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Saturday, May 9, 2020

 तीन लड़ाइयां लडऩे वाले कप्तान प्रभु दयाल का देहांत 
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 कनीना। कनीना के पूर्व कांग्रेसी नेता तथा समाजसेवी सज्जन सिंह बोहरा के पिता कप्तान(अवैतनिक) प्रभु दयाल (88)का देहांत हो गया।  उन्होंने तीन लड़ाईया 1962,1965 और 1971 की लड़ी थी। वे 1978 में सेवानिवृत्त होकर घर आए थे। शनिवार को उनका देहांत हो गया। वे अपने पीछे 3 पुत्र, चार पुत्रियां, तीन पौऋ तथा एक परपोत्र छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी सूरजकौर का अप्रैल 2007 में निधन हो गया था। उनकी मृत्यु पर क्षेत्र में गहरा सदमा है तथा भारी संख्या के लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उनका अंतिम संस्कार कनीना में बाबा मोलड़ नाथ आश्रम के पास शनिवार शाम को किया गया।


286 किसानों की 7574 क्विंटल सरसों खरीदी 
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  कनीना। कनीना अनाज मंडी में सरसों तथा इसके तहत तीन खरीद केंद्रों पर शुक्रवार को 286 किसानों की 7574 क्विंटल सरसों खरीदी है।
 विस्तृत जानकारी देते हुए हैफेड मैनेजर सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना 115 किसानों ने 3220 क्विंटल, करीरा के 56 किसानों ने 1314 क्विंटल,सेहलंग में 50 किसानों ने 1366 क्विंटल, दौंगड़ा में 64 किसानों ने 1674 क्विंटल सरसों बेची  है जबकि 61 किसानों ने 2300 क्विंटल गेहूं बेचा है।

गौशाला में दिए 6500 रुपये

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कनीना। कनीना पालिका के सभी जीते हुए 13 पार्षदों ने अपनी चुनाव की सिक्योरिटी राशि अब निकलवाकर उसे कनीना की श्रीकृष्ण गौशाला में दान कर दी है। सतीश जेलदार पालिका प्रधान ने बताया कि अब यह राशि निकलवाई है जो प्रति पार्षद 500 रुपये थी।

तीन लड़ाइयां लडऩे वाले कप्तान प्रभु दयाल का देहांत 

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 कनीना। कनीना के पूर्व कांग्रेसी नेता तथा समाजसेवी सज्जन सिंह बोहरा के पिता कप्तान(अवैतनिक) प्रभु दयाल (88)का देहांत हो गया।  उन्होंने तीन लड़ाईया 1962,1965 और 1971 की लड़ी थी। वे 1978 में सेवानिवृत्त होकर घर आए थे। शनिवार को उनका देहांत हो गया। वे अपने पीछे 3 पुत्र, चार पुत्रियां, तीन पौऋ तथा एक परपोत्र छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी सूरजकौर का अप्रैल 2007 में निधन हो गया था। उनकी मृत्यु पर क्षेत्र में गहरा सदमा है तथा भारी संख्या के लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उनका अंतिम संस्कार कनीना में बाबा मोलड़ नाथ आश्रम के पास शनिवार शाम को किया गया।

विश्व के पहले पत्रकार महर्षि नारद की जयंती मनाई

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 कनीना। विश्व के प्रथम पत्रकार नारद की जयंती ऑनलाइन मनाई गई। नारद जयंती के उपलक्ष्य पर आनलाइन परिचर्चा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, समाजसेवी एवं पत्रकार शामिल हुए।
 ऑनलाइन जयंती में मुख्य वक्ता विभाग प्रचार प्रमुख कैलाश पाली थे। इस मौके पर कैलाश पाली ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नारद दुनिया के पहले पत्रकार थे जिनके पास तीनों लोकों में विचरने की क्षमता थी। वे युगों तक अपने जनहितकारी कार्यों में लगे रहे।  हिंदी का प्रथम समाचार पत्र उदंड मार्तंड के शीर्ष पर नारद की फोटो छपती थी।
उन्होंने कहा कि हिंदी का प्रथम समाचार पत्र जो 30 मई 1826 में प्रकाशित हुआ और 4 दिसंबर 1827 तक प्रकाशित होता रहा। इसी अखबार के जरिए भी नारद को याद किया गया था। समय समय पर नारद को याद किया जाता रहा है।  उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जहां कोरोना से पीडि़त हैं। ऐसे समय में भी पत्रकारों को अपनी अहम भूमिका निभाते हुए बेहतरीन समाज सेवा की समाचार अधिक से अधिक प्रकाशित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अफवाहों से बचने के लिए लोगों को जागरूक करना चाहिए तभी हमारा देश महान बनेगा।
 उन्होंने कहा कि समय-समय पर अनेकों हिंदी के पत्र  एवं पत्रिकाएं महर्षि नारद को याद करती रही हैं। आज भी नारद सभी के दिलों दिमाग में बसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य कुछ लोग नारद को मनमुटावा बढ़ाने वाला बताते हैं।
जबकि नारद ने समस्त जीवन में कभी किसी का अहित नहीं किया, सदा जनकल्याण के लिए जुटे रहे। इस अवसर पर कार्य जिला कार्यवाह प्रेमचंद ने भी अपने विचार रखे और कहा कि आज के दिन भी पत्रकारों की भूमिका अहं होनी चाहिए।  उन्हें समाज हित की खबरोंभूमि की खबरें अधिक प्रकाशित करनी चाहिए।  इस अवसर पर महेंद्रगढ़ जिला के प्रचार प्रमुख धर्मपाल, सह प्रचार प्रमुख मणिप्रकाश आदि ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए।

खरीद दौरान बची हुई सरसों भी खरीदी 

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 कनीना। सरकार के आदेश अनुसार जहां खरीद सरसों की खरीद केंद्रों पर 15 के गुणज में बची हुई सरसों खरीदी जाती है जबकि इस गुणज मेंनहीं है उसे घर लाना पड़ता है।
कनीना के रामकिशन ने बताया कि उनकी 35 किलो सरसों बच गई थी जिसको उन्हें मजबूरन कर लाना पड़ा जो कोई काम की नहीं है। उनका कहना है कि बची हुई सरसों भी खरीदी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकार के नियमानुसार 15 के गुणज में अगर सरसों है तो वह खरीदी जा सकती है वरना वह सरसों खरीदी नहीं जाएगी। उनकी 35 से किलो अधिक होने के कारण खरीदी नहीं गई इसके स्थान अगर 45 किलो होती तो बिक जाती। उनका कहना है कि भगवान ने उन्हें यह सरसों दी है वह खरीदी जानी चाहिए। ऐसे में उन्होंने मांग की है कि सरसों की एक-एक दाना खरीदा जाना चाहिए।

महाराणा प्रताप जयंती मनाई

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कनीना।  अखिल भारतीय राजपूत महासभा, हरियाणा प्रदेश के तत्वावधान में जिला के गांव धनौन्दा में महान स्वतंत्रता सेनानी, अमर शहीद एवं वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती मनाई गई। महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर अतरलाल एडवोकेट के नेतृत्व में लोगों ने शारीरिक दूरी तथा लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए महाराणा प्रताप के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। अतरलाल ने लोगों से महाराणा प्रताप के त्याग मय एवं संघर्षशील जीवन से प्रेरणा लेने की अपील करते हुए कहा कि उनकी कुर्बानी को देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने केंद्र तथा राज्य सरकार से महाराणा प्रताप के जीवन पर शोध करने के लिए पाली स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय में महाराणा प्रताप शोध पीठ स्थापित करने की मांग की। इस अवसर पर लोगों ने महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने का व्रत लिया।
फोटो कैप्शन 1: महाराणा प्रताप जयंती मनाई गई।


1122 श्रमिकों को 42 रोड़वेज बसों में रवाना किया

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कनीना। आनन फानन में में सरकार ने 42 बसों में 1122  बिहार के विभिन्न जिलों के श्रमिकों को रोड़वेज की बसों में बैठाकर रेवाड़ी तक पहुंचाया जहां से वे बिहार में विभिन्न ट्रेनों द्वारा पहुंचेंगे।
 बिहार के सैकड़ों विगत दो दिन से राजकीय माध्यमिक स्कूल में रुके हुए थे जिन्हें रातभर ठीक ढंग से खाना मिल पाया किंतु बसों में बैठाकर उनको खाना एवं पानी सहित विदा किया।
कनीना के डीएवी के पास 34 अलग अलग बसों में फिजिकल डिस्टेंश के अनुसार एक बस में 27 मजदूरों को बैठाकर रवाना किया गया वहीं आठ बसें महेंद्रगढ़ की श्रमिकों सहित आकर कुल काफिला 42 बसों का बन गया। बिहार जाने वाले प्रवासी मजदूरो को बसों मेें बैठा कर राजी-खुशी रवाना किया।
यहा गौरतलब है कि जब से देश में लाकडाउन हुआ है तब से कनीना में कुछ शेल्टर होम बनाए गए थे जिसमें भारी संख्या में प्रवाही मजदूर रखे ठहरे हुए हैं जिनका खाने पीने का खारा खर्चा कस्बावासियों एवं क्षेत्र के समाजसेवियों तथा  लोगों द्वारा उठाया जा रहा था जिसमें जो खाना खिलाया जा रहा था उसकी प्रशंसा यूपी के लोगों द्वारा उत्तर प्रदेश के अधिकारियों तक की गई। जिसका मान सम्मान जिले के प्रशासन को मिला लेकिन जब इन मजदूरों को रखने अथवा खाने की व्यवस्था जब प्रशासन के हाथ में आई तो वही प्रवासी मजदूरों द्वारा शिकायतों का दौर शुरू हो गया।
खाने के संबंध में यद्यपि पत्रकारों द्वारा एसपी नारनौल, एसडीएम कनीना से प्रश्र भी किए गए किंतु उनका कहना था कि अभी तक कोई शिकायत उन तक नहीं पहुंची है। एक अधिकारी ने कहा कि लंबे समय से ये श्रमिक रोके हुए थे किंतु ये अपने घर जाने की बार बार बात कह रहे हैं। ऐसे में उन्हें जल्दी से घर भेजा जाए, इस बात का दाब बढ़ाने के लिए हो सकता है कि मजदूरों ने खाने की शिकायत मौके पर की हो किंतु अभी तक प्रशासन के पास कोई शिकायत नहीं है।
  इस अवसर पर जिला पुलिस कप्तान  सुलोचना गजराज, डीएसपी साधुराम, थाना प्रभारी विकास कुमार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी युद्धवीर सिंह, सीटी इंचार्ज गोविन्द यादव के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 2 व 3: एसपी नारनौल एवं एसडीएम कनीना सहित अधिकारी श्रमिकों की बस को रवाना करते हुए।

Friday, May 8, 2020


शेल्टर होम से चोरी छुपे निकल रहे हैं श्रमिक 
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कनीना।  कनीना प्रशासन द्वारा यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और अन्य राज्यों के श्रमिकों को उनके गृह क्षेत्र भेजे जाने के निर्णय के बाद कनीना में उन्हें विभिन्न गांवों से कनीना में इक_ा करके एक बड़ी समस्या मोल ले ली है। विभिन्न गांव में लेबर जिनके यहां रुकी हुई थी वह जल्द से जल्द पीछा छुड़वाने के लिए शेल्टर होम में छोडऩे लगे हैं या फिर यह मजदूर पैदल ही चल कर न केवल शेल्टर होम अपितु घर के लिए रवाना हो रहे हैं।
उधार शेल्टर होम में पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण जहां गंदगी ही गंदगी बढ़ गई है। किसी भी रोग के फैलने की संभावना भी बढ़ गई है। न तो इनको को खाना समय पर मिल रहा है और न ही इनको शौचालय की सुविधा मिल पा रही है। इनको बसों से भेजा जा रहा है। प्रशासन द्वारा बसें उपलब्ध कराई है किंतु लेकिन एक ही रूठ के कुछ श्रमिक चले गए हैं तो कुछ बैठे देखते रह गए। यदि एक ही रूठ के सभी मजदूरों को एक ही बस में भेजा जाता तो ज्यादा बेहतर होता।
 उधर नगरपालिका भी प्रशासन से तंग आ चुकी है। आलम यह है कि नगरपालिका के पदाधिकारियों ने सीएम हरियाणा को एक शिकायत भेजी है जिसमें उन्होंने कहा है कि न ता श्रमिकों के लिए तो खाना मिल पा रहा है और न ही शौचालय हैं। प्रशासन ने अचानक इन मजदूरों को यहां इक_ा तो कर दिया किंतु सुविधा नहीं जुटाई है जिसके चलते किसी महामारी का फैलने का खतरा बढ़ा है। ऐसे में उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी भविष्य में कोई समस्या बनती है या महामारी फैलती है तो उसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा नगरपालिका नहीं। उन्होंने शिकायत सीएम हरियाणा को भेज दी है।
उधर मजदूर बेचारे एक जगह पड़े पड़े भी तंग आ चुके हैं जिसके चलते अपने सामान को 24 घंटे अपने साथ रखते हैं, देखरेख करते हैं और उठाकर बार-बार पैदल ही जाने का प्रयास करते हैं किंतु दुर्भाग्य होता है कि उन्हें फिर से कोई पुलिस रोक लेती है।
उल्लेखनीय है कि विभिन्न गांवों में ये मजदूर  पैसे कमाने के लिए आए थे किंतु अब पैसे कमाना तो भूल गए और रोग से डर कर अपने गृह क्षेत्र में जाना चाहते हैं और वह भी अब का दुर्लभ हो गया है।
यह मजदूर भी अब बार-बार आंदोलन करने पर उतारू हो जाते हैं, विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, दुखी और परेशान हो गए हैं। यहां की नगरपालिका कनीना में गुरुवार को भारी संख्या में जमा हो गए थे और उन्हें यूंपी में भेजने की मांग करने लगे। उन्हें समझा-बुझाकर वापस भेजा गया था।
पालिका प्रधान सतीश जेलदार का कहना है कि जब तक मजदूरों की संख्या निश्चित थी तब तक 2000 लोगों को रोजाना खाना खिला रहे थे और अब भी खिला रहे हैं किंतु कई शेल्टर होम से दूसरे शेल्टर होम से सूचना आती है कि खाना भेजा जाए। ऐसे में खाना अचानक उपलब्ध करवा पाना कठिन है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि तथा लिखित रूप से भी भेजा है कि इन लोगों को अविलंब इनके गृह क्षेत्र भेजा जाए।
फोटो कैप्शन 2: पैदल ही अपने गृह प्रदेश चोरी से निकलते श्रमिक।

ठहरने की उचित व्यवस्था न होने के होम शेल्टरों में बढ़ी गंदगी 

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कनीना। प्रशासन द्वारा कनीना में प्रवासी मजदूरों के लिए बनाए होम शेल्टरों में आए विभिन्न प्रदेशों के हजारों मजदूरों मेें होम सैन्टरों में खाने-पीने की सही व्यवस्था न मिलने के कारण प्रशासन के प्रति रोष पनप रहा है। वही प्रवासी मजदूरों ने प्रशासन से मांग कर उन्हें जल्द से जल्द अपने प्रदेशों में भेजने की गुहार भी लगाई है। जिसको लेकर पुलिस ने इन मजदूरों को काफी समझाने का प्रयास भी किया लेकिन परिणाम शून्य ही रहा।
 गुरुवार की मुकेश निवासी पुर्णिया बिहार को चोट भी लगी जिसको लेकर सभी मजदूरों ने उग्र रूप धारण कर लिया तथा प्रशासन के खिलाफ नारे-बाजी कर अपना रोष जाहिर किया वही कस्बे के समाजसेवियों लोगों ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन द्वारा कनीना उपमंडल के समीपवर्ती गांवों से विभिन्न राज्यों में जाने वाले सैकड़ों प्रवासी मजदूरों को कनीना में स्थापित होम शेल्टरों में लाकर रखा था वही प्रशासन द्वारा इनकी खाने-पीने की सही व्यवस्था न होने के कारण कान्हा कालेज में रखे बिहार के मजदूरों को गुरुवार देर रात तक व्यवस्था सही न मिलने के कारण तथा भोजन समय पर न मिलने के कारण उनमें प्रशासन के खिलाफ आक्रोश पनपा और मामला यहां तक पहुंच गया कि इन मजदूरों को यहां रोकना किसी महायुद्ध से कम नही आंका जा रहा है।
उधर पिछले लंबे समय से क्षेत्र की जनता द्वारा कनीना में बने दो प्रवासी होम शेल्टरों में जमकर दान दिया जिससे इन शेल्टरोंमें रहने वाले हजारों प्रवासी मजदूरों को सही समय पर खाना व ठहरने की उत्तम व्यवस्था प्राप्त हुई जिसमें प्रशासन का एक खोटा पैसा तक नहीं खर्च हुआ।
जब प्रशासन द्वारा बिहार, मध्यप्रदेश तथा यूपी को भेजने वाली लेबर को लाकर जब कनीना रखा और उनका दो दिन का सही ढ़ंग से खाना तक नही खिलाया गया तो प्रशासन के विरुद्ध भड़क उठे। वही कस्बे की नगरपालिकाके चैयरमेन सतीश जेलदार, दलीप सिंह, मुकेश रोकी, संदीप सिंह कुमार , ओमप्रकाश ठेकेदार, अशोक कुमार उपाध्यक्ष के अलावा अन्य कस्बावासियों ने बताया कि दो दिन पूर्व स्थानीय प्रशासन द्वारा बिहार, यूपी तथा मध्यप्रदेश की हजारों की तादाद में प्रवासी लेबर को लाकर कनीना में तीन होम शेल्टरों में रखा गया है जिनमें उनकी रहने सही व्यवस्था न होने के कारण उन्होंने सारे कस्बे को मलमूत्र त्यागकर दुर्गंधमय कर दिया है और कोरोना के किसी रोग के फैलने से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस बाबत प्रशासन को अवगत भी कराया गया है।
लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन द्वारा मजदूरों को भेजने की व्यवस्था नही हो पा रही थी तो उन्होंने यहां बुलाकर नहीं बैठाना चाहिए।  कस्बा में विभिन्न स्थानों पर गंदगी का वातावरण बन रहा है।
फोटो कैपन 1 एवं 2: रोष व्यक्त करते हुए शेल्टर होम के तथा होम के बाहर के मजदूर।




307 किसानों की 7483 क्विंटल सरसों खरीदी  

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कनीना। कनीना अनाज मंडी में सरसों तथा इसके तहत तीन खरीद केंद्रों पर शुक्रवार को 307 किसानों की 7483 क्विंटल सरसों खरीदी है।
 विस्तृत जानकारी देते हुए हैफेड मैनेजर सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना 120 किसानों ने 3410 क्विंटल, करीरा के 45 किसानों ने 1240 क्विंटल,सेहलंग में 77 किसानों ने 2098 क्विंटल, दौंगड़ा में 65 किसानों ने 1735 क्विंटल सरसों बेची  है जबकि 57 किसानों ने 1295 क्विंटल गेहूं बेचा है।

बची हुई सरसों लानी पड़ती है किसानों को घर 

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 कनीना। सरकार के आदेश अनुसार जहां खरीद सरसों की खरीद केंद्रों पर 15 के गुणज में बची हुई सरसों खरीदी जाती है जबकि इस गुणज मेंनहीं है उसे घर लाना पड़ता है।
कनीना के रामकिशन ने बताया कि उनकी 35 किलो सरसों बच गई थी जिसको उन्हें मजबूरन कर लाना पड़ा जो कोई काम की नहीं है। उनका कहना है कि बची हुई सरसों भी खरीदी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकार के नियमानुसार 15 के गुणज में अगर सरसों है तो वह खरीदी जा सकती है वरना वह सरसों खरीदी नहीं जाएगी। उनकी 35 से किलो अधिक होने के कारण खरीदी नहीं गई इसके स्थान अगर 45 किलो होती तो बिक जाती। उनका कहना है कि भगवान ने उन्हें यह सरसों दी है वह खरीदी जानी चाहिए। ऐसे में उन्होंने मांग की है कि सरसों की एक-एक दाना खरीदा जाना चाहिए।



वटी रोग-प्रतिरोध क्षमता बढ़ती है-डा शशी मोरवाल

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कनीना। आयुष मंत्रालय द्वारा जारी रोग-प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाने के लिए संशमनी वटी के किट बाट कर लोगों को कोरोना से बचने के उपाय बता कर जागरूक किया।
 आयुष विभाग की वरिष्ठ चिकित्सक डाक्टर शशी मोरवाल ने कस्बा कनीना में बस स्टैंड, अनाज मंडी, रेलवे रोड़, बिजली विभाग व अन्य मार्केट में आयुष विभाग द्वारा जारी रोग प्रतिरोध क्षमता के लिए संसमन वटी किट वितरित किए।
 इस अवसर पर बोलते हुए डा मोरवाल ने बताया कि जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा अजीत सिंह आदेशानुसार  पिछले पांच दिन से उनकी समूची टीम कस्बे में विभिन्न स्थानों पर उक्त किट देकर लोगों को कोरोना नामक महामारी को लेकर बचाव के प्रति जागरूक अभियान चलाया हुआ है।
 टीम में डा पूजा, महेन्द्र कुमार डिस्पेंसर, विनोद कुमार डिस्पेंसर आदि द्वारा लोगों को उनके नीजि स्थानों पर जाकर उक्त किट उपलब्ध कराए गए है ताकि देश व प्रदेश के लोग इस महामारी से बच सके। वही टीम की सदस्या डाक्टर पूजा ने भी लोगों को कहा कि इस महामारी से बचने के लिए रोजाना संसमन वटी की एक टेबलेट सुबह और एक सांय गर्म पानी के साथ लेनी चाहिए तथा आए दिन दूध में हल्दी डालकर पीना चाहिए। दाल चीनी, अदरक का काढ़ा बना कर पीना चाहिए तथा खाने में हरी सब्जियों का प्रयोग करना चाहिए तथा अपने घरों में रह कर शरीर की इम्यूनिटी पावर को बढ़ा कर इस महामारी से अपने तथा अपने परिवार को बचाना चाहिए। वही डा शशी मोरवाल ने यह भी बताया कि इस जागरूक अभियान में लगभग आज पांच सौ किट लोगों को बाट कर कोरोना से बचने के उपाय भी बताए हैं।




बची हुई सरसों लानी पड़ती है किसानों को गार्ड 

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 कनीना सरकार के आदेश अनुसार जहां खरीद सरसों की खरीद केंद्रों पर 45 के फिगर मंदिर के गुना जिले आगर सरसई बैठती है तो ठीक है वरना बची हुई सरसों गर्भवती चलाने के नियम से खफा है
कनीना के रामकिशन के सामने बताएं कि उनकी 35 किलो सरसों बच गई थी जिसको उन्हें मजबूरन कर लाना पड़ा जो कोई काम की नहीं है उनका कहना है कि बची हुई सरसों भी खरीदी जानी चाहिए उन्होंने बताया कि सरकार के नियमानुसार 15 के गुणज में अगर सरसों है तो वह खरीदी जा सकती है वरना वह सरसों खरीदी नहीं जाएगी उनकी 735 से किलो अधिक होने के कारण खरीदी नहीं गई जिसके कारण उन्हें 35 किलो शक्कर डालनी सरसों को कहां प्रयोग करें क्योंकि भगवान ने उन्हें यह सर्दी है ऐसे में उन्होंने मांग की है कि सरसों की एक-एक दाना खरीदा जाना चाहिए



विश्व संवाद परिषद् ने उन्हाणी के राजेश को किया सम्मानित

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कनीना। वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के बारे में आम व्यक्तियों को जागरूक करने, डब्ल्यूएचओ के दिशा निर्देशों का पालन करने आदि सामाजिक कार्य करने पर उन्हाणी निवासी  राजेश कुमार को विश्व संवाद परिषद् के संस्थापक अध्यक्ष डॉ श्याम सुंदर पचौरी द्वारा प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान पत्र उनको ई-मेल से भेजा गया है।
गौरतलब है कि राजेश कुमार राजकीय प्राथमिक पाठशाला खेड़ी ईंट भट्टा में कार्यरत हैं और वर्तमान में सोशल मीडिया के माध्यम से आम जनता को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं।
उनका कहना है कि कोरोना महामारी की इस जंग में घर के अंदर रहे तभी सुरक्षित रह सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की इस महामारी से संबंधित कोई झूठा भ्रामक प्रचार प्रसार न करें। सोशल मीडिया पर प्राप्त झूठे मैसेज को आगे फारवर्ड न करें। यह विषम समय बीत जाएगा और एक दूसरे के सहयोग से  कोरोना हार जाएगा तथा भारत जीत जाएगा।

Thursday, May 7, 2020


कोरोना रिलीफ फंड में 62 हज़ार रुपये

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कनीना। राजकीय महाविद्यालय कनीना के एक्सटेंशन लक्चररो ने मुख्य मंत्री कोरोना रिलीफ़ फंड में 62 हजार रुपये दिए हैं। यह राशि एसडीएम रणबीर सिंह को चेक के माध्यम से दी। 
    लेक्चरर बलराज सिंह व अनीता यादव ने संयुक्त रूप से बताया कि हमारा यह ग्रुप अभी ऑनलाइन विद्यार्थियों को पढ़ा रहा है। हमारा ग्रुप आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को पुस्तकें भी उपलब्ध करवा रहा हैं । एसडीएम रणबीर सिंह ने एक्सटेंशन लेक्चरर का आभार जताया और इनकी प्रशंसा की । एसडीएम ने कहा के इस तरीके की पहल हर कालेज में होनी चाहिए।
 उधर श्याम मित्र मंडल कनीना ने नगर पालिका प्रशासन को जरूरतमंद एमनीएवं असहाय जनों की निशुल्क व्यवस्था के लिए 41000 रुपये दिए है। विस्तृृत जानकारी देते हुए समाजसेवी सचिन कुमार ने बताया कि इससे पहले भी 1000 मास्क निशुल्क वितरित कर चुका है। साथ में 21 दिन तक लगातार निस्सहाय जन की निशुल्क भोजन व्यवस्था भी कर चुका है।
उधर कनीना उप नागरिक अस्पताल के तहत पीएचसी मुंडियाखेड़ा, पीएचसी भोजावास तथा एसडीएच कनीना के 66 कर्मचारियों व अधिकारियों ने मिलकर 2,34,210 रुपये की राशि सीएम कोरोना रिलीफ फंड में भेजी है। विस्तृत जानकारी देते हुए एसएमओ डॉ धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि सभी कर्मचारियों अधिकारियों ने अपने अपने वेतन से यह राशि सीएम रिलीफ फंड में भेजी है।
फोटो कैप्शन 3: एसडीएम कनीना को कालेज प्रोफेसर चेक देते हुए।






बागपत और शामली भेजे 500 श्रमिक 
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कनीना। कनीना से उत्तर प्रदेश के श्रमिकों को उनके गांव भेजने का सिलसिला जारी है। पहले जो ट्रेन से उन्हें भेजे जाना था वो रद्द करके उनके स्थान पर रोडवेज की बसें उन्हें लेकर जा रही हैं।
 15 बसों में बिठाकर 500 श्रमिकों को रवाना किया गया है। ये बसें कल तक उन्हें उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचा देंगी।

6500 लोगों का हुआ मेडिकल चैकअप 

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 कनीना। कनीना उप नागरिक अस्पताल के डॉक्टर विनय कुमार की अध्यक्षता में दो विभिन्न दलों ने अब तक 6500 के करीब श्रमिकों का मेडिकल कर लिया है।
 ये लोग मेडिकल करवाकर अपने गंतव्य स्थानों पर जाने को तैयार हैं। कुछ चले भी गए हैं। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकांश मजदूर हैं।


272 किसानों की 7587 क्विंटल सरसों खरीदी

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  कनीना। कनीना अनाज मंडी में सरसों तथा इसके तहत तीन खरीद केंद्रों पर गुरुवार को 272 किसानों की 7587 क्विंटल सरसों खरीदी है।
 विस्तृत जानकारी देते हुए हैफेड मैनेजर सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना 135 किसानों ने 3950 क्विंटल, करीरा के 32 किसानों ने 739 क्विंटल,सेहलंग में 61 किसानों ने 1781 क्विंटल, दौंगड़ा में 44 किसानों ने 1117 क्विंटल सरसों बेची  है जबकि 55 किसानों ने 2271 क्विंटल गेहूं बेचा है।


कैमला के किसान की रोकी पेमेंट 

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 कनीना। कनीना मार्केट कमेटी में आई एक शिकायत  के चलते कैमला के एक किसान की पेमेंट रोक दी है।
 शिकायत में कहा गया है कि राकेश नामक व्यक्ति ने 40 क्विंटल सरसों गलत तरीके से पंजीकरण करके बेची है। मार्केट कमेटी ने सचिव ने मैनेजर हैफेड को इनकी पेमेंट जांच पूर्ण होने तक न करने का आदेश दिया है। सूचना एसडीएम को भी प्रेषित की गई है।


चक्कर पर चक्कर लगा रहे श्रमिक 

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 कनीना। इस बार दूसरे प्रांतों से दो जून की दो वक्त की रोटी कमाने के लिए आए श्रमिकों को भारी परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है। वहीं क्षेत्र के उन व्यक्तियों ने भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है जिनके यहां ये मजदूर रुके हुए हैं। एक और जहां यह मजदूर बड़ी आशा से हरियाणा के विभिन्न गांवों में आए हैं लेकिन लॉकडाउनलोड  एवं कोरोनावायरस के चलते वापिस जाने में भारी दिक्कत आ रही है। 6000 से भी अधिक श्रमिकों ने मेडिकल करवा लिया है।      ये विभिन्न कार्यालयों में चक्कर लगाते रहते हैं ताकि उनको किसी प्रकार उनके राज्य में भेजा जाए लेकिन केवल निराशा हाथ लगती है। ये लोग अपने निजी साधनों से भी नहीं जा सकते क्योंकि इनको किसी प्रकार की कोई अनुमति नहीं मिल पा रही है।
 उधर जिन गांव के लोगों ने इनको लावणी के लिए बुलाया था उनके लिए भी मुसीबत ही बन गए हैं। 20 और 25 लोगों को प्रतिदिन रोक पाना और वह भी पिछले एक महीने से रोक पाना बहुत कठिन हो गया है। अब इसी प्रकार के लोग अपने प्रदेश में चले जाए इसलिए खंड विकास कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, नगर पालिका कार्यालय तथा विभिन्न कार्यालयों के यहां इधर-उधर घूमते नजर आते हैं।
 200 के करीब श्रमिक नगर पालिका में आंदोलन कर बैठे कि उनके राज्य में भिजवाया जाए। मौके पर जहां पालिका प्रधान सतीश जेलदार अन्य अधिकारियों ने समझाया कि उनके राज्यों में भेजना उनके हाथ नहीं है। प्रशासन उनको समय अनुसार भेज रहा है, वे उनकी मांग प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। सतीश जेलदार ने बताया कि यह लोग बेहद परेशान हैं जब इनको दूसरे राज्य में भेजा जाना है, मेडिकल हो चुका है तो क्यों न इनको तुरंत उनकेे राज्य में राज्य में भेज दिया जाए।
लेकिन हर बार इनको परेशानी झेलनी पड़ रही है। एक और जहां कनीना में तीन शेल्टर होम स्थापित है जहां भारी संख्या में पूरे खंड कनीना के मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार के श्रमिक आए हुए हैं। यद्यपि मध्यप्रदेश के श्रमिकों को अटेली भेजकर और ट्रेन द्वारा भेजा जा रहा है किंतु उत्तर प्रदेश तथा बिहार के लोगों को कनीना से भेजा जा रहा है।  एक ही शहर के सभी मजदूरों को एक साथ न भेजे जाने से भी इनमें रोष पनप रहा है।
ऐसा लगता है कि जिले में कोई इनकी सुनवाई करने वाला नहीं है। यदि किसी भी शेल्टर होम में जाकर देखा जाए तो बेचारी मायूस हुए ये श्रमिक इधर उधर बैठे देखे जा सकते हैं पुलिस प्रशासन भी बैठा हुआ है पर वे प्रशासन के समक्ष असहाय नजर आते हैं। एक और जहां इनके लिए खाने का प्रबंध करना भी कठिन हो गया है क्योंकि इनकी निश्चित संख्या नहीं होना,जो मुसीबत बन रही है। नगर पालिका कनीना ने पूरे ही हरियाणा में खाना बनाकर इनको खिलाने में नाम कमाया है किंतु वे भी मजबूर है कि इनकी संख्या घटती बढ़ती रहती है। इन मजदूरों की मांग है कि ने अविलंब उनके राज्य में भेजा जाए।




संशमनी रोग-प्रतिरोध क्षमता बढ़ती है-डा शशी मोरवाल

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कनीना। आयुष मंत्रालय द्वारा जारी रोग-प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाने के लिए संशमनी वटी के किट बाट कर लोगों को कोरोना से बचने के उपाय बता कर जागरूक किया।
 आयुष विभाग की वरिष्ठ चिकित्सक डाक्टर शशी मोरवाल ने कस्बा कनीना में बस स्टैंड, अनाज मंडी, रेलवे रोड़, बिजली विभाग व अन्य मार्केट में आयुष विभाग द्वारा जारी रोग प्रतिरोध क्षमता के लिए संसमन वटी किट वितरित किए।
 इस अवसर पर बोलते हुए डा मोरवाल ने बताया कि जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा अजीत सिंह आदेशानुसार  पिछले पांच दिन से उनकी समूची टीम कस्बे में विभिन्न स्थानों पर उक्त किट देकर लोगों को कोरोना नामक महामारी को लेकर बचाव के प्रति जागरूक अभियान चलाया हुआ है।
 टीम में डा पूजा, महेन्द्र कुमार डिस्पेंसर, विनोद कुमार डिस्पेंसर आदि द्वारा लोगों को उनके नीजि स्थानों पर जाकर उक्त किट उपलब्ध कराए गए है ताकि देश व प्रदेश के लोग इस महामारी से बच सके। वही टीम की सदस्या डाक्टर पूजा ने भी लोगों को कहा कि इस महामारी से बचने के लिए रोजाना संसमन वटी की एक टेबलेट सुबह और एक सांय गर्म पानी के साथ लेनी चाहिए तथा आए दिन दूध में हल्दी डालकर पीना चाहिए। दाल चीनी, अदरक का काढ़ा बना कर पीना चाहिए तथा खाने में हरी सब्जियों का प्रयोग करना चाहिए तथा अपने घरों में रह कर शरीर की इम्यूनिटी पावर को बढ़ा कर इस महामारी से अपने तथा अपने परिवार को बचाना चाहिए। वही डा शशी मोरवाल ने यह भी बताया कि इस जागरूक अभियान में लगभग आज पांच सौ किट लोगों को बाट कर कोरोना से बचने के उपाय भी बताए हैं।
फोटो कैप्शन 2: कोरोना से बचने के लिए संशमनी वटी बाटते हुए डा शशी मोरवाल।

रोजवेज बसों में भरकर भेजे पांच सौ प्रवासी श्रमिक

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कनीना। क्षेत्र में हजारों की तादाद में आए प्रवासी मजदूरों को उनके राज्यों में भेजने के लिए लिए प्रशासन ने हरियाणा रोड़वेज की बसें तथा रेलवे का इंतजाम कराया है। यहा गोरतलब है कि गत दिवस यूपी, एमपी तथा बिहार से जिला महेन्द्रगढ़ में दो वक्त की रोटी कमाने आए मजदूरों को लोकडाउन की वजय से यहां कार्य ठप होजाने के कारण दो जून की रोटियों के लाले पड़ गए थे जिसको लेकर मजदूरों ने कई बार ग्राम सरपंचों से लेकर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी व प्रशासन तक के अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा-लगा कर उनको अपने गांव भिजवाने या फिर दो वक्त की रोटी उपलब्ध कराने की मांग करते रहे हैं।
 आखिरकार उपमंडल कनीना के विभिन्न गांवों से लगभग पांच सौ प्रवासी मजदूरों लगभग एक दर्जन रोडवेज बसें भर कर उनके राज्य के विभिन्न जिलों पर भिजवाने का कार्य किया जिसको लेकर प्रवासी मजदूरों ने खुशी जताई है। लगभग पांच सौ मजदूरों को उन्हाणी कालेज से शामली, बागपत तथा लखीमपुर खीरी भिजवाया है तथा जल्द ही और यूपी के मजदूरों को भिजवाने का कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी, नायब तहसीलदार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी युद्धवीर सिंह के अलावा अन्य समाज सेवी लोग उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 3: उन्हाणी से बसों में मजदूरों को ले जाते हुए बस।


 कोरोना महायोद्धा के रूप में उभरे हैं सतीश जेलदार

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 कनीना। कनीना पालिका के प्रधान सतीश जेलदार कोरोना महायोद्धा के रूप में उभर कर सामने आए हैं जिन्होंने 25 मार्च से लगातार प्रतिदिन 2000 लोगों को
खाना खिलवाया है। बाहर के लोगों के खाने, ठहराने की अहम भूमिका अदा की है। जहां पालिका के सभी पार्षदों ने अपने दो-दो माह का पारिश्रमिक खाने के लिए दिया वही गांवों से तथा कनीना के लोगों ने जमकर दान दिया जिसके चलते यहां ठहरने खाने-पीने की समुचित व्यवस्था बाहर के लोगों के लिए बन पाई है जो अभी तक जारी है। इसमें सबसे अहम भूमिका सतीश जेलदार की रही है। उन्होंने छह बार कनीना को सैनिटाइज करवाया तीन बार फोगिंग करवाई, तीन बार मास्क वितरित करवाए,सैनिटाइजर दिए तथा हाथ में पहनने के लिए दस्तानों का वितरण भी करवाया।
यही नहीं उन्होंने पालिका में कार्यरत कर्मियों के लिए जूते, सॉक्स, सैनिटाइजर, मास्क, दस्ताने, जैकेट आदि भी उपलब्ध करवाई ताकि कनीना को साफ सुथरा रख सके। उनके कार्य की पूरे राज्य और सीएम कार्यालय तक सराहना की गई है जिसके चलते वे एक कोरोना महायोद्धा के रूप में उभरे हैं।
उनका कहना है कि भविष्य में भी वे यह प्रकार के खाने का प्रबंध रखेंगे जब तक प्रशासन,कनीना  और कनीना के आसपास के लोगों का सहयोग जारी रहेगा। कनीना में जहां कहने को  दो शेल्टर होम थे किंतु मुख्य सेंटर होम कनीना पालिका के समक्ष था जिसमें कहने को 52 लोग ठहरते थे किंतु दो हजार लोगों को प्रतिदिन खाना खिलाया जा रहा था जिसके पीछे भी उन्हीं का अहम योगदान था।
पालिका प्रधान सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जिम्मेदारी देकर खाने की व्यवस्था करवा रखी है। अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक सभी बाहर के लोगों को खाना खिलाते रहे हैं जिनमें राजाराम सचिव, पूर्व पालिका प्रधान राजेंद्र सिंह लोढ़ा, पालिका उपप्रधान अशोक ठेकेदार, महेंद्र सिंह हलवाई, पोंडा हलवाई तथा ठेकेदार ओमप्रकाश लेखाकार शिवचरण शमा ,केशव सहित सभी ने अहम भूमिका निभाई और कनीना कस्बे को पूरे हरियाणा भर में एक नंबर पर लाकर सिद्ध कर दिया कि सतीश जेलदार की अध्यक्षता में सभी कार्य सही सुचारू रूप से चल सकते हैं।
फोटो कैप्शन : सतीश जेलदार।




दो दिनों में हुआ 820 श्रमिकों को दी मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट
-उनके प्रदेश में भेजे जाने की तैयारी

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 कनीना। कनीना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डा विनय कुमार की अध्यक्षता में कनीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में दो टीमों द्वारा श्रमिकों का मेडिकल चेक अप किया गया। दोनों टीमों ने दो दिनों में 820 श्रमिकों का मेडिकल किया। उन्हें उनके प्रदेश भेजा जाना है।
    मिली जानकारी अनुसार डॉ विनय कुमार शर्मा की अध्यक्षता में लखपत सिंह एवं शर्मिला स्टाफ नर्स की एक टीम ने करीब 400 श्रमिकों का मेडिकल किया जबकि शीशराम एचआई, राजेश कुमार एमपीएचडब्ल्यू, रणबीर सिंह एडस काउंसलर, राजबीर सिंह  एमपीएचडब्ल्यू ने मिलकर ने 400 लोगों का मेडिकल किया। कुल 820 श्रमिकों का मेडिकल किया गया।
 उल्लेखनीय है कि 5910 लोगों का पहले ही मेडिकल हो चुका है। 820 लोगों बुधवार तक मेडिकल हो गया है। अब सरकार की हिदायतों के अनुसार उन्हें उनके प्रदेश में भेजा जाएगा।
फोटो कैप्शन 1: श्रमिकों का मेडिकल करते हुए डॉक्टरों की टीम।













बागपत और शामली भेजे ५०० श्रमिक 

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कनीना। कनीना से उत्तर प्रदेश के श्रमिकों को उनके गांव भेजने का सिलसिला जारी है। पहले जो ट्रेन से उन्हें भेजे जाना था वो रद्द करके उनके स्थान पर रोडवेज की बसें उन्हें लेकर जा रही हैं।
 १५ बसों में बिठाकर ५०० श्रमिकों को रवाना किया गया है। ये बसें कल तक उन्हें उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचा देंगी।

६५०० लोगों का हुआ मेडिकल चैकअप 

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 कनीना। कनीना उप नागरिक अस्पताल के डॉक्टर विनय कुमार की अध्यक्षता में दो विभिन्न दलों ने अब तक ६५०० के करीब श्रमिकों का मेडिकल कर लिया है।
 ये लोग मेडिकल करवाकर अपने गंतव्य स्थानों पर जाने को तैयार हैं। कुछ चले भी गए हैं। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के अधिकांश मजदूर हैं।


२७२ किसानों की ७५८७ क्विंटल सरसों खरीदी

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 कनीना। कनीना अनाज मंडी में सरसों तथा इसके तहत तीन खरीद केंद्रों पर गुरुवार को २७२ किसानों की ७५८७ क्विंटल सरसों खरीदी है।
 विस्तृत जानकारी देते हुए हैफेड मैनेजर सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना १३५ किसानों ने ३९५० क्विंटल, करीरा के ३२ किसानों ने ७३९ क्विंटल,सेहलंग में ६१ किसानों ने १७८१ क्विंटल, दौंगड़ा में ४४ किसानों ने १११७ क्विंटल सरसों बेची  है जबकि ५५ किसानों ने २२७१ क्विंटल गेहूं बेचा है।

Wednesday, May 6, 2020

संसनवटी रोग-प्रतिरोध क्षमता बढ़ती है-डा शशी मोरवाल






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कनीना। आयुष मंत्रालय द्वारा जारी रोग-प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाने के लिए संसमन वटी के किट बाट कर लोगों को कोरोना से बचने के उपाय बता कर जागरूक किया।
 आयुष विभाग की वरिष्ठ चिकित्सक डाक्टर शशी मोरवाल ने आज स्थानीय कस्बा कनीना में बस स्टैंड, अनाज मंडी, रेलवे रोड़, बिजली विभाग व अन्य मार्केट में आयुष विभाग द्वारा जारी रोग प्रतिरोध क्षमता के लिए संसमन वटी किट वितरित किए।
इस अवसर पर बोलते हुए डा मोरवाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार  पिछले पांच दिन से उनकी समूची टीम कस्बे में विभिन्न स्थानों पर उक्त किट देकर लोगों को कोरोना नामक महामारी को लेकर बचाव के प्रति जागरूक अभियान चलाया हुआ है।
 टीम में डा पूजा, महेन्द्र कुमार डिस्पेंसर, विनोद कुमार डिस्पेंसर आदि द्वारा लोगों को उनके नीजि स्थानों पर जाकर उक्त किट उपलब्ध कराए गए है ताकि देश व प्रदेश के लोग इस महामारी से बच सके। वही टीम की सदस्या डाक्टर पूजा ने भी लोगों को कहा कि इस महामारी से बचने के लिए रोजाना संसमन वटी की एक टेबलेट सुबह और एक सांय गर्म पानी के साथ लेनी चाहिए तथा आए दिन दूध में हल्दी डालकर पीना चाहिए। दाल चीनी, अदरक का काढ़ा बना कर पीना चाहिए तथा खाने में हरी सब्जियों का प्रयोग करना चाहिए तथा अपने घरों में रह कर शरीर की इम्यूनिटी पावर को बढ़ा कर इस महामारी से अपने तथा अपने परिवार को बचाना चाहिए। वही डा शशी मोरवाल ने यह भी बताया कि इस जागरूक अभियान में लगभग आज पांच सौ किट लोगों को बाट कर कोरोना से बचने के उपाय भी बताए हैं।
फोटो कैप्शन 1: कोरोना से बचने के लिए संसमन वटी बाटते हुए डा शशी मोरवाल।



श्याम मित्र मंडल ने दिए 41 हजार रुपये दान 
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कनीना। श्याम मित्र मंडल कनीना ने नगर पालिका प्रशासन को जरूरतमंद एमनीएवं असहाय जनों की निशुल्क व्यवस्था के लिए 41000 रुपये दिए है। विस्तत जानकारी देते हुए समाजसेवी सचिन कुमार ने बताया कि इससे पहले भी 1000 मास्क निशुल्क वितरित कर चुका है। साथ में 21 दिन तक लगातार निस्सहाय जन की निशुल्क भोजन व्यवस्था भी कर चुका है।

गेहूं की खरीद नहीं हुई

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 कनीना। कनीना एवं इसके तहत तीन खरीद केंद्रों पर बुधवार को कोई गेहूं की खरीद नहीं हुई जबकि सरसों की खरीद जारी है। कनीना में 72 किसानों ने 1898 क्विंटल, सेहलंग में 44 किसानों ने 1180 क्विंटल,करीरा के 50 किसानों ने 1400 क्विंटल वहीं दौंगड़ा अहीर में  52 किसानों ने 12 30 क्विंटल सरसों बेची है। हैफेड मैनेजर सत्येंद्र यादव ने बताया कि सरसों की खरीद लगातार जारी है।


 कोरोना महायोद्धा के रूप में उभरे हैं सतीश जेलदार

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 कनीना। कनीना पालिका के प्रधान सतीश जेलदार कोरोना महायोद्धा के रूप में उभर कर सामने आए हैं जिन्होंने 25 मार्च से लगातार प्रतिदिन 2000 लोगों को
खाना खिलवाया है। बाहर के लोगों के खाने, ठहराने की अहम भूमिका अदा की है। जहां पालिका के सभी पार्षदों ने अपने दो-दो माह का पारिश्रमिक खाने के लिए दिया वही गांवों से तथा कनीना के लोगों ने जमकर दान दिया जिसके चलते यहां ठहरने खाने-पीने की समुचित व्यवस्था बाहर के लोगों के लिए बन पाई है जो अभी तक जारी है। इसमें सबसे अहम भूमिका सतीश जेलदार की रही है। उन्होंने छह बार कनीना को सैनिटाइज करवाया तीन बार फोगिंग करवाई, तीन बार मास्क वितरित करवाए,सैनिटाइजर दिए तथा हाथ में पहनने के लिए दस्तानों का वितरण भी करवाया।
यही नहीं उन्होंने पालिका में कार्यरत कर्मियों के लिए जूते, सॉक्स, सैनिटाइजर, मास्क, दस्ताने, जैकेट आदि भी उपलब्ध करवाई ताकि कनीना को साफ सुथरा रख सके। उनके कार्य की पूरे राज्य और सीएम कार्यालय तक सराहना की गई है जिसके चलते वे एक कोरोना महायोद्धा के रूप में उभरे हैं।
उनका कहना है कि भविष्य में भी वे यह प्रकार के खाने का प्रबंध रखेंगे जब तक प्रशासन,कनीना  और कनीना के आसपास के लोगों का सहयोग जारी रहेगा। कनीना में जहां कहने को  दो शेल्टर होम थे किंतु मुख्य सेंटर होम कनीना पालिका के समक्ष था जिसमें कहने को 52 लोग ठहरते थे किंतु दो हजार लोगों को प्रतिदिन खाना खिलाया जा रहा था जिसके पीछे भी उन्हीं का अहम योगदान था।
पालिका प्रधान सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जिम्मेदारी देकर खाने की व्यवस्था करवा रखी है। अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक सभी बाहर के लोगों को खाना खिलाते रहे हैं जिनमें राजाराम सचिव, पूर्व पालिका प्रधान राजेंद्र सिंह लोढ़ा, पालिका उपप्रधान अशोक ठेकेदार, महेंद्र सिंह हलवाई, पोंडा हलवाई तथा ठेकेदार ओमप्रकाश लेखाकार शिवचरण शमा ,केशव सहित सभी ने अहम भूमिका निभाई और कनीना कस्बे को पूरे हरियाणा भर में एक नंबर पर लाकर सिद्ध कर दिया कि सतीश जेलदार की अध्यक्षता में सभी कार्य सही सुचारू रूप से चल सकते हैं।
फोटो कैप्शन : सतीश जेलदार।


1400 बिहार के लोग आकर ठहर गए हैं कनीना में
-गुरुवार तक इनकी बिहार के लिए होगी रवानगी

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कनीना। बिहार के लिए जाने वाले श्रमिकों की लगभग तैयारी हो गई है। उनकी मेडिकल फिटनेस भी हो चुकी है। वहीं अब उनको रेवाड़ी ट्रेन में बैठाए जाने के लिए कनीना के तीन विभिन्न स्थानों पर ठहराया गया है। गुरुवार तक इनके प्रदेश में इनकी रवानगी निश्चित है। अब तक 6730 लोगों को फिटनेस सर्टिफिकेट्स दे दिए गए हैं।
 मिली जानकारी अनुसार कनीना कालेज में 511 राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना में 551 तथा आरएस वाटिका में 348 लोगों को ठहराया गया है। ये सभी बिहार के विभिन्न जिलों से संबंध रखते हैं। विभिन्न गांव से लाकर र्कनीना में ठहराया गया है। दिनभर विभिन्न गांवों से विभिन्न साधनों द्वारा कनीना में लाकर ठहराया गया है। तत्पश्चात इनको रेवाड़ी तक विभिन्न साधनों द्वारा पहुंचाया जाएगा और गुरुवार तक इनकी रवानगी निश्चित है।
उधार खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी युद्धवीर सिंह ने बताया कि इन लोगों के लिए खाने ठहरने, सैनिटाइज करने के अतिरिक्त समस्त सावधानियां बरती गई है। जहां तीन अलग-अलग नोडल अधिकारी हरिओम भारद्वाज, रमन शास्त्री तथा अमित कुमार नायब तहसीलदार नियुक्त किए गए हैं। तीनों से मिली जानकारी अनुसार इनको सैनिटाइज करवाया हाथों को धुलवाया जा रहा है तथा फिजिकल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करवाया जा रहा है। विभिन्न गांव में ये लोग उठा रहे थे। अब इनको यहां बुलाया गया है ताकि अब इनको विभिन्न साधनों द्वारा रेवाड़ी तक पहुंचाया जाएगा। रेवाड़ी से ट्रेन द्वाराइनको बिहार के विभिन्न जिलों में पहुंचाया जाएगा।
उधर कनीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल समक्ष नगरपालिका तथा विभिन्न स्थानों पर इनके खाने की व्यवस्था की गई है। इनको खाना खिलाने, सोने के लिए गद्दों की व्यवस्था तथा हर प्रकार की सुविधा दी जा रही है। यह लोग अपने अपने सामान सहित घर जाने को तैयार बैठे हैं। उधर क्षेत्र के भारी संख्या में मध्यप्रदेश के लोगों को अटेली पहुंचाया गया है। अटेली से उन्हें ट्रेन से मध्य प्रदेश में ले जाया जाएगा। अभी उत्तर प्रदेश के लोगों के जाने की व्यवस्था भी की जानी है। जल्दी उनके जाने की व्यवस्था भी कर दी जाएगी।
कनीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में रमन शास्त्री अमरजीत सिंह तथा विभिन्न शिक्षक सूची बनाते हुए देखे गए ताकि इनको विधि विधान से प्रस्थान करवाया जा सके।
 फोटो कैप्शन 2 व 3: श्रमिकों की सूची बनाते हुए तथा ठहरे हुए लोग।


दो दिनों में हुआ 820 श्रमिकों को दी मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट
-उनके प्रदेश में भेजे जाने की तैयारी 

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 कनीना। कनीना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डा विनय कुमार की अध्यक्षता में कनीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में दो टीमों द्वारा श्रमिकों का मेडिकल चेक अप किया गया। दोनों टीमों ने दो दिनों में 820 श्रमिकों का मेडिकल किया। उन्हें उनके प्रदेश भेजा जाना है।
    मिली जानकारी अनुसार डॉ विनय कुमार शर्मा की अध्यक्षता में लखपत सिंह एवं शर्मिला स्टाफ नर्स की एक टीम ने करीब 400 श्रमिकों का मेडिकल किया जबकि शीशराम एचआई, राजेश कुमार एमपीएचडब्ल्यू, रणबीर सिंह एडस काउंसलर, राजबीर सिंह  एमपीएचडब्ल्यू ने मिलकर ने 400 लोगों का मेडिकल किया। कुल 820 श्रमिकों का मेडिकल किया गया।
 उल्लेखनीय है कि 5910 लोगों का पहले ही मेडिकल हो चुका है। 820 लोगों बुधवार तक मेडिकल हो गया है। अब सरकार की हिदायतों के अनुसार उन्हें उनके प्रदेश में भेजा जाएगा।
फोटो कैप्शन 4: श्रमिकों का मेडिकल करते हुए डॉक्टरों की टीम।


संसनवटी रोग-प्रतिरोध क्षमता बढ़ती है-डा शशी मोरवाल

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कनीना। आयुष मंत्रालय द्वारा जारी रोग-प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाने के लिए संसमन वटी के किट बाट कर लोगों को कोरोना से बचने के उपाय बता कर जागरूक किया।
 आयुष विभाग की वरिष्ठ चिकित्सक डाक्टर शशी मोरवाल ने आज स्थानीय कस्बा कनीना में बस स्टैंड, अनाज मंडी, रेलवे रोड़, बिजली विभाग व अन्य मार्केट में आयुष विभाग द्वारा जारी रोग प्रतिरोध क्षमता के लिए संसमन वटी किट वितरित किए।
इस अवसर पर बोलते हुए डा मोरवाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार  पिछले पांच दिन से उनकी समूची टीम कस्बे में विभिन्न स्थानों पर उक्त किट देकर लोगों को कोरोना नामक महामारी को लेकर बचाव के प्रति जागरूक अभियान चलाया हुआ है।
 टीम में डा पूजा, महेन्द्र कुमार डिस्पेंसर, विनोद कुमार डिस्पेंसर आदि द्वारा लोगों को उनके नीजि स्थानों पर जाकर उक्त किट उपलब्ध कराए गए है ताकि देश व प्रदेश के लोग इस महामारी से बच सके। वही टीम की सदस्या डाक्टर पूजा ने भी लोगों को कहा कि इस महामारी से बचने के लिए रोजाना संसमन वटी की एक टेबलेट सुबह और एक सांय गर्म पानी के साथ लेनी चाहिए तथा आए दिन दूध में हल्दी डालकर पीना चाहिए। दाल चीनी, अदरक का काढ़ा बना कर पीना चाहिए तथा खाने में हरी सब्जियों का प्रयोग करना चाहिए तथा अपने घरों में रह कर शरीर की इम्यूनिटी पावर को बढ़ा कर इस महामारी से अपने तथा अपने परिवार को बचाना चाहिए। वही डा शशी मोरवाल ने यह भी बताया कि इस जागरूक अभियान में लगभग आज पांच सौ किट लोगों को बाट कर कोरोना से बचने के उपाय भी बताए हैं।
फोटो कैप्शन 1: कोरोना से बचने के लिए संसमन वटी बाटते हुए डा शशी मोरवाल।

Tuesday, May 5, 2020




25 सैंपल लिए मौके पर ही रिपोर्ट आई
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 कनीना। कनीना के उप नागरिक अस्पताल में नारनौल की कोविड-19 मोबाइल टीम कोरोना सैंपल लेने और जांच के लिए पहुंची। किट विधि से मौके पर ही टीम ने जांच की। इस मौके पर 10 सैंपल स्वैप के लिए सहित 25 सैंपल रेपिड लिए गए। सभी की रिपोर्ट मौके पर ही नेगेटिव आई।
 इस मौके पर डॉ कनीना धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि अब तक कनीना नागरिक अस्पताल से 125 सैंपल भेजे जा चुके हैं जिनकी शहरी की रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है। महज 10 सैंपल सेट के लिए जो आज लिए है। मंगलवार को लिए है उनका रिजल्ट आना बाकी है जल्द ही उनकी रिपोर्ट आ जाएगी।
  डा धर्मेंद्र ने बताया कि हेल्थ कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, पत्रकार, प्रशासनिक विभाग, सब्जी विक्रेता, बिग बाजार,पुलिस आदि के लोगों के सैंपल लिए गए हैं जिनमें एसएचओ ने विकास कुमार ने भी स्वयं अपना सैंपल दिया है वहीं ऐसे एसएमओ डॉक्टर धर्मेंद्र का भी सैंपल दिया है। अब यह रिपोर्ट जल्द ही आने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि नाकाबंदी पर काम करने वाले पुलिस के अधिकारी/पत्रकार/स्वास्थ्य कर्मी/ प्रशासनिक विभाग के भक्ति ज्यादा जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसलिए उनकी उनके सैंपल लेकर मौके पर ही रिपोर्ट बताई गई जो सभी की नेगेटिव आई।
फोटो कैप्शन 3: मोबाइल टीम सैंपल लेते हुए





सूखा भोजन वितरित

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कनीना। एक मंच एक आवाज की तरफ से गांव ककराला में गाडिय़ा लोहार जाति के लोगों को सूखा भोजन वितरित किया गया।
 इस अवसर पर एक मंच एक आवाज के संयोजक सनोज भोजावास ने बताया कि उनकी संस्था लगातार लॉकडाउन में जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचाने की व्यवस्था कर रही है। इस अवसर पर सनोज आवास ने बताया कि उनकी संस्था लोगों को आटा, दाल, चावल, नमक आदि जरूरी चीजों की सप्लाई गरीब लोगों तक पहुंचा रही है और आगे भी जारी रखेंगे। इस संस्था ने आज ककराला और ढाणा गांव में जरूरतमंद लोगों को खाद्य सामग्री वितरित की।


306 किसानों से 7736 क्विंटल सरसों खरीदी
 -गेहूं महज 34 किसानों ने 1550 क्विंटल बेचा

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कनीना। कनीना अनाज मंडी तथा इसके तहत तीन खरीद केंद्रों पर मंगलवार को भी सरसों एवं गेहूं की खरीद जारी रही। जहां गेहूं की आवक कम है इसलिए 34 किसानों से 1550 क्विंटल ही गेहूं खरीदा गया वहीं सरसों की त्वरित आवक जारी है। 306 किसानों ने 6990 क्विंटल सरसों हैफेड द्वारा खरीदी गई। बारदाने का कोई अभाव नहीं है वही मजदूर त्वरित गति से पैकिंग का कार्य कर रहे हैं। उठान भी तेजी से चल रहा है। कनीना हैफेड मैनेजर सत्येंद्र यादव ने बताया कि कनीना के 130 किसानों ने 3210 क्विंटल तो दौंगड़ा में 62 किसानों ने 1572 क्विंटल सरसों बेची। सेहलंग में 82 किसानों ने 2425 और करीरा में 32 किसानों ने 529 क्विंटल सरसों बेची है।


कनीना की मार्केट खुली जिला उपायुक्त के आदेशों की होगी पालना 

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कनीना। कनीना में लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार सभी दुकानें  मंगलवार से खुल गई हैं। अब तक दुकान खोले जाने का कोई निर्णय नहीं हो पाया था लेकिन जिला उपायुक्त के दुकान खोलने के निर्देशों का पालन करते हुए आखिरकार कनीना कस्बे की सभी दुकानें खुल गई हैं।
सुबह से ही दुकानदार अपनी दुकान खोले जाने के लिए उतावले थे लेकिन दुकानें नहीं खुल पाई तो कस्बा कनीना के सतीश कुमार, रवि कुमार, दिनेश कुमार और रूप आदि विभिन्न दुकानदारों का एक दल एसडीएम कनीना रणवीर सिंह से मिला। एसडीएम ने उन्हें जिला उपायुक्त नारनौल के आदेशों और दायित्वों का पालन करते हुए दुकान खोले जाने की हिदायत दी। लेकिन साथ में शर्त रखी कि नियमों का पूर्ण रूप से पालन किया जाएगा। दुकानदारों ने एसडीएम को आश्वस्त किया कि वे समस्त हिदायतों का पूर्ण रूप से पालन करेंगे तत्पश्चात दुकानें खुल गई।
 आज लंबे समय के बाद दुकानदार दुकानों की सफाई करते नजर आए तथा खुश नजर आए। आज दुकान खोलने के बाद ग्राहकों की संख्या निश्चित रूप से कम रही हो लेकिन आने वाले समय में ग्राहकों की संख्या बढऩे की उम्मीद है। साथ में इससे रोग फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता क्योंकि इस प्रकार भीड़ बढऩे से किसी प्रकार के रोग फैलने की संभावना बढ़ सकती है।





लॉकडाउन में बच्चे आनलाइन गृहकार्य पूरा करने में रहते हैं व्यस्त

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कनीना। कोरोनावायरस महामारी को दूर करने के लिए पूरे देश में तीसरे चरण का लॉकडाउन जारी है। इस दौरान सभी लोग इस बीमारी से बचाव के लिए अपने अपने घरों में कैद है।
  सभी शिक्षक संस्थान भी पूरी तरह बंद है। सभी शिक्षण संस्थानों द्वारा अपने अपने स्तर पर विद्यार्थियों को आनलाइन गृहकार्य दिया जा रहा है ताकि बच्चे पढ़ाई से पूरी तरह विमुख न हो और उनका ध्यान पढ़ाई में लगा रहे तथा पाठ्यक्रम का कुछ अंश पूरा हो जाए।
उनके माता पिता भी आनलाइन गृहकार्य देने के बाद अपने बच्चों को भी आनलाइन गृहकार्य पूरा करवाने  में सहायता करते हैं।
फोटो कैप्शन 4:आनलाइन शिक्षण कार्य पूरा करते विद्यार्थी।



25 सैंपल लिए मौके पर ही रिपोर्ट आई

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 कनीना। कनीना के उप नागरिक अस्पताल में नारनौल की कोविड-19 मोबाइल टीम कोरोना सैंपल लेने और जांच के लिए पहुंची। किट विधि से मौके पर ही टीम ने जांच की। इस मौके पर 10 सैंपल स्वैप के लिए सहित 25 सैंपल रेपिड लिए गए। सभी की रिपोर्ट मौके पर ही नेगेटिव आई।
 इस मौके पर डॉ कनीना धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि अब तक कनीना नागरिक अस्पताल से 125 सैंपल भेजे जा चुके हैं जिनकी शहरी की रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है। महज 10 सैंपल सेट के लिए जो आज लिए है। मंगलवार को लिए है उनका रिजल्ट आना बाकी है जल्द ही उनकी रिपोर्ट आ जाएगी।
  डा धर्मेंद्र ने बताया कि हेल्थ कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, पत्रकार, प्रशासनिक विभाग, सब्जी विक्रेता, बिग बाजार,पुलिस आदि के लोगों के सैंपल लिए गए हैं जिनमें एसएचओ ने विकास कुमार ने भी स्वयं अपना सैंपल दिया है वहीं ऐसे एसएमओ डॉक्टर धर्मेंद्र का भी सैंपल दिया है। अब यह रिपोर्ट जल्द ही आने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि नाकाबंदी पर काम करने वाले पुलिस के अधिकारी/पत्रकार/स्वास्थ्य कर्मी/ प्रशासनिक विभाग के भक्ति ज्यादा जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसलिए उनकी उनके सैंपल लेकर मौके पर ही रिपोर्ट बताई गई जो सभी की नेगेटिव आई।
फोटो कैप्शन 3: मोबाइल टीम सैंपल लेते हुए


बाहर के लोगों को खिलाया खाना

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कनीना। कनीना की नगर पालिका में विगत लंबे अरसे से बाहर के लोगों को खाना खिलाया जा रहा है। मंगलवार को जहां 500 लोगों का मेडिकल होने की वजह से भोजन करने वालों की संख्या बए़ गई और 1200 लोगों ने सुबह की पारी में में खाना खिलाया। सतीश जेलदार पालिका प्रधान ने बताया कि जब तक सरकार चाहेगी, कस्बा वासियों का सहयोग मिलेगा तब तक खाना खिलाते रहेंगे।
 







कनीना की मार्केट खुली जिला उपायुक्त के आदेशों की होगी पालना
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 कनीना। कनीना में लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार सभी दुकानें  मंगलवार से खुल गई हैं। अब तक दुकान खोले जाने का कोई निर्णय नहीं हो पाया था लेकिन जिला उपायुक्त के दुकान खोलने के निर्देशों का पालन करते हुए आखिरकार कनीना कस्बे की सभी दुकानें खुल गई हैं।
सुबह से ही दुकानदार अपनी दुकान खोले जाने के लिए उतावले थे लेकिन दुकानें नहीं खुल पाई तो कस्बा कनीना के सतीश कुमार, रवि कुमार, दिनेश कुमार और रूप आदि विभिन्न दुकानदारों का एक दल एसडीएम कनीना रणवीर सिंह से मिला। एसडीएम ने उन्हें जिला उपायुक्त नारनौल के आदेशों और दायित्वों का पालन करते हुए दुकान खोले जाने की हिदायत दी। लेकिन साथ में शर्त रखी कि नियमों का पूर्ण रूप से पालन किया जाएगा। दुकानदारों ने एसडीएम को आश्वस्त किया कि वे समस्त हिदायतों का पूर्ण रूप से पालन करेंगे तत्पश्चात दुकानें खुल गई।
 आज लंबे समय के बाद दुकानदार दुकानों की सफाई करते नजर आए तथा खुश नजर आए। आज दुकान खोलने के बाद ग्राहकों की संख्या निश्चित रूप से कम रही हो लेकिन आने वाले समय में ग्राहकों की संख्या बढऩे की उम्मीद है। साथ में इससे रोग फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता क्योंकि इस प्रकार भीड़ बढऩे से किसी प्रकार के रोग फैलने की संभावना बढ़ सकती है।





लॉकडाउन में बच्चे आनलाइन गृहकार्य पूरा करने में रहते हैं व्यस्त

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कनीना। कोरोनावायरस महामारी को दूर करने के लिए पूरे देश में तीसरे चरण का लॉकडाउन जारी है। इस दौरान सभी लोग इस बीमारी से बचाव के लिए अपने अपने घरों में कैद है।
  सभी शिक्षक संस्थान भी पूरी तरह बंद है। सभी शिक्षण संस्थानों द्वारा अपने अपने स्तर पर विद्यार्थियों को आनलाइन गृहकार्य दिया जा रहा है ताकि बच्चे पढ़ाई से पूरी तरह विमुख न हो और उनका ध्यान पढ़ाई में लगा रहे तथा पाठ्यक्रम का कुछ अंश पूरा हो जाए।
उनके माता पिता भी आनलाइन गृहकार्य देने के बाद अपने बच्चों को भी आनलाइन गृहकार्य पूरा करवाने  में सहायता करते हैं।
फोटो कैप्शन 4:आनलाइन शिक्षण कार्य पूरा करते विद्यार्थी।






बाहर के लोगों को खिलाया खाना 

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कनीना। कनीना की नगर पालिका में विगत लंबे अरसे से बाहर के लोगों को खाना खिलाया जा रहा है। मंगलवार को जहां 500 लोगों का मेडिकल होने की वजह से भोजन करने वालों की संख्या बए़ गई और 1200 लोगों ने सुबह की पारी में में खाना खिलाया। सतीश जेलदार पालिका प्रधान ने बताया कि जब तक सरकार चाहेगी, कस्बा वासियों का सहयोग मिलेगा तब तक खाना खिलाते रहेंगे।

480 श्रमिकों का किया मेडिकल
चेक अप
-उनके प्रदेश भेजे जाने की तैयारी 

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 कनीना। कनीना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डा विनय कुमार की अध्यक्षता में कनीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में दो टीमों द्वारा श्रमिकों का मेडिकल चेक अप किया गया। दोनों टीमों ने करीब 480 श्रमिकों का मेडिकल किया। उन्हें उनके प्रदेश भेजा जाना है। बुधवार को भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। 
    मिली जानकारी अनुसार डॉ विनय कुमार शर्मा की अध्यक्षता में लखपत सिंह एवं शर्मिला स्टाफ नर्स की एक टीम ने 231 श्रमिकों का मेडिकल किया जबकि शीशराम एचआई, राजेश कुमार एमपीएचडब्ल्यू, रणबीर सिंह एडस काउंसलर, राजबीर सिंह  एमपीएचडब्ल्यू ने मिलकर ने 247 लोगों का मेडिकल किया। कुल 820 श्रमिकों का मेडिकल किया जाना है।
 उल्लेखनीय है कि 5910 लोगों का पहले ही मेडिकल हो चुका है। 820 लोगों की सूची बाकी है। इनका मेडिकल होना है जिनमें से 480 के करीब लोगों का मंगलवार को मेडिकल हो चुका है शेष का बुधवार को पूर्ण किया जाएगा। तत्पश्चात सरकार की हिदायतों के अनुसार उन्हें उनके प्रदेश में भेजा जाएगा।
फोटो कैप्शन एक: श्रमिकों का मेडिकल करते हुए डॉक्टरों की टीम।



जवाहर नवोदय विद्यालय के 20 बच्चे विजयनगर के लिए रवाना 

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 कनीना। जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा में माइग्रेटेड 20 विद्यार्थी आखिरकार एक साल पूरा करके, अपना शिक्षण कार्य पूर्ण कर वापिस अपने गृह जिले विजयनगर के लिए मंगलवार को रवाना हो गए। प्राचार्य सुरेश कुमार सहित उपस्थित स्टाफ ने उन्हें विदाई दी।
   प्राचार्य सुरेश कुमार ने बताया कि 20 माइग्रेटेड विद्यार्थी तथा दो एस्कॉर्ट (संरक्षक)उनके साथ विद्यार्थियों को उनके गृह जिले के लिए रवाना हुए। सरकारी हिदायतों के अनुसार विद्यार्थी नौवीं कक्षा में दूसरे राज्यों से यहां पढऩे के लिए तथा यहां की संस्कृति को सीखने के लिए एक वर्ष के लिए आते हैं। इनका एक वर्ष 31 मार्च को पूरा हो गया था किंतु लॉकडाउन की वजह से ये वापस नहीं जा सके। बार-बार उच्च अधिकारियों से अनुमति प्राप्त करने के पश्चात विधिवत रूप से लाकडाउन के नियमों का पालन और ऐतिहात के सभी नियमों का पालन करते हुए उन्हें किराए की निजी बस में रवाना किया।  यह बस उन्हें मध्यप्रदेश के मांडला में छोड़ेगी जहां विजयनगर से एक अन्य बस उन्हें उनके गृह जिले में पहुंचाएगी।
 रवानगी से पूर्व बस को सेनिटाइज किया गया तथा दूर-दूर विद्यार्थियों को बिठाकर उन्हें विदा किया गया। विदा होते विद्यार्थियों की आंखों में आंसू थे। पूरा एक साल यहां शिक्षा प्राप्त करके वापिस अपने गृह जिले में चले गए हैं। इस अवसर पर उनको विदा करने वालों में प्राचार्य पत्नी कविता कविता, डा सुनील वत्स,योगेंद्र सिंह, प्रमिला यादव, राज कुमार, अशोक कुमार, अनूप सिंह आदि उपस्थित थे।
 फोटो कैप्शन दो: नवोदय के विद्यार्थी बस में रवानगी से पूर्व।

Monday, May 4, 2020


अब दुकान खुलेंगी प्रात: 9 से शाम 4 बजे तक 

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-अंतिम निर्णय मंगलवार को 
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 कनीना। कनीना एसडीएम कार्यालय में विभिन्न अधिकारियों एवं पदाधिकारियों की एक बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता एसडीएम रणवीर सिंह ने की। बैठक में मुख्य मुद्दा दुकान खोले जाने का था जिस पर सभी की सहमति से तथा भारत सरकार के एमएचए के आदेशानुसार दुकानों को प्रात: 9 बजे से शाम 4 बजे तक खोले जाने पर निर्णय लिया गया लेकिन दुकानें किस प्रकार ओड या इवेन अपनाया जाए या अन्य कोई तरीका अपनाया जाए इस पर मंगलवार को अंतिम निर्णय लिया जाएगा। परंतु यह निश्चित हो गया कि बुधवार से दुकानें शाम 4 बजे तक खुली रहेंगी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रवासी लोगों के 6000 का रजिस्ट्रेशन एवं मेडिकल हो चुका है लेकिन अभी तक करीब 820 लोग बिना रजिस्ट्रेशन एवं बिना मेडिकल के बचे है।  कनीना क्षेत्र के इन श्रमिको का रजिस्ट्रेशन होना बाकी है तथा उनकी मेडिकल भी करवाया जाएगा। तत्पश्चात उनको उनके प्रदेश में भेजने की सरकार की हिदायतों अनुसार प्रबंध किया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि दूसरे प्रांतों से आने वाले लोगों के लिए गांव में स्थित स्कूलों में क्वारेंटाइन किया जाए चाहे वो कोई भी अधिकारी या कर्मचारी या अन्य श्रमिक हो उसे उस गांव के स्कूल में ही रखा जाएगा।
बैठक में यह भी अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। इस मौके पर डीएसपी साधुराम बिश्नोई, सचिव नगरपालिका राजाराम, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी युद्धवीर सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी अभय राम यादव, पार्षद मुकेश रॉकी, व्यापार मंडल प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष रविंद्र बंसल सहित विभिन्न जन मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि दुकान खोले जाने को लेकर के सोमवार दिन भर दुकानदार दुकानों के सामने बैठे रहे तथा किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाने के कारण वापिस घर चले गए थे। कुछ दुकानदार एसडीएम से भी मिले थे। एसडीएम ने अंत में यह निर्णय लिया कि एक बैठक आयोजित की जाए जिसके चलते की बैठक आहूत की गई थी।
 फोटो कैप्शन 3: आयोजित बैठक का एक नजारा।









खराब मौसम को देखते हुए पीछे के बच्चे हुए किसानों की हो पाई खरीद 

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 कनीना। हैफेड द्वारा कनीना तथा इसके तहत तीन विभिन्न खरीद केंद्रों पर खराब मौसम को देखते हुए केवल पीछे से बचे हुए किसानों की खरीद हो पाई। सत्येंद्र यादवहैफेड मैनेजर ने बताया कि कनीना के  39 किसानों की 1439 क्विंटल सरसों ही खरीदी गई। सेहलंग,करीरा, दौंगड़ा अहीर में कोई सरसों नहीं खरीदी गई जबकि गेहूं 75 किसानों ने 2500 क्विंटल बेचा।
फोटो कैप्शन 4: सरसों की खरीद करते अधिकारी।



 

 
820 दूसरे प्रदेशों के लोगों का होगा मेडिकल

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कनीना। कनीना उप-नागरिक अस्पताल के 37 गांवो तथा सेहलंग सातुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के गांवों के तहत करीब 5910 प्रवासियों का मेडिकल हो चुका है। सोमवार को जवाहर नवोदय विद्यालय के 20 विद्यार्थियों का मेडिकल किया गया वहीं अब मंगलवार से नगरपालिका कनीना में 820 लोगों का मेडिकल होगा तत्पश्चात ये अपने प्रदेशों में लौटने को तैयार हो जाएंगे। भविष्य में इन्हें अपने प्रदेश में जाना है।
 कनीना के एसएमओ डॉ धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि विभिन्न गांवों के सरपंचों के बुलावे पर उन्हें सभी गांव में जाकर के ठहरे हुए 5910 प्रवासियों का मेडिकल किया है। उन्होंने बताया कि कनीना उप नागरिक अस्पताल के तहत 37 गांव आते हैं जबकि सेहलंग अस्पताल के तहत भी कुछ गांव आते हैं। रिकॉर्ड अनुसार इन श्रमिकों की संख्या 5910 है किंतु आंकड़े 6000 को पार कर गए हैं। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर सरपंचों ने बताए कम लेकिन हकीकत में ज्यादा लोग मिले हैं। ऐसे में सभी की मेडिकल हो चुका है। यह विभिन्न राज्यों बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश आदि के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को जवाहर नवोदय विद्यालय करीरा के 20 विद्यार्थियों का मेडिकल किया गया है जो आंध्र प्रदेश में जाएंगे जबकि मंगलवार से नगरपालिका कार्यालय में 820 ऐसे लोगों का मेडिकल किया जाएगा।
 उल्लेखनीय है कि कनीना और आसपास क्षेत्र में फसल कटाई शुरू होती है तब भारी संख्या में लोग आते हैं। ये लोग आ गए तत्पश्चात लाकडाउन के चलते वापस नहीं जा पाए। अब इनको घर की याद सताने लगी है। आखिरकार सरकार ने निर्णय लेते हुए उन्हें उनके राज्यों में भेजने का कदम उठाया है। भविष्य में इनको विभिन्न राज्यों में भेजा जाएगा।


लॉकडाउन में जनसेवा की है मुकेश रोकी ने 

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, कनीना। कनीना मंडी के  पार्षद मुकेश रॉकी ने न केवल लॅकडाउन में गरीब लोगों की हर प्रकार से किया है अपितु अपना सात माह का मानदेय भी लोगों के लिए खाने के प्रबंध में कर दिया है।
  मुकेश राकी लॉकडाउन के समय दिन-रात जुटे रहे और लोगों की सेवा करते देखे गए और पार्षदों ने मिलने वाला पारिश्रमिक भी कोरोना से लडऩे के लिए दान कर दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने सात माह का बतौर पार्षद का मिलने वाला पारिश्रमिक 31500 भी लोगों के लिए खाने वास्ते दान कर दिया। वार्ड सात के पार्षद मुकेश रोकी लॉकडाउन के समय से ही जनसेवा में जुटे हुए हैं।  उन्होंने समय-समय पर मास्क एवं सेनिटाइजर आदि वितरित किए हैं वहीं लोगों को समय-समय पर कोरोना के प्रति  जागरूक करते रहे हैं ताकि रोग से बचा जा सके। उन्होंने कनीना-अटेली-महेंद्रगढ़ तिराहे पर भी लंबे समय तक दूसरे प्रदेशों गरीब लोगों के लिए खाने का निजी स्तर पर प्रबंध किया और सेवा की।
   एक सेवक के रूप में मुकेश पार्षद ह्वह्य श्री श्याम मित्र मंडल के सहयोग से जनसेवा के विभिन्न कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लिया और जन सेवा की। उनका योगदान बेहतर रहा है।
फोटो केप्शन मुकेश राकी।



बारिश ने प्रभावित की कपास की बीजाई 

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 कनीना। कनीना क्षेत्र में विगत दिनों से चल रही कपास की बिजाई रविवार को शाम चार एमएम बारिश होने के बाद प्रभावित हो गई है।
 बारिश होने से जहां बिजाई की गई खेतों में भी पपड़ी बनने के आसार बन गए हैं। इसलिए बिजाई का काम रोक दिया गया है। वहीं किसान एक दो रोज और इंतजार करेंगे। तत्पश्चात बिजाई के काम में लगेंगे। क्षेत्र के किसानों राम सिंह, बलजीत, अजीत कुमार आदि ने बताया कि बारिश होना कपास की बिजाई में बाधक बन गया है। उधर कनीना बीज विक्रेता कुलदीप बोहरा एवं बिजेंद्र सिंह ने बताया कि बीजों में तेजी से बिक्री बढ़ी थी लेकिन बारिश होने के बाद अचानक बहुत कम हो गई है जिसके चलते लगता है कि अब लोग कुछ दिन और इंतजार करेंगे फिर बिक्री बढ़ेगी।











सड़क मार्ग पर तथा बैंकों में लगी भीड़ 

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 कनीना। जहां लोक डाउन में कुछ छूट देने के बाद सोमवार को सड़कों पर भारी संख्या में वाहन दिखाई दिए। कई दिनों तक वाहन घरों में खड़े रहने के पश्चात आखिरकार वाहन सड़कों पर उतर आए।
 जहां दुकानदार भी अपनी दुकानों के सामने बैठे दुकानें खुलने का इंतजार करते रहे वहीं बाद में उन्हें पता चला कि उनकी दुकानें अभी नहीं खोली जाएगी जिसके चलते दुकानदार मायूस बैठे नजर आए। दुकानों के बाहर सुबह सवेरे ही दुकान खोले जाने की संभावना से दुकानदार बैठे हुए थे।   

             उल्लेखनीय है कि रविवार से ही दिनभर पूछताछ जारी रही कि दुकानों की क्या हालात रहेगी? लेकिन स्थानीय प्रशासन ने दुकान खोले जाने के प्रति कोई संदेश नहीं दिया। तत्पश्चात सोमवार को दुकानदार दुकानों के बाहर मायूस बैठे देखे गए। कुछ दुकानदार तो अधिकारी से मिलने के लिए भी पहुंचे जिस पर कोई निर्णय लिए जाने की संभावना है। उधर एक बार फिर से बैंकों के बाहर जमावड़ा देखने को मिला भारी भीड़ वाहनों की भीड़ बैंकों के सामने देखी गई। लोग पैसे निकालने के लिए बैंक में तथा बाहर खड़े नजर आए। सभी बैंकों की शाखाओं के बाहर भीड़ लगी हुई थी, बेशक नियमों का पालन हो या न हो किंतु उन्हें तो बस अपने पैसे निकलवाने थे। ऐसे में हालात बिगडऩे के आसार बन गए हैं। एक तरफ जहां रविवार का अवकाश होने के कारण बैंक बंद रहे पैसे की जरूरत थी इसलिए भीड़ अधिक देखने को मिली वहीं वाहन भी आवागमन शुरू होने से भारी भीड़ देखने को मिली।
 फोटो कैप्शन एक:  बैंक की शाखा के सामने खड़ी भीड़ और वाहन।