगाना सब उनकी जिम्मेवारी होती है। कभी सर्दी, जुकाम, खांसी के मरीज आते हैं उनको भी दवा देनी पड़ती है किंतु बाद में पता चलता है कि वे तो कोरोना संक्रमित था। ऐसे में उच्च रिस्क जोन में कार्य करना पड़ता है परंतु वे हंसते मुस्कुराते मरीजों को संतुष्टि देने की कोशिश करते हैं ताकि उनके काम से प्रभावित होकर मरीज जल्दी रोग से दूर हो जाए।
सतेंद्र यादव बताते हैं कि अभी तक वे सभी ऐतिहात बतौर सावधानी बरतते हैं, नियमों का पालन करते हैं और अभी तक कोरोना संक्रमित नहीं हुई है। वे मरीजों को विशेषकर खांसी जुकाम सर्दी वालों  से अपील करते हैं कि जब भी अस्पताल आए तो हाथों को सेनिटाइज करके मुंह पर मास्क लगाकर, 2 गज की दूरी बनाकर रखें ताकि किसी प्रकार की समस्या पास वाले व्यक्ति को या चिकित्सा अधिकारी को न झेलनी पड़े।
उन्होंने एक भेंटवार्ता में कहा कि यह मजबूरी है कि हर मरीज को पर्ची बनाकर देनी पड़ती है, हर मरीज को डाक्टर द्वारा बताए अनुसार दवाई देनी पड़ती है परंतु वे खुश हैं कि उनके हाथों से मरीज रोग से दूर हो जाते हैं। इस प्रकार एक नहीं तीन कर्मियों का काम करने वाले सतेंद्र यादव प्रभु को का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने जो भी काम दिया गया है उसे सदा यूं ही बखूबी से निभाते रहे। फोटो कैप्शन: सतेंद्र यादव।






बेहद नुकसानदायक हैं बाजार में कार्बाइड से पके हुए आम








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कनीना। कनीना क्षेत्र में आम की बिक्री तेजी से चल रही है। ये देखने में तो बहुत मधुर और पके हुए लगते हैं लेकिन यदि हकीकत में जाए जाए तो कार्बाइड से पकाकर बेचे जा रहे हैं। ये जल्दी खराब हो जाते हैं और स्वास्थ्य पर दूरगामी नुकसान पहुंचाते हैं।
   कैल्शियम कार्बाइड से पके हुए आम दिमाग, स्नायुतंत्र एवं फेफड़ों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं और इसी विधि से केला, आम, पपीता, तरबूज आदि को फल पकाए जा रहे हैं ताकि उनकी मांग बढ़ सके। फल खाने से लीवर को नुकसान पहुंचता है वही पोषक तत्व भी कम हो जाते हैं।
बालकिशन वैद्य का कहना है कि कार्बाइड से पके हुए आम लीवर को बेहद नुकसान पहुंचा सकते हैं जिसके परिणाम स्वरूप भविष्य में शारीरिक समस्या उत्पन्न हो सकती है।  डा वेद प्रकाश कनीना ने बताया कि ये फल स्नायु तंत्र खराब हो जाएंगे, फेफड़े आदि काम करना बंद कर देंगे। उन्होंने इन फलों से बचने की सलाह दी
 पूर्व कृषि वैज्ञानिक डा देवराज ने बताया कि आम की पैदावार गंगा के तट के साथ-साथ मैदानी इलाकों में ज्यादा होती है। उत्तर प्रदेश, बिहार आदि क्षेत्रों में भारी मात्रा में आम पैदावार होती है जो दिल्ली से विभिन्न राज्यों में पहुंचाए जाते हैं। दिल्ली में इनको पैक किया जाता है। उन्होंने बताया कि आम कतई नहीं खाने चाहिए क्योंकि ये नुकसानदायक होते हैं।
   बाजार में कैल्सियम कार्बाइड से पकाए गए फल धड़ल्ले बेचे जा रहे हैं। अनजाने में लोग भी इन्हें बड़े चाव से खा रहे हैं।
कार्बाइड से पके आम में विटामिन की मात्रा कम हो जाती है। कैल्सियम कार्बाइड एक रसायनिक पदार्थ है, जो फलों की नमी पानी से क्रिया करके इथाइल गैस बनाता है। इससे गर्मी उत्पन्न होने से समय से पहले फल पक जाता है। यह गैस फलों के माध्यम से लोगों के शरीर में प्रवेश कर जाती है। इससे कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं।
 कार्बाइडसे पके फलों के सेवन से दुष्प्रभाव तत्काल हो, लेकिन लगातार सेवन करने से पेट में छाले होने के साथ लीवर गुर्दे पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कार्बाइड केमिकल जहर की श्रेणी में आता है। ये फल ऊपर से पके अंदर से कच्चे होते हैं। इनका रंग भी प्राकृतिक रूप से पके फलों की अपेक्षा तेज होता है। फलों को हाथ में लेकर तेज रंगों को देखकर इनकी पहचान की जा सकती है। अगर आम में एल्कोहल, कार्बाइड या किसी अन्य तरह की महक आती है ऐसे आम न खरीदें। ये ज्यादा पके और अंदर से खराब हो सकते हैं।
फोटो 2 व 3: कार्बाइड से पके आम।

Monday, May 3, 2021

 कोरोना महामारी ने आज एक और अगियार की महिला को बनाया मौत का शिकार
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कनीना। कोरोना महामारी ने गांव अगियार में एक और जान को कल का ग्रास बना लिया। मिली जानकारी के अनुसार गांव अगियार की एक महिला जो 2 दिन पहले हल्के बुखार से पीडि़त हुई थी वहीं परिजनों ने बिना देरी किए उसे महेंद्रगढ़ के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया जिसमें 2 दिन भर्ती रखने के बाद भी कोई आराम नहीं मिला तो उसको परिजनों जीएच नारनौल में भर्ती कराया जहां बड़ी मुश्किल से उसको भर्ती किया गया और सोमवार सुबह तीन बजे उसने अंतिम सांस ले दम तोड़ दिया।
परिजनों ने बताया कि 51 वर्षीय महिला अपने पीछे छोटे-छोटे बच्चों व पति को छोड़कर चली गई जिसको लेकर गांव अगियार में शोक की लहर दौड़ गई। वही कोरोना गाइडलाइन के अनुसार उनका दाह संस्कार कर दिया गया। यहां गौरतलब है कि कनीना खंड के गांव अगियार में कोरोना से यह तीसरी मौत है जिसके कारण गांव में भय व्याप्त है। वही सीएचसी सेहलंग की प्रभारी डा प्रभा यादव से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह बीमारी भयानक रूप धारण कर रही है जिसको लेकर उन्होंने लोगों से अपील करते हुये कहा कि सरकार द्वारा पूर्णता लगाए गए लोकडाउन में अपने घर में रहे और सुरक्षित रहे तभी जाकर इस महामारी पर काबू पाया जा सकता है।
फोटो कैप्शन 6: अगियार में महिला का कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुये अंतिम संस्कार करते हुए।



कोरोना संक्रमित घटने का नहीं ले रहे नाम
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 कनीना। कनीना क्षेत्र में 19 संक्रमित पाए गए। जिनमें ढ़ाणा-2,कलवाड़ी-1 गोमला-एक, कोटिया-4 तथा कनीना 11 केस कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।
 डा जितेंद्र मोरवाल का कहना है कि जब तक लोग ऐतिहात के नियमों का पालन नहीं करेंगे तब तक यह समस्या आम रहेगी। उन्होंने कहा कि कोरोना घटाने के लिए हम सभी का सहयोग जरूरी है। मुंह पर मास्क तथा हाथों को सेनिटाइज करें, 2 गज की दूरी बनाए तो निसंदेह इस रोग से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस रोग से बचने का के लिए ठंडी चीजों को खाने पीने से बचे, साफ-सफाई का ध्यान रखें जिससे इस रोग से छुटकारा मिल सकता है। लाकडाउन में घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए, हो सके घर में भी मास्क पहन कर रखें।
100 सैंपल लिये गये-कनीना उप नागरिक अस्पताल से कोरोना जांच के लिए 100 सैंपल लिये गये। सैंपल लेने का काम प्रतिदिन जारी है। डा जितेंद्र मोरवाल ने बताया कि सैंपल रिपोर्ट आने में दो दिनों का समय लग जाता है।


लोकडाउन का उल्लंघन करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा- एसडीएम दिनेश कुमार
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,कनीना। कोरोना महामारी को लेकर लगे लाकडाउन में अगर कोई भी सरकार द्वारा बनाए गए नियम का पालन नहीं करता है तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ये विचार कनीना के एसडीएम दिनेश कुमार ने सोमवार को कनीना कार्यालय में अपने अधीन आने वाले कर्मचारियों को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।इस अवसर पर उन्होंने बैठक में आए कर्मचारियों को कहां की सरकार द्वारा एक सप्ताह का पूण लोकडाउन लगा दिया गया है जिसमें जो नियम बनाये हैं उनके अनुसार ही लोगों से कार्य कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर लोग डाउन में कोई सरकार द्वारा बनाए गए नियमों को तोड़ता है तो उसके खिलाफ सख्ती से निपटा जाए ताकि कोरोना महामारी को रोका जा सके। वही बैठक में आए अधिकारी व कर्मचारियों ने  उप मंडल अधिकारी को आश्वासन दिया कि सरकार की गाइडलाइन का पालन कराना हमारी ड्यूटी है जिसको हम बखूबी निभाएंगे और लोगों को लाकडाउन के महत्व के बारे में भी समझाएंगे। इस अवसर पर अधीक्षक सुरेंद्र कुमार, रीडर आनंदपाल, बाबू वीरेंद्र सिंह, मनीष कुमार, रितु उमेद जाखड़ पटवारी, अनूप पटवारी के अलावा अन्य लोग उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 6: कर्मचारियों की बैठक लेते हुए एसडीएम दिनेश कुमार।


200 कोरोनारोधी टीके  लगाये
-रजिस्टर्ड युवाओं को ही दिये गये टीके
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 कनीना। कनीना उप-नागरिक अस्पताल में 18 से 44 आयु वर्ग के युवाओं ने कोरोनारोधी टीके लगवाने के लिए आनलाइन रजिस्ट्रेशन किया था जिनको सोमवार के दिन टीके लगाए गए।
 कंप्यूटर संचालक पवन कुमार ने बताया कि दिन भर में सभी रजिस्टर्ड युवाओं को टीके दिए गए हैं। 500 डोज टीके के रूप में आये हुए हैं। आनलाइन रजिस्ट्रेशन स्वयं करना पड़ता है तथा उनको शेड्यूल भी मिलता है। समय और अस्पताल निर्धारित होता है। केवल उन्हीं युवाओं को ही टीके दिए गए हैं, बाकी वैक्सीन नहीं होने से मायूसी छाई हुई है। उल्लेखनीय है कि एक मई से टीके लगाए जाने थे किंतु वैक्सीन ने आने से टीके नहीं लग पाए। आप उनको टीके दिए गए है।  
वैक्सीन का अभाव-
  कनीना उप नागरिक अस्पताल के तहत दूसरी डोज लेने के लिए लोग परेशान घूमते देखे गये। वैक्सीन के अभाव में दूसरे अस्पतालों से संपर्क करते देखे गये।
फोटो कैप्शन 4: टीके लगाने की कार्रवाई करते कंप्यूटर संचालक पवन कुमार। जा



इनकी मेहनत को सलाम
 एकमात्र लैब तकनीशियन प्रमोद कुमार निभा रहे हैं भूमिका
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 कनीना। कनीना के उप नागरिक अस्पताल में प्रमोद कुमार एलटी(लैब तकनीशियन) एकमात्र होते हुए भी उप नागरिक अस्पताल में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। प्रतिदिन 30 से 150 तक विभिन्न टेस्ट किए जाते हैं। जब ओपीडी का समय प्रात: आठ बजे से प्रात 11 बजे तक किया गया तब से कुछ टेस्ट करवाने वाले कम आ रहे हैं।
प्रमोद कुमार रक्त से संबंधित, हिमोग्लोबिन ईएसआर, टीएलसी, डीएलसी, मलेरिया स्लाइड, कार्ड रैपिड, विडाल टेस्ट, हेपेटाइटिस, वीडीआरएल, यूरीन, एल्बुमिन, शुगर, स्टूल,  ब्लड ग्रुप, डेंगू आदि के टेस्ट किए जाते हैं। प्रमोद कुमार ने बताया कि उन्होंने कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल नारनौल तक पहुंचाने का काम भी किया था जिसके चलते वे कोरोना संक्रमित हो गये थे। वे इस अस्पताल में अप्रैल 2018 से कार्यरत हैं। प्रमोद कुमार अप्रैल 2020 से अक्टूबर 2020 तक नारनौल सैंपल तक पहुंचाने का कार्य किया जिसके चलते कोरोना संक्रमित होना पड़ा था।
प्रमोद भारी रिस्क झेलते आए हैं तथा कई अन्य कार्य भी समय-समय पर करते रहे हैं।
एक अप्रैल 2020 से एकमात्र एलटी बतौर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न जांच करते वक्त भी उन्हें रिस्क से गुजरना पड़ता है। ऐसे में कोविड़-19 के विभिन्न नियमों का पालन करना होता है। जरा सी भी चूक समस्या बन सकती है। उन्होंने सभी जांच करवाने वालों को कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए सुबह 11 बजे तक आने की अपील की है। समय के बाद आने पर परेशानी होती है। उन्होंने कोरोना से न घबराने तथा डरने की अपील की है।
फोटो कैप्शन : प्रमोद कुमार।




 लाकडाउन के प्रथम दिन सभी दुकानें रही बंद
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 कनीना। लोकडाउन के प्रथम दिन जहां कनीना बस स्टैंड,अनाज मंडी तथा अन्य स्थानों की दुकानें लगभग बंद रही। एक ओर जहां सरकार के आदेश अनुसार कोई दुकान नहीं खुली। कनीना बस स्टैंड पर बीज की दुकानें तथा आवश्यक सेवाएं जैसे मेडिकल स्टोर, डाक्टर आदि की दुकानें ही खुली देखी गई। दूसरी ओर कनीना उद्घोषणा करवा दी है कि लोक डाउन लगा हुआ है कोई दुकान नहीं खोलेगा वरना चालान काट दिया जाएगा। पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने बताया कि सरकार की हिदायतों का सख्ती से पालन किया जाएगा। सरकार जो भी आदेश देगी उन सभी का मिलकर पालन करेंगे तभी इस कोरोना को भगा पाएंगे। बहरहाल आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी दुकानें बंद रही। पुलिस सड़कों पर गश्त लगाती देखी गई। नियम पालन न करने पर चालान भी काटे।
फोटो कैप्शन 1: कनीना बस स्टैंड पर बंद दुकानें तथा सड़कों पर गश्त लगाती पुलिस।
2: सुनशान पड़ा कनीना मंडी चौक।


लाकडाउन को लेकर के मिली जुली प्रतिक्रिया -कुछ से लेट लगाने की बात कह रहे हैं तो कुछ दुकानें एक निश्चित समय पर खोलने की बात कह रहे हैं
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 कनीना। सरकार ने जहां सोमवार से 7 दिन का लाकडाउन लगा दिया है इसके तहत सभी दुकानें एवं प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। जिसको लेकर क्षेत्र के कुछ लोगों से बात की गई। उन्होंने मिली जुली प्रतिक्रिया व्यक्त की। बहुत से लोग तो लोकडाउन में देरी किये जाने की बात कह रहे हैं। वहीं कुछ एक निश्चत समय तक दुकानें खोलने की अनुमति देने की बात कह रहे हैं।
कनीना के सुमेर सिंह समाजसेवी का कहना है कि लोकडाउन तो लगाया लेकिन देर से लगाया गया है। अब तक काफी नुकसान लोग उठा चुके हैं। यही लाकडाउन अगर एक माह पहले लगा दिया जाता तो इतना नुकसान नहीं होता। लोकडाउन को ले करके उन्होंने दर्द महसूस किया है। उनका कहना है कि देर आए दुरुस्त आए, अब देखना यह है कि देरी से लगाया गया लाकडाउन कितना कारगर होता है।
कनीना के महेश बोहरा ने लोकडाउन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह लोकडाउन और विगत वर्ष के लाकडाउन में अंतर है। इस वर्ष का लाकडाउन में तो कहीं कोई सेनिटाइजर प्रयोग नहीं किया जा रहा है, न सरकारी तौर पर कहीं कोई फोगिंग वगैरह करवाई जा रही है जो कि इस वर्ष ज्यादा घटनाएं घट चुकी है। फिर भी जागरूकता नहीं आई हैं। विगत वर्ष जो लाकडाउन लगा उसमें सभी हिदायतों का पालन किया गया था। इस बार कोई हिदायत पालन नहीं की गई है।
महेंद्र शर्मा का कहना है कि लाकडाउन गलत लगा है। रातों-रात डर के मारे कितने ही मजदूर अपने प्रदेश लौट गए हैं। उन्होंने कहा कि लोकडाउन लगाना चाहिए था तो डेढ़ माह पहले लगाना चाहिए था ताकि नुकसान नहीं होता। उनका कहना है कि अब यहां मजदूर किसी हाल में नहीं रुकेंगे क्योंकि मजदूरों को दिल्ली की घटना याद है। जहां लाकडाउन बढ़ता चला गया। इसी प्रकार हरियाणा में भी लाकडाउन बढऩे की संभावना है।
रविंद्र बंसल कनीना मंडी का कहना है कि लाकडाउन सही लगाया गया, अच्छा कदम है परंतु एक ही कमी है कि लाकडाउन के समय सभी दुकानें बंद करना अनुचित है। कुछ समय के लिए इन्हें दुकान खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए।
फोटो कैप्शन: रविंद्र बंसल, महेश बोहरा, महेंद्र शर्मा, सुमेर सिंह।


कोरोना पाजिटिव छुपा रहे बातों को
-लोग मिल रहे हैं उनसे और कोरोना फैलने की संभावना रही है बढ़
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 कनीना। यद्यपि कोरोना संक्रमित मिलने पर विगत वर्ष सख्त नियम थे किंतु इस बार कोरोना संक्रमित आने पर व्यक्ति बातों को छुपा रहा है जिसके चलते उनके पास अच्छे खासे लोग भी बैठे बात करते रहते हैं जिससे रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। जो जागरूकता की कमी को दर्शा रहा है। कनीना के पार्षद मोहन सिंह, नेता सुमेर सिंह चेयरमैन, महेश बोहरा आदि ने कहा कि यदि कोई  कोरोना संक्रमित आता है परंतु अपने साथियों को बता देना चाहिए कि कोरोना सक्रमित है ताकि लोग पूरी सावधानी के साथ उनसे मिलने के लिए आए। उन्होंने कहा कि यह जागरूकता की कमी का प्रमाण है कि लोग अपनी बातों को जानबूझकर छुपा रहे हैं जिसके चलते कोरोना बढ़ सकता है और जानलेवा हो सकता है। उन्होंने सभी लोगों से अपील की है कि यदि कोई कोरोना संक्रमित पाया जाता है तो उसे अपने सगे एवं साथियों को किसी भी तरीके से सूचना देनी चाहिए कि वह कोरोना संक्रमित है ताकि लोग उसके पास आए तो नियमों का पालन करके आए।


मंडी से उठान हुआ पूर्ण
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 कनीना ।कनीना अनाज मंडी में इस वर्ष की खरीद पूर्ण हुई। गेहूं की खरीद 212495 बैग की, की गई है।जिनका उठान कार्य भी पूर्ण हो गया है।
 विस्तृत जानकारी देते हुए हैफेड मैनेजर सतेंद्र यादव ने बताया कि अभी तक उठान चल रहा था, वह भी पूर्ण हो चुका है। इस समय आन रिकार्ड किसी भी बैग उठाना बाकी नहीं है। विगत वर्ष की तुलना में इस बार अच्छी खरीद हो पाई है। पिछले वर्ष का खरीद में रिकार्ड टूट चुका है।



दुकान में खोले जाने का आदेश पाकर दुकानदारों में खुशी
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 कनीना। जिला उपायुक्त द्वारा दुकान खोले जाने को लेकर कनीना क्षेत्र में दुकानदारों ने प्रसन्नता जाहिर की है। दुकानदार रविंद्र बंसल, ओमप्रकाश लिशानिया, कुलदीप जितेंद्र आदि ने बताया कि सोमवार को पूर्ण रूप से दुकानें बंद रखी गई। पुलिस द्वारा भी दुकानें बंद करवा दी गई किंतु जिला उपायुक्त द्वारा दुकानें खोले जाने का आदेश जारी किया है जिसके चलते राहत की सांस ली है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार उनकी रोटी रोजी भी चल पाएगी और दैनिक जीवन में काम आने वाली वस्तुएं भी उपलब्ध हो पाएगी।


पत्रकारों को कोरोना वारियर्स का दर्जा देकर दिया मंत्री ने सम्











मान
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 कनीना। कनीना प्रेस क्लब ने गृह मंत्री अनिल विज का आभार व्यक्त किया जिसमें उन्होंने पत्रकारों को कोरोना वारियर्स का दर्जा दिया है। उन्होंने कहा कि डाक्टर, मेडिकल स्टाफ की तरह ये भी अग्रिम पंक्ति में काम करते हैं। प्रेस क्लब के अध्यक्ष दीपचंद यादव ने कहा कि अनिल विज द्वारा पत्रकारों के लिए जो सम्मान दिया है वास्तव में सराहनीय है और पत्रकार फ्रंट लाइन में काम करते हैं। ऐसे ऐसे में उन्होंने पूरी प्रेस क्लब की ओर से उनका आभार जताया है।

Sunday, May 2, 2021

 

रोहित सरदाना की कमी को कभी भुलाया नहीं जा सकता प्रेस क्लब कनीना
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कनीना ।वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना की मौत देश के लिए बहुत बड़ी क्षति हुई है जिसको कभी भुलाया नहीं जा सकता। उक्त विचार कनीना प्रेस क्लब के प्रधान दीप चंद यादव ने आज स्थानीय आरएस वाटिका में एक बैठक को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। वही कनीना प्रेस क्लब ने 2 मिनट का मौन धारण कर शोक जताया भगवान से प्रार्थना की कि रोहित सरदाना को अपने चरणों में स्थान दे व उनके पीछे रहे परिवार को आत्म शक्ति प्रदान करें। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रोहित सरदाना का चला जाना देश के लिए तो नुकसान दे है बल्कि देश की मीडिया समाज में भी बहुत बड़ी क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि देश में चाहे किसी भी तरह की आपदा आए प्रदेश की मीडिया सबसे पहले आगे होती है लेकिन इसके लिए केंद्र व प्रदेश सरकार ने आज तक कोई कारगर कदम नहीं उठाया। वही कनीना प्रेस क्लब के सभी सदस्यों ने भारत के प्रधानमंत्री से मांग कर गुहार लगाई है कि देश की मीडिया के लिए भी एक कानून बनना चाहिए जिसमें उन को होने वाले नुकसान की भरपाई केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा हो सके। वह मीडिया के किसी भी साथी के चले जाने के बाद उसके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले ताकि उसके पीछे रहने वाला परिवार सुख और शांति से जीवन जी सके। इस अवसर पर विजय दीक्षित सुनील दीक्षित मनोज कुमार रोहिल्ला इंद्रजीत शर्मा सुशील कर्मवीर सिंह मनीष कुमार ठाकुर जसवंत सिंह के अलावा अन्य साथी भी उपस्थित थे। फोटो कैप्शन प्रेस क्लब कनीना की फोटो साथ है




बस स्टैंड कनीना को सभी सुविधाओं से  सुसज्जित कराया जाएगा ..नवीन कुमार जीएम
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 कनीना । बस स्टैंड कनीना को टीवी लगा कर साफ सुथरा बनाकर चमकाया जाएगा। इस बस स्टैंड में किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी। उक्त विचार हरियाणा रोडवेज नारनौल केजीएम नवीन कुमार ने बस स्टैंड कनीना के निरीक्षण के उपरांत पत्रकार वार्ता में व्यक्त किए ।इस अवसर पर जीएम नवीन कुमार शर्मा ने कहा कि कहा कि आज कनीना के बस अड्डे का निरीक्षण किया है कथा यहां सभी चीजों पर बारीकी से देखा गया है । जिस जिस चीज की यहां कमी है उसके लिए संबंधित विभाग को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि स्टैंड को बने काफी समय हो गया है जिसकी मरम्मत व साफ सफाई का पूरा ध्यान रखा जाएगा ताकि आने वाले समय में कनीना स्टैंड एक सुंदर स्टैंड की तरह नजर आए । उन्होंने रोडवेज के ड्राइवर व कंडक्टरो को भी आदेश दिया की बसों में 50 प्रतिशत ही सवारिया बैठाए तथा साथ में बसों में बैठने वाली सवारियों को मास्क का प्रयोग भी कराएं क्योंकि आज देश में बढ़ती कोरोना महामारी को लेकर हम सब को इस लड़ाई में शामिल होना पड़ेगा। तभी जाकर हम इस बीमारी को हरा सकते हैं ।उन्होंने यह भी बताया कि हमारे चालक व परिचालक सभी कोरोना गाइडलाइन का पालन कर रहे हैं और अपने बसों में बैठने वाली सवारियों को भी कोरोना गाइडलाइन का पालन करवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही कनीना रोडवेज बस स्टैंड में जिन जिन वस्तुओं की कमी है उनको युद्ध स्तर पर पूरा कराया जाएगा और स्टैंड को किसी भी तरह पिछडऩे नहीं दिया जाएगा। वहीं उन्होंने बस स्टैंड इंचार्ज सुधीर यादव को भी बताया कि स्टैंड के अंदर बिना परमिट की बसों का प्रवेश निषेध कर आए तथा अन्य फालतू वाहनों को प्रवेश नहीं करने दिया जाए ताकि रोडवेज बसों को आने जाने में दिक्कत ना हो। वही बस स्टैंड इंचार्ज सुधीर यादव ने भी बताया कि अब जीएम साहब के आदेश का कड़ाई से पालन होगा और कनीना बस स्टैंड पर जल्दी सभी सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी।।                                                                                     
    


गायों की सेवा से मिलता है सुख एसडीएम
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 कनीना। गौ सेवा गोपाल सेवा है इसलिए हमें गौ सेवा अवश्य ही करनी चाहिए।
 गौ सेवा से आत्म शांति तो मिलती ही है साथ में भगवान श्री कृष्ण की गई पूजा होती है। उक्त विचार कनीना उपमंडल अधिकारी दिनेश कुमार ने आज कनीना गौशाला में गौ माताओं को मीठा खिलाने के उपरांत एक भेंटवार्ता में व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि हम सबको मिलकर गौ माताओं की सेवा करनी चाहिए क्योंकि गौ माताओं की सेवा से घर में बरकत व पुण्य मिलता है जिससे घर परिवार के अलावा समाज व देश में भी सुख शांति का आवागमन होता है। उन्होंने बताया कि हमारे वेद और शास्त्रों में गोसेवा को सबसे बड़ी सेवा बताई गई है। इसलिए हमें गौ माताओं की सेवा के लिए अपने घर में आए दिन बनने वाले भोजन में सबसे पहली रोटी गौ माता की निकालनी चाहिए ताकि उस रोटी के माध्यम से गौमाता में बैठे सभी देवताओं को भोग लग सके। जिससे उसके उपरांत अन्य परिजनों को मिलने वाला खाना एक प्रसाद का रूप बन जाता है। उन्होंने कहा कि जब तक देश में गौ माता को नहीं समझा जाएगा तब तक इस देश में सुख शांति का अभाव ही बना रहेगा । उन्होंने बताया कि वह आए दिन जब तक गौ माताओं को मीठा  नहीं खिला लेते तब तक उनको शांति नहीं मिलती है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि हर घर से सुबह खाने में बनने वाली एक रोटी व एक रुपये अवश्य ही गौशाला में दिया जाए ताकि गौ माताओं की सेवा हो सके।।
 फोटो कैप्शन एसडीएम दिनेश कुमार गायों को मीठा खाना खिलाते हुए




क्षेत्र में आए 33 कोरोना संक्रमित
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 कनीना । कनीना क्षेत्र में विगत दिनों से कोरोना के संक्रमित केस बढ़ते ही जा रहे हैं। रविवार को कनीना क्षेत्र में 33 कोरोना संक्रमित पाए गए। जानकारी अनुसार बचीनी 01  ककराला 3 मूंडियाखेड़ा दो कनीना 14 चेलावास एक ढाणा दो गुढा 2 कोटिया 3 सुंदराह 3
 उनहाणी एक कोरोना संक्रमित पाए गए हैं । सभी को होम आइसोलेट कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि असावधानी के चलते विगत दिनों कोरोना संक्रमित बढ़ रहे हैं। डॉ धर्मेंद्र यादव वरिष्ठ चिकित्सक का कहना है कि सावधानी नहीं बरती गई तो कोरोना केस और भी बढ़ सकते हैं ।उन्होंने सभी को मास्क लगाने दूरी बनाए रखने तथा सैनिटाइजर प्रयोग करने की अपील की है।




 *संस्था ने लगाए पक्षियों के लिए सिकोरे*
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संवाद सहयोगी कनीना। सामाजिक संस्था बीइंग ह्यूमन सेवा मंडल द्वारा चलाए गए अभियान परिण्डे लगाओ पक्षी बचाओ अभियान के तहत खंड के गांव गोमली में इक्कीस सिकोरे रखे गए। जिसमें युवाओं ने भी खूब सहयोग किया। संस्था की तरफ से अजय बाली ने बताया कि अब तक संस्था द्वारा इस अभियान के तहत पड़तल, भोजावास , मोडी, सुंदरह विभिन्न गांवों में अब तक 1320 परिंडे लगाए जा चुके हैं । संस्था अध्यक्ष नवीन कौशिक का कहना है कि एक महामारी का समय ऊपर से भयंकर गर्मी में पशु पक्षी पानी के लिए विचलित हैं. ऐसे में इस अभियान को और तेज करते हुए अब शहीद स्मारकों पर भी परिंडे रखने का कार्य शुरू कर दिया है। जिस भी गांव में या स्थान पर परिंडे लगाए जा रहे हैं उस कार्य में कुछ युवाओं को उनमें पानी डालने की जि़म्मेदारी दी गई है। इस कार्य में अजय , नितीश, प्रदीप, हरीश, नीरज कुमार आदि युवा शामिल हैं। फोटो साथ है



 राम तेरी गंगा मैली........
450 कोरोना संक्रमितों को सेवा देने वाले डा विनय हुए कोरोना संक्रमित
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संवाद सहयोगी, कनीना। कनीना क्षेत्र में करीब 450 कोरोना संक्रमित को होमआइसोलेट करने तथा मैनेजमेंट करने में अग्रणी भूमिका निभाने वाले डा विनय मुदगिल स्वयं ही कोरोना संक्रमित हो गए हैं। वे खुद को होम आइसोलेट हो चुके हैं तथा 14 दिन तक ओम आइसोलेट रहेंगे।
 फोन पर उन्होंने बताया कि जी जान से संक्रमितों की सेवा की है ऐसे में स्वयं भी संक्रमित होना स्वाभाविक है। यद्यपि सभी नियमों का पालन किया जाता है फिर भी संक्रमित हो चुके हैं। उधर एसएमओ डा धर्मेंद्र यादव ने भगवान से प्रार्थना की है कि वह जल्द ही कोरोना रिकवरी करके फिर से मरीजों की सेवा में आएंगे।
बहरहाल कभी कभी दूसरे की सेवा करते करते खुद संक्रमित होना पड़ जाता है। जो उनकी मेहनत एवं मरीजों के प्रति कर्मठता को इंगित करता है।
क्षेत्र के गणमान्य जनों ने प्रार्थना की है कि ऐसे कर्मठ को जल्दी से रिकवरी दे ताकि वे फिर से बढ़ रहे संक्रमितों की सेवा कर सके।


इन्हें सलाम
मन मजबूत हो तो निश्चित रूप से जीत होगी- डा निकिता शर्मा
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 कनीना। कनीना के उप- नागरिक अस्पताल में दिसंबर 2019 से सेवा कर रही डा निकिता शर्मा कहने को कनीना में कार्यरत है किंतु विगत वर्ष कनीना उप नागरिक अस्पताल के तहत 36 गांवों में सेवा दी है और प्रत्येक दिन 150- 200 मरीजों की जिनमें कोरोना संक्रमित भी होते थे, गांव गांव जाकर ओपीडी लगाई है। प्रतिदिन 2 गांवों में जाना होता था और उनके साथ एक फार्मेसिस्ट और एक एएनएम होती थी। अब तक है 7-8 माह फ्लू कार्नर में तथा 4 माह के करीब मोबाइल ओपीडी में तैनाती दे चुकी है।
इस वर्ष उनकी तैनाती कोरोना संक्रमित आने वाले मरीजों को होम आइसोलेट करने में लगी हुई है। वे स्वयं विजिट करती है और न केवल स्वयं भी कोविड-19 के नियमों का पालन करती है अपितु जहां विजिट करती है उन संक्रमितों को भी विशेष रूप से कोविड-19 के नियम पालन करने की हिदायत देती है। डा निकिता शर्मा ने बताया कि विगत वर्ष विगत वर्ष 3 मरीज अधिक संक्रमित होने पर उन्हें अस्पताल भेजा गया, यदि ज्यादा हालात बिगड़ते हैं तो रोहतक  पीजीआई रेफर किया जाता है। वे खानपान के तरीके समझाती है वही उनका आयुर्वेद में अधिक विश्वास है और उनका मानना है कि आयुर्वेद से अधिक रिकवरी होती है। उन्होंने कहा कि हम जो भी खाने-पीने की वस्तुएं बाहर से लाते हैं उन्हें धूप में डाल देना चाहिए अच्छी प्रकार साफ करना चाहिए तभी प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि खासी जुकाम के लक्षण नजर आए तो घर पर भी मास्क जरूर पहने,  नजदीक अस्पताल पर सैंपल देना चाहिए।
डा निकिता शर्मा इस वर्ष 40 संक्रमितों को हम आइसोलेट कर चुकी है। गांव गांव जाकर लोगों को जागरूक करती है, विशेष रूप से संक्रमित और मरीजों को खाने पीने की जानकारी आदि देती है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी बात मन को जीतना है। मन के जीतने से ही कोविड-19 महामारी से लडऩा संभव हो पाता है, मन मजबूत होना चाहिए,जीत निश्चित होगी। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच रखनी चाहिए, विगत वर्ष भी जहां महामारी पर काबू पा लिया था और इस वर्ष भी जल्दी इस महामारी पर काबू पाकर खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने महामारी में न घबराने की बात कही। घबराने से सारे काम बिगड़ते हैं, महामारी से डरना जरूर चाहिए। उन्होंने बताया कि वे जब किसी संक्रमित के पास जाती तो सभी नियमों का पालन करते हुए जाती है। कोशिश होती है कि किसी वस्तु को न छूये और संक्रमितों को भी वस्तुओं को नहीं छूना चाहिए। दो गज दूरी, मास्क लगाना, सेनिटाइज करना आदि नियमों का भी स्वयं पालन करती है और मरीजों को भी हिदायत देती है।
 फोटो कैप्शन: डा निकिता शर्मा। जागरण


3 दिनों से कोरो





ना वैक्सीन खत्म
- सोमवार को आने की संभावना
-युवा वर्ग नजर आया मायूस
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 कनीना। विगत तीन दिनों से कनीना उप नागरिक अस्पताल में कोरोना वैक्सीन नहीं है।।लोग नागरिक अस्पताल के चक्कर लगाकर वापस अपने घर चले जाते हैं। युवा वर्ग भी रजिस्ट्रेशन करवा रहा है, वही बार-बार अस्पताल से पूछ रहा हैं किंतु हर बार उनको नकारात्मक जवाब मिल रहा है। सोमवार को संभावना है कि कोरोना वैक्सीन मिल सकेगी।
जानकारी देते हुए डा जितेंद्र मोरवाल ने बताया कि वे लगातार कोरोना जांच के लिए सैंपल ले रहे हैं परंतु 3 दिनों से कोरोना वैक्सीन का अभाव है। उन्हें लगता था कि 1 मई को कोरोना वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी किंतु अपरिहार्य कारणों से उपलब्ध नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि सोमवार को वैक्सीन उपलब्ध होने की संभावना है। बहरहाल कनीना उप-नागरिक अस्पताल और आसपास के विभिन्न अस्पतालों में कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। लोग बेसब्री से वैक्सीन आने का इंतजार कर रहे हैं।

Saturday, May 1, 2021

 

इन्हें सलाम
अब तक 450 मरीजों को होम आइसोलेट कर चुके हैं डॉ विनय मुद्गिल
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 कनीना। कनीना के उप- नागरिक अस्पताल में कार्यरत डा विनय मुद्गिल एक ऐसी शख्सियत है जिन्होंने अब तक करीब 450 कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेट किया है तथा पेशेंट मैनेजमेंट किया है। प्रतिदिन े हाई रिस्क से गुजरते हैं। वर्तमान में भी प्रतिदिन आठ से 10 कोरोना पाजिटिव होम आइसोलेट करने पड़ते हैं। विगत वर्ष जहां 300 कोरोना संक्रमितों को होम आइसोलेट किया था। इस वर्ष अब तक 150 संक्रमितों को होम आइसोलेट कर चुके है।
 एक भेंटवार्ता में डाक्टर विनय मुद्गिल ने बताया कि जब किसी मरीज के पास जाना पड़ता है तो पीपीई किट पहन कर ही जाना पड़ता है। कंटेनमेंट जोन बनाया जाता है जिसमें हाई रिस्क होता है किंतु 2 गज की दूरी का पालन करते हुए जाना पड़ता है तथा हाथों में ग्लव्ज आदि पहन कर जाते हैं फिर भी किसी चीज को
छूने से बचना पड़ता है। उनका कहना है कि मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है किंतु डरना जरूर चाहिए। महेामारी से बचने के लिए सरकार की गाइडलाइन का पालन करना चाहिए ।मास्क जरूर पहनना चाहिए और बाहर से आते ही हाथों को सेनिटाइज करना चाहिए। उन्होंने बताया कि माइल्ड महामारी में कोई दिक्कत नहीं आती लेकिन जब केस उच्च रिस्क में पहुंच जाता है तब उन्हें अस्पताल भेजना पड़ता है। विगत वर्ष दो दो -तीन संक्रमितों को अस्पताल भेजना पड़ा था। उन्होंने प्रभु का शुक्रिया अदा किया कि उनका एक भी संक्रमित भगवान का प्यारा नहीं हुआ है।
उन्होंने बताया कि हाई रिस्क जोन में जाने से रोग होने  की संभावना बहुत होती है। उन्होंने बताया कि पीपीई किट पहनने पर भी सभी हिदायतों का पालन करना होता है।  हर सावधानी बरतनी पड़ती है। उन्होंने बेहद खुशी जताई कि उनके संक्रमित रोग से उभर रहे हैं।
कनीना में वर्ष 2013 से कार्यरत है किंतु मरीजों की देखरेख करने में बिल्कुल भी नहीं हिचकिचाते। वे जनसेवा में गहन विश्वास रखते हैं। ऐसी शख्सियत को सलाम।
फोटो कैप्शन : डा विनय मुद्गिल




कोरोना महामारी ने एक और जवान को बनाया काल का ग्रास, क्षेत्र में शोक की लहर
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कनीना।  निकटवर्ती गांव झूक निवासी युवक की कोरोना से दर्दनाक मौत हो जाने का मामला प्रकाश में आया है। मृतक के ससुर कानूनगो रमेश कुमार यादव रामबास ने जानकारी देते हुए बताया कि उनका दामाद जो मानेसर एक कंपनी में एचआर हेड था। जिसको कुछ दिन पहले हल्का ज्वर आया तो उनको जयपुर शिवम अस्पताल में भर्ती करा दिया था जहां उनका 15 दिन तक इलाज चला। उनको अस्पताल ने कोरोना संक्रमित घोषित कर दिया जिसके चलते शनिवार को उनकी दर्दनाक मौत हो गई। उन्होंने बताया कि उनका उनके गांव झूक में कोरोना महामारी की गाइडलाइन के अनुसार अंतिम संस्कार कर दिया वही इस दर्दनाक मौत से सारे गांव में ही नहीं बल्कि क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
सांस की तकलीफ हुई और हो गई मौत-
कनीना में एक 60 वर्षीय जन को सांस की तकलीफ होने पर अस्पताल लाया गया। जिन्हें नारनौल रेफर कर दिया जहां उनकी मौत हो गई। सरकारी गाइडलाइन के अनुसार उनका अंतिम संस्कार किया गया। कस्बा में शोक छाया है।




कोरोना पाजिटिव छुपा रहे बातों को
-लोग मिल रहे हैं उनसे और कोरोना फैलने की संभावना रही है बढ़
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 कनीना। यद्यपि कोरोना संक्रमित मिलने पर विगत वर्ष सख्त नियम थे किंतु इस बार कोरोना संक्रमित आने पर व्यक्ति बातों को छुपा रहा है जिसके चलते उनके पास अच्छे खासे लोग भी बैठे बात करते रहते हैं जिससे रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है। जो जागरूकता की कमी को दर्शा रहा है। कनीना के पार्षद मोहन सिंह, नेता सुमेर सिंह चेयरमैन, महेश बोहरा आदि ने कहा कि यदि कोई  कोरोना संक्रमित आता है परंतु अपने साथियों को बता देना चाहिए कि कोरोना सक्रमित है ताकि लोग पूरी सावधानी के साथ उनसे मिलने के लिए आए। उन्होंने कहा कि यह जागरूकता की कमी का प्रमाण है कि लोग अपनी बातों को जानबूझकर छुपा रहे हैं जिसके चलते कोरोना बढ़ सकता है और जानलेवा हो सकता है। उन्होंने सभी लोगों से अपील की है कि यदि कोई कोरोना संक्रमित पाया जाता है तो उसे अपने सगे एवं साथियों को किसी भी तरीके से सूचना देनी चाहिए कि वह कोरोना संक्रमित है ताकि लोग उसके पास आए तो नियमों का पालन करके आए।


 कोरोना महामारी ने ली एक और की जान
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कनीना। कोरोना ने जहां समूचे देश में कहर ढाया हुआ है वही इसका कहर महेंद्रगढ़ में भी जारी है। गांव एगीहार एक महिला की मौत गई है।
 सीएचसी प्रभारी डॉक्टर प्रभा यादव ने बताया की गांवअगीहार की एक महिला जो 2 दिन पहले बीमार हुई थी जिसको परिजनों द्वारा नारनौल दिखाया गया था जहां उसका कोरोना टेस्ट हुआ जिसमें उसकी रिपोर्ट पाजिटिव आई जिसकी दर्दनाक मौत हो गई है। महिला का कोरोना गाइड लाइन के अनुसार शनिवार को दाह संस्कार कर दिया गया है। श्रीमती यादव ने यह भी बताया कि कोरोना महामारी एक विस्फोटक रूप धारण किए हुये है लेकिन लोग लापरवाह बने हुये हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि करोना महामारी पर सरकार द्वारा बनाई गई गाइडलाइन का पालन करना चाहिए तभी जाकर हम इस महामारी पर काबू पा सकते हैं। यहां गौरतलब है कि 3 दिन पहले उक्त महिला के पति की भी मौत हो गई थी जिस के कारणों का पता नहीं चल पाया था वही आज उनकी धर्मपत्नी भी भगवान को प्यारी हो गई है।
फोटो कैप्शन 9: अगिहार में महिला का अंतिम संस्कार करते हुये।




गाइडलाइन का पालन न करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई -इंस्पेक्टर
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कनीना।  कोरोना महामारी की गाइडलाइन को न अपनाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई। ये विचार ट्रैफिक इंस्पेक्टर सत्यनारायण ने  कनीना कस्बे में बेवजह तथा बिना मास के गाड़ी व बाइकों पर सवार होकर घूमने वालों को हिदायत देते हुए चालान भी किए। उनके साथ आए स्टाफ ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला पुलिस कप्तान के आदेश अनुसार उक्त कार्रवाई की जा रही है ताकि कोरोना महामारी पर किसी तरह काबू पाया जा सके और लोग इस महामारी की चपेट में आने से बच सकें। उन्होंने यह भी बताया कि आज हमने बिना मास्क के घूमने वालों के 20 चालान किए तथा 60 चालान बिना कागजात व बिना हेलमेट वालों के किये गए। उन्होंने बताया कि सरकार की गाइडलाइन है कि घर से बेवजह बाहर ना निकले और अगर जरूरी काम है तो मास्क लगाकर निकले क्योंकि देश में आए दिन कोरोना महामारी बढ़ती ही जा रही है।




बढ़ती जा रही गर्मी, जनजीवन बेहाल
-लू ने दी दस्तक, कोरोना की मार भी बढ़ी
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 कनीना। कनीना क्षेत्र में गर्मी बढ़ती ही जा रही जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।  गर्मी के साथ साथ कोरोना संक्रमित बढ़ते ही जा रहे हैं। प्रतिदिन कनीना में ही 17--18 कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। एक ओर गर्मी तो दूसरी ओर कोरोना भय।
गर्मी के चलते लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। तापमान बढऩे से पेड़ पौधों को भी नुकसान होने का अंदेशा हो गया है वहीं पक्षियों पर भी कुप्रभाव पड़ रहा है। एक और जहां कोरोना के तहत रात्रि के समय बच्चे और बूढ़ों को घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी हुई है वही अब दिन के समय गर्मी पडऩे से वे बाहर नहीं निकल सकते। ऐसे में पूरा समय घर के अंदर ही बिताना होगा। वैसे भी कोरोना रोग के समय अंदर रहने की हिदायत दी गई है उसे गर्मी ने पूरा कर दिखलाया है। यूं ही हाल रहा तो जून की गर्मी भारी नुकसान पहुंचा सकती है।



भाजपा पदाधिकारियों ने बांटे 150 मास्क तथा 30 सेनिटाइजर
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कनीना। भारतीय जनता पार्टी मंडल कनीना के पदाधिकारियों ने अनाज मंडी कनीना में आने वाले किसानों को 30 सेनिटाइजर व  150 मास्क बांटकर लोगों को जागरूक किया।
मास्क वितरण करने वालों में जिला प्रवक्ता ओमप्रकाश निशानियां, वेद भडफ़, मोहन पार्षद,देशराज यादव, अनिल यादव व अन्य कार्यकर्ताओं ने फैल रही भयंकर महामारी से बचने के लिए 2 गज की दूरी मास्क जरूरी, सेनिटाइजर से हाथ धोते रहना के लिए जागरूक किया। मजदूरों, किसानों व व्यापारियों को जिला से आई सामग्री बांटी।
उन्होंने कहा कि भयंकर महामारी के दौरान घर से बहुत जरूरी हो तो ही अपने घर से बाहर जाये वरना घर में रहे, अपने बच्चों को बार-बार हाथ धोने, मास्क लगाए रखने की हिदायत दे। इस मौके पर किसानों एवं मजदूरों को विशेष जानकारी दी और उन्हें जागरूक किया। उनका कहना है कि किसान एवं मजदूर सबसे अधिक व्यस्त मिलता है तथा कई लोगों के संपर्क में भी आता है। ऐसे में उनको जागरूक करना जरूरी है।


रोगरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए प्रयोग कर रहे हैं तरबूज  
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 कनीना। कनीना क्षेत्र में तरबूज की मांग बढ़ती ही जा रही है। एक और गर्मी से बचने के लिए वही शरीर में रोग रोधक क्षमता पैदा करने के लिए भी तरबूज की अच्छी खासी बिक्री हो रही है। कनीना क्षेत्र में तरबूज उगाने वालों की कमी नहीं है। अजय कुमार इसराणा तथा रवि भडफ़ के किसानों के  यहां तरबूज की बिक्री बढ़ी है। जहां पिछले वर्ष अजय इसराना ने उन्होंने एक एकड़ पर तरबूज पैदा किये थे अबकी बार दो एकड़ में उगाकर ब्रिकी कर रहे हैं। किसानों ने बताया कि भडफ़ तथा इसराणा में तरबूजों की मांग बढ़ रही है जहां तरबूज बेच रहे हैं।
क्या कहते हैं वैद्य-
वैद्य बालकिशन, वैद्य श्रीकिशन आदि से तरबूज के बारे में चर्चा की उन्होंने बताया कि तरबूज उच्च रक्तचाप को घटाने, वजन कम करने, गुर्दे को स्वस्थ रखने, हृदय को स्वस्थ रखने में कारगर है वही एंटी आक्सीडेंट का भंडार है। तरबूज की गिरी भी खाई जाती है वह वहीं तरबूज अस्थमा और लू में भी लाभकारी है। तरबूज खाने से शरीर में पानी की पूर्ति होती है। तरबूज विवाह शादी, उत्सव पर जरूर दिए जाते हैं। तरबूज खाने में आनंद आता है, नुकसान नहीं है। इसलिए भी तरबूज के प्रति कोरोना काल में मांग बढ़ी है।
जिला बागवानी अधिकारी रेवाड़ी मनदीप ने बताया कि जिला महेंद्रगढ़ में ड्रिप तथा मल्चिंग विधि से अच्छी मात्रा में तरबूज पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि कनीना के आसपास, सुरेहती, डालनवास, बारडा आदि क्षेत्रों में तरबूज पर्याप्त मात्रा में उगाए जाते हैं।



आकर्षक बनाया कनीना का सबसे पुराना स्कूल
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कनीना। 1950 में स्थापित कनीना कस्बे का सबसे पुराना स्कूल जो राजकीय कन्या उच्च विद्यालय के नाम से जाना जाता है, ने अनेकों विख्यात शख्सियतें दी हैं। जर्जर होने के बाद जीर्णोद्धार करवाया गया है। वर्तमान में भवन मनमोहक बन गया है।
  शिक्षा समिति कनीना के प्रधान मास्टर दलीप सिंह पूर्व नगर पालिका प्रधान , शिक्षा समिति के उपप्रधान राजेंद्र सिंह लोढा,पूर्व नगर पालिका प्रधान और शिक्षा समिति के सचिव राम सिंह साहब को विद्यालय की इस समस्या से अवगत कराया ने जर्जर हालात देख इसका जीर्णोद्धार करवा दिया है। कितने ही रतन इस विद्यालय ने दिये हैं। दोनों पूर्व प्रधान भी इसी विद्यालय से पढ़े हैं। ऐसे में जीर्णोद्धार के बाद आम जन को प्रसन्नता हुई है।
फोटो कैप्शन 8: राजकीय कन्या उच्च स्कूल का जीर्णोद्धार के बाद मुख्य द्वार।



बदल गया है चौपालों का स्वरूप
-कोरोना के चलते खाली पड़े हैं हुक्का एवं चौपाल
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कनीना। कोरोना तो डर के चलते गांवों में  चौपालों का स्वरूप ही बदल गया है। हुक्का,चाय, चिलम सभी बंद, चौपाल पड़ी हैं सुनसान और दिनभर बोलते हैं काग।
 वास्तव में ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक गांव में चौपाल बनी हुई है, प्रत्येक जाति की चौपाल भी मिल सकती है। लेकिन इन चौपालों में जहां दिनभर व्यस्तता होती थी वर्तमान में वहां  कोई जन नजर नहीं आता। यहां दिनभर हुक्का चलता था विचारों का आदान-प्रदान चलता था वह लगभग समाप्त हो गया है। कोरोना के डर से लोग आपस में पास बैठने से कतराने लगे हैं। ऐसे में चौपाल चौपाल नहीं रह पाई है। अपना अस्तित्व खो रही है।
वैसे भी हाथों में दस्ताने, मुंह पर मास्क पहनकर बाहर निकलते हैं। एक दूसरे से खुलकर बात नहीं कर सकते, हुक्का, चिलम आदि पर मुंह लगाना पड़ता है। मुंह लगाने का मतलब है कि रोगाणु को अपने शरीर में ग्रहण करना। यही कारण है कि अब ये चीजें तो दूर इंसान ही चौपालों में नहीं आते हैं।
एक समय था जब चौपालों पर बैठकर लोग अपने सुख दुख की बातें एक दूसरे आदान प्रदान करते थे वही किसी समस्या को निपटाने के लिए भी इक_े बैठते थे किंतु अब कोरोना डर है। ऐसे में वे एक दूसरे के पास आने से ही कतराने लगे हैं। कहीं जहां दुकानों के आसपास भी भारी भीड़ देखने को मिलती थी अब न तो भीड़ है और न हुक्का मिलता है।
जब हुक्के की बात चलती है तो लोग चुप हो जाते हैं। एक और जहां सरकार ने बीड़ी, सिगरेट तंबाकू पर प्रतिबंध विगत वर्ष प्रतिबंध लगा दिया था वही कोरोना ने ही इस पर प्रतिबंध लगाने में अहम भूमिका निभाई है। चौपालों में इंसान एवं हुक्का दोनों मिलते थे वे दोनों गायब हो गये हैं। बुजुर्ग इंसान एवं हुक्के घरों में छुप गए हैं। जहां तंबाकू बेचने वालों के तंबाकू खरीददार नहीं हैं। चौपाल अपना पहले वाला स्वरूप में आने में भविष्य में कितना समय लगेगा यह कहना कठिन है।
वैसे भी कोरोना बच्चे, बूढ़े और  महिलाओं में अधिक होता है और उन चौपालों पर अधिकांश बुजुर्ग और अनुभवी व्यक्ति बैठते थे और उनमें ही कोरोना का अधिक खतरा बना है। इसलिए उन्होंने चौपालों में आना छोड़ दिया है। बुजुर्ग तो ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में युवा वर्ग ही बेशक कहीं बैठकर गपशप जरूर लगा लेता है। वो भी मुंह पर मास्क लगाकर दो-चार बात बोल कर चलते बनते हैं।
कोरोना के चलते कनीना के महेश बोहरा, मोहन पार्षद, कुलदीप कुमार, रवि कुमार, श्यामसुंदर मासी आदि से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि आप उन्होंने हुक्का ही छोड़ दिया है।  ऐसे में हुक्का छोडऩे में ही उन्होंने भलाई समझी। चौपालों पर चाय भी चलती थी किंतु अब तो चाय की बिक्री घट गई है। क्योंकि चाय की दुकानों पर जो कप व गिलास प्रयोग किए जाते हैं वे इस रोग को फैलाने में मददगार साबित हो सकते हैं। हुक्का,चाय, चिलम यहीं पर समय बिताने के साधन होते थे अब बंद हो चुके हैं।



लौट चले मजदूर अपने प्रदेश को
-अनाज की खरीद बंद, हो रही है घर वापसी
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 कनीना। कनीना अनाज मंडी में एक माह पहले करीब 300 मजदूर रोटी रोजी के लिए आए थे किंतु इस बार करीब दो लाख बैग गेहूं के ही खरीदे जा सके जिसके चलते एक माह तक मुश्किल से दस हजार रुपये कमा पाये हैं जबकि आने और जाने का खर्चा करीब दो-दो हजार रुपये दे चुके हैं। इस बार भी मजदूरों के लिए कोरोना काल अच्छा नहीं रहा जबकि सरसों के भाव अधिक होने से अनाज मंडी में सरसों न आना भी इनकी रोटी रोजी पर प्रभाव पड़ा है।
 व्यापार मंडल प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष रविंद्र बंसल एवं ओमप्रकाश लिसानिया ने बताया कि मजदूरों को प्रत्येक बैग पर करीब 11 रुपये राशि मिलती है जिसमें सिलाई, तुलाई आदि कार्य करने पड़ते हैं। अब बड़े बेआबरू होकर यह मजदूर वापिस अपने प्रदेश को निजी साधना से जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान आदि राज्यों से आए हुए मजदूर कुछ लावणी के कार्य के लिए तथा कुछ अनाज मंडी के लिए आते हैं। इस वर्ष बहुत कम मजदूर क्षेत्र में आए थे। अनाज मंडी में इनकी संख्या 300 के करीब थी जो अधिकांश अपने प्रदेशों को लौट चुके हैं।
 मजदूर जय राम, संतोष, राजा सिंह, बिरंचि वीरेंद्र, मुकेश (सभी बिहार) ने बताया की 5000  रुपये की निजी बस करके कनीना मंडी आए थे अभी 1 माह के बाद फिर से 5000 रुपये में  निजी बस लेकर बिहार जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार भी उनका अच्छा अनुभव नहीं है। बहुत कम पैसे कमा पाए हैं। इस राशि से रोटी रोजी और परिवार का पालन पोषण करना बहुत कठिन हो जाएगा। कोरोना काल मजदूरों पर भारी पड़ा है।
फोटो कैप्शन दो: मजदूर अपने प्रदेशों को वापिस जाते हुए।


2 दिनों से कोरोना वैक्सीन खत्म
- सोमवार को आने की संभावना
-युवा वर्ग नजर आया मायूस
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 कनीना। एक मई से 18 वर्ष से अधिक उम्र के युवाओं को कोरोना वैक्सीन दिए जाने की संभावना विगत दिनों से जताई जा रही थी किंतु वैक्सीन अभाव ने योजना पर पानी फेर दिया है। किसी प्रकार की कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, लोग नागरिक अस्पताल के चक्कर लगाकर वापस अपने घर चले जाते हैं। युवा वर्ग भी रजिस्ट्रेशन करवा रहा है, वही बार-बार अस्पताल से पूछ रहा हैं किंतु हर बार उनको नकारात्मक जवाब मिल रहा है। सोमवार को संभावना है कि कोरोना वैक्सीन मिल सकेगी।
जानकारी देते हुए डा जितेंद्र मोरवाल ने बताया कि वे लगातार कोरोना जांच के लिए सैंपल ले रहे हैं परंतु 2 दिनों से कोरोना वैक्सीन का अभाव है। उन्हें लगता था कि 1 मई को कोरोना वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी किंतु अपरिहार्य कारणों से उपलब्ध नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि सोमवार को वैक्सीन उपलब्ध होने की संभावना है। बहरहाल कनीना उप-नागरिक अस्पताल और आसपास के विभिन्न अस्पतालों में कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। लोग बेसब्री से वैक्सीन आने का इंतजार कर रहे हैं।



5 माह से बंद गोभी का भाव 10 रुपये किलो -कुलदीप नंबरदार ने ड्रिप सिंचाई के तहत उगाई बंद गोभी
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 कनीना। विगत करीब 5 माह से बंद गोभी के भाव नहीं बढ़ रहे हैं जिसको लेकर के किसान परेशान है। नवंबर 2020 माह में भी बंद गोभी 10 रुपये किलो थोक भाव में बिक रही थी वहीं अब मई 2021 में भी बंद गोभी के भाव 10 रुपये प्रति किलो चल रहे हैं।
 कुलदीप नंबरदार कनीना ने बताया कि वे विगत वर्षों से अपने 3 एकड़ जमीन में विभिन्न सब्जियां उगा रहे हैं जिनमें बंद गोभी भी एक है। उन्होंने अपने पूरे खेत में ड्रिप सिंचाई का प्रबंध किया हुआ है जो पानी की बहुत अधिक बचत करता है किंतु उन्होंने करीब 1 कनाल में बंद गोभी उगायी जिसके भाव अधिक न होने से महज 6000 रुपये तक ही कमा पाया है। उन्होंने बताया कि लागत अधिक होती है और आमदनी कम हो रही है।
कुलदीप नंबरदार ने बताया कि उन्होंने अपने 3 एकड़ में जहां पानी बचत के लिए ड्रिप सिंचाई का प्रबंध कर बंद गोभी, घिया, भिंडी, ककड़ी आदि उगा रखी है। अभी भिंडी के भाव बेशक ठीक हो किंतु बंद गोभी के भाव नहीं बढ़ रहे हैं।
फोटो कैप्शन 3: ड्रिप सिंचाई से पैदा की बंद गोभी दिखाता कुलदीप नंबरदार।




महाराजा हीरा सिंह की याद दिलाती है रणास और राजावाली बणियां
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 कनीना। बेशक कनीना और करीरा में 3 किलोमीटर की दूरी हो किंतु महाराजा हीरा सिंह नाभा के महाराज(1843 -1911) की याद कनीना स्थित रणास वाली बणी तथा करीरा स्थित राजावाली बणी याद दिलाती रहेंगी। यद्यपि महाराजा हीरा सिंह ने चार शादियां की थी जिनमें से तीसरी रानी जसवीर कौर का क्षेत्र में आगमन हुआ माना जा रहा है। जसवीर कौर के महज एक पुत्र और एक पुत्री हुई है रिपुदमन उनका पुत्र बाद में महाराजा बना था।
किंतु महाराजा हीरा सिंह 1902 के आसपास कनीना एवं करीरा क्षेत्र में आए थे। अपनी पत्नी को साथ लेकर आने से उनके टेंट रणास वाली बणी के पास लगवा दिये थे और स्वयं करीरा की राजावाली बनी स्थित राजा वाला जोहड़ के पास न्यायालय लगाया था और लोगों की समस्याएं सुनी थी। आज भी करीरा का यह जोहड़ राजावाला नाम से तथा बणी राजावाली बणी नाम से जानी जाती है किंतु उनकी पत्नी के आवास के कारण कनीना की बणी आज भी रणास नाम से जानी जाती है। तत्पश्चात राणवास कहते हुये ग्रामीण लोग बोलचाल की भाषा में रणास नाम से पुकारने लगे। जहां आज भी राजावाली बनी पर धार्मिक स्थान बनाकर हर वर्ष मेले लगते हैं किंतु रणास वाली बणी पर एसटीपी( सीवरेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट) स्थापित कर दिया है। राजा के वक्त का तिबारा तथा पानी का कुआं जर्जर हालात में स्थित है जिन को देखने से ही लगता है कि किसी जमाने में महारानी यहां आकर ठहरी थी और यहां इसी कुआं से पानी पिया था।  यहीं पर उन्होंने विश्राम किया था। आज तिबारा और कुआं जर्जर हालात में खड़े हैं। जल्द ही दोनों समाप्त हो जाने की संभावना है।
कनीना के वयोवृद्ध पूर्व प्रधान मा. दलीप सिंह, डा मेहरचंद, पूर्व मुख्याध्यापक करता सिंह, हरद्वारीलाल का कहना है कि तिबारा एवं कुआं इतिहास को समेटे हुए है। यद्यपि यह कुआं और यह तिबारा किसी रैबारी तथा बंजारा द्वारा बनवाया था जो इतिहास समेटे हुये है।
फोटो कैप्शन  4: राजा वाला जोहड़ और बणी तथा
पांच: रणासवाली बणी के पास कनीना का तिबारा एवं कुआं जर्जर हालात में।




शादी में आए व्यक्ति की बाइक चोरी, मामला दर्ज
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 कनीना। मनीष कुमार डालियाकी जिला रेवाड़ी ने कनीना पुलिस में शिकायत की है कि वह 26 अप्रैल को अपने मामा राजेश की लड़की की शादी में ककराला आए थे। मोटरसाइकिल मामा के मकान पर शादी स्थल के पास खड़ी की थी। रात्रि 11 बजे मोटरसाइकिल दिखाई नहीं दी। सुबह उठकर मोटरसाइकिल की तलाश की गई किंतु कहीं नहीं मिली। कोई अज्ञात व्यक्ति चोरी कर ले गया। पुलिस ने उनकी शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शनिवार को बाइक चोरी का मामला दर्ज कर लिया है।



कोरोना को हराये, भारत को आगे बढ़ाये
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आइये बंधुवर कोरोना को हराने का सार्थक प्रयास करे। मास्क, सेनिटाइज, ग्लव्ज, पूरे बाजू के कपड़े, सिर ढककर रखे तथा सरकार के आदेशों का सख्ती से पालन करे। देखना एक दिन कोरोना हारेगा।
देखना कोरोना एक दिन हारेगा, भारत की होगी जीत।
हँसते गाते लोग मिलेंगे, फिर से बढ़ जाएगी प्रीत।।

दुख में साथ देना सीखो, प्रभु संकट दूर करे।
भयभीत कभी मत होना, कोरोना से जरूर डरे।।

मास्क,ग्लव्ज, सेनिटाइजर, दो गज दूरी हो जरूर।
आत्मरक्षा करना सीखो, करना कभी नहीं गरूर।।

दुख में जो कोई मिलता, दो उसको कुछ सहारा।
हर इंसान देव सम हो, लगता है प्रभु को प्यारा।।
-होशियार सिंह लेखक,कनीना

  कापी ना भाई ना
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             आपका अपना,
                 -होशियार सिंह लेखक,कनीना



समय के बाद महंगे








दामों पर शराब बेचते हुए कारिंदे को रंगे हाथों पकड़ा, मामला दर्ज
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 कनीना। कनीना पुलिस को पड़तल बस स्टैंड पर ठेके का कारिंदा शाम छह बजे के बाद ऊंचे दामों पर शराब बेचने की सूचना मिली। पुलिस ने ठेके पर छापा मारा तो कारिंदा शाम छह बजे के बाद भी ठेका खोले मिला। पुलिस ने मौके पर ही फोटो ली कारिंदे को काबू करके नाम पूछने पर मनोज बताया।  कारिंदे ने बताया कि ठेका खोलने के बारे में उसके मालिक अनिल इसराणा ने कह रखा है तथा ऊंचे दामों पर शराब बेची जाती है जिसमें आधा आधा मुनाफा बांट लेते हैं। कोरोना महामारी के चलते अपने मालिक से मिलीभगत करके सरकार के आदेशों की अवहेलना करने के जुर्म में 188/120 बी के तहत मामला अनिल व मनोज  के विरुद्ध दर्ज कर लिया है।