गेहूं की खरीद के दो केंद्र तथा सरसों की खरीद के बनाए 6 केंद्र
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कनीना। कनीना में 20 अप्रैल से जहां गेहूं की खरीद होगी वहीं 15 अप्रैल से सरसों की खरीद होने जा रही है। अकेले कनीना क्षेत्र में 20 हजार हेक्टेयर सरसों उगाई है। कोरोना वायरस के चलते अलग-अलग केंद्र बनाए गए हैं। शुरुआती तौर पर 15 अप्रैल से 20 अप्रैल के बीच सरसों खरीदी जाएगी। 50-50 किसानों को सुबह तथा शाम बुलाया जाएगा। किसान 50
क्विंटल गेहूं 40 क्विंटल सरसों एक बार में बेच सकते हैं।
विस्तृत जानकारी देते हुए कनीना मार्केट कमेटी के चेयरमैन राजकुमार कनीनवाल ने बताया कि जहां सरसों खरीद के लिए 6 केंद्र स्थापित किए गए हैं इनमें कनीना के तहत चेलावास, उन्हाणी, रामबास, ढाणा, मोहनपुर, कोका, कनीना और ककराला के किसान सरसों बेच पाएंगे वहीं करीरा केंद्र के तहत 5 गांवों के किसान भडफ़,गाहड़ा, कपूरी, करीरा और कोटिया के किसान सरसों बेचेंगे।
भोजावास केंद्र के तहत गोमली, गोमला, इसराना, मानपुरा, मोड़ी, नांगल, पड़तल के किसान सरसों बेच पाएंगे। धनौंदा केंद्र के तहत अगिहार, धनौंदा, गुढ़ा, झाड़ली, कैमला, खरकड़ाबास,पाथेड़ा रसूलपुर और सीहोर के किसान सरसों बेचे पाएंगे। दौंगड़ा अहीर खरीद केंद्र के तहत केवल बेवल, दौंगड़ा अहीर, दौंगड़ा जाट, झिगाव,कलवाड़ी, खैराना, मंडिया खेड़ा एवं सुंदरह गांवों के किसान सरसों बेचेंगे। सेहलंग से खरीद केंद्र पर बाघोत, खेड़ी, नौताना, पोता, स्याणा, सेहलंग, तलवाना, उच्चत, डीथरोली के किसान सरसों बेच पाएंगे। वे किसान ही निर्धारित समय पर सरसों लेकर आएंगे जिनके मोबाइल पर सरसों बेचने का संदेश आएगा। उन्होंने बताया कि गेहूं खरीद के लिए कनीना के दोनों कालेज महिला कालेज तथा पीकेएसडी कॉलेज निर्धारित किए गए हैं। गेहूं कम उपजाए जाने के कारण केवल दो ही खरीद केंद्र स्थापित हुए हैं।
फोटो कैप्शन: राजकुमार कनीनवाल।
डॉक्टर की सलाह-----
घर में रहकर खुशी खुशी समय बीताए
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कनीना। कनीना के डॉक्टर वेद प्रकाश का कहना है कि कोरोनावायरस पूरे ही जग में समस्या बनता जा रहा है। ऐसे में हम सभी का फर्ज बनता है कि इससे रोकथाम के उपाय अपनाए। रोग से बचने का सबसे सरल उपाय है फिजिकल डिस्टेंस बनाए रखें, घरों में रहकर सरकार के आदेश अनुसार आराम करें, बार-बार हाथों को साबुन या डिटोल से धोए, सैनिटाइज करना हो तो अल्कोहल युक्त सैनिटाइजर से ही सैनिटाइज करें। उनका कहना है कि धातुओं पर लंबे समय तक यह कोरोना जीते हैं। इसलिए धातु के बर्तनों को छूने के बाद हाथों को जरूर धोए। उन्होंने कहा कि इधर-उधर घूमने से समस्या बनती है जब कोई काम ना हो तो अनावश्यक इधर-उधर न घूमे, रोग के लक्षण अगर किसी में नजर आए तो 1 मीटर की दूरी बनाए। अगर रोग के लक्षण नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से सलाह करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मास्क जरूर पहने। मास्क पहनने से न केवल कोरोनावायरस अपितु उड़ती हुई राख, हवा में उड़ते भी कीट आदि से भी बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि रोगाणु से बचना ही सबसे बेहतरीन तरीका होगा। ऐसे में किसी भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर न जाए, आसपास सभा आदि हो रहा हो तो उसमें भी नहीं जाना चाहिए। अपने पूरे परिवार के साथ बैठकर खुशी खुशी दिन बिताना चाहिए। खुशी-खुशी जीवन जिये, शुद्ध सात्विक भोजन खाए, ताजा सब्जी, दाल आदि जरूर प्रयोग कर। इससे रोग से बचा जा सकता है
डॉ वेदप्रकाश फिजिशियन
निजी क्लिनिक
शिकायत के लिए बिजली केंद्र आने की जरूरत नहीं
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कनीना। कनीना स्थित 132 के उप केंद्र के राम रतन गोमली जेई ने कहा कि बिजली संबंधित शिकायतों को लेकर के पावर हाउस आना जरूरी नहीं है। कोरोनावायरस के दृष्टिगत बिजली सुविधा केंद्र 1912 पर शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। शिकायत दर्ज होते ही कर्मी मौके पर पहुंच दूर कर देंगे। उन्होंने बताया कि 3 शिफ्टों में कर्मचारी तैनाती निभा रहे हैं। सुबह शाम और रात की तैनाती चल रही है। कर्मचारी दिन रात एक किए हुए निर्बाध गति से बिजली आपूर्ति करने में जुटे हुए हैं।
आरोग्य सेतु एप प्रयोग करने पर दिया बल
*********************************************** कनीना। नगरपालिका कनीना ने मुनादी करवाकर कस्बा कनीना के लोगों को हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आदेश अनुसार आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने पर बल दिया ताकि इस ऐप के जरिए लोग कोरोनावायरस महामारी से बच सके और इस रोग के बारे में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त कर सके।
सचिव नगरपालिका कनीना राजाराम ने बताया कि यह ऐप हरियाणा सरकार ने अपलोड किया है जिसको कोई भी जन अपने स्मार्टफोन पर डाउनलोड करके प्रयोग कर सकता है। इस संबंध में कस्बा कनीना में मुनादी भी करवाई गई।
कनीना खंड के सभी स्कूलों में चल रहा है ऑनलाइन शिक्षण
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कनीना। कनीना खंड के तहत 128 सरकारी स्कूल तथा निजी स्कूल मिलाकर 178 स्कूल बनते हैं और सभी स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
कनीना खंड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुढ़ा तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी तलवाना में 25 मार्च से ऑनलाइन शिक्षण कार्य शुरू हो गया था। शिक्षक भी विद्यार्थियों से फीडबैक ले रहे हैं तथा लगातार रोजाना गृृहकार्य भी दिया जा रहा है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुढ़ा में प्राचार्य अभयराम यादव की देखरेख में नितिन, कृष्णचंद्र तथा अन्य सभी शिक्षक जी जान से जुट रहे हैं और प्रतिदिन विद्यार्थियों को व्हाट्सएप, फेसबुक, यू-ट्यूब के जरिये ऑनलाइन शिक्षण करवा रहे हैं।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी तलवाना में प्राचार्य जयप्रकाश की अध्यक्षता में वेबसाइट बनाया हुआ है जहां व्हाट्सएप, यूट्यूब के जरिए शिक्षण कार्य जयपाल प्रवक्ता की देखरेख में चल रहा है। सभी शिक्षक अपना अपना शिक्षण मेटिरियल तथा प्रश्रोत्तर डालते हैं और विद्यार्थी उत्साह से उसका अध्ययन करते हैं। यह सत्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभिभावकों के पास एंड्रॉयड फोन नहीं है किंतु वे पड़ोसियों से एंड्रॉयड फोन की सहायता से अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं। यहां तक कि सीधा संवाद भी फोन के जरिए चल रहा है।
क्या कहते हैं खंड शिक्षा अधिकारी-
खंड शिक्षा अधिकारी अभयराम यादव ने बताया कि कक्षा 9 से 12 तक सभी स्कूलों में व्हाट्सएप ग्रुप बन चुके हैं और विद्यार्थियों को जोड़ा गगया है। एबीआरसी इसमें माध्यम की भूमिका निभा रहे हैं। जिसमें प्रतिदिन सामग्री भेजी जा रही है। कक्षा 6 से 8 में भी बहुत बेहतरीन संदेश जा रहा है। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चे कक्षा 1 से 5 में थोड़ी दिक्कत आ रही है। गरीब तबके के जन है लेकिन उनसे सीधे फोन पर संवाद हो रहा है और उनके बच्चों को सामान्य फोन से संवाद करके पढ़ाया जा रहा है।
फोटो कैप्शन 9 से 11: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल खेड़ी तलवाना के वेबसाइट के स्क्रीनशॉट
आपकी पसंद हम समझते हैं...!
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कनीना। कनीना निवासी सुनील कुमार यादव वरिष्ठ गणित प्राध्यापक हैं वहीं उनकी पत्नी विनीता राव भी वरिष्ठ गणित प्रवक्ता हैं। दोनों में सराहनीय तालमेल देखा जा सकता है। क्षेत्र के श्रेष्ठ दंपतियों में से एक हैं जिनके महज दो पुत्रियां हैं। लॉकडाउन में दोनों के बीच सरल एवं मृदु समय बीत रहा है। दह दोनों की पसंद है सुबह सुबह सुबह दैनिक जागरण पढऩा। कभी विनीता तो कभी सुनील कुमार पढ़कर समाचार सुना देते हैं और दोनों प्रसन्नचित रहते हैं। दोनों की पसंद टीवी पर रामायण एवं महाभारत देखना जिनसे बच्चे भी सीख ले रहे हैं और ज्ञान अर्जित कर रहे हैं।
दोनों का ही कहना है कि सोशल मीडिया हमेशा से ही कनेक्टिविटी का जरिया रहा है। लॉकडाउन की इस स्थिति में सोशल मीडिया ही एकमात्र साधन है, जो एक-दूसरे की खोज खबर दिलाने में मददगार साबित हो रहा है। यहां तक कि मेरे दो छोटे बच्चे भी मोबाइल से खेलकर अपना समय बिता रहें है। लॉकडाउन के कारण रिश्तेदार व दोस्त तो दूर आस-पड़ोस के लोग भी एक-दूसरे से कम ही मिलाप कर रहे हैं। ऐसे में सिर्फ सोशल मीडिया के जरिए ही उनके हाल-चाल पूछे जा रहे हैं।
इसके अलावा परिवार में बच्चों के साथ गेम खेलकर व टीवी देखकर समय बिताया जा रहा है। लॉकडाउन की वजह घर पर ही परिवार के साथ टीवी देखकर समय व्यतीत किया जा रहा है। बच्चों के साथ लूडो व कैरमबोर्ड खेल समय व्यतीत कर रहे है। इसके अलावा मोबाइल पर कोरोना को लेकर लगातार अपडेट ले रहे हैं। पहले जब अखबार की हैडलाइन ही पढऩे का समय मिल पाता था अब अखबार बहुत डिटेल्स से पढऩे का समय मिल पा रहा है । शिक्षा क्षेत्र से संबंधित होने के कारण सुबह के 2 से 3 घंटे बच्चों को व्हाट्सएप्प पे होमवर्क देने व उसकी मोनिटरिंग करने में व्यतीत हो रहे हैं। लॉक डाउन में समय ज्यादा मिलने के कारण योग व एक्सरसाइज पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है सीढिय़ां चढऩा व उतारना भी एक्सरसाइज का एक प्रमुख हिस्सा है बच्चे अपनी पसंद के प्रोग्राम देखते है जबकि मुझे समाचार सुनना बहुत अच्छा लगता है उस समय में मोबाइल से ही समाचार देख करके अपनी इच्छा पूरी कर लेते हैं। लॉक डाउन खुलने के बाद भी मेरी जिम्मेदारी और बढऩे वाली है क्योंकि शिक्षक होने के कारण मुझे स्कूल के बच्चों को साफ सफाई के बारे में ज्यादा जागरूक करना होगा।
फोटो कैप्शन 8: विनीता राव एवं सुनील यादव।
साहसिक कार्य कर रहे हैं समाचार वितरक-कुलदीप
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कनीना। कनीना के कुलदीप बोहरा का कहना है कि विषम परिस्थितियां में जब कोरोना वायरस का भय सता रहा हैं,लोग अखबार से दूर भाग रहे हैं उस वक्त भी जहां दैनिक जागरण के एजेंट सुरेंद्र यादव तथा वितरक विजय कुमार साहसिक कार्य का परिचय देते हुए नियमित रूप से अखबार का वितरण किया और पाठकों तक पहुंचाया। उन्होंने उनके साहसिक कार्य को दृष्टिगत अपना अखबार एडवांस बुक करा लिया। अखबार के वे नियमित और लंबे समय से पाठक है। ऐसे में उन्होंने समाचार पत्र प्रकाशन समूह की भी भूरि भूरि प्रशंसा की जो विषम परिस्थितियों में भी समाचार पत्र को पाठकों तक पहुंचाया। उन्होंने पाठकों से भी समाचार पत्र नियमित पढऩे पर बल दिया ताकि देश विदेश की ताजा समाचार मिल सके।
--- कुलदीप बोहरा कनीना
श्याम सुंदर महाशय का कहना है कि जब आपातकाल जैसी स्थिति बनी हुई थी उस समय भी यह अखबार लगातार उन तक बेहतरीन खबरें प्रदान करता रहा जिसमें अहम योगदान न्यूज़ पेपर एजेंट सुरेंद्र सिंह तथा समाचार डिस्ट्रीब्यूटर विजय कुमार के अतिरिक्त जागरण प्रकाशन समूह का है जिनके अथक प्रयासों से समाचार पत्र को विषम हालातों में भी पाठकों तक पहुंचाया। जब लोग घरों से नहीं निकल रहे थे, इन लोगों के बल पर समाचार पत्र उन तक पहुंच रहा था। समाचार पत्र के प्रकाशक का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने विषम परिस्थितियों में बेहतरीन समाचार प्रदान किए। कुछ लोगों ने समाचारपत्र को लेकर भ्रम फैलाया किंतु वे समाचार पत्र से दूर नहीं हटे। उन्होंने सभी पाठकों से आग्रह किया कि वे समाचार पत्र जरूर पढ़ें। समाचार पत्र के साहसिक कार्य से प्रेरित होकर उन्होंने एडवांस बुक करवा रखा है।
---श्याम सुंदर महाशय,कनीना
मोबाइल ओपीडी टीम जाएगी गांव-गांव-एसएमओ
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कनीना। कनीना उप-नागरिक अस्पताल के वरिष्ठ मेडिकल आफिसर डॉ धर्मेंद्र ने बताया कि अब गांव-गांव मोबाइल ओपीडी की टीम जाएगी और मरीजों का को दवा वितरित करेगी। इस संबंध में मिनी बस हरियाणा रोडवेज द्वारा उपलब्ध करवाई गई है जिसमें 7 सदस्यीय टीम विभिन्न गांव में प्रतिदिन जाएगी। सोमवार
मोबाइल टीम ने कनीना खंड के गाहड़ा तथा करीरा गांवों में जाकर 105 मरीजों को देखा।
उन्होंने बताया कि बीपी, शुगर तथा अन्य लंबे समय तक चलने वाले मरीजों को यह टीम जाकर दवा दे रही हैं तथा किसी नए मरीज को मौके पर ही दवा वितरित करेगी। इसके अतिरिक्त वर्तमान में उप नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन डेढ़ सौ से अधिक मरीज आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कोरोनावायरस के चलते 25 रेंडमली लोगों के सैंपल भेजे हुए जिनका परिणाम जल्द ही आने वाला है। पूरे जिला से दस टीमें गठित की हैं जिनमें से एक टीम कनीना से है जो प्रतिदिन अलग-अलग गांव में जाएगी और मरीजों को देखेगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय से भी होने लगी है कनीना पालिका प्रधान के सराहनीय कार्य की चर्चा
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कनीना। मुख्यमंत्री कार्यालय ने नगरपालिका कनीना की लॉकडाउन के दौरान सराहनीय कार्य के लिए की प्रशंसा की है। वर्तमान में बेहतरीन कार्य कर रहे हैं जिनकी चहुं ओर चर्चाएं हैं। नगरपालिका कार्यालय को ही भोजनालय बनाकर शेल्टर होम में ठहरे 5 व्यक्तियों के अतिरिक्त करीब 1400 आस पास के आने वाले लोगों को खाना खिला रही है।
कोरोना वायरस की वजह से प्रदेश में चल रहे लॉकडउन की वजह से विभिन्न सामाजिक संस्थाएं, नगर निगम, नगर परिषद, नगरपालिका गरीब लोगों/प्रवासी मजदूरों के लिए हर संभव प्रयास करते हुए प्रदेश में कोई भूखा ना रहें की तर्ज पर खाने का प्रबंध कर रही है ।
इसी कड़ी में नगरपालिका कनीना भी अहम् भूमिका निभा रही है, और लगभग 1500 गरीब लोगों को, दोपहर व शाम का भोजन कार्यालय परिसर में ही करा रही हैं। इस सराहनीय कार्य के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय चंडीगढ़ से मुख्यमंत्री के निजी सचिव अभिमन्यु सिंह ने चैयरमेन सतीश जेलदार व वाइस चेयरमैन अशोक ठेकेदार
से फोन पर बात करके बधाई दी और कहा कि किसी भी प्रकार की कोई समस्या आए तो वे तुरंत प्रभाव से मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
नगरपालिका कनीना के इस सराहनीय कार्य के लिए दो रोज पहले प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ओमप्रकाश यादव ने भी नपा चैयरमेन सतीश जेलदार से फोन पर बात करके बधाई दी और हर मुश्किल में उनका साथ देने की बात कही।
समयसमय पर स्थानीय विधायक सीताराम यादव भी कार्यालय परिसर का दौरा कर रहें है, और नपा चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन से लगातार संपर्क में हैं।
उल्लेखनीय है कि कनीना में दो शेल्टर होम हैं जिसमें अहं और सर्वोपरि भूमिका निभाने में नगरपालिका कार्यालय का भोजनालय प्रमुख हैं। दूसरे शेल्टर होम में खाने वाले 50 से 60 व्यक्ति ही होते हैं। दूर दराज से लोग एवं संस्थाएं अब कनीना पालिका में चल रहे भोजनालय की ओर आकर्षित होने लगी है। उनके जस सेवा के दृष्टिगत सतीश जेलदार को पूरे प्रदेश में बेस्ट सेवक का खिताब देने की मांग उठने लगी है।
गर्मियों में पक्षियों के लिए हो पानी का प्रबंध
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कनीना। गर्मी के दिनों में बहुत से पक्षी बिना पानी के मर जाते हैं। उनको बचाने के लिए प्रयास करने चाहिए।
सूबे सिंह का कहना है कि गर्मियों में वन्य जीवों को बचाने के लिए पानी का प्रबंध किया जाए। गर्मी के दिनों में पक्षियों को दूर दराज तक पानी एवं चुग्गा नहीं मिलता है जिसके चलते उनकी मौत हो जाती है। उनका मानना है कि जब गर्मी के दिनों में इंसान की हालात बदहाल हो जाती है तो पानी के बगैर पक्षियों पर क्या बीतती होगी?
करीरा के निवासी एवं पीएफए के सदस्य बालकिशन का कहना है कि वे अपने घर की छत पर पक्षियों के लिए चुग्गे का प्रबंध कर रहे हैं तथा पानी के बर्तन रखवाए हैं। उन्होंने कहा कि पक्षियों की सुरक्षा से उनकी सुरक्षा संभव है। उन्होंने भी अपने गांव में जितना हो सके पक्षियों के लिए पानी का प्रबंध करेंगे।
सुनील कुमार का कहना है कि गर्मियों में ट्यूबवेल से खेत में खाली जगह पर पक्षियों के लिए पानी का प्रबंध करेंगे वहीं पक्षियों के लिए पेड़ों पर झावली टांगते हैं। उनका कहना है कि वे पक्षियों के लिए ही नहीं अपितु लोगों के लिए भी प्याऊ लगाते आ रहे हैं। उनका कहना है कि वन्य जीव भी शृंखला का एक अंग होते हैं।
राजेश कुमार उन्हाणी के निवासी हैं तथा समाजसेवा में अग्रणी हैं। उनका कहना है कि वे तो वर्षों से अपने खेत में जीवों के लिए जल का प्रबंध करते आ रहे हैं। छत पर भी जल तथा चुग्गे का प्रबंध करेेंगे। उनका कहना है कि उनके पूर्वज कभी से पक्षियों के लिए जल का प्रबंध करते आए हैं। उन्होंने सभी से प्रार्थना की कि वे भी पक्षियों के लिए जल का प्रबंध करें।
फोटो कैप्शन: राजेश उन्हाणी, सुनील कुमार, सूबे सिंह, बालकिशन
किसान ने उगाए काले गेहूं तथा बंसी गोल्ड गेहूं
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कनीना। कनीना खंड के गांव सुंदराह में किसान मनोज ने इस बार बंसी गोल्ड तथा काले गेहूं उगा कर पैदावार ली है वही आर्गेनिक सब्जी उगा चुके हैं। इस बार लॉक डाउन में उनके ऑर्गेनिक सब्जी भी काफी बिक रही है, मांग अधिक है।
मनोज कुमार ने बताया कि बंसी गोल्ड नामक गेहूं की एक किस्म पुंडरी क्षेत्र से पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बोने के लिए खरीदे थे और 1 एकड़ में बोए गए थे जिनकी अब पैदावार ली है। गेहूं की करीब 35 मण पैदावार दी है देसी गेहूं 306 से बेहतरीन किस्म मानी जाती है। जो शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद होती है। उसका बाजार में भाव 6000 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल है।
उन्होंने बताया कि गेहूं निकालने से पहले ही उनके पास भारी मांग आ रही थी। लोगों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उधर वे करनाल से काले रंग के बोने के लिए छह हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से लेकर आए थे। करीब दो कनाल में बोए थे जिनकी पैदावार ले ली है जो करीब दो क्विंटल पैदा हुए हैं। उनका यह पहली बार प्रयास था किंतु अगली बार अधिक मात्रा में उगाकर लोगों की सेवा की जाएगी। काले गेहूं अधिक पौष्टिक एवं खनिज लवणों से परिपूर्ण होते हैं। ये कैंसर, बीपी तथा शूगर में अति लाभकारी माने जाते हैं। ये गेहूूूं रोगी व्यक्तियों के लिए ज्यादा कारगर सिद्ध होंगे।
फोटो कैप्शन 8 एवं 9:मनोज सुंदराह द्वारा निकाले गए काले एवं बंसी गोल्ड गेहूं दिखाते हुए
लोगों को लुभा रहा है पोंडा चायवाले का खाना
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कनीना। पवन पोंडा चायवाले का खाना शेल्टर होम में रहने वाले लोगों को बहुत पसंद आ रहा है। जहां प्रतिदिन विभिन्न खाने एवं पकवान बनाकर उनको परोसे जा रहे हैं उनमें अहम रोल हलवाई महेंद्र सिंह तथा पवन उर्फ पोंडा का है जो मुफ्त सेवा दे रहे हैं।
पवन पोंडा ने बताया कि प्रतिदिन अलग-अलग प्रकार का खाना न केवल बनाते हैं अपितु स्वयं ही परोसते हैं। जहां प्रतिदिन अलग-अलग खाना होता है तथा इन लोगों को बेहतरीन खाना प्रदान किया जा रहा है। खाना खाने वाले व्यक्तियों की संख्या 1400 को पार कर गई है। प्रतिदिन इनकी संख्या बढ़ती ही जा रही है। अकेले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीना के इस शेल्टर होम में सबसे अधिक सिद्धि पाई है यहां कहने को तो करीब 45 व्यक्ति ठहरे हुए हैं किंतु जब खाना खिलाया जाता है तो इनकी संख्या 1400 पार कर जाती है।
लंबी-लंबी कतारें खाने के लिए लग जाती है। चार-चार प्रकार का खाना परोसा जाता है।रविवार को जहां रायता, सब्जी, पूड़ी हलवा,मूंग, बाजरा कढ़ी, खीर, चावल आदि बनाकर खिलाये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब इनको दाल चूरमा भी खिलाया जाएगा। कनीना के इस राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के शेल्टर होम में महेंद्र सिंह हलवाई, पवन पोंडा चायवाला, महेंद्र लोहार, चमनलाल एमई,लेखाकार शिवचरण शर्मा, सुरेंद्र जोशी, ओमप्रकाश ठेकेदार के अतिरिक्त राजेंद्र सिंह लोढ़ा, पालिका प्रधान सतीश जेलदार तथा पुरुषोत्तम सहित अन्य कर्मचारी जी जान से जुटे हुए हैं और इन लोगों के सुबह से शाम तक खाने में व्यस्त रहते हैं।
उन्होंने बताया कि उनके पास एक या दो घंटे ही समय बचते हैं बाकी पूरा दिन इनके खाने में व्यतीत हो जाता है।
समय-समय पर डाक्टरों की टीम, विभिन्न अधिकारियों का दौरा, चाय नाश्ता, आदि अनेक प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जा रही है जिसके चलते जहां दूसरे प्रदेशों के ये लोग प्रसन्न नजर आते हैं वही खाना खिलाने वाले भी अपने आपको धन्य समझ रहे हैं कि वे संकटकालीन समय में इन लोगों की सेवा करने का मौका मिला हैं।
फोटो कैप्शन पांच: पवन पोंडा चायवाले का मेस।
डाक्टरी सलाह-----
शरीर में बढ़ानी चाहिए रोग रोधक क्षमता
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कनीना। कनीना के उप नागरिक अस्पताल में कार्यरत आयुर्वेद मेडिकल ऑफिसर डॉ विनय कुमार का कहना है कि शरीर में कोरोना से बचने के लिए रोग रोधक क्षमता बढ़ानी चाहिए। उन्होंने बताया कि रोग और रोधक क्षमता बढ़ाने से रोग होने की संभावना कम होती है।
उन्होंने कहा कि सर्दियों में च्यवनप्राश खाया जाता है उससे आधा गर्मियों में खाया जाए तो रोग रोधक क्षमता बढ़ जाएगी। गिलोय प्रयोग करनी चाहिए। गिलोय की टेबलेट/ स्वरस या फिर काढ़ा भी ले सकते हैं।
यदि चाय पीते हैं तो चाय को काढ़े के रूप में लें। उनका कहना है कि चाय दिन में अधिकतम दो बार ले सकते हैं लेकिन चाय में दालचीनी, लौंग इलायची, तुलसी, अदरक आदि डाल कर लेनी चाहिए। जो काढ़े का काम करेगी और शरीर में रोग रोधक क्षमता बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि नींबू की चाय पी सकते हैं किंतु हल्दी स्वास्थ्य के लिए हर प्रकार से लाभप्रद है। ऐसे में हल्दी डालकर दूध पी सकते हैं जो और रोग रोधक क्षमता बढ़ाता है। हल्दी अंग्रेजी दवा पेरासिटामोल की तरह काम करती है। यह भी शरीर में बुखार को घटाता है वही एंटीबायोटिक्स का काम करती है। उन्होंने कहा कि बचाव में ही बचाव है। कोरोना और रोग बहुत तेजी से फैलता है रोग रोधक क्षमता बढ़ानी चाहिए। वहीं उन्होंने गरम पानी पीने की सलाह दी।
उन्होंने बताया की आयुष विभाग लक्षण के आधार पर रोग निदान करता है जिसे रेट्रोपेथी कहते हैं।
डॉ विनय कुमार आयुर्वेद मेडिकल ऑफिसर कनीना।


















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