पुलिस अधीक्षक दीपक ने आज थाना सदर कनीना का औचक निरीक्षण किया
--दी अनेक हिदायतें
******************************************************
***********************************************************
********************************************************
कनीना की आवाज। पुलिस अधीक्षक दीपक ने आज थाना सदर कनीना का औचक निरीक्षण कर कानून एवं व्यवस्था का गहनता से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने थानों के विभिन्न अनुभागों की बारीकी से जांच की, लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए और स्वयं फरियादियों के बीच पहुंचकर उनकी शिकायतें सुनीं।
निरीक्षण के दौरान एसपी ने थाना सदर कनीना के प्रभारी उप निरीक्षक रविन्द्र से थानों के रजिस्टरों, अपराधियों तथा हिस्ट्रीशीटरों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने थानों के मालखाना, रिकॉर्ड रूम, पुलिसकर्मियों के मैस सहित परिसर में साफ-सफाई, बिजली और पानी की व्यवस्था का मुआयना किया। पेंडिंग मामलों और जब्त वाहनों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को विभाग द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
दर्ज मुकदमों की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने अनुसंधान अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी मामले की जांच बेवजह लंबे समय तक लंबित न रखी जाए। उन्होंने नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए न्यायालय में चालान पेश करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, क्षेत्र में निरंतर गश्त बढ़ाने, आमजन के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने और शरारती व आपराधिक तत्वों को चिन्हित कर कार्रवाई करने और नशे के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया गया।
फोटो कैप्शन 04 व 05: पुलिस अधीक्षक कनीना थाने का दौरा करते हुए
जिला में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर
-अब तक 26 फीसदी से अधिक गणना फार्म वितरित
-पंजीकरण और सत्यापन के लिए 772 बूथ लेवल अधिकारी तैनात
******************************************************
***********************************************************
********************************************************
कनीना की आवाज। भारत निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार महेंद्रगढ़ जिले में मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य तेज गति से चल रहा है। अब तक जिले में 26.26 प्रतिशत गणना फॉर्मों का वितरण किया जा चुका है।
यह जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अनुपमा अंजली ने बताया कि इस बार निर्वाचन आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी योग्य नागरिक मतदाता बनने से वंचित न रहे और किसी भी अयोग्य व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो पाए।
उन्होंने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से अमलीजामा पहनाने के लिए राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इनमें भारतीय जनता पार्टी के 770 और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 772 एजेंट मैदान में उतरे हैं। जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर काम को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को तैनात किया गया है। ये घर-घर जाकर इस राष्ट्रीय कार्य को पूरा करने में जुटे हैं ताकि हर घर तक इस मुहिम की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने बताया कि जिले के चारों निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं के पंजीकरण और सत्यापन के लिए कुल 772 बूथ लेवल अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि 68-अटेली में 215 बीएलओ, 69-महेंद्रगढ़ में 220 बीएलओ, 70-नारनौल में 155 बीएलओ और 71-नांगल चौधरी में 182 बीएलओ मुस्तैदी से अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। इसके साथ ही राजनीतिक दलों के 1542 बूथ लेवल एजेंट भी इस पूरी प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि देश का प्रत्येक वह नागरिक जो निर्धारित अर्हता तिथि को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका है और कानूनन अयोग्य नहीं है, वह इस सूची में अपना नाम दर्ज कराने का पूर्ण हकदार है। हरियाणा राज्य के लिए गणना का यह महत्वपूर्ण चरण 15 जुलाई, 2026 से शुरू हो चुका है।
उन्होंने बताया कि इस पूरे अभियान की कमान संभाल रहे बूथ लेवल अधिकारी स्वयं प्रत्येक घर का दौरा कर रहे हैं ताकि मौजूदा मतदाताओं को गणना फॉर्म उपलब्ध कराए जा सकें और उन्हें एकत्रित कर सत्यापित किया जा सके। आम नागरिकों की सुविधा के लिए फार्म को आफलाइन माध्यम के अलावा ऑनलाइन जमा करने का विकल्प भी खुला रखा गया है।
नए मतदाताओं की सुविधा का ध्यान रखते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने साथ कम से कम 30 खाली फॉर्म 6 और घोषणा पत्र अनिवार्य रूप से रखें ताकि मौके पर ही नए नाम दर्ज किए जा सकें।
इस पूरी प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी बढ़ाने के लिए मान्यता प्राप्त दलों के एजेंटों को प्रतिदिन 50 फार्म तक एकत्र कर अधिकारियों को सौंपने की अनुमति दी गई है। राष्ट्रीय और राज्य मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल इस प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त एजेंट भी नियुक्त कर सकते हैं। प्रशासन ने जिले के सभी प्रबुद्ध और योग्य नागरिकों से भावुक अपील की है कि जब भी राष्ट्रीय कर्तव्य को निभाते हुए बूथ लेवल अधिकारी उनके घर आएं, तो वे पूरी जानकारी देकर उनका सहयोग करें और मजबूत लोकतंत्र के निर्माण में अपनी भागीदारी दर्ज कराएं।
अब आरटीआई का जवाब बन गया है मजाक -अधिकारी टस से मस नहीं होते
-आरटीआई को लेकर सरकार को बरतनी चाहिए सख्ती
******************************************************
***********************************************************
********************************************************
कनीना की आवाज। कभी आरटीआई को लेकर जितनी गंभीरता से अधिकारी मिलते थे अब नहीं मिलते। अधिकारी कहने को अधिकारी है किंतु निष्क्रिय मिलते हैं ,न तो आरटीआई का समय पर जवाब देते देते हैं और देते भी है तो मांगते भैंस हंै तो पकड़ाते पूंछ हंै। अधिकारी झूठा जवाब देने में माहिर हो गए हैं। अब लोगों के दिमाग में एक ही बात है कि किसी को तंग करने के लिए आईटीआई मांगी जाती है। यह सत्य है कि 90 फीसदी मामले ऐसे ही होते लेकिन सभी मामले ऐसे नहीं होते। कुछ आरटीआई ऐसी भी होती है जिनका संबंध खुद से होता है। यहां बताना चाहूंगा कि बिजली विभाग ने डा. होशियार सिंह के पास एक कहने को रजिस्टर्ड पत्र भेज दिया और वह भी जनवरी 2026 माह में भेजा गया परंतु आज तक उनको नहीं मिला। इस संबंध में डा. यादव ने आरटीआई लगाई और पता किया कि भेजे गए पत्र के रजिस्टर्ड नंबर दिया जाए तो तथाकथित अधिकारी ने ऐसा उत्तर भेजो कि शायद पूरे संसार में आज तक कभी उस नंबर से कोई रजिस्टर्ड पत्र नहीं भेजा गया हो। किसी भी आरटीआई के प्रश्न का जवाब नहीं दिया अपितु सारी बातें छुपाने पर तुला हुआ नजर आया। यहां तक की एक प्रश्न पत्र क्रमांक 1289 का हवाला पूछा था और उत्तर मिला क्रमांक 1290 का। यही नहीं जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी से कोई आरटीआई मांगी जाती है तो उसका भी जवाब नहीं दिया जाता। आश्चर्य है कि ऐसी कौन सी नौबत उनके सामने होती है कि जवाब नहीं दिया जाता। तीन बार रिमाइंडर भेजा जवाब नहीं मिला। कोई जवाब नहीं देने का अर्थ है अधिकारी जानबूझकर तथ्यों को छुपा रहे है। जैसा भी जवाब बनता है वह देना जरूरी चाहिए लेकिन अधिकारी चुप्पी साथ लेते हैं, जवाब नहीं देते। बार-बार रिमाइंडर भेजा जाता है तो भी जवाब नहीं मिलता। इसका मतलब है अधिकारी निरंकुश हो गए हैं। तथाकथित अधिकारियों के विरुद्ध सरकार कार्रवाई नहीं करेगी सरकार नहीं जागेगी, सख्ती नहीं बरतेगी तब तक तथाकथित अधिकारी इसी प्रकार जवाब देते रहेंगे और आरटीआई को यूं ही दफन करते रहेंगे।
अब डिजिटल माध्यम से मिलेगी खाद
-किसान अपने मोबाइल में डाउनलोड करें एप - देवेंद्र सिंह
******************************************************
***********************************************************
********************************************************
कनीना की आवाज। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश के कृषि क्षेत्र को डिजिटल तकनीक से जोड़कर खाद वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुगम बनाने की शुरुआत की गई है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ देवेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तहत एक विशेष उर्वरक बिक्री आवेदन प्रणाली मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है, जिसे सभी स्थानीय किसानों को तुरंत अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड करने की सलाह दी गई है।
किसान इस आधिकारिक एप्लिकेशन को गूगल प्ले स्टोर अथवा विभाग द्वारा जारी किए गए डिजिटल लिंक से आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। यद्यपि वर्तमान में इस तकनीकी प्रणाली के भीतर बारकोड जनरेशन का कार्य अस्थायी रूप से क्रियाशील नहीं है, फिर भी किसान इस एक प्रक्रिया को छोड़कर शेष सभी महत्वपूर्ण चरणों को बिना किसी बाधा के पूरा कर सकते हैं।
इस पूरी व्यवस्था को सरल और सहज बनाया गया है ताकि सामान्य किसान भी बिना किसी परेशानी के अपनी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक के लिए घर बैठे ही आवेदन जमा कर सकें। जिन किसानों के पास पहले से किसान पहचान संख्या उपलब्ध है, वे ऐप को खोलकर सीधे अपने राज्य का चयन करने के बाद आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर सकते हैं, जिससे उनकी भूमि का पूरा विवरण और क्षेत्रफल स्क्रीन पर अपने आप दिखाई देने लगता है। इसके विपरीत जिन किसानों के पास किसान पहचान संख्या मौजूद नहीं है, वे भी अपने आधार नंबर और ओटीपी के माध्यम से ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा करके अपनी पात्रता दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद उन्हें अपनी भूमि के मालिकाना हक की श्रेणी, जैसे स्वयं की भूमि, कानूनी वारिस, काश्तकार अथवा बटाईदार का चयन करना होगा और अपने जिले, तहसील तथा गांव की जानकारी भरकर भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सबमिट करना होगा।
एक बार भूमि का रिकॉर्ड सुरक्षित हो जाने के बाद किसानों को ऐप के मुख्य विकल्प पर जाकर वर्तमान कृषि सीजन के अनुसार अपनी फसल का चुनाव करना होता है। फसल की जानकारी दर्ज करते ही यह आधुनिक प्रणाली जमीन के कुल क्षेत्रफल के अनुपात में यूरिया, डीएपी, एमओपी या एनपीके जैसी आवश्यक खादों की सटीक मात्रा की सिफारिश स्वयं ही स्क्रीन पर प्रदर्शित कर देती है। किसान इस सरकारी मापदंड के अनुसार आगे बढ़ सकते हैं अथवा अपनी व्यक्तिगत जरूरत के हिसाब से बोरियों की संख्या में बदलाव भी कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के अंतिम चरण में किसानों को अपनी सुविधानुसार नजदीकी खाद विक्रेता या स्थानीय सहकारी समिति का चयन करना होता है और यदि अलग-अलग सामग्रियां भिन्न-भिन्न दुकानों पर उपलब्ध हैं, तो एक से अधिक खुदरा विक्रेताओं को चुनने की स्वतंत्रता भी दी गई है। आवेदन जमा करते समय यह स्पष्ट करना आवश्यक होगा कि खाद लेने स्वयं किसान जाएगा या उसका कोई अधिकृत प्रतिनिधि।
इस डिजिटल प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें भूमि संबंधी विवादों के त्वरित निपटारे के लिए एक विशेष विवाद समाधान तंत्र विकसित किया गया है। यदि किसी एक ही कृषि भूमि पर एक से अधिक व्यक्ति खाद के लिए अपना दावा प्रस्तुत करते हैं, तो कृषि सत्यापन अधिकारी अपने विशेष लॉगिन पोर्टल के जरिए सीधे राजस्व रिकॉर्ड की जांच करेंगे और वास्तविक भूमि मालिक की पहचान कर खाद की बुकिंग को तुरंत अपनी मंजूरी प्रदान कर देंगे।
जिला प्रशासन तथा कृषि विभाग ने संयुक्त रूप से जिले के समस्त किसान समुदाय से अपील की है कि वे इस आधुनिक तकनीक को अपनाकर खाद की कतारों तथा संभावित किल्लत से पूरी तरह मुक्ति पाएं, क्योंकि महेंद्रगढ़ जिले में इस योजना की सफलता के बाद ही इसे पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर लागू करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
105 वर्षीय महिला का मनाया गया जन्मदिन
-शाल ओढ़ाकर किया सम्मानित
******************************************************
***********************************************************
********************************************************
कनीना की आवाज। गुढ़ा गांव निवासी 105 वर्षीय मन्नी देवी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। ग्रामीणों तथा आसपास के लोगों ने शाल ओढ़ाकर माता मन्नी देवी का अभिनंदन किया तथा उनके स्वस्थ, निरोग व दीर्घायु जीवन की कामना की।
मन्नी देवी के बेटों रूपराम तथा अतर सिंह ने विषाल प्रीतिभोज आयोजित किया। जिसमें हजारों ग्रामीणों ने भोजन किया। बसपा नेता अतरलाल एडवोकेट ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक बताते हुए कहा माँ परिवार की नींव होती है। उसका प्यार, त्याग और आशीर्वाद पीढिय़ों तक फलता-फूलता है। इस अवसर पर पूर्व सरपंच राजू कैमला, बलवंत सिंह, भाग सिंह चेयरमैन, सुभाष यादव सहित काफी संख्या में प्रमुख जन उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 03:माता मन्नी देवी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित करते लोग।
बाबा भैया सेवा दल की 10वीं वर्षगांठ पर होंगे कई कार्यक्रम
- जिला उपायुक्त रहेंगी मुख्य अतिथि
******************************************************
***********************************************************
********************************************************
कनीना की आवाज। समाजसेवी संस्था बाबा भैया सेवा दल, ककराला अपनी स्थापना की 10वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 20 जून बाबा भैया लाइब्रेरी परिसर, ककराला में एक भव्य समारोह का आयोजन करने जा रही है।
अध्यक्ष मास्टर रामनिवास ने बताया समारोह की मुख्य अतिथि जिला उपायुक्त महेंद्रगढ़ अनुपमा अंजलि होंगी। समारोह की अध्यक्षता इंडियन वाटरमैन एवं मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध पर्यावरणविद् राजेन्द्र सिंह करेंगे।
पिछले दस वर्षों से बाबा भैंया सेवा दल शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा है। संस्था द्वारा संचालित बाबा भैया लाइब्रेरी आज क्षेत्र की उत्कृष्ट पुस्तकालयों में गिनी जाती है, जहा आसपास के गांवों से सैकड़ों विद्यार्थी नियमित अध्ययन करने आते हैं। संस्था प्रतिवर्ष जिला स्तरीय शैक्षणिक प्रतियोगिताओं का आयोजन भी करती है।
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में संस्था द्वारा गांव में 13 हरित साइटों का विकास, 5000 से अधिक छायादार वृक्षों का संरक्षण तथा एक फल वाटिका का निर्माण किया जा चुका है।
इस अवसर पर वर्ष 2016 से अब तक विभिन्न क्षेत्रों से सेवानिवृत्त हुए सम्मानित ग्रामीणों का अभिनंदन किया जाएगा। साथ ही 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को विशेष उपहार देकर सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम में उपमंडल अधिकारी (नागरिक), कनीना डा. जितेंद्र सिंह, ब्लाक शिक्षा अधिकारी, कनीना श्री सुरेश कुमार, पंचायती राज अधिनियम के प्रमाणित प्रशिक्षक एवं आरटीआई कार्यकर्ता आरसी पूनिया सहित अनेक जन मौजूद रहेंगे।
बाघोत में बैंक खोलने की उठी मांग
-उच्चाधिकारियों समक्ष रखी मांग
******************************************************
***********************************************************
********************************************************
कनीना की आवाज। बसपा ने गांव बाघोत, झाड़ली, उच्चत व सिहोर में बसपा नेता अतरलाल एडवोकेट ने मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना।
बाघोत गांव के ग्रामीणों ने अपने गांव में राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोलने की मांग की। उन्होंने कहा कि बाघोत बड़ा गांव है। सैनिक तथा पूर्व सैनिक, कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है इसलिए यहां राष्ट्रीयकृत की शाखा होना जरूरी है। उन्होंने केन्द्रीय वितमंत्री निर्मला सीतारमण तथा मुख्यमंत्री नायबसिंह सैनी से अतरलाल ने मांग की है।
झाड़ली गांव के ग्रामीणों ने झाड़ली से खेड़ी तक का पुराना प्लाटी रास्ता को खेड़ी तक पूरा पक्का करने की मांग की। उन्होंने कहा कि झाड़ली की सीमा तक यह मार्ग पक्का बन चुका है परन्तु आगे खेड़ी तक कच्चा पड़ा होने के कारण बरसात के मौसम में आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने अधूरे पड़े कच्चे रास्ते को तत्काल पूरा करवाने की मांग की। उच्चत गांव के ग्रामीणों ने उच्चत गांव को प्रधानमंत्री आदर्श गांव योजना में शामिल कर गांव के विकास के लिए विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग की। सीहोर गांव के लोगों ने युवाओं की बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए अटेली विधानसभा क्षेत्र में आईएमटी. स्थापित करने की मांग की। अतरलाल ने ग्रामीणों की मांगों को जायज बताया।
फोटो कैप्शन 02:राष्ट्रीयकृत बैंक की मांग को लेकर बाघोत के लोग
पुस्तकें पढऩे की विद्यार्थियों में घट रही है क्षमता
-राष्ट्रीय पठन दिवस -जून 19
******************************************************
***********************************************************
********************************************************
कनीना की आवाज। एक वक्त था जब गर्मियों की अवकाश में सुबह से लेकर रात तक विभिन्न प्रकार की पुस्तकें पढ़ी जाती थी। उसके ज्ञान का स्रोत मानी जाती थी। बुजुर्ग भी अपने बच्चों को ज्ञान प्राप्त करने के लिए पुस्तकें पढऩे के लिए प्रेरित करते थे। वह स्वर्णिम युग था। किंतु धीरे-धीरे विज्ञान की क्रांति आई और मोबाइल के अविष्कार के बाद तो मोबाइल क्रांति में विद्यार्थी डूब गए। आज अगर विद्यार्थियों से कुछ पूछना चाहे तो नहीं बता सकते, महज अपने फोन पर देखकर कुछ बता सकते हैं। वास्तव में पुस्तकों के पढऩे का उत्साह धीरे-धीरे कम हो रहा है। पुस्तकों के प्रति सबसे अधिक ध्यान जागृत किया था पीएन पेनिकर ने। उनकी याद में यह नेशनल रीडिंग डे मनाया जा रहा है। विद्यार्थियों से इस संबंध में बात की।
** अब पुस्तकों से कम अध्ययन किया जाता है। स्कूलों में भी जहां टैब दिए है उसी प्रकार विद्यार्थियों को आनलाइन स्टडी करनी पड़ती है। अब टैब भी वापस ले लिये हैं। इसलिए पुस्तकों की बजाए विज्ञान की क्रांति के जरिए शिक्षा पा रहे हैं। पुस्तकों के प्रति लगाव घटा है। उनका कहना है कि जब वे छोटे थे तब पुस्तकों के प्रति उनकी रूचि थी किंतु जब से मोबाइल क्रांति आई है पुस्तकों से थोड़ा दूर होते जा रहे हैं।
--अमीश कुमार
पुस्तक ज्ञान का अमिट स्रोत होता है किंतु पुस्तकों के प्रति लगाव कम होता जा रहा है। आज के दिन यदि पुस्तकों के प्रति लगाव देखा जाए तो बहुत कम विद्यार्थी पुस्तकें पढ़ पाते हैं। किंतु पुस्तकों के प्रति लगाव अत्यंत जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी तो पुस्तकों से दूर होती जा रही है।
--हर्ष कुमार,विद्यार्थी
क्या कहते हैं राजेंद्र सिंह -
65 वर्षीय राजेंद्र सिंह बताते हैं कि उनका जमाना था जब वह गर्मी की छुट्टियों में कामिक्स पढ़ते थे। सुबह पढऩा शुरू करते थे और रात तक कामिक्स में लगे रहते थे। यहां तक कि स्कूलों में भी किताबों को पढऩे पर जोर दिया जाता था। अध्यापक किताब पढऩे के लिए प्रेरित करते थे और किताबों से ही वो ज्ञान प्राप्त करते थे। उस जमाने में फोन की क्रांति नहीं थी, इंटरनेट की कल्पना कैसे कर सकते थे। यही कारण है कि उनका जमाना आधुनिक जमाने से भिन्न है। उन्होंने कहा आज के दिन पुस्तकों के प्रति विद्यार्थियों का बहुत कम लगाव होता है। यही कारण है कि आज के दिन विद्यार्थी कम पढ़ते हैं।
फोटो कैप्शन: राजेंद्र सिंह, अमीश कुमार, हर्ष कुमार
थाना शहर कनीना में
बैठक
- नशा मुक्ति, साइबर फ्राड और सुरक्षा नियमों पर दिए निर्देश।
******************************************************
***********************************************************
********************************************************
कनीना की आवाज। पुलिस अधीक्षक दीपक के निर्देशानुसार थाना शहर कनीना के थाना प्रबंधक एसआई तपेंद्र के नेतृत्व में क्षेत्र की सुरक्षा और व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये दो महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन किया गया। पहली बैठक में क्षेत्र के सभी सरपंचों ने भाग लिया, जिसमें गांवों को नशामुक्त बनाने, साइबर फ्राड के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने तथा गांवों के शरारती तत्वों की जानकारी देने के उचित दिशा-निर्देश दिए गए। सरपंचों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराध मुक्त समाज का निर्माण किया जा सके।
इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए थाना प्रबंधक द्वारा कनीना क्षेत्र के होटल व रेस्टोरेंट मालिकों की बैठक ली गई। इस बैठक में हिदायत दी गई कि किसी भी होटल में अनैतिक या गैर-कानूनी गतिविधि नहीं होनी चाहिए और वहां ठहरने वाले हर नागरिक का पहचान पत्र व रिकॉर्ड पूरी पारदर्शिता के साथ मेंटेन किया जाए। होटल संचालकों को सचेत किया कि नियमों की अनदेखी या किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित होटल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोनों ही बैठकों में उपस्थित जन-प्रतिनिधियों और व्यवसायियों ने कनीना पुलिस की इस पहल की सराहना की और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया।
फोटो कैप्शन 01: पुलिस आमजन से बैठक करते हुए












No comments:
Post a Comment