Not sure how to add your code? Check our installation guidelines **KANINA KI AWAZ **कनीना की आवाज**

Thursday, July 16, 2026



 


हर शाख पर उल्लू बैठा है, अंजामें............
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कनीना की आवाज।
 कहावत है कि हर शाख पर उल्लू बैठा है अंजामें गुलिस्ता क्या होगा? आज यहां कटु सत्य बताने जा रहा हूं जो देखने को मिला।
1. मेरे घर के पास भाई की दुकान है जो जल्दी सुबह से देर रात तक खुली रहती है। गैस सिलेंडर बुक करवाया, बुक हो गया किंतु चार  दिन बाद एक मैसेज आया कि आपके पास गैस देने वाला तीन बार आया तीनों बार घर का दरवाजा बंद पाया गया इसलिए आपकी गैस बुकिंग रद्द की जाती है। जब एजेंसी के मालिक से पूछा गया और हकीकत  बताई कि घर के कभी ताला नहीं लगा होता फिर बुकिंग रद्द क्यो? एजेंसी के मालिक से पूछा गया तो उसने कहा कि अब ऐसा नियम है। जब बताया कि ऐसा हमेशा हमारा तो घर खुला रहता है फिर कैसे यह संदेश लिखा गया। उन्होंने दबी जुबान से जवाब दिया कि हो सकता है कि सप्लाई करने वाला घर नहीं पहचान पाया हो। ऐसा कितनों के साथ होता होगा, महज अंदाजा लगाया जा सकता है।
2. उधर कनीना के डाकघर में जनवरी 2026 से जून 2026 के बीच अनेको डाक गुम हो चुकी हैं। डीएचबीवीएन की माने तो उन्होंने मेरे पास एक रजिस्टर्ड डाक जनवरी 2026 में भेजी थी परंतु न तो उस डाक का अता पता और न ही कुछ जानकारी। डीएचबीवीएन के एसडीओ ने ऐसे पावती नंबर बता दिए जो संसार में कहीं नहीं होते। जब डाकघर जाकर पता किया तो उन्होंने बताया कि पोस्टमैन की अनेकों शिकायत आई हुई हैं। यही नहीं कनीना के सेवानिवृत्त सुरेंद्र हेड मास्टर मिले तो मैंने उनसे पूछा कि क्या दिक्कत है तो उन्होंने बताया कि जून माह में एटीएम आना था वह एटीएम  पोस्टमैन ने गुम कर दिया। नकली साइन भी करके बटी हुई डाक दिखा दी है।अनेक को शिकायत उप डाकपाल के पास पहुंची किंतु पोस्टमैन का कुछ नहीं बिगड़ा। याद रहे जब तक राजेंद्र सिंह पोस्टमैन थे कोई दिक्कत नहीं आई उसके बाद यह दिक्कत आने लगी है। ऐसे कितने लोगों की शिकायत मिली है जिनकी डाक गुम हो गई या उनके नकली साइन करके डाक बटी हुई दिखा दी।
3. आरटीआई पर चलते हैं। एक आरटीआई लगाई गई जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी तथा जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कोई जवाब नहीं आया। दो दो बार रिमाइंडर भेजे गए, लिखित और मेल से रिमाइंडर भेजे किंतु जवाब नहीं आया। प्रथम अपील या अधिकारी के पास अर्थात दोनों ही अधिकारियों के पास पत्र भेजा कोई सुनवाई नहीं हुई। इसका मतलब है कि जानबूझकर अनदेखी की जा रही है। यही हाल रहा तो आगामी समय में क्या हाल होगा? आखिरकार अब आरटीआई आयोग में ही जाने को मजबूर होना पड़ेगा? और यह आरटीआई किसी अन्य कि नहीं अपने बाबत जानकारी मांगी गई है।                                   4. इससे भी बाद एक और उदाहरण है कि मैं एक दिन स्कूल में हाजिर, सभी प्रमाण है परंतु उसे दिन का वेतन काट लिया गया। आश्चर्य यह होता है कि जब उसे हाई कोर्ट में ले गए वहां भी उन्होंने नहीं सुना और न्याय नहीं मिला, डबल बेंच में ले गए वहां भी न्याय नहीं मिला। आखिर प्रमाण देते हुए भी बात को नहीं सुना जा रहा है इससे बढ़कर क्या होगा? आप सुप्रीम कोर्ट का सहारा लेना मजबूरी होगी।                               5. एक अन्य मामले में अर्जित अवकाश के 2015 के नियम मांगे गए तो 2016 के नियम थमा दिए गए। जब पूछा जाता है 2015 की घटना है तो उसके नियम दीजिए, तो कोई उत्तर नहीं दिया जाता केवल 2016 के नियम पकड़ा दिए जाते हैं। इससे बुरी बात और क्या हो सकती है कि मांगा गया रिकार्ड न देकर कुछ और ही दिया जाता है। ऐसे कितने ही और उदाहरणों से स्पष्ट होता है कि हर शाख उल्लू बैठ गया और बैठा है अब तो देश को बर्बाद होना होगा।




खंड स्तरीय साहित्यिक प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
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कनीना की आवाज।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी में खंड स्तरीय निबंध लेखन, वाद-विवाद, पोस्टर मेकिंग, नारा लेखन एवं कार्टून निर्माण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में खंड के लगभग दो दर्जन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिताओं का शुभारंभ करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी  सुरेश यादव ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तार्किक सोच एवं अभिव्यक्ति क्षमता का विकास करती हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता  के दौर में भी मौलिक चिंतन और सृजनात्मक लेखन का विशेष महत्व है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है तथा ऐसी प्रतियोगिताएं उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बेहतर मंच प्रदान करती हैं।
उन्होंने निर्णायक मंडल से निष्पक्ष एवं पारदर्शी मूल्यांकन करने का आग्रह करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की मेहनत के अनुरूप उन्हें उचित स्थान मिलना चाहिए। साथ ही शिक्षकों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि वे नियमित शिक्षण कार्य के साथ-साथ सहगामी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण एवं बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार कौशिक ने की। उन्होंने बताया कि खंड स्तरीय प्रतियोगिताओं में विजयी प्रतिभागी आगामी जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में खंड कनीना का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच का विकास करती हैं।
प्रतियोगिताओं के परिणाम इस प्रकार रहे
वाद-विवाद प्रतियोगिता
कक्षा 6 से 8: प्रथम साक्षी, राजकीय विद्यालय सुंदरह, कक्षा 9 से 12: प्रथम अदिति, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास।
निबंध लेखन प्रतियोगिता, जूनियर वर्ग- प्रथम  पलक, राजकीय विद्यालय गोमला। सीनियर वर्ग- प्रथम- रितिका, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय करीरा।
कार्टून निर्माण प्रतियोगिता
जूनियर वर्ग में माही, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना मंडी प्रथम रही,सीनियर वर्ग में प्रथम  प्रिया, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास रही। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता
जूनियर वर्ग में प्रथम  ऋतिक। सीनियर वर्ग में प्रथम तमन्ना, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुढा।
नारा लेखन प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग में प्रथम में काव्या, राजकीय विद्यालय गोमला। सीनियर वर्ग में प्रथम  लक्ष्मी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास रहे।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता नरेश यादव, मदन मोहन कौशिक, संजय मेहरा, सुरेंद्र मोरवाल, पूनम रानी, सरोज यादव, चेतन कुमार, मोनिका ,नित्यानंद यादव, एबीआरसी मनोज यादव, बीआरपी सोमवीर, बीआरपी अनुराधा, संजीत कुमार, रिंकू वर्मा,सहित खंड संसाधन केंद्र कनीना के सभी कर्मचारी तथा विभिन्न विद्यालयों के अध्यापक उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 06: अव्वल रहे विद्यार्थियों की घोषणा करते हुए


दौंगड़ा अहीर में नर्सिंग कालेज की मंजूरी पर खुशी की लहर
-ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का जताया आभार
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कनीना की आवाज।
दौंगड़ा अहीर में राजकीय नर्सिंग कालेज की स्थापना को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। फैसले की जानकारी मिलते ही दौंगड़ा अहीर सहित आसपास के 10 से 15 गांवों के ग्रामीण गांव के मुख्य चौक पर एकत्र हुए और मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। ग्रामीणों ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव के बाद किया अपना वादा निभाया है।
ग्रामीणों ने कहा कि दौंगड़ा अहीर क्षेत्र का प्रमुख गांव है, जहां प्रतिदिन आसपास के अनेक गांवों के लोगों का आवागमन रहता है। ऐसे में यहां नर्सिंग कॉलेज बनने से मुंडिया खेड़ा, कलवाड़ी, अटाली, भालखी, बेवल, सुंदरह, सिलारपुर, झिगावन, भांडोर समेत आसपास के 10-15 गांवों के युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से ग्रामीण बेटियों को अब नर्सिंग की पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें अपने क्षेत्र में ही बेहतर शिक्षा एवं रोजगार के अवसर मिलेंगे।
ग्रामीणों ने बताया कि विधानसभा चुनाव के बाद गांव के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव से नर्सिंग कालेज की मांग रखी थी। उस समय मंत्री ने मांग पूरी करने का भरोसा दिलाया था।
अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा मंजूरी मिलने के बाद उन्होंने अपना वादा पूरा कर दिखाया है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
ग्रामीणों ने कहा कि नर्सिंग कालेज बनने से केवल चिकित्सा शिक्षा को ही बढ़ावा नहीं मिलेगा, बल्कि भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा भी मजबूत होगा। इससे क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक प्रगति को नई गति मिलेगी तथा दक्षिण हरियाणा चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दौंगड़ा अहीर में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से ग्रामीण बेटियों के लिए चिकित्सा क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे और वे आर्थिक व सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा भी मजबूत होगा, जिससे पूरे क्षेत्र के लोगों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह निर्णय आने वाली पीढिय़ों के लिए मील का पत्थर साबित होगा और पूरे क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगा।
फोटो कैप्शन 08: गांव में खुशी मनाते ग्रामीण।





प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महर्षि च्यवन राजकीय मेडिकल कालेज व राव तुलाराम अस्पताल कोरियावास का करेंगे डिजिटल लोकार्पण
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कनीना की आवाज।
विकसित भारत के निर्माण और देश के हर कोने तक आधुनिक चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के संकल्प में शुक्रवार को जिला महेंद्रगढ़ भी अपनी ऐतिहासिक भागीदारी दर्ज कराने जा रहा है। दक्षिणी हरियाणा के नागरिकों के स्वास्थ्य के क्षेत्र में 17 जुलाई को एक नया सवेरा होने जा रहा है, जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से जिला महेंद्रगढ़ के नारनौल शहर के समीप स्थित महर्षि च्यवन राजकीय मेडिकल कालेज और राव तुलाराम अस्पताल, कोरियावास का लोकार्पण करेंगे। जींद के एकलव्य स्टेडियम में आयोजित होने वाले इस राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। स्थानीय स्तर पर कोरियावास में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत करेंगी। जिला प्रशासन तथा कॉलेज प्रबंधन द्वारा इस कार्यक्रम को लेकर सभी प्रकार की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए आज विधायक ओम प्रकाश यादव तथा उपायुक्त अनुपमा अंजली खुद कोरियावास पहुंचे।
कार्यक्रम स्थल पर कालेज प्रबंधन द्वारा विशाल स्क्रीन लगाई गई हैं, जिसके माध्यम से हजारों की संख्या में स्थानीय नागरिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संबोधन का सीधा प्रसारण देखेंगे। लगभग 76 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैले इस आधुनिक मेडिकल कॉलेज परिसर में आपातकालीन दुर्घटना सेवाएं तथा आईपीडी सेवा भी विधिवत रूप से शुरू होने जा रही हैं। शुरुआती चरण में इस आईपीडी को 600 बेड की विशाल क्षमता के साथ संचालित किया जा रहा है।
इस विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा के प्रारंभ होने से अब महेंद्रगढ़ और आस-पास के जिलों के मरीजों को किसी भी गंभीर स्थिति में जयपुर या रोहतक जैसे दूरदराज के बड़े शहरों की तरफ रुख नहीं करना पड़ेगा, बल्कि उन्हें अपने ही अंचल में समय पर और सर्वश्रेष्ठ इलाज की सुविधा सुलभ हो सकेगी।
इस मौके पर मेडिकल कालेज के निदेशक बृजेंद्र सिंह, भाजपा के जिला अध्यक्ष डा. यतेंद्र राव तथा जेपी सैनी के अलावा अन्य गणमान्य नागरिक भी मौजूद थे।
फोटो कैप्शन 09:तैयारियों का जायजा लेते विधायक ओम प्रकाश यादव तथा उपायुक्त अनुपमा अंजली।


रविदास समाज कल्याण ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष को किया सम्मानित
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कनीना की आवाज।
प्रेरक वक्ता, लेखक और संत रविदास समाज कल्याण ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष आचार्य दलवीरानंद को गांव धनौंदा में राष्ट्र गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया। प्रजा भलाई संगठन द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में अतरलाल ने आचार्य दलवीरानंद को साफा और शाल ओढ़ाकर तथा प्रशस्ति पत्र व पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया।
  इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अतरलाल ने कहा कि संत महात्मा मानवता की सेवा के लिए इस धरा पर आते हैं। खुद दुख, तकलीफ सहकर समाज की सुख, शांति के लिए कार्य करते हैं। इसलिए संत, साधु, महात्मा का सम्मान करना समाज का नैतिक कर्तव्य है ।आचार्य दलवीरानंद ने सम्मान के लिए गांव, राम तथा श्रद्धालुओं का धन्यवाद करते हुए कहा संतों का साथ ही सत्संग है। सत्संग के माध्यम से लोगों को दया, परोपकार, भक्ति, प्रेम, ज्ञान, क्षमता आदि गुण अपनाने की सीख मिलती है। उन्होंने कहा कि सत्संग से संशय दूर होते हैं, हृदय में निर्मलता आती है और जीव माया के बंधन से छूट जाता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को कुछ समय निकाल कर सत्संग अवश्य करना चाहिए। इस अवसर पर मुकेश, सुभाष यादव, कैलाश सेठ, पवन प्रजापत, मदन तंवर, राजवीर गौड़, ओम प्रकाश यादव, अशोक, गुरुदत्त, वीर सिंह, विक्रम सिंह आदि अनेक श्रद्धालु और सत्संगी उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन 07: संत दलवीरानंद को सम्मानित करते हुए अतरलाल



कनीना के ठाकुरजी मंदिर में कथा का शुभारंभ 19 जुलाई से
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कनीना की आवाज।
कनीना के ठाकुरजी मंदिर  में वृंदावन आश्रम के कथावाचक पूर्ण देव महाराज द्वारा श्रीमदभागवत की कथा का वाचन प्रारंभ होगा। इस मौके पर 19 जुलाई 2026 को सुबह 8 बजे क्लश यात्रा निकाली जाएगी। कथा का समापन 26 जुलाई 2026 को होगा और इसी दिन हवन एवं प्रसाद वितरण किया जाएगा।
मंदिर के पुजारी कंवरसैन वशिष्ठ ने बताया कि इस पावन अवसर पर सुबह 11 बजे से शाम 3 बजे तक कथा चलेगी। उन्होंने कहा कि ठाकुर मंदिर कनीना वासियो का श्रद्धा और कृष्ण भक्ति का एकमात्र स्थान है। आसपास के 20 गांवों का श्रद्धा का केंद्र है। यहां होली दिवाली व शादी त्योहार पर सभी गांव के लोग इस मंदिर में आकर भगवान ठाकुरजी को श्रद्धा से पूजते आ रहे हैं ।  
फोटो कैप्शन 04: कथा का पोस्टर

बंदरों के काटने की संख्या बढ़ी
नपा प्रधान एवं एसएमओ को दिया ज्ञापन, मिला आश्वासन
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कनीना की आवाज।
कनीना में बंदरों द्वारा इंसानों को काटने की संख्या बढ़ती ही जा रही है। प्रतिदिन एक या दो इंसानोंं को बंदर काट रहे हैं जिसके चलते रोष पनप रहा है। समाजसेवियों ने मिलकर नपा प्रधान एवं एसएमओ उप-नागरिक अस्पताल को ज्ञापन भी दिया है।
  कनीना के भागमल, रघुबीर, मनोज कुमार, दीपक जांगिड़, नरेश कुमार, सोनू ने कहा है कि उप नागरिक अस्पताल, कनीना में लंबे समय से बंदरों का आतंक बना हुआ है। अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीज, उनके परिजन, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग एवं अस्पताल का स्टाफ लगातार भय के माहौल में रहते हैं।
अस्पताल परिसर में बंदर ने हरेंद्र समाजसेवी को काट लिया। इसके अतिरिक्त अस्पताल में कई बार बंदरों द्वारा छोटे बच्चों को काटने, महिलाओं पर हमला करने, मरीजों से खाने पीने का सामान छीनने तथा लोगों को घायल करने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
 उन्होंने कहा कि अस्पताल एक सुरक्षित सार्वजनिक स्थान होना चाहिए, लेकिन बंदरों के कारण मरीजों का उपचार कराने आना भी जोखिम भरा हो गया है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में किसी की जान भी खतरे में पड़ सकती है। इस संबंध में एक ज्ञापन भी एसएमओ कनीना को सौंपा गया। उन्होंने प्रभावी कदम उठाने की बात कही है।
 उन्होंने कहा कि शहर के विभिन्न मोहल्लों, बाजारों, सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों तथा विशेष रूप से उप नागरिक अस्पताल परिसर में बंदरों के झुंड खुलेआम घूम रहे हैं और आम नागरिकों पर हमला कर रहे हैं।
बंदरों द्वारा छोटे बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों एवं अन्य नागरिकों को काटने और घायल करने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। लोग अपने घरों की छतों, गलियों और बाजारों में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। वर्तमान समय में पतंग उड़ाने का त्योहार भी निकट है। इस दौरान बड़ी संख्या में बच्चे घरों की छतों पर पतंग उड़ाते हैं। ऐसे समय में बंदरों के हमले की आशंका और अधिक बढ़ जाती है, जिससे किसी भी समय गंभीर दुर्घटना या जनहानि हो सकती है। इसलिए इस विषय को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।
उन्होंने नपा प्रधान से अनुरोध किया है कि पूरे कनीना शहर में बंदरों की समस्या का तत्काल सर्वे कराया जाए। वन विभाग एवं जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर बंदरों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर अन्य स्थानों पर स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जाए। अस्पताल, विद्यालयों, बाजारों एवं घनी आबादी वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए विशेष अभियान चलाया जाए। नपा प्रधान ने भी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
फोटो कैप्शन 05: एसएमओ डा. रेणू वर्मा को ज्ञापन सौंपते हरेंद्र शर्मा


मानसून के रूठने से किसान हैं परेशान
-फव्वारों द्वारा बाजरे की कर रहे सिंचाई, अभी तक हुई है 50 एमएम वर्षा
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कनीना की आवाज।
 कनीना क्षेत्र में इस बार बाजरे की समुचित बिजाई नहीं हो पाई क्योंकि मानसून रूठा रूठा नजर आ रहा है। जून माह में अल्प वर्षा हुई जिसके चलते कुछ किसानों ने बाजरे की बिजाई कर दी और अधिकांश किसान अभी भी बाजरे की बिजाई का इंतजार कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि इस बार बाजरे की समुचित बिजाई नहीं हो पाएगी चूंकि मानसून की वर्षा कम हो पाई है। जहां विगत विगत वर्ष जुलाई माह में 188 एमएम वर्षा हुई थी वहीं इस वर्ष अब तक महज 50 एमएम वर्षा हुई है जबकि आधा जुलाई माह बीत चुका है। वैसे तो माना जाता है कि सावन माह में सबसे अच्छी वर्षा होती है और सावन माह 29 जुलाई से शुरू हो रहा है। इसके बाद देखा जाएगा कि वर्षा कितनी हो पाती है लेकिन उस समय बिजाई संभव नहीं है।
 वैसे तो इस क्षेत्र में अभी तक कपास, मूंग अरहर, मूंगफली, चारा देने वाली फैसले उगाई गई है परंतु वर्षा अभाव में खड़ी हुई फैसले भी कुम्हलाने लगी है। यदि वर्षा समय पर हो जाए तो कुछ किसानों की बाजरे की पैदावार हो पाएगी वरना दिन के समय तापमान 40 डिग्री से अधिक होने के कारण फसलों के जलने की संभावना बन गई है। क्योंकि वर्षा समय पर नहीं हुई है इसलिए कुछ किसान फव्वारों द्वारा सिंचाई कर रहे हैं।
 किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंहने बताया कि उन्होंने 6 एकड़ में बाजरे की जैसे तैसे बिजाई तो कर ली किंतु अब वर्षा न होने से उनकी फसलगर्मी से जलने के कगार पर पहुंच गई है। ऐसे में फव्वारों द्वारा सिंचाई कर रहे हैं। कनीना क्षेत्र में यह पहला अवसर है जब किसान आधे जुलाई माह बीत जाने के बाद भी समुचित बिजाई नहीं कर पाए। अब कुछ किसानों ने तो मन बना लिया है की बिजाई न करके अगली फसल अर्थात रवि फसल उगाने के लिए खेत को खाली छोड़ा जाएगा। उल्लेखनीय की बाजरे की फसल न केवल अन्न के लिए अपितु पशुओं के चारे के लिए भी मानी जाती है। पशुओं का चारा/कड़बी इसी से प्राप्त होता है। वहीं बाजरा विशेषकर मुर्गी दाना और सर्दियों में खाने के लिए मोटे अन्न के रूप में काम आता है। वैसे भी सरकार ने बाजरे के का 2900 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी रखा हुआ है। बाजरे के बारे में पूर्व कृषि अधिकारी डा. देवराज बताते हैं कि 75 से 82 दिन में बाजरे की फसल तैयार हो जाती है। बाजरे की बिजाई के लिए जुलाई पहला सप्ताह उत्तम होता है और इसके लिए कम से कम एक पानी की जरूरत होती है। वर्षा हो जाती है तो यह पूर्ति हो जाती है। खरीफ फसल पूर्ण रूप से वर्षा पर आधारित फसल है।
फोटो कैप्शन 03: कुम्हलाई हुई बाजरे की फसल

11 केवी का खंभा टूटा , कभी भी हो सकता है हादसा
 सोए हुए बिजली विभाग को की जा रही  कोशिश।-पोल का अभाव-एसडीओ
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कनीना की आवाज।
कनीना कस्बे के वार्ड नंबर 05 में नहर के पास बिजली का खंभा काफी दिनों से ऊपर से टूटा पड़ा है। जिस पर से 11केवी की लाइन जा रही है। क्षेत्र के लोग इस संबंध में विभाग को पहले भी अवगत करवा चुके है। लेकिन संबंधित विभाग इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहा है।
पूर्व पार्षद मेहर चंद ने बताया कि खंभे को क्षतिग्रस्त हुए 06 महीने से ऊपर हो गए है और बिजली के तार भी लटक रहे है। मिनी बाई पास कहे जाने वाले मार्ग पर अगर इस तरह से विभाग की तरफ से लापरवाही बरती जाएगी तो कोई भी अनहोनी हो सकती है। जानकारी देते हुए पूर्व पार्षद ने बताया कि तार बहुत ज्यादा लटक रहे है और आगे मानसून भी आने वाला है कोई भी हादसा हो सकता है। वार्ड वासियों ने प्रशासन से  क्षति ग्रस्त खंभे को जल्द से जल्द बदलने और तारो को ठीक करने की मांग की है। इस मौके पर पूर्व पार्षद मेहर चंद,  सूबे मेजर धर्म वीर सिंह, डॉ रमेश ,बाबूलाल फोरमैन, रमेश, टेक चंद, अनुराग, राकेश, मास्टर गोपी राम इत्यादि मौजूद थे।
क्या कहते हैं एसडीओ--
जून माह में आई भयंकर तूफान में क्षेत्र के लगभग 250 खंभे क्षतिग्रस्त हो गए थे और अनेकों जगह पर तार भी टूट गए थे। ऐसे में बिजली बोर्ड में उपकरणों की कमी हो गई थी। इस बारे में आला अधिकारियों को भी अवगत करवा दिया था। खंभे भेजने के लिए सूचना दे दी है। 10 दिन के अंदर हमारे पास नए खंभे आ जाएंगे उसके बाद सभी क्षतिग्रस्त खंभों को बदल दिया जाएगा।
-उमेश वर्मा,एसडीओ डीएचबीवीएन कनीना
फोटो कैप्शन 02: टूटा हुआ पोल दिखाते हुए ग्रामीण


प्लाट में बंधी हुई भैंस चोरी, अज्ञात चोरों के विरुद्ध मामला दर्ज
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कनीना की आवाज।
कनीना उपमंडल के गांव तलवाना खेड़ी के सोनू नामक व्यक्ति की 14-15 जुलाई की रात्रि को किसी अज्ञात चोर ने प्लाट में बंधी हुई भैंस चोरी कर ली। उन्होंने कनीना पुलिस में दी शिकायत में कहा है कि वह तलवाना का स्थायी निवासी है और 14 जुलाई को रात के समय अपनी भैंस और गाय को अपने प्लाट पर बांधकर आया था। सुबह जाकर देखा तो प्लाट में भैंस नहीं मिली। अज्ञात चोरों ने प्लाट का गेट खोलकर करीब 80000 रुपए की भैंस चोरी कर ली। उन्होंने भैंस चोरों को गिरफ्तार कर भैंस बरामद करने की मांग की है। कनीना पुलिस ने उसके बयान पर अज्ञात चोरों के विरुद्ध भैंस चोरी का मामला दर्ज कर लिया है।





अंदर और बाहर से अटने लगी हैं नहरें, सफाई की मांग
-लोग डाल रहे हैं कूड़ा कचरा
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कनीना की आवाज।
कनीना क्षेत्र में क्षेत्र में रामपुरी और रामगढ़ डिस्ट्रिब्यूट्रीे नामक नहरें गुजरती हैं। रामपुरी को कनीना के पास भूमिगत किया हुआ है। बाकी जगह से खुली है। इन नहरों में कुछ दिनों से पानी आ रहा है। किंतु उनमें घास फूस और गंदगी होने से पानी का बहाव न के बराबर है। लोग सरेआम कूड़ा कचरा नहरों में डाल देते हैं। वैसे भी कुछ वर्षा के बाद नहरों के आस पास झाड़ झंखाड़ का बोलबाला है। चूंकि कूड़ा कचरा साफ न किए जाने से नहरों में पानी का बहाव मंद गति से हो रहा है। यह जल पेयजल के रूप में कई गांवों में उपयोग किया जाता है। यदि नहरों के दोनों तरफ और अंदर से साफ कर दिया जाए तो पानी का बहाव बढ़ सकता है।
नहरों की विभागीय सफाई नहीं हो पा रही है और न ही उसमें पानी सुचारु रूप से संचालित हो पा रहा है। इस मौसम में नहरों की उचित ढंग से सफाई करने की मांग उठ रही है। चूंकि जंगली जीवों को ये नहरें झाड़ झंखाड़ के कारण दिखाई नहीं पड़ रही हैं और कोई भी जीव इनमें गिर सकता है।
फोटो कैप्शन 01: नहर झाड़ झंखाड़ से अटी हुई











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