कनीना में निजी भूमि की चारदीवारी रातों-रात ध्वस्त, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बीती रात अज्ञात व्यक्तियों ने मोलडऩाथ मोड़, बस स्टैंड कनीना के पास स्थित एक निजी भूमि की चारदीवारी को जेसीबी मशीन की सहायता से ध्वस्त कर दिया।
इस भूमि को हाल ही में माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद अतिक्रमण मुक्त कराया गया था। भूमि खाली होने के पश्चात उसके वास्तविक मालिकों द्वारा लगभग 10 दिन पूर्व सुरक्षा हेतु चारदीवारी का निर्माण करवाया गया था।
यह भूमि कनीना के एक प्रमुख स्थान पर स्थित है तथा वर्तमान नगरपालिका समिति चेयरपर्सन के निवास के ठीक बाहर है। पुलिस चौकी से मात्र लगभग 200 मीटर तथा एसडीएम कार्यालय और न्यायालय परिसर सहित अन्य प्रशासनिक कार्यालयों से 500 मीटर के दायरे में स्थित है।
बताया जा रहा है कि चारदीवारी के निर्माण के समय एक परिवार ने इसका विरोध किया था तथा दीवार को गिराने का प्रयास भी किया था। हालांकि, पुलिस शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित पक्ष अपने दावे के समर्थन में कोई दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका।
पूर्व विवाद और पुलिस हस्तक्षेप के बावजूद, बीती रात अज्ञात लोग कथित रूप से जेसीबी मशीन लेकर पहुंचे और पूरी चारदीवारी को ध्वस्त कर दिया। स्थानीय लोगों ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि प्रशासनिक दृष्टि से इतने संवेदनशील क्षेत्र में इतनी बड़ी घटना घट गई और कानून व्यवस्था को इसकी भनक तक नहीं लगी।
इस घटना से क्षेत्र के लोगों में भारी रोष है। पीडि़त लोगों में से गुरुदयाल सिंह का कहना है कि यह घटना कानून व्यवस्था की पूर्ण विफलता तथा असामाजिक तत्वों के बढ़ते हौसलों को दर्शाती है। लोगों ने सवाल उठाया कि पुलिस चौकी और प्रशासनिक कार्यालयों के इतने निकट अपराधी खुलेआम निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर फरार हो गए और प्रशासन को इसकी जानकारी तक नहीं हुई।
भूमि मालिकों ने मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर दोषियों की पहचान करने तथा उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस द्वारा मामले की जांच किए जाने की संभावना है।
ककराला में पहुंची विजिलेंस टीम किया दस्तावेजों की जांच
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कनीना की आवाज। कनीना उपमंडल के गांव ककराला की पंचायत की पिछली योजना 2016 से 2022 तक सरपंच द्वारा करवाये गए कार्यो की जांच करने के लिए पंचायती राज विजिलेंस गुरुग्राम टीम 19 मई 2026 से लेकर 22 मई 2026 तक गांव में जांच करने के लिए पहुंची।
शिकायत कर्ता धर्मेन्द्र सिंह वर्तमान वार्ड पंच ने 2023 मे पंचायत के कार्यों की जांच करवाने के संबंध में शिकायत पत्र मुख्य सतर्कता अधिकारी चण्डीगढ़ को भेजा था, शिकायत कर्ता द्वारा बार बार शिकायत देने उपरांत भी जांच में विलम्ब किया जा रहा था, समय पर जांच नहीं करने पर धर्मेन्द्र सिंह पुत्र: रामेश्वर दयाल वासी ककराला ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में सिविल याचिका सीएडब्ब्ल्यूएपीए 4226/2026 दायर कर जांच की समय सीमा निर्धारित कर समय पर जांच करने के लिए फाइल आवेदन किया था, जिस पर हरियाणा उच्च न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए
12फरवरी 2026 को अपना आदेश पारित करते हुए 4 माह के अन्दर जांच पूर्ण करने के आदेश पारित किए हैं। उसी आदेशानुसार पंचायती राज विजिलेंस टीम गरुग्राम गांव में जांच करने के लिए गांव ककराला में पहुंची। मिली जानकारी अनुसार दस्तावेजों की जांच की गई और यह कार्य जारी रहेगा।
अधिकारी से कर्मियों ने की बैठक
-स्मृति चिह्न भेंट किया
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कनीना की आवाज। सिहमा सब डिवीजन दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के उप मंडल अधिकारी अमित सोनी के साथ सिहमा आफिस में हरियाणा पावर कारपोरेशन अनुसूचित जाति /जनजाति और पिछड़ा वर्ग कर्मचारी यूनियन सब यूनिट बाडी सिहमा (नारनौल) के साथ परिचय मीटिंग सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। जिसमें मुख्य रूप से राजेंद्र सिंह कपूरी राज्य वित्त सचिव ने उपमंडल अधिकारी अमित सोनी के साथ संगठन के पदाधिकारियों महेश गोमला राज्य अतिरिक्त महासचिव, सर्कल सचिव लखन लाल, इंद्रजीत सब यूनिट प्रधान, व सचिव कर्मवीर और उनकी समस्त सब यूनिट बाडी का परिचय करवाया तथा कर्मचारियों की ग्रेवेंसिज को उप मण्डल अधिकारी के समक्ष उठाया। उन्होंने कहा कि फील्ड के कर्मचारियों को सेफ्टी उपकरण मुहैया करवाया जाए। उप मंडल अधिकारी ने संगठन के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को ढेरों बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं दी। उपमंडल अधिकारी अमित सोनी ने संगठन के सभी कर्मचारियों की मांगों को समय पर निपटाने का आश्वासन दिया और सेफ्टी पर उन्होंने पूरा फोकस रखा और प्रत्येक कर्मचारियों को इसे अपनाने के लिए भी कहा।
इस मौके पर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंटकर उन्हें सम्मानित किया। महेश गोमला राज्य अतिरिक्त महासचिव, लखन लाल सर्कल सचिव ने सर्कल के कर्मचारियों कि जायज मांगों को अधिकारियों के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया।
मीटिंग में मुख्य रूप से राजेंद्र सिंह कपूरी हरियाणा प्रदेश वित्त सचिव, महेश गोमला अतिरिक्त महासचिव, लखन लाल सर्किल सचिव, इंद्रजीत सब यूनिट प्रधान , सचिव कर्मवीर,
वेदपाल उप प्रधान, विक्रम सिंह प्रेस सचिव,वीर सिंह सह सचिव, टेकचंद संगठनकर्ता,
सत्यवान प्रेस सचिव यूनिट, बाबूलाल संगठनकर्ता अनेकों कर्मचारी मौजूद रहे।
फोटो कैप्शन 05:सिहमा अधिकारी को स्मृति चिह्न देते हुए
कनीना पुलिस ने स्कूली बच्चों को साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति और गुड टच-बैड टच के प्रति किया जागरूक
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कनीना की आवाज। बच्चों को सुरक्षित व उज्ज्वल भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से थाना शहर कनीना की पुलिस टीम ने स्थानीय राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एक जागरूकता अभियान चलाया। इस कार्यक्रम के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं को साइबर फ्राड, नशाखोरी और बाल सुरक्षा के प्रति विस्तार से जागरूक किया गया।
पुलिस टीम ने बच्चों को संबोधित करते हुए साइबर सुरक्षा के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि आनलाइन गेमिंग या सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय बेहद सतर्क रहना चाहिए और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी, पासवर्ड, ओटीपी या बैंक डिटेल्स बिल्कुल भी साझा नहीं करनी चाहिए। इसके साथ ही, युवा पीढ़ी को नशे की बुरी लत से दूर रहने का कड़ा संदेश दिया गया। बच्चों को समझाया गया कि नशा न केवल उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नष्ट करता है, बल्कि उनके पूरे भविष्य और परिवार को भी गहरे अंधकार में धकेल देता है।
इस दौरान विद्यार्थियों को गुड टच और बैड टच (सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श) के बीच का अंतर भी बेहद सरल और सहज शब्दों में समझाया गया। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को सिखाया कि यदि उन्हें कोई भी व्यक्ति असहज महसूस कराता है या गलत तरीके से छूने की कोशिश करता है, तो उन्हें डरना नहीं चाहिए, बल्कि तुरंत इसकी जानकारी अपने माता-पिता, शिक्षकों या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को देनी चाहिए।
पुलिस टीम ने प्रिंसिपल महोदय से आग्रह किया कि वे स्कूली बच्चों को थाना शहर कनीना का भ्रमण (विजिट) अवश्य करवाएं। इस आमंत्रण का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन से पुलिस का डर दूर करना है, ताकि वे पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से देख व समझ सकें। इस तरह के भ्रमण से बच्चों और पुलिस के बीच एक सकारात्मक और मित्रवत संबंध स्थापित होगा, जिससे वे भविष्य में जरूरत पडऩे पर बिना किसी हिचकिचाहट के पुलिस से बेझिझक मदद मांग सकेंगे।
फोटो कैप्शन 04: पुलिस बच्चों को जानकारी देते हुए
श्रीकृष्ण गोशाला कनीना की गोचर भूमि गोवंश के लिए बनी जीवनरेखा
-प्रशासन से संरक्षण की अपील
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कनीना की आवाज। श्रीकृष्ण गोशाला कनीना केवल एक गोशाला नहीं, बल्कि गोसेवा, जनसहयोग और आस्था का ऐसा जीवंत उदाहरण है जिसने सीमित संसाधनों से शुरू होकर आज हजारों गौवंश के संरक्षण का विशाल स्वरूप धारण कर लिया है। वर्ष 2003 में जब गौशाला की स्थापना हुई थी, तब यहां व्यवस्थाएं नाममात्र की थी लेकिन कस्बावासियों की निस्वार्थ सेवा, समर्पण और गोमाता के प्रति अटूट श्रद्धा ने इस स्थान को एक बड़े गोसेवा केंद्र में परिवर्तित कर दिया। स्थापना के कुछ ही समय बाद गोवंश की संख्या एक हजार के पार पहुंच गई। बढ़ते गोपरिवार की आवश्यकताओं को देखते हुए वर्ष 2004 में तत्कालीन नगरपालिका प्रधान द्वारा गौशाला के सामने स्थित भूमि को गोचर भूमि के रूप में प्रयोग करने की अनुमति प्रदान की गई। तभी से यह भूमि गोशाला के लिए किसी वरदान से कम नहीं रही। यहां हरे चारे का उत्पादन प्रारंभ हुआ और समय के साथ यह स्थान गौशाला की जीवन रेखा बन गया। इस विशाल भूखंड में गोवंश खुले वातावरण में घूमता, चरता और विचरण करता है, जिससे गायों के स्वास्थ्य में सुधार होता है तथा बीमारियों से भी काफी हद तक बचाव रहता है। प्राकृतिक वातावरण में रहने से गोवंश अधिक स्वस्थ और सुरक्षित महसूस करता है। हालांकि समय-समय पर यह चिंता भी सामने आती रही कि चरते-चरते कुछ गाय और बछड़े पास से गुजर रही रेल लाइन की ओर पहुंच जाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी।
इस गंभीर विषय को ध्यान में रखते हुए गोशाला प्रबंधन ने कस्बावासियों की एक बैठक बुलाई और सामूहिक सुझाव मांगे। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि गोमाता की सुरक्षा के लिए पूरे भूखंड के चारों ओर लोहे के तारों की मजबूत जाली लगाई जाए ताकि कोई भी गाय रेल लाइन की ओर न जा सके। इसके बाद गौशाला प्रबंधन ने लाखों रुपए खर्च कर तारबंदी करवाई, जिसका उद्देश्य केवल और केवल गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
आज इस भूमि पर हजारों सहजन के पौधे लगाए गए हैं, जिनका उपयोग पौष्टिक चारे के रूप में किया जा रहा है। एक बड़े हिस्से में हरा चारा बोया गया है, जबकि अन्य बाड़ों में गोवंश खुले वातावरण में रहता है। इसी परिसर में सांसद निधि से चारे के विशाल गोदाम का निर्माण भी करवाया गया था। नगरपालिका कनीना द्वारा यहां दो शौचालय भी बनवाए गए हैं। सिंचाई की व्यवस्था के लिए गौशाला द्वारा दो बोरवेल स्थापित किए गए हैं, जिनका बिजली बिल भी गौशाला स्वयं वहन करती है।
लेकिन अब कुछ लोग इस पवित्र गौसेवा कार्य को लेकर भ्रम और दुष्प्रचार फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। गोशाला प्रबंधन के संज्ञान में आया है कि कुछ व्यक्ति यह गलत प्रचार कर रहे हैं कि गोशाला नगरपालिका की भूमि पर कब्जा कर रही है। यही बात नगरपालिका प्रशासन तक भी पहुंचाई गई है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार उपमंडल प्रशासन इस गोचर भूमि पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आवासीय भवन बनाने की योजना पर विचार कर रहा है। इसी क्रम में हाल ही में नगरपालिका द्वारा हरियाणा नगरपालिका अधिनियम 1973 की धारा 181 के तहत गौशाला को तारबंदी हटाने का नोटिस भी जारी किया गया है।
यदि इस गोचर भूमि पर आवासीय भवनों का निर्माण किया जाता है तो यह केवल गौशाला ही नहीं, बल्कि समूचे कस्बे की धार्मिक आस्था और गोसंरक्षण की भावना के लिए गहरा आघात होगा। इस भूमि के बिना हजारों गौवंश के पालन-पोषण, खुले विचरण और चारे की व्यवस्था पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
गोशाला प्रबंधन ने प्रशासन से अपील की है कि गोमाता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए आवासीय भवन निर्माण की योजना को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। साथ ही कस्बावासियों से भी आग्रह किया गया है कि वे गौशाला और गौवंश के हित में एकजुट होकर प्रशासन के समक्ष अपनी भावनाएं रखें, ताकि इस गोचर भूमि का संरक्षण हो सके और आने वाली पीढिय़ों के लिए गोसेवा की यह पावन परंपरा निरंतर जारी रहे।
फोटो कैप्शन 03: गोचर भूमि पर उगाए गए हरे चारे की जानकारी देते गोशाला प्रबंध कमेटी
कनीना मंडी स्कूल में साइबर सुरक्षा सेमिनार आयोजित
-विद्यार्थियों को साइबर ठगी और आनलाइन सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
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कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी में साइबर सुरक्षा विषय पर एक जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विद्यार्थियों एवं स्टाफ को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ कृष्ण कुमार तथा मुंशी लाल सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता सहायक उप निरीक्षक कृष्ण कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में बच्चे और युवा परिवार के आर्थिक एवं डिजिटल लेन-देन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े रहते हैं। ऐसे में उन्हें ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की संदिग्ध काल, लिंक, स्कीम या आनलाइन लालच से दूर रहने तथा साइबर धोखाधड़ी से बचने की सलाह दी।
विशेष वक्ता मुंशी लाल सिंह ने कहा कि साइबर अपराधियों का शिकार प्राय: वही लोग बनते हैं जिन्हें तकनीकी जानकारी कम होती है। ऐसे लोग आसानी से साइबर ठगों के जाल में फंस जाते हैं और अपनी जीवनभर की मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार तथा समाज को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान साइबर युग में नई तकनीक जहां सुविधाएं प्रदान कर रही है, वहीं नई चुनौतियां भी उत्पन्न कर रही है। साइबर अपराधी भोले-भाले लोगों को झूठे प्रलोभनों और फर्जी माध्यमों से फंसाकर उनकी खून-पसीने की कमाई लूट रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर विशेष सावधानी बरतना समय की आवश्यकता है।
वक्ताओं ने विशेष रूप से छात्राओं को सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी एवं फोटो साझा करने में सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि बिना सोचे-समझे फोटो या निजी सामग्री अपलोड करने से उसके दुरुपयोग की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए डिजिटल प्लेटफार्म का सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग आवश्यक है।
इस अवसर पर सिपाही सुनील कुमार, सिपाही संतराम, विद्यालय के प्रवक्ता प्रवीण कुमार, कुलदीप सिंह, सुमन देवी, स्नेहलता शर्मा, ओमप्रकाश पालीवाल, रेखा यादव, अंजू यादव, अनीता यादव, कल्पना कुमारी, अनीता कुमारी सहित समस्त विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता जताई।
फोटो कैप्शन 02: कनीना मंडी स्कूल में साइबर अपराधों की जानकारी देते हुए
विश्व मधुमक्खी दिवस
अति लाभप्रद है मधुमक्खी कीट-डाक्टर
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कनीना की आवाज। वैसे तो रेशम का कीट एवं मधुमक्खी दोनों ही कीट लाभ प्रद हैं किंतु मधुमक्खी का नाम लेते ही उसका डंक एवं मीठा शहद याद आता है।
इस संबंध में डा. होशियार सिंह यादव से बात की गई। उन्होंने बताया कि प्रकृति में मधुमक्खियों का सबसे बड़ा योगदान परागण प्रक्रिया में उनकी सहायता करना है। मधुमक्खियां सबसे महत्वपूर्ण परागणकर्ताओं में से एक हैं, और परागण ही फूलों के प्रजनन का मुख्य तरीका है। मधुमक्खियां भोजन के लिए फूलों के शीर्ष पर बैठती हैं और ऐसा करते समय, वे अपने फर और शरीर पर पराग इक_ा करती हैं।
उन्होंने बताया कि शहद में मौजूद एंटीआक्सीडेंट हृदय स्वास्थ्य के लिए बहुत ज़रूरी हैं। वे हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकते हैं। जो दिल की विफलता में योगदान करने के लिए जाने जाते हैं। नियमित रूप से शहद का सेवन आपके दिल को अच्छी तरह से काम करने में मदद कर सकता है। मधुमक्खी पालन से न केवल मधुमक्खियों और फसलों को लाभ होता है, बल्कि इसका पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। जब आप मधुमक्खी का छत्ता रखते हैं, तो मधुमक्खियां आस-पास के जंगली फूलों और पौधों का परागण करती हैं, जिससे जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है और स्थानीय वन्यजीवों को सहायता मिलती है।
मधुमक्खी पालन एक कृषि आधारित उद्योग है, जिसकी जानकारी अत्यंत सरल है। इसमें कम लागत है, आमदनी अधिक एवं कम समय में अधिक लाभ प्राप्त होने लगता है। गॉवों में आर्थिक विकास के लिए मधुमक्खी पालन से बेहतर कोई दूसरा घरेलू रोजगार नही है। जानकारी सरल होने के कारण कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति भी इस व्यवसाय को कुशलता पूर्वक कर सकता है। मधु, परागकण आदि की प्राप्ति के लिए मधुमक्खियां पाली जातीं हैं। यह एक कृषि उद्योग है। मधुमक्खियां फूलों के रस को शहद में बदल देती हैं और उन्हें छत्तों में जमा करती हैं। जंगलों से मधु एकत्र करने की परंपरा लंबे समय से लुप्त हो रही है। बाजार में शहद और इसके उत्पादों की बढ़ती मांग के कारण मधुमक्खी पालन अब एक लाभदायक और आकर्षक उद्यम के रूप में स्थापित हो चला है। मधुमक्खी पालन के उत्पाद के रूप में शहद और मोम आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने बताया कि मधुमक्खी कीट वर्ग का सामाजिक प्राणी है जो खुद के बनाए हुए मोम के छत्ते में संघ बनाकर रहता है, जिसमें एक रानी कई सौ नर एवं शेष श्रमिक होते हैं। एक छत्ते में इनकी संख्या लगभग 20 हजार से 50 हजार तक होती है। इनके छत्ते से प्राप्त शहद बहुत पौष्टिक होता है। मधुमक्खी का डंक अमल के कारण सोजन लाता है।
फोटो: डा. होशियार सिंह यादव
गये थे झगड़ा सुलझाने और पकड़ी शराब
पुलिस ने पकड़ी 27 बोतल शराब की, मामला दर्ज
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कनीना की आवाज। गये थे झगड़ा सुलझाने और पकड़ लाये शराब। हुआ यूं कि पुलिस को सूचना मिली कि बवानिया में एक मकान में जीजा साला का झगड़ा हो रहा है। पुलिस झगड़े के मामले में बवानिया पहुंची किंतु रास्ते में प्रवीण के मकान में बने कमरे में बेड के पास गत्ता पेटी पर नजर पड़ी। गत्ता पेटी के पास शराब की बोतल नजर आई। पुलिस झगड़े को भूल गई और शराब के मामले में लग गई। प्रवीण से शराब के बारे में पूछा तो कोई जवाब नहीं दिया। इस प्रकार 27 बोतल जिनमे 26 बोतल मार्का 1965 और एक बोतल अंग्रेजी बरामद की। आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी द्वारा औचक निरीक्षण; व्यवस्थाओं की सराहना और पौधारोपण कार्यक्रम किया
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कनीना की आवाज। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बुचावास में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी नारनौल अशोक शर्मा द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और बुनियादी ढांचे का बारीकी से जायजा लिया।
अधिकारी ने विद्यालय की विभिन्न प्रयोगशालाओं जिनमें रसायन विज्ञान , भौतिक विज्ञान, गणित ,आईटी तथा बीएंडडब्ल्यू लैब का गहनता से निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने विद्यालय के शौचालयों, स्वच्छ पेयजल की टंकी तथा नई कक्षाओं की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। विद्यालय की इन व्यवस्थाओं, अनुशासन और साफ-सफाई को देखकर प्रशंसा की और उन्होंने विद्यालय स्टाफ के प्रयासों की भी सराहना की।
इस मौके पर राजनीति शास्त्र की प्रवक्ता श्रीमती मंजू यादव ने अपनी शादी की सालगिरह के उपलक्ष्य में विद्यालय प्रांगण में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान विद्यालय परिसर में फाइकस और गोल्डन कटोरा नाम के पौधे लगाए गए। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अशोक शर्मा ने स्वयं अपने कर-कमलों से पौधा रोपित कर इस पुनीत कार्य की शुरुआत की। उन्होंने सभी से अपील की कि वे पर्यावरण को और अधिक स्वच्छ, सुंदर तथा हरा-भरा बनाने के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करें और उनके संरक्षण का संकल्प लें।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य वीरेंद्र सिंह, भौतिकी के प्रवक्ता सूबे सिंह, राजनीति विज्ञान की प्रवक्ता मंजू यादव, रसायन शास्त्र की प्राध्यापिका योगिता, इतिहास के सेवानिवृत्त प्राध्यापक सतीश कुमार और विद्यालय स्टाफ के अन्य सभी सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी पौधारोपण करते हुए साथ में स्टाफ









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