ओरल हेल्थ दिवस-20 मार्च
-समय पर दांतो की जांच करवानी चाहिए- डा मोरवाल
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कनीना की आवाज। स्वास्थ्य व्यक्ति को भी समय-समय पर अपने दांतों एवं मुख की हर तीन से 6 माह के बीच जांच करवानी चाहिए। ये विचार कनीना के उप नागरिक अस्पताल के दंत चिकित्सक डा जितेंद्र मोरवाल के हैं। उन्होंने बताया कि संतुलित एवं ताजा खाना खाते रहना चाहिए। प्रतिदिन 4-5 लीटर पानी पीने से लार अधिक बनती है जो दांतों को स्वस्थ रखती है।
डॉ जितेंद्र मोरवाल ने कहा की ब्रश करते समय भी पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। ब्रश दो मिनट से अधिक नहीं करनी चाहिए किंतु शांति पूर्वक दांतों की बाहर भीतर सफाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हरी सब्जी, दूध, फल आदि का अधिक सेवन करना चाहिए जो दांतों को स्वस्थ रखते हैं। दिन में दो बार ब्रश करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सबसे अधिक स्वास्थ्य को तथा दांतों को नुकसान जंक फूड करते हैं और जंक फूड खाने की आदत बढ़ती ही जा रही है। उन्होंने इस आदत से बचने की अपील की। यदि जंक फूड खा रहे हैं तो तुरंत बाद गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें। ज्यादा मीठा खाने से तथा दांतों पर एक ही स्थान पर अमल बनने से कैविटी बन जाती है जिसे कीड़ा लगना कहा जाता है। लोगों के दांतों पर पदार्थ जम जाता है किंतु ध्यान नहीं देते।
उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में पानी में अधिक फ्लोराइड पाया जाता है जो दांतों को भंगुर बनकर टूट जाते हैं। पानी में एक पीपीएम(पार्टीकल पर मिलियन)फ्लोराइड से अधिक नहीं होना चाहिए किंतु यहां पानी में 100 पीपीएम तक फ्लोराइड पाया जाता है। यदि इससे बचना है तो आरओ का पानी पीना चाहिये और जो आरओ नहीं लगवा सकते उन्हें घर में चौड़े बर्तन में पानी को गर्म करके ठंडा करना चाहिए और फिर पानी को निथारकर घड़े आदि में भर लेना चाहिए तथा नीचे के पानी को फेंक देना चाहिए। इससे अधिक मिनरल खत्म किये जा सकते हैं। क्षेत्र में दांतों में पयरिया की श्किायत अधिक है। इसमें मसूडे खराब हो जाते हैं। ऐसे में ब्रश के अतिरिक्त दांतों की अंगुली द्वारा मसाज करनी चाहिए। कैल्शियम युक्त आहार अधिक लेना चाहिए।
फोटो कैप्शन: डा जितेंद्र मोरवाल।
कुतरूं प्राचार्य के कारनामे-15वी कड़ी पढ़े 20 मार्च को
-हाजिर को गैर हाजिर दर्शाकर काट लिया वेतन, लड़ते रहो न्यायालय में
महेंद्रगढ़ जिले के 32 पत्रकारों ने विधानसभा सत्र का किया अवलोकन
- हरियाणा पत्रकार संघ की ओर से आयोजित हुआ कार्यक्रम
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कनीना की आवाज। हरियाणा पत्रकार संघ की ओर से पत्रकारों को विधानसभा स्तर का अवलोकन कर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को नजदीकी से समझने का मौका मिला। जिला महेंद्रगढ़ के 32 पत्रकारों ने भाग लिया और करीब 1 घंटे तक सदन की कार्रवाई को नजदीकी से देखा। हरियाणा पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष केबी पंडित, जिला महेंद्रगढ़ इकाई के प्रधान प्रदीप बालरोडिय़ा ने सभी पत्रकारों को चंडीगढ़ के विधानसभा सत्र का अवलोकन करवाने के लिए नेतृत्व किया। जहां कनीना के पत्रकारों ने वरिष्ठ पत्रकार दीपचंद यादव की अध्यक्षता में चंडीगढ़ पहुंचने का मौका मिला।
पहली बार कनीना क्षेत्र के 8 पत्रकार जिनमें दीपचंद यादव, डा. होशियार सिंह ,जसवंत सिंह, इंद्रजीत शर्मा, अनिल शर्मा, कर्मवीर , मनीष कुमार, सुशील मित्तल बड़े ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में चंडीगढ़ पहुंचे। जहां केबी पंडित अध्यक्ष हरियाणा हरियाणा पत्रकार संघ ने नेतृत्व किया। करीब एक घंटे तक विधानसभा सत्र को देखा। अब तक न्यूज चैनल पर विधानसभा की कार्रवाई देखते आए थे किंतु नजदीक से कार्रवाई देखकर उन्हें खुशी का एहसास हुआ और पत्रकारों में नई ऊर्जा का संचार हुआ।
विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने भी विधानसभा में मंच से पत्रकारों का हवाला दिया। उपाध्यक्ष कृष्ण मिड्ढा पत्रकारों से मिलने आए और पत्रकारों को हंसी खुशी सब कुछ समझाया। 1 घंटे तक कार्रवाई देखने के बाद महेंद्रगढ़ के विधायक राव कंवर सिंह पत्रकारों से लंबे समय तक मिले। यहां तक के उन्हें अपने साथ लंच भी करवाया। सभी पत्रकारों को गरीबी से मिले और उन्होंने खुशी जाहिर की,की जिले से इतने पत्रकार पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि पत्रकार ही नहीं कोई भी उनसे मिलने आता है तो भी इसी प्रकार मिलते हैं। सबसे बड़ी बात उसे समय लगी जब कनीना के पत्रकार डा. होशियार सिंह से मिले और उन्होंने उस समय की याद दिलाए जब राव भगवान सिंह गुढ़ा निवासी के यहां मिलते थे।
तत्पश्चात विधायक डा. ओमप्रकाश एडीओ पत्रकारों से मिले और उन्होंने खुशी जताई। उन्हें खुशी हुई कि जिला महेंद्रगढ़ की पत्रकार विधानसभा क्षेत्र देखने के लिए आए हैं। तत्पश्चात अटेली से विधायक एवं मंत्री आरती सिंह राव
पत्रकारों से मिली और उन्होंने खुशी जताई। पत्रकारों का कहना था की विधानसभा कार्रवाई को देखकर बेहतर अनुभव हुआ। कुछ पत्रकारों पहली बार ही विधानसभा सत्र देखा है। मंत्री और विधायकों से पत्रकारों ने मिलकर अपने अनुभव सांझा किये और विभिन्न पहलुओं पर चर्चा भी की। सौहार्दपूर्ण वातावरण में कनीना एवं जिला जिला महेंद्रगढ़ के सभी पत्रकार अपने-अपने वाहनों से घर पहुंच गए। उन्होंने लगा कि सचमुच विधानसभा सत्र देखने लायक होता है।
फोटो कैप्शन 9 व 10 पत्रकार विधानसभा सत्र देखकर मंत्री एवं विधायकों से मिलते हुए
कनीना में लगा बिजली का कट
-कुछ नहीं पता कब तक आएगी बिजली
विश्व गौरैया दिवस 20 मार्च
झोपड़ी लुप्त होने से लुप्त हो गई गौरैया
-इंसान से गहन संबंध रहा है गौरैया का
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कनीना की आवाज। ग्रामीण क्षेत्र में किसी समय इंसान के संग सैकड़ों गौरैया देखने को मिलती थी। इनके संग गहरा नाता होता था। इंसान जहां सुबह सवेरे उठता तो गौरैया उन्हें उठाती थी तथा उनकी झोपड़ी में जहां इंसान आराम करता गौरैया नजर आती थी। आज वह गौरैया और वो झोपड़ी गायब हो गए हैं। आज न तो ग्रामीण क्षेत्रों में झोपड़ी बची हैं और ना ही गौरैया को छिपने के लिए कोई ठिकाने बचे हैं। जहां भी देखें ऊंचे ऊंचे महल,उच्च वोल्टेज की बिजली की तारे, गर्मियों में पानी की कमी, दानों आदि में जहरीली दवाओं का होना, वृक्षों की कटाई के चलते ये गौरैया धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही है। गौरैया की संख्या यूं ही घटती गई तो आने वाले समय में शायद धरती पर कोई गौरैया बच पाएगी। विश्व गौरैया दिवस पहली बार बीस मार्च 2010 में मनाया गया था। तब से, यह दिवस प्रत्येक वर्ष 20 मार्च को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य गौरैया के संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता लाना है।
इस संबंध में शिक्षाविद डा. होशियार सिंह यादव ने बताया कि
**जब वे छोटे बच्चे होते थे तो पक्के मकान कम होते थे और कच्चे घर, झोपड़ी अधिक होती थी जिनमें गौरैया देखने को मिलती थी किंतु वर्तमान समय में गौरैया लुप्त होने के कगार पर हैं। इंसान के क्रियाकलापों के चलते गौरैया घटती जा रही हैं।
झोपडिय़ां जहां उनके छिपने के स्थान होते थे खत्म होने के बाद जहां वन जंगल धीरे-धीरे खत्म होते चले गए। यद्यपि गौरैया इंसान के ज्यादा समीप रहती थी किंतु इंसानों से दूर होने पर भी उन्हें कोई छुपने के ठिकाने नहीं मिले। वृक्षों को इतना काट डाला है कि उनके घोंसले के लिए स्थान नहीं मिलता, उनकी प्रजनन के लिए उचित वातावरण न मिलने से उनकी संख्या घटती जा रही है, विशेषकर गर्मियों में पीने के लिए उनको पानी नहीं मिलता वहीं दाने भी नहीं मिलते हैं। उनको उचित दाना पानी नहीं मिलने के कारण भी वे लुप्त हो गई है। साथ में इंसान बहुत अधिक जीव जंतु पालता है, ये जीव जंतु भी गौरैया के दुश्मन है। कभी गौरैया को विशेष रूप से बुलाकर उनको दाना पानी दिया जाता था। एक जमाना था जो मोर गौरैया एवं गीदड़ आदि आवाज लगाने पर हाजिर हो जाते थे। कनीना के प्रसिद्ध संत मोलडऩाथ अपने हाथों से मोर और गौरैया को दाने देते थे पानी पिलाते थे किंतु अब सभी लुप्त हो चुके हैं। क्योंकि इंसान की आदतों ने उनको दूर कर दिया है।
जलवायु में परिवर्तन और इंसान की छेड़छाड़ के चलते जीव जंतु लुप्त हो गए हैं जिनमें गौरैया भी एक है। अगर समय रहते इंसान नहीं चेता तो भविष्य में गौरैया धरती से लुप्त हो जाएंगी।अ ऐसे में पक्षियों विशेषकर गौरैया को बचाने के लिए सिकोरे रखे जाने चाहिए। हमें शपथ लेनी चाहिए कि छतों एवं पेड़ों पर सिकोरे रखकर पक्षियों को बचाएंगे।
फोटो कैप्शन: शिक्षाविद डा. होशियार सिंह यादव
फोटो कैप्शन 07: एक पेड़ पर बैठी चिडिय़ा
हिंदु नववर्ष पर मोलडऩाथ आश्रम पर होगा हवन
-जलेगी अखंड ज्योति
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कनीना की आवाज। कनीना के संत मोलडऩाथ आश्रम पर जहां नववर्ष पर अखंड ज्योति जलेगी वहीं हवन आयोजित होगा। अखंड ज्योति 9 दिनों तक जलती रहेगी। नवरात्रि संपन्न होने पर कन्याओं का पूजन किया जाएगा एवं प्रसाद वितरण किया जाएगा।
वहीं नव वर्ष के प्रारंभ में हवन आयोजित होगा। विस्तृत जानकारी देते हुए दिनेश कुमार प्रधान ने बताया हर वर्ष नए साल पर हवन आयोजित होता है।
कनीना क्षेत्र में भी 7 एमए वर्षा, चली तेज हवाएं
-फसलों को नुकसान का अंदेशा
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कनीना की आवाज। कनीना क्षेत्र में बुधवार शाम को 7 एमएम वर्षा हुई। दोपहर पश्चात मौसम बदल गया ,काले बादल आकाश में छा गए और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ वर्षा होने लगी। वर्षा के कारण जहां किसानों की लावणी का कार्य रुक गया वहीं फसलों में कुछ नुकसान होने का अंदेशा बन गया है।
किसान सूबे सिंह, राजेंद्र सिंह, अजीत कुमार आदि ने बताया कि इस समय सरसों की लावणी का कार्य पूरे यौवन पर है। ऐसे समय में वर्षा नुकसानदायक है क्योंकि सरसों की काटकर डाली गई फसल की फलिया फट जाएगी और नुकसान होगा। किसान पल-पल मौसम को निहार रहे हैं। मौसम विभाग दो-तीन दिन ऐसा ही मौसम रहने की आशंका जाता रहे हैं। उधर वर्षा के कारण और तेज हवाओं का गेहूं की खड़ी फसल गिर गई है जिसमें नुकसान होने का अंदेशा हो गया है।
इस संबंध में एसडीओ कृषि डा. अजय यादव से बात हुई उन्होंने बताया कि सरसों की फसल में नुकसान होने की कोई संभावना अभी तक तो नहीं है। अगर ओलावृष्टि होती है तो नुकसान होगा क्योंकि फसल वर्षा के बाद तेज हवाओं से गिर जाएगी। गिरने पर नुकसान होगा। उन्होंने किसानों से गेहूं की फसल की सिंचाई रोकने की बात कही है। अभी गेहूं की लावणी आने में 15 दिन का समय और लगेगा।
उल्लेखनीय की चंद रोज से भीषण गर्मी पड़ रही थी। अचानक मौसम में बदलाव आया है। किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। कनीना क्षेत्र में करीब है 20000 हेक्टेयर पर सरसों तो 9000 हेक्टेयर पर गेहूं के फसल उगाई गई थी जिसकी लावणी चल रही है।
फोटो कैप्शन 04: वर्षा एवं तेज हवाओं से गिरी गेहूं की फसल
05: कनीना क्षेत्र में होती हुई वर्षा
श्रीकृष्ण गौशाला में महिला सत्संग मंडल ने किया सत्संग
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कनीना की आवाज। अमावस्या के दिन शिव सत्संग महिला मंडल ने कनीना के श्रीकृष्ण गौशाला में सत्संग आयोजित किया। इस मौके पर प्रधान सोमवती, उसके साथ सविता कमलेश, सुमन, तारावती, नीलम, शकुंत, माया, पप्पू मीणा, राजेश, सुनीता, लाली, गोमती, राज, छोटा, सुरेश, बनारसी, संयोगिता के अतिरिक्त श्याम बाबा सत्संग मंडल की प्रधान प्रेम, मोनिका, अंजू, सविता, रीना, प्रेम, सुनीता आदि मौजूद रही। उधर श्रीकृष्ण गौशाला के प्रधान भगत सिंह, बलवान सिंह, यश यादव, रामपाल, महेंद्र सिंह, दिलावर, कृष्ण प्रकाश, अशोक आदि मौजूद रहे। फोटो कैप्शन 3: सत्संग आयोजित करते हुए महिला मंडल
अमावस्या के दिन गौशाला में गूंजते हैं भजन-कीर्तन
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कनीना की आवाज। श्रीकृष्ण गौशाला कनीना में प्रत्येक माह अमावस्या को भक्ति और श्रद्धा का विशेष वातावरण देखने को मिलता है। इसी क्रम में आज अमावस्या के दिन कस्बे की महिलाओं द्वारा भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुई।
कार्यक्रम में ढोकलमल पार्क स्थित शिव मंदिर सत्संग मंडली की प्रधान सोमवती के नेतृत्व में सविता, कमलेश, सुमन, तारावती, नीलम, माया, शकुंतला, पप्पू मीणा, राजेश, सुनीता, लाली, राज, छोटा, सुरेश, बनारसी व संयोगिता ने मिलकर बाबा भोले के भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। इसके उपरांत श्याम बाबा सत्संग मंडली की प्रधान प्रेम के नेतृत्व में मोनिका, अंजू, सविता, रीना, प्रेम व सुनीता सहित अन्य महिलाओं ने श्याम जी के भजनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। दोनों भजन मंडलियों की प्रधानों ने संयुक्त रूप से कस्बे की महिलाओं से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में प्रत्येक अमावस्या को गौशाला में एकत्रित होकर भजन-कीर्तन में भाग लें। अमावस्या का दिन पितृ पूजन एवं धार्मिक कार्यों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर गौशाला में आकर गौसेवा करने से घर में सुख-शांति एवं समृद्धि बनी रहती है। कार्यक्रम के अंत में भजन-कीर्तन के उपरांत श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
तेज गति की हवाओं आंधी अंधड़ चलने और हल्की से मध्यम बारिश
- कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि को नकारा नहीं जा सकता-डा. चंद्रमोहन
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कनीना की आवाज। 18 मार्च को शाम बाद एक नया मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर सक्रिय होगा। जिसकी वजह से दक्षिणी पंजाब और उत्तरी राजस्थान पर चक्रवातीय सर्कुलेशन बनने से अरब सागर से व बंगाल की खाड़ी से प्रचुर मात्रा में नमी पहुंचने से सम्पूर्ण पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बर्फबारी जबकि मैदानी राज्यों पंजाब राजस्थान उत्तर प्रदेश विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में 18-19-21 मार्च के दौरान हल्की से मध्यम बारिश के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं अंधड़ आंधी और कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ बिजली गिरने और ओलावृष्टि को नहीं नकारा जा सकता। इस मौसम प्रणाली से सम्पूर्ण मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा एनसीआर दिल्ली में तापमान में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी। दिन और रात्रि तापमान सामान्य से नीचे दर्ज होंगे।
किसान भाइयों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह
बारिश और अंधड़ आंधी व ओलावृष्टि के दौरान मुख्य सावधानियां बरतनी चाहिए
1.जल निकासी (
खेतों में जलजमाव न होने दें। अतिरिक्त पानी निकालने के लिए मेड़ काटकर चैनल बनाएं।
2.कटाई और भंडारण:
वर्तमान समय में यदि फसल कटी हुई है, तो उसके उत्पाद को सुरक्षित स्थान पर रखें या तिरपाल से ढक दें। वेयर हाउस में संरक्षित करें। अगर मंडियों में तों भी सुरक्षित करें या तिरपाल से ढके।
3.ओलावृष्टि से बचाव
आमजन और किसान भाई ओलावृष्टि के दौरान पेड़ों के नीचे, बिजली के खंभों के पास या कमजोर छप्परों के नीचे बिल्कुल भी शरण न लें।
4.फसल और सब्जियां का संरक्षण:
फसलों और सब्जियों व कतार वाली फसलों में मिट्टी चढ़ाएं ताकि वे गिरे नहीं।
5.कैमिकल स्प्रे का छिड़काव न करें: वर्तमान परिदृश्य में बारिश के पूर्वानुमान के दौरान उर्वरक या कीटनाशकों का छिड़काव न करें, क्योंकि इससे वे धुल जाएंगे।
6.किसान भाई सिंचाई टालें:
आज और आने वाले दिनों में तेज़ गति की हवाएं आंधी अंधड़ चलने पर किसान भाई सिंचाई करने से बचें, क्योंकि इससे फसल के गिरने की संभावना बढ़ जाती है।
7.मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट पर ध्यान रखें हुए सावधानी बरतें
प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया व इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से मौसम विभाग द्वारा अलर्ट को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों को अंजाम दे और सावधानी बरतें।
एआईटी कनीना में अंतर्राट्रीय युवा दिवस पर विशेष कार्यक्रम
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कनीना की आवाज। एआईटी कनीना अध्यक्ष अधिवक्ता विनय प्रकाश के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर एआईटी कनीना में अंतर्राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह विशेष व्याख्यान सिविल अस्पताल कनीना से डा. नेहा और काउंसलर डा. रणधीर सिंह द्वारा दिया गया। एआईटी कालेज के कालेज के छात्रों के साथ- साथ शिक्षण कर्मचारी रामभगत, प्रियंका यादव, संजीत, विजयवीर, नवनीत, मंजीत, प्रीति, जतिन, रनतेज, निशु व्याख्यान में उपस्थित थे। वक्ताओं ने एड्स के कारणों और रोकथाम पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को एचआईवी परीक्षण के लिए खुले दिमाग से सोचने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
प्रधानाचार्य डा. बिजेंद्र सिंह ने अतिथि वक्ताओं का स्वागत किया और उनके बहुमूल्य प्रयासों के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।
फोटो कैप्शन 02: डाक्टर जानकारी देते हुए
हिंदू नववर्ष है हमारा असली नववर्ष, 19 मार्च से शुरू
-अंग्रेजी नव वर्ष के पीछे नहीं भागेंगे-मोनिका यादव
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कनीना की आवाज। 19 मार्च से हिंदू नव वर्ष, नव संवत्सर 2083 शुरू हो रहा है। यह वह वर्ष है जो वर्षों से मनाया जाता रहा है। हिंदुओं के लिए यह वर्ष नव वर्ष कहलाता है। चाहे अंग्रेजी वर्ष के पीछे पूरा समाज चल रहा हो किंतु हिंदू नव वर्ष को मनाने की परंपरा अनोखी होती है। हिंदू नव वर्ष मनाने को लेकर के विभिन्न लोगों से चर्चा की गई।
हिंदू नव वर्ष के महीनों के नाम भी बहुत से लोग नहीं जानते जबकि इनका ज्ञान होना हम सभी के लिए गर्व की बात है। इन हिंदू महीनों में चैत्र से शुरुआत होती है। बाद में वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, सावन, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्कशीर्ष, पोष माघ और अंतिम महीना फागुन का होता है। ये महीने बहुत से युवा पीढ़ी को ज्ञान नहीं है जबकि इनका ज्ञान होना जरूरी है। अंग्रेजी वर्ष के सभी महीना के नाम लोग आसानी से बता सकते हैं। इनका शिक्षण भी होना चाहिए।
-- मोनिका यादव ,कनीना
हिंदू नव वर्ष विक्रमादित्य द्वारा चलाया हुआ 19 मार्च से शुरू होगा। उस दिन को नव संवत्सर के रूप में मनाया जाता है। घरों में विभिन्न पकवान बनाकर इस वर्ष की शुरुआत होती है। लंबे समय से लोग घरों में पकवान बनाकर खाते आ रहे हैं। वास्तव में यह राजा विक्रमादित्य को याद करते हैं। ग्रेगोरियन कैलेंडर को तो हम याद रखते हैं किंतु हिंदू नव वर्ष तथा हिंदू कैलेंडर को भूल जाते हैं। यही हमारी भूल है।
-- क्रिश यादव
राजा विक्रमादित्य ने ही नव वर्ष शुरू किया था क्योंकि उन्होंने हूणों को हराकर टैक्सास नदी में अपने अश्वों को पानी पिलाया था और इसी खुशी में इस वर्ष की शुरुआत की थी। ऐसे में इस वर्ष को धूमधाम से मनाया जाना चाहिए। न केवल पुस्तकों में अपितु घर-घर में इस वर्ष को खुशी से मनाना चाहिए तभी हम हिंदू देश के नागरिक कहलाएंगे। यह वर्ष राजा विक्रमादित्य को समर्पित है। ग्रेगोरियन कैलेंडर और हिंदू कैलेंडर में 57 सालों का अंतर है। जब अंग्रेजी कैलेंडर वर्ष में 57 वर्ष जोड़ दिए जाते हैं तो हिंदू नव वर्ष बनता है अर्थात यह ग्रेगोरियन कैलेंडर से 57 वर्ष पहले शुरू हुआ था। यह आज भी चला आ रहा है। यही हमारा असली वर्ष है।
-- जतिन यादव,कनीना
** भारत का असली नव वर्ष, विक्रम संवत 2083 जो 19 मार्च से शुरू हो रहा है। राजा विक्रमादित्य द्वारा इस वर्ष शुरुआत की गई थी जो चंद्रमा गणना के अनुसार शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा 18 मार्च से शुरू होगा। राजा विक्रमादित्य ने ही यह वर्ष शुरू किया था जिसने हिंदू प्रजा की भलाई के लिए उन्होंने अनेक कार्य किए थे। उनके कार्य राम राज्य के समान ही माने जाते हैं। इसे पूरे जोश से मनाया जाना चाहिए।
-- महेश बोहरा, हिंदु जागरण
फोटो कैप्शन:महेश कुमार, मोनिका यादव, क्रिश यादव, जतिन यादव
हिन्दू नववर्ष पर सांस्कृतिक अहीरवाल ट्रस्ट का स्थापना दिवस मनाया जाएगा
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कनीना की आवाज। हिन्दू नव वर्ष के अवसर पर सांस्कृतिक अहीरवाल का स्थापना दिवस कनीना खंड द्वारा कनीना में आयोजित किया जाएगा। इस विषय की जानकारी देते हुए कनीना खंड संयोजक सत्येंद्र शास्त्री ने बताया कि हिंदू नव वर्ष के अवसर पर आज से 5 वर्ष पूर्व सत्यव्रत शास्त्री ने सांस्कृतिक अहीरवाल ट्रस्ट की स्थापना की थी जिसका उद्देश्य सांस्कृतिक अहीरवाल क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति को वैश्विक पहचान दी जाए। हजारों साल पुरानी इस सांस्कृतिक धरोहर को परतंत्रता के कालखंड में विदेशी आक्रांताओं द्वारा नष्ट भ्रष्ट तो किया ही गया। परंतु आजादी के बाद भी इस सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के संरक्षण के लिए कोई बहुत बड़ा कदम नहीं उठाया गया ? जिस प्रकार अंग्रेजी शासन ने सन् 1857 की क्रांति के बाद अहीरवाल को विभिन्न छोटी-छोटी इकाइयों में बांट दिया था अपने वफादार रियासतों को ईनाम स्वरूप दे दिया था। परन्तु आजादी के बाद भी इस सांस्कृतिक इकाई को हरियाणा राजस्थान और दिल्ली के शासकीय इकाइयों में बांटा गया जिससे लोगों में एकता और गौरव करने जैसी बात नहीं हो पाई । मुख्य अतिथि सत्यव्रत शास्त्री होंगे।
सांस्कृतिक अहीरवाल ने पिछले 5 वर्ष में ढाई हजार गांव में पहुंचकर हर गांव का ऐतिहासिक इतिहास लेखन का काम पूरा किया है । जिसको अब प्रकाशित किया जाएगा। सतेंद्र शास्त्री ने बताया कि हिंदू नव वर्ष के साथ-साथ सांस्कृतिक अहीरवाल की स्थापना दिवस पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिसमें समाज के गणमान्य लोग उपस्थित होकर इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए योजना रचना बनाएंगे।
फोटो कैप्शन: सत्यव्रत शास्त्री
गौशाला कनीना में दिया 1 लाख रुपये का दान
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कनीना की आवाज। श्रीकृष्ण गौशाला, कनीना में डा. हेमंत स्वामी लूखी एवं अमित यादव लीलोढ़ ने 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की
उन्होंने गौशाला में चल रहे नवीनीकरण कार्यों, गौ संरक्षण तथा नस्ल सुधार की दिशा में प्रधान भगत सिंह के अथक समर्पण एवं निष्ठा की हृदय से प्रशंसा की। डा. स्वामी एवं अमित यादव ने कहा कि पूर्व जन्मों के संस्कारों से ही गोसेवा का ऐसा सौभाग्य प्राप्त होता है।
इस अवसर पर गौशाला के प्रधान भगत सिंह के साथ कृष्ण प्रकाश गुरुजी, बलवान सिंह आर्य, अमीर सिंह (सुपरवाइजर), फूल सिंह यादव सहित अनेक जन उपस्थित रहे।
फोटो कैप्शन 01 : गौशाला में दान देते हुए
शराब ठेके में हथियार के बल पर डकैती के मामले में सीआईए महेंद्रगढ़ ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया, रिमांड पर लिया
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कनीना की आवाज। सीआईए महेंद्रगढ़ की टीम ने पुलिस थाना सदर कनीना के अंतर्गत गांव गुढ़ा में एक शराब के ठेके पर हथियार के बल पर बंधक बनाकर की गई लूटपाट की वारदात को सुलझाने में कामयाबी हासिल की है। इस मामले में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सोमबीर निवासी सिवाना, थाना बेरी जिला झज्जर को गिरफ्तार किया है। जांच में पुलिस ने पता लगाया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी हत्या, हत्या का प्रयास, लूट के अन्य मामले भी दर्ज हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से लूटे गए सामान और नकदी की बरामदगी के साथ-साथ वारदात में शामिल अन्य फरार साथियों व इस्तेमाल किए गए वाहन के बारे में भी गहनता से पूछताछ की जाएगी।
शिकायतकर्ता सुनील कुमार निवासी बधवाना ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया था कि वह गांव गुढ़ा में कैमला रोड पर शराब के ठेके का लाइसेंस वेंडर है। दिनांक 12-13 फरवरी की मध्य रात्रि अज्ञात युवक आरी से ठेके का गेट काटकर अंदर घुस गए। आरोपियों ने वहां मौजूद सेल्समैन राजबीर के हाथ बांध दिए, मुंह पर कंबल डालकर उसका मोबाइल छीन लिया और हथियार का खौफ दिखाकर शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से आरोपियों ने सीसीटीवी कैमरे का कंट्रोलर और हार्ड डिस्क भी तोड़ दिए। इसके बाद आरोपी गल्ले में रखे 4500 रुपये नकद, बीयर, देशी व अंग्रेजी शराब की पेटियां, सेल्समैन का मोबाइल और सीसीटीवी कैमरा लूटकर एक अज्ञात गाड़ी में डालकर फरार हो गए। इस शिकायत के आधार पर पुलिस थाना सदर कनीना में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।















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