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Friday, September 4, 2020


आंगनबाड़ी से से हुई चोरी,मामला दर्ज

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कनीना। उपमंडल के गांव भडफ़ स्थित आंगनबाड़ी में अज्ञात चोरों द्वारा ताला तोड़कर गैस सिलेंडर व एक 50 किलोग्राम गेंहू से भरा बैग चोरी हो गये।
भडफ़ आंगनबाड़ी वर्कर उर्मिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सुबह जब वह  आंगनवाड़ी सेंटर पहुंची तो ताला टूटा हुआ था और एक गैस सिलेंडर व एक 50 किलोग्राम गेहूं से भरा बैग कमरे में नहीं था। जो कि अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर लिया गया था। कनीना पुलिस ने बताया कि आंगनबाड़ी वर्कर उर्मिला की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
टेंपो पलटा, तीन घायल,भेजा महेंद्रगढ़
संवाद सहयोगी,कनीना। कोथल से धनौंदा आते समय उन्हानी टी -वाइंट के मोड़ पर टेंपो पलटने से तीन व्यक्ति घायल हो गए।
टेंपो में घायल प्रवीण के नामक महिला के पति जितेंद्र ने बताया कि उनके वे रिश्तेदारी में मातमपुरसी से होकर वापिस धनौंदा आ रहे थे। जब कनीना से दादरी मार्ग पर उन्हानी मोड़ पर पहुंचे तो तीन पहियों वाला टेंपो अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया जिसमें सात से आठ जन सवार थे। टेंपो पलटने से 3 महिलाए प्रवीण, शारदा सहित एक अन्य महिला घायल हो गई जिन्हें  कनीना उप नागरिक अस्पताल लाया गया जहां उपचार के बाद स्थिति को गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने महेंद्रगढ़ रेफर कर दिया।

हरियाणा पुलिस के जवान सहित कस्बे में मिले 5 संक्रमित
रैपिड टीम ने गुढा, चेलावास, कनीना में 91 व्यक्तियों के लिए सैंपल 

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कनीना। कनीना क्षेत्र में शुक्रवार को कोरोना के 5 नए केस सामने आए हैं। एसएमओ डॉ धर्मेंद्र ने जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार को क्षेत्र में पांच नए संक्रमित मिले हैं । गुढा गांव में सुबह 1 संक्रमित मिला। उसके बाद रैपिड टीम ने वहां पर जांच की तब एक केस और मिला। इस प्रकार गुढा गांव में 2 केस मिले। रेपिड टीम ने चेलावास गांव में जब जांच की तब एक केस सामने आया। कलवाडी गांव में एक व्यक्ति संक्रमित मिला। कनीना के वार्ड नंबर 2 में हरियाणा पुलिस का जवान संक्रमित मिला है। हरियाणा पुलिस के जवान ने रेवाड़ी में अपना सैंपल दिया था। जिसकी रिपोर्ट 4 सितंबर को पॉजिटिव आई है।
हेल्थ इंस्पेक्टर शीशराम रसूलपुर ने जानकारी देते हुए बताया कि गुढ़ा गांव के 7 घरों में रहने वाले 40 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई । गुढ़ा गांव में डॉक्टर विनय के साथ एमपीएचडब्लू संदीप कविता, आशा वर्कर संजोग, एएनएम राजबाला, हेल्थ इंस्पेक्टर शीशराम द्वारा ग्रामीणों की स्क्रीनिंग की गई। रैपिड टीम ने कनीना के वार्ड नंबर 9 में 16 व्यक्तियों की, चेलावास गांव में 8 व्यक्तियों की व गुढ़ा में 67 व्यक्तियों की जांच की गया। जिसमें एक चेलावास गांव में व एक गुढ़ा गांव में संक्रमित मिला। कनीना क्षेत्र में कोरोना के केस बढ़ते ही जा रहे हैं वहीं डा धर्मेंद्र का कहना हैचाव में ही बचाव है। अपनी सुरक्षा करनी चाहिए ताकि रोग से बचा जा सके।
फोटो कैप्शन 9: स्क्रीनिंग करता कनीना उप नागरिक अस्पताल का कर्मी।


प्राचार्य मुखिया रोटेशन से बुला सकेंगे अध्यापकों को*

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 कनीना। स्कूल के मुखिया/ प्राचार्य/हेडमास्टर अपने विवेक से काम लेते हुए जितना स्टाफ चाहिए उतना स्कूल में बुला सकते हैं। पूरा स्टाफ बुलाने की जरूरत नहीं है। इसे रोटेशन नाम दिया गया है।
 निदेशक हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार यह फैसला लिया गया है। विस्तृत जानकारी देते हुए खंड शिक्षा अधिकारी अभयराम यादव ने बताया कि आप उनके पास इस संबंध में पत्र की प्रति जिला शिक्षा अधिकारी से प्राप्त हो चुकी है और उन्होंने आदेश दिया है कि सभी प्राचार्य रोटेशन से स्टाफ को बुला सकते हैं। यदि किसी दिन पूरे स्टाफ की जरूरत है तो सारे को भी बुला सकता है और यदि शिक्षकों की जरूरत हो तो वह कम शिक्षक भी बुला कर काम चला सकता है। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र में कोरोना केस बढ़ते ही जा रहे हैं जिसके चलते शिक्षा विभाग ने के नियमों का पालन करने का आदेश दिया है। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया इस प्रकार क  गत दिवस से व्हाट्सएप पर घूम रहा था लेकिन उनके पास इसकी प्रमाणिकता नहीं थी। अब जिला शिक्षा अधिकारी से उनके पास पत्र प्राप्त हो चुका है।


क्षेत्र में हुई 10 एमएम बारिश, लावणी की गई फसल को नुकसान होने के पूरे आसार

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कनीना। कनीना क्षेत्र में प्रतिदिन बूंदाबांदी या बारिश हो रही जिसके चलते काट कर डाली गई फसल खराब होने की पूरी संभावना हो गई है। इस समय अगैती फसल की कटाई पूरे यौवन पर है। किसान अपने परिवार सहित तथा दूसरे राज्यों से आए हुए श्रमिक जी जान से कटाई में जुटे हुए हैं। जो फसल काट कर डाली है वह मिट्टी एवं पानी से छूकर खराब होने की संभावना बढ़ गई है। पछेती फसल को कोई नुकसान होने की संभावना नहीं है। कपास में भी बारिश का नुकसान होगा। इस समय कपास में टिंडे खिल चुके चुके हैं जिनकी रुई काली पड़ जाती है।
किसान सूबे सिंह, अजीत कुमार, रणधीर सिंह, विजयपाल, श्याम लाल आदि ने बताया कि समय फसल कटाई चल रही है। फसल कटाई के चलते बारिश का नुकसान होगा। क्षेत्र में 21300 हेक्टेयर पर बाजरे की बिजाई की गई है जबकि करीब 6000 हेक्टेयर पर कपास की बिजाई की गई है। बार-बार बारिश होना फसल के लिए खतरनाक है।
 उधर इस संबंध में पूर्व कृषि वैज्ञानिक डा देवराज तथा एडीओ देवेंद्र यादव ने बताया कि काट कर डाली गई फसल में बाजरे का दाना रंग बदल सकता है साथ में उगने की संभावना हो जाती है। बाजार में भाव घट सकता है लेकिन उन्होंने कहा कि जो फसल काट कर डाली है उसी में नुकसान हो सकता है। फसल खड़ी हुई है या पकान पर है उनमें कम नुकसान होगा। उन्होंने कहा कपास की फसल में भी नुकसान हो सकता है। साथ में उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बारिश अच्छी होती है तो भावी फसल के लिए लाभदायक साबित होगी। उन्होंने कहा कि 1 अक्टूबर से सरसों की बीजाई शुरू हो जाती है और उस समय यह बारिश काम आती है और भावी फसल बेहतर होने की संभावना बढ़ जाती है।
उधर विभिन्न गांव से कम और अधिक बारिश होने के समाचार मिले हैं। सभी किसान परेशान है। किसान महावीर सिंह, गजराज सिंह, अजय कुमार आदि ने बताया कि उन्होंने श्रमिकों को बुलाकर कटाई का काम दे रखा है जिससे उनकी कटाई राशि बढ़ जाएगी। बारिश के समय श्रमिक कटाई नहीं करते। उन्होंने कहा कि इस समय बारिश होना लाभप्रद नहीं है।
उन्होंने बताया कि एक तरफ कोरोना की मार पड़ी है वही सावन माह में बारिश न के बराबर हुई है। अब बारिश उन्हें बार-बार तंग कर रही है।
 फोटो कैप्शन 8: काट कर डाली गई बाजरे की फसल।

कारगिल शहीद अशोक कुमार सीहोर के बलिदान दिवस पर रक्तदान शिविर का किया आयोजन
शिविर में 42 यूनिट रक्त एकत्रित  किया गया 

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कनीना। कारगिल शहीद अशोक कुमार को समर्पित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन शहीद अशोक कुमार संपदा सोसायटी (रजिस्टर्ड) सीहोर के माध्यम से बाबा ब्रह्मचारी मंदिर प्रांगण में सुबह 9 बजे किया गया । इस रक्तदान शिविर में  रक्त वीरों को बैज व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया । शहीद अशोक कुमार के भाई राजवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि शहीद के शहीदी दिवस पर शहीद अशोक कुमार को भावभीनी श्रद्धांजलि स्वरूप एक कार्यक्रम शहीद अशोक कुमार स्मारक पर किया गया रखा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीताराम यादव विधायक अटेली रहे। अति विशिष्ट अतिथि स्वामी शरणानंद महाराज दडोली व विशिष्ट अतिथि सतीश जैलदार प्रधान नगर पालिका कनीना,  राकेश यादव फायर ऑफिसर, रमेश शर्मा अध्यक्ष द लीगल अवेयरनेस एंड वेलफेयर सोसायटी रहे । कार्यक्रम सुबह हवन यज्ञ करके प्रारंभ किया गया।  उसके बाद शहीद को श्रद्धांजलि दी जाएगी।  तत्पश्चात पर गांव के दिव्यांगजनों को प्रोत्साहन स्वरूप भेंट दी गई।   9 बजे पौधारोपण कार्यक्रम किया गया इसका शुभारंभ शरणानंद महाराज दड़ोली ने किया । उसके बाद  रक्तदान शिविर का शुभारंभ शहीद अशोक कुमार के पिता बलवीर सिंह ने किया ।  रक्तदान शिविर में कस्बे के आसपास क्षेत्र के युवाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। दान शिविर में  42 यूनिट रक्त इक_ा किया।
जीवन परिचय
शहीद अशोक कुमार का जन्म 1 नवंबर 1977 को हुआ था। अशोक कुमार को खेलना बहुत पसंद था। मौका मिलते ही गांव के खेल ग्राउंड में फुटबॉल खेलने चला जाता था। उनके पिता भी सेना से सेवानिवृत्त हैं। जब वे छुट्टी आता था तब सबसे ज्यादा समय अशोक अपने पिता के साथ व्यतीत करता था। अशोक कुमार कोई भी कार्य बड़ी  एकाग्रता से करता था। पढ़ाई में अपनी छोटी बहन भाइयों को ध्यान देने को बोलता था । अशोक कुमार रानीखेत में होने वाली खुली भर्ती में 1 मार्च 1997 को गया था । जुलाई 1977 को 13 कुमाऊं रेजिमेंट रानीखेत में भर्ती हो गया । ट्रेनिंग खत्म होने के बाद 1 सप्ताह के लिए वह गांव आया था । गांव आते ही परिवार जनों के पैर छूने के बाद वह अपनी मौसी (मा की बड़ी बहन) के पास जाता था उनका भी वह मां के जितना सम्मान करता था। उसके बाद वह बाबा ब्रह्मचारी के मंदिर में माथा टेकने के लिए जाता था । ट्रेनिंग खत्म होने के बाद अशोक कुमार की ड्यूटी विश्व का सबसे ऊंचा युद्ध स्थल सियाचिन ग्लेशियर में लग गई थी । सियाचिन ग्लेशियर से जब बटालियन नीचे उतरी उसके बाद उसको सीधे कारगिल की लड़ाई में भेज दिया गया था । अशोक कुमार अपने परिवार जन को खत लिखा करता था । जिसमें वह अपने छोटे भाई राजवीर सिंह को हमेशा कहता था कि खुद पढ़ाई में ध्यान रखो अपने छोटे बहन भाइयों का पढ़ाई की तरफ ध्यान दिलाओ । अशोक कुमार की सगाई कर दी गई थी । जब परिवार वालों ने शादी के लिए पूछा तब उसने कहा की कारगिल की जीत के बाद ही शादी करूंगा । कारगिल में जाने के कुछ दिन बाद जिला सैनिक बोर्ड नारनौल की तरफ से एक जवान घर पर आया और उन्होंने सूचना दी कि कारगिल की लड़ाई में अशोक कुमार शहीद हो गया । शहीद अशोक कुमार की रेजीमेंट ने 5685 पॉइंट पर तुरतूक पहाड़ी पर दुश्मनों को मार कर कब्जे में लिया था ।
ौप्शन 5: शहीद की बरसी पर रक्तदान सीहोर का नजारा।

थर्मल स्केनिंग व मास्क के साथ दिया प्रवेश

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कनीना। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक की परीक्षा जी0 एल0 कालेज कनीना में आज से शुरू हुई। परीक्षा को ध्यान में रखते हुए कालेज द्वारा सभी प्रकार के कोविड-19 के नियमों का पालन किया गया। परीक्षा प्रारम्भ होने से पहले पूरे परीक्षा भवन को पूर्णतया सेनेटाइज किया गया। परीक्षा भवन में प्रवेश से पहले सभी विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई व हाथों को सेनेटाइज करवाया व सोशल डिस्टेसिंग कम से कम 6 फीट दूरी का विशेष ध्यान रखा गया इसके साथ ही सभी विदयार्थियो के लिए मुँह पर मास्क लगाना अनिवार्य था।
कालेज में एक साथ भीड़ न हो इसके लिए तीन सत्रों में परिक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। सुबह के सत्र में बीए की परीक्षा 9 से 11 बजे तक चली जिसमें करीब 56 विद्यार्थियों ने भाग लिया। दोपहर के सत्र में बीएससी की परीक्षा 12 से 2 बजे तक चली जिसमें करीब 55 परीक्षार्थियों ने भाग लिया। वही शाम को 3 से 5 बजे तक बीकॉम की परीक्षा करवाई जाएगी। केन्द्र अधिक्षक डा0 संजीव कुमार ने बताया की परीक्षा में किसी भी परीक्षार्थी को अतिरिक्तसामान अन्दर ले जाने की अनुमति नहीं दी व पर्स, मोबाइल फोन, घड़ी आदि सभी परीक्षा केन्द्र से बाहर रखवाए गये और शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षाएं करवाई जा रही है।
फोटो कैप्शन 6: कालेज परीक्षा से पूर्व लस्केनिंग करते हुये।

कारगिल शहीद अशोक कुमार सीहोर के बलिदान दिवस पर रक्तदान शिविर का किया आयोजन
शिविर में 42 यूनिट रक्त एकत्रित  किया गया 

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कनीना। कारगिल शहीद अशोक कुमार को समर्पित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन शहीद अशोक कुमार संपदा सोसायटी (रजिस्टर्ड) सीहोर के माध्यम से बाबा ब्रह्मचारी मंदिर प्रांगण में सुबह 9 बजे किया गया । इस रक्तदान शिविर में  रक्त वीरों को बैज व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया । शहीद अशोक कुमार के भाई राजवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि शहीद के शहीदी दिवस पर शहीद अशोक कुमार को भावभीनी श्रद्धांजलि स्वरूप एक कार्यक्रम शहीद अशोक कुमार स्मारक पर किया गया रखा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीताराम यादव विधायक अटेली रहे। अति विशिष्ट अतिथि स्वामी शरणानंद महाराज दडोली व विशिष्ट अतिथि सतीश जैलदार प्रधान नगर पालिका कनीना,  राकेश यादव फायर ऑफिसर, रमेश शर्मा अध्यक्ष द लीगल अवेयरनेस एंड वेलफेयर सोसायटी रहे । कार्यक्रम सुबह हवन यज्ञ करके प्रारंभ किया गया।  उसके बाद शहीद को श्रद्धांजलि दी जाएगी।  तत्पश्चात पर गांव के दिव्यांगजनों को प्रोत्साहन स्वरूप भेंट दी गई।   9 बजे पौधारोपण कार्यक्रम किया गया इसका शुभारंभ शरणानंद महाराज दड़ोली ने किया । उसके बाद  रक्तदान शिविर का शुभारंभ शहीद अशोक कुमार के पिता बलवीर सिंह ने किया ।  रक्तदान शिविर में कस्बे के आसपास क्षेत्र के युवाओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। दान शिविर में  42 यूनिट रक्त इक_ा किया।
जीवन परिचय
शहीद अशोक कुमार का जन्म 1 नवंबर 1977 को हुआ था। अशोक कुमार को खेलना बहुत पसंद था। मौका मिलते ही गांव के खेल ग्राउंड में फुटबॉल खेलने चला जाता था। उनके पिता भी सेना से सेवानिवृत्त हैं। जब वे छुट्टी आता था तब सबसे ज्यादा समय अशोक अपने पिता के साथ व्यतीत करता था। अशोक कुमार कोई भी कार्य बड़ी  एकाग्रता से करता था। पढ़ाई में अपनी छोटी बहन भाइयों को ध्यान देने को बोलता था । अशोक कुमार रानीखेत में होने वाली खुली भर्ती में 1 मार्च 1997 को गया था । जुलाई 1977 को 13 कुमाऊं रेजिमेंट रानीखेत में भर्ती हो गया । ट्रेनिंग खत्म होने के बाद 1 सप्ताह के लिए वह गांव आया था । गांव आते ही परिवार जनों के पैर छूने के बाद वह अपनी मौसी (मा की बड़ी बहन) के पास जाता था उनका भी वह मां के जितना सम्मान करता था। उसके बाद वह बाबा ब्रह्मचारी के मंदिर में माथा टेकने के लिए जाता था । ट्रेनिंग खत्म होने के बाद अशोक कुमार की ड्यूटी विश्व का सबसे ऊंचा युद्ध स्थल सियाचिन ग्लेशियर में लग गई थी । सियाचिन ग्लेशियर से जब बटालियन नीचे उतरी उसके बाद उसको सीधे कारगिल की लड़ाई में भेज दिया गया था । अशोक कुमार अपने परिवार जन को खत लिखा करता था । जिसमें वह अपने छोटे भाई राजवीर सिंह को हमेशा कहता था कि खुद पढ़ाई में ध्यान रखो अपने छोटे बहन भाइयों का पढ़ाई की तरफ ध्यान दिलाओ । अशोक कुमार की सगाई कर दी गई थी । जब परिवार वालों ने शादी के लिए पूछा तब उसने कहा की कारगिल की जीत के बाद ही शादी करूंगा । कारगिल में जाने के कुछ दिन बाद जिला सैनिक बोर्ड नारनौल की तरफ से एक जवान घर पर आया और उन्होंने सूचना दी कि कारगिल की लड़ाई में अशोक कुमार शहीद हो गया । शहीद अशोक कुमार की रेजीमेंट ने 5685 पॉइंट पर तुरतूक पहाड़ी पर दुश्मनों को मार कर कब्जे में लिया था ।
ौप्शन 5: शहीद की बरसी पर रक्तदान सीहोर का नजारा।

थर्मल स्केनिंग व मास्क के साथ दिया प्रवेश

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कनीना। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक की परीक्षा जी0 एल0 कालेज कनीना में आज से शुरू हुई। परीक्षा को ध्यान में रखते हुए कालेज द्वारा सभी प्रकार के कोविड-19 के नियमों का पालन किया गया। परीक्षा प्रारम्भ होने से पहले पूरे परीक्षा भवन को पूर्णतया सेनेटाइज किया गया। परीक्षा भवन में प्रवेश से पहले सभी विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई व हाथों को सेनेटाइज करवाया व सोशल डिस्टेसिंग कम से कम 6 फीट दूरी का विशेष ध्यान रखा गया इसके साथ ही सभी विदयार्थियो के लिए मुँह पर मास्क लगाना अनिवार्य था।
कालेज में एक साथ भीड़ न हो इसके लिए तीन सत्रों में परिक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। सुबह के सत्र में बीए की परीक्षा 9 से 11 बजे तक चली जिसमें करीब 56 विद्यार्थियों ने भाग लिया। दोपहर के सत्र में बीएससी की परीक्षा 12 से 2 बजे तक चली जिसमें करीब 55 परीक्षार्थियों ने भाग लिया। वही शाम को 3 से 5 बजे तक बीकॉम की परीक्षा करवाई जाएगी। केन्द्र अधिक्षक डा0 संजीव कुमार ने बताया की परीक्षा में किसी भी परीक्षार्थी को अतिरिक्तसामान अन्दर ले जाने की अनुमति नहीं दी व पर्स, मोबाइल फोन, घड़ी आदि सभी परीक्षा केन्द्र से बाहर रखवाए गये और शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षाएं करवाई जा रही है।
फोटो कैप्शन 6: कालेज परीक्षा से पूर्व लस्केनिंग करते

करंट लगने से किसान की मौत 

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 कनीना। कनीना उपमंडल के गांव सीहोर में एक किसान की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। वह खेतों में पानी दे रहा था। फव्वारा पाइप बिजली की लाइन से छू गया और मौत हो गई। उन्हें कनीना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां इत्तफाकिया कार्रवाई करते हुये  उनके परिजनों को सौंप दिया। जहां उनका अंतिम संस्कार सीहोर गांव में कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह ललित मोहन(60) सीहोर निवासी अपने कपास के खेत में पानी दे रहा था। फव्वारा लाइन को बदलने लगा तो ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन से उनका एलुमिनियम का पाइप छू गया और मौके पर ही मौत हो गई। वे अपने परिवार सहित खेतों में रह रहे हैं। मृतक के पुत्र बबलू के बयान पर कनीना पुलिस ने इत्तफाकिया कार्यवाही करते हुए शव का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया।


कॉलेजों में लौटी रौनक, परीक्षाएं शुरू, तीन पारियों में हो रही है परीक्षाएं 

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 कनीना। कनीना उपमंडल के
उन्हाणी स्थित महिला कालेज तथा कनीना स्थित महाविद्यालय में आज से परीक्षाएं शुरू हो गई हैं।
परीक्षा दौरान कड़ी सावधानियां बरती जा रही हैं। जहां थर्मल स्कैनिंग, सेनिटाइजर प्रयोग किया जा रहा है वहीं परीक्षा कक्षों में भी ऐतिहात के सभी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्हाणी के राजकीय महिला महाविद्यालय के मुख्य परीक्षा नियंत्रक प्रो विक्रम सिंह ने बताया की तीन पारियों में परीक्षाएं आयोजित की गई है। जहां प्रात: 9 बजे,दोपहर 12 बजे तत्पश्चात तीसरी पारी सांय 3 बजे से शुरू हो रही हैं। अबकी बार 2 घंटे की ही परीक्षाएं आयोजित की गई है जबकि विगत वर्षों 3 घंटों की परीक्षा चलती थी। उन्होंने बताया कि कमरों में ऐतिहात के सभी नियमों का पालन किया जा रहा है। मास्क, सैनिटाइजर प्रयोग कर न केवल विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं अपितु शिक्षक भी हाथों में ग्लव्ज,मंह पर मास्क आदि लगाकर ही परीक्षा ले रहे हैं।
उधर राजकीय महाविद्यालय कनीना के मुख्य परीक्षा नियंत्रक प्रो डा विनोद यादव ने बताया कि इस बार विद्यार्थियों को कमरे में 15 से 16 तक की बिठाया जा रहा है वहीं प्रवेश करने से पहले सैनिटाइजर प्रयोग किया जाता है वही थर्मल स्कैनिंग करके ही अंदर जाने दिया जाता है।
मास्क पहनना विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए भी जरूरी है। ऐसे में जो विद्यार्थी मास्क लेकर नहीं आए उनके लिए मास्क का भी प्रबंध किया गया है। कुल मिलाकर इस बार परीक्षाएं कोरोना से बचने के सभी कदम उठाते हुए ली जा रही है। जहां परीक्षाएं शुरू हो गई है वहीं अब ऑनलाइन प्रवेश भी शुरू होने जा रहे हैं।
 इस बार परीक्षाओं में कुछ बदलाव किये गये हैं जिनमें तीन पारियों में परीक्षाएं ली जा रही है वहीं समय भी तीन घंटों से घटाकर दो घंटों का कर दिया है। इस बार सुपरिंटेंडेंट एवं सुपरवाइजर कालेज से रखे गये हैं।
फोटो कैप्शन 1: परीक्षा देते विद्यार्थी।
2: परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले थर्मल स्केनिंग करते हुए।
 

अब तक खंड कनीना में 14 वर्षों में तीन शिक्षकों को मिल चुका है राज्य शिक्षक अवार्ड
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कनीना। कनीना खंड के तीन शिक्षकों को विगत 14 वर्षों में महज तीन शिक्षकों को हरियाणा राज्य शिक्षक पुरस्कार मिल चुका है जिनमें से दो सेवा में हैं और एक सेवानिवृत्तहो चुका है। वर्ष 2020 में कोरोना के चलते राज्य के किसी भी शिक्षक को कोई अवार्ड नहीं दिया जा रहा है, आवेदन भी नहीं मांगे गये।
 कनीना प्रखंड के गांव ककराला निवासी एवं रसूलपुर स्कूल से मुख्याध्यापक पद से सेवानिवृत्त बनवारीलाल को कनीना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बतौर समाजशास्त्र प्रवक्ता काम करते हुए हरियाणा शिक्षक अवार्ड से सम्मानित किया गया था। आज भी जनसेवा एवं शिक्षण कार्य में जुटे हुए हैं।
  बनवारीलाल का कहना है कि लीक से हटकर उन्होंने समाजसेवा की वहीं शिक्षण की नई तकनीक प्रयोग में लाने के कारण उन्हें हरियाणा सरकार ने वर्ष 2006 में बेस्ट शिक्षक अवार्ड मिला था। उन्होंने वन महोत्सव में बढ़ चढ़ कर भाग लिया, पेड़ पौधे न केवल लगाए अपितु संरक्षण भी किया, ब्लड डोनेशन हो या फिर बेहतर परीक्षा परिणाम हर जगह समाजसेवा में उनका नाम अग्रणी रहा है जिसके चलते उन्हें शिक्षक अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
        विज्ञान अध्यापक बतौर उनका शिक्षण अत्योधिक सराहनीय रहा जिसके चलते अधिकांश समय उनका बोर्ड का रिजल्ट शत प्रतिशत रहा। उनके विज्ञान शिक्षण में विज्ञान के
उपकरण एवं पाठ्य सामग्री का समावेश होता था। उनकी शिक्षण कला से विद्यार्थी उस लोहे की भांति नजर आते थे जो शिक्षक रूपी चुंबक की ओर चिपक जाते थे। हर विद्यार्थी उनकी शिक्षण कला से प्रभावित था जिसके चलते प्रशासन द्वारा बार बार सम्मानित किया गया। जब वे समाजशास्त्र के प्रवक्ता बने तो उनकी शिक्षण कला में अधिक निखार आ गया था। उनके रिजल्ट शत प्रतिशत ही नहीं अपितु विद्यार्थियों के 95 प्रतिशत से अधिक अंक बहुत अधिक के होते थे। जब उन्होंने स्कूल में मुख्याध्यापक बतौर काम किया तो उनका प्रशासन अति सराहनीय होता था। चाहे समाज सेवा हो या मंच से उनका संबोधन अति सराहनीय मिलता था। समाजसेवा के अलावा लेखन कार्य और कविताई का अंदाज भी निराला होता था।
    उनका शिक्षण का कार्य लीक से हटकर होता था। बेशक दुर्भाग्यवश उनके एक पैर पर बिजली का पोल गिरकर दिव्यांग बना दिया था किंतु वे कुर्सी पर बैठकर शिक्षण की बजाय ब्लैकबोर्ड पर या फिर उन्मुक्त वातावरण में शिक्षण में प्रसन्नता महसूस करते थे। उनके शिष्य भी उनकी शिक्षण कला से अति प्रभावित रहे वहीं शिक्षक भी उनकी शिक्षण कला के मुरीद थे।
 उधर  कनीना खंड के गांव केमला के मिडिल हेड वीरेंद्र सिंह तथा गुढ़ा निवासी एवं बूचावास में कार्यरत प्रोमिला जेबीटी को वर्ष 2019 में राज्य शिक्षक अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। दोनों वर्तमान में कार्यरत हैं।
 वीरेंद्र सिंह मौलिक मुख्य अध्यापक राजकीय माध्यमिक विद्यालय कैमला खंड कनीना जिला महेंद्रगढ़ में 2 जून 2014 कार्यरत हैं तब से लेकर अब तक उन्होंने विद्यालय में पूर्ण नैतिकता समर्पण भाव के साथ कार्य किया है। एक रेल दुर्घटना में अपने दोनों पैर गवा देने के बाद पूर्ण दिव्यांग होने के उपरांत भी उन्होंने कड़ी मेहनत लगन निष्ठा विद्यार्थियों के साथ लगातार शैक्षिक उपलब्धियों में नए-नए आयाम सफलता के प्राप्त किए हैं। जिला व खंड स्तर पर उनका विद्यालय हमेशा प्रथम रहता है। राष्ट्रीय पर्व पर विद्यालय की प्रथम और द्वितीय स्थान पर रहा है। एनएमएमएस में 4 वर्षों से लगातार विद्यालय के बच्चों का चयन हुआ है। पिछले 15 साल से सभी शैक्षिक उपलब्धियों उत्कृष्ट है। पिछले 20 वर्षों से सेवाकाल के दौरान उनका शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम रहा है। मुख्यमंत्री सौंदर्यीकरण स्कीम में विद्यालय जिला स्तर पर प्रथम रहा था। उनका कहना है कि राजेंद्र सिंह  खंड शिक्षा अधिकारी अटेली की विशेष रूप से प्रेरणा रही है।               उधर प्रमिला पत्नी कुलदीप कुमार जेबीटी अध्यापिका वर्ष 2000 में सेवा में आई तथा वर्तमान में जीपीएस बूचावास में कार्यरत है। अध्यापिका शुरुआत से होनहार रही है। उन्हें भी वर्ष 2019 में राज्य शिक्षक अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
फोटो कैप्शन: विरेंद्र कैमला, प्रोमिला देवी, बनवारीलाल।

उबाऊ होता जा रहा ऑनलाइन शिक्षण 








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कनीना। करीब 5 माह से सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी घर पर बैठे ऑनलाइन शिक्षण पा रहे हैं वहीं शिक्षक घर पर स्कूल में या कहीं भी हो ऑनलाइन शिक्षण करवा रहे हैं। अब आलम यह है किस ऑनलाइन शिक्षण से विद्यार्थी ऊब चुके हैं।
एक और जहां विद्यार्थी प्रारंभ में ऑनलाइन शिक्षण से बहुत खुश थे। स्मार्ट फोन लेकर दिनभर स्कूल का होमवर्क करते देखे गये किंतु धीरे-धीरे लगातार मोबाइल या स्मार्टफोन पर काम करते-करते आखिरकार अब उबने लगे हैं और उनका कहना है कि जैसे तैसे कोरोना समाप्त हो जाए और उन्हें स्कूल में बुला लिया जाए। वैसे भी भविष्य का सवाल है। इस बार विद्यार्थी अभी तक नहीं के बराबर ही पढ़ पाए हैं। ऑनलाइन शिक्षण जरूर दिन रात एक कर के शिक्षक करवा रहे हैं किंतु परिणाम उतना बेहतर नहीं आ सकता जितना कक्षा में रूबरू होकर शिक्षण दिया जाता है।
विद्यार्थी वंदना दुबट, मोनिका, साहिल, अमीश यादव, हर्ष कुमार आदि ने बताया कि वे अब ऊब गए हैं। दिन-रात मोबाइल से चिपके रहने से आंखों में दर्द होने लग गया है और नीचे झुके रहते हैं। यहां तक की प्रारंभ में उनकी रुचि थी किंतु धीरे-धीरे रुचि घटती जा रही है। वह भी मजबूर है कि अभिभावक उनको पढऩे के लिए बाध्य कर रहे हैं, वही विद्यार्थी इस प्रकार के शिक्षण से तंग आ गए हैं क्योंकि अकेले में पढऩा होता है। इसलिए निराश लगती है। जहां अन्य विद्यार्थी पढ़ रहे होते हैं वहां पर फिर भी पढ़ाई में मन लगता है और अनेकों प्रकार की अन्य बातें सुनने को मिलती है। यहां केवल और केवल शिक्षण की बातें ही देखने/सुनने को मिल सकती है।
यही कारण है कि विद्यार्थी इस प्रकार के शिक्षण को अब पसंद नहीं करते। करें भी क्या 5 महीने बीत गए और यही हालात रहे तो आगे और भी समय बीत सकता है। अभी स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता है कि स्कूल कब लगेंगे।
 खंड शिक्षा अधिकारी अभयराम यादव का कहना है कि सरकारी आदेशों का पालन करना ही पड़ेगा। अगर ऑनलाइन शिक्षण करवाना है तो ध्यान से करवाना चाहिए। विद्यार्थी जरूर पढ़ लेंगे। अभिभावक उन पर ध्यान दें। शिक्षक उन पर ध्यान दें। यही नहीं उन्होंने बताया कि बीच-बीच में क्विज प्रतियोगिता करवाई जा रही है ताकि विद्यार्थियों का मन खुश रहे तथा प्रतिस्पर्धा की भावना भी जागृत हो सके।
उधर शिक्षक सूबे सिंह ने बताया कि वे जी जान एक करके लेशन तैयार करते हैं, विद्यार्थियों के लिए प्रेषित करते हैं। व्हाट्सएप के अलावा संदेश भी भेजा जा रहा है और उनकी प्रतिपुष्टि भी ली जा रही है।
लक्ष्मी यादव का कहना है कि वे इस कार्य को मानिटरिंग कर रही है। उन्हें बड़ा आनंद आता है कि विद्यार्थी उनके प्रत्येक प्रश्न का उत्तर देते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कुछ विद्यार्थी निरसता दर्शा रहे हैं किंतु उनकी तरफ से किसी प्रकार की कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है और वे दिन-रात एक किए हुए विद्यार्थियों के भविष्य की चिंता में डूबी हुई है। वे चाहती है कि किसी प्रकार इस कोरोना काल में अच्छी प्रकार शिक्षण करवाई जाए ताकि भविष्य में ये विद्यार्थी कोरोना को याद रखें किंतु इस प्रकार के शिक्षण को भी याद रखें।
उल्लेखनीय है कि सेवानिवृत्ति के पास जा चुके या जिनके सेवानिवृत्ति के 2-4 वर्ष अभी रह गए वे  शिक्षक मजबूरन आप स्मार्ट फोन लेकर उस पर काम करवाते देखे गए। यदि भी नहीं कर पाते हैं तो उनके परिवार वाले इस कार्य को अंजाम दे रहे हैं लेकिन मजबूरी है कि जीवन भर उन्होंने इस प्रकार के फोन प्रयोग नहीं किए। सरकार भी फोन पर प्रतिबंध रखती आई है, अब मोबाइल काम आता है। वही मोबाइल जिस पर सरकार का प्रतिबंध है विद्यार्थी तो क्या शिक्षक विद्यालय में नहीं ले जा सकते थे, परंतु आज सभी विद्यालय में शिक्षक मोबाइल लेकर जरूर जाते हैं।
प्रवक्ता राजेश कुमार का कहना है कि इस प्रकार के ऑनलाइन शिक्षण में बहुत मेहनत करनी पड़ती है। कक्षा में रूबरू शिक्षण करवाना तो बहुत सरल सा कार्य है किंतु ऑनलाइन शिक्षण में अनेक प्रकार की समस्याओं से जूझ कर करवा सकते हैं परंतु उनका कहना है कि उस उनके हौसले बुलंद है। किसी प्रकार पीछे नहीं हटेंगे। जब तक इस प्रकार का शिक्षण चलेगा दिनरात एक किए हुए विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण करवाएंगे ताकि बहुत अच्छे अंको से विद्यार्थी पास हो सके।
फोटो कैप्शन 13: आनलाइन शिक्षण लेते विद्यार्थी तथा साथ में सूबे सिंह, राजेश कुमार, लक्ष्मी यादव।










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