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Monday, May 10, 2021

 खेड़ी में सेनिटाइजर का छिड़काव किया गया
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 कनीना। गुरु रविदास विश्व महापीठ के हरियाणा प्रदेश मंत्री एवं खेड़ी गांव के पूर्व सरपंच चौधरी रामनिवास खेड़ी ने कोरोना महामारी से लोगों को बचाने के लिए गांव खेड़ी के सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक, डाकघर, बिजली घर,राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय तथा गांव के धार्मिक स्थल माता मंदिर, बाबा भोला गिरी मंदिर आदि को सैनिटाइज किया। पूर्व सरपंच ने बताया कि सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के कर्मचारियों , डाकघर के कर्मचारी व बिजली पावर हाउस के कर्मचार को सैनिटाइजर भी वितरित किये।
फोटो कैप्शन 8: खेड़ी में सेनिटाइजर छिड़कते हुए रामनिवास खेड़ी।





प्रदीप शास्त्री की का हुआ निधन
-विगत दिनों कोरोना संक्रमित पाए गए थे
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, कनीना। राजकीय माध्यमिक विद्यालय कपूरी में कार्यरत तथा पोता निवासी प्रदीप शास्त्री का विगत कई दिनों से बीमारी से जूझते हुए निधन हो गया। सोमवार को उनका कोविड-19 के नियमों के अनुसार अंतिम संस्कार कनीना में कर दिया गया। मिली जानकारी अनुसार उनके फेफड़ों में इंफेक्षन था जिसके चलते उन्हें पटीकरा कोविड सेंटर में भर्ती करवाया गया था। वहां से उन्हें रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल भर्ती करवाया गया था। आज उन्होंने अंतिम सांस ली। अपने पीछे 2 पुत्र और पत्नी छोड़ गए हैं।




628 वैक्सीन लगाई
-भोजावास में लगी 188 डोज
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 कनीना। कनीना के विभिन्न गांवों में 628 कोरोना वैक्सीन लगाई गई हैं। कंप्यूटर आपरेटर पवन कुमार एवं एचआई शीशराम ने बताया कि कनीना में 18 से 44 आयुवर्ग के 198 युवाओं को कोरोना वैक्सीन दी गई कि गुढ़ा में 45 प्लस के 170 लोगों को वैक्सीन दी गई, भडफ़ में 45 प्लस के 140 लोगों को वैक्सीन दी गई जबकि गाहड़ा में 120 डोज 45 प्लस को दी गई। सभी सेकंड डोज दी गई हैं।
उधर पीएचसी भोजावास के सुपरवाइजर राजकुमार चौहान ने बताया कि उनके यहां 45 प्लस के 188 लोगों को कोरोना वैक्सीन दी गई हैं।



कनीना क्षेत्र के लोगों ने फोन के जरिये शोक जताया
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कनीना। भाजपा के शिव कुमार मेहता की मां चमेली देवी के निधन पर कनीना क्षेत्र के अनेकों लोगों ने शोक जताया है। उन्होंने कोरोना महामारी के कारण सोशल मीडिया व फोन पर ही संवेदना प्रकट की। फोन पर संवेदना देने वालों में सीताराम यादव विधायक अटेली, सत्यवीर सिंह यादव सेहलंग, राजेन्द्र प्रसाद भारद्वाज पोता, डा विनोद यादव करीरा, हनुमान शर्मा अगिहार, श्री शक्ति सिंह यादव पोता, कप्तान सिंह रोहिल्ला, थान सिंह, सुरेश अत्री बाघोत, शिव कुमार शर्मा खेड़ी, हनुमान यादव सेहलंग, राजकुमार भारद्वाज कनीना महेन्द्र सिंह यादव सिहोर, ओमप्रकाश धनौंदा, लखनलाल जांगड़ा कैमला, अरुणा पार्षद कनीना,  ओमप्रकाश यादव कनीना, ओमप्रकाश लिसानिया कनीना,  रोशनी देवी कनीना,  शीला देवी धनौंदा, रामप्रताप यादव कनीना,  मनोज यादव कनीना ने शोक जताया।




दो दिनों में पूरे कस्बा को कर दिया जाएगा सेनिटाइज्ड
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 कनीना। कनीना पालिका प्रधान सतीश जेलदार बताया कि कस्बा के विभिन्न वार्डों में सैनिटाइजर छिड़कने का काम तेजी से चल रहा है। आगामी दो दिनों में संपूर्ण कस्बे को सैनिटाइज्ड कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके पास सैनिटाइजर आया हुआ था किंतु  पालिका कर्मियों एवं अधिकारियों के असहयोगपूर्ण रवैये तथा मशीन खराब होने से थोड़ा विलंब हो गया। मशीन ठीक करवा दी गई है और ट्रैक्टरों की सहायता से दवा का छिड़काव किया जा रहा है।
कनीना मंडी के विभिन्न वार्डों में सैनिटाइजर छिड़का जा चुका है। धीरे-धीरे सभी 13 वार्डों में सैनिटाइजर छिड़क दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संपूर्ण कस्बे वासी पूरी तरह से आश्वस्त रहें, किसी प्रकार की कोई समस्या आती है तुरंत उन्हें अवगत कराएं। हर प्रकार समस्या के समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विगत वर्ष भी कस्बा कनीना को सात बार सेनिटाइज किया गया था। दूसरी लहर में पहली बार कस्बा को सैनिटाइज किया जा रहा है। आवश्यकता हुई तो पुन: सैनिटाइज करवा दिया जाएगा और फोगिंग भी करवाई जाएगी।
फोटो कैप्शन 7: कनीना में दवा का छिड़काव कर सेनिटाइज करते हुए।



वार्ड वाइज कोरोना वैक्सीन लगवाई जाए
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कनीना। कनीना नागरिक अस्पताल में विभिन्न आयु वर्ग के लोगों को कोरोना वैक्सीन दी जा रही है किंतु बहुत से लोग आनलाइन रजिस्ट्रेशन ही नहीं करवा पा रहे हैं जिसके चलते भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिनेश, महेश, सुरेश, रवि कुमार, जोगिंद्र देवेंद्र आदि ने बताया कि ठीक पांच बजे 200 व्यक्तियों के लिए स्लोट जारी होता है। एक पल में 200 से लौट भर जाते हैं, जो फोन के अनुभवहीन हैं या जिनको सेट चलाना नहीं आता वो बैठे रह जाते हैं और बहुत से ऐसे व्यक्ति हैं जिनको कोरोना वैक्सीन की जरूरत है। ऐसे में उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि कनीना के विभिन्न वार्डो में वार्ड वाइज वैक्सीन का प्रबंध किया जाए ताकि सभी व्यक्ति नियम अनुसार वैक्सीन लगवा सके। अभी तक सभी व्यक्ति वैक्सीन लगवाने में परेशानी महसूस कर रहे हैं।
उधर पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने कहा कि वे प्रशासन से इस संबंध में मांग करेंगे कि हो सके तो वार्ड वाइज सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाए।




उप नागरिक अस्पताल में दी जाए सुविधाएं
-एक्सरे मशीन तक का है टोटा
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 कनीना। कनीना के उप नागरिक अस्पताल बने एक साल से अधिक समय बीत गया है किंतु अभी तक यहां सुविधाओं का टोटा है जिसके चलते मरीजों को दूरदराज जाने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। कस्बा के विभिन्न लोगों ने प्रशासन सरकार से मांग की है कि तुरंत कनीना उप नागरिक अस्पताल में जहां एमडी तथा सर्जन भेजा जाए। विभिन्न मशीनें भी उपलब्ध करवाई जाए।
 कनीना कस्बे के समाज सेवी महेश बोहरा, सुमेर सिंह चेयरमैन, मोहन पार्षद, कुलदीप कुमार, शिव कुमार, दिनेश कुमार आदि ने बताया कि कनीना उप-नागरिक अस्पताल में अभी तक कोई एमडी कार्यरत नहीं है जिसके कारण मरीजों को बड़े रोगों के इलाज के लिए दूसरे स्थानों पर जाने को मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने उन्होंने बताया कि अभी तक उप नागरिक अस्पताल होते हुए भी एक्सरे की सुविधा नहीं है, यहां तक की
अल्ट्रासाउंड, ईसीजी तथा विभिन्न अन्य
मशीनों का टोटा पड़ा हुआ जिसके चलते मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। क्षेत्र के अधिकांश मरीज गरीब तबके के होते हैं जिन्हें इलाज के लिए दूर दराज जाना पड़ता है और वह लुटते पिटते रहते हैं। ऐसे में कनीना के लोगों ने कहा कि जल्दी मुख्यमंत्री को जान भेजेंगे ताकि कनीना के उप नागरिक अस्पताल में सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। ताकि मरीज अपना इलाज करवा सकें।
कनीना के समाजसेवी कुलदीप बोहरा का कहना है कि कोरोना काल चल रहा है। एक के बाद एक अनेकों लोग आक्सीजन की कमी से तड़पते इधर-उधर भटक रहे हैं। ऐसे में कनीना अस्पताल में कम से कम 20 प्वाइंट आक्सीजन के तैयार करवाए जाए जहां मरीजों को आक्सीजन मिल सके। आक्सीजन के अभाव में लोग  दूर दराज अस्पतालों में भटक कर वापिस आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कनीना अस्पताल संपूर्ण सुविधाओं युक्त होगा तभी यहीं पर इलाज संभव है।
पार्षद मोहन सिंह ने कहा कि कनीना उप नागरिक अस्पताल में बेड तथा वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। यहां तक की अस्पताल में सभी 50 बेड दुरुस्त किए जाए ताकि मरीजों को आपातकाल के समय ये बेड उपलब्ध हो सके। पुराने भवन में भी आपातकाल के लिए बेड स्थापित किये जा सकते हैं। गरीब तबके के लोग तथा अन्य आक्सीजन के अभाव में दम तोड़ चुके हैं। अकेला बेहतरीन भवन खड़ा करने से कोई काम नहीं चलता जब तक कि एक्सपर्ट और विभिन्न प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध न करवाई जाएंगी।
उधर पूर्व सीपीएस संतोष यादव ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कनीना, सेहलंगसहित विभिन्न अस्पतालों में आक्सीजन का कोटा और आपूर्ति बढ़ाई जाने, आईसीयू और वेंटीलेटर उपपलब्ध कराने, कोविड-19 में डाक्टरों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र में कहा कि इंजेक्टबल एवं दवाइयों के आवंटन के लिए जिला स्तर पर कमेटी गठित की जाए जो सीधे मरीजों को दवा उपलब्ध करवा सकें ।उन्होंने कहा कि जिले में 800 से अधिक कोरोना संक्रमित आ चुके हैं किंतु आईसीयू, बेड, आक्सीजन सिलेंडर ,आपातकाल दवाई, चिकित्सा का अभाव है। इनको पूरा किया जाए।
फोटो कैप्शन: उप नागरिक अस्पताल कनीना मोहन सिंह पार्षद तथा कुलदीप बोहरा।




मदर्स डे पर आनलाइन प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
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कनीना। एसडीवमा विद्यालय ककराला के विद्यार्थियों ने मां का महत्व विषय पर विद्यालय द्वारा आयोजित आनलाइन पोस्टर मेंकिग, कविता लेखन, कविता गायन व संस्मरण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भाग लिया और मां के प्रति आदर एवं सम्मान को प्रकट किया।
   विस्तृत जानकारी देते हुए निदेशक जगदेव यादव ने बताया कि दीपेंद्र एवं शुभम ने कविता के द्वारा व सपना ने पोस्टर के द्वारा अपने भावों को प्रकट किया। अभिनव , दिव्यंाशी ने कविता को लयबद्ध तरीके से प्रस्तुत कर तथा हर्षित ने अंग्रेजी कविता के द्वारा मां  के प्रति अपनी भावनाओं को प्रकट किया। अदिति ने अपनी माताजी को अपने द्वारा बनाया गया कार्ड भेंट कर तथा हार्दिक के पोस्टर के माध्यम से अपने भाव को प्रकट किया। अन्य विद्यार्थी आराध्या, वर्णिक, वंशिका , हिमांशी , सौम्या , सोनाक्षी , विश्वास , दिशु, आशीष , दक्ष, स्नेहा, हेतल,मानसू, मयंक, दीक्षा, वेदिका, अंशु आदि ने विभिन्न तरीकों से अपने भावों और विचारों को प्रकट किया।
विद्यालय निदेशक जगदेव यादव ने सभी प्रतिभागियों को मदर्स डे की शुभकामनाए देते हुए बताया कि मां  हमारे जीवन का आधार स्तंभ है। वह जन्म दायिनी के साथ-साथ प्रथम गुरु वह सच्चे मार्गदर्शक की भी भूमिका निभाती है। मां के बिना ही जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती यही कारण है कि मां को पृथ्वी पर ईश्वर का स्वरूप माना जाता है। हमें मां के महत्व को समझते हुए उनको सदैव खुश रखने का प्रयास करना चाहिए। विद्यार्थी को अपनी छोटी छोटी उपलब्धियों की जानकारी मां को देनी चाहिए। इससे मां को प्रसन्नता तथा स्वयं के अंदर दृढ़ निश्चय के भाव पैदा होते है।



दाह संस्कार के लिए प्रवक्ता ने 100 क्विंटल लकड़ी डलवाई श्मशान घाट पर
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 कनीना। रतन सिंह सेवानिवृत्त प्रवक्ता पुत्र जगमाल सिंह, वार्ड 1 ने कनीना के संत शिरोमणि मोलडऩाथ आश्रम के पास स्थित दाह संस्कार स्थल पर 100 क्विंटल जाटी की लकड़ी का ईंधन डालकर मिसाल पेश की है। रतन सिंह ने बताया कि इस कोरोना काल में असमर्थ और गरीब आदमी अपने परिजनों के दाह संस्कार के लिए इस ईंधन प्रयोग निशुल्क कर कर सकते है। प्रवक्ता ने कहा कि इस कोरोना काल में लोगों की सेवा करने के अनेक तरीके हो सकते हैं। इनमें यह परमार्थ का कार्य सराहनीय है। इस कार्य में कुछ और






लोगों को भी आगे आना चाहिए।


54 कोरोना संक्रमित मिले
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कनीना।  कनीना क्षेत्र के 17 विभिन्न गांव में 54 कोरोना संक्रमित मामले मिले हैं। मिली जानकारी अनुसार कोरोना के केस घटने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। कनीना में 19, कोका व सुंदरह-5-5 भालखी व रामबास 4-4, मुंडियाखेड़ा, मोहनपुर,ककराला, कोटिया, करीरा, दौंगड़ा अहीर 2-2 गुढ़ा, पड़तल, रसूलपुर,गोमला, नांगल हरनाथ भडफ़ में एक-एक कोरोना संक्रमित मिला है।



खरी खरी
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शिक्षक को कोई रोग नहीं हो सकता
-हजार कामों के लिए एक ही इंसान
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कनीना। पुलिस वाले पढ़ाते हुए नहीं देखे, न ही डाक्टर और नर्स कभी स्कूलों में पढ़ाने जाती हैं यहां तक कि पटवारी और न जाने कितने विभाग है जो कभी विद्यार्थियों को पढ़ाने नहीं जाते पर अध्यापक, जिसको संसार में सर्वोच्च स्थान दिया गया है किंतु आने वाले समय में वह घर-घर किसानों की गाय एवं भैंस भी बिवाने जाया करेंगे। हाल ही में अध्यापकों की कंटेनमेंट जोन में और गांव में कोरोना संक्रमितों की सहायता के लिए तैनाती लगाई जाने की संभावना है जिसकी ट्रेनिंग भी शुरू हो गई है। कभी यह घटना उत्तर प्रदेश के चुनाव वाली न हो जाए जहां 700 शिक्षक मौत के मुंह में चले गए थे। क्या शिक्षक एक ऐसा मूसलचंद है इसको न तो कोरोना और न कोई अन्य बीमारी नहीं लगती। वह सृष्टि का सर्वज्ञ है चाहे किसी की शादी करवानी हो या किसी पशुओं की गणना और इंसानों की गणना करनी हो। यूं ही हाल रहा तो हो सकता है शिक्षकों से शिक्षण कार्य नहीं लेंगे अपितु विभाग भैंस खरीदेगा और दो दो भैंस बणी तथा जंगलों में चराने की जिम्मेदारी शिक्षकों को दी जाएगी। कहने को तो उनका मुख्य कार्य पढ़ाना था लेकिन सरकार ही नहीं चाहती कि वह पढ़ाई करवाये अपितु वह तो उनके इशारे पर कठपुतली की तरह नाचे।
गीता में कहा गया है कि आत्मा अमर है जिसे काटा नहीं जा सकता और.........। इसी प्रकार सरकार की नजरों में शिक्षक वो जीव है जिसे किसी भी तैनाती में लगाया जा सकता है जिसको न कोरोना मार सकता और न कोई अन्य रोग। गली मोहल्ले में सबसे ज्यादा बुराई जिसकी होती है वह शिक्षक है। जिस किसी का बस अपने परिवार पर नहीं चलता वो शिक्षकों पर रोब झाड़ते देखे गये, उनको दुकानदार भी महंगे दामों पर सामान देता है। आने वाले समय में मामला और गंभीर होगा शिक्षक की तैनाती कंटेनमेंट जोन वगैरह में करनी होगी और मर गये तो उन्हें परिवार का कंधा भी नसीब नहीं होगा। सरकार ने शिक्षक को एक ऐसा सैनिक बना दिया है जिसके हाथ में कोई तलवार और तोप नहीं किंतु युद्ध मैदान में उतारा जा रहा है। एक और जहां नर्स, डाक्टर और स्वास्थ्य विभाग के कितने ही कर्मचारी मौजूद है लेकिन उनके लिए सहायक पढ़े-लिखे ये अध्यापक बनेंगे। बड़े अफसोस की बात है कि शिक्षक को किस कदर गिरा दिया है।  शिक्षक के पास पीपीई किट नहीं और न इस रोग का समुचित ज्ञान बल्कि दो दिन आनलाइन ट्रेनिंग देकर मैंदान में भेजा जा रहा है। याद आता है एक फूल दो माली का गीत-चल चल रे नौजवान, जीना अपमान है मरना तेरी शान, चल चल रे....। उन्हें कोई अतिरिक्त भत्ता आदि नहीं दिया जाएगा, बस उनको कंटेनमेंट जोन में जाकर सेवा करनी पड़ेगी। मानते हैं कि 55 साल से अधिक के व्यक्तियों को महामारी अधिक लगती है किंतु शिक्षकों पर शायद यह बात लागू नहीं होती और उन्हें घर में नहीं बैठने दिया जाएगा जब तक कि वो कोरोना संक्रमित होकर डेथ बेड पर न चला जाए। शायद 55 साल से अधिक उम्र के अध्यापकों को यह रोग नहीं तंग करेगा, इसलिए उनकी भी तैनाती की जा रही है । विज्ञान प्राध्यापकों और विज्ञान के शिक्षकों को कोरोना किसी हाल में नहीं लगेगा और शायद अधिक तनखा मिलती होगी जिसके चलते केवल विज्ञान शिक्षकों को ही तैनात करने एवं ट्रेनिंग देने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तो विज्ञान
पढऩा गुनाह बन गया है। स्कूल में भी अधिक काम करते हैं और अब तैनाती केवल विज्ञान शिक्षक और विज्ञान के प्राध्यापकों की लगाई है। बाकी अध्यापक शायद रोग से पीडि़त हो जाते होंगे या फिर विज्ञान अध्यापक पर प्राध्यापक सरकार को ज्यादा दर्द दे रहे होंगे इसलिए उनकी तैनाती पहले करने की तैयारी कर ली है। खैर अब तो गाए जा गीत मरणे के, कोरोना लगने के।

Sunday, May 9, 2021

 

महामारी पर विजय पाने के लिए बढ़ाया जाए सरपंचों का कार्यकाल
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कनीना।  कोविड-19 के विकराल रूप को देखते हुए प्रदेश के सरपंचों का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाया जाए तथा उनसे कोरोना भगाने के लिए श्रेष्ठ योगदान लेना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना फैलने के पीछे गांवों में सरपंचों कीीी शक्ति क्षीण होना एक कारण माना जाता है। कोविड-19 ने विकराल रूप धारण कर अपने पैर हर गली, मोहल्ला तथा गांव तक पसार लिए हैं। कोरोना की विगत वर्ष की पहली लहर में सभी गांवों के सरपंचो ने बड़ी मुस्तैदी से अपने अपने गांव के सभी रास्तों पर ठीकरी पहरे लगाकर ,बाहर से आने वाले किसी भी कर्मचारी या अनजान व्यक्ति को गांव में आने से रोक कर कोरोना जैसे भयंकर रोग को गांव से दूर रखा लेकिन अबकी बार दूसरी लहर में गांवों में किसी प्रकार की सुरक्षा दिखाई नही दे रही हैं जिससे गांव में बीमारी फैलने का डर बना हुआ है। सरपंच भी अपना कार्य काल खत्म होता देख अपना फर्ज इतने जवाबदेही से नहीं निभा पा रहे है।
  यहां कुलदीप बोहरा, महेश कुमार, सुनील कुमार आदि ने कहा है कि सरकार को चाहिए कि सरपंचों के कार्य काल को अगले एक साल के लिए बढ़ा देना चाहिए ताकि सरपंच अपनी पूरी टीम के साथ पूरी जवाबदेही से अपना फर्ज निभा सके। महामारी के इस समय में आगामी कई महीनों तक सरपंच चुनाव होना संभव नही है अत: सरकार को बगैर देरी किए सरपंचों का कार्य काल बढ़ाना चाहिए ताकि महामारी से लडऩे में सरपंच अपना पूरा योगदान दे सके। इससे  सब महामारी के कठिन दौर से गुजर जाएंगे , ऐसे समय में हम आप सब को संयम, धैर्य, हिम्मत तथा हौसले से लड़ाई लडऩी है। गांवों में कोरोना से निपटने के लिए  कुछ आर्थिक मदद  देकर सेनिटाइजर छिड़कवाना चाहिए।




व्यंग्य
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अब अध्यापक घर घर जाकर किसानों की भैंस बिवाएंगे
-अब शिक्षकों का नया नाम पड़ेगा मूसलचंद
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           व्यंग्य समाचार
कनीना। पुलिस वाले पढ़ाते हुए नहीं देखे, न ही डाक्टर और नर्स कभी स्कूलों में पढ़ाने जाती हैं यहां तक कि पटवारी और न जाने कितने विभाग है जो कभी विद्यार्थियों को पढ़ाने नहीं जाते पर अध्यापक, जिसको संसार में सर्वोच्च स्थान दिया गया है किंतु आने वाले समय में वह घर-घर किसानों की गाय एचं भैंस भी बिवाने जाया करेंगे। हाल ही में अध्यापकों की कंटेनमेंट जोन में और गांव में कोरोना संक्रमितों की सहायता के लिए तैनाती लगाई जाने की संभावना है जिसकी ट्रेनिंग भी शुरू हो गई है। कभी यह घटना उत्तर प्रदेश के चुनाव वाली न हो जाए जहां 700 शिक्षक मौत के मुंह में चले गए थे। क्या शिक्षक एक ऐसा मूसलचंद है इसको न तो कोरोना और न कोई अन्य बीमारी नहीं लगती। वह सृष्टि का सर्वज्ञ है चाहे किसी की शादी करवानी हो या किसी पशुओं की गणना और इंसानों की गणना करनी हो। यूं ही हाल रहा तो हो सकता है शिक्षकों से शिक्षण कार्य नहीं लेंगे अपितु विभाग भैंस खरीदेगा और दो दो भैंस बणी तथा जंगलों में चराने की जिम्मेदारी शिक्षकों को दी जाएगी। कहने को तो उनका मुख्य कार्य पढ़ाना था लेकिन सरकार ही नहीं चाहती कि वह पढ़ाई करवाये अपितु वह तो उनके इशारे पर कठपुतली की तरह नाचे। आने वाले समय में मामला और गंभीर होगा शिक्षक की तैनाती कंटेनमेंट जोन वगैरह में करनी होगी और मर गये तो उन्हें परिवार का कंधा भी नसीब नहीं होगा। सरकार ने शिक्षक को एक ऐसा सैनिक बना दिया है जिसके हाथ में कोई तलवार और तोप नहीं किंतु युद्ध मैदान में उतारा जा रहा है। एक और जहां नर्स, डाक्टर और स्वास्थ्य विभाग के कितने ही कर्मचारी मौजूद है लेकिन उनके लिए सहायक पढ़े-लिखे ये अध्यापक बनेंगे। बड़े अफसोस की बात है कि शिक्षक को किस कदर गिरा दिया है।  शिक्षक के पास पीपीई किट नहीं और न इस रोग का समुचित  ज्ञान बल्कि दो दिन आनलाइन ट्रेनिंग देकर मैंदान में भेजा जा रहा है। याद आता है एक फूल दो माली का गीत-चल चल रे नौजवान, जीना अपमान है मरना तेरी शान, चल चल रे....। उन्हें कोई अतिरिक्त भत्ता आदि नहीं दिया जाएगा, बस उनको कंटेनमेंट जोन में जाकर सेवा करनी पड़ेगी।  मानते हैं कि 55 साल से अधिक के व्यक्तियों को महामारी अधिक लगती है किंतु शिक्षकों पर शायद यह बात लागू नहीं होती और उन्हें घर में नहीं बबैठने दिया जाएगा जब तक कि वो कोरोना संक्रमित होकर डेथ बेड पर न चला जाए। शायद 55 साल से अधिक उम्र के अध्यापकों को यह रोग नहीं तंग करेगा, इसलिए उनकी भी तैनाती की जा रही है । विज्ञान प्राध्यापकों और विज्ञान के शिक्षकों को कोरोना किसी हाल में नहीं लगेगा और शायद अधिक तनखा मिलती होगी जिसके चलते केवल विज्ञान शिक्षकों को ही तैनात करने एवं ट्रेनिंग देने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तो विज्ञान
पढऩा गुनाह बन गया है। स्कूल में भी अधिक काम करते हैं और अब तैनाती केवल विज्ञान शिक्षक और विज्ञान के प्राध्यापकों की लगाई है। बाकी अध्यापक शायद रोग से पीडि़त हो जाते होंगे या फिर विज्ञान अध्यापक पर प्राध्यापक सरकार को ज्यादा दर्द दे रहे होंगे इसलिए उनकी तैनाती पहले करने की तैयारी कर ली है। खैर अब तो गाए जा गीत मरणे के, कोरोना लगने के।



फास्ट फूड खाकर युवा दे रहे हैं रोगों को न्यौता-दयानंद वैद्य
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कनीना। भावी पीढ़ी का रुझान फास्ट फूड व तेज मसालेदार खाद्य पदार्थों की ओर बढ़ रहा है। फास्ट फूड एवं तेज मसालेदार खाद्य पदार्थ खाकर वे विभिन्न रोगों को बुलावा दे रहे हैं। आए दिन विभिन्न शारीरिक रोगों के पीछे फास्ट फूड भी एक अहं कारण है।   
  युवा पीढ़ी का रुझान तेज मसालेदार वस्तुओं को खाने की ओर बढ़ता ही जा रहा है जिन्हें योग गुरू रामदेव बहुत घटिया बता रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में मसाले पीसकर अपनी रोटी रोजी कमाने वाले कृष्ण कुमार ने बताया कि उनकी मशीन पर तेज मसाले पिसवाने वालों की कतार लगी रहती है। बाजार में अगर पकोड़ी, पानी के बतासे, पाव भाजी, टिक्की, छोल भटूरें की दुकानों पर झांककर देखे तो पता लगता है उनकी अच्छी बिक्री हो रही है। एक दही बल्ला बनाने वाले राजस्थानी युवक भारती का कहना है कि उनकी अच्छी बिक्री होती है। होटलों पर भी तेज मसालों के खाद्य पदार्थ अधिक बनाए जा रहे हैं।
  आश्चर्यजनक पहलु यह है कि कनीना के बस स्टैंड के आस-पास अंडों की रेहडिय़ां अधिक लगती हैं और दूध एवं फलों की दुकानें कम लगती हैं। इन रेहडिय़ों पर सुबह हो या शाम अंडे खाने वालों का तांता देखा जा सकता है। अंडों के कारोबार अच्छे चल रहे हैं। उधर कनीना बस स्टैंड से थोड़ा दूर मांस की दुकानें धड़ाधड़ चल रही हैं। करीब एक दर्जन मांस की दुकानें चल रही हैं।  खान पान में आए बदलाव से बुजुर्ग वर्ग परेशान है। बुजुर्ग आज भी सादा खाना खाते हैं और घरों में तो अब दो प्रकार के खानें बनते हैं। एक ओर बूढ़ों के लिए तो दूसरी ओर जवानों के लिए। कई बार तो बूढ़े एवं जवानों में खाने को लेकर नोक झोक होती देखी जा सकती है।
 उल्लेखनीय है कि कनीना के गिने चुने जन देशी घी, दूध एवं दूध से बनी वस्तुएं बेचते हैं किंतु उनके यहां कोई इक्का दुक्का ही ग्राहक आते हैं। एक दुकानदार ने नाम ने बताते हुए कहा कि जब से उन्होंने सेहत के लिए उपयोगी पदार्थ बेचने शुरू किए हैं तभी से वो भूखों मरने की कगार पर है किंतु एक सामान्य रेहड़ी पर पानी बतासे बेचने वाले ने बताया कि महज इसी धंधे से वे चार सदस्यों के परिवार की दाल रोटी निकाल लेते हैं।
  क्या कहते हैं दयानंद वैद्य-
दयानंद वैध का कहना है कि फास्ट फूड में विटामिन ए, बी, सी, ई के अलावा फास्फोरस, लोहा आदि तत्वों का नितांत अभाव होता है। इनके प्रयोग से शरीर में कई प्रकार की विकृतियां आ जाती हैं। चिड़चिड़ा स्वभाव, आंखों की रोशनी कम होना, सात्विकता का अभाव एवं तामसिक प्रवृति की वृद्धि हो जाती है। शरीर कमजोर एवं स्फूर्ति रहित हो जाता है। एलर्जी, हृदयघात एवं रक्तचाप आदि कितने ही रोग लग जाते हैं।
दयानंद वैध का कहना है कि फास्ट फूड रोगों की जड़ है। कोलस्ट्रोल को बढ़ाकर हृदयघात एवं हृदय फेल की बीमारी को बढ़ाते हैं वहीं विभिन्न प्रकार के चर्मरोग, वात एवं पीत रोगों को बढ़ावा देते हैं। ये जीभ के स्वाद के लिए खाए जाते हैं किंतु शरीर को कमजोर बना देते हैं। खनिज लवणों, विटामिनों को कम कर देती हैं।


 सेशन जज नारनौल ने किया दो व्यक्तियों को भगोड़ा घोषित
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 कनीना। एएसजी नारनौल ने कनीना क्षेत्र के दो व्यक्तियों को भगोड़ा घोषित किया है। फारुक उर्फ निश और निसार दोनों व्यक्तियों को जज ने भगोड़ा घोषित करते हुए कनीना पुलिस में मामला दर्ज करने का आदेश दिया है। जिसके तहत पुलिस ने दोनों को भगोड़ा घोषित कर दिया है। दोनों एक मामले में वांछित हैं।


सोमवार को लगेगी सेकंड डोज
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 कनीना। कनीना उपमंडल के गांव भडफ़, गुढ़ा एवं गाहड़ा में 45 प्लस के लोगों को सेकंड डोज कोरोना की दी जाएगी।
विस्तृत जानकारी देते हुए एचआई शीशराम ने बताया कि कनीना में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को कोरोना की डोज दी जाएगी।


क्षेत्र के विभिन्न गांवों में मिले 64 कोरोना संक्रमित
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 कनीना। कनीना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में 64 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। मिली जानकारी अनुसार नांगल हरनाथ 20 गाहड़ा- 5 मुंडिया खेड़ा-तीन, करीरा-एक मोहनपुर -एक, ढाणा- एक ,कोटिया-दो, दौंगड़ा अहीर-1  सुंदरह 3 ,बेवल- 4 गुढ़ा-2  भडफ़-4 रामबास-एक, कनीना-9 संक्रमित पाये गये। डा धर्मेंद्र यादव एसएमओ का कहना है कि महामारी में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं है। मास्क, दो गज दूरी, हाथों को सेनिटाइजर से साफ करना प्रमुखता से अपनाने चाहिए।


जन्मदिन पर बांटे सेनिटाइजर एवं मास्क
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कनीना। राव दान सिंह विधायक के जन्म दिन व उनके बेटे अक्षत राव  की सादी की सालगिरह व मातृ दिवस पर कांग्रेस पार्टी  महिला जिला अध्यक्ष सुनीता मावता ने गांव झाड़ली  में घर , घर मास्क , ग्लव्ज व सेनेटाइजर  बांटे ।  सुनीता मावता ने सबको सावधानी बरतने व मास्क का  प्रयोग करने व वैक्सीन  लगवाने  के लिए प्रेरित किया । बचाव में ही बचाव है । बहुत जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर न निकले और घर पर ही रहे। राव दान सिंह ने अपना  जन्म दिन न मनाने का फैसला लिया। विधायक ने भी इस अवसर पर कोरोना पीडि़त लोगों की मदद करने का निर्णय लिया है।
फोटो कैप्शन 8: सुनीता मावता मास्क वितरित करते हुए।





मरीजों के लिए शुरू किया लंगर
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कनीना। समाजसेवी सुशील मित्तल एवं उनके साथियों ने कनीना उप नागरिक अस्पताल के स्टाफ , मरीजों के साथ आए लोग एवं मरीजों के लिए दो वक्त का खाना, दो वक्त चार आदि देने का शुभारंभ किया है। सुशील मित्तल ने बताया कि विगत वर्ष भी इस प्रकार की कार्रवाई की गई थी।



सकारात्मकता, सावधानी और सलाह टाल सकते हैं कोरोना-मनोवैज्ञानिक
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कनीना। वैश्विक महामारी के इस दौर में कोरोना संक्रमण होने का डर, वैश्विक त्रासदी की खबरें, लाकडाउन से रोजगार पर संकट आदि अनेक समस्याओं से व्यक्ति जूझ रहा है। इस समय अधिकांश लोग होम आइसोलेशन या एकांकी जीवन जीने को विवश हो रहे हैं। ऐसे हालात में लोगों को चाहिए कि वे सकारात्मकता, सावधानी और सलाह पर आत्म मूल्यांकन करें और मौजूदा हालात पर काबू पाएं। इस विषय पर बात मनोवैज्ञानिक सूर्यकांत यादव से हुई ,उन्होंने तीन स पर गौर करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर सुबह से शाम तक नकारात्मक व भ्रामक जानकारियां व्यक्ति देखता या पढ़ता रहता है इतना ही नहीं सामाजिक परिवेश में चारों तरफ से लोग नकारात्मक प्रतिक्रिया देने लगते हैं। परिणामस्वरूप व्यक्ति तनाव से घिर जाता है साथ ही तनाव का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में तनाव हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है और इस महामारी से लडऩे के लिए इसी क्षमता की जरूरत होती है। अत: व्यक्ति को चाहिए कि नकारात्मक चर्चा से दूर रहे। नकारात्मक भावों को किसी भी सूरत में अपने व्यवहार में ना आने दें। हमेशा सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ यह सोचना चाहिए कि इस महामारी से अधिकांश लोग ठीक हो रहे हैं। दृढ़-इच्छाशक्ति व सकारात्मक व्यवहार से बड़ी से बड़ी असफलता को भी सफलता में बदला जा सकता है।
उन्होंने का कि सावधानी सावधानी हटी- दुर्घटना घटी की अवधारणा को ध्यान में रखते हुए निश्चित रूप से सरकार द्वार निर्धारित गाइडलाइन की अनुपालना करनी चाहिए। घर से बाहर निकलते समय हमेशा मास्क का उपयोग करना चाहिए,हाथों को सेनिटाइज करते रहना चाहिए और आवश्यक रूप से सामाजिक दूरी का ध्यान रखना चाहिए। स्वच्छ व पोषणयुक्त भोजन का चयन करें। इम्युनिटी बूस्टर के तौर पर वैकल्पिक भोजन की व्यवस्था करें।
सलाह पर बातचीत करते हुए मनोविज्ञानी सूर्यकांत ने बताया, यद्यपि संक्रमण की स्थिति में व्यक्ति को तुरंत ही अपने चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए व उनके द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अनुपालना करनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर, अक्सर यह देखा गया है कि तनाव व अवसाद की स्थिति में व्यक्ति अपने आप को विवश व लाचार पाता है, उसकी निर्णय- क्षमता का ह्रास हो जाता है। व्यक्ति को लगता है कि उसका साथ देने वाला कोई नहीं है, वह अपने आप को अकेला महसूस करता है और  निराशाजनक व नकारात्मक बातें करता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को तुरंत किसी प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता से संपर्क करना चाहिए।
फोटो कैप्शन : सूर्यकांत यादव।




नर्स दिवस पर विशेष
लोगों की सेवा में दिन-रात अहं भूमिका निभाई है राजकुमारी ने
-अपनी जान की कभी परवाह नहीं की
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संवाद सहयोगी, कनीना। बेशक नाम से राजकुमारी हो किंतु काम में जनसेवा में उनका एक अहं नाम उभर कर आ रहा है। कनीना के उप नागरिक अस्पताल में 9 मई 2007 को कार्यभार ग्रहण करने के बाद न केवल पटीकरा कोविड-संटर पर भी तैनाती दे चुकी है वहीं  डेपुटेशन के आधार पर भोजावास में भी काम किया और दिन-रात मरीजों की सेवा करने में एक नाम उभरकर आया है। यद्यपि 12वीं कक्षा में पढऩे वाली उनकी लड़की, दसवीं कक्षा में पढऩे वाला पुत्र तथा उनके पति रामबास गांव से संबंध रखते हैं किंतु उन पर कम ध्यान दिया गया और मरीजों की सेवा अधिक की है। उनका एक ही कहना है कि मरीज भगवान का ही रूप होते हैं उनकी सेवा भगवान की सेवा के बराबर होती है। 2020 में नारनौल के पटीकरा कोविड-सेंटर पर एक हफ्ते की तैनाती देकर आई है वही एक वर्ष तक भोजावास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 2017 में बतौर डेपुटेशन भी काम किया है। जब उनकी कनीना में नियुक्ति हुई केवल 3 स्टाफ नर्स हुआ करती थी उस समय डाक्टरों एवं स्टाफ नर्स का काफी अभाव था। यही कारण है कि उस समय  उनकी तैनाती लंबे समय चलती थी। कभी-कभी तो घर परिवार को भूलकर अस्पताल में मरीजों की सेवा में लगी रहती थी। अब जब उनकी तैनाती विगत  2 महीने से वरिष्ठ स्टाफ नर्स होने की वजह से राजकुमारी को कनीना का नर्सिंग सिस्टर का चार्ज भी दिया हुआ है। राजकुमारी बताती है कि कभी 10 से 15 मरीज होते थे तो कभी अधिक भी पहुंच जाते थे कभी-कभी बिल्कुल ही कम हो जाते थे परंतु सेवा भाव में कभी कमी नहीं आने दी। चाहे मरीजों की सेवा करनी हो, उनको टीका देना हो उनको दवा देनी हो बड़े प्यार और आदर से उनसे बात करती हैं। यही कारण है मरीज उनकी सेवा भाव से प्रसन्न चित्त होकर जल्दी ठीक हो जाते हैं।
राजकुमारी के पति सतेंद्र यादव का कहना है कि कभी-कभी तो उन्हें घर आने में देर हो जाती है तो खाने की भी समस्या बन जाती है परंतु न तो घर पर अपने काम को भूलती और नहीं अस्पताल में अपने काम से दूर होती। उनकी सेवा भाव से हर इंसान खुश नजर आता है।
जब कोरोना काल चलता है तो उनको हाई रिस्क हो जाता है। सौभाग्य रहा है कि उन्हेंकभी कोरोना संक्रमित का डंक नहीं झेलना पड़ा है। वह निरंतर अपनी तैनाती को निभाए जा रही हैं। उन्हें खुशी है कि उनके हाथों से कितने ही मरीज ठीक हो कर घर चले गए हैं। उनका कहना है कि भगवान सभी को स्वस्थ रखें और उनके हाथों से हाथों में ऐसी करामात दे कि  हर मरीज के हाथों से ठीक हो जाए।
 फोटो कैप्शन : राजकुमारी।




55 वर्ष से अधिक उम्र के शिक्षकों की तैनाती कोंटेंमेंट जोन में न लगाई जाये-
- एक करोड़ का हो बीमा
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कनीना। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबधित सर्वकर्मचारी संघ हरियाणा एवं स्कूल टीचर फैडरेशन आफ इंडिया के राज्य सचिव धर्मपाल शर्मा ने ,प्रैस नोट में अध्यापकों  के स्वास्थ्य सुरक्षा बाबत गहरी चिंता व्यक्त की है । राज्य सचिव धर्मपाल शर्मा ने बताया कि कोविड-19 विश्वव्यापी महामारी एवं
लाक डाउन के चलते हरियाणा के अध्यापकों की विभिन्न प्रकार की तैनातियां लगाई जा रही है  ! परंतु खेद है कि सरकार व विभाग अध्यापकों की सहनशीलता एवं महामारी की आड़ का दुरुपयोग कर रही है। अध्यापकों को सुरक्षा संबंधी उपकरण जैसे कि पीपीई. किट, मास्क ,सैनिटाइजर ,दस्ताने आदि उपलब्ध नहीं करवाए जा रहे हैं। कंटेनमेंट जोन में अध्यापकों की तैनाती लगाई जा रही है । अध्यापको को  कोई सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं करवाया गया है  अध्यापकों का अपना जीवन ही असुरक्षित हो गया है। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ का ड्यूटी देने का विरोध नहीं करता है। यह समय राष्ट्रीय संकट का है। सारा समाज  मिलकर ही संकट का मुकाबला कर सकते हैं । लेकिन  अध्यापक भी संक्रमित हो सकता है। वह भी सामान्य इंसान है। जिला प्रशासन जिन अध्यापकों की ड्यूटी लगा रहा है उन्हें कोरोना वायरस के बचाव करने के जरूरी सुरक्षा संबंधी उपकरण प्रदान करे।  किसी भी ड्यूटी के लिए सहयोगी व्यक्ति, सामग्री एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध नहीं है । कोरोना महामारी ने कई अध्यापकों की जिन्दगी छीन ली है । कृष्ण कुमार प्राचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिकविद्यालय नांगल दर्गु, देवेन्द्र प्रवक्ता संस्कृत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कांटी, रजनीश जे बी टी अध्यापक सुन्दरह, संजय जेबीटी अध्यापक नंगली  अध्यापक अपनी जान गवां चुके हैं । हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ जिला प्रशासन से मांग करता है कि जिन अध्यापकों की ड्यूटी लगा रहा है उन्हें सुरक्षा उपकरण अवश्य उपलब्ध करवायें ताकि कोई अनहोनी घटना न हो पाये।
  उन्होंने खेद जताया कि बिना हथियार के सैनिक को रण में भेजने का अर्थ होगा कि कहीं उत्तरप्रदेश में चुनावों के दौरान हुई मौत की पुनरावर्ती न हो जाए। उन्होंने 55 वर्ष से अधिक उम्र के शिक्षकों की तैनाती न करने, उनका एक करोड़ का बीमा करने, शिक्षकों को उनके उनके निवास के पास ही तैनाती लगाने, उनको सरकारी वाहन उपलब्ध कराने की मांग की है।




भूमिगत नाले में अवरोध आने से जमा हुआ गलियों में पानी
-प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर निकाला पानी
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 कनीना। कनीना उपमंडल के गांव कोटिया में भूमिगत नाले में रुकावट आने से जोहड़ का गलियों में फैला पानी आखिरकार प्रशाासन ने मौके पर पहुंचकर निकलवाया। करीब एक माह पहले भी यहां समस्या उत्पन्न हुई थी जिसे दूर कर दिया था किंतु फिर से कुछ दिनों से समस्या बन गई थी। गांव के लोगों ने अपने स्तर पर पैसे इकट्ठे कर  अवरुद्ध नाले को ठीक करवाने का शनिवार को प्रयास भी किया था किंतु 4 घंटे की कड़ी मेहनत के बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की तो प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान किया। गांव के महावीर प्रसाद जगत सिंह पूरण सिंह लाल सिंह राजेंद्र प्रसाद ,रामचंद, राम कुमार, अतर सिंह, हवा सिंह, रविंद्र सिंह, राजेंद्र, सुरेश कुमार आदि ने बताया कि आम रास्ते (फिरनी) में पानी जमा हो गया था जहां बीमारी फैलने का खतरा तो था ही वहीं आवागमन भी गंदे पानी से होकर करना पड़ रहा था उसे प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर पानी को निकलवाकर समस्या को दूर किया। गांव के इस जोहड़ का गंदा पानी भूमिगत नाले से दूर गड्ढे में डाला जाता है। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी देशबंधु के आदेश पर ग्राम सचिव अमित कुमार तथा ठेकेदार देवेंद्र सिंह उसके साथी सहयोगी संजय तलवाना, मेनपाल, अजीत सिंह, राजेश ने मौके गांव में जाकर गंदे पानी की निकासी करवाई तथा लोगों को राहत दी। भूमिगत नाले में अवरोध आ जाता है और गलियां जलमग्र हो जाती हैं। ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की है।
फोटो कैप्शन 4: गांव से पानी निकासी करते बीडीपीओ कार्यालय के लोग।

 


पर्यावरणवि








द भी हैं डा धर्मेंद्र यादव एसएमओ कनीना
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 कनीना। कनीना उप-नागरिक अस्पताल के एसएमओ डा धर्मेंद्र यादव न केवल डाक्टर हैं अपितु पर्यावरणविद भी है। उन्होंने अपने गुढ़ा-रसूलपुर मार्ग पर फार्म बना रखा है जिसमें आधा एकड़ जमीन पर विभिन्न फल और फूलदार पौधे उगाए हुए हैं। उनके इस फार्म पर जहां चीकू  नाशपाती ,आम, बेर, आमला, नींबू ,संतरा, किन्नू आदि के पौधे उगाए हुए हैं। विगत दिनों जब एसएमओ को कोरोना संक्रमितकाल में आइसोलेट होना पड़ा तो इसी पार्क में डॉ धर्मेंद्र यादव ने अपना समय खुशी-खुशी बिताया था।
डा धर्मेंद्र यादव ने बताया कि विगत वर्ष भी उनके फार्म पर अनेकों प्रकार के फल एवं फूल उत्पन्न हुए थे। इस वर्ष भी विभिन्न फल फूल प्राप्त हो रहे हैं। वहीं इस समय उनके आम के पौधे पर लटकते हुए आम देखे जा सकते हैं।
डाक्टर धर्मेंद्र यादव ने बताया कि उनके इस फार्म हाउस पर आकर मन प्रसन्न हो जाता है क्योंकि विभिन्न प्रकार के फूल एवं पौधे नजर आते हैं। जब भी वे अपने कार्य से निवृत्त होते हैं इसी पार्क में आकर पौधों की सेवा करते हैं। उन्हें बड़ा शकुन मिलता है। इस प्रकार डाक्टर के साथ साथ  पर्यावरणविद की दोहरी भूमिका में नजर आ रहे हैं।
फोटो कैप्शन 5: डाक्टर धर्मेंद्र यादव सीमा आम के फल दिखाते हुए।

Saturday, May 8, 2021

 दौंगड़ा अहीर चौक,पुलिस चौकी तथा गांव की गलियों को किया सेनीटाइज
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कनीना। दौंगड़ा अहीर में पिछले पांच दिनों में तीन लोगों की मौत हो गई। सोमवार को एक 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी तथा वीरवार को 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई थी और शुक्रवार को एक 68 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद प्रशासन द्वारा तीनों का ही अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकाल के तहत किया गया था। गत पांच दिनों में तीन लोगों की मौत हो जाने के बाद गांव दौंगड़ा अहीर के युवाओं ने कोरोना वाइरस से बचाव के लिए गांव को सेनीटाइज किया। इस अवसर पर बलजीत सिंह तथा इंजीनियर अशोक कुमार यादव ने बताया की इस घातक वायरस से एकमात्र उपाय बस स्वच्छता एवं सामाजिक दूरी बनाकर घर पर ही रहना है। अब जब अपने ही गांव में तीन मौत हो गई है तथा आस-पास के गांवों में इस रोग के संदिग्ध मरीज मिल रहे हैं,तो गांव के युवाओं ने घरों से बाहर निकलने का खतरा मोल लेते हुए, समाजसेवा और गांव के प्रति अपने उत्तरदायित्व का निर्वाह करते हुए सेनीटाइज किया। गांव में सैनिटाइजेशन के कार्य के दौरान युवा शक्ति संघ से दिनेश,दीपक,विशन देव, पवन सहित अनेक युवाओं ने ट्रैक्टर का उपयोग कर गांव की गलियों को सेनीटाइज किया।
 ग्रामीणों ने बताया कि इस समय हर घर में बुखार तथा खांसी की समस्या है लेकिन प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है।  गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग है कि दौंगड़ा अहीर में पीएचसी स्वीकृत हो चुका है तथा जब तक स्थायी भवन नहीं बन जाता तब तक ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित भवन में अस्थायी अस्पताल चलाया जा सकता है तथा उसमें मेडिकल स्टाफ को नियुक्त करके लोगों की समस्याओं को दूर किया जा सकता है ताकि लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं दी जा सके।
फोटो कैप्शन 11: दौंगड़ा अहीर में सेनीटाइजर का छिड़काव करते युवा।





अगियार गांव में कोरोना संक्रमितों की देखभाल करेगी स्वास्थ्य विभाग व पुलिस- एसडीएम दिनेश कुमार
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कनीना। कनीना उपमंडल के गांव अगियार में करोना संक्रमितों को कंट्रोल करने के लिए अब पुलिस निगरानी करेगी। ये विचार कनीना एसडीएम दिनेश कुमार ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि बार-बार  अगियार गांव से एक शिकायत मिल रही थी कि यहां कोरोना संक्रमितों की संख्या 125 से ऊपर जा चुकी है जो अपने घरों में न रहकर इधर उधर घूमते फिरते है जिसको लेकर कड़ा संज्ञान लेते हुए अगियार गांव में पुलिस बल की व्यवस्था कराई है ताकि कोरोना महामारी से पीडि़त लोगों को इधर-उधर घूमने से रोका जाए और उनको सभी सुविधाएं घर पर उपलब्ध कराई जाए।
 वही उप मंडल अधिकारी दिनेश कुमार की इस कार्रवाई पर अगियार गांव के लोगों ने जिला उपायुक्त अजय कुमार एवं  एसडीएम दिनेश कुमार का तहेदिल से धन्यवाद किया है वही गांव के सरपंच प्रतिनिधि राज सिंह ने कहां है कि उप-मंडल अधिकारी की कार्रवाई से अब गांव के अन्य लोगों को उम्मीद बंधी है कि अब करोना पर चोट होगी।





170 डोज कोरोना वैक्सीन की दी गई
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 कनीना। पीएचसी करीरा में जहां 170 डोज कोरोना वैक्सीन की दी गई। विस्तृत जानकारी देते हुए एचआई शीशराम ने बताया कि 45 प्लस के लोगों को प्रथम एवं द्वितीय डोज दी गई हैं। इस मौके पर राकेश कुमार शारदा और सुनीता ने अपनी भूमिका निभाई।
उधर भोजावास पीएचसी में 183 कोरोना डोज दी गई। विस्तृत जानकारी देते हुए सुपरवाइजर राजकुमार चौहान ने बताया कि 18 से 44 वर्ष की उम्र के 33 युवाओं को जबकि 45 प्लस उम्र के लोगों को 150 कोरोना डोज गई है।


धीरे-धीरे ढ़ाणियों और जंगलों में फैलने लगा है कोरोना
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 कनीना। अभी तक जंगलों में ट्यूबवेल एवं ढ़ाणियों में रहने वाले लोग कोरोना से लगभग अछूते थे और अपने को सुरक्षित मान रहे थे किंतु वहां तक भी कोरोना दस्तक दे चुका है जिसके पीछे दूरदराज नौकरी करने वाले लोग शामिल है।  ट्यूबवेल और जंगलों में रहने वाले कुछ व्यक्ति विभिन्न कंपनियों तथा दूसरे जिलों में नौकरी करते हैं और प्रतिदिन आवागमन करते हैं जिनसे महामारी वहां तक भी पहुंच गई है। अब हालात यह बन गए हैं की ढाणी और जंगलों में भी लोग सुरक्षित नहीं रहे हैं। अब तक जंगलों में रहने वाले लोग कस्बे और गांव में इक्का-दुक्का बारी आते थे और सभी पर बंद करके आते थे किंतु अब वहां तक महामारी द्वारा दस्तक दिए जाने से ये लोग भी परेशान नजर आते हैं।





चार सालों से जंग खा रही शवदाह मशीन को स्थानीय मैकेनिकों ने किया चालू
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-चंद मिनटों में हो सकेगा शव का अंतिम संस्कार
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कनीना। कनीना के राजकीय कालेज के पास शमशान घाट पर पूर्व एसडीएम संदीप सिंह द्वारा लाखों रुपए का गैस पर आधारित शवदाह गृह बनवाकर मशीन करीब चार वर्ष पूर्व स्थापित गैस पर आधारित शवदाह मशीन को क्षत्रियों मैकेनिकों ने शनिवार को शुरू कर दिया है तथा विधिवत रूप से लकड़ी का डेमो दिया गया। बिजली कनेक्षन तथा गैस सिलेंडर की आपूर्ति पहले से ही आपूर्ति की जा चुकी है।
गोरखपुर (उप्र) से करीब 16 लाख रुपये की गैस पर आधारित शवदाह गृह मशीन को करीब चार साल पूर्व मंगवाया गया था। शमशान घाट पर इसे स्थापित कर, बिजली कनेक्शन और 6 सिलेंडरों की व्यवस्था की गई थी किंतु इसका डेमों नहीं दिया गया था। इसी को लेकर विगत वर्ष भारत विकास परिषद ने एसडीएम का अभिषेक मीणा को भी एक मांग पत्र सौंपा था जिसमें शवदाह गृह को शुरू किए जाने की मांग की गई थी।
 इस मशीन से शव का दाह किये जाने से पर्यावरण प्रदूषण पर रोक लगेगी वहीं पेड़ों की कटाई भी रुकेगी। कंपनी द्वारा शुरू न किये जाने पर नगर पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने कंपनी को नोटिस दिया गया। कंपनी के लोग यहां एक बार आये किंतु पुन: लौटकर नहीं आये। उनकी दस लाख रुपये की पेमेंट भी की जा चुकी है। बाकी पैसे बकाया हैं। पूर्व एसडीएम संदीप सिंह के तबादले के बाद यह शवदाह गृह अधर में लटका हुआ था। कनीना के मैकेनिकों ने अमरनाथ पंजाबी, सुरेश पंजाबी तथा मुकेश पंजाबी ने दो दिनों तक भ्रसक प्रयास कर प्रदर्शन देकर विधिवत रूप से चालू कर दिया है। मैकेनिक मुकेश पंजाबी ने बताया कि इस मशीन का अंदरूनी ताप 1200 डिग्री तक पहुंच जाता है और शव की एक पल में मुट्ठी भर राख बन जाती है। इसमें करीब एक हजार लीटर पानी भरा जाता है जिससे शव जलने की धुआं गुजरती है और अशुद्धियां हवा में नहीं जा सकती हैं। यह एक गैस सिलेंडर में करीब एक शव को जला सकता है। अधिक ताप के लिए अधिक सिलेंडर लगाये जा सकते हैं किंतु प्रयोग एक सिलेंडर ही होगा।
पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने कहा कि किसी प्रकार की कमी बेशी होगी उसे पालिका की ओर से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इस प्रकार जो काम कंपनी द्वारा करने में चार साल लग गये उसे स्थानीय मैकेनिकों ने दो दिनों में कर दिखाया।
फोटो कैप्शन 10: लोकल मिस्त्री शवदाह मशीन का प्रदर्शन करते हुए।





कनीना में सभी दांतों के अस्पताल एक सप्ताह बंद रहेंगे
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कनीना। कनीना में कोरोना मरीजों के बढ़ते संक्रमण को ध्यान में रखते हुये आगामी रविवार तक अर्थात एक सप्ताह के लिये सभी दांतो के अस्पताल बन्द रहेंगे।
कनीना डेंटल एसोसिएशन से डा राजीव ने बताया कि क्षेत्र में लगातार कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ रही है जिसके चलते डेंटल एसोसिएशन की मीटिंग हुई और उसमें मौजूदा हालात की विस्तार से समीक्षा की गई।
सभी दंत चिकित्सकों ने मौजूदा हालात में अस्पताल चलाना मरीजों व डाक्टरों की जान को जोखिम भरा बताया। इसको देखते हुये अंत में फैसला लिया गया कि दिनांक 10 मई से 16 मई तक सभी अस्पताल बन्द रहेंगे। सभी दांत के मरीजों को अपनी सुरक्षा के लिहाज से कुछ दिन अपने इलाज को स्थगित करना होगा। इस दौरान किसी भी आपातकाल की स्थिति में मरीज निकट आपातकालीन सेवाओं से संपर्क कर सकते हैं। इस बैठक में डाक्टर राजीव, डाक्टर ललित, डाक्टर विकास, डाक्टर अमित, डाक्टर दिलबाग उपस्थित रहे।





वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक संपन्न
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कनीना। हरियाणा कांग्रेस अध्यक्षा कुमारी शैलजा ने कोरोना महामारी में लोगों की सहायता के लिए हरियाणा कांग्रेस द्वारा गठित की गई महेंद्रगढ़ जिला कांग्रेस कोविड रिलीफ  कमेटी की वीडियो कांफ्रेंसिंग  के माध्यम से बैठक ली। बैठक में विधायक राव दान व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र व महिला जिला अध्यक्ष महेंद्रगढ़ सुनीता मावता ,पूर्व विधायक राव बहादुर सिंह, राजाराम गोलवा ,वरिष्ठ नेता सत्यवीर झुकिया ,डा हिम्मत सिंह, मनीष ,कालू आकोदा, महेश व अन्य कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। राव दान सिंह ने बताया कि बैठक के माध्यम से  कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए हैं। राव नरेंद्र ने बताया कि हरियाणा कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्षा कुमारी शैलजा ने सभी कांग्रेस कोविड रिलीफ कमेटी के सदस्यों से अभी तक के कार्यों का फीडबैक ली। एक-एक करके सभी सदस्यों से बातचीत करके महेंद्रगढ़ जिले की वर्तमान कोरोना हालत के बारे में विस्तृत जानकारी ली। महिला जिला अध्यक्ष सुनीता मावता जी  ने बताया कि कुमारी शैलजा ने सभी को दिशा निर्देश देते हुए कहा कि पूरे हरियाणा में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता लगातार दिन-रात कोरोना मरीजों की मदद कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी सदैव जन सेवा में अग्रसर रहेगी। महेंद्रगढ़ कांगे्रस रिलीफ टीम राव दान सिंह ने कुमारी शैलजा को जिले के टीम के बारे में अवगत करवाते हुए कहा कि कमेटी के सभी सदस्य कोरोना पीडि़तों को हरसंभव मदद कर रहे हैं।
फोटो कैप्शन 8: सुनीता मावता शैलजा के विचार सुनते हुए।



विधायक ने फोन पर व्यक्त किया शोक
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कनीना। मास्टर हिम्मत सिंह तवर गांव पोता की माता भंवरी देवी का हृदय गति रुक जाने के कारण निधन हो गया।  ज्यादा तबियत खराब हो जाने के कारण शुक्रवार को उन्हें महेंद्रगढ़ अस्पताल में लेजा रहे थे तब रास्ते में गाड़ी में सीने में तेज दर्द हुआ और उनका देहांत हो गया। गांव पोता में उनका अन्तिम संस्कार कोविड 19 के नियमों का पालन करते हुये किया गया। अटेली के विधायक सीताराम यादव ने फोन पर मा हिम्मत सिंह तंवर से बात करके अपनी संवेदना प्रकट की    फोन पर संवेदना प्रकट करने वालों में सत्यवीर सिंह यादव पूर्व उपाध्यक्ष भाजपा, राजेन्द्र प्रसाद भारद्वाज पूर्व महामंत्री कनीना मंडल, शक्ति सिंह यादव पूर्व युवा मोर्चा अध्यक्ष कनीना, हनुमान सिंह पोता, हनुमान शर्मा अगिहार, डा विनोद यादव करीरा, कप्तान सिंह का रोहिल्ला, सवाई सिंह, विनीत कुमार सेहलंग , शिवकुमार शर्मा खेड़ी, हनुमान यादव पूर्व मंडल अध्यक्ष,  सुरेश अत्रि बाघोत, थान सिहमंडल अध्यक्ष भोजावास, अतर सिंह राजपूत कैमला, मंडल अध्यक्ष कनीना, राजू आर्य पोता आदि ने प्रकट की ।




13 गांवों में मिले 37 कोरोना संक्रमित
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 कनीना। कनीना क्षेत्र में शुक्रवार की अपेक्षा कोरोना संक्रमितों की संख्या कम पाई गई। 13 विभिन्न गांवों में 37 कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें से भोजावास, ककराला, कोटिया-2-2, रसूलपुर,भडफ़, करीरा, गुढ़ा 3-3, ढ़ाणा,गाहड़ा,रामबास, दौंगड़ा जाट 1-1, मोहनपुर 4, कनीना-11 प्रमुख हैं।




कोरोना महामारी हमें साधु संतों की तरह रहना सिखाती है गीता भाटी
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कनीना। समाजसेवी व सबके दुख सुख को अपना समझने वाली महिला श्रीमती गीता भाटी ने आज अपनी पहली कोरोना डोज लेने के बाद लोगों से अपील की है कि कोरोना महामारी से बचने के लिए पहला उपाय कोरोना वैक्सीन लेना है तथा दूसरा उपाय 2 गज दूरी मास्क है जरूरी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग अकेला कुछ नहीं कर सकता हम सबको मिलकर इस लड़ाई में प्रशासन सरकार व स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करना चाहिए, तभी जाकर हम इस कोरोना नामक भस्मासुर को मार सकते हैं। भाटी ने यह भी कहा कि कोरोना महामारी ने हमें घर में साधु संतों की तरह रहना सिखाया है इसलिए घर में रहकर हमें ज्यादा है ज्यादा भगवान का सुमिरन करना चाहिए जिससे कि उक्त बीमारी से पीछा छूट सके।




वार्ड 11 में सैनिटाइजर का किया छिड़काव
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 कनीना। कनीना के वार्ड 11 में अरुणा कोशिक पार्षद ने दवा के छिड़काव का श्रीगणेश किया। मिली जानकारी अनुसार कस्बा कनीना में दवा का छिड़काव के लिए सभी कार्रवाई जारी है किंतु अधिकारियों की उदासीनता के चलते छिड़काव तक नहीं हो पा रहा है वहीं विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। नगरपालिका में सेनिटाइजर आया हुआ है किंतु पालिका के अधिकारी पालिका प्रधान का सहयोग नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में पालिका प्रधान उच्चाधिकारियों को शिकायत भी कर चुके हैं।
 इन परिस्थितियों में भी सभी पार्षद प्रधान का सहयोग करने में अग्रणी हैं। अरुणा कौशिक पार्षद ने नगरपालिका से दवा लेकर ट्रैक्टर द्वारा पूरे वार्ड में दवा का छिड़काव करवाया है। उधर पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने कहा कि वे जल्द से जल्द पूरे कस्बा में दवा का छिड़काव करवा रहे हैं। कुछ यंत्र एवं उपकरण खरीब हैं जिनका ठीक करवाया जा रहा है।  उन्होंने पार्षद अरुणा कौशिक की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि मिलजुलकर महामारी को दूर भगाना है। इस मौके पर कंवर सैन वशिष्ट तथा वार्ड के सदस्य मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 4: अरुणा कौशिक वार्ड 11 में दवा का छिड़काव का श्रीगणेश करवाते हुए।





तूड़ी से सस्ते हुए टमाटर
-चेलावास के पूर्व सरपंच सुमेर सिंह पैदा किये भारी मात्रा में टमाटर
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 कनीना। कनीना उपमंडल के गांव चेलावास में पूर्व सरपंच सुमेर सिंह ने इस बार भारी मात्रा में मिर्च, टमाटर, भिंडी, ग्वार, पेठा, करेला, लौकी आदि की पैदावार लेनी शुरू कर दी है किंतु विगत वर्ष कुछ लाभ लेने के बाद इस वर्ष तूड़ी से भी सस्ते टमाटर हो गए हैं।  25 किलो टमाटर का कैरेट 70 रुपये में बिक रहा है। तीन रुपये किलो से भी सस्ते टमाटर थोक में जा रहे हैं। सुमेर सिंह ने बताया कि तूड़ी के भाव भी 4 से 5 रुपये प्रति किलो है ऐसे में इस वर्ष टमाटर पैदा कर पछता रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे टमाटर एवं हरी मिर्च बेचने के लिए दादरी, कुंड, महेंद्रगढ़, कोसली जा रहे हैं। इस वर्ष जहां अकेले टमाटर में उन्हें दो लाख प्रति एकड़ के हिसाब से लाभ हुआ था इस वर्ष उनके टमाटर को कोई पूछने वाला नहीं है। जहां कोरोना की मार विगत वर्ष भी पड़ी थी इस वर्ष भी टमाटर पर कोरोनौ की सख्त मार पड़ी है। 4 साल पहले उन्होंने सब्जी उगाने का कार्य ड्रीप सिंचाई से किया था। उन्होंने बताया कि दस रुपये किलो हरी मिर्च बिक रही है। 10 मजदूर प्रतिदिन टमाटर तोडऩे के लिए लगाए जाते हैं। 250 रुपये प्रति मजदूर दिहाड़ी लेते हैं। दिहाड़ी व किराया देने के बाद चंद रुपये बच पाते हैं।  उनका कहना है कि टमाटर को कोई जीव नहीं खाता वरना तूड़ी की जगह ये टमाटर जीवो को खिला दिए जाए।
फोटो कैप्शन 5: टमाटर को लादकर महेंद्रगढ़ ले जाते पूर्व सरपंच सुमेर सिंह
6: टमाटर की खेती में परेशान बैठे पूर्व सरपंच सुमेर सिंह।



कोरोना काल में खट्टे फलों की मांग बढ़ी
-गरीब द्वारा खट्टे








फल खाना हुआ मुश्किल
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कनीना। ज्यों ज्यों कोरोना की मार बढ़ती जा रही है त्यों त्यों खट्टे फल नींबू, चीकू, मौसमी, संतरा, कीवी, अंगूर, कच्चा नारियल की मांग बढ़ गई है। जिसके चलते ये फल आसमान छूने लगे हैं। लोगों के दिलों में भ्रम है कि ये फल शरीर में रोग रोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।
 जिस पपीता को कोई पूछने वाला नहीं था आज 100 रुपये किलो बिक रहा है। नींबू की मांग  इतनी बढ़ी है कि 200 रुपये किलो पहुंच गया है। मौसमी 12 किलो का कट्टा 1500 रुपये तक पहुंच गया है और संतरा ढूंढी भी नहीं पा रही है। 200 रुपये किलो तक संतरा कहीं मिल रही है। कीवी जिसे कोरोना में ज्यादा खा रहे हैं, 50 ग्राम के करीब का एक कीवी 70 रुपये में बिक रहा है। 80 रुपये का कच्चा नारियल मिल रहा है।
अंगूर 120 रुपये किलो, किन्नू 150 रुपये किलो पहुंच गए हैं। ऐसे में गरीब व्यक्ति द्वारा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, कोरोना से बचने के लिए खट्टे फलों का खाना कठिन हो गया है।
यद्यपि डॉक्टर खट्टे फल खाने की सलाह जरूर देते हैं किंतु इसका सीधा सा अर्थ यह नहीं है कि ये फल खाने से किसी प्रकार का रोग नहीं होगा।
जहां कोरोना काल में कुछ  सब्जियों के भाव बेहद गिर गये हैं जिनमें लौकी एवं टमाटर दस रुपये किलो बाजार में उपलब्ध हो रहे हैं। केले बेचने वाले शिवकुमार केलेवाले ने तो अपना काम ही बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि अब उनके केले की बिक्री नहीं रही है वैसे भी कुछ समय बाजार खुलता है। ऐसे में उनकी रोटी रोजी छीनती नजर जा रही है।
 महंगाई को रोकने की मांग-
 क्षेत्र के प्रबुद्ध जन अशोक कुमार, दिनेश कुमार, सुमेर सिंह, महेंद्र सिंह,कुलदीप सिंह, महेश कुमार आदि ने फलों के भाव बढऩे पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि यही हाल रहा तो आने वाले समय में ही फल खाने को उपलब्ध नहीं हो पाएंगे। इसलिए सरकार द्वारा भाव निर्धारित करने चाहिए।
क्या करते डा जितेंद्र मोरवाल-
डा जितेंद्र मोरवाल का कहना है कि कोई जरूरी नहीं है कि महंगे भाव के फल और सब्जियां खाएं अपितु दैनिक जीवन में काम आने वाले मसालों पर विशेष जोर दें। दही, लस्सी, हरी मिर्च, कैरी अदरक, प्याज, हल्दी, लहसुन, बेर, टींट आदि शरीर में रोग रोधक क्षमता को बहुत बढ़ाते हैं। यहां तक की भुने हुए चने खाने चाहिए यदि आवश्यकता हो तो विटामिन सी और आयरन की टेबलेट उपलब्ध है, वे प्रयोग में लाई जा सकती है। शरीर में रोग रोधक क्षमता बढ़ाने वाले अनेकों घरेलू औषधियां तथा मसाले उपलब्ध होते हैं। जिनका प्रयोग करें तो फलों की जरूरत नहीं होती। इसलिए जागरूकता जरूरी है।

Friday, May 7, 2021

 

मुंडिया खेड़ा में तीसरे दिन भी लगे टीके
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,कनीना। मुडिय़ा खेड़ा अस्पताल में शुक्रवार को 18-44 आयु वर्ग के 101 लोगों को कोरोना बचाव के लिए तीसरे दिन भी टीके लगाये गये। टीके उन्हीं लोगों के लग पाये जिन लोगों ने कोविन या दूसरे एप पर पंजीकरण कराया हुआ था। मुडिय़ा खेड़ा क्षेत्र में कोविन व दूसरे एप पर जा कर अपना पंजीकरण कराये तथा टीके लगवाये। टीका लगवाने के बाद वह पूरी तरह स्वास्थ्य व किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं हैं। पहले टीके बाद निर्धारित समय में दूसरे टीका भी लगवाना होता हैं। अस्पताल के इंचार्ज डा ललित कुमार के विशेष मार्ग-दर्शन में स्वास्थ्य कर्मी विनीता और मुकेश स्वास्थ्य कर्मियों ने टीके लगाये।जिन लोगों ने पहले पंजीकृत किया था। उन्हीं के टीके लगाये गये हैं। उन्होंने ककहा कि क्षेत्र में कोरोना का संक्रमण बढऩ़े के ज्यादा केस आ रहे है। इसलिए लोग घरों में रहे तथा अति आवश्यक कार्य होने पर बाहर निकलते समय मास्क व सोशल डिस्टेंस का पालन करे। पहला टीका लगने के बाद दूसरा टीका भी लगवाना जरूरी होता है। पहले टीके के 28 दिन बाद लगवाया जा सकता हैं। स्वास्थ्य विभाग की नई गाइडलाइन के अनुसार चिकित्सकों से संपर्क में रहे। मुंडिया खेड़ा अस्पताल में कोरोना बचाव के लिए वैक्सीन का टीका लगवाते हुए।
बुढिय़ा की मौत-उधर कनीना उपमंडल के गांव चेलावास में 80 वर्षीय महिला की मौत हो गई। वो होम आइसोलेट थी। उनका अंतिम संस्कार कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुसार किया गया।
फोटो कैप्शन 9: मुंडिया खेड़ा में टीका लगवाते लोग।







 प्रचंड कहर में कनीना में तैयारी नहीं
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कनीना। कोरोना की दूसरी लहर के प्रचंड कहर से मुकाबले के लिए कनीना शहर में कोई तैयारी नहीं दिख रही है। उपरोक्त विचार समाजसेवी एवं व्यापार मंडल बस स्टैंड के प्रधान महेश बोहरा ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि कनीना खंड में कोरोना बहुत तेजी से फैल रहा है पिछले साल तो इस बीमारी से  बुजुर्ग लोग ही ज्यादा संक्रमित हो रहे थे। अबकी बार तो जवानों के  लिए जानलेवा साबित हो रहा है लेकिन इसके बावजूद भी करोना वायरस की रोकथाम के लिए कोई उपाय होता नहीं दिखाई दे रहा। पिछले साल खतरा जीरो परसेंट था और डर सौ पर्सेंट था लेकिन अबकी बार इसका उल्टा है। जिसका एक उदाहरण प्रशासन द्वारा कनीना खंड के किसी भी गांव को सेनिटाइज ना करके दिया जा रहा है पिछले बार हर दूसरे तीसरे दिन पूरे कनीना शहर को सैनिटाइज कर दिया जाता था और खंड के किसी भी गांव में कोई संक्रमित होता था तो प्रशासन द्वारा उस पूरे गांव को भी सैनिटाइज किया जाता था लेकिन अब की बार ज्यादा संक्रमित होने पर भी सेनिटाइज की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। श्री बोहरा ने कहां की कनीना के लोग प्रशासन के भरोसे ना रहें अपने घर एवं गलियों को स्वयं सैनिटाइज करें और मास्क का प्रयोग घर में भी हो घर के बाहर भी। अपने बदन को ज्यादा से ज्यादा ढक करके रखा जाए और दुकानदार भाई हाथों में ग्लव्ज का प्रयोग करें। श्री बोहरा ने कहा कि बताया जा रहा है कि करोना वायरस की तीसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए करोना वायरस कि चेन को तोडऩे के लिए 2 गज की दूरी और मास्क है जरूरी का पालन करें।
फोटो कैप्शन : महेश बोहरा।








पुलिस  ने मास्क व सेनीटाइजर बांट कर लोगों किया जागरूक
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कनीना। शुक्रवार को दौंगड़ा अहीर चौक पर सरपंच होशियार के साथ मिलकर चौकी इंचार्ज पवन कुमार ने लोगों को मास्क तथा सेनिटाइजर बांट कर लोगों को जागरूक किया। ऐसे में लोगों को मास्क, सेनिटाइजर व सोशल डिस्टेंसिंग का महत्व समझाया गया और उनको मास्क व सेनिटाइजर वितरित किये गये।
चौकी इंचार्ज पवन कुमार ने कहा कि महामारी के खिलाफ हम सभी मिलकर ही जीत हासिल कर सकते हैं। उन्होंने लोगों को अपील की कि वह इस गंभीर महामारी से बचाव के लिए सरकार व स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालना करें। इस मौके पर होशियार सिंह ने कहा कि कोरोना अभी गया नहीं है। ऐसे में सावधानी जैसे मास्क लगाना, हाथों को बार-बार साबुन से धोना, फिजिकल डिस्टेंसिंग आदि का पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
फोटो कैप्शन 10: दौंगड़ा में मास्क वितरित करते सरपंच एवं पुलिस।


कनीना क्षेत्र के 13 गांवों में 147 मिले संक्रमित
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 कनीना। कनीना क्षेत्र के 13 गांवों में 147 कोरोना संक्रमित मिले हैं।  कनीना में 39 गुढ़ा-26 पड़तल 23, कोटिया-14 नांगल हरनाथ-11, ककराला 5, गाहड़ा-5 रामबास दौंगड़ा अहीर- 3-3,  चेलावास-7, भोजावास एवं रसूलपुर 2-2 कोरोना संक्रमित पाये गये हैं। लोगों की लापरवाही के कारण कोरोना केस बढ़ते जा रहे हैं। ऐतिहात के नियमों का सख्ती से पालन नहीं किया जा रहा है जिसके परिणाम स्वरूप महामारी बढ़ रही है। विस्तृत जानकारी देते हुए धर्मेंद्र यादव एसएमओ ने कहा कि नियमों का सख्ती से पालन करना जरूरी है वरना रोग बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि कम से कम घर के अंदर आराम से बैठ सकते हैं।

भोजावास में दी गई 172 डोज युवा वर्ग को, कनीना में लगाई 166 डोज

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 कनीना। कनीना और भोजावास में कोरोना वैक्सीन दी गई। भोजावास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सुपरवाइजर राजकुमार चौहान ने बताया कि 18-44 वायु वर्ग के युवाओं को 172 डोज दी गई जिसमें उषा एएनएम,रामबीर, विनोद ने अपनी अपनी भूमिका निभाई।
उधर कनीना उप नागरिक अस्पताल के एचआई शीशराम ने बताया कि 166 डोज 45 प्लस के लोगों को दी गई। इनमें प्रथम और दूसरी डोज शामिल हैं।


पर्यावरण को संरक्षित रखने में अहं भूमिका निभाते हैं पेड़ पौधे
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कनीना। पर्यावरण को संरक्षित रखने में पेड़ पौधों का अहं योगदान होता है। इसी प्रकार आहार शृंखला को आगे बढ़ाने में पक्षियों का अहं रोल है। पेड़ पौधे जहां जीवनदायिनी आक्सीजन देते हैं वहीं खाद्य जाल एवं खाद्य शृंखला को आगे बढ़ाने के लिए पक्षियों का भी बड़ा योगदान होता है।
   पेड़ पौधे की कमी से आक्सीजन की कमी होती चली जाएगी जिससे जीना दूभर हो जाएगा। ऐसे में पेड़ पौधों की जीवन को बचाने में ही नहीं अपितु पर्यावरण को सुरक्षित रखने में भी अहं रोल अदा कर रहे हैं। अगर पेड़ पौधे कम हो जाएंगे तो पक्षियों का आश्रय स्थल कम होता चला जाएगा। यही कारण है कि वनों की कटाई के चलते जीव जंतु कम होते चले जाएंगे। आहार शृंखला में भी पेड़ पौधों का अहं योगदान रहा है। शाकाहारी जीव जंतु पेड़ पौधों को परोक्ष एवं प्रत्यक्ष रूप से खाते हैं। यदि पेड़ पौधे नहीं होंगे तो शाकाहारी जीव कम हो जाएंगे जिसके चलते मांसाहारी जीवों पर कुप्रभाव पड़ेगा और आहार शृंखला कमजोर होती चली जाएगी।
   क्षेत्र में पेड़ पौधों को लगाने में समाजसेवी मंगल सिंह, दीपचंद पहलवान का अहं रोल रहा है जिन्होंने हजारों पेड़ पौधे लगाकर पर्यावरण को सुरक्षित रखने में अहं भूमिका निभाई है। आज भी क्षेत्र में कई पर्यावरणविद एवं समाजसेवी पेड़ों को बचाने में लगे हुए हैं। उनमें से कुछ से दैनिक जागरण ने बात की तो पता चला कि पेड़ पौधे लगाने एवं बचाने में उनका अहं योगदान रहा है।
कनीना के ही रहने वाले रवींद्र यादव राजस्थान में मुख्य शिक्षक पद पर कार्य करते हुए अब सेवानिवृत्त हो गए हैं। उन्होंने 58 वर्ष की उम्र तक सेवा दौरान रोड़वाल में 250, बिरनवास में 200, माजरा में 150, ढीकवाड़ में 250 पौधे लगाकर हरा भरा क्षेत्र बनाने में कसर नहीं छोड़ी है।   सेवानिवृति के बाद वे अपने उन्हाणी गांव के पास स्थित खेत पर ही रहते हैं।
 जिला महेंद्रगढ़ का किसान राजेंन्द्र सिंह कई वर्षों से कृषि पर शोध कर रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र में पेड़ पौधे लगाने में नाम कमाया है। जहां भी जाते हैं वहीं पेड़ पौधे लगाते हैं।  उन्होंने जीव जंतुओं को बचाने के लिए भी अभियान छेड़ा हुआ है। पर्यावरण को हो रहे नुकसान से वे बड़े चिंतित हैं।





जिले के किसी भी अस्पताल में किसी भी वस्तु की कमी नहीं रहने दी जाएगी-जिला उपायुक्त
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कनीना। किसी भी अस्पताल में किसी भी चीज की कमी नहीं रहने दी जाएगी। ये विचार जिला उपायुक्त अजय कुमार ने शुक्रवार कस्बा कनीना में उप-नागरिक अस्पताल का निरीक्षण के उपरांत पत्रकार वार्ता में व्यक्त किये । इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सभी अस्पतालों में सभी जरूरी चीजों की कमी नहीं रहने दी जाएगी और बीमार लोगों का इलाज सुचारु रूप से कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना महामारी से बचने के लिए अस्पताल की जरूरत तो होती ही है साथ-साथ सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि अस्पताल में न पहुंचना पड़े। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जब तक कोई बहुत ही जरूरी कार्य ना हो तब तक कोई भी व्यक्ति घर से बाहर न निकले क्योंकि कोरोना चेन को तोडऩे के लिए सरकार द्वारा पूर्ण रूप से लाकडाउन लगाया हुआ है जिसका पालन अवश्य ही करना चाहिए। उन्होंने लोगों से यह भी कहा है कि अपने घर में रहे, मास्क लगाकर रहे बार-बार हाथ धोते रहें, पौष्टिक खाना ले और 2 गज दूरी को बनाकर रखें, तभी जाकर हम कोरोना की इस चेन को तोडऩे में कामयाब होंगे।
 जिला उपायुक्त ने यह भी कहा कि कोरोना महामारी किसी जाति धर्म वह किसी एक वर्ग के लोगों को नहीं देखती है। इसलिए हमें सबको मिलकर अपने आप अपने परिवार को बचाना चाहिए तभी जाकर हम कामयाब हो पाएंगे और कोरोना का मात दे पाएंगे। उन्होंने अस्पताल के एसएमओ डाक्टर धर्मेंद्र से भी बातें कर अस्पताल की आवश्यकताओं को लेकर गहनता से विचार किया तथा उन्हें आश्वासन दिया कि किसी भी अस्पताल में आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं रहने दी जाएगी। वही उनके साथ आए जिला पुलिस कप्तान चंद्रमोहन सिंह ने भी लोगों से अपील की है कि शासन-प्रशासन सरकार सभी लगकर कोरोना को हराने में लगे हैं लेकिन कोरोना तब ही हारेगा जब सब लोग मिलकर एक होंगे। उन्होंने लोगों से यह भी कहा है कि सबको बचना है तभी देश बच पाएगा। उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि जरूरी काम ना हो तो वह घर से बाहर नहीं निकले। अगर बेवजह कोई सड़कों पर घूमता मिला तो उसको बख्शा नहीं जाएगा वहीं जिला पुलिस कप्तान यह भी बताया कि लोक डाउन के दौरान बेवजह घूमने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने वाला महेंद्रगढ़ प्रदेश का तीसरा जिला है। पुलिस व प्रशासन दोनों लोगों को बार बार समझा रहे हैं वही कोरोना लाकडाउन के नियमों का पालन न करने वालों पर सख्ती बरत रहे हैं ताकि लोग अमन चैन से जीवन जी सके।
फोटो कैप्शन 8: जिला उपायुक्त कनीना उप नागरिक अस्पताल का दौरा करते हुए।




विश्व स्वास्थ्य दिवस पर
हर इंसान स्वास्थ्य को लेकर है जागरूक
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 कनीना। एक वक्त था जब लोग स्वास्थ्य को लेकर कम जागरूक होते थे किंतु वर्तमान परिस्थितियों में जब कोरोना प्रचंड वेग पर है लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक है। यहां तक की बुजुर्ग लोग भी अब तो बहुत जागरूक हो गए हैंं।
विश्व स्वास्थ्य दिवस पर चंद लोगों से चर्चा की जिनके विचार अलग-अलग थे। सुमेर सिंह 60 वर्षीय है उनका कहना है कि नियमित रूप से हम अपने स्वास्थ्य की देखरेख करेंगे तो हम अधिक समय जीवित रहेंगे। उन्होंने कहा कि समय-समय पर दैनिक क्रियाकलाप पूर्ण करने चाहिए और शुद्ध खाना, शुद्ध व शुद्ध पानी प्रयोग करने चाहिए।
नीलेश मुदगिल जिला प्रभारी पतंजलि योग समिति का कहना है कि प्राणायाम एवं योग करते रहने से रोगों से बचा जा सकता है। यदि हम दिनचर्या में योगाभ्यास को शामिल कर ले तो निसंदेह हमारा स्वास्थ्य ठीक रहेगा। उन्होंने कहा कि पहले इंसान घूम फिर कर आता था किंतु अब घर पर ही योग आदि करने चाहिए। उन्होंने भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम विलोम, सूर्य नमस्कार, सर्वांगसम, भुजंगासन्न, मृकटासन्न, वज्रासन्न आदि नियमित करने पर बल दिया।
मनोज कुमार में आनावास का कहना है कि इंसान को साफ और ताजी हवा जरूर लेनी चाहिए और इसके एकमात्र तरीका है पेड़ पौधे। इंसान को पेड़ पौधे जरूर लगाने चाहिए, उनकी देख-रेख करनी चाहिए जिससे स्वास्थ्य स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा और शुद्ध हवा उसे मिलती रहेगी। उन्होंने कहा कि पेड़ पौधे लगाकर हम भविष्य को भी उज्ज्वल बना सकेंगे। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर अधिक पेड़ लगाने की मांग की।
डॉक्टर अजीत शर्मा का कहना है कि अपना स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए बासी भोजन नहीं करना चाहिए, संतुलित आहार लेने चाहिए । फास्ट फूड, तली हुई चीजें इंसान को गर्त की ओर ले जाती हैं, इनसे छुटकारा पाना चाहिए तभी हम अपने स्वास्थ्य को सही रख सकते हैं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य को सही रखने का सबसे बड़ा तरीका शुद्ध शाकाहार भोजन है,  मांसाहार भोजन से दूर रहना चाहिए शाकाहार भोजन की ओर आकर्षित होना चाहिए तभी हम जीवन में कुछ लंबे समय तक जी सकते हैं।
फोटो कैप्शन: निलेश मुदगिल,सुमेर सिंह, मनोज कुमार, डा अजीत शर्मा।


कोरोना वैक्सीन का टीका जरूर ले-सतीश जेलदार
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 कनीना। कनीना पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने शुक्रवार को कनीना के उप-नागरिक अस्पताल में जाकर कोरोना वैक्सीन ली। उन्होंने इस मौके पर कहा कि सरकार द्वारा सभी आयु वर्ग के लोगों को कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है, इसे जरूर ले। यह स्वास्थ्य के लिए न केवल लाभप्रद है अपितु रोगों से बचाती है। उन्होंने कहा कि इस समय पूरे ही संसार में महामारी का प्रकोप है। भारत जैसा देश इस महामारी से बचने के लिए वैक्सीन लेकर आया है जो महामारी से बचाएगी। उन्होंने कहा कि दो बार डोज लेनी है, जो अवश्य ले। भारत जैसे देश में इस प्रकार की वैक्सीन सबसे पहले प्रयोग करने से सिद्ध हो गया कि देश सभी देशों में अग्रणी और सब देशों का गुरु रहा है। उन्होंने कहा कि यह टीका कोई नुकसान नहीं करता। इसलिए सभी लोगों को जरूर लगवाना चाहिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सराहनीय काम किया है कि पूरे ही देश में कोरोना वैक्सीन मुफ्त उपलब्ध करवाई है।
फोटो कैप्शन 6: कोरोना वैक्सीन लेते हुए पालिका प्रधान सतीश जेलदार।



वर्चुअल बैठक में हरिराम मित्तल के निधन पर शोक जताया
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कनीना।  भाजपा जिला प्रवक्ता ओमप्रकाश लिसानिया ने बताया कि जिला भारतीय जनता पार्टी महेंद्रगढ़ एक  वर्चुअल मीटिंग हुई। जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान राकेश शर्मा ने की जिसमें पूर्व शिक्षा मंत्री रामविलास शर्मा, मंत्री ओमप्रकाश एडीओ, डा अभयसिंह, एमएलए. सीताराम ,पूर्व चेयरमैन गोविंद भारद्वाज, पूर्व डिप्टी स्पीकर  व जिला महामंत्री लख्मीचंद व समस्त जिला कार्यकारिणी के सदस्य पदाधिकारियों ने भाग लिया। जिस में उपस्थित समस्त जनों ने मंडल कनीना के कोषाध्यक्ष स्व हरिराम मित्तल  कनीना मंडी की असामयिक मृत्यु पर 2 मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति व हरि चरणों में स्थान देने की प्रार्थना की और कोरोना महामारी से लडऩे के विभिन्न उपायों पर विचार हुआ।
जिला प्रवक्ता ओम प्रकाश लिसानिया ने बताया कि वह और हरिराम मित्तल बचपन के  साथी थे । एक ही कक्षा में पढ़ते थे। स्व मित्तल मिलनसार सहायक और कठिन परिस्थितियों में साथ देने वाला व्यक्ति तथा उनकी याद हमेशा आती रहेगी। कनीना मंडी के संरक्षक कंवरसैन वशिष्ठ ने कनीना मंडल का बीजेपी का स्तम्भ व ईमानदार व्यक्तित्व का धनी बताया। उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर क्षेत्र के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए अटेली क्षेत्र के विधायक से मिला। बहुत अच्छे और यादगार कार्य किए इनके लिए उन्हें याद किया जाएगा।


सेहत के अनुसार भोजन का चयन करें- शर्मा












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कनीना। सेहत बिगड़ जाए तो रो पीटकर या दाल का पतला पानी पीकर ही जीवन चलाना पड़ेगा। ऐसे में सेहत के अनुसार ही भोजन का चयन करना चाहिए। ये विचार योगाचार्य मांगेलाल शर्मा ने प्राणायाम, योग, भोजन आदि विषय पर चर्चा करते हुए व्यक्त किए।
    स्वास्थ्य संबंधित जानकारी देते हुए योगाचार्य ने कहा कि बच्चों को सुबह सवेरे उठकर पानी पीना चाहिए तत्पश्चात अपनी दैनिक क्रियाएं करनी चाहिए। युवा का भोजन घी दूध से परिपूर्ण शुद्ध एवं सात्विक होना चाहिए। यदि सेहत है तो जहां है वरना इंसान की क्या शान है?  जीवेम शतम् का नारा तभी साकार होगा जब वो ब्रह्मचर्य का पालन करेगा। ब्रह्मचर्य का पालन करने वाला पूरी उम्र जीता है वहीं उसे कोई रोग नहीं लगता। उन्होंने महर्षि दयानंद सरस्वती तथा भीष्म का हवाला देते हुए कहा कि भीष्म पितामह 176 वर्ष की उम्र में महाभारत के युद्ध मैदान में डटा हुआ था।
    उन्होंने औरंगजेब के शासन की गुलनार की सुंदर कथा सुनाते हुए कहा कि कैद में पड़े दुर्गादास राठौर के पास विवाह की मंशा से आई। हाथ में मिठाई का थाल तो दूसरे हाथ में तलवार थी। सजी धजी गुलनार को देखकर राठौर समझ गए परंतु वो बाल ब्रह्मचारी थे उन्होंने स्पष्ट मना कर दिया कि देश की सभ्यता एवं संस्कृति में ऐसा कुछ नहीं है साथ में मां बाप और गुरू ने ब्रह्मचर्य का पालन करने का आदेश दिया है। ऐसे में मुझे साम्राज्य की जरूरत नहीं है अपितु मैं आपको देवी के रूप में ही देखना पसंद करूंगा। ऐसे ब्रह्मचारी एवं उनके तप का सम्मान करना चाहिए।
  उन्होंने इस न्यौली क्रिया, शीर्षासन, मयूरासन, वक्रासन, कुक्कड़ आसन्न आदि के लाभ समझाए। उन्होंने भोजन के उपरांत केवल वज्रासन करने पर बल दिया। उन्होंने कुछ प्राणायाम एवं उनके लाभों के साथ करने का तरीका भी समझाया।     
फोटो कैप्शन: मांगेलाल शर्मा ।

Thursday, May 6, 2021


सेलिब्रिटीज
कोरोना संक्रमित का समय हंसते-हंसते किया पार
-एसएमओ डा धर्मेंद्र यादव का अनुभव
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 कनीना। कभी-कभी दूसरों की भलाई करते करते खुद भी कष्ट सहन करने पड़ते हैं। ऐसी एक कहानी कनीना के एसएमओ डा धर्मेंद्र यादव है जो कोरोना पीडि़त होने पर हंसते मुस्कुराते अपने इस दुख भरी घड़ी को पार करके अपनी तैनाती पर आये थे।  डा धर्मेंद्र यादव बताते हैं कि उन्हें हल्की हल्की खांसी, जुकाम आदि हुआ फिर सूंघने की क्षमता घट गई, कुछ बुखार हुआ, जांच करवाई तो कोरोना संक्रमित मिला। उन्होंने तुरंत प्रभाव से अपने आप को फार्म हाउस पर आइसोलेट कर लिया। वे बताते हैं कि उनका गुढ़ा- रसूलपुर मार्ग पर एक ढाई एकड़ का फार्म हाउस है जिसमें आधा एकड़ में बागवानी की हुई है। विभिन्न प्रकार की दवाएं विभाग द्वारा दी गई, इनको वे समय पर लेते रहे जिनसे थोड़ी नींद अधिक आती है।कुछ समय नींद में तो कुछ समय मधुर मधुर संगीत में गुजारा, जब टीवी पर चित्रहार देखना होता तो उसे देख कर अपना मनोरंजन किया। जब उनका मन ऊब जाता तो पेड़ पौधों के संग खड़े हो गए। अपने फार्म हाउस पर लगाए हुए विभिन्न फूलदार फलदार पौधों पर जहां आम, नींबू, आडू शहतूत आदि लगे हुए हैं उनका रसास्वादन कर समय बीताया। घर से खाना और फल मिलते रहे और उन्होंने महज 7 दिन में ही अपनी रिकवरी कर ली और पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर अपनी तैनाती पर कनीना आ गए।
 वे बताते हैं कि इंसान को कोई कठिन समय में घबराना नहीं चाहिए, हां कोरोना से डरना चाहिए लेकिन घबराने की बात नहीं है। बस मन में सकारात्मक विचार रखे जिसके परिणाम स्वरूप महामारी से जल्दी उबर जाएंगे।
वह बताते हैं कि उनके दादाजी भी उसी वक्त कोरोना संक्रमित हो गए किंतु उनको अलग जगह आइसोलेट किया गया जबकि वे स्वयं अपने फार्म हाउस पर आइसोलेट हुये। यद्यपि उनका फार्म हाउस फूल फलों से आच्छादित होने के कारण उनका मन सदा प्रसन्न चित्त रहा जो इस बात को इंगित करता है कि सकारात्मक विचार और पेड़ पौधों के संग समय बिताने से महामारी का पता भी नहीं चलता और जल्दी से दूर हो जाती है। उन्होंने जब इच्छा हुई पेड़ पौधों को पानी भी दिया तथा हँसते मुस्कुराते अपना समय बिताया। अगर किसी से बात करनी चाहिए तो महज फोन के जरिए बात की, कभी उनके चेहरे पर दर्द महसूस नहीं हुआ। खुशी-खुशी बाधा को पार कर गए। उनका लोगों से संदेश है कि कठिन समय में घबराना नहीं चाहिए, सकारात्मक सोच रखते हुए मुकाबला करना चाहिए, जीत निश्चित है।
- डॉक्टर धर्मेंद्र यादव एसएमओ,उप नागरिक अस्पताल कनीना
फोटो कैप्शन: डा धर्मेंद्र यादव एसएमओ।





कनीना में 285 वैक्सीन जबकि भोजावास में 85 वैक्सीन डोज दी गई
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 कनीना। कनीना क्षेत्र में गुरुवार को कोरोना वैक्सीन देने का सिलसिला चला। कनीना उप नागरिक अस्पताल के तहत 45 प्लस के 285 लोगों को प्रथम एवं द्वितीय डोज दी गई। विस्तृत जानकारी देते हुए ऐसे में डा धर्मेंद्र यादव एसएमओ ने बताया कि सुबह से ही कोरोना की प्रथम एवं द्वितीय डोज देने का सिलसिला चला जिसमें 285 डेज कोरोना वैक्सीन दी गई।
उधर पीएचसी भोजावास में 18 से 44 वर्ष के युवाओं को 85 कोरोना वैक्सीन दी गई। विस्तृत जानकारी देते हुए राजकुमार एचआई भोजावास ने बताया कि डाक्टर नवीन कुमार, उषा एएनएम, मुकेश बाला एएनएम, पंकज कुमार एमपीएचडब्ल्यू ने अहम भूमिका निभाई।
 कोरोना से दौंगड़ा अहीर में एक और मौत
संस,कनीना। सिविल अस्पताल नारनौल में कोरोना से पीडि़त दौंगड़ा अहीर के व्यक्ति की वीरवार को मौत हो गई जिसे मंगलवार को आक्सीजन की कमी के चलते एडमिट करवाया गया था। लगभग 55 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत के बाद अस्पताल की ओर से कोरोना प्रोटोकाल के तहत अंतिम संस्कार किया गया। उल्लेखनीय है कि दौंगड़ा अहीर के एक व्यक्ति की कोरोना से वीरवार प्रात: बजे के आसपास मौत हो गई उक्त व्यक्ति को 3 दिन पहले सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया था। इससे पहले सोमवार को भी दौंगड़ा अहीर में कोरोना से एक 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी।




कलमकार एवं उनकी भार्या ने ली डोज
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कनीना। पत्रकारों की कठिन ड्यूटी और काम के दौरान समय की कोई बाध्यता नहीं होती है।ऐसे में पत्रकारों और उनके परिवारजनों को कोरोना से बचाव के लिये वैक्सीन लगाने की बहुत आवश्यकता है। इसको देखते हुए बुधवार को दैनिक भास्कर के पत्रकार दौंगड़ा अहीर के अशोक यादव ने अपनी पत्नी के संग कोरोनावायरस वैक्सीन लगवाई औऱ कहा कि
पत्रकार कोरोना की लड़ाई में फ्रंट वॉरियर की तरह हमेशा ग्राउंड जीरो पर रिपोर्टिंग का जिम्मा संभाले हुए हैं
तथा फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में पत्रकार अपने कार्य के प्रति सजग होकर कोरोना से संबंधित खबरें करते रहते हैं इसलिए पत्रकारों को कोरोना वैक्सीन लगवाना बहुत ही जरूरी है।





जन्मदिवस अवसर पर बीएमडी क्लब कार्यालय कनीना में हुआ पौधरोपण
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कनीना। बीएमडी क्लब द्वारा  क्लब सचिव इन्द्रजीत शर्मा, सदस्य अमीश यादव,जय विमल चंद्र के जन्मदिवस अवसर पर जन्मदिन एक सन्देश मिशन को आगे बढ़ाते हुए कनीना स्थित क्लब कार्यालय में पौधरोपण कर समाज को पर्यावरण संरक्षित करने का सन्देश दिया।
जिला यूथ अधिकारी महेन्द्र कुमार नायक ने कहा कि जन्मदिन के अवसरों पर सभी परिवारों को कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए। जिस प्रकार हम अपने बच्चों की परवरिश करते हैं उसी प्रकार हमें पेड़-पौधों की परवरिश करनी चाहिए। हमें जन्मदिवसों पर फिजूलखर्ची से बेहतर है की किसी सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन कर समाज को सन्देश देना चाहिए। चेयरमैन लक्की सीगड़ा ने कहा कि जन्मदिन में केक काट सभी पार्टी देते हैं अब विचार बदलकर कम से कम जन्म दिन में एक पौधा लगाकर उसे बड़ा करने का संकल्प लेना चाहिए। अपने जीवन में एक पेड़ खुद के लिए,एक पूर्वज और एक आने वाली पीढ़ी के लिए जरूर लगाना चाहिए। साथ ही व्यक्ति को पूर्ण इमानदारी एवं सफलता की पूर्ण आशाओं के साथ अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर सामाजिक सरोकारों से जुड़कर भी कार्य करना चाहिए। पर्यावरण व आवरण है जिसमें हम सभी धरती के प्राणी रहते हैं। पर्यावरण का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। ये हरे-भरे पेड़-पौधे हमारे जीवन का अभिन्न अंग हैं। प्रकृति के बिना मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। इसमें दो राय नहीं कि जब तक हमारा पर्यावरण स्वच्छ नहीं होगा तब तक सर्वांगीण विकास की बात बेमानी होगी। एडवोकेट सुनील राव ककरालिया एवं नवीन यादव ने भी सन्देशात्मक कार्यक्रम के आयोजन की अपील करते हुए कहा की मानव जीवन पूर्ण रूप से स्वस्थ तभी होगा जब कदम-कदम पर पौधे लगेंगे। पौधरोपण जीवन के लिए बेहद जरूरी है। आक्सीजन देने वाले पौधों की महत्ता को दरकिनार नहीं किया जा सकता। हमें मुफ्त में आक्सीजन पेड़-पौधे ही देते हैं। बढ़ती जनसंख्या और घटते पेड़-पौधे मानव जीवन के अस्तित्व पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। पर्यावरण संतुलन से ही मानव सुरक्षित व खुशहाल रहेगा।
मानव का यह नैतिक धर्म होना चाहिए कि पर्यावरण को संतुलित बनाने के लिए अधिक से अधिक पौधों का रोपण करना होगा। पौधे हमें न सिर्फ आक्सीजन देते बल्कि फूल, फल, औषधि व इमारती लकडिय़ां भी देते हैं। पौधों को खुद रोपने के लिए तत्पर हों और आसपास के लोगों को भी इस नेक कार्य के लिए प्रेरित करें। जब तक जन-जन में जागरूकता नहीं आएगी हम सभी अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाएंगे।
  बीएमडी क्लब चेयरमैन लक्की सीगड़ा,जिला यूथ अधिकारी महेन्द्रकुमार नायक,क्लब सचिव इंद्रजीत शर्मा, एडवोकेट सुनील राव ककरालिया, नवीन यादव, कर्मपाल एवं कैलाश की उपस्थिति में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षित अभियान को गति प्रदान की।
फोटो कैप्शन 9: जन्मदिन पर पौधा रोपण करते हुए बीएमडी क्लब के सदस्य।



अंधड़ और बूंदाबांदी ने दी राहत तो टूटे पेड़
-2 एमएम बारिश हुई
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 कनीना। क्षेत्र में दोपहर पश्चात अधड़ आने तथा बूंदाबांदी होने से जहां पेड़ों को नुकसान हुआ है वही खेतों में खड़ी चारे की फसल को लाभ होने की संभावना है। गर्मी से राहत मिली है। हुई दो एमएम बारिश
तेज अंधड़ से जहां धूल ही धूल का माहौल हो गया, घरों में बिना मंगाए रंत आ गिरा वही पेड़ों को नुकसान पहुंचा है किंतु गर्मी से बहुत राहत मिली है। दिन भर भीषण गर्मी पड़ रही थी, उस गर्मी से राहत मिली है। जहां दो एमएम बारिश से खेतों में खड़ी हुई चारे की फसलों को लाभ हुआ है वही कपास उगाने वाले किसान भी कुछ राहत महसूस कर रहे हैं। अगर ऐसे में बारिश होती है तो किसानों विशेषकर कपास उगाने वाले किसानों को लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर जहां अंधड़ से कुछ नुकसान भी हुआ है वहीं कुछ राहत भी मिली है। फोटो कैप्शन 7: आकाश में छाए बादल और होती हुई हल्की बूंदाबांदी।





 वेंटिलेटर की सुविधा न मिलने के कारण कोरोना ने युवक को बनाया काल का ग्रास
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कनीना। कोरोना महामारी ने एक 27 वर्ष के लड़के को बनाया काल का ग्रास बनाया है।  मिली जानकारी के अनुसार खंड के गांव मोहनपुर में एक 27 वर्षीय युवा जो पिछले 5 दिन से बुखार से पीडि़त था जिसे परिजनों ने रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल में भी इलाज के लिए भर्ती कराया था लेकिन ज्यादा आराम नहीं मिला तो परिजनों ने उसे सरकारी अस्पताल कनीना में भर्ती कराया। बताया जाता है कि वेंटिलेटर की सुविधा न होने के कारण कोरोना ने उक्त युवकों को काल का ग्रास बना दिया। वही इस घटना से गांव मोहनपुर में ही नहीं क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।


 पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में है सुख शांति
-थाने में नहीं हुआ कोई मामला दर्ज, पुलिस ने ली राहत की सांस
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कनीना। 30 अप्रैल से आज तक एक सप्ताह बीत गया है लेकिन कनीना थाने में कोई शिकायत नहीं आई जिसको लेकर पुलिस ने राहत की सांस ली है।
मिली जानकारी के अनुसार सरकार द्वारा लाकडाउन के आदेश जारी होने के बाद सभी लोग अपने-अपने घरों में बैठे शांति से जीवन जी रहे हैं जिसको लेकर ना कोई लड़ाई है ना कोई झगड़ा है ना ही कोई घटना है जिसके कारण एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी कनीना थाने में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ और ना ही कोई शिकायत आई है। इससे पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है वही समाज में भी शांति कायम हुई है। वहीं क्षेत्र के प्रबुद्ध एवं समाजसेवी लोगों ने बताया कि यह समस्या की घड़ी है जिसमें मानव को ज्यादा से ज्यादा भगवान का ध्यान करना चाहिए वही सच्चा साथी है। उन्होंने यह भी बताया कि जब भी कोई समस्या आती है तो लोग परमात्मा को याद करते हैं इसीलिए पिछले 7 दिनों से न कोई झगड़ा है और ना ही कोई फसाद।


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 कोरोना महामारी सेनिटाइजर व मास्क बांटकर लोगों से घरों में रहने की अपील की
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कनीना। जहां एक तरफ कुछ लोग कोरोना महामारी से बचकर अपने घरों में छुपे हुए हैं वहीं दूसरी ओर डेरा सच्चा सौदा के कुछ अनुयायी कोरोना में सेवा करने वाले पुलिस कर्मी, स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा अन्य लोगों की सेवा में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी को लेकर सच्चा सौदा के अनुयायियों ने थाना कनीना, सरकारी अस्पताल, व पुलिस द्वारा विभिन्न जगह लगाए गए नाकों पर जाकर उनको फल, सेनिटाइजर वह मास्क  वितरित किए तथा उनकी हौसला अफजाई के लिए कहा कि हमारी टीम आप लोगों की सेवा और सहायता के लिए सदैव तत्पर रहेगी। इस अवसर पर अटेली, महेंद्रगढ़, नारनौल, कनीना के अलावा अन्य जगहों के भंगी दास अनुयायी ने एकत्रित होकर सेवा की। कनीना के भंगी दास अनिल कुमार ने बताया कि हमारी टीम सदैव कोरोना में सेवा करने वाले स्वास्थ्य कर्मी, पुलिसकर्मियों अन्य विभागों के कर्मचारियों की सेवा और सहायता के लिए हमेशा ड्यूटी पर तैयार रहेगी।




बंगाल में 11 लोगों की हुई निर्मम हत्या में शामिल लोगों को फांसी की सजा सुनाई जानी चाहिए
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कनीना। बंगाल में गत दिवस हुई दर्जनभर लोगों की निर्मम हत्या की जिम्मेवार आखिर कौन सत्ता किसी को मिली और वोट किसी के बडे लेकिन उनका कसूर क्या था जिनको मार डाला। उक्त विचार इनेलो की वरिष्ठ नेत्री एवं महिला विंग महेंद्रगढ़ की जिला अध्यक्ष श्रीमती सुदेश ढिल्लो ने व्यक्त किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि टीएमसी सत्ता को पाने के लिए लोगों का खून कराती है। आखिर जो 11 लोग मारे गए उन का जिम्मेदार कौन? सुदेश ढि़ल्लो ने शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि ऐसी सत्ता भी किस काम की जिसको हासिल करने के लिए लहूलुहान होना पड़े। उन्होंने भारत के राष्ट्रपति से मांग करते हुण् कहा है कि बंगाल में हत्या करने वाले लोगों को फांसी की सजा होनी चाहिए और जिसने उनको इस काम के लिए प्रेरित किया है उनको भी बख्शा नहीं जाना चाहिए ताकि देश में अमन और चैन से लोग रह सके।





 कोरोना कहर के दृष्टिगत कस्बों और गांवों को किया जाए सेनिटाइज
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कनीना। समाज सेवी एवं विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष महेश बोहरा ने कहा यहां एक विज्ञप्ति में कहा कि विगत वर्ष भी कोरोना आया था और कोरोना के चलते जहां बेहतर प्रबंध किए गए थे, गांवों को सैनिटाइज किया गया था वही गली गली लोगों को जागरूक किया गया था लेकिन दुर्भाग्य है अभी इस वर्ष में मौतों का सिलसिला भी जारी है परंतु कोई फांगिंग एवं सेनिटाइजर का छिड़काव नहीं किया गया है। कनीना और आसपास क्षेत्रों में जहां विगत वर्ष दो व्यक्तियों की मौत हुई थी जबकि इस वर्ष आंकड़ा एक दर्जन को पार कर गया है किंतु अभी तक किसी भी कस्बा या गांव में पूर्ण रूप से सैनिटाइज नहीं छिउ़का गया है जिसके परिणाम स्वरूप कोरोना रोग तेजी से फैल रहा है। गली-गली जागरूकता अभियान नहीं छोड़ा जा रहा है। सरकार की सख्ती भी कम हो गई है। लाकडाउन को भी सख्ती से नहीं लिया जा रहा है।  अगर सभी बातों पर गौर किया जाए तो निसंदेह अनेकों लोगों की जान बच सकती है। उन्होंने मांग की है कि कस्बा कनीना में भी दवा का छिड़काव किया जाना चाहिए, फागिंग करनी चाहिए ताकि रोग से छुटकारा पाया जा सके। जहां विगत वर्ष कनीना कस्बे में 7 बार सैनिटाइजर छिड़काव किया था सरकार ने भी भारी मात्रा में सेनिटाइजर भेजा था किंतु इस वर्ष एक बार भी सैनिटाइजर का छिड़काव नहीं किया है और न फागिंग की गई है। उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात यही है।  सरपंचों की पावर छिन गई है वही वहां भी किसी प्रकार का कोई सैनिटाइजर नहीं छिड़का जा रहा है जिसके चलते उन्होंने सरकार से मांग की है कि सभी गांवों और शहरों में हम सैनिटाइजर छिड़का जाए, फागिंग करवाई जाए गली-गली लोगों को और सख्ती से लाकडाउन किया जाए तभी लोगों की जान बच सकती है।



राजेश कुमार प्रवक्ता ने ली कोरोना वैक्सीन
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कनीना। धनौंदा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत राजेश कुमार प्रवक्ता ने वैक्सीन की दूसरी डोज कोरोना वैक्सीन ली। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि घबराये नहीं सभी टीका अवश्य लगाए ताकि इस महामारी को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि वैक्सीन के अभियान आगे बढ़ाते हुए एक मई से सभी 18 वर्ष से ऊपर के सभी देश वासियों को टीका लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी किसी जाति धर्म व बिरादरी को नहीं देखती। यह तो सबको ही मारती चलती है। इसलिए हमें इसके बचाव के लिए पहले ही  वैक्सीन का प्रयोग कर सुरक्षा कवच तैयार कर लेना चाहिए।  हमारे देश का सबसे सौभाग्य है कि हमारे देश में संसार में सबसे पहले कोरोना वैक्सीन का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री मोदी जी ने कोरोना वैक्सीन बनाकर यह साबित कर दिया कि हमारा देश संसार में बसने वाले अन्य देशों से किसी तरह भी कम नहीं है। भारत में कोरोना वैक्सीन सबसे ज्यादा कारगर है, इसलिए देश के साथ साथ भारत ने अन्य देशों में भी कोरोना वैक्सीन की दवा भेज कर यह साबित कर दिया कि भारत पहले भी गुरु था और आज भी संसार का गुरु है।
फोटो कैप्शन 4: राजेश कुमार प्रवक्ता डोज लेते हुए।


लोग हुये जागरूक, वैक्सीन के लिए लगाते हैं कतार, करते हैं इंतजार
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 कनीना। कोरोना वैक्सीन जब से लगानी शुरू की गई है जब से अनेकों प्रकार की भ्रांतियां लोगों के दिलों में घर कर रही थी किंतु धीरे-धीरे लोग इतने जागरूक हो गए कि अब तो कोरोना वैक्सीन के लिए आनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा कर भी लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। कोरोना वैक्सीन जो सभी आयु वर्ग के व्यक्तियों को लगने लगी है किंतु अलग-अलग दिन निर्धारित किए गए हैं।
लोग कोरोना वैक्सीन लेने के लिए इंतजार करते देखे गये। यहां तक कि एक दूसरे से, अस्पताल से पूछते देखे गए कि कोरोना वैक्सीन कब दी जाएगी? विशेषकर युवा वर्ग में तो भरी जोश देखने को मिला। युवा वर्ग सुरेश कुमार अमित कुमार दिनेश कुमार मंजू, कृष्ण सिंह आदि ने बताया कि उन्होंने एक मई से पहले रजिस्ट्रेशन करवाया था और बड़ी मुश्किल से अब उनका नंबर वैक्सीन लेने में पड़ा है। उधर सुनील कुमार, राजेश कुमार, करतार सिंह, धर्मेंद्र, सतवीर सिंह आदि ने बताया कि उन्होंने कोरोना वैक्सीन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा है उनकी आयु वर्ग 45 से अधिक है। चूंकि बीच-बीच में युवा वर्ग को भी कोरोना
वैक्सीन दी जाने से 45 प्लस  के व्यक्तियों को इंतजार करना पड़ रहा है। यहां तक कि अस्पताल में लंबी कतार देखने को मिली। लोग दरवाजे पर खड़े देखे गए। यहां तक वैक्सीन लेने के लिए वेटिंग हाल में भी इंतजार करते देखे गए। कई सोपानो से होकर गुजर कर कोरोना वैक्सीन दी जा रही है।
जिस कोरोना वैक्सीन को लेकर के लोग अनेकों भ्रम पाल रहे थे अब वह इसके गुण गा रहे हैं तथा इंतजार कर रहे हैं।
फोटो कैप्शन 5: कोरोना वैक्सीन का इंतजार करते लोग।




कोरोना से दौंगड़ा अहीर में एक और मौत
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कनीना। सिविल अस्पताल नारनौल में कोरोना से पीडि़त दौंगड़ा अहीर के व्यक्ति की वीरवार को मौत हो गई जिसे मंगलवार को आक्सीजन की कमी के चलते एडमिट करवाया गया था। लगभग 55 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत के बाद अस्पताल की ओर से कोरोना प्रोटोकाल के तहत अंतिम संस्कार किया गया। उल्लेखनीय है कि दौंगड़ा अहीर के एक व्यक्ति की कोरोना से वीरवार प्रात: बजे के आसपास मौत हो गई उक्त व्यक्ति को 3 दिन पहले सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया था। इससे पहले सोमवार को भी दौंगड़ा अहीर में कोरोना से एक 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी।