Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Sunday, February 15, 2026



 



श्रीश्याम जागरण में झूमे श्रद्धालु
-भजनों पर देर रात तक गूंजा रामलीला मैदान
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कनीना की आवाज।
कनीना मंडी स्थित रामलीला मैदान में श्री श्याम मित्र मंडल के तत्वावधान में फाल्गुन महोत्सव के उपलक्ष्य में श्री श्याम बाबा का भव्य जागरण आयोजित किया गया। कार्यक्रम में श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में डूबे रहे और भजनों पर झूमकर नाचते नजर आए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी हरीश कनिंवाल ने शिरकत की। इस अवसर पर समाजसेवी सरला गोयल, रामलीला कमेटी के उप प्रधान दिनेश यादव, भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि बलबीर सिंह धनखड़ तथा कनीना नगरपालिका के एमई दिनेश यादव, नपा लिपिक सुरेन्द्र वशिष्ठ ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मंच संचालन प्रवक्ता सचिन शर्मा ने किया, जिन्होंने भजनों और प्रस्तुति के बीच श्रद्धालुओं का भरपूर उत्साहवर्धन किया। मंडल के प्रधान अनिल गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत गुरुग्राम से पहुंचे धु्रव गोयल ने गणेश वंदना से की। इसके बाद गायक अनुज पारिक ने मधुर भजनों की प्रस्तुति दी, जिन पर श्रद्धालु जमकर झूमे। मुख्य कलाकार के रूप में श्रीधाम वृंदावन से पहुंचीं श्याम दीवानी खुशबू राधा ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उनके भजनों पर विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं ने तालियों की गडग़ड़ाहट से स्वागत किया। लक्की म्यूजिकल ग्रुप ने भी आकर्षक संगीत प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को भव्य बनाया।
प्रवक्ता सचिन शर्मा ने बताया कि श्री श्याम मित्र मंडल द्वारा 11वीं निशान यात्रा का आयोजन 22 फरवरी 2026, रविवार को किया जाएगा। यह यात्रा श्याम मंदिर कनीना से प्रारंभ होकर हुडिया जैतपुर धाम तक निकाली जाएगी। मंडल प्रधान अनिल गर्ग ने बताया कि निशान यात्रा में शामिल होने वाले सभी भक्तों के लिए ध्वज, भोजन तथा आवागमन की संपूर्ण व्यवस्था मंडल की ओर से की जाएगी। उन्होंने क्षेत्र के सभी श्याम प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की।
फोटो कैप्शन 11: उपस्थित जन




7 एवं 8 मार्च को आर्य समाज उत्सव रसूलपुर में
-कई विद्वान पहुंचेंगे
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कनीना की आवाज।
आर्य समाज रसूलपुर का वार्षिक उत्सव 7 एवं 8 मार्च 2026 शनिवार रविवार को होना निश्चित हुआ है यह आर्य समाज रसूलपुर का 36वां वार्षिक उत्सव है। इसमें मनोरंजन आदि व संगीत से केवल रिझाने का उद्देश्य न होकर युवा चरित्र निर्माण राष्ट्रभक्ति व ईश्वर जीव प्रकृति आदि अनेक विषयों पर विद्वानों द्वारा उपदेश किए जाएंगे। इस मौके पर आमंत्रित विद्वान भारत प्रसिद्ध विदुषी संगीता आर्य सहारनपुर उत्तर प्रदेश,अनुज शास्त्री देहरादून उत्तराखंडय नीरज महेंद्रगढ़ ,महाशय विजय पाल जटगांव, बंसी राम कलवाड़ी, सतवीर सिंह एवं स्थानीय भजन मंडली अपना कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। भोजन की व्यवस्था आर्य समाज रसूलपुर की ओर से होगी। आमंत्रित विशेष रूप से कंवर सिंह यादव महेंद्रगढ़ ,डा. यश देव शास्त्री,  भगत सिंह प्रधान एव समाजसेवी कनीना,  जगदेव सिंह अध्यक्ष एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल ककराला आप सभी सादर आमंत्रित हैंं।
फोटो कैप्शन: सतीश आर्य



27 फरवरी को लग रहा है शक्कर मेला
-कनीना का देव है बाबा मोलडऩाथ
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कनीना की आवाज।
27 फरवरी फाल्गुन एकादशी को कनीना के संत मोलडऩाथ मेले के दृष्टिगत तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। सिहोर के कच्चे मार्ग पर ऊंट एवं घुड़दौड़ होगी वहीं स्कूल के मैदान में ईनामी दंगल होगा।
  बस स्टैंड के पास संत मोलडऩाथ आश्रम में संत की प्रतिमा देखने से ही लगती है। यह प्रतिमा कनीना मंडी के निवासी भीम सिंह एवं उनके परिजनों ने फरवरी 2007 में स्थापित करवाई थी। इससे पूर्व तो बाबा की कोई प्रतिमा भी नहीं थी। बाबा के जीवन एवं चमत्कारों पर डा. होशियार सिंह यादव की पुस्तक भी प्रकाशित हो चुकी है तथा प्रतिवर्ष बाबा के कलेंडर प्रकाशित किए जाते हैं।  
    बाबा स्थल को चार चांद लगाने के लिए बाबा के स्थल के पास ही अनेकों धार्मिक स्थलों का निर्माण होता जा रहा है। बाबा के आश्रम के पास ही 21 फुट ऊंची शिव प्रतिमा वाला शिवालय है।    
कनीना का बाबा मोलडऩाथ मेले क्षेत्र का बहुत बड़ा मेला है। संत मोलडऩाथ ने कनीना ही नहीं अपितु नारनौल के मांदी, भोजावास, कांवी, बाठोठा, राजस्थान के अलावा कई अन्य स्थानों पर तप किया था और अपने महान चारित्रिक गुणों के कारण सभी जन श्रद्धा एवं भक्ति से उनको याद करते हें। उनकी पुण्यतिथि पर यह विशाल मेला प्रत्येक वर्ष लगता है। शक्कर मेले के रूप में प्रसिद्ध इस मेले में कई वर्षों से बुजुर्गों की दौड़, घुड़दौड़, ऊंट दौड़ एवं दंगल आयोजित किए जाते हैं।
  मोलडऩाथ धाम की सबसे बड़ी विशेषता है कि प्रत्येक घर से लगभग सभी सदस्य इस स्थान पर आकर धोक लगाते हैं। महिला भक्तों की संख्या अधिक होती है। संतों का सम्मान, जागरण एवं भंडारा आयोजित किया जाता है। चाहे कनीना का भक्त किस भी स्थान पर क्यों न हो इस दिन कनीना आकर मन्नत मांगता है। इस मेले में अपार भीड़ जुटती है। इस दिन लगभग समस्त बाजार बंद रहता है। शक्कर का प्रसाद चढ़ाया जाता है। चढ़ावे की शक्कर को प्रसाद के रूप में कई दिनों तक बांटा जाता है। मेला स्थल को दुल्हन की तरह सजाया जाता है जहां आठ मार्च को विशाल मेला लगने जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाती है।
कई नामों से जाना जाता है बाबा-
कनीना के महान संत बाबा मोलडऩाथ कई नामों से जाने जाते हैं। उन्हें बालकनाथ, मोलडऩाथ, खेड़ावाला बाबा के नामों से भी जाना जाता है। उन्होंने रोड़वाल, मानसरोवर, मांदी, कांवी भोजावास, ढाणी बाठोठा सहित एक दर्जन गांवों में रहते हुए तप किया था।  बालपन से ब्रह्मचारी एवं तपस्वी थे। बाबा गणेशनाथ उनके गुरू थे। कनीना में विक्रमी संवत 2006 में ब्रह्मलीन हुए थे। कनीना एवं आस पास के लोग जब भी कोई नया काम करते हैं तो बाबा का नाम लेते हैं।
मेले के भी हैं कई नाम-
बाबा मोलडऩाथ मेला बाबा खेड़ावाला मेला तथा शक्कर मेला नामों से जाना जाता है। यहां पर आए शक्कर के प्रसाद को बोरों में भरकर रख दिया जाता है तथा उसे बांटा जाता है या फिर गौशाला में दान कर दिया जाता है। मेले से अगले दिन विशाल भंडारा आयोजित करके साधु संतों को विदा किया जाएगा।
डा. होशियार सिंह का योगदान-
यूं तो बााबा मोलडऩाथ की संपूर्ण जीवनी कनीना के लेखक डा.होशियार सिंह यादव का नाम प्रसिद्ध है वहीं उन्होंने कनीना के भीम सिंह को प्रेरित कर बाबा की प्रतिमा लगवाई। होशियार सिंह ने बाबा मोलडऩाथ पर चार पुस्तकें जिनमें से एक आइएसबीएन नंबर की निकाली वहीं बाबा चालीसा, बाबा कैलेंडर, बाबा करी आरती आदि भी निकाली हैं तथा बाबा के लिए आज भी समर्पित हैं।



 कमल सिंह को दिया मिस्टर एफिशिएंट का अवार्ड
-विश्वविद्यालय के 51 साल पूरे होने पर दिया गया है यह सम्मान
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कनीना की आवाज।
 कमल सिंह सहायक वरिष्ठ सहायक को विश्वविद्यालय के 51 साल पूरे होने पर अपने काम में तीव्रता और दक्षता के चलते मिस्टर एफिशिएंट का अवार्ड दिया गया है। कमल सिंह अपने काम में बेहतरीन और त्वरित गति से काम को पूरा करते हैं। विगत वर्ष विश्वविद्यालय ने स्वर्ण जयंती मनाई थी। इसलिए रोहिलखंड विश्वविद्यालय  के 51 साल पूर्ण होने पर उन्हें यह सम्मान दिया गया है। यह सम्मान उन्हें विश्वविद्यालय के अधिकारियों द्वारा दिया गया है।
  उल्लेखनीय है कि कमल सिंह लंबे समय से विश्वविद्यालय में वरिष्ठ सहायक हैं। उनका काम सदा बेहतरीन रहा है। इसलिए उन्हें यह सम्मान दिया गया है। उनके सम्मान मिलने पर जहां क्षेत्र के अनेक लोगों ने उन्हें बधाई दी है जिनमें मुन्नीलाल यादव, रीना यादव, सीमा यादव, आशा यादव, डा. होशियार सिंह यादव, पूजा सिंही,शिवा, भूपेंद्र सिंह सहित विभिन्न सैकड़ों लोगों ने उन्हें बधाई दी है।
 फोटो कैप्शन 09: कमल सिंह सम्मान सहित



महाशिवरात्रि की रही धूम
-विभिन्न स्थानों पर लगे भंडारे एवं मेले, शिवालयों में रही भीड़
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कनीना की आवाज।
 कनीना एवं आस पास क्षेत्रों में महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। शिवालयों में दिनभर पूजा अर्चना का सिलसिला चलती रहा। सबसे अधिक भीड़ प्राचीन शिवालय बाघोत स्थित बाघेश्वर धाम पर रही। कई जगह भंडारे आयोजित किए गए।
  महाशिवरात्रि के पर्व पर मंदिरों में भारी भीड़ रही। कनीना के 21 फुट ऊंचे शिव प्रतिमा वाले शिवालय पर दिनभर तांता लगा और भक्तजन गाजर, बेर, फूल एवं फलों से अर्चना करते देखे गए। महिलाओं की संख्या बहुत अधिक थी। उन्होंने आज व्रत किया और शिवलिंग का जलाभिषेक किया। पुराने शिवभक्त भरपूर सिंह, उनकी पत्नी शकुंतला देवी तथा बच्चे सुबह से शिवालय में पूजा अर्चना करते देखे गए।
 उधर विश्व में प्रसिद्ध कनीना से 13 किमी दूर स्थित बाघेश्वर धाम पर अपार जनसमूह उमड़ पड़ा। बाघोत में मेला आयोजित हुआ जिसमें भारी भीड़ जुटी। भक्तों ने स्वयंभू शिवलिंग का अभिषेक किया।
 बाघोत स्थित स्वयंभू शिलिंग के दर्शन हजारों वर्ष पूर्व राजा कल्याण सिंह रैबारी ने यहां स्थित जंगल में सर्वप्रथम किए थे। तत्पश्चात यहां अपार जनसमूह प्रतिवर्ष उमड़ता है। बाघेश्वरी धाम नि:संतानों के लिए आस्था का केंद्र बन चुका है। राजा दलीप ने यहीं पर तप एवं व्रत करके संतान प्राप्त की थी। यहीं कारण है कि इस मेले में एक प्राचीन पीपल के पेड़ पर अपनी आस्था एवं मन्नत के परिणित संतान प्राप्ति हेतु कच्चा धागा बांधते हैं और जब उनकी मन्नत पूर्ण होती है तो उस कच्चे धागे को अपने कमलों से हटाने का रिवाज चला आ रहा है। कई कारणों एवं आस्थाओं के चलते बाघेश्वर धाम पर अपार भीड़ रहती है। वैसे भी प्रत्येक सोमवार को यहां भक्तों का तांता लगता है। विभिन्न गांवों में शिवालयों में भारी भीड़ रही। सोमवार के दिन भी शिवभोले की पूजा की जाती है तथा व्रत रखा जाता है।
  बाघोत का पुराना नाम हरयेक वन था। यहां पीपलाद ऋषि का आश्रम भी तो यहीं था। उनके कुल में राजा दलीप के कोई संतान नहीं थी। वे दु:खी थे और दुखी मन से अपने कुलगुरु वशिष्ठ के पास गए। उन्होंने अपना पूरा दु:ख का वृतांत मुनिवर को सुनाया। वशिष्ठ ने उन्हें पीपलाद ऋषि के आश्रम में नंदिनी नामक गाय एवं कपिला नाम की बछिया निराहार रहकर चराने का आदेश दे दिया। राजा ने गाय व बछिया को निराहार रहकर चराते वक्त एक दिन भगवान् भोलेनाथ ने बाघ का रूप बनाकर राजा की परीक्षा लेने का निर्णय लिया। बाघ ने बछिया पर धावा बोल दिया। गाय को बचाने के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने को राजा तैयार हुए। परंतु जब वे ऐसा करने लगे तो  बाघ के स्थान पर शिवभोले खड़े थे। बाघ के कारण ही गांव का नाम बाघोत पड़ा। प्रारंभ में बाघेश्वर शिवालय का निर्माण कणाणा के राजा कल्याण सिंह रैबारी ने करवाया था जिसका समय समय पर उद्धार होता रहा है।
  हरियाणा सरकार की पुस्तकों में भी बाघोत का छोटा उल्लेख है वहीं लेखक डा. एचएस यादव की कृति में संपूर्ण इतिहास दिया गया है।
 विभिन्न गांवों में भंडारा आयोजित किया गया जहां भक्तों की भीड़ रही। लंबी भीड़ जुटी। एक एक घंटे में जलाभिषेक करने के लिए इंतजार करना पड़ता है।
फोटो कैप्शन 5 एवं 7 शिवलिंग पर जल अर्पित करते हुए भक्त
फोटो कैप्शन 8: स्वयंभू शिवलिंग पर जल अर्पित करते हुए संत।





महाशिवरात्रि पर आयोजित हुआ हवन
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कनीना की आवाज।
आर्य समाज मंदिर कनीना में शिवरात्रि के अवसर पर हवन का आयोजन किया गया।  इस अवसर पर गुलशन आर्य यजमान बने। मनफूल आर्य ने बताया कि स्वामी दयानन्द सरस्वती ने आज के दिन ही पवित्र ज्ञान प्राप्त हुआ था। आज के दिन से ही वेद मार्ग पर चले थे। इस अवसर पर आर्य समाज के प्रधान मोहर सिंह आर्य,मनफुल सिंह आर्य,बहन सरला आर्य,प्रेम आर्य,ओम प्रकाश आर्य आदि आर्य गण उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 04: हवन करते हुए




महेंद्रगढ़ कनीना राज्य मार्ग को यथाशीघ्र चार मार्गी करें-राव दान सिंह
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कनीना की आवाज।
प्रदेश सरकार को महेंद्रगढ़ कनीना राज्य मार्ग को यथाशीघ्र चार मार्गी कर आम जन को राहत प्रदान करने का काम वरीयता पर करवाना चाहिए। ये विचार पूर्व संसदीय सचिव एवं महेंद्रगढ़ के पूर्व विधायक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राव दान सिंह ने  कनीना में पत्रकारों के समक्ष व्यक्त किए। वे यह एक विवाह समारोह में शरीक होने पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस वे 152डी से सीधे तौर पर जुडऩे के बाद कनीना महेंद्रगढ़ राज्य मार्ग पर वाहनों का आवागमन अत्यधिक बढ़ गया है-जिससे 152-डी से महेंद्रगढ़ और कनीना दोनों तरफ वाहनों की भीड़ लगी रहती है। आए दिन इस सड़क के दोनों ओर ट्रैफिक जाम के हालात बने रहते हैं। उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार से कनीना महेंद्रगढ़ राज्यमार्ग को फोरलेन में परिवर्तित कर आमजन को जाम लगने से होने वाली परेशानी, जाम लगने से होने वाले प्रदूषण तथा जाम में फंसने वाले वाहन मालिकों की जेब पर पेट्रोल, डीजल व सीएनजी की बढ़ती लागत से भी राहत मिलेगी।
फोटो कैप्शन 06: पत्रकारवार्ता करते राव दान सिंह



करीरा सड़क मार्ग पर अड़चन हुई खत्म जल्द ही शुरू होगा सड़क मार्ग का निर्माण कार्य
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कनीना की आवाज।
कुछ दिनों से करीरा रोड़ पर खड़े पेड़ों के कारण रोड बनाने  में अड़चन आ रही थी वो आज खत्म हो गई। कानूनी रूप से सभी प्रक्रिया पूरी कर पेड़ों को रास्ते से हटा दिया गया और अब जल्दी ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
 करीरा गांव में जाने के लिए लोगों को परेशानी उठानी पड़ रहीं थीं वो जल्द ही खत्म हो जाएगी। दीपक चौधरी ने बताया कि रास्ते के निर्माण काफी सालों से अटका हुआ था जिसमें कोर्ट में मामला फाइनल होने के बाद कुछ पेड़ों और अन्य परेशानी आ रहीं थीं जिनके बारे में स्थानीय विधायक आरती सिंह राव से मिलकर  समस्या बताई तो उन्होंने संबंधित अधिकारियों से बातचीत की और जल्द ही इस मुद्दे को हल करने के निर्देश दिए और आज पेड़ों की कटाई कर दी गई। मंत्री आरती सिंह राव का आभार जताया है।
फोटो कैप्शन 03:पेड़ों की कटाई करते हुए
 


















हिंदू सम्मेलन को लेकर बैठक आयोजित
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कनीना की आवाज। कनीना मंडल में आगामी हिंदू सम्मेलन 22 फरवरी 2026 होने की तैयारी को लेकर विशेष बैठक नेताजी मेमोरियल क्लब कनीना में संपन्न हुई। शिव कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सभी गांवों के जन-प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक की शुरुआत करते हुए  प्रवक्ता सुरेंद्र सिंह ने सभी को संबोधित किया आगामी इस हिंदू सम्मेलन को विराट रूप देने के लिए सभी प्रतिनिधियों से गांवों के सभी धार्मिक संस्थाओं को इसमें शामिल करने के लिए निवेदन किया। सभी जन-प्रतिनिधियों से इसे और अच्छा वह ज्यादा से ज्यादा संख्या वहां पर पहुंचे इसके लिए सभी से सुझाव मांगे। सूबेदार मेजर राजेश आर्य ने विचार रखते हुए बाइक रैली निकली जाए ऐसा सुझाव दिया जो की कनीना मंडी गेट  और मंडल के गांवों से शुरू होकर बाबा बृजेश्वर धाम कोटिया तक निकाली जाए जिसको सभी उपस्थित सदस्यों ने स्वीकार किया। सफलतापूर्वक संचालन के लिए विभिन्न कमेटियों का गठन कर ग्रामीणों को जिम्मेदारियां सौंपी गई जो अपने-अपने गांव में कार्य करेंगे। आयोजन समिति ने सभी जन-प्रतिनिधियों से क्षेत्र वासियों को बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की । इस मौके पर, वीरेंद्र सिंह मंडल अध्यक्ष, नवीन कुमार, धनुष शर्मा, फतेह सिंह, मनिंदर शर्मा, जसवंत सिंह, मोहित कुमार, लीला राम, पोप सिंह, प्रदीप यादव, रामपाल, शेरु, देवदत्त जांगड़ा, राजेंद्र, सतबीर सिंह, काशीराम व संदीप आदि गणमान्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01: आयोजित बैठक

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